परिवर्तित अतारांकित अतारांकित

मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2015 सत्र


सोमवार, दिनाँक 20 जुलाई 2015


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

केन्‍द्र प्रवर्तित योजनाओं के तहत प्राप्‍त राशि

1. ( *क्र. 338 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 2013-14 में कौन-कौन सी केन्‍द्र प्रवर्तित योजनाऐं संचालित थी । केन्‍द्र सरकार द्वारा इन योजनाओं में कितनी-कितनी राशि का आवंटन प्रदेश सरकार को किया गया ? वर्तमान में इनमें से कौन-कौन सी योजनायें संचालित हैं ? कौन-कौन सी योजनाएं बंद कर दी गई हैं ? केन्‍द्र प्रवर्तित योजनाओं में केन्‍द्र सरकार द्वारा वर्ष 2014-15, 2015 में जून 15 तक कितनी-कितनी राशि का आवंटन किया गया है ? उक्‍त आवंटन वर्ष 2013-14 की तुलना में कितना कम अथवा अधिक है ? तुलनात्‍मक जानकारी दें ? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्‍त हुई राशि में से कितनी राशि का व्‍यय कर किस-किस योजना के तहत कितने लोगों को मजदूरी दी गई ? कृपया वर्ष 2013-14, 2014-15 व वर्ष 2015-16 में 30 जून तक वर्षवार बतावें व उक्‍त राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र शासन द्वारा कब-कब व कितनी-कितनी राशि का भेजा गया ? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार राशि में राज्‍य शासन द्वारा दिये जाने वाली राशि कब-कब व कितनी-कितनी प्रदाय की गई ? कृपया जिलेवार बतावें ? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) एवं (ग) अनुसार राशि में से अभी तक कितनी राशि शेष है ? कृपया जिलेवार बतावें ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार । (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-2 अनुसार । (ग) एवं (घ) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-3 अनुसार

आयातित दलहन पर मण्‍डी शुल्‍क से छूट 

2. ( *क्र. 31 ) कुंवर सौरभ सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रसंस्‍करण संस्‍थाओं को प्रदेश के बाहर से आयातित दलहन पर मण्‍डी शुल्‍क एवं निराश्रित शुल्‍क से छूट जिन विहित प्रावधानों के तहत दी जा रही है, उन नियम/आदेश/निर्देश की प्रति देवें ? (ख) क्‍या यह सही है कि कृषि उपज मण्‍डी समिति कटनी में विहित प्रावधानों के विपरीत 07 दिवस पश्‍चात् प्रदेश के बाहर से आयातित दलहन के बिल-बिल्‍टी प्रस्‍तुत किये बिना दलहन का प्रसंस्‍करण कर लिया और प्रसंस्‍करणकर्ताओं की वर्ष 2013-14 में मण्‍डी शुल्‍क एवं निराश्रित शुल्‍क से छूट प्रदान कर उन प्रसंस्‍करणकर्ताओं के लेखा सत्‍यापन कर उन फर्मों को लाभ पहुंचा दिया गया ? यदि हाँ, तो फर्मवार, राशिवार विवरण देवें ? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में मण्‍डी समिति कटनी द्वारा शासन द्वारा निर्धारित नियम को शिथिल करने हेतु प्रस्‍तांक 36 (3) दिनाँक 24.03.2015 पारित कर व्‍यापारियों को लाभ पहुँचाने का निर्णय लेकर पद का दुरूपयोग किया है ? यदि हाँ, तो शासन जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा ? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रसंस्‍करणकर्ताओं पर बकाया रहते फर्म की अनुज्ञप्ति जारी/नवीनीकरण हो सकता है, यदि हाँ, तो प्रावधान बताएं ? यदि नहीं, तो इन फर्मों की अनुज्ञप्ति कैसे जारी है ? इसके लिये कौन दोषी है ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है । (ख) जी नहीं, वर्ष 2013-14 के लेखा सत्यापन में प्रश्नाधीन राजपत्रों में विहित प्रावधान अनुसार निर्धारित अवधि के पश्चात् प्रदेश के बाहर से स्वयं के प्रसंस्करण हेतु आयातित चुनिंदा दलहन पर प्रसंस्करणकर्ताओं को मण्‍डी फीस एवं निराश्रित शुल्क में छूट प्रदान नहीं की गई है । (ग) जी हाँ । मण्‍डी समिति कटनी की बैठक दिनाँक 24.03.15 के प्रस्ताव 36 (3) में स्वयं के प्रसंस्करण हेतु राज्य के बाहर से आयातित चुनिंदा दलहन के प्रश्नाधीन राजपत्र में निर्धारित दस्तावेज जमा करने की अवधि के संबंध में आवक एवं जमा दिनाँक में से आवक दिनाँक को छोड़कर दिवसों की गणना करने का निर्णय पारित किया गया था, जिसकी प्रति आंचलिक कार्यालय मण्‍डी बोर्ड जबलपुर को दिनाँक 09.07.2015 को प्राप्त होने पर आंचलिक उपसंचालक मण्‍डी बोर्ड जबलपुर द्वारा उपविधि सन् 2000 की कंडिका 14 (2) के तहत पत्र दिनाँक 09.07.2015 से उक्त प्रस्ताव को अमान्य किया गया । इस प्रकरण में मण्‍डी समिति कटनी के पदाधिकारियों एवं सचिव के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी । (घ) जी नहीं । संबंधित राजपत्र में निर्धारित समयावधि के पश्चात् राज्य के बाहर से स्वयं के प्रसंस्करण हेतु आयातित चुनिंदा दलहन के दस्तावेज प्रस्तुत करने पर पाँच फर्मों द्वारा पाँच गुना मण्‍डी फीस जमा किये जाने से उनकी अनुज्ञप्ति जारी है । एक प्रसंस्करणकर्ता की अनुज्ञप्ति की वैधता वर्ष 2018 तक है जिससे बकाया मण्‍डी फीस की वसूली हेतु कार्यवाही प्रचलित है, इस प्रकरण में मण्‍डी समिति कटनी की आगामी बैठक में अनुज्ञप्ति को निलंबित करने की कार्यवाही की जायेगी । अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है ।

परिशिष्ट ''एक'' (पृष्‍ठ क्रमांक - 11)

 

मध्‍यान्‍ह भोजन योजनान्‍तर्गत किचन शेड संचालन 

3. ( *क्र. 478 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इंदौर, ग्‍वालियर, भोपाल, जबलपुर में मध्‍यान्‍ह भोजन योजनांतर्गत केन्‍द्रीय किचन शेड संचालन के लिए आमंत्रण बुलाए गए हैं ? यदि हाँ, तो प्रत्‍येक स्‍थान के लिए आमंत्रण की तिथि तथा अब तक की गई कार्यवाही का विवरण देवें । (ख) स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष के नवीन शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ होने के पूर्व ही प्रश्‍नांश (क) के अनुरूप कार्यवाही क्‍यों सुनिश्चित नहीं की गई तथा इस विलंब के लिए कौन उत्‍तरदायी है ? (ग) उक्‍त स्‍थानों पर मध्‍यान्‍ह भोजन संचालन की व्‍यवस्‍था क्‍या तदर्थ रूप से संचालित हो रही है तथा क्‍या इससे भोजन वितरण की गुणवत्‍ता तथा प्रबंधन पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ । जिलेवार विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है । (ख) स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष के शैक्षणिक सत्र के प्रारम्भ होने के पूर्व ही प्रश्नांश (क) के अनुरूप कार्यवाही की गई । जिलेवार विवरण संलग्न परिशिष्ट पर है । (ग) जी हाँ । जिलेवार विवरण संलग्न परिशिष्ट पर है ।

परिशिष्ट - ''दो'' (पृष्‍ठ क्रमांक - 13)

राशन वितरण में अनियमितता

4. ( *क्र. 58 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेडा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनाँक 18 मार्च, 2015 के परि. अता. प्रश्‍न संख्‍या 11 (क्र.1813) परि. अता. प्रश्‍न संख्‍या 164 (क्र.5314) तथा अता. प्रश्‍न संख्‍या 110 (क्र.4820) के संदर्भ में बताएं कि खाद्य विभाग के सहायक संचालक सुकृति सिंह की रिपोर्ट पर कार्यवाही क्‍यों नहीं हो रही है जब कि जगदीश कुशवाह व जगदीश कोरकू, मुकेश बड्डन पिपरई, अरविंद शर्मा व उनके साथियों को राशन वितरण से अभी तक पृथक कर दंडित क्‍यों नहीं किया ? (ख) मुंगावली जिला अशोक नगर में राशन वितरण को लेकर कितने पत्र किस-किस तिथि को प्रश्‍नकर्ता ने जिलाधीश अशोक नगर जिलाधीश गुना, महाप्रबंधक गुना जिला सहकारी बैंक, प्रमुख सचिव खाद्य व एस.डी.ओ. मुंगावली को लिखे व उन पत्रों पर क्‍या कार्यवाही हुई ? (ग) जिलाधीश (खाद्य) आपूर्ति अधिकारी व प्रमुख सचिव खाद्य तथा बी.के. चन्‍देल उप सचिव खाद्य द्वारा किन-किन उचित मूल्‍य की दुकानों के विरूद्ध रिपोर्ट पर पुलिस रिपोर्ट व किस-किस प्रकार की कार्यवाही के निर्देश दिये व उनका पालन क्‍यों नहीं हुआ व इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की ?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है ।

 

प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत अपूर्ण सड़कें

5. ( *क्र. 439 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन एवं देवास जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत किन-किन सड़कों का कार्य अप्रारंभ तथा अपूर्ण है । सड़कवार कारण बतायें तथा संबंधित एजेंसी के खिलाफ क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई ? (ख) उक्‍त जिलों में विगत तीन वर्षों में पूर्ण सड़कों में से कौन-कौन सी सड़क की गारंटी अवधि कब तक की है उक्‍त सड़कों का निरीक्षण कब-कब किसने गारंटी अवधि में किया था किन मार्गो में कमी पाई ? (ग) क्‍या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पूर्ण सड़कों पर गारंटी अवधि में मरम्‍मत तथा सुधार कार्य न कराये जाने से वाहनों के निकलने में असुविधा है । यदि नहीं, तो गारंटी अवधि में किस-किस सड़क पर कब-कब कितनी राशि का भुगतान किया गया पूर्ण विवरण दें ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है(ग) जी नहीं । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है

परिवहन बसों में निर्धारित मापदण्‍डों की पूर्ति

6. ( *क्र. 389 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले में चलने वाली सभी बसों में दो दरवाजे बना लिये गये हैं ? यदि नहीं तो उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है ? (ख) छतरपुर जिले में ऐसी कितनी बसें है जो अपने निर्धारित गन्‍तव्‍य तक नहीं जाती है ? इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है ? क्‍या यात्रियों से निर्धारित किराये से अधिक राशि वसूली जा रही है ? यदि हाँ, तो इन बस मालिकों पर क्‍या कार्यवाही की गई ? यदि नहीं तो कार्यवाही कब तक की जावेगी ? (ग) बसों की चैकिंग के लिए किन-किन विभागों के अधिकारियों को उत्‍तरदायित्‍व सौंपा गया है तथा वे कितनी-कितनी राशि का जुर्माना कर सकते हैं ?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) वर्तमान विधिक प्रावधानों के अनुसार जिन बसों में 2 दरवाजे आवश्यक हैं उनका पालन सुनिश्चित किया जाता है । दो दरवाजों हेतु वर्तमान प्रावधानों में संशोधन हेतु म.प्र. शासन परिवहन विभाग की अधिसूचना क्र. एफ 22-13/2015/ आठ भोपाल दिनाँक 22.06.2015 द्वारा प्रारंभिक प्रकाशन कर 30 दिवस में आपत्तियाँ व सुझाव आमंत्रित किये गये हैं । (ख) समय-समय पर की जाने वाली आकस्मिक जाँच के दौरान अपने निर्धारित गंतव्य तक जाने वाली बस का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है । अतः कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है । वसूली की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है । अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है । (ग) मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 22-41/2011 /आठ दिनाँक 21.01.2013 के अनुसार मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 200 के अंर्तगत परिवहन विभाग स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को वाहनों की चैकिंग के अधिकार दिये गये हैं, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है । इस अधिसूचना में जुर्माने की राशि का उल्लेख है ।

मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत सड़क निर्माण

7. ( *क्र. 322 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के प्रथम एवं द्वितीय चरण में स्‍वीकृत मार्गों में से किन-किन मार्गों का निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनाँक तक पूर्ण अथवा अपूर्ण है ? अपूर्णता का कारण स्‍पष्‍ट करें ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त मार्गों पर बारहमासी आवागमन के लिये क्‍या शासन पुल-पुलियाओं का निर्माण करेगा ? यदि हाँ, तो कब तक ? (ग) विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत ऐसे कितने ग्राम व मजरे टोले शेष हैं जो उक्‍त योजना के लाभ से वंचित हैं ? क्‍या ऐसे वंचित ग्राम व मजरे टोलों पर मुख्‍यमंत्री सड़क का निर्माण कर आम ग्रामीणों को लाभांवित किया जावेगा ? यदि हाँ, तो कब तक ? (घ) क्‍या प्रथम चरण के भिन्‍न-भिन्‍न कारणों से लंबित व अप्रारंभ कार्यों के कारणों का निराकरण करने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग लिया गया है ? क्‍या शासन प्रशासन का सहयोग लेकर उक्‍त लंबित व अप्रारंभ मार्गों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जावेगा ? यदि हाँ, तो कब तक ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है । (ख) उक्त मार्गों पर पुल पुलियों का निर्माण दिसम्बर 2015 तक पूर्ण कराए जाने का लक्ष्य है । (ग) विधानसभा क्षेत्र ब्यावरा के अंतर्गत प्रारंभिक सर्वेक्षण में 10 ग्राम मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना के लाभ से वंचित पाए गए हैं । इन ग्रामों को उक्त योजनान्तर्गत स्वीकृत किए जाने की कार्यवाही विचाराधीन है । स्वीकृति आवंटन की उपलब्धता पर निर्भर होने से निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है । मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत मजरे टोलों को जोड़ने की योजना नहीं है । (घ) जी हाँ । प्रथम चरण के सभी कार्य प्रारंभ कराये जा चुके हैं अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता ।

परिशिष्ट - ''तीन'' (पृष्‍ठ क्रमांक - 14)

बीज अनुदान भुगतान में अनियमितता

8. ( *क्र. 438 ) श्री हर्ष यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर संभाग के किन-किन जिलों में वर्ष 2012-13, 2013-142014-15 में रबी व खरीफ सीजन में किसानों को वितरित किये जाने वाले बीज वितरण अनुदान व बीज उत्‍पादन अनुदान का कितना-कितना भुगतान समितिवार-कृषकवार किया गया ? विस्‍तृत विवरण दें । वर्षवार, जिलावार, समितिवार, कृषकवार जानकारी दें । (ख) क्‍या सागर जिले में उक्‍त अनुदान का भुगतान समितियों को किया गया है ? यदि हाँ, तो किस समिति को कितनी राशि उक्‍त अवधि में प्रदाय की गई ? क्‍या समितियों द्वारा उक्‍त अनुदान का वितरण कृषकों को किया गया है ? क्‍या इसका सत्‍यापन कराया गया है ? यदि नहीं, तो क्‍यों ? (ग) प्रश्‍नांश (ख) वर्णित अनुदान भुगतान के मामले में की गई आर्थिक अनियमितताओं, किसानों को भुगतान प्राप्‍त न होने व अनुदान भुगतान में गड़बड़ी की क्‍या विस्‍तृत जाँच कराई जावेगी ? इस अनियमितता में लिप्‍त शासकीय सेवकों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है । (ख) जी हाँ, सागर जिले में अनुदान भुगतान की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है । बीज समितियों द्वारा अनुदान की राशि काटकर ही बीज प्रदाय किया गया है । भौतिक सत्‍यापन संबंधी जानकारी एकत्रित की जा रही है । (ग) प्रश्‍नांश (ख) वर्णित अनुदान भुगतान के मामले में की गई आर्थिक अनियमितताओं, किसानों को भुगतान प्राप्‍त न होने व अनुदान भुगतान में गड़बड़ी की जाँच की जाक‍र संबंधितों के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है ।

परिशिष्ट - ''चार'' (पृष्‍ठ क्रमांक - 17)

कामधेनु गृह निर्माण सहकारी संस्‍था में अनियमितताओं की जाँच

9. ( *क्र. 510 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अता.प्रश्‍न क्रमांक 3991 दिनाँक 11/03/2015 के जवाब में कामधेनु गृह निर्माण सहकारी संस्‍था भोपाल पंजीयन क्रमांक डी.आर.बी 296 के वर्तमान संचालक मंडल द्वारा 115 वरिष्‍ठ सदस्‍यों को निष्‍कासित एवं 90 नये व्‍यक्तियों को सदस्‍य बनाया गया है ? (ख) उक्‍त 115 सदस्‍यों के निष्‍कासन के क्‍या कारण थे ? कृपया निष्‍कासन के कारण, संचालक मंडल की बैठक में पारित निर्णयों, उपस्थित संचालकों के साथ 115 सदस्‍यों के निष्‍कासन की प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी देवें ? (ग) संस्‍था द्वारा 90 नये सदस्‍य किस आधार पर बनाये गये हैं, जबकि संस्‍था द्वारा 2010 में प्रस्‍तुत सूची के अनुसार संस्‍था में सदस्‍यों के मान से 2 भूखंड पहले ही कम थे, फिर पुराने सदस्‍यों को निकाल कर नये सदस्‍य क्‍यों बनाये गये ? (घ) इस बाबत पूर्व संचालक मंडल एवं सदस्‍यों द्वारा पंजीयक को दिनाँक 16/04/2015 में शिकायत भी की गयी थी ? विभाग द्वारा उक्‍त शिकायत पर आज दिनाँक तक क्‍या कार्यवाही की गयी है ? की गयी कार्यवाही की संपूर्ण जानकारी दें ? यदि नहीं तो उक्‍त शिकायत पर कब तक जाँच पूरी कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधान सभा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 3991 दिनाँक 11.03.2015 में 115 सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने एवं 90 सदस्य बनाने का उल्लेख है. (ख) एवं (ग) प्रश्नांश की जाँच आदेशित की गई है. जाँच उपरांत निष्कर्ष से स्थिति स्पष्ट की जा सकेगी. (घ) जी हाँ. शिकायत की जाँच आदेशित की गई है. जाँच उपरांत निष्कर्ष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी. समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है.

ग्राम पंचायतों में सोलर लेंप/लाइट की खरीदी 

10. ( *क्र. 467 ) श्री रामेश्‍वर शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पिछले 02 वर्षों में भोपाल जिले की ग्राम पंचायतों में सोलर लेंप, सोलर स्‍ट्रीट लाईटें क्रय की गई हैं ? ग्राम पंचायत का नाम, व्‍यय की गई राशि मद का नाम, सप्‍लायर का नाम-पता सहित बताएं ? खरीदी गई सामग्री की वर्तमान स्थिति क्‍या है ? (ख) क्‍या यह खरीदी शासन के निर्देश पर की गई है, यदि नहीं तो किसके निर्देश पर यह खरीदी की गई है, अधिकारी का नाम बताएं ? (ग) क्‍या उक्‍त खरीदी में भंडार एवं क्रय नियमों का पालन किया गया है अथवा नहीं ? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर नहीं है तो नियम विरूद्ध खरीदी के लिए कौन दोषी है और इन पर क्‍या कार्यवाही की जाएगी ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ । शेषांश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार । (ख) जी हाँ । म.प्र.शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय भोपाल के परिपत्र क्रमांक-परा.-वित्त-बी-2011-119-6151, दिनाँक 30.06.2011 द्वारा 13 वा वित्त आयोग अंतर्गत पंचायत राज संस्थाओं को परफारमेंस ग्राण्ट की राशि से ग्राम पंचायतें अपने अधिनस्थ ग्रामों में कम से कम 4 से 10 सौर उर्जा लैम्प स्थापित कर रख-रखाव करने के निर्देश हैं । ग्राम पंचायतों द्वारा ग्राम पंचायत-ग्राम सभा की स्वीकृति उपरांत खरीदी की गई है । (ग) ग्राम पंचायतों द्वारा स्थानीय आधार पर दरें आमंत्रित कर न्यूनतम दर पर लगवाने की कार्यवाही की गई है । (घ) प्रश्नांश '''' के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है ।

ग्रामीण क्षेत्रों में उचित मूल्‍य की दुकानों का संचालन

11. ( *क्र. 71 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कितनी शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें हैं एवं इनके कार्य क्षेत्रांतर्गत कितने ग्राम प्रत्‍येक सोसायटी अंतर्गत आते हैं ? (ख) शासन के नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कितनी आबादी पर दुकान संचालित किये जाने के शासन के निर्देश हैं, आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें ? (ग) क्‍या वर्तमान में बैरसिया क्षेत्र में उचित मूल्‍य की दुकानों की संख्‍या पर्याप्‍त हैं, यदि नहीं तो क्‍या दुकानों की संख्‍या को बढ़ाने का प्रस्‍ताव विभाग के समक्ष विचाराधीन है, यदि हाँ, तो स्‍पष्‍ट करें और नहीं तो कारण बतायें ?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 100 उचित मूल्‍य दुकानें संचालित हैं । विधानसभा क्षेत्र बैरसिया की ग्रामीण क्षेत्र के 91 दुकानों से संलग्‍न ग्रामों की जानकारी एवं नगरीय निकाय बैरसिया की 9 दुकानों से संलग्‍न वार्डों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- अनुसार है । (ख) ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्‍येक पंचायत में शासकीय उचित मूल्‍य दुकान खोले जाने का प्रावधान है । आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- अनुसार है । (ग) प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र में म.प्र. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के क्रियान्‍वयन उपरांत 46 पंचायतों में नई शासकीय उचित मूल्‍य दुकानें स्‍थापित हो सकेगी । इन पंचायतों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अनुसार है । इस संबंध में सक्षम अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जा रही है । शेष भाग का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता ।

मनरेगा में पदस्‍थ सब इजीनियरों के विरूद्ध कार्यवाही 

12. ( *क्र. 330 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में मनरेगा में पदस्‍थ कितने सब इंजीनियरों के खिलाफ 01 जनवरी 2013 से प्रश्‍न दिनाँक तक किस-किस अधिकारी द्वारा कार्यवाही की गई ? सब इंजीनियर का नाम, पदस्‍थापना, कार्यवाही दिनाँक सहित बतायें ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में कितने सब इंजीनियर बर्खास्‍त किये गये कितने निलंबित किये गये कारण सहित पृथक-पृथक बतायें ? (ग) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में ऐसे कितने सब इंजीनियरों के विरूद्ध कार्यवाही लंबित है उनके नाम, कारण सहित बतायें ? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में ऐसे कितने सब इंजीनियर हैं जिन्‍हे बर्खास्‍त और निलंबन की कार्यवाही के बाद भी बहाल किया गया है । बहाली का कारण एवं बहाल करने वाले अधिकारी के नाम सहित बतायें ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट 1 अनुसार है । (ख) 12 उपयंत्रियों को बर्खास्‍त एवं 02 उपयंत्रियों को निलंबित किया गया है । जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट 1 अनुसार है । (ग) 02 उपयंत्रियों के विरूद्ध कार्यवाही लंबित है । जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट 2 अनुसार है । (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट 3 अनुसार है ।

परिशिष्ट - ''पाँच''(पृष्‍ठ क्रमांक - 18)

परिवहन कार्यालयों में केश काउन्‍टर की स्‍थापना

13. ( *क्र. 499 ) डॉ. मोहन यादव : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में परिवहन कार्यालय उज्‍जैन में प्रतिव्‍यक्ति प्रति आवेदन स्‍मार्ट कंपनी द्वारा रू. 71 शुल्‍क लिया जा रहा है ? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें ? (ख) क्‍या उक्‍त विषय में माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा प्रदेश के सभी परिवहन कार्यालय को केश काउण्‍टर खोले जाने हेतु निर्देशित किया था ? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराते हुए माननीय उच्‍च न्‍यायालय के आदेश के पालन में विभाग द्वारा प्रदेश में किन-किन कार्यालयों में केश काउण्‍टर खोले गये ? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) का जवाब नहीं है तो इस हेतु कौन-कौन दोषी है ? दोषियों के विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई ?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) मध्‍यप्रदेश शासन परिवहन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 22-10/2012/आठ दिनाँक 5.12.2013 के अनुसार स्‍मार्ट चिप कंपनी लिमिटेड के लिए उपभोक्‍ता प्रभार की दरें निर्धारित की गई हैं । उक्‍त अनुसार वेब आधारित प्रणाली द्वारा कर और फीस के भुगतान के लिए रु. 27 + सर्विस टैक्‍स प्रति संव्‍यवहार उपभोक्‍ता प्रभार देय है एवं वेब आधारित शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति/वाहन चालक अनुज्ञप्ति/आर.सी/फिटनेस/परमिट वेब आधारित कोई अन्‍य सेवा के लिये उक्‍त रु 27 के अतिरिक्‍त रु 36 + सर्विस टैक्‍स प्रति संव्‍यवहार उपभोक्‍ता प्रभार देय है । अत: परिवहन कार्यालय उज्‍जैन द्वारा ली गई सेवाओं के लिए ही उपरोक्‍तानुसार उपभोक्‍ता प्रभार लिया जाता है । जो रू. 71 प्रति आवेदन हो आवश्‍यक नहीं है । अधिसूचना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है । (ख) इस विषय में माननीय उच्‍च न्‍यायालय खंडपीठ ग्‍वालियर द्वारा याचिका क्रमांक 5009/2014 में पारित आदेश दिनाँक 08-09-2014 की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है । जिसमें माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा महाधिवक्‍ता के कथन कि - कोई व्‍यक्‍ति चालान द्वारा भी संबंधित कार्यालयों में राशि जमा कर सकता है - का उल्‍लेख किया गया है । तद्नुरूप प्रदेश के समस्‍त जिला परिवहन कार्यालयों में आदेश क्रमांक 2512/प्रव./टीसी/2015 दिनाँक 26.5.15 द्वारा केश काउंटर प्रारंभ करने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं । (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है ।

सीधी जिलान्‍तर्गत अध्‍यापकों की पदोन्‍नति

14. ( *क्र. 156 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीधी जिले में सहायक अध्‍यापक से अध्‍यापक एवं अध्‍यापक से वरिष्‍ठ अध्‍यापक पद पर पदोन्‍नति प्रक्रिया पूरी हो गयी है ? (ख) यदि नहीं तो कब तक पूरी हो जायेगी ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है ।

ग्राम पंचायत वघोरा में मार्ग निर्माण

15. ( *क्र. 419 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत वघोरा विकासखण्‍ड मेहगांव जिला भिण्‍ड में विगत पाँच वर्षों से मनरेगा अन्‍तर्गत कितनी राशि से क्‍या निर्माण कार्य हुआ है ? (ख) ग्राम पंचायत वघोरा विकासखण्‍ड मेहगांव जिला भिण्‍ड में जनभागीदारी मांग संख्‍या 6064 के अन्‍तर्गत कौन से मार्ग निर्माण किए गए हैं ? (ग) ग्राम पंचायत वघोरा में मनरेगा के अन्‍तर्गत कौन सा कार्य करवाया गया है ? क्‍या उनको एस.ओ.पी. अंक जारी किए गए हैं ? कितने जाब कार्डधारियों के खाते में राशि भेजी गई ? (घ) क्‍या यह सत्‍य है कि प्रश्‍नांश (क) (ख) और (ग) के अन्‍तर्गत भौतिक रूप से ग्राम पंचायत में कोई निर्माण न होने के कारण ग्रामवासी परेशान हैं ? निर्माण कार्यों का किस एम.बी. किस उपयंत्री और सहायक यंत्री ने भुगतान हेतु कार्यवाही की ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ग्राम पंचायत वघौरा विकासखण्‍ड मेहगांव, जिला भिण्‍ड में विगत पाँच वर्षों से मनरेगा अन्‍तर्गत राशि  रुपये 81.87 लाख से निर्माण कार्य हुआ है । जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' के कॉलम 01 एवं 07 पर अंकित है । (ख) ग्राम पंचायत वघौरा विकासखण्‍ड मेहगांव जिला भिण्‍ड में जनभागीदारी मांग संख्‍या क्रं. 60 के अन्‍तर्गत कोई कार्य नहीं हुये हैं, मांग संख्‍या क्रं. 64 के अंतर्गत हुये निर्माण कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' पर हैं । (ग) ग्राम पंचायत वघौरा में मनरेगा योजनान्‍तर्गत सेल्‍फ ऑफ प्रोजेक्‍ट से कार्य लिये गये हैं, कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' के कॉलम 01 पर अंकित है । 1261 जॉब कार्ड धारियों के खातों में राशि भेजी गई है । (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) (ग) के अन्‍तर्गत ग्राम पंचायत वघौरा में कार्य कराये गये हैं, ग्रामवासियों को कोई परेशानी नहीं है । विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' के कॉलम 8, 9 एवं 10 पर अंकित है ।

जनपद पंचायत चितरंगी में पदस्‍थ स्‍टाफ 

16. ( *क्र. 3 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले के चितरंगी विकासखण्‍ड अन्‍तर्गत कार्यालय जनपद पंचायत चितरंगी में कौन-कौन से अधिकारी व कर्मचारी कब से पदस्‍थ हैं ? (ख) लंबे समय से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थी का क्‍या कारण है तथा एक ही स्‍थान पर पदस्‍थी के विभाग के क्‍या नियम हैं ? (ग) क्‍या शासन वर्षों से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ अधिकारी व कर्मचारियों को अन्‍यत्र पदस्‍थ करेगा ? यदि हाँ, तो कब तक करेगा ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार । (ख) स्थानांतरण नीति एवं नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार । (ग) स्थानांतरण नीति के परिपेक्ष्य में कार्यवाही की गई है ।

कृषि उपकरण की खरीदी में अनियमितता

17. ( *क्र. 13 ) श्री विश्वास सारंग : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2014-15 में तत्‍कालीन कृषि संचालक और मण्‍डी बोर्ड के एम.डी. ने शासन को जाँच रिपोर्ट सौंपी है ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के त‍हत किन-किन जिलों में किसानों के नाम पर फर्जी आवेदन बनाकर कृषि उपकरण खरीदे गए हैं ? उक्‍त जिलों में कितने रूपए की अनियमितताएं हुई हैं ? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत वर्ष 2012-13, 2013-142014-15 में खरीदे गए उपकरणों की रेंडम जाँच हो गई है ? किन-किन जिलों से प्रश्‍न दिनाँक तक जाँच प्रतिवदेन प्राप्‍त नहीं हुआ है ? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) व (ग) के तहत किन-किन पदनाम/नाम के अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाए गए हैं ? क्‍या उनके खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज करा दी गई है ? यदि नहीं तो कब करायी जायेगी ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ । (ख) प्रश्नांश "क" में उल्लेखित जाँच रिपोर्ट के आधार पर श्री आर.पी. कनेरिया, तत्का. उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला धार एवं श्री सी.के. जैन, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला रतलाम के विरूद्ध विभागीय जाँच किये जाने हेतु आरोप पत्र जारी किये गये है । संबंधितों से बचाव उत्तर प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर आगामी कार्यवाही का निर्णय लिया जावेगा । (ग) एवं (घ) जाँच प्रक्रियाधीन है ।

विदिशा जिलान्‍तर्गत समर्थन मूल्‍य पर गेहूँ की खरीदी 

18. ( *क्र. 354 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के अन्‍तर्गत किसानों के गेहूँ खरीदी के लिये कितने समर्थन मूल्‍य खरीदी केन्‍द्र बनाये गये हैं ? विकासखंडवार जानकारी देवें ? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित खरीदी केन्‍द्रों पर कितने किसानों से कितने क्विंटल गेहूँ खरीदा जाकर, कितने किसानों को कितने क्विंटल गेहूँ का मूल्‍य का भुगतान किया जा चुका है, कितना शेष है, शेष रहने का क्‍या कारण है, खरीदी केन्‍द्रवार जानकारी देवें ? (ग) क्‍या किसानों का गेहूँ खरीदी उपरांत रिजेक्‍ट किया गया है, यदि हाँ, तो कितने क्विंटल गेहूँ किस कारण से रिजेक्‍ट किया गया ? इनका मूल्‍य बतावें ? (घ) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित शेष रहे किसानों एवं रिजेक्‍ट किये गये किसानों को उनके गेहूँ का मूल्‍य का भुगतान कब तक किया जावेगा, समय-सीमा बतावें ?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) रबी विपणन वर्ष 2015-16 में समर्थन मूल्‍य पर गेहूँ उपार्जन हेतु विकासखण्‍ड बासौदा-18, कुरवाई-13, विदिशा-34, सिरोंज-12, नटेरन-17, ग्‍यारसपुर-19 एवं लटेरी में-12 खरीदी केन्‍द्र इस प्रकार, विदिशा जिले में कुल 125 खरीदी केन्‍द्र बनाए गए थे । (ख) विदिशा जिले में 37,579 किसानों से 4,27,719.77 मे.टन गेहूँ खरीदा गया । किसानों से खरीदी गई गेहूँ की समस्‍त मात्रा का भुगतान किया गया है । खरीदी केन्‍द्रवार उपार्जित गेहूँ की मात्रा एवं भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है । शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता । (ग) किसानों द्वारा समर्थन मूल्‍य पर गेहूँ उपार्जन के समय निर्धारित एफएक्‍यू गुणवत्‍ता का नहीं पाए जाने के कारण रिजेक्‍ट किए गए गेहूँ को सुखाने एवं छलना, पंखा लगाने के पश्‍चात् 2,656 मे.टन गेहूँ निर्धारित एफएक्‍यू गुणवत्‍ता का हो जाने से क्रय कर लिया गया । (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता ।

जिला पंचायत कटनी को प्रेषित पत्रों पर कार्यवाही

19. ( *क्र. 205 ) श्री संजय पाठक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कटनी को प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनाँक 13.09.2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने पत्र प्रेषित किये गये ? प्रेषित पत्रों के तारतम्‍य में प्रश्‍न दिनाँक तक पत्र क्रमांकवार किन-किन पत्रों पर कार्यवाही की गई है ? की गई कार्यवाही से किस-किस व्‍यक्ति या समूह या आवेदक को लाभ हुआ ? जानकारी पत्र क्रमांकवार तथा दिनाँकवार प्रत्‍येक पत्र के संबंध में पृथक-पृथक देवें । (ख) प्रश्‍नांश (क) प्रेषित पत्रों के तारतम्‍य में कार्यवाही हेतु लिखे गये पत्रों की छायाप्रतियां पत्रवार, की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्‍ध करावें ? (ग) यदि पत्रों पर कार्यवाही नहीं हुई तो इस हेतु कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं, क्‍या इनके विरूद्ध शासन कठोर कार्यवाही करेगा ? यदि हाँ, तो कब तक ? यदि नहीं, तो क्‍यों ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, कटनी को प्रश्नकर्ता द्वारा दिनाँक 13.09.2014 से प्रश्न दिनाँक तक कुल 145 पत्र प्रेषित किये गये । पत्रों पर की गई कार्यवाही एवं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- के कॉलम 5 एवं लाभान्वित/पात्र/अप्राप्त हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ के क्र. 6 में उल्लेखित है । (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है एवं पत्रवार की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है । (ग) माननीय विधायकों के पत्रों पर यथोचित कार्यवाही की गई है । अतः किसी के विरूद्ध कार्यवाही की स्थिति उत्पन्न नहीं होती है ।

विकासखण्‍ड रौन एवं लहार में कार्यों के भुगतान की जाँच

20. ( *क्र. 196 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के विकासखण्‍ड रौन ग्राम पंचायत अचलपुरा, चाचीपुरा, असनेट विकासखण्‍ड लहार मड़ोरी, अजनार, पर्रायच, बरौआ, गेंथरी में 1 अप्रैल 2012 से 31 दिसंबर 2014 तक किन-किन कार्यों, मदों में कितनी-कितनी राशि भुगतान की गई । प्रत्‍येक कार्य में भुगतान राशि का अलग-अलग विवरण दें ? (ख) उपरोक्‍त कार्यों का मूल्‍यांकन करने वाले उपयंत्री, सहायक यंत्री, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी एवं भुगतान की स्‍वीकृति देने वाले अधिकारी का नाम बतायें । (ग) ग्राम पंचायत अचलपुरा विकासखण्‍ड रौन में बिना कार्य कराये फर्जी मूल्‍यांकन प्रमाणित होने के बाद भी फर्जी मूल्‍यांकन करने वाले उपयंत्री, सहायक यंत्री एवं स्‍वीकृति‍ देने वाले मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी के विरूद्ध एफ.आई.आर. की कार्यवाही कर शासकीय राशि कब तक वसूल की जावेगी ? (घ) पंचायतों द्वारा बिना कार्य कराये फर्जी भुगतान करने एवं निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार कार्य न कर गुणवत्‍ताहीन कार्य करने की जाँच सिद्ध होने पर क्‍या कार्यवाही की गई ? यदि नहीं, तो क्‍यों ? (ड.) लहार विकासखण्‍ड की ग्राम पंचायत अजनार, मड़ोरी के पशु शेड, शौचालय निर्माण कराये बिना फर्जी भुगतान के दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार । (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के कालम 08, 09, 10 एवं 11 अनुसार । (ग) ग्राम पंचायत अचलपुरा में कार्य एजेन्सी ग्राम पंचायत द्वारा कराये जाने एवं उपयंत्रियों द्वारा मूल्यांकन किये जाने व सत्यापन सहायक यंत्री द्वारा किये जाने के बाद ही भुगतान किये गये हैं । जिन कार्यों के मूल्यांकन नहीं हुए हैं, उनकी राशि सरपंच सचिव से म.प्र. पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत् अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लहार के न्यायालय में वसूली हेतु प्रचलित है । (घ) पंचायतों द्वारा बिना कार्य कराये फर्जी भुगतान एवं निर्धारित मापदण्डों अनुसार कार्य न कर गुणवत्‍ताहीन कार्य करने के संबंध में संबंधितों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये जा चुके हैं । संबंधितों द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है, कार्यों का भुगतान कर दिया गया है, कारण बताओ सूचना पत्र जवाब आने पर तद्नुसार कार्यवाही की जावेगी । (ड.) ग्राम पंचायत अजनार में 25 पशु शेड एवं 130 शौचालय स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें से 10 पशु शेड, 120 शौचालय पूर्ण हैं । ग्राम पंचायत मडोरी में 05 पशु शेड एवं 14 शौचालय स्वीकृत किये गये थे जो प्रगतिरत हैं । इन पंचायतों द्वारा बिना कार्य कराये फर्जी भुगतान एवं निर्धारित मापदण्डों अनुसार कार्य न कर गुणवत्‍ताहीन कार्य करने के संबंध में संबंधितों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये जा चुके हैं । संबंधितों द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है, कार्यों का भुगतान कर दिया गया है । कारण बताओ सूचना पत्र का जवाब आने पर तद्नुसार कार्यवाही की जावेगी ।

रीवा जिले में योजनाओं पर खर्च राशि 

21. ( *क्र. 216 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रीवा में सन् 2013-14 एवं 2014-15 में किन-किन योजनाओं में कितना बजट दिया गया है ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रत्‍येक ब्‍लाकों में किसान रथ में कितनी राशि खर्च की गई है, वर्षवार जानकारी देवें तथा रथों के संचालन के दौरान किन-किन ग्रामों में व्‍यवधान हुआ ? (ग) जिला रीवा किसान मेला में वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में कौन मुख्‍य अतिथि थे, तथा मेले में कितना खर्च परिवहन, भोजन, पंडाल, प्रदर्शनी एवं अन्‍य पर खर्च किया गया मदवार जानकारी बताएं ? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जिला रीवा में वर्ष 2013-14 एवं वर्ष 2014-15 में केन्‍द्र एवं राज्‍य पोषित योजनाओं के अंतर्गत दिये गये बजट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है । (ख) वर्ष 2013-14 में कृषि महोत्‍सव का आयोजन नहीं किया गया है । वर्ष 2014-15 में प्रत्‍येक ब्‍लॉकों में किसान रथ में विकासखण्‍डवार खर्च की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है । रथ संचालन के दौरान किसी भी ग्राम में व्‍यवधान नहीं हुआ । (ग) जिला रीवा किसान मेला में वर्ष 2013-14 में माननीय श्री राजेन्‍द्र शुक्‍ला, मंत्री म.प्र. उर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, खनिज संसाधन, जनसम्‍पर्क विभाग मुख्‍य अतिथि थे एवं 2014-15 में माननीय श्री गौरीशंकर बिसेन, मंत्री किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग भोपाल एवं माननीय श्री राजेन्‍द्र शुक्‍ला, मंत्री म.प्र. ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, खनिज संसाधन, जनसम्‍पर्क विभाग मुख्‍य अतिथि थे । परिवहन, भोजन, पंडाल, प्रदर्शनी एवं अन्‍य पर खर्च किया गया । मदवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है । (घ) कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है ।

कृषि उपज मंडियों पर छापामार कार्यवाही 

22. ( *क्र. 51 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मण्‍डी समिति कटनी में 1 जनवरी 2014 से मई 2015 की अवधि में उपसंचालक, मण्‍डी जबलपुर द्वारा गठित उड़नदस्‍ते द्वारा किन-किन फर्मों पर आकस्मिक जाँच की थी और क्‍या स्थिति मिली थी, फर्मवार विवरण दें ? इसके अतिरिक्‍त संभाग की ओर से किन-किन मंडियों में छापे डाले गये थे, उनका भी विवरण दें ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जिन फर्मों की आकस्मिक जाँच की थी और उन प्रतिष्‍ठानों में अवैध व्‍यापार किया जाकर अवैध रूप से कृषि उपज संग्रहित पायी गयी थी, उन फर्मों की अनुज्ञप्ति निरस्‍त करते हुये, पाँच गुना मण्‍डी शुल्‍क एवं निराश्रित शुल्‍क वसूला गया या नहीं ? फर्मवार विवरण दें ? यदि नहीं तो इसके लिये कौन उत्‍तरदायी है बताएं तथा उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेगें ? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संबंध में जिन प्रतिष्‍ठानों की आकस्मिक जाँच की और वहाँ गड़बड़ी पायी गयी, उनके क्षेत्र के मण्‍डी निरीक्षक, सहायक निरीक्षकों को भी क्‍या दोषी मानते हुये, उन पर मण्‍डी समिति द्वारा कार्यवाही की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्‍यों ? कारण बताएँ ? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि कोई शिकायत मण्‍डी बोर्ड भोपाल को प्राप्‍त हुई हो तो शिकायतवार कार्यवाही विवरण दें ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, ब अनुसार है । (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ, ब अनुसार है । मण्‍डी समिति कटनी के अधिसूचित कृषि उपज के भौतिक सत्यापन में अंतर पाये जाने वाले प्रकरणों पर नियमानुसार अभिलेख का परीक्षण कर पाँच गुना मण्‍डी फीस जमा कराये जाने हेतु संबंधित फर्मों को एवं ऐसे प्रकरण में कार्यवाही करने में विलंब होने से संबंधित मण्‍डी कर्मचारियों को सूचना पत्र जारी किये गये हैं तथा एक मण्‍डी निरीक्षक, कृषि उपज मण्‍डी समिति, कटनी को निलंबित भी किया गया है । (ग) उत्तरांश "ख" अनुसार संबंधित कर्मचारी पर कार्यवाही प्रचलन में है । (घ) प्रश्नांश अवधि में शिकायत प्राप्त न होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता है ।

खाद एवं बीज की अवैध बिक्री

23. ( क्र. 221 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015-16 में सिवनी जिले में किसानों के लिये यूरिया उर्वरक एवं बीज कितनी मात्रा में उपलब्‍ध करायी गई है ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में किसानों को यूरिया, उर्वरक एवं बीज कितनी-कितनी मात्रा में, किस दर पर उपलब्‍ध कराया गया है ? जानकारी देवें । (ग) क्‍या सिवनी जिले में किसानों को घंटों लाईन में खड़े रहकर भी पर्याप्‍त मात्रा में उर्वरक नहीं मिल पाता है, जबकि गली-मोहल्‍लों की दुकानों में ब्‍लैक में भरपूर उर्वरक विक्रय की जाती है । ब्‍लैक में उर्वरक बिक्री के लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी है ? दोषी के विरूद्ध शासन कब तक कार्यवाही करेगा ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सिवनी जिले में खरीफ 2015 के लिये अभी तक 13132 मे.टन यूरिया एवं 45273 क्विंटल बीज उपलब्‍ध कराया गया । (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है । (ग) सिवनी जिले खरीफ 2015 में अभी तक 13132 मे.टन यूरिया उपलब्‍ध कराया गया है. जिसमें से 12643 मे.टन यूरिया का वितरण किया गया है । 489 मे.टन यूरिया उपलब्‍ध है । सिवनी जिले में 57 सेवा सहकारी समितियों, 5 डबल लॉक केन्‍द्र, 3 विपणन समितियों एवं 164 निजी विक्रेताओं के माध्‍यम से यूरिया प्रदान किया जा रहा है । उर्वरक ब्‍लैक की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता ।

परिशिष्ट - ''छ:'' (पृष्‍ठ क्रमांक - 21)

 

मेहगांव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत स्‍वीकृत कार्य 

24. ( *क्र. 592 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जनपद पंचायत मेहगांव एवं जनपद पंचायत रौन में शासन/विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में विगत तीन वर्षों में कौन-कौन से कार्य कितने-कितने लागत के स्‍वीकृत किए गए हैं ? (ख) उपरोक्‍त वर्षों में स्‍वीकृत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हुए हैं या अपूर्ण रहे हैं एवं कितने प्रगतिरत हैं ? (ग) उपरोक्‍त दोनों जनपद पंचायतों के अंतर्गत समस्‍त ग्राम पंचायतों के समस्‍त ग्रामों में उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों के लिए राशि आहरित कर ली गई थी ? (घ) यदि हाँ, तो किन कारणों से कार्य अभी भी अपूर्ण की स्थिति में है ? ग्राम पंचायतवार/ग्रामवार समस्‍त पूर्ण/अपूर्ण कार्यों की स्थिति से अवगत कराते हुए यह भी स्‍पष्‍ट करें कि अपूर्ण कार्यों के लिए दोषी अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ क्‍या-क्‍या कार्यवाही की ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ के कालम 06 एवं 08 अनुसार । (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ के कालम 11, 12 एवं 13 अनुसार । (ग) जी हाँ । (घ) अपूर्ण कार्य मनरेगा में राशि उपलब्ध न होने एवं पंचायत निर्वाचन के पश्चात् पदाधिकारी बदलने से कार्य अपूर्ण रहे । शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता ।

उपमण्‍डी का निर्माण

25. ( *क्र. 504 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुखेड़ा तह. पिपलौदा जिला रतलाम में विभागीय निर्देश पर ''उपमण्‍डी'' स्‍थापित किये जाने के संबंध में कार्यवाही चल रही है ? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या ग्राम सुखेड़ा में उपमण्‍डी हेतु भूमि को चिन्हित कर कृषि विभाग एवं राजस्‍व विभाग द्वारा समस्‍त नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है ? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या जावरा कृषि उपज मण्‍डी समिति/मण्‍डी बोर्ड से अनुशंसित होकर राजस्‍व विभाग को चयनित/चिन्हित भूमि की भू-भाटक राशि भी जमा करवा दी गई है ? यदि हाँ, तो उपरोक्‍त नियमानुकूल समस्‍त प्रक्रियाधीन कार्यवाहियां पूर्ण की जा चुकी है ? यदि हाँ, तो सुखेडा उपमण्‍डी का निर्माण कार्य कब से किया जाना सुनिश्चित किया गया है तथा उपमण्‍डी कब से प्रारंभ की जाएगी ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ । (ख) ग्राम सुखेड़ा में उपमण्‍डी की स्थापना हेतु भूमि के रकबा 6.99 हेक्टर चिन्हित कर ली गई है । शेष कार्यवाही प्रक्रियाधीन है । (ग) उपमण्‍डी सुखेड़ा के लिये मण्‍डी बोर्ड भोपाल के पत्र क्रमांक/नवीन मण्‍डी/10/1/सी/113 दिनाँक 27.01.2012 से प्रशासकीय एवं पत्र क्रमांक 976 दिनाँक 03.03.2012 से वित्तीय स्वीकृति मण्‍डी समिति जावरा को दी जा चुकी है । भू-भाटक की 10 प्रतिशत राशि रूपये 1,35,000/- चालान क्रमांक 05 दिनाँक 2.7.2012 से जमा कराया जा चुका है । शेष भू-भाटक राशि मांग पत्र के आधार पर जमा कराई जाकर प्रश्नाधीन भूमि को आधिपत्य/नामांतरण/सीमांकन उपरांत प्रांगण को शासन से अधिसूचित कराकर निर्माण कार्य कराना संभव हो सकेगा । समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है ।

 

 



 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

खाद्य सुरक्षा योजना में खाद्यान्‍न की वसूली

1. ( क्र. 6 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले में खाद्य सुरक्षा योजना अंतर्गत किस-किस योजना के तहत हितग्राहियों को खाद्यान्‍न पाने की पात्रता है और जिले भर में कितने क्विंटल खाद्यान्‍न व केरोसिन तथा कितने खाद्यान्‍न कूपन जारी किये गये हैं ? लीडवार, समितिवार, उचित मूल्‍य दुकानवार विवरण दें ? (ख) चितरंगी विकासखण्‍ड में मार्च 2014 से जून 2015 तक में कुल कितने आई.डी. जारी किये गये हैं ? कितने आई.डी. दोहरीकरण व फर्जी पाए गए और उचित मूल्‍य दुकानवार कितने क्विंटल खाद्यान्‍न दोहरीकरण में वितरण किये गये हैं तथा खाद्यान्‍न किसके पास है ? (ग) क्‍या खाद्यान्‍न की वसूली की कार्यवाही होगी ? यदि हाँ, तो कब तक में विवरण दें ?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम,2013 के अंतर्गत 25 श्रेणियों के परिवारों को पात्र परिवार के रूप में सम्मिलित किया गया है जिन्‍हें सत्‍यापन उपरांत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत रियायती दर पर खाद्यान्‍न प्राप्‍त करने की पात्रता है । जिले में 2,26,107 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई है एवं माह जून 2015 में 56,724.32 क्विंटल खाद्यान्‍न एवं 1128 कि.ली. केरोसीन का आवंटन जारी किया गया है । खाद्यान्‍न एवं केरोसीन आवंटन की लीडवार, उचित मूल्‍य दुकानवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है । (ख) चितरंगी विकासखण्‍ड में माह मार्च, 2014 से जून, 2015 तक जारी पात्रता पर्ची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है । चितरंगी विकासखण्‍ड में 3,335 पात्रता पर्ची दोहरीकरण व फर्जी पाए गए जिन्‍हें जारी पात्रता पर्ची पर आवंटित खाद्यान्‍न का वितरण नहीं किया गया है । प्रतिमाह खाद्यान्‍न, शक्‍कर, नमक एवं केरोसीन की अवितरित मात्रा की प्रविष्टि पोर्टल पर की जाकर आगामी माह के आवंटन में समायोजन किया जाकर शेष खाद्यान्‍न प्रदाय किया जाता है । अतएव माह मार्च, 2014 से जून, 2015 तक खाद्यान्‍न, शक्‍कर, नमक एवं केरोसीन की अवितरित मात्रा की जानकारी परिशिष्ट-स पर दर्शित है । (ग) दोहरीकरण व फर्जी पाए गए कूपनों के विरूद्ध वितरण की जाँच बाबत आदेशित किया गया है । जाँच उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी ।

मैप आईटी की भर्ती में अनियमितताएं

2. ( क्र. 14 ) श्री विश्वास सारंग : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मैप आईटी में किस-किस व कितने पदों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत किस-किस नाम के परीक्षार्थियों ने रिजल्‍ट आने के बाद रिवेल्‍युएशन के लिए आवेदन किया ? रिवेल्‍युएशन के बाद उनके कितने-कितने नम्‍बर बढ़े ? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत कितने नंबर तक के परीक्षार्थी को टायपिंग टेस्‍ट के लिए बुलाया गया ? क्‍या रिवेल्‍युएशन के बाद बढ़े नंबरों वालों को भी बुलाया गया ? यदि नहीं तो क्‍यों ? कारण दें ? नियम बतायें ? (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) व (ग) के तहत आयोजित परीक्षा के रिजल्‍ट की जाँच करायी जायेगी ? यदि हाँ, तो कब तक ?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ) : (क) वर्ष 2014-15 में मैप आई.टी. द्वारा एम.पी. ऑनलाईन के माध्यम से प्रबंधक, सहायक प्रबंधक एवं कार्यालय सहायक, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के पदों हेतु अर्हता परीक्षा तथा लेखापाल, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी के 50 पदों हेतु परीक्षा आयोजित की गई । (ख) कार्यालय सहायक की परीक्षा के प्रावधिक परिणामों के आधार पर कु. पूनम गुप्ता एवं कु. जानकी गौतम द्वारा पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया गया । कार्यालय सहायक के परीक्षा परिणामों की गणना में त्रुटि पाए जाने के कारण, समस्त आवेदकों की पुनः परीक्षा लिए जाने का निर्णय लिया गया है, अतः नम्बर बढ़ने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है । (ग) कार्यालय सहायक के आवेदकों की पुनः परीक्षा के निर्णय के कारण, प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता । (घ) प्रश्नांश (क) के तहत आयोजित परीक्षा के परिणामों की जाँच की जाकर, केवल कार्यालय सहायक के आवेदकों की पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है । शेष परिणामों में कोई त्रुटि नहीं पाई गई है ।

 

कृषि उपज मंडी समिति में प्रतिनियुक्ति

3. ( क्र. 52 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी समिति कटनी में पदस्‍थ सचिव को प्रतिनियुक्ति पर कब और कितने वर्ष के लिये लिया गया था बताएँ प्रतिनियुक्ति पर लिये जाने हेतु म.प्र. शासन कर्मिक प्रशासनिक सुधार एवं प्रशिक्षण विभाग के निर्देश क्रमांक एफ-ए-10-18/88/49/1 भोपाल दिनाँक 02.12.1988 के स्‍थाई निर्देशों का उल्‍लघंन करते हुये, म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल के आदेश क्रमांक/मंडी/कर्मिक/ अन्‍य/प्रति/03 पार्ट/17 दिनाँक 06.01..2015 से प्रतिनियुक्ति अवधि 31.01.2015 तक के लिये बढ़ाई गयी थी क्‍यों ? कारण बताएँ ? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर यदि हाँ, तो प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्‍त होने के बाद भी संबंधित को मूल विभाग को वापस क्‍यों नहीं किया गया जबकि श्री गोयल को उनके पैतृक विभाग से भी मांग की जा रही है ? कब तक मूल विभाग को वापस कर दिया जाएगा ? (ग) प्रश्‍नांश (क) के सचिव प्रतिनियुक्ति पर आने के दिनाँक से किन-किन मंडियों में पदस्‍थ थे ? बताएँ ? इनके विरूद्ध कब-कब किस-किस ने शिकायतें की है, शिकायतों की प्रति दें ? तथा उन शिकायतों की जाँच कब की गई, जाँच प्रतिवेदनों के अनुसार इनके विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई ? कार्यवाही संबंधी विवरण उपलब्‍ध करावें ? (घ) प्रश्‍नांश (क) के सचिव की किस मंडी में पदस्‍थापना अवधि में फर्जी अनुज्ञापत्र जारी हुये है । और कितने की आर्थिक क्षति मंडी को पहुँची है ? उसके लिये क्‍या इन्‍हें निलंबित कर तत्‍काल मूल विभाग को वापस किया जावेगा ? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्‍यों ? कारण बताएँ ।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है ।

वृहताकार/मध्‍यम कृषक सेवा समितियों का गठन 

4. ( क्र. 72 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में कितनी वृहताकार/मध्‍यम कृषक सेवा समितियाँ वर्तमान में संचालित हैं एवं इनका कार्यक्षेत्र का आकार किस प्रकार निर्धारित है ? (ख) प्रत्‍येक सोसायटी पर कितने कृषकों का पंजीयन/सदस्‍यता है तथा शासन के निर्देश अनुसार कार्य को आसान/सुगम बनाये जाने हेतु क्‍या विभाग नवीन सोसायटियों/संस्‍थाओं के गठन का प्रस्‍ताव रखता है ? (ग) यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो कारण बतायें ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 06 वृहत्ताकार, 01 कृषक तथा 13 सेवा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां पंजीकृत है एवं इनका कार्य क्षेत्र सहकारी समिति की पंजीकृत उपविधि में उल्लेखित ग्रामों तक सीमित है. (ख) प्रत्येक सोसायटी की सदस्यता की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है. विभाग को नवीन सोसायटी के पंजीयन/पुनर्गठन का कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है. (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता.

परिशिष्ट ''सात''

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्यालय का स्‍थानान्‍तरण

5. ( क्र. 126 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के कार्यालय के स्‍थापना की स्‍वीकृति बड़वाहा नगर में की गई थी, यदि हाँ तो स्‍वीकृति के आदेश की प्रति एवं उक्‍त कार्यालय, नगर, बड़वाहा में कब से प्रारम्‍भ होकर कब तक अस्तित्‍व में रहा है इसकी जानकारी दी जावे ? (ख) क्‍या उक्‍त कार्यालय, नगर, बड़वाहा से नगर महेश्‍वर में स्‍थापित किया गया है ? यदि हाँ तो किन कारणों से किया गया उसकी शासनादेश की प्रति दी जावे ? (ग) क्‍या प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अन्‍तर्गत नवीन सड़क मार्गों की संख्‍या महेश्‍वर विधान-सभा क्षेत्र से अधिक बड़वाहा क्षेत्र में है ? विगत 5 वर्षों के बड़वाहा एवं महेश्‍वर क्षेत्र में वर्षवार स्‍वीकृत सड़कों की जानकारी दी जावे ? (घ) क्‍या बड़वाहा क्षेत्र में अधिक संख्‍या में मार्ग स्‍वीकृत हुऐ हैं जिसमें स्‍टॉफ को आना-जाना होता है, वाहनों का ईंधन आदि का अधिक व्‍यय होता है क्‍या इसमें शासन पर भार नहीं होगा, इसका जिम्‍मेदार अधिकार कौन होगा ? (ड.) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा इस संबंध में कार्यालय प्रमुख को कार्यालय महेश्‍वर से बड़वाहा स्‍थानान्‍तरित किये जाने के संबंध में पत्र व्‍यवहार किया गया था, यदि हाँ तो शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की गई ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ । आदेश की प्रति/जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है । महाप्रबंधक, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, परियोजना क्रियान्वयन इकाई बड़वाहा का कार्यालय दिनाँक 28.11.2009 से प्रारंभ होकर दिनाँक 15.04.2011 तक अस्तित्व में रहा था । (ख) जी हाँ । प्रशासनिक कार्य सुविधा के कारणों से । आदेश की प्रति/जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है । (ग) जी हाँ । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है । (घ) जी हाँ । महाप्रबंधक को छोड़कर बड़वाहा के कार्यों हेतु पदस्थ अन्य मैदानी अमले का मुख्‍यालय बडवाहा ही रखा गया हैं, जिससे स्टॉफ के कार्यस्थल पर आने जाने से न तो वाहनों पर ईधन आदि पर अधिक व्यय होगा और न ही शासन पर अतिरिक्त भार आयेगा । अतः इसके लिये किसी के जिम्मेदार होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता । (ड.) जी हाँ । प्रशासनिक कार्य सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए परियोजना क्रियान्वयन इकाई महेश्वर को यथावत रखा गया है ।

मनरेगा में स्‍वीकृत तालाब निर्माण में अनियमितता 

6. ( क्र. 130 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सत्र जुलाई 2014 में दिनाँक 14 जुलाई 2014 को परि.अता.प्र. संख्‍या-5 (क्रमांक-144) में प्रश्‍नकर्ता द्वारा बड़वाह विधान-सभा क्षेत्र के ग्राम जुनापानी में मनरेगा अन्‍तर्गत 40 लाख 10 हजार की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनाँक 13/04/2012 से जारी होने के बाद तालाब के अपूर्ण कार्य एवं अनियमितता के संबंध में प्रश्‍न के उत्‍तर में कार्यपालन यंत्री महेश्‍वर को दिनाँक 12/01/2014 को पत्र जारी किया जाना बताया एवं कार्यपालन यंत्री द्वारा अनुविभागीय अधिकारी को जाँच हेतु लिखा जाना बताया है ? क्‍या उक्‍त कार्य वर्तमान तक भी पूर्ण नहीं हुआ है ? यदि हाँ, तो क्‍यों ? (ख) क्‍या कार्यपालन यंत्री द्वारा अनुविभागीय अधिकारी महेश्‍वर को जाँच हेतु लिखा गया है ? यदि हाँ, तो तत्‍संबंध में अनुविभागीय अधिकारी द्वारा क्‍या जाँच की गई है ? जाँच प्रतिवेदन की प्रमाणित प्रति, 12/01/2014 की प्रमाणित प्रति एवं उपयंत्री को दिये गये निर्देश की प्रति उपलब्‍ध कराई जावे । (ग) संदर्भित प्रश्‍न के प्रश्‍नांश (घ) में वित्‍त वर्ष 2014-15 के द्वितीय तिमाही में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्‍य रखा जाना बताया है,तो वर्तमान तक कार्य पूर्ण न होने के क्‍या कारण रहे हैं ? नियत अवधि में कार्य पूर्ण न होने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँवन विभाग की अनुमति में विलम्‍ब के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका । (ख) जी हाँ । अनुविभागीय अधिकारी द्वारा की गई जाँच का प्रतिवेदनदिनाँक 12.01.2014 के पत्र एवं उपयंत्री को दिये गये निर्देश की प्रति की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है(ग) उत्‍तरांश 'तथा जॉबकार्डधारियों द्वारा की गई रोजगार की मांग के आधार पर कार्य की पूर्णता निर्भर होने से किसी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाने का प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता ।

परिशिष्ट - ''आठ''

स्‍वकराधान योजनांतर्गत कराये गये कार्य 

7. ( क्र. 175 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍वकराधान योजना क्‍या है ? इसे आवंटित करने के क्‍या नियम एवं मापदंड है ? इस योजना अन्‍तर्गत वित्‍त वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनाँक तक जबलपुर जिले की किन-किन ग्राम पंचायतों को कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई ? पंचायतवार सूची देवें ? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्रदत्‍त राशि से पंचायतों द्वारा क्‍या-क्‍या, कितनी-कितनी राशि के निर्माण कार्य कराये गये ? इनमें से कितने पूर्ण एवं कितने किन कारणों से अपूर्ण है ? सूची देवें ? (ग) क्‍या स्‍वकराधान योजना अन्‍तर्गत प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समय अवधि में ग्राम पंचायतों को प्रदत्‍त राशि के दुरूपयोग की गंभीर शिकायतें जिला पंचायत जबलपुर में की गई थी ? उत्‍तर में यदि हाँ, तो प्राप्‍त शिकायतों पर की गई कार्यवाही की ग्राम पंचायतवार सूची देवें ? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में प्राप्‍त शिकायतों में कहाँ-कहाँ व कौन-कौन लोग दोषी पाये गये ? एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की गई ? यदि नहीं तो क्‍यों नहीं ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसारजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार । (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार । (ग) जी हाँ । जिला स्तर से जाँच हेतु समिति गठित की जाकर कार्यवाही जारी है । (घ) समिति द्वारा जाँच की कार्यवाही जारी है । समिति से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर जाँच निष्कर्ष के आधार पर ही कौन-कौन दोषी पाये गये एवं उन पर की गई कार्यवाही से पृथक से अवगत कराया जा सकेगा ।

 

 

 

वित्‍त वर्ष 2015-16 में उपार्जित गेहूँ का भुगतान 

8. ( क्र. 176 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत वित्‍त वर्ष 2015-16 में कितनी सहकारी समितियों द्वारा कितने-कितने कृषकों का कितना-कितना गेहूँ उपार्जन किया गया ? (ख) प्रश्‍नांश (क) अन्‍तर्गत प्रश्‍न दिनाँक तक समितिवार कितने किसानों को कितना भुगतान किया जा चुका है कितना भुगतान शेष है भुगतान शेष रहने का कारण ? (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में कुल कितना प्रासंगिक व्‍यय प्राप्‍त हुआ एवं इसमें से प्रश्‍नांश (क) अन्‍तर्गत किस-किस समिति को कितना-कितना भुगतान किया गया एवं बैंक खाते में प्रश्‍नांश दिनाँक तक कितना-कितना बैलेंस समितिवार शेष है ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है. (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है, कोई भुगतान शेष नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता. (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है.

परिशिष्ट - ''नौ''

कटनी जिला राईस मिल को ब्‍लेक लिस्‍टेड किया जाना 

9. ( क्र. 183 ) श्री कुंवर सौरभ सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य व्‍दारा मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन को पत्र क्रमांक 1098, दिनाँक 15.06.2015 एवं पत्र क्रमांक 1135, दिनाँक 16.06.2015 से कटनी जिला राइस मिलरों व्‍दारा घटिया अमानक स्‍तर का अमानक चावल नागरिक आपूर्ति कटनी को जमा किया जाकर भारी मुनाफा कमाया गया है की शिकायत की गई है ? इसके अतिरिक्‍त वर्ष 2012-13 में कस्‍टम मिलिंग नीति का उल्‍लंघन किया गया है, क्‍या इसकी शिकायत भी शासन एवं जिला प्रशासन को अन्‍य नागरिकों एवं जन प्रतिनिधियों व्‍दारा की गई है ? शिकायतवार, कार्यवाहीवार विवरण दें ? (ख) वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनाँक तक किन-किन राइस मिलों व्‍दारा कितने क्विंटल धान नागरिक आपूर्ति निगम कटनी से प्राप्‍त किया तथा कितने क्विंटल चावल कब-कब जमा किया ? विवरण दें ? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार जमा चावल में से किन-किन राइस मिलरों के व्‍दारा कितने-कितने लॉट चावल के फेल/अमानक पाये गये ? मिलवार बताएं ? (घ) शासन के प्रावधान अनुसार जिन राइस मिलरों के चावल के तीन लॉट फेल होने पर उस राइस मिल को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया जावेगा ? ऐसी कितनी राइस मिलें हैं, जिनके प्रश्‍न दिनाँक तक तीन लॉट फेल हो चुके है, किन्‍तु उन्‍हें प्रश्‍न दिनाँक तक ब्‍लैक लिस्‍टेड नहीं किया गया, उन्‍हें कब ब्‍लैक लिस्‍टेड किया जाकर, उनके व्‍दारा राइस मिलरों से किये गये अनुबंध को निरस्‍त किया जावेगा यदि हाँ, तो कब तक ? यदि नहीं तो क्‍यों ?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ । माननीय सदस्‍य द्वारा पत्र क्र.1098 दिनाँक 15.06.2015 एवं पत्र क्रमांक 1135, दिनाँक 16.06.2015 द्वारा प्रेषित शिकायत की जाँच कराई जा रही है । वर्ष 2012-13 में कस्‍टम मिलिंग नीति के उल्‍लंघन के संबंध में प्राप्‍त शिकायतों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है । (ख) वर्ष 2012-13 से राईस मिलवार प्रदाय धान एवं जमा चावल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है । (ग) राईस मिलर्स द्वारा जमा चावल में से मिलवार फेल/अमानक पाये गये चावल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है । (घ) वर्ष 2012-13 से जिन राईस मिलर्स के 3 लॉट फेल होने पर की गई कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है ।

आई.डब्‍लू.एम.पी परियोजना के कार्यों का आवंटन

10. ( क्र. 188 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले की किन-किन ग्राम पंचायतों, ग्रामों में वाटर शेड कमेटिया गठित है, इन कमेटियों के पदाधिकारियों, सदस्‍यों के नाम, पता का विवरण देते हुये बताये कि इन कमेटियों के कार्य एवं गठन के क्‍या नियम हैं, शासन के नियमों की प्रतिया देवें ? (ख) कटनी जिले में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनाँक तक आई.डब्‍लू.एम.पी परियोजना के तहत कार्यों का आवंटन किस आधार पर, किसके द्वारा, किन प्रावधानों के तहत किया गया, प्रावधानों एवं आदेशों की प्रतियां प्रदान करें, साथ ही बतायें कि मुड़वारा विधानसभा के दो या तीन ग्रामों में ही परियोजना के कार्य होने का क्‍या कारण है ? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनाँक तक किन-किन ग्रामों में परियोजना के तहत कितनी-कितनी लागत के कौन-कौन से कार्य, किनके द्वारा कराये गये है ? विवरण देवे ? क्‍या इन कार्यों में म.प्र. लोक निर्माण विभाग का एस.ओ.आर. एवं नियम लागू होता है, यदि हाँ, तो प्रभारी अभियंता द्वारा परफार्मेस एवं डिफेक्‍ट लायबिलि‍टी के तहत कार्यों की गुणवत्‍ता एवं निरीक्षण के जारी प्रमाण पत्र प्रदत्‍त करें ? यदि नहीं तो क्‍यों ? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के तहत परियोजना के कार्यों से वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनाँक तक कौन-कौन से खसरा नंबरों की भूमि उपचारित हो गई, विवरण देवें ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वाटरशेड कमेटियों के संबंध में चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 1 अनुसार हैं । शासन के नियमों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 2 अनुसार हैं । (ख) प्रश्नाधीन प्रावधानों व आदेशो की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 3 अनुसार है । आईडब्ल्यूएमपी की परियोजनाओं के क्षेत्र का चयन भारत सरकार द्वारा निर्धारित मार्गदर्शिका में उल्लेखित मापदण्डों अनुसार किया गया है,जिसके अनुक्रम में मुडवारा विधानसभा के ग्राम पोडी,सुरखी,बिछिया, बंडा,पहाडी,देवरी तथा कूडो में आईडब्ल्यूएमपी परियोजना स्वीकृत की गई है । (ग) प्रश्नाधीन अवधि में चाही गई कार्यवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 4 अनुसार है । इन कार्यों में म.प्र. लोक निर्माण विभाग का एस..आर. लागू नहीं होता है । ग्रामीण यांत्रिकी सेवा का एस..आर. लागू होता है । (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट 4 अनुसार हैं ।

समग्र पोर्टल पर पंजीयन 

11. ( क्र. 189 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) समग्र पोर्टल पर पंजीयन के लिये, कटनी नगर में अक्‍टूबर 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने आवेदन प्राप्‍त हुये, आवेदनों को किन-किन केन्‍द्रों, कार्यालयों में कब से कब तक जमा कराया गया, किन-किन के द्वारा आई.डी.तैयार की गई, इन स्‍थानों पर कार्य के नोडल अधिकारी/विभाग कौन थे ? इस कार्य हेतु कितना-कितना आवेदन शुल्‍क प्राप्‍त कर कितनी-कितनी राशि लोक सेवा केन्‍द्र एवं शासकीय विभाग को प्राप्‍त हुई, प्रत्‍येक आवेदन अनुसार पृथक-पृथक विवरण देवें ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में, आई.डी. निर्माण एवं सुधार का कार्य करवाने, शुल्‍क लेने हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा किये गये समस्‍त आदेशों की प्रति उपलब्‍ध कराते हुये, बताये कि क्‍या ऐसे आदेश एवं नागरिकों, स्‍कूलों से अनियमित शुल्‍क प्राप्‍त करने की कार्यवाही समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के निर्देशों के तहत सही थी ? यदि हाँ तो कैसे, यदि नहीं तो क्‍या कार्यवाही की जावेगी ? (ग) क्‍या नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के कारण उक्‍त कार्य के आवेदन, लोक सेवा केन्‍द्र की बजाय कार्यालय जिला प्रबंधक, ई गवर्नेंस समिति में जमा किये जाते थे एवं यहाँ आवेदकों से बिना रसीद लिये शुल्‍क लिया गया, यदि हाँ तो किन आदेशों के तहत, बतायें ? (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) तक के संदर्भ में समग्र पोर्टल पर पंजीयन कार्य में गंभीर अनियमितता का कौन-कौन जिम्‍मेदार है, इन पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी, यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं तो क्‍यों बतायें ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है । (ख) समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के निर्देशों के तहत समग्र पोर्टल पर पंजीयन की कार्यवाही संबंधित निकायों के माध्‍यम से की जानी थी । कलेक्‍टर, जिला कटनी द्वारा लोक सेवा केन्‍द्र कटनी के माध्‍यम से वैकल्पिक सुविधा प्रदान की गई, जिसके लिए वे सक्षम है । निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है । शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता । (ग) जी नहीं । (घ) उत्‍तरांश '''' एवं '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता ।

कृषि महोत्‍सव पर शासकीय धन राशि का दुरूपयोग 

12. ( क्र. 197 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में माह मई-जून 2015 में कृषि महोत्‍सव मनाया गया था ? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त महोत्‍सव मनाये जाने का उद्देश्‍य क्‍या था, तथा इससे प्रदेश के कृषकों को क्‍या-क्‍या लाभ हुये हैं ? (ग) उक्‍त कृषि महोत्‍सव के लिये चम्‍बल संभाग में कुल कितने रथ बनाये गये थे, तथा उन रथों को बनाने एवं घुमाने का ठेका किस-किस कंपनी/ठेकेदार को किस आधार पर किस नियम प्रक्रिया के तहत दिया गया एवं रथ बनाने एवं घुमाने पर कितनी राशि का भुगतान किस-किस मद से किया गया एवं प्रति रथ बनाने एवं घुमाने पर कुल कितनी राशि व्‍यय की गई ? (घ) उक्‍त रथ बनाने वाली कंपनी/ठेकेदारों के संचालक कौन-कौन हैं, तथा उनके कार्य करने का अनुभव की अवधि कितनी-कितनी है । उनके नाम पता सहित विवरण दें ? (ड.) क्‍या कृषि महोत्‍सव के नाम पर शासकीय धन राशि का मनमाने तरीके से दुरूपयोग किया गया है एवं इससे किसानों को कोई लाभ नहीं मिला है ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ । (ख) कृषि महोत्‍सव 2015 में मुख्‍य उददेश्‍य कृषि एवं सम्‍बद्ध विषयों जैसे-पशु पालन, उधानिकी, मछली पालन आदि पर किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मध्‍य सीधा संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिकी तकनीकी सुधार से वर्तमान फसलों की उत्‍पादकता बढाना एवं नवीन फसल (किस्‍मों) की संभावनाओं के आधार पर भविष्‍य में प्रदेश के फसल चक्र को परिवर्तन कर कृषि को लाभ का धंधा बनाना था । कृषि एवं संबद्ध विभाग गॉव गॉव पहुंचे व इनमें बेहतर समन्‍वय स्‍थापित हुआ तथा कृषकों की समस्‍याओं का समाधान, नवीन तकनीकों की जानकारी, किसान क्रेडिट कार्ड तथा मिट्टी परीक्षण के प्रति कृषकों को जागरूक किये जाने से उन्‍हें लाभ हुआ है । (ग) किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास संचालनालय के कार्यादेश के संदर्भ में म.प्र. माध्‍यम द्वारा चंबल संभाग के लिये प्रति विकासखण्‍ड एक-एक रथ के मान से कुल 16 कृषि क्रांति रथ बनवाये गये थे । उक्‍त प्रचार-प्रसार के लिये 16 कृषि क्रांति रथ (वीडियो वैन) बनाने एवं घुमाने का कार्य म.प्र. माध्‍यम ने पैनलबद्ध फर्म-मेसर्स विजन फोर्स भोपाल को किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास संचालनालय के आदेश के आधार पर रेट कांट्रेक्‍ट ऑफर के नियम-प्रक्रिया के तहत दिया गया था । कृषि क्रांति रथों पर रूपये 31,46,400/- राशि व्‍यय हुई । प्रति रथ बनाने एवं घुमाने पर रूपये 1,96,650/- का व्‍यय हुआ है । (घ) रथ बनाने वाले फर्मो के संचालको का नाम एवं पते:- (क) श्री संजय प्रगट, मेसर्स विजन फोर्स, 254 एम.पी. नगर, जोन-2, भोपाल (ख) रथ बनाने वाली कंपनी/ठेकेदारों को नियमानुसार '''' श्रेणी के लिये कम से कम 3 वर्षों की अवधि का अनुभव है । (ड.) जी नहीं । नवीन वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने के प्रति कृषकों की रूची में वृद्धि तथा विभिन्‍न विषयों के संदर्भ में संबंधित विशेषज्ञों के द्वारा समाधान मिलने से कृषकों को लाभ मिला है ।

दोषी अधिकारी के विरूद्ध लंबित कार्यवाही 

13. ( क्र. 206 ) श्री संजय पाठक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनाँक 18/03/2015 में मुद्रित प्रश्‍न क्रमांक-5113 के प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर जी हाँ (ख) से (ड.) का उत्‍तर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है दिया गया है ? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर जी हाँ तो (ख) से (ड.) की कार्यवाही में क्‍या-क्‍या प्रक्रिया अपनाई गई ? (ग) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनाँक 19/02/2015 में मुद्रित प्रश्‍न संख्‍या 311 में प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) का उत्‍तर जी हाँ (घ) का उत्‍तर जी हाँ संबंधित अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही का प्रस्‍ताव‍ दिनाँक 11/02/2015 को प्राप्‍त हुआ है । परीक्षण उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी ? (ड.) का उत्‍तर जाँच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है दिया गया है ? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर जी हाँ तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध क्‍या अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की गई ? यदि जाँच कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है तो जाँच प्रतिवेदन अनुसार कार्यवाही का विवरण देवें ? यदि नहीं की गई तो इसके लिए कौन अधिकारी दोषी है ? और कब तक कार्यवाही की जावेगी ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (घ) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है ।

जनपद पंचायतों को राशि का आवंटन 

14. ( क्र. 217 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की जनपद पंचायत गंगेव, नईगढ़ी एवं जवा व सिरमौर को किन-किन योजनाओं में कितनी-कितनी राशि का बजट सन् 2013-14 एवं 2014-15 में आवंटित किया गया है ? जनपदवार जानकारी देवें । (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जनपद पंचायत गंगेव एवं नईगढ़ी में 01 जनवरी 2015 से 31 मई 2015 तक बी.आर.जी.एफ. व मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना में किन-किन पंचायतों को कितनी राशि किस मापदण्‍ड के आधार पर तथा कन्‍यादान विवाह में किस ठेकेदार को टेंट पंडाल व अन्‍य कार्य हेतु राशि दी गई है ? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अंकित जनपद पंचायतों के द्वारा मनरेगा, पंच परमेश्‍वर व राष्‍ट्रीय परिवार सहायता राशि से कितनी राशि वितरित की गई है ? पंचायतवार जानकारी देवें । (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ जो राशियों का अनियमित बंटन किया गया है, उसके लिए कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है और उसके विरूद्ध क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी और कब तक बताएं ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार । (ख) रीवा जिले की जनपद पंचायत गंगेव एवं नईगढ़ी में 1 जनवरी 2015 से 31 मई 2015 तक बीआरजीएफ मद में किसी ग्राम पंचायत को कोई राशि आवंटित नहीं की गई । शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार । (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार । (घ) किसी भी प्रकार की अनियमित राशि का आवंटन नहीं किया गया है । शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता ।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम का क्रियान्‍वयन 

15. ( क्र. 232 ) श्री मेव राजकुमार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाद्य सुरक्षा अधिनियम की स्‍पष्‍ट नीति एवं उद्देश्‍य क्‍या है ? इंदौर संभाग के अंतर्गत पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची वितरण करने की नियत तिथि क्‍या की गई थी ? (ख) इंदौर संभाग के अंतर्गत जिलेवार एवं जनपद पंचायतवार किन-किन ग्रामों में वर्गवार कितनी-कितनी पात्रता पर्ची का निर्धारित तिथि तक वितरण किया गया एवं कितनी पात्रता पर्ची निर्धारित तिथि के बाद वितरण की गई एवं वर्तमान में कितने पात्र परिवार पर्ची मिलने से वंचित रह गये ? कब तक पात्रता पर्ची का वितरण कर दिया जावेगा ? (ग) सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्‍यम से माह जुलाई 2014 से वर्तमान तक माहवार कितने परिवारों को कितनी-कितनी मात्रा में कौन-कौन सा खाद्यान्‍न उपलब्‍ध कराया गया ? क्‍या शक्‍कर एवं केरोसीन भी उक्‍त परिवारों को वितरण किया गया ? यदि हाँ तो किस दर पर एवं कितनी-कितनी मात्रा में उपलब्‍ध कराया गया ? (घ) क्‍या विधान सभा क्षेत्र महेश्‍वर के अंतर्गत ग्रामों में अभी भी पात्र परिवार पात्रता पर्ची से वंचित है ? यदि हाँ तो कितने परिवार है ? कारण स्‍पष्‍ट करें ? क्‍या यह सही है कि पात्रता पर्ची वाले परिवारों को आधार कार्ड से लिंक नहीं होने के कारण खाद्यान्‍न उपलब्‍ध नहीं कराया जा रहा है ? यदि हाँ तो ऐसे कितने पात्र परिवारों को खाद्यान्‍न उपलब्‍ध नहीं कराया गया ?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम,2013 का उद्देश्‍य जनसाधारण को गरिमामय जीवन व्‍यतीत करने के लिए सस्‍ती कीमतों पर पर्याप्‍त मात्रा में क्‍वालिटी खाद्य की सुलभ्‍यता को सुनिश्चित करके, मानव जीवन चक्र के मार्ग में खाद्य और पोषण संबंधी सुरक्षा और उससे संबंधित या उसके अनुषंगिक विषयों का उपबंध करना है । प्रदेश में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत 25 श्रेणियों के परिवारों का सत्‍यापन एवं उनको पात्रता पर्ची जारी करना एक सतत् प्रक्रिया होने से पात्रता पर्ची जारी करने की कोई दिनाँक नियत नहीं की गई थी । (ख) इंदौर संभाग के जिला इंदौर 4,08,262, झाबुआ 2,13,362, अलीराजपुर 1,16,649, बड़वानी 2,99,645, बुरहानपुर 1,38,896, खण्‍डवा 2,35,654, खरगौन 3,22,987 एवं धार 3,60,034 परिवारों को पात्रता पर्ची का वितरण किया गया है । जनपदवार एवं ग्रामवार सत्‍यापित पात्र परिवारों को वितरित पात्रता पर्ची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है । शेष प्रश्‍न का उत्‍तर प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के अनुसार है । (ग) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत माह जुलाई, 2014 से माह जून, 2015 तक माहवार उपलब्‍ध कराए गए खाद्यान्‍न, शक्‍कर एवं केरोसीन की मात्रा एवं पात्र परिवारों की संख्‍या तथा वितरण दर एवं मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है । (घ) विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर में 41,932 परिवारों को सत्‍यापित किया जाकर पात्रता पर्ची का वितरण किया गया है । आवेदन प्राप्‍त होने पर पात्र परिवारों के सत्‍यापन उपरांत उन्‍हें पात्रता पर्ची जारी करना एक सतत् प्रक्रिया है । विभाग द्वारा पात्र परिवारों की पहचान कर सामग्री का वितरण सुनिश्चित करने हेतु आधार नंबर का संकलन कर डाटाबेस में प्रविष्टि का कार्य किया जा रहा है । किन्‍तु किसी भी सत्‍यापित पात्र परिवार के पास आधार नंबर उपलब्‍ध न होने के आधार पर सामग्री के प्रदाय से वांचित नहीं किया जा रहा है । शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता ।

कृषि कार्य करते हुये किसानों के अंग भंग, मृत्‍यु पर मुआवजा 

16. ( क्र. 252 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि कार्य करते हुए किसान का अंग भंग अ‍थवा मृत्‍यु हो जाने की स्थिति में क्‍या-क्‍या सुविधायें कृषि विपणन बोर्ड द्वारा देय है, उसके नियम, उपनियम तथा परिपत्र की प्रति सहित विवरण दे ? (ख) क्‍या प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2014 के बाद कृषि कार्य करते हुए किसी व्‍यक्ति की मृत्‍यु हो जाने पर अथवा अंग भंग हो जाने पर पुलिस एफ.आई.आर. दर्ज करवाना अनिवार्य कर दिया है ? यदि हाँ, तो आदेश की प्रतिलिपि उपलब्‍ध कराये ? (ग) क्‍या सरकार पुलिस एफ.आई.आर. की अनिवार्यता को किसान हित में समाप्‍त करने का विचार रखती है ? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों ? (घ) क्‍या सरकार किसान की मृत्‍यु होने पर समयावधि में आवेदन प्रस्‍तुत करने पर निश्चित समयावधि में भुगतान हेतु कोई मापदण्‍ड तय किये है, यदि हाँ, तो बताएं ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि कार्य करते हुए किसान का अंग भंग अथवा मृत्यु हो जाने की स्थिति में म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना 2008 अंतर्गत अस्थाई अपंगता होने पर राशि रू. 7500/-, स्थाई अपंगता होने पर राशि रू. 25,000/-, मृत्यु होने पर राशि रू. 1,00,000/-, अन्त्येष्टि हेतु राशि रू. 2000/- की सुविधायें (आर्थिक सहायता) प्रदान की जाती है । नियम, उपनियम तथा परिपत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है । (ख) मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना 2008 में निहित प्रावधान अनुसार सहायता दिये जाने का प्रावधान है । योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है । (ग) उत्तरांश-ख के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता । (घ) जी हाँ । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है ।

 

 

गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के राशन कार्ड 

17. ( क्र. 289 ) श्री आरिफ अकील : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों का सर्वे करने हेतु कलेक्‍टर कार्यालयों में अन्‍य विभागों के कर्मचारियों की पदस्‍थापना की गई है ? (ख) यदि हाँ, तो भोपाल, उज्‍जैन, होशंगाबाद संभागों के अन्‍तर्गत जिला कार्यालयों में कौन-कौन कर्मचारी किस-किस विभाग के कब-कब से पदस्‍थ हैं नाम, पद व विभाग सहित जिलेवार बतावें ? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यह अवगत करावें कि किन-किन कर्मचारियों के विरूद्ध गरीबों की अपेक्षा अमीरों का सर्वे करने के नाम पर राशि वसूलने जैसी शिकायतें हुई है ? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनाँक तक किस-किस के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई ? यदि नहीं तो क्‍यों ? कारण सहित बतावें ? (घ) माह जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनाँक तक की स्थिति में भोपाल में किन-किन के गरीबी रेखा के राशन कार्ड बनाये गये तथा किन-किन के विचाराधीन है तथा प्रकरण किन-किन आधार पर निरस्‍त किए गए है ? नाम, पिता व पति का नाम सहित बतावें ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों का सर्वे करने हेतु भोपाल जिले के कलेक्टर कार्यालय में अन्य विभागों के कर्मचारियों की पद स्थापना की गई है । भोपाल, उज्जैन एवं होशंगाबाद संभाग के शेष जिलों की जानकारी निरंक है । (ख) प्रश्नांश क अनुसार भोपाल जिले के कलेक्टर कार्यालय में अन्य विभागों के कर्मचारियों की पदस्थापना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है । (ग) प्रश्‍नांश '''' एवं '''' अनुसार भोपाल जिले के कार्यालय में संधारित पंजी अनुसार इस आशय की कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है । लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में की गई शिकायत के आधार पर एसडीएम वृत बैरागढ़ में पदस्थ श्री सुरेश कुमार इंगले, सहायक वर्ग-3 को दिनाँक 13.05.2014 को लोकायुक्त पुलिस द्वारा श्री महेश कुमार पटेल नामक व्यक्ति से 500 की राशि प्राप्त करते हुए प्रकरण दर्ज किया गया है । श्री इंगले को कार्यालय कलेक्टर भोपाल के आदेश क्रमांक 909-910 दिनाँक 01.07.2014 द्वारा शासकीय सेवाओं से निलंबित कर मुख्यालय जिला होशंगाबाद किया गया है । (घ) माह जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनाँक तक की स्थिति में भोपाल में बनाये गये राशन कार्ड, विचाराधीन एवं निरस्त किये गये आवेदनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ब अनुसार है ।

कृषि महोत्‍सव के नाम पर शासन की राशि का दुरूपयोग 

18. ( क्र. 290 ) श्री आरिफ अकील : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माह मई 2015 से जून 2015 तक मध्‍य प्रदेश में शासन द्वारा कृषि महोत्‍सव का आयोजन किया था ? यदि हाँ, तो कार्यक्रम हेतु जिलों में कुल कितनी राशि व्‍यय करने का प्रावधान किया गया था ? बतावें ? (ख) क्‍या वर्ष 2014 में भी कृषि महोत्‍सव का आयोजन किया गया था ? यदि हाँ, तो विगत वर्ष में जिलों में कुल कितनी राशि व्‍यय की गई तथा यह भी अवगत करावें वर्ष 2014 के आयोजन से कुल कितने किसानों को लाभांवित किया गया ? (ग) वर्ष 2014 -2015 में गेहूं, चना और सोयाबीन किस जिले में कितना शासन द्वारा उपलब्‍ध कराया गया ? (घ) क्‍या घटिया किस्‍म के खाद बीज व कालाबाजारी की जो शिकायतें विभाग को प्राप्‍त हुई थी किस जिले से कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई क्‍या निराकरण किया गया ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है । (ख) जी हाँ । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है । (ग) जी हाँ । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है । (घ) कुल 5 जिलों से, खाद से संबंधित 19 एवं बीज से संबंधित 39 इस प्रकार कुल 58 शिकायतें प्राप्‍त हुई थी । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है ।

जय भारत सहकारी संस्‍था की जाँच 

19. ( क्र. 318 ) श्री जितू पटवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर स्थित जय भारत सहकारी संस्‍था मर्यादित सिख मोहल्‍ला के विषय में निरीक्षक मोनिका सिंह द्वारा धारा 60 के अंतर्गत क्‍या जाँच की गई थी ? (ख) उपरोक्‍त जाँच प्रतिवेदन पर उपायुक्‍त महोदय श्री जगदीश कलौजे द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई हैं ? यदि नहीं की गई तो क्‍या कारण है, बतावें ? (ग) संस्‍था के कर्मचारी डॉ. श्री जितेन्‍द्र जैन प्रबंधक से लेकर भृत्‍य तक के खातों की जाँच में करोड़ों रूपये का टर्नओवर का पता चलने पर इन पर की गई कार्यवाही की पूर्ण जानकारी देवें ? (घ) इन कर्मचारियों द्वारा करोड़ो रूपये के टर्नओवर हेतु बताये गये स्रोत कौन-कौन से हैं, इसकी भी जानकारी देवें ? (ड.) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्यवाही नहीं की जाकर भ्रष्‍टाचार को संरक्षण दिया गया है, तो इन अधिकारियों पर शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है अथवा क्‍या कार्यवाही की जावेगी ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ. (ख) उत्तरांश 'के परिप्रेक्ष्य में जाँच अधिकारी द्वारा संस्था से पूर्ण अभिलेख प्राप्त नहीं होने से अतंरिम जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया. जाँच प्रतिवेदन के आधार पर उप आयुक्त सहकारिता इन्दौर द्वारा पत्र दिनाँक 18-06-2015 से संस्था के संचालक मण्डल को संस्था के कर्मचारियों के व्यक्तिगत खाते में अत्यधिक लेनदेन होने के संबंध में म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53-बी/ख के अंतर्गत स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया. कार्यवाही प्रक्रियाधीन है. (ग) संस्था के कर्मचारी डॉ. श्री जितेन्द्र जैन प्रबंधक से लेकर भृत्य तक के खातो की जाँच में करोडो रूपये का टर्नओवर का पता चलने पर संबंधित कर्मचारियों से उक्त राशि के स्त्रोत की जानकारी प्राप्त करने की कार्यवाही नहीं करने के कारण उप आयुक्‍त सहकारिता इन्‍दौर ने संस्‍था के संचालक मण्डल को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था किन्‍तु संस्‍था से उत्‍तर प्राप्‍त न होने के कारण म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53-बी/ख के अंतर्गत अध्यापेक्षा पत्र जारी किया गया है. जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है. (घ) संस्‍था के कर्मचारियों के करोडो रूपये के टर्नओवर के स्त्रोतों की जानकारी प्रेषित नहीं करने के कारण उप आयुक्‍त सहकारिता इन्‍दौर द्वारा म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53-बी/ख के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया है. (ड.) जाँच प्रतिवेदन के आधार पर उप आयुक्‍त सहकारिता इन्‍दौर द्वारा संस्‍था के पदाधिकारियों के विरूध्‍द म.प्र.सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53-बी/ख एवं धारा 58-बी के अंतर्गत कार्रवाई प्रारंभ की गई है जो प्रक्रियाधीन है. अत: विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है.

परिशिष्ट - ''दस''

परफारमेन्‍स ग्‍यारन्‍टी योजना राशि 

20. ( क्र. 319 ) श्री जितू पटवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्‍द्र सरकार द्वारा विगत वर्ष 2013-14, 2014-15 हेतु परफारमेन्‍स गारंटी योजना के तहत प्रदेश सरकार को कितनी राशि प्रदान की गई ? (ख) प्रदेश सरकार द्वारा इन वर्षों में इन्‍दौर जिले की जिला पंचायत,जनपद पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को कितनी कितनी राशि का वितरण किया गया ? (ग) उपरोक्‍त वर्षों में इन्‍दौर जिला पंचायत को कितनी राशि किन-किन कार्यों हेतु वितरित की जाकर जिला पंचायत द्वारा कितनी राशि कौन सी विधानसभा में किस कार्य हेतु व्‍यय की गई है ? कार्यवार जानकारी देवें ? (घ) क्‍या केन्‍द्र से प्राप्‍त राशि में से सबसे अधिक राशि (लगभग 22 करोड़) विधानसभा क्षेत्र रहली हेतु आवंटित की गई है ? यदि हाँ, तो क्‍यों ? (ड.) क्‍या राऊ विधानसभा क्षेत्र में स्‍टेडियम निर्माण हेतु जिला पंचायत के माध्‍यम से राशि का आवंटन किया गया है अथवा किया जाना है ? यदि हाँ, तो कब एवं कितना ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है ।

उच्‍च स्‍तरीय पुलिया निर्माण 

21. ( क्र. 323 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत ग्राम पगारीबंगला से खानपुरा तक सड़क निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कराया गया था ? यदि हाँ, तो क्‍या कुशलपुरा बांध की जद में होने से उक्‍त मार्ग पर ग्राम मोई के समीप स्थित पुलिया वर्षाकाल में डूब जाती है तथा मार्ग अवरूद्ध हो जाता है ? यदि हाँ, तो उक्‍त पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने हेतु क्‍या शीघ्र कोई कार्यवाही की जावेगी ? यदि हाँ, तो कब तक ? (ख) क्‍या ब्‍यावरा-सुठालिया से ग्राम टोंका प्रधानमंत्री सड़क पर घोडापछाड़ नदी पर निर्मित अल्‍प ऊंचाई का रपटा बना हुआ है, जिससे वर्षाकाल में रपटा पूर्णत: जलमग्‍न होकर आवागमन अवरूद्ध हो जाता है ? क्‍या शासन उक्‍त रपटे के स्‍थान पर उच्‍चस्‍तरीय पुलिया का निर्माण करावाएगा ? यदि हाँ, तो कब तक ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ । जी हाँ । पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने संबंधी कार्यवाही जल संसाधन विभाग द्वारा की जाना हैं, जल संसाधन विभाग द्वारा संबंधित कार्यपालन यंत्री को निर्देश दे दिये गये है । निश्चित समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है । (ख) जी हाँ, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हेतु लागू आई.आर.सी., एस.पी. 20 की कण्डिका 7.8.1 के प्रावधानों के अनुसार उच्च स्तरीय पुल वहाँ बनाया जा सकता है जहाँ 1 वर्ष में 6 बार से अधिक 24 घण्टे से अधिक की अवधि के लिये, आवागमन अवरूद्ध होता हो । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत ब्यावरा-सुठालिया मार्ग से ग्राम टोंका सड़क पर घोड़ा पछाड़ नदी पर निर्मित रपटा (व्ही.सी.डब्ल्यू.) पर, उक्त स्थिति उत्पन्न नहीं होती हैं । अतः उच्च स्तरीय पुल बनाने की आवश्यकता नहीं हैं । शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता ।

सिंगल सुपर फॉंस्‍फेट खाद का विक्रय 

22. ( क्र. 345 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीहोर जिले की सेवा सहकारी समितियों व्‍दारा इस खरीफ सीजन में किस दर में कृषकों को सिंगल सुपर फॉस्‍फेट खाद की बोरिया विक्रय की गई ? कौन-कौन सी कंपनियों की यह खाद थी ? (ख) प्रश्‍नांश (क) कंपनियों की सिंगल सुपर खाद की विक्रय दर बाजार में क्‍या थी ? (ग) बाजार के विक्रय मूल्‍य एवं समितियों के विक्रय मूल्‍य के अंतर का जिम्‍मेदार कौन है ? क्‍या किसानों से ली गयी बड़ी राशि वापस की जावेगी ? (घ) क्‍या यह सरकार के छह महीने के लिये 0% ब्‍याज दर पर खाद के अग्रिम उठाव के आदेश की जगह कृषकों से पूर्व में भारी ब्‍याज वसूली नहीं है ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सिंगल सुपर फास्‍फेट (पावडर) रू. 308.88 एवं सिंगल सुपर फास्‍फेट (दानेदार) रू.333.88 प्रति बोरी की दर से. प्रदायकर्ता कंपनियों के नाम संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है. (ख) विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है. (ग) विपणन संघ की प्रदाय दर के समान दर अथवा अधिक दर पर उर्वरक प्रदाय कंपनियों द्वारा प्रायवेट डीलरों को सिंगल सुपर फास्फेट का प्रदाय किया गया है, जो प्रदायकों एवं विपणन संघ के बीच निष्पादित अनुबंध के प्रावधान अनुसार है. प्रायवेट डीलरों द्वारा प्रदायक कंपनियों से प्राप्त वितरण मार्जिन में से कम मार्जिन लेकर कम दर पर विक्रय किये जाने की संभावना प्रतीत होती है. शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता. (घ) जी नहीं, उर्वरक अग्रिम भण्‍डारण योजना के तहत सिंगल सुपर फास्‍फेट का भण्‍डारण नहीं किये जाने से.

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

सोयाबीन फसल की पैदावार 

23. ( क्र. 346 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 में म.प्र. में सोयाबीन की कितनी पैदावार हुई थी ? वर्ष 2008-09 से 2013-14 तक का उत्‍पादन का वर्षवार पृथक-पृथक ब्‍यौरा देवे ? (ख) वर्ष 2014-15 में म.प्र. में कितने हेक्‍टेयर में सोयाबीन की बोवनी की गयी ? वर्ष 2008-09 से 2013-14 तक का वर्षवार पृथक-पृथक ब्‍यौरा देवे ? (ग) 2014-15 में देश में म.प्र. का स्‍थान सोयाबीन के कुल उत्‍पादन एवं औसत प्रति हेक्‍टेयर उत्‍पादन में कौन सा है ? क्‍या प्रदेश का सोया स्‍टेट का दर्जा समाप्‍त हो गया है ? (घ) सोयाबीन की जगह कौन सी फसलों को वैकल्पिक फसल के रूप में शासन द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है ? क्‍या-क्‍या कदम इस और शासन ने उठाये है ? वैकल्पिक फसलों के रूप में प्रदेश ने खरीफ सीजन में कितनी कुल पैदावार एवं औसत प्रति हेक्‍टेयर पैदावार वर्ष 2014-15 में दी है ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2014-15 में 11 क्विंटल 39 किलोग्राम हुई । जानकारी संलग्न परिशिष्ट एक अनुसार है । (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है । (ग) वर्ष 2014-15 के आंकड़े भारत सरकार से अप्राप्‍त है,वर्ष 2013-14 के आधार पर सोयाबीन के उत्‍पादन में म.प्र. का प्रथम स्‍थान तथा औसत प्रति हेक्‍टेयर में चतुर्थ स्‍थान है । जी नहीं । प्रदेश का सोया स्‍टेट का दर्जा समाप्‍त नहीं हुआ है । (घ) खरीफ मौसम में अनाज एवं दलहन फसलों को बढावा देने हेतु राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्‍ट्रीय खादयान सुरक्षा मिशन का क्रियान्‍वयन प्रदेश में किया जा रहा है । वर्ष 2014-15 में क्रमश: कुल अनाज 88.66 लाख मेट्रिक टन, तथा औसत प्रति हेक्‍टेयर 22 क्विंटल 94 किलोग्राम तथा कुल दलहन 10.20 लाख मेट्रिक टन, एवं खरीफ मौसम में 6 क्विंटल 52 किलोग्राम प्रति हेक्‍टेयर औसत पैदावार का अनुमान है ।

परिशिष्ट - ''बारह''

कृषि उपज मण्‍डी समिति करोंद भोपाल द्वारा कार्यवाही 

24. ( क्र. 353 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पंडित लक्ष्‍मीनारायण शर्मा कार्य. कृषि उपज मण्‍डी समिति करोंद भोपाल के बनने के बाद मण्‍डी प्रांगण से बाहर अन्‍य स्‍थानों पर थोक सब्जियों के क्रय विक्रय पर शासन ने प्रतिबंध लगाया है ? (ख) प्रतिबंध लगने के बाद उड़न दस्‍ते द्वारा कब-कब छापे की कार्यवाही की और कितने दोषियों के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई ? (ग) उड़न दस्‍ते द्वारा दण्‍ड स्‍वरूप कितना राजस्‍व किस-किस से वसूल किया ? मंडी प्रांगण के बाहर थोक/सब्‍जी के क्रय विक्रय पर अंकुश लगाया जाएगा ? (घ) क्‍या सब्‍जी मण्‍डी के बाहर थोक विक्रेताओं पर प्रतिबंध लगाने की कार्यवाही की जायेगी ? यदि हाँ, तो कब तक ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं, म.प्र. कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1972 की धारा 6 के अन्तर्गत मण्डी प्रांगण के बाहर फल-सब्जी का क्रय-विक्रय करने हेतु विकल्प उपलब्ध है । (ख) उत्तराशं '''' के परिप्रेक्ष्य मे प्रश्न ही उद्‌भूत नहीं होता है । (ग) उत्तराशं '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उद्‌भूत नहीं होता है । (घ) जी नहीं, उत्तराशं '''' के परिप्रेक्ष्य मे प्रश्न ही उद्‌भूत नहीं होता है ।

निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों के घटिया निर्माण कार्य 

25. ( क्र. 355 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 1416 दिनाँक 13.04.2015 द्वारा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विदिशा, कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, संभाग विदिशा एवं महाप्रबंधक म.प्र. सड़क विकास प्राधिकरण ईकाई विदिशा को प्रेषित पत्र के साथ ग्रामों की सूची में अंकित मार्गों पर सड़क निर्माण की वर्तमान स्थिति क्‍या है, किस योजना के तहत सड़क निर्माणाधीन है, किस योजना/कार्ययोजना में प्रस्‍तावित है, के विषय में जानकारी चाही गई थी या नहीं ? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर हाँ है, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता को चाही गई वांछित जानकारी उपलब्‍ध करा दी गई है या नहीं ? यदि नहीं तो इसके लिये कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी है, बतावें ? जानकारी कब तक उपलब्‍ध करा दी जावेगी ? (ग) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत 3 वर्षों में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना अन्‍तर्गत किस-किस सड़क का निर्माण किया गया है, उनके भौतिक सत्‍यापन की क्‍या स्थिति है ? वर्तमान में किस-किस ग्राम में कितनी लागत की सड़क निर्माण किया जा रहा है ? क्‍या निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों के घटिया निर्माण संबंधी कितनी शिकायते किस माध्‍यम से प्राप्‍त हुई ? शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई ? यदि नहीं, तो क्‍यों ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ । (ख) जी हाँ । अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता । (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है । सभी सड़कों का भौतिक सत्यापन किया गया । सी.एम. हेल्प लाईन के माध्यम से योजनांतर्गत निर्माणाधीन सड़कों की 06 शिकायतें प्रकाश में आई है । जिनमें से 03 शिकायतों पर कार्यवाही पूर्ण की गई, 03 शिकायतों पर कार्यवाही प्रचलित है । 02 शिकायतें स्थानीय स्तर से प्राप्त हुईजिनका निराकरण किया गया ।

परिशिष्ट - ''तेरह''

मुरैना जिले में गहरी जुताई पर अनुदान 

26. ( क्र. 403 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14 से मुरैना जिले में शासन की योजनानुसार कितने हेक्‍टर की जुताई कृषि विस्‍तार अधिकारियों की अनुशंसा पर की जा चुकी है ? जून 2015 तक जिले के विकासखण्‍डवार जानकारी दी जावे ? (ख) मुरैना जिले के पहाड़गढ़, जौरा, मुरैना विकास खंडो में वर्ष 2013-14 से जून 2015 तक कितनी जुताई की गई है, विकासखंडवार जानकारी दी जावे ? (ग) उक्‍त जुताई पर अभी तक कितने किसानों को अनुदान दिया गया है तथा कितनों को अनुदान देना बकाया है ? (घ) जिले में कितने किसानों की जुताई होना बांकी है । विकासखण्‍डवार लंबित प्रकरणों की जानकारी दी जावें ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जिले के गहरी जुताई योजनांतर्गत वर्ष 2013-14 में 969.32 हेक्टेयर गहरी जुताई की गई है । जून 2015 तक की गई गहरी जुताई की विकासखंडवार विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है । (ख) जिले के पहाड़गढ़ जौरा, मुरैना विकासखंडो में वर्ष 2013-14 से जून 2015 तक की गई गहरी जुताई की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है । (ग) वर्ष 2013-14 से 2014-15 तक अनुदान प्राप्त किसानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है एवं अनुदान हेतु शेष रहे किसानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है । (घ) जिलें में किसानों की जुताई का कार्य शेष नहीं है । अत: लंबित प्रकरणों का प्रश्न ही नहीं उठता ।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का निर्माण 

27. ( क्र. 431 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 1000 से ज्‍यादा व 500 से ज्‍यादा आबादी वाले ऐसे कौन-कौन से ग्राम/मजरे टोले हैं जहाँ अब तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सड़क निर्मित नहीं की जा सकी है ? (ख) मैहर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत कौन-कौन से कार्य प्रश्‍न दिनाँक तक स्‍वीकृत हैं ? किन-किन का कार्य आरंभ नहीं हो सका है ? प्र‍गतिरत कार्य कौन-कौन से हैं ? (ग) पांच सौ व एक हजार से ज्‍यादा आबादी वाले ग्रामों में उक्‍त योजनांतर्गत सड़क निर्माण का प्राथमिकता क्रम क्‍या है ? वंचित ग्रामों को सड़क सुविधा उपलब्‍ध कराने की क्‍या योजना है ? (घ) कब तक मापदण्‍डानुसार सड़कें निर्मित की जावेगी ? निर्मित सड़कों के संधारण की क्‍या व्‍यवस्‍था है ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजनांतर्गत निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुसार वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर सामान्य विकासखण्डों में 500 अथवा उससे अधिक जनसंख्या की ऐसी बसाहटों को जो पक्के मार्गो से 500 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित है, को पक्के मार्गो से जोडने का प्रावधान है । वर्ष 2001 की जनगणना में ग्रामों की जनसंख्या का उल्लेख है किंतु मजरे/टोलों की जनसंख्या का उल्लेख नहीं होने से मजरे/टोलों को जोडने का प्रावधान नहीं था, अतः मजरे/टोलों की जानकारी देना संभव नहीं है । मैहर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2001 की जनगणना अनुसार 1000 से अधिक जनसंख्या का 1 ग्राम तथा 500 से अधिक जनसंख्या के 16 ग्राम ऐसे हैं जिन्हें अब तक प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजनांतर्गत नहीं जोडा जा सका है । इनमें से 3 ग्रामों को जोडने हेतु सड़क निर्माण कार्य प्रगतिरत है । शेष 14 ग्रामों को जोड़ने की स्वीकृति हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है । जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है । (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है । (ग) जिले का कोर नेटवर्क तैयार कर ग्रामों को जनसंख्या के घटते क्रम में प्राथमिकता सूची तैयार की जाकर उसी क्रम में स्वीकृतियाँ प्राप्त की गई है । उत्तरांश '' में दर्शाए 1000 से अधिक जनसंख्या के एक ग्राम तथा 500 से अधिक आबादी के 13 ग्रामों की भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है । (घ) निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है । मार्गो के पैकेज पूर्णता दिनाँक से आगामी 05 वर्षों तक निर्माण ऐजेंसी द्वारा गारंटी अवधि में रख-रखाव करने का प्रावधान है । गारंटी अवधि के पश्चात्‌ राज्य शासन मद से सड़कों का संधारण का कार्य कराया जाता है ।

परिशिष्ट - ''चौदह''

सतना जिले में अमानक, खाद, बीज व कीटनाशकों का विक्रय

28. ( क्र. 432 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में विगत तीन वर्षों में कितने प्रकरण अमानक बीज, खाद व कीटनाशक दवाओं के विक्रय के मामले में दर्ज किये गये ? (ख) प्रश्‍न दिनाँक तक प्रश्‍नांश (क) वर्णित प्रकरणों में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही किस-किस के विरूद्ध की गई है ? (ग) जिले में विगत तीन वर्षों में कब-कब उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, कीटनाशक अधिनियम 1968 एवं बीज अधिनियम 1966 व सीड (कंट्रोल) आर्डर 1983 में वर्णित प्रावधानों का उल्‍लंघन किस-किस के द्वारा किया गया और प्रकरणवार क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई ? (घ) क्‍या विभाग/शासन अमानक खाद बीज व कीटनाशकों के उपयोग से किसानों को होने वाली क्षति की पूर्ति हेतु कोई नीति बनाएगा ? नहीं तो क्‍यों, एक जिले में प्रतिबंधित खाद-बीज कीटनाशक निर्माता/विक्रेता को संपूर्ण प्रदेश में प्रतिबंधित किये जाने हेतु क्‍या कार्यवाही की जावेगी ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सतना जिले में विगत 5 वर्षों में अमानक बीज, उर्वरक कीटनाशक दवा में विक्रय के मामले दर्ज नहीं किये गये हैं । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है । (ख) उत्‍तरांश (क) में वर्णित अमानक नमूनों में प्रकरणों में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है । (ग) जिले में विगत 5 वर्षों में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2,3 अनुसार है । । (घ) उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, कीटनाशक अधिनियम 1968 एवं बीज अधिनियम 1966 व सीड (कंट्रोल) आर्डर 1983 में अमानक उर्वरक, बीज व कीटनाशकों के उपयोग से किसानों को होने वाली क्षति की पूर्ति के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है । शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता ।

समग्र स्‍वच्‍छता अभियान के कार्य 

29. ( क्र. 435 ) श्री हर्ष यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2009 से प्रश्‍न दिनाँक तक समग्र स्‍वच्‍छता अभियान अंतर्गत सागर जिले की जनपद पंचायत देवरी व केसली को कितनी-कितनी राशि का आवंटन जारी किया गया है ? आवंटन के विरूद्ध वर्षवार कितनी राशि व्‍यय की गई ? वर्षवार ग्राम पंचायतवार जानकारी दें ? (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्णित अवधि में समग्र स्‍वच्‍छता अभियान से विकासखण्‍ड देवरी व केसली की किस-किस ग्राम पंचायत में किस-किस हितग्राही/संस्‍था के किस-किस प्रकार के कितने-कितने शौचालयों का निर्माण कितनी-कितनी लागत से कहाँ-कहाँ किया गया है ? इन कार्यों की निर्माण एजेंसी कौन-कौन है ? हितग्राही/संस्‍थावार बतावें ? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) वर्णित अवधि में उक्‍त विकासखण्‍डों में निर्मित शौचालयों का निरीक्षण/मूल्‍यांकन/भौतिक सत्‍यापन कराया गया है ? यदि हाँ, तो कब-कब और किन-किन अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा किया गया ? ग्राम पंचायतवार बतावें ? उक्‍त कार्यों के संबंध में प्राप्‍त शिकायतों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई ? नहीं तो क्‍यों ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है । (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। समय-समय पर जनपदस्‍तरीय अधिकारियों/कर्मचारियों-एडीईओ, पीसीओ, उपयंत्री, सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा किया गया है । शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है ।

मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्‍तर्गत अपूर्ण सड़कें 

30. ( क्र. 440 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन एवं देवास जिले में मुख्‍य मंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत किन-किन सड़कों का कार्य कब पूर्ण हुआ ? (ख) किन-किन सड़कों का कार्य अपूर्ण है तथा क्‍यों ? सड़कवार कारण बतायें ? उक्‍त सड़कों का कार्य शीघ्र पूर्ण करवाने हेतु विभाग के अधिकारियों ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की ? (ग) पूर्ण सड़कों पर गारंटी अवधि में क्‍या संधारण कार्य कराये जाने का प्रावधान है यदि हाँ, तो उक्‍त जिलों में किस-किस सड़क पर संधारण कार्य कराया गया ? यदि नहीं तो क्‍यों ? विगत दो वर्षों की जानकारी दें ? (घ) विभाग को विगत 02 वर्षों में उक्‍त सड़को में अनियमिततताओं तथा कार्य पूर्ण करवाने के संबंध में किन-किन विधायकों के पत्र प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या क्‍या कार्यवाही की गई ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है । अपूर्ण सड़कों कार्य शीघ्र पूर्ण कराने हेतु निम्न कार्यवाही की गई:- (1) रायसेन जिले के प्रथम चरण के कार्यों में मिट्‌टी कार्य मनरेगा मद से स्वीकृत थाकिन्तु मनरेगा जॉबकार्डधारी श्रमिकों का समय पर श्रममांग न होने से कार्य पूर्ण करने में विलंब हुआअतः शासन द्वारा इस कार्य को राज्य मद से कराये जाने की स्वीकृति दी गई । (2) वन विभाग अंतर्गत मार्गो की अनापत्ति प्रमाण पत्र हेतु वन विभाग से सतत्‌ सम्पर्क किया गया । (3) निजी भूमि के कारण अपूर्ण कार्यों हेतु कृषकों को समझाईस दी गई । (4) धीमी प्रगति वाले कार्यों में निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किये गये । (ग) जी हाँ । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार । (घ) विगत 02 वर्षों में उक्त सड़कों में अनियमितताओं तथा पूर्ण कराने के संबंध में माननीय विधायकों से प्राप्त पत्र तथा उन पर की गई कार्यवाही पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार ।

जिला/जनपद पंचायत में पदस्‍थ कर्मचारियों की एकजाई वरिष्‍ठता सूची बनायी जाना 

31. ( क्र. 455 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पंचायत राज अधिनियम में विहित प्रावधान के अंतर्गत जिला एवं जनपद पंचायत के कर्मचारियों को एक ही अमला माना जाकर आपस में स्‍थानांतरण के प्रावधान किये गये हैं ? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या जिला एवं जनपद पंचायत के कर्मचारियों की एकजाई वरिष्‍ठता सूची नहीं बनाई जाती ? यदि हाँ, तो इस अव्‍यवस्‍था के कारण समयपूर्व पदोन्‍नति नहीं हो पाने की वजह से जिला एवं जनपद पंचायतों में पद रिक्‍त है ? (ग) क्‍या इस व्‍यवस्‍था में एकरूपता लाने के लिये शासन स्‍तर से समस्‍त जिला एवं जनपद पंचायतों को निर्देश जारी किये जायेंगे ? (घ) क्‍या जिला एवं जनपद पंचायतों के रिक्‍त पदों जैसे सहायक लेखा एवं वित्‍त प्रबंधक, सह लेखापाल एवं जिला पंचायत में मुख्‍य लेखाधिकारी, लेखाधिकारी, सहायक लेखाधिकारी आदि पदों को भरने हेतु एकजाई वरिष्‍ठता सूची तैयार कराकर पदोन्‍नति के आदेश प्रसारित किये जायेंगे ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं । वर्तमान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है । (ख) प्रश्नांश-क के परिप्रेक्ष्य में जी नहीं । (ग) उत्तरांश-ख अनुसार । (घ) जी नहीं ।


प्रधानमंत्री व मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत स्‍वीकृत सड़के

32. ( क्र. 473 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांवेर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना व मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत विगत 5 वर्षों से प्रश्‍न दिनाँक तक कितनी व कौन-कौन सी सड़कें स्‍वीकृत की गई ? सूची प्रदान करें ? स्‍वीकृत/निर्मित सड़कों का निरीक्षण किन-किन अधिकारियों द्वारा किया गया ? क्‍या निर्मित सड़कों का कार्य गुणवत्‍तापूर्ण हुआ ? यदि नहीं, तो जिम्‍मेदारों पर क्‍या कार्यवाही की गई ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में इनमें से कितनी सड़कों का कार्य पूर्ण हो चुका है व कितनी अपूर्ण है व कितनी सड़कों का कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया है ? कार्य प्रारंभ नहीं कराये जाने का क्‍या कारण है ? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में स्‍वीकृत सड़कों के कार्य पूर्ण करने की समय सीमा क्‍या थी व कब तक कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा ? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई व लंबित UCPL की सड़कों के प्रस्‍तावों को कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जाकर कार्य प्रारंभ कराया जा सकेगा ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सांवेर विधानसभा क्षेत्र में विगत पांच वर्षों से प्रश्न दिनाँक तक स्वीकृत प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के मार्गो की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है एवं मुख़्यमंत्री ग्राम सडक योजना के मार्गो की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है । स्वीकृत/निर्मित सड़कों का निरीक्षण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है । निर्मित सडकों का कार्य गुणवत्तानुसार कराया गया है । अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता । (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजनांतर्गत 4 सडकों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है शेष 27 सडकों का कार्य प्रगतिरत है । जबकि मुख़्यमंत्री ग्राम सडक योजनांतर्गत सभी 20 सडकों का कार्य पूर्ण हो चुका है । किसी भी सडक का कार्य अप्रारंभ नहीं है । अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता । (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है । अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने की निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है । (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है । सीयूपीएल के अंतर्गत प्रस्तावित सडकों के डीपीआर तैयार कर स्वीकृत हेतु कार्यवाही प्रचलन में है कार्य प्रारंभ करने की निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है ।

आम नागरिकों को पेंशन एवं बीमा सहायता के मापदण्‍ड 

33. ( क्र. 474 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आम नागरिकों को दी जाने वाली विधवा पेंशन, निराश्रित पेंशन, वृद्धा पेंशन,विकलांग पेंशन क्‍या विभाग द्वारा दी जाती है ? क्‍या उक्‍त सहायता हेतु गरीबी रेखा का राशनकार्ड आदि होना अनिवार्य है ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्‍त पेंशन एवं सहायता हेतु किस-किस मद एवं योजनाओं से नागरिकों को अधिक से अधिक कितनी पेंशन एवं बीमारी हेतु आर्थिक सहायता की कितनी-कितनी पात्रता है ? राशि स्‍पष्‍ट करें ? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या पेंशन के रूप में जो राशि दी जाती है वह पर्याप्‍त है ? यदि नहीं, तो इसको बढ़ाये जाने के संबंध में शासन स्‍तर पर कोई कार्यवाही की जायेगी ? यदि हाँ, तो कब तक ? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में शासन द्वारा सामान्‍य वर्ग से निराश्रित, विधवा, विकलांग, वृद्धा एवं बीमारी हेतु दी जाने वाली आर्थिक सहायता देने के लिए भी कोई प्रयास किये जा रहे हैं ? यदि हाँ, तो कब तक ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ । जी हाँ । (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट- अनुसार है । (ग) भारत सरकार द्वारा संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था, विधवा एवं निःशक्त पेंशन योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों को बुनियादी स्तर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है । राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत पेंशन योजनाओं में वृद्धि किये जाने के संबंध में भारत सरकार द्वारा ही नीतिगत निर्णय लिया जाता है । सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में वृद्धि किये जाने के संबंध में प्रत्येक राज्य की अपनी-अपनी वित्तीय, भौगोलिक एवं जनसंख्या की स्थिति पर निर्भर करता है । (घ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में सामान्य वर्ग के हितग्राहियों जो योजनांतर्गत पात्रता रखते है उन्हें भी पेंशन प्रदाय की जाती है । पेंशन योजनाओं के अंतर्गत बीमारी हेतु आर्थिक सहायता दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है ।

परिशिष्ट - ''पन्‍द्रह''

जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में समिति सेवक पद पर नियम विरूद्ध नियुक्ति

34. ( क्र. 479 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनाँक 13.08.2002 को समिति सेवक के पद पर नियमित नियुक्ति पर रोक लगाने संबंधी पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं के आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें । (ख) इस आदेश की अवहेलना कर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीधी में समिति सेवक के पद पर जिन 55 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई, उनके नाम, नियुक्ति दिनाँक, नियुक्ति पत्र जारी करने वाले अधिकारी के नाम, पदनाम सहित बतावें । (ग) प्रदेश के ऐसे सभी जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में जिनमें समिति सेवक के पद पर नियमित नियुक्ति दि. 13.08.2002 के बाद की गई है, उनके बैंक नाम, कर्मचारी नाम, नियुक्ति दिनाँक, नियुक्ति पत्र जारी करने वाले अधिकारी के नाम, पदनाम सहित जिलावार दें । (घ) ऐसी नियम विरूद्ध नियुक्ति करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा एवं उपरोक्‍त अवैध नियुक्तियों को कब तक निरस्‍त करेगा ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पंजीयक, सहकारी संस्थायें मध्य प्रदेश, भोपाल द्वारा दिनाँक 13.08.2002 को समिति सेवक के पद पर नियमित नियुक्ति पर रोक लगाने संबंधी आदेश जारी नहीं किया गया है. अतः आदेश की छायाप्रति उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है. (ख) दिनाँक 13.08.2002 के पश्चात् जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, सीधी में 41 सहायक समिति सेवकों को समिति सेवक के पद पर नियुक्ति दी गई है. प्रश्नानुसार चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है. (ग) प्रदेश के 06 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में समिति सेवक के पद पर नियमित नियुक्ति दिनाँक 13.08.2002 के बाद की गई है जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1, 2, 3, 4, 5 एवं 6 पर है. (घ) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, सीधी में जाँच उपरांत समिति सेवकों की नियुक्ति नियम विरूद्ध पाये जाने के कारण बैंक के प्रबंधक, श्री अयोध्या प्रसाद पाण्डेय को निलंबित किया गया है. शेष कार्यवाही हेतु बैंक को निर्देशित किया गया है. प्रदेश की अन्य बैंकों के संबंध में की गई नियुक्तियों का परीक्षण कराया जा रहा है. परीक्षण उपरांत कार्यवाही की जा सकेगी. समयावधि बताया जाना संभव नहीं है.

बैतूल जिले में बीज की उपलब्‍धता 

35. ( क्र. 483 ) श्री हेमन्‍त विजय खण्‍डेलवाल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में इस वर्ष कितनी कृषि भूमि पर सोयाबीन एवं मक्‍का का उत्‍पादन अनुमानित है ? फसलवार अलग-अलग जानकारी देवें । (ख) इस अनुमानित उत्‍पादन के लिए कितने-कितने बीज की व्‍यवस्‍था कर भंडारण कर लिया गया है ? (ग) क्‍या यह भंडारण अनुमानित उत्‍पादन के लिये पर्याप्‍त है ? (घ) यदि नहीं, तो सरकार ने पर्याप्‍त बीज की व्‍यवस्‍था क्‍यों नहीं की ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) बैतूल जिले में इस वर्ष 2.40 लाख हे. भूमि पर सोयाबीन का 3.12 लाख मेट्रिक टन एवं एवं 0.60 लाख हे. मक्‍का का 1.32 लाख मेट्रिक टन अनुमानित उत्‍पादन होने की संभावना है । जानकारी संलग्न परिशिष्ट-एक अनुसार है । (ख) इस अनुमानित उत्‍पादन के लिये सोयाबीन बीज 45376 क्विंटल एवं मक्‍का बीज 6809 क्विंटल की व्‍यवस्‍था की गई है । जानकारी संलग्न परिशिष्ट-दो अनुसार है । (ग) जी हाँ । जिले में किसानों की मांग अनुसार एवं निर्धारित लक्ष्‍यों के अनुरूप पर्याप्‍त मात्रा में सोयाबीन एवं मक्‍का बीज की व्‍यवस्‍था की गई है । जानकारी संलग्न परिशिष्ट-दो अनुसार है । (घ) पर्याप्‍त मात्रा में व्‍यवस्‍था की गई है । शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता ।

परिशिष्ट - ''सोलह''

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में निर्माणाधीन मार्ग 

36. ( क्र. 484 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत भितरवार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 1 अप्रैल 2013 से प्रश्‍न दिनाँक तक किस-किस रोड का निर्माण कार्य किस-किस ठेकेदार/ऐजेन्‍सी द्वारा कहाँ से कहाँ तक किस-किस यांत्रियों के सुपरवीजन में कितनी लागत से कराया गया है तथा डबरा-भितरवार रोड से मेहगांव, ए.बी. छीमक रोड से ककरधा, नयागांव से डबरा व्‍हाया चीनौर एवं चीनौर से भितरवार व्‍हाया करईया इन रोडों की क्‍या प्रोग्रेस है ? इन रोडों का कब से निर्माण चल रहा है, कितने वर्षों में पूर्ण करा लिया जावेगा ? (ख) क्‍या यह सत्‍य है कि पार-बनवार रोड जो कि पैकेज क्रं. 1901 प्रथम चरण का रोड है, यह रोड खेतों के लेवल से अधिकांशत: नीचा है इस कारण अधिकांशत: रोड के ऊपर से वर्षा का पानी चलता है एवं इस रोड पर अत्‍याधिक वाहन तथा भारी वाहनों का आवागमन है, जिससे इस रोड का पुन: निर्माण कराया जाना आवश्‍यक है ? यदि हाँ, तो कब तक करा लिया जावेगा ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है । प्रश्नांश में उल्लेखित मार्गो की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है । पूर्ण कराने की निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है । (ख) जी हाँ, पार बनवार रोड, पैकेज क्र. एम पी 1901 के अन्तर्गत प्रथम चरण का रोड है । मार्ग लगभग आधी लम्बाई में खेतो के लेवल से नीचे है । किन्तु यह मार्ग अत्यधिक एवं भारी वाहनों से प्रभावित नहीं है । इस मार्ग को पुनः रिन्यूवल/संधारण कराये जाने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है ।

 

 

 

दिलीप ट्रेडिंग कं. महिदपुर द्वारा किए फर्जीवाड़े का प्रकरण दर्ज किया जाना 

37. ( क्र. 491 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिलीप ट्रेडिंग कं. महिदपुर द्वारा वर्ष 2006-07 से वर्ष 2013-14 तक कृषि उपज क्रय कर अंकुर सीड्स मलकापुर महाराष्‍ट्र को 8209 क्विं. विक्रय किया गया ? कृषि उपज मंडी समिति महिदपुर से क्रय किये गये उपज का उपजवार वर्षवार जानकारी, विक्रय बिल, मंडी अनुज्ञा सहित देवें । (ख) क्‍या कृषि उपज मंडी समिति को सीड्स के क्रय-विक्रय का लाईसेंस देने का अधिकार है ? (ग) यदि नहीं तो इस लाईसेंस के तहत दिलीप ट्रेडिंग महिदपुर द्वारा अंकुर सीड्स मलकापुर महाराष्‍ट्र को किस आधार पर विक्रय किया गया ? (घ) उपरोक्‍तानुसार कृषि उपज को सीड्स में बदलकर फर्जीवाड़ा करने वाले दिलीप ट्रेडिंग कं. महिदपुर के विरूद्ध पुलिस प्रकरण कब तक दर्ज करवाया जायेगा ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ । (क) जी हाँ । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-,ब अनुसार है । (ख) जी नहीं । (ग) मेसर्स दिलीप ट्रेडिंग कम्पनी महिदपुर द्वारा कृषि उपज मण्डी समिति महिदपुर से कृषि उपज क्रय-विक्रय की अनुज्ञप्ति प्राप्त की गई है, जिसके अन्तर्गत प्रश्नाशं अवधि मे फर्म अंकुर सीड्‌स मलकापुर महाराष्ट्र को कृषि उपज का विक्रय किया गया है । (घ) उत्तरांश ग के परिप्रेक्ष्य में पुलिस प्रकरण का प्रश्न उपस्थित नहीं होता ।

दिलीप ट्रेडिंग कं. महिदपुर द्वारा मंडी शुल्‍क की चोरी 

38. ( क्र. 492 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कृषि उपज मंडी समिति महिदपुर द्वारा दिलीप ट्रेडिंग कंपनी महिदपुर के विरूद्ध बारह लाख तीस हजार रू. राशि की मंडी शुल्‍क की चोरी पाई गई है । इस शुल्‍क वसूली के लिए विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है ? विवरण देवें । (ख) क्‍या मंडी शुल्‍क चोरी करने वाली फर्म दिलीप ट्रेडिंग कं. महिदपुर के विरूद्ध F.I.R. दर्ज करवाई गई है ? यदि नहीं, तो क्‍यों ? (ग) उपरोक्‍त फर्म के विरूद्ध कब तक पुलिस प्रकरण दर्ज करवाया जायेगा ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) फर्म दिलीप ट्रेडिंग कम्पनी महिदपुर के संदिग्‌ध क्रय विक्रय संव्यवहार पर पॉच गुना मण्डी फीस राशि रूपये 6,61,685/- एवं 6,21,958/- के नोटिस जारी करने की कार्यवाही की गई । (ख) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में फर्म दिलीप ट्रेडिंग कम्पनी को जारी नोटिस के प्रतिउत्तर प्राप्त होने पर गुण-दोष के आधार पर पॉच गुना मण्डी फीस वसूली की कार्यवाही की जायेगी । उक्त परिप्रेक्ष्य में अभी प्रश्नागत कार्यवाही की स्थिति निर्मित नहीं होती है । (ग) उत्तराशं ''' एवं ''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता ।

बी.आर.जी.एफ. के स्‍वीकृत कार्य 

39. ( क्र. 496 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भगवानपुरा वि.स. क्षेत्र में 01-01-12 से 31-12-14 तक B.R.G.F. के कितने कार्य स्‍वीकृत हुए ? इनकी स्‍वीकृति वर्ष लागत, पूर्ण, अपूर्ण कार्यों की सूची देवें ? (ख) अपूर्ण कार्यों में राशि आहरण की वर्ष सहित बतावें कि ये कार्य कब तक पूर्ण होंगे ? इस विलंब के लिये उत्‍तरदायी अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) बीआरजीएफ योजनांतर्गत भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र में दिनाँक 01.01.2012 से 31.12.2014 तक 101 कार्य स्वीकृत हुए । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-अ के कालम 1, 6, 9 एवं 10 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार । अपूर्ण कार्यों को एक माह में पूर्ण करने हेतु जिला स्तर से समीक्षा बैठको में निर्देश दिये है । कार्य शीघ्र ही पूरा कराने के प्रयास किये जा रहे है ।

मुख्‍यमंत्री आवास योजना के तहत आवंटन 

40. ( क्र. 500 ) डॉ. मोहन यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा मुख्‍यमंत्री आवास योजना के तहत आवंटन हेतु क्‍या-क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किये गए है नियम एवं शर्तों की जानकारी उपलब्‍ध कराते हुए उक्‍त योजना के तहत जनवरी 2013 से दिसम्‍बर 2013 तक हितग्राहियों को उज्‍जैन तहसील एवं खाचरौद तहसील में लाभांवित किया गया । उक्‍त समयावधि में किन-किन व्‍यक्तियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायते की गई ? शिकायतों पर की गई कार्यवाही का विवरण उपलब्‍ध करावे ? (ख) क्‍या अधिकारियों द्वारा नियम एवं मापदण्‍डो से परे हटकर व्‍यक्तिगत हितो के कारण मनमाने रूप से उक्‍त योजना के अंतर्गत लाभ पहुंचाया गया एवं विभाग को इस संबंध में शिकायते प्राप्‍त होने के बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई ? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन दोषी है, दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजना अन्तर्गत आवास का आवंटन प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्र 6322/22/3-7/ग्रामीण आवास/11 भोपाल दिनाँक 11.05.2012 के निर्देशानुसार इंदिरा आवास योजना की मार्ग दर्शिका के अनुसार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के हितग्राहियों को जो आवासहीन है, का आवास निर्माण हेतु 70,000/- रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाती है । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ अनुसार है । मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजना अन्तर्गत जनवरी 2013 से दिसम्बर 2013 तक उज्जैन तहसील में 13 एवं खाचरौद तहसील में 11 हितग्राहियों को कुल 24 हितग्राहियों को लाभांवित किया गया । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ब अनुसार है । मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजना अन्तर्गत उक्त समयावधि में उज्जैन तहसील एवं खाचरौद तहसील में व्यक्तियों एवं जनप्रतिनिधियों की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है । (ख) जी नहीं । शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता ।

प्रदेश की मण्‍डी समितियों को म.प्र.कृषि वि.बोर्ड द्वारा राशि प्रदाय 

41. ( क्र. 501 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2010-11 से म.प्र.कृ.वि.बोर्ड द्वारा प्रदेश की किस-किस मण्‍डी समिति को कितना-कितना ऋण प्रदाय किया गया एवं उसकी ऋण अदायगी की क्‍या स्थिति है ? (ख) उल्‍लेखित वर्षों में म.प्र. की कितनी मण्डी समितियों को अधोसंरचना निधि से कितनी-कितनी राशि कितनी बार उपलब्‍ध कराई गई ? (ग) अधोसंरचना निधि से प्रदाय की गई सुविधाओं से उन मण्‍डी समितियों में कृषि उपज की आवक में एवं आय में कितने प्रतिशत वृद्धि हुई ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2010-11 से 2015-16 (जून -15 तक) प्रदेश की कुल 51 मंडी समितियों को म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल द्वारा राशि रू. 39.91 करोड़ ऋण प्रदाय किया । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है । प्रदत्त ऋण राशि में से राशि रू. 21.26 करोड़ अदायगी हुई । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है । (ख) उल्लेखित वर्षों में म.प्र. की मंडी समितियों को अधोसंरचना निधि से स्वीकृत विभिन्न परियोजनाओं हेतु कुल राशि 89.18 करोड़ उपलब्ध कराई गई । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है । (ग) मंडी समितियों की आय एवं आवक में वृद्धि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है

मध्‍यप्रदेश में कृषि उपज मण्‍डी समितियों में फर्मों को मण्‍डी शुल्‍क में छूट 

42. ( क्र. 502 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2010-11 से 2014-15 में कृषि उपज मंडी समितियों में फर्मों को मण्‍डी शुल्‍क की छूट दी गई ? यदि दी गई, तो कब-कब, किन-किन अधिसूचनाओं द्वारा ? (ख) प्रश्‍न (क) में उल्‍लेखित वर्षों में म.प्र. में मण्‍डी शुल्‍क की छूट किन-किन फर्मों को दी गई तथा इन फर्मों के द्वारा किन-किन मण्‍डि‍यों से कितनी-कितनी राशि की उपज क्रय की गई ? (ग) प्रश्‍न (क) में उल्‍लेखित वर्षों में छूट प्राप्‍त उपजों के उच्‍चतम, मध्‍यम एवं न्‍यूनतम भाव क्‍या-क्‍या रहे तथा उक्‍त वर्षों में उक्‍त उपजो के समर्थन मूल्‍य क्‍या-क्‍या थे ? (घ) प्रश्न (क) में उल्‍लेखित वर्षों में मण्‍डी शुल्‍क की फर्मों को छूट से कृषि उपजों के भाव में कोई लाभ हुआ ? यदि हुआ तो वर्षवार कितना-कितना ? तथा इन वर्षों में मण्‍डी समितियों को फर्मों से शुल्‍क में छूट देने से कितना-कितना घाटा हुआ ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ किसान कल्याण तथा कृषि विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक डी-15-06-2011-चौदह दिनाँक 02 फरवरी, 2011, संशोधित अधिसूचना दिनाँक 26 मई 2011, संशोधित अधिसूचना दिनाँक 25 अगस्त 2011, संशोधित अधिसूचना 18 अक्टूबर 2012 एवं अधिसूचना क्रमांक डी-15-50-2005-चौदह-3 दिनाँक 12 मार्च 2008 एवं संशोधित अधिसूचना क्रमांक डी-15-11-2005 चौदह-3 दिनाँक 18.12.2009, अधिसूचना क्रमांक डी-15-58-2010-चौदह-3, दिनाँक 30 नवम्बर 2010, अधिसूचना क्रमांक डी-15-11-2005-चौदह-3 दिनाँक 17.02.2011, अधिसूचना क्रमांक डी-15-25-2011 चौदह-3 दिनाँक 15 नवम्बर 2011, अधिसूचना क्रमांक डी 15-1-2005 चौदह-3, दिनाँक 12.07.2012 अधिसूचना क्रमांक डी-15-58-2011 चौदह-3, दिनाँक 08.01.2014 अधिसूचना क्रमांक डी-15-11-2005 चौदह -3 दिनाँक 11.09.2014 अधिसूचना क्रमांक डी-15-58-2014 चौदह -3 दिनाँक 12.12.2014 एवं अधिसूचना क्रमांक डी-15-58-2011 चौदह-3 दिनाँक 12.03.2015 से विभिन्न अधिसूचित कृषि उपजों को निर्धारित समयावधि हेतु मंडी फीस के भुगतान से छूट दी गई है । (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है ।

जावरा नगर, तहसील पिपलौदा एवं तहसील जावरा में नि:शक्‍तजनों की स्थिति 

43. ( क्र. 505 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन/विभाग द्वारा प्रशासनिक व्‍यवस्‍थाओं के माध्‍यम से समय-समय पर नि:शक्‍तजनों का स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण होकर समस्‍त प्रकार की विकलांगता का सर्वे कार्य किया जाता है ? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2012-13, 2013-14 एवं 2014-15 में जावरा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत किस-किस प्रकार की विकलांगता के एवं नि:शक्‍तता के कितने महिला-पुरूष एवं बच्‍चों का स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण होकर सर्वे कार्य किया जाकर कितनो को सूचीबद्ध किया तथा सर्वे में सूचीबद्ध/चिन्हित विकलांग एवं नि:शक्‍तजनों हेतु शासन/विभागीय योजनानुसार क्‍या-क्‍या किया गया ? (ख) जावरा नगर, तहसील पिपलौदा एवं तहसील जावरा के सूचीबद्ध/चिन्हित विकलांगों एवं नि:शक्‍तजनों जिसमें महिला पुरूष तथा बच्‍चे सम्मिलित हैं, की वार्डवार ग्राम पंचायतवार, ग्रामवार चिन्हित सूची एवं शेष वंचित एवं किये गये कार्यों की उपरोक्‍त वर्षों की स्थिति से अवगत करें ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) निःशक्तजनों का स्वास्थ्य परीक्षण होकर विकलांगता का सर्वे कार्य कराये जाने का कोई प्रावधान नहीं है, अपितु चिन्हांकित निःशक्तजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है । (ख) जानकारी उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के पत्रक- एवं अनुसार है । (ग) चिन्हांकित निःशक्तों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के पत्रक अनुसार है । निःशक्तों को चिन्हित कर सूचीबद्ध करने की सतत् प्रक्रिया है ।

जनपद पंचायत पहाड़गढ़ में मनरेगा कार्यों में अनियमितता 

44. ( क्र. 508 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनपद पंचायत पहाड़गढ़ में वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में निर्माण कार्यों पर राशि खर्च करने वाली पंचायत बंधपुरा एवं कुकरोली के किये गये कार्यों के भौतिक सत्‍यापन बाबत् जाँच दल गठित किया गया था ? यदि हाँ, तो जाँच दल के पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम, पद सहित जानकारी दी जावे ? (ख) उक्‍त पंचायतों के निर्माण कार्यों में अनियमितताएं एवं भ्रष्‍टाचार की वजह से ग्राम पंचायत बंधपुरा में रूपये 20.08 लाख एवं ग्राम पंचायत ककरोली में रूपये 32.37 लाख भुगतान राशि रोकी गई थी ? यदि हाँ, तो क्‍या अनियमितताएं की गई ? यदि नहीं तो भुगतान राशि रोकने के क्‍या कारण हैं ? (ग) क्‍या उक्‍त ग्राम पंचायतों में जॉबकार्ड धारियों/श्रमिकों के फर्जी तरीके से नाम दर्शाये गये हैं ? अधिकांश के द्वारा पंचायत में कभी भी मजदूरी नहीं की गई है, उक्‍त ग्राम पंचायतों में अकुशल श्रमिक एवं कुशल श्रमिकों की संख्‍या एवं नामों की उनके हस्‍ताक्षरों को संबंधित बैंक में जाँच दल द्वारा मिलान किया गया है ? यदि हाँ, तो कितनी विसंगतियां पाई गई ? उक्‍त पंचायतों में अकुशल श्रमिक एवं कुशल श्रमिकों की संख्‍या, नामवार बताई जावे ? (घ) क्‍या गठित टीम द्वारा उक्‍त पंचायतों में अनियमितताएँ एवं भ्रष्‍टाचार पाया गया है ? यदि हाँ, तो दोषियों के खिलाफ क्‍या-क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई है ? जाँच प्रतिवेदन उपलब्‍ध कराया जावे ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) :(क) जी हाँजाँचदल के अधिकारी/कर्मचारियों के नाम व पद की जानकारी  1 श्री एच.एन. पांडोरिया,सहायक यंत्री मनरेगा2श्री नीरज श्रीवास्‍तवएपीओ मनरेगा3. श्री इन्‍द्रसिंह नेवीलप्रभारी पंचायत इंस्‍पेक्‍टर 4. श्री आर.पीशर्माएडीओ । आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अ पर उपलब्‍ध है । (ख) जी हाँजाँच प्रचलन में है । ग्राम पंचायत बंधपुराकुकरोलीजनपद पंचायत पहाडगढ की शिकायत का जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने तक ग्राम पंचायतों के समस्‍त भुगतानों को आगामी आदेश तक रोकने के निर्देश जारी किये गये है । (ग) जी नहींग्राम पंचायतों द्वारा कार्य पर जिन जॉब कार्डधारियों/श्रमिकों की मांग डाली गई है उन्‍हीं मजदूरों के मस्‍टर जारी होकर भुगतान किया गया है । जी नहींजाँचदल द्वारा केवल कार्यों का भौतिक सत्‍यापन किया गया है । संबंधित बैंक में श्रमिकों की संख्‍या एवं नामों की उनके हस्‍ताक्षरो का मिलान नहीं किया गया । पंचायत बंधपुरा में क्रियाशील अकुशल श्रमिक 893 तथा कुकरोली में 1166 है । नामवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  ब पर उपलब्‍ध है । (घ) जी नहींजाँचदल को अभिलेख उपलब्‍ध नहीं कराया जाने के कारण संबंधितों को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये गये है।

कृषि ऋणी की माफी

45. ( क्र. 515 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2006-07 एवं 2007-08 में किसानों के कृषि ऋण माफ किये गये थे ? (ख) यदि हाँ, तो सागर जिले के विधानसभा क्षेत्र सुरखी के अंतर्गत जिन किसानों के वर्ष 2006-07 एवं 2007-08 में कृषि ऋण माफ हो गये थे, उन किसानों से जबरन वर्ष 2015 में गेहूँ उपार्जन में से कृषि ऋण की वसूली की गयी है ? यदि हाँ, तो क्‍यों ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना 2008 में ऐसे ऋण जो 31 मार्च, 2007 तक संवितरित किये गये हो और 31 दिसम्बर, 2007 को अतिदेय हो तथा जिसका भुगतान 29 फरवरी, 2008 तक नहीं किया गया हो, शामिल किये गये थे, योजना 31 मार्च, 1997 से पहले संवितरित ऋणों पर लागू नहीं की गई थी. (ख) कृषि ऋण माफी और ऋण राहत योजना 2008 में जिन किसानों की ऋण माफी/राहत दी गई थी, ऐसे ऋणों की वसूली कृषकों से गेंहूं उपार्जन 2015 में नहीं की गई है.

शासन के दिशा-निर्देशों का पालन 

46. ( क्र. 516 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या महाप्रबंधक म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण सागर, मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के तहत विधायकों एवं सांसदों के पत्रों का उत्‍तर देने के लिये बाध्‍य नहीं है ? तथा क्‍या वह एक स्‍वतंत्र इकाई है ? (ख) यदि नहीं तो क्‍या कारण है कि महाप्रबंधक, म.प्र.ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण सागर द्वारा प्रश्‍नकर्ता के पत्रों के न तो जवाब दिये जाते हैं और न ही नियमित जानकारी उपलब्‍ध करायी जाती है ? कृपया 01.04.2014 से 31 मार्च 2015 तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखे गये पत्रों के उत्‍तर की प्रति देवें ? (ग) महाप्रबंधक, म.प्र.ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण सागर द्वारा 1 अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2015 तक विधानसभा क्षेत्र सुरखी के अंतर्गत कहाँ-कहाँ और कौन-कौन से कितनी-कितनी राशि के नवीन निर्माण कार्य प्रारंभ किये गये ? तथा किस-किस कार्य का, कब-कब कितना भुगतान किस-किस को किया गया ? प्रमाणित सूची देवें ? (घ) प्रश्‍नांश कंडिका (ग) के अनुसार दर्शित अवधि में नवीन निर्माण कार्यों के भूमि पूजन के लिये महाप्रबंधक म.प्र.ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण सागर द्वारा सांसद एवं क्षेत्रीय विधायक को न बुलाया जाना क्‍या प्रोटोकाल का खुला उल्‍लघंन नहीं है ? यदि हाँ, तो पूर्व में इस तरह के प्रकरणों में की गयी कार्यवाही के अनुसार ही इस प्रकरण में कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी ? समयसीमा बतावें ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं । बाध्य है । (ख) माननीय विधायक से प्राप्त पत्रों का उत्तर एवं वांछित जानकारी उपलब्ध करायी जाती हैं । जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है । (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है । (घ) प्रश्नांश (ग) में दर्शित अवधि में चुनाव आचार संहिता एवं अन्य अपरिहार्य कारणों से मार्गों के भूमि पूजन का कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका हैं । शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता ।

मार्गो के निर्माण की निविदा 

47. ( क्र. 524 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्‍तर्गत पैकेज क्रमांक-3710 में शामिल बुढेरा-झरेर मार्ग, झरेर से पातालगढ़ मार्ग के निर्माण कार्य वन क्षेत्र से अवैध उत्‍खनन के कारण वन विभाग द्वारा एन.ओ.सी निरस्‍त की गई थी ? (ख) क्‍या पूर्व में स्‍वीकृत उक्‍त पैकेज में से उक्‍त मार्गो के निर्माण कार्यों को विभागीय अधिकारियों द्वारा विलोपित कर महाप्रबंधक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना परियोजना इकाई श्‍योपुर द्वारा एन.ओ.सी प्राप्‍त करके नवीन निविदा बुलाई जाकर उक्‍त मार्गों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है ? (ग) यदि हाँ, तो नई निविदा के अनुसार उक्‍त मार्गो के निर्माण कार्यों पर कितनी अतिरिक्‍त राशि का व्‍यय शासन को वहन करना पड़ा/पड़ेगा क्‍या वर्तमान में भी इस पैकेज में निर्माण कार्य चल रहे हैं ? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त अतिरिक्‍त व्‍यय राशि के लिये महाप्रबंधक प्रबंधक इकाई श्‍योपुर उत्‍तरदायी है ? यदि हाँ, तो शासन द्वारा उक्‍त वित्‍तीय अनियमितताओं के लिये महाप्रबंधक श्‍योपुर के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी व कब तक यदि नहीं तो क्‍यों ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वन विभाग द्वारा पूर्व में प्रदत्त एन.ओ.सी. की शर्तों के उल्लंघन का उल्लेख करते हुए, वन मंडलाधिकारी श्योपुर द्वारा अनुमति निरस्त की गई तथा महाप्रबंधक श्योपुर को यह भी लेख किया गया कि इसके उपरांत भी यदि उक्त मार्ग पर कार्य होना अथवा करना पाया गया तो इसके लिये महाप्रबंधक स्वयं उत्तरदायी होंगे । (ख) जी हाँ, वन विभाग द्वारा दो बार अनुमति निरस्त किये जाने के फलस्वरूप बुढेरा से झरेर एवं झरेर से पातालगढ़ मार्गो को पैकेज से विलोपित किया गया । माह जून 2013 में वन विभाग से पुनः अनुमति प्राप्त होने पर उक्त दोनों मार्गो की निविदा पुनः आमंत्रित कर पैकेज क्रमांक एमपी-3710 बैलेंस वर्क के अंतर्गत निर्माण कार्य प्रगति पर है । (ग) वर्तमान में दोनों मार्गों का कार्य निर्माणाधीन होने के कारण पूर्व निविदा की तुलना में कितनी राशि अधिक व्यय होगी वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं है । (घ) जी नहीं । शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता ।

मार्ग निर्माण का कार्य 

48. ( क्र. 525 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्‍तर्गत पैकेज क्रमांक 3710 में सम्मिलित डावली से सर्विस रोड केनाल मार्ग का निर्माण कार्य अनुबंधानुसार वर्ष 2008 में पूर्ण कराया जाना था जो वर्तमान तक प्रारंभ ही नहीं हुआ है ? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त मार्ग का निर्माण कार्य वर्तमान तक किन कारणों से पूर्व नियत अनुबंध के तहत पूर्ण नहीं कराया गया ? (ग) क्‍या श्‍योपुर जिले के महा‍प्रबंधक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना परियोजना इकाई श्‍योपुर द्वारा विभाग को गुमराह करके एवं त्रुटिपूर्ण जानकारी भेजकर उक्‍त मार्ग के निर्माण कार्य को पूर्व नियत अनुबंध में से हटवा लिया गया है ? (घ) यदि हाँ, तो नवीन एस.ओ.आर. एवं पूर्व एस.ओ.आर. के अन्‍तर की राशि के व्‍यय के लिये विभागीय अधिकारी अथवा महाप्रबंधक श्‍योपुर उत्‍तरदायी है ? (ड.) यदि हाँ, तो उक्‍त वित्‍तीय अनियमितता के लिये शासन विभागीय महाप्रबंधक श्‍योपुर के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा व कब तक यदि नहीं तो क्‍यों इसका कारण बतावें ?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पैकेज क्र. 3710 के तहत झरेर से डावली व्हाया अजनोई स्वीकृत था । इस मार्ग को जनता तथा जनप्रतिनिधि की मांग पर नियमानुसार सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्तकर एलाईनमेंट परिवर्तन चम्बल परियोजना की नहर (बोधा खुर्द के पास) से डावली से सर्विस रोड केनाल 14 कि.मी. मार्ग के नाम से स्वीकृति प्रदान की गई । वन मंडलाधिकारी के पत्र क्र. 5247 दिनाँक 10.09.2014 के द्वारा इस मार्ग निर्माण की एन.ओ.सी. निरस्त की गई । तदोपरांत ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के पत्र क्र. पी-17024/32/2014-आरसीईएफएमएस-338224 दिनाँक 14 नवम्बर 2014 के द्वारा इस मार्ग का विलोपन किया गया तथा इसी पत्र में वन विभाग से विधिवत स्वीकृत प्राप्त कर अगले चरण में स्वीकृति हेतु प्रेषित करने के निर्देश दिये गये । (ख) उत्तरांश '' अनुसार । (ग) जी नहीं । (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता । (ड.) प्रश्न उपस्थित नहीं होता ।

मक्‍का खरीदी में हम्‍मालों/तुलाई का खर्च किसानों से वसूल किया जाना 

49. ( क्र. 542 ) पं. रमेश दुबे : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मक्‍का खरीदी के समय हम्‍माली और तुलाई का खर्च किसानों से वसूल किये जाने के शासन के कोई आदेश निर्देश थे ? यदि हाँ, तो आदेश निर्देश की प्रति संलग्‍न करें ? (ख) क्‍या विकास खण्‍ड चौरई, जिला-छिन्‍दवाड़ा अन्‍तर्गत वृहताकारी सेवा सहकारी समिति कुण्‍डा के व्‍दारा मक्‍का खरीदी के समय हम्‍माली एवं तुलाई की राशि संबंधित किसानों से प्रति किसान 14 रूपये प्रति क्विंटल की दर से वसूल किये जाने की शिकायत प्रश्‍नकर्ता ने पत्र क्रमांक 315 दिनाँक 02.04.2015 महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक छिन्‍दवाड़ा को प्रस्‍तुत की थी ? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या इस शिकायत की जाँच की गयी ? यदि हाँ, तो किसके व्‍दारा कब की गयी और जाँच में क्‍या पाया गया है ? (घ) क्‍या शासन किसानों से वसूल की गयी उक्‍त राशि उन्‍हें वापस कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करने का आदेश देगा ? यदि हाँ, तो कब और नहीं तो क्‍यों ?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं । समर्थन मूल्‍य पर मक्का उपार्जन हेतु हम्‍माली और तुलाई का खर्च किसानों से वसूल किये जाने का कोई निर्देश नहीं है । शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता । (ख) जी हाँ । (ग) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित शिकायत की जाँच शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक शाखा कुण्‍डा द्वारा दिनाँक 11.04.2015 को की गई है । जाँच में वृहताकारी सेवा सहकारी समिति कुण्‍डा के उपार्जन केन्‍द्र कुण्‍डा के समिति प्रबंधक द्वारा 322 कृषकों से 43788.5 क्विंटल मक्‍का की हम्‍माली/तुलाई का कार्य किसानों से हम्‍मालों की कमी एवं मौसम खराब होने के कारण किसानों की सहमति से कराया जाना पाया गया । (घ) मक्‍का उपार्जन में किसानों से हम्‍माली/तुलाई की कोई राशि वसूली नहीं की गई है । हम्‍माली/तुलाई का कार्य करने वाले 322 कृषकों को हम्‍माली/तुलाई की राशि रू. 4,37,885 किसानों के खाते में जमा कराई जा चुकी है । समिति प्रबंधक द्वारा उपार्जन नीति का पालन नहीं किये जाने के कारण उनका स्‍थानांतरण अन्‍यंत्र किया जाकर उन्‍हें आरोप पत्र जारी कर दिया गया है ।

कृषि उपज मंडी समिति चौरई में प्रतिनिधि की नियुक्ति

50. ( क्र. 543 ) पं. रमेश दुबे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडियों में विधान सभा सदस्‍यों के अनुशंसा पर प्रतिनिधि नियुक्‍त किये जाने के संबंध में किन नियमों में क्‍या प्रावधान किये गये हैं ? नियम निर्देश की प्रति संलग्‍न करें ? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के निर्वाचित हुए एक वर्ष व्‍यतीत होने के पश्‍चात् भी कृषि उपज मंडी समिति चौरई की बैठकों में पूर्व विधायक के प्रतिनिधि को उपस्थित होने की सूचना जारी की जाती है ? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है तथा क्‍या शासन जिम्‍मेदार के विरूद्ध कार्यवाही का आदेश देगा ? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक ने कृषि उपज मंडी समिति चौरई जिला छिन्‍दवाड़ा में अपना प्रतिनिधि नियुक्‍त किये जाने हेतु कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा को पत्र प्रेषित किया है ? यदि हाँ, तो कब-कब ? (घ) कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा के द्वारा उनके कार्यालयीन पत्र क्रमांक 576 दिनाँक 11/02/2015 के द्वारा प्रतिनिधि नियुक्‍त किये जाने के संबंध में जानकारी चाहे जाने पर प्रश्‍नकर्ता के द्वारा पत्र क्रमांक 176 दिनाँक 26/02/2015 के माध्‍यम से जानकारी उपलब्‍ध करा दिये जाने के पश्‍चात् भी आज दिनाँक तक प्रतिनिधि नियुक्‍त नहीं किये जाने के क्‍या कारण हैं ? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है तथा शासन उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कर रहा है ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है । (ख) जी नहीं । शेष कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है । (ग) जी हाँ । मान. विधायक महोदय चौरई द्वारा कृषि उपज मण्डी समिति चौरई जिला छिंदवाड़ा के लिए अपना प्रतिनिधि नियुक्त करने संबंधी कलेक्टर जिला छिंदवाड़ा को पत्र क्र0/176/निज सहा./2015 दि.26.02.2015 प्रेषित किया गया है । (घ) कलेक्टर जिला छिंदवाड़ा के पत्र क्रमांक-992-992A दिनाँक 27 मई 2015 द्वारा मान. विधायक चौरई के प्रतिनिधि नियुक्त किये जाने हेतु अधिसूचना नियंत्रक, शासकीय मुद्रणालय, भोपाल को प्रेषित की गयी है । अतः शेष कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है ।

वर्ष 2014-15 में गेहूं की खरीदी 

51. ( क्र. 547 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गेहूँ उपार्जन/ खरीदी नियमानुसार स्‍वंय/सिकमी नियमों के तहत की जाती है ? स्‍वंय/सिकमी खरीदी हेतु सहकारिता विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किये हैं ? नियमों की प्रति उपलब्‍ध करावें ? (ख) केन्‍द्रीय जिला सहकारी बैंक की शाखा नरवर के खरीदी केन्‍द्र सुनारी व दिहायला में वर्ष 2014-15 में कितने कृषकों द्वारा सिकमी के तहत गेहूँ खरीदी हेतु पंजीयन व अनुबंध किए गये ? (ग) क्‍या कुछ अनुबंध केवल 10/- (दस रू.) के स्‍टाम्‍प पर गैर नोटरीकृत हैं ? क्‍या यह मानने योग्‍य है ? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित सिक्‍मी अनुबंध की अवधि का कार्यकाल अनुबंध दिनाँक से कितनी अवधि तक मान्‍य है ?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रदेश के गेहूं उत्‍पादक किसानों एवं सिकमी काश्‍तकारों द्वारा ई-उपार्जन परियोजनांतर्गत पंजीयन कराने के उपरांत राजस्‍व विभाग के अमले द्वारा बोई गई फसल के सत्‍यापन उपरांत समर्थन मूल्‍य पर गेहूं का उपार्जन किया जाता है । समर्थन मूल्‍य पर गेहूँ उपार्जन के संबंध में सहकारिता विभाग द्वारा मापदंड निर्धारित नहीं किये गये है । खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग द्वारा विपणन वर्ष 2015-16 में गेहूं उपार्जन हेतु जारी निर्देश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है । (ख) रबी विपणन वर्ष 2014-15 में शिवपुरी जिले के सुनारी में 09 एवं दिहायला उपार्जन केन्‍द्र पर 35 सिकमीकाश्‍तकारो&