मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


बुधवार, दिनांक 14 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



पेयजल समस्‍या का निराकरण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

1. ( *क्र. 2276 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पी.एच.ई.डी. के द्वारा पेयजल समस्‍या के निराकरण हेतु शासन की क्‍या नीति व निर्देश प्रचलन में हैं? (ख) पी.एच.ई.डी. को मध्‍यप्रदेश से विगत चार वर्ष से खण्‍ड मुरैना को कितने हैंडपंप की स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई? जानकारी वर्षवार दें (ग) परोक्‍त अनुसार मुरैना जिले के लिए प्राप्‍त हैंडपंप कितने स्‍वीकृत किये गये व स्‍वीकृति हेतु किन-किन जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किये गये? जानकारी विधान सभा क्षेत्रवार दी जावे

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 के अनुसार है।

मे. रॉयल केटर्स द्वारा निविदा की शर्तों का उल्‍लंघन

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

2. ( *क्र. 2418 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत् 3 वर्ष में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय को केन्‍टीन ठेका मेसर्स, रॉयल केटर्स द्वारा वर्तमान कुल सचिव की कालावधि में कुल कितनी अवधि तक संचालित किया गया है? वर्षवार जानकारी देवें। (ख) राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय द्वारा मेसर्स रॉयल केटर्स के केन्‍टीन आवंटन की अवधि में कुल कितनी रॉयल्‍टी राशि प्राप्‍त की जानी थी और कितनी रॉयल्‍टी राशि प्राप्‍त की गई? दिनांकवार एवं वर्षवार जानकारी देवें। (ग) क्‍या मेसर्स रॉयल केटर्स द्वारा निविदा की शर्तों के अनुसार ही रॉयल्‍टी की एक मुश्‍त राशि कुल सचिव द्वारा जमा कराई गई है? यदि हाँ, तो कब, नहीं तो क्‍यों? इस हेतु कौन उत्‍तरदायी है एवं उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) एकमुश्‍त राशि कब तक जमा करा दी जावेगी? (ड.) क्‍या मेसर्स रॉयल केटर्स को निविदा की शर्त के उल्‍लंघन हेतु चेतावनी पत्र जारी किया गया है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो कब-कब?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) मेसर्स रॉयल केटर्स को दिया गया ठेका वर्तमान कुलपति के कार्य के पूर्व से ही वर्ष 2014 से संचालित था। नियमानुसार विश्‍वविद्यालय के पत्र दिनांक 17.10.2017 द्वारा मेसर्स वी.आई.पी. सर्विसेजको ठेका दिया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) रॉयल केटर्स से अनुबंध द्वारा वर्ष 2015 की अवधि में निविदा की शर्तों अनुसार पूर्व में जमा रॉयल्‍टी रूपये 7,21,101/- पर 10 प्रतिशत अधिक राशि की वृद्धि की जाकर राशि रूपये 7,93,211/- जमा की जानी थी। (रॉयल केटर्स से अनुबंध की अवधि दिनांक 25.12.2015 तक थी), जिसके विरूद्ध मेसर्स रॉयल केटर्स द्वारा किश्‍तों में दिनांक 26.11.2015 से 31.03.2016 तक राशि रूपये 1,98,304/- एवं दिनांक 01.04.2016 से 31.07.2016 तक राशि रूपये 2,64,404/- (कुल राशि रूपये 4,62,708) जमा की गई। विश्‍वविद्यालय स्‍तर पर गठित समिति की अनुशंसा संबंधित केटर्स को निविदा प्रक्रियाधीन होने के कारण केन्‍टीन संचालक की अनुमति दी गई थी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) संबंधित केटर्स द्वारा वर्ष 2014 से ही एकमुश्‍त राशि जमा नहीं कराये जाने के कारण धरोहर राशि एवं उसके समस्‍त देयकों का भुगतान वि.वि. के पत्र दिनांक 16.10.2017 द्वारा रोका गया है। चूंकि ठेका पूर्व से ही प्रदान किया गया है, एकमुश्‍त राशि जमा नहीं किये जाने का उत्‍तरदायित्‍व जाँच उपरांत निर्धारित किया जायेगा। (घ) संबंधित ठेका निरस्‍त किया गया है, शेष राशि की वसूली हेतु कानूनी कार्यवाही की जा रही है। (ड.) विश्‍वविद्यालय द्वारा मेसर्स रॉयल केटर्स को पूर्ण बकाया राशि जमा करने हेतु पत्र दिनांक 03.02.2018 जारी किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

सुमावली विधान सभा क्षेत्रांतर्गत नल-जल योजना का संचालन 

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

3. ( *क्र. 3881 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सुमावली विधान सभा क्षेत्र के ग्राम नन्‍दपुरा, बरौली, हेतमपुर की ग्रामीण नल-जल योजना की वर्तमान में क्‍या स्थिति है? ग्राम पंचायतवार जानकारी दी जावे। (ख) उक्‍त योजना में ग्रामों में खनन कब किये गये? विगत 02 वर्षों में उन पर संपूर्ण कार्यों सहित कितनी राशि खर्च की गई? वर्ष, राशि सहित पूर्ण जानकारी दी जावे। (ग) क्‍या शासन द्वारा उक्‍त योजना को बंद कर दिया है? यदि नहीं, तो पूर्ण नहीं करने में विलंब के क्‍या कारण रहे? (घ) क्‍या शासन उक्‍त नल-जल योजना को राशि आवंटित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। योजनाओं में पर्याप्त क्षमता के स्त्रोतों का अभाव होने के कारण। (घ) जी हाँ। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है।

परिशिष्ट - ''दो''

जबलपुर जिले में प्रदूषणयुक्‍त वाहनों पर कार्यवाही

[परिवहन]

4. ( *क्र. 579 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जबलपुर जिले में पी.यू.सी. वाहन नियुक्त किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2017-18 में कितने वाहनों का निरीक्षण किया गया? (ग) क्या‍ निर्धारित मापदण्‍ड से अधिक प्रदूषण वाले वाहनों पर कार्यवाही की गई? (घ) यदि हाँ, तो कितने वाहनों पर कार्यवाही की गई?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। परिवहन विभाग द्वारा जबलपुर जिले में 35 पी.यू.सी. सेन्टर नियुक्त किये गये हैं। (ख) से (घ) परिवहन विभाग द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में 4568 वाहनों का निरीक्षण 35 पी.यू.सी. सेन्टर के माध्यम से किया गया है। विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्ड से अधिक प्रदूषण फैलाने वाले 137 वाहनों पर नियमानुसार कार्यवाही की गई है।

कृषकों को मुआवजा/फसल बीमा का भुगतान

[राजस्व]

5. ( *क्र. 614 ) श्री भंवर सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बदनावर अन्‍तर्गत खरीफ की फसल की वर्ष 2017 में अल्प वर्षा एवं सूखे के कारण उपज आनावरी 50 प्रतिशत से कम रही है? क्या किसानों को क्षतिपूर्ति हेतु मुआवजा दिया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) विधानसभा क्षेत्र बदनावर अन्‍तर्गत खरीफ की फसल वर्ष 2017 में अल्प वर्षा एवं सूखे के कारण उपज आनावरी 50 प्रतिशत से कम रही है, क्या किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? कितनी राशि‍ प्रति हेक्टेयर फसल वार प्रदान की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बदनावर अन्‍तर्गत खरीफ वर्ष 2017 में सूखा मैन्‍युल 2016 के नियमानुसार वैज्ञानिक मापदण्‍डों की पूर्ति‍ नहीं होने से सूखा घोषित नहीं होने के कारण मुआवजा की पात्रता नहीं है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) जी हाँ, एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कम्‍पनी ऑफ इंडिया लि. के माध्‍यम से बीमा किया जाता है। फसल बीमा का लाभ फसल कटाई प्रयोग के आधार पर उत्‍पादन में कमी पाई जाती है तो निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार पात्रता होने पर ही बीमा राशि दी जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

झांसी-खजुराहो सड़क निर्माण में अधिगृहीत भूमि का मुआवजा

[राजस्व]

6. ( *क्र. 1360 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या झांसी-खजुराहो एन.एच. सड़क का निर्माण छतरपुर जिला मुख्‍यालय में बाई-पास सड़क निर्माण के रूप में राजनगर रोड पर किया जा रहा है? उक्‍त एन.एच. के निर्माण में जिन किसानों की पटैती भूमि/मालकाना हक की भूमि शासन द्वारा अधिग्रहण की है, उन किसानों को बहुत ही कम दर पर मुआवजा राशि दी जा रही है? (ख) क्‍या छतरपुर से राजनगर रोड पर कृषक राम अवतार S/o भान सिंह की कृषि भूमि खसरा क्र. 238/1, 241, 245 कुल रकबा 4,325 हे., जो पटवारी हल्‍का बरकुआं (‍पलौठाहार) तह. जिला छतरपुर में स्थित है, उक्‍त कृषक की भूमि में से उक्‍त झांसी-खजुराहो एन.एच. का निर्माण किया जा रहा है तथा उक्‍त किसान द्वारा मुआवजा राशि न लेकर उसकी भूमि के बदले पास से लगी हुई शासकीय भूमि खसरा क्र. 228/2/3 की मांग की जा रही है? यदि हाँ, तो क्‍या जिला कलेक्‍टरों को शासन के नियमानुसार भूमि तल-बदल किये जाने के अधिकार हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त किसान को भूमि के बदले भूमि प्रदाय किये जाने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) से (ख) के संबंध में उक्‍त किसान को यदि भूमि के बदले भूमि नहीं मिले एवं मुआवजा भी नहीं ले रहा है, ऐसी स्थिति में उक्‍त किसान को किस प्रकार की योजना से उसकी पटैती भूमि अधिग्रहण की भरपाई करेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। प्रावधान अनुसार मुआवजा निर्धारण किया गया है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। खसरा क्रमांक 238/1 एवं खसरा क्रमांक 241 के अंश भाग पर निर्माण हो रहा है। जी हाँ। जी नहीं। भू-अर्जन की कार्यवाही होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में कृषक को प्रचलित अधिनियम के तहत मुआवजा भुगतान ही किया जा सकता है।

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोला जाना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

7. ( *क्र. 329 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रत्येक विकासखण्ड में शासन द्वारा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जाने के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो राजगढ़ जिले के कौन-कौन से विकासखण्ड के किस स्थान पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले गये हैं एवं उनमें कौन-कौन से विषय कितनी-कितनी सीटों हेतु स्वीकृत किये गये हैं? विषयवार सीटों की संख्या से अवगत करावें (ख) सारंगपुर विकासखण्ड के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ना खोले जाने के क्या कारण हैं एवं भविष्य में कब तक सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के पचोर एवं सारंगपुर नगर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जावेगी? (ग) क्या कौशल उन्नयन केन्द्र को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में उन्नयन किये जाने के शासन के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो क्या विकासखण्ड सारंगपुर में संचालित कौशल उन्नयन केन्द्र को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में उन्नयन किया जा सकता है? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभाग की नीति प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में एक आई.टी.आई. खोलने की है। राजगढ़ जिले में जीरापुर एवं सारंगपुर विकासखण्‍ड में कोई शासकीय आई.टी.आई. संचालित नहीं है। जीरापुर विकासखण्‍ड में 01 प्रायवेट आई.टी.आई. तथा सारंगपुर विकासखण्‍ड में 02 प्रायवेट आई.टी.आई. संचालित हैं। वर्तमान में 119 विकासखण्‍ड ऐसे हैं, जिनमें शासकीय आई.टी.आई. नहीं है तथा 58 विकासखण्‍ड ऐसे हैं, जिनमें शासकीय/प्रायवेट आई.टी.आई. संचालित नहीं है। इतनी अधिक संख्‍या में शासकीय आई.टी.आई. एक साथ खोलना संभव नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

अपराधों की जानकारी

[गृह]

8. ( *क्र. 3889 ) श्री जितू पटवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जनवरी 2017 से दिसम्‍बर 2017 तक महिलाओं के प्रति विभिन्‍न अपराधों की शीर्ष (head) अनुसार संख्‍या क्‍या है तथा वर्ष 2016 की तुलना में कितने प्रतिशत किस head में वृद्धि या कमी हुई? वर्ष 2017 में प्रतिदिन औसतन कितनी महिलाओं के साथ बलात्‍कार हुआ तथा औसतन प्रतिदिन कितनी महिलाओं का अपहरण हुआ? (ख) जनवरी 2017 से दिसम्‍बर 2017 तक महिलाओं के प्रति विभिन्‍न अपराधों पर न्‍यायालय में कितने प्रकरणों में फैसले दिये गए, उनमें से कितने प्रकरणों में दोषमुक्‍त हुये तथा कितनों को सजा हुई? सजा का प्रतिशत कितना है? बलात्‍कार (376), गैंग रेप, अपहरण (363, 364, 366 आई.पी.सी.) के प्रकरणों में न्‍यायालय द्वारा वर्ष 2017 में दिये गये फैसलों में सजा का प्रतिशत बतायें। (ग) क्‍या वर्ष 2016 में एस.सी. तथा एस.टी. पर घटित अपराध में क्रमश: 36 % तथा 47 % की वृद्धि हुई है? यदि हाँ, तो इसका कारण बतावें तथा 2017 में इसमें कितने प्रतिशत की वृद्धि या कमी हुई तथा बतावें कि वर्ष 2016 तथा 2017 में न्‍यायालय द्वारा एस.सी. तथा एस.टी. के खिलाफ घटित अपराध पर दिये गये फैसले में सजा का प्रतिशत क्‍या है? (घ) प्रशासकीय प्रतिवदेन 2016-17 के पृष्‍ठ 27 पर विधि विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की टेबल में क्रमांक 8, 9, 10 तथा 14 को छोड़कर शेष क्रमांक के बारे में बतावें कि पत्राचार क्र. 1 से 4, 6, 11 से 13 आवश्‍यक कार्यवाही (क 5) तथा जाँच प्रतिवेदन (क 7) के परिणाम क्‍या हैं? क्‍या सारे प्रकरणों में कार्यवाही संपन्‍न हो गई है? यदि नहीं, तो संख्‍या बतावें तथा 2017 में भी विधि विभाग की कार्यवाही का विवरण ऊपर अनुसार प्रस्‍तुत करें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 172  अंतर्गत भूमि का व्‍यपवर्तन

[राजस्व]

9. ( *क्र. 1483 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता 1959 में प्रदेश के कुछ अनुसूचित जनजाति के क्षेत्रों को शेड्यूल 5 के तहत रखा गया है? इस नियम के कारण शेड्यूल 5 के तहत इन अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के सदस्‍यों के नागरिक मुख्‍यालय में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्‍या न होते हुए भी सामान्‍य सहित अन्‍य वर्गों को अपनी भूमि का व्‍यपवर्तन अर्थात् डायवर्सन करने में लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है? (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 172 के तहत अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के 815 के नियम में इस आदिवासी वर्ग की जनसंख्‍या के न होने के कारण नगरीय निकाय में उक्‍त नियम में शिथिलता प्रदान की जायेगी? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) के प्रकाश में भूमि का व्‍यपवर्तन अर्थात डायवर्सन में मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता 1959 में प्रदेश के कुछ अनुसूचित जनजाति के क्षेत्रों को शेड्यूल 5 में छूट प्रदान की जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 165 (6-ड.ड.) के अनुसार आदिम जनजाति के भूमि स्‍वामि से भिन्‍न भूमि स्‍वामी द्वारा अन्‍य व्‍यक्ति जो आदिम जनजाति का न हो, को अंतरित भूमि, अंतरण के दिनांक से 10 वर्ष तक व्‍यपवर्तन के लिये प्रतिबंधित है। स्‍पष्‍ट प्रतिबंध होने से व्‍यपवर्तन नहीं किये जा सकते, अत: विलंब का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

थाना सिटी कोतवाली सतना में दर्ज अपराध पर कार्यवाही  

[गृह]

10. ( *क्र. 1727 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले के धवारी मोहल्ला निवासी रामनरेश पांडे द्वारा थाना सिटी कोतवाली में गंगा गृह निर्माण समिति धवारी के विरुद्ध दिनांक 16.01.2016 को मय दस्तावेज शिकायत पत्र के साथ संलग्न कर जाँच हेतु दिया गया था? यदि हाँ, तो क्या उक्त पत्र की जाँच पश्चात् समिति के खिलाफ अपराध क्रमांक 782, दिनांक 23.11.2017 पंजीबद्ध किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या शिकायतकर्ता द्वारा पुनः दिनांक 06.12.2017 को पुलिस अधीक्षक सतना को पत्र प्रस्तुत कर मूल डायरी के मूल दस्तावेजों की हेराफेरी करने पर मूल डायरी का अवलोकन कर अन्य राजपत्रित अधिकारी से जाँच करवाए जाने का अनुरोध किया गया है? उक्त पत्र पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों? (ग) क्या संबंधित प्रकरण के संबंध में जाँच अधिकारी द्वारा समिति के सदस्यों से मूल राशन कार्ड/मूल श्‍ापथ पत्रों को संकलित कर लिया गया है? यदि हाँ, तो मूल राशन कार्डों के ऊपरी पृष्‍ठों सहित सभी पन्नों की तथा मूल शपथ-पत्र की छायाप्रति उपलब्ध करावें? (घ) क्या जाँच अधिकारी द्वारा, समिति द्वारा संचालित गंगापुरम कॉलोनी धवारी में जाकर अपराधियों की पतासाजी की गई? यदि हाँ, तो उनका मकान नंबर, गली नंबर, मोहल्ला/वार्ड तथा आधार कार्ड/परिचय पत्र की छायाप्रति सहित जानकारी देवें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। जाँच कार्यवाही नगर पुलिस अधीक्षक सतना द्वारा प्रचलन में है। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ। विवेचना की कार्यवाही का विवरण देना न्यायसंगत नहीं है।

ग्वालियर पुलिस द्वारा दर्ज अपराध

[गृह]

11. ( *क्र. 2673 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 14 नवम्बर, 2017 को युवा काँग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री कुणाल चौधरी, पूर्व विधायक श्री रमेश अग्रवाल एवं ग्वालियर युवक काँग्रेस के लोकसभा अध्यक्ष श्री संजय सिंह यादव के नेतृत्व में क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर आयुक्त ग्वालियर संभाग ग्वालियर को मोतीमहल में ज्ञापन देना था? क्या इस ज्ञापन के लिये कलेक्‍टर ग्वालियर को दिनांक 02 नबम्वर, 2017 को विधिवत स्वीकृत हेतु ऑनलाईन आवेदन किया था? क्या इस ऑनलाईन आवेदन की प्रति एवं लोकसभा अध्यक्ष संजय सिह यादव द्वारा पत्र क्र. 508 एवं 509 दिनांक 10 नवम्बर, 2017 को सी.एस.पी. लश्‍कर एवं झांसी रोड को दिया गया था? यदि हाँ, तो पत्रों की छायाप्रति दें? फिर दिनांक 14 नवम्बर, 2017 को समस्याओं के निराकरण के लिये आयुक्त महोदय को ज्ञापन देने जाते समय रास्ते में लाठियों, डन्डों एवं वाटर कैनन से रोककर क्यों मारा-पीटा गया? (ख) किस कारण से पुलिस द्वारा किन-किन नेताओं एवं जनता पर किस-किस धारा के अंतर्गत झूठे केस लगाये गये? इसके लिये कौन-कौन पुलिस अधिकारी दोषी हैं? क्या दोषियों के प्रति कोई दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक? (ग) क्या नेताओं एवं जनता पर लगाये गये झूठे, गलत केसों को वापिस लिया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) ग्वालियर जिले के थाना जनकगंज, इन्दरगंज, पड़ाव, माधौगंज एवं गिरवाई तथा भितरवार विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थानों में कौन-कौन पुलिस अधिकारी/कर्मचारी पदस्‍थ हैं? उनका नाम, पद, पदस्थापना दिनांक बतावें

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। दिनांक 10.11.2017 को सी.एस.पी. लश्कर व झांसी रोड को दी गई, आवेदन की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '' '' अनुसार है। दिनांक 14.11.2017 को श्री संजय सिंह यादव, अध्यक्ष लोकसभा युवा कांग्रेस ग्वालियर द्वारा फूलबाग मैदान पर आमसभा का आयोजन किया गया था, तत्पश्चात् संजय सिंह यादव अपने करीब 500 कार्यकर्ताओं के साथ चौपाटी होते हुये कमि‍श्नर कार्यालय मोतीमहल ग्वालियर जाने लगे। इन्हें रोकने हेतु चौपाटी पर बैरीकेट्स लगाये गये, इनके द्वारा अनुमति का उल्लंघन कर जबरन बैरीकेट्स हटाये, तब इन्हें रोकने हेतु वाटर कैन का उपयोग पुलिस द्वारा किया गया। अनुमति के उल्लंघन पर थाना पड़ाव में अप. क्रमांक 612/17 धारा 147, 188 भा.द.वि. कायम किया गया जो अभी विवेचना में है। (ख) किसी के भी विरुद्ध कोई झूठा केस नहीं लगाया गया है, अतः किसी भी पुलिस अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। (ग) अभी तक की विवेचना में पंजीबद्ध अपराधिक प्रकरण गलत नहीं पाया गया है। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नानुसार पूछे गये थानों में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारी की सूची पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

गलत नामांतरण की जाँच/कार्यवाही

[राजस्व]

12. ( *क्र. 3606 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर जिले के तहसील कार्यालयों में कार्यरत तहसीलदारों द्वारा किये जाने वाले जमीनों के नामांतरण के संबंध में गलत नामांतरण करने संबंधी शिकायत अथवा विभागीय जाँच चल रही है? (ख) यदि हाँ, तो इन्दौर जिले में पिछले पाँच वर्षों में ऐसे कितने तहसीलदारों द्वारा जमीनों का गलत नामांतरण किया गया है व उन पर क्या कार्यवाही की गई है? साथ ही संबंधित अधिकारी व उसके विरूध्द प्राप्त शिकायत या जाँच प्रकरण व की गई कार्यवाही की सूची उपलब्ध करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। विभागीय जाँच प्रचलित नहीं है। (ख) वर्ष 2013-14 में कार्यरत तहसीलदार श्री बिहारी सिंह एवं श्री बजरंग बहादुर के गलत नामांतरण करने पर श्री बिहारी सिंह की एक वेतन वृद्धि तथा श्री बजरंग बहादुर की तीन वेतन वृद्धियां आयुक्‍त इंदौर संभाग द्वारा असंचयी प्रभाव से रोकी गईं थीं। श्री श्रीकांत तिवारी, राजस्‍व निरीक्षक जिन्‍हें शासन द्वारा नायब तहसीलदार की शक्तियां प्रदान की गई हैं, के द्वारा दिनांक 27.10.2016 को त्रुटिपूर्ण नामांतरण किए जाने पर श्री तिवारी को निलंबित किया जा चुका है। विभागीय कार्यवाही प्रचलित है।

फसल मुआवजा राशि का आवंटन 

[राजस्व]

13. ( *क्र. 3290 ) श्री रजनीश सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिवनी जिले में वर्ष 2017 में अल्‍पवृष्टि के कारण खरीफ फसल धान एवं सोयाबीन की फसल नष्‍ट हो जाने के कारण शासन द्वारा प्रभावित किसानों को सहायता राशि उपलब्‍ध कराये जाने हेतु शासन से राशि आवंटित की गई है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त जिले के प्रत्‍येक तहसीलों में सहायता राशि प्राप्‍त करने हेतु कितने आवेदन प्राप्‍त हुये हैं? कितने लोगों को कितनी राशि की सहायता प्रदान की गई है? तहसीलवार हितग्राही की संख्‍या, प्रदाय राशि की जानकारी उपलब्‍ध करायी जावे तथा लंबित प्रकरणों की संख्‍या उपलब्‍ध कराई जावे।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सिवनी जिले के अंतर्गत वर्ष 2017 में खरीफ मौसम में अल्‍पवृष्टि से फसल नष्‍ट नहीं हुई है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

क्षिप्रा नदी में प्रदूषित जल रोकने की कार्ययोजना

[पर्यावरण]

14. ( *क्र. 3683 ) डॉ. मोहन यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या क्षिप्रा नदी में देवास की टाटा कंपनी और इन्‍दौर का प्रदूषित पानी मिल रहा है, जिससे उज्जैन नगरवासियों को दूषित पेयजल प्रदाय होने के कारण बीमारियां फैल रही हैं? (ख) यदि हाँ, तो उक्त दूषित जल को शिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिये विभाग की क्या कार्य योजना है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी नहीं। देवास स्थित मेसर्स टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड का दूषित जल क्षिप्रा नदी में नहीं मिल रहा है। इंदौर शहर का दूषित जल-मल का कुछ भाग खान नदी के माध्यम से क्षिप्रा नदी में मिल रहा है। उज्जैन नगरवासियों को मुख्य रूप से गंभीर जलाशय से पेयजल प्रदाय किया जाता है तथा कभी-कभी पर्याप्त मात्रा नहीं होने पर क्षिप्रा नदी से भी उपचारित पेयजल प्रदाय किया जाता है। उपरोक्त पेयजल प्रदाय से उज्जैन नगरवासियों को बीमारियां फैलने की पुष्टि नहीं हुई है। (ख) नगर निगम इन्दौर द्वारा इन्दौर शहर के जल-मल के पूर्ण संग्रहण हेतु प्राइमरी एवं सेकेण्डरी सीवर लाईन बिछाने का कार्य किया जा रहा है, ताकि शहर का दूषित जल-मल खान नदी में प्रवाहित होने से रोका जा सके। खान नदी डायवर्सन योजना के प्रभावी संचालन-संधारण तथा राघौ पिपल्या स्टापडेम से सीपेज को रोकने हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा संधारण एवं निगरानी की जाती है।

धार जिलांतर्गत लंबित विवादित/अविवादित नामांतरण प्रकरण

[राजस्व]

15. ( *क्र. 2006 ) श्रीमती रंजना बघेल (किराड़े) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में वर्ष 2013 से वर्तमान तक कितने विवादित, अविवादित नामांतरण/बंटवारे किये गये हैं? वर्षवार, विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी देवें (ख) वर्ष 2013 से वर्तमान तक धार जिले में विधानसभा क्षेत्रवार कितने नामांतरण/बंटवारे के प्रकरण लंबित हैं? कारण सहित बतावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला धार में वर्ष 2013 से वर्तमान तक कुल विवादित नामांतरण-5436, अविवादित नामांतरण-50616, विवादित बंटवारा-5991, अविवादित बंटवारा-6756 किये गये हैं। प्रश्‍नांकित अवधि में किये गये विवादित, अविवादित, नामांतरण, बंटवारे की वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जिला धार में वर्ष 2013 से वर्तमान तक कुल विवादित/अविवादित नामांतरण के कुल प्रकरण 837 लंबित/प्रचलित हैं। सिटीजन चार्टर की निर्धारित समय-सीमा के होकर तामिली/साक्ष्य/अभिलेख आदि कारणों से लंबित हैं।

शासकीय/पट्टे की भूमि के राजस्व मण्डलों में लंबित प्रकरण

[राजस्व]

16. ( *क्र. 1990 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय भूमियों व कृषि पट्टा भूमि/आवासीय पट्टा भूमियों के जिला स्तरीय/अनुभाग स्तरीय/तहसील स्तरीय न्यायालयों में प्रचलित विभिन्न प्रकरणों को राजस्व मण्डल द्वारा सुनवाई हेतु मूल नस्ती सहित प्रकरण बुलवाये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो इस हेतु शासन द्वारा क्या-क्या प्रावधान किन-किन नियमों व शर्तों के अधीन किये गये हैं? (ग) क्या मूल नस्ती सहित राजस्व मण्डल द्वारा इस प्रकार सुनवाई हेतु बुलवाये गये प्रकरणों की सुनवाई हेतु कोई समय-सीमा का निर्धारण किया गया है? (घ) यदि नहीं, तो निचले स्तर के राजस्व न्यायालयों के प्रकरण विभिन्न कारणों से राजस्व मण्डल के पास लम्बे समय से लंबित चले आने के कारण, शासकीय भूमियों की हेरा-फेरी व दुरूपयोग रोकने हेतु विभाग अपने स्तर से क्या प्रयास कर रहा है? (ड.) धार जिले में शासकीय भूमियों व कृषि पट्टा भूमि/आवासीय पट्टा भूमियों के कितने प्रकरण कितनी समयावधि से राजस्व मण्डल में सुनवाई हेतु लंबित चले आ रहे हैं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 4950 के अन्तर्गत प्रावधान है। (ग) नियमों में कोई समय-सीमा निधारित नहीं है। (घ) विधि अनुसार कार्यवाही की जाती है। (ड.) धार जिले के 207 प्रकरण राजस्‍व मण्‍डल में प्रचलन में हैं। राजस्व मण्‍डल में प्रचलित व्‍यवस्‍था अनुसार प्रकरणों को शासकीय भूमि एवं कृषि पट्टा भूमि के रूप में पृथक से वर्गीकृत नहीं किया जाता है।

धार जिले में दर्ज प्रकरणों पर कार्यवाही

[गृह]

17. ( *क्र. 1783 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सरदारपुर एवं संपूर्ण धार जिले में वर्ष 2015-16 से 2017-18 में कितनी महिलाओं के ऊपर दुष्‍कर्म एवं हत्‍याओं की घटनायें घटित हुईं? (ख) इनमें से कितनी घटनाओं में एफ.आई.आर. दर्ज हुईं एवं कितनी घटनाओं में एफ.आई.आर. दर्ज नहीं हुईं, जिन घटनाओं में एफ.आई.आर. दर्ज नहीं हुईं है, तो क्‍यों नहीं हुई? एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उपरोक्‍त में से कितने प्रकरणों की विवेचना पूर्ण होकर चालान न्‍यायालय में प्रस्‍तुत कर दिये हैं? कितने प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें विवेचना पूर्ण हो चुकी है, परन्‍तु चालान न्‍यायालय में प्रस्‍तुत नहीं किये गये? इसके लिए कौन दोषी है? अपूर्ण विवेचना का कार्य कब तक पूर्ण होगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) इन सभी घटनाओं में एफ.आई.आर. दर्ज हुई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विवेचना पूर्ण प्रकरणों में नियत दिनांक को चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके लिए कोई दोषी नहीं है। विवेचना पूर्ण करने की समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चार''

पटवारी चयन परीक्षा में कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा को मान्‍यता

[राजस्व]

18. ( *क्र. 3219 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सत्र 2008-09 के कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा अशोकनगर, दतिया, उज्‍जैन, देवास, मंदसौर, खरगोन, खण्‍डवा, रायसेन, विदिशा, सागर, छतरपुर एवं रीवा आदि जिलों में मान्‍य किये गये हैं, जबकि भिण्‍ड जिले में मान्‍य नहीं किये गये हैं, ऐसा क्‍यों? (ख) क्‍या सत्र 2008-09 के कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा के संबंध में संपूर्ण म.प्र. में एक समान स्‍पष्‍ट नीति लागू करेंगे? (ग) इस प्रक्रिया में जिन-जिन अधिकारियों ने भ्रमित किया है तथा असमानता कर उम्‍मीदवार अभ्‍यार्थियों का नुकसान आज तक किया है, क्‍या उन अधिकारियों पर कार्यवाही करेंगे? (घ) इस प्रक्रिया में सत्र 2008-09 के कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा मान्‍य कर इस संबंध में पूरे प्रदेश में समानता लाने में कितना समय लगेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) पटवारी चयन परीक्षा 2008 के अंतर्गत आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 07.07.2008 थी, इसलिये दिनांक 07.07.2008 के पूर्व के डिप्‍लोमा मान्‍य किये गये हैं एवं सत्र 2008-09 के कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा मान्‍य नहीं किये गये। (ख) कार्यालय आयुक्‍त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्‍त म.प्र. ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक 3929/स्‍था.एक/पट/2009, दिनांक 27.07.2009 एवं दिनांक 20.11.2009 द्वारा समस्‍त कलेक्‍टरों को एक समानता कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा को मान्‍य करने के लिये निर्देश जारी किये गये हैं। (ग) कार्यालय आयुक्‍त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्‍त म.प्र. ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक 3929/स्‍था.एक/पट/2009, दिनांक 27.07.2009 एवं दिनांक 20.11.2009 द्वारा संपूर्ण म.प्र. में कम्प्‍यूटर डिप्‍लोमा के संबंध में एक समान स्‍पष्‍ट नीति लागू है। अत: किसी प्रकार की कार्यवाही का प्रश्‍न नहीं है। (घ) पटवारी चयन परीक्षा 2008 के अंतर्गत आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 07.07.2008 थी। इसलिये 07.07.2008 के पूर्व के डिप्‍लोमा मान्‍य किये गये हैं एवं सत्र 2008-09 के कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा मान्‍य नहीं किये जा सकते हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

फर्जी खाद्यान्न पर्ची जारी करने पर कार्यवाही  

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

19. ( *क्र. 3968 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम जारी होने के बाद से फर्जी खाद्यान्न जारी करने के कितने प्रकरण सामने आये हैं? जिलेवार बतायें। (ख) गुना जिले में फर्जी परिवार तैयार कर कितने प्रकरणों में कितनी राशि का खाद्यान्न जारी किया गया है। कितने प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है? किन अधिकारियों और संस्‍थाओं पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) गुना जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्‍वयन में गड़बड़ी करने वाले कितने उपभोक्‍ता भण्‍डार और उचित मूल्‍य की दुकानों और सोसायटियों पर अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है? राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कितने परिवारों के नाम खाद्यान पात्रता पर्ची में जोड़े जाने के लिए ल‍ंबित हैं? (घ) कितने अधिकारी, कर्मचारियों पर फर्जी खाद्यान्‍न पर्ची जारी करने पर विभाग द्वारा अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) :  (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बाल अपराधों की रोकथाम

[गृह]

20. ( *क्र. 2532 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला भोपाल में दिनांक 01.01.2016 से प्रश्‍न दिनांक तक नाबालिग बच्‍चों के अपहरण, दुष्‍कर्म सहित अन्‍य अपराधों की कितनी-कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? पृथक-पृथक बताया जाए। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अवधि में जिला भोपाल के थानों में बाल अपराध की कितनी-कितनी एफ.आई.आर. दर्ज की गई? पृथक-पृथक बताया जाए (ग) शासन द्वारा गठित बाल आयोग द्वारा नाबालिग बच्‍चों की सुरक्षा के लिये क्‍या-क्‍या अनुशंसाएं की गई हैं? (घ) शासन द्वारा बाल अपराध रोकने के लिये क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

समूह नल-जल योजनाओं की स्वीकृति 

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

21. ( *क्र. 3799 ) श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जल निगम द्वारा मांधाता विधानसभा क्षेत्र में 25 से 30 गांवों को मिलाकर समूह नल-जल योजना का सर्वे कराया गया है? यदि हाँ, तो किन-किन गांवों को शामिल किया गया है? (ख) क्या बिजोरा माफी जलकुआं धारकवाडी, सातमोहनी, सिंधखाल, फेफरिया, मिर्जापुर गुलगांव रैयत बोरखेड़ा भुरलाय दिनकरपुरा देवला माफी हैडाइ, दोहद, मोहद, शिवरिया, सीवरटाण्डी में पेयजल संकट व्याप्त है? क्‍या इन गांवों को मिलाकर कुल 25 गांव का समूह बनाकर नल-जल योजना स्वीकृत की जाएगी? (ग) क्या इंदिरा सागर जलाशय से यह नल-जल योजना स्वीकृत की जाएगी? (घ) क्या इसी प्रकार इंदिरा सागर जलाशय से किल्लोद विकासखण्‍ड के 29 गांव की भी समूह नल-जल योजना बनाई जा रही है? यदि हाँ, तो कब तक स्वीकृत कर दी जाएगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित द्वारा इंदिरा सागर-1 समूह जलप्रदाय योजना एवं खण्डवा-बुरहानपुर समूह जल प्रदाय योजना का सर्वेक्षण कराया गया है, जिनमें मांधाता विधानसभा क्षेत्र के क्रमशः 145 एवं 57 ग्राम सम्मिलित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। वर्तमान में कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

जिला छतरपुर अंतर्गत तहसीलों की शासकीय भूमि से छेड़छाड़

[राजस्व]

22. ( *क्र. 2253 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला छतरपुर की तहसील राजनगर सर्किल चन्‍द्रनगर के हल्‍का मौजा पीरा के खसरा नं. 1561 में बंदोबस्‍त के समय से एवं वर्ष 1990-91 में भी मध्‍यप्रदेश शासन दर्ज था? हाँ या नहीं। उपरोक्‍त से संबंधित बन्‍दोबस्‍त से प्रश्‍न दिनांक तक सम्‍पूर्ण खसरा की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो उक्‍त खसरा नम्‍बर 1561 को कब मध्‍यप्रदेश शासन हटाकर किन व्‍यक्तियों के नाम किस आधार पर एवं सक्षम अधिकारी के आदेश से दर्ज किया गया था? आदेश की प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें (ग) क्‍या खसरा क्रमांक 1561 को वर्ष 1999-2000 में पुन: पट्टा निरस्‍त कर मध्‍यप्रदेश शासन दर्ज किया गया था? पट्टा निरस्‍त आदेश की प्रतिलिपि भी उपलब्‍ध करावें एवं सक्षम अधिकारी का नाम, पद सहित सूची भी उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार वर्ष 1990 से प्रश्‍न दिनांक त‍क किन-किन आदेशों से मध्‍यप्रदेश शासन की भूमि से छेड़छाड़ कर किन-किन व्‍यक्तियों के नाम की गयी? समस्‍त आदेशों की प्रतिलिपि भी उपलब्‍ध करावें। उक्‍त नम्‍बर को पुन: मध्‍प्रदेश शासन दर्ज कब तक कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन खसरा नम्‍बर के वर्ष 1990 से वर्तमान समय तक की खसरा नकलें पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) वर्षवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ख) के अनुसार प्रश्‍न दिनांक तक भूमि खसरा नम्बर 1561 विभिन्न व्यक्तियों के नाम से दर्ज की गई। उक्त नम्बर के संबंध में विधिवत राजस्व प्रकरण पंजीबद्ध कर विभिन्‍न प्रकरणों में आदेश पारित किये गये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लीज़ भूमि के दुरूपयोग पर रोक

[राजस्व]

23. ( *क्र. 1277 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्‍डवा नगरीय क्षेत्र में किन-किन व्‍यक्तियों एवं संस्‍थाओं को कितनी-कितनी शासकीय भूमि मनोरंजन के नाम आवंटित की गई है? वर्तमान में इस भूमि पर क्‍या गतिविधि संचालित हो रही है? (ख) क्‍या मनोरंजन के नाम पर आवंटित भूमि पर सिनेमागृह के बजाय बिना किसी अनुमति के मांगलिक परिसर का उपयोग किया जा रहा है? (ग) क्‍या शासन ऐसे समस्‍त लीज़ धारकों, जो सेवा के नाम पर ली गई बेशकीमती भूमि का व्‍यावसायिक प्रयोजन कर शासन को नुकसान पहुंचा रहे हैं, क्‍या उनकी लीज़ निरस्‍त कर शासकीय भूमि को राजस्‍व विभाग के आधिपत्‍य में लिये जाने का निर्णय लेगा? यदि हाँ, तो कब? (घ) क्‍या ऐसी सभी लीज़ भूमि जहां पर बिना अनुमति निर्माण किया गया है, को अतिक्रमण मानकर अतिक्रमण मुक्‍त करने की कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या राजस्‍व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से मूल लीज़ शर्तों में परिवर्तन कर बेशकीमती लीज़भूमि को फ्री-होल्‍ड किये जाने जैसे प्रावधान समाप्‍त किये जाने पर विचार किया जाएगा? (च) यदि हाँ, तो क्‍या इस संबंध में भू-राजस्‍व संहिता में आवश्‍यक संशोधन किये जाएंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) खण्‍डवा नगरीय क्षेत्र में व्‍यक्तियों एवं संस्‍थाओं को शासकीय भूमि मनोरंजन के नाम से आवंटित नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ख) से (घ) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) एवं (च) जी नहीं कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

सोनकच्‍छ में नवीन आई.टी.आई. की स्‍वीकृति 

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

24. ( *क्र. 1655 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ तहसील के युवा छात्र-छात्राओं के उज्‍जवल भविष्‍य तथा उन्‍हें रोजगार उपलब्‍ध कराने के उद्देश्‍य से आई.टी.आई. (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान) स्‍वीकृत किया गया था? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध करावें (ख) आई.टी.आई. स्‍वीकृत होने के पश्‍चात् आज तक नगर में आई.टी.आई. शुरू क्‍यों नहीं हो सकी? (ग) क्‍या सोनकच्‍छ तहसील के लाखों युवा बच्‍चों को तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण दिलाने हेतु आई.टी.आई. संस्‍थान की सौगात मिल सकेगी?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) सोनकच्‍छ में आई.टी.आई. स्‍वीकृत नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) विभाग की नीति प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में एक आई.टी.आई. खोलने की है। देवास जिले में 06 विकासखण्‍डों में से 04 विकासखण्‍डों क्रमश: देवासटोंकखुर्दकन्‍नौद एवं बागली में शासकीय आई.टी.आई. संचालित हैं। 02 विकासखण्‍ड क्रमश: सोनकच्‍छ एवं खातेगांव में शासकीय आई.टी.आई. संचालित नहीं है। वर्तमान में 119 विकासखण्‍ड ऐसे हैंजिनमें शासकीय आई.टी.आई. नहीं हैं तथा 58 विकासखण्‍ड ऐसे हैं, जिसमें शासकीय एवं प्रायवेट आई.टी.आई. नहीं हैं। वर्तमान में विकासखण्‍ड सोनकच्‍छ में नवीन आई.टी.आई. खोलने की कोई योजना नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ओवर लोडिंग के प्रकरणों पर कार्यवाही 

[गृह]

25. ( *क्र. 759 ) श्री अजय सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पुलिस विभाग को ओवर लोडिंग के प्रकरणों में चालान करने एवं जुर्माना करने की शक्ति प्राप्‍त है? क्‍या पुलिस मुख्‍यालय (अपराध अनुसंधान विभाग) म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक अ.अ. वि./वि.स./मानसून सत्र/2017, ध्‍याना./87/17, दिनांक 18.07.2017 से पुलिस अधीक्षक सतना को पत्र भेजा था? क्‍या चौकी बाबूपुर थाना कोलगवां से क्र. 117/299, दिनांक 05.09.2017 से आर.टी.ओ. सतना को पत्र भेजा गया? (ख) क्‍या कार्यालय नगर पुलिस अधीक्षक सतना के पत्र क्रमांक न.पु.अ./सतना/2094-सी/17, दिनांक 04.09.2017 को स्‍मरण पत्र-3, थाना प्रभारी कोलगवां को भेजा गया? क्‍या पत्र क्रमांक 2094/17, दिनांक 25.07.2017, 2094-ए/17 दिनांक 09.08.2017, 2094-बी/17 दिनांक 20.08.2017 से भी भेजे गये? क्‍या कार्यवाही नगर निरीक्षक कोलगवां के द्वारा ई.टी.पी. सिस्‍टम से प्राप्‍त पर्चियों पर जो स्‍पष्‍ट दस्‍तावेजी सबूत हैं, ओवर लोडिंग पर प्रश्‍न तिथि तक की? अगर नहीं की तो क्‍या डी.जी.पी म.प्र. पुलिस/ए.डी.जी. अ.अ.वि.टी.आई. कोलगवां को तत्‍काल निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित करने के आदेश जारी करेंगे? (ग) क्‍या कार्यालय पुलिस अधीक्षक जिला सतना के पत्र क्रमांक-पु.अ./सतना/ओ.एम./वि.स.प्र./23/2017, दिनांक 18.07.2017 के पत्र के पैरा 8 एवं नगर पुलिस अधीक्षक के पत्र दिनांक 25.07.2017 के अंतिम पैराग्राफ में एवं 09.08.2017 के पत्र के पैरा क्र. 7 में एवं 04.09.2017 के पैरा क्र. 7 में थाना प्रभारी को निर्देश दिये गये थे कि अवैध उत्‍खनन एवं ओवरलोडिंग पर प्रतिदिन चेकिंग लगाकर प्रकरण माननीय न्‍यायालय एवं आर.टी.ओ. में प्रस्‍तुत कर पालन प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करें? उसके बाद भी निरीक्षक द्वारा प्रश्‍नतिथि तक कोई कार्यवाही नहीं की? अगर की है तो क्‍या कार्यवाही की, दिनांकवार जानकारी दें? क्‍या पुलिस मुख्‍यालय उक्‍त निरीक्षक को निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित करेगा? अगर नहीं तो क्‍यों? कारण एवं नियम बतायें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) पुलिस विभाग में माल ओवर लोडिंग के प्रकरणों में थाना स्तर पर जुर्माना करने की शक्ति निरीक्षक एवं उप निरीक्षक को नहीं है। पुलिस मुख्यालय (अपराध अनुसंधान विभाग) म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक अ.अ.वि./वि.स./मानसून सत्र/2017 ध्याना./87/17, दिनांक 18.07.2017 से पुलिस अधीक्षक सतना को पत्र भेजा गया था। जी हाँ। (ख) जी हाँ। थाना प्रभारी कोलगवां द्वारा ई.टी.पी. सिस्टम से प्राप्त पर्चियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु परिवहन विभाग सतना को भेजा गया है। परिवहन अधिकारी सतना ने नोटिस (पत्र) जारी कर संबंधितों को अपना पक्ष रखने बावत् जारी किया है। समय पर पक्ष न प्रस्तुत करने पर प्राकृतिक न्याय सिद्धांत को दृष्टिगत रखते हुए पुनः स्मरण पत्र जारी किया गया है। अतः थाना प्रभारी कोलगवां के विरुद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। शेष उत्तर प्रश्नांश (ख) में समाहित है।

 

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


हितग्राहियों को ई-पात्रता पर्ची का वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

1. ( क्र. 8 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में भिण्‍ड जिले की लहार विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत कितने हितग्राहियों को चिन्हित किया गया? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में कितने हितग्राहियों को ई-पात्रता पर्ची खाद्य सुरक्षा समग्र पोर्टल से जनरेट की जाकर वितरित की गई है? (ग) 01 अप्रैल 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने पात्र हितग्राहियों को राशन हेतु ई-पात्रता पर्ची किन-किन कारणों से उपलब्‍ध नहीं कराई गई है? (घ) क्‍या ई-पात्रता पर्ची जारी नहीं किये जाने से खाद्य सामग्री नहीं मिल पा रही है जिससे हितग्राहियों का जीवन-यापन करना कठिन हो रहा है? यदि हाँ, तो इस संबंध में शासन कब तक आदेश जारी कर खाद्यान्‍न उपलब्‍ध करायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा राज्‍य के लिए अधिकतम सीमा निर्धारित है। इस सीमा तक ही हितग्राहियों को लाभांवित करने  का प्रावधान अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत किया जाता है। वर्तमान में सम्मिलित  पात्र परिवारों में से हितग्राही की मृत्‍यु होनेविवाह होने सेअन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्रा‍ही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। तदनुसार नवीन पात्रता  पर्ची अधिनियम की निर्धारित सीमा में जारी की जा रही है। (ख) वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में  1,761 हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी की गई है। (ग) दिनांक 01 मई, 2017 की स्थिति में सदस्‍यों की संख्‍या के विरूद्ध विलोपन योग्‍य सदस्‍यों को पोर्टल पर विलोपित किया जाकर, उतनी ही संख्या में नवीन सत्यापित सदस्‍यों को सम्मिलित किया जा रहा है। प्रश्‍नांकित अवधि में स्‍थानीय निकाय द्वारा 31,834 परिवारों को लाभांवित किया गया है। शेष  प्रश्नांश (क) के उत्‍तर अनुसार। (घ) भिण्‍ड जिले की लहार विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल  31,834  वैध पात्रता  पर्चीधारी परिवारों को नियमानुसार राशन सामग्री वितरण किया जा रहा है। आवंटन सीमा के अन्‍तर्गत पात्रता पर्ची जारी करना सतत् प्रक्रिया है। शेष  प्रश्‍न का उत्‍तर प्रश्नांश (क) के उत्‍तर अनुसार।

कलेक्‍टर भिण्‍ड एवं दतिया द्वारा शासनादेश की अवहेलना

[राजस्व]

2. ( क्र. 11 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम मडौरी तहसील लहार, जिला भिण्‍ड एवं दतिया जिले में स्थित नारददेव मंदिर की भूमि के सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने हेतु वर्ष 2017 में प्रमुख सचिव, राजस्‍व ने कलेक्‍टर भिण्‍ड एवं कलेक्‍टर दतिया को पत्र लिखकर एवं दूरभाष पर सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने हेतु निर्देशित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो कलेक्‍टर भिण्‍ड एवं दतिया ने किस-किस दिनांक को किस-किस ग्रामों की भूमि का सीमांकन कराया एवं अतिक्रमण किन-किन की उपस्थिति में कब-कब हटाया गया? (ग) क्‍या भिण्‍ड एवं दतिया कलेक्‍टर द्वारा प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन के उक्‍त आदेशों/निर्देशों की अवहेलना की जाकर प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त मंदिर की भूमि का न तो सीमांकन कराया गया और न ही दतिया जिले की ग्राम बिजौरा, गुमानपुरा का अतिक्रमण हटाया गया? (घ) यदि हाँ, तो किन कारणों से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका एवं इसके लिए जिम्‍मेदार कौन है और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला भिण्ड की तहसील लहार के नारददेव मंदिर से लगी ग्राम मडोरी की भूमि का सीमांकन अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा गठित दल ने दिनांक 16.7.2017 को सीमांकन कर मंदिर कमेटी को कब्जा दिया जा चुका है। तथा तहसील गोहद अन्तर्गत ग्राम केसवगढ़, इटायदा की मंदिर से लगी भूमि का सीमांकन दिनांक 14.9.2017 को नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी गोहद द्वारा सीमांकन कर मंदिर कमेटी को कब्जा दिया गया। तहसील सेवढ़ा जिला दतिया के नारददेव मंदिर की गुमानपुरा की भूमि कुल किता 15 रकबा 5.18 हे. एवं ग्राम विजौरा की भूमि कुल किता 05 रकबा 1.79 हे. का सीमांकन दिनांक 19.03.2017 को किया गया, उसी दिनांक को मौके पर अतिक्रमण हटाकर पुजारी श्री अखलेशपुरी महंत चेला हीरपुरी निवासी ग्राम मडौरी को कब्‍जा दिया जाकर अतिक्रमण हटाया गया। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खाद्यान्‍न पर्ची वितरण की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

3. ( क्र. 79 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरीबों को खाद्यान्‍न पर्ची वितरण करने संबंधी जन कल्‍याणकारी योजना के क्या-क्या नियम हैं? इस योजना में पात्रता की अर्हता क्या है? नियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में विमुक्त,घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ परिवारों को खाद्यान्‍न पर्ची प्रदाय वितरण करने के लिए प्रश्नकर्ता ने कब-कब जिला प्रशासन को पत्र लिखा है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार प्राप्त पत्र के आधार पर क्या कार्यवाही की गई है? पर्ची कहाँ-कहाँ वितरित की गई, उसकी जानकारी देवें। यदि नहीं, जारी की तो उसके क्या कारण रहे हैं?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्र परिवारों की श्रेणी एवं उनके सत्‍यापन एवं पात्रता पर्ची जारी करने के संबंध में समय-समय जारी निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बागदा बुजुर्ग के 14 घुमक्कड़ जाति परिवारों की पात्रता पर्ची जारी करने के संबंध में माननीय सदस्‍य द्वारा प्रेषित पत्र, दिनांक 20.10.2016 एवं दिनांक 09.11.2016 को जिला प्रशासन का प्राप्‍त हुए हैं। (ग) ग्राम पंचायत बागदा बुजुर्ग के 14 परिवारों को पात्रता पर्ची वितरित कर दी गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

हैण्‍डपम्‍प का खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

4. ( क्र. 163 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कार्यालय कलेक्‍टर छतरपुर के पत्र क्रमांक 42/शिकायत-2/2017 छतरपुर दिनांक 08/12/2017 के अनुसार पानी की समस्‍या के समाधान हेतु क्‍या हैण्‍डपम्‍प खनन/अधूरी पड़ी नल जल योजनाएं चालू कराये जाने की कार्यवाही की गई? (ख) यदि हाँ, तो विभाग में प्राप्‍त प्रस्‍तावों के आधार पर क्‍या हैण्‍डपम्‍प खनन की कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों। (ग) छतरपुर जिले में हैण्‍डपम्‍प खनन हेतु वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना आवंटन दिया गया? (घ) आवंटन के आधार पर राजनगर तथा लवकुशनगर क्षेत्र में कहाँ-कहाँ पर हैण्‍डपंप खनन किये गये? सूची दें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ, वित्तीय आवंटन की उपलब्धता अनुसार वर्ष 2017-18 की लक्षित आंशिक पूर्ण श्रेणी की सूची में प्रस्ताव के सम्मिलित ग्रामों में नलकूप खनन कर सफल नलकूपों पर हैण्डपंप स्थापना का कार्य किया गया है। (ग) आवंटन रूपये 541.49 लाख। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

मुआवजा वितरण

[राजस्व]

5. ( क्र. 164 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिला सूखाग्रस्‍त घोषित होने के कारण वर्ष 2017-18 में तहसीलवार कितना-कितना आवंटन दिया गया तथा किस आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाना है उसकी गाईड लाईन की प्रति दें। (ख) क्‍या मुआवजा के वितरण के संबंध में सामूहिक शिकायतें प्राप्‍त हुई तथा ज्ञापन भी प्रशासन को दिये गये? (ग) यदि हाँ, तो कौन-कौन जाँच अधिकारी नियुक्‍त किये गये तथा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? तहसीलवार बतायें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला छतरपुर को प्रश्‍न दिनांक तक कुल राशि 151.31 करोड़ का आवंटन प्रदाय किया गया है। एकीकृत आहरण व्‍यवस्‍था होने के कारण जिला कोषालय के माध्‍यम से समस्‍त तहसीलों की राहत राशि का भुगतान किया जा रहा है। राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के तहत राशि वितरित की जाती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जिला प्रशासन द्वारा दिनांक 24/02/2018 तक तहसीलवार सूखा राहत राशि वितरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जी नहीं, मुआवजा वितरण के संबंध में सामूहिक शिकायतें प्राप्‍त नहीं हुई है। प्राप्‍त ज्ञापनों पर समुचित कार्यवाही की जा रही है। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

6. ( क्र. 270 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजना का लाभ बी.पी.एल. सूची के अनुसार किस सन् के हितग्राहियों को दिया जा रहा है? 14 ग्‍वालियर ग्रामीण विधान सभा में ऐसे पात्र हितग्राहियों की कितनी संख्‍या है? (ख) ग्‍वालियर ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र में उज्‍जवला योजना का लाभ कितने हितग्राहियों को मिल चुका है? पात्र हितग्राही कितने शेष हैं? उनको कब तक इस योजना का लाभ मिल जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजनांतर्गत सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 में सर्वेक्षित परिवार के अंतर्गत ऐसे परिवार जो निर्धारित 7 श्रेणियों में से किसी भी एक वंचित श्रेणी के अंतर्गत आते है, को गैस कनेक्‍शन दिये जाने का प्रावधान है। ग्‍वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र-14 में एस.ई.सी.सी. 2011 के डाटा में कुल 10,875 परिवार हैं। (ख) ग्‍वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के 7,931 हितग्राहियों को गैस कनेक्‍शन प्रदाय किये जा चुके हैं। सूची में से 2,944 परिवार शेष है। यह एक निरंतर प्रक्रिया है एवं प्राप्‍त आवेदनों के परीक्षण उपरांत पात्र पाए जाने पर एल.पी.जी. कनेक्‍शन जारी किए जा रहे हैं।

बोर खनन की गहराई एवं चौड़ाई बढ़ाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

7. ( क्र. 275 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्‍वालियर जिले में अल्‍प वर्षा के कारण पेयजल स्‍त्रोतों में वॉटर लेवल नीचे जाने से ग्रीष्‍म काल में पेयजल संकट से निपटने हेतु विभाग द्वारा क्‍या तैयारी की गई है? विस्‍तार सहित विवरण दें। (ख) ग्‍वालियर जिले के वि.ख. मुरार, वि.ख. बर्रई में 2017 में विभाग द्वारा कितने हैण्‍डपंप, टयूबवेल खनन कराये गये? कितने ट्यूबवेल खनन में पानी के स्‍त्रोत नहीं मिले एवं वर्तमान में कितने हैण्‍डपंप एवं टयूबवेल सूख चुके हैं? विस्‍तार से विवरण दें। (ग) क्‍या वर्तमान में बोर खनन की गहराई एवं चौड़ाई क्‍या पर्याप्‍त है अथवा नहीं? यदि नहीं, है तो ट्यूबवेल खनन की गहराई गिरते वॉटर लेवल के हिसाब से गहराई एवं चौड़ाई बढ़ाई जावेगी? (घ) वि.खं. मुरार एवं बर्रई में ऐसे कितने ग्राम हैं जो पी.सी.डी. श्रेणी में आते हैं और ऐसे दोनों ब्‍लॉकों में कितने ग्राम एवं मजरे टोले हैं जो एफ.सी. में आते हैं? एफ.सी. में आने वाले गांवों में पेयजल व्‍यवस्‍था हेतु इन गांवों को पी.सी. में कर हैण्‍डपंप खनन का लक्ष्‍य आवंटित किया जावेगा? समय-सीमा बतायें। नहीं तो इन गांवों की पेयजल समस्‍या कैसे हल की जायेगी? पेयजल संकट से निपटने के लिये विभाग द्वारा कोई प्रस्‍ताव अतिरिक्‍त बसाहटों में हैण्‍डपंप खनन हेतु भेजा है? यदि हाँ, तो क्‍या स्‍वीकृति प्रदान की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) आकस्मिक कार्ययोजना अनुमानित लागत रूपये 7.10 करोड़ की बनाई गई है, जिसके अंतर्गत नवीन नलकूपों का खनन कर हैण्डपंप स्थापना का कार्य, स्थापित हैण्डपंपों में राइजर पाइप बढ़ाने का कार्य एवं सिंगलफेस मोटर पंप स्थापित करने, कम जल आवक क्षमता वाले नलकूपों में हाइड्रोफ्रैक्चरिंग आदि कार्य प्रस्तावित किये गये हैं। (ख) वर्ष 2017 में हैण्डपंपों हेतु 148 तथा अन्य 62 नलकूप नल योजना हेतु खनन किये गये जिनमें कुल 19 नलकूप असफल रहे। प्रश्नांकित क्षेत्र में वर्तमान में 319 हैण्डपंप तथा 2 ट्यूबवेल सूख चुके हैं। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विकासखण्ड मुरार एवं घाटीगांव (बर्रई) में क्रमशः 90 एवं 57 ग्राम/बसाहट पी.सी. श्रेणी में आते हैं तथा क्रमशः 219 एवं 248 ग्राम/बसाहट एफ.सी. श्रेणी में हैं। ग्रामों में निर्धारित मापदण्ड से कम जलप्रदाय वाले ग्रामों में उपलब्ध आवंटन एवं प्राथमिकता के आधार पर नलकूप खनन कर हैण्डपंप स्थापना एवं नलजल योजना के माध्यम से पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कृषकों की कृषि भूमि सीलिंग एक्‍ट में मुक्‍त करना

[राजस्व]

8. ( क्र. 286 ) श्री तरूण भनोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर के विभिन्‍न क्षेत्रों के अंतर्गत निवासरत कृषकों की कृषि भूमि अर्बन सीलिंग एक्‍ट 1976 के अंतर्गत राजस्‍व रिकार्ड में शासकीय मद में दर्ज की जा चुकी है? क्‍या समस्‍त कृषकगण विगत कई वर्षों से आज दिनांक तक निरंतर कृषि कार्य करके अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे है? (ख) क्‍या अर्बन सिलिंग एक्‍ट वर्ष 1999 को समाप्‍त हो चुकी है? किन्‍तु पीड़ि‍त कृषकों की कृषि भूमि वापिस नहीं की गई? क्‍या शासन कृषकों की भूमि वापिस हेतु उचित कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जबलपुर जिले में नगर भूमि (अधिकतम सीमा और विनिमयन) अधिनियम 1976 के प्रावधानों के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों की अर्बन सीलिंग की परिभाषा में आने वाली भूमियों के संबंध में विधि अनुसार कार्यवाही की जाकर भूमियों का कब्जा शासन पक्ष में लिया जाकर मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज किया गया है। जी नहीं। (ख) जी हाँ। वर्तमान में नगर भूमि (अधिकतम सीमा और विनियमन) निरसन अधिनियम, 1999 प्रभावशील है जिसकी धारा 3 के अंतर्गत कब्जा प्राप्त भूमियां शासन की ही रहना प्रावधानित है। शासन स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

नवविवाहिता की मृत्‍यु पश्‍चात् संबंधित दोषियों पर कार्यवाही

[गृह]

9. ( क्र. 287 ) श्री तरूण भनोत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अधोहस्‍ताक्षरी (प्रश्‍नकर्ता) ने अपने पत्र क्र. 5207 दिनांक 04.01.2018 को पुलिस महानिदेशक महोदय भोपाल को ग्राम खजरी (खिरिया) थाना आधारताल जबलपुर के अंतर्गत नवविवाहिता श्रीमती रामेश्‍वरी पटेल को उसके ससुराल वालों के द्वारा दहेज प्रकरण को लेकर उसकी मृत्‍यु की निष्‍पक्ष जाँच हेतु पत्र लिखा था? (ख) क्‍या स्‍व.रामेश्‍वरी पटेल की मृत्‍यु दिनांक 13.08.2017 में होने के पश्‍चात् नवविवाहिता के मायके के परिजनों द्वारा संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाने के बाद भी किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई? (ग) यदि वर्णित (क), (ख) सही है तो कब तक दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कर पीड़ि‍त परिवार को राहत प्रदान कर दिया जावेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) दिनांक 13.08.17 को सूचना के आधार पर थाना आधारताल में मर्ग क्र. 54/17 धारा 174 जा.फौ. के तहत कायम किया जाकर मृतिका नवविवाहिता होने से मर्ग की अग्रिम जाँच नगर पुलिस अधीक्षक आधारताल द्वारा की गई। जाँच पश्चात दिनांक 26.08.17 अपराध क्रमांक 701/17 धारा 304बी/498ए/34 ताहि एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम अन्तर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया एवं विवेचना पश्चात चालान क्रमांक 733/17 दिनांक 23.11.17 को मान. न्यायालय जबलपुर पेश किया गया, जिसमें केस नंबर 1270/18 पर उक्त प्रकरण वर्तमान में मान. न्यायालय में विचाराधीन है। (ग) प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही की गई है तथा वर्तमान में प्रकरण मान. न्यायालय में विचाराधीन है, अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सूखा प्रभावित कृषकों को मुआवजा राशि का वितरण 

[राजस्व]

10. ( क्र. 331 ) श्री हरवंश राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत अल्पवर्षा के कारण वर्ष 2017-18 की खरीफ की फसल खराब होने के कारण सूखाग्रस्त उपरांत शासन स्तर से कितनी मुआवजा राशि स्वीकृति की गई है? (ख) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत किन-किन ग्रामों में कितने-कितने कृषकों को मुआवजा राशि प्रदाय की जा चुकी है? सूची उपलब्ध कराई जाए। (ग) क्या फसलों से प्रभावित किसानों से बिजली बिल राशि की विभाग द्वारा कनेक्शन काटे जाने एवं वसूली की कार्यवाही की जा रही है, जबकि अल्पवर्षा एवं फसल खराब होने से कृषकों की स्थिति भरण पोषण करने के लायक भी नहीं रही है एवं कृषक कर्ज में डूबे हुए हैं? क्या ऐसी स्थिति में सूखा घोषित उपरांत कृषकों के बिजली बिल भी माफ किए जाएंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत अल्‍पवर्षा/सूखा के कारण वर्ष 2017-18 की खरीफ की फसलें क्षतिग्रस्‍त होने के कारण सूखाग्रस्‍त किये जाने उपरान्‍त शासन से प्राप्‍त आवंटन में से बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल 29,73,00,000/- रूपये की राहत राशि प्रत्‍या‍वंटित की गई है। (ख) बण्डा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 84 ग्रामों में 7782 कृषकों को 43374946/- रूपये की राहत राशि/मुआवजा राशि दिनांक 27.02.2018 तक वितरित की जा चुकी है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) शेष विषयों पर कार्यवाही परीक्षणाधीन है।

विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत थानों को अनुभाग पुलिस बण्डा में जोड़े जाना

[गृह]

11. ( क्र. 343 ) श्री हरवंश राठौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बण्डा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खारमऊ, नाहरमऊ, भड़राना चारौधा, मड़िया, बूढ़ाखेरा, सहावन जो वर्तमान में थाना सानौधा विकासखंड सागर अनुभाग रहली के अंतर्गत आते हैं? (ख) क्या इसके पूर्व उक्त ग्राम विधानसभा क्षेत्र बण्‍डा के अंतर्गत आते थे परंतु अनुभाग रहली के अंतर्गत जोड़े जाने के फलस्वरूप ग्रामीणों को अपने केस के निराकरण हेतु अनुभाग रहली तथा दुर्घटना या घटना की स्थिति में पोस्टमार्टम हेतु सागर आना पड़ता है जिससे कठिनाई उत्पन्न होती है? (ग) वर्तमान में शाहपुर चौकी का उन्नयन न होने के कारण ग्रामीणों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए इन ग्रामों को पूर्व की भांति ही विधानसभा क्षेत्र बण्डा अंतर्गत अनुभाग में जोड़े जाएंगे?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। ये सही है कि दुर्घटना/घटना की स्थिति में सनौधा में अस्‍पताल न होने से पोस्‍ट मार्टम हेतु सागर आना पड़ता है, परन्‍तु कठिनाई उत्‍पन्‍न होने की कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं है। (ग) जी हाँ। इस बावत् निर्देश जारी किए गए है।

लम्बित पेंशन प्रकरण व देय स्वत्वों का निराकरण

[राजस्व]

12. ( क्र. 357 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के अन्तर्गत राजस्व विभाग में दिनांक 01.01.2015 से दिनांक 31.01.2018 तक कितने कर्मचारी/अधिकारी सेवानिवृत्त हुये हैं? कर्मचारियों के नाम, पदनाम, सेवानिवृत तिथि की जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अधिकारी व कर्मचारियों को सेवानिवृत्त पर कौन-कौन देय स्वत्वों का भुगतान कर दिया गया है? कौन-कौन से देय स्वत्व शेष हैं? शेष का भुगतान न किए जाने का क्या कारण है? (ग) प्रश्नांश '' में शेष रहे देय स्वत्वों का भुगतान कब तक किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विदिशा जिल के अंतर्गत राजस्‍व विभाग में दिनांक 01.01.2015 से 31.01.2018 तक 30 अधिकारी/कर्मचारी सेवानिवृत्‍त हुये जिनकी सूची संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अधिकारी व कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर देय स्‍वत्‍व समर्पित अवकाश, बीमा, राशि, पेंशन एवं ग्रेच्‍यूटी का भुगतान कर दिया गया है। कोई स्‍वत्‍व शेष नहीं है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

चकबन्‍दी के संबंध में 

[राजस्व]

13. ( क्र. 445 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 592 दिनांक 29.11.2017 के प्रश्नांश (क) (ख) में उल्‍लेखित तथ्‍यों को स्‍वीकारते हुए प्रश्नांश (ग) के उत्‍तर में जानकारी दी है कि बडौदा जिला श्‍योपुर के ग्राम मेखड़ाहेड़ी, राजपुरा उर्फ झुनझुनीपुरा, ललितपुरा, बिचगावड़ी, सारंगपुर भिलवाडिया में चकबन्‍दी से त्रुटि पूर्ण 6 गांवों का नवीन नक्‍शा एवं अधिकार अभिलेख बनाने हेतु पटवारियों एवं राजस्‍व निरीक्षक (नियमित) को ग्राम आवंटित किए गए हैं? जिसके अंतर्गत उक्‍त कर्मचारी कार्यालयीन कार्य, अभिलेख निर्माण स्‍वच्‍छ अभिलेख प्रमाणीकरण अभिलेख का प्रथम व अंतिम प्रकाशन कर अभिलेख जिला प्रशासन को हस्‍तांतरित करेंगे? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन पटवारियों/राजस्‍व निरीक्षक को उक्‍त कार्य करने हेतु कौन-कौन से ग्राम आवंटित किए व कब इनके द्वारा कौन-कौन से कार्य पूर्ण कर लिए हैं, कौन-कौन से नहीं? कब तक पूर्ण होंगे? (ग) उक्‍त कर्मचारियों द्वारा उदासीनता बरतने के कारण 22 माह कार्य होने के उपरांत भी उक्‍त कार्य पूर्ण नहीं हो पाया क्‍या शासन अब उक्‍त 6 ग्रामों में चकबन्‍दी की समाप्ति हेतु समस्‍त विधिमान्‍य प्रक्रियाएं एक निश्चित समय-सीमा पूर्ण करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला श्योपुर की तहसील बडौदा के ग्राम मेखड़ाहेड़ी, राजपुरा उर्फ झुनझुनीपुरा, ललितपुरा, बिचगावड़ी, सांरगपुर, भिलवाडिया में चकबंदी से त्रुटिपूर्ण 06 ग्रामों का नवीन नक्शा एवं अधिकार अभिलेख बनाने हेतु आवंटित किये गये है जिसकी छायाप्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) आवंटित किये गये ग्रामों की छायाप्रति संलग्न  परिशिष्ट अनुसार है। कार्यवाही प्रचलित है। प्रक्रिया चरणबद्ध होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) नियमित राजस्व निरीक्षक व हल्कों पर पदस्थ पटवारियों द्वारा अपने कार्य के साथ-साथ अधिकार अभिलेख तैयार करने का भी कार्य किया जा रहा है। प्रक्रिया चरणबद्ध होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

मुआवजे का वितरण 

[राजस्व]

14. ( क्र. 446 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या असमय अल्‍पवर्षा के कारण सूखाग्रस्‍त जल अभाव क्षेत्र घोषित श्‍योपुर जिले में इसी वर्ष 2017 के समस्‍त खरीफ फसलें 50 से 80 प्रतिशत तक नष्‍ट हुई थी? (ख) क्‍या उक्‍त नष्‍ट फसलों का सर्वे कलेक्‍टर श्‍योपुर अथवा विभाग द्वारा तत्‍समय करवाया था तत्‍पश्‍चात उक्‍त तथ्‍य को सही मानते हुये 90 करोड़ का प्रस्‍ताव मुआवजा वितरण हेतु शासन/राजस्‍व/राहत आयुक्‍त को स्‍वीकृति हेतु भेजा था, के विरूद्ध 36 करोड़ शासन द्वारा जिले को प्रश्‍न दिनांक तक प्रदाय भी कर दिए है, क्‍या ये राशि प्रस्‍ताव अनुसार हैं? यदि नहीं, तो शेष राशि जिले को कब तक प्रदाय की जावेगी? इससे जिले के कितने-कितने प्रभावित कृषकों को कितनी-कितनी राशि प्रश्‍न दिनांक तक मुआवजे के रूप में वितरित की गई जानकारी तहसील/ग्रामवार देवें, यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उक्‍त राशि के वितरण उपरांत कितने प्रभावित कृषकों को ग्राम/तहसीलवार मुआवजे का वितरण नहीं हो पाया, क्‍या शासन उन्‍हें मुआवजे के विवरण हेतु जिले को शीघ्र शेष राशि प्रस्‍तावनुसार प्रदाय करेगा व इसका वितरण शीघ्र करवाएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों, क्‍या शासन प्रश्‍न दिनांक तक मिली राशि से मुआवजे का वितरण न करने अथवा इसमें विलंब करने के कारणों की जाँच करवाएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) श्‍योपुर जिले में इस वर्ष 2017 के समस्‍त खरीफ फसलें 50 से 80 प्रतिशत तक नष्‍ट नहीं हुई है। (ख) श्‍योपुर जिले में सूखा से नष्‍ट हुई फसलों का संयुक्‍त सर्वे राजस्‍व विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा दल गठित कराकर कर किया गया था। गठित दलों द्वारा प्रस्‍तुत की गई सर्वे रिपोर्ट उपरान्‍त 90.05 करोड़ रूपये आर.बी.सी. 6-4 के तहत मुआवजा राशि का प्रस्‍ताव जिले से प्राप्‍त हुआ था। जिसके विरूद्ध जिले को 79.25 करोड़ की राशि का आवंटन दिया गया है। (ग) मुआवजा राशि के वितरण की कार्यवाही प्रचलित है। वितरण प्रक्रिया में होने से शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

यात्री बसों के निर्धारित रूट पर नियमित आवागमन की सुनिश्चितता

[परिवहन]

15. ( क्र. 560 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परिवहन विभाग द्वारा नियत रूट हेतु जारी परमिट अंतर्गत निर्धारित स्थानों तक यात्री बसें न जाकर बायपास से निकल जाने का पूर्व में मुद्दा उठाये जाने पर कुछ समय तक बसें समस्त स्टॉपों पर जाने लगी थी, लेकिन थोडे समय पश्‍चात् ही ग्रामों में नियम स्‍थान पर न जाकर वापस बायपास/फाटे से ही निकल जाती हैं जैसे (1) ग्राम बगड़ी तहसील व जिला धार (2) ग्राम गुजरी तहसील धरमपुरी जिला धार, जिससे यात्रियों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है? (ख) क्या शासन निर्धारित रूट के समस्त स्टॉपों पर बसों के नियमित रूप से जाने की सुनिश्चतता निर्धारित करेगा तथा निर्देशों का पालन नहीं करने वाले बस मालिकों के परमिट निरस्त करने की कार्यवाही करेगा? समयावधि सहित बतावें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। जिन बसों के परमिट व्हाया बगली गाँव होकर है उनमें से 18 वाहन बगली गाँव से संचालित हो रही है। जिला परिवहन अधिकारी द्वारा समय-समय पर चैकिंग कर वाहनों के दस्तावेज चैक किये जाते है, जिनके परमिट जिन व्हाया से होकर है उन्हें निर्धारित मार्ग से संचालन सुनिश्चित कराया जाता है। जिन बसों के परमिट व्हाया गुजरी होकर है, उनमें से 02 वाहन गुजरी होकर ही संचालित हो रही है। जिला परिवहन अधिकारी द्वारा बस क्रमांक MP-09FA-6293, MP-09FV6585 को दिनांक 15.07.2017 को गुजरी गाँव में न आने के कारण गुजरी फाटे पर चालान किये गये है। (ख) जी हाँ। कार्यवाही निरंतर प्रकृति की है। अतः समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत मछली पालन हेतु मछली बीज का अनुदान

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

16. ( क्र. 580 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा मछली बीज पर अनुदान देय है? (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत गत तीन वर्षों में कितना-कितना अनुदान दिया गया वर्षवार बतावें? (ग) क्या अनुदान न मिलने के कारण मछली बीज उत्पादक राशि के अभाव में स्थानीय बीज का उपयोग करते है, जिससे उत्पादन कम होता है? (घ) यदि हाँ, तो क्या शासन मछली बीज खपत के अनुसार बजट प्रावधान करेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ग) जी नहीं। (घ) उत्‍तरांश "ग" के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

भोपाल शहर स्थिति मानसरोवर कॉम्पलेक्स की दुकानें 

[परिवहन]

17. ( क्र. 650 ) श्री रामपाल सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल शहर स्थित मानसरोवर कॉम्पलेक्स में दुकान एवं आफिस के क्रय विक्रय हेतु दरें निर्धारित की गई हैं। यदि हाँ, तो उक्त कॉम्पलेक्स में ग्राउण्ड फ्लोर सहित कितनी दुकानें बनायी गयी हैं और प्रत्येक फ्लोर के दुकानों की दरें क्या‍निर्धारित की गई हैं। उक्त दरों का निर्धारण कब और किस आधार पर किया गया है। दर निर्धारण उपरांत प्रत्येक वर्ष कितना बढ़ाया गया है। (ख) क्या मानसरोवर कॉम्पलेक्स की ग्राउण्ड फ्लोर की पीछे की दो लाइनों में निर्मित दुकानों की दरें गाईड लाईन के वास्तविक मूल्य से लगभग दो गुना अधिक है? जिसकी वजह से क्रेता दुकानें क्रय नहीं कर पा रहे हैं? क्या उक्त दुकानों की कीमत कम कर बिक्री किया जावेगा जिससे दुकान खुलने की स्थिति में बेरोजगारों को रोजगार प्राप्त होगा।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मंदसौर में एम्बुलेंस में मादक पदार्थ की तस्करी

[गृह]

18. ( क्र. 685 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 1 जनवरी 2013 के पश्चात मंदसौर, नीमच, रतलाम जिलों के किस-किस थानों में मादक पदार्थ की तस्करी एम्बुलेंस में किये जाने के प्रकरण किसके नाम दर्ज किये गये? (ख) क्या मंदसौर जिले में लगातार डोडाचुरा व अन्य मादक पदार्थ की तस्करी, विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते एम्बुलेंसों में की जा रही है यदि "हाँ" तो अभियान चलाकर मंदसौर में चल रही इन फर्जी एम्बुलेंसों की जाँच कब-कब किस-किस सक्षम अधिकारी ने की, यदि नहीं, तो लगातार प्रतिवर्ष एम्बुलेंसों में तस्करी के प्रकरण दर्ज होने के क्या कारण हैं? (ग) क्या उक्त जिलों में चल रही इन फर्जी एम्बुलेंस की जानकारी पुलिस विभाग ने परिवहन विभाग से ली है, यदि "हाँ" तो मंदसौर में कुल कितनी फर्जी एवं नियम अनुरूप एम्बुलेंस कार्य कर रही हैं, यदि "नहीं" तो क्या टेम्पोट्रेक्स, कमांडर जीप को एम्बुलेंस के रूप में उपयोग में लिया जा सकता है? (घ) पुलिस विभाग की निरंतर चेकिंग के दौरान उक्त अवधि में, उक्त जिलों में, कितनी एम्बुलेंस के दस्तावेजो में क्या-क्या अनियमितता पाई गई, क्या उक्त जिलो के नर्सिंग होम एवं निजी चिकित्सालयों में नियम विरुद्ध सैकड़ों खटारा एम्बुलेंस मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर प्रतिदिन 400 से 500 किलोमीटर का सफर तय कर रही है, इसकी जाँच विभाग द्वारा कब-कब की गयी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। वस्तुतः पुलिस द्वारा समय-समय पर वाहनों की नियमित चैकिंग की जाती है एवं थाना प्रभारी द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में अपराध की रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़ हेतु भ्रमण किये जाते है। उस दौरान मादक पदार्थ की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए कार्यवाही की गई है। मंदसौर जिले में वर्ष 2017 में कुल 100 प्रकरण एवं दिनांक 01.01.2018 से 15.02.2018 तक कुल 12 प्रकरण मादक पदार्थ के पंजीबद्ध किये गये है। थाना प्रभारी नारायणगढ़ ने चैकिंग के दौरान दिनांक 13.01.2018 को राजस्थान क्षेत्र की एम्बुलेंस क्र. आर.जे.-03-पी-1856 को चैक करते 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 153 किलो डोडाचूरा जब्त किया गया। पुलिस द्वारा वाहन चैकिंग के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है। वर्ष 2013 से अभी तक एम्बुलेंस से तस्करी 02 प्रकरण प्रकाश में आये है। चूंकि तस्कर, तस्करी हेतु लगातार नये-नये साधन उपयोग में लाये जा रहे है। जिसके कारण एम्बुलेंस से तस्करी के प्रकरण प्रकाश में आये है। (ग) मंदसौर जिले में कोई फर्जी एम्बुलेंस नहीं चल रही है। परिवहन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर समस्त एम्बुलेंस का सत्यापन करवाया जा रहा है। परिवहन विभाग द्वारा बताया गया है कि टेम्पोट्रेक्स को एम्बुलेंस के रुप में उपयोग में लिया जा सकता है। जिला नीमच में जिला परिवहन विभाग नीमच से जानकारी अनुसार कुल 39 वाहन एम्बुलेंस के तौर पर रजिस्टर्ड होना बताया गया है। (घ) मंदसौर जिले में दिनांक 01 जनवरी 2013 से निरंतर चैकिंग के दौरान एम्बुलेंस के दस्तावेजों में कोई अनियमितता नहीं पाई गई है। स्वास्थ्य विभाग से जानकारी प्राप्त करते मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला मंदसौर द्वारा जिले में 50 शासकीय चिकित्सालय है जिनमें कुल 36 एम्बुलेंस होकर 8 जर्जर अवस्था में होने से उनका उपयोग वर्तमान में एम्बुलेंस के रुप में नहीं किया जा रहा है। जिले में कुल 19 निजी चिकित्सालय/नर्सिंग होम है, जिनमें 02 एम्बुलेंस संचालित होना लेख किया गया है। जिनकी जाँच विभाग द्वारा समय-समय पर निंरतर चैकिंग के दौरान की जाती है। नीमच जिले में पुलिस विभाग की चैकिंग के दौरान उक्त अवधि में किसी भी एम्बुलेंस के दस्तावेजों में अभी तक कोई अनियमितता नहीं मिली है। जिला नीमच में 25 निजी नर्सिंग होम/चिकित्सालय है एवं परिवहन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार जिला नीमच में कुल 39 वाहन एम्बुलेंस के तौर पर रजिस्टर्ड होना बताया गया है। रतलाम जिले में चैकिंग के दौरान किसी भी एम्बुलेंस के दस्तावेजो में अभी तक कोई अनियमितता नहीं पाई गई है। जिला रतलाम में 11 निजी नर्सिंग होम/चिकित्सालय है एवं उनमें कुल 07 वाहन एम्बुलेंस के तौर पर रजिस्टर्ड होना बताया गया है।

परिशिष्ट - ''आठ''

दोष सिद्ध प्रकरणों पर कार्यवाही की जानकारी

[परिवहन]

19. ( क्र. 760 ) श्री अजय सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय अति. क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सतना के द्वारा पृष्‍ठ क्र./900/अ.क्षे.प./2017 सतना दिनांक 17/11/2017 से छह (6) पत्र जारी किये थे? अगर हाँ तो क्‍या अतिरिक्‍त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सतना के द्वारा ई.टी.पी सिस्‍टम के शुरू होने की दिनांक से प्रश्‍न तिथि तक ओव्‍हर लोड गाड़ि‍यों के विरूद्ध कब व क्‍या कार्यवाही की? प्रकरणवार/बिन्‍दुवार दें? अगर नहीं की तो क्‍यों? कारण एवं नियम बतायें? (ख) क्‍या दिनांक 04/07/17 से दिनांक 07/07/17 तक ई.टी.पी. सिस्‍टम की पर्चियां चौकी प्रभारी बाबूपुर ने प्राप्‍त कर अतिरिक्‍त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सतना को दी? दिनांक 07/07/17 से प्रश्‍नतिथि तक अतिरिक्‍त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के द्वारा मात्र नोटिस जारी करने के अलावा कोई भी ठोस दंडनीय कार्यवाही न किये जाने पर परिवहन आयुक्‍त ग्‍वालियर क्‍या अति.क्षे. परि. अधिकारी को निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित करेंगे? अगर नहीं करेंगे तो क्‍यों कारण एवं नियम बतायें? (ग) क्‍या अति.क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने पत्र क्र. 959 से 980/अति.क्षे.अधि./75 सतना दिनांक 30/11/17 से जो नोटिस जारी की उस पर प्रश्‍नतिथि तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी? यदि हाँ, तो प्रकरणवार क्‍या कार्यवाही की गयी? अगर कार्यवाही नहीं की गयी तो राज्‍य शासन अति.क्षेत्रीय.परि. अधिकारी की जानकारी में होने के बाद भी ई.टी.पी. सिस्‍टम की पर्चियां कंपनी से नहीं ली? क्‍यों लोडिंग/अनलोडिंग की पर्चियों का मिलान भी नहीं किया गया? क्‍या वर्तमान में भी ई.टी.पी. सिस्‍टम में ओव्‍हर लोडिंग स्‍पष्‍ट देखी जा सकती है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। ई.टी.पी सिस्टम परिवहन विभाग द्वारा लागू नहीं किया गया है। परिवहन विभाग द्वारा मोटरयान अधिनियम 1988 एवं उसके अन्तर्गत बनाये नियमों के अंतर्गत वाहनों की आकस्मिक जाँच कर 28 वाहनो के विरूद्ध कार्यवाही की जा कर रूपये 1,57,800/- शमन शुल्क वसूल किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार  है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। पुलिस चौकी, बाबूपुर द्वारा दिनांक 05.09.2017 को पत्र भेजा गया जिसके साथ ई.टी.पी. की जानकारी की छायाप्रति भी संलग्न की गई थी। बाबूपुर चौकी प्रभारी द्वारा भेजी गयी सूचना पर संज्ञान लेते हुये संबंधित 22 वाहन स्वामियो को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 53 में वर्णित प्रावधानो के अन्तर्गत नोटिस जारी किये गये। कार्यवाही प्रक्रियाधीन हैजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है कार्यवाही प्रचलित होने के कारण शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) वाहनो के ओव्हर लोड माल लेकर संचालित होने की शिकायत मिलने पर मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 53 के अन्तर्गत कार्यवाही किया जाना प्रस्तावित किया गया है। धारा 53 में वर्णित प्रक्रिया के अनुसार वाहन स्वामियों को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने हेतु सूचना पत्र क्रमांक 959 से 980 तक दिनांक 30/11/2017 द्वारा जारी किये गये थे। निर्धरित तिथि पर उपस्थित ना होने के कारण पुनः स्मरण पत्र क्रमांक 1283 दिनांक 13/02/2018 पंजीकृत डाक के भेजा गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार  है कार्यवाही नियमानुसार प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

उपयंत्री के संलग्‍नीकरण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

20. ( क्र. 948 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के खण्‍ड मऊगंज रीवा के उप खण्‍ड मऊगंज में पदस्‍थ उपयंत्री को रीवा नगर निगम में अटैच (संलग्‍न) किया गया है जिनका वेतन आहरण वर्तमान में भी उप खण्‍ड मऊगंज से ही किया जा रहा है, यदि हाँ, तो कब से संलग्‍न है तारीख एवं आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराये? तथा उप खण्‍ड मऊगंज में कितनी ग्राम पंचायतों का कार्य किया जाता है? (ख) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग में अटैचमेंट व्‍यवस्‍था को निरस्‍त किये जाने की कार्यवाही की गयी बताये तथा नगर निगम रीवा में उपखण्‍ड मऊगंज में पदस्‍थ उपयंत्री को मऊगंज के लिए कब तक मुक्‍त किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखण्ड मऊगंज में पदस्थ श्री के.बी.सिंह, उपयंत्री को तत्कालीन कार्यपालन यंत्री खण्ड रीवा के आदेश क्रमांक 17/स्था./2015 दिनांक 27.2.2015 द्वारा नगर पालिक निगम रीवा के कार्यकारी नियंत्रण में कार्य करने हेतु आदेशित किया गया था। श्री के.बी.सिंह दिनांक 27.2.2015 से नगर पालिका निगम रीवा में अटैच (संलग्न) हैं। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। उपखण्ड मऊगंज के अधीन 180 ग्राम पंचायतों में कार्य किया जाता है। (ख) जी हाँ। कार्यपालन यंत्री खण्ड मऊगंज के आदेश क्रमांक 01, दिनांक 1.1.2018 के द्वारा अटैचमेंट आदेश निरस्त किया गया, किंतु प्रभारी कलेक्टर द्वारा दिनांक 29.1.2018 को दिये निर्देश के अनुपालन में पत्र क्रमांक 164/स्था. दिनांक 30.1.2018 के तहत पुनः श्री के.बी.सिंह उपयंत्री को नगर पालिका निगम रीवा के अधीन उनके कार्यकारी नियंत्रण में कार्य करने हेतु दिनांक 31.1.2018 को कार्यमुक्त किया गया। उपखण्ड मऊगंज का कार्य प्रभावित न हो इस दृष्टि से वहां के कार्यों का दायित्व अन्य उपयंत्री को सौंपा गया है।

परिशिष्ट - ''नौ''

समर्थन मूल्‍य पर किसानों से खरीदी का भुगतान

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

21. ( क्र. 949 ) श्री गिरीश गौतम : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा में समर्थन मूल्‍य पर खरीदी हेतु कुल कितने खरीदी केन्‍द्र बनाये गये है वर्ष 2017 में धान बिक्री के लिए कुल कितने किसानों का पंजीयन किया गया तथा निर्धारित तिथि तक कितने किसानों द्वारा धान खरीदी केन्‍द्र में विक्रय किया और कितने क्विंटल धान खरीदी की गयी? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित उपार्जित धान का कुल मूल्‍य कितना हुआ तथा प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने किसानों को कितनी राशि का भुगतान किया गया? प्रश्‍नांश दिनांक तक कुल कितने किसानों का कितनी राशि का भुगतान शेष है और उसका भुगतान कब तक कर दिये जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) खरीफ विपणन मौसम 2017-18 में रीवा जिले में समर्थन मूल्‍य पर धान उपार्जन हेतु 60 उपार्जन केन्‍द्र बनाए गए थे। ई-उपार्जन परियोजनांतर्गत धान उपार्जन हे तु 32,382 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया था जिसमें से 27,521 किसानों द्वारा 1,62,791.94 मे.टन धान समर्थन मूल्‍य पर विक्रय किया गया है। (ख) समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित कुल 1,62,791.94 मे.टन धान की कुल राशि 252.33 करोड़ होती है जिसका भुगतान 27,521 किसानों को किया जा चुका है। किसानों को भुगतान योग्‍य राशि शेष नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

संभागायुक्‍त रीवा के न्‍यायालय में लंबित राजस्‍व प्रकरण

[राजस्व]

22. ( क्र. 950 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संभागायुक्‍त रीवा एवं अपर आयुक्‍त रीवा के न्‍यायालय में 5 वर्ष से अधिक के कुल कितने राजस्‍व प्रकरण लंबित हैं? एक वर्ष में औसतन कितने राजस्‍व प्रकरणों का निराकरण किया गया है वर्ष 2015, 2016, 2017 में‍ निराकृत राजस्‍व प्रकरणों की संख्‍या बतायें? (ख) अत्‍यधिक मात्रा में लंबित राजस्‍व प्रकरणों के निराकरण हेतु क्‍या कार्यवाही की जायेगी? जिससे पक्षकारों को राहत प्राप्‍त हो सके बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) संभागायुक्‍त रीवा के न्‍यायालय में 5 वर्ष से अधिक के कुल 4 एवं अपर कमिश्नर कोर्ट रीवा में 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरण 4250 है, अपर कमिश्नर कोर्ट सतना श्री भगत सिंह कुलेश के न्यायालय में 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरण 1637, अपर कमिश्नर कोर्ट सीधी, सिंगरौली श्री अमर सिंह बघेल के न्यायालय में 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरण 1526 है। एक वर्ष में औसतन लगभग 532 से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। राजस्व वर्ष माह अक्टूबर 2014 से सितम्बर 2015 तक कुल 362, माह अक्टूबर 2015 से सितम्बर 2016 तक कुल 730, माह अक्टूबर 2016 से सितम्बर 2017 तक कुल 503 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। अपर आयुक्त न्यायालय में 5 वर्ष से अधिक के कुल 7413 प्रकरण लंबित है। एक वर्ष में औसतन लगभग 1400 से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। राजस्व वर्ष माह अक्टूबर 2014 से सितम्‍बर 2015 तक कुल 1410, माह अक्टूबर 2015 से सितम्‍बर 2016 तक कुल 1719, माह अक्टूबर 2016 से सितम्बर 2017 तक कुल 1409 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। (ख) आयुक्त न्यायालय में प्रकरणों में नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। अपर आयुक्त न्यायालय में अत्‍याधिक मात्रा में लंबित राजस्‍व प्रकरणों के निराकरण हेतु म.प्र. शासन द्वारा रीवा संभाग, रीवा में अपर आयुक्त पद पर माह सितंबर 2017 में वर्तमान अधिकारी के अतिरिक्त पृथक से दो अधिकारियों की पदस्थापना की गई है।

यात्री बसो में ई-टिकिट एवं अन्य सुविधा दिया जाना

[परिवहन]

23. ( क्र. 1038 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में लोक परिवहन और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए शासन क्या कार्यवाही कर रही है? यात्रियों को आरामदायक यात्रा के लिए कितने किमी तक की यात्रा के लिए 55 सीटर बस की अनुमति है? नियमानुसार बसों में 2 सीटों के बीच में यात्रियों की बैठक सुविधा के हिसाब से कितना अंतर होना चाहिए? नियम की प्रति देवें, नियम विरूद्ध (निर्धारित 2 सीटों के बीच के अंतर) होने पर पिछले 6 माह अर्थात 1 जुलाई, 17 से वर्तमान तक इंदौर संभाग में कितनी चालानी कार्यवाही की गई? बस नंबर, मालिक सहित सूची देवें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा विगत दो वर्षों में यात्री बसो में यात्री सुविधा के लिए तथा बसों के किराया वृद्धि/कमी में आपरेटरों द्वारा मनमानी पर रोक के लिए ई-टिकिट, 2 सीटों के मध्य नियमानुसार अंतर, यात्री बीमा, बसों में जी.पी. एस. लगाने एवं अन्य सुविधा के लिए लिखे गए पत्रों पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) क्या शासन यात्री बसों में यात्री सुविधा के लिए बसों में ई-टिकिट एवं 2 सीटों के मध्य निर्धारित अंतर के नियम को ओर अधिक सख्ती से पालन करने एवं उचित दंड पर शासन क्या कार्यवाही कब तक करेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) विभाग द्वारा लोक परिवहन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिये साधारण एवं डीलक्स बसों का टैक्स एक समान किया गया है। स्पीड गर्वनर, जी.पी.एस. सिस्टम, कैमरा आदि लगाने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। महिलाओं/दिव्यांग हेतु बसों में सीट आरक्षित की जाती है। अधिसूचना की प्रति  संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र '''' अनुसार  है। 55 सीटर बस के लिये किलोमीटर संबंधी कोई प्रतिबंध नहीं है। मध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम 158 (1) (एक) की प्रति  संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। 1 जुलाई 2017 से वर्तमान तक इंदौर संभाग में की गई चालानी कार्यवाही की जानकारी निरंक है। (ख) मोटरयान अधिनियम के नियम व म.प्र मोटरयान नियम 1994 के अंतर्गत नियमों का पालन सुनश्चित कराया जाता है। (ग) कुछ बड़े ऑपरेटरों द्वारा लम्बे मार्गों पर संचालित की जाने वाली वाहनों के लिये ऑनलाईन बुकिंग (ई-टिकिट) प्रदाय की जा रही है, जिससे प्रेरित होकर अन्य बस ऑपरेटरों द्वारा सुविधा प्रारंभ किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। मोटरयान अधिनियमों एवं नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।

 परिशिष्ट - ''दस''

हितग्राहियों को खाद्यान्न पर्ची न मिलना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

24. ( क्र. 1057 ) श्री संजय शर्मा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले (बी.पी.एल.धारी) हितग्राहियों को खाद्यान्न पर्ची प्राप्त क्यों नहीं हो रही हैं? (ख) खाद्यान्न पर्ची बनाने की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के उपरांत पोर्टल पर आवेदन तो ऑनलाइन जमा हो रहे हैं, किंतु विगत कई माह से खाद्यान्न पर्ची जनरेट नहीं हो रही हैं। इसका क्या कारण है? (ग) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र की कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों के कितने-कितने आवेदन खाद्यान्न पर्ची हेतु जमा हैं? इनकी खाद्यान्न पर्चियां कब तक जनरेट होगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा राज्‍य के लिए हितग्राहियों की अधिकतम सीमा निर्धारित है। अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को सम्मिलित नहीं किया जा सकता है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से हितग्राही की मृत्‍यु होने, विवाह होने से, अन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्रा‍ही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। तदनुसार नवीन पात्रता पर्ची निर्धारित सीमा में जारी की जा रही है। दिनांक 01 मई, 2017 की स्थिति में सदस्‍यों की संख्‍या के विरूद्ध विलोपन योग्‍य सदस्‍यों को पोर्टल पर विलोपित किया जाकर, उतनी ही संख्या के नवीन सत्यापित सदस्‍यों को सम्मिलित किया जा रहा है। तेन्‍दूखेड़ा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत तक स्‍थानीय निकाय द्वारा सत्‍यापित समस्‍त गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले (बी.पी.एल.) प्राथमिकता श्रेणी के हितग्राहियों को खाद्यान्‍न पर्ची जारी की जा चुकी है। पात्र परिवारों का सत्‍यापन एवं पात्रता पर्ची जारी करना एक सतत् प्रक्रिया है। विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 1505 परिवारों दिसम्‍बर, 2017 से पात्रता पर्ची जारी की गई। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के अनुसार। (ग) प्रश्‍नांश दिनांक की स्थिति में तेंदुखेड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामपंचायतों में खाद्यान्‍न पर्ची के सत्‍यापित आवेदन शेष नहीं है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा प्रदेश के 75 प्रतिशत आबादी को ही लाभांवित करने की सीमा निर्धारित है, इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित नहीं किया जा सकता है।

नागदा नगर में आई.टी.आई. की स्थापना करना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

25. ( क्र. 1130 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मा. मुख्यमंत्री महोदय के ग्राम बुरानाबाद प्रवास के दौरान दिनांक 26.04.15 को घोषणा क्रमांक बी.0914 द्वारा यह घोषणा की थी की नागदा नगर में नवीन औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र (आई.टी.आई.) की स्थापना की जावेगी। जिसके पालन में विभाग के द्वारा नागदा नगर में नवीन आई.टी.आई. केन्द्र की स्थापना कर दी गयी थी, किन्तु कुछ समय के बाद इसे बन्द कर खाचरौद की आई.टी.आई. संस्था में मर्ज कर दिया गया है। जबकि नागदा नगर तहसील मुख्यालय होते हुए एक प्रसिद्ध औद्योगिक शहर है। तथा यहां के उद्योगो में आई.टी.आई. प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की आवश्‍यकता बनी रहती है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में नागदा नगर में पुनः आई.टी.आई. संस्था कब तक प्रारम्भ कर दी जावेगी?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) माननीय मुख्‍यमंत्री जी घोषणा के परिप्रेक्ष्‍य में नागदा नगर में आई.टी.आई. सत्र अगस्‍त 2016 से प्रारंभ की गई। मंत्री परिषद् की बैठक दिनांक 21.12.2016 में निर्णय लिया गया कि आई.टी.आई. नागदा नगर की हुई घोषणा के परिप्रेक्ष्‍य में संबंधित विकासखण्‍ड में पूर्व संचालित आई.टी.आई.खाचरौद में तीन अतिरिक्‍त व्‍यवसायों के लिये आवश्‍यक भवन निर्मित किया जाये। इसी आधार पर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के आदेश क्र.एफ-15-1/2016/42-2दिनांक 21.12.2016 द्वारा भवन निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति तथा पदों के सृजन की स्‍वीकृति जारी की गई हैइसीलिये नागदा नगर में प्रारंभ की गई आई.टी.आई.खाचरौद में अंतरित की गई। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नक्‍शा तरमीम करना

[राजस्व]

26. ( क्र. 1155 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम चौरी, पटवारी हल्‍का नं. 55, तहसील ब्‍यौहारी, जिला शहडोल की अराजी खसरा नम्‍बर 163/1, 162/2/4 एवं 162/1 के रकबा एवं भूमि स्‍वामी का नाम बतायें? (ख) क्‍या उक्‍त आराजी का नक्‍शा तरमीम कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कब किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? नक्‍शा तरमीम न करने का औचित्‍य बतायें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) ग्राम चौरी, पटवारी हल्‍का नं. 55, तहसील ब्‍यौहारी की आराजी खसरा नं. 163/1- 0.101 बद्री प्रसाद पिता गैवीनाथ ब्रा. 162/1- 0.255 म.प्र. शासन 162/2/4 0.050 जगन्‍नाथ, काशीनाथ, बैजनाथ, लालमणि, शम्‍भू पिता रामसहाय लालजीत गोविन्‍द, बद्री, नागेन्‍द्र पिता गैवीनाथ ब्रा. के नाम दर्ज है। (ख) भूमि खसरा नं. 163/1 का नक्‍शा बटांकन भूमि के बंटवारे के समय राजस्‍व प्रकरण क्रमांक 143/अ-27/2015-16 आदेश दिनांक 17.08.2016 को किया गया है। खसरा नं. 162/1 रकबा 0.255 हे. म.प्र.शासन की भूमि है तथा आराजी खसरा नं. 162/2/4 रकबा 0.050 हे. भू स्‍वामी स्‍वत्‍व की भूमि है। नक्‍शा तरमीम की कार्यवाही की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय उचित मूल्य दुकान माण्डव से खाद्यान्‍न वितरण की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

27. ( क्र. 1174 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत माण्डव के सागर, कनडीपुरा, झाबरी, जामन्या, नंदलालपुरा आदि क्षेत्र के निवासियों को खाद्यान्न का वितरण किस शासकीय उचित मूल्य दुकान के माध्यम से किया जाता है? (ख) उक्त शासकीय उचित मूल्य दुकान के कार्यक्षेत्र अंतर्गत कितने परिवार खाद्यान्‍न सुरक्षा मिशन के तहत दर्ज हैं? दर्ज परिवारों को खाद्यान्‍न सुरक्षा उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2015 से अब तक प्रतिमाह कितना-कितना खाद्यान्‍न (गेहूँ, चावल, मक्का, शक्कर, केरोसिन, नमक) प्रदाय किया गया वर्षवार, माहवार जानकारी देवें? (ग) दुकान संचालक द्वारा उक्त अवधि में कितने परिवारों को कितना-कितना खाद्यान्‍न वितरित किया गया?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रश्‍नांकित क्षेत्र के निवासियों को खाद्यान्‍न का वितरण शासकीय उचित मूल्‍य दुकान माण्‍डव क्र. 02 के माध्‍यम से किया जाता है। (ख) शासकीय उचित मूल्‍य दुकान माण्‍डव क्र. 02 राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत सम्मिलित 1058 अंत्‍योदय एवं प्राथमिक परिवार संलग्‍न है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) वितरित सामग्री की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। माहवार राशन प्राप्‍त करने वाले परिवारों की संख्‍या पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित भूमि

[राजस्व]

28. ( क्र. 1183 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा धार जिले की मनावर तहसील में अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि दी गई है? यदि हाँ, तो किन-किन गांवों की कितनी भूमि का अधिग्रहण किया गया? अधिग्रहित भूमि किन-किन व्यक्तियों के नाम पर दर्ज थी? क्या भूमि अधिग्रहण से पूर्व पारम्परिक ग्रामसभा एवं ट्रायबल एडवाइजरी काउंसिल से अनुमति प्राप्त की गयी? यदि हाँ, तो प्रतिलिपि दें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार अधिगृहित की गयी भूमि में से कितनी राशि लीज/अन्य रूप से प्राप्त कर किन-किन खसरों की कितनी-कितनी भूमि अल्ट्राटेक सीमेंट कम्पनी को हस्तांतरित की गयी? अधिग्रहित भूमि में से किन भूमि मालिकों को कितनी भूमि का कितना-कितना मुआवजा दिया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में जिन व्यक्तियों की भूमि अधिग्रहित की गयी है? उनमें से कितने व्यक्तियों का पुनर्वास किया गया है एवं रोजगार आदि की क्या व्यवस्था की गयी है? (घ) क्या अधिग्रहित की गयी भूमि का क्षेत्र संविधान की 5 वीं अनुसूची क्षेत्र में शामिल है, जो अनुच्‍छेद 244 (1) के अंतर्गत आता है? यदि हाँ, तो किन प्रावधानों के अनुसार उक्त भूमि अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को अधिग्रहित कर दी गयी है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ।, अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के लिए धार जिले की मनावर तहसील में सीमेंट उद्योग स्थापित करने हेतु उनकी मांग अनुसार वर्ष 2012-13 में शासन अनुमति से 8 ग्रामों की 90.611 हेक्टर निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया, अधिग्रहित भूमि का ग्रामवार विवरण निम्नानुसार है:- 

अ.क्र.

ग्राम का नाम

खातेदारों की संख्या

अधिग्रहित क्षेत्रफल हेक्टर में

1

टोंकी

29

60.173

2

टेमरनी

27

17.362

3

सोण्डूल

4

2.119

4

गोलपुरा

2

0.518

5

मोराड़

20

2.502

6

मुहाली

25

4.588

7

देवरा

20

2.987

8

सीतापुरी

1

0.362

 

योग

128

90.611 हेक्टर

नामवार एवं अन्य जानकारी हेतु ग्रामवार अवार्ड पत्रक पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। भूमि का अधिग्रहण म.प्र.शासन राजस्व विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 12-01/2013/ सात/2ए भोपाल दिनांक 08.04.2013 के माध्यम से प्रसारित अनुमति अनुसार किया गया है, जिसके निर्देश बिन्दु क्रमांक 14 अनुसार संबंधित ग्रामसभा से परामर्श करते हुए किया गया है, ग्राम पंचायतों द्वारा जारी अनुमति पत्र की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) धार जिले में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के लिये बिन्दु क्रमांक (क) अनुसार उपर वर्णित 8 ग्रामों की कुल 90.611 हेक्टर निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
2.
उक्त के अतिरिक्त अल्ट्राटेक कंपनी को सतही अधिकार के तहत 9 ग्रामों की 774.625 हेक्टर भूमि लीज पर दी गई है। जिनका ग्रामवार विवरण निम्नानुसार है:- 

अ.क्र.

ग्राम का नाम

खातेदारों की संख्या

सतही अधिकार के तहत् लीज पर दी गई भूमि (क्षेत्रफल हेक्टर में। )

1

बड़िया

13

21.441

2

करोंदिया

43

41.175

3

घुरसल

30

35.391

4

उदियापुर

42

72.505

5

बोरलाय

156

156.061

6

चीराखान

98

115.885

7

सीतापुरी

165

232.171

8

अवराल

86

92.390

9

अंडियाव

11

7.606

 

योग

644

774.625 हेक्टर

ग्राम चिराखान में गैर आदिवासी वर्ग के एक कृषक खातेदार की 2.705 हेक्टर भूमि अल्ट्राटेक कंपनी द्वारा सीधे क्रय की गई है। नामवार एवं ग्रामवार विवरण हेतु गणना पत्रक पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) अल्ट्राटेक कंपनी से प्रभावितों का ग्राम टोंकी में पुनर्वास किया जा रहा है, जिसके अनुक्रम में ग्राम टोंकी के पात्र 3 प्रभावित परिवारों के 25 सदस्यों को स्‍वीकृत पुनर्वास नीति अनुसार 2690 वर्ग फीट के 25 भू-खण्डों का आवंटन किया जा चुका है, जिनमें से 20 सदस्यों नें भवन निर्माण कर लिये है। 8 ग्रामों की अधिग्रहित भूमि से संबंधित कृषक खातेदारों में से 5 सदस्यों द्वारा रोजगार चाहने से उन्हें कम्पनी द्वारा योग्यता अनुसार रोजगार दिया गया है तथा 82 सदस्यों द्वारा कम्पनी से रोजगार न चाहते हुए स्वयं का स्वरोजगार खोलने के लिए अनुदान चाहने से स्वीकृज पुनर्वास नीति अनुसार प्रत्येक को तीन-तीन लाख रूपये का एक मुश्‍त नगद भुगतान किया गया है। (घ) जी हाँ।, अधिग्रहित की गयी भूमि का क्षेत्र अनुसूची क्षेत्र के अन्तर्गत आता है। भूमि का अधिग्रहण अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की मांग पर शासन अनुमति से किया गया है।

मण्‍डला जिले में खाद्यान्‍न वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

29. ( क्र. 1221 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्‍डला जिले के खादय सुरक्षा अधिनियम के तहत कितना खाद्यान्‍न प्रदान किया जाता हैं तथा कुल कितने गरीब और अति गरीब लोगों को रा‍शन दिया जा रहा है तथा कितने ऐसे गरीबी रेखा एवं अति गरीबी रेखा के नीचे के हितग्राही हैं, जिन्‍हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं? गरीबी रेखा में नाम के बाद भी खाद्यान्‍न पात्रता पर्ची नहीं होने के कारण ऐसे कितने परिवार हैं या हितग्राही हैं जिनकों वर्तमान समय में राशन नहीं मिल पा रहा है? (ख) क्‍या ऐसे पात्र लोगों को खाद्यान्‍न पर्ची जारी करते हुये खाद्यान्‍न देने का काम करेंगे

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) मण्‍डला जिले में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत 60087.10 क्विंटल प्रतिमाह खाद्यान का आवंटन जारी किया जा रहा है। जिले में 2,18,712 अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना एवं 7,74,515 प्राथमिकता परिवार श्रेणी के (6+ अन्‍त्‍योदय सदस्‍यों सहित) कुल 9,93,227 हितग्राहियों हेतु राशन सामग्री का आवंटन दिया जा रहा है। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित आबादी की सीमा तक ही लाभ दिया जा सकता है। अधिनियम अंतर्गत राज्‍य के लिए हितग्राहियों की अधिकतम सीमा निर्धारित है। इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने का प्रावधान अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत न होने के कारण शेष आवेदकों की पात्रता नहीं बनती है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से हितग्राही की मृत्‍यु होने, विवाह होने से, अन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्राही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। तदनुसार नवीन पात्रता पर्ची निर्धारित सीमा में जारी की जा रही है। जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में परिवारों की संख्‍या के विरूद्ध जितने अपात्र परिवारों को पोर्टल पर विलोपित किया जायेगा, उतनी की संख्‍या में संबंधित जिले के नवीन सत्‍यापित परिवारों को सम्मिलित किया जा सकेगा। जुड़ने वाले नवीन परिवारों में बी.पी.एल. एवं अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी को प्राथमिकता दी जा रही है। स्‍थानीय निकाय द्वारा बी.पी.एल. श्रेणी अंतर्गत माह दिसम्‍बर, 2017 तक सत्‍यापित नवीन समस्‍त परिवारों की पात्रता पर्ची जारी कर राशन सामग्री का आवंटन दिया जा रहा है। वैध पात्रता पर्चीधारी परिवार राशन से वंचित नहीं हैं। पात्र परिवारों का सत्‍यापन एवं उन्‍हें पात्रता पर्ची जारी करना एक सतत् प्रक्रिया है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना के तहत वितरण किये जाने वाले खाद्यान्‍न

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

30. ( क्र. 1222 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मण्‍डला जिले में खाद्यान्‍न सुरक्षा योजना के माध्‍यम से मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना अंतर्गत जिले में संचालित सभी छात्रावास आश्रमों में एक रूपये किलो के हिसाब से प्रति माह एक छात्र को बारह किलो पाँच सौ ग्राम खाद्यान्‍न देने का काम किया जा रहा है? (ख) यदि नहीं, दिया जा रहा है तो इसके क्‍या कारण हैं? क्‍या खाद्यान्‍न प्राप्‍त हो रहा है और किंतु इसका वितरण नहीं किया जा रहा है तो इसका क्‍या उपयोग नहीं किया जा रहा है? (ग) मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना अंतर्गत खाद्यान्‍न वितरण की संपूर्ण जानकारी देते हुये यह भी बताएं कि पिछले छह (6) माहों से विद्यालयों में संचालित मध्‍यान्‍ह भोजन का खाद्यान्‍न न मिलने के क्‍या कारण रहे हैं? पिछले माहों में अप्राप्‍त राशन कब तक दे दिया जावेगा।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) भारत सरकार से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/पिछड़ा वर्ग छात्रावास योजना के अंतर्गत अक्‍टूबर-2017 से मार्च-2018 का आवंटन प्राप्‍त नहीं हुआ है। राज्‍य शासन द्वारा आवंटन की प्रत्‍याशा में दिसम्‍बर माह में 3 माह का आवंटन 12 कि.ग्रा. प्रति रहवासी के मान से उक्‍त योजनांतर्गत जारी किया गया है। भारत सरकार द्वारा 'कल्‍याणकारी एवं हॉस्‍टल योजना' नाम से एक नई योजना प्रारंभ की गई है जिसके पालन में राज्‍य शासन द्वारा नई योजना अधिसूचित की गई है जिसके अंतर्गत छात्रावासों एवं कल्‍याणकारी संस्‍थाओं का पंजीयन ऑनलाईन किया जा रहा है। (ख) राज्‍य शासन द्वारा आवंटन की प्रत्‍याशा में दिसम्‍बर माह में 3 माह का आवंटन 12 कि.ग्रा. प्रति रहवासी के मान से उक्‍त योजनांतर्गत जारी किया गया है जिसका वितरण संस्‍थाओं को किया जा रहा है। (ग) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्रदेश में संचालित मुख्‍यमंत्री अन्‍नपूर्णा योजना के अंतर्गत चिन्‍हांकित पात्र परिवारों को प्रतिमाह खाद्यान्‍न का वितरण कराया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 16,48,522 अंत्‍योदय परिवारों को 35 कि.ग्रा. प्रति परिवार एवं 99,91,264 प्राथमिकता परिवारों को 5 कि.ग्रा. प्रति सदस्‍य के मान से खाद्यान्‍न का वितरण 1 रूपये प्रति कि.ग्रा. की दर से कराया जा रहा है। एम.डी.एम. पोर्टल पर शालाओं की मेपिंग में विलम्‍ब, शालाओं के इनरोलमेंट की जानकारी में विसंगति, इंटरनेट कनेक्‍टीविटी शून्‍य होने के कारण खाद्यान्‍न जारी नहीं किया तथा कतिपय पी.ओ.एस. मशीनों में तकनीकी खराबी के कारण खाद्यान्‍न वितरण में कुछ स्‍थानों में खाद्यान्‍न मिलने में देरी हो सकती है।

पेयजल नलकूप मरम्‍मत खनन में अनयिमितता

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

31. ( क्र. 1280 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2015 से अब तक खंडवा जिले में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा कितने नए नलकूप खनन कराए गए है? विधानसभा क्षेत्रवार, संख्‍यात्‍मक जानकारी दी जाए? (ख) जिले में विगत तीन वर्षों में बंद/खराब पड़े नलकूपों की मरम्‍मत/संधारण पर वर्षवार कितनी राशि व्‍यय की गई है? जनपद व वर्षवार बतायें? (ग) क्‍या यह सही है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल नलकूपों की मरम्‍मत/सुधार कार्य किये बिना ही विभाग से उक्‍त राशि का मनमाने ढंग से भुगतान किया जाना दर्शाया जा रहा है? क्‍या इसकी जाँच कराई जाएगी? (घ) आगामी ग्रीष्‍मकाल में नए नलकूप खनन हेतु क्‍या प्रावधान है? क्‍या विभाग के पास ऐसे ग्रामों की सूची है जहां पेयजल संकट उत्‍पन्‍न हो सकता है यदि हाँ, तो उपलब्‍ध कराएं? (ड.) नवीन मुख्‍यमंत्री नलजल योजनाओं को कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा तथा बंद योजनाओं को कब तक चालू कर दिया जाएगा? (च) क्‍या शासन की मॉनीटरिंग योजना परख एवं विभाग द्वारा दर्शित चालू एवं खराब ट्यूबवेल की संख्‍या में बड़ा अंतर पाया जा रहा है? इस क्‍या कारण है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 1677 नलकूप खनन कराए गए हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) निर्धारित मापदण्ड 55 लीटर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन से कम जल प्राप्त होने वाले ग्रामों में नलकूप खनन कर हैण्डपंप स्थापना का प्रावधान है। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ड.) निविदा प्रक्रिया की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। हस्तांतरित बंद योजनाओं को स्त्रोत के अभाव को छोड़कर अन्य कारणों से बंद योजनाओं के संचालन-संधारण का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। (च) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

सर्मथन मूल्‍य धान खरीदी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

32. ( क्र. 1370 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना एवं कटनी जिले में नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा समर्थन मूल्‍य पर वर्ष 2017-18 में कितनी धान खरीदी गई। खरीदी केन्‍द्रवार विवरण दें तथा उक्‍त जिलों के खरीदी केन्‍द्रों में वेयर हाउस में भण्‍डारित धान में से कब-कब किस-किस के द्वारा धान की कितनी-कितनी मात्रा को अमानक पाकर रिजेक्‍ट किया गया और रिजेक्‍ट धान को किस क्‍वालिटी इंस्‍पेक्‍टर द्वारा पास करने पर क्रय किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में रिजेक्‍ट धान को वेयर हाउस में जमा करने के बाद भी किसानों को उनकी धान की कीमत का भुगतान क्‍यों नहीं किया गया? जबकि वेयर हाउस में जमा धान में रिजेक्‍ट धान और पास धान दोनों एक समान है क्‍या कम खरीदी करने के उद्देश्‍य से शासन द्वारा बहुतायत मात्रा में धान को रिजेक्‍ट किया गया है? (ग) समर्थन मूल्‍य में धान/गेहूँ खरीदी में सेवा सहकारी समितियों को प्रासंगिक लेवर चार्ज एवं अन्‍य खर्चे 8 रू. प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किये जाने के निर्देश है यदि हाँ, तो प्रासंगिक व्‍यय लगभग 25 रू. प्रति क्विंटल की दर से होता है, जिसे समितियों के कमीशन से कटौती कर ली जाती है? यहाँ तक की समितियों को बैंक द्वारा कमीशन की राशि एक-एक वर्ष तक भुगतान नहीं की जाती ऐसा क्‍यों? कारण बताएं तथा उक्‍त तथा उक्‍त जिलों में प्रश्‍न दिनांक तक समितिवार कमीशन की कितनी भुगतान हेतु शेष है? विवरण दें और उसे कब तक भुगतान कर दिया जायेगा? (घ) कटनी/रीवा जिले में वर्ष 2016-17 में समर्थन मूल्‍य में खरीदी गई धान एवं गेहूँ के परिवहन में अनुबंध शर्तों का उल्‍लंघन कर परिवहनकर्ताओं को लाभ पहुँचाने की शिकायत मुख्‍य सचिव मध्‍यप्रदेश शासन को दिनांक 27.06.2017 एवं कलेक्‍टर कटनी को दिनांक 03.08.2017 को श्री चन्‍द्रशेखर अग्निहोत्री (राजगुरू) द्वारा की गई है? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है

फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों की जाँच

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

33. ( क्र. 1377 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 4382 दिनांक 10/03/2017 में उल्‍लेखित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्‍त कर्मियों तथा श्री धमेन्‍द्र कुमार वर्मा राम नगर जिला सतना द्वारा थाना प्रभारी सिटी कोतवाली रीवा, संचालक कौशल विकास संचालनालय शाखा जनसुनवाई जबलपुर मध्‍यप्रदेश दिनांक 30/04/2013 एवं 05/12/2015 को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान न्‍यू रामनगर में पदस्‍थ प्रभारी प्राचार्य प्रशिक्षण अधिकारी व्‍यवसाय विद्युत कार्य के अतुल कुमार सौंधिया द्वारा वर्ष 2003 में नियुक्ति समय लगाये गये दस्‍तावेज में अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण-पत्र फर्जी लगाकर नौकरी पाने की शिकायत पुलिस अधीक्षक रीवा को दिनांक 23/01/2016 को भी की गई है। (ख) यदि हाँ, तो फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वालों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? की गई कार्यवाही से अवगत करावें। यदि नहीं, की गई तो कब तक की जाएगी और अब तक न करने के लिए कौन उत्‍तरदायी हैं?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 4382 दिनांक 10.03.2017 संचालनालय में प्राप्‍त नहीं। श्री अतुल कुमार सौंधिया के द्वारा अनुसूचित जनजाति का फर्जी जाति प्रमाण-पत्र लगाकर नौकरी पाने की शिकायत संचालनालय को प्राप्‍त हुई है। (ख) श्री अतुल कुमार सौंधिया के जाति प्रमाण-पत्र की विस्‍तृत जाँच करने के लिए कलेक्‍टर रीवा को संचालनालय के पत्र क्रमांक कौविस/गोप-2/न्‍यूरामनगर-34/90, दिनांक 15.02.2018 के द्वारा लिखा गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र खाद्यान्‍न पर्ची जेनरेट न होना 

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

34. ( क्र. 1464 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के मझगवां विकासखण्‍ड अन्‍तर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्ची किन-किन को जारी नहीं की गई? पंचायतवार विवरण दें। (ख) जिन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की गई, उन परिवारों के खाद्यान्‍न का आवंटन प्राप्‍त होने बाद किसको वितरित किया जाता है? इस बात की जाँच विशेष दल गठित कर कब तक करवाई जाएगी? (ग) क्‍या आधार कार्ड से लिंक न होने के कारण खाद्यान्‍न पर्ची जारी न होने से हितग्राही को खाद्यान्‍न एवं मिट्टी का तेल नहीं मिल पा रहा है? यदि हाँ, तो कब तक इसे दूर कर लिया जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) सतना जिले के मझगवां विकासखण्‍ड अन्‍तर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सत्‍यापित परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है। पात्र परिवारों का सत्‍यापन एवं उन्‍हें पात्रता पर्ची जारी करना एक सतत् प्रक्रिया है। (ख) जिन पात्र परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई है, उन्‍हें खाद्यान का वितरण किया जा रहा है। पात्रता पर्ची जारी होने के उपरांत ही हितग्राही हेतु खाद्यान का आवंटन जारी किया जाता है, इस कारण बगैर पात्रता पर्ची के खाद्यान का आवंटन जारी न करने के कारण उसके वितरण का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) पात्र हितग्राहियों की पहचान सुनिश्चित कर वास्‍तविक हितग्राहियों को ही रियायती दर का राशन वितरण करने हेतु हितग्राहियों के डाटाबेस में आधार नंबर दर्ज करने की कार्यवाही प्रचलित है साथ ही प्रदेश में आधारविहीन पात्र हितग्राहियों को वर्तमान में राशन से वंचित नहीं किया जा रहा है।

अधिगृहित भूमि के मुआवजा वितरण

[राजस्व]

35. ( क्र. 1465 ) श्री नीलांशु चतुर्वेदी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के मझगवां विकासखण्‍ड अन्‍तर्गत पटना बांध हेतु किन-किन भूस्‍वामियों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) के भूस्‍वामियों में से किन-किन भूस्‍वामियों की भूमि का अधिग्रहण, मुआवजा वितरण किन कारणों से नहीं कियाकब तक करेंगे, क्‍या कारण हैं और कौन उत्तरदायी हैं

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सतना जिले के मझगवां विकासखण्‍ड अंतर्गत पटना बांध हेतु ग्राम पटना कला के 20, पटनाखुर्द के 02 तथा रोहनिया के 14 कुल 36 हितग्राहियों/खातेदार की भूमि अधिग्रहण किया गया है। सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' पर है। (ख) प्रश्नांश (क) के कुल 36 भूमि स्‍वामियों में से ग्राम पटनाकला के 02, पटनाखुर्द के 01 तथा रो‍हनिया के 03 कुल 06 हितग्राहियों/खातेदार को भूमि अधिग्रहण का मुआवजा राशि वितरण नहीं हुआ। कारण सहित जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' पर है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

प्‍याज विक्रय की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

36. ( क्र. 1488 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक  जिला शहडोल में विभिन्‍न गोदामों से प्‍याज किन-किन व्‍यापारियों/फर्मों को कितनी-कितनी मात्रा में किस दर पर बेची गई? व्‍यापारी/फर्म द्वारा विक्रय की गई प्‍याज की राशि किस दिनांक को जमा कराई? नाम, पता सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार किन-किन व्‍यापारियों/फर्मों के ऊपर प्‍याज खरीदी की बकाया राशि जमा करनी शेष है? राशि जमा न करने पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाही विवरण उपलब्‍ध करायें। शेष राशि कब तक विभाग द्वारा जमा करा ली जायेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में  शहडोल जिले में 1,31,880 क्विंटल प्‍याज का विक्रय किया गया। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शहडोल जिले में उचित मूल्‍य दुकानों से राशि रू. 1.66 लाख प्राप्‍त करना शेष है। चूंकि यह शासकीय उचित मूल्‍य दुकान में राशि जमा कराने की कार्यवाही प्रचलित हैजिसे जमा कराने की कार्यवाही निरंतर जारी है।

शासकीय आबादी एवं धार्मिक स्थलों का मुआवजा

[राजस्व]

37. ( क्र. 1501 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत एन.एच.03 सड़क निर्माण कार्य हेतु ग्रामों के धार्मिक स्थलों की भूमि सड़क निर्माण हेतु अधिग्रहित की जाकर राशि का अवार्ड पारित किया गया? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या विभाग द्वारा धार्मिक स्थलों जैसे ग्राम मऊ के नरसिंह मंदिर एवं चतरुखेड़ी में मदरसा स्कूल का अवार्ड पारित किया गया, परन्तु संरचना से लगी भूमि का कोई अवार्ड नहीं दिया गया है? क्या उक्त प्रकरण की जाँच कर संरचनाओं के साथ लगी हुई भूमि का भी अवार्ड पारित कर राशि कब तक प्रदान की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? कारण स्पष्ट करें? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार धार्मिक स्थलों के अधिग्रहण में की गई अनियमितता में दोषियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (ख) में दर्शित धार्मिक स्थलों को अन्यत्र स्थानों पर बनाने हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार धार्मिक स्थल ग्राम मउ की भूमि सर्वे क्रमांक 255 में स्थित नरसिंह मंदिर जिसके व्यवस्थापक कलेक्टर महोदय होने से धार्मिक संरचनाओं की राशि रू. 5,96,586/- परियोजना निर्देशक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग इन्दौर द्वारा स्वीकृत की जाकर खाते में जमा कराई गई है। ग्राम चतरूखेड़ी की भूमि सर्वे क्रमांक 351 रकबा 0.269 हे. पर स्थित मदरसा जो कि निजी भूमि पर स्थित होने से भूमि स्वामी अब्दुल जलील अब्दुल हकीम पिता जमीरखां नि. शाजापुर के नाम अवार्ड पारित किया जाकर संरचना निजी होने से राशि संबंधित के बैंक खाते में जमा कराई जा चुकी है। ग्राम मउ के मंदिर की संरचना से लगी हुई शासकीय भूमि जो राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-3 फोरलेन में प्रभावित हो रही है उक्त शासकीय भूमि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत शासन के हस्तांतरण की कार्यवाही का प्रस्ताव पत्र क्रमांक 8148/6/प्रवाचक-1/2015 दिनांक 24.11.2015 से वरिष्ठालय को प्रेषित किया गया है। (ग) धार्मिक स्थलों में अधिग्रहण में अनियमितता नहीं की गई है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ख) में दर्शित धार्मिक स्थलों को अन्यत्र स्थान पर बनाने हेतु समिति का गठन कार्यालयीन आदेश क्रमांक 1717/भू-अर्जन/2018 दिनांक 23.02.2018 द्वारा किया गया है। मंदिर स्थानांतरण की कार्यवाही प्रचलित है।

सिंगरौली में महिला बैरक का निर्माण

[जेल]

38. ( क्र. 1542 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिंगरौली जिले के अंतर्गत महिला बैरक के संबंध में मांग की गई थी वहां कब तक महिला आरक्षकों की भर्ती, बंदीगृह का शुभारंभ हो जायेगा? (ख) क्‍या महिला अपराधियों को जिला जेल सिंगरौली में रखे जाने का क्‍या प्रावधान किया जा रहा है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। केन्‍द्रीय जेल रीवा से महिला आरक्षकों की व्‍यवस्‍था कर महिला बैरक को दिनांक 06/03/2018 से शुभारंभ किया गया। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

थांदला विधान सभा क्षेत्र में नल-जल योजना 

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

39. ( क्र. 1544 ) श्री कल सिंह भाबर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) थांदला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत किन-किन पंचायतों में नल-जल योजना स्‍वीकृत की गई है? (ख) स्‍वीकृत नल-जल योजना के अंतर्गत कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? पंचायतवार, विकासखण्‍डवार जानकारी उपलब्‍ध की जायें? (ग) उक्‍त नल-जल योजना किन किन गांवों में चालू है? यदि नहीं, है तो चालू करवाने की क्‍या कार्यवाही की गई है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बारह''

मध्‍य प्रदेश पुलिस विभाग की सब इन्‍सपेक्‍टर परीक्षा वर्ष 2018

[गृह]

40. ( क्र. 1578 ) श्री कैलाश चावला : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍य प्रदेश पुलिस विभाग की सब इन्‍सपेक्‍टर परीक्षा में माह फरवरी 2018 में कितने प्रत्‍याशियों को लिखित परीक्षा उत्‍तीर्ण करने के बाद शारीरिक परीक्षा एवं साक्षात्‍कार हेतु भोपाल आमंत्रित किया था? (ख) उक्‍त प्रत्‍याशियों में से कितने प्रत्‍याशियों को शारीरिक परीक्षा एवं साक्षात्‍कार में प्रवेश नहीं दिया गया? वे किस वर्ग के थे तथा उन्‍हें लिखित परीक्षा में कितने अंक प्राप्‍त हुए थे? (ग) उन्‍हें प्रवेश नहीं दिए जाने के क्‍या कारण हैं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) मध्य प्रदेश पुलिस विभाग की सब इन्सपेक्टर भर्ती में 3107 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया था। (ख) उक्त प्रत्याशियों में से 221 अभ्‍यार्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं साक्षात्कार में प्रवेश नहीं दिया गया। उनका वर्ग निम्न प्रकार है- अनारक्षित-71, ओ.बी.सी.-45, अनुसूचित जाति-38 एवं अनुसूचित जनजाति-67 अभ्यर्थी थे। उक्त अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों की जानकारी प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड भोपाल से अप्राप्त है। (ग) दस्तावेज परीक्षण एवं शारीरिक माप में अयोग्य होने के कारण।

महाधिवक्‍ता कार्यालय द्वारा कार्यवाही न करना

[गृह]

41. ( क्र. 1622 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) थाना जहांगीराबाद की एफ.आई.आर. 889/2013 में दिनांक 10 अप्रैल 2014 को चालान पेश होने संबंधी तथ्‍य को एम.सी.आर.सी. 3267/2014 में दिनांक 11 अप्रैल 2014 को किन-किन पक्षों ने सुनवाई में उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर से छिपाया? इस संबंध में महाधिवक्‍ता एवं लोक अभियोजन कार्यालय क्‍या कार्यवाही करेंगे? (ख) चालान पेश होने के 01 दिन बाद दिनांक 11 अप्रैल 2014 को एम.सी.आर.सी. 3267/2014 में एकमात्र प्रतिवादी जहांगीराबाद पुलिस के लिये निर्देश होने पर आर.सी.टी. 3009/2014 की कार्यवाही में लोक अभियोजन कार्यालय द्वारा अधीनस्‍थ जिला एवं सत्र न्‍यायालय भोपाल के लिये चालान पर स्‍थगन मानने के कारण बतावें? (ग) एम.सी.आर.सी 3267/2014 के वादी की याचिका एफ.आई.आर. 889/2013 के विरूद्ध (सी.आर.पी.सी. 482 के तहत) दाखिल होने के कारण दिनांक 11 अप्रैल 2014 को एफ.आई.आर. प्रोसीडिंग स्‍टे को मध्‍यप्रदेश महाधिवक्‍ता कार्यालय और लोक अभियोजन संचालनालय द्वारा चालान पर स्‍टे मानने के कारण बतावें? शासकीय अधिवक्‍ता द्वारा 3267/2014 में मेन्‍शन और अरजेंट हियरिंग हेतु कार्यवाही कब तक की जायेगी? नहीं तो क्‍यों? शासन पक्ष ने न्‍यायालय को यह क्‍यों नहीं बताया कि चालान पेश हो चुका है? (घ) थाना जहांगीराबाद की एफ.आई.आर. 889/2013 में हाईकोर्ट जबलपुर से अग्रिम जमानत प्राप्‍त किन-किन अभियोगियों ने चालान पेश होने के बाद जिला एवं सत्र न्‍यायालय भोपाल से आर.सी.टी. 3009/2014 में नियमित जमानत नहीं ली? किस आदेश द्वारा जमानत लेने से छूट प्रदान की गई है? इन अभियोगियों को फरार घोषित कराने के लिए लोक अभियोजन अधिकारी वैधानिक कार्यवाही कब तक करेंगे?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

सेवा निवृत्‍त डी.एस.पी. की विभागीय जाँच 

[गृह]

42. ( क्र. 1625 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कैलेन्‍डर वर्ष 2017 में सी.आई.डी. से कितने उप पुलिस अधीक्षक सेवानिवृत्‍त हुए हैं? सेवानिवृत्‍त उक्‍त डी.एस.पी. में से किस किस के विरूद्ध कब कब से विभागीय जाँच लम्बित/प्रचलित है? नामवार विवरण दें। (ख) कंडिका (क) अनुसार लम्‍बे समय से लम्बित विभागीय जाँच के लिए क्‍या जाँचकर्ता अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? (ग) कंडिका (क) के उल्‍लेखानुसार विभागीय जाँच में आरोपित सेवानिवृत्‍त किस किस अधिकारी द्वारा शासकीय आवास गृह रिक्‍त नहीं किया है? क्‍या उन अधिकारियों से बाजार दर से दोगुनी दर पर किराया वसूला जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (घ) कंडिका (क) अनुसार आरोपी अधिकारियों को कितने-कितने प्रतिशत पेंशन का भुगतान किया जा रहा है? अवकाश नकदीकरण तथा ग्रेच्‍युटी एवं अन्‍य उपादानों के भुगतान की प्रकरणवार स्थिति बतावें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) कुल-08 उप पुलिस अधीक्षक सेवानिवृत्‍त हुये है। केवल श्री प्रदीप कुमार शर्मा जो कि दिनांक 31.07.17 से सेवानिवृत्‍त है, के विरूद्ध दिनांक 13.10.15 से संयुक्‍त विभागीय जाँच लंबित है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश '''' में उल्‍लेखित अधिकारी द्वारा शासकीय आवास गृह रिक्‍त नहीं किया गया है। दाण्डिक दर से नियमानुसार किराया वसूला जायेगा। (घ) उत्‍तरांश '''' में उल्‍लेखित अधिकारी को 90 प्रतिशत प्रत्‍याशित पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। अवकाश नगदीकरण की राशि रू. 3,92,589/- एफबीएफ की राशि रू. 13445/- जी.आई.एस. की राशि रू. 99811/- आई.सी.एस.एस. की राशि रू. 45042/- एवं जी.पी.एफ. की राशि रू. 935280/- का भुगतान किया गया है। पी.पी.ओ. जारी नहीं होने के कारण ग्रेच्‍युटी की भुगतान नहीं किया गया है।

पंचायत विभाग में कार्यरत श्रमिकों को न्‍युनतम वेतन

[श्रम]

43. ( क्र. 1637 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्यमंत्री, श्रम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में लगभग २३०० ग्राम पंचायतों में सचिव के अलवा भृत्‍य, प्‍लंबर सफाईकर्मी व क्‍लर्क के रुप में अन्‍य ४-५ कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्‍हें न्‍यूनतम वेतन से कम वेतन पंचायत दे रही है? क्‍या यह श्रम कानूनों के विपरीत नहीं है? (ख) क्‍या प्रदेश सरकार ने न्‍यूनतम वेतन अधिसूचित किया है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है? उक्‍त अधिसूचना का पालन इन गरीब कर्मचारियों के लिए क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (ग) शासन कब तक प्रश्नांश (क) के कर्मचारियों को न्‍यूनतम वेतन का लाभ प्रदान करेगा?

राज्यमंत्री, श्रम ( श्री बालकृष्ण पाटीदार ) : (क) प्रदेश में ग्राम पंचायतों में सचिव के अलावा भृत्य, प्लंबर, सफाई कर्मी व क्लर्क के रूप में अन्य 4-5 कर्मचारी कार्यरत होने की जानकारी इस कार्यालय में नहीं है एवं न ही उक्त कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन से कम वेतन पंचायत द्वारा प्रदाय किये जाने की कोई शिकायत समक्ष आई है। न्यूनतम वेतन से कम वेतन का भुगतान करना श्रम कानूनों के विपरित है। (ख) हाँ। म.प्र शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के पुनरीक्षण के संबंध में जारी की गई अधिसूचना अनुसार म.प्र में न्यूनतम वेतन लागू है। जो वर्तमान में निम्नानुसार हैः-

कर्मचारियों की श्रेणी प्रतिमाह प्रतिदिन

अकुशल रू.7125 रू. 274

अर्द्धकुशल रू. 7982 रू. 307

कुशल श्रमिक रू. 9360 रू. 360

उच्च कुशल रू. 10660 रू 410

(ग) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

झांसी खजुराहों फोरलेन एन.एच.संख्‍या 76 का निर्माण

[राजस्व]

44. ( क्र. 1690 ) श्री अनिल जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में झांसी खजुराहो फोरलेन का निर्माण राज्‍य अथवा केन्‍द्र शासन के विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उन गांवों के नाम बतावें, जिनसे होकर इस फोरलेन मार्ग का निर्माण प्रस्‍तावित है? (ख) प्रश्‍नांकित फोरलेन हेतु क्‍या किसानों की भूमि अधिग्रहण का प्रावधान है? यदि हाँ, तो क्‍या इस हेतु शासन द्वारा तदाशय की सूचना प्रकाशित करना आवश्‍यक है तो यह सूचना किस राजपत्र में प्रकाशित कराई गई की छाया प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) में प्रकाशित सूचना ही, भूमि अधिग्रहण हेतु क्‍या अंतिम आदेश था यदि हाँ, तो प्रकाशन उपरान्‍त किसानों को क्‍यों नोटिस जारी कर दावा आपत्ति आमंत्रित किये गये। कारण सहित बतावें और यदि नहीं, तो भूमि अधिग्रहण का अंतिम आदेश कब किस के द्वारा पारित किया गया? की प्रतिलिपि उपलब्‍ध कराई जावें। (घ) प्रश्नांश (ग) में प्रभावित किसानों को जारी नोटिस पर किन-किन किसानों द्वारा आपत्ति सक्षम अधिकारी को प्रस्‍तुत की गई और उनमें से कितनी आपत्ति स्‍वीकार और खारिज कर किसानों के संज्ञान में लायी जाकर सार्वजनिक की गई है? यदि नहीं, तो कारण बताया जाये।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र निबाड़ी में झांसी खजुराहो फोरलेन का निमार्ण विचाराधीन है। निम्‍न ग्रामों से फोर-लेन का निर्माण प्रस्‍तावित है :-1- प्रतापपुर 2- बबेडीजंगल 3- निबाडीखास 4- निबाडी भाटा, 5- देवेन्‍द्रपुरा 6-नैगुवां 7- मुडारा 8- उरदौरा 9- घूघसीखास 10-घूघसीग्रन्‍ट 11- भोजपुरा (ख) जी हाँ। फोरलेन निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण का प्रावधान है।
राष्‍ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3 घ के अंतर्गत भारत के राजपत्र नई दिल्‍ली दिनांक 25 अक्‍टूबर 2010 में अंतिम प्रकाशन किया गया, राजपत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रप्रत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3 घ के अंतर्गत भारत के राजपत्र नई दिल्‍ली दिनांक 25 अक्‍टूबर 2010 में अंतिम आदेश अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी निबाडी के द्वारा निम्‍नानुसार पारित किये गये:-

ग्राम का नाम

पारित अवार्ड का दिनांक

निवाडीखास

20.06.2017

निवाडीभाटा

20.06.2017

मुडारा

20.06.2017

देवेन्‍द्रपुरा

20.06.2017

नैगुवां

20.06.2017

उरदौरा

20.04.2017

घूघसीखास

20.06.2017

घूघसीग्रंट

20.04.2017

प्रतापपुरा

20.12.2017

बबेडीजंगल

20.12.2017

अवार्ड की प्रतिलिपि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। ग्राम भोजपुरा की भूमि अधिग्रहण के संबंध में धारा 3 (क) की कार्यवाही भा.रा.रा.प्रा. के मुख्‍यालय कार्यालय दिल्‍ली में विचाराधीन है। (घ) पारित अवार्ड के संबंध में किसानों द्वारा आपत्ति/आवेदन प्रस्‍तुत किये गये है जिनकी जाँच कराई जा रही है, सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

कलस्‍टर ग्रामों में डेयरी विकास संबंधी योजनाओं में प्राप्‍त राशि की जानकारी

[पशुपालन]

45. ( क्र. 1726 ) श्री संजय उइके : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनजातीय कार्यविभाग द्वारा बालाघाट जिले की बैहर एवं परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत बैहर/बिरसा एवं परसवाड़ा जनपद पंचायत के कलस्‍टर ग्रामों में आदिवासी हितग्रा‍हियों हेतु डेयरी विकास संबंधी योजना हेतु राशि दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो कब-कब, कितनी-कितनी राशि प्रश्‍न दिनांक तक विभाग को प्राप्‍त हुई? प्रत्‍येक वर्ष क्रियान्वित योजना/परियोजना के पूर्ण होने के उपरान्‍त कब तक कौन-कौन से हितग्राही समिति/सहकारी समिति/समूह द्धारा योजनानुसार दुग्‍ध उत्‍पादन का कार्य किया जाता रहा है एवं कुल कितनी राशि का व्‍यवसाय लाभ एवं हानि सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या विभाग के पास उपरोक्‍त क्रियान्वित योजनाओं के अनुसार आदिवासी हितग्राही/समूह/समिति द्वारा दुग्‍ध उत्‍पादन का कार्य किया गया, या नहीं किया गया एवं उक्‍त योजनाओं में क्‍या कमी रही कि आदिवासी हितग्राही दुग्‍ध उत्‍पादन का कार्य लगातार करने में असफल रहे? क्‍या योजनाओं का फीडबैक लिए बिना ही पुन: वित्तीय वर्ष 2015-16 में डेयरी विकास हेतु योजना बनाकर जनजातीय कार्य मंत्रालय से स्‍वीकृत कराया गया है? (घ) स्‍वीकृत वर्ष से प्रश्‍न दिनांक तक बैहर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत डेयरी विकास योजना एवं परियोजना हेतु कितनी राशि कब प्राप्‍त हुई एवं प्राप्‍त राशि का व्‍यय कहाँ-कहाँ, कितना-कितना व्‍यय किया गया? बि‍ल व्‍हाउचर सहित जानकारी देवें।

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशि‍ष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) क्रियान्वि‍त योजनाओं अन्तर्गत परसवाड़ा एवं बैहर क्षेत्र में दुग्ध समितियों द्वारा दुग्ध उत्पादन का कार्य किया गया अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थि‍त नहीं होता है। संचालनालय, मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना से प्राप्त स्वीकृति दिनांक 29.09.2015 के अंतर्गत आदिवासी महिला डेयरी विकास योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। (घ) प्रश्न दिनांक तक आदिवासी महिला परियोजना अंतर्गत दिनांक 18.01.2017 को प्राप्त राशि‍ रू. 222.61 लाख के विरूद्ध रू. 77.71 लाख व्यय किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशि‍ष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार।

बांग्‍लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजना

[गृह]

46. ( क्र. 1784 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में कितने बांग्‍लादेशी घुसपैठिये निवास कर रहे है, जिन्‍होंने राशन कार्ड तथा वोटर आई.डी. कार्ड भी बनवा लिये हैं। इसकी रोकथाम के लिए गृह मंत्रालय ने क्‍या कार्यवाही की है? (ख) यदि हाँ, तो विगत 3 वर्षों में अभी तक कितने बांग्‍लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही की गई व कितने घुसपैठियों को वापस भेजने की कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसके लिए कौन दोषी है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) प्रदेश के रायसेन जिलें में 1 बांग्‍लादेशी नागरिक निवासरत है, जिसने राशन कार्ड तथा वोटर आ.ई.डी. कार्ड बनवा लिया है। इस संबंध में दर्ज प्रकरण की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इस संबंध में गृह मंत्रालय से निर्देश प्राप्‍त नहीं हुए हैं, किन्‍तु अवैध रूप से निवासरत विदेशियों पर विदेशी अधिनियम 1946 के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की जाती है। (ख) विगत 3 वर्षों में कोई भी बांग्‍लादेशी घुसपैठिया चिन्हित नहीं हुआ है। जिस कारण कार्यवाही करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

लिंक कोर्ट के माध्यम से ग्राहकों को न्याय

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

47. ( क्र. 1849 ) श्री राजेश सोनकर : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राहकों को न्याय दिलाने के लिए मध्यप्रदेश में पूर्ण कोर्ट के अलावा लिंक कोर्ट की भी व्यवस्था है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो प्रदेश में किन-किन स्थानों पर लिंक कोर्ट के माध्यम से ग्राहकों को न्याय दिलाया जा रहा है? उन स्थानों के नाम सहित जानकारी प्रदान। (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में लिंक कोर्ट को पूर्ण पीठ में स्थापित करने की योजना है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी लिंक कोर्ट को पूर्ण पीठ में स्थापित किया जायेगा और कब तक?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। प्रदेश के 26 जिला मुख्‍यालयों पर सम्‍बद्ध जिला फोरम कार्यरत हैं, जहां मुख्‍य जिला फोरम के अध्‍यक्ष द्वारा बैठकों का आयोजन किया जाता है। (ख) प्रदेश के 48 जिला मुख्‍यालयों पर जिला उपभोक्‍ता फोरम गठित है। भोपाल, इंदौर तथा जबलपुर में अतिरिक्‍त जिला फोरम भी गठित है। इस प्रकार 51 जिला उपभोक्‍ता फोरम में से 25 जिला उपभोक्‍ता फोरम मुख्‍य फोरम के रूप में कार्यरत है तथा शेष 26 जिला उपभोक्‍ता फोरम सम्‍बद्ध जिला फोरम के रूप में कार्यरत है। प्रदेश के मुख्‍य तथा सम्‍बद्ध जिला उपभोक्‍ता फोरम की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

सांवेर विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत बोरिंग व मोटर पंप स्‍थापित करना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

48. ( क्र. 1921 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सांवेर विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग को पिछले ०३ वर्षों में कितने पत्र बोरिंग खनन एवं मोटर पंप आदि डालने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक पत्र प्रेषित किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विभाग द्वारा उक्‍त अवधि में क्या-क्‍या कार्य विधानसभा सांवेर में कराये गये? विवरण देवे? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र सांवेर में विभाग द्वारा कितने बोरिंगों को खनन की स्‍वीकृति दी जायेगी व मोटर डाली जायेगी, कितने बोरिंग एवं मोटर की मांग प्रश्‍न दिनांक तक पेंडिंग है? क्‍या शीघ्र अति शीघ्र बोरिंग व मोटर पंप की मांगों की पूर्ति की जायेगी समय-सीमा बतायें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 22 पत्र। (ख) 137 नलकूप खनन (बोरिंग) एवं 67 मोटर पंपों की स्थापना की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विभागीय लक्ष्यों, निर्धारित मापदण्डों एवं उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अनुसार नलकूप खनन एवं मोटर पंपों के स्थापना के कार्य कराये जाते हैं। मांग पत्रों के अनुसार 321 नलकूप खनन (बोरिंग) एवं 136 मोटर पंपों की स्थापना के कार्य लंबित हैं। लंबित कार्य आगामी वित्तीय वर्ष में प्राप्त होने वाले आंशिक पूर्ण श्रेणी के ग्रामों में विभागीय लक्ष्यों, निर्धारित मापदण्डों एवं उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अनुसार कराये जा सकेंगे। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है।

मध्यप्रदेश कर्मचारी बिमा निगम के औषधालय (अस्पताल) की उपलब्धता 

[श्रम]

49. ( क्र. 1941 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या राज्यमंत्री, श्रम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में कर्मचारी बीमा निगम के जिला मुख्यालयों पर कितने औषधालय (अस्पताल) हैं? (ख) धार जिला मुख्यालय पर राज्य बीमा निगम की डिस्पेंसरी या सुपर स्पेशिलिस्टी अस्पतालों से टाईअप है अथवा नहीं? (ग) अगर नहीं है तो शासन द्वारा कब तक राज्य बीमा निगम के माध्यम से उक्त सुविधा प्रदान की जावेगी? (घ) सुपर स्पेशिलिस्टी अस्पतालों से टाईअप हेतु धार जिला मुख्यालय पर किन-किन अस्पतालों ने आवेदन किया है, उनके नाम बतावें। शासन द्वारा टाईअप हेतु अस्पतालों से प्राप्त आवेदन पत्रों पर अब तक क्या कार्यवाही की गई है