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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2015 सत्र


गुरूवार, दिनाँक 17 दिसम्‍बर 2015


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 4 : लोक निर्माण, वाणिज्‍य, उद्योग एवं रोजगार, खेल एवं युवा कल्‍याण, धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व, वन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, उच्‍च शिक्षा)


गोपला पांती मोड़ से कोलही खोखला मार्ग का निर्माण

1. ( *क्र. 1818 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले के लोक निर्माण संभाग के उप संभाग मऊगंज में गोपला पांती मोड़ से कोलही खोखला मार्ग निर्माण का शिलान्‍यास विधायक मऊगंज-71 द्वारा प्रश्‍न दिनाँक से 6 माह पूर्व कराया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उस सड़क का निर्माण कार्य प्रश्‍न प्रस्‍तुति दिनाँक तक क्‍यों प्रारंभ नहीं कराया गया है? कारण बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में कब तक कार्य प्रारंभ कराकर पूर्ण करा लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधीन स्‍वीकृत नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश एवं के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में अधोसंरचना विकास

2. ( *क्र. 1136 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बैरसिया विधानसभा अंतर्गत विभाग द्वारा अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में कुल कितने भू-खण्‍ड बनाये गये हैं एवं इनमें से कितने भू-खण्‍डों का आवंटन किस-किस को दिया गया है? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) विभाग द्वारा अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के लिये वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कौन-कौन से कार्यों के लिये कितनी-कितनी राशि का प्रावधान किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित राशि में कौन-कौन से विकास कार्यों में कितनी-कितनी राशि का उपयोग विभाग द्वारा किया गया है? वर्तमान में इन कार्यों की स्थिति क्‍या है एवं कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 158 औद्योगिक भू-खण्‍ड कुल क्षेत्रफल 20.79 हेक्‍टेयर एवं विशेष शिक्षा प्रक्षेत्र अंतर्गत 21 शैक्षणिक भू-खण्‍ड कुल क्षेत्रफल 48.51 हेक्‍टेयर के कुल 179 भू-खण्‍ड (70.30 हेक्‍टेयर) बनाये गये हैं। उपरोक्‍त के अतिरिक्‍त 22.92 हेक्‍टेयर भूमि वेयरहाउसिंग, पब्लिक एवं सेमी पब्लिक, व्‍यवसायिक, हॉस्‍टल आदि के लिए आरक्षित रखी गई है। व्‍यवसायिक औद्योगिक क्षेत्र/विशेष शिक्षा प्रक्षेत्र में बुनियादी अधोसंरचना विकसित होने के उपरांत क्षेत्र को नियमानुसार अधिसूचित कर भूखण्‍डों के आवंटन की कार्यवाही की जावेगी। औद्योगिक शिक्षा प्रक्षेत्र से भिन्‍न भूखण्‍डों यथा-वेयर हाउस आदि का आवंटन क्षेत्र के अधिसूचित होने के उपरांत नियमानुसार ई-टेण्‍डरिंग पद्धति से किया जाना प्रस्‍तावित है। (ख) औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा जिला भोपाल में अधोसंरचना विकास के लिए वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में प्रावधानित राशि का विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा के अधोसंरचना विकास अंतर्गत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में उपयोग की गई मदवार राशि का विवरण वर्तमान स्थिति सहित संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

समर्थन मूल्‍य पर कच्‍ची लाख की खरीदी

3. ( *क्र. 2058 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने दिनाँक 26/9/2015 को प्रदेश में समर्थन मूल्‍य पर लाख खरीदी की व्‍यवस्‍था किये जाने हेतु प्रबंध संचालक, म.प्र. राज्‍य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्या. भोपाल को पत्र लिखा गया है? (ख) यदि हाँ, तो पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। लाख उत्पादित जिलों में लाख की खरीदी हेतु म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा पूर्व से ही दिनाँक 19.12.2014, 20.01.2015 एवं 30.03.2015 के स्पष्ट निर्देश हैं। प्रश्नाधीन पत्र पर की गई कार्यवाही संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। 

परिशिष्ट ''दो''

शाजापुर जिले में वन्‍यप्राणी अभ्‍यारण्य हेतु भूमि का आरक्षण

4. ( *क्र. 2600 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वन मण्‍डलाधिकारी जिला शाजापुर द्वारा दिनाँक 04.03.14 से वन परिक्षेत्र शुजालपुर अंतर्गत तहसील शुजालपुर में वन्‍यप्राणी अभ्‍यारण्य हेतु भूमि आरक्षित करने के लिए कलेक्‍टर शाजापुर से मांग की गई थी? यदि हाँ, तो कलेक्‍टर शाजापुर द्वारा तहसील शुजालपुर के किन-किन ग्रामों की कितने-कितने हेक्‍टेयर भूमि वन्‍य प्राणी अभ्‍यारण्य हेतु आरक्षित की गई? ग्रामवार सूची देवें। (ख) क्‍या कलेक्‍टर शाजापुर के आदेश दिनाँक 23.03.2015 के प्रकरण क्र. 03/अ-59/2014-15 से वन्‍यप्राणी अभ्‍यारण्य हेतु भूमि आरक्षित की गई? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में दिनाँक 30.07.2015 प्रश्‍न क्र. 3141 (ख) के उत्‍तर में जी नहीं जानकारी दिए जाने के लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या जिम्‍मेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। कलेक्‍टर शाजापुर द्वारा आदेश दिनाँक 23.03.2015 द्वारा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के अनुसार 175.691 हे. भूमि वन्‍यप्राणी अभ्‍यारण्य हेतु आरक्षित की गई। (ग) राज्‍य शासन द्वारा शुजालपुर अनुभाग अंतर्गत अभ्‍यारण्य बनाने की कोई योजना नहीं है और न ही अभ्‍यारण्य हेतु शासन स्‍तर से भूमि का आरक्षण कराया गया। उत्‍तरांश (ख) में भूमि का आरक्षण जिला योजना समिति की बैठक में निर्देश पाकर वन मण्‍डल अधिकारी, शाजापुर के आवेदन पर कलेक्‍टर शाजापुर द्वारा किया गया था। शुजालपुर में अभ्‍यारण्य बनाया जाना अव्‍यवहारिक होने से शासन स्‍तर से इस पर कोई कार्यवाही की जाना प्रस्‍तावित नहीं है। अत: उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुबंध की शर्तों के अनुरूप पुलों का निर्माण

5. ( *क्र. 1747 ) श्री दिनेश राय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कौन-कौन से पुल-पुलिया बनाये जा रहे हैं अथवा प्रस्‍तावित हैं? मार्ग का नाम, नदी का नाम, पुल की लोकेशन बतायें? (ख) निर्माण कार्यों के अनुबंध के अनुसार किस पुल-पुलिया का कार्य किस-किस तिथि को कितने प्रतिशत होना चाहिये था? प्रत्‍येक पुल-पुलिया का अलग-अलग बतायें। (ग) क्‍या अनुबंध की शर्तों के अनुसार पुल-पुलियों का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के अंदर निर्धारित मात्रा में निर्धारित गुणवत्‍ता में किया गया? (घ) उपरोक्‍त निर्माण कार्यों के संबंध में, गुणवत्‍ता नियंत्रण के संबंध में कब-कब किस प्राधिकारी ने सेम्‍पल लिये? उसका नाम, पद, तिथि बतायें। (ड.) विभाग तथा उसके वरिष्‍ठ अधिकारी इस तथ्‍य की सुनिश्चितता कैसे निर्धारित करेंगे जिससे कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत हो और निर्धारित मापदंडो के अनुसार हो?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्र में कोई पुल कार्य नहीं किया जा रहा है, केवल एक पुल कार्य प्रस्‍तावित की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) से (ड.) प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

भाण्‍डेर विधान सभा अंतर्गत सड़क/पुल निर्माण

6. ( *क्र. 1391 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मान. मुख्‍यमंत्री जी ने घोषणा क्र.ए. 3093 द्वारा सिंहपुरा तैड़ोत पहूज नदी पर पुल निर्माण की घोषणा की थी, जिसके परिप्रेक्ष्‍य में विभाग द्वारा समस्‍त प्रक्रियाओं का पालन कर नस्‍ती प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु प्रमुख सचिव के पास लंबित है? यदि हाँ, तो किस कारण से लंबित है और कब तक प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी हो जावेगी? इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ख) क्‍या लहार-चिरगांव रोड के घटिया एवं धीमे निर्माण कार्य को लेकर कई बार शिकायतें की गई? यदि हाँ, तो आज तक उस पर क्‍या कार्यवाही हुई? दवोह से लेकर विछोदना तक टुकड़ों में निर्माण कार्य किया गया? इसके अतिरिक्‍त जहां-जहां सी.सी. निर्माण हुआ, वहां घटिया क्‍वालिटी का मटेरियल प्रयोग किया। रेत-बजरा का प्रयोग न करके डस्‍ट डाली गई, सीमेंट कम मात्रा में डाली गई? इसकी जाँच कब कराई जावेगी एवं जाँच के दौरान विधायकगण को सूचना दी जावेगी? (ग) क्‍या दतिया-उनाव, इन्‍दरगढ़-पण्‍डोखर, उड़ीना-तालगांव, उनाव-वसवाहा, सरसई-भाण्‍डेर, उनाव-इन्‍दरगढ़ सड़क निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं? यदि हाँ, तो यह कब तक पूर्ण होंगे? इन मार्गों के निर्माण कार्य में घटिया एवं कम मात्रा में डाली जा रही सामग्री की जाँच कब कराई जावेगी और इसके लिए जिम्‍मेदार लोगों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रस्‍तावित पुल के दोनों ओर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत निर्मित मार्ग से जुड़े होने के कारण सेतु निर्माण हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई है। अत: इसके लिये कोई जिम्‍मेदार नहीं है। (ख) जी हाँ। माननीय मंत्री जी, लोक निर्माण एवं विभाग में प्राप्‍त शिकायत पर मुख्‍य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता), म.प्र. शासन एवं म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित मार्ग की जाँच की गयी तथा जाँच उपरांत मार्ग निर्माण में पायी गई खामियों हेतु जिम्‍मेदार कंसल्टेंट रेसीडेंट इंजीनियर की सेवा समाप्‍त की गयी तथा खराब किये गये कार्य को ठेकेदार के हर्जे-खर्चे पर ठीक करवाया गया। जी हाँ। जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) विस्‍तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

देवी अहिल्‍या वि.वि. इंदौर में लायब्रेरी साइंस में P.H.D. प्रारंभ करना

7. ( *क्र. 2083 ) सुश्री उषा ठाकुर : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवी अहिल्‍या वि.वि. इंदौर में लायब्रेरी साइंस में पी.एच.डी. प्रारंभ करने का निर्णय कार्य परिषद में 2008 में किया था? (ख) यदि हाँ, तो अभी तक पी.एच.डी. लायब्रेरी साइंस प्रारंभ करने की प्रक्रिया क्‍यों पूरी नहीं की गई? प्रवेश प्रक्रिया कब तक प्रारंभ की जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) विश्वविद्यालय में लायब्रेरी साइंस विषय में मान्य शोध निदेशक नहीं होने के कारण पी.एच.डी. लायब्रेरी साइंस प्रारम्भ करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

बदरवास विकासखण्‍ड के खातौरा-बिजरौनी मार्ग पर पुलिया का निर्माण

8. ( *क्र. 1037 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के कोलारस विकासखण्‍ड के ग्राम खातौरा से बिजरौनी मार्ग पर जीर्ण-शीर्ण पुलिया निर्माण एवं 01 कि.मी.. रोड निर्माण की कार्यवाही प्रचलित है? यदि हाँ, तो अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई और उक्‍त पुलिया और रोड निर्माण कब तक पूर्ण हो जावेगा? (ख) उक्‍त निर्माण कार्य में माननीय मंत्री जी द्वारा 2014 में विधानसभा में दिए गए आश्‍वासन के बावजूद विलंब क्‍यों हो रहा है? निर्माण कार्य में आ रही बाधा कब तक दूर कर दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं, अपितु बदरवास विकास खण्‍ड के ग्राम खातौरा से बिजरौनी मार्ग पर पुलिया निर्माण एवं 500 मीटर पहुँच मार्ग सहित स्‍वीकृति जारी, निर्माण कार्य प्रगति पर है एवं दिनाँक 31.03.2016 तक पूर्ण करने का लक्ष्‍य। (ख) दिनाँक 06.08.2015 को प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी एवं दिनाँक 17.11.2015 को अनुबंध किया गया और वर्तमान में पुलियों का निर्माण कार्य प्रगति पर।

फील्‍ड कर्मचारियों का कार्यालयीन कार्यों में संलग्‍नीकरण

9. ( *क्र. 1120 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा संलग्‍नीकरण पर रोक के बावजूद वन वृत बालाघाट में फील्‍ड कर्मचारियों को विशेष कर्तव्‍य के नाम पर कार्यालयीन कार्यों के लिए संलग्‍नीकरण किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो संलग्‍नीकृत कर्मचारियों के नाम, पदनाम तथा कब से संलग्‍नीकरण किया गया है? जानकारी दें। (ग) यदि संलग्‍नीकरण नियम विरूद्ध है, तो कब तक संलग्‍नीकरण समाप्‍त कर दिया जाएगा तथा संलग्‍नीकरण करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जाएगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्‍लांटेशन एवं खकरी निर्माण में व्‍यय

10. ( *क्र. 627 ) श्री प्रताप सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दमोह जिले के वन परिक्षेत्र तारादेही के अंतर्गत जैतगढ़ वन समिति द्वारा करीब 4 वर्ष पूर्व पत्‍‍थर की खकरी बनाकर आंवला का प्‍लांटेशन किया गया था? प्‍लांटेशन एवं खकरी निर्माण में कुल कितनी राशि व्‍यय की गई तथा यह कार्य किस अधिकारी/कर्मचारी की निगरानी में सम्‍पन्‍न कराया गया? उसका नाम, पदनाम सहित बतलावें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में दर्शाये स्‍थल पर 7 तलैयों का निर्माण किस मद से कराया गया था, इसमें कितनी राशि व्‍यय की गई तथा यह कार्य किसके द्वारा कराया गया है? क्‍या तलैया का निर्माण मजदूरों से न कराकर राजस्‍थानी ट्रैक्‍टर एवं जेसीबी से कराया गया, यह किसकी अनुमति अथवा किन शासनादेशों के तहत कराया गया है? निर्माण कार्य का निरीक्षण किस-किस अधिकारी द्वारा किस-किस दिनाँक को किया गया? (ग) क्‍या तलैया की पिचिंग निर्माण का कार्य वहां पर निर्मित खकरी के पत्‍थरों से कराया गया है तथा फर्जी बिल/वाउचर लगाकर शासकीय राशि का आहरण कर अनियमितता की गई है? (घ) जागरूक ग्रामवासियों द्वारा इस अनियमितता कार्य की लिखित शिकायत वन मण्‍डलाधिकारी एवं अन्‍य उच्‍चाधिकारियों से की जाकर जाँच चाही गई थी? यदि हाँ, तो किस अधिकारी द्वारा उल्‍लेखित कार्य की जाँच की गई तथा जाँच के क्‍या परिणाम रहे? अवगत करावें। जाँच में दोषी पाये गये अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई, बतलावें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍नांकित स्‍थल पर तलैयों का निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांकित शिकायत वन मंडल कार्यालय में प्राप्‍त नहीं हुई। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

वन भूमि का डिमारकेशन/डिनोटिफिकेशन

11. ( *क्र. 2665 ) श्री हेमन्‍त विजय खण्‍डेलवाल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैतूल जिले में 681 राजस्‍व ग्रामों की भूमि को संरक्षित वन भूमि सर्वे डिमारकेशन एवं 1299 राजस्‍व ग्रामों की भूमि को नारंगी, भूमि सर्वे डिमारकेशन में शामिल किया गया एवं 829 ग्रामों की समस्‍त वन भूमि को वर्ष 1972 में डि‍नोटीफाईड किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो उपरोक्‍त 681 राजस्‍व ग्रामों में से किस-किस ग्राम की कितनी-कितनी भूमि 1972 में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार डि‍नोटीफाईड की गई? इनमें से किस ग्राम की डि‍नोटीफाईड कितनी भूमि को नारंगी भूमि सर्वे में शामिल किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार 829 में से कितने ग्रामों की कितनी भूमि को 31.12.1976 तक के काबिजों के लिए राजपत्र में किस दिनाँक को डिनोटिफाईड किया गया है तथा इनकी कितनी भूमि को नारंगी भूमि में शामिल किया गया है? राजपत्र की प्रति उपलब्‍ध कराते हुए? पृथक-पृथक बतावें। (घ) 1972 में डिनोटिफाईड भूमियों को 31.12.1976 तक के काबिजों के लिए पुन: डि‍नोटीफाईड किए जाने, नारंगी भूमि सर्वे, नारंगी व खंड में शामिल किए जाने के क्‍या कारण रहे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं अपितु बैतूल जिले के 680 ग्रामों की संरक्षित वनभूमि सर्वे डिमारकेशन में शामिल की गयी नारंगी इकाई बैतूल द्वारा प्रारंभिक सर्वे में 1269 ग्रामों की वनभूमि शामिल की गयी। सर्वे डिमारकेशन में शामिल ग्रामों सहित कुल 829 ग्रामों की समस्त संरक्षित वनभूमि वर्ष 1972 में डिनोटिफाईड की गयी। (ख) सर्वे डिमारकेशन में शामिल 680 राजस्व ग्रामों में से 12 सितम्बर 1972 में प्रकाशित अधिसूचना में 243 ग्रामों की खसरा वार, रकबा वार जानकारी का उल्लेख नहीं है। इन डिनोटिफाईड ग्रामों में 240 राजस्व ग्रामों की भूमि नारंगी सर्वे क्षेत्र इकाई द्वारा सर्वे में शामिल की गयी, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) बैतूल जिले में 15 सितम्बर 1962 से डिनोटिफाईड 829 ग्रामों में से 75 ग्रामों की 351.609 हेक्टेयर भूमि दिनाँक 31.12.1976 तक के काबिजों के लिए वर्ष 1990-91 में डिनोटिफाईड की गयी। राजपत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। निर्वनीकृत ग्रामों में से 74 ग्रामों की 10699.165 हेक्टेयर भूमि नारंगी सर्वे क्षेत्र इकाई द्वारा शामिल की गयी। (घ) 15 सितम्बर 1972 को राजपत्र में प्रकाशित भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-34 (अ) की अधिसूचनाओं में डिनोटिफाईड ग्रामों के रकबे का उल्लेख नहीं होने के कारण दिनाँक 13.12.1976 के काबिजों के लिये वर्ष 1990-91 में पुनः डिनोटिफाईड की अधिसूचना जारी की गयी। मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग के पत्र क्रमांक/एफ 25/43/90/10-3 दिनाँक 14 मई 1996 की कंडिका 3 में दिये निर्देशानुसार राजस्व के ऐसे खसरे जिसमें अच्छी श्रेणी के वन उपलब्ध हैं, को प्रबंधन हेतु वन विभाग को हस्तांतरण की कार्यवाही की जावे। अतः डिनोटिफाईड ग्रामों की ऐसी राजस्व भूमि भी नांरगी सर्वे क्षेत्र इकाई द्वारा शामिल की गयी।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग 12 का निर्माण

12. ( *क्र. 1716 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में राष्‍ट्रीय राजमार्ग 12 के चौड़ीकरण एवं निर्माण कार्य में किसानों की भूमि अधिग्रहण में मुआवजा किस दर से दिया जायेगा? (ख) उक्‍त मार्ग का कार्य किस एजेन्‍सी द्वारा कब से प्रारंभ किया जायेगा तथा रायसेन जिले में कहाँ-कहाँ पर बाईपास बनाये जायेंगे? (ग) राष्‍ट्रीय राजमार्ग 12 के निर्माण में नरसिंहपुर जिले में किसानों तथा डायवर्सन वालों को किस दर से मुआवजा दिया जा रहा है? (घ) उक्‍त जिलों में मुआवजा राशि वितरण में विसंगतियों के संबंध में विगत दो वर्ष में जिला प्रशासन तथा मान. मंत्री जी को किन-किन मान. सांसद/विधायकों के पत्र प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ख) जबलपुर से भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग 12 मार्ग का 4 लेन में उन्नयन एवं चौड़ीकरण मार्ग को 5 पैकेज में विभाजीत कर ई.पी.सी. पद्धति पर। अभी किसी भी पैकेज की एजेंसी तय नहीं हुई है। उक्त मार्ग में रायसेन जिले के अंतर्गत आने वाले भाग में कुल 5 बायपास प्रस्तावित किये गये हैं जो निम्नानुसार है :- (1) खरगौन बायपास-4.20 कि.मी. (2) बरेली बायपास-8.20 कि.मी. (3) बाड़ी बायपास-4.40 कि.मी. (4) गौहरगंज बायपास-3.75 कि.मी. (5) औबेदुल्लागंज बायपास-6.06 कि.मी. (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(घ) मान. सांसद श्री प्रहलाद पटेल के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से प्राप्त पत्र का जवाब दिनाँक 01/07/2014, मान. सांसद, होशंगाबाद के पत्र का जवाब दिनाँक 12/09/2014 तथा मान. विधायक, तेंदूखेड़ा के पत्र का जवाब दिनाँक 12/09/2014 को भेजा जा चुका है।

खेल एवं युवा कल्‍याण विभाग द्वारा संचालित गतिविधियाँ

13. ( *क्र. 1484 ) श्री राजकुमार मेव : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खेल एवं युवा कल्‍याण विभाग द्वारा कौन-कौन सी गतिविधियां किन-किन नियमों के तहत किनके द्वारा संचालित की जाती हैं? नियमावली उपलब्‍ध कराई जावे। (ख) इंदौर संभाग में जिलेवार वर्ष 2013-14 से प्रश्‍नांकित दिनाँक तक कौन-कौन सी गतिविधियां कब-कब, कहाँ-कहाँ संचालित की गई? इसकी क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी कौन-कौन है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में गतिविधियों हेतु कितनी-कितनी राशि का आवंटन प्राप्‍त हुआ एवं किन-किन गतिविधियों पर कहाँ-कहाँ, कितना-कितना व्‍यय किया गया एवं इसका प्रत्‍यक्ष लाभ किन-किन को हुआ एवं क्‍या हुआ? (घ) क्‍या महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में खेल गतिविधियों के अंतर्गत क्रिकेट प्रतियोगिता, तैराकी प्रतियोगिता, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबाल आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं? यदि हाँ, तो कब-कब, कौन-कौन सी एवं कहाँ-कहाँ की गई? यदि नहीं, तो भविष्‍य में उक्‍त प्रतियोगिताएं किये जाने की कार्य योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो उपलब्‍ध कराई जावे।

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

लो.नि.वि. पी.आई.यू. गुना के संभागीय परियोजना यंत्री द्वारा किए गए कार्य

14. ( *क्र. 769 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. गुना के संभागीय परियोजना यंत्री द्वारा गुना जिले में एकलव्‍य आवासीय विद्यालय निर्माण कार्य घटिया (खराब) कराया गया, जिसकी शिकायत प्रश्‍नकर्ता द्वारा की गई? प्रमुख सचिव लो.नि.वि. के निरीक्षण के दौरान घटिया निर्माण कार्य पाया गया? क्‍या कार्यवाही की गई या की जा रही है? (ख) लो.नि.वि. पी.आई.यू.गुना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा में आई.टी.आई. भवन निर्माण कार्य घटिया किया जा रहा है व निर्माण कार्य बीस फीट के गड्ढे में किया जा रहा है। जिसकी प्लिंथ की उंचाई 6 मीटर से अधिक आ रही है। प्रश्‍नकर्ता द्वारा शिकायत की गई, क्‍या कार्यवाही की गई या की जा रही है? (ग) लो.नि.वि. पी.आई.यू. गुना के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र चाचौड़ा के ग्राम जलालपुरा में आश्रमशाला निर्माण कार्य चल रहा है, जो बहुत ही घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा है। मिट्टी की रेत से कार्य किया जा रहा है। प्रश्‍नकर्ता द्वारा शिकायत की गई? क्‍या कार्यवाही की गई या की जा रही है? (घ) लो.नि.वि. पी.आई.यू. गुना द्वारा गुना जिले के कई निर्माण कार्य घटिया और खराब किये जा रहे हैं। प्रश्‍नकर्ता द्वारा कई बार शिकायत माननीय मंत्री महोदय एवं प्रमुख सचिव लो.नि.वि. व परियोजना संचालक लो.नि.वि. पी.आई.यू. को की गई उस पर क्‍या कार्यवाही की गई या क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ, प्रमुख सचिव लो.नि.वि. भोपाल व अतिरिक्त परियोजना संचालक लो.नि.वि. पी.आई.यू. ग्वालियर एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिनाँक 17/07/2015 को आदर्श एकलव्य आवासीय विद्यालय भवन गुना का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान जो-जो कमियां वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बताई गई थी। वह ठीक करा दी गई हैं एवं वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। की गई कार्यवाही निम्नानुसार है (1) कार्य पर पदस्थ एस.क्यू.सी. में मेसर्स एप्रोन कन्‍सल्‍टेंटस को 1 वर्ष की अवधि हेतु निलंबित किया गया है। (2) ठेकेदार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है (3) सहायक परियोजना यंत्री, परियोजना यंत्री एवं संभागीय परियोजना यंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये व विभागीय कार्यवाही जारी है। (4) सुधार कार्य ठेकेदार द्वारा स्वयं के व्यय पर पूर्ण कराया गया है। शेष कार्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गुणवत्ता अनुसार किया जा रहा है। (ख) आई.टी.आई. भवन चाचौड़ा को जो भूमि आंवटित की गई थी। उक्त भूमि लगभग 6 माह विलंब से उपलब्ध कराई गई थी, वह भी पहाड़ पर ढलान वाले भाग में उपलब्ध कराई गई है, जिसमें भवन के एक छोर से दूसरे छोर तक लगभग 10 मीटर का ढलान है। अतः आधे भाग की 5 मीटर काटकर एवं आधे भाग को 5 मीटर में भराव कर भवन का ले-आउट किया जाकर कार्य कराया जा रहा है। एक ओर प्लिंथ ऊंचाई लगभग 5 मीटर है। कार्य गुणवत्ता पूर्ण एवं शासन द्वारा नियुक्त कन्‍सल्टेंट एवं पी.आई.यू. के अधिकारियों के समक्ष किया जा रहा है एवं प्राप्त शिकायत के बाद एन..बी.एल. लैब, ऐकरोपॉलिस इन्दौर से भी टेस्टिंग कराया गया है। कार्य गुणवत्ता पूर्ण कराया जा रहा है। (ग) जलालपुरा में आश्रमशाला भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा है एवं अभी केवल प्लिंथ लेवल तक ही निर्माण हुआ है। प्राप्त शिकायत की जाँच पी.आई.यू. के अन्य परियोजना यंत्री, सहायक परियोजना यंत्री एवं कन्‍सल्टेंट से कराया गया एवं जो कमियां पाई गई है, उन्हें ठेकेदार से ठीक करा दिया गया एवं मानक स्तर का मटेरियल का प्रयोग किया जा रहा है। (घ) गुना जिले में शासन द्वारा नियुक्त कन्‍सल्टेंट एवं वरिष्ठ अधिकारियों की देख रेख में गुणवत्ता पूर्वक कराये जा रहे हैं। कार्यवाही का विवरण उत्‍तरांश (क) से (ग) अनुसार।

अनियमितताओं पर कार्यवाही

15. ( *क्र. 1513 ) श्री मधु भगत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) समस्‍त बालाघाट जिले में वनों की सुरक्षा, उत्‍पादन, अवैध कटाई, अवैध रेत उत्‍खनन के संबंध में पिछले तीन वर्षों में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? तिथिवार बताएं। (ख) जिले में अवैध कटाई के और वन्‍य क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अवैध उत्‍खनन के कितने मामले सामने आये, इनके लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी प्रथम दृष्‍टया जिम्‍मेदार हैं? जिनके कार्य क्षेत्र/प्रभार के अंतर्गत उपरोक्‍त अनियमितताएं बरती गई, उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) जिले में रेन्‍ज में और बैरियर पर पिछले तीन वर्षों में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी कब से पदस्‍थ हैं तथा पद‍स्‍थीकरण की नीति क्‍या है? इनमें से किस-किस के विरूद्ध शिकायतें प्राप्‍त हुईं? इन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) विगत 3 वर्षों में प्रश्‍नाधीन जिले में काष्‍ठ/बांस के उत्‍पादन की स्थिति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) बालाघाट जिले में वन वृत्‍त के अंतर्गत वनक्षेत्र में अवैध कटाई के 3484 प्रकरण, अवैध निर्माण के 92 प्रकरण एवं अवैध उत्‍खन्‍न के 47 प्रकरण प्रकाश में आयें। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) बालाघाट जिले में वन वृत्‍त के अंतर्गत रेंज एवं बैरियर पर पिछले 3 वर्षों में पदस्‍थ अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। उक्‍त स्‍थानों पर पदस्थिति कार्य एवं पद के अनुरूप की जाती है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।

सड़क मरम्‍मत एवं सुधार

16. ( *क्र. 1997 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत वित्‍तीय वर्ष से प्रश्‍न दिनाँक तक निवाड़ी विधान सभा क्षेत्र में स्थित किन-किन सड़कों को सुधारने अथवा मरम्‍मत किये जाने के लिये प्रस्‍ताव शासन को भेजे गये हैं? वर्षवार दिनाँकवार प्रेषित प्रस्‍तावों की जानकारी सड़कों के नाम, प्रस्‍तावित कार्य, अनुमानित लागत, किमी. सहित बतायी जाये? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रेषित प्रस्‍तावों में से किन-किन सड़कों की स्‍वीकृतियां प्राप्‍त हो गई हैं? स्‍वीकृति आदेश, क्रमांक, दिनाँक एवं स्‍वीकृत राशि की जानकारी सहित बतायें। जिन सड़कों की स्‍वीकृति आज दिनाँक तक अप्राप्‍त है, वह किस स्‍तर पर लंबित हैं? कार्यालय का नाम तथा लंबित रहने के कारण सहित बतायें। (ग) क्‍या निवाड़ी से टेहरका रोड, घुघवा-पुछीकरगुवां रोड से बीजौर तथा ओरछा से मडोर की सड़क भी जर्जर स्थिति में पहुँच गई है और क्‍या इनके प्रस्‍ताव भी स्‍वीकृत कराये गये हैं? यदि हाँ, तो इन सड़कों पर प्रस्‍तावित कार्य कब तक पूरे कर लिये जायेंगे? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार स्‍वीकृत कार्यों में प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय की जानकारी प्रगतिरत एवं पूर्ण कार्यों की पृथक-पृथक दी जावे।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''पांच''

वनखण्‍ड में सम्मिलित निजी भूमि

17. ( *क्र. 1174 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍य सचिव मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा वनखण्‍डों में सम्मिलित कर ली गई निजी भूमि के संबंध में दिनाँक 01 जून 2015 को क्‍या आदेश दिया है? इस आदेश के अनुसार बैतूल एवं विदिशा जिले के किस ग्राम के किस किसान के किस खसरा नंबर के कितने रकबे को वनखण्‍ड के बाहर किया जाना प्रस्‍तावित है? (ख) कितनी निजी भूमियों को किस वनखण्‍ड में शामिल किया जाकर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 (1) के तहत किस दिनाँक को अधिसूचना का राजपत्र में प्रकाशन किया, संशोधित अधिसूचना किस दिनाँक को राजपत्र में प्रकाशित की गई? (ग) भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा 11 (क), धारा 11 एवं धारा 16 में क्‍या प्रावधान है? इनमें से किनका पालन प्रश्‍नांकित दिनाँक तक भी किन-किन कारणों से नहीं किया गया? (घ) वन विभाग के वनखण्‍डों एवं वर्किंग प्‍लान में सम्मिलित निजी भूमि का कब तक सीमांकन करवाया जाकर कब्‍जा वन विभाग से किसान को दिलवा दिया जावेगा? समय-सीमा सहित बतावें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नाधीन आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक अनुसार है। निजी स्वामित्व के भू-खण्डों को पृथक किये जाने की कार्यवाही, वन व्यवस्‍थापन अधिकारी के रूप में कार्यरत, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा की जानी है। अभी तक बैतूल एवं विदिशा जिले से कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र दो अनुसार है। (ग) भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के प्रावधान, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र तीन अनुसार है। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) वनखण्डों में शामिल निजी भूमियों पर भू-स्वामी के अधिकार पूर्ववत बने रहते हैं। अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

दुर्घटना हेतु संवेदनशील घाटी का सुधार

18. ( *क्र. 1422 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत आने वाले किशनगढ़-बिजावर मार्ग में जनवरी-14 से प्रश्‍न दिनाँक तक कितने वाहन दुर्घटनाग्रस्‍त हुए? इन दुर्घटनाओं से कितनी जन-हानि हुई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार इन दुर्घटनाओं के क्‍या कारण थे? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उपरोक्‍त मार्ग में दुर्घटना हेतु संवेदनशील घाटी के सुधार हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग के प्रमुख सचिव, प्रमुख अभियंता एवं जिले के अधिकारी को लिखे गए पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) अमानगंज-मलहेरा घाटी पर जोनल ठेकेदार द्वारा विशेष मरम्‍मत के अंतर्गत क्रैश बैरियर तथा साईनेज बोर्ड लगाए गए है।

परिशिष्ट - ''छ:''

छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति का भुगतान

19. ( *क्र. 1428 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग के अंतर्गत रीवा, सतना, सीधी एवं सिंगरौली स्थित शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति का भुगतान हेतु कितनी धन राशि प्रत्‍येक छात्रों को दिये जाने का प्रावधान है? (ख) सिंगरौली जिले के अंतर्गत स्थित अशासकीय विद्यालयों में स्‍नातक से स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर के छात्र/छात्राओं को क्‍या मात्र 350/- रूपये प्रतिवर्ष की छात्रवृत्ति दिये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो अन्‍य जिलों की अपेक्षा इतनी कम राशि सिंगरौली जिले में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं को दिये जाने का क्‍या कारण हैं? (ग) शासन द्वारा इस छात्रवृत्ति के भुगतान में विसंगति के लिये दोषी कौन है? इनके विरूद्ध कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी तथा जिला सिंगरौली के अंतर्गत कितने छात्रों को विगत तीन वर्षों से छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया गया है? (घ) शासन द्वारा जिला सिंगरौली में छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति दिये जाने का क्‍या नियम/प्रावधान है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है। 

पी.आई.यू. द्वारा गुणवत्‍ताहीन कार्य

20. ( *क्र. 2733 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कलेक्‍टर महोदय नरसिंहपुर को प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य‍ द्वारा जे.एस.पी./2015/1379 दिनाँक 14.11.2015 को पत्र प्रेषित किया गया था? (ख) उक्‍त पत्र में पी.डब्‍ल्‍यू.डी.पी.आई.यू. द्वारा निर्माण कार्य गुणवत्‍ताहीन होने के संबंध में क्‍या कार्यवाही संदर्भित पत्रानुसार की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश के अनुसार पत्र में उल्‍लेखित कार्यों की जाँच संभागीय परियोजना यंत्री नरसिंहपुर द्वारा की जाकर जाँच प्रतिवेदन कलेक्‍टर नरसिंहपुर एवं प्रतिलिपि माननीय श्री जालम सिंह पटेल विधायक नरसिंहपुर की ओर प्रेषित की गयी है। जाँच प्रतिवेदन के अनुसार एक कार्य अनुसूचित जाति कन्‍या छात्रावास में पायी गयी निर्माण की कमियों को ठेकेदार से ठीक करवाया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

जावरा रेल्‍वे क्रॉसिंग पर पुल निर्माण

21. ( *क्र. 457 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा नगर मध्‍य स्थित रेल्‍वे क्रॉसिंग फाटक के कारण नगर का जन-जीवन बाधित होकर अस्‍त-व्‍यस्त रहता है? यदि हाँ, तो क्‍या कठिनाई के निराकरण हेतु अगस्‍त, 2013 में जावरा नगर में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान मा. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा राज्‍य शासन से पूर्ण मदद की पेशकश कर रेल्‍वे पुल बनाने की सभा में घोषणा की थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या केन्‍द्रीय रेल्‍वे बजट में भी इसे सम्मिलित कर लिया गया है? (ग) शासन द्वारा समस्‍त औपचारिकताएं कब पूर्ण की जाकर जावरा रेल्‍वे फाटक पर पुल का निर्माण कार्य कब प्रारम्‍भ किया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) प्रस्‍ताव का विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। कार्य को बजट में शामिल करने एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी होने के उपरांत कार्य प्रारंभ हो सकेगा। वर्तमान में निश्चित समय बताना संभव नहीं है।

सिटी फॉरेस्‍ट योजना

22. ( *क्र. 1553 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर नगर के अंतर्गत शासन द्वारा क्‍या सिटी फॉरेस्‍ट योजना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो इस योजना का प्रस्‍तावित स्‍थल कहाँ है, लागत क्‍या है तथा कब तक पूर्ण हो जायेगी? (ख) क्‍या सागर जिले में चिड़ि‍या घर नहीं है? प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रस्‍तावित सिटी फॉरेस्‍ट योजना में क्‍या चिड़ि‍या घर बनाने का प्रावधान सम्मिलित किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन उक्‍त योजना में चिड़ि‍या घर बनाने का प्रावधान करने पर विचार करेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। सागर शहर के निकट दक्षिण सागर वन मण्‍डल के कक्ष क्रमांक 735 पथरिया में रू. 1,99,60,000/- लागत की योजना प्रस्‍तावित है। योजना की स्‍वीकृति एवं राशि भारत शासन से प्राप्‍त होने पर ही योजना को क्रियान्वित किया जा सकेगा। अत: पूर्ण होने का समय बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नांकित जिले में चिड़ि‍या घर नहीं है। प्रस्‍तावित सिटी फॉरेस्‍ट योजना में यह सम्मिलित नहीं है। उक्‍त योजना मूलत: रोपण योजना है अत: इसमें चिड़ि‍या घर बनाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। 

भोज मुक्‍त विश्‍‍वविद्यालय द्वारा परीक्षा का गलत विज्ञापन

23. ( *क्र. 2389 ) पं. रमेश दुबे : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोज मुक्‍त विश्‍वविद्यालय भोपाल मध्‍यप्रदेश के द्वारा वर्ष 2014 एवं 2015 में पी.जी. डिप्‍लोमा इन हॉस्पिटल एण्‍ड हेल्‍थ मैनेजमेंट कोर्स हेतु क्‍या कोई आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया? यदि हाँ, तो क्‍या इस कोर्स हेतु योग्‍यता स्‍नातक निर्धारित की गयी थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में किन-किन के द्वारा इस कोर्स हेतु आवेदन पत्र प्रस्‍तुत किया गया था तथा इन आवेदकों से कितनी राशि कब जमा करायी गयी? आवेदकों के नाम, पता सहित जमा करायी गयी राशि की जानकारी दें। (ग) क्‍या कला स्‍नातकों के द्वारा भरे गये फार्म को निरस्‍त कर उन्‍हें उक्‍त कोर्स हेतु परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गयी? यदि हाँ, तो क्‍या उन्‍हें उनकी फीस वापस की गयी? यदि नहीं की गयी तो क्‍यों? इस पूरे प्रकरण के लिए कौन लोग जिम्‍मेदार हैं तथा शासन उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कर रहा है? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के निज सहायक के द्वारा वाइस चांसलर से भेंट कर राशि वापस किये जाने के निवेदन पर वाइस चांसलर के द्वारा नस्‍ती बुलवाकर तत्‍काल राशि वापस करने के लिखित आदेश फाईल पर दिए गए? यदि हाँ, तो इस आदेश की प्रति सहित बतावे कि आदेश के पश्‍चात भी राशि अभी तक आवेदकों को वापस क्‍यों नहीं की गयी? शासन इसके लिए किसे जिम्‍मेदार मानता है? क्‍या शासन दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए, मय ब्‍याज के आवेदकों की राशि अविलंब वापस करने का आदेश देगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ जी नहीं। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार(ग) जी हाँ। जी हाँ, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। प्रश्नांश '' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

खेल सामग्री क्रय में आर्थिक अनियमितता

24. ( *क्र. 2421 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 3284 दिनाँक 30.07.2015 के उत्‍तर में जानकारी एकत्रित की जा रही है, की जानकारी दी गई थी तो क्‍या जानकारी एकत्रित कर ली गई है? यदि हाँ, तो बिन्‍दुवार जानकारी दें। यदि नहीं, तो निश्चित समय-सीमा में विधानसभा को जानकारी उपलब्‍ध नहीं कराने के लिए कौन-कौन दोषी हैं? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 776 दिनाँक 24.02.2015 की कंडिका (ग) के संदर्भ में ध्‍यानाकर्षण सूचना क्रमांक-169 में किन बिंदुओं पर वित्‍त विभाग से अभिमत चाहा गया था? क्‍या अभिमत प्राप्‍त हो गया है? यदि हाँ, तो वित्‍त विभाग ने क्‍या अभिमत दिया? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या विभाग में खेल सामग्री नियम प्रक्रियाओं के विरूद्ध खरीदी जाकर आर्थिक अनियमितताएं की गई हैं? यदि नहीं, तो क्‍या उक्‍त सामग्री खरीदी की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। विभागीय पत्र दिनाँक 10.12.2015 द्वारा जानकारी प्रेषित की जा चुकी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) माननीय प्रश्नकर्ता विधायक के प्रश्न क्रमांक 776 दिनाँक 24.02.2015 के संदर्भ में ध्‍यानाकर्षण पर वित्‍त विभाग का अभिमत विभाग को प्राप्त ही नहीं हुआ है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। सामग्री खरीदी की कार्यवाही नियमानुसार की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

औद्योगिक इकाइयों में स्‍थानीय नागरिकों को रोजगार

25. ( *क्र. 1578 ) श्री महेश राय : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधान सभा क्षेत्र बीना के अंतर्गत संचालित औद्योगिक इकाइयों में स्‍थानीय नागरिकों को रोजगार उपलब्‍ध कराने का कितने प्रतिशत का प्रावधान है अथवा नहीं? (ख) यदि हाँ, तो कितने प्रतिशत शिक्षित बेरोजगार एवं जिन किसानों की भूमि अधिगृहण की गयी थी? नियमावली उपलब्‍ध करायी जावे। (ग) स्‍थानीय नागरिकों को चिन्हित करते हुये क्‍या सुरक्षा गार्ड को सेवा से हटाया जा रहा है? यदि हाँ, तो उनके साथ भेदभाव क्‍यों किया जा रहा है? (घ) प्रबंधन द्वारा निकाले गये सुरक्षाकर्मी एवं अन्‍य सैकड़ों विधानसभा क्षेत्र के योग्‍यताधारी को पुन: वापसी हेतु क्‍या प्रावधान है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) एवं (ख) किसी भी विशिष्‍ट विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत संचालित औद्योगिक इकाइयों में स्‍थानीय नागरिकों को रोजगार उपलब्‍ध कराने का प्रावधान नहीं है, अपितु उद्योग संवर्धन नीति एवं कार्ययोजना 2010 (यथा संशोधित 2012) में प्रदेश में स्‍थापित होने वाले नवीन उद्योगों के साथ निष्‍पादित किये जाने वाले अनुबंधों में न्‍यूनतम 50 प्रतिशत रोजगार स्‍थानीय व्‍यक्तियों को दिये जाने का प्रावधान है। मध्‍यप्रदेश शासन एवं भारत ओमान रिफाइनरीज लिमिटेड के मध्‍य दिनाँक 06 मई 2005 को निष्‍पादित एम.ओ.यू. की कंडिका क्रमांक 8.1 में भारत ओमान रिफाइनरीज लिमिटेड द्वारा मध्‍यप्रदेश के मूल निवासियों को केटेगरी III एवं IV (मिनीस्‍ट्रीयल) में इन केटेगरीज के एन्‍ट्री लेबल पोजीशन में 60 प्रतिशत की सीमा तक भर्ती किये जाने का उल्‍लेख है। प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में रोजगार संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर एवं एम.ओ.यू. की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) स्‍थानीय नागरिकों को सुरक्षा गार्ड की सेवा से हटाये जाने व इस संबंध में कार्यवाही हेतु भारत ओमान रिफाइनरीज लिमिटेड का प्रबंधन स्‍वतंत्र है। किन्‍तु प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित कंडिका क्रमांक 8.1 का पालन करने हेतु भारत ओमान रिफाइनरीज लिमिटेड बाध्‍य है। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में योग्‍यताधारी के पुन: वापसी के अधिकार संबंधित इकाई के प्रबंधन के हैं।

 

 

 

 





 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

व्‍यापम में कार्यरत अधिकारियों की सूची

1. ( क्र. 34 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) व्‍यापम में वर्ष 2005 से वर्तमान समय तक कार्यरत अधिकारियों के नाम, पद, विभाग, कार्यावधि की सूची प्रस्‍तुत करें? (ख) प्रश्‍न (क) में उल्‍लेखित सूची में से किस-किस अधिकारी के पुत्र अथवा पुत्री, पिता के व्‍यापम में कार्यरत के दौरान, व्‍यापम की किस-किस भर्ती/चयन परीक्षा में शामिल हुये तथा सफल/चयनित हुये विस्‍तृत जानकारी प्रस्‍तुत करें? (ग) व्‍यापम द्वारा वर्तमान समय तक किस-किस परीक्षा में किस-किस अभ्‍यर्थी की पात्रता समाप्‍त की गई, उसकी सूची प्रस्‍तुत करें? (घ) व्‍यापम द्वारा वर्ष 2014 से अनुक्रमांक आवंटन हेतु किस फार्मूले का उपयोग किया जा रहा है, उसकी विस्‍तृत जानकारी दें तथा बतावें कि पी.एम.टी. परीक्षाओं में जो फार्मूला उपयोग किया गया था, उस से वर्तमान से क्‍या भिन्‍नता है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) वर्ष 2005 से वर्तमान में बोर्ड में पदस्‍थ किसी भी अधिकारियों के द्वारा उनके पुत्र अथवा पुत्री बोर्ड द्वारा आयोजित किसी भी भर्ती/चयन परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुये हैं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) व्‍यापम द्वारा वर्ष 2014 से अनुक्रमांक आवंटन हेतु रेण्‍डम फंक्‍शन पर आधारित फार्मूले का उपयोग किया जा रहा हैं। विगत पीएमटी परीक्षाओं में जो फार्मूले का उपयोग रोल नम्‍बर आवंटन हेतु किया गया था, वह इन्‍डेक्सिंग (INDEXING) आधारित था। इन्‍डेक्सिंग आधार पर रोल नम्‍बर का आवंटन करने पर रोल नम्‍बरों में एकल पैटर्न प्रदर्शित होता हैं। जबकि रेण्‍डम पद्धति में रोल नम्‍बर का आवंटन करने पर रोल नम्‍बर में यह एकल पैटर्न प्रदर्शित नहीं होता हैं।

वन्‍य प्राणी का संरक्षण

2. ( क्र. 228 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन्‍य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों से पकड़े जाने वाले बाघों व अन्‍य खतरनाक प्राणियों को वनों में शिफ्टिंग कर सकता है? (ख) क्‍या बिना अनुमति वन विभाग पकड़े गए बाघ आदि को किसी भी इलाके में शिफ्ट कर सकता है? (ग) यदि हाँ, तो किस नियम के तहत एवं नहीं, तो भोपाल व अन्‍य स्‍थानों से पकड़े गए बाघों व अन्‍य वन्‍य प्राणियों को विगत चार वर्षों में शिफ्टिंग करने पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) कितने वन्‍य प्राणियों को पकड़ने की प्रक्रिया में रेस्‍क्‍यु दौरान मृत्‍यु हुई? किस कारण? विगत चार वर्षों का ब्‍यौरा क्‍या है? जिम्‍मेदारों पर क्‍या कार्यवाही की गई?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) भोपाल व अन्‍य स्‍थानों से पकड़े गये बाघों व अन्‍य वन्‍यप्राणियों को विगत चार वर्षों में बिना अनुमति के शिफ्टिंग करने का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है, अत: कोई कार्यवाही करने का कोई प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है।

परिशिष्ट ''आठ''

शासकीय आवासों का बकाया नल बिजली एवं अन्‍य देयकों का भुगतान

3. ( क्र. 557 ) श्री आरिफ अकील : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल शहर अंतर्गत कलेक्‍टर, अपर कलेक्‍टर, संयुक्‍त कलेक्‍टर एस.डी.एम. तहसीलदार व आई.पी.एस., सी.एस.पी., एस.डी.ओ.पी. के अन्‍यत्र स्‍थानान्‍तरण हो जाने के कारण आवंटित शासकीय आवास/बंगलों के बिजली, नल व अन्‍य देयकों के बकाया बिलों की राशि का भुगतान लंबित है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनाँक की स्थिति में किन-किन अधिकारियों के निवास के समय कितनी-कितनी राशि के किस-किस प्रकार के देयक बकाया है? आवास/बंगला नंबर वर्षवार अधिकारी का नाम व पद सहित बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यह अवगत करावें कि क्‍या शासन द्वारा उक्‍त बकाया राशि वसूल करने की कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या और यदि नहीं, तो क्‍यों? इस लापरवाही के लिए कौन-कौन दोषी हैं? उनके विरूद्ध शासन द्वारा क्‍या तथा कब तक कार्यवाही की जावेगी यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

रालामण्‍डल से सामगी तक रोड का निर्माण

4. ( क्र. 705 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत रालामण्‍डल से ग्राम सामगी तक रोड स्‍वीकृत है या नहीं? यदि हाँ तो किस योजना अन्‍तर्गत है? (ख) क‍ब तक निर्माण कार्य शुरू होगा यदि स्‍वीकृत नहीं है तो क्‍या विभाग द्वारा इसकी स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है? यदि हाँ, तो क्‍या?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन मार्ग पंचायत स्‍तर का मार्ग है। जिला पंचायत देवास से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश के उत्‍तर अनुसार।

परिशिष्ट - ''नौ''

पीपलरावा से टाण्‍डा उमरोद रोड का निर्माण

5. ( क्र. 706 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पीपलरावा से टाण्‍डा उमरोद रोड स्‍वीकृत है। (ख) यदि हाँ, तो कब तक निर्माण कार्य शुरू होगा यदि स्‍वीकृत नहीं है तो क्‍या विभाग द्वारा इसकी स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है। यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री के आदेश के बाद भी उक्‍त रोड निर्माण हेतु कोई कार्यवाही नहीं होना भी विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही दर्शाता है। क्‍या ऐसे अधिकारियों पर कोई कार्यवाही होगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में निर्माण कार्य प्रारंभ करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। जी हाँ। परीक्षणाधीन है। (ग) जी नहीं प्रश्‍नांश के उत्‍तर अनुसार। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन में लापरवाही

6. ( क्र. 726 ) श्री राजेश सोनकर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनाँक 19.05.2015 को परिक्षेत्र मानपुर के ग्राम गोण्‍डकुआं के कक्ष क्रमांक 21 वन क्षेत्र में तेन्‍दुए का रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या यह सच है कि तेंदुआ मात्र 8 माह का बच्‍चा था? तेन्‍दुए को रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन करते समय ट्रेंन्‍क्‍यूलाईज करने हेतु वनमण्‍डलाधिकारी इंदौर द्वारा निर्देश दिए गए थे? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में किसी भी वन्‍य प्राणी को ट्रेंन्‍क्‍यूलाईज करने के क्‍या नियम है? क्‍या तेन्‍दुए को दो बार ट्रेंन्‍क्‍यूलाईज किया गया जिसके कारण उसकी घटना स्‍थल पर ही मृत्‍यु हो गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में यदि हाँ, तो क्‍या तेन्‍दुए की मृत्‍यु के लिए कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाए गए? दोषी अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्यवाही की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ। तत्‍कालीन वन मंडलाधिकारी के निर्देश पर रेस्‍क्‍यू टीम में प्रशिक्षित तथा अनुभवी कर्मचारी द्वारा ट्रेंक्‍यूलाईज किया गया था। राष्‍ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के द्वारा जारी एस.ओ.पी. के बिन्‍दु क्रमांक 8 (I) के अंतर्गत भटके हुये बाघ/तेन्‍दुआ को रासायनिक निश्‍चेतन करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। तेन्‍दुए को एक बार ही ट्रेंक्‍यूलाईज किया गया। तेन्‍दुआ की मृत्‍यु रेस्‍क्‍यू करने से नहीं होकर डीहाईड्रेशन से हुई है। रेस्‍क्‍यू कार्य में कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं पाये गये। अत: कर्मचारी/अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

कायाकल्‍प अभियान अंतर्गत विकास कार्यों की जानकारी

7. ( क्र. 727 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या महाराज यशवंतराव चिकित्‍सालय इंदौर में वर्ष 2014 में प्रारंभ किया गया कायाकल्‍प अभियान के तहत कौन-कौन से निर्माण कार्य, सुधार कार्य किये गये है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में महात्‍मा गांधी स्‍मृति चिकित्‍सालय महाविद्यालय इंदौर द्वारा लोक निर्माण विभाग को कितनी राशि हस्‍तांतरित की गई है व इसकी स्‍वीकृति किन-किन अधिकारियों द्वारा प्रदान की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में लोक निर्माण विभाग द्वारा महात्‍मा गांधी स्‍मृति चिकित्‍सा महाविद्यालय इंदौर एवं महाराजा यशवंतराव चिकित्‍सालय इंदौर में कौन-कौन से कार्य किया जाना प्रस्‍तावित है? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में महाराजा यशवंतराव चिकित्‍सालय इंदौर में कायाक‍ल्‍प अभियान अंतर्गत किये जा रहे निर्माण कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों द्वारा पूर्व में महाराजा यशवंतराव चिकित्‍सालय बिल्डिंग को लेकर कोई रिपोर्ट/ आपत्ति जाहिर की थी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) लोक निर्माण विभाग द्वारा महात्‍मा गांधी स्‍मृति चिकित्‍सा महाविद्यालय इन्‍दौर में कोई कार्य प्रस्‍तावित नहीं है। महाराजा यशवंतराव चिकित्‍सालय इन्‍दौर में प्रस्‍तावित कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। एम.वाय. अस्‍पताल की प्रबंध समिति एवं लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों द्वारा पूर्व में किये गये संयुक्‍त निरीक्षण के पश्‍चात् प्राक्‍कलन बनाये एवं स्‍वीकृति उपरांत कार्य किये गये।

लोक निर्माण विभाग संभाग गुना के कार्यपालन यंत्री द्वारा स्‍वीकृत निर्माण कार्यों में अनियमतता

8. ( क्र. 770 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लो.नि.वि. संभाग गुना में अप्रैल 2015 के बाद आदिम जाति कल्‍याण विभाग के कौन-कौन से कार्यों पर कितना-कितना भुगतान किस-किस व्‍हाउचर से किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यों पर डामर काटिंग (परिवहन) स्‍टेशनरी, कपड़ा खरीदी, गाड़ी किराया, हेण्‍ड रिसीप्‍ट आदि का भुगतान किया गया? वर्ष 2014-15 में गुना जिले में स्‍वीकृत जो निर्माण कार्यों का भुगतान शासन से अप्राप्‍त राशि के बिना अन्‍य मद की राशि से कौन-कौन से भुगतान किये गये, सूची सहित विवरण दें? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त भुगतान शासन के किस नियम से किया? नियम की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें? (घ) नियम विरूद्ध किये गये भुगतान के लिये दोषी अधिकारी को निलंबित किया जावेगा और कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ, भुगतान हेतु कोई नियत नियम नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) कार्यपालन यंत्री से अन्‍य मद से भुगतान के लिये स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया है, उत्‍तर प्राप्‍त होने पर नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जायेगी।

परिशिष्ट ''दस''

मं‍दिर की भूमि को अतिक्रमण से मुक्‍त कराना

9. ( क्र. 973 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या ग्राम मुहारा के म‍ंदिर की भूमि खसरा क्र. 1398/1 रकवा, 0.113 हेक्‍टयर भू‍मि श्री राम चन्‍द्र जी महाराज के स्‍वामित्‍व की भूमि है? और उक्‍त मंदिर के प्रबंधक कलेक्‍टर टीकमगढ़ है? (ख) क्‍या खसरा क्र. 1398/1 रकवा 0.113 हेक्‍टयर भूमि पर ग्राम मुहारा के कुछ निवासियों ने अवैध कब्‍जा कर अवैध निर्माण कर लिया है? जिसके संबंध में ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की है? (ग) क्‍या उक्‍त अपराधी प्रवृत्ति के अतिक्रमणकारियों कार्यों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई प्रशासन के अधिकारियों को उक्‍त अवैध निर्माण हटाये जाने हेतु आदेशित करेंगे? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें? क्‍या उक्‍त अवैध निर्माण हटाये जाने के प्रति लापरवाही करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे यदि हाँ, तो समयावधि बतायें यदि नहीं, तो क्‍या उक्‍त अतिक्रमण की भूमि को मंदिर हेतु सुरक्षित करायेंगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, प्रश्‍नांकित खसरा क्र.1398/1 रकवा 0.113 के अंश भाग पर ग्राम के कुछ परिवार पुश्‍तैनी रूप से अतिक्रमण कर निवासरत है। जी हाँ, जानकी देवी द्वारा शिकायत पेश की गई है। (ग) अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध तत्‍काल तहसीलदार जतारा द्वारा अतिक्रमण प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर विचाराधीन है। प्रकरण में तहसीलदार जतारा द्वारा सुनवाई की जा रही है। अतिक्रमण प्रवर्तन विधि अनुसार सुनवाई करते हुये निराकरण किया जावेगा। इसमें किसी की भी कोई लापरवाही नहीं है।

विधान सभा क्षेत्र खरगापुर के बल्‍देवगढ़ में महाविद्यालय की स्‍थापना

10. ( क्र. 977 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधान सभा में क्र. 13636 पर याचिका प्रस्‍तुत की गई थी जिसमें उल्‍लेख किया था कि खरगापुर या बल्‍देवगढ़ में कोई महाविद्यालय नहीं है और हा.से.स्‍कूल बालक/कन्‍या खरगापुर तथा बल्‍देवगढ़ एवं हा.से. देरी, हाई स्‍कूल कुडीला, हटा आदि संस्‍थाओं से निकलकर छात्र आते है? जिसमें छात्र/छात्राओं को बारहवीं उत्‍तीर्ण करके टीकमगढ़ में रहकर शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाती है? गरीब की छात्र/छात्राएं विकलांग जिनकों रोज-रोज आवागमन में कठिनाई आती है और दूर भी पड़ता है ऐसी स्थिति में शिक्षा के व्‍यापीकरण तथा छात्रों के हित को ध्‍यान में रखते हुये क्‍या बल्‍देवगढ़ में महाविद्यालय खोले जाने के आदेश जारी करेंगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कारण बतायें? (ख) क्‍या खरगापुर विधानसभा के बल्‍देवगढ़ में महाविद्यालय की मांग छात्र-छात्राओं द्वारा बार-बार की जा रही है? क्‍या इसके समाधान हेतु आदेश जारी करेंगे यदि हाँ, तो कब तक महाविद्यालय खोल दिया जावेगा समयावधि बतायें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) याचिका प्रश्न से आंशिकता समरूप है। जी नहीं। कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1001/49/ विस/आउशि/यो/14 दिनाँक 10.10.2014 द्वारा याचिका का उत्तर भेजा गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र- '' अनुसार। (ख) जी हाँ। जी नहीं। कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1075/101/मं/आउशि/यो/12 दिनाँक 21.5.2012 द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में शासन द्वारा पूर्व से संचालित पाठ्यक्रमों के सुदृढ़ीकरण, गुणवत्ता एवं विकास करने के प्रयास किये जा रहे हैं। अतः बल्देवगढ़ में महाविद्यालय प्रारम्भ करने में कठिनाई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार।

परिशिष्ट ''ग्यारह''

सड़क निर्माण

11. ( क्र. 1000 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में दतिया जिले में कौन-कौन सी सड़कों का मरम्‍मतीकरण कार्य कराया गया सड़कों के नाम/लागत राशि/कार्य के विवरण सहित विकासखण्‍डवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) कंडिका (क) में वर्णित सड़कों के मरम्‍मतीकरण कार्य की विज्ञप्ति किस दिनाँक को कौन से अखबार में निकाली गई, कितने ठेकेदारों द्वारा टेण्‍डर भरे गये एवं किनके टेण्‍डर पास किये गये सड़कवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे? (ग) विभाग द्वारा कौन-कौन से शासकीय कार्यालयों/निवास (भवनों) पर मरम्‍मतीकरण का कार्य कराया गया भवनवार/लागत राशि/किये गये कार्य के विवरण की जानकारी के साथ-साथ जानकारी उपलब्‍ध कराये की जिले में ऐसे कौन-कौन से भवन हैं जिन्‍हें विभाग द्वारा अनुपयोगी घोषित कर दिया है जिनसे जन हानि होने की संभावना है उनके लिये शासन के क्‍या नियम एवं योजनायें हैं? (घ) क्‍या दतिया जिले की सेवढ़ा तहसील में पुराना थाना एवं उसके सामने स्थित स्‍कूल भवन विभाग द्वारा अनुपयोगी घोषित किया गया है जिससे जनहानि होने की संभावना भी है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इस संदर्भ में क्‍या कार्यवाही की गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अ-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ग) आवासीय भवनों की मरम्‍मत संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब-1 तथा शासकीय भवनों की मरम्‍मत संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार तथा अनुपयोगी भवनों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। विभाग द्वारा वर्क मेन्‍युअल की कंडिका 3.036 से 3.039 में निहित प्रावधान अनुसार भवन अनुपयोगी घोषित की कार्यवाही की जाती है। (घ) भवन क्षतिग्रस्‍त है तथा मरम्‍मत योग्‍य नहीं है। भवनों की अनुपयोगी घोषित/अपलेखन किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

 

शिवपुरी जिले में प्रचलित सड़क एवं भवन निर्माण

12. ( क्र. 1040 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले में अक्‍टूबर 2015 की स्थिति में कौन-कौन से सड़क मार्गों के निर्माण एवं डामरीकरण तथा नवीन भवन निर्माण के कार्य स्‍वीकृत थे? कार्यों के पूर्ण नाम, योजना, लागत, स्‍वीकृति दिनाँक एवं कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी देवें? (ख) उक्‍त निर्माण कार्य किन-किन ऐजेंसियों द्वारा कब से कराए जा रहे है तथा कब तक पूर्ण कर दिए जावेगें? (ग) कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अक्‍टूबर 2015 की स्थिति में कौन-कौन से सड़क मार्ग एवं भवन निर्माण कार्य प्रचलित थे? कार्य का नाम, योजना, लागत, स्‍वीकृति दिनाँक, निर्माण ऐजेंसी का नाम व पता एवं कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी देवें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित कार्य कब तक पूर्ण होगें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र , अ-1, अ-2 एवं भवन कार्य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र तथा प्रपत्र ब-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र , अ-1, अ-2 एवं प्रपत्र ब-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब-2, ब-3 एवं प्रपत्र अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब-1, ब-2 एवं प्रपत्र एवं अनुसार है।

आई.टी.आई. भवन का जीर्णोद्धार

13. ( क्र. 1048 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाचरौद नगर में पूर्व से संचालित हो रही आई.टी.आई. को अपग्रेडेशन की शासन की क्‍या योजना है? (ख) खाचरौद शहर के 14 किलोमीटर की दूरी पर नागदा शहर स्थित यह प्रसिद्ध इण्‍डस्‍ट्रीज शहर है? इन उद्योगों में ट्रेण्‍ड विद्यार्थियों की आवश्‍यकता रहती है? (ग) शासन द्वारा चलाई जा रही तकनीकी कक्षाओं के अलावा शेष बची तकनीकी विषयों की क्‍लासेस खोलने की क्‍या योजना है? (घ) इसका भवन काफी जर्जर हो चुका है इसका जीर्णोद्धार कब तक कर लिया जावेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) खाचरौद आई.टी.आई. में 04 ट्रेड क्रमश: इलेक्‍ट्रीशियन, वेल्‍डर, फिटर व कोपा संचालित है। वर्तमान प्रशिक्षण सत्र में व्‍यवसाय बढाने की योजना नहीं हैं। (ख) जी हाँ। (ग) वर्तमान प्रशिक्षण सत्र में कोई योजना नहीं है। (घ) संचालनालय द्वारा दिनाँक 15.09.2015 को राशि रूपये 5.30 लाख भवन रेनोवेशन के लिए स्‍वीकृत किये गये हैं। रेनोवेशन मार्च-2016 तक पूर्ण करने की योजना है।

शासकीय मंदिरों का जीर्णोद्धार

14. ( क्र. 1049 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नागदा-खाचरौद विधान सभा क्षेत्र में कुल कितने शासकीय मंदिर हैं? क्‍या धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व विभाग के समक्ष सिंहस्‍थ 2016 को ध्‍यान में रखते हुए जीर्णोद्धार हेतु कलेक्‍टर/कमिश्‍नर उज्‍जैन द्वारा कोई प्रस्‍ताव बनाकर भेजा है? (ख) आगामी वर्ष 2016 में उज्‍जैन में सिंहस्‍थ पर्व होने एवं नागदा शहर मुंबई-दिल्‍ली का सेंटर पाईंट होने से यहां श्रद्धालुओं की संख्‍या बढ़ेगी एवं समस्‍त राज्‍यों से दर्शनार्थी दर्शन करने यहां भी आयेंगे? इसलिए इन शासकीय मंदिरों के जीर्णोद्धार की शासन की क्‍या योजनाएं है? (ग) उन योजनाओं को कब तक अमल में लाया जावेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) नागदा-खाचरौद विधान सभा क्षेत्र में कुल 519 शासकीय मंदिर है। सिंहस्‍थ को दृष्टिगत रखते हुये जी नहीं, किन्‍तु उज्‍जैन स्थित शासन संधारित मंदिरों को कलेक्‍टर एवं आयुक्‍त के प्रस्‍ताव अनुसार जीर्णोद्धार कार्य हेतु (मंदिरों) को राशि प्रदान की जा रही है। (ख) वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में अ‍ब तक कुल 10 शासन संधारित मंदिरों को राशि (जीर्णोद्धार) हेतु राशि दी गई है। (ग) प्रश्‍नांश ख अनुसार कार्यवाही की जा रही है। समय-समय पर जीर्णोद्धार हेतु राशि उपलब्‍ध कराई जाती है। कार्य पूर्णता की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

आई.टी.आई. खोले जाने के संबंध में

15. ( क्र. 1082 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय प्रधानमंत्री की 15 अगस्‍त 2007 की घोषणा के फलस्‍वरूप देश के सभी ब्‍लॉक मुख्‍यालय में स्किल डेवलपमेंट सेंटर (आई.टी.आई.) खोला जाना था? (ख) क्‍या उक्‍त प्रश्‍नांश-क में उक्‍त घोषणा के क्रियान्‍वयन में शासन को स्किल डेवलपमेंट सेंटर (आई.टी.आई.) प्रारम्‍भ कराने हेतु अनुदान राशि उपलब्‍ध करायी गयी थी? यदि हाँ, तो कितनी वर्षवार बतावे? (ग) क्‍या यह सही है कि छतरपुर जिले की चन्‍दला वि.स. अन्‍तर्गत स्थिति ब्‍लॉक गोरिहार मुख्‍यालय में आई.टी.आई. कॉलेज आदि नहीं है? (ग) यदि नहीं, तो चन्‍दला विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत आई.टी.आई. कॉलेजों को खोलने हेतु क्‍या प्रयास किये जायेगे एवं कब तक?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। (ग) जी हाँ, समस्‍त आई.टी.आई. विहीन विकास खण्‍डों में प्रयास किया जा रहे है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

छतरपुर जिले में स्‍थापित उद्योग

16. ( क्र. 1083 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छतरपुर जिले में प्रश्‍न दिनाँक तक कितने उद्योग लगाये गये? (ख) क्‍या चन्‍दला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लगाये गये उद्योग, उद्योग विभाग के नियमों के अनुसार संचालित है? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (ख) अंतर्गत कितने उद्योगों में कितने-कितने स्‍थानीय लोगों को रोजगार दिये गये? (घ) यदि नहीं, तो उद्योग विभाग ने इनके विरूद्ध क्‍या कर्यवाही की गई तथा इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है तथा उनके ऊपर कब तक कार्यवाही की जायेगी समय-सीमा बतायें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) छतरपुर जिले में प्रश्‍न दिनाँक तक 15333 उद्योग स्‍थापित होकर पंजीकृत है। (ख) भारत सरकार के सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम अधिनियम, 2006 के अंतर्गत स्‍थापित उद्यमों द्वारा आवेदन करने पर अभिस्‍वीकृति जारी की जाती है। (ग) विधानसभा क्षेत्र चंदला में स्‍थापित कुल 327 उद्योगों में 449 स्‍थानीय लोगों को रोजगार दिया गया है। (घ) प्रश्‍नांश-ख के उत्तर के परिप्रेक्ष्‍य में कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं।

वन विभाग द्वारा किए जाने वाले विकास कार्य

17. ( क्र. 1090 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कुल कितनी वन भूमि एवं कितनी राजस्‍व भूमि है? जिलेवार जानकारी देवें? वन विभाग द्वारा विगत 03 वर्षों में विकास कार्यों हेतु कितनी भूमि अन्‍य विभाग को दी है? (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कुल कितनी भूमि वन क्षेत्र है? क्‍या विगत 03 वर्षों में वन विभाग द्वारा अन्‍य विभाग को भूमि विकास कार्यों हेतु दी गई है? यदि हाँ, तो तत्संबंधी निर्देशों की प्रमाणित छायाप्रति कृपया देवें? (ग) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अन्‍तर्गत गौ-अभ्‍यारण्‍य सालरिया में विभाग के कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत कार्यों को कब तक पूर्ण किया जाना था व किस ठेकेदार द्वारा कार्य कराना था? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित कार्य समय-सीमा में पूर्ण हुए या नहीं? यदि नहीं, तो इसके लिए जवाबदारों पर उचित कार्यवाही की जावेगी व कार्य समय पर पूर्ण करवाया जावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) मध्यप्रदेश में 94,689.38 वर्ग कि.मी. वन भूमि है। जिलेवार वनभूमि एवं वन विभाग द्वारा विगत 03 वर्षों में विकास कार्य हेतु अन्य विभागों को व्यपवर्तित की गई वनभूमि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। जिलेवार राजस्व भूमि की जानकारी संकलित की जा रही है। (ख) विधानसभा सुसनेर अन्तर्गत कुल 3219.121 हेक्टेयर वनभूमि है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) एवं (घ) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के अन्तर्गत गौ-अभ्यारण्य सालरिया में राजस्व भूमि पर चारागाह विकास हेतु पशु संचालनालय मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा दो परियोजनाएँ स्वीकृत है, स्वीकृत कार्य विभागीय स्तर से मार्च 2016 तक पूर्ण किये जाना है। समय-सीमा शेष होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

रीवा में एम.एड. परीक्षा का आयोजन

18. ( क्र. 1099 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिक्षा सत्र 2013-14 एवं 2014-15 की एम.एड. परीक्षा अवधेश प्रताप सिंह विश्‍वविद्यालय रीवा द्वारा आयोजित नहीं की गई? (ख) यदि हाँ, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित शिक्षा सत्रों की एम.एड. परीक्षा विश्‍वविद्यालय द्वारा कब तक आयोजित करा ली जायेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। सत्र 2013-14 की परीक्षा वर्तमान में चल रही है। सत्र 2014-15 की परीक्षा आयोजित करने की कार्यवाही की जा रही है। (ख) एवं (ग) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बी.एड. की पूरक परीक्षा

19. ( क्र. 1100 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. के विश्‍वविद्यालयों में बी.एड. की पूरक परीक्षा करायी जाती है? यदि हाँ, तो ऐसे विश्‍वविद्यालयों के नाम बतायें? (ख) क्‍या अवधेश प्रता‍प सिंह विश्‍वविद्यालय रीवा द्वारा बी.एड. की पूरक परीक्षा नहीं करायी जाती है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर यदि हाँ है, तो अवधेश प्रताप सिंह विश्‍वविद्यालय रीवा में बी.एड. की पूरक परीक्षा अन्‍य विश्‍वविद्यालयों की भॉति न कराने का क्‍या कारण है? (घ) म.प्र. के अन्‍य विश्‍वविद्यालयों की भॉति बी.एड. की पूरक परीक्षा में एकरूपता एवं छात्रहित को दृष्टिगत रखते हुए क्‍या अवधेश प्रता‍प सिंह विश्‍वविद्यालय रीवा में भी बी.एड. की पूरक परीक्षा कराना सुनिश्चित करायेंगे?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल। (ख) जी हाँ। (ग) विश्वविद्यालय के अध्यादेश 27 में वर्णित प्रावधानों के अनुसार बी.एड. में पूरक परीक्षा कराये जाने का कोई प्रावधान न होने से पूरक परीक्षा नहीं कराई जाती है। (घ) जी नहीं। बी. एड. पाठ्यक्रम में पूरक परीक्षा आयोजित कराए जाने के संबंध में समन्वय समिति में विचार करने हेतु कार्यवाही की जाएगी। 

लहार भिण्‍ड रोड से वम्‍बा तक सड़क निर्माण

20. ( क्र. 1151 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 10 (क्र.410) दि. 30.7.2015 में बताया गया है कि लहार भिण्‍ड रोड से वम्‍बा तक सड़क की मोटाई 48 से.मी. है? भौतिक चौड़ाई 10.95 से.मी. है? किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा कब जाँच की जायेगी? (ख) क्‍या जल संसाधन विभाग का वम्‍बा तोड़कर मार्ग निर्माण कर लम्‍बाई पूरी की गई? वम्‍बा को नष्‍ट किया गया? इसके लिए कौन दोषी है? प्रश्‍नांश दिनाँक तक क्‍या कार्यवाही की जायेगी? जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित मार्ग गुणवत्‍ताहीन निर्माण कार्य किया गया? प्रयुक्‍त सामग्री का परीक्षण किस प्रयोगशाला में किया गया? क्‍या प्रतिवेदन प्राप्‍त हुआ? विवरण दें? (घ) मार्ग का निरीक्षण उपयंत्री/सहायक यंत्री/कार्यपालन यंत्री द्वारा कब किया गया? निरीक्षण प्रतिवेदन के विवरण सहित जानकारी दें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रश्‍नोत्‍तर में सड़क की मोटाई 48 से.मी. एवं चौड़ाई 10.958.00 मीटर बताई गई थी। सड़क की मोटाई एवं चौड़ाई की जाँच समय-समय पर उपयंत्री, सहायक यंत्री व कार्यपालन यंत्री द्वारा की गई है। (ख) जल संसाधन विभाग का वम्‍बा छोड़कर सड़क का निर्माण कार्य कराया गया है। सड़क का निर्माण वम्‍बा को छोड़कर पूर्ण किया जा चुका है इसलिए वम्‍बा को नष्‍ट करने का सवाल ही नहीं उठता है। वम्‍बा को तोड़ा नहीं गया है इसलिए कोई दोषी नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित मार्ग का गुणवत्‍तायुक्‍त निर्माण कार्य किया गया है। प्रयुक्‍त सामग्री का परीक्षण शासन से अधिकृत प्रयोगशाला में कराया गया है। प्रयोगशाला से प्राप्त प्रतिवेदन में प्रयुक्‍त सामग्री गुणवत्‍तायुक्‍त पायी गई है। (घ) वर्णित मार्ग का निरीक्षण उपयंत्री, सहायक यंत्री व कार्यपालन यंत्री द्वारा समय-समय पर किया गया। निरीक्षण प्रतिवेदन में पाया गया है कि कार्य गुणवत्‍तायुक्‍त कराया गया है।

आयुक्‍त उद्योग विभाग को प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखा गया पत्र

21. ( क्र. 1176 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के द्वारा दिनाँक 07 नवम्‍बर 2015 को आयुक्‍त उद्योग विभाग मध्‍यप्रदेश शासन भोपाल को लिखे गए पत्र में मध्‍य प्रदेश लघु उद्योग निगम से संबंधित कोयले व्‍यापार के किस-किस बिन्‍दु पर पत्र लिखकर जाँच एवं कार्यवाही का निवेदन किया है? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनाँक 07 नवबंर 2015 को लिखे गए पत्र के 6 बिन्‍दुओं में किन-किन तथ्‍यों का प्रश्‍नकर्ता ने उल्‍लेख किया? उनकी जाँच के लिए शासन ने किस दिनाँक को किसे आदेश/निर्देश दिया जाकर क्‍या समय-सीमा निश्चित की? (ग) मध्‍यप्रदेश लघु उद्योग निगम के द्वारा किस प्रक्रिया, किस मापदण्‍ड एवं किसके आदेश से गत दो वर्षों में किस कोयला खदान से लघु उद्योगों को कोयला उपलब्‍ध करवाएं जाने के संबंध में किसे अपना अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त किया? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा 07 नवबर 2015 को लिखे गए पत्र की कब तक जाँच करवाई जाकर जाँच प्रतिवेदन एवं की गई कार्यवाही की जानकारी प्रश्‍नकर्ता को उपलब्‍ध करवा दी जावेगी?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ख) प्रश्नकर्ता के द्वारा दिनाँक 07 नवम्बर 2015 को उद्योग आयुक्त, मध्यप्रदेश, भोपाल को लिखे गए पत्र में, पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार 06 बिन्दुओं एवं 16 उपबिन्दुओं पर जाँच एवं कार्यवाही का निवेदन किया है। चाही गई जाँच अत्यंत वृह्द, व्यापक, बहुराज्य स्तरीय एवं सम्पूर्ण अवधि के लिए है। अतः इस कारण माननीय विधायक महोदय को मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा पत्र दि. 02.12.2015 प्रेषित कर प्रकरण विशेष की जानकारी भेजने का अनुरोध किया गया है, जिससे की आवश्यक कार्यवाही की जा सकें। (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसारएस.सी.ई.एल. की कोयला खदानों से प्रदेश की लघु उद्योग इकाईयों को कोयला उपलब्ध करावाया जाने के संबंध में निविदा प्रक्रिया के द्वारा संचालक मण्डल के आदेश से गत दो वर्षों मे मेसर्स एस.के.जे एण्ड कंपनी कोल प्रायवेट लि. को अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त किया। डब्ल्यू.सी.एल. की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। कोयला खदानों से प्रदेश की लघु उद्योग इकाई को कोयला उपलब्ध करावाया जाने के संबंध में पूर्व में प्रचलित प्रक्रिया के अनुसार कोल उपभोक्ताओं की अनुशंसा पर लिफ्टरों को अधिकृत किया गया। (घ) प्रश्नांश के उत्तर अनुसार।

अधिसूचित भूमियों पर अधिकारों का अभिलेखन

22. ( क्र. 1177 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासनादेश एवं न्‍यायालयीन आदेशों का हवाला देकर प्रश्‍नकर्ता के द्वारा दिनाँक 07 नवम्‍बर 2015 को श्री जब्‍बाद हसन प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक वर्किंग प्‍लान वन मुख्‍यालय भोपाल को लिखे दो पत्रों पर प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक ने प्रश्‍नांकित दिनाँक तक किसे क्‍या आदेश, निर्देश दिए? (ख) भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 4 (1) में अधिसूचित, आरक्षित वन बनाए जाने के लिए प्रस्‍तावित निजी भूमि, गैर जंगल मद की गैर संरक्षित वनभूमि, रैय्यतवारी, मसाहती ग्रामों की गैर संरक्षित वन भूमि एवं सिविल याचिका क्रमांक 202/95 में परिभाषित एवं आदेशित भूमि को वर्किंग प्‍लान एवं पी.एफ. एरिया रजिस्‍टर में दर्ज किए जाने का प्रावधान किस कानून, किस नियम या किस न्‍यायालयीन आदेश में दिया है? (ग) धारा 4 (1) में अधिसूचित भूमियों पर अधिकारों का अभिलेखन किए जाने के संबंध में 10 अप्रैल 2015 को शासन ने क्‍या आदेश दिए है? इन अधिकारों को पी.एफ. एरिया रजिस्‍टर एवं वनकक्ष इतिहास में दर्ज किए जाने के वन मुख्‍यालय ने किस दिनाँक को आदेश दिए यदि नहीं, तो कारण बतावें? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा 7 नवम्‍बर 2015 को लिखे गए पत्रों पर कब तक धारा 4 (1) में अधिसूचित वर्किंग प्‍लान एवं पी.एफ. एरिया रजिस्‍टर में दर्ज जमीनों के संबंध में वन मुख्‍यालय स्‍पष्‍ट आदेश जारी करेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित पत्रों पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कार्य-आयोजना एवं वन भू-अभिलेख) द्वारा परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन भू-अभिलेख) म.प्र. को निर्देश दिये गये। (ख) प्रश्नाधीन भूमियाँ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 एवं धारा-4 (1) में अधिसूचित होने से इन वन भूमियों के प्रबंधन का अधिकार स्वतः ही वन विभाग का हो जाता है। इसलिये ऐसी अधिसूचित वन भूमियाँ प्रबंधन हेतु कार्य-आयोजना एवं पी. एफ. एरिया रजिस्टर में दर्ज की जाती है। (ग) मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 25-36/2005/10-3 दिनाँक 10.04.2015 द्वारा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 एवं धारा-4 (1) में अधिसूचित वनभूमियों पर अधिकारों को अभिलेखित किये जाने बाबत् निर्देश समस्त कलेक्टर्स मध्यप्रदेश को जारी करते हुये प्रतिलिपि समस्त क्षेत्रीय वन अधिकारियों को दी गई। दिये गये निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। निजी भूमियों के संबंध में वन मुख्यालय द्वारा वर्ष 2008, 2009 तथा 2011 में जारी किये गये निर्देश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) उत्तरांश के अनुसार वन मुख्यालय द्वारा पूर्व में ही निर्देश जारी किये जा चुके है। अतः पुनः निर्देश जारी करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पूंजी निवेश के प्रस्‍ताव

23. ( क्र. 1198 ) श्री मुकेश नायक : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2015 में 1 जनवरी, 2015 से अक्‍टूबर माह 2015 तक मध्‍यप्रदेश में उद्योग लगाने तथा पूंजी निवेश के कुल कितने देशी विदेशी निवेशकों/उद्योगपतियों से कुल कितनी धनराशि के कितने प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुये? (ख) इस अवधि तक कुल पूंजी निवेश के कितने एम.ओ.यू. सम्‍पन्‍न हुये और अब तक उनमें से कितनों पर कार्यवाही हुई है? (ग) एम.ओ.यू. सम्‍पन्‍न होने के बाद कितने पूंजी निवेश के प्रस्‍ताव निरस्‍त हुये? निरस्‍त होने का क्‍या कारण है? (घ) कृपया एम.ओ.यू. निरस्‍त होने वाली संस्‍थाओं के नाम दीजिए?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रश्‍नागत अवधि में एम.पी.ट्रायफेक के वेब पोर्टल पर रूपये 70514 करोड़ राशि के 382 निवेश आशय के प्रस्‍ताव दर्ज हुए है। (ख) प्रश्‍नांश के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में कोई एम.ओ.यू. हस्‍ताक्षरित नहीं हुआ है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अतिथि विद्वानों को नियमित कर नियमित वेतनमान दिया जाना

24. ( क्र. 1219 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा रीवा संभाग के सभी शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी द्वारा स्‍व-वित्‍तीय पाठ्यक्रम कितने वर्षों से चलाए जा रहे हैं तथा कितने अतिथि विद्वान कार्यरत हैं इन अतिथि विद्वानों को क्‍या प्रति माह प्रति कालखण्‍ड मानदेय निर्धारित किया गया है? (ख) क्‍या स्‍व-वित्‍तीय पाठ्यक्रम के लिए सहायक प्राध्‍यापकों के नियमित पदों का सृजन किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों, क्‍या भविष्‍य में नियमित पदों का सृजन करते हुए शासन के निर्देशानुसार भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाएगी? (ग) क्‍या ये अतिथि विद्वान महाविद्यालयों में निरंतर सेवाऐं देते हुए निर्धारित उम्र की सीमा पार कर चुके हैं? क्‍या ऐसे अतिथि विद्वानों को कार्यरत महाविद्यालयों में रिक्‍त पदों पर नियमित पद पर रखा जावेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग आदेश क्रमांक 1837/2977/2001/38-2 दिनाँक 05.10.2001 एवं आदेश क्रमांक 1098/38-2/2002 दिनाँक 04.05.2002 द्वारा शासकीय महाविद्यालयों में स्व-वित्तीय पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। स्व-वित्तीय पाठ्यक्रम जनभागीदारी समितियों द्वारा ही चलाये जाते हैं। प्रश्नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) अतिथि विद्वान हेतु कोई आयु का निर्धारण नहीं है। जी नहीं।

 

दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

25. ( क्र. 1220 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न संख्‍या 79 (क्रमांक 947 दिनाँक 9.12.14 एवं प्रश्‍न संख्‍या 10 (क्र. 1373) दिनाँक 27.2.15 पर आज दिनाँक तक विभागीय अधिकारियों द्वारा दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई है, यू.एस. राजपूत वरिष्‍ठ प्रशिक्षण अधिकारी, आर.एस. तोमर भण्‍डार अधिकारी, क्रय लिपिक राजेन्‍द्र भारद्वाज, क्रय लिपिक वाय.एस.यादव, भण्‍डारी/आवक लिपिक रामज्ञान प्रजापति कलेक्‍टर मुरैना के पत्र क्रमांक 10425/15.12.14 के जाँच प्रतिवेदन क्रमांक 1003/27.9.14 में दोषी होने के बावजूद औ.प्र. संस्‍था मुरैना में पद पर पदस्‍थ हैं? (ख) संयुक्‍त संचालक कौशल विकास ग्‍वालियर ने पत्र क्रमांक क्षेकौ/स्‍था/गोपनीय/शिका./जाँच प्रति/2015/ 09/ ग्‍वालियर दिनाँक 14.02.15 से जाँच समिति अध्‍यक्ष सी.एल.कटारे, सदस्‍य नितीन मंदसौर वाले, व्‍ही.के. राव के विरूद्ध जाँच विधिवत न करने के कारण अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु संचालक जबलपुर को लेख किया है लेकिन संचालक द्वारा इनके विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही न कर सदस्‍य व्‍ही.के. राव वर्तमान में औ.प्र. संस्‍था मुरैना के संस्‍था प्रमुख है जो कि जाँच से संबंधित अभिलेखों में हेरा-फेरी कर दोषियों को बचाने का भरसक प्रयास कर रहे है एवं नितिन मंदसौर वाले को प्रमोशन देकर लाभान्वित किया है क्‍या इनके विरूद्ध निलंबन/अनुशासनात्‍मक कार्यवाही होगी? (ग) यह कि संयुक्‍त संचालक कौशल विकास ग्‍वालियर ने पत्र क्रमांक क्षेकौ/स्‍था/गोप.शिका./जाँच प्रति/2015/09/ ग्‍वालियर दिनाँक 14.02.15 से आवक लिपिक, क्रय लिपिक, भण्‍डार अधिकारी, क्रय समिति तथा लेखापालन को पूर्णत: दोषी ठहराया है लेकिन इनके विरूद्ध संचालक कौशल विकास द्वारा निलं‍बन की कार्यवाही आज दिनाँक तक क्‍यों नहीं की गई है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी. नहीं, कार्यवाही की गई है। श्री पी.के.ओरिया, प्रशिक्षण अधीक्षक को संचालनालय आदेश क्रमांक-757 दिनाँक 20.02.2015 द्वारा निलंबित किया गया। श्री के.सी.जैन, संयुक्त संचालक से अंतिम जाँच प्रतिवेदन पत्र क्रमांक-2446 दिनाँक 5.12.2015 द्वारा प्राप्त हुआ है। जाँच प्रतिवेदन में श्री पी.के. ओरिया, प्रशिक्षण अधीक्षक, श्री वाय.एस. यादव, सहायक ग्रेड-2 एवं श्री राजेन्द्र भारद्वाज, सहायक वर्ग-2 की संलिप्तता स्पष्ट होने के कारण श्री वाय.एस.यादव को संचालनालय आदेश क्रमांक-616 दिनाँक 07.12.2015 एवं श्री राजेन्द्र भारद्वाज को संचालनालय आदेश क्रमांक-618 दिनाँक 07.12.2015 को निलंबित किया गया है। निलम्बन पश्चात् इनका मुख्यालय आईटीआई शिवपुरी किया गया है। (ख) इस प्रकरण में जाँच श्री के.सी.जैन, संयुक्‍त संचालक द्वारा की गई। जाँच में अत्‍याधिक विलम्‍ब होने एवं आवश्‍यक कार्यवाही न करने के कारण संयुक्‍त संचालक श्री के.सी. जैन को भी निलम्बित किया गया। श्री सी.एल. कटारे, श्री व्‍ही.के. राव एवं श्री नितिन मंदसौर वाले के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही के लिए संचालनालय के परीक्षण में कोई आधार नहीं पाया गया। श्री व्‍ही.के. राव का मुरैना स्‍थानांतरण एवं श्री नितिन मंदसौर वाले का स्‍थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किया गया है। इनके विरूद् कोई आरोप/आक्षेप नहीं है। इनके विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) श्री के.सी. जैन, संयुक्‍त संचालक से अंतिम जाँच प्रतिवेदन पत्र क्रमांक-2446 दिनाँक 05.12.2015 द्वारा प्राप्‍त हुआ है। जाँच प्रतिवेदन में श्री पी.के. ओरिया, प्रशिक्षण अधीक्षक, श्री वाय.एस. यादव, सहायक ग्रेड-02 एवं श्री राजेन्‍द्र भारद्वाज, सहायक ग्रेड-02 की संलिप्‍तता स्‍पष्‍ट होने के कारण श्री वास.एस. यादव को संचालनालय आदेश क्रमांक-616 दिनाँक 07.12.2015 एवं श्री राजेन्‍द्र भारद्वाज को संचालनालय आदेश क्रमांक-618 दिनाँक 07.12.2015 को निलंबित किया गया है। प्रारंभिक जाँच में श्री आर.एस. तोमर, भण्‍डार अधिकारी, श्री यू.एस. राजपूत, प्रशिक्षण अधिकारी एवं श्री रामज्ञान प्रजापति, आवक लिपिक की संलिप्‍तता नहीं पाई गई।

मेन सड़क से पास के ग्रामों का डामरीकरण

26. ( क्र. 1227 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा बनाई गई मुख्‍य सड़क से आधा किमी एवं एक किमी दूरी तक गांव में डामरीकरण छोड़ने से उसे प्रधानमंत्री सड़क योजना में सम्मिलित नहीं किया गया है क्‍यों कि इसे मुख्‍य सड़क से जुड़ा हुआ गांव माना गया है? डामरीकरण से वंचित शेष मार्गों का डामरीकरण का कार्य इनमें से कौन से विभाग द्वारा किया जावेगा? प्रधानमंत्री सड़क योजना या पी.डब्‍ल्‍यू.डी. विभाग द्वारा? (ख) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के लदुना चौमेहला सड़क पर धतुरिया गांव की सड़क एवं कयामपुर बसई मार्ग पर बाकली गांव की सड़क कौन सा विभाग बनाएगा? (ग) विभाग द्वारा बनाई गई योजनाओं में धतुरिया, बाकली, कुचडोद से शेरगढ़ मार्ग की मांग कई वर्षों से नागरिकों द्वारा करने के बाद भी आज तक इसका प्रस्‍ताव नहीं भेजा गया, कारण बतावें? (घ) जनता की परेशानी एवं मूलभूत सुविधाओं को देखते हुवे धतुरिया, शेरगढ़, बाकली सड़क का कार्य कब तक प्रस्‍तावित कर निर्माण स्‍वीकृति प्रदान करेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से प्राप्‍त जानकारी अनुसार ऐसे गांवों का यदि कोई प्रकरण जिसमें 500 मी से कम दूरी की सड़क निर्माण शेष है, तो उस पर म.प्र. शासन विचार करेगा। (ख) धतुरिया एवं बाकली गांव 500 मी. पर स्थित होने के कारण जुडे हुए गांव की श्रेणी में है शेष उत्‍तरांश अनुसार। (ग) पी.एम.जी.एस.वाय. के अंतर्गत दलौदा से कुचडौद एवं नकेडिया से शेरगढ़ को जोड़ जा चुका है। पी.एम.जी.एस.वाय. के अंतर्गत डबल कनेक्टिविटी का प्रावधान नहीं होने से कुचडौद से नकेडिया को योजना अंतर्गत नहीं जोडा जा सका। धतुरिया एवं बाकली को कोर-नेटवर्क में जुडे हुए गांवों की श्रेणी में है अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) ग्राम शेरगढ़ को योजनांतर्गत जोड़ा जा चुका है। इस तरह (धतुरिया एवं बाकली) के कोर-नेटवर्क में छूटे हुए गांवों को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भारत सरकार के दिशा निर्देश प्राप्‍त होने पर ही कोई कार्यवाही संभव होगी।

उद्योग एवं रोजगार की योजनाएं

27. ( क्र. 1228 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन द्वारा वाणिज्‍य, उद्योग एवं रोजगार हेतु क्‍या योजनाएं बनाई गई है जानकारी देवें? (ख) मंदसौर जिले में विभाग द्वारा कितने उद्योगों की स्‍थापना की गई है, कितने युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है? (ग) नवीन उद्योगों की स्‍थापना करने हेतु शासन द्वारा कितना अनुदान दिया जाता है अलग-अलग उद्योगों के नाम एवं उद्योगों पर मिलने वाले अनुदान की राशि बतावें? (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में विगत दो वर्षों में विभाग द्वारा रोजगार हेतु प्राप्‍त आवेदनों में से कितने पर स्‍वीकृति प्रदान की गई है तथा किन-किन संस्‍थाओं से किन-किन व्‍यक्तियों को ऋण प्राप्‍त हुआ है? लाभार्थियों के नाम तथा उनको प्राप्‍त राशि एवं उनके ग्रामों के नाम बतावें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभाग की निम्न योजनाएँ संचालित हैः- 1. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना 3. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (भारत सरकार की योजना) 4. एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना 2014, 5. वृहद श्रेणी हेतु निवेश प्रोत्साहन योजना 2014, 6. जॉब फेयर योजना 7. केरियर कॉउन्सिलिंग योजना 8. कौशल विकास सह-रोजगार संवर्धन योजना (ख) विगत दो वर्षों की जानकारी निम्नानुसार है :-

क्रं

वर्ष

उद्योगों की संख्या

रोजगार

1

2013-14

401

814

2

2014-15

402

954

(ग) उद्योगों के प्रकार यथा वृहद, मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म अनुसार सुविधा/सहायता प्रदान की जाती हैं। इस संबंध में मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना, 2014 एवं मध्यप्रदेश एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन योजना, 2014 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के क्रमशः प्रपत्र एवं अनुसार है। (घ) विगत दो वर्षों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

ब्रान्‍द्राभान एवं सांगाखेड़ा मार्ग पर पुल एवं एप्रोच रोड निर्माण

28. ( क्र. 1237 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग के सेतु निगम द्वारा ब्रान्‍द्राभान एवं सांगाखेड़ा कला के मध्‍य तवा नदी पर पुल एवं एप्रोच रोड का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या पुल एवं एप्रोच रोड का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है? यदि हाँ, तो कब? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा एप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने के संबंध में विभाग को पत्र प्रेषित किये गये थे? यदि हाँ, तो कब-कब तथा प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनाँक की स्थिति में कब-कब और क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उक्‍त एप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होने के लिये कौन-कौन अधिकारी एवं ठेकेदार जिम्‍मेदार हैं? अधिकारी एवं ठेकेदार का नाम बताते हुये क्‍या विभाग द्वारा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या? तथा एप्रोच रोड का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? निश्चित समयावधि बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। पुल कार्य दिसम्बर 2008 में पूर्ण, बान्द्राभान साईड का पहुँच मार्ग मई 2013 में पूर्ण, सांगाखेड़ा कला साईड के पहुँच मार्ग का कार्य 90% पूर्ण कर शेष कार्य जनवरी 2016 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। (ख) जी नहीं। परन्तु तत्कालीन माननीय मंत्री जी की नोटशीट दिनाँक 8-4-2010 प्राप्त हुई थी। कार्यवाही की विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार है। पहुँच मार्ग का कार्य जनवरी 2016 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

परिशिष्ट ''बारह''

कुवजा नदी पर माछा पुल का निर्माण

29. ( क्र. 1239 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुविभाग पि‍परिया जिला होशंगाबाद के अंतर्गत ग्राम तिघड़ा माछा के बीच में कुवजा नदी पर पुल का निर्माण कब किया गया? इसकी निर्माण ऐजेन्‍सी कौन थी तथा इसकी निर्माण लागत क्‍या थी? (ख) क्‍या उक्‍त प्रश्‍नांकित स्‍थल पर बना पुल एवं पुल के दोनों तरफ का रास्‍ता पूर्णत: क्षतिग्रस्‍त तथा बाढ़ में बह गया? यदि हाँ, तो विभाग इस पर क्‍या कार्यवाही कर रहा है? तथा उपरोक्‍त प्रकरण में कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई है? क्‍या उनसे उपरोक्‍त घटिया निर्माण के संबंध में वसूली की गई है? नहीं तो क्‍यों? (ग) क्षतिग्रस्‍त पुल के स्‍थान पर नवीन पुल का निर्माण कब तक हो पायेगा जिससे आवागमन अवरूद्ध न हो?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) अनुविभाग पिपरिया जिला होशंगाबाद के अंतर्गत ग्राम तिघड़ा माछा के बीच में कुवजा नदी पर वेंटेड काजवे का निर्माण 06/2005 में पूर्ण किया गया हैं। श्री संजय पलिया, पिपरिया, लागत रूपये 36.15 लाख थी। (ख) जी नहीं, पुल का नहीं, अपितु वेंटेड काजवे का निर्माण किया गया। मात्र माछा की ओर रिर्टन वॉल एवं पहुँच मार्ग अत्यधिक बाढ़ एवं अतिवृष्टि के कारण बाढ़ में कटकर बह गया था। उक्त स्थान पर पुल निर्माण का प्रस्ताव परीक्षाणाधीन हैं। जिसका सुधार कार्य ठेकेदार द्वारा कराया गया था। अतः शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता हैं। (ग) प्रस्ताव परीक्षणाधीन हैं। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

रामजानकी मंदिर के न्‍यास का गठन

30. ( क्र. 1241 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला रीवा, तहसील, त्‍यौंथर के ग्राम घटेहा में रामजानकी मंदिर के भूमियों, सम्‍पतियों के रख रखाव, प्रबंधन हेतु न्यास गठित करने का आश्‍वासन त्रयोदश विधानसभा का लंबित हैं? (ख) यदि हाँ, तो राम जानकी मंदिर घटेहा की भूमियों सम्‍पतियों के समुचित प्रबंधन हेतु न्‍यास अब तक गठित न करने के क्‍या कारण थे, स्‍पष्‍ट करें? (ग) यदि अब तक न्‍यास का गठन नहीं हुआ है तो बतायें न्‍यास का गठन कब तक कर लिया जायेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) न्‍यास गठित करने की प्रक्रिया प्रचलित है। प्रक्रिया अर्द्धन्‍यायिक है। (ग) न्‍यास गठन की प्रक्रिया अर्द्धन्‍यायिक है इसके संपन्‍न होते ही न्‍यास का गठन संपादित हो जायेगा।

धरेटा रामजानकी मंदिर के नाम भूमि

31. ( क्र. 1245 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला रीवा तहसील त्‍योंथर के ग्राम घटेहा में रामजानकी मंदिर के नाम कितनी भूमि है, खसरा नंबर एवं क्षेत्रफल (रकबा) बतायें? (ख) क्‍या उपरोक्‍त भूमियों के खसरा के कॉलम 03 में रामजानकी मंदिर धरेटा प्रबंधक कलेक्‍टर जिला रीवा अंकित है? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) में वर्णित भूमियों के रख-रखाव प्रबंधन एवं अनाधिकृत रूप से किये जा रहे कृषि कार्य के संबंध में कलेक्‍टर रीवा द्वारा क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित आराजियों में अनाधिकृत व्‍यक्तियों द्वारा कृषि कार्य किया जाता है? यदि हाँ, तो ऐसे अनाधिकृत व्‍यक्तियों से भूमियों को मुक्‍त कराते हुए अधिकृत कृषि कार्य कराने की क्‍या व्‍यवस्‍था करेंगे, ताकि रामजानकी मंदिर को आय प्राप्‍त हो सके?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) कुल 55 किता रकवा 39.091 हे. है। जिसकी खसरा बी-1 की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) मंदिर के संबंध में कलेक्‍टर व्‍यवस्‍थापक है तथा उन्‍हें रख-रखाव एवं प्रबन्‍धक के अधिकार हैं। अनाधिकृत रूप से किये गये कब्‍जे से मुक्‍त कराने हेतु एवं कब्‍जे की अवधि में अनाधिकृत कब्‍जेदार द्वारा उक्‍त भूमियों से प्राप्‍त आमदनी का आंकलन कर भू-राजस्‍व की तरह वसूली करने के निर्देश तहसील त्‍योंथर को दिए गये हैं। (घ) मंदिर की भूमि में अनाधिकृत रूप से सूर्यप्रकाश तनय शोभना‍थ समदरिया द्वारा कब्‍जा किया गया है। शेष प्रश्‍नांश अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

बाई पास सड़क निर्माण

32. ( क्र. 1246 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. विधानसभा प्रश्‍नोत्‍तर सूची दिनाँक 30 जुलाई 2015 प्रश्‍न संख्‍या 124 (क्र. 2802) के उत्‍तर में लोक निर्माण मंत्री द्वारा वर्ष 1984-85 और वर्ष 2005 में प्रश्‍नानुसार बाईपास सड़क निर्माण कार्य कराया जाना स्‍वीकार किया गया है तथा विगत 08 वर्षों में बंधा साप्‍ताहिक बाजार के पास कुल 58 दुर्घटनाऐं घटित होने की जानकारी दी गई है? क्‍या अत्‍यधिक दुर्घटना उपरांत बाई पास के पक्‍कीकरण किये जाने की कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है? (ख) बाई पास का पक्‍कीकरण कब तक किया जावेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। जी हाँ। प्रश्‍नाधीन बाईपास रीवा-शहडोल-अमरकटंक (बी..टी.) मार्ग का भाग नहीं होने एवं बी..टी. योजनांतर्गत टोल अवधि वर्ष 2017 तक होने के कारण म.प्र. सड़क विकास निगम लि. द्वारा कार्यवाही किया जाना प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) उपरोक्‍तानुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

टोल बैरियर का संचालन

33. ( क्र. 1247 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा से अमरकंटक तथा मैहर से उमरिया राज मार्ग को किसी कंपनी से संचालन के लिये संविदा की गई है? यदि हाँ, तो उक्‍त दोनों सड़कों के संचालन की संविदा किस कंपनी से की कब की गई है? और कब तक के लिए की गई है? (ख) दोनों राजमार्ग के संचालन की शर्तें शासन और कंपनी के बीच शर्तें क्‍या हैं? (ग) क्‍या उक्‍त दोनों राजमार्गों में कंपनी द्वारा वाहनों से टोल टैक्‍स की वसूली की जाती है? यदि हाँ, तो सड़क में कितनी दूरी पर टोल टैक्‍स लगाने का प्रावधान है और टोल टैक्‍स वसूली के क्‍या नियम हैं? (घ) क्‍या रीवा अमरकंटक राजमार्ग में बघवार, भैंसहा (अर्जुन नगर), रोहनिया, किरर ग्राम, पोंडकी में संबंधित कंपनी द्वारा टोल बैरियर लगाये गये हैं? यदि हाँ, तो इन टोल बैरियर की एक दूसरे से दूरी कितनी है और क्‍या ये सभी टोल बैरियर वैधानिक हैं? यदि नहीं, तो संबंधित कंपनी के विरूद्ध संविदा के विपरीत टोल टैक्‍स वसूली के संबंध में कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ,तो कब तक? (ड.) क्‍या विगत दिनों रीवा अमरकंटक राजमार्ग के भैंसहा (अर्जुन नगर), टोल बैरियर को शासन द्वारा अवैध घोषित किया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त बैरियर को हटाकर संबंधित कंपनी के विरूद्ध कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों और संबंधित दायित्‍वाधीन के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट ''चौदह''

मजबूतीकरण/मरम्‍मत मद से सड़़कों का निर्माण

34. ( क्र. 1267 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग द्वारा विगत वर्ष 2014-152015-16 में मजबूतीकरण या मरम्‍मत मद से किन-किन सड़कों की मरम्‍मत या नवीन निर्माण दमोह जिले में कराया गया? जानकारी नामवार, राशिवार, ठेकेदार के नाम सहित उपलब्‍ध करायें। (ख) हटा-फतेहपुर मार्ग जो कि विगत 3-4 वर्षों से अधूरा पड़ा है कब तक पूर्ण कराया जायेगा? यह कार्य किस ऐजेन्‍सी से कराया जा रहा है? प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य के विधानसभा क्षेत्र में जो पुल निर्माण कराये जा रहे हैं, उन पुलों का निर्माण कब तक कराया जावेगा? पुलवार, स्‍थानवार, समयावधि बतायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ख) संबंधित मार्ग बी..टी. (टोल+एन्‍यूटी) परियोजना के अंतर्गत मे. दिलीप बिल्‍डकॉन को दिनाँक 10.08.2015 को अवार्ड किया गया है। अनुबंधानुसार परियोजना हेतु वित्‍तीय प्रबंधन निवेशकर्ता द्वारा छ: माह में किया जाना है। वित्‍तीय प्रबंधन होने पर एपाइन्‍मेंट दिनाँक घोषित कर एपाइन्‍टमेंट दिनाँक से दो वर्ष में कार्य पूर्ण करने का प्रावधान है। मार्ग के सभी पुल पुलियों का निर्माण ऐजेंसी द्वारा परियोजना में सम्मिलित है। पुल निर्माण से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है।

उज्‍जैन जिले में किये गये कार्य

35. ( क्र. 1351 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 जनवरी 2013 से प्रश्‍न तिथि तक उज्‍जैन जिले में ऐसी कितनी सड़कें हैं जिनके निर्माण का ठेका ठेकेदार/फर्म ने लिया और निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य पूर्ण न करते हुए अधूरा छोड़ दिया? ऐसे ठेकेदारों/फर्मों द्वारा कितना-कितना भुगतान प्राप्‍त किया गया की जानकारी, तय राशि एवं अधूरे कार्य का प्रतिशत सहित प्रस्‍तुत करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित निर्माण कार्य बीच में अधूरा छोड़ने वाले ठेकेदारों/फर्मों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनाँक तक विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या उन्‍हें ब्‍लेक लिस्‍टेड किया गया अथवा किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) ऐसी ठेकेदारों/फर्मों के विरूद्ध विभाग द्वारा कब-कब आर.सी.सी जारी की गई वर्षवार/कार्यवाहीवार जानकारी देवें? यदि नहीं, तो कारण देवें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''पंद्रह''

पिपरिया से नरहिंपुर तक के बीच संचालित टोल प्‍लाजा

36. ( क्र. 1365 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पिपरिया से गाडरवारा, करेली, नरसिंहपुर, शहपुरा तक जो सड़क है उसका निर्माण किस योजना के अंतर्गत हुआ है? इसमें कितनी जगह टोल वसूली हो रही है नाम व स्‍थान सहित बतावें? (ख) क्‍या टोल वसूली की स्थिति में कम्‍पनी को सड़क का रख-रखाव करना पड़ता है? यदि हाँ, तो सड़क क्षतिग्रस्‍त होने पर कम्‍पनी को टोल टैक्‍स वसूलने का अधिकार है? (ग) प्रश्‍न दिनाँक तक सड़क की स्थिति खराब होने पर इसका रख-रखाव नहीं होने का क्‍या कारण हैं? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जबलपुर-नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग (राज्‍य मार्ग क्रं. 22) का उन्‍नयन कार्य बी..टी. योजना के अंतर्गत किया गया है, इस मार्ग पर चार जगह पर टोल वसूल किया जा रहा है, विवरण निम्‍नानुसार है:- (1) शहपुरा-कि.मी. 32+600 (2) बहोरीपार-कि.मी. 79+800 (3) करेली-कि.मी. 101+120 (4) पिपरिया-कि.मी. 185+800(ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) संधारण एक सतत् प्रक्रिया है। निवेशकर्ता द्वारा समय-समय पर संधारण किया जा रहा है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सबलगढ़ से अटार रोड की मरम्‍मत

37. ( क्र. 1373 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सबलगढ़ से अटार की दूरी लगभग 12 कि.मी. है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों का आवागमन रहता है? इस रोड पर राजस्‍थान करौली के लिये प्रतिदिन करौली माता के दर्शन हेतु हजारों लोग निकलते हैं? नवीन रोड कब तक स्‍वीकृत कर दी जावेगी? (ख) सबलगढ़ अटार रोड का मरम्‍मत कार्य पूर्व में कब कराया गया? क्‍या उक्‍त मरम्‍मत कार्य को केवल कागजों में ही किया गया? (ग) यदि हाँ, तो संबंधित ठेकेदार से राशि आहरण की वसूली कार्यवाही कब तक की जावेगी? (घ) यात्रियों की परेशानी को देखते हुए सबलगढ़ से अटार रोड कब तक स्‍वीकृत कर दी जाएगी एवं कब तक कार्य शुरू कर दिये जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) वर्ष 2014-15 में। यह कहना सही नहीं होगा कि मरम्‍मत कार्य केवल कागजों पर ही कराया गया है। चूंकि मार्ग का अधिकांश भाग खराब हो चुका है। ग्रामीण हिस्‍सों में गांव से ड्रेनेज व वर्षा का पानी मार्ग के ऊपर बहता है इसलिए मार्ग बार-बार खराब होता रहता है। (ग) कार्यवाही की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

भोपाल - देवास कॉरीडोर

38. ( क्र. 1414 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल-देवास कॉरीडोर को 6 लेन करने का प्रस्‍ताव है? यदि हाँ, तो क्‍या योजना है और कब तक कार्य प्रारंभ किया जाना प्रस्‍तावित है? (ख) भोपाल - देवास कॉरीडोर मार्ग पर विगत 2 वर्षों में कितनी दुर्घटनाएं हुई हैं, तथा कितने लोगों की मौत हुई? क्‍या दुर्घटना स्‍थल चयनित किए गए हैं? यदि हाँ, तो वहां सुरक्षा के लिए क्‍या-क्‍या उपाय किए जा रहे हैं? क्‍या भोपाल से देवास के बीच मार्ग संगमों पर फ्लाई-ओवर बनाने के प्रस्‍ताव हैं? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ एवं कब-कब बनाए जाएंगे? (ग) क्‍या भोपाल से देवास के बीच सड़क की गुणवत्‍ता और रख रखाव के लिए शासन स्‍तर पर कोई निगरानी की जाती है? यदि हाँ, तो किस विभाग द्वारा निगरानी की जा रही है? क्षेत्रवार सड़क की स्थिति व निगरानीकर्ता विभाग व अधिकारी का ब्‍यौरा देवें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) पुलिस विभाग से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। म.प्र. सड़क विकास निगम भोपाल द्वारा की जा रही है। संपूर्ण सड़क की स्थिति ठीक है। निगरानीकर्ता अधिकारी श्री गोपाल सिंह, स्‍वतंत्र अभियंता एवं संभागीय प्रबंधक, म.प्र. सड़क विकास निगम, भोपाल है।

प्रदेश में संचालित कौशल विकास कार्यक्रम

39. ( क्र. 1415 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा कौशल विकास के लिए योजनाएं/कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो किस माध्‍यम से और क्‍या-क्‍या कार्यक्रम संचालित हैं? (ख) कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए पिछले 2 वर्षों में कितनी राशि व्‍यय की गई? किन-किन माध्‍यमों से कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) क्‍या वर्तमान में कौशल विकास की कोई योजना/कार्यक्रम संचालित हैं? यदि हाँ, तो जिलावार, संस्‍थावार खर्च व कार्यक्रम की जानकारी दें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। 213 आई.टी.आई. एवं 133 कौशल विकास केन्‍द्र संचालित है। जिसका संचालन कौशल विकास संचालनालय एवं म.प्र. व्‍यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद् द्वारा किया जाता है। (ख) संचालित योजनाओं की जानकारी निम्‍न प्रकार है :-

क्रं.

कार्यक्रम का नाम

माध्‍यम

पिछले दो वर्षों में व्‍यय की गई राशि

1.

शिल्‍पकार प्रशिक्षण योजना/अप्रेन्टिस प्रशिक्षण योजना/कौशल विकास केन्‍द्रों के माध्‍यम से अल्‍प अवधि के पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण।

आई.टी.आई. तथा एस.डी.सी. के माध्‍यम से संचालनालय कौशल विकास द्वारा

50704.75 लाख

2.

मॉडयूलर एम्‍प्‍लायबल स्किल

म.प्र. व्‍यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद् भोपाल द्वारा

8795.75 लाख

(ग) उपरोक्‍त योजनाएं निरन्‍तर संचालित हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं।

कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्रियों के स्‍वीकृत पद

40. ( क्र. 1439 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कुल कितने कार्यपालन, यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री हैं? (ख) म.प्र. के सभी जिलों में कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री के कितने-कितने पद स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कितने-कितने पद भरे हैं? कितने पद खाली हैं? (ग) प्रदेश के कितने कार्यपालन, यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री के विरूद्ध शिकायत मिली है तथा कितने के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही की जा रहा है? विगत तीन वर्षों की जानकारी नामवार बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) कार्यपालन यंत्री-104, सहायक यंत्री-505, उपयंत्री-989. (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं स अनुसार

 

प्रदेश में स्‍थापित उद्योगों में स्‍थानीय शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार

41. ( क्र. 1446 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या स्‍थापित होने वाले नये उद्योगों में 50 प्रतिशत अमले की भर्ती स्‍थानीय लोगों में से करने की नीति है? (ख) यदि हाँ, तो 2005 से नवम्‍बर 2015 तक रीवा संभाग में कितने नये उद्योग स्‍थापित हुए और कितने स्‍थानीय लोगों को रोजगार मिला?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) उद्योग संवर्धन नीति, 2014 में प्रावधान नहीं है। (ख) नवम्‍बर 2005 से नवम्‍बर 2015 तक रीवा संभाग में 14677 उद्योग स्‍थापित हुए। इन उद्योगों में से सहायता/सुविधा प्राप्‍त उद्योगों में 7024 मध्‍य प्रदेश के स्‍थानीय लोगों को रोजगार प्राप्‍त हुआ है।

सिरमौर वि.स. क्षेत्रान्‍तर्गत पुल का निर्माण

42. ( क्र. 1496 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिरमौर विधान सभा अंतर्गत - कल्‍याणपुर से जोड़ावपुर मार्ग में कोलहा घाट एवं सितलहा से जनकहाई घाट पर क्‍या वर्तमान में दोनों रपटे क्षतिग्रस्‍त हैं? यदि हाँ, तो नवनिर्माण हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कोलहा घाट पुल निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग रीवा द्वारा पूर्व में प्रस्‍तुत प्राक्‍कलन जिसे प्रमुख अभियंता द्वारा वर्ष 2013-14 के पूरक बजट में शामिल नहीं किया गया था, तो क्‍या वर्ष 2015-16 के वित्‍तीय बजट में शामिल किया जायेगा? यदि हाँ, तो पुल निर्माण के कार्य का क्रियान्‍वयन कब तक किया जायेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में - जनकहाई घाट पर पुल के निर्माण हेतु डी.पी.आर. तैयार करने की क्‍या कार्यवाही पूर्ण कर ली गई? यदि हाँ, तो क्‍या भारत सरकार से स्‍वीकृति प्राप्‍त हो गई है? यदि नहीं, तो स्‍वीकृत प्राप्ति एवं पुलिया निर्माण कार्य का क्रियान्‍वयन कब तक किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। लोक निर्माण विभाग के अधीन केवल एक पुल कोलहाघाट का परीक्षण कराया जा रहा है। सिवलाहा से जनकाईघाट मार्ग लंबाई 9.40 कि.मी. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में निर्मित की गई है। इस मार्ग पर जनकाई घाट का पुल निर्माण हेतु डी.पी.आर. प्राप्‍त हो गया है, जिसे स्‍वीकृति हेतु भारत सरकार को भेजा जायेगा। (ख) वर्तमान में परीक्षणाधीन है, वित्‍तीय उपलब्‍धतानुसार कार्यवाही की जावेगी। वर्तमान में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश अनुसार।

सागर जिले की सड़कों की पेंच मरम्‍मत, मेन्‍टेनेन्‍स एवं रिनूवल कार्य

43. ( क्र. 1532 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में किन-किन सड़कों पर विगत 01 अप्रैल 2015 से प्रश्‍न दिनाँक तक पेंच मरम्‍मत, मेन्‍टेनेन्‍स एवं रिनूवल कार्य कब-कब एवं कितना एवं कितनी राशि का कार्य किया गया है? (ख) किन-किन सड़कों पर पेंचवर्क का कार्य में गिट्टी, डामर व अन्‍य सामग्री का उपयोग किया गया एवं किस कार्य ऐजेंसी/विभाग द्वारा कार्य किया गया? किये गये कार्य एवं भुगतान की जानकारी देवें? (ग) किन-किन सड़कों पर रिनूवल कार्य किया गया एवं किस कार्य ऐजेंसी द्वारा कराया गया? कितना कार्य कराया गया एवं भुगतान की जानकारी देवें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अ-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है।

नई गल्‍ला मंडी से बिहारीपुरा, वनगुवां एवं पृथ्‍वीपुरा तक सड़क निर्माण

44. ( क्र. 1533 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नई गल्‍ला मंडी से बिहारीपुरा, वनगुंवा एवं पृथ्‍वीपुरा तक सड़क मार्ग कब और कितनी लागत से शुरू किया गया था? (ख) उक्‍त मार्ग किस कार्य ऐजेंसी को दिया गया था? इसके प्राक्‍कलन एवं समयावधि की जानकारी देवें? (ग) उक्‍त मार्ग का निर्माण यदि समयावधि में नहीं हुआ है तो विभाग द्वारा कार्य ऐजेंसी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है एवं उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) दिनाँक 13.10.2008 को लागत राशि रू. 261.40 लाख। (ख) मार्ग के निर्माण हेतु मेसर्स दिलीप सिंह ठाकुर को दिया गया। प्राक्‍कलन में मिट्टी का कार्य डब्‍ल्‍यू.बी.एम. कार्य डामरीकरण कार्य एवं पुलियों का कार्य किया जाना प्रस्‍तावित था। कार्य पूर्ण करने हेतु 10 माह का समय अर्थात दिनाँक 12.08.2009 तक था। (ग) जी हाँ विलंब हेतु अनुबंध की धारा के अंतर्गत ठेकेदार के विरूद्ध दंड की राशि रू. 6.34 लाख अधिरोपित की गई। 800 मीटर का कार्य भूमि उपलब्‍ध न होने के कारण अनुबंध धारा 14 में समाप्‍त किया गया है। भूमि उपलब्‍ध होने पर नई निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जावेगी। कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

शिक्षा समिति का पंजीयन

45. ( क्र. 1552 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कटनी जिले के अंतर्गत श्री तिलक राष्‍ट्रीय विधायक शिक्षा समिति संस्‍था क्‍या म.प्र. फर्म्‍स एवं सोसायटी रजिस्‍ट्रीकरण अधिनियम के अंतर्गत पंजीयन है? यदि हाँ, तो पंजीयन क्रमांक एवं दिनाँक बताएं तथा उक्‍त शिक्षा समिति के द्वारा कौन-कौन स्‍कूल संचालित हैं उनके नाम बताएं? (ख) प्रश्‍नांश (क) की शिक्षा समिति के संविधान के अनुसार सामान्‍य समिति के अंतर्गत निर्मित प्रबंध समि‍ति में वर्तमान में कौन-कौन पदाधिकारी एवं सदस्‍य हैं उनके नाम एवं पद बताएं तथा पदाधिका‍री एवं सदस्‍य उक्‍त शिक्षा समिति के नियमावली संविधान के अनुसार किस प्रकार के सदस्‍य हैं एवं उनके सदस्‍य बनने का दिनाँक बताएं? (ग) क्‍या उक्‍त शिक्षा समिति‍ की जाँच फर्म्‍स एवं सोसायटी द्वारा की जा रही है यदि हाँ, तो कब और किसके द्वारा की जाकर प्रतिवेदन दिया गया है? (घ) उक्‍त शिक्षा समिति की आयोजित बैठक दिनाँक 26.10.2010 की सूचना निकालने वाले का पद एवं नाम बताएं? दिनाँक 26.10.2010 को उक्‍त शिक्षा समिति में अध्‍यक्ष एवं सचिव के पद पर कौन पदस्‍थ थे? अनाधिकृत सूचना निकालने वाले के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) श्री तिलक राष्ट्रीय विद्यालय शिक्षा समिति, कटनी मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 के अधीन पंजीयन क्रमांक 39 दिनाँक 19-11-1950 पर पंजीकृत संस्था है। उक्त अधिनियम में संस्था द्वारा संचालित स्कूलों की जानकारी कार्यालय द्वारा संधारित किये जाने का प्रावधान नहीं है। (ख) संस्था प्रबंध समिति द्वारा अधिनियम की धारा 27 के तहत् जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार दिनाँक 4-7-2014 को प्रस्तुत की गई है। शेष प्रश्नांश की जानकारी अधिनियम के तहत् कार्यालय में संधारित करने का प्रावधान नहीं है। (ग) जी हाँ। संस्था की जाँच मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 की धारा 32 (1) के तहत् आदेशित है। जाँच प्रतिवेदन अपेक्षित है। (घ) मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 के तहत् संस्था की बैठकों की सूचना निकालने संबंधी जानकारी कार्यालय के द्वारा संधारित करने का प्रावधान नहीं है। प्रशासक एवं जिला शिक्षा अधिकारी, कटनी द्वारा संस्था के निर्वाचन दिनाँक 26-10-2010 को कराए जाने की जानकारी कार्यालय में दिनाँक 11-12-2011 को प्रस्तुत की गई है, जिसमें संस्था अध्यक्ष श्री आर.के. तिवारी एवं सचिव श्री मनीष दुबे दर्शाया गया है। प्रश्नांश (ग) के उत्तर अनुसार संस्था की जाँच की जा रही है, जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी।

परिशिष्ट ''सोलह''

पं. दीनदयाल उपाध्‍याय शासकीय कला एवं वाणिज्‍य महाविद्यालय सागर को पी.जी. का दर्जा देना

46. ( क्र. 1554 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पं. दीनदयाल उपाध्‍याय शासकीय कला एवं वाणिज्‍य महाविद्यालय सागर में जनभागीदारी से संचालित स्‍नातकोत्‍तर विषयों में कितने विद्यार्थी वर्तमान सत्र में अध्‍ययनरत है? कक्षावार बताएँ? (ख) क्‍या उक्‍त महाविद्यालय सागर जिले का अग्रणी महाविद्यालयों में चिन्हित किया गया है तथा माननीय विभागीय मंत्री महोदय के विगत वर्ष सागर प्रवास के दौरान उक्‍त महाविद्यालय को पी.पी. का दर्जा दिए जाने की घोषणा की गई थी? इस संबंध में शासन द्वारा प्रश्‍नांश दिनाँक तक क्‍या प्रगति की गई है? (ग) क्‍या इस महाविद्यालय में लगभग 5 हजार विद्यार्थी स्‍नातक स्‍तर पर अध्‍ययनरत है और इन विद्यार्थियों को भविष्‍य में अध्‍ययन हेतु शासन स्‍तर पर पी.जी. कक्षाएँ संचालित नहीं है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त महाविद्यालय में अध्‍ययनरत छात्रों के भविष्‍य के दृष्टिगत पी.जी. का दर्जा प्रदत्‍त करने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) जी हाँ, प्रस्ताव विचाराधीन है। (ग) महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर 4321 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जी नहीं, वाणिज्य संकाय में पी.जी. की कक्षायें शासन स्तर से संचालित हैं, तथा कला एवं विज्ञान संकाय में पी.जी. की कक्षायें प्रारम्भ करने की कार्यवाही विचाराधीन है। प्रश्नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

वन विभाग द्वारा कराए गए कार्यों का भौतिक सत्‍यापन

47. ( क्र. 1559 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले के अन्‍तर्गत वन विभाग द्वारा वर्ष 2010 से प्रश्‍नांश दिनाँक तक की अवधि में कितना-कितना, किस-किस कार्य के लिए बजट प्राप्‍त हुआ है? तथा किस-किस कार्य में कितनी-कितनी राशि भुगतान की गई? कितना भुगतान किया जाना शेष है? जो कार्य कराए गए हैं उनका भौतिक सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा किया गया? उसका नाम, पद एवं भौतिक सत्‍यापन करने का दिनाँक व कार्य कराने वाले कर्मचारी का नाम सहित विवरण दें? कार्य किस-किस खसरे पर हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के कार्यों को कराए जाने हेतु क्‍या निविदा जारी की गई या विभागीय स्‍तर से कार्य कराए गए विवरण दें तथा उक्‍त कार्यों को कराए जाने हेतु कोई प्राक्‍कलन तैयार कराए गए? (ग) प्रश्‍नांश (क) की अवधि में हुए कार्यों की अनियमि‍तता को लेकर शासन/प्रशासन एवं विभाग को कोई शिकातयें प्राप्‍त हो तो शिकायतवार कार्यवाहीवार विवरण दें? (घ) प्रश्‍नांश (क) की अवधि में वनमंडल कटनी के अंतर्गत अवैध रूप से पत्‍थर, खनिज व लकड़ी, वालू व वन सम्‍पत्ति के अवैध उत्‍खनन या चोरी करते पकड़े गए व्‍यक्ति/वाहन के नाम पते वाहन क्रमांक सहित उन पर की गई कार्यवाही संबंधित विवरण सहित बताएं?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। अनुसंधान एवं विस्‍तार के कार्यों के भौतिक सत्‍यापन में सत्‍यापन अधिकारी द्वारा प्रमाणकों पर सत्‍यापन की तिथि अंकित की गई। शेष कार्यों में सत्‍यापन की तिथि की जानकारी एकत्र की जा रही है। प्रश्‍नांकित कार्य विभागीय स्‍तर पर कराये गए। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है।

जावरा नयागांव फोरलेन रोड पर दुर्घटनाओं में वृद्धि

48. ( क्र. 1600 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जावरा नयागांव फोरलेन रोड पर जावरा जिला रतलाम में होने वाली दुर्घटनाओं एवं कृषि उपज मण्‍डी को देखते हुए बायपास बनाने की कोई योजना है यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍या उक्‍त दुर्घटनाओं को रोकने हेतु शासन ने कोई प्रयास किये? यदि हाँ, तो क्‍या विवरण दें? (ख) उक्‍त फोरलेन पर विगत वर्षों में कुल कितनी दुर्घटना हुई व उसमें कितने लोगों की मृत्‍यु हुई हसनपालिया से अरमियापीथा के बीच हुई दुर्घटनाओं की अलग से विस्‍तृत विवरण दें? (ग) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 123 (क्र. 2768) दिनाँक 30.07.15 के प्रपत्र स व परिशिष्ट अनुसार लेबड जावरा फोरलेन का माननीय मंत्री जी एवं विधायकों के निरीक्षण में पाई गई कमियों के संबंध में माननीय मंत्री जी के पत्र दिनाँक 22.07.15 में दिये गये कई बिन्‍दुओं पर कार्यवाही हेतु कुछ हफ्ते या माह का समय मांगा था किन्‍तु उक्‍त बिन्‍दुओं पर कोई कार्यवाही नहीं होने के क्‍या कारण है? स्‍पष्‍ट करें व उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। सुरक्षात्‍मक उपाय के तहत जावरा नगर चौपाटी स्थित पिपलौदा सर्कल पर गति नियंत्रण हेतु रम्‍बल स्‍ट्रीप का निर्माण किया गया है एवं सिग्‍नल स्‍थापित किये गये। निगम द्वारा लगाये गये सिग्‍नल संचालन हेतु नगर पालिका परिषद् जावरा में उपस्थित होकर दिनाँक 19.07.2012 को अनुबंध संपादित किया जाकर ट्रेफिक सिग्‍नल नगर पालिका के आधिपत्‍य में सौंप दिया गया है तथा भीमाखेड़ी फाटक स्थित क्रासिंग क्षेत्र पर रम्‍बल स्‍ट्रीप का निर्माण किया गया है। (ख) पुलिस विभाग से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 123 (2768) दिनाँक 30.07.2015 पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार लेबड जावरा फोरलेन का माननीय मंत्री जी एवं विधायकों के निरीक्षण में पाई गई कमियों के संबंध में माननीय मंत्रीजी द्वारा दिनाँक 22.07.2015 को कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। वरन् दिनाँक 22.07.2012 को पत्र जारी किया गया है। उक्‍त पत्र दिनाँक 22.07.2012 में उल्‍लेखित 20 बिन्‍दुओं में से 19 बिन्‍दुओं का पालन निवेशकर्ता द्वारा करा दिया गया है शेष एक बिन्‍दु पर कार्यवाही प्रगति पर है। विद्युत संयोजन की समय-सीमा निवेशकर्ता द्वारा वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं। पुस्‍तकालय में रखे पालन प्रतिवेदन परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है।

वन अपराध के पी.ओ.आर. की जानकारी

49. ( क्र. 1614 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभिन्‍न वन अपराधों के पी.ओ.आर. प्रकरण वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में दर्ज किए गये है? (ख) प्रदेश में वर्ष 2015-16 में पी.ओ.आर. संख्‍या अपराधियों की संख्‍या जप्‍त वनोपज की मात्रा/नग, प्रतिकार की राशि न्‍यायालय में प्रस्‍तुत प्रकरणों की संख्‍या उपलब्‍ध करावें? (ग) वन अपराधों के प्रतिकर, जुर्माना की राशि हेतु विभाग द्वारा जारी किए आदेश/निर्देश की प्रति देवें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है।

विभाग को प्राप्‍त राशि

50. ( क्र. 1698 ) श्री संजय शर्मा : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राज्‍य योजना आयोग तथा भारत सरकार से विभाग को वर्ष 2013-14 से नवम्‍बर 15 तक कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ख) उक्‍त राशि किस आधार पर जिलों को आवंटित की गई? (ग) रायसेन जिले में उक्‍त राशि से उक्‍त अवधि में क्‍या-क्‍या कार्य करवाये? सामग्री का क्‍या उपयोग किया गया?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) राज्य योजना आयोग से कोई राशि प्राप्त नहीं होती है। भारत सरकार से प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) भारत सरकार के निर्धारित मापदण्ड अनुसार खेल प्रतियोगिताओं एवं अन्य कार्यों हेतु जिलों को आवंटित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। 

शासकीय महाविद्यालय तेंदूखेड़ा के भवन की जानकारी

51. ( क्र. 1706 ) श्री संजय शर्मा : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा में शासकीय महाविद्यालय का भवन स्‍वीकृत है? स्‍वीकृत राशि बतावें? (ख) भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ क्‍यों नहीं कराया जा रहा? (ग) क्‍या महाविद्यालय हेतु फर्नीचर क्रय हेतु राशि अलग से स्‍वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो कितनी-कितनी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। फर्नीचर के लिये वित्तीय वर्ष 2013-14 में राशि रूपये 1.00 लाख (राशि रूपये एक लाख मात्र) आवंटित किया गया है।

उद्योगों की स्‍थापना

52. ( क्र. 1717 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रायसेन जिले के किन-किन विकासखण्‍डों में उद्योग स्‍थापना की क्‍या-क्‍या संभावना है? कौन-कौन से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जा रहे हैं? (ख) महाप्रबंधक उद्योग केन्‍द्र रायसेन एवं मंडीदीप द्वारा जिले में उद्योग स्‍थापित हो इस हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही प्रयास किये गये? (ग) शिक्षित बेरोजगारों को व्‍यवसाय हेतु कौन-कौन सी योजनाओं में ऋण किन-किन शर्तों पर देने का प्रावधान है? (घ) वर्ष 2013-14 से नवम्‍बर 15 तक किस-किस योजना में किन-किन को किस व्‍यवसाय हेतु ऋण दिया गया?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) उद्योग स्‍थापना की संभावनाओं को ध्‍यान में रखते हुए रायसेन जिले में पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार औद्योगिक क्षेत्र/विकास केन्‍द्र स्‍थापित किए गए है, साथ ही जिले में औद्योगिक प्रयोजन हेतु शासकीय भूमि चिन्हित कर लैंड बैंक बनाया गया है। औबेदुल्‍लागंज विकास खण्‍ड के ग्राम तामोट में भारत सरकार के सहयोग से प्‍लास्टिक पार्क हेतु अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है, इसके अलावा पूर्व में स्‍थापित औद्योगिक क्षेत्र मण्‍डीदीप में अधोसंरचना उन्‍नयन संबंधी कार्य कराये जा रहे है। (ख) शासन द्वारा उद्यमियों को दी जाने वाली सुविधाओं एवं स्‍वरोजगार योजनाओं की जानकारी दी जाती है। (ग) शिक्षित बेरोजगारों को व्‍यवसाय हेतु मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना संचालित की जा रही है। योजनांर्गत आवेदक म.प्र. का निवासी हो, कम से कम पांचवी उर्त्‍तीण हो, 18 से 45 वर्ष की आयु हो। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

सड़कों का निर्माण/मरम्‍मत के कार्य

53. ( क्र. 1787 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिला अंतर्गत गुढ विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की सड़कें/रोडें हैं? अगर है तो कितनी स्‍वीकृत हैं? उनकी संख्‍या एवं उनकी लंबाई सहित बतावें कि कहाँ से कहाँ तक है? (ख) प्रश्‍नांश (क) की सड़कों/रोडों के निर्माण कार्य एवं सुधार हेतु विभाग द्वारा कब-कब निविदाएं बुलाई गई तथा निविदाएं कितनी-कितनी लागत एवं कितने निर्माण कार्यों की थी? उनमें से कौन-कौन सी निविदा स्‍वीकार कर किस-किस को कार्य करने का कार्यादेश विगत 03 वर्षों में प्रश्‍नांश दिनाँक तक दिया गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में सड़क/रोडों के कार्य किस-किस निर्माण ऐजेंसी द्वारा कब-कब कितनी-कितनी लागत के कराए गए तथा कब से कार्य नहीं कराए गए? अगर वर्तमान में कार्य कराए जा रहे हों तो विवरण देवें तथा मौके पर सड़क/रोडों की स्थिति क्‍या है? अगर सड़कें/रोडें गुणवत्‍ताविहीन हैं तो इसके लिये कौन-कौन जवाबदार है? अगर निर्माण ऐजेंसी को दी गई राशि की कटौती की गई तो कब-कब किन-किन ऐजेंसियों से चलित देयकों अथवा अन्‍य माध्‍यमों से बतावें? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क) की सड़कों/रोडों की मरम्‍मत/निर्माण कार्य मौके पर नहीं किया गया, बल्कि फर्जी बिल-वाउचर के आधार पर राशि का गबन किया गया है, तो इसके लिये दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ निर्माणकर्ता ऐजेंसियों के विरूद्ध वसूली की कार्यवाही करते हुए आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करायेंगे? अगर करायेंगे तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। रख रखाव के मार्गों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार एवं निर्माण/नवीनीकरण की सड़कों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं ब-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है, तथा रीवा-हनुमना (म.प्र./.प्र. सीमा) रा.रा. क्रमांक-7 का कार्य दिनाँक 25.01.2012 को डी.बी.एफ..टी. पद्धति से अनुबंधित किया जाकर नियुक्‍त दिनाँक 20.02.2013 से प्रारंभ किया गया। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं ब-1 अनुसार है। निर्माणाधीन डिहिया टीकरी शिवपुर्वा मार्ग एवं परफारमेंस गारंटी के अंतर्गत डिहिया शुकुलगवां मार्ग में हुये गुणवत्‍ताहीन कार्य के लिये संबंधित जिम्‍मेदार के विरूद्ध कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष मार्गों में सम्‍पादित कार्य गुणवत्‍ता अनुसार है। (घ) जी नहीं मौके पर कार्य किया गया है। उत्‍तरांश में वर्णित मार्ग में संपादित कराये गये गुणवत्‍ताहीन कार्य के लिये संबंधित जिम्‍मेदार के विरूद्ध कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्र.-7 के निर्माण कार्य में अनियमितता

54. ( क्र. 1794 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के रीवा नगर निगम अंतर्गत राष्‍ट्रीय राजमार्ग-07 चोरहटा से लेकर ढेकहा, जयस्‍तभ, कॉलेज चौराहा, सिरमौर, समान चौराहा सहित आर.टी.ओ. ऑफिस कार्यालय तक की कुल लंबाई कितने कि.मी. है तथा इसके निर्माण हेतु कब-कब, किस-किस कि.मी. की निविदा बुलाई गई एवं निविदा स्‍वीकार कर कब-कब, किस-किस को कार्य करने का कार्यादेश विगत वर्ष 2010 से प्रश्‍नांश दिनाँक तक दिया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ के सड़क के कार्य किस-किस ऐजेंसी से किस-किस कि.मी. के कार्य कितनी-कितनी लागत के कराए गए तथा कब से कार्य नहीं कराए गए, अगर वर्तमान में भी कार्य कराए जा रहे हैं तो विवरण देवें, मौके पर सड़क की स्थिति क्‍या है? अगर सड़क गुणवत्‍ताविहीन है तो इसके लिये कौन-कौन जवाबदार है? क्‍या निर्माण एजेंसियों के द्वारा दी गई राशि की कटौती की गई हो तो कब-कब किन-किन एजेंसियों से चलित देयकों अथवा अन्‍य माध्‍यम से यह भी बतावें? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) की सड़क/मार्ग का कार्य मौके पर नहीं हुआ है, फर्जी बिल-वाउचर एवं मरम्‍मत के नाम पर राशि का गबन किया गया है तो इसके लिये दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों एवं निर्माण एजेंसियों के विरूद्ध वसूली की कार्यवाही करते हुए आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करेंगे? करेंगे तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) कुल लंबाई 14.40 कि.मी., शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) मौके पर कार्य हुआ है, जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

खेल प्रशिक्षकों के रिक्‍त पद

55. ( क्र. 1834 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में खेल प्रशिक्षण हेतु जिलेवार खेल प्रशिक्षकों के कितने-कितने पद स्‍थापित किये गए? जिलेवार ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) जिलों में खेल प्रशिक्षकों के कितने पद कहाँ-कहाँ कितने समय से रिक्‍त हैं? (ग) स्‍थायी व संविदा प्रशिक्षकों की नियुक्ति के प्रावधान क्‍या हैं तथा महिला जूडो-कराते प्रशिक्षकों के कहाँ-कहाँ स्‍थान रिक्‍त है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रदेश में खेल प्रशिक्षण हेतु जिलेवार संविदा खेल प्रशिक्षकों के स्वीकृत पद की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार है। (ग) स्थायी प्रशिक्षकों की नियुक्ति के भर्ती नियम/प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ग अनुसार है एवं संविदा खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति के भर्ती नियम/प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-घ अनुसार है। जिलों में खेलवार प्रशिक्षकों के पद स्वीकृत नहीं है अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शास. स्‍थान तक महाविद्यालय करैरा जिला शिवपुरी में रिक्‍त पदों की पूर्ति

56. ( क्र. 1888 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 156 (क्र. 2897) दिनाँक 28 जुलाई 2015 के उत्‍तर (ख) में जी हाँ, संविदा/ऑउटसोर्स के पदों की पूर्ति हेतु समुचित निर्देश जारी किये जा रहे हैं एवं उत्‍तर (ग) में संविदा/ऑउटसोर्स के पदों की पूर्ति हेतु निति निर्धारण हो चुका है, शीघ्र ही पद पूर्ति की जाएगी? उत्‍तर दिया है? तो संदर्भित प्रश्‍न के प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार पदों की पूर्ति हेतु जारी निर्देश कब दिये गये की प्रति उपलब्‍ध करावें? व संदर्भित प्रश्‍न के उत्‍तर (ग) में पदों की पूर्ति हेतु नीति निर्धारित की प्रति भी उपलब्‍ध करावें? (ख) शासकीय स्‍नातक महाविद्यालय करैरा में उपरोक्‍त निर्देश व नीति निर्धारण के उपरांत कब तक रिक्‍त पदों की पूर्ति कर दी जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। दिनाँक14/08/2015 को तथा पुनरीक्षित नीति निर्देश दिनाँक 04/12/2015 को। निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर है। 
(
ख) निविदा जारी करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

करैरा भितरवार मार्ग बैरियर पर कर वसूली की जानकारी

57. ( क्र. 1889 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि प्रश्‍नकर्ता के अता. प्रश्‍न संख्‍या 27 (क्र. 552) दिनाँक 23 जुलाई 2015) के उत्‍तर (क) में निविदा विज्ञप्ति की प्रति संलग्न परिशिष्ट-अ 1, 2 एवं 3 अनुसार व (ख) के अनुसार प्रस्‍तुत निविदाओं में से उच्‍च दर श्री राजेन्‍द्र सिंह की दी जा कर उन्‍हें टेण्‍डर स्‍वीकृत हुये उत्‍तर दिया है, तो करैरा-भितरवार मार्ग के ग्राम सीहोर के पास स्थित बैरियर द्वारा वसूली हेतु किन-किन वाहनों से क्‍या-क्या रेट निर्धारित किया है? व क्‍या इस हेतु मौके पर रेट लिस्‍ट का बोर्ड/सूची उपलब्‍ध है? (ख) यदि हाँ, तो इस लिस्ट की सूची उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो रेट्स का बोर्ड क्‍यों नहीं लगाया गया व कब लगाया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। वाहनों पर वसूली हेतु दर संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। जी हाँ, बैरियर पर दर सूची का बोर्ड उपलब्ध है। (ख) वाहनों से वसूली की जाने वाली दर सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट ''अठारह''

लंबे समय से अपूर्ण रोड निर्माण कार्य

58. ( क्र. 1904 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग खण्‍ड मुरैना में कितने मार्ग हैं जिनका निर्माण कार्य, कार्य पूर्ण अवधि समाप्‍त के उपरांत भी अपूर्ण हैं? मार्ग का नाम, ठेकेदार का नाम, कार्य आदेश दिनाँक, प्राक्‍कलन राशि का कार्य समाप्ति दिनाँक आदि सहित जानकारी दी जावे? (ख) क्‍या मार्ग नावली से लालजीत का पुरा, किशनपुर से भौनपुरा दतहरा से दंपत का पुरा, विचौली से काजी बसई व बरेह से सिरमौर का पुरा के कार्य निर्माण कार्य पूर्ण अवधि के समाप्ति के बाद भी अपूर्ण है? (ग) यदि हाँ, तो उपरोक्‍त मार्ग अपूर्ण होने के क्‍या कारण हैं? व कार्य कब तक पूर्ण करा दिये जावेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) विस्‍तृत विवरण संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांकित मार्गों का कार्य लो.नि.वि. के द्वारा नहीं किया जा रहा है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश के उत्‍तर अनुसार।

परिशिष्ट - ''उन्नीस''

07 दिमनी क्षेत्र में आई.टी.आई प्रारंभ

59. ( क्र. 1905 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन की नीति अंतर्गत प्रत्‍येक विकासखण्‍ड स्‍तर पर एक आई.टी.आई संस्‍था प्रारंभ करने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या विधान सभा क्षेत्र 07 दिमनी जिला मुरैना में कोई विकासखण्‍ड न होने से कौशल विकास अवरूद्ध है व दिमनी क्षेत्र राजस्‍थान की सीमा से लगा होकर चंबल व क्‍वारी नदी के बिहड़ों व जंगल व पहाड़ी क्षेत्र से घिरा हुआ है, जनसंख्‍या अधिकांश अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग बाहुल्‍य है एवं यहां के लोग अन्‍यत्र जगह तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने हेतु नहीं जा सकते है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन दिमनी क्षेत्र में आई.टी.आई की स्‍वीकृति प्रदान करेगा यदि हाँ, तो कब तक?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में शासन द्वारा ऐसे विकास खण्‍ड जिनमें कोई शासकीय/प्राईवेट आर्इ.टी.आई. संचालित नहीं हैं में शासकीय संसाधनों से या पीपीपी मोड में आर्इ.टी.आई. स्‍थापित करने की कार्यवाही की जा रही हैं। (ख) जिला मुरैना के अंतर्गत सात विकासखण्‍ड क्रमश: मुरैना, अम्‍बाह, पोरसा, जौरा, पहाड़गंज, सबलगढ़ एवं कैलारस हैं। इन सभी विकासखण्‍डों में शासकीय अथवा प्रायवेट आर्इ.टी.आई. संचालित हैं। विवरण संलग्‍न परिशिष्ट पर है। इसके अतिरिक्‍त मुरैना जिले में पहाड़गंज, अम्‍बाह, पोरसा एवं जौरा में कौशल विकास केन्‍द्र भी संचालित हैं। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बीस''

खेल स्‍टेडियम का निर्माण

60. ( क्र. 1919 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सिंगरौली के विधानसभा क्षेत्र सिंगरौली अंतर्गत म.प्र.शासन द्वारा क्‍या इनडोर और ऑउटडोर स्‍टेडियम निर्माण हेतु कोई योजना है? (ख) यदि हाँ, तो इसका निर्माण कब तक कराया जायेगा? शासन द्वारा अभी तक इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) पंचायत राज विभाग, म.प्र. द्वारा प्रत्येक विकास खण्ड में 5-8 एकड़ भूमि पर आउटडोर एवं भारत सरकार की राजीव गांधी खेल अभियान योजनान्तर्गत 50 प्रतिशत केन्द्रांश एवं 50 प्रतिशत राज्यांश से 05 वर्षों में चरणबद्ध रूप से इन्डोर स्टेडियम निर्माण की योजना हैं। इन्डोर स्टेडियम योजना की समीक्षा भ