मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2017 सत्र


बुधवार, दिनांक 19 जुलाई 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

1. ( *क्र. 26 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के 03 मार्च 2017 के परि.अता. प्रश्न क्रमांक 29 के संदर्भ में बताएं कि राशन माफिया कर्मचारी जगदीश कुशवाह जिसके न्यायालय में जाने से व स्थगन लाने से खाद्य प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल अधिकारी सुकृति सिंह व चंदेल की सिफारिशों पर पिछले 7 वर्ष से कार्यवाही नहीं हो पा रही है, क्‍या जगदीश कुशवाह को दण्ड स्वरूप पनवारीहार आरोन स्थानांतरण किया गया था? क्‍या पुनः उसे महोली चंदेरी स्थानांतरण किया व उसे अशोकनगर जिले की कालाबाजारी व राशन की व्यवस्था से अलग किया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उसको महोली भेजकर राशन वितरण में शामिल कर लिया है? क्‍या पुनः जिलाधीश को इसकी शिकायत हुई? यदि हाँ, तो उसका विवरण दें।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) श्री जगदीश कुशवाह से संबंधित प्रकरणों में माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ ग्‍वालियर में दायर याचिका क्रमांक डब्‍ल्‍यू.पी. 4747/2010 में स्‍थगन दिया गया है। जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्या. गुना द्वारा श्री जगदीश कुशवाह का स्थानांतरण आदेश क्रमांक/स्‍थापना/केडर/2016-17/534, दिनांक 14.06.2016 को संस्‍था डोंगर (चंदेरी), जिला अशोकनगर से पनवाडीहाट (आरोन), जिला गुना किया गया तथा पुन: आदेश क्रमांक स्‍थापना/2016-17/2469 दिनांक 14.10.2016 के द्वारा पनवाडीहाट (आरोन), जिला गुना से प्राथमिक साख सहकारी संस्‍था महोली (चंदेरी), जिला अशोकनगर किया गया है। (ख) श्री जगदीश कुशवाह का स्थानांतरण जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्या. गुना द्वारा प्रशासनिक प्रक्रिया अनुसार किया जाकर पुन: पदस्‍थापना सेवा सहकारी समिति महोली तहसील चंदेरी पर की गई है, जिसमें संबंधित संस्‍था द्वारा राशन वितरण का कार्य किया जा रहा है। उक्‍त के संबंध में माननीय विधायक मुंगावली के पत्र क्रमांक 945, दिनांक 16.03.2017 से श्री जगदीश कुशवाह का स्थानांतरण पुन: चंदेरी किये जाने पर शिकायत की गई है।

सीमांकन प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

2. ( *क्र. 1188 ) डॉ. मोहन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 जनवरी 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक उज्‍जैन जिले की समस्‍त तहसीलों में सीमांकन हेतु कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? दिनांकवार, ग्रामवार, तहसीलवार जानकारी प्रदान करें उनमें से कितने प्रकरणों में सीमांकन कर दिया गया है? कितने प्रकरणों में सीमांकन होना शेष है? शेष प्रकरणों में सीमांकन नहीं होने के क्‍या कारण हैं? ग्रामवार, तहसीलवार जानकारी प्रदान करें (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार क्‍या जिन कृषकों ने अवैध राशि प्रदान की सिर्फ उन्‍हीं कृषकों का सीमांकन किया गया है तथा बाद में प्राप्‍त आवेदन पर पहले सीमांकन कर दिया गया है तथा जिन्‍होंने पहले आवेदन दिया उनका सीमांकन नहीं किया गया है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सीमांकन के प्रकरणों के निराकरण हेतु ऑनलाईन सुविधा

[राजस्व]

3. ( *क्र. 1098 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में सीमांकन के प्रकरणों के संदर्भ में आवेदन प्राप्त करने तथा उनके निराकरण के लिये ऑनलाईन व्यवस्था है? यदि हाँ, तो उसकी प्रक्रिया क्या है और यह कब से लागू है और यदि नहीं, तो क्‍या शासन भूमिधारकों की सुविधा हेतु ऑनलाईन आवेदन प्राप्त करने की योजना लागू करेगा? यदि हाँ, तो कब तक लागू की जावेगी? (ख) क्या सीमांकन के संदर्भ में आवेदन प्राप्त करने एवं सीमांकन कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा है? यदि हाँ, तो वह क्या है और आवेदन प्राप्ति के कितने दिनों के अंदर सीमांकन का कार्य पूर्ण किया जाना अनिवार्य है? (ग) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में पिछले 3 वर्षों में सीमांकन के कितने प्रकरण प्राप्त हुए? उसमें से कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा कितने प्रकरणों का निराकरण नहीं किया जा सका? क्या जिन प्रकरणों का निराकरण नहीं हो पाया है, उनके आवेदकों को सूचना प्रदान की गई है या नहीं। पिछले 3 वर्षों में स्वीकृत प्रकरण एवं अस्वीकृत प्रकरणों की संख्‍यात्‍मक जानकारी ग्राम सहित प्रदान करें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विवादित/अविवादित/नामांतरण/बंटवारा एवं सीमांकन के प्रकरण

[राजस्व]

4. ( *क्र. 1005 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने विवादित एवं अविवादित नामांतरण, बंटवारा व सीमांकन के प्रकरण प्राप्‍त हुये? प्राप्‍त प्रकरणों में से प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा कितने प्रकरणों का निराकरण किन कारणों से किया जाना शेष है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या उपरोक्‍तानुसार प्रकरणों का निराकरण करने हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित है? यदि हाँ, तो ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिनका निराकरण निर्धारित समय-सीमा उपरांत भी नहीं किया जा सका है? इसके लिये कौन दोषी है? क्‍या शासन ऐसे दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक तथा लंबित प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रदेश में स्वीकृत श्रमोदय विद्यालय

[श्रम]

5. ( *क्र. 393 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार मण्‍डल के अंतर्गत प्रदेश में श्रमोदय विद्यालय स्‍वीकृत किये गये हैं? यदि हाँ, तो किन-किन शहरों में स्‍वीकृत किये गये हैं? स्‍वीकृत राशि सहित विद्यालयवार बतावें (ख) क्‍या सागर संभाग में कर्मकार मण्‍डल के अंतर्गत लगभग 3 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं? क्‍या संभागीय मुख्‍यालय सागर में श्रमोदय विद्यालय खोले जाने का प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रस्‍ताव कब तक स्‍वीकृत कर दिया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि नहीं, तो क्‍या शासन श्रमिक परिवारों के हित में श्रमोदय विद्यालय खोले जाने हेतु सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत प्रदेश में स्वीकृत श्रमोदय विद्यालय एवं स्वीकृत राशि की विद्यालयवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत सागर संभाग में मई 2017 की स्थिति में कुल 338739 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। संभागीय मुख्यालय सागर में वर्तमान में मंडल द्वारा श्रमोदय विद्यालय खोला जाना विचाराधीन नहीं है। अतः प्रश्नांश की शेष जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत सागर संभाग में पंजीबद्ध निर्माण श्रमिकों हेतु वर्तमान में श्रमोदय विद्यालय खोला जाना विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

शासकीय भूमि पर काबिज पट्टेधारियों का विस्‍थापन

[राजस्व]

6. ( *क्र. 830 ) श्री वीरसिंह पंवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 5128 के उत्‍तर में माननीय मंत्री जी ने दिनांक 20.03.2017 में मौखिक चर्चा में यह माना था कि महलुआ चौराहा पर शासकीय भूमि वर्ष 2011 और 2013 में अपात्र लोगों को गलत तरीके से पट्टे के रूप में दी गई थी और आश्‍वस्‍त किया था कि एडीशनल कमिश्‍नर भोपाल को वहां भेजकर कार्यवाही की जावेगी तथा अतिक्रमण हटाकर संलिप्‍त लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या आवास हेतु पट्टे पर दी गई भूमि पर व्‍यवसायिक रूप में बजाज का शोरूम खोलकर दुरूपयोग किया जा रहा है? शासन को मालूम होने पर भी ऐसे दोषियों पर अभी तक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र के माध्‍यम से राजस्‍व मंत्रीजी एवं राजस्‍व सचिव को बार-बार लिखने पर भी दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की जा रही, क्‍या कारण है? स्‍पष्‍ट करें (ग) क्‍या सरपंच ने स्‍वयं अपने पुत्र तथा देवेन्‍द्र पुत्र जमुनाप्रसाद तिवारी एवं देवेन्‍द्र की पत्‍नी श्रीमती कालेन्‍द्री तिवारी जो तत्‍कालीन जिला पंचायत सदस्‍य के भाई हैं, को 30 X 30 के पट्टे उनके प्रभाव में दिये तथा यह तीनों शासकीय पट्टे पाने के हकदार नहीं थे? इनके पास कई बीघा जमीन और पक्‍के बहुमंजिला मकान हैं, दिए गए पट्टे गलत हैं, क्‍या इन्‍हें तत्‍काल शासकीय भूमि से बेदखल कराया जावेगा? (घ) क्‍या शासन द्वारा इन षड्यन्‍त्रकारी दोषियों पर तथा इसमें संलग्‍न शासकीय कर्मचारी और अधिकारियों पर समय-सीमा निश्चित करके कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विभागीय पत्र क्रमांक एफ 20/129/2017/सात/2, दिनांक 11.7.2017 से प्रश्‍नाधीन कथित गलत आवंटित पट्टों एवं अतिक्रमण की जाँच एडीशनल कमिश्‍नर भोपाल से कराये जाने हेतु कमिश्‍नर भोपाल को लिखा गया है। (ख) से (घ) जांचोपरांत अपात्र लोगों को बेदखल किया जाकर, दोषी पाये जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद् नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

नल-जल योजनाओं की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

7. ( *क्र. 855 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या ग्रामों में पेयजल उपलब्‍ध कराने हेतु शासन द्वारा जनभागीदारी योजनान्‍तर्गत आदिवासी ग्रामों में कुल योजना लागत के 1 प्रतिशत तथा सामान्‍य बाहुल्‍य क्षेत्रों में 3 प्रतिशत जनभागीदारी की उन ग्रामों में शेष राशि शासन द्वारा स्‍वीकृत कर पेयजल की योजना स्‍वीकृत की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो विधान सभा क्षेत्र भितरवार अंतर्गत कितनी ग्राम पंचायतों द्वारा यह जनभागीदारी राशि जमा कर योजना बनाने हेतु प्रस्‍ताव 01 अप्रैल, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक किया गया है तथा ग्रामीणों द्वारा यह जनभागीदारी राशि कब जमा की गई है? दिनांक सहित ग्रामों के नाम तथा जमा का विवरण देवें? (ग) क्‍या भितरवार विधान सभा क्षेत्र में पेयजल की गम्‍भीर समस्‍या है? किन-किन ग्राम पंचायतों में 01 जून, 2017 की स्थिति में नल-जल योजना चालू है तथा किन-किन ग्राम पंचायतों में किन-किन कारणों से बन्‍द है? इतनी भीषण गर्मी में नल जल योजना बन्‍द होने के लिये कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी हैं? क्‍या दोषियों के प्रति कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या? अब बन्‍द नल-जल योजनाओं को कब तक चालू कर दिया जावेगा? एक निश्चित समय-सीमा स्‍पष्‍ट करें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ, परंतु प्राप्त जनभागीदारी की राशि विभाग में संचित रखी जाकर योजना स्वीकृति के पश्चात् पूर्ण लागत शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। (ख) विधानसभा क्षेत्र भितरवार के अंतर्गत प्रश्नांकित अवधि में किसी भी ग्राम पंचायत द्वारा कोई जनभागीदारी की राशि जमा नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। नल-जल योजनाओं के संचालन-संधारण एवं मरम्मत कार्य कराने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। स्त्रोत अनुपयोगी होने पर विभाग द्वारा नये स्त्रोत खनन/निर्माण की कार्यवाही की जाती है अतः योजना बंद होने के लिए विभाग का कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

कसरावद तहसील कार्यालय भवन का निर्माण

[राजस्व]

8. ( क्र. 1274 ) श्री सचिन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 2004, दिनांक 27.02.2017 के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या अन्‍य प्रस्‍तावित भूमि पर कसरावद तहसील कार्यालय के भवन निर्माण से संबंधित कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है? हाँ तो बतायें नहीं तो कारण दें? (ग) उक्‍त तहसील कार्यालय के भवन निर्माण में विलंब के क्‍या कारण हैं और इसे कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) निविदा स्‍वीकृत होकर दिनांक 19 मई, 2017 को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। (ख) जी नहीं। पूर्व से प्रस्‍तावित भूमि। (ग) मानक मानचित्र प्राप्‍त करने में समय लगा है। दिनांक 18 मई, 2018 तक पूर्ण करने हेतु अनुबंध किया गया है।

सीधी/सिंगरौली जिले में संचालित नल-जल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

9. ( *क्र. 931 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सीधी/सिंगरौली जिले के अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र धौहनी में कितनी नल-जल योजनाएं एवं मुख्‍यमंत्री पेयजल योजनायें संचालित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितनी नल-जल योजनायें एवं मुख्‍यमंत्री पेयजल योजनायें बंद व खराब हैं? इन नल-जल योजनाओं के संधारण व संचालन के लिये शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की गई है? योजनावार कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में नल-जल योजनाएं कब तक संचालित कर दी जावेंगी? कुसमी की पेयजल योजना की वर्तमान स्थिति क्‍या है? बंद पड़ी पेयजल योजना को संचालित करने के लिये विभाग के द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? कब तक योजना को चालू कर दिया जावेगा? (घ) समूह नल-जल योजना मझौली की स्‍वीकृति कब एवं कितनी राशि की दी गई थी? धीमी गति से नल-जल योजना का निर्माण कार्य चल रहा है, शीघ्र पूर्ण किये जाने के संबंध में विभाग के द्वारा क्‍या कदम उठाये गये हैं? कब तक योजना को पूर्ण कर लिया जावेगा? विलम्‍ब होने के क्‍या कारण हैं? दोषीजनों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जाएगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 29 नल-जल योजनाएं एवं 29 मुख्यमंत्री पेयजल योजनाएं संचालित हैं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। ''नल से जल आज और कल'' कार्यक्रम के अन्तर्गत लघु सुधार (रू. 2 लाख से कम सुधार लागत) वाली बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने हेतु संबंधित ग्राम पंचायतों को जिला पंचायत के माध्यम से धनराशि उपलब्ध करवाई गई है तथा वृहद सुधार (रूपये 2.00 लाख से अधिक सुधार लागत) वाली बंद नल-जल योजनाओं को विभाग द्वारा निविदा आमंत्रण कर चालू करने की कार्यवाही की जा रही है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कुसमी की योजना चालू है। शेष उत्तरांश (ख) अनुसार। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती। (घ) 19 जुलाई, 2013 को एवं रूपये 8166.21 लाख की। योजनांतर्गत इंटेकवेल, सोनघड़ियाल वन्य प्राणी अभ्यारण्य एवं ग्राम बडकाडोल में प्रस्तावित पेयजल टंकी एवं पाईप लाईन कार्य संजय दुबरी टाईगर रिजर्व के अंतर्गत आने के कारण राष्ट्रीय वन्य प्राणी बोर्ड एवं राज्य वन्य प्राणी बोर्ड से अनुमति प्राप्त करने के प्रयास किये गये तथा ठेकेदार को अन्य कार्य शीघ्र पूर्ण करने हेतु सूचना-पत्र जारी किये गये। राज्य वन्य प्राणी बोर्ड से अनुमति प्राप्त होने के उपरांत योजना के कार्य पूर्ण कराये जा सकेंगे। वर्तमान में निश्चित समय अवधि बताया जाना संभव नहीं है। सोनघड़ियाल वन्य प्राणी अभ्यारण्य एवं संजय दुबरी टाईगर रिजर्व के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों के क्रियान्वयन हेतु राज्य वन्य प्राणी बोर्ड से अनुमति प्राप्त न होने के कारण विलम्ब हुआ। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

खाद्यान्‍न कूपन जारी किये जाने हेतु पात्रता की शर्तें

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

10. ( क्र. 1297 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीणजनों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान कूपन जारी किये जाने हेतु पात्रता की कौन-कौन सी शर्तें हैं? खाद्यान्न कूपन जारी कराये जाने के लिए क्‍या-क्‍या प्रक्रिया है? चरणबद्ध बतायें। जनपद पंचायत सिंहावल से लगभग 600 एस.सी./एस.टी. परिवारों को चिन्‍हांकन करके सूची जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को भेजने के बावजूद भी खाद्यान्न कूपन क्‍यों नहीं जारी किये जा रहे हैं? (ख) सीधी व सिंगरौली जिले में जनपदवार कितने परिवारों को राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दिया जा रहा है और कितने परिवारों को प्रदाय किया जाना शेष है? यदि शेष है तो वंचित संबंधित हितग्राहियों को आज दिनांक तक खाद्यान्न प्रदाय क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (ग) क्‍या खाद्यान्न कूपन में किसी भी प्रकार का संसोधन नहीं हो रहा है? तो क्‍या मृतकों के नाम भी आवंटन जारी किया जा रहा है और नवीन चिन्‍हांकित परिवारों के खाद्यान कूपन जारी नहीं हो रहे हैं?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत हितग्राहियों को पात्रता पर्ची प्राप्‍त करने हेतु अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित 25 पात्रता श्रेणियों में होना अनिवार्य है। पात्रता पर्ची जारी करने हेतु स्‍थानीय निकाय द्वारा संबंधित परिवार की संपूर्ण जानकारी समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के पोर्टल पर प्रविष्‍टी उपरांत समग्र परिवार आईडी निर्मित कराना, संबंधित पात्रता श्रेणी में सत्‍यापन एवं खाद्य विभाग के अमले द्वारा उचित मूल्‍य दुकान से मेपिंग उपरांत खाद्यान्‍न आवंटन सीमा के अंतर्गत पात्रता पर्ची एन.आई.सी. द्वारा जारी की जाती है। जनपद पंचायत सिंहावल के एस.सी./एस.टी. परिवारों का सत्‍यापन पोर्टल पर किया जा चुका है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण सत्‍यापित नवीन परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। (ख) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सीधी एवं सिंगरौली जिले में जनपदवार लाभान्वित एवं शेष परिवारों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण सत्‍यापित नवीन परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। (ग) पात्र परिवारों के डाटाबेस में अपात्र परिवारों को विलोपित/अनमेप करना तथा नवीन सत्‍यापित परिवारों को पात्रता पर्ची जारी करने हेतु चिन्‍हांकन करने की सुविधा समग्र पोर्टल पर जिला अधिकारी को उपलब्‍ध करा दी गई है, जिन हितग्राहियों द्वारा किसी कारण से राशन प्राप्‍त नहीं किया जाता है, उनको आवंटित सामग्री का समायोजन कर आगामी माह का आवंटन जारी किया जाता है। जिला कलेक्‍टर को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में जितनी संख्‍या में अपात्र व्‍यक्तियों के नाम पोर्टल पर विलोपित किए जाएंगे उतनी ही संख्‍या में संबंधित जिले के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों के नाम सम्मिलित किए जा सकेंगे। जिले में जुड़ने वाले नवीन हितग्राही के लिए पात्र बी.पी.एल. परिवारों को प्राथमिकता दी जाए, इसके पश्‍चात् अनुसूचित जाति/जनजाति के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों को प्राथमिकता दी जाए। मृतकों के नाम से आवंटन जारी करने का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है।

परिशिष्ट - ''चार ''

विधिक सलाह हेतु भेजे गए प्रकरण

[गृह]

11. ( *क्र. 1108 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में ए.डी.पी.ओ एवं डी.पी.ओ. के पद पर कौन कब से पदस्थ है? इन पदों पर नियुक्ति और पदस्थापना हेतु क्या नियम और निर्देश हैं? इनके क्या कार्य हैं? कार्यों को करने की समय-सीमा क्या है? (ख) छतरपुर जिले में जनवरी 2014 से प्रश्न दिनांक तक कितने प्रकरण ए.डी.पी.ओ./डी.पी.ओ. के पास विधिक सलाह हेतु आए? कितने प्रकरण पर अभिमत दिया? कितने लंबित हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में थानों से आए प्रकरणों को निराकृत करने की क्या समय-सीमा है? जिले में ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिनका निराकरण समय-सीमा के भीतर नहीं किया गया? प्रत्येक प्रकरणों की जानकारी, लंबित होने के कारणों सहित प्रदाय करें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। ए.डी.पी.ओ एवं डी.पी.ओ. की नियुक्ति म.प्र. लोक अभियोजन (राजपत्रित) सेवा भरती नियम 1991 के अनुसार लोक सेवा आयोग के चयन के आधार पर की जाती है। अभियोजकों का कार्य न्यायालय में आपराधिक प्रकरणों में शासन की ओर से पैरवी करना है। अभियोजकों का कार्य समय, न्यायालयीन कार्य समय अनुसार प्रातः 10.30 से 5.30 तक समय-सीमा निर्धारित है। (ख) छतरपुर जिले में 193 प्रकरण प्राप्त एवं 193 प्रकरण पर विधिक अभिमत दिया गया। कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (ग) थानों से प्राप्त प्रकरण यथासंभव 2 दिवस में विधिक अभिमत प्रदान कर वापस किए जाते हैं। सभी प्रकरणों में विधिक अभिमत प्रदाय किया जा चुका है। कोई प्रकरण लंबित नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

किसान आंदोलन में गोली चालन की घटना

[गृह]

12. ( *क्र. 592 ) श्री मुकेश नायक (श्री रामनिवास रावत, श्री शैलेन्‍द्र पटेल) : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में दिनांक 01 जून, 2017 से 16 जून, 2017 की अवधि में हुये राज्‍य व्‍यापी किसान आंदोलन में कहाँ-कहाँ किन-किन व्‍यक्तियों की मृत्‍यु हुई और उनके परिजनों को मुआवजे के रूप में कितनी-कितनी धनराशि का वितरण कब-कब किया गया? (ख) आंदोलन के दौरान पुलिस गोली चालन से नागरिकों की मृत्‍यु पर मुआवजा देने के लिये क्‍या शासन ने कोई नियम बनाये हैं या केवल मुख्‍यमंत्री या अफसरों के विवेक पर मुआवजा निर्धारण तय किया जाता है? इस बारे में स्थिति स्‍पष्‍ट करें। (ग) इस आंदोलन के दौरान 15 दिनों में आगजनी लूटपाट आदि घटनाओं में नागरिकों की चल-अचल संपत्ति को जो नुकसान हुआ है, क्‍या उसका आंकलन कराया गया है? यदि हाँ, तो स्‍थान अनुसार नुकसान का और वितरित मुआवजे का विवरण देवें। (घ) क्‍या आंदोलन से पीड़ि‍त अनेक लोगों को अभी तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है? यदि हाँ, तो क्‍या कारण है? (ड.) क्‍या मंदसौर एवं नीमच जिले में प्रदर्शन कर रहे किसान हथियारों से लैस थे? यदि हाँ, तो कितने किसानों के पास हथियार थे?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) आंदोलन के दौरान आगजनी, लूटपाट आदि घटनाओं में नागरिकों की अचल-चल सम्पत्ति के नुकसान के आंकलन एवं मुआवजे के संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित प्रक्रियाधीन कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (ड.) मंदसौर जिले के घटनाक्रम की जांच हेतु न्‍यायिक आयोग गठित है। अत: टीप दिया जाना न्‍याय संगत नहीं है। नीमच जिले में दर्ज प्रकरणों में विवेचना जारी है। अत: विवेचना पूर्ण होने के उपरांत ही जानकारी देना संभव हो पायेगा।

राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय हेतु कुलपति का चयन

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

13. ( *क्र. 1268 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय के कुलपति पद हेतु जारी विज्ञापन में तकनीकी विषय में शैक्षणिक अर्हता के साथ क्‍या 20 वर्ष प्रोफेसर के पद पर शैक्षणिक कार्य करने का अनुभव होना आवश्‍यक था। अगर हाँ, तो कुलपति चयन हेतु गठित समिति द्वारा अनुशंसित कुलपति पद हेतु सभी नाम उपरोक्‍त आवश्‍यक अर्हता रखते थे? अगर हाँ, तो सूची में सम्‍मलित नाम, उनकी शैक्षणिक अर्हता एवं शैक्षणिक अनुभव के संबंध में जानकारी दें? (ख) क्‍या कुलपति पद हेतु नामों की अनुशंसा करने में समिति सदस्‍य एकमत नहीं थे और उनके द्वारा अनुशंसित नामों के साथ विपरीत टिप्‍पणी भी की गई थी? (ग) पहली बार की चयन समिति को भंग कर पुन: दूसरी कमेटी गठित करने का क्‍या कारण था? उनके द्वारा कुलपति चयन के संबंध में दी गई रिपोर्ट में क्‍या आवेदकों को योग्‍य नहीं माना गया था? (घ) क्‍या वर्तमान चयनित कुलपति का चयन राजनैतिक आधार पर किया गया है और क्‍या यह भी सही है कि दूसरी बार गठित चयन समिति में सदस्‍यों का चयन भी राजनीतिक आधार पर किया गया है? अगर नहीं तो तकनीकी विश्‍वविद्यालय के कुलपति चयन हेतु तकनीकी योग्‍यता के विशेषज्ञ के स्‍थान पर अन्‍य विषय के व्‍यक्ति को समिति का अध्‍यक्ष किस कारण से बनाया गया?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। किन्‍तु समिति के सदस्‍यो के द्वारा कोई विपरीत टिप्‍पणी नहीं की गई थी। (ग) चयन समिति के कुलपति के पद के लिये अर्हता रखने वाले अधिकांश नामों पर विचार नहीं किया गया था। इसलिये दूसरी कमेटी गठित की गई थी। चयन समिति ने सभी आवेदकों को योग्‍य नहीं माना, ऐसा नहीं था। (घ) जी नहीं। अधिनियम के अंतर्गत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि तकनीकी योग्‍यता धारी विशेषज्ञ को समिति का अध्‍यक्ष बनाया जावेगा।

पात्रता पर्चि‍यों का वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

14. ( *क्र. 1076 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में कितने परिवारों के कितने सदस्‍यों को पात्रता श्रेणी के तहत मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना का खाद्यान्‍न मिल रहा है? लाभार्थियों की संख्‍या, श्रेणी की प्रोजेक्‍ट जनसंख्‍या का कितने प्रतिशत है? विधानसभा क्षेत्रवार, राशन दुकानवार बतायें (ख) प्रश्नांश (क) वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक में कितने-कितने नए परिवार जोड़े गए एवं कितने अपात्र परिवार घटाए गए? पृथक-पृथक बतायें। विधानसभा क्षेत्रवार, राशन दुकानवार पात्रता श्रेणी के कितने परिवार और सदस्य, सत्यापन उपरांत पात्रता पर्ची से वचिंत हैं और क्‍यों? (ग) क्‍या 26 अगस्त, 2016 के बाद सत्यापित नए परिवारों के सत्यापन उपरांत भी पात्रता पर्चियाँ जनरेट नहीं हो रही हैं? क्‍या सिवनी जिले में समग्र पोर्टल में पात्रता श्रेणी परिवारों और सदस्यों का सत्यापन भी नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन दोषी है? शासन दोषियों के विरुद्ध क्‍या कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो विगत ड़ेढ़ वर्ष में किस श्रेणी के कितने परिवार सत्‍यापित किये गये?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) सिवनी जिले में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना के तहत 2,50,259 परिवारों एवं 10,51,691 सदस्‍यों को लाभ दिया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्रवार उचित मूल्‍य दुकानवार लाभार्थियों की संख्‍या एवं प्रोजेक्‍टेड जनसंख्‍या के प्रतिशत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) वर्ष 2015 से 3615 परिवार, 23,877 नवीन सदस्‍यों को जोड़ा गया एवं 8,562 परिवार तथा 38,529 सदस्‍यों को हटाया गया। नवीन सत्‍यापित पात्र परिवार जिनकी पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है, उनकी विधान सभा क्षेत्रवार, उचित मूल्‍य दुकानवार एवं श्रेणीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण माह अगस्‍त, 2016 के पश्‍चात् नवीन सत्‍यापित परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। (ग) जी हाँ। सिवनी जिले में समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के पोर्टल पर पात्रता श्रेणी में सम्मिलित परिवारों एवं सदस्‍यों का सत्‍यापन स्‍थानीय निकाय द्वारा किया जा रहा है। विगत ड़ेढ़ वर्ष में अन्‍त्‍योदय अन्‍न श्रेणी के 235 एवं पात्रता श्रेणी के 4711 नवीन परिवारों का सत्‍यापन किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

गेहूँ खरीदी के दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

15. ( *क्र. 1128 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गेहूँ खरीदी केन्‍द्र प्रभारियों द्वारा 2 हजार क्विंटल मटर युक्‍त और घुना गेहूँ नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम में रखने हेतु भेजा था तथा नागरिक आपूर्ति निगम ने खराब गेहूँ रखने से इंकार कर दिया? वर्ष 2012-13 में 1250 रूपये की दर के समर्थन मूल्‍य पर पौने आठ करोड़ रूपये में खरीदी गयी धान नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा समय रहते मिलिंग नहीं हो पाने के कारण खुले कैब में पड़ी रहने से खराब हो गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में यदि हाँ, तो यह गेहूँ किस-किस खरीदी केन्‍द्र का कितने-कितने क्विंटल था? प्रभारी अधिकारियों का नाम सहित बतावें एवं क्‍या धान की मि‍लिंग नहीं हो सकने के खुलासे के बाद 5 सदस्‍यीय जाँच दल गठित कर जाँच करायी गयी थी? यदि हाँ, तो जाँच रिपोर्ट की संपूर्ण प्रति देवें। (ग) प्रश्नांश (क) (ख) के प्रकाश में वर्तमान में उपरोक्‍त गेहूँ एवं धान की क्‍या स्थिति है, उपरोक्‍त के खिलाफ क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? नहीं की गई तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें इसके लिये कौन दोषी है? दोषी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही करेंगे? कार्यवाही की समय-सीमा बतावें। (घ) प्रश्नांश (क) (ख) एवं (ग) के प्रकश में क्‍या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा सहित बतावें अब तक कार्यवाही नहीं किये जाने के लिये कौन दोषी है? नाम बतावें। दोषी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई? नहीं की गई तो क्‍यों, की जावेगी तो क्‍या व कब तक?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

किसान आंदोलन में दर्ज प्रकरणों पर कार्यवाही

[गृह]

16. ( *क्र. 1312 ) श्री हर्ष यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह जून 2017 में प्रदेश में किसान आंदोलन के दौरान पुलिस गोली चालन में मारे गए किसानों के संबंध में दर्ज प्रकरणों की प्रति दें व बतावें कि गोली चालन के दोषियों के विरूद्ध अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या शासन दोषी पुलिस अधिकारियों व दोषी प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्यवाही को लेकर गंभीर है? यदि हाँ, तो कब तक दोषि‍यों के विरूद्ध संवैधानिक कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रदेश में जून 2017 में किसान आंदोलन के दौरान कृषकों पर दर्ज फर्जी पुलिस प्रकरणों को शासन कब तक वापिस लेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) माह जून 2017 में प्रदेश में आंदोलन के दौरान जिला मंदसौर में गोली चालन से 05 आंदोलनकारियों की मृत्यु कारित हुई। गोली चालन की घटना के संबंध में न्यायिक जाँच आयोग गठित है, अतः जानकारी उपलब्ध कराना व टीप दिया जाना न्यायसंगत नहीं है। आदेश की छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) गोली चालन की घटना के संबंध में न्यायिक जाँच आयोग गठित है। न्यायिक जाँच पूर्ण होने पर उक्त पाए तथ्यों/अनुशंसाओं के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। (ग) न्यायिक जाँच पूर्ण होने पर उक्त पाए तथ्यों/अनुशंसाओं के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - ''छ:''

राजस्‍व प्रकरणों का अन्‍तरण

[राजस्व]

17. ( *क्र. 1159 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 के अन्‍तर्गत बिना वरिष्‍ठ न्‍यायालय के आदेश के कोई भी प्रकरण नायब तहसीलदार द्वारा राजस्‍व मण्‍डल को अन्‍तरित किया जा सकता है? (ख) यदि नहीं, तो नायब तहसीलदार चन्‍द्रनगर, तहसील राजनगर, जिला छतरपुर ने ग्राम बमारी के प्रकरण क्रमांक 100 तथा 101/अ-6-अ/15-16 स्‍वप्रेरणा से राजस्‍व मण्‍डल को क्‍यों अन्‍तरित किया है? (ग) यदि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है तो क्‍या नायब तहसीलदार चन्‍द्रनगर तहसील राजनगर जिला छतरपुर का उक्‍त कृत्‍य अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है या नहीं? (घ) यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) माननीय राजस्‍व मण्‍डल ग्‍वालियर के मांग पत्र क्रमांक आर 3809-प्रथम/2016 एवं आर 3809-प्रथम/2016 ग्‍वालियर दिनांक 05.11.2016 (प्रकरण में प्राप्‍त दिनांक 25.02.2017) के पालन में प्रकरण क्रमांक 100 एवं 101/अ-6/2015-16 भेजे गए। प्रश्‍नाधीन प्रकरण स्‍वप्रेरणा से माननीय राजस्‍व मण्‍डल ग्‍वालियर की ओर अतंरित नहीं किए गए हैं। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

न्यायालयीन आदेश का पालन

[राजस्व]

18. ( *क्र. 779 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किटीयानी मंदसौर स्थित कल्लो बाई के कृषि भूमि संबंधी माननीय उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 16.08.1993 अनुसार अधिकारियों ने आदेश का पालन अब तक क्यों नहीं किया? (ख) संबंधित पटवारी व कलेक्टर मंदसौर द्वारा 39 वर्षों में भी बटा नंबर कर भूमि का कब्जा क्यों नहीं दिलाया गया? (ग) माननीय उच्च न्यायालय के डिक्री आदेश पर अब तक पालन नहीं करने वाले कलेक्टर, एस.डी.ओ. व राजस्व निरीक्षक पटवारी पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) किटीयानी मंदसौर स्थित कल्‍लोबाई के कृषि भूमि संबंधी माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इन्‍दौर की प्रथम अपील क्र. 61/80 में पारित आदेश दिनांक एवं बिक्री दिनांक 16.08.1993 में माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा मूल बिक्री में परिवर्तन करते हुए ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिये गये एवं संबधित पक्षों को यह निर्देर्शित किया गया कि वे ट्रायल कोर्ट के समक्ष इस मामले में आदेश लेने के लिये दिनांक 06.09.1993 को उपस्थित रहें। माननीय उच्‍च न्‍यायालय के आदेश के पालन में प्रार्थिया कल्‍लोबाई द्वारा ट्रायल कोर्ट का कोई आदेश प्रस्‍तुत नहीं किया गया, जिसका पालन किया जा सके। उल्‍लेखनीय है कि उक्‍त प्रकरण में किसी भी न्‍यायालय में राज्‍य शासन पक्षकर नहीं है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय की डिक्री दिनां‍क 16.08.1993 पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) ग्राम किटीयानी तहसील मंदसौर की प्रश्‍नाधीन भूमि वर्ष 1975-76 से निरन्‍तर रजिस्‍टर्ड विक्रय पत्रों द्वारा विभिन्‍न व्‍यक्तियों को विक्रय हुई है। वर्षवार बिक्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विक्रय पत्र अनुसार नामांतरण करने वाले 20 क्रेताओं के खसरे में बटा नंबर किये जा चुके हैं। परन्‍तु मौके पर अत्‍यन्‍त घने व छोटे आकार के मकान एवं सड़क तथा नालियां बनी हुईं हैं। व्‍यवहारिक रूप से नक्‍शों में बटा नंबर की तरमीम नहीं उठाई जा सकती। ऐसी स्थिति में भूमि के बटा नंबर किए जाकर कब्‍जा दिलाया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में दिए गए उत्‍तर के संदर्भ में संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों पर कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

होमगार्ड सैनिकों को वेतनमान का लाभ

[गृह]

19. ( *क्र. 754 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन गृह विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-2 (अ) 02/2007/बी-4/दो, दिनांक 01.03.2017 के द्वारा होमगार्ड सैनिकों को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के पालन में रुपये 17055/- प्रतिमाह में प्रतिदिन के मान से वेतन भोजन तथा धुलाई भत्ता दिए जाने का आदेश प्रसारित किया है? यदि हाँ, तो इस आदेश के क्रम में कितने होमगार्ड सैनिकों को लाभ दिया जा रहा है, कितनों को नहीं? लाभ नहीं दिए जाने का क्या कारण है? संख्यात्मक जानकारी जिलेवार दें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आदेश में आवश्यक संशोधन किये जाने हेतु म.प्र होम गार्ड तथा नागरिक सुरक्षा के ज्ञापन क्रमांक दो2/228/वित्त (1)/2017 दिनांक 10.04.2017 द्वारा मध्यप्रदेश स्वयं सेवी होमगार्ड सैनिकों को वर्तमान में देय प्रतिमाह मानवेतन, भोजन राशि, धुलाई भत्ता (17586 रु.) के रूप में राशि स्वीकृत किये जाने का प्रस्ताव अतिरिक्त मुख्य सचिव म.प्र. शासन गृह विभाग मंत्रालय भोपाल को किस दिनांक को प्राप्त हुआ है? उक्त प्रस्ताव पर अभी तक स्वीकृति नहीं दिए जाने का क्या कारण है? कब तक स्वीकृति जारी की जावेगी? (ग) क्या होमगार्ड सैनिकों का पुन: स्वास्थ्य परीक्षण, पुलिस सत्यापन, पुन: नामांकन घोषणा पत्र, अच्छा अभिलेख का परीक्षण कराया जा कर वर्षों से कार्यरत होमगार्ड सैनिकों को अयोग्य घोषित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो किस नीति के तहत?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नल-जल योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

20. ( *क्र. 825 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बड़वानी जिले में विगत तीन वर्षों में कौनकौन सी नलजल योजनाएं स्वीकृत हुई हैं? इनकी लागत क्या है एवं कार्य की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धावडी एवं चिखल्दा में विभाग के द्वारा नल-जल योजना का कार्य स्वीकृत किया जाकर पूर्ण किया है, किन्तु विभाग की लापरवाही के कारण उक्त योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है? उचित देखभाल एवं रखरखाव के अभाव में शासकीय सम्पत्ति को नुकसान हो रहा है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन दोषी है? क्या उनके विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या निवाली में 3-4 वर्ष पूर्व से लगभग 113 लाख की लागत से स्वीकृत योजना का कार्य आज तक भी पूर्ण नहीं किया गया है, जिसकी वजह से योजना का लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है? कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, कार्य पूर्ण किया गया है। जी नहीं, विभाग द्वारा योजनाएं पूर्ण की जाकर संबंधित ग्राम पंचायतों को संचालन/संधारण हेतु हस्तांतरित कर दी गईं थीं। हस्तांतरण के पश्चात नल-जल योजनाओं के संचालन संधारण का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायत का होता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, डिपॉजिट मद में रूपये 100.14 लाख की योजना स्वीकृत हुई है। योजना प्रगतिरत है तथा वर्तमान में योजना के माध्यम से जल प्रदाय किया जा रहा है। आगामी 2 माह में योजना का कार्य पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''सात''

खरीदी केन्‍द्रों की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

21. ( *क्र. 413 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले की बरेली और बाड़ी तहसील में स्थित समस्‍त समर्थन मूल्‍य से खरीदी केन्‍द्रों पर वर्ष 2016-17 में किस-किस किसान ने किस-किस फसल के विक्रय ह‍ेतु पंजीयन कराया? खरीदी केन्‍द्रवार, फसलवार, किसानवार, पंजीयन के समय दर्शाये गये रकबावार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के तहत किस-किस खरीदी केन्‍द्र पर किस-किस किसान ने किस-किस फसल का, कितनी-कितनी मात्रा में विक्रय किया? खरीदी केन्‍द्रवार, किसानवार, बेची फसलवार, मात्रावार जानकारी दें (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) के तहत ऐसे कितने किसान हैं, जिन्‍होंने तुअर और गेहूँ की फसल के विक्रय हेतु पंजीयन कराया था? ग्रामवार, किसानवार, फसल के विक्रय हेतु दर्शाये गये रकबावार जानकारी दें।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) वर्ष 2016-17 में रायसेन जिले की बरेली और बाड़ी तहसील में समर्थन मूल्‍य पर धान एवं गेहूं के विक्रय हेतु उपार्जन केन्‍द्रवार पंजीकृत किसान संख्‍या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। किसानवार पंजीयन में उल्‍लेखित रकबे की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) उपार्जन केन्‍द्रवार एवं किसानवार समर्थन मूल्‍य पर विक्रय की गई मात्रा की फसलवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तहत वर्ष 2016-17 में समर्थन मूल्‍य पर गेहूं विक्रय हेतु किसानों का पंजीयन किया गया था। जिले में तुअर की खरीदी हेतु कोई पंजीयन नहीं किया गया और न ही खरीदी की गई है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

प्रदूषित पेयजल स्त्रोत की जाँच

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

22. ( *क्र. 846 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्‍जैन संभाग में 01 जनवरी, 2015 के पश्चात् कितने पेयजल स्त्रोत की जाँच कर उनके पानी को पीने योग्य नहीं माना? जिलेवार सूची उपलब्‍ध करायी जाये क्या जिन पेयजल स्त्रोत का पानी पीने योग्य नहीं हैं, उन पर लाल निशान करना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो रतलाम, मंदसौर जिले में उक्त अवधि में कितने पेयजल स्त्रोत कहाँ-कहाँ पर पीने योग्य नहीं हैं? स्थलवार, ग्रामवार सूची देवें। (ख) क्या रतलाम जिले के ग्राम शिवगढ़ में जून माह में दूषित पेयजल स्त्रोत से पानी पीने के कारण सैकड़ों ग्रामवासी बीमार हो गये तथा कई गंभीर अवस्था में हैं? क्या इस पेयजल स्त्रोत पर रेड निशान लगा था? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा कब-कब इस दूषित पेयजल को पीने के पानी के उपयोग के लिए मना किया गया? (ग) 1 जनवरी, 2012 के पश्चात दूषित पेयजल के निराकण हेतु केंद्र एव राज्य सरकार द्वारा कब-कब कितनी राशि‍ उक्त संभाग में प्रदान की गयी, विभाग द्वारा उन्हें कहाँ किस-किस कार्य पर खर्च किया गया, कार्य का नाम, कार्य करने वाली एजेंसी का नाम, स्थान सहित जानकारी देवें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 के अनुसार है। जी हाँ, केवल रासायनिक प्रदूषण वाले पेयजेल स्त्रोतों पर लाल निशान लगाया जाता है तथा पेयजल हेतु उपयोग में न लेने के लिए मना किया जाता है। रतलाम जिले में उक्त अवधि में जिन स्त्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया उनकी विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 के अनुसार है। प्रश्नांकित अवधि में मंदसौर जिले में परीक्षण किये गये समस्त पेयजल स्त्रोतों का पानी पीने योग्य पाया गया है। (ख) असुरक्षित पेयजल के उपयोग करने से ग्रामवासी बीमार हुए थे, कोई ग्रामवासी गंभीर अवस्था में नहीं है। जैसा कि उत्तरांश (क) में उल्लेख है, केवल रासायनिक प्रदूषण वाले पेयजल स्त्रोत पर लाल निशान लागाया जाता है, ग्राम शिवगढ़ में पेयजल स्त्रोतों में रासायनिक प्रदूषण नहीं पाया गया है अतः उन पर लाल निशान नहीं लगाया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 एवं 5 अनुसार है।

शासन की भूमि दूसरों के नाम दर्ज किये जाना

[राजस्व]

23. ( *क्र. 912 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला छतरपुर तहसील छतरपुर के पटवारी हल्‍का नं. 66 मौजा पलौठा खसरा नं. 751 एवं हल्‍का मौजा चन्‍दपुरा का खसरा नं. नया पुराना 24 में जितने भी बटांक खसरा नंबर हैं? क्‍या उक्‍त खसरा नं. पर बंदोबस्‍त के समय से मध्‍यप्रदेश शासन अंकित था? यदि हाँ, तो खसरा एवं खतौनी की नकल प्रश्‍न दिनांक तक उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो खसरा नंबरों में किस सक्षम अधिकारी के आदेश से मध्‍यप्रदेश शासन हटाकर किन-किन व्‍यक्तियों के नाम दर्ज किये गये तथा ऐसी क्‍या विषम परिस्थिति निर्मित हो गई थी कि शासन की बेशकीमती भूमि खुर्द-बुर्द करनी पड़ी? (ग) क्‍या उक्‍त वर्णित खसरा क्र. प्रश्नांश (क) 751 एवं 24 की म.प्र. शासन की भूमि किस दिनांक को किस सक्षम अधिकारी के आदेश से उक्‍त व्‍यक्तियों के नाम दर्ज की गई, सम्‍पूर्ण जानकारी मय आदेश की प्रतियां उपलब्‍ध करायें तथा उक्‍त म.प्र. शासन की भूमि पर क्‍या पुन: शासन का नाम अंकित करेंगे? यदि हाँ, तो कब? समयावधि बतायें यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

गोदामों के लंबित किराए का भुगतान

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

24. ( क्र. 1543 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में वर्ष 2015-16 में मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन द्वारा कितने व कौन-कौन से गोदामों का विपणन (व्यवसायिक) अनुबंध किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्या अनुबंधित किए गए गोदामों में 4.5 माह के व्यवसाय की गारंटी सहित अनुबंध किया गया था? यदि हाँ, तो कौन-कौन से गोदामों में कितने समय के लिए कितनी-कितनी वस्तुओं का भण्डारण किया गया था? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार अनुबंध की शर्तों के अधीन कौन-कौन से गोदाम मालिकों को 4.5 माह की गारंटी के आधार पर पूर्ण किराए का भुगतान किया जा चुका है तथा किन किन का भुगतान किस कारण से शेष है? शेष भुगतान कब तक कर दिया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अतिक्रमण न हटवाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही

[राजस्व]

25. ( क्र. 434 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले में स्‍वर्गीय श्रीमती श्रवण कुमारी तिवारी विद्यापीठ शिक्षा समिति के नाम मौजा बदराव तहसील हुजूर में आराजी खसरा क्रमांक 54/25 रकबा 0.506 स्थित है, जिसके मालिक व काबिज भूमिस्‍वामी समिति है, इसके अलावा भी लगभग 5 एकड़ जमीन विद्यालय के नाम राजस्‍व रिकार्ड में दर्ज है, जिसका मालिकाना हक भी समिति को है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में स्‍वर्गीय श्रवण कुमारी तिवारी विद्यापीठ शिक्षा समिति के स्‍वत्‍व आधिपत्‍य एवं कब्‍जे दखल की भूमि के अंश रकबे पर अतिचार कर सरहंगई पूर्वक अतिक्रमणकारियों क्रमश: कताहुर चमार पिता तिल्‍ला चमार, मिर्रा कोल उर्फ बीरन कोल पिता गोविन्द कोल, बड़कईया कोल पिता रामगरीब उर्फ सिरवाइन कोल, राजमणि कोल पिता रामगरीब कोल उर्फ सिरबाइन कोल, बाबूलाल कोल पिता बुद्धसेन कोल आदि द्वारा जबरन अतिक्रमण किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) के भूमि पर प्रश्‍नांश (ख) के अतिक्रमणकारियों को जमीन से बेदखली बाबत् सचिव शिक्षा समिति द्वारा न्‍यायालय तहसीलदार हुजूर के यहां दिए गए आवेदन पर प्रकरण क्रमांक 16/ए-70/2007-08 एवं प्रकरण क्रमांक 142/अ-70/2012-13 कायम कर आवेदक एवं अनावेदकगणों को सुनवाई का युक्‍ति‍युक्‍त अवसर देकर दिनांक 22.12.2007 एवं 26.02.2016 को उपरोक्‍त अतिक्रमणकारियों को जमीन से बेदखल करने के आदेश पारित किये गये? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के आराजी पर से प्रश्‍नांश (ख) के अतिक्रमणकारियों को प्रश्‍नांश (ग) के जारी आदेश के पालन में अतिक्रमण हटाकर बेदखल नहीं किया गया? यदि हाँ, तो आदेश का पालन न करवाने, अतिक्रमण को न हटाने के लिए कौन-कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे, साथ ही अतिक्रमण हटाकर जमीन से बेदखली की कार्यवाही कब तक पूरी करावेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। मौजा बदरांव तहसील हुजूर की भूमि खसरा नम्बर 54/25 रकबा 0.506 हे. भूमि स्व. श्रीमती श्रवण कुमारी तिवारी विद्यापीठ शिक्षा समिति रीवा के नाम वर्तमान वर्ष में खसरे में दर्ज अभिलेख है एवं ग्राम बदरांव की ही अन्य भूमि खसरा नं. 55/2 रकबा 1.518 हे. भूमि समिति के नाम ही दर्ज है, जिसके खसरे के कॉलम नम्बर 12 में सम्पूर्ण रकबे पर तालाब (पोखर) है। (ख) प्रश्नांश (क) में अंकित भूमि खसरा नम्बर 54/25 के अंश हिस्से में कताहुर, मिर्रा, बडकईया, राजमणि, बाबूलाल कोल के कच्चे आवासीय घर काफी लम्बे समय से निर्मित हैं। (ग) जी हाँ। दिनांक 22.12.2007 एवं 26.02.2016 को बेदखली का आदेश पारित किया गया है। वर्तमान में आवेदित भूमि पर न्यायालय द्वारा श्री संजय कस्तवार, अपर जिला न्यायाधीश रीवा में व्यवहारवाद प्रकरण प्रचलित है, जिनके आदेश दिनांक 19.12.2016 द्वारा वादग्रस्त स्थल पर यथास्थिति बनाये रखने और उक्त भूमि पर बने अन्य किसी मकान की किसी प्रकार की क्षति न पहुंचायें, ऐसा आदेश पारित किया गया है। (घ) माननीय न्यायालय तृतीय अपर जिला न्यायाधीश रीवा में विचारित व्यवहारवाद प्रकरण में आदेश दिनांक 19.12.2016 द्वारा यथास्थिति व स्थगन आदेश जारी होने के कारण बेदखली की कार्यवाही किया जाना संभव नहीं है, अतः कोई दोषी नहीं होने से किसी के विरूद्ध कार्यवाही की जाने का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

 

 

 

 







भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


किसानों पर गोली चालन की घटना

[गृह]

1. ( क्र. 5 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में दिनांक 6 जून 2017 को आंदोलन कर रहे किसानों/प्रदर्शनकारियों के ऊपर पुलिस द्वारा गोली चलाने से किन-किन किसानों/प्रदर्शनकारियों की मृत्‍यु हुई है एवं कितने-कितने किसान/प्रदर्शनकारी घायल हुये? नाम एवं पते सहित बताया जाये। (ख) क्‍या पुलिस द्वारा कलेक्‍टर एवं जिला दण्‍डाधिकारी की बिना अनुमति के गोली चलाई गई? (ग) प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा शासन से क्‍या-क्‍या मांग की जा रही थी? शासन द्वारा किसानों के आंदोलन रोकने के लिये क्‍या कोई पहल की गई थी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) मंदसौर जिले में दिनांक 06.06.2017 को प्रदर्शनकारियों के आन्दोलन के हिंसक स्वरुप लेने पर हुये घटनाक्रम में 05 आन्दोलनकारियों की मृत्यु हुई है तथा 06 आन्दोलनकारी घायल हुए हैं, जिनकी सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) घटनाक्रम के संबंध में जाँच हेतु न्यायिक आयोग गठित है। अतः टीप दिया जाना न्यायसंगत नहीं है। (ग) प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा संबंधित मांग में खरीफ तुअर, ग्रीष्म मूंग उड़द एवं प्याज के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी शामिल थी। शासन द्वारा कृषकों को उनकी उपज के भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय सुनिश्चित किये जाने के हर संभव प्रयास किये गये। खरीदी केन्द्रों में पारदर्शिता पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फेयर एवरेज क्वालिटी की ग्रीष्म मूंग, उड़द की खरीदी प्राइस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत 10 जुलाई 2017 से 31 जुलाई 2017 तक किये जाने के प्रबंध किये गये तथा वर्तमान में ग्रीष्म मूंग 1,47,015 मे.टन उड़द 12,463 मे.टन खरीदी की गई। खरीफ 2016 की फेयर एवरेज क्वालिटी की अरहर उपज की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्राइस स्टेबिलायजेशन फंड अंतर्गत दिनांक 15 सिंतबर 2016 से 22 अप्रैल 2016 तक 1,02,884 मे.टन खरीदी की गई। बाजार दरों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आ जाने पर कृषकों की मांग एवं हितों के दृष्टिगत पुनः अरहर बाजार हस्तक्षेप योजनान्तर्गत 10 जून 2017 से 30 जून 2017 तक 90,046 मे.टन खरीदी की गई। प्याज की खरीदी करने वाले किसानों को प्याज के उचित मूल्य पर विक्रय की मांग पर राज्य शासन द्वारा संवेदनाशीलता से विचारोपरान्त बाजार हस्तक्षेप योजनान्तर्गत मार्कफेड के माध्यम से राशि रुपये 8 प्रति किलो की दर से खरीदे जाने का निर्णय लिया गया है। तद्नुसार प्रदेश में खरीदी अवधि 5 जून 2017 से 11 जुलाई 2017 तक कुल 8,50,000 मे.टन प्याज खरीदी गई। मान. मुख्यमंत्रीजी की घोषणा दिनांक 11 जून 2017 ''1000 करोड़ की लागत से मूल्य स्थिरीकरण कोष बनाया जायेगा'' के क्रम में आदेश दिनांक 29 जून 2017 जारी किया गया। द्वितीय घोषणा दिनांक 11 जून 2017 ''कृषि उत्पाद लागत एवं विपणन आयोग बनाया जायेगा'' दिनांक 13 जून 2017 को आदेश जारी किया गया। तृतीय घोषणा दिनांक 11 जून 2017 ''जिन फसलों की राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदी कर रही है, कोई भी FAQ क्वालिटी की उपज समर्थन मूल्य के नीचे नहीं खरीदी जायेगी'' के संबंध में 5 जून 2017 एवं म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के पत्र दिनांक 12 जून 2017 द्वारा निर्देश जारी किये गये। इस प्रकार प्रदेश शासन द्वारा अनेक कृषक हित के मुद्दों की नियमित समीक्षा कर सकारात्मक कार्यवाही की गई।

परिशिष्ट - ''एक''

गौशालाओं को अनुदान

[पशुपालन]

2. ( क्र. 6 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा किन-किन गौशालाओं को वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में प्रति गाय के मान से कितना-कितना अनुदान दिया गया? (ख) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा किन-किन गौशालाओं को वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में गौशालाओं के रख-रखाव हेतु कितना-कितना अनुदान दिया गया? (ग) गौ-संरक्षण हेतु केन्‍द्र सरकार द्वारा प्रदेश सरकार को विगत तीन वर्षों में कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में प्रदान की गई? पृथक-पृथक विवरण दिया जाए?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) गौशालाओं को दिये जाने वाले अनुदान की जिलावार एवं गौशालावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशि‍ष्ट अनुसार है। (ख) गौशाला के रख-रखाव एवं संचालन की जिम्मेदारी गौशाला की संचालक समिति द्वारा की जाती है। गौशालाओं के रख-रखाव हेतु राशि‍ प्रदान नहीं की जाती है। (ग) भारत सरकार के द्वारा गौ संरक्षण हेतु पृथक से कोई राशि‍ प्रदान नहीं की गई है।

दुग्‍ध संघों में कार्यरत ठेका श्रमिक

[पशुपालन]

3. ( क्र. 11 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल सहित प्रदेश के किन-किन दुग्‍ध संघों में कितने-कितने ठेका श्रमिक/कर्मचारी कार्यरत हैं? पृथक-पृथक संख्‍या बताई जाये। (ख) किन-किन दुग्‍ध संघों द्वारा उनमें कार्यरत ठेका श्रमिकों/कर्मचारियों का नया सेटअप बनाया गया है? (ग) क्‍या दुग्‍ध संघों में ठेके पर कार्यरत श्रमिकों/कर्मचारियों के लिए किये गये अनुबंध अनुसार ठेकेदारों द्वारा अनुबंध का पालन किया जा रहा है? (घ) क्‍या भोपाल दुग्‍ध संघ द्वारा नये सेटअप में कनिष्‍ठ परिचारक का पद स्‍वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो उन्‍हें नियमित वेतनमान कब से दिया जाएगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) भोपाल सहित प्रदेश के अन्य दुग्ध संघों में कार्यरत ठेका श्रमिक की संघवार संख्या निम्नानुसार है। भोपाल सहकारी दुग्ध संघ भोपाल - 795, इन्दौर सहकारी दुग्ध संघ इन्दौर - 592, उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ उज्जैन -355, ग्वालियर सहकारी दुग्ध संघ ग्वालियर - 172, जबलपुर सहकारी दुग्ध संघ जबलपुर-274 (ख) सहकारी दुग्ध संघों द्वारा कार्यरत ठेका श्रमिकों के लिए सेटअप का प्रावधान नहीं है। कार्य की आवश्यकतानुसार ठेका श्रमिकों की संख्या में कमी अथवा वृद्धि‍ की जाती है। सेटअप नियमित अधि‍कारियों/कर्मचारियों का ही बनाया जाता है। (ग) सामान्यतया सहकारी दुग्ध संघों में ठेके पर कार्यरत श्रमिकों के लिए किये गये अनुबंध अनुसार ही ठेकेदारों द्वारा अनुबंध का पालन किया जा रहा है। (घ) जी हाँ। अनुकंपा नियुक्ति‍ से भरे गए 28 पदों पर नियमित वेतनमान दिया जा रहा है शेष पदों पर भर्ती संबंधी कार्यवाही वर्तमान में नहीं की गई है अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थि‍त नहीं होता है।

राजस्व बोर्ड ग्वालियर के फैसलें में अपील

[राजस्व]

4. ( क्र. 29 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न संख्या 15 ( क्रमांक 48 ) दिनांक 6 मार्च 2017 के उत्तर में स्वीकार किया है कि राजस्व बोर्ड के एक सदस्य को अभी हटाया है तथा राजस्व बोर्ड के फैसले की हम अपील कर सकते हैं व जो मामले आप ध्यान में लायेगें हाईकोर्ट में भी अपील करते है? इस सबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा अशोकनगर शहर के मध्य भौसले का बाडा की करोड़ों की शासकीय भूमि का नामांतरण गजराजसिंह पुत्र अमोलसिह खानपुर ब्लॉक चंदेरी के नाम तथा अशोकनगर के पिपरई व अथाईखेड़ा की शासकीय भूमि का भी यादवेन्द्र व अजय के नाम शासकीय भूमि का नामांतरण कर दिया जाने के संबंध में लिखे गये पत्र पर इन फैसलों की समीक्षा कर नामांतरण निरस्त कर भूमि को शासकीय घोषित करेंगे? (ख) यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) राजस्‍व मण्‍डल प्रकरण क्रमांक 788/2016 में पारित आदेश दिनांक 14-03-16 द्वारा गजराज सिंह पुत्र अलोल सिंह का नामान्‍तरण आदेश पारित किया गया था। अध्‍यक्ष राजस्‍व मण्‍डल के द्वारा प्रकरण को पुन‍र्विलोकन में लिया गया है। पुनर्विलोकन प्रकरण क्रमांक पुनर्विलोकन 110/।/17 में कार्यवाही प्रचलित है। जिसमें इस न्‍यायालय का प्रकरण क्रमांक 110 6/14-15 भेजा गया है। ग्राम अथाईखेड़ा की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 695/1 696/2 को न्‍यायालयीन प्रकरण 02/स्‍वमेव निगरानी/2015-16 में पारित आदेश दिनांक 20-02-2017 से उक्‍त भूमि शासकीय घोषित की जा चुकी है। जिसका अमल राजस्‍व अभिलेख में कर दिया गया है। ग्राम पिपरई में नायब तहसीलदार के प्रकरण क्रमांक 1819/2003-04 में पारित आदेश दिनांक 05-07-2004 को आयुक्‍त ग्‍वालियर के प्रकरण क्रमांक 266/2007-08 में पारित आदेश दिनांक 05-12-2008 से निगरानी निरस्‍त कर दी गई थी तथा राजस्‍व मण्‍डल ग्‍वालियर द्वारा उनके न्‍यायालय के प्रकरण क्रमांक 22-11/2014 पारित आदेश दिनांक 19-05-2014 से निगरानी निरस्‍त कर दी गई थी। जिसे राजस्‍व मण्‍डल द्वारा पुनर्विलोकन में लेकर प्रकरण क्रमांक 4155-11/2014 में पारित आदेश दिनांक 06-01-2016 के द्वारा आयुक्‍त के आदेश को निरस्‍त करते हुए नायब तहसीलदार मूंगावली का आदेश यादवेन्‍द सिंह पुत्र देशराज सिंह के पक्ष में स्थिर रखा गया है। वर्तमान अभिलेख एवं कम्‍प्‍यूटर अभिलेख में भूमि शासकीय पठार दर्ज है। (ख) वरिष्‍ठ न्‍यायालय में विचाराधीन प्रकरणों के निराकरण के संबंध में समय-सीमा बताई जाना कठिन है।

 

आरोपियों की गिरफ्तारी

[गृह]

5. ( क्र. 30 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जून 2016 को ग्राम पलकटोरी जिला अशोकनगर में सर्वे क्रमांक 459 रकबा 4.749 के अंश भाग व ग्राम मनकपूर सर्वे क्रमांक 40 रकबा 5.223 हेक्टेयर के अंश भाग पर 102640 घन मीटर अवैध मुरम उत्खनन के विरूद्ध अपराध क्रमांक 266/16 धारा 353, 341, 186, 379, 147, 148, 149 का प्रकरण कायम किया गया है जिसमें 4 आरोपियों व अन्य 15-20 अज्ञात व्यक्तियों में सिर्फ 2 आरोपी ही क्यों गिरफ्तार हुए जबकि दो मुख्य आरोपी पुलिस ने फरार घोषित कर रखे है? जबकि वे खुलेआम घूम रहे है व जिला पंचायत व मण्डी की बैठकों में भाग ले रहे है? (ख) घटना के 1 वर्ष बाद भी उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है व कब तक गिरफ्तारी होगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। प्रश्नांश में उल्लेखित अपराध में नामजद मनोज पुत्र प्राणसिंह दांगी, उम्र 34 साल, निवासी लेकसिटी, अशोकनगर, लखन पुत्र सनमान यादव, उम्र 46 साल, निवासी तायडे कालोनी, अशोकनगर एवं अज्ञात आरोपियों में से वीरपाल पुत्र संतोष यादव, उम्र 30 साल, निवासी ग्राम सिलपटी, थाना ईसागढ़ एवं करतार सिंह पुत्र दौलत सिंह केवट, उम्र 23 साल, निवासी ग्राम करई, थाना करैया जिला शिवपुरी कुल 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना में शामिल न होने के संबंध में यादवेन्द्र यादव व अजय यादव ने आवेदन पत्र दिया है, जिसकी जाँच अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अशोकनगर द्वारा की जा रही है। आवेदन की जाँच उपरांत आये तथ्यों के आधार पर व विवेचना में आए साक्ष्य के समग्र आंकलन उपरांत विधि अनुसार कार्यवाही की जावेगी। प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है। (ख) प्रश्नांश का उत्तर प्रश्नांश (क) के उत्तर में समाहित है।

प्रदेश में किसान द्वारा आत्‍महत्‍या किया जाना एवं पुलिस गोली चालन से किसानों की मृत्‍यु

[गृह]

6. ( क्र. 41 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुलिस मुख्‍यालय में उपलब्‍ध जानकारी के अनुसार माह जनवरी, 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में प्रदेश के किन-किन जिलों में किसानों, खेतिहरन मजदूर एवं विद्यार्थियों द्वारा किन-किन कारणों से आत्‍महत्‍याएं किये जाने के प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं? इन मृतक किसानों के निकटतम किन-किन परिजनों को कितने-कितने रूपयों की राशि आर्थिक सहायता व अन्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराई गई है? नाम व पते सहित सूची दें। (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3038, उत्‍तर दिनांक 20 मार्च, 2015 में प्रदेश में वर्ष 2004 से लेकर माह फरवरी 2015 तक दो हजार नौ सौ इकतीस कृषक आंदोलन होने की जानकारी दी गई थी? यदि हाँ, तो माह मार्च 2015 से माह मार्च 2017 तक की अवधि में प्रदेश में कितने कृषक आंदोलन किये गये वर्षवार संख्‍या बतायें। (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में अप्रैल 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश में कहाँ-कहाँ पर कृषक आंदोलन किन-किन समस्‍याओं/मांगों को लेकर किये गये? इन कृषक आंदोलनों में पुलिस द्वारा कहाँ-कहाँ पर बल प्रयोग/गोली चालन आदि किया गया? पुलिस द्वारा गोली चालन से किन-किन कृषकों एवं अन्‍य लोगों की मृत्‍यु हुई एवं कितने किसान एवं अन्‍य लोग घायल हुये, राज्‍य सरकार द्वारा मृतकों/घायलों के निकटतम किन-किन परिजनों को कितनी-कितनी राशि की आर्थिक सहायता एवं सरकारी नौकरी एवं अन्‍य सहायता उपलब्‍ध कराई गई? नाम व पता सहित सूची दें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 552 के दोनों ओर किये गये अतिक्रमण को हटाया जाना

[राजस्व]

7. ( क्र. 42 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले की नगर परिषद् लहार से ग्राम चिरौली, अदलीशपुरा, किलामपुरा तक राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 552 (भिण्‍ड भाण्‍डेर रोड) की सीमा से 50 मीटर अंदर दोनों ओर किन-किन व्‍यक्तियों द्वारा अतिक्रमण कर लिया है? नाम व पता सहित बतायें। (ख) उपरोक्‍त भूमि पर कब्‍जा कर किन-किन ने मकान व दुकानें कब-कब से बनाई गई है तथा अतिक्रमण हटाने हेतु नगर परिषद् लहार व राजस्‍व/नजूल विभाग ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही वर्ष 2008 से वर्ष 2017 तक की है? (ग) उपरोक्‍त भूमि पर अतिक्रमण कब तक हटा लिया जावेगा? अभी तक अतिक्रमण न हटाने के दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या लहार बस स्‍टैण्‍ड से फार्मेसी कॉलेज तक राजस्‍व विभाग के अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण न हटाने से लोक निर्माण विभाग द्वारा स्‍वीकृत सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है? यहि हां, तो कब तक अतिक्रमण हटा लिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) प्रश्‍नाधीन अतिक्रामकों की नाम पते सहित सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) उपरोक्‍त संलग्‍न परिशिष्‍ट में उल्‍लेखित अतिक्रामकों ने लगभग 25-30 वर्ष से अतिक्रमण कर मकान दुकान बनाये है। विधि अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जा रही है। (ग) अतिक्रमण हटाने हेतु न्‍यायालयीन प्रक्रिया प्रचलित है। न्‍यायालयीन प्रक्रिया होने से निश्चित समय बताना संभव नहीं है। अत शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) लहार बस स्‍टैण्‍ड से फार्सेसी कॉलेज तक पूर्व में चिन्‍हित अतिक्रामकों को विधिवत नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटा दिया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा स्‍वीकृत सड़क का निर्माण कार्य अतिक्रमण के कारण बाधित न होकर निजी भूमि पर से सड़क बनाई जाने के कारण है।

परिशिष्ट - ''दो''

नल-जल योजना के कार्य

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

8. ( क्र. 55 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या माननीय मंत्री लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी एवं जेल विभाग म.प्र. शासन भोपाल के पत्र क्र. 66, दिनांक 17/02/2017 को अधूरी पड़ी राजनगर विधान सभा क्षेत्र की नल-जल योजनाओं की स्‍वीकृति की सूचना दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो कार्य में विलम्‍ब क्‍यों हो रहा है? (ग) छतरपुर जिले की राजनगर विधान सभा क्षेत्र के 15 गांवों की अधूरी नल-जल योजना की पूर्ति बरसात में क्‍या संभव है? (घ) क्‍या विभागीय अधिकारियों ने समय से टेंडर जारी किये? यदि हाँ, तो कब-कब और कितनी समय-सीमा में कार्य प्रारंभ कराया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। इस पत्र द्वारा बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने हेतु दी गई स्वीकृति की सूचना दी गई थी। (ख) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। सभी 15 बंद नल-जल योजनाओं के सुधार कार्य हेतु निविदायें दिनांक 22.3.2017 एवं दिनांक 20.4.2017 को आमंत्रित की गई परंतु निविदाकारों के द्वारा भाग नहीं लिया गया। पुनः निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) उत्तरांश अनुसार। (घ) जी हाँ, उत्तरांश अनुसार। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

किसान आंदोलन 2017

[गृह]

9. ( क्र. 87 ) श्री आरिफ अकील : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में माह जून 2017 में कर्जा माफी व अन्‍य मांगों को लेकर किसान संघ द्वारा बड़े पैमाने पर किसान आंदोलन आयोजित किया गया और पुलिस प्रशासन को भनक तक नहीं लगी? यदि हाँ, तो पुलिस के खुफिया तंत्र फेल होने के क्‍या कारण रहे? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रदेश के किस-किस जिले में किन-किन किसानों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किए जाकर जेल भेजे गये तथा किन-किन किसानों की मृत्‍यु कैसे (पुलिस की गोली से, भीड़ की भगदढ़ से तथा अन्‍य कारणों से) हुई है? उनके नाम व पता सहित बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में आंदोलन के दौरान वाहन जलाने सहित दूध, फल, सब्‍जी तथा लूट-पाट आदि के नाम पर किन-किनका, कितना-कितना अनुमानित माली नुकसान हुआ है अलग-अलग जिलेवार बतावें? (घ) विगत 05 वर्षों की स्थिति में प्रदेश के किस-किस जिले में कितने-कितने किसानों ने कर्ज में डूबने फसल चौपट होने तथा आर्थिक तंगी के कारण आत्‍महत्‍या की? जिलेवार बतावें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) यह सही नहीं है कि आंदोलन के बारे में पुलिस प्रशासन को भनक नहीं लगी। खुफिया तंत्र पर्याप्त रुप से सक्रिय था। (ख) प्रश्नांश (ख) में चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। आंदोलन के दौरान जिला मंदसौर में 6 व्यक्तियों की मृत्यु होना पाया गया। यह मृत्यु किन कारणों से व कैसे हुई इसकी जाँच के लिये शासन के द्वारा अपने आदेश क्र./म.प्र. सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय क्र. एफ 24-08/17/1-10 भोपाल दिनांक 12.06.17 एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग व कलेक्टर मंदसौर के द्वारा अपने आदेश क्र-662/सालेख/2017 मंदसौर दिनांक 22.06.17 से मजिस्ट्रीयल जाँच आदेशित की गई है। मंदसौर के अतिरिक्त किसी अन्य जिले में इस दौरान किसानों की मृत्यु की घटना घटित होना नहीं पाया गया है। (ग) आंदोलन के दौरान आगजनी, लूटपाट आदि घटनाओं में नागरिकों की अचल-चल सम्पत्ति के नुकसान के आंकलन एवं मुआवजे के संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) प्रश्‍नांश में उल्लेखित शीर्ष के तहत वर्ष 2012 एवं 2013 में चाही गई जानकारी एकत्रित नहीं की जाती थी। अतः प्रश्नांश की शेष वर्षों की जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है।

अधिक खाद्यान्‍न वितरण के दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

10. ( क्र. 88 ) श्री आरिफ अकील : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला कटनी अंतर्गत शा.उ.मू. की दुकान बिचुआ, गुदरी, संसारपुर, तेवरी, सलैयाप्‍यासी पहरूआ के द्वारा निर्धारित राशन कार्ड से अधिक आवंटन/वितरण किए जाने की शिकायतों के आधार पर दिनांक 19.11.2013, 17.05.2014 एवं 14.06.2014 तथा पिपरौंध क्रमांक 4201015 के विरूद्ध जाँच प्रतिवेदन के अनुसार दोषी पाए जाने के बाद भी कार्यवाही नहीं की गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या कटनी शहरी क्षेत्र की समस्‍त शा.उ.मू. की दुकान द्वारा माह जून 2016 से सितम्‍बर 2016 तक का खाद्यान्‍न वितरण संबंधित स्‍टॉक रजिस्‍टर, बिक्री रजिस्‍टर एवं पी.ओ.एस. मशीन से वितरण की पर्चिया जिला खाद्य कार्यालय कटनी में आज दिनांक तक प्रस्‍तुत नहीं की गई है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शा.उ.मू. की दुकान भजिया के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करने हेतु थाना प्रभारी तहसील बड़वारा जिला कटनी को जिला अपूर्ति अधिकारी कटनी द्वारा दिनांक 01.09.2016 को पत्र लिखा था और सुधीर दुबे सहायक अपूर्ति अधिकारी कटनी को निर्देशित किया था कि समस्‍त दस्‍तावेज थाने में प्रस्‍तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराकर रिपोर्ट की प्रति प्रस्‍तुत करने हेतु लिखा था? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में दोषियों के विरूद्ध समय रहते कार्यवाही नहीं करने हेतु कौन-कौन अधिकारी दोषी है तथा दो‍षियों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों व कारण सहित यह अवगत करावे कि कब तक कार्यवाही की जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रश्नांश '' में उचित मूल्‍य दुकान पिपरौंध क्रमांक 4201015 को छोड़कर अन्‍य उल्लेखित उचित मूल्य दुकानों के जाँच संबंधी कोई प्रतिवेदन जिला खाद्य कार्यालय को प्राप्‍त नहीं हुए है। पिपरौंध की जाँच के प्रतिवेदन अनुसार सचिव-ग्राम पंचायत पिपरौंध श्री पंकज जैन, विक्रेता श्री राजेन्द्र सिंह एवं जिला विपणन अधिकारी श्री श्‍यामजी मिश्रा दोषी पाए गए, जिसमें सचिव- ग्राम पंचायत पिपरौंध को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जिला पंचायत) कटनी के आदेश क्रमांक 7717 दिनांक 21.09.2016 द्वारा निलंबित किया गया था वर्तमान में इनकी विभागीय जाँच प्रचलित है। जिला विपणन अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने हेतु प्रबंध संचालक म.प्र. राज्य विपणन संघ मर्यादित भोपाल को लिखा गया था, जिसमें इनकी जाँच की जाकर दोषमुक्त पाये जाने से प्रकरण समाप्त कर दिया गया तथा विक्रेता के विरूद्ध प्रकरण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी कटनी में प्रचलित है। (ख) प्रश्‍नांश '' में कटनी शहरी क्षेत्र की समस्त उचित मूल्‍य दुकानों के उल्‍लेखित अभिलेख कार्यालय कलेक्‍टर (खाद्य) जिला कटनी द्वारा नहीं चाहे गए थे, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। (घ) उचित मूल्‍य दुकान भजिया के संबंध में दोषियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज किए जाने हेतु सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री सुधीर दुबे द्वारा अपने पत्र दिनांक 19.09.2016 द्वारा जिला आपूर्ति अधिकारी, कटनी को अवगत कराया गया था कि थाना प्रभारी एवं सहायक पुलिस निरीक्षकों द्वारा अध्‍ययन कर बताया गया है कि प्रकरण संबंधित विभाग में ही विचाराधीन योग्‍य होने से प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती है, इस हेतु कार्यालय कलेक्‍टर (खाद्य) जिला कटनी द्वारा पुलिस अधीक्षक कटनी को पत्र क्रमांक 654/खाद्य/वि../2017 दिनांक 03.07.2017 द्वारा भी लेख किया गया था। अतएवं उक्‍त प्रकरण में आवश्‍यक कार्यवाही किये जाने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। उचित मूल्‍य दुकान पिपरौंध के विक्रेता के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने हेतु कार्यालय कलेक्‍टर (खाद्य) जिला कटनी द्वारा दिनांक 10.06.2015 को आदेशित किया गया था, जिसमें विलंब किये जाने से सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री कुंदन सिंह भदौरिया एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री संतोष नंदनवार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। वर्तमान में माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 07.04.2017 में प्राथमिकी अपास्‍त कर अन्‍य विधि सम्‍मत कार्यवाही किये जाने हेतु विभाग को निर्देशित किया गया है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

राजस्व विभाग में नवीन तहसीलों में प्रथम/द्वितीय श्रेणी कर्मचारियों की पदपूर्ति

[राजस्व]

11. ( क्र. 101 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य शासन द्वारा विगत 5 वर्षों में राज्य की जनता की सुविधा की दृष्टि से कितनी तहसील एवं उप तहसील की स्वीकृति की गई है उसकी जानकारी दी जावे. उक्त अवधि में इंदौर संभाग में कितनी तहसील स्वीकृत की गई, इन नवीन तहसीलों में कितने लिपिकीय एवं भृत्यों के पद स्वीकृत किये गए है? (ख) क्या इन नवीन तहसीलों में प्रथम श्रेणी एवं द्वि‍तीय श्रेणी लिपिक के पूर्व सेट अप अनुसार नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं, जब की पूर्व में स्वीकृत नवीन तहसीलों में प्रथम और द्वितीय श्रेणी लिपिकों की पदस्थापना की गई थी जबकि नवीन स्वीकृत तहसीलों में नहीं की जा रही है? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) के अनुसार नवीन स्वीकृत तहसीलों में प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी लिपिकों की पद पूर्ति न होने से शासन के कार्य प्रभावित नहीं हो रहे है? यदि कार्य प्रभावित हो रहे हैं तो शासन इन पदों की स्वीकृति कब तक करेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्वीकृत नल-जल योजनाओं का कार्य प्रारंभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

12. ( क्र. 145 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र बण्डा में वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कितनी नल-जल योजनाएं, कितनी लागत से स्वीकृत हुईं? क्या इसके स्वीकृति आदेश क्रियान्वयन एजेन्सी को प्रदाय किए जा चुके हैं? (ख) विभाग द्वारा कार्य प्रारंभ करने के टेण्डर कब जारी किए गए हैं? किन-किन पंचायतों के टेण्डर स्वीकृत हो चुके हैं तथा किन-किन पंचायतों के टेण्डर अभी तक नहीं हुए हैं तथा स्‍वीकृत न होने के क्या कारण है? (ग) क्या ठेकेदार से कराए जाने वाले अनुबंध पत्र में आगामी पाँच वर्षों तक संबंधित नल-जल योजनाओं का संधारण/रख-रखाव करने की कंडिका का समावेश होने के कारण ठेकेदार टेण्डर नहीं डाल रहे हैं? यदि हाँ, तो क्या इसके कारण जनता पेय-जल से वंचित नहीं रह जाएगी।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कोई भी नवीन नल-जल योजना स्वीकृत नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है, परंतु विधानसभा क्षेत्र बण्डा अंतर्गत बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने हेतु विकासखण्ड शाहगढ़ एवं बण्डा हेतु क्रमशः दिनांक 11.3.2017 एवं 26.3.2017 को निविदाएं आमंत्रित की गई थीं, परंतु किसी निविदाकार द्वारा भाग नहीं लिया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। अन्य जिलों में निविदाएं प्राप्त हुई हैं। प्रश्नाधीन क्षेत्र से संबंधित निविदाएं पुनः आमंत्रित की जा रही हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का क्रियान्वयन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

13. ( क्र. 146 ) श्री हरवंश राठौर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनान्तर्गत विधानसभा क्षेत्र बंडा के सभी बी.पी.एल. कार्डधारियों को गैस कनेक्शन प्रदाय किए जा चुके हैं? शेष ग्राम पंचायतों में हितग्राहियों को गैस कनेक्शन प्रदाय नहीं करने का क्या कारण रहा है? विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सेसई साजी, घुराटा, सलैया, कलराहो, ढांड़, बम्हौरीमाफी में इस योजना का लाभ क्यों नहीं दिया गया। (ख) जिला सागर में क्या विधानसभा क्षेत्रवार शासन ने कोई लक्ष्य निर्धारित किया है? यदि नहीं, तो बण्डा में सबसे कम केवल 5639 कनेक्शन दिए गए हैं जबकि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में कई गुना ज्यादा हितग्राहियों को लाभ दिया गया है। इस भिन्नता का क्या कारण है? (ग) बंडा की गैस एजेन्सियों द्वारा बी.पी.एल. कार्ड धारियों को आवेदन पत्र क्यों नहीं दिए जा रहे हैं? क्या विभाग से ऐसा प्रतिबन्ध लगाया गया है? बण्डा के शेष रहे हितग्राहियों को कब तक गैस कनेक्शन मिल जावेंगे एवं दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) भारत सरकार द्वारा सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 में सर्वेक्षित परिवार के अंतर्गत ऐसे परिवार जो निर्धारित 7 श्रेणियों में से किसी भी एक वंचित श्रेणी के अंतर्गत आने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत गैस कनेक्‍शन प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। विधानसभा क्षेत्र बंडा में प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत राज्‍य को प्राप्‍त लक्ष्‍य एवं पात्रता अनुसार हितग्राहियों को गैस कनेक्‍शन प्रदाय किए जा रहे हैं। ग्राम सेसई साजी में 54, कलहारो में 18, ढाड़ में 12, बम्‍हौरमाफी में 55 हितग्राहियों को योजना अंतर्गत गैस कनेक्‍शन प्रदाय किए जा चुके हैं। ग्राम पंचायत सलैया में 23 आवेदन प्राप्‍त हुए हैं, जिन पर गैस एजेंसी के द्वारा कनेक्‍शन जारी करने की कार्यवाही प्रचलित है। ग्राम घुराटा के किसी भी हितग्राही का नाम सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 की सर्वेक्षित सूची में निर्धारित 7 श्रेणियों में से किसी भी एक वंचित श्रेणी के अंतर्गत न होने के कारण गैस कनेक्‍शन जारी नहीं किये जा सके है। (ख) समस्‍त पात्र परिवारों को योजना प्रारंभ से 03 वर्ष की अवधि में प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत गैस कनेक्‍शन प्रदाय करने का प्रावधान है। विधानसभा क्षेत्र बंडा में प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत कुल 13,847 गैस कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराए जा चुके हैं। जिले में कुल 08 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें कुल 99,082 गैस कनेक्‍शन जारी किए जा चुके हैं। (ग) प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 में सर्वेक्षित परिवार के अंतर्गत ऐसे परिवार जो निर्धारित 7 श्रेणियों में से किसी भी एक वंचित श्रेणी के अंतर्गत आने वाले परिवारों को ही गैस कनेक्‍शन दिये जाना है। जिन हितग्राहियों का नाम सूची में नहीं है, उनको गैस कनेक्‍शन की पात्रता न होने के कारण उनको आवेदन पत्र उपलब्‍ध नहीं कराए गए है। विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों को आवदेन देने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगया गया है। पात्र हितग्राहियों को उचित मूल्‍य दुकानों एवं गैस एजेन्सियों के माध्‍यम से गैस कनेक्‍शन हेतु आवदेन वितरण एवं प्राप्ति का कार्य किया जा रहा है तथा इसका प्रचार-प्रसार भी कराया गया है। प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत पात्र हितग्राहियों को 3 वर्ष में गैस कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराया जाना है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता

इंजीनियरिंग कॉलेज भवन निर्माण

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

14. ( क्र. 155 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिला मुख्यालय पर शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज स्वीकृत हुआ है? (ख) यदि हाँ, तो यह इंजीनियरिंग कॉलेज किस योजना अंतर्गत स्वीकृत हुआ है तथा इस इंजीनियरिंग कॉलेज में कौन-कौन से संकायों में अभियांत्रिकी उपाधी/डिग्री प्रदान की जावेगी? (ग) इस इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन हेतु कितनी धन राशि स्वीकृत हुई है तथा क्या भवन हेतु निविदा प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है? (घ) यदि हाँ, तो क्या इंजीनियरिंग कॉलेज के भवन निर्माण हेतु आवश्यक प्रशासकीय एवं अन्य स्वीकृतियों का केबिनेट से अनुमोदन हो चुका है? (ङ) यदि नहीं, तो, प्रकरण किस स्तर पर लंबित है? (च) क्या शैक्षणिक सत्र 2017-18 में एडमिशन प्रारंभ किये जावेंगे ताकि अ.ज.जा. बाहुल्य धार जिले के प्रथम इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों को शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध हो सके।

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी नहीं। (ख) राष्‍ट्रीय शिक्षा अभियान (रूसा) योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) कॉलेज के भवन हेतु 60 प्रतिशत केन्‍द्र शासन से एवं 40 प्रतिशत राज्‍य शासन द्वारा स्‍वीकृति का प्रावधान किया गया है। उत्‍तरांश '''' के संबंध में शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश '''' के संबंध में शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्‍तरांश '''' के संबंध में शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (च) उत्‍तरांश '''' के संबंध में शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नलकूप खनन मशीनों की उपलब्धता

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( क्र. 218 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर जिले में नलकूप खनन हेतु कौन-कौन सी कितनी मशीनें हैं? (ख) ये मशीनें किस अधिकारी के आदेश से खनन कार्य करती हैं?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जबलपुर जिले में बी.ई.सी.-9 (डी.टी.एच.), एल.एम.पी.-2 (रोटरी) एवं मेहू एम.पी.जेड-763 (रोटरी) इस प्रकार कुल 03 मशीनें कार्यरत हैं। (ख) संबंधित कार्यपालन यंत्री, मैकेनिकल खण्ड के आदेशानुसार।

जबलपुर जिले में नलकूप धंसकने पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

16. ( क्र. 219 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जबलपुर जिले में गत तीन वर्षों में खनित किये गये नलकूपों में अधिकांश धंसक गये हैं? (ख) जो नलकूप धंसके हैं उनमें क्‍या पर्याप्‍त केसिंग नहीं डाली गई? (ग) धंसक गये नलकूपों के लिये कौन जिम्मेदार है? (घ) क्या नलकूप धंसकने से रोकने हेतु कोई कार्यवाही/योजना प्रस्तावित है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं, पर्याप्त केसिंग डाली गई है। (ग) भू-गर्भीय स्ट्रैटा के अनुसार केसिंग डाली जाती है, उत्तरांश- के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) नलकूप खनन के समय प्राप्त धसकने वाले स्ट्रैटा को रोकने हेतु केसिंग डाली जाती है।

दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

17. ( क्र. 266 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कार्यालय प्रमुख अभियंता लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग मध्‍यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक 36/सी-7-जे-108/प्र.अ./लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग/15 भोपाल दिनांक 07.07.2015 के परिपालन में अभी तक क्‍या कार्यवाही हुई है? जाँच प्रतिवेदन सहित संपूर्ण जानकारी प्रदान करें। (ख) क्‍या जाँच प्रतिवेदन में खण्‍ड अनूपपुर में कार्यरत अधिकारी दोषी पाये गये? यदि हाँ, तो अब तक संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि कार्यवाही नहीं की गई है, तो कारण क्‍या है? (ग) संबंधित अधिकारी कहाँ-कहाँ और कब से पदस्‍थ हैं?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जाँच दल से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन अनुसार प्रथम दृष्टया श्री आर.वाय.तिवारी श्री यू.एस.नामदेव, श्री हीरासिंह धुर्वे, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, खण्ड अनूपपुर श्री के.के.गुप्ता, प्रभारी सहायक यंत्री, श्री आर.पी. अहिरवार, श्री एस.पी.द्विवेदी, उपयंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखण्ड अनूपपुर उत्तरदायी पाये गए हैं। संबंधितों में से श्री हीरासिंह धुर्वे, कार्यपालन यंत्री श्री आर.पी.अहिरवार एवं श्री एस.पी.द्विवेदी उपयंत्रियों के विरूद्ध शासन के पत्र क्रमांक-एफ-5-6/17/1-34, दिनांक 04.03.2017 द्वारा एवं श्री के.के.गुप्ता, सेवानिवृत्त प्रभारी सहायक यंत्री को शासन के समसंख्यक पत्र दिनांक 30.06.2017 द्वारा आरोप पत्र जारी कर दिये गए हैं शेष सेवानिवृत्त श्री आर. वाय.तिवारी एवं श्री यू.एस.नामदेव की सेवानिवृत्ति तथा अपचार की घटना चार वर्ष से अधिक होने के कारण उनके विरूद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के तहत कार्यवाही की जाना संभव नहीं है। जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ, स्थल निरीक्षण जाँच प्रतिवेदन अनुसार प्रथम दृष्टया उत्तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध आरोप पत्र जारी किये गए हैं। विभागीय जाँच होने के उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जाएगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

बंद नल-जल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

18. ( क्र. 274 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गुना जिले के राघौगढ़ और आरोन विकासखण्‍ड में कितनी नल-जल योजनाएं कहाँ-कहाँ स्‍थापित की गई हैं? उनमें से कितनी योजनाएं पूर्ण रूप से और कितनी आंशिक रूप से बंद हैं और इसके क्‍या कारण हैं? (ख) राघौगढ़ और आरोन विकासखण्‍ड में कितनी बसाहट में पानी के लिये कितने हैंडपंप है? कितने हैडपंपों में पानी का स्‍तर कम होने से स्‍थाई तौर पर बंद है, कितने गांव/बसाहट हैडपंप विहीन है? उनके नाम भी बतायें वहां पेयजल की विभाग ने क्‍या व्‍यवस्‍थाएं की है? (ग) विभाग द्वारा पूर्ण की गई कितनी नल-जल योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्‍तांतरित की गई हैं? ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित कितनी योजनाएं पूर्ण और आंशिक रूप से बंद हैं वर्ष 2013-14 से अब तक सिविल और मै‍केनिकल डिविज़न में कितनी राशि किन-किन कार्यों पर व्‍यय की गई है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 78 नल-जल योजनायें स्थापित हैं, जिनमें 02 पूर्ण रूप से एवं 03 आंशिक रूप से बंद हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) 927 बसाहटों में 2475 हैण्डपंप स्थापित हैं, जिनमें 176 हैण्डपंपों में जलस्तर कम होने से ग्रीष्म ऋतु के दौरान अस्थाई तौर पर बन्द हो जाते हैं, स्थाई तौर पर नहीं। हैंडपंप विहीन कोई भी बसाहट नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) 200 नल-जल योजनायें। पूर्ण रूप से 06 एवं आंशिक रूप से 03 योजनायें बंद हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है।

पटवारियों के संवर्ग को राज्‍य स्‍तरीय किया जाना

[राजस्व]

19. ( क्र. 278 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजस्‍व विभाग अंतर्गत पटवारियों की पदस्‍थापना के एवं कार्यक्षेत्र एवं स्‍थानांतरण के संबंध में विभाग का दिशा-निर्देश हैं, प्रतियां उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या पटवारियों का संवर्ग जिला स्‍तरीय है अथवा नहीं? (ग) क्‍या विभाग पटवारियों के संवर्ग को राज्य स्‍तरीय संवर्ग की आवश्‍यकता महसूस करता है? यदि हाँ, तो विभाग राज्‍य स्‍तरीय संवर्ग कब तक घोषित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍या विभाग पटवारियों के जिला स्‍तरीय संवर्ग से संतुष्‍ट है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) पटवारियों की पदस्थापना कार्य क्षेत्र एवं स्थानान्तरण के संबंध में विभाग के दिशा निर्देश भू-अभिलेख नियमावली के अंतर्गत निर्धारित हैं। प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ। (ग) वर्तमान में भू-अभिलेख नियमावली अनुसार पटवारी संवर्ग जिला स्तरीय संवर्ग है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

नाबालिग बालिकाओं पर अपराध के दर्ज प्रकरण

[गृह]

20. ( क्र. 289 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 1 जनवरी 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक सागर जिले के महिला थाने सहित अन्‍य पुलिस थानों में नाबालिग बालिकाओं से संबंधित गंभीर प्रकरण किस-किस थाने में कितने-कितने दर्ज किये गये? जानकारी वर्षवार एवं थानावार देवें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार दर्ज प्रकरणों में से लंबित प्रकरणों की समीक्षा समय-समय पर नहीं की गयी है और संबंधित थाना प्रभारी द्वारा भी लंबित प्रकरणों की जानकारी गंभीरता पूर्वक वरिष्‍ठ अधिकारी के कार्यालय में नहीं भेजी गयी है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार दर्ज प्रकरणों में ऐसे कितने और किस-किस थाने के कौन-कौन से प्रकरण लंबित हैं, जिनमें अब तक विवेचना तक नहीं की गयी तथा कितने प्रकरण ऐसे हैं जिनमें चालान प्रस्‍तुत नहीं किये गये? कारण सहित जानकारी वर्षवार, थानेवार, प्रकरणवार दी जावे? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार महिला अपराधों को लेकर केन्‍द्र एवं प्रदेश सरकार तथा समय-समय पर माननीय न्‍यायालयों द्वारा दिये गये निर्देशों/आदेशों का उल्‍लंघन कर प्रकरण लंबित रखे जाने एवं वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं करने के लिये संबंधित दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक और क्‍या?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) वर्षवार एवं थानावार जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैं। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार दर्ज प्रकरणों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा समय-समय पर की जाती है एवं प्रत्येक माह थाना प्रभारियों द्वारा लंबित अपराधों की सूची वरिष्ठ अधिकारियों कार्यालयों में समीक्षा हेतु भेजी जाती है। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार अवधि में दर्ज प्रत्येक प्रकरण की लगातार विवेचना की गई है। प्रश्नांश अवधि के दौरान कुल-1522 दर्ज प्रकरणों में से 220 प्रकरण लंबित हैं, जिनमें चालान प्रस्तुत नहीं किये गये। इससे संबंधित जानकारी वर्षवार, थानावर, प्रकरणवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार महिला अपराधों के संबंध में केन्द्र एवं प्रदेश सरकार तथा समय-समय पर माननीय न्यायालयों द्वारा प्राप्त निर्देशों एवं आदेशों का पालन पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाता हैं, उक्त प्रक्रिया का पालन न करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की गई है एवं भविष्य में उल्लंघन करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध गुण-दोष के आधार पर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

किसानों पर गोली चालन की घटना

[गृह]

21. ( क्र. 357 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में किसान आंदोलन के दौरान मृत किसानों का शवपरीक्षण (पोस्टमॉर्टेम) किस समय किया गया था? किसानों का नाम व समय बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) शवपरीक्षण (पोस्टमॉर्टेम) किन-किन चिकित्सकों द्वारा किया गया था तथा शवपरीक्षण (पोस्टमॉर्टेम) किन-किन की उपस्थिति में किया गया था। (ग) शवपरीक्षण (पोस्टमॉर्टेम) के दौरान मृत किसानों के शरीर से जो गोली प्राप्त हुई थी वह किस बंदूक या रायफल से चली थी? रायफल का नाम तथा गोली का नंबर बतावें। (घ) जिस गोली से किसानों की मृत्यु हुई वह गोली किस अधिकारी/सिपाही को वितरण (इशू) की गई थी? उस अधिकारी/सिपाही का नाम बतावें तथा फायरिंग किसके आदेश पर की गई थी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) विस्तृत जानकारी की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) विस्तृत जानकारी की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जाँच हेतु न्यायिक आयोग गठित है। अतः टीप दिया जाना न्यायसंगत नहीं है। आदेश की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जाँच हेतु न्यायिक आयोग गठित है। अतः टीप दिया जाना न्यायसंगत नहीं है। आदेश की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज प्रकरण

[गृह]

22. ( क्र. 358 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में किसान आंदोलन के दौरान दिनांक 01 जून 2017 से 05 जून 2017 तक तथा 6 जून 2017 से प्रश्न दिनांक तक कितने किसानों एवं किसान परिवार पर पुलिस द्वारा क्या-क्या कार्यवाही या कौन-कौन से प्रकरण दर्ज किए गए हैं? पुलिस थानों में दर्ज प्रकरणों की अलग-अलग जानकारी देवें। (ख) जिन किसानों एवं उनके परिवारजनों पर प्रकरण दर्ज किए गए है वह प्रकरण किस आधार/सबूत पर बनाये गये हैं? किसान का नाम एवं प्रकरण के आधार की जानकारी देवें। (ग) ऐसे कितने किसानों पर प्रकरण दर्ज किये गये हैं जो बिना आधार एवं राजनैतिक द्वेषता से नाम बताने एवं शिकायत पर प्रकरण दर्ज किए गए? (घ) द्वेषता पूर्ण एवं असत्‍य शिकायत करने वाले पर भी शासन द्वारा कार्यवाही की जावेगी या नहीं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) मंदसौर जिले में दिनांक 01.06.2017 से 05.06.2017 तक 07 प्रकरण तथा दिनांक 06.06.2017 से प्रश्न दिनांक तक 93 प्रकरण आंदोलन के दौरान पंजीबद्ध किये गये हैं। दर्ज प्रकरणों की विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' तथा '''' अनुसार है। (ख) आंदोलनकारियों/प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध फरियादीगण की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज किये हैं। प्रकरण विवेचनाधीन है एवं साक्ष्य एकत्र किये जा रहे हैं। (ग) फरियादियों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज किये गये हैं। (घ) द्वेषतापूर्ण कार्यवाही नहीं की गई है।

भू-जलस्तर घटने से उत्पन्न पेयजल संकट

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

23. ( क्र. 381 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या कटनी जिले में वर्ष 2015 से 2017 की अवधि में भूजलस्तर क्रमश: निरन्तर कितने-कितने फुट घटा है और उससे पेयजल पर क्या प्रभाव पड़ा है? (ख) जिला कटनी के विकासखण्डों के कितने मैदानी एवं पहाड़ी क्षेत्रों के ग्रामों में प्रश्नांश (क) अनुसार जलस्तर कितना घटा है और विभाग को उक्त वर्षों में कितने हैण्डपम्पों व ट्यूब वेलों में अतिरिक्त‍ राईजर पाइप जोड़ने पड़े हैं और नये खनन किये गये हैं? (ग) प्रश्नांश (क) (ख) में भूजलस्तर निरन्तर घटने के कौन-कौन से कारण पाये गये हैं और इनसे आगामी 5 वर्षों में जलस्तर घटने की स्थिति क्या होना संभावित है? (घ) क्या विभाग द्वारा किन्हीं अन्य विभागों के समन्वय एवं योजनानुसार 10 वर्ष पूर्व की भूजलस्तर की स्थिति बनाये जाने का किन्हीं प्रकार का प्रयत्न प्रारंभ किया गया है? (ड.) प्रश्नांश (घ) स्तर तक पहुंचने में निर्धारित योजना में कितने वर्ष लगेंगे?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ, हैण्डपंपों तथा नल-जल योजना स्त्रोतों में जलस्तर घटा है, पेयजल व्यवस्था सुचारू रखने हेतु ऐसे स्त्रोतों में आवश्यकतानुसार राइजर पाइप बढ़ाए गये हैं, शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) भू-जल का सिंचाई आदि के लिए अत्यधिक दोहन के कारण भूजल स्तर में गिरावट होती है वर्षा ऋतु में भू-जल रिचार्ज होने पर भू-जल स्त्रोतों के जलस्तर में वृद्धि होती है। भू-जल के निरंतर अत्यधिक दोहन के फलस्वरूप आगामी 5 वर्षों में जल स्तर और घटने की संभावना है। (घ) जी नहीं। परंतु पेयजल स्त्रोतों को सतत् उपयोगी बनाये रखने का प्रयास विभाग द्वारा निरंतर किया जा रहा है, इस हेतु आवश्यकतानुसार एवं तकनीकी रूप से उपयुक्तता के आधार पर भू-जल संवर्धन कार्य, नलकूपों की हाइड्रोफ्रेक्चरिंग, राइजर पाइपों को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। (ड.) इस संबंध में अनुमान लगाया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

कारपस फण्‍ड के जमा राशि

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

24. ( क्र. 394 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदिरा गांधी शासकीय इंजीनियर कॉलेज सागर के कारपस फण्‍ड में प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि जमा है तथा इसका उपयोग किन-किन मदों में करने के निर्देश हैं? (ख) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कॉलेज के कारपस फण्‍ड से किन-किन कार्यों पर कितनी राशि व्‍यय की गयी? कार्यवार, मदवार विवरण देवें। क्‍या कार्य का भौतिक सत्‍यापन सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया है? यदि हाँ, तो दिनांक एवं पद नाम सहित बतायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के प‍रिप्रेक्ष्‍य में यदि उक्‍त फण्‍ड का उपयोग नहीं किया गया, तो इसका क्‍या कारण है तथा इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (घ) क्‍या कॉलेज की बी.ओ.जी. की 16वीं बैठक में कारपस फण्‍ड में डिपॉजिट राशि को एफ.डी.आर में शीघ्र परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया था? यदि हाँ, तो किस दिनांक को? क्‍या एफ.डी.आर. विलंब से कराने के कारण ब्‍याज दर कम होने से कॉलेज को आर्थिक हानि हुई? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन दोषी है तथा उस पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी एवं कब तक?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2014-15 में कोई व्‍यय नहीं किया गया। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभागीय आदेश दिनांक 24.09.2016 के द्वारा कार्पस फण्‍ड का उपयोग करने के नियम बनाये गये है। फण्‍ड का उपयोग न करना जाँच का विषय है। जाँच उपरांत कार्यवाही की जायेगी। (घ) जी हाँ। दिनांक 23.06.2016 को। जी हाँ। जाँच उपरांत कार्यवाही की जायेगी।

परिशिष्ट - ''छ:''

बंदूक लायसेंस प्रकरण नवीनीकरण

[गृह]

25. ( क्र. 403 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में वर्ष 2017-18 के नवीनीकरण हेतु कितने 12 बोर/रिवाल्‍वर/भरमार/राईफल बंदूक लायसेंस प्रकरण प्रश्‍न दिनांक तक विभाग में लंबित हैं? (ख) कितने बंदूक लायसेंस वर्ष 2017-18 में नवीनीकरण हेतु जमा किये गये थे जो नवीनीकरण दिनांक के लगभग 03 या 04 माह बाद विभाग द्वारा नवीनीकरण/जारी किये गये हैं? (ग) क्‍या शासन बंदूक लायसेंस नवीनीकरण में हो रहे विलम्‍ब के लिये दोषी अधिकारियों/शाखा प्रभारी के विरूद्ध समय पर बंदूक लायसेंस नवीनीकरण न किये जाने पर कार्यवाही करेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) सागर जिले में वर्ष 2017-2018 के नवीनीकरण हेतु 12 बोर/रिवाल्वर/भरमार/रायफल/बंदूक लायसेंस के प्रश्न दिनांक तक कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। (ख) सागर जिले में वर्ष 2017 में नवीनीकरण हेतु 12 बोर के 1096, रिवाल्वर के 129, भरमार के 14 एवं रायफल के 195 कुल 1434 शस्त्र लायसेंस प्रश्न दिनांक तक नवीनीकरण हेतु प्राप्त हुये हैं। जिनका समय-सीमा में नवीनीकरण किया जा चुका है। (ग) शस्त्र लायसेंस नवीनीकरण में किसी प्रकार का कोई विलंब नहीं हुआ है। अतएव दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बैकलॉग तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पदों की पूर्ति

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

26. ( क्र. 405 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विशेष भर्ती अभियान के अंतर्गत शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग महाविद्यालय सागर में बैकलॉग/कैरिफारवर्ड के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के वर्ष 2003 एवं 2006 में नियुक्‍त कर्मचारियों के पदों के स्‍वशासी सेवा में अंतरण संबंधी म.प्र. का राजपत्र प्रदान करें। (ख) विशेष भर्ती अभियान के अंतर्गत बैकलॉग तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के स्‍वशासी सेवा भर्ती नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) महाविद्यालय में बैकलॉग से नियुक्‍त तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को सोसायटी की सेवा शर्तें एवं सुविधायें कौन-सी निर्धारित की गई हैं? जबकि बैकलॉग पद शासकीय होते हैं। (घ) 01 मार्च 2013 के अता. प्रश्‍न क्र. 2103 में आपके द्वारा यह जानकारी दी गई कि महाविद्यालय में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के बैकलॉग कर्मचारियों को समस्‍त शासकीय सुविधायें दी जा रही है। जबकि आज दिनांक तक उन्‍हें जी.पी.एफ., शासकीय स्‍थापना, परमानेंट एम्‍पलायड कोड, जी.आई.एस. आदि शासकीय सुविधाओं से वंचित रखा गया है? कारण बतायें।

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश '''' एवं '''' अनुसार। (घ) उक्‍त उत्‍तर में समान सुविधाओं का तात्‍पर्य उत्‍तरांश '''' एवं '''' में उल्‍लेखित प्रावधानों से है। वर्ष 2005 में बाद नियुक्‍त कर्मचारियों को (शासकीय/स्‍वशासी) का जी.पी.एफ. नहीं काटा जाता है। स्‍वशासी के अंतर्गत नियुक्‍त कर्मचारियों को शासन के अनुदान से वेतन मिलता है शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पदमाकर थाना मकरोनिया के नवीन भवन की स्‍वीकृति

[गृह]

27. ( क्र. 406 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने थाना एवं चौकी भवन निर्माण कार्य विगत तीन वर्षों में स्‍वीकृ‍ति/निर्माण किये गये? (ख) पदमाकर थाना मकरोनिया को भवन निर्माण की स्‍वीकृति कब प्राप्‍त हुई थी एवं कितनी लागत से भवन निर्माण कराया गया? (ग) क्‍या नरयावली विधानसभा क्षेत्र में स्थित उप कृषि मंडी कर्रापुर जिला सागर उन्‍नयन के सभी मापदण्‍ड पूर्ण करती है? (घ) यदि भूमि संबंधी मापदण्‍डों को पूर्ण नहीं करती है तो कृषि मण्‍डी या विभाग द्वारा मापदण्‍ड पूर्ण करने के संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत तीन वर्षों में मात्र पदमाकर नगर थाना भवन का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। (ख) पदमाकर नगर थाना मकरोनिया के भवन निर्माण की स्वीकृति पुलिस बल आधुनिकीकरण योजना वर्ष 2014-15 के अंतर्गत प्राप्त हुई। राशि रू. 143.06 लाख की लागत से भवन का निर्माण कार्य कराया गया है। (ग) जी नहीं। (घ) उपमंडी कर्रापुर में 12.25 एकड़ भूमि उपलब्ध है। विभाग द्वारा 15 एकड़ मापदंड निर्धारित किया गया है। कृषि उपज मंडी समिति सागर द्वारा कर्रापुर उपमंडी को भूमि उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर जिला सागर, अनुविभागीय अधिकारी तथा तहसीलदार सागर को पत्र दिनांक 05.01.2017, 31.03.2017, 03.04.2017, 17.04.2017 05.05.2017 08.05.2017 एवं 28.06.2017 से भूमि अधिग्रहण कराने हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया है, भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही कलेक्टर जिला सागर स्तर पर प्रचलित है।

आत्‍महत्‍या पर किसानों को सहायता राशि दिलाया जाना

[गृह]

28. ( क्र. 435 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मंदसौर जिले के पिपलिया मण्‍डी क्षेत्र में किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर शान्तिपूर्ण किये जा रहे आन्‍दोलन को कुचलने के लिए पुलिस द्वारा गोली चलायी गई? गोली लगने से कितने किसानों की मृत्‍यु हुई तथा कितने किसानों ने चल रहे आन्‍दोलन के दौरान आत्‍महत्‍या की? इसके अलावा वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक में कितने किसानों के आत्‍महत्‍या के प्रकरण की जानकारी सरकार के पास हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के किसानों की गोली लगने से हुई मृत्‍यु की जाँच हेतु सरकार द्वारा आयोग का गठन कर प्रकरण के मूल तथ्‍यों को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि आयोग के जाँच के बाद अदालत में चालान पेश करने के प्रावधान नहीं हैं? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के किसानों की हुई मृत्‍यु (हत्‍या) के लिए दोषियों पर सी.आर.पी.सी. के तहत अपराध पंजीबद्ध नहीं कराना चाहिये? क्‍या संबंधित गोली चलाने वालों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराये गए? अगर कराये गए तो प्रथम सूचना प्रतिवेदन की प्रति देते हुए बतावें, अगर नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) किसानों की मृत्‍यु/हत्‍या कर सरकार द्वारा उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रूपये मुआवजा देने की घोषणा की है? क्‍या इसी आन्‍दोलन के दौरान आत्‍महत्‍या कर रहे किसानों के परिजनों को भी एक-एक करोड़ रूपये की राशि मुआवजे के तौर पर देने के आदेश जारी करेंगे? करेंगे तो कब तक? अगर नहीं तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क) किसानों की गोली मारकर हत्‍या करने वालों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध न कराने, आयोग से जाँच की आड़ पर प्रकरण में लीपापोती करने एवं हत्‍यारों को बचाने के प्रयास के लिए दोषियों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे, साथ ही गोली चलाने वालों पर कब तक हत्‍या का अपराध पंजीबद्ध करायेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) मंदसौर जिले के पिपलिया मण्डी थाना क्षेत्र के अन्तर्गत दिनांक 06.06.2017 को उत्पन्न परिस्थितियों में दण्ड प्रक्रिया संहिता में निहित प्रावधानों के तहत आवश्यक बल प्रयोग किया गया। घटनाक्रम के दौरान 05 आंदोलनकारियों की मृत्यु हुई। आंदोलन के दौरान मंदसौर जिले में किसी भी किसान द्वारा आत्महत्या नहीं की गई। जिला मंदसौर में वर्ष 2015 में 03 तथा वर्ष 2016 में 02 किसानों द्वारा आत्महत्या की गई थी। (ख) शासन द्वारा न्यायिक जाँच आदेशित कर जाँच आयोग का गठन किया गया है। (ग) शासन द्वारा न्यायिक जाँच के आदेश दिये गये हैं। जाँच आयोग की रिपोर्ट अनुसार अग्रिम कार्यवाही की जायेगी। (घ) घटना के संबंध में न्यायिक जाँच आदेशित की गई है। जाँच पूर्ण होने पर जाँच रिपोर्ट में आये तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। (ड.) प्रश्नांश का उत्तर प्रश्नांश (ग) के उत्तर में समाहित है।

धान क्रय, परिवहन की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

29. ( क्र. 457 ) श्री मधु भगत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में कितनी धान कौन-कौन से केन्‍द्र से कितनी मात्रा में क्रय की गई? केन्‍द्रवार, तिथिवार मात्रा बतायें। (ख) उपरोक्‍त धान कहाँ-कहाँ कौन-कौन से गोदाम में भण्‍डारित की गई थी? गोदाम का स्‍थान, गोदाम मालिक का नाम और धान की मात्रा भण्‍डारण की अवधि सहित बतायें तथा यह बतावें कि बालाघाट जिले के अंतर्गत वे कौन-कौन से गोदाम हैं, जहां पर कि धान भण्‍डारित नहीं की गई थी? उसका क्‍या कारण है और उसके लिये जिम्‍मेदार कौन है? (ग) धान खरीदी केन्‍द्र से निकटतम बढ़ते क्रम में गोदाम कहाँ-कहाँ पर हैं, जिनमें कि धान उस केन्‍द्र की भण्‍डारित नहीं की गई थी? इसका क्‍या कारण है और कौन जिम्‍मेदार है? (घ) धान के परिवहन में कुल कितना व्‍यय हुआ? किस-किस परिवहन एजेंसी को कितना भुगतान किया गया? उक्‍त कार्य में से किस-किस कार्य के लिये किस-किस कार्य एजेन्‍सी/ट्रेवल्‍स को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस दिनांक को चेक/ड्राफ्ट क्रमांक एवं नगद राशि के रूप में किया गया? दिनांकवार, कार्यवार भुगतान की गई राशि का पूर्ण ब्‍यौरा देवें।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) बालाघाट जिले अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में समर्थन मूल्‍य पर 156 उपार्जन केन्‍द्रों के माध्‍यम से 35,86,488.97 क्विंटल धान खरीदी की गई। खरीदी की गई मात्रा की केन्‍द्रवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। दिनांकवार खरीदी की जानकारी अत्‍यन्‍त वृहद स्‍वरूप की है जो mpeuparjan.nic.in पोर्टल पर उपलब्‍ध है। (ख) खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में उपार्जित मात्रा में से विपणन संघ के भंडारण केन्‍द्रों एवं कैपो में 22,21,707.59 क्विं., वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स बालाघाट के भंडारण केन्‍द्रों में 13,18,221.16 क्विं. तथा सी.डब्‍ल्‍यू.सी गर्रा में 46560.22 क्विं. का भंडारण किया गया है। गोदामों का स्‍थान, मालिक का नाम, भण्‍डारित धान की मात्रा एवं अवधि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। म.प्र. वेयर हाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन की जे.व्‍ही.एस. योजना अंतर्गत जिन गोदमों मालिकों द्वारा ऑनलाईन ऑफर किये गये थे। उनमें से उपयुक्‍त गोदाम पाये गये उन समस्‍त निजी गोदमों को म.प्र. वेयर हाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स द्वारा अनुबंधित कर उपार्जित धान भंडारित की गई है। (ग) विपणन संघ द्वारा न्‍यूनतम दूरी के आधार पर निकटतम गोदमों में धान का भंडारण किया गया है। वेयर हाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन द्वारा जिन गोदमों का आफर जे.व्‍ही.एस योजना के तहत ऑनलाईन ऑफर किया गया था। उन समस्‍त निजी गोदमों को वेयरहाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन द्वारा अनुबंधित कर गोदमों में उपार्जित धान भंडारित की गई है। (घ) समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान के परिवहन में कुल राशि रू. 13,44,64,983 करोड़ का व्‍यय हुआ है एवं परिवहन एजेन्‍सी को राशि रू. 11,50,09,000 करोड़ भुगतान किया गया है। तिथिवार एवं चेक क्रमांक सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

निर्माण कार्यों में अनियमितता पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

30. ( क्र. 460 ) श्री मधु भगत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग अतंर्गत जिला बालाघाट में 1 अप्रैल 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के किस-किस मद से करवाये गये? नियुक्‍त कार्य एजेंसी के नाम सहित विकासखण्‍डवार एवं वर्षवार पूर्ण ब्‍यौरा देवें। उक्‍त कार्य में से कौन-कौन से कार्य पूर्ण हैं, कितने अपूर्ण हैं, उक्‍त कार्य में से किस-किस कार्य के लिये कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया वर्षवार, कार्यवार भुगतान की गई राशि का पूर्ण ब्‍यौरा देवें। (ख) बालाघाट जिले में किस-किस ग्राम पंचायत में नल-जल योजनाएं चल रही हैं? कितनी नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हैं? बंद होने का कारण क्‍या है? आम जनता को स्‍वच्‍छ पेयजल न मिल पाने के लिये कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है? इन लापरवाह अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कब तक अनुशासनात्‍मक/दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कर दी जावेगी? (ग) परसवाड़ा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत 1 अप्रैल 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने हैण्‍डपंप खनन किये गये? ग्रामवार, दिनांकवार, विकासखण्‍डवार किनकी अनुशंसा पर खनन कार्य किया? विस्‍तृत ब्‍यौरा देवें। स्‍थानीय विधायक सहित किन-किन की कितनी अनुशंसा प्राप्‍त हुई एवं उक्‍त कितनी अनुशंसाओं पर हैण्‍डपंप खनन कार्य किया गया? जिन अनुशंसाओं पर कार्यवाही नहीं की गई, कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। हस्तांतरित योजनाओं के संचालन-संधारण का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का होता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) 210 नलकूपों का खनन किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 एवं 4 अनुसार है। अनुशंसित पूर्ण श्रेणी के ग्रामों में कार्यवाही नहीं की गई है।

 

शिकायतों पर कार्यवाही

[परिवहन]

31. ( क्र. 461 ) श्री मधु भगत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला परिवहन कार्यालय में कार्यालय प्रमुख द्वारा जनवरी, 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक जिले में कहाँ-कहाँ के दौरे किये और क्‍या-क्‍या कार्यवाही किस-किस के विरूद्ध की? (ख) क्‍या बालाघाट से चलने वाली और गुजरने वाली यात्री बसों का निरीक्षण किया गया? यदि हाँ, विगत एक वर्ष में तो कुल कितनी बसों में से कितनी बसों पर एमरजेंसी गेट पीछे की ओर कांच लगवाया गया तथा सीढ़ी का जाल कटवाया गया? आपके अधिनस्थ किन-किन रास्‍ते पर कौन-कौन सी कंपनी/फर्मा की बस किस-किस समय चलाई जाती है? बस मालिक के नाम सहित बस क्रमांक वैधता ति‍थि सहित पूर्णत: ब्‍यौरा देवें। (ग) उपरोक्‍त यात्री बसों में क्‍या किराया सूची लगवाई गई? यदि हाँ, तो पुष्टि करने वाले और निरीक्षण करने वाले शासकीय सेवक का नाम पद बताये तथा कौन-कौन सी बस में किराया सूची लगवाई गई उसका क्रमांक रूट बस मालिक के नाम सहित परमिट सहित बतायें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) बालाघाट जिले के अंतर्गत कार्यालय प्रमुखों (श्री पी.एस.भिलाला, श्री देवेश बाथम, श्री आर.एस.चिकवा) द्वारा दिनांक 01/01/2017 से विभिन्‍न मार्गों का दौरा किया गया है। तथा निरीक्षण के दौरान 292 यानों का निरीक्षण किया गया जिसमें मालयान/यात्री यान/ऑटों एवं अन्‍य वाहनों के विरूद्ध चालानी कार्यवाही कर अर्थदण्‍ड वसूल किया गया है। निरीक्षण किये गये वाहनों की सूची पुस्‍तकालय में रखें परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ। कुल 58 बसों का निरीक्षण किया गया। प्रश्‍नाधीन अवधि में किये गये निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी गेट, पीछे की ओर काँच तथा सीढ़ी का जाल कटवाने की आवश्‍यकता नहीं पड़ी, क्‍योंकि ये पूर्व से ही उपरोक्‍त बसों में लगे हुये थे। कंपनी/फार्मों एवं बस मालिकों के नाम सहित बस क्रमांक वैधता तिथि सहित 236 बसों की सूची पुस्‍तकालय में रखें परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन अवधि में कार्यालय प्रमुखों (श्री पी.एस.भिलाला, श्री देवेश बाथम, श्री आर.एस.चिकवा) द्वारा 58 बसों का निरीक्षण किया गया है। उपरोक्‍त सभी बसों में पूर्व से ही किराया सूची चस्‍पा थी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पेयजल योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

32. ( क्र. 480 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या ग्रामों में पेयजल उपलब्‍ध कराने हेतु शासन द्वारा जनभागीदारी योजनार्न्‍तगत आदिवासी ग्रामों में कुल योजना लागत के 1 प्रतिशत तथा सामान्‍य बाहुल्‍य क्षेत्र में 3 प्रतिशत जनभागीदारी कर उन ग्रामों में शेष राशि शासन द्वारा स्‍वीकृत कर पेयजल की योजना स्‍वीकृत की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र भिण्‍ड के अंतर्गत किन ग्राम पंचायतों द्वारा जनभागीदारी राशि जमा कर योजना बनाने हेतु प्रस्‍ताव किया गया? ग्रामीणों द्वारा जनभागीदारी राशि कब जमा की गई, दिनांक सहित ग्रामों के नाम तथा जमा राशि विवरण दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अंतर्गत जनभागीदारी राशि जमा करने वाले प्रस्‍तावित ग्रामों में से कितने ग्रामों में योजना की स्‍वीकृति प्रदान की गई या नहीं की गई तो क्‍या कारण हैं? (घ) सांसद आदर्श ग्राम नुन्‍हाटा की नल-जल योजना के निर्माण हेतु निविदा कब तक आमंत्रित की जावेगी तथा कब तक पूर्ण कर ग्रामवासियों को योजना का लाभ दिलाया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ, परंतु जनभागीदारी की राशि विभाग में संचित रखी जाकर योजना स्वीकृति के पश्चात् योजना की पूर्ण लागत शासन द्वारा उपलब्‍ध कराई जाती है। (ख) प्रश्नांश- के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है तथापि प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र की किसी भी ग्राम पंचायत द्वारा जनभागीदारी की राशि जमा नहीं की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश- के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) योजना तैयार की जा रही है। निविदा आमंत्रण की निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

गरीबी रेखा के नीचे राशनकार्ड (बी.पी.एल.) की पर्ची जारी की जाना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

33. ( क्र. 481 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विगत तीन साल के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों के बी.पी.एल. कार्ड बनाये गये हैं उनमें से कितनी खाद्य पर्ची जारी की गई हैं प्रश्‍नांश दिनांक तक कितनों को खाद्य पर्ची जारी नहीं की गई? संख्‍यात्‍मक जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत हितग्राही को पर्ची जारी न करने के क्‍या कारण हैं। इसके लिए कौन दोषी है एवं दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) बी.पी.एल. राशन कार्ड हितग्राहियों के लिए शासन द्वारा कौन-कौन सी योजना संचालित है? क्‍या पर्ची के बिना हितग्राही को योजना का लाभ मिलेगा यदि नहीं, तो पर्ची जारी करने में विलम्‍ब के क्‍या कारण हैं? कब तक जारी हो जायेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) शासन की योजना अनुसार वंचित रखने के लिए कौन दोषी है? किस स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विगत तीन साल में 7924 हितग्राहियों को गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार श्रेणी अंतर्गत राशनकार्ड जारी गए हैं, उनमें से 2193 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गयी है। 5731 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की जाना शेष है। (ख) भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण सत्‍यापित नवीन परिवारों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। जिला कलेक्‍टर को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में जितनी संख्‍या में अपात्र व्‍यक्तियों के नाम पोर्टल पर विलोपित किए जाएंगे उतनी ही संख्‍या में संबंधित जिले के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों के नाम सम्मिलित किए जा सकेंगे। जिले में जुड़ने वाले नवीन हितग्राही के लिए पात्र बी.पी.एल. परिवारों को प्राथमिकता दी जाए, इसके पश्‍चात् अनुसूचित जाति/जनजाति के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों को प्राथमिकता दी जाए। उक्‍त दोनों श्रेणियों के परिवारों को पात्रता पर्ची जारी होने के उपरांत अन्‍य श्रेणी के परिवारों के नाम जोड़े जाने की कार्यवाही की जाए। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) बी.पी.एल. राशनकार्ड हितग्राहियों के लिए विभाग द्वारा खाद्यान्‍न, नमक व केरोसीन प्रदाय की योजना चलाई जा रही है। जी नहीं शेष जानकारी प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार। (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता।

पुलिस थाना नूराबाद में पंजीकृत अपराध की जानकारी

[गृह]

34. ( क्र. 506 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुलिस थाना नूराबाद मुरैना द्वारा दिनांक 26.08.2016 को समय 16:10 बजे प्रथम सूचना रिपोर्ट क्रं. 0186 पर कितने लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया था? उनके नाम सहित जानकारी दी जावे। (ख) क्‍या उक्‍त अपराध में नामजद तीन आरोपी जिन्‍हें दिनांक 24.08.2016 को जौरा पुलिस द्वारा धारा 151, 107, 116 (3) के तहत गिरफ्तार कर सब डिवीजनल मजिस्‍ट्रेट जौरा मुरैना के यहां पेश किया, उन्‍हे दिनांक 25.08.2016 को ही उपजेल जौरा में निरूद्ध किया गया था? यदि हाँ, तो विवेचना अधिकारी थाना नूराबाद द्वारा उक्‍त आरोपियों को अपराध से पृथक जून 2017 तक क्‍यों नहीं किया गया, पूर्ण जानकारी दी जावे। (ग) क्‍या नूराबाद पुलिस द्वारा पंजीकृत अपराध क्रं.186 दिनांक 26.08.2016 की जाँच का कार्य वरिष्‍ठ अधिकारियों को दिया गया था जिसमें उपजेल जौरा में 25.08.2016 से 30.08.2016 तक बन्‍द व रिहाई आदेश की प्रतिलिपि दी गई थी। यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) थाना नूराबाद जिला मुरैना में दिनांक 26.08.2016 के शाम 06.10 बजे फरियादी चरतसिंह पुत्र सुल्तान सिंह उम्र 33 साल निवासी चुरहेला की रिपोर्ट पर अप.क्र. 186/16 धारा 307, 294, 147, 148, 149 ताहि. का आरोपी 1. वीरेन्द्र सिंह 2. रामसिंह 3. विशंभरसिंह सभी पुत्र माधौसिंह गुर्जर 4. रामनिवास पुत्र सियाराम गुर्जर एवं सुरेन्द्र सिंह पुत्र वासुदेव गुर्जर कुल 05 लोगों के विरुद्ध नामजद अपराध पंजीबद्ध किया गया है। (ख) जी हाँ। उक्त अपराध में नामजद तीन आरोपी (रामसिंह, विशंभरसिंह और सुरेन्द्र सिंह गुर्जर निवासीगण चुरहेला) जिन्हें दिनांक 24.08.2016 को जौरा पुलिस द्वारा धारा 151, 107, 116, (3) के तहत गिरफ्तार कर सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट, जौरा मुरैना के यहाँ पेश किया गया था एवं उन्हें दिनांक 25.08.2016 को ही उपजेल जौरा में निरुद्ध किया गया था। प्रकरण की विवेचना के दौरान उक्त आरोपियों द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत करने पर आवेदन पत्र की जाँच अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, बामौर द्वारा की गई है। अपराध सदर की विवेचना के दौरान आये साक्ष्य में आरोपी रामसिंह, विशंभरसिंह और सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, निवासीगण चुरहेला घटना स्थल पर उपस्थित नहीं पाये गये हैं किंतु इनके विरुद्ध धारा 120 बी ताहि. के तहत अपराधिक षडयंत्र के साक्ष्य प्रमाणित पाये गये हैं। प्रकरण में धारा 147, 148,149 भा.द.वि. पृथक की जाकर धारा 120 बी भा.द.वि. इजाफा की गई है। प्रकरण वर्तमान में विवेचाधीन है, उपलब्ध साक्ष्य अनुसार विधि अनुरुप कार्यवाही की जावेगी। (ग) जी हाँ। शेष उत्तर प्रश्नांश (ख) में समाहित है।

विधायक निधि से स्‍वीकृत कार्य/हैण्‍डपम्‍प खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

35. ( क्र. 507 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विधायक सुमावली मुरैना द्वारा क्षेत्रीय विकास विधायक निधि वर्ष 2016-17 को पेयजल हेतु नलकूप खनन लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग मुरैना को राशि जारी करने हेतु पत्र क्र. 3079/16 दिनांक 29.12.2016 अनुशंसा की गई थी। उस पर अभी तक की गई कार्यवाही की जानकारी दी जावे। (ख) क्‍या सहायक संचालक (प्रशासन) आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय भोपाल द्वारा पत्र क्रं; 1246-2017/आ.सां.सं./1 प्रशा./दिनांक 10.03.2017 को जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय मुरैना के पत्र क्रमांक 3141 दिनांक 03.12.2016 एवं पत्र क्रं. 458 दिनांक 16.02.2017 के संदर्भ में भेजा गया था. उस पर जून 2017 तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) विधायक निधि से खनन नहीं होने का क्‍या कारण रहा? क्‍या विभाग द्वारा जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर कार्य में विलम्‍ब करने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी, तथ्‍यों सहित जानकारी दी जावे। (घ) विधायक विकास निधि सुमावली से नलकूप खनन कब तक किये जा सकेंगे समय-सीमा बताई जावे तथा क्‍या शासन उक्‍त निधि से कार्य में तत्‍परता हेतु निर्देश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। अनुशंसा की गई थी, परंतु राशि विभाग को प्राप्त नहीं हुई है। (ख) जी हाँ। परंतु राशि विभाग को प्राप्त नहीं हुई, अतः कार्य नहीं कराए जा सके हैं। (ग) विधायक निधि से राशि प्राप्त नहीं होने के कारण। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) राशि प्राप्त होने पर नलकूप खनन का कार्य किया जावेगा। निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती है।

विस्‍थापितों को नौकरी प्रदाय करने बावत्

[राजस्व]

36. ( क्र. 529 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले के अंतर्गत बरगवां में महान एल्‍युमिनियम एवम कैप्टिव थर्मल पावर प्‍लांट (हिन्‍डालको) द्वारा रघुवीर सिंह सूर्यलाल सिंह गोंड, मोहन पि. रघुवीर सिंह गोंड, अनील सिंह पिता रघुवीर सिंह गोंड एवमं अन्‍य जिन-जिन कृषकों की भूमि अधिगृहित की गई है, क्‍या उन पात्र विस्‍थापित भूमिस्‍वामियों को कंपनी द्वारा अनुबंध के शर्तों अनुसार अभी तक नौकरी पर नहीं रखा गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) उत्‍तर यदि हाँ, तो जिन-जिन कृषकों की भूमि अधिगृहित की गई है उनके परिवार के सदस्‍यों को अनुबंध अनुसार नौकरी पर कब तक रखा जावेगा और अब तक न रखने के लिए कौन दोषी है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सिंगरौली जिले के अतंर्गत बरगवा में महान एल्‍युमिनियम एवं कैप्टिव थर्मल पावर प्‍लांट के लिए जिन कृषकों की भूमि अधिग्रहित की गई है। उन्‍हें पात्रता के अनुसार रोजगार उपलब्‍ध कराया गया है। श्री रघुवीर सिंह की उम्र 50 वर्ष हो चुकी है। इसलिए उन्‍हें पेंशन दी जा रही है। श्री मोहन पिता रघुवीर सिंह गोंड को परियोजना के कास्‍ट हाउस में फोरविल्‍हर डाइवर तथा अनिल सिंह पिता रघुवीर सिंह गोंड को कास्‍ट हाउस में हेल्‍पर के पद पर कार्य दिया गया है। (ख) परियोजना परिसर में कुल 1628 परिवार घर विस्‍थापित व 366 परिवार भू-विस्‍थापित हुए थे। हिण्‍डाल्‍को प्रवंधन द्वारा आज दिनांक तक परियोजना में कुल 2123 विस्‍थापित व्‍यक्तियों को रोजगार प्रदान किया जा चुका है। जिनका विवरण निम्‍न है- स्‍थायी-339 संविदा-1220 स्‍टाफ-15 टेनी-103 पेंशनर्स-403

चितरंगी में आई.टी.आई. महाविद्यालय खुलवाए जाना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

37. ( क्र. 535 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिंगरौली जिले के चितरंगी विधान सभा क्षेत्र के चितरंगी मुख्‍यालय में सभी विभागीय कार्यालय संचालित हैं और शासकीय स्‍नातक महाविद्यालय भी संचालित है लेकिन आई.टी.आई. महाविद्यालय नहीं है जिससे यहाँ के आदिवासी छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए परेशानी होती है? क्‍या इसके संबंध में क्षेत्रीय विधायक द्वारा आई.टी.आई. महाविद्यालय खोलवाए जाने हेतु शासन स्‍तर पत्र प्राप्‍त हुआ है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन स्‍तर पर आई.टी.आई. महाविद्यालय खोले जाने की योजना है? यदि नहीं, तो विवरण दें। (ख) क्‍या आई.टी.आई. महाविद्यालय कब तक में खुलवाए जायेंगे?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। विभाग की नीति अनुसार प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में एक आई.टी.आई. खोलने की योजना है। विभाग द्वारा चितरंगी विकासखण्‍ड में वर्तमान में आई.टी.आई. खोलने की योजना नहीं है। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

खद्यान्‍न कूपन/पर्ची वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

38. ( क्र. 536 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कुल कितने परिवार पात्रता रखते हैं, उसमें से कितने परिवारों को लाभ प्राप्‍त हो रहा है तथा कितने परिवार वंचित हैं? पंचायतवार विवरण दें? (ख) क्‍या खाद्यान्‍न सुरक्षा किसान पर्व के अन्‍तर्गत अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के लोगों व अन्‍य व्‍यक्तियों का दिनांक 23 अगस्‍त 2016 से खाद्यान्‍न पर्ची बन्‍द कर दी गयी हैं? यदि हाँ, तो कारण बताएँ और कब तक में खाद्यान्‍न पर्ची जारी की जायेंगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) सिंगरौली जिले की चितरंगी विधानसभा क्षेत्र में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत कुल 76,570 परिवारों को पात्रता श्रेणी अंतर्गत सत्‍यापित किया गया है जो खाद्यान्‍न सामग्री की पात्रता रखते है, इनमें से 75,322 परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। शेष 1248 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी न होने के कारण खाद्यान्‍न का वितरण नहीं किया जा रहा है। अलाभान्वित परिवारों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन की सीमा से अधिक खाद्यान्‍न की आवश्‍यकता होने के कारण पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा सकी है। जिला कलेक्‍टर को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में जितनी संख्‍या में अपात्र व्‍यक्तियों के नाम पोर्टल पर विलोपित किए जाएंगे उतनी ही संख्‍या में संबंधित जिले के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों के नाम सम्मिलित किए जा सकेंगे। जिले में जुड़ने वाले नवीन हितग्राही के लिए पात्र बी.पी.एल. परिवारों को प्राथमिकता दी जाए, इसके पश्‍चात् अनुसूचित जाति/जनजाति के नवीन सत्‍यापित व्‍यक्तियों को प्राथमिकता दी जाए। उक्‍त दोनों श्रेणियों के परिवारों को पात्रता पर्ची जारी होने के उपरांत अन्‍य श्रेणी के परिवारों के नाम जोड़े जाने की कार्यवाही की जाए।

मत्‍स्‍य पालन केन्‍दों का संचालन

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

39. ( क्र. 562 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में मछली पालन केन्‍द्र कहाँ-कहाँ पर है तथा वर्तमान में उसका संचालन कौन-कौन कर रहे हैं? (ख) क्‍या इन केन्‍द्रों की प्रति वर्ष नीलामी होती है? यदि हाँ, तो किस माध्‍यम से तथा नहीं तो क्‍यों नहीं? (ग) प्रति वर्ष इन केन्‍द्रों से कितनी मछलियों का विक्रय किया जाता है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार।

परिशिष्ट - ''सात''

बोगस राशन कार्ड को निरस्‍त किया जाना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

40. ( क्र. 595 ) श्री मुकेश नायक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीबों को सस्‍ती रियायती दरों पर उपलब्‍ध कराये जाने वाले राशन के लिये गरीबों के जो राशन कार्ड बने है, उनमें भारी संख्‍या में बोगस और फर्जी राशन कार्ड होने और फर्जी गरीबों द्वारा सस्‍ता राशन लेने की शिकायतों पर शासन ने अब तक क्‍या कार्यवाही की है और किन-किन नगरों में अब तक कितने बोगस राशन कार्ड निरस्‍त किये गये हैं। (ख) बोगस राशन कार्ड बनवाने वाले फर्जी गरीबों और बनाने वाले सरकारी कर्मचारियों/अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है। (ग) बोगस राशन कार्डों और राशन पाने वाले गरीबों की संख्‍या को लेकर महालेखाकार कार्यालय ने भी अपने प्रतिवेदन में भी शासन को आगाह किया है, इस पर शासन ने संज्ञान लेते हुये क्‍या कार्यवाही की।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

किसान आन्‍दोलन में लाठी चार्ज की घटना

[गृह]

41. ( *क्र. 610 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के कई जिलों में हाल के दिनों में किसानों द्वारा धरना प्रदर्शन व आंदोलन किया गया उक्‍त आंदोलनों में किसके आदेश पर किसानों पर लाठी चार्ज व गोलियां चलाई गई? लाठीचार्ज व फायरिंग में किन-किन किसानों की जाने गई हैं और कौन-कौन घायल हुए हैं? प्रभावित किसानों को कितना मुआवजा देने की घोषणा की गई थी और कितना मुआवजा अब तक दिया गया है? नामवार बतायें (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्‍त बर्बरतापूर्ण कार्यवाही के कौन-कौन दोषी हैं? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है और नहीं की गई है तो क्‍यों? (ग) मध्‍यप्रदेश की विभिन्‍न जनपद पंचायतों में विगत 3 वर्षों में कितने बार कृषि समिति की बैठक की गई है? कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे? क्‍या नियमित बैठकें की जाती है? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) प्रदेश के विभिन्न जिलों में माह जून में किसानों द्वारा कतिपय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन के अनुक्रम में आंदोलन हिंसक होने तथा अवैध मण्डली का स्वरुप धारित करने पर पुलिस द्वारा विधिसम्मत मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस मेन्युअल एण्ड रेग्युलेशन के पैरा क्रमांक 439, 440, 441 एवं 442 में वर्णित मानक प्रक्रिया तथा आत्मरक्षा के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अधीन परिस्थिति अनुसार उपस्थित संक्षम अधिकारी द्वारा आवश्यक बल का प्रयोग किया गया। जिला मंदसौर में आंदोलन के दौरान घटित घटनाक्रम में फायरिंग एवं लाठीचार्ज संबंधी परिस्थितियों की जाँच हेतु न्यायिक आयोग गठित किया गया है, इसलिए इससे संबंधित जाँच बिन्दुओं पर टिप्पणी करना न्यायसंगत नहीं होगा। आंदोलन के दौरान मृत व घायल आंदोलनकारियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जिला मंदसौर में आंदोलन के दौरान घटित घटनाक्रम में फायरिंग एवं लाठीचार्ज संबंधी परिस्थितियों की जाँच हेतु न्यायिक आयोग गठित किया गया है, प्रदेश में शेष जिलो में आंदोलन के दौरान पुलिस रेग्युलेशन एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अधीन मौके पर उपस्थित सक्षम अधिकारी द्वारा मानक प्रक्रियानुसार आवश्यक बल प्रयोग किया गया है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''आठ''

बुजुर्ग दंपत्ति की शिकायत पर कार्यवाही

[गृह]

42. ( क्र. 645 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बुजुर्ग दंपत्ति को उनके पुत्र/पुत्री/पुत्र वधु व नाती पोतों द्वारा प्रताड़ि‍त करने पर बुजुर्ग दंपत्ति द्वारा थाने में की गई शिकायत पर किस-किस धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध करने का नियम है? (ख) क्‍या ग्राम ढावा तिवरिया थाना व तहसील हनुमना जिला रीवा में अस्‍सी वर्ष के बुजुर्ग दंपत्ति सूर्यवंशमणि तिवारी द्वारा उन्‍हें और उनकी पत्‍नी को उनके बड़े पुत्र, पुत्रवधु सत्‍यवती देवी तथा पौत्र द्वारा प्रताड़ि‍त करने बाबत् शिकायत थाना हनुमना में दिनांक 18.1.17 को की थी तथा पुलिस कर्मियों द्वारा शिकायत दर्ज न करने पर पुन: दिनांक 25.1.17 को शिकायत की थी? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त आवेदन पर संबंधितों पर एफ.आई.आर. दर्ज की गई? यदि हाँ, तो क्रमांक दिनांक बताएं। यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं की गई? स्‍पष्‍ट कारण बताएं एवं आवेदन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब-कब की गई? (घ) क्‍या स्‍थानीय पुलिस द्वारा सत्‍यवती देवी के प्रभाव में कोई कार्यवाही नहीं करने पर पुलिस महानिदेशक को दिनांक 31.1.17 की जनसुनवाई में भी आवेदन दिया था जो क्रमांक 69 पर अंकित है? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही आज दिनांक तक हुई? (ड.) क्‍या स्‍थानीय पुलिस द्वारा वरिष्‍ठ अधिकारियों को यह गलत जानकारी दी जा रही है कि सत्‍यवती ने कब्‍जा हटा दिया है और स्थिति सामान्‍य है, जबकि वास्‍तविकता यह है कि सत्‍यवती आज भी बुजुर्ग दंपत्ति के निवास पर जबरन काबिज है एवं उन्‍हें लगातार प्रताड़ि‍त कर रही है एवं स्‍थानीय पुलिस भी बुजुर्ग दंपत्ति को डरा धमकाकर उनके विरूद्ध कार्यवाही कर उन्‍हें फंसाने की धमकी दे रही है? (च) प्रश्‍नांश (क) से (ड.) की निष्‍पक्ष जाँच कराकर सत्‍यवती एवं उनके पुत्र व पति के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कर तथा प्रकरण में लीपापोती करने वाले स्‍थानीय पुलिस कर्मचारियों के विरूद्ध जाँच/कार्यवाही कर बुजुर्ग दंपत्ति को कब तक न्‍याय प्रदान किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) किसी भी व्यक्ति द्वारा थाने पर शिकायत करने पर जाफ्ता फौजदारी की प्रक्रिया के तहत संज्ञेय अपराध होने पर सुसंगत धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज करने का नियम है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। आवेदक द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्रों की जाँच थाना हनुमना पुलिस द्वारा दिनांक 09.02.2017 को मौके पर जाकर की जाने पर मामला बाप एवं बेटे, बहू के मध्य पारिवारिक हिस्साबांट का पाया गया। जाँच पर किसी प्रकार के संज्ञेय अपराध का घटित होना नहीं पाया गया है। (घ) आवेदक श्री सूर्यवंशमणि तिवारी द्वारा दिनांक 31.01.2017 को आवेदन पत्र दिया गया था, जिसकी जाँच अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मऊगंज से कराई गई है। मामला बाप एवं बेटे, बहू के मध्य पारिवारिक हिस्साबांट का पाये जाने एवं संज्ञेय अपराध का घटित नहीं होना पाया जाने से कोई अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया गया है। (ड.) जी नहीं। (च) प्रश्नांश (क) से (ड.) की निष्पक्ष जाँच कराई गई है, जाँच पर किसी प्रकार के संज्ञेय अपराध का घटित होना नहीं पाया गया है। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

राजस्‍व ग्राम बनाने का प्रस्‍ताव

[राजस्व]

43. ( क्र. 673 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत श्‍योपुर तहसील के ग्राम/मजरा आबादी पंजाबी टपरा (प्रताप नगर) को राजस्‍व ग्राम बनाने का प्रस्‍ताव क्‍या शासन को स्‍वीकृति हेतु भेज दिया गया है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसमें विलंब के लिये दोषियों के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (ख) यदि प्रस्‍ताव भेज दिया हो तो बतावें कि ये किस स्‍तर पर कब से व क्‍यों लंबित है? इस संबंध में क्‍या कार्यवाही पूर्ण/अपूर्ण रह गई है? इसे कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (ग) उक्‍त ग्राम/मजरे को राजस्‍व ग्राम घोषित करने में यदि कोई कठिनाई हो तो बतावें? इसका निवारण कब तक कर लिया जावेगा? (घ) क्‍या उक्‍त ग्राम/मजरे को राजस्‍व ग्राम घोषित न करने के कारण इसमें रहने वाले लोगों को शासन की समस्‍त योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है। वे मूल ग्राम पर आश्रित बने हुए है? यदि हाँ, तो इसे राजस्‍व ग्राम बनाने हेतु समस्‍त विधिमान्‍य प्रक्रियाएं यथाशीघ्र पूर्ण करके कब तक इसे राजस्‍व ग्राम घोषित कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। प्रस्ताव कार्यालयीन पत्र क्रमांक 902, दिनांक 16.5.2017 द्वारा धारा 108 के अंतर्गत अधिसूचना जारी कराये जाने बावत् भेजा गया है। विलम्ब के लिय अद्र्व न्यायायिक प्रक्रिया होने के कारण कोई भी कर्मचारी/अधिकारी दोषी नहीं है। (ख) प्रस्ताव में अधिसूचना जारी किये जाने कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) कलेक्टर जिला श्योपुर के आदेश क्रमांक 13 दिनांक 9.3.2017 द्वारा उक्त मजरे को पृथक ग्राम घोषित किया जा चुका है। कोई कठिनाई नहीं। (घ) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। अतः इसमें रहने वाले लोगों को मूल ग्राम की भांति ही लाभ प्राप्त हो रहा है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

आई.टी.आई. कॉलेज भवन निर्माण

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

44. ( क्र. 674 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कौशल विभाग संचालनालय मध्‍यप्रदेश के पत्र क्रमांक कौ.वि.स./वि.स.ध्‍याना 50/1588 जबलपुर दिनांक 27.03.2017 के पालन में प्रचार्य शास. पॉलीटेक्निक कॉलेज शिवपुरी द्वारा प्राचार्य शास. आई.टी.आई. कॉलेज श्‍योपुर के साथ श्‍योपुर आई.टी.आई. के नवीन भवन का निरीक्षण किया था? (ख) यदि हाँ, तो निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध कराते हुए बतावे कि प्रतिवेदन में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं के आधार पर क्‍या उक्‍त भवन के निर्माण की गुणवत्‍ता घटिया स्‍तर की पाई गई थी? यदि हाँ, तो इस हेतु दोषी विभागीय अमले के विरूद्ध वर्तमान तक कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? (ग) क्‍या प्रतिवेदन में निरीक्षण दल द्वारा उक्‍त भवन की अन्‍य कमियों की विस्‍तृत जाँच किसी सिविल इंजीनियर से कराई जा सकती है? ये लिखा है यदि हाँ, तो क्‍या सिविल इंजीनियर से जाँच कराई गई? यदि नहीं, तो क्‍या शासन जाँच करवाएगा व दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। (ख) निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। जी हाँ। परियोजना संचालक लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. भोपाल के पत्र दिनांक 06.07.2017 द्वारा स्‍पष्‍ट किया गया है कि दर्शायी गयी त्रुटियां घटिया निर्माण की श्रेणी में नहीं आती। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी नहीं। परियोजना संचालक लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. भोपाल द्वारा सूचित किया गया है कि दिनांक 27.06.2017 संभागीय परियोजना यंत्री पी.आई.यू. शिवपुरी द्वारा भवन का निरीक्षण किया गया तथा दिनांक 15.08.2017 तक उपरोक्‍त कमियों को दूर करने हेतु संबंधित अनुबंधक को निर्देश दिये गये है। कमियों की पूर्ति होने के उपरांत पुन: निरीक्षण किया जाकर गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जायेगा।

परिशिष्ट - ''नौ''

अतिक्रमण हटाया जाना

[राजस्व]

45. ( क्र. 709 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के वि.ख. मझगवां में पुलिस लाइन में लगभग 50 वर्षों से गरीब आदिवासियों एवं अन्‍य लोगों द्वारा मकान बनाकर किन-किन खसरा नंबरों पर निवास कर रहे हैं? (ख) क्‍या उक्‍त अतिक्रमण कर्ताओं को तब तक न हटाया जाये जब तक की यह सुनिश्चित न कर लिया जाये की सीमांकन करने के पश्‍चात् यह तय हो जाये की वास्‍तव में वे शासकीय भूमि पर काबिज हैं? (ग) क्‍या मझगवां के विवादित खसरा नंबरों का जिसमें अतिक्रमण होना बताया गया है उनका सीमांकन नक्‍शा नहीं होने के कारण अभी तक नहीं किया गया? फिर अतिक्रमण किस आधार पर हटाये जाने की कार्यवाही की गई है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क),(ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में मा. उच्‍च न्यायालय में दायर याचिकाओं पर यह निर्णय लिया गया था कि सीमांकन करने के पश्‍चात् ही अतिक्रमण हटाये जाने की कार्यवाही की जाये? किंतु माननीय उच्‍च न्‍यायालय के निर्णय का उल्‍लंघन करने के लिये कौन दोषी हैं तथा जब तक सीमांकन नहीं हो जाता तब तक शासन द्वारा आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सतना जिले में ग्राम मझगवां की पुलिस लाइन में लगभग 50 वर्ष से नहीं बल्कि विगत 10-12 वर्षों से खसरा नंबर 487, 488, 704 में 234 व्यक्तियों ने अतिक्रमण किया था जो दिनांक 27.05.2017, 28.05.2017, 29.05.2017 को माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में डब्ल्यू पी क्रमांक 11555/15 आदेश दिनांक 23.07.2015 एवं अवमानना प्रकरण क्रमांक CONC-249/2017 दिनांक 04.02.2017 के पालन में हटा दिया गया है वर्तमान में कोई भी निवास नहीं कर रहा है। (ख) जी नहीं, ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) ग्राम का नक्शा 1935-36 कपड़ा सीट उपलब्ध है। इसी नक्शें के आधार पर भूमि को चिन्हांकित करके अतिक्रमणकारियों को विधि सम्यक सूचना पत्र जारी करके सभी पक्षों को सुनने के पश्चात् नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाती है। (घ) माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश के पालन में ही अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है, आदेश का उल्लंघन नहीं किया गया है। इसमें कोई दोषी नहीं होने से किसी पर कार्यवाही का प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

किसानों की क्षतिपूर्ति/मुआवजा प्रदान किये जाने बावत्

[राजस्व]

46. ( क्र. 717 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कुछ किसानों के खेतों एवं मकानों में विद्युत तार, लूज वायरिंग एवं ट्रांसफार्मर शॉट सर्किट होने के कारण आग लगी थी जिसके कारण किसानों की फसलें जलकर नष्‍ट हो गई और उन्‍हें बहुत अधिक नुकसान एवं क्षति हुई है। परंतु ऐसे प्रभावित किसानों को अभी तक कोई क्षतिपूर्ति/मुआवजा राशि प्रदान नहीं की गई है? जिसका क्‍या कारण है? (ख) ऐसे प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति/मुआवजा राशि राजस्‍व विभाग द्वारा प्रदान की जायेगी या ऊर्जा विभाग के द्वारा प्रदान की जायेगी? (ग) ऐसे प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति/मुआवजा राशि प्रदान किये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) परासिया, जिलाध्‍यक्ष छिंदवाड़ा एवं छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री जी को पत्र प्रेषित किये गये थे। जिन पत्रों पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला छिन्‍दवाड़ा के परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विद्युत शॉर्ट सर्किट से आग लग जाने से हुई फसल क्षति/मकान क्षति के प्रकरणों में विपत्तिग्रस्‍त किसानों को आर.बी.सी 6-4 के प्रावधान के तहत राशि 3,46,207/- स्‍वीकृत की जाकर प्रदाय की जा चुकी है (ब्‍यौरा संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार )। (ख) विद्युत शॉट सर्किट से आग लग जाने से हुई फसल क्षति/मकान क्षतिपूर्ति का मुआवजा राजस्‍व विभाग द्वारा आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधान के तहत प्रदान की गई है। (ग) अनुविभागीय अधिकारी एवं जिलाध्‍यक्ष को प्राप्‍त आवेदन पत्रों पर कार्यवाही कर हितग्राहियों को आर्थिक सहायता स्‍वीकृत की जाकर उनके खातों में जमा की जा चुकी है।

परिशिष्ट - ''दस''

परासिया में शासकीय आई.टी.आई. की स्‍वीकृति

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

47. ( क्र. 718 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग के माध्‍यम से सभी विधान सभा क्षेत्रों में शासकीय आई.टी.आई. खोला जाना प्रस्‍तावित है? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा परासिया विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत शासकीय आई.टी.आई. खोले जाने हेतु मान. राज्‍यमंत्री तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास को पत्र क्र. वि.स./परासिया/127/2017/252 दिनांक 05.06.2017 के माध्‍यम से निवेदन किया गया था, जिस पर अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) परासिया विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत शासकीय आई.टी.आई. खोले जाने की स्‍वीकृ‍ति कब तक प्रदान करते हुए, शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ कर दी जायेगी?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी नहीं। (ख) विकासखण्‍ड परासिया में दो प्राईवेट आई.टी.आई. संचालित है। वर्तमान में परासिया में आई.टी.आई. खोलने की योजना नहीं है। (ग) शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राजगढ़ विधान सभा क्षेत्र के नगर व पंचायतों में संचालित खाद्य दुकानें

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

48. ( क्र. 732 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा उपभोक्‍ताओं की सुविधा हेतु प्रत्‍येक नगर में वार्ड एवं ग्रामों में पंचायत स्‍तर पर खाद्य विभाग की शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें खोले जाने के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या उक्‍त निर्देश के पालन में राजगढ़ जिले की विधान सभा क्षेत्र राजगढ़ के नगर के सभी वार्डों एवं सभी पंचायातों में शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें खोली गई हैं? यदि हाँ, तो बतावें। (ग) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में शासकीय उचित मूल्‍य दुकानें किन-किन नगरों के वार्डों एवं ग्रार्मों की पंचायतों में कहाँ-कहाँ पर किस सेल्‍समेन के द्वारा कब से संचालित की जा रही हैं? उनके नाम, पते तथा उक्‍त दुकानों पर कितने हितग्राहियों को कौन-कौन सी कितनी-कितनी सामग्री प्रतिमाह वितरित की जा रही है? (घ) राजगढ़ जिले की विधान सभा क्षेत्र राजगढ़ की ऐसे कितने नगर के वार्ड एवं ग्राम पंचायतें है जिनमें शासकीय उचित मूल्‍य दुकानें संचालित नहीं है? उन नगर के वार्डों एवं पंचायतों में शासकीय उचित मूल्‍य दुकानें कब तक संचालित की जावेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2015 के प्रावधानानुसार प्रत्‍येक नगर में उस नगरीय क्षेत्र के पात्र परिवारों की कुल संख्‍या में 800 से भाग देने के पश्‍चात् प्राप्‍त संख्‍या अनुसार उचित मूल्‍य दुकान खोलने का प्रावधान है। जबकि प्रत्‍येक पंचायत में न्‍यूनतम 1 दुकान खोलने का प्रावधान है। ऐसी पंचायतें जिनमें पात्र परिवारों की संख्‍या 800 से अधिक है वहां अतिरिक्‍त दुकान खोलने का प्रावधान है। निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 के प्रावधानों को माननीय उच्‍च न्‍यायालय में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 की विभिन्‍न कंडिकाओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं में अंतरिम स्‍थगन आदेश देने के कारण प्रत्‍येक पंचायत में उक्‍त प्रावधानानुसार उचित मूल्‍य दुकान आवंटन की कार्यवाही नहीं हो सकी है। शासन द्वारा वर्तमान में केवल दुकानविहीन पंचायतों में शीघ्र उचित मूल्‍य दुकान खोलने हेतु उक्‍त नियंत्रण आदेश में पुन: संशोधन किया गया है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र की 48 ग्राम पंचायतों में उचित मूल्‍य दुकानें संचालित नहीं हैं। उक्‍त पंचायतों में उचित मूल्‍य दुकान खोलने की कार्यवाही प्रारंभ करने हेतु शीघ्र दिशा-निर्देश जारी किये जाएंगे। नगरीय क्षेत्र में माननीय न्‍यायालय से स्‍थगन समाप्‍त होने पर निर्णय अनुसार दुकान की संख्‍या निर्धारण कर कार्यवाही की जा सकेगी।

निजी भूमि बनी सड़क का ब्यौरा पटवारी मानचित्र में दर्ज करना

[राजस्व]

49. ( क्र. 755 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निजी भूमि पर लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों के किस किस ब्यौरे को पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी के कॉलम 12 में दर्ज किए जाने की समयावधि क्या निश्चित है, सड़क के ब्यौरे पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी में दर्ज किए जाने की जिम्मेदारी किस-किस की है। (ख) बैतूल जिले में बरेठा से घोड़ाडोंगरी, बैतूल से आमला बोरदेही, बैतूल से रानीपुर सारनी, परासिया मार्ग के उपयोग में ली गई किस ग्राम के किसानों की निजी भूमि के ब्यौरे किन कारणों से प्रश्नांकित दिनांक तक भी पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी के कॉलम 12 में दर्ज नहीं किए गए हैं। (ग) पटवारी के द्वारा गिरदावरी कब-कब की जाती है? गिरदावरी के समय निजी भूमि पर बनाई गई सड़क से संबंधित ब्यौरे पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी में दर्ज किए जाने, आर.आई. एवं नायब तहसीलदार, तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के क्या प्रावधान प्रचलित हैं। (घ) निजी भूमि पर बनाई गई सड़क के ब्यौरे कब तक पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी के कॉलम 12 में दर्ज कर किए जावेंगे? समय-सीमा सहित बतावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) निजी भूमि पर लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जाने वाली सड़कों का भू-अर्जन अवार्ड पारित होने के पश्‍चात् लोक निर्माण विभाग द्वारा अभिलेख प्रस्‍तुत करने पर दुरूस्‍ती का विवरण खसरा पंजीके कॉलम नं 12 में गिरदावरी के समय दर्ज किया जाता है एवं सड़क के ब्‍यौंरे पटवारी मानचित्र एवं खसरा पंजी में दर्ज किए जाने की जिम्‍मेदारी राजस्‍व निरीक्षक/पटवारी की है। (ख) बैतूल जिले में बरेठा से घोड़ाडोंगरी मार्ग में निजीभूमि के भू-अर्जन प्रकरण प्रचलित है। बैतूल से आमला बोरदेही मार्ग में लोक निर्माण विभाग द्वारा भू-अर्जन संबंधी अभिलेख प्रस्‍तुत न करने से दुरूस्‍ती की कार्यवाही नहीं की गई है। बैतूल से रानीपुर, सारणी, परासिया मार्ग में अर्जित भूमि का अभिलेख दुरूस्‍त कर दिया गया है। (ग) पटवारी द्वारा खरीफ फसल की गिरदावरी सितम्‍बर से 31 अक्‍टूबर तक एवं रबी फसल की गिरदावरी दिसम्‍बर से 15 जनवरी तक की जाती हैं। गिरदावरी के समय खसरा के कॉलम नं 12 में कुंआ, वृक्ष, मकान, नव निर्मित सड़क आदि का विवरण दर्ज किए जाते हैं। (घ) वर्तमान गिरदावरी के साथ संबंधित विभाग लोक निर्माण विभाग के द्वारा वांछित अभिलेख प्रस्‍तुत करते ही अभिलेख दुरूस्‍त करने की कार्यवाही की जावेगी।

आलोट की शुगर मिल्‍स की भूमि विषयक

[राजस्व]

50. ( क्र. 780 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या देश की आजादी के समय आलोट क्षेत्र में श्री विक्रम शुगर मिल्‍स स्‍थापित थी? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी पूर्ण ब्‍यौरा दें? (ख) क्‍या विक्रम शुगर मिल्‍स आलोट की भूमि सन १९७१ जनवरी माह में सहायक लिक्विडेटर द्वारा किसानों को विक्रय की गयी थी? यदि हाँ, तो कितनी व कौन-कौन सी? (ग) क्‍या सन् १९५२ में व अन्‍य वर्षों में मिल की भूमि किसानों को लिखित रूप में कृषि हेतु दी थी तथा कई किसानों के पास भू-राजस्‍व पुस्तिका है, किंतु १९५२ से अभी तक भूमि स्‍वामी का अधिकार किस कारण से नहीं दिया?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। परन्‍तु वर्ष 1972 में सहायक लिक्विडेटर द्वारा मई व जुलाई माह में 5 व्‍यक्तियों को भूमि विक्रय की गई जिसका विवरण संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) सन् 1952 में एवं अन्‍य वर्षों में मिल की भूमि किसानों को लिखित रूप में कृषि हेतु दी गई थी इस संबंध में राजस्‍व अभिलेख में कोई भी जानकारी उपलब्‍ध नहीं है। अत: कृषकों के पास भू-राजस्‍व पुस्तिका की जानकारी राजस्‍व अभिलेख अनुसार निरंक है।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

बंदोबस्ती नक्‍शा उपलब्ध कराया जाना

[राजस्व]

51. ( क्र. 809 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले की तहसील रघुराज नगर के अंतर्गत पटवारी हल्का अमौधा कला के मौजा अमौधा कला का वर्ष 1924-25 का बंदोबस्ती नक्शा सीट क्र. 1 एवं 2, कमिश्नर भू-अभिलेख मोतीमहल ग्वालियर में उपलब्ध है या नहीं? (ख) यदि हाँ, तो क्या उपरोक्त नक्शा सीट क्र. 1 एवं 2, की सत्यापित प्रति देवें? (ग) क्या मौजा अमौधा कला के नाले की आराजी न. 376 को भू-माफियाओं द्वारा लगभग आधे नाले को समतल कर गायब कर दिया गया है? यदि हाँ, तो क्या भू-माफियाओं के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करा कर नाले को मुक्त कराते हुए भू-माफियाओं से पुनः नाला निर्माण कार्य कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है। (ग) जिला सतना से प्राप्त जानकारी के अनुसार मौजा अमौघाकला की आराजी नं 376 जिसमें नाला बहता है वह म.प्र.शासन दर्ज अभिलेख है। वर्तमान में अतिक्रमण नहीं है, न किसी के द्वारा समतलीकरण कार्य किया गया है। नाला पूर्णतः सुरक्षित। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

प्रदेश में किसानों एवं छात्रों के आत्महत्या के प्रकरण

[गृह]

52. ( क्र. 820 ) श्री रामनिवास रावत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के अतारांकित प्रश्न क्र. 1518 दि. 07-12-16 के उत्तर में बताया गया था कि 01 जुलाई 16 से 15 नवम्बर 16 तक प्रदेश में कुल 3469 आत्महत्या की घटनाएँ घटित हुईं। जिनमें से 531 (कृषक एवं कृषक मजदूर) तथा 281 छात्र थे तथा परि.अता. प्रश्न क्र.276 दिनांक 27.02.17 के उत्तर में दिनांक 16 नवम्बर 2016 से 24 जनवरी 2017 तक प्रदेश में कुल 1761 आत्महत्या की घटनाएँ घटित होने जिनमें से 287 (कृषक एवं कृषक मजदूर) तथा 160 छात्र थे, की जानकारी दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो दिनांक 01 फरवरी 2017 से 22 जून 17 तक की अवधि में प्रदेश में आत्महत्या की कुल कितनी घटनाएँ घटित हुई? जिलेवार बतावें? उक्त आत्महत्याओं के क्या क्या कारण रहे? (ग) प्रश्नांश (ख)