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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


गुरूवार, दिनांक 17 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



(वर्ग 1 : किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पंचायत और ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं निःशक्त जन कल्याण, सहकारिता, राजस्‍व, पुनर्वास, परिवहन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लोक सेवा प्रबंधन, जन शिकायत निवारण)


निर्माण कार्यों में अनियमितता की जाँच

1. ( *क्र. 4729 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत दुधमनिया, जनपद पंचायत सिहावल जिला सीधी में वर्ष 2010 से 2015 के बीच कौन-कौन से निर्माण कार्य कराए गये एवं इस दौरान कुल कितनी राशि व्‍यय की गयी? (ख) क्‍या ग्राम पंचायत दुधमनिया, जनपद पंचायत सिहावल जिला सीधी में भ्रष्‍टाचार की जाँच के लिये मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला सीधी द्वारा तीन सदस्‍यीय जाँच दल का गठन किया गया था? यदि हाँ, तो 08 सितंबर, 2015 के बाद जाँच दल द्वारा क्‍या जाँच की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। प्रश्नाधीन अवधि में मनरेगा, पंचपरमेश्वर, शौचालय निर्माण एवं सांसद मद में कुल रू. 11351235/- की राशि व्यय की गई। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार

अवैध निर्माण पर कार्यवाही

2. ( *क्र. 6214 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तहसील पवई जिला पन्‍ना में श्री जगदीश प्रसाद नगायच पिता श्री रामप्रसाद नगायच, मनोहर नगायच के नाम नजूल भूखण्‍ड क्रमांक 2754, 2755 और 2412/6 पवई में राजस्‍व लीज़ कलेक्‍टर पन्‍ना द्वारा स्‍वीकृत की गई है? यदि की गई तो कब और किस दिनांक को और कितने क्षेत्रफल की? (ख) क्‍या यही स्‍वीकृत लीज़ कलेक्‍टर पन्‍ना द्वारा निरस्‍त की गयी है? यदि की गई तो कब और किस दिनांक को और उस पर क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या उक्‍त लीज़ पर मकान निर्मित है? यदि हाँ, तो कितने एरिया में। (ग) क्‍या उक्‍त निर्मित मकान वैध है या अवैध? यदि अवैध है तो क्‍या श्री ओमकार सिंह द्वारा इसकी शिकायत कलेक्‍टर पन्‍ना व राजस्‍व मंत्री को दिनांक 21/12/2015 को की गई थी, तो उस पर क्‍या कार्यवाही हुई। यदि नहीं, हुई तो कब तक होगी और शासन अतिक्रमण हटाने के लिये क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा? समय-सीमा बतायें

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, भू-खण्ड क्र. 2754, 2755, में से 5 x 20 = 100 वर्ग मीटर भूमि श्री जगदीश प्रसाद पिता श्री रामप्रसाद नगायच, साकिन पवई को राजस्व प्रकरण क्रमांक 118/अ-20 (1) वर्ष 85-86 आदेश दिनांक 22.05.87 तथा खसरा क्रमांक 2412/6 में से 80 x 30 = 2400 वर्गफुट भूमि प्रकरण क्रमांक 253/अ-20 (1) वर्ष 85-86 आदेश दिनांक 28.01.87 द्वारा मोहन लाल पिता राममनोहर नगायच सा. पवई को स्थाई लीज़ स्वीकृत की गई थी। (ख) जी हाँ, स्वीकृत लीज़ कलेक्टर पन्ना के आदेश दिनांक 03.09.1988 द्वारा निरस्त की गई थी। मौजा पवई की आराजी क्र. 2412/6 पर रकबा 40x50=2000 वर्गफुट आबादी क्षेत्र पर शैलेष नगायच पिता जगदीश प्रसाद नगायच का रिहायशी मकान निर्मित है। (ग) श्री ओमकार सिंह ने कलेक्टर जिला पन्ना को दिनांक 21.12.15 को शिकायत की थी। शिकायत की जाँच तहसीलदार पवई से कराये जाने के पश्चात श्री शैलेष नगायच पिता जगदीश प्रसाद नगायच के विरूद्ध न्यायालय तहसीलदार पवई में म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत अतिक्रमण का प्रकरण दर्ज किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मनरेगा द्वारा कराये गये कार्य

3. ( *क्र. 4430 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत तीन वर्षों में मनरेगा में नंदन फलोद्यान, निर्मल वाटिका (स्‍वच्‍छता अभियान), ग्रामीण क्रीड़ांगन और खेत सड़क के कितने कार्य कहाँ-कहाँ, कब-कब, किन-किन पंचायतों में कराये गये? व्‍यय सहित सूची देवें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में दर्शित कार्यों में से ग्रामीण क्रीड़ांगन एवं खेत सड़क जैसे कार्यों में मशीनरी का जमकर उपयोग किया जा रहा है और वास्‍तविक मजदूर पलायन करने पर मजबूर हो गये हैं? यदि नहीं, तो क्‍या प्रगतिरत कार्यों का स्‍थल निरीक्षण एवं मजदूरों का सत्‍यापन जिले के अधिकारियों की समिति बनाकर कलेक्‍टर सागर की अध्‍यक्षता में कराया जावेगा और कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता को भी अवगत कराया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या मनरेगा द्वारा कराये गये नंदन फलोद्यान एवं निर्मल वाटिका के कार्यों में राहतगढ़ जनपद में भी गंभीर अनियमिततायें की गयी हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सागर जिले के सुरखी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत तीन वर्षों में मनरेगा में नंदन फलोद्यान, निर्मल वाटिका (स्‍वच्‍छता अभियान), ग्रामीण क्रीड़ांगन और खेत सड़क के कार्यों की जनपदवार एवं ग्राम पंचायतवार व्‍यय सहित सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। निर्माण कार्यों में गुणवत्‍ता नियंत्रण हेतु आवश्‍यक मशीनरी को छोड़कर मानवीय श्रम के बदले उपयोग होने वाली मशीनरी का उपयोग नहीं किया गया, न ही मजदूरों के द्वारा योजना के प्रावधानों के अनुरूप काम की मांग के बावजूद रोजगार नहीं मिलने के कारण मजबूरीवश पलायन किया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। किसी भी प्रकार की गंभीर अनियमितता की शिकायत राज्‍य शासन के संज्ञान में आने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

स्‍वच्‍छता सप्‍ताह आयोजन के मुद्रण कार्य की जाँच

4. ( *क्र. 4901 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या निर्मल भारत अभियान 20 से 25 फरवरी, 2014 स्‍वच्‍छता सप्‍ताह के आयोजन के लिए प्रचार-प्रसार हेतु छपवायी गई सामग्री में किए गए भुगतान की कोई जाँच कराई गई है? (ख) यदि हाँ, तो उससे संबंधित प्रतिवेदन और प्रतिवेदन पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है।

तालाबों की भूमि पर अतिक्रमण

5. ( *क्र. 630 ) श्री राजेश सोनकर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर जिला अंतर्गत कौन-कौन सी तहसीलों में कितने तालाब बने हुए हैं? तालाबों की पालों अथवा तालाबों हेतु आरक्षित भूमि से कितनी दूरी पर निर्माण अथवा अन्‍य गतिविधियां की जा सकती हैं व किस नियम के तहत्? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या इंदौर जिला अंतर्गत पुराने तालाबों के केचमेंट एरिया, तालाबों की पाल पर अतिक्रमण किया गया है? यदि हाँ, तो अतिक्रमणकर्ता पर संबंधित विभागों द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? या की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या इंदौर में स्थित बिलावली तालाब, सिरपुर तालाब, खजराना तालाब, यशवंत सागर एवं पिपल्‍याहाना तालाब की पाल/केचमेंट एरिये में कितनी भूमि पूर्व में तालाब हेतु चिन्हित की थी व वर्तमान में कितनी भूमि प्रश्‍न दिनांक तक शेष बची है? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में उक्‍त तालाबों की आरक्षित भूमि पर व तालाबों की पाल के आस-पास व्‍यवसायिक गतिविधियां एवं अवैध रूप से बहुमंजिला भवन/छोटे भवनों कै अवैध निर्माण के समय पदस्‍थ अधिकारी पर प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) तालाबों की तहसीलवार खसरा नंबर, रकबा सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। इंदौर विकास योजना 2021 की कंडिका 6.15.3 अनुसार बड़े एवं छोटे तालाबों की एच.एफ.एल. से क्रमशः 60 एवं 30 मीटर की दूरी तक निर्माण प्रतिबंधित रखा गया है। (ख) जी हाँ। अतिक्रमण हटाने हेतु विस्तृत कार्य योजना हेतु कलेक्टर द्वारा नगर निगम इंदौर, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार को लिखा गया है। (ग) पूर्व में चिन्हित रकबे अनुसार बिलावली तालाब 304.76 हे., में से 234.6 हे., सिरपुर तालाब 93.030 हे., में से 93.958 हे., खजराना तालाब 3.137 हे. में से 3.137 हे., यशवंत सागर तालाब 1121.991 हे., में से, 1120.826 हे. एवं पिपल्याहाना तालाब का रकबा 3.674 हे. में से 3.674 हे., वर्तमान राजस्व अभिलेख में दर्ज पाया गया है। (घ) सिरपुर एवं खजराना तालाब को छोड़कर अन्य प्रश्नाधीन तालाबों में अतिक्रमण की स्थिति नहीं है। सिरपुर, खजराना तालाबों के पाल की भूमि पर आंशिक अतिक्रमण मकान आदि बनाकर किया गया है। अवैध निर्माण की जानकारी संज्ञान में आने पर नगर निगम, राजस्व विभाग एवं पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर अवैध निर्माण हटाने एवं गतिविधियों को बंद करने की कार्यवाही की जाती है। अतिक्रमण हटाना सतत् एवं निरंतर गतिशील न्यायालयीन प्रक्रिया है।

मनरेगा योजनांतर्गत पक्‍के निर्माण कार्य की स्‍वीकृति

6. ( *क्र. 5716 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत बी.आर.जी.एफ. योजनांतर्गत वर्ष 2015-16 में निर्माण कार्य की स्‍वीकृति कब से समाप्‍त कर दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो बी.आर.जी.एफ. योजना की राशि से कराये जाने वाले पक्‍के निर्माण कार्य यथा पुल, पुलिया, स्‍टॉप डेम भवन निर्माण आदि किस मद से कराये जावेंगे? यदि नहीं, तो जनपद पंचायत सारंगपुर अंतर्गत कौन-कौन से कार्य की स्‍वीकृति प्रदान की गयी है? ग्रामवार, कार्यवार राशि की जानकारी देवें। (ग) यदि मनरेगा से ही प्रश्‍नांश (ख) के कार्य करवाये जावेंगे तो क्‍या 20 प्रतिशत मजदूरी एवं 80 प्रतिशत सामग्री की राशि व्‍यय करने की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) भारत शासन स्तर से दिनांक 31.03.2015 से बी.आर.जी.एफ. योजना डीलिंक होने से बंद कर दी गई। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ख) जी हाँ। बी.आर.जी.एफ. की स्वीकृत कार्य योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्य बी.आर.जी.एफ. की मार्गदर्शिका अनुसार जिला/जनपद/ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायवार मद में उपलब्ध शेष राशि तथा उक्त राशि पर अर्जित ब्याज की राशि से जिले द्वारा कराये जायेंगे। वित्तीय वर्ष 2015-16 में जनपद पंचायत सारंगपुर में बी.आर.जी.एफ. योजनांतर्गत कोई नवीन कार्य स्वीकृत नहीं किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी उत्तरांश अनुसार। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार

उपसंचालक के पद पर अनियमित पदोन्‍नति

7. ( *क्र. 6457 ) श्री के.पी. सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. राज्‍य सहकारी विपणन संघ मर्यादित भोपाल के आदेश क्र./स्‍था.वि./6852/2015, दिनांक 23.11.2015 के अंतर्गत सहायक प्रबंधकों को अस्‍थाई रूप से उप-प्रबंधक के पदों पर पदोन्‍नति प्रदान की गई है? पदोन्‍नति प्रदान किये जाने के क्‍या निर्धारित मापदण्‍ड/प्रावधान हैं? प्रति उपलब्‍ध करावें। क्‍या उक्‍त पदोन्‍नति में शासन के पदोन्‍नति नियम 2002 का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या उक्‍त पदोन्‍नति वरिष्‍ठता सूची के आधार पर की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? वरिष्‍ठ होते हुये भी पदोन्‍नति से किन-किन कर्मचारियों को किन कारणों से वंचित किया गया है? (ग) क्‍या वरिष्‍ठ कर्मचारियों को पदोन्‍नति से वंचित कर उनसे कनिष्‍ठ कर्मचारियों को पदोन्‍नत किये जाने के संबंध में प्रबंध संचालक/सचिव विपणन संघ को अवगत कराते हुये, उन्‍हें भी उप-प्रबंधक के पद पर उक्‍त पदोन्‍नति दिनांक से पदोन्‍नत किये जाने का अनुरोध किया गया है? इस संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही कब-कब की गई? उसके क्‍या निष्‍कर्ष निकले? (घ) क्‍या शासन/विभाग कनिष्‍ठ कर्मचारियों को पदोन्‍नति नियमों के विपरीत अनियमित रूप से पदोन्‍नति प्रदान किये जाने की उच्‍चस्‍तरीय जाँच कर वंचित कर दिये गये वरिष्‍ठ कर्मचारियों को उक्‍त पदोन्‍नति दिनांक से पदोन्‍नति प्रदान किये जाने के आदेश जारी करते हुये, अकारण पदोन्‍नति से वंचित करने वाले दोषियों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार, म.प्र. सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 के अंतर्गत पंजीकृत संस्‍था होने से पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं, म.प्र. द्वारा अनुमोदित सेवा नियम के प्रावधान अनुसार पदोन्‍नति दी गई है, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) पदोन्‍नति वरिष्‍ठता सह उपयुक्‍तता के आधार पर, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता, जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार(ग) सहायक प्रबंधक श्रीमती सुनीता राय से अभ्‍यावेदन प्राप्‍त, आवेदिका को पदोन्‍नति हेतु उपयुक्‍त नहीं पाये जाने पर प्रकरण नस्‍तीबद्ध किया गया तथा पत्र दिनांक 04.1.2016 से सूचित किया गया। (घ) उत्‍तरांश '', '' '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

सूखा/ओलावृष्टि से फसलों को क्षति

8. ( *क्र. 1520 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में वर्ष 2015-16 में सूखा/ओलावृष्टि के कारण कुल कितने ग्रामों में कितने-कितने कृषकों की कौन-कौन सी रबी फसलों में कितने-‍कितने प्रतिशत नुकसान सर्वे सूची में सर्वे दलों द्वारा दर्ज किया गया, के अनुसार वर्तमान तक कितनी मुआवज़ा राशि बांटी गई? इस हेतु कितनी राशि शासन ने जिले को प्रदाय की पूर्ण जानकारी तहसील/ग्रामवार देवें? (ख) सर्वे कार्य में सर्वे दलों की मनमानी के कारण ग्राम नयागांव, गुजरान, सेमल्‍दा हवेली, ब्रहमपुरा सहित दर्जनों ग्रामों के सैकड़ों पात्र कृषकों के नाम सर्वे सूची में नहीं जुड़ पाये व मुआवज़े से वंचित बने हुए हैं, जिनके नाम जोड़े गये उनमें से सैकड़ों कृषकों को वर्तमान तक मुआवजा नहीं मिला, दर्जनों अपात्र कृषकों को मुआवजा दिया गया? इसके क्‍या कारण हैं। (ग) उक्‍त अनियमितताओं के संबंध में कितने आवेदन वर्तमान तक सभी तहसीलदारों/जिला प्रशासन को प्राप्‍त हुए इन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या शासन प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित तथ्‍यों की जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा तथा वर्तमान तक मुआवज़े से वंचित पात्र कृषकों सहित सर्वे सूची में जुड़ने से वंचित रहे पात्र कृषकों के नाम सर्वे सूची में जुड़वाकर इन्‍हें शीघ्र मुआवजा दिलवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जिला श्‍योपुर में वर्ष 2015-16 में सूखा/ओलावृष्टि से रबी फसल में किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। अत: शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उदभूत नहीं होता।

खेतों के कुएं गिरने के प्रकरणों पर कार्यवाही

9. ( *क्र. 4408 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र खातेगांव के ऐसे कितने कृषक हैं, जिन्‍होंने माह जुलाई, 2015 से अक्‍टूबर, 2015 तक खेतों के कुएँ गिरने के आवेदन दिये हैं, इन आवेदनों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) कुएँ गिरने के ऐसे कितने प्रकरण हैं, जो विभाग द्वारा जाँच करा कर स्‍वीकृत किये गये हैं? हितग्राही का नाम, ग्राम का नाम एवं स्‍वीकृत राशि की सूची देवें। (ग) कुएँ धंसने के ऐसे कितने लंबित प्रकरण हैं, जिन्‍हें स्‍वीकृत राशि जारी कर दी गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? कारण बतावें एवं राशि कब तक जारी की जावेगी? (घ) कुएँ धंसने के प्रकरण तैयार करने एवं स्‍वीकृति की कार्यवाही में विलंब से किसानों को आ रही परेशानी के कारण क्‍या शासन जिम्‍मेदार अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र खातेगांव के 19 कृषकों ने आवेदन दिये जिन पर नियमानुसार कार्यवाही की गई। (ख) तहसील कन्नौद के 14 प्रकरणों में से जाँच उपरांत 13 प्रकरण निरस्‍त किये गये एवं 1 प्रकरण स्‍वीकृत किया गया। तहसील खातेगांव में 5 प्रकरणों की जाँच उपरांत पात्र पाये जाने पर राहत राशि स्‍वीकृत की गई। स्‍वीकृत सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कुल 6 प्रकरणों में राशि जारी की गई। शेष 13 प्रकरण जाँच उपरांत अस्‍वीकृत किये गये। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) कुएं धंसने के प्रकरण तैयार करने एवं स्‍वीकृति की कार्यवाही समय-सीमा में की जाकर प्रभावितों को राहत राशि उपलब्‍ध कराई गई। अत: शेष प्रश्‍न उदभूत नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

स्‍वीकृत निर्माण कार्यों की पूर्णता

10. ( *क्र. 6480 ) श्री हेमन्‍त विजय खण्‍डेलवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में विगत 03 वर्षों में अन्‍य विभागों के कौन-कौन से निर्माण कार्यों की एजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया गया है? कार्यों के नाम, स्‍थान एवं स्‍वीकृति दिनांक सहित वर्षवार जानकारी देवें। (ख) क्‍या कुछ पंचायतों में सरपंचों द्वारा राशि आहरित कर ली है, किन्‍तु निर्माण कार्य या तो प्रारंभ नहीं हुए हैं या अपूर्ण हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कौन-कौन से कार्य किस-किस पंचायत के हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार लंबी अवधि से स्‍वीकृत निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने के क्‍या प्रयास किए जा रहे हैं? (घ) ये कार्य कब तक पूर्ण हो जाएंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार लंबी अवधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों को पूर्ण कराये जाने हेतु जिले में समीक्षा बैठकों में संबंधित निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया जा रहा है, एजेंसियों को नोटिस जारी किए गए हैं तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) न्यायालयों में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। (घ) सभी एजेंसियों को निर्देशित किया गया है। अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराए जाने की निश्चित अवधि बताया जाना संभव नहीं है।

वन विभाग की भूमि का आवंटन

11. ( *क्र. 5582 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 24-4-2012 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व विजयपुर (श्‍योपुर) को श्री क्षिमक्षिमा हनुमान जी मंदिर ट्रस्‍ट द्वारा मंदिर के लिये वन विभाग की भूमि को आवंटन करने बाबत् निर्धारित प्रारूप 11 (1) के अनुसार प्रकरण तैयार कराकर भेजा गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रकरण पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) यदि कार्यवाही अभी तक नहीं की गई है, तो कब तक करा ली जावेगी? (ग) श्री क्षिमक्षिमा हनुमान मंदिर की वन भूमि लगभग कितने वर्षों से मंदिर एवं आश्रम के उपयोग में आ रही है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। ग्राम स्तरीय समिति को परीक्षण हेतु भेजा गया है। (ख) एवं (ग) ग्राम स्तरीय समिति के परीक्षण उपरांत विधिसंगत कार्यवाही की जावेगी। लगभग 32 वर्ष पूर्व से मंदिर के उपयोग में आ रही है।

मजरों/टोलों को राजस्‍व ग्राम की मान्‍यता

12. ( *क्र. 4645 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा ग्राम उज्‍जैनी तहसील धार जिला धार में प्रश्‍नकर्ता विधायक की मांग पर शंकरपुरा, पातलिया, चंदरपुरा, नयापुरा आदि मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित किये जाने की घोषणा की थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या कलेक्‍टर जिला धार द्वारा इस बाबत् प्रस्‍ताव तैयार कर शासन को प्रेषित कर दिये गये हैं? (ग) इन मजरों को राजस्‍व ग्राम की मान्‍यता प्रदान करने हेतु अब तक क्‍या कार्रवाई हुई है तथा कब तक राजस्‍व ग्राम घोषित किये जा सकेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अमानक कपास बीज से कृषकों को हुई क्षति का भुगतान

13. ( *क्र. 6429 ) श्री राजकुमार मेव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत तीन वर्षों में इंदौर संभाग के किसानों द्वारा बायर कंपनी का 1037 कपास खराब होने की शिकायत की गई? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या इंदौर संभाग के किसानों द्वारा बायर कंपनी के कपास की अच्‍छी गुणवत्‍ता न होने एवं नुकसानी के संबंध में जिला उपभोक्‍ता फोरम में प्रकरण पंजीबद्ध कराया गया था? (ग) क्‍या राज्‍य उपभोक्‍ता फोरम में उक्‍त प्रकरण विचाराधीन है? यदि हाँ, तो कितनी अवधि से लंबित है? प्रकरण का निराकरण कितनी अवधि में किया जाकर किसानों को नुकसानी की राशि का भुगतान कब तक किया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विगत तीन वर्षों में इंदौर संभाग के किसानों द्वारा बायर कंपनी का 1037 कपास खराब होने की कोई शिकायत विभाग को प्राप्‍त होना नहीं पाया गया। (ख) जी हाँ। इंदौर संभाग अंतर्गत खरगोन जिले के किसानों द्वारा बायर कंपनी के कपास 1037 की अच्‍छी गुणवत्‍ता न होने एवं नुकसानी के संबंध में जिला उपभोक्‍ता फोरम में वर्ष 2010-11 में प्रकरण पंजीबद्ध कराया था। (ग) जी हाँ। म.प्र. राज्‍य उपभोक्‍ता फोरम विवाद प्रतितोषण आयोग में उक्‍त प्रकरण वर्ष 2013-14 से विचाराधीन है। चूंकि म.प्र. राज्‍य उपभोक्‍ता फोरम न्‍यायालयीन व्‍यवस्‍था है, अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत सड़कों का निर्माण

14. ( *क्र. 6562 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टिमरनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत कायदा से डेहरिया एवं छिरपुरा से बोथी सड़कों का कार्य पूर्ण कराये जाने की समय-सीमा क्‍या थी? कितनी राशि स्‍वीकृत की गई। (ख) क्‍या छिरपुरा से बोथी मार्ग की दोनों साईड नियम विरूद्ध खुदाई कर ग्रेवल निकाल कर गहरी खाई बनाई है? यदि हाँ, तो क्‍यों? उक्‍त सड़क का निरीक्षण किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया एवं दोषी कर्मचारी/अधिकारी/ठेकेदार पर क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) टिमरनी विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत कायदा से डेहरिया एवं छिरपुरा से बोथी सड़कों का कार्य पूर्ण कराये जाने की अनुबंधानुसार समय-सीमा क्रमश: दिनांक 29/06/2015 तथा दिनांक 03/07/2014 थी एवं उक्त सड़कों हेतु क्रमश: रू. 245.04 लाख एवं रू. 675.06 लाख की राशि‍ स्वीकृत की गई है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। चूंकि नियम विरूद्ध खुदाई कर ग्रेवल नहीं निकाला गया है, अतः कर्मचारी/अधिकारी/ठेकेदार पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

राजस्‍व अभिलेखों में दर्ज राजस्‍व भूमि

15. ( *क्र. 5815 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नर्मदापुरम संभाग के किस जिले में कितने राजस्‍व ग्राम, कितने वन ग्राम हैं, कितने राजस्‍व ग्राम वीरान हैं, कितने राजस्‍व ग्राम नगरीय सीमा में शामिल हैं, कितने राजस्‍व ग्रामों में जनवरी 2008 के बाद वन अधिकार समितियां बनाई हैं। (ख) किस जिले में कितने राजस्‍व ग्रामों के निस्‍तार पत्रक उपलब्‍ध हैं? उनमें से कितनी भूमि दर्ज की गई थी, उस भूमि में से कितनी भूमि वर्तमान में भी दर्ज है? इन दर्ज भूमियों में से कितनी भूमि का नियंत्रण, प्रबंधन एवं अधिकार पंचायती राज व्‍यवस्‍था को प्रश्‍नांकित दिनांक तक सौंप दिया गया है? यदि नहीं, सौंपा हो तो कारण बतावें। (ग) किस जिले के वर्तमान राजस्‍व अभिलेखों में, खाते में कितनी भूमि दर्ज है? गैरखाते की किस मद में कितनी भूमि दर्ज है? गैरखातों की कितनी भूमि वन विभाग की कार्ययोजना में भी सम्मिलित कर ली गई है। इन सम्मिलित भूमियों को गैर खाते से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी पृथक न किए जाने का क्‍या कारण रहा है? (घ) गैरखाते में दर्ज भूमियों में से कार्ययोजना में सम्मिलित भूमियों को राजस्‍व अभिलेख या वानिकी अभिलेख से पृथक किए जाने के संबंध में शासन क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कम्‍प्‍यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम

16. ( *क्र. 6361 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सैडमेप द्वारा दि. 01.01.13 से 31.12.15 तक म.प्र. के विभिन्‍न जिलों में C.R.P. (कम्‍प्‍यूटर ट्रेनिंग) के लिए म.प्र. राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ सैडमेप द्वारा किए गये अनुबंध एवं अनुबंध के साथ संलग्‍न दस्‍तावेजों की जानकारी देवें? (ख) इसके लिए इन्‍हें कितना भुगतान किया गया? वर्षवार बतावें। अन्‍य संस्‍थाओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए चयनित किस आधार पर किया गया? पूरी प्रक्रिया बतावें। (ग) राजगढ़, खरगोन एवं उज्‍जैन जिले में प्रश्‍नांश (क) अवधि में कितने प्रशिक्षण कार्यक्रम किन-किन संस्‍थाओं को किस प्रक्रिया के तहत दिये गये? पूर्ण विवरण, संस्‍था की जानकारी सहित देवें। किन-किन जगहों पर चयन प्रक्रिया किस प्रकार की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार मनमाने तरीके से संस्‍थाओं को कार्य आवंटित करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित अवधि में म.प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा मध्यप्रदेश के 9 जिलों में सी.आर.पी. को कम्प्यूटर ट्रेनिंग प्रदान करने के उद्देश्य से सैडमेप को कार्यादेश जारी किए गए। दस्तावेजों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) संस्था सैडमेप को वर्षवार किये गये भुगतानों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। अन्य संस्थाओं को प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रशिक्षण कार्य हेतु चयनित नहीं किये जाने से प्रश्नांश (ख) की शेष जानकारी निरंक है। (ग) राजगढ़, खरगोन एवं उज्जैन जिलों में सी.आर.पी. (कम्प्यूटर ट्रेनिंग) उक्त अवधि में नहीं कराई गई, परन्तु इस अवधि के आयोजित अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (घ) मनमाने तरीके से कार्य आंवटित करने के प्रकरण प्रकाश में नहीं आए हैं, अतः प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।

सेवा सहकारी समिति अमरपाटन की जाँच

17. ( *क्र. 4548 ) श्री जय सिंह मरावी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्री अखिलेश मिश्रा तत्‍कालीन अध्‍यक्ष सेवा सहकारी समिति, अमरपाटन जिला-सतना ने पत्र दिनांक 14.07.2015 के द्वारा समिति में पदस्‍थ कैशियर श्रीमती रेशमा बेगम के विरूद्ध वित्‍तीय अनियमितताओं एवं भ्रष्‍टाचार करने की शिकायत उपायुक्‍त सहकारी संस्‍थाएं जिला-सतना एवं पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं भोपाल तथा प्रबन्‍ध संचालक म.प्र. राज्‍य सहकारी बैंक भोपाल को की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त अधिकारियों द्वारा शिकायती पत्र के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) शिकायत की जाँच उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला सतना से कराई गई। जाँच प्रतिवेदन में बैंक सेवायुक्त श्री बाबूलाल पटेल शाखा प्रबंधक, शाखा अमरपाटन एवं श्री मुन्नालाल वर्मा, समिति प्रबंधक तथा संस्था कर्मचारी श्रीमती रेशमा बेगम दोषी पाई गई हैं। बैंक कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, सतना तथा संस्था कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही हेतु प्रशासक, सेवा सहकारी संस्था मर्यादित, अमरपाटन को उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला सतना द्वारा निर्देश दिये गये हैं।

शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्‍त किया जाना

18. ( *क्र. 6317 ) श्री आरिफ अकील : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम देहण्‍डी व किसोनी तहसील शुजालपुर जिला शाजापुर की शासकीय भूमि पर मेसर्स अडानी विल्‍मर लिमिटेड द्वारा अतिक्रमण किया गया था? यदि हाँ, तो प्रकरण क्रमांक 92/अ-68/09-10 के अंतर्गत शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का दोषी मानते हुए दिनांक 06/05/2011 को 1500/- रूपये के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या 4 वर्ष से अधिक समय व्‍यतीत हो जाने के पश्‍चात् भी भू-माफियाओं एवं राजनैतिक दबाव के कारण शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्‍त नहीं कराया गया है? (ग) यदि हाँ, तो तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी के आदेश का पालन नहीं करने के कौन-कौन दोषी हैं? उनके नाम व पद सहित यह अवगत करावें कि कब तक उक्‍त शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्‍त किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, अतिक्रामक द्वारा उक्त भूमि की मांग की गई है। जिसका प्रकरण पृथक से प्रचलित है। (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

वाटर शेड योजना में निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता

19. ( *क्र. 5577 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एकीकृत जलगृहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम क्‍या है? उज्‍जैन जिले में किन-किन स्‍थानों पर योजना संचालित है? विगत पाँच वर्षों में उक्‍त स्‍थानों पर क्‍या-क्‍या निर्माण कार्य कराये गये हैं? उनकी लागत क्‍या थी? (ख) क्‍या उक्‍त निर्माण गुणवत्‍ता के आधार पर कराये गये हैं? उक्‍त निर्माण कार्यों का निरीक्षण/भौतिक सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा कराया गया? क्‍या निरीक्षण तकनीकी विशेषज्ञ से कराया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या उक्‍त योजनाओं के संचालन हेतु कोई समितियां गठित की गई हैं? क्‍या उक्‍त समितियों का नवगठन किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब? (घ) उक्‍त योजना से कितने किसान लाभांवित हो रहे हैं? ग्रामवार ब्‍यौर देवें। क्‍या योजना अन्‍य नवीन स्‍थानों पर लागू की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एकीकृत जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भूमि संसाधन विभाग द्वारा प्रवर्तित योजना है, जिसके अंतर्गत जल संरक्षण व संवर्धन, मृदा संरक्षण, उत्पादन प्रणाली व लघु उद्यम तथा आजीविका उन्नयन के कार्य किये जाते हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। निरीक्षण/भौतिक सत्यापन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, उद्यान अधीक्षक, उद्यानिकी द्वारा कराया गया है। तकनीकी विशेषज्ञ, जिला पंचायत से भी निरीक्षण कराया गया है। (ग) जी हाँ। वाटरशेड समितियां गठित की गई हैं। इन समितियों का गठन नियमानुसार किया गया है, अतः नवगठन नहीं किया जायेगा। (घ) लाभांवित किसानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। योजना नवीन स्थानों पर नहीं लागू की जायेगी, क्योंकि भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भूमि संसाधन विभाग ने नवीन परियोजनायें स्वीकृत करने के बजाय पूर्व में स्वीकृत परियोजनाओं को प्राथमिकता पर पूर्ण करने के निर्देश जारी किये हैं।

अनुपयोगी बारदाना प्रदायकर्ता एजेंसी से राशि की वसूली

20. ( *क्र. 4935 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में म.प्र. राज्‍य सहकारी विपणन संघ द्वारा धान उपार्जन केन्‍द्रों पर कितना-कितना बारदाना उपलब्‍ध कराया गया? समितिवार जानकारी देवें। (ख) क्‍या वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में अनुपयोगी बारदानों की राशि समितियों से काटी गई है? यदि हाँ, तो कितनी राशि काटी गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों? किस नियम के तहत? (ग) क्‍या अनुपयोगी बारदानों की जवाबदारी संबंधित समितियों पर निर्धारित की जा सकती है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) क्‍या उक्‍त अनुपयोगी बारदाना प्रदाय करने वाली एजेंसी पर राशि वसूली तय की जा सकती है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ, वर्ष 2013-14 में राशि रू. 1,00,45,799 एवं वर्ष 2014-15 में राशि रू. 1,01,48,412.45, पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार समितियों से निष्‍पादित इकरारनामे की कंडिका क्र 03 अनुरूप, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) खराब बारदानों के निराकरण हेतु म.प्र. स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन के पत्र क्रमांक उपार्जन/2015-16/1461 दिनांक 03.11.2015 के अनुक्रम में कलेक्‍टर बालाघाट के द्वारा पत्र क्रमांक/2054/खाद्य-3/2015 दिनांक 04.11.2015 से खराब बारदानों के निरीक्षण हेतु समिति गठित की गई है, कार्रवाई समिति के प्रतिवेदन के निष्‍कर्षाधीन।

पंचायतों में ई-गवर्नेंस योजना का क्रियान्‍वयन

21. ( *क्र. 4353 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कितनी पंचायतों में शासन की योजनानुसार ई-गवर्नेंस व्‍यवस्‍था चालू हो गई है? पंचायतवार सूची प्रदान करें। (ख) क्‍या कई पंचायतों में ई-गवर्नेंस हेतु मशीनरी की व्‍यवस्‍था हो चुकी है, लेकिन मानव संसाधन न होने से कार्य नहीं हो रहा है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इस हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सभी कुल 139 ग्राम पंचायतों में शासन की योजना अनुसार ई-गवर्नेंस की व्यवस्था चालू है। इसके अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में कम्प्यूटर एवं नेट कनेक्टिविटी की सुविधा है। पंचायतवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ख) जी हाँ। ग्राम पंचायत स्तर पर मानव संसाधन हेतु संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम रोजगार सहायक को प्रशिक्षण दिया जाकर ई-गवर्नेंस का कार्य किया जा रहा है। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

शासकीय नजूल की भूमियों का नियम विरूद्ध पट्टा बंटन

22. ( *क्र. 4427 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शहडोल के नगर पंचायत बुढ़ार पटवारी हल्‍का बुढ़ार की भूमि खसरा क्रमांक 187 रकवा 2.69 एकड़ तथा नगर पालिका क्षेत्र धनपुरी की भूमि खसरा क्रमांक 76/1 रकवा 5.46 एकड़ भूमि शासकीय नजूल की भूमि रिकार्ड में कब तक दर्ज थी तथा वर्तमान में अब उक्‍त भूमियां किनके नाम राजस्‍व रिकार्ड में दर्ज हैं? नजूल भूमियों का परिवर्तन व्‍यक्तिगत नामों पर किसके आदेश से किया गया तथा किस नियम/प्रावधान के अनुसार शासकीय नजूल की भूमियों का नामान्‍तरण किया गया? (ख) क्‍या श्री छोटे लाल सरावगी पूर्व विधायक सोहागपुर द्वारा 3 वर्ष पूर्व राजस्‍व सचिव म.प्र. शासन, को उक्‍त अवैध/नियम विरूद्ध किये गये नामान्‍तरण को निरस्‍त कर जाँच कराने बाबत् आवेदन दिया गया तथा पुन: कलेक्‍टर शहडोल, कमिश्‍नर शहडोल, सचिव राजस्‍व म.प्र. को आवेदन दिया गया? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित भूमियों के नियम विरूद्ध किये गये नामान्‍तरण को निरस्‍त किया जायेगा तथा जिन अधिकारियों द्वारा शासन की भूमि का नियम विरूद्ध प्रायवेट व्‍यक्तियों के पक्ष में पट्टा प्रदान किया गया है, उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें, नहीं तो क्‍यों? कारण बताएं।

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मवेशियों के लिये पेयजल की व्‍यवस्‍था

23. ( *क्र. 4750 ) श्री अनिल जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के जिला टीकमगढ़ में सूखे की विकट परिस्थिति में पेयजल के साथ-साथ मवेशियों को भी पीने के पानी का संकट उत्‍पन्‍न हो गया है? यदि हाँ, तो ऐसी प्रभावित तहसीलों और गांवों के नाम की सूची उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) शासन द्वारा प्रश्‍नांश (क) के मवेशियों के पीने हेतु पानी के इस संकट को हल करने के लिये क्‍या कोई योजना या प्रस्‍ताव अभी तक तैयार किया गया है? यदि हाँ, तो टीकमगढ़ जिले सहित प्रभावित अन्‍य जिलों की कार्य योजना उपलब्‍ध करायी जावेगी और यदि नहीं, तो शासन स्‍तर से इस बाबत् ठोस पहल कब तक की जा सकेगी? (ग) क्‍या सूखे से प्रभावित टीकमगढ़ जिले में इन मवेशियों को चारे भूसे का संकट भी गहराता जा रहा है और पशु पालकों ने मवेशी खुले छोड़ दिये हैं? यदि हाँ, तो प्रभावित तहसीलों के नाम एवं ग्रामों के नाम बताये जावें तथा यह भी बताया जाये कि इस बाबत् शासन के द्वारा क्‍या कदम उठाये जा रहे हैं?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

संचालक मण्‍डल को नियम विरूद्ध भंग किया जाना

24. ( *क्र. 4539 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सहकारिता निरीक्षक उपायुक्‍त कार्यालय सहकारिता जिला सतना के सूचना पत्र क्र./बैठक/015/क्‍यू सतना, दिनांक 7 अक्‍टूबर, 2015 द्वारा सेवा सहका‍री समिति मर्यादित अमरपाटन के संचालक मण्‍डल सदस्‍यों की बैठक अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर विचार हेतु बुलाई गई थी तथा प्रतिलिपि सूचनार्थ उपायुक्‍त सहकारिता सतना को भी दी गई थी? (ख) क्‍या श्री शुभकरण पटेल संचालक सदस्‍य अमरपाटन जिला सतना द्वारा शपथ पत्र के साथ उपायुक्‍त सहकारी संस्‍थायें सतना को दिनांक 28 अक्‍टूबर, 2015 को आवेदन पत्र प्रस्‍तुत करके सूचित किया गया था कि वह संचालक मण्‍डल का सदस्‍य बना रहना चाहता है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि हाँ, तो उप. आयुक्‍त स‍हकारी संस्‍थायें सतना द्वारा दिनांक 29 अक्‍टूबर, 2015 आदेश क्र. /विधि/रीडर/2015/1246 द्वारा संचालक मण्‍डल को क्‍यों भंग किया गया तथा पंजीकृत उप विधि क्र. 30 (3) (1) के विरूद्ध क्‍यों आदेश जारी किया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) श्री शुभकरण पटेल संचालक सदस्य, सेवा सहकारी संस्था मर्यादित, अमरपाटन द्वारा दिनांक 29.10.2015 को पुनः शपथपत्र देकर त्यागपत्र स्वीकृत करने का लेख करने से संस्था के 6 संचालकों द्वारा त्याग पत्र दिये जाने के कारण संस्था के संचालक मंडल में गणपूर्ति का अभाव होने से सहकारी अधिनियम की धारा 53 (12) के अंतर्गत संचालक मंडल को अतिष्ठित किया गया है।

नवलखा बीज कंपनी महिदपुर की जाँच

25. ( *क्र. 6140 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बीज प्रमाणीकरण संस्‍था उज्‍जैन, नव‍लखा बीज कं. महिदपुर के विषय में जाँच कमेटी ने जाँच पूरी कर ली है? (ख) यदि हाँ, तो इसके क्‍या निष्‍कर्ष निकले? पूर्ण विवरण देवें। इसमें किनको दोषी पाया गया? (ग) इन दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (घ) यदि जाँच पूरी नहीं की गई है, तो कब तक कर ली जावेगी? समय-सीमा बतावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) जाँच दल गठित किया गया था। जाँच में नवलखा सीड्स कं. महिदपुर के द्वारा वर्ष 2004-05 से लेकर वर्ष 2012-13 तक प्रथम दृष्‍टया फर्जी बीज उत्‍पादन कराया जाना पाया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) थाना महिदपुर उज्‍जैन में अप. क्रमांक 35/15 धारा 420 भादवि तथा धारा 3/7 आवश्‍यक वस्‍तु अधिनियम के तहत दिनांक 27-1-15 को पंजीबद्ध होकर दिनांक 19-11-15 को आरोपी श्री हसमुख लाल नवलखा को गिरफ्तारी उपरांत बाद संपूर्ण विवेचना कर चालान क्र. 357/19-11-15 को जे.एम.एफ.सी. महोदय महिदपुर में पेश किया गया जिसका फौज.नं. 1600/23-11-15 है जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश , एवं अनुसार।

 

 

 






 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


रैन बसेरा की बाउंड्रीवॉल पर अनाधिकृत लोगों के कब्‍जा

1. ( क्र. 12 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम पंचायत कस्‍बारेंज में डिपो भवन के बगल में विधायक फंड से जो रैन बसेरा व भवन बनाकर बाउंड्रीवॉल बनाई गई है, उस पर अनाधिकृत लोगों का कब्‍जा है? उसे हटाकर कब तक ग्राम पंचायत कस्‍बारेंज को देने की कार्यवाही होगी? (ख) उपरोक्‍त के संबंध में प्रश्‍नकर्ता ने 12 जनवरी को ई-मेल आदि से पत्र लिखकर शिकायत की है, उसके संदर्भ में बतावें कि किन-किन लोगों का कब्‍जा कब से इस संपत्ति पर है तथा नये सरपंच व पंचायत के बाद यदि पुराने सरपंच ने कब्‍जा दे रखा था तो नवनिर्वाचित पंचायत को कब्‍जा क्‍यों नहीं दिया गया? (ग) पूर्व सरपंच व सचिव ने किस नियम के तहत किस-किस व्‍यक्ति को उक्‍त संपति सौंपी तथा नये चुनाव के बाद चार्ज में यह संपत्ति नये सरपंच व सचिव को क्‍यों नहीं सौंपी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ग्राम पंचायत कस्बारेंज जनपद पंचायत मुंगावली के प्रस्ताव क्रमांक 5 दिनांक 26.01.2013 द्वारा विधायक मद से निर्मित रैन बसेरा को सार्वजनिक समिति को उपयोग एवं रख-रखाव हेतु नियम विरूद्ध दिया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। उक्त भवन सार्वजनिक समिति को देने की जानकारी जनपद पंचायत मुंगावली को नहीं थी, जानकारी संज्ञान में आते ही सार्वजनिक समिति से वापस लेने हेतु जनपद पंचायत मुंगावली द्वारा पत्र क्रमांक 5332 दिनांक 29.02.2016 द्वारा वर्तमान सरपंच एवं सचिव ग्राम पंचायत कस्बारेंज को लिखा गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। पूर्व सरपंच व सचिव को जनपद पंचायत मुंगावली द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र क्रमांक 5335 दिनांक 29.02.2016 जारी किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) जी नहीं, शिकायत अप्राप्त। शेष जानकारी उत्तरांश अनुसार। (ग) जानकारी उत्तरांश अनुसार।

राशन वितरण एवं अन्‍य मामलों में कार्यवाही

2. ( क्र. 15 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता ने पिछले 18 महीनों में अध्‍यक्ष जिला सहकारी बैंक गुना, जिलाधीश गुना, उप-पंजीयक गुना तथा जनरल मैनेजर, जिला सहकारी बैंक गुना को अशोकनगर जिले में राशन वितरण के बारे में व अन्‍य मामलों में कितने पत्र किस-किस तिथि को लिखे उनका विवरण देते हुये बतायें कि उन पर क्‍या कार्यवाही हुई? (ख) सहकारिता से संबंधित सहकारिता अधिकारियों को अशोकनगर जिले की किन-किन सेवा सहकारी समितियों राशन की लीड संस्‍थाओं व सहकारिता की राशन दुकानों के प्रबंधकों विक्रेताओं व सहकारिता विभाग के कर्मचारियों के विरूद्ध पिछले 02 वर्ष में क्‍या-क्‍या शिकायतें मिली व उन पर क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) रामपुरा सेवा सहकारी समिति को कब से कितनी राशन दुकानें व सिंहपुर चल्‍दाव हिरावल समितियों को कितनी राशन दुकानें कब-कब दी गई तथा डुगासरा, मोहोली सिंहपुर चल्‍दा आदि में सेवा सहकारी समितियाँ होते हुए रामनगर समिति को यहां की राशन की दुकानें क्‍यों दी गई? इतनी सेवा सहकारी समितियों होते हुये भी अन्‍य समितियों को राशन की दुकानें क्‍यों दी गई? (घ) आयुक्‍त खाद्य दिनांक 07.06.2010 की रिपोर्ट जिसकी प्रति आयुक्‍त व पंजीयक सहकारिता, प्रबंध संचालक मध्‍य प्रदेश राज्‍य सहकारी बैंक को दी गई उसमें क्‍या-क्‍या सिफारिशें की जो सहकारिता विभाग से संबंधित थी, उनका विवरण देते हुये बतायें कि शासन ने क्‍या कार्यवाही की?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्नकर्ता माननीय विधायक से प्राप्त पत्रों एवं उन पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कलेक्टर (खाद्य), अशोकनगर को भेजे गए पत्रों पर, उनके द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) रामपुरा सेवा सहकारी समिति नाम से समिति नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) रिपोर्ट में सहकारिता विभाग से संबंधित बिन्दुओं पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।

पंचायत विभाग की योजनाओं में लापरवाही

3. ( क्र. 176 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्‍डवा जिले में पंचायत एवं सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा कितने लोगों को वृद्धावस्‍था पेंशन, विकलांग पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है? योजनावार संख्‍या एवं प्रदाय की जाने वाली राशि बतायें? (ख) क्‍या विगत दो वर्षों में कई हितग्राहियों की पेंशन बिना सूचना एवं कारण बतायें विभाग द्वारा बन्‍द कर दी गयी है? यदि हाँ, तो क्‍यों और इसके लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार है? (ग) खण्‍डवा जिले में उप संचालक सामाजिक न्‍याय का पद कब से रिक्‍त है? क्‍या मूल पद रिक्‍त होने से इसका प्रभार जिले के अन्‍य अधिकारियों के पास अतिरिक्‍त रूप से रहने से विभाग का कार्य प्रभावित हो रहा है? यदि हाँ, तो पंचायत विभाग द्वारा इस पद की पूर्ति कब तक की जाएगी? (घ) विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में विभिन्‍न योजनाओं के शिविरों का आयोजन कब-कब एवं कहाँ-कहाँ किया गया? यदि नहीं तो क्‍यों? (ड.) विभागीय उपसंचालक के बाद से अब तक किस-किस अधिकारी के पास कब-कब अतिरिक्‍त रूप से प्रभार रहा है? नाम एवं अवधि की जानकारी दी जाए?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार(ख) जी नहीं। कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) खण्डवा जिले में उप संचालक सामाजिक न्याय का पद दिनांक 18.04.12 से रिक्त है। जी नहीं। समय-सीमा दी जाना संभव नहीं हैं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार(ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार।

विपणन संघ के रिक्‍त पदों पर नियुक्ति की जानकारी बाबत्

4. ( क्र. 351 ) श्री कैलाश चावला : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश विपणन संघ द्वारा वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में किन पदों को भरने हेतु विज्ञप्ति प्रकाशित की गई थी? (पदों के नाम व वांछित पदों की संख्‍या दर्शाएं) (ख) उक्‍त पदों में से किन-किन पदों पर नियुक्ति कर दी गई है एवं किन पदों पर नियुक्ति की जानी शेष है? (ग) शेष बचे पदों की नियुक्ति न होने के क्‍या कारण है एवं ये नियुक्तियां कब तक कर दी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) राज्‍य शासन द्वारा म.प्र. राज्‍य सहकारी तिलहन उत्‍पादक संघ मर्या. भोपाल एवं राज्‍य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या. भोपाल के सेवायुक्‍तों के संविलियन की योजना जारी की गई है, उक्‍त योजना अंतर्गत कार्रवाई पर विचार किये जाने के उपरांत शेष पदों पर नियुक्ति के संबंध में विचार किया जायेगा, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट ''चार''

राजस्‍व ग्राम घोषित किए जाने बाबत्

5. ( क्र. 354 ) श्री कैलाश चावला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 28/06/2015 को कलेक्‍टर नीमच को एक पत्र लिखकर मनासा विधानसभा क्षेत्र में गांधी सागर बांध के विस्‍थापन के बाद बसे गांवों को व अन्‍य मजरों टोलो को सर्वे कर राजस्‍व गांव घोषित किए जाने हेतु पत्र लिख गया था तथा उक्‍त पत्र पर दिनांक 09/07/2015 को राजस्‍व अधिकारियों को इसके परिपालन में कार्यवाही करने के परिप्रेक्ष्य में निर्देश दिए गए थे? (ख) उकत निर्देशों के तहत् मनासा विधानसभा क्षेत्र के राजस्‍व अधिकारियों द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) उक्‍त निर्देशों का पालन न करने वाले राजस्‍व अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा व पात्र गांवों का सर्वे कर कब तक राजस्‍व गांव घोषित कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) विधान सभा क्षेत्र मनासा के राजस्‍व अधिकारियों द्वारा मजरा टोलों को राजस्‍व ग्राम बनाये जाने के संबंध में जाँच उपरांत ग्राम पिपल्‍या रावजी का मजरा पिपल्‍या रूण्‍डी, ग्राम आमद का मजरा शिवपुरिया चक्‍की एवं ग्राम फुलपुरा का मजरा दुधीखेड़ा के प्रस्‍ताव तैयार किये गये है। (ग) प्रश्‍न (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

अशोक नगर जिले में सूखा तथा पेयजल

6. ( क्र. 501 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पिछले 18 माह में राज्‍यपाल महोदय जिलाधीश अशोकनगर एस.डी.ओ. मूंगावली, चंदेरी ईसागढ़ अशोकनगर आदि को कितने ज्ञापन किस-किस तिथि को दिये गये विवरण दें तथा उन पर शासन ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की है? (ख) सूखे की स्थिति व फसलें खराब होने व पर्याप्‍त बिजली व पानी के अभाव में खेत सूखे रहने से बेरोजगार हुए किसानों के लिये रोजगार उपलब्‍ध कराने हेतु मनरेगा योजना में शासन कब तक मनरेगा में पैसे भेजकर विकास कार्य प्रारंभ कराएंगे? (ग) उपरोक्‍त संबंध में तथा सूखे व पेयजल के संबंध में प्रश्‍नकर्ता ने मुख्‍यमंत्रीजी को जो पत्र 24 जनवरी, 2016 तक जो लिखे उसके बारे में क्‍या कार्यवाही हुई? क्‍या जैसी पत्र में मांग की है कि सूखे के कारण व भू-जल स्‍तर अत्‍यंत नीचे जाने के कारण अधिकांश हैंडपंप सूख गये हैं? अत: ऐसे प्रत्‍येक गांव में नीचे से पानी खींचने के लिये विद्युत मोटर देने पर विचार करेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मनरेगा में पदस्‍थ उपयंत्रियों का नियमितीकरण

7. ( क्र. 542 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के अन्‍तर्गत मनरेगा योजना में पदस्‍थ संविदा उपयंत्रियों को कब तक नियमित किया जावेगा? (ख) क्‍या म.प्र. शासन ग्रा.यो.सेवा में रिक्‍त पदों पर मनरेगा में पदस्‍थ संविदा उपयंत्रियों को संविलियन करने की योजना है? यदि हाँ, तो इस संबंध में कब तक शासन आदेश प्रसारित करेगा? (ग) क्‍या म.प्र.शासन द्वारा अन्‍य राज्‍य की भांति मनरेगा में पदस्‍थ उपयंत्रियों को नियमित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताएं? (घ) क्‍या बी.आर.जी.एफ. योजना के तहत नियुक्‍त किये गये कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों को निकालने के आदेश जारी कर दिये गये थे किन्‍तु बाद में उक्‍त आदेश वापस ले लिया गया? क्‍या इन कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटरों को ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा विभाग में संविलियन किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताएं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी संविदा शर्तों में मनरेगा योजना में पदस्थ संविदा उपयंत्रियों को नियमित किए जाने का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ, जी नहीं। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के भर्ती नियमों में बी.आर.जी.एफ. योजना के कम्प्यूटर ऑपरेटरों को संविलियन किये जाने का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

बहुविकलांगों हेतु कैंप लगाने का प्रावधान

8. ( क्र. 560 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्‍डोरी में बहु-विकलांगों को परीक्षण उपरान्‍त प्रमाण पत्र देने हेतु क्‍या विभाग द्वारा खण्‍ड, तहसील या जिला स्‍तरीय, वर्ष या माह में कैम्‍प लगाने का कोई प्रावधान है? (ख) प्रश्‍न (क) के संदर्भ में क्‍या गरीब विकलांगों को जाँच हेतु कैम्‍प स्‍तर या जिला चिकित्‍सालय आने जाने हेतु सहायता राशि देने का शासन से प्रावधान है? (ग) जिला डिण्‍डोरी, 2013, 14, 15 में कितने बहु विकलांग चिन्हित कर प्रमाण पत्र बनाये गये? (घ) यदि बहुविकलांग के परीक्षण हेतु कैंप नहीं लगाये गये हैं तो क्‍या कारण है? इसके जिम्‍मेदार कौन है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) निःशक्तजनों की पहचान उपरांत उन्हें निःशक्तता प्रमाण पत्र, कृत्रिम अंग उपकरण प्रदाय, पेंशन प्रकरण, स्वरोजगार प्रकरण आदि हेतु जिला स्तर पर शिविर आयोजित किये जाने के निर्देश हैं। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। गरीब निःशक्तजनों को जाँच हेतु कैम्प स्तर या जिला चिकित्सालय आने जाने हेतु सहायता राशि दिये जाने का प्रावधान नहीं है। अपितु उन्हें लाने ले जाने हेतु स्थानीय निकायों द्वारा वाहन की व्यवस्था की जाती है तथा कैम्प स्थल पर भोजन की व्यवस्था की जाती है। (ग) प्रश्नांकित वर्षों में 133 बहुविकलांग निःशक्तजन चिन्हांकित कर 126 निःशक्तता प्रमाण पत्र जारी किये गये है। (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नामांतरण, बंटवारा एवं जाति प्रमाण पत्र

9. ( क्र. 581 ) श्री हरवंश राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या बण्‍डा विधानसभा क्षेत्र का समस्‍त राजस्‍व अभिलेखों का डिजीटलाईजेशन किया जा चुका है? यदि नहीं, तो कब तक कार्य पूर्ण हो जाएगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नागदा जिला उज्‍जैन को पूर्ण तहसील दर्जा संबंधी

10. ( क्र. 716 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उज्‍जैन जिले की तहसील नागदा को पूर्ण तहसील का दर्जा प्राप्‍त है? यदि हाँ, तो किस दिनांक से? (ख) क्‍या नागदा तहसील कार्यालय को तहसील कार्यालय हेतु आवश्‍यक स्‍टॉफ, स्‍टेशनरी, अधिकारी कर्मचारी आवास प्रदान है? यदि हाँ, तो तहसील कार्याल‍य में नगरपालिका कर्मचारियों से क्‍यों कार्य लिया जा रहा है? (ग) क्‍या नागदा तहसील के स्‍थायी रूप से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) की पद स्‍थापना है? यदि हाँ, तो बार-बार खाचरौद-नागदा में एक ही एस.डी.ओ. से क्‍यों कार्य लिया जाता है और यदि नहीं, तो स्‍थाई एस.डी.ओ. की पद स्‍थापना तथा पर्याप्‍त स्‍टॉफ व अन्‍य सुविधायें क्‍यों नहीं है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 9/7/1998 से पूर्ण तहसील का दर्जा दिया गया है। (ख) जी हाँ, राज्‍य शासन द्वारा तहसील कार्यालय नागदा हेतु आवश्‍यक स्‍टाफ, स्‍टेशनरी, अधिकारी, कर्मचारी, आवास उपलब्‍ध कराये गये हैं। भारत निर्वाचन एवं राज्‍य निर्वाचन तथा अन्‍य महत्‍वपूर्ण शासकीय कार्यों की अधिकता हो जाने से अन्‍य विभागों के शासकीय सेवकों एवं संसाधनों का उपयोग शासकीय कार्य हेतु किया जाता है। (ग) वर्तमान में नागदा अनुभाग हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) पदस्‍थ हैं।

जिला एवं जनपद में रिक्‍त पदों पर पदोन्‍नति

11. ( क्र. 877 ) श्री जतन उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा जिले की जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत में कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं कितने पद रिक्‍त हैं? (ख) कितने पदों पर पदोन्‍नति की कार्यवाही की गई है एवं कितने पदों पर पदोन्‍नति की कार्यवाही होना शेष है? यदि पदोन्‍नति नहीं की गई तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या रिक्‍त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू है? यदि हाँ, तो कितने जिलों में भर्ती की प्रक्रिया की गई है? कितने जिलों में भर्ती की प्रक्रिया नहीं की गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) संचालनालय स्तर से समय-समय पर रिक्त पदों की पूर्ति के लिये निर्देश जारी किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार

खटखरिहा तालाब के भूमि पर अतिक्रमण

12. ( क्र. 1021 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी शहर के मध्‍य रीवा अमरकंटक राजमार्ग से लगा हुआ खटखरिहा तालाब है? यदि हाँ, तो उक्‍त तालाब किस खसरा नंबर पर बना है और रकबा कितना है? (ख) क्‍या उक्‍त तालब के पास विद्युत विभाग का कार्यालय है? यदि हाँ, तो किस खसरा नंबर तथा कितने रकबे पर बना है? (ग) क्‍या उक्‍त तालाब से लगी हुई म.प्र. शासन राजस्‍व की भूमि है? यदि हाँ, तो उसका खसरा नंबर और रकबा कितना है? क्‍या उक्‍त भूमि रिक्‍त है या अतिक्रमित है? यदि अतिक्रमित है तो किस-किस व्‍यक्ति का अनाधिकृत अतिक्रमण है और उन्‍हें हटाये जाने की क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। उक्त तालाब खसरा नंबर 1920 रकबा 4.270 हे. पर बना है। (ख) जी हाँ। विद्युत विभाग का कार्यालय खसरा नंबर 1919/14 रकबा 0.202 हे. पर बना है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

 

ई-पंचायत के निर्माण कार्य की राशि भुगतान

13. ( क्र. 1022 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर के पत्र क्र./ज.प.बी.आर.जी.एफ./ 2012-13/530 दिनांक 30.03.2013 के द्वारा ग्राम पंचायत आमझोर में पारंपरिक ई-पंचायत कक्ष निर्माण हेतु रूपये 4 लाख की स्‍वीकृति मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल के पत्र क्र./निर्माण/2012-13/बी.आर.जी.एफ/2032 दिनांक 25.03.2013 के संदर्भ में किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या संबंधित निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण करने पर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया गया है? यदि हाँ,तो उक्‍त निर्माण की राशि पंचायत को भुगतान कर दी गई है? यदि नहीं तो क्‍यों और कब तक भुगतान किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। ग्राम पंचायत अमझोर द्वारा उक्त निर्माण कार्य का संपूर्ण भुगतान कर दिया गया है। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

मध्‍यान्‍ह भोजन के संबंध में

14. ( क्र. 1044 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी एवं जयसिंह नगर, जनपद पंचायत के प्राथमिक एवं माध्‍यमिक विद्यालयों में मध्‍यान्‍ह भोजन छात्रों के लिये संचालित है? यदि हाँ, तो विभिन्‍न विद्यालयों में मध्‍यान्‍ह भोजन का कार्यक्रम विद्यालयवार किसके द्वारा संचालित किया जा रहा है? (ख) क्‍या स्‍व-सहायता समूह के माध्‍यम से मध्‍यान्‍ह भोजन संचालित कराया जाता है? यदि हाँ, तो एक स्‍व-सहायता समूह द्वारा कितने छात्रों को मध्‍यान्‍ह भोजन संचालित करने का प्रावधान है? (ग) क्‍या ब्‍यौहारी जनपद क्षेत्र के विद्यालयों में एक ही समूह द्वारा कई विद्यालयों में मध्‍यान्‍ह भोजन कार्यक्रम का संचालन किया जाता है? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। शहडोल जिले के ब्यौहारी एवं जयसिंहनगर, जनपद पंचायत में स्व-सहायता समूह एवं शाला प्रबंधन समिति के द्वारा मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। विद्यालयवार मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के संचालन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। एक स्व-सहायता समूह को सामान्यतः एक से दो शालाओं में व 100 से 200 बच्चों के लिये मध्यान्ह भोजन संचालित करने का प्रावधान है। (ग) जी नहीं। समूहों द्वारा सामान्यतः प्रश्नांश (ख) अनुसार ही मध्यान्ह भोजन संचालित किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 

मुख्‍यमंत्री सहायता केंद्रों पर प्राप्‍त शिकायतों का निराकरण

15. ( क्र. 1547 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में मुख्‍यमंत्री सहायता केंद्रों पर टोल फ्री नंबर से नागरिकों की शिकायत दर्ज की जाती है? यदि हाँ, तो विगत दो वर्षों में इंदौर संभाग अंतर्गत दर्ज शिकायत संख्‍या व उसमें से निराकृत शिकायत संख्‍या स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करने के पूर्व संबंधित शिकायतकर्ता को सर्व प्रथम लोकल स्‍तर पर संबंधित विभाग में लिखित शिकायत दर्ज किया जाना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो कारण स्‍प्‍ष्‍ट करें। (ग) क्‍या टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने के पूर्व नागरिक द्वारा संबंधित विभाग को लिखित शिकायत नहीं दर्ज की जाती है तो संबंधित फोन ऑपरेटर द्वारा उसकी शिकायत को मांग मान कर शिकायत दर्ज की जाती है? यदि हाँ, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। विगत वर्षों में दिनांक 31 जुलाई 2014 से दिनांक 28.02.2016 तक इन्‍दौर संभाग अन्‍तर्गत कुल 1,62,988 शिकायतें दर्ज हुई है जिसमें से 1,55,662 शिकायतें निराकृत हुई है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक शासन को हानि के सम्‍बन्‍ध में

16. ( क्र. 1605 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परिवहन विभाग को 5 करोड़ 63 लाख का नुकसान हुआ है जो वर्ष 2009-10, 2010-11 की ऑडिट-रिपोर्ट में उजागर हुआ? (ख) ऐसे कितने अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाये गये जिन्‍होंने शासन की राशि में गड़बड़ी की उनके नाम बतायें? (ग) म.प्र. शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार गबन/शासन हानि पर क्षति पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) प्रश्न में उल्लेखित अवधि में दर्शाई राशि से विभाग को नुकसान नहीं बल्कि संबंधित वाहन स्वामियों द्वारा समय-सीमा में कर भुगतान न करने अथवा कम जमा होने का आक्षेप महालेखाकार मध्यप्रदेश द्वारा लिया गया है। (ख) मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 15 के प्रावधान अनुसार किसी वाहन का कर कम जमा होने की स्थिति में वाहन स्वामी को नोटिस जारी कर शेष राशि जमा करवाये जाने का प्रावधान है। तद्नुसार नोटिस जारी किए गए है व शेष राशि की वसूली की कार्यवाही प्रगतिरत है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) महालेखाकार द्वारा गबन संबंधी कोई आक्षेप नहीं लिए जाने से गबन संबंधी हानि की जानकारी निरंक है।

हितग्राही मूलक कार्यों के सम्‍बन्‍ध में

17. ( क्र. 1606 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिले में वर्ष 2015-16 में हितग्राही मूलक कार्यों पर कितनी तकनीकी स्‍वीकृतियाँ दी गई तथा कितनों की प्रशासकीय स्‍वीकृ‍ति आदेश जारी किये गये? (ख) लवकुशनगर जनपद पंचायत के अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक कितने पूर्णत: प्रमाण पत्र जारी किये गये कार्यों के नाम बतायें? (ग) जिले में किन-किन तिथियों में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी तथा सहायक यंत्रियों ने भ्रमण किये भ्रमण के दौरान क्‍या परिणाम प्राप्‍त हुए उनका विवरण दें? (घ) क्‍या गांव के लोगों को कार्य प्राप्‍त हो रहा है या मजदूर गांव से पलायन कर चुके है उसका धरातल पर क्‍या परीक्षण किया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिले में वर्ष 2015-16 में हितग्राही मूलक कार्यों पर 5433 तकनीकी स्‍वीकृतियाँ दी गई तथा 4517 प्रशासकीय स्‍वीकृति के आदेश जारी किये गये। (ख) लवकुश नगर जनपद पंचायत के अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक 453 कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये गये। वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जिले में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी तथा सहायक यंत्रियों द्वारा किये गये भ्रमण एवं प्राप्‍त परिणाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) छतरपुर जिले में जॉबकार्डधारी श्रमिकों को उनके कार्य की मांग के आधार पर रोजगार उपलब्‍ध कराया जा रहा है। रोजगार की मांग के आधार पर उपलब्‍ध नहीं कराये जाने के कारण मजबूरीवश पलायन की स्‍थ्‍िाति नहीं पायी गयी।

कृषि उपज मण्‍डी समिति, गुना द्वारा गलत जानकारी दी जाना

18. ( क्र. 1662 ) श्रीमती ममता मीना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पूर्व में विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 25 (876) दिनांक 26.02.15 की गलत जानकारी दी गई कि कृषि उपज मण्‍डी समि‍ति, गुना द्वारा दिनांक 26.07.2014 के प्रस्‍ताव क्र. 22 के अनुसार पूर्व में स्‍वीकृत निर्माण कार्यों की निविदा दर की कार्योंत्‍तर स्‍वीकृति प्रदान की गई है? जबकि उक्‍त प्रस्‍ताव पारित ही नहीं हुआ जिसे विलोपित किया गया? (ख) क्‍या सचिव श्री एम.पी.शर्मा द्वारा पत्र क्रं. 2090 दिनांक 25.08.2014 को दिनांक 26.07.2014 की मण्‍डी समिति की बैठक के प्रस्‍तावों की जो सत्‍यप्रति प्रश्‍नकर्ता को दी गई है? जिसमें उक्‍त प्रस्‍ताव विलोपित किया गया है, जबकि उक्‍त प्रस्‍ताव पारित नहीं हुआ तो क्‍या गलत जानकारी दी गई? (ग) एक विधायक को विधानसभा में गलत जानकारी देने पर सचिव कृषि उपज मण्‍डी समिति पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या प्रबंध संचालक मण्‍डी बोर्ड भोपाल को भी प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र दिनांक 28.04.2015 से अवगत कराया गया था? क्‍या कृषि उपज मण्‍डी गुना के अधिकारियों पर कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। शेष के संबंध जाँच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिसमें तथ्यों के आधार पर उक्त प्रस्ताव के पारित अथवा विलोपित होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। (ख) जी हाँ। शेष उत्तरांश (क) अनुसार है। (ग) जाँच प्रक्रिया के अंतर्गत तत्कालीन सचिव, श्री एम.पी.शर्मा, कृषि उपज मंडी समिति, गुना को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 957 दिनांक 11.02.2016 से कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया। प्राप्त प्रति उत्तर के परीक्षण उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही प्रस्तावित की जा सकेगी। (घ) जी हाँ। जाँच कार्यवाही प्रक्रियाधीन है,जिसके अनुसार गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी

पन्‍ना जिले में मुख्‍यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन का संचालन

19. ( क्र. 1842 ) श्री मुकेश नायक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के अन्‍तर्गत पन्‍ना जिले का वित्‍त वर्ष 2012-2013, 2013-2014 एवं 2014-2015 तक कितने व्‍यक्तियों को लाभान्वित किये जाने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया था? विकासखण्‍डवार एवं बैंक शाखावार बतायें? (ख) क्‍या लक्ष्‍य से 2 गुना प्रकरण सभी बैंकों में भेजे गये हैं? यदि नहीं तो इसका क्‍या कारण है? पंचायत स्‍तर पर पर्याप्‍त मात्रा में आवासीय पट्टे उपलब्‍ध है? यदि नहीं तो वर्तमान में प्रत्‍येक पंचायत में कितने पट्टे तहसील द्वारा जारी किये गये हैं और ऐसी कितनी पंचायतें हैं जिन्‍होंने आज दिनांक तक ग्राम के लोगों को आवासीय पट्टे जारी करने हेतु एक भी आवेदन पत्र तहसील कार्यालय में जमा नहीं किया है? ऐसे सरपंच/सचिव के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या पन्‍ना की पवई विधान सभा क्षेत्र में बैंकों द्वारा सभी स्‍वीकृत प्रकरणों में आवास निर्माण हेतु किश्‍त प्रदाय की गई है? (घ) क्‍या जिन बैंकों ने स्‍वीकृत प्रकरणों में आवास निर्माण हेतु किश्‍त जारी नहीं की है उन बैंकर्स के विरूद्ध विकास आयुक्‍त/कलेक्‍टर/लीड बैंक पन्‍ना द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं की तो क्‍या कारण है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन योजनांतर्गत जिले को वर्ष 2012-13 में 2544, वर्ष 2013-14 में 2730 तथा वर्ष 2014-15 में 2730 प्रकरणों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। राज्य स्तर से विकासखण्डवार एवं बैंक शाखावार लक्ष्य निर्धारित नहीं किये जाते है। (ख) जी नहीं। आवासीय ऋण प्रकरण बैंक शाखाओं को, लक्ष्य के अधिकतम डेढ़ गुने की सीमा तक पारदर्शी ढंग से प्रेषित करने के निर्देश है। जी हाँ। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

शक्‍कर कारखानों पर गन्‍ना किसानों की बकाया राशि

20. ( क्र. 1843 ) श्री मुकेश नायक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के शक्‍कर कारखानों पर उनके द्वारा वर्ष 2012-13 से 2014-15 की अवधि में खरीदे गये गन्‍ने के मद में किसानों को देय कितनी धनराशि कब से बकाया है? कृपया कारखानों के नाम, बकाया धनराशि का पूर्ण विवरण दीजिए? (ख) बकाया राशि का भुगतान गन्‍ना किसानों को सुनिश्चित कराने के लिये सरकार ने क्‍या कार्यवाही की है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मध्यप्रदेश के शक्कर कारखानों पर वर्ष 2012-13 से 2013-14 की अवधि में खरीदे गये गन्ना का किसानों को देय राशि शेष नहीं है। कृषक सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित नारायणपुरा जिला गुना पर वर्ष 2014-15 की भुगतान राशि रू. 64.18 लाख शेष है। (ख) जिलाध्यक्ष एवं उपसंचालक कृषि को गन्ना मूल्य भुगतान हेतु निर्देश जारी किये गये है। भुगतान प्रक्रिया जारी है।

तिलहन संघ की अचल संपत्तियों की जानकारी

21. ( क्र. 1950 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र.राज्‍य तिलहन संघ का अचल सम्‍पत्तियां वर्तमान में कहाँ-कहाँ स्थित है? तिलहन संघ के अचल सम्‍पत्तियों को कहाँ-कहाँ निपटान किया? कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई? शेष सम्‍पत्तियों के निपटान हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) म.प्र. तिलहन संघ के बैंक खातों में कितनी-कितनी राशि 31 दिसम्‍बर, 2015 को थी? तिलहन संघ के सेवानिवृत्‍त कितने कर्मचारियों के ग्रेच्‍युटी एवं अन्‍य देनदारियों देना शेष है और कब से है? कब तक सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के लम्बित भुगतानों को देंगे? (ग) परिसमापक तिलहन संघ द्वारा गत एक वर्ष से परिसमापन संबंधी क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? तिलहन के परिसमापक को नीतिगत निर्णय कर्मचारियों को महंगाई भत्‍ता वेतनमान (जो पहले प्रबंधकीय बोर्ड) लेने का अधिकार है? या नहीं? यदि हाँ, तो वे महंगाई भत्‍ता का लाभ कर्मचारियों को क्‍यों स्‍वीकृत नहीं कर रहे हैं? कारण बतायें? (घ) तिलहन संघ को 01.04.2013 में प्रश्‍नतिथि तक में आय कहाँ-कहाँ से कितनी-कितनी हो रही है? व्‍यवस्‍थापन खर्च कितना-कितना हो रहा है? गत एवं वर्ष की जानकारी माहवार देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) तिलहन संघ की अचल सम्‍पत्तियां भोपाल, इन्‍दौर, देवास, सीहोर, ग्‍वालियर, मुरैना, बानापुरा, छिन्‍दवाड़ा, उज्‍जैन, चुरहट, धार, राजगढ़, बड़वाह, शाजापुर, मुम्‍बई एवं जामनगर (गुजरात) में स्थित है, परिसमापन दिनांक 12.11.2013 के पश्‍चात किसी सम्‍पत्ति का निपटान नहीं किया गया, मात्र अमलाहा (सीहोर) स्थित कृषि फार्म म.प्र. शासन किसान कल्‍याण एवं कृषि विभाग द्वारा वापिस ली जाकर इकार्डा (भारत शासन) को सौंपी गई, इन सम्‍पत्तियों का विक्रय नहीं होने से राशि प्राप्‍त होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता, सम्‍पत्तियों के विक्रय/परिसमापक के सहयोग/मार्गदर्शन हेतु म.प्र. वित्‍त निगम इंदौर को दिनांक 21.07.2015 को ट्रांजेक्‍शन एडवाईजर नियुक्‍त कर दिया गया है एवं सम्‍पत्तियों की जानकारी भी उपलब्‍ध करा दी गई है। (ख) यूको बैंक (मुख्‍यालय) रू.13.64 लाख, आई.डी.बी.आई. (मुख्‍यालय) में रू. 13.49 लाख इसके अतिरिक्‍त विभिन्‍न बैंको में परिपक्‍वता राशि रू. 286.00 लाख, कुल 98 सेवायुक्‍त, वर्ष 2011 में 1, वर्ष 2012 में 2, वर्ष 2013 में 15, वर्ष 2014 में 36 एवं वर्ष 2015 में 44, म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के वैधानिक प्रावधानों/परिसमापनाधीन तिलहन संघ की सम्‍पत्तियों के विक्रय के उपरांत प्राप्‍त राशि/फंड की उपलब्‍धता के आधार पर, समय-सीमा बताई जाना सम्‍भव नहीं है। (ग) परिसमापक तिलहन संघ द्वारा गत एक वर्ष में कर्मचारियों के संविलियन, न्‍यायालयीन प्रकरणों में प्रतिरक्षण, वर्ष 2014-15 के वित्‍तीय पत्रकों को तैयार करना, कर्मचारियों के देय स्‍वत्‍वों का आकलन/भुगतान, इकाईवार देनदारों/लेनदारों की सूची संकलन की कार्यवाही, आयकर/विक्रय कर/भविष्‍य निधि के प्रकरणों का निपटान, सम्‍पत्तियों के मूल दस्‍तावेजों का संकलन, ट्राजेक्‍शन एडवाईजर की नियुक्ति की प्रक्रिया/म.प्र. वित्‍त निगम इंदौर को ट्राजेक्‍शन एडवाईजर की नियुक्ति, सम्‍पत्तियों के दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराना, एम.ओ.यू. ड़्राफ्ट प्रारूप/बैठकें, सहकारी सोसाइटी नियम 1962 के नियम 57 (ग) अंतर्गत प्राप्‍त दावों का निराकरण आदि संस्‍था के परिसमापन संबंधी कार्रवाई की गई, जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) दिनांक 01.04.2013 से फरवरी 2016 तक आय-व्‍यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है, माहवार आय-व्‍यय की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँच ''

म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिशन एवं डी.पी.आई योजनान्‍तर्गत की नियुक्ति

22. ( क्र. 1985 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिशन एवं डी.पी.आई. योजनान्‍तर्गत वर्ष 2010-11 से वर्ष 2014-15 के मध्‍य राज्‍य स्‍तर, जिला स्‍तर के अधिकारियों/कर्मचारियों की संविदा पर भर्ती की गई है? यदि हाँ, तो भर्ती हेतु जारी सभी विज्ञापन एवं चयनित तथा नियुक्‍त अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या भर्तियां में 100 बिन्‍दु आरक्षण रोस्‍टर संधारित करने के प्रावधान है यदि हाँ, तो क्‍या उपरोक्‍त भर्तियों में 100 बिन्‍दु आरक्षण रोस्‍टर संधारित किए गए है? यदि हाँ, तो उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या नियुक्‍त किए गए अधिकारियों/कर्मचारियों के भौतिक एवं अनुभव प्रमाण पत्रों का सत्‍यापन कराया गया है? यदि नहीं तो कितने समय में कराया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) डी.पी.आई.पी. में वर्ष 2010-11 से वर्ष 2014-15 के मध्य अधिकारियों/कर्मचारियों की संविदा पर भर्ती नहीं की गई। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक पर है। (ख) जी हाँ। एकल पदों में रोस्टर लागू नहीं किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो पर है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

फसल बीमा का लाभ नहीं

23. ( क्र. 2156 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 2014 एवं 2015 में खरगोन जिले में सहकारी समितियों के माध्‍यम से जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक खरगोन में जमा फसल बीमा राशि, किसान संख्‍या सहित समितिवार सूची देवें? जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक खरगोन द्वारा समस्‍त समितियों एवं अन्‍य माध्‍यम से कितने किसानों की कितनी राशि कब-कब प्राप्‍त की गई तथा कितनी राशि फसल बीमा हेतु संबंधित संस्‍था को कब-कब किस पत्र के माध्‍यम से प्रेषित की गई? यह बीमा राशि भेजने की समयावधि/दिनांक कब तक रहती है। राशि भेजने के बाद बीमा समयकाल कब से कब तक रहता है? (ख) क्‍या बीमा राशि समय पर बीमा कंपनी को नहीं भेजने के कारण खरगोन जिले को खराब फसल होने के बाद भी फसल बीमा का लाभ नहीं मिल सका है। (ग) शून्‍य प्रतिशत ब्‍याज दर पर खरगोन जिले की किन-किन सहकारी समितियों ने कितने किसानों को वर्ष 2013 एवं 2014 में कित‍नी ऋण राशि मौसमवार वितरित की गई? इन सोसायटियों से जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक को कितना ब्‍याज प्राप्‍त हुआ तथा केन्‍द्र एवं राज्‍य शासन से इन वर्षों में कितनी राशि का ब्‍याज अनुदान प्राप्‍त हुआ? (घ) सहकारी समिति को किन-किन अनाजों की खरीदी पर कमीशन प्राप्‍त होता है तथा किन-किन अनाजों की खरीदी पर कमीशन प्राप्‍त नहीं होता है? कारण सहित बतायें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्ष 2014 एवं 2015 में खरगोन जिले की सहकारी समितियों के माध्यम से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, खरगोन द्वारा फसल बीमा प्रीमियम राशि की जानकारी मौसमवार एवं समितिवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 से 5 अनुसार है। कृषकों से प्राप्त बीमा प्रीमियम राशि बीमा कंपनी को भेजे जाने की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। खरीफ मौसम में अल्पावधि फसल ऋण वितरण की अवधि 01 अप्रेल से 30 सितम्बर तक है तथा बीमा प्रीमियम की राशि बीमा कंपनी को भेजने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर है। रबी मौसम में अल्पावधि फसल ऋण वितरण की अवधि 01 अक्टूबर से 31 मार्च तक है तथा बीमा प्रीमियम की राशि बीमा कंपनी को भेजने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। बीमा प्रीमियम की राशि बीमा कंपनी को भेजने के बाद बीमे का समयकाल फसल आने तक होता है। (ख) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, खरगोन से संबद्ध खरगोन जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं द्वारा कृषकों से काटी गई संपूर्ण फसल बीमा प्रीमियम की राशि बीमा कंपनी को समय पर प्रेषित की गई है। खरगोन जिले में खरीफ 2015 में अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल हेतु 46163 कृषकों को वितरित अल्पावधि कृषि ऋण राशि रूपये 710.14 लाख का फसल बीमा समितियों द्वारा नहीं कराया गया है। अतः फसल खराब होने की स्थिति में उक्त कृषकों को फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। (ग) वर्ष 2013 एवं 2014 में मौसमवार तथा समितिवार वितरित अल्पावधि कृषि ऋण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 एवं 8 अनुसार है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं से बैंक को वर्ष 2013-14 में राशि रूपये 10,040.90 लाख तथा वर्ष 2014-15 में राशि रूपये 11,458.33 लाख ब्याज के रूप में प्राप्त हुई है। वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में केन्द्र एवं राज्य शासन से प्राप्त ब्याज अनुदान की राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-9 अनुसार है। (घ) गेहूं एवं धान का उपार्जन करने पर कमीशन प्राप्त होता है तथा मोटे अनाज के उपार्जन हेतु केन्द्र शासन द्वारा कमीशन की राशि स्वीकृत नहीं होने से कमीशन प्राप्त नहीं होता है।

तालाब निर्माण में अनियमितता

24. ( क्र. 2158 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत खरगोन में जनसुनवाई दिनांक 12/01/2016 को खुबचंद पिता कांशीराम पटेल के आवेदन पर की गई कार्यवाही की जानकारी देवें? शिकायतकर्ता द्वारा साक्ष्‍य में वीडियो भी सीडी के रूप में दिया गया तथा पूर्व में दिये गये आवेदन पत्रों की प्रतियां भी प्रदान की गई है? इन सभी आवेदनों पर कार्यवाही में देरी का कारण बतायें? (ख) कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवाएं, खरगोन कार्यालय को दिनांक 04/06/2015 को खुबचंद पिता काशीराम पाटीदार द्वारा दिये गये आवेदन पत्र पर की गई कार्यवाही की जानकारी देवें? इस संबंध में किस अधिकारी द्वारा जाँच की गई? जाँच प्रतिवेदन कब विभाग को प्राप्‍त हुआ एवं इस प्रतिवेदन पर क्‍या निर्णय लिये गये? (ग) जिला पंचायत खरगोन द्वारा कार्यपालन यंत्री खरगोन को ग्राम पंचायत इदारतपुर जनपद पंचायत खरगोन में मनरेगा के तहत तालाब निर्माण में हुए भ्रष्‍टाचार विषयक कितने पत्र एवं स्‍मरण पत्र दिये गये? इन पत्रों पर कार्यपालन यंत्री द्वारा देय जवाब का विवरण देवें? इस शिकायत पर किस अधिकारी को जाँच हेतु पत्र दिया गया तथा जाँच अधिकारी द्वारा जाँच कब-कब की गई तथा कितने कथन दर्ज कराये गये? कब जाँच प्रतिवेदन कार्यालय को दिया गया तथा इस जाँच प्रतिवेदन को जिला पंचायत कब भेजा गया? यदि जाँच प्रतिवेदन जिला पंचायत कार्यालय नहीं दिया गया है तो कारण बतायें? कब तक प्रतिवेदन भेजा जावेगा? प्रकरण में हो रही देरी का कारण बतायें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जिला पंचायत खरगोन में जनसुनवाई दिनांक 12.01.2016 को श्री खुबचंद पिता काशीराम पटेल से प्राप्त आवेदन पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत खरगोन को कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था। उनके द्वारा सहायक यंत्री मनरेगा जनपद पंचायत खरगोन से जाँच करायी गयी। जाँच प्रतिवेदन पत्र क्र. 1137 दिनांक 02.03.2016 से प्राप्‍त हुआ। कार्यवाही में देरी नहीं की गई है। (ख) कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, खरगोन कार्यालय को दिनांक 04/06/2015 को खुबचंद पिता काशीराम पाटीदार द्वारा दिये गये आवेदन पत्र पर कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा खरगोन ने पत्र क्र. 5196 दिनांक 11.8.2015 द्वारा श्री विनोद गंगवाल अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, भीकनगांव को जाँच हेतु नियुक्‍त किया गया। श्री गंगवाल द्वारा क्रमश; दिनांक 26.09.2015, 12.10.2015 19.10.2015 को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा खरगोन कार्यालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा खरगोन द्वारा पत्र क्र. 7728 दिनांक 06.11.2015 से जाँच प्रतिवेदन जिला पंचायत खरगोन को प्रेषित किया गया। प्रतिवेदन पर लिये गये निर्णय अनुसार शिकायतकर्ता के कथन लेकर श्री गंगवाल ने कथन सहित प्रतिवेदन पुन: 27.11.2015 को प्रस्तुत किया। (ग) जिला पंचायत खरगोन द्वारा शिकायत की जाँच हेतु कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा खरगोन को 01 पत्र एवं 04 स्‍मरण पत्र दिये गये। कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा खरगोन ने जबाव में पत्र क्र. 7728 दिनांक 06.11.2015 से शिकायत का जाँच प्रतिवेदन प्रेषित किया। इस शिकायत पर श्री विनोद गंगवाल अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा भीकनगांव को नियुक्‍त किया गया। जाँच अधिकारी द्वारा दिनांक 10.09.2015 एवं 16.09.2015 तथा 18.10.2015 को जाँच की गई। जाँच अधिकारी श्री विनोद गंगवाल द्वारा दिनांक 10.09.2015 को 12 ग्रामीणों, सरंपच एवं ग्राम रोजगार सहायक को सम्मिलित कर पंचनामा तैयार किया गया। श्रीमती चंदा पति महेन्‍द्र सरपंच एवं श्री मनोहर, मंसाराम कोगले ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत ईदारतपुर के पृथक-पृथक कथन भी लिये गये। दिनांक 16.09.2015 को कार्य पर लगे 17 श्रमिकों तथा 02 ट्रेक्‍टर मालिकों जिनके द्वारा कार्य किया गया था के कथन लिये गये। दिनांक 18.10.2015 को श्री सुंदरलाल जगंनाथ निवासी ईदारतपुर के कथन लिये गये। जिला पंचायत खरगोन को कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के पत्र क्र. 7728 दिनांक 06.11.2015 को प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर जाँच अधिकारी श्री विनोद गंगवाल को शिकायतकर्ता के कथन लेने हेतु निर्देशित किया गया। जाँचकर्ता द्वारा दिनांक 27.11.2015 को शिकायतकर्ता के पुन: कथन लिये जा कर प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया। प्रकरण प्रस्‍तुत होने में देरी नहीं हुई है।

रायसेन जिले में राजस्‍व एवं दखल रहित भूमि पर अतिक्रमण

25. ( क्र. 2347 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में उदयपुरा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ऐसे कितने लोग हैं जिन्‍होंने राजस्‍व एवं दखल रहित भूमि पर अतिक्रमण किया है गांववार जानकारी दें? (ख) अतिक्रमणधारी कृषकों का अतिक्रमण वाली भूमि में किया गया अतिक्रमण कब तक हटाया जायेगा? (ग) उदयपुरा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ऐसे कितने अतिक्रमणधारी है जिन्‍होंने खेल मैदान, स्‍कूल भूमि, खदान भूमि एवं मरघट शाला की भूमियों पर अतिक्रमण किया है उनका अतिक्रमण कब तक किस रीति से हटाया जायेगा? (घ) ऐसे कितने अतिक्रमणधारी हैं जिन्‍होंने राजस्‍व एवं दखल रहित भूमि पर अतिक्रमण कर आवास बना लिये है, क्‍या उन्‍हें हटाया जायेगा या आवास के पट्टे दिये जावेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्राम पंचायतों के अतर्गत मार्ग एवं पुल-पुलियों का निर्माण

26. ( क्र. 2352 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायसेन में ग्राम पंचायतों में कितने मार्ग एवं पुल-पुलियाँ कौन-कौन से मद से स्‍वीकृत किये गये हैं? पंचायतवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में मार्ग एवं पुल-पुलियों के निर्माण हेतु कुल कितनी-कितनी राशि वर्ष 2014-15 एवं चालू वित्‍तीय वर्ष (प्रश्‍न दिनांक) तक प्रदाय की गई? आवंटित बजट/राशि अनुसार कितने कार्य पूर्ण/अपूर्ण रहे? ग्राम पंचायतवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अन्‍तर्गत कार्यों हेतु रायसेन जिले में पंचायतों में निर्माण कार्यों की राशि आहरण के लिये सरपंच/सचिव सहित सी.ई.ओ जनपद पंचायत की अनुशंसा ली जा रही है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रायसेन द्वारा ग्राम पंचायतों में किए जा रहे मार्ग एवं पुल-पुलिया की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से संपादित कार्यों में सरपंच, सचिव, सी.ई.ओ. से अनुशंसा आवश्यक नहीं होने से, नहीं ली जा रही है।

परिशिष्ट - '':''

प्रधानमंत्री सड़क‍ योजना अंतर्गत ग्राम सड़कों के संबंध में

27. ( क्र. 2506 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत किस तरह के ग्राम को जोड़ने की योजना होती है योजना प्रारंभ से लेकर वर्तमान प्रश्‍न दिनांक तक मण्‍डला जिले को ग्राम सड़कों की स्थिति कैसी है अभी तक कुल कितनी आबादी वाले गांव को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में जोड़ा जा सका है? (ख) योजना प्रस्‍तावित करने के पूर्व कौन-कौन सी औपचारिकताएं पूर्ण करनी होती है क्‍या सर्वे एवं डी.पी.आर. का काम पूर्ण कर स्‍वीकृत की प्रत्‍याशा में भेजा जाता है या फिर सड़क बनाना है जिसकी लंबाई प्रस्‍तावित करते है, प्राक्‍कलन किस स्‍टेज पर तैयार होता है? (ग) तैयार प्राक्‍कलन की टेक्निकल स्‍वीकृति उपरांत प्राक्‍कलन के आधार पर ही कार्य किये जाते है या फिर अलग तरह से वर्तमान समय में मण्‍डला जिले की निवास विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2014-15-16 में कितनी सड़कों की स्‍वीकृति मिली है, स्‍वीकृत सड़कों के निर्माण के मादण्‍ड क्‍या है? अर्थवर्क से लेकर डामरीकरण तक की स्‍टेजवार स्थिति से अवगत कराते हुये बताएं कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की चौड़ाई तथा नालियों की स्थिति का भी प्रावधान होता हे या नहीं संपूर्ण जानकारी से अवगत करावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मार्गदर्शी दिशा निर्देशों के अनुसार वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार सामान्य विकासखण्डों की 500 एवं अधिक तथा आदिवासी विकासखण्डों में 250 एवं अधिक जनसंख्या की बसाहटों की जो पक्की सड़को से 500 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित है, ऐसी पात्र बसाहटों (ग्रामों) को जिला पंचायत से स्वीकृत कोर नेटवर्क के अनुसार जनसंख्या के घटते क्रम में पक्की सड़कों से जोड़ने का प्रावधान है। मण्डला जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत निर्मित सड़कों की स्थिति संतोषजनक है। वर्तमान में मण्डला जिलें के 250 तक की जनसंख्या वाले पात्र ग्रामों को जोड़ा गया है अथवा जोड़ा जा रहा है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार अनुमोदित कोर नेटवर्क के अनुसार जनसंख्या के घटते क्रम में आने वाले पात्र ग्रामों को जोड़ने हेतु प्रस्तावित सड़क का ग्रामवासियों की उपस्थिति में ट्रांजिट वाक अनुरूप सड़क एवं पुल-पुलियों का सर्वेक्षण कराया जाकर डी.पी.आर. तैयार किया जाता है उक्त डी.पी.आर.की तकनीकी जाँच स्टेट टेक्निकल एजेंसी से कराने के उपरांत भारत सरकार को प्रस्ताव स्वीकृति प्रेषित किया जाता है। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने पर प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाती है तथा डी.पी.आर. की तकनीकी स्वीकृति जारी की जाती है। (ग) तकीनीकी स्वीकृति के अनुसार कार्यस्थल की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुये कार्य कराया जाता है। वर्तमान में मण्डला जिले की निवास विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2014-2015 एवं 2015-2016 में किसी भी सड़क की स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सात ''

महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय रोजगार गांरटी योजना के तहत मजदूरी का भुगतान

28. ( क्र. 2512 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्‍डला जिले में वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय गारंटी योजना के तहत किये गये कार्यों का मजदूरों को संपूर्ण मजदूरी भुगतान कर दिया गया है, यदि नहीं किया गया है तो विकासखण्‍डवार शेष मजदूरी भुगतान की जानकारी से अवगत करायें? (ख) भुगतान नहीं होने के क्‍या कारण हैं और यह शेष मजदूरी भुगतान कब तक करा दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मण्‍डला जिले में महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत किये गये कार्यों में वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में कुल राशि 29.76 लाख एवं वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में राशि 1002.31 लाख प्रश्‍न दिनांक तक मजदूरी भुगतान लंबित है। विकासखण्‍डवार शेष मजदूरी भुगतान की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मनरेगा योजनान्‍तर्गत ई.एफ.एम.एस. प्रणाली के तहत स्‍टेट नोडल खाते में राशि की उपलब्‍धता के अनुसार भुगतान होता है। उल्‍लेखित प्रश्‍न के संबंध में नोडल खाते में राशि के अभाव, श्रमिकों के खाता नम्‍बर गलत होने, एम.आई.एस. मनरेगा पोर्टल पर वर्क ब्‍लॉक होने आदि कारण से भुगतान लंबित है। राशि की उपलब्‍धता होने पर लंबित भुगतान कर दिया जावेगा।

परिशिष्ट - ''आठ ''

यात्री परिवहन बसों के परमिट जारी किया जाना

29. ( क्र. 2534 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शासन द्वारा मध्‍यप्रदेश राज्‍य परिवहन विभाग के घाटे में चलने के कारण यात्री परिवहन को निजी ऑपरेटरों को संचालन के लिये दिया गया है? यदि हाँ, तो नई परिवहन नीति की जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) शहर इंदौर से सनावद/खण्‍डवा/बुरहानपुर के लिये कितनी यात्री बसों को परमिट जारी किये गये है उनके नाम समय एवं वाहन मालिक के पूर्ण पते सहित संपूर्ण जानकारी दी जावे? नई परिवहन नीति अनुसार कितने अंतराल से बसों के परमिट दिये जाने के निर्देश है, निर्देश की प्रति दी जावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार मार्ग पर कितने अंतराल से बसों के परमिट जारी किये गये है, क्‍या यह नीति अनुसार है यदि नहीं तो फिर इतने अंतराल से क्‍या परमिट जारी किये गये है दोषी अधिकारी का नाम सहित संपूर्ण जानकारी दी जावे? (घ) इंदौर परिवहन विभाग द्वारा विगत 2 माह में कितनी यात्री बसों को बस परमिट किस-किस समय के लिये दिये गये है उसकी नाम पते सहित जानकारी दी जावें एवं कितने आवेदन-पत्र निरस्‍त किये गय है, निरस्‍त करने के कारण सहित जानकारी दी जावें? यदि किसी के आपत्ति के कारण परमिट निरस्‍त किये गये है तो आपत्तिकर्ता के नाम सहित उसके द्वारा जमा की गई राशि की रसीद क्रमांक सहित जानकारी दी जावें?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) वर्तमान में मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के द्वारा बसें संचालित नहीं की जा रही है। यात्री परिवहन हेतु निजी ऑपरेटरों को उनके आवेदन पर राज्य/क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार द्वारा परमिट स्वीकृत किये जाते है। मध्यप्रदेश परिवहन नीति वर्ष 2010 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) एवं (ग) इन्दौर-सनावद-खण्डवा-बुरहानपुर मार्ग पर 60 अस्थाई 81 स्थाई परमिट स्वीकृत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। अनुज्ञापत्रों के मध्य समय चक्र अंतराल मार्ग पर उपलब्ध ट्रैफिक के घनत्व अनुसार स्वीकृत कर जारी किये जा रहे है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार न्यूनतम 5 मिनिट एवं रात्रि के समय लगभग 30 मिनिट के अंतराल से अनुज्ञाऐं स्वीकृत है। वाहनों के समयान्तराल निर्धारण करने हेतु कार्यालय द्वारा कार्यवाही प्रारंभ की गई थी। किन्तु कतिपय वाहन स्वामियों द्वारा इसके विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय खण्ड़पीठ इन्दौर के समक्ष याचिका क्रमांक 7690/15 प्रस्तुत की गई। उक्त याचिका में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश दिये गए है। इस कारण समयान्तराल निर्धारण की कार्यवाही नहीं हुई है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) इन्दौर कार्यालय द्वारा विगत 02 माह में 37 अस्थाई 28 स्थाई अनुज्ञा पत्र स्वीकृत किए गये है। जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। विगत 2 माह में स्थाई अनुज्ञा पत्रों के 91 आवेदन एवं अस्थाई अनुज्ञा पत्रों के 51 आवेदन मय आपत्तिकर्ता के नाम व जमा राशि का रसीद क्रमांक सहित पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है।

मध्‍यप्रदेश के निवासियों को राहत राशि का भुगतान

30. ( क्र. 2544 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उत्‍तराखण्‍ड राज्‍य में अतिवृष्टि से उत्‍पन्‍न हुई प्राकृतिक आपदा में मध्‍यप्रदेश के खरगोन एवं इंदौर जिले के कितने निवासियों की मृत्‍यु हुई थी, सूची दी जावे? साथ ही उत्‍तराखण्‍ड शासन द्वारा मध्‍यप्रदेश शासन को मृतकों की जा सूची उपलब्‍ध कराई गई थी, वो किस दिनांक को उपलब्‍ध कराई गई? (ख) क्‍या इन मृतकों की सूची में श्रीमती कमलाबाई पति सतीश का नाम भी था? यदि हाँ, तो उक्‍त मृतका का मृत्‍यु प्रमाण-पत्र उत्‍तराखण्‍ड शासन द्वारा कब किस दिनांक का उपलब्‍ध कराया गया है एवं राज्‍य शासन द्वारा उन्‍हें राहत राशि का भुगतान किस दिनांक को किया गया है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा मृतका श्रीमती कमलाबाई के वारिसों को राहत राशि भुगतान करने के संबंध में शासन को कब-कब किस-किस दिनांक को पत्र लिखा गया था एवं शासन द्वारा उक्‍त पत्र के संबंध में विभागीय स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या मृतका श्रीमती कमलाबाई के मृत्‍यु प्रमाण-पत्र एवं अन्‍य महत्‍वपूर्ण जानकारी उत्‍तराखण्‍ड शासन से प्राप्‍त होने के बाद भी लगभग 2 वर्ष बाद भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो इस संबंध में किस अधिकारी की लापरवाही तय की गई एवं इस संबंध में विभाग द्वारा उसके विरूद्ध क्‍या अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जावेगी एवं कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उत्‍तराखण्‍ड शासन द्वारा मध्‍यप्रदेश शासन को मृतकों की सूची उपलब्‍ध नहीं कराई गई। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार उत्‍तराखण्‍ड शासन द्वारा मध्‍यप्रदेश शासन को मृतकों की सूची उपलब्‍ध नहीं कराई गई थी। जिला इन्‍दौर द्वारा उपलब्‍ध कराई गई सूची में श्रीमती कमला पुरोहित का नाम प्राप्‍त हुआ था, किन्‍तु मृतका के पति/पिता के नाम की जानकारी नहीं थी। जिला खरगोन से प्राप्‍त सूची में कमलाबाई पति सतीश पुरो‍हित का नाम अंकित था। उत्‍तराखण्‍ड शासन द्वारा मृतका श्रीमती कमलाबाई पति श्री सतीश पुरोहित निवासी जिला इन्‍दौर का मृत्‍यु प्रमाण-पत्र दिनांक 28.11.2013 द्वारा मध्‍यप्रदेश शासन को उपलब्‍ध कराया गया। कमला पुरोहित का नाम जिला इन्‍दौर एवं खरगोन की सूची में शामिल था। उत्‍तराखण्‍ड शासन के निर्देशानुसार वारिसों की जानकारी इन्‍दौर जिले से प्राप्‍त न होने के कारण मृतका का मृत्‍यु प्रमाण-पत्र, इन्‍दौर जिले के प्रभारी अधिकारी को तत्‍समय उपलब्‍ध नहीं कराया जा सका। खरगोन जिले में उल्‍लेखित नाम अनुसार मृत्‍यु प्रमाण-पत्र उत्‍तराखण्‍ड शासन से प्राप्‍त नहीं हुआ था। अत: शासन द्वारा मृतका कमलाबाई का मृत्‍यु प्रमाण-पत्र प्राप्‍त करने के लिए कई बार उत्‍तराखण्‍ड शासन को लिखा गया। जिला इन्‍दौर एवं खरगोन द्वारा जब इस तथ्‍य को स्‍पष्‍ट किया गया कि मृतका कमला पुरोहित को खरगोन की ही निवासी होना प्रमाणित किये जाने पश्‍चात मृत्‍यु प्रमाण-पत्र, खरगोन जिले के प्रभारी अधिकारी को दिनांक 30.11.2015 को उपलब्‍ध कराया गया तथा राहत राशि दिनांक 01.10.2013 को रूपये 2.00 लाख एवं दिनांक 30.11.2015 को रूपये 3.50 लाख की राशि कलेक्‍टर खरगोन को उपलब्‍ध कराई गई। (ग) प्रश्‍नकर्ता माननीय सदस्‍य का पत्र दिनांक 04.09.2015 को प्राप्‍त हुआ था। उक्‍त पत्र के संबंध में माननीय सदस्‍य को अवगत कराया गया था कि मृतका का मृत्‍यु प्रमाण पत्र उत्‍तराखण्‍ड शासन से प्राप्‍त न होने के कारण उपलब्‍ध नहीं कराया गया। जानकारी उपलब्‍ध करायी गई। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) की जानकारी अनुसार मृतका श्रीमती कमलाबाई का नाम इन्‍दौर एवं खरगोन जिले में होने के कारण तथा उत्‍तराखण्‍ड शासन से मृत्‍यु प्रमाण-पत्र में निवास स्‍थान इन्‍दौर अंकित होने और इन्‍दौर जिले द्वारा वारिसों की जानकारी न देने से तत्‍समय इन्‍दौर जिले को मृत्‍यु प्रमाण-पत्र उपलब्‍ध नहीं कराया गया। जिला कलेक्‍टर इन्‍दौर के अर्द्ध शासकीय पत्र दिनांक 17.11.2015 से मृतका श्रीमती कमलाबाई को जिला खरगोन का निवासी होना बताते हुए उत्‍तराखण्‍ड शासन से प्राप्‍त मृत्‍यु प्रमाण-पत्र जिसमें निवास स्‍थान इन्‍दौर अंकित है, को उपलब्‍ध कराने हेतु लिखे जाने पश्‍चात प्रभारी अधिकारी, खरगोन को श्रीमती कमलाबाई पति सतीश पुरोहित का मृत्‍यु प्रमाण-पत्र दिनांक 30.11.2015 को उपलब्‍ध कराया गया। इस संबंध में किसी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा कोई लापरवाही नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्‍नांश उद्भूत नहीं होता।

फसल नुकसानी के सर्वे में अनियमितताएं

31. ( क्र. 2570 ) श्री सचिन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दो वर्ष में कसरावद विधानसभा क्षेत्र में कुल कितने रकबे में मिर्ची की फसल बर्बाद हुई है? उसके क्‍या कारण रहे तथा इसका किन-किन संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा फसल का सर्वे किया? सर्वे रिपोर्ट में कितनी मुआवजा राशि का प्रस्‍ताव राज्‍य शासन को भेजा और कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित राशि से कितने किसानों को मुआवजा राशि वितरित की गई? कितने शेष है एवं शेष के क्‍या कारण हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित सर्वे रिपोर्ट में दर्शित कृषकों के नाम के अतिरिक्‍त कई नाम छोड दिये गये है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी? हाँ तो कब? नहीं तो प्रश्‍न दिनांक तक कई प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि प्राप्‍त नहीं हुई है उन्‍हें कब तक मुआवजा राशि वितरित की जायेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क) में सर्वे रिपोर्ट में की गई लापरवाही के संबंध में कितनी-कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई और उस पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र कसरावद के अंतर्गत वर्ष 2014-15 में मिर्च की फसल को कोई भी नुकसान नहीं हुआ। वर्ष 2015-16 में कसरावद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 264 ग्रामों की 7531.233 हेक्‍टेयर रकबे में मिर्च की फसल को वायरस जनित रोग से क्षति हुई। क्षति का सर्वे राजस्‍व, कृषि, उद्यानिकी विभाग के मैदानी कर्मचारियों का संयुक्‍त दल गठित कर कराया गया। सर्वे पश्‍चात शासन से राशि रूपये 14,82,74,947 (राशि रूपये चौदह करोड़ बयासी लाख चौहत्‍तर हजार नौ सौ सैतालिस) की मांग की गई। मांग अनुसार जिले को संपूर्ण राशि उपलब्‍ध कराई गई। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में उल्‍लेखित राशि समस्‍त पात्र प्रभावित 11977 कृषकों को ई-पेमेंट के माध्‍यम से भुगतान किया जा चुका है। कोई भी पात्र कृषक राहत राशि वितरण हेतु शेष नहीं है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में दर्शित सर्वे रिपोर्ट कृषकों के नाम के अतिरिक्‍त अन्‍य किसी पात्र कृषकों के नाम सर्वे रिपोर्ट में नहीं छोड़े गये हैं शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) सर्वे रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है। सर्वे रिपोर्ट के संबंध में 6680 शिकायतें प्राप्‍त हुई जिनकी जाँच उपरांत उचित निराकरण किया गया।

कृषि उपज मण्‍डी में खरीदी अवधि बढ़ाने बाबत्

32. ( क्र. 2706 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन स्‍तर से किसानों द्वारा उत्‍प‍ादित कपास का उचित मूल्‍य किसानों को दिलवाने हेतु भारतीय कपास निगम द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्‍य पर कृषि उपज मण्‍डी में पूरे समय कपास खरीदी की व्‍यवस्‍था की गई है? (ख) यदि हाँ, तो फिर धार जिले की कृषि उपज मण्‍डी धामनोद में केवल एक समय दोपहर 12 बजे के पूर्व तक ही क्‍यों कपास खरीदी की जाती है? इसके पश्‍चात खरीदी आगामी दिवस तक के लिए स्‍थगित कर दी जाती है, कारण बतावें? (ग) दूर-दूर से आये किसानों को समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण मण्‍डी लाया गया कपास मजबूरन मण्‍डी के बाहर व्‍यापारियों को ओने पोने दामों पर बेचना पड़ता है? जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, यदि खरीदी का समय निर्धारित नहीं है तो शासन क्‍या मण्‍डी व निगम अधिकारियों द्वारा व्‍यापारियों की सांठ-गांठ से किसानों के किये जा रहे शोषण को रोकने हेतु कोई ठोस कार्यवाही करेगा, यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) भारतीय कपास निगम द्वारा चयनित 16 कृषि उपज मंडी समितियों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्धारित समय में समर्थन मूल्य पर कपास खरीदी की व्यवस्था है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कृषि उपज मंडी समिति धामनोद में मंडी प्रागंण में आने वाले वाहनों की प्रात:10:30 बजे नीलामी कार्यवाही मंडी कर्मचारियों द्वारा प्रारंभ की जाकर भारतीय कपास निगम के प्रतिनिधि एवं व्यापारियों द्वारा निरंतर संपूर्ण नीलामी कार्यवाही में भाग लेकर कपास की खरीदी की जाती है। अत: दोपहर 12:00 बजे तक खरीदी का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) जी नहीं। उत्तरांश (ख) अनुसार किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडी में नीलामी हेतु निर्धारित समय के पश्चात भी मंडी प्रागंण में आने वाले वाहनों की कपास का मंडी कर्मचारी द्वारा घोष विक्रय कराया जाता है, जिसमें भारतीय कपास निगम एवं व्यापारियों द्वारा खरीदी की जाती है। अत: किसानों के शोषण होने का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''नौ ''

भारवाहक वाहनों से वसूली

33. ( क्र. 2714 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में निर्धारित क्षमता से अधिक परिवहन कर रहे ट्रकों को रोकने के लिए विभाग ने कितने चेक पोस्‍ट या बेरियर लगाये हैं? (ख) वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में प्रश्‍नांकित ति‍थि तक अधिभार परिवहन के कितने प्रकरण पंजीकृत करके जुर्माने की राशि वसूल की गई है? (ग) क्‍या प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से निर्मित मार्गों पर भारी वाहन से सामग्री की परिवहन पर रोक लगाई गई है? यदि हाँ, तो आदेश की जानकारी प्रदान करें? यदि नहीं तो क्‍या शासन की ऐसी कोई योजना है कि प्रतिबंध लगाकर ऐसे मार्गों को ध्‍वस्‍त होने से बचाया जा सके, बतावें?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) धार जिले में परिवहन विभाग के द्वारा कोई भी चेक पोस्ट/बैरियर नहीं लगाया गया है। (ख) प्रश्नांकित अवधि में अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय धार में अधिक भार परिवहन के 09 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये है। उनसे जुर्माने की राशि रूपये 1,08,500/- वसूल की गई है। (ग) विभाग के द्वारा ऐसी कोई रोक नहीं लगाई गई है। निर्धारित क्षमता से अधिक भार परिवहन करने वाले माल वाहनों के संचालन को रोकने हेतु मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 113 एवं प्रिवेंशन ऑफ डेमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 1984 के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। परिवहन विभाग के स्तर पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना अभी विचाराधीन नहीं है।

जीनिंग फैक्‍ट्री को लीज़ पर दी गई जमीन पर अतिक्रमण

34. ( क्र. 2762 ) श्री गोपाल परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आगर नगर में जीनिंग फैक्‍ट्री के नाम से जमीन लीज पर दी गई थी? यदि हाँ, तो किन-किन को, नाम बतावें? क्‍या शासन द्वारा जीनिंग फैक्‍ट्री बंद कर दी गई है? यदि हाँ, तो कब से? (ख) क्‍या पुरानी कृषि उपज मंडी के पास भी कोई जीनिंग फैक्‍ट्री की जगह है? यदि हाँ, तो किसकी है, नाम बतावें? क्‍या इस जमीन पर गुमठिया लगने वालों से किराया नगर पालिका को प्राप्‍त हो रहा है? यदि नहीं, तो जो व्‍यक्ति किराया वसूल रहा है, उस पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा व कब तक? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के अनुसार जीनिंग फैक्‍ट्री बंद होने के उपरांत उक्‍त जमीन पर शासकीय भूमि पर किनके द्वारा कब्‍जा कर रखा है? यदि हाँ, तो जीनिंग फैक्‍ट्री की जमीन को शासन अपने कब्‍जे में कब तक लेगा, समय-सीमा बतावें? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आपदा सहायता राशि की स्‍वीकृति

35. ( क्र. 2786 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन द्वारा आपदा राहत मद से दुर्घटना एवं प्राकृतिक प्रकोप से शारीरिक क्षति/मृत्‍यु हो जाने पर पीडि़तों को मुआवजा/सहायता राशि प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो किस-किस आपदा में सहायता राशि प्रदान की जाती है, नाम, नियम का विस्‍तृत विवरण उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विगत दो वर्षों में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र-71 अंतर्गत निवासरत कितने ऐसे व्‍यक्तियों की अकाल मृत्‍यु प्रश्‍न दिनांक तक हुई है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में आपदा राहत मद से कितने व्‍यक्तियों को राहत राशि मंजूर कर प्रदान की गई तथा कितनी राशि भुगतान की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में ऐसे व्‍यक्तियों को आपदा राहत मद से सहायता राशि उपलब्‍ध नहीं कराई गई, तो क्‍यों, कारण बतावें? यदि उपलब्‍ध कराई जावेगी, तो कब तक?
राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। आपदा एवं आपदा राशि के संबंध में विस्‍तृत विवरण राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 में उल्‍लेखित है, जो पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र 71 अंतर्गत 2 वर्षों में 51 व्‍यक्तियों की मृत्‍यु हुई। (ग) 2 वर्षों में 51 व्‍यक्तियों की मृत्‍यु होने पर विभिन्‍न मदों में 61 लाख रूपये की राहत राशि मृतकों के निकटतम वारिसों को ई-पेमेंट के माध्‍यम से भुगतान किया गया। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में कोई भी राहत राशि भुगतान हेतु शेष नहीं है।

दोषी पर कार्यवाही किए जाने बाबत्

36. ( क्र. 2903 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील कैलारस मुरैना में वर्ष 2003 से 2007 तक ग्राम सेमई, गूलापुरा, कुटरावली, बघरेटा में कितनी शासकीय भूमि को पट्टे या व्‍यवस्‍थापन किया गया है? पट्टेधारियों के नाम व पता एवं तत्‍कालीन अधिकारयों/पटवारियों के नाम बताएं? इस संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई और उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या म.प्र. शासन राजस्‍व विभाग भोपाल के ज्ञाप क्रमांक एफ 30-18/2002/सात 2 दिनांक 21-01-2003 से भूमि बंटन/व्‍यवस्‍थापन पर रोक लगाई गयी है? यदि हाँ, तो वर्ष 2003 के बाद तहसील कैलारस में किस आधार पर वंटन/व्‍यवस्‍थापन, पट्टे किये गये? ग्राम सेमई स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 1395 रकबा 2.05 हेक्‍टेयर में से 2 बीघा 10 विश्‍वा का नियम विरूद्ध किया गया वंटन/व्‍यवस्‍थापना पर आयुक्‍त चंबल द्वारा दिनांक 30-06-2015 को कलेक्‍टर मुरैना को निर्देशित कर दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु लेख किया गया था? यदि हाँ, तो किन-किन दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों पर क्‍या कार्यवाही हुई? यदि नहीं तो क्‍यों? (ग) क्‍या पटवारी माखनलाल अर्गल द्वारा हल्‍का सेमई में लगभग 100 बीघा से अधिक की भूमि का रिकार्ड में हेरा-फेरी कर अपने पद का दुरूपयोग करते हुये सक्षम अधिकारियों को भ्रष्‍टाचार में लिप्‍त कर करोड़ों को बेशकीमती भूमि जैसे नाला, आम रास्‍ता चरनोई के भी पट्टे व्‍यवस्‍थापन अपने भाई एवं भू-माफियाओं को करवाया गया है? उक्‍त पटवारी के पदस्‍थी हल्‍कों में किये गये पट्टे व्‍यवस्‍थापनों सहित पूरे प्रकरण में राज्‍य स्‍तरीय जाँच दल गठित कर भ्रष्‍ट पटवारियों के प्रति दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राष्‍ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) अंतर्गत संलग्‍न वाहन

37. ( क्र. 3017 ) श्री सतीश मालवीय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) अंतर्गत संलग्‍न वाहनों की संख्‍या एवं किन-किन अधिकारियों के लिये संलग्‍न किये गये हैं? वाहन का प्रकार, मॉडल, वाहन क्रमांक एवं अधिकारी का नाम व पद सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) जो वाहन संलग्‍न किये गये हैं, उनके लिये प्रतिमाह किस दर से वाहन संलग्‍न किये गये हैं? किसके आदेश से संलग्‍न किये गये हैं? इस हेतु क्‍या प्रावधान है? आर्डर की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें? (ग) ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वाहन संलग्‍न किये जाने हेतु क्‍या प्रावधान हैं, प्रति उपलब्‍ध करावें? क्‍या संलग्‍न वाहनों का भुगतान नियम विरूद्ध किया गया है? यदि हाँ,तो शासन द्वारा नियम विरूद्ध भुगतान करने वाले अधिकारी पर क्‍या कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''', '''' की कंडिका 3, '''' अनुसार है। (ग) प्रावधान पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जिले से प्राप्‍त जानकारी के परीक्षण उपरान्‍त नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी।

उज्‍जैन जिले में किसान मेले एवं किसान प्रशिक्षण की जानकारी के संबंध में

38. ( क्र. 3018 ) श्री सतीश मालवीय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में किसानों की सहायता एवं मार्गदर्शन हेतु 1 अप्रैल, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस स्‍थान पर किसान मेले एवं किसान प्रशिक्षण का आयोजन हुआ? उक्‍त आयोजनों में कितने किसानों के द्वारा रजिस्‍ट्रेशन करवाया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार आयोजित किसान मेलों में कितने कृषकों को कितनी-कितनी राशि कि, किस प्रकार का अनुदान/सहायता प्रदान की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार उक्‍त मेलों के लिये कितनी-कितनी राशि का आवंटन किस मद में व्‍यय करने हेतु प्राप्‍त हुआ था? कब-कब, कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में कब-कब व्‍यय की गई? किस-किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान कब-कब किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) किसान मेलों में कृषकों को कोई भी राशि अनुदान/सहायता प्रदान नहीं की गई। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

मंडियों के लिए शासकीय भूमि आरक्षित

39. ( क्र. 3056 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में विगत 03 वर्षों में क्‍या मंडियों के नवीन प्रांगणों, उपमण्‍डी प्रांगणों एवं अतिरिक्‍त प्रांगणों के लिए शासकीय भूमि आरक्षित की प्रशासकीय स्‍वीकृति मण्‍डी बोर्ड द्वारा दी गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित मण्डियों के लिए शासकीय भूमि आरक्षित की प्रशासकीय स्‍वीकृति के परिप्रेक्ष्‍य में किन-किन जिला कलेक्‍टरों द्वारा किन-किन मण्डियों के लिए भूमि का अग्रिम आधिपत्‍य दिया गया था? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित म‍ंडियों में निर्माण कार्यों की निविदाएं आमत्रित की गई थी? यदि हाँ, तो सूची देवें? (घ) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित मण्‍डियों में से किन-किन मण्डियों के अग्रिम आधिपत्‍य की प्रक्रिया को निरस्‍त किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। म.प्र. में विगत 03 वर्षों में 06 मंडियों, 14 उपमंडियों एवं 09 अतिरिक्त प्रागंण के लिये भूमि आरक्षित की जाकर मंडी बोर्ड द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्तरांश (क) के परिपेक्ष्य में मंडी समिति शिवपुरी के नवीन मंडी प्रागंण, मंडी समिति सनावद की उपमंडी बैड़िया के नवीन उपमंडी प्रागंण, मंडी समिति खरगोन के (ग्राम प्रेमनगर) मंडी समिति कटनी के लिये ग्राम बहोरीबंद, एवं नीमच के नवीन प्रांगण हेतु भूमि का अग्रिम अधिपत्‍य संबंधित जिला कलेक्‍टरों द्वारा दिया गया है। (ग) जी हाँ। उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित मंडियों को अग्रिम अधिपत्‍य से प्राप्‍त भूमियों पर निर्माण कार्यों के लिये निविदायें आमंत्रित की गई है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी नहीं। प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में किसी भी मंडी समिति को कलेक्‍टरों द्वारा दिया गया अग्रिम अधिपत्‍य निरस्‍त नहीं किया गया है

परिशिष्ट - ''दस ''

वन भूमि से विनियम की गई भूमियों के रजिस्‍टर्ड विक्रय पत्र निरस्‍त किये जाना

40. ( क्र. 3118 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले में वर्ष 2000 से 2010 तक भूमियों का विनिमय किया गया है? यदि हाँ, तो -कितनी भूमियों का विनिमय किया गया है? (ख) क्‍या राजेश पुत्र हीरालाल के नाम की ग्राम कैलौर की भूमि सर्वे क्रंमाक 402/4, रकबा 1.881 हेक्‍टेयर तथा मुन्‍ने खां पुत्र सत्‍तार खां के नाम की ग्राम बगवाज की भूमि सर्वे क्रमांक 562/2 मिन रकबा 2.090 हेक्‍टयर का परस्‍पर विनिमय रजिस्‍टर्ड विक्रय पत्र क्र. 33 दिनांक 10.04.92 से हुआ था को वन भूमि होने के कारण न्‍यायालय कलेक्‍टर, श्‍योपुर से प्रकरण क्रमांक 28/200-01/अ-39 आदेश दिनांक 29.12.2000 से निरस्‍त हुआ है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या अन्‍य भूमियों के विनिमय भी स्‍वमेव निरस्‍तनीय है? क्‍या शासन प्रश्‍नांश (क) अनुसार नियम विरूद्ध विनियम व विक्रय पत्रों को निरस्‍त कर भूमि को शासन हित में अधिग्रहीत करने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर है। (ख) जी हाँ। (ग) अन्य भूमि वन भूमि से विनिमय नहीं हुई है। अतः विनिमय स्वमेव निरस्तनीय नहीं है। प्रश्नांश में वर्णित भूमि के संबंध में कलेक्टर श्योंपुर के न्यायालय में निगरानी प्रकरण क्र-40/10-11 एवं 41/10-11 प्रचलित हैं, जिसमें विधि अनुरूप कार्यवाही प्रचलित है।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध लोकायुक्‍त में दर्ज प्रकरण

41. ( क्र. 3119 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी के किन-किन अधिकारियों के विरूद्ध लोकायुक्‍त एवं आर्थिक अपराध शाखा में प्रकरण पंजीबद्ध कर किस दिनांक से कार्यवाही प्रचलित है? संबंधित अधिकारियों के नाम एवं वर्तमान पदस्‍थापना सहित जानकारी दी जावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितने अधिकारियों के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर चालान प्रस्‍तुत करने के लिए अनुमति बाबत् राज्‍य शासन को भेजे गए व कितनों में अनुमति प्रदान की गई? कितनेां में नहीं? प्रकरण भेजने का दिनांक, अनुमति प्रदान करने का दिनांक व लंबित प्रकरणों की संख्‍या बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में किन-किन प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के विरूद्ध जाँच कर न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत किया गया है? जिन अधिकारियों के विरूद्ध माननीय न्‍यायालय में चालान पेश किए गए है क्‍या उनके विरूद्ध सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार निलंबन की कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में किन-किन अधिका‍रियों के विरूद्ध जाँच की कार्यवाही चलने अथवा न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत किए जाने के बावजूद नियम विरूद्ध पदोन्नति का लाभ दिया गया है? इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है? क्‍या शासन ऐसी पदोन्‍नतियों को निरस्‍त करने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' पर है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है।

सूखा एवं ओलावृष्टि से फसलों को हुई क्षति

42. ( क्र. 3546 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वित्‍त वर्ष 2015-16 के मध्‍य अल्‍पवर्षा एवं ओलावृष्टि से किन-किन ग्रामों के कृषकों को कितनी राशि का मुआवजा राशि (राहत) प्रदान की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित मुआवजा राशि से वंचित, कम मुआवजा राशि मिलने की किस-किस ग्राम के कितने कृषकों ने अपनी आपत्ति सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्‍तुत की एवं इन आपत्तिकर्ता कृषकों में से कितनों को कितनी राहत राशि प्रदान की गई तथा कितने आपत्तिकर्ता कृषक किन कारणों से राहत राशि प्राप्‍त करने में वंचति रहे? (ग) क्‍या मझौली तहसील अंतर्गत ग्राम हरदुआ कला एवं मोहला ग्राम के किसी भी कृषक को प्रश्‍नांश (क) में उल्‍ल‍ेखित राहत राशि प्राप्‍त नहीं हुई? यदि हाँ, तो पाटन विधान सभा अंतर्गत ऐसे कितने ग्राम है जहां के किसी भी कृषकों को सूखा राहत राशि प्राप्‍त नहीं हुई है? राहत राशि से वंचित ग्रामों की कारण सहित सूची देवें? (घ) क्‍या शासन सूखा एवं ओलावृष्टि से खराब फसलों के सर्वे कार्यों में अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा किये गये भेदभाव एवं भ्रष्‍टाचार की जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करते हुये वास्‍तविक प्रभावित कृषकों को सूखा राहत राशि प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं तो क्‍यों नहीं?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2015-16 के मध्‍य अल्‍पवर्षा एवं ओलावृष्टि से तहसील पाटन में कुल राहत राशि रू. 5,11,46,600/- एवं तहसील मझौली में राशि रू. 6,78,28,688/- वितरित किये गये। ग्रामों की सूचियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) तहसील पाटन के ग्राम पाटन के 15, वासन के 13, रिमझा के 09, बरही के 04, आपत्तिकर्ता व्‍यक्तियों में से पाटन के 13, वासन के 12, रिमझा के 06, एवं बरही के 04 व्‍यक्तियों को क्रमश: रूपये 62,500/-, 47,300/-, 16,800/- 13,500/- राहत राशि प्रदान की गई। शेष 6 व्‍यक्ति अपात्र पाये गये। तहसील मझौली में 86 कृषकों द्वारा आपत्ति प्रस्‍तुत की गई थी इन सभी आपत्तियों का निराकरण कर सभी 86 कृषकों को राशि 2,32,650/- रूपये प्रदान कर दी गई है। (ग) ग्राम हरदुआ कला में प्रभावित कृषकों को 96,300/- रूपये की राहत राशि का वितरण किया गया। ग्राम मोहला में फसल क्षति 25% से कम होने के कारण राहत राशि वितरित नहीं की गई। इसी प्रकार तहसील पाटन में 77 ग्रामों तथा तहसील मझौली में 16 ग्रामों में क्षति का प्रतिशत 25 से कम होने के कारण राहत राशि का वितरण नहीं किया गया। ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (घ) जिले में निर्देशानुसार सूखा एवं ओलावृष्टि से खराब फसलों का सर्वे कराया जाकर नियमानुसार आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों के अनुसार राहत राशि का वितरण किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उमरियापान के मार्गों का अतिक्रमण हटाना

43. ( क्र. 3796 ) श्री मोती कश्यप : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला कटनी की तहसील ढ़ीमरखेड़ा के ग्राम उमरियापान में किन-किन प्रमुख स्‍थानों के मार्गों का संगम है और किन मार्गों से वाहनों का आवागमन होता है और स्‍थानीयजनों व ग्रामीणों को असुविधाएं होती है? (ख) राजस्‍व अभिलेख में प्रश्‍नांश (क) मार्गों की चौड़ाई कितने फुट और क्‍या उसमें अतिक्रमण किया गया है और अवैध निर्माण कर व्‍यवसाय किया जा रहा है? (ग) क्‍या जिला व स्‍थानीय प्रशासन ने प्रश्‍नांश (ख) मार्ग के अतिक्रमण को हटाकर आवागमन की सुविधा और जनसुविधा बढ़ाने के लिये कभी कोई प्रयास किये गये हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ख), (ग) के संबंध में कब तक अतिक्रमण हटा दिये जायेंगे और जनसुविधाओं को संरक्षित किया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जिला कटनी की तहसील ढीमरखेड़ा के ग्राम उमरियापान में प्रमुख मार्ग में उमरियापान से स्लिमनाबाद, कटनी,सिहोरा, ढीमरखेड़ा की ओर जाने वाले मार्गों का संगम है। इन मार्गों पर दो पहिया वाहनों से लेकर सामान्य तथा भारी वाहनों का आवागमन सभी दिशाओं की ओर होता है। स्थानीय-जनों को सिंगलमार्ग होने के कारण आवागमन में असुविधा होती है। (ख) राजस्व अभिलेखों में प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्रमशः 1. उमरियापान के स्लिमनाबाद रोड की न्यूनतम चौड़ाई 40 कडी एवं अधिकतम 1.00 जरीव तथा औसतन 47 फुट चौड़ाई है। 2. उमरियापान में ढीमरखेड़ा रोड की न्यूनतम चौड़ाई 40 कडी एवं अधिकतम 165 कडी तथा औसतन 72 फुट चौड़ाई है। 3. उमरियापान से सिहोरा रोड की न्यूनतम चौड़ाई 35 कडी एवं अधिकतम 60 कडी तथा औसतन 31 फुट चौड़ाई है। उसमें सड़क‍ के दोनों किनारे निवासरत निवासियों द्वारा व्यवसायिक एवं रहवासी शेड बढ़ा कर एवं कुछ स्थानों पर पक्के निर्माण कर अतिक्रमण किया गया है। (ग) प्रशासन द्वारा समय-समय पर जनसुविधा को दृष्टिगत रखते हुये मार्ग के अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाती है। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही की जाकर लगभग 03 माह के अंदर अतिक्रमण हटा दिये जावेंगे और जनसुविधाओं को संरक्षित कर दिया जावेगा।

प्रोजेक्‍ट आत्‍मा के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम

44. ( क्र. 3923 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ एवं अलीराजपुर जिले में प्रोजेक्‍ट आत्‍मा कब से संचालित की जा रही है? राज्‍य शासन व केन्‍द्र शासन द्वारा कब-कब कितनी-कितनी राशि दी गई वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) उक्‍त योजना अंतर्गत विगत दो वर्ष में जिलों में कब-कब कितने-कितने किसानों को प्रशिक्षण दिया गया? प्रशिक्षण अवधि (दिनांक सहित) तथा प्रत्‍येक प्रशिक्षण पर हुए व्‍यय की अलग-अलग जानकारी प्रस्‍तुत करें? (ग) उक्‍त योजना मद में जिलों को कब-कब कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है? प्रत्‍येक जिले का वर्षवार ब्‍यौरा दें तथा बतावें कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से अब तक कितने किसानों को किस तरह का लाभ हुआ है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) झाबुआ जिले में आत्‍मा प्रोजेक्‍ट वर्ष 2005-06 से एवं अलीराजपुर जिले में वर्ष 2009-10 से संचालित है। भारत सरकार द्वारा जिलों को सीधे राशि नहीं दी जाती है। संचालनालय स्‍तर से केन्‍द्रांश के अनुरूप राज्‍यांश की राशि आहरित कर सम्मिलित रूप से जिलों को जारी की जाती है। वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) आवंटित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। प्रशिक्षण कार्यक्रम से झाबुआ जिले में 8756 एवं अलीराजपुर जिले में 4942 किसान लाभान्वित हुए हैं। प्रशिक्षण से कृषकों को कृषि एवं संबद्ध विभाग जैसे पशुपालन, मत्‍स्‍य, उद्यानिकी एवं डेरी उद्योग आदि की नवीनतम एवं उन्‍नत तकनीकों के विषय में लाभ प्राप्‍त हुआ।

काबिल काश्त भूमि का मालिकाना हक दिया जाना

45. ( क्र. 3924 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ-अलीराजपुर जिले में कितने कृषक शासकीय मद की काबिल काश्त भूमि पर काबिज होकर कितने-कितने वर्षों से कृषि कार्य कर रहे हैं तथा इनके द्वारा दण्‍ड के रूप में कितना आर्थिक दण्‍ड राजस्‍व मद में जमा किया जा रहा है? (ख) झाबुआ अलीराजपुर जिले के इन कृषकों द्वारा इतने लंबे समय से काबिल काश्त भूमि पर कृषि कार्य किया जा कर आर्थिक दण्‍ड भी भरा जा रहा है फिर भी इन कृषकों को उक्‍त भूमि का मालिकाना हक नहीं दिया गया क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या शासन वर्षों से कृषि कार्य कर रहे इन कृषकों को शासकीय मद की काबिल कास्‍त भूमि पर मालिकाना हक देने का विचार कर रहा हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) झाबुआ जिले में कुल 6504 कृषकों का कुल 6382.96 हेक्टेयर काबिल काश्त भूमि पर अतिक्रमण पाया गया। वर्ष 2014-15 में अतिक्रमित भूमि पर कुल रूपये 12,95,305/-अर्थदण्ड आरोपित कर राशि जमा करवा कर बेदखल किया गया। अलीराजपुर जिले में कुल 692 कृषकों का कुल 405.74 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर कृषि कार्य किया गया है। जिनसे कुल 7,46,850/-रूपये का अर्थदण्ड राजस्व मद में जमा कर उन्हें बेदखल किया गया। (ख) पृथक से झाबुआ, अलीराजपुर जिले के प्रश्नाधीन कृषकों को मालिकाना हक दिये जाने के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा सकता। न ही शासन स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव लंबित है। (ग) जी नहीं। प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

वसूली करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने बाबत्

46. ( क्र. 3955 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले अंतर्गत 12 वर्षों में यानी वर्ष 2003 से प्रश्‍नांश दिनांक तक की जानकारी प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने पत्र क्रमांक 415 दिनांक 04.01.2016 के माध्‍यम से मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से मांगी गई थी? जिसमें समग्र स्‍वच्‍छता संबंधी जानकारियां चाही गई थी? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्र. 415 दिनांक 04.01.2016 के माध्‍यम से पत्र के बिन्‍दु क्र. 1 से 4 तक की चाही गई जानकारी आज दिनांक तक न दिए जाने के लिए कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी दोषी है तथा उनकी पहचान कर उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे? कार्यवाही करते हुए चाही गई जानकारी की प्रति देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ के कार्यों में राशि मनमानी पूर्ण शासन द्वारा जारी आदेशों एवं निर्देशों के विपरीत खर्च कर दी गई है तथा मौके पर शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया? राशि फर्जी बिल व्‍हाउचर के आधार पर खर्च की गई है? प्रचार-प्रसार की सामग्री के नाम पर वाहन किराये एवं तेल फर्जी तरीके से राशि खर्च कर गवन किया गया एवं झूठी जानकारी खर्च की दी गई? क्‍या जो ग्राम पंचायते निर्मल घोषित की गई है शासन के मापदण्‍डों का पालन करते हुए की गई है जबकि आज भी संबंधित निर्मल पंचायतों में मकान शौचालय विहीन है? शौच क्रिया बाहर करने लोग जाते है? (घ) यदि प्रश्नांश (ग) के अनुसार मौके पर कार्य नहीं किये गए फर्जी तरीके से राशि खर्च की गई इस‍के लिए दोषियों की पहचान कर क्‍या वसूली की कार्यवाही करते हुए आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करायेंगे? साथ ही मनमानी तरीके से घोषित की गई निर्मल पंचायतों की जाँच कराकर दोषियों की पहचान उपरांत कार्यवाही करेंगे? करेंगे तो कब तक? अगर नहीं तो क्‍यो?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जिले में समस्‍त जनपद पंचायतों को जिला पंचायत रीवा के पत्र क्र. 753 दिनांक 12-01-2016 एवं पत्र क्र. 95 दिनांक 04-03-2016 से जिले की समस्‍त जनपद पंचायतों से स्‍पष्‍टीकरण चाहा गया है। स्‍पष्‍टीकरण प्राप्‍त होने पर गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (ग) जी नहीं। शौचालय निर्माण शासन की गाइड लाइन अनुसार कराया गया है तथा फर्जी बिल व्‍हाउचर्स के द्वारा कोई भुगतान नहीं किया गया है। जो ग्राम पंचायत निर्मल घोषित की जाती है, वे राज्‍य शासन/भारत शासन के गठित दल के सत्‍यापन पश्‍चात ही घोषित की जाती है। परिवारों को शौचालय उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वाहन चालकों का नियमितीकरण

47. ( क्र. 4064 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहकारिता विभाग में दै.वे.भो. कर्मचारी, जो वाहन चालक के रूप में कार्यरत हैं, सिवनी जिला के अं‍तर्गत इनकी संख्‍या कितनी है? (ख) क्‍या इनको विभाग में कार्य (वाहन चालक) करते हुये 15-20 वर्ष हो गए हैं? यदि हाँ, तो इनका नियमितीकरण क्‍यों नहीं किया गया? क्‍या शासन के पास इनको नियमित करने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्‍या है, और नहीं, तो क्‍यों, स्‍पष्‍ट करें? (ग) वर्तमान में उक्‍त विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को क्‍या-क्‍या सुविधाएं शासन से प्रदाय की जा रही हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सिवनी जिले में शासन का कोई दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत नहीं है। अपितु उप आयुक्त सहकारिता कार्यालय सिवनी में उर्वरक विकास कोष से संचालित वाहन हेतु 01 वाहन चालक को किये गये कार्य के प्रति पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। (ख) उर्वरक विकास कोष से संचालित वाहन के वाहन चालन हेतु 01 वाहन चालक को दिनांक 4.5.1999 से विभिन्न अवधियों के लिये किये गये कार्य के प्रति पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। कार्य के प्रति उर्वरक विकास कोष से पारिश्रमिक का भुगतान किये जाने, पात्रता न होने से एवं ऐसे कर्मचारियों से नियमितीकरण का कोई प्रावधान न होने से। जी नहीं। उर्वरक विकास कोष से पारिश्रमिक का भुगतान किए जाने एवं पात्रता न होने से नियमित किये जाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभाग में कार्यरत मात्र 01 दैनिक वेतन भोगी वाहन चालक को मुख्यालयीन आदेश क्र./प्रशा./2/14/937 दिनांक 30.8.2014 से 20 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने पर रु. 2500/- प्रति माह विशेष भत्ता स्वीकृत किया गया है।

ग्राम पंचायत सचिवों के मूलभूत अधिकार

48. ( क्र. 4065 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के ग्राम पंचायत सचिव वर्ष, 1995 से कार्यरत हैं एवं शासकीय योजनाओं एवं निर्माण कार्यों का निष्‍पादन कर रहे हैं? म.प्र. शासन द्वारा पंचायत सचिवों को शासकीय कर्मचारी नहीं मानने के क्‍या कारण है? शासन उन्‍हें किस स्‍तर के कर्मचारी मानती है और क्‍यों? (ख) शासन उन्‍हें किस स्‍तर के कर्मचारियों में सम्मिलित करेगा? क्‍या शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों के समान ग्राम पंचायत सचिवों को अवकाश एवं वेतन दिये जाने हेतु कोई नीति निर्धारित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। पंचायत सचिव पंचायत सेवा के कर्मचारी है। ये ग्राम पंचायत में पदस्थ होकर ग्राम पंचायत का कार्य निष्पादन करते है। (ख) यह स्थानीय निकाय के कर्मचारी होने से शासकीय सेवक नहीं है, इसलिए शासकीय सेवकों के अनुरुप लाभ प्राप्त करने की पात्रता नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

समितियों की स्थिति

49. ( क्र. 4152 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वैद्यनाथन समिति की अनुशंसा के आधार पर छतरपुर जिले की किस सहकारी समिति को कितनी राशि उपलब्‍ध करवाई, राशि उपलब्‍ध करवाए जाने के पहले किस समिति पर केन्‍द्रीय सहकारी बैंक का कितना बकाया था वर्तमान में बैंक का कितना बकाया है? (ख) भारत सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफी अभियान के दौरान किस समिति के कितने सदस्‍यों के दर्ज की राशि समिति को प्रदान की गई? (ग) गत तीन वर्षों में किस समिति को समर्थन मूल्‍य पर की गई खरीदी के कारण कितनी हानि हुई, खाद बीज के विक्रय से कितनी हानि हुई इन कार्यों के बदल किस समिति ने बैंकों को कितनी राशि ब्‍याज के रूप में भुगतान की? (घ) समितियों पर बैंक द्वारा बताए जा रहे बकाया को माफ किए जाने के संबध में शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है कब तक समितियों का बकाया माफ कर दिया जावेगा? समय-सीमा सहित बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) समर्थन मूल्य पर की गयी खरीदी एवं खाद, बीज के विक्रय से छतरपुर जिले की किसी भी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति को कोई हानि नहीं हुई है। समितियों द्वारा बैंक को ब्याज के रूप में भुगतान की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) समितियों पर बैंक के बकाया को माफ किये जाने के संबंध में कोई योजना विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कब्‍जा दिलाने बाबत्

50. ( क्र. 4212 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारा. प्रश्‍न संख्‍या 24 (क्र. 1819) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 16‍ दिसम्‍बर 2015 में लक्ष्‍मणबाग संस्‍थान की भूमि खसरा नंबर 1,2,3,4,5,6,7,8, रकबा 4.54 एकड़ ग्राम मगरहा वृत्‍त सीतापुर तहसील मऊगंज काश्‍तकारी हेतु वर्ष 2015-16 के लिए निलामी द्वारा श्री भगवानदीन साकेत तनय जमुना प्रसाद निवासी ग्राम ढेरा को किस कार्य हेतु आवंटित की गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में तहसीलदान मऊगंज द्वारा दिनांक 30.11.2015 को अतिक्रमण हटाया जाकर श्री भगवानदीन साकेत को कब्‍जा दिलाया गया था? जिससे नीलामीकर्ता उपरोक्‍त जमीन में बुबाई, जुताई कर फसल रोपित कर ली थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के संदर्भ में यदि हाँ, तो उपरोक्‍त भूमियों का सूखा राहत राशि 9184 रूपये किसे प्रदान की गई नाम बतावें? इसके लिए कौन दोषी है दोषी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में निलामी द्वारा प्राप्‍त भूमि का देख-रेख एवं गुडाई, निराई नहीं कर पा रहा है? इसके संबंध में संबंधित अधिकारियों, थाना प्रभारी, जिलाधीश, आदि को आवेदन कर जिलाधीश पुलिस अधीक्षक आदि को आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की है? सुरक्षा न मिलने के कारण फलस का नुकसान हो रहा है? (ड.) यदि हाँ, तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है, उसके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी? क्‍या निलामी प्राप्‍तकर्ता का संतुष्टि प्रमाण-पत्र प्रश्‍नकर्ता को प्रदान किया जायेगा? यदि नहीं तो क्‍यों कारण बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्नाधीन भूमि राजस्व वर्ष 2015-16 हेतु कृषि प्रयोजन के लिये नीलामी में दी गई थी। (ख) जी हाँ। नीलामीकर्ता ने बुवाई-जुताई कर फसल रोपित नहीं की थी। (ग) प्रश्नाधीन सूखा राहत राशि राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड-6 क्रमांक 4 की कंडिका 1 के प्रावधानानुसार अतिक्रामक एवं फसल बोने वाले, किसान जिसकी फसल सूखी थी, राजमणि वगैरह को स्वीकृत की गई थी। अतः शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता है। (घ) जी नहीं, वस्तुस्थिति यह है कि नीलामी ग्रहीता को दिनाक 30.11.2015 को मौका कब्जा दिलाया गया था ताकि उसके द्वारा सब्जी लगाने से विवाद होने पर थाना प्रभारी के द्वारा सी.आर.पी.सी की धारा 107,116 जा.फौ. के तहत इस्तगासा क्रमांक 295/2015 न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था तथा दांडिक प्रकरण क्रमांक 1140/2016 पंजीबद्ध किया जाकर दोनों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है। इसी भूमि को लेकर मान. व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2, मउगंज के न्यायालय में व्यवहारवाद क्रमांक 4ए/2015 विचाराधीन है। (ड.) नीलामी प्राप्तकर्ता के द्वारा फसल बोई जाने पर कोई भविष्य में अवरोध करेगा तो नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी

पट्टे की भूमि नियम विरूद्ध बेचा जाना

51. ( क्र. 4376 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले में वर्ष 2005 से 2007 एवं 2012 से 2014 तक तथा मुरैना जिले में वर्ष 2013 से 2015 तक किन-किन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की व्‍यक्तियों की पट्टे की भूमि के विक्रय की अनुमति किन-किन व्‍यक्तियों को कब-कब, किस-किस कलेक्‍टर द्वारा दी गई? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किन-किन व्‍यक्तियों ने पट्टे की भूमि विक्रय किए जाने के बाद, कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी भूमि क्रय की गई? भूमि का सर्वे क्रमांक व ग्राम का नाम सहित विवरण दें? (ग) क्‍या उपरोक्‍त जिलों में तत्‍कालीन कलेक्‍टरों द्वारा भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्‍यक्तियों को भूमिहीन बनाने की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जाएगी? यदि नहीं तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कर्मचारियों का संवि‍लयन

52. ( क्र. 4377 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्‍य सहकारी (अपेक्‍स) बैंक एवं म.प्र. राज्‍य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक, समस्‍त जिला केन्‍द्रीय सहकारी बैंकों तथा जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण बैंकों में कुल कितने पद रिक्‍त हैं? श्रेणीवार रिक्‍त पदों का विवरण दें? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या म.प्र. मंत्रि-मंडल में म.प्र. राज्‍य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक तथा जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों को बंद करने का निर्णय लिया है? यदि हाँ, तो इन क्‍या बैंकों के कर्मचारियों को म.प्र. राज्‍य सहकारी (अपेक्‍स) बैंक व जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंकों में संविलयन किया जाएगा? (ग) म.प्र. राज्‍य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों में कितने किसानों एवं उपभोक्‍ताओं की कितनी राशि फिक्‍स डिपॉजिट के रूप में जमा है? फिक्‍स डिपॉजिट की राशि का उपभोक्‍ताओं और किसानों को कब तक भुगतान किया जाएगा? (घ) म.प्र. राज्‍य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास तथा जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंकों के कर्मचारी एवं अधिकारियों के वेतन भुगतान की क्‍या योजना है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक, दो, तीन एवं चार अनुसार है। (ख) म.प्र. राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक तथा जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों को परिसमापन में लाये जाने का निर्णय लिया गया है। उक्त बैंकों के सेवायुक्तों का प्रदेश के सहकारी बैंकों/सहकारी संस्थाओं में संविलियन किए जाने हेतु संविलियन योजना लागू की गई है। योजना के प्रावधान के अनुसार सेवायुक्तों का संविलियन किया जा सकेगा। (ग) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-पाँच अनुसार है। बैंकों के परिसमापन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। परिसमापक द्वारा परिसमापन की प्रक्रिया के अंतर्गत नियमानुसार भुगतान किया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जिला सहकारी केन्द्रीय बैकों में वेतन का भुगतान हो रहा है। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक में भी वर्तमान में वेतन का भुगतान हो रहा है। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के परिसमापन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। परिसमापन के दौरान परिसमापक द्वारा परिसमापन की प्रक्रिया के अंतर्गत नियमानुसार वेतन भुगतान किया जा सकेगा।

किसानों को अमानक बीज बेचे जाना

53. ( क्र. 4388 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुरैना जिले में किसानों को व्‍यापारियों द्वारा लंबे समय से अमानक बीज बेचा जा रहा है, जिससे उन्‍हें सही फसल का ना तो उत्‍पादन मिल पाता है, ना ही बीज अंकुरण का प्रतिशत ठीक होता है? इस हेतु जिला कृषि अधिकारियों द्वारा क्‍या-क्‍या प्रयास किये हैं? (ख) वर्ष 2014-2015 में कितने-कितने बीज भण्‍डारों से बीजों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे गये? उनमें से किन-किन फर्मों के नमूने अमानक व कितने ठीक पाये गये? अमानक पाये गई फर्मों के नाम पते सहित जानकारी दी जावे? (ग) उक्‍त अमानक बीज बेचने वाली फर्मों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई क्‍या किसी फर्म के खिलाफ अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराया गया है? की गई कार्यवाही की जानकारी फर्मवार दी जावे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। जिले के कृषि अधिकारियों द्वारा बीज के नमूने लिये जाकर अंकुरण परीक्षण हेतु बीज परीक्षण प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। बीज परीक्षण प्रयोगशाला के परिणाम प्राप्‍त होने पर यदि बीज अमानक पाया जाता है तो उसका विक्रय प्रतिबंधित कर बीज अधिनियम 1966 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाती है। (ख) वर्ष 2014-15 में 124 बीज भण्‍डारों से बीजों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे गये। भेजे गये किसी भी बीज नमूने के परिणाम अमानक नहीं पाये गये। सभी बीज नमूने मानक स्‍तर के पाये गये, अत: शेष प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

मानपुर में कृषि विस्‍तार अधिकारी की पदस्‍थापना

54. ( क्र. 4399 ) कुमारी मीना सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला उमरिया के मानपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने ग्रामीण कृषि विस्‍तार अधिकारी हैं, जो विगत 20 वर्षों से अधिक समय तक लगातार पदस्‍थ हैं, पद स्‍थापना दिनांक सहित सूची उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या मानपुर में वर्तमान में पदस्‍थ ग्रामीण कृषि विस्‍तार अधिकारी विगत 20 वर्षों से लगातार पदस्‍थ है? क्‍या इनके विरूद्ध अनेकों शिकायतों भी है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन आदिवासी किसानों के विरूद्ध अनदेखी करने वाले ग्रामीण कृषि विस्‍तार अधिकारी को हटाने हेतु निर्देश जारी करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जिला उमरिया के मानपुर विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत 07 ग्रामीण कृषि विस्‍तार अधिकारी विगत 20 वर्षों से पदस्‍थ है। विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक पर है। (ख) जी हाँ। प्राप्‍त शिकायतें एवं उन पर की गई कार्यवाही का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो पर है, शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट ''ग्यारह''

रोजगार गारंटी योजना का क्रियान्‍वयन

55. ( क्र. 4400 ) कुमारी मीना सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उमरिया जिले में मानपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत खेतों में मेड़बंधान योजना अंतर्गत 1 अप्रैल 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि प्राप्‍त हुई? कितने पात्र हितग्राहियों को इस योजना का लाभ दिया गया? कितने हितग्र‍ाहियों के मेड़बंधान बने हैं? क्‍या किसानों के खेतों में मेड़बंधान कार्य का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिया जा रहा है? (ख) ग्राम पंचायत महरोई, विकासखंड पाली, जिला उमरिया में मे‍ड़बंधान योजना, कपिलधारा एवं आवास योजना में 1 अप्रैल, 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार से प्राप्‍त हुई, कितने हितग्राहियों को कपिलधारा योजना एवं आवास योजना के तहत राशि दी गई, कितने मकान बने हैं? मेड़बंधान बने हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) खेतों में मे‍ड़बंधान नाम से पृथक योजना न होकर महात्‍मा गांधी नरेगा के 'भूमि शिल्‍प' उपयोजना के तहत मे‍ड़बंधान कार्य कराये जाने का प्रावधान है। योजना के तहत कार्यवार राशि आवंटन का प्रावधान न होने से प्रश्‍नांकित अवधि में उमरिया जिले में मानपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मे‍ड़बंधान कार्यों हेतु कोई राशि प्राप्‍त नहीं हुई। योजनांतर्गत स्‍वीकृत कार्यों पर उनकी प्रगति के आधार पर मजदूरी व सामग्री प्रदायकर्ताओं को भुगतान हेतु एफ.टी.ओ. जारी किये जाते हैं। प्रश्‍नाधीन अवधि में 2055 पात्र हितग्राहियों को मे‍ड़बंधान का कार्य स्‍वीकृत किये गये, जिसमें से 1505 मेढबंधान पूर्ण हुए हैं। जी हाँ। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार 1 अप्रैल 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्राम पंचायत महरोई पाली जिला उमरिया को मे‍ड़बंधान, कपिलधारा के कार्यों एवं इंदिरा आवास योजना हेतु पृथक से कोई राशि प्राप्‍त नहीं हुई। महात्‍मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत हितग्राहियों को कियान्‍वयन एजेंसी के रूप में भुगतान किये जाने का प्रावधान नहीं है। इंदिरा आवास योजना के तहत 15 हितग्राहियों को राशि रूपये 7.61 लाख अनुदान राशि विमुक्‍त की गई है इनमें से 08 हितग्राहियों के आवास निर्मित हो गये है। मे‍ड़बंधान के 02 कार्य स्‍वीकृत कार्य पूर्ण हैं।

जिला प्रबंधक लोक सेवा की नियुक्ति के नियम

56. ( क्र. 4417 ) चौधरी चन्‍द्रभान सिंह : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक सेवा प्रबंधन विभाग में जिला प्रबंधक लोक सेवा की नियुक्ति के क्‍या नियम हैं? लोक सेवा प्रबंधन विभाग/राज्‍य लोक सेवा अभिकरण भोपाल को भोपाल संभाग के किस-किस जिला प्रबंधक की नियुक्ति में भ्रष्‍टाचार के संबंध में शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? (ख) यदि शिकायत प्राप्‍त हुई है, तो इस भ्रष्‍टाचार की शिकायतों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? इनकी जाँच किसके द्वारा की गई? जाँच निष्‍कर्ष क्‍या हैं? अगर विभाग ने इन शिकायतों की जाँच नहीं की तो क्‍यों? इन शिकायतों पर त्‍वरित कार्यवाही नहीं हुई, तो कौन जिम्‍मेदार हैं और उन पर क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) विभाग में नियुक्ति भ्रष्‍टाचार की शिकायत पर कार्यवाही करने के लिये प्रभारी अधिकारी कौन हैं और उसके सदस्‍य कौन-कौन हैं? अगर टीम नहीं बनी तो कारण बतायें? कब तक कार्यवाही की जायेगी?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) लोक सेवा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत जिला प्रबंधक लोक सेवा की नियुक्ति के नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं। भोपाल संभाग में भोपाल जिले के जिला प्रबंधक के विरूद्ध शिकायत प्राप्‍त हुई थी। (ख) शिकायत में पूर्ण पता अंकित नहीं था। अत: म.प्र.शासन के सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र 11-40/2014/1/9, दिनांक 20/11/2014 के पैरा दो के अनुसार गुमनाम अहस्‍ताक्षरित, बिना पता लिखी शिकायत पर कार्यवाही न करते हुए शिकायत नस्‍तीबद्ध की गई। (ग) विभाग में नियुक्ति भ्रष्‍टाचार की शिकायत प्राप्‍त होने पर सक्षम अधिकारी द्वारा जाँच अधिकारी नियुक्‍त किया जाकर शिकायत की जाँच करवाई जाती है। जाँच में दोषी पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।

मजरा टोला को राजस्‍व ग्राम घोषित करना

57. ( क्र. 4460 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले के गरोठ विधान सभा क्षेत्र में स्‍थानों पर मजरा एवं टोला कितने हैं? पंचायतवार ब्‍यौरा दें। (ख) मजरा टोला को राजस्‍व ग्राम घोषित करने हेतु क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए हैं? (ग) मजरा टोला की आबादी को मूलभूत सुविधाओं तथा शासन की विभिन्‍न योजनाओं का लाभ देने के लिए यदि राजस्‍व ग्राम परिधि में घोषित नहीं किया जा सकता तो आबादी क्षेत्र घोषित किया जाने के लिए क्‍या प्रावधान है एवं शासन कब तक इन्‍हें आबादी क्षेत्र घोषित करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) गरोठ विधान सभा क्षेत्र में 180 मजरा टोला है। पंचाययतवार पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार(ख) म.प्र.भू-राजस्‍व संहिता में विहित प्रावधान एवं शासन निर्देशानुसार मजरे टोला को राजस्‍व ग्राम बनाये जाने के मापदण्‍ड निम्‍नानुसार है :- 1. मूल राजस्‍व ग्राम से मजरे टोलों की दूरी 2 कि.मी. या अधिक होनी चाहिए। 2. पृथक बनाये जा रहे राजस्‍व ग्राम का क्षेत्रफल 200 एकड़ से कम न हो तथ पृथक हुए उक्‍त ग्राम की आबादी 200 या अधिक हो चाहिए। 3. पृथक बनाये जा रहे, राजस्‍व ग्राम की चतुर्सीमायें मूल ग्राम से एवं अन्‍य सीमवर्ती ग्रामों से मिलनी चाहिए मजरे टोलों से पृथक बनाये जा रहे राजस्‍व ग्राम की सीमायें मूल ग्राम की सीमाओं के अन्‍दर ही स्थित न रहे। (ग) म.प्र.भू-राजस्‍व संहिता के अंतर्गत आबादी घोषित किये जाने के प्रावधान धारा 243 में वर्णित है। धारा 243 में अधिकार कलेक्‍टर को है तथ कलेक्‍टर द्वारा निर्धारित मापदण्‍डो के अनुसार कार्यवाही की जाती है।

वृद्धावस्‍था, विधवा पेंशन व विकलांग पेंशन वितरण

58. ( क्र. 4474 ) श्री लखन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वृद्धावस्‍था पेंशन, विधवा पेंशन व विकलांग पेंशन के लिए पात्रता के लिए कौन-कौन से मापदण्ड हैं? (ख) इनको क्रमश: कितनी-कितनी राशि प्रदान की जाती है? अलग-अलग बताएं? क्‍या विकलांग पेंशन, विधवा पेंशन व वृद्धावस्‍था पेंशन हेतु बी.पी.एल. कार्ड अनिवार्य है? (ग) विधान सभा पथरिया में पेंशन हेतु पात्र हितग्राहियों की अलग-अलग संख्‍या बताएं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

परिशिष्ट ''बारह''

ग्राम पंचायत पटहटकला में पोल्‍ट्री फार्म द्वारा प्रदूषण

59. ( क्र. 4493 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले की त्‍योंथर तहसील में ग्राम पंचायत पटहटकला जनपद पंचायत त्‍योंथर के ग्राम खम्‍हरा में लगभग 20 वर्षों से संचालित है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उपरोक्‍त पोल्‍ट्री फार्म में मृत मुर्गे, मुर्गियां एवं चूजे तथा खराब अण्‍डों को आग लगाकर खुले में जलाया जाता है? (ग) यदि हाँ, तो उससे विषेली गैस, धुआं निकलने से आस-पास के लगभग 20 ग्राम पंचायतों के रहवासियों एवं जीव-जन्‍तु, पशु-पक्षी, पेड़-पौधों को होने वाले नुकसान से एवं बीमारी से बचने के लिये पोल्‍ट्री फार्म प्रशासन द्वारा क्‍या व्‍यवस्‍था एवं उपाय अपनाये जाते है? (घ) क्‍या पोल्‍ट्री फार्म प्रशासन द्वारा उनके द्वारा फैलाई गई गन्‍दगी, प्रदूषण से पीडि़तों को राहत प्रदान की जाएगी? यदि नहीं तो क्‍यों? पोल्‍ट्री फार्म प्रशासन के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश में वर्णित स्थिति संज्ञान में नहीं आई है तथापि जाँच हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रीवा के आदेश क्रमांक 6599 दिनांक 08.03.2016 द्वारा पशु चिकित्सा सेवाएं जिला रीवा को आदेशित किया गया है। (ग) उत्तरांश अनुसार जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत शासन के नियम-निर्देशो के अनुसार नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) उत्तरांश अनुसार। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

धान की फसल सूखने का सर्वे

60. ( क्र. 4494 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले की त्‍योंथर तहसील के पटवारी हल्‍का कैथी-11 एवं पटवारी हल्‍का नेगुरा-16 में धान की फसल सूखने का सर्वे नहीं किया गया और न ही किसी किसान को सहायता राशि दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो कारण बतायें? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पटवारी हल्‍कों के किस गांव में कितने रकवे में धान की फसल बोई गई थी? (घ) उपरोक्‍त पटवारी हल्‍कों में धान की फसल सूखने के बावजूद भी किसानों को सहायता नहीं दिये जाने के लिये कौन दोषी है? दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे? सर्वे कराकर क्‍या किसानों को सहायता देंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) तहसील त्‍योंथर अंतर्गत पटवारी हल्‍का कैथी एवं नेगुरा में धान की फसल सूखने के संबंध में पटवारियों के दल द्वारा सर्वे का कार्य कराया गया। मौके पर सिंचित धान की फसल बोई गई थी जो सूखे से प्रभावित नहीं थी, इसलिए सूखा हेतु राहत राशि का प्रकरण तैयार नहीं किया गया। (ख) सिंचित धान की फसल होने एवं अवर्षा से प्रभावित न होने के कारण प्रकरण तैयार नहीं किया गया। (ग) पटवारी हल्‍का कैथी के कुल 9 ग्रामों में 470.850 हेक्‍टेयर पर एवं पटवारी हल्‍का नेगुरा के कुल 9 ग्रामों में 1055.450 हेक्‍टेयर भूमि पर धान की फसल बोई गई थी जो सिंचित थी। (घ) धान की फसल सिंचित होने से सूखा से फसल क्षति नहीं होने के कारण किसानों को राहत राशि नहीं दी गई। अत: इसके लिए कोई भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

गंभीर वित्‍तीय अनियमितता

61. ( क्र. 4506 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के विकासखण्‍ड मैहर, उचेहरा, सोहावल, मझगवां में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा रबी वर्ष 2014-15 में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के अंतर्गत करोड़ों रूपयों की कृषि सामग्री बगैर सप्‍लाई के भुगतान किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में शिकायत शपथ-पत्र सहित कृषकों द्वारा संबंधित विभाग, लोकायुक्‍त, ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. को की गई थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में यदि हाँ, तो विभाग द्वारा, लोकायुक्‍त द्वारा एवं ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई पृथक-पृथक विवरण देवें? यदि नहीं की गई तो क्‍यों? पृथक-पृथक कारण बतावें, की जावेगी तो कब तक समय-सीमा पृथक-पृथक बतावें? (घ) क्‍या जिन अधिकारी/कर्मचारी के भ्रष्‍टाचार की शिकायत की गई है, उन्‍हें पदस्‍थ स्‍थान से बिना हटाए ही जाँच की जा रही है? (ड.) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में निष्‍पक्ष जाँच दल बनाकर पदस्‍थापना स्‍थान से हटाकार जाँच करायी जावेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सतना जिले में रबी वर्ष 2014-15 में विकासखंड मैहर, उचेहरा, सोहावल, मझगवां में इस तरह का कोई भुगतान बगैर सप्‍लाई के नहीं किया गया है। (ख) जी हाँ। प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्‍थापना से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ड.) प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही प्रचलन में है। समस्‍त कृषकों एवं समस्‍त गाँवों हर विकासखंड पूरे जिले की विस्‍तृत जाँच होने से जाँच करने में समय लगना स्‍वभाविक है। वर्तमान में जाँच प्रचलन में है।

परिशिष्ट ''तेरह''

बैरसिया ग्राम पंचायतों के मास्‍टर प्‍लान

62. ( क्र. 4527 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश की पंचायतों के समग्र विकास की दृष्टि से पंचायत स्‍तर पर मास्‍टर प्‍लान बनाकर उसे लागू करने के संबंध में विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों की प्रतियां उपलब्‍ध करावें? (ख) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कितनी पंचायतों के मास्‍टर प्‍लान तैयार कर लिये गये हैं? ग्रामों की सूची उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं तो कब तक तैयार कर लिये जावेंगे? (ग) पंचायतों के मास्‍टर प्‍लान तैयार किये जाने हेतु विषय विशेषज्ञों से सलाह/मार्गदर्शन लिये गये हैं अथवा नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रदेश में ग्राम पंचायतों के समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए मास्टर प्लान के समाê