मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2019 सत्र


मंगलवार, दिनांक 17 दिसम्बर, 2019


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



जिला बैतूल अंतर्गत काजू की फसल का उत्‍पादन

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

1. ( *क्र. 297 ) श्री निलय डागा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश एग्रो क्‍लाईमेटिक जोन के आधार पर विषयांकित जिले हेतु कौन-कौन सी उद्यानिकी फसलें अनुशंसित की गईं हैं? प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या काजू फसल भी इस जिले हेतु अनुशंसित है, वर्ष 2018-19 में विभाग द्वारा जिले के कुल कितने किसानों के यहां कितने रकबे में काजू फल का पौधा रोपण किया गया है? इसकी सूची किसानवार, जाति, ग्राम, विकासखण्‍ड, रोपित रकबा, रोपित पौधों की संख्‍या एवं प्रश्‍नांश अवधि में जीवित पौधों की संख्‍या सहित जानकारी दें (ग) क्‍या किसानों के यहां काजू पौधों की जीवित संख्‍या नगण्‍य है? इसके कारण स्‍पष्‍ट करें।                   (घ) क्‍या भारत सरकार की योजना के किसी भी घटक में आंशिक व पूर्णत: परिवर्तन करने का अधिकार जिले को प्रदत्‍त है? (ड.) यदि हाँ, तो निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो क्‍या जिला बैतूल के अधिकारी द्वारा भारत सरकार की गाईड लाईन को ताक पर रखते हुए काजू उच्‍च घनत्‍व ड्रिप रहित योजना का क्रियान्‍वयन किया गया, जिससे जिले के किसानों को अनुदान से वंचित रहना पड़ा है? अवगत करावें। (च) इसके उपरांत भी वर्ष 2019-20 में वृ‍हद स्‍तर पर किसानों के यहां काजू पौधा रोपण किस वजह से लिया जा रहा है? () क्‍या किसानों के नाम पर विभाग द्वारा काजू पौधे क्रय करने के पीछे भ्रष्‍टाचार करना प्रतीत होता है, यदि हाँ, तो इसकी उच्‍चस्‍तरीय जाँच कराकर संबंधित दोषियों के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) से (छ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

समर्थन मूल्‍य में क्रयातीत गेहूँ के बोनस राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

2. ( *क्र. 1072 ) श्री महेश राय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र बीना के किसानों से गत वर्ष 2018-19 में खरीफ की फसल सोयाबीन की भावांतर राशि का भुगतान रूपये 500 की दर से किया जाना था, तो क्षेत्र के कितने किसानों को भुगतान कर दिया है, कितने किसान शेष रह गये हैं? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) यदि नहीं, तो कब तक कर दिया जावेगा? (ग) वर्तमान में समर्थन मूल्‍य पर खरीदे गये गेहूँ, चना, मसूर पर बोनस राशि रूपये 165 की दर से भुगतान होना है, क्षेत्र के किसानों को कब तक भुगतान कर दिया जावेगा। (घ) अतिवृष्टि के कारण हुये फसलों के नुकसान का सर्वे कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा एवं मुआवजा राशि का किस दर से कब तक भुगतान किया जावेगा।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) खरीफ 2018 हेतु फ्लैट भावांतर भुगतान योजनान्‍तर्गत सोयाबीन में फ्लैट भावांतर दर निर्धारण उपरान्‍त समस्‍त जिलों को आवंटन प्रदाय करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इस योजनान्‍तर्गत विक्रय करने वाले विधानसभा क्षेत्र बीना के कृषकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) खरीफ 2018 हेतु सोयाबीन में फ्लैट भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत सोयाबीन के लिए प्रति क्विंटल का फ्लैट भावांतर दर निर्धारण एवं भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) जी नहीं। प्रदेश में लागू जय किसान समृद्धि योजना रबी 2018-19 में मात्र गेहूँ पर रूपये 160 प्रति क्विंटल प्रोत्‍साहन राशि प्रदान किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) सागर जिले में अतिवृष्टि के कारण हुये फसलों के नुकसान का सर्वे पूर्ण कर लिया गया है एवं मुआवजा राशि का भुगतान अद्यतन राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खण्‍ड-6 क्रमांक-4 में निर्धारित दर के अनुसार किया जा रहा है।

व्‍यापम घोटाले की जाँच

[गृह]

3. ( *क्र. 996 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 817, दिनांक 08 जुलाई, 2019 का उत्‍तर दिलाया जाये तथा बतावें की व्‍यापम घोटाले पर एस.टी.एफ. द्वारा की जा रही जाँच के बिन्‍दु क्‍या हैं? इस सन्‍दर्भ में निकाले गये आदेश की प्रति देवें। (ख) क्‍या व्‍यापम घोटाले के शेष बिन्‍दुओं की जाँच एस.टी.एफ. द्वारा पिछले 06 माह से की जा रही है, लेकिन अभी तक एक भी प्रकरण दर्ज नहीं किया गया? यदि हाँ, तो कारण बताएं? (ग) क्‍या पूर्व में व्‍यापम घोटाले की जाँच में एस.टी.एफ. ने काफी गोल-माल किया तथा व्‍यापम जाँच के लिये गठित एस.आई.टी. के निर्देशों की अवहेलना की? यदि हाँ, तो क्‍या एस.आई.टी. की पूर्व भूमिका को जाँच में शामिल किया जावेगा? (घ) व्‍यापम घोटाले की भयावहता को देखते हुए तथा 06 माह से अधिक समय तक जाँच पूर्ण न होने पर क्‍या व्‍यापम घोटाले पर एक श्‍वेत पत्र जारी किया जावेगा?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) अतारांकित प्रश्न क्रमांक 817 का उत्तर प्रेषित किया गया है। शेष के संबंध में जानकारी प्रक्रियाधीन है। व्यापम शिकायत जाँच के संदर्भ में दिनांक 03.09.2019 को लंबित शिकायतों में एस.टी.एफ. अविलम्ब जाँच एवं साक्ष्य संकलन की कार्यवाही यथाशीघ्र संपन्न कर विधि सम्मत कार्यवाही करने हेतु निर्देश किये गये हैं, जिसकी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। शिकायत के बिन्दु उक्त निर्देश में समाहित हैं। (ख) व्यापम घोटाले से संबंधित शिकायतों की जाँच एस.टी.एफ. द्वारा की जा रही है। व्यापम एवं संबंधित विभागों से पत्राचार कर जानकारी प्राप्त की जा रही है तथा अनावेदकगणों को तलब कर पूछताछ कर कथन लेखबद्ध किये जा रहे हैं। जाँच सुसंगत सम्पुष्टिकरण साक्ष्य प्राप्त होने पर ही वैधानिक कार्यवाही सम्भव है। साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया सतत् रूप से जारी है। जाँच निष्कर्ष अनुरूप प्रकरण दर्ज किये जाने बावत् अगामी कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) जी नहीं। वस्तुस्थिति यह है कि व्यापम घोटाले की जाँच 03 सदस्यीय एस.आई.टी. (जिसके एक सदस्य रिटायर्ड हाईकोर्ट जज थे) के दिशा निर्देशों एवं पर्यवेक्षण में की गई। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''एक''

मनरेगा योजनांतर्गत स्‍वीकृत राशि

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

4. ( *क्र. 1011 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) विधान सभा क्षेत्र धरमपुरी जिला धार में दिनांक 01.01.2014 से 01.10.2018 तक विधान सभा में आने वाली ग्राम पंचायतों को मनरेगा योजना अंतर्गत कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? वर्षवार, पंचायतवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार राशि किन-किन निर्माण कार्यों के लिये खर्च की गई? वर्षवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किन-किन ग्राम पंचायतों में तालाब के निर्माण कार्य हेतु राशि का उपयोग किया गया और कितने तालाबों का निर्माण किया गया? जानकारी उपलब्‍ध करावें

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र धरमपुरी जिला धार में दिनांक 01.01.2014 से 01.10.2018 तक विधानसभा क्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजनान्‍तर्गत 96 ग्राम पंचायतों में कुल रूपये 11681.59 लाख राशि के कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं। स्‍वीकृत किये गये कार्यों की सूची वर्षवार, पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। वर्ष 2014 में कार्य संख्‍या 165 स्‍वीकृत राशि रू. 743.64 लाख, वर्ष 2015 में कार्य संख्‍या 1132 स्‍वीकृत राशि रू. 1245.54 लाख, वर्ष 2016 में कार्य संख्‍या 3103 स्‍वीकृत राशि रू. 3339.88 लाख, वर्ष 2017 में कार्य संख्‍या 3290 स्‍वीकृत राशि रू. 4999.84 लाख एवं वर्ष 2018 (01.10.2018 तक) कार्य संख्‍या 2293 स्‍वीकृत राशि रू. 1352.69 लाख, कुल योग कार्य संख्‍या 9983, स्‍वीकृत राशि 11681.59 लाख है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार राशि जिन निर्माण कार्यों पर खर्च की गई है, उसकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) 33 ग्राम पंचायतों में 60 तालाब निर्माण कार्य किये गये हैं, जिन पर राशि रू. 555.35 लाख स्‍वीकृत किये गये हैं, जिसके विरूद्ध 377.04 लाख व्‍यय किया गया है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

5. ( *क्र. 616 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) जनपद पंचायत जवा की ग्राम पंचायत कसियारी एवं अतरैला में सत्र 2016-19 तक कुल कितने हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत राशि प्रदाय की गई? (ख) क्या ऐसे सभी हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध है? यदि नहीं, तो भूमिहीन हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु कब तक भूमि आवंटित कर दी जावेगी? आवंटित आवासों के निर्माण को पूर्ण करने की समय-सीमा बतायें। (ग) ग्राम पंचायत अतरैला के ग्राम हरदहन के पात्र हितग्राहियों क्रमश: मोहन साहू, रामसुमिरन साहू, राजबहादुर साहू एवं ग्राम पंचायत कसियारी के पात्र हितग्राही क्रमश: छोटुआ बसोर, राजीव बसोर, गणपत बसोर को एक किश्‍त आवंटित कर देने के उपरांत निर्माण कार्य में रोक लगा दिये जाने का क्या कारण है?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) सत्र 2016-19 तक जनपद पंचायत जवा की ग्राम पंचायत कसि‍यारी में 39 एवं ग्राम पंचायत अतरैला में 111 कुल 150 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना अन्तर्गत राशि प्रदाय की गई है। (ख) जी हाँ। सभी हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध है। ग्राम पंचायत अतरैला के आवंटित आवासों में शेष 13 अपूर्ण आवासों में 04 आवासों में स्थगन है। शेष 09 आवासों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है एवं ग्राम पंचायत कसियारी के आवंटित आवासों में शेष 05 अपूर्ण आवासों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। (ग) ग्राम पंचायत अतरैला के ग्राम हरदहन के पात्र हितग्राहियों क्रमश: मोहन साहू, रामसुमिरन साहू, राजबहादुर साहू के आवास में न्यायालयीन स्थगन होने के कारण आवास निर्माण का कार्य बंद है एवं ग्राम पंचायत कसियारी के छोटुआ बसोर, राजीव बसोर, गणपत बसोर, तीनों शासकीय तालाब के मेड़ पर आवास का निर्माण कर रहे थे, जिनका निर्माण कार्य कुछ ग्रामीणजनों के विरोध के कारण रूका हुआ था, जिसका निराकरण करा लिया गया है। आवास निर्माण कार्य प्रगतिरत है।

शिवपुरी जिले में आर.के.व्‍ही.वाई. योजना अंतर्गत प्‍याज भण्‍डारण

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

6. ( *क्र. 814 ) श्री सुरेश धाकड़ : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में वर्ष 2015-16 से वर्ष 2017-18 तक आर.के.व्‍ही.वाई. योजना अंतर्गत प्‍याज भण्‍डारण में किन-किन के कहाँ-कहाँ के प्रकरण कितनी-कितनी राशि के स्‍वीकृत किये गये? कितना-कितना अनुदान कब कब स्‍वीकृत कर भुगतान किया गया? (ख) उक्‍त प्‍याज भण्‍डारण के स्‍वीकृत किन-किन प्रकरणों का किस-किस के द्वारा कब कब भौतिक सत्‍यापन किया गया? (ग) क्‍या उक्‍त स्‍वीकृत प्रकरणों में प्‍याज भण्‍डारण हेतु प्‍याज गोदाम बनाये गये हैं? यदि हाँ, तो किन-किन के द्वारा कहाँ-कहाँ प्‍याज गोदाम बनाये हैं? उक्‍त प्‍याज गोदामों का किन-किन के द्वारा भौतिक सत्‍यापन किया गया? भौतिक सत्‍यापन की प्रति दें। (घ) क्‍या कुछ प्रकरणों में प्‍याज गोदाम नहीं बनाये गये और अधिकारियों की मिलीभगत से अनुदान राशि निकाल ली गई? यदि हाँ, तो ऐसे प्रकरण कौन-कौन से हैं? यदि नहीं, तो स्‍वीकृत समस्‍त प्‍याज गोदामों के भौतिक सत्‍यापन प्रमाण-पत्र संलग्‍न कर जानकारी दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छतरपुर जिलांतर्गत कार्यरत वाटरशेड समितियां

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

7. ( *क्र. 1071 ) श्री नीरज विनोद दीक्षित : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिला अंतर्गत वाटरशेड की कितनी समितियां कार्यरत हैं? क्‍या किसी समिति के नियम विरूद्ध गठन की शिकायत प्राप्‍त हुई? यदि हाँ, तो शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गयी?                          (ख) वाटरशेड समिति अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्य कराये गये? कितनी राशि व्‍यय हुई? कार्यवार विवरण सहित जानकारी प्रदान करें। इनका भौतिक सत्‍यापन किन संस्‍थाओं/अधिकारियों द्वारा किया गया? क्‍या समस्‍त कार्य पूर्ण हो चुके हैं, लंबित कार्यों का विवरण व पूर्ण ना होने का कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) वाटरशेड समितियों के कार्यों के संबंध में क्‍या शिकायतें प्राप्‍त हुईं हैं, शिकायतों का निराकरण किया गया या नहीं? लंबित शिकायतों व निराकृत शिकायतों में कोई गंभीर अनियमितता ज्ञात हुई तो दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं की गयी तो कब तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) 38. जी नहीं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। समस्‍त कार्य पूर्ण हो चुके हैं, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में किये गये निर्माण कार्यों की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

8. ( *क्र. 141 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) खण्डवा जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत विगत 5 वर्षों में कितने कि.मी. सड़कों का रिन्यूवल किया गया? विधानसभा क्षेत्रवार एवं ग्रामवार जानकारी दें (ख) क्या खण्डवा जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत विगत वर्षों में प्रतिवर्ष 200 कि.मी. रिन्यूवल की स्वीकृति प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो उक्त स्वीकृति के विरुद्ध वर्षवार कितने कि.मी. रिन्यूवल का कार्य किया गया? (ग) क्या विभाग की लापरवाही एवं शिथिल कार्यप्रणाली के कारण शासन से स्वीकृत 200 कि.मी. रिन्यूवल के विरुद्ध मात्र 100 कि.मी. तक ही रिन्यूवल का कार्य किया गया? इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है? (घ) क्या जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक दिनांक 02.11.2019 में अध्यक्ष एवं माननीय सदस्यों द्वारा विगत 3 वर्षों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत बनी सड़कों के अत्यंत घटिया निर्माण की शिकायत की गयी है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही हुई? (ड.) क्या ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में बाधक बनने वाले तत्कालीन महाप्रबंधक के विरुद्ध सड़कों के घटिया निर्माण एवं रिन्यूवल कार्य समय पर नहीं करवाये जाने की उच्चस्तरीय जाँच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) खण्डवा जिले के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत विगत 5 वर्षों में 506.98 कि.मी. सड़कों का रिन्यूवल किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत संधारित सड़कों में भौतिक स्थिति के अनुसार रिन्यूवल का कार्य कराया जाता है। विगत पाँच वर्ष में किये गये रिन्यूवल की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक दिनांक 02.11.2019 के कार्यवाही विवरण अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत निर्मित कुल 10 सड़कों में घटिया निर्माण की शिकायत की गई थी। उक्‍त 10 सड़कों में से 08 सड़कें अच्छी स्थिति में है। ''नॉदिया से गरबड़ी'' मार्ग के 10 वर्ष पश्‍चात् संधारण हेतु निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है तथा दूसरा मार्ग ''जावर से सहेजला'' अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुआ है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ड.) ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में बाधक बनने संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। खण्डवा जिले के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों के संधारण के संबंध में कमी के परिप्रेक्ष्य में प्राधिकरण स्तर से कराई गई जाँच में कर्तव्य निर्वहन में उदासीनता हेतु प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर तत्कालीन महाप्रबंधक एवं सहायक प्रबंधक का निलंबन किया गया है तथा संविदा उपयंत्रियों को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किये गये हैं।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्र. 07 पर घटित सड़क दुर्घटनाएं

[गृह]

9. ( *क्र. 1067 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) मैहर विधानसभा क्षेत्र के थाना मैहर, थाना अमदरा व थाना नादन में रा.रा. क्र. 07 पर विगत तीन वर्षों में कहाँ-कहाँ सड़क दुर्घटनायें हुईं? इन दुर्घटनाओं में कितने लोगों की मृत्‍यु हुई व कितने लोग घायल हुए? (ख) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित दुर्घटनाओं का मुख्‍य कारण क्‍या है? क्‍या निर्माणाधीन राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 07 में नियम विरूद्ध डायवर्सन, सेफ्टी नियमों का निर्माण एजेन्‍सी द्वारा पालन न किये जाने के कारण अधिकांश दुर्घटनायें हुईं हैं? (ग) उपरोक्‍त दुर्घटनाओं के संबंध में दोषी सड़क निर्माता एल.एण्‍ड.टी. कंपनी पर विभाग द्वारा अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) मैहर, अमदरा एवं नांदन थानों में रा.रा.नं. 07 पर विगत 03 वर्षों में ग्राम बरहिया नरौरा, रिगरा, पहाड़ी, बठिया, भेड़ा, लखनपुर नांदन, खोधिरा, कंचनपुर, जरियारीमोड़, तिलौरा, पोड़ी, कन्हवारा, पलौहा, महेदर, मैहर ओव्हर ब्रिज, दशईपुर, टमाटर मण्डी, टमस नदी पुल, रिगरा बेरमा, घुसडू नदी, कादम्बरी होटल के पास, जरियारी रेस्ट हाउस के सामने, कटनी मोड़, कुसेड़ी परसवारा, घुनवारा खेरवासानी, नौगवां, पाला, पकरिया, सभागंज पलौहा, झुकेही, खम्हरिया, गुमेही प्रयागंज में सड़क दुर्घटनाएं घटित हुईं। कुल 555 प्रकरणों में 194 व्यक्तियों की मृत्यु हुई एवं 637 व्यक्ति घायल हुए। (ख) फोरलेन हाइवे होने के कारण वाहन चालकों द्वारा तेजगति व लापरवाही से वाहन चलाने के कारण अधिकांश दुर्घटनांए घटित हुईं हैं, अनुसंधान के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में अभी तक के प्रकरणों में तेज गति, लापरवाही से वाहन चलाने के कारण दुर्घटनाओं का होना पाया गया है। निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 07 में नियम विरूद्ध डायवर्सन सेफ्टी नियमों का निर्माण एजेन्सी द्वारा पालन न किये जाने सबंधी घटनाएं प्रकाश में नहीं आईं हैं।                    (ग) सड़क निर्माता एल.एण्ड.टी. कम्पनी पर कार्यवाही बावत् लेख है कि किसी भी प्रकरण में अभी तक किसी प्रकार दोषी नहीं पाये जाने के कारण कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

सुरेल-आमखो को पुरातात्विक एवं पर्यटक स्‍थल का दर्जा दिया जाना

[पर्यटन]

10. ( *क्र. 328 ) श्री बृजेन्द्र सिंह यादव : क्या नर्मदा घाटी विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले में कौन-कौन से स्‍थान को पुरातात्विक एवं पर्यटन स्‍थल का दर्जा दिया गया है? विभाग द्वारा पर्यटन स्‍थल के विकास के लिए कौन-कौन सी योजनाएं हैं?                                                                       (ख) अशोकनगर जिले की चन्‍देरी तहसील अंतर्गत आमखो स्‍थान जहां पर पुराने शैल चित्र पाये गये हैं, को पर्यटन/पुरातात्विक स्‍थल का दर्जा दिलाने के लिए विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) अशोकनगर जिले के पर्यटन स्‍थल/पुरातात्विक स्‍थल को धरोहर के रूप में संरक्षित करने हेतु किस स्‍थान पर कितनी भूमि संरक्षित की गई है? सर्वे क्रमांक एवं रकबा की जानकारी देवें।

नर्मदा घाटी विकास मंत्री ( श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल ) : (क) किसी स्‍थल को पर्यटन स्‍थल का दर्जा दिये जाने की विभाग की कोई नीति नहीं है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की स्‍वदेश दर्शन पर्यटन एवं प्रसाद योजनान्‍तर्गत चिन्‍हांकित पर्यटन एवं धार्मिक स्‍थलों में पर्यटन अधोसंरचनाओं का निर्माण हेतु प्राप्‍त स्‍वीकृति अनुसार कार्यवाही की जाती है। मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा पर्यटन स्‍थलों को विकसित करने हेतु राज्‍य बजट से स्‍वीकृतियां प्रदान करने के     साथ-साथ भूमि संबंधी नीति हेरिटेज प्रापर्टी नीति, WSA नीति, वॉटर टूरिज्‍म नीति तथा केंपिंग साईट के विकास हेतु आदि विभिन्‍न नीतियां बनाई गईं हैं। (ख) किसी भी स्‍थल को पर्यटन स्‍थल का दर्जा दिलाने का कार्य विभाग के कार्य क्षेत्र में नहीं है। (ग) प्रश्‍नाधीन जिले के राज्‍य संरक्षित स्‍मारकों के संरक्षित क्षेत्र के सर्वे क्रमांक एवं रकबे की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट में उल्‍लेखित है।

परिशिष्ट - ''दो''

कैदियों को प्रदत्‍त सुविधाएं

[जेल]

11. ( *क्र. 803 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्यप्रदेश की जेलों में भारत की अन्य जेलों की तरह फल, फ्रूट, अचार, मिर्ची, टमाटर, नमकीन, बिस्कुट, चने आदि दिये जाते थे? यदि हाँ, तो अब क्यों नहीं दिये जा रहे हैं? इससे शासन को क्या हानि है? (ख) क्‍या बंदियों की सुविधाओं में फल, फ्रूट, अचार, नमकीन, मिर्ची, टमाटर, बिस्कुट, चने प्रतिबन्धित है? यदि नहीं, तो कब से दिया जायेगा?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) मध्‍यप्रदेश की जेलों में बंदियों को जेल मैन्‍युअल के प्रावधानानुसार भोजन एवं अन्‍य खाद्य सामग्री जैसे चने, अचार, मिर्ची, टमाटर, नमकीन, बिस्‍किट आदि दिये जाते हैं। विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नागदा कृषि उपज मण्डी को आदर्श मण्डी के निर्माण हेतु राशि की स्वीकृति‍

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

12. ( *क्र. 189 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा कृषि उपज मण्डी प्रांगण व भवन निर्माण एवं आदर्श मण्डी के रूप में विकसित करने हेतु राशि स्वीकृत करने की मांग करने पर मुख्यमंत्री द्वारा पत्र क्र. (1) 3625/सी.एम.एस./एम.एल.ए./212/2019, दिनांक 28/09/2019, (2) 3537/सी.एम.एस./एम.एल.ए./212/ 2019, दिनांक 26/09/2019, (3) 3470/सी.एम.एस./एम.एल.ए./212/2019, दिनांक 24.09.2019 के परिपालन में प्रमुख सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा राशि स्वीकृत करने हेतु क्या कार्यवाही की गई? (ख) माननीय कृषि मंत्री के पत्र क्र. 641, दिनांक 26.09.2019377, दिनांक 08.08.2019 के द्वारा प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड को प्रेषित पत्र पर प्रबंध संचालक द्वारा राशि स्वीकृति हेतु क्या कार्यवाही की गयी है? (ग) आदर्श मण्डी विकसित करने हेतु कितनी राशि किन-किन कार्यों हेतु स्वीकृत की गयी है? मण्डी पहुंच मार्ग 42 x 532 फीट के निर्माण हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गयी है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) माननीय विधायक महोदय द्वारा प्रस्‍तुत प्रस्‍ताव का परीक्षण किया गया। बजट उपलब्‍ध नहीं होने से अभी कोई कार्यवाही नहीं की गई। (ख) बजट नहीं होने से स्‍वीकृति प्रदान नहीं की गई। (ग) कोई राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है।

नंदन फलोद्यान योजनांतर्गत राशि का भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

13. ( *क्र. 301 ) श्री राकेश गिरि : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2007-08 में शासन की महात्‍मा गांधी नरेगा की नंदन फलोद्यान उपयोजना में टीकमगढ़ जिले के विकासखण्‍ड टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत सुंदरपुर में स्‍वीकृत नंदन फलोद्यान की सूची प्रदान करें। (ख) क्‍या विकासखण्‍ड टीकमगढ़ की ग्राम पंचायत सुंदरपुर में वर्ष 2007-08 में रोजगार गारंटी योजना के तहत नंदन फलोद्यान योजनान्‍तर्गत स्‍वयं की जमीन में 300 पेड़ लगाकर, बगीचा विकसित करने के लिए फलोद्यान कार्य कोड नं. 6030/एल.डी./17/से 0.98 लाख रूपया स्‍वीकृत हुए थे? यदि हाँ, तो हितग्राही का नाम भी बताएं? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में स्‍वीकृत योजना में लाभान्वित हितग्राही को योजना की सम्‍पूर्ण राशि का भुगतान कर दिया गया है? यदि हाँ, तो तिथि व राशियों का ब्‍यौरा उपलब्‍ध करायें(घ) प्रश्‍नांश (ग) में यदि लाभान्वित हितग्राही को योजना की सम्‍पूर्ण राशि का भुगतान नहीं किया गया है तो इसका क्‍या कारण है? विलंब के लिए कौन दोषी है? दोषी के विरूद्ध कब तक और क्‍या कार्यवाही की जावेगी तथा हितग्राही को सम्‍पूर्ण भुगतान कब तक किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) वांछित जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। हितग्राही का नाम फूलचन्‍द्र आत्‍मज मोहन लोधी है। (ग) स्‍वीकृत योजना में लाभांवित हितग्राही को मूल्‍यांकन अनुसार कुल राशि रूपये 69568.00/- का भुगतान किया गया है। किये गये भुगतान का ब्‍यौरा संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) लाभांवित हितग्राही को तत्‍समय किये गये कार्य के मूल्‍यांकन के आधार पर कुल राशि रूपये 69568.00/- का भुगतान किया गया है। भुगतान तत्‍समय कार्य मूल्‍यांकन के आधार पर किये जाने के कारण किसी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी होने का प्रश्‍न नहीं रहता। कार्य वर्ष 2007-08 में स्‍वीकृत किया गया एवं परियोजना 5 वर्ष की थी। अत: वर्तमान में भुगतान किया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

परफॉरमेन्स ग्रांट की राशि का ग्राम पंचायतों को आवंटन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( *क्र. 505 ) श्री हरदीपसिंह डंग : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) मंदसौर जिले में 14वां वित्त आयोग अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में परफॉरमेन्स ग्रांट की राशि का ग्राम पंचायतों को प्राप्त आवंटन, कार्य के नाम, राशि सहित पंचायतवार जानकारी देवें।                     (ख) उपरोक्त जिन पंचायतों को राशि शासन की ओर से प्रदान की गई थी, उसका क्या मापदण्ड तय किया गया था? (ग) मंदसौर जिले में विगत चार वर्षों में किन-किन पंचायतों ने कितना-कितना कर वसूल किया है? वर्षवार एवं पंचायतवार जानकारी देवें। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र की पंचायतों में उपरोक्त योजना के तहत दी गई राशि एवं जिन पंचायतों को राशि नहीं दी गई, के तुलनात्मक आकड़ों की जानकारी उपलब्ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) मंदसौर जिले में 14वां वित्त आयोग अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 की परफॉरमेन्स ग्रांट मद की राशि, ग्राम पंचायतों को प्राप्त आवंटन, कार्य के नाम, राशि सहित पंचायतवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) 14वां वित्त आयोग परफॉरमेन्स ग्रांट अंतर्गत स्वकराधान के आधार पर भारत सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को राशि प्रदान की जाती है। योजना के मापदण्ड हेतु मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 18, दिनांक 10.01.2018 प्रकाशित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में 130 ग्राम पंचायतों में से 12 ग्राम पंचायतों को, जिला पंचायत मंदसौर की ओर से प्रेषित प्रस्ताव के आधार पर राशि प्रदाय की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना का क्रियान्‍वयन

[नर्मदा घाटी विकास]

15. ( *क्र. 656 ) श्री महेश परमार : क्या नर्मदा घाटी विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2012 से 2015-16 तक रूपये 40630 लाख की राशि नर्मदा क्षिप्रा परियोजना में खर्च की जा चुकी है? खर्च राशि से क्या देवास और उज्जैन जिले को पेयजल हेतु जल उपलब्ध कराने के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है? यदि नहीं, तो उक्त राशि के खर्च का औचित्य क्या है? लक्ष्य प्राप्त न होने कि स्थिति में जिम्मेदार कौन है? (ख) क्या मेसर्स लार्सन एंड टूब्रो कंपनी चेन्नई से किए गए अनुबंध अनुसार 42 माह की अनुबंधित समयावधि में परियोजना पूर्ण करने की स्वीकृति‍ शासन द्वारा दी गयी थी? यदि हाँ, तो उज्जैन-नागदा में पेयजल औद्योगिक उपयोग हेतु तथा तराना-घोंसला-घट्टि‍या-गुराडिया गुर्जर-मकसी-शाजापुर को पेयजल हेतु लक्ष्य अनुसार कार्य हुए हैं अथवा नहीं? यदि नहीं, हुए हैं तो दोषी अधिकारियों पर क्‍यों कार्यवाही नहीं हुई? (ग) क्या तराना तहसील के आसपास 30 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों को भूमिगत पाइपलाइन से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 10 क्यूसेक जल के प्रावधान अनुसार क्या कार्यवाही हुई? (घ) दिनांक 18.10.2017 को रुपए 2215.64 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति से कौन-कौन से कार्य इस योजना में किए गए हैं? अनुबंध अनुसार कार्य न होने पर क्या कार्यवाही हुई?

नर्मदा घाटी विकास मंत्री ( श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल ) : (क) जी हाँ। योजना का क्रियान्‍वयन मुख्‍य रूप से नर्मदा नदी का पानी क्षिप्रा नदी में लाकर आवश्‍यक जल की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने हेतु किया गया। योजना से मांग अनुसार पेयजल उपलब्‍ध कराया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) नर्मदा क्षिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना का कार्य मेसर्स लार्सन एण्‍ड टूब्रो कंपनी चैन्‍नई को 42 माह में पूर्ण करने की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में परियोजना का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।                             (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। अनुबंध अनुसार निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

थाना चांचौड़ा में दर्ज अपराध पर कार्यवाही

[गृह]

16. ( *क्र. 1091 ) श्री हरीसिंह सप्रे : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) अपराध क्रमांक 447/06 थाना चांचौड़ा जिला गुना में नामजद आ‍रोपियों की गिरफ्तारी क्‍यों नहीं की जा रही है? सभी आरोपियों के नाम, पता, व्‍यवसाय क्‍या है? उन पर कितना इनाम है?                  (ख) आरोपियों में शामिल गादेर सरपंच विजय सिंह पुत्र भंवर जी एवं शासकीय कर्मचारी सुकलाल पुत्र मांगीलाल एवं देवीलाल पुत्र रामरतन को किस कारण गिरफ्तार नहीं किया, जबकि ये लोग अपने कार्यालय में नियमित उपस्थित हैं? (ग) इस प्रकरण में लापरवाह पाए गये अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जाँच को क्‍यों लंबित रखा गया है? (घ) क्‍या सरकार एक शहीद को न्याय दिलाने में रूचि नहीं रखती है? यदि नहीं, तो कितने दिनों में सभी नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर दोषी कर्मचारियों की विभागीय जाँच पूरी की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) थाना चाचौड़ा जिला गुना के अपराध क्रमांक 447/06 में 61 नामजद आरोपियों में से 20 आरोपी गिरफ्तार किये जा चुके हैं, 05 आरोपी फौत हो गए हैं, शेष 36 आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों के नाम, पता, व्यवसाय एवं उन पर उल्लेखित ईनाम की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) घटना के आरोपियों में शामिल गादेर सरपंच विजय सिंह पुत्र भंवरजी की इस प्रकरण में संलिप्त होने की जानकारी जुलाई 2019 में होने पर इसकी तलाश की जाने में यह फरार हो गया। आरोपी सुकलाल पुत्र मांगीलाल के गेल इण्डिया उज्जैन में काम करने की तथा आरोपी देवीलाल पिता रामरतन का एन.एफ.एल. राघोगढ़ में काम करने की जानकारी प्राप्त हुई है, साक्ष्य अनुसार कार्यवाही की जावेगी। (ग) लापरवाह पाये गये पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध संयुक्त रूप से विभागीय जाँच संस्थित की गई है, जो नैसर्गिक न्‍याय के सिद्धान्‍त का पालन करते हुये की जा रही है। (घ) जी नहीं। प्रकरण में संलिप्त नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी एवं दोषी विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों की विभागीय जाँच की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत आवासों का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

17. ( *क्र. 117 ) श्री शरदेन्दु तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                            (क) वर्ष 2019-20 में केन्‍द्र सरकार द्वारा प्रदेश को आवास बनाने हेतु कितने आवासों का आवंटन कब-कब कम कर दिया गया? (ख) प्राप्‍त आवंटन में से कितने आवास प्रदेश में बनाये जाने हेतु स्‍वीकृत किए गये एवं कितने लंबित हैं? (ग) क्‍या केन्‍द्र से प्राप्‍त आवंटन पर राज्‍य शासन द्वारा केन्‍द्र को आवास कम किए जाने हेतु दिनांक 27.07.2019 को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) उक्त आवंटन के हिसाब से सीधी जिले में कुल कितने आवास कम हुए? जनपद अनुसार जानकारी दें।

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जी नहीं। (ख) जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्ध है। (ग) जी हाँ, वर्ष 2016-17, 2017-18 एवं 2018-19 के भौतिक/वित्तीय लक्ष्य एवं उपलब्धियों के दृष्टिगत एवं पुराने अनुभवों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2019-20 में 6 लाख आवासों पर कार्य करने का निर्णय लिया गया, जो कि विगत वित्तीय वर्षों में से सर्वाधिक है। (घ) जी नहीं।

विधान सभा क्षेत्र अनूपपुर में मनरेगा योजनाओं के तहत स्‍वीकृत कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( *क्र. 125 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र अनूपपुर, कोतमा एवं पुष्‍पराजगढ़ में विगत पाँच वर्षों में कितनी-कितनी राशि मनरेगा योजनाओं के तहत पंचायतों को प्रदान की गई? वर्षवार, विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितनी-कितनी राशि किन कार्यों के लिये स्‍वीकृत कराई गई, कौन-कौन से कार्य पूर्ण हुये, कौन-कौन से कार्य अपूर्ण हैं तथा कौन-कौन से कार्य अभी तक निर्माणाधीन हैं तथा ऐसे कौन से कार्य हैं, जो अभी तक प्रारंभ ही नहीं हो पाये हैं। विधानसभा क्षेत्रवार, वर्षवार, व्‍ययवार सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। यह भी बताया जाये कि अपूर्ण और अप्रारंभ कार्य किस कारण से पूर्ण अथवा प्रारंभ नहीं हो सके और इन्‍हें कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा। (ग) क्‍या दिनांक 03 अगस्‍त, 2019 को ग्राम छोहरी, ग्राम पडौर एवं ग्राम खम्‍हरिया में पिछले दस वर्षों में पंचायत द्वारा कराये गये कार्यों का लेखा-जोखा मांगने पर प्रस्‍तुत नहीं किया गया? यदि हाँ, तो अभी तक प्रस्‍तुत नहीं करने का क्‍या कारण है तथा उक्‍त अवधि में कराये गये कार्यों में हुई अनियमितता करने वाले दोषी अधिकारियों के विरूद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही कब तक कर दी जायेगी।

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जिला अनूपपुर अन्‍तर्गत विधानसभा क्षेत्र अनूपपुर, कोतमा एवं पुष्‍पराजगढ़ में विगत पाँच वर्षों में वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक मनरेगा योजना में पंचायतों को प्राप्‍त राशि रू. 36875.15 लाख एवं व्‍यय राशि रूपये 36875.15 लाख है। विस्‍तृत जानकारी विधानसभावार, वर्षवार प्राप्‍त राशि एवं व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में मनरेगा योजना के अंतर्गत विधानसभावार, वर्षवार स्‍वीकृत कार्यों की स्‍वीकृत राशि, व्‍यय राशि, पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। मनरेगा अंतर्गत योजना में अप्रारंभ कार्य का मांग पत्र प्राप्‍त न होने के कारण कार्य अप्रारंभ है। विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत क्षेत्रीय अमलों को स्‍वीकृत कार्य का मांग पत्र लेकर कार्य प्रारंभ कराने हेतु निर्देशित किया गया है। स्‍वीकृत कार्यों को दिनांक 31.12.2019 तक प्रारंभ कराकर दिनांक 31.03.2020 तक पूर्ण करा लिया जावेगा। (ग) 1. ग्राम पंचायत छोहरी के निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता एवं भुगतान में रू. 839379/- राशि की अनियमितता पाई गई थी। इस अनियमितता के विरूद्ध ग्राम पंचायत छोहरी की सरपंच, श्रीमती मुन्‍नी बाई, सचिव, श्री सुखनलाल केवट के विरूद्ध दिनांक 16.10.2019 को अपराध क्रमांक 0417 पंजीबद्ध कराया गया था। पंचायतराज एवं ग्राम स्‍वराज अधिनियम 1993 के अंतर्गत श्रीमती मुन्‍नी बाई, सरपंच के विरूद्ध धारा 40 का प्रकरण पंजीबद्ध एवं सुनवाई दिनांक 23.10.2019 को सरपंच पद से पृथक किया गया था। श्रीमती मुन्‍नीबाई, सरपंच द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक 21127/2019 दायर की गयी है। मान. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा याचिका में दिनांक 16.10.2019 को आदेशित किया है कि “If the petitioners co. operate in the investigation then No Coercive Action may be taken against them.” श्रीमती मुन्‍नी बाई, सरपंच एवं श्री सुखनलाल केवट, सचिव के विरूद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरण की प्रथम सूचना पत्र की प्रति एवं मान. उच्‍च न्‍यायालय द्वारा पारित आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। 2. ग्राम पंचायत पडौर के निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता एवं भुगतान में रू. 12225340/- राशि की अनियमितता पाई गई थी। इस अनियमितता के विरूद्ध ग्राम पंचायत पडौर के श्री उमाकांत सिंह उइके, सरपंच, श्री शम्‍भू सिंह सचिव, श्री लिखीराम केवट ग्राम रोजगार सहायक के विरूद्ध दिनांक 05.10.2019 को अपराध क्रमांक 0396 पंजीबद्ध कराया गया था। पंचायतराज एवं ग्राम स्‍वराज अधिनियम 1993 के अन्‍तर्गत श्री उमाकांत सिंह उइके, सरपंच के विरूद्ध धारा 40 का प्रकरण पंजीबद्ध एवं सुनवाई कर दिनांक 23.10.2019 को सरपंच पद से पृथक किया गया था। श्री उमाकांत सिंह उइके, सरपंच द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में रिट याचिका क्रमांक 22271/2019 को दायर किया गया है। मान. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा याचिका में दिनांक 21.10.2019 को आदेशित किया गया है कि “If the petitioners co. operate in the investigation then No Coercive Action may be taken against them.” श्री उमाकांत सिंह उइके, सरपंच, श्री शम्‍भू सिंह, सचिव, श्री लिखीराम केवट, ग्राम रोजगार सहायक के विरूद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरण की प्रथम सूचना पत्र की प्रति एवं मान. उच्‍च न्‍यायालय द्वारा पारित आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। 3. ग्राम पंचायत खम्‍हरिया में पिछले 10 वर्षों के निर्माण कार्यों की जिला स्‍तरीय समिति गठित कर जाँच कराई गई थी, परन्‍तु जाँच प्रतिवेदन से लोक लेखा समिति द्वारा संतुष्‍ट न होने के कारण पुन: कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग की अध्‍यक्षता में जिला स्‍तरीय समिति के माध्‍यम से जाँच प्रचलन में है।

कोलगवां थाने में दर्ज अपराध पर कार्यवाही

[गृह]

19. ( *क्र. 699 ) श्री जुगुल किशोर बागरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्‍या अपराध अनुसंधान सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पत्र 198/17, दिनांक 15.02.2017 अनुसार एस.पी. सतना से प्रश्नानुसार बिन्‍दु (क) से (घ) तक की जानकारी विशेष वाहक से मांगी थी एवं एस.पी. सतना ने पत्र क्र. 18ए/2017, दिनांक 15.02.2017 से नगर पुलिस, थाना प्रभारी कोलगवां को निर्देश दिये थे? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) की उक्‍त जानकारी उपलब्ध करावें? यदि नहीं, भेजी गई तो उत्तरदायी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में काफी समय व्यतीत होने पर भी कोलगवां थाने में अप. क्रमांक 44 रकबा 3.38 एकड़ के फर्जी बद्रीप्रसाद की आराजी का अप. 168/16 दर्ज है, सिटी कोतवाली में फर्जी सीताराम विश्वकर्मा, रामनारायण विश्वकर्मा की आ.नं. 328/342 का अप.क्र. 169/17 दर्ज है, शेष 13 पर मुकदमा आज तक क्यों दर्ज नहीं हुआ, जबकि फर्जी ईश्वर प्रताप सिंह की आ.जाँच के लिये अति.एस.पी. सतना पत्र 276/2017, दि. 03.11.2017 को कार्यवाही के निर्देश दिये थे, इसके बाद भी अपराध क्यों नहीं कायम हुआ? कब तक किया जावेगा? विवरण दें। (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) सही है तो आई.जी./डी.आई.जी./एस.पी. द्वारा स्वयं प्रकरण का अवलोकन कर 169/17 में चालान न्यायालय में पेशकर अपराधियों को बचाने का प्रयास करने वाले विवेचना अधिकारी सुभाषचंद्र बर्मा एवं थाना प्रभारी विद्याधर पाण्डेय को कब तक निलंबित कर जाँच कराई जायेगी?  यदि नहीं, तो कारण बतावें?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) दोनों प्रकरण अनुसंधान में हैं। प्रकरणों में साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की जा रही है, प्राप्त साक्ष्यानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) प्रकरणों में पुलिस द्वारा अपराधियों को बचाने का प्रयास नहीं किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

रमखिरिया-कटरा मार्ग पर पुल निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( *क्र. 230 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या सिहोरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विकाखण्‍ड सिहोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत रमखिरिया एवं ग्राम पंचायत खम्‍हरि‍या कटरा के मध्‍य बरनू नदी पर निर्मित स्‍टाप डेम वर्षा ऋतु में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्‍त हो जाने से आस-पास के ग्रामों का आवागमन अवरूद्ध है, यदि हाँ, तो स्‍टापडेम के निर्माण/नव-निर्माण किये जाने की क्‍या कार्य योजना तैयार की गई है? कब तक स्‍टापडेम कम पुलिया का निर्माण करा दिया जावेगा।

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : प्रश्नांकित कटरा रमखिरिया स्टाप डेम कम कॉजवे का कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 1996-97 में कराया गया था, जिसके क्षतिग्रस्त होने से विभाग द्वारा पुल निर्माण हेतु रू. 2.00 करोड़ का प्राक्कलन तैयार किया गया है। विभाग अंतर्गत उपलब्ध आवंटन पूर्व स्वीकृत कार्यों हेतु आबद्ध होने से कार्य पूर्ण कराए जाने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

बरगी विधान सभा क्षेत्र की माइनरों का निर्माण

[नर्मदा घाटी विकास]

21. ( *क्र. 806 ) श्री संजय यादव : क्या नर्मदा घाटी विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत बाँयी तट नहर की शहपुरा माइनर का निर्माण कब कितनी लागत से कराया गया? उक्‍त माइनर में निर्माण एवं रख-रखाव पर कब-कब कितनी-कितनी राशि के कार्य किस-किस ठेकेदार से कराये गये? विगत 5 वर्षों की जानकारी दें। शहपुरा माइनर से अब तक पानी क्‍यों नहीं पहुँचाया गया है? पानी नहीं पहुँचाने के लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं? (ख) बरगी वि.स. क्षेत्र की बेलखेड़ी माइनर के निर्माण की स्‍वीकृति कब प्रदान की गयी? निर्माण में कितनी-कितनी राशि की निविदायें स्‍वीकृत की गयीं? बेलखेड़ी माइनर का अब तक कितना निर्माण हुआ है? कितना शेष है? उक्‍त निर्माण पूर्ण नहीं होने एवं वर्षों बाद भी किसानों को पानी नहीं मिलने के लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं?

नर्मदा घाटी विकास मंत्री ( श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल ) : (क) वर्ष 2002-03 में राशि रूपये 544.78 लाख, वर्ष 2007-08 में राशि रूपये 298.95 लाख एवं वर्ष 2014-15 में राशि रूपये 43.16 लाख का। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। वर्ष 2018-19 में 16.00 किलोमीटर तक पानी पहुंचाया गया। वर्ष 2019-20 में नहर क्षतिग्रस्‍त होने के कारण पानी नहीं पहुंच पाया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) दिनांक 30.05.2003 को। राशि रूपये 1596.99 लाख की निविदा स्‍वीकृत की गई, जिसके विरूद्ध रूपये 1091.00 लाख के 69 प्रतिशत कार्य पूर्ण कराये गये। शेष कार्य पुनरीक्षित दरों पर स्‍वीकृत निविदा राशि रूपये 436.40 लाख के विरूद्ध राशि रूपये 333.02 लाख के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। वर्तमान में निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रक्रियात्‍मक विलंब होने के कारण कोई अधिकारी दोषी नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

जिला एवं जनपद पंचायत अध्यक्षों/सदस्यों को विकास कार्यों हेतु राशि का आवंटन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

22. ( *क्र. 184 ) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला व जनपद पंचायत अध्यक्षों व सदस्यों को राज्य वित्त आयोग मद से अपने क्षेत्र में विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रतिवर्ष राशि प्रदान की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो विगत दो वर्षों 2018-19 एवं 2019-20 की राशि राज्य शासन द्वारा निर्वाचित पदाधिकारियों को विकास कार्यों हेतु अभी तक प्रदाय क्‍यों नहीं की गई है, जबकि निर्वाचित पदाधिकारियों का कार्यकाल कुछ ही माह में समाप्त होने को है? कब तक राशि जारी की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) हाँ। (ख) विगत दो वर्षों 2018-19 एवं 2019-20 की राशि राज्य शासन द्वारा निर्वाचित पदाधिकारियों को विकास कार्यों हेतु जारी कर दी गई है। वर्ष 2019-20 हेतु जारी राशि के व्यय के संबंध में पृथक से दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

'जय किसान ऋण माफी योजना' का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( *क्र. 369 ) श्री विक्रम सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 'जय किसान ऋण माफी योजना' अंतर्गत सतना जिले में कितने किसानों का ऋण माफ हुआ है? विकासखण्‍डवार सूची दें। (ख) प्रश्‍न दिनांक तक विकासखण्‍ड रामपुरबघेलान और अमरपाटन में कितने किसानों का ऋण माफ हुआ है? सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) किसानों के नाम फर्जी ऋण, धोखाधड़ी के किन-किन प्रकरणों की जाँच जिला एवं अनुविभाग स्‍तर की समिति द्वारा की जा रही है? प्रश्‍न तिथि तक किस-किस विपणन समितियों के द्वारा कृषकों के नाम के फर्जी ऋण निकालने के क्‍या-क्‍या प्रकरण सामने आये? विकासखण्‍डवार/विपणन समितिवार/प्रकरणवार सूची दें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नकली खाद-बीज और पेस्‍टीसाइड की सप्लाई पर कार्यवाही

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( *क्र. 665 ) श्री विनय सक्सेना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में 05 वर्षों में हजारों करोड़ का नकली खाद-बीज और पेस्‍टीसाइड सप्लाई कर निजी कम्पनियों द्वारा प्रदेश की कृषि व्यवस्था को भारी क्षति पहुंचाई गयी है? यदि हाँ, तो ऐसी कम्पनियों की सूची प्रदान करें तथा यह भी बतावें कि इनके विरुद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गयी? उक्त मामलें में की गयी जाँच की रिपोर्ट देवें। (ख) यह भी बतावें कि विगत एक वर्ष में स्वीकृत भण्‍डारण से अधिक मात्रा रखने के कितने मामले सामने आये हैं? उनके विरुद्ध क्या क्या कार्यवाही की गयी है? (ग) क्या विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में यह सब अनियमितताएं हुईं हैं? उक्त मामले में कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं तथा उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गयी? (घ) विभाग द्वारा इसकी रोकथाम हेतु क्या क्या कदम उठाये गये हैं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जी नहीं। परन्‍तु प्रदेश में 05 वर्षों में बैतूल, खण्‍डवा, झाबुआ एवं धार जिले में नकली उर्वरक, बीज एवं पेस्‍टीसाइड के कुल 06 प्रकरण प्रकाश में आये हैं, जिनके विरूध्‍द संबंधित पुलिस थाने में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। पुलिस थाने में दर्ज कराई गई प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रतियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ख) विगत एक वर्ष में स्‍वीकृत भण्‍डारण से अधिक मात्रा रखने का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                   (घ) प्रत्‍येक वर्ष में खरीफ एवं रबी सीजन प्रारंभ होने के पूर्व कृषि आदानों की गुणवत्‍ता नियंत्रण हेतु सघन अभियान संचालित किया जाता है, जिसमें आदान विक्रेताओं की दुकानों/गोदामों का निरीक्षण करते हैं। अनियमितता पाये जाने पर संबंधितों के विरूध्‍द नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।

फसल बीमा राशि का प्रदाय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

25. ( *क्र. 226 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील छतरपुर अंतर्गत जनवरी 2015 से प्रश्न दिनांक तक कितने किसानों का फसल बीमा किया गया? कितना प्रीमियम जमा किया गया? वर्षवार जानकारी प्रदाय करें (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में प्रत्येक वर्ष कितने किसानों ने अपनी फसल खराब होने की सूचना दी, कितनों की जाँच की गई? कितनों को कितनी बीमा राशि प्रदाय की गई? शेष कितनों को राशि प्रश्न दिनांक तक क्‍यों नहीं दी जा सकी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना वर्ष                 2014-15 से रबी 2015-16 तक लागू थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2016 से लागू है। तहसील छतरपुर में रबी 2014-15 से खरीफ 2019 तक कुल 44912 कृषकों का फसल बीमा किया गया जिनसे राशि रू. 32677561.68/- प्रीमियम जमा किया गया। वर्षवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) स्‍थानीय आपदा अंतर्गत खरीफ 2019 में छतरपुर तहसील में बीमा कंपनी को हानि की 4 सूचनाएं प्राप्‍त हुईं, जिस पर हानि मूल्‍याकंन समिति द्वारा सर्वे कर लिया गया है तथा क्षतिपूर्ति देय राशि का भुगतान प्रक्रियाधीन है। खरीफ 2016 से रबी 2018-19 तक प्राप्‍त हानि की सूचना का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''आठ''

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

मंगल भवन निर्माण की स्‍वीकृति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

1. ( क्र. 1 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्या ग्राम पंचायत खम्‍हरिया (बरेला) विकासखंड जबलपुर के लिये अप्रैल 2017 में मंगल भवन निर्माण हेतु विभाग द्वारा राशि रू. 10 लाख स्वीकृत किये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो क्या मंगल भवन निर्मित हो चुका है? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या निर्माण न करने के लिये दोषी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जी नहीं, पंचायत राज संचालनालय के आदेश क्र./पं.रा./आर-2/2018/8360 दिनांक 11.06.2018 के द्वारा ग्राम पंचायत खम्‍हरिया (बरेला) में सामुदायिक भवन राशि रूपये 12.00 लाख का स्‍वीकृत किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश () अनुसार सामुदायिक भवन प्रगतिरत है। स्‍थल विवाद के कारण कार्य विलम्‍ब से प्रारंभ होने के कारण अपूर्ण है। (ग) कार्य प्रगतिरत होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

सी.सी. रोड का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( क्र. 2 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या वर्ष 2018-2019 में ग्राम पंचायत सूखा के ग्राम ढीहा में सी. सी. रोड बनाने हेतु ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जबलपुर द्वारा प्रदत्त राशि रू. 20 लाख की तकनीकी स्वीकृति सहित प्रस्ताव पंचायत मुख्यालय भोपाल में प्राप्त हुआ था? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत क्‍या पंचायत विभाग द्वारा राशि रू 20 लाख स्वीकृत किये गये थे? यदि हाँ, तो राशि किस निर्माण एजेंसी को दी गई? (ग) क्या एक वर्ष व्यतीत होने के उपरांत भी रोड नहीं बनाई गई? इसके लिये कौन दोषी है? (घ) क्या यह रोड बनाई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति राशि रू. 20.00 लाख की जारी की गई एवं राशि ग्राम पंचायत सूखा को दी गई। (ग) जी नहीं, कार्य प्रगतिरत होने से शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता। (घ) जी हाँ। आगामी 02 माह में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्‍य है।

प्रोसेसिंग प्‍लांट की स्थापना

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

3. ( क्र. 8 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधान सभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत निवेशकों के हरे मटर का प्रोसेसिंग प्लांट या संबंधित अन्य उद्योग स्थापना संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या निजी निवेशकों की मांग के आधार पर उद्योग हेतु क्षेत्र विकसित कर उद्योग स्थापना संबंधी प्रस्तावों को फेसिलिटेट किया जावेगा? (ग) यदि नहीं, तो क्या विधानसभा क्षेत्र पनागर में हरे मटर के बंपर उत्पादन हेतु प्रोसेसिंग प्लांट या इससे जुड़े अन्य उद्योग प्रारंभ करने हेतु शासन की ओर से पहल की जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो क्या इन्हें प्राथमिकता पर फेसिलिटेट किया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जी नहीं। संचालनालय उद्यानिकी के तहत ऑनलाइन आवेदन प्राप्‍त किये जाते है, उसके अनुसार पनागर विधानसभा क्षेत्र में हरे मटर हेतु कोई प्रस्‍ताव निजी उद्यमियों से प्राप्‍त नहीं है। (ख) उद्योग हेतु क्षेत्र का विकास उद्योग विभाग द्वारा किया जाता है। (ग) म.प्र. उद्योग संवर्धन नीति 2014 के क्रम में खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योगों को देय विशिष्‍ट वित्‍तीय सहायता के अन्‍तर्गत निजी उद्यमियों को योजना का लाभ प्रदान किया जाता है। शासन की ओर से उद्योग स्‍थापित नहीं किया जाता है। (घ) आवेदन प्राप्‍त होने पर एवं सुसंगत दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराने पर अनुदान सहायता का लाभ प्रदान किया जायेगा।

रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना के अंतर्गत नहरों का रख-रखाव

[नर्मदा घाटी विकास]

4. ( क्र. 10 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या नर्मदा घाटी विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2018-2019 एवं 2019-2020 में विषयांतर्गत नहरों का उचित रख-रखाव न होने से नहरों का पानी टेल तक नहीं पहुँचने से नहर के अंतिम छोर के किसानों की फसलों को हानि हुई है? (ख) यदि नहीं, तो नहरों के रख-रखाव हेतु वर्ष 2018-2019 एवं 2019-2020 में कितना व्यय किया गया है वर्षवार, नहरवार व्यय बतावें? (ग) क्या सूखा, लुहारी नहर एवं अन्य नहरों का रख-रखाव किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

नर्मदा घाटी विकास मंत्री ( श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल ) : (क) जी नहीं। वर्ष 2018-19 एवं वर्ष 2019-20 में नहरों के अंतिम छोर के किसानों को पानी न पहुँचने के कारण फसलों की क्षति की कोई सूचना नहीं है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। सुधार एवं रख-रखाव के प्रस्‍ताव एवं प्राक्‍कलन प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

शासकीय दुकानों एवं भवनों को अवैध कब्‍जे से मुक्‍त कराने बाबत्

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

5. ( क्र. 21 ) श्री गिरीश गौतम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम पंचायत बेलहा नानकार वि.ख. नईगढ़ी, जिला रीवा में ग्राम बेलहा नानकार में 4 कमरे तथा डाडीकला में 8 कमरे मुख्‍यमंत्री हाट बाजार योजनांतर्गत निर्मित किये गये? यदि हाँ, तो क्‍या हाट बाजार के निर्मित कमरों को ग्राम पंचायत द्वारा नीलामी या अन्‍य माध्‍यम से किसी को आवंटित किया गया? (ख) क्‍या ग्रामीणजनों द्वारा तहसीलदार नईगढ़ी को आवेदन दिया गया है कि पूर्व सरपंच द्वारा उक्‍त हाट बाजार की दुकानों में कब्‍जा कर लिया गया है, जिसे हटाया जाये तथा ग्रामीणजनों की शिकायत के आधार पर प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी आयुक्‍त रीवा, कलेक्‍टर रीवा, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा को दो बार पत्र देकर अवैध कब्‍जे से मुक्‍त कराने तथा दुकानों से मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने हेतु दिया गया था? उक्‍त पत्रों की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या जिला पंचायत रीवा की सामान्‍य सभा की बैठक दिनांक 20.9.2019 को सर्वसम्‍मति से दुकानों से अवैध कब्‍जा हटाने का प्रस्ताव पारित हुआ था? बैठक के प्रस्‍ताव की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें। (घ) उक्‍त ग्रामीणजनों के आवेदन पत्र एवं प्रश्‍नकर्ता के पत्रों तथा जिला पंचायत द्वारा पारित प्रस्‍ताव दिनांक 20.9.2019 पर क्‍या कार्यवाही की गयी तथा अवैध कब्‍जा कब तक हटा दिया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जी हाँ। ग्राम पंचायत बेलहानानकार में 04 दुकाने निर्मित है जो किसी को आवंटित नहीं है, ग्राम डाडीकला की निर्मित 08 दुकानों में से 04 दुकाने ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव दिनांक 02.10.2014 द्वारा आवंटित की गई है शेष 04 दुकाने आवंटित नहीं है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''''-1, ''''-2 ''''-3 तथा ''''4 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।           (घ) जिला पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुपालन में अतिक्रमित दुकानों से अवैध कब्जा हटाये जाने के लिए तहसीलदार नईगढ़ी को पत्र दिनांक 26.11.2019 द्वारा निर्देशित किया गया है। दिनांक 31 दिसम्बर 2019 तक अवैध कब्जा हटाये जाने की कार्यवाही पूर्ण कर ली जावेगी।

स्‍व-सहायता स‍मूहों के माध्‍यम से स्‍कूलों में गणवेश प्रदाय

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( क्र. 22 ) श्री गिरीश गौतम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला पंचायत रीवा की सामान्‍य सभा की बैठक दिनांक 20.9.19 के अन्‍य बिन्‍दु के क्रमांक 3 में सामान्‍य सभा के पारित प्रस्‍ताव का उल्‍लेख, जिसमें सर्वसम्‍मति से प्रस्‍ताव पारित किया गया कि आजीविका मिशन के अंतर्गत स्‍व-सहायता समूहों के माध्‍यम से स्‍कूलों में गणवेश प्रदाय में की गई अनियमितता के लिए अपराध पंजीबद्ध किये जाने, ई.ओ.डब्‍ल्‍यू भोपाल से जाँच कराने हेतु सचिव सामान्‍य प्रशासन विभाग, मा. मंत्री सामान्‍य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा जाये? यदि हाँ, तो प्रस्‍ताव की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करायें। (ख) आजीविका मिशन अंतर्गत गणवेश वितरण के नियम एवं प्रावधान क्‍या थे? नियमों/आदेशों की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करायें तथा रीवा जिले में समस्‍त ब्‍लॉकों में गणवेश वितरण का कार्य किस स्‍व-सहायता समूह या कंपनी को दिया गया, उनका नाम, पता, प्रोपराईटर सहित बताये। (ग) क्‍या जिला पंचायत रीवा की सामान्‍य सभा की बैठक दिनांक 20.9.19 को एजेण्‍डा क्रमांक 10 में गणवेश प्रदाय में हुई अनियमितता की जाँच के लिए पुलिस अधीक्षक से एफ.आई.आर. करने तथा ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. से जाँच कराने का सर्वसम्‍मति से प्रस्‍ताव पारित हुआ, जिसके आधार पर दिनांक 28.9.19 को मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रीवा द्वारा एस.पी. रीवा को प्रस्‍ताव अनुसार कार्यवाही करने हेतु पत्र दिया गया? पत्र की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करायें तथा अभी तक उक्‍त प्रस्‍तावों एवं पत्रों में क्या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो कारण बताएं तथा कब तक कार्यवाही की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जी नहीं। जिला पंचायत रीवा की सामान्य सभा की बैठक दिनांक-20/09/2019 के अन्य बिन्दु के क्रमांक 3 में इस प्रकार का कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है। बैठक कार्यवाही विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 1 पर है। (ख) आजीविका मिशन अंतर्गत गणवेश वितरण के संबंध में विभिन्न स्तरों से प्राप्त दिशा-निर्देश/नियम/आदेशों की छायाप्रति  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 2 पर है। जिले के अंतर्गत समस्त विकासखण्डों में 348 स्व-सहायता समूहों द्वारा गणवेश सिलाई का कार्य कराया गया है। जिले के अंतर्गत समस्त विकासखण्डों में गणवेश सिलाई एवं वितरण कार्य में संलग्न संकुल स्तरीय संगठन/ग्राम संगठन/स्व-सहायता समूहों की सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  3 पर है। (ग) जी हाँ। बैठक कार्यवाही विवरण दिनांक-20/09/2019 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 1 है। पारित प्रस्ताव के परिपालन में पुलिस अधीक्षक, जिला-रीवा को प्रस्ताव अनुसार कार्यवाही हेतु पत्र क्रमांक/2873/बैठक/सा.सभा/जिपं/2019 दिनांक-28/09/2019 द्वारा लेख किया गया है। पत्र की छायाप्रति  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 4 पर है। सामान्य सभा से पारित निर्णय के अनुक्रम में पुलिस अधीक्षक रीवा को प्रेषित पत्र में की गई कार्यवाही की जानकारी अपेक्षित है।

कृषि उपज मण्‍डी द्वारा कराये गये कार्य

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

7. ( क्र. 25 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) दिसम्‍बर 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में बैरसिया विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कृषि उपज मण्‍डी की बोर्ड निधि, अधोसंरचना निधि, बोर्ड ऋण निधि एवं अन्‍य योजनाओं में किस-किस मंडी प्रांगण में कितनी राशि के कौन-कौन से निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये? जिलेवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित कौन-कौन से कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ हैं? उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होंगे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) दिसम्‍बर 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक‍ प्रश्‍नांकित निधियों इत्‍यादि से बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कृषि उपज मण्‍डी समिति बैरसिया तथा उसकी उपमंडियों में कोई भी नवीन कार्य स्‍वीकृत नहीं किया गया है, अत: शेष जानकारी का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्‍तरांश- '''' के परप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खाद्य सामग्री वितरण कंपनियों का रजिस्‍ट्रेशन

[गृह]

8. ( क्र. 35 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) प्रदेश में 1 जनवरी 2017 के पश्‍चात् कहाँ-कहाँ पर किन-किन खादय ऑनलाईन सामग्री वितरक कंपनी, जैसे जोमेटो, वाहन नंबर प्‍लेट दुकानदार एवं प्राईवेट ऑनलाईन कोरियर करने वाले युवाओं के खिलाफ किस-किस प्रकार की अनियमितता की शिकायत कहाँ-कहाँ, किस-किस थानों में दर्ज हुई, उस पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या खाद्य सामग्री वितरक कम्‍पनियों, वाहन नंबर प्‍लेट एवं प्राईवेट ऑनलाईन कोरियर करने वाले युवाओं के रजिस्‍ट्रेशन हेतु विभाग के द्वारा कोई नियम प्रदेश में प्रचलित हैं? यदि हाँ, तो नियमों की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या खाद्य सामग्री वितरक कंपनी जोमेटो के किसी भी कर्मचारी का प्रदेश में रजिस्‍ट्रेशन नहीं है तथा जोमेटो के अलावा फर्जी रूप से कई कंपनियां ग्राहकों को ठग रही हैं? यदि हाँ, तो क्‍या इसके रजिस्‍ट्रेशन हेतु कोई कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें। (घ) क्‍या जावरा और मंदसौर में 1 जनवरी 18 के पश्‍चात वाहन नंबर प्‍लेट बनाने वाले दुकानदारों को पुलिस द्वारा रतलाम, मंदसौर एवं नीमच में विभिन्‍न प्रकरणों में गिरफ्तार किया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त जिलों में कितनी नंबर प्‍लेट बनाने वाली दुकानों के रजिस्‍ट्रेशन पुलिस द्वारा किये गये उनकी सूची उपलब्‍ध करावे।

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) से  (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रदेश में ऑनलाईन बैंक धोखाधड़ी के संबंध में

[गृह]

9. ( क्र. 36 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) प्रदेश में 1 जनवरी 2018 के पश्‍चात् किन-किन थानों में ऑनलाईन बैंकिंग धोखाधड़ी की शिकायत किस-किस व्‍यक्ति द्वारा कब-कब दर्ज की गई? उस पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? प्रदेश में कुल प्रकरणों में से कितने प्रकरणों का निराकरण हो गया है? प्रदेश में ऑनलाईन बैंक धोखाधड़ी में चेक अनादरण में कितने दोषियों को सजा हुई? (ख) प्रदेश में ऑनलाईन बैंक धोखाधड़ी से संबंधित निराकरण के लिये कुल कितने पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी प्रशिक्षित हैं? (ग) प्रदेश में ऐसे कितने प्रकरण हैं जिनमें ऑनलाईन बैंक धोखाधड़ी में बैंक कर्मचारी ही दोषी पाये गये? ऑनलाईन बैंक धोखाधड़ी को रोकने के लिये प्रदेश में पुलिस विभाग द्वारा यदि कोई कार्ययोजना बनाई गई है तो अवगत करावें। (घ) 1 जनवरी 19 के पश्‍चात् ऑनलाईन बैंकिंग धोखाधड़ी को रोकने के लिये क्‍या केन्‍द्रीय गृह विभाग दिल्‍ली से कोई निर्देश राज्‍य पुलिस विभाग को प्राप्‍त हुये हैं? यदि हाँ, तो दिये गये निर्देश की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें। क्‍या लगातार बढ़ रहे ऑनलाईन बैंक धोखाधड़ी प्रकरणों को रोकने के लिये आई.टी. एवं कम्‍प्‍यूटर साइंस के प्रशिक्षित इंजीनियरों के पुलिस विभाग में पद स्‍वीकृति की कोई प्रक्रिया विचाराधीन है? यदि हाँ, तो विवरण उपलब्‍ध करावे।

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) कुल 4275 शिकायतें प्राप्त हुई है, विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। कुल 226 प्रकरणों में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। (ख) जिलों में 1590 एवं सायबर पुलिस मुख्यालय एवं जोनल कार्यालयों में 200 पुलिस अधिकारी/कर्मचारी प्रशिक्षित है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार(ग) कुल 01 प्रकरण। प्रत्येक जिले में सायबर नोडल थाना स्थापित है, वर्तमान में राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के 05 सायबर जोनल कार्यालय संचालित है। (घ) जी नहीं। आरक्षक (सायबर) एवं उपनिरीक्षक (सायबर) का कैडर बनाने एवं पदों का सृजन करने की प्रक्रिया विचाराधीन है।

तालाब निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( क्र. 41 ) श्री संजय शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अंतर्गत वर्ष 2014-15 से आज दिनांक तक कुल कितने तालाबों के निर्माण की स्वीकृति कौन-कौन से वर्ष में प्रदान की गई है? निर्माण लागत सहित जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या तालाबों का निर्माण एक निश्चित समयावधि में किया जाना था? यदि हाँ, तो इसकी समय-सीमा बतायें एवं तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत निश्चित समय-सीमा में पूर्ण एवं अपूर्ण तालाबों की सूची प्रदान करें। (ग) क्या तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम-ढिलवार में तालाब का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त तालाब के निर्माण की लागत एवं ठेकेदार की जानकारी प्रदान करें। (घ) प्रश्नांश (ग) के अनुसार, क्या उक्त तालाब बारिश में फूट गया था? यदि हाँ, तो गुणवत्ताहीन तालाब निर्माण हेतु जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रश्नांकित वर्ष में 02 तालाब के कार्य स्‍वीकृत हुये जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। ढिलवार तालाब की स्‍वीकृत लागत 106.42 लाख है। कार्य की क्रियान्‍वयन एजेंसी मेसर्स एम.पी. कन्‍स्‍ट्रक्‍शन कंपनी छिंदवाड़ा है। (घ) जी नहीं। कार्य के प्रगतिरत रहने के दौरान अत्‍यधिक वर्षा के कारण तालाब की वेस्‍टवियर का कार्य पूर्ण न होने से पानी की निकासी तालाब के एक छोर से क्रियान्‍वयन एजेंसी द्वारा काटकर की गई। कार्य गुणवत्‍ताविहीन नहीं होने से एवं शासकीय धन की क्षति न होने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

तत्कालीन थाना प्रभारी कोतवाली बालाघाट के विरूद्ध कार्यवाही

[गृह]

11. ( क्र. 53 ) श्री रामकिशोर कावरे : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महेन्द्र सिंह ठाकुर टी.आई. वर्तमान में भोपाल जिले के थाना में पदस्थ हैं यदि हाँ, तो इनकी नियुक्ति से लेकर अब तक म.प्र. के कितने थाने में इनके विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत पर कार्यवाही हुई? (ख) वर्तमान में न्यायालय से किस प्रकरण पर इन्‍हें स्‍टे मिला हैं? क्या ऐसे अधिकारी को थाना में पदस्थ करना चाहिये? (ग) क्या प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक/कार्यवाही/274 दिनांक 01-04-2019 पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में जिसमें एक प्रकरण में उक्‍त टी.आई. द्वारा चर्चा न करते हुए प्रोटोकाल का उल्लंघन किया, उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही करेंगे? (घ) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा गृह सचिव को पत्र क्रमांक/जाँच/812/2019 दिनांक 11-11-2019 लिखा गया था? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) जी हाँ। निरीक्षक महेन्द्र सिंह ठाकुर वर्तमान में भोपाल जिले के थाना हनुमानगंज में पदस्थ है। श्री ठाकुर की नियुक्ति से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कुल 24 (जिला सतना में 15 एवं जिला बालाघाट में 09) शिकायतें प्राप्त हुई है। उक्त सभी शिकायतें जाँच उपरांत अप्रमाणित पाई गई। (ख) वर्तमान में श्री ठाकुर को किसी भी प्रकरण में न्यायालय से स्टे प्राप्त नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) उक्त शिकायत पत्र की जाँच कराई गई आरोप प्रमाणित नहीं पाये गये। (घ) कार्यालयीन अभिलेख अनुसार प्रश्‍नांकित पत्र गृह सचिव के कार्यालय के संधारित अभिलेख में प्राप्त नहीं हैं। अतः शेष उपस्थित नहीं होता।

अपूर्ण तथा अप्रारंभ कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( क्र. 61 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) नवंबर 2019 की स्थिति में रायसेन जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अन्‍तर्गत ग्राम पंचायतों में स्‍वीकृत कौन-कौन से कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ हैं तथा क्‍यों? उक्‍त कार्यों को पूर्ण करवाने हेतु विभाग के अधिकारियों द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) 1 जनवरी 2018 से नवंबर 2019 तक की अवधि में किन-किन कार्यों में अनिय‍मितताओं की किन-किन माध्‍यमों से माननीय मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को शिकायतें प्राप्‍त हुई? उक्‍त शिकायतों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) 1 जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय मंत्री जी को प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? पत्र वार जानकारी दें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के निर्देशों के पालन में संबंधित अधिकारियों द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? प्रश्‍नकर्ता को पत्रों के जवाब क्‍यों नहीं दिये गये? पत्रों में उल्‍लेखित किन-किन समस्‍याओं का निराकरण हुआ? किन-किन समस्‍याओं का निराकरण क्‍यों नहीं हुआ?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अंतर्गत प्राप्‍त पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

किसानों को रबी 2018 की बीमा राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

13. ( क्र. 80 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के वर्ष 2018-19 खरीफ/रबी के कुल कितने दावों की राशि भुगतान प्रश्‍न दिनांक तक लंबित है? (ख) क्‍या देवास जिले की विभिन्‍न तहसीलों में 11 फरवरी 2018 को गेहूँ और चने की फसल पर हुई ओलावृष्टि के प्रभावित हजारों किसानों को बीमा दावों के अंतर्गत बीमाधन राशि की सहायता आज तक प्राप्‍त नहीं हुई है? (ग) म.प्र. कृषि विभाग द्वारा किसानों को बीमा क्‍लेम दिलाने के लिये आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? क्‍या सरकार ने अपनी अंशपूंजी (शेयर) बीमा कंपनी को जमा कर दिया है। (घ) यदि हाँ, तो किसानों के खातों में कब तक बीमा क्‍लेम की राशि जमा होने की संभावना है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) खरीफ 2018 एवं रबी 2018-19 के दावों की गणना प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ। (ग) रबी 2017-18 अंतर्गत ओलावृष्टि से हुई क्षति के सर्वे का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष राज्‍यांश प्रीमियम अनुदान राशि के भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार शेष राज्‍यांश प्रीमियम अनुदान राशि के भुगतान के उपरांत पात्र कृषकों को क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नोडल बैकों के माध्‍यम से किया जावेगा।

पॉलीहाउस निर्माण

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

14. ( क्र. 96 ) श्री रामकिशोर कावरे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वे कृषक जिनने भारी पूंजी लगाकर पॉलीहाउस लगाये हैं, प्रदेश शासन की गणना में कृषक माने जाते है? (ख) क्या प्राकृतिक आपदा से पॉलीहाउस की संरचना और फसल की भारी क्षति होती है? यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा उन पॉलीहाउस को क्षति का आंकलन करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो उसकी श्रेणी क्या है? (ग) क्या पॉलीहाउस निर्माण में प्रयुक्त सामग्री निर्माणाधीन क्षेत्र की परिस्थिति जलवायु वातावरण के अनुरूप ही है, संबंधित अधिकारी आश्वस्त रहते हैं?                           (घ) पालीहाउस निर्माण में प्रयुक्‍त सामग्री की गुणवत्ता की जाँच के क्‍या प्रावधान है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। कृषक एवं निर्माता कंपनी के मध्‍य होने वाले अनुबंध के अनुसार निर्मित पॉलीहाउस का बीमा निर्माता कम्‍पनी द्वारा कराया जावेगा तथा इस हेतु प्रीमियम राशि का भुगतान भी कृषक द्वारा स्‍वयं किया जावेगा। यदि कृषक द्वारा बीमा प्रीमियम की राशि नहीं दी जाती है तो इसमें कंपनी एवं विभाग जबावदेह नहीं होगा। तीन वर्ष तक बीमा कराने की जबावदारी कृषक की होगी। अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। निर्माता कंपनी के पंजीयन के समय ही निर्माण में प्रयुक्‍त होने वाली सामग्री की गुणवत्‍ता के मापदण्‍ड निर्धारित है। निर्धारित मापदण्‍ड के लिए जारी अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।                   (घ) पॉलीहाउस निर्माण उपरांत संयुक्‍त निरीक्षण दल द्वारा निरीक्षण किया जाता है, जिसमें निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार ही निर्माण कराने की जबावदारी जिला, उद्यानिकी अधिकारी की होती है। निरीक्षण उपरांत ही अनुदान सहायता का भुगतान किया जाता है। अनुबंध की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

पीथमपुर थाने की गुण्डा सूची के संबंध में

[गृह]

15. ( क्र. 106 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि   (क) थानों में अपराधियों की सूची बनाने के संबंध में क्या दिशा निर्देश व नियम हैं तथा किन परिस्थितियों में गुण्डा सूची से संबंधित अपराधी का नाम हटाया जा सकता है तथा इस हेतु किस स्तर का प्राधिकारी अधिकृत है? (ख) क्या किसी अपराधी का गुण्डा सूची से एक बार नाम हटने के बाद उसके द्वारा एक से अधिक बार अपराध करने की स्थिति में पुनः गुण्डा सूची में नाम सम्मिलित किया जाता है? यदि हाँ, तो इस संबंध में क्या नियम हैं? (ग) क्या पुलिस थाना पीथमपुर जिला धार में वर्ष 2002 से वर्ष 2008 की गुण्डा सूची में से नाम विलोपित किये गये? (घ) यदि हाँ, तो किन-किन गुण्डों के नाम किस-किस आधार पर किस प्राधिकारी द्वारा कब हटाये गये तथा इस हेतु क्या प्रावधान हैं? (ड.) वर्ष 2002 से 2008 की पुलिस थाना पीथमपुर जिला धार की गुण्डा सूची उपलब्ध करावें।

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) थाने में अपराधियों की सूची बनाने के संबंध में म.प्र. पुलिस विनियम के पैरा क्रमांक 651 में प्रावधान दिये गये है। गुण्डा सूची से गुण्डे का नाम उसकी आपराधिक गतिविधियों में कमी परिलक्षित होने पर मध्यप्रदेश पुलिस विनियम के पैरा '654' के तहत सक्षम प्राधिकारी पुलिस अधीक्षक के द्वारा हटाया जा सकता है। (ख) गुण्डा सूची से नाम हटने के बाद गुण्डे द्वारा पुनः अपराध करने पर गुण्डे का नाम सूची में शामिल करने का अधिकार पुलिस अधीक्षक को है। म.प्र.पुलिस विनियम के पैरा 651 के अनुसार अपराधी का इतिहास वृत्त बनाया जाता है। (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेषांश का उत्तर प्रश्नांश ’’ के उत्तर में समाहित है। (ड.) गुण्डा सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

पोषण आहार संयंत्र में रोजगार दिया जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

16. ( क्र. 107 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले के देलमी ग्राम में पोषण आहार संयंत्र की स्थापना आजीविका मिशन के माध्यम से शासन द्वारा की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या वर्तमान में कार्य पूर्ण होकर उत्पादन प्रारंभ हो गया है तथा क्या इस संयंत्र का प्रचालन महिला समूहों द्वारा किया जावेगा? यदि नहीं, तो किस विभाग के द्वारा किस स्तर पर किया जावेगा? (ख) क्या उक्त संयंत्र में काम करने हेतु अधिकारी/कर्मचारी व श्रमिकों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है? यदि हाँ, तो भर्ती किस विभाग द्वारा किन नियमों व शर्तों के अधीन किस प्रणाली के माध्यम से की गई है? यदि नहीं, तो भर्ती प्रक्रिया किस प्रकार से की जावेगी? (ग) क्या प्रदेश सरकार की मंशानुरूप इस संयंत्र (इकाई) में विभिन्न पदों की भर्ती हेतु महिलाओं तथा देलमी ग्राम व आस-पास के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता दिये जाने का कोई प्रावधान किया गया है? (घ) यदि हाँ, तो कितने स्थानीय नागरिकों को चयनित किया जाकर काम दिया गया है सूची उपलब्ध करावें।             (ड.) यदि नहीं, तो क्षेत्र की जनता की उपेक्षा के क्या कारण रहे हैं? क्या इनके लिये पृथक से कोई प्रावधान किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में कार्य पूर्ण होकर उत्पादन प्रारंभ हो गया है। मंत्रि-परिषद् आदेश आयटम क्रमांक 20, दिनांक 13 मार्च, 2018 की कंडिका 07 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार संयंत्र का प्रचालन महिला स्व-सहायता समूहों के उपयुक्त फेडरेशन द्वारा किया जा रहा है। तदनुसार संयंत्र के लिए महिला आजीविका औद्योगिक सहकारी समिति मर्या. गठित है। (ख) जी हाँ। शासन के उक्त आदेश की कंडिका 07 के निर्णय के अनुरूप पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत राज्य आजीविका फोरम द्वारा तथा संयंत्र स्तर से उक्त आदेश की कंडिका क्रमांक 11 अंतर्गत गठित समिति द्वारा समय-समय पर लिए गए निर्णय अनुसार की गई। (ग) शासन नियमों के अधीन कार्यवाही की गई। (घ) 112 स्थानीय नागरिकों को काम दिया गया है, जिनकी सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ड.) शासन नियमों के अनुरूप कार्य किए जाने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

दोषी व्‍यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही

[गृह]

17. ( क्र. 126 ) श्री बिसाहूलाल सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर के थाना कोतमा, थाना बिजुरी, पुलिस चौकी रामनगर में जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने चोरी, लूटपाट, हत्‍या डकैती, महिलाओं पर अत्‍याचार, चैन स्‍नेचिंग, सट्टा-जुआं, अवैध शराब की बिक्री, कबाड़ चोरी के कुल कितने प्रकरण उक्‍त थानों में पंजीबद्ध हुये। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित पंजीबद्ध प्रकरणों में कौन-कौन दोषी व्‍यक्तियों के खिलाफ क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई तथा कितने अपराधी आज भी फरार है पुलिस प्रशासन इन फरार अपराधियों को पकड़ने हेतु क्‍या कार्यवाही की है, इसकी जानकारी देते हुये विभाग द्वारा की गई कार्यवाही का विस्‍तृत ब्‍यौरा दें।   (ग) उक्‍त अवधि एवं उल्‍लेखित थानों एवं चौकी में कौन-कौन से अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), थाना प्रभारी तथा चौकी प्रभारियों की पदस्‍थापना की गई थी तथा कौन-कौन अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), थाना प्रभारी तथा चौकी प्रभारी के कार्यकाल में सबसे कम क्राईम होना पाया गया जानकारी उपलब्‍ध करावें।

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र ''’’ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र ''’’ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र ''’’ अनुसार है।

बी.आर.जी.एफ. योजनांतर्गत खेल स्टेडियम का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( क्र. 181 ) श्री बीरेन्‍द्र रघुवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्या बी.आर.जी.एफ. योजनांतर्गत कोलारस विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रन्नौद में खेल स्टेडियम के निर्माण कार्य की स्वीकृति हुई थी? यदि हाँ, तो निर्माण कार्य की लागत राशि क्या थी? अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ क्यों नहीं हो सका? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या ग्राम रन्नौद में खेल स्टेडियम के निर्माण हेतु शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं थी? यदि हाँ, तो किस प्राधिकृत शासकीय अधिकारी द्वारा स्टेडियम निर्माण हेतु शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं होना बताया गया तथा इस हेतु क्या-क्या दस्तावेज दिए गए थे? उक्त सभी दस्तावेजों की छायाप्रति उपलब्ध करावें? (ग) क्या ग्राम रन्नौद में स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 2673 एवं 2674 रकवा क्रमशः 1.72, 0.67 हे. भूमि रिकार्ड में शासकीय भूमि दर्ज है? क्या उक्त भूमि का उपयोग शासकीय निर्माण कार्य हेतु किया जा सकता है? यदि हाँ, तो उक्त शासकीय सर्वे नंबरों की भूमि को खेल स्टेडियम निर्माण हेतु आवंटित क्यों नहीं किया गया? ग्राम रन्नौद में शासकीय भूमि उपलब्ध नहीं होने संबंधी गलत जानकारी क्यों दी गई?                     (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार इस प्रकार से शासकीय निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न कर निर्माण कार्य को लंबित करने वाले दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? तथा कब तक ग्राम रन्नौद में उक्त स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जी हाँ। प्रशासकीय स्वीकृति अनुसार लागत 50 लाख रूपये थी, रन्नौद स्टेडियम निर्माण हेतु प्रस्तावित 3 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध नहीं होने से कार्य प्रारंभ नहीं कराया जा सका। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-  अनुसार।   (ग) जी हाँ। प्रश्नांकित दोनों भूमियों को मिलाकर कुल शासकीय भूमि का रकवा 2.39 होता है जबकि स्टेडियम निर्माण हेतु लगभग 3 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता थी जो कि स्टेडियम निर्माण हेतु पर्याप्त नहीं होने की वजह से भूमि का आवंटन स्टेडियम निर्माण हेतु नहीं किया गया।               (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में कोइ दोषी नहीं है। संशोधित प्रशासकीय स्वीकृति आदेश क्र. 2876 दिनांक 31.07.2019 द्वारा ग्राम रन्नौद के स्थान पर ग्राम खरैह में स्टेडियम का निर्माण कार्य कराया जा रहा हैं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के                 प्रपत्र-  अनुसार।

बरगी दांयी तट नहर से पानी प्रदाय योजना

[नर्मदा घाटी विकास]

19. ( क्र. 211 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या नर्मदा घाटी विकास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र बहोरीबंद जिला कटनी के अंतर्गत बरगी दांयी तट नहर से माइक्रो उद्वहन सिंचाई प्रणाली से पानी देने की कोई योजना है? (ख) यदि हाँ, तो इस योजना अंतर्गत बरगी दांयी नहर में कहाँ से किस ग्राम के पास से माइक्रो उद्वहन सिंचाई का लाभ दिया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में उल्‍लेखित माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना अंतर्गत कौन-कौन से ग्रामों की भूमि सिंचित होगी एवं कितने ग्राम लाभान्वित होंगे एवं इस योजना से कृषक कब तक लाभान्वित होंगे?

नर्मदा घाटी विकास मंत्री ( श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल ) : (क) से (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जय किसान समृद्धि एवं ऋण माफी योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

20. ( क्र. 212 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जय किसान समृद्धि योजनांतर्गत वर्ष 2019 में खरीदे गये गेहूं पर प्रदेश के               किन-किन जिलों में कृषकों के खातों में 160 रूपये प्र‍ति क्विंटल की दर से कब प्रोत्‍साहन राशि जमा कर दी गई है तथा किन-किन जिलों में किन कारणों से किया जाना शेष है? शेष जिलों में यह राशि किस प्रकार से कब तक जमा कर दी जावेगी? (ख) जय किसान फसल ऋण माफी योजनान्‍तर्गत कटनी में 31 मार्च, 2018 की स्थिति में कितने कृषकों की स्‍वीकृति हुई। सहकारी बैंक,राष्‍ट्रीयकृत बैंक व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकवार संख्‍या बतावें एवं उल्‍लेखित पात्र कृषकों में से कितने किसानों का कितना ऋण माफ हुआ एवं कितना माफ होना शेष है शेष कृषकों का ऋण किस प्रकार से कब तक माफ होगा। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित ऋण मुक्‍त कृषकों में से सहकारी बैंक से कितने किसानों को पुन: कितना कर्ज प्रदान किया गया। संख्‍या बतायें एवं ऐसे कितने कृषक है जो कर्जमाफी की योजना में पात्र होने की वजह से कर्ज न चुकाने के कारण डिफाल्‍टर होकर दण्‍ड ब्‍याज के भागीदार हो गये है तथा आगामी फसलों हेतु कर्ज पर खाद-बीज प्राप्‍त करने से वंचित है? संख्‍या बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित दंड ब्‍याज के भागीदार कृषकों को क्‍या कोई राहत प्रदान करेगा यदि हाँ, तो किस प्रकार से एवं कब तक एवं क्‍या शासन विगत रबी एवं खरीफ फसलों की खरीद पर किये जाने वाले भुगतान पर लिये गये कृषि ऋण की कटौती न कर पूर्व की तरह खरीदी का पूरा भुगतान कृषक के खाते में इस वर्ष भी करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जय किसान समृद्धि योजनांतर्गत वर्ष 2019-20 में खरीदे गये गेहूं पर प्रदेश के झाबुआ जिले के 3500 कृ‍षकों के खातों में रूपये 160 प्रति क्विंटल की दर से माह सितम्‍बर, 2019 में प्रोत्‍साहन राशि रूपये 2.91 करोड़ जमा की गई है, तथा शेष जिलों को आवंटन प्रदाय करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) योजनान्‍तर्गत पात्रतानुसार ऋण माफी प्रावधानित है।

हथियार लायसेंस के निर्देश बाबत्

[गृह]

21. ( क्र. 219 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि मध्यप्रदेश में सरकार द्वारा पिस्टल, एनपीबोर, 12 बोर आदि के लायसेंस दिए जा रहे है? क्या यह सही है कि एक लायसेंस पर एक ही हथियार की स्वीकृति दी जा रही है? यदि हाँ, तो इसके नियम की प्रति उपलब्ध करावें? क्या इन्दौर जिले में नियम को शिथिल कर एक लायसेंस पर एक से अधिक हथियार की स्वीकृति दी गई है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध करावे? (ख) क्या एक व्यक्ति अलग-अलग दो हथियार लायसेंस प्राप्त कर सकता है? यदि नहीं, तो नियम की प्रति बतावें? इन्दौर जिले में कितने व्यक्ति है जिनके पास एक से अधिक हथियारों के लायसेंस है?                          (ग) मध्यप्रदेश में हथियारों के साथ अधिकतम कितनी कारतूस संख्या की स्वीकृति दी जाती है? पृथक-पृथक हथियारवार बतावें?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश गृह विभाग मंत्रालय भोपाल के ज्ञापन क्रमांक-एफ-16/2011/बी-1/दो, भोपाल दिनांक 26.03.2011 की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। जी नहीं। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ख) जी नहीं। नियम की प्रति उपरोक्त पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। वर्ष 2011 के पूर्व इन्दौर जिले में लगभग 652 अनुज्ञप्तिधारियों के पास अतिरिक्त शस्त्र दर्ज है। (ग) अधिक तक 30 से 50 तक। हथियारवार संख्या निर्धारित नहीं है।

मध्यप्रदेश सरकार की विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

22. ( क्र. 224 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या भोपाल गैस त्रासदी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के अजा/अजजा एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना का संचालन किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो क्या यह सही है कि अजा/अजजा विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना में 9000 अमेरिकी डॉलर की छात्रवृत्ति दी जा रही है जबकि पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना में मात्र 7700 अमेरिकी डॉलर की राशि दी जा रही है? पिछड़ा वर्ग के युवाओं को कम राशि क्यों दी जा रही है? विसंगतियां कब तक दूर की जावेगी?

भोपाल गैस त्रासदी मंत्री ( श्री आरिफ अक़ील ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु विदेश अध्‍ययन छात्रवृत्ति का संचालन किया जा रहा है। (ख) मध्‍यप्रदेश में पिछड़ा वर्ग के अभ्‍यार्थियों को विदेश अध्‍ययन छात्रवृत्ति योजना के अनुसार ही छात्रवृत्ति दी जा रही है। वर्ष 2017 में अ.जा./अ.ज.जा. की तरह 9000 अमेरिकी डॉलर छात्रवृत्ति (ट्यूशन फीस) देने का प्रस्‍ताव वित्‍त विभाग को भेजा गया था जो वित्‍त विभाग द्वारा मान्‍य नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर हुई कार्यवाही

[गृह]

23. ( क्र. 251 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के द्वारा प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, गृह विभाग को दिये गए पत्र क्र./विधायक/1216/2019, दिनांक 15.10.2019 पुलिस महानिदेशक को दिये पत्र क्र./विधायक/1217/2019, दिनांक 15.10.2019, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक (शिकायत) को दिये पत्र क्र./विधायक/1215, दिनांक 15.10.2019 अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक (अपराध अनुसंधान विभाग) को दिये पत्र क्र./विधायक/1214/2019, दिनांक 15.10.2019 एवं पुलिस महानिरीक्षक रीवा को दिये पत्र क्र.विधायक/1218, दिनांक 15.10.2019 पर उपरोक्‍त सक्षम कार्यालयों के द्वारा किस आदेश क्र. एवं दिनांकों से क्‍या आदेश/पत्र जारी किये? जारी सभी आदेशों/पत्रों की एक-एक प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) सतना जिले के व्‍यापारी अशोक सोनी एवं संतोष सोनी सहित अन्‍य किस-किस को पुलिस द्वारा कितने घंटे जबरन थाने में बैठाये रखा? क्‍या इनके पास चोरों के द्वारा बेचा गया, सामान जब्‍त किया? जब चोर के द्वारा इन्‍हें पहचाना गया तो इन व्‍यापारियों को पुलिस ने क्‍यों छोड़ा? (ग) क्‍या व्‍यापारी अशोक सोनी एवं संतोष सोनी के द्वारा पुलिस अधीक्षक सतना एवं पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में अपनी लिखित शिकायत पुलिस द्वारा जबरन पैसा (रकम) वसूले जाने की दी गयी? क्‍या पूर्व नेता प्रतिपक्ष का इन व्‍यापारियों ने जो शिकायती आवेदन दिया, उसे पूर्व नेता प्रतिपक्ष द्वारा सी.एस.पी. सतना को दिया था? उपरोक्‍त सभी आवेदनों पर जिला पुलिस बल सतना के द्वारा प्रश्‍नतिथि तक किस आदेश क्रमांकों एवं दिनांकों में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गयी? जारी पत्रों की एक प्रति दें।         (घ) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पत्रों के आधार पर प्रश्‍नतिथि तक किस नाम/पदनाम को जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया? क्‍या जाँचकर्ता अधिकारी के द्वारा शिकायतकर्ताओं एवं उनके परिजनों के बयान प्रश्‍नतिथि तक लिये? शिकायतकर्ताओं एवं उनके परिजनों के जो बयान पुलिस के जाँच अधिकारी को दिये उसकी एक-एक प्रतिलिपि उपलब्ध करायें।

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) माननीय विधायक श्री प्रदीप पटेल द्वारा दिये गये विभिन्न 05 पत्रो के संबंध में सक्षम अधिकारी द्वारा दिये गये आदेशों की छायाप्रति चाही गई है जो निम्नानुसार हैः- 1- माननीय विधायक का पत्र विभाग में प्राप्त हुआ जिसे आवश्यक कार्यवाही हेतु पुलिस महानिदेशक को दिनांक 09.12.2019 को भेजा गया। पत्र की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। 2- माननीय विधायक श्री प्रदीप पटेल द्वारा पत्र क्रमांक/1217/19 दिनांक 15/10/2019 पुलिस महानिदेशक को दिया गया। उक्त पत्र अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (शिकायत) के कार्यालय में दिनाँक 21.10.2019 को प्राप्त हुआ जिसे पत्र क्रमांक/पुमु/शिका/री/05/87/2019 भोपाल दिनाँक 21.11.2019 के माध्यम से जाँच हेतु पुलिस अधीक्षक सतना को भेजा गया जो पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र- अ अनुसार है। 3-माननीय विधायक श्री प्रदीप पटेल द्वारा पत्र क्रमांक/विधायक/1215/19 दिनांक 15/10/2019 अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (शिकायत) को दिया गया। उक्त पत्र जाँच हेतु पुलिस अधीक्षक सतना को पत्र क्रमांक पुमु/शिका/रीवा/4/12702/19 भोपाल दिनाँक 11.11.2019 के माध्यम से भेजा गया जो पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र-ब  अनुसार है। 4- माननीय विधायक श्री प्रदीप पटेल द्वारा पत्र क्रमांक/विधायक/1214/2019 दिनांक 15/10/2019 अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग को दिया गया जिसे जाँच हेतु पुलिस अधीक्षक सतना को पत्र क्रमांक/अअवि/अनु/रीवा/विविध/87/19/5664/2019 दिनाँक 29.10.2019 के माध्यम से भेजा गया जो पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। पुलिस अधीक्षक सतना ने उक्त पत्र अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतना को पत्र क्रमांक/सतना स्टेनो/वरि./शिपु/92-बी-1/19 दिनाँक 05.12.2019 के माध्यम से जाँच हेतु भेजा गया। जो पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र- स अनुसार है। 5-माननीय विधायक श्री प्रदीप पटेल द्वारा पत्र क्रमांक/विधायक/1218/19 दिनांक 15/10/2019 पुलिस महानिरीक्षक रीवा को दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक रीवा द्वारा उक्त पत्र अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक/पुमनि/रीवा पीए/एम/2289/19 दिनाँक 29.10.2019 के माध्यम से जाँच हेतु पुलिस अधीक्षक सतना को भेजा गया जिसकी छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- द अनुसार है। (ख) हाँ, अन्य चोरी के प्रकरण में आरोपियों से पूछताछ के दौरान आरोपियों ने आवेदकगण संतोष सोनी व अशोक सोनी द्वारा चोरी का सामान खरीदने की बात बताई थी, इस कारण दिनांक 02/10/2019 को आवेदक संतोष सोनी एवं अशोक सोनी को कोलगंवा पुलिस द्वारा थाना ले जाकर आरोपियों से इनकी पहचान करवाई गयी। आरोपियों ने आवेदकगण को पहचानने से इनकार कर दिया। आरोपियों द्वारा चोरी का कोई सामान आवेदक श्री संतोष सोनी, अशोक सोनी एवं साक्षी शिवप्रसाद को नहीं बेचने की बात बताई जिससे आवेदकगण से पुलिस द्वारा कोई चोरी का सामान जप्त नहीं किया गया। आवेदकगण को पूछताछ के बाद तत्काल थाने से छोड़ दिया गया था। (ग) हाँ, आवेदकगण संतोष सोनी एवं अन्य द्वारा पुलिस अधीक्षक सतना एवं पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन, रीवा को लिखित आवेदन पत्र दिया था। उक्त दोनों पत्रो को जाँच हेतु पुलिस अधीक्षक सतना द्वारा पत्र क्रमांक/सतना स्टेनो/वरि0/शिपु/92/19 दिनाँक 21.10.2019 के माध्यम से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भेजे गये जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार। पूर्व नेता प्रतिपक्ष द्वारा आवेदकगण से प्राप्त शिकायत नगर पुलिस अधीक्षक सतना को न देकर सीधे पुलिस अधीक्षक सतना को दिया गया था। उक्त शिकायत पत्र पुलिस अधीक्षक सतना द्वारा जाँच हेतु नगर पुलिस अधीक्षक सतना को पत्र क्रमांक/1711/19 दिनाँक 05.10.2019 एवं पत्र क्रमांक 81/19, 82/19 दिनाँक 14.10.2019 के माध्यम से प्रेषित की गई थी। उक्त शिकायत की जाँच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतना द्वारा की जा रही थी इसलिये नगर पुलिस अधीक्षक सतना द्वारा इस शिकायत नस्ती को भी जाँच में शामिल करने हेतु पुलिस अधीक्षक सतना को पत्र क्रमांक/न.पु../सतना 184,189,196/19 दिनाँक 30.11.2019 के माध्यम से वापस की गई जो पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र-फ अनुसार है। (घ) माननीय विधायक द्वारा प्रेषित शिकायतो की जाँच श्री गौतम सोलंकी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सतना द्वारा कराई गई है। जाँचकर्ता अधिकारी द्वारा आवेदक संतोष सोनी तथा अशोक सोनी के कथन लेख किये गये एवं आवेदको द्वारा प्रस्तुत साक्षी शिवप्रसाद सोनी के भी कथन जाँच अधिकारी द्वारा लेख किये गये है। कथन एवं जाँच प्रतिवेदनों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ह  अनुसार है।

आरोप प्रमाणित होने के बावजूद एफ.आई.आर. दर्ज नहीं होना

[गृह]

24. ( क्र. 252 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 141 जो कि 8 जुलाई 2019 की प्रश्‍नोत्‍तरी सूची में उल्‍लेखित है के प्रश्‍नांश (क) (ख) एवं (ग) में जी हाँ, से स्‍वीकार किया गया है कि प्रिज्‍म सीमेंट कंपनी मनकहरी के द्वारा अवैध उत्‍खनन किया जा रहा है तथा पट्टे की भूमि बिना कलेक्‍टर की अनुमति से क्रय करने पर एस.डी.एम. रघुराजनगर द्वारा 02.02.2019 को शासकीय घोषित कर दिया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित दिनांक 08 जुलाई 2019 से प्रश्‍नतिथि तक क्‍या-क्‍या साक्ष्‍य जिला पुलिस बल के दोनों एडीशनल एस.पी. के निर्देशों पर किस-किस नाम/पदनाम के अधिकारियों/कर्मचारियों ने एकत्रित कर प्रिज्‍म सीमेंट कं. के किस-किस नाम के अधिकारियों पर दस्‍तावेंजों में कूट रचना कर शासकीय भूमि को खरीदी एवं अवैध उत्‍खनन किये जाने पर उनके विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया जाना था? प्रश्‍नतिथि तक की गयी कार्यवाही का विवरण जारी सभी आदेश क्रमांकों एवं दिनांकों से जारी पत्रों की एक प्रतिलिपि देते हुये दें। (ग) थाना कोलगवां जिला सतना में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 168/16 एवं थाना सिटी कोतवाली में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 169/17 में किस-किस नाम के भूमि के एग्रीमेंटकर्ताओं/जमीन की खरीदी एवं बिक्री करने वाले किन व्‍यक्तियों एवं इस खरीदी एवं बिक्री के किस-किस नाम के गवाहों पर प्रश्‍नतिथि तक आपराधिक प्रकरण कायम किये गये है? किस-किस नाम के व्‍यक्तियों का नाम पुलिस द्वारा किन-किन कारणों से उन्‍हें संरक्षण देते हुये छोड़ रखा है? एग्रीमेंट कर्ताओं की सूची उपलब्‍ध करायें?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) जी नहीं। अवैध उत्खनन होना स्वीकार नहीं किया था अपितु मानसून सत्र 2019 के तारांकित प्रश्न क्रमांक के प्रश्नांश () में जांच एवं कार्यवाही करने का उल्लेख किया था। प्रश्नांश () एवं () क्रमशः, खनिज एवं राजस्व विभाग से संबंधित होना लेख किया था। (ख) इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सतना को राजस्व/खनिज विभाग की ओर से अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने हेतु कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। अतः प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया गया है। (ग) दोनों प्रकरण अनुसंधान में है, जानकारी दिया जाना विधिसम्मत नहीं है।

स्‍टाम्‍प शुल्‍क मद के कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

25. ( क्र. 274 ) श्री शिवराज सिंह चौहान : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला सीहोर की जनपद पंचायत नसरूल्‍लागंज की ग्राम पंचायत सेमलपानी कदीम, पिपलानी, चकल्‍दी, लाड़कुई, टूटावाकला, बगवाड़ा, जोगला, डाबरी, निमोरा, रिठवाडा, कुमनताल में अतिरिक्‍त स्‍टाम्‍प शुल्‍क मद के कार्य जिनकी प्रशासकीय स्‍वीकृति वर्ष 2018 में जारी की गई थी उन कार्यों को निरस्‍त कर दिया गया हैं। कार्य का नाम सहित स्‍वीकृति की जानकारी दे। (ख) उक्‍त कार्य किन कारणों से निरस्‍त किये गये हैं? औचित्‍य सहित बतायें। (ग) कब तक उक्‍त कार्यों को प्रारंभ कर दिया जायेगा? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जी हाँ, प्रश्‍नाधीन ग्राम पंचायतों में वर्ष 2018 में कुल स्‍वीकृत 55 निर्माण कार्यों में से 21 निर्माण कार्यों को निरस्‍त कर दिया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में स्‍वीकृत ऐसे निर्माण कार्य जिनकी प्रथम किश्‍त जारी नहीं की गई है तथा ऐसे निर्माण कार्य जिनमें प्रथम किश्‍त जारी हो चुकी है किन्‍तु कार्य अप्रारंभ है, उन निर्माण कार्यों को निरस्‍त किया गया है। (ग) कार्य निरस्‍त किये जा चुके है, अत: कार्य प्रारंभ करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

किसानों को कर्ज माफी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

26. ( क्र. 275 ) श्री शिवराज सिंह चौहान : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जय किसान ऋण माफी योजना के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश के कृषकों को सहकारी बैंकों, समितियों, राष्‍ट्रीयकृत बैंकों के दिनांक 31.03.2018 तक बकाया कृषि ऋण 02 लाख तक माफ किये जाने के आदेश दिये गये थे? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश के कितने किसानों को 02 लाख तक की राशि उनके खाते में जमा करा दी जा चुकी है तथा कितनी शेष है? (ग) क्‍या किसानों के खाते में 02 लाख जमा न किये जाकर 50 हजार रूपये जमा करने की कार्यवाही की गई है यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) क्‍या कृषकों को ऋण न मिलने की शिकायत प्रकाश में आई है तो इसका क्‍या निराकरण किया गया है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश शासन किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय के द्वारा राज्‍य में स्थित राष्‍ट्रीयकृत एवं सहकारी बैंकों में अल्‍पकालीन फसल ऋण के रूप में पात्रता अनुसार राशि रूपये 02 लाख तक की सीमा तक का ऋण माफ किये जाने के आदेश जारी किये गये। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जी नहीं, योजना के प्रथम चरण में एन.पी.ए. खातों पर राशि रूपये 2 लाख एवं पी.ए. खातों पर राशि रूपये 50,000 तक के ऋण माफ किये गये है। (घ) ऐसी कोई शिकायत प्रतिवेदित नहीं है।

फसल ऋण माफी योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

27. ( क्र. 284 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के आदेश दिनांक 17 दिसम्बर, 2018 के द्वारा प्रदेश में स्थित राष्ट्रीयकृत तथा सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल ऋण के रुप में शासन द्वारा पात्रता अनुसार पात्र पाये गये किसानों के रुपये 2.00 लाख की सीमा तक का दिनांक 31 मार्च, 2018 की स्थिति में बकाया फसल ऋण माफ किये जाने हेतु जय किसान फसल ऋण माफी योजना लागू की गई है? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश में ऐसे कितने पात्र किसान हैं जिन्हें इस योजना का लाभ दिया गया है? राशि रुपये 0.50 लाख के भीतर की सीमा के किसानों और राशि रुपये 0.50 लाख से 2.00 लाख तक की सीमा के किसानों को दिनांक 31 मार्च, 2018 की स्थिति में बकाया फसल ऋण के रुप में माफ की गई राशि की जिलेवार पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध कराई जावे। (ग) प्रदेश में ऐसे कितने किसान हैं, जिन्होनें योजना का लाभ मिलने की प्रत्याशा में बकाया फसल ऋण तय           समय-सीमा में जमा नहीं कराया, जिसके कारण उन्हें डिफाल्टर मानकर शासन की विभिन्न योजनाओं से मिलने वाले लाभों से वंचित किया गया? (घ) क्या प्रश्नांश (ग) में दर्शाये गये वंचित किसानों द्वारा उक्त आशय की कोई शिकायत प्रश्न दिनांक तक की गई है? यदि हाँ, तो कार्यवाही से अवगत करावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रदेश में 2022731 किसानों के कर्ज माफी की स्‍वीकृति दी जा चुकी है। शेष  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

रबी फसल की प्रोत्साहन राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

28. ( क्र. 285 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा उनके ज्ञाप क्रमांक बी-16-3/2019/14-3 दिनांक 07 मार्च,2019 से जय किसान समृद्धि योजना रबी 2018-19 क्रियान्वित की गई? यदि हाँ, तो नियत अवधि में गेहूँ विक्रय करने पर प्रति क्विंटल कितनी राशि प्रोत्साहन स्वरुप किसानों को दी जाना थी? (ख) प्रश्नांश (क) में क्रियान्वित योजना अंतर्गत प्रदेश के कितने किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है और कितने किसानों को शासन द्वारा इस योजना का लाभ दिया गया है? जिलेवार लाभान्वित हितग्राही किसानों की संख्या एवं व्यय राशि का ब्‍यौरा दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में पंजीकृत किसानों में से नीमच जिले के कितने किसान हैं जिन्हें इस योजना का प्रश्न दिनांक तक लाभ नहीं मिल पाया है? लाभान्वित किये जाने वाले किसानों की संख्या एवं उन्हें भुगतान की जाने वाली राशि का तहसीलवार ब्‍यौरा दें। (घ) क्या प्रश्नांश (ग) में दर्शाये गये किसानों की उक्त आशय की कोई शिकायत प्रश्न दिनांक तक शासन को प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही से अवगत करावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जी हाँ, शासन के उक्‍त ज्ञाप से क्रियान्वित जय किसान समृद्धि योजना रबी 2018-19 में गेहूँ पर रूपये 160 प्रति क्विंटल प्रोत्‍साहन राशि स्‍वरूप किसानों को दिये जाने का प्रावधान है। (ख) जय किसान समृद्धि योजनान्‍तर्गत प्रदेश के कुल 11.79 लाख द्वारा पंजीयन कराया गया और प्रदेश के झाबुआ जिले के 3500 कृषकों के खातों में रूपये 160 प्रति क्विंटल की दर से माह सितम्‍बर 2019 में प्रोत्‍साहन राशि रूपये 2.91 करोड़ जमा की गई है। (ग) नीमच जिले में 12607 किसान पंजीकृत हुये है, जिन्‍हें इस योजना का लाभ दिया जाना है। लाभान्वित‍ किये जाने वाले किसानों की संख्‍या एवं उन्‍हें भुगतान की जाने वाली राशि की तहसीलवार  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जय किसान समृद्धि योजनान्‍तर्गत नीमच जिले में सी.एम.हेल्‍पलाईन में एक ही कृषक द्वारा भुगतान न होने के संबंध में दो शिकायतें प्राप्‍त हुई है। इस योजना अन्‍तर्गत जिलों को आवंटन प्रदाय करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

मुनगा पत्‍ती रोपण

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

29. ( क्र. 298 ) श्री निलय डागा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग की संचालित योजनाओं में मुनगा पत्‍ती मूल्‍य अनुबंध खेती भी किसानों के हितार्थ संचालित है? इसमें किसानों हेतु अनुदान-प्रावधान क्‍या-क्‍या निर्धारित किए गए हैं? प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) यदि नहीं, तो फिर जिला बैतूल में वर्ष 2018-19 में उक्‍त योजना किस प्रयोजन से किसानों हेतु लागू की गई तथा इसमें कितने किसानों का पंजीयन हुआ? किसानों के नाम, ग्राम, विकासखण्‍ड, लाभ का क्षेत्र, रोपित किये जाने वाले पौधों की संख्‍या व उनकी राशि की जानकारी दी जाए। (ग) प्रति किसान पंजीयन शुल्‍क कितना जमा करवाया गया? (घ) वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न अवधि तक कुल कितने कृषकों द्वारा कृषक अंश की राशि जमा की गई? सूची दें तथा प्रति किसान को मुनगा पत्‍ती से कितना-कितना लाभ हुआ? (ड.) क्‍या कुछ किसानों के यहा निम्‍न गुणवत्‍ता के पौधे 10 रूपये प्रति पौधे की दर पर उपलब्‍ध करायें तथा कुछ किसानों को मुनगा पौधे उपलब्‍ध ही नहीं कराये गये? अधिकांश किसानों के यहां पौधे मृत हो जाने से उन्‍हें लाभ न होते हुए भारी नुकसान हुआ है। किसानों को हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए किस अधिकारी की जवाबदारी निर्धारित की जांकर जाँच व दण्‍डात्मक कार्यवाही कब तक की जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) :  (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जिला कृषि स्‍थाई समिति के अनुमोदन बिना बजट राशि का व्‍यय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

30. ( क्र. 302 ) श्री राकेश गिरि : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कृषि विभाग सहित एलाइड विभागों को बजट आवंटन व्‍यय करने के पूर्व/कार्योंपरांत जिला कृषि स्‍थाई समिति से अनुमोदन लेना आवश्‍यक होता है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2018-19 एवं              2019-20 में जिला टीकमगढ़ में किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास को कितना बजट आवंटित किया गया? प्रदत्‍त राशि का व्‍यय पूर्व/कार्योंपरांत जिला कृषि स्‍थाई समिति से अनुमोदन कब-कब लिया गया? संबंधित बैठकों की कार्यवाही की सत्‍यापित प्रति प्रदान करें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर यदि नहीं, है तो बिना जिला कृषि स्‍थाई समिति के अनुमोदन के प्राप्‍त राशि का व्‍यय किन मदों में कितना-कितना किया गया? विस्‍तृत विवरण दें। (घ) जिला कृषि स्‍थाई समिति के अनुमोदन बिना बजट व्‍यय करने के कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार व दोषी हैं उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? समय-सीमा बतायें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जी नहीं। (ख) से (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शस्‍त्र लाईसेन्स नवीनीकरण में अनियमितता

[गृह]

31. ( क्र. 314 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शस्त्र लाईसेन्स नवीनीकरण लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आता है? यदि हाँ, तो किस दिनांक से लागू है? नवीनीकरण कार्य की समय-सीमा कितने दिवस की है? लागू दिनांक से प्रश्न दिनांक तक जिला राजगढ़ अंतर्गत शस्त्र लाईसेन्स नवीनीकरण के कितने आवेदन लोक सेवा प्रबंधन के माध्यम से ऑनलाईन प्राप्त कर सक्षम अधिकारी द्वारा शस्त्र नवीनीकरण के आदेश जारी किये गये वर्षवार विकासखण्डवार जानकारी से अवगत करावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार शस्त्र लाईसेन्स नवीनीकरण के आवेदन ऑनलाईन नहीं बुलाये जाकर जिला मुख्यालय पर ही जमा कराये जाते है? यदि हाँ, तो कारण स्पष्ट करें तथा शस्त्र लाईसेन्स नवीनीकरण की दिनांक बीत जाने के पश्चात भी शस्त्र लाईसेन्स नवीनीकरण के आदेश नहीं किये जाते है? विलम्ब के कारण से अवगत करावें। (ग) क्या जिला राजगढ़ अंतर्गत शस्त्र लाईसेन्स नवीनीकरण के आवेदन लोक सेवा के प्रदान की गारंटी अधिनियम के अंतर्गत ऑनलाईन बुलाई जाकर समय-सीमा में शस्त्र लाईसेन्स नवीनीकरण के आदेश किये जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें।

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) जी हाँ। शस्‍त्र लाईसेन्स नवीनीकरण सेवा दिनांक 24.09.2011 से अधिसूचित होकर लागू है। लाईसेन्स अवधि समाप्‍त होने के पूर्व प्राप्‍त आवेदनों हेतु समय-सीमा 15 कार्य दिवस एवं लाईसेन्स अवधि समाप्‍त होने के पश्‍चात प्राप्त आवेदनों की समय-सीमा 45 कार्य दिवस निर्धारित है। शस्‍त्र लाईसेन्स नवीनीकरण के आवेदन, लोक सेवा केंद्र के माध्‍यम से ऑनलाइन प्रेषित करने की व्‍यवस्‍था दिनांक 22.11.2013 से प्रारंभ है। प्रश्‍न दिनांक तक, लोक सेवा केन्‍द्र के माध्‍यम से ऑनलाईन प्राप्‍त 1083 आवेदनों के शस्‍त्र नवीनीकरण आदेश जारी किये गये। वर्षवार, विकासखण्‍डवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) लोक सेवा गारन्टी के तहत लोक सेवा केन्द्र एवं पदाभिहित अधिकारी कार्यालय दोनों के माध्यम से आवेदन प्राप्‍त किए जाने का प्रावधान है। लोक सेवा केन्द्र अथवा जिला मुख्यालय स्थित पदाभिहित अधिकारी कार्यालय में आवेदक स्‍वेच्‍छानुसार आवेदन प्रस्तुत करने हेतु स्‍वतंत्र है। लोक सेवा केन्द्र से पदाभिहित अधिकारी को ऑनलाईन प्राप्त आवेदनो तथा पदाभिहित अधिकारी कार्यालय में आवेदक द्वारा सीधे प्रस्‍तुत आवेदनों का यथासंभव समय-सीमा में निराकरण किया जाता है। आवेदक द्वारा उपलब्‍ध कराये गए दस्‍तावेज में कमी होने के कारण कतिपय लाईसेन्स नवीनीकरण में विलम्ब हो जाता है। लोक सेवा केन्द्र एवं पदाभिहित अधिकारी कार्यालय के माध्यम से प्राप्त लाईसेन्स नवीनीकरण आवेदन का भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014 में जारी निर्देशानुसार एन.डी.ए.एल (नेशनल डाटा ऑफ आर्म्‍स लायसेंस सॉफ्टवेयर के माध्यम से आनलाईन प्रक्रिया से नवीनीकरण किया जाता है। वर्ष 2018 में विधानसभा निर्वाचन एवं लोकसभा निर्वाचन के कारण शासन द्वारा उक्त पोर्टल बन्द किया गया था, जिसके कारण ऑनलाईन इन्ट्री नहीं हाने से उस समय प्राप्त आवेदनों के लाईसेन्स नवीनीकरण करने में विलम्ब हुआ था। वर्तमान नवीनीकरण आवेदनों के आदेश जारी कर दिए गये हैं।                  (ग) लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत पदाभिहित अधिकारी के कार्यालय में सीधे प्राप्‍त आवेदनों एवं लोक सेवा केंद्र के माध्‍यम से ऑनलाईन प्राप्‍त होने वाले समस्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही कर भविष्‍य में निर्धारित समय-सीमा में शस्त्र लाईसेन्स नवीनीकरण के आदेश किये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

परिशिष्ट - ''चौदह''

भावान्तर भुगतान/मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजनान्तर्गत प्रोत्साहन राशि का प्रदाय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

32. ( क्र. 315 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र.शासन द्वारा राजगढ़ जिले अंतर्गत वर्ष 2018-19 में किसानों की खरीफ फसल हेतु भावांतर भुगतान योजनान्तर्गत मक्का/सोयाबीन की कृषि उपज मंडी समिति में विक्रय करने पर भावान्तर प्रोत्साहन राशि देने एवं रबी 2018 में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजनान्तर्गत किसानों द्वारा स्व उत्पादित गेहूँ एवं चना का शासकीय उर्पाजन केन्द्रों/कृषि उपज मंडियों में विक्रय किया गया? कृषि उपज मंडीवार/उपार्जन केन्द्रवार खरीदी के विरुद्ध कितनी प्रोत्साहन राशि प्रदाय किया जाना है? कृषि उपज मंडीवार/उपार्जन केन्द्रवार खरीदी के विरुद्ध कितनी खरीफ एवं रबी की फसल की प्रोत्साहन राशि प्रदाय किया जाना है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार किसानों के सोयाबीन/मक्का की भावान्तर भुगतान प्रोत्साहन तथा रबी फसल की मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजनान्तर्गत प्रोत्साहन राशि प्रश्न दिनांक तक प्रदाय नहीं करने का कारण स्पष्ट करें एवं कब तक भुगतान किया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा राजगढ़ जिले अन्‍तर्गत वर्ष 2018-19 में खरीफ 2018 हेतु सोयाबीन एवं मक्‍का में फ्लैट भावांतर योजना लागू थी। रबी 2018 में मुख्‍यमंत्री कृषक समृद्धि योजना लागू नहीं थी,अपितु मात्र गेहूँ में रबी 2018-19 हेतु जय किसान समृद्धि योजना लागू थी। वर्ष 2018-19 में राजगढ़ जिले में 9164 कृषकों को मक्‍का फसल में राशि रूपये 250 प्रति क्विंटल भावांतर दर से कुल राशि रूपये 555.31 लाख का भुगतान किया गया है, तथा किसानों द्वारा अधिसूचित मंडियों में विक्रय सोयाबीन के लिए प्रति क्विंटल फ्लैट भावांतर दर निर्धारण उपरांत अंतर की राशि का भुगतान का प्रावधान है। रबी 2018-19 में जय किसान समृद्धि योजनान्‍तर्गत प्रावधान एवं उपज मात्रा की कृषक पात्रता के अनुसार राजगढ़ जिले की अधिसूचित मंडियों एवं शासकीय उपार्जन केन्‍द्रो में गेहूँ उपार्जन पर रूपये 160 प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्‍साहन राशि प्रदाय करने की कार्यवाही प्रचलन में है। उपरोक्‍त योजनान्‍तर्गत सोयाबीन, मक्‍का एवं गेहूँ की कृषि उपज मंडीवार/कृषि उपार्जन केन्‍द्रवार खरीदी की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ, , स एवं  द अनुसार है। (ख) राजगढ़ जिले के किसानों को सोयाबीन में फ्लैट भावांतर तथा गेहूँ में जय किसान समृद्धि योजना के प्रावधानुसार आवंटन प्रदाय करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, मक्‍का फसल में योजना प्रावधानुसार एवं पात्रतानुसार कृषकों को भुगतान किया जा चुका है।

गुमशुदगी एवं अपहरण के प्रकरणों की जाँच

[गृह]

33. ( क्र. 329 ) श्री बृजेन्द्र सिंह यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) अशोकनगर जिले में 01 जनवरी 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक गुमशुदगी एवं अपहरण एवं चोरी के कितने आवेदन प्राप्‍त हुए हैं एवं किस-किस आवेदन पर गुमशुदगी एवं अपहरण, चोरी के प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं? (ख) कौन-कौन से प्रकरण में गुमशुदा व्‍यक्ति को खोजा गया है एवं कितने अपहरण एवं चोरी के प्रकरण पर कार्यवाही कर न्‍यायालय में पेश किया गया है एवं कितने प्रकरण जाँच में है? थानावार जानकारी देवें। (ग) मुंगावली विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत गुमशुदगी एवं अपहरण के प्रकरण की जानकारी आवेदनकर्ता नाम एवं पता सहित उपलब्‍ध करावें।

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।            (ग) प्रश्नांकित अवधि में मुंगावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गुमशुदगी एवं अपहरण संबंधी कोई आवेदन पत्र किसी भी आवेदनकर्ता द्वारा नहीं दिया गया हैं। फरियादी द्वारा थाने पर उपस्थित होकर रिपोर्ट करने पर गुमशुदगी के 201 प्रकरण एवं अपहरण के 56 प्रकरणों की कायमी हुई है।

आवंटित औद्योगिक प्लॉट निरस्त करना

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

34. ( क्र. 348 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या भोपाल गैस त्रासदी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा भगतपुरी औद्योगिक क्षेत्र में आवंटित औद्योगिक प्लॉटों में कितने लोगों ने कितने उद्योग लगाकर उद्योग प्रारंभ कर दिए हैं और क्या-क्या उत्पादन कर रहे हैं? (ख) नागदा भगतपुरी औद्योगिक क्षेत्र में कितने लोगों ने उद्योग लगाने हेतु कब-कब प्लॉट लिए थे परंतु उनके द्वारा आज दिनांक तक उद्योग नहीं लगाए गए हैं? क्‍या शर्तों का उल्लंघन करने पर प्लॉट आवंटन निरस्त किए गए हैं? निरस्त किए गए प्लॉट धारकों के नाम सहित विवरण दें। यदि नहीं, किए गए हैं तो क्यों? सम्पूर्ण विवरण दें। (ग) फर्नाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु विभाग द्वारा क्या-क्या निर्माण कार्य पूर्ण कर दिए गए हैं तथा प्लॉटों की आवंटन की प्रक्रिया कब से प्रारंभ होगी?

भोपाल गैस त्रासदी मंत्री ( श्री आरिफ अक़ील ) : (क) उज्जैन जिलान्तर्गत भगतपुरी औद्योगिक क्षेत्र में 11 उद्योग कार्यरत है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।                  (ख) नागदा भगतपुरी औद्योगिक क्षेत्र में 45 औद्योगिक इकाईयों को भूखण्ड आवंटित किये गये है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उक्त इकाईयों में से 07 इकाईयों द्वारा उद्योग स्थापित नहीं किये गये है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। जी नहीं, इकाईयों द्वारा लीजडीड की शर्तों का उल्लंघन करने पर लीजडीड निरस्तीकरण हेतु नियमानुसार समयावधि सूचना पत्र जारी किये गये है। (ग) औद्योगिक क्षेत्र फर्नाखेडी में एप्रोच रोड एवं विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु वर्ष 2017-18 में स्वीकृति जारी की जा चुकी है जिसका कार्य प्रगति पर है। औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कों के निर्माण एवं विद्युतीकरण कार्य बजट उपलब्धता अनुसार स्वीकृत किये जायेगें।

किसानों की कर्जमाफी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

35. ( क्र. 359 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान सरकार द्वारा विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रदेश के किसानों का कर्जा माफ किये जाने का संकल्‍प (घोषणा) लिया गया था? यदि हाँ, तो कितनी राशि का ऋण कब से माफ किया गया है? (ख) सिवनी जिले के कितने किसानों का कितनी राशि का ऋण माफ किया गया है? संख्‍या बताएँ। (ग) ऋण माफी की घोषणा के बाद से प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों द्वारा आत्‍महत्‍या की गई है? इन किसानों के परिवारों को प्रदेश सरकार द्वारा क्‍या-क्‍या सहायता प्रदान की गई है? (घ) प्रदेश सरकार के वचन पत्र/घोषणा पत्र अनुसार प्रदेश के सम्‍पूर्ण किसानों का फसल ऋण कर्ज कब तक माफ होकर उनके खाते में निरंक हो जायेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जी हाँ। जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत दिनांक 01-04-2007 के बाद 31-03-2018 तक के फसल ऋण को माफ किया गया है अभी तक राशि रू.7154.36 करोड़ के ऋणमाफी की स्‍वीकृति दी जा चुकी है। (ख) सिवनी जिले में जय किसान फसल ऋणमाफी योजनान्‍तर्गत 48186 कृषकों का राशि रू.865676318.07 का ऋण माफ किया गया है विधान सभावार/किसानवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।     (ग) सिवनी जिले की जानकारी निरंक है। (घ) ऋणमाफी का कार्य सतत् रूप से संचालित है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

कृषक अनुदान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

36. ( क्र. 370 ) श्री विक्रम सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले को विभाग द्वारा वर्ष 2018-19 से 2019-20 तक कितना बजट किस-किस योजना के लिए प्राप्‍त हुआ वर्षवार, योजनावार, कितना-कितना व्‍यय किया गया? सूची वर्षवार दें? (ख) वर्ष 2018-19 से 2019-20 तक रामपुरबाघेलान और अमरपाटन के कृषकों को योजनावार कितनी-कितनी अनुदान राशि प्रदान की गई? विकासखण्‍डवार/कृषकवार सूची प्रदान करें। (ग) स्‍वीकृत अनुदान राशि से कितने कृषकों को लाभान्वित किया गया है? वास्‍तविक संख्‍या से अवगत करावें? विकासखण्‍डवार/वर्षवार/संख्‍यावार/कृषकवार सूची दें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।       (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

आईपीसी की धारा 505 (2) के संबंध में

[गृह]

37. ( क्र. 382 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) आईपीसी की धारा 505 (2) क्या परिभाषित करती हैं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित धारा के अनुसार किसी राजनैतिक पार्टी एवं पार्टी के समूह या वर्ग को आरोपी बनाया जा सकता हैं?          (ग) आईपीसी की धारा 505 (2) के तहत वर्ष 2019-20 में प्रदेश अन्तर्गत किन-किन राजनैतिक पार्टियों एवं पार्टी के वर्गों/समूहों पर किन-किन मामलों में यह धारा लगायी जाकर आरोपी बनाया गया हैं? सूची प्रदान करें।

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) विभिन्न वर्गों में शत्रुता, घृणा या वैमनस्य पैदा या सम्प्रवर्तित करने वाले कथन जो भी कोई जनश्रुति या संत्रासकारी समाचार अन्तर्विष्‍ट करने वाले किसी कथन या सूचना, इस आशय से किया जिससे यह संभाव्य हो कि, विभिन्न धार्मिक, मूलवंशीय भाषायी या प्रादेशिक समूहों या जातियों या समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावनायें, धर्म, मूलवंश, जन्म-स्थान, निवास-स्थान, भाषा, जाति या समुदाय के आधारों पर या अन्य किसी भी आधार पर पैदा या सम्प्रवर्तित हो, को रचेगा, प्रकाशित करेगा या परिचालित करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिये कारावास, जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या आर्थिक दण्ड, या दोनों से दण्डित किया जायेगा। (ख) भारतीय दण्ड संहिता 1860 के अंतर्गत किसी अपराध का उल्लघंन होने पर घटना में आये तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर संबंधितों के विरुद्ध कार्यवाही की जाती है।  (ग) भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 505 (2) के तहत वर्ष 2019 में दर्ज मामलों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। दर्ज प्रकरणों में विवेचना के उपरांत आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी बनाये जाते हैं न कि किसी राजनैतिक पार्टी की सदस्यता के आधार पर।

सरपंच/उपसरपंच के अविश्‍वास के प्रस्‍तावों के संबंध में

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

38. ( क्र. 393 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत सरपंच/उपसरपंच के अविश्वास के मामले में पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम में क्या नियम हैं? (ख) विधान सभा क्षेत्र पिपरिया अंतर्गत विगत 05 वर्षों में अविश्‍वास के कितने प्रकरण विहित प्राधिकारी द्वारा जनपद पंचायत पिपरिया को आगामी कार्यवाही हेतु प्राप्‍त हुये, ग्राम पंचायतवार सूची प्रदान करें। (ग) क्या पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम के तहत अविश्वास के मामले में पंचों की उपस्थिति का अनुपात अधिनियम की शर्त अनुसार यदि दशमलव में प्राप्त होता हैं, तो क्या दशमलव की संख्या को आधार मानकर प्रस्ताव पारित होगा या फिर दशमलव की संख्या को पूर्ण किया जाकर उसे आधार मानकर उससे अधिक की पंचों की संख्या पर प्रस्ताव पारित होगा? (घ) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में प्रश्‍नांश (ग) की दोनों स्थितियों के परिप्रेक्ष्‍य में पारित प्रस्‍तावों की जानकारी ग्राम पंचायतवार प्रदान करें।

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-  अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र पिपरिया अंतर्गत विगत 05 वर्षों में अविश्वास का 01 प्रकरण ग्राम पंचायत महलवाड़ा में सरपंच के विरूद्ध वर्ष 2018 में विहित प्राधिकारी द्वारा जनपद पंचायत पिपरिया को आगामी कार्यवाही हेतु प्राप्त हुआ। (ग) जानकारी उत्तरांश (क) अनुसार है।         (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र - अनुसार है।

अवैध शराब बिक्री

[गृह]

39. ( क्र. 407 ) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत‍ गांव-गांव में अवैध शराब की बिक्री होने तथा प्रश्‍नकर्ता द्वारा पुलिस अधीक्षक महोदय दमोह को पत्र लिखने के बावजूद भी पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जबेरा विधान सभा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री एवं सट्टा बंद करने की कार्यवाही कब तक की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : विधायक महोदय के पत्रों के परिप्रेक्ष्य में विधानसभा क्षेत्र जबेरा में दिनांक 04.06.2019 से 20.11. 2019 तक की अवधि में आबकारी एक्ट के कुल 198 प्रकरणों में 209 व्यक्तियों एवं सट्टा एक्ट के कुल 27 प्रकरणों में 27 व्यक्तियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किये गए है। अवैध शराब एवं सट्टा के विरूद्ध कार्यवाही सतत् जारी है।

हटा नगर में मध्‍यान्‍ह भोजन वितरण में अनियमितता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

40. ( क्र. 415 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह के हटा नगर में महाराणी लक्ष्‍मी बाई बचत समूह दमोह को किस आदेश के तहत हटा की समस्‍त शालाओं का मध्‍यान्‍ह भोजन प्रदाय करने के आदेश दिये गये थे? आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या आपके पत्र क्रमांक 6062 दिनांक 26.07.19 को जाँच के निर्देश दिये गये थे एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी दिनांक 13.09.19 को जाँच हेतु लेख किया गया था तथा अनुविभागीय अधिकारी द्वारा जाँच दिनांक 08.09.17 को जाँच में लापरवाहियां पायी गयी क्‍या वार्डन सत्‍यम सडैंया के द्वारा दिनांक 02.09.17 को अनियमिताओं के बारे में लेख किया गया तथा जनपद अध्‍यक्ष के द्वारा दिनांक 4.9.19 को शिकायत की गई? यदि हाँ, तो कई शिकायतें जनता व जनप्रतिनिधियों के माध्‍यम से की गई लेकिन उक्‍त समूह पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं हुई कब तक कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र -अ अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन पत्रों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

41. ( क्र. 422 ) श्री करण सिंह वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) इछावर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत विगत पाँच वर्षों में प्रधानमंत्री एवं मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्‍तर्गत कितनी एवं कौन-कौन सी सड़कें स्‍वीकृत की गई? (ख) इन स्‍वीकृत सड़कों में से कितनी व कौन-कौन सी सड़कों का निर्माण हो चुका है एवं कौन-कौन सी सड़क निर्माण होना शेष है? इन्‍हें कब तक निर्मित कर पूर्ण कराया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) 41 मार्ग। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।    (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

 

प्रधानमंत्री आवास योजना अन्‍तर्गत आवास आवंटन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

42. ( क्र. 423 ) श्री करण सिंह वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) इछावर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना में कितने लोगों को आवास आवंटित किये गये? नामवार, स्‍थानवार सूची प्रदाय करें। (ख) क्‍या उक्‍त आवंटित आवासों में से ग्राम डुंडलावा के कुछ हितग्राहियों के बने हुये आवासों को तोड़ दिया गया है? यदि हाँ, तो किसके आदेश पर?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) जानकारी प्रधानमंत्री आवास योजना के पोर्टल pmayg.nic.in पर उपलब्ध है। (ख) जी नहीं।

खनिज विकास मद से स्‍वीकृत कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

43. ( क्र. 429 ) श्री सुदेश राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खनिज विकास मद से विभाग अन्‍तर्गत कौन-कौन से कार्य कराये जाने के क्‍या-क्‍या प्रावधान हैं? (ख) जिला सीहोर के विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक खनिज विकास मद से कुल कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? श्रेणी एवं स्‍थान सहित कार्य की जानकारी बतावें। (ग) स्‍वीकृत कार्यों में से कुल कितने कार्य पूर्ण कर लिये हैं तथा कितने कार्य अपूर्ण हैं, यदि अपूर्ण हैं तो क्‍यों तथा कब तक पूर्ण करा लिये जावेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री कमलेश्‍वर पटेल ) : (क) खनिज विकास मद से पेयजल प्रदाय, पर्यावरण संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण के उपाय स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास वृद्ध एवं नि:शक्‍त कौशल विकास, स्‍वच्‍छता, भौतिक अवसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा एवं वाटरशेड विकास के अंतर्गत कार्य कराये जाने के प्रावधान है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में कोई भी कार्य स्‍वीकृत नहीं किये गये है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कृषक अनुदान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

44. ( क्र. 430 ) श्री सुदेश राय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सीहोर को विभाग से वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक कितना-कितना बजट किस-किस योजना के लिये प्राप्‍त हुआ तथा वर्षवार योजनानुसार कितना व्‍यय किया गया? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक कृषकों को योजनावार कितनी-कितनी अनुदान राशि किस-किस योजना के अन्‍तर्गत प्रदान की गई है? योजनावार कृषकगणों की संख्‍या की सूची उपलब्‍ध करावें।
किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

 

प्रश्‍नकर्ता द्वारा नवम्‍बर 2019 में शिकायत पर कार्यवाही

[गृह]

45. ( क्र. 445 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 21.07.2018 को वीरेन्‍द्र यादव (बबलू) के विरूद्ध धारा 420 एवं अन्‍य धाराओं में अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध हुआ है। (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा नवम्‍बर 2019 में फर्जी बीपीएल कार्ड बनाने के संबंध में एवं दस्‍तावेजों में छेड़छाड़ संबंधी शिकायत नगर निरीक्षक, इटारसी एवं होशंगाबाद, अनुविभागीय अधिकारी/कलेक्‍टर होशंगाबाद को की गयी थी? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संबंध में क्‍या कार्यवाही की गयी? (घ) क्‍या उक्‍त आरोपी वीरेन्‍द्र यादव (बबलू) की कलेक्‍टर होशंगाबाद को उनके जन्‍मदिन पर बधाई देते हुए फोटो सोशल मिडिया पर वायरल होने के कारण पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। प्रश्नकर्ता द्वारा माह अक्टूबर 2019 में कलेक्टर होशंगाबाद को शिकायत की गई थी। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में आरोपी वीरेन्द्र यादव (बबलू) के विरुद्ध प्रकरण क्रमांक 738/18 धारा 420, 470, 467, 468 भादवि पंजीबद्ध कर अनुसंधान में है। (घ) यह कहना सही नहीं है। आरोपी बबलू यादव के संदर्भ में पंजीबद्ध प्रकरण में विवेचना की जा रही है। प्रकरण में प्राप्त साक्ष्य अनुसार कार्य किया जायेगी।

संदिग्ध मृत्‍यु की जाँच

[गृह]

46. ( क्र. 446 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) जानकारी दें कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा रामविलास आत्‍मज सुन्‍दरलाल तिवारी निवासी उन्‍नाव की इटारसी के निकट नजरपुर/कीरतगढ़ या आसपास जून 2013 में हुई संदिग्‍ध परिस्थितियों में हुई मृत्‍यु की जाँच के संबंध में पुलिस अधीक्षक (शासकीय रेल पुलिस), भोपाल एवं अपर पुलिस महानिदेशक (शासकीय रेल पुलिस) को लिखे पत्र सितम्‍बर एवं अक्‍टूबर 2019 में कब-कब प्राप्‍त हुए? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्‍त पत्र में रामलिवास आत्‍मज सुंदरलाल की संदिग्‍ध मृत्‍यु की जानकारी ग्राम जिलवानी के सरपंच एवं कमल भारद्वाज (डब्‍बु) को होने के संबंध में अवगत कराया गया था? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित लोगों से पूछताछ कर जाँच की गयी।      (घ) जाँच में कौन से तथ्‍य प्रकाश में आये? प्रकाश में आये तथ्‍यों के आधार पर क्‍या कार्यवाही की गयी?
गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) रामविलास आत्मज सुन्दरलाल तिवारी निवासी उन्नाव की इटारसी के निकट नजरपुर/कीरतगढ़ या आसपास जून 2013 में हुई संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु की जाँच के संबंध में पुलिस अधीक्षक (शासकीय रेल पुलिस) भोपाल एवं अपर पुलिस महानिदेशक (शासकीय रेल पुलिस) को लिखे पत्र दिनांक 20.9.19 को प्राप्त हुए। (ख) जी हाँ।            (ग) जाँच के दौरान कमल भारद्वाज से पूछताछ कर कथन लिए गए है। (घ) प्रश्नांश का उत्तर संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

आम पौध का रोपण में अनियमितता

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

47. ( क्र. 460 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में उद्यान विभाग की योजनान्तर्गत वर्ष 2018-19 में जिले के कितने किसानों के यहाँ तोतापरी आमपौध का रोपण कराया गया है? ग्रामवार, कृषकवार तथा जीवित पौधों की संख्या एवं कुल व्यय सहित जानकारी देवें। (ख) क्या किसानों को प्रदाय किये गये तोतापरी आमपौध सही समय पर एवं निर्धारित मापदण्ड के उपलब्ध नहीं कराए जाने से अधिकांश पौधे मृत हो गए हैं? यदि हाँ, तो इस प्रकार अनियमितता के लिये कौन दोषी हैं? (ग) बैतूल जिले की जलवायु आम की प्रजाति जैसे लंगड़ा, चौसा, गाजरिया आदि के लिये अनुकूल होने के पश्चात भी तोतापरी आमपौध रोपण ही किस वजह से कराया गया? (घ) वर्ष 2018-19 के तोतापरी पौधरोपण का फीडबेक असंतोषजनक होने के बाद भी वर्ष 2019-20 में किसी फर्म से अनुबंध किये बिना ही पुनः तोतापरी आम अनुबंध खेती क्यों कराई जा रही है? अनुबंध से संबंधित शासकीय निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ड.) तोतापरी आम के विपणन हेतु किसी फर्म से दीर्घकालिक अनुबंध किये बिना जिले में बड़ी संख्या में किसानों को तोतापरी आम पौधरोपण हेतु बाध्य किये जाने एवं पौधा समय पर प्रदाय नहीं किये जाने से हुए नुकसान के लिये दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?
किसान कल्याण मंत्री ( श्री सचिन सुभाषचन्‍द्र यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) तोतापरी आम की किस्‍म प्रसंस्‍करण के लिए उपयुक्‍त होने के कारण बैतूल जिले में पौध रोपण कराया गया। (घ) आम की प्रसंस्‍कृत किश्‍म तोतापरी को अति उच्‍च सघनता में रोपण को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2019-20 में फल क्षेत्र विस्‍तार योजना के अन्‍तर्गत प्रति एकड़ देय अनुदान सहायता के अतिरिक्‍त रूपये 24000/- एकड़ अनुदान दिये जाने का प्रावधान है। पौध रोपण करने हेतु कृषक स्‍वतंत्र हैं। योजना के अन्‍तर्गत अनुबंध नहीं कराया गया है। (ड़) विभाग द्वारा जारी योजना के दिशा-निर्देश में किसी भी संस्‍था से दीर्घ कालीन अनुबंध का प्रावधान नहीं है। पौध रोपण करने के लिए कृषक स्‍वतंत्र है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नगर निरीक्षकों का स्‍थानांतरण

[गृह]

48. ( क्र. 462 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले के सारणी थाना की नगर निरीक्षक के अगस्त-2019 से नवम्बर -2019, 04 माह की अवधि में 04 टी.आई. के स्थानांतरण हुये? सभी के नाम, थाना में कार्यकाल का विवरण देवे, साथ ही चारों टी.आई. के स्थानांतरण का कारण बतावें। क्या 04 माह में 04 स्थानांतरण करना प्रशासनिक तौर पर ठीक है? (ख) क्या नगर निरीक्षकों का स्थानांतरण एक माह की पदस्थापना के बाद  किया गया? 3 वर्षों से अधिक समय से पदस्थ एस.आई., ए.एस.आई. एवं हवलदारों एवं सिपाही के नाम सहित सूची बतावें। (ग) क्या सारनी थाने में लंबे समय से पदस्थ पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण किये जाएंगे? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्यों?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) जी हाँ। बैतूल जिले में प्रशासनिक दृष्टिकोण एवं प्रभारी मंत्री महोदय के अनुमोदन उपरांत सारणी थाना के निरीक्षकों के अगस्त 2019 से नवम्बर 2019, 04 माह की अवधि में 04 टी.आई. के स्थानांतरण हुये है। सभी के नाम, थाना में कार्यकाल आदि का विवरण संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार। जी हाँ, कर्तव्य के प्रति लापरवाही, कानून व्यवस्था एवं प्रशासनिक कारणों से किये गये स्थानांतरण उचित है। (ख) जी हाँ। 02 निरीक्षकों के स्थानांतरण 01 माह अथवा उससे अधिक अवधि के पश्चात् एवं 01 निरीक्षक का स्थानांतरण कर्तव्य के प्रति लापरवाही को दृष्टिगत रखते हुये 01 माह की अवधि के भीतर किया गया है। 03 वर्षों से अधिक समय से पदस्थ एस.आई., ए.एस.आई., हवलदारों एवं सिपाही के नाम सहित सूची संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार। (ग) पुलिस मुख्यालय, म.प्र. द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक-3/कार्मिक/समनि (कार्मिक)/निस/130/17 भोपाल दिनांक 30.12.2017 में निर्देशित किया गया है कि उप निरीक्षक से आरक्षक स्तर के कर्मचारियों को किसी एक थाने की पदस्थापना 04 वर्ष से अधिक न हो। थाना सारणी में किसी भी कर्मचारी की पदस्थापना 4 वर्ष से अधिक नहीं है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

नवीन औद्योगिक इकाइयों की स्थापना

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

49. ( क्र. 463 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या भोपाल गैस त्रासदी मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले के सारनी क्षेत्र में उपलब्ध फ्लाई ऐश एवं कोयला खानों को देखते हुए यहाँ कोयला एवं फ्लाई ऐश आधारित उद्योगों की स्थापना हेतु क्या जिले के उद्योग एवं व्यापार केन्द्र के माध्यम से कोई प्रस्ताव शासन द्वारा तैयार कराया गया है? यदि हाँ, तो तैयार किये गये प्रोजेक्ट का विस्तृत विवरण दें। (ख) क्या शासन द्वारा तैयार किया गया कोई प्रोजेक्ट स्वीकृति एवं वित्त पोषण हेतु केन्द्र सरकार को भेजा गया है? यदि हाँ, तो कब एवं यदि नहीं, तो सारनी क्षेत्र में लगातार कम होती औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को गति प्रदान किये जाने हेतु शासन द्वारा क्या वैकल्पिक कार्यवाही की जावेगी?

भोपाल गैस त्रासदी मंत्री ( श्री आरिफ अक़ील ) : (क) जी नहीं। प्रश्नांश  (क) से संबंधित उद्योगों की स्थापना हेतु जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बैतूल द्वारा कोई प्रस्ताव शासन को प्रेषित नहीं किये गये। (ख) जी हाँ। भारत सरकार को एमएसई सीडीपी योजनांतर्गत इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल क्लस्टर का नवीन औद्योगिक क्षेत्र ग्राम चोरडोंगरी जिला बैतूल में विकसित करने हेतु प्रेषित प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा दिनांक 25.07.2018 को सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई।

स्‍वर्ण जयंती योजना में अनियमितता

[गृह]

50. ( क्र. 479 ) श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) क्या स्वर्ण जयंती योजना के अन्तर्गत सहकारिता विभाग द्वारा किये गये गबन पर अमानगंज, पवई, शाहनगर थानों में वर्ष 2014 में एफ.आई.आर. दर्ज हुई है? यदि हाँ, तो 05 वर्ष से आज दिनांक तक स्वर्ण जयंती योजना के तहत सहकारिता विभाग द्वारा किये गये गबन पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक कार्यवाही कर दोषियों के विरूद्ध न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाएगा? (ख) क्या एफ.आई.आर. में दर्ज तत्कालीन बैंक अध्यक्ष एवं मैनेजर जैसे लोगों के नाम पुलिस विभाग एफ.आई.आर. से निकाल रही है? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो इनके खिलाफ कार्यवाही कब तक होगी?

गृह मंत्री ( श्री बाला बच्चन ) : (क) जी हाँ, वर्ष 2014 में थाना अमानगंज एवं शाहनगर में एफ.आई.आर. दर्ज हुई है। जबकि थाना पवई में वर्ष 2012 में एफ.आई.आर. दर्ज हुई है। थाना अमानगंज में दर्ज एफ.आई.आर. पर विवेचना उपरांत चालान तैयार किया जा चुका है। थाना शाहनगर में दर्ज प्रकरण विवेचनाधीन है। थाना पवई में दर्ज प्रकरण का दिनांक 08.08.2014 एवं दिनांक 13.10.2017 को चालान पेश किये गये तथा शेष आरोपियों के विरूद्ध विवेचना जारी है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है।

बरियारपुर डेम की नहर से लगी हुई सड़कों का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

51. ( क्र. 480 ) श्री