मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 16 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



समुचित स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा उपलब्‍ध कराई जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( *क्र. 3033 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. सरकार द्वारा प्रदेश के अन्‍दर पुरूषों में शुक्राणुओं की हो रही कमी एवं नपुंसकता की बढ़ रही संख्‍या के सुधार बाबत् कार्य योजना तैयार की है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के संबंध में म.प्र. सरकार के लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग द्वारा प्रश्‍नांश (क) के मरीजों के सत्‍यापन/चिन्‍हांकन बाबत् कार्यवाही की जा रही है? अगर हाँ, तो रीवा संभाग में इस तरह के कितने मरीज चिन्‍हांकित किए गये? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार मरीजों के उपचार बाबत् कितनी राशि सरकार द्वारा उपलब्‍ध कराई गयी? सरकार द्वारा अण्‍डकोषीय अल्‍ट्रासाउंड, ट्रांसरेक्‍टल अल्‍ट्रासाउंड, टेस्‍ट, हार्मोन परीक्षण, जेनेटिक परीक्षण, शुक्राणु रोधक एंटीबॉडी परीक्षण सहित अन्‍य परीक्षण सहित अन्‍य परीक्षण बाबत् सुविधाएं सरकार द्वारा किन-किन जिलों मे उपलब्‍ध करायी गयी? क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा इन बीमारियों के कारण एवं लक्षण का भी पता लगाया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (क) की बीमारी का प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) अनुसार मरीजों के सत्‍यापन के साथ जाँच कर समुचित उपचार व रोकथाम की कार्यवाही न करने के लिए कौन-कौन जिम्‍मेदार है? उन पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? साथ ही मरीजों के समुचित उपचार एव जाँच बाबत् क्‍या निर्देश जारी करेंगे? अगर नहीं, तो क्‍यों नहीं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ, महिला स्वास्‍थ्‍य शिविरों के माध्यम से नि:संतानता दम्पत्तियों का चिन्हांकन किया जाता है। रीवा संभाग अंतर्गत 126 व्यक्ति चिन्हांकित किए गए। (ग) जी हाँ। राज्य बीमारी सहायता निधि अंतर्गत बी.पी.एल. परिवार के नि:संतानता प्रकरणों के उपचार हेतु राशि का प्रावधान किया गया है। उल्लेखित सुविधाएं किसी भी जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। जी नहीं। (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में कोई जिम्मेदार नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होते हैं।

ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर एवं अन्य स्टॉफ की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( *क्र. 2691 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराये जाने के लिये किन-किन जिलों में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कराया गया है तथा उनके पूर्ण निर्मित होने की दिनांकित जानकारी जिलेवार उपलब्ध कराई जावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) में पूर्ण निर्मित हुए ट्रॉमा सेंटर कब प्रारंभ होंगे तथा वहाँ पर कब तक डॉक्टर एवं अन्य स्टॉफ की पूर्ति की जावेगी? (ग) क्या प्रदेश में ट्रॉमा सेंटर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराये जाने के लिये डॉक्टर एवं अन्य स्टॉफ की कमी है? यदि हाँ, तो क्या शासन द्वारा ऐसे ट्रॉमा सेंटर जो डॉक्टर एवं अन्य स्टॉफ की पूर्ति के अभाव में अब तक क्षेत्र के नागरिकों के लिये प्रारंभ नहीं किये जा सके हैं, उन्हें निजी हाथों में सौंपकर क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराये जाने के प्रयास किये जा सकेंगे? यदि नहीं तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आवंटन के विरुद्ध व्यय पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( *क्र. 4035 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मांग संख्या-19 के मुख्य शीर्ष 2210 एवं 2211 के अंतर्गत उद्देश्य शीर्ष कार्यालय व्यय-22-008, भोजन व्यवस्था-34-004, सुरक्षा व्यवस्था-31-005 एवं साफ-सफाई व्यवस्था-31-006 में विगत 03 वर्षों में कितना आवंटन दिया गया? जिलेवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार आवंटन के विरुद्ध कितना व्यय किया गया? जिलेवार जानकारी देवें। (ग) विभाग द्वारा योजना शीर्ष 1508, 2283, 2777, 5998, 8150, 0621 एवं 2703 के अंतर्गत प्रदेश के समस्त जिलों को वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कितना आवंटन दिया गया? जिलेवार जानकारी देवें। वर्तमान में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, वेतन, कार्यालय व्यय के कितने देयक भुगतान हेतु लंबित हैं? उक्त देयकों का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? (घ) क्या विभिन्न प्रकार के उद्देश्य शीर्ष के अनियमित रूप से वित्तीय आवंटन में संचालनालय स्तर से भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है? इसके लिए दोषी अपर संचालक वित्त, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएँ के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शा. बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महा. सागर में पदस्‍थ स्‍टेनोग्राफर के विरूद्ध कार्यवाही

[चिकित्सा शिक्षा]

4. ( *क्र. 4099 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्री सुनील कुमार जैन, स्‍टेनोग्राफर, बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय सागर के अधिष्‍ठाता के निज स्‍टेनोग्राफर के पद पर प्रथम नियुक्ति दिनांक फरवरी 2009 से आज दिनांक तक 09 वर्षों से एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ है जबकि चिकित्‍सा महाविद्यालय में पूर्व से अन्‍य स्‍टेनोग्राफर पदस्‍थ हैं, जिनका रोटेशन अनेक बार अनेक शाखाओं में हो चुका है, जबकि श्री सुनील कुमार जैन का 9 वर्षों से किसी अन्‍य शाखा में स्‍थानांतरण न किये जाने का कारण एवं नियमों की जानकारी प्रदान करें। (ख) श्री सुनील कुमार जैन, स्‍टेनोग्राफर, बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय सागर में आवास शाखा के प्रभारी हैं। क्‍या इन्‍होंने नियम विरूद्ध तरीके से दीप्‍ती पाण्‍डेय स्‍टॉफ नर्स को प्रदर्शक वाला टाईप 05 क्‍वाटर अलॉट करवाया है, जबकि दीप्‍ती पाण्‍डेय तृतीय श्रेणी कर्मचारी हैं और उक्‍त आवंटित आवास हेतु अपात्र हैं। इसी प्रकार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को आवंटित बिल्डिंग में अनेक तृतीय श्रेणी कर्मचारी अनाधिकृत रूप से श्री सुनील जैन को किराया देकर निवासरत हैं। उक्‍त की गई अनियमितताओं के विरूद्ध श्री जैन स्‍टेनोग्राफर तत्‍कालीन आवास आवंटन शाखा प्रभारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) श्री सुनील कुमार जैन, स्‍टेनोग्राफर, बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय सागर की पदस्‍थापना परिवर्तन कब तक कर दी जायेगी? (घ) क्‍या शासकीय बुन्‍देलखण्‍ड चिकित्‍सा महाविद्यालय सागर के अधिष्‍ठाता कार्यालय के आदेश क्रमांक 6869/स्‍था./अराज/2015 सागर दिनांक 30.09.2015 के माध्‍यम से श्री मोहम्‍मद नासिर पद स्‍टेनो टायपिस्‍ट से स्‍टेनोग्राफर के पद पर दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर पदोन्‍नत किया गया एवं साथ ही एक वर्षीय कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा शासकीय मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍था से पास कर डिप्‍लोमा जमा करने को आदेशित किया गया? उक्‍त कर्मचारी को मध्‍यप्रदेश शासन के पदोन्‍नति नियमों को दर किनार करते हुये किस नियम के आधार पर दो वर्ष की परिवीक्षा आधार पर पदोन्‍नत किया गया? (ड.) तत्‍कालीन डीन, डॉ. एल.पी. बर्मा एवं पदोन्‍नति समिति के तत्‍कालीन अध्‍यक्ष डॉ. ए.के. रावत के विरूद्ध गलत नियमों के तहत मोहम्‍मद नासिर को दी गई पदोन्‍नति पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई अथवा की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

इंदौर संभाग अंतर्गत पैथोलॉजी लेब/ब्लड कलेक्शन सेंटरों की संख्‍या

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

5. ( *क्र. 1945 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलग-अलग स्थानों पर एवं अन्यत्र शहरों एवं गांवों मे ब्लड सेंपल कलेक्शन करने के सेंटर खोलने के शासन द्वारा क्या दिशा निर्देश दिये गये हैं? उक्त संबंध में प्रसारित दिशा निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) इन्दौर संभाग में किन-किन पैथोलॉजी लेब के कितने ब्लड कलेक्शन सेंटर हैं? उन पैथोलॉजी लेब के नाम एवं उनके सेंटर कहाँ-कहाँ पर हैं? उनके नाम, पते सहित जानकारी उपलब्ध करावें

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है।

प्रसूता माताओं/आशा कार्यकर्ताओं को आर्थिक सहायता 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( *क्र. 2626 ) पं. रमेश दुबे : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. प्रसूता माताओं एवं आशा कार्यकर्ताओं को किस योजना में कितनी राशि, प्रसूति के कितने दिनों के भीतर भुगतान किये जाने के नियम निर्देश हैं? क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले में नियम निर्देशों के अनुसार समय पर इस योजना का लाभ हितग्राहियों को मिल रहा है? यदि नहीं तो क्‍यों और यदि हाँ, तो विकासखण्‍ड चौरई एवं बिछुआ के विगत एक वर्ष में हुए प्रसूति का दिनांक एवं आर्थिक सहायता उपलब्‍ध कराने के दिनांक सहित दस्‍तावेज संलग्‍न करें (ख) छिन्‍दवाड़ा जिले के विकासखण्‍ड चौरई एवं बिछुआ में किन-किन प्रसूता माताओं एवं आशा कार्यकर्ताओं को उक्‍त योजना के तहत राशि का भुगतान होना कब से लंबित है? लंबित रहने का कारण स्‍पष्‍ट करते हुए यह बतावें कि इसके लिए कौन लोग जिम्‍मेदार हैं और इन्‍हें कब तक भुगतान कर दिया जावेगा? (ग) क्‍या विकासखण्‍ड चौरई में उक्‍त योजना की राशि नगद भुगतान करने, भुगतान करते समय राशि काटकर कम भुगतान करने की शिकायत प्राप्‍त होने पर प्रश्‍नकर्ता ने कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, छिन्‍दवाड़ा, प्रभारी मंत्री छिन्‍दवाड़ा को पत्र प्रेषित किया है? यदि हाँ, तो इस पत्र पर किस स्‍तर से क्‍या कार्यवाही की गयी है? (घ) क्‍या उक्‍त शिकायत की कोई जांच की गयी है? यदि हाँ, तो कौन लोग दोषी पाये गये? क्‍या कार्यवाही की गयी है? कथन व जांच प्रतिवेदन की प्रति संलग्‍न करें और यदि नहीं तो क्‍या जांच की जाकर इस प्रकार के नगद भुगतान करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही कर नगद भुगतान प्रतिबंधित किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पर्यटन विकास की योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[पर्यटन]

7. ( *क्र. 4319 ) श्री जितू पटवारी : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से मुख्‍यमंत्री जी द्वारा विगत पांच वर्षों में क्‍या-क्‍या घोषणायें की हैं? वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार की गई घोषणाओं की वर्तमान स्थित‍ि क्‍या है? कितनी घोषणाओं पर प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्य नहीं हुआ है एवं जिन घोषणाओं पर कार्य चल रहा है अथवा पूर्ण हो चुका है, उन पर कितनी राशि व्‍यय की गई है? (ग) विगत तीन वर्षों में विभाग को केन्‍द्र सरकार के द्वारा किन-किन योजनाओं हेतु कितना-कितना फंड अनुदान के रूप में प्रदान किया गया है एवं विभाग द्वारा उनमें से किन-किन योजनाओं पर कितना-कितना व्‍यय किया गया है? योजनावार एवं वर्षवार जानकारी देवें। (घ) विभाग द्वारा सिंहस्‍थ महापर्व 2016 हेतु किन-किन योजनाओं के कार्यों हेतु कितना-कितना फंड रखा था? किन-किन योजनाओं या कार्यों में कितना-कितना व्‍यय हुआ, इसकी जानकारी देते हुए यह भी बतायें कि विभाग द्वारा सिंहस्‍थ महापर्व में कुल कितना व्‍यय किया गया है?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार।

 

सिविल चिकित्‍सालय रांझी का उन्‍नयन व विस्‍तार

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

8. ( *क्र. 1691 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र केंट जबलपुर के तहत स्थित सिविल चिकित्‍सालय रांझी में आसपास के कितने गांवों के मरीज इलाज हेतु आते हैं? ओ.पी.डी. में औसतन प्रतिमाह कितने मरीजों की जांच कर उनका उपचार किया जाता है? कितने मरीजों को भर्ती किया गया एवं कितने मरीजों को अन्‍यत्र रेफर किया गया है? वर्ष 2014-15 से वर्ष 2017-18 तक की माहवार जानकारी दें। (ख) क्‍या प्रश्‍नांकित सिविल चिकित्‍सालय की ओ.पी.डी. में मरीजों के इलाज व स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी सभी सुविधाएं व संसाधन पर्याप्‍त हैं? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन-कौन सी व्‍यवस्‍थाएं, संसाधन उपकरण व मशीनरी की आवश्‍यकता है? चिकित्‍सकों के कितने पद खाली हैं एवं क्‍यों? इसके लिये जिला प्रशासन व शासन ने क्‍या प्रयास किये हैं? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित सिविल चिकित्‍सालय में मरीजों की बढ़ती हुई संख्‍या को देखते हुये इसकी ओ.पी.डी. व चिकित्‍सालय का उन्‍नयन व विस्‍तार कराने की आवश्‍यकता है? यदि हाँ, तो जिला प्रशासन व शासन ने इसका उन्‍नयन व विस्‍तार कराने की क्‍या योजना बनाई है? यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांकित सिविल चिकित्‍सालय में व्‍याप्‍त अव्‍यवस्‍थाओं, संसाधनों, उपकरणों आदि का अभाव चिकित्‍सकों की कमी को दूर करने हेतु शासन ने क्‍या प्रयास किये हैं? इसमें कब-कब, क्‍या-क्‍या सुधार व्‍यवस्‍थाएं, संसाधनों, उपकरणों/मशीनरी की पूर्ति की है? वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक वर्षवार पृथक-पृथक जानकारी दें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

निजी एवं शा. चिकित्सालयों में संचालित भोजन शालाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( *क्र. 686 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन, इंदौर संभाग के कितने शासकीय एव निजी चिकित्सालय आई.एस.ओ. एवं नेशनल क्वालिटी इंश्‍योरेंस जैसी संस्थाओं से रजिस्टर्ड हैं? सूची उपलब्ध करायें। क्या निजी चिकित्सालयों को उक्त संस्थाओं से रजिस्टर्ड नहीं होने के बाद भी चिकित्सालय संचालन की अनुमति दी जा सकती है? (ख) उक्त संभाग के कितने चिकित्सालयों, नर्सिंग होम ने अस्पताल में ही भोजनशाला प्रारम्भ करने हेतु फूड लायसेंस रजिस्ट्रेशन ले रखा है, उनकी प्रतिलिपि चिकित्सालयों के नाम सहित उपलब्ध करायें क्या उक्त संभाग के निजी चिकित्सालयों में मरीजों एवं परिवारजनों के भोजन की दर स्वास्‍थ्‍य विभाग के किसी सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति में तय किये जाते हैं? यदि हाँ, तो निजी चिकित्सालयों में तय दर चिकित्सालयवार उपलब्ध करायें (ग) गत 1 जनवरी 2010 के पश्चात उक्त संभाग के कितने-कितने निजी चिकित्सालयों में फूड-पॉयजनिंग के प्रकरण कहाँ-कहाँ सामने आये? क्या चिकित्सालयों में भोजन मरीज की डाईट अनुसार दिया जाता है? यदि हाँ, तो कम मात्रा के भोजन के 200-300 रु. क्यों लिए जाते हैं? क्या उक्त अवधि में उपसंचालक खाद्य व औषधि प्रशासन ने इन निजी चिकित्सालयों के भोजन के सेम्पल की जाँच की है? यदि हाँ, तो उसमें क्या-क्या कमियाँ कहाँ-कहाँ पायी गयी? सेम्पल की दिनांकवार जानकारी देवें। यदि नहीं तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी इस प्रशासन से संबंधित नहीं हैं। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। इस प्रशासन द्वारा भोजन की दर निर्धारण नहीं किया जाता है। अत: प्रश्‍नांश में चाही गई शेष जानकारी इस प्रशासन से संबंधित नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जनवरी 2010 के पश्‍चात उज्‍जैनइंदौर संभाग के किसी भी निजी चिकित्‍सालय में फूड पॉयजनिंग के प्रकरण इस प्रशासन के संज्ञान में नहीं आये हैं। मरीज की डाईट एवं भोजन की दर का निर्धारण इस प्रशासन द्वारा नहीं किया जाता है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 2 अनुसार है

चिकित्सकों एवं उपकरणों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( *क्र. 124 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में शासकीय अस्पतालों में सेटअप अनुसार शासन द्वारा चिकित्सकों एवं स्टॉफ के कितने पद स्वीकृत हैं? अस्पतालवार सूची देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्वीकृत पद के अनुसार कितने चिकित्सक एवं स्टॉफ कार्यरत हैं? विगत 4 वर्षों में प्रश्नकर्ता के द्वारा चिकित्सकों एवं स्टॉफ, चिकित्‍सा उपकरणों की पूर्ति हेतु कब-कब प्रस्ताव प्रस्तुत किये गए हैं? प्राप्त प्रस्ताव अनुसार विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (ग) क्या बड़वाह अस्पताल में दन्त चिकित्‍सक की पदपूर्ति तो हो गई, किन्तु उपकरण उपलब्ध नहीं कराये गए हैं? यदि हाँ, तो ऐसी पदपूर्ति का क्या औचित्य है? उपकरणों की पूर्ति कब तक की जावेगी? इसी प्रकार अन्य अस्पतालों में भी पद एवं उपकरणों की पूर्ति कब तक की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। विभाग निरंतर पदपूर्ति हेतु प्रयासरत है, विगत 04 वर्षों में उपलब्धता अनुसार बड़वाह विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 12 चिकित्सक, 07 स्‍टॉफ नर्स, 03 फार्मासिस्ट, 04.एन.एम. की पदस्थापना की गई है। मांग अनुसार डेंटल चेयर एवं डेंटल स्टुल की आपूर्ति की जा चुकी है। मांग अनुसार एवं निर्धारित मापदण्ड अनुसार संस्था की पात्रता अनुसार उपकरण प्रदान किए जाने संबंधी कार्यवाही निरंतर जारी है। (ग) उत्तरांश () अनुसार। निर्धारित मापदण्ड अनुसार एवं मांग अनुसार परीक्षण उपरांत निरंतर उपकरणों की पूर्ति की कार्यवाही जारी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

तालाबों से पानी लिफ्ट किया जाना

[जल संसाधन]

11. ( *क्र. 4060 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ककेटो, अपर-ककेटो एवं पेहसारी तालाब से जो पानी तिघरा डेम में लिफ्ट कर लाया जा रहा है, क्‍या यह स्थाई निदान है? यदि हाँ, तो कैसे? यदि नहीं तो इस वर्ष कितने दिनों तक इस ककेटो डेम से कितना पानी लिफ्ट किया गया तथा कितना पानी तिघरा डेम में पहुंचा तथा कितना वेस्टेज गया? इस पानी को लिफ्ट कर तिघरा तक लाने में सरकार का कितना खर्चा आया? इतना खर्चा कर उक्त तालाब क्षेत्रों के किसानों की फसलों को सिंचाई से वंचित रखा जाना क्या इन तालाब क्षेत्र के किसानों के साथ अन्याय नहीं है? यदि हाँ, तो ऐसा क्यों किया जा रहा है? क्या स्थाई निदान हेतु ग्वालियर शहर को पेयजल पूर्ति के लिये चम्बल नहर से पानी लाना है? यदि हाँ, तो इस संकट के पैदा होने तक इस सम्बन्ध में विलम्ब किन-किन अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुआ? कब तक चम्बल नहर से तिघरा डेम में पानी लाने की स्थाई व्यवस्था कर पानी पहुंचा दिया जावेगा? (ख) क्या ककेटो, अपर ककेटो, पेहसारी तालाब से हिम्मतगढ़, रायपुर एवं बरई चौरसिया तालाब को लिंक कर जलभराव की शासन की योजना थी? यदि हाँ, तो क्‍या इन तालाबों से लगने वाले ग्राम पंचायत, बड़ा गांव, मोहना, ददौरी, सहसारी, दौरार, चराई श्‍यामपुर, रेहट, महारामपुरा, सिरसा, घाटीगांव, धुआँ, बरई, पनिहार, रायपुर, नयागांव, हिम्मतगढ़, पार, सिमरिया, हुकुमगढ़, बनवार, उर्वा, मऊछ, धिरौली, अमरौल इत्यादि जहाँ पिछले 10-12 वर्षों से वर्षा बहुत कम होती जा रही है? यदि हाँ, तो इन पंचायतों तथा तालाब क्षेत्र के कैचमेन्ट ऐरिया में क्या इतनी कम वर्षा से इन ग्रामों में पेयजल एवं फसलों की सिंचाई का संकट पैदा हो गया है? यदि हाँ, तो क्या आने वाले वर्षों में इन तालाबों का पानी तिघरा तालाब को न देकर हिम्मतगढ़, रायपुर एवं बरई चौरसिया तालाबों को भरकर इन तालाब क्षेत्रों में आने वाली ग्राम पंचायतों के ग्रामवासियों को उपलब्ध कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। अल्‍प वर्षा से उत्‍पन्‍न गंभीर स्थिति के कारण ककेटो बांध से दिनांक 13.11.2017 से दिनांक 10.02.2018 तक 32.03 मिघमी. पानी उद्वहन किया जाकर तिघरा बांध में 22.71 मिघमी. पानी पहुंचाया गया। मार्ग में 9.32 मिघमी. पानी की हानि हुई। उद्वहन करने पर रू. 544.96 लाख व्‍यय हुआ। जी नहीं। उद्वहन किया गया पानी डेड स्‍टोरेज का है, जिसे नहर में प्रवाहित नहीं किया जा सकता। चंबल नहर केवल रबी में संचालित होने से ग्‍वालियर शहर के लिए पेयजल की व्‍यवस्‍था चंबल नहर से की जाना तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं है। अल्‍प वर्षा भौगोलिक आपदा है जिसके लिए किसी अधिकारी के जिम्‍मेदार होने की स्थिति नहीं है। जी नहीं। (ख) विभाग की कोई योजना नहीं है। प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। अल्‍प वर्षा से जल की कमी उत्‍पन्‍न हुई है। जी नहीं, पेयजल सर्वोच्‍च प्राथमिकता होने के कारण प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''एक''

वेतन विसंगति का निराकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

12. ( *क्र. 4084 ) श्री तरूण भनोत : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा अक्‍टूबर, 2006 में ब्रह्मस्‍वरूप समिति की अनुशंसायें लागू की गई थीं? यदि हाँ, तो स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में किन-किन पदों पर उक्‍त अनुशंसायें की गई थीं? जानकारी पदों के नामवार पृथक-पृथक से दी जावे। (ख) प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में विभिन्‍न पदों पर आई.टी.आई. से उत्‍तीर्ण योग्‍यता वाले पदों में वेतन विसंगतियां हैं, जिसमें स्‍टेनोग्राफर पद पर 1 वर्ष आई.टी.आई. योग्‍यता वाले पद को अधिक वेतनमान और रेफ्रि‍जरेटर मैकेनिक पद पर दो वर्ष की आई.टी.आई. योग्‍यता वाले को कम वेतनमान दिया जा रहा है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) सही है तो इस वेतन विसंगति के लिये कौन-कौन अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं और इन पर कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जायेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार ब्रह्मस्‍वरूप समिति की अनुशंसाओं में रेफ्रि‍जरेटर मैकेनिक के वेतनमान की वेतन विसंगति कब तक दूर कर स्‍टेनोग्राफर के समान वेतनमान दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन स्वीकृत पदों हेतु नियमानुसार सेवा भर्ती नियम बनाये जाकर वेतनमान स्वीकृत किये गये हैं। विभाग के अधीन क्रमशः मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें) तृतीय श्रेणी, लिपिक वर्गीय भर्ती नियम 1989 तथा मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग अलिपिकीय (संचालनालय स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित) तृतीय श्रेणी, सेवा भर्ती नियम, 1989 प्रचलित है। जिनमें विभिन्न पदों हेतु निर्धारित योग्यता तथा वेतनमान निर्धारित है। उक्त नियमों के तहत् कर्मचारियों को वेतनमान प्रदत्त किये जा रहे हैं। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अक्टूबर 2006 में ब्रह्मस्वरूप समिति की अनुशंसाओं के बिन्दु 5.3 परिशिष्ट-1 एवं परिशिष्ट-2 के अतिरिक्त शेष समस्त पदों का वेतनमान यथावत रखा जाकर अपरिवर्तित रहेगा। अनुसार अन्य पदों सहित रेफ्रि‍जरेटर मैकेनिक का वेतनमान अपरिवर्तित रखा गया है।

संविदा कर्मचारियों की मांगों का निराकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

13. ( *क्र. 4168 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कारण है कि म.प्र. के ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं प्रदान करने वाले संविदा कर्मचारियों की मांगों का निराकरण विभाग द्वारा नहीं किया जा रहा है? (ख) वर्ष 2013- 2016 के हड़ताल/आंदोलन के समय इन्‍हें दिए गए आश्‍वासन प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों लंबित है? स्‍वास्‍थ्‍य संचालक भोपाल के पत्र क्र.-3/ए/क्र./स्‍था./2013/785 भोपाल, दि. 19.03.2013 पर की गई समस्‍त कार्यवाही की छायाप्रति देवें। (ग) यदि उपरोक्‍तानुसार कार्यवाही नहीं की गई है तो कारण बतावें। क्‍या यह पत्र हड़ताल/आंदोलन समाप्‍त कराने का कोई षड्यंत्र था? (घ) इनकी मांगों का निराकरण कब तक कर दिया जाएगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

तहसील अमानगंज में बांध का निर्माण

[जल संसाधन]

14. ( *क्र. 3510 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र गनौर अन्‍तर्गत ग्राम विक्रमपुर तहसील अमानगंज में बांध निर्माण किया गया? जिसका नामकरण द्वारी तालाब के नाम पर किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो बांध विक्रमपुर की राजस्‍व भूमि में निर्मित होने के बावजूद द्वारी के नाम पर नामकरण क्‍यों किया गया? उक्‍त बांध में कितने हेक्‍टेयर भूमि कितने किसानों की अधिग्रहीत की गई? उन्‍हें किस मापदण्‍ड अनुसार कितना मुआवजा प्रदान किया गया? (ग) बांध निर्माण का क्‍या उद्देश्‍य है? क्‍या उक्‍त बांध परियोजना से सिंचाई हेतु नहर निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित है? जिससे किन-किन ग्रामों की भूमियां सिंचित होंगी व नहर निर्माण कब तक प्रारंभ किया जावेगा? (घ) क्‍या परियोजना पूरी हो गई है या अधूरी है? यदि अधूरी है तो कब तक पूर्ण की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) द्वारी परियोजना के जलाशय का निर्माण अमानगंज तहसील के ग्राम विक्रमपुर में किया गया है। (ख) परियोजना का सैच्‍य क्षेत्र ग्राम द्वारी में होने से तदानुसार प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई। प्रशासकीय स्‍वीकृति उपरांत बांध का नामकरण नहीं किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) परियोजना का रूपांकित सैच्‍य क्षेत्र ग्राम द्वारी की 295 हे. भूमि है जिसमें सिंचाई की गई है। (घ) पूर्ण है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

तवा बांध की बंद नहर को चालू किया जाना

[जल संसाधन]

15. ( *क्र. 2906 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) होशंगाबाद जिले में तवा बांध से कितने किसानों की कितनी भूमि सिंचित होती है? (ख) क्‍या जिला होशंगाबाद में तवा बांध से जिन नहरों द्वारा सिंचाई किसानों को दी जाती है? अचानक वह बिना सूचना के बंद कर दी गई है, जिससे किसान परेशान हैं? (ग) यदि हाँ, तो यह नहर सिंचाई हेतु कब तक चालू की जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) होशंगाबाद जिले में तवा परियोजना से 84,606 कृषकों की 1,59,277 हेक्‍टर भूमि सिंचित होती है। (ख) जी नहीं, नहरों का संचालन जिला जल उपयोगिता समिति एवं संभागीय जल उपयोगिता समिति नर्मदापुरम संभाग द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार किया गया। (ग) रबी सिंचाई पूर्ण हो चुकी है। नहर पुन: चालू करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अमानक खाद्य सामग्री विक्रेताओं पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

16. ( *क्र. 4166 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.02.2017 से 31.01.18 तक उज्‍जैन जिले में अमानक, मिथ्‍याछाप, मिलावटी, नकली खाद्य सामग्री के कितने प्रकरण बनाये गये? इस अवधि में फूड पॉयजनिंग की घटनाओं की जानकारी भी स्‍थान का नाम, व्‍यक्ति का नाम (जिसके यहाँ घटना हुई हो) पीड़‍ित संख्‍या सहित देवें। (ख) उपरोक्‍त घटनाओं में सक्षम न्‍यायालयों में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी तारीखें लगीं? कितने प्रकरणों में शास्ति अधिरोपित की गई? राशि सहित जानकारी देवें। वसूली की जानकारी भी देवें। (ग) प्रश्‍न क्र. 3175 दिनांक 01.03.17 के (क) उत्‍तर के अनुसार 140 में से 80 प्रकरणों का निराकरण बताया गया, शेष 60 प्रकरणों की अद्यतन स्थिति देवें। इन 80 प्रकरणों में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी वसूली शेष है? (घ) उपरोक्‍त फूड पॉयजनिंग की घटनाओं पर विभाग ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की है।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) उज्‍जैन जिले में दिनांक 01/02/2017 से 31/01/2018 तक अवमानक, मिथ्‍याछाप, असुरक्षित एवं अधिनियम में प्रावधानित अन्‍य धाराओं के अन्‍तर्गत कुल 50 प्रकरण बनाये गये हैं शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 3175 दिनांक 01/03/2017 के प्रश्‍नांश (क) शेष प्रकरणों में से 22 प्रकरणों में सक्षम न्‍यायालय द्वारा कुल 2085000/- रूपये शास्ति संबंधित आरोपी विक्रेताओं के विरूद्ध अधिरोपित की गई है। निर्णित 80 प्रकरणों में प्रश्‍न दिनांक तक राशि रूपये 655000/- की वसूली हेतु शेष है। (घ) फूड पॉयजनिंग की घटित घटना पर अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा प्रशासन जिला उज्‍जैन द्वारा श्री पियूष सकलेचा पिता श्री विमलचंद जैन श्री जैन नाश्‍ता पाईन्‍ट महिदपुर को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 अन्‍तर्गत सुधार सूचना नोटिस जारी किया गया था जिस पर दिये गये निर्देशों का पालन नहीं किये जाने पर संबंधित फर्म का खाद्य पंजीयन 15 दिवस के लिए निरस्‍त किया गया है, साथ ही संबंधित फर्म के विरूद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 58 अन्‍तर्गत परिवाद सक्षम न्‍यायालय में दर्ज किया गया है।

परिशिष्ट - ''दो''

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खिलचीपुर का उन्‍नयन 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

17. ( *क्र. 1264 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खिलचीपुर के अंतर्गत 125-130 ग्राम उपचार हेतु आश्रित हैं? यदि हाँ, तो क्‍या खिलचीपुर नगर स्थित सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर पर्याप्‍त स्‍टॉफ एवं सुविधाओं की अनुपलब्‍धता तथा सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन न हो पाने से नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के आमजनों को हायर सेंटर इन्‍दौर, भोपाल तथा राजस्‍थान राज्‍य के जिला झालावाड़ के चिकित्‍सालयों पर आश्रित होना पड़ता है, लेकिन निर्धन एवं वंचित वर्ग समूह के लोगों को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाता है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक शासन द्वारा सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खिलचीपुर का सिविल अस्‍पताल में विस्‍तार करने हेतु कोई ठोस कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं तो क्‍यों? (ख) क्‍या शासन सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खिलचीपुर पर आश्रित नगरीय जनसंख्‍या 30 हजार एवं 125-130 ग्रामों के निर्धन वर्ग के लोगों को उचित उपचार प्रदान करने की दृष्टि से सिविल अस्‍पताल में उन्‍नत करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। जी नहींसामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खिलचीपुर को सिविल अस्पताल में उन्नयन की पात्रता नहीं आती है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

भवन विहीन स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों के भवन का निर्माण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

18. ( *क्र. 1379 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागौद विधान सभा क्षेत्र के वि.खं. उचेहरा के अंतर्गत उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, प्राथमिक उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के भवनों के संबंध में प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य को खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र उचेहरा जिला सतना द्वारा अपने पत्र क्रमांक 363 दिनांक 15/07/2017 द्वारा जानकारी दी है कि कौन-कौन से उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भवन विहीन, मरम्‍मत योग्‍य हैं तथा समुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र उचेहरा 100 बिस्‍तरीय सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन किये जाने हेतु संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें भोपाल के पत्र क्रमांक 5/विकास-सेल-3/2017/248 दिनांक 04/05/2017 द्वारा जानकारी चाही गई थी, जिसका प्रतिवेदन 25/05/2016 को मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला सतना को भेजा गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो भवन विहीन एवं मरम्‍मत योग्‍य उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के निर्माण्‍ा हेतु प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? तथा सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र उचेहरा को 100 बिस्‍तरीय को सिविल अस्‍पताल में उन्‍नयन करने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँखण्ड चिकित्सा अधिकारी उचेहरा द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उचेहरा को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन किये जाने हेतु प्रतिवेदन दिनांक 25.05.2016 को नहीं अपितु दिनांक 12.05.2017 को मुख्य चिकित्सा एवं अधिकारी जिला सतना को भेजा गया था। (ख) पूर्व से स्वीकृत भवन विहिन उपस्वास्थ्य केन्द्र किराये के भवन में संचालित हैनवीन स्वीकृत उपस्वास्थ्य केन्द्रों को किराये के भवन में संचालित करने हेतु विभागीय निर्णय लिया गया हैमरम्मत योग्य उपस्वास्थ्य केन्द्रप्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रस्ताव एवं प्राक्कलन जिले से अप्राप्त हैंप्रस्ताव प्राप्त होने के उपरांत वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार कार्यवाही की जावेगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उचेहरा का 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन किये जाने हेतु प्रस्ताव का परीक्षण किया जा रहा है।

बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर के भवन का निर्माण

[चिकित्सा शिक्षा]

19. ( *क्र. 375 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलेज सागर के भवनों का निर्माण मध्‍यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्‍डल द्वारा कराया गया है?यदि हाँ, तो क्‍या निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है? (ख) क्‍या बी.एम.सी. सागर में मध्‍यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्‍डल द्वारा भवनों को लो‍क निर्माण विभाग को हस्‍तांतरित करने के पूर्व मरम्‍मत संबंधी कार्यों को पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कार्यों की लागत कितनी है एवं कौन-कौन से कार्य कराये जाना सम्मिलित हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में मरम्‍मत कार्यों को पूर्ण कर हस्‍तांतरण की प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर ली जायेगी?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नहरों की लाईनिंग कार्य हेतु बजट का प्रावधान

[जल संसाधन]

20. ( *क्र. 4235 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नहरों में लाईनिंग के कार्य हेतु केन्‍द्र शासन द्वारा 90% अनुदान दिया जाता है तथा सिर्फ 10% राशि ही राज्‍य शासन को वहन करनी पड़ती है? (ख) क्‍या शासन नहरों में लाईनिंग कार्यों हेतु राज्‍य के 10% अंश हेतु ज्‍यादा से ज्‍यादा राशि का प्रावधान वर्तमान बजट में करेगा? यदि कर चुका है, तो कितनी राशि की गयी है? (ग) विधानसभा क्षेत्र लांजी के अन्‍तर्गत खराड़ी जलाशय की नहरों की लाईनिंग हेतु स्‍वीकृति कब तक दे दी जाएगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं । (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है । लघु सिंचाई परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए बजट में आर.आर.आर. मद में तथा अन्‍य परियोजनाओं के लिए परियोजना विशेष की विस्‍तारीकरण, नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण (ई.आर.एम.) के तहत बजट प्रावधान करने की व्‍यवस्‍था है । (ग) उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन स्‍वीकृत एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए आबद्ध होने के कारण खराड़ी मध्‍यम परियोजना के विस्‍तारीकरण, नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण (ई.आर.एम.) का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं होने से स्‍वीकृति का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है ।

कलाकारों/साहित्यिक व्‍यक्तियों को वित्‍तीय सहायता

[संस्कृति]

21. ( *क्र. 1840 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सभी जरूरतमंद कलाकारों और साहित्यिक व्‍यक्तियों को वित्‍तीय सहायता देने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) के अनुसार गत तीन वर्षों में कितने व्‍यक्तियों को सहायता दी गई है? कितने शेष हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत क्‍या बजट में पर्याप्‍त राशि रखी गई है?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) गत तीन वर्षों में सहायता प्राप्‍त हितग्राहियों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। वर्ष 2014-15 में 05, 2015-16 में 05, 2016-17 में 08 त‍था 2017-18 में अद्यतन तक 3 व्‍यक्तियों को सहायता उपलब्‍ध कराई गई है एवं 13 आवेदनों पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) जी हाँ।

खाचरोद/नागदा के शास. चिकित्सालयों में चिकित्सकों की नियुक्ति 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

22. ( *क्र. 1137 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र खाचरोद एवं नागदा के नगर के शासकीय चिकित्सालयों में स्वीकृत पदों पर चिकित्सकों एवं अन्य स्टॉफ की कमी बनी हुई है? इस कारण से गरीब मरीजों एवं प्रसूताओं को जिला चिकित्सालय उज्जैन रेफर करना पड़ता है, जिससे समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पा रही है? (ख) यदि हाँ, तो शासकीय चिकित्सालय नागदा एवं खाचरोद में कब तक चिकित्सकों एवं अन्य स्टॉफ की नियुक्ति कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सिविल अस्पताल खाचरोद एवं नागदा में पद स्वीकृति मान से चिकित्सा अधिकारी पदस्थ होकर कार्यरत हैं, विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण पदपूर्ति में कठिनाई हो रही है, विशेषज्ञों के कुल स्वीकृत 3556 पदों के विरूद्ध मात्र 999 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। अतः विशेषज्ञों के पद भरे जाने में कठिनाई है। उपलब्ध चिकित्सक/स्‍टॉफ द्वारा आमजन को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। (ख) पदपूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत् हैं, उत्तरांश (क) अनुसार। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

मटेरिया मेडिका विभाग में पदस्‍थ प्रोफेसर 

[आयुष]

23. ( *क्र. 3976 ) कुँवर सौरभ सिंह, श्री मनोज कुमार अग्रवाल, डॉ. मोहन यादव : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय होम्‍योपैथी महाविद्यालय स्‍वशासी संस्‍थान है? क्‍या स्‍वशासी संस्‍था के स्‍वशासी सेवकों की सेवाएं उसी संस्‍थान के लिये होती हैं? क्‍या मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय की डबल बैंच ने wa no 1130 / 2008 में पारित निर्णय में अभिनिर्धारित किया है कि स्‍वशासी सेवकों को अन्‍यत्र पदस्‍थ/स्थानांतरित करने की शाक्ति सरकार में नहीं है? (ख) क्‍या शासकीय होम्‍योपैथी महाविद्यालय भोपाल में स्‍नातक के साथ मटेरिया मेडिका विषय में स्‍नातकोत्‍तर पाठ्यक्रम संचालित है? यदि हाँ, तो क्‍या सी.सी.एच. के मापदण्‍डानुसार वांछित फुलटाईम हायर फैकल्‍टी (रीडर, प्रोफेसर) उपलब्‍ध हैं? मटेरिया मेडिका में पदस्‍थ फुलटाईम हायर फैकल्‍टी के नाम, धारित अध्‍यापन अनुभव अवधि सहित बताएं? (ग) क्‍या स्‍वशासी सेवा की एक प्रोफेसर (मटेरिया मेडिका विभाग) को संचालनालय में प्रभारी उपसंचालक पदस्‍थ किया गया है? क्‍या मटेरिया मेडिका की एक अन्‍य प्रोफेसर का विषय विभाग परिवर्तित कर साइकियाट्री विभाग आवंटित किया गया है? साइकियाट्री विषय विभाग में पदस्‍थ फुलटाईम हायर/लोवर फैकल्‍टी के नाम, पदस्‍थापना/विषय आवंटन दिनांक सहित बताएं (घ) साइकियाट्री विषय के स्‍नातकोत्‍तर पाठ्यक्रम हेतु सी.सी.एच. को भेजी गई फैकल्‍टी का पदवार नामश: विवरण देवें। (ड.) क्‍या मटेरिया मेडिका विभाग में सी.सी.एच. के मापदण्‍डों से अधिक संख्‍या में फुलटाईम हायर फैकल्‍टी उपलब्‍ध है? यदि हाँ, तो नामश: पदवार विवरण देवें? यदि नहीं तो इसके एक प्रोफेसर को प्रभारी, उपसंचालक पदस्‍थ करने की क्‍या इमरजेन्‍सी थी? विद्यार्थियों को फुलटाईम हायर फैकल्‍टी से वंचित करने के लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या कार्यवाही की जाएगी? क्‍या संबंधित प्रोफेसर को वापस बुलाया जाएगा? यदि नहीं तो क्‍यों?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री जालम सिंह पटेल ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। वर्णित याचिका में एक स्वशासी महाविद्यालय से दूसरे स्वशासी महाविद्यालय में स्थानांतरण पर शासन की शक्ति का विवरण है, किन्तु माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपील में उक्त निर्देश को अपास्त किया गया है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ग) जी हाँ। अतिरिक्त कार्यभार के रूप में। फुलटाईम फैकल्टी पदस्थ न होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ड.) जी हाँ। एक प्रोफेसर। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। स्थानीय प्रशासकीय कार्य व्यवस्था अंतर्गत अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

गोपी कृष्‍ण सागर डेम से सिंचाई 

[जल संसाधन]

24. ( *क्र. 4207 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में गोपी कृष्‍ण सागर डेम किस वर्ष में और किस उद्देश्‍य हेतु किस लागत से निर्मित किया गया था? (ख) उक्‍त डेम की जल भंडारण क्षमता कितनी है? एन.एफ.एल. विजयपुर को कितना पानी प्रतिवर्ष किस दर पर दिया जाता है? (ग) उक्‍त डेम में एन.एफ.एल. को दिये जाने के बाद शेष बचे पानी का क्‍या उपयोग किया जा रहा है? (घ) क्‍या उक्‍त डेम से किसानों को सिंचाई हेतु पानी दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो कितने किसानों को लाभ हो रहा है? यदि नहीं तो किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्‍ध कराने की कोई योजना विचाराधीन है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) गोपीकृष्‍ण सागर परियोजना का निर्माण वर्ष 1995 में औद्योगिक प्रयोजन के लिए रू.3374 लाख निवेश कर किया गया। (ख) जल भण्‍डारण क्षमता 78.11 मिघमी. है। एन.एफ.एल. विजयपुर को प्रतिवर्ष 23.50 मिघमी. पानी दिया जाता है। जलकर रू.5.50 प्रति घ.मी. है। (ग) एवं (घ) जी हाँ। शेष पानी में से 13.60 मिघमी. गेल इंडिया लिमिटेड को 0.25 मिघमी. जे.पी. यूनिवर्सिटी ऑफ टेकनोलॉजी राघोगढ़, 0.078 मिघमी. नगर-पालिका राघोगढ़ को आंवटित किया गया है इसके अतिरिक्‍त कृषकों द्वारा उद्वहन कर 450 हे. क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। जी नहीं।

औषधि/उपकरणों का क्रय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( *क्र. 4281 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17, 2017-18 में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में औषधि, सामग्री, उपकरण क्रय की क्‍या नीति नियम प्रचलन में है? प्रति उपलब्‍ध कराई जावे। अस्‍पताल प्रबंधन के लिए किस-किस को क्‍या-क्‍या अधिकार हैं? प्रति उपलब्‍ध कराई जावे। (ख) शिवपुरी जिले के जिला कार्यालय को वर्ष 2016-17, 2017-18 में राज्‍य मद राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन में कितना-कितना, किस-किस मद से बजट प्राप्‍त हुआ? शासन की स्‍वीकृति आदेशों की प्रतियां उपलब्‍ध कराई जावे। (ग) मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी शिवपुरी द्वारा अप्रैल, 2017 से प्रश्‍न प्रस्‍तुत दिनांक तक औषधि अस्‍पताल एवं कार्यालयीन सामग्री, अस्‍पताल उपकरण एवं कार्यालयीन उपकरण क्रय की निम्‍न जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे। फर्म का नाम, पता, आदेश क्रमांक एवं दिनांक सहित आदेश की प्रति, क्रय वस्‍तु का नाम, संख्‍या, दर आदि? क्‍या उक्‍त का क्रय जनहित में आवश्‍यक था? यदि हाँ, तो विश्लेषण पत्रक संलग्‍न करें। (घ) क्‍या मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी शिवपुरी द्वारा प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के अनुसार क्रय की प्रक्रिया अपनाई गई? यदि नहीं तो दोषी अधिकारी पर कार्यवाही कब तक होगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें के संबंध में व्‍यय राशि

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( क्र. 154 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में शासन द्वारा जिला छतरपुर तथा विभिन्‍न विकासखण्‍डों में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं तथा स्‍वास्‍थ्‍य के प्रति जागरूक करने के लिये कार्यक्रमों पर कितना-कितना व्‍यय किया गया? (ख) उक्‍त अभियान, योजना, मद, आवंटित तथा व्‍यय राशि का भौतिक सत्‍यापन कर्ता अधिकारी कौन-कौन हैं? उनके पद सहित नाम बतायें। (ग) शासन की राशि का जो व्‍यय किया गया, जिनके वाउचरों की विधिवत जांच भंडार क्रय नियमों के तहत किन-किन अधिकारियों द्वारा की गई? उनके पद सहित नाम बतायें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट- ''चार''

औषधि प्रशासन अंतर्गत कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( क्र. 155 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ड्रग्‍स विभाग द्वारा छतरपुर जिले में कॉस्‍मेटिक एक्‍ट, 1940, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के संदर्भ में कौन-कौन से नियम, निर्देश जारी किये गये एवं लागू हैं? उनकी प्रति दें और इनके पालन में 1 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही अर्थात नि‍रीक्षण छापे, नमूने जांच सेम्‍पल इत्‍यादि प्राप्‍त किये गये? (ख) जिले में किस-किस के नाम से कौन-कौन सी औषधि केन्‍द्र कहां-कहां पर हैं? क्षेत्रफल, एरिया, लायसेंसधारी द्वारा की गई कागजी कार्यवाही की प्रतिलिपि सहित किस-किस मेडिकल की जांच किसके द्वारा कब की गई तथा क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) छतरपुर जिलान्‍तर्गत उपरोक्‍त अधिनियम, नियमों के क्रियान्‍वयन हेतु कौन-कौन से शासकीय सेवक कितने वर्ष से नियुक्‍त एवं पदस्‍थ हैं? प्रश्‍नांश (क) अवधि से इनके द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही कब-कब, किसके-किसके विरूद्ध की गई? क्‍या एक ही स्‍थान पर लगातार तीन वर्षों से पदस्‍थ कर्मचारी अधिकारियों को अन्‍यत्र हटाने की कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राज्य बीमारी सहायता के प्रकरणों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( क्र. 335 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 4 वर्षों में बण्डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत राज्य बीमारी सहायता के कितने प्रकरण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सागर में प्राप्त हुए हैं? सूची उपलब्ध कराई जाए? (ख) प्राप्त प्रकरणों में कितने हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई एवं कितने प्रकरण आज दिनांक तक लंबित है, उनकी स्वीकृति कब तक कर दी जाएगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) सभी 116 प्रकरणों के हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई हैं एवं कोई प्रकरण लंबित नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं।

स्वीकृत गोपालपुरा नहर का निर्माण

[जल संसाधन]

4. ( क्र. 341 ) श्री हरवंश राठौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम गोपालपुरा में नहर निर्माण का कार्य कब स्वीकृत किया गया? (ख) उक्त नहर निर्माण कार्य का टेण्डर कब हुआ? उसकी लागत तथा एजेंसी के नाम की जानकारी दी जाए। (ग) स्वीकृत नहर का कार्य अभी तक बंद क्यों है? कार्य कब तक प्रारंभ किया जाएगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) पंचमनगर परियोजना की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 03.01.2017 द्वारा रू.674.90 करोड़ की प्रदान की गई। प्रशासकीय स्‍वीकृति में ग्राम गोपालपुरा का सैच्‍य क्षेत्र शामिल है। (ख) पंचमनगर गोपालपुरा प्रेशराइज्‍ड़ पाईप नहर निर्माण का अनुबंध दिनांक 21.04.2017 को मेसर्स मन्‍टेना गोपालपुरा जे.व्‍ही. हैदराबाद से रू.277.50 करोड़ लागत का किया गया। (ग) निर्माण हेतु आवश्‍यक सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कराया गया है। सूक्ष्‍म सिंचाई हेतु पाईप-लाईन के तकनीकी अवयव एवं रूपाकंन स्‍वीकृत किए जा चुके हैं। निर्माण कार्य बंद नहीं है।

सागर नगर स्थित सिद्ध क्षेत्र बाघराज पर सड़क निर्माण

[पर्यटन]

5. ( क्र. 376 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत सिद्ध तीर्थ क्षेत्र बाघराज पर पर्यटन विभाग द्वारा सामुदायिक भवन निर्माण हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत की गयी है? स्‍वीकृत राशि में कौन-कौन से कार्य कराया जाना शामिल है? (ख) क्‍या प्रश्‍नाधीन कार्य पूर्ण कर लिया गया है? (ग) क्‍या सामुदायिक भवन से मुख्‍य मंदिर तक सड़क न होने से आम-जन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन लोगों को होने वाली परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुए सड़क निर्माण कराने हेतु विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) रूपये 25.00 लाख स्‍वीकृत राशि में डे-शेल्‍टर, आंतरिक विद्यु‍तीकरण एवं लेण्‍डस्‍केपिंग के कार्य सम्मिलित है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

शासकीय स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में रिक्‍त चिकित्‍सकों व अन्‍य स्‍टॉफ की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( क्र. 381 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 4868, दिनांक 22 मार्च 2017 के () भाग में पूर्व में दिनों 03/07/2016 में तत्‍कालीन स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री द्वारा मछण्‍ड में एक्‍सरे मशीन लगाने की घोषणा के संबंध में प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में माननीय मंत्री जी ने हाँ में उत्‍तर देकर घोषणा स्‍वीकार कर मछण्‍ड में एक्‍सरे मशीन का प्रावधान स्‍वीकृत न होने का उत्‍तर दिया? यदि हाँ, तो तत्‍कालीन मंत्री जी द्वारा सार्वजनिक रूप से की गई घोषणा का क्रियान्‍वयन न होने, जाँच कराकर कब तक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं तो क्‍यों? (ख) विधानसभा के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1984 दिनांक 24.11.2017 को प्रश्‍नकर्ता के उत्‍तर में 2198 चिकित्‍सकों 1064 नर्सों एवं 1153 पैरामेडिकल स्‍टॉफ की पदस्‍थापना करना स्‍वीकार था? लहार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सिविल अस्‍पताल लहार एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में किस-किस पद पर किस-किस चिकित्‍सक, नर्स, पैरामेडिकल स्‍टॉफ की पदस्‍थापना की गई? पूर्ण जानकारी दें तथा 2198 चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना आदेश की प्रति दें। (ग) क्‍या मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी भिण्‍ड पत्र क्र./क्रय/2017/25003-07 दिनांक 08.12.2017 संयुक्‍त संचालक (अ.प्र.) संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें भोपाल को पत्र लिखकर तथा प्रश्‍नकर्ता ने पत्र भेजकर दूरभाष पर संचालक से चर्चा कर नवनिर्मित सिविल अस्‍पताल लहार एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मछण्‍ड में चिकित्‍सा की कार्यशीलता हेतु उपकरण/फर्नीचर/सामग्री उपलब्‍ध कराने की मांग की थी? यदि हाँ, तो अभी तक कितनी-कितनी सामग्री/उपकरण आदि लहार एवं मछण्‍ड में उपलब्‍ध करायी गई? यदि नहीं तो कारण बतायें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बिजोरा (रावतपुरा) जिला भिण्‍ड में पद एवं भवन की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

7. ( क्र. 382 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 22 मार्च 2017 को प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 4868 के उत्‍तर में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बिजोरा (रावतपुरा) में मापदण्‍ड अनुसार पद स्‍वीकृत होना स्‍वीकर किया था कि उपलब्‍धता अनुसार पदस्‍थापना की जाने एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भवन की प्रशासकीय स्‍वीकृति वर्ष 1994 में जारी कर माह जून 1997 में भवन पूर्ण होने के बाद विभाग ने अधिपत्‍य में लेना स्‍वीकार किया था? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के तारा. प्रश्‍न क्रमांक 1984 दिनांक 1/12/2017 के पुस्‍तकालय में उत्‍तर में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बिजौरा (रावतपुरा) के शासन स्‍तर से कोई पद स्‍वीकृत नहीं है का उत्‍तर देने का कारण बतायें? शासन द्वारा प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बिजौरा (रावतपुरा) के भवन की स्‍वीकृति देकर 22 लाख 67 हजार रूपये राशि का भुगतान किस प्रकार किया गया विवरण दें? (ग) क्‍या सामुदायिक स्‍वस्‍थ्‍य केन्‍द्र लहार भिण्‍ड को नवीन 300 एम.एम. एक्‍सरे मशीन प्रदाय करने हेतु संचालक स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें म.प्र. ने पृ.क्रमांक/अस्‍प/प्रशा./सेल-3/2014/1625 भोपाल दिनांक 01/09/2014 के द्वारा सी.एम.ओ. भिण्‍ड को निर्देश दिया था? यदि हाँ, तो अभी तक एक्‍स-रे मशीन उपलब्‍ध न कराने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ): (क) प्रश्‍न क्रमांक 4868 के प्रश्‍नांश '' हेतु संलग्‍न परिशिष्‍ट -'' में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, बिजौरा रावतपुरा में पद स्‍वीकृति की जानकारी प्रदान नहीं की गई है। (ख) प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के मान से ग्राम बिजौरा (रावतपुरा) में पद स्‍वीकृत नहीं है। भुगतान के विवरण की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) सिविल अस्‍पताल लहार भिण्‍ड को नवीन 300 एम.एम. एक्‍सरे मशीन उपलब्‍ध करा दी गई है।

स्‍टॉप डेम कम काजवे का निर्माण

[जल संसाधन]

8. ( क्र. 448 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 611 दिनांक 04.12.2017 के प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर में श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम ढोढर के समीप पारम नदी पर वर्तमान में बना रपटा पूर्णत: क्षतिग्रस्‍त है नागरिकों को अवागमन में कठिनाइयां आती है वर्षाकाल में आवागमन कम हो जाता है इस कारण मा. मुख्‍यमंत्री जी ने ग्राम ढोढर में दिनांक 25.06.2017 को प्रश्‍नकर्ता द्वारा मांग करने पर स्‍टॉप डेम कम काजवे निर्माण कराने की घोषणा की थी इन तथ्‍यों को स्‍वीकारा है? (ख) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में बताया हैं, कि उक्‍त नदी पर लक्ष्‍मणधारा स्‍टॉपडेम कम काजवे संभावित राशि 347.75 लाख की ऑनलाईन साध्‍यता दिनांक 05.08.2017 को दर्ज की गई तथा विभागीय पत्र दिनांक 23.11.2017 द्वारा ई.ई. जल संसाधन श्‍योपुर को विस्‍तृत प्राक्‍कलन तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त निर्देशानुसार प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या ई.ई. श्‍योपुर द्वारा विस्‍तृत प्राक्‍कलन शासन को स्‍वीकृति हेतु भेज दिया है व कब? इसकी लागत क्‍या है? यदि नहीं तो क्‍यों? मा. मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु क्‍या शासन इसे शीघ्र मंगवाकर वर्ष 2018-19 के बजट में शामिल करेगा व इसे स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी नहीं, विस्‍तृत प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

जिला चिकित्‍सालय में रिक्‍त पद व सुविधाएं 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( क्र. 449 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिला चिकित्‍सालय में वर्तमान में स्‍वीकृत दो सर्जीकल विशेषज्ञों सहित 23 विशेषज्ञों चिकित्‍सकों के पदों में से 16 पद रिक्‍त पड़े है? यदि हाँ, तो इन्‍हें भरने हेतु इनके स्‍वीकृति दिनांक से वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 596 दिनांक 01.12.2017 के प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में बताया था कि आई.सी.यू. के संचालन हेतु चिकित्‍सकों को प्रशिक्षण संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है? क्‍या यह कार्यवाही पूर्ण कर ली है? यदि नहीं तो कब तक पूर्ण की जावेगी? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित विशेषज्ञों के पद रिक्‍त होने, प्रशिक्षित चिकित्‍सकों/स्‍टॉफ के अभाव में आई.सी.यू. प्रारंभ दिनांक से वर्तमान तक बंद रहने, सहित सीटी स्‍केन/अन्‍य जाँच सुविधा के अभाव में चिकित्‍सालय में गंभीर व अति गंभीर मरीजों के ऑपरेशनों (सीजेरियन ऑपरेशन को छोड़कर) की सुविधा अनुपलब्‍ध है? क्‍या उन्‍हें तत्‍काल अन्‍यत्र रेफर कर दिया जाता है? परिणामत: उन्‍हें कठिनाई आ रही है? (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त मरीजों को बेहतर उपचार ऑपरेशन की सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु क्‍या शासन विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के रिक्‍त पद शीघ्र भरेगा व शीघ्र बंद आई.सी.यू. को प्रारंभ करवायेगा तथा सीटी स्‍केन सहित अन्‍य जाँच सुविधायें शीघ्र उपलब्‍ध करवाएगा? इस हेतु समय सीमा बतावें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जिला चिकित्सालय श्यौपुर में विशेषज्ञों के 23 पद स्वीकृत एवं 05 विशेषज्ञ तथा 17 पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सक कार्यरत हैं। प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण पी.जी. चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं, जिला चिकित्सालय में पदस्थ विशेषज्ञों एवं पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सकों द्वारा 100 बिस्तर के मान से समस्त चिकित्सकीय सेवायें प्रदान की जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) रिक्त पदों की पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है। आई.सी.यू. संचालित है। सी.टी. स्केन के संबंध में आवश्यकता एवं उचित माध्यम से मांग प्राप्त होने पर परीक्षण उपरांत कार्यवाही की जावेगी।

मानपुर में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र प्रारंभ 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( क्र. 450 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत मानपुर उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के उन्‍नयन कार्य को वर्ष 2016-17 के बजट में शामिल कर उन्‍नयन हेतु प्रशा. स्‍वीकृति आदेश जारी करने की कार्यवाही प्रचलन में है, ये जानकारी प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 607 दिनांक 01.12.2017 के प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में दी है? (ख) यदि हाँ, तो बतावें कि उक्‍त आदेश की प्रचलित कार्यवाही को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (ग) क्‍या उक्‍त आदेश जारी करने में विलंब के कारण जिस उद्देश्‍य से उक्‍त केन्‍द्र का उन्‍नयन किया गया, उसकी पूर्ति संभव नहीं हो पा रही है तथा मानपुर व क्षेत्रीय मरीज प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र स्‍तर की उपचार सुविधा से वंचित बने हुए हैं, उन्‍हें उपचार हेतु अब भी 14 कि.मी. की दूरी तय कर दुर्गापुरी अथवा अन्‍यत्र जाना पड़ता है, इस कारण उन्‍हें कठिनाइयां आती हैं? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन मानपुर उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के उन्‍नयन हेतु शीघ्र प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी कर उन्‍नयन आदेशानुसार मानपुर में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र निश्चित समय-सीमा में प्रारंभ करवाएगा? यदि नहीं तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) उप स्वास्थ्य केन्द्र मानपुर का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 07.02.2018 को जारी की गई है। (ग) एवं (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश में हुए उत्‍सवों और उस पर हुए खर्चों की राशि

[संस्कृति]

11. ( क्र. 755 ) श्री अजय सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में एकात्‍म यात्रा किस-किस जिलों में कब से कब तक निकाली गई? उक्‍त एकात्‍म यात्रा हेतु किस-किस जिले में कितनी राशि का बजट, किस मद में आवंटित किया गया था? एकात्‍म यात्रा में किस-किस जिलों में कितनी-कितनी राशि किस मद में व्‍यय की गई? जिलेवार/आवंटित मदवार राशि/मदवार व्‍यय राशि का विवरण दें? (ख) एकात्‍म यात्रा हेतु प्रदेश के वित्‍त विभाग द्वारा कुल कितनी राशि की स्‍वीकृति जिलों को व्‍यय हेतु दी? जिलेवार/राशिवार दें। अगर वित्‍त विभाग ने राशि जारी नहीं की तो, जिलों के द्वारा किस-किस मद से उक्‍त राशि कितनी-कितनी व्‍यय की? जिलेवार/व्‍यय की गई राशिवार/विभागवार जानकारी दें? (ग) प्रदेश के मुख्‍यमंत्री ओंकारेश्‍वर सहित किस-किस स्‍थान पर आयोजित एकात्‍म यात्रा के कार्यक्रम में उपस्थित हुए? तिथिवार जानकारी दें। मुख्‍यमंत्री महोदय के कार्यक्रमों में स्‍थानवार, कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में कब-कब व्‍यय की गई? राशिवार जानकारी दें।

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है.

स्‍वीकृत निविदा के पश्‍चात पुन: संशोधित हुई निविदाएं

[जल संसाधन]

12. ( क्र. 953 ) श्री अजय सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग के द्वारा दिनांक 01.01.2015 से 31.12.2017 के दौरान विभाग द्वारा एक करोड़ से ज्‍यादा की किन-किन निविदाओं की किस दर पर स्‍वीकृति प्रदान की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार एवं विभाग द्वारा स्‍वीकृत की गई निविदाओं में से किस-किस निविदाओं की दर को पुन: संशोधित कर, पुरानी दर से ज्‍यादा दर पर स्‍वीकृत कर दिया गया? पुन: संशोधित दर पर स्‍वीकृत निविदाओं की सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार पुन: संशोधित दरें किन नियमों/मापदण्‍डों/शर्तों के तहत स्‍वीकृत की गई? किस नाम/पदनाम के अधिकारियों के द्वारा किस-किस आवेदन के आधार पर उक्‍त संशोधन किया गया?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) स्‍वीकृत किसी भी निविदा की दर को संशोधित नहीं किया गया है। (ग) स्‍वीकृत निविदाओं में दरें संशोधित करने की स्थिति नहीं है। विभाग में विज्ञापन उपरांत ई-टेण्‍डरिंग से प्राप्‍त निविदाओं में से न्‍यूनतम दर/राशि की निविदा को स्‍वीकार किया जाता है। निविदा स्‍वीकृति के समय दरें उचित होने की संतुष्टि की जाती है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

डूब प्रभावित कृषक को मुआवजा भुगतान

[जल संसाधन]

13. ( क्र. 1159 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम किरहाई तहसील अमरपाटन जिला सतना की आ.ख.नं. 515/1, 526/1 एवं 536 के डूब में होने सम्‍बन्‍धी प्रतिवेदन, तहसीलदार, तहसील अमरपाटन के पत्र क्रमांक 1211/प्रवाचक/ दिनांक 11.8.2017 द्वारा कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग सतना जिला सतना की ओर प्रेषित किया गया था? (ख) क्‍या कार्यपालन यंत्री द्वारा प्राप्‍त प्रतिवेदन के आधार पर डूब प्रभावित भूमि के स्‍वामी को मुआवजा का भुगतान कर दिया गया? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं तो क्‍यों? मुआवजा भुगतान न करने का औचित्‍य बतायें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) तहसीलदार द्वारा प्रेषित किए जाने वाले पत्रों की जानकारी विभाग संधारित नहीं करता है। (ख) प्रश्‍नाधीन भूमि डूब क्षेत्र में नहीं होने के कारण प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

शासकीय तालाबों की जानकारी 

[जल संसाधन]

14. ( क्र. 1214 ) श्री संजय शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितने शासकीय तालाब कहाँ-कहाँ पर स्थित हैं? रकबा सहित सूची प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार, इन तालाबों के विधिवत रख रखाव हेतु क्या व्यवस्था है? (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार, वर्ष २०१४-१५ से प्रश्न दिनांक तक शासन द्वारा इन तालाबों के लिये कौन-कौन से कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई? तालाबवार जानकारी प्रदान करें। (घ) प्रश्नांश (क) के अनुसार, अल्पवर्षा की स्थिति में इन तालाबों में जल भराव हेतु शासन ने क्या योजना बनाई है? क्या इनमें गहरीकरण किया जायेगा? (ङ) इन तलाबों के सौंदर्यीकरण हेतु क्या योजना है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) तेंदुखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में विकासखण्‍ड चांवरपाठा के ग्राम जमतरा के समीप जगन्‍नाथपुर जलाशय स्थित है जिसकी सिंचाई क्षमता 44 हे. है। (ख) सिंचाई परियोजना का संधारण जल उपभोक्‍ता संथा द्वारा अपेक्षित है जिसके लिए विभाग जल उपभोक्‍ता संथा को अनुदान देता है। (ग) एवं (घ) सिंचाई जलाशय में जल संग्रहण परियोजना के सैच्‍य क्षेत्र से होता है। जलाशय में जल संग्रहण के लिए पृथक से योजना नहीं बनाई जाती है। जल संसाधन के जलाशयों का गहरीकरण तकनीकी कारणों से उपयुक्‍त नहीं है। (ड.) विभाग जलाशयों का सौंदर्यीकरण नहीं करता है।

प्राचीन मंदिरों एवं दर्शनीय स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना

[पर्यटन]

15. ( क्र. 1215 ) श्री संजय शर्मा : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश मे शासन द्वारा प्राचीन मंदिरों एवं दर्शनीय स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो क्या नरसिंहपुर जिले के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बरमान खुर्द, में प्राचीन रानी दुर्गावती मंदिर, दीपेश्वर महादेव मंदिर, एवं अन्य प्राचीन मंदिरों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) विभाग द्वारा जारी नवीन पर्यटन नीति 2016 के तहत किसी भी स्‍थल को पर्यटक स्‍थल घोषित करने की कोई नीति नहीं है। (ख) उत्‍तरांश अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

आंगनवाड़ी आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय/ वेतन संबंधी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

16. ( क्र. 1233 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में आंगनवाड़ी आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय/वेतन देश के अन्‍य प्रांत जैसे दिल्‍ली, हरियाणा आदि से कम है? यदि हाँ, तो शासन उक्‍त प्रांतों के अनुसार इन कार्यकर्ताओं का वेतन करने पर विचार कर रही है? यदि हाँ, तो कब तक? एवं नहीं तो क्‍यो नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) कार्यकर्ताओं में जिनका कार्यकाल पांच वर्ष या इससे अधिक है तथा जिन्‍हें राज्‍य स्‍तरीय पुरस्‍कारों से नवाजा गया है, क्‍या सरकार इन्‍हें सुपरवाइजर बनाने पर विचार कर रही हैं? (ग) यदि हाँ, तो कब तक एवं किस प्रकार?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहींप्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भारत शासन द्वारा स्वीकृत मानदेय रूपये 3000/- के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा राशि रूपये 2000/-प्रतिमाह दिये जाते है। आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय दिये जाने का प्रावधान नहीं हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। जिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्यकाल 05 वर्ष पूर्ण हो चुका है और वे हायर सेकेण्डरी उत्तीर्ण है उनकी सीमित सीधी भर्ती परीक्षा आयोजित कर कुल रिक्त पदों का 50 प्रतिशत पदों पर चयन कर पदस्थापना का प्रावधान है। राज्य में पुरस्कार प्राप्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पर्यवेक्षक पद पर चयन हेतु पृथक से कोई प्रावधान नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) में उल्लेखित  अनुसार।

आवासीय योजना के लाभ के संबंध में 

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

17. ( क्र. 1266 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत 2016-17 एवं 2017-18 में विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के विकासखण्‍ड खिलचीपुर एवं जीरापुर के अंतर्गत दूरस्‍थ अंचलों से संभागीय मुख्‍यालय पर अध्‍ययन हेतु आने वाले अन्‍य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को विभाग द्वारा संचालित छात्रगृह आवासीय योजनांतर्गत किन-किन छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त अवधि में छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा दिये जाने के विरूद्ध कितनी-कितनी राशि का भुगतान कब-कब, किन-किन को किया गया? (ग) क्‍या उपरोक्‍तानुसार क्‍या वर्तमान शिक्षण सत्र में सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍प संख्‍यक कल्‍याण जिला राजगढ़ द्वारा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा का लाभ प्रदान किये जाने हेतु महाविद्यालय द्वारा अनुमोदित कर प्रेषित की गई सूची से एक भी छात्र-छात्राओं को लाभ प्रदान नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त अधिकारी को तत्‍काल निलंबित कर पूरे प्रकरण की जांच करवाऐगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) विगत वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के विकासखण्‍ड खिलचीपुर एवं जीरापुर के अंतर्गत दूरस्‍थ अंचलों से अध्‍ययन हेतु आने वाले अन्‍य पिछडा वर्ग के छात्रों को विभाग द्वारा संचालित छात्रगृह योजनान्‍तर्गत लाभांवित छात्रों की सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में वर्णित अवधि में छात्रगृह योजनान्‍तर्गत लाभांवित छात्रों के विरूद्ध भुगतान की गई राशि का विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-  अनुसार है। (ग) जी नहीं। महाविद्यालय से कोई अनुमोदित सूची प्राप्‍त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

18. ( क्र. 1306 ) श्री सुदेश राय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सीहोर अंतर्गत ग्रामीण अंचलों में संचालित प्राथमिक सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में चिकित्‍सकों के कुल कितने पद स्‍वीकृत है? इनमें से कितने पद भरे है? तथा कितने पद रिक्‍त है, केन्‍द्रवार पृथक-पृथक जानकारी देवें? (ख) क्‍या पद रिक्‍त होने से ग्रामीण अंचलों में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं प्रभावित हो रही है? यदि हाँ, तो रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है तथा पदों की पूर्ति कब तक की जा सकेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सा अधिकारी पदस्थ हैं। विशेषज्ञों के पद रिक्त हैं। प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है, स्वीकृत 3556 पदों के विरूद्ध मात्र 999 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों के पद पदोन्नति से भरे जाते हैं। माननीय उच्चतम न्यायालय में पदोन्नति संबंधित प्रकरण प्रचलित होने के कारण पदोन्नति की कार्यवाही विलंबित है। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट- ''पांच''

एम.वाय. में कर्मचारियों को निय‍मित वेतन भुगतान

[चिकित्सा शिक्षा]

19. ( क्र. 1584 ) श्री राजेश सोनकर : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्र. १३३६ दिनांक ०१/१२/१७ में मा. मंत्री जी द्वारा प्रश्न के संदर्भ में वेतन भुगतान किया जाना शेष है, बताया था, तो क्या शेष भुगतान प्रश्न दिनांक तक सभी को किया है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो कितनी राशि किस-किस कर्मचारी को दी गई? यदि नहीं तो शेष भुगतान किन-किन कर्मचारियों को देना शेष है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या संचालनालय स्वास्थ्‍य सेवायें की योजना में वेतन भुगतान हेतु नियमित बजट प्राप्त हो रहा है? यदि हाँ, तो कितनी राशि प्राप्त हुई? यदि नहीं तो कब-तक नियमित बजट आवंटन किया जायेगा?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। वेतन ग्‍लोबल मद में होने से इन्‍दौर हेतु पृथक से बजट आवंटन नहीं होता है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्‍ट-''छ:''

नदियों के जल से राजस्‍व प्राप्ति

[जल संसाधन]

20. ( क्र. 1640 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश की नदियों के जल से शासन को वर्ष २०१३ से दिसंबर २०१७ तक लक्ष्य की तुलना में कुल कितना राजस्‍व मिला? वर्षवार तथा उद्योगवार, नगर निगम, ग्रामपंचायतों, पावर प्‍लांट व कृषि‍वार ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) क्‍या उद्योगों द्वारा अधिक पानी लेकर कम राजस्‍व देने से शासन को करोड़ों रूपयों की राजस्‍व हानि हो रही है? क्‍या शासन अब वाटर एक्जिट पॉइंट पर मीटर लगाने पर विचार कर रहा है? यदि नहीं, तो नुकसान बर्दाश्‍त क्‍यों किया जा रहा हैं? (ग) आम नागरिकों को मीटर के मान से जल प्राप्‍ति हो रही है, तो उद्योगों व अन्‍यों को मानक व्‍यवस्‍था से क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। जी नहीं, आवंटित जल के न्यूनतम 90 प्रतिशत पर जलकर आरोपित करने का नियमों में प्रावधान होने से शासन को राजस्‍व हानि होने की स्थिति नहीं है। जल की मात्रा के मापन हेतु जल मीटर लगाने का प्रावधान नियमों में है। जिन उद्योगों ने मीटर नहीं लगाए हैं उन्‍हे बिना मीटर लगाए जल का उपयोग करने पर दण्डिक दर से जलकर आरोपण के निर्देश कार्यपालन यंत्रियों को दिए गए हैं। जिसकी प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है।

परिशिष्ट- ''सात''

अपूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना 

[जल संसाधन]

21. ( क्र. 1659 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015-162016-17 में विधान सभा क्षेत्र सोनकच्‍छ में कितने स्‍टॉप डेम कहाँ-कहाँ पर स्‍वीकृत हुए हैं? (ख) उक्‍त स्‍वीकृत स्‍टॉप डेमों का निर्माण कार्यों की क्‍या स्थिति है? किन-किन स्‍टॉप डेम का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा कौन-कौन से स्‍टॉप डेम का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ हैं? तथा कौन-कौन से स्‍टॉप डेम निर्माणाधीन हैं? (ग) निर्माणाधीन स्‍टॉप डेम का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जाएगा? क्‍या ऐसे स्‍टॉप डेम भी सामने आए हैं, जिनका निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद वर्षा के पानी को स्‍टॉप डेम नहीं रोक पाए तथा स्‍टॉप डेम टूटने लगे हैं, यदि हाँ, तो कौन-कौन से स्‍टॉप डेम हैं तथा ऐसे घटिया स्‍टॉप डेम निर्माण हेतु दोषीयों पर क्‍या कार्यवाही की गई?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। कोई भी बैराज (स्‍टॉप डेम) टूटा-फूटा नहीं होने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट- ''आठ''

दवाइयों, उपकरणों आदि की खरीदी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

22. ( क्र. 1694 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेठ गोविंद दास विक्‍टोरिया जिला चिकित्‍सालय जबलपुर को प्रदेश शासन एवं केन्‍द्र प्रवर्तित किन किन योजनांतर्गत किस किस मद में कितनी कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी कितनी राशि व्‍यय हुई? वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दवाइयों, उपकरणों, संसाधनों एवं अन्‍य सामग्री आदि का क्रय पर कितनी कितनी राशि व्‍यय हुई? कितनी राशि की दवाइयां कहां कहां से किस स्‍तर पर किसके आदेश से क्रय की गई? इसकी खरीदी हेतु क्‍या नीति निर्धारित की गई? लोकल परचेस पर कहां-कहां से कितनी-कितनी राशि की दवाइयां क्रय की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) में किन-किन विभागों से संबंधित कौन-कौन से उपकरण/मशीनरी आदि बंद, बेकार व बिगड़ी पड़ी है एवं क्‍यों? इसमें कौन-कौन से उपकरणों मशीनरी एवं संसाधनों की आवश्‍यकता है? इसके लिये किस स्‍तर पर क्‍या प्रयास किये गये? कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से उपकरण, मशीनरी आदि कब-कब कहां-कहां से किसके आदेश से क्रय की गई हैं? इसका सत्‍यापन कब किसने किया हैं? क्रय की गई कौन-कौन सी मशीनरी/उपकरणों का उपयोग नहीं किया गया हैं एवं क्‍यों? (घ) क्‍या शासन प्रश्‍नांश (क) में दवाइयों, उपकरणों व अन्‍य सामग्री की खरीदी में की गई वित्‍तीय अनियमितता राशि का दुरूपयोग व भ्रष्‍टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जबलपुर जिले में जननी सुरक्षा योजना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

23. ( क्र. 1841 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिलांतर्गत जननी सुरक्षा योजनांतर्गत कितने मान्‍यता प्राप्‍त निजी चिकित्‍सालय हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत इन चिकित्‍सालयों के द्वारा गत तीन वर्षों में कितनी महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिया गया? (ग) क्‍या निजी चिकित्‍सालयों द्वारा जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत संस्‍थागत प्रसव कराने हेतु प्रोत्‍साहित नहीं किया जाता है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि नहीं तो कम संख्‍या में प्रसव क्‍यों हुये हैं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नवीन तालाब निर्माण की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

24. ( क्र. 2057 ) श्री राजकुमार मेव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017-18 के बजट में खरगोन जिले के लिये कितने नवीन तालाब निर्माण हेतु कितनी राशि का प्रावधान किया गया है? (ख) क्‍या वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक विधान सभा क्षेत्र महेश्‍वर अंतर्गत नवीन तालाब निर्माण की स्‍वीकृति के प्रस्‍ताव प्रश्‍नकर्ता द्वारा शासन, विभाग एवं जिला स्‍तर पर कब-कब दिये गये? (ग) क्‍या विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1486 दिनांक 04/12/2017 में यह उत्‍तर दिया गया है कि डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से स्‍वीकृत की स्थिति नहीं है? यदि हाँ, तो क्‍या डी.पी.आर. अंतिम तैयार हो गई है? यदि हाँ, तो बतावें? यदि नहीं तो क्‍या कारण हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तावित कार्यों में कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? और कौन-कौन से लंबित है? लंबित रहने का कारण बतावें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

रिक्‍त पदों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( क्र. 2086 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में प्रथम श्रेणी सर्जरी विशेषज्ञों/अन्‍य विशेषज्ञों के कौन से पद स्‍वीकृत हैं? उन पर कौन कार्यरत हैं? कौन सा पद रिक्‍त है? रिक्‍त होने के क्‍या कारण हैं? पद पूर्ति कब तक हो जायेगी? क्‍या कार्य प्रभावित हो रहा है? (ख) जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में महिला चिकित्‍सक के कौन से पद स्‍वीकृत हैं? कौन सा पद रिक्‍त है? क्‍या महिला चिकित्‍सक के अभाव में महिला मरीजों एवं प्रसुताओं को काफी परेशानी होती है उन्‍हें गम्‍भीर अवस्‍था में रेफर किया जाता है तथा ऐसे में कई बार प्रसुताओं के गर्भस्‍थ शिशु की आसमायिक मृत्‍यु भी हो जाती है? महिला चिकित्‍सक की नियुक्ति होने तक वैकल्पिक व्‍यवस्‍था क्‍या है? (ग) जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में कौन-कौन से पद स्‍वीकृत हैं? उन पर कौन-कौन कार्यरत हैं, उनको किस मद में से भुगतान किया जाता है? कौन सा पद रिक्‍त हैं? कब तक पद की पूर्ति की जावेगी? (घ) जिला भिण्‍ड के अन्‍तर्गत ट्रामा सेन्‍टर और आई.सी.यू. में जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में किस पद पर किसको कब से पदस्‍थ किया गया है? क्‍या पद रिक्‍त के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या उपाय किए जाएंगे?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय मे रखे परिशिष्ट अनुसार है। विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण पदपूर्ति में कठिनाई हो रही है, विशेषज्ञों के कुल स्वीकृत 3556 पदों के विरूद्ध मात्र 999 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं अतः विशेषज्ञों के पद भरे जाने में कठिनाई है। वर्तमान में माननीय उच्चतम न्यायालय में पदोन्नति के संदर्भ में प्रकरण भी प्रचलन में है, पदोन्नति की कार्यवाही विलंबित है। जी नहीं, पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा आम जन को चिकित्सकीय सेवायें उपलब्ध कराई जा रही है। (ख) विभाग अंतर्गत महिला चिकित्सक के नाम से पद स्वीकृत नहीं है, जिला चिकित्सालय में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के 04 पद स्वीकृत एवं तथा 02 स्त्रीरोग योग्यताधारी चिकित्सा अधिकारी कार्यरत है, जो प्रसूताओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवायें प्रदान कर रही हैं।शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय मे रखे परिशिष्ट में समाहित है। कर्मचारी/अधिकारियों को लेखा शीर्ष 8798 एवं 1473 मद से भुगतान किया जाता है। पदपूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (घ) ट्रामा सेन्टर, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के अधीन ही संचालित होता है एवं जिला चिकित्सालय में पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों की उपयोगिता अनुसार, सिविल सर्जन द्वारा कार्य लिया जाता है। आई.सी.यू. हेतु पृथक से पद स्वीकृति का प्रावधान नहीं है, जिला चिकित्सालय में उपलब्ध स्टॉफ द्वारा ही कार्य किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

आशा कार्यकर्ता के वेतन बढ़ाये जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

26. ( क्र. 2248 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन, राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समिति भोपाल द्वारा आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा सहयोगियों की भर्ती की गयी है? वर्ष 2017-18 से प्रश्‍न दिनांक तक इनका वेतन व मानदेय कितना है? (ख) क्‍या आशा कार्यकर्ताओं व आशा सहयोगियों को मासिक वेतन नहीं दिया जाता हैं? यदि दिया जाता है तो कितना क्‍या इनकों अन्‍य भत्‍ते का लाभ दिया जाता है? (ग) क्‍या विभाग द्वारा भविष्‍य में इनकों मानदेय/मासिक वेतन/अन्‍य भत्‍तों का लाभ दिया जावेगा? यदि नहीं तो कारण बतावें। क्‍या इस संबंध में छतरपुर में विभाग द्वारा कोई प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर भेजा गया है यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या इनकों जो प्रोत्‍साहन राशि दी जाती है उससे इनका और इनके परिवार का भरण पोषण हो जाता है? यदि नहीं तो विभाग / शासन द्वारा कब तक इनकों मासिक वेतन की व्‍यवस्‍था की जावेगी

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। आशा कार्यकर्ताओं को वेतन या मासिक मानदेय दिये जाने का प्रावधान नहीं है, बल्कि उन्हें प्रतिमाह कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। आशा सहयोगियों को प्रति कार्य दिवस रू. 200/- की प्रोत्साहन राशि एवं रू. 50/-यात्रा व्यय दिया जाता है। (ख) जी हाँ। उत्‍तरांश (क) अनुसार। (ग) जी नहीं। प्रावधान नहीं होने के कारण। जी नहीं। प्रावधान नहीं होने के कारण। (घ) जी नहीं। प्रावधान नहीं होने के कारण, समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

27. ( क्र. 2301 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी सिंगरौली जिले में विभाग के अंतर्गत कितने स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र संचालित हैं? इनमें कितने पद स्‍वीकृत, भरे एवं रिक्‍त हैं? पदनामवार बतायें? रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? भर्ती प्रक्रिया कब से नहीं की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) जिन केन्‍द्रों में पद रिक्‍त है वहां दवाओं का वितरण एवं उपचर कैसे किया जा रहा है? विभाग के तहत केन्‍द्रों में किस-किस तरह की सुविधाएं प्रदाय की जाती हैं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही  निरन्तर जारी रहती है। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं। (ख) जिन केन्द्रों में पद रिक्त हैं उन केन्द्रों में मापदण्ड अनुसार स्वीकृत संविदा आधार पर चिकित्सक/फार्मासिस्ट/नर्स द्वारा दवाओं का वितरण व उपचार कराया जाता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्यपरिवार कल्याणटीकाकरण एवं असंचारी/संचारी रोगों की रोकथाम इत्यादि की सुविधाएं प्रदान की जाती है।

अवैध नियुक्ति के खिलाफ कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

28. ( क्र. 2372 ) श्री प्रताप सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला चिकित्सालय में व्यवस्थापक का पद रहता है? यदि हाँ, तो उक्त पद किस ग्रेड का है। एवं उसका नियोक्ता कौन होता हैं? नियमावली बतायें। (ख) क्या दमोह जिले के जिला चिकित्सालय मे व्यवस्थापक के पद पर श्री वीरेंद्र असाटी एम.पी.डब्ल्‍यू, की पदस्थापना की गई है? यदि हाँ, तो किसके आदेश से कर्मचारी की पदस्थापना की गई? नियुक्ति आदेश की प्रति उपलब्ध करायें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार क्‍या जिला चिकित्सालय में व्यवस्थापक के पद श्री वीरेंद्र असाटी एम.पी.डब्ल्‍यू कार्यकर्तां की नियुक्ति अवैध तरीके से की गई है? यदि हाँ, तो उक्त अवैध नियुक्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक और क्या?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विभाग के अधीन जिला चिकित्सालयों में व्यवस्था (मरीजों की भोजन एवं साफ-सफाई) बावत् भर्ती नियमों में स्टुवर्ड का पद स्वीकृत है। उक्त पद तृतीय श्रेणी का है। इस पद हेतु नियुक्तिकर्ता अधिकारी क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें है (प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है) (ख) जी नहीं। श्री वीरेंद्र असाटी एम.पी.डब्ल्यू की पदस्थापना प्रसवोत्तर केन्द्र जिला चिकित्सालय दमोह में तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दमोह द्वारा प्रभारी मंत्री जिला दमोह एवं कलेक्टर दमोह के अनुमोदन उपरांत स्थानांतरण द्वारा रिक्त एम.पी.डब्ल्यू. के पद पर की गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दमोह के कार्यालयीन आदेश दिनांक 01.03.2014 एवं सिविल सर्जन दमोह के आदेश दिनांक 04.06.2014 द्वारा श्री वीरेंद्र असाटी एम.पी.डब्ल्यू को श्री जे.पी. रैकवार, स्टुवर्ड के सेवानिवृत हो जाने के कारण अपने कार्य के अतिरिक्त, स्टूवर्ड व डाईट का कार्य सौंपा गया था। वर्तमान में सिविल सर्जन के कार्यालयीन आदेश दिनांक 03.03.2018 द्वारा स्टुवर्ड का प्रभार श्री माधव सिंह ठाकुर, सहायक ग्रेड-2 को सौंपा गया है। (प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है)। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विज्ञापन स्‍वीकृति 

[जनसंपर्क]

29. ( क्र. 2524 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या झरनेश्‍वर झुग्‍गीवासी कल्‍याण समिति भोपाल द्वारा गत वर्षों में क्‍या एक-एक लाख रूपये का विज्ञापन जारी किया गया है? (ख) वर्ष 2017 में विज्ञापन हेतु दिए गये आवेदन पत्र में अभी तक क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं तो क्‍यों? कब तक में क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। (ख) बजट की उपलब्‍धता और उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए अमान्‍य किया गया है।

प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों का उन्‍नयन 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

30. ( क्र. 2539 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल के गोविन्‍दपुरा विधानसभा क्षेत्र में किन-किन स्‍थानों में कितने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र स्‍थापित हैं? स्‍थापना का वर्ष एवं स्‍थान सहित जानकारी दी जाए? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में कितने-कितने चिकित्‍सक एवं अन्‍य स्‍टाफ पदस्‍थ हैं? पृथक-पृथक बताया जाए? (ग) गोविन्‍दपुरा विधानसभा क्षेत्र में किस-किस प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के उन्‍नयन की कार्यवाही चल रही है? नाम‍ सहित बताया जाए? प्रश्‍नकर्ता द्वारा मिसरोद प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के उन्‍नयन एवं बरखेड़ा पठानी प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में चिकित्‍सक की पदस्‍थापना के संबंध में माननीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री को लिखे गये पत्र क्रमश: दिनांक 9.12.2017 एवं 21.12.2017 पर क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आनंद नगर, बरखेड़ा पठानी एवं बाग सेवनियां को प्रसव केन्द्र के तौर पर उन्नयन किया जाना प्रस्तावित है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मिसरोद को प्रसव केन्द्र के रूप में उन्नयन किया गया है, इसमें 02 चिकित्सा अधिकारी के पद स्वीकृत हैं, इसके विरूद्ध एक पद कार्यरत है एवं एक पद रिक्त है। प्राथमिक/सिविल डिस्पेन्सरी बरखेड़ा पठानी में एक चिकित्सा अधिकारी की पदस्थापना की गई है।

परिशिष्ट- ''नौ''

सिंचाई में लापरवाही 

[जल संसाधन]

31. ( क्र. 2566 ) श्री मुकेश नायक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले के टोपोग्राफी के हिसाब से कितनी और कौन-कौन सी सिंचाई योजनाएं बन सकती हैं, तथा वर्तमान में कौन-कौन सी निर्माणाधीन हैं और कौन-कौन सी पूर्ण हो चुकी हैं? (ख) जिले में विभाग के किस-किस साधन से सिंचाई होती है और उसका स्‍त्रोत केचमेंट एरिया और सिंचित एरिया कौन-कौन सा कितने क्षेत्रफल में है? (ग) सिंचाई योजना के डिजाइन एरिया के बराबर पवई विधानसभा क्षेत्र सिंचाई हेतु निरन्‍तर तथा डिजाइन मात्रा में पानी दिया जा रहा है यदि हाँ, तो कौन-कौन से गांव में सिंचाई हो रही है और कौन-कौन से गांव वंचित है? (घ) पवई विधानसभा क्षेत्र में जो नहरे हैं उनसे अंतिम छोर तक सिंचाई हो रही है, यदि हाँ, तो ग्राम के नाम बताये?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) भौगोलिक परिस्थितियों के मान से सिंचाई परियोजनाएं बनाने के लिए जिलेवार अध्‍ययन नहीं किया जाता है। जल की उपलब्‍धता एवं संग्रहण के लिए विभिन्‍न स्‍त्रोतों से प्राप्‍त जानकारी के आधार पर परियोजना स्‍थल चिन्हित कर चिन्हित परियोजनाओं की प्रथम दृष्‍टया साध्‍यता स्‍थापित होने पर सर्वेक्षण आदि आगामी कार्यवाही की जाती है। पन्‍ना जिले में निर्मित एवं निर्माणाधीन परियोजना की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) सिंचाई परियोजनाओं के जलाशयों में वर्षाऋतु में संग्रहित जल से परियोजनाओं के सैच्‍य क्षेत्र में यथासंभव अधिकाधिक सिंचाई के लिए जल दिया जाता है। गत वर्षाऋतु में अल्‍पवर्षा के कारण जलाशयों में कम जल संग्रहित होने से परियोजनाओं के रूपांकित क्षेत्र के लिए जल की उपलब्‍धता नहीं होने से संपूर्ण सैच्‍य क्षेत्र में सिंचाई नहीं की जा सकी है। परियोजना विशेष का प्रश्‍न में उल्‍लेख नहीं होने से जानकारी दी जाना संभव नहीं है।


महान (गुलाब सागर) बांध परियोजना के तहत किसानों को सिंचाई के पानी की उपलब्धता

[जल संसाधन]

32. ( क्र. 2712 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सरकार द्वारा 7500 हे. सिंचाई के लिए बहरी नहर का टेण्डर लगाया गया है? जिसमें डेम की ऊंचाई 325 मीटर से 326.5 पांच मीटर तक यानी 1.5 मीटर बढ़ा दी जाय तो बहरी से लौआर तक के किसानों को सिंचाई के पानी की उपलब्धता हो जायेगी एवं इसमें सरकार को सिर्फ भू-अर्जन की राशि ही खर्च करनी पड़ेगी। (ख) माहान परियोजना के तहत पोखरा, भरूही गांवों का लेवल देखकर टनल बनाकर पानी डाईवर्ट किया जाकर सिंचाई का पानी उक्त क्षेत्र के किसानों को उपलब्ध कराये जाने हेतु परीक्षण/सर्वे का कार्य किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) प्रश्नाशं (क) एवं (ख) के संदर्भ में कब तक सर्वे कार्य कराया जाकर कार्यवाही की जावेगी? किसानों को सिंचाई के पानी की उपलब्धता कब तक हो पायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी हाँ। जी नहीं, महान नदी कछार में परियोजना के बांध तक उपलब्‍ध जल की मात्रा सीमित होने के कारण बांध की ऊँचाई बढ़ाने से अतिरिक्‍त जल संग्रहित संभव नहीं है। उपलब्‍ध जल का ईष्‍टतम उपयोग करते हुए अधिकतम सैच्‍य क्षेत्र नियत किया गया है। अतिरिक्‍त जल उपलब्‍धता संभावित नहीं होने से प्रश्‍नाधीन क्षेत्र को परियोजना के सैच्‍य क्षेत्र में नहीं जोड़ा जा सकता है।

कुंडालिया बाँध परियोजना अंतर्गत प्रभावितो के पुनर्वास 

[जल संसाधन]

33. ( क्र. 2834 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिलांतर्गत प्रगतिरत कुंडालिया बाँध परियोजना अंतर्गत प्रभावित किन-किन ग्रामों में पुनर्वास एवं मुआवजा वितरण की कार्यवाही होना है या की जा रही हैं? ग्रामवार विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने शिविर राजस्व विभाग के साथ आयोजित किए गए हैं एवं शिविरों में क्या-क्या कार्यवाही की गई? शिविरवार पूर्ण विवरण देवे? (ग) क्या ग्राम गोठड़ा तहसील नलखेड़ा के प्रभावित 26 कृषकों की भूमि पर उद्यानिकी फसलों के निरीक्षण हेतु निरीक्षण दल का गठन किया गया था? यदि हाँ, तो निरीक्षण दल ने निरीक्षण उपरांत क्या कार्यवाही की एवं प्रभावितों को मुआवजा वितरण की क्या स्थिति है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के संदर्भ में लंबित मुआवजा वितरण एवं पुर्नवास की कार्यवाही कब तक की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प‍रिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ग) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) द्वारा गठित दल के निरीक्षण टीप दिनांक 08.02.2017 के अनुसार ग्राम गोठड़ा के वन भूमि के 26 कृषकों में से 2 कृषकों की भूमि पर फलदार वृक्ष पाए गए। उद्यानिकी विभाग से भिन्‍न-भिन्‍न मूल्‍याकंन प्राप्‍त होने के कारण कलेक्‍टर, आगर मालवा को निराकरण हेतु लिखा गया। दोनों कृषकों द्वारा मा. उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इंदौर में याचिका प्रस्‍तुत की है। (घ) मुआवजा वितरण की कार्यवाही राजस्‍व विभाग द्वारा की जाने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

उपस्वास्थ्य केन्द्र खेलागांव के भवन निर्माण 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

34. ( क्र. 2835 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम खेलागांव तहसील नलखेड़ा में उपस्वास्थ्य केन्द्र हेतु भवन निर्माण स्वीकृत किया गया था? यदि हाँ, तो कितनी राशि स्वीकृत की गई थी एवं कार्य कब तक पूर्ण करना था? प्रशासकीय स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति आदि की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या तत्कालीन सरपंच एवं सचिव के विरूद्ध राशि के गबन का प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की गई है? राशि गबन से प्रश्नांश (क) के निर्माण कार्य का क्या संबंध हैं? क्या ऐसे निर्देश जारी किये जावेंगे की वसूली की कार्यवाही को अलग रखते हुए उपस्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण अविलंब करवाया जावे? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) प्रश्नांश (ख) एवं (क) के संदर्भ में म.प्र. में कहाँ-कहाँ उपस्वास्थ्य केन्द्र के भवन निर्माण कार्य लंबित हैं एवं इनमें क्या कार्यवाही प्रचलित हैं? कृपया विवरण देवे? सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कौन-कौन से उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन विहीन हैं? इनमें भवन स्वीकृति कब तक होगी? (घ) क्या जब तक गबन की राशि न्यायालयीन प्रक्रिया से वसूल नहीं होती तब तक उपस्वास्थ्य केन्द्र खेलागांव के भवन निर्माण हेतु पुनः राशि आवंटित की जावेगी ताकि आम जनता को शासन की मंशा अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नीमच जिले में डायलासिस 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

35. ( क्र. 2857 ) श्री कैलाश चावला : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला चिकित्‍सालय नीमच में डायलिसिस हेतु कितनी मशीनें लगाई गई हैं? (ख) प्रतिदिन डायलिसिस कराने हेतु कितने मरीज आते हैं? (ग) क्‍या मरीजों की संख्‍या अधिक होने से 15-15 दिन तक डायलिसिस कराने हेतु इंतजार करना पड़ता है व मरीज को डायलिसिस प्रायवेट अस्‍पताल या आस-पास के जिलों में जाकर कराना पड़ता है? (घ) उक्‍त समस्‍या को हल करने के लिए विभाग नीमच जिले में 5 व्‍यक्तियों का डायलिसिस एक साथ हो सके, इस हेतु सुविधा उपलब्‍ध कराएगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) 02 डायलिसिस मशीने लगाई गई है। (ख) जिला चिकित्सालय नीमच में प्रतिदिन औसतन 03 से 04 मरीजों का डायलिसिस किया जाता है। (ग) जिला  चिकित्सालय नीमच में वर्तमान में कुल  13 मरीजों का नियमित रूप से डायलिसिस  सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है तथा इन मरीजों को डायलिसिस कराने हेतु  इतंजार नहीं करना पड़ता है। जिले में डायलिसिस हेतु मरीजो की संख्या  में  वृद्धि हुई है जिसके कारण अन्य मरीजों को जिला चिकित्सालय नीमच में  डायलिसिस हेतु इंतजार करना पड़ता है या अन्य जिलें के शासकीय डायलिसिस  सेन्टर पर रेफर कर दिया जाता है। (घ) उक्त समस्या को हल करने के लिये विभाग द्वारा नीमच जिले में अतिरिक्त डायलिसिस मशीन उपलब्ध कराने की कार्यवाही  प्रचलन में है। 

पंचमनगर योजना के कार्यों में गबन पर कार्यवाही 

[जल संसाधन]

36. ( क्र. 2907 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला दमोह पंचम नगर योजना के तहत हटा विधान सभा क्षेत्र के पटेरा विकासखण्‍ड में सिंचाई के उद्देश्‍य से मझगुंवा हंसराज में तालाब के नाम पर वर्ष २०१० में गबन किया गया था? तथा जिसकी शिकायतें व जांच भी की गई थी? यदि हाँ, तो कब व किन-किन अधिकारियों को दोषी ठहराया गया था? जांच रिपोर्ट की छायाप्रति उपलब्‍ध करावे। (ख) क्‍या दिनांक 30 अगस्‍त 2011 में जांच के उपरांत कुछ अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज भी करायी गयी थी, लेकिन आज दिनांक तक उन अधिकारियों पर कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? यदि कार्यवाही होगी तो कब तक होगी? नहीं होगी तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। जी हाँ। जांच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- ''1/2/3/4'' अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गई है। विभाग प्राथमिकी पर अनुसंधान नहीं करता है। वित्‍तीय अनियमितता के लिए दोषी अधिकारियों पर आरोपित विभागीय दण्‍ड के आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-''5/6'' अनुसार है।

चम्‍बल संभाग में चिकित्‍सकों के पद की पूर्ति 

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

37. ( क्र. 3001 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पोरसा, सिविल अस्‍पताल, अम्‍बाह, जिला-मुरैना एवं सिविल अस्‍पताल, विजयपुर, जिला-श्‍योपुर में चिकित्‍सकों के कितने-कितने पद किस-किस कैडर के स्‍वीकृत हैं? उनमें से कितने पद भरे हैं तथा कितने रिक्‍त हैं? रिक्‍त रहने का कारण क्‍या है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित चिकित्‍सालयों में चिकित्‍सकों के पद रिक्‍त रहने से इलाज के अभाव में विगत वर्षों में अनेक मरीजों की जान जा चुकी है, यदि हाँ, तो इलाज के अभाव में होने वाली इन अकाल मृत्‍यु के लिये उत्‍तरदायी कौन है? उत्‍तरदायी के प्रति शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (ग) इलाज के अभाव में मरीजों को होने वाली दिक्‍कतों का देखते हुए प्रश्‍नांश (क) में वर्णित चिकित्‍सालयों में चिकित्‍सकों के पद की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी? यदि नहीं तो क्‍यों नहीं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांकित संस्थाओं में पर्याप्त मात्रा में चिकित्सा अधिकारी कार्यरत हैं। विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण पदपूर्ति में कठिनाई हो रही है, विशेषज्ञों के कुल स्वीकृत 3556 पदों के विरूद्ध मात्र 999 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं अतः विशेषज्ञों के पद भरे जाने में कठिनाई है। वर्तमान में माननीय उच्चतम न्यायालय में पदोन्नति के संदर्भ में प्रकरण भी प्रचलन में है, पदोन्नति की कार्यवाही विलंबित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट- ''दस''

फार्मसिस्‍टों की संविदा अवधि समाप्‍त कर नियमित करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

38. ( क्र. 3007 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के शासकीय चिकित्‍सालयों में एन.आर.एच.एम. के अंतर्गत नियु‍क्‍त कुल कितने फर्मासिस्‍ट कार्यरत हैं तथा कितने पद किस-किस चिकित्‍सालय में रिक्‍त हैं? केवल चंबल एवं ग्‍वालियर संभाग की जानकारी दी जावें। (ख) एन.आर.एच.एम. अंतर्गत नियुक्‍त हुए फार्मसिस्‍टों की संविदा अवधि कितने वर्ष की होती है? इससे संबंधित आदेश की प्रति दी जावे। (ग) क्‍या एन.आर.एच.एम. अंतर्गत नियुक्‍त फार्मासिस्‍टों को 4 वर्ष से अधिक समय तक निरंतर सेवा में रहने के बावजूद भी उनकी संविदा अवधि को आज तक समाप्‍त नहीं किया गया है और उन्‍हें आज तक नियमित नहीं किया गया है जबकि विभाग के पास पद रिक्‍त हैं, ऐसा क्‍यों? (घ) क्‍या शासन के पूर्व स्‍वा.मंत्री महोदय द्वारा विगत सत्रों में फर्मासिस्‍टों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जारी होने संबंधी कथन सदन में किया गया था फिर आज तक उन्‍हें नियमित क्‍यों नहीं किया गया है? (ड.) क्‍या शासन उनके कार्य एवं ग्रामीण क्षेत्रों में की गई कठिन सेवाओं को मद्देनजर रखते हुए फार्मासिस्‍टों की संविदा अवधि को समाप्‍त कर नियमितीकरण के आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों नहीं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अतिरिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

39. ( क्र. 3027 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग, मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक 12-15/2017/सत्रह/मेडि-तीन दिनांक 07.02.2018 के माध्‍यम 30 बिस्‍तरीय सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बैरसिया का 50 बिस्‍तरीय सिविल अस्‍पताल के रूप में उन्‍नयन किये जाने के फलस्‍वरूप विशेषज्ञ/चिकित्‍सा अधिकारियों/कर्मचारियों के 26 अतिरिक्‍त पदों को सृजित किया गया है? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) सृजित किये गये अतिरिक्‍त पदों की पूर्ति विभाग कब तक कर देगा? एवं उपरोक्‍त अस्‍पताल सिविल अस्‍पताल के रूप में कब से सेवायें देना प्रारंभ कर देगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) भवन निर्माण के पश्चात पदों की पूर्ति की कार्यवाही कर सिविल अस्पताल के रूप  में प्रारंभ किया जावेगा। निश्चित समायावधि बताना संभव नहीं।

परिशिष्ट- ''ग्‍यारह''

पर्यटन विभाग के माध्‍यम से विकास कार्य

[पर्यटन]

40. ( क्र. 3029 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पर्यटन विभाग के माध्‍यम से लगभग रूपये 65 लाख के विकास कार्यों हेतु प्रस्‍ताव माननीय मंत्री महोदय जी को प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये, यदि हाँ, है तो विभाग द्वारा इस पर क्‍या कार्यवाही की गयी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित विकास कार्यों हेतु विभाग कब तक स्‍वीकृति आदेश जारी करेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

गंभीर बीमारी से पीड़ि‍त आवेदनों पर शीघ्र कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

41. ( क्र. 3144 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला छतरपुर को कलेक्‍टर जिला छतरपुर से वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कैंसर पीड़ि‍त या गंभीर बीमारी से ग्रसित या पीड़ि‍त को आर्थिक सहायता प्रदाय करने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखे गये? कितने पत्र प्राप्‍त हुये? हितग्राही का नाम, पता सहित सूचीवार जानकारी देवें। (ख) क्‍या कैंसर पीड़ि‍त हितग्राहियों के आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर समय-सीमा में या शीघ्र उन आवेदन व प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही तत्‍काल की जानी चाहिये अथवा नहीं एवं यदि उन आवेदन पत्र में किसी प्रकार की कमी है तो तत्‍काल सूचना संबंधित को या क्षेत्रीय विधायक को दिया जाना चाहिए नहीं? (ग) क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य विभाग जिला छतरपुर में उक्‍तावधि में विधायक के पत्र व गंभीर बीमारी से पीड़ि‍त या कैंसर रोगी के पत्रों का समय-सीमा में जवाब व कार्यवाही नहीं होने से कई कैंसर मरीजों को तो समय से ईलाज व आर्थिक मदद न होने से मृत्‍यु तक हो गई, उनके नाम व पता सहित सूची प्रदाय करें। (घ) क्‍या इस प्रकार के प्रकरणों में गंभीर अनियमितता बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी अथवा नहीं।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थाई कर्मियों को विनियमित करने की शासन की योजना

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

42. ( क्र. 3202 ) श्रीमती ममता मीना : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासन द्वारा समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के लिए स्थाई कर्मियों को विनियमित करने की योजना नियम २०१६ लागू की गई है? (ख) यदि हाँ, तो यह बतायें कि गुना जिले में पिछड़ा वर्ग कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास गुना के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को शासन की स्थाईकर्मी योजना का लाभ आज दिनांक तक क्यों नहीं दिया गया, कारण बतायें? अन्‍य विभागों के छात्रावासों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की भांति इन कर्मचारियों को शासन की स्थाईकर्मी योजना का लाभ कब तक प्रदान किया जावेगा तथा इन कर्मचारियों को शासन की स्‍थाईकर्मी योजना से लाभांवित करने के लिए आने वाली विसंगति को कब तक दूर किया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश के किन-किन जिलों में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को शासन की स्थाईकर्मी योजना नियम 2016 का लाभ प्रदान किया गया है। जिलेवार स्थिति बतायें। (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार गुना जिले के पिछड़ा वर्ग कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को अन्य जिलों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के समान शासन की स्थाईकर्मी योजना का लाभ कब तक प्रदान कर दिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी हाँ। (ख) पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग अंतर्गत विभागाध्‍यक्ष कार्यालय एवं अधीनस्‍थ कार्यालयों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के लिए स्‍थायी कर्मियों को विनियमित करने की योजना नियम, 2016 अनुसार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को पात्रतानुसार  स्‍थायीकर्मी का लाभ दिया गया है। विभाग अंतर्गत जिला कार्यालयों हेतु दैनिक वेतन भोगी अंतर्गत चतुर्थ श्रेणी के पद संविदा/आउट सोर्सिंग से पूर्ति के स्‍वीकृत है जिसमें गुना जिला भी शामिल है। जिन्‍हें शासन की दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के लिए  स्‍थायी कर्मियों को विनियमित करने की योजना में शामिल नहीं किया गया है। इस कारण जिलों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को  स्‍थायीकर्मी योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

गायरी धनगर समाज को घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति में सम्मिलित किए जाना

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

43. ( क्र. 3206 ) श्री कैलाश चावला : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 06-09-2017 को माननीय मुख्‍यमंत्री जी को एक पत्र लिखकर दिनांक 23 दिसम्‍बर 2016 को देवास नगर में घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ सम्‍मेलन के अवसर पर गायरी धनगर समाज को घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति में सम्मिलित किए जाने की घोषणा के बावजूद विभाग द्वारा इस संदर्भ में कोई कार्यवाही नहीं किए जाने बाबत् जानकारी दी गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित पत्र में दर्शायें तथ्‍यों पर सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही की गई तो जानकारी दें। यदि नहीं की गई तो कारण बतावें। (ग) क्‍या नीमच जिले में अभी तक धनगर गायरी समाज के लोगों को राजस्‍व अधिकारियों द्वारा घुमक्‍कड़ जाति के प्रमाण पत्र प्रदान नहीं किए जा रहे हैं? इस वर्ग हेतु शासन द्वारा बनाई गई योजना का लाभ भी प्रदान नहीं किया जा रहा हैं? (घ) माननीय मुख्‍यमंत्री जी की उक्‍त घोषणा का पालन विभाग द्वारा कब तक कर दिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) नीमच जिले में धनगर जाति के जाति प्रमाण पत्र विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ जाति में जारी किये जा रहे है एवं शासन की योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

भीमगढ़ बांध का निर्माण कार्य 

[जल संसाधन]

44. ( क्र. 3292 ) श्री रजनीश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिलों में एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध भीमगढ़ बांध का निर्माण कार्य किस सन् से प्रारंभ होकर किस सन में पूर्ण हुआ? इसके निर्माण से कितने ग्राम व कितने हेक्‍टेयर भूमि डूब में आई? बांध के निर्माण की लागत राशि क्‍या थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त बांध की जल भराव क्षमता कितनी है? पेयजल हेतु जिला सिवनी को प्रतिवर्ष बांध से कितना पानी दिया जाता है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बांध की नहरों की कुल लंबाई कितनी है एवं इन नहरों से कितने ग्रामों की कितने हेक्‍टेयर फसल सिंचित होती है? क्‍या नहरों के अत्‍यंत जर्जर होने के कारण अत्‍यधिक पानी सीवेज होकर बर्बाद हो रहा है? यदि हाँ, तो उक्‍त नहरों के लाइनिंग एवं सीमेंट्रीकरण कार्य किये जाने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या भीमगढ़ बांध से जिला सिवनी के अतिरिक्‍त सिंचाई हेतु जिला बालाघाट को पानी देने का कोई अनुबंध बांध निर्माण के समय किया गया था? अनुबंध अनुसार कितना पानी जिला बालघाट को प्रतिवर्ष दिये जाने का प्रावधान है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) भीमगढ़ बांध का निर्माण कार्य वर्ष 1972 में प्रारंभ होकर वर्ष 2003 में पूर्ण हुआ। डूब में 43 ग्रामों की 5536.087 हे. भूमि आई। निर्माण पर रूपये 24347.80 लाख का निवेश हुआ। (ख) परियोजना के जलाशय की जीवित जल भराव क्षमता 410 मि.घ.मी. है। पेयजल हेतु 18.45 मि.घ.मी. जल आरक्षित है। (ग) सिवनी जिले में नहरों की कुल लंबाई 586.60 कि.मी. है जिनसे 258 ग्रामों की 67,630 हेक्‍टर में एवं ढूटी वियर जिला बालाघाट से निकलने वाली नहरों की लंबाई 594.63 कि.मी. है जिससे 117 ग्रामों की 37,630 हेक्‍टर क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधनों से परियोजना की मुख्‍य नहर की 19.29 किमी. एवं शाखा नहर की 20.03 कि.मी. तथा ढूटी मुख्‍य नहर की 37.80 कि.मी. एवं वितरिका नहर की 159.139 कि.मी. की लाईनिंग कराई गई है। कच्‍ची नहरों में जल प्रवाह में होने वाली जल की हानि का प्रावधान परियोजना के सैच्‍य क्षेत्र के रूपांकन में किया गया है। (घ) जी नहीं। परियोजना में जिला विशेष को पानी देने का अनुबंध नहीं किया जाता है। परियोजना के संपूर्ण सैच्‍य क्षेत्र में सिंचाई के लिए प्रतिवर्ष पानी दिया जाता है।

रूमाल जलाशय के बांध की दीवार क्षतिग्रस्‍त होना एवं मरम्‍मत कार्य

[जल संसाधन]

45. ( क्र. 3294 ) श्री रजनीश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत रूमाल जलाशय के बांध की दीवार वर्षों से क्षतिग्रस्‍त है? यदि हाँ, तो बांध की दीवारों का मरम्‍मत कार्य कब-कब कितनी राशि में किया गया? (ख) रूमाल जलाशय की नहरों की कुल लंबाई कितनी है? एवं उक्‍त नहरों से कितने गांवों की कितने हेक्‍टेयर भूमि सिंचित होती है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार उक्‍त नहरों की स्थिति अत्‍यंत जर्जर है जिससे अत्‍यधिक मात्रा में पानी का रिसाव होता है, यदि हाँ, तो क्‍या नहरों का लाइनिंग एवं मरम्‍मतीकरण कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो कब-कब कितनी राशि में? यदि नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ख) मुख्‍य नहर की लंबाई 9.57 कि.मी. तथा माईनर एवं सबमाईनर की लंबाई 25.10 कि.मी. है। इस वर्ष 17 गांवों के सैच्‍य क्षेत्र 2456 हेक्‍टर के विरूद्ध रबी में 855 हे. एवं खरीफ में 2138 हे. कुल 2993 हे. में सिंचाई की गई है। (ग) जी नहीं। नहरों का नियमित रख-रखाव किया जाता है। जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

शिवपुरी जिले की स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं की निविदाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

46. ( क्र. 3326 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 7176 दिनांक 30.03.2017 के प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में 2014-15 एवं 2015-16 में निविदा क्‍यों नहीं की गयी? शासन के किस नियम व आदेश के तहत उक्‍त वर्षों में निविदा प्रक्रिया नहीं अपनाई गयी? स्‍पष्‍ट करें व नियम व आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में संलग्‍न परिशिष्‍ट (अ) में निविदा शर्त क्र. 07 में अनुबंध अवधि आवश्‍यकता अनुसार आगामी 02 वर्षों के लिए बढ़ाये जाने का उल्‍लेख है? शासन के किस नियम व आदेश में आश्‍यकतानुसार अनुबंध अवधि बढ़ाये जाने का प्रावधान है? स्‍पष्‍ट करें व नियम व आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं तो क्‍या संबंधित फर्म को व्‍यक्तिगत लाभ पहुंचाने हेतु उक्‍त शर्त निविदा में जोड़ी गई थी? (ग) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में विभाग द्वारा उपलब्‍ध कराई गई जानकारी अपूर्ण व भ्रामक है। वर्ष 2014-15 में राशि रू. 1,12,85,636 एवं 2015-16 में 1,54,64,321 रू. का भुगतान बताया है जबकि परिशिष्‍ट (स) अनुसार क्रमश: 1,39,63,273 एवं 1,20,88,343 रू. का भुगतान किया गया है। साथ ही कार्य आदेश में सी.एच.सी. हेतु 73000/- एवं पी.एच.सी. हेतु 46000/- प्रतिमाह भुगतान का उल्‍लेख है जबकि परिशिष्‍ट (स) के पृष्‍ठ क्र. 30 एवं 53 अनुसार अधिक भुगतान किया गया है यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (घ) के अनुसार विभाग व निविदाकार द्वारा निविदा शर्त क्र. 5 का पालन किया गया? यदि हाँ, तो श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्‍यूनतम मजदूरी, ई.पी.एफ. व ई.एस.आई.सी. के अनुसार भुगतान का परिशिष्‍ट (द) में उल्‍लेख नहीं है, क्‍यों? स्‍पष्‍ट करें। उत्‍तर में विभाग द्वारा जांच कराये जाने का उल्‍लेख है। यदि जांच पूर्ण हो चुकी है तो जांच प्रतिवेदन उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं तो क्‍या उक्‍त प्रकरण में दिसम्‍बर 2017 तक की अवधि की जांच वित्‍त या राजस्‍व विभाग से कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही होगी व कब तक?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शिवपुरी द्वारा साफ-सफाई की व्यवस्था हेतु 03 वर्ष हेतु अनुबंध किये जाने के कारण। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। निविदा एवं अनुबंध की शर्त के अनुरूप। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) अतारांकित प्रश्न क्र. 7176 (30/03/2017) के प्रश्नांश का उत्तर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शिवपुरी के द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर दी गई थी। इसके परिशिष्ट में विसंगती के संबंध में परीक्षण करने के निर्देश दिये गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।
परिशिष्ट- ''बारह''

आर.आर.आर. योजनान्‍तर्गत सिंचाई योजना 

[जल संसाधन]

47. ( क्र. 3329 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा आर.आर.आर. योजनान्‍तर्गत कौन-कौन कितने हेक्‍टेयर की भूमि को सम्मिलित किया जाता है एवं कितनी लागत योजना में सम्मिलित की गई हैं? (ख) उपरोक्‍त योजनान्‍तर्गत सागर जिले में कितनी योजना/परियोजना को सम्मिलित किया गया है? (ग) नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत आर.आर.आर. योजनान्‍तर्गत कौन-कौन सी योजनाएं शासन स्‍तर पर लंबित हैं? (घ) उपरोक्‍त योजना/परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक होगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रश्नाधीन योजनांतर्गत 2000 हे. से कम भूमि की परियोजनाओं को वित्‍तीय संसाधन उपलब्‍ध होने और परियोजना में निवेश से प्राप्‍त होने वाले लाभ को दृष्टिगत रखते हुए स्‍वीकृति दी जाती है। लागत के मापदण्‍ड की सीमा रू.1.00 लाख प्रति हेक्‍टर अतिरिक्‍त सिंचाई है। (ख) एवं (ग) निरंक। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

पर्यटक क्षेत्र की जानकारी

[पर्यटन]

48. ( क्र. 3336 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ठाकुर बाबा जरूआखेड़ा (बंठ, वाले) विकासखण्‍ड राहतगढ़ एवं मां हरसिद्धी देवी रिछावर विकासखण्‍ड सागर को पर्यटक क्षेत्र में सम्मिलित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो दोनों सिद्ध क्षेत्रों में पर्यटन विकास की दृष्टि से कौन-कौन से कार्य सम्मिलित किए गए हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित कार्य कब तक सम्‍पन्‍न होंगे? (घ) यदि उपरोक्‍त दोनों सिद्ध क्षेत्रों को पर्यटन विकास में सम्मिलित नहीं किया गया है, तो क्‍या विभाग इनकों सम्मिलित करेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार। (घ) जी नहीं। किसी भी स्‍थल को पर्यटन क्षेत्र में सम्मिलित/घोषित करने की विभाग में कोई नीति नहीं है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

अशासकीय डॉ. अम्बेडकर कॉलेज वीरपुर के पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं की छात्रवृत्ति घोटाला

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

49. ( क्र. 3390 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों में अध्ययन करने वाले छात्र/छात्राओं को विभाग द्वारा छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो जिला श्योपुर की तहसील वीरपुर में संचालित अशासकीय डॉ. अम्बेडकर कॉलेज वीरपुर को शैक्षणिक सत्र 2012-13 से 2017-18 तक दर्ज कितने पिछड़ा वर्ग के छात्र/ छात्राओं को छात्रवृत्ति की कितनी कितनी राशि का आवंटन किया गया एवं आवंटन के विरुद्ध कितनी-कितनी राशि किस-किस के खाते में कब-कब जमा की गयी? छात्र/छात्रा का नाम, पता, कक्षा, जमा राशि, खाता क्रमांक सहित वर्षवार जानकारी दें? (ख) क्या म.प्र. शासन, वित्त विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ 1-11/2010/नियम/चार 16 सितम्बर 2010 से निर्देश हैं कि कोषालयों से प्राप्त किये जाने वाले भुगतान ई-भुगतान के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा किये जावें? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में उक्त वर्ग के छात्र/छात्राओं की छात्रवृत्ति की राशि रु. 4306521.00 छात्र/छात्राओं के खाते में जमा न करते हुए दिनांक 25-08-17 को प्रिंसिपल/डायरेक्टर डॉ. अम्बेडकर कॉलेज के खाता क्रमांक 32295104936 स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया शाखा रामपहाड़ी में जमा कर दी गयी? यदि हाँ, तो क्या यह वित्तीय अनियमितता है? इसके लिए कौन-कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी हाँ। शेष जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

घोषणानुसार घुघरी को धराशायी होने से बचाना

[जल संसाधन]

50. ( क्र. 3425 ) श्री मोती कश्यप : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वि.खं. ढीमरखेड़ा के ग्राम घुघरी में विगत 3 वर्ष पूर्व से बेलकुण्ड नदी की बाढ़ से ऊंचे तटबंधों के भीषण कटाव से अनेक सीमेन्ट मार्गों, मकानों व मंदिर के नीचे खोखलापन आ गया है, जो कभी भी धराशायी हो सकते हैं और तटवर्ती अनेक परिवारों को अन्यत्र बसाया गया है? (ख) क्या दिनांक 11-9-2016 को वि.खं. ढीमरखेड़ा के ग्राम खमतरा में सरकार के किसी उच्च पदाधिकारी द्वारा प्रश्नांश (क) के संबंध में किसी आई.डी. क्रमांक के किसी कार्य की घोषणा पर कोई डी.पी.आर. कभी किसी के द्वारा बनायी जाकर विभागीय प्रमुख अभियन्ता और प्रमुख अभियन्ता बोधी को प्रस्तुत की गई है और जो किस दिनांक से कहां परीक्षणाधीन हैं? (ग) प्रश्नांश (क) घोषणा दिनांक से बीते डेढ़ वर्ष में दो वर्षाकालों की बाढ़ों से तटबंधों के कटावों से बढ़ती क्षति का क्या किसी विभागीय अधिकारी द्वारा कोई सर्वेक्षण किया गया है? क्या पाया गया व क्‍या निदान किया गया है? (घ) प्रश्नांश () की घोषणा के क्रियान्वयन में प्रशासकीय स्वीकृति किन वर्षों में जारी होगी और क्या ग्राम के धराशायी होने के पूर्व किन वर्षों तक निर्माण पूर्ण कर लिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) मा. मुख्‍यमंत्री जी ने दिनांक 11.09.2016 को खमतरा बड़वारा में घुघरी कटाव को बंद कराने की घोषणा की है। कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, कटनी द्वारा तैयार प्रदाय डी.पी.आर. बोधी में दिनांक 22.01.2018 से परीक्षण में है। (ग) बाढ़ से तटबंधों के कटाव से क्षति का विभाग सर्वेक्षण नहीं कराता है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं। (घ) यथाशीघ्र। यथाशीघ्र।

भेडाघाट में पर्यटन विकास की संभावनाओं का अध्ययन व क्रियान्वयन

[पर्यटन]

51. ( क्र. 3428 ) श्री मोती कश्यप : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्त्ता ने मा. मुख्यमंत्रीजी एवं मा. विभागीय मंत्रीजी को अपने पत्र दिनांक 25-8-2017 द्वारा भेडाघाट-धुआंधार के पर्यटन विकास से संबंधित प्रश्न क्र. 750 दिनांक 21-7-2017 के उत्तर में किन्हीं तथ्यों के आधार पर किन्हीं असहमति से अवगत कराया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) पत्र में नर्मदा नदी के कभी किन्हीं कारणों से परिवर्तित मौसमी प्रवाह में किन्हीं पर्यटनीय स्थलों के उभार की ओर ध्यान आकर्षित कराकर किन्हीं स्तर के अधिकारियों व पदाधिकारियों से उनका अध्ययन व परीक्षण कराने हेतु लेख किया है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) प्रश्न व पत्र में नये जलप्रपातों और बंदरकूदनी व अन्य अनेक स्थल के स्थायी विकास के लिये कोई योजना बनाई गई है? (घ) क्या विभाग प्रश्नांश (क), (ख), (ग) पर राज्यस्तरीय किन्हीं तकनीकी विशेषज्ञों से परीक्षण कराकर धुआंधार के उर्ध्‍व स्थल से स्थायी जलप्रवाह बनाकर पर्यटन स्थलों की संख्या में वृद्धि कर भेड़ाघाट-धुआंधार के पर्यटन विकास को नया आयाम देकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनायेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) वर्तमान में कोई योजना प्रस्‍तावित नहीं है। (घ) उत्‍तरांश '' अनुसार। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। 

स्‍टॉफ नर्सों का स्‍थानान्‍तरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

52. ( क्र. 3433 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 में स्‍टॉफ नर्सों के स्‍थानान्‍तरण हेतु ऑनलाईन आवेदन व जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा सहित विभाग को कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? प्रश्‍न दिनांक तक उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) म.प्र.शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्‍थानान्‍तरण नीति अनुसार पति-पत्नी को एक ही स्‍थान पर स्‍थानान्‍तरण किये जाने का प्रावधान था, जिसके तहत कितनी स्‍टॉफ नर्सों का स्‍थानान्‍तरण किया गया? तथा कितनी अविवाहित स्‍टॉफ नर्सों के स्‍थानान्‍तरण किये गये? मध्‍यप्रदेश के विभिन्‍न जिलों में पद रिक्‍त न होने के बावजूद भी किन-किन स्‍टाफ नर्सों के स्‍थानान्‍तरण आदेश, किस नियम के तहत जारी किये गये? नियम विरूद्ध स्‍थानान्‍तरण करने वाले अधिकारी दोषी अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही की जाएगी? जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) म.प्र.शासन, सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्‍थानान्‍तरण नीति अनुसार पति-पत्नी को एक ही स्‍थान पर रखे जाने के नियम के आधार पर कितनी स्‍टॉफ नर्सों के स्‍थानान्‍तरण होना शेष हैं? कब तक स्‍थानान्‍तरण कर दिये जावेंगे?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) वर्ष 2016-17 में स्‍टॉफ नर्सों के स्थानान्तरण हेतु 468 आवेदन जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा सहित प्राप्त हुऐ थे जिनमें से 118 स्‍टॉफ नर्सों के स्थानांतरण किये गये। वर्ष 2017-18 में स्‍टॉफ नर्स के स्थानांतरण हेतु 1678 ऑनलाईन एवं 1254 जनप्रतिनिधियों के द्वारा अनुशंसा सहित आवेदन पत्र प्राप्त हुऐ थे। म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के तहत कार्यवाही की जाकर 697 स्‍टॉफ नर्सों के स्थानांतरण किये गये है। (ख) पति-पत्नी को एक ही स्थान पर स्थानान्तरण किये जाने की नीति के तहत 84 स्‍टॉफ नर्सों का स्थानांतरण किया गया है। म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति में अविवाहित स्‍टॉफ नर्सों के स्थानांतरण करने हेतु ऑनलाईन प्रकिया में अलग से किसी भी प्रकार का मापदण्ड नहीं था। सभी स्थानांतरण आदेश म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के तहत ही जारी किये गये थे। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्तमान में स्थानांतरण पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध शिथिल होने पर कार्यवाही की जावेगी।

विधानसभा क्षेत्र बीना अंतर्गत स्‍वीकृत सिंचाई परियोजना 

[जल संसाधन]

53. ( क्र. 3537 ) श्री महेश राय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बीना के अंतर्गत कितनी लघु सिंचाई परियोजना स्‍वीकृत की गयी हैं? (ख) ग्राम देवल की लघु सिंचाई परियोजना की प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या स्थिति है? (ग) देवल की लघु सिंचाई परियोजना में क्‍या तकनीकी पेरशानी आ रही हैं? (घ) क्‍या पुन: सर्वे करने का क्‍या प्रावधान है? यदि हाँ, तो अभी तक क्‍यों नहीं किया गया है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विधान सभा क्षेत्र बीना के अंतर्गत 03 लघु सिंचाई परियोजनाएं स्‍वीकृत एवं निर्मित है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नाधीन परियोजना के सैच्‍य क्षेत्र के विरूद्ध परियोजना का डूब क्षेत्र बहुत अधिक होने तथा लागत अत्‍याधिक होने के कारण परियोजना तकनीकी एवं वित्‍तीय मापदण्‍डों पर साध्‍य नहीं है। (घ) पुन: सर्वेक्षण से परियोजना साध्‍य बनाई जाना संभव नहीं है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

शासकीय चिकित्‍सालय बीना को उन्‍नयन करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

54. ( क्र. 3538 ) श्री महेश राय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन के पास शासकीय चिकित्‍सालय बीना के उन्‍नयन करने का प्रस्‍ताव है? यदि हाँ, तो कितने पलंग का? (ख) क्‍या तत्‍कालीन मंत्री जी के द्वारा शासकीय चिकित्‍सालय बीना को 100 पलंग के रूप में उन्‍नयन करने हेतु अनुशंसा की गयी थी? (ग) यदि हाँ, तो उन्‍नयन की कार्यवाही प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा अभी क्‍या कार्यवाही की हैं? (घ) शासकीय चिकित्‍सालय बीना में विशेषज्ञ चिकित्‍सकों की पूर्ति कब कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। 100 बिस्तरीय अस्पताल का। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। वर्तमान में 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का पूर्ण उपयोग नहीं होने के कारण प्रस्ताव अमान्य किया गया है। (घ) माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय में पदोन्‍नति संबंधी प्रकरण प्रचलित होने के कारण रिक्त पदो के भरने की निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं।

चिकित्सकों की अनाधिकृत अनुपस्थिति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

55. ( क्र. 3554 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिले में चिकित्सकों के कितने पद स्वीकृत हैं तथा स्वीकृत पद के विरुद्ध प्रश्न दिनांक तक कितने पद भरे हुए हैं? (ख) प्रशनांश (क) में भरे हुए पदों के विरुद्ध कौन-कौन चिकित्सक विगत एक वर्ष से अधिक की अवधि से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित है तथा इनके विरुद्ध अब तक शासन ने क्या कार्यवाही की हैं? (ग) क्या चिकित्सकों के अनाधिकृत अनुपस्थिति से नागरिकों को मिलने वाली चिकित्सा सेवायें प्रभावित होती हैं? यदि हाँ, तो क्या शासन ऐसे अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चिकित्सकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित कर उनकी सेवायें समाप्त करने की कार्यवाही करेगा? यदि नहीं तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) नीमच जिले में चिकित्सकों के कुल 113 पद स्वीकृत एवं 42 पद भरे हैं। (ख) नीमच जिले के 03 चिकित्सक यथा डॉ.मोहम्मद खालिद सिद्दिकी, प्रा.स्वा.के. सरवानिया महाराज, डॉ अभिषेक वरूण, प्रा.स्वा.के. पलसोड़ा, डॉ हरिश कुमार गुप्ता, चि.., सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनासा, अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित है। अनुपस्थित चिकित्सकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ करते हुए दिनांक 23.01.2018 को आरोप-पत्र एवं अभिकथन पत्रादि जारी किए गए हैं। (ग) जी हाँ। चिकित्सकों से प्राप्त प्रतिवाद उत्तर के परीक्षण उपरांत गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

उज्जैन शहर में संचालित गुरूनानक हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

56. ( क्र. 3567 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन शहर में संचालित गुरूनानक हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर का संचालन कब प्रारम्भ किया गया? इसके संचालक कौन हैं एवं हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन कब किया गया? (ख) क्या उक्त हॉस्पिटल का संचालक शासन के नियमानुसार किया जा रहा है एवं हॉस्पिटल में संचालित पैथोलॉजी लेब का रजिस्ट्रेशन कब करवाया गया है? एवं सी.एम.एच.ओ. उज्जैन द्वारा गुरूनानक हॉस्पिटल का कब-कब निरीक्षण किया गया व क्या कमियां पाई गई? (ग) प्रदूषण विभाग से गुरूनानक हॉस्पिटल को सर्टिफिकेट (रजिस्ट्रेशन) कब प्रदाय गया है एवं कब तक नवीनीकरण होना है? एवं रजिस्टर्ड कब किया गया है? रजिस्ट्रेशन की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) गुरूनानक हॉस्पिटल से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट एवं संक्रमित कचरे को कहाँ डिस्पोज किया जा रहा है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) उज्जैन शहर  में संचालित गुरूनानक हॉस्पिटल  एवं रिसर्च सेन्टर का संचालन दिनांक  04.7.2015 को प्रारंभ किया गया। डॉ. उमेश जेठवानी उक्त संस्था के संचालक है एवं  हॉस्पिटल  का रजिस्ट्रेशन दिनांक  25.7.2015  को किया गया है। (ख) जी हाँ। हॉस्पिटल  में कोई  पैथोलॉजी लेब संचालित नहीं है। निरीक्षण दिनांक 25.2.2018 को किया गयाजिसमें कुछ कमियां  पाई गई कमियों की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र   अनुसार है। गुरूनानक हॉस्पिटल को कमियों के संबंध में चेतावनी पत्र दिया गया हैजिसके परिपालन में संबंधित  संचालक द्वारा कमियों में सुधार कर जवाब प्रस्तुत किया गयाजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र  अनुसार है। सी.एम.एच.ओ. द्वारा पुनः परीक्षण किया गया जिसमें कमियों में सुधार पाया गया। (ग) प्रदूषण  विभाग ने गुरूनानक  हॉस्पिटल को सर्टिफिकेट (रजिस्ट्रेशन) 02.1.2017  को प्रदाय किया गयादिनांक 01.6.2018  को नवीनीकरण होना है। गुरूनानक  हॉस्पिटल  को दिनांक  11.2.2016 रजिस्टर्ड किया गया हैजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र  अनुसार है। (घ) गुरूनानक हॉस्पिटल से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट एवं संक्रमित कचरे को  हॉस्विन  इन्सीनरेटर 196/, 197/बीसेक्टर एफ, सांवेर रोड, इंदौर  द्वारा इंदौर में डिस्पोज किया जा रहा है।

उज्जैन जिले में संचालित सोनोग्राफी एवं पैथोलॉजी सेन्टरों के संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

57. ( क्र. 3568 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में कितने सोनोग्राफी एवं पैथोलॉजी सेन्टर संचालित हो रहे हैं? सेन्टरवार (स्थानवार) जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) कितने संचालित सोनोग्राफी एवं पैथोलॉजी सेन्टर पर पैथोलॉजिस्ट/रेडियो लॉजिस्ट डिग्री व डिप्लोमा प्राप्त हैं? सेन्टरवार, नामवार, डिग्री/डिप्लोमावार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) संचालित सोनोग्राफी एवं पैथोलॉजी सेन्टर पर जांचों की दर किसके द्वारा निर्धारित की जाती है? क्या जिले में संचालित सभी सोनोग्राफी एवं पैथोलॉजी सेन्टर के जांचों की दर समान है या अलग-अलग है? सेन्टरवार जानकारी उपलब्ध करावें। क्या संचालित सोनोग्राफी एवं पैथोलॉजी सेन्टर पर विभिन्न जांचों की रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है या नहीं? अगर अनिवार्य है तो किस-किस सेन्टर पर लगाई गई और किस-किस पर नहीं लगाई गई है? (घ) जिले में कितने सोनोग्राफी सेन्टर पर P.C.P.N.D.T. एक्ट कमेटी में रजिस्टर्ड हैं? सेन्टरवार जानकारी उपलब्ध करावें एवं कितने सोनोग्राफी सेन्टर P.C.P.N.D.T. एक्ट कमेटी के अन्तर्गत रजिस्टर्ड नहीं है? सेन्टरवार जानकारी उपलब्ध करावें। C.M.H.O. उज्जैन एवं वरिष्ठ कार्यालय भोपाल द्वारा कितने सोनोग्राफी एवं पैथोलॉजी सेन्टर पर विगत 4 वर्षों में कब-कब निरीक्षण किया गया? एवं क्या-क्या कमियां, किस-किस सेन्टर पर पाई गई? सेन्टरवार, दिनांकवार जानकारी उपलब्ध करावें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

लोक स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के स्‍थानांतरण की नियम प्रक्रिया

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

58. ( क्र. 3586 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग में वर्ष 2016-17 में बालाघाट जिले के अन्‍तर्गत कितने आवेदन स्‍थानांतरण हेतु प्राप्‍त हुये? प्राप्‍त आवेदनों में कितनों का स्‍थानांतरण किया गया? कर्मचारियों के नाम सहित जानकारी देवें? (ख) क्‍या म.प्र.शासन के सामान्‍य प्रशासन के नियमानुसार पति-पत्नी शासकीय सेवकों को एक ही जिले में पदस्‍थ किये जाने के नियम हैं? नियम की प्रति देवें? यदि हाँ, तो वर्ष 2016-17 में विभाग को शासकीय सेवकों (पति--पत्नी) का एक साथ पदस्‍थ किये जाने हेतु प्रश्‍नांश (क) वर्णित स्‍थान के कितने आवेदन प्राप्‍त हुये? प्राप्‍त आवेदनों में से कितने कर्मचारियों का स्‍थानांतरण किया गया? स्‍थानांतरण किये गये कर्मचारियों के नाम पते सहित जानकारी देवें? (ग) उपरोक्‍त अवधि में उपरोक्‍त स्‍थान हेतु शासकीय कर्मचारियों को एक ही स्‍थान पर पदस्‍थ किये जाने हेतु माननीय सांसद/माननीय विधायक/पूर्व विधायकों एवं मुख्‍यमंत्री कार्यालय से कितने कर्मचारियों के स्‍थानांतरण हेतु पत्र विभाग को प्राप्‍त हुये? उक्‍त प्राप्‍त पत्रों पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रतिबंधित अवधि में सामान्‍य प्रशासन के नियमों का उल्‍लंघन कर विभाग द्वारा कितने स्‍थानांतरण आदेश किये गये? क्‍या जिनके परिवार के सदस्‍य शासकीय सेवक नहीं है, ऐसे कितने कर्मचारियों का स्‍थानांतरण भी किया गया है? नाम पते सहित बतावें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जी नहीं। म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों का पालन कर ही स्थानांतरण प्रकरणों में कार्यवाही की जाती है। म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों में परिवार के सदस्य सेवक है अथवा नहीं है, का स्थानांतरण हेतु मापदण्ड नहीं था। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्‍थानांतरण/प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थापना

[चिकित्सा शिक्षा]

59. ( क्र. 3587 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 7306 दिनांक 28.03.2016 के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या म.प्र. के स्‍वशायी महाविद्यालय /स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में नियुक्‍त स्‍टाफ नर्स को एक विभाग से दूसरे विभाग में स्‍थानांतरण प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ किये जाने हेतु अनापत्ति/सहमति के पश्‍चात् वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक कर्मचारियों के आदेश प्रसारित किये गये हैं? यदि हाँ, तो नाम पदनाम सहित जानकारी देवें? (ग) स्‍थानांतरण/प्रतिनियुक्ति की अवधि पूर्ण होने के उपरांत कितने स्‍टाफ नर्सों/नर्सिंग ट्यूटर/नर्सिंग सिस्‍टर की वापसी मूल विभाग में की गई है? यदि नहीं तो क्‍यों? यदि हाँ, तो कब? (घ) विभाग दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ क्‍या कोई दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रदेश में बच्चों को दी जाने वाली कृमिनाशक दवा का सेवन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

60. ( क्र. 3595 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में 09 फरवरी 18 को कृमिनाशक दिवस पर किन-किन विद्यालयों के बच्चों को एलबेंडाजोल गोली खाने के बाद किन-किन कारणों से घबराहट उल्टी की शिकायत कहाँ-कहाँ हुई? (ख) क्या उक्त दवा भोजन करने के बाद बच्चों को देनी थी? यदि "हाँ" तो रतलाम, खंडवा एव अन्य स्थलों पर भोजन के पहले देने की भूल क्यों हुई, इसके लिए कौन-कौन अधिकारी,कर्मचारी जिम्मेदार है उनके खिलाफ विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गयी? (ग) क्या बच्चों को दी जाने वाली उक्त दवा से बीमारी का मुख्य कारण दवा की क्वालिटी ठीक न होना है? क्या इस दवा की जाँच विभाग द्वारा किसी मेडिकल लेबोरेट्री में कराई गयी है?यदि नहीं तो क्यों? विभाग ने उक्त गोली किस कम्पनी से खरीदी? कम्पनी का नाम सहित जानकारी देवें। (घ) प्रदेश स्तर पर इस अभियान की मॉनिटरिंग हेतु कब-कब किस-किस स्तर की ट्रेनिंग कर्मचारियों को देकर क्या-क्या निर्देश दिए गये? प्रदेश स्तर पर इस अभियान की मॉनीटिरिंग किस वरिष्ठ अधिकारी ने की?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी नहीं, भारत शासन द्वारा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के संचालन हेतु जारी दिशा-निर्देशों में इस प्रकार का कोई उल्लेख नहीं है। विदित हो कि कृमिनाशक औषधि का सेवन खाली पेट भी किया जा सकता है जिससे दवा का अवशोषण शीघ्र होता है। किन्हीं-किन्‍हीं बच्चों में परजीवी के जीव विष व दवा जनित के कारणों से उल्टी, घबराहट हो जाती है। इसके लिये कोई जिम्मेदार नहीं है। अतः कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। जी हाँ। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। अभियान में नेस्टर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड एवं ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन एशिया प्राईवेट लिमिटेड की दवा उपयोग में लायी गई। (घ) प्रदेश स्तर से अभियान की मॉनीटरिंग एवं ट्रेनिंग हेतु जारी निर्देशों की विस्तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एवं अनुसार है। प्रदेश स्तर पर इस अभियान की मॉनीटरिंग मिशन संचालक, एन.एच.एम., संचालक, एन.एच.एम. तथा उप संचालक, शिशु स्वास्थ्य पोषण द्वारा की गयी है।

नवीन मेडिकल कॉलेज की स्‍वीकृति

[चिकित्सा शिक्षा]

61. ( क्र. 3673 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिवनी जिले में कोई मेडिकल कॉलेज संचालित है? यदि हाँ, तो स्‍थान का नाम बतावें। (ख) यदि नहीं, तो सिवनी जिले के आस-पास कितनी-कितनी दूरी पर कहाँ-कहाँ पर मेडिकल कॉलेज संचालित हैं? (ग) क्‍या सिवनी जिले के जिला मुख्‍यालय पर माननीय मुख्‍यमंत्री जी के घोषणा किये जाने के बाद मेडिकल कॉलेज खोले जाने हेतु शासन द्वारा भूमि आरक्षित की गई है? यदि हाँ, तो कहाँ पर और कितनी? (घ) क्‍या सिवनी जिले के जिला मुख्‍यालय पर मेडिकल कॉलेज खोला जाना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कब तक स्‍वीकृत किया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अधीक्षक हमीदिया चिकित्सालय भोपाल के विरूद्ध प्राप्त शिकायतें

[चिकित्सा शिक्षा]

62. ( क्र. 3703 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 जनवरी 2016 से प्रश्न दिनांक तक अधीक्षक हमीदिया चिकित्सालय भोपाल के विरूद्ध कब-कब, किन-किन की शिकायतें प्राप्त हुई? शिकायतकर्ता का नाम, शिकायत दिनांक, शिकायत की विषयवस्तु सहित जानकारी देवें। (ख) विगत एक वर्ष में अधीक्षक हमीदिया चिकित्सालय के विरूद्ध प्राप्त माननीय विभागीय मंत्री, लोकायुक्त, विधानसभा प्रश्न विभिन्न जनप्रतिनिधि, कर्मचारी संगठन, मीडिया एवं व्‍यक्तिगत शिकायतों पर प्रश्न दिनांक तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ग) उपरोक्तानुसार प्राप्त शिकायतों पर विभाग/संबंधित अधिकारियों द्वारा कब-कब, क्या-क्या कार्यवाही की गई? जाँच का स्तर क्या है? (घ) क्या उपरोक्त शिकायतों में उल्लेखित उक्त अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक मरावी को तत्काल निलंबित करते हुए इनके विरूद्ध प्राप्त सैकड़ों शिकायतों की निष्पक्ष जांच एजेन्सी से पारदर्शी जाँच करायेंगे? नहीं तो क्यों?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

दवाईयों का क्रय विषयक जानकारी

[चिकित्सा शिक्षा]

63. ( क्र. 3704 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा सत्र नवम्बर-दिसम्बर 2017 के दिनांक 01 दिसम्बर, 2017 की प्रश्नोत्तरी के प्रश्न क्रमांक 1913 के (ख) अनुसार हस्‍ताक्षरित एम.ओ.यू. में किन दरों पर दवाईयां/सर्जिकल सामग्री इत्यादि अनुबंध किया गया है यह कैसा अनुबंध है, जिसमें प्रस्तावित दरों का जिक्र नहीं है? (ख) अनुबंध दिनांक से प्रश्न दिनांक तक हमीदिया चिकित्सालय, भोपाल द्वारा कुल कितनी-कितनी राशि की कितने प्रतिशत छूट के साथ कौन-कौन सी दवाईयां कजुयेबल सर्जिकल, इम्पलांट, ऑप्टिकल, पैथलैब एवं डायग्नोस्टिक इत्यादि सामग्री किन-किन दरों पर कुल कितनी राशि की क्रय की गई? (ग) क्या उपरोक्त एम.ओ.यू. जानबूझकर बिना किसी दरों की छूट के साथ हस्ताक्षरित किया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी एवं अपनी मनमर्जी से दरें प्रस्तावित कर सकें। जबकि उक्त एम.ओ.यू. में ड्रग प्राइज कन्ट्रोल आर्डर 2013, ड्रग एण्ड कॉस्मेटिक एक्ट 1945 के विभिन्न शेड्यूल अनुसार दवाइयों हेतु लाइसेंसी प्रावधान इत्यादि का पालन नहीं किया गया है? (घ) क्या शासन उपरोक्त अवैध/त्रुटिपूर्ण एम.ओ.यू. को तत्काल निरस्त करते हुए उक्त एम.ओ.यू. के आधार पर करोड़ों रूपयों की अनियमित खरीदी करने वाले अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक मरावी को तत्काल निलंबित करते हुए उक्त दवा खरीद घोटाले की पारदर्शी जाँच करायेंगे