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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


बुधवार, दिनांक 16 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



(वर्ग 5 : पशुपालन, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, श्रम, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्‍त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जाति कल्याण)

 

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वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पट्टों का बंटन

1. ( *क्र. 2532 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन अधिकार अधिनियम क्‍या है? इस नियम के अंतर्गत वन भूमि पर काबिज अनुसूचित जनजातियों को भूमि के पट्टे दिये जाने का क्‍या प्रावधान है? (ख) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में इस अधिनियम के अंतर्गत विगत 03 वर्षों में कितने पात्रों को वन भूमि के पट्टे दिये गये हैं एवं ऐसे कितने आवेदन पत्र हैं, जो किन कारणों से निरस्‍त किये गये हैं? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा वन अधिनियम के अंतर्गत वन भूमि पर काबिजों को कोई पट्टा दिये जाने की अनुशंसा करने पर कितनों को पट्टे दिये गये हैं एवं कितने किन कारणों से आवेदन पत्र निरस्‍त किये गये हैं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) वन अधिकार अधिनियम 2006 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वनभूमि के अधिभोग के अधिकारों की मान्यता के प्रावधान अधिनियम में उल्लेखित हैं। (ख) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में इस अधिनियम के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में 401 पात्रों को वन भूमि के वन अधिकार पत्र दिये गये एवं 818 आवेदन पत्र निम्न कारणों से निरस्त किये गये :- (1) दावा की गई भूमि वन भूमि न होना। (संख्या 50), (2) जनजाति के मामले में दिनांक 31.12.2005 के पूर्व का काबिज न होना। (संख्या 540), (3) दावा की गई भूमि पर वास्तविक रूप से काबिज न होना। (संख्या 178), (4) गैर आदिवासी के मामले में 75 वर्ष से निवास का साक्ष्य उपलब्ध न होना। (संख्या 50) (ग) माननीय विधायक की अनुशंसा पर अधिकार पत्र दिये जाने का प्रावधान अधिनियम में नहीं है। अतः इसका अभिलेख संधारित नहीं किया गया है।

राष्‍ट्रीय उद्यानिकी मिशन योजनांतर्गत निष्‍पादित कार्य

2. ( *क्र. 6479 ) श्री हेमन्‍त विजय खण्‍डेलवाल : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बैतूल जिले में राष्‍ट्रीय उद्यानिकी मिशन योजनांतर्गत विगत 3 वर्षों में कितने कार्य किए गए हैं? इनमें कितना अनुदान दिया गया है? शासकीय एवं निजी क्षेत्र की अलग-अलग वर्षवार जानकारी देवें। (ख) बैतूल जिले में विगत 3 वर्षों में सब्‍जी बीज उत्‍पादन कार्यक्रम/बीज अधोसंरचना विकास के लिए शासकीय एवं निजी क्षेत्र में कौन-कौन सी इकाई स्‍वीकृत की गई तथा कितना-कितना अनुदान दिया गया? इकाई की लागत, किए गए व्‍यय एवं दिए गये अनुदान की जानकारी देवें। (ग) क्‍या बैतूल जिले में पुष्‍प विकास/मसाला विकास/पुराने बगीचों का जीर्णोद्धार किया गया है? यदि हाँ, तो इस पर किए गए व्‍यय की वर्षवार जानकारी देवें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) विगत तीन वर्षों में 38 कार्य किये गये जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

प्राथमिक स्‍कूल के भवन का निर्माण

3. ( *क्र. 764 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम वरपनवाड़ी पंचायत मुहांसा वि.ख. आरोन में प्राथमिक स्‍कूल आंगनवाड़ी केन्‍द्र में लगता है? (ख) यदि हाँ, तो प्राथमिक स्‍कूल के नवीन भवन का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण हो जाएगा एवं शासन द्वारा प्राथमिक स्‍कूल शाला निर्माण के क्‍या मापदण्‍ड हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। निर्मित शाला भवन का मरम्मत कार्य किया जाना है इस कारण आँगनवाड़ी के भवन में अस्थाई रूप से स्कूल संचालित किया जा रहा है। (ख) वर्ष 2016-17 की कार्य योजना में शाला भवन की मरम्मत प्रस्तावित है, भारत शासन से स्वीकृति प्राप्त होने पर भवन की मरम्मत कराई जा सकेगी। शाला भवन जीर्ण-शीर्ण होने पर नवीन भवन स्वीकृति का मापदण्ड है। 

कटंगी में लिंक न्‍यायालय प्रारंभ किया जाना

4. ( *क्र. 4797 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मा. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर ने बालाघाट जिले के कटंगी में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायाधीश का लिंक न्‍यायालय प्रारंभ करने की स्‍वीकृति प्रदान की है? (ख) यदि हाँ, तो अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय का लिंक न्‍यायालय प्रारंभ होने में विलंब के क्‍या कारण हैं?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। (ख) कंटगी जिला बालाघाट में मूलभूत सुविधायें न्यायालय भवन, न्यायाधीश आवासगृह और उपजेल इत्यादि सुविधायें उपलब्ध नहीं हैं।

कल्‍याणकारी योजनाओं से लाभांवित श्रमिक

5. ( *क्र. 5784 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा श्रमिकों के हित में कौन-कौन सी कल्‍याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? (ख) बैरसिया विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितने श्रमिकों का रजिस्‍ट्रेशन म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्‍डल के माध्‍यम से किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के तारतम्‍य में बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रजिस्‍टर्ड श्रमिकों को कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक दिया गया?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों हेतु वर्तमान में कुल 23 कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिसकी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 8480 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन मण्डल के माध्यम से किया गया है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मण्डल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों हेतु प्रश्नांकित अवधि में योजनांतर्गत लाभांवित हितग्राहियों की संख्यावार जानकारी निम्नानुसार है :-

क्र.

योजना का नाम

हितग्राही संख्या

1.

प्रसूति सहायता

364

2.

विवाह सहायता

09

3.

शिक्षा हेतु प्रोत्साहन राशि एवं मेधावी छात्र/छात्रा को नगद पुरस्कार

1153

4.

मृत्यु दशा में अंत्येष्टि सहायता एवं अनुग्रह भुगतान

03

 

परिशिष्ट - ''एक''

गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में संचालित नल-जल योजनाएं

6. ( *क्र. 5903 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में कितने ग्रामों में हैण्‍डपंप लगे हुये हैं, जिसमें कितने चालू हैं एवं कितने बंद हैं? बंद पड़े हैण्‍डपंपों को कब तक चालू किया जाएगा या उनकी जगह नयें हैण्‍डपंप लगाये जायेंगे? (ख) क्षेत्र के कितने ग्रामों में कितनी नल-जल योजनाएं संचालित हैं तथा जिन ग्रामों में नल-जल योजना नहीं है, उन ग्रामों में नल-जल योजना का निर्माण किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। बसाहट में निर्धारित मापदण्ड से कम पेयजल आपूर्ति होने की स्थिति में नये हैण्डपंप लगाने की कार्यवाही की जाती है। (ख) 97 ग्रामों में नल-जल योजना संचालित है। वर्तमान में नवीन नल-जल योजनाओं की स्वीकृति पर प्रतिबंध है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

परियोजना मद अंतर्गत संपादित कार्य

7. ( *क्र. 2876 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2012 से 2015 तक आदिवासी विकास ''परियोजना मद'' अंतर्गत कितने कार्य खरगोन जिले में किन एजेंसियों को कब-कब दिये गये? कार्य का नाम, राशि, स्‍थान, विकासखण्‍ड का नाम, यंत्री/उपयंत्री का नाम सहित सूची देवें। इन कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र कब-कब कार्य एजेंसी द्वारा विभाग को दिये गये? दिनांक सहित बतायें। यदि प्रमाण पत्र नहीं दिये गये हैं, तो कारण बतायें? (ख) उक्‍त कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति, दिनांक, कार्य प्रारंभ दिनांक, कार्य पूर्णता दिनांक एवं सी.सी. जारी दिनांक की सूची कार्यवार देवें। कार्यों की स्थिति भी बतायें। (ग) उक्‍त कार्यों हेतु किन-किन अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा पत्र या मांग पत्र विभागीय कार्यालय में दिये गये। कार्यवार अधिकारी, जनप्रतिनिधि के नाम व पत्र क्रमांक, पत्र दिनांक सहित सूची देवें। (घ) उक्‍त कार्यों को किन शर्तों पर कार्य एजेंसी को प्रदान किया गया।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक, 'दो' एवं 'तीन' अनुसार है। (घ) कार्य एजेंसी को प्रदाय राशि की शर्तें पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'चार' अनुसार है।

आवंटित बजट का उपयोग

8. ( *क्र. 6568 ) श्री चैतराम मानेकर : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल जिले में वर्ष 2015-16 में विभाग अंतर्गत SC/ST/OBC वर्ग/क्षेत्रों के लिये किस-किस मद में कितनी राशियां आवंटित हुईं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में आवंटित राशि का पूर्ण उपयोग किस-किस मद में किया गया और कितनी राशि किस-किस मद में समर्पित की गयी? (ग) क्‍या विभाग जिले में आवंटित राशि का पूर्ण उपयोग नहीं करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों की जिम्‍मेदारी तय करेगा? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही कब तक की जायेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं 'एक' अनुसार है। (ख) एवं (ग) अनुसूचित जनजाति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है, जबकि अनुसूचित जाति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पानी की टंकी का हस्‍तांतरण

9. ( *क्र. 4132 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2005-06 में स्‍वीकृत छतरपुर जिले की बड़ामलहरा नगर पंचायत में कितनी लागत की पानी की टंकी का विभाग ने किस दिनांक से निर्माण किया? यह टंकी किन-किन कारणों से प्रश्‍नांकित दिनांक तक नगर पंचायत को सौंपी नहीं जा सकी है? (ख) कितनी लागत के कौन-कौन से कार्य पूर्ण न होने के कारण नगर पंचायत टंकी का प्रभार लिए जाने से इंकार कर रहा है, उन अधूरे कार्यों को पूरा किए जाने के संबंध में विभाग ने कब और क्‍या कार्यवाही की है? (ग) कब तक टंकी पूरी की जाकर नगर पंचायत को सौंप दी जावेगी? समय-सीमा सहित बतावें।

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) रूपये 32.10 लाख लागत की पानी टंकी का निर्माण 08.2.2006 से प्रारंभ किया एवं 23.1.2008 को पूर्ण। पेयजल योजना के अंतर्गत एनीकट का निर्माण व टरबाइन पंप का क्रय न होने से नगर पंचायत द्वारा टंकी आधिपत्य में नहीं ली गई। (ख) एनीकट लागत रूपये 28.85 लाख एवं टरबाइन पंप लागत रूपये 3.00 लाख के कार्य अपूर्ण रहने के कारण। विभाग द्वारा रूपये 322.33 लाख की पुनरीक्षित योजना तैयार की गई है, परंतु नगर पंचायत द्वारा अंशदान की राशि देने में असमर्थता व्यक्त की गई है। अतः विभाग द्वारा एनीकट को छोड़कर शेष कार्य पूर्ण करने की कार्यवाही की जा रही है। (ग) टंकी का कार्य एवं उसका परीक्षण पूर्ण किया जा चुका है। यदि नगर पंचायत सहमति‍ दे तो टंकी विभाग द्वारा तत्काल हस्तांतरित की जा सकती है।

सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्रांतर्गत संपादित कार्य

10. ( *क्र. 4470 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा दिनांक 01.04.15 से 31.01.16 तक सबलगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी राशि प्रदाय की गई? पंचायतवार एवं मदवार जानकारी बतावें। (ख) यह राशि किस-किस मद में किन-किन कार्यों में खर्च की गई? पंचायतवार, मदवार, कार्य का नाम, स्‍वीकृत राशि, व्‍यय राशि, शेष राशि का ब्‍यौरा दें। यह कार्य किन-किन क्षेत्रों में करवाए गए? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा ग्राम पंचायत खिरका जनपद पंचायत सबलगढ़ को अनुसूचित जाति बस्‍ती में सी.सी. खरंजा हेतु प्रस्‍ताव अधीक्षक अनुसूचित जनजाति कल्‍याण विभाग को देने के बाद भी प्रश्‍न दिनांक तक ए.एस. जारी नहीं की गई? कारण बतावें एवं कब तक राशि स्‍वीकृत कर दी जावेगी? (घ) किन-किन जनप्रतिनिधियों ने प्रश्‍नांश (क) की अवधि में अनुशंसा पत्र किन-किन कार्यों की स्‍वीकृति हेतु विभाग को इस अवधि में प्रेषित किये हैं? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नकर्ता के प्रस्‍ताव पर दिनांक 24.02.2016 को रूपये 2.00 लाख की प्रशासकीय एवं वित्‍तीय स्‍वीकृति जारी कर दी गई है। (घ) जनप्रतिनिधियों से प्राप्‍त अनुशंसा पत्रों का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। अनुशंसित कार्यों हेतु बस्‍ती विकास योजना के नियमों के अंतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति जारी की गई है। अनुशंसा के आधार पर राशि जारी करने के प्रावधान नहीं हैं। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

विभाग को आवंटित बजट का उपयोग

11. ( *क्र. 4562 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्रम विभाग द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में शासन से बजट की मांग की थी? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा भेजे गए बजट व शासन द्वारा प्रदत्‍त राशि का ब्‍यौरा दें? (ख) क्‍या श्रम विभाग द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में प्राप्‍त बजट में कोई अनियमितता की गई है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) श्रम विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 में प्राप्‍त बजट का क्‍या उपयोग किया गया? मदवार, राशिवार ब्‍यौरा दें।

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) 1. औद्योगिक न्‍यायालय- जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं बी अनुसार है। 2. श्रमायुक्‍त- जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र सी एवं डी अनुसार है। 3. संचालक- कर्मचारी राज्‍य बीमा सेवायें- जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) 1. औद्योगिक न्‍यायालय - जी नहीं। 2. श्रमायुक्‍त- जी नहीं। 3. संचालक, कर्मचारी राज्‍य बीमा सेवायें- जी नहीं। (ग) 1. औद्योगिक न्‍यायालय - जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एफ अनुसार है। 2. श्रमायुक्‍त - जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र डी अनुसार है। 3. संचालक, कर्मचारी राज्‍य बीमा सेवायें - जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

वरिष्‍ठ अध्‍यापकों को क्रमोन्‍नति का लाभ

12. ( *क्र. 5064 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल के आदेश क्रमांक/एफ.1-2/2013/22 /पं.2 दिनांक 21 फरवरी 2013 द्वारा समस्‍त विभागाध्‍यक्षों को अध्‍यापक संवर्ग में संविदा शाला शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्‍ठता देने हेतु निर्देश दिये गये थे? (ख) क्‍या सतना जिले के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं जिला शिक्षा अधिकारी सतना द्वारा आज दिनांक तक उक्‍त आदेश के परिपालन में वरिष्‍ठ अध्‍यापकों की क्रमोन्‍नति नहीं की जा रही है? कारण सहित बताएं। () क्‍या आयुक्‍त नगर निगम भोपाल द्वारा संचालक लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को पत्र भेज कर मार्गदर्शन मांगा गया था, जिस पर संचालनालय द्वारा आयुक्‍त नगर निगम भोपाल जिला भोपाल को आदेश क्रमांक 1457 दिनांक 26.03.14 के द्वारा बिंदु क्रमांक 04 में स्‍पष्‍ट रूप से अंकित किया है कि संविदा शाला शिक्षक से अध्‍यापक संवर्ग में नियुक्‍त सहायक अध्‍यापक/अध्‍यापक/वरिष्‍ठ अध्‍यापक के क्रमोन्‍नति के प्रकरणों में 12/24 वर्ष की अवधि की गणना वर्ष 2001 या इसके उपरांत वास्‍तविक रूप से संविदा शाला शिक्षक के रूप में नियुक्ति दिनांक से की गई कार्य अवधि को 12/24 वर्ष के अनुभव के रूप में सम्मिलित करते हुए अनुभव की गणना की जाएगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) अध्‍यापक संवर्ग में संविदा शाला शिक्षक को नियुक्ति दिनांक से नियम में उल्‍लेखित अनुसार योग्‍यता एवं अन्‍य शर्तों की पूर्ति करने पर वरिष्‍ठता का लाभ पदोन्‍नति एवं क्रमो‍न्‍नति के लिए प्राप्‍त होता है। (ख) सतना जिले में वरिष्ठ अध्यापकों को क्रमोन्नति का लाभ दिये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता (ग) जी हाँ। अध्यापक संवर्ग में क्रमोन्नति की सेवा गणना संविदा शाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति दिनांक से करने के उपरान्त 12 अथवा 24 वर्ष की क्रमोन्नति का लाभ दिये जाने का प्रावधान है।

जिला परियोजना समन्‍वयक पद हेतु निर्धारित अर्हता

13. ( *क्र. 4504 ) पं. रमाकान्‍त तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के ज्ञापन क्र. राशि के/प्रशा./2015/7230 भोपाल, दिनांक 28/9/2015 द्वारा जिला परियोजना समन्‍वयक पद हेतु अर्हता में स्‍कूल शिक्षा विभाग के सहायक संचालक/प्राचार्य उ.मा.वि./प्राचार्य हाई स्कूल संवर्ग के अधिकारी, जिनकी आयु 52 वर्ष से अधिक न हो? विज्ञापित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन जिलों में पदस्‍थ जिला परियोजना समन्‍वयक जिला शिक्षा केन्‍द्र की आयु 52 वर्ष से अधिक है? नाम एवं वर्तमान आयु बतायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में बताये गये 52 वर्ष से अधिक उम्र धारण करने वाले जिला परियोजना समन्‍वयकों को क्‍या तत्‍काल मुक्‍त करेंगे? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र से पदस्‍थ जिला परियोजना समन्‍वयक एवं शासन से पदस्‍थ सहायक संचालक (ई.ई.) की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, जिला परियोजना समन्‍वयक के पद पर चयन के लिए निर्धारित अर्हता में आयु सीमा 52 वर्ष निर्धारित की गई है। इसका आशय यह नहीं है, कि चयनित अभ्‍यर्थी 52 वर्ष की ही आयु तक जिला परियोजना समन्‍वयक का कार्य सम्‍पादित करेंगे।

अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नतियां

14. ( *क्र. 6004 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में कितने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 1 जनवरी, 2011 के पश्‍चात किस-किस दिनांक को जिला पंचायत एवं नगरीय निकायों द्वारा अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति किस अधिकारी द्वारा की गई है? (ख) क्‍या अध्‍यापकों की पदोन्‍नति हर 6 माह में की जाना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय एवं विभाग द्वारा कब-कब दिशा-निर्देश जारी किये गये? दिनांकवार जानकारी देवें। (ग) क्‍या कुछ जिलों में अध्‍यापकों की पदोन्‍नतियां समय पर हो रही हैं तथा कुछ में 3 से 4 वर्ष के बावजूद भी पदोन्‍नति प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई है, जिससे अध्‍यापकों को अपनी वरिष्‍ठता का नुकसान भुगतना पड़ रहा है? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (घ) रतलाम मंदसौर जिले में ऐसे कितने अध्‍यापक हैं, जिनकी अर्हता एवं योग्‍यता के पूर्ण होने के बाद एवं पद होने के बावजूद भी पदोन्‍नतियाँ गत दो वर्षों से नहीं मिली हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार(ख) जी नहीं। म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञाप दिनांक 24.04.13 एवं 12.05.14 के अनुसार प्रत्येक वर्ष में दो बार पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार(ग) पदोन्नति एक सतत् प्रक्रिया है। पदों की उपलब्धता, वरिष्ठता, निर्धारित योग्यता, पात्रता के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान है। शेषांश अध्यापक संवर्ग स्थानीय निकाय के अधीन एवं नियंत्रण में है। ये पद स्थानीय निकाय स्तरीय होते हैं। निकाय अंतर्गत पदोन्नति होने से वरिष्ठता प्रभावित नहीं होती है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) रतलाम जिले में ऐसे कोई अध्यापक नहीं हैं, जिन्हें पात्रता होने के बावजूद पदोन्नत नहीं किया गया। मन्दसौर जिले में अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक (विषयमान) के पद पर पदोन्नति की कार्यवाही प्रचलन में है। ग्रामीण क्षेत्र मन्दसौर जिलान्तर्गत ग्रामीण निकाय जिला पंचायत मन्दसौर क्षेत्रान्तर्गत कार्यरत 1110 अध्यापक में से 634 अध्यापक स्नातकोत्तर उत्तीर्ण होकर पदोन्नति हेतु संबंधित विषय में पात्रताधारी हैं। वर्ष 2015 में पदोन्नति अंतर्गत उपलब्ध 118 पदों पर विषयमान से पदोन्नति किये जाने हेतु दिनांक 01.04.15 की स्थिति में अंतरिम पदक्रम सूची दिनांक 12.10.15 के द्वारा जारी की जाकर दावे आपत्ति उपरान्त अंतिम पदक्रम सूची जारी करने की कार्यवाही प्रचलन में है। नगरीय क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका मन्दसौर में रिक्त 10 पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही पूर्ण की जाकर काउंसलिंग दिनांक 08.03.16 को संपन्न होगी। नगर पालिका सुवासरा में 07 पदों पर पदोन्नति हेतु प्रक्रिया प्रचलन में है। नगर पंचायत नगरी, सीतामऊ, शामगढ़, गरोठ, भानपुरा एवं पिपल्यिा मण्डी में पदोन्नति हेतु पद रिक्त नहीं है।

म.प्र. राज्‍य वक्‍फ न्‍यायाधिकरण में लंबित प्रकरण

15. ( *क्र. 4984 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्‍य वक्‍फ न्‍यायाधिकरण में कितने प्रकरण विगत पाँच वर्ष एवं इससे अधिक समय से लंबित हैं? (ख) वर्ष 2015 तक संपत्ति विवाद के लंबित प्रकरणों की जिलेवार संख्‍या क्‍या है? (ग) वर्ष 2012 से दिसंबर 2015 तक म.प्र. वक्‍फ बोर्ड के कितने प्रकरण लंबित हैं?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) म.प्र. राज्य वक्फ न्यायाधिकरण में विगत पाँच वर्ष एवं इससे अधिक समय से 60 प्रकरण लंबित हैं। (ख) जिलेवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट‍ अनुसार है। (ग) प्रश्नाधीन अवधि में 308 प्रकरण लंबित हैं।

परिशिष्ट - ''चार''

गोड़ गोवारी को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया जाना

16. ( *क्र. 6412 ) पं. रमेश दुबे : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. आदिम जाति अनुसंधान संस्‍थान भोपाल के द्वारा छिन्‍दवाड़ा जिले में गोड़ की उप जाति गोड़ गोवारी, जिन्‍हें स्‍थानीय बोली में गोड़ेरा अहीर कहा जाता है, के सदस्‍यों को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने हेतु पत्र क्रमांक 1404 दिनांक 06.08.2014 कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा को प्रेषित किया है? (ख) क्‍या तहसील छिन्‍दवाड़ा, परासिया एवं बिछुआ में गोड़ गोवारी के सदस्‍यों के पूर्व में अनुसूचित‍जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया है? शेष तहसीलों में और वर्तमान में उक्‍त तहसीलों में भी अब उक्‍त वर्ग के लोगों को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्रदाय नहीं किया जा रहा है? हाँ तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में म.प्र. आदिम जाति अनुसंधान संस्‍थान भोपाल के द्वारा कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा को स्‍पष्‍ट निर्देश दिये जाने के पश्‍चात भी गुडेरा अहीर जो गोड़ की उप जाति गोड़ गोवारी है, को अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्रदाय क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (घ) क्‍या शासन उक्‍त को संज्ञान में लेकर इसकी जाँच कराने तथा गुडेरा अहीर जो गोड़ की उपजाति गोड़ गोवारी है, को जाति प्रमाण पत्र जारी किये जाने के आदेश के साथ उन्‍हें जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) सामान्‍य प्रशासन विभाग से संबंधित।

अंग्रेजी भाषा के प्रश्‍न पत्र की छपाई में त्रुटियां

17. ( *क्र. 432 ) श्रीमती लोरेन बी. लोबो : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश के माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल भोपाल द्वारा गत वर्ष 2015 की वार्षिक परीक्षा में माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल द्वारा अंग्रेजी भाषा के प्रश्‍न पत्र में व्‍याकरण एवं प्रश्‍न पत्र छपाई में बहुत सी त्रुटियां की गईं, जिससे छात्र-छात्राओं को परीक्षा में कठिनाई के साथ ही अंग्रेजी भाषा में कम अंक प्राप्‍त हुये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल के द्वारा परीक्षा जैसे महत्‍वपूर्ण कार्य में बरती गई लापरवाही के लिये कौन-कौन दोषी हैं? उन पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) गोपनीयता के उद्देश्‍य से प्रश्‍न पत्रों का निर्माण अनुभवी शिक्षकों से हस्तलिखित तैयार कराया जाता है। प्रिंटर द्वारा हस्तलिखित शब्दों के पठन में भ्रांतिवश शब्‍दाशों की त्रुटियां विश्‍लेषण में पाईं गईं। त्रुटिपूर्ण शब्‍दाशों को सही शब्‍दाशों में स्पष्ट करते हुए परीक्षकों को मूल्यांकन के संबंध में निर्देश जारी किये गये थे। हाई स्कूल अंग्रेजी सामान्य के मूल्यांकनकर्ताओं हेतु जारी किये गये निर्देश संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार एवं हायर सेकण्डरी अंग्रेजी सामान्य के मूल्यांकनकर्ताओं हेतु जारी किये गये निर्देश संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार है। ऐसी त्रुटियों के कारण छात्रों के प्राप्तांक प्रभावित नहीं हुये। (ख) प्रत्यक्ष रूप से प्रश्‍नांश (क) से संबंधित त्रुटियों के लिये कोई दोषी नहीं है। इस कारण उन पर कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

आदिवासी विकास की स्‍थापना अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी

18. ( *क्र. 6448 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास की स्‍थापना अंतर्गत कार्यालय एवं संस्‍थाओं में ऐसे कौन-कौन कर्मचारी हैं, जिनका वेतन अन्‍यत्र किस-किस कार्यालयों में आहरण किया जा रहा है और कब से तिथि बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में बताये गये कर्मचारियों को संलग्‍न रखने संबंधी शासन के आदेश बतावें? यदि शासन आदेश नहीं हैं, तो किस आधार पर रखा गया? अनियमित भुगतान के लिए दोषी सहायक आयुक्‍त से वसूली की जाकर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? (ग) सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास कार्यालय से किस-किस लेखापाल एवं सहायक ग्रेड-2 का वेतन उ.मा.शा. मद से आहरण किया जा रहा है? उ.मा.शा. के लेखापालों के पद जिला कार्यालय में अधिग्रहण करने के कोई शासन आदेश हैं, तो बतावें? यदि नहीं, तो अनियमित भुगतान की वसूली भुगतान करने वाले दोषी अधिकारी से की जाकर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) कोई नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) सहायक आयुक्‍त, आदिवासी विकास, बालाघाट स्‍तर पर इस मद से एक लेखापाल का वेतन आहरण किया जा रहा है। पद अधिग्रहण नहीं किये गये हैं। हैड मेंपिंग सहायक आयुक्‍त बालाघाट के डी.डी.ओ. कोड में दर्ज है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भाण्‍डेर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत संचालित नल-जल योजनाएं

19. ( *क्र. 5622 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन द्वारा ग्रामीणों से राशि जमा कराकर नल-जल योजनायें बनाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो ग्राम सिकौआ के ग्रामवासियों से राशि जमा कराने के बाद अभी तक नल-जल योजना क्‍यों नहीं बनाई गई है और इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? य‍ह योजना कब तक पूर्ण होगी? (ख) क्‍या भाण्‍डेर विधान सभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री संकल्‍प पेयजल योजना एवं बुन्‍देलखण्‍ड पैकेज के अंतर्गत नल-जल योजनायें संचालित हैं? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) हाँ तो कौन-कौन सी योजनाएं चालू हैं एवं कितनी योजनायें ग्राम पंचायतों को हस्‍तांतरित हैं और शेष योजनायें कब तक पूर्ण कर ग्राम पंचायतों को हस्‍तांतरित कर दी जावेंगी? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) की अहस्‍तांतरित योजनायों के लिए कौन जिम्‍मेदार है और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। नल-जल योजना रूपये 20.55 लाख लागत की तैयार की गई है। योजना की स्वीकृति हेतु ग्राम पंचायत का ठहराव एवं प्रस्ताव व योजना से हितग्राहियों द्वारा नल कनेक्शन लेने की सहमति प्रस्तुत न करने एवं नवीन नल-जल योजनाओं की स्वीकृति पर प्रतिबंध होने के कारण। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) योजनाएं विभिन्न कारणों से अहस्तांतरित हैं, कोई जिम्मेवार नहीं है। कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

कसरावद विधानसभा क्षेत्रांतर्गत लाभांवित हितग्राही

20. ( *क्र. 3164 ) श्री सचिन यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पशुपालन विभाग द्वारा मध्‍य प्रदेश में राज्‍य योजनाएं एवं केन्‍द्र प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत विगत 03 वर्षों से कुल कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई? योजनावार बतायें तथा जिला पश्चिम निमाड़ में कितनी-कितनी राशि खर्च की गई? उक्‍त राशि खर्च के संबंध में कितनी-कितनी अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्‍त हुईं और उस पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित योजनाओं के अंतर्गत कसरावद विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन सी हितग्राहीमूलक योजनाएं संचालित हैं और उनके उद्देश्‍यों के तहत कितने-कितने हितग्राहियों को लाभांवित किया जा रहा है? हितग्राहीवार एवं ग्रामवार जानकारी दें।

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। उक्त राशि खर्च के संबंध में अनियमितताओं की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है।

कटनी जिले में समितियों का गठन

21. ( *क्र. 6378 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य केन्‍द्र के पत्र क्रमांक-राशि के/03/2016/368 भोपाल, दिनांक 14.01.2016 के अनुसार जिला एवं विकासखण्‍ड स्‍तर पर गठित जिला इकाई विकासखण्‍ड इकाई एवं अन्‍य समितियों की नियमित बैठक आयोजित करने के प्रावधान हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कटनी जिले में समितियों का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो इनमें कौन-कौन सी समितियां हैं एवं वर्तमान तक उनका पूर्ण विवरण देवें? (ग) क्‍या उक्‍त समितियों की बैठकें समय-सीमा में आयोजित करने के संबंध में स्‍कूल शिक्षा मंत्री म.प्र. शासन द्वारा पत्र क्र. 6381, भोपाल, दिनांक 22.12.2015 द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया था? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में कटनी जिले में मान. मंत्री महोदय के समय-सीमा के निर्देशों का पालन हुआ? यदि नहीं, तो स्‍वयं शिक्षा मंत्री महोदय एवं शासन के निर्देशों का पालन न करने वाले कटनी जिले के संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत जिले में जिला इकाई, जिला क्रय समिति, जिला नियुक्ति समिति, जिला अनुदान समिति, जिला निर्माण कार्य समितियां होती हैं, जिसमें पदेन शासकीय एवं मनोनीत अशासकीय सदस्‍यों का समावेश होता है। अशासकीय सदस्‍यों के मनोनयन की प्रक्रिया प्रचलन में है। (ग) जी हाँ। (घ) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अनु. ज.जा. एवं परंपरागत वन निवासी अधिनियम का क्रियान्‍वयन

22. ( *क्र. 5732 ) श्री मधु भगत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति एवं परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्‍यता) अधिनियम 2006 तथा नियम 2008 के क्रियान्‍वयन हेतु क्‍या-क्‍या, कार्यवाही कब-कब की गई? (ख) परसवाड़ा विधान सभा क्षेत्र के कितने प्रकरण उक्‍त अधिनियम/नियम के मापदण्‍डों के अनुसार बनाये गये हैं, कितने बनाये जाना शेष हैं? ग्रामवार बतायें। (ग) क्रियान्‍वयन में हो रहे विलंब का क्‍या कारण है? क्‍या शासन स्‍तर/आयुक्‍त स्‍तर/विभागाध्‍यक्ष स्‍तर पर विलंब के कारण आपत्तियों, कठिनाइयों के निराकरण, हेतु चर्चा/बैठक कब-कब की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या विभाग द्वारा मामले वन विभाग को भेजे गये? तिथि सहित बतायें। क्‍या वन विभाग द्वारा प्रकरणों को निराकृत करने के उद्देश्‍य से कोई कार्यवाही की? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

भिण्‍ड जिले में परीक्षा केन्‍द्रों का निर्धारण

23. ( *क्र. 4088 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा कक्षा 10वीं12वीं हेतु वर्ष 2015-16 में शासकीय हाईस्‍कूल हवलदारसिंह का पुरा व शासकीय कन्‍या हाईस्‍कूल नुन्‍हाटा विकासखण्‍ड भिण्‍ड में परीक्षा केन्‍द्र बनाने के लिए शासन से क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित विद्यालय देहात कोतवाली भिण्‍ड, दूरी 6 कि.मी. और थाना उमरी भिण्‍ड से करीब 5 कि.मी. दूरी है? शासकीय हाईस्‍कूल हवलदार सिंह का पुरा का परीक्षा केन्‍द्र अशासकीय विद्यालय के.व्‍ही.एम. ग्‍वालियर रोड भिण्‍ड, दूरी 17 कि.मी. पर परीक्षा केन्‍द्र रखने की क्‍या आवश्‍यकता थी? परीक्षा केन्‍द्र को बदलने के क्‍या कारण हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) में छात्राओं की संख्‍या 59 और 55 है, परीक्षा केन्‍द्र बदलने से असुरक्षित, आवागमन भिण्‍ड शहर से करीब तीन कि.मी. दूर रखने के लिए जिला योजना समिति से अनुमोदन कराया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? परिवर्तन करने के क्‍या कारण हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क) में भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र में शासकीय विद्यालय से अशासकीय विद्यालय में परीक्षा केन्‍द्र बनाने के क्‍या कारण हैं? निर्धारित परीक्षा केन्‍द्र में से कितने परीक्षा केन्‍द्र बदले/परिवर्तन/परिवर्धन किए गए? क्‍या कारण हैं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) परीक्षा केन्द्र निर्धारण में मण्डल द्वारा निर्धारित मापदण्डों का पालन किया गया है एवं कानून व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुये किया गया है। परीक्षा केन्द्र निर्धारण में मापदण्ड के बिन्दु क्रमांक-05 का पालन किया गया है। (ग) मण्डल द्वारा निर्धारित मापदण्डों में छात्राओं के लिये पृथक से कोई निर्देश नहीं हैं। म.प्र.शासन, स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन के निर्देश क्रमांक-1139/1151/2015/20-3, भोपाल, दिनांक 24.7.2015 द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार केन्द्र निर्धारण हेतु गठित चयन समिति द्वारा परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण किया गया। केन्द्र निर्धारण का कार्य समय-सीमा में संपादित कराया जाना था, तत्समय जिला योजना समिति की बैठक प्रस्तावित नहीं थी। (घ) मण्डल द्वारा निर्धारित मापदण्डों के बिन्दु क्रमांक-15 के अनुसार परीक्षा केन्द्र निर्धारित किये गये हैं। निर्धारण के पश्चात किसी भी केन्द्र में परिवर्तन/परिवर्धन नहीं कराया गया है।

बस्‍ती विकास योजनांतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति

24. ( *क्र. 6217 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति कल्‍याण विभाग अंतर्गत बस्‍ती विकास योजना हेतु जिले में प्राप्‍त राशि से निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये जाने की क्‍या प्रक्रिया है? (ख) क्‍या विधायक के द्वारा अनुशंसा किये गये कार्यों को स्‍वीकृत किया जा सकता है? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 के कलेक्‍टर शहडोल तथा सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास शहडोल को अनुशंसा किये गये कार्यों को स्‍वीकृत न किये जाने के क्‍या कारण हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के संबंध में कौन दोषी है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजना 2005 यथा संशोधित 2014 में निहित अनुसार कार्य स्‍वीकृत किये जाते हैं। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2014-15 में 07 एवं 2015-16 में 02 कार्य स्‍वीकृत किये गये। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छात्रवृत्ति की राशि का वितरण

25. ( *क्र. 1168 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं जबलपुर जिलों में निजी इं‍जीनियरिंग/नर्सिग/ एम.बी.ए./सभी विषयों के ग्रेजुएट एवं पोस्‍ट ग्रेजुएट कॉलेजों के द्वारा 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक कितने छात्रों एवं छात्राओं को कितनी छात्रवृत्ति किस-किस प्रकार की कब दी? (ख) क्‍या स्‍टूडेंटों को छात्रवृत्ति की राशि उनके बैंक एकाउण्‍ट में शासन द्वारा दी? क्‍या कॉलेजों के एकाउण्‍टों में छात्रवृत्ति की राशि शासन द्वारा दी गयी? (ग) छात्रवृत्ति देने के राज्‍य शासन के क्‍या नियम हैं? नियमों की एक प्रति उपलब्‍ध कराते हुये बतायें कि छात्रवृत्ति शासन कॉलेजों के एकाउण्‍टों में नियमानुसार दे सकता है? अगर नहीं तो किस नाम/पदनाम के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (घ) कितनी-कितनी राशि शासन द्वारा वित्‍तीय वर्ष 13-14, 14-15, 15-16, 30 जनवरी, 2016 तक में प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कॉलेजों के छात्रों को दी गयी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) सतना एवं जबलपुर जिलों में प्रश्नांश में दर्शित पाठयक्रमों में अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं को 01.4.2013 से अब तक निम्नानुसार पो.मै. छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई है :-

जिला

छात्र संख्या

भुगतान की गई छात्रवृत्ति की राशि

सतना

590

1,51,28,588

जबलपुर

2037

4,51,95,340

 

(ख) जी हाँ। कॉलेजों के एकाउण्टों में छात्रवृत्ति की राशि दिये जाने का प्रावधान नहीं है। (ग) नियम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। कॉलेजों के एकाउण्टों में छात्रवृत्ति की राशि दिये जाने का प्रावधान नहीं है, अतः कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सतना एवं जबलपुर जिलों में वर्षवार निम्नानुसार राशि छात्र/छात्राओं को भुगतान की गई है :-

जिला

वर्ष

छात्र संख्या

राशि

 

जबलपुर

2013-14

1083

25222670

2014-15

954

19972670

15-30 जनवरी 16

0

0

 

सतना

2013-14

194

4448053

2014-15

227

5387282

15-30 जनवरी 16

169

5293253

 

 

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

Top of Form

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

जलस्‍तर नीचे जाने से उत्‍पन्‍न स्थिति

1. ( क्र. 92 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या पिपलौदा तहसील व रतलाम जिले के अन्‍य ब्‍लॉक में कम वर्षा से भूजल स्‍तर अत्‍यंत नीचे चला गया है तथा अधिकांश हैण्‍डपंप सूख गये है व उनमें पानी नहीं है? ब्‍लॉकवार कितने-कितने हैण्‍डपंप किस-किस ब्‍लाक में चालू हैं व कितने सूख गये हैं व जहाँ सूख गये है वहाँ पेयजल की क्‍या व्‍यवस्‍था है? (ख) क्‍या पिपलौदा मुंगावली, चंदेरी क्षेत्र में भूजल स्‍तर अत्‍यधिक नीचे चला गया है वहाँ प्रत्‍येक गांव में एक विद्युत मोटर देने पर शासन विचार करेगा ताकि नीचे चला गया पानी खींचकर पशुओं व मनुष्‍यों को पीने के लिए पानी मिल सकें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित ब्‍लाक में कितने गांवों में दूषित पेयजल, खारा पेयजल या फ्लोरेसेट युक्‍त पानी पाया गया है तथा पानी शुद्ध करने हेतु शासन ने कितनी धनराशि का क्‍या प्रयास किया है व उससे किस-किस ब्‍लॉक में कितने गाँवों में स्‍वच्‍छ पानी उपलब्‍ध कराया गया है तथा किस-किस ब्‍लॉक में कितने गाँवों में अभी भी दूषित जल मिल रहा है? इसे ठीक करने हेतु कितना बजट है व कब तक सभी गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्‍ध करा दिया जायेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं, शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। आवश्यकता होने पर आगामी समय में मोटर पंप देने पर विचार किया जायेगा। (ग) पिपलौदा विकासखण्ड के 3 ग्रामों में खारेपानी की समस्या थी, इन तीनों ग्रामों में नल-जल योजना के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था कर दी गई है जिस पर लगभग रूपये 85.14 लाख का व्यय हुआ है। अन्य विकासखण्डों में दूषित पेयजल की समस्या नहीं पाई गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''आठ''

नल योजना का संधारण

2. ( क्र. 119 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला डिण्‍डोरी, लो.स्‍वा. यांत्रिकीय विभाग द्वारा नल-जल योजना के अंतर्गत वर्ष 14-15 एवं 15-16 में ठेकेदारों द्वारा कौन-कौन से कितने कार्य हैं जो समय-सीमा में संपादित नहीं किये हैं? ठेकेदारों के नाम एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) वि.ख. डिण्‍डोरी के अंतर्गत ग्राम घुसिया में कितने टोला-मजरों में कितने मीटर नल-जल योजना के पाईप बिछाये गये हैं और कब से संचालित हैं? (ग) उक्‍त ग्राम के कौन से मोहल्‍ला में जहां पाईप लाईन बिछी है पर आज तक सप्‍लाई नहीं दी गई है एवं किस कारण से? (घ) इस ग्राम की इस योजना की लागत क्‍या है एवं ठेकेदार को कब कितनी राशि कब-कब भुगतान की गई?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) लागत रूपये 14.88 लाख है, शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

सामुदायिक रेडियों स्‍टेशन के क्रियाकलाप

3. ( क्र. 120 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्‍डोरी, विकासखण्‍ड बजाग के ग्राम चौड़ा में म.प्र. वन्‍या द्वारा सामुदायिक रेडि़यों केन्‍द्र स्‍थापित किया गया था, क्‍या वह वर्तमान में चालू है यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) वर्तमान में स्‍थायी एवं अस्‍थायी कितने कर्मचारी नियुक्‍त हैं? उन्‍हें कब तक का वेतन/मानदेय दिया गया है, यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) रेडियों स्‍टेशन से कार्यक्रम प्रसारण हेतु प्रत्‍येक माह या वार्षिक कार्यक्रम तैयार करने हेतु कितनी-कितनी राशि उपलब्‍ध करायी गई? (घ) इस केन्‍द्र को चलाने हेतु किस संस्‍था से अनुबंध कब तक के लिये, कितनी राशि में संपादित किया गया?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) म.प्र. वन्या द्वारा जिला डिण्डोरी, ग्राम चाडा में एक रेडियो केन्द्र का निर्माण किया गया है। संचालन का दायित्व दीक्षा वेलफेयर सोसायटी को वन्या एवं दीक्षा वेलफेयर सोसायटी के मध्य निष्पादित अनुबंध अनुसार किया जाता है। केन्द्र चालू है। (ख) अनुबंध अनुसार दीक्षा वेलफेयर सोसायटी द्वारा सामुदायिक रेडियो केन्द्र चाडा में 10 अस्थाई कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों को सितम्बर- 2014 तक का मानदेय भुगतान दीक्षा वेलफेयर सोसायटी द्वारा उपलब्ध करायी गयी प्रतिमाह प्रसारित कार्यक्रम की सी.डी. के परीक्षण पश्चात किया गया है। शेष अवधि की सी.डी. अप्राप्त है। प्राप्त होने पर परीक्षण उपरांत नियमानुसार भुगतान की कार्यवाही की जायेगी। (ग) अनुबंध अनुसार कार्यक्रम निर्माण एवं प्रसारण हेतु लगभग रूपये 39,000.00 प्रतिमाह के मान से राशि उपलब्ध करायी जाती है। दीक्षा वेलफेयर सोसायटी द्वारा सितम्बर-2014 तक की उपलब्ध कराई गयी कार्यक्रम प्रसारण सी.डी. के परीक्षण पश्चात् लगभग 10.14 लाख का भुगतान किया जा चुका है। (घ) इस केन्द्र को चलाने हेतु दीक्षा वेलफेयर सोसायटी से जुलाई 2012 में तीन वर्ष के लिए राशि रूपये 80,300.00 प्रतिमाह के आधार पर अनुबंध निष्पादित किया गया।

शासकीय स्‍कूलों में बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण

4. ( क्र. 409 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र नागदा खाचरोद में विगत पाँच वर्षों में कितने स्‍कूलों का उन्‍नयन किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) क्षेत्र में ऐसे शासकीय प्राथमिक, माध्‍यमिक एवं हाई स्‍कूल, हायर सेकण्‍ड्री स्‍कूल कितने है? जहां बाउण्‍ड्रीवॉल बनाये जाने की आवश्‍यकता है? (ग) शासन स्‍तर पर बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण की क्‍या कार्यवाही प्रचलित है? कब तक सभी स्‍कूलों में बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण कार्य करा लिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विगत पाँच वर्षों में 05 प्राथमिक शाला का माध्यमिक शाला में, 03 माध्यमिक शाला का हाई स्कूल में एवं 08 हाई स्कूल का उ.मा.वि. में उन्नयन किया गया है। (ख) 94 शासकीय प्राथमिक विद्यालय, 80 शासकीय माध्यमिक विद्यालय, 06 शासकीय हाई स्कूल एवं 05 उ.मा.वि. में बाउण्ड्रीवॉल बनाये जाने की आवश्यकता है। (ग) सभी विद्यालयों में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु जिले की वार्षिक कार्ययोजना 2016-17 में सम्मिलित किया गया है। बजट उपलब्धतानुसार स्वीकृति की कार्यवाही की जाती है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। 

शा. शालाओं में शौचालय की स्थिति

5. ( क्र. 420 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा खाचरोद विधान सभा क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक, माध्‍यमिक एवं हाई स्‍कूल, हायर सेकण्‍ड्री स्‍कूलों में शौचालय की क्‍या स्थिति है? (ख) कितने स्‍कूलों में शौचालय नहीं बने हैं? (ग) शासन कब तक शत प्रतिशत स्‍कूलों में शौचालय का निर्माण कार्य करवा देगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) नागदा खाचरोद विधान सभा क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शालाओं में शौचालय क्रियाशील स्थिति में हैहाई स्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री स्कूलों में शौचालय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्‍वच्‍छ विद्यालय अभियान के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में बालक-बालिका हेतु पृथक-पृथक शौचालय उपलब्‍ध कराये गए है। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल की परीक्षाओं में लापरवाही

6. ( क्र. 434 ) श्रीमती लोरेन बी. लोबो : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश के माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल भोपाल द्वारा गत वर्ष 2015 को 12वीं की मुख्‍य परीक्षा में गणित विषय में आई सप्‍लीमेंट्री में छात्र-छात्राओं को 11वीं का गणित का पेपर त्रुटिवश दिया गया था, जिससे परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था, उक्‍त परीक्षा में किसके द्वारा लापरवाही बरती गई? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल के द्वारा परीक्षा जैसे महत्‍वपूर्ण कार्य में बरती गई लापरवाही के लिये कौन-कौन दोषी है? उन पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। हायर सेकण्डरी पूरक परीक्षा वर्ष 2015 उच्च गणित का प्रश्‍न-पत्र त्रुटिपूर्ण होने के कारण दिनांक 06.07.15 को आयोजित उच्च गणित की परीक्षा निरस्त की जाकर उक्त विषय की परीक्षा दिनांक 14.07.15 को प्रातः 08:30 से 11:30 के मध्य पूर्ण निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर पुनः आयोजित की गई कार्यालयीन आदेश क्रं. 590/परीक्षा संमन्वय/15, दिनांक 06.07.15 संलग्न परिशिष्ट पर है। जिसका परीक्षा परिणाम समयावधि में घोषित किया गया। प्रकरण में व्यक्ति विशेष द्वारा लापरवाही बरतना प्रकरण में नहीं आया। (ख) प्रश्नांश (क) में माध्यमिक शिक्षा मंडल के द्वारा परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

कपिल धारा के विद्युत पम्‍पों के संबंध में

7. ( क्र. 498 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक आदिम जाति कल्‍याण विभाग सागर में कपिल धारा योजना अंतर्गत विद्युत पम्‍प वन अधिकार पत्र धारक एवं बिखरे हुये बी.पी.एल. आदिवासियों के लिये किस वर्ष में कितनी राशि के क्रय किये गये एवं कितने पम्‍पों की आवश्‍यकता थी? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित विद्युत पम्‍पों का वितरण किस वर्ष में कितने आदिवासी को किया गया? इनमें से विधान सभा नरयावली में कितने पम्‍पों का वितरण किसके द्वारा किया गया? (ग) क्‍या योजना का लाभ आदिवासियों को विद्युत पम्‍प समय पर वितरित नहीं होने से प्राप्‍त नहीं हुआ एवं अनेक पम्‍प प्रश्‍न दिनांक तक चालू नहीं हैं? इनमें से कितनों का वितरण शेष है? (घ) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित स्थिति के लिये कौन जिम्‍मेदार है? विद्युत पम्‍प भंडार में क्‍यों रखे रहे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) से (ग) प्रश्‍नावधि में पम्‍पों की मांग नहीं थी। पम्‍पों का क्रय नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वितरण हेतु शेष नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नलकूप खनन

8. ( क्र. 587 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र बंडा/शाहगढ़ क्षेत्र में कितने नलकूप खनन वर्ष 2014-15 में स्‍वीकृत किए गए हैं एवं इसके लिए कितनी राशि शासन स्‍तर से आवंटित की गई है? क्षेत्रवार जानकारी दी जाए? (ख) विधानसभा क्षेत्र बंडा/शाहगढ़ में प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र में कितने नलकूप खनन किए जा चुके हैं एवं नलकूपों में मोटर डाली जा चुकी है? (ग) मुख्‍यमंत्री नल-जल योजना का क्रियान्‍वयन किन-किन विधानसभा क्षेत्रों में किया जा रहा है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बंडा के विकासखण्ड बंडा एवं शाहगढ़ में क्रमशः 46 एवं 77 नलकूप खनन किये गये। राशि का आवंटन विधानसभा क्षेत्रवार नहीं, जिलेवार होता है। जिले के लिये आवंटित राशि का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 223 नलकूप खनित किये गये जिनमें से 110 नलकूपों में मोटरें डाली गयी हैं (ग) मुख्यमंत्री पेयजल योजना 1.4.2014 से बंद की जा चुकी है।

परिशिष्ट - ''बारह''

स्कूलों में वाटर प्‍यूरीफायर लगाने में अनियमितता

9. ( क्र. 614 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासकीय स्‍कूलों में शुद्ध पेयजल देने हेतु जलमणि योजना के तहत इंदौर जिले के किन-किन स्‍कूलों में पेयजल व्‍यवस्‍था की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या उक्‍त योजना अंतर्गत केन्‍द्र सरकार द्वारा भी राशि दी जा रही है? यदि हाँ, तो कितनी राशि प्रदेश सरकार को प्राप्‍त हुई व इंदौर जिले में इस योजना से कहाँ-कहाँ पर शुद्ध पेयजल हेतु स्‍कूल में वाटर प्‍यूरीफायर लगाये गये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या शासकीय स्‍कूलों में वाटर प्‍यूरीफायर लगाये गये थे? यदि हाँ, तो किन-किन स्‍कूलों में कौन सी कम्‍पनी के व कब-कब प्‍यूरीफायर लगाये गये थे? क्‍या इनमें से कई बंद अथवा खराब हो गये हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में वाटर प्‍यूरीफायर बंद होने की स्थिति में शुद्ध पेयजल की क्‍या व्‍यवस्‍था की गई है? क्‍या पी.एच.ई. विभाग द्वारा सिर्फ प्‍यूरीफायर खरीदा गया? इसका मेन्‍टेनेंस किस विभाग का दायित्‍व है? क्‍या पी.एच.ई. विभाग के जिम्‍मेदार अधिकारियों को इस अनियमितता के कारण कई स्‍कूलों में क्‍लोराइड युक्‍त पानी पीने पर मजबूर हो रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या पी.एच.ई. विभाग की अनियमितता पर दोषियों पर कोई कार्यवाही संभव है? यदि हाँ, तो कब तक कार्यवाही की जायेगी व प्‍यूरीफायर चालू किये जायेंगे?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रदेश सरकार को रूपये 5.46 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई थी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार(ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) हैण्डपंपों के माध्यम से, मेंटेनेंस का दायित्व 5 वर्ष तक की अवधि के लिये प्रदायकर्ता फर्म का था। जी नहीं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। प्यूरीफायर चालू नहीं किये जा सकते हैं।

परिशिष्ट - ''तेरह''

छात्रावास निर्माण

10. ( क्र. 615 ) श्री राजेश सोनकर : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि महाविद्यालय इन्‍दौर में आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा छात्रावास का निर्माण किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो उक्‍त छात्रावास बनकर कितने समय से तैयार पड़ा है? क्‍या अभी छात्रावास में छात्रों को प्रवेश आदि सुविधा प्रदान की गई है? यदि नहीं, तो क्‍या आगामी सत्र में छात्रों को छात्रावास में प्रवेश दिया जायेगा? प्रवेश न देने का कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में छात्रावास के निर्माण में कुल कितनी राशि व्‍यय की गई व कितने छात्रों हेतु छात्रावास में रहने की सुविधा है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '' के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पिछड़ा वर्ग के छात्रों को दी गयी छात्रवृत्ति की जानकारी

11. ( क्र. 1169 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं जबलपुर जिलों में निजी इंजीनियरिंग/नर्सिग/एम.बी.ए./सभी विषयों के ग्रेजुएट एवं पोस्‍ट ग्रेजुएट कालेजों के द्वारा 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक कितने छात्रों एवं छात्राओं को कितनी छात्रवृत्ति किस प्रकार की कब दी? (ख) क्‍या स्‍टूडेंटों को छात्रवृत्ति की राशि उनके बैंकों के एकाउण्‍टों में शासन द्वारा दी? क्‍या कालेजों के एकाउण्‍टों में छात्रवृत्ति की राशि शासन द्वारा दी गयी? (ग) छात्रवृत्ति देने के राज्‍य शासन के क्‍या नियम है? नियमों की एक प्रति उपलब्‍ध कराते हुए बतायें कि क्‍या छात्रवृत्ति शासन कालेजों के एकाउण्‍टों में नियमानुसार दे सकता है? अगर नहीं तो किस नाम/पदनाम के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (घ) कितनी-कितनी राशि शासन द्वारा वित्‍तीय वर्ष 13-14, 14-15, 15,30 जनवरी, 2016 तक में प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित कॉलेजों के छात्रों को दी गयी?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) सतना एवं जबलपुर जिलों में निजी इंजीनियरिंग/नर्सिंग/एम.बी.ए./सभी विषयों के ग्रेजुएट एवं पोस्‍ट ग्रेजुएट कॉलेजों के द्वारा 01.04.2013 से प्रश्‍न तिथि तक दी गई छात्रवृत्ति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्‍तर छात्रवृत्ति यथा संशोधित नियम-2013 की नियम कंडिका क्रमांक 8.4 अनुसार छात्रवृत्ति का वितरण पूर्णत: आर.टी.जी.एस. के माध्‍यम से विद्य‍ार्थियों के खाते में तथा शिक्षण शुल्‍क संस्‍था के खाते में नियमानुसार जमा की गई है। (ग) पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्‍तर छात्रवृत्ति नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। जी हाँ, नियम कंडिका 8.4 अनुसार शिक्षण शुल्‍क संस्‍था के खाते में नियमानुसार सीधे दिये जाने का प्रावधान है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बरती जा रही अनियमितताएँ

12. ( क्र. 1206 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोकनगर के चारों विकासखण्‍ड़ों अशोकनगर, ईसागढ़, चंदेरी, मुंगावली में विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी का प्रभार विकासखण्‍ड मुख्‍यालय पर स्थित उत्‍कृष्‍ट उ.मा.वि. के प्राचार्य अथवा प्राचार्य का पद रिक्‍त होने पर समीपवर्ती शा.उ.मा.वि. के प्राचार्य को दिया गया है? (ख) यदि नहीं, तो आयुक्‍त लोक शिक्षण म.प्र. भोपाल के आदेश क्रमांक/स्‍था-1/राज/बी/ 2015/1187 दिनांक 17.08.2015 की अवहेलना की गई है? (ग) यदि हाँ, तो इसके लिये जिम्‍मेदार जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कोई कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो समयावधि बतावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) जिला शिक्षा अधिकारी अशोकनगर को दिनांक 06.03.2016 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। (घ) कारण बताओ सूचना पत्र का प्रतिवाद प्राप्‍त होने पर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी।

नियम विरूद्ध जिला शिक्षा अधिकारी अशोकनगर द्वारा आदेश करना

13. ( क्र. 1207 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अशोक नगर के शा.प्रा.वि.बेरखेड़ी सोनेरा में पदस्‍थ एकमात्र शिक्षक थे जिनका स्‍थानान्‍तरण प्रा.वि.सांदोह में कर शाला को शिक्षक विहीन करने का अधिकार जिला शिक्षा अधिकारी अशोकनगर को है? (ख) यदि नहीं, तो फिर माह जून 2015 में जिला शिक्षा अधिकारी अशोकनगर ने संबंधित उपरोक्‍त शिक्षक का स्‍थानान्‍तरण किस नियम के तहत किया गया है? (ग) शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्‍लघंन करने वाले जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कोई कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो समयावधि बतावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) हरवीरसिंह रघुवंशी सहायक शिक्षक का स्थानातंरण, शा.प्रा.वि.बेरखेड़ी सोनेरा से प्रा.वि.सांदोह में स्थानांतरण नीति वर्ष 2015-16 के तहत शाला में दो शिक्षक होने की त्रुटिपूर्ण जानकारी के आधार पर जिला स्थानांतरण बोर्ड के अनुमोदन उपरांत किया गया है। संबंधित द्वारा स्थानातंरण हेतु प्रस्तुत आवेदन में संस्था में कार्यरत शिक्षकों की संख्या 02 दर्शाई थी। संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार। गलत जानकारी प्रस्तुत करने वाले प्रभारी प्रधानाध्यापक को दिनांक 2.3.2016 एवं कार्यालय स्थापना प्रभारी लिपिक श्री बलवीर सिंह भण्डारी को पत्र दिनांक 03.03.2016 से कारण बताओ सूचना पत्र जारी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो एवं तीन अनुसार(ख) प्रश्नांश का उत्तर अनुसार है। (ग) एवं (घ) उत्तरांश में दर्शाये अनुसार दोषी प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं स्थापना लिपिक के विरूद्ध कार्रवाई प्रारंभ की गई है। अतःशेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

हटा नगर की जलावर्धन योजना

14. ( क्र. 1234 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) हटा नगर की जल आवर्धन योजना में किस वर्ष में कितनी राशि स्‍वीकृत हुई थी एवं किसको कार्य एजेन्‍सी बनाया गया था एवं हटा नगर की जल आवर्धन योजना में शासन द्वारा कब-कब, कितनी-कितनी राशि जारी की गई? (ख) क्‍या PHE के प्रमुख सचिव म.प्र. द्वारा जनहित याचिका क्रमांक 12701/14 में योजना का पूर्णत: एवं हस्‍तांतरण संबंधी शपथ-पत्र न्‍यायालय में दायर किया गया? यदि हाँ, तो क्‍या हटा नगर की जलावर्धन योजना का कार्य पूर्ण हो गया है? यदि हाँ, तो हस्‍तांतरण नगर पालिका हटा को कब किया गया? नगर पालिका हटा का हस्‍तांतरण प्राप्ति का पत्र प्रदाय करें? यदि कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो क्‍यों? (ग) यदि हटा नगर की जलावर्धन योजना पूर्ण होने का गलत शपथ-पत्र न्‍यायालय को प्रमुख सचिव PHE द्वारा क्‍यों प्रदाय किया गया? न्‍यायालय को गलत जानकारी प्रदाय करने पर शासन कब और क्‍या कार्यवाही करेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ख) योजना के पूर्ण होने तथा जलप्रदाय करने में सक्षम होने संबंधी शपथ-पत्र दिया गया था। योजना में स्थायी विद्युत कनेक्शन को छोड़कर शेष समस्त कार्य पूर्ण। स्थायी विद्युत कनेक्शन की कार्यवाही प्रचलन में होने के कारण नगर पालिका हटा द्वारा योजना अपने आधिपत्य में नहीं ली गई है। स्थायी विद्युत कनेक्शन शेष रहने के कारण। (ग) गलत शपथ-पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है। शेष प्रश्नांश उपस्थित ही नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

शासन को हानि पहुंचाना

15. ( क्र. 1314 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वित्‍तीय वर्ष 15-16 के अंतर्गत लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग संभाग होशंगाबाद के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु कब-कब निविदायें/टेंडर आमंत्रित किये गये, किन-किन एजेंसियों द्वारा टेंडर/निविदा प्रस्‍तुत की गई, टेंडरवार, एजेंसीवार जानकारी देवें? (ख) निविदावार प्राप्‍त निविदायें स्‍वीकृत करने हेतु तुलनात्‍मक विवरण पत्रक की जानकारी देवें तथा न्‍यूनतम दरें किस एजेंसी की थी बतायें? (ग) क्‍या टेंडर क्रमांक 5858 द्वारा आहूत की गई निविदाओं को निरस्‍त कर पुन:/दोबारा किस आधार पर किस नियम के तहत एवं किस सक्षम अधिकारी की अनुमति से टेंडर आहूत किये गये? (घ) क्‍या टेंडर क्रमांक 5858 में प्राप्‍त दरें शासन द्वारा निर्धारित दर से 30 प्रतिशत कम दी गई थी उसे निरस्‍त कर पुन: टेंडर बुलाकर शासन द्वारा निर्धारित दर से 7 प्रतिशत कम की दर पर टेंडर स्‍वीकृत कर शासन को/विभाग को आर्थिक क्षति पहुचायी है यदि हाँ, तो निविदा स्‍वीकृतकर्ता अधिकारी के विरूद्ध उत्‍तरदायित्‍व का निर्धारण कर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज की जावेगी अथवा नहीं बतायें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांकित टेण्डर में न्यूनतम निविदाकार की दरों की स्वीकृति पश्चात उक्त ठेकेदार द्वारा अनुबंध नहीं किए जाने के कारण पुनः निविदा आमंत्रित की गई। म.प्र. कार्य विभाग मेन्यूअल-1983 के अनुच्छेद 2.080 में प्रदत्त शक्तियों के अनुसार कार्यपालन यंत्री खण्ड होशंगाबाद उक्त निविदा आमंत्रण हेतु स्वयं सक्षम अधिकारी हैं। (घ) जी नहीं, उक्त टेण्डर निरस्त नहीं किया गया अपितु संबंधित ठेकेदार द्वारा अनुबंध निष्पादित नहीं करने के कारण पुनः निविदा आमंत्रित की गई। पूर्व निविदाकार ठेकेदार के अनुबंध नहीं करने पर उसकी धरोहर राशि शासन के पक्ष में राजसात की गई है, द्वितीय निविदा आमंत्रण में ई-टेंडरिंग पद्धति से खुली निविदा का आमंत्रण कर न्यूनतम दर प्रस्तुत करने वाले निविदाकार की दरें स्वीकृत की गई, अतः शासन/विभाग को आर्थिक क्षति पहुँचाए जाने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

आय सीमा में असमानता

16. ( क्र. 1426 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में छात्रवृत्ति के मामलों में अ.ज.जा./अ.जा./पिछड़ा वर्ग की आय सीमा क्‍या है? (ख) इन वर्गों की आय सीमा समानांतर नहीं होने का क्‍या कारण है? (ग) क्‍या शासन पिछड़ा वर्ग की आय सीमा के समकक्ष अ.जा./अ.ज.जा. की आय सीमा करेगा? (घ) यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के मामलो में अनुसूचित जनजाति वर्ग की आय सीमा भारत सरकार द्वारा रू. 2.50 लाख निर्धारित है इस आय सीमा तक छात्रों को शिक्षण शुल्क एवं निर्वाह भत्ता पूरा देय है। म.प्र.शासन द्वारा रू. 2.50 लाख से रू. 3.00 लाख वार्षिक आय सीमा तक राज्य मद से आधा शिक्षण शुल्क देय किया गया है। अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 3.00 लाख रूपये वार्षिक आय सीमा निर्धारित है। पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति हेतु विद्यार्थी जिनकी आय उनके माता/पिता अभिभावकों की आय सहित रू. 75,000/- वार्षिक से अधिक न हो, निर्धारित है। (ख) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के लिए आय सीमा समान है। अन्य पिछड़े वर्ग के लिए पृथक है। अनुसूचित जाति वर्ग हेतु आय सीमा इस वर्ग की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुये निर्धारित की गई है। (ग) इस प्रकार का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (घ) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग हेतु आय सीमा इस वर्ग की आर्थिक और सामाजिक स्थिति के दृष्टिगत निर्धारित की गई है।

दो‍षी अधिकारियों की मुख्‍य पदों पर पदस्‍थापना

17. ( क्र. 1427 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग में विभाग प्रमुख कौन है? उक्‍त अधिकारी जिले में कब से पदस्‍थ है? (ख) क्‍या पूर्व के वर्षों में भी उज्‍जैन जिले में इनकी पदस्‍थी रही है? यदि हाँ, तो कब से कब तक? (ग) इनके विरूद्ध क्‍या कोई जाँच प्रचलित है? यदि हाँ, तो किन-किन मामलों में? (घ) क्‍या विभाग ऐसे दोषी अधिकारियों को मुख्‍य पदों से हटाकर अन्‍यत्र पदस्‍थ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) श्रीमती रंजना सिंह जिला संयोजक आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्‍याण उज्‍जैन में दिनांक 23-11-12 से पदस्‍थ हैं। (ख) जी हाँ। दिनांक 23-03-2005 से 17-06-2010 तक पदस्‍थ रही हैं। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जाँच प्र‍चलित है। निराकरण होने पर गुण दोषों के आधार पर कार्यवाही संभव होगी। समय सीम बताई जाना संभव नहीं है।

श्‍योपुर जिले में हैण्‍डपंपों की स्‍वीकृति

18. ( क्र. 1490 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में पी.एच.ई. विभाग के रिकार्ड के मुताबिक कुल स्‍थापित 6128 हैण्‍डपंपों में से 5424 हैण्‍डपंप चालू एवं 704 हैण्‍डपंप विभिन्‍न कारणों से बंद पड़े हैं में से लाईन गिरने वे भरे पटे बोर के कारण 667 असुधार योग्‍य हैं लेकिन चालू हैण्‍डपंपों की धरातलीय स्थिति खराब हैं क्‍योंकि ये पर्याप्‍त पानी मुश्किल से दे रहे हैं। (ख) उक्‍त कारणों से क्‍या सूखाग्रस्‍त श्‍योपुर जिले में (कराहल तहसील को छोड़कर) वर्तमान में ही पेयजल का गंभीर संकट व्‍याप्‍त हो गया हैं ये संकट ग्रीष्‍मकाल में भयंकर रूप ले लेगा यदि हाँ, तो उक्‍त स्थिति से निपटने हेतु विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा हैं? (ग) आगामी ग्रीष्‍मकाल में उत्‍पन्‍न होने वाले पेयजल संकट के निदान हेतु विभाग द्वारा क्‍या 557.50 लाख की विशेष कार्य योजना कलेक्‍टर श्‍योपुर के अनुमोदन पश्‍चात शासन को स्‍वीकृति हेतु भेजी हैं यदि हाँ, तो ये वर्तमान में किस स्‍तर पर लंबित हैं व क्‍यों, क्‍या शासन इसे शीघ्र स्‍वीकृत कर इसका क्रियान्‍वयन कराएगा यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। (ख) जी नहीं। किसी भी आकस्मिक संकट से निपटने हेतु रूपये 557.50 लाख की कार्ययोजना विभाग द्वारा तैयार की गई है। (ग) जी हाँ। योजना केन्द्र सरकार को प्रेषित की गई है। आवश्यकतानुसार पेयजल संकट के निवारण हेतु कार्य करवाये जा रहे हैं।

नल-जल योजनाओं की स्थिति

19. ( क्र. 1491 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सूखा घोषित श्‍योपुर जिले में (कराहल तहसील को छोड़कर) अल्‍पवर्षा के कारण वर्तमान में भू-जल स्‍तर अत्‍यधिक गिरने के कारण पेयजल की गंभीर समस्‍या पैदा हो गई हैं ये समस्‍या आगामी ग्रीष्‍मकाल में अत्‍यंत गंभीर हो जावेगी इससे निपटने हेतु पी.एच.ई. विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही हैं। (ख) उक्‍त समस्या को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्‍टर श्‍योपुर ने भी पेयजल की समीक्षा बैठक में जिले की समस्‍त नल-जल योजनाएं (नल-जल/स्‍थलजल/मुख्‍यमंत्री नल-जल योजनाएं) हर हाल में चालू बनाए रखने के निर्देश दिये हैं? (ग) यदि हाँ, तो श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्र की सामरसा, भीखापुर, टोंगनी, जानपुरा, उदोतपुरा, राड़ेप, गुरनावदा, पहाड़ली, काशीपुर, पाण्‍डोली नल-जल योजनाए थ्री फेस विद्युत कनेक्‍शन न होने मोटर पंप व डीपी खराब होने के कारण कब से क्‍यों बंद पड़ी हैं उक्‍त निदेशों के पालन में जिला/जनपद/ग्राम पंचायतों/विभाग द्वारा उक्‍त योजनाओं को चालू कराने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई कब तक चालू कराया जावेगा। (घ) क्‍या ग्राम नागदा, ननावद, सेमल्‍दा हवेली, पाण्‍डेली, गांधीनकर हलगावड़ा बुजुर्ग तीन प्रतिशत अनुदान योजनान्‍तर्गत नल-जल योजना के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव ई.ई. पी.एच.ई. श्‍योपुर द्वारा शासन/विभाग को भेजे हैं यदि हाँ, तो सूखे के मददेनजर इन्‍हें शीघ्र स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी, कब तक बतावें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। आगामी ग्रीष्मकाल में किसी भी पेयजल समस्या से निपटने हेतु विभाग द्वारा जिले के लिये रूपये 557.50 लाख की आकस्मिक कार्य योजना तैयार की गई है। आवश्यकतानुसार कार्य योजना में प्रस्तावित कार्य करवाये जा रहे हैं। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। योजनाएं स्रोत असफल होने के कारण बंद नहीं हैं। अन्य कारणों से बंद हैं, योजनाओं को चालू करवाने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती। (घ) जी हाँ। वर्तमान में नवीन योजनाओं की स्वीकृति प्रतिबंधित है। निश्चित तिथि नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

खरगापुर की संस्‍था शा.क.उ.मा.वि. की व्‍यवस्‍थाएं

20. ( क्र. 1592 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शा.क.उ.मा. विद्यालय खरगापुर में छात्राओं की संख्‍या 0890 है एवं उन छात्राओं के बैठने हेतु मात्र 07 कक्ष है तथा 11वीं एवं 12वीं की छात्रायें स्‍कूल के आंगन में बैठकर विद्या अध्‍ययन करती है जो छात्राओं के हित में नहीं है क्‍या कक्षा 11 एवं 12 की छात्राओं के लिये और कमरे बनाये जाने की शासन एवं शिक्षा विभाग की कोई योजना है यदि हाँ, तो कमरों का निर्माण कब तक करा दिया जावेगा समयावधि बताये यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या शा.क.उ.मा. विद्यालय खरगापुर के इस भवन का लोर्कापण म.प्र. सरकार में रहे सहकारिता मंत्री श्री बिसेन द्वारा किया गया था तथा लोर्कापण के समय इस कन्‍या शाला के समीप स्थित खदान पूरने हेतु अपनी निधि दिये जाने की घोषणा की थी, परन्‍तु खदान आज भी ज्‍यों की त्‍यों है, क्‍या मंत्री जी की घोषणा अधूरी है क्‍या इस घोषणा को पूरा करायेंगे? (ग) क्‍या छात्राओं के बैठने हेतु पर्याप्‍त फर्नीचर नहीं है उपलब्‍ध करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक समयावधि बताये यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। अतिरिक्त कक्ष बनाया जाना बजट आवंटन की उपलब्धता पर निर्भर है अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ख) जी हाँ। प्रश्‍न के मध्यांश की पुष्टि हेतु कोई अधिकारिक अभिलेख विभाग के पास नहीं है अतःशेषांश उद्भूत नहीं होता। (ग) सीमित बजट उपलब्धता के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव हीं है।

शासन की राशि में हेरा-फेरी के संबंध में कार्यवाही

21. ( क्र. 1629 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या-43 (क्र. 676) दिनांक 11.12.2015 के अनुसार संविदा शिक्षक वर्ग 1,2, 3 अध्‍यापक वर्ग 1,2,3 तथा शिक्षाकर्मी वर्ग 1,2,3 ने छतरपुर जिले में वर्ष 2011 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने लोगों ने स्‍तीफा दिया? (ख) क्‍या शासन प्रावधानों के अनुसार एक माह का वेतन अग्रिम जमा शासन खजाने में जमा कराई गई? (ग) क्‍या अतारांकित प्रश्‍न क्र. 676 दिनांक 11.12.2015 प्राप्‍त होने पर नगद रखी राशि जमा कराई गई थी? दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों की क्‍या भूमिका रही?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) वर्ष 2011 से प्रश्न दिनांक तक छतरपुर जिले में संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1 के 03, श्रेणी-2 के 05, श्रेणी-3 के 17, सहायक अध्यापक 09, अध्यापक 08, वरिष्ठ अध्यापक निरंक, शिक्षा कर्मी-1,2,3 निरंक, कुल-42 ने सेवा से त्याग पत्र दिया है। (ख) जी हाँ। (ग) श्री एच.एन.कोरी, सहायक ग्रेड-3 जनपद पंचायत राजनगर, जिला-छतरपुर द्वारा एक सहायक अध्यापक एवं संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 द्वारा सेवा से त्याग पत्र संबंधी नगद राशि पास में रखने के लिए कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर प्रतिवाद चाहा गया था। प्राप्त उत्तर के आधार पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत राजनगर द्वारा दिनांक 02.12.2015 को संबंधित को भविष्य के लिए चेतावनी दी गई कि कोई भी आवेदन पत्र या राशि स्वयं प्राप्त न कर अधिकारी के समक्ष अवलोकन हेतु प्रस्तुत करे, तदुपरांत निर्देश अनुसार कार्यवाही करें किन्तु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छतरपुर ने अपने आदेश दिनांक 03.03.2016 द्वारा श्री एच.एन.कोरी सहायक ग्रेड-3 को विभागीय जाँच संस्थित करते हुये नियमानुसार कार्यवाही किये जाने संबंधी निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत राजनगर को जारी किये गये है।

पावरा जाति को अ.ज.जा. में शामिल करना

22. ( क्र. 1907 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पावरा जाति म.प्र. के किन क्षेत्रों में निवासरत है और यह जाति म.प्र. में किस वर्ग में शामिल है? (ख) यह जाति महाराष्‍ट्र राज्‍य में अ.ज.जा. वर्ग में शामिल है फिर म.प्र. में क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या पानसेमल विधानसभा क्षेत्र महाराष्‍ट्र सीमावर्ती क्षेत्र होकर यहाँ पावरा जाति निवास करती है? शासन पावरा जाति को म.प्र. में अ.ज.जा. वर्ग में शामिल करने हेतु कार्यवाही कब तक करेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) पावरा जाति नाम मध्‍यप्रदेश की आरक्षित वर्ग की किसी भी सूची में शामिल न होने के कारण इस जाति के निवास क्षेत्र संबंधी जानकारी उपलब्‍ध नहीं है। (ख) संविधान अनुसूचित जातियां तथा अनुसूचित जनजातियां आदेश (संशोधन) अधिनियम 1976 के तहत भारत सरकार द्वारा महाराष्‍ट्र राज्‍य के लिये जारी अनुसूचित जनजाति सूची 1976 में भी पावरा जाति नाम अधिसूचित/शामिल नहीं है। उक्‍त के परि‍प्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश से संबंधित जानकारी उपलब्‍ध नहीं। किसी भी जाति को किसी भी राज्‍य की अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने का क्षेत्राधिकार भारत शासन का है। उक्‍त कार्य राज्‍य शासन के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों के विरूद्ध जाँच

23. ( क्र. 1991 ) श्री संजय उइके : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त महोदय, आदिवासी विकास को जिला पंचायत बालाघाट का ज्ञापन क्र./4200/मनरेगा/शिकायत 2011 बालाघाट दिनांक 31.05.2011 प्राप्‍त हुआ है जिसमें तात्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बिरसा, बैहर एवं परसवाड़ा के विरूद्ध मनरेगा योजना में डी.पी.आर. की राशि का नियम विरूद्ध भुगतान करने हेतु उनके विरूद्ध कार्यवाही की अनुशंसा की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या संबंधितों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों? कब तक की जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी नहीं। विकास आयुक्त, कार्यालय के पत्र दिनांक 16.09.2013 के द्वारा मनरेगा योजना में डी.पी.आर. की राशि का नियम विरूद्ध भुगतान किये जाने के बारे में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बैहर एवं परसवाड़ा के विरूद्ध नियमित विभागीय जाँच की कार्यवाही की गई है। ग्रामीण विकास विभाग से मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बिरसा के विरूद्ध जाँच दल द्वारा समय पर डी.पी.आर. में अनियमित भुगतान संबंधित रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। (ख) संबंधितों के विरूद्ध नियमित विभागीय जाँच संस्थित की गई है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नलकूपों में जल स्‍तर कम होने पर विद्युत पम्‍प प्रदाय

24. ( क्र. 2303 ) श्री अरूण भीमावद : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शाजापुर विधानसभा क्षेत्र में कम वर्षा होने के कारण खनन किये गये नलकूपों का जल स्‍तर काफी कम होने के कारण राज्‍य शासन से विद्युत पम्‍प प्रदाय किये जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो एक विकासखण्‍ड पर प्रति ग्राम पंचायत स्‍तर पर विद्युत पम्‍प दिये जाते हैं? (ग) यदि हाँ, तो जिले में स्‍थापित ग्राम पंचायतों की संख्‍या की अनुपातिक संख्‍या के आधार पर विद्युत पम्‍प दिये जाते हैं? यदि दिये गये हैं, तो शाजापुर जिले में विगत दो वर्षों में कितने विद्युत पम्‍प दिये गये हैं वर्ष 2014-15 में कितने प्रदाय हुए? (घ) क्‍या विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों की आवश्‍यकता अनुसार खनन किये गये नलकूपों में विद्युत पम्‍प प्रदाय किये जाने की योजना है? यदि हाँ, तो बतावें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) ऐसी कोई योजना नहीं है।

 

अम्‍बेडकर भवन की स्‍वीकृति

25. ( क्र. 2382 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिरोंज विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत पिछले 03 वर्षों में कितने अम्‍बेडकर भवन कितनी राशि के स्‍वीकृत किये गये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत अम्‍बेडकर भवन में से कितने कार्य पूर्ण हुए और कितने अपूर्ण है? अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? कब तक पूर्ण किये जावेंगे? (ग) क्‍या उक्‍त अम्‍बेडकर भवन की राशि मंजूर के बाद भी आज दिनांक तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है? कार्य प्रारंभ न करने का क्‍या कारण है? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) सिरोंज विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत विगत तीन वर्षों में वर्ष 2014-15 में एक अम्‍बेडकर भवन रू. 41.80 लागत का स्‍वीकृत किया गया है। (ख) भवन निर्माणाधीन है। भवन निर्माण हेतु उपलब्‍ध भूमि पर बारिश का पानी भरा होने के कारण कार्य विलंब से प्रारंभ हुआ। अनुबंध अनुसार कार्य माह अक्‍टूबर 2016 तक पूर्ण किया जाना है। (ग) जी नहीं। कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

पशु चिकित्‍सा के पद की स्‍वीकृति

26. ( क्र. 2384 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिरोंज एवं लटेरी में पशु चिकित्‍सा कार्यालय में कौन-कौन से पद स्‍वीकृ‍त है? स्‍वीकृ‍त पद में से कौन-कौन से पद भरे गए है और कौन-कौन से पद अभी तक रिक्‍त है? रिक्‍त रहने का क्‍या कारण है? कब तक रिक्‍त पदों की पूर्ति की जावेगी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विधानसभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ पशु औषधालय केन्‍द्र है? प्रत्‍येक पशु औषधालय केन्‍द्र में किस-किस श्रेणी के कितने पद स्‍वीकृत है? स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कितने पद भरे गये और कितने पद अभी तक रिक्‍त है? रिक्‍त पद रहने के क्‍या कारण हैं पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। स्थानांतरण तथा सेवानिवृत्ति होने के कारण पद रिक्त है। नवनियुक्ति या स्थानांतरण होने पर पदपूर्ति होती है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। स्थानांतरण तथा सेवानिवृत्ति होने के कारण पद रिक्त है। नवनियुक्ति या स्थानांतरण होने पर पदपूर्ति होती है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा कराये गये कार्य

27. ( क्र. 2748 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अप्रैल 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक आदिम जाति कल्‍याण विभाग शिवपुर (सहरिया विकास अभिकरण सहित) में किस-किस मद में कितना-कितना भौतिक एवं वित्‍तीय आवंटन प्राप्‍त हुआ व प्राप्‍त आवंटन के विरूद्ध किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गयी? (ख) आदिम जाति कल्‍याण विभाग शिवपुरी (सहरिया विकास अभिकरण सहित) में कौन-कौन से पद स्‍वीकृत है व उन पदों पर वर्तमान में कौन-कौन से कर्मचारी कब से पदस्‍थ है? क्‍या उनका कभी स्‍थानांतरण किया गया है यदि हाँ, तो स्‍थानांतरण का विवरण व यदि स्‍थानांतरण पश्‍चात् किसी कर्मचारी को भारमुक्‍त नहीं किया गया है तो उसका कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) आदिम जाति कल्‍याण विभाग शिवपुरी (सहरिया विकास अभिकरण सहित) की वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2013-14, 2014-152015-16 की प्रति उपलब्‍ध करावें? (घ) आदिम जाति कल्‍याण विभाग शिवपुरी (सहरिया विकास अभिकरण सहित) में प्रश्‍नकर्ता द्वारा अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक निर्माण कार्य हैण्‍डपम्‍प खनन एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ प्रदाय किए जाने हेतु कितने पत्र प्रेषित किये गये व उन पर क्‍या कार्यवाही की गयी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अंतर्गत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' तथा '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। वर्तमान में स्‍थानांतरण नहीं किये गये है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) तथा (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

वार्डन की पदस्‍थापना

28. ( क्र. 2777 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र भोपाल के पत्र क्रमांक/2013/7849/भोपाल दिनांक 13.08.2013 के द्वारा सर्वशिक्षा अभियान अंतर्गत संचालित बालिका छात्रावास एवं कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डनों की तीन वर्षों में स्‍थापना परिवर्तन के आदेश जारी कये गये थे? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो रीवा जिले के अंतर्गत संचालित छात्रावास एवं विद्यालयों में उक्‍त आदेश का पालन किया गया है? यदि हाँ, तो आदेश दिनांक से कितने स्‍थापना परिवर्तन किये गए? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में रीवा जिले में सर्वशिक्षा अभियान अंतर्गत संचालित बालिका छात्रावास एवं कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डनों की पदस्‍थापना दिनांक, वार्डेन का नाम एवं छात्रावास तथा विद्यालय की सूची पृथक-पृथक उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आदेश पालन में सभी वार्डनों के आदेश का पालन किया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतावे एवं उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई, कार्यवाही की प्रति उपलब्‍ध करावें? कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिये कौन दोषी है, दोषी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही कब तक होगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) आयुक्त, राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के पत्र क्र./2013/7849/भोपाल, दिनांक 13.08.2013 के द्वारा सर्वशिक्षा अभियान मिशन के अंतर्गत संचालित बालिका छात्रावास एवं कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षा विभाग के अधीनस्‍थ प्रधानाध्‍यापक/शिक्षकों को मात्र प्रभार दिये जाने की स्थिति के संबंध में लेख है। (ख) रीवा जिले में वार्डन के अतिरिक्‍त प्रभार संबंधी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (घ) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''उन्नीस''

छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं एवं बालकों को मिल रही सुविधाएं

29. ( क्र. 3005 ) श्री सतीश मालवीय : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति की किस-किस स्‍थान पर कितनी छात्र-छात्राओं की क्षमता वाली आश्रम शालाएं एवं छात्रावास कमरों की संख्‍या सहित स्थित है? क्षमता के विरूद्ध कितने छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया गया है? छात्रावासों के स्‍थानवार, क्षमतावार, रहने वाले छात्र-छात्राओं की संख्‍या सहित सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) राज्‍य शासन के नियमों के तहत उक्‍त आश्रम शालाओं एवं छात्रावासों में क्‍या-क्‍या सामग्री एवं खान-पान की व्‍यवस्‍था छात्र-छात्राओं का नि:शुल्‍क प्रदाय की जाती है? छात्रावासवार क्‍या-क्‍या सामग्री भौतिक रूप से छात्रावासों में प्रश्‍न दिनांक तक उपलब्‍ध है? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित छात्रावासों/आश्रम शालाओं में छात्रावासवार क्‍या-क्‍या सामग्री दिनांक 01 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कब, किस फर्म/दुकानों से किस दर पर टेण्‍डर (निविदा) आए? किस को कितना भुगतान कब किया गया? (घ) प्रश्नांश (क) उल्‍लेखित छात्रावासों की पुरानी सामग्री का प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित समयानुसार क्‍या किया गया?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' तथा '''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश में बुनियादी सुविधाओं अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को नि:शुल्‍क निवास के साथ बिस्‍तर सामग्री गद्दा, चादर, तकिया, नाश्‍ता भोजन की व्‍यवस्‍था हेतु बालक को 1,000/- एवं बलिका को रूपये 1,040/- राशि की शिष्‍यवृत्ति दी जाती है। अनुसूचित जाति अंतर्गत नि:शुल्‍क आवासीय सुविधा प्री-मैट्रिक छात्रावासों में मेस संचालन हेतु शिष्‍यवृत्ति तथा पोस्‍टमैट्रिक छात्रावासों में मेस संचालन हेतु सहायता भत्‍ता बिस्‍तर सामग्री खानपान व्‍यवस्‍था हेतु सामग्री खेलकूद सामग्री कम्‍प्‍यूटर, लायब्रेरी, समाचार पत्र, उत्‍कृष्‍ट छात्रावासों प्रवेशित विद्यार्थियों को स्‍टेशनरी एवं कोचिंग आदि की सुविधा प्रदान की जाती है। सभी छात्रावासों/आश्रमों में बिस्‍तर सामग्री (गद्दा, चादर, तकिया, कवर, कम्‍बल, मच्‍छरदानी, पंखे, ट्यूबलाईट इत्‍यादि) मेस सामग्री हेतु बर्तन भौतिक रूप उपलब्‍ध हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'तीन' तथा 'चार' अनुसार है। (घ) निर्धारित आयु सीमा पूर्ण होने पर गठित समिति द्वारा अनुपयोगी सामग्री का भौतिक सत्‍यापन उपरांत खारीज की कार्यवाही की गई है।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक छात्र-छात्राओं को दी गई छात्रवृत्ति

30. ( क्र. 3006 ) श्री सतीश मालवीय : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक छात्र-छात्राओं को निजी इंजीनियरिंग, नर्सिग, एम.बी.ए. एवं सभी ग्रेजुएट एवं पोस्‍ट ग्रेजुएट कॉलेजों के द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2013 से प्रश्‍नतिथि तक कितनी छात्राओं को कितनी छात्रवृत्ति किस प्रकार की कब दी गई? (ख) क्‍या छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की राशि उनके बैंक अकाउन्‍ट में ई-पेमेन्‍ट के माध्‍यम से किया गया अथवा कॉलेजों के अकाउन्‍ट में छात्रवृत्ति की राशि जारी की गई? (ग) क्‍या छात्रवृत्ति की राशि कॉलेजो के एकाउन्‍ट में नियमानुसार जारी की जा सकती है? यदि नहीं, तो नियम विरूद्ध राशि जारी करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? (घ) छात्रवृत्ति देने के राज्‍य शासन के क्‍या नियम है? नियमों की एक प्रति उपलब्‍ध कराई जावें?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) उज्‍जैन जिले में पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक छात्र-छात्राओं को निजी इंजीनियरिंग, नर्सिंग, एम.बी.. एवं सभी ग्रेजुएट एवं पोस्‍ट ग्रेजुएट कॉलेजों के द्वारा दिनांक 01 अप्रैल 2013 से प्रश्‍न तिथि तक 7,504 छात्राओं को राशि रूपये 1,84,11,941/- की छात्रवृत्ति दी गई। (ख) जी हाँ। छात्र-छात्राओं की राशि का भुगतान उनके बैंक अकाउन्‍ट में ई-पेमेंट के माध्‍यम से किया गया एवं शिक्षण शुल्‍क की राशि का भुगतान कॉलेजों के अकाउन्‍ट में ई-पेमेंट के माध्‍यम से किया गया। (ग) पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्‍तर छात्रवृत्ति नियम-2013 के नियम 8.4 अनुसार छात्रवृत्ति का वितरण पूर्णत: आर.टी.जी.एस. के माध्‍यम से विद्यार्थियों के खाते में तथा शिक्षण शुल्‍क संस्‍था के खाते में सीधे जमा किये जाने का प्रावधान है शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्‍तर छात्रवृत्ति नियम- 2013 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

शिक्षकों के स्‍थानांतरण

31. ( क्र. 3008 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में दिनांक 1.7.15 से प्रश्‍न दिनांक तक सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं प्रधानाध्‍यापकों के युक्तियुक्तकरण के तहत कितने स्‍थानांतरण किये गये? युक्तियुक्तकरण किये जाने के क्‍या कारण थे? (ख) युक्तियुक्तकरण के पश्‍चात् कितने सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं प्रधानाध्‍यापकों के स्‍थानांतरण निरस्‍त/संशोधन किये गये? निरस्‍त किये स्‍थान पर कितने शिक्षक थे और कितने शिक्षकों की कमी थी? निरस्‍त किये जाने के क्‍या कारण थे? निरस्‍त करने से पूर्व युक्तियुक्तरण क्‍यों किया गया? (ग) क्‍या युक्तियुक्तकरण करने के बाद स्‍थानांतरण प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से निरस्‍त किये गये? यदि नहीं, तो किसके अनुमोदन से निरस्‍त किये गये? (घ) जिन कर्मचारियों का युक्तियुक्तकरण करके आदेश निरस्‍त/संशोधन किया गया क्‍या उनका युक्तियुक्तकरण नियम विरूद्ध किया गया था?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी निरंक है, शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उज्जैन जिलान्तर्गत नवम्बर 2015 तक प्रभारी मंत्री की नियुक्ति नहीं होने से युक्तियुक्तकरण अंतर्गत किये गये निरस्त संशोधन कलेक्टर जिला उज्जैन के अनुमोदन से किये गये। प्रभारी मंत्री की नियुक्ति होने के उपरान्त उनके अनुमोदन से किये गये। (घ) जी नहीं।

आदिम जाति कल्‍याण विभाग में संचालित योजनाओं में प्राप्‍त राशि एवं व्‍यय

32. ( क्र. 3106 ) श्री रामनिवास रावत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला श्‍योपुर में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं विशेष पि‍छड़ी जनजाति सहरिया के कल्‍याण हेतु संचालित विभिन्‍न योजनाओं में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कितनी राशि किस मद में प्राप्‍त हुई? प्राप्‍त राशि के विरूद्ध कितनी राशि से कौन से कार्य स्‍वीकृत कर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की? कितनी राशि किस मद में शेष है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्‍त राशि से कार्यों की स्‍वीकृति हेतु जिला स्‍तरीय गठित समितियो की बैठक आयोजित अनुमोदन उपरांत ही प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की जा सकती है? यदि हाँ, तो वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में ‍किन-किन कार्यों हेतु बैठक आयोजित कर कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत किए जाने का अनुमोदन लिया गया है? 2015-16 में कौन से कार्य बिना मीटिंग में अनुमोदन के स्‍वीकृत कर कितनी राशि व्‍यय की गई है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1354 दिनांक 24.07.15 के प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के संलग्‍न परिशिष्‍ट (अ) में जिला श्‍योपुर वर्ष 2014-15 में सी.सी.डी. प्‍लान एवं विशेष केन्द्रीय सहायता मद में प्राप्‍त राशि क्रमश: 859.16 लाख एवं 11.27 लाख तथा 2015-16 में प्राप्‍त राशि क्रमश: 466.96 लाख एवं 11.27 लाख व्‍यय न कर समर्पित किए जाने की जानकारी दी गई है? (घ) यदि हाँ, तो विशेष पिछड़ी जनजाति के उत्‍थान के लिए संचालित कल्‍याणकारी योजनाओं की राशि व्‍यय न कर स‍मर्पित किए जाने के लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी है? क्‍या दोषियों का उत्‍तरदायित्‍व निर्धारण कर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी वर्ष 2015-16 वित्‍तीय वर्ष समाप्ति से पहिले ही राशि समर्पित किये जाने का क्‍या औचित्‍य है? क्‍या यह विशेष पिछड़ी जनजाति के मानवाधिकारों का हनन नहीं है? (ड.) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत प्राप्‍त राशि में से जिला श्‍योपुर अंतर्गत कितने-कितने व कौन-कौन से कार्य बिना किसी मीटिंग बुलाये बिना किसी से प्रस्‍ताव लिए स्‍वीकृ‍त किए गए?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रश्नांश (क) अनुसार 2014-15 एवं 2015-16 में जिला कार्यालय को विभिन्न मदों में प्राप्त राशि से स्वीकृत कार्य एवं समर्पण राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -पर अंकित है। वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में परियोजना सलाहकार मण्डल का गठन नहीं होने से एवं जिला सहरिया विकास अधिकरण में अध्यक्ष एवं सदस्यो का नामांकन नहीं होने से इनकी पदेन अध्यक्ष कलेक्टर जिला श्योपुर द्वारा बैठक ली गई। बैठक में निर्णय अनुसार स्वीकृति जारी की गई। जो निम्नानुसार हैः- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्‍य अधिकारी, संबंधित हितग्राही एवं विभिन्न उद्वहन समितियों को सिचाई हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विद्युतीयकरण, बस्ती विकास एवं विशेष केन्द्रीय सहायता येाजना अंतर्गत प्राप्त आवंटन से गठित उद्वहन सिंचाई एवं पेयजल समितियों को राशि उपलब्ध कराई गयी जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। (ग) जी हाँ। (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार विशेष पिछड़ी जनजाति के उत्थान के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की राशि व्यय के संबध में समय-समय पर चुनाव आचार संहिता प्रभावशील होने से एवं कोषालय से आहरण न हो सकने से उक्त आवंटन समर्पित किया गया। इस परिप्रेक्ष्य में राशि समर्पित किये जाने के लिए अधिकारी दोषी होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। आयोजना मदान्तर्गत योजना गत प्रावधान त्रैमासिक उपलब्ध होता है उस त्रैमास में राशि व्यय न होने के कारण वित्तीय वर्ष 2015-16 की समाप्ति के पूर्व समर्पण किया गया। अतः वित्तीय वर्ष 2015-16 में समर्पण होने पर विशेष पिछड़ी जाति के मानवाधिकारो का हनन का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) प्रश्नांश (क) अनुसार श्योपुर जिले में प्राप्त आवटन से बिना किसी मीटिंग बुलाए कोई कार्य स्वीकृत नहीं किये गये है।

आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा संचालित हायर सेकण्‍ड्री

33. ( क्र. 3107 ) श्री रामनिवास रावत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में प्रश्‍नांकित दिनांक तक श्‍योपुर जिले में आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा संचालित शासकीय हायर सेकण्‍ड्री विद्यालयों, उत्‍कृष्‍ट उ.मा.वि. में किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य/सामग्री हेतु प्राप्‍त हुई? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्‍त राशि से क्‍या-क्‍या कार्य कराए जाने थे एवं प्रश्‍नांकित दिनांक तक उक्‍त राशि से क्‍या-क्‍या कार्य कराए गए अथवा सामग्री क्रय की गई? कौन-कौन सी सामग्री, कितनी मात्रा में, किस संस्‍था/फर्म से, किस दर पर कब खरीदी गई, कितना भुगतान कब किस अधिकारी द्वारा किया गया तथा संस्‍था को सामग्री कब प्राप्‍त हुई? (ग) क्‍या शासन के भण्‍डार क्रय नियमों के अनुसार रू. 25000.00 से अधिक राशि की सामग्री क्रय हेतु विधिवत निविदा विज्ञप्ति प्रकाशित की जाना चाहिए यदि हाँ, तो कब-कब किस माध्‍यम से विज्ञप्ति प्रकाशित की गई? यदि नहीं, तो सामग्री क्रय हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई गई? क्‍या जिस संस्‍था/फर्म को क्रयादेश दिया गया वह भण्‍डार क्रय नियमों के अंतर्गत शासन से मान्‍यता प्राप्‍त है? यदि हाँ, तो शासन से मान्‍यता की प्रति उपलब्‍ध करावें? (घ) क्‍या सामग्री क्रय किए जाने से पूर्व संस्‍था प्रमुखों द्वारा सक्षम अधिकारी/क्रय समिति से अनुमोदन लिया गया? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन दोषी है? (ड.) क्‍या उक्‍त सामग्री का क्रय भण्‍डार क्रय नियमों शर्तों के पालन किए बिना मनमाने तरीके से एक ही संस्‍था को आदेश प्रदान कर क्रय की गई है? क्‍या शासन समस्‍त खरीदी प्रक्रिया की वरिष्‍ठ अधिकारियों से जाँच कराने के आदेश प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' तथा '' अनुसार है। (ग) से (ड.) सामग्री क्रय में अपनाई गई प्रक्रिया तथा सामग्री का क्रय उनके भौतिक सत्‍यापन की जाँच कराई जा रही है।

फैक्ट्रियों में कार्यरत स्‍थानीय कर्मचारियों

34. ( क्र. 3237 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी फैक्ट्रियाँ संचालित हैं एवं श्रम विभाग में पंजीकृत है? (ख) इन फैक्ट्रियों में श्रम विभाग एवं फैक्‍ट्री एक्‍ट के तहत कितने स्‍थानीय कर्मचारी/मजदूर कार्यरत है? स्‍थायी/अस्‍थाई/दैनिक कर्मचारियों की जानकारी से अवगत करायें? (ग) क्‍या इन फैक्ट्रियों में स्‍थानीय कर्मचारियों/मजदूरों को शासन के नियमों/श्रम एक्‍ट/फैक्‍ट्री एक्‍ट के तहत नियुक्ति/सेवा में रखा गया है? (घ) यदि फैक्ट्रियों में एक्‍ट के तहत स्‍थानीय कर्मचारियों/मजदूरों को नहीं रखा गया है तो विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है एवं की जावेगी?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत् 15 कारखाने पंजीकृत हैं जिनकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत् पंजीकृत कारखानों में अधिकतम श्रमिकों की संख्या एवं औसत दैनिक कार्यरत् श्रमिकों की नियोजन संख्या संलग्न परिशिष्ट पर है। कारखाना अधिनियम 1948 एवं श्रम अधिनियमों में स्थानीय श्रमिकों के नियोजनों के संबंध में कोई नियम नहीं है। श्रम अधिनियमों में स्थाई, अस्थाई, दैनिक भोगी श्रमिकों का उल्लेख है। स्थाई, अस्थाई, दैनिक कर्मचारियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ग) कारखाना अधिनियम, 1948 एवं अन्य श्रम अधिनियमों में स्थानीय श्रमिकों/कर्मचारियों को नियोजित किये जाने का कोई नियम नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बीस''

स्‍त्रोत से बंद ग्रामीण नल-जल योजनाएं

35. ( क्र. 3238 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नरयावली विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत सागर एवं राहतगढ़ विकासखंड में कितनी ग्रामीण नल जल योजनाएं स्‍त्रोत बंद/जल स्‍तर कम/स्‍त्रोत असफल हो जाने के कारण बंद है/ योजनाएं चालू नहीं हो पा रही है? (ख) स्‍त्रोत बंद/जल स्‍तर कम/स्‍त्रोत असफल हो जाने के कारण बंद ग्रामीण नल जल योजनाओं को चालू करने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या स्‍त्रोत बंद/जल स्‍तर कम/स्‍त्रोत असफल नल जल योजनाओं की प्रशासकीय/तकनीकी स्‍वीकृति का प्रस्‍ताव विभाग में लंबित है? यदि हाँ, तो कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) नरयावली विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्ड में क्रमशः 20 एवं 16 योजनाएं बंद हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं।

 

कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनायें

36. ( क्र. 3440 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्‍वालियर जिले में 1 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं द्वारा किस-किस योजना से कितने व्‍यक्ति या फर्म को क्‍या-क्‍या लाभ दिया गया है? (ख) 1 जनवरी 2016 की स्थिति में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग ग्‍वालियर में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी पदस्‍थ हैं उनका नाम, पद, पदस्‍थापना दिनांक स्‍पष्‍ट करें। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा जनकल्‍याण के लिये क्‍या-क्‍या योजनायें चलाई जा रही है? इन योजनाओं को किस प्रकार के पात्र व्‍यक्तियों या फर्मों को किस-किस प्रकार का लाभ दिया जा सकता है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) योजनावार लाभान्वित हितग्राही एवं उपलब्ध कराये गये लाभ की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) दिनांक 1 जनवरी 2016 की स्थिति में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार तथा योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

मशीने उपकरण दवा खरीदी

37. ( क्र. 3550 ) श्री अंचल सोनकर : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पशुपालन एवं पशु चिकित्‍सा विभाग जबलपुर के अंतर्गत प्रदेश शासन एवं केन्‍द्रीय शासन की कौन-कौन सी योजनायें संचालित हो रही है? संचालित योजनाओं में राज्‍य एवं केन्‍द्र शासन से कितनी-कितनी राशि, किस-किस मद में जारी हुई वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 की जानकारी मदवार विवरण सहित बतावें? (ख) प्रश्‍नांकित (क) में आवंटित राशि से किन-किन योजनान्‍तर्गत कब-कब किसके आदेश से कौन-कौन सी मशीने, उपकरण व दवाईयों की खरीदी की गई फर्म के नाम सहित राशि का उल्‍लेख करें? क्रय की गई दवाइयों का उपयोग पशु चिकित्‍सा के लिये कितनी दवाइयों उपयोग में लाई गई एवं कितनी राशि की दवाइयां अनुपयोगी व बेकार हो गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में क्रय की गई मशीनों का वर्तमान में क्‍या उपयोग हो रहा है किस-किस स्‍थान पर मशीनों को स्‍थापित किया गया है कितनी मशीने वर्तमान में अनुपयोगी है क्‍यों कारण दे? क्‍या अनुपयोगी मशीनों की विभाग को आवश्‍यकता ही नहीं थी किन्‍तु क्रय की गई यदि हाँ, तो इसका दोषी कौन है नाम बतावें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। क्रय की गई समस्त दवाइयों का उपयोग पशु चिकित्सा हेतु किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

 

शालाओं में अतिरिक्‍त कक्षों का निर्माण

38. ( क्र. 3556 ) श्री अंचल सोनकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शालाओं में अतिरिक्‍त कक्षों का निर्माण हेतु शासन द्वारा वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कितनी राशि आवंटित की गई एवं कितनी राशि व्‍यय हुई प्रस्‍तावित लक्ष्‍य के तहत कितने स्‍कूलों में अतिरिक्‍त कक्षों का निर्माण कराया गया है एवं कितने स्‍कूलों में अतिरिक्‍त कक्षों का निर्माण नहीं कराया गया क्‍यो? कितने कार्य अपूर्ण है एवं कितने कार्य पूर्ण किये जा चुके है? (ख) प्रश्‍नांकित (क) में जिला शिक्षा केन्‍द्र जबलपुर द्वारा अतिरिक्‍त कक्षों के निर्माण हेतु निर्माण एजेंसियों को किस मान से कितनी राशि प्रदाय की गई क्‍या जारी की गई राशि का उपयोग कर निर्माण एजेंसियों ने कार्य पूर्ण कर भवन संबंधित स्‍कूल को हस्‍तांतरित कर दिया है यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें? कार्य समयावधि में पूर्ण न होने का दोषी कौन है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित शासकीय स्‍कूलों में अतिरिक्‍त कक्षों के निर्माण हेतु क्रय की गई निर्माण सामग्री गायब/चोरी हो चुकी है चूंकि निर्माण कार्य समयावधि में पूर्ण नहीं कराया गया है और यदि तो राशि का दुरूपयोग किया गया है क्‍या शासन इसकी जाँच करावेगा तो कब तक एवं दोषी अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जबलपुर जिले के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में वर्ष 2014-15 में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु रू. 38.93 लाख उपलब्ध कराई गई, जिसमें से 38.93 लाख व्यय किये गये। वर्ष 2015-16 में भारत शासन से संपूर्ण राशि प्राप्त नहीं हुर्ई। प्रस्तावित लक्ष्य के तहत 61 स्कूलों में 63 अतिरिक्त कक्ष के निर्माण कराये गये जिनमे से 34 पूर्ण है एवं 29 कार्य फिनिशिंग स्तर पर है। (ख) अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु निर्माण एजेंसी को अग्रिम के रूप में 50 प्रतिशत प्रथम किश्‍त एवं कार्य की प्रगति के अनुसार द्वितीय किश्‍त की राशि 35 प्रतिशत एवं कार्य पूर्ण होने पर कार्य के मूल्यांकन के आधार पर शेष राशि प्रदाय की गई। 34 निर्माण एजेंसी द्वारा जारी राशि का उपयोग कर कार्य पूर्ण कर स्कूल को हस्तांतरित कर दिया गया है। 29 कार्य की एजेंसी द्वारा राशि का उपयोग कर विभिन्न स्तर पर आंशिक कार्य शेष होने से स्कूल को हस्तांतरित नहीं किया गया है। भारत शासन से संपूर्ण राशि प्राप्त होने पर कार्य पूर्ण कराये जा सकेंगे। अत: कोई दोषी नहीं हैा (ग) निर्माण एजेंसी द्वारा अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु निर्माण एजेंसी द्वारा जारी राशि का उपयोग कर कार्य कराया गया एवं शेष निर्माण कार्य हेतु निर्माण सामग्री गायब/चोरी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शेषांश का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

पंचायत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्‍वयन

39. ( क्र. 3680 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक खरगोन जिले को हथकरघा बुनकरों के विकास हेतु संचालित योजना में कितना-कितना आवंटन दिया गया? कितना-कितना किस-किस कार्यों में व्‍यय किया गया? विकासखण्‍डवार बताया जावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में खरगोन जिले की विकासखण्‍डवार वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस योजना से कौन-कौन से निर्माण कार्य, कितनी-कितनी राशि के, कहाँ-कहाँ स्‍वीकृत किये गये? कितने कार्य स्‍वीकृति पश्‍चात् निरस्‍त किये गये, कितने पूर्ण किये, कितने अपूर्ण है? अपूर्ण रहने का कारण बतावें? (ग) विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर में निर्माण कार्य कराने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग तथा पंचायत ग्राम संचालनालय को 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्यों के लिए प्रस्‍ताव दिये गये? प्रस्‍तावों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये, कितने प्रस्‍ताव लंबित है? लंबित रहने का कारण बताया जावे?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से वर्ष 2012-13 से प्रश्न दिनांक तक जिले के बुनकरों के विकास हेतु संचालित योजना में आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्‍वयन

40. ( क्र. 3684 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा पंचपरमेश्‍वर, पिछ़डा क्षेत्र विकास योजना, परफार्मेंस ग्रांट, अधोसंरचना, मुद्रांक शुल्‍क, 14 वा वित्‍त एवं पंचायत राज निधि मद में कितना-कितना आवंटन दिया गया है एवं कितना-कितना व्‍यय किया गया? विकासखण्‍डवार बताया जावें वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक एवं इन योजनाओं के नियम क्‍या हैं? कौन-कौन लाभ ले सकता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग द्वारा खरगोन जिले में वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस योजना में कितने पात्रों को लाभान्वित किया गया एवं किस योजना में कितना-कितना ऋण अनुदान राशि दिया गया वर्तमान में इकाई की क्‍या स्थिति है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग द्वारा हस्‍त करघा बुनकरों के विकास हेतु क्‍या योजना तैयार की गई? कितनों को लाभान्वित किया गया? (घ) क्‍या यह सही है कि बुनकरों के सर्वांगीण विकास हेतु बुनकर आवासीय कॉलोनी, वर्कशेड एवं अन्‍य अत्‍यावश्‍यक सुविधाएं उपलब्‍ध कराने हेतु कार्ययोजना तैयार कर विभाग/शासन को स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍तुत की गई है? यदि हाँ, तो कब पत्रक/दिनांक सहित एवं वर्तमान यह कार्यवाही किस स्‍तर पर विचाराधीन है? कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित योजनाएं विभाग द्वारा संचालित नहीं है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) बुनकर आवास हेतु वर्तमान में कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की गई है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होते। प्रचलित योजनाओं में वर्कशेड व अन्य आवश्यक सुविधाये समय-समय पर उपलब्ध कराई जाती है।

नलों के उत्‍खनन की जानकारी

41. ( क्र. 3699 ) श्री संजय शर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) तेंदूखेड़ा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत नलों (हैण्‍डपम्‍प) के उत्‍खनन हेतु वर्ष 2015-16 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा कितने पत्र कार्यपालन यंत्री को लिखे गये? (ख) पत्र में उल्‍लेखित स्‍थानों पर कहाँ-कहाँ नलों का उत्‍खनन किया गया? स्‍थानवार जानकारी प्रदान करें? (ग) वर्ष 2016 में कितने नलों का उत्‍खनन किया जाना है? स्‍थानवार जानकारी प्रदान करें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रश्नाधीन अवधि में 3 पत्र कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड नरसिंहपुर को प्राप्त हुए। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्ष 2016-17 की कार्य योजना की स्वीकृति अपेक्षित होने से स्थानवार जानकारी नहीं दी जा सकती है।

परिशिष्ट - ''इक्कीस''

अनु.जाति, जनजाति, पि.वर्ग कल्‍याण के लिये योजना की जानकारी

42. ( क्र. 3700 ) श्री संजय शर्मा : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास खण्‍डवार, अनु. जाति, अनु. जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्‍याण के लिये कौन-कौन सी योजनाओं के अंतर्गत कितने हितग्राहियों के आवेदन प्राप्‍त हुये? (ख) कितनों को किस योजनांतर्गत कितना ऋण स्‍वीकृ‍त किया गया? (ग) कितने हितग्राहियों के प्रकरण लंबित है? इन ल‍ंबित प्रकरणों का निराकरण कब तक हो जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखंण्ड चावरपाठा में अनुसूचित जाति वर्ग के लिये मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजनांतर्गत 54 एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनांतर्गत 10 कुल 64 आवेदन पत्र प्राप्त हुये। विकासखण्ड चीचली एवं सांईखेड़ा में कोई आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हुये।
म.प्र. आदिवासी वित्‍त एवं विकास निगम, जिला शाखा नरसिंहपुर द्वारा संचालित मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना (आदिवासी हेतु) अंतर्गत तेन्‍दूखेड़ा विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के हितग्राहि‍यों की विकासखण्‍डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। पिछड़ा वर्ग अंतर्गत हितग्राहियों के कुल 24 आवेदन पत्र प्राप्‍त हुये हैं। विकासखण्‍डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के 54 हितग्राहियों को राशि रूपये 10.80 लाख का बैंक ऋण तथा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजनांतर्गत 10 हितग्राहियों को राशि रूपये 20.50 लाख का बैंक ऋण स्वीकृत किया गया है। पिछड़ा वर्ग अंतर्गत कुल 02 प्रकरणों में ऋण स्‍वीकृत किया गया है।
म.प्र. आदिवासी वित्‍त एवं विकास निगम, जिला शाखा नरसिंहपुर द्वारा संचालित मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना (आदिवासी हेतु) अंतर्गत ऋण स्‍वीकृत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) अनुसूचित जाति अंतर्गत कोई प्रकरण लंबित नहीं है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। पिछड़ा वर्ग अंतर्गत कुल 19 प्रकरण बैंकों में परीक्षण हेतु लंबित हैं। जिनका निराकरण बैंकों द्वारा स्‍वीकृति उपरांत किया जायेगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। 03 प्रकरण पात्रता न होने से बैंकों द्वारा वापस किये गये हैं। म.प्र. आदिवासी वित्‍त एवं विकास निगम, जिला शाखा नरसिंहपुर द्वारा संचालित मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना (आदिवासी हेतु) बैंकों में लंबित प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

कालीसिंध नदी से ग्राम सांवेर में जल प्रदाय

43. ( क्र. 3729 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ तह. अंतर्गत ग्राम सांवेर में कालीसिंध नदी से पानी दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ख) क्‍या सांवेर में जल प्रदाय हेतु कालीसिंध नदी से पाईप लाईन लगवाई गई है? यदि हाँ, तो किस योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत है? क्‍या कार्य पूर्ण हो चुका है? (ग) यदि उक्‍त संबंध में कार्यवाही प्रचलित है तो जानकारी स्‍पष्‍ट करें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। कालीसिंध नदी पर आधारित कोई भी पेयजल योजना स्वीकृत नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

दोषी को भारमुक्‍त किए जाने बावत्

44. ( क्र. 3736 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय संयुक्‍त संचालक शिक्षा रीवा में पदस्‍थ श्री सी.डी. द्विवेदी लिपिक को पूर्व में लोकायुक्‍त कार्यालय रीवा द्वारा रिश्‍वत लेते हुये पकड़ा गया था? यदि हाँ, तो कब एवं प्रकरण क्रमांक क्‍या था तथा प्रकरण की वर्तमान स्थिति क्‍या हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में कार्यालय संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा के आदेश क्रं./सर्वे/97/103 रीवा दिनांक 09.05.1997 को निलंबित किया गया था? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में संबंधित लिपिक के निलंबन अवधि को किस अधिकारी द्वारा किस नियम के तहत कर्तव्‍य अवधि मान्‍य किया गया है। नियम बतायें तथा उक्‍त नियम विरूद्ध आदेश जारी करने वाले अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कब तक क्‍या कार्यवाही करेगें तथा क्‍या उक्‍त नियम विरूद्ध आदेश को निरस्‍त कर उसे अनुपस्थित अवधि मानकर दिया गया वेतन वसूल करेंगे? (घ) प्रश्‍नांक (क) में अंकित लिपिक को क्‍या स्‍थापना वित्‍त एवं परीक्षा जैसे महत्‍वपूर्ण कक्ष का प्रभार सौंपा गया है। यदि हाँ, तो क्‍या उसका प्रभार बदला जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। दिनांक 17.08.1993 एवं प्रकरण क्रमांक 74 / 934/57-13 (1) डी, पी.सी.एक्ट 1988 था। माननीय न्यायालय रीवा द्वारा दिनांक 22.01.2004 को पारित निर्णय में दोषमुक्त किये जाने के कारण तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी जिला रीवा के आदेश दिनांक 31.01.2004 द्वारा निलबंन से बहाल किया जा चुका है। वर्तमान स्थिति में प्रकरण प्रचलन में नहीं है। (ख) आदेश क्रमांक/सर्त./ 97/1003-1004 दिनांक 9.5.1997 से निलंबित किया गया था। (ग) माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश रीवा द्वारा पारित निर्णय दिनांक 22.01.2004 में दोषमुक्त करने पर तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी रीवा द्वारा निलंबन से बहाल करते हुए निलंबन अवधि को कर्तव्य अवधि मान्य की गई है। निलंबन से बहाल करने के अधिकार नियोक्ता अधिकारी को है। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अनाधिकृत रूप से आदेश जारी करने वाले तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. तिवारी की सेवाएं अन्य प्रकरण में समाप्त की जा चुकी हैं अतः इस प्रकरण में कार्यवाही करने हेतु नियमों के परिप्रेक्ष्य में परीक्षण कर नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जायेगी। (घ) संबंधित को वर्तमान में सूचना का अधिका का कार्य आंवटित है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मांझी का परम्‍परागत पेशा समूह, पर्यायवाचिता, समाविष्‍टता

45. ( क्र. 3794 ) श्री मोती कश्यप : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के मा.मुख्‍यमंत्री जी को प्रस्‍तुत पत्र दिनांक 08.12.2014 के परिशिष्‍ट -3 के 3 कालमों क्‍या बिन्‍दु उद्भूत किये गये हैं, किसने क्‍या टीपें अंकित की हैं और किसने क्‍या समीक्षात्‍मक विवरण दिया है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांक (क) परिशिष्‍ट की किसी कण्डिका में शासन के किसी ब्रोशर, किन्‍हीं संदर्भ साहित्‍यों के लेखकों, जनगणनाओं और एन्‍थ्रोपोलाजिकल सर्वे आफ इण्डिया, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित किसी साहित्‍य में मांझी जनजाति और धीमर, केवट आदि मछुआ-नाविक जातियों के परस्‍पर संबंधों के विषय में कोई लेख किये गये हैं? (ग) क्‍या प्रश्‍नांक (क) के परिशिष्‍ट की कण्डिका 7.5 के कालम 2 में प्रश्‍नांश (ख) की किसी पुस्‍तक के मांझी विषयक किन्‍हीं वाक्‍यों का उल्‍लेख किया गया है और समीक्षा में क्‍या लेख किया गया है और विभाग ने किस आधार पर किसे उचित पाया है? (घ) प्रश्‍नांश (ख), (ग) के अनुसार मांझी जनजाति का परम्‍परागत पेशा, समूह, पर्यायवाचिता और समाहितता किससे बनती है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा अपनी व्‍याख्‍या की गयी है।

परिशिष्ट - ''बाईस''

संदर्भ साहित्‍यों, अभिमत और केबिनेट निर्णय की स्थिति

46. ( क्र. 3795 ) श्री मोती कश्यप : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने मांझी प्रकरण के संबंध में मा. मुख्‍यमंत्री जी को प्रस्‍तुत अपने पत्र दिनांक 07.07.2014 के साथ लोकसभा, O.R.G.I., विधि विभाग, राज्‍य मंत्री परिषद, विभाग, आ.जा.अ. संस्‍था, प्राचीन जनगणनाएं व संदर्भ साहित्‍य, (एन्‍‍थ्रोपोलाजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया, भारत सरकार, संस्‍कृति मंत्रालय सहित) के विवरण, अभिमत, निर्णय, ब्रोशर, सी.मा.शा. अध्‍ययन आदि के दस्‍तावेज संलग्‍न किये हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के किन्‍ही संदर्भ साहित्‍यों में माझी का मछुआ-नाविक पेशे की जाति होना तथा किसी प्राचीन जनगणनाओं में माझी, मांझी, मझिया आदि का धीमर, केवट, मल्‍लाह से किन रूप से संबंध दर्शाया गया है? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) के आ.जा.अ. संस्‍था के किन्‍हीं संदर्भ साहित्‍यों पर आधारित किन्‍हीं जातियों के सी.मा.शा. अध्‍ययन और सांस्‍कृतिक प्रलेख में माझी जनजाति की मझवार, गोंड जनजातियों तथा धीमर, केवट, कहार, भोई मल्‍लाह मांझी से सम्‍बद्धता की क्‍या स्थिति दर्शित की गई है? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) के विधि विभाग के अभिमत, राज्‍य मंत्री परिषद के निर्णय तथा प्र‍ाचीन संदर्भ साहित्‍यों व जनगणनाओं के अनुसार माझी जनजाति और धीमर, केवट, कहार, भोई, मल्‍लाह आदि में कोई साम्‍यता बनती है और प्रश्‍नांश (ग) संस्‍था के अध्‍ययनों के प्रतिवेदनों में दिया गया अभिमत निष्‍प्रभावी बन गया है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) दि शेडयूल ट्राईब्‍स (लेखक के.एस.सिंह) में माझी (Majhi- The Term Majhi Means boat Man. The group has Synonyms like Mallah. Kewat and nabik) तथा भारत की जनजणना 1901 Central Probinces में गोहक मांझी, महिया, मझही, माझी, मझिया, मझिया-केवट में मांझी-धीवर व केवट में और मझवार- केवट के अंतर्गत दर्शाया गया है। (ग) प्रश्‍नकर्ता के पत्र दिनांक 07-07-2014 के अध्‍ययन प्रतिवेदन में माझी जनजाति तथा केवट कहार आदि जातियों का अध्‍ययन तुलनात्‍मक दृष्टि से किया गया है। सांस्‍कृतिक प्रलेख में के निष्‍कर्ष में प्रतिपादित है कि सीधी जिले में माझी का निवास बताया है। वहां माझी नहीं वरन गोंड जनजाति के व्‍यक्ति निवासरत है। (घ) जी नहीं।

माझी, मांझी व मल्‍लाह माझी में भेद

47. ( क्र. 3798 ) श्री मोती कश्यप : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग और आ.जा.अ. संस्‍था द्वारा माझी (MAJHI) और मांझी (MANJHI) में से कितने संविधान अनुसूची की अनुसूचित जनजाति माना गया है और क्‍या किसी माझी समिति ने अपने पत्र दिनांक 26.06.2014 द्वारा अपीलों को संदर्भित कर किन्‍हीं से माझी और मझवार जनजातियों का कोई विवरण मांगने पर उसके द्वारा किसी प्रकार की जानकारी उपलब्‍ध करायी गई है? (ख) प्रश्‍नकर्ता के पत्र/प्रतिवेदन दिनांक 08.12.2014 के साथ संदर्भ साहित्‍यों/जनगणनाओं और प्रतिवेदनों आदि को संलग्‍न किया गया है जिनमें देश, सेन्‍ट्रल इण्डिया, उत्‍तरप्रदेश, सेन्‍ट्रल प्रोविन्‍सस एवं मध्‍यप्रदेश में माझी और मांझी जनजाति के शब्‍द कहाँ प्रयुक्‍त हुये है? उन्‍हें किन पेशों की, किनकी पर्यायवाची जातियों व किन जातियों में समाविष्‍ट माना गया है? (ग) क्‍या आदिम जाति अनुसंधान संस्‍था ने प्रश्‍नांश (ख) के माझी जनजाति तथा धीमर, केवट मल्‍लाह, मांझी आदि के प्रतिवेदनों में किन संदर्भ साहित्‍यों को उल्‍लेखित किया है तथा किन आधार पर मछुआ-नाविक मांझी जनजाति को मल्‍लाह मांझी होना माना है? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के अनुसार माझी व मांझी एक ही है? तब आदिम जाति अनुसंधान संस्‍था द्वारा स्‍वीकार व स्‍पष्‍ट न किया जाना और उन्‍हें मछुआ-नाविक तथा धीमर, केवट, कहार, भोई, मल्‍लाह मांझी को परस्‍पर पर्यायवाची, तत्‍सम एवं उपजनजाति न माना जाना कहाँ तक व्‍यवहारिक है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) माझी (MAJHI) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश अंतर्गत माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा दिनांक 07-07-2014 को माननीय मुख्‍यमंत्रीजी को प्रस्‍तुत अभ्‍यावेदन, भारत सरकार, जनजातीय कार्य मंत्रालय के पत्र की छायाप्रतियां, विधि विभाग के अभिमत, शासन द्वारा दिये गये पत्राचार, आदिम जाति अनुसंधान तथा विकास संस्‍थान के पत्र तथा माझी जाति प्रकरण से संबंधित जानकारी की छायाप्रतियां, पत्र दिनांक 07-07-2014 के बिन्‍दुओं एवं आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्‍थान के पत्र 25.6.13, 08.09.2013, 11.09.2013 में दी गई जानकारी की उनके द्वारा की गई तुलनात्‍मक समीक्षा, मध्‍यप्रदेश मछुआ कल्‍याण बोर्ड के पत्र दिनांक 10-09-2013 के साथ कथित अभिमत का प्रारूप तथा अन्‍य पत्राचारों की छायाप्रतियां संलग्‍न की गई है। (ग) इन विवरणों एवं क्षेत्रीय अध्‍ययनों में प्राप्‍त जानकारी के आधार पर मछुआ, नाविक, मल्‍लाह, मांझी माना गया है। (घ) अध्‍ययन से यह पाया गया है कि माझी जनजाति तथा मछुआ, नाविक, ढीमर, केवट, भोई, मल्‍लाह, पृथक-पृथक है।

पिछड़ा वर्ग मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना

48. ( क्र. 3813 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना अंतर्गत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में पिछड़े वर्ग के हितग्राहियों हेतु कितना लक्ष्‍य निर्धारित किया गया था? (ख) उक्‍त लक्ष्‍य अनुसार पिछड़े वर्ग के कितने हितग्राहियों को लक्ष्‍य अनुसार प्रकरण स्‍वीकृत कर, वितरण किया गया? (ग) शासन से 30 प्रतिशत या अधिकतम 2.00 लाख का अनुदान देने के नियम अनुसार कितने प्रकरणों में अनुदान सीधे हितग्राहियों के खाते में जमा कराया गया? (घ) अगर अनुदान जमा नहीं किया गया तो क्‍यों? कब तक जमा कराये जाने के निर्देश है?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) झाबुआ जिले में मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना अंतर्गत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों वर्ग हेतु क्रमश: 10 एवं 27 हितग्राही का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया था। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि वर्ष 2014-15 में स्‍वीकृत लक्ष्‍य के अनुसार सभी 10 प्रकरणों में अनुदान राशि का वितरण कर दिया गया है एवं वर्ष 2015-16 में अब तक कुल स्‍वीकृत प्रकरण 23 के विरूद्ध 11 प्रकरणों में अनुदान राशि वितरित की गई है शेष 12 प्रकरणों हेतु जिले को अनुदान राशि उपलब्‍ध करा दी गई है। (घ) स्‍वीकृत प्रकरणों हेतु अनुदान राशि उपलब्‍ध करा दी गई है वितरण की कार्यवाही प्रचलन में है शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विद्यालयों/कार्यालयों में अनुलग्‍न व अतिशेष कर्मचारी

49. ( क्र. 3863 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल शिक्षा विभाग शिवपुरी के अंतर्गत शहरी क्षेत्र शिवपुरी में कौन-कौन से शासकीय प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाई स्‍कूल व हायर सेकण्‍ड्री स्‍कूल संचालित है व उक्‍त स्‍कूलों में कौन-कौन से पद स्‍वीकृत है? स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कौन-कौन से पद भरे व कौन-कौन से पद रिक्‍त हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या रिक्‍त पदों के विरूद्ध अन्‍य विद्यालयों के शिक्षक/कर्मचारी शहरी क्षेत्र के विद्यालयों/कार्यालयों में अतिशेष व अनुलग्‍न है उनके नाम, पदनाम, मूल पदस्‍थापना व शहरी क्षेत्र में पदस्‍थापना/अनुलग्‍न किये जाने कि तिथि से अवगत करावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में शहरी क्षेत्र में अतिशेष व अनुलग्‍न शिक्षकों की मूल पदस्‍थापना के स्‍कूलों में वर्तमान में कौन-कौन शिक्षक पदस्‍थ है व उन विद्यालयों में कितने-कितने छात्र अध्‍ययनरत हैं जानकारी स्‍कूलवार उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के संदर्भ में शहरी क्षेत्र में अनुलग्‍न व अतिशेष शिक्षकों/कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्‍थापना हेतु कब तक भारमुक्‍त कर दिया जावेगा अथवा शिक्षकविहीन/एक शिक्षकीय स्‍कूलों में कब तक पदस्‍थ कर दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण संभाग ग्‍वालियर को अतिशेष शिक्षकों/कर्मचारियों की मूल पदस्‍थापना के संबंध में आदेशों के परीक्षण हेतु पत्र क्रमाकं 308 दिनांक 05/03/2016 को लिखा गया हैं। प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी।

चलित पशु चिकित्‍सालय

50. ( क्र. 3935 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पशु चिकित्‍सा विभाग द्वारा झाबुआ जिले में कितने चलित पशु चिकित्‍सालय संचालित किये जा रहे है तथा इस पर कितना व्‍यय होता है? (ख) चलित पशु चिकित्‍सालय द्वारा विगत दो वर्षों में 2014-15 एवं 2015-16 में कहाँ-कहाँ भ्रमण किया तथा कितने-कितने पशु पालकों को इससे लाभान्वित किया गया? (ग) क्‍या अधिकतर मैदानी कर्मचारी/अधिकारियों के सतत् क्षेत्र में भ्रमण नहीं करने के कारण पशु पालकों को काफी परेशानियां उठाना पड़ती है? विभाग को इस संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्‍त होती रहती है? क्‍या विभाग इन पर कोई कार्यवाही करेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) वर्तमान में झाबुआ जिले में एक चलित पशु चिकित्सालय कार्यरत है इसमें एक चिकित्सक, दो सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी एवं दो भृत्य कार्यरत है। चलित पशु चिकित्सालय द्वारा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर उपचार, टीकाकरण, औषधि वितरण, कृत्रिम गर्भाधान आदि कार्य किया जा रहा है। साथ ही आकस्मिक रूप से पशुओं में बीमारी होने पर उक्त वाहन भेजकर उपचार आदि कार्य करवाया जा रहा है। वाहन पर प्रति वर्ष लगभग 1.00 लाख रू. की राशि व्यय की जा रही है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ग) जी नहीं। जिले में कार्यरत समस्त संस्थाओं पर पदस्थ कर्मचारी/अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में सतत् भ्रमण किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थिति नहीं होता है।

आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा सामग्री खरीदी के संबंध में

51. ( क्र. 3936 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में आदिवासी विकास विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में किस-किस योजना में कौन-कौन सी सामग्री किस-किस दर पर खरीदी गई? (ख) विभाग द्वारा खरीदी गई सामग्री को किस-किस उपयोग में लाया जा रहा है? खरीदी गई सामग्री पर विगत दो वर्षों में कितना व्‍यय किया गया है? क्‍या सामग्री खरीदी हेतु टेण्‍डर आमंत्रित किये गये? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) सामग्री खरीदी के समय क्‍या उसकी गुणवत्‍ता की जाँच की गई? यदि हाँ, तो किस अधिकारी के समक्ष अवगत करावें? क्‍या खरीदी गई सामग्री का भौतिक सत्‍यापन कराया गया? यदि हाँ, तो भौतिक सत्‍यापन के समय कौन-कौन जनप्रतिनिधि उपस्थित थे? (घ) झाबुआ जिले के आदिवासी विकास विभाग की भण्‍डार शाखा में वर्तमान में कौन-कौन सी सामग्री रखी है? क्‍या इनमें कोई सामग्री काफी लम्‍बे समय में रखी है? यदि हाँ, तो क्‍या कारण है तथा इनके लिए कौन जिम्‍मेदार है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) निविदा आमंत्रित नहीं की गई। सामग्री का क्रय भण्‍डार क्रय नियमों के तहत किया गया है। शेष जानकारी निम्‍नानुसार है- (राशि लाखों में)

क्र.

विवरण

व्यय
2013-14

व्यय
2014-15

1

 उमावि

136.99

98.29

2

 हाईस्कूल

33.94

37.30

3

छात्रावास आश्रम परिसर

319.06

360.83

(ग) जी हाँ। जनप्रतिनिधि नहीं थे। भौतिक सत्यापन क्रय समिति मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहा.आयुक्त आदिवासी विकास, प्रबंधक उद्योग विभाग झाबुआ एवं जिला कोषालय अधिकारी झाबुआ द्वारा किया गया। (घ) क्रय/प्रदाय स्टाक रजिस्टर अनुसार सामग्री निरंक है। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कक्षा 10वीं व 12वीं परीक्षा के लिए परीक्षा केन्‍द्र में अनियमितता

52. ( क्र. 4089 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा कक्षा 10वीं व 12वीं वर्ष 2015-16 के परीक्षा केन्‍द्र का चयन करते समय क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए हैं? शहरी क्षेत्र 5 किमी ग्रामीण क्षेत्र 10 किमी सम्‍बद्ध शाला से प्रस्‍तावित केन्‍द्र रखा गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत भिण्‍ड में परीक्षा केन्‍द्र के प्रस्‍ताव प्रेषित करने के पूर्व जिला योजना समिति में अनुमोदन कराना आवश्‍यक था? यदि हाँ, तो किस बैठक में किस दिनांक को अनुमोदन कराया गया? कितने सदस्‍यों द्वारा भाग लिया गया? यदि अनुमोदन नहीं कराया गया तो इसके लिए कौन दोषी है? क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ग) क्‍या भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय विद्यालय का अशासकीय विद्यालय में और अशासकीय विद्यालय का शासकीय विद्यालय में परीक्षा केन्‍द्र बनाया गया है यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? ग्रामीण क्षेत्र को शहरी क्षेत्र में और शहरी क्षेत्र को ग्रामीण क्षेत्र में परीक्षा केन्‍द्र बनाने के क्‍या कारण है? क्‍या छात्राओं को परेशान करने के दृष्टिकोण से परीक्षा केन्‍द्र बनाये गये? क्‍या कारण है? (घ) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में कितनी छात्रायें कक्षा 10वीं व 12वीं में वर्ष 2015-16 में शामिल हो रही हैं? कितनी छात्राओं को ग्रामीण से शहर परीक्षा केन्‍द्र में सम्मिलित होना पड़ रहा है? उनके आवागमन के लिए क्‍या साधन है? साधन के अभाव में परीक्षा में सम्मिलित होने में असुविधा व असुरक्षा होगी? इसके लिए कौन उत्‍तरदायी होगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मापदण्ड पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। विभाग के पत्र क्रमांक-1139/1151/2015/20-3, भोपाल दिनांक 24.7.2015 द्वारा केन्द्र निर्धारण हेतु गठित चयन समिति द्वारा परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण किया गया। केन्द्र निर्धारण का कार्य समय-सीमा में संपादित कराया जाना था, तत् समय जिला योजना समिति की बैठक प्रस्तावित नहीं थी। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभाग के पत्र क्रमांक-1139/1151/2015/20-3, भोपाल दिनांक 24.7.2015 के संदर्भ में बिन्दु क्रमांक-15 के मापदण्ड के अनुरूप केन्द्र निर्धारित किये गये। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) वर्ष 2015-16 में कक्षा 10वीं की परीक्षा में ग्रामीण क्षेत्र में 8137 तथा कक्षा 12वीं में ग्रामीण क्षेत्र में 5794 छात्रायें सम्मिलित हो रही है। इनमें से कक्षा 10वीं की ग्रामीण क्षेत्र की 976 तथा कक्षा 12वीं की ग्रामीण क्षेत्र की 695 छात्रायें शहरी क्षेत्र में सम्मिलित हो रही है। साधन के अभाव में परीक्षा में सम्मिलित होने की असुविधा व असुरक्षा नहीं हुई है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

छात्रवृत्ति का विवरण

53. ( क्र. 4148 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में गत दो वर्षों में पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍प संख्‍यक वर्ग के कितने छात्र,छात्राओं के लिए कितनी छात्रवृत्ति किस-किस शासकीय एवं निजी बी.एण्‍ड., डी.एड., कॉलेज, नसिंग कॉलेज, होम्‍यो चिकित्‍सा कॉलेज, कम्‍प्‍यूटर संस्‍थान को दी गई है? (ख) छात्रवृत्ति प्रदाय किए जाने के पूर्व किस-किस अधिकारी ने संस्‍थान में अध्‍ययनरत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का सत्‍यापन किया है? (ग) की गई जाँच के दौरान किस संस्‍थान के द्वारा कितने छात्र-छात्राओं की गलत तरीके से छात्रवृत्ति लिया जाना गत पाँच वर्षों में पाया है उनके विरूद्ध कब और क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) छात्रवृत्ति घोटाले के लिए जिम्‍मेदारों के विरूद्ध कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) छतरपुर जिले में गत् दो वर्षों में पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक वर्ग के- 2290 छात्र, छात्राओं के लिए शासकीय एवं निजी बी.एड., डी.एड. कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, होम्‍यो चिकित्‍सा कॉलेज, कम्‍प्‍यूटर संस्‍थान को राशि रू. 2,16,67,395/- छात्रवृत्ति दी गई है। कालेजवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) छात्रवृत्ति पोर्टल अनुसार उपस्थिति का प्रमाणीकरण/सत्‍यापन संस्‍था प्रमुख एवं संकुल प्राचार्य द्वारा किया गया है। (ग) अभी दोहरी छात्रवृत्ति की जाँच प्रचलन में है। जाँच उपरांत गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) उत्‍तरांश (ग) अनुसार।

व्‍याख्‍याताओं के क्रमोन्‍नति का लाभ दिया जाना

54. ( क्र. 4149 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक 1477/2796/ 1/3105 दिनांक 03.09.2005 एवं स्‍कूली शिक्षा विभाग के पत्र क्रमांक एफ/44/10/9/20/ 2007 दिनांक 22.05.2008 के द्वारा किस श्रेणी के शिक्षकों को कितनी सेवा अवधि के बाद क्रमोन्‍नति का लाभ दिए जाने के आदेश दिए गए? (ख) छतरपुर जिले में पदस्‍थ व्‍याख्‍याता के पद पर पदस्‍थ पात्रताधारी शिक्षकों को द्वितीय क्रमोन्‍नति का लाभ किन कारणों से प्रश्‍नांकित दिनांक तक नहीं दिया जा सकता है? (ग) शासन के आदेशानुसार 24 साल की सेवा पूरी करने वाले व्‍याख्‍याता को कब तक द्वितीय क्रमोन्‍नति का लाभ दे दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) शिक्षक संवर्ग को क्रमोन्नति लाभ संबधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार। मध्यप्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्रमांक एफ 44-109/20-2/2007, दिनांक 22.08.2008 द्वारा संयुक्त संचालकों (लोक शिक्षण ) को अधिकारों का प्रत्यायोजन किया गया है। (ख) प्रश्नांश अनुसार 05 व्याख्याताओं द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा जारी प्राचार्य हाई स्कूल के पद पर पदोन्नति का परित्याग किये जाने के कारण मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्र. एफ-1- 1/1/वेआप्र/99 दिनांक 052 जुलाई 2002 / 23 सितम्बर 2002 के तहत कार्यालय सन्युक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग सागर के पत्र क्रमांक/स्था.1/फ-86 भाग दो/2015/1171, सागर दिनांक 28.04.2015 के द्वारा विभागीय पदोन्नति समिति द्वारा पात्रता न होने के कारण एसे 05 व्याख्याताओं के द्वितीय क्रमोन्नति के प्रकरण अमान्य किये गये है। (ग) क्रमोन्नति एक सतत् प्रक्रिया है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तेईस''

डि‍नोटीफाईड भूमियों बाबत् प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखे पत्र पर कार्यवाही

55. ( क्र. 4192 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न‍कर्ता के द्वारा प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्‍याण विभाग को दिनांक 13 जनवरी, 2016 को लिखे गये पत्र में डि‍नोटीफाईड जमीनों को वनभूमि मानकर वन अधिकार कानून 2006 के तहत वन अधिकार पत्र वितरित किये जाने के संबंध में किन-किन दस्‍तावेजों को संलग्‍न कर कार्यवाही किये जाने का निवेदन किया है? (ख) राज पत्र में वन विभाग के द्वारा डि‍नोटीफाईड की गई वन भूमियों को किस कानून की किस धारा, किस न्‍यायालीन आदेश के अनुसार वनभूमि माना जाकर वन अधिकार पत्र वितरित किये गये है? (ग) राजपत्र में वन विभाग के द्वारा डि‍नोटीफाईड की गई वनभूमियों को वन भूमि माना जाकर वन अधिकार पत्र के दावे मान्‍य करने या अमान्‍य किये जाने की कार्यवाही के आदेश, राज्‍य सरकार या भारत सरकार ने किस आदेश से दिये है? (घ) डि‍नोटीफाईड की गई भूमियों को वन भूमि माना जाकर वितरित किये गये वन अधिकार पत्रों के संबंध में शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है कब तक करेगा समय-सीमा सहित बतावें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) से (घ) अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 नियम 2008 यथा संशोधित 2012 में डिनोटिफाईड की गई वनभूमियों का उल्लेख नहीं है। अधिनियम की धारा 2 (घ) में दी गई वनभूमि की परिभाषा के अनुसार वन अधिकार पत्र दिये जाने की कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मछुआ समितियों को तालाब के आवंटन

56. ( क्र. 4319 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिवनी जिले में ऐसे कितने तालाब हैं, जो मत्‍स्‍य पालन हेतु समितियों/समूहों को आवंटित किये जाते हैं? सूची प्रदान करें? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनांक तक कितने तालाबों का आवंटन जनपद पंचायतों/जिला पंचायतों द्वारा सहायक संचालक, मछुआ कल्‍याण तथा मत्‍स्‍य विभाग द्वारा किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में जनपद पंचायत कितने हेक्‍टेयर तालाबों को आवंटन कर चुकी है तथा सहायक संचालक द्वारा कितने हेक्‍टेयर के तालाबों का आवंटन किया गया है, तथा ऐसे कितने तालाब शेष हैं, जिनका आवंटन अभी तक नहीं किया गया है, तो क्‍यों? कब तक आवंटन किया जावेगा? (घ) ऐसे कितने तालाब हैं जो मछुवारा समितियों एवं समूहों को आवंटित किये गये? सूची उपलब्‍ध करावें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) सिवनी जिले में 331 तालाब है जो मत्‍स्‍य पालन हेतु समिति/समूहों को आवंटित किये जाते है। तालाबों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सभी तालाब ग्राम पंचायत की अधिकारिता में होने से इनका पट्टा आवंटन ग्राम पंचायतों द्वारा किया गया है, जनपद/जिला पंचायतों द्वारा नहीं किया गया है। सहायक संचालक मत्‍स्‍योद्योग को तालाब पट्टा आवंटन के अधिकार नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में जनपद पंचायत द्वारा पट्टे पर आवंटित तालाब एवं शेष रहे तालाब की संख्‍या शून्‍य है। (घ) मत्‍स्‍य पालन हेतु समितियों/समूहों को आवंटित किये गये तालाबों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

अनुसूचित जनजाति छात्रावास में क्रय सामग्री

57. ( क्र. 4356 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013 से वर्तमान तक विधानसभा क्षेत्र के गोटेगांव जिला नरसिंहपुर में स्‍थापित अनुसूचित जनजाति छात्रावास में किन-किन सामानों की कितनी राशि से खरीदी की गई है? वित्‍तीय वर्षवार विवरण प्रदान करें? (ख) क्या इन खरीदे सामानों की गुणवत्‍ता की जाँच की गई है? यदि हाँ, तो किस संस्‍था से यह जाँच कराई है?
आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। वित्‍तीय वर्ष 2013-14 में क्रय की गई सामग्री का भण्‍डार क्रय नियम अंतर्गत जिला स्‍तर पर गठित समिति द्वारा जाँच/भौतिक सत्‍यापन किया गया। वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में पालक समिति/विद्यार्थी द्वारा क्रय की गई है।

परिशिष्ट - ''चौबीस''

संस्‍कृत पाठशाला का संचालन

58. ( क्र. 4410 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के अंतर्गत संचालित संस्‍कृत पाठ शालाएं किन-किन ग्रामों/नगरों में संचालित हैं? शाला एवं ग्राम का नाम बतावें? (ख) देवास जिले के अंतर्गत संचालित संस्‍कृत पाठशालाओं के लिए प्रत्‍येक शाला के लिए कितने संस्‍कृत विषय के शिक्षक/अध्‍यापकों के पद स्‍वीकृत हैं एवं क्‍या स्‍वीकृत पदों अनुसार संस्‍कृत विषय के शिक्षक/अध्‍यापक कार्यरत हैं? (ग) देवास जिले के अंतर्गत ऐसी कितनी संस्‍कृत पाठशालायें हैं जिन्‍हें शासन द्वारा अनुदान दिया जाता है एवं प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष में कितना अनुदान दिया जाता है वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 15 व प्रश्‍नांश दिनांक तक दिये गये अनुदान की राशि बतावें? (घ) प्रश्‍नकर्ता विधानसभा क्षेत्र खातेगांव के अंतर्गत संचालित संस्‍कृत पाठशालाओं में अध्‍ययनरत् छात्रों को अधिक से अधिक सुविधा प्राप्‍त हो, इस हेतु शासन की क्‍या योजना है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विवरण संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र- 2 में है। (ग) जानकारी निरंक है। (घ) खातेगांव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत नेमावर में केवल शासकीय संस्‍कृत पाठशाला में सभी पत्र छात्र-छात्राओं को शासकीय योजनाओ यथा छात्रवृत्‍ती, गणवेश, पुस्‍तकें, मध्‍यान्‍ह भोजन, सायकल आदि सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''पच्चीस''

मत्‍स्‍य पालन

59. ( क्र. 4413 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मत्‍स्‍य पालन को बढ़ावा देने हेतु शासन द्वारा कौन-कौन से उपाय संचालित किये जा रहे हैं? (ख) देवास जिले में मत्‍स्‍य पालन हेतु कितने जलाशय उपलब्‍ध हैं एवं कितने जलाशयों की विभाग द्वारा नीलामी की जा चुकी है? जलाशय का नाम एवं नीलामी की राशि बतावें? (ग) विगत तीन वर्ष में देवास जिले में मत्‍स्‍य पालन को बढ़ावा देने हेतु कितना-कितना अनुदान किन-किन संस्‍थाओं को दिया गया है? संस्‍थावार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (घ) देवास जिले में मछली बाजार निर्माण हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है एवं किन-किन ग्रामों/नगरों में मछली बाजार का निर्माण कार्य होना है? ग्राम एवं नगरवार जानकारी देवें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) मत्‍स्‍य पालन को बढ़ावा देने हेतु मछुआरों के कल्‍याण के लिये विभिन्‍न जन कल्‍याणकारी योजनायें संचालित की जा रही है। योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) देवास जिले में मत्‍स्‍य पालन हेतु 42 जलाशय उपलब्‍ध है जलाशयों की विभाग द्वारा नीलामी नहीं की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जलाशयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जिले में विगत तीन वर्षों में मत्‍स्‍य पालन को बढ़ावा देने हेतु मछुआ सहकारी समितियों को अनुदान प्रदाय किया गया है, अनुदान प्रदाय की संस्‍थावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) प्रश्‍नाधीन मछली बाजार निर्माण हेतु योजना प्रारंभ से अद्यतन 6 मत्‍स्‍य बाजारों के निर्माण हेतु राशि आवंटित की गई है। मछली बाजार निर्माण स्‍थल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।

स्‍वीकृत नल-जल योजना

60. ( क्र. 4449 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) हरदा जिले में लोक स्‍वा.या.विभाग द्वारा विगत पाँच वर्षों में किन-किन ग्रामों में नल-जल योजना स्‍वीकृत की गई? विधान सभा क्षेत्रवार बताएं? (ख) हरदा जिले में ऐसे कितने प्रकरण लंबित है? जहां पर नल-जल योजना स्‍वीकृत किया जाना शेष है? उन्‍हें कब तक स्‍वीकृत कर दिया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत नल-जल योजना की वर्तमान स्थिति क्‍या है? कितनी योजनाएं कौन-कौन से ग्रामों की क्रियाशील है व किन-किन ग्रामों की नल-जल योजना बन्‍द है? (घ) बन्‍द नल-जल योजनाओं को कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा? समय-सीमा बताएं? यदि नहीं, तो उसका क्‍या कारण है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कोई शेष नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) स्रोत असफल होने के कारण को छोड़कर शेष अन्य कारणों से बंद योजनाओं को चालू करने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। अतः निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट - ''छब्बीस''

अनुसूचित जाति छात्रावास में अधीक्षक के स्‍वीकृत पद

61. ( क्र. 4453 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र एवं छात्राओं के कितने छात्रावास कहाँ-कहाँ पर स्‍थापित है एवं इनके लिए कितने अधीक्षक के पद स्‍वीकृत है? (ख) क्‍या एक-एक अधीक्षक के पास दो एवं उससे अधिक छात्रावासों का प्रभार दिया गया है? यदि हाँ, तो किस कारण? (ग) उपरोक्‍त (ख) के अनुसार क्‍या छात्रावासों की सुरक्षा संदिग्‍ध नहीं है? यदि हाँ, तो प्रत्‍येक छात्रावास में अलग-अलग अधीक्षकों की नियुक्ति कब तक हो जाएगी? (घ) क्‍या छात्रावासों में बच्‍चों को मीनू अनुसार भोजन दिया जा रहा है भोजन की गुणवत्‍ता के संबंध में कोई शिकायतें विगत एक वर्ष में प्राप्‍त हुई है यदि हाँ, तो उनका निराकरण किया गया?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। उक्‍त छात्रावासों में विभागीय कर्मचारियों की कमी होने, नवीन छात्रावासों में पद पूर्ति न होने तथा एक ही परिसर में छात्रावास संचालित होने से अतिरिक्‍त प्रभार दिया गया है। (ग) जी नहीं। उक्‍त छात्रावासों में चौकीदार कार्यरत हैं। छात्रावास अधीक्षकों की नियुक्ति संबंधी समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। मीनू अनुसार भोजन दिया जा रहा है। भोजन की गुणवत्‍ता संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। समय-समय पर छात्रावासों का निरीक्षण किया जाकर निराकरण किया जाता है।

परिशिष्ट ''सत्ताईस''

उद्यानिकी द्वारा कराये जाने वाले प्रशिक्षण

62. ( क्र. 4475 ) श्री लखन पटेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधान सभा क्षेत्र पथरिया में फलोद्यान के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में कितने किसानों को लाभांवित किया गया? क्‍या फलोद्यान को प्रोत्‍साहन देने हेतु प्रशिक्षण दिया जाता है? (ख) प्रशिक्षण कहाँ-कहाँ व कब-कब दिया गया? प्रशिक्षण में सम्मिलित कृषकों की संख्‍या उपलब्‍ध करावे व प्रशिक्षणों में कितनी राशि व्‍यय की गई? अलग-अलग जानकारी देवें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) विधान सभा क्षेत्र पथरिया में फलोद्यान के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में कुल 231 कृषकों को लाभान्वित किया गया है। जी हाँ। (ख) प्रशिक्षण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''अट्ठाईस''

मछुआ समिति का गठन

63. ( क्र. 4476 ) श्री लखन पटेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मत्‍स्‍य पालन तथा मत्‍स्‍याखेट हेतु शासकीय तालाब आवंटित किए जाते हैं? यदि हाँ, तो किन नियमों व शर्तों के आधार पर? (ख) दमोह जिले में वर्तमान में कितने तालाबों को किन-किन को कितनी-कितनी अवधि के लिए कितनी पट्टे की राशि जमा कराकर आवंटित किया गया? (ग) क्‍या पथरिया विधानसभा के विकासखण्‍ड पटियागढ़ में फतेहपुर तालाब के लिए मछुआ समिति गठित की गई है? मछुआ समिति के गठन के क्‍या नियम शर्ते हैं? किस समुदाय के लोगों को समिति में वरीयता है? (घ) क्‍या फतेहगढ़ तालाब में बनायी गई समिति में नियमों का उल्‍लंघन किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या? क्‍या दोषी अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। त्रिस्‍तरीय पंचायतों की अधिकारिता वाले तालाबों को पट्टे पर देने के संबंध में जारी नीति एवं निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) वर्तमान में दमोह जिले के 155 तालाब विभिन्‍न मé