मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


गुरुवार, दिनांक 15 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



बरझा बाईपास का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

1. ( *क्र. 94 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सिहोरा नगर पालिका के अंतर्गत बरझा बाईपास के निर्माण की मांग नगरवासियों द्वारा दीर्घ समय से की जा रही है एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी समय-समय पर इस मार्ग का निर्माण किये जाने के संबंध में ज्ञापन दिये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो मार्ग निर्माण का कार्य कब आरंभ किया जावेगा तथा कब तक यह मार्ग पूर्ण करा लिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) विधान सभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1142, सत्र नवंबर 2017 में दिए गए उत्‍तर अनुसार संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल द्वारा नगर पालिका परिषद, सिहोरा के बरझा रोड निर्माण कार्य के प्रस्‍ताव को परीक्षण उपरांत युक्तिसंगत नहीं पाए जाने से अमान्‍य कर दिया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बैकलॉग श्रेणी के पदों की पूर्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

2. ( *क्र. 1756 ) डॉ. मोहन यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. में विकास प्राधिकरणों में बैकलॉग श्रेणी के तृतीय एवं चतृर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों पर नियुक्ति के संबंध में क्या नियम हैं? (ख) दिनांक 01 जनवरी, 2014 से प्रश्न दिनांक तक नियमों की प्रति उपलब्ध कराते हुये वर्तमान में उज्जैन विकास प्राधिकरण में बैकलॉग के रिक्त पदों की जानकारी प्रदान करें? उ.वि.प्रा. में उक्त अवधि में कब कब किन किन बैकलॉग पदों पर भर्ती के लिये विज्ञप्ति जारी की गई है? भर्ती के लिये कौन से नियमों एवं उपनियमों के अनुसार कार्यवाही की गई? नियुक्ति वैध है अथवा अवैध? यदि अवैध हैं तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार उज्‍जैन विकास प्राधिकरण में बैकलॉग श्रेणी के तृतीय एवं चतृर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों हेतु रिक्त आरक्षित पदों की भर्ती के लिये किन नियमों का पालन किया जावेगा? नियमों की प्रति उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्‍न (ख) की जानकारी अनुसार यदि म.प्र. विकास प्राधिकरण सेवा (अधिकारी तथा सेवक) भर्ती नियम 1988 के विपरीत प्रक्रिया का पालन कर की जा रही भर्ती किस नियम के तहत वैध है? कारण बतायें। यदि सेवा भर्ती नियम 1988 में कोई परिवर्तन या निरस्‍त की गई हो, तो प्रति उपलब्ध करावें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। उज्जैन विकास प्राधिकरण में दिनांक 01.01.2014 की स्थिति में बैकलॉग के कुल 04 पद रिक्त थे। सहायक ग्रेड-3 के 2 पद एवं भृत्य सह चौकीदार के 2 पद वर्ष 2014-15 में बैकलॉग के अनुसूचित जाति के चतुर्थ श्रेणी के भृत्य सह चौकीदार के 01 रिक्त पद तथा अनुसूचित जाति श्रवण बाधित के चतुर्थ श्रेणी के भृत्य सह चौकीदार के रिक्त 01 पद, कुल 2 पदों पर भर्ती हेतु दिनांक 05.08.2014 को विज्ञप्ति जारी की गई। अन्य पिछड़े वर्ग के अस्थि बाधित निःशक्त जन, सहायक ग्रेड-3 के तृतीय श्रेणी के 1 पद पर भर्ती हेतु वर्ष 2014-15 में दिनांक 07.08.2014 को विज्ञप्ति जारी कर भर्ती की गई है। नियुक्तियां नियमानुसार की गई हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (घ) जी नहीं। नियमों के विपरीत कोई भर्ती नहीं की गई है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्‍वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

3. ( *क्र. 3588 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के दौरान एस.ई.सी.सी. 2011 में जो परिवार सूचीबद्ध नहीं हैं, लेकिन मौके पर आवासहीन हैं अथवा कच्‍चा मकान है, उनका परीक्षण कर सूची बनाने के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो बालाघाट जिले की विधानसभा क्षेत्र 112 में विकासखण्‍ड वारासिवनी-खैरलांजी की ग्राम पंचायतों में कितने नाम जोड़े गये? नामवार सूची देवें (ख) विधानसभा क्षेत्र 112 में विकासखण्‍ड वारासिवनी-खैरलांजी में ऐसे कितने ग्राम एवं कितनी पंचायतें हैं, जिन्‍हें प्रधानमंत्री आवास योजना का एक भी आवास नहीं मिला है? संख्‍या एवं नाम सहित जानकारी देवें (ग) उक्‍त योजना में किस कारण से जो पंचायतें एवं ग्राम छूटे हैं तथा कब तक इन छूटे हुये गांवों को इस योजना का लाभ दिलाया जावेगा एवं कैसे? जो पंचायतें एवं गांव इस योजना से पिछड़ गये हैं, उनकी भरपाई विभाग किस प्रकार करेगा? यदि विभाग द्वारा भारत सरकार के पोर्टल पर छूटे हुये हितग्राहियों को जोड़ने का अनुरोध किया गया है, तो प्रश्‍न दिनांक तक भारत सरकार द्वारा विभाग को क्‍या जवाब दिया गया? छायाप्रति देवें (घ) क्‍या विभाग ग्रामों का पुन: परीक्षण कर आवासहीन अथवा कच्‍चे मकान के हितग्राहियों को इस योजना के तहत आवास प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। नाम जोड़ने का प्रावधान वर्तमान में नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जी नहीं।

खरगापुर में शासकीय महाविद्यालय खोला जाना

[उच्च शिक्षा]

4. ( *क्र. 1358 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के नगर खरगापुर में शासकीय महाविद्यालय नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को जिला मुख्‍यालय तथा अन्‍य स्‍थानों पर उच्‍च शिक्षा ग्रहण करने हेतु भटकना पड़ता है तथा मुख्‍यालय खरगापुर के आस-पास का क्षेत्र काफी बड़ा है, जिसमें 5-6 शास. हा.से. स्‍कूल भी आते हैं तथा खरगापुर में महाविद्यालय खोले जाने की मांग को लेकर क्षेत्र के छात्रों का प्रतिनिधि मण्‍डल तथा प्रश्‍नकर्ता द्वारा उच्‍च शिक्षा मंत्री को पत्र भी दिया गया था, जिस पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या खरगापुर नगर के छात्र-छात्राओं द्वारा एवं आम नागरिकों द्वारा तहसीलदार खरगापुर को ज्ञापन देकर माननीय मुख्‍य मंत्री महोदय म.प्र. शासन से भी मांग की है? क्‍या छात्र-छात्राओं की सुविधा एवं मांग तथा शिक्षा के लोक व्‍यापीकरण को ध्‍यान में रखते हुये खरगापुर नगर में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा करेगें? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। खरगापुर में 02 विद्यालय संचालित हैं तथा 01 अशासकीय महाविद्यालय संचालित है। खरगापुर से 28 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय पलेरा, 33 कि.मी. की दूरी पर शासकीय महाविद्यालय जतारा एवं 40 कि.मी. की दूरी पर टीकमगढ़ में 02 शासकीय महाविद्यालय संचालित हैं। इन महाविद्यालयों में खरगापुर के विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी. 3502 के निर्देशानुसार खरगापुर से 10 कि.मी. की दूरी पर बल्देवगढ़ में शासकीय महाविद्यालय प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित है, जिससे खरगापुर की आवश्यकताओं की भी पूर्ति होगी। अतः वर्तमान में खरगापुर में महाविद्यालय प्रारम्भ किया जाना प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) जी हाँ। शेष उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

14 वें वित्‍त आयोग अन्‍तर्गत संपादित कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

5. ( *क्र. 3877 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परसवाड़ा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत विभाग द्वारा विगत तीन वर्ष में 14 वें वित्‍त आयोग अन्‍तर्गत ग्राम पंचायतों में क्‍या-क्‍या कार्य, कितनी-कितनी राशि से कराये गये हैं? (ख) क्‍या उपरोक्‍त कार्यों का भुगतान मूल्‍यांकन के उपरांत किया गया है? यदि हाँ, तो पूर्ण कार्यों के प्रमाण-पत्र जारी करने की तिथि बतायें? (ग) एन.आर.एल.एम. योजना के अन्‍तर्गत विगत एक वर्ष में बालाघाट जिलें में क्‍या-क्‍या गतिविधि ली गई एवं इनमें से कितनी परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सम्मि‍लित हैं? व्‍यय राशि एवं हितग्राही लाभान्वित की संख्‍या बतावें? (घ) एन.आर.एल.एम. योजना अन्‍तर्गत व्‍यय का भुगतान किस आधार पर किया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) बालाघाट जिले में विगत 1 वर्ष में एन.आर.एल.एम. योजना अंतर्गत स्व-सहायता समूह गठन, ग्राम संगठन गठन एवं उसका क्षमतावर्धन गतिविधियां की गई हैं। उक्त समस्त गतिविधियां परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भी की गई हैं। परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में व्यय राशि 73.86 लाख है। लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या 256 है। (घ) एन.आर.एल.एम. योजना के अंतर्गत व्यय का भुगतान आर.बी.आई. परिपत्र दिनांक 01 जुलाई, 2017 एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक 6539/वित्तीय समावेषन/एन.आर.एल.एम./2017 भोपाल दिनांक 28.09.2017 के प्रावधानों के अनुसार किया गया है।

तहसील जीरन में नवीन महाविद्यालय की स्वीकृति

[उच्च शिक्षा]

6. ( *क्र. 2688 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत 4 वर्षों में नीमच जिले में नवीन महाविद्यालय खोले जाने के प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुए हैं? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्रवार बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) में प्राप्त प्रस्ताव में से किन-किन विधानसभा क्षेत्र में कहाँ-कहाँ पर नवीन महाविद्यालय खोले जाने की शासन स्वीकृति प्रदान की गयी और कितने स्वीकृति हेतु लंबित हैं? (ग) क्या प्रश्‍नांश (ख) में नीमच विधानसभा क्षेत्र की जीरन तहसील में नवीन महाविद्यालय खोले जाने के प्रस्ताव शासन स्वीकृति हेतु लंबित हैं? यदि हाँ, तो शासन स्वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। नीमच जिले के विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत तहसील जीरन में महाविद्यालय खोले जाने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा क्रमांक बी. 4286 के अनुसार जीरन में महाविद्यालय खोलने के निर्देश हैं, जिस पर यथोचित कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) अनुसार।

शामगढ़ जल आवर्धन योजना हेतु राशि की स्‍वीकृति

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( *क्र. 3731 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शामगढ़ जल आवर्धन योजना हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है एवं डी.पी.आर. की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें? (ख) उपरोक्त स्वीकृत जल आवर्धन योजना का कार्य डी.पी.आर. के अनुरूप पूर्ण किया गया है या नहीं? (ग) सम्‍पवेल पम्प, पुल की लम्बाई एवं विद्युत कनेक्शन कितनी दूरी से सम्‍पवेल पर लगाया गया है तथा कितने कि.मी. की पाईप लाईन डाली गई है? डी.पी.आर. में जितनी लम्बाई पुल की विद्युत कनेक्शन केबल की और पाईप लाईन की डी.पी.आर. में जो दर्शाई गई, उसमें और वर्तमान में जो लगाई गई है, दोनों में क्या अन्तर है? (घ) शामगढ़ नगर परिषद द्वारा जल आवर्धन योजना हेतु ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया गया है या भुगतान बा‍की है? यदि बाकी है, तो इसका कारण बतावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद शामगढ़ की जल आवर्धन योजना यू.आई.डी.एस.एस.एम.टी. योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा राशि रू. 2374.00 लाख की स्‍वीकृत हुई है। डी.पी.आर. की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) योजना के कार्य को लमसम निविदा के आधार पर करवाया गया है, जिसमें ठेकेदार को सर्वेक्षण एवं इन्‍वेस्टिगेशन कर स्‍वयं की डिजाईन बनाकर कार्य करने का प्रावधान था। तद्नुसार ठेकेदार द्वारा किये गये सर्वेक्षण के आधार पर वास्‍तविक कार्य करवाया गया है, जिसमें डी.पी.आर. से आंशिक परिवर्तन हुआ है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जल आवर्धन योजना में स्‍थल पर हुये वा‍स्‍तविक कार्य के मान से समानुपातिक कटौत्रा कर ठेकेदार को भुगतान किया जा चुका है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रधानमंत्री आवास हेतु राशि का आवंटन 

[नगरीय विकास एवं आवास]

8. ( *क्र. 3838 ) श्री शिवनारायण सिंह लल्‍लू भैया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उमरिया जिला अंतर्गत नगर परिषद चंदिया एवं नौरोजाबाद में प्रधानमंत्री आवास वर्ष 2017-18 व प्रश्‍न दिनांक तक कितने आवास स्‍वीकृत किए हैं? पृथ्‍ाक-पृथक स्‍पष्‍ट व पूर्ण जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) निकाय से स्‍वीकृत प्रधानमंत्री आवास की सूची तथा हितग्राहियों को जारी राशि व दिनांक की जानकारी देवें? (ग) क्‍या राज्‍य शासन ने प्रश्नांश (क) के निकाय में राशि स्‍वीकृत कर आदेश जारी किया है? यदि नहीं, तो कब तक इस महत्‍वाकांक्षी योजना में राशि आवंटित की जाएगी।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भारत सरकार द्वारा नगर परिषद, चंदिया में दिनांक 30.10.2017 को 424 आवास एवं दिनांक 27.12.2017 को 1388 आवास, इस प्रकार चंदिया में कुल 1812 आवास लागत राशि रू. 72.23 करोड़ स्‍वीकृत किये गये हैं। भारत सरकार द्वारा नगर परिषद, नौरोजाबाद में दिनांक 29.05.2017 को 893 आवास, लागत राशि रू. 38.49 करोड़ स्‍वीकृत कराये गये हैं। (ख) भारत सरकार द्वारा नगर परिषद, चंदिया हेतु आज दिनांक तक राशि आवंटित नहीं की गई है, जिससे निकाय को राशि अंतरित नहीं की गई है। हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। नगर परिषद, नौरोजाबाद की स्‍वीकृत परियोजना हेतु निकाय को राज्‍यांश की प्रथम किश्‍त की राशि रू. 40 हजार प्रति हितग्राही के मान से दिनांक 07.10.2017 को कुल राशि रू. 357.20 लाख आवंटित की गई है। हितग्रहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) नगर परिषद, चंदिया को भारत सरकार से राशि प्राप्‍त नहीं होने के कारण राज्‍य शासन द्वारा अभी तक निकाय को राशि जारी नहीं की गई है। भारत सरकार से राशि प्राप्‍त होने पर निकाय को राशि अंतरित की जाएगी। नगर परिषद, नौरोजाबाद को राज्‍य शासन द्वारा अब तक निकाय को प्रथम किश्‍त की राज्‍यांश राशि आवंटित की गई है, निकाय द्वारा राशि उपयोग किये जाने के उपरांत शेष राशि आवंटित की जाएगी।

बीना नगर की विकास कार्य योजना की स्‍वीकृति

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( *क्र. 3526 ) श्री महेश राय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बीना नगर की विकास कार्य योजना 2011-12 का प्रकाशन प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों नहीं किया गया? (ख) यदि योजना लंबित है तो किस स्‍तर पर कब तक निराकृत कर ली जावेगी? (ग) क्‍या योजना लंबित होने से बीना शहर के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं, दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की गयी है? (घ) प्रश्नांश (क) के अनुसार विकास कार्य योजना का प्रकाशन कब तक होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) बीना विकास योजना 2011 राज्‍य शासन की अधिसूचना दिनांक 01.02.2000 द्वारा अनुमोदित होकर प्रभावशील की जा चुकी है। (ख) से (घ) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के अनुसार।

मुख्‍यमंत्री सड़क योजना में छूटे हुए ग्रामों को मुख्‍य मार्ग से जोड़ा जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( *क्र. 2600 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2017-18 में प्रदेश में मुख्‍यमंत्री सड़क योजना में छूटे हुए ग्रामों को जोड़ने के लिए शासन द्वारा निर्णय किया गया? यदि हाँ, तो बड़वानी जिले में स्‍वीकृत कुल कि.मी. दूरी तथा अनुमानित व्‍यय की जानकारी देवें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के वर्णित मार्गों की निविदा आम‍ंत्रित होने के बाद कार्यादेश तत्‍काल जारी नहीं हुये हैं? (ग) ऐसे कौन-कौन से मार्ग इंदौर संभाग के हैं, जहाँ निविदा स्‍वीकृत होने तथा कार्यादेश जारी होने में एक माह से अधिक का समय लगा है? नाम सहित देवें। (घ) निविदा स्‍वीकृत होने तथा कार्यादेश जारी होने में विलंब को विभाग क्‍या अनियमितता मानता है? यदि हाँ, तो इस अनावश्‍यक विलंब के लिए उत्तरदायित्‍व निर्धारित कर क्‍या जाँच कराई जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। बड़वानी जिले में वर्ष 2017-18 में कोई सड़क स्वीकृत नहीं की गई। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) इंदौर संभाग में ऐसे कोई मार्ग नहीं हैं, जहां निविदा स्वीकृत होने तथा कार्यादेश जारी होने में एक माह से अधिक का समय लगा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का विनियमितीकरण 

[नगरीय विकास एवं आवास]

11. ( *क्र. 2364 ) श्री संजय उइके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को स्‍थायी कर्मी में विनियमित करने की योजनान्‍तर्गत जिला बालाघाट, सिवनी एवं मण्‍डला के किन-किन निकायों में किस वर्ष तक के दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को कब-कब विनियमित करने के आदेश पारित किये गये हैं? क्‍या विभाग/शासन द्वारा योजना अनुसार विनियमितीकरण आदेश पारित करने से निकायों को अतिरिक्‍त वित्तीय भार बढ़ेगा, जिसकी पूर्ति हेतु क्‍या चुंगी क्षतिपूर्ति/अनुदान की राशि बढ़ाई जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) वर्णित जिलों की सभी नगरीय निकायों का स्‍वयं के स्‍त्रोत एवं शासन के अनुदान से कुल वास्‍‍तविक आय एवं व्‍यय कितना-कितना है? स्‍थापना व्‍यय कितना-कितना है? निकायवार कौन-कौन से कितने-कितने पद कब स्‍वीकृत हुये? स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कितने-कितने कर्मचारी वर्तमान में पदस्‍थ हैं? 40 बिन्‍दु एवं 100 बिन्‍दु रोस्‍टर की प्रति सहित उपलब्‍ध करावें। (ग) दैनिक वेतन भोगी से स्‍थायी कर्मचारी विनियमितीकरण योजना अनुसार शासन/विभाग द्वारा बनायी गई चयन समिति के अनुमोदन की प्रति एवं नगरीय निकायों द्वारा पारित संकल्‍प की प्रति, दैनिक वेतन भोगी कर्मियों की भर्ती के समय आरक्षण रोस्‍टर की प्रति उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रश्नांश (क) वर्णित जिलों के सभी नगरीय निकायों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजातीय, पिछड़ा वर्ग एवं सामान्‍य वर्ग के कुल कितने-कितने दैनिक वेतन भोगी हैं एवं दिनांक 01 सितम्‍बर, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने-कितने दैनिक वेतन भोगी रखे गये हैं? निकायवार बतावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जबलपुर संभाग के जिले बालाघाट/सिवनी एवं मण्‍डला की निम्‍न निकायों में ऐसे दैनिक वेतन भोगी/श्रमिक जो 16 मई, 2007 को कार्यरत थे व दिनांक 01.09.2016 को भी कार्यरत हैं, को स्‍थाई कर्मी विनियमित किए जाने की अनुशंसा की गई है, जो निम्‍नानुसार है :-

क्र.

 

जिला

 

निकाय

 

अनुशंसा आदेश दिनांक

 

1

सिवनी

लखनादौन

16.01.2018

2

बालाघाट

मलाजखण्‍ड

19.01.2018

 

 

वारासिवनी

10.11.2017

3

मण्‍डला

नैनपुर

06.12.2017

 

 

बम्‍हनीबंजर

15.11.2017

 

नगर पालिका सिवनी, बालाघाट, कटंगी, लांजी, बैहर, मण्‍डला निकायों के स्‍थाई कर्मी की योजना की कार्यवाही प्रचलन में है। नगर परिषद बरघाट के प्रस्‍ताव संयुक्‍त संचालक जबलपुर संभागीय कार्यालय को अप्राप्‍त है एवं शेष नगर परिषद निवास एवं भुआ बिछिया में 16 मई, 2007 की स्थिति में दै‍निक वेतन भोगी श्रमिक कार्यरत नहीं थे। इस कारण इन निकायों में स्‍थाई कर्मी योजना का लाभ नहीं दिया गया है। जी नहीं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ',' '' एवं '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (घ) बालाघाट/सिवनी एवं मण्‍डला जिले की नगरीय निकायों में दैनिक वेतन भोगी/श्रमिक अनुसूचित जाति के 848, अनुसूचित जन जाति के 196, अन्‍य पिछड़ा वर्ग के 1030, सामान्‍य वर्ग के 184 पदस्‍थ हैं। दिनांक 01 सितम्‍बर, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक बालाघाट/सिवनी एवं मण्‍डला जिले की नगरीय निकायों में रखे गये दैनिक वेतन भोगी/श्रमिकों की संख्‍या कुल 191 है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

बुंदेलखण्‍ड पैकेज से दमोह जिले में कराये गये कार्य 

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

12. ( *क्र. 86 ) श्री लखन पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दमोह जिले को आज प्रश्‍न दिनांक तक बुंदेलखंड पैकेज से कोई राशि दी गई है? यदि हाँ, तो विकास खण्‍ड वार कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्राप्‍त राशि से दमोह जिले में कौन-कौन से कार्य किस-किस विभाग द्वारा कराये गये? अलग-अलग विभागवार, विकासखण्‍डवार कार्य विवरण स्‍वीकृत राशि सहित सूची उपलब्‍ध करावें (ग) क्‍या अधिकारियों की मिलीभगत से दमोह जिले में आई बुंदेलखण्‍ड पैकेज की राशि का दुरूपयोग हुआ है? यदि नहीं, तो बुंदेलखण्‍ड पैकेज से कराये गये कार्यों की आज क्‍या स्थिति है? विभागवार अलग-अलग जाँच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत कर संबंधित कार्य का स्‍थल निरीक्षण रिपोर्ट बनाकर जानकारी प्रदान करें? (घ) बुंदेलखण्‍ड पैकेज से दमोह जिले में कराये गये प्रत्‍येक विभागवार अलग-अलग कराये गये कार्यों की क्‍या उपयोगिता है एवं आम लोगों को इसका क्‍या लाभ मिला वस्‍तुस्थिति से अवगत करावें? क्‍या कराये गये निर्माण कार्यों का आज की स्थिति में कोई नामोनिशान ही नहीं बचा? यदि ऐसा है तो इसके लिए जबावदार अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही

[वन]

13. ( *क्र. 3397 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दक्षिण वनमण्डल बैतूल के वन अपराध प्रकरण क्रमांक 453/65, दिनांक 02 जून, 2014 के संबंध में प्रश्‍नकर्ता ने पत्र क्रमांक 8101, दिनांक 10 अक्टूबर, 2017 प्रेषित कर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सतपुड़ा भवन भोपाल से चाहे गए दस प्रश्‍नों में से किसी भी प्रश्‍न का कोई उत्तर प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी प्रश्‍नकर्ता को नहीं दिया गया? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता ने अपने पत्र में कौन-कौन से प्रश्‍न का उत्तर दिए जाने का अनुरोध किया? दस प्रश्‍नों में से किस प्रश्‍न का उत्तर प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने प्रश्‍नकर्ता को किन-किन कारणों से दिया जाना उचित नहीं समझा? (ग) प्रकरण क्रमांक 453/65 में 02 जून, 2014 को म.प्र. वनोपज व्यापार विनियमन 1969 की धारा 2घ एवं 5 लगाकर क्या कार्यवाही की गई? इस धारा को निरस्त किए जाने के संबंध में 02 मार्च, 2016 को किसे पत्र लिखा गया? यह धारा 2घ एवं 5 लगाने और उसे निरस्त किए जाने का पत्र लिखने का क्या कारण रहा है? (घ) प्रश्नकर्ता के दस प्रश्‍नों में से किस प्रश्‍न का उत्तर प्रधान मुख्य वन संरक्षक कब तक प्रश्‍नकर्ता को उपलब्ध करवा देगें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। कार्यालयीन पत्र क्रमांक 3941, दिनांक 23.10.2017 के माध्यम से प्रश्नकर्ता माननीय विधायक श्री निशंक कुमार जैन को अवगत कराया गया है कि ''वर्तमान में उक्त प्रकरण में अपील माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में विचाराधीन है।'' अतः प्रश्नवार विस्तृत उत्तर नहीं दिया गया। (ख) प्रश्नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 8101, दिनांक 10 अक्टूबर, 2017 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। पत्र में उल्लेखित वन अपराध प्रकरण क्रमांक 453/65, दिनांक 02 जून, 2014 पर माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मुलताई, जिला बैतूल द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.09.2016 के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में अपील विचाराधीन है। अतः विषय Subjudice होने के कारण प्रश्नकर्ता को प्रश्नवार उत्तर नहीं दिया गया। (ग) प्राथमिक वन अपराध प्रकरण क्रमांक 453/65, दिनांक 02 जून, 2014 में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (च), 33-1 (ए), 66 (क), 69 के साथ-साथ मध्यप्रदेश वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 2 (घ) एवं 5 जैव विविधता अधिनियम 2002 की धारा 3, 7 सहपठित धारा 55 भी अधिरोपित की जाकर अवैध संग्रहित 892.05 कि.ग्रा. धावड़ा गोंद को जप्त किया गया। शासन द्वारा धावड़ा गोंद को विनिर्दिष्ट वनोपज की सूची से हटा दिये जाने के कारण वन अपराध प्रकरण में अधिरोपित धारा 2 (घ) एवं 5 त्रुटिपूर्ण होने के कारण वन परिक्षेत्राधिकारी, मुलताई ने अपने पत्र क्रमांक 375, दिनांक 02.03.2016 द्वारा माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी मुलताई को प्रकरण में अधिरोपित मध्यप्रदेश वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 2 (घ) एवं 5 को हटाने का अनुरोध किया गया। (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

काजवे-कम-स्टापडेम का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( *क्र. 2389 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्त्ता ने अपने पत्र दिनांक 03.8.2016 द्वारा मा. विभागीय मंत्री जी एवं दिनांक 23.11.2015 द्वारा कलेक्टर कटनी को विधान सभा क्षेत्र बड़वारा की किन नदियों में काजवे-कम-स्टापडेम बनवाने हेतु लेख किया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) से सुदूरवर्ती आदिवासी अंचल के ग्रामीणों को तहसील, विकासखण्‍ड, थाना मुख्यालय, विद्यालय व बाजार आदि आने-जाने में दूरी बचेगी? (ग) कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कटनी द्वारा प्रश्नांश (क) के लिए कितनी राशि के प्राक्कलन बनाये गये हैं तथा कब तक प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। उपलब्‍ध आवंटन पूर्व से स्‍वीकृत कार्यों हेतु आबद्ध होने से प्रशासकीय स्‍वीकृति की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को वेतन का नियमित भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

15. ( *क्र. 2282 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विगत 4-5 माह से राजधानी परियोजना प्रशासन, भोपाल में पदस्‍थ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का वेतन भुगतान प्रतिमाह नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ, तो कुल कितने माह का वेतन रूका है? (ख) क्‍या राजधानी परियोजना प्रशासन, भोपाल में विगत 4-5 माह पूर्व जिन दैनिक वेतन भोगियों का नियमितीकरण किया गया है, उन्‍हें बजट न होने का हवाला देकर नियमितीकरण की दिनांक से इनका वेतन रोका गया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में इन अल्‍प वेतन वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों तथा नियमित कर्मचारियों के वेतन भुगतान न किये जाने के लिए संबंधित अधिकारी की जिम्‍मेदारी तय कर क्‍या कार्यवाही की जायेगी तथा कब तक वेतन भुगतान कर दिया जायेगा? क्‍या भविष्‍य में वेतन प्रतिमाह मिले इस हेतु सार्थक प्रयास किया जाकर प्रतिमाह वेतन दिया जाना सुनिश्चित किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं वर्तमान में राजधानी परियोजना प्रशासन में कोई भी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत नहीं है, अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 07 अक्टूबर, 2016 द्वारा समस्त दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को ''स्थायी कर्मी'' घोषित किया गया है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी पदस्थ नहीं है तथा नियमित कर्मचारियों का वेतन भुगतान लम्बित न होने से शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

''एकात्‍म यात्रा'' के आयोजन पर व्‍यय

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

16. ( *क्र. 15 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में माह दिसम्‍बर 2017 एवं जनवरी 2018 में ''एकात्‍म यात्रा'' के प्रारंभ दिनांक से समापन दिनांक तक राज्‍य के खजाने से कुल कितनी राशि किन-किन कार्यों पर व्‍यय की गई? इस एकात्‍म यात्रा से प्रदेश की आम जनता को क्‍या लाभ हुआ है? (ख) ''एकात्‍म यात्रा'' के समापन समारोह में शामिल होने के लिए ओंकारेश्‍वर में आमजनों को लाने-ले जाने के लिए किस-किस जिले से कितनी-कितनी निजी बसों का अधिग्रहण किया गया था तथा इन बसों का किराया, भुगतान किये जाने के क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किये गये थे? क्‍या मापदण्‍डों के अनुसार बस ऑपरेटरों को बसों के किराये का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो बस संचालकों के नाम एवं बस क्रमांक सहित भुगतान की गई राशि का ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या इस यात्रा की नोड्ल एजेंसी ''जन अभियान परिषद'' को बनाया गया था? यदि हाँ, तो जन अभियान परिषद को किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि कब-कब दी गई? उक्‍त राशि में से कितनी राशि किस-किस कार्य पर परिषद द्वारा व्‍यय की गई तथा कितनी-कितनी राशि शेष है? (घ) क्‍या भारतीय संविधान में ''एकात्‍म यात्रा'' जैसे धार्मिक कार्यक्रमों को शासकीय व्‍यय पर आयोजित किए जाने के प्रावधान हैं? (ड.) यदि हाँ, तो क्‍या प्रावधान हैं? यदि नहीं, तो विधि विरूद्ध किए गए उक्‍त आयोजन हेतु शासकीय धन के दुरूपयोग की क्‍या उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) मध्‍यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा ''एकात्म यात्रा'' में व्यय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। शेष जानकारी संकलित की जा रही है (ख) जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍नांश के उत्‍तर का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) से (ड.) जानकारी संकलित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''दो''

प्रश्नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( *क्र. 3323 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को अपने पत्र क्रमांक 03, 05, 06, 09, 14, दिनांक 07.01.2018, पत्र क्रमांक 20, 21, 23, 36, दिनांक 10.01.2018, पत्र क्रमांक 43, 44, 46 दिनांक 11.01.2018 एवं पत्र क्रमांक 60, दिनांक 25.01.2018 द्वारा विभाग से जानकारी चाही गई है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो उक्त पत्रों पर अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? विवरण सहित बिन्दुवार जानकारी देवें (ग) क्या पत्र क्रमांक 14 द्वारा जबलपुर के भू-माफिया बिल्डर मुस्कान ग्रुप, समदरिया ग्रुप द्वारा किये गए अवैध निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश जारी किये गए हैं? अवैध निर्माण कार्यों को तोड़ने एवं दोषी अधिकारियों को दण्डित करने हेतु लिखा गया था? इसी प्रकार पत्र क्रमांक 05 द्वारा नगर निगम भोपाल अंतर्गत कोहेफिजा भोपाल-इन्दौर मेन रोड पर भोपाल विकास प्राधिकरण एवं हाऊसिंग बोर्ड द्वारा आवंटित भू-खण्डों में किये गए अवैध निर्माण कार्यों को जनहित में तोड़ने के आदेश जारी करने हेतु लेख किया गया था? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि हाँ, तो इन पत्रों पर विभाग द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण देते हुए प्रश्नांश (क) में वर्णित अन्य पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मादा बाघिन की हत्‍या के आरोपियों पर कार्यवाही

[वन]

18. ( *क्र. 3289 ) श्री रजनीश सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत दामीझोला बीट पर बंदर झिरिया नामक स्‍थान पर 13 जनवरी को शिकार की गई मादा बाघिन का शव मिला था? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या पी.एम. रिपोर्ट अनुसार बाघिन का शिकार सात दिन पूर्व होने की पुष्टि की गई थी? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा विलंब से कार्यवाही क्‍यों की गई? (ग) बाघिन के शिकार में कितने लोगों के ऊपर आरोप सिद्ध कर, क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या दोषियों के पास से बाघिन के अंग बरामद किये गये हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से अंग बरामद हुए? (घ) क्‍या विभागीय कर्मचारियों द्वारा उक्‍त सम्‍पूर्ण घटना क्रम में लापरवाही (पंचनामा आदि कार्यों) बरती गई है? यदि हाँ, तो कौन कौन से अधिकारी/कर्मचारी इसके दोषी हैं एवं उन पर क्‍या क्‍या कार्यवाही की गई?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। पशु चिकित्‍सक द्वारा प्रस्‍तुत पी.एम. रिपोर्ट अनुसार बाघिन की मृत्‍यु लगभग सात दिन पूर्व होना अनुमानित किया गया था। दिनांक 13.01.2018 को दोपहर 12:05 बजे घटना की जानकारी मिलते ही तत्‍काल परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी केवलारी द्वारा वरिष्‍ठ अधिकारियों को सूचित करते हुये समस्‍त वैधानिक कार्यवाही कर शिकार की पुष्टि होने पर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 230/41 पंजीबद्ध कर आवश्‍यक कार्यवाही प्रारंभ की गई। अत: विभाग द्वारा विलम्‍ब से कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) बाघिन के शिकार में कुल 05 लोगों को गिरफ्तार कर एवं हिरासत में लेकर न्‍यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। आरोप सिद्ध करने एवं वाद-पत्र पेश करने की कार्यवाही प्रचलित है। अभियुक्‍तों के पास से जप्‍त बाघिन के अंगो को डी.एन.ए. टेस्‍ट के लिये कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केन्‍द्र (सी.सी.एम.बी.), हैदराबाद तथा विष परीक्षण के लिय राज्‍य न्‍यायिक विज्ञान प्रयोगशाला, सागर भेजा गया है। अभियुक्‍तों के पास से बाघिन के 02 पंजे नाखून रहित, 02 पंजे नाखून सहित, 10 नाखून तथा 19 मूंछ के बाल बरामद कर जप्‍त किये गये हैं। (घ) सम्‍पूर्ण घटनाक्रम में उत्‍तरदायी कर्मचारी श्री सैयद जुनैद हुसैन, परिक्षेत्र सहायक, सरेखा/उगली को आदेश क्रमांक 226, दिनांक 15.01.2018 एवं श्रीमती चंद्रवती परते वनरक्षक, बीट गार्ड, दामीझोला को आदेश क्रमांक 227, दिनांक 15.01.2018 द्वारा तत्‍काल प्रभाव से निलंबित किया गया है तथा श्री अरूण गोस्‍वामी, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, केवलारी से स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया है।

निर्माण कार्यों में अनियमितता की जाँच/कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( *क्र. 3579 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा नगरीय विकास आयुक्‍त को पत्र क्रमांक 5059/MLA/2018, दिनांक 05.01.2018 को लिखकर बोडा नगर पंचायत द्वारा निर्माण कार्यों में की जा रही अनियमितता संबंधी शिकायत की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त शिकायत पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? शिकायत में दो‍षी व्‍यक्तियों पर कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) शिकायत की जाँच हेतु निकाय से संबंधित अभिलेख प्राप्‍त किये जा रहे हैं। अभिलेख प्राप्‍त होने पर जाँच की जाकर दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

प्रभारी प्राचार्य द्वारा वित्‍तीय अनियमितताएँ 

[उच्च शिक्षा]

20. ( *क्र. 3870 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्री आ.आर. सोनवाने, सहायक प्राध्‍यापक, भूगोल, शासकीय महाविद्यालय लांजी, जिला बालाघाट द्वारा अतिथि विद्वानों से राशि वसूलने तथा वित्‍तीय अनियमितताओं के कारण विभागीय आदेश दिनांक 28.12.2007 द्वारा निलंबित किया गया था? श्री सोनवाने के लांजी के स्‍थायी निवासी होने के बावजूद म.प्र. शासन, उच्‍च शिक्षा विभाग, मंत्रालय के आदेश क्रमांक एफ-17-28/2008/2/38, दिनांक 31.07.2008 को उन्‍हें बिना स्‍थानांतरित किये बहाल कर दिया गया? (ख) क्‍या मंत्रालय के उक्‍त आदेश में श्री सोनवाने की विभागीय जाँच यथावत रहने तथा समस्‍त भुगतान विभागीय जाँच के निर्णय उपरांत किए जाने का लेख किया गया था? क्‍या भुगतान निकाल लिया गया है? (ग) क्‍या विभागीय जाँच पूर्ण कर ली गयी है? यदि नहीं, तो इसके लिये दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जाएगी? विभागीय जाँच के समस्‍त दस्‍तावेज उपलब्‍ध कराएं। (घ) श्री सोनवाने द्वारा अपने पिता के अंतिम संस्‍कार के दिन दिनांक 19.12.2014 को परीक्षा ड्यूटी का पैसा निकालने, अपनी तीसरी संतान का जिक्र सेवा पुस्तिका में न करने, सन् 2008 में टी.डी.एस. के कार्य में अनियमित भुगतान करने तथा विज्ञान संकाय के लैब की सामग्री की चार लाख रूपये की खरीदी बिना निविदा के नियम विरूद्ध खरीदने तथा कम्‍प्‍यूटर, प्रिंटर, स्‍मार्ट बोर्ड आदि की खरीदी बिना निविदा के करने संबंधी शिकायतों की जाँच करवाते हुए क्‍या उन्‍हें अन्‍यत्र स्‍थानांतरित किया जाएगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) उच्च शिक्षा विभाग के आदेश दिनांक 09.3.2010 के द्वारा विभागीय जाँच पूर्ण होने के उपरांत श्री आर.आर. सोनवाने सहायक प्राध्यापक, भूगोल, शासकीय महाविद्यालय लांजी को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10 (3) के अनुसार ली गई अधिक राशि रूपये 8725 केवल वसूली की जाकर मूलभूत नियम 54 (बी) के अन्तर्गत निलंबन अवधि को कर्तव्य अवधि मानते हुये प्रकरण समाप्त किया गया। आदेशों की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) श्री सोनवाने के पिताजी का देहान्त 15.05.2010 को हुआ तथा दिनांक 19.12.2014 को शासकीय महाविद्यालय लांजी में कोई परीक्षा सम्पन्न नहीं हुई। पैसा निकालने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। शेष प्रश्‍नांश पर जाँच कराई जा रही है, जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत गुण दोषों के आधार पर कार्यवाही जावेगी।

छिन्‍दवाड़ा जिले में तेन्‍दुआ व बाघ के हमले की घटित घटनाएं

[वन]

21. ( *क्र. 2740 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले में पिछले 3 वर्षों में तेन्‍दुआ व बाघ (शेर) के हमले से कितने व्‍यक्तियों व जानवारों की मृत्‍यु हो चुकी है और कितने व्‍यक्तियों व जानवरों को घायल किया जा चुका है? छिन्‍दवाड़ा जिले के प्रत्‍येक विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) छिन्‍दवाड़ा जिले में तेन्‍दुआ व बाघ (शेर) के द्वारा निरंतर व्‍यक्तियों व जानवरों के ऊपर हमला किया जा रहा है? जिससे जिले के अनेकों व्‍यक्तियों व जानवरों की जाने जा चुकी हैं, परन्‍तु फिर भी वन विभाग के संबंधित वन परिक्षेत्र के अधिकारियों के द्वारा कोई सकारात्‍मक कार्यवाही नहीं की जा रही है? जिसके कारण तेन्‍दुआ व बाघ (शेर) के द्वारा निरंतर व्‍यक्तियों व जानवरों के ऊपर हमले की घटनायें बढ़ती जा रही हैं? यदि संबंधित वन परिक्षेत्र के अधिकारी इसे रोक नहीं पा रहे हैं तो क्‍या विभाग के द्वारा उच्‍च स्‍तरीय विशेषज्ञों की टीम को बुलाकर तेन्‍दुआ व बाघ (शेर) को पकड़कर घटनाओं को रोकने का हर संभव प्रयास किया जायेगा? (ग) छिन्‍दवाड़ा जिले में तेन्‍दुआ व बाघ (शेर) के द्वारा जिन व्‍यक्तियों व जानवरों की जानें गई हैं? क्‍या विभाग द्वारा पीड़ि‍त परिवार के आश्रित सदस्‍यों को शासन द्वारा अधिक से अधिक आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। छिंदवाड़ा जिले में तेन्दुआ व बाघ द्वारा कुछ व्यक्तियों एवं पालतू पशुओं के ऊपर हमला किया गया है, जिससे उनकी मृत्यु हुयी है। यह सही नहीं है कि वन विभाग के संबंधित परिक्षेत्र अधिकारियों के द्वारा कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गयी है। इसके लिये वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा तेंदुए की लोकेशन (स्थिति) पता करने के लिये लगातार सर्चिंग की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुये उप वन मंडलाधिकारी/परिक्षेत्राधिकारी/उप वनक्षेत्रपाल/वनपाल/वनरक्षक, सुरक्षा श्रमिकों एवं ग्रामीणों के गश्ती दल बनाकर प्रत्येक दल को 4-5 ग्रामों की जवाबदारी सौंपते हुये क्षेत्र में वन्यप्राणियों की लगातार सर्चिंग की जा रही है। इसके अतिरिक्त 25 कि.मी. के दायरे में आने वाले ग्रामों एवं साप्ताहिक बाजारों में ग्रामीणों को सचेत रहने के लिये लगातार मुनादी की जा रही है वन सीमा से लगे स्कूलों को भी अलर्ट किया गया है। शासकीय उचित मूल्य की दुकान एवं भीड़-भाड़ वाले कस्बों में तथा घर-घर जाकर ग्रामीणों को समझाईश एवं लाउड स्पीकर के द्वारा ग्रामीणों को सतर्कता बरतने बाबत् अपील की गई है। इसके अतिरिक्त घटना स्थल एवं संभावित वनक्षेत्रों में कैमरा ट्रैप एवं ट्रैप पिंजरे लगाये गये हैं, ताकि संबंधित वन्यप्राणी को पकड़ा जा सके। पेंच एवं सतपुड़ा टाईगर रिजर्व के उच्च स्तरीय रेस्क्यू एक्सपर्ट टीम को भी बुलाकर संबंधित तेन्दुआ व बाघ को पकड़कर घटनाओं को रोकने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। (ग) छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत तेंदुए व बाघ के हमले से जिन व्यक्तियों व पालतू जानवरों की मृत्यु हुयी है, पीड़ित परिवार के आश्रितों को विभाग द्वारा शासन के प्रावधानों एवं निर्धारित समय-सीमा में आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस संबंध में शासन के आदेश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

दिव्‍यांगों के श्रेणीवार रिक्‍त पदों की पूर्ति

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

22. ( *क्र. 1094 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश की शासकीय सेवाओं के लिए दिव्‍यांगों की भर्ती हेतु आरक्षण निर्धारित है? यदि हाँ, तो कितने-कितने प्रतिशत? दिव्‍यांगों की श्रेणीवार बतावें (ख) क्‍या शासन के समस्‍त विभागों में दिव्‍यांगों के विभिन्‍न श्रेणियों में लम्‍बे समय से पद रिक्‍त हैं? उन रिक्‍त पदों को अभी तक भरे न जाने के क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या वर्ष 2017 में मंत्रालय वल्‍लभ भवन में दिव्‍यांगों के लिए आरक्षित चतुर्थ श्रेणी के रिक्‍त पदों की भर्ती हेतु साक्षात्‍कार लिये गये थे? यदि हाँ, तो कुल कितने पदों के लिए साक्षात्‍कार लिये गये, उनमें से कितने पदों के लिए नियुक्ति आदेश कब-कब जारी किये गये? यदि आदेश जारी नहीं किये गये तो क्‍यों? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा दिव्‍यांगों शासकीय सेवकों को पदोन्‍नति में आरक्षण देने के आदेश दिये गये थे? यदि हाँ, तो कब एवं माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेश के पालन में शासन द्वारा कब और क्‍या आदेश जारी किये गये? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) माह दिसम्‍बर 2017-जनवरी 2018 में प्रदेश के दिव्‍यांगों (दृष्टिहीनों) द्वारा राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में किन-किन मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था? इन मांगों में से कौन-कौन सी मांगे शासन द्वारा मान्‍य करते हुए शासनादेश कब जारी किये? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। अस्थिबाधितदृष्टिबाधित एवं श्रवणबाधित दिव्यांगों को 2-2 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) निःशक्तजनों की पदोन्नति में आरक्षण का मामला सर्वोच्च न्यायालय की लार्जर बैंच में विचाराधीन है। (ड.) 23 मांगों के लिए दिव्यांगों द्वारा नीलम पार्क में धरना प्रदर्शन किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर (उज्‍जैन) का संचालन

[नगरीय विकास एवं आवास]

23. ( *क्र. 3569 ) श्री सतीश मालवीय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्जैन शहर में संचालित गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर कितने वर्ग फीट के भूखण्ड पर निर्मित है एवं जो नक्शा स्वीकृत किया गया है, कितने मंजिल एवं कितने वर्गफीट का किया गया है व कब स्वीकृत किया गया है? (ख) क्या उक्त संचालित गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर नगर निगम से स्वीकृत नक्शे के मापदण्ड अनुसार निर्मित हुआ है? यदि नहीं, तो अनुमति के विपरीत कितना निर्माण किया गया है एवं नगर निगम द्वारा इस संबंध में क्या-क्या कार्यवाही कब-कब की गई है? (ग) गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर की पार्किंग व्यवस्था क्या है? क्या हॉस्पिटल द्वारा रोड पर रास्ता रोककर पार्किंग की जा रही है? क्या इस संबंध में नगर निगम द्वारा गुरूनानक हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेन्टर के ऊपर कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो कौन-सी कार्यवाही कब की गई है? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन दोषी है? शासन इन पर क्या कार्यवाही करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : () जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। () जी नहीं। अनुमति के विप‍रीत निर्माण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। नगर निगम द्वारा इस संबंध में भवन स्‍वामियों को नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 307 के अंतर्गत सूचना पत्र क्रमांक 124 दिनांक 27.02.2018 एवं 126 दिनांक 27.02.2018 जारी किये गये हैं। (ग) गुरूनानक हॉस्पिटल एण्‍ड रिसर्च सेन्‍टर की पार्किंग व्‍यवस्‍था भवन क्रमांक 18, क्षपणक मार्ग पर स्‍वीकृत बेसमेंट में डाक्‍टर चेंबर निर्मित है एवं भवन क्रमांक 10, कालिदास मार्ग गली क्रमांक 15 में निर्मित बेसमेंट में पार्किंग है। जी नहीं। रास्‍ता रोककर हॉस्पिटल की पार्किंग नहीं की जा रही है, इसलिए कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। इसके लिए कोई दोषी नहीं है। उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

अनुपयोगी राशि की वसूली

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

24. ( *क्र. 3806 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य शासन द्वारा पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के अधिकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से बदलकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रत्यायोजित कर दिये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या बैतूल जिले के वि.ख. प्रभात पट्टन में स्वीकृत चिचण्डा, सिरसावाड़ी एवं खम्बारा परकोलेशन तालाब को अनुपयोगी राशि रुपये 13,76,778/- की वसूली के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल द्वारा एस.डी.एम. मुलताई को जारी किये गये थे? (ग) क्या प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार कार्यपालन यंत्री ग्रा.या. सेवा संभाग मुलताई द्वारा चिचण्डा, सिरसावाड़ी एवं खम्बारा परकोलेशन तालाब निर्माण में माप पुस्तिका अनुसार किया गया व्यय अनुपयोगी पाया गया? यदि हाँ, तो क्या एस.डी.ओ., सब इं‍जीनियर द्वारा शासकीय राशि का गबन किया गया है? (घ) क्या बिन्दु (ख) एवं (ग) के अनुसार ग्रा.या. सेवा प्रभात पट्टन के उक्त निर्माण में लिप्त एस.डी.ओ. एवं उपयंत्रियों से जिला पंचायत बैतूल द्वारा वसूली कर ली गई है? यदि हाँ, तो वसूल की गयी राशि का विस्तृत ब्यौरा दें। यदि नहीं, तो ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों एवं उच्चाधिकारियों पर शासन कब तक और क्या कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। जी नहीं। (घ) जी नहीं। कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग मुलताई के जाँच प्रतिवेदन अनुसार निर्माण कार्यों में व्यय अनुपयोगी राशि की वसूली हेतु वर्तमान में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत विहित प्राधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बैतूल के यहां प्रकरण प्रचलित है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

कॉलोनियों का ''रेरा'' में पंजीकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

25. ( *क्र. 3988 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र तथा नागदा जं. में कितनी कॉलोनियां ''रेरा'' में पंजीकृत हुई हैं? स्‍थान, रकबा, कॉलो‍नाईजर नाम सहित जानकारी देवें। (ख) गरीब वर्ग के लिय आरक्षित प्‍लाटों की उपरोक्‍तानुसार कितनी कॉलोनियों में विगत 3 वर्ष में कितने प्‍लाट किन-किन को विक्रय किये गये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) वर्णित प्‍लाटों का विक्रय यदि नहीं, किया गया है तो कारण बतावें। नागदा जंक्‍शन स्थित कॉलोनियों में कितना स्‍थान किन-किन कॉलोनियों में गरीब वर्ग के लिए आरक्षित है? कॉलोनी का नाम, स्‍थान, सहित जानकारी देवें। (घ) क्‍या कारण है कि गरीब वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ करते हुए इनका विक्रय नहीं किया जा रहा है, इसके जिम्‍मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) महिदपुर विधान सभा क्षेत्र में कोई भी परियोजना ''रेरा'' में वर्तमान तक पंजीकृत नहीं हुई है, नागदा जंक्‍शन की 02 परियोजना ''रेरा'' में पंजीकृत हुई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र ‍'' अनुसार है। (ख) विगत 3 वर्षों में महिदपुर विधानसभा क्षेत्र तथा नागदा जं. में गरीब वर्ग के लिये आरक्षित प्‍लाटों का विक्रय नहीं किया गया है। (ग) म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण, निर्बंधन तथा शर्तें) नियम 1998 के नियम 10 के विहित प्रावधानों के अनुसरण में संबंधित कॉलोनाईजर्स से पात्र व्‍यक्तियों की सूचियां सक्षम प्राधिकारी कलेक्‍टर जिला-उज्‍जैन को प्रस्‍तुत न होने के कारण प्‍लाटों का विक्रय नहीं किया गया। नागदा जं. स्थित कॉलोनियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में कोई प्रकरण लंबित नहीं होने के कारण प्रश्‍नांश के संदर्भ में कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


महाविद्यालय जनभागीदारी समिति

[उच्च शिक्षा]

1. ( क्र. 16 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के शासकीय महाविद्यालय के संचालन हेतु महाविद्यालयवार जनभागीदारी समिति का पंजीयन कराये जाने हेतु कब-कब शासनादेश जारी किये गये थे? (ख) शासन के नियमों के अनुसार जनभागीदारी समितियों का अध्‍यक्ष नियुक्‍त किये जाने हेतु नियम/प्रावधान पूर्व में एवं वर्तमान में क्‍या-क्‍या हैं? (ग) क्‍या जनभागीदारी समिति का जो अध्‍यक्ष नियुक्‍त होगा उन्‍हें नियमानुसार कॉलेज को सदस्‍यता शुल्‍क की निर्धारित राशि जमा कराया जाना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो भोपाल जिले  के किन-किन शासकीय महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्‍यक्षों द्वारा किन करणों से उक्‍त निर्धारित राशि जमा नहीं करायी गई है? निर्धारित राशि समय-सीमा में नियुक्‍त अध्‍यक्ष के द्वारा जमा न कराने पर क्‍या उनकों अध्‍यक्ष पद से पृथक किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में जनभागीदारी समिति के अध्‍यक्षों को वेतन भत्‍ते के अलावा अन्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराये जाने के क्‍या प्रावधान हैं?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी का प्रारंभ एवं विकास शीर्षक से मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक-471 दिनांक 30 सितम्बर, 1996 के द्वारा जनभागीदारी समितियों के निर्देश जारी किये गये है। इसी संबंध में शासन द्वारा अन्य आदेश क्रमांक एफ 24-2/38-2/2000 दिनांक 21.01.2000 के द्वारा योजना की समीक्षा करते हुये पुनः पंजीयन हेतु शासनादेश जारी किये गये। (ख) जनभागीदारी समितियों का अध्यक्ष नियुक्त किये जाने संबंधी प्रावधान पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' की कंडिका '''' एवं तदोपरान्त पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। जनभागीदारी समितियों के अध्यक्षों को वेतन भत्ते या अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने का कोई प्रावधान नहीं है।

हथनी जंगल के संरक्षित क्षेत्र घोषि‍त करना

[वन]

2. ( क्र. 89 ) श्री लखन पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि दमोह जिले से लगा हुआ हथनी का जंगल है जो कि जैव विविधता एवं पर्यटन की दृष्टि से बहुत महत्‍वपूर्ण है तथा यह जंगल शहर से लगा होने के कारण अवैध कटाई की दृष्टि से अति संवेदनशील है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या म.प्र. शासन वन विभाग द्वारा इस महत्‍वपूर्ण क्षेत्र को संरक्षित करने हेतु कोई योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो क्‍या योजना बनाई गई है विवरण देवें। (ग) क्‍या उक्‍त क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग द्वारा ईको पर्यटन क्षेत्र घोषित करने की कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई है एवं वन विभाग की इस क्षेत्र को संरक्षित करने की क्‍या योजना है? कब तक योजना लागू होगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। दमोह वनमंडल के अंतर्गत दमोह परिक्षेत्र में हथनी बीट के वनक्षेत्र क्रमांक आर.एफ. 109 में चारों ओर एंगिल आयरन पोस्‍ट को फिक्‍स करते हुये बारवेड वायर चैनलिंक फेंसिंग से घेराव कर सुरक्षित करने की योजना बनाई गई है, जिसका विवरण निम्‍नानुसार है:-

स्‍थल का नाम

कक्ष क्रमांक

कार्य का रकबा

राशि (लाख रू. में)

कार्य का विवरण

बीट हथनी

आर.एफ. 109

290 हे.

100.86

बीट हथनी के वन कक्ष क्रमांक आर.एफ. 109 में रकबा 290 हेक्‍टेयर वनक्षेत्र में 8800 मीटर चैनलिंक फेंसिंग से घेराव कर सुरक्षित किया जाना।

(ग) जी नहीं। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। इस क्षेत्र को सुरक्षित करने बाबत् योजना का उल्‍लेख प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर में किया गया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

मनरेगा से बनाए गये स्‍टॉप डेमों

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

3. ( क्र. 90 ) श्री लखन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में विधानसभा क्षेत्र पथरिया में मनरेगा से कितने स्‍टॉप डेम स्‍वीकृत कराये गये? ग्राम पंचायतवार बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में स्‍वीकृत स्‍टॉप डेम की टी.एस. एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति देने का अधिकार किसे है एवं किसके द्वारा दी गई? क्‍या यह नियमानुसार सही है? यदि नहीं, तो संबंधित अधिकारियों पर क्‍या कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्‍या 15-15 लाख रूपये के स्‍टॉप डेम की प्रशासकीय स्‍वीकृति सरपंच द्वारा की गई व राशि सीधे मनरेगा से प्रभारी अधिकारी द्वारा दी गई क्‍या यह नियमानुसार सही है? यदि नहीं, तो क्‍या नियम विरूद्ध किये गये कार्य के लिए जवाबदार अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में बनाये गये स्‍टॉप डेमों की आज अद्यतन स्थिति क्‍या है? स्‍थल निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जानकारी उपलब्‍ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 07 स्टॉप डेम स्वीकृत। जानकारी  संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा 9 दिसम्बर 2016 के प्रदत्त तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति के अधिकारों की प्रति  संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। उत्तरांश कार्यों की स्वीकृतियां सक्षम स्तर से जारी की गयी है, अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) जी हाँ। 15-15 लाख की (प्रशासकीय) स्वीकृति सरपंच द्वारा दी गई है। जी नहीं, महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत प्रभारी अधिकारी/जिला पंचायत/जनपद पंचायत से किसी भी प्रकार की राशि जारी करने के प्रावधान नहीं है। (घ) वांछित जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है।

परिशिष्ट - ''पाँ''

स्वरोजगार हेतु भूमि आवंटन

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

4. ( क्र. 132 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले की बड़वाहा तहसील में उद्योग विभाग की कितनी भूमि है? भूमि के नक्शे की प्रति दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार इस भूमि पर कितने लोगों को भूमि किस साइज़ की कब, किस प्रयोजन के लिए किन शर्तों पर दी गई हैं? इस आवंटित भूमि में कितने उद्योग कब से संचालित है? कितनी भूमि पर अतिक्रमण कब से किस स्वरूप में है? कितनी इकाइयां आवंटित दिनांक से चालू रही एवं कब से बंद हैं? बंद रहने के क्या कारण हैं? बंद इकाइयों द्वारा एवं शर्तों का पालन न करने पर आवंटित भूमि निरस्त की गई है? भूमि आवंटन निरस्त करने के विरुद्ध कितने इकाइयों द्वारा अपील की गई? समस्त की सूची देवें। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा उक्‍त संबंध में विभाग को लिखे पत्र पर क्या कार्यवाही की गई है? क्या नवीन आवेदन ऑनलाइन ही करना होता है? तो यह प्रक्रिया कब से प्रारंभ की है? जब से ऑनलाइन प्रक्रिया चालू हुई है इसके मध्य ऑफलाइन कितने आवेदन दिये गए? आवेदनकर्ता के नाम एवं किस प्रयोजन के लिए आवंटित की गई हैं, क्या वर्तमान में ये इकाइयां प्रारम्भ हैं? पूर्व में जिसे आवंटित थी और जिसे नवीन आवंटित की गई उनके नाम सहित विस्‍तृत जानकारी देवें।

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) सूक्ष्मलघु और मध्यम उद्यम विभाग के प्रशासकीय नियंत्रण की भूमि का विवरण एवं औद्योगिक क्षेत्रों के नक्शे  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) खरगोन जिले की बड़वाह तहसील के औद्योगिक क्षेत्रों में तत्समय प्रचलित नियमों के आधार पर आवंटित की गई भूमि का विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र -2 अनुसार है। प्रश्नाधीन भूमि के लगभग 6200 वर्गफीट भूमि पर विभिन्न प्रकार के अतिक्रमण है। कार्यरत इकाइयों की सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -3 अनुसार है। बंद इकाइयों की सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -4 अनुसार है। निरस्त इकाइयों की सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -5 अनुसार है वर्तमान में कोई भी अपील प्रकरण लंबित नहीं है। (ग) ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया दिनांक 01.04.2015 से प्रारंभ की गई हैजिसके पश्चात् ऑफलाईन आवेदन प्राप्त करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। विभाग को प्राप्त पत्र में उल्लेखित इकाई को आवंटित भूमि का आवंटन दिनांक 24.08.2017 को निरस्त किया गया है।

कोर्ट के निर्देशानुसार कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

5. ( क्र. 145 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला दमोह के अंतर्गत राजीवगांधी वाटरशेड डी.पी.ए.पी. में मिनी वाटरशेड रसीलपुर, सिंग्रामपर व कुआखेडा में नाला बंधान व मेड़ बंधान में भारी अनियमितता व गबन करने पर जाँच उपरांत न्‍यायालय द्वारा दोषी अधिकारियों पर वर्ष 2015 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी? यदि हाँ, तो क्‍या दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्यवाही हुई? यदि हाँ, तो क्‍या? नहीं तो क्‍यों? (ख) क्‍या दोष सिद्ध होने के उपरांत दिनांक 23.04.2015 को विशेष न्‍यायाधीश श्री आर.पी.सिंह भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम दमोह द्वारा कार्यवाही के निर्देश उपरांत आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक उक्‍त प्रकरण में क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। पुलिस जाँच में दोष सिद्ध नहीं पाया गया तथापि शिकायतकर्ता द्वारा पुन: आपत्ति लिये जाने पर माननीय न्‍यायालय ने दिनांक 23-04-2015 पुलिस को प्रकरण की पुन: जाँच एवं विवेचना के आदेश दिये है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश क के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में पुलिस विवेचना उपरांत गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जाना संभव हो सकेगी।

ऑडिट आपत्तियों पर कार्यावाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

6. ( क्र. 146 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या वर्ष 2013 से 2017 तक नगर पालिका हटा के समस्‍त दस्‍तावेजों एवं अभिलेखों का ऑडिट कराया गया एवं किन-किन वर्षों में किन किन अधिकारियों ने वर्षवार ऑडिट किया? ? (ख) उक्‍त वर्षों में ऑडिट अधिकारी द्वारा लगायी गयी ऑडिट आपत्ति क्‍या थीं? क्‍या दोषियों पर कार्यवाही के भी निर्देश जारी हुए थे, आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही हुई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

मस्‍टर पर रखे गये कर्मचारियों की संख्‍या

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( क्र. 147 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका परिषद् हटा (दमोह) में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कितने कर्मचारी मस्‍टर पर रखे गये? नामवार, पतावार वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करायें एवं मस्‍टर पर कर्मचारी रखे जाने के क्‍या शासन के निर्देश हैं? आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या नगर पालिका परिषद् द्वारा बार बार लगातार कई वर्षों से कार्य बदल बदल कर उन्‍हीं कर्मचारियों को रखा गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या शासन के आदेश की अवहेलना के दोषी पूर्वरत अधिकारियों पर कार्यवाही होना चाहिए? क्‍या समय-सीमा में जाँच कराकर कार्यवाही करना सुनिश्चित करायेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। अध्‍यक्ष/पी.आई.सी. के प्रस्‍ताव स्‍वीकृति अनुसार मूलभूत सेवाओं/योजनाओं के संचालन तथा आवश्‍यक सेवाओं (सफाई आदि) हेतु आवश्‍यकतानुसार श्रमिक रखे गये हैं। (ख) निकाय की महत्‍वपूर्ण योजनाओं तथा अत्‍यावश्‍यक सेवाओं के सुचारू रूप से संचालन के दृष्टिगत आवश्‍यकता अनुसार उक्‍त श्रमिकों को अध्‍यक्ष/पी.आई.सी. की स्‍वीकृति अनुसार रखा गया है। रखे गये श्रमिकों से आवश्‍यकता अनुसार कार्य लिया जाता है। शासन आदेश की अवहेलना न होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''छ:''

जांचें प्रमाणित पाये जाने पर कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

8. ( क्र. 158 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.2016 से प्रश्‍न दिनांक तक राजनगर विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत ग्राम पंचायतों में पदस्‍थ सचिवों के विरूद्ध किन-किन अधिकारियों द्वारा जाँच की गई? (ख) क्‍या जाँच में दोषी पाये जाने, गंभीर अनियमितताएं प्रमाणित होने तथा शासन की राशि का दुरूपयोग/गबन भी पाये जाने के बावजूद भी दोषियों को सेवा में बहाल कर दिये गये? (ग) क्‍या सरपंचों के विरूद्ध जांचें प्रमाणित पाई गई और शासन प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही नहीं की गई? (घ) जांचें प्रमाणित पाये जाने पर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कर दी गई या लंबित है? कारण सहित बतायें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। (ग) 03 सरपंचों के विरूद्ध प्रथम दृष्ट्या अनियमितता के प्रमाण होने से मध्यप्रदेश पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 92/40 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई है। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) 03 सरपंचों के विरूद्ध प्रथम दृष्ट्या अनियमितता के प्रमाण होने से मध्यप्रदेश पंचायतराज अधिनियम 1993 की धारा 92/40 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई है। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

लवकुशनगर को पवित्र नगर घोषित किया जाना

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

9. ( क्र. 159 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व विभाग के पृ.क्र. 107/745/2017 छ: भोपाल, दिनांक 16/01/18 के अनुसार कलेक्‍टर छतरपुर को लवकुशनगर को माता बम्‍बर वैनी में प्राचीन मंदिर होने के कारण पवित्र नगरी घोषित किये जाने हेतु जानकारी अपेक्षित है? (ख) मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी लवकुशनगर द्वारा प्रस्‍ताव कब दिया गया? प्रति दें। (ग) क्‍या कलेक्‍टर छतरपुर द्वारा पत्र क्र. 237 दिनांक 31/05/2016 को सचिव मध्‍यप्रदेश शासन धार्मिक न्‍यास विभाग भोपाल को पवित्र क्षेत्र घोषित किये जाने का प्रतिवेदन दिया गया था तथा माननीय मंत्री महोदया ने दिनांक 10/03/16 को सदन में बजट सत्र में इस हेतु सहमति दी थी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक आदेश किये जावेंगे?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी लवकुशनगर द्वारा प्रस्‍ताव नहीं दिया गया। अत: शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ग) जी हाँ, प्रश्‍नांकित पत्र लवकुशनगर को पवित्र नगर घोषित किये जाने के संबंध में जाँच प्रतिवेदन प्रेषित किया गया था। (घ) विभाग द्वारा कलेक्‍टर छतरपुर से विस्‍तृत प्रस्‍ताव प्राप्‍त किया जा रहा है।

ए.डी.बी. योजना के अंतर्गत ग्‍वालियर शहर को राशि का आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( क्र. 208 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ए.डी.बी. योजना के अंतर्गत ग्‍वालियर शहर को कितनी राशि कितने चरणों में मिली? ए.डी.बी. योजना में कौन-कौन से काम एवं कार्यों पर खर्च होने वाली राशि का नामवार संपूर्ण खर्च हुई राशि का ब्‍यौरा दें? (ख) ए.डी.बी. योजना के तहत कौन-कौन से वार्डों में क्‍या-क्‍या कार्य कराये गये? ए.डी.बी. योजना राशि में कब तक की इन कार्यों की समयावधि तय की गई? (ग) अमृत योजना के तहत ग्‍वालियर शहर को प्रथम चरण में कितनी राशि स्‍वीकृत हुई? अमृत योजना में कौन-कौन से वार्ड सम्मिलित किये गये तथा वार्डों में क्‍या-क्‍या कार्य करायें जाना प्रस्‍तावित किये गये? (घ) क्‍या ए.डी.बी. योजना अंतर्गत डाली गई वाटर लाईनों का अमृत योजना के तहत उन लाईनों को हटाकर या लाईनों का संधारण कर राशि का दुरूपयोग जानबूझकर किया जा रहा है? क्‍या जिन वार्डों में ए.डी.बी. योजना या किसी भी योजना के तहत वाटर लाईन, सीवर लाईन का कार्य नहीं हुआ है? उन क्षेत्रों को प्रथम चरण में अमृत योजना में क्‍यों सम्मिलित नहीं किया गया? कारण सहित बतायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) ए.डी.बी. योजना के अन्तर्गत 8 चरणों में प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  अनुसार है। ए.डी.बी. योजना के अन्तर्गत शहर में कराए गए कार्य एवं उन पर खर्च होने वाली राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र  अनुसार है। (ख) ए.डी.बी योजना के तहत वार्डों में कराए गए कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  अनुसार है। ए.ड़ी.बी. योजना राशि में कार्यों की तय की गई समयावधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  अनुसार है। (ग) राशि रु. 730 करोड़ स्वीकृत हुई। अमृत योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में वार्ड क्र. 01 से 60 तक में जल प्रदाय तथा सीवरेज सिस्टम का कार्य कराना प्रस्तावित है। (घ) जी नहीं, नगर निगम ग्वालियर के वार्ड क्रमांक 01 से 60 के कार्य की आवश्यकता के अनुसार एवं तकनीकी रूप से उपयुक्त पाये गये क्षेत्रों को वाटर लाइन एवं सीवर लाइन हेतु प्रथम चरण में सम्मिलित किया गया है। केवल वार्ड क्रमांक 61 लगायत 66 में से शहर की सीमा से लगे हुए वार्ड क्र. 64, 65 को सम्मिलित किया गया है एवं वार्ड क्र. 61, 62, 63, एवं 66 के शहर की सीमा से अधिक दूरी होने के कारण प्रथम चरण में तकनीकी एवं वित्तीय दृष्टि से उपयुक्त न होने के कारण उक्त वार्डों की बसाहटों को सम्मिलित नहीं किया गया है, साथ ही उक्त बसाहटों में स्वच्छ भारत मिश्न के अंतर्गत आवश्यकतानुसार व्यक्तिगत, सामुदायिक एवं संस्थागत सीवरेज के डिस्पोजल हेतु शौचालय का निर्माण किया जा चुका है एवं पेयजल की व्यवस्था, नलकूप, हैण्डपम्‍प के माध्यम से की गई।

शासकीय शालाओं में निर्मित क्षतिग्रस्‍त रसोईघरों के सुधार कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( क्र. 235 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत क्‍या शासकीय शालाओं में 10x10 में निर्मित रसोईघरों में बड़ी-बड़ी भट्टियों में लगातार लकड़ी जलाने के कारण भवन की छत एवं दीवारें गर्म होकर चटक गई है? (ख) क्‍या यही कारण है कि अधिकांश शालाओं के रसोईघर क्षतिग्रस्‍त हो चुके है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या इन रसोईघरों के सुधार हेतु बजट व्‍यवस्‍था है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत क्‍या शासकीय शाला झगरा, मोहास, निपनिया, झुरझुरू, तिंदनी, कसही, छत्‍तरपुर, सकरी, मझगवां, तिलगवां, गाजर आदि के जीर्णशीर्ण रसोईघर सुधारे जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत अवैध कॉलोनियों में अवैध निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

12. ( क्र. 246 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या अवैध कॉलोनी निर्माण पर शासन द्वारा रोक लगाई गई है? (ख) यदि हाँ, तो विधान सभाक्षेत्र पनागर अंतर्गत करमेता, अमखेरा, कठौंदा की लगभग 35 कॉलोनियों में अवैध निर्माण एवं क्रय-विक्रय क्‍यों हो रहा है? (ग) क्‍या आमजनों को पानी, बिजली, सड़क, नाली विहीन अवैध कॉलोनियों में बसाया जा रहा है? (घ) क्‍या खसरा नं. 342/87, 410/3, 42/1, 411/342, 243/1, 243/2, 248/1 सहित अन्‍य 30 खसरों की भूमि में दिन रात चल रहे अवैध निर्माण कार्यों को बंद कराया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। अवैध कालोनी का निर्माण म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 292- ग एवं उपधाराओं के अनुसार प्रतिबंधित है। (ख) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत करमेता, अमखेरा नगर पालिक निगम, जबलपुर की निगम सीमा वृद्धि उपरांत शामिल ग्राम हैं ग्राम कठौदा नगर निगम सीमा में पूर्व से शामिल है। निगम के संज्ञान में आई इन ग्रामों की अवैध कॉलोनियों की सूची दैनिक भास्कर, दैनिक दबंग दुनिया समाचार पत्र में दिनांक 30.8.17 को प्रकाशित कर क्रय विक्रय न किये जाने की सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है। नगर निगम जबलपुर के पत्र क्रमांक 275 दिनांक 20.12.2017 द्वारा उक्त सूचीबद्ध क्षेत्र में अवैध कालोनी 4 अंतर्गत क्षेत्र में क्रय-विक्रय नियंत्रित करने का पत्र वरिष्ठ जिला पंजीयक जबलपुर को प्रेषित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। अवैध कालोनी क्षेत्र में क्रय-विक्रय की कार्यवाही पर प्रतिबंध नगर निगम के क्षेत्राधिकार में नहीं है। (ग) जी हाँ। जहां अवैध कालोनियां है वहां आमजनों की पानी, बिजली, सड़क, नाली विहिन अवैध कॉलोनियों में बसाहट है। (घ) प्रश्न में वर्णित खसरा क्रमांक किन ग्रामों के है स्‍पष्‍ट न होने के कारण प्रश्न में जानकारी दी जाना संभव नहीं है तथापि ग्राम कठौदा के खसरा क्रमांक 342/1, 410/342, 411/342 की सार्वजनिक सूचना जारी कर, विकास कार्य तथा क्रय-विक्रय न किये जाने की चेतावनी अवैध कालोनी निर्माता एवं सर्वसाधारण के सूचनार्थ प्रकाशित की गई है।

जबलपुर जिले में मुख्‍य खनिज, गौड़ खनिज एवं नीलाम खदानों के अवैध कार्यों के प्रकरण

[खनिज साधन]

13. ( क्र. 253 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में मुख्‍य खनिज, गौड़ खनिज एवं नीलाम खदानों के गत 3 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक कितने अवैध  उत्‍खन्‍न के प्रकरण बने एवं कितनी वसूली हुई? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार अवैध उत्‍खनन एवं स्‍वीकृत क्षमता से अधिक उत्‍खनन के बनाये गये प्रकरणों की जानकारी, नाम, पता, देय जुर्माना राशि वसूल की गई राशि सहित देवें. (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) के अंतर्गत समस्‍त जुर्माना राशि वसूल कर ली गई है? (घ) यदि नहीं, तो किन-किन व्‍यक्तियों द्वारा जुर्माना राशि जमा नहीं की गई? कब तक इन पर वसूली की कार्यवाही की जावेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन जिले में मुख्‍य खनिज के 01 स्‍वीकृत खनिपट्टे में मुरम खनिज का अवैध उत्‍खनन करने के कारण अवैध उत्‍खनन का एक प्रकरण प्रश्‍नाधीन अवधि में दर्ज किया गया है। जिसमें अधिरोपित जुर्माना राशि रूपये 1,30,680/- की वसूली की गई है। गौण खनिज एवं नीलाम खदानों से संबंधित जानकारी निरंक है। (ख) प्रश्‍नानुसार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ग) प्रश्‍नानुसार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (घ) संलग्‍न परिशिष्‍ट के सरल क्रमांक - 1 से 6 के प्रकरण संबंधित न्‍यायालय में विचाराधीन है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

जबलपुर एवं प्रदेश की जनपद पंचायतों में समस्‍या निवारण शिविर का आयोजन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( क्र. 260 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर जिले की जनपद पंचायतों में ग्रामीणों की समस्‍याओं के निराकरण हेतु शिविर के आयोजन किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र पनागर के अन्‍तर्गत गत 03 वर्षों में कितने शिविर आयोजित किये गये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अन्‍तर्गत कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई? कितने का निराकरण किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के अंतर्गत यदि शिविर आयोजित नहीं किये गये, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) विधानसभा क्षेत्र पनागर अंतर्गत 03 वर्षों में कुल 233 शिविर आयोजित किये गये। जानकारी  संलग्न परिशिष्ट अनुसार। (ग) आयोजित शिविरों में 03 वर्षों में 3567 आवेदन/शिकायतें प्राप्त हुई एवं समस्त 3567 आवेदन/शिकायतों का निराकरण किया गया। (घ) शिविर आयोजित किये गये है। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

पत्‍थर फर्शी की खदानों को अवैध रूप से बंद किया जाना

[खनिज साधन]

15. ( क्र. 268 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले में पत्‍थर फर्शी की कितनी खदानें स्‍वीकृत हैं वर्तमान में कौन-कौन सी खदान संचालित है? नामवार, रकबा सहित बताएं? (ख) क्‍या ग्‍वालियर जिले में पत्‍थर फर्शी की खदान वन विभाग की आपत्ति से बंद हुई हैं? नाम सहित सम्‍पूर्ण विवरण दें? क्‍या वन विभाग द्वारा आपत्ति लगाकर जान बूझकर क्षेत्र के लोगों को बेरोजगार कर स्‍वयं अवैध खदानों से पत्‍थर निकासी करायी जा रही है? (ग) क्‍या पत्‍थर फर्शी खदाने पूर्णत: बंद है तो पत्‍थर कटिंग घिसाई मशीनों पर फर्शी पत्‍थर की आवक कहाँ से है एवं किस खदान से है एवं कितनी मात्रा में है? (घ) क्‍या शासन का राजस्‍व वन विभाग द्वारा जानबूझकर बंद किया गया है? क्‍या राजस्‍व के रूप में आने वाली रायल्‍टी फीस को वन विभाग द्वारा वन अधिकारियों की मिली भगत से स्‍वयं के फायदे के लिये बंद दिखा कर चालू रखी गई है? क्‍या कटिंग पॉलिश मशीन पर पत्‍थर की क्‍वालिटी को चेक करने के लिये एक कमेटी बनाई जायेगी, जिससे पत्‍थर की अवैध उत्‍खनन की सच्‍चाई सामने आ सके? क्‍या शासन द्वारा बंद खदानों की जाँच वरिष्‍ठ अधिकारियों से कराई जावेगी? जो खदाने वन विभाग की आपत्ति के कारण बंद हुई पुन: कमेटी बनाकर उनकी जाँच कराई जावेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नानुसार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं वर्तमान में प्रश्‍नाधीन जिले में स्‍वीकृत खदानों में से 04 खदानें संचालित हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

शांतिनगर परसवारा मुख्‍यमार्ग का निर्माण अतिशीघ्र करवाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

16. ( क्र. 290 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महाराणा प्रताप वार्ड जबलपुर स्थित, शांतिनगर परसवारा मुख्‍य मार्ग की निर्माण स्‍वीकृति एवं निविदा किस दिनांक को की गई थी एवं इसकी लागत क्‍या थी? (ख) क्‍या कारण है कि प्रश्नांश (क) में वर्णित की सड़क की निविदा (टेण्‍डर) होने के बाद भी सड़क निर्माण कार्य में विलंब हो रहा है? विलंब के क्‍या कारण हैं? (ग) कब तक उक्‍त सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) महाराणा प्रताप वार्ड जबलपुर स्थित परसवाड़ा मुख्‍य मार्ग के निर्माण की स्‍वीकृति दिनांक 22.02.2017 को हुयी थी। इसकी प्रथम निविदा दिनांक 25.02.2017 को आमंत्रित की गयी। द्वितीय बार यह निविदा 21.06.2017 को जारी की गयी। दरें उपयुक्‍त नहीं होने से तृतीय बार निविदा दिनांक 06.09.2017 को आमंत्रित की जाकर दिनांक 06.09.2017 को खोली गयी। कार्य की लागत राशि रू. 198.90 लाख थी। (ख) दो निविदाओ में उचित दरे प्राप्‍त न होने के कारण एवं तीसरे आमंत्रण वाद निविदा स्‍वीकृ‍ति किए ठेकेदार द्वारा अनुबंध नहीं करने से विलंब हुआ है। (ग) ठेकेदार द्वारा अनुबंध निष्‍पादन पश्‍चात यह कार्य निर्धारित अवधि से छ: माह (वर्षाऋतु छोड़कर) में पूर्ण कराए जाने का प्राबधान है।

अनियमितताओं की जाँच

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( क्र. 291 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) स्‍वच्‍छ भारत मिशन 2018 के तहत जबलपुर जिले को कितनी राशि प्रदाय की गई एवं स्‍वच्‍छता सर्वेक्षण वर्ष 2018 के तहत जबलपुर शहर में चल रहे प्रचार-प्रसार अभियान में कितनी राशि अभी तक नगर निगम जबलपुर द्वारा व्‍यय की गई है? क्‍या उक्‍त प्रदाय राशि बिना निविदा के स्‍वीकृत की गई है? (ख) वर्णित (क) के अनुसार नगर निगम जबलपुर द्वारा स्‍वच्‍छता के नाम पर 280 रूपये की कीमत की बाल्‍टी बांटी जा रही है, यदि हाँ, तो क्‍या यह सही है कि शहर में जो निम्‍न स्‍तर की बाल्‍टी वितरित की जा रही है उसकी कीमत 40 रूपये से अधिक नहीं है? (ग) क्‍या उक्‍त स्‍वच्‍छ भारत मिशन वर्ष 2018 के अंतर्गत वर्णित (क) (ख) की जाँच स्‍वतंत्र एजेंसी से करवाते हुये दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं, स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण-2018 हेतु निकायों को पृथक से आवंटन प्रदान नहीं किया गया है। स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत सूचना शिक्षा संप्रेषण मद में प्रदान की गई राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। नगर निगम जबलपुर द्वारा प्रचार-प्रसार हेतु राशि रू. 46,84,602/- व्‍यय किये गये है। जी नहीं, अपि‍तु निविदा एवं कोटेशन के आधार पर कार्य कराया गया है। (ख) जी नहीं, अपितु भारत सरकार के DGS & D के अंग Gem (Governmente-Marketplace) से हैंगिंग विन्‍स, डस्‍टबिन (कचरे का डिब्‍बा) आदि सफाई व्‍यवस्‍था, कचरे के सही निष्‍पादन व सफाई के प्रति जागरूक करने के लिए डस्‍टबिन्‍स क्रय कर बांटे गये है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

स्वीकृत आंगनवाड़ी भवनों के प्रथम किश्‍त की राशि जारी की जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( क्र. 333 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पंचायत राज संचालनालय म.प्र. शासन भोपाल के आदेश क्र.. 13676 भोपाल दिनांक 13/10/2017 द्वारा 1325 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की जिसमें विधानसभा क्षेत्र के सम्मिलित भवनों की स्वीकृति प्रदान कर 60 प्रतिशत राशि संचालनालय एवं शेष राशि मनरेगा के अभिसरण में उनके संलग्न सूची अंतरित हेतु आदेश जारी किया गया था। (ख) क्या उक्त भवनों की राशि ग्राम पंचायतों के खातों में प्रश्न दिनांक तक अंतरित की गई है? यदि हाँ, तो सूची उपलब्ध कराई जाए यदि नहीं, तो कब तक जारी की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। 1325 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रश्नानुसार संचालनालय के आदेश दिनांक 13.10.2017 न होकर अपितु दिनांक 13.11.2017 द्वारा जारी किया गया है। (ख) जी हाँ। सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नव निर्मित थोक मत्‍स्‍य विपणन केन्‍द्र का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( क्र. 373 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3300 दिनांक 07.03.2017 के प्रश्नांश (क) के उत्‍तर में बताया गया था कि मछुआरों के उन्‍नयन हेतु तथा मत्‍स्‍य उद्योग को प्रोत्‍साहन करने के उद्देश्‍य से केन्‍द्र शासन द्वारा स्‍वीकृत थोक मत्‍स्‍य विपणन केन्‍द्र का निर्माण राशि रू. 1.26 करोड़ की लागत से बघराज वार्ड में कराने एवं प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में नगर पालिक निगम सागर द्वारा थोक मत्‍स्‍य विपणन केन्‍द्र का जीर्णोद्धार किये जाने की जानकारी दी थी तो क्‍या उक्‍त कार्य पूर्ण कर सागर नगर के सभी मीट/मछली विक्रेताओं को स्‍थानांतरित कर दिया गया है? यदि नहीं, तो कारण सहित बतायें। (ख) क्‍या इस समय समूचे शहर में स्‍थानीय प्रशासन की कार्यवाही करने के पश्‍चात यत्र-तत्र खुले में मांस विक्रय किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन स्‍थानीय आवश्‍यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए एक संयोजित मीट मार्केट बनाये जाने हेतु विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। नगर पालिक निगम सागर में केन्द्र शासन द्वारा स्वीकृत थोक मत्स्य विपणन केन्द्र के निर्माण की राशि रूपये 1.26 करोड़ की लागत से बाघराज वार्ड में किया गया है जिसमें मीटर कनेक्शन का कार्य शेष है इसमें मछली विक्रेताओं द्वारा विस्थापित होने में रूचि नहीं लेने के कारण स्थानांतरित नहीं किया जा सका है। (ख) जी नहीं। स्थानीय प्रशासन द्वारा समूचे शहर में कार्यवाही करने के पश्चात् यत्र-तत्र खुले में मांस विक्रय नहीं हो रहा है, शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

खेल परिसर में जॉगिंग ट्रेक निर्माण

[खेल और युवा कल्याण]

20. ( क्र. 374 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक खेल परिसर सागर हेतु कौन-कौन सी सामग्री/यंत्र क्रय किये गये हैं? या अन्‍य एजेंसी द्वारा क्रय करके प्रदाय किये गये हैं सामग्रीवार,संख्‍यावार विवरण दें?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) खेल समाग्री से संबंधित जानकारी सलंग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

बड़ोदा स्‍टेडियम का निमार्ण

[खेल और युवा कल्याण]

21. ( क्र. 447 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 606 दिनांक 30.11.2017 के प्रश्‍नांश (घ) के उत्‍तर में जानकारी दी थी कि बड़ोदा जिला श्‍योपुर में मिनी स्‍टेडियम के निर्माण कार्य हेतु निर्माण एजेंसी एलयूएनकेजीएम एवं वास्‍तुविद द्वारा आवंटित भूमि का ग्राउण्‍ड लेवल चार पाँच फिट नीचे हैं तालाब के डाउन स्‍ट्रीम में है वर्षात में तालाब का पानी भर जाता है? जिससे इस भूमि पर स्‍टेडियम का निर्माण किया जाना उचित नहीं है? (ख) क्‍या बड़ोदा क्षेत्र में उक्‍त भूमि के अतिरिक्‍त 7 एकड़ समतल भूमि 3 कि.मी. के अंदर कहीं भी उपलब्‍ध नहीं है इस कारण कलेक्‍टर श्‍योपुर ने मा.मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु उक्‍त भूमि को स्‍टेडियम निर्माण हेतु आवंटित कर आवंटित भूमि पर ही स्‍टेडियम निर्माण कराना उचित होगा ये जानकारी विभागीय संचालक को दी थी? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु उक्‍त भूमि में आवश्‍यकतानुसार पर्याप्‍त मिट्टी का भराव कराने हेतु पृथक से प्रस्‍ताव तैयार कराकर इसे स्‍वीकृत कर स्‍वीकृत राशि से अथवा जिले की मनरेगा मद से राशि स्‍वीकृत कर उक्‍त भूमि को स्‍टेडियम निर्माण हेतु उपयुक्‍त बनाने उपरांत इस पर स्‍टेडियम का निर्माण कराने के निर्देश क्‍या शासन विभाग/कलेक्‍टर श्‍योपुर को जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। कलेक्‍टर द्वारा सचांलक को तद्नुसार जानकारी दी है। (ग) जी नहीं। उक्‍त घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु पर्याप्‍त मिट्टी भराव में व्‍यय अधिक आने के कारण उसी भूमि पर स्‍टेडियम निर्माण संभव नहीं है। अत: संचालक खेल एवं युवा कल्‍याण द्वारा पुन: कलेक्‍टर, श्‍योपुर को स्‍टेडियम निर्माण हेतु बड़ोदा शहर अथवा शहर से 2 किलो मीटर की परीधि में 5-7 एकड़ भूमि चिन्हित कर खेल विभाग को उपलब्‍ध कराने हेतु निर्देशित किया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्‍वीकृत खदानों में सीमांकन व जाँच

[खनिज साधन]

22. ( क्र. 520 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र की स्‍वीकृत खदानों के सीमांकन हेतु व बालू/रेत से संबंधित अन्‍य समस्‍याओं हेतु, स्‍वीकृत दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक जनप्रतिनिधियों एवं जनता द्वारा कितने शिकायती आवेदन दिये गये है दिनांकवार, नामवार, सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या स्‍वीकृति खदानों को शुरू करने से पहले सीमांकन कराकर वहां, मुनारे एवं तार बाड़ लगाने का प्रावधान है, यदि हाँ, तो किन-किन खदानों का कब-कब सीमांकन करवाया गया? दिनांकवार, स्‍थानवार, फर्म मालिकवार सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार अभी /वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गयी यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी एवं किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा उक्‍त कार्यवाही की गयी? नामवार सूची सहित उपलब्‍ध करावें? (घ) यदि कार्यवाही नहीं की गयी तो संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही कब तक की जावेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर दर्शित है। (ख) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 में स्‍वीकृत क्षेत्र पर सीमास्‍तंभ लगाये जाने का प्रावधान है। प्रश्‍न की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में दिये उत्‍तर अनुसार सीमांकन की कार्यवाही हो चुकी है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर दर्शाई गई है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में दिये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बंजारी नदी घाट के पंचनामा में कार्यवाही

[खनिज साधन]

23. ( क्र. 521 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र की चंदला तहसील अंतर्गत दिनांक 20/04/17 को केन नदी के बंजारी घाट में थाना प्रभारी श्री कमलेश साहू, तहसीलदार श्री राकेश शुक्‍ला, आर.आई. चंदला तथा जनप्रतिनिधियों व ग्रामवासियों की उपस्थिति में तीन लिफ्टर पकड़े गये थे? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त जप्‍त लिफ्टरों को पन्‍ना जिले के अधिकारियों व खदान संचालकों को क्‍या सौंपा गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या छतरपुर जिले की सीमा के अंतर्गत होने के बाद भी पन्‍ना जिले के कार्यवाही हेतु क्‍यों सौंपा गया? (ग) क्‍या छतरपुर जिले की चंदला तहसील अंतर्गत बालू/रेत का अवैध उत्‍खनन करते जप्‍त किये गये थे वर्तमान में उक्‍त लिफ्टर कहाँ रखे गये हैं तथा उन पर क्‍या कार्यवाही की गयी है कार्यवाही की सत्‍यप्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें? (घ) यदि नहीं, तो संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। दिनांक 20.04.2017 को जाँच के दौरान बंजारी घाट से लगे हुए पन्‍ना जिले के उदयपुरा एवं बरकोला खदान में 03 लिफ्टर लावारिस पकड़े जाकर जप्‍त किये गये थे। (ख) ग्राम उदयपुरा जिला पन्‍ना में जप्‍त 02 लिफ्टर श्री शुभम सिंह एवं ग्राम बरकोला जिला पन्‍ना में जप्‍त 01 लिफ्टर मशीन श्री गौरव मिश्रा को सुपुर्दगी में दिया गया है। उक्‍त तीनों लिफ्टर पन्‍ना जिले में जप्‍त होने के कारण कार्यवाही हेतु कलेक्‍टर, पन्‍ना को प्रेषित किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश की जानकारी प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में दी गई है। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में दिये गये उत्‍तर अनुसार कार्यवाही की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में पदस्थ क्षेत्र संचालक की विभागीय जाँच

[वन]

24. ( क्र. 569 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क में वर्तमान में पदस्थ क्षेत्र संचालक मृदुल पाठक की प्रथम नियुक्ति किस पद पर और कहाँ प्रदान की गई थी वर्तमान क्षेत्र संचालक मृदुल पाठक की नियुक्ति से वर्तमान तक की सेवा अवधि में कितनी विभागीय जांचें संस्थित की गई हैं? (ख) क्या पिछले कुछ महीनों में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क के कूप्रबंधन के विरोध में हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन किये गए हैं? यदि हाँ, तो क्या कारण हैं अभी तक की गई शिकायतों पर कोई ठोस कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? क्या राज्य शासन के द्वारा कूप्रबंधन को सुधारने की दिशा में संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को अन्यत्र स्थानांतरित किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो उक्त संबंध में कब तक कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) श्री मृदुल पाठक की प्रथम नियुक्ति  सीधी भर्ती से सहायक वन संरक्षक के पद पर मध्‍यप्रदेश में की जाकर उन्‍हें प्रशिक्षण हेतु देहरादून भेजा गया। श्री मृदुल पाठक की नियुक्ति से वर्तमान तक सेवा अवधि में कोई विभागीय जाँच संस्थित नहीं की गई। (ख) माह जनवरी२०१८ में बांधवगढ़  टाईगर रिजर्व में कार्यरत गाइड यूनियन के द्वारा हड़तालआमरण अनशन एवं धरना प्रदर्शन किया गया था। उक्‍त के संबंध में प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक (वन्‍यप्राणी) के पत्र क्रमांक ६१२ दिनांक २३-०१-१८ एवं पृष्‍ठांकन पत्र क्रमांक १४८० दिनांक २६-०२-१८ से क्षेत्र संचालकबांधवगढ़ टाईगर रिजर्व  से प्रकरण में अभिमत/प्रतिवेदन चाहा गया था। क्षेत्र संचालक से अभिमत प्राप्‍त होने पर गाइड यूनियन की मांगों पर शासन के प्रचलित नियम/निर्देश के तहत आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी। बांधवगढ़  टाईगर रिजर्व  के अधिकारियों/ कर्मचारियों के विरूद्ध कुप्रबंधन संबंधी गंभीर शिकायत लंबित नहीं होने के कारण उन्‍हें अन्‍यत्र स्‍थानांतरित किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में नहीं है।

नगर सनावद के राज मंदिर के स्वामित्व की भूमि में सामुदायिक भवन की स्वीकृति

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

25. ( क्र. 705 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या नगर सनावद के राज मंदिर काफी प्राचीन मंदिर होने से तथा यह मंदिर धर्मस्व विभाग की सूची में शामिल हैं, यदि हाँ, तो इस मंदिर की भूमि (कलेक्टर, खरगोन व्यवस्‍थापक है) पर धार्मिक कार्यक्रम होने से सामुदायिक भवन की मांग की गई है? (ख) क्या सामुदायिक भवन की 10,00,000 लाख के प्राक्कलन वरिष्ठ को प्रेषित करना बताया है, यदि हाँ, तो प्रस्तुत प्राक्कलन अनुसार राशि कब तक स्वीकृत हो जावेगी? (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा प्रश्नांश (क) के अनुसार प्रस्ताव की स्वीकृति हेतु कब कब पत्र जारी किए गए हैं? विभाग द्वारा प्राप्त पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई है? (घ) प्रश्नांश (क) के प्रस्ताव अनुसार सामुदायिक भवन की स्वीकृति कब तक हो जावेगी?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। कलेक्‍टर जिला खरगोन से प्राप्‍त जानकारी अनुसार सामुदायिक भवन की मांग की गई है। (ख) कार्यालय कलेक्‍टर के कार्यालयीन पत्र क्रमांक 210/धर्मस्‍व/2017 दिनांक 22/2/2017 द्वारा रूपये 10.00 लाख के प्रस्‍ताव वरिष्‍ठ कार्यालय को स्‍वीकृति हेतु प्रेषित किये गये है। विभाग में प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर आवश्‍यक कार्यवाही की जायेगी। (ग) पत्र क्रमांक 625 दिनांक 6/11/2016, पत्र क्रमांक 897 दिनांक 20/4/2017 एवं पत्र क्रमांक निल दिनांक 16/10/2017 प्रश्‍नकर्ता द्वारा जारी किये गये थे, जिसके पालन में राज मंदिर के स्‍वामित्‍व वाली भूमि में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु रूपये 10.00 लाख के प्रस्‍ताव कार्यालय कलेक्‍टर द्वारा उनके वरिष्‍ठ कार्यालय को स्‍वीकृति हेतु भेजे गये है। विभाग में प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर आवश्‍यक कार्यवाही की जायेगी। (घ) शासन संधारित मंदिर पर सामुदायिक भवन निर्माण कराने हेतु प्रस्‍ताव कलेक्‍टर/संभागायुक्‍त के माध्‍यम से विभाग में प्राप्‍त होने पर आवश्‍यकतानुसार उपलब्‍ध बजट के आधार पर राशि स्‍वीकृत की जायेगी। निश्चित समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।

प्रदेश में मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति

[नगरीय विकास एवं आवास]

26. ( क्र. 766 ) श्री अजय सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश में किस किस जिलों में मेट्रो रेल के लिये कब-कब, क्‍या-क्‍या योजनायें बनी? इन योजनाओं के क्रियान्‍वयन के लिये राज्‍य शासन के किस-किस विभाग द्वारा कब-कब केन्‍द्र सरकार/भारतीय रेल/अन्‍य संबंधित विभाग से पत्र व्‍यवहार किया गया? म.प्र. सरकार के विभागों द्वारा किये गये पत्र व्‍यवहारों की एक एक प्रति उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या मेट्रो रेल प्रोजक्‍ट के लिये डीटेल प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट (डी.पी.आर.)/या अन्‍य कोई सर्वे म.प्र. सरकार के द्वारा प्रदेश के लिये कराया गया है? अगर हाँ तो कहाँ-कहाँ के लिये? कितनी राशि प्रश्‍नतिथि तक शासन के किस-किस विभाग ने मध्‍यप्रदेश में मेट्रो रेल लाने व्‍यय किये हैं? (ग) म.प्र. के भोपाल/इंदौर/ग्‍वालियर/जबलपुर में बढ़ती जनसंख्‍या और अव्‍यवस्थित रोड यातायात को देखते हुये इन शहरों के लिये मेट्रो रेल प्रोजेक्‍ट के लिये क्‍या कोई योजना बनी? अगर हाँ तो जिलेवार बनी योजना की एक प्रति उपलब्‍ध कराते हुये बताये कि प्रश्‍नतिथि तक उक्‍त योजनाओं की जिलवार क्‍या स्थिति है? (घ) प्रदेश में किस जिले में कितनी लागत से कितनी किलोमीटर लंबी, किस स्‍थान से किस स्‍थान त‍क जाने वाली मेट्रो रेल के लिय 01.04.2014 से प्रश्‍नतिथि तक राज्‍य शासन ने कितनी राशि आरक्षित (आवंटित) कर दी है? परियोजना को कब शुरू कर कब तक कितनी राशि व्‍यय कर समाप्‍त करने की योजना है? बिन्‍दुवार पूर्ण विवरण दें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भोपाल एवं इंदौर शहरों के मेट्रोपालिटन क्षेत्र में मेट्रो रेल परियोजनाओं के क्रियान्‍वयन की योजनाएं बनाई गई हैं। मध्‍यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा वर्ष 2009 से आज दिनांक तक केन्‍द्र सरकार/भारतीय रेल एवं अन्‍य विभागों से किए गए पत्र व्‍यवहारों की एक-एक प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''' अनुसार है। (ख) जी हाँभोपाल एवं इंदौर शहरों के लिए प्री- फिजीविलिटी स्‍टडी कराई गई है एवं डीटेल प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट (डी.पी.आर.) बनायी गई है। जबलपुर एवं ग्‍वालियर शहरों के लिए प्री-फिजीविलिटी स्‍टडी कराई जा रही है। इस संबंध में इस विभाग द्वारा शहरवार प्री-फि‍जीविलिटी स्‍टडी तथा डी.पी.आर. पर व्‍यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''' अनुसार है। (ग) मध्‍यप्रदेश के भोपाल एवं इंदौर शहरों में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन हेतु डी.पी.आर. का अनुमोदन राज्‍य शासन द्वारा प्रदाय किया गया तथा उभय शहरों की डी.पी.आर. भारत सरकार के अनुमोदन हेतु प्रेषित की गई है। राज्‍य शासन के आदेश की एक प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''' अनुसार है। अद्यतन भोपाल एवं इंदौर शहरों में मेट्रो रेल परियोजना हेतु प्री-फिजीविलिटीस्‍टडी कराई गई, डी.पी.आर. बनायी गयी एवं जनरल कंसलटेंट की नियुक्ति की जा चुकी है। जबलपुर एवं ग्‍वालियर शहरों के लिए प्री-फिजीविलिटी स्‍टडी कराई जा रही है। (घ) भोपाल एवं इंदौर शहरों में मेट्रो परियोजना क्रियान्‍वयन के प्रस्‍तावित प्रथम चरण हेतु योजना प्रारंभ एवं समाप्ति तथा व्‍यय के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''' अनुसार है।

शासकीय मंदिरों का जीर्णोद्धार एवं मरम्‍मत 

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

27. ( क्र. 983 ) श्री अरूण भीमावद : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन संधारित मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं मरम्‍मत कार्य करने के संबंध में शासन के क्‍या निर्देश है? (ख) क्‍या कलेक्‍टर शाजापुर को 1. गोप चौहान मंदिर-छापीहेड़ा 2. श्रीराम मंदिर एवं देवनारायण मंदिर-बाहीहेड़ा 3. बैद्यनाथ महादेव मंदिर एवं श्रीराम मंदिर-दुवाड़ा 4. श्री राम मंदिर पिपलिया नौलाय 5. देवधर्मराज मंदिर निपानिया डाबी के मंदिरों का जीर्णोद्धार एवं मरम्‍मत के प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त मंदिरों के प्रस्‍ताव क्‍या तहसील, अनुविभागीय अधिकारी, कलेक्‍टर या संभागायुक्‍त उज्‍जैन में लंबित है? (घ) यदि हाँ, तो उक्‍त मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं मरम्‍मत हेतु शासन द्वारा कार्यवाही पूर्ण होकर राशि स्‍वीकृत होगी?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) शासन संधारित मंदिर के जीर्णोद्धार के लिये प्रस्‍ताव कलेक्‍टर/ आयुक्‍त से प्राप्‍त होने पर निर्णय लिया जाता है। (ख) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित मंदिरों में से श्रीराम मंदिर पिपल्‍या नोलाय का प्रस्‍ताव कलेक्‍टर कार्यालय को अप्राप्‍त है। शेष संबंधित जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) १. श्रीराम मंदिर (देवनारायण मंदिर के पास) बाईहेड़ा के जीर्णोद्धार हेतु राशि रूपये 12.67 लाख। २. श्री देवधर्मराज मंदिर निपानिया डाबी के जीर्णोद्धार हेतु राशि रूपये 05.00 लाख के प्रस्‍ताव आयुक्‍त द्वारा शासन को प्राप्‍त हुये। ३. गोपचौहान मंदिर छापीहेड़ा का प्रस्‍ताव अपूर्ण होने के कारण कलेक्‍टर कार्यालयीन पत्र क्रमांक 527 दिनांक 03.01.18 से अनुविभागीय अधिकारी शाजापुर को भेजा गया है। ४. श्रीराम मंदिर दुपाढ़ा के जीर्णोद्धार हेतु 05.00 लाख रूपये विभाग द्वारा 16.09.2013 को स्‍वीकृत किये गये थे, जिसे क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा पूर्ण कर लिया गया है। कलेक्‍टर कार्यालय अभिलेख अनुसार श्रीराम मंदिर पीपल्‍या नोलाय का प्रस्‍ताव कलेक्‍टर कार्यालय को अप्राप्‍त है। (घ) बजट उपलब्‍ध होने पर स्‍वीकृति की जावेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''बारह''

खेल प्रशिक्षक बास्केटवॉल (संविदा) की नियुक्ति 

[खेल और युवा कल्याण]

28. ( क्र. 1114 ) श्रीमती ममता मीना : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या खेल एवं युवा कल्याण संचालनालय भोपाल द्वारा रोजगार और निर्माण दिनांक 27.02.2006 से 05.03.2006 में संविदा खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति अनुसार गुना जिले में कितने आवेदन प्राप्त हुऐ? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित विज्ञप्ति के बिन्दु क्रमांक 5 (1) अनुसार चयन समिति का गठन किया गया? क्या चयन समिति द्वारा मेरिट सूची का प्रकाशन किन-किन समाचार पत्रों में कराया गया? क्या विज्ञप्ति में बिन्दु क्रमांक 12 में जारी स्पष्टीकरण के बिन्दु (घ) प्रथम बार योग्यता सूची के अंक बराबर होने की दशा में अंतिम चयन में प्राथमिकता अधिक आयु वाले अभ्यर्थी को दी जावेगी, का पालन किया गया? (ग) क्या मेरिट सूची में अभ्यर्थी श्री दुर्गेश सक्सेना, विकासनगर गुना की आयु 29 वर्ष 08 माह एवं श्री प्रेमनेति राय, जबलपुर की आयु 33 वर्ष 06 माह होने के बावजूद दोनों अभ्यर्थियों के समान अंक 200 होने के उपरांत भी श्री दुर्गेश सक्सेना को मेरिट सूची में प्रथम तथा श्री प्रेमनेति राय को द्वितीय स्थान दिया गया है? क्या चयन समिति द्वारा स्पष्टीकरण बिन्दु क्रमांक (घ) का उल्लंघन किये जाने के कारण त्रुटिपूर्ण मेरिट लिस्ट तैयार कर श्री सक्सैना को अनुचित लाभ पहुंचाया गया? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) में वर्णित तथ्यों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन होने से क्या जिला खेल एवं युवक कल्याण अधिकारी गुना के आदेश दिनांक 01.04.2006 द्वारा नियुक्त श्री सक्सेना की कब तक सेवा समाप्त की जावेगी?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) नियुक्ति की कार्यवाही कलेक्‍टर की अध्‍यक्षता में गठित समिति द्वारा की गयी थी। तथ्‍यात्‍मक प्रतिवेदन/जानकारी चाही गई है, प्राप्‍त होते ही जानकारी दी जाएगी। (ख), (ग) उत्तरांश (क) अनुसार। (घ) उत्तरांश (क) में उल्‍लेखित तथ्‍यात्‍मक प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर उसके गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। निश्चित समयावधि दी जाना संभव नहीं है।

वृक्षों की अंधाधुंध कटाई रोकने हेतु नियमों में संशोधन 

[वन]

29. ( क्र. 1134 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा किसानों को लगभग 56 प्रकार की प्रजातियों के वृक्षों को काटने की अनुमति दे रखी है? जिसमें पीपल एवं बरगद जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आस्था के वृक्ष भी हैं जिन पर पक्षी अपना घोंसला बनाकर रहते हैं? क्‍या इस नियम का किसानों को लालच देकर गलत फायदा उठाकर लकड़ी माफियाओं के द्वारा अंधाधुंध वृक्षों की कटाई की जा रही है जिससे आने वाले समय में म.प्र. वृक्षों के मामले में डेन्जर जोन बन जावेगा? (ख) यदि हाँ, तो इन वृक्षों की कटाई रोकने के लिये शासन के द्वारा क्या नियमों में संशोधन करने पर विचार किया जा रहा है? अगर क्‍यों तो क्यो? कोई नई नीति बनाई जा रही है? अथवा बनाई जावेगी।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मण्‍डला जिले की नारायणगंज विकासखण्‍ड में संचालित स्‍वच्‍छ भारत अभियान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

30. ( क्र. 1143 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडला जिले के नारायणगंज विकासखण्‍ड में संचालित स्‍वच्‍छ भारत अभियान कार्यक्रम में, प्रारंभ से लेकर अभी तक, कितनी प्रगति आई है तथा इस विकासखण्‍ड में कितने ग्राम पंचायतें हैं जिसमें स्‍वच्‍छता अभियान के तहत उन पंचायतों का ओ.डी.एफ. कर लिया गया हैं? (ख) इस अभियान के तहत शौचालय निर्माण का कार्य हितग्राही मूलक मानकर खातों में शासन की सहयोग राशि देने का काम किया गया है? यदि हाँ, तो कौन कौन सी पंचायतें हैं तथा कितनी ऐसी पंचायतों हैं जिनमें ठेकेदारों के द्वारा शौचालय निर्माण कार्य किया गया है? ठेकेदारों के द्वारा राशि आहरण कर कार्य नहीं करने के क्‍या कारण हैं? उन ठेकेदारों से कार्य पूर्ण कराने की कोई योजना है, क्‍या? यदि ठेकेदारों द्वारा कार्य नहीं किया गया है तो उनसे राशि वापस लेने की काई योजना है या फिर इनके खिलाफ कोई कार्यवाही करने की योजना है? (ग) क्‍या ओ.डी.एफ. प्रमाण लेने की होड़ में ठेकेदारों द्वारा गुणवत्‍ता हीन कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो इनके खिलाफ कब तक कार्यवाही होगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मण्‍डला जिले के विकासखण्‍ड नारायंणगंज में प्रश्‍नांकित अवधि में स्‍वच्‍छ भारत अभियान अंतर्गत 15550 व्‍यक्तिगत पारिवारिक शौचालयों की प्रगति आई है तथा विकासखण्‍ड नारायंणगंज में 04 ग्राम पंचायतें ओ.डी.एफ. कर लिया गया है। (ख) जी हाँ। ग्राम पंचायतों में एफ.टी.ओ. प्रणाली द्वारा नोडल बैंक खाते से सीधे हितग्राहियों के खातों में शौचालय निर्माण की प्रोत्‍साहन राशि प्रदाय की गई है। ग्राम पंचायतों द्वारा किये गये शौचालय निर्माण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण का कार्य ठेकेदारों द्वारा नहीं कराया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त करने संबंधी निर्देशों का पालन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

31. ( क्र. 1170 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत धार में वर्ष 2016 एवं वर्ष 2017 में कितने कर्मचारी अन्य विभागों के संलग्न थे? उनमे से कितने कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त किया जाकर शासन के किन आदेशों के तहत किस दिनांक को उनके मूल विभाग हेतु कार्यमुक्त किया गया है तथा कार्यालय की स्थापना शाखा एवं पंचायत सेल शाखा आदि के कर्मचारियों व मैदानी कर्मचारी को किसके आदेश से कार्यमुक्त नहीं किया गया हैं? (ख) क्या शासन से उक्त कर्मचारियों को जिला पंचायत में संलग्न रखने की अनुमति ली गई है? यदि नहीं, तो उक्त संलग्न कर्मचारियों को कब तक उनके मूल विभाग व पद पर कार्य करने हेतु कार्यमुक्त कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला पंचायत धार में वर्ष 2016/2017 में लिपिक वर्ग के 11 एवं चतुर्थ श्रेणी के 09 कर्मचारी संबंधित विभाग की सहमति से रिडिप्लायमेंट है। अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग दिनांक 20.07.2017 को आयोजित विडियो कान्फ्रेंस में दिये निर्देषों के अनुक्रम में जिला पंचायत धार के कार्यालयीन आदेश क्रमांक 2117 से 2123 दिनांक 20.07.2017 एवं क्रमांक 2351 दिनांक 25.07.2017 द्वारा 07 लिपिक वर्ग कर्मचारी एवं 03 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवायें मूल विभाग को वापस सौंपी गयी। जिला पंचायत धार में लिपिकों के लगभग 2 तिहाई पद रिक्त होने एवं नियमित अधिकारियो के 14 पद रिक्त होने से प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से शेष कर्मचारियों को कार्यमुक्त नहीं किया गया। (ख) कर्मचारियों की सेवाऐं रिडिप्लायमेंट करने हेतु जिला कलेक्टर अधिकृत है, शासन की अनुमति की आवश्यक नहीं है। अतः शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

शिकायत की जाँच करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

32. ( क्र. 1171 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता द्वारा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 128 दिनांक 30.11.2017 के प्रति उत्तर में जाँच उपरांत दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी बताया गया था तो क्या अब तीन-चार माह पश्‍चात भी जाँच कार्य पूर्ण हो गयी है, अथवा नहीं? (ख) यदि हाँ, तो जाँच में क्या वस्तुस्थिति पाई गई तथा संबंधित दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई एवं मजदूरों की लंबित मजदूरी का भुगतान कर दिया गया अथवा नहीं? (ग) यदि नहीं, तो कब तक कर दिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) उल्‍लेखित प्रश्‍न क्रमांक 128 अतारांकित में दिये गये उत्‍तर के अनुक्रम में वर्तमान तक जाँच की कार्यवाही पूर्ण नहीं हुई है। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रे‍क्ष्‍य में कलेक्‍टर, जिला-धार द्वारा गठित जाँच समिति द्वारा जाँच की कार्यवाही प्रचलित है। जाचं उपरान्‍त यथास्थिति कार्यवाही संभव हो सकेगी। (ग) उत्‍तरांश '' एवं '' के परिप्रे‍क्ष्‍य में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

33. ( क्र. 1212 ) श्री संजय शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा नरसिंहपुर जिले में म.प्र. डे-राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन को वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कराये गये कार्यों पर वर्षवार कितनी राशि प्रदान की गई? जानकारी देवें? (ख) मध्‍यप्रदेश डे-राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला नरसिंहपुर द्वारा नरसिंहपुर जिले में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से स्‍थानों पर कौन-कौन से कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि वर्षवार खर्च की गई? (ग) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत मध्‍यप्रदेश डे-राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राही लाभान्वित हुये वर्षवार जानकारी देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिले में आजीविका मिशन वर्ष 2015-16 में प्रारंभ हुआ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने संचालित योजनाएं

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

34. ( क्र. 1213 ) श्री संजय शर्मा : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सूक्ष्‍म,लघु ओर मध्‍यम उद्यम विभाग अन्‍तर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित (१) प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (२) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (३) मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (4) मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष २०१४-१५ से प्रश्न दिनांक तक कितने आवेदन प्राप्त हुये? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार, कितने हितग्राहियों को किन-किन योजनाओं के अंतर्गत कितना ऋण वितरित किया गया? हितग्राहियों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाओं के कितने-कितने प्रकरण किन-किन बैंकों में लम्बित हैं? इनका निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? लम्बित प्रकरणों की बैंकवार जानकारी उपलब्‍ध करायें।

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) सूक्ष्‍म,लघु और मध्‍यम उद्यम विभाग अन्‍तर्गत जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र द्वारा केन्‍द्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना एवं राज्‍य शासन की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना संचालित की जाती है। इन योजनाओं में तेंदुखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 312 आवेदन प्राप्‍त हुए हैं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कुल 117 हितग्राहियों को ऋण वितरण किया गया है। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में योजनावार बैंकों में लंबित प्रकरणों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट-अनुसार है तथा लक्ष्‍य अनुसार प्रकरणों का निराकरण किया जाता है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

प्रयोगशाला परिचारकों की जानकारी

[उच्च शिक्षा]

35. ( क्र. 1302 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्ति/पदोन्‍नति हेतु क्‍या नियम/निर्देश हैं? प्रति उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में सीधी जिले के विभिन्‍न शासकीय महाविद्यालयों में कितने प्रयोगशाला परिचारक कार्यरत हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत प्रयोगशाला परिचारकों की पदोन्‍नति कब से नहीं की गयी है? कारण सहित जानकारी देवें। कार्यरत प्रयोगशाला परिचारकों की पदोन्‍नति की कार्यवाही कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? (घ) मध्‍यप्रदेश शासन उच्‍च शिक्षा विभाग का अधिसूचना क्रमांक/2304/0262/38-2/91 भोपाल दिनांक 19.08.1991 विलोपित/संशोधित कर दिया गया है? यदि हाँ, तो संशोधन उपरांत जारी अधिसूचना की प्रति उपलब्‍ध कराये।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्ति/पदोन्नति नियम/निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) सीधी जिले के विभिन्न शासकीय महाविद्यालयों में 19 प्रयोगशाला परिचारक कार्यरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित प्रकरण विचाराधीन होने से उक्त न्यायालय के निर्णय तक पदोन्नति वर्तमान में किये जाने में कठिनाई है, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (घ) अधिसूचना की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "स" अनुसार है।

राशि का समय पर जारी न करने वालों पर कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

36. ( क्र. 1315 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश उपकर अधिनियम 1981 के कण्डिका 9 अनुसार खाली भूमियों एवं कृषि के उद्देश्‍य बाबत् उपयोग की गयी भूमियों के विक्रय, दान, भोगबंधक या 30 वर्ष या अधिक कालावधि के लिए पट्टाधारकों पर स्‍टॉम शुल्‍क का 5 प्रतिशत दर से उपकर प्रभारित उद्ग्रहित एवं संदत्‍त किये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो प्राप्‍त राशि का उपयोग ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्‍ध कराने हेतु उपयोग किया जावेगा का प्रावधान निहित है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्‍या वर्ष 2011-12 से वर्ष 2015-16 के दौरान रूपये 367.09 करोड़ एकत्रित करे गये जिसमें रूपये 241.56 करोड़ ही उपयोग हेतु जारी किये गये, जिसमें से रूपये 125.53 करोड़ अप्रयुक्‍त पड़े रहे, उपयोग हेतु जारी किये गये रूपये 241.56 करोड़ में से रूपये 3.83 करोड़ अप्रयुक्‍त पड़े हुये थे? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्‍नांश (ग) के प्राप्‍त राशि का रीवा संभाग में कब-कब कितना-कितना आवंटन राशि का प्रदान किया गया एवं उसका उपयोग कब-कब, किन-किन कार्यों हेतु किया गया का विवरण प्रश्‍नांश (ग) की अवधि से प्रश्‍नांश दिनांक तक का देवें? (ड.) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) की प्राप्‍त उपकर की राशि का उपयोग बेरोजगारों को रोजगार देने एवं ग्रामीण विकास के कार्यों में खर्च नहीं किये गये इस के लिए जिम्‍मेवारों की पहचान कर उन पर क्‍या कार्यवाही करेंगे बतावें अगर नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। दिनांक 23.08.2014 के पूर्व उपकर 5 प्रतिशत की दर से प्रभार्य होता था। दिनांक 23.08.2014 से यह दर घटाकर 2.5 प्रतिशत की गई। दिनांक 01.04.2016 से यह 10 प्रतिशत की जा चुकी हैं। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ वर्ष 2011-12 से वर्ष 2015-16 के दौरान 367.09 करोड़ उपकर के रूप में उद्ग्रहित हुए है। जी नहीं। प्राप्त राशि का उपयोग विभाग की पंच परमेश्‍वर योजना, पंचायत भवन निर्माण, ई-कक्ष निर्माण, हाट बाजार निर्माण तथा आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण हेतु त्रिस्तरीय पंचायतों को राशि जारी की गयी हैं। (घ) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार आवंटन जारी किया गया हैं। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैं। (ड.) उपकर के अंतर्गत प्राप्त राशि ग्रामीण विकास के कार्यों में खर्च की गयी हैं। विकास कार्यों के अंतर्गत निर्माण कार्य संपादित होने के फलस्वरूप बेरोजगारों को अपरोक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध हुये हैं। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता हैं।

निर्माण कार्यों की जाँच कराए जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

37. ( क्र. 1373 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के उचेहरा विकासखण्‍ड की ग्राम पंचायत पिपरोखर के ग्राम तुर्री में ग्राम कोष की राशि से पुलिया विस्‍तारीकरण का कार्य किया गया थी क्‍या कार्य हेतु राशि रूपये 2.73 लाख की प्रशासनिक स्‍वीकृति जारी की गई है। कार्य में मजदूरी रूपये 0.45 लाख एवं सामग्री रूपये 2.28 लाख व्‍यय किया जाना प्रावधानित है? अभी तक रूपये 39980/- मजदूरी में तथा रूपये 60860/- सामग्री में कुल रूपये 100840/- कार्य का भुगतान किया जा चुका है? यदि हाँ, तो आगे का कार्य अकारण क्‍यों रोक दिया गया है? किए गए कार्य में क्‍या पुरानी पुलिया में स्‍लैब डाला गया है? (ख) क्‍या ग्राम पिपरोखर में नाली निर्माण का कार्य मेघराज के घर से शिव मंदिर तक कार्य में गोपाल कोल जो लकवाग्रस्‍त हैं तथा चलने-फिरने में बिल्‍कुल असक्षम है? उस व्‍यक्ति को श्रमिक बताकर 14वां वित्‍त से पारिश्रमिक भुगतान किया गया है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में सचिव नत्‍थू सिंह द्वारा ग्राम पंचायत पिपरोखर में घटिया (निम्‍न स्‍तर) निर्माण कार्य बगैर कार्य प्रारंभ हुए सामग्री का भुगतान और शारीरिक दृष्टि से अक्षम व्‍यक्ति को मजदूरी का भुगतान करते हुए शासकीय धनराशि का खुलकर दुरूपयोग कर रहे हैं? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, अभी तक रूपये 40080/- मजदूरी में तथा रूपये 60870/- सामग्री में कुल रूपये 100950/- का भुगतान किया जा चुका हैं। कार्य के दौरान विवाद उत्पन्न होने से कार्य रोक दिया गया था। जी हाँ, पुरानी पुलिया में कोई स्लैब नहीं था और ऊंचाई कम थी जो कि जीर्णशीर्ण हो चुकी थी। अतः विद्यमान दिवालों की ऊंचाई बढ़ाकर सी.सी. मार्ग के लेविल पर नया स्लैब डाला गया। (ख) जी नहीं। श्री गोपाल कोल के अक्षम न होने से शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ग) जी नहीं। कार्य पूर्णता पर हैं एवं संतोषप्रद हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) उत्तरांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पंचायत और ग्रामीण विकास

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

38. ( क्र. 1476 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2012 में जी.आर.एस. की भर्ती मनरेगा के लिए की गई थी? यदि हाँ, तो नाम परिवर्तित कर सहायक सचिव कब कर दिया गया? आदेश की प्रति दें। क्‍या कलेक्‍टर रेट के अनुसार प्रतिवर्ष मानदेय बढ़ाया जाता है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या मंत्रिमण्‍डल में दिये गये निर्णय में सहायक सचिव को नियमित करने का प्रावधान किया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक कितने लोगों को नियमित किया गया है? यदि नहीं, तो कब तक किया जायेगा? (ग) क्‍या सहायक सचिव के साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो जाती है तो इनके पारिवारिक सदस्‍य को अनुकम्‍पा नियुक्ति देने का प्रावधान है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। विभाग के आदेश क्रमांक 932 दिनांक 06-07-2013 से सहायक सचिव नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। जी नहीं, ग्राम रोजगार सहायक अंशकालिक संविदा पर निश्चित संविदा पारिश्रमिक पर नियु‍क्‍त है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं वर्तमान नीति में इस प्रकार का प्रावधान नहीं है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

खुले में मांस का विक्रय

[नगरीय विकास एवं आवास]

39. ( क्र. 1521 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सतना नगर पालिका निगम सीमा में किन-किन स्‍थानों पर खुले में मीट का विक्रय किया जा रहा है? क्‍या घनी आबादी में खुलेआम मीट बेचने से शाकाहारी जनता को परेशानी नहीं हो रही है? (ख) सतना शहर के बाहर मीट मार्केट का निर्माण होने के बाद भी शहर के भीतर जगह-जगह पर मीट बेचे जाने के लिए कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? (ग) शहर में खुले मीट विक्रय को रोकते हुए कब तक इसे नवनिर्मित मीट मार्केट में शिफ्ट कर दिया जायेगा? समय-सीमा भी दें। दोषियों पर भी कार्यवाही कर बतायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) सतना शहर में भिन्‍न-भिन्‍न स्‍थानों पर जिनके द्वारा मीट बेचने का कार्य किया जा रहा है, की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है, जी नहीं। (ख) नगर पालिक निगम सतना द्वारा शहर के बाहर मीट मार्केट का निर्माण नहीं किया गया है, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगर पालिक निगम सतना द्वारा शहर के मध्‍य भैंसाखाना में स्‍लाटर हाउस स्थित है वहीं पर मीट विक्रय का अनुमति बाजार है, शहर के बाहर मीट मार्केट निर्माण की योजना तैयार की जा रही है, योजना की स्‍वीकृति पश्‍चात निर्माण कार्य कराया जायेगा तदोपरांत मीट व्‍यवसायियों को मीट मार्केट में विस्‍थापित कर दिया जायेगा, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

वॉटर शेड परियोजना का मूल्‍यांकन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

40. ( क्र. 1522 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला पंचायत सतना द्वारा वॉटर शेड परियोजना मैहर वि.ख. अंतर्गत ग्राम पंचायत भरौली, कुसेडी, गोरईयां कला में चलाई गई थी? यदि हाँ, तो किन-किन गाम पंचायतों में कितने-कितने कार्य पूर्ण/अपूर्ण किये गये? प्रशासकीय एवं तकनीकी स्‍वीकृति क्रमांक, दिनांक तथा राशि का विवरण उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या उक्‍त परियोजना के वॉटर शेड उपयंत्री द्वारा मूल्‍यांकन किया गया था? यदि हाँ, तो किस कार्य का कितना मूल्‍यांकन किया गया? (ग) क्‍या उक्‍त परियोजना की कोई शिकायत प्राप्‍त हुई थी? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही हुई? प्रतिवेदन सहित पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या उक्‍त परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को किसी अन्‍य विभाग में भेजा गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या उक्‍त सभी ग्रामों में कितने परियोजना पर कितना-कितना पैसा किस-किस कार्य में खर्च हुआ है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 1  अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्राप्‍त शिकायतों की जाँच कराई गई। प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-23 अनुसार है। (घ) जी हाँ। क्‍योंकि परियोजना समाप्‍त हो गई। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

रतलाम जिले में परियोजना अधिकारी की नियुक्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

41. ( क्र. 1531 ) श्री उमंग सिंघार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या रतलाम जिले में परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण रतलाम का पद रिक्‍त है? (ख) क्‍या नगरीय प्रशासन आयुक्‍त ने पत्र क्र. शाखा-9/स्‍था/159/2017/22070/ दिनांक 29.09.2017 द्वारा रिक्‍त परियोजना अधिकारी के पदों पर आयुक्‍त नगर निगम/सी.एम.ओ. नगर पालिका को अतिरिक्‍त चार्ज देने के आदेश जारी किए हैं? यदि हाँ, तो आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या वर्तमान में प्रभारी परियोजना अधिकारी की नियुक्ति व पदोन्‍नति के संबंध में पूछे गये प्रश्‍न क्र. 5817 (अतारांकित) में शासन ने बताया कि इनको नियुक्ति साड़ा (खजुराहो) में जनसंपर्क सहायक तृतीय श्रेणी के पद पर तदर्थ रूप से की गई थी? (घ) क्‍या एस कुमार को पत्र क्र.-एफ4-03/2017/18-1 दिनांक 23.09.2017 द्वारा नगरीय विकास एवं आवास विभाग, भोपाल द्वारा अपने मूल पद पर नगर परिषद् खजुराहो में पदस्‍थ करने का आदेश जारी किया है? क्‍या उपरोक्‍त आदेश का पालन किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या एस कुमार प्रभारी परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण रतलाम की नियुक्ति व पदोन्‍नति संबंधी शिकायत पर जाँच संयुक्‍त संचालक इन्‍दौर को सौंपी गई है तथा जाँच पर अब तक क्‍या कार्यवाही हुई है? क्‍या यह सही है कि एस कुमार की नियुक्ति के संबंध में मूल रिकार्ड जाँच अधिकारी को अब तक उपलब्‍ध नहीं हो पाया? (च) क्‍या नगरीय प्रशासन मंत्री यह बताएंगे कि एस कुमार की नियुक्ति व पदोन्‍नति के गड़बड़ की शिकायत की जाँच कितने समय में पूर्ण हो जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। राज्‍य शासन के आदेश क्रमांक एफ 4-03/2017/18-1 दिनांक 23.09.2017 से श्री एस. कुमार, परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण रतलाम को उनकी मूल निकाय नगर परिषद् खजुराहो में पदस्‍थ किया गया है। कलेक्‍टर रतलाम द्वारा उन्‍हें भारमुक्‍त नहीं किए जाने से परियोजना अधिकारी का पद रिक्‍त नहीं है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ। जी नहीं। कलेक्‍टर रतलाम द्वारा उन्‍हें भारमुक्‍त नहीं किया गया है। (ड.) जी हाँ। संचालनालय के पत्र क्रमांक 19132 दिनांक 31.07.2017 से संयुक्‍त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास इंदौर एवं श्री प्रदीप निगम कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास उज्‍जैन को संयुक्‍त रूप से जाँचकर्ता अधिकारी नियु‍क्‍त किया गया है। जी हाँ। श्री एस. कुमार की नियुक्ति के संबंध में नगर पंचायत खजुराहो जिला छतरपुर ने पत्र दिनांक 27.05.1999 से मूल अभिलेख तत्‍कालीन संयुक्‍त संचालक को दिनांक 31.05.1999 को विधान सभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 5260 दिनांक 19.02.1999 के संबंध में उपलब्‍ध कराये गये थे। (च) जाँच कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

वर्ष 2017-18 हेतु निर्धारित शुल्‍क की समीक्षा

[उच्च शिक्षा]

42. ( क्र. 1541 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. निजी विश्‍वविद्यालय विनियामक आयोग भोपाल द्वारा वर्ष 2017-18 हेतु पाठ्यक्रम बी.कॉम., बी.कॉम. टैक्‍सेशन, बी.एस.सी., बी.सी.ए. में निर्धारित शुल्‍क की समीक्षा उपरांत अत्‍याधिक फीस शुल्‍क पाई गई जिनसे आर्थिक कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को आर्थिक समास्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है? इस संबंध में शासन द्वारा फीस शुल्‍क कम किये जाने की क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ख) जिला सिंगरौली के अंतर्गत निजी महाविद्यालयों के छात्रों को छात्रावृत्ति अनु.जाति, जन जाति व अन्‍य पिछड़ा वर्ग के विषयवार निर्धारित क्‍या जिलावार है या प्रदेश स्‍तर पर शुल्‍क अलग-अलग है।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) जिला ‍सिंगरौली के अन्‍तर्गत छात्रवृत्ति हेतु अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व ‍पिछड़ा वर्ग के छात्रों की फीस केपिंग जिलेवार है। प्रदेश स्‍तर पर शुल्‍क अलग-अलग है। ‍विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', '' एवं '' अनुसार है।

अग्निशामक यंत्र की मांग 

[नगरीय विकास एवं आवास]

43. ( क्र. 1557 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विकासखण्ड सिंहावल में जन प्रतिनिधियों द्वारा एक अग्निशामक यंत्र की मांग की गई थी? यदि हाँ, तो कब? प्रश्‍न दिनांक तक अग्निशामक वाहन क्यों नहीं उपलब्ध कराया गया? (ख) संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश भोपाल का पत्र क्रमांक 07/सांप्र/2017/8721 भोपाल दिनांक 04/07/2017 द्वारा लेख किया गया है कि 50 हजार की जनसंख्या पर एक नग फायर वाहन उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है विकास खण्ड सिंहावल की जनसंख्या लगभग 1 लाख 50 हजार है फिर क्यों फायर वाहन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है? कब तक उपलब्ध कराया जायेगा। (ग) क्या प्रति वर्ष आगजनी से ग्रामीणों व किसानों को अत्याधिक जन-धन की हानि होती है? जिसमें शासन को अनुदान के रुप में आर्थिक सहायता करनी पड़ती है।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 12.06.2017 को भारत सरकार, स्‍टेण्डिंग फायर एडवायजरी कमेटी द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार 50,000 की जनसंख्‍या पर 01 नग फायर वाहन उपलब्‍ध कराने का प्रावधान है और यह प्रावधान केवल शहर एवं नगर की जनसंख्‍या पर लागू किये गये हैंजिसके अनुसार नगरीय निकायों को फायर ब्रिगेड वाहन उपलब्‍ध कराया जाता है। उक्‍त के दृष्टिगत विकासखंड सिहावल को फायर वाहन उपलब्‍ध नहीं कराया गया है। (ख) उल्‍लेखित पत्र में भारत सरकार, स्‍टेण्डिंग फायर एडवायजरी कमेटी द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड नगरीय निकाय के लिये लागू हैं न कि विकासखंड के लिये। अतएव शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँप्रतिवर्ष यदाकदा आगजनी की घटनायें होती हैंजिसके कारण जन-धन की हानि होती है तथा शासन द्वारा नियमानुसार आर्थिक सहायता दी जाती है।

आंगनवाड़ी भवन निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

44. ( क्र. 1580 ) श्री कैलाश चावला : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी भवन बनाए जाने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर भवन निर्माण में कुछ राशि दिए जाने का निर्णय किया गया था, यदि हाँ, तो उक्‍त निर्णय अनुसार कितनी राशि का भवन बनाया जाना था व इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कितनी राशि दी थी व पंचायत विभाग द्वारा कितनी राशि दी जानी थी? (ख) क्‍या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उक्‍त राशि आवंटित न किए जाने के निर्णय से आंगनवाड़ी भवन की राशि प्राप्‍त नहीं हो पा रही व निर्माण अधूरे पड़े हुए हैं? (ग) क्‍या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ि‍यों का आवंटन हो चुका है व कार्य शुरु हो चुके हैं? उनके निर्माण के लिए वांछित धनराशि पूर्व निर्णय अनुसार उपलब्‍ध कराने पर पूर्नविचार करेगें? ताकि आंगनवाड़ि‍यों का कार्य पूर्ण हो सके।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण मनरेगा अभिसरण से प्रति इकाई लागत राशि 7.80 लाख से किया जाना है। जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग का अंश 2.00 लाख, पंचायत विभाग का अंश 4.00 लाख तथा मनरेगा अभिसरण अंश राशि रूपये 1.80 लाख है। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। जिन आंगनवाड़ियों की राशि जारी की जा चुकी है उनमें कार्य यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जा रहा है। शेष नवीन आंगनवाड़ियों में पूर्व निर्णय अनुसार धनराशि उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्न  उपस्थित नहीं होता।

राज्‍य मंत्रि परिषद् के निर्णय का पालन न किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

45. ( क्र. 1759 ) श्री रामनिवास रावत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या माह सितम्‍बर 2013 को राज्‍य मंत्रिपरिषद् की बैठक में म.प्र. राज्‍य वस्‍त्र स्‍वच्‍छता मंडल के गठन का निर्णय लिया था एवं दिनांक 09 जनवरी 2014 को महामहिम राज्‍यपाल के अभिभाषण के बिन्‍दु क्रमांक-29 में म.प्र. के शिल्‍पी मंडल, म.प्र. राज्‍य वस्‍त्र स्‍वच्‍छता मंडल एवं म.प्र. सिलाई कला मंडल का गठन किया गया है, का उल्‍लेख किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या म.प्र. शासन नगरीय प्रशासन विकास विभाग के आदेश क्रमांक एफ 1-35/2013/18-3 दिनांक 26 सितम्‍बर 2013 को म.प्र. राज्‍य वस्‍त्र स्‍वच्‍छता मंडल का गठन किये जाने के आदेश प्रसारित किये गये थे एवं कार्यालय हेतु स्‍टाप भी स्‍वीकृत किया गया था? (ग) यदि हाँ, तो राज्‍य मंत्रिमंडल के उक्‍त निर्णय के पालन में म.प्र. राज्‍य वस्‍त्र स्‍वच्‍छता मंडल का अध्‍यक्ष, उपाध्‍यक्ष एवं सदस्‍य राज्‍य सरकार द्वारा किन-किन को कब-कब मनोनीत किया गया है? (घ) स्‍वच्‍छता मण्‍डल के संचालन के लिए किस वित्‍तीय वर्ष में कितनी-कितनी राशि का बजट का प्रावधान किया जाकर कितनी-कितनी राशि कब-कब आवंटित की गई? (ड.) स्‍वच्‍छता मंडल के गठन दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य पर व्‍यय की गई? (च) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में राज्‍य मंत्रिपरिषद् के निर्णय को चार वर्ष से भी अधिक का समय बीत जाने के बावजूद स्‍वच्‍छता मंडल को अस्तित्‍व में नहीं लाये जाने के क्‍या कारण है तथा इस के लिए कौन-कौन दोषी हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) वर्तमान में मनोनीत नहीं किया गया है। (घ) एवं (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (च) प्रकरण विचाराधीन होने से दोषी होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मोहखेड विकासखण्‍ड के टेमनीखुर्द से सलैयाकला मार्ग का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

46. ( क्र. 1856 ) श्री जतन उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. छिन्‍दवाड़ा जिले के मोहखेड विकासखण्‍ड के ग्राम टेमनीखुर्द से सलैयाकला मार्ग का निर्माण कब शुरू हुआ? कितने लागत से निर्माण किया गया है तथा किस एजेंसी द्वारा किया गया है? (ख) उक्‍त मार्ग में कुल कितने पुल-पुलियों का निर्माण का प्रावधान था तथा कितने पुल-पुलियों का निर्माण किया गया है? (ग) क्‍या उक्‍त मार्ग का कार्य पूर्ण कर पूर्णत: प्रमाण पत्र जारी कर दिया है? यदि हाँ, तो कब किया गया है और नहीं तो क्‍यों नहीं? (घ) उक्‍त मार्ग के निर्माण की सम्‍पूर्ण कार्ययोजना तथा प्राक्‍कलन की सम्‍पूर्ण जानकारी देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) ग्राम टेमनीखुर्द एवं ग्राम सलैयाकला प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पैकेज एम.पी-0752 के अंतर्गत निर्मित ग्रेवल मार्ग ''एस.एच.-26 से मेहलारी बाकुल'' के मध्य स्थित है वर्तमान में इस मार्ग के डामरीकरण का कार्य प्रगतिरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) 37 पुल-पुलियों का प्रावधान था। समस्त पुल-पुलियाओं का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) ग्राम मेहलारी बाकुल को मुख्‍य मार्ग से संपर्कता देने हेतु ''एस.एच.-26 से मेहलारी बाकुल'' तक ग्रेवल मार्ग का निर्माण माह जनवरी 2008 में पूर्ण किया गया। इसी मार्ग के डामरीकरण हेतु कार्य दिनांक 09.12.2017 से प्रारंभ कराया गया है। प्राक्कलन की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

अवैध कॉलोनियों का नियमितीकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

47. ( क्र. 1861 ) श्री जतन उईके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत 5 वर्षों में छिंदवाड़ा जिले की पांढुर्णा नगर पालिका की कितनी अवैध कॉलोनियों में कितने शिविर लगाकर वैध करने की क्‍या-क्‍या कार्यवाही किस-किस दिनांक को की गई? यदि नहीं, तो इसके क्‍या कारण है? (ख) नगर पालिका की कुल जनसंख्‍या के 30-35 प्रतिशत नागरिकों के अवैध कॉलोनियों में निवास एवं मूलभूत सुविधाओं के न होने से हो रही असुविधा को देखते हुए क्‍या निश्चित समयावधि में कॉलोनियों का नियमितकरण कड़ाई से कराये जाने के आदेश समक्ष प्राधिकारी नगर पालिका को प्रदान करेंगे? (ग) शासन के समक्ष अवैध कॉलोनियों के विकास हेतु कुल लागत का 50 प्रतिशत कॉलोनी निवासियों से लिये जाने के वर्तमान प्रावधान को कम करने की माननीय मुख्‍यमंत्री की दिनांक 15.12.2015 की सदन की घोषणानुसार कोई प्रस्‍ताव लम्बित है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा कब तक निर्णय लिया जावेगा?