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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2015 सत्र


शुक्रवार, दिनाँक 18 दिसम्‍बर 2015


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 5 : लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण, चिकित्‍सा शिक्षा, आयुष, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, संसदीय कार्य, स्‍कूल शिक्षा, आदिम जाति कल्‍याण, अनुसूचित जाति कल्‍याण, श्रम, पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण, विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति कल्‍याण)


विधि‍ अधिकारी के पद पर नियुक्ति

1. ( *क्र. 1259 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्रम विभाग में विधि अधिकारी का पद होता है? यदि हाँ, तो यह पद सरकार द्वारा कब सृजित किया गया था एवं उक्‍त पद पर किस व्‍यक्ति की नियुक्ति हुई एवं नियुक्‍त व्‍यक्ति को कहाँ पदस्‍थ किया गया था? (ख) क्‍या पदोन्‍नति के पूर्व उन्‍हें विभाग प्रमुख द्वारा उनकी विधि डिग्री फर्जी पाये जाने पर नोटिस जारी किया गया था? क्‍या वे शासकीय सेवा के साथ-साथ एल.एल.डी./एल.एल.एम. की कक्षाओं में नियमित छात्र के रूप में उपस्थित रहे एवं पदस्‍थ कार्यालय में भी हस्‍ताक्षर पाये गये एवं डी.पी.सी. के दौरान उन्‍हें निलंबित एवं बहाल भी किया गया था। क्‍या उक्‍त व्‍यक्ति की पदोन्‍नति भी विभागीय जाँच के चलते की गई? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या यह नियमों का उल्‍लंघन नहीं है? तत्‍संबंध की समस्‍त जानकारी उपलब्‍ध कराकर उक्‍त लापरवाही में संलग्नित अधिकारियों पर कार्यवाही की समय-सीमा बतावें।

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। श्रम विभागीय आदेश दि. 31.12.1985 द्वारा विधि अधिकारी का 01 पद सृजित किया गया था। उक्त पद पर प्रथमत: श्री एम.के. पोरवाल एवं तत्पश्चात् श्री जी.डी. द्विवेदी को पदोन्नत करते हुए विधि अधिकारी के पद पर मुख्यालय, इंदौर में पदस्थ किया गया था। (ख) जी नहीं। विधि अधिकारी के पद पर पदोन्नति के पूर्व श्री जी.डी. द्विवेदी को प्रश्नांकित नोटिस जारी नहीं किया गया था। श्री जी.डी. द्विवेदी के सहायक श्रमायुक्त के पद पर पदोन्नति हेतु विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक दिनाँक 8.7.14 को आयोजित हुई थी। श्री जी.डी. द्विवेदी को प्रश्नांकित आरोपों के संबंध में विभागाध्यक्ष द्वारा आरोप पत्र दिनाँक 14.8.14 को जारी किया गया था तथा एक अन्य प्रकरण में उन्हें विभागाध्यक्ष द्वारा एक अन्य आरोप पत्र दिनाँक 9.7.14 को जारी किया गया था। श्री द्विवेदी को श्रमायुक्त द्वारा दिनाँक 15.7.14 को निलंबित किया गया था तथा श्रम विभाग, म.प्र. शासन के आदेश दिनाँक 4.8.14 द्वारा बहाल किया गया था। (ग) उनकी संस्थित विभागीय जाँच प्रचलित है। पदोन्नति में किसी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ। किसी पर कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं है।

चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

2. ( *क्र. 2666 ) श्री हेमन्‍त विजय खण्‍डेलवाल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में चिकित्‍सकों, विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के वर्तमान में कितने पद स्‍वीकृत हैं, कितने रिक्‍त हैं? जिलावार जानकारी संख्‍या सूची सहित प्रतिशत में देवें। (ख) क्‍या किन्‍हीं जिलों में स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कार्यरत चिकित्‍सकों का प्रतिशत अधिक है तथा किन्‍हीं जिलों में यह प्रतिशत काफी कम है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या सरकार द्वारा जिन जिलों में कार्यरत चिकित्‍सकों की संख्‍या काफी कम है, उन जिलों में अन्‍य जिलों के प्रतिशत के बराबर चिकित्‍सकों की पूर्ति की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या बैतूल जिले में यह प्रतिशत काफी कम है? यदि हाँ, तो अन्‍य जिलों के अनुसार बैतूल जिले में चिकित्‍सकों की पूर्ति के संबंध में क्‍या सरकार कोई कार्यवाही करेगी तथा कब तक चिकित्‍सकों की पूर्ति कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत है, प्रदेश में विशेषज्ञों/चिकित्सकों की अत्यधिक कमी है, अतः शत-प्रतिशत विशेषज्ञों/चिकित्सा अधिकारियों की पदपूर्ति नहीं की जा सकी है। विशेषज्ञ के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु पदोन्नति की कार्यवाही निरंतर जारी है। चिकित्सकों की पदपूर्ति के प्रयास अंतर्गत ही वर्ष 2015 में 1896 पदों के लिये मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से विज्ञापन जारी किए गए हैं, चयन प्रक्रिया प्रचलन में है, चयन सूची अप्राप्त है। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (घ) प्रदेश में बैतूल जिले का कार्यरत प्रतिशत 44 है एवं इससे कम प्रतिशत वाले 15 जिले हैं, जिनमें विशेषज्ञ/चिकित्सक बैतूल जिले से भी कम है। शेष उत्तरांश अनुसार।

परिशिष्ट - ''एक''

सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में कार्यरत ठेकेदार

3. ( *क्र. 1007 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के फेस 1 में कार्य का संचालन एवं संधारण करने हेतु किन-किन ठेकेदारों को किस काम के टेण्‍डर दिये गये हैं? (ख) प्रश्‍न (क) में उल्‍लेखित परियोजना के ठेकेदारों के द्वारा कितने कुशल, अर्द्धकुशल व अकुशल मजदूर किस कार्य के लिये लगाए गए हैं? उन मजदूरों की काम के अनुसार कितनी राशि बैंक खाते में जमा की जा रही है तथा कितनी राशि पी.एफ. के नाम से काटी जा रही है? (ग) सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में कार्यरत ठेकेदारों के पास से काम करने वाले मजदूरों को बीच में काम छोड़ने पर किन मजदूरों को पी.एफ. की राशि बैंक खाते में जमा की गई है उन मजदूरों की सूची पी.एफ. राशि सहित दें।

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) प्रश्नांकित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। कार्यरत् मजदूरों की मजदूरी बैंक खाते में जमा नहीं की जाती है, बल्कि नगद भुगतान किया जाता है। ठेकेदार द्वारा मजदूरों से 12 प्रतिशत व स्वयं का 13.61 प्रतिशत अंशदान जोड़कर पी.एफ. (कर्मचारी भविष्य निधि) खाते में जमा किया जाता है। (ग) प्रश्नांकित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

निजी चिकित्‍सा महाविद्यालयों में कोटे से चयनित अभ्‍यार्थी

4. ( *क्र. 31 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015-2016 सत्र के लिये निजी चिकित्‍सा महाविद्यालयों के MBBS पाठ्यक्रम में एन.आर.आई. कोटा स्‍टेट (AIPMT से चयनित) कोटा तथा DMAT कोटा से चयनित अभ्‍यार्थियों की सूची प्रस्‍तुत करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित AIPMT से चयनित तथा DMAT से चयनित अभ्‍यार्थियों के कॉलेज अनुसार AIPMT तथा DMAT परीक्षा के अनुक्रमांक परीक्षा केन्‍द्र का नाम, प्राप्‍तांक तथा संबंधित परीक्षा में रेंक सहित जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित अभ्‍यार्थियों के संबंधित विश्‍वविद्यालय अथवा मेडिकल काउन्‍सलिंग ऑफ इंडिया में रजिस्‍ट्रेशन क्रमांक तथा दिनाँक की सूची देवें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

साफ-सफाई एवं सुरक्षा ठेके में अनियमितता

5. ( *क्र. 2645 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015 में इंदौर एम.वाय. अस्‍पताल एवं अन्‍य शासकीय अस्‍पतालों में साफ-सफाई एवं सुरक्षा का टेंडर कब-कब निकाला गया? (ख) इनमें किन फर्मों/कंपनियों ने भाग लिया? उनके पूरे दस्‍तावेज जिनमें उनके भरे टेंडर फार्म, अनुभव प्रमाण पत्र, लाइसेंस प्रकार, लाइसेंस अवधि सहित उपलब्‍ध करावें। (ग) ईगल स्क्यिोरिटी सर्विस को केवल 1 वर्ष का अनुभव एवं लाइसेंस प्रकार L-4 होने के बाद कार्य दे दिया गया, जबकि ज्‍यादा अनुभवी व L-1 पात्रता वाली फर्में टेंडर प्रक्रिया में थी? कारण स्‍पष्‍ट करें? (घ) उपरोक्‍त कार्य कब तक निरस्‍त किया जाएगा? इसके लिये उत्‍तरदायी अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एम.वाय. चिकित्सालय इन्दौर में वर्ष 2015 में साफ-सफाई का टेण्डर दिनाँक 17/09/2015 एवं सिविल सर्जन इन्दौर द्वारा दिनाँक 29/06/2015 को साफ-सफाई एवं सुरक्षा का टेण्डर निकाला गया। (ख) मेसर्स कामथेन सिक्यूरिटी सर्विस इन्दौर, मेसर्स प्रथम नेशनल सिक्यूरिटी सर्विस इन्दौर, मेसर्स न्यू बुन्देलखण्ड सिक्यूरिटी सर्विसेस इन्दौर, मेसर्स ईगल सिक्यूरिटी सर्विस भोपाल, मेसर्स एक्वा क्लीन सर्विस प्रा.लि. भोपाल, मेसर्स हृयूमन मेट्रिक्स सिक्यूरिटी सर्विस इन्दौर, रियल सिक्यूरिटी एण्ड हाउसकीपिंग सर्विसेस इन्दौर, रतन एम्पोरियम धार ने भाग लिया। सिक्‍युरिटी सर्विसेस की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार एवं हाउसकीपिंग सर्विसेस की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) एम.वाय. चिकित्सालय इन्दौर में वर्ष 2015 में प्रकाशित टेण्डर के पृष्ठ 5 के कॉलम 06 के अनुच्छेद बी में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि जितनी भी कम्पनियाँ एक वर्ष का सन्तोषप्रद अनुभव रखती हैं, वह टेण्डर प्रक्रिया के टेक्नीकल बिड में शामिल हो सकती हैं। मेसर्स ईगल सिक्यूरिटी सर्विसेस इस नियम के अन्तर्गत पात्र थी, इसलिये उन्हे अन्य 05 पात्र कम्पनियों के साथ टेण्डर प्रक्रिया एवं टेक्नीकल बिड में शामिल किया गया था। इसके पश्‍चात् मेसर्स ईगल सिक्यूरिटी सर्विसेस को सबसे ज्यादा अंक के आधार पर साफ-सफाई का ठेका दिया गया। जिला चिकित्‍सालय इन्‍दौर द्वारा मेसर्स ईगल सिक्‍यूरिटी सर्विसेस को साफ-सफाई एवं सुरक्षा का ठेका नहीं दिया गया। (घ) प्रश्‍नांश के उत्तर अनुसार संपूर्ण प्रक्रिया वैधानिक रूप से की गई है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अध्‍यापक पुरूष संवर्ग का निकाय परिवर्तन

6. ( *क्र. 1067 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अध्‍यापक पुरूष संवर्ग की स्‍थानांतरण नीति यदि शासन द्वारा जारी की गई है तो आदेश/स्‍थानांतरण नीति की एक प्रति देवें। होशंगाबाद जिले में अध्‍यापक पुरूष संवर्ग के कितने शिक्षक हैं, जो अन्‍य विभागों में प्रतिनियुक्ति एवं रीडिप्‍लायमेंट के कारण अन्‍य विभागों में कार्य कर रहे हैं? सूची प्रदान करें। (ख) क्‍या अध्‍यापक संवर्ग के शिक्षकों का पदोन्‍नति उपरांत अथवा अन्‍य कारण से निकाय परिवर्तन हुआ है? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत, किस सक्षम अधिकारी के आदेश से बतायें तथा पूर्व निकाय की पदस्‍थापना एवं वर्तमान निकाय की पदस्‍थापना की जानकारी भी देवें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) केवल महिला, नि:शक्‍त एवं परस्पर आधारित एक निकाय से अन्य निकाय में ऑनलाईन संविलियन की नीति है। प्रश्नांकित जिले में अध्यापक संवर्ग के पुरुष अन्य विभाग में प्रतिनियुक्ति एवं रीडिप्लायमेंट के अन्तर्गत कार्यरत नहीं है। (ख) जी हाँ। श्री अजय कुमार दुबे, अध्यापक मूल पदस्थापना शा. मावि जामरा बनखेड़ी जिला पंचायत होशंगाबाद के अन्तर्गत थी और प्रतिनियुक्ति पर इनकी पदस्थापना शा. उत्कृष्ट उमावि पिपरिया जिला-होशंगाबाद हुई थी। मुख्य नगर अधिकारी पिपरिया जिला-होशंगाबाद के आदेश क्र./1693, दिनाँक 28.02.14 के द्वारा श्री अजय कुमार दुबे की पदोन्नति अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक (गणित) के पद पर की जाकर शा. हाईस्कूल नगर पालिका पिपरिया की गई है। यह पदोन्नति त्रुटिपूर्ण होने के कारण कलेक्टर, जिला-होशंगाबाद को नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।

केवलारी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत योजनाओं का संचालन

7. ( *क्र. 2546 ) श्री रजनीश सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत केवलारी विधान सभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में आदिम जाति कल्‍याण की योजनायें जो शासन से संचालित हैं, चलाई जा रही हैं? (ख) इन ग्रामों में शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए कितनी राशि का आवंटन किस मद से किया गया? (ग) IAP योजना से लाभांवित ग्रामों का भी उल्‍लेख करते हुये स्‍पष्‍ट जानकारी देवें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर संलग्‍न है।

वरिष्‍ठ अ‍ध्‍यापकों की पदोन्‍नति

8. ( *क्र. 634 ) श्री प्रताप सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में अध्‍यापक संवर्ग में वरिष्‍ठ अ‍ध्‍यापकों की पदोन्‍नति प्रश्‍न दिनाँक तक नहीं की गई है? (ख) क्‍या सरकार द्वारा वरिष्‍ठ अध्‍यापकों की पदोन्‍नति हेतु कोई नीति तैयार की है? यदि हाँ, तो बतलावें। यदि नहीं, तो कब तक नीति का स्‍वरूप तैयार किया जावेगा तथा इसका लाभ वरिष्‍ठ अध्‍यापकों को कब तक प्राप्‍त होगा? समय-सीमा बतलावें। (ग) प्रदेश में अध्‍यापक संवर्ग की स्‍थानांतरण नीति नहीं है फिर भी दमोह जिले में अनेक पुरूष अध्‍यापकों के पदांकन मूल शाला से अन्‍य शालाओं में किये गये हैं? क्‍या नियम नीति के विरूद्ध प्रतिनियुक्ति समाप्ति एवं निलम्‍बन से बहाल उपरांत पुरूष अध्‍यापकों के स्‍थान परिवर्तन किये गये हैं? जानकारी दें। (घ) यदि हाँ, तो नियम विरूद्ध किये गये स्‍थान परिवर्तन वाले पुरूष अध्‍यापकों को कब तक मूल शाला में भेजा जावेगा तथा अनियमितता करने वाले संबंधित दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो कब तक की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मध्यप्रदेश पंचायत/नगरीय निकाय अध्यापक संवर्ग (नियोजन एवं सेवा की शर्तें) नियम, 2008 की अनुसूची-चार के अनुसार वरिष्ठ अध्यापक को पदोन्नति का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। वरिष्ठ अध्यापकों के पूर्व से नियुक्त, नियुक्त व्याख्याताओं की शत-प्रतिशत पदोन्नति होने तक वरिष्ठ अध्यापकों के लिए पदोन्नति की व्यवस्था प्रारम्भ की जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। स्थानांतरण नीति नहीं है। सहायक अध्यापक संवर्ग संबंधित जनपद तथा अध्यापक एवं वरिष्ठ अध्यापक संवर्ग संबंधित जिला पंचायत के अधीन होता है। निलंबित अध्यापकों के निलम्बन उपरांत पदस्थापना विभागीय जाँच प्रभावित नहीं हो, को दृष्टिगत रखते हुये उसी निकाय की अन्य शाला में की जाना गलत नहीं है। प्रतिनियुक्ति से वापसी पर मूल शाला में पदस्थ किया गया है। (घ) प्रश्नांश (ग) उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

छात्रावासों में विद्यार्थियों को कोचिंग की सुविधा

9. ( *क्र. 1331 ) श्री जतन उईके : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा आदिम जाति कल्‍याण विभाग के पोस्‍ट मैट्रिक छात्रावासों में छात्रों को कोचिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है? यदि हाँ, तो उक्‍त सुविधा कब से उपलब्‍ध कराई जा रही है एवं इसके लिए कोई आदेश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या उक्‍त सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रावासों में निवासरत को भी उपलब्‍ध कराई जा रही है? (ग) यदि नहीं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत छात्र/छात्राओं को उक्‍त सुविधा कब तक उपलब्‍ध कराई जायेगी तथा कब तक आदेश जारी कर दिये जायेंगे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। उक्‍त सुविधा मध्‍यप्रदेश शासन, आदिम जाति कल्‍याण विभाग, मंत्रालय के पृष्‍ठांकन क्रमांक एफ-12-24/2007/दो/पच्‍चीस भोपाल, दिनाँक 03.06.2008 द्वारा उपलब्‍ध कराई जा रही है। आदेश संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

छात्रों को साईकिल एवं गणवेश की राशि का भुगतान

10. ( *क्र. 1426 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सिंगरौली के अंतर्गत विकासखण्‍ड बैढ़न, चितरंगी एवं देवसर स्थित विद्यालयों में अध्‍ययनरत् छात्र/छात्राओं को साईकिल एवं गणवेश हेतु क्‍या नगद राशि देने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो वर्तमान में विद्यार्थियों को क्‍या राशि का भुगतान दिया गया है? यदि नहीं, तो विगत कितने वर्षों से छात्र/छात्राओं को उक्‍त धन राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के संबंध में उक्‍त पैसा को-ऑपरेटिव बैंक में जमा कर दिया गया है? क्‍या छात्र/छात्राओं का बैंक खाता को-ऑपरेटिव बैंक में नहीं होने के कारण उक्‍त राशि का भुगतान पाने से अभी तक वंचित हैं? यदि हाँ, तो प्रत्‍येक विकासखण्‍डवार संपूर्ण जानकारी देवें। (ग) क्‍या ब्‍लॉक चितरंगी में विगत तीन वर्षों से छात्र/छात्राओं के खाते में पैसा नहीं दिया गया है और न ही इनका भुगतान किसी भी माध्‍यम से किया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए उत्‍तरदायी/दोषी अधिकारी कौन हैं तथा इनके विरूद्ध कब तक क्‍या कार्यवाही की जाकर छात्र/छात्राओं का भुगतान दिया जा सकेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शासकीय शाला में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत समस्त बालक बालिकाओं को 400 रूपये के मान से निःशुल्क गणवेश का वितरण अकाउंटपेयी चेक के माध्यम से तथा निःशुल्क सायकिल वितरण की राशि रू. 2300/- कक्षा 6वी के पात्र हितग्राहियों को शाला प्रबंधन समितियों के माध्यम से चेक द्वारा प्रदान की गई है। वर्तमान में विगत वर्षों की उक्त मद की राशि नियमानुसार हितग्राहियों को प्रदान की जा चुकी है। वर्ष 2015-16 में कक्षा 9वी के छात्र-छात्राओं को ऑनलाईन समग्र पोर्टल के माध्यम से पात्रता निर्धारित की जाकर राशि हितग्राही विद्यार्थियों के बैंक खाते में अंतरित की जाती है। 7471 पात्र छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया जा चुका है तथा लगभग 1800 विद्यार्थियों को लाभान्वित किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्‍टॉफ नर्स के पदों पर भर्ती

11. ( *क्र. 1214 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग द्वारा महिला स्‍टॉफ नर्स के 1868 पदों हेतु फरवरी 2015 में विज्ञापन प्रकाशित किया गया था? (ख) क्‍या विभाग द्वारा बी.एस.सी./जी.एन.एम. नर्सिंग का कोर्स पुरूष एवं महिला दोनों को कराते हुए डिग्री एवं डिप्‍लोमा प्रदान किये जा रहे हैं एवं समान रूप से शासन द्वारा निर्धारित छात्रवृत्ति भी बराबर प्रदान की जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो स्‍टॉफ नर्स की भर्ती में पुरूष वर्ग को शामिल क्‍यों नहीं किया गया? इसी भेदभाव के चलते माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में प्रकरण क्रमांक 2757/ दिनाँक 15 अप्रैल 2015 को दायर किया गया था जिस पर माननीय न्‍यायालय द्वारा स्‍थगन आदेश जारी कर महिला स्‍टॉफ नर्स की भर्ती में रोक लगा दी गई किंतु विभाग द्वारा माननीय न्‍यायालय के आदेश की अवहेलना कर महिला स्‍टॉफ नर्स की भर्ती प्रक्रिया क्‍यों चालू रखी गई? कारण सहित बतायें। (घ) क्‍या पुरूष स्‍टॉफ नर्स की डिग्री/डिप्‍लोमा धारी युवकों द्वारा समय समय पर संबंधित मंत्री/राज्‍य मंत्री एवं मुख्‍य मंत्री को ज्ञापन सौंप कर भर्ती प्रक्रिया का विरोध जताया गया जिस पर मुख्‍य मंत्री जी द्वारा आश्‍वासन देते हुए 26 जुलाई 2015 के पूर्व की गई स्‍टॉफ नर्स की भर्ती स्‍थगित कर दी गई लेकिन 16 सितम्‍बर 2015 में पुन: विभाग द्वारा महिला स्‍टॉफ नर्स की भर्ती क्‍यों प्रारंभ कर दी गई कारण सहित बतायें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित बी.एस.सी. नर्सिंग कॉलेज एवं जी.एन.एम. प्रशिक्षण केंद्रो में केवल महिला उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया जाता है एवं क्रमशः डिग्री एवं डिप्लोमा प्रदाय किया जाता है तथा शासन द्वारा निर्धारित छात्रवृत्ति भी प्रदाय की जाती है। उक्त संस्थाओं बी.एस.सी. नर्सिंग कॉलेज एवं जी.एन.एम. प्रशिक्षण केंद्रो में पुरूष उम्मीदवारों को प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। (ग) मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तृतीय श्रेणी परिचारिका भर्ती नियम में केवल महिला उम्मीदवारों को स्टॉफ नर्स के पद पर नियुक्त करने का प्रावधान है। भर्ती नियम में प्रावधान न होने के कारण पुरूषों को स्टॉफ नर्स के पद पर नियुक्त नहीं किया जाता। (घ) विभाग से संबंधित नहीं है।

नरसिंहपुर जिले में भवन विहीन स्‍कूल

12. ( *क्र. 1700 ) श्री संजय शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा विधान सभा क्षेत्र में कौन-कौन से हाई स्‍कूल, हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल स्‍वयं के भवन में संचालित हैं? कौन-कौन से भवन विहीन हैं तथा उनके भवन निर्माण की क्‍या-क्‍या योजना है? (ख) किन-किन हाई स्‍कूल, हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों के भवन निर्माण का कार्य चल रहा है तथा उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होगा? नवीन हाई स्‍कूलों में फर्नीचर उपलब्‍ध करवाने की क्‍या योजना है तथा कितने विद्यालयों को कितनी राशि दी गई? (ग) कौन-कौन सी माध्‍यमिक शालाओं को हाई स्‍कूल तथा किन-किन हाई स्‍कूलों को हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन प्रस्‍तावित है? शालावार जानकारी दें। (घ) क्‍या आगामी सत्र से हाई स्‍कूल तथा हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों में प्रस्‍तावित कक्षायें प्रारंभ हो जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतायें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) नरसिंहपुर जिले के तेन्दुखेड़ा विधानसभा क्षेत्र 34 में से 27 हाई स्कूल, हायर सेकण्‍डरी स्कूल स्वयं के भवन में संचालित हैं। शेष 7 हाई/हायर सेकण्‍डरी स्कूल भवन निर्माणधीन हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) नरसिंहपुर जिले के तेन्दुखेड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 7 हाई/हायर सेकण्‍डरी विद्यालयों में निर्माण कार्य चल रहा है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है। इस वर्ष 04 हाई स्कूलों में फर्नीचर प्रदाय किया जाना है। फर्नीचर हेतु विद्यालयों को राशि जारी नहीं की गई है। (ग) निर्धारित मापदंड अनुसार माध्यमिक शालाओं से हाईस्कूल में उन्न्यन हेतु एक शाला, माध्यमिक शाला हीरापुर एवं हाई स्कूल से हायर सेकण्‍डरी में उन्नयन हेतु कोई भी शाला पात्र नहीं है। (घ) उन्नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

रीवा जिले में संचालित श्रम विद्यालय

13. ( *क्र. 1816 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के विधानसभा क्षेत्र मऊगंज में संचालित 8 श्रम विद्यालय के संदर्भ में संचालित श्रम विद्यालयों का माह मार्च-अप्रैल 2014-15 में बी.आर.सी.सी. मऊगंज एवं हनुमना द्वारा निरीक्षण किया जाकर जिला पंचायत रीवा को भेजा गया है? यदि हाँ, तो उसका विवरण देवें। (ख) क्‍या विद्यालय में उपस्थित छात्र एवं उनको मिलने वाली सुविधाओं का वर्ष 2015-16 का सत्‍यापन करा लिया गया है? यदि हाँ, तो इसका विवरण देवें एवं यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) हाँ प्रश्नानुसार बिन्दु क्रमांक में चाही गयी जानकारी अनुसार बी.आर.सी.सी. मऊगंज एवं हनुमना द्वारा माह मार्च-अप्रैल, 2014-15 में जिला पंचायत रीवा को प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर केन्द्रवार निरीक्षण का विवरण निम्नानुसार है :- 1. केन्द्र भाठी हनुमान में दिनाँक 03.03.15 को निरीक्षण दौरान औसत उपस्थिति 39 रही अन्य व्यवस्थाओं में शिक्षक उपस्थित एवं मध्यान्ह भोजन का वितरण होना पाया गया। 2. केन्द्र बेलौही कलॉ में दिनाँक 03.03.15 को निरीक्षण में दर्ज छात्र संख्या 50 कुल छात्र उपस्थिति‍ 37 रही एवं मध्यान्ह भोजन वितरित किया जाना पाया गया। अन्य व्यवस्थाएं सामान्य रूप से होना पाया गया। 3. केन्द्र हनुमना (सगरा) में निरीक्षण दिनाँक 03.03.15 को नगर पंचायत अंतर्गत केन्द्र सगरा वार्ड क्र. 6 में दर्ज संख्या 50 उपस्थित छात्र 32 एवं औसत उपस्थिति 34 पाई गई निरीक्षण के दौरान 5 शिक्षक उपस्थित पाए गये, एमडीएम का वितरण होना पाया गया। 4. केन्‍द्र भुअरी हनुमना में दिनाँक 03.03.15 को केन्द्र के निरीक्षण में दर्ज छात्र संख्या 50 उपस्थित एवं औसत उपस्थिति 40 होना पाया गया, अन्य व्यवस्थाओं में सभी शिक्षक केन्द्र में उपस्थित पाये गये तथा निरीक्षण दिनाँक को एमडीएम का वितरण होना पाया गया। 5. केन्‍द्र मसुरिहा में दिनाँक 03.03.15 को निरीक्षण में केन्द्र में दर्ज छात्र संख्या 50 उपस्थित एवं औसत उपस्थिति 30 पायी गयी साथ ही शिक्षकों की उपस्थिति एवं एमडीएम का वितरण होना पाया गया। 6.केन्‍द्र सलैया में दिनाँक 03.03.15 को निरीक्षण पर केन्द्र में दर्ज छात्र संख्या 50 सहित उपस्थिति 38 एवं औसत उपस्थिति 37 पाई गयी केन्द्र में 3 शिक्षक उपस्थित पाये गये। एमडीएम का वितरण नियमित रूप से होना पाया गया। 7. केन्‍द्र टटिहरा पहाड़ में दिनाँक 03.03.15 को निरीक्षण में केन्‍द्र में दर्ज छात्र संख्या 50 एवं उपस्थिति 30 एवं औसत उपस्थिति 35 पाई गयी। केन्द्र में 5 शिक्षक उपस्थित पाये गये साथ ही केन्द्र में एमडीएम का वितरण सुनिश्चित रूप से किया जाना पाया गया। 8. केन्‍द्र मऊगंज में दिनाँक 10.03.15 को निरीक्षण किया गया। दर्ज छात्र संख्या 50 छात्र उपस्थिति 17 पाई गयी, एमडीएम का वितरण होना पाया गया। उपरोक्त प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित संचालन समितियों का व्यवस्था संबंधी कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये गये थे तथा संबंधित संचालन समितियों से प्राप्त स्पष्टीकरण के परिप्रेक्ष्य में भविष्य में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिये निर्देशित किया गया था। (ख) हाँ, प्रश्नानुसार वित्तीय वर्ष 2015-16 में संबंधित संचालन समितियों को प्रदत्त राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया है तथा नियमित रूप से होने वाले निरीक्षण के दौरान संबंधित मदों में व्यय राशि का सत्यापन किया जाता है।

विधानसभा क्षेत्र बीना के अंतर्गत शालाओं में निर्माण कार्य

14. ( *क्र. 1582 ) श्री महेश राय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बीना के अंतर्गत वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने शाला भवन/अतिरिक्‍त कक्ष/शौचालय के निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? सूची उपलब्‍ध करायी जावे। (ख) वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने शाला भवन/अतिरिक्‍त कक्ष/शौचालय बनकर तैयार हो गये हैं एवं कितनों का निर्माण कार्य चल रहा है तथा उक्‍त कार्य के लिये क्‍या समय-सीमा निर्धारित की गयी थी? (ग) यदि आज दिनाँक तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुये हैं, तो संबंधित निर्माण एजेंसी के विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की है? (घ) विधानसभा क्षेत्र बीना में कितनी माध्‍यमिक शालायें/ प्रा‍थमिक शालायें एवं हाईस्‍कूल/उ.मा.वि. शिक्षक विहीन शालायें हैं? सूची उपलब्‍ध करायी जावे। यदि हाँ, तो शालाओं में कब तक शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बीना के अंतर्गत वर्ष 2012 से प्रश्न दिनाँक तक 05 माध्यमिक शाला भवन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार एवं 80 शौचालय जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार स्वीकृत किये गये हैं, कोई अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत नहीं किया गया है। (ख) वर्ष 2012 से प्रश्न दिनाँक तक स्वीकृत 05 माध्यमिक शाला भवन में से 02 पूर्ण हैं एवं 03 अपूर्ण हैं, जिनके निर्माण पूर्ण करने की अवधि मार्च, 2013 थी। स्वीकृत 80 शौचालय में से 80 के निर्माण पूर्ण हो गये हैं। कोई अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत नहीं किया गया। (ग) संबंधित निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत को बी.आर.सी.सी. बीना द्वारा दिनाँक 05.05.2015 दिनाँक 20.10.2015 दिनाँक 24.11.2015 एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सागर द्वारा एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बीना को लिखा गया। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बीना के न्यायालय में कार्यवाही हेतु प्रकरण प्रचलन में है। (घ) विधान सभा क्षेत्र बीना में 08 प्राथमिक/माध्यमिक शालाएं शिक्षक विहीन हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार शालाओं में अतिथि शिक्षकों द्वारा अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शाला शिक्षक विहीन नहीं हैं। सभी शालाओं में नियमित शिक्षक एवं अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं।

आरक्षित वर्ग हेतु सामुदायिक भवन/छात्रावास का निर्माण

15. ( *क्र. 2091 ) श्री अंचल सोनकर : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्‍डौरी, अनूपपुर, मण्‍डला, शहडोल एवं उमरिया में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिये कितने सामुदायिक भवन छात्र/छात्राओं के छात्रावास, स्‍कूलों का निर्माण किया गया? लागत सहित कार्य पूर्ण होने का वर्ष बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) क्‍या वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में स्‍वीकृत किये गये कार्यों को आज दिनाँक तक पूर्ण नहीं किया गया है, क्‍यों? कारण बतावें। कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में क्‍या निर्माण कार्य की लागत में वृद्धि होगी? यदि हाँ, तो कार्य के प्रति लापरवाही करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही कब तक होगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा एवं जाँच क्‍या समय-समय पर की जाती है? यदि हाँ, तो वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कितने कार्यों की जाँच किस-किस अधिकारी द्वारा की गई एवं उनमें क्‍या-क्‍या अनियमितताएं पाई गईं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं ''अ-1'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। विलम्‍ब का कारण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं अनुसूचित जाति से संबंधित पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ-1'' में उल्‍लेखानुसार है। लागत वृद्धि अनेक कारणों से संभावित होती है, इसके लिये कोई व्‍यक्ति विशेष उत्‍तरदायी नहीं है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार तथा अनुसूचित जाति से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब-1'' अनुसार है।

सुमावली विधान सभा क्षेत्रांतर्गत ग्रामों में डेंगू का प्रभाव

16. ( *क्र. 2466 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुमावली विधान सभा क्षेत्र मुरैना के ग्राम पंचायत देवगढ़ में अक्‍टूबर-नवंबर 2015 में डेंगू रोग फैलने से काफी संख्‍या में लोग प्रभावित हुए हैं, कितनों को परीक्षण कर डेंगू पॉजीटिव्ह निकला है? (ख) क्‍या गांव में अस्‍पताल होने के बावजूद चिकित्‍सक स्‍थाई रूप से अस्‍पताल में न रहकर उनकी अन्‍यत्र पदस्‍थापना की जाती रही है क्‍यों? अन्‍यत्र अस्‍थाई पदस्‍थापना के क्‍या कारण रहे हैं? (ग) क्‍या भारी पैमाने पर रोग फैलने से गांव के लोग भयभीत होकर जिले व बाहर अस्‍पतालों में चिकित्‍सा करा रहे हैं? (घ) शासन द्वारा रोग की रोकथाम हेतु अभी तक क्‍या प्रयास किये गये, कितने रोगियों का परीक्षण किया तथा उनके इलाज की क्‍या व्‍यवस्‍था की गई?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) सुमावली विधान सभा मुरैना के ग्राम पंचायत देवगढ़ में माह नवंबर 2015 में विभाग द्वारा भेजे गए चिकित्सीय दल द्वारा 60 मरीजों का परीक्षण किया गया, जिनमें 5 मलेरिया प्रकरण पाए गये, जिनका उपचार किया गया। तत्पश्‍चात् ग्वालियर मेडिकल कॉलेज से 2 डेंगू पॉजीटिव्ह केस की सूचना प्राप्त हुई तो उपरोक्त 60 मरीजों में से 22 बुखार के मरीज को जिला चिकित्सालय में भर्ती कर उपचार किया गया। इनमें से 7 मरीजों के सेंपल डेंगू की जाँच हेतु मेडिकल कॉलेज ग्वालियर भेजे गये संभावित सभी सेंपल डेंगू नि‍गेटि‍व्ह पाए गए। (ख) प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवगढ़ में दो चिकित्सा अधिकारी पद स्वीकृत हैं, जिसके विरूद्ध एक चिकित्सा अधिकारी कार्यरत है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जौरा में चिकित्सकों की कमी होने के कारण चिकित्सकों की आकस्मिक ड्यूटी आवश्‍यकतानुसार सप्ताह में एक दिन लगाई जाती है। अस्थायी पदस्थापना संबंधी कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। (ग) उक्त ग्राम व आस-पास के क्षेत्र में रोग फैलने की कोई घटना नहीं हुई है, गांव के लोगों में कोई भय नहीं है। (घ) विभाग द्वारा जिला स्तर से उक्त क्षेत्र में निरंतर सघन लार्वा सर्वे एवं लार्वा विनि‍ष्टिकरण का कार्य कराया गया। कुल 60 मरीजों का परीक्षण किया गया, जिसमें से 22 मरीज बुखार पीड़ि‍त पाए गए, जिनका उपचार जिला चिकित्सालय मुरैना में भर्ती कराकर किया गया।

छात्रावासों में वितरित सामग्री की जाँच

17. ( *क्र. 1536 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में आदिम जाति अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग के छात्रावासों में सामग्री वितरण के संबंध में अता. प्रश्‍न संख्‍या 36 (क्र. 935) दिनाँक 24.07.15 के उत्‍तर में बताया गया था? संभागीय उपायुक्‍त आदिवासी विकास सागर द्वारा अनियमितता के दोषियों के नाम स्‍पष्‍ट नहीं किये गये हैं? (ख) क्‍या संभागीय उपायुक्‍त द्वारा पत्र क्र. 506 दिनाँक 30.05.15 द्वारा प्रश्‍नांश (क) में दोषियों के नाम स्‍पष्‍ट करते हुये कार्यवाही हेतु अनेक पत्र सक्षम अधिकारी को दिये गये? (ग) यदि हाँ, तो सक्षम अधिकारी द्वारा संभागीय उपायुक्‍त के जाँच प्रतिवेदन क्र. 138 दिनाँक 12.02.15 के पालन में प्रश्‍न दिनाँक तक क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या संभागीय उपायुक्‍त सक्षम अधिकारी नहीं हैं? (घ) कार्यवाही नहीं करने के लिये विभाग के कौन-कौन सक्षम अधिकारियों द्वारा दोषियों को बचाया जा रहा है? नाम बतायें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) संभागीय उपायुक्त के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर प्रकरण एक में एक सदस्‍य राजपत्रित होने के कारण उत्‍तरदायी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही का प्रकरण आयुक्‍त, आदिवासी विकास के स्‍तर पर प्रचलित है। अनुशासनात्‍मक कार्यवाहियों हेतु संभागीय उपायुक्‍त, सक्षम अधिकारी नहीं हैं। (घ) कार्यवाही प्रचलित होने से शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

एन.आर.एच.एम. योजना के तहत प्राप्‍त राशि

18. ( *क्र. 1442 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत सरकार से एन.आर.एच.एम. योजना के तहत म.प्र. को वर्ष 2013 से आज दिनाँक तक कितनी राशि मिली? वर्षवार आवंटन की जानकारी बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्‍त आवंटन में से वर्षवार जिला डिण्‍डोरी में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई तथा प्राप्‍त आवंटन में कितना-कितना व्‍यय हुआ? जानकारी बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्‍त आवंटन के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्य किये गये?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) भारत सरकार से एन.आर.एच.एम. योजना के तहत म.प्र. को वर्ष 2013 से आज दिनाँक तक आवंटन निम्नानुसार है :-

स.क्र.

वित्तीय वर्ष

भारत सरकार से प्राप्त आवंटन (राशि करोड़ में)

1

2012-13

832.32

2

2013-14

855.34

3

2014-15

116.33

4

2015-16 (माह नवम्‍बर 15 तक)

844.67

 

(ख) एन.आर.एच.एम. योजना के तहत जिला डिण्डोरी को वर्ष 2013 से आज दिनाँक तक वर्षवार आवंटन एवं व्यय निम्नानुसार है :-

स.क्र.

वित्तीय वर्ष

प्राप्त राशि

व्यय राशि

1

2012-13

131666000

106819763

2

2013-14

133249190

165289321

3

2014-15

185773237

201884499

4

2015-16 (माह नबंबर 15 तक)

112686150

100462383

 

(ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

मनासा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत माड़ा पाकेट कलस्‍टर गठन

19. ( *क्र. 2101 ) श्री कैलाश चावला : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिम जाति कल्‍याण विभाग को मनासा विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी गांवों का माड़ा पाकेट गठन हेतु जो प्रस्‍ताव भेजा गया था, उसके प्रकाश में संचालनालय आदिवासी क्षेत्र विकास योजनाएं भोपाल द्वारा दिनाँक 10.06.15 को जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग जिला नीमच को निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो माड़ा पाकेट गठन हेतु दिनाँक 15.11.15 तक क्‍या कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। जिला स्‍तर पर आदिवासी बाहुल्‍य ग्रामों को चिन्‍हांकित कर प्रस्‍ताव तैयार किया जा रहा है।

आरक्षित वर्ग की बस्तियों में विकास कार्य

20. ( *क्र. 2039 ) श्री अरूण भीमावद : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के लोगों की बस्‍ती के विकास हेतु विभाग के क्‍या प्रावधान हैं? (ख) शासन के निर्देशानुसार 40 % से अधिक अ.जा. व अ.ज.जा. के लोग निवास करते हैं, तो उस बस्‍ती में सी.सी. रोड एवं नाली, पेयजल, विद्युतीकरण करने के निर्देश हैं? (ग) क्‍या उक्‍त बस्तियों में अ.जा. एवं अ.ज.जा. की बस्‍ती का विकास प्रतिशत के आधार पर वरीयता क्रम में किये जाने का निर्देश है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या निर्वाचित सदस्‍यों द्वारा की गई अनुशंसा पर बस्तियों में 40 % वाली में विकास होगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जाति बस्‍ती के विकास हेतु विभिन्‍न प्रावधान मध्‍यप्रदेश अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास नियम 2014 में किये गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार तथा अनुसूचित जनजाति बस्‍ती के विकास हेतु प्रावधान अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास नियम 2005 (यथा संशोधित) में किये गये हैं, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) अनुसूचित जाति के 40 प्रतिशत से अधिक जनसंख्‍या पर सी.सी. रोड, नाली निर्माण एवं पेयजल व्‍यवस्‍था के कार्यों का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति बस्‍ती में 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्‍या होने पर सी.सी. रोड, नाली निर्माण एवं पेयजल व्‍यवस्‍था का प्रावधान है। (ग) जी हाँ। (घ) नियमों में ऐसा प्रावधान नहीं है।

सर्वशिक्षा योजना अंतर्गत स्‍वीकृत शालाओं का भवन निर्माण

21. ( *क्र. 1461 ) श्री कल सिंह भाबर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन के सर्वशिक्षा योजना के अंतर्गत झाबुआ जिले हेतु स्‍वीकृत नवीन माध्‍यमिक शालाओं/हाईस्‍कूलों के भवनों के निर्माण कार्य स्‍वीकृत कियें गयें और संबंधित निर्माण एजेन्‍सी द्वारा स्‍वीकृत राशि आहरण कर ली गई है तथा एजेन्‍सी के द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया है? विभाग द्वारा ऐसे अपूर्ण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करवाने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है? स्‍वीकृत भवनों की भवन निर्माण की स्‍वीकृति सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) झाबुआ जिले की समस्‍त शासकीय शैक्षणिक संस्‍थाओं में स्‍वच्‍छता अभियान के अंतर्गत शौचालय निर्माण हेतु राशि उपलब्‍ध करवाई गई है, शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है और संस्‍थाओं द्वारा शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं करवाया गया है? कार्य पूर्ण नहीं कियें जाने वाली संस्‍थाओं के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी तथा उन संस्‍थाओं की सूची (स्‍वीकृति) उपलब्‍ध करावें जहां शौचालय स्‍वीकृत हैं, निर्माण किया गया या नहीं आदि की जानकारी उपलब्‍ध करावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) झाबुआ जिले में सर्व शिक्षा अभियान मद से 315 माध्यमिक शाला भवनों का निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये, जिसमें से 304 माध्यमिक शालाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा राशि का आहरण भी कर लिया गया है। 11 माध्यमिक शाला भवनों का कार्य अपूर्ण/प्रगति पर है। 10 अपूर्ण कार्य के संबंध में एस.डी.एम. कोर्ट में प्रकरण दर्ज किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। सर्व शिक्षा योजना अंतर्गत हाईस्कूल निर्माण का प्रावधान नहीं है। (ख) सर्व शिक्षा अभियान अन्तर्गत स्वच्छता अभियान द्वारा वर्ष 2014-15 में 497 शौचालय स्वीकृत किये गये। वर्ष 2015-16 में 597 शौचालय स्वच्छता मद से 08 शौचालय स्वच्छता कोष से स्वीकृत किये गये। उक्त शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है, अतः किसी प्रकार की कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। स्वीकृत कार्यों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार

विद्यार्थियों को कक्ष उपलब्‍ध कराना

22. ( *क्र. 2682 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर टीकमगढ़ में शास. स्‍कूलों में हायर सेकण्‍डरी एवं हाई स्‍कूल में कितने विद्यार्थी अध्‍ययनरत हैं? (ख) अध्‍ययनरत विद्यार्थी को शासन के नियमानुसार कितने कक्ष आवश्‍यक हैं? (ग) विद्यार्थियों को संस्‍थावार कितने कक्ष उपलब्‍ध हैं? यदि कमी है, तो विवरण दें। (घ) दो पालियों में संचालित विद्यालयों के नाम एवं समय सारणी बतावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) कुल 4881 विद्यार्थीगण हैं। (ख) एक कक्ष में अधिकतम 45 छात्र के बैठने की व्यवस्था मान्यता नियमों में है, तद्नुसार 110 कक्षों की आवश्यकता है। (ग) शासकीय उत्कृष्ट उमावि क्र. 1 टीकमगढ़ में आवश्यक कक्ष- 35, उपलब्ध कक्ष- 12, कमी- 23, शासकीय उत्कृष्ट उमावि क्र. 2 टीकमगढ़ में आवश्यक कक्ष- 26, उपलब्ध कक्ष- 20, कमी- 06, शासकीय कन्या उमावि टीकमगढ़ में आवश्यक कक्ष- 42, उपलब्ध कक्ष- 18, कमी- 24 एवं शासकीय हाईस्कूल सीनियर बेसिक टीकमगढ़ में आवश्यक कक्ष- 07, उपलब्ध कक्ष- 07, कमी- 00 कुल आवश्यक कक्ष- 110, उपलब्ध कक्ष-57 एवं कमी-53 है। (घ) शासकीय उत्कृष्ट उमावि क्र.-1 टीकमगढ़ में प्रथम पाली प्रातः 7 से 12 एवं द्वितीय पाली 12.30 से 5.30 तक, शासकीय उमावि क्र.-2 टीकमगढ़ में प्रथम पाली प्रातः 7 से 12 बजे एवं द्वितीय पाली 12.30 से 5.30 तक एवं शासकीय कन्या उमावि टीकमगढ़ में प्रथम पाली प्रातः 7 से 12 बजे तक एवं द्वितीय पाली 12.30 बजे से 5.30 बजे तक है।

निजी एजेंसियों को सुरक्षा एवं सफाई कार्य का ठेका

23. ( *क्र. 2445 ) श्री के.पी. सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गैस राहत एवं पुर्नवास विभाग के अधीन गैस राहत चिकित्‍सकों में नवंबर 2011 से सुरक्षा एवं सफाई का कार्य करने वाली निजी एजेंसियों के नाम, पता बतावें। उनके ठेके में प्रश्‍न दिनाँक तक कब-कब कितनी बढ़ोत्‍तरी कब व क्‍यों की गई है? अनुबंध अनुसार विभाग एवं एजेंसी किन-किन अधिनियमों का पालन किस प्रकार कब से कर रही है? (ख) अनुबंध अनुसार भुगतान की शर्तों व पार्टी नं. 2 को भुगतान एवं शर्तों एवं नियमों में दर्शाये गये बिंदुओं में से किन बिंदुओं का पालन किया जा रहा है? बिंदुवार बतावें। अनुबंध का पालन नहीं किये जाने के बावजूद किस एजेंसी को कितना भुगतान किया गया है? वर्षवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित प्रावधानों का पालन नहीं किये जाने पर संबंधित एजेंसियों के विरूद्ध कितनी शिकायतें व लीगल नोटिस विभाग को प्राप्‍त हुये? उन पर प्रश्‍न दिनाँक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या शासन प्रश्‍नांकित प्रकरण पर अविलंब कार्यवाही करते हुए कई गंभीर शिकायतों पर लीगल नोटिस के बावजूद संबंधित एजेंसियों को अनुबंध प्रावधानों के विरूद्ध किये जा रहे अनियमित भुगतान एवं सेवा बढ़ोत्‍तरी को तत्‍काल प्रभाव से रोकते हुए दोषी एजेंसियों पर कार्यवाही व ठेका समाप्‍त कर उन्‍हें अनैतिक संरक्षण देने वाले दोषियों पर कार्यवाही करेगा? नहीं तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। गैस राहत चिकित्‍सालयों में सुरक्षा एवं सफाई कार्य हेतु निविदा के आधार पर निजी एजेन्‍सी के माध्‍यम से एक वर्ष की अवधि हेतु एक एजेन्‍सी नियुक्‍त करने का प्रावधान है। एजेन्‍सी का चयन दिनाँक 01-11-2011 से 31-10-2012 की अवधि के लिये किया गया था। निविदा में उल्‍लेखित शर्तों के अनुरूप कार्य सन्‍तोषजनक होने पर दोनों पक्षों की सहमति से वृद्धि किये जाने का प्रावधान है। उक्‍त शर्त के आधार पर निविदा समिति की अनुशंसा पर दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर दिनाँक 31-03-2014 तक की अवधि में वृद्धि की गई। न्‍यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अनुसार पालन किया जाता है। (ख) जी हाँ। संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा नियुक्‍त एजेन्‍सी से किये गये अनुबंध की शर्तों के पालन उपरान्‍त ही भुगतान किया जाता है। शेष बिन्‍दुओं पर प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) एजेन्‍सी के विरूद्ध शिकायतकर्ता श्री आनंद शरण श्रीवास्‍तव से एक शिकायत प्राप्‍त हुई थी जिसका चिकित्‍सालय के संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा अनुबंध में उल्‍लेखित शर्तों के अनुक्रम में परीक्षण किया गया। कोई तथ्‍य शिकायत से संबंधित संज्ञान में नहीं आया। अत: नियमों के अनुरूप भुगतान किया गया। (घ) प्रश्‍नांश '''' से '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पांच''

उज्‍जैन जिले में शासकीय चिकित्‍सालयों में संचालित वाहन

24. ( *क्र. 1352 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में कितने शासकीय चिकित्‍सालयों में 01 जनवरी 2014 से कौन-कौन सी सुविधाएं दी गई? इन पर कितनी-कितनी राशि खर्च की गई? जिले में ब्‍लॉक मेडिकल ऑफि‍सर एवं राष्‍ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के अंर्तगत कितने वाहन संचालित हो रहे हैं? 01 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक इन वाहनों एवं ईंधन के नाम पर कितनी राशि का भुगतान किया गया? (ख) उक्‍त जिले में प्रत्‍येक चिकित्‍सालय में उक्‍त अवधि में कितना-कितना शासकीय आवंटन प्राप्‍त हुआ और उसको कहाँ-कहाँ खर्च किया गया? इस व्‍यय राशि का सत्‍यापन किस-किस सक्षम अधिकारी ने कब-कब किया, उसमें क्‍या-क्‍या कमियां पाई गई, इनमें कौन-कौन अधिकारी दोषी पाए गए? (ग) उक्‍त जिले के विभिन्‍न शासकीय अस्‍पतालों में कितनी-कितनी एम्‍बुलेंस कहाँ-कहाँ पर संचालित हैं, इन एम्‍बुलेंस ने 01 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने किलोमीटर की यात्रा की तथा उन्‍हें अनुबंध में कितनी-कितनी राशि दी गई? (घ) उक्‍त जिले में चलित चिकित्‍सालयों में कौन-कौन से वाहन किस-किस व्‍यक्ति से अनुबंधित हैं? उनकी फिटनेस, बीमा एवं समस्‍त जानकारी उपलब्‍ध कराएं। इन चलित चिकित्‍सालयों ने 01 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक कब-कब, कौन-कौन से गांव में दौरा कर कितने-कितने मरीजों का इलाज किया?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) उज्जैन जिले में 42 शासकीय चिकित्सालयों को प्रश्‍नावधि में दी गई सुविधाओं/सेवाओं एवं व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जिले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर एवं राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत 12 वाहन संचालित हो रहे हैं। प्रश्‍नावधि में वाहनों एवं ईंधन पर कुल राशि रूपये 53,50,376/- का भुगतान किया गया। (ख) जिले में नियमित बजट शीर्ष में शासकीय आवंटन पृथक-पृथक मुख्य लेखा शीर्ष एवं एन.आर.एच.एम. में आवंटन फ्लेक्सी पूल में प्राप्त होता है, किन्तु चिकित्सालयवार पृथक से कोई आवंटन प्राप्त नहीं होता है। जिले को प्राप्त आवंटन एवं खर्च का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। व्यय राशि के सत्यापन का कार्य नियमित बजट में कार्यालय प्रमुख तथा आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा एवं एन.आर.एच.एम. अंतर्गत जिला स्तर पर जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा भुगतान के समय किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला उज्जैन डॉ. अशोक यादव, द्वारा माह 10/2014 को 12/2014 के मध्य विभिन्न फर्मों को क्रय आदेश उद्देश्‍य शीर्ष 22-008 (अन्य आकस्मिक व्यय) 34-009 (मटेरियल सप्लाय) एवं 51-000 (अन्य प्रभार) के अंतर्गत क्रय आदेश 70 जारी किये गये थे, जिनकी कुल राशि 16,30,339/- थी, पश्‍चात् उनके द्वारा 17 क्रय आदेश माह 12/2014 में ही निरस्त किये गये, जिसकी राशि रूपये 3,51,887/- थी। शेष 53 आदेश जिसमें से 02 आदेशों के विरूद्ध सामग्री प्राप्ति के पश्‍चात् इस कार्यालय को भुगतान हेतु प्राप्त हुए, किंतु दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों पर कलेक्टर जिला उज्जैन द्वारा संज्ञान लेते हुए जाँच बिठाई जाकर जाँच प्रतिवेदन को कलेक्टर द्वारा आयुक्त उज्जैन संभाग को प्रेषित किया गया, जिसके आधार पर आयुक्त उज्जैन संभाग, उज्जैन द्वारा आदेश क्र. 864/एफ/02-01/15/विकास-2/दिनाँक 12.12.2014 के द्वारा डॉ. अशोक यादव को निलंबित किया गया तथा वर्तमान में प्रकरण लोकायुक्त कार्यालय विशेष पुलिस स्थापना संभाग उज्जैन में अनुसंधान में है। (ग) प्रश्‍न भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) उज्जैन जिले में कुल 05 चलित चिकित्सालय में वाहन क्रमांक MP46D0208, MP46DO213, MP46DO214, MP46DO230, MP46DO231 ज्ञान योगेश्‍वर विद्यापीठ समिति, कुक्षी जिला धार से अनुबंधित है। प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

पिछड़े वर्ग हेतु छात्रावास की स्‍थापना

25. ( *क्र. 2657 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिदपुर वि.स. क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग की कुल जनसंख्‍या कितनी है? आंकड़ें प्रतिशत में भी देवें। (ख) महिदपुर वि.स. क्षेत्र में विभाग द्वारा छात्रावास स्‍थापित नहीं है? क्‍यों? (ग) क्‍या कस्‍बा झारड़ा भौगोलिक रूप से काफी ग्रामीण आबादी से जुड़ा है? यदि हाँ, तो कब तक छात्रावास की स्‍थापना कर दी जावेगी?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) भारत सरकार जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा करवाई जाने वाली दशकीय जनगणना-वर्ष 2011 में पिछड़ा वर्ग के संबंध में जानकारी संकलित नहीं की गई है, अत: उक्‍त जानकारी उपलब्‍ध नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थिति नहीं होता। (ख) जी हाँ। वर्तमान में विभाग की केवल जिला स्‍तर पर ही बालक तथा कन्‍या छात्रावास संचालित करने की योजना है। (ग) उपरोक्‍तनुसार।

 

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


पी.एम.टी. 2013 की काउन्‍सलिंग में चयनित अभ्‍यार्थियों की सूची

1. ( क्र. 36 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पी.एम.टी. 2013 की काउन्‍सलिंग में शासकीय एवं निजी चिकित्‍सा महाविद्यालयों के लिये चयनित/आवंटित अभ्‍यर्थियों के नाम, पिता का नाम, पता, प्राप्‍तांक, अनुक्रमांक, रेंक सहित सूची प्रस्‍तुत करें तथा बतायें कि किन-किन अभ्‍यर्थियों को कौन-कौन सा महाविद्यालय आवंटित किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सूची में से कितनी की परीक्षा पात्रता व्‍यापम द्वारा किस दिनाँक को समाप्‍त कर दी गई? उनकी सूची महाविद्यालय अनुसार प्रदान करें तथा बतावें कि उक्‍त अभ्‍यार्थी वर्तमान में अध्‍ययनरत् है या नहीं? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सूची में से कितने क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा आरोपी की सूची में शामिल थे उन्‍हें फिर काउन्‍सलिंग में क्‍यों शामिल किया गया? (घ) क्‍या प्रमुख सचिव चिकित्‍सा शिक्षा द्वारा पी.एम.टी. 2013 की परीक्षा में आरोपी अभ्‍यर्थियों की सूची हेतु पुलिस महानिदेशक को पत्र तथा तीन स्‍मरण पत्र लिखे गये थे? यदि हाँ, तो उत्‍तर कब प्राप्‍त हुआ?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटरों की संविदा नियुक्ति बढ़ाने में भेदभाव

2. ( क्र. 40 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माध्‍यमिक शिक्षा मंडल मुख्‍यालय भोपाल एवं संभागीय कार्यालयों में वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटर कब नियु‍क्‍त किये गये? नाम तथा नियुक्ति दिनाँक बताएं तथा कितने वेतनमान पर नियुक्‍त किया गया था? (ख) सचिव माध्‍यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के आदेश क्रमांक प्रशा./स्‍था./ए-2/2168/2014 से जिन कर्मचारियों की संविदा अवधि बढ़ाई गई है उनकी प्र‍थम संविदा नियुक्ति किसके द्वारा किस प्रक्रिया से की गई थी बताएं? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) की नियुक्ति पर माध्‍यमिक शिक्षा मंडल म.प्र. संविदा सेवा (नियुक्ति तथा सेवा शर्तें) विनियम 2006 की कंडिका 6 में क्‍या प्रावधान है? क्‍या इन नियुक्तियों में उक्‍त नियम का पालन किया गया है या नहीं बताएं? (घ) रीवा संभागीय कार्यालय द्वारा बार-बार डाटा एन्‍ट्री के कार्य को संतोषजनक पाए जाने और आवश्‍यकता को देखते हुये संविदा अवधि बढ़ाने एवं रूका हुआ वेतन भुगतान किए जाने का अनुरोध किया गया था? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई बताएं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) वर्ष 2010 से कार्यरत् डाटा एन्ट्री आपरेटरों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल में डाटा एण्ट्री आपरेटरों के पंजीयन हेतु जारी विज्ञापन के अनुक्रम में पात्रताधारी अभ्‍यार्थियों का टेस्ट आयोजित कर मेरिट के क्रम में मण्डल के कार्य को दृष्टिगत रखते हुए निर्धारित पारिश्रमिक पर कार्य करने हेतु अधिकृत किया गया था। (ग) माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. संविदा सेवा (नियुक्ति तथा सेवा शर्त) विनियम 2006 की कंडिका 6 में संविदा नियुक्ति की कालावधि एवं पदस्थापना-संविदा कर्मचारी की संविदा की कालावधि अधिकतम एक वर्ष होगी। मण्डल आवश्यकता अनुसार कालावधि में वृद्धि कर सकेगा, का उल्लेख है। जिसके अनुसार पालन किया जा रहा है। (घ) कार्यवाही प्रचलन में है।

परिशिष्ट ''छ:''

ग्राम खेलागांव में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र का भवन निर्माण

3. ( क्र. 382 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम खेलागांव तहसील नलखेड़ा जिला आगर मालवा के अंतर्गत क्‍या शासन द्वारा प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र भवन निर्माण हेतु वर्ष 2007 में राशि 04 लाख स्‍वीकृत की गई थी? स्‍वीकृत राशि का पूर्ण उपयोग कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कितनी राशि तथा उस राशि का संपूर्ण उपयोग हो चुका है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण देवें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार भवन निर्माण किस ऐजेंसी द्वारा किया गया एवं भवन का सत्‍यापन किस ऐजेंसी द्वारा किया गया? क्‍या निर्माण स्‍वीकृति प्राक्‍कलन अनुसार किया गया है? यदि हाँ, तो विवरण देवें? यदि नहीं, तो भवन निर्माण कब तक करा लिया जायेगा? (ग) क्‍या शासन द्वारा लगभग 10 वर्ष पूर्ण स्‍वीकृति राशि का आहरण कर पंचायत सचिव, सरपंच तथा विकासखण्‍ड के अधिकारियों, ठेकेदारों द्वारा केवल कागज पर भवन दर्शाया गया है, मूल रूप से आज दिनाँक तक कोई निर्माण नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो ऐसी स्थिति में शासन दोषी लोगों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं, ग्राम खेलागांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए नहीं बल्कि उपस्वास्थ्य केन्द्र के भवन निर्माण हेतु वर्ष 2007 में नहीं बल्कि दिनाँक 15.07.2003 को राशि रूपये 4.00 लाख स्वीकृत की गई थी। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उपस्वास्थ्य केन्द्र खेलागांव की भवन निर्माण ऐजेंसी , ग्राम पंचायत खेलागांव एवं भवन निर्माण का सत्यापन उपयंत्री जनपद पंचायत, नलखेड़ा द्वारा किया गया। जी नहीं। जी नहीं के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं, भवन का निर्माण कार्य केवल कुर्सी स्तर तक किया गया है। इस संबंध में जिला कलेक्टर आगर मालवा द्वारा अपने पत्र क्रमांक/डी-1/सा.आ./2015/601-602 आगर मालवा दिनाँक 07.07.2015 द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत शाजापुर/आगरमालवा व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला शाजापुर को संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दियें हैं। दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कुष्‍ट रोगी कर्मचारी को समयमान वेतनमान का लाभ

4. ( क्र. 569 ) श्री तरूण भनोत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के नियमित कुष्‍ठ रोगी कर्मचारी जो सीधी भर्ती उपरांत नियुक्‍त किये गये थे, उन्‍हें शासन द्वारा समयमान-वेतनमान का लाभ क्‍यों नहीं दिया जा रहा है? (ख) क्‍या वर्णित (क) के नियमित कर्मचारियों को समयमान-वेतनमान प्रदाय हेतु प्रस्‍ताव की नस्‍ती लोक स्‍वा. एवं परि. कल्‍याण विभाग से वित्‍त विभाग को पुन: प्रेषित की गई थी? (ग) कब तक उक्‍त वर्णित (क) के नियमित कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ प्राप्‍त होगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) नियमानुसार समयमान वेतनमान का लाभ सीधी भर्ती पर नियुक्त कर्मचारियों को दिये जाने का प्रावधान है। विभागीय भर्ती नियम 1989 में नियमित कुष्ठ रोगी कर्मचारी (नॉन मेडिकल असिस्टेंट) का पद 100 प्रतिशत पदोन्नति का पद होने से इस संवर्ग को समयमान-वेतनमान देने का प्रश्न ही नहीं उठता। (ख) जी नहीं। (ग) उत्तरांश (क) के अनुक्रम में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मेडिकल काउन्‍सलिंग आफ इंडिया के निर्देश का पालन

5. ( क्र. 596 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या निजी चिकित्सा महाविद्यालय को MBBS प्रथम वर्ष में पहली बार प्रवेश देने के लिये काउन्‍सलिंग में शामिल किये जाने हेतु शासन से अनुमति लेना होती है? यदि हाँ, तो बतावें कि वर्ष 2015-16 के लिये RKDF चिकित्सा महाविद्यालय तथा माडर्न मेडिकल कालेज को किस आधार पर काउन्‍सलिंग की अनुमति दी गई? (ख) क्‍या मेडिकल काउन्‍सलिंग ऑफ इंडिया ने भारत शासन के द्वारा जारी विशेष गजट दि. 1.3.2004 तथा मा. उच्‍चतम न्‍यायालय के प्रकरण क्रं. SLP NO. 14919/2000 - (2002), 7SSC258 में अंतरिम आदेश अनुसार 30 सितम्‍बर बाद MBBS प्रथम वर्ष में प्रवेश पर रोक लगाई है तथा इस संदर्भ में परिपत्र क्रं. MCI 34 (MC) /2012 Gen/158572 दि. 8.2.2013 जारी कर निर्देश दिये हैं? (ग) क्‍या मा. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर ने प्रकरण क्रं. PIL 8810/2015 पारस सकलेचा वि. म.प्र. शासन एवं अन्‍य में आदेश दि. 16.10.2015 में निजी चिकित्‍सा महा. में 30 सितम्‍बर के बाद प्रवेश का पंजीकरण (Registration) करने हेतु विश्‍वविद्यालय को निर्देश दिये हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ख) तथा (ग) के विश्‍लेषण में बतावें कि क्‍या 30 सितम्‍बर बाद निजी चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश का पंजीकरण किया जावेगा या उनके लिये MCI से अनुमति प्राप्‍त करने के बाद पंजीकरण किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रशनांश में उल्लेखित दोनों निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में वर्ष 2015-16 में एम.बी.बी.एस. प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णयानुसार कार्यवाही की गई है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) पंजीयन के संबंध में कोई अधिसूचना आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा जारी नहीं की गई है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्‍कूल उन्‍नयन एवं नवीन छात्रावास की स्‍थापना

6. ( क्र. 625 ) श्री राजकुमार मेव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनाँक तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा माध्‍यमिक विद्यालय से हाई स्‍कूल एवं हाई स्‍कूल से हायर सेकण्‍डरी में उन्‍नयन एवं नवीन छात्रावास खोलने से संबंधित कितने-कितने कौन-कौन से प्रस्‍ताव कब-कब दिये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विभाग द्वारा कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में कितने प्रस्‍ताव स्‍वीकृत किये गये, कितने स्‍वीकृत नहीं किये गये? स्‍वीकृत नहीं किये जाने का कारण बतावें अथवा प्रस्‍ताव विचाराधीन हैं, तेा किस स्‍तर पर है तथा उन पर कब तक स्‍वीकृति दी जावेगी? (घ) छात्र/छात्राओं की शिक्षा सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्‍तावित प्रस्‍तावों में स्‍कूल उन्‍नयन एवं छात्रावासों की स्‍वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) महेश्वर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2012-13 से प्रश्न दिनाँक तक प्रश्नकर्ता द्वारा विभाग के 04 माध्यमिक शाला से हाईस्कूल, 03 हाईस्कूल से उमावि, 05 नवीन छात्रावास तथा स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित 06 माध्यमिक शाला से हाईस्कूल एवं 01 हाईस्कूल से उ.मा. विद्यालय खोलने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश '''' के संदर्भ में संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार कार्यवाही की गई। (ग) 01 माध्यमिक शाला से हाईस्कूल में उन्नयन किया गया है। शेष प्रस्ताव सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण स्वीकृति नहीं किये गये हैं। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

हाईस्‍कूल उन्‍नयन

7. ( क्र. 670 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अता.प्रश्‍न संख्‍या 35 क्र.916 दिनाँक 24 जुलाई 2015 के उत्‍तर प्रश्‍नांश एवं प्रस्‍ताव में शामिल किये गये उन्‍नयन के आदेश 9/9/14 को जारी किये जा चुके हैं? उनकी सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) छतरपुर जिले की राजनगर विधानसभा क्षेत्र के हाईस्‍कूलों के उन्‍नयन विगत सात वर्षों से कम होने के क्‍या कारण रहे? (ग) क्‍या 15-16 की गणनानुसार शास.मा. शाला बरा, कुरेला, पहरी, पुरवा उन्‍नयन हेतु निर्धारित मापदण्‍डों को पूरा करती है? यदि हाँ, तो जुलाई 16 तक आदेश कर दिये जावेंगे स्‍पष्‍ट करें? (घ) हाई स्‍कूल से हा.से. की क्‍या कार्ययोजना बनाई गई? केबिनेट बैठक में क्‍या निर्णय लिये गये उसकी सूची तथा गाईड लाईन उपलब्‍ध करावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) विगत सात वर्षों में विधानसभा क्षेत्र राजनगर में 06 हाईस्कूल खोले गये हैं। स्वीकृति बजट में उपलब्ध वित्तीय प्रावधानों पर निर्भर करती है। (ग) जी हाँ। सीमित वित्तीय संसाधनों की वजह से सभी पात्र शालाओं का उन्नयन संभव नहीं है। (घ) वर्ष 2015-16 हेतु 100 माध्यमिक शालाओं का हाईस्कूल एवं 100 हाईस्कूलों का हायर सेकण्डरी स्कूल में उन्नयन हेतु संख्यात्मक बजट प्रावधान किया गया है। शालाओं के उन्नयन के संबंध में अभी निर्णय नहीं हुआ है। कोई नवीन गाइड-लाईन नहीं बनाई गई है।

परिशिष्ट - ''आठ''

राज्‍य कोटे की सीटों के आवंटन तथा शासन निर्देश

8. ( क्र. 671 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍य प्रदेश में चिकित्‍सा शिक्षा के क्षेत्र में ए.आई.पी.एम.टी. के जरिये राज्‍य कोटे की सीटों के आवंटन में 450 सीटों में इस वर्ष कितने राज्‍यों के छात्रों को आवंटित की गई जानकारी दें? (ख) क्‍या सरकारी मेडीकल कॉलेजों में राज्‍य कोटे की सीटें केवल प्रदेश के मूल निवासी छात्रों को आवंटित की जाती है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति दें? (ग) क्‍या अन्‍य राज्‍यों के छात्रों के दाखिले निजी मेडीकल कॉलेजों में प्रवेश के लिये योग्‍यता का पैमाना राष्‍ट्रीय नागरिकता रखा गया है, जिस कारण दूसरे राज्‍यों के छात्रों को प्रवेश दे दिया गया, शासन की गाईड लाईन दें? (घ) वर्ष 2015-16 में दाखिल किये गये छात्रों की सूची नामवार जो अन्‍य राज्‍यों से आये हैं, जिनकी संख्‍या 250 है, सूची दें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) ए.आई.पी.एम.टी के जरिये राज्य कोटे की सीटस् पर 10 राज्यों के 90 छात्र/छात्राओं को एम.बी.बी.एस./बी.डी.एस.की सीट्स आवंटित की गई है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रवेश नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। वर्ष 2015 के निजी चिकित्सा/दन्त चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रवेश नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) प्रश्नांश की जानकारी उत्तरांश में संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

सेन्‍ट्रल पर्चेसिंग कमेटी द्वारा चिकित्‍सालय में क्रय सामग्री

9. ( क्र. 730 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मेडिकल कॉलेज इन्‍दौर में सेन्‍ट्रल पर्चेसिंग कमेटी (सी.पी.सी.) 1 एवं 2 में कितनी फर्मों को पंजीबद्ध किया गया? सूची मय फर्मों के नाम व नंबर सहित प्रदान करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सी.पी.सी. 1 एवं 2 में कितनी फर्मों का चयन किस नियमावली के तहत् किया गया? किस नियम को दृष्टिगत् रखते किन-किन फर्मों को कार्यादेश जारी किया गया? नियमावली की प्रति उपलब्‍ध कराये? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सेन्‍ट्रल पर्चेसिंग कमेटी 1 एवं 2 द्वारा कितने बजट की स्‍वीकृति प्रदान की गई? बजट वर्ष 2013-14, 2014-15 में इसमें से कितना क्रय आज दिनाँक तक किन-किन फर्मों के माध्‍यम से किया गया?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- 1 एवं - 2 अनुसार है। (ख) चिकित्‍सा शिक्षा विभाग द्वारा जानकारी आदेश क्रमांक एफ-1-1/2009/2/55, दिनाँक 27/02/2009 एवं आदेश क्रमांक एफ-1-1/2009/55/2, दिनाँक 07/12/2012 द्वारा विभाग के अधीन चिकित्‍सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्‍सालयों में दवाईयां एवं औषधि, अन्‍य सामग्री एवं उपकरण की उपलब्‍धता हेतु निविदा कर दर निर्धारित करने के लिये अधिष्‍ठाता, चिकित्‍सा महाविद्यालय, इन्‍दौर की अध्‍यक्षता में क्रय समिति एवं प्रमुख सचिव चिकित्‍सा शिक्षा विभाग की अध्‍यक्षता में उच्‍च स्‍तरीय समिति गठित की गई थी। दवा नीति के अंतर्गत चिकित्‍सा महाविद्यालयों तथा संबद्ध चिकित्‍सालयों में दवाईयां एवं उपकरण की उपलब्‍धता सुनिश्चित करते हुये भण्‍डार क्रय नियम, 2015 से छूट प्रदान की गई थी। क्रय समिति इन्‍दौर द्वारा वर्ष 2009 एवं 2013 में किसी भी फर्म को कार्य आदेश जारी नहीं किया गया है। निर्धारित न्‍यूनतम दर पर क्रय किये जाने की कार्यवाही संबंधित चिकित्‍सा महाविद्यालय के अधिष्‍ठाता एवं संबद्ध चिकित्‍सालय के अधीक्षक द्वारा की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग ) उत्‍तरांश '''' एवं '''' में उल्‍लेखित केन्‍द्रीय क्रय समिति 1 एवं 2 को शासन द्वारा कोई बजट स्‍वीकृत नहीं किया गया था। वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में सी.पी.सी. द्वारा कोई क्रय नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

डीमेट परीक्षा में अनियमितता पर दर्ज प्रकरण

10. ( क्र. 895 ) श्री जितू पटवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के विभिन्‍न उच्‍च न्‍यायालयों में वर्ष 2005 से निजी चिकित्‍सा महाविद्यालयों के M.B.B.S. पाठ्यक्रम में प्रवेश में अनियमितता चयन होने के बाद भी प्रवेश नहीं देना, काउन्‍सलिंग में अनियमितता आदि को लेकर दर्ज प्रकरण क्रमांक, दिनाँक, पिटीशनर तथा रिस्‍पोन्‍डेन्‍ट का नाम सहित सूची प्रदान करें? (ख) प्रदेश के विभिन्‍न उच्‍च न्‍यायालयों में वर्ष 2012 से DMAT परीक्षा में अनियमितता, परीक्षा में पारदर्शिता न होना, परीक्षा में आरक्षण न होना, परीक्षा में धांधली होना, स्‍टेट कोटे की सीट के स्‍थान पर अन्‍य राज्‍य के अभ्‍यर्थियों को प्रवेश दे देना, DMAT परीक्षा मेडिकल काउन्‍सील ऑफ इंडिया द्वारा तय की गई दिनाँक के बाद आयोजित करने को लेकर दर्ज प्रकरणों के क्रमांक, दिनाँक, पिटीशनर तथा रिस्‍पोन्‍डर के नाम सहित सूची प्रदान करें? (ग) प्रश्‍नांश (क) तथा (ख) में उल्‍लेखित प्रकरणों में किस-किस प्रकरण में किस दिनाँक को अंतिम आदेश हुए? (घ) क्‍या वर्ष 2015 की DMAT परीक्षा ऑन लाइन कराने हेतु ऐजेन्‍सी का चयन मा. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर ने AP DMC द्वारा दी गई सूची में से किया है? तथा परीक्षा 8 अक्‍टूबर 2015 को हुई? क्‍या DMAT परीक्षा मा. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के सुपरविजन में हुई है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) ए.एफ.आर.सी. से प्राप्त जानकारी अनुसार डीमेट 2015 की ऑनलाईन परीक्षा माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार दिनाँक 08/10/2015 को आयोजित की गई। माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर के निर्णय के तहत ऑनलाईन परीक्षा की मॉनीटरींग का कार्य ए.एफ.आर.सी. एवं तकनीकी पर्यवेक्षवण का कार्य माननीय उच्च न्यायालय द्वारा मनोनीत डाटा बेस एडमिनिस्ट्रेटर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति को सौंपे गये निगरानी के कार्य से संबंधित रिपोर्ट दिनाँक 15/10/2015 को ए.एफ.आर.सी. के अधिवक्ता के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर को उपलब्ध करा दी गई है। प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।

निजी चिकित्‍सा महाविद्यालय में 2011 से 2015 तक प्रवेशित विद्यार्थी

11. ( क्र. 899 ) श्री जितू पटवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निजी चिकित्‍सा महाविद्यालय द्वारा MBBS प्रथम वर्ष में वर्ष 2011 से 2015 तक प्रवेशित विद्यार्थियों के नाम, पिता का नाम, पता, सहित सूची देवें तथा बतावें कि महाविद्यालय अनुसार, NRI कोटा स्‍टेट कोटा तथा DMAT कोटा के माध्‍यम से कौन-कौन विद्यार्थी चयन हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में 2011 से 2015 तक चयनित विद्यार्थियों की सूची महाविद्यालय से शासन को किस-किस दिनाँक को प्राप्‍त हुई? पत्र क्रमांक, पत्र दिनाँक तथा प्राप्ति दिनाँक सहित जानकारी प्रदान करें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

डी-मेट कोटा में प्रवेशित विद्यार्थियों का पंजीकरण

12. ( क्र. 900 ) श्री जितू पटवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के प्रकरण क्र. PIL 8810/2015 पारस सकलेचा एवं अन्‍य में आदेश दिनाँक 16.10.2015 में निजी चिकित्‍सा महाविद्यालय में DMAT कोटा में MBBS प्रथम वर्ष में कट ऑफ डेट 30 सितम्‍बर के बाद प्रवेशित विद्यार्थियों का विश्‍वविद्यालय में पंजीकरण कर लिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो महाविद्यालय अनुसार उन विद्यार्थियों की सूची उपलब्‍ध कराये तथा बतावें कि यह सूची विश्‍वविद्यालय को किस दिनाँक को प्राप्‍त हुई? क्‍या यह सूची सीधे महाविद्यालय से प्राप्‍त हुई या संचालनालय चिकित्‍सा शिक्षा विभाग से प्राप्‍त हुई, पत्र क्रमांक तथा दिनाँक भी बतावें? (ग) क्‍या मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने परिपत्र क्र. MCI 34 (MC) 2012Gen/158572 dt. 08.02.2013 में MBBS प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु अंतिम तिथि के बारे में परीक्षा की दिनाँक के बारे में निर्देश दिये हैं? यदि हाँ, तो उसकी जानकारी देवें? (घ) प्रश्‍नांश (क) तथा (ख) के संदर्भ में क्‍या पंजीकरण हेतु MCI से अनुमति प्राप्‍त की गई है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित न्यायालयीन प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के दिये गये निर्देशों के अनुसार ए.पी.डी.एम.सी. के द्वारा डीमेट कोटे की सीटों हेतु सत्र 2015-16 में ऑनलाईन प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई, तत्पश्चात् काउंसलिंग के माध्यम से प्रवेश दिये गये। वर्ष 2015-16 के लिये चिकित्सा महाविद्यालयों के संलग्नीकरण की निरंतरता एवं प्रवेशित छात्रों के पंजीयन हेतु मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा अधिसूचना जारी नहीं की गई हैं। प्रवेश अर्हता की जाँच पश्चात् ही छात्रों का पंजीयन विश्वविद्यालय द्वारा किया जा सकेगा। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) प्रश्नांश में उल्लेखित एम.सी.आई. के परिपत्र अनुसार कार्यवाही की गई हैं। (घ) प्रशनांश में उल्लेखित न्यायालयीन प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पारित निर्णय दिनाँक 16/10/2015 की कण्डिका 17 के अनुसार आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा पंजीयन की कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में कार्यरत मजदूरों का कम भुगतान

13. ( क्र. 1009 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में कार्यरत राज सिक्‍युरिटी कंपनी को किस दिनाँक से कार्य दिया गया है? कंपनी के द्वारा कितने कुशल, अर्द्धकुशल व अकुशल मजदूरों को काम दिया है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित परियोजना के कमाण्‍डेंट ने लिखित रूप से स्‍वीकार किया है कि राज सिक्‍युरिटी कंपनी के अंतर्गत कार्य करने वाले मजदूरों को मिनीमम वेजेस रेट से कम वेतन, 4200 रूपये नगद दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो राज सिक्‍युरिटी कंपनी के खिलाफ अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की है तो उसका क्‍या कारण हैं?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना द्वारा मेसर्स राज सिक्युरिटी कंपनी को दिनाँक 16/10/2014 से 1 वर्ष के लिये एवं दिनाँक 16/11/2015 से 2 माह के लिये ठेका कार्य दिया गया है। कंपनी द्वारा 3 कुशल एवं 68 अकुशल श्रमिकों को काम दिया है। (ख) जी नहीं। तथापि श्रम पदिाधिकारी खण्डवा द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 एवं संविदा श्रम अधिनियम 1970 के अंतर्गत दिनाँक 02/12/2015 को निरीक्षण किये गये। निरीक्षण के दौरान मजदूरों को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जाना पाया गया है। निरीक्षण टीप में नियोजक को न्यूनतम वेतन से कम दी गई अंतर की राशि का 3 दिन में भुगतान करने एवं अन्य प्रावधानों के परिपालन के निर्देश दिये गये है। नियोजक के विरूद्ध दावा एवं अभियोजन प्रकरण सक्षम न्यायालय में दायर किया जाना प्रक्रियाधीन है।

उपचार हेतु आर्थिक सहायता के प्रकरण

14. ( क्र. 1029 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा उपचार हेतु आर्थिक सहायता उपलब्‍ध कराये जाने संबंधी प्रस्‍तावों के स्‍वीकृत अथवा अस्‍वीकृत प्रकरणों की जानकारी के संबंध में कलेक्‍टर हरदा को लिखे पत्र क्रं./1003, दि. 18.3.15, पत्र क्रं. 83, दि. 08-05-15 एवं पत्र क्रमांक 712 दि. 7-11-15 से चाही गई जानकारी उपलब्‍ध नहीं कराये जाने का क्‍या कारण है? (ख) उक्‍त पत्रानुसार जानकारी कब तक उपलब्‍ध करा दी जावेगी? (ग) यदि नहीं, तो उसका क्‍या कारण है? (घ) हरदा जिले में मुख्‍यमंत्री सहायता अथवा राज्‍य बीमारी सहायता अंतर्गत कितने हितग्राहियों को कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? विधानसभा क्षेत्रवार बताएं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) कलेक्टर जिला हरदा के पत्र क्रमांक/16011 (ए)/राहत/2015 दिनाँक 04.12.2015 के द्वारा प्रश्‍नकर्ता को चाही गई जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) हरदा जिले में मुख्यमंत्री सहायता एवं राज्य बीमारी सहायता निधि की वर्ष 2013 से 2015 तक की विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी निम्नानुसार हैः-

क्र.

योजना का नाम

विधान सभा क्षेत्र-135
हरदा-खिरकिया

विधान सभा क्षेत्र-134
टिमरनी-सिराली

1

मुख्य मंत्री सहायता
वर्ष 2013 से वर्ष 2015 तक कुल लांभावित हितग्राहियों की संख्या एवं स्वीकृत राशि 

लांभावित हितग्राही- 166
स्वीकृत राशि रूपये- 6812973/-

लांभावित हितग्राही- 102
स्वीकृत राशि रूपये- 3727000/-

2

राज्य बीमारी सहायता निधि
वर्ष 2012-13 से वर्ष 2015-16 तक कुल लांभावित हितग्राहियों की संख्या एवं स्वीकृत राशि

 लांभावित हितग्राही- 133
स्वीकृत राशि रूपये- 12243250/-

लांभावित हितग्राही- 68
स्वीकृत राशि रूपये- 6958000/-
 


चिकित्‍सकों एवं कर्मचारियों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

15. ( क्र. 1038 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 15 नवंबर, 2015 की स्थिति में कहाँ-कहाँ पर चिकित्‍सकों एवं कर्मचारियों के कौन-कौन से कितने-कितने पद स्‍वीकृत हैं? उक्‍त स्‍वीकृत पद कब-कब से रिक्‍त हैं? रिक्‍त पद कब तक भर दिये जायेंगे? निश्चित समयावधि बतावें? उक्‍त रिक्‍त पद अभी तक क्‍यों नहीं भरे गये हैं? कारण सहित बतावें? (ख) चिकित्‍सकों के स्‍वीकृत पद रिक्‍त होने के कारण आम जनता को बीमारी के इलाज में हो रही परेशानी से निजात दिलाने के लिये शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है? (ग) क्‍या कोलारस सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में कार्यरत चिकित्‍सक डॉ. श्री नीतराज गौड़ एवं महिला चिकित्‍सक डॉ. श्रीमती अमीता सक्‍सेना का स्‍थानांतरण सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में चिकित्‍सकों की पूर्व से कमी होने के बावजूद क्‍यों किया गया है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत है, प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की संस्थाओं में पदपूर्ति में कठिनाई हो रही है, पदोन्नति की कार्यवाही निरंतर जारी है। चिकित्सा अधिकारी की पदपूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चिकित्सा अधिकारियों के 1896 रिक्त पदों की चयन प्रक्रिया प्रचलन में है। चयन सूची प्राप्त होने पर उपलब्धता अनुसार पदस्थापना की जावेगी। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) पदपूर्ति की कार्यवाही उत्तरांश अनुसार प्रचलन में है। उपलब्ध चिकित्सकों/स्‍टॉफ द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाऍ प्रदान की जा रही है। (ग) डॉ. नीतराज गौड़ एवं डॉ. श्रीमती अमीता सक्सेना, संविदा आर.सी.एच. चिकित्सक के रूप में कोलारस में कार्यरत थे एवं इनका स्थानांतरण नहीं हुआ है अपितु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयन उपरांत वरीयता अनुसार आन लाईन काउन्संलिग के माध्यम से इन्हें इनके द्वारा प्राथमिकता चयन अनुसार पदस्थापना प्राप्त हुई है।

शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना

16. ( क्र. 1039 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी में नवीन मेडिकल कॉलेज खोले जाने की स्‍वीकृति भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति आदेश की छायाप्रति संलग्‍न कर जानकारी दें? (ख) शिवपुरी में नवीन मेडिकल कॉलेज खोले जाने हेतु प्रस्‍ताव एवं डी.पी.आर. भेजे जाने के कब-कब पत्र प्राप्‍त हुए? उन पत्रों पर कब-कब क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या भारत सरकार द्वारा राज्‍य शासन के प्रस्‍ताव को स्‍वीकृति प्रदान कर दी है? यदि हाँ, तो जानकारी दें कि स्‍वीकृति उपरांत राज्‍य शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना हेतु भारत सरकार एवं राज्‍य शासन में पत्राचार हुआ है? यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या पत्राचार किस बाबत् किया गया है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हां। आदेश की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) शिवपुरी में शासकीय नवीन चिकित्‍सा महाविद्यालय की स्‍थापना हेतु  चिकित्‍सा शिक्षा विभाग द्वारा प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर (पी.आई.यू) लोक निर्माण विभाग, निर्माण भवन भोपाल को डी.पी.आर संचालक, चिकित्‍सा शिक्षा के माध्‍यम से प्रस्‍तुत करने हेतु पत्र जारी किया गया है। प्रश्‍न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग से डी.पी.आर प्राप्‍त नही हुआ है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नही होता। (ग) डी.पी.आर प्राप्‍त होने पर सक्षम स्‍तर पर स्‍वीकृति प्राप्‍त की गई अतएव शेष प्रश्‍न उपस्थित नही होता। (घ) जी हाँ । दिनाँक 09/09/2014, 29/07/2015 को भारत सरकार स्वास्थ मंत्रालय  नई दिल्ली से पत्राचार किया गया।

परिशिष्ट ''नौ''

अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को डी.पी. उपलब्‍ध कराना

17. ( क्र. 1054 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा-खाचरौद विधान सभा क्षेत्र में विगत 05 वर्षों में अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों की कितनी फाईलें आदिम जाति कल्‍याण विभाग को ट्रांसफार्मर (डी.पी) लगाने हेतु प्राप्‍त हुई? उनमें से कितने किसानों के यहां डी.पी. लगा दी गई है एवं कितने किसान अभी इस योजना में लंबित है? (ख) उन लंबित फाईलों पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है? लंबित फाईलों पर कब तक डी.पी. उपलब्‍ध करा दी जावेगी? समय-सीमा बताएं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' तथा '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' तथा '''' अनुसार लंबित हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष का नियम का पालन

18. ( क्र. 1060 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राजपत्र में दिनाँक 28 जून, 2014 को एक आदेश प्रकाशित किया गया, उक्‍त आदेश के आधार पर राज्‍य सरकार एतद् द्वारा म.प्र. औद्योगिक नियोजन (स्‍थाई आदेश) नियम 1963 में संशोधन कर कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति की आयु 58 वर्ष की जगह 02 वर्ष बढ़ाकर 60 वर्ष की गई है, परंतु ग्रेसीम इण्‍डस्‍ट्रीज लिमिटेड बिरलाग्राम नागदा के मेनेजमेंट के द्वारा उक्‍त आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है और कंपनी द्वारा 58 वर्ष की आयु में ही श्रमिकों को सेवानिवृत्ति दी जा रही है? अभी तक करीब 200 श्रमिकों को सेवानिवृत्ति दी जा चुकी है? (ख) शासन का आदेश ना मानने पर उक्‍त इण्‍डस्‍ट्रीज पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) उक्‍त नियम का पालन इण्‍डस्‍ट्रीज द्वारा कब से किया जावेगा? समय-सीमा बतावें एवं अभी तक नियम ना मानने पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज नागदा की विभिन्न इकाईयों द्वारा 167 कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किये जाने की जानकारी है। (ख) प्रश्नांश में उल्लेखित प्रावधान न मानने पर उक्त इण्डस्ट्री की विभिन्न इकाईयों के विरूद्ध मध्यप्रदेश औद्योगिक नियोजन (स्थाई आज्ञाएं) अधिनियम 1961 के अंतर्गत 7 अभियोजन प्रकरण दायर किये गये हैं तथा 57 श्रमिकों के प्रकरणों में औद्योगिक विवादों को न्यायालय में अधिनिर्णय हेतु संदर्भ किया गया है। जिन शेष श्रमिकों द्वारा आवेदन दिये गये हैं उनमें भी औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही की गई है। (ग) उद्योग द्वारा प्रावधानों के निरंतर उल्लंघन की स्थिति में श्रम विभाग द्वारा सतत् वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। अभी तक की गई कार्यवाही एवं जानकारी प्रश्नांश में उल्लेखित है। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने से पालन संबधी समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।

निर्माण कार्यों की राशि ऐजेंसी को प्रदाय न करना

19. ( क्र. 1068 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र पिपरिया अंतर्गत प्राथमिक शालाओं में अतिरिक्‍त कक्ष निर्माण माध्‍यमिक शालाओं में प्रधान पाठक कक्ष निर्माण प्रा‍थमिक शालाओं में बाउण्‍ड्रीवाल के कार्य वर्ष 2008-09 से वर्ष 14-15 तक स्‍वीकृत किये गये थे? यदि हाँ, तो स्‍वीकृत कार्यों/पूर्ण कार्यों/अपूर्ण कार्यों की बी.आर.सी. वार जानकारी देवें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित वर्ष में कुछ कार्य तृतीय एवं अंतिम किस्‍त प्रदाय न करने के कारण लंबित है? (ग) क्‍या राज्‍य शिक्षा मिशन द्वारा/केन्‍द्र शासन द्वारा स्‍वीकृत कार्यों की संपूर्ण एकजाई राशि नोडल ऐजेंसी को प्रदाय की जाती हैं? (घ) यदि हाँ, तो अपूर्ण निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने हेतु लंबित राशि कब तक भुगतान की जावेगी बतायें? नहीं तो क्‍यों?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। राशि 50 प्रतिशत, 35 प्रतिशत एवं 15 प्रतिशत के अनुपात में प्रदाय की जाती है। (घ) भारत शासन से प्राप्त अवशेष की राशि जारी करने की कार्यवाही प्रचलन में है।

परिशिष्ट ''ग्यारह''

पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति

20. ( क्र. 1079 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्र-छात्राओं को पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति दिये जाने का प्रावधान है? (ख) क्‍या आवास गृहों में निवासरत अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्र-छात्राओं को प्रत्‍येक माह आवास गृह का किराया देने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो छतरपुर जिले में कितने छात्र-छात्राओं को प्रतिमाह किराया दिया गया? कॉलेज का नाम तथा मासिक किराया की सूची उपलब्‍ध कराऐं? (ग) यदि नहीं, तो क्‍या समय पर किराया न देने वाले अधिकारी, कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ (ख) जी नहीं। स्वीकृत राशि 3 माह, 6 माह, 3 माह के अन्तराल में तीन किश्तों में देने का प्रावधान है। छतरपुर जिले में वर्ष 2014-15 में अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्र-छात्राओं को दिए गए किराये की राशि की जानकारी कॉलेज के नाम सहित संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) अनुसूचित जनजाति वर्ग जिला छतरपुर द्वारा आवंटन की सीमा में आवास किराया की राशि विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई गई है। अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को आवासा सहायता राशि का भुगतान किया गया है। वर्ष 2015-16 में 90 विद्यार्थियों को देय राशि रू. 11,53,750/- के भुगतान की कार्यवाही प्रक्रिया में है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय महुली में वित्‍तीय अनियमितता

21. ( क्र. 1098 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला शिक्षा केन्‍द्र रीवा के पत्र क्र. जि.शि.के/स्था./जाँच/2015/3132 दिनाँक 25/04/2015 द्वारा कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय महुली में की गई वित्‍तीय अनियमितता की जाँच हेतु तीन सदस्‍यीय जाँच समिति का गठन किया जाकर जाँच समिति को 7 दिवस में जाँच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने हेतु निर्देश जारी किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो गठित जाँच समिति द्वारा क्‍या जाँच की गई और प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया है? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन का विवरण उपलब्‍ध कराये यदि नहीं, तो जाँच समिति द्वारा जाँच न करना अथवा जाँच कर प्रतिवेदन न देना क्‍या जाँच समिति के अधिकारी, कर्मचारी की स्‍वेच्‍छाचारिता एवं कर्तव्‍य निर्वहन में अवचार के दोषी हैं? (ग) यदि हाँ, तो इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जाँच प्रतिवदेन संलग्न परिशिष्ट पर है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है। अतः कार्यवाही का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।

परिशिष्ट ''तेरह''

कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय महुली को राशि उपलब्‍ध

22. ( क्र. 1101 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रीवा के विकासखण्‍ड त्‍योथर स्थित कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय महुली को वित्‍त वर्ष 2011-12, 2012-13, 2013-14 एवं 2014-15 में जिला शिक्षा केन्‍द्र अथवा राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र से आवर्ती एवं अनावर्ती मद में किस व्‍यय शीर्ष के लिये कितनी राशि उपलब्‍ध करायी गई तथा वार्डन द्वारा कितनी राशि किस व्‍यय शीर्ष में व्‍यय की गई, वित्‍त वर्षवार बतायें? किस व्‍यय शीर्ष में कितना वित्‍तीय प्रावधान था? (ख) उपरोक्‍त वित्‍त वर्षों में आवर्ती एवं अनावर्ती मद के व्‍यय शीर्षों के लिये नियत वित्‍तीय प्रावधान के विपरीत क्‍या वार्डन द्वारा अधिक राशि व्‍यय की गई? यदि हाँ, तो कितनी शीर्षवार एवं वर्षवार बतायें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में यदि व्‍यय शीर्षों के लिये नियत वित्‍तीय प्रावधान के विपरीत वार्डन द्वारा अधिक राशि व्‍यय की गई है तो क्‍या वित्‍तीय प्रावधान से अधिक राशि व्‍यय करना वित्‍तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है? क्‍या अधिक व्‍यय की गई राशि वसूली योग्‍य है? (घ) यदि हाँ, तो वित्‍तीय प्रावधान के विपरीत अधिक व्‍यय राशि की वसूली एवं अपराधिक प्रकरण वार्डन के विरूद्ध संस्थित कराने की कार्यवाही करेगे? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला रीवा के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय महुली को वित्तीय वर्ष 2011-12 से वर्ष 2014-15 तक जिला शिक्षा केन्द्र एवं राज्य शिक्षा केन्द्र से उपलब्ध कराई गई राशि का वर्षवार विवरण निम्नानुसार हैः- (1) वर्ष 2011-12 - 1949000.00 (2) वर्ष 2012-13 - 2086750.00 (3) वर्ष 2013-14- 1526125.00 (4) वर्ष 2014-15- 2192065.00. वित्तीय वर्ष 2011-12 से 2014-15 तक आवर्ती एवं अनावर्ती मदों में मदवार प्रावधानित राशि एवं व्यय की गई राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 पर है। (ख) प्रश्नांश (क) के वित्तीय वर्ष में आवर्ती एवं अनावर्ती मद के लिए नियत प्रावधानित राशि से अधिक राशि का व्यय विवरण वर्ष संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 पर है। (ग) नियत वित्तीय प्रावधान से अधिक जिन मदों पर व्यय किया गया है उन मदों पर प्रावधान से अधिक व्यय राशि की जाँच के लिए जिला स्तर से समिति गठित की गई है। यदि वित्तीय अनियमितता पायी जाएगी तो नियमानुसार राशि की वसूली एवं दोषी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी। (घ) कंडिका- के उत्तर अनुसार समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

परिशिष्ट ''चौदह''

मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी द्वारा की गई अनियमितता की शिकायतें

23. ( क्र. 1106 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में पदस्‍थ मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी की कटनी पदस्‍थापना डिन्‍डोरी, पन्‍ना एवं उमरिया कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010 से 2015 की अवधि में खरीदी की गई अनियमितताओं की शिकायतें कब एवं किसके द्वारा की गई? (ख) विधानसभा के किसी सदस्‍य द्वारा पंजीकृत डाक से कार्यालय पत्र क्रमांक 2003 दिनाँक 07.09.2015 स्‍मरण पत्र क्रमांक 2257 दिनाँक से मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डिन्‍डोरी से तत्‍कालीन सी.एम.एच.ओ. के कार्यकाल की बिंदुवार जानकारी चाही थी? क्‍या उनको जानकारी उपलब्‍ध कराई गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) के सी.एम.एच.ओ. के विरूद्ध कब-कब विभागीय जाँच किए जाने हेतु आरोप पत्र जारी किये गये? उक्‍त आरोपों की विभागीय जाँच क्‍या पूर्ण हो गई है? यदि हाँ, तो उनके परिणाम क्‍या थे, बताएं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) कटनी जिले में पदस्थ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक चौदहा के विरूद्ध वर्ष 2010 से वर्ष 2015 के मध्य जिला डिण्डोरी एवं उमरिया में डॉ.चौदहा द्वारा खरीदी में की गई वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित शिकायत श्री चन्द्रशेखर अग्निहोत्री निवासी कटनी ने उनके पत्र दिनाँक 27.08.2015 एवं पत्र दिनाँक 05.11.2015 द्वारा संचालनालय को तथा श्री कुँवर सौरभ सिंह माननीय विधायक महोदय जिला कटनी ने उनके पत्र क्रमांक 2003/दिनाँक 07.09.2015 द्वारा 04 बिन्दुओं पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला डिण्डोरी को की गई थी। (ख) जी हाँ। जी नहीं। डॉ. अशोक चौदहा के विरूद्ध चाही गई जानकारी माननीय विधायक महोदय को उपलब्ध नहीं कराये जाने संबंधी तथ्य संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, जबलपुर के संज्ञान में आने के उपरान्त उनके पत्र क्रमांक./शिका/2015/11975/दिनाँक 09.12.2015 द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला डिण्डोरी से स्पष्टीकरण चाहा गया है जिसका प्रतिवाद उत्तर संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, जबलपुर को प्राप्त होकर परीक्षणाधीन है। (ग) प्रश्नांश में उल्लेखित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक चौदहा के विरूद्ध वर्ष 2010 से वर्ष 2015 की अवधि में खरीदी में की गई वित्तीय अनियमितता से संबंधित शिकायतों के संबंध में संचालनालय स्तर पर विभागीय जाँच संस्थित नहीं है। अपितु उत्तरांश में उल्लेखित शिकायत जो संचालनालय में श्री चन्द्रशेखर अग्निहोत्री के माध्यम से प्राप्त हुई जो जाँच हेतु संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, जबलपुर की ओर प्रेषित की गई है का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरान्त गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षा समिति के विरूद्ध कार्यवाही

24. ( क्र. 1107 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनाँक 11 जुलाई 2014 में मुद्रित परि.अता.प्र.सं. 69 (क्रमांक 2666) के प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) एवं (ग) तथा प्रश्‍नोत्‍तरी दिनाँक 25 नवम्‍बर 2011 में मुद्रित प्रश्‍न संख्‍या 59 (क्रमांक 1104) के प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में क्‍या प्राचार्य उ.मा.वि. देवराकलां तहसील विजयराघवगढ़ जिला कटनी की जाँच प्रतिवेदन अनुसार प्रकरण पुलिस थाना कैमोर में एफ.आई.आर. दर्ज करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी कटनी के द्वारा लेख किया गया था या सहायक पंजीयक फर्म्‍स एवं संस्‍थायें जबलपुर के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर प्रकरण पुलिस थाने में दर्ज कराने हेतु लेख किया गया था? बतायें कि थाना प्रभारी द्वारा किन-किन मूल अभिलेख देने हेतु लेख किया गया है तथा कौन-कौन से अभिलेख फर्म्‍स एवं संस्‍थाओं में उपलब्‍ध है? (ख) क्‍या विधि अनुसार प्रकरण से संबंधित अभिलेख उपलब्‍ध कराने का उत्‍तरदायित्‍व शिकायतकर्ता का होता है तथा यह भी बताएं कि बिना मूल अभिलेख प्राप्‍त किये एवं उनकी जाँच किये बिना पुलिस थाना में प्रकरण पंजीबद्ध कराने हेतु लेख किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के संदर्भ में क्‍या गलत उत्‍तर देकर विधानसभा को गुमराह किया जा रहा है एवं मिलीभगत कर दोषियों को बचाया जा रहा है तथा बतायें कि आवश्‍यक मूल अभिलेख थाना प्रभारी कैमोर को कब तक उपलब्‍ध करा दिया जावेगा ताकि प्रकरण पंजीबद्ध किया जा सके?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। जाँच से संबंधित मूल अभिलेख उपलब्ध कराये गये हैं। रजिस्ट्रार फर्म्‍स एवं सोसायटी संस्था द्वारा दिनाँक 28.08.2015 को मूल अभिलेख पुलिस अधीक्षक कटनी को उपलब्ध कराये गये हैं। (ख) जी नहीं। प्राचार्य शासकीय उ.मा.वि. देवरा कलां जिला कटनी द्वारा की गई जाँच का जाँच प्रतिवदेन के आधार पर थाने में प्रकरण पंजीबद्ध करने हेतु निर्देशित किया गया था। (ग) जी नहीं। प्रकरण के मूल अभिलेख रजिस्ट्रार फर्म्‍स एवं संस्था जबलपुर द्वारा दिनाँक 28.08.2015 के द्वारा पुलिस अधीक्षक कटनी को उपलब्ध कराये गये हैं।

सोनकच्‍छ अस्‍पताल का स्‍वीकृत स्‍टाफ

25. ( क्र. 1128 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोनकच्‍छ, भौरासा, पीपलरावा, टोंकखुर्द के शा. अस्‍पतालों में कुल कितने लोगों का स्‍टाफ स्‍वीकृत है पद नाम सहित जानकारी देवें? (ख) स्‍वीकृत पदों में से कितने पद रिक्‍त हैं पदनाम व संस्‍था नाम सहित जानकारी देवें? (ग) रिक्‍त पदों पर कब तक पूर्ति की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ग) प्रदेश में विशेषज्ञों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु पदोन्नति की कार्यवाही निरंतर जारी है वर्ष 2015 में 1896 पद चिकित्सा अधिकारियों के पदों की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से विज्ञापन जारी किए गए हैं, चयन प्रक्रिया प्रचलन में है। प्रदेश में पैरामेडिकल स्टॉफ के 900 पदों की पूर्ति हेतु म.प्र. व्यवसायिक परीक्षा मण्डल से चयन सूची प्राप्त हो चुकी है परंतु संविदा कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका में मा. उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए स्थगन के कारण पदस्थापना संबंधी कार्यवाही प्रारंभ नहीं की जा सकी थी, दिनाँक 30.11.2015 को मा. न्यायालय द्वारा स्थगन हटाया गया है, शीघ्र पदस्थापना संबंधी कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

साक्षरता अभियान अंतर्गत नियुक्तियाँ

26. ( क्र. 1131 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले में कितनी साक्षरता अभियान अंतर्गत 20142015 नियुक्तियां हुई हैं? यदि हुई है तो किन-किन पदों, किस वेतनमान पर किस अधिकारी के द्वारा हुई है? (ख) देवास जिला अंतर्गत साक्षरता अभियान अंतर्गत 2014 वे 2015 में हुई नियुक्ति में नियुक्‍त कर्मचारी को नाम व पद नाम विकासखण्‍डवार देवें? (ग) उक्‍त कर्मचारी को कितने समय के लिए नियुक्‍त किया गया है? क्‍या उक्‍त सभी कर्मचारी अपने कर्तव्‍यों को स्‍वयं निभाते है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) निरंक। देवास जिले में वर्ष 20142015 में साक्षरता अभियान अंतर्गत किसी प्रकार की नियुक्ति नहीं हुई हैं। अत: शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांक '''' के अनुक्रम में जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के अनुक्रम में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

मापदण्‍ड के प्रतिकूल सुरक्षा ऐजेंसी तैनात

27. ( क्र. 1153 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 25 क्र. 414 दिनाँक 24 जुलाई, 2015 के अनुसार ए.डी.जी.पी. कार्यालय से वैध प्रमाण के बिना सुरक्षा गार्ड जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में तैनात करने के लिये शासन द्वारा क्‍या निर्देश जारी किये गये? अप्रशिक्षित गार्ड रखने का जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में क्‍या औचित्‍य है? बिना शस्‍त्र के गार्ड रखने का क्‍या कारण है? (ख) जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में क्‍यों गार्ड रखने की आवश्‍यकता हुई? कितने गार्ड रखने के लिये किस समिति द्वारा कब आवश्‍यकता महसूस की गई? क्‍या शस्‍त्र सहित गार्ड रखना उपयुक्‍त था? यदि हाँ, तो कितने गार्ड कब-कब रखे गये? (ग) शासन द्वारा सुरक्षा गार्ड रखने के लिये क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए? गार्ड की जानकारी पुलिस विभाग को कब दी गई? क्‍या गार्ड प्रशिक्षित या अप्रशिक्षित रखने के निर्देश प्राप्‍त हुए? (घ) मई-जून 2015 में विमलेश उपाध्‍याय की हत्‍या प्रशासन जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड की लापरवाही के कारण हुई? क्‍या भवानी इंटरप्राइजेज इंदौर सुरक्षा ऐजेंसी ने अपने कर्तव्‍य के प्रति गंभीर लापरवाही बरती? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनाँक तक क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी, नहीं। जिला चिकित्सालय में गाईड लाईन वर्ष 2014 के अनुसार निविदा आमंत्रित कर पात्र ए.डी.जी.पी प्रमाण पत्र प्राप्त ऐजेंसी भवानी इण्टरप्राइजेज के द्वारा प्रशिक्षित गार्ड ही रखें गये है अतः जिला चिकित्सालय भिन्ड में अप्रशिक्षित गार्ड रखने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। गाईड लाईन वर्ष 2014 के अनुसार प्रशिक्षित डण्डाधारी गार्ड ही रखें गये है। (ख) जिला चिकित्सालय भिण्ड की ओ.पी.डी एवं दवा वितरण हेतु लाईन लगवाने के लिये गार्ड की आवश्‍यकता महसूस की गई। रोगी कल्याण समिति की बैठक में स्वीकृति पश्‍चात सैनिक कल्याण बोर्ड से 08 सेवानिवृत्त आर्मीमेन वर्ष 2010 से 2013 तथा 2013-2014 में निविदा से न्यूनतम दरों पर आवश्‍यकतानुसार 18 गार्ड रखे गये थे। गाईड लाईन वर्ष 2014 के अनुसार प्रशिक्षित डण्डाधारी गार्ड ही रखें गये है। मई-जून 2015 में जिला चिकित्सालय में हत्या की घटना के पश्‍चात पुलिस अधीक्षक भिण्ड द्वारा सशस्त्र एस.ए.एफ गार्ड उपलब्ध कराया गया जो अभी तक तैनात है। वर्ष 2010 से 2013 के बीच 08 सेवानिवृत्त आर्मीमेन, वर्ष 2013-2014 में निविदा से न्यूनतम दरों पर 18 गार्ड तथा वर्ष 2014-2015 निविदा गाईड लाईन के अनुसार 20 गार्ड कार्यरत है। (ग) जी हाँ। चिकित्सालय परिसर में स्थापित पुलिस चौकी को चिकित्सालय में गार्ड व्यवस्था की जानकारी थी। जी हाँ। आउटसोर्स ऐजेंसी द्वारा प्रशिक्षित गार्ड रखे जाने के निर्देश है। (घ) जी नहीं। जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शाला भवनों का निर्माण

28. ( क्र. 1154 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भिण्‍ड जिले में सभी प्रा.शाला भवन या मा.शाला भवन उपयुक्‍त है? अगर नहीं है तो कौन से शाला भवन उपयुक्‍त नहीं है? उनका नाम तथा भवन निर्माण वर्ष मद राशि बतायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जो भवन उपयुक्‍त नहीं है, उन्‍हें उपयुक्‍त बनाने हेतु क्‍या प्रयास किया गया? (ग) भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के किस-किस प्रा.शाला एवं मा.शाला में बाउण्‍ड्रीवाल है? क्‍या बाउण्‍ड्रीवाल बनाने की कोई योजना है? (घ) क्‍या भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र में नवीन प्रा.शाला भवन/मा.शाला भवन का निर्माण प्रस्‍तावित है? क्‍या निर्माण अपूर्ण/अप्रारंभ है? यदि हाँ, तो निर्माण ऐजेंसी का नाम सहित जानकारी दें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) भिण्ड जिले में 12 प्राथमिक/माध्यमिक शाला भवन को छोड़कर सभी शाला भवन उपयुक्त है। अनुपयुक्त भवन का विवरण जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार(ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। वार्षिक कार्ययोजना 2016-17 में स्‍वीकृति हेतु भारत शासन को भेजा जावेगा। (ग) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र में 40 प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में बाउण्ड्रीवाल है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार। बाउण्ड्रीवाल बनाने हेतु वार्षिक कार्ययोजना 2016-17 में भारत शासन को भेजा जावेगा (घ) जी हाँ। युक्तियुक्तकरण के तहत नवीन प्राथमिक शाला भवन का निर्माण प्रस्तावित है। शेष प्रश्नांश का उत्तर निरंक है।

परिशिष्ट ''पंद्रह''

शालाओं का उन्‍नयन

29. ( क्र. 1164 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या हाई स्‍कूल उन्‍नयन हेतु 5 कि.मी. एवं उ.मा.वि. उन्‍नयन हेतु 8 कि.मी. की दूरी का मापदण्‍ड निर्धारित है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र पनागर की शा.मा.शा. बिलहरी, सरसवां, बैरागी, सूखा, गधेरी, इमलिया टिकारी एवं शा.हा. स्‍कूल बरौदा, कैलवास, निरंदपुर, खिरिया कला, कालाडूमर का उन्‍नयन अति आवश्‍यक हैं, क्‍योंकि यहां की शालाओं से अन्‍य शालाओं में आने जाने का मार्ग सुनसान एवं दुर्गम रास्‍तों से होकर जाता है? यहां की छात्राए असुरक्षा के कारण आगामी शिक्षा से वंचित है? (ग) क्‍या बालिकाओं को 5 कि.मी या 8 कि.मी की दूरी के स्‍कूलों में अकेले सुनसान दुर्गम रास्‍तों से आने जाने विद्यमान परिस्‍थतियों को ध्‍यान में रखते हुये शासन वर्तमान मापदण्‍ड को शिथिल करने में विचार करेगा? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार क्‍या इन शालाओं का उन्‍नयन विशेष परिस्थितियों में किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) शासकीय माध्यमिक शाला बिलहरी, सरसवां, सूखा, गधेरी, इमलिया टिकारी एवं शासकीय हाईस्कूल कैलवास, निरंदपुर, खिरियाकला शालाएं मापदण्ड की पूर्ति नहीं करती हैं एवं शासकीय माध्यमिक शाला बैरागी एवं शासकीय हाईस्कूल बरौदा, कालाडूमर शालाएं निर्धारित मापदण्ड अनुसार पात्र हैं। अपनी सुविधानुसार निकटस्थ शालाओं में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। (ग) एवं (घ) सीमित वित्तीय संसाधनों की वजह से सीमित संख्या में ही शालाओं का उन्नयन संभव हो पाता है। इसलिये सभी पात्र शालाओं का उन्नयन फिलहाल संभव नहीं है।

शालाओं में बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण

30. ( क्र. 1167 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राष्‍ट्रीय राज्‍य मार्ग, नाले नदियों के किनारे तथा भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्‍चों के लिये बाउण्‍ड्रीवाल विहीन शालाएं सुरक्षा की दृष्टि से खतरानाक है? (ख) क्‍या पनागर विधानसभा क्षेत्र की ऐसी शालाओं में बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण की कार्य योजना वर्ष 2015-16 स्‍वीकृत नहीं होने से बाउण्‍ड्रीवाल का निर्माण नहीं हो पा रहा है? (ग) क्‍या ऐसी शालाओं के बच्‍चों की सुरक्षा के लिये शासन गंभीर नहीं है? (घ) क्‍या बच्‍चों की सुरक्षा के उपाय करने हेतु बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण की समय-सीमा बताई जा सकती है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) शालाओं में बच्चों की सुरक्षा के लिये बाउण्‍ड्रीवाल बनाने हेतु शासन पूर्णतः गंभीर है। (घ) बजट उपलब्धता पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वन अधिकार कानून में परिभाषित वन भूमि

31. ( क्र. 1172 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2008 से लागू वन अधिकार कानून 2006 में वनभूमि की क्‍या-क्‍या परिभाषा दी गई है? इस परिभाषा में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 27 एवं धारा 34 (अ) के तहत राजपत्र में डीनोटीफाईड भूमियों को वन भूमि माने जाने का क्‍या प्रावधान दिया है? (ख) मध्‍यप्रदेश शासन, भारत शासन या सर्वोच्‍च अदालत के द्वारा राजपत्र में धारा 27 एवं धारा 34 (अ) के अनुसार डीनोटीफाईड भूमियों को वन अधिकार कानून 2006 की किस धारा के अनुसार वन भूमि माने जाने का अधिकार किसे दिया गया है? (ग) प्रश्‍न संख्‍या 107 क्रमांक 3748 दिनाँक 17 मार्च 2015 के उत्‍तरांश (ग) में बैतूल जिले में 235 ग्रामों की डीनोटीफाईड भूमियों पर 3989 वन अधिकार पत्र वितरित किया जाना बताया है, डीनोटीफाईड भूमियों पर वन अधिकार पत्र वितरित किए जाने का क्‍या कारण रहा हैं? (घ) धारा 27 एवं धारा 34 (अ) के अनुसार राजपत्र में डीनोटीफाईड भूमियों पर दावों को मान्‍य एवं अमान्‍य किए जाने की कार्यवाही के संबंध में शासन क्‍या कार्यवाही कर कब तक करेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत अधिनियम 2006 के अध्याय-1 की धारा-2 (घ) के अनुसार वन भूमि से किसी वन क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाली किसी प्रकार की भूमि अभिप्रेत है और उसके अन्तर्गत अवर्गीकृत वन, असीमांकित विद्यमान वन या समझे गए वन, संरक्षित वन, आरक्षित वन, अभ्यारण्य और राष्ट्रीय उद्यान भी है। इस परिभाषा में पृथक से भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-27 एवं 34 (अ) के डीनोटीफाईड भूमियों के संबंध में कोई उल्लेख नहीं है। (ख) भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 27 एवं धारा 34 (अ) के तहत राजपत्र में प्रकाशित डीनोटीफाईड भूमियों को वन भूमि माने जाने का भारत सरकार, सर्वोच्च न्यायालय अथवा मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के अन्तर्गत वन भूमि माने जाने के कोई निर्देश जारी नहीं किये गये है। (ग) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के नियम 2 (घ) के अनुसार ग्राम सभा एवं उपखंड स्तरीय समिति के अनुशंसा के आधार पर जिला स्तरीय वन अधिकार समिति द्वारा निर्णय लिया जाकर वितरण किया गया। (घ) धारा 27 एवं धारा 34 (अ) के अनुसार राजपत्र में डीनोटीफाईड भूमियों पर पृथक से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। अधिनियम में परिभाषित वन भूमि पर दावों के संबंध में कार्यवाही की जा रही है।

विद्युतीकरण पर खर्च राशि

32. ( क्र. 1173 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गत एक वर्ष में बैतूल जिले एवं विदिशा जिले में विभाग ने विद्युत पंप के लिए बिजली पहुँचाए जाने, विद्युत पंप पर बिजली कनेक्‍शन उपलब्‍ध करवाए जाने एवं ग्रामों, मजरे टोलों, ढानों में विद्युत पहुँचाए जाने के कार्य के बदले किस दिनाँक को किसे कितनी राशि का भुगतान किया? (ख) भुगतान किए गए कार्य की किस दिनाँक को कितनी लागत की प्रशासकीय स्‍वीकृति एवं तकनीकी स्‍वीकृति किसके द्वारा दी गई, कितनी लागत के किस कार्य की निविदा किस दिनाँक को आमंत्रित की गई? निविदा को किसके द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की गई? (ग) किस कार्य का आदेश किस दिनाँक को दिया गया? कार्य आदेश एवं एन.आई.टी की प्रति सहित बतावें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) गत वर्ष 2014-15 में भुगतान किये गये कार्यों से संबंधित बैतूल जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। विदिशा जिले में किसी भी कार्य का भुगतान नहीं किया गया है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ग) भुगतान किये गये कार्यों के कार्य आदेशों की तिथि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। कार्य आदेश एवं एन.आई.टी. पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है।

भारत स्‍काउट एवं मुख्‍यालय भोपाल के कार्यकलापों की जाँच

33. ( क्र. 1185 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक एफ 63-04/2014/20-3 भोपाल दिनाँक 19 सितम्‍बर 2014 द्वारा भारत स्‍काउट एवं गाइड मुख्‍यालय भोपाल के कार्यकलापों की जाँच हेतु उपसचिव स्‍कूल शिक्षा विभाग की अध्‍यक्षता में तीन सदस्‍यीय समिति का गठन किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त जाँच किन-किन बिन्‍दुओं पर की गई और जाँच प्रतिवेदन शासन को किस दिनाँक को सौंपा गया? जाँच निष्‍कर्षों के आधार पर किन-किन दोषियों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनाँक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक एफ 63-05/2015/20-3 दिनाँक 18.11.2014 द्वारा भारत स्‍काउट गाइड म.प्र. के क्रियाकलापों के बारे में प्राप्‍त वित्‍तीय अनियमितता की शिकायतों को दृष्टिगत रखते हुए कार्यालय के लेखा परीक्षण हेतु श्रीमती सुषमा दुबे, अपर संचालक कोष एवं लेखा/नियंत्रक, वित्‍त विभाग शिक्षण केन्‍द्र को अधिकृत कर 15 दिवस की अवधि में कार्यवाही पूर्ण कर प्रतिवेदन करने हेतु आदेशित किया गया था? (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त प्रतिवेदन शासन को सौंप दिया गया है? यदि हाँ, तो कब? जाँच प्रतिवेदन के निष्‍कर्ष के आधार पर क्‍या-क्‍या अनियमितताएं पाई गई एवं इसके लिए कौन-कौन उत्‍तरदायी हैं एवं उनके विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। किन्‍तु उक्‍त आदेश को परिवर्तित कर आदेश दिनाँक 10.11.2014 द्वारा आंशिक संशोधन कर अपर संचालक लोक शिक्षण को समिति का अध्‍यक्ष बनाया गया (ख) जाँच प्रतिवेदन अपेक्षित है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। (घ) जाँच प्रतिवेदन शासन को दिनाँक 13.10.2015 को प्राप्त हुआ है। कार्यवाही प्रचलित है।

शिवम अस्‍पताल को अनुदान/सहायता

34. ( क्र. 1196 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजधानी भोपाल में अरेरा कालोनी में स्थित शिवम अस्‍पताल को शासन की राज्‍य बीमारी सहायता योजना और मुख्‍यमंत्री बीमारी के अंतर्गत कब से अनुदान/सहायता दी जा रही है? विगत 05 वर्षों में दी गई अनुदान सहायता राशि का विवरण देवे? (ख) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित अवधि में शासन द्वारा कैंसर और दूसरे जटिल असाध्‍य रोगों के उपचार के लिये शिवम अस्‍पताल से कितने रोगियों को शासन द्वारा दी गई अनुदान सहायता राशि का लाभ मिला? (ग) शिवम अस्‍पताल में कैंसर रोग के उपचार के लिये उपलब्‍ध तकनीकी, मशीनी और विशेषज्ञों की शासन के पास क्‍या जानकारी है? कृपया विशेषज्ञों के नाम उनकी योग्‍यता सहित जानकारी देवें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) राजधानी भोपाल में अरेरा कालोनी में स्थित शिवम अस्पताल को राज्य बीमारी सहायता निधि अन्तर्गत वर्ष 2009 से अनुदान/सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री बीमारी सहायता योजना में अनुदान की स्वीकृति मुख्यमंत्री सहायता कोष अन्तर्गत 25 जनवरी 2006 के दिशा निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। विगत 05 वर्षों में दी गई अनुदान सहायता राशि का विवरण निम्नानुसार हैः-

क्रमांक

वर्ष

राज्य बीमारी सहायता निधि योजना अन्तर्गत स्वीकृत राशि

मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना अन्तर्गत स्वीकृत राशि

मुख्यमंत्री बीमारी सहायता कोष उपचार योजना अन्तर्गत स्वीकृत राशि

1

2010-11

6657000/-

0

0

2

2011-12

9652000/-

0

25000/-

3

2012-13

4877000/-

0

20000/-

4

2013-14

100000/-

0

25000/-

5

2014-15

0

0

0

(ख) उत्तर में उल्लेखित अवधि में निम्नानुसार रोगियों को सहायता राशि का लाभ मिलाः-

क्रमांक

वर्ष

राज्य बीमारी सहायता निधि योजना अन्तर्गत लाभान्वित रोगी

मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना अन्तर्गत लाभान्वित रोगी

मुख्यमंत्री बीमारी सहायता कोष उपचार योजना अन्तर्गत स्वीकृत राशि

1

2010-11

59

0

0

2

2011-12

68

0

1

3

2012-13

33

0

1

4

2013-14

0

0

1

5

2014-15

0

0

0

(ग) प्रश्‍न भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - अनुसार।

चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

35. ( क्र. 1202 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले के पवई और शाहनगर विकासखण्‍डों में स्थित शासकीय चिकित्‍सालयों, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में चिकित्‍सकों, महिला चिकित्‍सकों, नर्स, कम्‍पाउंडर और अन्‍य चिकित्‍साकर्मियों के कुल कितने पद स्‍वीकृत है और वास्‍तव में कितने पद रिक्‍त हैं तथा कितने पदस्‍थ है? (ख) रिक्‍त पदों पर भर्ती करने के संबंध में शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है? (ग) पवई तथा शाहनगर विकासखण्‍डों में चिकित्‍सा सेवा को सुचारू बनाने के लिये क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार(ख) प्रदेश में विशेषज्ञ/चिकित्सकों की अत्यधिक कमी के कारण शतप्रतिशत पदपूर्ति संभव नहीं हो पाई है। चिकित्सकों की पदपूर्ति हेतु म.प्र. लोक सेवा आयोग से 1896 पदों हेतु चयन प्रक्रिया प्रचलन में है, चयन सूची प्राप्त होने पर उपलब्धता अनुसार पदस्थापना संबंधी कार्यवाही प्रारंभ की जावेगी। प्रदेश में पैरामेडिकल स्‍टॉफ के 900 पदों की पूर्ति हेतु म.प्र. व्यवसायिक परीक्षा मण्डल से चयन सूची प्राप्त हो चुकी है परंतु संविदा कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका में मा. उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए स्थगन के कारण पदस्थापना संबंधी कार्यवाही प्रारंभ नहीं की जा सकी थी, दिनाँक 30.11.2015 को मा. न्यायालय द्वारा स्थगन हटाया गया है, शीघ्र पदस्थापना संबंधी कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है। (ग) उत्तरांश अनुसार रिक्त पदों की पूर्ति होने तक, निकट के स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था कर चिकित्सकीय कार्य संपन्न कराया जा रहा है।

परिशिष्ट ''सोलह''

प्रदेश के शास. हाई स्‍कूलों में प्राचार्यों की पदोन्‍नति

36. ( क्र. 1216 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूरे प्रदेश के अंदर स्‍कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत शासकीय हाई स्‍कूलों में प्राचार्यों के कितने पद रिक्‍त हैं? (ख) यदि रिक्‍त हैं तो इन्‍हें भरने के लिए कब तक डी.पी.सी. आयोजित कर पदोन्‍नति की कार्यवाही कर प्राचार्यों के रिक्‍त पदों की पूर्ति कर ली जाएगी? (ग) क्‍या पदोन्‍नतियां न होने से हाई स्‍कूल के प्राचार्य के रिक्‍त पदों पर प्रभारी प्राचार्य से काम चलाया जा रहा हैं? कब तक पदोन्‍नति की कार्यवाही की जाएगी समय-सीमा बताएं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रदेश अंतर्गत प्राचार्य हाईस्कूल के 2114 पद रिक्त हैं। (ख) प्राचार्य हाईस्कूल पद पर पदोन्नति हेतु 27/05/2015 को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक उपरांत प्राचार्यों के पदांकन हेतु आनलाईन काउंसलिंग की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) जी हाँ। प्रश्नांश के उत्तर अनुसार। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

पदोन्‍नति प्राप्‍त सहायक अध्‍यापकों को संशोधित ग्रेड-पे दिया जाना

37. ( क्र. 1223 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भोपाल द्वारा क्रमोन्‍नति प्राप्‍त सहायक अध्‍यापकों को क्रमोन्‍नति संवर्ग वेतन में संशोधन करते हुए ग्रेड पे रू.1250 के स्‍थान पर रू.1650 के आदेश शासन द्वारा जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) के अनुसार आदेश प्रसारित किये गये हैं तो सतना जिले के किन-किन संकुल केन्‍द्रों में संशोधित आदेश के मुताबिक ग्रेड पे दिया जा रहा है? संकुलवार एवं विकासखण्‍डवार जानकारी देवें? (ग) क्‍या विकासखण्‍ड सोहावल के कई संकुल केन्‍द्रों में क्रमोन्‍नति प्राप्‍त सहायक अध्‍यापकों को संशोधित ग्रेड पे नहीं दिया जा रहा है इसके लिये कौन दोषी है? कब तक ग्रेड पे दे दिया जायेगा? (घ) क्‍या विभाग द्वारा अंतरिम राहत की किस्‍त रू. 1000 प्रति वर्ष माह सितम्‍बर में देने के निर्देश है? यदि हाँ, तो सतना जिले के किन-किन विकासखण्‍डों एवं संकुल केन्‍द्रों द्वारा तृतीय किस्‍त नहीं दी गई है, क्‍या वित्‍त विभाग द्वारा हर वर्ष अनुमति देने के पश्‍चात अंतरिम राहत देने के निर्देश हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) प्रश्नांकित विकासखंड के सहायक अध्यापकों को संशोधित ग्रेड-पे नहीं, अपितु शासन आदेश दिनाँक 3/10/2013 के अनुसार 12 या 24 वर्ष में क्रमोन्नत संवर्ग वेतन देय है। इस आदेश के अनुसार सहायक अध्यापकों को पात्रतानुसार क्रमोन्नत वेतन संवर्ग दिया गया है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। शासनादेश दिनाँक 4/9/2013 के अनुसार 06 से 08 वर्ष वाले सहायक अध्यापकों को शासन निर्देशों के अधीन रू. 1000/- अंतरित राहत दिए जाने के आदेश हैं। तृतीय किश्त के आदेश जारी नहीं किये गये हैं। जी हाँ।

कर्मचारियों का स्‍थानांतरण

38. ( क्र. 1229 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान सत्र 2015-16 में कर्मचारियों के स्‍थानांतरण के लिए शासन द्वारा कब से कब तक के लिए प्रतिबंध हटाया था? (ख) मंदसौर जिले में इस वर्ष शिक्षा विभाग के द्वारा कितने शिक्षकों (व्‍याख्‍याताओं, सहायक शिक्षकों) के स्‍थानांतरण एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान पर किये गये नाम एवं स्‍थानवार जानकारी देवें? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा विभाग में जो स्‍थानांतरण प्रभारी मंत्री जी की अनुशंसा पर किये गये हैं, उन स्‍थानांतरणों के लिए किन व्‍यक्तियों के आवेदन/शिकायतों के आधार पर किये गये हैं, उनके नाम बतावें? (घ) शिक्षा विभाग में इस वर्ष प्रभारी मंत्री की अनुशंसा पर जो स्‍थानांतरण किये गये थे कुछ ही दिनों में उन कर्मचारियों का स्‍थानांतरण परिवर्तन/निरस्‍त किया गया है? इनकी सूची उपलब्‍ध करावें एवं स्‍थानांतरण परिवर्तन/निरस्‍त करने का कारण बतावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) स्कूल शिक्षा विभाग की स्थानांतरण नीति वर्ष, 2015-16 में दिनाँक 16/05/2015 से 10/06/2015 तक प्रतिबंध अवधि शिथिल थी। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन

39. ( क्र. 1230 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में कितने सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र है? विकासखण्‍डवार अलग-अलग नाम सहित बतावें? (ख) शासन किन मापदण्‍डों के अंतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ केन्‍द्र एवं प्राथमिक केन्‍द्र खोलती है उन नियमों या आधारों की जानकारी देवें? (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितने प्राथमिक केन्‍द्र एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र हैं? (घ) माननीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जी ने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कयामपुर को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन करने की घोषणा अपने कयामपुर प्रवास के दौरान की थी? यदि हाँ, तो सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को प्रारंभ करने की अनुमति कब तक प्रदान कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रदेश में 335 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है। विकासखण्‍डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सामान्य क्षेत्र में 1.20 लाख पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 30 हजार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा आदिवासी क्षेत्र में 80 हजार पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 20 हजार की जनसंख्या पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने का प्रावधान है। (ग) सुवासरा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत 06 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 03 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित है। (घ) जी हाँ। विकासखण्ड सीतामउ में 02 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पूर्व से संचालित है एवं जनसंख्या के निर्धारित मापदण्डानुसार कयामपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की पात्रता नहीं आती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ सहायक परियोजना समन्‍वयकों की वापसी

40. ( क्र. 1242 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के पत्र क्र. राशि के/नियुक्ति/ 2010/4928 दिनाँक 01.07.2010 द्वारा यह निर्देशित किया गया है कि जिला शिक्षा केन्‍द्रों में प्रतिनियुक्ति में पदस्‍थ सहायक परियोजना समन्‍वयकों की प्रतिनियुक्ति तीन वर्ष तक ही रहेगी? (ख) यदि हाँ, तो जिला शिक्षा केन्‍द्र रीवा में ऐसे कितने सहायक परियोजना समन्‍वयक हैं जो तीन वर्ष से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ हैं, नाम तथा प्रतिनियुक्ति का दिनाँक बतायें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्र के परिपालन में प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में बताये गये ऐसे सहायक परियोजना समन्‍वयकों को जो तीन वर्ष से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ हैं कब तक इन्‍हें इनके मूल पद पर कार्य मुक्‍त करेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। किन्तु जिला स्तर पर सहायक परियोजना समन्वयक के विभिन्न पदों एवं विकासखण्ड स्तर पर विकासखण्ड स्‍त्रोत समन्वयक के पदों की पूर्ति हेतु राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा पत्र क्रमांक राशिके/नियु./2010/4928 दिनाँक 01/07/2010 एवं पत्र क्रमांक राशिके/नियु./2010/9141 दिनाँक 04/11/2010 द्वारा समस्त जिलों में नियुक्ति की कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये थें। जिन्हें राज्य शिक्षा केन्द्र के द्वारा पत्र क्र.राशिके/स्था./066(ए)/ 2011/1100 दिनाँक 03/02/2011 द्वारा पदस्थापना संबंधी उक्त कार्यवाही आगामी आदेश तक के लिये स्थगित की गयी। तत्पश्चात राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्र.राशिके/स्था./2011/10887, दिनाँक 02/12/2011, 01/07/2010 एवं 04/11/2010 को जारी निर्देशों को निरस्त कर सहायक परियोजना समन्वयक के पदों की पूर्ति परीक्षा के माध्यम से किये जाने के निर्देश दिये गये थे। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जिला शिक्षा केन्द्र, रीवा के पत्र क्र.स्था./जिशिके/2011/944, दिनाँक 24/05/2011 द्वारा श्री इन्द्रवली पटेल, सहायक परियोजना समन्वयक की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर पदांकन मूल पद में किया गया था किन्तु नवीन सहायक परियोजना समन्वयक (अकादमिक) की प्रतिनियुक्ति न होने के कारण भारमुक्त नहीं किया गया। जिला शिक्षा केन्द्र के आदेश क्रमांक स.शि./वि.स./स्था./2015/1691, दिनाँक 08/12/2015 द्वारा श्री पटेल की सेवायें मूल विभाग में वापिस करने का आदेश जारी किया गया है। श्री रविप्रकाश तिवारी एवं श्री राजेश बाजपेयी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर याचिका डब्ल्यू.पी.क्रमांक 20862 में माननीय न्यायालय द्वारा दिनाँक 15/12/2011 द्वारा उनकी सेवायें यथास्थिति बनाय रखने के निर्देश दिये गये हैं।

परिशिष्ट ''सत्रह''

नीति विरूद्ध स्‍थानांतरण

41. ( क्र. 1265 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले अंतर्गत स्‍थानांतरण नीति वर्ष 2015 अनुसार कितने शिक्षकों के स्‍थानांतरण किस स्‍थान से किस स्‍थान पर किये गये हैं? स्‍थानांतरण नीति किस दिनाँक से किस दिनाँक तक के लिए लागू की गई थी? नीति की एक सत्‍यप्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) यदि स्‍थानांतरण नीति तिथि के उपरांत स्‍थानांतरण कराये जाना है तो क्‍या प्रक्रिया है, व यदि स्‍थानांतरण नीति के विरूद्ध जिला शिक्षा अधिकारी दमोह द्वारा स्‍थानांतरण किये गये हैं, तो उन पर प्रश्‍नकर्ता द्वारा शिकायत वरिष्‍ठ अधिकारियों को सौंपे जाने के उपरांत भी कार्यवाही आज दिनाँक तक क्‍यों नहीं हुई? कार्यवाही की समयावधि उपलब्‍ध करावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) दमोह जिला अंतर्गत स्थानांतरण नीति वर्ष-2015 अनुसार, 83 शिक्षकों के स्थानांतरण किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, भोपाल द्वारा वर्ष-2015 के लिये दिनाँक-16.5.2015 से 10.06.2015 तक स्थानांतरण आदेश जारी करने के निर्देश थे। स्थानांतरण नीति-2015 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। (ख) स्कूल शिक्षा विभाग की स्थानांतरण नीति वर्ष-2015 में उल्लेखित तिथि के उपरांत स्थानांतरण कराये जाने हेतु कंडिका 10.1 एवं 10.2 के तहत निर्धारित प्रक्रिया है। प्रश्नकर्ता द्वारा शिकायत संभागीय आयुक्त, सागर संभाग सागर को की गयी थी जिसकी जाँच संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण सागर संभाग सागर को सौंपी गयी है। जाँच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

प्रमुख खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी के अधिकार एवं दायित्व

42. ( क्र. 1284 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रमुख खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारियों को अपने कार्य क्षेत्र में संपूर्ण प्रशासनिक एवं वित्‍तीय अधिकार (आहरण एवं संवितरण सहित) सौंपे जाने हेतु शासन के निर्देश हैं? यदि हाँ,? तो म.प्र. शासन लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग द्वारा जारी ज्ञापन क्र./एफ 13-2/2005/17/मेडि-3/1004, दिनाँक 24.04.2005 एवं संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें मध्‍यप्रदेश जारी ज्ञापन क्र./1 जी/विज्ञप्‍त/सेल-5/2013/1775, भोपाल, दिनाँक 22.11.2013 का पालन क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (ख) क्‍या प्रदेश में कार्यरत प्रमुख खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारियों को डी.डी.ओ. नम्‍बर जारी कर दिये गये है? यदि नहीं, तो कब तक कर दिये जावेंगे? शासन द्वारा प्रमुख खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारियों को कौन-कौन सी सुविधाओं का प्रावधान है? (ग) क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के संस्‍था प्रभारी अधिकारियों द्वारा पुलिस विभाग को की गई शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही की जाती है? यदि नहीं, तो क्‍यों? शासकीय भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए मैदानी संस्‍थाओं में बाउंड्रीवाल/तार फेंसिंग की गई है? यदि नहीं, तो कब तक कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ, कोषालय से आहरण संवितरण अधिकार को छोड़कर। (ख) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विवेचना उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। स्वास्थ्य विभाग में प्राथमिकता एवं उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार कार्यवाही की जाती है।

चिकित्‍सालयों में रिक्‍त पदों पर पदस्थापना

43. ( क्र. 1289 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में विभाग के कितने चिकित्‍सालय, स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कहाँ-कहाँ स्‍थापित एवं संचालित है एवं इनमें विशेषज्ञ चिकित्‍सकों, चिकित्‍सकों, स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों, तकनीशियनों एवं अन्‍य शासकीय सेवकों के पद शासन/विभाग द्वारा स्‍वीकृत है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत इन चिकित्सालयों एवं केन्‍द्रों में कौन-कौन, कब से, किन-किन पदों पर कार्यरत हैं एवं कौन-कौन से पद कहाँ-कहाँ, कब से रिक्‍त हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में रायसेन जिले में शासकीय सेवकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है एवं इन रिक्‍त पदों पर कब तक पदस्‍थापना कर दी जायेगी?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ग) प्रदेश में विशेषज्ञ/ चिकित्सकों की अत्यधिक कमी के कारण शतप्रतिशत पदपूर्ति संभव नहीं हो पाई है। चिकित्सकों की पदपूर्ति हेतु म.प्र. लोक सेवा आयोग से 1896 पदों हेतु चयन प्रक्रिया प्रचलन में है, चयन सूची प्राप्त होने पर उपलब्धता अनुसार पदस्थापना संबंधी कार्यवाही प्रारंभ की जावेगी। प्रदेश में पैरामेडिकल स्‍टॉफ के 900 पदों की पूर्ति हेतु म.प्र. व्यवसायिक परीक्षा मण्डल से चयन सूची प्राप्त हो चुकी है परंतु संविदा कर्मचारियों द्वारा दायर याचिका में मा. उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए स्थगन के कारण पदस्थापना संबंधी कार्यवाही प्रारंभ नहीं की जा सकी थी, दिनाँक 30.11.2015 को मा. न्यायालय द्वारा स्थगन हटाया गया है, शीघ्र पदस्थापना संबंधी कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

जिला चिकित्‍सालय सागर में डायलेसिस सुविधा उपलब्‍ध कराना

44. ( क्र. 1296 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय/बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज, सागर में कौन-कौन सी चिकित्‍सीय जाँच सुविधायें उपलब्‍ध है? (ख) क्‍या किडनी रोगियों के लिये डायलेसिस हेतु निजी अस्‍पतालों का सहारा लेना पड़ता हैं? क्‍या शासन शीघ्र ही जिला चिकित्‍सालय सागर में भी डायलेसिस की सुविधा उपलब्‍ध कराने पर विचार करेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर से संबद्ध चिकित्सालय में सभी विभागों से संबंधित क्लीनिकल जाँच की सुविधा मरीजों को दी जा रही हैं। शासन द्वारा निर्धारित निःशुल्क जाँच योजना के अंतर्गत रक्त की जाँच 24 घण्टे की जाती हैं। मरीजों को एक्स-रे, सोनोग्राफी जाँच की सुविधा भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। बी.पी.एल. मरीजों का आउटसोर्स से सी.टी. स्कैन जाँच की सुविधा भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्‍सालय से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालय में दो डायलेसिस मशीन दिनाँक 30.10.2013 से स्थापित हैं। प्रश्न दिनाँक को संस्था में कोई नेफ्रोलोजिस्ट तथा डायलेसिस टेक्नीशियन उपलब्‍ध नहीं हैं। इन पदों की पूर्ति के पश्चात् डायलेसिस सुविधायें निरन्तर निर्बाध रूप से संचालित की जा सकेंगी। चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय में अभी तक केवल 09 डायलेसिस किये गये हैं। जिला चिकित्‍सालय से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शासकीय बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर की मान्‍यता

45. ( क्र. 1297 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर का भवन निर्माण कब तक पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित था? इस निर्माण कार्य पर किये गये व्‍यय का ब्‍यौरा तिथिवार बताएं? (ख) प्रस्‍तावित निर्माण कार्य कितना पूर्ण किया जा चुका है एवं शेष कार्य की प्रगति क्‍या है? (ग) क्‍या एम.सी.आई. के द्वारा बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर को इस शैक्षणिक वर्ष के लिये मान्‍यता नहीं दी गई है? यदि हाँ, तो जिन कमियों के कारण मेडिकल कॉलेज को मान्‍यता नहीं दी गई है उन कमियों को दूर कर लिया गया? यदि नहीं, तो उन कमियों को कब तक दूर किया जायेगा? (घ) क्‍या बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर के एम.बी.बी.एस. अंतिम वर्ष के उत्‍तीर्ण छात्रों को मान्‍यता के अभावव में एम.सी.आई. में चिकित्‍सीय पंजीयन नहीं हो पाया है? इस कारण से वह प्रेक्टिस व जॉब से वंचित है इस दिशा में शासन के द्वारा कोई वैकल्पिक व्‍यवस्‍था की गई है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन छात्रों के भविष्‍य के दृष्टिगत विचार करेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) शासकीय स्वशासी बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर का निर्माण कार्य फरवरी 2015 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित था। निर्माण कार्य पर व्यय की गई राशि की जानकारी निर्माण ऐजेन्‍सी म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्‍डल से एकत्रित की जा रही है। (ख) प्रस्तावित निर्माण कार्य 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका हैं। निर्माण कार्य की लागत में वृद्धि होने से विभाग द्वारा दिनाँक 15.09.2015 को रूपये 158.17 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई हैं। पुनरीक्षित स्वीकृति उपरांत लागत वृद्धि राशि रूपये 12.75 करोड़ का प्रावधान द्वितीय अनुपूरक अनुमान मे करने हेतु प्रस्‍ताव भेजा गया है। प्रावधानित राशि उपलब्ध होने पर निर्माण ऐजेंसी को नियमानुसार भुगतान किया जाकर शेष निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा। (ग) एम.सी.आई. द्वारा बुन्देलखण्ड स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय सागर का निरीक्षण दिनाँक 02.03.2015, 27.04.2015 एवं 09.09.2015 को किया गया था। एम.सी.आई. द्वारा दर्शाई गई कमियों की पूर्ति का प्रतिवेदन एम.सी.आई. को भेजा गया था। एम.सी.आई. द्वारा दिनाँक 20.11.2015 को पुनः चिकित्सा महाविद्यालय, सागर का निरीक्षण किया गया, जिसकी रिपोर्ट दिनाँक 04.12.2015 को ईमेल से अधिष्ठाता सागर के कार्यालय को प्राप्त हुई हैं। रिपोर्ट में वर्णित कमियों की पूर्ति कर एक माह में प्रगति प्रतिवेदन एम.सी.आई. द्वारा चाहा गया हैं। कमियों की पूर्ति की कार्यवाही संचालक, चिकित्‍सा शिक्षा द्वारा करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन हैं। (घ) प्रश्न दिनाँक तक बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर को एम.सी.आई. से मान्यता प्राप्त नहीं हुई हैं। उत्तरांश में उल्लेखित एम.सी.आई. के प्रतिवेदन में दर्शाई गई कमियों की पूर्ति एक माह में करने की कार्यवाही के पश्चात् एम.सी.आई. द्वारा पुनः निरीक्षण किये जाने के पश्चात् मान्यता प्राप्त होने पर छात्र/छात्राओं का पंजीयन हो सकेगा।

सहायक अध्‍यापकों की पदोन्‍नति एवं अन्‍य जानकारी प्राप्‍त करना

46. ( क्र. 1318 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के नगरीय क्षेत्र चांदामेटा व परासिया में कार्यरत पदस्‍थ सहायक अध्‍यापकों की पदोन्‍नति हो गई है या नहीं? यदि नहीं, तो कब तक कर दी जायेगी? समय-सीमा बताये? (ख) मध्‍यप्रदेश में कार्यरत अध्‍यापक संवर्ग किस विभाग के कर्मचारी हैं? क्‍या उस विभाग के समस्‍त लाभ उन्‍हें प्रदान किये जा रहे है? यदि नहीं, तो अध्‍यापक संवर्ग की नीति स्‍पष्‍ट करें? (ग) सहायक अध्‍यापक, अध्‍यापक संवर्ग में पेन्‍शन कटौती की जाती है? क्‍या इसकी जानकारी प्रतिवर्ष संबंधित कर्मचारी को दी जाती है? क्‍या उक्‍त कटौती राशि का संधारण संकुल स्‍तर पर होता है? (घ) परासिया विधानसभा क्षेत्र में शासकीय अंग्रेजी माध्‍यम की शालायें संचालित है, इसमें विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति हो गई है या नहीं? यदि नहीं, तो नियुक्ति कब तक कर दी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) परासिया विधान सभा क्षेत्र की नगरीय निकाय चांदामेटा में सहायक अध्यापक से अध्यापक के पद पर पदोन्नति के कोई पद स्वीकृत नहीं है। परासिया नगरीय निकाय में अध्यापक (कला/अंग्रेजी/विज्ञान) विषयमान से 03 पद पदोन्नति के स्वीकृत है परन्तु पात्र सहायक अध्यापक उपलब्ध नहीं होने के कारण पदोन्नति की जाना संभव नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन के अनुसार अध्यापक संवर्ग के कर्मचारी स्थानीय निकाय के अंतर्गत नियुक्त किये गये है। मध्यप्रदेश पंचायत/नगरीय अध्यापक संवर्ग (नियोजन एवं सेवा की शर्ते) नियम 2008 के अनुसार समस्त लाभ दिये जा रहे है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) अध्यापक संवर्ग में अंशदायी पेंशन योजना दिनाँक 01.04.2011 से लागू की गयी है। एन.एस.डी.एल. मुम्बई की वेबसाइट पर उपलब्ध रहती है तथा संबंधित डीडीओ को उक्त संस्था द्वारा प्रतिवर्ष उपलब्ध भी कराई जाती है। संकुल स्तर पर अभिदाता की 10 प्रतिशत कटोत्रा राशि का लेखा संधारित होता है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिश