मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2021 सत्र


बुधवार, दिनांक 17 मार्च, 2021


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



डेयरी विकास/बैक्‍यार्ड पोल्ट्री फार्म योजना का क्रियान्‍वयन

[पशुपालन एवं डेयरी]

1. ( *क्र. 317 ) श्री संजय उइके : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                 (क) क्या जनजातीय कार्य विभाग द्वारा विभाग को आदिवासी हितग्राहियों हेतु डेयरी विकास परियोजना एवं बैक्‍यार्ड पोल्ट्री फार्म योजना अंतर्गत राशि प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक किस-किस योजना में कितनी-कितनी राशि कब-कब प्राप्त हुई, कब कितनी राशि समर्पित की गई, कब कितनी राशि पुनरावंटन में प्राप्त हुई? (ख) डेयरी विकास परियोजना में किन-किन जिलों में कितनी राशि कब आवंटित की गई? आवंटन के विरूद्ध                                  कौन-कौन सी सामग्री/उपकरण कितनी-कितनी राशि के कब खरीदे गए, योजनानुसार कितनी समितियों का गठन किया गया एवं कितनी समितियों का नहीं किया गया? योजनानुसार प्रत्येक समिति को कितनी मात्रा का दुग्ध एकत्रीकरण/उत्पादन किया जाना था, उसके विरूद्ध कितना किया गया, समिति द्वारा प्रति माह कितनी राशि का दुग्ध एकत्रीकरण/उत्पादन किया गया?                                      (ग) बैक्‍यार्ड पोल्ट्री फार्म योजना में किन-किन जिलों में कितनी राशि किन कार्यों/प्रशिक्षण/खरीदी में व्यय की गयी? योजनावार समिति/हितग्राहियों के खातों में कितनी राशि कब डाली गई एवं कितनी राशि शेष है, योजनानुसार प्रश्न दिनांक तक कितना कार्य पूर्ण हो चुका है? व्यय की जानकारी देवें।

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) :  (क) जी हाँ। वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा महिला आदिवासी हितग्राहि‍यों के लिए महिला आदिवासी डेयरी विकास परियोजना प्रदेश के 06 जिलों में क्रियान्‍वयन हेतु वर्ष 2015-16 में स्‍वीकृत की गई। परियोजना हेतु विमुक्‍त राशि रू. 3747.28 में से कुल राशि रू. 3722.28 लाख का उपयोग किया गया। शेष राशि रू. 25.00 लाख को पुनर्विनियोजन कर जिला जबलपुर में ई.टी.पी. संयंत्र की स्‍थापना हेतु जबलपुर दुग्‍ध महासंघ को प्रदाय की जाएगी तथा वर्ष 2017-18 में प्राप्‍त राशि रू. 707.70 लाख जो के-डिपोजिट में जमा है, आहरण करने की कार्यवाही प्रचलन में है। योजना का क्रियान्‍वयन धार, झाबुआ, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, जिलों में किया गया, जिसमें प्रथम 02 वर्ष के लिए निर्धारित 240 दुग्‍ध समिति गठन का लक्ष्‍य था, जो शत-प्रतिशत प्राप्‍त किया गया। जिलेवार आवंटित राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जिलेवार आवंटित राशि से खरीदी गई सामग्री/उपकरण का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। परियोजना के तहत जिलेवार प्रत्‍येक समिति के प्रत्‍येक सदस्‍य से प्रतिदिन 03 लीटर के दूध संकलन/एकत्रीकरण लक्ष्‍य के विरूद्ध किये गये संकलित/एकत्रित दूध तथा दुग्‍ध उत्‍पादों के लिये भुगतान की गई राशि की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) बैक्‍यार्ड पोल्‍ट्री फार्म योजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

वन सम्पत्ति के नुकसान पर कार्यवाही

[वन]

2. ( *क्र. 4536 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) दिनांक 01 जनवरी, 2019 से प्रश्न दिनांक तक ग्वालियर जिले में वन विभाग द्वारा वन सम्पदा को क्षतिग्रस्त, चोरी करने, नुकसान करने, अवैध उत्खनन करने, वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने या वन सम्पदा को नष्ट करने बाबत् किन-किन व्यक्तियों पर किस-किस प्रकार का अवैध कार्य वन सम्पदा को नुकसान करने पर वन विभाग द्वारा किस एक्ट में कब-कब क्या कार्यवाही की गई है? नाम, पतावार जानकारी देवें। क्या कोई वाहन जप्त किये गये हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन प्रकार के किस-किस नम्बर के वाहन किस-किस नाम के व्यक्ति के किस-किस स्थान से किस-किस दिनांक को किस-किस जुर्म में जप्त किये गये हैं? जप्त दिनांक से प्रश्न दिनांक तक उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (ख) दिनांक 01 फरवरी, 2021 की स्थिति में वन विभाग की भूमि पर किस-किस पंचायत में या नगरीय निकाय के किस-किस वार्ड नं. में किस-किस खसरा नम्‍बर में कितने-कितने रकबा पर किन-किन व्यक्तियों द्वारा कब से अवैध अतिक्रमण किया गया है? उनके नाम, ग्राम, ग्राम पंचायत की जानकारी दें। क्या अवैध कब्जा हटाने के लिये वन विभाग द्वारा उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो किस-किस व्यक्ति के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई है?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

दुग्‍ध एकत्रीकरण हेतु नियत भवन का उपयोग

[पशुपालन एवं डेयरी]

3. ( *क्र. 1563 ) श्री संजीव सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                     (क) क्या भिण्ड जिले के ग्राम पंचायत सगरा/नयागांव में दूध एकत्रीकरण हेतु भवन/बिल्डिंग बनी हुई है? यदि हाँ, तो वहां पर कौन-कौन कर्मचारी पदस्थ हैं? प्रतिदिन कितना दूध एकत्रित किया जाता है? (ख) यदि नहीं, तो उक्त कार्य अभी तक प्रारंभ क्यों नहीं किया गया? इसके लिए कौन उत्तरदायी या दोषी हैं? उस पर क्या कार्यवाही की गई?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) स्‍थानीय स्‍तर से प्राप्‍त जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत सगरा/नयागांव के ग्राम नयागांव में एक भवन वर्ष 1985 में निर्मित किया गया था, जिसे दुग्‍ध समिति के उपयोग हेतु तत्‍समय घोषित किया गया था। किन्‍तु भवन का आधिपत्‍य दुग्‍ध समिति को अद्यतन सौंपा नहीं गया है। अद्यतन स्थिति में दुग्‍ध समिति में दुग्‍ध संकलित नहीं किया जा रहा है। (ख) ग्राम पंचायत सगरा/नयागांव के ग्राम नयागांव में दुग्‍ध समिति जनवरी 2021 तक निजी भवन में संचालित रही। दुग्‍ध संकलन मार्ग पर दुग्‍ध संकलन कम होने से परिवहन व्‍यय अधिक आने के कारण नयागांव दुग्‍ध समिति से वर्तमान में दुग्‍ध संकलित नहीं किया जा रहा है। शेष असंबद्ध।

सहायक सचिवों के प्रभार में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

4. ( *क्र. 4069 ) श्री जयसिंह मरावी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मा.शि.मं. द्वारा आदेश क्र. 3383, भोपाल दिनांक 17.06.2020 एवं आदेश क्र. 3385 भोपाल दिनांक 17.06.2020 के द्वारा सहायक सचिवों को वरिष्‍ठता का स्‍पष्‍ट उल्‍लंघन करके पंजीयक का प्रभाव भ्रष्‍टाचार एवं आपसी सांठ-गांठ करके प्रदान किया गया है, जबकि मीना भौरिया को                                         उप-प्राचार्य के प्रभार प्रदान करने हेतु मुख्‍यमंत्री कार्यालय त‍था शिक्षा मंत्री के पत्रों की निरंतर अनदेखी करते हुए दोहरा मापदण्‍ड अपनाने के दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही अध्‍यक्ष मा.शि.मं. द्वारा की जायेगी? (ख) श्री उमेश कुमार ठाकुर का जाति प्रमाण पत्र का विभागीय सत्‍यापन नहीं होने पर मा.शि.मं. द्वारा राज्‍य स्‍तरीय छानबीन समिति को इनका प्रकरण जाँच हेतु क्‍यों नहीं सौंपा गया? जाँच हेतु प्रकरण छानबीन समिति को कब तक सौंपा जायेगा? (ग) सचि‍व, मा.शि.मं. के पत्र क्र. 4412, दिनांक 16.12.2020 को की गई नियुक्ति में डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटरों की योग्‍यता निर्धारित मापदण्‍डों के अनुरूप नहीं होने पर कैसे नियुक्ति प्रदान की गई? 10 डाटा एन्‍ट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति पक्षपातपूर्ण होने पर तथा योग्‍यतापूर्ण नहीं होने पर शिकायत-पत्र की निष्‍पक्ष जाँच करवाकर दोषियों के विरूद्ध अध्‍यक्ष मा.शि.मं. द्वारा कार्यवाही की जाएगी? (घ) यदि हाँ, तो कब, तक नहीं तो क्‍यों नहीं?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं, आदेश क्रमांक 3383, भोपाल दिनांक 17.06.2020 एवं आदेश क्रमांक 3385, भोपाल दिनांक 17.06.2020 द्वारा प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से आगामी आदेश तक सहायक सचिवों को पंजीयक का प्रभार प्रदान किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। मीना भौरिया को उप प्राचार्य का प्रभार प्रदान करने हेतु मुख्‍यमंत्री कार्यालय तथा शिक्षा मंत्री के पत्रों की अनदेखी नहीं की गई। उनसे प्राप्‍त पत्रों के प्रतिउत्‍तर प्रेषित नहीं किए गए। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                                  (ख) श्री उमेश ठाकुर के जाति प्रमाण-पत्र के संबंध में शिकायत प्राप्‍त हुई थी, जिसके संदर्भ में कार्यपालिका दण्‍डाधिकारी संयुक्‍त कलेक्‍टर न्‍यायालय जबलपुर के दिनांक 22.06.2013 पत्र अनुसार श्री उमेश कुमार ठाकुर के जाति प्रमाण-पत्र से संबंधित अभिलेख कार्यालय में उपलब्‍ध न होने के कारण प्राप्‍त जाति प्रमाण-पत्र का सत्‍यापन किया जाना संभव नहीं है। न्‍यायालय में उपलब्‍ध कम्‍प्‍यूटर में जाति प्रमाण-पत्र की वेब-साईट का अवलोकन किया गया, जिसमें प्रकरण क्रमांक 1653/बी-121/12-13 में दिनांक 09.05.2013 को जाति गौड अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र जारी होना पाया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। इस कारण राज्‍य स्‍तरीय छानबीन समिति में इनका प्रकरण नहीं भेजा गया। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।          (ग) आदेश क्रमांक 4412, दिनांक 16.12.2020 द्वारा क्रिप्‍स के माध्‍यम से वर्तमान में कार्यरत 30 डाटा एन्‍ट्री आपरेटरों तथा 10 अन्‍य डाटा एन्‍ट्री आपरेटरों को वेतनमान 5200+ ग्रेड पे 2800-8000 के आधार पर मंहगाई भत्‍ता 154 प्रतिशत किया गया है। उक्‍त आदेश में आपरेटरों की नई नियुक्तियां नहीं की गईं हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सतना जिलांतर्गत शालाओं में शौचालयों की स्‍वीकृति/निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

5. ( *क्र. 5306 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले के जनपद शिक्षा केन्द्र मैहर में सर्वशिक्षा अभियान के तहत शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में स्वीकृत एवं निर्मित शौचालय वर्ष 2010-11 से 2017-18 तक कुल 708 कार्य के कार्य समाप्ति एवं राशि उपयोगिता प्रमाण पत्र (सूचना के अधिकार के प्रदत्त जानकारी के अनुसार) जारी किए गए हैं? यदि हाँ, तो शौचालयों के तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति आदेश सहित जिला स्तरीय निर्माण समिति की कार्यवाही विवरण जिसमें उक्त कार्य स्वीकृत किए हैं, उपलब्ध कराएं? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार उल्लेखित वर्षों के बिना स्थल परीक्षण किए बिना डाइस कोड, बिना निर्माण एजेन्सी के हस्ताक्षर के दिसम्बर 2015 में प्रभार में आए जिला शिक्षा केन्द्र के प्रभारी सहायक यंत्री द्वारा बिना तिथि अंकित किए कार्य समाप्ति एवं राशि उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, जो प्रशासकीय स्वीकृति आदेशों में उल्लेखित शर्तों के विपरीत हैं? (ग) यदि उपरोक्त प्रश्नांश सही है तो संबंधित उपयंत्री एवं सहायक यंत्री के विरुद्ध उक्त अनियमितता के लिए क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। इस दौरान उक्त कार्य हेतु जिला स्तरीय निर्माण समिति की बैठक आयोजित नहीं हुई है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विकलांग हितग्राहियों को ई-रिक्‍शा का प्रदाय

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

6. ( *क्र. 5272 ) श्री रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामाजिक न्‍याय एवं नि:शक्‍तजन कल्‍याण विभाग द्वारा जिला मुरैना में कितने विकलांग हितग्राहियों को विगत 5 वर्षों में ई-रिक्‍शा (बैटरी चलित) प्रदाय किये गये? (ख) ई-रिक्‍शा प्रदाय करने हेतु शासन की क्‍या गाइड लाइन है? विकलांगों को विकलांगता का प्रतिशत होने के आधार पर ई-रिक्‍शा व अन्‍य उपकरण प्रदाय किये जाते हैं? ई-रिक्‍शा प्रदाय करने हेतु नियमों को शिथिल कर पैरों से विकलांग व्‍यक्ति को ई-रिक्‍शा प्रदाय करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु सरकार द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं? अगर हाँ, तो क्‍या? अगर नहीं तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) ई-रिक्‍शा (बैटरी चलित) प्रदाय नहीं किये गये हैं।                               (ख) सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा ई-रिक्‍शा प्रदाय करने संबंधी योजना संचालित नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में आवश्‍यक संसाधनों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

7. ( *क्र. 2971 ) श्री सुरेन्द्र सिंह नवल सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग में वर्ष 2016 से संकुल कार्यालयों से वित्‍तीय प्रभार हटाकर विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी को प्रदान किये गये? यदि हाँ, तो विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के आवश्‍यक संसाधनों की, की गई व्‍यवस्‍था, जैसे - भवन, फर्नीचर आदि की सूची प्रदान करें। यदि नहीं, की गई है तो कब तक की जायेगी? (ख) वर्ष 2019 से 2021 तक विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को आवश्‍यक व्‍यवस्‍था, जैसे - फर्नीचर, कम्‍प्‍यूटर, स्‍टेशनरी आदि हेतु आकस्मिक निधि हेतु वर्षवार कितनी-कितनी राशि मदवार किन-किन जिलों को आवंटित की गई है? यदि नहीं, की गई है तो क्‍या कारण है एवं व्‍यवस्‍था को सुचारू चलाने हेतु क्‍या योजना है? (ग) प्रदेश के विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को भवन, फर्नीचर आदि की व्‍यवस्‍था हेतु क्या योजना बनाई गई है एवं सुविधा कब तक प्रदान की जायेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था जैसे भवन, फर्नीचर आदि की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जाती है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक एवं दो'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नाधीन विभागीय विकासखण्ड कार्यालयों हेतु भवन, फर्नीचर आदि की व्यवस्था हेतु सक्षम समिति की स्वीकृति एवं बजट उपलब्धता पर निर्भर है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षकों को क्रमोन्नति/पदोन्‍नति

[स्कूल शिक्षा]

8. ( *क्र. 4615 ) श्री संजय शुक्ला : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला इन्दौर अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों व प्राथमिक विद्यालयों में पदस्थ कितने प्राथमिक शिक्षक व माध्यमिक शिक्षकों की 12 वर्ष पश्चात् लगने वाली क्रमोन्नति व पदोन्‍नति के आदेश प्रश्‍न दिनांक तक जारी हो चुके हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में इन्‍दौर जिला अंतर्गत कितने संकुलों में क्रमोन्नति व पदोन्‍नति के आदेश जारी हो चुके हैं व कितने संकुलों में आदेश जारी होकर शिक्षकों को पदोन्नति व क्रमोन्नति का लाभ मिल रहा है? (ग) प्रश्नांश (क) (ख) के संदर्भ में इन्‍दौर जिला अंतर्गत शेष रहे संकुलों के शिक्षकों को पदोन्नति व क्रमोन्नति का लाभ कब तक दिया जाएगा? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में शिक्षकों को पदोन्नति व क्रमोन्नति में देरी के क्या कारण हैं? विलंब करने वाले अधिकारी/कर्मचारी पर कोई कार्यवाही की जायेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) नवीन शैक्षणिक संवर्ग के लोक सेवकों को क्रमोन्नति वेतनमान स्वीकृत करने के निर्देश जारी करने की प्रक्रिया प्रचलन में है। कतिपय जिलों द्वारा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के लोक सेवकों को बिना शासन स्वीकृति के क्रमोन्नति आदेश जारी कर दिये गये हैं, ऐसे आदेशों के क्रियान्वयन को संचालनालय के पत्र दिनांक 08.03.2021 के द्वारा स्थगित किया गया है। पदोन्नति के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा यथास्थिति के निर्देश हैं। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (घ) उत्तरांश (क) अनुसार। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश के विभिन्‍न अभ्‍यारण्‍यों में टाईगर की गणना

[वन]

9. ( *क्र. 4557 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न दिनांक तक प्रदेश में विभिन्‍न अभयारण्यों में टाइगरों की कुल संख्या कितनी है? प्रदेश में टाइगर की संख्या वृद्धि के लिए गत 5 वर्षों में विभाग ने क्या लक्ष्य रखा? क्‍या लक्ष्य की पूर्ति समय-सीमा में हो रही है? वर्ष 2020 में "नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया" की रिपोर्ट में प्रदेश के कान्हा किसली, पेंच टाइगर रिजर्व, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के लिए बेहतर प्रबन्धन को लेकर क्या रिपोर्ट दी? (ख) क्‍या विगत 5 वर्षों में विभिन्‍न अभयारण्यों में जानवरों द्वारा पर्यटकों व अन्‍य व्‍यक्तियों पर हमला किया गया है? यदि हाँ, तो कहां-कहां पर कौन-कौन सी घटनाएं घटित हुईं हैं तथा कहाँ-कहाँ कितने टाइगरों का शिकार किया गया? (ग) क्‍या कान्हा किसली अभयारण्य में टाईगर के बढ़ते कुनबे के कारण टेरिटोरियल क्षेत्र से टाईगर बाहर निकल रहे हैं? यदि हाँ, तो सरकार द्वारा इन्‍हें रोकने हेतु क्‍या योजना बनाई गई है तथा क्‍या-क्‍या उपाय किए जा रहे हैं? (घ) मंदसौर के गांधीसागर में कितने बाघ, चीते रजिस्टर्ड हैं? इनकी गणना क्या पद चिन्ह के आधार पर की गयी? इनकी देख-रेख हेतु गांधीसागर में कितना क्षेत्र आरक्षित है? क्या पूरे क्षेत्र में तार फेंसिंग हो गयी है?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) अखिल भारतीय बाघ गणना 2018 के जारी आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में 526 तथा प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभयारण्यों (टाइगर रिजर्व सहित) में बाघों की संख्या 359 पायी गयी है। प्रदेश में टाइगर की संख्या वृद्धि के लिए अपितु कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं हैं, परन्तु संख्या में वृद्धि हेतु अथक प्रयास जैसे सुरक्षा, रहवास विकास कार्य आदि कराये गये हैं, जिससे वर्ष 2014 की गणना में पाये गये 308 बाघ की तुलना में वर्ष 2018 की गणना में प्रदेश में 526 बाघ पाये गये हैं। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा वर्ष 2020 में उक्त टाइगर रिजर्व में बेहतर प्रबंधन के संबंध में पृथक से ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में देश के समस्त टाइगर रिजर्व के लिये कराये गये मैनेजमेंट इफेक्टिवनेस इवेल्युशन रिपोर्ट जो वर्ष 2019 में प्रकाशित हुई थी, के अनुसार मध्य प्रदेश के तीन टाइगर रिजर्व क्रमशः पेंच, कान्हा एवं सतपुड़ा बेहतर प्रबंधन के लिये देश में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर हैं। (ख) विगत 5 वर्षों में विभिन्न अभयारण्यों में वन्यप्राणियों द्वारा पर्यटकों पर कोई हमला नहीं किया गया है। विगत 5 वर्षों में प्रदेश में वन्यप्राणियों द्वारा अन्य व्यक्तियों पर किये गये हमले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 में है। विगत 5 वर्षों में प्रदेश में हुए बाघों के शिकार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 में है। (ग) संरक्षित क्षेत्र से वन क्षेत्र में बाघों का आना-जाना प्राकृतिक एवं नैसर्गिक प्रक्रिया है। यदा-कदा बाघ वन क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में आ जाते हैं जिसे रोकने एवं इनके अनुश्रवण के लिये टाइगर कंजर्वेशन प्लान में आवश्यक प्रावधान किया गया है। इस हेतु राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा मानक प्रक्रिया निर्धारित है, जिसके अनुसार त्वरित कार्यवाही की जाती है। (घ) मन्‍दसौर जिले में गांधीसागर अभयारण्य में वन्यप्राणियों के प्रबंधन हेतु 368.620 वर्ग कि.मी. क्षेत्र अधिसूचित है। गांधीसागर स्थित अभयारण्य में वन्यप्राणी गणना के दौरान बाघ एवं चीता की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई है। बाघ एवं अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना एवं आंकलन राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण द्वारा निर्धारित गाइड लाइन्स के अनुसार क्षेत्र में पाये गये प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष चिन्हों के आधार पर की जाती है। अभयारण्य के परिधि के संपूर्ण क्षेत्र में तार फेंसिंग नहीं हुई है।

परिक्षेत्र कार्यालय परिसर के भवन निर्माण की गुणवत्‍ता की जाँच

[वन]

10. ( *क्र. 3412 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) कार्यालय वन परिक्षेत्राधिकारी पानीगांव (क्षे.) बिजवाड़, जिला देवास अंतर्गत परिक्षेत्र कार्यालय परिसर का नव-निर्मित भवन कितने वर्ग फिट में बना हुआ है? उसकी लागत क्‍या है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांकित भवन के निर्माण में शासकीय मापदण्‍ड अनुसार मटेरियल लगाया है? उक्‍त भवन के निर्माण के लिये कार्यालय द्वारा विज्ञप्ति कब किस समाचार पत्र में निकाली गई एवं कितने टेण्‍डर प्राप्‍त हुए? (ग) प्रश्‍नांकित भवन निर्माण में किस इंजीनियर द्वारा यह कार्य करवाया गया? उसका नाम, पदस्‍थापना तथा समस्‍त कार्यों के बिल व्‍हाउचरों का विवरण देवें। (घ) वन परिक्षेत्र बिजवाड़, जिला देवास अंतर्गत सत्‍खालिया में जो वॉच टावर बना हुआ है, वह कितनी लागत का है? निर्माण पर व्‍यय राशि का विवरण दें। क्‍या वह निर्धारित मापदण्‍ड से बना है? इसके कार्य की गुणवत्‍ता एवं निर्माण का परीक्षण किस अधिकारी द्वारा कराया गया है?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रश्‍नाधीन परिक्षेत्र अन्‍तर्गत नव-निर्मित वनरक्षक भवन 713 वर्ग फिट में बना है, जिसकी लागत रूपये 10 लाख है। (ख) जी हाँ। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 में है। (ग) प्रश्‍नाधीन भवन निर्माण इन्जीनियर द्वारा नहीं अपितु विभाग द्वारा कराया गया है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 में है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 में है।

परिशिष्ट - "एक"

खरमौर अभयारण्य के लिये कुल आरक्षित भूमि

[वन]

11. ( *क्र. 4446 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) क्या सैलाना स्थित खरमौर अभयारण्य में वर्ष 2019 तथा 2020 में एक भी खरमौर पक्षी नहीं आया तथा वर्ष 2017 तथा 2018 में क्रमश: 4 तथा 5 पक्षी आये, ऐसी स्थिति में 1300 हेक्टेयर जमीन आरक्षित करना क्या आदिवासी क्षेत्र के विकास को अवरूद्ध नहीं करेगा?                                                                         (ख) क्‍या वन्यजीव के अनुसार खरमौर पक्षी का अपने देश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए कोई महत्व नहीं हैं, न ही इसमें आकार बनावट की सुन्दरता है, न ही आवाज में कोई मधुरता है तथा न ही इसकी गतिविधि में कोई विविधता है? ऐसे में इस सामान्य पक्षी के लिये आदिवासी क्षेत्र सरदारपुर तथा सैलाना में 37 हजार हेक्टेयर जमीन को आरक्षित करने का क्या औचित्य है? क्या सरकार इस पर पूर्ण विचार करेगी? (ग) खरमौर पक्षी के इतिहास से अवगत कराया जाये तथा बतावें की प्रदेश में कहां-कहां पाया जाता है तथा म.प्र. के वन्य प्राणी में इसका क्या महत्व है तथा प्रदेश में किस-किस पक्षी के लिये कितने अभयारण्य बने हैं तथा उसमें कितनी जमीन आरक्षित की गई है? (घ) क्या अभयारण्य की घोषणा जिस मकसद के लिये की गई थी वह मकसद अब नहीं रहा तो इस घोषणा को निरस्त क्यों नहीं किया जाता? सरकार विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर खरमौर जैसे सामान्य विदेशी पक्षी के लिये 37 हजार हेक्टेयर जमीन की उपयोगिता को बाधित करने पर विचार करेगी?  

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) यह सही है प्रश्‍नाधीन अभयारण्‍य में खरमोर काफी कम दिखे हैं। खरमोर दुर्लभ प्रजाति पक्षी के संरक्षण हेतु 1296.541 हेक्टेयर घासबीड़ क्षेत्र को सैलाना अभयारण्य अधिसूचित किया गया है। अभयारण्य के गठन मात्र से आदिवासी क्षेत्र का विकास अवरूद्ध हुआ है, ऐसा नहीं कहा जा सकता है। (ख) प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाये रखने में प्रत्येक जीव की अहम भूमिका होती है। खरमोर एक दुर्लभ प्रजाति का पक्षी है, जिसे अंतर्राष्‍ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा संकटापन्न घोषित किया गया है। इस कारण खरमोर पक्षी के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा सरदारपुर अभयारण्‍य धार एवं सैलाना अभयारण्य रतलाम अधिसूचित किया गया है। (ग) लगभग 100 वर्ष पूर्व तक खरमोर पक्षी पूरे भारत वर्ष में पाये जाते थे। खरमोर पक्षी वर्तमान में गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश के कुछ भागों तक सीमित है। खरमोर पक्षी प्रजनन हेतु वर्षाऋतु में घास के मैदानी क्षेत्रों में प्रवास करते हैं तथा प्रजनन उपरान्त दक्षिण भारत में पलायन कर जाते हैं। विलुप्त खरमोर पक्षी को सन् 1980 में बाम्बे हिस्ट्री नेचुरल सोसाइटी के पक्षी विशेषज्ञ डॉ. सलीम अली की टीम ने सैलाना एवं सरदारपुर के आस-पास घास के मैदानों में देखा था। खरमोर पक्षी के संरक्षण, संवर्धन एवं उनके प्रजनन हेतु अनुकूल क्षेत्रों को वर्ष 1983 में सैलाना एवं सरदारपुर अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया था। अभयारण्यों का गठन कर खरमोर पक्षी के प्रजनन हेतु अनुकूल रहवास एवं सुरक्षा प्रदान करते हुए इस संकटापन्न पक्षी का संरक्षण एवं संवर्धन करना मुख्य उद्देश्य है। प्रदेश में अन्‍य पक्षियों के संरक्षण को ध्‍यान में रखते हुए सोन चिड़ि‍या (GIB) के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु करैरा अभयारण्य 202.21 वर्ग कि.मी. राजस्व क्षेत्र एवं घाटीगांव हुकना पक्षी अभयारण्य 398.92 वर्ग कि.मी. क्षेत्र अधिसूचित है। (घ) विगत 10 वर्षों में देखे गये खरमोर पक्षी की संख्या एवं स्थलों की जानकारी का आंकलन कर अभयारण्य के ऐसे क्षेत्र जहां खरमोर पक्षी नहीं देखे गये, उन्हें अभयारण्य से डिनोटिफाई किये जाने एवं ऐसे वन क्षेत्र जहां खरमोर पक्षी वर्तमान में भी देखे जा रहे हैं, को पुनर्गठन करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। ऐसा पुनर्गठन भारत सरकार की सहमति उपरांत ही हो सकेगा।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा नियम विरूद्ध शिक्षकों की पदस्‍थापना

[स्कूल शिक्षा]

12. ( *क्र. 5128 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर नीमच जिले में माह फरवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्राथमिक शिक्षक, माध्‍यमिक शिक्षक, उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षक इसी प्रकार सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्‍याख्‍याता की अध्‍यापन व्‍यवस्‍था स्‍वरूप अन्‍य विद्यालयों में किस आदेश के तहत व्‍यवस्‍था की गई है? आदेश क्रमांक/दिनांक बतावें। (ख) क्‍या अध्‍यापन व्‍यवस्‍था उसी संकुल में की गई है अथवा अन्‍य संकुल विकासखण्‍ड में की गई है? जारी आदेश का क्रमांक/दिनांक बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) यदि आदेश वर‍िष्‍ठ कार्यालय द्वारा नहीं किये गये, तो उस जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) मंदसौर एवं नीमच जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा अध्यापन व्यवस्था स्वरूप जारी आदेशों संबंधी जानकारी क्रमशः संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र एवं 2 अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार मंदसौर एवं नीमच जिले के द्वारा जारी आदेश क्रमशः पत्र दिनांक 01.03.2021 तथा 08.03.2021 द्वारा निरस्त कर दिये गए हैं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश () अनुसार अध्ययन व्यवस्था स्वरूप जारी आदेशों के संबंध में मंदसौर एवं नीमच के जिला शिक्षा अधिकारियों को ''कारण बताओ सूचना पत्र'' जारी किया                                      गया है।

परिशिष्ट - "दो"

तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में अधोसंरचना विकास कार्यों की स्‍वीकृति  

[वन]

13. ( *क्र. 1016 ) श्री संजय शर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित भोपाल द्वारा वर्ष 2020 में तेंदूपत्ता व्यापार के शुद्ध आय की 20/15 प्रतिशत की अधोसंरचना विकास कार्यों की राशि से तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मर्रावन, सिल्हेटी, देवरी, बिल्गुवां एवं डोभी में सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो उपरोक्त निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार, क्या उपरोक्त कार्यों के टेंडर हो चुके हैं? यदि हाँ, तो इनकी निर्माण एजेंसियां कौन-कौन हैं? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार, उपरोक्त निर्माण कार्यों के कार्य अभी तक प्रारम्भ क्यों नहीं हुये हैं एवं निर्माण कार्य कब तक प्रारम्भ होंगे?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्य तत्काल प्रारंभ करने हेतु प्रबंध संचालक, जिला यूनियन नरसिंहपुर को निर्देशित किया गया है। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्यों की निर्माण एजेंसी वन विभाग है। अतः उक्त कार्यों हेतु टेण्डर की आवश्यकता नहीं है। (घ) कोरोना लॉकडाउन, सामग्री क्रय हेतु म.प्र. भण्डार क्रय नियम तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 के अंतर्गत प्रक्रिया पालन में समय लगने से कार्य प्रारम्भ नहीं किए जा सके। शेष उत्तरांश (ख) अनुसार।

वर्ष 2021-2022 की नई शिक्षा नीति लागू की जाना

[स्कूल शिक्षा]

14. ( *क्र. 5181 ) श्री जितू पटवारी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में केन्‍द्र सरकार द्वारा जारी नई शिक्षा नीति वर्ष 2021-2022 से लागू की जायेगी? यदि हाँ, तो इस शिक्षा नीति के अनुसार किस-किस विद्यालयीन पाठ्यक्रम में परिवर्तन करना होगा? नई शिक्षा नीति के अनुसार विद्यार्थियों में बस्‍तों का बोझ कम करने की क्‍या योजना है? (ख) शासन शासकीय विद्यालयों में गुणवत्‍ता पूर्ण शिक्षा देने हेतु क्‍या योजना बना रहा है तथा क्‍या 10 हजार से अधिक विद्यालयों को बंद किये जाने का प्रस्‍ताव विचाराधीन है? यदि नहीं, तो कितने विद्यालयों को बंद किया जाना प्रस्‍तावित है? (ग) शासकीय विद्यालयों में किस-किस वर्ष से कौन-कौन सी कक्षाओं में मध्‍यान्ह भोजन वितरित किया जाता है तथा विद्यालय अनुसार मध्‍यान्‍ह भोजन की कुल संख्‍या के अनुसार तय होती है या उपस्थिति अनुसार तय होती है? क्‍या मध्‍यान्‍ह भोजन को लेकर पिछले 10 वर्ष में कोई घोटाले की जाँच की गई है? यदि हाँ, तो उसकी रिपोर्ट देवें। (घ) शासकीय विद्यालयों में वर्ष 2007-2008 से 2010-2011 तथा 2017-2020-21 कक्षा 1 से 12 तक के कक्षावार नामांकनांक बताएं।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। नवीन शिक्षा नीति अनुसार कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। पाठ्यक्रम परिवर्तन एवं बस्ते का बोझ कम करने की योजना राष्ट्रीय पाठ्यक्रम फ्रेम वर्क स्कूल शिक्षा (NCFSE) के निर्देशानुसार होगी। (ख) सर्व सुविधा संपन्न 9200 विद्यालय स्थापित करने की योजना है। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।                                      (ग) वर्ष 2004 से कक्षा 1 से 5 में तथा वर्ष 2007-08 से कक्षा 6 से 8 में गर्म पका हुआ मध्यान्ह भोजन वितरण किया जा रहा है। उपस्थिति के आधार पर। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

स्टेट कैंसर यूनिट जबलपुर को प्रारंभ किया जाना

[चिकित्सा शिक्षा]

15. ( *क्र. 3324 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मेडिकल कॉलेज जबलपुर के कैंसर हॉ‍स्पिटल में व्यवस्थायें न होने के कारण लगभग 50-60 मरीज प्रतिदिन नागपुर एवं अन्य‍ मेट्रो सिटी जाते हैं? (ख) क्या जबलपुर के कैंसर हॉस्पिटल में 150 से 200 मरीज आते हैं, परन्तु स्टाफ, उपकरण एवं बिस्तर सीमित होने के कारण बाहर जाना पड़ता है या इंतजार करना पड़ता है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो नव-निर्मित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को प्रारंभ करने में क्या कठिनाई है? (घ) कब तक इंस्टीट्यूट प्रारंभ किया जावेगा?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) स्‍टेट कैंसर इंस्‍टीट्यूट निर्माणाधीन होने के कारण प्रारंभ नहीं किया जा सका है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वंशकार समाज के हितग्राहियों को परमिट/बांस का प्रदाय

[वन]

16. ( *क्र. 4356 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                     (क) वंशकार समाज के हितग्राहियों को परमिट व बांस प्रदान किए जाने के संबंध में शासन के क्या दिशा निर्देश/नियमावली है? छायाप्रति उपलब्ध करायें। (ख) परासिया विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा विगत 3 वर्षों से वर्तमान अवधि तक वंशकार समाज के हितग्राहियों को बांस प्राप्त करने हेतु कितने परमिट जारी किये गये हैं? सूची उपलब्‍ध कराएं। (ग) क्‍या शासन के नियमानुसार वंशकार समाज के हितग्राहियों को उनके व्यवसाय/रोजगार चलाने हेतु बांस आवश्‍यकता अनुसार नियमित रूप से समय पर प्रदान किया जाना है? परन्तु परासिया विधानसभा क्षेत्र में वंशकार समाज के हितग्राहियों को समय पर नियमित रूप से बांस प्रदान नहीं किए जा रहे हैं, जिससे वंशकार समाज के लोगों को अपनी अजीविका चलाने में अत्यंत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका क्या कारण है? (घ) वंशकार समाज के हितग्राहियों को शासन के नियमानुसार उनकी आवश्‍यकता अनुसार समय पर कब से नियमित रूप से बांस उपलब्ध कराये जायेंगे?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) वन विभाग द्वारा वंशकार समाज के हितग्राहियों को बांस प्रदाय किये जाने के संबंध में शासन के दिशा निर्देश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) छिंदवाड़ा जिले के परासिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वंशकार समाज के हितग्राहियों को वन विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में वर्तमान अवधि तक जारी किये गये बसोड़ पंजी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) म.प्र. शासन वन विभाग द्वारा वंशकार समाज के प्रत्येक हितग्राहियों को व्‍यवसाय चलाने हेतु नियमित रूप से उपलब्धता अनुसार बांस का वितरण किया जाता है। परासिया विधानसभा क्षेत्र में वंशकार समाज के हितग्राहियों को नियमित रूप से बांस प्रदाय किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                                   (घ) उपरोक्‍त (ग) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जिला छतरपुर अंतर्गत वन भूमि का व्‍यवस्‍थापन

[वन]

17. ( *क्र. 1941 ) श्री कुँवर विक्रम सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) क्‍या छतरपुर वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी द्वारा सूरजपुरा वनखण्‍ड से निजी भूमि को पृथक किये जाने के आदेश के विरूद्ध वनमण्‍डल ने कलेक्‍टर एवं अपीलीय अधिकारी छतरपुर के समक्ष प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी कोई अपील प्रस्‍तुत नहीं की? (ख) सूरजपुरा वन खण्‍ड में किस ग्राम के किस किसान के किस खसरा नं. का कितना रकबा शामिल किये किस खसरा नं. का पट्टे पर आवंटित कितना रकबा शामिल किया? इसमें से किस प्रकरण क्रमांक आदेश दिनांक में कितना रकबा वनखण्‍ड के बाहर पृथक किया? आदेश की प्रति सहित बतावें। (ग) वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व छतरपुर द्वारा निजी भूमि पृथक किये जाने के दिये आदेश के विरूद्ध वन विभाग ने कलेक्‍टर छतरपुर के समक्ष किस दिनांक को अपील प्रस्‍तुत की। (घ) निजी भूमि को वनखण्‍ड एवं वर्किंग प्‍लान से पृथक करने की कार्यवाही प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी नहीं किये जाने का क्‍या कारण है? कब तक भूमि पृथक कर दी जावेगी?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

पशुधन संजीवनी योजना संचालन में अनियमितता

[पशुपालन एवं डेयरी]

18. ( *क्र. 4164 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा पशुपालकों को घर पहुंच सेवा प्रदान करने हेतु 1962 पशुधन संजीवनी योजना प्रारम्भ की गई है? योजना प्रारम्भ से प्रश्न दिनांक तक योजनान्तर्गत राजगढ़ जिले में किस फर्म/ठेकेदार की वाहन लगाई गई है? वाहन का प्रकार, अनुबंध की शर्त, दर तथा वाहन पर कार्यरत वाहन चालक के नाम की जानकारी विकासखण्‍डवार देवें (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार 1962 पशुधन संजीवनी वाहन अनुबंध अनुसार कितने-कितने कि.मी. प्रतिमाह चलाये जाने के नियम हैं? यदि तय कि.मी. से अधिक वाहन चलाया गया है तो अतिरिक्त कि.मी. का भुगतान कैसे किया जाता है?                                   (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार अनुबंध वाहन प्रत्येक माह कितने कि.मी. चली तथा वाहन पर उपस्थित चालक का सत्यापन किन-किन अधिकारी द्वारा किया गया? माहवार विकासखण्‍डवार जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार फर्म/वाहनकर्ता द्वारा क्‍या अनुबंध के मापदण्ड अनुसार वाहन नहीं चलाये जाने के उपरांत भी आहरण अधिकारी द्वारा भुगतान किया गया है?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जी हाँ। योजना प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक योजनांतर्गत राजगढ़ जिले में देव एन्‍टरप्राईसेस, वार्ड क्रमांक 2 माचलपुर रोड, जीरापुर, जिला राजगढ़ की वाहन लगाई गई है। अनुबंध की शर्त संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) 1962 पशुधन संजीवनी योजनांतर्गत वाहन की दर एक पैरावेट (विभागीय प्रशिक्षित गौसेवकों), वाहन चालक तथा प्रतिमाह 1800 कि.मी. से अधिक दूरी तय करने हेतु डीजल व्‍यय को सम्मिलित करते हुए निर्धारित की गई है एवं तय कि.मी. से अधिक वाहन चलाने पर राशि रूपये 6.00 प्रति कि.मी. के मान से भुगतान किए जाने का प्रावधान है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                                             (घ) जी हाँ। विकासखण्‍ड ब्‍यावरा में अनु‍बंधित फर्म द्वारा माह जनवरी 2020 में वाहन उपलब्‍ध नहीं कराये जाने के उपरांत भी संबंधित फर्म द्वारा प्रस्‍तुत देयक का भुगतान किया गया था। संबंधित फर्म को अनुबंध के विपरीत भुगतान की गई राशि की वसूली एवं संबंधित आहरण संवितरण अधिकारी पर भी अधिक भुगतान की गई राशि के संबंध में कार्यवाही की जा रही है।

धार जिलांतर्गत अनुकम्‍पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का निराकरण  

[जनजातीय कार्य]

19. ( *क्र. 5369 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शिक्षा विभाग द्वारा अनुकम्‍पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु नियमों में शिथिलता दी जाकर अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है? उसी प्रकार जनजातीय कार्य विभाग में भी लंबित अनुकम्‍पा नियुक्‍ित के प्रकरणों के निराकरण हेतु शिक्षा विभाग की तरह नियमों में शिथिलता प्रदाय की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ख) धार जिले में जनजातीय कार्य विभाग में दिनांक 01 जनवरी, 2014 से 17.02.2021 तक अनुकम्‍पा नियुक्ति के कितने आवेदन विभाग में पंजीबद्ध हुए हैं? जानकारी आवेदक का नाम, मृतक का नाम, पदस्‍थ संस्‍था, निवास ग्राम सहित विधानसभावार देवें। उनमें से कितने प्रकरणों का निराकरण कर दिया गया है? जानकारी आवेदक का नाम, मृतक का नाम, पदस्‍थ संस्‍था, निवास ग्राम निराकरण में क्‍या लाभ दिया? विधानसभावार देवें। (ग) कितने प्रकरण शेष हैं? शेष रहने के कारण सहित सम्‍पूर्ण जानकारी आवेदक का नाम, मृतक का नाम, पदस्‍थ संस्‍था, निवास ग्राम सहित विधानसभावार देवें। इनका निराकरण कब तक कर दिया जावेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। प्रकरण परीक्षणाधीन है।                                                 समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) धार जिले में जनजातीय कार्य विभाग में दिनांक 01 जनवरी, 2014 से 17.02.2021 तक 366 अनुकम्‍पा नियुक्ति के आवेदन विभाग में पंजीबद्ध हुये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उनमें से 197 प्रकरणों का निराकरण कर दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।                                       (ग) धार जिले में जनजातीय कार्य विभाग में 169 प्रकरण शेष हैं। प्रकरण लंबित रहने के कारण सहित संपूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। सीधी भर्ती का पद रिक्‍त होने पर निराकरण किया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

मा.शाला बडेरा  (टीकमगढ़) में 08 वर्ष से अनुपस्थित अध्यापिका के विरूद्ध कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

20. ( *क्र. 4194 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 10.07.2019 को कलेक्टर-टीकमगढ़ द्वारा मा. शाला बडेरा का आकस्मिक निरिक्षण किया गया, जहाँ शिक्षिका वंदना त्रिपाठी पिछले 08 वर्षों से अनुपस्थित पाई गई? (ख) यदि हाँ, तो कलेक्टर-टीकमगढ़ द्वारा उन पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या वंदना त्रिपाठी विगत 08 वर्षों से अनुपस्थित रहने के बाद भी फर्जी हस्ताक्षर कर सतत् वेतन प्राप्त करती रहीं थीं? यदि हाँ, तो धोखाधड़ी एवं वेतन वसूली के लिए शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई?                                             (घ) संकुल केन्द्र भेलसी के प्राचार्य, मा.शाला बडेरा के प्रधानाचार्य एवं बी.आर.सी. बल्देवगढ़, इन सभी पर अपने कार्य में लापरवाही बरतने पर आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ड.) क्या निलंबन अवधि के दौरान वंदना त्रिपाठी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं? यदि हाँ, तो कहाँ?                                                 (च) क्या मंत्री जी इस गंभीर प्रकरण की उच्च स्तरीय जाँच करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) दिनांक 10.07.2019 को कलेक्‍टर टीकमगढ़ द्वारा शासकीय माध्‍यमिक शाला बडेरा के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान श्रीमती वंदना त्रिपाठी शाला में उपस्थित थी, किन्‍तु ग्रामवासियों द्वारा उनके 8 वर्षों से अनुपिस्‍थत रहने का पंचनामा दिया गया। (ख) ग्रामवासियों द्वारा की गई शिकायत एवं पंचनामा के आधार पर श्रीमती वंदना त्रिपाठी को प्रथम दृष्‍टया दोषी पाये जाने के कारण मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत टीकमगढ़ के आदेश क्र./स्‍था-2/2019/2141, दिनांक 15.07.2019 द्वारा श्रीमती त्रिपाठी को निलंबन किया गया तथा आदेश क्र./शिक्षा/स्‍था-2/2020/1592, दिनांक 12.03.2020 से उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई। (ग) श्रीमती त्रिपाठी 01 जनवरी, 2010 से 31.03.2018 तक संस्‍था में अकेली ही पदस्‍थ रही हैं, उन्‍होंने उक्‍त अवधि की उपस्थिति पंजी उपलब्‍ध नहीं कराई है। दिनांक 01 अप्रैल, 2018 से जुलाई 2019 में उनके निलंबन होने तक की अविध तक की उपस्थित पंजी उपलब्‍ध है, जिसमें उनके 03 प्रकार के हस्‍ताक्षर पाये गये हैं। प्रथम दृष्‍टया दोषी पाये जाने पर उन्‍हें निलंबित कर उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। (घ) संकुल केन्‍द्र प्राचार्य भेलसी, प्रधानाध्‍यापक शासकीय माध्‍यमिक शाला बडेरा एवं बी.आर.सी. बल्‍देवगढ़ को कार्य में लापरवाही बरतने पर कारण बताओ सूचना पत्र क्रमांक/सर्तकता/वि.स./2020/1713, दिनांक 20.03.2020 द्वारा जारी कर जबाव चाहा गया। प्राप्‍त उत्‍तर के आधार पर सर्व-संबंधितों के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित करने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ड.) श्रीमती वंदना त्रिपाठी अध्‍यापक को दिनांक 15.07.2019 को निलंबित किया जाकर मुख्‍यालय विकास खण्‍ड शिक्षा अधिकारी पलेरा नियत किया गया था। श्रीमती त्रिपाठी निलंबित अध्‍यापक द्वारा मुख्‍यालय पर दिनांक 18.07.2019, 16.09.2019 एवं 17.09.2019 को मुख्‍यालय पर उपस्थित हुई, इसके बाद आज दिनांक तक मुख्‍यालय पर उपस्थिति नहीं दी गई।                              (च) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में संबंधितों को निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित की जा चुकी है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

श्योपुर में अनुकम्पा नियुक्ति के लम्बित आवेदन

[जनजातीय कार्य]

21. ( *क्र. 5221 ) श्री बाबू जण्‍डेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जनजातीय कार्य विभाग श्योपुर में अनुकम्पा नियुक्ति के आवेदन लम्बित हैं? यदि हाँ, तो कितने आवेदन प्राप्त हुए? वरीयता अनुसार सबसे पहले प्राप्त आवेदनों के क्रम में दिनांक सहित सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त आवेदनों में से प्रश्न दिनांक तक किन-किन आवेदकों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार प्रदाय अनुकम्पा नियुक्ति नियमानुसार प्राप्त आवेदनों में से शासन निर्देशानुसार वरीयता क्रम में की गई है? यदि नहीं, तो नियम निर्देशों के तहत वरीयता क्रम का पालन नहीं किये जाने के दोषी शाखा प्रभारी के खिलाफ क्या शासन स्तर से कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या एवं कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) जनजातीय कार्य विभाग श्योपुर में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ श्री लोकेन्द्र सिंह भदौरिया की विभाग में नियुक्ति किस आदेश के तहत किस अधिकारी द्वारा शासन के कौन से नियम निर्देशों के तहत की गई है? इनके विरूद्ध कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? प्राप्त शिकायतों पर जाँच उपरान्त क्या कार्यवाही की गई?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ जनजातीय कार्य विभाग जिला श्योपुर में वर्तमान में 02 अनुकम्पा नियुक्ति के आवेदन चतुर्थ श्रेणी के लंबित हैं। वरीयता अनुसार दिनांक सहित सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी निरंक है।                                                        (ग) अनुकम्‍पा नियुक्ति नहीं किये जाने के कारण प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जनजातीय कार्य विभाग, श्‍योपुर में द्वितीय श्रेणी लिपिक के पद पर श्री लोकेन्‍द्र सिंह भदौरिया की नियुक्ति कलेक्‍टर, शिवपुरी के आदेश क्रमांक/आ.जा.क./स्‍था./92/1972, दिनांक 15.10.1992 द्वारा की गई थीजानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। म.प्र. शासन, आ.जा.क. विभाग से जारी डेलीगेशन ऑफ पॉवर दिनांक 28.09.1964 के त‍हत् कलेक्‍टर को अधिकार प्रदत्‍त हैं। शिकायत के संबंध में विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "तीन"

नरसिंहपुर जिलांतर्गत ग्राम निवासी में आदर्श मा. विद्यालय का संचालन

[स्कूल शिक्षा]

22. ( *क्र. 5478 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम पंचायत निवारी तह. करेली व जिला नरसिंहपुर के ग्राम निवारी में आदर्श माध्यमिक विद्यालय का संचालन हो रहा है तथा समिति के अध्यक्ष बसंत चौरसिया हैं?                                                              (ख) क्या उक्त विद्यालय संचालन के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या पर्याप्त कमरे हैं, क्या खेल का मैदान है, क्या उपयुक्त शौचालय की व्यवस्था है, क्या योग्य शिक्षकों के द्वारा अध्यापन कार्य कराया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्या उक्त विद्यालय की मान्यता रद्द की जायेगी? (ग) क्या यह विद्यालय शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर संचालित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो भूमि को कब तक अतिक्रमण मुक्त किया जावेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) प्रकरण की जाँच करायी जा रही है। जाँच में प्राप्‍त अभिमत के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।                                               (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न नहीं उठता।

कटनी में शासकीय विद्यालयों का संचालन एवं एकीकरण

[स्कूल शिक्षा]

23. ( *क्र. 5483 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील कटनी अंतर्गत हाई स्‍कूल, हायर सेकेण्‍ड्री के कितने और कौन-कौन से शासकीय विद्यालय किन-किन स्थानों पर संचालित हैं? विद्यालयों में किन-किन विषयों/श्रेणी के कितने एवं कौन-कौन शिक्षक/अध्यापक/संविदा शिक्षक/अतिथि शिक्षक पदस्थ/कार्यरत हैं एवं कितने और कौन-कौन से शैक्षणिक पद कब से रिक्त हैं? विद्यार्थियों की वर्तमान सत्र में दर्ज संख्या कितनी-कितनी है? कक्षावार, विद्यालयवार बतायें (ख) प्रश्नांश (क) क्या कई विद्यालयों में अध्यनरत विद्यार्थियों की संख्या और पदस्थ/कार्यरत शिक्षक आदि नियत मानकों से कम और कई विद्यालयों में अधिक हैं? यदि हाँ, तो किन-किन विद्यालयों में और विद्यालयों में व्याप्त असमानता के निराकरण के लिए विगत 02 वर्षों में कटनी-ब्लॉक/जिला और विभाग/शासन स्तर से क्या कार्यवाही की गयी? (ग) प्रश्नांश (ख) क्या विद्यालयों के एकीकरण/सम्मिलन के लिए कोई कार्यवाही विभाग/शासन स्तर पर प्रचलन में है? यदि हाँ, तो किन-किन विद्यालयों के एकीकरण/सम्मिलन के क्या-क्या प्रस्ताव विभाग/शासन को कब-कब प्राप्त हुये? प्रश्न-दिनांक तक की गयी कार्यवाही से अवगत करायें और विद्यालयों के एकीकरण/सम्मिलन अब तक न होने का कारण बतायें। (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्य में आगामी शैक्षणिक सत्र में शासकीय विद्यालयों के संचालन की विभाग/शासन और कटनी-जिला प्रशासन/विभाग की क्या कार्य योजना है और क्या विद्यालयों के एकीकरण/सम्मिलन की स्वीकृति सत्र प्रारम्भ होने के पूर्व प्रदाय की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं, तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्तरांश (क) अनुसार। युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही नहीं हो सकी। (ग) जी हाँ। विद्यालयों में शिक्षक/छात्र मानक अनुपात निर्धारित करने हेतु सत्र 2018 से एक परिसर एक शाला योजना के तहत तय मानक अनुसार एकीकरण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। एकीकरण के अधिकार जिला स्तर पर ही थे, अतः प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए। उत्तरांश (क) अनुसार। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सत्र 2020-21 में कोविड-19 के कारण कक्षा 1 से 8 की शालायें बंद हैं। कक्षा 9 से 12 के हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूल नियमित/अतिथि शिक्षकों के माध्यम से 18 दिसम्बर 2020 से अध्ययन अध्यापन प्रारंभ हैं। एक परिसर एक शाला में चयनित शालायें प्रारंभ हैं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्कूल परिसरों में निजी आयोजनों पर प्रतिबंध

[स्कूल शिक्षा]

24. ( *क्र. 5213 ) श्री राकेश गिरि : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्कूल परिसरों में विभागीय शैक्षणिक आयोजनों के अतिरिक्त अन्य निजी आयोजनों, टूर्नामेंट, विवाह भोज आदि के कार्यक्रम आयोजित करने के क्या नियम हैं? नियमों की प्रति दें।                                    (ख) टीकमगढ़ जिला मुख्यालय के नजरबाग स्थित, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टीकमगढ़ के परिसर में वित्त वर्ष 2017-18 से 31.01.2021 तक की अवधि में कितनी सभायें/टूर्नामेंट/विवाह भोज/सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुये? आयोजक का नाम, पता, आयोजन अवधि, परिसर उपयोग की अनुमति तथा प्राप्त शुल्क का वर्षवार एवं आयोजनवार ब्यौरा दें                                                (ग) आयोजन अवधि के दौरान एकत्र भीड़ और शोरगुल से क्या अध्यापन कार्य प्रभावित नहीं होता है? यदि हाँ, तो ऐसे आयोजनों की अनुमति क्यों दी जाती है? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार, नगर के बाहर मैरिज गार्डन, स्टेडियम, उपलब्ध होने पर भी परिसर में आयोजन क्यों कराये जाते हैं? इसके लिये कौन जिम्मेवार है? पदनाम बतायें क्या बालिका शिक्षा के दृष्टिगत स्कूल परिसर में शिक्षा के अतिरिक्त अन्य आयोजनों पर प्रतिबंध लगाया जायेगा? यदि हाँ, तो समय बतायें? यदि नहीं, तो कारण बतायें 

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी निंरक है। (ग) शाला में गैर शैक्षणिक आयोजन नहीं होने के कारण शेषांश का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के अनुक्रम में शेषांश का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चार"

पन्ना टाईगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले गांवों का विस्थापन

[वन]

25. ( *क्र. 5087 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                         (क) पन्ना टाईगर रिजर्व की परीधि में विधानसभा क्षेत्र बिजावर के किन-किन गांवों को विस्थापित करने की कार्यवाही प्रचलन में है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में क्या उक्त गांवों को केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत डूब क्षेत्र में आने के कारण विस्थापित किया जाना प्रस्तावित है?                                                      (ग) प्रश्नांश (ख) हाँ तो उक्त गांवों को कहां पर विस्थापित किया जावेगा? कितने लोग विस्थापित होंगे? उन्हें क्या-क्या मुआवजा दिया जावेगा? विस्थापन की शर्तें क्या होंगी? विस्थापन के पूर्व एवं बाद में क्या-क्या सुविधाएँ प्रदाय की जावेंगी?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) पन्ना टाइगर रिजर्व के विधानसभा क्षेत्र बिजावर के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में से बफर जोन के ग्राम संतसलैया के विस्थापन की कार्यवाही प्रचलन में है। टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र को वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 38V के अनुसार Inviolate करने की वैधानिक अनिवार्यता के कारण ग्राम ढोड़न, पलकोहा एवं खरियानी को विस्थापित किया जाना प्रस्तावित है। (ख) पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के ग्राम ढोड़न, पलकोहा एवं खरियानी केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र में आने के कारण इनका विस्थापन राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में विस्थापन शासन के तत्समय नियमों के अंतर्गत किया जायेगा। प्रश्नांश की जानकारी विस्थापन प्रक्रिया प्रारंभ होने पर ही उपलब्ध हो सकेगी।

 

 

 

 

 








भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


अंग्रेजी माध्‍यम स्‍कूलों का संचालन

[स्कूल शिक्षा]

1. ( क्र. 59 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में अंग्रेजी माध्‍यम के किस कक्षा से किस कक्षा तक कितने स्‍कूल संचालित है। संख्‍या बताने के साथ-साथ जिला दमोह की अंग्रेजी माध्‍यम से संचालित स्‍कूलों की सूची प्रदाय करें। (ख) क्‍या कक्षा 6 से 8 तक ही अंग्रेजी माध्‍यम से स्‍कूल पूर्व व बाद की कक्षाओं के अंग्रेजी में संचालन की कोई रूपरेखा शासन द्वारा बनायी गयी है? यदि हाँ, तो कक्षा 1 से 5 तक व कक्षा 9 से 12 तक अंग्रेजी माध्‍यम के स्‍कूल कब तक संचालित हो जावेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी  संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सी.एम. राइज सर्व सुविधा सम्पन्न स्कूल खोलने की योजना की स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पांच"

पेंशन का भुगतान

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

2. ( क्र. 95 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) फरवरी 2021 की स्थिति में रायसेन जिले में कितने हितग्राहियों को कौन-कौन सी पेंशन का भुगतान प्रतिमाह किया जा रहा है? नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतवार संख्‍या बतायें। (ख) फरवरी 2021 की स्थिति में संबंधित हितग्राहियों को किस माह तक की पेंशन का भुगतान हुआ है तथा प्रतिमाह पेंशन का भुगतान क्‍यों नहीं हो रहा है? पेंशन का भुगतान किस माध्‍यम से कैसे किया जाता है? (ग) क्‍या दिव्‍यांग, विधवा एवं वृद्धजनों को उनके घर पर ही पेंशन मिले तथा पेंशन प्राप्‍त करने हेतु हितग्राही को 5 किमी. से दूर न जाना पड़े इस हेतु ''पेंशन आपके द्वार'' व्‍यवस्‍था के अंतर्गत बैंकिंग करेस्‍पान्‍डेंट के माध्‍यम से पेंशन का भुगतान करवाया जा रहा है? (घ) यदि प्रश्नांश (ग) हाँ तो रायसेन जिले की किन-किन ग्रामपंचायतों में किन-किन बैंकिंग करेस्‍पान्‍डेंट के माध्‍यम से जनवरी 19 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब पेंशन का भुगतान किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतायें।

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र "अ" अनुसार। (ख) जनवरी पेड फरवरी 2021 तक की समस्त पेंशन योजनाओं का भुगतान पेंशन हितग्राहियों के खाते में किया जा चुका है। स्थानीय निकायों से प्राप्त प्रपोजल के आधार पर विभाग स्तर से बैंक के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पेंशन का भुगतान प्रतिमाह किया जाता है। (ग) जी हाँ। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  "ब" अनुसार।

वनभूमि के पट्टे का निराकरण

[जनजातीय कार्य]

3. ( क्र. 96 ) श्री रामपाल सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) फरवरी 2021 की स्थिति में रायसेन जिले में कितने वन अधिकार (वन भूमि के पट्टा) के आवेदन पत्र कब से किस स्‍तर पर क्‍यों लंबित हैं? उनका कब तक निराकरण होगा? (ख) सामुदायिक दावा किन-किन भूमियों एवं स्‍थानों पर किया जा सकता है इस संबंध में शासन के क्‍या-क्‍या निर्देश हैं उनकी प्रति दें। फरवरी 2021 की स्थिति में किन-किन ग्राम सभाओं से पारित प्रकरण कब से किस स्‍तर पर क्‍यों लंबित हैं उनका कब तक निराकरण होगा? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकरणों के संबंध में 1 अप्रैल 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय मंत्री जी एवं विभाग को रायसेन जिले के किन-किन सांसद/विधायकों के पत्र कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?               (घ) सांसद/विधायकों से प्राप्‍त पत्रों में किन-किन समस्‍याओं का निराकरण हुआ तथा किन-किन समस्‍याओं का निराकरण क्‍यों नहीं हुआ तथा की गई कार्यवाही से अवगत क्‍यों नहीं कराया? कब तक, अवगत कराएंगे।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) फरवरी 2021 की स्थिति में पूर्व के निरस्त जनजाति वर्ग के 160 एवं अन्य परम्परागत के 2239 दावों का निराकरण एम.पी. वन मित्र पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। उपरोक्त दावे जिला स्तर समिति के स्तर पर परीक्षण हेतु लंबित है। वन अधिकार की प्रक्रिया अर्द्ध न्यायिक स्वरूप की होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के नियम 3 (1) में सामुदायिक दावों एवं शासन के द्वारा जारी किये गये निर्देश की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। उत्तरांश '''' अनुसार। (ग) एवं (घ) माननीय विधायक महोदय द्वारा विभागीय मंत्रीजी एवं विभाग को उपलब्ध कराये गये पत्र, जिला रायसेन को प्राप्त हुए है, जिनकी  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है।

दुग्‍ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की स्‍थापना

[पशुपालन एवं डेयरी]

4. ( क्र. 217 ) श्री तरूण भनोत : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर में पशु चिकित्‍सा विज्ञान विश्‍व विद्यालय के अंतर्गत दुग्‍ध एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की स्‍थापना के लिए बजट में प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो पूर्ण विवरण प्रस्‍तुत किया जाये। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित महाविद्यालय के लिए क्‍या प्रशासनिक एवं वित्तीय आदेश जारी कर दिये गये है? यदि हाँ, तो उनका विवरण देवें। (ग) उक्‍त महाविद्यालय के अभी तक प्रारंभ न हो सकने का क्‍या कारण है, तथा बजट में प्रावधान होने के बावजूद अब तक हुए विलम्‍ब के लिए कौन उत्‍तरदायी है? (घ) बजट प्रावधान होने के बावजूद कार्य में विलम्‍ब के लिए क्‍या राज्‍य शासन उत्‍तरदायित्‍व निर्धारित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जी हाँ। वित्‍तीय वर्ष 2019-2020 में राशि रू. 200.00 लाख एवं वित्‍तीय वर्ष 2020-2021 में राशि रू. 200.00 लाख का बजट प्रावधान किया गया है।  (ख) जी नहीं शेष प्रश्‍न उपस्थिति नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थिति नहीं होता। (घ) जी नहीं।

पेड सीनियर सिटीजन होम का निर्माण

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

5. ( क्र. 218 ) श्री तरूण भनोत : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर में सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा पेड सीनियर सिटीजन होम के निर्माण के लिए निर्णय लिया गया है तथा क्‍या इस प्रयोजन के लिए शासकीय भूमि आरक्षित कर ली गई है? यदि हाँ, तो पूर्ण ब्‍यौरा प्रस्‍तुत करें। (ख) पेड सीनियर सिटीजन होम, जबलपुर कितने लाभार्थियों के उपयोग हेतु बनेगा तथा इस कार्य के लिए कितनी धनराशि स्‍वीकृत की गई है तथा क्‍या राशि का आवंटन कर दिया गया है? (ग) भूमि आवंटन होने के उपरांत भी अभी तक कार्य प्रारंभ न होने का क्‍या कारण है तथा इस विलम्‍ब के लिए क्‍या उत्‍तरदायित्‍व निर्धारित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जी नहीं। जन प्रतिनिधियों की मांग पर जबलपुर जिले मेंपुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार   भूमि आरक्षित की गई है। (ख) 100 वरिष्ठजन की क्षमता हेतु राशि रूपये 1083.36 लाख का संभागीय परियोजना यंत्री लोक निर्माण विभाग परियोजना क्रियान्वयन इकाई जबलपुर द्वारा प्राक्कलन तैयार किया है। भवन निर्माण कार्य स्वीकृत नहीं होने से राशि आवंटन का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश '''' के अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत संचालित योजनायें

[जनजातीय कार्य]

6. ( क्र. 495 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग द्वारा आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत कौन-कौन सी योजनायें संचालित हैं? योजनाओं के नाम बतावें। (ख) क्‍या विभाग द्वारा आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत आदिवासी वर्ग के कृषकों के खेतों पर तालाब स्‍टाप डेम, विद्युत व्‍यवस्‍था जैसी योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किये जाने का प्रावधान हैं? (ग) अगर प्रश्नांश (ख) सही है तो खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के           किन-किन ग्रामों के आदिवासी कृषकों को उक्‍त योजनाओं का लाभ दिया गया? ग्रामों एवं कृषकों की संख्‍या बतावें। (घ) खातेगांव विधान सभा क्षेत्र के कितने आदिवासी कृषकों के कालम (ख) के अनुसार लम्बित प्रकरण है? कृषकों के नाम एवं ग्रामों के नाम बतावें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) संचालनालय, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं के परिपेक्ष्य में भारत सरकार द्वारा 100 प्रतिशत केन्द्र पोषित, आदिवासी उपयोजना विशेष केन्द्रीय सहायता एवं संविधान के अनुच्छेद 275 (1) संचालित है। (ख) जी हाँ। (ग) एकीकृत आदिवासी विकास (मध्यम) परियोजना बागली अन्तर्गत विशेष केन्द्रीय सहायता एवं संविधान के अनुच्छेद 275 (1) में खातेगांव विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत कोई कार्य स्वीकृत न होने से जानकारी निरंक। (घ) प्रश्नांश '''' में उल्लेखित योजनाओं में एकीकृत आदिवासी विकास (मध्यम) परियोजना बागली अंतर्गत खातेगांव विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 में आदिवासी वर्ग के कृषकों के कोई प्रकरण लंबित नहीं होने से जानकारी निरंक।

अनुकम्पा नियुक्ति के प्रावधान

[स्कूल शिक्षा]

7. ( क्र. 1165 ) श्री संजय शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, उच्च माध्यमिक शिक्षक की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को भृत्य पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान किये जाने का प्रावधान है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार, यदि हाँ, तो इन्हीं कर्मचारियों के सहायक अध्यापक, अध्यापक एवं वरिष्ठ अध्यापक पद पर रहते हुये मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को भृत्य पद पर अनुकम्पा नियुक्ति की पात्रता क्यों नहीं है? ऐसी विसंगति क्यों है? (ग) क्या कर्मचारियों के परिवार के हित में अध्यापकों के आश्रितों को भृत्य पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान किया जावेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) दिनांक 01/07/2018 के पूर्व अध्यापक संवर्ग स्थानीय निकाय के नियत्रंणाधीन होने से भृत्य के पद पर अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता नहीं है। (ग) जी नहीं। विभाग के आदेश दिनांक 01/02/2021 से केवल प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर अध्यापक संवर्ग के लिये विशेष प्रावधान किया गया है।

मांझी जाति की उपजाति मछुआ में शामिल किया जाना

[जनजातीय कार्य]

8. ( क्र. 1781 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या अनुसूचित जनजातियों के लिये संचालित आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्‍था म.प्र. के माध्‍यम से मध्‍यप्रदेश शासन अनुसूचित जनजाति विभाग भोपाल द्वारा वर्ष 1964 में पुस्‍तक प्रकाशित की गई थी? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित पुस्तक के पृष्ठ क्र. 52 में मांझी जाति की उपजाति मछुआ, नाविक होने का लेख है? यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा अनुसूचित जनजाति की जारी सूची स.क्र. 29 पर उल्लेखित मांझी जाति की उपजाति मछुआ, नाविक का परिपत्र जारी कर दिया है? (ग) यदि हाँ, तो परिपत्र की प्रति उपलब्ध करायें? यदि नहीं, तो मांझी जाति की उपजाति मछुआ, नाविक को कब तक शामिल कर लिया जायेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

आयुक्‍त के आदेशों की अवहेलना

[स्कूल शिक्षा]

9. ( क्र. 1943 ) श्री कुँवर विक्रम सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र भोपाल म.प्र. के पत्र क्र./राशिके/आई.ई.डी./सी.एम.हेल्‍पलाईन/ 3708 भोपाल दिनांक 18.06.2018 एवं राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र म.प्र. भेपाल के पत्र क्र./राशिके/आई.ई.डी./ 2019-3120 दिनांक 29.05.2019 में जिला छतरपुर अन्‍तर्गत कार्यरत लिपिक के द्वारा राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के आई.ई.डी. प्रभारी पर अनैतिक दबाव डालने के कारण अनुशासनात्‍मक कार्यवाही के निर्देश कलेक्‍टर जिला छतरपुर को दिये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या कलेक्‍टर जिला छतरपुर के द्वारा जिला नियुक्ति समिति द्वारा दोषी लिपिक के विरूद्ध कौन सी कार्यवाही का निर्णय लिया गया तथा निर्णय के आधार क्‍या-क्‍या थे? (ग) क्‍या दोषी लिपिक को कार्यालय कलेक्‍टर छतरपुर में अटैच किया गया? यदि हाँ, तो अटैच लिपिक के द्वारा शिकायत शाखा में डिप्‍टी कलेक्‍टर एवं डी.पी.सी. की सांठ-गांठ से प्रश्नांश (क) में कमिश्‍नर राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के आदेशों एवं नियुक्ति समिति के निर्णय के विरूद्ध डिप्‍टी कलेक्‍टर द्वारा आदेश जारी कराया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या नियुक्ति समिति के निर्णय एवं कमिश्‍नर राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के निर्देशों को परिवर्तित करने का अधिकार डिप्‍टी कलेक्‍टर को है? शासन आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें। (घ) यदि नहीं, तो क्‍या कमिश्‍नर, राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के निर्देशों का पालन किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्‍तरांश (क) एवं संबंधी जन की चरित्रवाली में विपरीत टीप अंकित होने के आधार पर सबंधीजन की संविदा वृद्धि नहीं करने का निर्णय लिया गया था। (ग) नहीं कार्यालय कलेक्‍टर छतरपुर में अटैच नहीं है। कार्यालय कलेक्‍टर जिला छतरपुर के पत्र क्र.-90/01/2021 छतरपुर दिनांक 02-03-2021 में दिये गये प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर अनुसार श्री नीरज बादल संविदा लिपिक जिला शिक्षा केन्‍द्र छतरपुर द्वारा नोटिस क्र.-1700/सशिअ/2019/77 दिनांक 13-11-2019 के विरूद् प्रस्‍तुत अभ्‍यावेदन में उल्‍लेखित तथ्‍यों की जाँच कलेक्‍टर छतरपुर द्वार कराई गयी त‍था जाँच में आये तथ्‍यो के आधार पर कलेक्‍टर के अनुमोदन अनुसार आदेश क्र.-131/शिकायत-1/2020 दिनांक 27-11-2020 जारी किया गया था। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश (ग) के अनुक्रम में प्रश्‍न ही नहीं है।

पशु चिकित्‍सालय एवं औषधालय की जानकारी

[पशुपालन एवं डेयरी]

10. ( क्र. 2368 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में कहाँ-कहाँ पर पशु चिकित्‍सालय, पशु औषधालय तथा अन्‍य चिकित्‍सा सुविधा उपलब्‍ध है? उक्‍त स्‍थानों पर कौन-कौन से पद कब से रिक्‍त हैं तथा क्‍यों? उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक होगी? (ख) प्रश्नांश (क) के चिकित्‍सालयों के पास कितनी-कितनी भूमि है तथा उक्‍त भूमि पर किन-किन का कब से अतिक्रमण है? उक्‍त अतिक्रमण को हटाने के लिए तथा भूमि पर अतिक्रमण रोकने हेतु विभाग के अधिकारियों द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) रायसेन जिले में वर्ष 2018-19 से फरवरी 2021 तक किस-किस मद योजना में कितनी राशि प्राप्‍त हुई उक्‍त राशि से क्‍या-क्‍या कार्य करवाये गये एवं प्रश्नांश (क) के चिकित्‍सालयों के भवन की क्‍या स्थिति है? शासन द्वारा अस्‍पतालों में क्‍या-क्‍या सुविधायें दवाईयां दी जा रही है?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '''' अनुसार। पदस्‍थापना निरंतर प्रक्रिया है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  ''' अनुसार(ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''', '''' एवं '''' अनुसार।

अशासकीय विद्यालयों का संचालन

[स्कूल शिक्षा]

11. ( क्र. 2369 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशासकीय विद्यालयों में फीस, ड्रेस, पुस्‍तक क्रय एवं वाहन किराया वसूल करने के संबंध में शासन के क्‍या-क्‍या निर्देश है? उनकी प्रति दें तथा उक्‍त निर्देशों का जिलों में पालन हो, इस हेतु किस-किस अधिकारी की क्‍या-क्‍या जवाबदारी है? (ख) अशासकीय विद्यालयों में फीस नियंत्रण एवं किन-किन पुस्‍तकों से अध्‍यापन कार्य कराया जाये वाहन शुल्‍क का निर्धारण आदि के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही एवं प्रयास किये जा रहे है? पूर्ण विवरण दें। (ग) रायसेन जिले में संचालित अशासकीय विद्यालयों की सूची देवें। (घ) शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत रायसेन जिले में किन-किन विद्यालयों में कितन-कितने छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक सत्र 2018-19 से           2020-21 तक प्रवेश दिया गया तथा किस-किस विद्यालयों को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया तथा किन-किन की कितनी-कितनी राशि का भुगतान बकाया है तथा कब तक राशि का भुगतान होगा।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) हाई/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार। (ख) इस संबंध में विभाग द्वारा जारी निर्देश  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक में समाहित है। (ग) रायसेन जिले में संचालित कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों की सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार। (घ) सत्र 2018-19 एवं 2019-20 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त, मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में प्रवेशित छात्र/छात्राओं की जानकारी एवं विद्यालयों को प्रदाय की गयी राशि एवं बकाया राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -'' अनुसार।

सामूहिक विवाह सम्‍मेलन

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

12. ( क्र. 2502 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर में आयोजित मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना के अन्‍तर्गत कितने सामूहिक विवाह निकाह सम्‍मेलनों में कितने जोडों के विवाह सम्‍पन्‍न कराये गये कितने जोडों को राशि 51,000/- के हिसाब से दी गई? कितने हितग्राहियों को दी जाना शेष है? जबलपुर जिले में माह नवम्‍बर 2018 से मार्च 2020 तक की निकायवार जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) में शासकीय एवं सामाजिक व स्‍वयं सेवी संगठनों, संस्‍थाओं द्वारा आयोजित कितने-कितने सामूहिक विवाह व निकाह सम्‍मेलनों में कितने-कितने जोड़ों के विवाह सम्‍पन्‍न कराये गये? इनमें कितने जोड़ों को राशि 51 हजार के मान से वितरित की गई कितने हितग्राहियों को दी जाना शेष हैं? (ग) क्‍या शासन सामूहिक विवाह, निकाह सम्‍मेलनों में राशि 51,000/- के वितरण में की गई वित्‍तीय अनियमितता, फर्जीवाड़ा व राशि का वितरण न करने की जाँच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा? (घ) ऐसे कितने विवाह हो चुके हैं जिनकों राशि प्राप्‍त नहीं हुई है? उसका विवरण दें। बची राशि का भुगतान सरकार कब तक करेंगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जबलपुर जिले की 8 निकायों में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजनान्तर्गत माह नवम्बर 2018 से मार्च 2020 तक विभिन्न तिथियों में सम्मेलन आयोजित कर 1543 कन्याओं के सामूहिक विवाह तथा 34 कन्याओं के निकाह संपन्न कराये गये है। जानकारी  संलग्‍न परिशिष्ट   अनुसार। विवाहित जोडों को नियमानुसार 51,000/- के मान से सभी कन्या विवाह/निकाह योजना के 1577 जोडों को कुल राशि रूपये 80427000/- का भुगतान किया जा चुका है। किसी भी हितग्राही को राशि दी जाना शेष नहीं है। (ख) जबलपुर जिलान्तर्गत मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना अंतर्गत सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों द्वारा विवाह सम्मेलन कराये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जबलपुर जिला योजनान्तर्गत वित्तीय अनियमितता एवं फर्जीवाडा करने की कोई शिकायतें प्राप्त नहीं होने के कारण जाँच कराने एवं दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) समस्त पात्र कन्याओं को पात्रता अनुसार राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "छ:"

किसानों की दूध की कीमत न बढ़ाने वालों पर कार्यवाही

[पशुपालन एवं डेयरी]

13. ( क्र. 3220 ) श्री सुभाष राम चरित्र : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली व रीवा जिले में सांची दुग्‍ध संध द्वारा कितने केन्‍द्र स्‍थापित कर दूध का संग्रहण किया जा रहा है कि जानकारी देते हुये बतावें कि प्रत्‍येक केन्‍द्रों से लगभग कितने लीटर दूध संग्रहित किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के दूध संग्रह केन्‍द्रों द्वारा दूध का बोनस व कीमत किन आधारों पर तय की जाकर किसानों को उनके दूध की कीमत का भुगतान किया जा रहा है कि जानकारी देते हुये बतावें कि क्‍या किसानों को बोनस 5 रू. प्रति लीटर देने का वचन पत्र का उल्‍लेख भी किया गया था जिसका पालन कर किसानों को बोनस का भुगतान नहीं किया जा रहा क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में किसानों के दूध की कीमत फैट के आधार पर तय कर शोषण किया जा रहा है, दूध, घी का मूल्‍य नहीं बढ़ाया जा रहा है जबकि सांची द्वारा जो दूध पैकेट में बंद कर बेचे जाते हैं उनकी कीमत किसानों के दूध की कीमत से कई गुना ज्‍यादा है क्‍यों इस पर क्‍या कार्यवाही करेंगे बतावें? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) (ग) के तारतम्‍य में किसानों के दूध की कीमत बढ़ाये जाने के साथ 5 रू. प्रति लीटर बोनस के भुगतान के आदेश का क्रियान्‍वयन कराये जाने बाबत् निर्देश जारी करेंगे जिससे किसानों को उनके दूध का उचित मूल्‍य मिल सके अगर नहीं करेंगे तो क्‍यों बतावें?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।  (ख) दूध के बोनस का निर्धारण सहकारी समिति के उप नियम में निहित प्रावधान के तहत तथा दूध की कीमत का निर्धारण दुग्ध उत्पादन लागत तथा स्थानीय बाजार में निजी व्यापारियों द्वारा भुगतान की जा रही प्रतिस्पर्धात्मक दरों के आधार पर किया जाता है। पूर्ववर्ती सरकार के वचन पत्र में रू 5/- प्रति लीटर बोनस देने का उल्लेख था। वित्तीय प्रावधान न होने से किसानों को बोनस वितरण नहीं किया जा रहा है। (ग) गुणवत्ता आधारित मूल्य भुगतान पद्धति में फैट की मात्रा के आधार पर भुगतान करने से किसानों को गुणवत्ता युक्त दूध प्रदाय करने पर उचित राशि प्राप्त होती है। दिनांक 06.12.2020 से दुग्ध क्रय दरों में वृद्धि कर रू 600/- प्रति किग्रा फैट की दर से दूध उत्पादकों से दूध क्रय किया जा रहा है। पैकेट के दूध का मूल्य, दुग्ध क्रय दर, संसाधन व्यय एवं अन्य व्ययों को जोड़ने के पश्चात् बाजार की स्थिति के अनुसार निर्धारित किया जाता है। घी का मूल्य बाजार में उपलब्ध अन्य ब्राण्ड्स के घी के समतुल्य है। (घ) दिनांक 06.12.2020 से दूध क्रय मूल्य बढ़ाया गया है। शेष उत्तरांश (ख) अनुसार।

दोषी के विरुद्ध कार्यवाही करना

[स्कूल शिक्षा]

14. ( क्र. 3237 ) श्री राकेश मावई : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कंटिंजेंट भृत्‍यों को नियमित करने के लिये स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं शासन के क्‍या नियम निर्देश हैं? नियम निर्देशों की प्रति सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार नियमों का पालन शिक्षा अधिकारी मुरैना श्री सुभाष शर्मा ने दिनाक 11.11.2020 में कंटिंजेंट भृत्‍यों का नियमितीकरण करके विधानसभा उप निर्वाचन आचार संहिता के समय में किया है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना ने किन-किन कंटिंजेंट भृत्‍यों को नियमित किया है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य ने कंटिंजेंट भृत्‍यों को नियम विरुद्ध चुनाव आचार संहिता में नियमित करने की शिकायत प्रमुख सचिव, स्‍कूल शिक्षा विभाग भोपाल को अपने पत्र क्रं. 42/2020, दिनांक 17.12.2020 द्वारा की गई थी? यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही की प्रति सहित जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (क) (ख) एवं (ग) अनुसार यदि हाँ, तो जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना का मूल पद क्‍या है तथा उक्‍त अधिकारी के नियुक्ति दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी शिकायतें कब-कब प्राप्‍त हुई एवं उन शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही हुई? प्राप्‍त शिकायतों एवं उन पर कृत कार्यवाही सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) माननीय उच्च न्यायालय, ग्वालियर के डब्ल्यू.पी./6962/2015, डब्ल्यू.पी./5586/ 2016 में, डब्ल्यू पी/3856/2019, डब्ल्यू पी/4975/2019, डब्ल्यू पी/13935/2020 एवं डब्ल्यू पी/597/2019 में पारित निर्णय के पालन में कार्यवाही की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ग) जी हाँ। संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर को जाँच कर जाँच प्रतिवेदन भेजने हेतु दिनांक 25/02/2021 एवं दिनांक 02/03/2021 को पत्र भेजे गए है। संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर को भेजे गए पत्रों की प्रति  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (घ) जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना का मूल पद उप संचालक है। जिला शिक्षा अधिकारी मुरैना के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-04 अनुसार है एवं कृत कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-05 अनुसार है।

वन विभाग द्वारा कृषि भूमि पर बिना अधिग्रहण अधिसूचना के कब्जा

[वन]

15. ( क्र. 3353 ) श्री धर्मेन्द्र भावसिंह लोधी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वन विभाग निजी स्वामित्‍व की कृषि भूमि पर बिना अधिग्रहण अधिसूचना तथा बिना मुआवजा के भुगतान किये कब्जा कर, नाली खोदकर, पौधा रोपण कर सकता है? (ख) यदि नहीं, तो वन विभाग सिहोरा वन परिक्षेत्र गौरहा बीट द्वारा ग्राम भखरवारा पटवारी हल्का क्रमांक 47 तहसील बहोरीबंद जिला कटनी में निजी स्वामित्व की कृषि भूमि खसरा 1140, 1141, 1147, 1130, 1131, 1144 पर नाली खोद कर कब्ज़ा कर पौधा रोपण क्यों कर लिया गया है? (ग) वनविभाग निजी स्वामित्व की भूमि से कब्ज़ा हटायेगा या मुआवजा देगा? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें।          (घ) वन विभाग द्वारा कब्ज़ा कर नाली खोदने पौधा रोपण करने एवं कृषि कार्य से वंचित करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गयी है? यदि नहीं, तो कब तक की जाएगी?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) निजी स्‍वामित्‍व की ऐसी भूमियां जो भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 4 में अधिसूचित है, उनमें अधिकारों के विनिश्‍चयन तथा वानिकी विकास दो पृथक-पृथक गतिविधियां हैं, ऐसी भूमियों पर पौधा रोपण हो सकता है। अधिकारों के विनिश्‍चयन उपरांत निर्णय अनुसार भूमि अधिग्रहण व मुआवजा भुगतान हो सकता है। (ख) वन विभाग, वन परिक्षेत्र सिहोरा के अंतर्गत गौरहा बीट, ग्राम भखरवारा, प.ह.नं. 47, तहसील बहोरीबंद, जिला कटनी के खसरा नंबर 1140, 1141, 1147, 1130, 1131, 1144, वनखण्‍ड क्रमांक-227 उदयपुरा में शामिल होकर वन भूमि है। वर्ष 1984 में वनखण्‍ड 227 उदयपुरा के कक्ष क्रमांक पी-7 की 10 हेक्‍टेयर वन भूमि पर वृक्षारोपण किया गया। वृक्षारोपण क्षेत्र में खसरा 1140, 1144 एवं 1147 शामिल है। इसी प्रकार वर्ष 2018-19 में वन खण्‍ड क्रमांक 227 के अंतर्गत खसरा क्रमांक 1130 एवं 1131 में रूटशूट का रोपण किया गया है। (ग) निजी स्‍वामित्‍व की भूमि पर कब्‍जा नहीं है अपितु उत्‍तरांश '''' अनुसार अधिकारों के विनिश्‍चयन अर्द्ध न्‍यायायिक की प्रक्रिया में है अत: समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) उत्‍तरांश () के अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

लेपटॉप योजना के तहत आवंटित राशि

[स्कूल शिक्षा]

16. ( क्र. 3367 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन ने लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल को लेपटॉप योजना के तहत कितनी-कितनी राशि आवंटित की है? कितनी-कितनी राशि के कितने लेपटॉप क्रय किये गये हैं। कितने लेपटॉप वितरित किये गये एवं कितने लेपटॉप का वितरण क्‍यों नहीं किया गया हैं? वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में किस-किस कम्पनी के किस दर पर कब, कहां से, कितनी राशि के कितने लेपटॉप क्रय किये गये हैं? कितने मेधावी छात्र/छात्राओं को कितने लेपटॉप का वितरण किया गया एवं कितने लेपटॉपों का वितरण कब से क्‍यों नहीं किया गया हैं? वर्षवार व जिलावार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क) में कितने छात्र/छात्राओं के खाते में राशि 25000/- के मान से जमा की गई एवं कितने छात्र/छात्राओं के खाते में कब से कितनी राशि जमा नहीं की गई हैं एवं क्यों? शासन ने लेपटॉप के क्रय में किये गये घोटाला व भ्रष्टाचार की जाँच कब किससे कराई हैं? इसमें दोषी किन-किन अधिकारियों पर कब, क्या कार्यवाही की गई हैं?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) लेपटॉप नाम से कोई योजना संचालित नहीं है। प्रतिभाशाली विद्यार्थी को प्रोत्साहन योजना संचालित है। योजना अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मण्डल म.प्र. द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में पात्रता आने पर लेपटॉप क्रय हेतु पात्र विद्यार्थियों के खाते में रूपये 25000-25000 की राशि अंतरित किये जाने का प्रावधान है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) किसी भी कम्पनी से लेपटॉप क्रय नहीं किये गये और न ही छात्र-छात्राओं को वितरित किये गये। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।           (ग) प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजनान्तर्गत विद्यार्थियों को लेपटॉप क्रय किये जाने हेतु राशि रूपये 25000/- दी जाती है। शैक्षणिक सत्र 2018-19 की जानकारी निरंक है, सत्र 2019-20 में 40,507 पात्र विद्यार्थियों के खाते में रूपये 25000-25000 की राशि अंतरित की गई, सत्र 2020-21 हेतु राशि अंतरित की कार्यवाही कक्षा 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम के पश्चात की जावेगी। सत्र 2019-20 के 27 छात्र-छात्राओं के खाते त्रुटिपूर्ण होने के कारण योजना की राशि अंतरित नहीं की जा सकी है। उत्तरांश '''' एवं '''' के प्रकाश में शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत कटनी जिले में संचालित योजनाएं

[अनुसूचित जाति कल्याण]

17. ( क्र. 3459 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान समय में कटनी जिला अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिये कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं तथा इन संचालित योजनाओं से किस प्रकार से कौन-कौन से हितग्राही लाभांवित हो सकते हैं? योजनावार नियमों कि छायाप्रति देवें। (ख) वित्त वर्ष 2018-2019 से प्रश्न दिनांक तक प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं से लाभांवित बहोरीबंद विधानसभा के हितग्राहियों की संख्‍या ग्रामवार, वर्षवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं का लाभ लेने हेतु कहाँ-कहाँ के कितने हितग्राहियों ने वित्त वर्ष 2019-20 सें प्रश्न दिनांक तक आवेदन प्रेषित किए तथा इन प्रेषित आवेदनों में से कितने आवेदनों का निराकरण कर दिया गया तथा कितने आवेदनों का निराकरण किन कारणों से अभी तक नहीं हो सका है। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वर्ग को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कृषि भूमि पर विद्युत कनेक्शन प्रदान करने तथा अन्य तरीकों से ऊर्जाकृत करने की योजनाएं क्या वर्तमान समय में बंद है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं? इसे पुनः कब प्रारंभ किया जावेगा? यदि नहीं, तो इससे लाभांवित होने हेतु विधानसभा क्षेत्र के कहाँ-कहाँ के कितनों के कितने आवेदन लंबित हैं तथा उन्हें किस प्रकार से कब तक लाभांवित किया जावेगा? सूची देवें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। योजनावार नियमों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। सिंचाई सुविधा हेतु कृषकों के कुओं तक विद्युत लाईन का विस्‍तार (पंपों का ऊर्जीकरण) का कार्य पत्र क्रमांक एफ 12-22/2016/4-25 दिनांक 10/02/2021 के द्वारा नियमों के परिप्रेक्ष्‍य में पात्रतानुसार स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्राप्‍त आवेदन पत्रों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

शिक्षकों की दक्षता परीक्षा की अनिर्वायता

[स्कूल शिक्षा]

18. ( क्र. 3463 ) श्री कमलेश जाटव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूलों के छात्रों का परीक्षा परिणाम यदि 40 प्रतिशत से कम होने पर हर वर्ष अपनी योग्‍यता साबित किये जाने हेतु संबंधित विषय के शिक्षकों के साथ-साथ उस शिक्षक को भी दक्षता परीक्षा दिया जाना अनिवार्य किया गया है, जिसने उक्‍त छात्र को 8वीं कक्षा में किसी अन्‍यत्र माध्‍यमिक विद्यालय में पढ़ाया था? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या विद्यालय प्रबंधन, जिला प्रशासन द्वारा आये दिन शिक्षकों को शिक्षा प्रदाय किये जाने के अलावा अन्‍य शासकीय दायित्‍वों जैसे (बी.एल.ओ. जनगणना, निर्वाचन) आदि दिये जाते है जिससे शिक्षण कार्य तो प्रभावित होता ही है, तथा उक्‍त कारणों के चलते पूर्व से कमजोर छात्र फेल हो जाते हैं, क्‍या परीक्षा परिणाम खराब होने पर ये अन्‍य सभी दोषी नहीं हैं? यदि हाँ, तो ऐसी स्थिति में दक्षता परीक्षण अनिवार्य किया जाना किस प्रकार से उचित है? (ग) आयुक्‍त, लोक शिक्षण संचालनालय, मध्‍यप्रदेश के पत्र क्र./समग्र/2021/155, भोपाल दिनांक 18 जनवरी, 2021 से क्‍या शिक्षकों को कॉर्पोरेट सेक्‍टर जैसा टारगेट बेस कार्य दिया गया है क्‍या शिक्षा प्रदाय किया जाना एवं सामग्री व माल बेचना एक सा ही कार्य है यदि नहीं, तो उक्‍त पत्र द्वारा दिये गये आदेशों तथा शिक्षकों की परीक्षा को तत्‍काल प्रभाव से समाप्‍त किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों नहीं?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ सत्र 2019-20 में ऐसे हाई एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालय के शिक्षक जिनके विषय का परीक्षा परिणाम 40 प्रतिशत अथवा कम रहा एवं ऐसे हाईस्कूल जिनका परीक्षा परिणाम 40 प्रतिशत अथवा कम रहा ऐसे विद्यालयों के कैचमेन्ट की माध्यमिक शालाओं के शिक्षकों के लिए दक्षता परीक्षा आयोजित की गई है। (ख) अपने मूल दायित्व शैक्षिक कार्य के साथ-साथ राष्ट्रीय महत्व के अन्य कार्यों जैसे जनगणना, निर्वाचन, मतदाता सूची का पुनरावलोकन इत्यादि में भी शिक्षकों की सेवाएं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर अन्य संवर्ग के कर्मचारियों के साथ ली जाती है। शिक्षक दक्षता आंकलन परीक्षा के आयोजन का मूल उद्देश्य परीक्षा परिणाम कम होने के कारणों का विश्लेषण करना है ताकि शिक्षकों को पढ़ाने में आ रही समस्याओं का चिन्हांकन कर शिक्षकों को पठन-पाठन हेतु सक्षम बनाया जा सके। इस हेतु शिक्षकों को किस विषय वस्तु पर प्रशिक्षण की आवश्यकता है, का आंकलन भी किया जाता है। शिक्षक दक्षता परीक्षा में जिन शिक्षकों द्वारा निर्धारित स्तर प्राप्त नहीं किया गया उन शिक्षकों की दक्षता वृद्धि हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है। (ग) जी हाँ। शालाओं को लक्ष्य तय करने के निर्देश दिये गये हैं। कोई भी विद्यार्थी शाला में फेल होने के लिए प्रवेश नहीं लेता। लक्ष्य निर्धारण से ही लक्ष्य को पूर्ण करने हेतु कार्य योजना बनती है तथा उसका क्रियान्वयन होता है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति

[जनजातीय कार्य]

19. ( क्र. 3545 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के संभागीय कार्यालय सागर एवं जिला कार्यालय सागर में वर्तमान में प्रभारी नियुक्त है? यदि हाँ, तो क्या शासन सक्षम अधिकारियों की पदस्थापना करेगा तथा कब तक? (ख) अनुसूचित जाति कल्याण विभाग संभागीय कार्यालय सागर एवं जिला कार्यालय सागर में रिक्त पदों की पूर्ति तथा विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों की पदोन्नति, क्रमोन्नति का कोई प्रस्ताव शासन के समक्ष विचाराधीन है? यदि हाँ, तो वर्तमान तक क्या कार्यवाही प्रचलन में है? (ग) यदि नहीं, तो क्या शासन विभागीय व्यवस्थाओं के समुचित क्रियान्वयन हेतु रिक्त पदों की पूर्ति किये जाने पर विचार करेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। संभागीय उपायुक्‍त सागर के सेवानिवृत्‍त होने से प्रभारी अधिकारी की पदस्‍थापना स्‍थानीय व्‍यवस्‍था के तहत की गई है। जिला कार्यालय सागर में सहायक आयुक्‍त के पद पर पदस्‍थापना की जा चुकी है विभागीय अधिकारियों के पद रिक्‍त होने के कारण समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। पदोन्‍नति संबंधी न्‍‍‍‍‍‍‍‍यायालयीन प्रकरण माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय में प्रचलित होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। समयमान संबंधी कार्यवाही नियमानुसार की जाती है। (ग) शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

उत्‍तर वन मंडल की संरक्षित भूमि

[वन]

20. ( क्र. 3706 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) वनमण्‍डल के ग्राम टिकारी, झगड़ि‍या, सिवनपाट, कटंगी, डुल्‍हारा एवं छतरपुर की कितनी भूमि संरक्षित वन सर्वे एवं वनखण्‍ड में शामिल की गई? कितनी भूमि किस आदेश क्रमांक दिनांक से किसे आवंटित की गई? कितनी भूमि 15 सितम्‍बर 1972 को डिनोटिफाईड की गई? कितनी भूमि 31/12/1976 तक के काबिजों के लिए डिनोटिफाईड की गई? (ख) संरक्षित वन सर्वे में शामिल ग्राम टिकारी, झगड़ि‍या एवं डुल्‍हारा के खसरा नंबर एवं रकबे का उल्‍लेख 1972 में प्रकाशित डीनोटीफिकेशन की अधिसूचना में नहीं किए जाने का क्‍या कारण रहा है? ग्राम की समस्‍त भूमि के डीनोटीफिकेशन का उल्‍लेख किए जाने का क्‍या कारण रहा है? (ग) संरक्षित वन सर्वें में शामिल ग्राम टिकारी, झगड़ि‍या एवं डुल्‍हारा की डिनोटिफाईड की गई समस्‍त भूमियों को वनमण्‍डल के द्वारा वर्तमान में वन संरक्षण कानून 1980 के दायरे में आने वाली वन भूमि किसके, किस दिनांक के आदेश से प्रतिवेदित किया जा रहा है? प्रति सहित बतावें।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ख) मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग के परिपत्र दिनांक 02.04.1971 में दिये गये निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।             (ग) मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग के परिपत्र क्रमांक/एफ-5/43/90/10-3/96 दिनांक 14.05.1996 के निर्देशानुसार ग्राम टिकारी, झगड़ि‍या एवं डुल्हारा की डिनोटिफाईड की गई भूमियों को संरक्षित वन सर्वे में शामिल किया गया है। उक्त ग्रामों की भूमि पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 12.12.1996 में वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के सन्दर्भ में पारिभाषित वन की परिभाषा अनुसार वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के प्रावधान लागू होते हैं।

वर्किंग प्‍लान में शामिल भूमि

[वन]

21. ( क्र. 3707 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में वन विभाग के वर्किंग प्‍लान में भा.व.अ. 1927 की धारा 29, धारा 4, धारा 27 एवं धारा 34अ के तहत अधिसूचित कितनी भूमि शामिल एवं है कितनी भूमि पर वन विभाग का कब्‍जा है? अधिसूचनावार पृथक-पृथक बतावें। (ख) धारा 29, धारा 4, धारा 27 एवं धारा 34अ में अधिसूचित भूमियों को वर्किंग प्‍लान में शामिल कर कब्‍जा किए जाने का अधिकार वन विभाग को भा.व.अ. 1927, वन संरक्षण कानून 1980, भू राजस्‍व संहिता 1959 एवं फॉरेस्‍ट मैनुअल की किस धारा एवं किस कंडिका में दिया है? (ग) वर्किंग प्‍लान में शामिल संरक्षित वन भूमि एवं नारंगी वन भूमि के नियंत्रण, प्रबंधन, विदोहन से संबंधित कौन-कौन सी कार्यवाही वन विभाग कर रहा है? इन कार्यवाहियों की भारत सरकार वन मंत्रालय नई दिल्‍ली से कब-कब अनुमति या स्‍वीकृति या अनुमोदन प्राप्‍त किया है प्रति सहित बतावें।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) बैतूल जिले में वन विभाग के आधिपत्य की वर्किंग प्लान में शामिल भूमि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) भारतीय वन अधिनियम, 1927 वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 भू-राजस्व संहिता 1959 एवं फॉरेस्ट मैन्यूअल में कब्जा किये जाने का अधिकार नहीं है। (ग) वर्किंग प्लान में शामिल वन भूमियों के नियंत्रण, प्रबंधन एवं विदोहन से संबंधित कार्यवाही कार्य-आयोजना में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार की जा रही है। शेष प्रश्नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

सुमावली में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

[पशुपालन एवं डेयरी]

22. ( क्र. 3743 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018-19 एवं वर्ष 2019-20 में विधानसभा क्षेत्र सुमावली में कितनी गौशाला स्‍वीकृत थी? इनमें से कितनी संचालित हैं? कितनी असंचालित हैं? कितनी निर्माणाधीन हैं? किन-किन ग्राम पंचायतों में कितनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका हैं? जिन गौशालाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है वह आज दिनांक तक शुरू क्‍यों नहीं की गई? (ख) विधानसभा क्षेत्र सुमावली में पशुपालन विभाग द्वारा वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाएं चलायी जा रही हैं? इन योजनाओं द्वारा कितने हितग्राहियों को (क) अवधि में क्‍या-क्‍या लाभ दिया गया?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सुमावली में मनेरगा अंतर्गत वर्ष  2018-19 में काई गौशाला स्‍वीकृत नहीं थी एवं वर्ष 2019-20 में 04 गौशालाएं स्‍वीकृत हुई है, चारों गौशालाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है एवं प्रारंभ होकर वर्तमान में संचालित हैं। ग्राम पंचायत नायकपुरा गौशाला में 56, ग्राम पंचायत विण्‍डवाक्‍यारी गौशाला में 68, ग्राम पंचायत मैना बसई गौशाला में 50 तथा ग्राम पंचायत खाण्‍डोली गौशाला में 15 गौवंश उपलब्‍ध है। (ख) जानकारी  संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार

परिशिष्ट - "सात"

प्राचार्य को राशि व्‍यय करने का अधिकार

[स्कूल शिक्षा]

23. ( क्र. 3802 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय कन्‍या उ.मा.वि.लहार जिला भिण्‍ड में शिक्षण सत्र 2016-17, 2017-18, 2018-19 एवं 2020-2021 तक छात्राओं से प्राप्‍त शुल्‍क एवं शासन से प्राप्‍त अनुदान की राशि कितनी-कितनी प्राप्‍त हुई? मदवार एवं वर्षवार बताएं? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त अवधि में प्राचार्य द्वारा कितनी-कितनी राशि किस-किस मद/कार्य में व्‍यय की गई? (ग) प्राचार्य को कितनी राशि व्‍यय करने के अधिकार हैं एवं उनके द्वारा उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर राशि व्‍यय करने हेतु क्‍या अपने वरिष्‍ठ अधिकारियों से अनुमोदन लिया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? प्राचार्य द्वारा व्‍यय किए जाने के अधिकार संबंधी आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराएं? (घ) उपरोक्‍त प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या प्राचार्य द्वारा भण्‍डार क्रय नियम का पालन किया गया? (ड.) क्‍या प्राचार्य द्वारा क्रय की गई सामग्री एवं कराए गए कार्यों हेतु वरिष्‍ठ कार्यालय से अनुमति प्राप्‍त कर निविदा आमंत्रित की गई है? यदि हाँ, तो किस-किस समाचार पत्र में कब-कब निविदा आमंत्रित की गई? (च) यदि प्राचार्य द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र के विरुद्ध एवं भण्‍डार क्रय नियमों का पालन न कर मनमाने ढंग से राशि व्‍यय की गई तो क्‍या इसकी जाँच कराकर संबंधित प्राचार्य के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार(ग) प्राचार्य को व्यय के अधिकार की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है। शेषांश प्रश्‍नांकित विद्यालय का वर्षवार मदवार राशि के व्यय की वित्तीय जाँच हेतु जिला शिक्षा अधिकारी जिला भिण्ड द्वारा दिनांक 06.03.2021 को दल गठित किया गया है। (घ) उत्‍तरांश '' अनुसार जाँच के निष्कर्ष पर निर्भर करेगा। (ड.) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (च) उत्तरांश '' अनुसार, जाँच के निष्कर्ष पर निर्भर करेगा।

जबलपुर में इनफर्टिलिटी लैब का निर्माण

[पशुपालन एवं डेयरी]

24. ( क्र. 3870 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दुधारू पशुओं की इनफर्टिलिटी की समस्या निदान के लिये वेटनरी अस्पताल जबलपुर में म.प्र. की पहली लैब बनेगी? (ख) क्या लैब उपकरणों की खरीदी मंडी बोर्ड के अधिकारियों द्वारा की जावेगी? (ग) यदि हाँ, तो क्यों? (घ) क्या तकनीकी दृष्टि से पशुपालन विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा खरीदी कराना उचित नहीं है?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) तकनीकी दृष्टि से पशुपालन विभाग के विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा खरीदी कराना उचित है।

निर्माण कार्यों की निविदा आमंत्रित के नियम

[जनजातीय कार्य]

25. ( क्र. 3885 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या बैतूल जिले में विभाग द्वारा निर्माण कार्य हेतु क्या ऑनलाईन/ऑफलाईन निविदाएं आमंत्रित की जाती है? यदि हाँ, तो संपूर्ण प्रक्रिया नियम सहित उपलब्ध करावें। (ख) निविदाओं के नियम क्या सदैव एक जैसे ही होते हैं या हर बार उसमें किसी प्रकार का कोई परिवर्तन किया जाता है? ऑनलाईन/ऑफलाईन निविदाओं की पृथक-पृथक जानकारी नियम सहित देवें। (ग) वर्तमान में निर्माण कार्य हेतु विभाग ने क्या कोई निविदाएं बुलाई हैं? क्या निविदा में जीएसटी के चालान मांगे गए हैं? क्या इसे मांगे जाने हेतु शासन ने कोई प्रावधान लागू किया है? क्या अन्य विभागों से संबंधित निर्माण कार्यों की निविदाओं में भी इस दस्तावेज को मांगा जाता है? यदि हाँ, तो नियम कानून/प्रावधानों की प्रति उपलब्ध करावें यदि नहीं, तो जीएसटी के चालान मांगे जाने का औचित्य बतावें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार यदि जीएसटी चालान को मांगे जाने का कोई प्रावधान नहीं है तब क्या किसी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्‍य से विभाग द्वारा इस दस्तावेज की मांग की है? क्या विभाग द्वारा नियम कानूनों का स्वनिर्धारण कर दस्तावेजों की मांग की जाती है? क्या निविदाएं पुनः आमंत्रित कर संबंधित पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की जावेगी एवं कब?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा केवल ऑनलाईन निविदायें आमंत्रित की जाती हैं। वित्‍त विभाग के आदेश क्रमांक एफ-137/2845/2019/ नियम/चार/दिनांक 17.01.2020 के क्रमांक 20 तथा विभाग द्वारा अनुमोदित निविदा प्रारूप अनुसार निविदा की कार्यवाही की जाती है, प्रक्रिया एवं नियम की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कार्य की लागत, प्रकृति तथा नियम अनुसार कार्य की निविदा की कार्यवाही विभाग द्वारा की जाती है। प्रश्‍नांश की  शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश का शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तरांश अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मॉडल स्‍कूलों में शिक्षकों की पदपूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

26. ( क्र. 3934 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भीकनगांव विधानसभा के क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में कितने मॉडल स्कूल संचालित हैं तथा कहाँ-कहाँ पर स्थि‍त हैं? (ख) स्‍वीकृत पद की तुलना में कितने पदों पर वर्तमान में शिक्षक पदस्थ हैं? कितने रिक्त हैं तथा कितने अन्य स्थान पर अटैच हैं तथा अटैच शिक्षक के नाम मूल पद स्थापना एवं अटैच स्थान सहित जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) कब तक सम्पूर्ण पदों पर शिक्षकों की पद पूर्ति की जावेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रश्‍नाधीन विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत 01 मॉडल स्कूल शासकीय मॉडल स्कूल झिरन्या में संचालित है। (ख) प्रश्‍नाधीन स्कूल में स्वीकृत 14 शैक्षिक पदों के विरूद्ध सभी पद रिक्त है। वर्तमान में 02 शिक्षक स्थानीय स्तर पर विद्यालय में अध्यापन करा रहे है। शेष शैक्षणिक व्यवस्था अतिथि शिक्षकों से की जाती है। प्रश्‍नाधीन मॉडल स्कूल से कोई शिक्षक अन्यत्र अटैच नहीं है। (ग) नवीन शैक्षणिक संवर्ग में भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

दिव्‍यांग बच्‍चों के शिक्षण में गुणवत्‍ता विकास

[स्कूल शिक्षा]

27. ( क्र. 3950 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र स्‍कूल शिक्षा विभाग में 5 जून 2018 की नीति के अनुसार 90% वेतनमान का लाभ संविदा कर्मचारियों को दिया गया है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध करायें।  (ख) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक 4044 नि:शक्‍तजन महापंचायत दिनांक            29 अप्रैल, 2008 के अनुसार दिव्‍यांग बच्‍चों के हितार्थ सेल गठन की कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो उक्‍त सेल के सभी सदस्‍यों की योग्‍यता एवं सेल से कितने दिव्‍यांग बच्‍चों को लाभान्वित किया गया है? (ग) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग मध्‍यप्रदेश शासन में नई शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी तौर पर लागू करने एवं स्‍कूल शिक्षा की गुणवत्‍ता विकास हेतु सुझाव मार्गदर्शन के लिए टास्‍क फोर्स का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो दिव्‍यांग बच्‍चों के शिक्षा गुणवत्‍ता विकास हेतु कितने विशेष शिक्षकों को टास्‍क फोर्स में शामिल किया गया है? (घ) क्‍या राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा सतना जिले के शिक्षकों को दिव्‍यांग बच्‍चों की शिक्षण व्‍यवस्‍था हेतु विगत 5 वर्ष में कोई प्रशिक्षण दिया गया है? यदि हाँ, तो इन प्रशिक्षण प्राप्‍त शिक्षकों की प्रशिक्षण पूर्व पदस्‍थ शाला का नाम, प्रशिक्षण उपरान्‍त पदस्‍थ की शाला का नाम, वर्तमान पदस्‍थापना एवं उक्‍त शालाओं में अध्‍ययनरत दिव्‍यांग बच्‍चों की दिव्‍यांगवार जानकारी देवें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। सेल गठन के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कुल 101336 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे है। (ग) जी हाँ। गठित टास्क फोर्स में विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, कैरियर काउंसलर, विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, शासकीय/अशासकीय सेवाओं से सेवानिवृत्त अधिकारी एवं विभागीय अधिकारियों को सम्मिलित किया गया है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

जनजाति विकास योजना की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

28. ( क्र. 3961 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जनजातीय कार्य विभाग द्वारा बस्ती विकास योजना एवं विद्युतीकरण योजनांतर्गत कार्य कराये जाने एवं क्रियान्वयन हेतु क्या-क्या निर्देशि का प्रचलन में है, की फोटो प्रति सहित जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में वित्तीय वर्ष 2017 से जनवरी, 2021 तक कितनी राशि प्राप्त हुई? जिलावार बतावें। प्राप्त राशि में से जिला मुरैना में किन-किन विधान सभा क्षेत्रों को प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्यों में व्यय की जानकारी विधानसभा क्षेत्रवार दी जावे। जानकारी में हितग्राही का नाम, पता, प्रदाय राशि, कार्य का विवरण, वर्ष दिनांक, मांग संख्या, लेखा शीर्ष आदि सहित वर्षवार दी जावें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है।

अंत्याव्यवसायी बैंकों द्वारा ऋण एवं अनुदान

[अनुसूचित जाति कल्याण]

29. ( क्र. 3962 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग द्वारा अंत्याव्यवसायी बैंकों द्वारा ऋण एवं अनुदान देने के क्या-क्या नियम प्रक्रिया निर्मित हैं व नियम प्रक्रियाओं की फोटोकॉपी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिला मुरैना में कितने हितग्राहियों को ऋण एवं अनुदान अप्रैल, 2017 से फरवरी, 2021 तक दिया गया, जानकारी हितग्राही का नाम, पता, कार्य का विवरण, देयक राशि, वर्ष दिनांक, मांग संख्या, लेखा शीर्ष एवं उपशीर्ष आदि सहित दी जावे।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) निगम द्वारा जिला स्‍तर पर जिला अंत्याव्यवसायी समिति के माध्‍यम से संचालित योजनाओं में बैंकों से ऋण एवं अनुदान देने के नियम है। नियम प्रक्रियाओं की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।  (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में जिला मुरैना में अप्रैल 2017 से फरवरी 2021 तक 538 हितग्राहियों को विभिन्‍न बैंकों से ऋण एवं विभाग से अनुदान उपलब्‍ध कराया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

अधिकार विहीन कार्य करने पर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

30. ( क्र. 4011 ) श्री विजयराघवेन्द्र सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किसी जिले के विभागीय अधिकारी को अन्‍य उच्‍च प्रथम श्रेणी अधिकारिता वाले संभागीय कार्यालय में प्रशासकीय एवं वित्‍तीय अधिकारी प्रदत्‍त करने का अधिकार प्रशासकीय विभाग को ही है? (ख) क्‍या श्री नीरव दीक्षित प्राचार्य डाईट सतना को संचालनालय के आदेश            क्र. स्‍था-1/राज/वी/59/2020/1167 दिनांक 04.12.2020 के द्वारा अपने कार्य के साथ-साथ संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा का प्रभार अस्‍थाई रूप से सौंपा गया था परंतु प्रशासकीय विभाग द्वारा श्री दीक्षित को अब तक प्रशासकीय एवं वित्‍तीय अधिकार प्रदान नहीं किया गया(ग) संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा का प्रशासकीय एवं वित्‍तीय अधिकार न होते हुए भी श्री नीरव दीक्षित द्वारा काम चालू प्रभार में रहते हुए कितनी विशेष/अनुकंपा नियुक्तियां एवं वित्‍तीय आहरण संवितरण किया गया? (घ) क्‍या बिना प्रशासकीय एवं वित्‍तीय अधिकार प्राप्‍त हुए प्रश्नांश (ग) के अनुरूप श्री नीरव दीक्षित द्वारा नियम विरूद्ध की गई विशेष/अनुकंपा नियुक्तियों एवं वित्‍तीय आहरण संवितरण निरस्‍त किए जायेगें एवं बिना सक्षम अधिकार प्राप्‍त हुए शासन से धोखाधड़ी करते हुये अधिकारों का दुरूपयोग करने के आरोप में उन्‍हें तत्‍काल निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जिस पद का प्रभार सौंपा गया है उसके समस्त अधिकार उन्हें पृथक से अधिकार सौंपे जाने की आवश्यकता नहीं है। (ग) उत्तरांश ''  के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश '' एवं '' के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

छात्रवृत्ति की राशि का गबन

[स्कूल शिक्षा]

31. ( क्र. 4012 ) श्री विजयराघवेन्द्र सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) समेकित छात्रवृत्ति योजना अन्‍तर्गत वर्ष 2016-17 से 2020-21 तक क्‍या कटनी जिले के ढीमरखेडा विकासखण्‍ड के अंतर्गत आदिम जाति कल्‍याण विभाग के अंतर्गत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति प्रत्‍येक संकुल में अलग-अलग खाता खोल कर जमा किए जाने के निर्देश दिए गए थे किन्‍तु ढीमरखेडा संकुल ने एक ही खाता में राशि जमा किया? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो उक्‍त संकुल में छात्रवृत्ति की कितनी राशि का गबन (घोटाला) हुआ? उक्‍त हुए गबन की पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज अभी तक क्‍यों नहीं कराई गई? कब कराई जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में गबनकर्ताओं को कौन-कौन अधिकारी बचा रहे हैं और इस प्रकरण में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी प्रथम दृष्‍टया दोषी पाए गए है? नाम, पदनाम सहित बताएं। (घ) क्‍या जिला कटनी में इस तरह के और गबन प्रकरण विगत पांच वर्षों हुए हैं तो उन हुए गबन प्रकरणों में गबनकर्ताओं के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सीएम राइस योजना

[स्कूल शिक्षा]

32. ( क्र. 4036 ) श्री निलय विनोद डागा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सीएम राइस योजना कब से लागू की गई है? इसमें किस-किस शाला को लिए जाने का प्रावधान है तथा इन शालाओं में क्या-क्या सुविधा दी जावेगी? नियमों एवं आदेशों की प्रति उपलब्ध कराएं। क्या प्रदेश में इस प्रकार की शालाओं का कहीं सफल संचालन हुआ है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ? स्थान सहित पूरी जानकारी देवें। (ख) बैतूल विधानसभा क्षेत्र की किस-किस शाला को उपरोक्त योजना में लिया गया है तथा इन शालाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं में से कौन-कौनसी सुविधा उपलब्ध करा दी गई है एवं कौन-कौनसी सुविधा उपलब्ध कराया जाना शेष है? (ग) बैतूल विधानसभा क्षेत्र की इन शालाओं में बच्चों की सुरक्षा की क्या व्यवस्था की जानी है एवं क्या व्यवस्था की गई है? साथ ही बच्चों के आवागमन हेतु उपयोग की जाने वाली बसों तथा वाहनों का संचालन संधारण किस प्रकार किया जाएगा तथा इन शालाओं के संचालन की क्या प्रक्रिया होगी? (घ) इन शालाओं के संचालन से कौन-कौन सी शालाएं प्रभावित होगी तथा किस-किस शाला को बंद किया जाना प्रस्तावित है या बंद कर दिया गया है या भविष्य में बंद हो जावेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क)  से  (घ) सी.एम. राइस सर्व सुविधा सम्पन्न स्कूल खोलने की योजना की स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

आदिवासियों को भरोला जाति प्रमाण-पत्र का प्रदाय

[जनजातीय कार्य]

33. ( क्र. 4051 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) देवास जिले की खातेगांव तहसील में ग्राम पंचायत विक्रमपुर, सागौन्‍या के अंतर्गत अनुसूचित जन जाति के लगभग 100 से अधिक परिवार निवासरत हैं जो अपनी आ‍जीविका पत्‍थर पर छैनी हथौंडे से टंकन करके सिलबट्टा, खरल, गेहूँ पीसने की चक्‍की आदि बनाने का काम करते हैं, इस कारण इन्‍हें स्‍थानीय भाषा/बोली में (टाकियां) अथवा घट्टीया कहकर संबोधित किया जाता है। (ख) यह कि समूचे म.प्र. में इनके रिश्‍तेदारों को भरोला जाति कहा जाता है एवं अनुसूचित जनजाति की योजनाओं का लाभ दिया जाता है। देवास जिले की अन्‍य तहसीलों में भी इनके समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्‍त है? (ग) क्‍या विभाग खातेगांव तहसील के निवासरत (भीमताल)/टांडा गांव के निवासियों को (भरोला) जनजाति का प्रमाण-पत्र दिये जाने हेतु यहां के नागरिकों की जाति निर्धारण संबंधी कार्यवाही अतिशीघ्र पूर्ण करेगा? (घ) क्‍या विभाग अतिशीघ्र इन लोगों को भी अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र देने हेतु SDM खातेगांव को निर्देशित करेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) प्रश्‍नांश में कोई जानकारी अपेक्षित नहीं। (ख) भारत सरकार द्वारा मध्‍यप्रदेश राज्‍य के लिये जारी अनुसूचित जनजाति सूची में भरोला जाति नाम अधिसूचित नहीं है। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (ख ) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

मूक बधिर विद्यालयों में शिक्षकों की निर्धारित योग्‍यता

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

34. ( क्र. 4053 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामाजिक न्‍याय विभाग अंतर्गत संचालित मूक बधिर विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों हेतु निर्धारित योग्‍यता D.Ed. (H.I.) निर्धारित थी और इसी अनुसार लगभग 50 शिक्षकों (श्रवण बाधितार्थ) की भर्ती की गई है जबकि वर्तमान में इस पद हेतु निर्धारित योग्‍यता B.Ed. (H.I) कर दी है जिसके कारण D.Ed. (H.I) योग्‍यताधारी बेरोजगार घूम रहे हैं। इनको कहां नियुक्‍त किया जायेगा? (ख) भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार के सहयोग से प्रदेश में D.Ed. (H.I.) के लगभग 30 कॉलेज संचालित हैं, जिसमें से लगभग 800 छात्र प्रतिवर्ष D.Ed. (H.I.) का डिप्‍लोमा प्राप्‍त कर रहे हैं। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा प्रति छात्र 80000-00 रू. स्‍कालरशिप भी दी जा रही है। अगर D.Ed. (H.I.) डिप्‍लोमाधारियों की आवश्‍यकता नहीं है तो स्‍पेशल कालेज क्‍यों चलाये जा रहें हैं और स्‍कालरशिप क्‍यों दी जा रही हैं? (ग) भारत सरकार द्वारा B.Ed. (H.I.) योग्‍यताधारियों को व्‍याख्‍याता (श्रवण बाधितार्थ) पद में नियुक्‍त करनें एवं D.Ed. (H.I.) डिप्‍लोमाधारियों को शिक्षक (श्रवण बाधितार्थ) हेतु मापदण्‍ड निर्धारित किया गया है। जबकि सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा भर्ती नियम में मनमाना परिवर्तन कर D.Ed. (H.I.) को षड्यंत्र पूर्वक हटा दिया गया है, इसके लिये कौन दोषी हैं और कब तक D.Ed. (H.I.) को भर्ती नियम में जोड़ा जायेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) :  (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। भारतीय पुर्नवास परिषद् द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से विशेष शिक्षा के पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे है। प्राथमिक स्तर की शिक्षा के लिए डी.एड. अर्हताधारी की आवश्यकता होती है।            (ग) व्याख्याता पद के लिए बी.एड. योग्यता निर्धारित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मंत्री परिषद् के अधिकार क्षेत्र

[स्कूल शिक्षा]

35. ( क्र. 4097 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि अध्‍यापक शिक्षक संवर्ग के आश्रित को अनुकम्‍पा नियुक्ति देने हेतु अनुकम्‍पा नियुक्ति के नियमों में पात्रता परीक्षा तथा बी.एड/डी.एड की अनिवार्यता को शिथिल करने के अधिकार क्‍या राज्‍य मंत्री परिषद् को है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : जी नहीं।

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय आवंटित सीटों से अधिक नामांकन

[चिकित्सा शिक्षा]

36. ( क्र. 4153 ) श्री विनय सक्सेना : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रवेशित वर्ष 2017-2018 एवं 2018-19 में बी.एस.सी. नर्सिंग, एम.एस.सी. नर्सिंग व पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. पाठ्यक्रमों की विभिन्न महाविद्यालयों को नर्सिंग कौंसिल द्वारा आवंटित सीट संख्या से अधिक सीटों पर नामांकन म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा किये गये थे? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में नर्सिंग कौंसिल द्वारा निर्धारित सीटों से अधिक सीटों पर           किन-किन महाविद्यालय के, किन-किन छात्रों का नामांकन म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा किया गया था? छात्रों के नाम, नामांकन क्रमांक, नामांकन दिनांक सहित सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद् द्वारा विभिन्न सम्बद्ध महाविद्यालयों की नर्सिंग कौंसिल से आवंटित सीटों में वृद्धि की गयी थी? यदि हाँ, तो निर्णय की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या नर्सिंग कौंसिल से आवंटित सीटों में वृद्धि करने हेतु म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्व विद्यालय द्वारा नर्सिंग कौंसिल की अनुमति ली गयी थी? यदि हाँ, तो दस्तावेज देवें। यदि नहीं, तो क्या नर्सिंग कौंसिल की अनुमति के बिना महाविद्यालय की सीटें बढ़ाई जा सकती हैं? (ङ) उक्त अवधि में म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय की सम्बद्धता शाखा एवं नामांकन शाखा का प्रभार किस-किस अधिकारी के पास था? क्या उन पर शासन द्वारा कोई कार्यवाही की जावेगी?
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2017-18 में तीन नर्सिंग महाविद्यालयों द्वारा बी.एस.सी नर्सिंग एवं पोस्‍ट बेसिक बी.एस.सी पाठ्यक्रमों की नर्सिंग कौंसिल द्वारा आवंटित सीट संख्‍या से अधिक सीटों पर नामांकन किये गये थे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। वर्ष 2018-19 में ऐसा कोई प्रकरण नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में निर्धारित सीटों से अधिक सीटों पर आर्युविज्ञान विश्‍वविद्यालय द्वारा किये गये नामांकन की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। (ड.) उक्‍त अवधि में श्री सुनील खरे, उप कुल सचिव के पास संबद्धता शाखा का प्रभार एवं डॉ. तृप्ति गुप्‍ता, ओ.एस.डी. के पास नामांकन शाखा का प्रभार था। महाविद्यालय द्वारा अधिक संख्‍या में किये गये समस्‍त विद्यार्थियों के नामांकन पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार  निरस्‍त किये गये है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आदिवासी क्षेत्रों से पलायन रोकने के उपाय

[जनजातीय कार्य]

37. ( क्र. 4177 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या आदिवासी बहुल क्षेत्रों से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोग पलायन करते हैं? पलायन रोकने के लिए शासन द्वारा क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है? (ख) आदिवासी क्षेत्रों से प्रतिवर्ष पलायन होने के क्या कारण हैं? पलायन के कारणों की जाँच करने एवं रोकने के लिए उपयुक्त हस्तक्षेपकारी उपायों की सिफारिश हेतु शासन द्वारा कोई समिति गठित की गई? (1) यदि हाँ, तो समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का विवरण उपलब्ध कराएं। रिपोर्ट पर शासन द्वारा की गई कार्यवाही का ब्यौरा दें। (2) यदि नहीं, तो विधिसम्मत कारण बताएं। कब तक समिति गठित की जाएगी? क्या शासन आदिवासी बहुल क्षेत्रों से पलायन नहीं रोकना चाहता है? (ग) क्या पांचवीं अनुसूची का अनुपालन नहीं होने एवं शासन की कार्यान्वित विकास परियोजनाओं का लाभ नहीं मिलने के कारण आदिवासी क्षेत्रों में पलायन बढ़ रहा है? शासन क्या कार्यवाही कर रहा है? आदिवासी क्षेत्रों में न्यूनतम मजदूरी कम होने के क्या कारण हैं? (घ) मनावर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जनवरी 2018 प्रश्न दिनांक तक कितने लोगों ने पलायन किया? माह-वर्षवार ब्यौरा दें। (ङ) मनावर विधानसभा क्षेत्र में अवैध रुप से मजदूरों का पलायन कराने वाले कितने बसों और अन्य वाहनों को पकड़ा गया, उन वाहन मालिकों-ड्राईवरों पर किसके द्वारा क्या कार्यवाही की गई? जनवरी 2018 से प्रश्न दिनांक तक के वाहन-नंबर, मालिकों-ड्राईवरों के नाम, तिथिवार कार्यवाही का ब्यौरा दें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क)  से (ड.) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत अतिथि शिक्षकों की भर्ती

[स्कूल शिक्षा]

38. ( क्र. 4225 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत स्‍कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के कितने पद रिक्‍त हैं? क्‍या अतिथि शिक्षकों की भर्ती के लिए शासन द्वारा नियम बनाये गए हैं? नियम का पालन नहीं करने पर जिम्‍मेदार अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही करने के क्‍या प्रावधान रखे गए हैं? (ख) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत विगत 5 वर्षों में कितने अतिथि शिक्षकों की भर्ती की गई है? शालावार व विषयवार संख्‍या बतावें। (ग) क्‍या इन समस्‍त अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में शासन के सम्‍पूर्ण दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है? समस्‍त भर्ती प्रक्रिया का विवरण उपलब्‍ध करावें। (घ) यदि नहीं, तो जिम्‍मेदार अधिकारी/कर्मचारी पर क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई है, तो कब तक कार्यवाही की जाएगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर में शिक्षकों के 289 पद रिक्त है। जी नहीं। अतिथि शिक्षकों की भर्ती नहीं की जाती है, शिक्षक के रिक्त पद अथवा शिक्षक के प्रशिक्षण/अवकाश में जाने की स्थिति में अध्यापन हेतु शासन निर्देश के अनुसार आमंत्रित किया जाता है। जी नहीं। जाँच उपरांत गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जाती है।  (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ, उत्तरांश ()  अनुसार आमंत्रित किया जाता है। अतिथि शिक्षकों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) उत्तरांश () के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

ग्रीन इंडिया मिशन द्वारा आवंटित बजट

[वन]

39. ( क्र. 4258 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केन्द्र सरकार द्वारा ग्रीन इंडिया मिशन अंतर्गत म.प्र. वन विभाग को वित्तीय वर्ष 2018-19 से वित्तीय वर्ष 2020-21 में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में वित्तीय वर्षवार किन-किन वन मंडलों को कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? सूची उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में वित्तीय वर्षवार वन मंडलवार आवंटित राशि में क्या-क्या कार्य कराये गये तथा कितने हितग्राही लाभान्वित हुए? करें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में वित्तीय वर्षवार मुलताई विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कराये गये कार्यों की सूची पृथक से प्रदाय कर लाभान्वित हितग्राहियों की सूची ग्राम पंचायतवार उपलब्ध करायें एवं मुलताई जिला-बैतूल में कौन से कार्य किये?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) केन्‍द्र सरकार द्वारा ग्रीन इंडिया मिशन अंतर्गत मध्‍यप्रदेश वन विभाग को वित्‍तीय वर्ष 2018-19 में रूपये 2415.917 लाख एवं वित्‍तीय वर्ष 2019-20 में रूपये 3065.30 लाख आवंटित की गई है। वित्‍तीय वर्ष 2020-21 में कोई राशि आवंटित नहीं की गई है। (ख) वनमंडलों को आवंटित की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 में है। (ग) वनमंडलवार आवंटित राशि से कराये गये कार्य एवं लाभान्वित हितग्राही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 में है। (घ) वित्‍तीय वर्षवार मुलताई विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कराये गये कार्यों की जानकारी निरंक है। ग्रीन इंडिया मिशन के लिए स्‍वीकृत परियोजना में मुलताई विधानसभा क्षेत्र सम्मिलित नहीं है अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शालाओं में बाउंड्रीवॉल का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

40. ( क्र. 4332 ) श्री मनोज चावला : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग के समस्त जिलों में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेण्‍डरी स्कूल में छात्रों एवं भवन कि सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल है और कितनी शालाओं में नहीं है? जिलेवार संख्या बताए। (ख) उक्त शालाओं में सुरक्षा की दृष्टि से बाउंड्रीवॉल बनाने हेतु शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो बताएं कि कब तक सभी शालाओं में बाउंड्रीवॉल बना दी जाएगी?                 (ग) क्या उक्त शालाओं में बाउंड्रीवॉल के अभाव में चोरी, दुर्घटना,अतिक्रमण की स्थिति निर्मित हुई है? यदि हाँ, तो बताएं कि प्रश्नांश (क) अंतर्गत शालाओं में विगत 03 वर्षों में किन-किन जिलों में इस प्रकार की घटनाएं हुई हैं और प्रकरण पंजीबद्ध हुआ है? जिलेवार सूची उपलब्ध कराएं।          (घ) प्रश्नांश (क) अंतर्गत शालाओं में उज्जैन संभाग में कितनी शालाओं में अतिक्रमण की शिकायतें शाला प्रमुख, जनप्रतिनिधियों से प्राप्त हुई हैं? सूची देवें और बताएं कि अतिक्रमण रोकने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? क्या सभी शालाओं में सीमांकन करवाया जा चुका है? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक कराया जाएगा? (ड.) रतलाम जिले में कितनी शाला परिसर में जीर्ण-शीर्ण भवन,परित्याग भवन, कमरे, शौचालय हैं जिनके गिरने से कभी भी हादसा हो सकता है? सूची देवें। क्या इन सभी को डिस्मेंटल कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्यों डिस्मेंटल करने के संबंध में क्या नियमावली है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) उज्जैन संभाग के समस्त जिलों में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में छात्रों एवं भवन की सुरक्षा हेतु बाउण्ड्रीवॉल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार(ख) जी हाँ। उक्त शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में बाउण्ड्रीवॉल के लिये राज्य मद अंतर्गत प्राथमिकता अनुसार बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण की योजना तैयार की जा रही है। वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2021-22 में बाउण्‍ड्रीवॉल के प्रस्ताव सम्मिलित किए जा रहे हैं। भारत सरकार से स्वीकृति एवं बजट उपलब्धता अनुसार निर्माण कार्य स्वीकृत करने की योजना है। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र की शालाओं में बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण कार्य मनरेगा अंतर्गत किए जाने के निर्देश है। समस्त शालाओं में बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण बजट उपलब्धता पर निर्भर रहेगा। हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों को अतिक्रमण से बचाने विद्यार्थियों की सुरक्षा की दृष्टि से बाउण्‍ड्रीवॉल निर्मित की जाती है। पृथक से कोई प्रावधान नहीं है। निर्माण बजट की उपलब्धता एवं सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। समय-सीमा बताया जाना संभंव नहीं है। (ग) जी हाँ, प्रश्नांश (क) अंतर्गत विगत 03 वर्षों में सिर्फ उज्जैन जिले की 14 शालाओं के अतिक्रमण हुआ है और कोई घटना नहीं घटी है कोई प्रकरण पंजीबद्ध नहीं हुआ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार(घ) प्रश्नांश (क) उज्जैन जिला अंतर्गत कुल 14 शासकीय प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं में अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त हुई है, सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। अतिक्रमण मुक्त करने एवं शाला परिसर के सीमांकन हेतु कलेक्टर द्वारा संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को पत्र दिनांक 24.09.2020 द्वारा निर्देशित किया गया है। सीमांकन कार्य प्रगतिरत है, सीमांकन का कार्य राजस्व विभाग पर निर्भर है अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। उज्जैन संभाग के शेष जिलों में उक्तानुसार शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार। अतिक्रमण होने की स्थिति में राजस्व अधिकारी को सूचना दी जाती है। स्कूलों की भू‍मि का सीमांकन कर उसे राजस्व अभिलेख में दर्ज करने हेतु आयोग, लोक शिक्षण द्वारा अर्द्धशासकीय पत्र दिनांक 04.09.2020 एवं 11.02.2021 सभी जिला कलेक्टरों को भेजे गये है। सीमांकन कार्यवाही प्रचलन में है। शेषांश उपस्थित नहीं होता है। कार्यवाही राजस्व विभाग द्वारा की जाती है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) रतलाम जिले में 34 शाला परिसर में जीर्ण-शीर्ण भवन है जिन्हें लोक निर्माण विभाग द्वारा जीर्ण-शीर्ण घोषित किया जा चुका है। सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। जी नहीं, डिस्मेंटल करने की प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। प्रश्नाधीन जिले में शासकीय उत्‍कृष्ट माध्यमिक विद्यालय आलोट के जीर्ण-शीर्ण 6 कक्षों को गिराने हेतु कार्यवाही राजस्व विभाग व्दारा की जानी है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षकों के प्रशिक्षण का भुगतान

[स्कूल शिक्षा]

41. ( क्र. 4339 ) श्री मनोज चावला : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले में शिक्षा विभाग अंतर्गत वर्ष 2019 से प्रश्न दिनांक तक सभी वर्ग के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों हेतु कौन-कौन से प्रशिक्षण आयोजित हुए है? तहसीलवार सूची बताएँ और बताएँ कि क्या शिक्षकों को प्रशिक्षण प्राप्त करने पर टी.ए., डी.ए. शासन द्वारा दिया जाता है? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत प्रशिक्षण हेतु शासन से कितना-कितना आवंटन कब-कब प्राप्त हुआ है? वर्षवार,प्रशिक्षणवार, मदवार बतावें और बताएँ कि किन-किन प्रशिक्षण के लिए आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है या आवंटन शेष है? यदि आवंटन नहीं हुआ है तो प्रशिक्षण पर व्यय कहाँ से किया गया? सम्पूर्ण विवरण बतावें। (ग) यदि उल्लेखित समयावधि में आवंटन प्राप्त हुआ है तो क्या सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण के टी.ए., डी.ए. का भुगतान कर दिया गया है? जिन प्रशिक्षणों में भुगतान नहीं किया गया है उनकी सूची देवें और बताएँ की भुगतान क्यों नहीं किया गया है! (घ) प्रश्नांश (क) की समय अवधि में आवासीय प्रशिक्षण जो आयोजित हुए हैं उनकी सूची अलग से उपलब्ध कराएं और बताएं कि उनके रहने, खाने और अन्य व्यवस्था हेतु कितनी राशि खर्च हुई है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्राथमिक/माध्यमिक शिक्षकों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ग अनुसार है। हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों के शिक्षकों का आवासीय प्रशिक्षण आयोजित नहीं किये गये है।

स्‍वयं सेवी संस्‍थाओं द्वारा संचालित छात्रावासों में कार्यरत कर्मिक

[स्कूल शिक्षा]

42. ( क्र. 4361 ) श्री महेश परमार : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा के अतारांकित प्रश्न क्रमांक 2900 बैठक दिनांक 19/07/2019 के उत्तर में राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा पत्र क्रमांक 2328 दिनांक 22/04/2019 की प्रमाणित प्रति दी गयी थी? उसमें नियमों के तहत स्वयं सेवी संस्थाओं के द्वारा संचालित छात्रावासों में कार्यरत कर्मचारियों को परियोजना के पदों में पात्र नहीं माना गया था? यदि हाँ, तो शासकीय प्रक्रिया के अनुसार भर्ती किए गए पात्र व्यक्ति को एन.जी.ओ. का हवाला देकर अपात्र क्यों किया गया? इसके पीछे उत्तरदायी अधिकारी कौन है? उस पर क्या कार्यवाही होगी? (ख) क्या मध्यप्रदेश में सभी सहायक वार्डनों की नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है? क्या सभी सहायक वार्डनों को प्रारम्भिक नियुक्ति कलेक्टर द्वारा 03 माह, 06 माह के लिए दी गयी थी? यदि हाँ, तो क्‍या प्रदेश में उक्त नियुक्ति के आधार पर क्या सहायक वार्डनों को कार्य करते हुए 10-15 वर्ष हो चुके है? यदि हाँ, तो समान शर्तें होने के बाद भी विभाग द्वारा संबन्धित प्रकरणों में समानता को ध्यान में रखते हुए निर्णय क्यों नहीं लिया गया? (ग) उक्त पत्र की प्रमाणित प्रति संचालक द्वारा जारी की गयी थी, जिसमें अपात्रता की श्रेणी एन.जी.ओ. के कर्मचारी के रूप में दर्शाई गई है क्‍या यह सही है।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। स्वयं सेवी संस्था के द्वारा रखे गये कर्मचारियों को परियोजना के कर्मचारी नहीं माना जा सकता। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जी हाँ। उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जी नहीं।

वन परिक्षेत्र पहाड़गढ़ के विवादित रेंजर पर कार्यवाही

[वन]

43. ( क्र. 4388 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला मुरैना के पहाड़गढ़ वन परिक्षेत्र में वर्ष 2014-15 में तत्कालीन रेंजर दीपमाला शिवहरे द्वारा परकुलेशन पिट, सीपीटी, चेकडेम, पौधारोपण आदि कार्यों में अनमितताएं दृष्टिगोचर होने पर जाँच संस्थित कर रेंजर को वन परिक्षेत्र पहाड़गढ़ से हटाया गया था? (ख) क्या वर्तमान में वही रेंजर पहाड़गढ़ वन परिक्षेत्र में पदस्थ हैं? यदि हाँ, तो कब से और क्यों? वर्तमान पदस्थी कार्यकाल के निर्माण कार्यों का विवरण देवें। (ग) क्‍या दिनांक 11.12.2014 में तारांकित प्रश्न            क्र. 1120 के माध्यम से तत्कालीन रेंजर की व्यापक अनियमितताएं भ्रष्टाचार उजागर हुई थी और उस पर से, विभाग ने भोपाल से जाँच अधिकारी नियुक्त कर प्रश्नकर्ता एवं ग्रामीणजन के समक्ष स्थल जाँच की गयी थी? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में ऐसे विवादित रेंजर को उसी जगह पुनः पदस्थ करने में विभाग का क्या उद्देश्य है? क्‍या वर्तमान में पूर्व शिकायत कर्ताओं को बदले की भावना से रेंजर द्वारा वन कानून का भय दिखाकर प्रताड़ि‍त किया जा रहा है एवं पंचायतों के निर्माण कार्यों में एन.ओ.सी. के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। उसे वनों क्षेत्र से हटाया जा सकेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। श्रीमती दीपमाला शिवहरे, वन क्षेत्रपाल दिनांक 23.04.2020 से वन परिक्षेत्र पहाड़गढ़ में पदस्‍थ है। उनके पदस्थिति कार्यकाल में परिक्षेत्र पहाड़गढ के अंतर्गत 40 मुनारा निर्माण का कार्य लक्ष्‍य आवंटित कर मुनारा निर्माण हेतु राशि रूपये 2.00 लाख आवंटित की गयी है तथा मुनारा निर्माण का कार्य प्रगति पर है। (ग) जी हाँ। जाँच अधिकारी नियुक्‍त कर जाँच करायी गयी थी। (घ) पदस्थिति प्रशासकीय आधार पर की गई है। ऐसे तथ्‍य विभाग की जानकारी में नहीं आए हैं। अधिकारी को वर्तमान स्‍थान से हटाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों से आउटसोर्सिंग के आधार पर कार्य

[स्कूल शिक्षा]

44. ( क्र. 4411 ) श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत समाहित सर्व शिक्षा अभियान तथा राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत किन सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों से आउटसोर्सिंग के आधार पर कार्य लिया जा रहा है? उनकी कार्यावधि‍ तथा उम्र बतावें? (ख) क्‍या इन कर्मचारियों से संविदा नियुक्ति कार्य किये जाने की कोई समयावधि या आयु सीमा तय की गई है? (ग) यदि हाँ, तो इन कर्मचारियों की वार्षिक सेवाकाल, वृद्धि हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई गई है? (घ) यदि उपरोक्‍तानुसार कर्मचारियों की सेवावृद्धि नियम/प्रक्रिया विरूद्ध की जा रही हैं तो इसके दोषी अधिकारी कौन हैं तथा उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश ()  के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

आदिवासीयों की भूमि का गैर आदिवासि‍यों को विक्रय संबंधी

 [जनजातीय कार्य]

45. ( क्र. 4449 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्र. 1942 दिनांक 23.12.2019 के खण्ड '''' के सन्दर्भ में बताएं कि विभाग के पास आदिवासी कास्तकार तथा खेतीहर मजदूर की जानकारी तथा आदिवासी कृषक जोतों के आकार की जानकारी नहीं है तो वह आदिम जाति कल्याण की जमीनी हकीकत वाली योजना कैसे बनाता है? (ख) क्या विभाग को पता है कि आदिवासी की पिछले 10-15 वर्ष में 08 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन गैर आदिवासी ने खरीद कर आदिवासियों की खेतीहर मजदूर बना दिया? क्या सरकार आदिवासियों की जमीन बेचने की धारा 165 (6) की अनुमति हटायेगी ताकि आदिवासी को उसकी जमीन का पूरा दाम मिल सके तथा भूमाफिया तथा अधिकारियों की षडयंत्रकारी लूट से आदिवासी को बचाया जा सकें?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

व्‍हाइट टाईगर सफारी में जानवरों की मौत

[वन]

46. ( क्र. 4461 ) श्री विक्रम सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) व्‍हाइट टाईगर सफारी मुकुन्‍दपुर में आज तक कितने जानवर आये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आज तक कितने जानवरों की मौत हुई है? उसके क्‍या कारण थे? उनके लिए कौन-कौन दोषी है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या फूड प्‍वाइजिनिंग की वजह से जानवरों की लगातार मृत्‍यु हो रही है या किसी भी अन्‍य प्रकार से हो रही हैं? क्‍या इसकी जाँच की जा रही है? अगर की गई है तो दोषी कौन है?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) वनमंडल सतना अंतर्गत महाराजा मार्तण्‍ड सिंह जूदेव व्‍हाइट टाईगर सफारी एण्‍ड जू मुकुन्‍दपुर में प्रश्‍न दिनांक तक कुल 77 वन्‍यप्राणियों को लाया गया है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार 21 वन्‍यप्राणियों की मृत्‍यु हुई है। वन्‍यप्राणियों की मृत्‍यु के कारणों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट में है। वन्‍यप्राणियों की मृत्‍यु प्राकृतिक कारणों से हुई है, इसमें किसी अधिकारी/कर्मचारी का दोष नहीं पाया गया है। (ग) उपरोक्‍त किसी भी वन्‍यप्राणी की मृत्‍यु का कारण फूड प्‍वाइजनिंग नहीं है। वन्‍यप्राणियों की मृत्‍यु प्राकृतिक कारणों बीमारी आदि से हुयी है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

परिशिष्ट - "आठ"

अनुकम्‍पा नियुक्ति संबंधी प्रकरण में न्‍यायालयीन आदेश की अवहेलना

[स्कूल शिक्षा]

47. ( क्र. 4462 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बालाघाट एवं संचालक स्‍कूल शिक्षा, लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. एवं मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बालाघाट में अनुकम्‍पा नियुक्ति प्रदान करने हेतु श्रीमती प्रीति वैद्य पत्नी स्‍व. गोपाल वैद्य के द्वारा दिनांक 09/09/2019 को डाक द्वारा एवं आवक-जावक शाखा में जमा किया गया था? जिसमें माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक डब्‍ल्‍यू.पी. नं. 6330/2017 के निर्णय दिनांक 10/07/2019 का हवाला देकर न्‍यायालयीन निर्णय की प्रति संलग्‍न की गई थी? यदि हाँ, तो जनवरी 2021 तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? उपरोक्‍त विभागों के दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा माननीय न्‍यायालय के निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) श्रीमती प्रीति वैद्य पत्नी स्‍व. गोपाल वैद्य का अनुकम्‍पा नियुक्ति प्रकरण कब से लंबित है? लंबित रखे जाने के क्‍या कारण हैं? प्रश्‍न दिनांक तक इनके अनुकम्‍पा नियुक्ति प्रकरण पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) श्रीमती प्रीति वैद्य की पात्रता परीक्षा वर्ष 2007-08 को मान्‍य किया जाएगा एवं प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर कक्षा 12वीं (बायोलॉजी) विषय 40 प्रतिशत को भी मान्‍य किया जाकर विशेष अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही की जावेगी? क्‍या शासन स्‍तर पर पात्रता परीक्षा एवं कक्षा 12वीं (बायोलॉजी) होने पर अनुकम्‍पा नियुक्ति शिथिल की गई है। यदि हाँ, तो आदेश की प्रति नियमावली सहित उपलब्‍ध करावें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। मान. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा डब्‍ल्‍यू.पी. क्रमांक 6330/2017 में पारित निर्णय दिनांक 10/07/2019 एवं अवमानना प्रकरण क्रमांक 389/21 के अनुपालन में जिला शिक्षा अधिकारी बालाघाट के आदेश क्रमांक/अनु.नियु./2021/1072 दिनांक 16/02/2021 द्वारा श्रीमती प्रीति वैद्य को प्राथमिक शिक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।               (ख) उत्तरांश '''' अनुसार। (ग) श्रीमती प्रीति वैद्य को प्राथमिक शिक्षक के पद पर उत्‍तरांश '''' अनुसार अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "नौ"

नर्सिंग महाविद्यालय में हुई अनियमितता की जांच

[चिकित्सा शिक्षा]

48. ( क्र. 4464 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अधिष्‍ठाता चिकित्‍सा नर्सिंग महाविद्यालय के अंतर्गत कितने स्‍कूल/विद्यालय संचालित है व नर्सिंग संवर्ग के स्‍वीकृत पदों की स्थिति/संख्‍या सहित विवरण दें। (ख) नर्सिंग महाविद्यालय भोपाल में वर्तमान प्राचार्य कब से पदस्‍थ हैं तथा उन्‍हें क्‍या वित्‍तीय अधिकार प्राप्‍त है? विगत पांच वर्षों में लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग तथा राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन एवं चिकि‍त्‍सा शिक्षा विभाग द्वारा कितना-कितना बजट विद्यालय को प्राप्‍त हुआ और बजट को किस-किस कार्य में व्‍यय किया गया? (ग) अधिष्‍ठाता, भोपाल के अंतर्गत संचालित स्‍कूल/विद्यालय में कितने छात्र अध्‍ययनरत हैं? कक्षा संचालन करने का स्‍थान, ट्यूटरों की संख्‍या I.N.C. के अनुरूप है अथवा नहीं एवं छात्राओं को क्‍या-क्‍या सुविधायें दिया जाना नियमावली में है, परन्‍तु उक्‍त सुविधायें छात्राओं को प्रदान नहीं की जा रही हैं? क्‍या इसकी जांच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) वित्‍तीय अधि‍कारों को प्रदत्‍त व्‍यय में हुई अनियमितता की जाँच 2018 से दिसम्‍बर 2020 तक कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों? क्‍या शासन को वित्‍तीय हानि पहुंचाने पर इन्‍हें पद से पृथक कर दण्डित किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) चिकित्‍सा शिक्षा के अंतर्गत 06 नर्सिंग महाविद्यालय संचालित है। विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। (ख) नर्सिंग महाविद्यालय, भोपाल में प्राचार्य का पद स्‍वीकृत नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। विभाग द्वारा आवंटित बजट की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार। (ग) भोपाल के नर्सिंग महाविद्यालय भोपाल में 111 छात्राएं अध्‍ययनरत् हैं। वर्तमान में नर्सिंग कक्षा का संचालन करने का स्‍थान गांधी चिकित्‍सा महाविद्यालय परिसर है। जी नहीं, सुविधाए नियमावली अनुसार दी जा रही है। शिकायत प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

लघु वनोपज पर अधिकार

[वन]

49. ( क्र. 4503 ) श्री धरमू सिंग सिरसाम : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) लघु वनोपज के संबंध में भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 240 संविधान की 11 वीं अनुसूची, पेसा कानून 1996 एवं वन अधिकार कानून 2006 की किस धारा में क्‍या प्रावधान दिये हैं? इसमें से किस प्रावधान में लघु वनोपज से संबंधित कौन-कौन से प्रतिबन्‍ध लगाने का अधिकार कलेक्‍टर को दिया गया है? (ख) देवास, बैतूल एवं खण्‍डवा जिले में गत पांच वर्षों में किस-किस लघु वनोपज के संग्रहण पर किस अधिकारी ने किस दिनांक को आदेश जारी किया? उस आदेश की अनुमति या पुष्टि कलेक्‍टर ने किस दिनांक को प्रदान की? यदि अनुमति या पुष्टि नहीं की गई हो तो कारण बतावें। (ग) लघु वनोपज के संग्रहण पर वन मण्‍डलाधिकारी द्वारा प्रतिबंध लगाये जाने पर कलेक्‍टर ने संबंधित वन मण्‍डलाधिकारी के विरूद्ध किस दिनांक को क्‍या कार्यवाही की है? यदि नहीं, की तो कारण बतावें। कब तक की जावेगी?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

वन व्‍यवस्‍थापन अधि‍कारी के आदेश का क्रियान्‍वयन

[वन]

50. ( क्र. 4505 ) श्री धरमू सिंग सिरसाम : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) क्‍या छतरपुर वनमण्‍डल के सूरजपुरा वनखण्‍ड की अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व छतरपुर के समक्ष लम्बित जाँच में निजी भूमि को पृथक किये जाने से संबंधित वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी के 1980 के पूर्व दिये आदेश का प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी पालन नहीं करवाया जा सका?           (ख) सूरजपुरा वनखण्‍ड में किस ग्राम की कितनी निजी भूमि, पट्टे पर आवंटित कितनी भूमि एवं शासकीय कितनी भूमि अधिसूचित की गई? इनमें से कितनी निजी भूमि को वनखण्‍ड से पृथक करने का आदेश वन व्‍यवस्‍थापन अधिकारी ने किस दिनांक को दिया? उस आदेश का प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी पालन नहीं किए जाने के लिए कौन जिम्‍मेदार एवं दोषी है? आदेश पत्रिका एवं आदेश की प्रति सहित बतावें। (ग) अनुविभागीय अधिकारी प्रकरण में निजी भूमि पृथक करने के दिये आदेश का कब तक पालन सुनिश्चित करवायेंगे?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) सूरजपुरा वनखंड में सम्मिलित 10 ग्रामों की शासकीय भूमि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट है। मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 18 दिसम्बर 1987 में प्रकाशित अधिसूचना क्रमांक-एफ-5-38-87-दस-3 (15) से वनमंडल छतरपुर के वनखण्ड सूरजपुरा की 3631.22 एकड़ भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-4 के अन्तर्गत आरक्षित वन बनाने के आशय की अधिसूचना जारी की गई है, जिसके परिप्रेक्ष्य में वन व्यवस्थापन की कार्यवाही अर्द्ध न्‍यायिक प्रक्रिया में प्रचलित होने के कारण शेष प्रश्नांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।  (ग) उत्तरांश '' अनुसार।

परिशिष्ट - "दस"

आदिवासियों की परम्‍पराओं के संबंध में

[जनजातीय कार्य]

51. ( क्र. 4507 ) श्री धरमू सिंग सिरसाम : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जनवरी, 2008 से लागू वन अधिकार कानून 2006 की धारा 3 (1) में आदिवासियों की परम्पराओं, रूढ़ियों, सामाजिक, धार्मिक, रीति रिवाज से संबंधित क्या-क्या अधिकार दिए गए हैं? उनके अनुसार बैतूल जिले में प्रश्नांकित दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही विभाग द्वारा की गई?        (ख) आदिवासियों की परम्परा के अनुसार मेघनाथ की लकड़ी एवं जेरी की लकड़ी वन विभाग द्वारा प्रदाय किए जाने की क्या व्यवस्था रही है? उस व्यवस्था में किस दिनांक को किस आदेश क्रमांक दिनांक से क्या-क्या बदलाव किए? वर्तमान में क्या व्यवस्था प्रचलित है? (ग) जनवरी, 2008 से वन अधिकार कानून 2006 लागू होने के बाद से प्रश्नांकित दिनांक तक मेघनाथ की कितनी लकड़ी कितने ग्रामवासियों को उपलब्ध करवाई गई? उनकी परम्परा के अनुसार मेघनाथ की तीन लकड़ी उपलब्ध क्यों नहीं करवाई गई? शासन इसके लिए किसे जिम्मेदार मानता है? पद व नाम सहित बतावें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 की धारा 3 (1) में दिये गये अधिकारों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। बैतूल जिले में जारी किये गये सामुदायिक अधिकारों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ख) बैतूल वन वृत्त के अन्तर्गत आदिवासियों की परम्परा के अनुसार मेघनाथ एवं जेरी की लकड़ी प्रदाय किये जाने के संबंध में मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के आदेश क्रमांक/समिति/11/99/221 दिनांक 18.11.1999 के अनुसार वनों से 5 कि.मी. की परिधि में स्थित जिन ग्रामों में मेघनाथ जौरा स्थापित है, उनके लिये पंचायत द्वारा प्रस्ताव पारित किये जाने पर वन मण्डलाधिकारी की अनुमति के आधार पर 10 वर्षों में एक बार नियमित काष्ठागार से ग्रामसभा के प्रतिनिधियों द्वारा चयनित सागौन का तृतीय श्रेणी का एक लट्ठा निःशुल्क दिये जाने की व्यवस्था थी। उक्त व्यवस्था में मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के आदेश क्रमांक/समिति/9/2001/221 दिनांक 05.09.2001 के अनुसार ''वनों से 5 कि.मी. की परिधि में स्थित जिन ग्रामों में मेघनाथ जौरा स्थापित है, उनके लिये पंचायत द्वारा प्रस्ताव पारित किये जाने पर 10 वर्षों में एक बार वन मण्डल अधिकारी की अनुमति के आधार पर चिन्हांकित वृक्ष सीधे वन क्षेत्र से निःशुल्क दिये जाने का बदलाव किए है, उक्त व्यवस्था वर्तमान में प्रचलित है। (ग) वन अधिकार कानून 2006 के अन्तर्गत वन विभाग द्वारा मेघनाथ की लकड़ी प्रदाय किया जाना वांछनीय नहीं है। संबंधित समुदाय उक्त अधिनियम के अन्तर्गत ग्राम स्तरीय समिति के प्रस्ताव अनुसार परम्परागत सामुदायिक अधिकार जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन से प्राप्त कर सकते है। प्रश्नाधीन अवधि में प्रदाय की गई मेघनाथ जौरा की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है। अतः प्रश्नांश के शेष भाग का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

पी.एम.टी. के माध्‍यम से निजी चिकित्‍सा महाविद्यालय में प्रवेश की जाँच

[चिकित्सा शिक्षा]

52. ( क्र. 4516 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1349 दिनांक 19/12/2019 का संदर्भ में बतावें कि क्‍या सर्वोच्‍च न्‍यायालय के प्रकरण क्रमांक 4060/2007 में यह आदेश दिया गया था कि निजी महाविद्यालय में योग्‍य एवं पात्र विद्यार्थियों का चयन हो यह देखना शासन का कार्य है? यदि हाँ, तो किस प्रक्रिया से वर्ष 2009 से 2018 तक NRI कोटे में प्रवेश की पात्रता का परीक्षण किया गया? (ख) क्‍या AFRC ने यह सूचित किया है कि उसने निजी चिकित्‍सा महाविद्यालय में PMT, DMAT तथा NRI कोटे में भर्ती की पात्रता का परीक्षण कर लिया है तथा सभी पात्रता नियमानुसार है? यदि नहीं, तो क्‍या वर्ष 2012 PMT परीक्षा से निजी चिकित्‍सा महाविद्यालय में घोटाले की जाँच पूर्व में AFRC के संज्ञान में क्‍यों नहीं आई? (ग) क्‍या PMT 2012 भर्ती घोटाले के मद्देनजर 2007 से 2013 में PMT से निजी चिकित्‍सा महाविद्यालय में भर्ती की जाँच हेतु AFRC को लिखा जायेगा? क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक के इस कथन पर गौर कर कार्यवाही की जायेगी? (घ) क्‍या विभाग के यह संज्ञान में है कि व्‍यापम में PMT 2013 में रोल नम्‍बर सेटिंग में घोटाले के दस्‍तावेज प्राप्‍त होने पर स्‍वत: संज्ञान लेकर 2008 से 2012 में PMT में रोल नंबर सेटिंग की जाँच कर उसमें बड़े स्‍तर का घोटाला पाया? यदि हाँ, तो क्‍या इसी तर्ज पर प्रश्नांश (ग) की कार्यवाही होगी?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, सिविल अपील 4060/2009 पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित निर्णय दिनांक 27 मई 2009 के अनुसार 15 प्रतिशत एन.आर.आई. कोटे की सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया निजी चिकित्सा महाविद्यालयों द्वारा अपने स्तर पर करने के निर्देश दिए गए थे। निजी चिकित्सा महाविद्यालयों द्वारा वर्ष 2016 तक प्रवेश प्रक्रिया की कार्यवाही संस्था स्तर पर की जाती थी। वर्ष 2017 से विभाग द्वारा राज्य स्तरीय ऑनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से एन.आर.आई. कोटे के आवंटन की प्रक्रिया की जा रही है, तथा प्रवेश की कार्यवाही सम्बधित संस्था स्तर पर होती हैं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। माननीय सर्वोच्च न्यायालय निर्णय दिनांक 27.05.2009 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार(ख) जी नहीं। ए.एफ.आर.सी. द्वारा निजी चिकित्सा महाविद्यालय में पी.एम.टी., डी.मेट तथा एन.आर.आई. कोटे में भर्ती की पात्रता का परीक्षण नहीं किया जाता है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। ए.एफ.आर.सी. पत्र पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार(ग) भर्ती की जाँच सी.बी.आई. एवं एस.टी.एफ. द्वारा की जा रही है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

लॉकडाउन के दौरान शिक्षकों तथा अतिथि शिक्षकों

[स्कूल शिक्षा]

53. ( क्र. 4517 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या केन्‍द्र शासन ने यह निर्देश दिया था कि लॉकडाउन के नाम पर कर्मचारियों की सेवाएं बाधि‍त नहीं की जाये, यदि ऐसा किया जाता है तो इसे अपराध माना जायेगा? यदि हाँ, तो इसका पालन किया गया? यदि नहीं, तो केन्‍द्र सरकार ने इस संदर्भ में क्‍या निर्देश दिये? (ख) क्‍या प्रदेश में कार्यरत 40 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों को प्रत्‍येक वर्ष की अप्रैल-मई माह में सेवा से हटाकर जुलाई में पुन: रख लिया जाता था? यदि हाँ, तो बतावें कि अप्रैल-मई 2020 में कितने अतिथि शिक्षक को हटाया गया तथा कितने अतिथि शिक्षक को जुलाई 2020 में पूर्व की तरह काम पर रखा गया? यदि नहीं, रखा गया तो किसके आदेश पर नहीं रखा गया? उस आदेश की प्रति देवें।        (ग) विधान सभा क्षेत्र कालापीपल में जनवरी, 2020 के अनुसार शासकीय विद्यालयों में अध्‍यापन कार्य हेतु कितने अतिथि शिक्षक कार्यरत थे तथा उनका मानदेय कितना था?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। अतिथि शिक्षकों को प्रतिवर्ष शैक्षणिक सत्र जुलाई से अप्रैल की अवधि तक के लिए ही आंमत्रित किया जाता है। शिक्षक के रिक्त पद अथवा शिक्षक के प्रशिक्षण/अवकाश की अवधि में अध्यापन हेतु प्रदेश में 68274 अतिथि शिक्षक 30 अप्रैल 2020 तक के लिये आंमत्रित किये गये थे। कोविड-19 के दौरान विद्यालय बंद होने के कारण अतिथि शिक्षकों को जुलाई 2020 में आंमत्रित नहीं किया गया। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।         (ग) विधानसभा कालापीपल में जनवरी 2020 के अनुसार शासकीय विद्यालयों में अध्यापन कार्य हेतु 272 अतिथि शिक्षक कार्यरत थे। माह जनवरी 2020 का कुल मानदेय रूपये 2168284/- (इक्कीस लाख अड़सठ हजार दो सौ चैरासी रू.) था।

भितरवार विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों का उन्नयन

[स्कूल शिक्षा]

54. ( क्र. 4537 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में 1 जनवरी 2018 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन से शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, सेकेण्डरी एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों का उन्नयन कब-कब किया गया है? उनका नाम, पता बतावें। अब प्रश्न दिनांक की स्थिति में ऐसे कौन-कौन से स्कूल इस दायरे के अन्तर्गत आते हैं, जिनकी उन्‍नयन किया जा सकता है? उन स्कूलों का नाम एवं पता बतावें। क्या इन स्कूलों के उन्नयन हेतु वरिष्ठालय को लेख किया गया है? यदि हाँ तो विवरण देवें। यदि नहीं लिखा है तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त अवधि में किस-किस स्थान पर कौन-कौन से विद्यालय का नवीन निर्माण कार्य किस-किस स्थान पर कितनी-कितनी वित्तीय स्वीकृति से किस-किस विभाग द्वारा कब-कब किस-किस ठेकेदार/ऐजेन्सी द्वारा किस-किस अधिकारी/यंत्री के सुपरविजन में निर्माण कार्य कराया गया है या कराया जा रहा है? प्रश्न दिनांक तक उनकी भौतिक तथा वित्तीय स्थिति क्या है? क्या जो निर्माण कार्य शुरू कराये गये थे उनका भूमि पूजन तथा जो निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं उनका लोकार्पण कराया गया है? यदि हाँ तो कब-कब एवं किस-किस अतिथि के आतिथ्‍य में? यदि नहीं, तो क्यों? इसके लिये कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी हैं? उनके नाम बतावें। क्या दोषियों के प्रति कोई दण्डातमक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ? तो क्या और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? क्या अब भूमि पूजन या लोकार्पण कराया जावेगा? यदि हाँ तो कब-तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में प्रश्नांकित अवधि में किसी शासकीय प्राथमिक शाला का माध्यमिक शाला में उन्नयन नहीं किया गया है। विभागीय आदेश दिनांक 23.05.2018 द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला अमरगढ़ एवं शासकीय माध्यमिक शाला लखनपुरा का हाई स्कूल में एवं शासकीय हाई स्कूल पारी का उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन किया गया है। शासकीय हाई स्कूल गढ़ाजर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन हेतु निर्धारित मापदण्ड की पूर्ति करता है। शालाओं का उन्नयन निर्धारित मापदण्डों की पूर्ति एवं बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। भूमि पूजन या लोकार्पण की अनिवार्यता नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "बारह"

शिक्षक संवर्ग का वेतनमान एवं पदनाम की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

55. ( क्र. 4548 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री जी ने स्‍कूल शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक संवर्ग और शिक्षक संवर्ग को वरिष्‍ठता और वेतनमान के अनुरूप पदनाम दिये जाने की घोषणा की थी? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाहीवार विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍कूल शिक्षा विभाग में पदनाम कब तक दिया जायेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है।       (ख) उत्तरांश '' के प्रकाश में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

गांधी सागर में क्रोकोडाइल पार्क की स्थापना

[वन]

56. ( क्र. 4567 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंदसौर के गांधी सागर चम्बल नदी में "वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इण्डिया" के अनुसार मगरमच्छ की कुल संख्या 1255 बताई गयी है? यदि हाँ, तो देश और विश्व में मगरमच्छ की संख्या में गांधी सागर चम्बल नदी का कौन सा स्थान है? (ख) विगत 10 वर्षों में उक्त नदी में मगरमच्छ की संख्या को लेकर कब-कब, किस-किस संस्था ने किस-किस पद्धति से गणना की? उसमें गांधी सागर मगरमच्छ की संख्या कितनी आई? यदि विभाग ने उक्त गणना नहीं की तो क्यों? गांधीसागर में कुल कितनी प्रजातियों के मगरमच्छ हैं? (ग) क्या प्राकृतिक रूप से प्रजनन एवं संरक्षण के दृष्टिगत छतीसगढ़ के कोटमी-सोनार की तर्ज पर गांधीसागर में क्रोकोडाइल पार्क पर्यटन के लिए बनाया जाना प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) ''वाइल्‍ड लाइफ ट्रस्‍ट ऑफ इण्डिया'' की ऐसी कोई गणना विभाग की जानकारी में नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) विगत 10 वर्षों में मन्‍दसौर जिले के अंतर्गत चम्‍बल नदी सहित प्रदेश में कहीं भी मगरमच्‍छों की गणना नहीं की गई है। मगरमच्‍छों की गणना बाबत् भारत सरकार अथवा राज्‍य सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। गांधीसागर अभयारण्‍य में मगरमच्‍छ की एक प्रजाति, क्रोकोडायलस पालुस्ट्रिस पाई जाती है।       (ग) गांधीसागर अभयारण्‍य के अंतर्गत क्रोकोडाईल पार्क निर्माण का वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ई.पी.एफ. एवं एन.पी.एस. स्‍कीम के संबंध में

[चिकित्सा शिक्षा]

57. ( क्र. 4569 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय सागर में नियुक्त शासकीय सेवकों के वेतन से ई.पी.एफ. कटोत्री कर ई.पी.एफ. खाते में जमा की जाती थी परन्तु अगस्त 2018 से ई.पी.एफ. की जगह एन.पी.एस. स्कीम के तहत राशि कटोत्री की जा रही है, परन्तु उक्त राशि किसी भी खाते में जमा नहीं की जा रही है? इसका क्या कारण है? (ख) बुन्देलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय सागर के शासकीय सेवकों से एन.पी.एस. स्कीम के तहत कटोत्री की गई राशि किस खाते में जमा की जानी थी तथा कितना अंशदान शासन द्वारा जमा किया जाना था? क्या यह राशि शासकीय अंशदान सहित जमा की गई? यदि नहीं, तो इसका क्या कारण है? (ग) क्या शासन शासकीय सेवकों के हित में हो रही विसंगतियों को दृष्टिगत रखते हुये ओ.पी.एस. स्कीम लागू करने पर विचार करेगा तथा कब तक?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। एन.पी.एस. की राशि का कटोत्रा कर स्‍वशासी खाते में जमा कर प्रतिमाह एफ.डी. के रूप में योजना के निराकरण तक के लिए संधारित की जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) एन.पी.एस. स्‍कीम के तहत कटौत्री की गई राशि एन.पी.एस. खाते में जमा की जाना है। 10 प्रतिशत अंशदान शासन मद से दिया जाना है। जी नहीं। एन.पी.एस. योजना प्रारंभ की जाने की प्रशासकीय स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) एन.पी.एस. लागू करने का प्रस्‍ताव विचाराधीन है समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शिक्षा का अधिकारी अधिनियम के अंतर्गत विद्यालयों की स्थापना

[स्कूल शिक्षा]

58. ( क्र. 4596 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र छतरपुर अंतर्गत ऐसे कितने मजरा, टोला, गाँव, वार्ड हैं जहां शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत तय दूरी अनुसार प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्थित नहीं हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में उक्त मजरा, टोला, गाँव एवं वार्ड के नाम एवं उनकी समीपवर्ती स्कूलों से दूरी कितनी है? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में उक्त स्थानों पर कब तक विद्यालय शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत तय मापदण्डानुसार खोल दिए जावेंगे?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) से (ग) विधानसभा क्षेत्र छतरपुर अंतर्गत समस्‍त बसाहटों में आर.टी.ई. नार्मस अनुसार प्राथमिक और माध्‍यमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्‍ध है। हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाएं शिक्षा का अधिकार अधिनियम अन्तर्गत दायरे में नहीं आती है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बालक एवं बालिका शौचालय का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

59. ( क्र. 4599 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र छतरपुर अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में क्या पृथक-पृथक बालक एवं बालिका शौचालय हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में किन-किन स्कूलों में दोनों शौचालय हैं? किनमें में नियमित साफ-सफाई होती है, पानी आदि की व्यवस्था है? किसके द्वारा नियमित सफाई की जाती है एवं सफाईकर्मी का कितना एवं किस मद से भुगतान किया जाता है? (ग) प्रश्नांश (क) नहीं है तो किन-किन विद्यालयों में उक्त व्यवस्था नहीं है? कब तक व्यवस्था कर दी जावेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाओं से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में प्राथमिक/माध्यमिक शालाओं की जानकारी निरंक। हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार। प्रश्नाधीन सभी स्कूलों में शौचालय, पानी एवं साफ सफाई की व्यवस्था है। शेषांश उद्भूत नहीं होता।

वृक्षारोपण के संबंध में

[वन]

60. ( क्र. 4608 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) पूर्व सामान्य वनमंडल मण्डला के जगमण्डल परिक्षेत्र अंजनियाँ के ग्राम/वन समिति गोपांगी के खसरा क्रमांक 77/2 रकबा 1.40 हेक्टेयर एवं ग्राम/वन समिति चरगाँव में खसरा क्रमांक 308, 310/1 रकबा 3.66 हेक्टेयर में मुख्य वन संरक्षक मध्यवृत्‍त जबलपुर के आदेश क्रमांक/स्था./346 दिनांक 18.11.2016 व आदेश क्रमांक/स्था./344, दिनांक 18.11.2016 के माध्यम से वैकल्पिक वृक्षारोपण योजना के तहत वर्ष 2016-17 से 2020-21 (प्रश्‍न दिनांक) तक की अवधि हेतु वृक्षारोपण कार्य करवाया गया है? यदि हाँ, तो कुल कितनी राशि खर्च की गई है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) के दोनों ग्राम/वनसमिति के उपरोक्त खसरा नंबरों अर्थात गोपांगी के खसरा क्रमांक 77/2 रकबा 1.40 हेक्टेयर एवं चरगाँव के खसरा क्रमांक 308, 310/1 रकबा 3.66 हेक्टेयर में वर्ष 2005-06 में मुख्य वन संरक्षक मध्यवृत्‍त जबलपुर के आदेश क्रमांक/115, दिनांक 14.12.2005 के अनुसार वैकल्पिक वृक्षारोपण के तहत वृक्षारोपण कार्य कराया गया था एवं इन वृक्षारोपण का रख-रखाव सुरक्षा कार्य भी किया गया था? यदि हाँ, तो क्या प्रश्नांश (क) में किया गया वृक्षारोपण व उपरोक्त वृक्षारोपण एक ही खसरा नंबर व रकबा में किया जाना प्रमाणित होता है? क्या इस गड़बड़ी की विस्तृत जाँच करवाई जाएगी? (ग) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित वृक्षारोपण कार्य कराया ही नहीं गया और वर्ष 2005 में कराए गए वृक्षारोपण कार्य को ही दिखाकर राशि फर्जी ढंग से आहरित कर भ्रष्टाचार किया गया है? यदि हाँ, तो इसमें कौन दोषी है? उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाएगी व कब?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। उक्‍त रोपण कार्यों में कुल 11.49 लाख रूपये की राशि व्‍यय की गई। (ख) एवं (ग) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खनिज खदानों को खनन की अनुमति

[वन]

61. ( क्र. 4628 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वन क्षेत्रों से दूरी के आधार पर खनिज खदानों को खनन की अनुमति दिए जाने एवं खनन पर प्रतिबंध लगाए जाने के आदेशों में लगातार परिवर्तन किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो वनक्षेत्रों से दूरी के आधार पर खनिज खदानों को अनुमति दिये जाने एवं प्रतिबंध लगाये जाने के किस-किस दिनांक को जारी आदेश में कितने मीटर की दूरी निर्धारित की गई? यह दूरी किस तकनीकी एवं वैज्ञानिक आधारों पर निर्धारित की गई? (ग) वर्तमान में प्रचलित 250 मीटर से दूरी 50 मीटर किये जाने के संबंध में क्‍या क्‍या कार्यवाही, अभिमत एवं सहमति संबंधित विभागों के बीच में हुई है? इस संबंध में विधिवत आदेश जारी नहीं किये जाने का क्‍या कारण है? कब तक आदेश जारी कर दिया जावेगा?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग के आदेश क्रमांक/एफ/5/16/81/10-3 दिनांक 07 अक्टूबर, 2002 अनुसार सामान्यतः वनक्षेत्र के बाहर वनक्षेत्र की सीमा से 250 मीटर की दूरी तक कोई उत्खनन पट्टा स्वीकृत नहीं किया जावेगा। तथापि 250 मीटर की सीमा में खनिज के महत्व एवं उपलब्धता को देखते हुये खनिज पट्टा स्वीकृत किया जाना है तो उस पर विचार करने हेतु सक्षम अधिकारी को अनुशंसा करने हेतु दिनांक 31 जुलाई 2012 से समिति का गठन किया गया है। जिसकी अनुशंसा पर 250 मीटर के अन्‍दर खनन की अनुमति सक्षम अधिकारी द्वारा दी जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुकम्‍पा नियुक्तियों का प्रदाय

[पशुपालन एवं डेयरी]

62. ( क्र. 4632 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला होशंगाबाद अन्तर्गत पशुपालन एवं डेयरी विभाग में अनुकम्पा नियुक्तियों के ऐसे कितने प्रकरण विभाग के संज्ञान में हैं जो समयावधि में आवेदन नहीं कर पाने के कारण प्रश्न दिनांक तक अनुकम्पा नियुक्ति से वंचित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर यदि हाँ है तो ऐसे प्रकरणों में शासन नियमों को शिथिल करते हुये अनुकम्पा नियुक्ति हेतु संबंधित आवेदकों के आवेदन स्वीकार कर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जिला होशंगाबाद अंतर्गत विभाग की जानकारी निरंक है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुकम्‍पा नियुक्तियों के प्रकरण

[स्कूल शिक्षा]

63. ( क्र. 4633 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला होशंगाबाद अन्तर्गत स्कूल शिक्षा विभाग में विभाग के संज्ञान में अनुकम्पा नियुक्तियों के ऐसे कितने प्रकरण हैं जो समयावधि में आवेदन नहीं कर पाने के कारण प्रश्न दिनांक तक अनुकम्पा नियुक्ति से वंचित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर यदि हाँ, है तो ऐसे प्रकरणों में शासन नियमों को शिथिल करते हुये अनुकम्पा नियुक्ति हेतु संबंधित आवेदकों के आवेदन स्वीकार कर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) 01 प्रकरण। (ख) सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जाती है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

एकलव्य आवासीय विद्यालय की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

64. ( क्र. 4688 ) श्री रवि रमेशचन्द्र जोशी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय खरगोन की स्वीकृति वर्ष से वर्तमान तक क्रय की कई सामग्री का जिला स्तरीय समिति के सदस्यों द्वारा किया गया भौतिक सत्यापन संबंधी प्रमाण पत्र की छायाप्रति देवें। (ख) एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय खरगोन की स्वीकृति वर्ष से वर्तमान तक जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन उपरांत सामग्री क्रय करने हेतु संस्था द्वारा जारी प्रेस नोट/विज्ञापन, निविदा/कोटेशन, तुलनात्मक पत्रक, क्रय आदेश का विवरण एवं समिति के सदस्यों द्वारा जारी क्रय की गई सामग्री का गुणवत्तापूर्ण होने संबंधी प्रमाण पत्र की प्रति दें।           (ग) एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय खरगोन की स्वीकृति वर्ष से वर्तमान तक दैनिक वेतन भोगी/मजदूर या अन्य कार्य हेतु किसी को नौकरी पर रखा गया है? यदि रखा गया है तो किस आदेश से रखा गया है? उनका नियुक्ति आदेश/जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन का विवरण तथा भुगतान किए गए मानदेय हेतु शासन आदेश की प्रति दें। (घ) एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय खरगोन की स्वीकृति वर्ष से वर्तमान तक दैनिक वेतन भोगी/मजदूर या अन्य कोई कार्य हेतु रखे गए कर्मचारियों को मानदेय/भुगतान नगद/चेक/बैंक खाते भुगतान की जानकारी सूची सहित देवें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) भौतिक सत्‍यापन क्रय समिति द्वारा किया गया है। जिसके प्रमाण पत्र की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं। (ख) एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय खरगोन की स्वीकृति वर्ष से वर्तमान तक जिला स्तरीय समिति के अनुमोदन लिया जाकर गठित क्रय समिति द्वारा आदेश जारी किये गये। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश का शेष भाग लागू नहीं। (घ) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य जानकारी निरंक।

रिक्‍त पदों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

65. ( क्र. 4716 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में म.प्र. में कितने शासकीय प्राथमिक शाला, शासकीय माध्यमिक शाला, हाई स्कूल विद्यालय एवं हायर सेकेंडरी विद्यालय हैं? (ख) इन विद्यालयों में कितने प्राचार्य, प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के पद रिक्त हैं? अलग-अलग बतायें। (ग) रिक्त पदों को कब तक भरा जावेगा? (घ) क्या म.प्र. की सभी शालाओं का पाठयक्रम एक जैसा रखने की कोई योजना है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 2541 हाई स्कूल एवं 1802 हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्राचार्य के पद रिक्त है। विद्यालयों में प्राध्यापक एवं सहायक प्राध्यापक के पद स्वीकृत नहीं होते हैं। (ग) पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) सभी शासकीय शालाओं में समान पाठ्यक्रम लागू है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "तेरह"

वन ग्रामों का राजस्‍व ग्रामों में परिवर्तन

[वन]

66. ( क्र. 4717 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी मालवा विधान सभा क्षेत्र में कितने ग्राम हैं जो वन ग्राम की श्रेणी में आते हैं?            (ख) क्या इन सभी वन ग्रामों को पक्की सड़क से जोड़ दिये गए हैं? (ग) नहीं तो कब तक पक्की सड़क से जोड़ने की योजना है? (घ) क्या इन वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित किया जावेगा? यदि हाँ तो कब तक?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) सिवनी मालवा विधानसभा क्षेत्र में वनग्राम की श्रेणी के 22 वनग्राम हैं। (ख) 12 वनग्रामों को पक्की सड़क से जोड़ा गया है। शेष 10 वनग्रामों को पक्की सड़क से जोड़ा जाना है। (ग) वन विभाग के अधीन पक्की सड़क बनाने की योजना नहीं है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की कार्यवाही भारत सरकार की शर्तों का पालन न हो पाने के कारण नहीं की जा सकी है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विशेष पिछड़ी जनजाति को जन कल्‍याणकारी योजनाओं का लाभ

[जनजातीय कार्य]

67. ( क्र. 4725 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सिवनी, जबलपुर, सीधी एवं सिंगरौली जिले में बैगा जनजाति के लोग निवासरत हैं? यदि हाँ, तो क्‍या इन जिलों में निवासरत बैगा परिवारों को विशेष पिछड़ी जनजाति के रूप में चिन्‍हांकित किया गया है? जनसंख्‍या सहित जिलेवार जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए लागू की गई जन कल्‍याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाता है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) यदि इन जिलों में बैगा जनजाति के लोग निवासरत हैं तो मण्‍डला डिंडौरी बालाघाट की तरह बैगा विकास अभिकरण में क्‍यों नहीं जोड़ा गया? यदि अभिकरण में जोड़े जाने हेतु कोई कार्ययोजना तैयार की गई है तो जानकारी प्रदाय करें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। जनसंख्‍या निम्‍नानुसार है:-

जिला

बैगा जनसंख्‍या

सिवनी

1994

जबलपुर

9304

सीधी

28276

सिंगरौली

31285

(ख) उत्‍तरांश (क) में वर्णित व्‍यक्ति विशेष पिछड़ी जनजाति के रूप में मान्‍य नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नाधीन जिलों की बैगा जनजाति को भारत सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति मान्‍य नहीं किये जाने के कारण बैगा विकास अभिकरण में शामिल नहीं किया गया है। इस संबंध में भारत सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है।

दतिया मेडिकल कॉलेज में पदस्‍थ डीन की जाँच

[चिकित्सा शिक्षा]

68. ( क्र. 4728 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया में डॉ. राजेश गौर, डीन के पद पर पदस्थ हैं? यदि हाँ, तो पदस्थापना कब हुई? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या डीन की पदस्थादपना हेतु कभी कोई विज्ञप्ति निकाली गई थी? यदि नहीं, तो किस आधार पर डीन की पदस्थापना की गई? (ग) क्‍या शास. चिकित्‍सा महाविद्यालय दतिया में पदस्‍थ डीन के द्वारा व्‍यापम अभियुक्‍त की नियुक्ति एवं संरक्षण व फर्जी नियुक्ति के संबंध में जाँच हेतु शिकायत मिली है? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। डॉ. राजेश गौर को अधिष्‍ठाता दतिया के पद पर दिनांक 23/04/2018 को पदस्‍थ किया गया। (ख) जी हाँ। शासन द्वारा जारी आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। डॉ. अमित यादव को दिनांक 02/03/2020 निलंबित करते हुए उनके विरूद्ध कार्यालय अधिष्‍ठाता शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालय दतिया के आदेश क्रमांक 32/द.चि.म./2020 दिनांक 30/04/2020 द्वारा विभागीय जाँच संस्थित की गई है। आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट - "चौदह"

शिक्षा का अधिकारी अधिनियम के अंतर्गत विद्यालयों की स्थापना

[स्कूल शिक्षा]

69. ( क्र. 4734 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत ऐसे कितने मजरा, टोला, गाँव, वार्ड हैं जहां शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत तय दूरी अनुसार प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला स्थित नहीं हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में उक्त मजरा, टोला, गाँव एवं वार्ड के नाम एवं उनकी समीपवर्ती स्कूलों से दूरी कितनी है? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में उक्त स्थानों पर कब तक विद्यालय शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत तय मापदण्डानुसार खोल दिए जावेंगे।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत समस्‍त बसाहटों में आर.टी.ई. नार्मस अनुसार प्राथमिक और माध्‍यमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्‍ध है।           (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छात्रावास अधीक्षक का क्‍वार्टर व कक्ष निर्माण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

70. ( क्र. 4746 ) श्री प्रागीलाल जाटव : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड, दतिया, शिवपुरी, मुरैना, रीवा में अनुसूचित जाति, जनजाति पिछड़ा वर्ग कल्‍याण विभाग के सहयोग द्वारा वर्ष 2014-15 में छात्रावास अधीक्षक के क्‍वार्टर व कक्ष किस-किस श्रेणी व लागत के कहाँ-कहाँ पर कक्ष बनाये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के कार्य पूरे हुये कि नहीं? वर्तमान स्थिति, कुल स्‍वीकृति राशि, व्‍यय राशि के साथ यह जानकारी देवें कि उक्‍त भवन विभाग को हैण्‍ड ओवर किये गये कि नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बताते हुये जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) के कार्य विभाग द्वारा कराया गया था कि ठेकेदार द्वारा? ठेकेदार एवं फर्म का नाम बताते हुये जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संबंध में बतायें कि (क) कार्यों का भुगतान मूल्‍यांकन रिपोर्ट से अधिक है या कार्य अपूर्ण हैं या भवन विभाग शासन को हैण्‍ड ओवर नहीं है तथा भवन खराब व गिर चुके हैं तो संबंधित उपयंत्री ठेकेदार व अन्‍य विभाग के संलग्‍न अधिकारियों के विरूद्ध कब तक पुलिस प्रकरण दर्ज कराकर विभाग को उक्‍त भवन दिये जायेंगे?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित शिवपुरी जिले के कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग शिवपुरी एवं मुरैना जिले के कार्य मध्‍यप्रदेश लघु उद्योग निगम ग्‍वालियर द्वारा कराये गये। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

अध्‍यक्ष की अनुमति के बगैर कर्मचारियों की भर्ती करना एवं निकाला जाना

[चिकित्सा शिक्षा]

71. ( क्र. 4765 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल भोपाल में दि. 01.08.2020 से 31.01.2021 के मध्‍य आउटसोर्स के आधार पर नवीन कर्मचारियों को रखे जाने के लिये सक्षम अधिकारी, अध्‍यक्ष म.प्र. नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल है या नर्सेस कौंसिल के रजिस्‍ट्रार? क्‍या रजिस्‍ट्रार बिना अध्‍यक्ष की लिखित अनुमति के कौंसिल में कर्मचारियों को पदस्‍थ/अपदस्‍थ भर्ती कर सकता है? 01 अगस्‍त 2020 से प्रश्‍नतिथि तक किस-किस नाम/पदनाम/वेतनमान/कुशल/अकुशल/अन्‍य प्रकार के नवीन कर्मचारियों को म.प्र. नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल में कौंसिल के अध्‍यक्ष की लिखित अनुमति/एन.ओ.सी. के रखा (भर्ती) एवं किस-किस को बिना लिखित अनुमति के रखा (भर्ती)? दोनों प्रकार की सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार किस-किस नाम/पदनाम के कर्मचारियों को कौंसिल अध्‍यक्ष की लिखित अनुमति न होने के बाद भी रजिस्‍ट्रार द्वारा किस सक्षम अधिकारों से हटाया/नौकरी से निकाल दिया गया? जारी सभी आदेशों का क्रमांक/दिनांक बताएं। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्‍टर का माहवार/वर्षवार/नामवार/पदवार विवरण उपलब्‍ध करायें एवं प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार सेडमेप को भेजी उपस्थिति पत्रक एवं सेडमेप से भुगतान हेतु प्राप्‍त सभी बिलों का विवरण उपलब्‍ध करायें। (घ) राज्‍य शासन अध्‍यक्ष म.प्र. नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन की बिना लिखित अनमति के आउट सोर्स/संविदा के कर्मचारियों को रखने निकालने कार्य करने वाले रजिस्‍ट्रार नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन को कब तक निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित करेगा?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) ऑउटसोर्स कर्मचारियों को अध्‍यक्ष मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल की अनुमति एवं कौंसिल की साधारण सभा के अनुमोदनानुसार रखा जाता है। जी हाँ। अध्‍यक्ष एवं साधारण सभा की बैठक में कार्योत्‍तर स्‍वीकृति प्राप्‍त की जाती है।      01 अगस्‍त 2020 से प्रश्‍न तिथि तक रखे गये कर्मचारियों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) साधारण सभा की बैठक दिनांक 06/07/2017 के निर्णयानुसार रजिस्‍ट्रार को दिये गये अधिकार के तहत कर्मचारियों को रखा एवं हटाया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। हटाये गये कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। जारी आदेश का क्रमांक म.प्र.न. कौं/20/6721, दिनांक 09/09/2020                   (ग) आउटसोर्स कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्‍टर का माहवार/वर्षवार/नामवार/पदवार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) जी नहीं। उत्‍तरांश "क" एवं "ख" के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नियमों के विपरीत कार्य करने वाले लेखापाल को निलंबित किया जाना

[चिकित्सा शिक्षा]

72. ( क्र. 4766 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल में दिनांक 01/04/2017 से 31/01/2021 के दौरान               किस-किस नाम/पते/मालिक के नाम वाल्‍दी ट्रेवल एजेंसियों से किस मेक के, किस रजिस्‍ट्रेशन क्रमांक के, कितना किराया प्रतिमाह की दर से किराये पर लेकर उनका किस-किस को कितना-कितना भुगतान किया गया? वाहनवार/ट्रेवल एजेंसीवार/राशिवार/माहवार/वर्षवार जानकारी दें। उक्‍त वाहनों के किराये पर लेने की अनुमति/एन.ओ.सी. किस-किस सक्षम कार्यालय (अध्‍यक्ष/रजिस्‍टार/अन्‍य) द्वारा लिखित में दी गई? (ख) क्‍या संचालक चिकित्‍सा शिक्षा/रजिस्‍ट्रार मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन/अन्‍य कार्यालय में पदस्‍थ लेखापाल राहुल सक्‍सेना के विरूद्ध कार्यालय में पदस्‍थ रहे/अपदस्‍थ कर दी गई महिला कर्मचारी को उत्‍पीड़न करने पर थाना टी.टी. नगर भोपाल में प्रकरण दर्ज है? उक्‍त कर्मचारी के विरूद्ध विभाग को प्रश्‍न तिथि तक कुल कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? सभी शिकायतों का विवरण देते हुये बतायें कि उक्‍त सभी शिकायतों पर प्रश्‍न तिथि तक किस-किस आदेश क्रमांकों एवं दिनांकों से किस नाम/पदनाम के द्वारा जाँच की जा चुकी है/जांच की जा रही? प्रत्‍येक जाँच की प्रश्‍नतिथि तक स्थिति का बिन्‍दुवार अलग-अलग विवरण उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल का ऑडिट निजी कंपनी करती है या शासकीय? क्‍या 20 लाख रूपयों के ड्राफ्ट समय पर जमा न करने पर विभाग द्वारा उक्‍त लेखापाल पर प्रश्‍न तिथि तक क्‍या कार्यवाही की है? विवरण देते हुये बतायें कि उक्‍त ड्राफ्टों की राशि का क्‍या हुआ? किन ऑडिटरों से ऑडिट कराई गई? (घ) राज्‍य शासन कब तक नियम विरूद्ध कार्य करने वाले ऐसे कर्मचारी को कब तक निलंबित कर विस्‍तृत विभागीय जाँच के आदेश जारी करेगा?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) मध्‍यप्रदेश नर्सेस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल में दिनांक 01/04/2017 से 31/01/2021 के दौरान नाम/पते/मालिक के नाम वाल्‍दी ट्रेवल एजेंसियों/मेक/ रजिस्‍ट्रेशन क्रमांक/वाहनवार/ट्रेवल एजेंसीवार/राशिवार/माहवार/वर्षवार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। उक्‍त वाहनों की किराये पर लेने की अनुमति अध्‍यक्ष मध्‍यप्रदेश नर्सेंस रजिस्‍ट्रेशन कौंसिल से ली गई है। (ख) जी हाँ। कुल 06 शिकायतें प्राप्‍त हुई है। अद्यतन स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। पंजीकृत निजी कंपनी द्वारा लेखाओं का अंकेक्षण किया जाता है। 20 लाख रूपये के बैंक ड्राफ्ट नहीं, अपितु लगभग रूपये 08 लाख के बैंक ड्राफ्ट की बाध्‍यता समाप्‍त होने पर बैंक से ड्राफ्ट रीबेलिटेड कराकर कौंसिल के बैंक खाते में जमा कर दिये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। संजय श्रीवास्‍तव एण्‍ड कंपनी, भोपाल द्वारा ऑडिट कराया गया है। (घ) जाँच प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी।

आदिवासी बाहुल्य ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा का लाभ

[वन]

73. ( क्र. 4800 ) श्री पहाड़सिंह कन्नौजे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) वन विभाग द्वारा वनग्रामों में ग्रामीणों को अथवा पंचायतों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अलावा अन्य मद से सड़कों के निर्माण की अनुमति क्यों नहीं दी जाती है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वनग्रामों में वर्षों से रह रहे आदिवासी बाहुल्य ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा से वंचित रखा जा रहा है? यदि हाँ, तो वन विभाग इन ग्रामीणों के जीवन यापन से सम्बंधित वन मार्गों के निर्माण दूरसंचार व वनक्षेत्रों में ग्रामीणों को शमशान घाट पहुच मार्ग आदि निर्माण की अनुमति देगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में वन विभाग द्वारा वनग्रामों में जहाँ पर दूरसंचार सुविधाएं नहीं हैं वहाँ पर संचार सुविधाएं सुचारू करने के लिए संचार विभाग के माध्यम से कोई प्रयास कर रहे हैं? क्या वन विभाग ग्रामवासियों को वनग्रामों में स्कूल संचालन एवं उनकी जीविका सुधारने के लिए उनके पट्टे वाणिज्य उपयोग आदि करने की स्वीकृति देगा? यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो कब तक?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) सड़कों के निर्माण करने वाले विभागों द्वारा आवेदन करने पर वन विभाग वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 अथवा अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवसी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के संगत प्रावधानों के अंतर्गत अनुमति‍ दी जाती है। (ख) वनक्षेत्रों में आदिवासी बाहुल्य ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा से वंचित नहीं रखा जाता है। शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के तहत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वनमार्गों के निर्माण, दूरसंचार एवं शमशान घाट पहुंच मार्ग की अनुमति आवेदक संस्थान प्रश्नांश '' के अनुसार आवेदन कर स्वीकृति प्राप्त कर सकते हैं। स्वीकृति नहीं देने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। समय-सीमा बताना संभव नहीं हैं। (ग) वनक्षेंत्रों में दूरसंचार, स्कूल संचालन एवं वाणिज्य उपयोग करना गैर वानिकी कार्य है। वनभूमि पर गैर वानिकी कार्यों के लिए वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के तहत अनुमति आवश्यक है। यदि आवेदक संस्थान द्वारा प्रश्नांश '' के उत्तर में दर्शाए अनुसार आवेदन किया जाता है तो नियमानुसार स्वीकृति की कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं हैं।

आदिवासी क्षेत्र हेतु तेंदूपत्‍ता मद से राशि की स्‍वीकृति

[वन]

74. ( क्र. 4834 ) श्री उमंग सिंघार : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत 5 वर्षों में धार जिले की गंधवानी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तेंदूपत्‍ता मद से अध्‍यक्ष विवेकाधीन कोष से आदिवासी क्षेत्र में विकास कार्यों हेतु राशि स्‍वीकृत की गई थी? (ख) प्रश्‍नांकित (क) यदि हाँ, तो किन-किन विकास कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई थी एवं किन-किन विकास कार्यों हेतु कितनी-कितनी किश्‍तों में राशि जमा की गई थी? (ग) शेष राशि कब तक जारी की जावेगी? क्‍या कारण है कि गंधवानी विधानसभा के आदिवासी क्षेत्र में विकास कार्यों की राशि रूकी हुई है जिससे की आदिवासी क्षेत्र का विकास अवरूद्ध हो रहा है एवं आदिवासी सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उक्त राशि 3 किश्तों में जिला यूनियन धार को जमा की गई है। (ग) कराये जाने वाले कार्यों की 100% राशि जारी की जा चुकी है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "सोलह"

गौ-शाला निर्माण के मापदण्‍ड

[पशुपालन एवं डेयरी]

75. ( क्र. 4855 ) श्री शरदेन्दु तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि   (क) वर्तमान सरकार की गौ-शाला निर्माण/रख-रखाव/भूसा-चारा व्‍यवस्‍था/कर्मचारी एवं नई गौ-शाला बनाने की क्‍या नीति है? वर्तमान वित्‍तीय वर्ष में क्‍या-क्‍या प्रावधान किये जा रहे हैं? (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्रों में गौ-शाला खोलने का प्रावधान विभाग ने वर्तमान वित्‍तीय वर्ष में किया है?            (ग) क्‍या सीधी जिले चुरहट में एवं अन्‍य गाँव में गौ-शाला का प्रस्‍ताव प्रश्‍नकर्ता ने दिया है?          क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) गौ-शालाओं का निर्माण मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम पंचायतों द्वारा कराया जाता है। गौ-शालाओं के रख-रखाव एवं उनके संचालन का उत्‍तरदायित्‍व ग्राम पंचायत को सौंपा गया है। ग्राम पंचायत यदि गौ-शाला का संचालन किसी संस्‍था के माध्‍यम से कराना चाहें तो वह आजीविका मिशन की महिला स्‍व-सहायता समूह अथवा स्‍वयंसेवी संस्‍था से अनुबंध कर सकती है। गौ-शालाओं में उपलब्‍ध गौ-वंश के भरण पोषण हेतु राशि रू. 20.00 प्रति दिवस प्रति गौ-वंश के मान से उपलब्‍ध कराए जाने का प्रावधान है। गौ-शाला में कर्मचारियों की व्‍यवस्‍था गौ-शाला प्रबंधन समिति द्वारा की जाती है। निराश्रित गौ-वंश संख्‍या को ध्‍यान में रखते हुए भूमि की उपलब्‍धता होने पर नवीन गौ-शालाओं का आवश्‍यकतानुसार चयन किया जाता है। वर्तमान वित्‍तीय वर्ष में 2365 गौ-शालाएं स्‍वीकृत की गई हैं। (ख) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्रों में            गौ-शाला खोलने का प्रावधान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत किया गया है। (ग) पशुपालन विभाग को प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं हुए हैं परन्‍तु कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जिला सीधी को 12 प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए थे, जिनमें से 08 स्‍वीकृत हो चुके हैं।

इंदौर संभाग में पौधारोपण का निरीक्षण

[वन]

76. ( क्र. 4869 ) श्री बाला बच्चन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01-04-2020 से 15-02-2021 की अवधि में इंदौर वन वृत्‍त में कितना पौधारोपण कहाँ-कहाँ किया गया? वनमंडलवार, पौधों की संख्‍या देवें। (ख) इस पर कितनी राशि किन-किन मदों में व्‍यय की गई? मद नाम, राशि सहित वनमंडलवार जानकारी दें। इनका निरीक्षण किन अधिकारियों द्वारा किया गया? अधिकारी का नाम, पदनाम सहित जानकारी देवें। (ग) दिनांक 2 जुलाई, 2017 के पौधारोपण में इंदौर वन वृत्‍त वन विभाग ने कितने पौधे लगाए? इन पर कितनी राशि व्‍यय की गई? वन मंडलवार पृथक-पृथक जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार इस पौधारोपण के पश्‍चात् इसके निरीक्षण कब-कब किए गए? निरीक्षणकर्ता अधिकारी के नाम, पदनाम सहित देवें।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) इंदौर वृत्‍त के अंतर्गत आने वाले वनमण्‍डलों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 पर है। (ग) एवं (घ) इंदौर वृत्‍त के अंतर्गत आने वाले वनमण्‍डलों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 पर है।

स्‍मार्ट गौ-शाला एवं गौ-अभयारण्‍य योजना

[पशुपालन एवं डेयरी]

77. ( क्र. 4932 ) श्री संजय यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्‍या विभाग की स्‍मार्ट गौ-शाला व गौ-अभयारण्‍य योजना चलाई जा रही है? यदि हाँ, तो योजना क्‍या है इसकी प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या जनपद पंचायत शहपुरा भिटौनी की ग्राम पंचायत धरमपुरा एवं हीरापुरबंधा में उक्‍त योजना के तहत कार्य स्‍वीकृत किया है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इसकी क्‍या प्रक्रिया बनाई गई एवं इनमें क्‍या-क्‍या व्‍यवस्‍थाएं होंगी? (ग) धरमपुरा एवं हीरापुरबंधा में उक्‍त योजना के निर्माण एवं कार्य हेतु विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही संचालित की जा रही है?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) विभाग द्वारा स्‍मार्ट गौ-शाला एवं गौ-अभयारण्य प्रारंभ करने संबंधी कोई पृथक योजना नहीं है। माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा दिनांक 11.01.2008 के पालन में जिला आगर मालवा के ग्राम सालरिया में गौ-अभयारण्य अनुसंधान एवं उत्‍पादन केन्‍द्र की स्‍थापना की गई थी। परियोजना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभागीय स्‍तर पर कोई कार्यवाही संचालित नहीं है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

फार्मासिस्‍टों के स्‍वीकृत, रिक्‍त एवं भरे पदों की जानकारी

[चिकित्सा शिक्षा]

78. ( क्र. 4933 ) श्री संजय यादव : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय आयुक्‍त चिकित्‍सा शिक्षा मध्‍यप्रदेश द्वारा अपने पत्र क्रमांक 634-39/स्‍थापना अराज/2017 दिनांक 06/09/2017 द्वारा अधिष्‍ठाता चिकित्‍सा महाविद्यालय भोपाल, इंदौर, ग्‍वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर को फार्मासिस्‍टों की समस्‍याओं के संबंध में तीन बिन्‍दुओं में जानकारी चाही गई थी? (ख) क्‍या उक्‍त पत्र में बिन्‍दु क्रमांक 02 में रिक्‍त पदों को तत्‍काल भरने की कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देश दिए गए थे? (ग) उपरोक्‍तानुसार प्रश्‍न‍ दिनांक तक रिक्‍त पदों को भरने के सबंध में विभाग द्वारा की गई कार्यवाही से अवगत कराएं। विभाग के अधीन समस्‍त चिकित्‍सा महाविद्यालयों में फार्मासिस्‍टों की स्‍वीकृत पद रिक्‍त पद एवं भरे पदों की जानकारी उपलब्‍ध कराएं तथा भरे पदों पर कौन-कौन फार्मासिस्‍ट कहाँ-कहाँ कार्यरत हैं?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) रिक्‍त पदों को भरने की सतत् प्रक्रिया प्रचलन में है। भरे गये पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। फार्मासिस्‍टों के स्‍वीकृत रिक्‍त एवं भरे पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। भरे पदों पर कार्यरत फार्मासिस्‍टों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

जर्जर शाला भवनों का पुनर्निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

79. ( क्र. 4954 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र पनागर की जर्जर भवनों में संचालित शालाओं का पुनर्निर्माण किया जायेगा? (ख) क्या पुनर्निर्माण होने तक विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिये वैकल्पिक प्रबंध किये जायेंगे? (ग) यदि नहीं, तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विधानसभा पनानगर के शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक विद्यालयों के जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण कराया जावेगा। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। पनागर विधानसभा क्षेत्र में कोई हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन जर्जर नहीं है। जर्जर भवन में शाला संचालित नहीं किए जाने के निर्देश पूर्व से है। मरम्मत योग्य शालाओं में मरम्मत कार्यों हेतु आवश्यकतानुसार राशि जारी की जाती है। तदानुसार प्रश्नाधीन विधानसभा क्षेत्र की शालाओं हेतु आवश्यक राशि जारी की गई है। (ख) जी हाँ। शाला परिसर में उपलब्‍ध अन्‍य भवनों/कक्षों में शैक्षणिक कार्य कराया जाता हैं। (ग) प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाओं की जानकारी निरंक है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "सत्रह"

गृह विभाग की नई पदोन्‍नति नीति

[स्कूल शिक्षा]

80. ( क्र. 4983 ) श्री सुनील उईके : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उच्चतर माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर गृह विभाग की नई पदोन्‍नति नीति (रिक्त पदों) की भांति शिक्षा विभाग की पदोन्नति आदेश जारी कर रिक्त पदों को भरने हेतु नीति में प्रावधान करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) क्‍या शिक्षा विभाग में सेवा पुस्तिका में दर्ज नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि मानकर वरीयता निर्धारण करने बाबत् कार्यवाही की जायेगी? (ग) राज्य शिक्षा सेवा के अंतर्गत एरिया एजुकेशन ऑफिसर के पदों पर वर्ष 2013 में परीक्षा ली गई थी? उत्तीर्ण परीक्षार्थियों को क्या शासन उक्त पदों पर नियुक्त करने हेतु विचार करेगा? (घ) मध्यप्रदेश में रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का प्रावधान करेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। भर्ती नियम, 2018 में संशोधन की कार्यवाही प्रचलन में है, प्राथमिक शिक्षक का पद पदोन्नति का पद नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) म.प्र. राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम, 2018 के नियम-17 के अनुसार वरिष्ठता का निर्धारण किये जाने का प्रावधान है। (ग) जी हाँ। जी नहीं, म.प्र. शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के पत्र क्रमांक एफ 01-37/2016/20-1, भोपाल दिनांक 22.10.2016 द्वारा मध्यप्रदेश ऑनलाइन के माध्यम से दिनांक 08.09.2013 को आयोजित एरिया एजुकेशन ऑफिसर की परीक्षा निरस्त की गई है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, म.प्र. राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम, 2018 के नियम-11 (7) (ख) (चार) के अनुसार शैक्षणिक संवर्ग अंतर्गत सीधी भर्ती के शिक्षकों के पदों के उपलब्ध रिक्तियों की 25 प्रतिशत रिक्तियां अतिथि शिक्षक वर्ग के लिये आरक्षित की जायेंगी, जिनके द्वारा न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्रों में एवं न्यूनतम 200 दिवस शासकीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के रूप में अध्यापन कार्य किया गया है, प्रावधानित है।

बस्ती विकास हेतु बजट आवंटन

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण]

81. ( क्र. 4991 ) श्री महेश परमार : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बस्ती विकास हेतु शासन से 05/10/2020 के बाद बजट आवंटन की स्वीकृति प्रदान की गयी है? यदि हाँ, तो स्वीकृति आदेश की प्रति के साथ बस्ती विकास योजना में कितना बजट अभी तक शेष है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि शासन से स्वीकृति जारी की गयी है, तो शासन को संचालनालय की एकल नस्ती कब और किस दिनांक को प्राप्त हुई? पंजीकृत नंबर एवं दिनांक बताएं। (ग) शासन का स्वीकृति आदेश क्रमांक एफ-3-05-2020/62 दिनांक 28/09/2020 कब और कहाँ से किसके द्वारा जारी किया गया? यदि आदेश जारी नहीं हुए है तो उक्त फर्जी आदेश पर सम्‍बन्धित के विरुद्ध एफ.आई.आर. कब तक करायी जाएगी? (घ) क्या संचालनालय से एकल नस्ती क्रमांक 2772 दिनांक 06/07/2020 के प्रस्ताव पर बस्ती विकास योजना के लिए उज्जैन जिले में वर्ष 2020-21 में बजट स्वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो शासन के आदेश क्रमांक 344/288/2020/62 दिनांक 05/10/2020 के परिपालन में प्राप्त नस्ती पर कितनी स्वीकृत राशि वित्त विभाग को समर्पित कब की गयी? (ङ) क्या संचालनालय पत्र क्रमांक 2913 दिनांक 02/09/2020 के अंतर्गत अभिकरण के बजट में सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो किसके निर्देश से और कब किया गया? कार्यवाही विवरण देवें।

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष राशि रूपये 50, 000/- है। (ख) एकल नस्ती दिनांक 05.03.2021 को प्राप्त हुई। रजिस्ट्रेशन नं. 153, दिनांक 05.03.2021 है। (ग) प्रश्नांकित आदेश म.प्र. शासन सचिव-सह-संचालक के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

दोषी के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

82. ( क्र. 4994 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या महिला शिक्षिका द्वारा पहाडगढ़ बी.आर.सी. श्री ब्रजेश कुमार शर्मा के विरूद्ध गंभीर शिकायत की गयी थी? जिस पर कलेक्टर मुरैना द्वारा संयुक्त जाँच दल गठित कराया गया था? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन कि प्रति उपलब्ध कराई जावेगी? (ख) क्या जाँच दल में डी.ई.ओ. एवं डी.पी.सी. मुरैना द्वारा गंभीर टिप्पणी करते हुए उक्त बी.आर.सी. को दोषी पाया गया था एवं वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक इसके विरूद्ध प्रश्नकर्ता सहित कितने शिकायतकर्ताओं के द्वारा जिला प्रशासन एवं प्रदेश प्रशासन को शिकायतें प्राप्त हुई हैं? शिकायतों पर कृत कार्यवाही से अवगत करावें। (ग) तत्कालीन कलेक्टर मुरैना द्वारा आयुक्त चम्बल संभाग मुरैना को अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव भेजा गया था? प्रस्ताव की प्रति उपलब्ध कराते हुए यह स्पष्ट करें कि प्रश्न दिनांक तक आयुक्त चम्बल संभाग मुरैना द्वारा सम्बंधित के विरूद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की गयी है? क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?                  (घ) तत्कालीन आयुक्त चम्बल संभाग के द्वारा निरंकुश बी.आर.सी. पहाड़गढ़ के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही न करने में विलम्ब के क्या कारण रहे? क्या आयुक्त द्वारा दोषी को संरक्षण दिया गया है? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) के परिप्रेक्ष्य में उक्त बी.आर.सी. की उच्च स्तरीय जाँच संस्थित कर वर्तमान पद से पृथक कर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जाँच प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। 07 शिकायतों प्राप्‍त हुई, शिकायतों पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रस्‍ताव की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। आयुक्‍त, चंबल संभाग, मुरैना द्वारा शिकायत की जाँच महिला अध्‍यक्षता वाली समिति से कराने के निर्देश के क्रम में जाँच प्रचलन में थी। प्रकरण की जाँच उपरांत जाँच प्रतिवेदन आयुक्‍त चंबल संभाग, मुरैना को मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, मुरैना द्वारा अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु पत्र क्र.-326 दिनांक 04-03-2021 द्वारा भेजा गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) उत्‍तरांश (ग) अनुसार प्रकरण की जाँच उपरांत मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत मुरैना द्वारा जाँच प्रतिवेदन आयुक्‍त, चंबल संभाग, मुरैना को अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु भेजा गया है। प्रकरण में गुणदोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

पेंच नेशनल पार्क की जानकारी

[वन]

83. ( क्र. 5000 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) सिवनी जिले के पेंच नेशनल पार्क में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कौन-कौन से वन्‍य प्राणी कितनी-कितनी संख्‍या में वर्तमान गणना के अनुसार उपलब्‍ध थे? (ख) उक्‍त वन्‍यप्राणियों को देखने के लिये विगत तीन वर्षों में कितने-कितने देशी-विदेशी पर्यटक पेंच नेशनल पार्क में आये एवं उनसे पेंच नेशनल पार्क प्रबंधन को वर्षवार कितनी-कितनी आमदनी हुई? (ग) पेंच नेशनल पार्क सिवनी में विगत 4 वर्षों में किस-किस प्रजाति के कितने-कितने वन्‍यप्राणियों का अवैध शिकार किन-किन के द्वारा कब-कब किया गया एवं इनके द्वारा क्‍या-क्‍या वैधानिक कार्यवाही की गई? (घ) पेंच नेशनल पार्क सिवनी एवं उसमें विचरण करने वाले वन्‍यप्राणियों के रख-रखाव एवं निर्माण कार्य हेतु वित्‍तीय वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) पेंच टाईगर रिजर्व जो सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में अवस्थित है, में अखिल भारतीय बाघ आंकलन वर्ष 2018 की रिपोर्ट के अनुसार 61 बाघों का आंकलन है, इसके अतिरिक्‍त उक्‍त रिपोर्ट में म‍हत्‍वपूर्ण वन्‍यप्राणियों का घनत्‍व आंकलित किया गया है   पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 में है। (ख) विगत तीन वर्षों में क्रमश: 218322 भारतीय एवं 24073 विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ है। पर्यटन से प्रश्‍नाधीन अवधि में 8, 57, 35, 527 रूपये प्राप्‍त हुए हैं। वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 में है। (ग) पेंच टाईगर रिजर्व सिवनी के अंतर्गत विगत 4 वर्षों में दर्ज अवैध शिकार प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 में है। (घ) प्रश्‍नाधीन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 में है।

शिक्षकों से लिये जा रहे गैर शैक्षणिक कार्य

[स्कूल शिक्षा]

84. ( क्र. 5002 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिवनी जिले के प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाई स्‍कूल व हायर सेकेण्‍डरी विद्यालयों में पदस्‍थ शिक्षकों से शैक्षणिक कार्य के अतिरिक्‍त अन्‍य किस-किस कार्यालय व विभाग में लिपिकीय व अन्‍य कार्य कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो, कौन-कौन से शिक्षक, शैक्षणिक कार्य के अलावा अन्‍य कार्यालय एवं विभाग में कार्यरत हैं अथवा अनुलंग्‍न है? कर्मचारीवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या शिक्षकों से शिक्षण कार्य के अतिरिक्‍त अन्‍य कार्यालयों एवं विभागों में कार्य कराया जा सकता है? यदि हाँ, तो उसके क्‍या नियम हैं? अवगत करावें। यदि नहीं, तो उक्‍त शिक्षकों से किस आधार पर अन्‍य कार्यालयों व विभागों में कार्य लिया जा रहा है? (ग) उक्‍त शिक्षकों को अपनी मूल पदस्‍थापना पर कार्य करने हेतु कब तक आदेशित कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश '''' एवं '''' के प्रकाश में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

गौ-शाला निर्माण की जानकारी

[पशुपालन एवं डेयरी]

85. ( क्र. 5029 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) जिला राजगढ़ अंतर्गत म.प्र. शासन द्वारा चलाये जा रहे गौ-शाला निर्माण अभियान अंतर्गत कितनी-कितनी गौ-शालाओं का निर्माण कार्य किया जा कर प्रारंभ की जा रहीं हैं? विकासखंडवार  गौ-शाला निर्माण की जानकारी देवें तथा अभियान के पूर्व अशासकीय संस्थाओं के द्वारा जिला राजगढ़ के अंतर्गत कितनी गौ-शालाओं का पंजीयन किया जा कर संचालित थी? विकासखंडवार जानकारी देवें। (ख) क्या भारत सरकार द्वारा सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर मेकेनाईजेशन योजनान्तर्गत जिला राजगढ़ में प्रत्येक विकासखंड की दो गौ-शालाओं में फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना की जावेगी? विकासखंडवार अनुशंसित गौ-शालाओं के नाम की जानकारी देवें। (ग) प्रश्न दिनांक तक जिला राजगढ अंतर्गत संचालित गौ-शालाओं में जन सहयोग की कितनी-कितनी राशि जमा है? गौ-पालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड द्वारा पंजीकृत गौ-शाला एवं म.प्र. शासन द्वारा निर्मित गौ-शालाओं की जानकारी पृथक-पृथक देवें। (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार उक्त योजना का लाभ म.प्र. शासन द्वारा निर्मित गौ-शालाओं को भी प्रदान किया जावेगा? यदि हाँ, तो योजनान्तर्गत 20 प्रतिशत राशि गौ-शालाओं द्वारा कैसे वहन की जावेगी? (ड.) क्या प्रश्नांश (ख) अनुसार योजना का लाभ गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड द्वारा पंजीकृत गौ-शालाओं को नहीं देकर शासन द्वारा निर्मित गौ-शालाओं को ही दिया जा रहा है?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) विकासखंडवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) सबमिशन ऑन एग्रीकल्‍चर मेकेनाईजेशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 08 आकांक्षी जिलों के प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में 2-2 फार्म मशीनरी बैंक स्‍थापित करने का कार्यक्रम वर्ष 2020-21 में प्राप्‍त हुआ है। उक्‍त कार्यक्रम के अंतर्गत जिला राजगढ़ भी सम्मिलित है। योजना के दिशा-निर्देश के अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक की स्‍थापना कृषकों की सहकारी समितियां, पंजीकृत कृषक समितियां, एफ.पी.ओ. एवं पंचायत द्वारा की जा सकती है। योजना के निहित प्रावधानों को ध्‍यान में रखते हुए इस वर्ष म.प्र.राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन के कृषक समूहों के अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक की स्‍थापना करने का निर्णय राज्‍य स्‍तरीय क्रियान्‍वयन समिति (एस.एल.ई.सी.) द्वारा लिया गया है। अजीविका मिशन को प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में दो समूहों को चयनित करने हेतु कहा गया है। चयनित समूहों में से एक समूह गौ-शाला के संचालन वाला समूह भी हो सकता है। समूहों के चयन की कार्यवाही आजीविका मिशन द्वारा की गई है। मध्‍यप्रदेश राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा जिला राजगढ़ में चयनित गौ-शाला संचालन समूह की विकासखण्‍ड जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ग) गौ-शालाओं में उपलब्‍ध गौ-वंश के भरण पोषण हेतु राशि रू. 20.00 प्रति दिन प्रति गौ-वंश उपलब्‍ध कराए जाने का प्रावधान है। गौ-शालाओं का संचालन गौ-शाला प्रबंधन समिति द्वारा किया जाता है। प्रबंधन समिति द्वारा प्राप्‍त जन सहयोग की जानकारी विभाग स्‍तर पर संकलित नहीं की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) मुख्‍यमंत्री गौ-सेवा योजना अंतर्गत निर्मित एवं आजीविका मिशन के समूहों द्वारा संचालित म.प्र. गौ-पालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड पंजीकृत गौ-शालाओं को योजना में शामिल किया गया है। 20 प्रतिशत राशि गौ-शालाओं की बचत राशि एवं ग्राम संगठन व अन्‍य स्‍त्रोंतो द्वारा वहन की जावेगी। (ड.) चूंकि प्रश्नांश (ख) अंतर्गत योजना के दिशा-निर्देशों अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक की स्‍थापना कृषकों की सहकारी समतियां, पंजीकृत कृषक समितियां एफ.पी.ओ. एवं पंचायतों द्वारा की जा सकती है। मुख्‍यमंत्री गौ-सेवा योजना अंतर्गत निर्मित एवं आजीविका मिशन के समूहों द्वारा संचालित म.प्र. गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड में पंजीकृत गौ-शालाओं को इस वर्ष कार्यक्रम में लिया गया है।

अन्‍य विभागों में वेटरनरी डॉक्‍टरों की प्रतिनियुक्ति

[पशुपालन एवं डेयरी]

86. ( क्र. 5042 ) श्री संजय शुक्ला : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) पशुपालन विभाग अंतर्गत विगत 05 वर्षों में कितने पद रिक्त हुए हैं? जिलेवार रिक्‍त पदों की जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या पशुपालन विभाग में पदस्थ वेटरनरी डॉक्टर अन्य विभागों में कार्यरत है? यदि हाँ, तो अन्य विभागों में कार्यरत वेटरनरी डॉक्टरों द्वारा विभागों में क्या-क्या कार्य किया जा रहा है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में वेटरनरी डॉक्टरों का मूल कार्य क्या है? अन्‍य विभागों में कार्यरत वेटरनरी डॉक्‍टरों एवं नगर पालिक निगम इन्दौर में कार्यरत वेटरनरी डॉक्टरों को क्या पशुपालन विभाग में नियुक्तियां दी जाकर अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है? स्‍पष्‍ट करें। किन-किन डॉक्‍टरों को अन्‍ये विभागों में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है? जिलेवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में इन्‍दौर नगर पालिका में पदस्थ वेटरनरी डॉक्टर कब से पदस्थ हैं? उनके द्वारा निगम में क्या-क्या‍ कार्य किये जा रहे हैं? क्या इनके द्वारा पशु स्‍वास्‍थ्‍य सुधार कार्यों को ही किया जा रहा है अथवा अन्य कार्य किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्या इनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर मूल विभाग में भेजा जायेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) पशुपालन विभागान्‍तर्गत 4729 पद रिक्‍त हुये हैं। शेष जिलेवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) जी हाँ। राज्‍य पशुधन एवं कुक्‍कुट निगम, वन विभाग, नगर निगम एवं गृह विभाग अंतर्गत श्‍वानदल में प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ डॉक्‍टरों द्वारा पशुपालन एवं वन विभाग के नेशनल पार्कों में वन्‍य पशुओं की चिकित्‍सा एवं अन्‍य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत संबंधित विभाग द्वारा सौंपे गये दायित्‍व का निर्वहन किया जा रहा है। (ग) पशु चिकित्‍सा सहायक शल्‍यज्ञों का मूल कार्य पशुओं का उपचार बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, मृत पशुओं का शव-परीक्षण, पशुओं का स्‍वास्‍थ एवं स्‍वास्‍थता प्रमाणीकरण एवं विभागीय योजनाओं का संचालन। जी हाँ। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (घ) नगर पालिका निगम इंदौर में डॉ. अखिलेश उपाध्‍याय मूल पद पशु चिकित्‍सा सहायक शल्‍यज्ञ दिनांक 02.07.2010 से पदस्‍थ होकर इनके द्वारा गौ-शाला प्रभारी के रूप में गौ-शाला के पशुओं के स्‍वास्‍थ सुधार के साथ-साथ प्रभारी मुख्‍य स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी का कार्य भी किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "अठारह"

वन भूमि हेतु जारी दिशा-निर्देश

[वन]

87. ( क्र. 5053 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार एवं वन विभाग म.प्र. शासन भोपाल द्वारा वन भूमि को गैर वन उद्देश्‍यों के लिए दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो कच्‍चे मार्गों को पक्‍का (डामरीकरण) करने क्‍या दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं? की प्रति एवं कच्‍चे मार्गों के मरम्‍मत,               रख-रखाव एवं उन्‍नयन हेतु क्‍या दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं की प्रति एवं अनुसूचित क्षेत्रों के विकास कार्य हेतु जारी दिशा-निर्देशों की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या वन मण्‍डलाधिकारी उत्‍तर सामान्‍य वन मण्‍डल बालाघाट द्वारा बैहर विधानसभा क्षेत्र के कच्‍चे मार्गों के मरम्‍मत एवं             रख-रखाव कार्यों की अनुमति दी जाने के बाद निरस्‍त कर दी गई है? वन मण्‍डलाधिकारी द्वारा दी गई अनुमति उपरांत निरस्‍त किये गये प्रकरण मरम्‍मत एवं रख-रखाव कार्यों के थे या कच्‍चे मार्ग को पक्‍का (डामरीकरण) करने के थे? (घ) यदि कच्‍चे मार्गों को पक्‍का (डामरीकरण) करने के प्रकरण नहीं थे तो उन प्रकरणों में अनुमति कब तक जारी की जावेगी?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) वनक्षेत्रों में कच्चे मार्गों को पक्का (डामरीकरण) करने, कच्चे मार्गों के मरम्मत, रख-रखाव एवं उन्नयन के संबंध में भारत सरकार द्वारा जारी नवीन गाइड-लाइन दिनांक 08.03.2019 की कंडिका 11.6 में निर्देश दिये गये हैं। निर्देशों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। इसके अतिरिक्त मार्ग निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों हेतु दिशा निर्देशों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। भारत सरकार द्वारा जारी नवीन गाइड-लाइन दिनांक 08.03.2019 की कंडिका 11.6 में दिये गये निर्देश के तहत केवल प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए निर्देश लागू होने से वन मण्डलाधिकारी, उत्तर सामान्य वनमण्डल, बालाघाट द्वारा दी गई अनुमति को निरस्त किया गया। वन मण्डल अधिकारी द्वारा निरस्त किये गये प्रकरण वनक्षेत्र में पूर्व निर्मित कच्चे मार्ग की मरम्मत एवं मार्ग उन्नयन कार्य के थे। (घ) आवेदक संस्थान द्वारा वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने पर चाही गई वनभूमि व्यपवर्तन की स्वीकृति दिये जाने की कार्यवाही प्रक्रिया का पालन करते हुए की जावेगी।

शहीदों/महापुरूषों के नाम पर शासकीय स्‍कूलों का नामकरण

[स्कूल शिक्षा]

88. ( क्र. 5116 ) श्री सुरेन्द्र सिंह नवल सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की शासकीय स्‍कूलों में नाम शहीदों, महापुरूषों, स्‍कूलों को जमीन दान करने वाले दानदाताओं के नाम पर शासकीय स्‍कूलों का नामकरण किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या शहीदों, महापुरूषों, स्‍कूलों को जमीन दान करने वाले दानदाताओं के नाम स्‍कूल शिक्षा पोर्टल पर संशोधित कर दिये गये हैं? यदि नहीं, किये गये तो कब तक किये जायेंगे? (ख) उसी प्रकार बुरहानपुर जिले की शासकीय उ.मा. विद्यालय फोफनार-जिला बुरहानपुर की शाला का नाम लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. भोपाल के आदेश क्र. भवन/सी/नाम प्रस्‍ताव/14/2020/557 भोपाल दिनांक 14.11.2020 के द्वारा धनु श्रावण महाजन शासकीय उ.मा. विद्यालय फोफनार जिला बुरहानपुर किया गया है, का नाम स्‍कूल शिक्षा पोर्टल पर अंकित किया गया है? यदि नहीं, तो कब तक पोर्टल पर नाम अंकित कर दिया जायेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। आंशिक रूप से। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण

[स्कूल शिक्षा]

89. ( क्र. 5117 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. के शासकीय शालाओं में वर्षों से पदस्‍थ अतिथि शिक्षकों द्वारा अपने कर्तव्‍यों का निर्वहन बड़ी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं एवं शालाओं में समय पर शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन इन शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो शासकीय शालाओं में अतिथि शिक्षकों के साथ भेदभाव क्‍यों किया जा रहा है? उनको मजदूरों से भी कम पारिश्रमिक दिया जा रहा है?         (ग) क्‍या वर्षों से प्रदेश की शासकीय शालाओं में पदस्‍थ अतिथि शिक्षकों को म.प्र. शासन नियमित करने का कार्य करेगा? जिससे इस महंगाई के समय में अतिथि शिक्षकों को न्‍याय मिल सके?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) संस्था प्रमुख द्वारा आवंटित अध्यापन कार्य करते है। शैक्षणिक गतिविधियों के लिये ही आमंत्रित किया जाता है। (ख) जी नहीं। अतिथि शिक्षकों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। अतिथि शिक्षकों को प्रति कालखण्ड के मान से शासन द्वारा निर्धारित मानदेय भुगतान किया जाता है। मानदेय की राशि को अक्टूबर 2018 में दुगुना किया गया है। (ग) शैक्षणिक संवर्ग में सीधी भर्ती हेतु वर्तमान में नियमितीकरण का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मध्यप्रदेश राजपत्र स्कूल शिक्षा विभाग दिनांक 28 जुलाई 2018 सेजारी मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम 2018 के नियम 11 (7) (ख) (चार) अनुसार ''शैक्षणिक संवर्ग अंतर्गत सीधी भर्ती के शिक्षकों के पदों के उपलब्ध रिक्तियों की 25 प्रतिशत रिक्तियां अतिथि शिक्षक वर्ग के लिये आरक्षित की जायेगी, जिनके द्वारा न्यूनतम तीन शैक्षणिक सत्रों में एवं न्यूनतम 200 दिवस शासकीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षक के रुप में अध्यापन कार्य किया गया हैं'' प्रावधानित है। इसके अनुसार कार्यवाही की जाती है।

मेडिकल कॉलेज अस्‍पताल का शुभारंभ

[चिकित्सा शिक्षा]

90. ( क्र. 5130 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय स्‍वशासी चिकित्‍सा महाविद्यालय रतलाम में चिकित्‍सालय कब तक प्रारंभ होगा? चिकित्‍सालय में कितने प्रकार की चिकित्‍सा सुविधायें उपलब्‍ध होंगी? (ख) चिकित्‍सालय संचालन हेतु डॉक्‍टरों के कितने पद स्‍वीकृत हैं तथा कितने डॉक्‍टरों की भर्ती आज तक की जा चुकी है? पेरामेडिकल स्‍टॉफ, तृतीय चतुर्थ एवं तकनीकी कर्मचारियों के कितने पद स्‍वीकृत हैं? उनमें से कितने पदों पर भर्ती की जा चुकी है तथा कितने पद रिक्‍त हैं? उपरोक्‍त डॉक्‍टरों एवं स्‍टॉफ के रिक्‍त पदों पर चयन प्रक्रिया का माध्‍यम क्‍या होगा तथा इसकी समय-सीमा क्‍या तय की गई है? (ग) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा 04 फरवरी, 2021 को रतलाम प्रवास के दौरान मेडिकल कॉलेज रतलाम को सुपर स्‍पेशलिटी हॉस्पिटल बनाने की घोषणा की है, जिसमें विशेषकर हृदय रोग संबंधी उपचार की भी सुविधा होगी। इस बारे में क्‍या योजना तैयार की गई है?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) प्रारंभ करने की कार्यवाही प्रचलन में है।           समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। चिकित्‍सालय में उपलब्‍ध होने वाली चिकित्‍सा सुविधाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) चिकित्‍सालय में डाक्‍टरों के स्‍वीकृत एवं भरे पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। पैरामेडिकल स्‍टाफ, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी एवं तकनीकी कर्मचारियों के स्‍वीकृत, भरे एवं रिक्‍त पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। डॉक्‍टरों एवं स्‍टाफ के चयन '' आदर्श सेवा नियम 2018'' में दिये गये प्रावधानांतर्गत किया जायेगा। भर्ती प्रक्रिया सतत् प्रक्रिया होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा दिनांक 04/02/2021 को रतलाम प्रवास के दौरान की गई घोषणा अप्राप्‍त है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

क्रय की गई सामग्री की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

91. ( क्र. 5154 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.2019से 15.02.2021 तक विभाग के जिला उज्‍जैन में कितनी राशि की कौन-कौन सी सामग्री क्रय की? वर्षवार, देवें। (ख) इसके लिए जिन फर्मों को भुगतान किया गया उनके नाम, भुगतान राशि, प्रस्‍तुत बिलों के विवरण सहित जिलावार देवें। (ग) इस भुगतान के लिए जो टी.डी.एस. काटा गया वह भी साथ में देवें। यदि टी.डी.एस. नहीं काटा गया तो इसका कारण भी बतावें। (घ) बिना टी.डी.एस. काटे भुगतान करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (घ) नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विद्या‍र्थियों हेतु पुस्‍तकों का नि:शुल्‍क वितरण

[स्कूल शिक्षा]

92. ( क्र. 5183 ) श्री जितू पटवारी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में शासकीय विद्यालयों में अध्‍ययनरत् 1 से 12 के विद्यार्थियों पर वर्ष 2010-11 के 2020-21 तक प्रति विद्यार्थी कितना खर्च आया? इसमें होने वाली प्रतिशत वृद्धि या कमी के कारण बतावें। (ख) विभाग ने वर्ष 2017-18 से 2020-21 तक इन्‍दौर जिला अन्‍तर्गत किस कक्षा के विद्या‍र्थियों हेतु नि:शुल्‍क वितरण के लिये कितनी-कितनी पुस्‍तकें छपाई, कक्षा 1 से 12 तक की जानकारी वर्षवार दें तथा प्रेस का नाम, उसके मालिक/भागीदारी का नाम, जी.एस.टी. क्रमांक, पुस्‍तकों का आकार, पुष्‍ठ संख्‍या कवर सहित कागज की क्‍वालिटी, प्रति पुस्‍तक दर, कुल छपाई गई मात्रा कुल राशि, पुस्‍तक प्राप्‍त करने की तारीख तथा देय राशि भुगतान की तारीख सहित सूची देवें। (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित सारी पुस्‍तकें वितरित की गई या कुछ बची जिसे अगले वर्ष में वितरित किया गया? ऐसी पुस्‍तकें की संख्‍या कितनी हैं, जिसे वितरित ही नहीं किया जा सका तथा प्रिंटिंग प्रेस को दिये गये वर्क आर्डर का विवरण भी देवें। (घ) कितनी पुस्‍तकें किस कक्षा के लिये कितनी मात्रा में छपाई जायें, इस संबंधी निर्णय का विवरण उपलब्‍ध करावें। तथा छपाने हेतु प्रेस तय करने हेतु तथा प्रक्रिया की जानकारी दें। यदि टेण्‍डर हुए तो उसका विवरण देवें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) निःशुल्क बाल शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत कक्षा 01 से 08 तक गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में फीस प्रतिपूर्ति हेतु प्रति विद्यार्थी व्यय की गणना का प्रावधान है, कक्षा 09वीं सें 12वीं के लिये पृथक से प्रति विद्यार्थी व्यय की गणना नहीं की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रतिवर्ष शिक्षकों के वेतन एवं विद्यालयों के रख-रखाव इत्यादि के व्यय में वृद्धि होने के कारण प्रति बालक व्यय में वृद्धि हुई है। (ख) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

विद्यालयों की भूमि एवं रिक्‍त पदों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

93. ( क्र. 5204 ) श्री जुगुल किशोर बागरी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रैगाँव विधानसभा क्षेत्र में कितने शासकीय विद्यालयों की भूमि स्‍कूल शिक्षा विभाग के नाम से आवंटित हैं? (ख) विद्यालयों के स्वीकृत पद, पदस्थ कर्मचारियों की जानकारी के साथ रिक्त पदों की जानकारी देवें एवं बतावें कि रिक्त पदों को कब तक भरा जावेगा? (ग) क्या सतना जिले में कुछ विद्यालयों की भूमि में अतिक्रमण कर लिया गया है? इसी प्रकार विद्यालय भूमि या उससे लगी भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध उत्‍खनन भी कराया जा रहा है जैसे सितपुरा आदि में? इन भूमियों को अतिक्रमण से कब तक मुक्त कराया जावेगा? (घ) क्या अवैध अतिक्रमण हेतु विद्यालय प्रभारी द्वारा विभाग को या अन्य सक्षम विभाग/अधिकारी को सूचित किया गया है अगर हाँ तो कब-कब एवं अब तक उनमें क्या कार्यवाही की गई है? जानकारी देवें। अगर नहीं तो क्या विद्यालय प्रभारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी स्पष्‍ट करें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) रैगाँव विधानसभा क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला के नाम आंवटित भूमि विद्यालयवार विवरण पृथक से पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक-अनुसार। (ख) हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार। (ग) जिले के रैगाँव विधानसभा की 02 शासकीय प्राथमिक शाला एवं शासकीय इस्लामिया शाला एवं 02 शासकीय माध्यमिक शाला मैदनीपुर एवं शासकीय माध्यमिक शाला हटिया की भूमि में स्थानीय व्‍यक्तियों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। विद्यालय की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को लेख किया गया है। किसी भी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय की भूमि व उससे लगी भूमि पर अतिक्रमण कर उत्खनन नहीं किया जा रहा है। लगभग 01 माह की अवधि में विद्यालय की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया जाएगा। जी हाँ। शासकीय उ.मा.वि. सितपुरा विद्यालय की भूमि पर किसी प्रकार के अतिक्रमण एवं उत्‍खनन की स्थिति नहीं है। अतिक्रमण से मुक्‍त कराने का संबंध राजस्‍व विभाग से है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) संस्था प्रमुख द्वारा अतिक्रमण हटाने हेतु विभाग एवं अन्य सक्षम अधिकारी को कब-कब सूचित किया गया है - किये गये पत्राचार की जानकारी पृथक से पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार। विद्यालय की भूमि का सीमाकंन कराकर अतिक्रमण से मुक्त कराने हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को लेख किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन-अनुसार।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण द्वारा संचालित योजनाएं

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

94. ( क्र. 5211 ) श्री संजीव सिंह : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? इन योजनाओं के माध्यम से 01 जनवरी 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को लाभ मिला? योजनावार विधानसभावार हितग्राहियों की संख्या की जानकारी देवें। (ख) अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में कुल कितने मदरसे भिण्ड जिले में संचालित है? तहसीलवार एवं ग्रामवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार उक्त मदरसों में कुल कितने शिक्षक हैं जिन्हें शासन के अनुदान राशि से वेतन मिलता है? मदरसेवार जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार 01 जनवरी 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन योजनाओं के तहत कितनी-कितनी अनुदान राशि मिली? मदरसे वार जानकारी देवें।

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) भिण्‍ड जिले में पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  (अ) अनुसार है। 01 जनवरी 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक लाभांवित हितग्राहियों की योजनावार, विधानसभावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  (ब) अनुसार है। (ख) भिण्‍ड जिले में कुल 116 मदरसे संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  (स) अनुसार है। (ग) मदरसों के शिक्षकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  (द) अनुसार है। (घ) 01 जनवरी 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक योजनावार, मदरसावार अनुदान राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  (य) अनुसार है।

वन विभाग की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाना

[वन]

95. ( क्र. 5215 ) श्री राकेश गिरि : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या टीकमगढ़ जिले के वन मण्डल टीकमगढ़ वन परिक्षेत्र रेंज ओरछा के अन्तर्गत सब रेंज कोटी गुलेदा के रिजर्व वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक 156, 157, 158 में अतिक्रमण किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त नम्बरों के कितने भाग पर अतिक्रमण हुआ है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार, क्या अतिक्रमण भाग पर कृषि किये जाने के साथ ही नलकूप खनन किये गये है? यदि हाँ, तो, नलकूपों की संख्या तथा कृषि कार्य हेतु अतिक्रमण का नम्बरवार विवरण, अतिक्रमणकर्ताओं के नाम सहित, अतिक्रमण करने की तिथि बताये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार, अतिक्रमणकर्ताओं के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु सक्षम प्राधिकारी का नाम पद नाम तथा की गई कार्यवाही का विवरण उपलब्ध करायें? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार, प्रश्‍नांश (ग) अनुसरण में कार्यवाही न करने के लिये दोषी अधिकारी के विरूद्ध कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी? क्या विभाग की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जायेगा? यदि हाँ, तो समय बताये, यदि नहीं, तो कारण बताये?

 वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। उक्त नम्बरों में 10.380 हेक्टेयर भाग पर वनभूमि में अतिक्रमण हुआ है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) अंतर्गत वनक्षेत्र में अवैध तरीके से किये जा रहे कृषि कार्य को बंद करने हेतु विभाग द्वारा निम्नानुसार कार्यवाही की गईः- (1) कक्ष क्रमांक 156, 158 में अतिक्रमणकारी रामस्वरूप यादव, निवासी-कोटी द्वारा वनभूमि पर अतिक्रमण किये जाने से बीटगार्ड द्वारा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 378/22 दिनांक 29.12.2016 पंजीबद्ध किया गया, जिसकी जाँच वन परिक्षेत्राधिकारी, ओरछा द्वारा की जाकर अतिक्रमण नियमानुसार हटाने हेतु निर्धारित प्रक्रिया अनुसार भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 80 (अ) के अंतर्गत नोटिस जारी करने की मांग की गई। वनमंडलाधिकारी, टीकमगढ़ द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर अतिक्रमण को वनभूमि से नियमानुसार बेदखल करने हेतु भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 80 (अ) के तहत कारण बताओं सूचना पत्र क्रमांक 457 दिनांक 06.02.2017 एवं क्रमांक 4502 दिनांक 20.12.2017 से जारी कर कार्यालयीन पत्र क्रमांक/मा.चि./2018/369 दिनांक 25.01.2018 से बेदखली आदेश जारी किया गया था। उक्त कार्यवाहियों से व्यथीत होकर अतिक्रमणकारी राम स्वरूप यादव द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में अतिक्रमण बेदखली के विरूद्ध रिट पिटीशन क्रमांक 20725/18 दायर की गई, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा दिनांक 21.12.2018 को निर्णय पारित किया गया कि अतिक्रमण बेदखली के संबंध में यथास्थिति बनाई रखी जावे। उच्च न्यायालय में प्रतिरक्षण किया जा रहा है। (2) कक्ष क्रमांक 157 में संतोष यादव एवं ज्ञान सिंह यादव, निवासी-कोटी द्वारा अतिक्रमण किया गया है जिनके विरूद्ध बीटगार्ड कोटि गुलेंदा द्वारा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 444/03 दिनांक 08.01.2021 जारी किया गया है, जिसकी जाँच वन परिक्षेत्राधिकारी, ओरछा द्वारा की जा रही है। जाँच होने के पश्चात् नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जावेगी। (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार प्रश्‍नांश (ग) के अनुसरण में अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण बेदखली की नियमानुसार कार्यवाही की गई है। तदानुसार दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "उन्नीस"

 

लॉकडाउन के बाद स्कूल शुल्क में रियायत दिया जाना

[स्कूल शिक्षा]

96. ( क्र. 5223 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर, श्री जुगुल किशोर बागरी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद के दौरान अभिभावकों को फीस में रियायत देने व ऑनलाईन पढ़ाई के दौरान फीस में रियायत देने की कोई योजना शिक्षा विभाग ने बनाई है? यदि हॉ तो विवरण दें। यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या यह सही है कि लॉकडाउन में स्कूल नहीं लगे उसके बावजूद स्कूलों द्वारा फीस की मांग की जा रही है जिसके विरोध में अभिभावकों द्वारा पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जा रहा है? क्या शासन ने अभिभावकों के हित में कोई निर्णय लिया है? विवरण दें। (ग) ऑनलाईन पढ़ाई में क्लासेस शासन के निर्देशानुसार 40 मिनट से 2 घंटे तक लगती है परंतु पहले पढ़ाई 6-7 घंटे होती थी लेकिन स्कूल द्वारा पुरी फीस मांगी जा रही है? जितना काम उतना पैसा की तर्ज पर क्या अभिभावकों के हित में फीस में रियायत देने का निर्णय लेगा? विवरण दें। (घ) क्या यह सही है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा फीस जमा नहीं होने पर छात्रों को परीक्षा से वंचित नहीं करने का आदेश दिया है? निजी स्कूलों के संचालक शुल्क नहीं तो स्कूल नहीं, परीक्षा नहीं जैसा दबाव अभिभावकों पर बना रहे है? शासन उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही कर रहा है? विवरण दें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रश्‍नांश अनुसार ऐसी कोई योजना नहीं बनाई गई अपितु अशासकीय विद्यालय में फीस भुगतान के संबंध में समय-समय पर जारी निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) अभिभावकों के आन्दोलन के संबंध में कोई तथ्य संज्ञान में नहीं आया है। शेषांश की जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (घ) जी नहीं, छात्रों को परीक्षा से वंचित नहीं किये जाने के संबंध में निर्देश जारी किये गये है, जानकारी पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है।

निःसंतान व दो बेटियों वाले दम्पत्तियों को पेंशन प्रदान करने की योजना

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

97. ( क्र. 5224 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा निःसंतान दम्पत्ति जिनके पास बी.पी.एल./अन्तोदय राशन कार्ड नहीं है? की पेंशन प्रारंभ करने हेतु कोई योजना प्रस्तावित है? यदि नहीं, तो क्यों? शासन ऐसे निःसंतान दम्पत्तियों हेतु कब तक पेंशन योजना प्रारंभ करेगा? (ख) क्या यह सही है कि कियोस्क सेंटरों द्वारा जो खाते खोले जाते है उसकी जमा व निकासी की एंट्री हेतु डायरी हितग्राहियों को प्रदान नहीं की जाती है? जिससे मनमाने तरीके से पेंशन का वितरण किया जाता है? जिससे पेंशनधारियों को इस बात का पता नहीं चल पाता है उनकी पेंशन आयी है या नहीं? जिसका फायदा कियोस्क सेंटरों द्वारा उठाया जाता है? यदि हॉ तो शासन बुजुर्ग पेंशनधारियों के हित में क्या नियमों में परिवर्तन कर कियोस्क सेंटरों को बैंक पासबुक उपलब्ध कराने के निर्देश प्रदान किए जायेगें? यदि हॉ तो कब?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) :  (क) जी नहीं। विभाग द्वारा दिव्यांग/दिव्यांग दम्पत्तियों को भारत सरकार की इंदिरा गांधी दिव्यांग पेंशन योजना तथा योजनान्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगों को विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनान्तर्गत 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग जो आयकर दाता न हो को 600/- प्रतिमाह प्रति व्यक्ति पेंशन प्रदाय की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। बैंकों में कियोस्क सेंटरों/बी.सी. द्वारा खोले गये खातों की डायरी/पासबुक संबंधित बी.सी.के बेस ब्रांच द्वारा प्रदान की जाती है। पेंशनर द्वारा निकाले जाने वाली राशि की एंट्री बी.सी. द्वारा 'राशि निकासी रजिस्टर' पर की जाती है। खाताधारक द्वारा जमा या निकासी करने पर कियोस्क संचालक/बी.सी. के द्वारा प्रिंटेड पावती भी प्रदान की जाती है। भारतीय स्टेट बैंक से प्राप्त जानकारी अनुसार उनके बैंक के कियोस्क सेंटर द्वारा भी पासबुक में एंट्री की जाती है एवं विभाग द्वारा सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राय: 1 से 10 तारीख के मध्य पेंशन का भुगतान कराया जा रहा है, जिन ग्राम पंचायतों की दूरी बैंक से 2 से 5 कि.मी. है वहां पर निर्धारित दिनांक के अनुसार प्रतिमाह 7 तारीख को अथवा अवकाश होने पर अगले कार्य दिवस को "पेंशन आपके द्वार" के तहत पेंशन भुगतान की जाती है। हितग्राहियों को इस बारे में पूर्व से जानकारी रहती है। जिन हितग्राहियों के बैंक खातों में उनके मोबाईल नम्बर दर्ज है उनको बैंक से एस.एम.एस. के माध्यम से राशि जमा होने की सूचना मिल जाती है। जिसका फायदा कियोस्क सेंटर द्वारा नहीं उठाया जाता। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वन भूमि में अवैध उत्‍खनन/अतिक्रमण

[वन]

98. ( क्र. 5268 ) श्री शरदेन्दु तिवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) सीधी जिले में वन भूमि में 31 जनवरी 21 की स्थिति में किस-किस विधानसभा में कितना-कितना अतिक्रमण आदिवासी (अनु.जाति-जनजाति) के अलावा किस-किस वर्ग के द्वारा कितना किया गया है? रकबा सहित बतावें। (ख) विगत 3 वर्षों से 31 जनवरी 21 तक सीधी जिले में वन भूमि पर अवैध उत्‍खनन के कितने प्रकरण पंजीबद्ध है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार विभाग ने अ‍भी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।     (ख) विगत 3 वर्षों से 31 जनवरी 2021 तक सीधी जिले में वन भूमि पर अवैध उत्खनन के 17 प्रकरण पंजीबद्ध हैं। (ग) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।

परिशिष्ट - "बीस"

पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यकों के विकास हेतु संचालित योजनाएं

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

99. ( क्र. 5273 ) श्री रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यकों के विकास हेतु शासन द्वारा कौन-कौन सी योजनाऐं संचालित की जा रही है। (ख) विधानसभा क्षेत्र दिमनी में विगत् 5 वर्षों से पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसख्‍यकों को कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ कितने हितग्राहियों को दिया गया। सूची देवें अगर नहीं दिया गया है, तो क्‍यों?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-  एक  अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-  दो  अनुसार है।
परिशिष्ट - "इक्कीस"

चिकित्‍सा महाविद्यालयों में रिक्‍त पदों की पूर्ति

[चिकित्सा शिक्षा]

100. ( क्र. 5294 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर चम्‍बल संभाग के चिकित्‍सा महाविद्यालयों में कितने पद, सहा.प्राध्‍यापक, रीडर, प्रोफसरों के स्‍वीकृत है तथा कितने भरे व कितने रिक्‍त है, महाविद्यालयवार, विषयवार जानकारी जनवरी 2021 की स्थिति के अनुसार दी जावें। (ख) गजराजा चिकित्‍सा महाविद्यालय ग्‍वालियर का सबसे पुराना एवं प्रतिष्ठित संस्‍थान में वरिष्‍ठ प्रोफसरों के रिक्‍त पद काफी समय से खाली होने के बाद भी इन्‍हें क्‍यों नहीं भरा जा सका हैं, इनकी पूर्ति हेतु कब-कब क्‍या प्रयास किये, पूर्ण जानकारी तथ्‍यों सहित दी जावें। (ग) उक्‍त रिक्‍त पदों को कब तक भर लिया जावेगा जिससे चिकित्‍सा छात्रों का अध्‍यापक कार्य सुचारू रूप से चलाया जा सके, तथा चिकित्‍सा शिक्षा छात्रों के अध्‍यापन में कठिनाई नहीं।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) :  (क) ग्‍वालियर संभाग में जनवरी 2021 की स्थिति में ग्‍वालियर, शिवपुरी, दतिया में संचालित महाविद्यालयवार एवं विषयवार प्राध्‍यापक, सह प्राध्‍यापक, सहायक प्राध्‍यापक के स्‍वीकृत/भरे एवं रिक्‍त पदों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -01 अनुसार है। चम्‍बल संभाग में शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालय संचालित नहीं है।               (ख) जी नहीं। वरिष्‍ठ प्रोफेसरों के पद काफी समय से रिक्‍त न होकर पिछले वर्ष से स्‍थानांतरण/सेवानिवृत्ति/मृत्‍यु होने के कारण से वर्तमान में रिक्‍त है। रिक्‍त पद की पूर्ति किये जाने के संबंध में किये गये प्रयासों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -02 अनुसार है। (ग) प्राध्‍यापकों के रिक्‍त पदों की पदपूर्ति की कार्यवाही एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

राष्ट्रीय चम्‍बल अभयारण्‍य की जानकारी

[वन]

101. ( क्र. 5295 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) चम्‍बल संभाग के जिलों में राष्ट्रीय चम्‍बल अभयारण्‍य की दूरी श्‍योपुर से भिण्‍ड तक कितनी है तथा इसे देख-रेख करने कितने अधिकारी, कर्मचारी, वन आरक्षक पदस्‍थ है, जिलावार, वन बीटवार जानकारी दी जावें। (ख) चम्‍बल राष्ट्रीय अभयारण्‍य में घड़ियाल, मगरों, की कितनी संख्‍या है, वर्ष 2015 से जनवरी 2021 तक की जानकारी दी जावें। (ग) उक्‍त समय अवधि में कितने घड़ियालों के अण्‍डे, बच्‍चे, घड़ियाल, मगरमच्‍छ मरे पाये गये इनके क्‍या कारण रहे। (घ) चम्‍बल रेत उत्‍खनन पर प्रतिबंध के बावजूद वर्जित अवधि में कितने वाहन जप्‍त हुए, क्‍या शासन के समक्ष कुछ रेत घाटों को डिलिट (हटाने) के प्रस्‍ताव जहां घड़ियालों का प्रजनन नहीं होता विचारार्थ लंबित है, पूर्ण प्रक्रिया की सहित जानकारी दी जावें।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) :  (क) चम्बल संभाग के जिलों में श्योपुर से भिण्ड तक राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य की दूरी 435 किलो मीटर है। शेष जानकारी संलग्‍न  परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है। (ख) वर्ष 2015 से जनवरी 2021 तक चम्बल राष्ट्रीय अभयारण्‍य में घड़ियाल एवं मगरों की संख्या की जानकारी परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में 06 घड़ियाल, 16 मगरमच्छ प्राकृतिक कारणों से मृत प्रतिवेदित है। (घ) चम्बल में अवैध रेत उत्खनन की रोकथाम की कार्रवाई के अंतर्गत वर्ष 2015 से जनवरी 2021 तक कुल 686 वाहनों को जप्त किया गया है। राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य के अन्दर स्थित रेत के घाटों को संरक्षित क्षेत्र से बाहर करने का कोई प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "बाईस"

दिव्यांग बच्चों के हितार्थ हेतु सेल गठन की कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

102. ( क्र. 5308 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य शिक्षा केंद्र स्कूल शिक्षा विभाग में 5 जून 2018 की नीति के अनुसार 90% वेतनमान का लाभ संविदा कर्मचारियों को दिया गया है, यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्ध कराएं? (ख) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक 4044 नि:शक्तजन महापंचायत दिनांक 29 अप्रैल 2008 के अनुसार दिव्यांग बच्चों के हितार्थ सेल गठन की कार्यवाही की गई है, यदि हाँ, तो उक्त सेल के सभी सदस्यों की योग्यता एवं सेल से कितने दिव्यांग बच्चों को लाभान्वित किया गया है कि जानकारी उपलब्ध कराएं? (ग) क्या स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन में नई शिक्षा नीति 2020 को प्रभावी तौर पर लागू करने एवं स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता विकास हेतु सुझाव मार्गदर्शन के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है, यदि हाँ, तो दिव्यांग बच्चों के शिक्षा गुणवत्ता विकास हेतु कितने विशेष शिक्षकों को टास्क फोर्स में शामिल किया गया है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। सेल गठन के संबंध में जानकारी परिशिष्ट अनुसार है। कुल 101336 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे है। (ग) जी हाँ। गठित टास्क फोर्स में विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, कैरियर काउंसलर, विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, शासकीय/अशासकीय सेवाओं से सेवानिवृत्त अधिकारी एवं विभागीय अधिकारियों को सम्मिलित किया गया है।

परिशिष्ट - "तेईस"

अधिकारियों की लापरवाही से परियोजनाओं में हो रही देरी

[वन]

103. ( क्र. 5316 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) विदिशा जिले में टेमपरियोजना लटेरी, सेमरखेड़ी लघु सिंचाई परियोजना लटेरी ,बरखेड़ाहरगन लघु सिंचाई परियोजना लटेरी, सेमलखेड़ी तीर्थ लघु सिंचाई परियोजना सिरोंज,लटेरी-मुण्डेला-नजीराबाद मार्ग पर वन विभाग की कितनी भूमि प्रभावित हो रही है? सर्वे नंबर,रकबा सहित परियोजनावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वन भूमि के बदले राजस्व विभाग द्वारा कौन-कौन से सर्वे नंबर की भूमि विभाग को कब प्रदान की गई है? दिनांक, सर्वे नंबर, रकबा सहित परियोजनावार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्त भूमिका निरीक्षण प्रदेश/संभाग/जिले के किस-किस अधिकारियों द्वारा किन-किन दिनांकों में किया गया है? निरीक्षणकर्ता के नाम सहित जानकारी देवें। क्या निरीक्षण में भूमि वृक्षारोपण योग्य पाई गई है? यदि हां, तो प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध करावें एवं यदि निरीक्षण नहीं किया गया? तो कब-तक कर लिया जावेगा? यदि वृक्षारोपण के लिये अयोग्य भूमि पाई गई है,तो जल संसाधन एवं राजस्व विभाग को सूचना कब-दी गई? परियोजनाओं के निर्माण में देरी के लिए क्या विभाग दोषी है? क्या उत्तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हां,तो कब-तक? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में वनपरिक्षेत्र सिरोंज के कक्ष क्र.537 एवं 538 में निर्मित वन मुनारों की जी.पी.एस.रीडिंग के एम.एल.फाईल वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा कब-तक उपलब्ध करा दी जावेगी? बतलावें।          (ङ) मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना सेमरीवशीर विकासखण्ड लटेरी के सड़क निर्माण की अनुमति कब-तक दी जावेगी? ग्रेवलमार्ग पी.एम.जी.एस.वाय.रोड से बूढ़ाखेड़ा तक अनुमति कब दी गई है? यदि मुख्यमंत्री सड़क बूढ़ाखेड़ा की अनुमति दी गई है? तो मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना सेमरीवशीर की सड़क निर्माण की अनुमति क्यों नहीं दी गई है तथा कब-तक अनुमति दे दी जावेगी? (च) वन विभाग की कस्बा सिरोंज में सर्वे क्र.2470 क्षेत्रफल 0.1260 हे. भूमि पर किन-किन व्यक्तियों का अवैध कब्जा है? कब्जा हटवाने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है तथा कब्जा कब-तक हटवा दिया जावेगा?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) परिक्षेत्र सिरोंज के कक्ष क्रमांक पी.-537 एवं पी.-538 में वन सीमा एवं राजस्व भूमि सीमा में विवाद के निराकरण के पश्चात मुनारें स्थापित कर के.एम.एल. फाईल तैयार की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना सेमरीवशीर के प्रकरण में आवेदक विभाग को वन मण्डलाधिकारी, सामान्य वन मण्डल, विदिशा के द्वारा पत्र दिनांक 10/03/2016 द्वारा मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कराने एवं जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु लेख किया गया, परन्तु प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी उक्त मार्ग का संयुक्त निरीक्षण प्रतिवेदन अप्राप्त है। इस कारण उक्त मार्ग की स्वीकृति जारी नहीं की गयी। ग्रेवल मार्ग पी.एम.जी.एस.वाय.रोड से बूढाखेड़ा की स्वीकृति वन मण्डलाधिकारी, सामान्य वनमण्डल, विदिशा के द्वारा पत्र दिनांक 30/05/2019 के द्वारा दी गयी है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना सेमरीवशीर में आवेदक संस्थान को वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधान अनुसार ऑनलाईन अथवा अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 के तहत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिये वन मण्डलाधिकारी, सामान्य वन मण्डल, विदिशा ने पत्र दिनांक 21/09/2020 से लेख किया गया है। आवेदक संस्थान से प्रस्ताव प्राप्त होने पर आवश्यक कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (च) विदिशा जिले के कस्बा सिरोंज में सर्वे क्रमांक 2470 रकबा 0.1260 हेक्टेयर है। भूमि, राजस्व विभाग के अभिलेख खसरा में वन विभाग के नाम दर्ज हैं। उक्त सर्वे क्रमांक 2470 रकबा 0.1260 हे. भूमि वन के रूप में अधिसूचित नहीं है। अतः उक्त भूमि पर अवैध कब्जा हटाने हेतु वन विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। अवैध कब्जे कब तक हटवा दिया जावेगा समय-सीमा बताना संभव नहीं है। राजस्व विभाग द्वारा अतिक्रमण रहित भूमि का कब्जा दिये जाने पर ही उक्त भूमि का अधिग्रहण किया जावेगा।

शाला उन्‍नयन के संबंध में

[स्कूल शिक्षा]

104. ( क्र. 5318 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत 1 जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन सी शालाओं के उन्‍नयन हेतु प्रस्‍ताव जिला शिक्षा अधिकारी/जिला परियोजना समन्‍वयक जिला शिक्षा केन्‍द्र राजगढ़ द्वारा कब-कब शासन को प्रेषित किये गये हैं?                                 (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में शासन को प्रेषित किये गये शाला उन्‍नयन प्रस्‍तावों में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही कब-कब की गई तथा किन-किन शालाओं का उन्‍नयन प्रश्‍न दिनांक तक किया गया? क्‍या उक्‍त वर्णित अवधि में प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत शाला उन्‍नयन हेतु जिला अधिकारी को पत्र प्रेषित किये गये हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त पत्रों के संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन जिला शिक्षा अधिकारी/जिला परियोजना समन्‍वयक जिला शिक्षा केन्‍द्र राजगढ़ द्वारा प्रेषित एवं प्रश्‍नकर्ता के पत्र अनुसार शालाओं के उन्‍नयन स्‍वीकृति प्रदान करेगा, यदि हाँ, तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रश्‍नांकित अवधि में किसी भी शाला के उन्नयन के प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए। (ख) उत्तरांश () के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ। पत्र में उल्लेखित शालाओं को पात्रता न होने से उन्नयन नहीं किया जा सका है। (ग) उत्तरांश (क) एवं () के प्रकाश में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

विद्युत एवं पेयजल व्‍यवस्‍था विहीन शालाएं

[स्कूल शिक्षा]

105. ( क्र. 5319 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत ऐसी कौन-कौन शालाऐं है, जिनमें प्रश्‍न दिनांक तक विद्युत एवं पेयजल व्‍यवस्‍था नहीं है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन द्वारा विद्युत एवं पेयजल व्‍यवस्‍था विहीन शालाओं में उक्‍त सुविधा प्रदान करने हेतु कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन छात्र-छात्राओं को सुव्‍यवस्थित शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के दृष्टिगत प्रश्‍नांश (क) वर्णित शालाओं में विद्युत एवं पेयजल व्‍यवस्‍था करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाओं में बाह्य विद्युतीकरण के लिये खंबा लगाकर शाला तक विद्युतीकरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। प्रश्‍नाधीन विद्युत व्यवस्था विहीन शासकीय हाई स्कूल तिन्दोनिया में विद्युत व्यवस्था हेतु आवश्यक राशि का आवंटन उपलब्ध करा दिया गया है। प्राथमिक शाआलों में पेयजल की स्थाई व्यवस्था हेतु नल जल मिशन अन्तर्गत कार्यवाही प्रचलित है। शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पेयजल व्यवस्था लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ''जल जीवन मिशन'' अंतर्गत की जानी है। (ग) उत्तरांश () के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। उत्तरांश () अनुसार। प्रश्‍नाधीन शेष स्कूलों में पेयजल व्यवस्था निर्धारित प्रक्रिया अनुसार की जाती है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सरदारपुर और सैलाना अभ्यारण्य को समाप्त किया जाना

[वन]

106. ( क्र. 5330 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रं.442 दिनांक 22.09.2020 के खण्ड (क) के संदर्भ में बताए कि पिछले छः वर्षों में औसत सात खरमौर थे सरदारपुर तथा सैलाना अभ्यारण में नहीं आये। सरदारपुर में 2017 में मात्र दो तथा सैलाना में मात्र चार तथा 2019 में मात्र आठ तथा 00 तथा 2020 में एक भी खरमौर नहीं आया। ऐसे सरदारपुर अभ्यावरण में 14 आदिवासीयों की 35 हजार हेक्टेयर भूमि आरक्षित किये जाने का क्या औचित्य है। (ख) एक सामान्य से विदेशी पक्षी के लिये सरदारपुर तथा सैलाना के 17 गांवों सहित 37 हजार हेक्टेयर जमीन किस आधार पर आरक्षित की गई इससे संबंधित समस्त दस्तावेज का विवरण उपलब्ध कराए, क्या इससे आदिवासी क्षेत्र का विकास अवरूद्ध नहीं हो रहा है। तथा इसके लिए सरदारपुर में 36 हजार हेक्टेयर तथा सैलाना में 1300 हेक्टेयर जमीन ही क्यों आरक्षित की गई। (ग) भारत के वन्य पक्षी कि श्रृंखला में खरमौर को दुर्लभ कैसे माना गया है राष्ट्रीय पक्षी मोर के लिये प्रदेश में कितने अभ्यारण्य बनाये गये है तथा कितनी जमीन आरक्षित कि गई है। (घ) क्या सरदारपुर और सैलाना अभ्यारण्य को समाप्त किया जायेगा। यदि नहीं, तो क्यों।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 1983 में खरमोर दुर्लभ प्रजाति पक्षी के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु 14 ग्रामों की 34812.177 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र को सरदारपुर अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया है। (ख) प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाये रखने में प्रत्येक जीव (वन्यप्राणी) की अहम भूमिका होती है। खरमोर एक दुर्लभ प्रजाति का स्‍थानीय पक्षी है, जिसे अंतराष्‍ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ्‍ा (IUCN) द्वारा संकटापन्न घोषित किया गया है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा खरमोर पक्षी के संरक्षण हेतु सरदारपुर एवं सैलाना अभयारण्‍य अधिसूचित किया गया है। अभयारण्‍य अधिसूचित करने से क्षेत्र का सम्‍पूर्ण विकास पर प्रभाव पड़ता है। अधिसूचनाओं की प्रति  संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ग) अंतराष्‍ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा इसे संकटापन्न घोषित किया गया है। प्रदेश में राष्ट्रीय पक्षी मोर के लिए कोई अभयारण्‍य नहीं बनाया गया है और न ही जमीन आरक्षित की गई है। (घ) अभ्‍यारण्‍यों में विगत वर्षों में खरमोर की कम दृश्‍यता होने से अभ्‍यारण्‍यों के पुनर्गठन की कार्यवाही प्रांरभ की गई है जो भारत सरकार की अनुमति उपरांत पूर्ण हो सकेगी।

परिशिष्ट - "चौबीस"

अतिथी शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि

[जनजातीय कार्य]

107. ( क्र. 5332 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रं.571 दिनांक 30.12.2020 का उत्तर दिलाया जाय तथा बतावें कि इनके मानदेय में प्रारम्भ से अभी तक कितनी-कितनी वृद्धि किस-किस वर्ष में की गई। (ख) क्या मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 03.10.2018 द्वारा इनके मानदेय में वृद्धि कि गई थी तथा यह 01 अगस्त 2018 से देय था। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार बतावें कि क्या कई विद्यालयों ने नम्बर 2018 या उसके भी दो-तीन माह बाद नया मानदेय दिया लेकिन पुराने मानदेय का अगस्त 2018 से एरियर्स भुगतान नहीं किया यदि हॉ तो जिला धार अन्‍तर्गत उन विद्यालयों की सूची तथा उन अतिथी शिक्षकों का नाम जिन्हें एरियर्स का भुगतान करना है की सूची देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार स्कूलों कि संख्या अतिथि शिक्षकों की संख्या तथा देय कुल मानदेय राशि की जानकारी दें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) प्रश्‍न क्रमांक 571 दिनांक 30/12/2020 की पूर्ण जानकारी तैयार की जा रही है। म.प्र.शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक 44-13/2017/20-2 दिनांक 03/10/2018 द्वारा अतिथि शिक्षक के मानदेय वर्ग-1 की राशि रूपये 4500/- से बढ़ाकर 9000/- अतिथि शिक्षक वर्ग-2 की राशि रूपये 3500/- से बढ़ाकर 7000/- एवं अतिथि शिक्षक वर्ग-3 की राशि रूपये 2500/- से बढ़ाकर 5000/- की गई है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

आदिवासी मंत्रणा परिषद्

[जनजातीय कार्य]

108. ( क्र. 5334 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि  (क) भारतीय संविधान की पांचवी अनुसूची में आदिम जाति मंत्रणा परिषद् या सलाहकार परिषद् के संबंध में किस धारा में क्या प्रावधान दिए गये हैं? (ख) मंत्रणा परिषद् या सलाहकार परिषद् से संबंधित राजपत्र में किस दिनांक को नियम अधिसूचित किए गए, उन नियमों में किस-किस दिनांक को संशोधन किया गया, नियम एवं संशोधित नियम की राजपत्र में प्रकाशित प्रति उपलब्ध कराएं। (ग) जनवरी 2018 से दिसंबर 2020 तक मंत्रणा परिषद् की किस दिनांक को हुई बैठक में कौन-कौन सदस्य उपस्थित रहा है, किस दिनांक की बैठक में किस विभाग से संबंधित कितने विषय प्रस्तुत किए, इनमें से कितने विषय विचार एवं सुझाव के लिए महामहिम राज्यपाल ने प्रेषित किए थे। (घ) मंत्रणा परिषद् द्वारा पांचवीं अनुसूची के भाग (ख) की धारा 4 (2), धारा 5 (क), धारा 5 (ख), धारा 5 (ग), धारा 5 (5) में दिए प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने का क्या कारण रहा है। (ङ) आदिवासी मंत्रणा परिषद् की बैठकें कितने दिनों के अंतराल पर आयोजित करने का प्रावधान किस प्रचलित कानून के तहत है? (च) प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग को पत्र सं. 698/एमपी-एमएलए/2020 दिनांक 15/12/2020 में चाही गई जानकारी प्रश्‍न-दिनांक तक भी नहीं देने का विधिसम्मत कारण बताएं? कब तक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) पांचवी अनुसूची, अनुच्छेद 244 (1) भाग-ख कंडिका-4 में किये गये प्रावधान की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  'एक' अनुसार है। (ख) दिनांक 13 दिसंबर 1957 के राजपत्र में नियम अधिसूचित किये गये] जिसकी प्रति की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  'दो' अनुसार है। संचालनालय में उपलब्‍ध अभिलेख अनुसार मंत्रणा परिषद् के नियमों में संशोधन संबंधी जानकारी उपलब्‍ध नहीं है। (ग) दिनांक 21 मार्च 2018, 9 जनवरी 2020 एवं 23 दिसंबर 2020 को आयोजित आदिम जाति मंत्रणा परिषद् की बैठक में उपस्थित सदस्यों का विवरण की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  'तीन' अनुसार है। बैठकों में प्रस्तुत विभागवार विषयवार  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -'चार'' अनुसार है। महामहिम राज्‍यपाल महोदय द्वारा कोई विषय विचार विमर्श के लिए प्रेषित नहीं किये। (घ) पांचवी अनुसूची के भाग '''' की धारा- 4 (2) के अपालन का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। पांचवी अनुसूची के भाग '''' की धारा 5 (क), 5 (ख), 5 (ग) नहीं है, जबकि उपबन्‍ध 5 (2) (क), 5 (2) (ख) में उल्लेखित प्रावधान के तहत मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता 1959 तथा पांचवी अनुसूची के भाग-ख की उपबन्‍ध 5 (2) (ग) के प्रावधानों के तहत मध्यप्रदेश साहूकार अधिनियम 1972 एवं संशोधन अधिनियम 2017 लागू है, इसी प्रकार धारा 5 (5) के अपालन की भी कोई स्थिति नहीं है। (ड.) मध्यप्रदेश आदिम जाति मंत्रणा परिषद् नियमावली 1957 के अनुसार भाग 8 के (1) अनुसार परिषद् की बैठके प्रति छह माह में साधारणतया एक बार अध्यक्ष द्वारा नियत किये स्थान एवं तारीख को आयोजित करने का प्रावधान है। नियमावली की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 'पांच' अनुसार है। (च) प्रश्नानुसार जानकारी संचालनालय के पत्र क्रमांक/क.क./2020/3484 दिनांक 16.12. 2020 के द्वारा माननीय प्रश्‍नकर्ता को प्रेषित की जा चुकी है। पत्र की प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 'छ:' अनुसार है।

पांचवी अनुसूची एवं अन्य प्रचलित कानून

[जनजातीय कार्य]

109. ( क्र. 5335 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) संविधान के अनुच्छेद 244 (1) के तहत अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्र में क्षेत्र से बाहर के लोगों के लिए कौन-कौन सी गतिविधियां वर्जित हैं। क्या गैर-आदिवासी संगठनों एवं बाहरी संगठनों द्वारा क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियां वर्जित हैं। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसूचित क्षेत्र में किसके सलाह पर कौन-कौन से नियम किसे बनाने का अधिकार है? प्रदेश में इस प्रावधान का अनुपालन नहीं करने के क्या कारण हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसूचित क्षेत्र में अनुच्छेद [275 (1) ] टीएसपी फंड के क्रियान्वयन के क्या नियम पांचवीं अनुसूची में दिए गए हैं? वर्तमान में किस नियम का पालन किस प्रचलित कानून के तहत किया जा रहा है? (घ) यदि अनुच्छेद [275 (1) ] टीएसपी फंड की पूरी राशि खर्च नहीं होती है तो इसके लिए कौन दोषी होता है? दोषी पर क्या कार्यवाही की जाती है? (ङ) क्या आदिवासी विकासखंडों में बीडीओ/सीईओ के पद पर अन्य विभागों के अधिकारियों को रखा जाता है? उक्त पद पर आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों को क्यों नहीं रखा जाता है? विधिसम्मत कारण बताएं। (च) क्या प्रदेश में पांचवीं अनुसूची का कानून असफल हो गया है? यदि हाँ, तो कानून की असफलता के लिए कौन दोषी है? यदि नहीं, तो प्रदेश में पांचवीं अनुसूची का अनुपालन क्यों नहीं हो रहा है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। (ख) पांचवी अनुसूची संविधान के अनुच्‍छेद 244 (1) में नियम बनाने का उल्‍लेख है जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। प्रावधान का पालन किया जा रहा है। (ग) पांचवी अनुसूची में नियमों का उल्‍लेख नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) संविधान के अनुच्‍छेद 275 (1) एवं टीएसपी फंड की संपूर्ण राशि निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत व्‍यय की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (च) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पच्चीस"

बालाघाट जिले में विभाग की निस्‍तार नीति

[वन]

110. ( क्र. 5343 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में आमजन को बांस, बल्लियां तथा जलाऊ लकड़ि‍याँ क्‍या शासन की निस्‍तार नीति के अनुसार उपलब्‍ध कराई जा रही हैं? प्रत्‍येक जरूरतमंद व्‍यक्ति को बांस, बल्लियों तथा जलाऊ लकड़ी कितनी मात्रा में उपलब्‍ध कराने के प्रावधान हैं निस्‍तार पुस्तिका की प्रति उपलब्‍ध कराएं? (ख) क्‍या अंतिम संस्‍कार तथा शवदाह हेतु बांस तथा जलाऊ लकड़ि‍यों की प्रत्‍येक डिपो में उपलब्‍धता अनिवार्य हैं यदि हाँ, तो क्‍या आमजन को अंतिम संस्‍कार हेतु बांस तथा लकड़ि‍याँ उपलब्‍ध नहीं होती। जिले के प्रत्‍येक निस्‍तार डिपो में उपलब्‍ध बांस, बल्लियों तथा जलाऊ लकड़ि‍यों की जानकारी उपलब्‍ध कराएं? (ग) क्‍या बसोड़ जाति के लोगों को बांस के सामान बनाने हेतु क्‍या नियमित रूप से बांस उपलब्‍ध कराया जाता हैं यदि नहीं, तो क्‍यों? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार हैं तथा जिम्‍मेदार व्‍यक्तियों पर क्‍या कार्यवाही की जाएगी?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) बालाघाट जिले के अन्‍तर्गत उपलब्‍धता के आधार पर निस्‍तार नीति के अनुसार बांस, बल्‍ली तथा जलाऊ लकडी़ उपलब्‍ध कराये जाते है। बसोड़ परिवार को उपलब्‍धता के आधार पर एक वर्ष में 1500 नग बांस एवं ग्रामीण निस्‍तारियों को अधिकतम 2 जलाऊ चट्ठा एवं एक सीजन में 10 बल्लियां तथा 250 नग बांस प्रदाय करने का प्रावधान है। ग्रामीण समस्‍त आरक्षित एवं संरक्षित वनों से गिरी-पड़ी, मरी, सूखी जलाऊ लकड़ी स्‍वयं के उपयोग हेतु एवं बिक्री हेतु सिरबोझ से नि:शुल्‍क ला सकते है। बांस का सामान बनाकर जीविकोपार्जन करने वाले बैगा आदिवासी परिवारों को उपलब्‍धता के आधार पर 150 बांस तथा पान बरेजा परिवारों को उपलब्‍धता के आधार पर अधिकतम 500 बांस प्रतिवर्ष दिये जाने का प्रावधान है। निस्‍तार पुस्तिका की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है। (ख) बालाघाट वन वृत्‍त के अन्‍तर्गत संचालित निस्‍तार डिपों से अंतिम संस्‍कार तथा शवदाह हेतु संबंधितों द्वारा मांग करने पर उपलब्‍धता के आधार बांस तथा जलाऊ लकडी़ उपलब्‍ध करायी जाती है। बालाघाट वन वृत्‍त अंतर्गत डिपों में उपलब्‍ध बांस, बल्‍ली एवं जलाऊ चट्ठे की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। बालाघाट वन वृत्‍त के अंतर्गत संचालित डिपों से उपलब्‍धता के आधार पर पात्र बसोड़ परिवारों को नियमिति रूप से बांस से निर्मित सामग्री बनाने हेतु बांस प्रदाय किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

स्‍कूल शिक्षा तथा आदिम जाति कल्‍याण विभाग के विद्यालयों का एकीकरण

[जनजातीय कार्य]

111. ( क्र. 5348 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों को स्‍कूल शिक्षा विभाग के साथ मर्ज करने पर विचार कर रहा है? क्‍या आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों, आश्रम-शालाओं तथा छात्रावासों हेतु केन्‍द्र सरकार से मिलने वाले ग्रान्‍ट का उपयोग गैर जनजातीय क्षेत्रों में चल रहे स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में करने कि नियत से शासन दोनों विभागों को एक करना चाहता हैं? यदि नहीं, तो फिर एकीकरण का क्‍या कारण है स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या अनुसूचित जनजाति से जुड़े जनप्रतिनिधि विषयांकित एकीकरण के विरोध में हैं? क्‍या इन जनप्रतिनिधियों को शासन द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के लिए केन्‍द्र शासन से प्राप्‍त फण्‍ड का उपयोग गैर जनजातीय क्षेत्र में करने पर कड़ी आपत्ति हैं? (ग) जनजातीय जनप्रतिनिधियों के विरोध को दृष्टिगत रखते हुए क्‍या शासन विषयांकित एकीकरण को स्‍थगित कर सकता है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) आत्‍मनिर्भर मध्‍यप्रदेश की योजना के तहत रोडमेप- कार्य योजना तैयार करने के लिए दोनों विभागों के अधिकारियों की संयुक्‍त समिति गठित की गई है। स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग दोनों विभाग शिक्षा प्रदाय करने हेतु अपने संसाधनों का उपयोग करते हैं। किन्‍तु स्‍कूल शिक्षा विभाग में शिक्षा प्रदाय के क्षेत्र में विशेषज्ञता को देखते हुए दोहरी प्रशासकीय व्‍यवस्‍था में आई हुई असमानता/कमी को दूर करने एवं गुणवत्‍ता बढ़ाने के लिये उप समिति का गठन किया गया है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

वक्‍फ सम्‍पत्तियों के संबंध में

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

112. ( क्र. 5353 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिले में शासन/विभाग अंतर्गत कितनी वक्फ कमेटियां पंजीबद्ध होकर किन-किन स्थानों पर किस-किस प्रकार के कार्य हेतु कार्यरत हैं? स्थानवार, कार्यवार, ब्लॉकवार, पते सहित जानकारी दें? (ख) अवगत कराएं वक्फ कमेटियों की किन-किन स्थानों पर किस किस प्रकार की संपत्तियां यथा भूमि, भवन तथा चल- अचल प्रकार की संपत्तियां विद्यमान है तथा क्या इनका भी नजूल व राजस्व विभाग की पुस्तिकाओं में संधारण किया गया है? तो वर्तमान स्थिति प्रश्‍न दिनांक की बताएं? (ग) जिन-जिन स्थानों पर वक्फ समितियां कार्यरत है,जिनके माध्यम से अनुबंध व किराए के माध्यम से अनेक कार्य किए जा रहे हैं तो कहां-कहां पर किस-किस प्रकार के कार्य हो रहे हैं? ब्लॉकवार जानकारी दें।

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) :  (क) जिला रतलाम में कुल 22 वक्‍फ कमेटियां वक्‍फ संपत्तियों की सुरक्षा व्‍यवस्‍था तथा धार्मिक एवं कल्‍याणकारी कार्यों हेतु कार्यरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) वक्‍फ कमेटियों की संपत्तियां सम्‍पूर्ण रतलाम जिले के विभिन्‍न स्‍थानों पर स्थित होकर कृषि, दरगाह, निवास स्‍थान, मुसाफिर खाना, मस्जिद, इमामबाडा, मजार दुकान, स्‍कूल मदरसा एवं अन्‍य है। जी हाँ। वर्तमान स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ग) जिन-जिन स्‍थानों पर वक्‍फ की प्रबंध व्‍यवस्‍था हेतु वक्‍फ समितियां कार्यरत है उनके द्वारा वाकिफ की मंशा तथा समाज के कल्‍याणकारी कार्यों हेतु कार्य किए जाते है। वक्‍फ हुसैन टेकरी शरीफ जावरा में जायरीन के लिये रोजा निर्माण का कार्य आरंभ हो रहा है। हुसैन टेकरी शरीफ जावरा रतलाम के प्रांगण में एक अस्‍पताल एवं एक स्‍कूल का निर्माण प्रस्‍तावित है तथा श्रद्धालुओं के लिये एक पवित्र रोजा (धार्मिक स्‍थल) का निर्माण प्रस्‍तावित है। इसके अतिरिक्‍त जावरा स्थित वक्‍फ इमामबाड़ा अजा खाना जेहरा पर सेण्‍ट्रल वक्‍फ कौंसिल के ऋण से एक मुसाफिर खाने का निर्माण प्रस्‍तावित है।

मदरसों के संबंध में

[स्कूल शिक्षा]

113. ( क्र. 5354 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिला अंतर्गत शासन/विभाग के माध्यम से अथवा अन्य प्रकार की किसी निजी संस्था के माध्यम से कितने मदरसों को मान्यता प्रदान कर अनुमतियां दी गई है? (ख) साथ ही जिले में उपरोक्त उल्लेखित प्रश्‍न अंतर्गत आने वाली व्यवस्थाओं के माध्यम से कहां-कहां पर किन-किन स्थानों पर इन्हें संचालित किया जा रहा है तथा वर्ष 2015 -16 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक वर्ष वार कितना बजट प्राप्त होकर कितना व्यय हुआ? (ग) उपरोक्त उल्लेखित मदरसों में जिन्हें अनुमतियां देकर मान्यता प्रदान की गई उन मदरसों में किस-किस प्रकार के पाठ्यक्रम को पढ़ाये जाने अथवा अन्य कोई और भी किसी प्रकार का कार्य किए जाने की अनुमति दी तो वह किस किस प्रकार की है? ब्लॉकवार, विषयवार, कार्यवार बताएं? (घ) उक्त स्थानों पर कितने छात्र -छात्राएं अध्ययनरत है तथा इस हेतु कितने शिक्षक पदस्थ हैं तथा जावरा नगर के उस्तादों का संविलियन अध्यापक संवर्ग में अब तक क्यों नहीं हो पाया?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) रतलाम जिला अंतर्गत 27 मदरसों को म.प्र. मदरसा बोर्ड द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। (ख) रतलाम जिला में संचालित मदरसों के स्‍थानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र -1 एवं 2 अनुसार(ग) मध्‍यप्रदेश मदरसा बोर्ड द्वारा रजिस्‍टर्ड मदरसों में विभाग द्वारा कक्षा 1 से कक्षा 8 तक निर्धारित पाठ्यक्रम एवं दीनियात पढ़ाए जाने की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्‍त अन्‍य काई कार्य किए जाने की अनुमति नहीं दी गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) रतलाम जिले के मान्‍यता प्राप्‍त मदरसों में 430 छात्र एवं 391 छात्राएं अध्‍ययनरत है तथा 59 शिक्षक पदस्‍थ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार। जावरा नगर में संचालित मदरसों के संबंध में जाँच की कार्यवाही की जा रही है। जाँच उपरान्त गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

स्कूलों में खेल मैदान तथा व्यायाम शिक्षक

[स्कूल शिक्षा]

114. ( क्र. 5365 ) श्री विनय सक्सेना : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के कितने-कितने शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में कितने-कितने क्षेत्रफल के खेल मैदान उपलब्ध है? (ख) शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में क्रीड़ा शुल्क कितना-कितना लिया जाता है? इस मद में जबलपुर जिले के विभिन्न स्कूलों को विगत पांच वर्ष में प्राप्त राशि का विवरण तहसीलवार देवें एवं बतावें कि उसमें से कितनी-कितनी राशि स्कूलों द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी गयी? वर्षवार बतावें। (ग) जबलपुर जिले के कितने शासकीय/अशासकीय स्कूलों में योग्यताधारी व्यायाम शिक्षक उपलब्ध हैं? कितने स्कूलों में योग्यताधारी व्यायाम शिक्षक नहीं है? (घ) बच्चों को जिला/राज्य/राष्ट्रीय स्तर पर खेलने जाने पर उन्हें डाईट मनी (खुराक राशि) प्रति छात्र के मान से कितनी दी जाती है? उक्त राशि कब से प्रभावशील है? कब-कब बढ़ोत्तरी की गयी है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 एवं 2 अनुसार है। (ख) शिक्षा का अधिकार अधिनियम में कक्षा 1 से 8 तक संचालित शासकीय स्कूलों में कोई क्रीड़ा शुल्क का प्रावधान नहीं है। समस्त हाई स्कूलों में 60/- रूपये प्रति वर्ष एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में 100/- प्रति छात्र प्रति वर्ष क्रीड़ा शुल्क लिया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -3 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -4 अनुसार है। (घ) बच्चों को जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर रू. 90/-, राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर रू. 100/-  एवं राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर रू. 150/- दैनिक भत्ता प्रदान किया जाता है। ये दरें दिनांक 17.06.2014 से प्रभावशील है। दैनिक भत्तों की दरों में वर्ष 2009 एवं वर्ष 2014 में बढ़ोत्तरी की गई है।

कन्‍या क्रीड़ा परिसर कुक्षी के निर्माण कार्य की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

115. ( क्र. 5370 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग के पत्र क्र. एफ-03.08/2014/25-2/445 भोपाल दिनांक 08.07.2019 के अनुसार कन्‍या क्रीड़ा परिसर, कुक्षी विकास खंड मुख्‍यालय स्‍थानांतरित किया गया था। जिसका निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक तक प्रारंभ नहीं हुआ है। क्‍यों? इसका निर्माण कार्य कब प्रांरभ होगा? इस संबंध में हुए समस्‍त पत्राचार का विवरण उपलब्‍ध करावें। (ख) इसे लंबित रखने वाले अधिकारी का नाम, पदनाम देकर बतावें कि इसके लिए विभाग उन पर कब तक कार्यवाही करेगा? (ग) कब तक कुक्षी विकास खंड मुख्‍यालय पर कन्‍या क्रीड़ा परिसर बन कर तैयार हो जाएगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) ''जी हॉ''। निर्माण कार्य अभी प्रारम्‍भ नहीं हुआ है। भवन निर्माण की कार्य की निर्माण एजेन्‍सी परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई द्वारा नवीन कार्य स्‍थल अनुसार सर्वेक्षण कार्य किया गया। निर्माण कार्य किये जाने वाली भूमि में 10 मीटर ढलान होने एवं दिनांक 01.12.2020 से नवीन एस.ओ.आर लागू होने से क्रीड़ा परिसर भवन की पुनरीक्षित डी.पी.आर अनुमोदन हेतु प्राप्‍त हुई। निर्माण एजेन्‍सी द्वारा प्रस्‍तुत ड्राईंग डिजाइन का परीक्षण किया गया तथा कमियों में सुधार हेतु पुन: दिनांक 22.12.2020 को पत्र लिखा गया। कार्य प्रारम्‍भ करने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। पत्राचार की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तरांश में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रदेश की शालाओं में अध्‍ययनरत् दिव्‍यांग छात्र-छात्राएं

[स्कूल शिक्षा]

116. ( क्र. 5381 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश की शालाओं में दिव्‍यांग छात्र-छात्राएं कक्षा एक से कक्षा बारहवीं तक अध्‍ययनरत् है तथा क्‍या प्रदेश में समावेशित शिक्षा योजना लागू है? यदि हाँ, तो कुल कितने बच्‍चे लाभान्वित हो रहे है? (ख) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक 4043 नि:शक्‍तजन पंचायत दिनांक 29 अप्रैल 2008 की पूर्ति की गई है? यदि हाँ, तो घोषणा के अनुसार दिव्‍यांग बच्‍चों को समुचित शिक्षा योजना अंतर्गत कक्षा 1 से 12वीं तक 8 या उससे अधिक दिव्‍यांग दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, मानसिक दिव्‍यांग बच्‍चे अध्‍ययनरत् है वहां 8 दिव्‍यांग बच्‍चों पर एक विशेष शिक्षक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्‍ध कराया जाएगा की पूर्ति यदि की गई है तो कुल कितने विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की गई? उनकी जानकारी निम्‍नानुसार देने का कष्‍ट करें। शिक्षका का नाम/पदस्‍थ शाला का नाम/शाला में अध्‍ययनरत् दिव्‍यांग बच्‍चे का नाम/दिव्‍यांगता का प्रकार/जिला/विशेष शिक्षा में योग्‍यता/आर.सी.आई. नई दिल्‍ली का पंजीयन क्रमांक उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या भारत सरकार से दिव्‍यांग बच्‍चों की शिक्षा हेतु बजट प्राप्‍त होता है? यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों में प्राप्‍त बजट एवं व्‍यय की जानकारी उपलब्‍ध करावें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) :  (क) जी हाँ। समग्र शिक्षा योजना के एक घटक के रूप में (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों का शिक्षा में समावेश) सम्मिलित किया गया है। कुल 101336 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे है। (ख) घोषणा भारत शासन की योजना पर आधारित थी। समय-समय पर भारत शासन की स्वीकृति अनुसार कार्यवाही की जाती है। किसी भी विशेष शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है।

परिशिष्ट - "छब्बीस"

शिया दाउदी बोहरा समाज द्वारा अवैध रूप से निर्मित 102 दुकानें

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

117. ( क्र. 5382 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिया दाउदी बोहरा जमात पंजीयन क्रमांक 303 में वक्‍फ बोर्ड द्वारा अवैध रूप से नजूल भूमि पर बनी 102 दुकानों का धारा 41 वक्‍फ एक्‍ट के तहत दिनांक 27.02.2018 को इजाफा जायदाद बिना प्रक्रिया पालन उचित जाँच किये भ्रष्‍टतापूर्वक कर दिया गया? (ख) कलेक्‍टर गुना द्वारा अल्‍पसंख्‍यक आयोग के पत्र क्रमांक म.प्र.अ.सं.आ./2016/10 दिनांक 8 अप्रैल 2016 के आधार पर कराई गई जाँच में दुकानें एवं शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स शासकीय नजूल भूमि पर निर्माण होना पाया गया है तथा क्‍या इस संबंध में एफ.आई.आर. कराई गई है? (ग) क्‍या उक्‍त शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स तथा अवैध रूप से शासकीय भूमि पर बने निर्माण को वक्‍फ संपत्ति के रूप में फर्जी तौर पर पंजीयन करने तथा संपत्ति वृद्धि कर आदेश क्रमांक 04/एस.डी.बी.जे/गुना 2018/1959-65 दिनांक 27.02.2018 जारी करने वाले दोषी वक्‍फ बोर्ड तत्‍कालीन चैयरमेन तथा तत्‍कालीन सी.ई.ओ. के विरूद्ध भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। प्रकरण पुलिस विवेचना में है, तदनुसार आगामी कार्यवाही की जावेगी।

वन भूमि पर अवैध कब्‍जा

[वन]

118. ( क्र. 5385 ) श्री प्रागीलाल जाटव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) शिवपुरी जिले में वन भूमि पर किस किस सबरेन्‍ज एवं रेन्‍ज में कितने हेक्‍टेयर भूमि पर किस-किस का कब्‍जा है? उस रेन्‍ज एवं सबरेन्‍ज में कौन कौन अधिकारी-कर्मचारी तैनात है?          (ख) क्‍या शिवपुरी जिले में भारी तादात में वन भूमि पर कब्‍जा है एवं करेरा में सोन चिरैया- अभयारण्‍य क्षेत्र से भारी मात्रा में अवैध उत्‍खनन अन्‍दोरा, जरगंवासानी, भासदाकला- भासदाखुर्द-लमकना-वडगोर- चितारी पुल्‍हा जैसी जगह से अधिकारी/कर्मचारियों की मिली भगत से अवैध उत्‍खनन किया जा रहा है। (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने दो पत्र भेजकर जानकारी माँगी थी तथा वो आज दिनांक तक नहीं दी गई यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) से (ग) के संदर्भ में करेरा- सोन चिरैया अभयारण्‍य में अवैध उत्‍खनन रोका जावेगा एवं वन भूमि से अतिक्रमण हटाया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  1 अनुसार है। मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना दिनांक 21 मई, 1981 एवं करैरा अभयारण्य के मानचित्र में दर्शायी गई अभयारण्य की सीमा के अनुसार प्रश्‍नांश  में वर्णित जगह भासदाकला, भासदाखुर्द, लमकना, वडगोर एवं पुल्हा करैरा अभयारण्य क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आते हैं। अभयारण्‍य क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना/जानकारी मिलने पर क्षेत्रिय कर्मचारियों द्वारा कार्यवाही की जाती है। (ग) प्रश्‍नकर्ता के दो पत्र शिवपुरी जिले में प्राप्त नहीं हुये हैं, केवल करैरा अभयारण्य, करैरा में अवैध रेत उत्खनन के संबंध में प्रश्‍नकर्ता का एक शिकायती आवेदन प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में प्राप्त हुआ था। जिसके संदर्भ में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी), म.प्र., भोपाल द्वारा उनके पत्र             पृ. क्रमांक/व.प्रा./मा.चि./शिका./11-5 (228)/819 दिनांक 03.02.2021 के माध्यम से प्रश्‍नकर्ता को अवगत कराया गया है। चूंकि प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्राप्त शिकायती आवेदन से चाही गई जानकारी से अवगत कराया जा चुका है, अतः शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) करैरा अभयारण्य क्षेत्र का करैरा स्टॉफ एवं उड़नदस्ता दल स्टॉफ के द्वारा गश्त किया जा रहा है, क्षेत्र भ्रमण के दौरान यदि अवैध रेत उत्खनन पाया जाता है तो स्टॉफ के द्वारा अवैध रेत उत्खनन को रोका जाकर वैधानिक कार्यवाही की जाती है, करैरा अभयारण्य में कोई वनभूमि न होने से वनभूमि पर कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है।

अनूपपुर जिले में संचालित स्‍कूल

[स्कूल शिक्षा]

119. ( क्र. 5398 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद् जैतहरी जिला अनूपपुर अंतर्गत कितने और कौन-कौन से शासकीय-अशासकीय स्‍कूल, हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल संचालित हैं? इसमें से विगत 5 वर्षों में किस-किस स्‍कूल में कब-कब भवन का निर्माण किया गया? इनके नक्‍शे कब स्‍वीकृत किये गये? स्‍कूलवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या अनूपपुर जिला अंतर्गत नगर परिषद् जैतहरी द्वारा बालक हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल की भूमि पर एक शापिंग कॉम्‍पलेक्‍स  का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो कॉम्‍पलेक्‍स  की निर्माण लागत, दुकान की नीलामी की तिथि, सर्वाधिक नीलामी राशि, दुकान का माहवार किराया, किरायेदार का इकरार-नामा उपलब्‍ध कराते हुये फरवरी 2021 तक प्राप्‍त किराये की राशि बतायें। (ग) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 4884 दिनांक 07.03.2017 के उत्‍तर में स्‍कूल की भूमि पर मध्‍यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 345 के उल्‍लंघन की पुष्टि है? यदि हाँ, तो इस तरह की लापरवाही करने वाले लोक सेवक अथवा शासकीय सेवक के विरूद्ध कब तक कार्यवाही कर दी जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍कूल की भूमि पर निर्मित शापिंग कॉम्‍पलेक्‍स के लिये एसएसडीसी की बैठक दिनांक 1.7.2013 द्वारा पारित प्रस्‍ताव का विवरण एवं नगर परिषद् जैतहरी के संकल्‍प क्रमांक 53 दिनांक 2.8.2013 का विवरण उपलब्‍ध करायें। साथ ही बतायें कि दोषी नगर परिषद् अध्‍यक्ष एवं सीएमओ पर विभाग द्वारा कोई कार्यवाही करने हेतु विभाग में प्रावधान है? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) :  (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। विगत पांच वर्षों में किसी शासकीय विद्यालयों में भवन निर्माण नहीं हुआ है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। निर्माण लागत राशि रू. 873046/-, दुकान नीलामी की तिथि 17.10.2019, सर्वाधिक नीलामी राशि रू. 720000/-, दुकान का माहवार किराया रू. 1500/-, माह फरवरी 2021 तक प्राप्त किराया रू. 18000/- एवं इकरारनामा  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) मुख्य नगर पालिका अधिकारी, जैतहरी के पत्र क्र. 1239/न.पा./विस/2021, जैतहरी, दिनांक 09.03.2021 के अनुसार विधानसभा प्रश्‍न क्र. 4884 दिनांक 7.3.2017 के उत्तर में स्कूल भूमि पर मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 345 के उल्लंघन में श्री अवधेश अग्रवाल, तत्कालीन अध्यक्ष एवं श्री भागवत प्रसाद तिवारी, तत्कालीन सेवा निवृत्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी के विरूद्ध कारण बताओ सूचना पत्र एवं आरोप पत्र आदि का प्रारूप प्रेषित किया गया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) एसएसडीसी की बैठक दिनांक 1.7.2013 का विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार एवं संकल्प क्रमांक 53 का विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। दोषी नगर परिषद् अध्यक्ष एवं सीएमओ पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कार्यवाही हेतु कोई प्रावधान नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भारिया एवं सहारिया जनजातियों को दी जाने वाली योजनाओं का लाभ

[जनजातीय कार्य]

120. ( क्र. 5399 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या संविधान के अनुच्‍छेद 244 (1) के तहत प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में प्रशासन और नियंत्रण तथा अनुसूचित जनजातियों के हित के संरक्षण के लिये सुझाव देने हेतु मध्‍यप्रदेश आदिम जाति मंत्रणा परिषद् की नियमावली 1957 लागू की गई है। यदि हाँ, तो बतायें कि जनजातीय कार्य विभाग द्वारा मंत्रणा परिषद् की बैठक के उपरांत कितने प्रस्‍तावों को महामहिम राज्‍यपाल महोदय को अनुमोदनार्थ भेजा गया और महामहिम राज्‍यपाल महोदय को भेजे गये प्रस्‍तावों में से कितने प्रस्‍ताव पर सहमति व्‍यक्‍त की गई और कितने में असहमति, पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें।                (ख) मध्‍यप्रदेश आदिम जाति मंत्रणा परिषद् की बैठक नियमानुसार कितने माह में आयोजित होना अनिवार्य है, क्‍या निर्धारित अवधि में बैठकें हुई, नहीं हुई तो इसके क्‍या कारण रहे। कारण सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) म.प्र. में बैगा, भारिया एवं सहारिया जनजातियों के लोग जहां पर निवास करते हैं वहां शासन की योजनाओं का लाभ उनको मिलने के निर्देश हैं किंतु इन जाति के लोग यदि प्रदेश के दूसरे जिले में निवास करने लगे तो शासन की योजनाओं का लाभ इन जाति के लोगों को नहीं मिल रहा है। क्‍या विभाग ऐसे निर्देश जारी करेगा कि उक्‍त विलुप्‍त होती जातियों के लोग प्रदेश में जहां पर भी निवास करें वहां उनको शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ मिले, उत्‍तर (हां) में है तो उक्‍त आशय के कब तक निर्देश जारी कर दिये जायेंगे यदि उत्‍तर ना में है तो कारण भी बतायें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। मंत्रणा परिषद् की बैठक के उपरान्त प्रस्ताव महामहिम राज्यपाल महोदय को भेजने का प्रावधान ''नियमावली 1957'' में नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) परिषद् की बैठके प्रति छह माह में साधारणतया एक बार अध्यक्ष के निश्चय से बुलाने का प्रावधान है। कोरोना- काल की कठिनाईयों के कारण वित्तीय वर्ष 2020-21 में सिर्फ एक बैठक का आयोजन संभव हो पाया है। (ग) प्रदेश के 08 जिलों क्रमश: ग्‍वालियर, दतिया, शिवपुरी,गुना, अशोकनगर, श्‍योपुर, मुरैना एवं भिण्‍ड के चिन्हित क्षेत्रों के निवासी सहरिया, 06 जिलों क्रमश: डिण्‍डौरी, उमि‍रया, शहडोल, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट के चिन्हित क्षेत्रों के निवासी बैगा एवं जिला छिंदवाड़ा के चिन्हित ग्रामों के भारिया को विशेष पिछड़ी जनजाति हेतु संचालित योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इनके अतिरिक्‍त अन्‍य सभी बैगा, भा‍रिया एवं सहरिया जनजाति व्‍यक्तियों को अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु शासन द्वारा संचालित अन्‍य योजनाओं का लाभ दिया जा र‍हा है। स्‍पष्‍ट है कि प्रदेश के समस्‍त बैगा, भा‍रिया एवं सहरिया जनजाति व्‍यक्तियों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

श्रमिकों के मानदेय में अनियमितता

[वन]

121. ( क्र. 5409 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या वन मण्‍डल जिला गुना के आरोन रेंज, गादेर रेंज, बेरखड़ी रेंज, गुना दक्षिण में कार्यरत समस्‍त विकास दल सदस्‍य श्रमिकों को मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित कलेक्‍टर रेट से मानदेय का भुगतान किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कितना-कितना, किस-किस को, कितनी-कितनी अवधि के लिये? पृथक-पृथक रेंजवार बतायें। (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में श्रमिकों को पूरे माह के 30 दिन जंगल सुरक्षा, प्‍लांटेशन सुरक्षा, कूपों की सुरक्षा का कार्य करने के उपरांत 30 दिन के हिसाब से मानदेय का भुगतान ना कर मात्र 15 दिन के हिसाब से मानदेय का भुगतान मात्र 4100/- रूपये किया गया है? यदि हाँ, तो किस आधार रेंजवार, कितने-कितने दिन का पृथक-पृथक बतायें। (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में कार्यरत समस्‍त विकास दल सदस्‍य श्रमिकों को लॉकडाउन के पश्‍चात 1200/-, 1900/- एवं 2000/- रूपये का वाउचर भुगतान अनिश्चित समयावधि के लिये किया गया है? यदि हाँ, तो किसके आदेश से, कब-कब, कितने-कितने लोगों को रेंजवार पृथक-पृथक बतायें। (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में कार्यरत समस्‍त विकास दल सदस्‍य श्रमिकों की वह सूची जिसके तहत उन्‍हें नियुक्‍त किया गया है और हटाया गया हैं? वर्षवार रेंजवार, पृथक-पृथक बतायें। उपरोक्‍त कार्यरत समस्‍त विकास दल सदस्‍य श्रमिकों की नियमितीकरण, निश्चित मानदेय, स्‍वास्‍थ्‍य व सुरक्षा के संबंध में कोई कार्ययोजना है? यदि हाँ, तो उसकी अद्यतन स्थिति क्‍या है?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) :  (क) वनमंडल गुना के अन्तर्गत आरोन रेंज व गुना दक्षिण रेंज है। गादेर व बेरखेड़ी रेंज न होकर सबरेंज है, जो गुना दक्षिण रेंज के अन्तर्गत है। उक्त दोनों परिक्षेत्र में विकासदल सदस्य श्रमिक कार्यरत नहीं हैं, अपितु उक्त दोनों परिक्षेत्रों में जंगल सुरक्षा, प्लांटेशन सुरक्षा एवं कूपों में सुरक्षा श्रमिक कार्यरत हैं, जिनको मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित श्रमायुक्त इंदौर की दर से भुगतान किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) श्रमिकों को जंगल सुरक्षा, प्लांटेशन सुरक्षा, कूप की सुरक्षा के कार्यों के लिये बजट आवंटन अनुसार एवं उनके कार्य दिवसों के मान से भुगतान किया जाता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ग) सुरक्षा श्रमिकों को लॉकडाउन के पश्चात श्रमायुक्त इन्दौर की निर्धारित दर अनुसार अनिश्चित अवधि के लिये नहीं बल्कि उनके द्वारा किये गये कार्य दिवसों के मान से भुगतान किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) श्रमिकों को जंगल सुरक्षा, प्लांटेशन सुरक्षा एवं कूपों की सुरक्षा हेतु परियोजनावधि एवं बजट आवंटन अनुसार उक्त क्षेत्र में उपलब्ध स्थानीय श्रमिकों को श्रमायुक्त की दर पर सुरक्षा हेतु रखा जाता है, जिनकी कोई नियुक्ति नहीं की जाती है। कार्यरत श्रमिक अपनी स्वेच्छा से अन्य कार्य उपलब्ध होने पर अन्यत्र चले जाते हैं। अतः उन्हें हटाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। श्रमिकों की नियमितीकरण, निश्चित मानदेय, स्वास्थ्य व सुरक्षा के संबंध में कोई कार्ययोजना वर्तमान में नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सहायता/अनुदान राशि का वितरण

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

122. ( क्र. 5410 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक मुख्‍यमंत्री पिछड़ा वर्ग स्‍वरोजगार योजनान्‍तर्गत मध्‍यप्रदेश को जिलेवार आवंटित लक्ष्‍य क्‍या-क्‍या थे? जिलेवार बतायें।  (ख) क्‍या आवंटित लक्ष्‍यों की पूर्ति समय-सीमा में की जा चुकी है, जिलेवार लक्ष्‍य एवं पूर्ति की जानकारी दें? (ग) आवंटित लक्ष्‍यों के अनुसार अनुदान राशि/मार्जिन मनी सहायता राशि किन-किन जिलों को दी गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) स्‍वीकृत प्रकरणों में मार्जिन मनी सहायता/अनुदान सहायता राशि जिलों को कब तक भुगतान की जावेगी? (ड.) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्‍य में गुना, राजगढ़, अशोकनगर जिले में किन-किन को, किस-किस प्रयोजन से, कब-कब, कितनी-कितनी राशि (अनुदान/मार्जिक मनी) के रूप में दी गई? प्रयोजन, राशि विधानसभा वार पृथक-पृथक गौशवारा बनाकर बतायें?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  एक अनुसार है। (ख) जी हाँ। वित्‍तीय वर्ष 2019-20 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  दो अनुसार है। वित्‍तीय वर्ष 2019-20 की बजट पुस्तिका में टीप अंकित की गई है कि मुख्‍यमंत्री पिछड़ा वर्ग स्‍वरोजगार योजना का हस्‍तांतरण सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम विभाग को किया गया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  तीन  अनुसार है। (घ) स्‍वीकृत प्रकरणों में भुगतान हेतु शेष बची मार्जिन मनी सहायता/अनुदान सहायता राशि उपलब्‍ध कराने के संबंध में सूक्षम, लघु एवं मध्‍यम उद्यम विभाग को पत्र लिखा गया है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  चार  अनुसार है।

सहायक प्राध्‍यापक के पद नियुक्ति में अनियमितता

[चिकित्सा शिक्षा]

123. ( क्र. 5423 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) व्‍यापम कांड के आरोपी डॉ. अमित यादव का शासकीय मेडिकल कॉलेज दतिया में सहायक प्राध्‍यापक फोरेन्सिक मेडिसिन में चयन का दिनांक चयनकर्ता समिति के सदस्‍यों के नाम पद सहित बताते हुए इस पद हेतु कौन-कौन से डॉक्‍टर चयन में उपस्थित रहे? सभी की योग्‍यताएं एवं नाम पता सहित बताएं। (ख) चयनित डॉक्‍टर अमित यादव ने एम.बी.बी.एस. एवं एम.डी. फोरेन्सिक मेडिसिन की परीक्षा कौन-कौन से कॉलेज से कब-कब की तथा चयन के बाद पदस्‍थापना के पूर्व क्‍या पुलिस सत्‍यापन कराया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? शपथ-पत्र/पुलिस सत्‍यापन की प्रतियां दें।      (ग) क्‍या शासकीय मेडिकल कॉलेज दतिया के डीन डॉ. राजेश गौर ने डॉ. अमित यादव पर थाना झांसी, ग्‍वालियर में अपराध क्र. 449/2013 में धारा 419, 420 को आरोपी होने के बाद भी षडयंत्र कर सहायक प्राध्‍यापक के पद पर चयन किया गया? (घ) डॉ. अमित यादव पी.एम.टी. (व्‍यापम) के आरोपी होने तथा सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत निरस्‍त होने की जानकारी के बाद भी डीन डॉ. राजेश गौर ने षडयंत्र कर डॉ. यादव को 250 करोड़ रूपए से बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नोडल अधिकारी सह अधीक्षक तथा मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाली समिति का प्रमुख बना दिया था? यदि हाँ, तो क्‍या डीन डॉ. गौर के विरूद्ध उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) :  (क) प्रश्‍नांश  में चाही गई  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार। (ख) एम.बी.बी.एस. गजरा राजा चिकित्‍सा महाविद्यालय ग्‍वालियर मध्‍यप्रदेश से वर्ष 2011 में किया। एम.डी. सेम्‍स (SAIMS) इंदौर से वर्ष 2015 में किया, एस.डी.एम. सह-पुलिस द्वारा जारी चरित्र प्रमाण पत्र की छायाप्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार। (ग) जी नहीं। डॉ. अमित यादव द्वारा अपने घोषणा पत्र में घोषणा की थी कि ''मैं प्रमाणित करता हूँ कि मुझे नैतिक पतन के किसी अपराध में किसी न्‍यायालय द्वारा न दोषी पाया गया और न ही मेरे विरूद्ध इस प्रकार का कोई प्रकरण किसी भी न्‍यायालय में विचाराधीन है। '' जानकारी पुस्‍तकाल में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -3 अनुसार। (घ) डॉ. अमित यादव पी.एम.टी. (व्‍यापम) के आरोपी होने की जानकारी प्राप्‍त हुई तत्‍काल प्रभाव से उन्‍हें समस्‍त प्रभाव से हटा दिया गया था एवं संपूर्ण प्रकरण की जानकारी मय दस्‍तावेजों के संभागायुक्‍त एवं अध्‍यक्ष स्‍वशासी समिति शासकीय चिकित्‍सा महाविद्यालय दतिया के समक्ष प्रस्‍तुत की गई जिस पर संभागायुक्‍त द्वारा डॉ. अमित यादव को निलंबित करने हेतु दिनांक 03.02.2020 को आदेशित किया गया। वर्तमान में डॉ. यादव निलंबित है।

शासकीय मेडिकल कॉलेज दतिया के डीन द्वारा नियुक्ति में अनियमितता

[चिकित्सा शिक्षा]

124. ( क्र. 5425 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय मेडिकल कॉलेज दतिया के डीन डॉ. राजेश गौर कब-कब, कहां-कहां पर कितनी-कितनी अवधि के लिए किस-किस पद पर रहे? डॉ. गौर की शैक्षणिक योग्‍यता सहित पूर्ण विवरण दें। (ख) शासकीय मेडिकल कॉलेज दतिया के प्रारंभ होने के समय से 31 दिसम्‍बर 2020 तक कौन-कौन से पद पर (नियमित/अस्‍थाई/संविदा) किस-किस को, कब-कब चयनित किया गया? चयनित कर्मचारियों के नाम पता एवं शैक्षणिक योग्‍यता सहित विवरण दें? (ग) क्‍या उक्‍त पदों के चयन हेतु चयन समिति का गठन किया गया था? यदि हाँ, तो चयन समिति के अध्‍यक्ष/सदस्‍यों के नाम एवं पद सहित विवरण दें। (घ) डॉ. अमित को चयन समिति का प्रमुख- सह अधीक्षक तथा कर्मचारियों की चयन समिति का प्रमुख बनाने वाली कमेटी के सदस्‍यों के नाम पद बताएं तथा उक्‍त पदों के जारी आदेश की प्रतिया देवें।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) :  (क) डॉ. राजेश गौर की नियुक्ति दिनांक से पदवार पदस्‍थापना की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है। डॉ. गौर की शैक्षणिक अर्हता एम.डी. पैथोलॉजी है। (ख) प्रश्‍न में उल्‍लेखित अवधि तक चयनित चिकित्‍सक एवं कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। चयन समिति के अध्‍यक्ष/सदस्‍यों के नाम एवं पद का विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -3 अनुसार। (घ) डॉ. अमित यादव को किसी चयन समिति का प्रमुख अथवा कर्मचारियों के चयन हेतु चयन समिति में नामांकित नहीं किया गया। चिकित्‍सालय के कार्य की सुविधा की दृष्टि से इन्‍हें सह-अधीक्षक बनाया गया था।

आर.टी.ई के अन्‍तर्गत फीस क्षति पूर्ति की राशि का भुगतान

[स्कूल शिक्षा]

125. ( क्र. 5439 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला भिण्‍ड की गोहद विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत संचालित किन-किन अशासकीय विद्यालयों को वर्ष 2011 से प्रश्‍न दिनांक की अवधि में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2005 आर.टी.ई के अन्‍तर्गत छात्र/छात्राओं को विद्यालयों में प्रवेश देकर अध्‍ययन करने हेतु फीस क्षति पूर्ति की राशि कितनी-कितनी, किन-किन विद्यालयों को भुगतान किन कारणों से नहीं की गई है और कब तक भुगतान कर दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) उक्‍त भुगतान में विलम्‍ब के लिए कौन-कौन उत्‍तरदायी है और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) :  (क) भिण्ड जिले के गोहद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्‍कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत बच्चों की वर्ष 2011 से लेकर वर्ष 2018-19 तक की फीस प्रतिपूर्ति के कोई भी प्रस्ताव भुगतान हेतु लंबित नहीं है। वर्ष 2019-20 की भी फीस प्रतिपूर्ति की अग्रिम 20 प्रतिशत राशि भी गोहद विधानसभा क्षेत्र के गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों को की जा चुकी है। सूची की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश ()  के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "सत्ताईस"

बांस भिर्रा सफाई कार्य के संबंध में

[वन]

126. ( क्र. 5473 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्‍य उत्‍तर वन मण्‍डल बालाघाट के क्षेत्रान्‍तर्गत बांस भिर्रा सफाई कार्य (सुधार कार्य) कराये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो बैहर विधानसभा क्षेत्र में बॉस भिर्रा सफाई कार्य की वन परिक्षेत्रवार, कार्य वृत्‍तवार कूपवार, कक्ष क्रमांकवार क्षेत्रफल मजदूरों के पारिश्रमिक के भुगतान की जानकारी सहित जानकारी वित्‍तीय वर्ष 2018-19 से प्रश्‍न दिनांक तक की उपलब्‍ध करावें?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

जिला नरसिंहपुर में वनों का सुधार

[वन]

127. ( क्र. 5480 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि   (क) वनमंडल नरसिंहपुर में वनों के सुधार हेतु क्या-क्या उपाय किये जाते हैं? (ख) उक्त वनमंडल में वनों के सुधार हेतु किस मद से कितना बजट आवंटित किया जाता है वर्ष 2019 से 2020 की योजनावार जानकारी दें? (ग) वन मंडल में वर्ष 2018 से 2020 तक वनों में वर्षवार वृक्षारोपण तथा बिगड़े वन सुधार के किये गये कार्यों की जानकारी देवें? (घ) क्‍या वर्ष 2005 की तुलना में वर्ष 2019 में वन आवरण की कमी हुई हैं? क्‍या जंगलों में गौवंश का प्रवेश निषेध है? गौवंश के प्रवेश से वनों को क्‍या-क्‍या लाभ एवं क्‍या-क्‍या हानि हुई हैं?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) :  (क) वनमंडल नरसिंहपुर में स्‍वीकृत कार्य आयोजन के अंतर्गत वनों के सुधार हेतु मुख्‍यत: पुनरूत्‍पादन एवं पुर्नस्‍थापना कूपों में उपचार, वृक्षारोपण कार्य, कूपों एवं वृक्षारोपण में रख-रखाव कार्य किये जाते है। (ख) वर्षवार एवं योजनावार आवंटित राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र -1 पर है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र -2 पर है। (घ) जी नहीं। भारतीय वन सर्वेक्षण की स्थिति रिपोर्ट वर्ष 2005 के अनुसार यह 76013 वर्ग किलो मीटर था तथा वर्ष 2019 की रिपोर्ट के अनुसार यह 77482.49 वर्ग किलो मीटर है अत: मध्‍यप्रदेश राज्‍य के वन आवरण में वृद्धि हुई है। वृक्षारोपण एवं उपचार क्षेत्रों में चराई प्रतिबंधित रहती है। खुले वन क्षेत्रों में गौवंश को चराई की नियमानुसार सुविधा दी जाती है। अधिक चराई से वनों के पुनरूत्‍पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, परन्‍तु लगातार घटते गौचर भू‍मियों के कारण ग्रामवासियों की गौवंश की चराई की समस्‍या को ध्‍यान में रखते हुए वन संरक्षण और समुदाय की समस्‍या के मध्‍य संतुलन बनाने का प्रयास किया जाता है।

परिशिष्ट - "अट्ठाईस"

शासन द्वारा प्राप्त राशि से किए गए कार्य और राशि का उपयोग

[जनजातीय कार्य]

128. ( क्र. 5484 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या भारत सरकार एवं म.प्र. शासन द्वारा प्रदत्‍त राशि के उपयोग और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वन में अनियमितताओं पर वर्ष 2018-19 से सम्पूर्ण प्रदेश में जाँच और कार्यवाही की गयी हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) हाँ,तो कितने प्रकरणों की जांच/कार्यवाही पूर्ण हो गयी? कितने प्रकरणों पर जांच/कार्यवाही अब तक अपूर्ण हैं? (ग) कटनी जिले में वर्ष 2018-19 से मरम्मत/निर्माण/विकास कार्यों और हितग्राही मूलक योजनाओं के लिए कितनी-कितनी राशि किन मार्गदर्शी निर्देशों से किन-किन कार्यों/योजनाओं हेतु प्राप्त हुई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) राशि के उपयोग एवं योजनाओं के क्रियान्वन का विवरण बताइये और यह भी बताइये, कि मरम्मत/निर्माण/विकास कार्यों की स्वीकृति किस आवश्यकता एवं किस-किस के मांग/प्रस्ताव पर किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रदान की गयी और हितग्राहियों का चयन किस प्रकार किया गया? (ङ) प्रश्‍नांश (घ) कार्यों का पर्यवेक्षण/निरीक्षण एवं माप और सत्यापन किन-किन शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब किया गया तथा क्या उपयोग में लायी गयी निर्माण-सामग्री का नियमानुसार परीक्षण कराया गया? हाँ,तो कार्यवार विवरण बताइये,नहीं,तो क्यों? (च) प्रश्‍नांश (क) से (ड.) के परिप्रेक्ष्य में क्या शासन द्वारा जारी मार्गदर्शी निर्देशों के उल्लंघन एवं राशि के दुरूपयोग के जिम्मेदारों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाकर कार्यवाही की जायेंगी तथा प्रक्रिया में सुधार के नीतिगत निर्णय लिए जाएँगे? हाँ,तो किस प्रकार एवं कब तक? नहीं तो,क्यों?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) प्रश्‍नांश () के संबंध में जानकारी निरंक है। (ख) प्रश्‍नांश () के संबंध में प्रश्‍नांश () के उत्‍तरांश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश () के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश () के संबंध में  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। मरम्‍मत/निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति विभाग के तकनीकी अधिकारी द्वारा प्रस्‍तावित अनुसार विभाग द्वारा स्‍वीकृति की कार्यवाही की जाती है, विकास कार्यों के लिये प्राप्‍त तथा हितग्राहियों का चयन अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास नियम 2018 एवं शासन द्वारा जारी निर्देशों के अंतर्गत किया जाता है। (ड.) प्रश्‍नांश (ड.) के संबंध में  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (च) प्रश्‍नांश ()  के संबंध में प्रश्‍नांश (क) से (ड.) के परिप्रेक्ष्‍य में शासन द्वारा जारी मार्गदर्शी उल्‍लंघन एवं राशि का दुरूपयोग नहीं किया गया। प्रश्‍नांश का शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विद्यालयों में स्वीकृत पद से अधिक पद भरा जाना

[स्कूल शिक्षा]

129. ( क्र. 5500 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों के कितने पद स्वीकृत, भरे एवं रिक्त हैं। संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्या उक्त विद्यालयों में स्वीकृत पदों से भी अतिरिक्त शिक्षक विद्यालयों में पदस्थ किए गए हैं? यदि हाँ, तो संख्‍या बताएं। छतरपुर जिले में कितने शिक्षक अतिशेष हैं संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) क्या उक्त आदेश सक्षम अधिकारी के द्वारा दिया गया था? यदि हाँ, तो उक्त आदेश सक्षम अधिकारी द्वारा शासन के नियमों निर्देशों के तहत किया गया है? नियम की प्रति उपलब्ध कराएं। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार क्या उक्त विद्यालयों में पदस्थ अतिरिक्त शिक्षकों की वेतन व्यवस्था किसी अन्य विद्यालय के स्वीकृत पदों से किस नियम के तहत की जा रही हैं? (ड.) क्या कुछ विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पदों के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहे हैं? यदि हाँ, तो सक्षम अधिकारी द्वारा व्यवस्था की गई थी? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। छतरपुर जिले में 356 शिक्षक अतिशेष है। (ग) उत्तरांश () के उत्‍तर के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। उत्तरांश () अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी नहीं। शिक्षकों की कमी वाली शालाओं में अतिथि शिक्षकों के द्वारा अध्यापन कार्य कराया जाकर व्यवस्था की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "उनतीस"

नि:शक्तजनों के रिक्त पदों की चयन सूची जारी करना

[पशुपालन एवं डेयरी]

130. ( क्र. 5501 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कार्यालय उपसंचालक पशुचिकित्सा सेवाएं छतरपुर मध्य प्रदेश के पत्र क्रमांक/164/स्थापना/2020-21 छतरपुर दिनांक 19/01/2021 को पत्र जारी कर नि:शक्तजनों के रिक्त पदों पर चयन कर सूची जारी की गई थी? हाँ या नहीं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो क्या उक्त उल्लेखित चयनित व्यक्तियों को उनकी पात्रता अनुसार चयन किया गया था? यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्ट करें? (ग) क्या उक्त पद भर्ती के संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को शिकायतें की गई थी? यदि हाँ, तो क्या सक्षम अधिकारी द्वारा कार्यवाही की गई थी? यदि नहीं, तो क्यों कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या उक्त पदों की भर्ती शासन के नियम निर्देशों के तहत की गई थी? यदि नहीं, तो क्या शासन उक्त पदों की भर्ती को निरस्त करेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतायें यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। पात्रता अनुसार चयन किया गया। (ग) जी हाँ। संचालनालय पशुपालन के पत्र क्रमांक 155/वि.जां/विशि-1166/2021 दिनांक 09.02.2021 के द्वारा शिकायत के बिन्‍दुओं की नियमानुसार प्राथमिक जाँच के निर्देश उप संचालक, पशु चिकित्‍सा सेवाएं जिला-छतरपुर को दिए गए हैं। (घ) जी हाँ। चयन समिति द्वारा शासन के समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही की गई है। जिला-छतरपुर में 05 पदों हेतु भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2014 में प्रारंभ की गई थी जिसमें श्री भोला सिंह चौहान का नियुक्ति आदेश सत्‍यापन उपरांत जारी किया गया है। श्री जगदीश साहू एवं श्री ईशा प्रकाश सिंह की विकलांगता प्रमाण पत्र के संबंध में शिकायतें प्राप्‍त हुई थी, जिसके संबंध में इनके विकलांगता प्रमाण पत्र सत्‍यापन हेतु संबंधित सिविल सर्जन को, उप संचालक छतरपुर द्वारा पत्र लिखा गया है। अभी सत्‍यापन प्राप्‍त नहीं हुआ है, सत्‍यापन प्राप्‍त होने के उपरांत अग्रिम कार्यवाही कर नियुक्ति आदेश जारी किए जावेंगे। वर्तमान में मात्र चयन सूची जारी की गई है।

प्रभारी प्राचार्य पर की गई जाँच

[स्कूल शिक्षा]

131. ( क्र. 5503 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्री के.एस.मिश्रा प्रभारी प्राचार्य शा.उ.मा.विद्यालय बिलहरी जिला कटनी के विरुद्ध वित्तीय अनिमिताओं के गंभीर आरोप शिकायतकर्ता श्री सत्यम पाण्ड़ेय द्वारा तथ्यों सहित शासन के प्रेषित किये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो वित्तीय अनियमितताओं के किस-किस प्रकार के कौन-कौन से आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाये गये तथा इन आरोपों की जाँच कब किसके द्वारा कि गई एवं यह जाँच रिपोर्ट क्या थी? उसे किन-किन निष्कर्षों के साथ कब कहां प्रेषित किया गया? जाँच रिपोर्ट का विवरण देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में आरोपी प्रभारी प्राचार्य प्रश्‍न दिनांक पर कहां किस पद पर पदस्थ है? जाँच रिपोर्ट अनुसार उनके विरुद्ध कब किसके द्वारा क्या कार्यवाही कि गई बतलावें? की गई कार्यवाही का विवरण देवें। (घ) जांचकर्ता अधिकारी द्वारा दिनांक 10/12/2019 को अपनी जाँच रिपोर्ट शासन को प्रेषित करने के बाद आज दिनांक तक कोई कार्यवाही न किए जाने के क्या कारण है? क्या शासन जाँच रिपोर्ट के आधार पर उल्लेखित प्रभारी प्राचार्य पर कोई कार्यवाही करेगा उत्तर में यदि हाँ, तो,तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्यों नहीं बतलावें?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी कटनी को प्रेषित की गई थी। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। लगाये गये आरोपों की जाँच श्रीमती उषा अग्रवाल, एडीपीसी, आर.एम.एस.ए. जिला कटनी से कराई गई,जांच प्रतिवेदन की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  'दो' अनुसार है। जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा पत्र दिनांक 27.12.2019 द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय को अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु भेजा गया। पत्र  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  'तीन' अनुसार है। (ग) श्री के.एस.मिश्रा, (मूल पद व्याख्याता) वर्तमान में प्रभारी प्राचार्य शा.उ.मा.वि. बिलहरी में पदस्थ है। जिला शिक्षा अधिकारी कटनी से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्‍चात् आयुक्त लोक शिक्षण म.प्र. भोपाल के पत्र दिनांक 06.05.2020 द्वारा श्री मिश्रा को ''कारण बताओ सूचना पत्र'' जारी कर प्रतिवाद चाहा गया। (घ) जिला शिक्षा अधिकारी कटनी से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्‍चात संचालनालय से श्री मिश्रा के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रक्रिया प्रचलन में रही। संचालनालय के आदेश दिनांक 05.03.2021 द्वारा श्री के.एस. मिश्रा, व्याख्याता एवं प्रभारी प्राचार्य शा.उ.मा.वि. बिलहरी जिला कटनी को 2 वार्षिक वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने की शास्ति अधिरोपित की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

टीकमगढ़ व निवाड़ी जिले में संचालित नर्सिंग कॉलेज

[चिकित्सा शिक्षा]

132. ( क्र. 5705 ) श्री राकेश गिरि : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला टीकमगढ़ एवं निवाड़ी में कुल कितने निजी/शासकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं? नाम व स्थान सहित सूची दें। (ख) वर्तमान में टीकमगढ़ एवं निवाड़ी जिलों में संचालित निजी अस्पतालों की सूची नाम एवं अस्पताल के क्षेत्रफल (जितने में भवन निर्मित है) सहित उपलब्ध करायें?             (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार इनमें से कितने निजी अस्पतालों की सहबद्धता से नर्सिंग कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है? क्या इन निजी अस्पतालों में शासन द्वारा निर्धारित नियमानुसार कम से कम 100 बिस्तरों की उपलब्धता एवं स्वीकृति है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा प्राप्त स्वीकृति आदेश की प्रतियां उपलब्ध करायें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) का उत्तर यदि नहीं, है तो, सुविधाविहीन निजी अस्पतालों/नर्सिंग कॉलेजों को शासन द्वारा किस आधार पर मान्यता प्रदान की गई है? क्या ऐसे निजी अस्पतालों/नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता समाप्त कर उनके विरूद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जायेगा, यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (घ) जिला टीकमगढ़ एवं निवाड़ी में कोई निजी/शासकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित नहीं है। अत: जानकारी निरंक है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 




 


भाग-3

अतारांकित प्रश्नोत्तर


डेन्‍टल कॉलेज ऑफ एक्‍सीलेंस की स्‍थापना

[चिकित्सा शिक्षा]

1. ( क्र. 221 ) श्री तरूण भनोत : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर स्थित आयुर्विज्ञान विश्‍व विद्यालय के अधीन डेंटल कॉलेज ऑफ एक्‍सीलेंस, जबलपुर की स्‍थापना के लिए राज्‍य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है? यदि हाँ, तो इस संबंध में प्रसारित स्‍वीकृतियों के विवरण की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या डेंटल कॉलेज ऑफ एक्‍सीलेंस जबलपुर के लिए वित्तीय प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो कितनी राशि उपलब्‍ध कराई गई है? (ग) डेंटल कॉलेज ऑफ एक्‍सीलेंस, जबलपुर के धरातल पर प्रारंभ नहीं होने का क्‍या कारण है तथा विलम्‍ब के लिए क्‍या राज्‍य शासन उत्तरदायित्‍व निर्धारित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                                           (ख) एवं (ग) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सहायक शिक्षकों को क्रमोन्‍नति दिया जाना

[स्कूल शिक्षा]

2. ( क्र. 503 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के अंतर्गत एक ही पद पर सतत 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले कितने सहायक शिक्षक हैं? (ख) क्‍या शासन द्वारा 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण किये जाने के पश्‍चात सहायक शिक्षकों को तृतीय क्रमोन्‍नति दिये जाने का प्रावधान है? (ग) अगर तृतीय क्रमोन्‍नति सहायक शिक्षकों को दिये जाने का प्रावधान है तो देवास जिले के सहायक शिक्षकों को क्रमोन्‍नति लाभ क्‍यों नहीं दिया गया? (घ) विभाग द्वारा पात्र सहायक शिक्षकों को तृतीय क्रमोन्‍नति का अगर लाभ कब तक किया जावेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जिला देवास अंतर्गत 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले 1249 सहायक शिक्षक हैं। (ख) जी हाँ। (ग) जिला देवास अंतर्गत 1040 सहायक शिक्षकों को पात्रतानुसार तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ प्रदाय किया गया है।                                                (घ) जिला देवास अंतर्गत शेष पात्र सहायक शिक्षकों को तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान दिए जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

हायर सेकेण्‍डरी परीक्षा उत्‍तीर्ण छात्र-छात्राएं

[स्कूल शिक्षा]

3. ( क्र. 506 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में वर्ष 2018-19 में हायर सेकेण्‍डरी परीक्षा 75% अंक से अधिक लाने व उत्‍तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्‍या बतावें। (ख) वर्ष 2018-19 में हायर सेकेण्‍डरी परीक्षा 75% (प्रतिशत) से अधिक अंकों से उत्‍तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को लेपटाप प्रदान नहीं किये गये हैं (ग) वर्ष 2018-19 में जो विद्यार्थी 75% अंकों से अधिक अंक प्राप्‍त कर उत्‍तीर्ण हुए उन्‍हें भी लेपटाप दिये जाने पर विचार करेगा? अगर हाँ तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) वर्ष 2018-19 में हायर सेकेण्डरी परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक से अधिक लाने व उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 70816 है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जिला शिक्षा अधिकारी राजगढ़ के पत्र पर कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 727 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला शिक्षा अधिकारी राजगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक स्‍थापना-1/2020/481 राजगढ़ दिनांक 26/08/2020 से आयुक्‍त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को पत्र प्रेषित किया था? यदि हाँ, तो जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) का उत्‍तर हाँ है तो क्‍या विभाग जिला शिक्षा अधिकारी के प्रेषित प्रस्‍ताव के आधार पर वरिष्‍ठ अध्‍यापकों को उच्‍च मा‍ध्‍यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्‍त कर देगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो कारण बताएं।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। प्राप्त पत्र के द्वारा श्रीमती शाहना बेग एवं श्री नाथूसिंह सिकरवार वरिष्ठ अध्यापकों की नवीन संवर्ग में नियुक्ति हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुये थे। (ख) जिला शिक्षा अधिकारी राजगढ़ के प्राप्त प्रस्ताव के स.क्र. 02 पर श्री नाथूसिंह सिकरवार, वरिष्ठ अध्यापक को पात्र पाये जाने पर उच्च माध्यमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। जिला शिक्षा अधिकारी राजगढ़ के प्राप्त प्रस्ताव के स.क्र. 01 पर श्रीमती शाहना बेग, वरिष्ठ अध्यापक, की नस्ती के परीक्षण में पाया गया कि संबंधित को विदेश यात्रा हेतु दिनांक 20.08.2014 से 05 वर्ष का नियम विरुद्ध अवकाश तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद् राजगढ़ द्वारा स्वीकृत किया गया। उक्त अवधि का सक्षम अधिकारी से निराकरण नहीं होने के कारण उच्च माध्यमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति प्रदान नहीं की गई है। मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के पत्र दिनांक 04.02.2021 के द्वारा प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग को नियम विरुद्ध अवकाश स्वीकृत करने वाले अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं श्रीमती शाहना बेग की 05 वर्ष की विदेश यात्रा अवधि का निराकरण, सक्षम अधिकारी स्तर से कराये जाने हेतु लिखा गया है, इस अवधि के निराकरण उपरान्त पात्रतानुसार उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति की कार्रवाई की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

माडा पाकेट स्‍वीकृति के कार्य

[जनजातीय कार्य]

5. ( क्र. 797 ) श्री रामपाल सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आदिवासी उपयोजना, माडापाकेट, लघु अंचल में ग्रामों के चयन का आधार क्‍या है? रायसेन जिले में कितने वर्ष पूर्व ग्रामों का चयन किया गया था? वर्तमान में पात्र वंचित ग्रामों को उक्‍त योजना में सम्मिलित क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (ख) उक्‍त आदिवासी उपयोजना, माडापाकेट, लघु अंचल में चयनित ग्रामों में क्‍या-क्‍या कार्य किस आधार पर स्‍वीकृत किये गये है वर्ष 2018-19 से फरवरी 2021 तक रायसेन जिले में क्‍या-क्‍या कार्य किस आधार पर कहां-कहां स्‍वीकृत किये गये है? (ग) 1 जनवरी 2018 से फरवरी 2021 तक उक्‍त योजनाओं में रायसेन जिले में कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत करने के पत्र माननीय मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को किन-किन सांसद/विधायक के कब-कब प्राप्‍त हुए? (घ) उक्‍त पत्रों पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? आदिवासी उपयोजना के कार्यों के संबंध में कौन-कौन अधिकारी, कर्मचारी कहां-कहां पदस्‍थ है? उनके नाम, पद तथा मुख्‍यालय पर निवास की जानकारी दें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार रायसेन जिले के ग्रामों का चयन 31 अगस्त, 1990 में किया गया था। पात्र एवं वंचित ग्रामों को सम्मिलित करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - "तीस"

गैर आदिवासियों को वन भूमि पट्टा

[जनजातीय कार्य]

6. ( क्र. 798 ) श्री रामपाल सिंह : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में वर्ष 2008 से लागू (वन अधिकार अधिनियम, 2006) के तहत कितने गैर आदिवासियों को वन भूमि के अधिकार पत्र दिये गये तथा कितने गैर आदिवासियों के कितने दावों को अमान्‍य कर दिया गया है? जिलेवार आंकड़े दें। (ख) वन अधिकार अधिनियम 2006 तथा नियम, 2007 के माध्‍यम से प्रदेश में वर्ष 2008 में गैर आदिवासियों को अपने दावों के साथ कौन-कौन से प्रमाण प्रस्‍तुत करना था? गैर आदिवासियों को दावेदारी के 75 वर्ष पूर्व के साक्ष्‍य और प्रमाण उपलब्‍ध करवाये जाने के संबंध में शासन ने जनवरी 2008 से प्रश्‍नांकित तिथि तक क्‍या आदेश निर्देश कब-कब जारी किये? छायाप्रति संलग्‍न करें। (ग) शासन के पास 75 वर्ष पूर्व के उपलब्‍ध साक्ष्‍य एवं प्रमाण, गैर आदिवासी दावेदारों को उपलब्‍ध करवाया जाकर उसके आधार पर उनके दावों पर पुनर्विचार किये जाने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) रायसेन जिले के किन-किन ग्रामों में खेती हेतु वर्षों पूर्व किसानों को कहां-कहां वन भूमि के पट्टा दिये गये हैं? उन कृषकों को वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा क्‍यों नहीं दिये जा रहे हैं?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत गैर आदिवासियों को वन भूमि के वितरित अधिकार पत्र एवं अमान्य दावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) नियम 2008 के नियम 13 में दर्शित साक्ष्य एवं जारी किये गये निर्देश की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) वन अधिकारों की मान्‍यता नियम 2008 के नियम 13 में दावों को मान्‍य किये जाने वाले साक्ष्‍य दर्शित है। वन भूमि पर दावेंदारों के साक्ष्‍य एवं प्रमाण दावेदारों को उपलब्‍ध कराने के निर्देश नहीं दिये गये है अपितु वन विभाग के पत्र क्रमांक एफ-25-43/2006/10-3 दिनांक 15 फरवरी 2008 मध्‍यप्रदेश शासन आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग का पत्र क्रमांक एफ 9-1/2007/5/25 दिनांक 27 मई 2008 एवं वन विभाग के पत्र क्रमांक एफ 25-43/2006/10-3 दिनांक 19 जून 2019 के द्वारा ग्राम सभा, उपखण्‍ड स्‍तरीय समिति तथा जिला स्‍तरीय समितियों को मांगे जाने पर अभिलेख उपलब्‍ध कराये जाने के निर्देश दिये गये है। पत्रों की प्रतियों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''चार'' अनुसार है।

रिक्त पदों पर अधिकारी/कर्मचारियों का प्रभार

[जनजातीय कार्य]

7. ( क्र. 1442 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन द्वारा शासकीय कार्यालयों/विभागों में रिक्त पदों पर प्रभारी के रूप में वरिष्ठतम अधिकारी/कर्मचारी को नियुक्त करने हेतु सचिव, म.प्र. शासन के पत्र क्र./शिक्षा स्था.-1/ 884/14455 भोपाल, दिनांक 18.08.2020 द्वारा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के रिक्त पदों पर प्रभारी अधिकारी के रूप में वरिष्ठतम अधिकारी को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी का प्रभार सौंपा जाना हेतु निर्देशित किया गया था? (ख) क्या अलीराजपुर जिले में प्रश्नांश (क) अनुसार जारी निर्देशों का पालन किया गया है? (ग) क्‍या विधानसभा क्षेत्र 191 अलीराजपुर के विकासखण्ड सोण्डवा में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के रिक्त पद पर प्रभारी अधिकारी के रूप में वरिष्ठतम अधिकारी को प्रभार नहीं दिया जाकर कनिष्ठ कर्मचारी को प्रभार दिया गया है जो नियम के विरूद्ध है? क्या नियम के विरूद्ध कार्य करने वाले अधिकारी/कर्मचारी पर शासन कार्यवाही करेगी? यदि हाँ तो कब तक? लिखित में देवें। (घ) अलीराजपुर जिले में ऐसे कितने विभाग/कार्यालय है जिनमें रिक्त पद होने से प्रभारी के रूप में अन्य अधिकारी/कर्मचारी को नियुक्त किया गया है। विभाग/कार्यालयवार नियुक्त अधिकारी के नाम, मूल पदनाम और किस अधिकारी के आदेश से नियुक्त किया गया है। विवरण देवें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नांकित पत्र आयुक्‍त, आदिवासी विकास कार्यालय द्वारा जारी किया गया था। (ख) जी हाँ। (ग) विकासखण्‍ड सोण्‍डवा में व्‍याख्‍याता/ प्राचार्य कार्यरत नहीं होने से मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सोण्‍डवा को वित्‍तीय प्रभार एवं श्री रामानुज शर्मा माध्‍यमिक शिक्षक को प्रशासकीय प्रभार सौंपा गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "इकतीस"

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया

[स्कूल शिक्षा]

8. ( क्र. 1529 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया 2011 के बाद 2018 में प्रारंभ की थी किंतु लगभग 50% वेरिफिकेशन के पश्चात सरकार ने कोरोना वायरस एवं परिवहन का कारण बताकर भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया जिससे काफी बेरोजगारों के आवेदन लंबित रह गए?                         (ख) यदि हाँ, तो वर्तमान में शिक्षा विभाग में लगभग जो 30564 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया की जाना है, उक्त भर्ती प्रक्रिया कब से प्रारंभ होगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया 2018 के अन्तर्गत उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक पद की प्रावधिक चयन सूची एवं प्रावधिक प्रतीक्षा सूची जारी कर उच्च माध्यमिक शिक्षक पद के 5702 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन हुआ है तथा दिनांक 04.07.2020 से कोरोना महामारी के कारण दस्तावेज सत्यापन का कार्य स्थगित किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्तमान भर्ती अन्तर्गत शिक्षा विभाग में 30564 शिक्षकों की भर्ती हेतु विज्ञापन जारी नहीं किया गया, अपितु उच्च माध्यमिक शिक्षक के 15000 एवं माध्यमिक शिक्षक के 5670 पदों की पूर्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया। भर्ती प्रक्रिया पुनः प्रारम्भ किये जाने की कार्रवाई प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

लेंटाना उन्‍मूलन अन्‍तर्गत कराये गये कार्य

[वन]

9. ( क्र. 1609 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) विधानसभा क्षेत्र पिपरिया अन्तर्गत विगत दो वर्षों में ऐसे कौन-कौन से कार्य किये गये हैं जिसमें लेंटाना उन्मूलन कार्य कराया गया हैं? (ख) लेंटाना उन्मूलन का कार्य कौन-कौन सी बीटों में कराया गया हैं तथा इस पर कितनी राशि व्‍यय हुई? बीटवार जानकारी दें।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है।

परिशिष्ट - "बत्तीस"

छात्रावासों में सामान खरीदी हेतु की जाने वाली निविदा कार्रवाई

[स्कूल शिक्षा]

10. ( क्र. 1689 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिलान्‍तर्गत सर्व शिक्षा अभियान संचालित सभी छात्रावासों में प्रतिवर्ष निविदा बुलाकर सामान खरीदी की जाती है? यदि हाँ, तो वर्ष 2018 से आज दिनांक तक आमंत्रित की गई निविदा और प्राप्त निविदा के आवेदन पत्र का विवरण उपलब्ध कराएं। (ख) क्या प्रतिवर्ष तीन दुकानों से ही टेंडर बराबर आते हैं? उनमें से ही किसी एक दुकान का चुनाव होता है? हर साल टेंडर आने के बाद क्या उन तीन दुकानों में से ही वस्तु की दरें कम प्राप्त होती है? इस संबंध में विभागीय जाँच प्रतिवेदन का विवरण प्रस्तुत करें। (ग) जब हर साल टेंडर होता है तो वस्तु उचित दाम में मिलना चाहिए, थोक दाम में मिलना चाहिए, खेलची दाम में अगर मिलती है तो टेंडर निकालने का क्या औचित्‍य है? (घ) संचालित छात्रावासों ने कब-कब किस कार्य के लिए टेंडर निकाला, किन एजेंसियों का चुनाव किया गया? कब-कब किया? वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक की प्रति वर्ष की जानकारी उपलब्ध कराएं। (ड.) जिन संस्थाओं का टेंडर हुआ उनमें वस्तुओं का क्या मूल्य लगा, इस संबंध में समिति की प्रोसिडिंग और टेंडर खोलने की प्रक्रिया का विवरण उपलब्ध कराएं तथा विभागीय प्रतिवेदन का विवरण प्रस्तुत करें। (च) क्या भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के सभी छात्रावासों के टेंडरों की प्रतियां बुलाकर सभी मापदंडों की विधि जाँच की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। छात्रावासों में खुली निविदा आमंत्रित नहीं की जाती है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (च) उत्‍तरांश '' अनुसार।

वन भूमि पर अवैध कब्जा

[वन]

11. ( क्र. 1843 ) श्री राहुल सिंह लोधी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) क्या अतारांकित प्रश्‍न क्र. 2099, दिनांक 19 जुलाई, 2019 में लगाये गये विधानसभा प्रश्‍न के जवाब में विभाग द्वारा खरगापुर विधानसभा में पलेरा ओर बल्देवगढ़ ब्लॉक में 2454.77 हैक्टेयर वन क्षेत्र पर अतिक्रमणकारियों का अवैध कब्जा बताया गया था? (ख) क्या कब्जेधारियों से आज दिनांक तक वन क्षेत्र की भूमि से अतिक्रमण हटा लिया गया है? यदि नहीं, तो कब तक हटाया जायेगा? यदि हाँ, तो सूचीवार जानकारी दें। (ग) बल्देवगढ़ ब्‍लॉक के कन्नपुर ग्राम पंचायत से सटे वन भूमि क्षेत्र 258.81 हेक्टेयर में से 69.36 हेक्टेयर जिस पर अन्य लोगों का अवैध कब्जा है यह वन क्षेत्र अतिक्रमणकारियों से कब तक खाली करा लिया जायेगा?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। टीकमगढ़ जिले में वनाधिकार 2006 के अंतर्गत दावों की जाँच प्रचलित है। दावों के निराकरण के उपरान्त नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जावेगी। (ग) प्रश्‍नांश '' अनुसार।

विद्यालयों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

12. ( क्र. 2392 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में दिसम्‍बर 18 से फरवरी 2021 तक की अवधि में कितनी प्राथमिक शालाओं का माध्‍यमिक शाला, माध्‍यमिक शाला का हाई स्‍कूल हायर सेकेण्‍डरी (10+2) में उन्‍नयन किया गया? (ख) रायसेन जिले में फरवरी 2021 की स्थिति में कितने हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल भवनविहीन हैं? उनके भवन निर्माण की क्‍या योजना है? विभाग द्वारा इस संबंध में भारत सरकार को प्रस्‍ताव कब-कब भेजे गये? (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में माननीय मंत्री जी तथा विभाग के अधिकारियों को रायसेन जिले के किन-किन विद्यालयों के उन्‍नयन हेतु किन-किन विधायकों एवं अन्‍य जनप्रतिनिधियों के पत्र अप्रैल 2018 से आज दिनांक तक कब-कब प्राप्‍त हुए तथा उन पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) किन-किन विद्यालयों का उन्‍नयन कब तक किया जायेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जिला रायसेन में दिसम्बर 2018 से फरवरी 2021 तक की अवधि में प्राथमिक/माध्यमिक/हाईस्कूल का उन्नयन नहीं किया गया।                         (ख) प्रश्नाधीन जिले में स्व-भवन विहीन हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों की संख्या 41 है। नवीन स्कूल भवन निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर करता है। शेष निरंक है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। बजट की उपलब्धता पर कार्यवाही की जाती है। (घ) शासन द्वारा सर्वसुविधा सम्पन्न, परिवहन एवं अन्य संसाधनों से युक्त सी.एम. राइज़ शालाओं की स्थापना किये जाने संबंधी कार्यवाही वर्तमान में प्रस्तावित है। उक्त परिप्रेक्ष्य में नवीन नीति अनुसार निर्णय लिया जा सकेगा।

परिशिष्ट - "तैंतीस"

संचालित योजनायें

[अनुसूचित जाति कल्याण]

13. ( क्र. 2394 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अनुसूचित जाति वर्ग के कल्‍याण के लिये भारत सरकार तथा राज्‍य सरकार द्वारा कौन-कौन सी योजनाए संचालित की जा रही है? पात्रता की शर्तों सहित पूर्ण विवरण दें। (ख) वर्ष 2018-19 से फरवरी 2021 तक की अवधि में किस-किस योजना में कितनी-कितनी राशि रायसेन जिले को प्राप्‍त हुई? उक्‍त राशि से क्‍या-क्‍या कार्य कहां-कहां करवाये तथा कितने हितग्राहियों को लाभ मिला? (ग) आकस्मि‍क उपचार हेतु आर्थिक सहायता उक्‍त अवधि में कितने व्‍यक्तियों को दी गई तथा इस हेतु किन-किन माध्‍यमों से कितने पत्र प्राप्‍त हुये? किन-किन पत्रों पर राशि नहीं दी गई तथा क्‍यों? (घ) क्‍या शैक्षणिक सत्र 2018-19 से फरवरी 2021 तक की अवधि में उक्‍त वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान क्‍यों नहीं हुआ? कब तक भुगतान होगा? इस हेतु विभाग के अधिकारियों को रायसेन जिले के किन-किन विधायकों के कब-कब पत्र प्राप्‍त हुये तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', '' एवं '' अनुसार है।                              (ग) आकस्मिक राहत एवं विद्यार्थी कल्‍याण योजना अंतर्गत उपचार हेतु आवेदन प्राप्‍त न होने से जानकारी निरंक है। (घ) जी नहीं, प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित अवधि में छात्रवृत्ति वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '' अनुसार है एवं प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

वैकल्पिक वृक्षा रोपण हेतु राजस्‍व भूमि

[वन]

14. ( क्र. 2397 ) श्री देवेन्‍द्र सिंह पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) क्‍या वनभूमि पर सड़क निर्माण की अनुमति में वनभूमि के बदले वैकल्पिक वृक्षारोपण हेतु राजस्‍व भूमि जि‍ला कलेक्‍टर द्वारा उपलब्‍ध कराई जाती है? यदि हाँ, तो इस संबंध में शासन के क्‍या-क्‍या निर्देश हैं? (ख) जिला रायसेन में 1 जनवरी 2018 से फरवरी 2021 तक की अवधि में किन-किन ग्रामों में सड़क निर्माण हेतु वन भूमि पर सड़क निर्माण की अनुमति में वन भूमि के बदले वैकल्पिक राजस्‍व भूमि उपलब्‍ध करवाने हेतु किन-किन के आवेदन पत्र कब-कब प्राप्‍त हुये? (ग) प्रश्नांश (ख) के आवेदन पत्रों पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) जिला रायसेन में लैण्‍डबैंक के पास कितनी राजस्‍व भूमि है तथा इसके अतिरिक्‍त भी वैकल्पिक वृक्षारोपण हेतु कितनी राजस्‍व भूमि सुरक्षित है।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अन्तर्गत कोई आवेदक संस्था व्यपवर्तन हेतु आवेदन करती है तो उसके बदले में वैकल्पिक वृक्षारोपण हेतु समतुल्य गैर वनभूमि आवेदक संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाईन की कंडिका 2.3 का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं राज्य शासन के निर्देश दिनांक 26.10.2005 पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) संबंधित विभाग द्वारा किए गए आवेदन के उपरांत जिलाध्यक्ष द्वारा उपलब्ध कराई गई गैर वनभूमि के संबंध में वन विभाग द्वारा किए गए पत्राचार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

बाघों (टाइगर) की हत्‍या/मृत्‍यु

[वन]

15. ( क्र. 2508 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) प्रदेश शासन ने टाइगर स्‍टेट म.प्र. में बाघों का संरक्षण, सुरक्षा, इलाज, वन्‍य प्राणियों पर अपराध शिकार रोकने हेतु क्‍या-क्‍या उपाय, व्‍यवस्‍थाएं व संसाधनों की व्‍यवस्‍था की है। इस पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई? वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक की जानकारी दें। (ख) प्रदेश में किन-किन टाइगर रिजर्व, नेशनल पार्कों, अभ्‍यारणों में कितने-कितने बाघ (टाइगर) हैं? इनमें वर्षवार कितनी-कितनी वृद्धि हुई हैं? कितने बाघों की मृत्‍यु (टेरिटोरियल फाइट) आपसी संघर्ष, बीमारी, जहरखुमारी, अवैध शिकार के कारण हुई है? अवैध शिकार के पंजीकृत कितने प्रकरणों में कितने शिकारियों/ अपराधियों को गिरफ्तार किया गया? उनके पास से कितनी कीमत की खाल, नाखून, दांत आदि बरामद की गई है और उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रदेश में कितने-कितने नये टाइगर रिजर्व, अभ्‍यारणों को बनाने के प्रस्‍ताव तैयार किये गये हैं। इन प्रस्‍तावों पर शासन ने क्‍या कार्यवाही की है?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) बाघों के संरक्षण, सुरक्षा एवं अपराध की रोकथाम हेतु उपायों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र'-1 अनुसार है। वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक संसाधनों पर किये गये व्‍यय की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

वर्ष

किया गया व्‍यय (राशि रूपये में)

2018-19

1,00,35,67,257

2019-20

1,00,52,24,194

2020-21

90,26,48,710

(ख) प्रदेश के संरक्षित क्षेत्रों में बाघों की संख्‍या पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 2 अनुसार है। अखिल भारतीय बाघ गणना 2018 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के टाइगर रिजर्व, राष्‍ट्रीय उद्यान, अभयारण्‍य एवं अन्‍य वन क्षेत्रों में 526 बाघ पाये जाते हैं। प्रदेश में बाघों की गणना प्रत्‍येक चार वर्षों में की जाती है। प्रतिवर्ष पृथक से बाघों की गणना नहीं की जाती है। जनवरी 2018 से फरवरी 2021 तक मृत बाघों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक बाघ के अवैध शिकार के पंजीकृत प्रकरणों एवं उनमें लिप्‍त शिकारियों/अपराधियों को गिरफ्तार एवं उन पर की गइ कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। बाघों के शिकार में लिप्‍त आरोपियों से जप्‍त वन्‍यप्राणी अवशेष का मूल्‍य बताना संभव नहीं है क्‍योंकि वन्‍यप्राणी अवशेषों का विक्रय नहीं किया जाता है। (ग) रातापानी अभयारण्‍य को रातापानी टाइगर रिजर्व बनाये जाने का प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर विचाराधीन है। इसके अतिरिक्‍त प्रदेश के आरक्षित वनों में 11 अभयारण्‍य बनाये जाने के प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर विचाराधीन हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।

अतिक्रमण हटाने तथा बाउण्‍ड्रीवॉल बनाना

[स्कूल शिक्षा]

16. ( क्र. 2680 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शास. कन्‍या उ.मा.वि. सारंगपुर जिला-राजगढ़ को भूमि तथा भवन निर्माण हेतु राजस्‍व विभाग द्वारा कितनी भूमि कब आवंटित की गई थी तथा आवंटित भूमि पर कब और कैसे किन-किन लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है? (ख) संस्‍था को आवंटित भूमि पर शिवधाम बिल्‍डर सारंगपुर द्वारा अतिक्रमण कर कितनी भूमि पर कब्‍जा करके सड़क तथा बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण किया गया है? इस अतिक्रमण को अभी तक क्‍यों नहीं हटाया गया है? कब तक हटाया जाएगा, ताकि संस्‍था में अध्‍ययनरत छात्राओं तथा कार्यरत स्‍टाफ अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सकें?                                        (ग) आयुक्‍त भोपाल संभाग भोपाल तथा कलेक्‍टर राजगढ़ द्वारा शास. कन्‍या उ.मा.वि. सारंगपुर जिला राजगढ़ की भूमि पर अवैध अतिक्रमण को हटाकर उनसे भूमि वापिस कब तक ली जायेगी तथा सारंगपुर के भ्रष्‍ट प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अभी तक संस्‍था परिसर से अतिक्रमण नहीं हटाने पर उनके विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जाएगी? (घ) संस्‍था की आवंटित भूमि पर सीमांकन कर बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण कब तक करवाया जाएगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रश्नाधीन विद्यालय को दिनांक 17.05.79 को 1.570 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई थी। आवंटित भूमि पर राधेश्याम पिता मदनलाल (शिवधाम बिल्डर) एवं अयोध्या प्रसाद पिता रामप्रसाद के द्वारा वर्ष 2009 में अतिक्रमण किया गया है। (ख) आवंटित भूमि पर अतिक्रमणकर्ता राधेश्याम पिता मदनलाल (शिवधाम बिल्डर) द्वारा कुल रकबा 1.570 हेक्टेयर में से 0.070 हेक्टेयर पर अतिक्रमण किया गया है। अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही राजस्व विभाग से संबंधित है एवं अतिक्रमण हटाने संबंधी प्रकरण न्यायालय नायब तहसीलदार सारंगपुर में प्रचलित है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।                            (ग) प्रश्नाधीन प्रकरण में राजस्व विभाग द्वारा विहित प्रक्रिया के अंतर्गत कार्यवाही प्रचलित है। अतः शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) भूमि सीमांकन संबंधी प्रकरण न्यायालय नायब तहसीलदार सारंगपुर में प्रचलित है। अतः निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शिक्षा विशारद प्रशिक्षण के अं‍क तथा मान्‍यता

[स्कूल शिक्षा]

17. ( क्र. 2681 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया 2001 तथा 2003 एवं 2006-07 में हिन्‍दी साहित्‍य सम्‍मेलन इलाहाबाद की शिक्षा विशारद की अंकसूची सिवनी के कितने जनपद पंचायतों में मान्‍य की गई थी? (ख) शिक्षा विशारद की मान्‍यता 2004 तक होने पर केन्‍द्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड की मान्‍यता होने पर आवेदकों को प्रशिक्षण के अंक प्रदान किये गये थे? (ग) म.प्र. संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में 2001 एवं 2003 तथा 2006-07 जनपद पंचायतों तथा जिला पंचायतों में शिक्षा विशारद प्रशिक्षण को बी.एड. तथा बी.टी.सी. किसके समकक्ष माना गया था।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) संविदा शाला शिक्षक भर्ती वर्ष 2003 में मात्र जनपद पंचायत लखनादौन के द्वारा हिन्दी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद की शिक्षा विशारद की अंकसूची को मान्य किया गया है। वर्ष 2001, वर्ष 2006-2007 में जानकारी निरंक है। हिन्दी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद की शिक्षा विशारद की उपाधि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त नहीं है। (ख) सिवनी जिले में वर्ष 2003 के पश्चात हिन्दी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद की शिक्षा विशारद की अंकसूची को किसी भी जनपद पंचायत/जिला पंचायत द्वारा मान्य नहीं किया गया है। (ग) संविदा शाला शिक्षक भर्ती 2001, 2003 एवं 2006-2007 में शिक्षा विशारद प्रशिक्षण को बी.एड. तथा बी.टी.सी. के समकक्ष मानने संबंधी कोई निर्देश विभाग द्वारा जारी नहीं किये गये थे।

पूर्व संविदा विकासखण्‍ड समन्वयक के सम्बन्ध में

[स्कूल शिक्षा]

18. ( क्र. 2833 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्य शिक्षा केंद्र के पत्र क्रमांक 1304 दिनांक 26/3/2003 के द्वारा समस्त कलेक्टर को पत्र जारी किया गया था जिसमें सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत विकासखण्‍ड स्तर पर विकासखण्‍ड स्रोत केंद्र समन्वयक के रूप में व्याख्याता की प्रतिनियुक्ति करने के निर्देश दिए गए थे? (ख) यदि हाँ, तो इसके साथ परिशिष्ट अ,, , द संलग्न किए गए थे? इसमें से परिशिष्ट (ब) में विकासखण्‍ड समन्वयक व्याख्याता के रूप में विकासखण्‍ड में प्रतिनियुक्ति हेतु पदों की संख्या प्रदर्शित की गई थी? इन संख्याओं में संविदा आधार पर बी.आर.सी. जिन जिलों में पदस्थ थे वहां उनको छोड़कर नियुक्ति हेतु पद दर्शाए गए थे, जैसे सतना में एक राजगढ़ मंदसौर नीमच रतलाम में शून्य।                      (ग) यदि हाँ, तो व्याख्याता वेतनमान पर पदस्थ संविदा बी.आर.सी.सी. को उनके पद से पृथक क्यों किया गया जबकि पद रिक्त न थे? स्पष्ट करें। (घ) क्या इनमें से राजगढ़ सतना व अन्य जिले के संविदा बी.आर.सी.सी. को वर्ष 2011में ही माननीय हाईकोर्ट ने पुन: मूल पद बी.आर.सी.सी. पर नियुक्त करने का आदेश पारित किया था? (ड.) यदि हाँ, तो फिर भी अभी तक इन्हें इनके मूल पद पर नियुक्त क्यों नहीं किया गया है? इसके पीछे कारण क्या है और कब तक इन्हें न्याय स्वरूप सभी अधिकारों के साथ बी.आर.सी.सी. पद पर नियुक्त किया जायेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) राजीव गांधी शिक्षा मिशन के परिपत्र दिनांक 04/04/2003 की कण्डिका 2.2.4 अनुसार पृथक नहीं किया गया, अपितु योग्यतानुसार विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक की नए ढांचे में पूर्व से प्राप्त संविदा वेतन पर समायोजित किया गया। (घ) जी हाँ। (ड.) प्रकरण नीतिगत होने के कारण समप्रकृत्ति के प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा दिये निर्णय के विरूद्ध शासन की ओर से माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में डब्ल्यू.ए. क्रमांक 120/2011 एवं माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में डब्ल्यू.ए. क्रमांक 916/2015 एवं डब्ल्यू.ए. क्र. 917/2015 दायर की गई है। वर्तमान में प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। माननीय न्यायालय के आगामी निर्णय पर नियमानुसार परीक्षण कर कार्यवाही की जावेगी।

मध्यप्रदेश शिक्षकों की भर्ती

[स्कूल शिक्षा]

19. ( क्र. 3012 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले में कितने शिक्षकों की कमी है? जानकारी उपलब्ध करवाये। रिक्त पदों की भर्ती के लिए क्या योजना बनाई गई है? (ख) क्या मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 की प्रक्रिया रोक दी गई है? यदि हाँ, तो किन कारणों से रोकी गई है और कब तक प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी? (ग) शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में विलंब होने से छात्रों की पढ़ाई के लिए क्या वैकल्पिक उपाय किये गये हैं?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) राजगढ़ जिले में 1481 शिक्षकों की कमी है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। प्रदेश में उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 15000 एवं माध्यमिक शिक्षकों के 5670 पदों की भर्ती प्रक्रियाधीन है, जिससे रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी। (ख) जी नहीं। अपितु कोरोना महामारी के कारण प्रावधिक रूप से चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया स्थगित की गई है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) विद्यालयों में अध्यापन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने हेतु रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षक की व्यवस्था किए जाने का प्रावधान है।

परिशिष्ट - "चौंतीस"

छात्रावासों में कार्यरत वार्डन की आर्थिक अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

20. ( क्र. 3171 ) श्री रामलाल मालवीय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में विधानसभा क्षेत्र घटिया में समग्र शिक्षा अभियान के अन्‍तर्गत संचालित कितने छात्रावासों में आर्थिक अनियमितता की दोषी वार्डन पाई गई है? वर्ष 2015 से अब तक की जानकारी देवें। उक्त छात्रावासों में कितनी आर्थिक अनियमितता की शिकायतें जिला शिक्षा केंद्र को प्राप्त हुई है और जिला शिक्षा केंद्र ने आर्थिक अनियमितताओं को लेकर सजगता से कितनी विभागीय जाँच की है? ब्यौरा देवें। (ख) वार्डनों की आर्थिक अनियमितताओं को दूर करने के लिए और आर्थिक पारदर्शिता के लिए जिला शिक्षा केंद्र स्तर से राज्य शिक्षा केंद्र स्तर से वर्ष 2015 से आज तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? पूर्ण विवरण सहित सूची उपलब्ध कराएं। (ग) जिला शिक्षा केंद्र उज्‍जैन में वार्डन की अनियमितताओं को लेकर रिपोर्ट मिलने के बाद कितनी वार्डन को दोबारा रखा गया है? उनके नाम, पते सूची और जिम्मेदार अधिकारी की सूची जिन्होंने आर्थिक अनियमितता में दोषी होने के बाद भी उन्हें दोबारा वार्डन के पद पर रखा ऐसे अधिकारियों के नाम पते की सूची और उन पर क्या कार्रवाई की गई?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विधान क्षेत्र घटिया में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की पानबिहार की वार्डन भण्‍डार क्रय नियम का पालन नहीं करने की दोषी पाई गई। जिला शिक्षा केन्‍द्र को 01 शिकायत प्राप्‍त हुई जिसकी जाँच जिला स्‍तर से कराई गई जाँच प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) वार्डन एवं सहायक वार्डन का छात्रावास संचालन हेतु राज्‍य स्‍तर से प्रशिक्षण एवं जिला स्‍तर से समय- समय पर उन्‍मुखीकरण किया जाता है। शाला/छात्रावास प्रबंधन समिति का गठन किया गया।                  (ग) उज्‍जैन जिले में विधानसभा क्षेत्र घटिया में संचालित किसी भी छात्रावास में रिपोर्ट मिलने के बाद वार्डन को दुबारा नहीं रखा गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कन्या विवाह एवं निकाह योजना के संबंध में

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

21. ( क्र. 3196 ) सुश्री चंद्रभागा किराड़े : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में कन्या विवाह एवं निकाह योजना में प्रश्न दिनांक कि स्थिति में कितने प्रकरणों का भुगतान नहीं हुआ है एवं वे कब से लंबित है? कारण सहित स्पष्ट किया जावें।                                (ख) प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में आयोजित हुए कन्या विवाह एवं निकाह योजना, के कुल कितने हितग्राहियों को प्रश्न दिनांक तक योजना का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है? उनकी सूची दी जाऐ एवं जिम्मेदार अधिकारियों के नाम, पदनाम की जानकारी देवें एवं कब तक योजना का लाभ प्राप्त हो जाएगा? तिथी बतावें।

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) बड़वानी जिले में वर्ष 2019-20 की अवधि में संपन्न मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजनातर्गत कन्या विवाह के समस्त हितग्राहियों को भुगतान किया जा चुका है एवं निकाह योजना के 28 हितग्राहियों का भुगतान प्रक्रियाधीन है। (ख) बड़वानी जिले की पानसेमल विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नगर परिषद पलसूद में संपन्न मुख्यमंत्री निकाह योजनान्तर्गत 03 हितग्राहियों के भुगतान की स्थिति उत्तरांश "क" के अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वन अधिकार अधिनियम अन्तर्गत वन भूमि की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

22. ( क्र. 3202 ) श्री मुकेश रावत (पटेल) : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वन अधिकार अधिनियम 2006 के अनुसार वन भूमि पर काबिज 13 दिसम्बर 2005 से पूर्व से निवासरत आबादी को कौन-कौन सी सुविधाएं प्रदत्त है? (ख) मध्यप्रदेश में उपरोक्त कंडिका (क) के अधिनियम अन्तर्गत कितने जिलों में वन ग्राम चिन्हित किए गए जिलेवार चिन्हीत ग्रामों की सूची देवें। (ग) अभी तक मध्यप्रदेश के उपरोक्त कंडिका (ख) में चि‍न्हित जिलों में कृषि भूमि एवं आवास भूमि के कितने लोगों को पट्टे का वितरण किया गया है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) संशोधित नियम 2012 के नियम 16 के अनुसार वन अधिकार धारकों को दावा पश्चात् सहायता और सहयोग ''राज्य सरकार अपने विभागों विशेषकर जनजाति और समाज कल्याण, पर्यावरण और वन, राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज और अन्य वन निवासी अनुसूचित जनजातियों और अन्य परम्परागत वनवासियों के उत्थान से सुसंगत अन्य विभागों के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगी कि सभी सरकारी स्कीमों जिनके अन्तर्गत भूमि सुधार, भूमि उत्पादकता मूल सुविधाओं और जीवनयापन उपायों से संबंधित स्कीमों को ऐसे दावाकर्ताओं को और समुदायों जिनके अधिकारों को इस अधिनियम के अधीन मान्यता दी गई है और विहित किया गया है के लिये उपबंध किया जा सके। (ख) मध्यप्रदेश में स्थित वन ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) वन ग्रामों वाले जिलों में कृषि भूमि एवं आवास भूमि के 198646 वन अधिकार पत्रों का वितरण किया गया।

निर्माण कार्यों एवं व्‍यय की जानकारी

[अनुसूचित जाति कल्याण]

23. ( क्र. 3242 ) श्री राकेश मावई : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुरैना जिले को वर्ष 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना-कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ तथा जिला कार्यालय ने कितना-कितना जारी किया गया? जारी किये गये आवंटन में से कितनी-कितनी राशि का उपयोग किया गया? वर्षवार, विधानसभावार आवंटित बजट की जानकारी देवें। (ख) जिला मुरैना अन्‍तर्गत विधानसभा क्षेत्र मुरैना में विभाग द्वारा वर्ष 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक कहां-कहां पर कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य किसकी अनुशंसा से किस सक्षम अधिकारी द्वारा कब-कब स्‍वीकृत किये गये? वर्षवार एवं कार्यवार जानकारी देवें। इन कार्यों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति कितनी-कितनी राशि की जारी की गई? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार किये गये कार्यों में से कितने पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने किन कारणों से अपूर्ण हैं? पूर्ण कार्यों में किस सक्षम अधिकारी द्वारा पूर्णत: प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार निर्णय कार्य किस एजेंसी/अधिकारी/कर्मचारी की लापरवाही के कारण अपूर्ण हैं? कारण सहित सूची उपलब्‍ध करायें। क्‍या उपरोक्‍त कार्यों में कोई शिकायत प्राप्‍त हुई? यदि हाँ, तो कहां-कहां पर? कार्यवार जानकारी देवें

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। मुख्‍यालय/जिला स्‍तर से विधानसभावार आवंटन जारी करने का प्रावधान नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। पूर्ण कार्यों के समस्‍त पूर्णता प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी सहायक यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा जारी किये गये हैं। (घ) प्रश्‍नांश अवधि में कुल स्‍वीकृत 13 कार्यों में से 09 कार्य पूर्ण हैं शेष 04 कार्य पूर्णता पर हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। अपूर्ण कार्यों के संबंध में कार्यालय स्‍तर पर कोई भी शिकायत प्राप्‍त नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राष्‍ट्रपति पुरस्‍कार प्राप्‍त शिक्षकों की पदोन्‍नति

[स्कूल शिक्षा]

24. ( क्र. 3409 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राष्‍ट्रपति पुरस्‍कार प्राप्‍त शिक्षकों को दो वेतन वृद्धि और पारी बाहर पदोन्‍नति दिए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो वर्ष 2009 से प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति क्‍या है? (ख) वर्ष 2000 से 2015 तक राष्‍ट्रपति पुरस्‍कार प्राप्‍त कितने शिक्षकों को पारी बाहर पदोन्‍नति प्रदाय की गई है? सूची सहित बतायें। (ग) वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने शिक्षकों को पारी बाहर पदोन्‍नति प्रदान की गई है? नामवार सूची बतावें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) से (ग) जी हाँ। स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत सहायक शिक्षक से शिक्षक एवं शिक्षक से प्रधानाध्यापक मा.वि. के पद पर पारी बाहर पदोन्नति एवं दो वेतनवृद्धि की जानकारी पुस्तकालय रखे में परिशिष्ट अनुसार है।

पुलिया निर्माण में अनियमितता

[वन]

25. ( क्र. 3413 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                           (क) कार्यालय वन परिक्षेत्राधिकारी (सामान्‍य) पानीगांव बिजवाड़, जिला देवास अंतर्गत परिक्षेत्र अधिकारी को क्रय संबंधी अधिकार कितने हैं? आदेश (शासन/प्रमुख वन संरक्षक द्वारा आदेशित अथवा फॉरेस्‍ट मैन्‍यूअल अनुसार) की छायाप्रति दें। (ख) प्रश्‍नांकित परिक्षेत्र पानीगांव के अंतर्गत ग्राम रतवाय पुलिया निर्माण में किस लंबाई चौड़ाई एवं कितने पाईप डाले गये? क्‍या इसमें अतिरिक्‍त सड़क भी स्‍वीकृत थी? निर्माण लागत परिक्षेत्र अधिकारी के क्रय अधिकार सहित पूर्ण जानकारी दें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत की गई है? यदि नहीं, तो क्‍या उच्‍च अधिकारियों द्वारा निर्माण की जाँच कराई गई? यदि जाँच नहीं कराई गई तो क्‍यों, कारण दें। यदि हाँ, तो किसके द्वारा कब जाँच कराई गई? जाँच के परिणाम क्‍या हैं? (घ) परिक्षेत्र अंतर्गत कितने सुरक्षाकर्मी स्‍थायी एवं अस्‍थायी पदस्‍थ हैं और कहां-कहां कार्यरत हैं? किस-किस मद से कितनी राशि दी जा रही है?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) वन परिक्षेत्र अधिकारी को क्रय संबंधी अधिकार नहीं है। (ख) पानीगांव परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रतवाय में खाल पर 10 मीटर रपटा निर्माण कार्य वनोपज संघ की स्‍वीकृति से (अधोसंरचना विकास मद) अंतर्गत करवाया गया है। इसमें 2.5 मीटर लम्‍बाई एवं 1000mm के 5 पाईप डाले गये हैं। इसमें अतिरिक्‍त सड़क स्‍वीकृत नहीं थी। इसकी निर्माण लागत राशि रूपये 4.96 लाख है। वन परिक्षेत्र अधिकारी के क्रय अधि‍कार निरंक है। (ग) प्रश्‍नांकित निर्माण कार्य में गड़बड़ी की कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई। अत: जाँच का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है।

परिशिष्ट - "पैंतीस"

विभागीय मदों में आवंटन एवं व्‍यय की जानकारी

[वन]

26. ( क्र. 3414 ) श्री सुखदेव पांसे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                                                              (क) कार्यालय वन परिक्षेत्राधिकारी (सामान्‍य) पानीगांव बिजवाड़, जिला देवास अंतर्गत दिनांक 01 अप्रैल, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस मद में शासन से कितनी राशि प्राप्‍त हुई एवं कहां-कहां व्‍यय की गई हैं? (ख) प्रश्‍नांकित अवधि में तालाब निर्माण, डबरी खुदाई क्षेत्रफल सहित जानकारी देवें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित कार्यों अनियमितता की शिकायतें विभाग को प्राप्‍त हुई हैं? यदि नहीं, तो क्‍या विभाग वरिष्‍ठ अधिकारियों से मौके पर जाकर जाँच करा कर दोषी अधिकारियों पर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेगा?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) वन परिक्षेत्राधिकारी (सामान्‍य) पानीगांव बिजवाड़, जिला देवास अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में प्राप्‍त एवं व्‍यय राशि का विवरण  संलग्‍न परिशिष्‍ट में है।                                 (ख) प्रश्‍नांकित अवधि में भू-जल संरक्षण एवं वन्‍यप्राणियों को गर्मी में पानी की उपलब्‍धता हेतु डबरी निर्माण का कार्य 15590 घन मीटर कराया गया है, इसके अतिरिक्‍त वन्‍यप्राणियों को पानी उपलब्‍ध कराने के लिये 04 तालाब एवं 04 सॉसर का निर्माण कैम्‍पा मद से कराया गया है।                                  (ग) प्रश्‍नांकित कार्यों में अनियमितता संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: दोषी कर्मचारियों/अधिकारियों पर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं है।

परिशिष्ट - "छत्‍तीस"

प्राचार्य का निलंबन

[जनजातीय कार्य]

27. ( क्र. 3435 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या रतलाम जिले मलवासा हाई स्‍कूल में विनायक दामोदर सावरकर की जीवनी वाले कवर पेज की कापियां बांटने पर प्राचार्य आर.एन. केरावत को बिना अनुमति कापियां बांटने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था? यदि हाँ, तो कब एवं किसकी शिकायत पर? (ख) क्‍या उक्‍त प्राचार्य का निलंबन समाप्‍त कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कब। (ग) जानकारी दें कि निर्धन छात्रों को कापी/ पुस्‍तकें/गणवेश बांटने के लिए भी शासन की अनुमति आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो क्‍यों।

नजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) विभागीय संस्‍था नहीं है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश में प्रारंभ की गयी गौशालाएं

[पशुपालन एवं डेयरी]

28. ( क्र. 3453 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा बड़े उद्योगपतियों के सहयोग से प्रदेश में गौपालन को बढ़ावा देने हेतु गौशाला खोलने हेतु योजना बनाई गयी थी। (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश सरकार द्वारा जनवरी, 2019 से अभी तक जिलेवार कितनी गौशालाएं प्रारंभ की गयी? (ग) होशंगाबाद जिले में कितनी गौशालाएं किन-किन स्‍थानों पर प्रारंभ की जाना हैं? इसमें गायों के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं होंगी? (घ) जानकारी दें कि गायों के लिए प्रति गौवंश प्रतिदिन कितनी राशि दी जावेगी? (ड.) गौशालाओं पर पड़ने वाले वित्‍तीय भार में से कितनी राशि शासन देगा एवं कितनी उद्योगपतियों एवं दान से आवेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) उपरोक्‍त (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जिला होशंगाबाद में कोई गौशाला प्रारंभ नहीं की गई है। (घ) कोई गौशाला नहीं खोली गई है इसलिए राशि देने का प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ड.) शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

सेवानिवृत्त शिक्षकों के उपादान राशि एवं ग्रेच्युटी राशि

[स्कूल शिक्षा]

29. ( क्र. 3559 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिला अंतर्गत सेवानिवृत्त शिक्षकों के उपादान राशि ग्रेच्युटी राशि का भुगतान किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि रीवा जिला के संकुल केन्द्र शा.उ.माध्य.विद्यालय बरहुला अंतर्गत सेवानिवृत्त शिक्षक श्री शंभू प्रसाद द्विवेदी पिता श्री मोतीलाल दुबे निवासी ग्राम चैखण्डी के उपादान राशि भुगतान के संबंध में क्या माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा आदेश पारित किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के उपरांत भी उपादान राशि का भुगतान क्यों नहीं किया जा सका? प्रश्नांश (क) में वर्णित सेवानिवृत्त शिक्षक की उपादान राशि का भुगतान कब तक किया जा सकेगा? (ग) उपादान राशि भुगतान में विलंब किये जाने तथा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारी/ कर्मचारी के विरुद्ध विभाग के द्वारा क्या कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। उपादान राशि के स्वीकृति एवं भुगतान प्रतिवादी क्रमांक-2 के अधिकारिता क्षेत्र में नहीं आता है। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में श्री शम्भू प्रसाद द्विवेदी, से.नि. सहायक शिक्षक के भविष्य निधि खाता क्रमांक ई.डी./एन.एम.पी. 297411 में ऋणात्मक राशि रू. 5,12,664 में अतिरिक्त ब्याज सहित वसूली निकलने के कारण उपादान राशि का भुगतान रोका गया। जिला शिक्षा अधिकारी, जिला रीवा द्वारा पत्र दिनांक 04.03.2021 को संबंधित को उक्त राशि चालान के माध्यम से जमा कराने के निर्देश दिए गये है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

लंबित वेतनमान एवं एरियर्स का भुगतान

[स्कूल शिक्षा]

30. ( क्र. 3560 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सत्य है कि म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश क्रं./एफ-12/2005/20-1/भोपाल दिनांक 08.10.2017 के द्वारा उपशाला शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान/एरियर्स राशि प्रदाय किये जाने के संबंध में उल्लेख किया गया था? यदि हाँ, तो ऐसे उपशाला शिक्षकों को लंबित वेतनमान एवं एरियर्स भुगतान न किये जाने का क्या कारण है? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित आदेश के परिप्रेक्ष्य में रीवा जिले के कितने उपशाला शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान एरियर्स राशि प्रदान की गई है? इसी आदेश के परिप्रेक्ष्य में जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के आदेश क्रं./स्था.-3/नि.वे./2020/351 दिनांक 25.06.2020 में वर्णित उपशाला शिक्षक श्री शंभू प्रसाद द्विवेदी को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान/एरियर्स राशि के साथ ही बढ़े हुए वेतनमान अनुसार पेंशन का लाभ क्यों नहीं दिया गया? (ग) यह कि प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में शिक्षक को श्री शंभू प्रसाद द्विवेदी को कब तक लंबित वेतनमान एवं एरियर्स का भुगतान किया जा सकेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ, अपितु म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-12/2005/20-1 दिनांक 18.10.2017 के द्वारा उपशाला शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान/एरियर्स राशि प्रदान किये जाने के संबंध में उल्लेख किया गया है। आदेश की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। जिला शिक्षा अधिकारी जिला रीवा अन्तर्गत उपशाला शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान एरियर्स राशि का भुगतान की स्वीकृति दी जा चुकी है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश '' में वर्णित आदेश के परिप्रेक्ष्य में रीवा जिला अन्तर्गत 717 उपशाला शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान संबंधी आदेश समय-समय में जारी किये गये है एवं एरियर्स राशि की भुगतान की कार्यवाही हेतु संकुल प्राचार्य व संबंधित आहरण संवितरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। आदेश की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। उक्त वर्णित आदेश के सरल क्रमांक 03 पर अंकित श्री शंभू प्रसाद द्विवेदी सेवानिवृत्ति उपशाला शिक्षक को जिला शिक्षा अधिकारी जिला रीवा द्वारा नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान एरियर्स के भुगतान किये जाने के आदेश दिनांक 25.06.2020 को जारी कर दिये गये हैं। उक्त अनुक्रम में नियमानुसार देय स्वत्वों के लाभ प्राप्त हो सकेंगे। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

संचालित योजनाओं की जानकारी

[वन]

31. ( क्र. 3689 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                             (क) मध्‍यप्रदेश में वन विभाग द्वारा वन क्षेत्रों में सघनीकरण एवं नये वन क्षेत्रों के विकास हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित योजनाओं में अप्रैल 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक मुख्‍य वन संरक्षक शहडोल अंतर्गत किस-किस मद में कौन-कौन से कार्य हेतु कितना-कितना धन आवंटन हुआ? पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा के अंतर्गत वन विभाग द्वारा अप्रैल 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण कार्य, बिगड़े वन सुधार, प्‍लान्‍टेशन, कराये गये हैं? कार्यवार स्‍वीकृत राशि, किये जाने वाले कार्यों की जानकारी बतावें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में कराये गये कार्यों में जाब दर से भुगतान किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो जाब दर से भुगतान न करने वाले शासकीय सेवकों के विरूद्ध विभाग क्‍या कोई कार्यवाही करेगा?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) वनक्षेत्रों के सघनीकरण एवं नये वनक्षेत्रों के विकास हेतु कार्य आयोजनाओं का क्रियान्वयन कैम्पा, ग्रीन इण्डिया मिशन, गहन वन प्रबंधन, वानिकी विस्तार, बांस मिशन आदि योजनाएँ संचालित है। स्थानीय समुदाय का सहयोग प्राप्त करने के लिये संयुक्त वन प्रबंधन का संकल्‍प लागू है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। पुष्पराजगढ़ विधानसभा से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जॉबदर से कार्य न कराये जाने का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

 

 

भा.व.अ. 1927 की धारा 5 से 19 के संबंध में

[वन]

32. ( क्र. 3718 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                     (क) भा.व.अ. 1927 की धारा 4 में किस दिनांक को अधिसूचित किस वनखण्‍ड में शामिल कितनी भूमियों की धारा 5 से 19 तक की जाँच एवं कार्यवाही अनुविभागीय अधिकारी बैतूल, मुलताई एवं भैंसदेही के पास वर्तमान में लंबित है? इसमें से किस वनखण्‍ड का प्रकरण किस दिनांक को जाँच के लिए प्रस्‍तुत किया गया? (ख) धारा 5 से 19 तक की जाँच के लिए प्रस्‍तावित भूमि किस-किस जंगल मद एवं गैर जंगल मद में किस-किस सार्वजनिक एवं निस्‍तारी प्रयोजन के लिए राजस्‍व अभिलेखों में दर्ज भूमि है? इनमें से कितनी भूमि वर्तमान में वन विभाग के कब्‍जें में है? (ग) धारा 5 से 19 तक की जाँच के लिए लंबित भूमियों को वर्किंग प्‍लान में शामिल कर कब्‍जा करने की अनुमति कलेक्‍टर बैतूल एवं अनुविभागीय अधिकारी बैतूल, मुलताई एवं भैंसदेही ने किस दिनांक को प्रदान की? अनुमति में क्‍या-क्‍या उल्‍लेख किया है?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (ख) जानकारी संकलित की जा रही है।                                                  (ग) भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 5 से धारा 19 तक की कार्यवाही के लिये लंबित भूमियाँ पूर्व से ही भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के तहत संरक्षित वन घोषित हैं। उक्त भूमियों का स्वरूप संरक्षित वन होने से वर्किग प्लान में शामिल हैं। शेष प्रश्नांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

केमिकल उपयोग की रिपोर्ट

[वन]

33. ( क्र. 3719 ) श्री ब्रह्मा भलावी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                     (क) देवास वनमण्‍डल के अंतर्गत गत तीन वर्षों में किस-किस के विरूद्ध कितने सालई गोंद एवं धावड़ा गोंद का किस धारा में वन अपराध पंजीबद्ध किया गया? इसमें से किस गोंद का उत्‍पादन किस केमिकल से किया जाना किस प्रयोगशाला ने प्रतिवेदित किया? प्रयोगशाला रिपोर्ट का विवरण सहित बतावें। (ख) मध्‍यप्रदेश राजपत्र में दिनांक 4 जुलाई 2003 को प्रकाशित अधिसूचनाओं के अनुसार सालई गोंद एवं धावड़ा गोंद से संबंधित क्‍या-क्‍या छूट दी गई? इन अधिसूचनाओं में वन अपराध पंजीबद्ध करने बाबत् क्‍या-क्‍या अधिकार दिया गया? पृथक-पृथक बतावें। (ग) 4 जुलाई 2003 को अधिसूचना में दी गई छूट के बाद भी सालई गोंद एवं धावड़ा गोंद के प्रकरण बनाए जाने का क्‍या कारण रहा है? शासन इसके लिए किसे दोषी एवं जिम्‍मेदार मानता है? पद व नाम सहित बतावें।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  के प्रपत्र- 1 अनुसार है। उक्त प्रकरण में जप्त किये गये धावड़ा मिश्रित गोंद का सेम्पल भारतीय प्राकृतिक राल एवं गोंद संस्थान नमकूम रांची, झारखंड प्रयोगशाला में वन परिक्षेत्राधिकारी, उदयनगर के पत्र क्रमांक/माचि/2018/1366 दिनांक 18.09.2018 से भेजा गया था। सेम्पल की जाँच रिपोर्ट अपेक्षित है। (ख) मध्यप्रदेश शासन के राजपत्र दिनांक 04 जुलाई, 2003 में प्रकाशित अधिसूचना दिनांक 28 जून, 2003 अनुसार कुल्लू गोंद को छोड़कर हर्रा तथा समस्त प्रकार की गोंद सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में विनिर्दिष्ट वनोपज नहीं रहेगी। अधिसूचना की प्रति  संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 (च) के अनुसार कोई व्यक्ति जो किसी वृक्ष को काटेगा, वृक्ष को सुखाने के उद्देश्‍य से उसके चारों ओर गहरा घाव (Girdle) बनायेगा, छांटेगा, छेदेगा (गोंद आदि निकालने के उद्देश्‍य से घाव बनाना), उसे जलायेगा या उसकी छाल उतारेगा, नुकसान पहुंचायेगा आदि उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के अधिकार दिये गये हैं। (ग) वनमंडल क्षेत्रीय देवास के वनक्षेत्रों में स्थित सलाई एवं धावड़ा वृक्षों की छाल निकालकर घावटी लगाकर वृक्षों को नुकसान पहुंचाने पर प्रकरण दर्ज किये गये हैं व निकाली गई गोंद को जप्त किया गया है। शासन इसके लिये किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को दोषी नहीं मानता है, अतः शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "सैंतीस"

निवेश बढ़ाने हेतु समिट का आयोजन

[चिकित्सा शिक्षा]

34. ( क्र. 3751 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में शिक्षा एवं स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने हेतु वर्ष 2019 में इंदौर में आयोजित (समिट) में कोई करार किए गए हैं? यदि हाँ, तो जानकारी प्रदान करावें। (ख) क्‍या मुरैना जिले में शासन चिकित्‍सा महाविद्यालय की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो उसका कब तक कार्य प्रारंभ होगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं। चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के कोई करार नहीं किया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता (ख) जी नहीं। भारत शासन की CSS Phase-3 योजना अंतर्गत प्रस्‍ताव भारत शासन को प्रेषित है।

विमुक्‍त घुमक्‍कड एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजाति की योजनाएं

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण]

35. ( क्र. 3761 ) श्री अजब सिंह कुशवाह : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजाति विभाग की कौन-कौन की योजनाएं संचालित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार इन योजनाओं के तहत विगत 3 वर्ष में कितने लोग लाभान्वित हुए है? जानकारी उपलब्‍ध करावें।

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "अड़तीस"

 

 

संचालित विकास योजनाएं

[जनजातीय कार्य]

36. ( क्र. 3827 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सहायक संचालक आदिम जाति कल्‍याण विभाग जिला जबलपुर को अनुसूचित जाति-जनजाति कल्‍याण से संबंधित राज्‍य एवं केन्‍द्र प्रवर्तित संचालित किन-किन योजनामद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई तथा कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई? अधोसंरचना विकास कार्यों पर कितनी राशि व्‍यय हुई? किन-किन योजनान्‍तर्गत कितनी-कितनी राशि का उपयोग नहीं किया है एवं क्‍यों? वर्ष 2017-18 से 2020-21 तक की वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दें। (ख) शासन में प्रश्‍नांकित किन-किन योजनान्‍तर्गत कितनी-कितनी राशि के किन-किन विकास एवं निर्माण कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि की वित्‍तीय एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति दी है? इनके लिये कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी-कितनी राशि का कब से आवंटन नहीं किया गया है एवं क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांकित किन-किन योजनान्‍तर्गत कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य किस एजेंसी से कराये गये? कौन-कौन से कार्य कब से अपूर्ण, निर्माणाधीन व अप्रारंभ है एवं क्‍यों? इन कार्यों की निर्माणाधीन अवधि व लागत क्‍या है? (घ) प्रश्‍नांकित किन-किन योजनाओं से संबंधित स्‍वीकृत कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य कब से नहीं कराये गये हैं? इन कार्यों हेतु शासन ने कब कितनी-कितनी राशि आवंटित की है एवं कितनी राशि कब से आवंटित नहीं की गई है एवं क्‍यों?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।                                             (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

कार्यान्वित विकास में आदिवासियों की भागीदारी

[जनजातीय कार्य]

37. ( क्र. 3908 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन द्वारा ग्रामस्तर पर कम्प्यूटर एवं तकनीकी शिक्षा प्रदान किए जाने हेतु कोई योजना संचालित है? यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा दें। (ख) प्रदेश के 89 ट्राईबल ब्लाकों समेत आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कम्प्यूटर एवं तकनीकी शिक्षा हेतु किस दिनांक से किस योजना के तहत क्या कार्यक्रम संचालित है? कम्प्यूटर एवं तकनीकी शिक्षा में आदिवासियों के पिछड़े होने के मद्देनजर ऐसी कोई कार्यक्रम शुरु करने की योजना पर शासन द्वारा विचार किया जा रहा है? यदि नहीं, तो कारण बताएं। (ग) क्या सरकार का आदिवासी विकासखण्‍डों में युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए कोई कार्ययोजना या योजना शुरु करने का विचार है? यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है? योजना की मुख्य विशेषताएं क्या हैं? (घ) विभाग द्वारा वर्तमान में किन क्षेत्रों के किन आदिवासियों के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी नहीं। विभाग द्वारा ग्राम स्‍तर पर कम्‍प्‍यूटर एवं तकनीकी शिक्षा प्रदान किए जाने हेतु कोई योजना संचालित नहीं है। (ख) कौशल विकास विभाग अंतर्गत प्रदेश के 89 ट्राईबल ब्‍लाकों में कम्‍प्‍यूटर एवं तकनीकी शिक्षा हेतु 75 आई.टी.आई. संचालित है। जिनमें से 42 शासकीय आई.टी.आई. में कम्‍प्‍यूटर आपरेटिंग एण्‍ड प्रोग्रामिंग असिस्‍मेंट व्‍यवसाय संचालित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त विभाग अंतर्गत पांच जिलों- छिंदवाड़ा, शहडोल, मंडला, डिण्‍डौरी एवं शिवपुरी में कौशल विकास केन्‍द्रों का निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) म.प्र. आदिवासी वित्‍त एवं विकास निगम द्वारा म.प्र. के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं हेतु मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना संचालित है। उक्‍त योजनाओं का उद्देश्‍य म.प्र. के जनजाति वर्ग के युवाओं को लाभांवित कर उनका उत्‍थान किया जाना है। निगम द्वारा संचालित योजनाओं में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिये बैंकों द्वारा ऋण प्रदाय किया जाता है। निगम द्वारा जिले में राशि प्रदाय नहीं कि जाती है। निगम द्वारा केवल अनुदान राशि नोडल बैंकों को प्रदान की जाती है। उद्यमिता से अनुसूचित जनजाति के सदस्‍यों को लाभांवित करने के लिये अपनाई जा रही प्रक्रिया की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है।

व्‍याख्‍याताओं की वेतन विसंगति दूर करना

[स्कूल शिक्षा]

38. ( क्र. 3951 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा हाई स्‍कूल प्राचार्य का पद कब निर्मित किया गया? यह पद व्‍याख्‍याता को उनकी वरिष्‍ठता के आधार पर दिया गया अथवा उनकी पदोन्‍नति की गई? बताये एवं आदेश की प्रति भी देवें। (ख) प्रथम क्रमोन्‍नति (वरिष्‍ठ) वेतनमान सहायक शिक्षक को शिक्षक का एवं शि‍क्षक को व्‍याख्‍याता का वेतनमान दिया जाता है, किन्‍तु व्‍याख्‍याता को प्राचार्य का वेतनमान नहीं दिया जाता है क्‍यों? (ग) क्‍या शासन की व्‍याख्‍याताओं की वेतन विसंगति दूर करने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रहीं है।

अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण

[स्कूल शिक्षा]

39. ( क्र. 3965 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में मृतक अधिकारी/कर्मचारियों के स्‍थान पर की जाने वाली अनुकम्‍पा नियुक्तियां करने की क्‍या-क्‍या नवीन प्रक्रिया, नियम आदेश प्रचलन में है? की फोटो प्रति उपलब्‍ध कराई जावें। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में ब्‍लाक कैलारस व ब्‍लाक सबलगढ़ जिला मुरैना के स्‍कूल शिक्षा विभाग में जनवरी 2017 से जनवरी 2021 तक की जानकारी मृतक का नाम, पता व दिनांक, पद आदि सहित बताया जावे। (ग) प्रश्नांश (ख) के प्रकाश में मृतकों के स्‍थान पर उनके वारिसानों द्वारा आवेदन प्रस्‍तुत किए जाने के उपरांत क्‍या उपरोक्‍त वर्णित मृतकों की अनुकम्‍पा नियुक्ति की जा चुकी है? यदि हाँ, तो नियुक्ति दिनांक वर्ष, स्‍थान का नाम आदि सहित बतावें। (घ) क्‍या प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित सभी मृतकों के वारिसानों की नियुक्ति हो चुकी है अथवा शेष है? यदि हाँ, तो नियुक्तियां न होने के क्‍या कारण हैं व शेष नियुक्तियां कब तक कर दी जावेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में 13 दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रितों को अनुकंपा दी जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। (घ) जी नहीं। उत्तरांश '''' के प्रकाश में 02 आश्रित, नियमों की परिधि में नहीं आने से पात्रता नहीं रखते है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार अनुसार है। शेष 02 आश्रितों में से 01 आश्रित के भाई की सेवा में रहने संबंधी जाँच कराई जा रही है एवं 01 आश्रित की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है निश्चित सयम सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अध्‍यापक वर्ग की क्रमोन्‍नति

[स्कूल शिक्षा]

40. ( क्र. 3971 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अध्‍यापक संवर्ग के क्रमोन्‍नति के क्‍या नियम है? क्‍या वर्तमान में विकासखण्ड सबलगढ़ एवं कैलारस में कार्यरत अध्‍यापक संवर्ग के शिक्षकों को क्रमोन्‍नति का लाभ दिया जा रहा हैं यदि हाँ, तो किन-किन नियुक्ति दिनांक के शिक्षकों को यदि नहीं, तो कितने शिक्षकों को क्रमोन्‍नति वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया हैं? विकासखण्‍ड सबलगढ़ एवं कैलारस जिला मुरैना की जानकारी दें? (ख) क्‍या सन् 2006 में नियुक्‍त अध्‍यापकों की गोपनीय चरित्रावली एवं सम्‍पूर्ण दस्‍तावेज संयुक्‍त संचालक कार्यालय ग्‍वालियर में जमा होने के लगभग 2 वर्ष बाद भी आज दिनांक तक क्रमोन्‍नत वेतनमान के आदेश जारी नहीं किये गये है? यदि हाँ, तो कारण बतावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार क्रमोन्‍नत वेतनमान के आदेश जारी न करने वाले दोषी अधिकारी, कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की जावेगी और कब तक? संयुक्‍त संचालक कार्यालय ग्‍वालियर में जमा आध्‍यापकों की गोपनीय चरित्रावली/फाइल के अनुसार कब तक इनके क्रमोन्‍नत वेतनमान के आदेश जारी कर दिये जावेंगे?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ, दिनांक 1.7.2018 से पूर्व क्रमोन्नति की पात्रता रखने वाले सबलगढ़ के 344 एवं कैलारस के 202 अध्यापकों को लाभ दिया जा चुका है तथा सबलगढ़ में शेष 02 एवं कैलारस में शेष 02 सहायक अध्यापक के लिए क्रमोन्नति की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) दिनांक 1.7.2018 से म.प्र.राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम, 2018 के प्रभावी होने से स्थानीय निकाय में कार्यरत अध्यापक संवर्ग के कर्मचारियों को नवीन शैक्षणिक संवर्ग में सुसंगत पदों पर नियुक्ति का प्रावधान है, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के लोक सेवकों को क्रमोन्नति वेतनमान प्रदान किये जाने संबंधी निर्देश जारी करने की प्रक्रिया प्रचलन में है। (ग) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

 

 

सी.एम. राइज योजना

[स्कूल शिक्षा]

41. ( क्र. 3972 ) श्री बैजनाथ कुशवाह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन सी.एम. राइज योजना के क्‍या-क्‍या उद्देश्‍य शामिल होकर क्‍या-क्‍या कार्य किये जाने का प्रावधान हैं व इन कार्यों की क्रियान्‍वयन की प्रक्रिया क्‍या है की फोटो प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या योजना प्रारंभ हो चुकी है अथवा नहीं? यदि प्रारंभ हो चुकी है तो विधान सभा क्षेत्र क्रमांक 03 सबलगढ़ अर्थात तहसील कैलारस जिला मुरैना के विद्यालयों में क्‍या-क्‍या कार्य हुए?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) सी.एम.राइज सर्व-सुविधा सम्पन्न स्‍कूल खोलने की योजना की स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्री

[अनुसूचित जाति कल्याण]

42. ( क्र. 3983 ) श्री कमलेश जाटव : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला मुरैना में विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों में कुल कितनी सामग्री क्रय की गई एवं सामग्री की प्रशासकीय स्‍वीकृतियों के साथ क्रय से भुगतान किये जाने तक की समस्‍त कार्यवाही के विवरण के साथ जानकारी उपलब्‍ध करावें एवं उक्‍त कार्य हेतु विभाग को आवंटन किस मांग संख्‍या एवं किस मद में कितना प्राप्‍त हुआ? आवंटन व्‍यय की जानकारी पृथक से वर्षवार उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्री में अनियमितता की गई है यदि हाँ, तो अनियमितता तथा क्रय की गई सामग्रियों की गुणवत्‍ता की जाँच लोकायुक्‍त से करवाई जाकर दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्री भण्‍डार क्रय नियमानुसार क्रय की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अतिथि विद्वान के संबंध में

[जनजातीय कार्य]

43. ( क्र. 3989 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग द्वारा जिला अनूपपुर अन्‍तर्गत संचालित प्राथमिक माध्‍यमिक हाई स्‍कूल, हायर सेकेण्‍ड्री विद्यालयों में रिक्‍त पद के विरूद्ध जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने अतिथि विद्वान कार्यरत है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कितने अतिथि विद्वानों को शासन के द्वारा नियमित, संविदा, गुरूजी के पदों पर नियुक्‍त किया गया है? संख्‍यावार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या मुख्‍यमंत्री जी द्वारा अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण किये जाने संबंधी घोषणा/ आश्‍वासन दिया गया था? यदि हाँ, तो कब तक अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण अथवा संविदा शिक्षक, गुरूजी के पद पर संविलियन किया जायेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) विभाग द्वारा जिला अनूपपुर अंतर्गत संचालित प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाई स्‍कूल, हायर सेकेण्‍ड्री विद्यालयों में रिक्‍त पद के विरूद्ध जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार कार्यरत अतिथि शिक्षकों की जानकारी निम्‍नानुसार है:-

क्र.

वर्ष

प्रा.वि.

मा.वि.

हाई स्‍कूल

हायर सेकेण्‍ड्री

कुल योग

1

2018

260

301

271

263

1095

2

2019

254

294

288

329

1165

3

2020

324

312

312

358

1306

4

2021

0

0

261

343

604

योग

-

838

907

1132

1293

4170

(ख) अतिथि शिक्षकों को नियमित करने संविदा, गुरूजी के पदों पर सीधे नियुक्‍त क‍रने का नियम नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) इस संबंध में कोई निर्देश प्राप्‍त नहीं हुये हैं।

दोषियों पर कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

44. ( क्र. 4019 ) श्री विजयराघवेन्द्र सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के स्‍कूल शिक्षा विभाग के डाइट में कार्यरत अनिल सिंह सहायक ग्रेड-3 के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा म.प्र. ने पत्र क्रमांक/सर्त-3/2020/974 दि.08.07.2020 से अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया जाकर 5 दिवस में कार्यवाही कर अवगत कराने के निर्देश दिये थे? (ख) श्री हरीश सिहं, सहा.ग्रेड-2 कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जिला सतना द्वारा राजेश सिंह कुशवाहा के अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण में डेढ़ लाख रूपये की मांग संबंधित से की थी, जिसकी शिकायत कमिश्‍नर रीवा को 07 मार्च 2020 को की गई थी? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रकरणवार पूर्ण जानकारी देते हुये बताएं, क्‍या कार्यवाही की गई? साथ ही दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही न करने वाले और उन्‍हें बचाने वालों के विरूद्ध कब क्‍या कार्यवाही करेंगे? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) की इन कार्यवाहियों के अतिरिक्‍त कोई अन्‍य प्रकरण भी कार्यवाही हेतु लंबित हैं तो वह भी प्रकरणवार बताएं।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। अपितु संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा के पत्र क्र./सर्त03/2020/974 दिनांक 08-07-2020 के द्वारा श्री अनिल सिंह सहायक श्रेणी-3 से प्राप्‍त उत्‍तर का परीक्षण कर अग्रिम कार्यवाही हेतु अभिमत चाहा गया था। (ख) जी हाँ। (ग) श्री अनिल सिंह सहायक श्रेणी-3 के जाँच प्रकरण में श्री अनिल सिंह दोषी नहीं पाये गये, संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा के पत्र क्र. क्र./सर्त03/2021/1334-1335 दिनांक 25-02-2021 के द्वारा श्री अनिल सिंह सहायक श्रेणी-3 के विरूद्ध प्रचलित जाँच प्रकरण समाप्‍त कर दिया है। कमिश्‍नर रीवा संभाग रीवा से प्राप्‍त श्री हरीश सिंह सहायक ग्रेड-02 की शिकायत के संबंध में संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा द्वारा जाँच की जा रही है। जाँच प्रचलन में है। जाँच प्रतिवेदन अनुसार गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं।

प्रतिनियुक्ति से वापस करना

[स्कूल शिक्षा]

45. ( क्र. 4020 ) श्री विजयराघवेन्द्र सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग के अन्‍तर्गत संचालित राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा (समग्र शिक्षा अभियान) में सहायक परियोजना समन्‍वयक (ए.पी.सी.) की प्रतिनियुक्ति अवधि कितने वर्ष के लिये की गई थी? आदेश की प्रति दें। (ख) प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण करने वाले कितने अधिकारियों को अब तक मूल पद पर पदांकित किया गया है? कटनी जिले के ए.पी.सी. अभय कुमार जैन मूल पद व्‍याख्‍याता कब से प्रतिनि‍युक्ति पर कार्यरत हैं? क्‍या इनकी प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण हो चुकी है? (ग) प्रश्नांश (ख) में दर्शित ए.पी.सी. की प्रतिनियुक्ति समाप्‍त करते हुये मूलपद व्‍याख्‍याता पद पर पदांकन करने के लिये मूल शाला में पदस्‍थापना के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कटनी को पत्र जारी किया गया था? यदि हाँ, तो पत्र का क्रमांक/दिनांक देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) यदि हाँ, तो इनकी प्रतिनियुक्ति समाप्‍त कर मूल पद पर क्‍या पदांकन किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? उक्‍त की प्रतिनियुक्ति कब समाप्‍त कर मूल शाला में पदांकन किया जायेगा और अब तक न करने के लिये कौन दोषी है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रथमतः 2 वर्ष के लिए की गई थी। आदेश की प्रतियाँ पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 27 अधिकारियों को मूल पद पर पदांकित किया गया है। श्री अभय कुमार जैन दिनांक 19.06.2012 से कार्यरत है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार पत्र क्रं.सी-13-14-06/3/एक दिनांक 29.02.2008 के अनुसार जिस विभाग का कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर है तथा जिस विभाग में प्रतिनियुक्ति पर है, दोनों विभागों की सहमति उपरांत विभाग स्तर पर प्रतिनियुक्ति बढ़ाने का निर्णय लिया जाये। ए.पी.सी. स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारी हैं। आयुक्त एवं राज्य परियोजना संचालक के पत्र क्रं./आर.एम.एस.ए/2018/2048 दिनांक 14.12.2018 के तहत कार्यरत है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश '' एवं '' के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

गौशालाओं के संचालन हेतु

[पशुपालन एवं डेयरी]

46. ( क्र. 4034 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) विधानसभा क्षेत्र छतरपुर अंतर्गत कितनी गौशाला निर्मित की गई? कितनी निर्माणाधीन है? कितनी प्रस्तावित है? (ख) इन गौशालाओं के नियमित संचालन हेतु किस प्रकार की दैनिक जरूरतों की आवश्यकता होगी? इन दैनिक जरूरतों एवं अन्य जरूरतों की पूर्ति जैसे विद्युत, चौकीदार, सेवादार, भूसा, पानी आदि सहित गौशालाओं के रखरखाव एवं संचालन हेतु किस प्रकार की व्‍यवस्था की जावेगी? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में गौशालाओं के संचालन में होने वाले व्यय की नियमित व्यवस्था किस प्रकार से की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) विधानसभा क्षेत्र छतरपुर अंतर्गत निर्मित, निर्माणाधीन प्रस्‍तावित गौशालाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) गौशालाओं में उपलब्‍ध गौवंश के भरण पोषण हेतु राशि रू.20.00 प्रतिदिवस प्रतिगौवंश के मान से उपलब्‍ध कराए जाने का प्रावधान है। जिसकी व्‍यवस्‍था पशु पालन विभाग द्वारा की जावेगी। गौशालाओं के रख-रखाव एवं उनके संचालन का दायित्‍व ग्राम पंचायत को सौंपा गया है। ग्राम पंचायत यदि गौशाला का संचालन किसी संस्‍था के माध्‍यम से कराना चाहे तो वह आजीविका मिशन की महिला स्‍वसहायता समूह व स्‍वयंसेवी संस्‍था से अनुबंध कर सकती है। (ग) गौशालाओं में उपलब्‍ध गौवंश के भरण पोषण हेतु आर्थिक सहायता प्रदाय करने हेतु राज्‍य शासन द्वारा बजट उपलब्‍ध कराया जाता है। अन्‍य व्‍यवस्‍थाऐं संचालन समिति द्वारा अन्‍य स्‍त्रोंतो तथा दान में प्राप्‍त राशि, गोबर खाद्य, गौमूत्र आदि को विक्रय कर दी जावेगी।

परिशिष्ट - "उनतालीस"

गुरूजी का संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 में संविलियन

[स्कूल शिक्षा]

47. ( क्र. 4079 ) श्री जयसिंह मरावी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय भोपाल के ज्ञाप दिनांक 10.02.2017 द्वारा गुरूजी को बिना पात्रता परीक्षा लिये बिना म.प्र. पंचायत संविदा शाला शिक्षक (नियोजन एवं सेवा की शर्तें) 2005 में विहित शैक्षणिक अर्हताएं रखते हो, ऐसे नियोजन के तीन वर्ष पश्‍चात् सहायक अध्‍यापक के पद पर संविलियन के नियम हैं? स्‍पष्‍ट करें। (ख) प्रश्नांश (क) में यदि हाँ, तो संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 के लिए न्‍यूनतम शैक्षणिक अर्हता अनारक्षित वर्ग में कम से कम 50 एवं एस.टी./एस.सी./ ओ.बी.सी. वर्ग के लिये 45 प्रतिशत अंकों के साथ हायर सेकेण्‍ड्री एवं प्रारंभिक शिक्षा में दो वर्षीय डिप्‍लोमा न्‍यूनतम अनारक्षित वर्ग के लिए अनिवार्य है? (ग) क्‍या शहडोल संभाग में प्रश्नांश (ख) का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो गुरूजी से संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 में नियम विरूद्ध नियुक्ति करने हेतु कौन जिम्‍मेदार है? नियम विरूद्ध संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3/सहायक अध्‍यापक के नाम सहित जानकारी दी जाए।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) से (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विभाग द्वारा किये गए कार्यों की जानकारी

[वन]

48. ( क्र. 4109 ) श्री रामचन्‍द्र दांगी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                       (क) राजगढ़ जिले की ब्यावरा विधानसभा में वन विभाग द्वारा पिछले 3 वर्षों में क्या-क्या कार्य हुए मदवार व राशिवार सूची उपलब्ध करवायें साथ ही कितने पक्के निर्माण कार्य किये गए? तीन वर्षों की जानकारी उपलब्ध करवायें। (ख) वित्तीय वर्ष 2018 से 21 तक कितना वृक्षारोपण कहां-कहां किया गया? कितने पौधे लगाए गए व कितने पौधे जीवित है? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध कराएं?                              (ग) वन विभाग द्वारा प्रश्नांश (ख) अवधि में अवैध लकड़ी ले जाने के कितने प्रकरण बनाए गए व कितनी गाड़ियां पकड़ी गई व जुर्माना लिया गया जिसमें कितनी राशि प्राप्त हुई? प्रतिवर्ष अनुसार जानकारी प्रदान करें। (घ) पिछले तीन वर्षों में वन विभाग द्वारा कहां-कहां नालियों व जालियों का कार्य कितने-कितने एरिया में किया गया एवं कितनी राशि खर्च की गई  ग्रामवार सूची उपलब्ध करवाएं।
वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 पर है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के पप्रत्र-4 पर है।

वनखण्‍डों में शामिल निजी भूमियों को पृथक किया जाना

[वन]

49. ( क्र. 4137 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुख्‍य सचिव के आदेश क्रमांक 974/एफ 25: 08/2015/10-3 दिनांक 01 जून 2015 के अनुसार वनखण्‍डों में शामिल निजी भूमियों को पृथक किए जाने की कार्यवाही किसी भी संबंधित जिले में प्रश्‍नांकित तक भी नहीं की गई है? (ख) यदि हाँ, तो दिनांक 01 जून 2015 के आदेशानुसार किस जिले के कितने किसानों की कितनी निजी भूमि को वनखण्‍डों से पृथक करने की कार्यवाही किस अधिकारी को करना थी? प्रश्‍नांकित दिनांक तक कार्यवाही न किये जाने का क्‍या कारण है? (ग) क्‍या मुख्‍य सचिव कार्यालय ने दिनांक 01 जून 2015 के आदेशानुसार कार्यवाही किए जाने के संबंध में को स्‍मरण पत्र या चेतावनी पत्र जारी किए? यदि हाँ, तो किस-किस दिनांक को यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित बतावें। कब तक दिनांक 01 जून 2015 के आदेश का पालन करवाया जावेगा?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रश्‍नाधीन कार्यवाही किसी भी जिले में पूर्ण नहीं हो पाई है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  पर है। निजी भू-स्वामियों की वनखण्डों में शामिल भूमियों का भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-4 से अधिसूचित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं पदेन वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा धारा-5 से 19 तक की वन व्यवस्थापन की अर्द्ध न्यायिक प्रक्रिया के तहत भूमि का मुआवजा अथवा वनखण्ड के बाहर करने का विनिश्चन की कार्यवाही की जा रही है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा वन भूमि की सीमाओं में परिवर्तन पर कतिपय बंदिशें लगाने तथा मुआवजे के लिये संशाधनों की अनुपलब्‍धता जैसी कठिनाइयों के कारण कार्यवाही पूर्ण नहीं हो पाई है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में जी नहीं। वन व्यवस्थापन की कार्यवाही अर्द्ध न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाती है। अतः शेष प्रश्नांश के उत्‍तर का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चालीस"

कोवैक्सीन के थर्ड फेस ट्रायल

[चिकित्सा शिक्षा]

50. ( क्र. 4173 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल स्थित पीपुल्‍स मेडिकल कालेज में कोवैक्सीन के थर्ड फेस ट्रायल के अंतर्गत कितने लोगों को वैक्सीन लगाई गई है? (ख) क्या यह शिकायत मिली है कि इन लोगों को यह नहीं बताया गया कि उन पर कोवैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है न ही उन्हें नियमानुसार डायरी दी गई और न ही हेल्थ फालोअप किया गया? (ग) क्या कोवैक्सीन के थर्ड फेस ट्रायल में शामिल दीपक मरावी की मृत्यु पीपुल्स मेडिकल कालेज की लापरवाही के कारण हुई?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) भोपाल स्थित पीपुल्‍स कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेस एण्‍ड रिसर्च सेंटर भोपाल में को-वैक्‍सीन के थर्ड फेज ट्रायल के अंतर्गत इंवेस्‍टीगेशन प्रोडक्‍ट (वैक्‍सीन/प्‍लेसिबो) की प्रथम डोज 1724 व्‍यक्तियों को एवं द्वितीय डोज 1422 व्‍यक्तियों को लगाई गई। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं।

कर्मचारियों का नियमितीकरण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

51. ( क्र. 4188 ) श्री गोपाल सिंह चौहान : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्र./44/सी-3-6/91/3/1 दिनांक 16/01/1993 के निर्देशानुसार 40 वर्ष या उससे अधिक होने पर हिन्‍दी मु्द्रलेखन परीक्षा उत्‍तीर्ण करने में छूट प्रदान करते हुये विगत 5 वर्ष में अनुसूचित जाति वित्‍त एवं विकास निगम मर्यादित भोपाल एवं जिला स्‍तर पर जिला अंत्‍यावसायी समितियों में कार्यरत कितने कर्मचारियों को नियमित किया गया और उक्‍त नियम के तहत आज दिनांक तक किन कर्मचारियों को किस कारण से नियमित नहीं किया गया है। सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में उक्‍त नियम के तहत वांछित कर्मचारियों को कब तक नियमित कर दिया जावेगा? (ग) अनू‍सूचित जाति वित्‍त एवं विकास निगम मर्यादित भोपाल एवं निगम की जिला समितियों जिला अंत्‍यावसायी जिला स्‍तर पर विगत 10-20 वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कम्‍प्‍यूटर आपरेटरों को नियमित/स्‍थायीकर्मी क्‍यों नहीं किया गया जबकि अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग एवं अन्‍य विभागों/निगम मण्‍डलों में 10-20 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित/स्‍थायीकर्मी किया जा चुका है? निगम एवं जिला स्‍तर पर कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों को कब तक नियमित कर दिया जावेगा? निगम एवं जिला स्‍तर पर 10-20 वर्षों से दैनिक वेतन भोगी कम्‍पयूटर आपरेटरों की सूची उपलब्‍ध करावें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। आज दिनांक तक जिला अंत्‍यावसायी सहकारी विकास समिति मर्या. गुना के मात्र एक कर्मचारी श्री राजकुमार रघुवंशी, सहायक ग्रेड-3 को नियमित नहीं किया गया है, नियमित नहीं किये जाने का कारण यह है कि इनके नियुक्ति आदेश के बिन्‍दु क्रमांक 6 में यह शर्त लेख है कि ''इनकी निरंतरता चयन समिति के औपचारिक अनुमोदन पर निर्भर होगी। '' इस संबंध में चयन समिति का अनुमोदन नहीं हो पाने से नियमित नहीं किया जा सका। (ख) चयन समिति के औपचारिक अनुमोदन पश्‍चात् ही कर्मचारी को नियमित किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जिला समितियों में अपने कार्य की आवश्‍यकताओं को देखते हुय कलेक्‍टर द्वारा निर्धारित दर के मानदेय/मजदूरी पर कम्‍प्‍यूटर आपरेटर्स रखे जाने के निर्देश निगम द्वारा दिये गये हैं। इन्‍हें दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कलेक्‍टर दर पर नियुक्ति प्रदान नहीं की गई है। इसलिये उक्‍त कर्मचारियों को नियमित/ स्‍थायी करने तथा जिला अंत्‍यावसायी सहकारी विकास समितियों में कम्‍प्‍यूटर आपरेटर्स के पद शासन से स्‍वीकृत नहीं होने के कारण इन्‍हें नियमित किये जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

अवैध उत्खनन के संबंध में

[वन]

52. ( क्र. 4190 ) श्री गोपाल सिंह चौहान : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) जिला अशोकनगर के अंतर्गत आने वाली तहसील चंदेरी के समीपवर्ती ग्राम कटाखेड़ा बेहटी बराना व लुधाया में वन विभाग की भूमि पर फर्शी पत्थर का अवैध उत्खनन चल रहा है? प्रश्‍नकर्ता के बार-बार वन विभाग से संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देने पर भी आज दिनांक तक यह अवैध उत्खनन नहीं रुका है? यह अवैध उत्खनन कब तक रोका जावेगा? (ख) इस उत्खनन में लिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर क्या शासन द्वारा कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि की जावेगी तो कब तक की जावेगी?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रश्‍नांकित वनक्षेत्र में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा चोरी-छिपे अवैध उत्खनन का प्रयास किया जाता है, जिसकी प्रभावी रोकथाम के लिये परिक्षेत्र चन्देरी एवं वन चौकी खाकलौन पर पदस्थ अमले द्वारा सतत् गश्‍त कर प्रभावी कार्यवाही की जाती है। विभिन्न स्त्रोतों से सूचना प्राप्त होने पर एवं वन गश्ती के दौरान अवैध उत्खनन के प्रयास पाये जाने पर तत्समय वन अपराध प्रकरण दर्ज किया जाता है एवं मौके पर उत्खनित फर्शी पत्थरों को अनुपयोगी कर दिया जाता है। वनोपज जाँच नाकों पर अवैध निकासी पर नियंत्रण हेतु सी.सी.टी.व्ही. कैमरे भी लगाये गये हैं। इसके साथ ही जिला स्तरीय टास्कफोर्स समिति के माध्यम से अवैध उत्खनन को नियंत्रित किया जा रहा है। वर्तमान में अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। वर्ष 2020 में अवैध उत्खनन के 21 प्रकरण तथा वर्ष 2021 में अभी तक 03 प्रकरण दर्ज किये गये हैं। इन प्रकरणों में अवैध उत्खनन में उपयोग में लाई गई सामग्रियों एवं वाहनों की जप्ती की कार्यवाही भी की गई है। वनक्षेत्र में अवैध उत्खनन रोकने हेतु गये वन अमले पर जानलेवा हमले भी किये गये थे, जिनकी पुलिस में नामजद एफ.आई.आर. भी दर्ज कराई गई हैं। (ख) अवैध उत्खनन में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी की संलिप्तता नहीं पाई गई है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

समग्र विकास एवं निवासियों की मूलभूत सुविधाएं

[अनुसूचित जाति कल्याण]

53. ( क्र. 4220 ) श्री संजय यादव : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के जनपद पंचायत जबलपुर/शहपुरा भिटौनी के अन्‍तर्गत आने वाले क्षेत्र अनुसूचित जाति बाहुल्‍य, गरीब एवं पिछड़ों का क्षेत्र है, जिसके समग्र विकास एवं निवासियों को मूलभूत सुविधायें, जैसे-बिजली पानी, शिक्षा, सामुदायिक व्‍यवस्‍थाओं के लिये प्रश्‍नकर्ता द्वारा लगातार प्रयास किया जाकर विभाग को मंगल भवन/अंबेडकर भवन/रंगमंच/चबूतरा/नलकूप खनन (हैण्‍डपंप) शालाओं के निर्माण/मरम्‍मत/आवागमन हेतु सड़कों आदि के प्रस्‍ताव विभाग को दिये जा रहे हैं, किन्‍तु प्राय: देखने में आता है कि अनुसूचित जाति बाहुल्‍य क्षेत्र बरगी विधानसभा द्वारा प्रस्‍तावित कार्यों की पर्याप्‍त स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं हो पाती है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वित्‍तीय वर्ष 2018-19, 2019-20 तथा 2020-2021 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तावित विकास कार्यों में से विभाग द्वारा कितने विकास कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? अभी तक विभाग के पास कितने प्रस्‍तावित कार्य लंबित हैं? उक्‍त प्रस्‍तावि कार्यों को लंबित क्‍यों रखा गया है? यदि लंबित विकास कार्यों की स्‍वीकृति जारी की जावेगी तो समयावधि बताई जावे। उक्‍त संपूर्ण प्रस्‍तावों पर प्रश्‍न दिनांक तक की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुए किये गये पत्राचार/प्रस्‍ताव का विवरण उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार उल्‍लेखित विकास कार्यों के लिये विभाग द्वारा कोई मापदण्‍ड निर्धारित किये हो तो उनकी भी जानकारी भी दी जावे। बरगी विधानसभा क्षेत्र में निवासरत अनुसूचित जाति बाहुल्‍य क्षेत्र के विकास हेतु कोई योजना बनाई जावेगी?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) विभाग अंतर्गत जिलों में प्रचलित नियमों अनुसार कार्यों का नियमानुसार निरीक्षण/परीक्षण कर योजना नियमों के प्रावधानानुसार प्राप्‍त प्रस्‍तावों पर कार्यवाही की जाती है एवं जिले को प्राप्‍त आवंटन की सीमा में नियमानुसार स्‍वीकृति की कार्यवाही की जाती है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। प्रस्‍तावित कार्यों के निरीक्षण परीक्षण अनुसार जो कार्य योजना नियमों को पूर्ण नहीं करते है, उन्‍हें स्‍वीकृति/अनुमोदन की आगामी कार्यवाही हेतु प्रस्‍तावित नहीं किया गया है एवं जो कार्य योजना नियमानुसार है उन पर कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। उक्‍त प्रस्‍तावों पर की गई कार्यवाही से संबंधित पत्राचार/प्रस्‍ताव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास एवं कृषकों के कुओं तक विद्युत लाईन का विस्‍तार योजना नियम 15 मई 2018 द्वारा प्रसारित नियमों के अधीन अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना नियमों को पूर्ण करने वाले प्रस्‍तावों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। योजना‍ नियम की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। योजना नियमों में विधानसभावार कार्ययोजना बनाने का प्रावधान नहीं है।

आदिवासियों को मूलभूत सुविधायें

[जनजातीय कार्य]

54. ( क्र. 4221 ) श्री संजय यादव : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता की विधानसभा क्षेत्र बरगी के जनपद पंचायत जबलपुर/शहपुरा भिटौनी के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र आदिवासी बाहुल्‍य, गरीब एवं पिछड़ों का क्षेत्र है, जिसके समग्र विकास एवं निवासियों को मूलभूत सुविधायें जैसे-बिजली, पानी, शिक्षा, सामुदायिक व्‍यवस्‍थाओं के लिये प्रश्‍नकर्ता द्वारा लगातार प्रयास किया जाकर विभाग को सामुदायिक भवन/रंगमंच/चबूतरा/नलकूप खनन (हैण्‍डपंप) शालाओं के निर्माण/मरम्‍मत/आवागमन हेतु सड़कों आदि के प्रस्‍ताव विभाग को दिये जा रहे है, किन्‍तु प्राय: देखने में आता है, कि आदिवासी बाहुल्‍य क्षेत्र बरगी विधानसभा क्षरा प्रस्‍तावित कार्यों की पर्याप्‍त स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं हो पाती है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वित्‍तीय वर्ष 2018-2019, 2019-2020 तथा 2020-2021 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तावित विकास कार्यों में से विभाग द्वारा कितने विकास कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? अभी तक विभाग के पास कितने प्रस्‍तावित कार्य लंबित हैं? उक्‍त प्रस्‍तावित कार्यों को लंबित क्‍यों रखा गया है? य‍दि लंबित विकास कार्यों की स्‍वीकृति जारी की जावेगी तो समयावधि बताई जावें। उक्‍त संपूर्ण प्रस्‍ताव पर प्रश्‍न दिनांक तक की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुए किये गये पत्राचार/प्रस्‍ताव का विवरण उपलब्‍ध करायें।                                              (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार उल्लेखित विकास कार्यों के लिये विभाग द्वारा कोई मापदण्‍ड निर्धारित किये हो तो उनकी जानकारी भी दी जावे। बरगी विधानसभा क्षेत्र में निवासरत आदिवासी बाहुल्‍य क्षेत्र के विकास हेतु कोई योजना बनाई जावेगी?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) प्रश्‍नांश '''' के संबंध में अनुसूचित जनजाति योजना अंतर्गत अनुसूचित जनजाति बस्तियों में नियमानुसार जिले को प्राप्‍त आवंटन की सीमा में कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की जाती है। (ख) प्रश्‍नांश '''' के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्रस्‍ताव लंबित रहने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्यों को स्‍वीकृत किये जाने की समयावधि बताया जाना संभव नहीं है, पत्राचार की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के संबंध में  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार है। अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजना अंतर्गत नियमानुसार कार्य कराये जाते हैं, पृथक से योजना बनाये जाने के प्रावधान नहीं हैं।

विकासखण्‍ड स्‍त्रोत केन्‍द्र समन्‍वयक पर व्‍याख्‍याता की प्रतिनियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

55. ( क्र. 4229 ) श्री प्रियव्रत सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के पत्र क्र. 1304 दिनांक 26.03.2003 के द्वारा समस्‍त कलेक्‍टर को पत्र जारी किया गया था कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत विकासखण्‍ड स्‍तर पर विकासखण्‍ड स्‍त्रोत केन्‍द्र समन्‍वयक के रूप में क्‍या व्‍याख्‍याता की प्रतिनियुक्ति करने के निर्देश दिये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो इसके साथ परिशिष्‍ट '', '', '' एवं '' संलग्‍न किये गये थे जिसमें परिशिष्‍ट (ब) में विकासखण्‍ड समन्‍वयक व्‍याख्‍याता के रूप में विकासखण्‍ड में नियुक्ति हेतु पदों की संख्‍या प्रदर्शित की गई थी? इन संख्‍याओं में संविदा के आधार पर बी.आर.सी. जिन जिलों में पदस्‍थ है, वहां उनको छोड़कर क्‍या नियुक्ति हेतु पद दर्शाए गए थे? (ग) यदि हाँ, तो व्‍याख्‍याता वेतनमान पर पदस्‍थ संविदा बी.आर.सी. को उनके पद से पृथक क्‍यों किया गया? क्‍या इनमें से राजगढ़, सतना व अन्‍य जिलों के संविदा बी.आर.सी. को वर्ष 2011 में ही माननीय उच्‍च न्‍यायालय में पुन: मूल पद बी.आर.सी. पर नियुक्‍त करने का आदेश पारित किया था? (घ) यदि हाँ, तो फिर भी इन्‍हें अभी तक इनके मूल पद पर नियुक्‍त क्‍यों नहीं किया गया है? इन्‍हें कब तक नियुक्‍त कर दिया जाएगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) राजीव गांधी शिक्षा मिशन के परिपत्र दिनांक 04/04/2003 की कण्डिका 2.2.4 अनुसार पृथक नहीं किया गया, अपितु योग्यतानुसार विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक की नए ढांचे में पूर्व से प्राप्त संविदा वेतन पर समायोजित किया गया। (घ) जी हाँ। प्रकरण नीतिगत होने के कारण समप्रकृत्ति के प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा दिये निर्णय के विरूद्ध शासन की ओर से माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में डब्ल्यू.ए. क्रमांक 120/2011 एवं माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में डब्ल्यू.ए. क्रमांक 916/2015 एवं डब्ल्यू.ए. क्र. 917/2015 दायर की गई है। वर्तमान में प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। माननीय न्यायालय के आगामी निर्णय पर नियमानुसार परीक्षण कर कार्यवाही की जावेगी।

स्‍कूल उन्‍नयन किये जाने की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

56. ( क्र. 4235 ) श्री रघुनाथ सिंह मालवीय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में वर्ष 2020-21 में कितने और कहां-कहां के हाई स्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों का उन्‍नयन हुआ है? (ख) सीहोर जिले में कितने हाई स्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल उन्‍नयन किये गये?                       (ग) यदि हाँ, तो उनके शिक्षा एवं स्‍टाफ व भवन संबंधी क्‍या व्‍यवस्‍था की गई? (घ) यदि नहीं, तो उन्‍नयन स्‍कूलों के भवन स्‍वीकृत किए जावेंगे जिससे बच्‍चों को पढ़ाई करने में सुविधा हो सके?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रदेश में वर्ष 2020-21 में केवल सागर जिले के शासकीय हाईस्कूल मोकलपुर का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन किया गया है। (ख) प्रश्नांकित अवधि में सीहोर जिले में कोई स्कूल उन्नत नहीं हुआ। (ग) उत्‍तरांश '''' के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) स्‍कूल भवनों की स्वीकृति बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करता है।

भुगतान सूची एवं प्रमाणक

[वन]

57. ( क्र. 4263 ) श्री सुनील सराफ : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन परिक्षेत्राधिकारी बिजुरी जिला अनूपपुर श्रीमती संगीता अमलतास की पदस्थी दिनांक से प्रश्न दिनांक तक मजदूरों की भुगतान सूची प्रदान करें। (ख) उपरोक्त अवधि में वन परिक्षेत्र बिजुरी के अंतर्गत रखे गए सुरक्षा श्रमिकों की भुगतान सूची प्रदान करें।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 पर है। (ख) भुगतान किये गये सुरक्षा श्रमिकों की सूची सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 पर है।

अन्‍य पिछड़ा वर्ग हेतु आरक्षण

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

58. ( क्र. 4271 ) श्री जितू पटवारी : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार अन्‍य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्‍या 27 प्रतिशत है? यदि हाँ, तो संविधान के अनुसार जनसंख्‍या के हिसाब से इन्‍हें कितने प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिये। (ख) प्रदेश में अन्‍य पिछड़ा वर्ग के लिये कितना प्र‍तिशत आरक्षण है तथा यह किस आधार पर तय किया गया है? क्‍या इसे जनसंख्‍या में मान से बढ़ाया नहीं जाना चाहिये। (ग) क्‍या शासन अन्‍य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण जनसंख्‍या के मान से देना चाहती है? यदि हाँ, तो पूर्व कमलनाथ सरकार द्वारा इस संबंध में लिये गये निर्णय को लागू करने में क्‍या कठिनाई है? (घ) क्‍या संविधान के अनुसार आरक्षण जनसंख्‍या के मान से होता है तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश अनुसार ऐसी परिस्थिति में आरक्षण 90 प्रतिशत से अधिक भी किया जा सकता है? क्‍या सरकार इस पर समग्र विचार कर विधि विशेषज्ञों की राय प्राप्‍त कर अन्‍य पिछड़ा वर्ग के लिये 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करेगी?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) से (घ) प्रश्‍न में चाही गई जानकारी विभाग से संबंधित न होने के कारण जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

गोशाला संचालन हेतु राशि का भुगतान

[पशुपालन एवं डेयरी]

59. ( क्र. 4330 ) श्री मनोज चावला : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) प्रदेश के सभी जिलों में स्थित पंचायतों में विगत 3 वर्ष से प्रश्न दिनांक तक संचालित गौशालाओं में संचालन हेतु कितनी-कितनी राशि कब-कब जारी की गई हैं? (ख) गौशालाओं के संचालन हेतु प्रति गाय कितनी राशि का भुगतान किया जा रहा है? क्या यह भुगतान हर माह किया जा रहा है? (ग) क्या गौशालाओं के संचालन कार्य हेतु राशि स्वीकृत करना काफी समय से लंबित हैं जिसके अभाव में गौशाला संचालन कार्य में काफी परेशानी आ रही है? (घ) क्या संचालित गौशालाओं में गायों के गोमूत्र, गोबर, पदार्थों से आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने, अनुसंधान संबंधी कार्य के संबंध में शासन कोई नीति बनाएगी इस संबंध में कोई कमेटी गठित की गई हैं?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।           (ख) राशि रू 20.00 प्रति दिवस प्रति गौवंश के मान से भुगतान का प्रावधान है। बजट की उपलब्‍धता के आधार पर भुगतान किया जाता है। (ग) जी नहीं। मनरेगा अंतर्गत निर्मित अधिकांश निर्मित गौशालाओं का संचालन जुलाई-अगस्‍त,2020 के बाद ही प्रारंभ हुआ है। अधिकांश गौशालाओं को माह अक्‍टूबर-नवंबर, 2020 तक अनुदान प्रदाय किया गया है। शेष माहों के लिए बजट की व्‍यवस्‍था हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) वर्तमान में कोई नीति नहीं है। जी नहीं।

अनुकम्‍पा नियुक्ति में अनियमितता

[स्कूल शिक्षा]

60. ( क्र. 4343 ) श्री नागेन्द्र सिंह (गुढ) : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रीवा में कार्यरत श्री विजय शर्मा सहायक ग्रेड 3 वर्ष 2003 से 2016-17 तक कार्यरत थे, उक्त अवधि में उनके द्वारा गलत अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो इनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? कब तक निलंबित कर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जावेगा? (ख) बिन्दु क्रमांक (क) के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश क्रमांक 720 दिनांक 21.05.2020 के द्वारा कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? आदेश की प्रति संलग्न करें। क्या उक्त‍ कर्मचारी को पुन: उसी कार्यालय में संलग्न किया गया है? यदि हाँ, तो कब तब मूल पदांकित संस्था के लिये मुक्त किया जावेगा? आदेश की प्रति संलग्न करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के दो‍षी कर्मचारी पर एवं कार्यवाही न करने वाले अधिकारी पर कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्या श्री विजय शर्मा सहायक ग्रेड-3 की नियुक्ति गलत है? एक मृत कर्मचारी से दो अनुकम्पा नियुक्ति (भाई/बहन) प्राप्त किये हैं, इसकी जाँच म.प्र. के एस.टी.एफ. से कराई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? आदेश की प्रति संलग्न करें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। श्री विजय कुमार शर्मा, सहायक ग्रेड-3, वर्ष 2003 से 31.12.2015 तक जिला शिक्षा अधिकारी रीवा में पदस्थ रहे। श्री शर्मा के कक्ष प्रभारी कार्यकाल के दौरान 06 शिक्षाकर्मियों की मृत्यु उपरांत उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को अनुकम्पा नियुक्ति हेतु प्रस्ताव तैयार कर जिला पंचायत रीवा की ओर अनुमोदन हेतु प्रेषित किया गया था। उपरोक्त प्रकरण में विधान सभा प्रश्‍न उदभूत होने पर उक्त अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों की जाँच हेतु लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर संभाग जबलपुर को जाँच सौंपी जाकर प्रतिवेदन चाहा गया था। जाँच अधिकारी संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर द्वारा प्रेषित जाँच प्रतिवेदन में लेख अनुसार उक्त 06 प्रस्तावों में से मात्र 01 को छोड़कर शेष सभी आवेदकों के आवेदन अनुकम्पा नियुक्ति हेतु अपात्र पाए गए। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर द्वारा प्रेषित जाँच प्रतिवेदन के अनुक्रम में श्री विजय शर्मा के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित किये जाने हेतु दिनांक 16.02.2021 को आरोप पत्र आदि जारी किये गये है। संबंधित के विरूद्ध जाँच प्रचलन में है। जाँच उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र क्रमांक/स्था-4/व्ही.सर्त/22/2020/729 दिनांक 21.05.2020 के द्वारा प्रदत्त निर्देश के क्रम में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा के पत्र क्रमांक/सतर्कता/3/वि.जां./2021/1317 दिनांक 16.02.2021 द्वारा आरोप पत्र जारी किये गये है। जिला शिक्षा अधिकारी, रीवा के आदेश क्रमांक स्था-3/2019/2783 दिनांक 08.03.2019 के द्वारा श्री विजय शर्मा, सहायक ग्रेड-3 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रीवा में कलेक्टर रीवा के अनुमोदन उपरांत कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के आदेश क्रमांक/स्था-3/2021/182 दिनांक 04.03.2021 के द्वारा श्री विजय शर्मा सहायक ग्रेड-3 को तत्काल प्रभाव से मूल पदांकित संस्था हेतु मुक्त किया जा चुका है। (ग) संबंधित के विरूद्ध जाँच प्रचलन में है। जाँच उपरांत जाँच प्रतिवेदन अनुसार गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। उत्‍तरांश (क) के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) श्री विजय शर्मा की अनुकम्पा नियुक्ति कलेक्टर रीवा के अनुमोदन उपरांत वर्ष 2003 में की गई थी, जो कि नियमानुसार है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रीवा में उपलब्ध उसकी व्यक्तिगत नस्ती के अनुसार उनके तीन भाई है एवं कोई बहन नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नीलगाय/घोड़ारोज द्वारा किसानों की फसल खराब

[वन]

61. ( क्र. 4346 ) श्री मुरली मोरवाल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बड़नगर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत विभिन्न गांव में नीलगाय/घोड़ारोज फसलें खा जाते हैं व झुंड बनाकर दोड़ते हैं जिससे ग्राम भोमलवा, जाफला, सारोला, भिड़ावद, दंगवाड़ा धरेरी आदि अनेकों गांव में किसानों की फसले नष्ट कर देते है जिससे किसानों में काफी रोष है? (ख) क्या शासन इन नीलगाय/घोड़ारोज से किसानों को निजाद दिलाने के लिए शासन की क्या योजना है? (ग) वन विभाग इनको कब तक पकड़कर वन क्षेत्र में छोड़ने की कार्यवाही कर नीलगाय के प्रकोप से किसानों को मुक्त करेगी? सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) नीलगायों द्वारा फसल नुकसान संबंधी तथ्‍य सही है। (ख) नीलगाय/घोड़ारोज द्वारा किसानों की फसलों को पहुँचाई जा रही हानि की क्षतिपूर्ति के भुगतान की कार्यवाही को लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 के तहत् आवश्‍यक सेवा के रूप में चिन्हित किया गया है। सेवा प्रदाय का दायित्‍व राजस्‍व विभाग को सौंपा गया है। मध्‍यप्रदेश शासन, वन विभाग द्वारा वर्ष 2000 में फसलहानि करने वाली नीलगायों को मारने की अनुमति जारी करने हेतु समस्‍त जिलों के उपखण्‍ड अधिकारी राजस्‍व को अपनी-अपनी अधिकारिता क्षेत्र की सीमाओं के भीतर अधिकृत किया गया है। (ग) नीलगाय को पकड़ने में अत्‍यंत कठिनाई, बहुत अधिक व्‍यय एवं सार्थक न होने के कारण वर्तमान में नीलगाय/घोड़ा रोज को पकड़कर वनक्षेत्र में छोड़ने की योजना विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण

[स्कूल शिक्षा]

62. ( क्र. 4373 ) श्री गोपाल सिंह चौहान : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के संबंध में शासन द्वारा क्या कोई नीति बनाई जा रही है? यदि हाँ, तो यह नीति कब तक लागू की जावेगी? (ख) यदि अतिथि शिक्षक के नियमितीकरण की नीति के संबंध में शासन द्वारा विचार नहीं किया गया है तो शासन इस पर कब तक विचार करेगा? अतिथि शिक्षकों को नियमित कब तक कर दिया जावेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिपेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय तथा निजी चिकित्सा महाविद्यालय

[चिकित्सा शिक्षा]

63. ( क्र. 4395 ) श्री मनोज चावला : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 1111 दिनांक 19/3/2020 की शेष जानकारी दिलाई जाए तथा बतावें की 2004 से 2013 तक प्रवेशित शासकीय तथा निजी चिकित्सा महाविद्यालय में कुल कितने विद्यार्थियों की पात्रता समाप्त कर उनका प्रवेश निरस्त कर दिया गया? उनमें से कितने विद्यार्थी ने न्यायालय से स्थगन प्राप्त कर लिया है? (ख) क्या वर्ष 2004 से लेकर 2013 तक कई प्रकरणों के फैसले अब आ रहे हैं तथा कई नए प्रकरण दर्ज होकर प्रवेशित विद्यार्थियों को आरोपी बनाया जा रहा है? यदि हाँ, तो बतावे कि उन आरोपी विद्यार्थियों की डिग्री कैसे निरस्त होगी जबकि वह सालों पहले डिग्री प्राप्त कर चुके हैं? (ग) क्या सी.बी.आई. ने वर्ष 2011 से वर्ष 2013 की अपनी जाँच में जिन प्रवेशित विद्यार्थियों को आरोपी बनाया है उनकी सूची कार्यवाही हेतु प्राप्त हो गई है? यदि हाँ, तो बतावें कि कुल कितने विद्यार्थी हैं तथा क्या-क्या कार्यवाही की गई है? (घ) क्या सी.बी.आई. ने वर्ष 2011 तथा 2012 की पी.एम.टी. परीक्षा से प्रवेश में फर्जीवाड़े में जिन निजी कॉलेजों के मालिकों को आरोपी बनाया क्या उन कालेजों पर विभागीय स्तर पर कार्यवाही की जाना चाहिए या नहीं? यदि की जाना है तो क्या कार्यवाही कानूनी रूप से की जावेगी?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) प्रश्‍न क्रमांक 1111 दिनांक 19.03.2020 की जानकारी उत्‍तर में प्रदाय की जा चुकी है। संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार। वर्ष 2004 से 2013 तक की वांछनीय जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार। जी नहीं, किसी भी न्‍यायालय द्वारा स्‍थगन नहीं दिया गया। (ख) जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती।

परिशिष्ट - "इकतालीस"

वेतन विसंगति दूर किये जाना

[स्कूल शिक्षा]

64. ( क्र. 4417 ) श्री राकेश मावई : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुरैना में वर्ष 1982 से 1988-89 तक शासन द्वारा नियुक्‍त शिक्षकों को शा.उ.मा. विद्यालयों में पदोन्‍नत प्राचार्य/बी.ई.ओ. होने से ग्रेड पे 5400 रूपये दिया जा रहा है जबकि मुरैना जिले में ही कुछ शिक्षक कनिष्‍ठ पद पर पदस्‍थ हैं, उन्‍हें ग्रेड पे 6600 रूपये 30 वर्ष का कार्यकाल समयमान वेतन देकर दोहरी वेतन विसंगति क्‍यों अपनाई जा रही है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) अनुसार कनिष्‍ठ शिक्षकों को ग्रेड पे 6600 रूपये का दिनांक 01.07.2014 से प्रभावशील माना गया है तो प्रश्नांश (क) की वेतन विसंगति को कब तक दूर कर दिया जायेगा? (ग) प्रश्नांश (क) अवधि में नियुक्‍त शिक्षकों द्वारा वेतन विसंगति को दूर करने के लिये कितने आवेदन वरिष्‍ठ कार्यालयों को कब-कब प्राप्‍त हुये तथा उन आवेदन पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई? जाँच प्रतिवेदन के साथ की गई कार्यवाही की जानकारी देवें। यदि कोई कार्यवाही नहीं हुई तो? कारण सहित बतावें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं विसंगति नहीं है, अपितु म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्र. सी-3-/2017/3/एक दिनांक 25.10.2017 अनुसार शिक्षकों को क्रमोन्नति योजना अंतर्गत निरंतर 30 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान ग्रेड-पे 6600/- का लाभ दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) मुरैना जिले में प्रश्‍नांश अवधि में नियुक्त 06 शिक्षकों द्वारा वेतन विसंगति को दूर करने हेतु सामूहिक आवेदन दिया गया था, जिसे नियमानुसार परीक्षणोपरांत, विभाग द्वारा अमान्य किया गया है। आदेश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

गुना पशु चिकित्‍सालय का विजिट

[पशुपालन एवं डेयरी]

65. ( क्र. 4440 ) श्री गोपीलाल जाटव : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पशु चिकित्‍सालय, गुना के अधिकारी गौशाला से फोन आने पर भी गौशाला की विजिट नहीं करते? (ख) क्‍या इनकी समय-सारणी इस प्रकार बनायी जा सकती है कि प्रति सप्‍ताह अलग-अलग गौशाला में उक्‍त डॉक्‍टर विजिट कर सकें? (ग) क्‍या ग्रामीण गौशाला हेतु डिस्‍पेंसरी की कोई योजना है?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जी नहीं। अधिकारी गौशाला से फोन आने पर गौशाला की विजिट करते है। (ख) जी हाँ। प्रत्‍येक 15 दिवस में पशु चिकित्‍सा सहायक शल्‍यज्ञ तथा प्रति सप्‍ताह सहायक पशु चिकित्‍सा क्षेत्र अधिकारी का भ्रमण सुनिश्चित किया गया है। (ग) जी नहीं।

संविदा शिक्षक वर्ग-1, 2, 3 की भर्ती

[स्कूल शिक्षा]

66. ( क्र. 4441 ) श्री गोपीलाल जाटव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संविदा शिक्षक वर्ग-1, 2, 3 के शिक्षकों की पात्रता परीक्षा के परिणाम आने के उपरांत भी नियुक्ति नहीं की जा रही है, यह कब तक की जायेगी? (ख) शिक्षा विभाग में डी.पी.सी. का प्रभार राजस्‍व के अधिकारियों को सौंपना उचित नहीं है, इससे गुणवत्‍ता में कमी आती है, उक्‍त प्रक्रिया कब तक समाप्‍त की जायेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) शिक्षक पात्रता परीक्षा संविदा शिक्षक वर्ग-1, 2, 3 की नहीं, अपितु उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु आयोजित की गई। परीक्षा परिणाम के आधार पर उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक पद के अभ्यर्थियों की प्रावधिक चयन सूची एवं प्रावधिक प्रतीक्षा सूची जारी की गई है तथा कोरोना महामारी के कारण दिनांक 04.07.2020 से दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को स्थगित किया गया है। भर्ती प्रक्रिया पुनः प्रारम्भ किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। वर्तमान में नियुक्ति आदेश जारी करने पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन है, अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा पत्र क्रमांक/राशिके/नियु./2012/6754 दिनांक 6.7.2012 एवं पत्र क्रमांक/राशिके/स्था./2018/5957 दिनांक 14.9.2018 द्वारा जिलों में रिक्त जिला परियोजना समन्वयक का प्रभार जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपने के निर्देश जिलों के कलेक्टर को दिये गये हैं, किन्तु स्थानीय व्यवस्थान्तर्गत वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में गुना जिले में डिप्टी कलेक्टर को प्रभार सौंपा गया है। प्रशासनिक अधिकारी को प्रभार सौंपे जाने से किसी प्रकार की शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होना परिलक्षित नहीं हुआ है।

निजी चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश घोटाले की जानकारी

[चिकित्सा शिक्षा]

67. ( क्र. 4448 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सी.बी.आई. द्वारा निजी चिकित्सा महाविद्यालय के वर्ष 2011 तथा वर्ष 2012 में प्रवेश में जिन्‍हें घोटाले में आरोपी बनाया उनके नाम, पिता का नाम, निवास का पता, महाविद्यालय का नाम, प्रवेश का वर्ष, डिग्री पूर्व करने का वर्ष, सहित सूची देवें। (ख) क्या खण्ड (क) में उल्लेखित विद्यार्थियों कि पढ़ाई पूर्ण हो चुकी है तथा उन्हें डिग्री भी प्रदान की जा चुकी है? यदि हाँ, तो उनकी डिग्री की दिनांक, रजिस्ट्रेशन क्रमांक बतावें तथा जानकारी दें कि उनकी डिग्री निरस्त की जावेगी (या कर दी गई) या नहीं की जावेगी? (ग) जिन निजी महाविद्यालयों (चिकित्सा) पर भर्ती में फर्जीवाड़े के निरन्तर मुकदमें दर्ज हो रहे है, उन पर विभाग स्तर पर क्या-क्या कार्यवाही की गई? इंडियन मेडिकल काउन्सि‍ल को पत्र लिखकर सूचित किया गया कि नहीं? एक्ट अनुसार उन पर क्या कार्यवाही की जा सकती है? एक्ट की प्रति देवें। (घ) क्या प्रश्नांश (ग) अनुसार कालेजों की मान्यता निरस्त की जावेगी या नहीं? क्या उनकी सीट संख्या में कमी की जावेगी या नहीं? क्या उनके पीजी कोर्सेस की पात्रता समाप्त की जावेगी या नहीं? यदि तीनों का उत्तर नहीं तो फिर विभाग क्या करेगा उसकी जानकारी दें?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) निजी चिकित्‍सा महाविद्यालयों पर भर्ती में फर्जीवाड़े की जाँच सी.बी.आई./एस.टी.एफ. में प्रक्रियाधीन है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

महाकौशल नर्सिंग द्वारा अनुत्‍तीर्ण छात्रों को उत्‍तीर्ण करने की जाँच

[चिकित्सा शिक्षा]

68. ( क्र. 4472 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या महाकौशल नर्सिंग द्वारा आयोजित परीक्षा की उत्‍तर पुस्तिकाओं को जांचने के लिए पैनल किस नियम अंतर्गत तैयार किया जाता है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित पैनल में बदलाव किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? बार-बार शिकायतें प्राप्‍त होने के बाद भी उत्‍तर पुस्तिका जांचने में पैनल के कर्मचारियों द्वारा अनुत्‍तीर्ण छात्रों को भी वर्ष 2012 में उत्‍तीर्ण किया गया? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या कौंसिल में नियमित कर्मचारियों की एम.पी. ऑनलाईन से सांठ-गांठ कर कर लाईन ओपन की जाती है, इसकी शिकायत पूर्व में अपर मुख्‍य सचिव को साक्ष्‍य सहित की गई किन्‍तु क्‍लीन चिट दी गई? विवरण देवें। (घ) क्‍या कौंसिल का महत्‍वपूर्ण कार्य आई.टी. एक्‍सपर्ट की मदद से ऑनलाईन किया जा सकता है? यदि हाँ, तो इस संबंध में शासन स्‍तर पर प्रक्रिया प्रचलन में है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) महाकौशल नर्सिंग कौंसिल में स्‍वीकृत पद, कार्यरत पद, रिक्‍त पद की जानकारी देवें एवं नवीन स्‍वीकृत पद शासन स्‍तर पर स्‍वीकृत किया जाना प्रचलन में है? यदि हाँ, तो कब तक स्‍वीकृत किये जायेंगे? साथ ही कौंसिल में विगत पांच वर्षों में पदस्‍थ कर्मचारियों/अधिकारियों के विरूद्ध कुल कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? उस पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? कितनी शिकायतों पर जाँच किया जाना शेष है?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) परीक्षा समिति द्वारा पैनल बनाकर साधारण सभा में अनुमोदन लिया जाता है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।              (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जी नहीं। वर्तमान में नर्सिंग संस्‍थाओं की मान्‍यता, रजिस्‍ट्रेशन आदि प्रक्रिया ऑनलाईन की जाती है। शेष हेतु कार्ययोजना निर्मित की जा रही है। (ड.) कौंसिल की स्‍वीकृति, कार्यरत एवं रिक्‍त पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्‍न की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - "बयालीस"

 

 

लेखापाल राहुल सक्‍सेना की जाँच

[चिकित्सा शिक्षा]

69. ( क्र. 4477 ) श्री अर्जुन सिंह काकोडि़या : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अपर मुख्‍य सचिव के निर्देश पर महाकौशल नर्सिंग में लेखापाल के पद पर पदस्‍थ श्री राहुल सक्‍सेना को हटाया गया? (ख) लेखापाल की विगत 5 वर्षों में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई? जिनमें महिलाओं के साथ छेड़छाड़ आदि प्रकरण लंबित हैं, जिन पर अध्‍यक्ष, रजिस्‍ट्रार द्वारा कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है? (ग) क्‍या लेखापाल की कार्यप्रणाली का प्रश्‍न दिनांक से विगत 05 वर्ष के लेखा जोखा/कार्यप्रणाली की जाँच करवाई जावेगी? जिससे कौंसिल/शासन को हुई वित्‍तीय हानि का खुलासा हो सके? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या इस लेखापाल के विरूद्ध लोकायुक्‍त/ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. में शिकायत लंबित है? (घ) क्‍या चिकित्‍सा शिक्षा संचालनालय में संलग्‍न होने के बाद भी लेखापाल कौंसिल पहुँचकर परीक्षा संबंधी कार्य व छात्रों को उत्‍तीर्ण कराने में परीक्षक शिक्षकों से तालमेल/व्‍यवस्‍था बनाने में लगे रहते हैं? कौंसिल में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे के फुटेज से इसकी जाँच कराई जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं। (ख) लेखापाल की विगत 05 वर्षों में 6 शिकायतें प्राप्‍त हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। इनमें से 1 छेड़छाड़ की है। प्रकरण जिला न्‍यायालय, भोपाल में विचाराधीन है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। माननीय न्‍यायालय में विचाराधीन होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं की गई। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ। लेखापाल के विरूद्ध ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. में 1 प्रकरण दर्ज है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

व्‍यवसायिक शिक्षक/व्‍याख्‍याताओं के अध्‍ययन/अध्‍यापन की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

70. ( क्र. 4498 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में व्‍यवसायिक शिक्षा के व्‍याख्‍याताओं के पास अध्‍ययन/अध्‍यापन कराने के लिए छात्र-छात्रायें नहीं है? यदि हाँ, तो किन विद्यालयों में व्‍यवसायिक शिक्षा संचालित है छात्र-छात्राओं की संख्‍या जिलेवार/संस्‍थावार बताएं तथा ऐसे व्‍याख्‍याता क्षेत्र अध्‍ययन/अध्‍यापन नहीं करा रहे हैं, उन्‍हें कितने वर्षों से मासिक वेतन प्राप्‍त हो रहा है? नाम, संस्‍था, जिला वर्ष (जब छात्र संख्‍या नहीं थी) की जानकारी दें। (ख) क्‍या ऐसे व्‍यवसायिक व्‍याख्‍याता मंत्रालय, संचालनालय संयुक्‍त संचालक संभागीय कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कार्य कर रहे हैं और वेतन उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय से निकल रहा है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) :(क) पुरानी व्यावसायिक शिक्षा के ऐसे ट्रेड जो वर्तमान कौशल अनुरूप नहीं है बंद किया गया है। प्रचलित ट्रेडवार शालाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जिन ट्रेड में विद्यार्थी नहीं है वे व्याख्याता संचालनालय के निर्देश दिनांक 01.06.15 एवं 17.11.2016 अनुसार कार्य कर रहे है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। उत्तरांश (क) अनुसार कार्य एवं उपस्थिति के आधार पर संबंधित संस्था से वेतन आहरित किया जा रहा है।

निस्तार अधिकार एवं सुविधा

[वन]

71. ( क्र. 4508 ) श्री धरमू सिंग सिरसाम : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) बैतूल एवं होशंगाबाद वनवृत्त में आरक्षित वन क्षेत्र एवं संरक्षित वन क्षेत्र से निस्तार से संबंधित क्या-क्या अधिकार एवं सुविधा रही है? किस-किस वनोपज से संबंधित क्या-क्या अधिकार एवं सुविधा रही है? (ख) किस निस्तार से संबंधित, वनोपज के निस्तार से संबंधित किस-किस अधिकार एवं सुविधा में किस आदेश क्रमांक दिनांक से क्या-क्या कटौती की गई? इन कटौतियों के बाद वर्तमान में क्या-क्या अधिकार एवं सुविधा प्रचलित है? (ग) जनवरी, 2008 से लागू वन अधिकार कानून 2006 के तहत आरक्षित वन एवं संरक्षित वन क्षेत्र से संबंधित अधिकार, निस्तार, सुविधा, वनोपज निस्तार सुविधा से संबंधित क्या-क्या परिवर्तन विभाग ने किस दिनांक को लागू किए? क्या-क्या परिवर्तन लागू किया जाना प्रस्तावित किया गया है?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) बैतूल एवं होशंगाबाद वृत्‍तों के अंतर्गत वनमंडलों के आरक्षित एवं संरक्षित वनक्षेत्र में विगत वर्ष 2019-20 में संशोधित निस्तार नीति अनुसार आरक्षित एवं संरक्षित वन सीमा से 5 कि.मी. परिधि‍ के अंतर्गत स्थित ग्रामों के समस्त ग्रामीण निस्‍तार सुविधा के पात्र हैं। निस्‍तार के अंतर्गत ग्रामीणों को बांस, बल्‍ली एवं जलाऊ उपलब्‍ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्‍त निस्‍तार के अंतर्गत स्वयं के उपयोग के लिये सिरबोझ द्वारा उपलब्धतानुसार गिरी पडी सुखी जलाउ लकडी ले जाने की सुविधा है। (ख) प्रदेश की संशोधित निस्तार नीति म.प्र. शासन वन विभाग के पत्र क्र./एफ. 7-22/93/10-3, दिनांक 13.11.2019 से जारी होकर दिनांक 10.03.2019 से भूतलक्षी प्रभाव से लागू की गई है। इससे पूर्व दिनांक 01.07.1996 से निस्‍तार नीति लागू थी। संशोधित निस्‍तार नीति में दिनांक 01.07.1996 से लागू निस्‍तार नीति के समस्‍त प्रावधान सम्मिलित है। निस्‍तार सुविधा में कोई कटौती नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।               (ग) वन अधिकार कानून 2006 के अंतर्गत वन विभाग द्वारा आरक्षित वन एवं संरक्षित वनक्षेत्र से संबंधित अधिकार, निस्‍तार सुविधा से संबंधित परिवर्तन अपेक्षित नहीं है। संबंधित व्‍यक्ति/समुदाय उक्‍त अधिनियम के अंतर्गत अपने परम्‍परागत अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत प्राप्‍त कर सकते है।

गांधी मेडिकल कॉलेज के छात्रावास की जानकारी

[चिकित्सा शिक्षा]

72. ( क्र. 4515 ) श्री धरमू सिंग सिरसाम : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के कितने छात्रावास वर्तमान में संचालित हैं किस छात्रावास के कितने कमरे कितने छात्र-छात्राओं को आवंटित हैं किस छात्रावास का भवन कितने मंजिला है, उसकी किस मंजिल में कितने कमरे हैं? (ख) नौ मंजिला छात्रावास भवन में कितनी लिफ्ट हैं? इन्‍हें कितने घण्‍टे दिन एवं रात्रि में संचालित किया जा रहा है? यदि लिफ्ट वर्तमान में संचालित नहीं की जा रही हो तो उसका कारण बतावें। (ग) नौ मंजिला बालिका छात्रावास की लिफ्ट के संचालन हेतु विभाग क्‍या-क्‍या कार्यवाही कर रहा है? कब तक सभी लिफ्ट का संचालन प्रारम्‍भ किया जावेगा?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में कुल 08 छात्रावास संचालित है। छात्रावास में कुल कमरों की संख्‍या, आवंटित छात्र/छात्राओं की संख्‍या तथा मंजिलावार कमरों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) नौ मंजिला छात्रावास भवन में 02 लिफ्ट है। वर्तमान में एक लिफ्ट सुबह 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक संचालित होती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) नौ मंजिला बालिका छात्रावास की दूसरी लिफ्ट एवं उससे संबंधित विद्युत कार्य परियोजना, क्रियान्‍वयन इकाई क्रमांक 2 लोक निर्माण विभाग, भोपाल के माध्‍यम से जारी है, जिससे हस्‍तांतरण की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "तैंतालीस"

मोर के संरक्षण हेतु बनाए गये अभ्‍यारण्‍य

[वन]

73. ( क्र. 4526 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में मोर के संरक्षण हेतु बनाये गये अभयारण्य की सूची देवें तथा बतावें कि उसमें कितनी निजी शासकीय तथा वन विभाग की जमीन आरक्षित की गई हैं? (ख) क्‍या प्रदेश में मोर की जनगणना की गई हैं? यदि हाँ, तो बतावें कि उस अवधि में मोरों की जिलेवार संख्‍या क्‍या थी? (ग) भारतीय प्रजाति के दुर्लभ, विलुप्‍त हो रहे पक्षियों की सूची देवें तथा बतावें कि इन पक्षियों के संरक्षण एवं समवर्धन हेतु क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये? (घ) क्‍या सामान्‍य से दिखने वाले विदेशी पक्षी खरमोर के लिये सरदारपुर (झाबुआ) सैलाना (रतलाम) में 40 हजार हेक्‍टेयर जमीन आरक्षित की गई हैं, जबकि पिछलें 10 वर्षों में उनके आने का प्रतिवर्ष का औसत 07 से 10 के बीच है, ऐसे सामान्‍य पक्षी के लिये आदिवासी क्षेत्र के विकास को क्‍यों बाधित किया जा रहा है? क्‍या इन अभयारण्य को निरस्‍त करेंगे?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) प्रदेश में मोर के संरक्षण हेतु पृथक से कोई अभयारण्य नहीं बनाया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रदेश के दुर्लभ विलुप्त हो रहे पक्षियों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट पर है। प्रदेश में सोन चिड़िया के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए दो घाटीगांव हुकना पक्षी एवं करैरा अभयारण्य तथा खरमोर पक्षी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए दो सरदारपुर एवं सैलाना अभयारण्य का गठन किया गया है। गिद्धों के संरक्षण हेतु भोपाल में गिद्ध प्रजनन केन्द्र की स्थापना की गई है। (घ) राज्‍य शासन द्वारा वर्ष 1983 में दुर्लभ खरमोर पक्षी के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु धार जिले में 34812.177 हेक्टेयर क्षेत्र को सरदारपुर तथा रतलाम जिले में 1296.541 हेक्टेयर क्षेत्र को सैलाना अभ्यारण्य अधिसूचित किया गया था। प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाये रखने में प्रत्येक जीव (वन्यप्राणी) की अहम भूमिका होती है। खरमोर एक दुर्लभ प्रजाति का पक्षी है, जिसे विश्‍व प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा संकटापन्न घोषित किया है। इससे आदिवासी क्षेत्र का विकास बाधित नहीं हो रहा है। प्रदेश में विगत 10 वर्षों में देखे गये खरमोर पक्षी की संख्या एवं स्थलों की जानकारी का आंकलन कर अभयारण्य के ऐसे क्षेत्र जहां खरमोर पक्षी नहीं देखे गये, उन्हें अभयारण्य से डिनोटिफाई किये जाने एवं ऐसे वन क्षेत्र जहां खरमोर पक्षी वर्तमान में भी देखे जा रहे हैं, को अधिसूचित कर पुनर्गठन का प्रस्‍ताव विचाराधीन है। ऐंसा कोई पुनर्गठन भारत सरकार की सहमति उपरांत ही संभव है।

परिशिष्ट - "चौवालीस"

विद्यालयों में दर्ज छात्रों की संख्‍या

[स्कूल शिक्षा]

74. ( क्र. 4527 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर एवं उज्‍जैन संभाग में एम.पी. बोर्ड, सी.बी.एस.सी. बोर्ड तथा आई.एस.डी. बोर्ड के कितने-कितने प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाई स्‍कूल तथा हायर सेकेण्‍ड्ररी विद्यालय हैं तथा इनमें कक्षा 01 से 12 तक हुए नामांकनांक की वर्षवार संख्‍या कक्षावार बतावें। (ख) क्‍या आर.टी.ई. के तहत निजी विद्यालय में प्रदेश के बाद भी प्रश्‍नाधीन कई वर्षों में नामांकनांक में काफी गिरावट हुई है? इसके कारण क्‍या हैं? (ग) प्रदेश में क्‍या नई शिक्षा नीति लागू कर दी गई है? यदि हाँ, तो उस संदर्भ में शासकीय एवं निजी विद्यालय को जो निर्देश दिये हैं, उसकी प्रति देवें। (घ) क्‍या निजी विद्यालय नर्सरी, एल.के.जी., यू.के.जी. तथा पहली क्‍लास में प्रवेश देने के लिये अपने अनुसार उम्र की सीमा तय कर सकते हैं तथा शासन के नियमों की अवहेलना कर सकते हैं? इन कक्षाओं में प्रवेश हेतु उम्र संबंधी शासन के क्‍या निर्देश हैं, जिन्‍हें मानना निजी विद्यालयों की जिम्‍मेदारी है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। 0 से 6 आयु वर्ग के बच्‍चों में कमी एवं समग्र आई.डी. के माध्‍यम से डाटा का शुद्धिकरण नामांकन में गिरावट के मुख्‍य कारण है। (ग) नई शिक्षा नीति घोषित हुई है। इसकी प्रारम्भिक तैयारी की जा रही है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जी हाँ।

कोटेशन पर कराये गये कार्यों की जानकारी

[वन]

75. ( क्र. 4538 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) ग्वालियर जिला वन अधिकारी के कार्यालय एवं उनके अधीनस्‍थ कार्यालयों द्वारा 1 जनवरी 2018 से प्रश्न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से निर्माण कार्य तथा सामग्री हेतु किस-किस स्थान पर, किस-किस ठेकेदार/ऐजेन्सी को कोटेशन पर कब-कब आदेश दिये गये है? क्या इन कार्यों के लिये दिये गये कोटेशनों की किसी सक्षम अधिकारी से स्वीकृति ली गई है? क्या स्वीकृति कार्यों का कार्य पूर्ण किया जा चुका हैं? यदि हाँ, तो किस-किस कार्य तथा सामग्री प्रदाय के लिये कितनी-कितनी राशि स्वीकृति की गई थी तथा कितना-कितना भुगतान किया गया था?                (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार 1 जनवरी, 2018 से प्रश्न दिनांक तक निर्माण कार्य एवं सामग्री के संबंध में कोई शिकायतें की गई है? यदि हाँ, तो किस-किस व्यक्ति द्वारा क्या-क्या शिकायतें कब-कब की गई है? क्या उन शिकायतों की जाँच कराई गई है? यदि हाँ, तो जाँच में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी या निर्माण एजेन्‍सी दोषी पाये गये हैं? उनके नाम, पद बतावें। क्या दोषियों के प्रति कोई दण्डात्मक कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्या? यदि नहीं, तो क्यों?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) वनमंडलाधिकारी ग्‍वालियर के कार्यालय एवं उनके अधीनस्‍थ कार्यालयों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) ऐसी कोई शिकायत शासन के ध्‍यान में नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छात्र-छात्राओं की पढ़ाई की वैकल्पिक व्‍यवस्‍था

[स्कूल शिक्षा]

76. ( क्र. 4539 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में किस दिनांक से शासकीय स्कूल कोरोना के कारण बन्द हैं? क्या उन विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों की पढ़ाई की शासन द्वारा कोई व्यवस्था की गई है? शहरी क्षेत्रों में निवासरत छात्रों को ऑन लाईन पढ़ाई कराई जाती है किन्तु ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट फोन एवं नेटवर्क न मिलने के कारण इस सुविधा से छात्र वंचित है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की गई है? अब कब से प्राइमरी, मिडिल, सेकेण्डरी एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों को खोलकर छात्रों को अध्ययन कराया जावेगा (ख) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कोरोना काल में छात्रों के मध्यान्ह भोजन की क्या-क्या व्यवस्थाएं की गई थी? पूर्ण विवरण दें। (ग) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, सेकेन्डरी एवं हायर सेकेन्डरी स्कूलों में कौन-कौन स्टॉफ पदस्थ है उनका नाम, पद, पदस्थापना दिनांक बतावें। इन स्कूलों में किस-किस स्तर के           कितने-कितने पद स्वीकृत है? इन स्वीकृत पदों के विरूद्ध कितने-कितने पद भरे हैं तथा कितने-कितने रिक्त हैं? सम्पूर्ण विद्यालयों वाईज अलग-अलग जानकारी दें? क्‍या रिक्त पदों के अभाव में शिक्षा का स्तर गिर रहा है? यदि हाँ, तो इन रिक्त पदों को कब तक भर लिया जावेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) 23 मार्च 2020 से। जी हाँ। जी नहीं। उक्त अवधि में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूल दिनांक 21 सितम्‍बर, 2020 से आंशिक रूप से एवं दिनांक 17 दिसम्‍बर, 2020 से पूर्ण रूप से आरंभ किए गए है। (ख) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कोरोना काल में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत लक्षित शालाओं में कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों में दर्ज विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में खाद्यान्न (गेहूँ एवं चावल) का वितरण कार्यक्रम से संलग्न क्रियान्वयन एजेन्सी यथा स्व-सहायता समूह, शाला प्रबंधन समिति एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है। माह मार्च से जुलाई 2020 तक की अवधि के 110 शैक्षणिक दिवसों हेतु मध्यान्ह भोजन की राशि विद्यार्थियों/अभिभावकों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रदाय की गई है। माह अगस्त 2020 से अक्टूबर 2020 हेतु लागत राशि के समतुल्य मान से विद्यार्थियों को सूखा राशन (दाल एवं तेल) क्रियान्वयन एजेन्सी के माध्यम से वितरित किया जा रहा है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जी नहीं। रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों को आमंत्रित करने का प्रावधान है। पद पूर्ति सतत् प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अभ्यारण्यों के आस-पास क्षेत्र को ईको सेंसेटिव जोन घोषित करना

[वन]

77. ( क्र. 4554 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गांधीसागर वन्य अभ्यारण की पांच किलोमीटर परिधि क्षेत्र को ईको सेंसेटिव जोन (ध्‍‍वनि रहित परिधि क्षेत्र) घोषित किया गया है? यदि हाँ, तो कब से तथा किस-किस कारण से? जानकारी देवें। (ख) क्या प्रदेश के अलग-अलग वन्य अभ्यारण्यों में "ईको सेंसेटिव जोन" का दायरा 10 किलोमीटर की परिधि तक किया हुआ है? यदि हाँ, तो भिन्न-भिन्न सीमा का दायरा रखे जाने तथा वन्य जीवों की स्वतंत्रता को बाधित करने के संबंध में सरकार द्वारा अब तक क्या-क्या कार्यवाही अमल में लाई जा रही है एवं भविष्य में क्या-क्या कार्यवाही किया जाना प्रस्तावित है? (ग) क्‍या उक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार वन्य जीवों की स्वतंत्र मोबि‍लिटी तथा प्रदूषण रहित गांधी सागर (मंदसौर) वन्य जीव अभ्यारण्य के विकास के संबंध में कार्यवाही करने एवं ध्यान देने की कार्ययोजना तैयार कर रही है? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?             (घ) क्या उक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए ही गांधी सागर क्षेत्र में विचरण करने वाले दुर्लभ पक्षियों के प्रजनन तथा विचरण में आने वाले व्यवधान को रोकने के लिए ही एक कोष तथा कमेटी का गठन किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) मंदसौर वनमण्डल के अंतर्गत गांधीसागर अभयारण्य में पाई जाने वाली वनस्पति, वन्यप्राणियों एवं विलुप्त हो रही प्रजातियों के संरक्षण को प्रभावशील बनाने एवं जैव विविधता को सुरक्षित करने हेतु भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत अधिसूचना क्रमांक का.आ. 4029 (अ) दिनांक 05.12.20216 से गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य की सीमा से 03 कि.मी. परिधि क्षेत्र को ईको सेंसेटिव जोन अधिसूचित किया गया है। (ख) माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार जब तक किसी संरक्षित क्षेत्र के ईको सेंसेटिव जोन की अंतिम अधिसूचना जारी नहीं होती तब तक संरक्षित क्षेत्र की सीमा से 10 कि.मी. की परिधि तक का क्षेत्र इको सेंसेटिव भौगोव जोन माना जायेगा। लिंक परिस्थितियों तथा पर्यावरण सरंक्षण एवं स्‍थानीय विकास के मध्‍य संतुलन को ध्‍यान में रखते हुये विभिन्‍न संरक्षित क्षेत्रों के आस-पास ईको सेंसटिव क्षेत्र को अधिसूचित किया जाता है। अधिसूचना प्रकाशन के पश्चात् 10 कि.मी. की बाध्यता स्वयमेव समाप्त हो जाती है। (ग) गांधीसागर अभयारण्य के इको सेंसेटिव जोन (पारिस्थितिकी संवेदी जोन) की अधिसूचना में प्रभागीय आयुक्त उज्जैन की अध्यक्षता में 11 सदस्यों सहित एक मॉनिटरिंग समिति गठित है, जिसका मूल उद्देश्य अभयारण्य की पारिस्थितिकीय संवेदी जोन की 03 कि.मी. परिधि सीमा में प्रतिषिद्ध, विनियमित एवं संवर्धित क्रियाकलापों के अंतर्गत विभिन्न शासकीय अथवा अशासकीय संस्था/विभागों द्वारा तैयार की जाने वाली 10 वर्षीय कार्य आयोजना (आंचलिक महायोजना) में सम्मिलित कार्यों की अनुशंसा एवं उनकी स्वीकृति के संबंध में निर्णय लेना है। ईको सेंसेटिव जोन की आंचलिक महायोजना निर्माण कार्य प्रगति पर है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। गांधीसागर अभयारण्य के अंतर्गत वन्यप्राणी प्रबंधन हेतु 10 वर्षीय (2017-18 से 2026-27 तक) प्रबंध योजना तैयार की गई है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश के अभ्यारण्यों में कैम्पा राशि का उपयोग

[वन]

78. ( क्र. 4555 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग के पास वर्तमान में कैम्पा योजनान्तर्गत कुल कितनी राशि जमा है तथा इसका उपयोग किन कार्यों पर किया जाता है? कैम्पा योजनान्तर्गत पैसा विभाग को किस वर्ष से प्राप्त हो रहा है? क्या उसका उपयोग किस कार्य को करवाने हेतु प्राप्त हुआ है, उसी पर व्यय हो रहा है? यदि हाँ, तो इस राशि‍ का उपयोग अप्रैल 2015 के पश्चात कहाँ-कहाँ किया गया? क्या राशि‍ का उपयोग जिस उद्देश्य के लिए किया गया, क्या वह उद्देश्य सार्थक हो गया है? यदि नहीं, तो क्या कारण रहे?               (ख) क्या गांधीसागर अभ्यारण्य में लम्बे समय से कैम्पा राशि जमा होने पर भी उसका उपयोग इस अभ्यारण्य की पूरी सीमा के चार दीवारी बनाने हेतु नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो इसके क्या कारण हैं तथा कुल कितनी राशि व्यय की गई व कितनी राशि शेष है? (घ) क्या कैम्पा एक्ट का मुख्य ध्येय वन क्षेत्रों में होने वाली कमी के बदले प्राप्त राशि का संधारण और उसका वनीकरण में फिर से निवेश करना है? यदि हाँ, तो उक्त अवधि में क्या एक्ट के उद्देश्य की पूर्ति प्रदेश में हुई है यदि हाँ, तो प्रदेश में कौन से वन क्षेत्र का वनीकरण किया गया?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) वर्तमान में राज्य के कैम्पा निधि में राशि रू. 5196.69 करोड़ जमा है। राशि का उपयोग प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि नियम 2018 में दिए गए प्रावधान अनुसार प्रमुख रूप से वृक्षारोपण तथा वन एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण एवं वनों से संबंधित अधोसंरचना विकास के कार्यों हेतु किया जाता है। कैम्पा अंतर्गत विभाग को वर्ष 2007-08 से राशि प्राप्त हो रही है। उक्त राशि का उपयोग जिस कार्य को करवाने हेतु प्राप्त हुई है उसी कार्य पर राशि का व्यय किया जाता है। माह अप्रैल 2015 से कैम्पा योजना अंतर्गत प्राप्त राशि के उपयोग का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कैम्पा अंतर्गत प्राप्त राशि का उपयोग प्रमुख रूप से वृक्षारोपण कार्यों में किया गया एवं उक्त कार्यों से उद्देश्य की पूर्ति हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। प्रोजेक्ट अनुसार अनुमोदित 25 किलोमीटर दीवार निर्माण का कार्य कुल स्वीकृत राशि रू. 252.25 लाख के विरूद्ध राशि रू. 251.60 लाख व्यय कर पूर्ण किया गया है। (घ) जी हाँ। प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि अधिनियम 2016 के अंतर्गत प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि नियम 2018, अधिसूचित किये गये हैं, जिसमें निहित उद्देश्यों की पूर्ति एक सतत प्रक्रिया है। प्रदेश में कैम्पा अंतर्गत वर्ष 2016 से किये गये क्षतिपूर्ति वनीकरण कार्यों की सूची स्थलवार पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

शिक्षाकर्मियों को दिए जाने वाले लाभ

[स्कूल शिक्षा]

79. ( क्र. 4606 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग में किसी भी नियमित कर्मचारी का प्रोविडेंट फंड काटे जाने संबंधी क्या नियम हैं। (ख) क्या नियमित कर्मचारी का प्रोविडेंट फंड काटा जाना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो वर्ष 1998 में नियुक्त शिक्षाकर्मी नियमित कर्मचारी होने के बाद भी उनका किसी प्रकार का प्रोविडेंट फंड क्‍यों नहीं काटा गया?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 1998 में नियुक्ति शिक्षाकर्मी नियमित नही, अपितु स्थानीय निकाय के कर्मचारी होने के कारण प्रोविडेंट फण्ड काटे जाने का प्रावधान नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पैंतालीस"

आदिवासी वित्‍त विभाग से कार्य में रूकावट

[जनजातीय कार्य]

80. ( क्र. 4665 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या पार्ण्‍ढुना विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी वित्‍त विभाग से सामुदायिक भवन एवं पुलिया का जो निर्माण किया गया वह फंड न होने से काम रूका हुआ है, कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ख) ट्राइबल डिपार्टमेंट में अधिसूचित क्षेत्रों में काम न होने के क्‍या कारण है? (ग) क्‍या सरकार विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी विभागों की कार्य योजना व निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से क्‍यों नहीं कर पा रही है? यदि हाँ, तो क्‍यों?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) ''जी नहीं'' पार्ण्‍ढुना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजना से पुलिया एवं सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। कार्य पर स्‍वीकृति अनुसार फण्‍ड उपलब्‍ध है। कार्य शीघ्र पूर्ण कर किया जायेगा। कार्य पूर्ण होने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में ट्राइबल डिपार्टमेंट की विभिन्‍न योजनाओं के अंतर्गत अधिसूचित क्षेत्रों में विभाग द्वारा कार्य किये जाते हैं, प्रश्‍नांश का शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) ''जी नहीं'' आदिवासी विकास की योजनाओं व निर्माण कार्य सुचारू रूप से सम्‍पन्‍न किये जा रहे हैं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षकों के स्‍थानांतरण

[स्कूल शिक्षा]

81. ( क्र. 4667 ) श्री पी.सी. शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में दिनांक 01.12.2020 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रतिबंध अवधि में प्राथमिक शिक्षक, माध्‍यमिक शिक्षक एवं उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षकों के कितने स्‍थानांतरण आदेश जारी किये गये? स्‍थानान्‍तरण आदेशों का क्रमांक/दिनांक बतावें। (ख) क्‍या प्रतिबंध अवधि में मध्‍य सत्र में प्रशासनिक रूप से स्‍थानांतरण किया जाना अति आवश्‍यक था? तो क्‍यों? कारण सहित जानकारी देवें। (ग) क्‍या कोरोना महामारी (कोविड-19) के कारण शासन ने प्राथमिक एवं माध्‍यमिक विद्यालय 31 मार्च, 2021 तक बंद रखे हैं? यदि हाँ, तो बंद विद्यालयों में यह स्‍थानांतरण प्रतिबंध अवधि में क्‍यों किये गये? (घ) उक्‍त प्रशासनिक स्‍थानांतरणों में दतिया जिले से नियम विरूद्ध राजनीतिक आधार पर जिला श्‍योपुर से शिवपुरी में माध्‍यमिक शिक्षकों को परिवार सहित चिन्हित करके मानसिक रूप से प्रताड़ित करने हेतु किये गये स्‍थानांतरण के दोषी अधिकारी पर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शैक्षणिक कार्य सुविधा की दृष्टि से 14 शिक्षक, 17 माध्यमिक शिक्षक एवं 03 उच्च माध्यमिक शिक्षक के प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण किये गये है। (ग) जी हाँ। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में छात्रों की अध्यापन व्यवस्था आन लाईन प्रक्रिया एवं मोहल्ला क्लॉस के माध्यम से संचालित होने के कारण शैक्षणिक कार्य सुविधा की दृष्टि से प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण किये गये है। (घ) उत्तरांश (ग) के प्रकाश में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

गौशाला का निर्माण

[पशुपालन एवं डेयरी]

82. ( क्र. 4718 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. सरकार की सभी ग्राम पंचायत में गौशालाएं बनाने की योजना है? यदि हाँ तो कब तक? (ख) इन गौशालाओं में गायों की क्या व्यवस्थाएं होगी? (ग) इन गौशालाओं को संचालित कौन करेगा तथा संचालित करने हेतु धन की क्या व्यवस्था होगी? (घ) क्या इन गौशालाओं से दुग्ध उत्पादन होगा? वर्तमान में कितनी गौशालाओं से कितना-कितना दुग्ध उत्पादन होता है?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जी नहीं। परन्‍तु निराश्रित गौवंश की संख्‍या के आधार पर प्रदेश की च‍यनित ग्राम पंचायतों में मुख्‍यमंत्री गौसेवा योजना अंतर्गत गौशालाओं का निर्माण कराया जा रहा है। (ख) मुख्‍यमंत्री गौसेवा योजना अंतर्गत 100 गौवंश क्षमता की गौशालाऐं मनरेगा अंतर्गत निर्मित की जा रही है। जिसमें गौवंश शेड, बछडा शेड, पानी की हौद, चौकीदार कक्ष, कार्यालय, भूसा गोदाम बीमार गौवंश शेड, गौउत्‍पाद निर्माण हेतु शेड, कम्‍पोस्‍ट यूनिट, फेंसिंग का प्रावधान किया गया है। (ग) मुख्‍यमंत्री गौसेवा योजना अंतर्गत निर्मित गौशाला के संचालन का उत्‍तरदायित्‍व ग्राम पंचायत का होगा। यदि ग्राम पंचायत चाहे तो गौशाला के संचालन हेतु महिला स्‍वसहायता समहू अथवा स्‍वयं सेवी संस्‍था से अनुबंध कर सकती है। गौशालाओं का संचालन प्रारंभ होने के उपरांत उनमें उपलब्‍ध गौवंश के चारे-भूसे की व्‍यवस्‍था हेतु रूपये 20.00 प्रतिगौवंश प्रतिदिवस के मान से राशि पशुपालन विभाग द्वारा उपलब्‍ध कराने की व्‍यवस्‍था है। (घ) प्राय: गौशालाओं में कमजोर, असहाय व निराश्रित गौवंश को लाया जाता है। इनके दूध से उनके वत्‍सों के लिए ही पूर्ति हो पाती है। शेष प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता।

शासकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती प्रकिया

[चिकित्सा शिक्षा]

83. ( क्र. 4729 ) डॉ. अशोक मर्सकोले : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दूसरे राज्यों के मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत चिकित्सक मध्यप्रदेश के शासकीय मेडिकल कालेज में सेवाओं हेतु पात्रता रखते हैं? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो आदेश की सत्‍यप्रति प्रदान करें और यदि नहीं, तो वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र. के दतिया मेडिकल कॉलेज एवं अन्‍य मेडिकल कॉलेज में दूसरे राज्यों के मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत चिकित्‍सकों का किस आधार पर नियुक्ति की गई है तथा वेतन भत्ते प्रदान किये गये हैं? दूसर राज्‍यों के मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत चिकित्‍सक जो मध्‍यप्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे हैं, जिलेवार चिकित्‍सक की सूची प्रदान करें। (ग) क्‍या मध्यप्रदेश आदर्श भर्ती नियम 2018 के तहत ब्रांडेड चिकित्सक किसी भी कारण से सेवा से ब्रांडेड समय से पूर्व नौकरी छोड़ते है तो वे मध्यप्रदेश के किसी भी अन्‍य शासकीय सेवाओं के लिए पात्र होंगे? हाँ तो आदेश की प्रदाय करें। यदि नहीं, तो फिर शिवपुरी मेडिकल कॉलेज से नौकरी से त्याग पत्र देने के बाद डॉ. श्वेता यादव, प्राध्यापक, स्त्री व प्रसूति विभाग की किस प्रक्रिया के तहत दतिया मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति की गई है?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) अधिनियम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

साक्षरता संविदा प्रेरक शिक्षकों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

84. ( क्र. 4735 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में साक्षरता संविदा प्रेरक शिक्षकों की भर्ती की गई थी? यदि हाँ तो सेवा शर्तें क्या थी, इनके द्वारा किस प्रकार के कार्य किए गए? उक्त शिक्षकों की भर्ती का निर्णय किस की अनुमति से लिया गया था? (ख) क्या सरकार ने उक्त प्रेरक शिक्षकों की सेवा समाप्त किए जाने का निर्णय लिया है? यदि हाँ तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में कई वर्षों से सेवा दे रहे प्रेरक शिक्षकों को सेवा से पृथक करना मानवीय दृष्टि से सही है? क्या सरकार इनकी सेवा अवधि के अनुभव का लाभ लेकर अन्य शासकीय कार्य हेतु इन्हें बहाल करने पर विचार करेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) से (ग) जी हाँ, केन्द्र प्रवर्तित ''साक्षर भारत योजना'' के अंतर्गत असाक्षरों को बुनियादी साक्षरता प्रदान करने हेतु प्रदेश में ''प्रेरकों'' की अस्थायी रूप से मानदेय के आधार पर नियुक्ति की गई थी। इनकी भर्ती के लिये जो विज्ञापन जारी किया गया था उसमें स्पष्ट था कि इन्हें रू. 2000/- प्रतिमाह के मानदेय के आधार पर योजना अवधि तक रखा जावेगा और योजना समाप्ति के साथ ही इनकी सेवायें स्वतः समाप्त हो जावेगी। भारत सरकार द्वारा यह योजना दिनांक 31.03.2018 को समाप्त की जा चुकी है। प्रेरकों की भर्ती भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत की गई थी। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पेंशन हितग्राहियों की जानकारी

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

85. ( क्र. 4736 ) श्री राजेश कुमार शुक्‍ला : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बिजावर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार की कौन-कौन सी पेंशन, कितने हितग्राहियों को प्रत्येक में कितना व्यय होता है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में उक्त पेंशन योजनाओं के सभी हितग्राहियों को माह की किस तारीख तक पेंशन दिए जाने का नियम है?             (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में क्या सभी हितग्राहियों को नियमित प्रतिमाह पेंशन प्रदाय की जा रही है। यदि नहीं, तो किस योजनांतर्गत कितने हितग्राहियों की किस-किस माह की पेंशन शेष है, शेष रहने का क्या कारण है?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) छतरपुर जिले की विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन एवं राज्य की सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था, विधवा, परित्यक्ता, नि:शक्त‍, कल्याणी, मानसिक, बहुविकलांग, कन्या अभिभावक, अविवाहित पेंशन योजनाओं का लाभ प्रदाय किया जाता है। हितग्राहीवार व्यय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पात्र पेंशन हितग्राहियों को प्रत्येक माह की 7 तारीख तक पेंशन भुगतान किये जाने संबंधी निर्देश है। विभाग से सीधे हितग्राहियों के खाते में 1 से 5 तारीख के मध्य पेंशन का भुगतान कराया जा रहा है, जिन ग्राम पंचायतों की दूरी बैंक से 2 से 5 कि.मी. है वहॉ पर निर्धारित दिनांक के अनुसार प्रतिमाह 7 तारीख को अथवा अवकाश होने पर अगले कार्य दिवस को ''पेंशन आपके द्वार'' के तहत पेंशन भुगतान की जाती है। (ग) जी हाँ। प्रतिमाह नियमित पेंशन भुगतान की जाती है।

परिशिष्ट - "छियालीस"

जिला चिकित्‍सालयों को मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड करने

[चिकित्सा शिक्षा]

86. ( क्र. 4759 ) श्री प्रदीप अमृतलाल जायसवाल : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के जिला चिकित्‍सालयों को मे‍डिकल कॉलेज में अपग्रेड किये जाने की भारत सरकार की कोई योजना प्रदेश में क्रियान्वित है? (ख) यदि हाँ, तो इस योजना के अन्‍तर्गत प्रदेश के किन-किन जिलों के जिला चिकित्‍सालयों को मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड किया जा रहा है? जिला चिकित्‍सालयों को मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड करने के क्‍या मापदण्‍ड हैं? दस्‍तावेजों सहित जानकारी प्रदान करने का कष्‍ट करें। (ग) क्‍या बालाघाट के जिला चिकित्‍सालय को इस योजना के अन्‍तर्गत मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस दिशा में अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही कर ली गई है एवं जिला चिकित्‍सालय बालाघाट को उक्‍त योजना के अन्‍तर्गत मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड करने की स्‍वीकृति कब तक जारी की जायेगी?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 अनुसार है। (ग) जी नहीं। भारत सरकार द्वारा प्रस्‍ताव अस्‍वीकृत किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

नियमों के विपरित सेवावृद्धि

[जनजातीय कार्य]

87. ( क्र. 4775 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जनजाति कार्य विभाग के क्षेत्रान्‍तर्गत संचालित प्राथमिक/माध्‍यमिक/हाई/हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में शैक्षणिक सत्र के मध्‍य में सेवानिवृत्‍त हो रहे शिक्षकों/अन्‍य कर्मचारियों की सेवायें शैक्षणिक सत्र समाप्‍त होने तक बढ़ाये जाने के क्‍या नियम/मापदण्‍ड निर्धारित है? शासन द्वारा जारी नियमों की एक प्रति देते हुये बतायें कि किस नाम/पदनाम के सक्षम अधिकारी के द्वारा किस नाम/पदनाम के वरिष्‍ठ कार्यालय से अनुमति लिखित में लेकर सेवावृद्धि की जा सकती है? नियमों की प्रति दें।          (ख) जनजातीय कार्य विभाग (आदिम जाति कल्‍याण) के इंदौर संभाग के अंतर्गत आने वाले प्रश्नांश (क) में वर्णित स्‍कूलों में 01.04.2017 से प्रश्‍नतिथि तक उपायुक्‍त जनजाति कार्य (आदिम जाति कल्‍याण) विभाग द्वारा किस-किस नाम/पदनाम/कहाँ के स्‍कूलों (स्‍थानवार/तहसीलवार/जिलेवार दें) के शिक्षकों/अन्‍य कर्मचारियों को कितने दिनों/माह/वर्ष के लिये सेवावृद्धि/संविदा नियुक्ति/अन्‍य के आदेश कब-कब जारी किये? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍कूलों एवं (ख) में उल्‍लेखित समयानुसार किन-किन स्‍थान एवं जिलों के स्‍कूलों के शिक्षकों की सेवावृद्धि प्रश्‍नतिथि तक पाई गई है? नामवार/पदवार/कारणवार/स्‍थानवार/जिलेवार/सेवावृद्धि की माहवार जानकारी दें? (घ) राज्‍य शासन प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित नियमों (ख) में वर्णित समयानुसर एवं (ग) में उल्‍लेखित नियम विरूद्ध सेवावृद्धि के प्रकरणों को वैध मानता है कि अवैध? शासन कब तक उपायुक्‍त जनजातिय कार्य विभाग (आदिम जाति कल्‍याण) इंदौर को निलंबित कर विभागीय जाँच के आदेश जारी करेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) शैक्षणि‍क संवर्ग के लिये 01 नवम्‍बर के पश्‍चात् सेवानिवृत्‍त होने वाले कर्मचारी को सत्रान्‍त तक पुनर्नियुक्ति देने का प्रावधान है। विभागीय निर्देश दिनांक 05/03/2019 एवं 21/12/2020 की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।          (ख) एवं (ग) निरंक। (घ) शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

माडा पाकेट में हुये कार्यों की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

88. ( क्र. 4776 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रीवा जिले की मऊगंज विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत आने वाले आदिवासी उप परियोजना पिपराही (माडा पाकेट) में 01.04.2016 से प्रश्‍नतिथि के दौरान किस-किस मद में, क्‍या-क्‍या कार्य के लिये, कब-कब, कितनी-कितनी राशि आई? सूची माहवार/वर्षवार दें। किस-किस स्‍थान पर, क्‍या-क्‍या कार्य, किस-किस मद से किन-किन जारी कार्यादेशों से, कब-कब, कितना-कितना व्‍यय माहवार/वर्षवार किया गया? सूची दें? (ख) रीवा जिले में जनजाति कार्य विभाग की क्‍या-क्‍या योजनाएं कब-कब से संचालित हैं? योजनावार जानकारी दें। प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार किस-किस योजना के तहत, किस-किस मद में, किस-किस प्रकार के कार्य हेतु, कितनी-कितनी राशि, कब-कब आई? उक्‍त आई राशि का व्‍यय, किस-किस दिनांकों को किन-किन जारी आदेश क्रमांकों के जरिये जारी कार्यादेशों से किस-किस स्‍थान पर, क्‍या-क्‍या कार्य हेतु कब-कब, किस-किस मद में, कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में संपन्‍न हो चुके एवं भुगतान हो चुके कार्यों का प्रश्‍नतिथि तक भौतिक रूप से स्‍थल पर क्‍या स्थिति है? प्रत्‍येक कार्यवार सक्षम अधिकारी की भौतिक रूप से स्‍थल की प्रश्‍नतिथि तक वर्तमान की निरीक्षण टीप का विवरण करायें?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार।

परिशिष्ट - "सैंतालीस"

आदिवासियों को वनग्राम में पट्टे वितरण

[जनजातीय कार्य]

89. ( क्र. 4799 ) श्री पहाड़सिंह कन्नौजे : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र बागली अंतर्गत आने वाले वनग्रामों में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार वर्ष 2005 के पूर्व के भूमि स्वामियों को कितने आदिवासियों को वनग्रामों में पट्टे दिये गए? कब-कब, किन-किन ग्रामवासियों को पट्टे दिये गए? वर्षवार, ग्रामवार सम्पूर्ण विवरण दें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वन विभाग द्वारा कई ग्रामीणों को वनग्रामों में पट्टे नहीं दिये जाने की शिकायत पिछले कई वर्षों में प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो शिकायतों का क्‍या निराकरण किया गया? पट्टे वितरण में विलम्‍ब का कारण स्‍पष्‍ट करें। विलम्‍ब में दोषी अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जायेगी? विगत 10 वर्षों की जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में कितने हितग्राहियों द्वारा विगत् 10 वर्षों में आदिवासियों द्वारा पट्टे हेतु आवेदन किया है? आवेदन के पश्चात् भी कितने आदिवासियों को पट्टे नहीं दिये जाने का क्या कारण है? स्पष्ट करें। शेष रहे हितग्राहियों को कब तक पट्टों का वितरण किया जायेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बागली अन्तर्गत वनग्रामों में वर्ष 2005 के पूर्व के भू-स्वामियों को पट्टे दिये जाने से संबंधित माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बस्ती विकास योजना में निर्मित सामुदायिक भवन

[जनजातीय कार्य]

90. ( क्र. 4805 ) सुश्री कलावती भूरिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अलीराजपुर जिले में अ.ज.जा. बाहुल्य बस्ती विकास योजना मद से वर्ष 2014-15 से 2018-19 में बने सामुदायिक भवन कहाँ-कहाँ पर किन ग्राम पंचायतों में बने हैं? वर्तमान में किस स्थिति में भवन हैं? सामुदायिक भवन का उपयोग किसके द्वारा किया जा रहा है? यदि संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा नहीं किया जा रहा तो क्यों नहीं किया जा रहा है? इसका क्या कारण है? इसका जिम्मेदार कौन हैं? वर्तमान में सामुदायिक भवन का कौन-कौन उपयोग कर रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार अलीराजपुर जिले में बने सामुदायिक भवन कहाँ-कहाँ किन ग्राम पंचायत में बने हैं? विकासखण्डवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि सामुदायिक भवन का उपयोग अन्य व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है। तो क्या संबंधित ग्राम पंचायत की अनुमति से किया जा रहा है? यदि हाँ तो उसकी अनुमति की अवधि कब से कब तक के लिये जारी की जाती है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। वर्तमान में पूर्ण भवन की स्थिति ठीक है। भवन का उपयोग ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है। प्रश्‍नांश का शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में प्रश्नांश (क) के उत्‍तरांश अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "अड़तालीस"

पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण हेतु व्‍यय राशि

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

91. ( क्र. 4877 ) श्री बाला बच्चन : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01-04-2020 से 15-02-2021 की अवधि में बड़वानी एवं खरगोन जिलों में पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण द्वारा कितनी राशि किन-किन कार्यों में व्‍यय की गई? जिलावार बतावें। (ख) उपरोक्‍तानुसार कार्य नाम, लागत, स्‍वीकृति दिनांक सहित जिलावार देवें। (ग) उपरोक्‍त कार्यों की अद्यतन स्थि‍ति भी जिलावार, कार्यवार बतावें। हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों की जानकारी प्रश्‍न (क) अवधि अनुसार देवें। हितग्राही नाम, पता, राशि, योजना नाम, सहित जिलेवार देवें।

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है।           (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

परिशिष्ट - "उन्चास"

व्‍यय राशि की जानकारी

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण]

92. ( क्र. 4878 ) श्री बाला बच्चन : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01-04-2020 से 15-02-2021 की अवधि में बड़वानी एवं खरगोन जिलों में कितनी राशि किन-किन कार्यों में व्‍यय की गई? जिलेवार बतावें।              (ख) उपरोक्‍तानुसार कार्य का नाम, लागत, स्‍वीकृति दिनांक सहित जिलावार देवें। इन कार्यों की अद्यतन स्थिति भी देवें। (ग) हितग्राही मूलक योजनओं के लाभार्थियों की जानकारी प्रश्‍न (क) अवधि अनुसार देवें। हितग्राही नाम, पता, राशि योजना नाम सहित देवें।

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जिला बड़वानी की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-''अनुसार है। जिला खरगोन की जानकारी निरंक है।           (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

परिशिष्ट - "पचास"

पैरामेडिकल हेतु स्ववित्तीय मद की राशि

[चिकित्सा शिक्षा]

93. ( क्र. 4955 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय मेडिकल कॉलेज जबलपुर में पैरामेडिकल हेतु स्ववित्तीय मद की राशि उपलब्ध है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक को उपलब्ध राशि बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत गत तीन वर्षों में कितनी राशि का उपयोग पृथक पैरामेडिकल कक्षों के निर्माण एवं अध्यापन सामग्री में किया गया है? (ग) वर्तमान में पैरामेडिकल पाठयक्रमों के उपयोग हेतु पृथक एवं पूर्णरूप से कुल कितने शैक्षणिक कक्ष उपलब्ध हैं? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) के अंतर्गत उपलब्ध राशि का उपयोग पैरामेडिकल कक्ष के निर्माण हेतु किया जायेगा?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍न दिनांक तक कुल राशि रूपये 7,56,31,759/- उपलब्‍ध है। (ख) गत तीन वर्षों में पृथक पैरा मेडिकल कक्ष निर्माण में शून्‍य एवं अध्‍यापन सामग्री में रूपये 19,59,329/- का व्‍यय किया गया है। (ग) वर्तमान में पैरा मेडिकल पाठ्यक्रम की कक्षाओं के संचालन हेतु आवश्‍यकतानुसार विभिन्‍न विभागों में उपलब्‍ध कक्षो का उपयोग किया जाता है। पैरा मेडिकल के अंतर्गत एलाईड हेल्‍थ साईंस संस्‍थान के निर्माण की प्रक्रिया प्रचलन में है। (घ) जी हाँ।

दुग्ध उत्पादक किसानों के हित में कार्य करने

[पशुपालन एवं डेयरी]

94. ( क्र. 4956 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सहकारी दुग्ध संघ, दुग्ध उत्पादक किसानों के हित में काम नहीं कर रहा है? (ख) क्या सहकारी दुग्ध संघ जबलपुर की दुग्ध उत्पादक कोऑपरेटिव सोसायटी की संख्या दिनों दिन कम हो रही है? (ग) यदि नहीं, तो बतावें कि सहकारी दुग्ध संघ जबलपुर की अधिकतम कितनी कोऑपरेटिव सोसायटी थी? प्रश्न दिनांक को कितनी सोसायटी है? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के कारण क्या निजी दुग्ध विक्रेता शहर का दूध दूसरे शहरों में बिक्री के लिये ले जा रहे हैं?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। दुग्ध संघ की कार्यरत समितियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। विगत 03 वर्षों 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 में कार्यरत दुग्ध समितियों की संख्या क्रमशः 623,659 एवं 726 रही है। (ग) वर्ष 2011-12 में संघ अंतर्गत 940 दुग्ध समितियां कार्यरत थीं जो कि संघ स्थापना से अद्यतन स्थिति तक अधिकतम थी, इन समितियों में जिला पन्ना एवं दमोह की समितियां भी सम्मिलित थी जो कि वर्ष 2017-18 में बुंदेलखंड सहकारी दुग्ध संघ मर्या, सागर को हस्तांतरित कर दी गईं। वर्तमान में माह फरवरी 2021 की स्थिति में संघ अंतर्गत कुल 726 पंजीकृत एवं प्रस्तावित दुग्ध समितियां कार्यरत हैं जो कि गत 03 वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। (घ) संघ द्वारा निजी दुग्ध विक्रेताओं से शहर का दूध संकलित नहीं किया जाता है। अतः उत्तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।

वनक्षेत्रपालों की वरियता

[वन]

95. ( क्र. 4982 ) श्री सुनील उईके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) मध्यप्रदेश सिविल सेवा सामान्य शर्त नियम 1961 में 12 (1) (क) के अनुसार किसी पद पर सीधे नियुक्ति किसी व्यक्ति की वरीयता पद ग्रहण की तिथि पर विचार बिना उस योग्यता क्रम के आधार पर अवधारित की जावेगी जिससे नियुक्ति के लिये उनकी लोकसेवा आयोग से सूची में सिफारिश की गई है? (ख) उक्त सेवा की सामान्य शर्त के अनुसार कार्यालय प्रधान मुख्य वनसंरक्षक म.प्र. भोपाल के आ.क्र. 495 दिनांक 19.04.02 से वरीयता सूची में संशोधन कर लोकसेवा आयोग की चयन सूची से वरीयता निर्धारित की गई है? इसमें ए.एस. राठौर को लोक सेवा आयोग की चयन सूची क्रमांक 17 पर नाम दर्ज होने से उन्हें वरीयता क्रं 39 (अ) पर श्री एम.के. मुखर्जी से ऊपर निर्धारित की गई है? (ग) दिसंबर 1979 की चयन सूची में चयनित वनक्षेत्रपालों को वरियता उपरोक्त आदेश के तारतम्य में 19.04.02 के पालन में सुधारी जावेगी? (घ) क्या 1979 के चयनिकृत क्र. 45, 51, 61, जो पद अपने साथियों से वरिष्ठ होने के बाद 9 जनवरी, 2009 में पदोन्नति से वंचित रह गये थे। जबकि क्रं. 6 पर चयनिकृत वनक्षेत्रपाल उक्त दिनांक को पदोन्निति पा चुके थे इस दिनांक से पदोन्नति दी जाने पर सरकार विचार करेगी?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 02 अप्रैल, 1998 में प्रावधान किया गया। (ख) जी नहीं। वरीयता प्रशिक्षण में प्राप्‍तांकों के आधार पर तैयार मेरिट सूची के प्रकाश में निर्धारित की गई। (ग) जी नहीं। दिसम्‍बर 1979 की सूची में चयनित वनक्षेत्रपालों की वरीयता तत्‍समय प्रचलित मध्‍य प्रदेश तृतीय श्रेणी (अलिपिकीय) वन सेवा भरती नियम 1967 एवं मध्‍य प्रदेश सिविल सेवाऐं (सेवा की सामान शर्तें) नियम 1961 के अंतर्गत किये गये प्रावधान के प्रकाश में निर्धारित होने से सुधार की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) जी नहीं। प्रश्‍नांश (ग) में दिये गये उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में विचार करने की आवश्‍यकता नहीं।

विशेष केन्द्रीय सहायता मद अनुच्छेद 275 (1)

[जनजातीय कार्य]

96. ( क्र. 4984 ) श्री सुनील उईके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जनजातिय मंत्री महोदय विशेष केन्‍द्रीय सहायता मद अनुच्छेद 275 (1) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2019-2020 एवं 2020-21 में आई.टी.डी.पी. पातालकोट परियोजना कलस्टर परियोजना एवं लाईन विभागों को कितनी-कितनी राशि छिन्दवाड़ा जिले को किन-किन कार्यों हेतु आंवटित की गई है। (ख) पातलकोट परियोजना एवं तामिया परियोजना में वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वीकृत बजट एवं कार्यों की जानकारी एवं व्यय की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में कितने विचाराधीन वनाधिकार पत्र वितरण हेतु विचाराधीन है? क्या विभाग उनका कब तक निराकरण करेगा?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र में मान्य 284 दावों में से 188 वन अधिकार पत्र वितरित कर दिये गये है। वितरण हेतु शेष 96 वन अधिकार पत्र शीघ्र वितरित किये जायेंगें। वन अधिकार अधिनियम 2006 की प्रक्रिया अर्द्ध न्यायिक स्वरूप की होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

छठवे वेतनमान के संबंध में

[वन]

97. ( क्र. 4985 ) श्री सुनील उईके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. में छठवां वेतनमान जो 01.01.2006 से लागू है वन क्षेत्रपाल द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारी के वर्ग (क) क्र. 3- 6500-10500 का वेतनमान ग्रेड-पे 9300-34300-10500 का वेतनमान ग्रेड पे 9300-34300-4200 देने का विचार करेगें। (ख) उपवन क्षेत्रपाल को पुलिस उपनिरीक्षक एवं नायब तसहीलदार के समकक्ष वेतनमान 9300-34300-3600 ग्रेड पे वेतनमान देने पर विचार करेगें? (ग) क्या वनपाल को राजस्व निरीक्षक एवं पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक व व00 को पुलिस आरक्षक के समान वेतनमान मिल रहा है फिर वन क्षेत्रपाल व उपवन क्षेत्रपाल का पुलिस निरीक्षक व उपनिरी‍क्षक वर्ग के समकक्ष छठवें वेतनमान देने पर विचार करेगें? यदि हाँ, तो कब तक(घ) क्या वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा में लगे उक्त वनकर्मियों को वेतनमान की विसंगति को दूर करेगें?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) जी नहीं, कर्मचारियों को देय वेतनमान का निर्धारण राज्‍य वेतन आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार किया जाता है। (ग) वित्‍त विभाग द्वारा राज्‍य वेतन आयोग की अनुशंसाओं पर मंत्रि-परिषद से प्राप्‍त आदेश में वनक्षेत्रपाल संवर्ग को मध्‍य प्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित उप निरीक्षक से सापेक्षता मानी गई है। अत: फिर से विचार करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) वेतनमान विसंगति नहीं है। अत: कोई कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पी.ई.बी. शिक्षक भर्ती 2018 में विसंगति

[स्कूल शिक्षा]

98. ( क्र. 4995 ) श्री सूबेदार सिंह सिकरवार रजौधा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2018 में पी.ई.बी. द्वारा शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की गयी थी? जिसमें बायोलॉजी वर्ग 1 में उन अभ्यर्थियों को अप्राप्त माना गया जिनका बी.एस.सी. ग्रेजुएशन में प्राणी शास्त्र, वनस्पति शास्त्र और रसायन शास्त्र था तथा एम.एस.सी. में बायोटेक्नोलॉजी, माक्रोबॉयोलॉजी थी? जबकि नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालय में ऐसे छात्र पात्र हैं। लेकिन पी.ई.बी. शिक्षक वर्ग 1 परीक्षा में पात्र क्यों नहीं? स्पष्टीकरण देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ऐसे छात्रों को शिक्षा विभाग द्वारा किस आधार पर अपात्र किया गया है? जबकि केन्द्रीय विद्यालय एवं नवोदय विद्यालय में शिक्षा का मानक उच्च स्तरीय रहता है। तो प्रदेश में शिक्षक भर्ती में ऐसे योग्य अभ्‍यार्थियों को किस आधार पर अयोग्य माना गाया है? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ऐसे कितने अभ्‍यार्थियों के द्वारा वर्ष 2018 में पी.ई.बी. परीक्षा में भाग लिया गया? (घ) प्रश्न (क), (ख) (ग) के परिप्रेक्ष्य में पी.ई.बी. परीक्षा में सम्मिलित अभ्यार्थियों के भविष्य के साथ विभाग द्वारा विषयवार जानकारी पूर्व से स्पष्ट क्यों नहीं दी गयी एवं उनके मनोबल एवं समय, परीक्षा शुल्क के रूप में धन की हानि का जिम्मेदार कौन होगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के परिपत्र क्र. एफ 01-119/2018/20-1, दिनांक 28.08.2018 द्वारा जारी नियोजन की प्रक्रिया के अनुसार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जीव विज्ञान विषय के अध्यापन हेतु अभ्यर्थी को वनस्पति शास्त्र या प्राणी शास्त्र विषय में स्नातकोत्तर उपाधि धारित करना अनिवार्य होगा, इस परिपत्र का उल्लेख पी.ई.बी. द्वारा पात्रता परीक्षा हेतु जारी नियम पुस्तिका की कण्डिका-7 (5) (ख) में है। नवोदय विद्यालय एवं केन्द्रीय विद्यालयों के भर्ती नियम पृथक है। शेषांष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 में प्राप्त आनलाईन आवेदनों में सह विषयों का सॉफ्टवेयर में उल्लेख नहीं होने से प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सह विषयों के अभ्यर्थियों की संख्या उपलब्ध नहीं होने से बताया जाना संभव नहीं है। (घ) मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के परिपत्र क्र. एफ 01-119/2018/20-1, दिनांक 28.08.2018 नियोजन की प्रक्रिया शिक्षक पात्रता परीक्षा के आयोजन पूर्व जारी की गई थी, इस परिपत्र का उल्लेख पी.ई.बी. द्वारा पात्रता परीक्षा हेतु जारी नियम पुस्तिका की कण्डिका-7 (5) (ख) में है। अतः शेषांष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[वन]

99. ( क्र. 5001 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) वन विद्यालय लखनादौन में पिछले 5 वर्षों में कौन-कौन से निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये? स्‍वीकृत निर्माण कार्यों के पृथक-पृथक प्राक्‍कलन अनुसार प्रशासकीय स्‍वीकृति की अद्यतन जानकारी, व्‍यय राशि, शेष राशि एवं निर्माण एजेन्‍सी का नाम, पता सहित निर्माण कार्यों की तकनीकी मार्गदर्शनकर्ता अधिकारी/कर्मचारी सहित जानकारी दें। (ख) वन विद्यालय लखनादौन में स्‍वीकृत, भरे पद एवं रिक्‍त पदों की जानकारी दें? कौन-कौन से पद कब से रिक्‍त हैं? विद्यालय द्वारा रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) वन विद्यालय में कितने वन प्रक्षेत्रों के कितनी अवधि के लिये आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है? प्रत्‍येक बैच में कितने वनकर्मी प्रशिक्षण प्राप्‍त करते हैं? प्रशिक्षण के दौरान स्‍वल्‍पाहार, क्‍या शासन द्वारा दिया जाता है? यदि हाँ, तो प्रति व्‍यक्ति प्रतिदिन के दर से कितनी राशि दी जाती है? (घ) प्रशिक्षण के दौरान शासन द्वारा मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी का विस्‍तृत ब्‍यौरा दें।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) वन वृत्‍त सिवनी के उत्‍तर सिवनी वनमंडल के अंतर्गत वन विद्यालय लखनादौन में पिछले 5 वर्षों में कोई निर्माण कार्य स्‍वीकृत नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) वन विद्यालय लखनादौन में स्‍वीकृत, कार्यरत एवं रिक्‍त पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। वन विद्यालय लखनादौन के स्‍वीकृत पदों को आहरण एवं संवितरण अधिकारी उत्‍तर सिवनी वनमंडल में समाहित हैं। अत: आवश्‍यकतानुसार उत्‍तर सिवनी वनमंडल के कर्मचारियों से कार्य कराया जा रहा है। अत: पृथक से वन विद्यालय द्वारा रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु कार्यवाही की आवश्‍यकता नहीं है। (ग) वन विद्यालय लखनादौन जिला सिवनी में वन प्रक्षेत्रों के पद के नाम से कोई कर्मचारी प्रशिक्षण हेतु नहीं आते हैं, अपितु वन विद्यालय में वनरक्षक का 6 माह का नियमित प्रशिक्षण, वनपाल का 45 दिवस का प्रशिक्षण एवं वनरक्षक से उप वनक्षेत्रपाल स्‍तर के कर्मचारियों का रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किये जाते है। वर्तमान में कोविड-19 के कारण आवासीय प्रशिक्षण आयोजित नहीं किये जाकर ऑनलाईन मोड में 6 माह का वनरक्षक प्रशिक्षण आयोजित है। प्रत्‍येक बैच में वनकर्मियों की संख्‍या आवश्‍यकतानुसार एवं परिस्थिति के अनुसार रहती है। नियमित प्रशिक्षण के दौरान स्‍वल्‍पाहार की व्‍यवस्‍था नहीं है।       (घ) प्रशिक्षण के दौरान वनकर्मियों हेतु पाठ्य सामग्री, आवासीय व्‍यवस्‍था एवं पेयजल की व्‍यवस्‍था उपलब्‍ध कराई जाती है।

परिशिष्ट - "इक्यावन"

धनीराम पटेल उ.मा.वि. नयाखेड़ा का संचालन

[स्कूल शिक्षा]

100. ( क्र. 5012 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कटनी जिला अंतर्गत धनीराम पटेल उ.मा.वि. नयाखेड़ा तहसील रीठी संचालित है? यदि हाँ, तो यह बतलावें कि क्या इस अशासकीय शाला को शासन द्वारा मान्यता प्राप्त है तथा इसको किसके द्वारा संचालित किया जाता है? संचालन हेतु संस्था के पास किस प्रकार की कितनी चल-अचल संपत्तियां हैं तथा इस शाला से कितनी दूरी पर निकटतम शासकीय उ.मा.वि. संचालित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अशासकीय शाला में किन-किन कक्षाओं का अध्ययन होता है? कक्षावार दर्ज संख्या सहित यह भी बतलावें कि अध्यापन हेतु कौन-कौन कब से इस संस्था में कार्यरत हैं? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अशासकीय शाला कब से क्रियाशील है? क्या सत्र 2002-03 में शासनाधीन करने की 60 स्कूलों की सूची में इस विद्यालय का नाम था, किन्तु 21 दिसम्बर 2016 में 56 स्कूल शासनाधीन होने से यह विद्यालय शासनाधीन होने से वंचित हो गया था?                    (घ) प्रश्नांश (ग) का उत्तर में यदि हाँ, तो क्या शासन इस शाला को शासनाधीन किये जाने हेतु सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। विद्यालय का संचालन धनीराम पटेल शिक्षा प्रसार समिति नयाखेड़ा द्वारा संचालित किया जाना है। संस्था के पास एक एकड़ भूमि है जिसमें 32 हजार वर्गफुट में भवन निर्माण एवं बाउण्‍ड्री है, शेष भूमि खेल मैदान हेतु सुरक्षित है। भवन, ऋण पुस्तिका एवं चल एवं अचल संपत्ति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार। इस विद्यालय से निकटतम 13 किलोमीटर की दूरी पर शासकीय उ.मा.वि. बडगांव विकासखण्ड रीठी संचालित है। (ख) कक्षा 1 से 12 वीं तक कक्षाऐं संचालित है पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार। कार्यरत कर्मचारियों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- तीन अनुसार। (ग) विद्यालय 01-07-1991 से संचालित है। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (ग) के प्रकाश में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

सहायक शिक्षकों को वरिष्ठता एवं वेतन

[स्कूल शिक्षा]

101. ( क्र. 5035 ) श्री सचिन बिरला : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 1993 में भोपाल, खंडवा एवं खरगोन जिले में ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजनान्तर्गत नियुक्त/पदस्थ सहायक शिक्षकों को कुछ समय पश्चात माननीय न्यायालय के एक फैसले के तहत सेवा से पृथक कर दिया गया था तथा बाद में माननीय न्यायालय के फैसले के तहत ही पुनः सेवा में रखा गया था? यदि हाँ तो किस-किस को? (ख) क्या उन सहायक शिक्षकों को पुनः सेवा में रखे जाने के पश्चात प्रथम नियुक्ति दिनांक से पुनः सेवा में लिए जाने की दिनांक तक वरिष्ठता एवं वेतन के एरियर का भुगतान भी प्रदान किया गया है? यदि हाँ तो यह किसके आदेश से, किन किन को किया गया है? संबंधित आदेश का क्रमांक/दिनांक उपलब्ध करावें। (ग) प्रथम नियुक्ति वाले जिलों से अन्य जिले में जो सहायक शिक्षक पदस्थ/स्थानांतरित किए गए हैं, क्या उनकी वरिष्ठता बरकरार रखी गई है? यदि नहीं, तो क्या उन्हें प्रथम नियुक्ति वाले जिले से अन्य जिले में पदस्थ/ स्थानांतरित करने पर नियमानुसार उनकी वरिष्ठता निर्धारित की जाएगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। वर्ष 1993 में नहीं अपितु वर्ष 1995 से आपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना अंतर्गत भोपाल जिले में 26, खण्डवा में 117 एवं खरगौन में 24 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार भोपाल जिले में सहायक शिक्षकों को पुनः सेवा में लिए जाने पर कार्यभार ग्रहण करने तक की अवधि को सेवा अवधि मान्य करते हुए सेवा निरस्ती आदेश से कार्यभार ग्रहण करने की अवधि तक ''काम नहीं दाम नहीं'' के आधार पर वेतन भत्तों का लाभ प्रदाय नहीं किया गया है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) स्थानांतरित जिले में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से प्रदान की गई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

ईको पर्यटन की गतिविधियां

[वन]

102. ( क्र. 5052 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ईको पर्यटन गतिविधियों का विस्‍तार करने हेतु म.प्र. ईको पर्यटन विकास बोर्ड एवं प्रदेश के बांस वनो की उत्‍पादकता में कमी तथा बांस एवं बांस उत्‍पादों के विवरण में हो रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए म.प्र. राज्‍य बांस मिशन का गठन किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2017-18 से प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र. ईको पर्यटन विकास बोर्ड को राज्‍य शासन के बजट से अनुदान राष्‍ट्रीय उद्यान/अभ्‍यारणों के विकास निधि से प्राप्‍त राशि, म.प्र. राज्‍य वन विकास निगम, म.प्र. राज्‍य लघु वनोपज संघ, कैम्‍पा, अन्‍य श्रोत एवं आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्र के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए किए गए प्रावधानों का योजनावार (सब स्‍कीम) के तहत और म.प्र. राज्‍य बांस मिशन को केन्‍द्रीय बांस मिशन, राज्‍य शासन के बजट, आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्र के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए किए गए प्रावधानों का योजनावार (सब स्‍कीम) के तहत कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ग) म.प्र. ईको विकास बोर्ड की प्रमुख गतिविधियों में प्रश्नांश (ख) अवधि में कितना-कितना, कब-कब, कहाँ-कहाँ व्‍यय किया गया? मनोरंजन/वन्‍य प्राणी अनुभव क्षेत्र कहाँ-कहाँ अधिसूचित किए गए है? उसमें से किन-किन स्‍थलों को विकसित करने योजनाएं स्‍वीकृत की जा चुकी हैं, कितनी शेष हैं एवं बोर्ड को प्राप्‍त राशि कहाँ-कहाँ, कब-कबकितनी-कितनी व्‍यय की गई?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। बांस की उपलब्‍धता में कमी तथा बांस एवं बांस उत्‍पादों के विपणन में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए मध्‍यप्रदेश राज्‍य बांस मिशन का गठन किया गया है। (ख) मध्‍यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 में है एवं बांस मिशन से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 में है। (ग) मध्‍यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा प्रश्‍नांश अवधि में स्‍वीकृत योजनाओं पर व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3, 4 एवं 5 में है।

अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को आर्थिक सहायता

[अनुसूचित जाति कल्याण]

103. ( क्र. 5073 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा सागर जिले में वर्ष 2018-19, 2019-20,  2020-21 से प्रश्न दिनांक तक अनुसूचित जाति परिवारों को इलाज हेतु एवं अन्य आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने हेतु कितनी राशि प्राप्त हुई? वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में प्राप्त आवंटित राशि का हितग्राहियों को प्रदाय करने के शासन के क्या नियम है? क्या शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप हितग्राहियों को इलाज हेतु एवं अन्य प्रायोजन पर आर्थिक सहायता प्रदान की गई? (ग) प्रश्नांश (ग) में प्राप्त आवंटित राशि का किन-किन विकासखण्‍डों में विधान सभावार वितरण किया गया? वर्षवार, हितग्राहियों की संख्या राशि सहित जानकारी देवें। (घ) यदि नरयावली विधानसभा क्षेत्र के हितग्राहियों को यह राशि वितरित नहीं की गई है तो क्यों तथा इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) योजना का बजट ग्‍लोबल है। इसलिए सागर जिले को पृथक से बजट जारी नहीं किया गया। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (घ) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्राप्‍त हुये आवेदनों में नियमानुसार राहत राशि प्रदान की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पात्रता परीक्षा पास अभ्यर्थियों की नियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

104. ( क्र. 5078 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय विभाग के द्वारा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने संयुक्त पात्रता परीक्षा अंतर्गत उच्च माध्यमिक शिक्षक के 19220 पद व माध्यमिक शिक्षक के 11374 पद पर भर्ती हेतु प्रक्रिया प्रारंभ की थी? उक्त पात्रता परीक्षा के परिणाम आने के बाद कॉउसलिंग प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों के मैरिट एवं वेटिंग लिस्ट जारी की गई थी? (ख) यदि प्रश्नांश (क) के क्रम में हाँ तो उक्त प्रक्रियाओं के तहत चयनित शिक्षकों को नियुक्ति प्रदान की गई? यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी दें कि प्रक्रिया पूर्ण होने के इतने समय बाद तक भी चयनित बेरोजगार युवकों को अभी तक नियुक्ति क्यों प्रदान नहीं की गई एवं कब तक नियुक्ति प्रदान की जायेगी? इस संबंध में निश्चित अवधि से अवगत करावे।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। स्कूल शिक्षा विभाग के अन्तर्गत उच्च माध्यमिक शिक्षक के 15000 एवं माध्यमिक शिक्षक के 5670 पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रारम्भ की गई। पात्रता परीक्षा के परिणाम के आधार पर प्रावधिक चयन सूची एवं प्रावधिक प्रतीक्षा सूची जारी की गई। (ख) जी नहीं। भर्ती प्रक्रिया अन्तर्गत दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को कोरोना महामारी के कारण दिनांक 04.07.2020 से स्थगित किया गया। दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पुनः प्रारम्भ किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है। वर्तमान में नियुक्ति आदेश जारी करने पर माननीय न्यायालय का स्थगन है, अतः समय-सीमा एवं निश्चित अवधि बताया जाना संभव नहीं है।

अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण

[स्कूल शिक्षा]

105. ( क्र. 5079 ) श्री शशांक श्रीकृष्ण भार्गव : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र विदिशा में शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल हायर सेकेण्डरी स्कूलों में वर्तमान स्थिति में कितने अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के क्रम में क्या शासन अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर नियमित किये जाने के संबंध में कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) विधानसभा क्षेत्र विदिशा में शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों में कोई अतिथि शिक्षक पदस्थ नहीं है। हाई स्कूल में 43 एवं हायर सेकेण्‍ड्री विद्यालयों 62 अतिथि शिक्षक कार्यरत है। (ख) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर कार्यवाही

[जनजातीय कार्य]

106. ( क्र. 5085 ) श्री संजय उइके : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्‍याण विभाग को प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 1032 दिनांक 08.12.2017 द्वारा आदिवासी उपयोजना क्षेत्र की राशि को गैर आदिवासी उपयोजना क्षेत्र में खर्च करने के संबंध में दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने निर्देश देने बाबद पत्र लिखा गया था? (ख) यदि हाँ, तो पत्रानुसार क्‍या कार्यवाही की गई?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परीक्षार्थियों के लिए परिवहन की व्‍यवस्‍था

[स्कूल शिक्षा]

107. ( क्र. 5139 ) श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन छात्र-छात्राओं को उन्‍हीं के जिले में परीक्षा केन्‍द्र की व्‍यवस्‍था कर सकता है? यदि नहीं, तो क्‍यों और करेगा तो कब तक? (ख) क्‍या अन्‍य जिले/शहर से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केन्‍द्र तक पहुँचने के लिये परीक्षा केन्‍द्रों द्वारा परीक्षार्थियों के लिए परिवहन की व्‍यवस्‍था की जा सकती है? यदि नहीं, की जा सकती तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) मण्डल द्वारा संचालित हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के लिए परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला योजना समिति के अनुमोदन उपरांत परीक्षा केन्द्र चार्ट मण्डल मुख्यालय को प्रेषित किये जाते है। परीक्षा केन्द्र निर्धारण के संबंध में मण्डल के मार्गदर्शी सिद्दातों के अन्तर्गत जिस शाला को परीक्षा केन्द्र बनाया जाना प्रस्तावित हो उसमें अध्ययनरत् छात्र/छात्राओं को निकटस्थ किसी अन्य परीक्षा केन्द्र में संलग्न किए जाने के निर्देश है तथा जिस जिले से छात्र/छात्राओं द्वारा परीक्षा फार्म भरा जाता है। छात्र/छात्राओं को उसी जिले में परीक्षा केन्द्र आवंटित किए जाने का प्रावधान है।           (ख) जिस जिले से छात्र द्वारा परीक्षा फार्म भरा जाता है छात्र/छात्राओं को उसी जिले में परीक्षा केन्द्र आवंटित किए जाने का प्रावधान है। अत: शेषाश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। अन्य शहर से आये परीक्षार्थियों के लिए परिवहन का प्रावधान नहीं है।

 

नियम विरूद्ध पदोन्‍नति एवं जाँच करने की कार्यवाही

[चिकित्सा शिक्षा]

108. ( क्र. 5140 ) श्री सुनील सराफ : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क‍) क्‍या कार्यालय कमिश्‍नर भोपाल संभाग, भोपाल द्वारा अपने पत्र क्र. 1586/विकास-2/2020, दिनांक 27.02.2020 द्वारा अधिष्‍ठाता गांधी चिकित्‍सा महाविद्यालय भोपाल को एक सहायक ग्रेड-3 की नियम विरूद्ध पदोन्‍नति निरस्‍त कर पारदर्शी जाँच कराने बाबत निर्देश दिये गये हैं? (ख) यह भी सत्‍य है कि उक्‍त पत्र में संबंधित सहायक ग्रेड-3 द्वारा बिना जाति प्रमाण-पत्र के नौकरी करने पर कानूनी कार्यवाही कर जाँच प्रतिवेदन अभिमत सहित तत्‍काल उपलब्‍ध कराने के निर्देश दिये गये हैं? (ग) क्‍या संबंधित सहायक ग्रेड-3 द्वारा अधिष्‍ठाता से सांठ-गांठ करने के कारण प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त पत्र पर अधिष्‍ठाता द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं करते हुये कमिश्‍नर कार्यालय के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है? (घ) क्‍या विभाग उक्‍त सहायक ग्रेड-3 श्री गजाधर प्रसाद को तत्‍काल नौकरी से बर्खास्‍त करते हुये शिकायत में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं पर उच्‍च स्‍तरीय एवं पारदर्शी जाँच कर नियुक्तिकर्ता अधिकारी संबंधित शासकीय सेवकों के विरूद्ध उचित कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें। यदि नहीं, तो क्‍यों? स्‍पष्‍ट कारण उल्‍लेख करें।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। शिकायत की जाँच की कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) जाँच रिपोर्ट प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

गांधी मेडिकल कॉलेज के गेस्‍ट हाउस में बिना अनुमति रखने

[चिकित्सा शिक्षा]

109. ( क्र. 5141 ) श्री सुनील सराफ : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के अधीन संचालित गेस्‍ट हाउस (अतिथि गृह) में कुल कितने कमरे है एवं उक्‍त कमरों को किसकी अनुमति से किन-किन अतिथियों को विगत 3 वर्ष में कब-कब आवंटित किया गया? इस हेतु क्‍या धन राशि निर्धारित की गई है? संबं‍धित अतिथि का नाम, कमरा क्र., दिवस, राशि, राशि जमा करने का दिनांक इत्‍यादि जानकारी उपलब्‍ध करायें।              (ख) क्‍या गेस्‍ट हाउस (अतिथि गृह) के प्रभारी द्वारा बिना अधिष्‍ठाता की अनुमति के कई दिनों तक अतिथि ठहराये गये एवं नगद राशि प्राप्‍त कर लेखा शाखा में जमा नहीं कराई गई, इस संबंध में अधिष्‍ठाता को प्राप्‍त शिकायतों पर कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? (ग) उक्‍त लाखों रूपये के गबन के लिये प्रमुख रूप से उत्‍तरदायी कर्मचारी गजाधर प्रसाद के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों पर कब तक कार्यवाही कर ली जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के अधीन संचालित गेस्‍ट हाउस (अतिथि गृह) में कुल 08 कमरे एवं 01 हॉल है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। अधिष्‍ठाता को प्राप्‍त शिकायत पर विभागीय स्‍तर पर जाँच समिति गठित की है। जाँच की कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) प्रकरण में जाँच की कार्यवाही प्रचलन में है। जाँच रिपोर्ट अनुसार गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास हेतु स्‍वीकृत कार्य

[अनुसूचित जाति कल्याण]

110. ( क्र. 5157 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्‍जैन जिले में दिनांक 01/01/2018 से 15/02/2021 तक अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास मद में कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत किये गए? विधानसभा क्षेत्रवार देवें।  (ख) कार्य का नाम, स्‍वीकृति का दिनांक, लागत कार्य पूर्ण/अपूर्ण स्थिति‍ सहित देवें। इनके लिए किन-किन को कितनी राशि का भुगतान किया गया? नाम सहित भुगतान राशि देवें। (ग) जो कार्य अपूर्ण है वे कब तक पूर्ण किए जाएंगे?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) संबंधित निर्माण एजेंसी एवं जनपद पंचायत को कार्य शीघ्रता से पूर्ण कर पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रस्‍तुत करने हेतु समय-समय पर निर्देश दिये गये हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

उज्‍जैन जिले में स्‍वीकृत कार्य

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण]

111. ( क्र. 5158 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में दिनांक 01.01.18 से 15.02.2021 तक विभाग ने कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत किए? विधानसभावार बतावें। (ख) कार्य नाम, स्‍वीकृति दिनांक, लागत, कार्य पूर्ण/अपूर्ण स्थिति सहित देवें। इसके लिए किन-किन को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? नाम, भुगतान राशि सहित देवें। (ग) जो कार्य अपूर्ण हैं वे कब तक पूर्ण होंगे?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार(ग) इस वर्ष।

पौध रोपड़ पर व्‍यय राशि

[वन]

112. ( क्र. 5159 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) दिनांक 01/01/2019 से 15/02/2021 तक उज्‍जैन वृत्‍त में कितना पौधारोपण किया गया?, वर्षवार एवं वनमंडलवार जानकारी दें? (ख) इस पर कितनी राशि व्‍यय की गई? योजनावार जानकारी देवें। (ग) किन फर्मों/व्‍यक्तियों को इसके लिए कितनी राशि का भुगतान किया गया? फर्म/व्‍यक्ति नाम, भुगतान राशि सहित जानकारी देवें। (घ) उपरोक्‍त भुगतान के लिए कितना टी.डी.एस. काटा गया है फर्मवार, व्‍यक्तिवार देवें। यदि टी.डी.एस. नहीं काटा गया है तो इसके जिम्‍मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) :  (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वनमंडलाधिकारी शाजापुर द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2020-21 के भुगतान में टी.डी.एस. कटौत्रा नहीं किया है इस संबंध में उनका स्‍पष्‍टीकरण लेने हेतु निर्देशित किया गया है।

चिकित्‍सा शिक्षा में भर्ती प्रक्रिया की जानकारी

[चिकित्सा शिक्षा]

113. ( क्र. 5191 ) श्री जितू पटवारी : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निजी चिकित्‍सा महा. द्वारा किस-किस प्रकार के फर्जीवाड़े पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जाना चाहिये, इस संदर्भ में शासन के पारित आदेश तथा इंडियन मेडिकल कौंसिल के आदेश परिपत्र की प्रतिया उपलब्‍ध कराये? (ख) निजी चिकित्‍सा महा. द्वारा संचालित अस्‍पतालों में कार्यरत् डाक्‍टर, पैरामेडिकल स्‍टॉफ तथा अन्‍य स्‍टॉफ की अस्‍पताल अनुसार संख्‍या वर्ष 2019-2020 की बतावें तथा बतावे कि इस वर्ष के कुल कितने इन्‍डोर तथा आउट डोर मरीज देखे गये? (ग) निजी चिकित्‍सा महा. में क्‍या वर्ष 2009 से 2015 तक भर्ती में फर्जीवाड़ा पाया गया यदि हाँ, तो किस किस में किस-किस वर्ष में किस प्रकार का फर्जीवाड़ा पाया गया किस-किस कॉलेज के मालिक तथा अधिकारियों पर प्रकरण दर्ज हुआ? प्रकरण क्रमांक, नाम, पिता का नाम, पद, गिरफ्तार तथा जमानत की दिनांक सहित सूची देवें। (घ) निजी चिकित्‍सा महा. में वर्ष 2015-2016 तथा 2019-20 में अध्‍यापन कराने वाले अध्‍यापकों के नाम, पिता का नाम, पता योग्‍यता सहित सूची दें तथा शासकीय विद्यालयों की वर्ष 2019-20 में MCI के निरीक्षण की रिपोर्ट का विवरण देवें।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) निजी चिकित्‍सा महाविद्यालय में फर्जीवाड़े की जाँच सी.बी.आई./एस.टी.एफ. द्वारा की जा रही है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।           (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। (ग) जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार।

तेंदू पत्‍ता खरीदी में अनियमितता

[वन]

114. ( क्र. 5192 ) श्री जितू पटवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उत्‍तर वन मंडल उमरिया में तेंदू पत्‍ता संग्राहकों की विकास निधि में हेराफेरी की जानकारी देते हुये अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। क्‍या 2010 से 2020 की अवधि में 61 करोड़ रूपया फर्जी तरीके से निकाल कर बंदरबाट कर लिया गया। (ख) फर्जी 61 करोड़ में से किस किसने कितना पैसा पाया तथा पुलिस में FIR दर्ज कराने हेतु भेजे गए प्रतिवेदन की प्रति देवें तथा बतावें की दस वर्षों से यह घोटाला कैसे चलता रहा? ऑडिट रिपोर्ट में इसको क्‍यों नहीं पकड़ पाये? (ग) क्‍या यह सही है कि विकास निधि का यह घोटाला लगभग सभी तेंदु पत्‍ता जिलों में हो रहा है तथा यह घोटाला राशि प्रतिवर्ष 300 करोड़ से ज्‍यादा है? क्‍या विभाग इसकी जिलेवार जाँच करायेगा? (घ) प्रदेश में वर्ष 2010 से 2020 के मध्‍य तेन्‍दु पत्‍ता विकास निधि में कितनी-कितनी राशि जमा हुई तथा कितनी-कितनी रशि किस कार्य के लिये निकाली गयी? वर्षवार जिलेवार जानकारी दें।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) उत्तर वनमण्डल उमरिया में तेन्दूपत्ता संग्राहकों की विकास निधि में हेरा-फेरी नहीं हुई। प्रश्नांकित अवधि में उमरिया जिले के अंतर्गत जिला यूनियन कार्यालय में प्रथम दृष्ट्या धनादेशों में कूटरचित तरीके से हेरा-फेरी कर जालसाजी के आधार पर राशि रूपये 7,52,24,880/- के अधिक आहरण का प्रकरण प्रकाश में आया है। (ख) वित्तीय वर्ष 2011-12 से नवंबर 2020 तक जारी किये गए 305 चेकों में प्रथम दृष्ट्या स्व. श्री कमलेश कुमार द्विवेदी, सहायक ग्रेड -3 द्वारा जालसाजी के आधार पर राशि रूपए 7,52,24,880/- के अधिक का आहरण किया गया। श्री कमलेश कुमार द्विवेदी, सहायक ग्रेड-3 का स्वर्गवास हो जाने के कारण पुलिस में FIR दर्ज कराने हेतु विधिक अभिमत लेकर कार्यवाही की जा रही है। जिला यूनियन सहकारी संस्था है, जिनका ऑडिट सहकारिता विभाग द्वारा किया जाता है। (ग) जी नहीं। अक्टूबर 2020 से दिसम्‍बर 2020 तक की अवधि की सभी तेन्दूपत्ता जिला यूनियनों की कैशबुक एवं बैंक पासबुक का मिलान सभी जिला यूनियनों द्वारा किया गया है, जिसमें वित्तीय अनियमितता नहीं पाई गई।                (घ) जानकारी दस वर्षों की वृहद् स्तर की श्रमसाधक होने के कारण एकत्र की जा रही है।

रैगांव विधानसभा में वन भूमि के उपयोग संबंधी

[वन]

115. ( क्र. 5202 ) श्री जुगुल किशोर बागरी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रैगांव विधानसभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ वन विभाग की कितनी-कितनी भूमि है। विवरण सहित जानकारी देवें, की कुल वन भूमि में से कितनी भूमि बची है? (ख) क्या वन भूमियों को कुछ अवैधानिक रूप से जनता द्वारा कृषि हेतु उपयोग किया जा रही है अगर हाँ तो विवरण देवे तथा इस भूमि को कब तक मुक्त कराया जावेगा, अगर नहीं तो कारण बताएं? (ग) क्या इन वन भूमियों में विभाग द्वारा विगत 03 वर्षों में वृक्षारोपण कराया गया है। अगर हाँ तो किस्मवार संख्या जीवित वृक्षों सहित विवरण देवें। (घ) क्या अवशेष वन भूमि में भी वृक्षारोपण कराया जावेगा। अगर हाँ तो कब तक नहीं तो क्यो?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) रैगांव विधानसभा क्षेत्र में वनमंडल सतना के वन परिक्षेत्र सिंहपुर का वनक्षेत्र आता है, जिसमें कुल संरक्षित वनभूमि का क्षेत्रफल 30293.744 हेक्टेयर है। उक्त वन भूमि में से 1267.123 हेक्टेयर वनभूमि अतिक्रमित है तथा शेष 29026.621 हेक्टेयर वनभूमि वन विभाग के आधिपत्य में है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। उक्त अतिक्रमणकारियों में से 236 अतिक्रमणकारियों को अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत रकबा 331.365 हेक्टेयर वनक्षेत्र में वन अधिकार प्रमाण-पत्र प्रदाय किये गये हैं तथा प्रदाय किये गये वन अधिकार को छोड़कर शेष अतिक्रामकों से वनभूमि को मुक्त कराने की कार्यवाही प्रचलित है। प्रक्रिया अर्द्धन्‍यायीक होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जी हाँ। सतना वनमंडल की निर्माणाधीन कार्य आयोजना के स्वीकृत होने पर कार्य आयोजना के प्रावधान अनुसार वृक्षारोपण की योजना तैयार कर प्रस्तुत की जायेगी तथा प्राप्त आवंटन के अनुसार वृक्षारोपण कार्य कराया जायेगा।

कर्मचारियों के नियमतीकरण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

116. ( क्र. 5203 ) श्री जुगुल किशोर बागरी : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप क्रमांक/44/सी-3-6/91/3/1 दिनांक 16/1/1993 के निर्देशानुसार 40 वर्ष या उससे अधिक होने पर हिन्दी मुद्रलेखन परीक्षा उत्तीर्ण करने में छूट प्रदाय करते हुये अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित भोपाल एवं जिला स्तरों पर जिला अंत्‍यावसायी समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया गया है, यदि हाँ, तो उक्त नियम के तहत आज दिनांक तक किन-किन जिलों में कितने कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया उनकी सूची उपलब्ध करावें एवं कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में उक्त नियम के तहत सूची अनुसार वांछित कर्मचारियों को कब तक नियमित किया जावेगा, समय-सीमा सहित जानकारी दें? (ग) अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित भोपाल एवं निगम की जिन समितियों जिला अन्त्यावसायी जिला स्तर पर विगत 10-12 वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कम्प्यूटर आपरेटरों को नियमित/स्थाईकर्मी क्यों नहीं किया गया, जबकि अनु. जाति कल्याण विभाग एवं अन्य विभागों-निगम मण्डलों में 10-12 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित/स्थाई किया जा चुका है, निगम एवं जिला स्तर पर कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कम्प्यूटर ऑपरेटरों को कब तक नियमित कर दिया जावेगा, समय-सीमा स्पष्‍ट करें। यदि नहीं, तो क्यों?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। आज दिनांक तक जिला अंत्‍यावसायी सहकारी विकास समिति मर्या. गुना के मात्र एक कर्मचारी श्री राजकुमार रघुवंशी, सहायक ग्रेड-3 को नियमित नहीं किया गया है, नियमित नहीं किये जाने का कारण यह है कि इनके नियुक्ति आदेश के बिन्‍दु क्रमांक 6 में यह शर्त लेख है कि ''इनकी निरंतरता चयन समिति के औपचारिक अनुमोदन पर निर्भर होगी। '' इस संबंध में चयन समिति का अनुमोदन नहीं हो पाने से नियमित नहीं किया जा सका। (ख) चयन समिति के औपचारिक अनुमोदन पश्‍चात् ही कर्मचारी को नियमित किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जिला समितियों में अपने कार्य की आवश्‍यकताओं को देखते हुये कलेक्‍टर द्वारा निर्धारित दर के मानदेय/मजदूरी पर कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर्स रखे जाने के निर्देश निगम द्वारा दिये गये है। इन्‍हें दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कलेक्‍टर दर पर नियुक्ति प्रदान नहीं की गई है। इसलिये उक्‍त कर्मचारियों को नियमित/स्‍थायी करने तथा जिला अंत्‍यावसायी सहकारी विकास समितियों में कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर्स के पद शासन से स्‍वीकृत नहीं होने के कारण इन्‍हें नियमित किये जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

स्कूल उन्नयन के संबंध में

[स्कूल शिक्षा]

117. ( क्र. 5210 ) श्री संजीव सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले के अंतर्गत वर्ष 2017 से प्रश्न दिनांक तक कितने स्कूलों का उन्नयन किया गया? (1) प्राथमिक से माध्यमिक (2) माध्यमिक से हाईस्कूल (3) हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी स्कूलवार, वर्षवार एवं ग्रामों के नामवार पृथक-पृथक सूची उपलब्ध करावें। क्या जिला प्रशासन से शासन को इन स्कूलों के उन्नयन हेतु प्रस्ताव विभाग को प्रेषित किये गये हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ख) शासन की गाइड-लाइन अनुसार जिन शालाओं के उन्नयन हेतु प्रस्ताव शासन के पास पूर्व से लंबित है, उन प्रस्तावों पर प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या उक्त प्रस्तावों को अतिशीघ्र उन्नयन हेतु स्वीकृति प्रदाय की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) प्रश्नांकित अवधि में किसी शासकीय प्राथमिक शाला का माध्यमिक शाला में उन्नयन नहीं किया गया। शासकीय हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी स्कूलों में उन्नत शालाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) वर्तमान में कोई प्रस्ताव लम्बित नहीं है। सर्व संसाधन सम्‍पन्‍न स्‍कूलों की स्‍थापना की नवीन नीति तैयार की जा रही है। तदनुसार कार्यवाही की जावेगी। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "बावन"

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत उद्योग की स्‍थापना

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

118. ( क्र. 5212 ) श्री संजीव सिंह : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना/अन्य योजना अंतर्गत (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के हितग्राहियों के लिये) स्वयं का उद्योग स्थापित करने हेतु शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र भिण्ड ग्रामीण सहित भिण्ड जिले में कितने व्यक्तियों को इस योजना का लाभ वर्ष 2017 से प्रश्न दिनांक तक प्रदान किया गया? हितग्राही का नाम, निवास स्थान, आयु, जाति, संवर्ग, परियोजना लागत की प्रदाय राशि आदि जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनान्तर्गत हितग्राहियों से आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए वित्तीय वर्ष 2017 से प्रश्न दिनांक तक जिले में कितने स्थायी समाचार पत्रों से प्रेस विज्ञप्ति का प्रकाशन किया गया? समाचार पत्रों में प्रकाशित विज्ञप्ति का विवरण उपलब्ध कराएं। यदि विज्ञप्ति का प्रकाशन नहीं किया गया है तो उसके लिए दोषी कौन हैं? दोषी के विरूद्ध क्या विभाग कोई कार्यवाही करेगा? (ग) वर्ष 2017 से प्रश्न दिनांक तक वर्षवार कितने आवेदन किन-किन संवर्ग के व्यक्तियों द्वारा प्रस्तुत किये गये तथा कितने व्यक्तियों को योजना का लाभ प्रदान किए जाने हेतु पात्र पाया गया?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जी हाँ। मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना/मुख्‍यमंत्री आर्थिक कल्‍याण योजना (पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक वर्ग के हितग्राहियों के लिए) संचालित है। योजनांतर्गत 154 हितग्राहियों को वर्ष 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक लाभ दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश क में उल्‍लेखित योजनांतर्गत हितग्राहियों से आवेदन पत्र प्राप्‍त करने के लिए वित्‍तीय वर्ष 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला कार्यालय पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण जिला भिण्‍ड द्वारा योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु जिला जनसंपर्क कार्यालय को प्रेस नोट जारी कर समाचार पत्रों में प्रकाशन किया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है।

मृतक पेंशन हितग्राहियों की राशि उनके परिवार को प्रदान करने बावत्

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

119. ( क्र. 5225 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में मृतक पेंशन हितग्राहियों की कितनी राशि बैंकों में जमा पड़ी हुई है? विवरण दें। (ख) शासन से पेंशन प्राप्त करने वाले हितग्राही की मृत्यु उपरांत उसके पेंशन खाते में पड़ी राशि को निकालने हेतु क्या नियम निर्धारित किए गए है? क्या मृत्यु उपरांत पेंशन वाली राशि उसके परिवार के सदस्य को प्रदान कर दी जाती है? यदि नहीं, तो क्या राशि बैंक द्वारा शासन को वापस कर दी जाती है? यदि नहीं, तो क्यों? कारण सहित विवरण दें। (ग) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षैत्र में विधवा/विकलांग/निराश्रित/वृद्ध पेंशन के कितनी हितग्राहियों को पेंशन प्रदान की जा रही है? उनमें से कितनों की मृत्यु हो गयी है तथा उनके खाते में कितनी-कितनी राशि वर्तमान में कितने समय से जमा पड़ी हुई है? शासन उक्त राशि को प्राप्त करने अथवा परिजन को उपलब्ध कराने हेतु क्या नियम बनायेगा? मृतक हितग्राही का नाम, बैंक/पोस्ट ऑफिस का नाम, राशि सहित संपूर्ण विवरण पृथक-पृथक दें।

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) पेंशन योजनाओ के अंतर्गत मृत पेंशनरों की सूचना परिवार के द्वारा विलंब से दिये जाने के कारण प्रदेश में मात्र 3 जिले उज्जैन, शाजापुर एवं सतना में मृतक पेंशन हितग्राहियों की बैंकों में राशि रूपये 366601/- जमा है, जिसे शासकीय खजाने में जमा कराये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ। मृत हितग्राहियों के बैंक खातों में पेंशन राशि का भुगतान होने पर राशि एक माह से अधिक का समय होने पर उसके परिवार से सम्पर्क करने के उपरांत जाँच कर मृतक के बचत खाते में जमा पेंशन राशि की बैंक से पुष्टि कराई जाकर मृतक के खाते में जमा पेंशन राशि को शासन के निर्धारित हेड में मूल राशि 0075 विविध सामान्य सेवाएं- 000 अन्य प्राप्तियों में तथा ब्याज राशि 0049 -ब्याज प्राप्तियां-800 अन्य प्राप्तियां के अंतर्गत चालान से शासकीय खजाने में जमा कराई जाने के संबंध में संचालनालय के पत्र क्रमांक/सा.सहा.-2/2020/1001 दिनांक 24-07-2020 निर्देश है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।         (ग) नागदा विधानसभा क्षेत्र में विधवा, विकलांग, निराश्रित, वृद्ध पेंशन के अंतर्गत 22288 हितग्राहियों को राशि रूपये 600/- प्रतिमाह प्रतिहितग्राही प्रदाय की जा रही है। पेंशन प्रदान की जा रही है। उज्जैन जिलान्तर्गत जनपद पंचायत खाचरौद की ग्राम पंचायतों में 72 मृतक पेंशन हितग्राहियों की रशि 2,76,000/- बैंक/पोस्ट आफिस के खाते में जमा है। जनपद पंचायत खाचरौद के 47 हितग्राही की राशि रूपये 1,93,800/- शासकीय खजाने में जमा कराने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नगर पालिका नागदा के 08 मृतक हितग्राही की राशि 28,700 एवं नगर पालिका खाचरौद के 05 मृत हितग्राही की राशि रूपये 39900/- शासकीय खजाने में जमा कराई गई है एवं जिसको शासकीय खजाने में जमा कराने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, निकायवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।

 

कोरोना काल उपरांत सत्र 2021-22 हेतु आर.टी.ई. के नियमों का शिथिल करना

[स्कूल शिक्षा]

120. ( क्र. 5226 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के निजी स्कूल सरकार पर आर.टी.ई. के अन्तर्गत एडमिशन वाले बच्चों की फीस जो शासन द्वारा दी जाती है तीन साल से लम्बित है? यदि हाँ तो सरकार को कितनी राशि निजी स्कूलों को देना है? (ख) शासन कोरोना काल से बंद पड़ी आर.टी.ई. के तहत नवीन एडमिशन की प्रक्रिया क्यो चालू नहीं की गई है? कब तक चालू की जायेगी? (ग) नागदा-खाचरौद वि.स. क्षेत्र में आर.टी.ई. के तहत किन-किन स्कूलों को कितनी सीट निर्धारित की गई है? विद्यालय के नाम, कक्षावार विवरण दें तथा वर्ष 2018-19 में कितनी सीटें किस विद्यालय की रिक्त रह गयी थी? कारण सहित विवरण दें। (घ) वर्ष 2020-21 में कोरोना बीमारी के कारण आर.टी.ई. के तहत होने वाली एडमिशन प्रक्रिया नहीं की गई थी? जिसके कारण आर.टी.ई. अन्तर्गत निर्धारित उम्र 6 वर्ष के विद्यार्थी जिनका पिछले वर्ष एडमिशन नहीं हो पाया था? क्‍या शासन नियमों में परिवर्तन कर वर्ष 2021-22 में एडमिशन प्रदान करेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी नहीं। अशासकीय स्कूलों को वर्षवार की गई फीस प्रतिपूर्ति एवं शेष प्रतिपूर्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '1' अनुसार है। (ख) आरटीई एक्ट की धारा 12 (1) (सी) के अन्तर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय स्कूलों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के निःशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया की प्रारंभिक तैयारी राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्र./राशिके/आरटीई/2021/977 भोपाल दिनांक 15.02.2021 के द्वारा प्रारंभ की जा चुकी है। (ग) नागदा खाचरोद विधान सभा क्षेत्र में आरटीई के तहत प्रक्रिया अनुसार अशासकीय स्कूलों की निर्धारित की गई सीटों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '2' अनुसार है। वर्ष 2018-19 में विद्यालयवार रिक्त सीटों की जानकारी कारण सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '3' अनुसार है। (घ) जी हाँ।

प्रशासकीय आदेश अवहेलना एवं शिकायत के संबंध में

[स्कूल शिक्षा]

121. ( क्र. 5228 ) श्री पंचूलाल प्रजापति : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आयुक्त कोष एवं लेखा, म.प्र. आदेश क्र. सं.को.ले./एस.ए.एस./स्थापना/2021/305 भोपाल दिनांक 29.01.2021 के तहत श्री पुष्पराज सिंह सहायक परियोजना समन्यवक (वित्त) जिला शिक्षा केन्द्र रीवा की पदस्थापना सहा. पेंशन अधिकारी जिला पेंशन कार्यालय सीधी प्रशासकीय आधार पर किया है? (ख) यदि हाँ, तो वर्णित आदेश का पालन प्रश्न दिनांक तक क्यों नहीं कराया गया इसमें कौन-कौन दोषी है तथा दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी? (ग) क्या उक्त परियोजना समन्वयक के उक्त बालिका छात्रावास जुड़मनियां जनपद पंचायत नईगढ़ी की वार्डन उषा वर्मा द्वारा 16 सितंबर 2019 का रिश्वत मांगने गाली गलौच एवं जाति सूचक शब्दों के अपमानित करने की शिकायत पुलिस उप अधीक्षक एवं महिला थाना में दर्ज कराई गई थी? यदि हाँ, तो उक्त शिकायत पर क्या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (ग) के सन्दर्भ में तथा उक्त परियोजना समन्यवक पर ऐसे कितने आरोप प्रत्यारोप लगाये गये है तथा उन पर क्या-क्या कार्यवाही की गई?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) श्री पुष्पराज सिहं, सहायक परियोजना समन्वयक, वित्त दिनांक 18.1.2021 से अर्जित अवकाश पर थे। आदेश के परिपालन की प्रक्रिया/कार्यवाही नियमानुसार प्रचलन में थी। आयुक्त, कोष एवं लेखा म.प्र. भोपाल के आदेश क्रमांक/342 दिनांक 18.2.2021 के माध्यम से श्री पुष्पराज सिंह,सहायक परियोजना समन्वयक, वित्त की पदस्थापना में संशोधन करते हुए सहायक कोषालय अधिकारी, जिला रीवा के पद पर की गई। संबंधित श्री पुष्पराज सिंह दिनांक 22.2.2021 को वर्तमान पदस्थापना स्थल पर उपस्थित हो गये हैं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। कार्यालय पुलिस थाना, नईगढ़ी के जाँच प्रतिवेदन अनुसार बालिका छात्रावास जुडमानिया की वार्डन श्रीमती उषा वर्मा द्वारा विभागीय कार्यवाही से बचने हेतु छेड़छाड़ एवं जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने का झूठा आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया है। पुलिस थाना नईगढ़ी का जाँच प्रतिवेदन संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में श्री पुष्पराज सिहं, सहायक परियोजना समन्वयक,वित्त के उपर लगाये गये आरोप जाँच दल द्वारा की गई जाँच में प्रमाणित नहीं पाये गये थे, तथापि श्री पुष्पेन्द्र सिंह द्वारा अपने जॉब चार्ट के अनुसार कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही का दोषी पाया गया, अत: कार्यालय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा के पत्र क्रमांक 1071 दिनांक 8.10.2020 द्वारा आयुक्त, रीवा संभाग रीवा को संबंधित को चेतावनी दिये जाने की अनुशंसा के अनुक्रम में आयुक्त, रीवा संभाग रीवा के आदेश दिनांक 4.11.2020 द्वारा श्री पुष्पराज सिहं, सहायक परियोजना समन्वयक, वित्त, जिला रीवा को भविष्य में सतर्क होकर कार्य करने की चेतावनी देते हुए उनके विरूद्ध प्रचलित अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया है। जारी आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - "तिरेपन"

निर्बाधा अभियान हेतु गाईड लाईन

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

122. ( क्र. 5232 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन ने निर्बाधा अभियान के अंतर्गत दिव्यांग एवं वृद्धजन की सुविधा हेतु गाइडलाईन निर्धारित की थी? यदि हाँ तो प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में छतरपुर जिलांतर्गत आने वाले सभी शासकीय, सार्वजनिक भवनों, स्कूलों, कॉलेजों, कम्यूनिटी हॉल, पार्क, सार्वजनिक शौचालयों आदि स्थानों में उक्त गाइड लाईन के अनुसार प्रश्न दिनांक तक सुविधाएँ प्राप्त हैं? यदि नहीं, तो कौन-कौन से स्थल में कौन-कौन सी सुविधा नहीं है? किस कारण से सुविधा नहीं दी जा सकी? कब तक प्रदाय कर दी जावेगी।

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जी हाँ। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 अनुसार सार्वजनिक भवनों को दिव्यांगजनों हेतु बाधारहित बनाये जाने का प्रावधान है। अधिनियम में निहित प्रावधान पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) उत्‍तरांश (क) के अनुक्रम में छतरपुर जिलांतर्गत दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधान अनुसार दिव्यांगजनों हेतु सार्वजनिक भवनों में बाधारहित वातावरण सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मुख्यमंत्री मदद योजना अन्तर्गत सामग्री का प्रदाय

[जनजातीय कार्य]

123. ( क्र. 5236 ) सुश्री कलावती भूरिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन द्वारा अलीराजपुर जिले में मुख्यमंत्री मदद योजना अन्तर्गत जिले के प्रत्येक ग्रामों में बर्तन सामग्री हेतु कितनी-कितनी राशि किसे और कब प्रदाय की गई है? सूची सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार शासन द्वारा सामग्री कब तक प्रदाय किये जाने के निर्देश थे? क्या शासन द्वारा जारी निर्देश अनुसार समय-सीमा में सामग्री प्रदाय नहीं की गई है? यदि हाँ तो इसके क्या कारण है? इसके लिये कौन जिम्मेदार है? क्या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्यवाही की जावेगी तो कब तक। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार ग्राम समिति गठित की जाकर समिति को सामग्री वितरण की जावेगी। यदि हाँ तो क्या समिति गठित कर ली गई है? तो समिति किसकी अनुशंसा पर गठित की है और उसमें कितने सदस्य होगें? ग्रामवार समिति के सदस्यों के नाम सहित सूची देवें। यदि नहीं, तो इसके क्या कारण है? इसके लिये कौन जिम्मेदार है? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार सामग्री प्रदाय में शासन द्वारा जारी निर्देशों के विरूद्ध प्रक्रिया अपनाई जाकर कार्य किया गया है? तो क्या शासन ऐसे अधिकारी पर क्या कार्यवाही करेगी? यदि हॉं तो कब तक और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जिले की 288 ग्राम पंचायतों के 544 ग्रामों हेतु रू. 25,000/- मात्र प्रति ग्राम के मान से माह अक्‍टूबर 2019 में राशि रूपये 1,36,00,000/- (एक करोड़ छत्‍तीस लाख मात्र) पंचायतों के बैंक खातों में प्रदाय की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) समय-सीमा निर्धारित नहीं थी। प्रथम इम्‍पेनल्‍ड फर्म द्वारा सामग्री का वितरण पूर्ण नहीं किये जाने से फर्म को ब्‍लैक लिस्‍टेड कर अमानत राशि राजसात की गई है। पुन: द्वितीय निविदा जारी की गई। इम्‍पेनल्‍ड फर्म द्वारा 44 ग्राम पंचायतों के 60 ग्रामों में बर्तन वितरण का कार्य किया गया है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) ग्राम समिति का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मुख्यमंत्री मदद योजना अन्तर्गत बर्तन सामग्री प्रदाय

[जनजातीय कार्य]

124. ( क्र. 5237 ) सुश्री कलावती भूरिया : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन द्वारा अलीराजपुर जिले में मुख्यमंत्री मदद योजना अन्तर्गत जिले के प्रत्येक ग्रामों में बर्तन सामग्री हेतु कितनी-कितनी राशि किसे और कब प्रदाय की गई है? सूची सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार शासन द्वारा सामग्री कब तक प्रदाय किये जाने के निर्देश थें? क्या शासन द्वारा जारी निर्देश अनुसार समय-सीमा में सामग्री प्रदाय नहीं की गई है? यदि हाँ तो इसके क्या कारण है? इसके लिये कौन जिम्मेदार है? क्या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्यवाही की जावेगी तो कब तक। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार ग्राम समिति गठित की जाकर समिति को सामग्री वितरण की जावेगी। यदि हॉं तो क्या समिति गठित कर ली गई है? तो गठित समिति किसकी अनुशंसा पर की है और उसमें कितने सदस्य होगें? यदि हाँ तो ग्रामवार समिति के सदस्यों के नाम सहित सूची देवें। यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं? इसके लिये कौन जिम्मेदार है? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार सामग्री प्रदाय में शासन द्वारा जारी निर्देशों के विरूद्ध प्रक्रिया अपनाई जाकर कार्य किया गया है? क्या शासन ऐसे अधिकारी पर क्या कार्यवाही करेगी? यदि हाँ तो कब तक और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जिले की 288 ग्राम पंचायतों के 544 ग्रामों हेतु रू. 25,000/- मात्र प्रति ग्राम के मान से माह अक्‍टूबर 2019 में राशि रूपये 1,36,00,000/- (एक करोड़ छत्‍तीस लाख मात्र) पंचायतों के बैंक खातों में प्रदाय की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) समय-सीमा निर्धारित नहीं थी। प्रथम इम्‍पेनल्‍ड फर्म द्वारा सामग्री का वितरण पूर्ण नहीं किये जाने से फर्म को ब्‍लैक लिस्‍टेड कर अमानत राशि राजसात की गई है। पुन: द्वितीय निविदा जारी की गई। इम्‍पेनल्‍ड फर्म द्वारा 44 ग्राम पंचायतों के 60 ग्रामों में बर्तन वितरण का कार्य किया गया है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) ग्राम समिति का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

माध्‍यमिक शिक्षा मंडल के पोर्टल पर हुई गड़बड़ी के संबंध में

[स्कूल शिक्षा]

125. ( क्र. 5261 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगें कि (क) विगत तीन वर्षों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के कितने छात्र हैं जिन्‍होंने माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल द्वारा पोर्टल पर एक ही परीक्षा के लिए दो बार भुगतान लिया गया? (ख) प्रश्नांश (क) में कुल कितनी राशि माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल द्वारा छात्रों से अतिरिक्‍त ली गई? (ग) क्‍या छात्रों से ली गई अतिरिक्‍त राशि उन्‍हें वापस कर दी गई है? यदि नहीं, तो क्‍या इन छात्रों को उनकी राशि तत्‍काल ब्‍याज सहित वापस की जायेगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) शिक्षा सत्र 2018-19, 2019-20 में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के किसी भी छात्र से एक ही परीक्षा के लिए दो-बार परीक्षा शुल्क का भुगतान नहीं लिया गया है, शिक्षा सत्र 2020-2021 में NIC द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी अनुसार 8477 छात्रों द्वारा दो बार-परीक्षा शुल्क का भुगतान किया गया। (ख) उत्‍तरांश '' में उल्लेखित छात्रों की शुल्क राशि रूपये 68,57,750/-अतिरिक्त शुल्क भुगतान की गई। (ग) अतिरिक्त राशि वापस करने संबंधी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

तेंदूपत्‍ता संग्राहक संचालित समितियॉं

[वन]

126. ( क्र. 5262 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि         (क) सतना जिले के अंतर्गत वन विभाग तेंदूपत्‍ता संग्राहक समितियॉं कितनी हैं? वर्ष 2017-18 से उक्‍त समितियों की समितिवार आय पृथक-पृथक बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) की समितियों की जो प्रतिवर्ष आय होती है उसके खर्च करने के क्‍या प्रावधान है? प्रावधान की प्रति दें। (ग) क्‍या उक्‍त समितियों की आय को वन विभाग द्वारा मनमाने तरीके खर्च की जाती हैं, समिति के कार्यालय का किराया शासन द्वारा कितना निर्धारित किया गया है? क्‍या उस दर पर आज की स्थिति में मकान मिलना संभव हैं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या समितियों के आय की जानकारी सदस्‍यों को नहीं दी जाती, ऐसी शिकायतें प्रश्‍नांकित अवधि में यदि प्राप्‍त हुई हो तो शिकायतवार कार्यवाहीवार विवरण दें। () क्‍या उक्‍त समितियॉ सहकारिता विभाग से पंजीकृत है? यदि हाँ, तो पंजीयन शर्तों का एवं प्रावधानों का पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो नियम प्रावधानों का पालन सुनिश्चित कराया जायेगा? हाँ तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र –''1'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। (ग) जी नहीं, म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ के पत्र क्रमांक 11807 दिनांक 30.09.2008 से राशि रूपये 300/- प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। समिति कार्यालय का किराया विभिन्न गांव की परिस्थिति अनुसार पृथक-पृथक हो सकता है। (घ) जी नहीं, शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। () जी हाँ। जी हाँ। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

स्‍कूलों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

127. ( क्र. 5271 ) श्री शरदेन्दु तिवारी : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चुरहट विधानसभा में वर्तमान में कितने प्राथमिक/माध्‍यमिक/हाई/हायर सेकेण्‍ड्री विद्यालय कब-कब के संचालित हैं? छात्रों की संख्‍या एवं शिक्षकों की विषयवार जानकारी देवें।        (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने विद्यालयों की उन्‍नयन की आवश्‍यकता है? (ग) प्रश्‍नकर्ता ने इस संबंध में 31 जनवरी 2021 की स्थिति में कितने प्रस्‍ताव दिये?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सी.एम. राइज सर्व सुविधा सम्पन्न स्कूल खोलने की योजना की स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांकित अवधि में शासकीय हाईस्कूल बरिगवां के उन्नयन का प्रस्ताव दिया गया है।

वनों की अवैध कटाई एवं आरा मशीनों के संबंध में

[वन]

128. ( क्र. 5274 ) श्री रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र दिमनी में कितनी आरा मशीनें लायसेंस शुदा तथा कितनी अवैध रूप से संचालित हो रही है? (ख) वनों की अन्‍धा-धुन्‍ध कटाई को रोकने तथा अवैध रूप से चल रही आरा मशीनों के विरूद्ध पिछले 2 वर्षों से अब-तक विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? अगर नहीं, तो क्‍यों?
वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) दिमनी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत 01 आरा मशीन लायसेंसशुदा संचालित है। अवैध आरा मशीन चलाने की सूचना मिलने पर विभाग द्वारा तत्‍समय कार्यवाही की जाती है। (ख) वनों की अन्‍धाधुन्‍ध कटाई को रोकने तथा अवैध रूप से चल रही आरा मशीनों के विरूद्ध विभाग द्वारा नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही की जाती है। प्रदेश में पिछले 02 वर्षों क्रमश: 2019 एवं 2020 में अवैध कटाई के 88,632 वन अपराध प्रकरण दर्ज करते हुये 13,759 अपराधियों के विरूद्ध नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही की गई है तथा अवैध रूप से चल रही आरा मशीनों के विरूद्ध 134 वन अपराध प्रकरण दर्ज करते हुये 128 अपराधियों के विरूद्ध नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही की गई है।

नवीन प्राथमिक शालाऐं एवं माध्‍यमिक शालाओं का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

129. ( क्र. 5275 ) श्री रविन्‍द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजीव गांधी शिक्षा मिशन जो अब जिला शिक्षा केन्‍द्र के नाम से है। कब प्रारंभ किया गया? विधानसभा क्षेत्र दिमनी में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के तहत कितने प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शालाओं का निर्माण किस वर्ष में कहॉं-कहॉं कराया गया? स्‍थान सहित जानकारी देवें? (ख) विधानसभा क्षेत्र दिमनी के जीर्ण-शीर्ण प्राथमिक शाला एवं माध्‍यमिक शाला भवनों की मरम्‍मत एवं विद्युत व्‍यवस्‍था तथा बालक-बालिकाओं के पृथक-पृथक शौचालय, विकलांग छात्राओं को शालाओं में प्रवेश हेतु रेम्‍प बनाने के संबंध में शासन द्वारा कार्यवाही की जा रही है? अगर नहीं, तो क्‍यों?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) मुरैना जिले में राजीव गांधी शिक्षा मिशन वर्ष 1997-1998 में प्रारंभ किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र दिमनी के जीर्ण-शीर्ण प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शाला भवनों की आवश्‍यकतानुसार समय-समय पर मरम्‍मत कराई गई है। विद्युत व्‍यवस्‍था हेतु विद्युत विहीन शालाओं को स्‍वीकृति में शामिल किया गया है तथा बालक बालिकाओं के पृथक-पृथक शौचालय पूर्व से उपलब्‍ध है एवं विकलांग छात्राओं को शालाओं में प्रवेश हेतु रैंप पूर्व से उपलब्‍ध है अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "चउवन"

सांस्‍कृतिक गतिविधियों के आयोजन हेतु भवन का निर्माण

[जनजातीय कार्य]

130. ( क्र. 5298 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्‍वालियर पूर्व विधानसभा में विशेष पिछड़ी जनजाति के समुदायों के सामाजिक सांस्‍कृतिक गतिविधियों के आयोजन हेतु कोई शासकीय भवन नहीं हैं। (ख) क्‍या उक्‍त समुदाय के लोगों को इन भवनों की कमी के कारण सामाजिक, सांस्‍कृतिक कार्यक्रम घरों, सडकों पर करने का मजबूर होना पड़ता है। (ग) शासन जनजाति समुदाय के लिये सामाजिक भवनों का निर्माण कब करा देगा।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) विशेष पिछड़ी जनजाति के समुदाय के सामाजिक, सांस्‍कृतिक गतिविधियों के आयोजन हेतु विभाग का कोई शासकीय भवन नहीं है।         (ख) अन्‍य समुदायों के व्‍यक्तियों की तरह इस समुदाय के व्‍यक्ति भी जिले में उपलब्‍ध सुविधाओं का उपयोग करते हुये सामाजिक एवं सांस्‍कृतिक आयोजन करते हैं। (ग) विभाग द्वारा स्‍वीकृत संभाग स्‍तरीय सामुदायिक भवन ग्‍वालियर के निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाना प्रक्रियाधीन है। निर्माण की निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

स्‍कूल शिक्षा विभाग ग्‍वालियर संभाग में कार्यरत प्रधानाध्‍यापक

[स्कूल शिक्षा]

131. ( क्र. 5300 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग में ग्‍वालियर संभाग में कितने प्रधानाध्‍यापक (माध्‍यमिक शाला) में जनवरी 2021 की स्थिति में कार्यरत हैं। (ख) क्‍या उच्‍च श्रेणी शिक्षक पद से प्रधानाध्‍यापक (माध्‍यमिक शाला) के पद पर पदोन्‍नतियां की जाती है? (ग) स्‍नातकोत्‍तर योग्‍यता रखने वाले कितने उच्‍च श्रेणी शिक्षकों को प्रधानाध्‍यापक (माध्‍यमिक शाला) और कितनों को व्‍याख्‍यता (उच्‍च.मा.वि.) के पदों पर पदोन्‍नत किया गया और क्‍या दोनों पदों के वेतनमान एक समान है?   (घ) यदि हाँ, तो समान योग्‍यता और समान वेतनमान वाले प्रधानाध्‍यापक (माध्‍यमिक शाला) और व्‍याख्‍याता, जिनका फीडर कैडर भी समान होने के बावजूद क्‍या उक्‍त दोनों पदों से आगामी पदोन्‍नति प्राचार्य पद पर दिये जाने का प्रावधान है? यदि है तो इनकी पदोन्‍नतियां कब तक कर दी जायेगीं? ताकि प्राचार्यों के रिक्‍त पदों की पूर्ति हो सके और प्रावधान नहीं है तो इसका क्‍या कारण है?
राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) माननीय उच्च न्यायालय में पदोन्नति संबंधी याचिका विचाराधीन होने से वर्तमान वर्ष में पदोन्नति की कार्यवाहीं नहीं की गई। जी हाँ। (घ) भर्ती एवं पदोन्नति नियम दिनांक 12 जुलाई 2016 अनुसार प्रधानाध्यापक (माध्यमिक शाला) से व्याख्याता, उ.मा.वि. एवं व्याख्याता उ.मा.वि. से प्राचार्य हाईस्कूल के पद पर पदोन्नति किए जाने का प्रावधान है। वर्तमान में मान. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पदोन्नति के संबंध में यथास्थिति के निर्देश प्रदान किए गए है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "पचपन"

शिक्षाकर्मियों को समयमान वेतनमान का लाभ

[स्कूल शिक्षा]

132. ( क्र. 5302 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले में वर्ष 1998 के नियुक्त शिक्षाकर्मी वर्ग 2 का अध्यापक संवर्ग में संविलियन जिला पंचायत रीवा के आदेश क्र./2132/जि.पं./शिक्षाकर्मी-02/अ.स.संवि./08/07 रीवा दिनांक 28.09.07 से हुआ था? (ख) क्या वर्ष 1998 में नियुक्त शिक्षाकर्मियों की प्रथम क्रमोन्नति वेतनमान एवं स्कूल शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्त के आदेश क्र./3196 रीवा दिनांक 12.09.2016 व आदेश क्र./4655 रीवा दिनांक 29.01.2018 एवं स्कूल शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति के आदेश वर्ष 2018-19 में जारी आदेश के अन्य समकक्ष प्रतिभागियों के आदेश जारी किए जा चुके है। (ग) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) एवं प्रश्नांश (ख) में निर्दिष्ट आदेशों के द्वारा अध्यापिका श्रीमती मनीषा कुशवाहा माध्यमिक शाला जोरी, रीवा का प्रथम क्रमोन्नत वेतनमान एवं स्कूल शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षक पद पर आदेश क्यों जारी नहीं किए गए? इस प्रकार के कृत्य के लिए कौन उत्तरदायी है। उसके विरुद्ध क्या प्रस्तावित कार्यवाही निरुपित होगी, यदि हाँ, तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश में उल्लेखित आदेशों द्वारा अध्यापक संवर्ग को क्रमोन्नत वेतनमान के आदेश जारी किये गये, स्थानीय निकायो में कार्यरत पात्र अध्यापकों को स्कूल शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई। (ग) श्रीमती मनीषा कुशवाहा माध्यमिक शाला जोरी एवं अन्य शेष बचे अध्यापक संवर्ग को प्रथम क्रमोन्नति एवं स्कूल शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति संबंधी पात्रता के परीक्षण हेतु दिनांक 04.03.2021 को जिला शिक्षा अधिकारी रीवा द्वारा जॉंच समिति का गठन किया गया है। शेषांश जॉंच समिति के निष्कर्ष पर निर्भर करेगा।

एन.जी.ओ. को ब्‍लैक लिस्‍टेड किए जाने

[जनजातीय कार्य]

133. ( क्र. 5309 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या कार्यालय कलेक्टर आदिम जाति कल्याण शाखा सतना द्वारा अपने पत्र क्र./निर्माण/15-16/न क्र-164/3217 दिनांक 2/4/17 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद भोपाल तथा रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी रीवा व भोपाल को नव ज्योति शिक्षण समिति गोलहटा जिला सतना समेत कई अन्य एन.जी.ओ. को ब्लैक लिस्टेड करने हेतु लिखा गया था? (ख) यदि हाँ, तो उस पर अब तक क्या कार्यवाही हुई? (ग) यदि नहीं, तो क्यों? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही होगी बतायें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। (ख) संबंधित प्रशिक्षण संस्‍थाओं से चाही गई प्‍लेसमेंट/बैंक खाते की जानकारी जिला संयोजक, आदिम जाति कल्‍याण विभाग, सतना को प्रेषित कर दिये जाने से संस्‍थाओं पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। (ग) उपरोक्‍त के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

संविदा कर्मचारियों का नियमितिकरण

[स्कूल शिक्षा]

134. ( क्र. 5314 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पूर्व बीआरसी, वर्तमान बीएसी कहाँ-कहाँ और कब से पदस्थ हैं? सूची उपलब्ध करावें। क्या सभी कर्मचारियों को अपने पद पर कार्य करते हुए 20 वर्ष से अधिक समय हो गया है? यदि हाँ, तो क्या संविदा से नियमितिकरण की प्रक्रिया 5 जून 2018 के नियमानुसार पात्र हैं? क्या शासन स्तर पर इनके पात्रता के सभी पद रिक्त हैं? यदि हाँ, तो बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में राज्य शिक्षा सेवा 2013 में प्रावधानों के तहत संविदा पूर्व बीआरसी वर्तमान बीएसी को एरिया एज्यूकेशन ऑफिसर बनाने के लिए क्या तत्कालीन माननीय मंत्री जी द्वारा दिनांक 01 अगस्त 2018 को अनुमोदन किया गया था? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या दीर्घ अनुभवी पात्र संविदा कर्मचारियों का अनुमोदन उपरांत एईओ के पद पर मर्ज के आदेश क्या जारी नहीं किये गये हैं? यदि हाँ, तो बतावें एवं यदि नहीं, तो कब तक आदेश जारी कर दिये जावेगें?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। दो कर्मचारी को छोड़कर सभी को 20 वर्ष से अधिक समय हो गया है। जी नहीं। क्योंकि परियोजना के पद होने से विभागीय सेटअप में संविदा पर नियुक्ति के लिए पद चिन्हित नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। भर्ती नियम में संविदा कर्मचारियों को सीधे ए.ई.ओ. के पद पर नियुक्त करने का प्रावधान नहीं है।

परिशिष्ट - "छप्पन"

अनु.जाति बालक/बालिका के लिए संचालित छात्रावास

[अनुसूचित जाति कल्याण]

135. ( क्र. 5315 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विदिशा जिले में बालक/बालिका छात्रावास कहाँ-कहाँ संचालित हैं? सूची उपलब्ध करावें।        1 अप्रैल 2015 से प्रश्नांकित अवधि तक रहवासी छात्र-छात्राओं की संख्या एवं छात्रावासों में प्रदत्त सुविधाओं तथा उल्लेखित छात्रावासों में पदस्थ वार्डनों के नाम, उनकी छात्रावास में पदस्थी दिनांक सहित सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में छात्रावासों में कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में आवंटित की गई तथा किस-किस मद में राशि व्यय की गई है? क्या सामग्री क्रय नियमों के अनुसार क्रय की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन फर्मों के टेण्डर प्राप्त हुए एवं किन-किन फर्मों से सामग्री क्रय की गई है? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या विभागीय शिक्षक/शिक्षिकाऐं उपलब्ध होने के बाद भी विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के शिक्षकों/शिक्षिकाओं को छात्रावासों के प्रभार दिये गये हैं? यदि हाँ, तो क्या शिक्षक/शिक्षिकाऐं कई वर्षों से छात्रावासों का प्रभार संभाले हुए हैं? यदि हाँ, तो इनको कब तक हटा दिया जावेगा? (घ) 1 जनवरी 2016 से प्रश्नांकित अवधि तक किन-किन अधिकारियों द्वारा छात्रावासों का निरीक्षण किया गया एवं निरीक्षण के दौरान क्या-क्या कमियाँ पाई गई? बतावें एवं कमियों के लिए दोषी कौन है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो गई तो कब तक की गई जावेगी एवं कमियाँ दूर करने के लिए क्या-क्या प्रयास किये गये?
जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। छात्रावासों में छात्र-छात्राओं को नि:शुल्‍क आवास, भोजन, बिस्‍तर सामग्रीपुस्‍तकालय, खेल सामग्री, टेलीविजन एवं उत्‍कृष्‍ट छात्रावास में कोचिंग तथा स्‍टेशनरी आदि सुविधा उपलब्‍ध कराई जाती है। (ख) छात्रावासों में आवंटित राशि व व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। सामग्री का क्रय भण्‍डार क्रय नियमानुसार किया गया है। सामग्री का क्रय शासकीय उपक्रमों मध्‍यप्रदेश लघु उद्योग निगम, मध्‍यप्रदेश हस्‍तशिल्‍प एवं हाथकरघा निगम, मध्‍यप्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, मध्‍यप्रदेश राज्‍य औद्योगिक सहकारी संघ जेम पोर्टल से किया गया है। (ग) जिले में विभाग अंतर्गत शिक्षक/शिक्षिकाओं के 16 पद रिक्‍त होने से शिक्षा विभाग तथा विभागीय शिक्षक/शिक्षिकाओं को छात्रावास अधीक्षक का अतिरिक्‍त प्रभार दिया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

शासन निर्देशों का पालन

[स्कूल शिक्षा]

136. ( क्र. 5320 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र भोपाल एवं आयुक्‍त मध्‍यप्रदेश राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल के संयुक्‍त पत्र क्रमांक/5129/MGNREGS-MP/NR-3/2020 भोपाल दिनांक 01 दिसम्‍बर 2020 से ग्रामीण क्षेत्र स्थित शासकीय शालाओं में मनरेगा अंतर्गत पहुंच मार्ग, खेल मैदान का विकास एवं बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण हेतु निर्धारित प्रपत्रों में प्रस्‍ताव तैयार कर मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को जानकारी प्रेषित करने के निर्देश समस्‍त जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्‍वयक जिला शिक्षा केन्‍द्र को प्रसारित किये गये हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त संयुक्‍त निर्देशों के पालन में राजगढ़ जिले अंतर्गत संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई हैं, यदि हाँ, तो क्‍या संपूर्ण विवरण सहित बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन राजगढ़ जिले अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र स्थित शासकीय शालाओं में मनरेगा से पहुंच मार्ग, खेल मैदान का विकास एवं बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति हेतु समय-सीमा में प्रस्‍ताव तैयार करवाकर कार्य प्रारंभ करवाएगा, यदि हाँ, तो कब तक?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जिला शिक्षा केन्‍द्र राजगढ़ के पत्र क्रं/जिशिके/2020/2993-94 दिनांक 16.12.2020 के द्वारा 420 एकीकृत शाला परिसर एवं 949 एकल शाला परिसर सहित कुल 1369 शालाओं की बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण हेतु प्रस्‍ताव तैयार कर जिला पंचायत राजगढ़ को प्रेषित किये गये है। विवरण  संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। खेल मैदान एवं पहुँच मार्ग का कार्य मनरेगा अंतर्गत 2 वर्ष पूर्व सम्‍पन्‍न करा दिया गया है, अत: प्रस्‍ताव निरंक है।       (ख) ग्रामीण क्षेत्र की 165 शालाओं में मरनेगा से वर्ष 2020-21 में बाउण्‍ड्रीवाल की स्‍वीकृति दी जाकर निर्माण कार्य कराया गया है। शेष शालाओं में बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण के लिये मनरेगा अंतर्गत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जो आगामी वर्ष में निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया जा सकेगा।

परिशिष्ट - "सत्तावन"

आवास योजना का लाभ

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण]

137. ( क्र. 5321 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत नगर नरसिंहगढ़ सहित किन-किन ग्रामों में कौन-कौन जातियां विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजाति श्रेणी में आती हैं, बतावें? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजाति के लोगों को शासन द्वारा कौन-कौन सी योजनाऐं संचालित की जा रही हैं? विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत 1 जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त जनजाति के किन-किन लोगों को क्‍या-क्‍या लाभ किस-किस योजनांतर्गत कब-कब प्रदान किया गया, सूची सहित बतावें? (ग) क्‍या नगर नरसिंहगढ़ अंतर्गत निवासरत लोहापीटा/लोहकुटा जाति के लोग विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजाति के श्रेणी में आते हैं? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त जाति के लोग कई वर्षों से अपनी झुग्‍गी/झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन स्‍वयं की भूमि/स्‍थान के अभाव में उनको आवास योजना का लाभ प्रश्‍न दिनांक नहीं मिला हैं,यदि हाँ, तो क्‍या शासन किसी शासकीय भूमि को चिन्हित कर उक्‍त जाति के लोगों को आवास योजना का लाभ प्रदान करेगा, यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, क्‍यों?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) ग्रामवार सर्वे नहीं कराया गया है, विमुक्त घुमक्कड़, अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति के अंतर्गत घोषित जाति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र -'''' अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार। शेष पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  ''स-1'', ''स-2'' एवं '''' अनुसार(ग) जी हाँ। विस्तृत सर्वेक्षण के अभाव में उक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा पात्रता अनुसार हितग्राही प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं।

ट्रस्ट द्वारा संचालित महाविद्यालय

[चिकित्सा शिक्षा]

138. ( क्र. 5333 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020-21 की स्थिति में प्रदेश के निजी चिकित्सा महाविद्यालय किस-किस ट्रस्ट द्वारा संचालित किये जा रहे है तथा जनवरी 2021 को उन ट्रस्ट के ट्रस्टीयों के नाम पिता/पति का नाम उम्र तथा निवास का पता सहित सूची देवें। (ख) क्या विभाग के संज्ञान में है कि सी.बी.आई. ने वर्ष 2011-12 में प्रवेश में फर्जीवाडे को लेकर निजी चिकित्सा महाविद्यालय के मालिकों, अधिकारियों तथा फर्जी तरीके से चयनित अभ्यार्थी पर प्रकरण दर्ज किया है यदि हाँ तो प्रकरण क्रं. तथा उपर अनुसार नाम बतावें। (ग) क्या विभाग ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इन्डिया को प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित फर्जीवाड़े को लेकर उन निजी चिकित्सा महाविद्यालयों पर क्या कार्यवाही की जाए। इस संदर्भ में राय मांगी है यदि नहीं, तो क्या विभाग ने अपने स्तर पर कार्यवाही करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। (घ) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ट्रस्ट द्वारा विभाग ने रजिस्ट्रार लोक न्यास कार्यवाही हेतु सूचित किया है यदि नहीं, तो क्यों तथा निजी चिकित्सा महाविद्यालय के फर्जीवाड़े को रोकने के लिये विभाग ने पिछले पॉंच वर्षों में क्या कार्यवाही की जानकारी दें।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -''1'' अनुसार। (ख) यह जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। मध्‍यप्रदेश चिकित्‍सा शिक्षा प्रवेश नियम 2018 एवं संशोधन 19 जून 2019 में राज्‍य के चिकित्‍सा एवं दंत महाविद्यालय में प्रवेश हेतु नियमों में समुचित संशोधन किया गया है। निजी महाविद्यालयों की समस्‍त सीटों पर प्रवेश मध्‍यप्रदेश राज्‍य स्‍तरीय संयुक्‍त काउंसलिंग द्वारा की जाती है। काउंसलिंग के समस्‍त चरण पूर्ण पारदर्शिता के साथ ऑनलाईन किए जाते है, काउंसलिंग संबंधी समस्‍त जानकारी अभ्‍यर्थियों हेतु संचालनालय की वेबसाईट एवं एम.पी. ऑनलाईन पोर्टल पर प्रदर्शित रहती है। अभ्‍यर्थियों की शिकायतों का त्‍वरित निराकरण किया जाता है, (नियम की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र –''2'' अनुसार)।

आदिवासियों में शिक्षा की स्थिति

[जनजातीय कार्य]

139. ( क्र. 5336 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूलों को स्कूल शिक्षा विभाग में विलय किए जाने का निर्णय लिया गया है? इससे कितने स्कूलों की संख्या में कमी आएगी? (ख) आदिवासी बच्चों को उनके अपने वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के मद्देनजर प्रश्नांश (क) का निर्णय किस समिति की अनुशंसा अथवा किस सर्वे के आधार पर लिया गया है? क्‍या इस निर्णय से आदिवासी बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है? (ग) आदिवासियों में शिक्षा की स्थिति में सुधार के लिए विगत 5 वर्षों में किस केंद्रीय/राज्यीय समितियों/आयोगों ने क्या-क्या अनुशंसाएं की हैं? उक्त किन समितियों/आयोगों के किन-किन अनुशंसाओं का पालन वर्तमान में विभाग द्वारा किया जा रहा है? यदि नहीं, किया जा रहा है तो क्यों? (घ) विभाग द्वारा प्रश्न-दिनांक तक कितने स्कूल संचालित हैं? () आदिवासी बच्चों को उनके अपने वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश में केंद्र सरकार और राज्य सरकार की क्या योजनाएं संचालित हैं? पृथक-पृथक ब्यौरा दें। (च) प्रदेश में 20 हजार अथवा 50% अजजा आबादी वाले कितने विकासखंड हैं? कितने विकासखंडों में कितने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय हैं? एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्थापित करने के क्या मानदंड हैं?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) आत्‍मनिर्भर मध्‍यप्रदेश रोड मेप वर्ष 2023 की कार्ययोजना एवं नीति बनाने के अनक्रम में कंडिका क्र 4.4 के विषय आदिम जाति कल्‍याण विभाग के तहत कार्यरत स्‍कूलों का स्‍कूल शिक्षा विभाग के स्‍कूलों के साथ विलय का निर्णय लिया गया है। स्‍कूलों की संख्‍या में कोई कमी नहीं आयेगी। (ख) प्रश्‍नांश(क) अनुसार है। (ग) आदिवासियों में शिक्षा की स्थिति में सुधार के लिए समय-समय पर केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार की समितियों/ आयोगों की अनुशंसा एवं निर्देशों का पालन किया जाता है। (घ) प्रश्‍न दिनांक तक कुल 26415 विद्यालय संचालित है। (ड.) आदिवासी बच्‍चों को उनके अपने वातावरण में गुण्‍वत्‍तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिये प्रदेश में केन्‍द्र सरकार और राज्‍य सरकार की संचालित योजनाऐं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (च) प्रदेश में 20 हजार अथवा 50 प्रतिशत् अ.ज.जा. आबादी वाले 77 विकासखण्‍ड हैं। कुल 51 विकासखण्‍डों में 64 एकलव्‍य आदर्श आवासीय विद्यालय है। एकलव्‍य आदर्श आवासीय विदयालय स्‍थापित करने वाले मानदण्‍ड की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-''''अनुसार है।

परिशिष्ट - "अट्ठावन"

आदिवासी उपयोजना की राशि

[जनजातीय कार्य]

140. ( क्र. 5337 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या कारण है कि अनुच्छेद [275 (1)] टीएसपी फंड़ के समुचित कार्यान्वयन में राज्य सरकार असफल रही है? जनवरी 2018 से प्रश्न-दिनांक तक जिला धार एवं मनावर विधानसभा क्षेत्र में उक्‍त फंड 1 के कार्यान्‍वयन का वर्षवार ब्‍यौरा दें। (ख) जिला धार एवं मनावर विधानसभा क्षेत्र में मानव सूचकांक में सरकार के किन सर्वे/रिपोर्टो में किन मानकों के आधार पर जनजा‍तीय वर्ग की क्‍या स्थिति है? प्रति सहित ब्‍यौरा दें। (ग) जिला धार एवं मनावर विधानसभा क्षेत्र में संविधान के अनुच्छेद 339 (2) के तहत राज्य सरकार को क्या निर्देश प्राप्त है? उक्त निर्देशों का कार्यान्वय सरकार ने किन आदेशों-निर्देशों के तहत किस तरह किया? वर्ष 2018 से प्रश्न-दिनांक का वर्षवार ब्यौरा दें। (घ) जिला धार एवं मनावर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2020-21 का प्रदेश का टीएसपी फंड़ कितना आवंटित था? उक्त फंड़ को किन योजनाओं-विभागों के तहत कितना-कितना खर्च किया गया? कितनी राशि अन्य मदों में खर्च की गई? कितनी राशि शेष बची? तत्संबंधी ब्यौरा दें।      (ङ) जिला धार एवं मनावर विधान सभा क्षेत्र में क्या टीएसपी फंड़ के तहत वर्ष 2020-21 की बस्ती विकास योजना की राशि खर्च नहीं की गई? इसके लिए कौन दोषी है? (च) प्रश्नांश (घ) फंड़ से कितनी राशि जिला धार एवं मनावर विधानसभा क्षेत्र के लिए आवंटित की गई? उक्त राशि से किए गए कार्यों का जिला धार एवं मनावर विधानसभा का पृथक-पृथक ब्यौरा दें। (छ) जिला धार एवं मनावर विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2021-22 के लिए टीएसपी फंड़ के तहत कितनी राशि आवंटित की गई है? राशि के कार्यान्वयन प्रक्रिया समेत समस्त ब्यौरा दें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) से (छ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

दुग्‍ध उत्‍पादन को बढावा देने हेतु विशेष नीति

[पशुपालन एवं डेयरी]

141. ( क्र. 5346 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा दूध के रेट तय करने हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई जाती हैं विस्‍तृत जानकारी दें तथा वर्तमान में तय किए गए रेट की जानकारी जिले अनुसार दें? (ख) क्‍या बालाघाट जिले में दूध का रेट समीपस्‍थ जिलों की तुलना में कम तय किया गया हैं यदि हाँ, तो इसका कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) बालाघाट जिले में दुग्‍ध उत्‍पादन को बढ़ावा देने हेतु क्‍या शासन विशेष नीति बनाएगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) दूध की कीमत का निर्धारण दुग्ध उत्पादन लागत तथा स्थानीय बाजार में निजी व्यापारियों द्वारा भुगतान की जा रही प्रतिस्पर्धात्मक दरों के आधार पर किया जाता है। वर्तमान में जबलपुर सहकारी दुग्ध संघ के कार्यक्षेत्र में सम्मिलित समस्त जिलों में दुग्ध उत्पादक किसानों से एक समान दर पर दूध क्रय किया जा रहा हे। (ख) जी नहीं।           (ग) बालाघाट जिले सहित प्रदेश के समस्‍त जिलों में विभाग द्वारा दुग्‍ध उत्‍पादन को बढ़ावा देने हेतु आचार्य विघासागर योजना, बड़े पशुओं का उत्‍प्रेषण योजना संचालित की जाती है।

हाई स्‍कूल तथा हायर सेकेन्‍ड्री स्‍कूल का प्रारंभ

[स्कूल शिक्षा]

142. ( क्र. 5349 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लांजी विधानसभा क्षेत्र में विकासखण्‍ड किरनापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत दहेदी, कोकना, तथा सेवती में हाई स्‍कूल प्रारंभ करने पर तथा छात्राओं की बढती संख्‍या देखकर शासकीय कन्‍या हाई स्‍कूल हिर्री का उन्‍नयन हायर सेकेन्‍ड्री में करने पर क्‍या शासन विचार करेगा?                     (ख) लांजी विधानसभा क्षेत्र में विकासखण्‍ड़ लांजी में ग्राम पंचायत उमरी में हाई स्‍कूल प्रारंभ करने तथा हाई स्‍कूल सुनार काकोड़ी का उन्‍नयन हायर सेकेन्‍ड्री स्‍कूल में करने पर क्‍या शासन विचार करेगा? (ग) क्‍या शासन विकासखण्‍ड के अंतर्गत हाई स्‍कूल पौनी तथा विकासखण्‍ड लांजी के अंतर्गत हाई स्‍कूल नेवरवाही के भवन निर्माण हेतु कब तक बजट उपलब्‍ध कराएगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) शासन द्वारा सर्वसुविधा सम्पन्न, परिवहन एवं अन्य संसाधनों से युक्त सी.एम राइज़ शालाओं की स्थापना किये जाने संबंधी कार्यवाही वर्तमान में प्रस्तावित है। उक्त परिप्रेक्ष्य में नवीन नीति अनुसार निर्णय लिया जा सकेगा। (ग) भवन निर्माण बजट की उपलब्धता पर निर्भर है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विभागीय कार्यों के संबंध में

[जनजातीय कार्य]

143. ( क्र. 5355 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के माध्यम से जनजातीय कल्याण हेतु विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं के साथ ही अनेक निर्माण कार्य भी रतलाम जिला अंतर्गत किए जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2015 16 से लेकर प्रश्न दिनांक तक रतलाम जिले में प्रश्न (क) उल्लेखित कार्यों को किये जाने हेतु कितना -कितना बजट प्राप्त होकर उसके माध्यम से किस-किस प्रकार के कार्य किए गए? ब्लॉकवार, वर्षवार बताएं l (ग) जनजातीय कल्याण हेतु कितने छात्रावास, आश्रम, शालाएं इत्यादि कहां-कहां पर संचालित की जा रही है? उन स्थानों पर कौन-कौन पदस्थ होकर कार्यरत है? (घ) अवगत कराएं की प्रश्न (ग) अंतर्गत उल्लेखित कार्यों को किए जाने हेतु उपरोक्त उल्लेखित प्रश्न (ख) वर्षों में कितना-कितना बजट प्राप्त होकर किन-किन कार्यों पर कितना व्यय हुआ? वर्षवार, ब्लॉकवार जानकारी दें।

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) ''जी हॉं''(ख) रतलाम जिले को योजना मद अंतर्गत प्राप्‍त बजट एवं व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र –'''' अनुसार हैतथा स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र –'''' अनुसार है।         (ग) जिले में संचालित छात्रावास, आश्रम शालाओं की सूची एवं पदस्‍थ कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र –'''' अनुसार है। (घ) रतलाम जिले में छात्रावास, आश्रम शालाओं में कराये गये कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र –'''' अनुसार है।

योजनाओं व कार्यों के संबंध में

[अनुसूचित जाति कल्याण]

144. ( क्र. 5356 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन/विभाग द्वारा केंद्र/राज्य परिवर्तित विभिन्न योजनाओं व कार्यों के माध्यम से अनुसूचित जाति कल्याण हेतु अनेक कार्य किए जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2015 -16 से लेकर प्रश्न दिनांक तक रतलाम जिले में किन-किन कार्यों को किये जाने हेतु कितना-कितना बजट स्वीकृत होकर उसके माध्यम से किन-किन कार्यों का कितना-कितना व्यय हुआ? (ग) उपरोक्त उल्लेखित वर्षों में कितने निर्माण कार्यों को स्वीकृतियां दी, उनमें से कितने पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण रहे, कितने कब से लंबित रहे? (घ) सामाजिक कल्याण हेतु हितग्राही मूलक किन-किन योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय क्या-क्या कार्य किए गए?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' एवं '' अनुसार है। (घ) सामाजिक कल्‍याण हेतु हितग्राही मूलक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

लोक सेवक की संदिग्ध अंकसूची का सत्यापन

[स्कूल शिक्षा]

145. ( क्र. 5366 ) श्री विनय सक्सेना : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसी व्यक्ति/शासकीय कर्मचारी के योग्यता संबंधी मूल अभिलेख गुम हो जाने पर संबंधित बोर्ड/विश्व विद्यालय से उक्त अभिलेखों की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने का प्रावधान है? (ख) श्रीमती ऊषा प्यासी सहा. शिक्षक शास. माध्यमिक शाला रामपुर जबलपुर की प्रथम नियुक्ति के समय प्रस्तुत बी.एड. की संदिग्ध अंकसूची किस विश्व विद्यालय से जारी की गयी है? (ग) क्या उक्त अंकसूची की मूल प्रति गुम हो गयी है? यदि हाँ, तो कब? क्या तत्समय पुलिस में अभिलेख गुमने की प्राथमिकी दर्ज की गयी थी? यदि हाँ, तो प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध करावें (घ) क्या अंकसूची गुमने के बाद संबंधित विश्व विद्यालय से उसकी छायाप्रति का सत्यापन कराया गया है? यदि हाँ, तो सत्यापन कर्ता अधिकारी का नाम बतावें? यदि नहीं, तो चार वर्ष व्यतीत होने के बाद भी उक्त संदिग्ध अंकसूची का सत्यापन क्यों नहीं कराया गया? सत्यापन कब तक कराया जायेगा?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। (ख) सेवा पुस्तिका के अनुसार प्रयाग हिन्दी विश्वविद्यालय इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश से जारी होना दर्शाया गया। (ग) श्रीमती उषा प्यासी द्वारा चौकी रामपुर जिला जबलपुर को अंकसूची गुम होने के बारे में दिनांक 04/04/2017 को पत्र लिखा गया था। जिसकी प्रति कार्यालयीन अभिलेख में उपलब्ध है। औपचारिक प्राथमिकी उन्होंने दर्ज की ऐसा कोई विवरण उपलब्ध नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।  (घ) अंकसूची गुमने के बाद संबंधित विश्वविद्यालय से छाया प्रति के सत्यापन संबंधी कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रकरण में अंकसूची संदिग्ध होने संबंधी जाँच संचालनालय स्तर से की गई है। जाँच प्रतिवेदन दिनांक 28.09.2019 अनुसार संबंधित शासकीय सेवक के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी, जबलपुर को निर्देशित किया गया है। उक्त निर्देश पत्र दिनांक 28.09.2019 पर माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा पारित निर्णय 16.10.2019 से स्थगन प्राप्त है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अवैध रूप से अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

146. ( क्र. 5383 ) श्री आरिफ अक़ील : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिया दाऊदी बोहरा जमात मस्जिद तलैया जिला गुना में तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी एवं चैयरमेन द्वारा अवैध रूप से निर्माण अनापत्ति पत्र दिनांक 22/02/2018 को जारी किया गया? (ख) क्‍या यह भी सही है कि अल्‍पसंख्‍यक आयोग के शिकायत के बाद 6 अप्रैल 2016 को वक्‍फ बोर्ड मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी को पत्र क्रमांक म.प्र.रा.अ.आ/2016/12 भोपाल दिनांक 06/04/2016 भेजकर इसे गंभीर आपराधिक धोखाधड़ी का मामला बताया था? कलेक्‍टर गुना से रिपोर्ट आने तक फैसले को बदलने हेतु लेख किया था?           (ग) यदि हाँ, तो क्‍या कलेक्‍टर गुना ने अपनी जाँच रिपोर्ट में 99 दुकानो के निर्माण को अवैध मानकर तोड़ने के आदेश दिये तथा सचिवों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया है?           (घ) क्‍या इस अवैध रूप से निर्माण की अनापत्ति देने वाले तत्‍कालीन चैयरमेन तथा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी के विरूद्ध भी अपराध में संलिप्‍तता के चलते आपराधिक प्रकरण कलेक्‍टर गुना द्वारा दर्ज कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। जी नहीं। (ग) जी हाँ। (घ) प्रकरण वक्‍फ अधिकरण में प्रचलित है। न्‍यायालय के निर्णय उपरांत कार्यवाही की जावेगी।

कैम्‍पा मद से किये गये विकास कार्य

[वन]

147. ( क्र. 5388 ) श्री प्रागीलाल जाटव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) वन मण्‍डल शिवपुरी कैम्‍पा मद से कहॉं-कहॉ क्‍या-क्‍या कार्य कितनी लागत के राशि सहित कार्य का प्रकार सहित पृथक-पृथक बतावें। (ख) क्‍या कैम्‍पा मद से रेन्‍ज सतनबाडा के ग्राम वरखाड़ी में वन भूमि की 250 हेक्‍टेयर पर चार प्‍लांटेसन A,B,C,D बनायें तो प्‍लांटेशन की लागत राशि बतायें एवं प्‍लांटेशन की स्थिति क्‍या है? (ग) क्‍या प्‍लांटेशन सिर्फ कागजों में बताए हैं तथा सारी राशि का बंदरवाट अधिकारी कर्मचारी ने कर लिया है। (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के संदर्भ में वर्तमान में प्‍लांटेशन न कर भ्रष्‍टाचार किये जाने की जाँच क्‍या लोकायुक्‍त या विधानसभा की समिति बनाकर की जावेगी।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) वन मंडल शिवपुरी में कैम्‍पा मद से वर्ष 2020-21 में कराये जा रहे कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-''1'' अनुसार है। (ख) रेंज सतनबाडा के ग्राम बरखाड़ी में राजस्‍व की भूमि पर 212.19 हेक्‍टेयर में चार प्‍लांटेसन ए,बी,सी,डी बनाये गये हैं जिनका प्रोजेक्‍ट लागत राशि रूपये 592.85 लाख है एवं वृक्षारोपण की स्थिति का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-''2'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। वृक्षारोपण स्‍थल पर रोपण कार्य संपादित किये गये हैं अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के अनुक्रम में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "उनसठ"

विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजातियों को आरक्षण दिया जाना

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति कल्याण]

148. ( क्र. 5389 ) श्री प्रागीलाल जाटव : क्या राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जब म.प्र. में एस.सी./O.B.C.की 511 जातियों को अति पिछड़ा मानकर इनके उत्‍थान के लिये विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ विभाग बनाया तो क्‍या इनको अनु.जनजाति का आरक्षण दिया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) क्‍या यह भी सही है कि म.प्र. में इन जातियों के प्रमाण पत्र नहीं बनाये जा रहे है। यदि नहीं, तो बतावें किस-किस जिले में कितने-कितने प्रमाण पत्र जातिवार बने है? जानकारी दी जावें। (ग) यह भी बतावें कि धनगर, गडरिया, पालबघेल को सूची में अनुक्रमांक 30 तीस पर रखा है लेकिन ग्‍वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिण्‍ड में इनके प्रमाण पत्र क्‍यों नहीं बनाये जा रहे है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में इनके इन जातियों के प्रमाण पत्र बनाने के लिये म.प्र. में विशेष अभियान चलाया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

राज्यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्री रामखेलावन पटेल ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति के अंतर्गत घोषित 51 जातियों के प्रमाण पत्र बनाये जा रहे हैं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। यह सही नहीं है, प्रमाण पत्र बनाये जा रहे है। (घ) सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत सभी के प्रमाण पत्र बनाये जा रहे हैं, इसलिए आवश्यकता प्रतीत नहीं।

आर्थिक सहायता के संबंध में

[वन]

149. ( क्र. 5411 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्‍या प्रदेश में वनमंडलवार अवैध कटाई, अवैध चराई, अवैध परिवहन, काष्‍ठ चिरान अधिनियम के उल्‍लंघन, अतिक्रमण, अवैध उत्‍खनन, अग्नि प्रभावित क्षेत्र, वन अपराध, जप्‍त वाहनों प्रकरण पंजीबद्ध किये हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक वनमण्‍डलवार पृथक-पृथक संख्‍या बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कितने प्रकरणों में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है, वनमण्‍डलवार प्रकरणवार पृथक-पृथक बतायें। कितने प्रकरण शेष हैं, उनमें किन-किन कारणों से कार्यवाही नहीं की गई तथा कब तक कार्यवाही कर दी जायेगी। (ग) विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों पर जानलेवा हमला, कर्तव्‍य स्‍थल पर हत्‍या एवं अन्‍य के कितने-कितने प्रकरणों, कब-कब, किस-किस के विरूद्ध घटित हुये हैं? नाम, पदनाम, घटना का स्‍वरूप सहित पृथक-पृथक बतायें? विभाग द्वारा अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ भविष्‍य में इस प्रकार की घटना दोबारा घटित न हो इस हेतु क्‍या कार्ययोजना है एवं उसकी अद्यतन स्थिति क्‍या हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में अधिकारियों/कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को कब-कब क्‍या-क्‍या कितनी-कितनी आर्थिक सहायता प्रदान की गई, नाम, पदनाम सहित बतायें? यदि नहीं, तो क्‍यों एवं कब तक कर दी जायेगी।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''1'' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''2'' अनुसार है।         (ग) प्रश्‍नांश के प्रथम भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''3'' अनुसार है। प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''4'' अनुसार है।           (घ) जानकारी उत्‍तरांश (ग) के जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''3'' अनुसार है।

 

गौवंशीय पशुओं के संबंध में निर्देश का पालन एवं चारा उपलब्‍ध कराया जाना

[पशुपालन एवं डेयरी]

150. ( क्र. 5412 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा गौवंशीय पशुओं की गणना की जाती है? यदि हाँ, तो वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश में कितने गौवंशीय पशुओं की गणना की गई है, जिलेवार, पशु की प्रजाति, दुधारू एवं गैर दुधारूवार पृथक-पृथक संख्‍या बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या पशुओं के देख रेख, संवर्धन, गौपालन एवं अन्‍य कार्यों हेतु विभागीय कार्य योजना है? यदि हाँ, तो किस-किस कार्यों के लिये कौन-कौन सी योजना, कितनी-कितनी राशि की, कितने-कितने गौवंशीय पशुओं के लिये, किस-किस प्रयोजन से कितनी-कितनी अवधि के लिये है? पृथक-पृथक बतायें। (ग) उपरोक्‍त के संबंध में गौवंशीय पशुओं के लिये चारा उपलब्‍ध कराने के लिये कोई नियम है, जिसका पालन करने हेतु गौशालाओं को नियम/निर्देश जारी किये गये है? यदि हाँ, तो प्रत्‍येक पशु को कितनी राशि का चारा उपलब्‍ध होना चाहिये? यदि गौशाला द्वारा नियम निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है तो विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) उपरोक्‍त के तारतम्‍य में गौवंशीय पशुओं के कार्यों में अनियमितता एवं लापरवाही के संबंध में कब-कब,               क्‍या-क्‍या, कितनी-कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई है? उनके समाधान के लिये क्‍या कार्यवाही, कब-कब की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) जी हाँ। विभाग द्वारा भारत सरकार के निर्देशन में प्रत्‍येक पांच वर्षों में पशुओं की गणना की जाती है। वर्तमान में 20वीं पशु संगणना वर्ष 2019 में सम्‍पन्‍न हुई, जिसके अनुसार प्रदेश में 1,87,50,828 गौवंशीय पशुओं की गणना की गई। जिलेवार, पशु की प्रजाति, दुधारू एवं गैर दुधारूवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। भूसा/चारे का प्रबंधन गौशाला संचालन समिति द्वारा किया जाता है। विभाग द्वारा प्रतिदिन प्रति गौवंशीय पशुओं के लिए राशि रूपये 20.00 का चारा दिये जाने का प्रावधान है, गौशाला समिति द्वारा उक्‍त राशि के अतिरिक्‍त राशि का प्रबंध अन्‍य श्रोतों जैसे दान से, गोबर खाद विक्रय कर किया जाता है। इस संबंध में विभाग को कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उपरोक्‍त के तारतम्‍य में गौवंशीय पशुओं के कार्यों में अनियमितता एवं लापरवाही के संबंध में विभाग को काई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

हायर सेकेण्‍डरी/हाई स्‍कूल में रिक्‍त पदों की पूर्ति

[स्कूल शिक्षा]

151. ( क्र. 5430 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के लहार विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत किस-किस हायर सेकेण्‍डरी/हाई स्‍‍कूल में किस किस विषय के उच्‍च श्रेणी शिक्षक/व्‍याख्‍याता एवं प्राचार्य के पद रिक्‍त है उक्‍त रिक्‍त पदों को कब तक भरा जाएगा? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में किन-किन विद्यालयों के स्‍वयं के भवन है एवं कितने विद्यालय भवन विहीन है तथा किन-किन विद्यालयों के भवन जर्जर अवस्‍था में है? भवन विहीन विद्यालयों को कब तक भवन उपलब्‍ध करा दिए जाएंगे एवं जर्जर भवनों की मरम्‍मत कब तक की जाएगी अथवा नवीन भवन कब तक उपलब्‍ध कराए जाएंगे?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र -एक अनुसार है। रिक्त पदों की पूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र - दो अनुसार है। नवीन भवन निर्माण बजट की उपलब्धता तथा सक्षम समिति की स्वीकृति पर निर्भर करता है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "साठ"

फर्जी अंकसूचियॉं लगाना

[स्कूल शिक्षा]

152. ( क्र. 5435 ) श्री ग्‍यारसी लाल रावत : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल भोपाल में सहायक ग्रेड-1 के पद पर की गई सीधी भर्ती में कूटरचित अंकसूचियॉं लगाने, 10 वर्ष का नियमित लिपिकीय अनुभव के स्‍थान पर संविदा का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र एवं मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍था से कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा के स्‍थान पर संविदा कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर का प्रमाण पत्र लगाए जाने की नामजद शिकायत दिनांक 18.12.2020 को की गई थी? (ख) क्‍या शिकायत होने पर अपर सचिव, वित्‍त की अध्‍यक्षता में मण्‍डल के आदेश दिनांक 30.12.2020 को समिति का गठन किया गया? श्री शम्‍मी बेग, कक्ष अधिकारी द्वारा फर्जी अंकसूचियॉ लगाये जाने पर एफ.आई.आर की गयी किंतु न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत होने पर न तो उसे निलंबित किया गया और नियुक्ति आदेश जारी करने वाले अधिकारी/कर्मचारी पर कोई कार्यवाही की गई, यदि हाँ, तो क्‍यों?                  (ग) श्रीमती संगीता चौधरी, कक्ष अधिकारी एवं श्री उदय राय कक्ष अधिकारी द्वारा 10 वर्ष का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र एवं फर्जी कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा का प्रमाण पत्र लगाये जाने पर न तो निलंबित किया गया न ही विभागीय जाँच संस्थित की गई बल्कि इन्‍हें पदोन्‍न‍त किया गया? यदि हाँ, तो कारण बताएं। (घ) यदि प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) सही है तो विभाग उपर्युक्‍त प्रकरणों के साथ ही श्री कीर्ति उर्मलिया ग्रेड-3 के विरूद्ध मण्‍डल के आदेश दिनांक 30.12.2020 को गठित समिति के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर कड़ी अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेगा, यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों नहीं?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। शिकायत प्राप्‍त हुई थी। (ख) जी हाँ। शिकायत के संबंध में अपर संचालक, वित्‍त, माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल तथा सहायक सचिव एवं कक्षाधिकारी स्‍थापना-अ को जाँच समिति के आदेश दिनांक 30.12.2020 जारी किए गए है। जाँच रिपोर्ट प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) एवं (घ) जाँच रिपोर्ट प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी।

भोपाल में बाघ भ्रमण क्षेत्र में अतिक्रमण किये जाने से उत्‍पन्‍न स्थिति

[वन]

153. ( क्र. 5440 ) श्री मेवाराम जाटव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजधानी भोपाल के आसपास बाघ भ्रमण क्षेत्र कलियासोत और केरवा क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों में वन आवरण कम हुआ है? (ख) यदि हाँ, तो कितने हेक्‍टेयर क्षेत्र में फॉरेस्‍ट कवर (वन आवरण) किन-किन कारणों से कम हुआ है? (ग) क्‍या उक्‍त क्षेत्रों में व्‍यवसायिक गतिविधियां, फर्म हाउस, शिक्षण संस्‍थान एवं आवासीय कॉलोनी की बसाहट से बाघ और जंगल प्रभावित हो रहे है? यदि हाँ, तो वन विभाग ने उक्‍त गतिविधियों के लिए अनुमति दी थी? यदि हाँ, तो, यदि नहीं, तो इसके लिये जिम्‍मेदार कौन-कौन है?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) बाघ भ्रमण क्षेत्र वैधानिक रूप से परिभाषित नहीं है। भारतीय वन सर्वेक्षण संस्‍थान देहरादून द्वारा जिलेवार प्रकाशित वन स्थिति प्रतिवेदन अनुसार वर्ष 2005 की तुलना में वर्ष 2019 में भोपाल जिले में कुल 4.67 वर्ग कि.मी. वन क्षेत्र बढ़ा है। यह प्रतिवेदन जिले के लिए है, कलियासोत और केरवा क्षेत्र की जानकारी पृथक से संधारित नहीं है।  (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, परन्‍तु संरक्षित क्षेत्र नहीं होने अथवा निजी भूमियां होने से इस संबंध में कार्यवाही में कठिनाई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अनुदान/एरियर का भुगतान

[अनुसूचित जाति कल्याण]

154. ( क्र. 5447 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अनुसचित जाति/जनजाति विभाग के अन्‍तर्गत जिला भिण्‍ड, ग्‍वालियर, शिवपुरी एवं श्‍योपुर में प्रायमरी से लेकर हायर सेकेण्‍डरी कितनी अनुदान प्राप्‍त पंजीकृत शिक्षण संस्‍थाएं संचालित है? संस्‍थाओं के पंजीयन क्रमांक पदाधिकारियों के नाम व कितने-कितने कर्मचारी किस-किस संस्‍था में कार्यरत है एवं उन्‍हें प्रतिमाह कितना-कितना भुगतान किया जा रहा है? (ख) क्‍या उक्‍त संस्‍थाओं में पदस्‍थ शिक्षकों एवं अन्‍य कर्मचारियों को वेतन कोषालय के माध्‍यम से दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो वर्ष 2019-20 एवं 2020- 2021 में उक्‍त संस्‍थाओं को विभाग द्वारा कितना-कितना अनुदान दिया गया? वर्षवार एवं संस्‍थावार बताएं। (ग) उपरोक्‍त संस्‍थाओं में कार्यरत शिक्षकों/कर्मचारियों को प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि एरियर के रूप में भुगतान की गई एवं कितना-कितना एरियर शेष है?

जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्‍डवे ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जिला ग्‍वालियर, शिवपुरी, श्‍योपुर की जानकारी निरंक है। भिण्‍ड जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

प्रदेश दिव्‍यांगों के रिक्‍त पदों को भरा जाना

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

155. ( क्र. 5449 ) श्री पाँचीलाल मेड़ा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि     (क) प्रदेश में विभाग अंतर्गत दिव्‍यांगों के कौन-कौन से पद कब-कब से रिक्‍त है? (ख) उक्‍त रिक्‍त पदों को भरने हेतु क्‍या विशेष अभियान चलाया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) वर्तमान आयुक्‍त नि:शक्‍तजन के सत्‍कार भत्‍ते पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई एवं प्रदेश के दौरे आदि में अभी तक कुल कितनी राशि का यात्रा भत्‍ता का भुगतान किया गया?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) सामाजिक न्‍याय एवं नि:शक्‍तजन कल्‍याण विभाग अंर्तगत सहायक संचालक, व्याख्याता, श्रवण बाधित, सहायक वर्ग-3 एवं चतुर्थ श्रेणी के पद दिनांक 09.10.2018 से रिक्त है। (ख) जी हाँ, विभाग में रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरुप कार्यवाही की जाती है। (ग) आयुक्त निःशक्तजन के सत्कार भत्ते पर कोई राशि व्यय नहीं की गई है। यात्रा भत्ता की राशि रूपये 2,99,091/- का भुगतान किया गया है।

संरक्षित वन भूमि

[वन]

156. ( क्र. 5459 ) श्री नारायण त्रिपाठी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्‍या रीवा राज दरबार के आदेश दिनांक 6-8 फरवरी 1937 से संरक्षित वन आदेशित भूमियों में से 1975 तक भा.व.अ. 1927 की धारा 34-अ के अनुसार राजपत्र में डीनोटीफाईड की गई भूमियों के डीनो‍टीफिकेशन की कोई भी प्रविष्टि वन विभाग ने अपने किसी भी अभिलेख में प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी दर्ज नहीं की है? (ख) यदि हाँ, तो 1937 में संरक्षित वन आदेशित किस जिले के कितने ग्रामों की कितनी भूमि एवं कितने ग्रामों की समस्‍त भूमि 1975 तक धारा 34-अ में डीनोटीफाईड की गई जिन ग्रामों की समस्‍त भूमि डीनोटीफाईड की गई उनमें से कितने ग्रामों की कितनी भूमि संरक्षित वन सर्वे में शामिल की गई थी? (ग) डीनोटीफिकेशन की प्रविष्टि वन विभाग ने किस विभागीय अभिलेख के किस प्रारूप के किस कॉलम में दर्ज की है, वर्किंग प्‍लान में दर्ज की है यदि दर्ज नहीं की हो तो उसका कारण बतावें। (घ) डीनोटीफिकेशन की प्रविष्टि किस अभिलेख के किस प्रारूप के किस कॉलम में कब तब दर्ज की जावेगी?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) रीवा राज दरबार के आदेश दिनांक 08.02.1937 से संरक्षित वन आदेशित भूमियों में से 1975 तक भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 34'' के अनुसार राजपत्र में डिनोटिफाईड की गई भूमियों के डिनोटिफिकेशन की प्रविष्टी सामन्यतः वन विभाग की प्रचलित कार्य-आयोजना एवं एरिया रजिस्टर में की गई है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) डिनोटिफिकेशन की प्रविष्टी सामान्यतः वन विभाग की प्रचलित कार्य-आयोजना एवं एरिया रजिस्टर में की गई है। जिन वनमंडलों की कार्य आयोजना में डिनोटिफिकेशन की प्रविष्टी नहीं है उनमें आगामी पुनरीक्षित कार्य-आयोजना में प्रविष्टी की जावेगी।                  (घ) डिनोटिफिकेशन की प्रविष्टी के लिये कोई प्रारूप निर्धारित नहीं है कार्य आयोजना का जब पुनरीक्षण होगा, तब प्रविष्टि की कार्यवाही की जाएगी।

परिशिष्ट - "इकसठ"

विभाग में प्रतिनियुक्ति

[पशुपालन एवं डेयरी]

157. ( क्र. 5461 ) श्री नीरज विनोद दीक्षित : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डॉ. प्रशांत सिन्‍हा, सहायक शल्‍यज्ञ, पशुपालन विभाग अपनी सेवा के आरंभ से कब-कब किन-किन विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ रहे हैं? (ख) वर्तमान में श्री सिन्‍हा कब से पर्यटन बोर्ड भोपाल में प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ हैं? कब-कब किन-किन परिस्थितियों में इनकी प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाने की अनुमति/सहमति किसके द्वारा दी गई? (ग) क्‍या विभाग में सहायक शल्‍यज्ञों की आवश्‍यकता पशु चिकित्‍सालयों में नहीं है? यदि है तो उक्‍त की प्रतिनियुक्ति बढ़ाने की सहमति बार-बार विभाग द्वारा किन कारणों से दी गई है?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) डॉ. प्रशांत सिन्‍हा की पशु चिकित्‍सा सहायक शल्‍यज्ञ के पद पर प्रथम नियुक्ति दिनांक 03.10.1988 है एवं दिनांक 15.09.2004 से दिनांक 13.08.2013 तक जिला परियोजना प्रबंधक, डी.पी.आई.पी.रायपुर कर्चूलियान, जिला-रीवा एवं दिनांक 14.08.2013 से 30.06.2015 तक जिला परियोजना, डी.पी.आई टीकमगढ एवं 01.07.2015 से 25.07.2016 तक राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन छतरपुर में प्रतिनियुक्ति पद पर पदस्‍थ रहें, तथा दिनांक 11.01.2018 से वर्तमान तक म.प्र.टूरिज्‍म बोर्ड में पदस्‍थ है। (ख) वर्तमान में डॉ. सिन्‍हा दिनांक 11.01.2018 से म.प्र.टूरिज्‍म बोर्ड में पदस्‍थ है। डॉ. प्रशांत सिन्‍हा, पशु चिकित्‍सा सहायक शल्‍यज्ञ की सेवायें प्रतिनियुक्ति पर डी.पी.आई.पी. में म.प्र.सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक सी-3-8/2001/3/1/भोपाल दिनांक 09.07.2001 के निर्देशानुसार कलेक्‍टर रीवा के आदेश द्वारा सौंपी गई। म.प्र.टूरिज्‍म बोर्ड में प्रतिनियुक्ति हेतु पशुपालन विभाग द्वारा सहमति दी गई है। (ग) आवश्‍यकता है। पशुपालन विभाग द्वारा प्रतिनियुक्ति हेतु 01 बार सहमति दी गई है।

नियम विरुद्ध पदनाम परिवर्तन

[स्कूल शिक्षा]

158. ( क्र. 5472 ) श्री विनय सक्सेना : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय कर्मचारी का पदनाम बिना पदोन्नति के परिवर्तित करने का प्रावधान है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में यदि नहीं, तो श्री अरुण प्यासी सहायक शिक्षक,शासकीय हाई स्कूल रामपुर जबलपुर का पदनाम सहा. शिक्षक से सहा. शिक्षक विज्ञान तथा सहा. शिक्षक विज्ञान से सहा. शिक्षक, एज्युकेशन पोर्टल में कितनी बार बदला गया? परिवर्तनों की तिथि व कारण बतावें? (ग) दिनांक 01/01/2021 को प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल रामपुर जबलपुर द्वारा उक्त शिक्षक का पदनाम परिवर्तित करने का अनुरोध एज्युकेशन पोर्टल पर ऑनलाइन क्यों किया गया था, तथा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उक्त अनुरोध ऑनलाइन क्यों स्वीकार किया गया? कारण तथा आधार बतावें। (घ) प्राचार्य शास. हाई स्कूल रामपुर जबलपुर के विरुद्ध नियम के विपरीत पदनाम परिवर्तित करने हेतु क्या कार्यवाही की जाएगी तथा कब?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एक ही संवर्ग में विभिन्न कार्यालय/संस्थाओं में पदस्थ होने पर उन कार्यालयों/संस्‍थाओं में उपलब्‍ध समरूप पदों के पदीय दायित्वों के निर्वहन हेतु पदस्‍थ किया जाता है। (ख) एजूकेशन पोर्टल पर श्री अरूण प्यासी का पदनाम परिवर्तन दिनांक 05.01.2011 को सहायक शिक्षक से सहायक शिक्षक विज्ञान के पद पर जिला शिक्षा अधिकारी जिला जबलपुर द्वारा किया गया। दिनांक 08.08.2019 को सहायक शिक्षक विज्ञान से सहायक शिक्षक पद परिवर्तन प्राचार्य शास. हाईस्कूल रामपुर के कार्यालय से लिपिकीय त्रुटिवश हुआ है। दिनांक 06.09.2019 को प्राचार्य द्वारा त्रुटि सुधार हेतु सहायक शिक्षक विज्ञान करने के अनुरोध को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा अमान्य किया गया। दिनांक 01.01.2021 को प्राचार्य द्वारा लिपिकीय त्रुटि सुधार हेतु पुनः अनुरोध किये जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सहायक शिक्षक से सहायक शिक्षक विज्ञान मान्य किया गया है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार दिनांक 08.08.2019 को हुई लिपिकीय त्रुटि के सुधार हेतु जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राचार्य के त्रुटि सुधार हेतु किए अनुरोध को स्वीकार किया गया। क्‍योकि हाईस्‍कूल में सहायक शिक्षक विज्ञान का ही पद स्वीकृत होता है। (घ) उत्तरांश (ग) के प्रकाश में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

एक ही सत्र में दो डिग्री. नियमित एवं पत्राचार कराये जाना

[स्कूल शिक्षा]

159. ( क्र. 5479 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग के अन्‍तर्गत उच्‍च माध्‍यमिक शिक्षक एवं माध्‍यमिक शिक्षक के पद पर प्रावधिक चयन सूची एवं प्रावधिक प्रतीक्षा सूची के अभ्‍यार्थियों द्वारा एक ही सत्र में दो डिग्री में अर्हता अर्जित की है तो क्‍या उसके दस्‍तावेज मान्‍य होगें? (ख) यदि अभ्यार्थी उच्च माध्यमिक/माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में उर्त्‍तीण है तो शासन द्वारा दोनो डिग्रियों को मान्य करते हुए अभ्यार्थी को चयन प्रक्रिया में मान्य किया जावेगा इस हेतु शासन की क्या योजना है?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) एवं (ख) नियमों के प्रकाश में प्रकरणवार परीक्षण के आधार पर निर्णय लिया जायेगा।

गौशालाओं का निर्माण

[पशुपालन एवं डेयरी]

160. ( क्र. 5481 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला नरसिंहपुर, छतरपुर, सागर, दमोह में म.प्र.सरकार द्वारा कितनी गौशालाओं का निर्माण करा रही है तो गौशालावार जानकारी दें? (ख) गौशालाओं का निर्माण किस-किस निधियों से कराया जा रहा है एवं जिलों में कितनी गौशालाओं का निर्माण हो चुका है एवं कितनी संचालित हो चुकी है संपूर्ण जानकारी दें? (ग) संचालित गौशालाओ में कितने गौवंश आश्रय ले रहे है प्रत्येक गौवंश के रख रखाव योजना के लिये म.प्र. सरकार कितना पैसा दे रही है? (घ) उक्‍त जिलो में कितने प्रकार की गौवंश की नस्‍ले पायी जाती है, उक्‍त जिलों में विगत 5 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार गौवंश की संख्या एवं नस्‍लवार संख्या जानकारी दें?

पशुपालन मंत्री ( श्री प्रेमसिंह पटेल ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ''' अनुसार। (ग) संचालित गौशालाओं में उपलब्‍ध गौवंश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '''' अनुसार। गौवंश के भरण पोषण (चारा भूसा) के लिये रू.20.00 प्रतिगौवंश प्रतिवेदन के मान से राशि उपलब्‍ध करवाने के प्रावधान है। (घ) प्रत्‍येक 5 वर्ष में पशु संगणना की जाती है, जिसके आधार पर जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है।

वन-मण्डल कटनी में किए गए कार्य

[वन]

161. ( क्र. 5485 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के विधानसभा प्रश्न क्रमांक–4266,दिनांक–26/07/2019 के उत्तरानुसार जाँच के निर्देश और जाँच प्रतिवेदन से अवगत कराएं और प्रश्नांश (घ) के उत्तरानुसार पौधा रोपण कहाँ-कहाँ किया गया एवं रखरखाव के क्या कार्य किए गए? (ख) विभाग द्वारा पौधारोपण एवं रखरखाव/निर्माण आदि के क्या-क्या कार्य किस सक्षम अनुमति से, किस प्रक्रिया से और किस-किस मद से, किस प्रकार, किसके द्वारा कराये जाते हैं और वनमंडल कटनी में कैम्पा फंड/मद से विगत-03 वर्षों में कितनी-कितनी राशि, किस-किस कार्य हेतु कब-कब प्राप्त हुई? (ग) प्रश्नांश (ख) परिप्रेक्ष्‍य में कैम्पा-मद की राशि से कितनी-कितनी लागत के कौन-कौन कार्य कहाँ-कहाँ कराये गए? कार्यों का निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किन-किन अधिकारियों द्वारा किया गया? (घ) वन-मण्डल,कटनी में विगत-03 वर्षों में किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि, निर्माण/मरम्मत कार्य हेतु प्राप्‍त हुई? प्राप्‍त राशि से कितनी-कितनी लागत के कौन-कौन से निर्माण/मरम्‍मत कार्य कहाँ-कहाँ, कराये गए एवं निर्माण-सामग्री की आपूर्ति किस-किस फर्म/ठेकेदार द्वारा किस-किस दर पर की गयी? कार्यों का निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किन-किन अधिकारियों द्वारा किया गया? (ङ) क्या वन-मण्डल, कटनी अंतर्गत वृक्षारोपण/विभागीय-कार्यों में अनियमितताओं की वर्तमान में जाँच एवं कार्यवाही प्रचलित हैं? हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक प्रचलित जांच/कार्यवाही से अवगत कराएं।

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जाँच के निर्देश एवं जाँच प्रतिवेदन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''1'' अनुसार है। विधानसभा प्रश्न क्रमांक 4266 दिनांक 26.07.2019 के प्रश्नांश '' के उत्तरानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''2'' अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा पौधा रोपण एवं रखरखाव/निर्माण से संबंधित कार्य पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -''3'' की सक्षमता अनुसार अनुमति प्राप्‍त कर विभागीय प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए संबंधित बजट मद से विभागीय अधिकारियों द्वारा कराये जाते हैं। कैम्पा फंड से विगत तीन वर्षों में आवंटित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टके प्रपत्र-''4'' अनुसार है।           (ग) जानकारी उत्‍तरांश '' के परिशिष्ट में है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''5'' अनुसार है। () जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शासन द्वारा प्रदत राशि का उपयोग

[स्कूल शिक्षा]

162. ( क्र. 5486 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में शिक्षा के उन्‍नयन और आवश्यकता के चलते वर्ष 2018-19 से शासन/विभाग द्वारा कब-कब और क्या-क्या प्रस्ताव मांगे गए तथा कार्यालय-जिला शिक्षा केंद्र एवं जिला शिक्षा अधिकारी कटनी द्वारा वरिष्ट कार्यालय को भेजे गए और प्रेषित प्रस्तावों पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गयी? (ख) कटनी जिले में वर्ष 2018-19 से किन-किन विभागीय योजनाओं एवं निर्माण/मरम्मत कार्यों हेतु वर्षवार कितनी-कितनी राशि किन-किन मार्गदर्शी निर्देशों के अध्याधीन कब-कब प्राप्त हुई और प्राप्त राशि का किस नाम/पदनाम के सक्षम प्राधिकारियों की किन सक्षम स्वीकृतियों से किस-किस कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि का आवंटन किया गया?        (ग) प्रश्नांश (ख) राशि का किन-किन कार्यों तथा कार्यक्रमों में कितना-कितना व्यय किया गया एवं किस-किस को कितना-कितना भुगतान किया गया और क्या राशि के आवंटन, व्यय एवं भुगतान में कोई अनियमितता परिलक्षित हुई हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि हाँ, तो किस जानकारी एवं किन-किन जाँच और प्रतिवेदनों से क्या अनियमितता होना ज्ञात हुई और प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही किन-किन शासकीय सेवकों द्वारा की गयी? (ङ) प्रश्नांश (क) से (ख) के परिप्रेक्ष्य में कटनी जिले में विगत 03 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में क्या बदलाव और सुधार होना पाया गया तथा क्या परिणाम रहें और क्या यह परिणाम शासन/विभाग एवं अन्य एजेंसियों के नियत मानकों के अनुरूप हैं? यदि हाँ, तो किस प्रकार? यदि नहीं, तो इस पर क्या कार्यवाही की जायेंगी?

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) से () जानकारी एकत्रित की जा रही है।

घोषणाओं का पालन

[स्कूल शिक्षा]

163. ( क्र. 5488 ) श्री महेश परमार : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विशेष कर्त्तव्य अधिकारी मंत्री स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा पत्र क्रमांक 231 दिनांक 10-01-20 प्राप्ति दिनांक 16-01-2020 पर पत्र अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने के लिए किया गया था? यदि हाँ, राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा की गई कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। (ख) क्या पंजीयन क्रमांक 4327/CMS/MLA./214/2/11/2019 के मामले में राज्य शिक्षा केंद्र का क्या कार्यवाही की गई? पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। (ग) क्या राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल द्वारा उपरोक्त दोनों पत्रों पर मिशन की नियमावली 24 उप नियम 1,2,3 में उल्लेखित शासन की प्रचलित नीति नियम, निर्देशों के अनुकूल की गई थी यदि हां, तो नीति नियम निर्देशों की प्रमाणित प्रति देवें। (घ) राज्‍य शिक्षा केंद्र भोपाल ने वर्ष 2011 में 2374 दिनांक 9-8-11 एवं 1849 दिनांक 5-07-11 कि सामान्य शाखा से सर्कुलर जारी करते हुए माननीय मंत्री जी द्वारा जिले भ्रमण और क्षेत्रीय दौरे पर की गई घोषणाओं का पालन प्रतिवेदन दिए जाने का निर्देश दिया था यदि हाँ, तो उस निर्देश दिनांक से प्रश्न दिनांक तक किन किन जिलों में किन-किन स्थानों पर क्या-क्या घोषणाएं की गई है और उनके पालन करने के लिए विभाग द्वारा क्या आवश्यक कार्यवाही की गई है।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (घ) जी हाँ। माननीय मंत्रीजी स्कूल शिक्षा द्वारा जिला खंडवा में क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान विधानसभा क्षेत्र हरसूद से संबंधित की गई दो घोषणाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। शेष जिलों की जानकारी निरंक है।

प्रतिनियुक्ति और मूल विभाग में वापसी का लेखा-जोखा

[स्कूल शिक्षा]

164. ( क्र. 5489 ) श्री महेश परमार : क्या राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य शिक्षा केंद्र के अंतर्गत नियंत्रक E&R के पद पर प्रतिनियुक्ति पर कौन कार्यरत है? कब से कार्यरत है? (ख) क्या पूर्व में मध्य प्रदेश के कितने जिलों में प्रतिनियुक्ति पर डीपीसी रहे हैं और मूल विभाग में वापसी कब-कब हुई है और मूल विभाग में कितने समय काम करने के बाद प्रतिनियुक्ति पर आए हैं? सेवा काल से प्रश्न दिनांक तक का ब्योरा देवें। (ग) क्या प्रतिनिधि के 4 वर्ष के नियम को पालन करते हुए 2 वर्ष मूल पद पर रहे हैं यदि नहीं, तो प्रतिनियुक्ति नियम के उल्लंघन को लेकर क्या शासन जाँच कराएगा? (घ) क्या डीपीसी रहने के दौरान राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के सर्कुलर क्रमांक 5164 दिनांक 18 -7 -2011 कि वित्त शाखा से जारी पत्र अनुसार विभिन्न समितियों के माध्यम से अनुमोदन लेकर संबंधित द्वारा राशियों का आहरण संवितरण और भुगतान किया गया था यदि हाँ, तो नियमानुसार अगर भुगतान किया गया था तो वेरीफिकेशन रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति देवें (ङ) क्या संबंधित द्वारा डीपीसी के कार्यकाल के दौरान क्रय समिति में कब-कब अनुमोदन लिया गया कार्यवाही विवरण और संक्षिप्त विवरण उपलब्ध कराएं साथ ही कार्यरत जिले के आडिट आपत्तियों का विवरण देवें।

राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा ( श्री इन्‍दर सिंह परमार ) : (क) श्री आर.के.पाण्‍डेय, प्राचार्य शास. उ.मा.वि. बाड़ी जिला रायसेन सर्व शिक्षा अभियान मिशन में सहायक प्रबंधक वित्‍त के पद पर दिनांक 05.04.2016 से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। श्री आर के पाण्‍डेय दिनांक 04.05.2017 से ई.एंड.आर कक्ष के नियंत्रक का दायित्‍वों का निर्वहन कर रहे हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - '' अनुसार(ग) प्रदेश में वर्ष 1994 से जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम वर्ष 2000-2001 से सर्व शिक्षा अभियान मिशन कक्षा 1 से कक्षा 8 तक की शिक्षक व्‍यवस्‍था हेतु लागू थी। 1 अप्रैल 2018 से नई एकीकृत शिक्षा योजना समग्र शिक्षा अभियान कार्यक्रम नर्सरी से 12वीं तक के लिए लागू की गई है, जो स्‍कूल शिक्षा विभाग के अधीनस्‍थ ही संचालित है। श्री आर.के.पाण्‍डेय स्‍कूल शिक्षा विभाग के ही अधिकारी हैं। इनकी सेवायें इनके मूल विभाग लोक शिक्षण संचालनालय से अना‍पत्ति प्राप्‍त करने के उपरांत प्रशासकीय अनुमोदन पश्‍चात् ही प्रतिनियुक्ति पर राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र अंतर्गत सर्व शिक्षा अभियान मिशन में ली गई है। श्री पाण्‍डेय की प्रतिनियुक्ति स्‍कूल शिक्षा विभाग के अधीनस्‍थ संस्‍था में ही होने से शेषांश में ही होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।         (घ) जिला शिक्षा केन्‍द्र में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी/कलेक्‍टर के अनुमोदन उपरांत ही राशियों का आहरण एवं संवितरण तथा भुगतान की कार्यवाही की जाती है। कोई विशेष प्रकरण होने पर ही समितियों के समक्ष प्रस्‍ताव अनुमोदन हेतु रखा जाता है। सत्‍यापन रिपोर्ट का कोई प्रावधान नहीं है। () जिलो से प्राप्‍त (आडिट आपत्तियों सहित) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '' अनुसार

भर्ती एवं पदोन्निति नियमों में संशोधन

[वन]

165. ( क्र. 5754 ) श्री सुनील उईके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या माननीय मुख्यमंत्री महोदय सामान्य प्रशासन विभाग 6 मई 1998 के पत्र क्रं/3-9/98/3/1 द्वारा भर्ती नियमों में एवं पदोन्‍नति नियमों में सुधार हेतु आदेश दिये गये थे? अगर हाँ तो वन विभाग के राजपत्रित द्वितीय श्रेणी वनक्षेत्रपाल के भर्ती नियम कब बनाये गये, आदेश क्रं एवं दिनांक सहित अवगत करावें। अगर नहीं तो कब तक भर्ती नियम बनाये जावेंगे? (ख) क्‍या सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञापन क्रं 140/400-1) (3) 81 दिनांक 30 मार्च 1991 में म.प्र. उच्च न्यायालय द्वारा मिसलेनियश पीटिशन क्रमांक 670 वर्ष 1979 श्री बी.के. श्रीवास्तव तथा अन्य के मामले में निर्णय किया था कि नियुक्ति के लिये लोक सेवा आयोग की चयन सूची को ही आधार मानकर ही वरियता निर्धारण की जावेगी? (ग) क्या म.प्र. के वनक्षेत्रपाल जो 1979 की लोक सेवा आयोग की चयन सूची में चयन हुये थे उन्‍हें वरियता चयन सूची से दी गई है? अगर नहीं तो क्या सुधार किया जावेगा? (घ) क्या छटवें एवं सातवें वेतनमान में पे-ग्रेड जो वन क्षेत्रपालों के वेतन पर तहसीलदार पुलिस निरीक्षक के वेतनमान में असमानता आई है, उसमें सुधार करने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग पहल करेगा? जबकि अग्रवाल वेतनमान ने समानता हेतु अनुशंसा की थी?

वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। वनक्षेत्रपाल के नये भर्ती नियम को अंतिम रूप देने बावत् कार्यवाही प्रकियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। सामान्‍य प्रशासन विभाग का ज्ञापन क्रमांक 140/400-1 (3) 81 दिनांक 30 मार्च 1991 नहीं है, अपितु सामान्‍य प्रशासन विभाग का ज्ञापन क्रमांक 140/400-1 (3) 81 दिनांक 30 मार्च 1981 है। (ग) जी नहीं। वर्ष 1979 को लोक सेवा आयोग की चयन सूची में चयनित वनक्षेत्रपालों की वरियता तत्‍समय प्रचलित मध्‍य प्रदेश तृतीय श्रेणी (अलिपिकीय) वन सेवा भर्ती नियम 1967 एवं मध्‍य प्रदेश सिविल सेवाएं (सेवा की सामान्‍य शर्तें) नियम 1961 के आधार पर निर्धारित की गई। अत: संशोधन किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। वित्‍त विभाग द्वारा राज्‍य वेतन आयोग की अनुशंसाओं पर मंत्रि-परिषद से प्राप्‍त आदेश में वनक्षेत्रपाल संवर्ग को मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित नायब तहसीलदार एवं उप निरीक्षक से सापेक्षता मानी गई है।