मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


सोमवार, दिनांक 20 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

Top of Form


Top of Form


पंचायत समन्‍वयक के ऊपर प्राणघातक हमले की जाँच

[गृह]

1. ( *क्र. 6425 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दतिया जिले के थाना धीरपुरा अंतर्गत आने वाले सेमई तिराहे पर दिनांक 12.12.2016 को पंचायत समन्‍वयक प्रभुदयाल इक्‍का पर गोली चलाकर प्राण घातक हमला हुआ? यदि हाँ, तो कितने बजे। (ख) उक्‍त प्रकरण में श्री मुकेश शर्मा, सरपंच जैनिया को किस आधार पर आरोपी बनाया गया? क्‍या धीरपुरा थाना प्रभारी ने दलगत राजनीति में पड़कर पैसों का लेनदेन कर मुकेश शर्मा को फोन कर थाने बुलाया और फर्जी गवाह बनाकर उसी के ग्राम का गोविंद जाटव तथा ऐसा व्‍यक्ति सेमई निवासी जिससे गोविंद व मुकेश का कोई परिचय नहीं था, को भी आरोपी बनाया गया तथा उन्‍हें जेल भेजा गया। (ग) एक प्रतिष्ठित पद अधिकारी (सरपंच) को आरोपी बनाने के पूर्व क्‍या पुलिस द्वारा घटना के समय की आरोपियों की मोबाईल लोकेशन ट्रेक की गई? क्‍या इन आरोपियों में रानू दांगी सेमई से बात होना पाया गया? यदि नहीं, तो क्‍या अब इसका डिटेल निकलवाकर देखी जा सकती है? (घ) क्‍या पुलिस अधीक्षक दतिया के आदेश पर प्रकरण में जाँच की जा रही है? यदि हाँ, तो किस दिनांक से किस अधिकारी द्वारा? जाँच अधिकारी द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की? जाँच प्रतिवेदन का विवरण उपलबध करावें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। दिनांक 12.12.2016 के शाम 06:30 बजे की घटना है। (ख) जी नहीं। प्रश्नांश () में वर्णित घटना के संबंध में जिला दतिया के थाना धीरपुरा में अपराध क्रमांक 125/16 धारा 307, 34 भादवि पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण में आये साक्ष्य अनुसार मुकेश शर्मा, गोविन्द जाटव, रानू दांगी को आरोपी बनाकर दिनांक 19.12.2016 को गिरफ्तार किया गया, जो दिनांक 26.12.2016 से जमानत पर हैं। (ग) प्रकरण विवेचनाधीन है, अतः जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। मुकेश शर्मा द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र की जाँच अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सेवड़ा को दी गई थी। आवेदन पत्र की जाँच पूर्ण की गई। जाँच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट अनुसार है।

भोपाल में अवैध नामांतरण पर कार्यवाही

[राजस्व]

2. ( *क्र. 5996 ) श्री हर्ष यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्र.क्र. 2076, दिनांक 29.07.2016 के (ग) उत्‍तर अनुसार रोक के बावजूद 5 ग्रामों में नामांतरण की कार्यवाही कैसे हो गई? (ख) इन अधिकारियों पर अब तक की गई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति बतावें? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों? (ग) विधि विरूद्ध नामांतरण को ठीक करने के लिए पुनर्विलोकन की अनुमति क्‍या प्रदान कर दी गई है? यदि हाँ, तो इसकी छायाप्रति देवें? यदि नहीं, तो कारण बतावें। प्र.क्र. 2076, दि. 29.07.2016 के (घ) उत्‍तर अनुसार बतावें? (घ) यदि (घ) उत्‍तर (उपरोक्‍तानुसार) में यह माना गया है कि नामांतरण नियम विरूद्ध है तो फिर इसे निरस्‍त क्‍यों नहीं किया गया? इसे कब तक निरस्‍त कर दिया जाएगा? निरस्‍त न करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्‍त फसलों का मुआवज़ा

[राजस्व]

3. ( *क्र. 4588 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील करैरा एवं नरवर जिला शिवपुरी में माह जनवरी 2017 में किन-किन ग्रामों में ओलावृष्टि होकर क्षति के आंकलन हेतु सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान अधिकारी/कर्मचारियों के नाम व विभाग बताते हुए कहाँ-कहाँ कितने कृषकों की ओलावृष्टि से फसल की क्षति हुई? क्षति का आंकलन (प्रतिशत में) बतायें। (ख) क्‍या दैवीय प्रकोप से क्षति के आंकलन की प्रतिशत नुकसान की जानकारी संबंधित कृषक एवं सार्वजनिक स्‍थानों पर चस्‍पा भी करने का प्रावधान है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में सभी कृषक एवं सार्वजनिक स्‍थल पर क्षति की प्रति चस्‍पा व कृषकगणों को दी गई थी।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) तहसील करैरा में ओलावृष्टि से ग्रामों में हुई क्षति एवं क्षति के प्रतिशत के संबंध में जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "क" अनुसार है एवं ओलावृष्टि से हुई क्षति में सर्वेक्षण में संलग्‍न अधिकारी/कर्मचारियों से संबंधित जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "ख" अनुसार है। तहसील नरवर के ग्राम अंदोरा के 28 एवं रायपहाड़ी के 41 कृषकों की 10 प्रतिशत तक फसल ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। तहसील नरवर के ग्राम अंदौरा एवं रायपहाड़ी में माह जनवरी 2017 में ओलावृष्टि से हुई क्षति के सर्वेक्षण से संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "ग" अनुसार है। (ख) आर.बी.सी. 6-4 में प्राकृतिक आपदा से क्षति होने पर अनुदान सहायता राशि दिये जाने का प्रावधान है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के अनुसार प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

उचित मूल्‍य की दुकानों का निर्माण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

4. ( *क्र. 1669 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र सतना अंतर्गत किन-किन ग्राम पंचायतों में उचित मूल्‍य की दुकानों के निर्माण को पूर्ण कराया जा चुका है? ग्राम पंचायतवार पूर्णता दिनांक के साथ विवरण दें (ख) किन-किन ग्राम पंचायतों में स्‍वयं की उचित मूल्‍य की दुकानों में खाद्यान्‍न वितरण किया जा रहा है तथा किन-किन ग्राम पंचायतों में दुकान का निर्माण पूर्ण होने के बाद भी बंद पड़ी हैं? (ग) किन-किन ग्राम पंचायतों में शासनादेश के बाद भी उचित मूल्‍य की दुकान ग्राम पंचायत मुख्‍यालय में नहीं खोली गयी है? इसके लिए दोषी कौन है? (घ) दोषी अधिकारी को दण्डित करते हुए कब तक उचित मूल्‍य की दुकान ग्राम पंचायत मुख्‍यालय में खोलना सुनिश्चित कर दिया जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) ग्राम पंचायत कुंआ एवं नीमीवृत्‍त की शासकीय उचित मूल्‍य दुकानों में स्‍वयं के भवन में खाद्यान्‍न वितरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत मांद की दुकान का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित भवन समिति को हस्‍तांतरित नहीं किया गया है। हस्‍तान्‍तरण की प्रक्रिया प्रचलन में है। (ग) विधानसभा सतना के प्रत्‍येक ग्राम पंचायत अंतर्गत शासकीय उचित मूल्‍य दुकान स्‍थापित हैं। मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के 7 (2) के अंतर्गत प्रत्‍येक ग्राम पंचायत के अंतर्गत न्‍यूनतम 1 उचित मूल्‍य दुकान खोलने का प्रावधान है। नियंत्रण आदेश के प्रावधान अनुसार उचित मूल्‍य दुकान के स्‍थान का निर्धारण जिला पंचायत द्वारा किया जाना है। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

चारागाह की भूमि का आवासीय उपयोग

[राजस्व]

5. ( *क्र. 5128 ) श्री वीरसिंह पंवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन को ज्ञात है कि कुरवाई विधान सभा क्षेत्र में ग्राम महलुआ चौराहा की भूमि सर्वे नंबर 363/2 रकबा 1.275 मद चारागाह में थी। उसे वर्ष 2011 में रकबा 0.405 आवासीय भूमि क्‍यों बदला गया था? इसमें किन-किन लोगों को आवासीय पट्टे दिये गये? इनका नाम विवरण सहित बतावें। इस भूमि पर किन लोगों ने दुकानें, शोरूम बनाये हैं? (ख) क्‍या शासकीय भूमि के पट्टेधारियों द्वारा भूमि का विक्रय किया गया है जबकि नियमानुसार पट्टे वाली भूमि का विक्रय नहीं किया जा स‍कता है? जो इस तरह की भूमि खरीद कर व्‍यवसाय, धंधा कर रहे हैं, शासन उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेगा? क्‍या उक्‍त भूमि का पट्टा निरस्‍त कर भूमि शासन द्वारा वापिस की जावेगी? (ग) इस मुख्‍य स्‍थान और बेशकीमती जमीन को गौचर के स्‍थान पर आवासीय घोषित क्‍यों किया गया? क्‍या यह व्‍यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिये किया गया था?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पूर्व जिला प्रबंधक कटनी के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

6. ( *क्र. 6106 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागरिक आपूर्ति निगम कटनी एवं रीवा में पदस्‍थ जिला प्रबंधक श्री शम्‍भू प्रसाद गुप्‍ता द्वारा अपने विभाग की महिला कर्मचारी श्रीमती रश्‍मि‍ जायसवाल के साथ किये गये अभद्र व्‍यवहार की घटना पश्‍चात् दिनांक 11-09-2015 को इनके विरूद्ध कोतवाली कटनी में अपराधिक प्रकरण क्र. 861/15 पंजीबद्ध किया गया है, तत्‍पश्‍चात् उक्‍त अधिकारी द्वारा न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत पश्‍चात् जमानत करा ली गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त प्रकरण में प्रमुख सचिव, खाद्य एवं उपभोक्‍ता संरक्षण द्वारा पत्र क्र. आर./4129/2775/2015, दिनांक 13-10-2015 से विभाग के प्रबंध संचालक को विभागीय अनियमितता एवं भ्रष्‍टाचार की जाँच तथा अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था? (ग) प्रश्‍नांश () के संदर्भ में यह बतायें की उपरोक्‍त प्रकरण में कार्यवाही न करते हुए प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम भोपाल द्वारा श्री गुप्‍ता को संभागीय मुख्‍यालय रीवा में दण्‍ड के बजाय पुरस्‍कृत कर पदस्‍थापना दी गई है? पदस्‍थापना आदेश की प्रति देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) (ख) एवं (ग) के संदर्भ में उक्‍त प्रकरण में शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है। ऐसे भ्रष्‍ट अधिकारी के विरूद्ध कौन-सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेंगे तथा ऐसे अधिकारी को संरक्षण देने वाला कौन अधिकारी है? दोनों के विरूद्ध कौन-सी कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतायें।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) कार्पोरेशन में आउटर्सोसिंग से पूर्व में पदस्‍थ श्रीमती रश्मि जायसवाल द्वारा श्री एस.पी. गुप्‍ता के विरूद्ध थाना कोतवाली जिला कटनी में शिकायत करने पर थाना कोतवाली जिला कटनी द्वारा प्रथम सूचना प्रतिवेदन क्रमांक 861/2015 दिनांक 11.09.2015 पंजीबद्ध की गई है। श्री गुप्‍ता द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर से दिनांक 14.10.2015 को अग्रिम जमानत प्राप्‍त की गई है। (ख) प्रबंध संचालक को विभाग द्वारा पत्र क्रमांक आर. 4129/2775/2015/29-2 दिनांक 13.10.2015 से कटनी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2014-15 में उपार्जित धान का भंडारण, भंडारण नीति के विपरीत कराये जाने के संबंध में प्राप्‍त शिकायत का जाँच प्रतिवेदन प्रेषित करते हुए जिला प्रबंधक मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन कटनी के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित प्रमुख सचिव के पत्र दिनांक 13.10.2015 के परिपालन में प्रबंध संचालक द्वारा कार्यवाही करते हुए श्री एस.पी. गुप्‍ता, तत्‍कालीन जिला प्रबंधक कटनी को कार्पोरेशन के ज्ञाप क्रमांक/स्‍था./2016/2026 दिनांक 23.02.2016 द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, श्री गुप्‍ता द्वारा प्रस्‍तुत प्रति उत्‍तर दिनांक 09.03.2016 समाधान कारक नहीं पाये जाने पर कार्पोरेशन के आदेश क्रमांक/स्‍था./2016/124 भोपाल दिनांक 25.04.2016 द्वारा श्री गुप्‍ता के विरूद्ध एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने की शास्ति अधिरोपित कर दंडात्‍मक कार्यवाही की गई। श्री गुप्‍ता को कार्पोरेशन के आदेश क्रमांक/स्‍था./2016/2244, दिनांक 22.03.2016 के द्वारा जिला कार्यालय कटनी से मुख्‍यालय भोपाल पदस्‍थ किया गया, इसके बाद मुख्‍यालय भोपाल से जिला कार्यालय बैतूल पदस्‍थ किया गया। आदेश क्रमांक स्‍थापना/2016/540, दिनांक 10.06.2016 से श्री गुप्‍ता को बैतूल से जबलपुर पदस्‍थ करने का आदेश जारी किया गया। जिसे आदेश क्रमांक स्‍थापना/2016/636 दिनांक 25.06.2016 से निरस्‍त किया गया। पश्‍चात् में आदेश क्रमांक/स्‍था./टी-2/2016/2064 दिनांक 18.11.2016 के द्वारा श्री गुप्‍ता को जिला कार्यालय बैतूल से जिला कार्यालय रीवा पदस्‍थ किया गया है। उक्‍त सभी स्‍थानांतरण प्रशासनिक तौर पर किये गये हैं। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (क) प्रकरण न्‍यायालयीन है। प्रश्‍नांश () एवं () के परिप्रेक्ष्‍य में नियमानुसार विभागीय दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

तहसील चीनोर में नामांतरण प्रकरणों की प्रविष्‍टि‍

[राजस्व]

7. ( *क्र. 6353 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व अनुविभाग भितरवार जिला ग्‍वालियर द्वारा प्रकरण क्रमांक 17/14-15/अपील आदेश दिनांक 21/7/2016 को मिश्रोबाई वेबा छत्रपाल कुशवाह वगैराह निवासी ग्राम चीनोर तहसील चीनोर को वसीयत के आधार पर नामान्‍तरण किये जाने का आदेश पारित किया था? क्‍या आदेश का पालन तत्‍कालीन तहसीलदार ने अमल किया था? यदि हाँ, तो किस तारीख में स्‍पष्‍ट करें? क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक कम्‍प्‍यूटर पर अमल किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या वर्तमान तहसीलदार द्वारा कम्‍प्‍यूटर पर अमल न करने के पीछे कोई भ्रष्‍टाचार की मंशा है? यदि नहीं, तो फिर अभी तक अमल न करने का क्‍या कारण है? स्‍पष्‍ट करें (ख) क्‍या (क) प्रकरण में अभी तक अमल न कराने में वर्तमान तहसीलदार दोषी है? यदि हाँ, तो क्‍या दोषी के प्रति कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) तहसील चीनोर में नामान्‍तरण तथा बंटवारे से सम्‍बंधित प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रकरण किस कारण से लंबित हैं, इन लंबित प्रकरणों का कब तक निराकरण कर नामान्‍तरण एवं बंटवारा करा दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। उक्‍त आदेश का तत्‍कालीन तहसीलदार द्वारा अमल नहीं किया गया, क्‍योंकि अनुविभागीय अधिकारी भितरवार द्वारा प्रकरण क्रमांक 17/14-15/अपील में पारित आदेश दिनांक 21.07.2016 की प्रति के साथ तहसील चीनोर की नामांतरण पंजी वापिस की जाना थी, किन्‍तु इसी नामांतरण पंजी की आवश्‍यकता अनुविभागीय दण्‍डाधिकारी न्‍यायालय में प्रचलित एक अन्‍य प्रकरण क्रमांक 10/15-16/अपील में होने के कारण यह पंजी प्रवाचक द्वारा इस प्रकरण में संलग्‍न कर दी गई, इस कारण प्रकरण क्रमांक 17/14-15/अपील आदेश दिनांक 21.07.2016 का कम्‍प्‍यूटर में अमल होने में विलंब हुआ। भष्‍टाचार की कोई मंशा नहीं है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) तहसील न्‍यायालय चीनोर में वर्तमान में नामांतरण के 23 एवं बंटवारा के 07 प्रकरण विवादित होने के कारण लंबित हैं, जिनमें जाँच एवं युक्तियुक्‍त सुनवाई उपरांत विधि अनुकूल निराकरण किया जायेगा।

''द्वार प्रदाय योजना'' अंतर्गत खाद्यान्‍न वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

8. ( *क्र. 3491 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरीबों का सस्‍ता खाद्यान्न राशन की दुकान तक पहुंचाने के वाहनों में जी.पी.एस. सिस्‍टम लगाने का आदेश शासन एवं जिला प्रशासन को कब जारी किया गया था? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें क्‍या विधानसभा चुनाव के समय इन वाहनों से जी.पी.एस. सिस्‍टम निकाल दिये गये जो दुबारा वाहनों में नहीं लगाये गये? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में नागरिक आपूर्ति निगम ''द्वार प्रदाय योजना'' में खाद्यान्न दुकान तक पहुँचा रहा है? यदि हाँ, तो यह नियम कब से प्रारंभ किया गया? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें क्‍या लीड समितियों के परिवहन के दौरान इन्‍हीं परिवहनकर्ताओं के वाहन पर जी.पी.एस. सिस्‍टम लगे थे? यदि हाँ, तो ''द्वार प्रदाय योजना'' के प्रारंभ पर जी.पी.एस. क्‍यों नहीं लगे? कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के प्रकाश में ''द्वार प्रदाय योजना'' प्रारंभ होने के बाद 8 महीने में खाद्यान्न चोरी के दो बड़े मामले हुये, जिसमें नागरिक आपूर्ति निगम से निकला राशन मई में लालगांव सेवा सहकारी समिति की दुकान में गेहूँ नहीं पहुंच कर वापस वेयर हाउस में पहुंच कर खरीदी के गेहूँ में बदलकर जमा हो रहा था? जिसे खाद्य विभाग ने पकड़ा था? अक्‍टूबर में खाद्यान्न रायपुर कर्चुलियान एवं गंगेव के लिये निकला जो सीधे मिर्जापुर जा रहा था, जिसे पुलिस ने हनुमना बार्डर में पकड़ा था? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में क्‍या पुलिस द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज की गयी है एवं प्रश्‍न दिनांक तक (दोनों प्रकरण) में की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्‍ध करावें? प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में जी.पी.एस. सिस्‍टम नहीं लगवाने के लिये कौन से कर्मचारी अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? जिम्‍मेदार के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई? अगर नहीं हुई तो प्रकरण की जाँच का आदेश देकर जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ, सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत खाद्यान्न परिवहन के लिये वाहनों में जी.पी.एस. सिस्टम लगाने हेतु म.प्र. शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग के आदेश क्र. 997 दिनांक 04.02.2012 एवं कार्यालय जिला कलेक्‍टर (खाद्य) जिला रीवा के आदेश क्र. 317 दिनांक 23.02.2012 द्वारा जारी किया गया था। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जिला रीवा में विधानसभा चुनाव के समय लीड संस्था द्वारा परिवहन कार्य में लगे वाहनों से चुनाव कार्य में उपयोग हेतु जी.पी.एस. सिस्टम निकाले गये थे, जो दुबारा वाहनों में नहीं लगाये गये। (ख) जी हाँ, शासन निर्देश क्र. एफ-7-17/2014/29-1 दिनांक 02.07.2014 के अनुपालन में जिला रीवा में मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा माह सितम्बर 2014 से ''द्वार प्रदाय योजना'' के अंतर्गत खाद्यान्न उचित मूल्‍य दुकानों तक पहुंचाया जा रहा है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ, पूर्व में लीड समितियों के परिवहन के दौरान वर्तमान में संचालित ''द्वार प्रदाय योजना'' के परिवहनकर्ताओं के कुछ वाहन परिवहन कार्य में लगे थे, जिनमें जी.पी.एस. सिस्टम लगे थे। विभागीय समीक्षा बैठक दिनांक 23.05.2014 में लिये गये निर्णय अनुसार परिवहन हेतु उपयोग में लाये गये वाहनो में जी.पी.एस. सिस्टम लगाने का विचार प्रासंगिक नहीं होने के कारण वाहनो में जी.पी.एस. सिस्टम लगाने हेतु निर्देश ''द्वार प्रदाय योजना'' के अंतर्गत जारी नहीं किये गये। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ, प्रश्नांश () के परिप्रेक्ष्‍य में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रश्न दिनांक तक लालगाँव सेवा सहकारी समिति की उचित मूल्‍य दुकान को भेजा गया गेहूँ, जो लालगाँव खरीदी केन्द्र के माध्यम से चोरहटा एग्रोटेक गोदाम में जमा कराया जा रहा था, के प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत हेतु प्रस्तुत याचिका में माननीय न्यायालय द्वारा विवेचक को मय-केस डायरी तलब की जाकर आरोपियों को अग्रिम अन्तरिम जमानत दी गई थी। तत्‍पश्‍चात् पुलिस द्वारा मय-केस डायरी माननीय न्यायालय में विवेचना हेतु प्रस्तुत किये गये थे, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज कर गिरफ्तारी के आदेश जारी किये गये हैं। उक्‍त में वर्तमान में पुलिस द्वारा फरार आरोपी की तलाश एवं प्रकरण की विवेचना की जा रही है। हनुमना थाने में दर्ज प्राथमिकी में 17 आरोपी में से 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, शेष में पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही है। उपरोक्‍त दोनों प्रकरणों में मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा संबंधित परिवहनकर्ताओं को काली सूचीबद्ध किया गया। उत्‍तरांश (ख) के उत्‍तर के आधार पर शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भवन एवं संनिर्माण कर्मकार मण्‍डल योजनान्‍तर्गत छात्रवृत्ति वितरण

[श्रम]

9. ( *क्र. 2542 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार मण्‍डल योजनान्‍तर्गत श्रम विभाग द्वारा छात्रवृत्ति प्रदत्‍त की गई है? यदि हाँ, तो वर्ष 2012-13 से किस-किस को कितनी-कितनी राशि, कब-कब प्रदान की गई? कटनी जिले का विकासखण्‍डवार वर्षवार विवरण दें (ख) क्‍या छात्रवृत्ति की राशि बैंक खातों के माध्‍यम से या चेक के माध्‍यम से प्रदाय किये जाने के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो किन-किन छात्रों को नगद भुगतान किया गया? कटनी जिले का विकासखण्‍डवार वर्षवार विवरण दें (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्‍या छात्रवृत्ति वितरण में विलम्‍ब हुआ? शासन द्वारा प्राप्‍त छात्रवृत्ति की राशि से कितना-कितना ब्‍याज अर्जित किया गया? वर्षवार अवितरित शेष राशि को ब्‍याज सहित वापस न करने के लिये कौन उत्‍तरदायी है? इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक के पुत्र/पुत्री/पत्नी को शिक्षा हेतु प्रोत्साहन राशि योजना, मेधावी छात्र/छात्राओं को नगद पुरूस्कार योजना में लाभ प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। प्रश्नांकित अवधि में कटनी जिले में शिक्षा हेतु प्रोत्साहन राशि योजना के अंतर्गत वितरित हितलाभ राशि की विकासखण्डवार एवं वर्षवार विवरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शिक्षा हेतु प्रोत्साहन राशि योजना, मेधावी छात्र/छात्राओं को नगद पुरूस्कार योजना की राशि बैंक खातों के माध्यम से प्रदाय किए जाने के निर्देश हैं। शेष प्रश्नांश की जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। म.प्र भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों की कुल लागत का 1 प्रतिशत की दर से उपकर जमा कराया जाता है। इस प्रकार जमा उपकर राशि से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जाती हैं। अतः प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में किसी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्रांतर्गत संचालित पशुपालन केन्‍द्र

[पशुपालन]

10. ( *क्र. 4067 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में मान्‍यता प्राप्‍त गोसेवा/पशुपालन केन्‍द्र हैं। यदि हैं तो कहाँ-कहाँ पर तथा इसका संचालन कौन करता है। (ख) क्‍या इन केन्‍द्रों को शासन द्वारा कोई राशि अथवा अनुदान दिया जाता है? यदि हाँ, तो वर्षवार कितनी राशि अथवा अनुदान दिया जाता है तथा उसकी प्रक्रिया क्‍या है? (ग) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में शासन द्वारा उत्‍तम गोवंश/भैंस आदि किसानों को उचित दामों पर दी जाती है? यदि हाँ, तो उसकी क्‍या प्रक्रिया है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं।

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) जी हाँ। विभागीय योजनाएं ''नन्दीशाला योजना'' में गौवंशीय सांड तथा ''सम्मुनत पशु प्रजनन योजना'' में मुर्रा सांड, मध्यप्रदेश पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के माध्यम से प्रदाय किये जाते हैं। ग्रामसभा में हितग्राही का नाम, अनुमोदित होने पर वह नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था में आवेदन कर सकता है। आवेदक के पात्र होने पर प्रकरण स्वीकृत कर लाभ दिया जाता है।

परिशिष्ट - ''चार''

बीना में अनुविभागीय कार्यालय/स्‍टॉफ की पदस्‍थापना

[राजस्व]

11. ( *क्र. 5264 ) श्री महेश राय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बीना को अनुविभागीय का दर्जा प्रदान कर दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या अनुविभागीय कार्यालय एवं स्‍टॉफ की पदस्‍थापना कर दी गयी है? यदि हाँ, तो कार्यालयों में पदस्‍थ अधिकारियों के नाम सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) यदि नहीं, तो कब तक अनुविभागीय अधिकारियों की पदस्‍थापना कर दी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। श्रीमती रजनी सिंह (आई.ए.एस.) अनुविभागीय अधिकारी बीना में पदस्थ हैं। तहसील कार्यालय बीना में पदस्थ स्टाफ से कार्य लिया जा रहा है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जिला अनूपपुर में स्‍टॉपडेम का कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

12. ( *क्र. 1704 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला अनूपपुर के जनपद जैतहरी राजेन्‍द्रग्राम अनूपपुर कोतमा में विभिन्‍न कार्यादेशों, अनुबंधों के क्रमांक 52, 53, 69, 70, 71, 87, 118, 119, 120, 104/2007-08 तथा 144, 139, 150, 178, 206, 207/2008-09 एवं 268, 17/2011-12 के साथ ही 22, 23, 31, 49, 63/2013-14 के तहत पंप हाउस स्थित रूम पाइप लाईन डगवेल निर्माण स्‍टॉपडेम का कार्य कुल कितने लागत से तैयार हुए हैं? वर्षवार, संबंधित ठेकेदार का नाम सहित जानकारी देवें (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यों की शिकायत जैसे माप पुस्तिका में मनमानी तरीके से माप चढ़ाने, गुणवत्‍ता वि‍हीन कार्य करने, कार्य की पी.ए.सी. से दुगुना तिगुना भुगतान प्राप्‍त करने की शिकायत विभाग को की गयी है? यदि हाँ, तो अभी तक क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) मुख्‍यमंत्री कार्यालय के पत्र क्र. 2898/सी.एम./एम.एल.ए. 087/2014 भोपाल दि. 21/11/2014 एवं विकास आयुक्‍त कार्यालय म.प्र. भोपाल के पत्र क्र. 10360/261/22 वी.-13/ग्रा.या. सेवा/14 भोपाल दि. 08.12.2014 तथा म.प्र. राज्‍य रोजगार गांरटी परिषद भोपाल के पत्र क्र. 8886/एन.आर. 3/मनरेगा/2014 भोपाल दिनांक 05/12/2014 के अनुपालन में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? कार्यवाही न करने का कारण क्‍या है? क्‍या विभाग उच्‍च स्‍तरीय भौतिक सत्‍यापन करायेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। वर्ष 2011-12 की अनुबंध पंजी में अनुबंध क्रमांक 268 दर्ज नहीं है। (ख) जी हाँ। 03 सदस्यीय जाँच दल से भौतिक सत्यापन कराया गया। जाँच दल से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन अनुसार प्रथमदृष्टया श्री आर.वाय. तिवारी, श्री यू.एस. नामदेव, श्री हीरासिंह धुर्वे तत्कालीन कार्यपालन यंत्री खण्‍ड अनूपपुर, श्री के.के. गुप्ता प्रभारी सहायक यंत्री, श्री आर.पी. अहिरवार, श्री एस.पी. द्विवेदी उपयंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखण्‍ड अनूपपुर उत्तरदायी पाये गए हैं। संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है। (ग) उत्तरांश () अनुसार भौतिक सत्यापन कराया गया है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

राजस्‍व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार के अधिकार

[राजस्व]

13. ( *क्र. 3152 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में राजस्‍व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार के अधिकार प्रदान किये गये हैं और क्‍यों? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत किस-किस जिले में किन-किन राजस्‍व निरीक्षक को अधिकार प्रदान किये गये हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में पदस्‍थ राजस्‍व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार के उन्‍हीं तहसील के अधिकार दिये गये हैं, जहाँ पर वे पटवारी व राजस्‍व निरीक्षक के पद पर वर्षों तक पदस्‍थ रहे हैं और क्‍या यह नियमानुसार सही है? (ग) क्‍या राज्‍य शासन इन राजस्‍व निरीक्षकों को अन्‍यत्र जिलों में स्‍थानान्‍तरित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। प्रदेश में 547 राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार के अधिकार प्रदान किये गये हैं। प्रदेश में नायब तहसीलदारों के अत्यधिक पद रिक्त होने एवं राजस्व कार्य प्रभावित न हो इस कारण राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार की शक्तियां प्रदान की गईं। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 24 की उपधारा (1) के तहत शक्तियां प्रदान की गईं। जिलों में राजस्व निरीक्षकों को प्रदान किये गये अधिकारों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। राजस्व निरीक्षकों को नायब तहसीलदार की शक्तियों पर सशक्त कर उसी जिले में पदस्थ करने के विरूद्ध कोई नियम नहीं है। (ग) जी नहीं। स्थानान्तरण पर प्रतिबंध है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[श्रम]

14. ( *क्र. 3562 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिला अन्तर्गत श्रम विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है? योजनावार पूर्ण विवरण देवें। (ख) हरदा जिले में विगत पाँच वर्षों में संचालित योजनाओं पर कितना व्यय हुआ व कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया? (ग) विगत पाँच वर्षों में श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा बाल श्रम व बाल शोषण रोकने हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गई व कितनी व कौन-कौन सी जगहों पर जाँच व आकस्मिक निरीक्षण किस अधिकारी के द्वारा किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार की गई कार्यवाही में कौन-कौन दोषी पाये गये व उन पर क्या कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत हरदा जिले में वर्तमान में संचालित विभिन्न 22 योजनाओं का योजनावार पूर्ण विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत हरदा जिले में विगत पाँच वर्षों में योजनावार लाभान्वित हितग्राहियों एवं वितरित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) बाल श्रम व बाल शोषण रोकने हेतु श्रम निरीक्षक एवं टास्‍क फोर्स समिति द्वारा अधिनियम 1986 के अंतर्गत निरीक्षण किये जाते हैं, गत पाँच वर्षों में बाल श्रम अधिनियम 1986 के अंतर्गत अनुभाग हरदा, टिमरनी एवं खिरकिया क्षेत्र में श्री जी.के. श्रीवास्‍तव व श्री एस.के. लोध तथा श्री आर.बी. पटेल श्रम निरीक्षकों द्वारा कुल 314 निरीक्षण किये गये हैं। (घ) निरीक्षण के दौरान किसी भी संस्‍थान में बाल श्रमिक नियोजित नहीं पाये गये हैं। अभिलेखों के संधारण में अनियमितता पाये जाने पर 86 दोषी संस्‍थानों/नियोजकों के विरूद्ध न्‍यायालय में अभियोजन दायर किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है, जिसमें न्‍यायालय द्वारा 52 प्रकरणों में 1,10,500/- रूपये का अर्थदण्‍ड अधिरोपित किया गया है।

मछुआ समितियों को मुआवजा वितरण

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

15. ( *क्र. 1742 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ जिले सहित खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में विगत वर्षों में भारी सूखा पड़ने के कारण तालाबों में पानी सूख गया था और मछली पालन करने वाली मछुआ समितियों द्वारा लागत लगाकर कई तालाबों में मछली का बीज (यानि बच्‍चा) डाला गया था, जिसके कारण उन समितियों की पूंजी नष्‍ट हो गई? (ख) क्‍या उन समितियों पर कर्ज भी है और तालाबों की लीज़ चुकाने में वे असमर्थ हैं? क्‍या मछुआ समितियों को शासन स्‍तर पर सूखा राहत राशि दिये जाने की ऐसी कोई योजना थी या है? यदि हाँ, तो उक्‍त समितियों को कब तक सूखा राहत राशि प्रदाय कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें (ग) क्‍या खरगापुर विधानसभा सहित टीकमगढ़ जिले के अलावा प्रदेश में किसी भी मछुआ समिति को सूखा राहत राशि नहीं दी गई?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। समितियों की पूंजी नष्‍ट होने की जानकारी नहीं है। (ख) समितियों पर कर्ज की स्थिति नहीं है। प्राकृतिक आपदा से जिस वर्ष तालाब/जलाशय में मत्‍स्‍य बीज संचयन न होने एवं मत्‍स्‍य बीज तथा संबंधित मत्‍स्‍य की क्षति होती है, तो उस वर्ष की पट्टा राशि हितग्राही को देय नहीं होगी तथा राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र की धारा 6 (4) के प्रावधान अनुसार नैसर्गिक आपदा से मछली फार्म क्षतिग्रस्‍त होने पर मरम्‍मत के लिये रूपये 6000/- प्रति हेक्‍टेयर एव मछली पालने वालों को मछली बीज नष्‍ट होने पर रूपये 4000/- प्रति हेक्‍टेयर सहायता अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। प्राप्‍त आवेदनों पर पात्र पायी गयी समितियों/समूहों को राहत सहायता प्रदाय कर दी गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ।

दतिया जिले में शस्त्र लायसेंस के लंबित प्रकरण

[गृह]

16. ( *क्र. 5016 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में दिनांक 01-01-2013 से प्रश्न दिनांक तक कितने शस्त्र लायसेंस वर्षवार बनाये गये हैं? (ख) दतिया जिले हेतु कितने शस्त्र लायसेंस का वार्षिक कोटा नियत है और उसमें किस-किस वर्ग के लिए आरक्षण है या नहीं। (ग) दतिया जिले में वर्तमान में कितने शस्त्र लायसेंस आवेदन किन कारणों से लंबित हैं। (घ) दतिया जिले में वर्तमान में कितने फौती लायसेंस एवं कितने वृद्धों के वारिसान के लायसेंस किस कारण लंबित हैं एवं कितने निलंबित लायसेंस हैं और कितने बहाल किये गये हैं।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) दतिया जिले में दिनांक 01.01.2013 से प्रश्न दिनांक तक वर्षवार निम्नानुसार शस्त्र लायसेंस स्वीकृत किये गये - वर्ष 2013 में 106, वर्ष 2014 में 18, वर्ष 2015 में 63, वर्ष 2016 में 26, वर्ष 2017 में 05, इस प्रकार प्रश्न दिनांक तक कुल 218 लायसेंस जारी किये गये। (ख) जी नहीं शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) 795 आवेदन पत्र थाना/अनुभाग स्तर पर जाँच में होने के कारण लंबित हैं। (घ) फौती के 89 प्रकरण एवं वृद्धावस्था के 63 प्रकरण लायसेंस विधिवत जाँच हेतु विचाराधीन हैं। 2- लायसेंसधारियों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध होने से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 88 लायसेंसधारियों के लायसेंस निलंबित किये गये तथा निलंबित लायसेंसों में से 34 लायसेंसियों के लायसेंस बहाल किये गये।

सिवनी जिलान्‍तर्गत खाद्यान्‍न से वंचित हितग्राही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

17. ( *क्र. 6111 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिलान्‍तर्गत खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कितने प्रकार के कूपन की पात्रता है और कितनों को मिल रही है? (ख) सिवनी जिले में कितने अनुसूचित जाति/जनजाति हितग्राही कूपन प्राप्‍त कर रहे हैं और कितनों की मेपिंग शेष है और कितनों को खाद्यान्‍न नहीं मिल रहा है? (ग) पात्र हितग्राही जो खाद्यान्‍न से वंचित हैं, उन्‍हें कब तक लाभान्वित किया जावेगा? (घ) क्‍या विभाग द्वारा सिवनी जिले में विगत सितम्‍बर-अक्‍टूबर 2016 माह से मेपिंग का कार्य न किये जाने के कारण हजारों की संख्‍या में पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्‍न पर्ची अप्राप्‍त होने के कारण खाद्यान्‍न नहीं मिल पा रहा है? यदि हाँ, तो ऐसे दोषी अधिकारी-कर्मचारी के विरूद्ध शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित 25 पात्र परिवार श्रेणियों के परिवारों को सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची प्राप्‍त करने की पात्रता है। सिवनी जिले में पात्रता पर्चीधारी परिवारों श्रेणी एवं संख्‍या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सिवनी जिले में अनुसूचित जाति/जनजाति की श्रेणी अंतर्गत 54,266 परिवारों को सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची जारी की गई है। इन परिवारों में अनुसूचित जाति/जनजाति के वह परिवार सम्मिलित नहीं हैं, जिनको अन्‍य पात्र परिवार श्रेणी के अंतर्गत सत्‍यापित किया जाकर पात्रता पर्ची जारी की गई है। जिले में अनुसूचित जाति/जनजाति के परिवारों की मेपिंग की जाना शेष नहीं है। अनुसूचित जाति/जनजाति के पात्रता पर्चीधारी समस्‍त 54,266 परिवारों को खाद्यान्‍न का वितरण किया जा रहा है। (ग) सिवनी जिले में अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी के समस्‍त सत्‍यापित पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी कर खाद्यान्‍न का लाभ दिया जा रहा है। पात्र परिवारों का सत्‍यापन एक सतत् प्रक्रिया है। (घ) प्रदेश को भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण माह अगस्‍त, 2016 के पश्‍चात् सत्‍यापित नवीन परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की गई है। पात्र परिवार के रूप में सम्मिलित परिवारों के डी-डुप्‍लीकेशन की कार्यवाही प्रचलित है, उसके उपरांत अपात्र परिवारों को हटाने पर निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा के अंतर्गत ही नवीन सत्‍यापित परिवारों को सम्मिलित कर पात्रता पर्ची जारी की जा सकेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत राशन वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

18. ( *क्र. 144 ) श्री लखन पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पथरिया विधानसभा क्षेत्र की किस ग्राम पंचायत के कितने परिवारों को राशन दुकान से खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ प्राप्‍त हो रहा है? प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति से अवगत करावें। (ख) उक्‍त क्षेत्रान्‍तर्गत कितने परिवारों को खाद्य सुरक्षा पर्चियों का वितरण किया गया? कितने परिवारों को राशन कार्ड, प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा जारी किए गये हैं एवं कितने शेष हैं? (ग) पथरि‍या विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितने परिवारों को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के तहत सर्वेक्षित किया गया है? वर्तमान में कितने हितग्राही कार्ड/कूपन से वंचित हैं और इनके कूपन कब तक बनेंगे? (घ) उक्‍त क्षेत्र में खाद्यान्‍न सुरक्षा मिशन अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग में कितने परिवारों को लाभ दिया जा चुका है व कितने शेष हैं? शेष को कब तक लाभान्वित किया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत पथरिया विधानसभा क्षेत्र में ग्रामवार लाभ प्राप्‍त करने वाले पात्र परिवारों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पथरिया विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्तमान में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में 73,023 पात्र परिवारों को प्राधिकृत अधिकारियों द्वारा पात्रता पर्ची जारी की गई है। माह अगस्‍त, 2016 के पश्‍चात् सत्‍यापित 619 नवीन परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। (ग) समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के पोर्टल पर प्रदेश के सभी निवासियों का सर्वेक्षण उपरांत डाटाबेस तैयार किया गया है, जिसमें पथरिया विधानसभा क्षेत्र के 93,901 परिवारों का डाटाबेस उपलब्‍ध है, इनमें से 619 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की जाना शेष है एवं 20,259 परिवार राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्रता श्रेणी के अंतर्गत न आने के कारण पात्रता पर्ची हेतु पात्र नहीं है। प्रदेश को भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण दमोह जिले में माह अगस्‍त, 2016 के पश्‍चात् सत्‍यापित नवीन 619 परिवारों को वर्तमान में सम्मिलित परिवारों के डी-डुप्‍लीकेशन की कार्यवाही पूर्ण होने एवं अपात्र परिवारों को हटाए जाने पर निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा के अंतर्गत ही सम्मिलित कर पात्रता पर्ची जारी की जा सकेगी। (घ) पथरिया विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी (आयकर दाता एवं प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी के अधिकारी/कर्मचारियों के परिवार छोड़कर) अंतर्गत 26,351 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी कर लाभान्वित किया जा रहा है, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी के 83 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी किया जाना शेष है। शेष प्रश्‍न का उत्‍तर प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात''

कृषकों/मजदूरों द्वारा की गई आत्‍महत्‍याएं

[गृह]

19. ( *क्र. 6535 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर संभाग में विगत 02 वर्ष में कितने किसानों द्वारा आत्‍महत्‍या की गई? साथ ही कृषक मजदूरों की संख्‍या भी जिलेवार, माहवार, वर्षवार देवें। (ख) कितने प्रकरणों में किसानों/कृषक मजदूरों में कर्ज व बिजली बिल बकाया होने संबंधी सुसाइड नोट लिखा एवं उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) यदि नहीं, तो इसके लिए संबंधित अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) गृह विभाग द्वारा किसानों एवं कृषक मजदूरों द्वारा आत्महत्या के आंकड़ें विशिष्ट रूप से संकलित नहीं किये जाते। अप्राकृतिक मृत्युओं की जाँच में इंदौर संभाग में विगत 02 वर्ष में 266 ऐसे व्यक्तियों द्वारा आत्महत्या की गई है, जिनका व्यवसाय कृषि है, जिसमें से 04 व्यक्तियों द्वारा कर्ज के कारण आत्महत्या किया जाना पाया गया है। कृषक मजदूरों की संख्या जिलेवार, माहवार वर्षवार संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 02 प्रकरणों में कृषक/कृषक मजदूर द्वारा कर्ज बकाया होने के संबंध में सुसाइड नोट लिखा गया है, 01 प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर जिला बड़वानी थाना राजपुर में अप.क्र. 600/16 धारा 306 भादवि, 3/4 ऋणियों का संरक्षण अधिनियम पंजीबद्ध हुआ। विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। बिजली बिल बकाया होने के संबंध में सुसाइड नोट प्राप्त नहीं हुए हैं। (ग) प्रकरणों की विवेचना में उपलब्ध साक्ष्य अनुसार, विधि अनुरूप कार्यवाही की गई है। अतः कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं उठता है।

परिशिष्ट - ''आठ''

डबरा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत गुमशुदगी के दर्ज प्रकरण

[गृह]

20. ( *क्र. 5705 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डबरा विधान सभा क्षेत्र के थानों के अन्‍तर्गत पिछले तीन वर्षों 01 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी महिलाओं एवं बे‍टियों की गुमशुदगी दर्ज की गई तथा इनमें से पुलिस द्वारा कार्यवाही कर कितनी महिलाओं एवं बेटियों को बरामद किया गया तथा कितनी महिलायें एवं बेटियां ऐसी हैं जिनका पुलिस आज दिनांक तक पता नहीं लगा सकी है? इसके लिये कौन दोषी हैं? क्‍या दोषियों के विरूद्ध विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (ख) डबरा विधान सभा क्षेत्र के थानों के अन्‍तर्गत कितने प्रकरण उपरोक्‍त अवधि में महिलाओं एवं बेटियों पर हुये अत्‍याचार/लूट/अपहरण्‍ा के दर्ज किये गये? उनमें से कितने प्रकरणों में अपराधियों को माननीय न्‍यायालय द्वारा सजा दी गई तथा कितने प्रकरण न्‍यायालय में विचाराधीन हैं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में 132 महिलाओं एवं 54 बेटियों कुल गुमशुदगी 186 प्रकरण दर्ज किये गये तथा पुलिस द्वारा 90 महिलाओं एवं 39 बेटियों कुल-129 को बरामद किया गया। 42 महिलाएं तथा 15 बेटियां कुल-57 अदमदस्तयाब हैं, जिनके पतासाजी के हर संभव प्रयास जारी हैं। किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा लापरवाही नहीं पाये जाने के कारण कोई कार्यवाही नहीं की गई। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में महिलाओं एवं बेटियों पर अत्याचार/लूट/अपहरण के कुल 404 प्रकरण दर्ज किये गये हैं, जिनमें से 02 प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा अपराधियों को सजा दी गई तथा 361 प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं।

श्‍योपुर जिले में अधिकार अभिलेख बनाए जाना

[राजस्व]

21. ( *क्र. 6170 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कलेक्‍टर श्‍योपुर के आदेश क्रमांक 139 दिनांक 05.12.2012 द्वारा श्‍योपुर जिले के किन-किन गांव, मजरे, टोलों को राजस्‍व ग्राम के रूप में गठित किया था, की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) उक्‍त आदेश के जारी दिनांक से वर्तमान तक उक्‍त गठित राजस्‍व ग्रामों के अधिकार अभिलेख बनाने के कार्य में विलंब का कारण व कब तक बनाए जावेंगे? इस संबंध में वर्तमान तक क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां पूर्ण/अपूर्ण रह गई हैं? ग्रामवार जानकारी देवें। (ग) क्‍या उक्‍त कार्य में लगे संबंधित अमले की उदासीनता के कारण उक्‍त गठित राजस्‍व ग्राम के निवासियों को शासन की समस्‍त कल्‍याणकारी योजनाओं का प्रत्‍यक्ष लाभ वर्तमान तक नहीं मिल पा रहा है, वे मूल ग्राम पर आश्रित बने हुए हैं? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन अधिकार अभिलेख बनाने के कार्य में हो रहे विलंब के कारणों की जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा तथा अब एक निश्चित समय-सीमा में उक्‍त ग्रामों के अधिकार अभिलेख बनवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार(ख) उक्त आदेश के जारी दिनांक से वर्तमान तक गठित राजस्व ग्रामों के अधिकार अभिलेख के कार्य आउटसोर्स से सेवानिवृत्‍त अधिकारी एवं कर्मचारियों (सेवा निवृत्त नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख, राजस्व निरीक्षक, पटवारी) द्वारा कराया जा रहा है, जिनमें श्योपुर जिले के स्थानीय सेवानिवृत अधिकारी व कर्मचारी न होने से जिला भिण्ड मुरैना के सेवानिवृत्‍त अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा कार्य किया जा रहा है। उक्त प्रक्रिया चरणबद्ध होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। गठित राजस्व ग्राम के निवासियों को शासन की समस्त कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ वर्तमान तक मिल रहा है। ये मूल ग्राम पर आश्रित नहीं हैं। (घ) जी नहीं। अधिकार अभिलेख बनाये जाने का कार्य सेवानिवृत अधिकारी एवं कर्मचारियों जो श्योपुर जिले के निवासी न होकर अन्य जिले भिण्ड, मुरैना के निवासी हैं, के द्वारा किया जा रहा है। अधिकार अभिलेख बनाये जाने की चरणबद्ध प्रक्रिया होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

मछुआ कल्याण हेतु संचालित योजनाएं

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

22. ( *क्र. 5077 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मत्‍स्‍य विभाग अंतर्गत सिवनी जिले में मछुआरों के कल्‍याण हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं। वर्ष 2014 से वर्तमान तक कितनी मछुआ सहकारी समितियां पंजीकृत की गयी हैं। इन वर्षों में लाभान्वित होने वाली समितियों की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) सिवनी जिले में वर्ष 2014 से वर्तमान तक शिक्षण प्रशिक्षण योजना, फिशरमेन क्रेडिट कार्ड योजना, मत्‍स्‍य आहार प्रबंध योजना के तहत क्‍या-क्‍या कार्य किए गए। इन योजनाएं में वर्षवार प्राप्‍त आवंटन, लाभांवित होने वाले हितग्राहियों की वर्षवार जानकारी देवें। (ग) सिवनी जिले में आई.ए.पी. योजना के तहत वर्ष 2014 से वर्तमान तक विभाग को कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ। प्राप्‍त आवंटन के व्‍यय, लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों की संख्‍या तथा राशि व्‍यय उपरांत प्रगति की जानकारी प्रदान करें। (घ) सिवनी जिले में आजीविका सहयोग योजना, नाव जाल अनुदान योजना, जनश्री योजना, गंभीर बीमारी के निदान हेतु अनुदान योजना के तहत वर्ष 2014 से वर्तमान तक कितना आवंटन शासन से प्राप्‍त हुआ। उपरोक्‍त योजना के तहत लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों का विवरण प्रदान करें।

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। वर्ष 2014 से वर्तमान तक पंजीकृत एवं लाभान्वित होने वाली समितियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत स्‍वीकृत थाने/चौकी

[गृह]

23. ( *क्र. 6496 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में राजगढ़ जिले में कहाँ-कहाँ पर पुलिस थाने एवं चौकी संचालित हैं? (ख) उक्‍त पुलिस थानों एवं चौकी में किस-किस वर्ग के कितने पद स्‍वीकृत हैं? कितने कार्यरत तथा कितने रिक्‍त हैं? (ग) उक्‍त कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों के नाम, पदनाम तथा कब से कार्यरत हैं? थानेवार सूची दें (घ) उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति शासन द्वारा कब तक की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) पुलिस विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति पदोन्नति एवं सीधी भर्ती से की जाती है, जो निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। अतः समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

अल्‍ट्राटेक सीमेंट प्‍लांट द्वारा धार जिले में भूमि अधिग्रहण

[राजस्व]

24. ( *क्र. 4097 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में प्रस्‍तावित अल्‍ट्राटेक सीमेंट प्‍लांट के लिये कौन-कौन से ग्रामों में सरकारी भूमि शासन के द्वारा दी गई? उक्‍त प्‍लांट के लिये कितनी भूमि आदिवासी एवं गैर आदिवासी की खरीदी एवं लीज़ पर ली गई? सभी भूमि का खाता, खसरा नंबर हल्‍के सहित उपलब्‍ध करावें (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार जिन आदिवासी, गैर आदिवासी एवं सरकारी भूमि अल्‍ट्राटेक सीमेंट प्‍लांट के लिये ली गई है, क्‍या उक्‍त भूमि के लिये पंचायत द्वारा प्रस्‍ताव ठहराव किये गये? (ग) क्‍या अल्‍ट्राटेक सीमेंट द्वारा जो भूमि का अधिग्रहण किया गया? आदिवासी या गैर आदिवासी की जो भूमि ली गई है, भूमि स्‍वामी के प्रत्‍येक परिवार के सदस्‍य को रोजगार दिया गया? ऐसे कितने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के कितने सदस्‍यों को रोजगार दिया गया? जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या उक्‍त परियोजना के लिये भू-अर्जन की तथा खनन की अनुमति ग्रामसभा से ली गई?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

खाद्यान्न पर्ची का वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

25. ( *क्र. 6401 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चितरंगी विधान सभा क्षेत्र की किस पंचायत के कितने परिवारों को वर्तमान में राशन दुकान से खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ प्राप्‍त हो रहा है? प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति से अवगत करावें? (ख) उक्‍त क्षेत्रान्‍तर्गत कितने परिवारों को खाद्य सुरक्षा पर्चियों का वितरण किया गया? कितने परिवारों को राशन कार्ड प्राधि‍कृत अधिकारियों द्वारा जारी किये गये हैं? (ग) उक्‍त क्षेत्रांतर्गत कितने परिवारों को समग्र समाजिक सुरक्षा मिशन के तहत सर्वेक्षित किया गया है? वर्तमान में कितने हितग्राही कार्ड/कूपन से वंचित हैं और इनके कूपन कब तक बनेंगे? (घ) क्‍या उक्‍त क्षेत्र में खाद्यान्‍न सुरक्षा मिशन पर्व के अंतर्गत अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के लोगों व अन्‍य व्‍यक्तियों का दिनांक 23 अगस्‍त 2016 से खाद्यान्न कूपन पर्ची बंद करा दिये गये हैं? यदि हाँ, तो कारण बताएं तथा कितने परिवारों को लाभ दिया जा चुका है? कितने शेष हैं? शेष परिवारों को कब तक लाभान्वित किया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) चितरंगी विधानसभा क्षेत्र की 112 ग्राम पंचायतों के 75,322 पात्रता पर्चीधारी परिवारों को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ दिया जा रहा है। पंचायतवार पात्रता पर्चीधारी परिवारों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) चितरंगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 75,322 वैध पात्रता पर्चीधारी परिवार हैं। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पात्र परिवार श्रेणी अंतर्गत सम्मिलित परिवारों को स्‍थानीय निकाय द्वारा समग्र पोर्टल पर सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) जारी की जाती है। योजना का लाभ लेने हेतु पृथक से राशनकार्ड जारी करने की आवश्‍यकता नहीं है। (ग) समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के पोर्टल पर प्रदेश के सभी निवासियों का सर्वेक्षण उपरांत डाटाबेस तैयार किया गया है, चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के 93,289 परिवारों का पोर्टल पर डाटाबेस उपलब्‍ध है, इनमें से 75,322 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई है एवं 2,393 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की जाना शेष है। शेष परिवार राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्रता श्रेणी के अंतर्गत न होने अथवा उन्‍हें स्‍थानीय निकाय द्वारा पात्रता श्रेणी के अंतर्गत सत्‍यापित न किए जाने के कारण पात्रता पर्ची जारी नहीं की गई है। (घ) खाद्य सुरक्षा पर्व के अंतर्गत जिन अनुसूचित जाति/जनजाति परिवारों द्वारा प्राथमिकता परिवार में सम्मिलित होने हेतु घोषणा-पत्र दिया गया है, उनमें से पात्र पाए गए सभी परिवारों की पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण माह अगस्‍त, 2016 के पश्‍चात् सत्‍यापित नवीन परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की गई है। अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी अंतर्गत चितरंगी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 44,431 परिवारों को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ दिया जा रहा है जिसमें इस श्रेणी के अन्‍य पात्रता श्रेणी अंतर्गत सत्‍यापित होकर पात्रता पर्चीधारी परिवार सम्मिलित नहीं हैं। अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्‍य पात्र परिवार श्रेणी के 2,393 परिवारों की पात्रता पर्ची जारी की जाना शेष है। पात्र परिवार के रूप में सम्मिलित परिवारों के डी-डुप्‍लीकेशन की कार्यवाही प्रचलित है उसके उपरांत अपात्र परिवारों को हटाने पर निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा के अंतर्गत ही नवीन सत्‍यापित परिवारों को सम्मिलित कर पात्रता पर्ची जारी की जा सकेगी।

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


बंदोबस्त के प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

1. ( क्र. 101 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पनागर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत बंदोबस्त के कार्य पूर्ण हो चुके हैं एवं अभिलेखों में आवश्यक इंद्राज कर दिये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक बंदोबस्त कार्यों के दौरान कृषकों से प्राप्त शिकायतें सक्षम अधिकारी द्वारा निराकृत की गई हैं? (ग) यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त एवं निराकृत प्रकरणों की दिनांकवार सूची देवें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक प्राप्त एवं निराकृत प्रकरणों की दिनांकवार सूची संबंधित न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार तथा न्यायालय तहसीलदार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार।

ग्रामों में खेल भूमि आरक्षित करना

[राजस्व]

2. ( क्र. 102 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खेलों को प्रोत्साहित करने के लिये ग्रामों में खेल मैदान होना जरूरी हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या पनागर एवं बरेला के अंतर्गत ग्रामों में खेल भूमि आरक्षित की गई हैं? (ग) यदि हाँ, तो किन ग्रामों में कितनी-कितनी भूमि आरक्षित हैं? (घ) क्या बरेला में खेल मैदान हेतु भूमि उपलब्ध हैं परंतु स्टेडियम निर्माण न होने से भूमि पर अतिक्रमण हो रहा हैं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। आरक्षित भूमि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (घ) जी हाँ। उपलब्‍ध भूमि अतिक्रमण से मुक्‍त है।

परिशिष्ट - ''एक''

राजस्व विभाग अंतर्गत पदों की पूर्ति

[राजस्व]

3. ( क्र. 129 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में राजस्व विभाग अंतर्गत कितने अधिकारी, कर्मचारी, चपरासी कार्यरत हैं, राजस्व विभाग में शासन के नियमानुसार कितने पद स्वीकृत हैं। नियमानुसार कितने पद भरे हुए हैं एवं कितने रिक्त हैं? श्रेणीवार जानकारी दी जावें। (ख) जिले में राजस्व विभाग में प्रश्नांश (क) अनुसार श्रेणीवार किन किन कार्यालयों में श्रेणीवार पद रिक्त हैं? इन रिक्त पदों की पूर्ति के लिए शासन क्या कार्यवाही कर रहा है? (ग) क्या शासन इन पदों को विभागीय पदोन्नति से भरेगा? यदि हाँ, तो विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक कब हुई एवं डी.पी.सी. की बैठक अनुसार कब पदोन्नत किया जावेगा? यदि बैठक नहीं हुई तो क्या कारण रहे हैं? नियमनुसार बैठक कितने समय में होना चाहिए? न होने के क्या कारण रहे हैं? डी.पी.सी. की बैठक 3 वर्षों में कब कब हुई, जानकारी दी जावे। (घ) शासन डी.पी.सी. समय पर न करने पर क्या कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब? कब तक पदोन्नति से पद भरे जावेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) खरगोन जिले में राजस्व विभाग अंतर्गत कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी व भृत्य के स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों की श्रेणीवार जानकारी निम्नानुसार हैः-

श्रेणी

स्वीकृत

भरे

रिक्त

द्वितीय श्रेणी

12

07

05

तृतीय श्रेणी (कार्यपालिक सहित)

177

126

51

चतुर्थ श्रेणी

126

74

52

योग

315

207

108

(ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख के पद पदोन्नति के हैं। प्रकरण न्यायालय में प्रचलित है। नायब तहसीलदार के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मांग पत्र मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग इन्दौर को भेजा गया है। सहायक ग्रेड-3 एवं चतुर्थ श्रेणी के सीधी भरती के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु दिनांक 24.03.2016 से व्यापम को मांग पत्र भेजा गया है। (ग) जी नहीं। न्यायालय में प्रकरण होने से विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित नहीं की जा सकी। नियमानुसार वर्ष में दो बार बैठक आयोजित किये जाने का प्रावधान है। विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक दिनांक 01.01.2014 एवं दिनांक 01.01.2015 की स्थिति में दिनांक 06.01.2016 को आयोजित की गई थी। (घ) उत्तरांश "ख" अनुसार शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

आई.टी.आई. महाविद्यालय की स्‍वीकृति

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

4. ( क्र. 303 ) श्री जतन उईके : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र क्रमांक 128 में ग्राम पंचायत नांदनवाड़ी उप तहसील मुख्‍यालय है? काफी बड़ा ग्रामीण क्षेत्र होने के साथ-साथ आस-पास क्षेत्र भी लगा हुआ वृहद पैमाने पर है तथा इस क्षेत्र के छात्र-छात्राएं बाहर जाकर तकनीकी शिक्षा का अध्‍ययन करते हैं? (ख) क्‍या उप तहसील नांदनवाड़ी एवं आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं नांदनवाड़ी में आई.टी.आई. महाविद्यालय न होने के कारण परेशानी उठाते हैं? क्‍या शासन द्वारा नांदनवाड़ी में आई.टी.आई. महाविद्यालय खोला जा सकता है? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या शासन तकनीकी शिक्षा को बढ़ाने हेतु छात्रों की सुविधा को ध्‍यान में रखते हुए नांदनवाड़ी में I.T.I. महाविद्यालय खोले जाने की स्‍वीकृति प्रदान करेंगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। छिंदवाडा जिले में 07 शासकीय आई.टी.आई. तथा 34 प्राईवेट आई.टी.आई. संचालित है। पांढुर्णा में 01 शासकीय तथा 04 प्राईवेट आई.टी.आई. संचालित है। इन संस्‍थाओं में पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र के युवा प्रशिक्षण प्राप्‍त कर सकते है। (ख) उत्‍तरांश '''' अनुसार। विभाग की नीति प्रत्‍यके विकासखण्‍ड में न्‍यूनतम 01 आई.टी.आई. खोलने की है। पांढुर्णा विकासखण्‍ड में 01 शासकीय आई.टी.आई. संचालित है। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पिपलरांवा को टप्‍पा तहसील दर्जा

[राजस्व]

5. ( क्र. 901 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा आम नागरिकों की राजस्‍व व अन्‍य तहसील संबंधी समस्‍या के निराकरण हेतु प्रदेश के ग्रामों व नगरों में टप्‍पा तहसील का दर्जा दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो किस आधार पर? (ख) क्‍या शासन द्वारा सोनकच्‍छ तहसील से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सन् 2002 से नगर पंचायत का दर्जा प्राप्‍त नगर पिपलरांवा को तहसील, उपतहसील या टप्‍पा आदि दर्जा देने हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है या नहीं यदि हाँ, तो क्‍या? नहीं तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या शासन पिपलरांवा क्षेत्र में लगभग 20-25 ग्रामों के सैकड़ों-हजारों क्षेत्रवासियों की समस्‍या के निराकरण हेतु पिपलरांवा को टप्‍पा तहसील का दर्जा देने हेतु कोई कार्यवाही करेगा या नहीं? यदि नहीं, तो इन हजारों ग्रामीणों को हो रही परेशानियों का जिम्‍मेदार कौन होगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ, पीपलरांवा को टप्‍पा तहसील का दर्जा देने की कार्यवाही प्रचलित हैं। मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 1 में तहसील के सृजन अथवा पुनर्गठन की शक्ति राज्‍य शासन को प्राप्‍त है। तहसील स्‍तर से नीचे स्‍तर पर उप तहसील (टप्‍पा) के रूप में कोई संस्‍था पृथक से परिभाषित नहीं है। उप तहसील को स्‍वीकृत करने हेतु पृथक से कोई अमला स्‍वीकृत नहीं किया जाता है। परन्‍तु भवन, कम्‍प्‍यूटर, फर्नीचर आदि लोक सेवा गांरटी को दृष्टिगत रखते हुये प्रदान किया जाना आवश्‍यक होता है। उक्‍त संसाधनों की व्‍यवस्‍था के लिये बजट प्रावधान नहीं होता है तथा क्षेत्रीय स्‍तर पर ही संसाधनों की व्‍यवस्‍था की जाती है। अत: स्‍टाफ एवं अन्‍य संसाधनों की व्‍यवस्‍था की कार्यवाही प्रचलित है। (ग) मध्‍य प्रदेश शासन राजस्‍व विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक एफ 1-3/2015/सात/शा-6 भोपाल दिनांक 16.01.2015 में दिये गये निर्देशानुसार जन साधारण की मांग एवं राजस्‍व प्रशासन की सुदृढ़ता सुनिश्चित करने के लिये उपलब्‍ध स्‍टाफ एवं संसाधन का उपयोग कर उप तहसील (टप्‍पा) कार्यालय खोले जाने का निर्णय कलेक्‍टर स्‍तर पर लिया जा सकता है। फिलहाल राजस्‍व अधिकारियों एवं स्‍टाफ की कमी को मद्देनजर उप तहसील (टप्‍पा) कार्यालय नहीं खोला गया है।

नवीन हैण्‍डपंपों का खनन और संधारण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

6. ( क्र. 1256 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकीय विभाग भिण्‍ड के द्वारा जिला भिण्‍ड में कहाँ पर किसकी अनुशंसा पर किस आदेश से नवीन हैण्‍डपंप खनन किया गया? 2015-16 की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्षों के अंतर्गत लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकीय विभाग भिण्‍ड द्वारा कहाँ पर हैण्‍डपंप के प्‍लेट फार्म का‍ निर्माण करवाया गया है? कितना बजट प्राप्‍त हुआ कितना व्‍यय किया गया? (ग) क्‍या 20152016 में भिण्‍ड विधानसभा में प्रश्‍नकर्ता की अनुशंसा पर हैण्‍डपंप खनन नहीं किया गया? ऐसा क्‍यों? इसके लिए कौन उत्‍तरदायी हैं?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) आंशिक पूर्ण श्रेणी की बसाहटों में नवीन नलकूप खनन कर हैण्डपंप स्थापना का कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है। ऐसे ग्रामों की सूची पर संबंधित मान. विधायकगणों द्वारा अनुशंसित ग्रामों को प्राथमिकता दी जाकर कार्य कराया जाता है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। उत्तरांश- अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

बंद नल-जल योजना को प्रारंभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

7. ( क्र. 1257 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड में कितनी नल-जल योजनाएं बंद हैं इसके प्रारंभ करने के लिए क्‍या प्रयास किए जा रहे हैं वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना बजट प्राप्‍त हुआ? (ख) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक का कौन सी नल-जल योजनाएं प्रारंभ हैं? (ग) वर्ष 20162017 में कहाँ पर भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नवीन नल-जल योजना स्‍वीकृत कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है? किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा कब निरीक्षण अवलोकन किया गया है? (घ) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र में प्रश्‍न दिनांक को बंद नल-जल योजना के क्‍या कारण हैं? चालू करने के लिए शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही प्रचलित है? कब तक कौन सी योजना प्रारंभ हो जायेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कुल 149 योजनाएं। नल से जल, आज और कल अभियान के अंतर्गत बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने के प्रयास किये जा रहे हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) कुल 39 नल-जल योजनायें क्रियान्वित हैं। चालू योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) कोई नहीं, शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती।

दस्‍यु उन्‍मूलन

[गृह]

8. ( क्र. 1351 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में दस्‍यु समस्‍या पूर्णत: समाप्‍त हो गई है? यदि हाँ, तो किस वर्ष में समाप्‍त हुई एवं दस्‍यु उन्‍मूलन के लिए विगत 05 वर्षों में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) वर्तमान में प्रदेश में कितने दस्‍यु गिरोह सक्रिय हैं और पर कितनी-कितनी राशि का ईनाम घोषित हैं? (ग) विगत तीन वर्षों में दस्‍यु उन्‍मूलन के तहत ग्‍वालियर एवं चम्‍बल जोन के किन-किन जिलों में कितने-कितने प्रकरण दस्‍यु अधिनियम के दर्ज किए गए? जिलेवार बताएं पुलिस की डकैतों के साथ कब-कब कहाँ-कहाँ पर मुठभेड़ हुई उनमें से कौन-कौन से डकैत मारे गए एवं कितने अधिकारी-कर्मचारी मारे गए? (घ) उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में डकैतों के साथ पुलिस मुठभेड़ की जाँच उपरांत कौन-कौन सी मुठभेड़ फर्जी पाई गई? फर्जी मुठभेड़ के लिए जिम्‍मेदार किन-किन पुलिस अधिकारी/कर्मचारी को क्‍या-क्‍या दण्‍ड दिया गया?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। प्रदेश में दस्यु समस्या पूर्णतः समाप्त नहीं हुई है, क्योकि क्षेत्रीय बदमाश जिन पर ईनाम घोषित है फरार होकर कभी-कभी गैंग बना लेते है। प्रश्नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) वर्तमान में प्रदेश में कोई भी ''सूचीबद्ध डकैत गिरोह'' सक्रिय नहीं है। कुछ असूचीबद्ध डकैत सक्रिय है, जिसकी जानकारी ईनाम सहित पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) 02 निम्न विचाराधीन प्रकरणों को छोड़कर कोई भी मुठभेड़ फर्जी नहीं पाई गई। थाना भौंती जिला शिवपुरी के अपराध क्रमांक 42/2016 धारा 307, 34, भा.द.वि. 25, 27 आर्म्स एक्ट 11/13 एम.पी.डी.पी.के. एक्ट (मृतक चंदन गडरिया) का प्रकरण अ.अ.वि. के अन्तर्गत विवेचनाधीन है। थाना सेवड़ा जिला दतिया के अपराध क्रमांक 139/14 धारा 307, 34 एवं भा.द.वि. 25, 27 आर्म्स एक्ट 11/13 एम.पी.डी.पी.के. एक्ट (मृतक बालक दास ढीमर एवं दिनेश जाटव) का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं।

कांजी हाउस एवं गौ शाला केन्‍द्र

[पशुपालन]

9. ( क्र. 1543 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में क्या सभी कांजी हाउस बंद हो चुके हैं? यदि हाँ, तो किस कारण से उन्हें बंद किया गया है? (ख) खेतों में फसलों का नुकसान करने वाले आवारा पशुओं की वर्तमान में क्या व्यवस्था की गई है? (ग) सागर जिलान्‍तर्गत वर्तमान में कितनी गौशालायें तथा गौसंवर्धन केन्द्र संचालित हैं तथा उन्हें प्रति पशु के हिसाब से कितना अनुदान दिया जा रहा है? (घ) सागर जिले में संचालित गौशाला/ गौसंवर्धन केन्द्र संचालन हेतु चरनोई की कितनी भूमि आवंटित की गई है? गौशाला के विकास हेतु शासन द्वारा क्या योजना बनाई गई है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी नहीं। प्रदेश में कांजी हाउस स्थानीय निकायों द्वारा संचालित होते हैं। शेष प्रश्न ही उपस्थि‍त नहीं होता। (ख) प्राय: पशु पालकों द्वारा स्वयं के पालित पशु जिनमें अधि‍कांश गौवंश है, अनुत्पादक हो जाने पर घर पर बांधा नहीं जाता है बल्कि‍ छोड़ दिया जाता है और यही गौवंश विचरण करते हैं। वास्तव में ये पशु आवारा नहीं हैं। यह समस्या पशु पालकों की जागृति से संबंधि‍त है। यदि पशु पालकों को समझाईश दी जाकर उन्हें जागरूक किया जावे कि वे अपने पशुओं को बांध कर रखें तो इस समस्या का समाधान संभव है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) सागर जिले में संचालित गौशालाओं को चरनोई की कोई भूमि आवंटित नहीं की गई है। शासन द्वारा गौशालाएं नहीं खोली जाती हैं। गौशालाएं अशासकीय एवं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा स्थापित की जाकर संचालित की जाती हैं। ऐसी स्थापित गौशालाएं जो म.प्र.गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड में पंजीकृत होती हैं, उनके विस्तार हेतु निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप, उपलब्धता के आधार पर भूमि एवं उपलब्ध गौवंश के भरण पोषण हेतु आर्थि‍क सहायता एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।

परिशिष्ट - ''चार''

नवीन शासकीय उचित मूल्य की दुकान

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

10. ( क्र. 1587 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन द्वारा प्रत्येक ग्राम एवं शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड में उचित मुल्य की दुकान खोलने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक यह योजना लागू हो जावेगी? (ख) यदि ऐसी कोई योजना नहीं है तो कब तक बना ली जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी नहीं। शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्तमान में नगरीय निकायों में कुल पात्र परिवारों की संख्‍या में 800 से भाग देने पर प्राप्‍त संख्‍या अनुसार अधिकतम उचित मूल्‍य दुकान खोलने का प्रावधान है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्‍येक ग्राम पंचायत में 1 दुकान खोलने का प्रावधान सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 में किया किया गया है। जिन पंचायतों में पात्र परिवारों की संख्‍या 800 से अधिक है, उन पंचायतों में अतिरिक्‍त उचित मूल्‍य दुकान खोलने का प्रावधान है। प्रत्‍येक उचित मूल्‍य दुकान के संचालन हेतु आर्थिक सक्षमता को दृष्टिगत रखते हुए प्रश्‍नांकित योजना का कोई औचित्‍य नहीं है।

पुलिस आरक्षकों की स्‍थानान्‍तरण नीति

[गृह]

11. ( क्र. 1722 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पुलिस आरक्षकों की स्‍थानान्‍तरण नीति वर्ष 2008 में क्‍या थी एवं वर्तमान में क्‍या है? (ख) क्‍या शासन प्रदेश के उन पुलिस आरक्षकों के संबंध में विचार करेगा, जिन्‍हें अत्‍यंत पारिवारिक कठिनाई या अन्‍य कठिनाई हो जिस कारण से वह अपने गृह जिला या गृह जिले के आस-पास के जिलों में स्‍थानांतरण चाहते हो?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) पुलिस आरक्षकों हेतु स्थानांतरण नीति वर्ष 2008 में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति वर्ष 2007-08 के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही थी एवं वर्तमान में भी वर्ष 2015 में जारी सामान्य प्रशासन विभाग की स्थानांतरण नीति के अनुरूप ही है। (ख) म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति वर्ष 2015-16 की कण्डिका 8.16 में यह लेख है कि किन्ही भी कार्यपालिक कर्मचारियों/अधिकारियों को उनके गृह जिले स्थानांतरण के द्वारा अथवा पदोन्नति की स्थिति में सामान्यतः पदस्थ न किया जाये, किन्तु अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाओं के प्रकरणों में उनके गृह जिले में स्थानांतरण किया जा सकेगा। गृह जिले के आस-पास के जिलों में स्थानांतरण हेतु विचार पूर्व से ही किया जा रहा है।

पाला एवं ओलावृष्टि से हुये नुकसान का मुआवजा

[राजस्व]

12. ( क्र. 1725 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर संभाग में 15 दिसम्‍बर 2016 के बाद कौन-कौन से जिलों के कितने गांवों में पाला एवं ओलावृष्टि से कौन-कौन सी एवं कितनी मात्रा में फसलों को नुकसान हुआ? (ख) ग्‍वालियर संभाग में जनवरी 2017 के प्रथम सप्‍ताह ओले गिरने से किस-किस जिले में कितने गाँवों में फसलों को हानि हुई? तथा इस संबंध में शासन मुआवजा देने के लिये क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) ग्‍वालियर संभाग के जिले ग्‍वालियर, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया एवं गुना में पाला व ओलावृष्टि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है(ख) ग्‍वालियर जिले में 26 जनवरी, 2017 को हुई ओलावृष्टि से 30 ग्रामों की फसलों को हानि हुई जिसमें मुआवजा राशि रू.7,39,58,000/- स्‍वीकृत की जा चुकी है।

परिवहन आरक्षक भर्ती में गलत पतों पर कार्यवाही

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

13. ( क्र. 1730 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या व्‍यापम प्रकरण की जाँच में परिवहन आरक्षक भर्ती में 50 लोगों के पते गलत पायें गये? गलत पतों का विवरण देते हुये बतायें कि सही पते मालूम कर उनको दंडित करने की क्‍या कार्यवाही की गई?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : प्रश्‍न में परीक्षा के वर्ष का उल्‍लेख नहीं है। पी.ई.बी. का कार्य केवल लिखित परीक्षा का आयोजन तथा प्रवीण्‍य सूची/परिणाम घोषित करना है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिंघाड़ा बोर्ड का गठन

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

14. ( क्र. 1868 ) श्री मोती कश्यप : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने पत्र दिनांक 4-12-2016 मुख्यमंत्री को प्रस्तुत कर सिंघाड़ा उत्पादन से जुड़ी किन्हीं समस्याओं के विषय में लेख किया है? (ख) दिनांक 28-8-2008 को जबलपुर के किसी स्थान में आयोजित राज्य-स्तरीय मछुआ पंचायत में मुख्यमंत्री द्वारा की गई सिंघाड़ा बोर्ड के गठन की घोषणा पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) क्या विभाग द्वारा सिंघाड़ा कृषि‍ पर प्राकृतिक आपदा से राहत प्रदान करने, उन्नत गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने, जल-भूमि हेल्थ कार्ड बनाने, उन्नत तकनीक से उत्पादन बढ़ाने एवं क्रय-विक्रय में दलालों के शोषण से मुक्ति प्रदान करने हेतु कोई योजनायें क्रियान्वित की गई हैं? (घ) राज्य में सिंघाड़ा उत्पादन किन जाति-वर्ग के लोग करते हैं और उनके आर्थिक व सामाजिक कल्याण हेतु क्या प्रश्नांश (क) घोषणा अनुसार प्रश्नांश (ग) बिन्दुओं का समावेश करते हुये क्या राज्य सिंघाड़ा बोर्ड का गठन आवश्यक है और कब तक गठन कर दिया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र कार्यालय को प्राप्‍त नहीं है। (ख) दिनांक 28-08-2008 को जबलपुर में राज्‍य स्‍तरीय मछुआ पंचायत आयोजित नहीं किये जाने से शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। (घ) राज्‍य में सिंघाड़ा उत्‍पादन का कार्य पट्टा धारक मछुआरों द्वारा किया जाता है। प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के अनुक्रम में मछुआ कल्‍याण बोर्ड गठित है, जिसके उद्देश्‍यों में उक्‍त बिन्‍दु को समाहित किया गया है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

मजदूरों का पंजीयन

[श्रम]

15. ( क्र. 1957 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश भवन एवं सहनिर्माण कर्मकार मंडल द्वारा उज्‍जैन संभाग में २०१५-२०१६ में कितने निर्माण मजदूरों का पंजीयन किया गया? जिलेवार विवरण दें. साथ ही भारत सरकार द्वारा निर्माण मजदूरों को कर्मचारी भविष्‍य निधि योजना से जोड़ा गया? यदि हाँ, तो पंजीयन व योजना से जोड़ने की संख्‍या में अंतर क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) मजदूरों के हित में कौन-कौन सी योजनाएं प्रचलित हैं? (क) अवधि में कितने श्रमिकों व उनके आश्रितों को योजना का लाभ दिया गया?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के अंतर्गत उज्जैन संभाग में वर्ष 2015-16 में कुल 55762 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है जिसकी जिलेवार जानकारी निम्नानुसार हैः-

क्रं जिला पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की संख्या
1
उज्जैन 1898
2
मंदसौर 8671
3
देवास 2158
4
रतलाम 32918
5
शाजापुर 1970
6
नीमच 5492
7
आगरमालवा 2655
योग 55762

कर्मचारी भविष्य निधि संबंधी कार्य कर्मचारी भविष्य निधि प्रकीर्ण एवं उपबंध अधिनियम 1952 के अंतर्गत किया जाता है। उक्‍त अधिनियम का प्रवर्तन भविष्य निधि संगठन केन्‍द्र संगठन द्वारा किया जाता है और भविष्य निधि संगठन केन्‍द्र सरकार के अधीन कार्यरत होने से यह विषय राज्‍य सरकार का नहीं है, जिससे भविष्य निधि से संबधित जानकारी दी जाना संभव नहीं है।
(ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों हेतु वर्तमान में संचालित 22 योजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्नांकित अवधि में उज्जैन संभाग के जिलों में कुल 134152 पंजीबद्ध निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया है। जिसकी जिलेवार जानकारी निम्नानुसार हैः-


क्रं जिला हितग्राही संख्या
1 उज्जैन 14451
2
मंदसौर 48002
3
देवास 15188
4
रतलाम 10635
5
शाजापुर 4412
6
नीमच 40073
7
आगरमालवा 1391
योग 134152

परिशिष्ट - ''पाँच''

रिक्‍त पदों की पूर्ति

[गृह]

16. ( क्र. 2017 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पुलिस विभाग में यातायात, महिला, सायबर, क्राइम, एस.टी.एफ. एवं अन्‍य प्रकार के कितने-कितने पुलिस थाने हैं? थानों के प्रकार सहित जिलेवार संख्‍या बतायी जाए? (ख) भोपाल संभाग में किस-किस संवर्ग का कितना-कितना पुलिस बल स्‍वीकृत है? जिलेवार संवर्ग सहित संख्‍या बताई जाए? (ग) वर्तमान में भोपाल संभाग में किस-किस संवर्ग के कितने-कितने पद रिक्‍त हैं? संवर्गवार संख्‍या बताई जाए? (घ) विभाग द्वारा रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जाएगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। (घ) रिक्त पदों की पूर्ति पदोन्नति एवं सीधी भर्ती से की जाती है, जो निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। अतः समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

नायब तहसीलदार रायपुर कर्चु. के आदेश का क्रियान्‍वयन

[राजस्व]

17. ( क्र. 2020 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नायब तहसीलदार रायपुर कर्चुलियान द्वारा उनके यहां प्रचलित प्रकरण क्रमांक 03/ A, B - 2014-15 में 17.6.16 को ग्राम देवरा फरेदा पटवारी हल्‍का मनिकवार तहसील रायपुर कर्चु. जिला रीवा की भूमि खसरा नं. 596/1 में रास्‍ता दर्ज किये जाने का आदेश किया गया तथा नक्‍शा में भी रास्‍ता दर्ज किये जाने का आदेश किया गया? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या खसरे एवं नक्‍शे में उक्‍त आदेश के अनुरूप सुधार किया गया और खसरे में प्रवृष्टि दर्ज की गयी? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बताएं? कब तक रिकार्ड में दर्ज करा दिया जायेगा और आदेश का क्रियान्‍वयन नहीं करने वालों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

कोटवारों को देय सुविधाएं

[राजस्व]

18. ( क्र. 2109 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले में ग्रामीण कोटवारों की कुल संख्‍या का जिलेवार ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) क्‍या कोटवारों को देय भिन्‍न-भिन्‍न प्रकार के मानदेय, जमीन, पट्टे वितरण आदि में असमानता है? यदि हाँ, तो किस कारण? इसका मापदण्‍ड क्‍या है? (ग) क्‍या सरकार कोटवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना/मुख्‍यमंत्री आवास योजना के मकान देने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो कब तक एवं नहीं तो क्‍यों नहीं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) रतलाम जिले में 670 कोटवार कार्यरत है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) जी नहीं। मापदण्‍ड निम्‍नानुसार है:- भूमिहीन कोटवार को 2000/-, 03 एकड़ भूमि होने पर 1000/-, 7.50 एकड़ भूमि होने पर 600/-, 10 एकड़ भूमि होने पर 400/- (ग) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''छ:''

सूखा प्रभावितों को मुआवजा भुगतान

[राजस्व]

19. ( क्र. 2156 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2014-2015 में सरदारपुर तहसील को सूखा ग्रस्‍त घोषित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इसका मुआवजा सभी प्रभावित किसानों को दिया जा चुका है? यदि नहीं, तो कब तक पूरा मुआवजा दे दिया जायेगा? (ग) गरीब आदिवासियों को समय पर मुआवजा नहीं दिए जाने के लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या शासन इनके विरूद्ध कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश "क" के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

बिल्डर्स द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण

[राजस्व]

20. ( क्र. 2245 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा परि.अतारांकित प्रश्न संख्‍या 95 (क्र. 1165), दिनांक 29/07/2016 के भाग (ग) एवं (घ) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या स्थगन आदेश की अवधि समाप्त हो गई है? अगर हाँ, तो राजस्व विभाग द्वारा वर्तमान समय तक संबंधित बिल्डर्स द्वारा मौजा इटौरा की आराजी न.61.59 रकवा 0.234 हेक्टेयर म.प्र. शासन की आराजी में किये गए अवैध कब्जा से बेदखली की कार्यवाही क्यों नहीं की गई? कारण स्पष्ट करें। (ख) क्या राजस्व विभाग के अधिकारी/कर्मचारी की मिलीभगत के कारण अतिक्रामक से साठगांठ कर अतिक्रमण की कार्यवाही करने से बच रहे हैं? (ग) क्या अतिक्रमण हटाने में लापरवाही करने वाले दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। किन्‍तु माननीय राजस्‍व मण्‍डल ग्‍वालियर के प्रकरण क्रमांक 1451-दो/2016 में पारित आदेश दिनांक 29.9.2016 द्वारा तहसीलदार रघुराजनगर के बेदखली आदेश दिनांक 20.11.2012 को निरस्‍त किये जाने के कारण, प्रश्‍नाधीन आराजी पर किये गये अवैध कब्‍जा से बेदखली की कार्यवाही नहीं की जा सकी। (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

फौती नामान्‍तरण प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

21. ( क्र. 2315 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा अता. प्रश्‍न संख्‍या 38 (क्र. 1389) दि. 29/7/2016 के उत्‍तर में स्‍वीकार किया गया कि 89 विवादित फौती नामान्‍तरण के प्रकरण लंबित है? (ख) लंबित प्रकरणों के संबंध में पक्षकारों से किन-किन तिथियों में कौन-कौन से साक्ष्‍य पत्र द्वारा मांगे गये आदेश क्र. सहित बतायें? (ग) शासन गाइड लाइन के अनुसार कितनी समय-सीमा में निराकरण करने के आदेश है? नियम दें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में प्रश्नाधीन फौती नामांतरण का कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (ख) प्रश्नाधीन प्रकरणों में सुनवाई के दौरान आदेश पत्रिका पर साक्ष्य हेतु तिथियां नियत की गई। पृथक से कोई पत्र जारी नहीं किया गया। प्रकरणवार साक्ष्य हेतु नियत तिथियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ग) नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार।

उचित मूल्‍य दुकानों, राशन कार्डों एवं खाद्यान्‍न सामग्री

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

22. ( क्र. 2359 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों एवं अन्‍य श्रेणियों के अंतर्गत भी आने वाले परिवारों को केन्‍द्र/राज्‍य प्रवर्तित योजनाओं के माध्‍यम से सस्‍ता खाद्यान्‍न एवं अन्‍य सुविधाएं केन्‍द्र/राज्‍य प्र‍वर्तित योजनाओं द्वारा प्रदान की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो रतलाम जिले में उपरोक्‍तानुसार कितने राशन कार्डधारी होकर उन्‍हें कितना-कितना खाद्यान्‍न किस-किस प्रकार का कितनी उचित मूल्‍यों की दुकानों एवं क्‍या अन्‍य व्‍यवस्‍थाओं के माध्‍यम से भी प्रदान किया जा रहा है? दोनों प्रकार की संख्‍या एवं मात्राएं बताएं? (ग) क्‍या समय-समय पर किये गये सर्वे के दौरान कई नाम काट दिये जाते है एवं कई नाम बढ़ जाते है ऐसी दशा में खाद्यान्‍न सामग्री के वितरण की क्‍या स्थिति रहती है? क्‍या खाद्यान्‍न बच जाता है या कम पड़ जाता है वस्‍तुस्थिति बताएं। (घ) साथ ही अवगत कराएं कि क्‍या रतलाम जिले में बनाए गये राशन कार्डों के मान से नियमानुसार पर्याप्‍त मात्रा में परिवारों को खाद्यान्‍न प्राप्‍त हो रहा है तथा क्‍या सभी परिवारों को, जिन्‍हें चिन्हित किया गया है? खाद्यान्‍न पर्चियां प्राप्‍त होकर, खाद्यान्‍न मिल रहा है अथवा शेष रहे है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। (ख) रतलाम जिले में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 21,301 अन्‍त्‍योदय परिवारों एवं 2,30,601 प्राथमिकता परिवारों कुल 2,51,902 पात्र परिवारों को 411 उचित मूल्‍य दुकानों के माध्‍यम से लाभान्वित किया जा रहा है। अन्‍य किसी माध्‍यम से राशन सामग्री का प्रदाय नहीं किया जा रहा है। पात्र परिवारों को प्राप्‍त होने वाली मात्रा की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सत्‍यापित पात्र परिवारों की सूची में अपात्र के नाम हटाने व पात्र के जोड़ने के उपरांत जो स्थिति रहती है उसी अनुसार ऑनलाईन आवंटन राज्‍य स्‍तर से जारी किया जाता है। ऐसी स्थिति में आवंटन कम होने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। किसी पात्र परिवार द्वारा विशिष्‍ट माह में सामग्री प्राप्‍त न करने पर आगामी माह में प्राप्‍त करने का प्रावधान है। जिन हितग्राहियों द्वारा राशन सामग्री क्रय नहीं किया जाता है उनका स्‍टॉक उचित मूल्‍य दुकान में सुरक्षित रहता है, जिसका आगामी माहों में समायोजन किया जाता है। विगत एक वर्ष में रतलाम जिले में 1295.58 मे.टन गेहूँ एवं 3947.77 मे.टन चावल की बचत हुई है, जिसका समायोजन किया गया है। (घ) सभी पात्र परिवारों को पात्रता अनुसार राशन सामग्री का प्रदाय किया जा रहा है। भारत सरकार से राज्‍य को प्राप्‍त 2,89,336 मे.टन प्रतिमाह की आवंटन सीमा से अधिक मात्रा में खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण अगस्‍त, 2016 के पश्‍चात् चिन्‍हांकित परिवारों को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत शामिल नहीं किये जाने के कारण उन्‍हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ नहीं दिया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''सात''

पंजीबद्ध अपराध के आरोपियों की कार्यवाही

[गृह]

23. ( क्र. 2398 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के बैहर थाना अंतर्गत में दिनांक २६.०९.२०१६ को पंजीबद्ध अपराध क्र. २०२/१६ में कितने आरोपियों पर एवं किन-किन धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है एवं कितने पुलिसकर्मियों पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है? आरोपियों के नाम एवं तत्‍कालीन पदस्‍थापना का विवरण देवें। (ख) आरोपियों पर अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत कितने पुलिसकर्मी शासन/पुलिस विभाग के द्वारा निलंबित हुये? निलं‍बित अवधि के दौरान उनको किस मुख्‍यालय में भेजा गया? (ग) आरोपी पुलिसकर्मी वर्तमान में कहाँ हैं? कितने पुलिसकर्मी वर्तमान में न्‍यायि‍क अभि‍रक्षा में हैं एवं कितने फरार हैं? (घ) फरारीकाल के दौरान कितने पुलिसकर्मियों को वेतन दिया जा रहा है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) बालाघाट जिले के थाना बैहर में दिनांक 26.09.2016 को 10 नामजद आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 202/16 धारा 294, 323, 506, 452, 392, 307 भा.द.वि. का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। उक्त आरोपियों में 04 नामजद पुलिसकर्मी हैं आरोपी पुलिस कर्मियों के नाम एवं तत्कालीन पदस्थापना की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) आरोपियों पर अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत 04 पुलिसकर्मी शासन/पुलिस विभाग द्वारा निलंबित किये गये। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आरोपी निलंबित अति. पुलिस अधीक्षक बैहर श्री राजेश शर्मा को पुलिस मुख्यालय भोपाल में संबद्ध किया गया है तथा आरोपी निलंबित निरीक्षक जियाउल हक थाना बैहर निलंबित उप निरीक्षक अनिल अजमेरिया थाना बैहर एवं निलंबित सहायक उप निरीक्षक सुरेश विजयवार थाना बैहर को जिला रक्षित केन्द्र बालाघाट संबद्ध किया था। परंतु उपरोक्त पुलिस कर्मियों द्वारा आदिनांक तक अपनी पदस्थापना पर आमद नहीं दी है। कोई भी पुलिसकर्मी अपराध क्रमांक 202/16 में न्यायिक अभिरक्षा में नहीं है। वर्तमान में प्रकरण की विवेचनाधीन है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट में उल्लेखित निलंबित 04 पुलिस कर्मियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''आठ''

नवीन बोर खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

24. ( क्र. 2417 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राजगढ़ जिले में वर्ष 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत कितने नवीन बोर खनन कराये गये? विधानसभा क्षेत्रवार वर्षवार, सफल/असफल की जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) में यदि कोई नवीन बोर असफल होता है, तो क्या उसके स्थान पर दूसरा बोर खनन किया जाता है? यदि हाँ, तो दूसरे नवीन बोर खनन कहाँ-कहाँ किये गये हैं? (ग) वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 से कितनी नवीन नल-जल योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं एवं उनके विरुद्ध कितनी पूर्ण की गयी हैं? शेष योजनाएं कब तक पूर्ण कर दी जावेगी? विधानसभा क्षेत्रवार वर्षवार, जानकारी से अवगत करावें। (घ) ग्राम ब्यावरामांडू में निर्मित नल-जल योजना आज दिनांक तक बन्द है? उसके बन्द होने के क्या कारण हैं एवं उसको चालू करने के लिए विभाग द्वारा क्या-क्या प्रयास किये गये हैं? उक्त नल-जल योजना को कब तक चालू कर ग्रामवासियों को लाभांवित किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) आंशिक पूर्ण बसाहटों एवं नल-जल योजनाओं के स्रोत हेतु नलकूप असफल होने पर दूसरा नलकूप खनन किया जाता है। वर्ष 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक नलकूप आंशिक पूर्ण बसाहटों एवं नलजल योजनाओं के स्रोत निर्माण हेतु खनन किये गये हैं। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जी हाँ, पाइप लाइन क्षतिग्रस्त। म.प्र. जल निगम द्वारा प्रस्तावित समूह जलप्रदाय योजना में सम्मिलित होने के कारण पृथक से चालू करने हेतु योजना नहीं बनाई गई। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट - ''नौ''

पुलिस थाना भवन एवं स्‍टॉफ क्‍वार्टस का निर्माण

[गृह]

25. ( क्र. 2503 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले के पुलिस थाना बेहट का निर्माण कब हुआ है तथा उसमें स्‍टॉफ के लिये कितने आवासों का निर्माण किया गया था? (ख) कितनी बार थाना भवन एवं आवासों के मरम्‍मत का कार्य विगत तीन वर्षों में कराया गया वर्तमान में आवासीय क्‍वॉटर क्‍या रहने लायक है? क्‍या लोक निर्माण विभाग के टेक्‍नीकल अधिकारी से इस संबंध में रिपोर्ट ली गई? (ग) क्‍या वर्तमान में उक्‍त आवासों की स्थिति अत्‍यंत जीर्ण-शीर्ण हो गई है? यदि हाँ, तो क्‍या इनकी मरम्‍मत शीघ्र करवाई जावेगी? अथवा नये आवासों का निर्माण किया जायेगा? (घ) क्‍या ऐसे आवासों के स्‍थान पर थाने का नया भवन एवं स्‍टॉफ क्‍वॉटर नये बनाये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) पुलिस थाना बेहट का निर्माण दिनांक 03/03/1960 में हुआ है। 12 आवास-गृहों का निर्माण किया गया जो निम्नानुसार है- जी-टाईप 01, एच-टाईप 01, आई-टाईप 10 (ख) थाना भवन एवं आवासों के मरम्मत का कार्य विगत 3 वर्षों से नहीं कराया गया है। भवन लोक निर्माण विभाग की पुस्तिका में दर्ज है। आवास-गृह रहने लायक है। इस कारण लोक निर्माण विभाग से टेक्निकल रिपोर्ट नहीं ली गई हैं। (ग) जी नहीं। (घ) उत्तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

थानों पंजीकृत अपराध

[गृह]

26. ( क्र. 2601 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तीन थानों, गोटेगांव, ठेमी एवं मुंगवानी अंतर्गत वर्ष २०१५-१६ एवं २०१६-१७ में कितने अपराध पंजीकृत हुये? इन पर क्या कार्यवाही की गई, पंजीकृत अपराधों की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) विभाग द्वारा नशा मुक्ति अभियान को लेकर कब-कब कहाँ-कहाँ शिविर का आयोजन किया गया? प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में इन शिविरों का क्या परिणाम निकला? विभाग द्वारा कितनी राशि वर्षवार इन शिविरों में खर्च की गई?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तीनों थानों गोटेगांव, ठेमी व मुंगवानी अंतर्गत वर्ष 2015-162016-17 में पंजीबद्ध अपराधों, की गई कार्यवाही व वर्तमान स्थिति का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) विभाग द्वारा नशा मुक्ति अभियान को लेकर आयोजित शिविरों का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इन शिविरों से जिले में नशे के विरुद्ध एक प्रभावी वातावरण तैयार हुआ है तथा नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश भी लगा है। विभाग द्वारा कोई राशि इन शिविरों पर खर्च नहीं की गई है।

परिशिष्ट - ''दस''

पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

[पशुपालन]

27. ( क्र. 2602 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत पशुपालन विभाग द्वारा किन-किन योजनाओं का संचालन किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में इन योजनाओं से वर्ष २०१३-१४, २०१४-१५, २०१५-१६ एवं २०१६-१७ में कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया? (ग) वर्तमान में विधानसभा क्षेत्र में कितने पशु चिकित्सालय संचालित हैं? सूची उपलब्ध करावें। इन पशु चिकित्सालयों में उनके स्टॉफ की सूची उपलब्ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में यदि पशु चिकित्सा विभाग द्वारा शिविरों का आयोजन किया गया है तो यह शिविर कब-कब, कहाँ-कहाँ आयोजित किये गये?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारीयों द्वारा जारी अस्‍थाई परमिट

[परिवहन]

28. ( क्र. 2696 ) श्री कैलाश चावला : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग के अन्‍तर्गत आने वाले विभिन्‍न क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों द्वारा वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कुल कितने अस्‍थाई परमिट जारी किए गए हैं। इनमें से कितने परमिट ऐसे हैं, जो स्‍थाई परमिट की समय सीमा से 10 से 15 मिनट पूर्व जारी किए गए हैं। क्‍या स्‍थाई परमिट के समय के तुरन्‍त पूर्व परिवहन अधिकारियों को अस्‍थाई परमिट जारी नहीं किए जाने चाहिए? (ख) उक्‍त निर्देशो के बावजूद जिन क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों द्वारा उच्‍च न्‍यायालय के निर्देशों का पालन न करते हुए स्‍थाई परमिटो के पूर्व अस्‍थाई परमिट जारी किए गए है, उनके विरुद्ध विभाग क्‍या कार्यवाही करेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) उज्जैन संभाग के अंतर्गत आने वाले उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर जिलों में वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में कुल 10877 अस्थाई अनुज्ञा पत्र जारी किये गये हैं। कार्यालयवार जारी अस्थाई परमिटों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय उज्जैन द्वारा उक्त अवधि में जारी स्थाई परमिटों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जहां तक स्थाई परमिटों के 10 से 15 मिनिट पूर्व अस्थाई परमिट जारी किये जाने का प्रश्‍न है, यात्री बसों के अस्थाई परमिट संबंधित मार्ग पर यातायात की आवश्‍यकता के अनुरूप मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा-87 के प्रावधानों के अनुरूप जारी किये जाते हैं एवं आवश्‍यकता होने पर समान समय-चक्र पर भी परमिट जारी किये जा सकते हैं। परमिट स्वीकृत करना एक अर्द्ध न्यायिक प्रक्रिया है। नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत करने पर गुण दोष के आधार पर परमिट स्वीकृत किये जाते हैं। (ख) प्रश्‍नांश के उत्तर में उल्लेखानुसार ही अस्थाई परमिट स्वीकृत किये गये हैं। मोटरयान अधिनियम 1988 के अंतर्गत स्थाई एवं अस्थाई परमिटों के आवेदन पत्रों का निराकरण करने की प्रक्रिया अर्द्ध न्यायिक श्रेणी की होने से अधिनियम की धारा 68 से 74 तक विहित प्रावधानों के अनुरूप ही परमिट स्वीकृत किये जाते हैं। यदि कोई वाहन स्वामी परमिटों के आंवटित समय-चक्रों अथवा अन्य किसी कारण से असंतुष्ट है तो राज्य परिवहन अपीलीय अधिकरण/मा. उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण/अपील कर सकते हैं, परिवहन अधिकारियों द्वारा परमिट हेतु प्राप्‍त आवेदनों पर गुणदोष के आधार पर विचार करते हुए अर्द्धन्‍यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत, माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा मिथिलेश गर्ग विरूद्ध यूनियन ऑफ इण्डिया एवं अन्‍य के प्रकरण में पारित आदेश दिनांक 22-11-1991 के अनुक्रम में जारी निर्देशों का पालन करते हुये अस्‍थाई अनुज्ञा पत्र जारी किये गये है। अत: परिवहन अधिकारियां के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

राजस्व भूमि पर से अतिक्रमण हटाने व पट्टे निरस्त करना

[राजस्व]

29. ( क्र. 2936 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नवीन जतारा बाइपास तहसील पलेरा के दिनऊ मँदिर क़े पास राजस्व भूमि पर पट्टे दिये गये हैं, अगर हाँ तो कितने लोगों को नामवार बतायें। (ख) क्या उत्तर प्रदेश के वांछित अपराधियों को भी पट्टा दिया गया है? अगर हाँ तो ऐसे लोगों के पट्टे कब तक निरस्त किये जायेंगे और अतिक्रमण कब तक हटाया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सोलर पंप को पुनः संचालित किया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

30. ( क्र. 2993 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या ग्राम पंचायत अतरैला में पेयजल व्यवस्था हेतु सोलर पंप एवं टंकी निर्मित है? यदि हाँ, तो वर्तमान में उक्त सोलर पंप से पानी प्रदाय न होने के क्या कारण हैं? (ख) उक्त सोलर पंप एवं टंकी को पुनः आमजन हेतु जल प्रदाय किये जाने के संबंध में क्या कार्यवाही की जावेगी? कब तक उक्त पंप से जल सप्लाई प्रारंभ हो सकेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश- के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

अनुविभागीय अधिकारी (एस.डी.ओ.पी.) डभौरा की लंबित विभागीय जाँच

[गृह]

31. ( क्र. 2997 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुविभागीय अधिकारी (एस.डी.ओ.पी.) डभौरा के विरुद्ध विभागीय स्तर पर भ्रष्टाचार संबंधी जाँच संस्थित की गई थी? क्या इनके विरुद्ध पुलिस अधीक्षक कार्यालय रीवा द्वारा भेजा गया जाँच प्रतिवेदन भोपाल मुख्यालय को प्राप्त हो चुका है? यदि हाँ, तो उक्त जाँच प्रतिवेदन किस दिनांक को प्राप्त हुआ है? (ख) उक्त प्रकरण के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही किये जाने में विलम्ब का क्या कारण है? क्या अनुविभागीय अधिकारी (एस.डी.ओ.पी.) की सेवानिवृत्ति अवधि समीप होने के कारण विभाग द्वारा जानबूझ कर कार्यवाही में विलंब किया जा रहा है? उक्त प्रकरण में विभाग द्वारा कब तक उचित कार्यवाही की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) पुलिस अधीक्षक, रीवा से एस.डी.ओ.पी. डभौरा श्री संतोष कुमार द्विवेदी के विरूद्ध दिनांक 08.11.2016 को प्राप्‍त प्रतिवेदन पर प्राथमिक जाँच करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक, रीवा को दिये गये है। (ख) जी नहीं। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

लहार जिला भिण्‍ड में स्‍थायी परिवहन कार्यालय खोला जाना

[परिवहन]

32. ( क्र. 3035 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 100 (क्रमांक 1089), दिनांक 07 दिसम्‍बर, 2016 के प्रश्‍नांश (क) में भिण्‍ड जिले के लहार नगर में परिवहन विभाग का केम्‍प 10.03.2016 को प्रारंभ किये जाने की जानकारी दी गई है तो 25.11.2016 से प्रश्‍न दिनांक तक और किस-किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा ड्रायविंग लाइसेंस आदि कार्यों हेतु कितने-कितने आवेदन प्राप्‍त किए एवं उनमें से कितने आवेदनों पर ड्रायविंग लाइसेंस जारी किए गए? (ख) क्‍या दिनांक 03 मार्च, 2016 को विधानसभा में विभागीय मांग संख्‍या क्रमांक 36 में चर्चा के दौरान माननीय मंत्री जी ने लहार में परिवहन कार्यालय नियमितीकरण करने और स्‍थायी रूप से व्‍यवस्‍था कर देने की बात कही थी? यदि हाँ, तो लहार में परिवहन कार्यालय के स्‍थायीकरण करने की दिशा में विभाग द्वारा अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या उक्‍त संदर्भित प्रश्‍नांश (घ) के उत्‍तर में विभाग में अधिकारियों की कमी के चलते क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय भिण्‍ड तथा परिवहन चैक पोस्‍ट का प्रभार दोनों दायित्‍व एक ही अधिकारी पर होने संबंधी जानकारी दी गई है? (घ) यदि हाँ, तो विभागीय अधिकारियों की कमी को दृष्टिगत रखते हुए क्‍या भिण्‍ड जिले में एक सहायक परिवहन अधिकारी का पद सृजित किए जाने की शासन की कोई योजना है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) दिनांक 25.11.16 से प्रश्‍न दिनांक तक कैम्प प्रभारी हितेन्द्र बहादुर सिंह, सहायक वर्ग-3 के द्वारा डी.एल. आदि कार्य हेतु 20 डी.एल. लाइसेंस आवेदन प्राप्त किए है सभी डी.एल. लाइसेंस को जारी कर निराकरण किया जा चुका है। (ख) जी नहीं। वस्तुस्थिति यह है कि दिनांक 17 मार्च 2016 को परिवहन विभाग की मांग संख्या 36 पर चर्चा हुई थी। दिनांक 14.12.2015 को परिवहन विभाग के विधेयक पर चर्चा के दौरान यह आश्‍वासन दिया गया था कि आर.टी.ओ. भिण्ड को निर्देशित किया जायेगा कि सप्ताह में एक दिन लहार कार्यालय में बैठगें और जो भी कार्य वहाँ पर हो करें। तदुपरान्त तहसील लहार में परिवहन विभाग का अस्थायी कैम्प माह के प्रत्येक गुरूवार को लगाये जाने की कार्यवाही शुरू की गई। उसी के अनुक्रम में विभागीय मांगों की चर्चा के दौरान दिनांक 17 मार्च 2016 को माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा उल्लेख किया गया था कि नियमित रूप से एक लिपिक लहार कार्यालय में बैठने लग जाये, ऐसी व्यवस्था कर दी जाये। जिसके उत्तर में परिवहन कार्यालय की स्थाई रूप से व्यवस्था के बारे में पृथक से कोई उल्लेख नहीं किया गया था। वर्तमान में भी कैम्प कार्यालय संचालित होकर लाइसेंस आदि बनाने का कार्य किया जा रहा है। (ग) जी हाँ। (घ) परिवहन विभाग का प्रस्तावित नया सेटअप जिसमें भिण्ड जिले के पद भी शामिल है, शासन स्तर पर विचाराधीन है।

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग की परियोजना अंतर्गत ऋण की स्‍वीकृति

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

33. ( क्र. 3188 ) श्री रमेश पटेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर संभाग ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग के कार्य क्षेत्र के अतंर्गत आने वाली जिन सात ग्रामोद्योग/परियोजना जिनमें (1) खनिज आधारित उद्योग (2) वन आधारित उद्योग (3) कृषि और खाद्य आधारित उद्योग (4) बहुलक और रसायन आधारित उद्योग (5) इंजीनियरिंग एवं गैर परम्‍परागत ऊर्जा (6) वस्‍त्र उद्योग (खादी को छोड़कर) (7) सेवा उद्योग शामिल है, में विभागवार कितने हितग्राहियों को दिनांक 01.01.2014 से 31.01.2017 तक चयनित कर ऋण स्‍वीकृति प्रदान की उपरोक्‍तानुसार सात समूहों की जानकारी पृथक-पृथक जिलावार वर्षवार दें? (ख) क्‍या कारण है कि विभाग द्वारा चयनित हितग्राहियों को ऋण देने में बैंकों द्वारा अधिक समय लगाया जाता है या उन्‍हें अस्‍वीकृत कर दिया जाता है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार ऐसे स्‍वीकृत प्रकरणों की संख्‍या कितनी है जिन्‍हें बैंकों द्वारा अस्‍वीकृत कर दिया गया? जिलावार वर्षवार प्रकरण संख्‍या बतावें। (घ) शासन प्रश्‍नांश (ग) अनुसार बैंकों से अस्‍वीकृति होने पर हितग्राहियों के लिए क्‍या वैकल्पिक व्‍यवस्‍था करवाता है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) विभाग से संबंधित नहीं है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) अस्वीकृत प्रकरणों को पुन: स्वीकृत कराने की वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान नहीं है किन्तु पात्रता अनुसार अन्य योजना में लाभ दिया जा सकता है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

जवाहरलाल नेहरू ट्रेनिंग पुलिस अकादमी सागर के भवन का मरम्‍मत कार्य

[गृह]

34. ( क्र. 3298 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू ट्रेनिंग पुलिस अकादमी सागर के भवन मरम्‍मत कार्य एवं रख-रखाव हेतु विगत पाँच वर्षों में कितनी राशि आवंटित की गई वर्षवार बताएं एवं इस राशि से किए गये, निर्माण कार्य का ब्‍यौरा दें। (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या भवन के मरम्‍मत कार्य एवं निर्माण से संबंधित कोई प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो अभी तक उस पर क्‍या कार्यवाही हुई है? (ग) क्‍या शासन जीर्णशीर्ण भवन के मरम्‍मत एवं रख-रखाव हेतु कोई कार्य योजना तैयार करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट अनुसार(ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) मरम्मत/रख-रखाव का कार्य आवश्यकतानुसार पी.सी.एण्ड.आर. (पेटी कंस्ट्रक्शन एण्ड रिपेयर) तथा एम.ओ.डब्ल्यू (माइनर ओरिजिनल वर्क) के तहत उपलब्ध राशि से कराया जाना है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 190 110 में किये गए नामांतरण

[राजस्व]

35. ( क्र. 3325 ) श्री गोपाल परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धारा 190,110 के तहत किये गए नामांतरण की कार्यवाही अपराधिक कृत्य है? यदि हाँ, तो वर्तमान स्थिति में किन-किन राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस द्वारा अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाकर अभियोजन की कार्यवाही की जा रही है। (ख) क्‍या हाल ही में उज्जैन संभाग में एक राजस्व अधिकारी के विरुद्ध धारा 190 110 के तहत किये गए नामान्तरण को अपराधिक मानते हुए लोकायुक्त पुलिस उज्जैन द्वारा प्रकरण दर्ज किया गया है तथा विभाग द्वारा अभियोजित स्वीकृति भी जारी की गई है? (ग) विभाग द्वारा अभियोजित स्वीकृति किन नियमो के तहत एवं किस आधार पर जारी की गई तथा नियम विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति जारी करने हेतु कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है तथा शासन उनके विरुद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के दौरान गरीबी रेखा में नाम जोड़े जाना

[राजस्व]

36. ( क्र. 3347 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की गुढ़ विधान सभा क्षेत्रांतर्गत आने वाली तहसीलों में ग्राम पंचायतों द्वारा ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के दौरान गरीबी रेखा में नाम जोड़ने बाबत् प्राप्‍त आवेदन पत्रों को जमा कर पावती प्राप्‍त की थी? प्राप्‍त आवेदन पत्रों का परीक्षण उपरान्‍त कितने आवेदन पत्रों पर संबंधित तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों द्वारा आदेश जारी कर गरीबी रेखा की सूची के नाम जोड़ने का निर्देश संबंधित मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों को किस-किस दिनांक एवं क्रमांक से दिये, बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के निराकृत आवेदन पत्रों के जारी आदेश/निर्देश उपरांत कितने हितग्राहियों के नाम बी.पी.एल. सूची में जोड़े गए? उनमें से कितने हितग्राहियों को खाद्यान्‍न उपलब्‍ध कराया जा रहा है एवं कितने शेष है और क्‍यों? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) के आवेदन पत्रों को संबंधित तहसीलदारों द्वारा समय पर निराकृत नहीं किया गया एवं पात्र हितग्राही गरीबी रेखा से वंचित है तो इसके लिए दोषियों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर संबंधितों द्वारा नाम जोड़ने का आदेश जारी नहीं किया गया तो इस पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर आदेश जारी करने के बाद भी जनपद के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा नाम सूची में नहीं जोड़े गए, पात्र हितग्राही खाद्यान्‍न सहित अन्‍य सुविधा से वंचित हैं तो इसके लिए दोषियों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। गुढ़ विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत आने वाली तहसीलों में ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के तहत गरीबी रेखा में नाम जोड़ने बाबत् जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान में 574 एवं जनपद पंचायत रीवा में 730 आवेदन पत्र बी.पी.एल. सूची में नाम जोड़ने हेतु प्राप्त हुए थे। तहसील स्तर से जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के 62 हितग्राही बी.पी.एल. के पात्र थे जिनका नाम बी.पी.एल. सूची में जोड़ा गया है। रीवा के प्राप्त 730 आवेदन पत्रों में तहसील गुढ़/रायपुर कर्चुलियान/हुजुर के पत्र क्र. 213 दिनांक 25.06.16 द्वारा 2 परिवार एवं पत्र क्र. 254 दिनांक 26.06.16 द्वारा 9 कुल 11 परिवार बी.पी.एल. सूची के पात्र पाए गए है। (ख) जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के 62 परिवारों के नाम बी.पी.एल. में जोड़े गए हैं 48 परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है, 14 व्यक्तियों की पर्ची भोपाल स्तर से जनरेट नहीं होने के कारण खाद्यान्न नहीं मिल पा रहा है। रीवा के 11 हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त हो रहा है। (ग) उत्तरांश "क" एवं "ख" के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

रोड निर्माता कम्पनी द्वारा की गई शिकायत पर कार्यवाही

[गृह]

37. ( क्र. 3413 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नागदा से गुजरी तक स्वीकृत सीमेंटेड रोड के सब कान्ट्रेक्टर मेसर्स पी.डी. अग्रवाल एण्ड कं. के खिलाफ शिकायतकर्ता श्री संजीव निवासी बदलापुर (ठाणे) महाराष्ट्र द्वारा उक्त रोड पर एग्रीमेंट आधार पर उनकी किराये से लगाई गई मशीनरी (डम्फर, पोकलेन,रोलर आदि) का कंपनी द्वारा दो माह तक उपयोग करने के बाद भाड़ा मांगने पर उन्हे मारपीट कर भगाने तथा मशीनरी हथियाने की दृष्टि से रोलर अपने कब्जे में रखने के संबंध में की गई शिकायत पर पुलिस अधीक्षक धार द्वारा उक्त आवेदन जाँच उपरांत आगामी आवश्‍यक कार्यवाही करने के लिये पुलिस थाना नालछा को भेजा गया था, जिस पर पुलिस थाना नालछा द्वारा पी.डी.अग्रवाल एण्ड कं. के कब्जे से रोलर लेकर शिकायतकर्ता को सुपुर्द किया गया है। (ख) यदि हाँ, तो रोलर जबरन अपने कब्जे में रखने वाली कं. के संचालक के विरूद्ध कोई प्रकरण दर्ज क्यों नहीं किया गया, इसका कारण बतावें तथा कब तक प्रकरण दर्ज कर आगामी कानूनी कार्यवाही की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। इस संबंध में थाना नालछा में उल्लेखित आवेदन पत्र की जाँच में पाया गया कि आवेदक संजीव द्वारा रोड निर्माण कार्य के दौरान बिना सूचना दिये रोलर छोड़कर चला गया था। उसे अनावेदक पी.डी.अग्रवाल एवं कंपनी द्वारा ड्रायवर के माध्यम से सुरक्षा की दृष्टि से ग्राम देवला प्लांट में रखा गया था एवं इसकी सूचना थाना नालछा में दी गई थी। उक्त रोलर दिनांक 24.10.2016 को आवेदक संजीव को थाना नालछा बुलाकर सुपुर्दगी पर दिया गया था। जाँच पर मामला पैसों के आपसी लेनदेन का होकर संज्ञेय अपराध घटित होना नहीं पाया गया था। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नल-जल योजनाओं में निर्धारित लक्ष्‍य की प्राप्ति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

38. ( क्र. 3425 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सागर जिले के लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा विगत 3 वर्षों से नलकूप खनन एवं नल जल योजनाओं के क्रियान्‍वयन में निर्धारित लक्ष्‍य की प्राप्ति नहीं की जा रही है? क्‍या वर्षवार निर्धारित लक्ष्‍य की पूर्ति उसी वित्‍तीय वर्ष में नहीं होती है? आज की स्थिति में भी विगत 3 वर्षों के निर्धारित लक्ष्‍य प्राप्‍त नहीं किये जा सके हैं? (ख) क्‍या वास्‍तव में विभागीय अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों के मध्‍य कार्य का सही तरीके से सामंजस्‍य पूर्ण कार्य का विभाजन न करने से नलकूप खनन वाली मशीनें मुख्‍यालय पर बिना काम के ही खड़ी रहती हैं? (ग) यदि नहीं, तो विगत 3 वर्ष में नलकूप खनन एवं नल-जल योजना के वर्षवार निर्धारित लक्ष्‍य एवं लक्ष्‍य के अनुसार कार्य पूर्ण करने के दिनांक सहित लक्ष्‍य प्राप्ति का प्रगति का प्रतिवेदन एवं शासन द्वारा प्रदत्‍त राशि की उपयोगिता की जानकारी देवें? (घ) शेष लंबित कार्यों को कब तक पूरा कर लक्ष्‍य प्राप्‍त कर लिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। वित्तीय वर्षवार कार्यों के लक्ष्य उसी वित्तीय वर्ष में पूर्ति हेतु निर्धारित किए जाते हैं। किसी वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्य मात्र उसी वित्तीय वर्ष प्रभावशील रहते हैं, यदि किसी वर्ष के लक्ष्य पूर्ण नहीं होते हैं तो लक्ष्यपूर्ती में रही कमी हेतु पश्चातवर्ती वर्ष में कार्य करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (घ) वित्तीय वर्ष 2017-18 तक संभावित। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

अतिवृष्टि के नुकसान का मुआवजा

[राजस्व]

39. ( क्र. 3426 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिले में वर्ष 2016 में अतिवृष्टि के कारण खेती, मकान एवं कुंओं के धसकने की अत्‍याधिक घटनायें हुई थी? (ख) यदि हाँ, तो बतावें कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्‍नांश (क) अनुसार सर्वे उपरांत फसल क्षति होने, मकान के गिरने एवं कुएं के धसकने या गिरने के पटवारी, हल्‍कावार कितने-कितने प्रकरण सामने आये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त प्रकरणों में से‍ कितने-कितने प्रकरण पटवारी हल्‍कावार निराकृत कर दिये गये है और कितने प्रकरण निराकरण हेतु लंबित हैं? (घ) क्‍या लंबित प्रकरणों का निराकरण न होने से कलेक्‍टर जनसुनवाई में ये प्रकरण बार-बार सामने आते हैं? कब तक लंबित प्रकरणों का‍ निराकरण करा दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश "क" अनुसार सर्वे उपरांत फसल क्षति नहीं पाई गई है। मकान क्षति के कुल 832 प्रकरण तथा कुंओं के धसकने या गिरने के 40 प्रकरण पाये गये। (ग) उत्‍तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त समस्‍त प्रकरणों को निराकृत कर दिया गया है। निराकरण हेतु कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (घ) उत्‍तरांश "ग" के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में अपात्र हितग्राहियों द्वारा योजना का अनुचित लाभ

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

40. ( क्र. 3586 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के शासकीय सेवकों एवं आयकर दाताओं के लिये भी लागू है? (ख) यदि नहीं, तो क्या प्रश्नांश (क) में दर्शाई गई योजना का शासकीय सेवकों एवं आयकर दाताओं द्वारा अनुचित लाभ लिये जाने संबंधी कोई शिकायत वर्ष 2016-17 में नीमच जिले से संबंधित शासन को प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में प्राप्त शिकायत की जाँच के संदर्भ में दोषी पाये गये अपात्र हितग्राहियों के विरुद्ध शासन कोई ठोस कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो समय सीमा बताएं।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी नहीं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्रदेश में निवासरत समस्‍त अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के परिवारों को (प्रथम, द्वितीय, तृतीय श्रेणी के अधिकारी/कर्मचारी एवं आयकरदाता को छोड़कर) प्राथमिकता परिवार में सम्मिलित किया गया है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2016-17 में नीमच जिले में शासकीय सेवकों एवं आयकर दाताओं द्वारा मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना का अनुचित लाभ लेने के संबंध में कुल 9 शिकायतें प्राप्‍त हुई, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना का अनुचित लाभ लेने वाले डॉ. देवेश सागर को पात्रता श्रेणी से विलोपित कर माह अक्‍टूबर, 2016 से राशन प्रदाय बंद कर दिया गया है एवं उनके द्वारा प्राप्‍त सामग्री की राशि वसूली हेतु कार्यवाही कलेक्‍टर न्‍यायालय में प्रचलित है। डॉ. देवेश सागर के विरूद्ध कार्यवाही हेतु उच्‍च शिक्षा विभाग को कलेक्‍टर, नीमच द्वारा प्रस्‍ताव भेजा गया है। प्रकरण में उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा कार्यवाही की जाएगी। निश्चित समय-सीमा बताया जाना सम्‍भव नहीं है।

सर्वे क्रमांक 1035/1 1035/2 को अतिक्रमण मुक्त करवाना

[राजस्व]

41. ( क्र. 3659 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के सुवासरा नगर में सर्वे क्रमांक 1035/11035/2 की भूमि पर कितने व्यक्तियों को रजिस्ट्री करवाकर भूमि स्वामित्व का अधिकार प्राप्त है, या अन्य सर्वे क्रमांक की रजिस्ट्री करवाकर उपरोक्त सर्वे क्रमांक पर कब्जा किया गया है? नाम सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त सर्वे क्रमांक पर किन-किन व्यक्तियों द्वारा वर्तमान में रजिस्ट्री होने का दावा बताकर कब्जा किया गया है? नाम तथा कब्जे के क्षेत्रफल की जानकारी देवें। (ग) रजिस्ट्रीकर्ताओं द्वारा उपरोक्त सर्वे क्रमांक में रजिस्ट्री में जितना क्षेत्रफल दर्शाया गया है, रजिस्ट्रीकर्ताओं के द्वारा या अन्य व्यक्तियों के द्वारा उतने ही क्षेत्रफल पर कब्जा किया गया है या अधिक क्षेत्रफल पर कब्जा किया गया है? यदि अधिक क्षेत्रफल पर कब्जा‍ किया गया है, तो कितने अधिक क्षेत्रफल पर कब्जा किया गया है तथा शासन द्वारा उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी देवें। (घ) यदि कार्यवाही की गई है, तो दिनांक 10 नवम्बर 2016 के बाद अतिक्रमण धारियों को नोटिस जारी कर खाना पूर्ति की गई या 10 नवम्बर 2016 से पहले कोई कार्यवाही की गई है, जानकारी देवें तथा क्या इस अतिक्रमण को वहां से हटा दिया गया है या आज भी अतिक्रमण यथावत है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय धार द्वारा पंजीकृत वाहन

[परिवहन]

42. ( क्र. 3672 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में विगत 03 वर्षों के दोरान क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय धार द्वारा कितने नये वाहनों, दो पहिया, चार पहिया व अन्य व्यवसायिक वाहनों का पंजीयन प्रतिवर्ष किया गया है वर्षवार पंजीकृत वाहनों की जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित वाहनों में से धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के कितने वाहन पंजीकृत हुए हैं वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जिला परिवहन कार्यालय धार में विगत 03 वर्षों के दौरान पंजीकृत नये दो पहिया/चार पहिया/अन्य व्यवसायिक वाहनों की जानकारी निम्नानुसार हैः-

वर्ष

दो पहिया

चार पहिया

अन्‍य व्‍यवसायिक वाहन

2014

29386

4532

303

2015

18838

3134

115

2016

20569

2732

65

योग

68793

10398

483

(ख) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पंजीकृत दो पहिया, चार पहिया, अन्य व्यवसायिक वाहनों की वर्षवार जानकारी निम्नानुसार हैः- 

वर्ष

दो पहिया

चार पहिया

अन्‍य व्‍यवसायिक वाहन

2014

2340

146

69

2015

1812

87

51

2016

2354

137

73

योग

6506

370

193

भू-राजस्‍व की राशि का भुगतान

[राजस्व]

43. ( क्र. 3724 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर तहसील अन्तर्गत भू-राजस्व (भूमि परिवर्तन) की राशि संबंधित ग्राम पंचायत में एवं जिलाधीश कार्यालय में स्थित तहसील स्तर के भू-राजस्व कार्यालय में जमा की जाती है? यदि हाँ, तो क्या संबंधित भू स्वामी द्वारा पंचायत व तहसील कार्यालयों में से किसी भी एक कार्यालय में भू-राजस्व की राशि जमा कराई जा सकती हैं? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) अनुसार भू-राजस्व (भूमि परिवर्तन) की राशि संबंधित भू-स्वामी द्वारा किसी वर्ष ग्राम पंचायत में व किसी वर्ष तहसील कार्यालय में जमा की गई है? यदि हाँ, तो क्या ऐसी स्थिति में उसे ग्राम पंचायत या तहसील कार्यालय द्वारा भू-राजस्व की राशि जमा नहीं बताई जा कर जमा करने के नोटिस ग्राम पंचायत या तहसील कार्यालय से जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो किस-किस को इस तरह के नोटिस जारी किये गये हैं, सूची उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार जारी नोटिस क्या सही हैं? यदि नहीं, तो ऐसे गलत नोटिस करने हेतु कौन जिम्मेदार है व विभाग द्वारा इस संबंध में क्या कार्यवाही की जा रही है? स्पष्ट करें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) तहसील इन्‍दौर के अंतर्गत भू-राजस्‍व (भूमि परिवर्तन) की राशि तहसील स्‍तर से जिलाधीश कार्यालय भू-परिवर्तन में जमा की जाती है। (ख) भू-राजस्‍व (भूमि परिवर्तन) की राशि संबंधित भूमि स्‍वामी द्वारा जिस गांव का परिवर्तित भू-राजस्‍व है, उसी तहसील अनुसार जमा किया जाता है। इन्‍दौर तहसील का संपूर्ण अभिलेख कम्‍प्‍यूटर में दर्ज होकर, उसी बकाया के मान से सूचना-पत्र जारी किया जाता है। ग्राम पंचायत से पृथक से नोटिस जारी नहीं किये जाते है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राजस्व नक्शा (दक्ष) ऑनलाईन अपडेट करना

[राजस्व]

44. ( क्र. 3743 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला राजगढ़ के विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर के भूमि नक्शा (दक्ष) अपडेट करने का म.प्र. शासन द्वारा आदेश जारी किया गया था? यदि हाँ तो, आदेश की प्रति प्रदान करें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर में किन-किन हल्का पटवारियों द्वारा नक्शा (दक्ष) ऑनलाईन अपडेट किया गया? प्रश्न दिनांक तक किन-किन हल्का पटवारियों के द्वारा नक्शा (दक्ष) ऑनलाईन अपडेट नहीं किया गया? कारण स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार नक्शा (दक्ष) अपडेट करने के शासन आदेश होने के पश्चात् भी प्रश्न दिनांक तक नक्शा (दक्ष) ऑनलाईन अपडेट नहीं किया गया है तो क्या विभाग शासन आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो समय सीमा से अवगत करावें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1' अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार। तकनीकी कारणों से अपडेशन नहीं हो सका है। (ग) नक्शा अपडेशन एक सतत् प्रक्रिया है, अतः शासन आदेश की कोई अवहेलना नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

खसरों को कम्‍प्‍यूटराईज्‍ड किये जाना

[राजस्व]

45. ( क्र. 3858 ) श्री मुकेश नायक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले की पवई, शाहनगर, रैपुरा, सिमरिया में खसरा/खतौनी हेतु कम्‍प्‍यूटर इत्‍यादि सामग्री खरीदते हुये डॉटा एन्‍ट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की जा चुकी है या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा बिना ऑपरेटर के यह कार्य कैसे संभव हो सकेगा? (ख) क्‍या वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों के खसरों को कम्‍प्‍यूटराईज्‍ड किया गया है एवं कितने हितग्राहियों के आवेदन लंबित हैं। इसके लिये कौन-कौन से अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? (ग) वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राही द्वारा खसरा तथा नकल हेतु कितने आवेदन प्राप्‍त हुये हैं। हितग्राहियों के आवेदनों के निराकरण की समय सीमा क्‍या है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) पन्ना जिले की तहसील पवई, शाहनगर, रैपुरा, सिमरिया में खसरा/खतौनी के कम्प्यूटरीकरण हेतु कम्प्यूटर आदि सामग्री उपलब्ध है। तहसील पवई एवं शाहनगर में जूनियर डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटर कार्यरत है तथा तहसील रैपुरा एवं सिमरिया में जूनियर डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटर न होने से भू-अभिलेख कम्प्यूटरीकरण का कार्य पटवारियों एवं लिपिकवर्गीय कर्मचारियों द्वारा सम्पन्न किया जा रहा है। (ख) वर्ष 2013 से पूर्व ही जिले में खसरों का कम्प्यूटराईजेशन पूर्ण हो चुका था। कम्प्यूटरीकरण हेतु किसी भी हितग्राही का आवेदन पत्र लंबित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक तहसील पवई शाहनगर, रैपुरा एवं सिमरिया में 35696 आवेदन पत्र नकल हेतु प्राप्त हुये। चालू खसरा/खतौनी की प्रतिलिपियों के प्रदाय की समय-सीमा 05 कार्य दिवस निर्धारित है।

निवास विधानसभा क्षेत्र में पेयजल संकट ग्रस्‍त ग्रामों में पेयजल सुविधा उपलब्‍ध कराना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

46. ( क्र. 3884 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मण्‍डला जिले के निवास विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत पेयजल समस्‍या मूलक ग्राम ददरगांव, मुरलापानी, सुखराम, चंदेहरा, पडरीतलाई, डुंगरिया, बीजेगांव, डोभा वनग्राम, साल्‍हेपानी, विकासखण्‍ड नारायणगंज के कोहरी, घाटमगांव, सुखरी, चोंरादादर, बस्‍तरा, तोंरदरा, पाडरपानी, विकासखण्‍ड बीजाडांडी के ग्राम चरगांव माल पोनिया, टिकरिया, लालपुर, खम्‍हरिया, पिंडरई, बम्‍होरी, कुकरा,बेहैर,रमतिला, पाठा, दगला, जमुनिया, विकासखण्‍ड मण्‍डला के कुडोपानी, बेरपानी, लावर, कटंगी, विकासखण्‍ड मोहगांव के चुभावल, उमरडीह, सुअरझर, खीसी, उक्‍त ग्रामों के पानी की समस्‍या हे‍तु निरंतर मांग की जाती रही है? (ख) क्‍या उक्‍त ग्रामों में पेयजल समस्‍या के समाधान का प्रयास विभाग करेगा और कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश- में उल्लेखित सभी ग्राम पूर्ण श्रेणी के हैं। यदि इन ग्रामों में पेयजल समस्या उत्पन्न होती है तो उसका निराकरण किया जायेगा।

निजी फाइनेंस कंपनियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरण पर कार्यवाही

[गृह]

47. ( क्र. 3997 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में मार्च 2016 से माह जनवरी 2017 तक कितनी निजी फाइनेंस कंपनियों के विरूद्ध ग्राहकों/अन्‍य के द्वारा धोखाधड़ी/मानसिक प्रताड़ना/गुंडागर्दी/मानहानि या अन्‍य अपराधिक प्रकरण की रिपोर्ट दर्ज की गई है? (ख) वर्तमान में ऐसी कितनी निजी फाइनेंस कंपनियां सागर जिले के विभिन्‍न थानों में संचालित की जा रही है, जिनकी अधिकृत जानकारी थानों को सूचना के तहत दी गई है? (ग) कितनी निजी फाइनेंस कंपनियों के विरूद्ध विभाग द्वारा प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी/न्‍यायालय में कार्यवाही की गई है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) सागर जिले में प्रश्नांकित अवधि में 02 निजी फाइनेंस कम्पनियों के विरूद्ध धोखाधड़ी संबंधी आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। (ख) म.प्र. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 की धारा 3 (1) के अंतर्गत थानों को सूचना देने का विधिक प्रावधान नहीं है। (ग) 02 प्रकरण 02 फाइनेंस कम्पनियों के विरूद्ध दर्ज किये गये हैं एवं प्रत्येक प्रकरण में एक-एक आरोपी की गिरफ्तारी की गई है। 01 प्रकरण में 01 आरोपी के विरूद्ध अभियोग सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाकर धारा 173 (8) द.प्र.सं. के तहत विवेचना जारी है तथा दूसरा प्रकरण भी विवेचनाधीन है।

मशीनें उपकरण एवं दवा खरीदी

[पशुपालन]

48. ( क्र. 4049 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पशुपालन एवं पशु चिकित्‍सा विभाग बालाघाट के अंतर्गत प्रदेश शासन एवं केन्‍द्र शासन की कौन-कौन सी योजनाएँ संचालित हो रही हैं वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक संचालित योजनाओं में राज्‍य एवं केन्‍द्र शासन से कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में कितने हितग्राहियों को जारी की गई? (ख) प्रश्‍नांकित (क) में आवंटित राशि से कौन-कौन सी मशीनें उपकरण व दवाइयों की खरीदी की गई? फर्म का नाम सहित राशि का उल्‍लेख करें? क्रय की गई दवाइयों का उपयोग पशु चिकित्‍सा के लिए कितनी दवाइयाँ उपयोग में लायी गई एवं कितनी राशि की दवाइयाँ अनुपयोगी व बेकार हो गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में क्रय की गई मशीनों का वर्तमान में क्‍या उपयोग हो रहा है? किस-किस स्‍थान पर मशीनों को स्‍थापित किया गया है? कितनी मशीनें वर्तमान में अनुपयोगी हैं? क्‍या अनुपयोगी मशीनों की विभाग को आवश्‍यकता ही नहीं थी, किन्‍तु क्रय की गई? यदि हाँ, तो इसका दोषी कौन है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। क्रय की गई समस्त दवाइयाँ पशु चिकित्सा कार्य हेतु उपयोग में लाई जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थि‍त नहीं होता। (ग) जिला बालाघाट को प्रदाय आवंटित राशि‍ में से किसी भी प्रकार की मशीन का क्रय नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थि‍त नहीं होता।

शहर क्षेत्र में रेंगते हुए ट्राफिक में हेलमेट की अनिवार्यता

[गृह]

49. ( क्र. 4059 ) श्री राजेश सोनकर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्दौर शहर में प्रमुख मार्गों पर टू व्हीलर की स्पीड लिमिट कितनी है व शहरी क्षेत्रों में प्रमुख मार्गों पर स्पीड लिमिटेशन के लिए यातायात विभाग द्वारा क्या‍-क्या दिशा-निर्देश दिये गये है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में इन्दौर शहर अंतर्गत शहरी क्षेत्र में वाहनों की अधिकतम एवं न्यूनतम स्पीड कितनी रहती है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या इन्दौर शहर व प्रमुख मार्गों पर 30 कि.मी., 40 कि.मी. से कम की स्पीड से टू व्हीलर चलते है? यदि हाँ, तो इन्दौर शहर में रेंगते हुए ट्राफिक में भी हेलमेट की अनिवार्यता क्यों की जा रही है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में शहर के प्रमुख मार्गों पर 01 वर्ष में पुलिस विभाग द्वारा कितने चालान बनाये गये हैं व चालानों की वसूली/चालानी कार्यवाही किस माध्यम से की गई है? क्या सम्पूर्ण चालानी कार्यवाही को केशलेस किये जाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) गति सीमा 30 एवं 40 किमी निर्धारित की गई है। आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। गति सीमा के बोर्ड लगाये गये हैं, प्रमुख चौराहों पर वीडियो स्क्रीन में स्पीड लिमिट का वीडियो दिखाया जा रहा है। जागरूकता कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। (ख) अधिकतम 40 किमी एवं न्यूनतम 20 किमी स्पीड रहती है। (ग) जी हाँ। मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 129 में हेल्मेट अनिवार्य है। यह चालकों की स्वयं की सुरक्षा के लिये है। इस बाबत् कार्यवाही के निर्देश माननीय उच्च न्यायालय के भी हैं। (घ) 72,619 चालान बनाये गये हैं। नकद एवं कोर्ट चालान के माध्यम से की गयी है। जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

परिशिष्ट - ''बारह''

धार जिले में अल्‍ट्राटेक सीमेन्‍ट हेतु भूमि अधिग्रहण

[राजस्व]

50. ( क्र. 4098 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में अल्‍ट्राटेक सीमेंन्‍ट के लिये भूमि का अधिग्रहण किस भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत् किया गया? (ख) आदिवासी एवं गैर आदिवासियों की भूमि खरीदी या लीज पर ली गई भूमि कितनी अधिग्रहित की गई और कितना मुआवजा दिया गया? प्रति हेक्‍टेयर किस रेट से खरीदी गई तथा लीज पर ली गई, गांववार राशि की जानकारी दें? (ग) क्‍या नवीन भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार अधिग्रहित आदिवासियों एवं गैर आदिवासियों की भूमि का मुआवजा भूमि के बाजार मूल्‍य से 4 (चार) गुना अधिक मुआवजा दिये जाने का प्रावधान है? ऐसे कितने आदिवासी व गैर आदिवासी किसानों को भूमि के बाजार मूल्‍य से 4 (चार) गुना अधिक मुआवजा दिया? किसानों की सूची नाम, गांव एवं राशिवार ब्‍यौरा दें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

न्यायालय द्वारा दिए गए स्थगन आदेश का पालन प्रतिवेदन

[गृह]

51. ( क्र. 4206 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय न्यायालय द्वारा किसी प्रकरण में दिए स्थगन आदेश का पालन प्रतिवेदन सुनिश्चित करवाना क्या पुलिस का दायित्व है? (ख) क्या माननीय न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी नौगाँव जिला छतरपुर ने आदेश क्र प्रकरण क्रमांक 45/बी-121 /2012-13 दिनांक 10.06.2013 द्वारा श्रीमती नीलिमा रिछारिया पत्नी वीरेन्द रिछारिया निवासी लुगासी को स्थगन आदेश दिया था? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में थाना प्रभारी नौगाँव को अनावेदक को स्थगन आदेश की एक प्रति पालनार्थ निर्वाह कराकर पालन सुनिश्चित कराने तथा वस्तुस्थिति का प्रतिवेदन नियत दिनांक 14.-06-2013 के पूर्व प्रस्तुत कराने के निर्देश क्या माननीय न्यायालय द्वारा दिया गया था? (घ) प्रश्नांश के अनुक्रम में 03 साल बाद पुनः माननीय न्यायालय द्वारा पत्र क्र प्रक्र/45/बी-121 नौगाँव 25.11.2016 द्वारा थाना प्रभारी नौगाँव को पालन प्रतिवेदन भेजने हेतु लेख किया था? यही हाँ तो पुलिस ने 03 साल तक न्यायालय के आदेश का पालन क्यों नहीं किया? क्या यह न्यायालय के आदेश की अवहेलना की श्रेणी में नहीं आता? पुलिस द्वारा स्थगन आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं कराने पर आवेदक क्या करें? (ङ) क्या आवेदक द्वारा चौकी लुगासी एवं थाना नौगाँव जिला छतरपुर में अनावेदक द्वारा गाली गलौच करने एवं जान से मारने की धमकी देने की शिकायतें की गई थी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ, किंतु उक्त स्थगन आदेश थाना नौगांव में प्राप्त नहीं होने से नियत दिनांक के पूर्व पालन प्रतिवेदन नहीं भेजा जा सका था। (घ) जी हाँ। उत्तरांश '' अनुसार। माननीय न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी, नौगांव, जिला छतरपुर के पत्र दिनांक 25.11.2016 के माध्यम से दिनांक 10.06.2013 का स्थगन आदेश प्राप्त होने पर स्थगन आदेश संबंधित पर तामील कराया जाकर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी नौगांव को सूचित किया गया है। वर्तमान में स्थगन आदेश का पालन सुनिश्चित कराया गया है। (ड.) जी हाँ। शिकायत पत्र की जाँच पर दोनों पक्षों के बीच में जमीन संबंधी विवाद एवं मनमुटाव होने से शांति व्यवस्था कायम करने हेतु इस्तगाशा क्र. 176/16, धारा 107, 116 (3) द.प्र. सं. का कायम कर सक्षम न्यायालय में पेश किया गया है।

पुलिस वाहनों की प्रदूषण जाँच

[गृह]

52. ( क्र. 4230 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पुलिस विभाग के पास उपलब्‍ध शासकीय एवं किराये पर लिये गये वाहनों की प्रदूषण जाँच समय-समय पर करवाई जाती है? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में कितने वाहनों की जाँच कराई गई? (ख) यदि नहीं, कराई जाती तो आम जनता को वाहन प्रदूषण जाँच प्रमाणीकरण हेतु क्‍यों परेशान किया जा रहा है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। 1471 शासकीय वाहन एवं 225 किराए के वाहन की प्रदूषण जाँच कराई गई है। (ख) उत्तरांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बंद नल-जल योजनाओं को प्रारंभ करना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

53. ( क्र. 4231 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्‍जैन जिले अंतर्गत तराना विकासखण्‍ड में किन-किन ग्रामों में नल-जल योजना के माध्‍यम से पेयजल आपूर्ति की जाती है? (ख) किन ग्रामों में योजना सतत् चल रही है? कितने बंद है? बन्‍द होने के क्‍या कारण हैं? (ग) विभाग द्वारा बन्‍द नलजल योजनाओं को पुन: प्रारम्‍भ करने हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (घ) उक्‍त नल-जल योजनाएं कब तक सुधार कर प्रारम्‍भ करा दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) नल से जल आज और कल'' अभियान के अन्तर्गत लघुसुधार के कारण बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने हेतु धनराशि संबंधित ग्राम पंचायतों को उपलब्ध करवा दी है तथा कार्यवाही ग्राम पंचायतें कर रही हैं। रूपये 2.00 लाख से अधिक लागत की बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने के कार्यों की स्वीकृति दी जाकर निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। आगामी ग्रीष्मकाल के दौरान अधिक से अधिक बंद नल-जल योजनाओं को चालू किया जा सकेगा। (घ) विभाग योजनाएँ शीघ्र सुधार करने का प्रयास कर रहा है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट - ''तेरह''

सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

54. ( क्र. 4283 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में 2015-16 एवं 2016-17 में सीमांकन के कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं इनमें से कितनों का निराकरण आज दिनांक तक नहीं किया गया है तथा कितनों का निराकरण किया गया? निराकरण नहीं होने वाले प्रकरणों में ऐसे कितने प्रकरण है जिनमें अधिकारीयों द्वारा नक्शे की त्रुटि राजस्व दस्तावेज के मिलान ना होने की आपत्ति के कारण सीमांकन नहीं किया गया है? (ख) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में ऐसे कितने ग्राम है जिनकी भूमि के नक्शे उपलब्ध नहीं है? इन ग्रामों को नक्शे और अनुपलब्ध दस्तावेज कब तक उपलब्ध करा दिये जावेगे? बड़नगर राजस्व क्षेत्र में 3 वर्ष में ऐसे कितने प्रकरण हैं जिनके सीमांकन के आदेश होने के बाद भी सीमांकन नहीं किये गये हैं तथा ऐसे कौन कौन से अधिकारी है जिन्होने आदेश का पालन नहीं किया है? ऐसे अधिकारी के नाम बतावें। (ग) वर्तमान में ग्रामों के सीमांकन करने का तरीका क्या है? क्या आज भी सीमांकन का कार्य पुराने मापदण्डों पर किया जा रहा है या अन्य कोई नवीन पद्धति द्वारा किया जाता है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बायपास हेतु अधिग्रहीत भूमि की अनियमितता की जाँच

[राजस्व]

55. ( क्र. 4297 ) श्री मोती कश्यप : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कटनी की तहसील बड़वारा के ग्राम उमरिया में वर्ष 2016-17 में निर्मित बायपास हेतु अधिनियम के अधीन भूमि का अधिग्रहण किया गया है और किसी सक्षम प्राधिकारी से वर्ष 2016 में मुआवजा वितरित किया गया है? (ख)