मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2017 सत्र


सोमवार, दिनांक 17 जुलाई 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

अमानक बीज का विक्रय 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

1. ( *क्र. 132 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में किसानों को निजी पंजीकृत व्‍यापारियों द्वारा विगत 2 वर्षों से अमानक बीज बेचा जा रहा है? इसे रोकने के लिये जिला कृषि अधिकारियों द्वारा क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में विगत 2 वर्षों में कितने-कितने बीज नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में परीक्षण हेतु भेजे गये? इनमें से कितने नमूने मानक व कितने अमानक पाये गये? अमानक पाये गये फर्मों के नाम, पता सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में अमानक बीज विक्रेता फर्मों के खिलाफ कोई कार्यवाही की गई अथवा नहीं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में यदि हाँ, तो कार्यवाही की जानकारी फर्मवार, दिनांकवार उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? इसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? क्‍या उनके खिलाफ कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो बतावें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें, की जावेगी तो कब्‍ा तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। जिला सिवनी में बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का उपयोग करते हुये निहित प्रावधानों के तहत् बीज गुण नियंत्रण के लिये कृषि अधिकारियों द्वारा किये गये प्रयासों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। (ग) जी हाँ, प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में अमानक बीज विक्रेता फर्मों के खिलाफ कार्यवाही की गई। (घ) अमानक बीज विक्रेता फर्मों के खिलाफ की गई कार्यवाही की जानकारी फर्मवार एवं दिनांकवार संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''एक''

कृषि महोत्‍सव में व्‍यय राशि

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

2. ( *क्र. 248 ) श्री संजय उइके : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले में विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनाँक तक कृषि महोत्‍सव, कृषक मेला, कृषक संगोष्‍ठी, कृषि विज्ञान मेला सहप्रदर्शनी एवं माननीय मुख्‍यमंत्री जी के किन-किन कार्यक्रमों में किस-किस योजना एवं मद की कितनी-कितनी राशि, किन-किन कार्यों में व्‍यय की गयी? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित कार्यक्रमों में जनता एवं किसानों को लाने एवं वापस पहुंचाने हेतु बसों की भी व्‍यवस्‍था की गई थी? (ग) यदि हाँ, तो कितनी बसों/गाड़ी की व्‍यवस्‍था किस दर से की गई थी एवं बसों/गाड़ी मालिकों को कब-कब कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परासिया विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत जलाशयों की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

3. ( *क्र. 713 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कौन-कौन सी सिंचाई योजनाओं में जलाशयों के निर्माण के प्रस्‍ताव विभाग द्वारा शासन को स्‍वीकृति हेतु भेजे गये हैं? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा परासिया विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गाजनडोह (झूलनदेव) जलाशय, बारंगाखुर्द जलाशय एवं बुदलापठार जलाशयों के निर्माण किये जाने हेतु विभागीय प्रमुख सचिव महोदय को पत्र क्र. वि.स./परासिया/127/2016/684, दिनांक 14.10.2016 के माध्‍यम से निवेदन किया गया था, जिस पर उपरोक्‍त जलाशयों के निर्माण हेतु विभाग द्वारा अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) गाजनडोह (झूलनदेव) जलाशय, बारंगाखुर्द जलाशय एवं बुदलापठार जलाशय इन तीनों जलाशयों के निर्माण की स्‍वीकृति शासन द्वारा कब तक प्रदान कर दी जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जलाशयों के निर्माण हेतु कोई प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु लंबित नहीं है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। गाजनडोह (झूलनदेव) जलाशय, बारंगाखुर्द जलाशय की साध्‍यता स्‍वीकृति क्रमश: दिनांक 31.05.2017 एवं दिनांक 18.10.2016 को प्रदान की गई है। बुदलापठार जलाशय परियोजना वित्‍तीय मापदण्‍ड पर साध्‍य नहीं पाई गई है। साध्‍यता स्‍वीकृति प्राप्‍त गाजनडोह (झूलनदेव) जलाशय, बारंगाखुर्द जलाशय के विस्‍तृत सर्वेक्षण उपरांत तकनीकी रूप से उपयुक्‍त पाए जाने पर ही निर्णय लिया जाना संभव होगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

स्‍वीकृत सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

4. ( *क्र. 524 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा स्‍वीकृत ऐसे कितने रोड हैं, जिनका प्रश्‍न दिनांक तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है एवं कार्य अपूर्ण हैं? उसका क्‍या कारण है? (ख) विभाग द्वारा हरदा जिले में गांगला से हण्डिया एवं हण्डिया से गुल्‍लास सड़क कब स्‍वीकृत की गई? उक्‍त सड़क निर्माण पर कितनी राशि व्‍यय की गई एवं सड़क की वर्तमान स्थिति क्‍या है? (ग) उक्‍त सड़कों का कितने प्रतिशत कार्य हो गया है एवं ठेकेदार को कुल राशि का कितना प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है? (घ) कार्य कब तक पूर्ण हो जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' के कालम 9 एवं 8 अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' के कालम 10 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

किसान मित्र योजना का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

5. ( *क्र. 202 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसान मित्र योजना जबलपुर जिले में सफल है? क्या इस योजना से जिले के कृषि विकास में लाभ हुआ है? (ख) यदि हाँ, तो क्या प्रत्येक ग्राम स्तर पर किसान मित्र बनाये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) किसान मित्र के चयन का क्या आधार है एवं कितनी अवधि के लिये चयनित किये जाते हैं? (घ) क्या जबलपुर जिले में पूर्व वर्षों में किसान मित्र बदले गये हैं या यथावत हैं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। योजना से जबलपुर जिले में कृषि विकास में लाभ हुआ है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) जी नहीं। भारत सरकार एवं म.प्र. शासन के मार्गदर्शी निर्देशों के अनुरूप जिले के दो आबाद ग्राम के बीच 1 किसान मित्र का चयन किया जाना है। शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) म.प्र. शासन के पत्र क्र. बी-6-10/2012/14-2, भोपाल दिनांक 15.12.2015 के निर्देशों के आधार पर किसान मित्र का चयन किया जाना है। अवधि निर्धारित नहीं है। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

नवीन सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति

[जल संसाधन]

6. ( *क्र. 368 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले की कौन-कौन सी योजनाएं वित्त वर्ष 2017-18 हेतु प्रस्तावित हैं? (ख) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल की कितनी योजनाओं की D.P.R. तैयार कर स्वीकृति की कार्यवाही की जा रही है? (ग) क्या उक्त सिंचाई योजनाओं को इस वित्तीय वर्ष में स्वीकृति प्रदान की जावेगी? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी योजना को स्वीकृति प्रदान की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) बड़वानी जिले की 15 परियोजनाएं वर्ष 2017-18 हेतु प्रस्‍तावित हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''क" अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल अंतर्गत 7 परियोजनाओं की साध्‍यता स्‍वीकृति जारी की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''ख" अनुसार है। (ग) परियोजना की डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''चार''

श्रमिकों को निर्धारित दर से कम मजदूरी का भुगतान

[लोक निर्माण]

7. ( *क्र. 166 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नागदा से गुजरी तक 250 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे सी.सी. रोड निर्माण का कार्य, निर्माता कम्पनी द्वारा विगत एक वर्ष से अधिक समय से दिन-रात चल रहा है? यदि हाँ, तो क्या रोड निर्माण में कार्यरत सभी मजदूरों द्वारा प्रतिदिन 12 से 14 घन्टे तक कार्य किया जा रहा हैक्‍या निर्माण एजेंसी द्वारा उन्हें न्यूनतम दर से दैनिक मजदूरी का भुगतान न कर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है? क्या विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा निरीक्षण कर कार्यरत मजदूरों के हो रहे आर्थिक शोषण को रोकने के कोई प्रयास किये गये हैं? यदि नहीं, तो कब तक विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों से निरीक्षण करवाकर तत्संबंधी कार्यवाही की जावेगी? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के मजदूरों को शासन नियमानुसार प्रत्येक मजदूरों की भविष्य निधि भी नियोक्ता द्वारा कटोत्रा कर व अंशदान मिलाकर प्रतिमाह पृथक पी.एफ. खाते में जमा करने की कार्यवाही नियमित रूप से की जा रही है? यदि नहीं, तो कब तक जमा करवाई जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। कभी-कभी विशेष परिस्थितियों में दो से तीन पालियों में कार्य किया जाता है। जी नहीं। जी नहीं। ठेकेदार द्वारा मजदूरों को न्‍यूनतम दर से दैनिक मजदूरी का भुगतान किया जाता है। आर्थिक शोषण संबंधी विभाग को कोई मौखिक/लिखित शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई। लेबर इंसपेक्‍टर धार द्वारा भी दैनिक मजदूरी भुगतान शोषण संबंधित शिकायत विभाग को प्राप्‍त नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। ठेकेदार से प्राप्‍त कर्मचारी भविष्‍य निधि की सूची की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

मूंडला बांध परियोजना की स्थिति

[जल संसाधन]

8. ( *क्र. 731 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में जल संसाधन विभाग द्वारा मूंडला बांध परियोजना कब स्‍वीकृत की गई? उसकी लागत कितनी थी? एजेंसी का नाम, लागत तथा कार्य कब पूर्ण किया गया, बतावें? (ख) उक्‍त बांध के निर्माण हेतु कितने ग्रामों की भूमि अधिग्रहित की गई है, डूब में आने वाले ग्रामों के नाम तथा उनको कितना-कितना मुआवज़ा किस मान से दिया गया है, बतावें? (ग) क्‍या उक्‍त बांध से नहरों का भी निर्माण करवाया गया है? (घ) यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों में कच्‍ची और पक्‍की नहरों का निर्माण किया गया है? यदि पूर्ण नहीं किया गया है तो कारण बतावें तथा कब तक पूर्ण कर दी जावेंगीं?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मूंडला परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 31.03.2012 को रू. 5750.00 लाख एवं पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 18.08.2015 को रू. 9759.97 लाख की प्रदान की गई। बाँध कार्य मेसर्स फेरो कांक्रीट कंस्‍ट्रक्‍शन इंडिया प्रा. लिमि. इंदौर। बाँध कार्य की लागत रू. 3459.95 लाख। कार्य पूर्ण मार्च 2016. (ख) बाँध के निर्माण हेतु 11 ग्रामों की भूमि अधिग्रहित की जाना प्रतिवेदित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। नहर कार्य दिसंबर-2017 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है।

परिशिष्ट - ''छ:''

खरीफ एवं रबी फसल की सरकारी स्तर पर खरीदी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

9. ( *क्र. 330 ) श्री रामनिवास रावत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2016-17 की खरीफ एवं रबी की किन किन फसलों का समर्थन मूल्य कितना घोषित किया गया है? क्या सरकार द्वारा सरकारी संस्थाओं के माध्यम से समर्थन मूल्य पर खरीफ एवं रबी फसलों की खरीद की गयी व की जा रही है? यदि हाँ, तो अभी तक किस-किस फसल की कितनी-कितनी मात्रा एवं राशि की खरीद की गयी है? खरीदी के विरुद्ध कुल कितना भुगतान किया जाना शेष है? क्या किसानों द्वारा बेची गयी उपज की भुगतान की गयी राशि में से ऋण राशि काटी जा रही है? यदि हाँ, तो कितने प्रतिशत ऋण राशि काटी जा रही है? () क्या प्रदेश में सरकारी स्तर पर प्याज की खरीदी की जा रही है? यदि हाँ, तो कब से एवं कहाँ-कहाँ? प्रदेश में अभी तक कुल कितनी प्याज कितनी राशि‍ की सरकारी स्तर पर क्रय की जा चुकी है? कितना भुगतान किया जाना शेष है? खरीदी गयी प्याज के विक्रय की शासन की क्या योजना है? () क्या किसानों की रबी एवं खरीफ की फसलों को बाज़ार में समर्थन मूल्य से कम कीमत पर खरीदा जा रहा है? यदि हाँ, तो किसानों की फसल समर्थन मूल्य पर बाज़ार में खरीदी की जावे इसके लिए सरकार द्वारा कौन-कौन से कदम उठाये गए हैं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2016-17 की खरीफ एवं रबी की मुख्‍य फसलों का समर्थन मूल्‍य कृषि लागत एवं मूल्‍य आयोग भारत सरकार द्वारा घोषित किया गया है। फसलवार घोषित समर्थन मूल्‍य की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष जानकारी एकत्र की जा रही है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्र की जा रही है।

परिशिष्ट - ''सात''

किसानों को उन्‍नत कृषि हेतु प्रशिक्षण/भ्रमण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

10. ( *क्र. 193 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2012-13 से आज दिनांक तक किस-किस ग्राम पंचायत के किन-किन किसानों को उन्‍नत कृषि हेतु प्रशिक्षण दिया गया व विधान सभा क्षेत्र से बाहर भ्रमण पर ले जाया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में किसानों के भ्रमण एवं प्रशिक्षण में कितनी राशि का व्‍यय हुआ, इसका भुगतान किसे व किस नियम व आदेश के तहत किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

खरीफ व रबी फसल के बीमा क्‍लेम का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

11. ( *क्र. 578 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की खरीफ 2016 एवं रबी 2016-17 की राज्‍यांश व केन्‍द्रांश की कितनी प्रीमियम राशि दिनांक 15.06.2017 तक बीमा कंपनियों को भुगतान की गई कितनी राशि लंबित है? पृथक-पृथक बतावें। (ख) खरीफ 2016 व रबी 2016-17 के लिए कितने किसानों को बीमा क्‍लेम मिला है, कितने शेष हैं, की जिलावार जानकारी किसान संख्‍या, राशि भुगतान/लंबित आधार पर बतावें। साथ ही कितने दावा आंकलन प्रक्रियाधीन हैं? (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान होने पर 25 प्रतिशत तुरंत भुगतान की व्‍यवस्‍था से प्रदेश में कितने किसानों को बीमा क्‍लेम मिला? जिलेवार, कृषक संख्‍या, राशि सहित देवें। (घ) निर्धारित समय पर बीमा क्‍लेम ना देने वाली बीमा कंपनियाँ एवं इस पर निगरानी रखने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा। समय-सीमा देवें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2016 मौसम के लिये दिनांक 15.6.2017 के पूर्व राज्‍यांश प्रीमियम अनुदान राशि का 50 प्रतिशत भुगतान किया गया। शेष राशि का भुगतान दिनांक 15.6.2017 के पश्‍चात् किया गया। रबी वर्ष 2016-17 के लिये राज्‍यांश प्रीमियम अनुदान राशि का 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान दिनांक 15.6.2017 के पश्‍चात् किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ वर्ष 2016 हेतु ग्‍वालियर संभाग के दतिया जिले के 23102 कृषकों को रू. 51.52 करोड़ का बीमा दावा भुगतान किया गया है। शेष जिलों में दावा भुगतान प्रक्रियाधीन है। रबी वर्ष 2016-17 हेतु फसल कटाई प्रयोगों के अंतिम आंकड़े 30 जून, 2017 को प्राप्‍त होने के पश्‍चात् बीमा दावों की गणना का कार्य प्रक्रियाधीन है। (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ वर्ष 2016 अंतर्गत मध्‍यावधि मौसम प्रतिकूलता के कारण होने वाली हानि में दतिया जिले के 16293 कृषकों को राशि रू. 9.41 करोड़ का बीमा दावा भुगतान किया गया। शेष भुगतान फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्‍त आंकड़ों के आधार पर किया जायेगा, जो प्रक्रियाधीन है। रबी वर्ष 2016-17 की दावा राशि का भुगतान प्रक्रियाधीन है। (घ) प्रश्‍नांकित अवधि में दावा भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''आठ''

शक्ति सागर जलाशय का कार्य प्रारंभ किया जाना

[जल संसाधन]

12. ( *क्र. 418 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह की हटा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत विगत वर्ष 2007 में 7.12 करोड़ रूपये की लागत से शक्ति सागर जलाशय स्‍वीकृत हुआ था, लेकिन 10 वर्ष बीत जाने के उपरांत, विगत विधानसभा सत्र में आपके द्वारा प्रदत्‍त आश्‍वासन अनुसार कार्य प्रारंभ क्‍यों नहीं कराया गया? (ख) क्‍या उक्‍त स्‍वीकृत कार्य का निर्माण कराया जावेगा या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों? साथ ही क्‍या खोवा जलाशय, गुडरी जलाशय एवं प्रश्‍नकर्ता के क्षेत्र के अन्‍य जलाशयों की क्षतिग्रस्‍त नहरों का सुधार कार्य कराया जावेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) शक्ति सागर जलाशय परियोजना का डूब क्षेत्र, सैच्य क्षेत्र का लगभग 38 प्रतिशत है, जो निर्धारित मापदण्ड 20 प्रतिशत की तुलना में अत्यधिक है। वर्तमान में परियोजना की प्रति हेक्टर लागत लगभग रू. 8.00 लाख है जो निर्धारित मापदण्ड रू. 3.50 लाख प्रति हेक्टर की लगभग ढाई गुना है। अतः यह परियोजना तकनीकी व वित्तीय दृष्टि से असाध्य है। मान. प्रश्नकर्ता के क्षेत्र के अन्य जलाशयों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के अनुसार है। प्रस्ताव परीक्षणाधीन होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

सेवा सहकारी समिति गंजाश में अवैध नियुक्ति पर कार्यवाही

[सहकारिता]

13. ( *क्र. 758 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले के अंतर्गत सेवा सहकारी समिति गंजाश में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के पंजीयक द्वारा कर्मचारी सेवा नियम फरवरी 2010 के लागू नियम के विपरीत जाकर प्रभारी अध्यक्ष/शाखा प्रबंधक अशोक पयासी द्वारा समिति प्रबंधक के पद पर नियमों का उल्लंघन कर वर्ष 2015 (जुलाई माह) में दीपक चतुर्वेदी की पुरानी भर्ती दिखाकर भर्ती की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या उक्त अवैध भर्ती करने वाले प्रभारी अध्यक्ष/शाखा प्रबंधक के विरुद्ध घोर अपराध करने के आरोप में कड़ी कार्यवाही की गई या नहीं? (ग) क्या उक्त भर्ती के अलावा सेल्समेन के पद पर अनीता द्विवेदी तथा भृत्य के पद पर अवनीश द्विवेदी की भी नियम विरुद्ध भर्ती की गई है? यदि की गई तो कब? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें (घ) क्या उपरोक्त प्रकरण के संबंध में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1379 के माध्यम से सदन में मामला उठाया गया था, जिस पर उपायुक्त सहकारिता जिला सतना द्वारा अपने पत्र क्रमांक/साख/2016/1059 आदेश दिनांक 26.07.2016 द्वारा अध्यक्ष एवं सदस्य संचालक मंडल गंजाश को अवैध भर्ती निरस्त करने हेतु निर्देश दिए गए थे? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही की संपूर्ण विवरण सहित जानकारी देवें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) श्री दीपक चतुर्वेदी को सेवा सहकारी समिति, गंजाश के प्रभारी अधिकारी श्री अशोक पयासी, शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., सतना के निर्णय दिनांक 13.09.2015 एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., सतना की शाखा रामनगर के आदेश दिनांक 09.11.2015 द्वारा समिति प्रबंधक के पद का दायित्व सौंपा गया है। इस संबंध में जाँच के आदेश दिये गये हैं। (ख) जांचोपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) श्रीमती अनीता द्विवेदी को सेवा सहकारी समिति, गंजाश के प्रभारी अधिकारी के निर्णय दिनांक 02.07.2015 अनुसार विक्रेता के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई। निर्णय की छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारी सेवा नियमों में अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान नहीं होने से उक्त नियुक्ति अवैध है। सेवा सहकारी समिति, गंजाश की आम सभा बैठक दिनांक 27.09.2015 में लिये गये निर्णय एवं समिति के आदेश दिनांक 28.09.2015 द्वारा श्री अवनीश कुमार द्विवेदी को भृत्य के पद पर नियुक्ति दी गई। समिति के आदेश दिनांक 28.09.2015 की छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। उक्त नियुक्ति में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारी सेवा नियमों के प्रावधान का पालन नहीं किया गया है। आयुक्त सहकारिता द्वारा उक्त दोनों नियुक्तियों को निरस्त करने के निर्देश दिये गये हैं। (घ) विधानसभा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1379 के संदर्भ में सेवा सहकारी समिति मर्या., गंजाश की नियुक्तियों की जानकारी में नहीं आने से उप आयुक्त, सहकारिता, जिला सतना द्वारा समिति को निर्देश नहीं दिये गये। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

कृषि‍ महोत्सव के आयोजन में व्‍यय राशि

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

14. ( *क्र. 117 ) श्री मोती कश्यप : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017 के माह अप्रैल से मई की किन तिथियों में किन उद्देश्यों के लिये कृषि‍ महोत्सव मनाया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के आयोजन हेतु जिला कटनी के लिये कितनी राशि किन-किन गतिविधियों के लिये आवंटित की गई है और किन-किन विकासखण्डों व अधीनस्थ अधिकारियों को पंचायतवार कितनी-कितनी राशि किन-किन निमित्तों हेतु आवंटित की गई है? (ग) विकास खण्‍ड बड़वारा, कटनी व ढीमरखेड़ा में किन अधिकारियों के नेतृत्व में कितने किसान रथ किन-किन दिनांकों को चलाये गये हैं? कहाँ-कहाँ दीवाल पेंटिंग, प्रचार व ग्राम स्तरीय संगोष्ठि‍यां आयोजित की गईं हैं? किन्होंने कितने कृषकों को सम्बोधित किया है? किन्होंने प्रतिदिन कितने किसानों को चाय-नाश्ता कराया है और वैज्ञानिकों को मानदेय, टेन्ट, प्रगतिशील किसानों को पुरूस्कार आदि का वितरण किया है एवं किन अधिकारियों-कर्मचारियों ने रात्रि विश्राम किया है और क्या प्रत्येक गतिविधियों का फिल्मांकन किया गया है एवं किसी के द्वारा उसकी पु‍ष्टि की गई है? (घ) प्रश्नांश (ग) गतिविधियों के देयक और हिसाब किन दिनांकों तक कब प्रस्तुत किये जा चुके हैं और किनके द्वारा उनका ऑडिट किया गया है? (ड.) क्या प्रश्नांश (क) से (घ) की जाँच किसी जाँच एजेंसी से करायी जाकर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) दिनांक 15 अप्रैल से 2 मई 2017 तक कृषि महोत्‍सव का आयोजन कृषि एवं संबद्ध विषयों जैसे पशुपालन, उद्यानिकी, मछली पालन आदि पर किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मध्‍य सीधा संपर्क कायम कर नवीन एवं वैज्ञानिक तकनीकी सुधार से वर्तमान फसलों की उत्‍पादकता बढ़ाना एवं नवीन फसल (किस्‍मों) के आधार भविष्‍य में प्रदेश के फसल चक्र को परिवर्तन कर कृषि को लाभ का धन्‍धा बनाये जाने के उददेश्‍यों की पूर्ति हेतु किया गया। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ड.) जानकारी उपरान्‍त कार्यवाही की जाएगी।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

कृषकों को बीमा राशि‍ का भुगतान 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

15. ( *क्र. 242 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल/सागर संभाग के जिले में वर्ष 2015 एवं 2016 खरीफ फसल सोयाबीन की बीमा राशि‍ का कुल कितने किसानों को कितनी राशि‍ का भुगतान किया गया हैतहसीलवार बतावें (ख) प्रश्‍नांकित जिले में कितने बीमित किसानों को बीमा राशि‍ का भुगतान किया जाना शेष है व इसके क्या कारण हैं? कब तक शेष रहे किसानों को बीमा राशि‍ का भुगतान किया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांकित जिले में बहुत से किसानों को बहुत ही कम बीमा राशि‍ का भुगतान प्राप्त हुआ है, जिसकी शिकायत किसानों द्वारा शासन को की गई है तो क्या उसकी जाँच करायी जाकर पुनः भुगतान की कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) प्रश्‍नांकित जिले में राजस्व विभाग के सर्वे में आनावारीवार क्षति के आंकलन का क्या आधार है तथा अनुपात में बीमा राशि‍ का भुगतान किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) भोपाल एवं सागर संभाग की वर्ष 2015 खरीफ की तहसीलवार बीमा आवरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। खरीफ 2016 की दावा राशि का भुगतान प्रक्रियाधीन है। (ख) संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार खरीफ 2015 की दावा राशि का भुगतान पात्र कृषकों को कर दिया गया है। खरीफ 2016 की दावा राशि का भुगतान प्रक्रियाधीन है। योजनांतर्गत फसल कटाई प्रयोगों के परिणाम प्राप्‍त होने के उपरांत दावा राशि की गणना की जाती है तथा बीमा कंपनी को राज्‍यांश एवं केन्‍द्रांश प्रीमियम राशि का भुगतान प्राप्‍त होने के पश्‍चात् पात्र कृषकों को दावा राशि का भुगतान किया जाता है। खरीफ 2016 के लिये राज्‍यांश प्रीमियम राशि का भुगतान बीमा कंपनियों को कर दिया गया है तथा दावों का भुगतान बीमा कंपनी स्‍तर पर प्रक्रियाधीन है। (ग) पटवारी हल्‍कावार व फसलवार थ्रेश-होल्‍ड उपज तथा बीमित राशि भिन्‍न भिन्‍न होती है। अत: स्‍वाभाविक रूप से क्षतिपूर्ति राशि भिन्‍न होगी। योजना अनुसार पटवारी हल्‍कावार, फसलवार, वास्‍तविक उपज, थ्रेश-होल्‍ड उपज एवं कृषक की बीमित राशि के आधार पर दावों की गणना कर पात्र कृषकों को बैंकों के माध्‍यम से दावा राशि का भुगतान किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना/प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अनुसार दावा राशि की गणना उत्‍तरांश (ग) अनुसार फसल कटाई प्रयोग के परिणामों के आधार पर की जाती है। जिसका राजस्‍व विभाग द्वारा घोषित आनावारी से कोई संबंध नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बारह''

नहरों की मरम्मत/सुदृढ़ीकरण

[जल संसाधन]

16. ( *क्र. 161 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 02 वर्षों में उज्जैन जिला अंतर्गत किन-किन नहरों के सुदृढ़ीकरण, उन्नयन या पुनःनिर्माण के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं? जिलेवार विवरण देवें क्‍या प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 448, दिनांक 04.06.2017 द्वारा क्षेत्रान्तर्गत गणेशपुरा व खनौटा बाँध की नहर की मरम्मत/सुदृढ़ीकरण हेतु अनुरोध किया था? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? (ख) ग्राम उदय से भारत उदय अभियान अंतर्गत प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उज्जैन संभाग अंतर्गत किन-किन नहरों के सुदृढ़ीकरण, उन्नयन या पुनःनिर्माण के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं? विवरण देवें। प्राप्त प्रस्तावों पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) खनौटा बाँध की नहर की मरम्मत के संबंध में क्‍या अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन सुसनेर ने अपने पत्र क्र. 331, दिनांक 17.5.2017 से नहर मरम्मत कार्य हेतु जनपद पंचायत सुसनेर से प्राक्कलन अनुसार बजट की मांग की थी? यदि हाँ, तो आगे क्या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत खनौटा एवं गणेशपुरा बाँध की नहर के मरम्मत/उन्नयनीकरण हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा मांग की गई थी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? क्या शीघ्र उक्तानुसार कार्य किए जाने हेतु प्रभावी कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क), (ख) एवं (घ) विगत 2 वर्षों में उज्‍जैन जिला अंतर्गत अन्‍तलवासा तालाब की नहरों का सुदृढ़ीकरण का प्रस्‍ताव प्राप्‍त होना प्रतिवेदित है। सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 02.09.2015 को रू. 329.44 लाख की आर.आर.आर. मद में प्रदान की गई। जी हाँ गणेशपुरा बांध की नहरों का सुदृढ़ीकरण कार्य 99 प्रतिशत पूर्ण है। ग्राम उदय से भारत उदय अभियान अंतर्गत उज्‍जैन संभाग के जिला आगर-मालवा में एक प्रस्‍ताव खनौटा बांध की नहरों का सुदृढ़ीकरण हेतु प्राप्‍त होना प्रतिवेदित है। खनौटा बांध की नहरों के सुदृढ़ीकरण हेतु आर.आर.आर. मद में प्राक्‍कलन संभाग स्‍तर पर तैयार किये जा रहे हैं। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। जनपद पंचायत सुसनेर से आवंटन प्राप्‍त नहीं होना प्रतिवेदित है।

तालाब एवं स्‍टॉपडेम की स्‍वीकृति 

[जल संसाधन]

17. ( *क्र. 178 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015 से अब तक उज्‍जैन जिले में कितने एवं कौन-कौन से तालाब एवं स्‍टॉपडेम शासन ने स्‍वीकृत किये? उनकी वर्तमान स्थिति क्‍या है? जिलेवार, तहसीलवार ब्‍यौरा दें। (ख) कितने तालाबों, बांधों की स्‍वीकृति पश्‍चात अब तक कार्य प्रारंभ नहीं कर सके? कितने प्रस्‍ताव किस कारण से शासन के पास लंबित हैं? तहसीलवार ब्यौरा दें? (ग) लंबित प्रस्तावों को कब तक कार्य स्वीकृति प्राप्‍त होगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना का क्रियान्‍वयन 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

18. ( *क्र. 76 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना क्‍या है तथा इसे प्रदेश में कब से लागू किया गया है एवं इस योजना अंतर्गत किस प्रकार से प्राकृतिक आपदाग्रस्‍त कृषकों को फसल क्षतिपूर्ति राशि प्राप्‍त होती है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित बीमा योजना प्रारंभ होने से प्रश्‍न दिनांक तक जबलपुर जिला अंतर्गत कौन-कौन से राष्‍ट्रीयकृत बैंकों तथा कृषि सहकारी समितियों द्वारा कितने कृषकों से कितनी राशि कृषकों के ऋण खातों से काटकर या नगद भुगतान प्राप्‍त कर प्रधान मंत्री कृषि बीमा योजना अंतर्गत किन-किन कृषि फसलों का बीमा किया गया? बैंकवार, कृषकों की संख्‍या बीमा हेतु काटी गई राशि सहित जानकारी देवें (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित बीमाकृत फसलों को प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत कितने कृषकों को कितनी-कितनी राशि का क्लेम प्राप्‍त हुआ?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रदेश में खरीफ वर्ष 2016 से लागू की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिला जबलपुर के लिये खरीफ 2016 की दावा राशि का भुगतान प्रक्रियाधीन है। रबी 2016-17 की दावा राशि का भुगतान प्रक्रियाधीन है।

नागौद विधान सभा क्षेत्रांतर्गत रोडों का मरम्‍मतीकरण

[लोक निर्माण]

19. ( *क्र. 706 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के विधान सभा क्षेत्र नागौद के अंतर्गत ग्राम गुढ़ा से पहाड़ी 6 K.M. रोड नागौद से उचेहरा मुख्‍य मार्ग से पथरौधा लगभग 2 K.M. रोड एवं दिनपुरा से भटनवारा सेमरी दुबे से कुर्मिहाई सेमरी तक लगभग 3 K.M. मार्ग अत्‍यन्‍त जर्जर हालत में है? (ख) इसी प्रकार क्‍या सेमरी फतेहपुर कटन मार्ग की भी हालत चलने योग्‍य नहीं है, बहुत ही जर्जर है एवं मरम्‍मत योग्‍य है? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) और (ख) के जर्जर मार्गों के मरम्‍मतीकरण, उन्‍नयन, डामरीकरण के प्रस्‍ताव विभाग द्वारा कब-कब तैयार कर स्‍वीकृति हेतु भेजे गये? यदि नहीं, भेजे गये तो कब तक भेजे जायेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, जी नहीं आंशिक रूप से, मार्ग में आवागमन चालू है। (ग) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

जौरा तहसील में निर्माणाधीन सड़कें

[लोक निर्माण]

20. ( *क्र. 504 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले की जौरा तहसील में लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्तमान में कौन-कौन सी सड़कें निर्माणाधीन हैं? उन मार्गों के नाम बतायें। (ख) उक्‍त्‍ा मार्गों के कार्य आदेश किस दिनांक को तथा किस संस्‍था, कम्‍पनी को जारी किये गये, उनका कार्य पूर्ण करने का समय क्‍या था, अनुमानित लागत क्‍या है तथा अभी तक कितना भुगतान किया गया है? मार्गवार प्रत्‍येक की जानकारी अलग-अलग दी जावे। (ग) क्‍या कुछ मार्गों का कार्य बन्‍द हो गया है, क्‍यों? क्‍या बन्‍द होने की शिकायत की गई थी? यदि हाँ, तो उस पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) क्‍या कुछ मार्गों पर संस्‍था द्वारा कार्य न कर पेटी ठेकेदार से कार्य कराये जा रहे हैं? क्‍या विभाग द्वारा पेटी ठेकेदार को अनुमति दी गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा मुरैना जिले में मुरैना सबलगढ़ मार्ग निर्माणाधीन है जो जौरा तहसील से होकर गुजरता है, जिसकी कुल लंबाई 71.864 कि.मी. है एवं जौरा तहसील में कुल लंबाई 28.00 कि.मी. है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा कार्यादेश दिनांक 17.11.2015 द्वारा मेसर्स राजश्‍याम कंस्‍ट्रक्‍शन प्रा.लि. गाजियाबाद को जारी किया गया। कार्य पूर्ण दिनांक 16.11.2017, कार्य की लागत 116.15 करोड़ एवं इस कार्य का अभी तक 95.71 करोड़ एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग 7.93 करोड़ कुल 103.64 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, मार्ग पर कार्य बंद नहीं हुआ है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। जी नहीं।

सड़कों एवं पुल-पुलियाओं का निर्माण 

[लोक निर्माण]

21. ( *क्र. 304 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुछ विशेष मार्गों के पुल-पुलियाओं एवं सड़कों को बनाये जाने की मांग अत्यधिक कठिनाइयों एवं आवागमन के लगातार बाधित होने की स्थितियों के कारण की जा रही है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या पिपलोदा तहसील अंतर्गत सुखेड़ा बस स्टैंड पुलिया एवं पिपलोदा से व्हाया पंचेवा-पिपलोदा-टू लेन तक सड़क, कंसेर-चिपिया मार्ग सड़क निर्माण तथा जावरा तहसील अंतर्गत रिंगनोद बस स्टैंड से व्हाया कलालिया फंटा फोर-लेन तक सड़क निर्माण एवं जावरा नगर में जवाहर पथ से हाथीखाना मार्ग पुलिया, मालीपुरा रपटा पुलिया इत्यादि बनाये जाने हेतु लगातार मांग की जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो शासन/विभाग द्वारा उक्त प्रमुख सड़कों एवं पुल-पुलियाओं की स्वीकृति कब तक दी जाकर कार्य प्रारम्भ किया जायेगा? (घ) साथ ही क्या शासन /विभाग द्वारा उक्त सड़कों व पुल-पुलियाओं की डी.पी.आर./कार्ययोजना/प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली गयी है? यदि हाँ, तो कार्यादेश कब तक दिए जाएंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पन्‍द्रह''

गुना जिलांतर्गत प्रधानमंत्री सिंचाई योजना का क्रियान्‍वयन

[जल संसाधन]

22. ( *क्र. 511 ) श्रीमती ममता मीना : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गुना जिले से प्रधानमंत्री सिंचाई योजनान्‍तर्गत कोई प्राक्‍कलन शासन को भेजे हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी योजनाओं के भेजे हैं, कौन सी योजना के नहीं भेजे हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित सिंचाई योजनाओं की विभाग और शासन ने कौन सी योजनाओं की स्‍वीकृति दी है? यदि नहीं, तो कौन सी योजनाएं लंबित हैं? (ग) प्रश्नांश (क) और (ख) में वर्णित तथ्‍यों की स्‍वीकृति क्‍या म.प्र. शासन द्वारा दी गई है या केन्‍द्र शासन द्वारा। (घ) गुना जिले से प्रधामंत्री सिंचाई योजनान्‍तर्गत भेजे गये प्राक्‍कलनों पर यदि स्‍वीकृति शासन द्वारा निर्धारित नीति से कम हुई है या नहीं हुई तो इसका उत्‍तरदायित्‍व किसका होगा। कब तक उनकी स्‍वीकृति होकर कार्य कराया जावेगा।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत इस विभाग की सिंचाई परियोजनाओं की प्रशासकीय स्‍वीकृति ए.आई.बी.पी., एस.एम.आई., आर.आर.आर. तथा केडवम के मदों अंतर्गत दी जाती है। वर्तमान में गुना जिले की करके की मऊ योजना इसके अंतर्गत स्‍वीकृत होकर निर्माणाधीन है। इस परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति राज्‍य शासन द्वारा दिनांक 05.06.2012 को प्रदान की गई एवं भारत सरकार द्वारा इसे ए.आई.बी.पी. में सम्मिलित किया जाना प्रतिवेदित है। पर्याप्‍त बजट आवंटन के अभाव में जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नवीन योजनाओं के प्रस्‍ताव स्‍वीकृत नहीं किये जा रहे हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते हैं।

भितरवार विधान सभा क्षेत्रांतर्गत क्षतिग्रस्‍त रोडों का निर्माण 

[लोक निर्माण]

23. ( *क्र. 185 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भितरवार विधान सभा क्षेत्र की जर्जर रोड (1) नयागाँव ए.बी. रोड से चिनोर (2) चिनोर से भितरवार व्‍हाया करईया (3) डाडाँखिरक से तिघरा (4) करईया से आरौन व्‍हाया गौलार घाटी (5) बनवार से अमरौल (6) दौलतपुर से पचौरा व्‍हाया वरिगंवा (7) जौरासी से छीमक मार्ग व्‍हाया ऑतरी, ऐराया, कछौआ, बडकीसराह (8) झाँकरी से पिपरौआ (9) टोडा से धिरौली (10) सभराई से बडका गाँव (11) बराहना से सेकरा मार्ग (12) बरई-पनिहार से आमीगाँव। उक्‍त रोड जो बहुत ही जर्जर है, इनको अभी तक स्‍वीकृत न कराने का क्‍या कारण था? अब कब तक स्‍वीकृत कर निर्माण करा लिया जावेगा? एक निश्चित समय-सीमा प्रत्‍येक सड़कवार स्‍पष्‍ट करें। (ख) प्रश्‍नकर्ता के दिनांक 2 मार्च 2017 के प्रश्‍न क्र. 1995 में पुस्‍तकालय में रखे उत्‍तर में उल्‍लेखित क्रमांक (1) रोड परीक्षणाधीन होने क्रमांक (2) प्राक्‍कलन प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग भोपाल को प्रेषित करने क्रमांक (5) वित्‍तीय संसाधन सीमित होने के कारण कार्यवाही किया जाना संभव नहीं होने का उत्‍तर दिया था? अब 2 फरवरी 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त रोडों के निर्माण हेतु क्‍या प्रगति है? क्‍या रोड उसी प्रकार जर्जर हालत में पड़े रहेंगे या इनका निर्माण भी कराया जावेगा? यदि निर्माण कराया जावेगा तो कब तक? एक निश्चित समय-सीमा स्‍पष्‍ट करें? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित स्‍पष्‍ट करें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्नांश (क) के स.क्र. (2) पर अंकित चिनोर-भितरवार व्‍हाया करईया मार्ग का निर्माण एन.डी.बी. योजना की ऋण सहायता के अंतर्गत करने हेतु पत्र दिनांक 07.07.2017 द्वारा प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की गई है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। मार्ग निर्माण की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत आवंटित राशि

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( *क्र. 272 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में राजगढ़ जिले को वित्‍तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में प्रश्‍न दिनांक तक कितना आवंटन भारत सरकार से प्राप्‍त हुआ है, इस आवंटन का क्‍या उपयोग किया गया है? (ख) क्‍या प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की राजगढ़ जिले में जिला सिंचाई योजना (डी.आई.पी.) बनवाई गई है? यदि हाँ, तो डी.आई.पी. में लक्षित सिंचाई का रकबा एवं कुल लागत वर्षवार बतायें? (ग) जिला रा‍जगढ़ में डी.आई.पी. बनवाने में कितनी राशि व्‍यय की गई है, जिले में किस एजेन्‍सी/फर्म से डी.आई.पी. किस चयन प्रक्रिया का पालन कर बनवाई गई और कितनी राशि का भुगतान किया गया? (घ) भारत सरकार से वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 में योजना अंतर्गत डी.आई.पी. के अनुरूप कितनी राशि की मांग राज्‍य सरकार द्वारा कब-कब की गई? क्‍या भारत सरकार द्वारा डी.आई.पी. के अनुरूप राशि प्रदान की गई? क्‍या योजना में केन्‍द्र से आवंटन मिलने पर राज्‍य सरकार स्‍वत: के बजट द्वारा योजना पूर्ण करायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में राजगढ़ जिले को वित्‍तीय वर्ष 2016-17 और वर्ष 2017-18 में भारत सरकार एवं राज्‍य सरकार से 60:40 के अनुपात में प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जिले की डी.आई.पी. में लक्षित सिंचाई रकबा 435476.90 हेक्‍टेयर एवं कुल लागत राशि 12620 करोड़ है। जिसकी वर्षवार लागत राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) जिला राजगढ़ में डी.आई.पी. बनवाने में राशि रू. 233821.00 व्‍यय की गई है। जिले की डी.आई.पी. के निर्माण हेतु किसी एजेन्‍सी/फर्म का चयन नहीं किया गया है। डी.आई.पी. जिले के संबंधित विभागों के द्वारा बनाई गयी है। शेष का प्रश्‍न नहीं उठता है। (घ) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत भारत सरकार से डी.आई.पी. के अनुरूप ''पर ड्राप मोर क्राप'' घटक के माइक्रोइरीगेशन उप घटक में उद्यानिकी विभाग के माध्‍यम से वर्ष 2016-17 केन्‍द्रांश राशि रू. 2100.00 लाख एवं वर्ष 2017-18 में केन्‍द्रांश राशि रू. 3750.00 लाख की रिलीज प्राप्‍त हुई है एवं अदर इन्‍टरवेशन उप घटक में वर्ष 2016-17 में केन्‍द्रांश राशि 3710.00 लाख की रिलीज प्राप्‍त हुई है एवं वर्ष 2017-18 में प्रश्‍न दिनांक तक अन्‍य कोई रिलीज/आवंटन प्राप्‍त नहीं हुआ है। योजना में केन्‍द्र से 60 प्रतिशत केन्‍द्रांश राशि की रिलीज/आवंटन प्राप्‍त होने पर राज्‍य शासन द्वारा 40 प्रतिशत राज्‍यांश राशि का प्रावधान कर जिला सिंचाई योजना (डी.आई.पी.) में सम्मिलित कार्य पूर्ण करने की कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - ''सौलह''

नगदा-कलकुवा मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

25. ( *क्र. 299 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिला अंतर्गत नगदा से कलकुवा मार्ग के निर्माण हेतु निविदा आमंत्रित की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो निविदा कब आमंत्रित की गई थी? कितनी राशि की थी? निविदा की क्या शर्तें थीं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं () के अनुक्रम में उक्त मार्ग के निर्माण का ठेका किस फर्म या ठेकेदार को दिया गया है? (घ) निविदा की शर्तों के अनुसार सड़क निर्माण का कार्य कब से शुरू होकर कब तक पूर्ण होना था? (ड.) उक्त मार्ग का निर्माण कितना हो चुका है? क्या निविदा की शर्तों के अनुसार कार्य तय समय-सीमा एवं निर्धारित मापदंडों के अनुसार हो रहा है? यदि नहीं, तो क्यों? कार्य निर्धारित समय-सीमा में नहीं होने पर कौन कौन जिम्मेदार हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) से (ड.) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


किसानों को बीमा की राशि का प्रदाय 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

1. ( क्र. 1 ) श्री दिनेश कुमार अहिरवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र जतारा के जिन किसानों की फसलें खराब हो गई थी उन किसानों को बीमा का लाभ सन् 2016 से क्‍यों नहीं दिया गया? (ख) क्‍या क्षेत्र जतारा के अन्‍तर्गत छूटे हुए किसानों का सर्वे कराया जाएगा, जिससे ग्राम-बम्‍हौरी खास, रतनगुवां, फीरोजपुरा, लाखरौन, सतगुवां, करमौरा, जरूबा, मुहारा, बैरवार आदि ग्रामों के किसानों को बीमा का लाभ मिल सके?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2016 अंतर्गत बीमा कंपनी को राज्‍यांश प्रीमियम अनुदान राशि का भुगतान कर दिया गया है। बीमा कंपनी द्वारा दावा राशि का भुगतान प्रक्रियाधीन है। (ख) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अंतर्गत जतारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ससमय प्राकृतिक आपदा, (ओलावृष्टि, जलभराव व भू-स्‍खलन, चक्रवाती वर्षा आदि) की सूचना देने वाले कृषकों के खेत का सर्वेक्षण किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मण्डी टैक्स से निर्मित सड़कें 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

2. ( क्र. 20 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अता. प्रश्न क्रमांक 4192, दिनाँक 23 मार्च 2017 के संदर्भ में बताएं कि पिछले 5 वर्ष में मण्डी टैक्स के रूप में वसूली गई राशि किस-किस मण्डी से कितनी भोपाल आई तथा उससे क्या-क्या निर्माण हुए व अन्य किसान सम्मेलन आदि पर कब कितनी धनराशि खर्च की गई? (ख) मण्डी टैक्स से पिछले 5 वर्ष में किस-किस जिले में कहाँ से कहाँ तक कितनी किलोमीटर सड़क पर कितनी धनराशि खर्च की गई जिलेवार विवरण दें? (ग) मण्डी बोर्ड से कितनी धनराशि कब-कब मध्यप्रदेश शासन ने ली तथा 2017 मार्च तक कितनी-कितनी धनराशि ब्याज सहित शासन द्वारा मण्डी बोर्ड को देय है व कब तक लौटा दी जाएगी? उपरोक्त राशि वापिस करने के लिये कब-कब, किस मण्डी बोर्ड अध्यक्ष व मंत्री ने कितनी-कितनी धन राशि को लोटाने हेतु किस-किस तिथि‍ पर पत्र लिखे व शासन ने क्या कार्यवाही की?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उक्‍त राशि प्रदेश की मंडी/उपमं‍डीयों में विभिन्‍न मूलभूत सुविधाओं से संबंधित संरचनाओं के निर्माण कार्य, कृषकों की सुविधा से संबंधित निर्माण कार्य तथा कृषि उपज के सुगम परिवहन हेतु ग्रामीण सड़कों के निर्माण, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित सड़कों के संधारण, बहुउद्देशीय वाणिज्यिक केंद्र एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, प्रदेश के अधिसूचित फल सब्‍जी, मंडी प्रांगणों के विकास, कृषि अनुसंधान के लिये कृषि विश्‍ववि़द्यालयों एवं पशु चिकित्‍सा महाविद्यालयों, गौसंर्वधन बोर्ड, इत्‍यादि में आधारभू‍त संरचनाओं के निर्माण पर खर्च की गई है। उपरोक्‍तानुसार निधियों की प्राप्‍त राशि से किसान सम्‍मेलन आदि पर खर्च की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-04 अनुसार है। मार्च 2017 की स्थिति में शासन द्वारा राशि रू. 90.00 करोड़ तथा ब्‍याज राशि रू. 151.74 करोड़ सहित कुल राशि रू. 241.74 करोड़ मंडी बोर्ड को देय है। मध्‍यप्रदेश शासन वित्‍त विभाग राशि रू. 90.00 करोड़ वापसी की स्‍वीकृति/सहमति दिनाँक 29.12.16 एवं 27.02.17 को दी गई है। ब्‍याज की विषय में वित्‍त विभाग द्वारा पृथक से कार्यवाही करने का अभिमत प्राप्‍त हुआ है। उक्‍त राशि वापसी के लिये लिखे गये पत्रों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-05 अनुसार है।

प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही 

[सहकारिता]

3. ( क्र. 22 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनाँक 9 मार्च 2017 के अता. प्रश्न संख्या 20 (क्रमांक 1876) के संदर्भ में बताएं कि 30 जून 2017 तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा सहकारिता मंत्री, प्रमुख सचिव सहकारिता, जिलाधीश गुना व अशोकनगर, एस.डी.ओ. मुंगावली व चंदेरी व उप पंजीयक सहकारिता गुना व अशोकनगर को किस-किस दिनाँक को किस-किस बारें में सहकारिता विभाग से संबंधित राशन वितरण आदि के पत्र लिखे, उनके उत्तर प्रश्नकर्ता को समय पर दिये या नहीं? (ख) उक्त पत्रों पर की गई कार्यवाही का विवरण देवें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

''नमामि देवि नर्मदे'' सेवा यात्रा के प्रचार-प्रसार पर व्‍यय राशि

[जनसंपर्क]

4. ( क्र. 37 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में ''नमामि देवि नर्मदे'' सेवा यात्रा के प्रारंभ दिनाँक 11 दिसम्‍बर 2016 से समापन दिनाँक 15 मई 2017 तक की अविध में इस यात्रा के प्रचार प्रसार पर कितनी राशि व्‍यय की गई? पत्र-पत्रिकाओं एवं इलेक्‍ट्रॉनिक चैनल, होर्डिंग्‍स आदि के माध्‍यम से प्रचार-प्रसार पर किये गये व्‍यय की पृथक-पृथक जानकारी दें? (ख) उक्‍त यात्रा के प्राचार-प्रसार के लिए किन-किन विदेशी समाचार पत्र-पत्रिकाओं और चैनलों को कितनी-कितनी राशि के विज्ञापन दिये गये थे तथा विदेशों में प्रचार-प्रसार पर राज्‍य सरकार की राशि व्‍यय करने का क्‍या उद्देश्‍य था? क्‍या उक्‍त यात्रा में विदेशी शामिल हुये थे? यदि हाँ, तो किन-किन देशों के कितने विदेशी यात्री शामिल हुये थे? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त यात्रा के दौरान जनसंपर्क विभाग द्वारा कितने पत्रकारों एवं अन्‍य गणमान्‍य नागरिकों को किराये के वाहन किस-किस ट्रेवल्‍स एजेंसी के उपलब्‍ध कराये गये? इन उपलब्‍ध कराये गये वाहनों को कुल कितनी राशि भुगतान की गई एवं किस-किस ट्रेवल्‍स एजेंसी को कितनी राशि का भुगतान किया जाना शेष है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) रूपये 21,58,40,344/- जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) न्यूयार्क से प्रकाशित साप्ताहिक समाचार पत्र इंडिया एबरोड को रूपये 10.26 लाख का विज्ञापन प्रचार-प्रसार के लिए दिया गया। विदेशी चैनलों को विज्ञापन नहीं दिये गये। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

म.प्र.माध्‍यम की गतिविधियाँ

[जनसंपर्क]

5. ( क्र. 38 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनसंपर्क विभाग के अंतर्गत म.प्र.माध्‍यम का गठन किन उद्देश्‍यों को लेकर किया गया था? गठन के समय कार्य उद्देश्‍य क्‍या थे और वर्तमान में कार्य उद्देश्‍य क्‍या-क्‍या है? (ख) क्‍या म.प्र. माध्‍यम के पास प्रिन्टिग हेतु प्रिन्‍टर मशीनें एवं अन्‍य संसाधन उपलब्‍ध हैं? यदि नहीं, तो किस आधार पर प्रिन्टिग के कार्य संपादित कराये जाते हैं? (ग) म.प्र. माध्‍यम के पैनल में कुल कितने फिल्‍म/टेलीफिल्‍म निर्माता/निर्देशक पंजीकृत हैं। उनके नाम, पता/फर्म का नाम पंजीकृत एवं पंजीकृत क्रमांक की सूची उपलब्‍ध करायें। (घ) 01 जनवरी 2015 से 15 जून 2017 तक की अवधि में म.प्र. माध्‍यम द्वारा किन-किन विषयों को लेकर किन-किन विभागों की फिल्‍में/टेलीफिल्‍मों का निर्माण कब-कब, किन-किन फर्मों/निर्माता निर्देशकों के माध्‍यम से किया गया इसके ऐवज में कितनी- कितनी राशि का भुगतान किया गया एवं किया जाना शेष है? उक्‍त फिल्‍मों के निर्माण पर कुल कितनी राशि व्‍यय हुई एवं इस फिल्‍मों के निर्माण से प्रदेश की जनता को क्‍या लाभ हुआ बतायें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश माध्यम के पास प्रिटिंग हेतु मशीन एवं अन्य संसाधन उपलब्ध है। विभिन्न विभागों से प्राप्त मुद्रण आदेशानुसार कार्य समय-सीमा में किया जाना होता है, जो मध्यप्रदेश माध्यम के पास उपलब्ध संसाधन से संभव नहीं है। ऐसे कार्यों को मध्यप्रदेश माध्यम द्वारा निजी मुद्रकों का पैनलमेंट विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित करके करवाया जाता है। (ग) पूर्व पैनल का कार्यकाल पूर्ण हो गया है। नये पैनल निर्माण की कार्रवाई प्रक्रियारत है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। फिल्मों के माध्यम से प्रदेश की जनता को शासन द्वारा चलाई जा रही हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी दी जाती है। इससे आम लोग योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आने के लिए जागरूक होते है।

सुधार कार्यों में गुणवत्‍ता की जाँच 

[जल संसाधन]

6. ( क्र. 52 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र राजनगर के चंदेल कालीन तालाबों के सुधार हेतु वर्ष 17 में स्‍वीकृतियां जारी की गई? (ख) लवकुशनगर तहसील अंतर्गत झिन्‍ना गाँव में तालाब के सुधार हेतु कितने का प्राक्‍कलन बनाया गया और कितनी लागत का कार्य कराया गया? (ग) क्‍या विभागीय अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से टेंडर निकाल कर गड़बड़ी की और कार्य जब प्रारंभ कराया तो उसकी सूचना विधिवत् प्रश्‍नकर्ता को नहीं दी गई? (घ) क्‍या कार्य गुणवत्‍ता के तहत नहीं कराये जाने की जाँच की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। झिन्‍ना तालाब के स्‍लूस के सुधार कार्य का प्राक्‍कलन वार्षिक अनुरक्षण मद के अंतर्गत रूपये 9.70 लाख का तैयार कर वर्तमान में रू.07.00 लाख व्‍यय किया जाकर लगभग 70 प्रतिशत पूर्ण किया जाना प्रतिवेदित है। (ग) जी नहीं। प्रमुख अभियंता कार्यालय भोपाल द्वारा ई-टेण्‍डरिंग के माध्‍यम से निर्माण कार्य हेतु निविदा आमंत्रित की गई। वार्षिक अनुरक्षण मद के अंतर्गत सुधार कार्य कराये जाने वाले कार्यों की सूचना जन-प्रतिनिधियों को दिये जाने का प्रचलन नहीं है। (घ) कार्य गुणवत्‍ता पूर्वक कराये जाने से जाँच कराने की स्थिति नहीं है।

उन्‍नत कृषि बीज उत्‍पादक सहकारिता मर्या. बृजपुरा को रबी एवं खरीफ फसलों का भुगतान 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

7. ( क्र. 53 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2011 से 14-15 तक उन्‍नत कृषि बीज उत्‍पादक सहकारिता मर्यादित बृजपुरा द्वारा रबी एवं खरीफ फसलों में कुल कितना बीज कृषि विभाग छतरपुर के आठों विकासखण्‍डों द्वारा लिया गया? (ख) कृषि विभाग द्वारा कब-कब कितना भुगतान किया गया? (ग) क्‍या इस संबंध में समिति द्वारा भुगतान न किये जाने की शिकायत की गई? यदि हाँ, तो जाँच कब हुई? जाँच अभिमत की प्रतियां दें। (घ) दोषी कौन पाये गये? उनके नाम बतायें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2011-12 से 2014-15 तक उन्‍नत कृषि बीज उत्‍पादक सहकारिता मर्यादित बृजपुरा से रबी एवं खरीफ फसलों का बीज कुल 7995.84 क्विंटल जिला छतरपुर के आठों विकासखण्‍डों द्वारा लिया गया। विकासखण्‍डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2  अनुसार है। (ग) जी हाँसमिति की शिकायत के अनुक्रम में उप संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास जिला छतरपुर द्वारा अधीनस्‍थ संबंधित वरिष्‍ठ कृषि विकास अधिकारियों को पत्र द्वारा उपर्युक्‍त समिति द्वारा प्रदाय किये गये बीज की कृषक अंश राशि तत्‍काल जमा कराने के निर्देश दिये गयेजिसके परिपालन में उनके द्वारा कृषक अंश राशि का भुगतान समिति को कर दिया गया है। वर्तमान में समिति की भुगतान हेतु कोई राशि शेष नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

पाटन विधान सभा अंतर्गत पुल एवं मार्ग निर्माण 

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 75 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनाँक 11 मार्च, 2015 को प्रश्‍न क्रमांक 4190 के उत्‍तर में मझौली तहसील अंतर्गत ग्राम मुरेठ में हिरन नदी पर नवीन पुल निर्माण हेतु रु. 650.00 लाख का प्रथम स्‍तरीय प्राक्‍कलन प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग भोपाल को प्रेषित है, बतलाया गया था, तो वर्तमान में इस पुल के निर्माण में हो रही कार्यवाही से अवगत करावें एवं यह भी बतलावें की क्या इस पुल के निर्माण को एस.एफ.सी. की बैठक में मंजूरी प्रदान कर दी गई है तथा इस पुल का निर्माण किस प्रकार से कब तक प्रारंभ हो जावेगा? (ख) क्‍या पाटन विकासखण्‍ड अंतर्गत कटंगी मेन रोड से कुसली पहुँच मार्ग लंबाई लगभग एक किलोमीटर एवं कटंगी से पटना पहुँच मार्ग लंबाई लगभग एक किलोमीटर का पक्‍का निर्माण न होने से वर्षा ऋतु में ग्रामीणजनों का आवागमन बाधित होता है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित मार्गों का पक्‍का निर्माण किया जावेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। 602.85 लाख का प्रस्‍ताव स्‍थाई वित्‍तीय समिति की बैठक में अनुमोदित है किन्‍तु बजट में शामिल न होने से प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी नहीं की जा सकी है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ख) कुसली रसोइया डब्‍ल्‍यू.बी.एम. मार्ग है एवं बारहमासी आवागमन सुलभ है। कटंगी से पटना पहुँच मार्ग इस विभाग के अंतर्गत नहीं आता है। (ग) वर्तमान में सीमित वित्‍तीय उपलब्‍धता के कारण निर्माण किया जाना संभव नहीं है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

निगरानी समिति के निर्देशों की अवहेलना 

[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]

9. ( क्र. 83 ) श्री आरिफ अकील : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गैस राहत विभाग की निगरानी स‍मिति के निर्देश माननीय न्‍यायालय के निर्देश मानकर पालन किए जाने संबंधी निर्देश दिए गए है? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 939 दिनाँक 22 फरवरी 2017 की कंडिका (ख) में प्रश्‍न दिनाँक 22 फरवरी 2017 तक निगरानी समिति द्वारा 7 त्रैमासिक रिर्पोट पेश होना बताया गया जबकि दिनाँक 12 जनवरी 2017 तक 9 त्रैमासिक रिपोर्ट पेश की जा चुकी थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या यह भी सही है कि द्वितीय त्रैमासिक प्रतिवेदन के अनुसार पी.एम.सी. अस्‍पताल में स्‍थाई पल्‍मनरी विशेषज्ञ की नियुक्ति के निर्देश दिऐ गये थे तथा छठवीं त्रैमासिक प्रतिवेदन के अनुसार किडनी, लिवर, ह्दय रोग एव अन्‍य बीमारियों हेतु गैस पीड़ि‍तों के इलाज हेतु नीति बनाने की अनुशंसा की गई थी? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में माननीय न्‍यायालय के निर्देश के बावजूद निगरानी स‍मिति के निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए कौन-कौन दोषी है और उनके विरूद्ध शासन द्वारा क्‍या तथा कब तक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतावें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) माननीय न्यायालयों द्वारा पारित आदेश के अनुक्रम में जस्टिस व्ही.के.अग्रवाल (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में 04 सदस्यीय निगरानी समिति का गठन किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। निगरानी समिति को गैस प्रभावित क्षेत्र में विभाग द्वारा संचालित चिकित्सा इकाईयों में गैस पीड़ि‍तों की उपचार व्यवस्था की निगरानी कर प्रत्येक तीन माह में प्रतिवेदन अनुशंसा सहित माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर को संबंधित प्रकरण में प्रस्तुत किया जाता है। तदोपरांत माननीय उच्च न्यायालय द्वारा निगरानी समिति की अनुशंसा पर पारित आदेश का क्रियान्वयन/पालन राज्य शासन द्वारा किया जाता है। जनवरी 2014से प्रश्न दिनाँक तक इस कार्यालय को 7 त्रैमासिक प्रतिवेदन प्राप्त हुए थे। कार्यालय,मॉनिटरिंग कमेटी,गैस राहत,शिवाजी नगर,भोपाल के पत्र क्रमांक/403/मा.क./गैरा./2017/ भोपाल, दिनाँक 24.04.2017 को मॉनिटरिंग कमेटी का 8वां व 9वां त्रैमासिक प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार दिनाँक 22.2.2017 के पश्चात् प्राप्त हुई। (ख) द्वितीय त्रैमासिक प्रतिवेदन में पी.एम.सी. के संबंध में दिये गये निर्देश दिनाँक 21.05.2014 के संबंध में अधीक्षक, पी.एम.सी. द्वारा तथ्यात्मक स्थिति का प्रतिवेदन दिनाँक 01.06.2014 को प्रस्तुत किया गया था, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार। 6वां त्रैमासिक प्रतिवेदन में मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा किडनी, लिवर, हृदय रोग एवं अन्य बीमारियों के इलाज हेतु अनुशंसा नहीं की गई है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। यद्यपि उक्त के संबंध में 7वां त्रैमासिक प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है के विषयक नीति तैयार कर सक्षम स्वीकृति की प्रक्रिया में है। (ग) उत्तरांश '''' एवं '''' में स्थिति स्पष्ट की गई है। दोषियों पर कार्यवाही करने की स्थिति नहीं हैं।

यशोदा सीड्स के बीज सप्‍लाई पर कार्यवाही

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

10. ( क्र. 84 ) श्री आरिफ अकील : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनाँक 14 जून 2017 को बालाघाट के मलाजखण्‍ड में ''सबका साथ सबका विकास'' शासकीय कार्यक्रम में प्रदेश के किस माननीय मंत्री व किस माननीय सांसद के बीच यशोदा सीड्स के बीज सप्‍लाय किए जाने की अनुमति तथा किसान की भूमि अतिग्रहित कर नौकरी नहीं दिए जाने के मामले को लेकर विवाद हुआ था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में अवगत करावें कि जब यशोदा सीड्स को बीज सप्‍लाय करना प्रतिबंधित है, को अनुमति देने तथा किसान की भूमि अधिग्रहित करने के बाद भी नौकरी नहीं दिए जाने के क्‍या कारण हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनाँक की स्थिति में किन-किनके विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई और यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) दिनाँक 14 जून 2017 को बालाघाट के मलाजखण्‍ड में 'सबका साथ सबका विकास' शासकीय कार्यक्रम में प्रदेश के किसी मंत्री व किसी माननीय सांसद के बीच यशोदा सीड्स के बीज सप्‍लाई किये जाने के अनुमति तथा किसान की भूमि अधिग्रहित कर नौकरी नहीं दिये जाने के मामले को लेकर विवाद होने संबंधी सूचना विभाग को प्रतिवेदित नहीं है। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

रोड डामरीकरण 

[लोक निर्माण]

11. ( क्र. 115 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम बाछनपुर विकास खण्‍ड नालछा जिला धार से मानपुर-बगडी मार्ग तक निर्मित रोड लोक निर्माण विभाग के आधिपत्‍य में है? (ख) यदि हाँ, तो इस मार्ग का निर्माण विभाग द्वारा कितने वर्ष पूर्व किया था तथा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनाँक तक इसका संधारण कब-कब हुआ? (ग) क्‍या विभाग प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में लम्‍बे समय से रख-रखाव के अभाव में जीर्णशीर्ण मार्ग के डामरीकरण हेतु पहल करेगा? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या इसकी डी.पी.आर. बनाई जाकर स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''दो''

फसल बीमा राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

12. ( क्र. 126 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुक्‍ल्‍याखेड़ी/कोलूखेड़ी/रूपाहेडा के किसानों द्वारा सन् 2015 में खरीफ की फसल का बीमा कराया गया था? क्‍या उक्‍त ग्राम जो कि पटवारी हल्‍का नं. 8 में आते हैं कितने किसान द्वारा कितनी-कितनी बीमित राशि दी गई थी? (ख) प्रश्‍न की कंडिका (क) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार यदि पटवारी हल्‍का नं. 8 के ग्राम कुक्‍ल्‍याखेड़ी/कोलूखेड़ी/रूपाहेड़ा के किसानों ने खरीफ फसल 2015 का बीमा कराया गया था तो क्‍या किसानों को बीमित राशि का भुगतान कर दिया गया है? (ग) प्रश्‍न की कंडिका (ख) की जानकारी अनुसार पटवारी हल्‍का नं. 8 के किसानों को बीमित राशि का भुगतान नहीं किया गया है तो कब तक कर दिया जावेगा? अगर भुगतान नहीं किया जावेगा तो क्‍यों कारण बतावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। पटवारी हल्‍का नं. 8 मुख्‍यालय कुक्‍ल्‍याखेडी अंतर्गत 181 बीमित कृषकों को कुल दावा राशि रू. 7045021.10 का भुगतान किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार। (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

किसानों को बीमा राशि का भुगतान

[सहकारिता]

13. ( क्र. 127 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍था मर्या. भैसाना के पटवारी हल्‍का नं. 8 के ग्राम कुक्‍ल्‍याखेड़ी/कोलूखेड़ी/रूपाहेडा के किसान खरीफ फसल 2015 की बीमा राशि संस्‍था प्रभारी भैसाना द्वारा पटवारी हल्‍का नं 10 लिखने के कारण बीमित राशि से वंचित रह गये हैं? (ख) प्रश्‍न की कंडिका (क) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार पटवारी हल्‍का नं. 8 के अंतर्गत आने वाले किसानों को बीमा राशि उपलब्‍ध कराने हेतु शासन द्वारा प्रश्‍न दिनाँक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? वंचित किसानों को बीमा राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? दोषी अधिकारी पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, राजगढ़ द्वारा सही पटवारी हल्का नम्बर अंकित कर संशोधित घोषणा पत्र दिनाँक 13.12.2016 को एग्रीकल्चर इंश्योरेंश कंपनी ऑफ इंडिया लि. भोपाल को भेजे गये है। बीमा कंपनी द्वारा किसानों के बीमा संबंधी दस्तावेज चाहे जाने पर बैंक द्वारा दिनाँक 23.05.2017 को दस्तावेज उपलब्ध करा दिये गये है। बीमा कंपनी से प्राप्त जानकारी अनुसार बैंक द्वारा प्राप्त संशोधित दावों को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक में रखा जाकर समिति की अनुशंसा के साथ भारत सरकार को अनुमोदन के लिये प्रेषित किया जायेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। दोषी प्रभारी समिति प्रबंधक श्री बद्रीलाल यादव को संस्था के प्रभार से हटा दिया गया है। बैंक शाखा के प्रभारी शाखा प्रबंधक श्री मेहताब सिंह राजपूत तथा शाखा पर्यवेक्षक श्री रामप्रसाद राठौर की विभागीय जाँच संस्थित की गई है।

फसलों की सिंचाई 

[जल संसाधन]

14. ( क्र. 133 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनाँक तक कौन-कौन से बांध से रबी, खरीफ की फसलों में कितनी सिंचाई हुई? कितने कृषकों ने कितने-कितने रकबा में सिंचाई की? कृषकों ने कितनी -कितनी राशि जमा की? कृषकों ने राशि नगद दी या बैंक में जमा की? कृषकों से राशि लेने का क्‍या प्रावधान है? (ख) सिवनी जिले में कौन-कौन से बांध डायवर्सन से सिंचाई नहीं हो रही है? सिंचाई नहीं होने के क्‍या कारण हैं? इसके लिये कौन दोषी है? कब तक सिंचाई होगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है । कृषकों को जलकर के बिल दिये जाते हैं एवं मनी रसीद द्वारा नगद राशि प्राप्‍त कर कोषालय में चालान के माध्‍यम रेमीटेंस की जाना प्रतिवेदित है। (ख) सिवनी जिले में 4 डायवर्सन परियोजनाएं क्रमश: गंगईटोला, पिथौरा, तिन्‍सा एवं तैमूरनाला लम्‍बे अंतराल से लगभग पूर्ण रूपेण क्षतिग्रस्‍त होने से कमांड में सिंचाई नहीं होना प्रतिवेदित है। यद्यपि इनके डूब क्षेत्र में एकत्रित जल से किसानों द्वारा खेती की जाने से शेष प्रश्‍न उत्पन्‍न नहीं होते हैं 

परिशिष्ट - ''चार ''

विधानसभा क्षेत्र बण्डा अंतर्गत नहर निर्माण

[जल संसाधन]

15. ( क्र. 144 ) श्री हरवंश राठौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा बण्डा के बावेर मटया जलाशय से नीमोन तक नहर निर्माण का सर्वेक्षण उपरांत स्वीकृति जारी हो गई है? यदि हाँ, तो नहर निर्माण का कार्य कब तक प्रारंभ होगा? (ख) नहर निर्माण में संबंधित कितने कृषकों को कितनी मुआवजा राशि का वितरण किया जा चुका है तथा कितने कृषकों को कितनी राशि का वितरण शेष है और कब तक वितरण किया जावेगा? (ग) विधानसभा क्षेत्र बण्डा में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में नहरों की सफाई के लिए किन-किन समितियों को कितनी-कितनी राशि दी गई है? नहरों की सफाई हुई थी या नहीं इसका सत्यापन विभाग के किस अमलें द्वारा कब किया है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। भू-अर्जन की कार्यवाही प्रचलित होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। जी नहीं। अवार्ड पारित होने के पश्चात। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं। (ग) विधानसभा क्षेत्र बण्डा में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में नहरों की सफाई के लिये जल उपभोक्ता संथाओं को दी गई राशि का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। प्रतिवर्ष रबी सिंचाई के पूर्व नहरों की सफाई की जाना प्रतिवेदित है, जिसका भौतिक सत्यापन तत्समय प्रभारी उपयंत्री, अनुविभागीय अधिकारी द्वारा रबी सिंचाई के पूर्व किया गया है।

परिशिष्ट - ''पाँ ''

पगरा डैम से स्वीकृत नहरों का निर्माण

[जल संसाधन]

16. ( क्र. 150 ) श्री हरवंश राठौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बण्डा के ग्राम पगरा में निर्मित डैम से कौन-कौन सी नहरों का निर्माण प्रस्तावित है, उनकी लागत बताएं? क्‍या उनके निर्माण हेतु निर्माण एजेन्सी को ठेके दिए जा चुके हैं? (ख) यदि स्वीकृत नहरों के टेन्डर हो चुके हैं तो वर्तमान में गोपालपुरा नहर निर्माण कार्य प्रारंभ क्यों नहीं हो रहा है? कब तक कार्य पूर्ण किया जावेगा? (ग) स्वीकृत नहरों में से कितनों का काम पूर्ण हो चुका है, कौन-कौन सी नहरें निर्माणाधीन हैं तथा कितनी-नहरों का निर्माण कार्य अभी प्रारंभ ही नहीं हुआ है और कब तक कार्य पूर्ण हो जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विधान सभा क्षेत्र बंडा के ग्राम पगरा डेम से पंचमनगर- गोपालपुरा नहर निर्माण कार्य प्रस्‍तावित है। नहर की लागत रू. 277.08 करोड़ एवं इस हेतु बनाई जा रही गोपालपुरा सुरंग की लागत रू. 17.89 करोड़ है। जी हाँ। (ख) एवं (ग) सुरंग निर्माण का अनुबंध दिनाँक 21.08.2015 को किया जाकर कार्य प्रारंभ किया गया है। अनुबंध के अनुसार कार्य दिनाँक 20.08.2017 तक पूर्ण किया जाना है। वन स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। गोपालपुरा नहर निर्माण का अनुबंध दिनाँक 21.04.2017 को किया गया है। निविदाकार द्वारा सर्वे कार्य प्रारंभ करना प्रतिवेदित है। अनुबंध अनुसार कार्य 30 माह में अर्थात दिनाँक 20.10.2019 तक पूर्ण किया जाना है।

खरीफ फसल बीमा वर्ष 2015 अंतर्गत क्‍लेम का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

17. ( क्र. 162 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला आगर अंतर्गत खरीफ फसल बीमा वर्ष 2015 अंतर्गत किन-किन पटवारी हल्‍कों में बीमा क्लेम का भुगतान नहीं हुआ हैं या बीमा क्लेम राशि का समायोजन कृषकों के खातों में नहीं हुआ हैं व किन कारणों से विवरण देवें? (ख) क्‍या प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रं. 478 दिनाँक 12.06.17 द्वारा प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों के संबंध में जानकारी लेने हेतु एवं कार्यवाही हेतु कलेक्टर आगर से अनुरोध किया था? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या ग्राम उदय से भारत उदय अभियान अंतर्गत प्रश्नांश (क) के संदर्भ में किसानों द्वारा मांग की गई हैं? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? पटवारी हल्‍कावार विवरण देवें? (घ) बीमा क्लेम से वंचित किसानों या ऐसे किसान जिनकों अपेक्षाकृत बहुत कम बीमा राशि मिली हैं, की समीक्षा कर पात्रतानुसार बीमा राशि भुगतान/समायोजन हेतु कोई प्रभावी कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या व कब तक विवरण देवें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना अंतर्गत दावा राशि का भुगतान वास्‍तविक उपज थ्रेश होल्‍ड उपज से कम होने पर पात्र कृषकों को किया जाता है। दावा राशि की गणना पटवारी हल्‍कावार, फसलवार, वास्‍तविक उपज, थ्रेश होल्‍ड उपज, कृषक की बीमित राशि के आधार पर की जाती है। अत: दावा राशि स्‍वाभाविकत: भिन्‍न-भिन्‍न हो सकती है। पात्रतानुसार कृषकों को दावा राशि का भुगतान नोडल बैंकों के माध्‍यम से किया जाता है।

सिंचाई परियोजनाओं की स्‍वीकृति 

[जल संसाधन]

18. ( क्र. 173 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत सुन्‍दरपुरा तालाब परियोजना एवं पार्वती नदी पर किशनगढ़ (भवास) बैराज परियोजना तथा किल्‍ला तालाब परियोजना साध्‍यता की प्रत्‍याशा में शासन के पास लंबित है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनाँक तक उक्‍त परियोजनाओं की स्‍वीकृति हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) उपरोक्‍तानुसार क्‍या उक्‍त परियोजनाओं के निर्माण कराये जाने से कम लागत में अधिक हेक्‍टेयर भूमि का रकबा सिंचित हो सकेगा क्‍योंकि डूब क्षेत्र भूमि की प्रतिपूर्ति में कोई मुआवजा राशि भी वितरित नहीं की जाना है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त परियोजनाओं की प्रथम अनुपूरक बजट 2017-18 में स्‍वीकृति प्रदान करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। सुन्‍दरपुरा जलाशय एवं किल्‍ला जलाशय की साध्‍यता क्रमश: दिनाँक 17.11.2016 एवं 28.06.2017 को प्रदान की गई है। भवास बैराज के चिन्हित स्‍थल के अपस्‍ट्रीम एवं डाउनस्‍ट्रीम में अन्‍य जल संग्रहण संरचना निर्मित होने तथा अपर्याप्‍त जल संग्रहण क्षमता होने से परियोजना तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं पाई गई है। (ख) एवं (ग) सुन्‍दरपुरा एवं किल्‍ला परियोजनाओं में निजी भूमि डूब में आ रही है। डी.पी.आर. तैयार होने पर इसका स्‍पष्‍ट आंकलन हो सकेगा। परियोजनाओं की प्रशासकीय स्‍वीकृति होने पर नियमानुसार मुआवजा भुगतान किया जायेगा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते हैं।

पुलिया का निर्माण

[लोक निर्माण]

19. ( क्र. 174 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 3331 दिनाँक 02 मार्च 2017 के उत्‍तर में बताया गया था कि राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा ग्राम मऊ से लखनवास तक लंबाई 30 कि.मी. निर्माणाधीन मार्ग पर ग्राम निवारा के समीप स्थित पुटी नाले पर पुलिया निर्माण कार्य वर्तमान में न तो प्रस्‍तावित है एवं न ही स्‍वीकृत है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नाधीन मार्ग की डी़.पी.आर. तैयार करते समय उक्‍त बारहमासी नाले पर पुलिया निर्माण कार्य को विभाग द्वारा सम्मिलित नहीं किया गया, जो कि अत्‍यंत आवश्‍यक था तथा उक्‍त नाले पर निर्मित रपटे पर आगामी वर्षाकाल में अल्‍प वर्षा में ही जलमग्‍न हो जाने से वाहन, पैदल आवागमन विद्यार्थी, गंभीर रूप से बीमार व्‍यक्ति एवं आमजन को अत्‍याधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन क्षेत्र की अत्‍यंत महत्‍व के मार्ग को सुचारू रखने व आवागमन सुलभ करने हेतु उक्‍त नाले पर पुलिया निर्माण कार्य प्रस्‍तावित कर स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी नहीं, रपटे का पहुँच मार्ग का स्‍लोप अधिक होने के कारण भारी वाहनों के आवागमन में असुविधा होती थी, अत: रपटे की पहुँच को सुविधाजनक स्‍लोप के रूप में उन्‍नयन किया गया है। अल्‍प वर्षा के समय मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से संचालित होता है तथा अधिक वर्षा के समय ही यातायात अवरूद्ध होने की संभावना बनती है। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर अनुसार। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में निर्मित रपटा अच्‍छी स्थिति में, पुनर्निर्माण की आवश्‍यकता नहीं है।

खारवां सड़क निर्माण विषयक

[लोक निर्माण]

20. ( क्र. 179 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आलोट विधानसभा क्षेञ में ताल फंटे से खारवां महिदपुर रोड़ सड़क जर्जर हो चुकी है. उसके निर्माण के लिए शासन ने कब स्वीकृति प्रदान की? ब्यौरा दें। (ख) उक्त सड़क निर्माण की लागत तथा टेंडर कॉल की स्थिति का पूर्ण ब्यौरा दें? (ग) जर्जर हो चुकी इस सड़क के निर्माण का कार्य यथाशीघ्र कब तक होगा? जो सड़क सिंहस्थ पूर्व निर्मित होना थी वह अब तक निर्मित क्यों नहीं हुई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) गोगापुर से ताल मार्ग 20.22 कि.मी. लागत रूपये 1983.61 लाख की स्‍वीकृति दिनाँक 29.06.2017 को जारी प्रश्‍नांकित मार्ग स्‍वीकृत मार्ग का ही भाग है। (ख) लागत रूपये 1983.61 लाख की है, टेण्‍डर की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनाँक 29.06.2017 को शासन के द्वारा जारी की गई है। निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जल उपभोक्‍ता समिति द्वारा कराये गये निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता

[जल संसाधन]

21. ( क्र. 186 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भितरवार विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत कितनी जल उपभोक्‍ता समिति हैं उनमें कौन-कौन निर्वाचित अध्‍यक्ष हैं उनके नाम स्‍पष्‍ट करें, निर्वाचित दिनाँक से किस-किस जल उपभोक्‍ता समिति द्वारा किस-किस समिति को कितना-कितना वित्‍तीय आवंटन स्‍वीकृत हुआ था उस में से किस-किस कैनाल पर सिंचाई हेतु क्‍या-क्‍या निर्माण कार्य कितनी-कितनी लागत से कहाँ से कहाँ तक, किस-किस ठेकेदार/ऐजेंसी से किस-किस सब इंजीनियर, सहायक यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री के सुपरवीजन में कराये गये है तथा कराये जा रहे है प्रत्‍येक कार्य वाईज कितना-कितना व्‍यय किया गया है प्रश्‍न दिनाँक को उनकी भौतिक तथा वित्‍तीय स्थिति क्‍या है? (ख) क्‍या इन निर्माण कार्यों में बहुत बड़े पैमाने पर इंजीनियरों/अधि‍कारियों की मिली भगत से भ्रष्‍टाचार हुआ है, कार्य की गुणवत्‍ता बहुत ही ज्‍यादा खराब है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी हैं उनके नाम स्‍पष्‍ट करें? यदि नहीं, तो क्‍या भोपाल से वरिष्‍ठ अधिकारी के नेतृत्‍व में टीम गठित कर प्रश्‍नकर्ता विधायक के समक्ष उक्‍त निर्माण कार्यों की जाँच कराई जा सकती है? (ग) यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍या संबंधित कर्मचारियों/अधिकारियों को बड़े भ्रष्‍टाचार करने की छूट दी गई है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। कराए गए कार्यों की गुणवत्‍ता निर्धारित मानक अनुसार होने से कोई भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। अत: पृथक से जाँच दल गठित करने की स्थिति नहीं है। जी नहीं। (घ) टेकनपुर-हरसी केनाल रोड निर्माण हेतु रू. 8807.25 लाख का प्राक्‍कलन प्रमुख अभियंता कार्यालय में परीक्षणाधीन होने से स्‍वीकृति के लिए समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

कटनी नदी पर पुल निर्माण 

[लोक निर्माण]

22. ( क्र. 189 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य की विधानसभा सत्र जुलाई 2014 की ध्‍यानाकर्षण सूचना क्रमांक 178 के उत्‍तर में कार्य प्रगति पर होना बताया गया और विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 5232 दिनाँक 08.03.2016 के उत्‍तर में पुल का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण एवं जून 2017 तक पूर्ण होना संभावित बताया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनाँक तक संभावित अवधि (जून 2017) तक कार्य अपूर्ण रहने के क्‍या कारण है और जब भू-अर्जन, सुपर स्‍ट्रक्‍चरर की ड्रांइग प्रुफ चेंकिग एवं अतिरिक्‍त कार्य पूर्ण हो चुके है, तो कार्य की प्रगति अत्‍यंत धीमी क्‍यों है, स्‍पष्‍ट करें एवं कारण बतायें? (ग) क्‍या वर्तमान में कटनी नदी पुल से होकर भारी वाहनों का आवागमन रोका गया है, जिसके चलते स्‍कूल बसों का आवागमन भी रूक गया है, यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों किया गया और पुराने पुल से स्‍कूल बसों का आवागमन कब तक प्रारंभ हो सकेगा? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा मई-जून 2017 में जिला प्रशासन को पुराने पुल में सुधार कार्य करवाये जाने एवं स्‍कूल बसों एवं हल्‍के वाहनों का आवागमन प्रारंभ करने हेतु पत्र लिखे गये है, यदि हाँ, तो लिखित पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई पत्रवार विवरण बतायें? (ड.) प्रश्‍नांश (क) से (ख) कटनी नदी पर नवीन पुल का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के लिये क्‍या कार्यवाही की जायेगी और यह कार्य कब तक पूर्ण होगा।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्य में विलंब मुख्‍यत: ठेकेदार के द्वारा कार्य में रूचि नहीं लिये जाने के कारण हुआ है। कुछ हद तक भू-अर्जन एवं ड्राइंग अनुमोदन के कारण कार्य में विलंब हुआ है। सुपर स्‍ट्रक्‍चर की ड्राइंग की प्रूफ चेकिंग कार्य प्रगति पर है। (ग) जी नहीं। पुराने पुल में कुछ क्षति होने के कारण पूर्व में यातयात पुल पर से रोका गया। वर्तमान में पुल की यथा संभव मरम्‍मत की जाकर पुल पर आवागमन चालू किया गया। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ड.) वर्तमान में ठेकेदार का अनुबंध समाप्‍त किया गया। नया ठेका निर्धारित होने के उपरांत पुल निर्माण की कार्यवाही की जावेगी। वर्तमान में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

आत्‍मा गवर्निंग बोर्ड का संचालन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( क्र. 190 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विस्‍तार सुधार कार्यक्रम के क्रियान्‍वयन हेतु जिला स्‍तर पर गठित आत्‍मा गवर्निंग बोर्ड के बैठकों एवं कार्य के संबंध में शासनादेश एवं विभागीय निर्देश क्‍या हैं और क्‍या विभाग के पत्र क्रमांक-बी-6/14/2014/14-2 दिनाँक 18.07.2017 से जिले के विधानसभा सदस्‍यों को विशेष आमंत्रित सदस्‍य के रूप में शामिल किया गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत आत्‍मा गवर्निंग बोर्ड की कटनी जिले में अगस्‍त 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक कब-कब बैठकें आयोजित की गईं? बैठकों में क्‍या निर्णय लिये गये और लिये गये निर्णयों के पालन प्रतिवेदन से अवगत करायें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के तहत आत्‍मा गवर्निंग बोर्ड की बैठकों की सूचना प्रश्‍नकर्ता को किस माध्‍यम से किसके द्वारा प्रदान की गई और बोर्ड की बैठकों में लिये गये निर्णय/पारित प्रस्‍ताव तथा पालन प्रतिवेदन की जानकारी किस प्रकार एवं कब-कब उपलब्‍ध करायी गयी? (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या विभाग एवं सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देशों का पालन किया गया? यदि हाँ, तो किस प्रकार स्‍पष्‍ट करें, यदि नहीं, तो शासनादेशों के उल्‍लघंन पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) आत्‍मा गवर्निंग बोर्ड की बैठकों एवं कार्य के संबंध में शासन आदेश एवं विभागीय निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जी हाँ। आदेश दिनाँक 18.7.2014 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) आत्‍मा गवर्निंग बोर्ड की बैठकों की सूचना पत्र के माध्‍यम से दी गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। बैठक में लिए गये निर्णय पारित प्रस्‍ताव तथा पालन प्रतिवेदन की जानकारी पत्र के माध्‍यम से संबंधितों को उपलब्‍ध करायी गई दिनाँकवार पत्र जारी करने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) भारत सरकार एवं विभाग के निर्देशों का पालन किया गया है। सामान्‍य प्रशासन विभाग से योजना के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिया गया है। शेष का प्रश्‍न नहीं उठता।

विभाग द्वारा निर्मित सड़कें

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 194 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैलाना विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2013-14 से आज दिनाँक तक लोक निर्माण विभाग द्वारा कितने सड़क निर्माण कार्य किए गए वर्षवार कार्यवार मय वित्‍तीय एवं भौतिक प्रगति के जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में कराये गये निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता सही न होने संबंधित कितनी शिकायते प्राप्‍त हुई? शिकायतों की जाँच उपरांत कौन-कौन ठेकेदार या अधिकारी दोषी पाये गये? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) रतलाम सैलाना बांसवाडा मार्ग पर पुलिया की एप्रोच क्षतिग्रस्‍त होने के संबंध में कलेक्‍टर जिला रतलाम के पत्र क्रमांक 4593/रीडर-1/2015 रतलाम दिनाँक 16.12.2015 से एवं सलमा बी पति एहसान मोहम्‍मद, निवासी सैलाना के पत्र दिनाँक 04.04.2017 से शिकायत प्राप्‍त हुई थी। उक्‍त शिकायत की जाँच कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग रतलाम के पत्र दिनाँक 29.11.2015 से एवं मार्ग नियुक्‍त स्‍वतंत्र सलाहकार मेसर्स एल.एन. मालवीय इन्‍फ्रा. प्रोजेक्‍ट्स प्रा.लि. भोपाल के पत्र दिनाँक 13.02.2016 एवं पत्र दिनाँक 05.12.2015 से जाँच प्रतिवेदन एवं तकनीकी प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया, जिसमें उक्‍त एप्रोच के प्रोटेक्‍शन वर्क प्रगतिरत होकर भारी वर्षा के कारण एप्रोच क्षतिग्रस्‍त हुई है। तकनीकी दृष्टि से कोई कमी नहीं होने के कारण कोई अधिकारी दोषी नहीं है, शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-1' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात''

कृषकों की रबी फसल वर्ष 2016-17 के उपार्जित बीज का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

25. ( क्र. 203 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) .प्र. राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम भोपाल द्वारा प्रदेश के रबी फसलों का कितने कृषकों का कितनी राशि का, कितना बीज उपार्जित किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अधीन उपार्जित बीज के विरूद्ध कितना अग्रिम भुगतान किया गया एवं कितना बकाया है? (ग) कृषकों का बकाया भुगतान कब तक किया जावेगा? (घ) बकाया भुगतान के लिये कौन दोषी है? क्या दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) म.प्र. राज्‍य बीज एवं फार्म विकास निगमभोपाल द्वारा प्रदेश के रबी वर्ष 2016-17 फसलों का 2662 कृषकों से उपार्जन किया गयाजिसका मूल्‍य 3953.53 लाख है। उपार्जित मात्रा 211241 क्विंटल है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अधीन उपार्जित बीज के विरूद्ध 3586.31 लाख का अग्रिम भुगतान किया गया एवं 367.22 लाख बकाया है। (ग) आगामी 15 दिनों में बकाया भुगतान कर दिया जावेगा। (घ) मांग अनुसार भुगतान किया जा रहा हैबकाया भुगतान के लिए कोई दोषी नहीं है। चूंकि कृषकों को अग्रिम देते समय उनके खाते के पिछले सीजन की बकाया राशि का भी समायोजन किया जाता है। अंतिम भुगतान शासन द्वारा निर्धारित उपार्जन दर के आधार पर निश्चित किया जाता है। अत: प्रक्रिया अन्‍तर्गत मांग अनुसार बकाया अग्रिम का भुगतान किया जाता है।

डामरीकरण एवं पेच वर्क कार्य की जानकारी

[लोक निर्माण]

26. ( क्र. 244 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग के जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा जनवरी 2015 से मार्च 2017 तक डामरीकरण एवं पेच वर्क कहाँ-कहाँ पर, कहाँ से कहाँ तक, कितनी कितनी लागत के कराए गये है एवं 1 मई 2017 से किस किस स्थान पर डामरीकरण एवं पेच वर्क कार्य करवाए जाना प्रस्तावित है? (ख) उक्त करवाए गये कार्य किस किस एजेंसी द्वारा किए गये तथा कितनी राशि का भुगतान सम्बंधित एजेंसी को कब-कब किया गया तथा कितनी राशि भुगतान हेतु शेष रही है? (ग) उक्त करवाए गये कार्य का मूल्यांकन किस-किस के द्वारा किया गया तथा इसकी सत्यापन कार्य पूर्णत प्रमाण पत्र किसके द्वारा जारी किया गया? प्रमाण पत्र की प्रति देवें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1', '' एवं '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं '' अनुसार, पूर्णता प्रमाण पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।

आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सालेटेकरी के सदस्‍य को हटाया जाना

[सहकारिता]

27. ( क्र. 250 ) श्री संजय उइके : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सालेटेकरी के सदस्‍य एवं संचालक श्री बालचन्‍द मेश्राम की सदस्‍यता से हटाने संबंधी बैठक दिनाँक 25/10/2016 को आहूत करने संबंधी सूचना पत्र दिनाँक 13/10/2016 को जारी किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो दिनाँक 25/10/2016 को आहूत बैठक का सूचना पत्र दिनाँक 13/10/2016 को ही स्‍थगित करते हुये आगामी दिनाँक 04/11/2016 को आहूत किया गया था किन्‍तु दिनाँक 04/11/2016 को संचालक मण्‍डल की बैठक नहीं हो पाई और बैठक स्‍थगित कर अगली तारीख हेतु अध्‍यक्ष आदिम जाति सेवा सहकारी समिति से दिनाँक 08/11/2016 को बैठक आहुत करने कोई अनुमोदन कराया गया या नहीं कराया गया? (ग) दिनाँक 04/11/2016 की बैठक में उपस्थित सदस्‍यों के हस्‍ताक्षर पंजी के पृष्‍ठ की प्रति एवं पारित प्रस्‍ताव की प्रति उपलब्‍ध करावें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) दिनाँक 04.11.2016 को संचालक मण्‍डल की बैठक आहूत नहीं की गई, शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता।

कृषक अंश भौतिक सत्यापन

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

28. ( क्र. 251 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सत्र 2016-17 में जिला खरगोन के उद्यानिकी विभागीय प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना/माइक्रो इरीगेशन योजना अंतर्गत ड्रिप अनुदान से लाभांवित समस्त हितग्राहियों की सूची उनके नाम, पता, विकासखण्ड, रकबा, फसल, कृषक अंश, कृषक अंश का डी.डी./आर.टी.जी.एस. क्रमांक एवं दिनाँक, सामग्री प्रदायकर्ता कंपनी का नाम, अनुदान राशि सहित सूची देवें। (ख) उक्त समस्त हितग्राहियों के कृषक अंश जमा संबंधी ड्रिप कंपनियों के बैंक स्टेटमेंट की प्रति देवें। (ग) दिनाँक 31 मार्च 2017 के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 5811 के जवाब में दिये गये हितग्राहियों के संतुष्टी पत्रकों में दर्ज कृषक अंश राशि एवं आर.टी.जी.एस., संबंधी ड्रिप कंपनी में.लक्ष्य एग्रो कंपनी के बैंक स्टेटमेंट के उसी आर.टी.जी.एस. क्रमांक की राशि से मेल खाती है? यदि मेल नहीं खाती है तो संबंधित विभागीय अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दस्तावेजों की प्रति देवें। (घ) बिन्दु (ग) के कौन-कौन से हितग्राहियों के भौतिक सत्यापन माह दिसम्बर 2016 एवं उन्हीं कृषकों के कृषक अंश माह जनवरी 2017 में जमा है। क्या कृषक अंश भौतिक सत्यापन के बाद में जमा किया जा सकता है? क्या यह अनियमितता है? संबंधित अधिकारी पर क्या कार्यवाही की गई? प्रति देवें।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। डी.डी./आर.टी.जी.एस. क्रमांक का विवरण उत्‍तरांश (ख) के परिशिष्‍ट के बैंक स्‍टेटमेंट में दर्ज है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) हितग्राही के संतुष्‍टी पत्रक में कृषक अंश राशि एवं बैंक स्‍टेटमेंट में मामूली अंतर है। इस संबंध में कंपनी ने स्‍पष्‍टीकरण दिया है कि कृषक द्वारा सामग्री स्‍वयं परिवहन करने/राशि को राउण्‍ड ऑफ करने के कारण कंपनी द्वारा छूट दी गई है। विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की स्थिति निर्मित नहीं है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। भौतिक सत्‍यापन दिसंबर 2016 में किया गया, कृषक अंश जनवरी 2017 में जमा किया गया। भौतिक सत्‍यापन के दौरान यदि यह पाया जाता है कि कृषक अंश जमा नहीं किया गया है तो इसे कमी मानकर अनुदान भुगतान के पूर्व पूर्ति कराई जाती है, इसमें कोई अनियमितता नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पत्रों पर की गई कार्यवाही

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

29. ( क्र. 252 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2017 से प्रश्न दिनाँक तक प्रश्नकर्ता के कितने पत्र/मेल/शिकायत, विभाग को प्रमुख सचिव/सचिव/संचालक/उप संचालक स्तरिय कार्यालय में किसी भी माध्यम से प्राप्त हुए। विषयवार दिनाँक सहित सूची देवें। इन पत्रो पर की गई कार्यवाहियों की जानकारी पत्रवार देवें। इस संबंध में कोई जाँच की गई है तो जाँच प्रतिवेदन की प्रति देवें। (ख) खरगोन जिले के बड़वाह ब्लॉक के हितग्राहियों के कृषक संतुष्टि पत्रक एवं संबंधित कंपनी के बैंक स्टेटमेंट, दोनों दस्तावेजों में प्रविष्ट कृषक अंश की राशि समान नहीं है, प्रश्नकर्ता की इस शिकायत पर उद्यानिकी विभाग/संचालक कार्यालय, भोपाल/उप संचालक, खरगोन द्वारा की गई कार्यवाही के समस्त दस्तावेजों की प्रति देवें। यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई है तो कारण बतायें। (ग) में. लक्ष्य एग्रो इंडस्ट्रीज खरगोन की कितनी शिकायत संचालक/उप संचालक स्तर पर वर्ष 2017 में प्राप्त हुई, इन शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई, शिकायतवार बतायें। जाँच प्रतिवेदन की प्रति देवें। कंपनी को ब्लैक लिस्टेड नहीं करने के कारण बतायें। (घ) वर्ष 2017 में प्रश्नकर्ता के कितने पत्रों/मेल/शिकायतों का जवाब उप संचालक,खरगोन द्वारा कब-कब दिया गया, समस्त जवाब की प्रति देवें। यदि कोई जवाब लंबित है तो पत्रवार कारण बतायें।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रश्‍नकर्ता के 17 पत्र प्राप्‍त हुए जिनके उत्‍तर प्रश्‍नकर्ता को भेजने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जाँच का प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) खरगोन जिले के बड़वाह ब्‍लॉक की प्रश्‍नाधीन शिकायत की जाँच उप संचालक उद्यान खरगोन द्वारा की गई जिसका प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उप संचालक उद्यान जिला खरगोन द्वारा उक्‍त प्रतिवेदन से प्रश्‍नकर्ता को परिशिष्‍ट '' के पत्रों से अवगत कराया है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नाधीन कंपनी के विरूद्ध उत्‍तरांश (क) के पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार शिकायतें प्राप्‍त हुई जिन पर प्रश्‍नकर्ता को पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' के पत्रों से अवगत कराया गया। जाँच प्रतिवेदन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। प्रश्‍न दिनाँक तक जाँच में ऐसा कोई तथ्‍य प्रकाश में नहीं आया जिसके आधार पर प्रश्‍नाधीन कंपनी को ब्‍लैक लिस्‍ट किया जाये। (घ) प्रश्‍नकर्ता के 15 पत्रों का उत्‍तर दिया गया, जिसकी जानकारी उत्‍तरांश (ग) के परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' में है। शेष 2 पत्रों से चाही गई जानकारी संकलित किये जाने के कारण लंबित है।

ए.डी.जे. कोर्ट हेतु भूमि‍ की उपलब्धता 

[विधि और विधायी कार्य]

30. ( क्र. 255 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के नागदा नगर में विगत दिनों ए.डी.जे. कोर्ट प्रारम्भ हो चुका है। कोर्ट के भवन की भूमि‍ उपलब्धता के लिये माननीय वरिष्ठ न्यायाधीश महोदय एवं अधिकारीयों के द्वारा शासकीय भूमि का निरीक्षण किया गया था, किन्तु शासकीय उपयुक्त भूमि‍ उपलब्ध न होने के कारण क्या निजी भूमि क्रय करने की कोई योजना है? (ख) यदि हाँ, तो कब तक ए.डी.जे. कोर्ट हेतु निजी भूमि की उपलब्धता करा दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) तक की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्टेट हाई-वे के बाय-पास रोड को फोर-लेन किया जाना

[लोक निर्माण]

31. ( क्र. 256 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा शहर में चोपाल सागर से (आई.टी.सी.) चम्बल नदी तक के रोड पर प्रति माह 6-7 लोगों की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, क्‍योंकि इस बाय-पास मार्ग पर नागदा-रूपेटा टु-लेन रोड क्रास करता है एवं इस बाय पास रोड से रतन्याखेड़ी मार्ग, बैरछा मार्ग, जुना नागदा मार्ग, चेतनपुरा मार्ग मिलते है जिससे इस रोड पर आये दिन खतरनाक एक्सीडेन्ट होते है। इस टु-लेन बाय-पास मार्ग जिसकी लम्बाई लगभग 2.00 कि.मी. है को टु-लेन से फोर लेन मार्ग में परिवर्तित करने की क्या कोई योजना है? (ख) यदि हाँ, तो यह मार्ग कब तक फोर लेन हो जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। नागदा शहर में चौपाल सागर मार्ग से (आई.टी.सी.) चंबल नदी तक के मार्ग पर वर्ष 2016 एवं 2017 में घटित दुर्घटनाओं के आंकड़ों का पुलिस अधीक्षक जिला उज्‍जैन से प्राप्‍त प्रतिवेदन संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रश्‍नाधीन टू-लेन बायपास को चार लेन में करने हेतु कोई योजना विचाराधीन नहीं है। (ख) उत्‍तर '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''आठ''

उज्जैन, इंदौर संभाग की विभिन्न न्यायालयों में रिक्त पदों की पूर्ति

[विधि और विधायी कार्य]

32. ( क्र. 259 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश की विभिन्न न्यायालयों में 3 हजार के लगभग पद स्टेनोग्राफर, क्लर्क, कम्‍प्यूटर आपरेटर एवं लिफ्टमेन के रिक्त हैं यदि हाँ, तो पद पूर्ति हेतु विभाग द्वारा क्या प्रयास किए जा रहे हैं? (ख) क्या हजारों पद रिक्त होने से प्रदेश में न्याय प्रक्रिया में अनावश्यक विलम्ब हो रहा है यदि हाँ, तो पदों की पूर्ति नहीं होने के क्या कारण हैं। (ग) प्रदेश में बढ़ती आबादी एवं प्रकरण को देखते हुए 1 जनवरी 2010 के पश्चात् विधि विभाग द्वारा कितने किस-किस स्तर के नवीन न्यायालय का गठन किया गया है या कार्यवाही प्रचलन में है। उज्जैन संभाग में कुल कितने नोटरी कार्यरत हैं किसी भी न्यायालय में नोटरी के पद किस आधार पर सृजित किये जाते हैं नियमों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराये? (घ) उज्जैन संभाग में कहाँ-कहाँ नवीन न्यायालय प्रारम्भ करने का प्रस्ताव विधि विभाग द्वारा प्रचलन में है वर्तमान में प्रदेश में कुल कितने पदों पर मा. न्यायाधीश कार्यरत है कितने पद रिक्त हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) तक की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्‍वीकृत मार्गों का निर्माण 

[लोक निर्माण]

33. ( क्र. 264 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में शहडोल संभाग में प्‍लान एवं जिला सेक्‍टर से कुल कितने नवीन मार्गों की स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई है? स्‍वीकृत दिनाँक, निविदा की स्‍वीकृत तथा लागत की जानकारी प्रदान करें? (ख) जिला अनूपपुर के अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र अनूपपुर में स्‍वीकृत कार्यों की प्रगति क्‍या है तथा मार्गों के पूर्ण होने का वर्ष एवं माह का उल्‍लेख करें। (ग) जिन मार्गों का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है वहाँ कार्य कब तक शुरू हो जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं '' अनुसार है। (ख) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'ब-1' अनुसार है। (ग) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं '' में दिये वर्णन अनुसार निश्चित तिथि बताना संभव नहीं।

पी.सी.सी. मार्ग निर्माण 

[लोक निर्माण]

34. ( क्र. 265 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर अंतर्गत चचाई से अनूपपुर पी.सी.सी. मार्ग निर्माण हेतु किस दिनाँक को कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? (ख) क्‍या निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया? यदि हाँ, तो कब से यदि नहीं, तो क्‍यों? निर्माण कार्य प्रारंभ न होने का क्‍या कारण है तथा निर्माण कार्य कब प्रारंभ किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) दिनाँक 01.11.2016 राशि रूपये 49.90 करोड़। (ख) जी नहीं। एजेन्‍सी तय न हो पाने से। निविदा प्रक्रिया की कार्यवाही प्रगति पर होने से। निश्चित तिथि बताना संभव नहीं।

गोलखेड़ी-सूखा निपानिया मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

35. ( क्र. 276 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा ता. प्रश्‍न क्रमांक 1380 तारांकित दिनाँक 05.12.2016 के उत्‍तर में गोलखेड़ी से सूखा निपानिया मार्ग क्षतिग्रस्‍त मानते हुये कार्ययोजना प्रक्रियाधीन होना दर्शित किया है तो प्रक्रियाधीन कार्ययोजना पूर्ण कर ली गयी है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो इसके क्‍या कारण रहे एवं कब तक कार्ययोजना पूर्ण कर ली जावेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित क्षतिग्रस्‍त मार्ग का सुधार कार्य कब से प्रारंभ हो जावेगा? समय-सीमा बतायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता सीमित होने के कारण न तो प्रस्‍तावित है और न ही स्‍वीकृत है। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

तरावली जोड़ से तरावली कलां मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

36. ( क्र. 277 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा भोपाल-बैरसिया मार्ग के तरावली जोड़ से तरावलीकलां तक मार्ग निर्माण कराये जाने हेतु विभाग को पत्र दिया गया था अथवा नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, है तो विभाग द्वारा इस पर क्‍या कार्यवाही की गयी है? विवरण उपलब्ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्‍तीय संसाधन की उपलब्‍धता सीमित होने के कारण किसी भी प्रकार की कार्यवाही संभव नहीं।

सटई-ज्यौरा मार्ग से भैरा मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

37. ( क्र. 300 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सटईज्यौरा मार्ग से भैरा मार्ग के निर्माण की निविदा आमंत्रित की गई थी? यदि हाँ, तो कब? निविदा की कितनी राशि थी? (ख) प्रश्नांश '''' के अनुक्रम में उक्त मार्ग के निर्माण का ठेका किस फर्म या ठेकेदार को दिया गया है? (ग) निविदा की शर्तों के अनुसार सड़क निर्माण का कार्य कब से शुरू होकर कब तक पूर्ण होना था? (घ) उक्त मार्ग का निर्माण कितना हो चुका है? क्या निविदा की शर्तों के अनुसार कार्य तय समय-सीमा एवं निर्धारित मापदंडों के अनुसार हो रहा है? यदि नहीं, तो क्यों? कार्य निर्धारित समय-सीमा में नहीं होने पर कौन-कौन जिम्मेदार है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनाँक 22.08.2016 को। रूपये 28.30 लाख की। (ख) ठेकेदार मेसर्स कलेही डेव्‍हलपर्स छतरपुर की निविदा स्‍वीकृत की गई थी। (ग) ठेकेदार द्वारा अनुबंध करने के बाद तीन माह में कार्य पूर्ण होना था। (घ) कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। निविदाकार द्वारा अनुबंध न करने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है जिस हेतु ठेकेदार जिम्‍मेदार है।

सीतामऊ में ए.डी.जे. कोर्ट प्रारंभ हेतु शासन द्वारा किए गए प्रयास 

[विधि और विधायी कार्य]

38. ( क्र. 301 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीतामऊ विकासखण्ड में प्रथम श्रेणी न्यायालय के क्षेत्रफल एवं जनसंख्या की जानकारी देवें? (ख) नारायणगढ, भानपुरा,गरोठ, जावद, ए.डी.जे. कोर्ट श्रृखला में कितना क्षेत्रफल एवं जनसंख्या है? (ग) दिनाँक 23-03-2017 के बाद सीतामऊ में ए.डी.जे. कोर्ट या श्रृखला कोर्ट प्रारंभ करने हेतु शासन द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई तथा की गई कार्यवाही की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें? (घ) सीतामऊ तहसीलदार के पत्र क्रं. 403/री/17 दिनाँक 14/02/2017 की जानकारी उपलब्ध करावें उक्त आदेश में ए.डी.जे. कोर्ट प्रारंभ करने हेतु सुविधा की क्या-क्या जानकारी तहसीलदार द्वारा दी गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) तक की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ए.डी.जे. कोर्ट के आदेश एवं संचालन

[विधि और विधायी कार्य]

39. ( क्र. 302 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर नीमच जिले में ए.डी.जे. कोर्ट एवं ए.डी.जे. की श्रृखला न्यायालय संचालित हेतु आदेश किन-किन शर्तों की पूर्ति होने के बाद न्यायालय का कार्य प्रारंभ किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित उच्च न्यायालय द्वारा आदेश देने के कितने वर्षों के बाद ए.डी.जे. कोर्ट एवं श्रृखला न्यायालय संचालित कोर्ट का कार्य प्रारंभ किया गया? (ग) सीतामऊ ए.डी.जे. कोर्ट हेतु माननीय न्यायालय द्वारा आदेश कितने वर्ष पूर्व एवं कौन से वर्ष में दिया गया था? (घ) सीतामऊ में ए.डी.जे. कोर्ट संचालित करने हेतु न्यायालय के आदेश के इतने वर्षों में आज दिनाँक तक शासन द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई विवरण उपलब्ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) तक की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पिपलोदा तहसील में जल स्‍तर का संकट 

[जल संसाधन]

40. ( क्र. 305 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा व पिपलोदा तहसील में जल स्तर लगातार घटते-घटते 1000 से 1200 फिट तक नीचे चला गया है तथा इन्हें डार्क झोन एरिया एवं सूखाग्रस्त क्षेत्र भी घोषित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्या लगातार जल स्तर गिरने के कारण रेगिस्तान क्षेत्र बनने जैसी चेतावनियां भी प्रतीत हो रही है तथा लगातार पेयजल एवं सिंचाई हेतु जल संकट बना रहता है? (ग) यदि हाँ, तो पिपलोदा तहसील अंतर्गत बानीखेड़ी (काबूलखेड़ी) डेम,मचून,अंगेठी, नांदलेटा,हतनारा, धतुरिया डेम तथा जावरा तहसील अंतर्गत खेड़ा-गोठड़ा डेम, कुच्ची घाट (कामलिया),आलमपुर ठिकरिया डेम की लगातार मांग की जा रही है? (घ) यदि हाँ, तो क्या शासन/विभाग द्वारा डी.पी.आर./कार्ययोजना/प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जाकर क्षेत्रीय जल सकंट को दृष्टिगत रख स्वीकृतियां दी जा रही हैं? तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) भू-जल असेसमेंट, 2015 के अनुसार दोनों ब्लॉक अत्यधिक दोहन के कारण डार्कजोन में वर्गीकृत हैं। जी नहीं। (ग) एवं (घ) जी हाँ। परियोजनाओं की साध्यता स्वीकृति जल ग्रहण क्षेत्र, उपलब्ध जीवित जल क्षमता तथा लागत पर निर्भर होती है। प्रश्नाधीन बानीखेड़ी (काबूलखेड़ी) बैराज की प्रति हे. लागत निर्धारित मापदण्ड से अधिक होने के कारण परियोजना वित्तीय मापदण्ड पर साध्य नहीं पाई गई। साध्‍यता प्राप्‍त परियोजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। डी.पी.आर. अंतिम होने पर प्राथमिकता पर प्रशासकीय स्‍वीकृति दी जाएगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

सीहोर-कोसमी टोल नाकों से वसूल राशि

[लोक निर्माण]

41. ( क्र. 308 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीहोर-कोसमी मार्ग पर टोल नाके स्‍थापित हैं? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ नाके लगाए गए हैं? इन नाकों पर वाहनों से कितनी-कितनी राशि वसूली जा रही है? (ख) क्‍या टोल नाकों पर आपातकालीन सेवाओं की उपलब्‍धता सुनिश्चित की गई है? यदि हाँ, तो नाकावार उपलब्‍ध सेवाओं का ब्‍यौरा दें। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या टोल नाकों के आस पास रहवासियों को टोल भुगतान में छूट दिए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम का पूर्ण ब्‍यौरा दें। कितने किमी क्षेत्र के निवासी लाभांवित होंगे? ब्‍यौरा दें। (घ) क्‍या टोल नाकों से नियमित वाहनों को मासिक पास दिए जाते हैं? यदि हाँ, तो कितने पास प्रतिमाह जारी किए जा रहे हैं और प्रति पास कितनी राशि वसूली जा रही है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) टोल नाके पर स्थानीय नागरिकों के लिये टोल से छूट नहीं है परंतु टोल नाके से 20 कि.मी. की परिधि में रहने वाले स्थानीय नागरिकों के लिये पास की सुविधा उपलब्ध है। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार।

परिशिष्ट - ''दस''

हाईवे पर दुर्घटना संभावित स्‍थलों का चयन

[लोक निर्माण]

42. ( क्र. 309 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीहोर जिले की सीमा से गुजरे इंदौर-भोपाल हाईवे पर सड़क हादसे हुए हैं? यदि हाँ, तो विगत 2 वर्ष के दौरान सीहोर जिले की सीमा में हुए हादसों का माहवार, स्‍थलवार ब्‍यौरा दें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) वार्णित हाईवे पर दुर्घटना संभावित और अधिकता वाले स्‍थलों को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो स्‍थलों का पूर्ण विवरण दें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) अनुसार दुर्घटना संभावित एवं अधिकता वाले स्‍थलों पर सुरक्षा एवं बचाव के उपायों हेतु कार्ययोजना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कार्ययोजना का ब्‍यौरा दें और कब तक अमल होगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार विगत 2 वर्ष के दौरान कुल मौत एवं अपंग हुए लोगों का माहवार ब्‍यौरा दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। पुलिस अधीक्षक जिला सीहोर से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जी हाँ। म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग एवं पुलिस विभाग से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) पुलिस अधीक्षक सीहोर से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है।

जिला सहकारी बैंक एवं सहकारी समितियों की जाँच 

[सहकारिता]

43. ( क्र. 344 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा एवं कटनी जिला सहकारी बैंक के अधीन कितने-कितने सहकारी बैंक संचालित हैं जिलावार/विधानसभावार बैंकों व स‍मितियों की पतावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितनी समितियों द्वारा खाद्यान खरीदी केन्‍द्रों में भण्‍डारन व उठाव किया की जानकारी तथा बैंकों द्वारा किसानों को योजनावार स्‍वीकृत किये गये ऋणों की जानकारी हितग्राही की संख्‍यावार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रत्‍येक बैंकों में जमा सन्ड्री क्रेडिटर्स राशि की जानकारी बैंकवार देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में प्रत्‍येक बैंकों में जमा सन्ड्री क्रेडिटर्स राशि के उपयोग के लिए प्रचलित नियमों की प्रति देवें तथा उक्‍त राशि के उपयोग तथा दुरूपयोग करने के लिए कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? अधिकारियों की सूची सहित जानकारी देवें तथा उनके विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेंगे?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) रीवा जिले में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की 21 शाखाएं तथा 148 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां कार्यरत हैं। विधानसभावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। कटनी जिले में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक जबलपुर की 9 शाखाएं तथा 54 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां कार्यरत है। विधानसभावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ख) रीवा जिले की 67 समितियों द्वारा संचालित खरीदी केन्द्रों के भंडारण एवं उठाव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। कटनी जिले की 54 समितियों द्वारा संचालित खरीदी केन्द्रों के भंडारण एवं उठाव की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- दो अनुसार है। रीवा एवं कटनी जिले में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों द्वारा वर्ष 2016-17 में किये गये ऋण वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। (ग) शाखावार  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- चार अनुसार है। (घ) बैंकों में जमा सन्ड्री क्रेडिटर्स राशि के उपयोग के लिये कोई प्रचलित नियम नहीं है। सामान्यतः जमा होने वाली राशि का स्पष्ट मद ज्ञात न होने के कारण अथवा किसी कार्य के भुगतान के लम्बित रहने संबंधी प्रविष्टियां संड्री क्रेडिटर्स मद में की जाती है। बाद में स्पष्ट मद ज्ञात होने अथवा कार्य के भुगतान किये जाने के पश्चात इन प्रविष्टियों का जमा खर्च संड्री क्रेडिटर्स मद के माध्यम से किया जाकर निराकरण किया जाता है। रीवा जिले की बैंक शाखा डभौरा में हुये गबन की जाँच में सन्ड्री क्रेडिटर्स खाते में राशि रू. 16,13,89,500/- का दुरूपयोग होना प्रमाणित पाया गया। बैंक शाखा के दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई तथा सेवा से पृथक किया गया है एवं राशि वसूली की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। कटनी जिले में सन्ड्री क्रेडिटर्स में जमा राशि के दुरूपयोग का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। दोनों जिलों की बैंक शाखाओं में सन्ड्री क्रेडिटर्स खातों के मिलान कर निराकरण किये जाने के निर्देश दिये गये है।

दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही

[लोक निर्माण]

44. ( क्र. 346 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक 1 रीवा के द्वारा जोनल टेण्‍डर के माध्‍यम से अनुबंध क्रमांक 154/डी.एल./2014-15 दिनांक 30-09-2014 के द्वारा जारी किया गया था। (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो क्‍योटी लालगाँव कटरा मार्ग का निरीक्षण प्रतिवेदन मुख्‍य अभियंता द्वारा दिनांक 13-01-201526-05-2015 एवं अधीक्षण यंत्री द्वारा दिनांक 28-02-2015 को किया गया था। (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो निरीक्षण में कार्य न करने व व्‍यय न करने हेतु कहा गया था तथा जोनल टेंडर की सूची में क्‍योटी लालगाँव कटरा मार्ग शामिल नहीं था फिर भी इस मार्ग पर एम.बी. क्रमांक-3846 के पेज नम्‍बर 57 से 67 तक 436734/- का भुगतान 08-01-2015 एवं रूपये 1508310/- का भुगतान दिनांक 31-01-2015 व रूपये 651420/- रूपये का भुगतान दिनांक 30-03-2015 को किया गया है एवं इसी माप पुस्तिका में पेज 68 से 71 पर दर्ज रूपये 1200000/- का भुगतान लंबित है? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर उपयंत्री अनुविभागीय अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री पर निलंबन की कार्यवाही की गई है किन्‍तु लंबित भुगतान न करने के दोषी अधिकारी के विरूद्ध कौन-सी कार्यवाही एवं कब तक की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। जी हाँ। दिनांक 13.01.2015 के निरीक्षण प्रतिवेदन में नवीनीकरण का कार्य न कराया जाकर मार्ग को पेच रिपेयर से मोटरेबल रखा जाये, के निर्देश दिये गये है। जी हाँ। जी हाँ। (घ) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन भुगतान के संबंध में संबंधित कार्यपालन यंत्री से स्‍पष्‍टीकरण प्राप्‍त किया जा रहा है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

45. ( क्र. 348 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सड़क विकास निगम द्वारा उज्जैन जिले की इंगोरिया से उन्हेल एवं इंगोरिया से देपालपुर व्हाया गौतमपुरा मार्ग का निर्माण कब प्रारंभ किया गया है एवं कब पूर्ण होना था? (ख) निर्माण कार्य किस एजेंसी के द्वारा किया जा रहा है एवं क्या-क्या कार्य किया गया है? इन दोनों सड़कों के निर्माण की लागत कितनी थी तथा एजेंसी को भुगतान कितना किया गया? (ग) क्या निर्माण एजेंसी के द्वारा समय-सीमा में दोनों सड़कों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है? यदि हाँ, तो तारीख एवं वर्ष बतावें। यदि समय-सीमा में सड़कों का कार्य पूर्ण नहीं किया गया, तो इस अपूर्ण कार्य के लिये कौन दोषी है तथा उन पर क्या कार्यवाही की गई है? (घ) क्या सड़क के दोनों तरफ की साईड भराई का कार्य भी नहीं किया गया है जिसके कारण कई दुर्घटना हो रही है? इसके लिये कौन जिम्मेदार है? विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है तथा यह कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। समय पर कार्य नहीं करने की स्थिति में ठेकेदार ही दोषी है एवं उस पर अनुबंधानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) इन्‍गोरिया-उन्‍हेल मार्ग एवं बिरगोदा-इन्‍गोरिया मार्ग पर साईड भराई का कार्य प्रगतिरत है। जी नहीं। कोई नहीं। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। उक्‍त कार्य हेतु कॉन्‍ट्रेक्‍टर को निर्देश दिये गये हैं। कार्य शीघ्र पूर्ण होने की संभावना है।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

कृषि उपज मण्डियों में किये गये निर्माण कार्य

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

46. ( क्र. 349 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में कितनी अनाज मण्डियाँ हैं तथा इन मण्डियों से कितने राजस्व की प्राप्तियां पिछले 3 वर्षों के दौरान हुई हैं? (ख) प्राप्त राजस्व से बड़नगर कृषि उपज मण्डियों में पिछले 3 वर्षों में किसान कल्याण हेतु क्या-क्या निर्माण कार्य किये गये, कितनी लागत के कार्य किये गये? इन कार्यों को कौन सी एजेंसी से करवाया गया? निर्माण कार्यों का सत्यापन किन-किन अधिकारियों के द्वारा किया गया तथा कौन-कौन सी सुविधाओं का विस्तार किया गया और इस कार्य हेतु कितना व्यय मण्डी निधि से तथा कितना व्यय शासन की निधि से किया गया? वर्षवार जानकारी प्रदान करें। (ग) आगामी वर्षों में किसान कल्याण हेतु और कौन-कौन से कार्य किये जाने हैं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) बड़नगर विधानसभा क्षेत्र में एक मुख्‍य मंडी बड़नगर एवं उसकी 04 उपमडियाँ-भाटपचलानाखरसौदकलांलोहाना व रूनिजा है। इन मंडी/ उपमंडियों से विगत 03 वर्षों में कुल राशि रू 03,47,57,272/- राजस्‍व प्राप्‍त हुआ हैविस्‍तृत वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) कृषि उपज मंडी बड़नगर में प्रश्‍नांश अवधि में कराये गये निर्माण कार्यों के नामलागत, एजेंसी का नाम, सत्‍यापनकर्ता अधिकारियों के नामनिर्मित सुविधाओं का विस्‍तार कार्य के नाम एवं निधि आदि की जानकारी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) किसान कल्‍याण हेतु आगामी वर्षों में स्‍थाई निधि से राशि रू. 201.56 लाख के विकास कार्यों को कराया जाना प्रस्‍तावित हैजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है।

अनुदान योजनाओं का क्रियान्वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

47. ( क्र. 369 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में वर्ष 2016-17 में कितने किसानों को अनुदान योजनाओं से लाभ प्रदान किया गया है? योजनावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार अनुदान पर बीज वितरण, कृषि यंत्र वितरण की अनुदान राशि की जानकारी योजनावार देवें? (ग) विकासखंड पानसेमल के अन्‍तर्गत विगत 3 वर्षों में कृषि स्‍थाई समिति की कितनी बैठकें आयोजित की गई? आयोजित बैठकों के कार्यवाही विवरण की जानकारी देवें एवं बैठक में कौन-कौन अपेक्षित होते हैं, की जानकारी देवें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) विकासखंड पानसेमल के अंतर्गत विगत 3 वर्षों में कृषि स्‍थाई समिति की 17 बैठकें आयोजित की गई। बैठक में जनपद पंचायत की कृषि स्‍थाई समिति के अध्‍यक्ष एवं सदस्‍यगण अपेक्षित होते हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

गन्‍ना विकास परिषद् बनाने की योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

48. ( क्र. 376 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश एवं नरसिंहपुर जिले में 2017-18 में कितने हेक्टेयर में गन्ना उत्पादित किया जाना है? (ख) प्रदेश एवं जिलों में गन्ना विकास परिषद् बनाने की क्या योजना है? (ग) गन्ना विकास परिषद् बनाने से किसानों को क्या-क्या लाभ होगा? (घ) स्‍वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट (अक्‍टूबर 2006) के अनुसार प्रदेश की गन्‍ना नीति में क्‍या-क्‍या प्रावधान रखे गये हैं? (ङ) स्‍वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार गन्‍ना किसानों को क्‍या-क्‍या लाभ दिये जा रहे हैं? यदि नहीं, दिये जा रहे हैं तो उसके लिये दोषी कौन है? कब तक स्‍वामीनाथन कमेटी लागू की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) 2017-18 में मध्‍यप्रदेश में लगभग 134000 हेक्‍टेयर (अनुमानित) क्षेत्र में एवं नरसिंहपुर जिले में लगभग 65206 हेक्‍टेयर (अनुमानित) क्षेत्र में गन्‍ना उत्‍पादित किया जाना प्रस्‍तावित है (ख) प्रदेश एवं जिलों में गन्‍ना विकास परिषद् बनाने की योजना नहीं है। अपितु शक्‍कर कारखाने के रक्षित क्षेत्र हेतु मध्‍यप्रदेश गन्‍ना (प्रदाय एवं नियमन) अधिनियम 1958 की धारा (5) में गन्‍ना विकास परिषद् स्‍थापित करने की योजना है। (ग) गन्‍ना विकास परिषद् बनाने से परिषद् के कार्यों द्वारा गन्‍ना कृषकों को युक्तियुक्‍त लाभ संभावित है, जिनका विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) स्‍वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट (अक्‍टूबर 2006) के अनुसार प्रदेश की गन्‍ना नीति 2007 में प्रावधान नहीं किये गये है। (ड.) स्‍वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट में गन्‍ना कृषकों का स्‍पष्‍ट उल्‍लेख नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

कार्यपालन यंत्री एवं अनुविभागीय अधिकारियों की जानकारी

[लोक निर्माण]

49. ( क्र. 401 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग भ/स जिला सागर में विगत एक वर्ष में कितने कार्यपालन यंत्री/अनुविभागीय अधिकारी ने पदस्‍थ/प्रभारी के रूप में कार्य किया? (ख) किन-किन कार्यपालन यंत्री/अनुविभागीय अधिकारी ने कब-कब कितने दिनों का अव‍काश लिया? (ग) यदि पदस्‍थ कार्यपालन यंत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी ने बार-बार अवकाश लिया है, तो उसका क्‍या कारण रहा? (घ) यदि उक्‍त अधिकारियों के बार-बार अवकाश पर जाने से विकास कार्य प्रभावित हो रहा है, तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार। (घ) जी नहीं। अधिकारियों के अवकाश पर जाने की स्थिति में कार्य समकक्ष अधिकारी को सौंपे जाने से कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

बलराम तालाबों का निर्माण 

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

50. ( क्र. 412 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं ग्‍वालियर राजस्‍व संभाग में वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 में कितने बलराम तालाब स्‍वीकृत किये गये? प्रश्‍न दिनांक तक कितने तालाबों का निर्माण हो गया है? कितने निर्माणाधीन हैं? जो निर्माणाधीन है, उन्‍हें क्‍या सब्सिडी प्रदान कर दी गयी है? यदि हाँ, तो वे कब तक पूर्ण हो जायेंगे? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत क्‍या स्‍वीकृत सभी बलराम तालाबों का निर्माण स्‍वीकृत भूमि पर ही किया गया है? क्‍या इसका भौतिक सत्‍यापन किया गया है कि तालाबों का निर्माण स्‍वीकृत सर्वे नंबर और भू-स्‍वामी के नाम वाली भूमि पर निर्मित है? ऐसे कितने तालाब हैं जो स्‍वीकृत भूमि पर निर्मित नहीं है? ऐसे प्रकरणों पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गयी है? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत क्‍या रायसेन जिले के तहसील गोहरगंज के ग्राम गुराड़ी के सर्वे नं. 77 81 में स्‍वीकृत तालाबों का निर्माण हो चुका है? यदि हाँ, तो उसी भूमि पर हुआ है? क्‍या उक्‍त तालाबों का भौतिक सत्‍यापन भी किया गया है? क्‍या उक्‍त प्रकरणों की शिकायत रायसेन कलेक्‍टर को की गयी है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गयी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) भोपाल एवं ग्‍वालियर संभाग में वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 में कुल 3376 बलराम तालाब स्‍वीकृत किये गये, प्रश्‍न दिनांक तक 2394 बलराम तालाबों का निर्माण हो गया है एवं 86 बलराम तालाब निर्माणाधीन है, जिन बलराम तालाबों का 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है, उन्‍हें नियमानुसार अनुदान की प्रथम किश्‍त प्रदान की गई है। बलराम तालाब का निर्माण स्‍वयं कृषक के द्वारा किया जाता है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत स्‍वीकृत सभी बलराम तालाबों का निर्माण स्‍वीकृत भूमि पर ही किया गया है एवं इनका भौतिक सत्‍यापन भी किया गया है। तालाबों का निर्माण स्‍वीकृत सर्वे नं. और भू-स्‍वामी के नाम वाली भूमि पर किया गया है। समस्‍त तालाब स्‍वीकृति भूमि पर ही निर्मित है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत रायसेन जिले के तहसील गोहरगंज के ग्राम गुराड़ी के सर्वे नं. 77 एव 81 में स्‍वीकृत तालाबों का निर्माण कार्य कृषकों द्वारा 50 प्रतिशत पूर्ण किया गया है। जो स्‍वीकृत भूमि खसरा नं. 7781 पर ही किया गया है। उक्‍त तालाबों का भौतिक सत्‍यापन किया गया है। प्रकरण की शिकायत कलेक्‍टर जिला रायसेन को की गई थी, शिकायत का निराकरण कर दिया गया है।

मतदाता सूची एवं मतदाता परिचय पत्र में उम्र एवं नाम सुधार की जानकारी

[विधि और विधायी कार्य]

51. ( क्र. 430 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी को वर्ष 2015 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में कितनी राशि राज्‍य शासन द्वारा प्रदान की गई? इसमें से मतदाता सूची के सुधार एवं मतदाताओं के नवीन फोटो परिचय पत्र जारी करने एवं सुधारने में कब-कब कितनी-कितनी राशि खर्च की गई का विवरण उपरोक्‍त अवधि से प्रश्‍नांश दिनांक तक का दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में मतदाता सूची एवं मतदाता परिचय पत्र में अंकित नाम एवं उम्र के सुधार बाबत् जिला स्‍तर एवं शासन स्‍तर से कब-कब कौन सी कार्यवाही की गई? मतदाता सूची में नाम एवं उम्र सुधारने हेतु मतदाताओं का सत्‍यापन कब-कब किया गया? सत्‍यापन उपरांत उम्र सुधारने की कार्यवाही कितने लोगों की जिले के अंदर की गई? तहसीलवार बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार मतदाता सूची एवं मतदाता परिचय पत्र में नाम एवं उम्र न सुधारने के कारण पात्र वृद्ध व गरीब सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से वंचित हो रहे हैं, साथ ही रेल्‍वे में यात्रा के दौरान मिलने वाली सुविधाओं से भी वंचित हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार उम्र सुधार की कार्यवाही न करने, पुराने मतदाता सूची अनुसार आगे भी मतदाता सूची में उम्र दर्ज किये जाने के दोषियों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? साथ ही मतदाता सूची एवं परिचय पत्र में उम्र एवं नाम सुधार बाबत् मौके पर सत्‍यापन कराने की कार्यवाही कब तक करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) रीवा जिले में वर्ष 2015 से प्रश्नांश दिनांक तक प्रदाय राशि एवं व्यय का विवरण  संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 पर है। (ख) आयोग के निर्देशानुसार  मतदाता सूची एवं मतदाता परिचय पत्र में अंकित नाम एवं उम्र की त्रुटि सुधार के साथ साथ नवीन मतदाताओं का पंजीयन एवं मृत मतदाताओं के नाम हटाने सम्बन्धी समस्त कार्यवाहियों  हेतु वर्ष 2015, 2016 एवं 2017 में संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य किया गया। दिनांक 01.03.2016 से 31.08.2016 तक निर्वाचक नामावली का शुद्धिकरण अभियान (NERP 2016) में भी उक्त कार्य किया गया है। मतदाता सूची में त्रुटि सुधार, पंजीयन, निरसन हेतु सतत्  अद्यतन के अन्तर्गत कार्य निरन्तर जारी है। प्रश्नांश दिनांक तक रीवा जिले में त्रुटि सुधार हेतु 76202 आवेदन पत्र का निराकरण किया गया है। विधानसभावार विवरण  संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 में दर्शित किया गया है। (ग) यह सही नहीं है। मतदाता सूची एवं मतदाता परिचय-पत्र में नाम एवं उम्र सुधारने की कार्यवाही निरंतर की जाती है। शेष भाग विभाग से सम्बंधित नही है। (घ) मतदाता सूची में त्रुटि सुधार संबंधी, जिसमें उम्र, नाम, पता आदि के सुधार सम्मिलित है आवेदक द्वारा प्रस्तुत आवेदन, दस्तावेजों के आधार पर सुधार की कार्यवाही निरंतर की जाती है। यदि संबंधित अधिकारी द्वारा कार्यवाही नहीं की जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। 

परिशिष्ट - '' चौदह ''

सीमेन्‍ट-कंक्रीट की गुणवत्‍ता का परीक्षण

[जल संसाधन]

52. ( क्र. 431 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जल संसाधन विभाग द्वारा जारी की गई ई.यू.एस.आर. और विभाग के गुणवत्‍ता नियंत्रण नियमावली में दिये गए प्रावधानों का मैदानी घनक/मिट्टी के सघन परीक्षण, फ्लैकिनेशन, इण्‍डेक्‍स/कण आकार के वितरण रेट में गाद का परीक्षण सीमेन्‍ट-कंक्रीट का परीक्षण अपर पुरवा नहर संभाग रीवा एवं सिंहावल नहर संभाग चोरहट के निर्माण के दौरान किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या सामग्री, सीमेन्‍ट, कंक्रीट/प्रवलित सीमेन्‍ट-कंक्रीट के गुणवत्‍ता परीक्षणों की आवृत्ति काफी कम आवश्‍यक नमूने के 0.24 प्रतिशत से लेकर 5.21 प्रतिशत तक थी, पर टिप्‍पणी लेखा परीक्षक ग्‍वालियर द्वारा वर्ष 2016 के प्रतिवेदन क्रमांक 03 में की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) के कार्य में गुणवत्‍ता की कमी एवं विभाग के गुणवत्‍ता नियमावली के अनुसार न कराकर घटिया एवं गुणवत्‍ता विहीन कराये गए कार्य की जाँच वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा कब करायी गई, अगर जाँच करायी गई तो जाँच की प्रति देते हुए बतावें कि कौन-कौन दोषी है? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) के कार्य गुणवत्‍ता विहीन एवं मानक स्‍तर से हटकर कराये जाने के लिए कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या गुणवत्‍ता विहीन कार्य कराये जाने एवं ठेकेदार को लाभ पहुंचाये जाने पर ठेकेदार सहित संबंधितों के विरूद्ध धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध कराते हुए राशि की वसूली करायेंगे? हाँ तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जी हाँ। वर्ष 2016 में महालेखाकार लेखा परीक्षा भोपाल द्वारा लोवर सिंहावल नहर संभाग चुरहट का लेखा परीक्षण नहीं किया गया अपितु वर्ष 2016 में अपर पुरवा नहर संभाग रीवा के लेखों का लेखा परीक्षण महालेखाकार लेखा परीक्षा भोपाल द्वारा किया जाना प्रतिवेदित है। प्रतिवेदन की कंडिका 3 में प्रश्‍नांश में पूछे गये तथ्‍य उल्‍लेखित नहीं है। प्रतिवेदन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अत: जाँच कराने अथवा अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने की स्थिति नहीं है। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

सिन्‍ध नदी पर पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

53. ( क्र. 477 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मान. मुख्‍यमंत्री मध्‍यप्रदेश की घोषणा क्रमांक बी 1751 दिनांक 27.2.2016 में टेहनगुर से हिलगवाँ मार्ग पर सिन्‍ध नदी पर पुल निर्माण के लिए की गई थी? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही हुई? छायाप्रति सहित जानकारी दें। (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल के पत्र क्र. 13668 दिनांक 29.5.2017 प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग भोपाल को स्‍वीकृति एवं निर्माण की कार्यवाही हेतु पत्र जारी किया गया? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) में भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत टेहनगुर से हिलगवाँ मार्ग पर सिन्ध नदी पर पुल का निर्माण व स्‍वीकृति कब जारी की जायेगी? समयावधि सहित जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) में पुल निर्माण की डी.पी.आर. 2529.94 लाख रूपये की प्रधानमंत्री सड़क परियोजना के अंतर्गत तैयार की गई स्‍वीकृति प्रदान करने में विलंब क्‍यों हो रहा है? कब तक कार्यवाही पूर्ण हो जायेगी? मा. मुख्‍यमंत्री मध्‍यप्रदेश घोषणा का परिपालन कब तक पूर्ण हो जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रस्‍तावित पुल के एक ओर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत एवं दूसरी ओर मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत मार्ग होने से प्रस्‍तावित कार्य मान. मुख्‍यमंत्री कार्यालय को म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण अथवा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के माध्‍यम से कराये जाने हेतु अनुरोध किया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। पत्र क्रमांक 13668 दिनांक 29.05.17 नहीं अपितु पत्र क्रमांक 13667 दिनांक 29.05.2017. जानकारी उत्‍तरांश (क) अनुसार। (ग) वर्तमान में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है। समयावधि बताना संभव नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार। वर्तमान में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पन्‍द्रह''

प्रस्‍तावित प्राक्‍कलनों में स्‍वीकृत निर्माण एवं पुरानी सड़कों की मरम्‍मत 

[लोक निर्माण]

54. ( क्र. 512 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गुना जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा शासन को गत वर्ष (2015-16) एवं वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में किसी सड़कों के प्राक्‍कलन भेजे गये थे? कितनी सड़कों की स्‍वीकृति दी गई? कितनी लंबित हैं? क्‍या उनका बजट आवंटन होगा? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित तथ्‍यों के अनुसार गुना जिले में स्‍वीकृत सड़कों के लिये पर्याप्‍त स्‍टॉफ है? यदि नहीं, तो क्‍या स्‍वीकृत सड़कों के निर्माण और मरम्‍मत कार्यों में विभाग नवीन स्‍टॉफ रखेगा? यदि हाँ, तो कब तक? विवरण दें। (ग) लोक निर्माण विभाग गुना द्वारा शासन को गुना जिले में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में भेजे गये सड़कों भवनों के प्राक्‍कलनों में से कितने लंबित हैं? उनकी स्‍वीकृति एवं आवंटन तथा निर्माण कब तक करायेंगे? (घ) गुना जिले में अंतर्राज्‍यीय एवं अं‍तर्जिलों की सड़कों के प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर लंबित है या स्‍वीकृत हैं? यदि नहीं, तो उन प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति कब तक होगी? कारण सहित विवरण देवें

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ख) जी हाँ, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है।

संलिप्‍तों पर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही

[सहकारिता]

55. ( क्र. 516 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय उपायुक्‍त सहकारिता मुरैना द्वारा नोटशीट दिनांक 29.10.2015 में नोटशीट कार्यवाही संपन्‍न होने के उपरांत नो‍टशीट कार्यवाही को काटकर सेवा सहकारी संस्‍था रजौधा में फर्जी उपाध्‍यक्ष माताराम की उपस्थिति दर्शाकर और फर्जी तरीके से उसके द्वारा संस्‍था अध्‍यक्ष के कथित आवेदन पर हस्‍ताक्षर करवाकर नोटशीट को पुन: संपादित किया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त कृत्‍य में संलिप्‍त उपायुक्‍त/लिपिक कौन-कौन थे और उन पर अब तक कोई भी कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में किये गये कृत्‍य ही आदेश क्र. विधि/2016/454/मुरैना दिनांक 04.03.2016 जारी करने का एक आधार बना और संस्‍था एवं संस्‍था अध्‍यक्ष की सामाजिक साख को अपूर्णीय क्षति हुई, जिसकी भरपाई हेतु क्‍या षडयंत्र में लिप्‍त कर्मचारी/अधिकारी पर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जा सकेगी? (ग) क्‍या उक्‍त प्रकरण की जाँच फर्जी नोटशीट बनाने में संलिप्‍त उपायुक्‍त जो वर्तमान में संयुक्‍त उपायुक्‍त हैं, को ही दे दी गयी? जिससे जाँच में कार्यवाही किया जाना संभव हीं नहीं है? उपरोक्‍त कृत्‍य में संबंधित पर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही हेतु क्‍या समय-सीमा निर्धारित की जा सकेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) नोटशीट दिनांक 29.10.2015 में पीठासीन अधिकारी द्वारा हस्‍ताक्षर करने के उपरांत प्रथम दृष्‍ट्या लिपिक श्री आलोक त्रिवेदी द्वारा आगामी पेशी दिनांक 05.11.2015 नियत, शब्‍दावली को काटकर संस्‍था उपाध्‍यक्ष माताराम की उपस्थिति दर्शाकर आगामी पेशी दिनांक 05.11.2015 लिखा गया। उक्‍त कृत्‍य में संलिप्‍त लिपिक श्री आलोक त्रिवेदी सहायक ग्रेड-तीन को उप आयुक्‍त, सहकारिता जिला मुरैना द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 30.06.2017 जारी किया गया है। (ख) प्रश्‍नांश में दर्शित आदेश पर स्‍टे है तथा अपील न्‍यायिक विचाराधीन होने से शेष प्रश्‍नांश का उत्‍तर आवश्‍यक नहीं। (ग) दिनांक 02.05.2016 को संयुक्‍त आयुक्‍त मुरैना को जाँच दी गई थी, तत्‍समय तत्‍कालीन उप आयुक्‍त सहकारिता जिला मुरैना संयुक्‍त आयुक्‍त मुरैना नहीं थे। वर्तमान में संयुक्‍त आयुक्त मुरैना का प्रभार तत्‍कालीन उप आयुक्‍त के पास ही होने से जाँच अन्‍य अधिकारी को दी गई है। शेष जाँच निष्‍कर्षाधीन।

आई.सी.डी.पी. मुरैना द्वारा निर्माण कार्य

[सहकारिता]

56. ( क्र. 517 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एकीकृत सहकारी विकास परियोजना मुरैना में वर्ष 2015-16 में कितना मद प्रदाय किया गया? ऋण समिति द्वारा स्‍वीकृत मद के विरूद्ध कितना ऋण स्‍वीकृत किया गया? संस्‍थावार जानकारी दी जा सकेगी। (ख) क्‍या जिला मुरैना में म.प्र. गृह निर्माण मण्‍डल को निर्माण एजेंसी बनाया गया है या बनाये जाने की प्रक्रिया विचाराधीन है? यदि हाँ, तो क्‍या यह नियम संगत है? (ग) क्‍या ऋण समिति द्वारा जिला मुरैना में एवं जिला श्‍योपुर में निर्माण एजेंसी हेतु पृथक-पृथक प्रक्रिया अपनाई गयी है? आई.सी.डी.पी. की निर्माण नीति की प्रति उपलब्‍ध कराई जावे। (घ) जिला मुरैना में म.प्र. गृह निर्माण मण्‍डल द्वारा एवं जिला श्‍योपुर में ओपन टेण्‍डर द्वारा निर्माण कार्य कराये जाने प्रस्‍तावित है? निर्माण कार्य कराने की प्रक्रिया में विसंगति क्‍यों है? क्‍या ऐसा करने के लिए शासन से अनुमति प्राप्‍त कर ली गयी है?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) राशि रू. 755.17 लाख। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। कलेक्टर मुरैना की अध्यक्षता में आयोजित परियोजना की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक दिनांक 13.06.2017 के कार्यवृत्त में विषय क्रमांक 03 के निर्णय अनुसार मुरैना जिले की सेवा सहकारी संस्थाओं में प्रस्तावित गोदामों के निर्माण हेतु एम.पी. हाउसिंग बोर्ड मुरैना को निर्माण एजेन्सी नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली द्वारा परियोजना की स्वीकृत आदेश की शर्तों के परिशिष्ट-10 के बिन्दु क्र.15 के अनुसार हितग्राही संस्था निर्माण कार्य के लिए स्वयं उत्तरदायी है एवं संस्थाओं के गोदाम निर्माण कार्य राज्य की अन्य किसी सेन्ट्रल एजेन्सी से नहीं कराया जाएगा। कलेक्टर मुरैना को निगम की निर्धारित शर्तों के अधीन कार्यवाही हेतु आयुक्त सहकारिता के अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 299 दिनांक 04.07.2017 से कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु लेख किया गया है। (ग) जी नहीं। निगम के स्वीकृति आदेशों के प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (घ) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नालियों के निर्माण की जाँच

[जल संसाधन]

57. ( क्र. 519 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चन्‍दला विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई हेतु जल उपभोक्‍ता संस्‍था द्वारा काण्‍डाकार से बनी नालियों के घटिया निर्माण की जाँच किस-किस निर्माण एजेंसी से करायी गयी? (ख) वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक वरिष्‍ठ कार्यालय व विभाग द्वारा गठित जाँच एजेंसी में कौन-कौन से अधिकारी हैं? उनके नाम, पद कार्यस्‍थल/जाँच स्‍थल का पता, दिनांक सहित सूची प्रदाय करें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित जाँच कमेटी/जाँच दल द्वारा विधिवत् तरीके से जाँच नहीं की गयी? यदि हाँ, तो क्‍यों? कारण बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (ख), (ग) में वर्णित अधिकारियों के विरूद्ध सही जाँच न करने पर क्‍या एवं कब तक कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जल उपभोक्ता संस्‍था द्वारा बनाई गई नालियों की जाँच अधीक्षण यंत्री, कमाण्ड क्षेत्र विकास संचालनालय भोपाल, अधीक्षण यंत्री, बरियारपुर उर्मिल परियोजना मण्डल छतरपुर, परियोजना प्रशासक सागर, आयुक्त, कमाण्ड क्षेत्र विकास संचालनालय भोपाल तथा मध्यप्रदेश विधान सभा कृषि विकास समिति की उप समिति के सदस्यों द्वारा कराई जाना प्रतिवेदित है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) जाँच विधिवत् तरीके से की गई होने से किसी अधिकारी के विरूद्ध जाँच कराने की स्थिति नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''सोलह''

सयानी नदी पर स्‍टॉप डेम का निर्माण

[जल संसाधन]

58. ( क्र. 525 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 10/03/2017 को ग्राम-मुहालकलां तह. खिरकिया, जिला हरदा में नहर नहीं होने से ग्राम से गुजर रही सयानी नदी पर स्‍टॉप डेम बनाये जाने के संबंध में प्रस्‍तुत की गई याचिका पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या विभाग द्वारा उक्‍त नदी पर स्‍टॉप डेम निर्माण किये जाने के संबंध में कोई योजना अथवा प्रस्‍ताव पारित किया है? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त नदी पर स्‍टॉप डेम का निर्माण कब तक कर लिया जावेगा? (घ) यदि नहीं, तो उसका क्‍या कारण है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) मान. प्रश्‍नकर्ता के याचिका क्र. 4704 दिनांक 10.03.2017 में उल्‍लेखित ग्राम मुहालकलां में चिन्हित स्‍टॉप डेम में उपलब्‍ध जीवित जल क्षमता अपर्याप्‍त होने से परियोजना तकनीकी मापदण्‍ड पर असाध्‍य है। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

तालाबों एवं बांधों का मरम्‍मत कार्य

[जल संसाधन]

59. ( क्र. 530 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिंचाई विभाग द्वारा कुल कितने जलाशयों का निर्माण कराया गया है? वर्तमान में इन जलाशयों की क्‍या स्थिति है? कौन-कौन से जलाशय क्षतिग्रस्‍त हैं, जिनकी मरम्‍मत कराया जाना अत्‍यंत आवश्‍यक है? (ख) विगत 3 वर्षों में शासन द्वारा किन-किन तालाबों की मरम्‍मत करवाई गई है? कुल कितनी राशि कहाँ-कहाँ खर्च की गई है? (ग) शासन द्वारा इन जलाशयों के संचालन एवं संधारण, मरम्‍मत हेतु विगत