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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 18 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

 

( वर्ग 2 : सामान्य प्रशासन, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, संस्कृति, पर्यटन, प्रवासी भारतीय, नगरीय विकास एवं पर्यावरण, जल संसाधन, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, जनसंपर्क, खनिज साधन)

ग्रेसिम उद्योग नागदा के विरूद्ध दर्ज प्रकरण

1. ( *क्र. 6354 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्र. 3270 दि. 30.07.2015 के उत्‍तरांश (क) में वर्णित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति बतावें? (ख) इन प्रकरणों में विगत 6 माह में कितनी तारीखें लगी हैं, उनमें शासन की ओर से प्रकरण 25/15 में 22 तारीखों में अपना पक्ष न रखने के क्‍या कारण हैं? (ग) इसके लिए कौन जबावदेह है? उन पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? उन अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित बतावें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रश्न क्रमांक 3270 दिनांक 30/7/2015 के उत्तरांश में वर्णित ग्रेसिम उद्योग नागदा, जिला उज्जैन के विरूद्ध प्रकरणों की स्थिति इस प्रकार है :- (1) सब डिवीज़नल मजिस्ट्रेट नागदा के न्यायालय में सी.आर.पी.सी. 1973 की धारा 133 के तहत् प्रचलित प्रकरण 25/15 में आगामी तिथि दिनांक 06/04/2016 नियत है। (2) प्रकरण क्रमांक 11088/14 में आगामी तिथि दिनांक 21/04/16 नियत है। (ख) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नागदा से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 06 माह में 13 तारीखें लगी हैं। अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नागदा के द्वारा संयुक्त निरीक्षण के आधार पर सब डिवीज़नल मजिस्ट्रेट नागदा के न्यायालय में प्रकरण प्रारंभ किये जाने से शासन की ओर से पृथक से पक्ष रखने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान

2. ( *क्र. 5795 ) श्री सूर्यप्रकाश मीना : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन के विभिन्‍न विभागों एवं नगरीय निकायों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मियों की सेवा में रहते हुये मृत्‍यु उपरांत परिवार के सदस्‍य को अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर नहीं तो क्‍या शासन मानवीय आधार पर किसी भी दैनिक वेतन भोगी कर्मी की सेवा में रहते मृत्‍यु उपरांत परिवार के एक सदस्‍य को नियुक्ति दिये जाने के संबंध में निर्देश देगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। (ख) कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अधिकारियों की गृह जिले में पदस्‍थापना

3. ( *क्र. 4457 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ऊर्जा विभाग में वरिष्‍ठ अधिकारियों को उनके गृह क्षेत्र में पदस्‍थ करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो किस नियम व प्रावधान के अंतर्गत? (ख) क्‍या श्री अशोक कुमार बडोनिया अधीक्षण यंत्री जो कि गांधीसागर के ही निवासी हैं, उन्‍हें ऊर्जा विभाग ने गांधीसागर में ही पदस्‍थ कर रखा है? यदि हाँ, तो किसके आदेश से? (ग) 9 जनवरी, 2016 को उक्‍त संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा की गई शिकायत व माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा विभाग को कार्यवाही के लिए प्रेषित पत्र पर अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है तथा उक्‍त अधिकारी की अनियमितताओं की शिकायतों पर की गई कार्यवाहियों का भी ब्‍यौरा दें। उक्‍त अधिकारी का स्‍थानान्‍तरण कब तक कर दिया जाएगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) ऊर्जा विभाग में वरिष्‍ठ अधिकारियों को उनके गृह क्षेत्र में पदस्‍थ किए जाने का प्रावधान नहीं है। तथापि जिन अधिकारियों/कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के लिए दो वर्ष अथवा उससे कम समय शेष रह गया हो, उन्‍हें उनके आवेदन पर यथासंभव रिक्‍त पद उपलब्‍ध होने पर चाहे गए स्‍थान में पदस्‍थ किये जाने का प्रावधान है। (ख) जी हाँ, श्री अशोक कुमार बडोनियाअधीक्षण अभियंता (उत्‍पादन) को कंपनी प्रबंधन के आदेशानुसार संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर से गांधीनगर जल विद्युत गृह, गांधीसागर प्रशासनिक आधार पर स्‍थानांतरित कर पदस्‍थ किया गया है। (ग) माननीय विधायक महोदय के पत्र दिनांक 09.01.2016 में उल्‍लेखित शिकायतें उनके द्वारा पूर्व में प्रेषित शिकायती पत्र दिनांक 25.08.2015 के ही समान थी। शिकायती पत्र में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं पर म.प्र. पावर जनरेटिंग कं.लि. द्वारा जाँच कराई गई। जाँच कार्यवाही के निष्‍कर्ष अनुसार शिकायतें सही नहीं पाई गईं। अत: उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी तरह की कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं उठता।

शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स एवं पार्किंग स्‍थल का निर्माण

4. ( *क्र. 6251 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रोजगार को बढ़ावा दिये जाने एवं यातायात के बढ़ते वाहनों की संख्‍या को दृष्टिगत रखते हुए नगरपालिका परिषद जावरा द्वारा अनेक शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स का निर्माण एवं पार्किंग स्‍थल भी बनाए जाकर व्‍यवस्‍थाएं की जा रहीं हैं? (ख) यदि हाँ, तो शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स एवं पार्किंग स्‍थलों का निर्माण होकर इनका उपयोग किया जा रहा है तथा क्‍या आगामी आवश्‍यकताओं को दृष्टिगत रख उक्‍ताशय के दोनों प्रकार के नवीन स्‍थान चयनित कर प्रस्‍तावित किये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो शहर में किन-किन स्‍थानों पर उक्‍ताशय के कितने स्‍थान जनउपयोगी होकर, उनसे कितना राजस्‍व प्राप्‍त होकर किस-किस प्रकार का रखरखाव, मरम्‍मत, सौंदर्यीकरण इत्‍यादि कार्य किये जा रहे हैं? (घ) अटल शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स के विस्‍थापितों को पुन: दुकान आवंटन किस प्रकार किया जाकर सिविल हॉस्‍पि‍टल जावरा की भूमि पर बने शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स की आय में से सिविल हॉस्‍पि‍टल जावरा को क्‍या दिया जा रहा है तथा नवीन शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स एवं पार्किंग स्‍थलों के बारे में क्‍या किया जा रहा है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) सुभाष शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स एवं पार्किंग तथा तिलक शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स एवं पार्किंग का उपयोग किया जा रहा है। अटल शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स की दुकानों के आवंटन की कार्यवाही प्रचलित है। शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स मय पार्किंग हेतु पुराना हॉस्पिटल मार्ग पर स्थित पुराने धोबीघाट का चयन किया गया है। (ग) थाना रोड पर स्थित सुभाष शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स एवं पार्किंग स्‍थल तथा सब्‍जी मण्‍डी (नजरबाग) क्षेत्र में स्थित तिलक शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स एवं पास में स्थित पार्किंग स्‍थल का उपयोग किया जा रहा है। शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स एवं अन्‍य दुकानों से 01.04.2015 से 29.02.2016 तक दुकान के किराये से राजस्‍व राशि रू. 23.00 लाख की आय निकाय को प्राप्‍त हुई। वर्तमान में शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स में मरम्‍मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य की आवश्‍यकता नहीं होने से कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। (घ) कलेक्‍टर रतलाम के पत्र क्र. 180 दिनांक 25.02.2016 में विहित निर्देशों के अनुसार अटल शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स की दुकानों के आवंटन की कार्यवाही प्रचलन में है। सिविल हॉस्पिटल जावरा को कोई राशि नहीं दी जा रही है। नवीन शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स एवं पार्किंग हेतु पुराने हॉस्पिटल मार्ग पर स्थित पुराने धोबीघाट का चयन किया जाकर उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, रतलाम से पत्र क्र. 4814 दिनांक 27.02.2016 द्वारा स्‍थल के संबंध में अभिमत लिया जा रहा है।

डूब की जमीन से शेष भूमि पर कृषकों को खेती की सुविधा

5. ( *क्र. 4450 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मा.मुख्‍यमंत्री को प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखे गये पत्र क्रमांक/854 दि. 09.01.16 अनुसार क्‍या बाणसागर बांध में डूब प्रभावित किसानों की तरह इंदिरा सागर परियोजना व अन्‍य जिले के डूब प्रभावित किसानों को भी बांध का पानी खाली होने पर उनकी जमीन पर खेती करने का कानूनी हक दिया जावेगा? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍तानुसार आदेश कब तक जारी किये जावेंगे? (ग) मा.मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा मैहर प्रवास के दौरान की गई घोषणा अनुसार आदेश होने से प्रदेश के किन-किन जिलों में कितने किसानों को इसका लाभ प्राप्‍त होगा? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि आदेश जारी नहीं किये जाते हैं, तो उसका क्‍या कारण है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा मैहर प्रवास के दौरान की गई घोषणा निम्‍नलिखित अनुसार थी :- डूब की जमीन से शेष निकली जमीन पर कृषकों के लिए खेती की व्‍यवस्‍था की जावेगी। उपरोक्‍तानुसार जहां पर डूब के लिए अधिगृहीत जमीन बांध में पूर्ण बांध लेवल तक पानी भरने के पश्‍चात भी डूब से अप्रभावित रहती है, तो ऐसी भूमि को कृषकों की खेती के लिए दिये जाने की घोषणा की गई है, जो कि प्रश्‍नांश (क) में लेख अनुसार डूब से खाली होने वाली भूमि के संबंध में नहीं होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। माननीय मुख्‍यमंत्री की उपरोक्‍त घोषणा के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खनिज उत्‍खनन/परिवहन की शिकायतों पर कार्यवाही

6. ( *क्र. 6372 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में विभाग द्वारा किस-किस प्रकार की खदानें, खनिज पट्टे, पत्‍थर, गिट्टी, खनन आदि की अनुमति एवं खनिज परिवहन की अनुमति, किस-किस सर्वे क्रमांक की कितने-कितने, रकबे की किन-किन व्‍यक्तियों/फर्मों को कितनी-कितनी अवधि की प्रश्‍न दिनांक तक वैधानिक रूप से स्‍वीकृत है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उपरोक्‍त अनुमति धारकों/फर्मों/ठेकेदारों द्वारा कौन-कौन से खनिजों के खनन से शासन को कितनी राशि 02 वर्षों से विभिन्‍न मदों में रॉयल्‍टी, जुर्माना शुल्‍क में दी? खनिज रॉयल्‍टी के रूप में कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ग) पिछले 02 वर्षों में अवैध खनन परिवहन, नियम विरूद्ध अनुमति इत्‍यादि के संबंध में जिला स्‍तर पर, किस-किस के विरूद्ध कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं, उन पर क्‍या कार्यवाही की गई?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर दर्शित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर दर्शित है।

गबन की शिकायत पर कार्यवाही

7. ( *क्र. 5638 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जल संसाधन विभाग में पदस्‍थ कार्यपालन यंत्री श्री अनिल अग्रवाल के खिलाफ गबन से संबंधित कोई F.I.R. दर्ज की गई है? यदि हाँ, तो कब व इन पर क्‍या-क्‍या आरोप लगाये गये हैं? वर्तमान में जाँच अधिकारी कौन है? जाँच के अंतर्गत क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) क्‍या हाईकोर्ट ने 27 अगस्‍त, 2015 को श्री अग्रवाल की जाँच 4 माह में पूरी करने के आदेश किये थे? यदि हाँ, तो 27 दिसंबर को अवधि पूर्ण होने के उपरांत क्‍या जाँच पूर्ण हो चुकी है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध करायें? यदि नहीं, तो क्‍या स्थिति है? क्‍या उक्‍त कार्यपालन यंत्री से गबन की राशि वसूली जा चुकी है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है कि करोड़ों के गबन के बावजूद विभाग ने अभी तक न तो उन फर्मों को आरोपी बनाया, जिनके नाम पैसा निकाला और न वसूली की? (ग) क्‍या उक्‍त गबन के कार्य में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत है? यदि हाँ, तो उन पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍या कारण रहे कि शासन के करोड़ों रूपये गबन होने के बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है? (घ) जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे कि उक्‍त प्रकरण में कब तक शासन की राशि संबंधित से वसूल की जावेगी एवं दोषी व्‍यक्तियों के खिलाफ कब तक कार्यवाही की जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (घ) आर्थिक अपराध अन्‍वेषण ब्‍यूरो द्वारा दिनांक 06.08.2012 को कार्यपालन यंत्री श्री अनिल अग्रवाल के विरूद्ध अपराध की प्राथमिकी की जाना प्रतिवेदित है। ब्‍यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। आर्थिक अपराध के प्रकरणों में अनुसंधान जल संसाधन विभाग के क्षेत्राधिकार में नहीं है और अनुसंधान के संबंध में विभाग को कोई आदेश मा. उच्‍च न्‍यायालय द्वारा नहीं दिया गया है। अत: शेष प्रश्न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''एक''

पूर्व प्रश्‍न की जानकारी का प्रदाय

8. ( *क्र. 5965 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 53 (क्रमांक 682), दिनांक 21 जुलाई, 2015 के उत्‍तर की जानकारी एकत्रित कर ली गई? हाँ तो उपलब्‍ध कराएं? यदि नहीं, कराई गई है, तो कब तक उक्‍त जानकारी उपलब्‍ध करा दी जायेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अभी तक जानकारी उपलब्‍ध न कराने में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी हैं? प्रश्‍न जैसे महत्‍वपूर्ण कार्यों का उत्‍तर समय से न देने वाले लापरवाह अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

 

कटनी की बंद खदानों का संरक्षण

9. ( *क्र. 6374 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्री आलोक दाहिया द्वारा 10/08/2007 को कलेक्‍टर कटनी को कटनी नगर की 07 खदानों को संरक्षित करने, पूरने की शिकायत/आवेदन दिया था एवं कार्यालय कलेक्‍टर कटनी की जनसुनवाई में श्री राजेश भास्‍कर की शिकायत क्रमांक-20181, 06/09/2011 एवं श्रीमती शोभा कुरील की शिकायत क्रमांक-20519, 13/09/2011 के द्वारा कावस जी वार्ड कटनी स्थित खदान के पूरे जाने की शिकायत की गई थी? (ख) क्‍या विवेकानंद वार्ड स्थित खदान को अवैध तौर पर पूरने की, कार्यालय कलेक्‍टर कटनी एवं कार्यालय कलेक्‍टर (खनिज शाखा) कटनी में 03/03/2015 को तथा मुख्‍य सचिव महोदय म.प्र. शासन को 16/03/2015 को ई-मेल के द्वारा शिकायत की गई थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) में यदि हाँ, तो इन पर क्‍या और कब जाँच कर क्‍या प्रतिवेदन दिये गये? किस विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? शिकायतवार बतायें। (घ) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के परि.अता.प्र.सं. 130 (क्रं-2114), दिनांक 15/12/15 का क्‍या उत्‍तर दिया गया था? क्‍या प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर जानकारी संधारित किये जाने का प्रवधान ना होने एवं प्रश्‍नांश (ड.) में प्रश्‍नाधीन जानकारी भारतीय खान ब्‍यूरो से संबंधित होने का उत्‍तर दिया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) से (ख) क्‍या है? क्‍या प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित शिकायत विभाग एवं म.प्र. शासन के अन्‍य विभागों से संबंधित नहीं थी? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) में जिम्‍मेदारी से बचकर, कार्यवाही भारतीय खान ब्‍यूरो से संबंधित बताने एवं माननीय सदन में असत्‍य, भ्रामक उत्‍तर देने के लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? क्‍या इसकी जाँच एवं संबंधितों पर कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्‍नांश '' एवं '' में उल्‍लेखित शिकायतों के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' में दर्शित है। (घ) प्रश्‍नाधीन प्रश्‍न के उत्‍तर की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर दर्शित है। जी हाँ। खान नियंत्रक भारतीय खान ब्‍यूरो जबलपुर द्वारा प्रेषित उत्‍तर की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर दर्शित है। खनिज संरक्षण एवं विकास नियम 1988 के नियम 23 (ख) के तहत उत्‍तरोत्‍तर खान बंद करने की योजना अधिसूचना दिनांक 23.12.2003 द्वारा प्रतिस्‍थापित की गई है, जिसके संबंध में कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने हेतु भारतीय खान ब्‍यूरों को अधिकार प्रदत्‍त किये गये हैं। प्रश्‍नांश '' एवं '' से संबंधित शासकीय एवं निजी भूमियों में संचालित रही खदानें, माइन क्‍लोजर प्‍लान लागू होने से पहले बंद हुई हैं। जी नहीं। प्रश्‍नांश '' एवं '' में उल्‍लेखित शिकायतें आमजन के हितों को ध्‍यान में रखते हुए कार्यवाही की गई है। (ड.) प्रश्‍नांश '' में दिये गये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वृहद सिंचाई परियोजनाओं की स्‍वीकृति

10. ( *क्र. 42 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा वर्ष 2008 से सरदारपुर एवं गंधवानी तहसील में कितनी वृहद सिंचाई परियोजनाओं एवं तालाबों की स्‍वीकृति की घोषणा की गई थी? (ख) इनमें से कितनी योजनायें स्‍वीकृत हो चुकी हैं एवं कितनी शेष हैं? नामवार जानकारी दें। शेष योजनाओं की स्‍वीकृति कब तक की जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतायें?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

नियोजित व्‍यक्तियों की संख्‍या

11. ( *क्र. 6367 ) श्री मुकेश नायक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में संधारित जानकारी अनुसार राज्‍य के सार्वजनिक उपक्रमों, सरकारी कार्यालयों, प्रतिष्‍ठानों में नियोजित व्‍यक्तियों की संख्‍या वर्ष 2010-11, 2011-12, 2012-13 और 2013-14 में क्‍या रही? वर्षवार जानकारी दें। (ख) सरकारी क्षेत्र में नौकरियों में कमी आने के क्‍या कारण हैं और क्‍या सरकार नौकरियों में वृद्धि करने की कोई नीति बना रही है? यदि हाँ, तो जानकारी दें?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) सरकारी क्षेत्र में नौकरियों की संख्‍या में अनापेक्षित परिवर्तन नहीं है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

ककरवाहा पिकअप बियर का सर्वेक्षण

12. ( *क्र. 6652 ) श्री के. के. श्रीवास्‍तव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा तारांकित प्रश्‍न संख्‍या-25 (क्रमांक 2198) के अनुसार ककरवाहा पिकअप बियर परियोजना के विस्‍तृत सर्वेक्षण के आदेश कब तक जारी होंगे? (ख) परियोजना में बांध की ऊंचाई, उसकी लागत कितनी है तथा रबी की फसल में कितना रकबा सिंचित होगा? क्‍या इस योजना में उत्‍तरप्रदेश की भूमि भी डूब क्षेत्र में आयेगी? (ग) उत्‍तरप्रदेश की भूमि को डूब क्षेत्र से बचाने के लिये क्‍या बांध की ऊंचाई कम की जा सकती है, तो कितनी? (घ) इस योजना की कब तक तकनीकी और प्रशासकीय स्‍वीकृति हो जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (घ) जी नहीं। परियोजना साध्‍य नहीं होने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

वित्‍तीय अनियमितताओं की जाँच एवं कार्यवाही

13. ( *क्र. 5720 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला राजगढ़ की नगर पालिका परिषद सारंगपुर एवं नगर पंचायत परिषद पचोर में स्‍थानीय प्रशासन के मद को छोड़ कर अन्‍य विभाग की योजनाएं जैसे बी.आर.जी.एफ., सांसद निधि, विधायक निधि, सर्व शिक्षा अभियान, अनुसूचित जाति/जनजाति विभाग एवं जनभागीदारी मद से निर्माण कार्य हेतु वित्‍तीय वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि किस-किस विभाग से किस-किस कार्य हेतु प्राप्‍त हुई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के सदंर्भ में सारंगपुर एवं पचोर में कितने कार्य पूर्ण, अपूर्ण एवं अप्रांरभ हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में जो कार्य अप्रांरभ/अपूर्ण हैं, उन कार्यों की राशि नगर पालिका/पंचायत के किस मद एवं किस खातों में कितनी-कितनी राशि प्रश्‍न दिनांक तक जमा है एवं शेष कार्य को प्रश्‍न दिनांक तक प्रारंभ न किये जाने के क्‍या कारण हैं? अपूर्ण एवं अप्रांरभ कार्य की जानकारी वर्षवार, कार्यवार, जमा राशि की जानकारी से अवगत कराते हुये कार्य प्रांरभ न कराये जाने के कारण बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार यदि अप्रांरभ कार्य की राशि परिषद/पंचायत के खाते में शेष नहीं है, तो व‍ह राशि किस कार्य पर खर्च की गई है? वर्षवार, कार्यवार विस्‍तृत विवरण देवें। यदि अप्रांरभ एवं अपूर्ण कार्य की राशि बगैर कार्य के आहरण की गई है, तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भू-जल स्‍त्रोतों के पेयजल के उपचार/निवारण हेतु कार्यवाही

14. ( *क्र. 4799 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर जिले सहित प्रदेश के 18 जिलों के 93 विकासखंडों में म.प्र. के भू-जल संसाधन का पेयजल एवं कृषि हेतु आंकलन कर उपचार/निवारण के उपाय एवं जन जागरूकता हेतु अध्‍ययन रिपोर्ट का प्रकाशन किया गया है? (ख) क्‍या रिपोर्ट के अनुसार एक या एक से अधिक घुलनशील घातक तत्‍वों के कारण पानी पीने या सिंचाई योग्‍य नहीं पाया गया है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या इस भू-जल स्‍त्रोतों के पेयजल के उपचार/निवारण के उपाय हेतु कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) रिपोर्ट का उद्देश्‍य संबंधितों में जागरूकता पैदा करना था, जिसकी पूर्ति रिपोर्ट के प्रकाशन से की गई है। लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग पेयजल योजनाएं बनाते समय जल की गुणवत्‍ता को ध्‍यान में रखकर आवश्‍यकतानुसार उपचार की व्‍यवस्‍था करता है।

शिकायतों की जाँच/निराकरण

15. ( *क्र. 4432 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने अनुविभागीय अधिकारी पदस्‍थ हैं? इन अधिकारियों के पास दिनांक 01 जनवरी, 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस विभाग की, कुल कितनी-कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्‍त शिकायतों में से कितनी शिकायतों की जाँच करायी जाकर क्‍या कार्यवाही की गयी है? (ग) क्‍या स्‍कूलों में मध्‍यान्‍ह भोजन, समय पर राशन वितरण, राशन पात्रता पर्ची, पंचायतों पर धारा 40 की कार्यवाही, सोसायटी की अनियमितताओं जैसे गंभीर प्रकरणों पर लंबे समय से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिससे अनियमिततायें करने वाले दोषी संरक्षित हैं? किस-किस विभाग की कितनी शिकायतें लंबित हैं, जिन पर कार्यवाही होना अपेक्षित है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नहलेसरा/जमुनिया जलाशय के नहरों की लाइनिंग

16. ( *क्र. 6543 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015-16 में बालाघाट जिले की वैनगंगा जल संसाधन संभाग के अंतर्गत कौन-कौन से जलाशय की कितनी लंबाई की लाइनिंग एवं मरम्‍मत कार्य की निविदा, कितनी-कितनी लागत की कब आमंत्रित की गई? कितने निविदाकारों ने किस दर पर निविदा डाली उनमें से किस-किस की निविदा स्‍वीकृत की गई? कार्य पूर्ण करने की समयावधि क्‍या है? निविदा शर्तों के आधार पर कितना कार्य, कहाँ-कहाँ पर एजेन्‍सी/ठेकेदार द्वारा किए गए और कहाँ-कहाँ पर निर्माणाधीन हैं? (ख) क्‍या नहलेसरा/जमुनिया जलाशयों के लाइनिंग कार्य में सेलेक्‍टेड मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है? यदि हाँ, तो उक्‍त मिट्टी कहाँ से व कितनी दूरी से लाई जा रही है? (ग) उक्‍त निर्माणाधीन कार्यों के संबंध में किस-किस के द्वारा कब-कब, क्‍या-क्‍या शिकायतें विभाग को की गईं? प्राप्‍त शिकायतों के आधार पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''', '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। निजी स्‍वत्‍व की भूमि से लगभग दो कि.मी. की दूरी से। (ग) कोई शिकायत प्राप्‍त होना प्रतिवेदित नहीं है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

चाका से बिलहरी मोड़ तक रोड निर्माण

17. ( *क्र. 6056 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुख्‍यमंत्री अधोसंरचना मद से कटनी नगर निगम क्षेत्र चाका से बिलहरी मोड़ तक का रोड निर्माण चल रहा है? उक्‍त रोड के एस्‍टीमेट अनुसार रोड की चौड़ाई, लंबाई, मोटाई तथा डिवाईडर सहित किस-किस चौराहे पर कितनी-कितनी थी? क्‍या एस्‍टीमेट अनुसार रोड, डिवाईडर एवं नाले का निर्माण किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बताएं? (ख) प्रश्‍नांश (क) की रोड की चौड़ाई एस्‍टीमेट के अनुसार बनाने के लिए किसका मकान, दुकान तथा मंदिर एवं मस्जिद का कितना क्षेत्रफल हटाए जाने की कार्ययोजना थी और कितना क्षेत्रफल हटाया गया है? पृथक विवरण दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) का क्षेत्रफल जो रोड की चौड़ाई के लिए आवश्‍यक था, वह प्राईवेट था या शासकीय? यदि प्राईवेट था, तो उसके लिए भूमि भवन का कोई मुआवज़ा दिया गया है, तो विवरण दें। (घ) क्‍या रोड, नाला, डिवाईडर कहीं कम, कहीं ज्‍यादा कार्य योजना, एस्‍टीमेट के विपरीत कार्य कराया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं, अपितु बिलहरी मोड़ से सागर पुल तक सड़क निर्माण कार्य, मुख्‍यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजनांतर्गत कराया जा रहा है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। सड़क के किनारे शासकीय भूमि से हटाये गये अतिक्रमण के बाद उपलब्‍ध शासकीय भूमि पर एस्‍टीमेट अनुसार सड़क निर्माण, नाला निर्माण एवं सेंटर लाईटिंग का कार्य कराया गया है, 700 मीटर लंबाई में उपलब्‍ध शासकीय भूमि की चौड़ाई कम होने के कारण सिंगल वाल डिवाईडर का निर्माण कराया गया है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) शासकीय। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) सड़क के किनारे शासकीय भूमि से हटाये गये अतिक्रमण के बाद उपलब्‍ध शासकीय भूमि पर एस्‍टीमेट अनुसार सड़क निर्माण, नाला निर्माण एवं सेंटर लाईटिंग का कार्य कराया गया है, 700 मीटर लंबाई में उपलब्‍ध शासकीय भूमि की चौड़ाई कम होने के कारण सिंगल वाल डिवाईडर का निर्माण कराया गया है। नगर पालिक निगम कटनी द्वारा स्‍थल मुताबिक एस्‍टीमेट अनुसार कार्य कराया गया है, जिससे किसी के दोषी होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ग्रामों का विद्युतीकरण

18. ( *क्र. 6577 ) श्री वीरसिंह पंवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन एवं विदिशा जिले में फरवरी, 2016 की स्थिति में कितने ग्रामों की विद्युत सप्‍लाई बंद है तथा क्‍यों? कारण बतावें। (ख) किसानों/मजदूरों/एस.सी./एस.टी. वर्ग के उपभोक्‍ताओं से बकाया राशि वसूलने के संबंध में विभाग के क्‍या-क्‍या निर्देश हैं? (ग) उक्‍त जिलों में अस्‍थायी विद्युत कनेक्‍शन को स्‍थाई करने के संबंध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (घ) उक्‍त जिलों के कितने ग्राम विद्युत विहीन हैं तथा उनके विद्युतीकरण हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) फरवरी-16 की स्थिति में रायसेन जिले के किसी भी ग्राम की विद्युत सप्‍लाई बंद नहीं है तथा विदिशा जिले के अंतर्गत 14 ग्रामों की विद्युत सप्‍लाई बकाया राशि होने के कारण बंद है। (ख) प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में उपभोक्‍ताओं के बिजली बिलों की बकाया राशि के निराकरण हेतु मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बकाया राशि समाधान योजना दिनांक 25.02.16 से लागू की गयी है। उक्‍त योजना के अंतर्गत सामान्‍य घरेलू उपभोक्‍ताओं के बकाया बिल की सरचार्ज की संपूर्ण राशि माफ की गई है तथा बी.पी.एल. उपभोक्‍ताओं एवं शहरी क्षेत्र में अधिसूचित मलि‍न बस्‍ती में निवास कर रहे घरेलू उपभोक्‍ताओं की बकाया राशि में से सरचार्ज के साथ ऊर्जा प्रभार की 50 प्रतिशत राशि भी माफ करने का प्रावधान किया गया है। उक्‍त योजना/निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) म.प्र.म.क्षे.वि.वि. कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत वर्तमान में अस्‍थायी से स्‍थायी कृषि पंप में परिवर्तित किए जाने के लिये अनुदान योजना एवं स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना लागू है। इसके अतिरिक्‍त जिन कृषकों का पंप/कुआं विद्यमान निम्‍न दाब लाइन से 150 फीट की दूरी तक है, ऐसे कृषकों को औपचारिकताएँ पूर्ण करने पर तकनीकी साध्‍यता अनुसार स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन जारी किये जा रहें हैं। (घ) विदिशा जिले के सभी ग्राम विद्युतीकृत हैं। रायसेन जिले के ग्राम-सुआगढ़, महुआखेड़ा (बघेडी) रामगढ़ एवं चौका बैरागी सघन वन क्षेत्र में स्थित होने के कारण अविद्युतीकृत हैं तथा इन ग्रामों को गैर परंपरागत ऊर्जा स्‍त्रोतों से विद्युतीकृत किये जाने हेतु प्रस्‍तावित किया गया है। इन ग्रामों का गैर-परंपरागत ऊर्जा स्‍त्रोतों से विद्युतीकरण का कार्य नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा किया जायेगा।

सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा प्‍लांट की स्‍थापना

19. ( *क्र. 5919 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा उत्‍पादन हेतु कितनी कंपनियों द्वारा उत्‍पादन कार्य किया जा रहा है? (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में कितने पंचायत क्षेत्रों में किन-किन स्‍थानों पर सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा प्‍लांट लगाने की स्‍वीकृति शासन द्वारा दी गई है एवं प्रश्‍नांकित दिनांक तक किस-किस स्‍थान पर ये प्‍लांट लग चुके हैं? (ग) उपरोक्‍त कं‍पनियों के द्वारा किन-किन व्‍यक्तियों/संस्‍थाओं से प्‍लांट लगाने हेतु भूमियां क्रय की गई हैं? ग्राम का नाम, पंचायत का नाम, व्‍यक्ति का नाम, भूमि का क्षेत्रफल एवं विक्रेता को दी गई राशि की नाम सहित जानकारी देवें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स की दुकानों की नीलामी

20. ( *क्र. 6497 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अनूपपुर जिला अंतर्गत नगर परिषद जैतहरी द्वारा बस स्‍टैण्‍ड स्‍थल पर शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो कितनी दुकानों का निर्माण, कितनी लागत मूल्‍य से कराया गया है तथा संविदाकार का नाम, पिता का नाम व निविदा दर तथा अध्‍यक्ष से संविदाकार का क्‍या रिश्‍ता है? (ख) क्‍या बस स्‍टैण्‍ड व शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स भूमि का आवंटन कलेक्‍टर ने किया है? यदि हाँ, तो कलेक्‍टर का आदेश व उनके शर्त व आदेश का अक्षरश: पालन किया गया है? यदि नहीं, तो इसके लिए दोषी कौन है? (ग) क्‍या अध्‍यक्ष व सी.एम.ओ. ने आयुक्‍त शहडोल संभाग की स्‍वीकृति के पूर्व ही दुकान आवंटन हेतु पत्र जारी कर निर्धारित राशि जमा करा ली है? यदि हाँ, तो समस्‍त जमाकर्ताओं के नाम, राशि व दिनांक सहित स्‍पष्‍ट करें कि 31 जनवरी, 16 तक किन-किन दुकानदारों ने किराया जमा किया है? (घ) क्‍या आयुक्‍त के द्वारा नीलामी राशि कम आने पर कई दुकानों को पुन: नीलाम कराने का आदेश जारी किया गया है? क्‍या आज दिनांक तक उनके आदेश का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो स्‍वेच्‍छाचारिता व दुकान किराया क्षति आंकलन कर राशि वसूली की कार्यवाही की जाएगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (घ) जी नहीं। नगर परिषद द्वारा निर्धारित ऑफसेट प्राईज़ से ज्‍यादा राशि की नीलामी बोली प्राप्‍त हुई है, किंतु आयुक्‍त शहडोल द्वारा आदेश क्र. 6729 दिनांक 21.11.2014 द्वारा मध्‍यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 109 की उपधारा (3) का म.प्र. नगर पालिका (अचल सम्‍पत्ति का अंतरण नियम 19 के नियम 7) के तहत 14 दुकानों को पुन: नीलाम करने के निर्देश दिये। परिषद की बैठक दिनांक 11.12.2014 संकल्‍प क्र. 160 के तहत पुनर्विचार का प्रस्‍ताव पास किया गया। आयुक्‍त शहडोल द्वारा पत्र क्रमांक 1058, दिनांक 12.03.2015 द्वारा पुनर्विचार आवेदन को नीलामी बोली कम का आंकलन करते हुये आवेदन निरस्‍त कर पुन: नीलामी कराने का आदेश जारी किया गया है। जी हाँ। कार्यवाही प्रचलित है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अनियमितता के दोषी उपायुक्‍त द्वारा निवर्तित अपील प्रकरणों का परीक्षण

21. ( *क्र. 5736 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संभागीय उपायुक्‍त द्वारा निवर्तित कर निर्धारण प्रकरणों की गुणवत्‍ता एवं अपीलीय उपायुक्‍तों द्वारा निवर्तित अपील प्रकरणों में दी गई छूट के प्रकरणों की गुणवत्‍ता के परीक्षण हेतु विभाग के क्‍या निर्देश हैं? (ख) क्‍या नवम्‍बर, 2015 में रिश्‍वत लेते पकड़ाये गये अधिकारी संभागीय उपायुक्‍त वाणिज्यिक कर को संभागीय उपायुक्‍त भोपाल 2 एवं संभाग उपायुक्‍त सागर में पदस्‍थापना के दौरान भोपाल की अपील निवर्तन का अतिरिक्‍त कार्यभार दिया गया था? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित अधिकारी द्वारा संभागीय उपायुक्‍त भोपाल-2 एवं संभागीय उपायुक्‍त सागर की हैसियत से निवर्तित कर निर्धारण प्रकरणों का परीक्षण किया गया? यदि हाँ, तो क्‍या परिणाम रहे? प्रकरणवार बतायें। यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित अधिकारी द्वारा अपीलीय उपायुक्‍त भोपाल के अतिरिक्‍त कार्यभार के रूप में प्राप्‍त एवं निवर्तित अपील प्रकरणों में दी गई छूट के प्रकरणों का परीक्षण किया गया? यदि हाँ, तो प्रकरणवार पाई गई कमी बतावें? यदि नहीं, तो परीक्षण न करने वाले अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) संभागीय उपायुक्त द्वारा निवर्तित कर निर्धारण प्रकरणों की गुणवत्ता का परीक्षण महालेखाकार के अंकेक्षण दल द्वारा किया जाता है तथा अपील प्रकरणों में दी गई छूट प्रकरणों की गुणवत्ता के परीक्षण हेतु परिक्षेत्रीय अपर आयुक्तों को विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 104/2011-12/30/पन्द्रह/203 दिनांक 07 मार्च, 2012 को निर्देश जारी किये गये हैं। जारी निर्देशों की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ए अनुसार है। (ख) प्रदेश में अपीलीय प्राधिकारियों की अत्यधिक कमी होने से विभाग द्वारा संभागों में पदस्थ संभागीय उपायुक्तों को भी अपील प्रकरणों के निवर्तन की शक्तियां अधिसूचना क्रमांक (48) दिनांक 24-09-2013 द्वारा प्रदत्त की गई हैं। इस अधिसूचना के अनुक्रम में अपीलीय प्राधिकारी, भोपाल (रिक्त पद) संभाग-02 के क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अपील प्रकरण संभागीय उपायुक्त एवं अपीलीय प्राधिकारी, वाणिज्यिक कर, सागर की नस्ती पर निवर्तन हेतु मुख्यालय के आदेश क्रमांक/193/2014-15/30/पन्द्रह/494 दिनांक 08-06-2015 से आवंटित किये गये हैं। माह नवम्बर 2015 में रिश्वत लेते पकड़ाये गये श्री एच.एच. ठाकुर, संभागीय उपायुक्त, वाणिज्यिक कर के विरूद्ध विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय, सागर में दिनांक 20-11-2015 को प्रकरण पंजीबद्ध होने से श्री एच.एस. ठाकुर, संभागीय उपायुक्त, वाणिज्यिक कर, सागर की पदस्थापना अपीलीय प्राधिकारी एवं उपायुक्त, वाणिज्यिक कर, भोपाल के पद पर आदेश क्रमांक एफ ए 6-85/2015/1/पाँच दिनांक 02-12-2015 द्वारा किये जाने से श्री ठाकुर की नस्ती पर पूर्व से आवंटित अपीलीय प्राधिकारी, भोपाल संभाग-02 के क्षेत्र के अपील प्रकरण उन्हीं की नस्ती पर पुन: मुख्यालय के आदेश क्रमांक/193/2014-15/30/पन्द्रह/972 दिनांक 16-12-2015 से आवंटित किये गये, जिनका निवर्तन श्री ठाकुर द्वारा किया जा रहा है। (ग) श्री एच. एस. ठाकुर, संभागीय उपायुक्त, वाणिज्यिक कर, भोपाल संभाग-2 के पद पर दिनांक 20-09-2013 से 01-06-2015 तक पदस्थ रहे हैं। इस अवधि में उनके द्वारा दिनांक 20-09-2013 से 31-03-2014 की अवधि में तथा दिनांक 01-04-2014 से 31-03-2015 तक की अवधि में जो कर निर्धारण कार्य किया गया है, उसका लेखा परीक्षण महालेखाकार के अंकेक्षण दल द्वारा किया गया है तथा अंकेक्षण पश्चात अनियमितता प्रतिवेदित की गई है, जिनका विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-बी अनुसार है। श्री एच.एस. ठाकुर संभागीय उपायुक्त, वाणिज्यिक कर, सागर संभाग, सागर में दिनांक 12-06-2015 से 05-12-2015 तक पदस्थ रहें हैं। उक्त अवधि में श्री ठाकुर द्वारा वर्ष 2013-14 के 3 व्यवसाईयों के कर निर्धारण प्रकरणों का निवर्तन किया गया तथा 21 अपील प्रकरणों का निवर्तन किया गया है। उक्त कर निर्धारण प्रकरणों का परीक्षण महालेखाकार के अंकेक्षण दल द्वारा किया जाना शेष है। (घ) अपीलीय प्राधिकारियों द्वारा निवर्तित अपील प्रकरणों का परीक्षण करने हेतु परिक्षेत्रीय अपर आयुक्तों को संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ए अनुसार निर्देश जारी किये गये हैं। परिक्षेत्रीय अपर आयुक्त भोपाल का पद रिक्त होने से श्री ठाकुर द्वारा निवर्तित अपील प्रकरणों का परीक्षण किया जाना शेष है।

परिशिष्ट - ''छ: ''

नगरीय निकायों द्वारा सामग्री क्रय के निर्धारित नियम

22. ( *क्र. 6075 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा नगरीय निकायों द्वारा सामग्री क्रय करने संबंधी कोई नियम निर्धारित हैं? यदि हाँ, तो तत्संबंधी निर्देशों की प्रति उपलब्‍ध करावें? क्रय प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करने हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई जा रही है? (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत विगत 03 वर्षों में नगरीय निकायों द्वारा कितनी राशि की सामग्री क्रय की गई व किन कार्यों में उपयोग की गई? क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्रावधानों का पालन किया गया? निकायवार पूर्ण जानकारी देवें। (ग) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत मुख्‍यमंत्री अधोसंरचना अंतर्गत कौन कौन से कार्य स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत कार्यों की पूर्णता अवधि क्‍या थी? कार्य समय-सीमा में पूर्ण न करने पर क्‍या कार्यवाही के प्रावधान हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में यदि कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं किए गए तो नियमानुसार की गई कार्यवाही की जानकारी देवें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। क्रय प्रक्रिया की मॉनिटरिंग का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने पर संविदाकार के विरूद्ध पेनाल्‍टी का प्रावधान है। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार समय-सीमा में कार्य पूर्ण होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

संयुक्‍त परामर्शदात्री समिति की बैठकों का आयोजन

23. ( *क्र. 3406 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा शासन/विभागाध्‍यक्ष/जिला एवं तहसील स्‍तर पर कर्मचारियों की समस्‍याओं के निराकरण हेतु संयुक्‍त परामर्शदात्री समितियों की बैठक करने हेतु निर्देश जारी किए हैं? (ख) यदि हाँ, तो ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग में वर्ष 2014 एवं 2015 में शासन/विभागाध्‍यक्ष/जिला एवं तहसील स्‍तर पर संयुक्‍त परामर्शदात्री समि‍ति की बैठक कब-कब हुई? (ग) यदि नहीं, हुई तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है और उसके प्रति क्‍या कार्यवाही हुई है? (घ) यदि अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई, तो माननीय मुख्‍यमंत्री जी क्‍या कार्यवाही करने जा रहे हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) चंबल संभाग के अंतर्गत मुरैना, भिण्‍ड एवं श्‍योपुर में वर्ष 2014 एवं वर्ष 2015 में मुरैना तथा भिण्‍ड में बैठक आयोजित नहीं हुई। जिला श्‍योपुर में केवल जिला स्‍तरीय संयुक्‍त परामर्शदात्री की बैठक दिनांक 15.06.2015 एवं 28.09.2015 को आयोजित की गई है। ग्‍वालियर संभाग के अंतर्गत ग्‍वालियर एवं गुना में बैठक आयोजित नहीं की गई है। शेष जिलों की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) अपरिहार्य कारण से बैठक आयोजित नहीं होने से शेषांश कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) नियमित रूप से बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं।

निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्‍ता की जाँच

24. ( *क्र. 5620 ) श्री महेश राय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री अधोसंरचना के अंतर्गत बीना शहर में सड़क निर्माण कार्य एवं डिवाईडर का निर्माण कार्य कराया गया है, नगर पालिका परिषद बीना की पी.आई.सी. एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत 06 माह पूर्व उक्‍त निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता की जाँच कराने हेतु नगर पालिका परिषद बीना को एवं वरिष्‍ठ कार्यालयों को अवगत कराया गया था, उक्‍त संबंध में विभाग द्वारा क्‍या शासकीय लैब में परीक्षण कराया गया है, अथवा नहीं? (ख) यदि हाँ, तो किस एजेन्‍सी से परीक्षण कराया गया है? परीक्षण की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) यदि शासकीय एजेन्‍सी से जाँच (परीक्षण) कराने का प्रावधान है, तो अशासकीय एजेन्‍सी से जाँच (परीक्षण) क्‍यों करायी गयी है? मध्‍यप्रदेश शासन की लैब में परीक्षण क्‍यों नहीं कराया गया, उक्‍त लपारवाही में दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही का प्रावधान है एवं विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की है? (घ) नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा सड़क निर्माण एजेन्‍सी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की है और उक्‍त सड़क के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) लोक निर्माण विभाग रिसर्च लेब सागर एवं इंजीनियरिंग कॉलेज एस.ए.टी.आई. विदिशा। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जाँच शासकीय एजेन्‍सी से करायी गई है, जिससे शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) नगरीय प्रशासन एवं विकास सागर संभाग द्वारा जाँच की जा रही है। जाँच प्रतिवेदन अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी।

सहायक संचालकों की पदोन्‍नति में रोस्‍टर का पालन

25. ( *क्र. 1334 ) पं. रमेश दुबे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2006 में लोकल फण्‍ड ऑडिट विभाग के रोस्‍टर के अनुसार किन-किन वर्ग के सहायक संचालक को पदोन्‍नत किया जाना था? वर्गवार रोस्‍टर में शामिल सहायक संचालकों के नाम, पदनाम सहित जानकारी दें। (ख) क्‍या वर्ष 2006 में लोकल फण्‍ड ऑडिट विभाग में एस.टी. वर्ग के पद को शामिल न कर रोस्‍टर का पालन न करते हुए एस.टी. वर्ग के सहायक संचालकों को पदोन्‍नति न दी जाकर अन्‍य वर्ग के अधिकारियों को पदोन्‍नति दी गयी? यदि हाँ, तो क्‍या शासन वर्ष 2006 में रोस्‍टर का पालन नहीं करने एवं सी.आर. का हवाला देकर पदोन्‍नति से वंचित किये गये सहायक संचालकों की पदोन्‍नति किये जाने का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) वर्ष 2006 में स्‍थानीय निधि संपरीक्षा के अंतर्गत सहायक संचालक से उप संचालक के पद पर पदोन्‍नति हेतु रोस्‍टर अनुसार सामान्‍य वर्ग के 05, अनुसूचित जाति वर्ग का 01 एवं अन्‍य पिछड़ा वर्ग के 02, कुल 08 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया है। वर्गवार रोस्‍टर में शामिल सहायक संचालकों के नाम, पदनाम की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


उद्वहन सिंचाई योजना

1. ( क्र. 208 ) श्री कैलाश चावला : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग के विभिन्‍न जिलों में कितनी उद्वहन सिंचाई योजनाएं विगत 20 वर्षा में निर्मित की गई है, जिलावार जानकारी दें? उक्‍त योजनाओं में से कौन-कौन सी योजनाएं प्रश्‍न दिनांक तक चालू हैं एवं कौन-कौन सी योजनाएं बंद है? जिलावार योजना का नाम, निर्माण का वर्ष, योजना कब से चालू है, यदि बंद है तो कब से जानकारी दें? (ख) उक्‍त उद्वहन योजनाओं के बंद होने के क्‍या कारण हैं, योजनावार बताएं? उक्‍त योजना निर्माण में शासन की कितनी राशि का व्‍यय हुआ है और इन्‍हे चालू किये जाने के लिये क्‍या शासन विचार कर रहा है? क्‍या कोई प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। परियोजनाओं को चालू किया जाना लाभान्वित कृषकों द्वारा विद्युत देयकों के भुगतान करने पर निर्भर है। कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट ''आठ''

कॉलोनियों की अनुमति

2. ( क्र. 483 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा विधानसभा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में कितनी एवं कौन-कौन सी कॉलोनियों को नगर तथा ग्रामनिवेश द्वारा अनुमति प्रदान की गई है? शहरवार एवं ग्रामवार कॉलोनियों की सूची उपलब्‍ध कराएं? (ख) क्‍या नगरीय क्षेत्र में एक कॉलोनी से दूसरी कॉलोनी को जोड़ने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो वर्तमान में ऐसी कौन-कौन सी कालोनियां है जिनके द्वारा नगर विकास नियमों के विरूद्ध कॉलोनियों को बाउंड्रीवॉल से बंद कर दिया गया है? (ग) कॉलोनियों की अनुमति प्रदान करने के बाद विभाग के अधिकारियों द्वारा विगत तीन वर्षों में कहाँ-कहाँ निरीक्षण किया तथा कितनी कॉलोनियों में नियम विरूद्ध कार्य पाए गए हैं? उन पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा कॉलोनी के डायवर्सन की एन.ओ.सी., एवं कॉलोनी के नक्‍शे पास करने के लिए बड़ी मात्रा में राशि ली जाती है? (ड.) रेल्‍वे भूमि से कितनी फिट दूरी पर कॉलोनी के प्‍लाट स्‍वीकृत किये जाने का नियम है? क्‍या खंडवा की आनन्‍दनगर रोड़ स्थित कॉलोनियों में इसका पालन विभाग एवं कॉलोनीनाईजर्स द्वारा किया गया है यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या इसमें दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) खंडवा विधानसभा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में दो कॉलोनियों को अनुमति प्रदान की गई। सूची इस प्रकार है - 1. ग्राम खंडवा तरफ मानकर में अरिहंत रेसीडेंसी, 2. ग्राम भावसिंहपुरा में धरोहर ग्रोथ सेंटर (ख) जी हाँ। खंडवा सीमा क्षेत्र अंतर्गत निम्नांकित कॉलोनियों को बाउंड्रीवॉल से बंद कर दिया गया है। 1. महालक्ष्मी माता वार्ड की तारानगर से लगी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पीछे का भाग 2. लोकमान्य तिलक वार्ड के रघुनाथपुरम से लगी सुमर नगर कॉलोनी, 3. आनंद नगर वार्ड में प्रमाण सिटी से लगी निर्माणाधीन हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, 4. किशोर कुमार गांगुली वार्ड में दादाजी ग्रीन सिटी में कनक नगर कॉलोनी तथा धूपगंगा रेसीडेंसी कॉलोनी में बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया गया है। (ग) स्थल निरीक्षण करने की समय-सीमा निर्धारित नहीं है, सामान्यतः शिकायत प्राप्त होने पर स्थल निरीक्षण किया जाता है। (घ) म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के प्रावधानों अंतर्गत किसी भूमि/कॉलोनी की विकास अनुज्ञा हेतु, भूमि विकास नियम 2012 के नियम 21 (2) अनुसार आवेदन शुल्‍क तथा नियम 21 (3) अनुसार विकास अनुज्ञा शुल्‍क लिये जाने के प्रावधान है। (ड.) शासन आदेश क्रमांक 6-19/सा/नजूल/2000 भोपाल दिनांक 15.05.2000 के अनुसार रेल्वे लाईन या रेल्वे स्टेशन सीमा से 30 मीटर (100 फीट) दूरी के पश्चात् निर्माण कार्य स्वीकृत किया जा सकता है। जी हाँ, खण्डवा की आनंद नगर कॉलोनीयों में नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय द्वारा रेल्वे भूमि से 30 मीटर दूरी के आदेश का पालन किया जाता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

खनिज खदानों की नीलामी

3. ( क्र. 582 ) श्री हरवंश राठौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सागर में वन विभाग से लगकर खनिज खदानें घोषित की है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से किस किस्‍म के आयटम की खदानें शासन ने कब तक के लिए किस-किस ठेकेदार को नीलामी की है? उनके नाम एवं पता की जानकारी देवें? (ख) क्‍या जिला सागर में अवैध रूप से खनिज संपदा का खनन हो रहा है? यदि हाँ, तो उनके नाम तथा उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन जिले में वन विभाग से लगकर कोई खदान घोषित नहीं की गई है न ही किसी ठेकेदार को नीलामी द्वारा दी गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। समय-समय पर जाँच के दौरान अवैध उत्‍खनन के प्रकरण प्रकाश में आने पर संबंधित अवैध उत्‍खननकर्ताओं के विरूद्ध उन्‍हें दण्डित करने के उद्देश्‍य से प्रकरण पंजीबद्ध किये जाते है। वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में दर्ज अवैध उत्‍खनन प्रकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में दर्शित है।

 

 

अवैध शराब तस्‍कारी करने वालों पर कार्यवाही

4. ( क्र. 624 ) श्री राजेश सोनकर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर जिला अंतर्गत 02 वर्षों में कितनी शराब अवैध रूप से परिवहन करते हुए एवं बेचते हुए विभाग द्वारा पकड़ी गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितनी-कितनी शराब कहाँ-कहाँ से व किन-किन लोगों द्वारा परिवहन करते हुए व बेचते हुए पकड़ी गई व कितनी-कितनी मात्रा में पकड़ी गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में उक्‍त कार्यवाही में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी शामिल थे व अवैध शराब कहाँ से व किन-किन कंपनियों की थी? क्‍या अवैध शराब का व्‍यापार करने वाले व अवैध शराब बेचने वाली कंपनी के खिलाफ भी कोई कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो अवैध परिवहनकर्ता व पकड़ी गई अवैध शराब की कम्‍पनियों पर कब तक व क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) इन्‍दौर जिले में विगत दो वर्षों में अर्थात 01.01.2014 से 31.12.2015 तक कायम प्रकरणों में कुल 68608 बल्‍क लीटर शराब अवैध रूप से परिवहन करते हुए, बेचते हुए एवं आधिपत्‍य में होने से आबकारी विभाग, जिला इन्‍दौर द्वारा पकड़ी गई। पुलिस विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार दिनांक 01.01.2014 से 15.02.2016 में जिला इन्‍दौर में कुल 3203 प्रकरणों में 175942 बल्‍क लीटर अवैध शराब परिवहन एवं विक्रय करते हुये जप्‍त की गई है। (ख) आबकारी विभाग की जानकारी विधानसभा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। पुलिस विभाग की जानकारी विधानसभा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में आबकारी विभाग से संबंधित प्रकरणों में की गई कार्यवाही में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची एवं जप्‍तशुदा मदिरा की कंपनियों के नाम की सूची विधानसभा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। इसी प्रकार प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में पुलिस विभाग से संबंधित प्रकरणों की जानकारी विधानसभा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। प्रकरण पंजीबद्ध करने वाले अधिकारियों द्वारा प्रकरण की विवेचना के दौरान अवैध शराब विक्रय के संबंध में किसी भी कंपनी की संलिप्‍तता के साक्ष्‍य उपलब्‍ध न होने के कारण किसी भी कंपनी के विरूद्ध कार्यवाही नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है।

ई.डब्‍ल्‍यू.एस, एल.आई.जी. आवास आवंटन में अनियमितता

5. ( क्र. 628 ) श्री राजेश सोनकर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर जिला अंतर्गत इंदौर तहसील, सांवेर तहसील में किन-किन बहुमंजिला भवनों में ई.डब्‍ल्‍यू.एस, एल.आई.जी. आवास हेतु कितने-कितने भूखण्‍ड आरक्षित रखे हुए है? संपूर्ण जानकारी सूची सहित प्रदान करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में ई.डब्‍ल्‍यू.एस, एल.आई.जी. आवासों को बेचने के बाद ही बंधक फ्लेटों/प्‍लॉट को मुक्‍त किया जाता है? यदि हाँ, तो कितनी बहुमंजिला बिल्डि़ंगों/भवनों व टाउनशिपों में ई.डब्‍ल्‍यू.एस, एल.आई.जी. के मकान, फ्लेट/प्‍लॉट को किन-किन वर्ग के लोगों को बेचा गया व इसके स्‍थान पर कितने फ्लेट/प्‍लॉट कहाँ-कहाँ पर बंधक के रूप में रखे गये थे? कितने कहाँ-कहाँ पर शेष है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में बड़े प्रोजेक्‍टों में बहुमंजिला भवनों में कितने प्रतिशत भूखण्‍ड ई.डब्‍ल्‍यू.एस, एल.आई.जी. आवास के रूप में रिक्‍त रखना अनिवार्य है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में क्‍या इंदौर जिले में कुछ बिल्डिंगों/बहुमंजिला भवनों में विभागीय चूक अथवा बिल्‍डरों की मनमानी से पात्र व्‍यक्यिों को रिजर्व कोटे के सस्‍ते भूखण्‍ड उपलब्‍ध नहीं हो पाये हैं? यदि हाँ, तो क्‍या कारण है व संबंधितों पर कोई कार्यवाही की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। आवंटन का आधार हितग्राही की आय सीमा है, जिस कारण से वर्गवार जानकारी संधारित की गई है। बंधक रखे गये भू-खण्‍ड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। परिशिष्‍ट के प्रपत्र के कॉलम 7 अनुसार आवंटन किया गया, शेष सभी आरक्षित इकाई शेष है। (ग) नगरीय क्षेत्र में बहुमंजिला भवनों में कुल आवासीय यूनिट का 15 प्रतिशत (ई.डब्‍ल्‍यू.एस./एल.आई.जी. का अनुपात 3:2) एवं ग्रामीण क्षेत्र के मामले में 6 प्रतिशत आरक्षित किया जाना प्रावधानित है। (घ) जी नहीं। कलेक्‍टर, इंदौर द्वारा जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार रिक्‍त आवासों की जानकारी एकत्र कर आवंटित करने के निर्देश दिये गये है, जिससे दोषी होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बुजुर्ग व्‍यक्ति की घर जाकर वसीयत रजिस्‍ट्री

6. ( क्र. 765 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पूर्व में किसी भी बुजुर्ग व्‍यक्ति की वसीयत/रजिस्‍ट्री उप पंजीयक द्वारा यात्रा शुल्‍क शासन के खाते में जमा कर उसके घर जाकर वसीयत/रजिस्‍ट्री की जाती थी? लेकिन वर्तमान में इस सुविधा को ई रजिस्‍ट्री चालू होने के कारण बंद कर दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो शासन द्वारा इस बंद की गई सुविधा के लिए क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ, वर्तमान में इस सुविधा को बंद नहीं किया गया है। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विभागीय कार्यों की जानकारी

7. ( क्र. 812 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में वित्‍तीय वर्ष 01.04.2013 से प्रश्‍न तिथि तक दो लाख रूपये से कम राशि के क्‍या-क्‍या कार्य, किस-किस स्‍थान पर किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिले में उक्‍त समयानुसार मेन्‍टेनेन्‍स पर किस-किस स्‍थान पर, किस-किस प्रकार के कार्यों पर कितनी राशि, कब-कब व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में से किस-किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस-किस रूप में किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित स्‍थानों एवं समयानुसार उक्‍त सभी कार्यों का गुणवत्‍ता एवं उपयोगिता प्रमाण पत्रों को किस-किस नाम/पदनाम द्वारा जारी किया गया?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

पांढुर्णा शहर में पेयजल आपूर्ति हेतु परसोडी जलाशय का निर्माण

8. ( क्र. 860 ) श्री जतन उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिंदवाड़ा जिले के विधान सभा क्षेत्र पांढुर्णा शहर के पेयजल हेतु ग्राम परसोड़ी में जलाशय निर्माण करने की योजना शासन द्वारा बनाई गई है? इसके लिये कोई सर्वे कराया गया है? (ख) क्‍या इसके लिये कोई राशि स्‍वीकृत की गई है? (ग) यदि हाँ, तो निर्माण कार्य कब से प्रारंभ किया जायेगा तथा जलाशय का निर्माण कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? पांढुर्णा शहर के शहरवासियों को कब तक पीने का पानी उपलब्‍ध करा दिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) निविदा प्रक्रिया आदि पूर्ण की जाकर कार्य प्रारंभ किया जायेगा। कार्यादेश जारी होने के एक वर्ष में कार्य पूर्ण करवाये जाने का लक्ष्‍य है। यह कार्य पूर्ण होने पर पांढुर्णा शहरवासियों को पेयजल उपलब्‍ध हो जायेगा।

बिहुआ साहनी जलाशय की स्‍वीकृति

9. ( क्र. 867 ) श्री जतन उईके : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के विधान सभा क्षेत्र पांढुर्णा में जल संसाधन विभाग द्वारा बिहुआ साहनी बांध परियोजना कब स्‍वीकृत हुई, कब तक पूर्ण की गई, उसकी लागत कितनी थी, निर्माण कार्य कब पूर्ण किया गया, एजेंसी का नाम बतायें? (ख) क्‍या उक्‍त जलाशय से नहर भी निर्माण कराया गया है? (ग) यदि हाँ, तो किस-किस ग्रामों में नहर का निर्माण कार्य हुआ है? एजेंसी का नाम लागत एवं कब पूर्ण किया गया? (घ) यदि नहीं, तो इसके लिये कौन-कौन से अधिकारी दोषी है? उनके नाम बताएं तथा उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या, यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (ग) बिछुआसानी लघु सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 16.10.2003 को रू.500.91 लाख की पुनरीक्षि‍त प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 15.07.2008 को रू.664.87 लाख की दी गई है। परियोजना का निर्माण वर्ष 2011-12 में पूर्ण कराया गया है। नहर निर्माण ग्राम पीपलपानी, बिछुआसानी, चाटवा एवं गौरलीखापा में कराया गया। निर्माण एजेंसी मेसर्स शिवदयाल कालरा थी। परियोजना निर्माण पर रू.663.05 लाख व्‍यय हुआ। (घ) नहर के निर्माण की गुणवत्‍ता का परीक्षण करने के लिए मुख्‍य अभियंता को निर्देश दे दिए गए हैं। शेष प्रश्‍नांश के उत्‍तर जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर निर्भर होने से जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

योजनाओं का क्रियान्‍वयन

10. ( क्र. 1028 ) श्री रामपाल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले में योजनाओं के क्रियान्‍वयन हेतु योजना आर्थिक और सांख्यिकी विभाग को वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में शासन से राशि आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो कितनी राशि आवंटित की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि उक्‍त विभाग को राशि आवंटित की गई है, तो आवंटित राशि में से किस-किस कार्य के लिये कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई है और कार्यों की भौतिक स्थिति क्‍या है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के अन्‍तर्गत वर्ष 2014-15 में रूपये 231.00 लाख, वर्ष 2015-16 में रूपये 231.00 लाख, एवं जन भागीदारी योजना के अन्‍तर्गत वर्ष 2014-15 में रूपये 260.00 लाख, वर्ष 2015-16 में रूपये 187.47 लाख की राशि आवंटित की गई। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

धार्मिक स्‍थल श्री अंजनीलाल मंदिर धाम ब्‍यावरा का विकास

11. ( क्र. 1302 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 43 (क्रमांक 550) दिनांक 20 फरवरी 2015 में माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा बताया गया था कि विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के धार्मिक स्‍थल श्री अंजनीलाल मंदिर धाम ब्‍यावरा के विकास हेतु प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) वर्णित पवित्र स्‍थल श्री अंजनीलाल मंदिर धाम ब्‍यावरा के परीक्षणाधीन प्रस्‍ताव में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो उक्‍त प्रस्‍ताव पर कार्यवाही किस स्‍तर पर क्‍यों लंबित है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 09 जनवरी 2016 को माननीय मुख्‍यमंत्री जी से एवं माननीय पर्यटन राज्‍यमंत्री जी से उक्‍त पवित्र स्‍थल के विकास कार्य हेतु निवेदन पत्र सौंपा गया था? यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा उक्‍त पवित्र तीर्थस्‍थल के विकास कार्य हेतु आवश्‍यक राशि की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

इंदौर में जिला प्रशासन द्वारा सिंहस्‍थ 2016 की तैयारिया

12. ( क्र. 1546 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला प्रशासन इंदौर द्वारा सिंहस्‍थ 2016 के पूर्व आवश्‍यक कार्यों को चिन्हित कर पूर्ण करने की कार्य योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो कार्यों की सूची व वर्तमान प्रगति से अवगत करावें व स्‍पष्‍ट करें की कब तक कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार चिन्हित आवश्‍यक कार्यों की प्रगति धीमी है? यदि हाँ, तो सिंहस्‍थ 2016 के पूर्व जिला प्रशासन ने इन कार्यों को पूर्ण करने हेतु क्‍या योजना बनाई है, स्‍पष्‍ट करें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट ''नौ''

प्रमाणित अनियमितताओं पर कार्यवाही

13. ( क्र. 1614 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में निर्माण कार्य एवं क्रय की गई सामग्री में गंभीर अनियमितताओं के संबंध में कितने अधिकारियों के विरूद्ध शिकायतें प्रश्‍न दिनांक तक हुई और प्रमाणित पायी गई वर्ष 2010 से जिलेवार बताएं? (ख) क्‍या जाँच प्रमाणित होने के बाद भी पत्रावली लंबित रहती है? उनकी समीक्षा आयुक्‍त नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा की गई? उनकी तिथियां बतायें? (ग) क्‍या शासन के नियम अनुसार शासकीय राशि का दुरूप‍योग पाये जाने पर निलंबन/वेतनवृद्धि बंद तथा अन्‍य कार्यवाही वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जी नहीं। जी हाँ। समय-समय पर आवश्यकता अनुसार मासिक समीक्षा आयोजित बैठक एवं विडियो कॉन्‍फ्रेसिंग के माध्‍यम से की जाती है। तिथियां बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। नियमानुसार जाँच अधिकारी के जाँच प्रतिवेदन में दिए गए निष्‍कर्ष में उल्‍लेख अनुसार गुणदोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही समयसमय पर की जाती है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

तिलहन संघ सेवायुक्‍तों को पाँचवा/छठवा वेतनमान का भुगतान

14. ( क्र. 1944 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर ने तिलहन संघ के सेवायुक्‍तों को पाँचवे वेतनमान एवं छठवें वेतनमान के लागू होने की तिथि से शासकीय सेवकों को किये गये वेतन निर्धारण के अनुरूप वेतन निर्धारण करते हुए वेतन का भुगतान शासन से करने का आदेश पारित किया है? (ख) यदि हाँ, तो कितने न्‍यायिक प्रकरणों में माननीय न्‍यायालय ने पाँचवे एवं छठवें वेतनमान के अनुसार वेतन भुगतान करने का आदेश जारी किया है? प्रकरणवार, विभागवार बतावें। (ग) क्‍या शासन ने माननीय न्‍यायालय के आदेशों का पालन करते हुए वेतन निर्धारण की स्‍थ‍ापित प्रक्रिया से वेतन का भुगतान करना प्रारंभ कर दिया है? यदि हाँ, तो विभागवार जानकारी देवें? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है? (घ) शासन के विरूद्ध तिलहन संघ सेवायुक्‍तों के पाँचवे एवं छठवें वेतनमान अनुसार वेतन निर्धारित करते हुए एवं उनके संबंध में क्‍या कार्यवाही की जा रही है? वेतन निर्धारण नहीं करने हेतु कितने अवमानना प्रकरण उच्‍च न्‍यायालय में विचाराधीन है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

खरगोन जनसंपर्क विभाग के कार्य

15. ( क्र. 2166 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले के जनसंपर्क विभाग में कुल कितने समाचार पत्रों और इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों के नाम सूची में दर्ज है? समाचार पत्र और चैनल सहित पत्रकारों की सूची देवें? इसमें कितने समाचार पत्र दैनिक, साप्‍ताहिक, मासिक पाक्षिक है, कितने समाचार पत्रों का प्रकाशन खरगौन जिले से होता है? (ख) संचालनालय भोपाल से खरगोन जिले के लिये कितने अधिमान्‍य पत्रकरों हेतु परिचय पत्र जारी किये गये हैं? विगत 03 वर्ष की सूची नाम, पते सहित देवें? विगत 05 वर्ष में राहुल बारपुते पुरस्‍कार किस-किस पत्रकार को कब-कब प्रदान किये गये? (ग) खरगोन प्रेस क्‍लब को कार्यालय द्वारा कब-कब कितनी बार सूची का वितरण किया गया? इस सूची में कितने बदलाव किये गये, कारण बतायें? खरगोन जिले में प्रेस क्‍लब भवन के लिये कितनी जमीन कहाँ पर आवंटित की गई है? (घ) क्‍या मध्‍य प्रदेश संदेश पत्रिका का वितरण विधायकों को प्रतिमाह किया जाता है? किस माध्‍यम से किया जाता है? विगत 05 माह की पत्रिका भेजने संबंधी तथ्‍यों का प्रमाण दें? (ड.) खरगोन के जनसंपर्क कार्यालय में कुल कितने अखबार प्राप्‍त होते है नाम व प्रकार सहित सूची देवें? इन समाचार पत्रों को कब किस माध्‍यम से भुगतान किया जाता है? विगत 03 वषों में समाचार पत्रों के भुगतान संबंधी राशि देवें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) 26 पत्रकार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जिले में दैनिक 01, साप्ताहिक 15, मासिक, 02 पाक्षिक 01 कुल 19 समाचार पत्रों का प्रकाशन होता है। (ख) वर्तमान में कुल 26 अधिमान्य पत्रकारों के परिचय पत्र जारी किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। राहुल बारपुते पुरस्कार :- वर्ष 2010 श्री दिनेश सोलंकी, महू, वर्ष 2011 श्री प्रेमविजय पाटिल, धार, वर्ष 2012 श्री कीर्ति राणा, इन्दौर, वर्ष 2013 श्री दिनेश बावनिया, खण्डवा, वर्ष 2014 श्री नवनीत शुक्ल, इन्दौर को प्रदान किये गये। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। मेसर्स मधुर कोरियर के माध्यम से किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ड.) समाचार पत्र स्वप्रेरणा से कार्यालय में डाले जाते हैं। समाचार पत्रों को क्रय आदेश न दिए जाने के कारण भुगतान नहीं किया गया। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

राज्‍य सूचना आयोग की कार्यवाही

16. ( क्र. 2170 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. मानव अधिकार आयोग द्वारा वर्ष 2015 में की गई जाँच एवं प्रकरणों की सूची देवें वर्ष 2015 में आयोग को प्राप्‍त शिकायतों की संख्‍या बताये? खरगोन जिले से कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई है? (ख) राज्‍य योजना आयोग द्वारा वर्ष 2015 में कितनी बैठकें कहाँ आयोजित की गई, इन बैठकों के कार्यवृत्‍त का विवरण देवें? (ग) राज्‍य सूचना आयोग में वर्ष 2013 में कितनी शिकायतें, कितनी अपीलें प्राप्‍त हुई, विभागवार बतायें? इनमें से खरगोन जिले से कितनी शिकायत एवं अपील प्राप्‍त हुई, प्रकरणवार सूची देवें? आयोग को वर्ष 2013 में प्राप्‍त अपील एवं शिकायतों पर कितनों की सुनवाई की गई, कितनी निराकृत हुई, कितनी लंबित है? यदि सुनवाई व निराकरण का प्रतिशत प्राप्‍त अपील एवं शिकायत संख्‍या की अनुपात में 5 प्रतिशत से कम है, तो कारण बतायें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) म.प्र. मानव अधिकार आयोग में वर्ष 2015 में प्राप्‍त जाँच एवं प्रकरणों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। वर्ष 2015 में आयोग को 11043 शिकायतें प्राप्‍त हुई। खरगोन जिले से कुल 99 शिकायतें प्राप्‍त हुई। (ख) राज्‍य योजना आयोग से संबंधित जानकारी की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) राज्‍य सूचना आयोग में वर्ष 2013 में 449 शिकायतें प्राप्‍त हुई एवं अपील 2926 प्राप्‍त हुई तथा खरगोन जिले से 06 शिकायतें एवं 626 अपीलें प्राप्‍त हुई है। आयोग को वर्ष 2013 में प्राप्‍त अपीलों में से 2061 निराकृत हुई तथा 865 लंबित है। प्राप्‍त शिकायतों में 158 शिकायतें निराकृत हुई एवं 291 लंबित है। विभागवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को समयमान/क्रमोन्‍नति वेतनमान

17. ( क्र. 2251 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को शासन समयमान/क्रमोन्‍नति वेतनमान का लाभ देता है? (ख) यदि हाँ, तो झाबुआ जिले में कौन-कौन से विभाग में समयमान/क्रमोन्‍नति वेतनमान का लाभ दिया गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार अगर लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को लाभ नहीं दिया गया तो क्‍यों? उस विभाग के अधिकारी के विरूद्ध शासन कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित करेगा क्‍या? लाभ से वंचित लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को समयमान/क्रमोन्‍नति का लाभ कब तक दिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) राज्‍य शासन के समस्‍त शासकीय सेवकों के लिये योजना है। अत: झाबुआ स्थित सभी विभागों में इस योजना का लाभ दिया जाना स्‍वाभाविक एवं सतत् प्रक्रिया है। (ग) पात्रतानुसार लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को इस योजना का लाभ प्राप्‍त होगा। जानबूझकर विलंब का प्रकरण शासन के समक्ष में नहीं आया है, अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जलावर्धन योजना में डाली गई पाइप लाइन

18. ( क्र. 2272 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 जनवरी 2014 से 31 दिसम्‍बर, 2015 तक ग्‍वालियर जिले की डबरा नगर पालिका परिषद के द्वारा जलावर्धन योजना के अन्‍तर्गत डबरा शहर में कराये गये कार्य की तकनीकी स्‍वीकृति क्रमांक दिनांक और राशि एवं समय-सीमा क्‍या थी? क्‍या यह कार्य तकनीकी मानक अनुसार एवं समय-सीमा में पूर्ण हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) क्‍या उस ठेकेदार के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है जिसके कारण पूरे डबरा शहर की सड़कों को खोद दिया गया है जिससे जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा पूरे शहर की सड़कों की खुदाई से शासन की कितनी धनराशि की हानि हुई है बतायें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रश्‍नांकित कार्य की तकनीकी स्‍वीकृति संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, म.प्र. भोपाल के पत्र क्रं./यां.प्र./07/09/1443 भोपाल, दिनांक 10.07.2009 से राशि रू. 1107.15 लाख की दी गई थी एवं समय-सीमा 24 माह थी। अनुबंध की शर्तों के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में की गई वृद्धि पश्‍चात कार्य समय-सीमा में पूर्ण हुआ है। (ख) जी नहीं। कार्य तकनीकी स्‍वीकृति के अनुसार कराया गया है। पाइप लाइन विस्‍तार के दौरान निर्माण एजेंसी सारथी कन्‍स्‍ट्रक्‍शन, ग्‍वालियर द्वारा क्षतिग्रस्‍त रोडों की मरम्‍मत अनुबंध के प्रावधान अनुसार कर दी गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

लघु सिंचाई योजना का सर्वेक्षण

19. ( क्र. 2385 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2012-13 से 2015-16 तक सिरोंज लटेरी विधानसभा क्षेत्र में कितनी लघु सिंचाई तालाब योजना का सर्वेक्षण कार्य किया गया एवं उस पर कितना खर्च किया गया? (ख) उक्‍त योजनाओं में कौन-कौन सी योजना साध्‍य पाई गई, उनमें से कितनी पूर्ण की गई और कौन सी अपूर्ण है? उनका निर्माण कार्य कब शुरू किया गया? (ग) निर्माणाधीन गरेठा योजना की लागत कितनी है और उस पर अभी तक कितना व्‍यय हो चुका है? उक्‍त योजना कब तक पूर्ण की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 5 लघु सिंचाई परियोजनाएं क्रमंश: बरखेड़ाघोसी, जमुनिया, सेमलखेड़ी, बीजूखेड़ी एवं सोजना का सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण पर रू.10.06 लाख व्‍यय हुआ। (ख) सेमलखेड़ी एवं बीजूखेड़ी लघु सिंचाई परियोजनाएं साध्‍य पाई गई जिनकी डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने के कारण। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं। (ग) गरेठा परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 12.02.2013 को रू.3716.99 लाख की दी गई है। रू. 3494.73 लाख का निवेश किया जा चुका है। परियोजना का शीर्ष कार्य पूर्ण होकर नहरें 90 प्रतिशत पूर्ण हैं जिन्‍हें वर्षाऋतु तक पूरा कराने का लक्ष्‍य है।

किसानों की जमीन का सर्च प्रतिवेदन

20. ( क्र. 2510 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किसानों को किसान क्र‍ेडिट कार्ड, मुख्‍यमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण हेतु भूखण्‍ड, दुकान, मकान प्रतिष्‍ठान जैसे भूखण्‍ड जमीन का सर्च प्रतिवेदन रिपोर्ट तैयार करने के उपरांत ही वित्‍तीय संस्‍थाएं हितग्राहियों को उक्‍त योजनाओं से जोड़कर ऋण देने का काम करती हैं? तो किसानों की जमीन का सर्च प्रतिवेदन रिपोर्ट तैयार करने के लिये कौन अधिकृत होता है? क्‍या इनकी नियुक्ति शासन से की जाती है या फिर बैंक प्रशासन स्‍वयं सर्च रिपोर्टर नियु‍क्‍त करने को स्‍वतंत्र है? (ख) यदि इनकी नियुक्ति शासन से होती है तो इनकी नियुक्ति की क्‍या अर्हताएं हैं तथा इनकी नियुक्ति किस-किस नियम शर्तों के अधीन होती हैं? (ग) क्‍या सर्च रिपोर्ट तैयार करने के लिये कुछ निश्चित फीस तय की गई है? यदि तय है तो कितनी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) भारत के संविधान के अनुच्‍छेद 246 के सातवें शेडयूल की सूची क्रमांक-एक के अनुक्रमांक 45 अनुसार बैंकिंग संघ सूची का विषय है, तथा राज्‍यों की समवर्ती सूची का नहीं होने से उक्‍त प्रश्‍न मध्‍यप्रदेश विधानसभा प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियम 36 (7) के अनुसार चर्चा का विषय नहीं है। बैंकों द्वारा अपने-अपने नियमानुसार सर्च प्रतिवेदन प्राप्‍त किये जाते है। सर्च प्रतिवेदन सामान्‍यत: बैंक के पैनल अधिवक्‍ता द्वारा तैयार किये जाते है। राज्‍य शासन द्वारा बैंक के पैनल अधिवक्‍ता की नियुक्ति नहीं की जाती है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) बैंक द्वारा फीस निर्धारित की जाती है।

व्‍यक्तिगत जमा खाता (पी.डी. एकाउण्‍ट) में जमा राशि

21. ( क्र. 2624 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले की लहार विधानसभा क्षेत्र की विधान सभा क्षेत्र विकास निधि, कृषि विज्ञान केंद्र लहार द्वारा किसानों की जमीन की मुआवज़ा राशि तथा अन्‍य विभागों से संबंधित राशि कब से और कितनी राशि व्‍यक्तिगत जमा खाता (पी.डी. एकाउन्‍ट) में किसके आदेश से जमा कराई गई है? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 01 जनवरी, 2014 से कलेक्‍टर भिण्‍ड, मुख्‍य सचिव, प्रमुख सचिव, वित्‍त एवं माननीय वित्‍तमंत्री को कब-कब पी.डी. अकाउंट से प्रश्‍नांश (क) अनुसार राशि मुक्‍त करने का पत्र लिखकर अनुरोध किया? (ग) क्‍या मुख्‍य सचिव, म.प्र. शासन मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक 7904/अ.स./मु.स./2015 भोपाल दिनांक 06 नवंबर 2015 को प्रमुख सचिव कृषि विभाग को पत्र लिखा था? यदि हाँ, तो अभी तक प्रश्‍नकर्ता को कार्यवाही से अवगत न कराने का कारण बतायें? (घ) भिण्‍ड जिले के विकास कार्यों से संबंधित 01 जनवरी, 2014 से 31 जनवरी, 2016 तक किस-किस कार्य की कितनी-कितनी राशि पी.डी. एकाउंट में जमा है? कब तक पी.डी. अकाउंट से मुक्‍त कराकर संबंधित विभाग को प्रदान कर दी जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) कृषि विज्ञान केन्द्र लहार द्वारा किसानों की जमीन की मुआवजा राशि दिनांक 30.03.2011 को रूपये 1,60,875.00 तथा दिनांक 13.11.2013 को रूपये 3,77,581.00 पी.डी.खाते में अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी लहार के आदेश द्वारा जमा करायी गयी। अन्य सुसंगत जानकारी प्रश्नांश (घ) की सूची में दृष्टव्य है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) कृषि विभाग को पत्र प्राप्त होना नहीं पाया गया। (घ) सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। पी.डी. खाते से राशि आहरित करने हेतु पी.डी. खाते के संचालनकर्ता सक्षम हैं।

 

राजपत्रित अधिकारियेां की पदोन्‍नति

22. ( क्र. 2676 ) चौधरी चन्‍द्रभान सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) किसी राजपत्रित अधिकारी जिसका एक ही पदस्‍थापना स्‍थल पर पदोन्‍नति के परिणाम स्‍वरूप कार्यभार ग्रहण करने की अधिकतम समयावधि क्‍या है? (ख) यदि अधिकारी द्वारा उक्‍त समयावधि में पदभार ग्रहण नहीं किया जाता तो उसके विरूद्ध नियमों में कार्यवाही करने का क्‍या प्रावधान है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सामान्‍यत: 15 दिवस। (ख) कार्यवाही के संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं।

पुराने किले का जीर्णोद्धार

23. ( क्र. 2707 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य पुरातत्‍व विभाग द्वारा विगत वर्ष धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सराय में स्थित पुरातन किले के जीर्णोद्धार का कार्य कितनी लागत से करवाया गया है, एवं किले में क्‍या-क्‍या सुधार कार्य करवाया जाना निर्धारित था? (ख) क्‍या उक्‍त प्रावधानित समस्‍त कार्य पूर्ण हो चुके हैं? यदि नहीं, तो शेष कार्य कब तक पूर्ण करवा लिया जावेगा? (ग) स्‍थानीय नागरिकों द्वारा बताये अनुसार 36 लाख रूपये की लागत से स्‍वीकृत जीर्णोद्धार कार्य में मात्र चार-पाँच परकोटों का ही सुधार कार्य हुआ है, क्‍या शासन वर्तमान में करवाये गये कार्य का मूल्‍यांकन एवं विभाग द्वारा व्‍यय बताई गई राशि की उपयोगिता संबंधी जाँच करवाएगा, यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 13वें वित्‍त आयोग के अंतर्गत धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सराय में स्थित लुन्‍हेरा की सराय जिला धार में वर्ष 2011-12 में राशि रूपये 34.00 लाख से अनुरक्षण एवं विकास कार्य कराया गया, जिसमें जंगल साफ-सफाई, स्‍टोन एवं ब्रिकमेसनरी, लाईम प्‍वांइटिंग, मुख्‍य प्रवेश द्वार में दरवाजा लगाना आदि कार्य स्‍वीकृत अनुमानिक के अनुसार कराये गये. (ख) जी हाँ. शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता. (ग) सभी कार्य स्‍वीकृत आनुमानिक में दिये गये स्‍पेसिफिकेशन के अनुसार कराये गये, जिनका परीक्षण विभागीय तकनीकी अमले द्वारा समय-समय पर किया गया. उनके द्वारा कार्य का सत्‍यापन करने के उपरांत ही भुगतान किया गया. अत: जाँच का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता.

 सिंचाई हेतु विद्युत आपूर्ति

24. ( क्र. 2710 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा पूरे मध्‍य प्रदेश में कृषकों को सिंचाई हेतु पर्याप्‍त बिजली उपलब्‍ध कराने की व्‍यवस्‍था की गई है तथा विभाग द्वारा भी कृषकों को पर्याप्‍त बिजली उपलब्‍ध होना बताया गया है? (ख) क्‍या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के अनेकों ग्रामों में प्रदाय स्‍थाई/अस्‍थाई कनेक्‍शन की तुलना में विद्युत प्रवाह हेतु आवश्‍यकतानुसार ट्रांसफार्मर नहीं लगाने के कारण कृषकों को बिजली नहीं मिल पाने से उनकी फसलें सूख रही है? इसके लिये जवाबदार कौन है? (ग) यदि वास्‍तवित रूप में ट्रांसफार्मर की कमी है, तो विभाग आवश्‍यकतानुसार ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य कब तक पूर्ण कर लेगा व कब तक क्षेत्र के कृषकों को सिंचाई हेतु पर्याप्‍त बिजली की सुविधा दे देगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, प्रदेश में कृषकों को सिंचाई हेतु पर्याप्‍त मात्रा में बिजली उपलब्‍ध कराई जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में तकनीकी कारणों यथा लाईन फाल्‍ट, विद्युत उपकरणों की खराबी आदि के कारण हुए आकस्मिक अवरोधों, आवश्‍यक रख-रखाव कार्य अथवा नवीन विद्युत अधोसंरचना के निर्माण के लिये आवश्‍यक होने जैसी अपरिहार्य स्थितियों को छोड़कर, कृषि कार्य हेतु 10 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के समस्‍त ग्रामों में सिंचाई हेतु स्‍थाई एवं अस्‍थाई विद्युत पंप कनेक्‍शन उपभोक्‍ताओं को उनके संयोजित भार के अनुरूप स्‍थापित किये गये उचित क्षमता के विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों से उचित गुणवत्‍ता का विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, अत: फसले सूखने अथवा किसी के जिम्‍मेदार होने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) जी नहीं, ट्रांसफार्मरों की कोई कमी नहीं है। वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि एवं अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर लगाने की कार्यवाही विद्युत भार में होने वाली वृद्धि के दृष्टिगत प्रणाली सुदृढ़ीकरण के कार्यों के अंतर्गत वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता अनुसार समय-समय पर आवश्‍यकता अनुसार की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। उत्‍तरांश (क) एवं (ख) में दर्शाए अनुसार वर्तमान में उचित क्षमता के ट्रांसफार्मर उपलब्‍ध होने तथा कृषकों को सिंचाई हेतु उचित गुणवत्‍ता का पर्याप्‍त विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराए जाने के परिप्रेक्ष्‍य में कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

औंकारेश्‍वर परियोजना की नहरों का समय-सीमा में पूर्ण किया जाना

25. ( क्र. 2753 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खण्‍डवा, खरगोन, बड़वानी जिले में औंकारेश्‍वर परियोजना की नहरों की स्वीकृति हुई है? यदि हाँ, तो इसकी निविदा कब जारी हुई, निविदा में कार्य पूर्ण करने के लिये कितनी अवधि निर्धारित की गई थी? निविदा जारी होने की दिनांक, राशि एवं कार्यावधि सहित जानकारी दी जावे? (ख) कार्यादेश जारी होने के दिनांक तक क्‍या ठेकेदार द्वारा समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर लिया गया है? यदि नहीं, तो कार्यावधि पूर्ण करने के लिये ठेकेदार को कितनी बार समयवृद्धि की गई? समय पर कार्य न होने के क्‍या कारण रहे हैं? क्‍या विभाग की गलती रही है? यदि हाँ, तो विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि ठेकेदार की त्रुटि रही है तो ठेकेदार को समय-समय पर कितनी बार दण्डित किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार जो कार्य शेष रहे हैं, वह कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। कार्य के विलंब का कारण परिस्थिति जन्य है, जिसमें विभाग या ठेकेदार की कोई त्रुटि नहीं है। अत: शेष प्रश्न ही नहीं उठता है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" के कालम-6 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दस ''

पावर ट्रासंमिशन कंपनी के 132 एवं 220 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों के कार्य

26. ( क्र. 2805 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2009 से 2011 तक मध्‍य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 132 एवं 220 के.व्‍ही. उप केंद्रों के सिविल एवं एरेक्‍शन के कार्य किन-किन दरों से करवाये जाते रहे हैं? उक्‍त कार्यों पर कितनी राशि व्‍यय की गई विवरण दें? (ख) वर्ष 2011 से वर्ष 2014 तक ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 132 एवं 220 के.व्‍ही. उपकेंद्रों सिविल एवं एरेक्‍शन कार्य टर्नकी के आधार पर किन-किन कंपनियों को किन दरों पर दिये गये एवं पूर्णता के लिये कितना समय दिया गया? (ग) वर्ष 2009 से 2011 तक ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 132 एवं 220 के.व्‍ही. उपकेंद्रों के कार्य कितने समय में पूर्ण किये गये एवं उपकेंद्र कब उर्जीकृत किये गये? 33 के.व्‍ही. उपकेंद्रों को सप्‍लाई कब चालू की गई? (घ) टर्नकी के आधार पर जिन कंपनी को उपकेंद्रों का निर्माण कार्य दिया गया उनकी दरें वर्ष 2011 पूर्व में सिविल एवं एरेक्‍शन के ठेकों से अधिक थी? यदि हाँ, तो विवरण उपलब्‍ध करावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्ष 2009 से 2011 तक मध्‍य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 132 एवं 220 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों के निर्माण हेतु सिविल कार्यों के लिए प्रदाय किए गए कार्य, कार्य की दर एवं व्‍यय का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। इन उपकेन्‍द्रों के एरेक्‍शन के कार्यों हेतु प्रदाय किए गए कार्य की दर एवं व्‍यय का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) वर्ष 2011 से 2014 तक म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 132 एवं 220 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों के सिविल एवं एरेक्‍शन के कार्य टर्नकी के आधार पर विभिन्‍न कंपनियों को जारी किए गए कार्यादेशों व कार्यादेश राशि की जानकारी एवं कार्य पूर्ण करने हेतु निर्धारित समय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) वर्ष 2009 से 2011 तक म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 132 एवं 220 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों के कार्य पूर्ण किए जाने वाले समय की जानकारी एवं उपकेन्‍द्रों को ऊर्जीकृत करने की तिथि तथा 33 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों को सप्‍लाई चालू किए जाने की तिथि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) वर्ष 2011 के पूर्व टर्नकी आधार पर कोई भी आदेश पारित नहीं किया गया। अत: वर्ष 2011 के बाद टर्नकी आधार पारित किए गए आदेश की तुलना 2011 के पूर्व के सिविल एवं एरेक्‍शन के पृथक-पृथक आदेशों से, दोनों का आधार अलग-अलग होने से, नहीं की जा सकती है। निविदा का निर्धारण करते समय प्राप्‍त दरों की तुलना पिछले आदेश से या कार्य की अनुमानित लागत से की गई एवं उसके आधार पर आदेश दिए गए। संबंधित विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा निर्मित पावर टावर

27. ( क्र. 2806 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2009 से वर्ष 2014 तक ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा निर्मित किये गये 132 एवं 220 के व्‍ही.हाई. पावर टॉवर लाइनों में कितने टॉवर गिरे, सूचना दी जाये एवं उक्‍त टॉवरों के निर्माण में कौन-कौन से सहायक यंत्री/कार्यपालन यंत्री/अधीक्षण यंत्री/यंत्री पदस्‍थ थे, उनके नाम सूचित किये जाये? (ख) उक्‍त टॉवर किस कारण से गिरे? यदि तूफान के कारण गिरे तो स्‍थानीय स्‍तर पर मौसम विभाग की सूचना उपलब्‍ध करायें? (ग) यदि उक्त टॉवर फाउंडेशन निर्माण कार्य में गुणवत्‍ता की कमी के कारण गिरे तो क्‍या टॉवर फाउंडेशन की जाँच कंपनी द्वारा करवायी गई? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध कराये? (घ) टॉवर गिरने के कारण कंपनी को कितना आर्थिक नुकसान हुआ, संलग्‍न अधिकारियों के विरूद्ध कौन-कौन सी कार्यवाही की गई, जानकारी एवं सूची उपलब्‍ध करायें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वर्ष 2009 से 2014 तक ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा निर्मित किए गए 132 एवं 220 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों में वर्ष वार गिरे टॉवर एवं उक्त टॉवरों के निर्माण की अवधि में पदस्‍थ पदस्थ सहायक अभियंता, कार्यपालन अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित टावर के गिरने के कारण की जानकारी निम्नानुसार है :-

क्रमांक

टावर गिरने का वर्ष

ट्रांसमिशन लाइनों का नाम

टॉवर गिरने का कारण

1

15.06.2010

220 के.व्ही. खंडवा-नेपानगर लाइन का लिलों 220 के.व्ही. उपकेंद्र छैगाँव हेतु (निर्माणाधीन)

तेज आंधी तूफान के कारण

2

22.05.2011

220 के.व्ही. शिवपुरी-सबलगढ़

तेज आंधी तूफान के कारण

3

16.03.2013

132 के.व्ही. राघोगढ़-राजगढ़

तेज आंधी तूफान के कारण

4

14.03.2013

132 के.व्ही. कोटर-जे.पी.भिलाई लाइन

तेज आंधी तूफान के कारण

5

18.04.2014

220 के.व्ही. सतना-छतरपुर

तेज आंधी तूफान के कारण

6

20.05.2015

132 के.व्ही. शिवपुरी-मोहना

तेज आंधी तूफान के कारण

7

27.06.2015

132 के.व्ही. सबलगढ़-विजयपुर

तेज आंधी तूफान के कारण

8

20.06.2015

132 के.व्‍ही.छिंदवाड़ा - विछुआ लाइन

फाउंडेशन निर्माण में गुणवत्‍ता की कमी के कारण

टावर क्रमांक 1 से 7 क्षेत्र विशेष में आए आंधी तूफान एवं तेज हवाओं के कारण गिरे हैं। चूँकि उक्‍त लाइने दूरस्थ स्थलों, जंगलों, पहाड़ी क्षेत्रों इत्यादि से होकर गुजरती हैं, अत: इन क्षेत्रों की उस समय की स्‍थानीय स्‍तर पर मौसम की सूचना की जानकारी उपलब्ध नहीं है। (ग) 132 के.व्ही. छिंदवाड़ा-बिछुआ लाइन के टावर, निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी के कारण गिरे थे, जिसके टावर फाउंडेशन की जाँच कंपनी द्वारा कराई गयी थी जिसका विवरण निम्नानुसार है:- 

क्र.

टॉवर का दिनांक

ट्रांसमिशन लाइनों का नाम

गिरे एवं क्षतिग्रस्त टावरों की संख्या

ट्रांसमिशन लाइन उर्जीकरण का वर्ष

कंपनी द्वारा कराई जाँच बाबत् जानकारी

1

20.06.2015

132 के.व्ही. छिन्दवाड़ा-बिछुआ लाइन

4

02.09.2014

हां, इस प्रकरण की जाँच, समिति बनाकर की गयी। जाँच के दौरान पाया गया की टावर फ़ाउंडेशन में स्टब के साथ नीचे लगाया जाने वाला क्लीट नहीं लगाया गया था एवं फ़ाउंडेशन में प्रयुक्त सीमेंट कांक्रीट की मजबूती निर्धारित स्तर से कम पाई गयी जो लगभग 53% थी।

(घ) वर्ष वार टॉवर गिरने के कारण कंपनी को हुए आर्थिक क्षति एवं संबद्ध- अधिकारियों के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह ''

छज्‍जू बरखेड़ा तालाब की नहर का निर्माण

28. ( क्र. 2867 ) श्री गोपीलाल जाटव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छज्‍जू बरखेड़ा तालाब की नहर की प्रस्‍तावित लंबाई क्‍या है, कितना रकबा सिंचित होगा, कितनी लागत लगेगी? (ख) क्‍या अमाही तालाब की नहर पूर्व से बनी है और दो मायनर नहरें बनी हुई है, ऐसा कितना एरिया है जो पूर्व से ही सिंचित है, बतायें? (ग) सिंचित एरिया में नहर बनाने की वजह बतायें? (घ) क्‍या तालाब के मुहाने से सिकन्‍दरा तक 06 कि.मी. 02 मीटर डाउन लेवल होने से नहर निर्माण में क्‍या बाधा है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) बरखेड़ा छज्‍जू परियोजना की नहर की रूपांकित लंबाई 10.50 किमी. होकर रूपांकित सैच्‍य क्षेत्र 1550 हेक्‍टेयर है। नहर कार्य की अनुमानित लागत रू.350 लाख है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। 1100 हेक्‍टेयर। (ग) अमाही जलाशय का 5.5 मि.घ.मी. जल अशोकनगर शहर के पेयजल के लिए आरक्षित किया जाने से परियोजना के रूपांकित सैच्‍य क्षेत्र 2200 हेक्‍टेयर में से 1100 हेक्‍टेयर के लिए पानी की उपलब्‍धता समाप्‍त हो गई है। बरखेड़ा छज्‍जू परियोजना के जल से अमाही परियोजना के सैच्‍य क्षेत्र में 1100 हेक्‍टेयर एवं नई नहर बनाकर 450 हेक्‍टेयर में सिंचाई प्रावधानित है। (घ) बरखेड़ा छज्‍जू तालाब जल निकासी का भू-तल स्‍तर 481.45 मीटर होकर सिकंदरा में नहर का रूपांकित भू-तल स्‍तर 477.70 मीटर है जो ग्राम सिकंदरा के पास अमाही नहर के भू-तल स्‍तर 480.96 मीटर से नीचे होने के कारण है।

टमस नदी से पानी का उपयोग

29. ( क्र. 2974 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में रिलायंस सीमेंट, मैहर सीमेंट, के.जे.एस. सीमेंट, सतना सीमेंट, जे.पी.भिलाई सीमेंट द्वारा किसकी अनुमति से टमस नदी से प्रतिदिन कितना पानी लिया जा रहा है? (ख) क्‍या सीमेंट कम्‍पनियों द्वारा औद्योगिक/निजी निस्‍तार हेतु टमस नदी का पानी निकालने से हर वर्ष गर्मियों में मैहर एवं सतना नगर में पेयजल का संकट उत्‍पन्‍न हो जाता है? (ग) सीमेंट कम्‍पनियों द्वारा पानी निकालने के एवज में शासन को जल कर के रूप में प्रतिमाह कितनी राशि दी जा रही है, कम्‍पनीवार बतावें? जिले में संचालित सीमेंट फैक्‍ट्रियों का जलकर (पानी का पैसा) किस-किस पर कितना बकाया है, इनकी वसूली कब तक होगी वसूली न करने वाले दोषी अधिकारी कब तक दंडित होंगे वसूली में विलंब क्‍यों? (घ) यदि सीमेंट कम्‍पनियों द्वारा बिना शासन की अनुमति के तथा बिना जलकर दिये टमस नदी का पानी लिया जा रहा है, तो शासन कम्‍पनी प्रबंधन एवं संबंधित विभागों के दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। किसी अधिकारी के दोषी होने की स्थिति नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बारह ''

राज्‍य सरकार द्वारा गठित विभिन्‍न जाँच आयोगों की रिर्पोट पर कार्यवाही

30. ( क्र. 3124 ) श्री रामनिवास रावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2004 से प्रश्‍न दिनांक तक राज्‍य सरकार द्वारा कौन-कौन से जाँच आयोग किस-किस की अध्‍यक्षता में किन मामलों लेकर कब-कब गठित किए? इन किन-किन मामलों के जाँच प्रतिवेदन कब-कब सौंपे गए तथा कौन-कौन से जाँच प्रतिवेदन विधान सभा के पटल पर कब-कब रखे गए? (ख) राज्‍य शासन को सौंपे गए किन-किन जाँच प्रतिवेदनों का परीक्षण किए जाने हेतु मंत्री मण्‍डलीय समिति कब-कब गठित की गई? मंत्री मण्‍डलीय समिति ने किन-किन जाँच प्रतिवेदनों का परीक्षण करने के उपरांत रिपोर्ट शासन को कब-कब सौंपी है तथा विधानसभा के पटल पर कब-कब प्रस्‍तुत की गई है? यदि नहीं, तो इतना लंबा समय व्‍यतीत हो जाने के बावजूद विधानसभा के पटल पर जाँच प्रतिवेदन नहीं रखे जाने के क्‍या करण हैं? कब तक जाँच प्रतिवेदन विधानसभा के पटल पर रख दिए जावेंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी परिशिष्ट अनुसार। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तेरह ''

सिंचाई योजनाओं का सर्वेक्षण एवं स्‍वीकृति

31. ( क्र. 3128 ) श्री रामनिवास रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या यह सही है कि विजयपुर, वीरपुर एवं कराहल में सिंचाई रकबे में वृद्धि के लिए शासन द्वारा किन-किन नदियों या नालों पर बांध बनाने के लिए सर्वेक्षण कराया गया है व सर्वेक्षण उपरान्‍त किन-किन बांधों की डी.पी.आर. तैयार कर ली गई है? इनमें से कौन-कौन सी योजनाएं शासन की स्‍वीकृति हेतु लंबित है? क्‍या लंबित योजनाओं को स्‍वीकृत किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) चेटीखेड़ा, पिपरवास, लोड़ी, धामनी, कदवाल, रीछी एवं मूंझरी परियोजनाओं का सर्वेक्षण कराया गया। मूंझरी एवं चेटीखेड़ा परियोजनाओं की डी.पी.आर. तैयार कराई गई। प्रश्‍नाधीन सभी परियोजनाएं निर्धारित मापदण्‍डों पर साध्‍य नहीं पाई गई। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

प्रदेश में शराब बंद किया जाना

32. ( क्र. 3168 ) श्री सचिन यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में शराब बंदी पूर्ण रूप से लागू किये जाने हेतु कोई कानून बनाया गया है? नहीं तो कब तक बनाया जायेगा और कब तक इस नियम व कानून को लागू कर गुजरात राज्‍य की तरह मध्‍यप्रदेश में भी शराब बंदी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित की जायेगी? (ख) विगत दो वर्षों में प्रदेश के कौन-कौन से जिलों में शराब बंदी करने हेतु कितने-कितने ज्ञापन जिला कलेक्‍टर व अन्‍य को प्राप्‍त हुए और उस पर प्रश्‍न दिनांक तक शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रदेश में शहरी एवं ग्रामीण अंचलों के रहवासियों द्वारा शराब की दुकान हटाने/बंद करने एवं अवैध शराब बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लगाये जाने के संबंध में कितनी-कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई और संबंधित ठेकेदारों पर क्‍या प्रकरण दर्ज किये गये यदि हाँ, तो जिलेवार जानकारी दें? यदि नहीं, तो क्‍यों? प्राप्‍त शिकायतों पर प्रश्‍न दिनांक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या प्रदेश में शराब पूर्ण रूप से बंद कर मध्‍यप्रदेश को नशा मुक्‍त राज्‍य बनाया जायेगा? हां, तो कब तक? नहीं तो कारण बतायें?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) सामाजिक न्‍याय एवं नि:शक्‍तजन कल्‍याण विभाग द्वारा शराब बंदी के लिये कोई कानून नहीं बनाया गया है। शेष प्रश्‍न उ‍पस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अवैध कॉलोनी का नियमितीकरण

33. ( क्र. 3300 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ऐसी अवैध कॉलोनियां जो न किसी शासकीय भूमि पर है न नजूल की भूमि, न विकास प्राधिकरण की स्‍कीम में है और न ही किसी शासकीय योजना में है, जो निजी भूमि पर बसी है उनसे नगर-निगम इंदौर द्वारा सम्‍पत्ति कर, जल कर लिया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो इन्‍हें नियमित किया जाकर मूलभूत सुविधायें मुहैया क्‍यों नहीं कराई जा रही है? जबकि कॉलोनियों में नगर-निगम द्वारा सड़क, ड्रेनेज आदि कार्य हो चुके है? (ग) वर्ष 2010 के बाद विधान सभा क्षेत्र क्रं.5 इंदौर में कितनी नई अवैध कॉलोनियां कटी है? शिकायत होने के बाद इन पर क्‍या कार्यवाही की गई?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) नगर निगम इंदौर द्वारा नगरीय निकाय क्षेत्र में वर्ष 2009 में विद्यमान समस्‍त अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण हेतु शहर के प्रमुख समाचार पत्रों में दिनांक 10.05.2009 को विज्ञप्ति का प्रकाशन करवाया गया था जिसमें से 157 कॉलोनियों के रहवासियों/कॉलोनाइजरों/ संस्‍थाओं द्वारा रूचि ली गई थी। जिसमें विभिन्‍न शासकीय विभागों से जैसे - सीलिंग, नजूल, तहसीलदार इंदौर, इंदौर विकास प्राधिकरण, नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय को अवैध कॉलोनियों की सूची भेजते हुए अनापत्ति/अभिमत चाहा गया था। जिनमें से 25 अवैध कॉलोनियों में अनापत्ति प्राप्‍त होने पर उनका नियमितीकरण किया जा चुका है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। 5 अवैध कॉलोनियों में शुल्‍क जमा कराने हेतु रहवासी संघ/कॉलोनाईजर द्वारा शुल्‍क नहीं जमा करने से उक्‍त कॉलोनी का नियमितीकरण नहीं हो पाया है। शुल्‍क जमा होते ही नियमितीकरण की कार्यवाही की जायेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। 73 अवैध कॉलोनियों में विभिन्‍न शासकीय विभागों द्वारा आपत्ति दर्ज की गई होने से इन अवैध कॉलोनियों का नियमितीकरण किया जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेष 54 अवैध कॉलोनियों को वैध करने की कार्यवाही प्रचलित होकर उनमें कुछ शासकीय विभागों के अभिमत/अनापत्ति प्राप्‍त करने की कार्यवाही प्रचलित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) वर्ष 2010 के बाद विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 में तीन नई अवैध कॉलोनियां कटने की शिकायत प्राप्‍त होने पर नगर निगम, इंदौर द्वारा उनके विरूद्ध कार्यवाही करते हुए रिमुव्‍हल संबंधी कार्यवाही की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

म.प्र. गृह निर्माण मण्‍डल द्वारा लिए जाने वाले कॉमन सर्विस चार्ज बाबत्

34. ( क्र. 3301 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश गृह निर्माण मण्‍डल द्वारा कोई कॉमन सर्विस चार्ज लिया जाता है? यदि हाँ, तो वह किन श्रेणियों के मकान वालों से लिया जाता है तथा यह किस उद्देश्‍य से लिया जाता है? (ख) क्‍या उक्‍त चार्ज से मकानों का मरम्‍मत, रख-रखाव आदि किया जाता है? (ग) इंदौर शहर में एल.आई.जी., एम.आई.जी. कॉलोनी से अभी तक इस मद में कितनी राशि ली गई है वर्ष 2012 से अभी तक उक्‍त भवनों के मरम्‍मत व रख-रखाव पर कितनी राशि व्‍यय की गई व किस मद में व्‍यय की गई? (घ) मध्‍यप्रदेश गृह निर्माण मण्‍डल द्वारा कॉमन सर्विस चार्ज लिए जाने के बावजूद अभी तक भवनों का मरम्‍मत एवं रख-रखाव क्‍यों नहीं किया जा रहा है? कब तक कराया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल द्वारा केवल प्रकोष्ठ भवनों के तहत आवंटियों से रख-रखाव हेतु कामन सर्विस चार्ज प्रकोष्ठ भवनों के रहवासी कल्याण समिति को हस्तांतरण होने तक लिया जाता है। प्रकोष्ठ भवनों के अंतर्गत समस्त श्रेणी के आवंटियों से कामन सर्विस चार्ज लिया जाता है। यह चार्ज प्रकोष्ठ भवनों के उभयनिष्ठ बाह्य रख-रखाव कार्य यथा-सीवर लाईन, जल प्रदाय रख-रखाव तथा साफ-सफाई के उद्देश्य से लिया जाता है। (ख) जी नहीं। उक्त चार्ज से प्रकोष्ठों के आंतरिक रख-रखाव अथवा मरम्मत का कार्य नहीं किया जाता है केवल प्रकोष्ठ भवनों के उभयनिष्ठ बाहरी रख-रखाव कार्य हेतु यह चार्ज प्राप्त किया जाता है। (ग) इंदौर शहर में एल.आई.जी. एम.आई.जी. कॉलोनी में निर्मित प्रकोष्ठों अंतर्गत इस मद में अभी तक रू. 20,84,683/- की राशि प्राप्त हुई है एवं वर्ष 2012 से अभी तक रू. 2,50,000/- रख-रखाव के मद में व्यय किये गये हैं। (घ) उत्तरांश में उल्लेखित अनुसार स्पष्ट है कि रख-रखाव का कार्य किया गया है एवं कॉलोनी अंतर्गत इस मद में अभी तक कुल रू. 24,23,063/- का व्यय किया गया है एवं यह एक सतत् प्रक्रिया है।

मुख्‍य नहरों एवं स‍ब माईनर का सीमेंटीकरण

35. ( क्र. 4047 ) श्री रजनीश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संजय सरोवर परियोजना के अंतर्गत मुख्‍य नहर, माइनर नहर एवं सब माईनर नहरों की स्थिति अत्‍यंत खराब हो गई है, जिसके कारण नहरों से पानी सीपेज होता रहता है? (ख) क्‍या संजय सरोवर सिंचाई परियोजना के अंतर्गत मुख्‍य नहर, माईनर नहर एवं सब माइनर का सीमेंटीकरण किये जाने हेतु विभाग के पास प्रस्‍ताव है? यदि हाँ, तो कितनी राशि का प्राक्‍कलन तैयार किया गया है? क्‍या विभाग उक्‍त नहरों का सीमेंटीकरण करवायेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्‍त (ख) प्रश्‍नांश हेतु पत्राचार के माध्‍यम से सीमेंटीकरण हेतु मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी नहीं। नहर प्रणाली रूपांकित क्षमता अनुसार जल प्रवाह करने के लिए संचालित है। रिसाव का प्रावधान कच्‍ची नहरों के रूपांकन में नीहित होता है। (ख) जी नहीं। कोई प्रस्‍ताव शासन के समक्ष स्‍वीकृति हेतु विचारधीन नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते है। (ग) जी हाँ। परियोजना के सुदृढ़ीकरण और जल के इष्‍टतम उपयोग के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से तकनीकी सहायता की स्‍वीकृति प्राप्‍त की गई है।

सब-स्‍टेशन का निर्माण

36. ( क्र. 4057 ) श्री रजनीश सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधान सभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत कितने विद्युत सब-स्‍टेशन हैं? इन सब-स्‍टेशनों की क्षमता क्‍या है? ये कहाँ-कहाँ स्‍थापित हैं? (ख) क्‍या केवलारी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पीपरदोन आलोती खापां पर विद्युत सब-स्‍टेशन स्‍वीकृत हैं? यदि हाँ, तो इसका कार्य प्रारंभ क्‍यों नहीं किया गया? (ग) सब-स्‍टेशन के निर्माण का कार्य किस कंपनी के द्वारा कराया जा रहा है? (घ) उक्‍त सब-स्‍टेशन से किन-किन ग्रामों को लाभ मिलेगा एवं कार्य कब से प्रारंभ होकर पूर्ण कर लिया जावेगा? समयावधि बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 33/11 के.व्‍ही. के 12 विद्युत सब-स्‍टेशन विद्यमान हैं। इन 33/11 के.व्‍ही. के 12 सब-स्‍टेशनों की क्षमता सहित स्‍थान का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। इस विधान सभा क्षेत्र में अति उच्‍चदाब (400 के.व्‍ही., 220 के.व्‍ही. तथा 132 के.व्‍ही.) के कोई सब-स्‍टेशन विद्यमान नहीं है। (ख) ग्राम पीपरदोन आलोतीखापा नहीं, अपितु ग्राम आलोनीखापा में 33/11 के.व्‍ही. सब-स्‍टेशन दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना के अंतर्गत प्रस्‍तावित है। योजनान्‍तर्गत कार्य टर्न-की आधार पर कराने हेतु निविदा दस्‍तावेजों की स्‍वीकृति ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड से प्रतिक्षित है, अत: उक्‍त सब-स्‍टेशनों के कार्य हेतु अभी निविदा जारी नहीं की जा स‍की है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) उक्‍त सब-स्‍टेशन से कोहका, पीपरदोन, झोला, भादूटोला, तुरगा, तेंदुटोला रैयत, अलोनीखापा माल, अलोनीखापा रैयत, पोताल पानी, मशानबर्रा, सुकतरा, सावरी, बिछुआ रैयत, चौरापाठा, बिछुआ माल, सिरौली, देहवानी, खैररांजी, बोथिया एवं ग्‍वारी ग्रामों को लाभ मिलेगा। उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार ग्रामीण विद्युतीकरण निगम से निविदा दस्‍तावेजों की स्‍वीकृति के उपरांत निविदा जारी कर उक्‍त सब-स्‍टेशन का कार्य किया जाना संभव हो सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में कार्य आरंभ/पूर्ण करने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चौदह ''

शाला उपकर निधि के कार्य

37. ( क्र. 4183 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले की पांचों नगर पालिका द्वारा मकान मालिकों से कितनी दर से शाला उपकर टैक्‍स वसूल करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो इसका उद्देश्‍य बतावें? (ख) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित किस-किस नगरपालिका के खातों में प्रश्‍नांश दिनांक तक कितनी राशि शाला उपकर के नाम से जमा है? (ग) प्रश्‍नांश में उल्लेखित जमा राशि में से किस-किस नगर पालिकाओं द्वारा वर्ष 2014-2015 एवं 2015-2016 में कौन-कौन से कार्य शाला उपकर निधि से कितनी लागत के किस-किस स्‍थान पर कराये गये हैं? कार्यवार,लागतवार सूची उपलब्‍ध करावें? (घ) नगर पालिका परिषद बासौदा के अन्‍तर्गत कौन-कौन से शासकीय विद्यालय हैं, इन विद्यालयों में कौन-कौन सी मूलभूत सुविधाओं की आवश्‍यकता है? विद्यालयवार जानकारी देवें? क्‍या विद्यालयों की मांग के अनुसार प्रश्‍नांश के प्रावधानुसार कार्य कराये जा सकते है? यदि हाँ, तो कार्य कब तक कराये जावेंगे? यदि नहीं, तो कारण देवें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) नगरीय क्षेत्र में शाला उपकर नहीं, शिक्षा उपकर का प्रावधान है, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय का पत्र क्रमांक 4050/18-3/99 भोपाल, दिनांक 07 अक्‍टूबर, 1999 के अनुसार शिक्षा उपकर की दर 02 से 05 प्रतिशत है, जिले की 06 नगरीय निकायों में से पाँच नगरीय निकायों द्वारा मकान मालिकों से निम्‍नानुसार शिक्षा उपकर वसूला जा रहा है:-

  1. विदिशा - 2.00 प्रतिशत
  2. गंजबासौदा - 0.50 प्रतिशत
  3. सिंरोज - 0.50 प्रतिशत
  4. कुरवाई - 1.00 प्रतिशत
  5. लटेरी - 2.00 प्रतिशत
  6. शमशाबाद - शिक्षा उपकर लागू नहीं है।

शिक्षा उपकर अधिरोपित किये जाने का उद्देश्‍य निकाय सीमांतर्गत शासकीय स्‍कूल भवनों के रख-रखाव एवं वांछित सुविधायें उपलब्‍ध कराया जाना है। (ख) प्रश्‍नांश दिनांक तक निकायों के खातों में शिक्षा उपकर की जमा राशि, व्‍यय की गई राशि एवं शेष राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) नगर पालिका गंजबासौदा के अंतर्गत विद्यालयों एवं मूलभूत सुविधाओं की आवश्‍यकता के संबंध में विद्यालयवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ। प्रश्‍नांक '''' के प्रावधानुसार कार्य कराये जा सकते है। निकाय द्वारा कराये गये निर्माण कार्य के अतिरिक्‍त प्रश्‍न दिनांक तक कोई भी राशि शिक्षा उपकर की शेष नहीं है। राशि उपलब्‍ध होने पर मांग अनुसार कार्य कराये जायेंगे।

परिशिष्ट - ''पंद्रह ''

सेवानिवृत्त/मृत कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों एवं देय स्‍वत्‍वों का भुगतान

38. ( क्र. 4184 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश पेंशन नियम 57 एवं 59 के अनुसार सेवानिवृत्‍त शासकीय सेवक के सेवानिवृत्‍त तिथि से 24 माह पूर्व पेंशन प्रकरण तैयार किये जाने एवं सेवानिवृत्‍त के 6 माह पूर्व पेंशन स्‍वीकृति हेतु जिला पेंशन अधिकारी को प्रकरण भेजे जाने का प्रावधान है? (ख) विदिशा जिले में किस-किस विभाग में दिनांक 1 जनवरी, 2014 से प्रश्‍नांश दिनांक तक कितने कर्मचारी सेवानिवृत्‍त/मृत हुये हैं? इन सेवानिवृत्‍त/मृत कर्मचारियों के प्रकरण संबंधित विभाग द्वारा पेंशन अधिकारी को किस दिनांक को प्रस्‍तुत किये गये है? पेंशन अधिकारी द्वारा इन प्रकरणों में स्‍वीकृति आदेश कब जारी किये गये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में ऐसे कितने प्रकरण हैं, जो पेंशन नियम 57 एवं 59 का पालन न करते हुये प्रकरण 6 माह पूर्व पेंशन अधिकारी को प्रस्‍तुत नहीं किये गये है? इसके लिये उत्‍तरदायित्‍व निर्धारित किया जाकर भविष्‍य में पुनरावृत्ति न हो इसके लिये ठोस निर्देश जारी किये जावेंगे? (घ) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित कितने सेवानिवृत्‍त शासकीय सेवक/मृत शासकीय की पेंशन, ग्रेज्‍युटी, बीमा राशि,अर्जित अवकाश नगदीकरण, जी.पी.एफ. का भुगतान किया जा चुका है कितने शेष है? शेष देय स्‍वत्‍वों का भुगतान कब तक किया जावेगा? शेष प्रकरणों की जानकारी उपलब्‍ध करावें?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) कुल 620 कर्मचारी सेवानिवृत्‍त/मृत्‍य हुये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', '' एवं '' अनुसार है। (ग) ऐसे कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) कुल 620 प्रकरणों में से 601 प्रकरण जिला पेंशन कार्यालय से प्राप्‍त हुए। तथा 19 ऐसे सेवानिवृत्‍त/मृत्‍य कर्मचारी के प्रकरण है जो कि जिला पेंशन कार्यालय में प्राप्‍त नहीं हुए है। 601 प्रकरणों में से 8 प्रकरण न्‍यायालय से संबंधित होने के कारण संबंधित विभागों में लंबित है। अधिक भुगतान व वसूली व अन्‍य प्रकरणों में से विभागों में 23 प्रकरण लंबित है। अत: कुल 570 प्रकरणों में पी.पी.. जारी हुआ है। 489 प्रकरणों में पेंशन/ग्रेज्‍युटी का भुगतान किया जा चुका है। 41 पेंशन एवं ग्रेज्‍युटी के प्रकरण अन्‍य कोषालयों में भुगतान हेतु स्‍थानांतरित किये गये है। शेष 40 प्रकरण कोषालय स‍ंहिता के प्रावधान अनुसार अमांग/अघटना/अजाँच प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पूर्ण होने पर कोषालय द्वारा भुगतान किया जा सकेगा।

स्‍मार्ट सिटी योजना

39. ( क्र. 4316 ) श्री जयभान सिंह पवैया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्‍द्र सरकार की स्‍मार्ट सिटी योजना में स्‍वीकृति के लिये ग्‍वालियर शहर की क्रमवार स्थिति क्‍या है? ग्‍वालियर शहर को चयनित कराने के क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं? (ख) स्‍मार्ट सिटी योजना में प्रदेश के जो शहर चयनित नहीं हुये हैं? उसके कारण क्‍या रहे तथा भविष्‍य में शामिल कराने की क्‍या योजना है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) केन्‍द्र सकरार की स्‍मार्ट योजना ग्‍वालियर शहर की क्रमवार स्थिति 22 नंबर पर है। योजना के आगामी चरण में चयन हेतु शेष 54 शहरों में प्रतिस्‍पर्धा होनी है। इस हेतु ग्‍वालियर शहर के स्‍मार्ट सिटी प्रस्‍ताव को आवश्‍यक संशोधन के साथ भारत सरकार को प्रेषित किया जा रहा है। (ख) स्‍मार्ट सिटी योजना अंतर्गत 98 शहरों में से केवल 20 शहर की चयनित होना थे, इस कड़ी प्रतिस्‍पर्धा में मध्‍यप्रदेश केवल एक मात्र राज्‍य रहा जिसके तीन शहर सम्मिलित हुए तथा ग्‍वालियर शहर मात्र 0.6 अंकों की कमी से वंचित हुआ। आगामी वित्‍तीय वर्ष में आयोजित होने वाले स्‍मार्ट सिटी की प्रतिस्‍पर्धा में पूर्ण तैयारी एवं प्राप्‍त दिशा निर्देशानुसार कार्यवाही की जा रही है।

शिवपुरी जिले में कराये जा रहे विद्युतीकरण कार्य

40. ( क्र. 4335 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा शिवपुरी जिले में ग्रामीण विद्युतीकरण से जुड़े राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (आर.जी.जी.वी.वाय.) फेज प्रथम, द्वितीय एवं दीनदयाल ग्राम ज्‍योति, फीडर सेपरेशन, आर..पी.डी.आर.पी., जे.बी.आई.सी., .डी.बी., सिस्‍टम स्ट्रेंथनिंग योजनाओं के तहत अब तक कुल कितनी धनराशि के कार्यादेश विभिन्‍न फर्मों को जारी किए गए हैं? (ख) प्रश्‍नांश के संदर्भ में जारी इन कार्यादेशों के क्रियान्‍वयन की अद्यतन जानकारी मय भुगतान विवरण के योजनावार पृथक-पृथक उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या जारी किए गये कार्यादेशों के समरूप फर्मों द्वारा समय-सीमा में कार्य सम्‍पन्‍न किए गये हैं? यदि नहीं, तो किन-किन फर्मों द्वारा समय-सीमा में कार्य नहीं किया गया? जिन फर्मों द्वारा समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं किए गये उनके विरूद्ध कंपनी द्वारा क्‍या वैधानिक कार्यवाही की गयी है? जानकारी योजनावार, फर्मवार, पृथक-पृथक उपलब्‍ध करावें? (घ) वर्तमान में किन फर्मों को कार्यपूर्णता हेतु समयवृद्धि दी गई है? क्‍या शिवपुरी जिले में संचालित विद्युत संरचना विनिर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग हेतु निजी कन्‍सलटेंट की सेवाएं ली गयी है? यदि हाँ, तो सभी का विवरण दें एवं उन्‍हें किए गये भुगतान का विवरण सहित समस्‍त जानकारी योजनावार, फर्मवार, पृथक-पृथक उपलब्‍ध करावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत शिवपुरी जिले में प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित योजनाओं यथा- राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना, फीडर वि‍भक्‍तीकरण योजना, आर.ए.पी.डी.आर.पी.योजना, जे.बी.आई.सी. योजना तथा ए.डी.बी. योजना के अंतर्गत विभिन्‍न ठेकेदार/क्रियान्‍यवयन एजेन्सियों को दिये गये कार्यादेश की ठेकेदार/ क्रियान्‍यवयन एजेन्‍सी के नामवार एवं कार्यादेश की राशि सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत कार्य म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय स्‍तर पर कराये जा रहे हैं, जिस हेतु विभिन्‍न ठेकेदार/क्रियान्‍वयन एजेन्सियों को जारी किये गये कार्यादेश की ठेकेदार/क्रियान्‍यवयन एजेन्‍सी के नामवार कार्यादेश की राशि सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '''' के संदर्भ में जारी कार्यादेशों के अंतर्गत योजनावार क्रियान्‍वयन की अद्यतन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। ठेकेदार /क्रियान्‍यवयन एजेन्सियों को योजनावार किये गये भुगतान की राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' में दर्शाये अनुसार है। (ग) प्रश्‍नाधीन जारी किये गये कार्यादेशों के समरूप समय-सीमा में 11 ठेकेदार/क्रियान्‍वयन एजेन्सियों द्वारा कार्य सम्‍पन्‍न नहीं किया गया है। उक्‍तानुसार निर्धारित समय-सीमा में कार्य सम्‍पन्‍न नहीं करने वाले ठेकेदार/ ‍क्रियान्‍वयन एजेन्सियों का उनके विरूद्ध की गई वैधानिक कार्यवाही सहित योजनावार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' में दर्शाये अनुसार है। (घ) कार्य पूर्णता हेतु 9 फर्मों को समय वृद्धि दी गई है, जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' में दर्शाये अनुसार है। जी हाँ, शिवपुरी जिले में संचालित विद्युत अधोसंरचना के निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग हेतु निजी कंसल्‍टेंट की सेवाएं ली गई हैं, जिनका योजनावार नाम एवं किये गये भुगतान सहित विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' में दर्शाये अनुसार है।

ई-रजिस्‍ट्री/पंजीयन को ऑनलाईन करना

41. ( क्र. 4354 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव तहसील कार्यालय में ई-रजिस्‍ट्री, पंजीयन एवं भू-रिकार्ड को ऑनलाईन कब तक किया जा सकेगा? (ख) क्‍या तहसील कार्यालय में 5 मशीनें रखी हुई हैं लेकिन कार्य नहीं हो पा रहा है? (ग) यदि हाँ, तो विलंब का कारण बतलायें?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) गोटेगांव तहसील कार्यालय में ई-रजिस्‍ट्री/पंजीयन का कार्य दिनांक 01.07.2015 से ऑनलाईन किया गया है। नरसिंहपुर जिले में प्रथम चरण में नकल वितरण हेतु आई.टी. सेंटर प्रारंभ हो चुके है, एवं 04 तहसीलों का भू-अभिलेख डाटा ऑनलाईन किया गया है। शेष तहसील तेन्‍दूखेडा का डाटा वेण्‍डर द्वारा शीघ्र ऑनलाईन किया जाएगा। (ख) नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव उप पंजीयक कार्यालय में 02 कम्‍प्‍यूटर मशीनें रखी है, कार्य सुचारू रूप से सम्‍पन्‍न हो रहा है। भू-अभिलेख विभाग द्वारा तहसील कार्यालय में 02 कम्‍प्‍यूटर सिस्‍टम लगाए गए हैं जिसमें एक कम्‍प्‍यूटर सिस्‍टम से वेब.जी.आई.एस. ऑनलाईन सेन्‍ट्रल सर्वर से चालू खसरा बी-1 एवं नक्शा की नकल प्रति पेज 30 रूपये के मान से आवेदक को प्रदाय किए जाने का कार्य आरंभ हो चुका है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

गोटेगाँव विधान सभा क्षेत्र में विद्युत सेपरेशन बाबत्

42. ( क्र. 4355 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत विद्युत सेपरेशन का कितना कार्य हो चुका है एवं कितना बकाया है? (ख) विद्युत सेपरेशन में कितने एम.एम. की केबिल लगाने का निर्धारण किया गया है? क्‍या घरेलू एवं कृषि उपयोग हेतु अलग-अलग एम.एम. के केबिल का निर्धारण हैं? (ग) विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत विद्युत सेपरेशन के कार्य में लापरवाही की प्रश्‍नकर्ता की वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी शिकायतें कार्यालय अधीक्षण अभियंता (संचा-संधा) नरसिंहपुर एवं कार्यपालन अभियंता (संचा-संधा) नरसिंहपुर में प्राप्‍त हुई हैं एवं इन पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) इस विद्युत सेपरेशन के कार्य में गुणवत्‍ता के क्‍या मापदण्‍ड सुनिश्चित किये गये हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) गोटेगांव विधान सभा में फीडर सेपरेशन योजना के अंतर्गत फीडर सेपरेशन हेतु चयनित फीडरों में से 23 फीडरों का कार्य पूर्ण हो गया है तथा 44 नग फीडरों का कार्य शेष है। (ख) फीडर सेपरेशन योजना में 16 स्‍क्‍वायर एम.एम., 25 स्‍क्‍वायर एम.एम., 35 स्‍क्‍वायर एम.एम. एवं 50 स्‍क्‍वायर एम.एम. की निम्‍न दाब केबिल लगाने का प्रावधान है। जी नहीं, अपितु केबिल साईज का निर्धारण अनुमानित विद्युत भार के अनुसार किया जाता है। (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय की फीडर सेपरेशन के कार्यों से संबंधित कोई भी शिकायत अधीक्षण अभियंता (संचालन/संधारण) नरसिंहपुर एवं कार्यपालन अभियंता (संचालन/संधारण), नरसिंहपुर के कार्यालयों में प्राप्‍त नहीं हुई है, अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) फीडर सेपरेशन के कार्य में उपयोग की जाने वाले सामग्री टर्न-की ठेकेदार द्वारा भारतीय मानक (आई.एस.) के अनुरूप क्रय की जाती है। सामग्री क्रय करने के पूर्व, सामग्री का परीक्षण थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेन्‍सी मे.एरडा/सी.पी.आर.आई. के द्वारा किया जाता है। सामग्री प्राप्‍त होने के पश्‍चात् सामग्री की रेण्‍डम सेम्‍पलिंग कर, सामग्री का परीक्षण एन.ए.बी.एल. प्रमाणित प्रयोगशाला में कराया जाता है। कार्य की गुणवत्‍ता, निविदा, तथा आर.ई.सी. कंस्‍ट्रक्‍शन मैनुअल के प्रावधानों/मापदण्‍डों के अनुसार थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी एवं कंपनी के नोडल अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की जाती है।

उद्वहन सिंचाई योजना स्‍वीकृति

43. ( क्र. 4451 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या हरदा जिले के कचबैड़ी ग्राम में उद्वहन सिंचाई योजना प्रारंभ किया जाना प्रस्‍तावित अथवा लंबित है? (ख) यदि लंबित है तो उसका क्‍या कारण है? (ग) यदि योजना प्रस्‍तावित है तो उस पर कितना व्यय प्रस्‍तावित है व कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (घ) यदि उक्‍त उद्वहन सिंचाई योजना प्रारंभ की जा‍ती है तो कुल कितना हे. क्षेत्र सिंचित होगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) से (घ) कचबैडी उद्वहन सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति 12 ग्रामों की 1980 हेक्‍टेयर भूमि में सिंचाई के लिए दिनांक 01.10.2008 को रू.1958.07 लाख की जारी की गई थी। दिनांक 21.05.2013 को उद्वहन सिंचाई सहकारी समिति मार्यादित, कचबैड़ी के अध्‍यक्ष द्वारा परियोजना का संचालन/संधारण व्‍यय वहन करने में असहमति व्‍यक्‍त करने के कारण परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति का प्रस्‍ताव तैयार नहीं किया गया। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

उदयपुरा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत सब-स्‍टेशन

44. ( क्र. 4517 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उदयपुरा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रश्‍न दिनांक तक 132 एवं 33 के.व्‍ही. के कितने विद्युत सब-स्‍टेशन कहाँ-कहाँ स्‍वीकृत हुये एवं कहाँ-कहाँ स्‍वीकृ‍त किये जाने की योजना है? स्‍वीकृत विद्युत सब-स्‍टेशन का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधर पर बतायें कि कितनी-कितनी राशि कहाँ-कहाँ के लिये स्‍वीकृत की गई है? कब तक विद्युत सब-स्‍टेशन का कार्य प्रारंभ करा दिया जायेगा? नवीन विद्युत सब-स्‍टेशन स्‍थापित करने हेतु कहाँ-कहाँ की भूमि चयन कर राजस्‍व विभाग या अन्‍य से ली गई? चयनित स्‍थलों पर निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ/पूर्ण करा दिया जायेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के आधार पर कहाँ-कहाँ कितने के.व्‍ही. के विद्युत सब-स्‍टेशन स्‍थापित करने की आवश्‍यकता है? प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा इसके लिये क्‍या-क्‍या कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है? क्‍या-क्‍या होना शेष है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) उदयपुरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत 132 के.व्‍ही. का एक उपकेन्‍द्र उदयपुरा ग्राम पुरैना (विजनहाई) में स्‍वीकृत है। इस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अन्‍य कोई भी अति उच्‍च दाब उपकेन्‍द्र प्रस्‍तावित नहीं है। इस उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्यादेश के अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण होने की नियत तिथि मई 2016 है। इसी प्रकार उदयपुरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य ग्राम-नयागांव (महेश्‍वर) एवं ग्राम-अनघोरा में स्‍वीकृति है। इनके अतिरिक्‍त क्षेत्रान्‍तर्गत वर्तमान में अन्‍यत्र 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र स्‍वीकृति की योजना नहीं है। ग्राम-नयागांव (महेश्‍वर) में स्‍वीकृत 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का कार्य दिनांक 08.11.2014 को पूर्ण कर उपकेन्‍द्र को ऊर्जीकृत किया जा चुका है। ग्राम-अनघोरा में स्‍वीकृत 33/1 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र हेतु आबंटित भूमि स्‍थल पर विवाद की स्थिति होने एवं वर्तमान में प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय में लंबित होने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। अत: समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र उदयपुरा एवं संबंधित लाईन के लिये रूपये 1374.38 लाख की राशि स्‍वीकृत है। इस उपकेन्‍द्र के लिये ग्राम पुरैना (विजनहाई) तहसील उदयपुरा जिला रायसेन में 6.0725 हेक्‍टेयर राजस्‍व भूमि आबंटित है एवं चयनित स्‍थल पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। कार्यादेश के अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण होने की नियत तिथि मई 2016 है। उदयपुरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम-न्‍यागांव (महेश्‍वर) 33/11 के.व्‍ही.उपकेन्‍द्र के निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 102 लाख एवं ग्राम-अनघोरा में 33/11 के.व्‍ही.उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 102 लाख स्‍वीकृत है। ग्राम-नयागांव (महेश्‍वर) में स्‍वीकृत 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का कार्य पूर्ण कर दिनांक 08.11.2014 को ऊर्जीकृत किया जा चुका है। ग्राम-अनघोरा में स्‍वीकृत 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य स्‍थल संबंधी विवाद के कारण माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में लंबित है। अत: निर्माण कार्य प्रारंभ होने की तिथि बताना संभव नहीं है। उपकेन्‍द्र निर्माण हेतु ग्राम-अनघोरा में शासकीय भूमि आबंटित हुई थी। आबंटित भूमि पर जल भराव की समस्‍या के कारण कलेक्‍टर रायसेन द्वारा आबंटित भूमि निरस्‍तकर पुन: उपकेन्‍द्र निर्माण हेतु यहीं भूमि पुन: आबंटित की गई। इसी अवधि में उपकेन्‍द्र निर्माण हेतु दानपत्र पर निजी भूमि प्राप्‍त हुई, परन्‍तु उक्‍त स्‍थलों पर विवाद की स्थिति निर्मित होने के कारण प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय में निर्णय हेतु लंबित है। निर्णय के उपरांत ही आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। अत: कार्य प्रारंभ/ पूर्ण करने की समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र उदयपुरा आवश्‍यकतानुसार स्‍वीकृत किया गया है, जिसका निर्माण कार्य प्रगति पर है। भविष्‍य में मांग को दृष्टिगत रखते हुये तकनीकी साध्‍यता के अनुसार अति उच्‍च दाब उपकेन्‍द्र स्‍थापित किये जाने पर विचार किया जावेगा। 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों के निर्माण हेतु की जा रही कार्यवाही का विवरण उत्‍तरांश (ख) अनुसार ही भविष्‍य में तकनीकी साध्‍यता के आधार पर आवश्‍यकता होने पर नए 33/11 के.व्‍ही.उपकेन्द्र स्‍थापना पर विचार किया जावेगा।

बैरसिया अंतर्गत विद्युत सब-स्‍टेशनों के निर्माण

45. ( क्र. 4529 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कितने नये विद्युत सब-स्‍टेशनों के निर्माण किये जाने प्रस्‍तावित हैं? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत चाटाहेडी, चंदेरी आदि में विद्युत सब-स्‍टेशनों का निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित है? इन सब-स्‍टेशनों का निर्माण कार्य कब से प्रारंभ हो जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 33/11 के.व्‍ही. के 2 विद्युत उपकेन्‍द्रों का निर्माण कार्य ग्राम चंदेरी एवं ग्राम बागसी में किया जाना प्रस्‍तावित है, जिनकी सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) बै‍रसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत चांटाहेडी में विद्युत सब-स्‍टेशन का निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित नहीं है। तथापि उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार 02 न. 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों का निर्माण कार्य ग्राम चंदेरी एवं ग्राम बागसी में किया जाना प्रस्‍तावित है। ग्राम चंदेरी में 33/11 के.व्‍ही.विद्युत उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में किया जाना स्‍वीकृत है। विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु भूमि का आवंटन कर दिया गया है। दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में प्रस्‍तावित कार्यों को टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा-दस्‍तावेजों की स्‍वीकृति ग्रामीण विद्युतीकरण निगम से प्रतिक्षित है। अत: उक्‍त उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य प्रारंभ होने की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है। ग्राम बागसी में 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य ए.डी.बी. योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत है तथा कार्य माह जून 2016 तक पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

परिशिष्ट ''सोलह''

विधायक स्‍वेच्छानुदान निधि

46. ( क्र. 4530 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा विधायक स्‍वेच्‍छानुदान निधि को स्‍वीकृत एवं वितरित किये जाने के क्‍या नियम है? (ख) विभाग में विधायक स्‍वेच्‍छानुदान निधि का अनुशंसा पत्र पहुंचने के उपरांत कितने दिनों में हितग्राही के खाते में अनुशंसित राशि पहुंचने की समय-सीमा है? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा अनुशंसित पत्रों पर प्राय: बहुत विलंब के बाद राशि हितग्राहियों के खाते में पहुंचती है और कई बार खातों में राशि नहीं पहुंचती है? क्‍या कारण है, स्‍पष्‍ट करें?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) मा. विधायक से अनुशंसा प्राप्‍त होने के उपरांन्‍त 07 दिवस में हितग्राहियों के खाते में राशि उपलब्‍ध कराने का प्रावधान है। (ग) योजनान्‍तर्गत हितग्राहियों के ई-पेमेन्‍ट के माध्‍यम से राशि दिये जाने का प्रावधान होने के कारण कई बार हितग्राहियों के बैंक खाता नंम्‍बर, आई.एफ.एस. कोड बैंक का नाम एवं शाखा का स्‍पष्‍ट उल्‍लेख न होने से हितग्राहियों के खातों में विलंम्‍ब से या नहीं पहुंच पाती है।

विधानसभा सदस्‍यों को मिलने वाले लिपिक

47. ( क्र. 4565 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा सदस्‍यों को शासन की ओर से लिपिक उपलब्‍ध कराने की व्‍यवस्‍था है? यदि हाँ, तो किस स्‍तर के अधिकारी/कर्मचारी को नियुक्‍त किया जाता है? (ख) क्‍या सभी विधानसभा सदस्‍यों को शासन द्वारा लिपिक उपलब्‍ध कराए हैं? यदि नहीं, तो इस संबंध में शासन की क्‍या योजना है? लिपिक नियुक्‍त में देरी के क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या लिपिकों की नियुक्ति के संबंध में शासन के पास विधानसभा सदस्‍य द्वारा दिया गया प्रस्‍ताव लंबित है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 19.05.1995 के अनुसार माननीय विधायकों को लिपिकीय सुविधा उपलब्‍ध कराने के निर्देश जिला कलेक्‍टरों को दिये गये है। लिपिकीय (तृतीय श्रेणी ) कर्मचारी। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी नहीं।

अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषकों को विद्युत कनेक्‍शन

48. ( क्र. 4633 ) श्री कैलाश चावला : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनासा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत शासन की अनुदान योजना के तहत सिंचाई पंप कनेक्‍शनों हेतु वर्ष 2014-15 में एवं वर्ष 2015-16 में जनवरी,2016 तक कितने आवेदन म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कपंनी लिमिटेड इन्‍दौर के संबंधित कार्यालयों में प्राप्‍त हुये? (ख) उक्‍त आवेदनों के प्रकाश में जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग नीमच द्वारा विभाग को आवश्‍यक स्‍वीकृति व आवंटन प्राप्‍त करने हेतु प्रकरण किस दिनांक को भेजे गये? (ग) विभाग द्वारा उक्‍त चरण-2 में उल्‍लेखित प्रकरणों में स्‍वीकृति व आवंटन किस दिनांक को किया गया? (घ) मनासा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2014-15 में एवं वर्ष 2015-16 में दिनांक 31 जनवरी,2016 तक अनुदान योजना के अन्‍तर्गत कितने सिंचाई पम्‍प कनेक्‍शन जारी किये गये हैं संख्‍या बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) मनासा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कृषकों को सिंचाई के लिये स्‍थायी विद्युत पम्‍प कनेक्‍शन प्रदाय करने हेतु लागू अनुदान योजना के तहत् वर्ष 2014-15 में कुल 273 आवेदन एवं वर्ष 2015-16 में जनवरी-2016 तक कुल 230 आवेदन म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालय में प्राप्‍त हुए हैं। (ख) कृषकों को स्‍थायी विद्युत कनेक्‍शन प्रदाय करने हेतु लागू अनुदान योजना के अन्‍तर्गत विद्युत कंपनी में प्राप्‍त सिंचाई पम्‍प कनेक्‍शन आवेदनों पर वितरण कंपनी द्वारा विभागीय तौर पर स्‍वीकृति की कार्यवाही की जाती है। आवेदकों द्वारा निर्धारित अंशराशि जमा कराई जाती है तथा शेष राशि राज्‍य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को उपलब्‍ध कराई जाती है। जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा स्‍वीकृति एवं आंवटन प्राप्‍त करने हेतु प्रकरण नहीं भेजे जाते हैं, अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) उत्‍तरांश "" के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) मनासा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2014-15 में प्राप्‍त कुल 273 आवेदनों में से समस्‍त 273 आवेदकों एवं वर्ष 2015-16 में माह जनवरी-2016 तक प्राप्‍त कुल 230 आवेदनों में से 97 आवेदकों को सिंचाई पम्‍प कनेक्‍शन जारी किये गये है।

 

रानीताल से मेहता पेट्रोल पंप तक की MR-4 रोड

49. ( क्र. 4665 ) श्री अंचल सोनकर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका निगम जबलपुर के अंतर्गत रानीताल से मेहता पेट्रोल पंप होते हुए एम.आर.-4 तक की सड़क की लंबाई कितनी है? इसका निर्माण किस कंपनी/ठेकेदार द्वारा कब किया गया? कंपनी/ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण के अतिरिक्‍त और क्‍या-क्‍या कार्य किये जाने थे, निर्माण में कितनी लागत आई ठेकेदार को कब-कब कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस-किस अधिकारी के द्वारा सत्‍यापन के उपरांत किया गया? नाम सहित बतावें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित सड़क वर्तमान में पूरी तरह उखड़ चुकी है एवं राहगीरों को आवागमन में असुविधा हो रही है? यदि हाँ, तो क्‍या संबंधित ठेकेदार का गांरटी पीरियड समाप्‍त हो चुका है अथवा नगर निगम जबलपुर की लापरवाही से ठेकेदार से गांरटी पीरियड में सड़क का रख-रखाव नहीं करवाया जा रहा है? स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित सड़क निर्माण के साथ ठेकेदार को सेंट्रल लाइनिंग, नाली व पुलिया निर्माण का कार्य भी निविदा में शामिल था? यदि हाँ, तो क्‍या संबंधित ठेकेदार द्वारा सारे कार्य कराये गये थे? यदि हाँ, तो कार्यों की जाँच किस अधिकारी द्वारा कब-कब की गई? क्‍या जाँच समस्‍त निविदित्‍त कार्य पूर्ण एवं नियमानुसार पाये गये? यदि हाँ, तो जाँच रिपोर्ट अधिकारी के नाम सहित बतावें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) 2050 मीटर/मेसर्स व्‍ही.पी.सिंह एंड कंपनी/वर्ष 2011 एवं 2012/ह्यूम पाइप नाला, आर.सी.सी. नाली एवं रोड डिवाइडर। राशि रू. 277.13 लाख। कार्यों का भुगतान निम्‍नानुसार है :-

 

1. दिनांक 09.03.2011 45,00,180.00

2. दिनांक 27.05.2011 49,38,864.00
3.
दिनांक 09.09.2011 20,71,273.00
4.
दिनांक 13.03.2012 35,21,581.00

5.      दिनांक 10.05.2012 1,06,70,959.00

6.      दिनांक 05.06.2012 20,09,931.00

कुलराशि 2,77,12,788.00

(ख) जी नहीं। जी नहीं। ठेकेदारों को सड़क का रख-रखाव नहीं करने से अनुबंध की शर्तों के अनुसार काली सूची में डालने की कार्यवाही की जा रही है। (ग) जी नहीं अपितु सेंट्रल लाईटिंग का कार्य निविदा में शामिल नहीं था। जी नहीं। कार्यों की जाँच तत्‍कालीन मुख्‍य अभियंता श्री सूर्यकुमार चौबे द्वारा दिनांक 09-01-2013 को की गई थी। जाँच प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर है। जाँच प्रतिवेदन में विभिन्‍न स्‍थानों पर आई खराबी को ठेकेदार द्वारा उसके व्‍यय पर सुधारने का लेख किया गया है।

रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड को भुगतान

50. ( क्र. 4667 ) श्री अंचल सोनकर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जबलपुर जिले में क्‍या-क्‍या कार्य कराये जा रहे है? इनके देयकों का भुगतान किस नियम के त‍हत किया जा रहा है वर्ष 2007 से 2016 तक कितनी राशि का भुगतान संबंधित विभाग द्वारा किया गया वर्षवार एवं मदवार बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत क्‍या जिला कोषालय जबलपुर द्वारा वर्ष 2007 से 2016 तक रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कार्पोरेशन लिमिटेड को किये गये देयकों के भुगतान में बिना इंकम टैक्‍स काटे बिलों का भुगतान कर दिया गया है? यदि हाँ, तो वर्ष 2007 से 2016 तक किये गये बिलों के भुगतान में शासन को कितने रूपये के टैक्‍स का नुकसान हुआ वर्षवार बतावें। (ग) क्‍या जिला कोषालय में पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन लि‍मिटेड को करोड़ों का फायदा पहुंचाया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इसकी गंभीरता पूर्वक जाँच कर दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध गबन/शासन को राजस्‍व की हानि पहुँचाने की एफ.आई.आर. दर्ज कर कार्यवाही करेगी तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) म.प्र. शासन वित्‍त विभाग के आदेशों पर भुगतान कोषालयीन नियमों के अनुसार किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। हर वर्ष आयकर कटौत्रा किया गया है। सिर्फ वर्ष 2009-10 में एक देयक की राशि रूपये 37,72,80,000/- में से आयकर राशि नहीं काटी गई है। क्‍योंकि रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अपने पत्र दिनांक 27.3.2010 द्वारा आयकर न कटाने का अनुरोध किया गया था। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश "ख" के प्रकाश में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट ''सत्रह''

राजीव गांधी विद्युतीकरण

51. ( क्र. 4735 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के अंतर्गत सिहावल विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत कितने गांव छूटे हुए हैं? इन्‍हें परियोजना में कब तक जोड़कर विद्युतीकरण किया जावेगा? (ख) सीधी जिले में विगत कई माहों से कई ट्रांसफार्मर खराब हैं, जिन्‍हें बदला नहीं गया, क्‍यों? क्‍या विभाग के पास ट्रांसफार्मर की कमी है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जिला सीधी के सिहावल विधानसभा क्षेत्रांतर्गत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के प्रावधानों के अनुसार कोई भी ग्राम विद्युतीकरण के लिये योजना में शामिल किये जाने हेतु शेष नहीं है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) सीधी जिले में वर्तमान में कोई भी खराब ट्रांसफार्मर बदलने हेतु शेष नहीं है। वितरण कंपनी के पास पर्याप्‍त ट्रान्‍सफार्मर उपलब्‍ध हैं तथा ट्रांसफार्मर खराब होने पर निर्धारित समय-सीमा में बदलने की कार्यवाही की जा रही है।

खराब मीटरों को बदलना

52. ( क्र. 4766 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्तमान में कुल कितने घरेलू/अन्‍य श्रेणी के उपभोक्‍ता हैं? इनके यहां लगे मीटरों में से कितने चालू एवं कितने जले-फूंके व अन्‍य कारणों से खराब पड़े हैं इन्‍हें बदलने में विलंब का कारण बतावें? (ख) उक्‍त में से कितने उपभोक्‍ताओं ने वर्ष 2015-16 में खराब मीटर बदलने हेतु आवेदन किये, उसमें से कितने उपभोक्‍ताओं के मीटर निर्धारित अवधि में विद्युत कंपनी/ठेकेदार द्वारा बदले, कितनों के नहीं व क्‍यों, कब तक बदले जावेंगे? (ग) क्‍या जिन उपभोक्‍ताओं के मीटर महीनों से खराब पड़े हैं अथवा जिनके यहां कनेक्‍शन तिथि से वर्तमान तक मीटर नहीं लगे इन सहित मीटर धारक उपभोक्‍ताओं को भी विद्युत कंपनी द्वारा वा‍स्‍तविक खपत के देयक जारी न कर आंकलित खपत के देयक प्रतिमाह दो से चार गुना अधिक राशि के जारी किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो इस हेतु उत्‍तरदायियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि नहीं, तो क्‍या शासन उक्‍त तथ्‍यों की जाँच कराएगा एवं खराब मीटरों को शीघ्र बदलने, मीटरविहीन घरों में नवीन मोटर लगवाने उपरांत समस्‍त उपभोक्ताओं को नियमानुसार देयक जारी करने के निर्देश विद्युत कंपनी को जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्तमान में घरेलू एवं अन्‍य श्रेणी के कुल 55886 विद्युत उपभोक्‍ता हैं, जिनमें से 42764 उपभोक्‍ताओं के परिसरों में मीटर स्‍थापित हैं। उक्‍त स्‍थापित मीटरों में से 35815 मीटर चालू है एवं 6949 मीटर जले अथवा अन्‍य कारणों से खराब/बंद हैं। उक्‍तानुसार श्रेणीवार (घरेलू व अन्‍य) उपभोक्‍ताओं, उनके परिसरों में स्‍थापित मीटरों तथा मीटरों के चालू/खराब होने की उपभोक्‍ता श्रेणीवार संख्‍या संलग्‍न परिशिष्‍ट में दर्शाए अनुसार है। इन जले/खराब मीटरों को क्रमश: बदला जा रहा हैं। (ख) वर्ष 2015-16 में 1405 उपभोक्‍ताओं ने खराब मीटर बदलने हेतु आवेदन किये, जिनमें से 1128 उपभोक्‍ताओं के मीटर निर्धारित अवधि में बदले गये हैं। 277 बंद/खराब मीटर बदलने हेतु शेष है, जिन्‍हें जाँचोपरान्‍त एक माह में बदलने की कार्यवाही की जा रही है। वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में फरवरी माह तक कंपनी द्वारा उक्‍त के अतिरिक्‍त पृथक से 1200 खराब मीटर बदले गए। (ग) जी नहीं। जिन उपभोक्‍ताओं के मीटर खराब हैं, उन्‍हें बदलने की कार्यवाही की जा रही है। मीटर बंद/खराब होने की अवधि में म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता 2013 के प्रावधानों के अनुसार विगत 3 माह की वास्‍तविक खपत के औसत के आधार पर बिलिंग की जा रही है तथा अनमीटर्ड उपभोक्‍ताओं को म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश के अनुसार निर्धारित खपत के बिल दिये जा रहे हैं। मीटर धारक उपभोक्‍ताओं की बिलिंग वास्‍तविक खपत के आधार पर की जा रही है। उक्‍त परिप्रेक्ष्य में किसी के उत्‍तरदायी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) मीटर लगाने/बदलने की कार्यवाही मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सतत् रूप से की जा रही है तथा उत्‍तरांश (ग) में दर्शाए अनुसार नियमानुसार विद्युत बिल जारी किये जा रहे हैं, अत: इस संबंध में पृथक से कोई निर्देश जारी करना आवश्‍यक नहीं है।

परिशिष्ट - ''अठारह ''

विधि विरूद्ध मकान टैक्‍स में वृद्धि

53. ( क्र. 4859 ) श्री हर्ष यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम सागर में वर्ष 2015-16 में किस क्षेत्र में किस दर से मकान टैक्‍स बढ़ाया गया है? क्‍या नगर निगम के मेन्‍युअल में मनमानी बढ़ोत्‍तरी करने का प्रावधान है? विवरण दें? (ख) क्‍या मकान टैक्‍स वृद्धि के लिये नगर निगम परिषद की साधारण सभा में अनुमोदन जरूरी है? यदि हाँ, तो वर्ष 2015-16 में किस दिनांक की साधारण सभा में तदाशय का अनुमोदन लिया गया? (ग) महापौर अपने स्‍तर पर मकान टैक्‍स में वृद्धि कर सके, क्‍या नगर निगम मेन्‍युअल, उपविधि, अधिनियम में ऐसा प्रावधान है? (घ) क्‍या निर्वाचित साधारण सभा में पारित कराये बिना मकान टैक्‍स में कई गुना वृद्धि की गई है? यदि हाँ, तो इस विधि विरूद्ध कार्यवाही के लिये शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। नगर निगम, सागर द्वारा वर्ष 2015-16 में संपत्तिकर की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। निकाय द्वारा मेनुअल में मनमानी बढ़ोत्‍तरी नहीं की गई है न ही प्रावधान के विरूद्ध कोई कार्य किया गया है। (ख) नगर पालिका निगम अधिनियम, 1956 की धारा 433 के साथ पठित धारा 138 के तहत बने म.प्र. नगर पालिक (भवनों/भूमियों के वार्षिक भाड़ा मूल्‍य का अवधारण) नियम 1997 की कंडिका 6 के तहत प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष के प्रारंभ होने के तारीख से (अधिक‍तम 6 माह के भीतर) संपत्तिकर की दरों में परिक्षेत्रों का वर्गीकरण, वसूली की तारीख का निर्धारण करने व विवरणी जमा न करने पर अधिभार की दरों का अवधारण करने बाबत् संकल्‍प अंगीकृत करना अनिवार्य है। उक्‍त नियम की कंडिका 6-क के तहत यदि उक्‍त संकल्‍प अंगीकार नहीं किया जाता है तो गत वर्ष की दरें व प्रक्रिया लागू मानी जावेंगी। नगर निगम, सागर में वर्ष 2015-16 में निगम की साधारण सभा में उक्‍त आश्‍य का संकल्‍प अंगीकार नहीं किया गया है व उक्‍त नियम की कंडिका 6-क के तहत गतवर्ष की दरों के अनुसार ही वसूली की जा रही है। (ग) जी नहीं, ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। (घ) वर्ष 2015-16 में किसी भी प्रकार की कर दरों में वृद्धि नहीं की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राज्‍य कर्मचारी कल्‍याण समिति और संघ मान्‍यता

54. ( क्र. 4865 ) श्री हर्ष यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कर्मचारी कल्‍याण समिति को शासन ने कौन-कौन से कार्य करने का दायित्‍व सौंपा है? कर्तव्‍य क्रियाकलाप और कार्य आवंटन से संबंधित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) कर्मचारी कल्‍याण समिति ने वर्ष 2015-16 में कर्मचारी हितार्थ की गई कौन-कौन सी अनुशंसाएं-सिफारिशें मान्‍य/अमान्‍य की गई? मान्‍य के विरूद्ध जारी आदेश की प्रति दें? (ग) माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में विचाराधीन रिट पिटीशन 22071/2015 निर्णीत होने के पहले ही सामान्‍य प्रशासन विभाग ने मध्‍यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के एक धड़े को मान्‍यता प्रदान करने का आधार बतावें? माननीय न्‍यायालय में विचाराधीन रहते एक धड़े को मान्‍यता देना विधिसंगत है? मान्‍यता कब तक निरस्‍त की जावेगी? (घ) मध्‍यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के मान्‍यता विवाद में सामान्‍य प्रशासन विभाग के समक्ष आपत्तियां दर्ज करने वालों के नाम-पते की जानकारी उपलब्‍ध करावें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य कर्मचारी कल्‍याण समिति को सौपें गये दायित्‍वों की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) समिति से कोई अनुशंसा/सिफारिश नहीं हैा (ग) सामान्‍य प्रशासन विभाग कर्मचारी संघों को मान्‍यता प्रदान करता है। संघ के पदाधिकारियों को मान्‍यता नहीं दी जाती है। अत: शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''उन्नीस ''

विभाग द्वारा प्रदूषण एन.ओ.सी.

55. ( क्र. 4883 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सागर द्वारा नरयावली विधानसभा क्षेत्र में स्थित कितने कारखानों/क्रेशर/नर्सिंग होम एवं अन्‍य जो विभाग की एन.ओ.सी. की श्रेणी में आते हैं? एन.ओ.सी. जारी की गई एवं कितनी विभाग में लंबित है? (ख) क्‍या एन.ओ.सी. जारी करते समय बोर्ड द्वारा सभी मापदंड के पालन उपरांत ही एन.ओ.सी. जारी की गई है? (ग) क्‍या एन.ओ.सी. जारी करने के बाद विभाग के पास संबंधित कारखानों/क्रेशर/नर्सिंग होम एवं अन्‍य संस्‍था जिनको विभाग की एन.ओ.सी. की आवश्‍यकता होती है, के विरूद्ध शिकायतें प्राप्‍त हुई है? (घ) यदि हाँ, तो विभाग ने उन शिकायतों पर संबंधित कारखानों/क्रेशर/नर्सिंग होम एवं अन्‍य संस्‍था विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) वस्तुस्थिति यह है कि मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कारखानों/क्रेशर/नर्सिग होम को एन.ओ.सी. जारी नहीं की जाती है, अपितु जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम,1974 एवं वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम,1981 के तहत सम्मति तथा खतरनाक अपशिष्ट (प्रबंधन, हस्तन तथा सीमापार संचालन) नियम,2008 एवं जीव चिकित्सा अपशिष्ट (प्रबंधन एवं हथालन) नियम,1998 के अंतर्गत प्राधिकार जारी किये गये है, जिनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। वर्तमान में कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (ख) प्रकरणों में प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में किये गये प्रयासों व सम्मति/प्राधिकार शर्तों के पालन की स्थिति का आंकलन कर गुणदोषों के आधार पर बोर्ड द्वारा सम्मति तथा प्राधिकार जारी किये गये है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

दोषियों की पहचान कर कार्यवाही

56. ( क्र. 4906 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में रीवा नगर निगम द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक में सौंदर्यकरण हेतु कहाँ-कहाँ एवं कितने-कितने लागत से वृक्षारोपण के कार्य कराये गये? वृक्षारोपण हेतु वृक्ष कितनी-कितनी लागत के खरीदे गये? इनके रख-रखाव हेतु टी गार्ड चयनिंग जाली एवं सिंचाई में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में अनियमितता की शिकायतें म.प्र. शासन एवं वरिष्‍ठ अधिकारियों को कब-कब की गई तथा उन पर राज्‍य शासन एवं वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा क्‍या-कया कार्यवाही कब-कब किस स्‍वरूप की गई बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध की जानकारी प्रश्‍नकर्ता द्वारा आयुक्‍त नगर निगम रीवा से चाही गई थी जो अधूरी एवं भ्रामक दी गई है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के कार्य क्‍या वन विभाग एवं स्‍वयं सेवी संस्‍थाओं द्वारा नगर निगम रीवा से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्‍त कर करायें गये अगर करायें, कितने वृक्ष/पौधें जीवित हैं? (ड.) यदि प्रश्‍नांश (क) एवं (घ) अनुसार पौधे मौके पर नहीं है राशि का दुरूपयोग फर्जी बिल बाउचर लगा कर किया गया? मौके पर कार्य होना नहीं पाया गया इसके लिये किन-किन को दोषी मानते हुये किस-किस तरह की कार्यवाही करेंगे बतावें? साथ ही प्रश्‍नांश (ग) अनुसार प्रश्‍नकर्ता को चाही गई जानकारी अधूरी एवं भ्रामक देने के लिये किन-किन को दोषी मानकर कौन-कौन सी कार्यवाही करेंगे बतावें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) नगर निगम रीवा द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में नगर निगम मद से रूपये 23,398.00/- से मात्र कनैल के पीछे रेल्‍वे तिराहा से रतहरा तक बने सेन्‍ट्रल वर्क के दोनों ओर म्‍यूरल लगाने का कार्य मुख्‍यमंत्री अधोसंरचना विकास योजनांतर्गत राशि रूपये 2,02,53,780.00 से कराया गया। नगर निगम द्वारा ट्रीगार्ड, चयनिंग जाली में व्‍यय नहीं किया गया। (ख) वृक्षारोपण में अनियमितता संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) नगर निगम द्वारा कराये गये कार्यों की जानकारी दी गई है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) नगर पालिक निगम रीवा द्वारा लगाये गये कनैल के पौधे वर्तमान में स्‍थल पर उपलब्‍ध है। फर्जी बिल बनाकर भुगतान नहीं किया गया है। समस्‍त जानकारी तथ्‍यात्‍मक भेजी गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्‍वालियर जिले में आबकारी विभाग के मैदानी अधिकारियों की पदस्‍थापना

57. ( क्र. 4938 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले में आबकारी विभाग के अंतर्गत मैदानी स्‍तर के अधिकारी किस दिनांक से पदस्‍थ है सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग (जी.ए.डी) के अनुसार कार्यपालिक पदों पर पदस्‍थ मैदानी अधिकारियों को तीन वर्ष से अधिक पदस्‍थ नहीं किया जा सकता विशेष कर आय अर्जित विभाग में इसका निश्‍चय जरूरी है? (ग) प्रश्‍नांश (क) ग्‍वालियर जिले में तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्‍थ मैदानी अधिकारियों की पदस्‍थापना में परिवर्तन क्‍यों नहीं किया गया यदि नहीं, तो कब तक परिवर्तन किया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) ग्‍वालियर जिले में आबकारी विभाग के अन्‍तर्गत मैदानी स्‍तर के पदस्‍थ अधिकारियों की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) आबकारी विभाग के अन्‍तर्गत मैदानी स्‍तर के पदस्‍थ अधिकारियों की पदस्‍थापना राज्‍य स्‍तर पर किये जाते है। राज्‍य स्‍तर पर की गई पदस्‍थापना मध्‍यप्रदेश शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ 6-1/2015/एक/9 दिनांक 15.04.2015 से जारी स्‍थानांतरण नीति की कण्डिका