Top of Form

मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


मंगलवार, दिनांक 13 मार्च, 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



छात्रावासों में कम्‍प्‍यूटर की व्‍यवस्‍था

[जनजातीय कार्य]

1. ( *क्र. 1852 ) श्री जतन उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                        (क) क्‍या प्रदेश के छिन्‍दवाड़ा के छात्रावासों में कम्‍प्‍यूटर की व्‍यवस्‍था की गई है? यदि हाँ, तो, कितने छात्रावासों में की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत कितने कम्‍प्‍यूटर सेट किस कम्‍पनी के क्रय किये गये हैं? कम्‍प्‍यूटर सेट किसके द्वारा क्रय किये गये हैं? (ग) क्‍या शासन द्वारा कम्‍प्‍यूटर क्रय हेतु निर्धारित मापदण्‍ड तय किया गया है? यदि हाँ, तो प्रति सेट का मूल्‍य बतायें तथा विज्ञापन का दिनांक व समाचार पत्र का नाम बतावें? (घ) कितने छात्रावासों में कम्‍प्‍यूटर की व्‍यवस्‍था नहीं है? वंचित छात्रावासों में कब तक कम्‍प्‍यूटर की व्‍यवस्‍था की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। छिन्‍दवाड़ा में 16 छात्रावासों में कम्‍प्‍यूटर की व्‍यवस्‍था की गई है। (ख) कम्‍प्‍यूटर सेट ''ACER'' कम्‍पनी के हैं, वर्ष 2015-16 में कुल 42 कम्‍प्‍यूटर सेट क्रय किये गये हैं। कम्‍प्‍यूटर सेट सहायक आयुक्‍त, आदिवासी विकास छिन्‍दवाड़ा द्वारा क्रय किये गये हैं। (ग) जी हाँ। रूपये 40,000/-, DGS &D से क्रय करने के कारण। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) 71 छात्रावासों में कम्‍प्‍यूटर की व्‍यवस्‍था नहीं है। कम्‍प्‍यूटर हेतु 28.40 लाख राशि का आवंटन प्राप्‍त हो गया है, वर्तमान में क्रय पर प्रतिबंध है, क्रय पर प्रतिबंध से छूट मिलने पर शीघ्र ही क्रय की कार्यवाही पूर्ण हो सकेगी।

तहसील मुख्यालय नागदा में उत्कृष्ट छात्रावास का संचालन

[अनुसूचित जाति कल्याण]

2. ( *क्र. 1115 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. में लगभग सभी तहसील मुख्यालयों पर अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के द्वारा उत्कृष्ट छात्रावास संचालित हैं? नागदा नगर तहसील मुख्यालय होते हुए भी यहां उत्कृष्ट छात्रावास नहीं होने से यहां पर रहने वाले बालक-बालिकाओं को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है। (ख) यहां के अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के द्वारा संचालि‍त बालक/बालिका छात्रावासों को कब तक उत्कृष्ट छात्रावास घोषित कर दिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। उत्‍कृष्‍ट छात्रावास योजनान्‍तर्गत विकासखण्‍ड मुख्‍यालय पर उत्‍कृष्‍ट छात्रावास संचालित किये जाने का प्रावधान है। नागदा तहसील मुख्‍यालय होने से उत्‍कृष्‍ट छात्रावास का संचालन नहीं किया जा रहा है। (ख) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बरगी परियोजना की दायीं तट मुख्‍य नहर से पेयजल व्‍यवस्‍था

[नर्मदा घाटी विकास]

3. ( *क्र. 3276 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कटनी जिले में नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा बरगी व्‍यपवर्तन परियोजना की दायीं तट मुख्‍य नहर से बहोरीबंद एवं रीठी पठार क्षेत्र में पेयजल हेतु पानी उपलब्‍ध कराया जावेगा? (ख) यदि हाँ, तो विधान सभा क्षेत्र बहोरीबंद की किन-किन पंचायतों में किस-किस माध्‍यम से ग्रामीणों को पेयजल उपलब्‍ध कराये जाने हेतु पी.एच.ई. विभाग के समन्‍वय से सर्वे/योजना बनाई गई है? (ग) क्‍या रीठी विकासखण्‍ड में पेयजल स्‍त्रोतों की कमी को देखते हुये नर्मदा नहर के पानी को रीठी क्षेत्र तक पहुंचाये जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा प्रेषित पत्र के तारतम्‍य में जिला                     भू-अर्जन अधिकारी, जिला कटनी के पृ.पत्र क्रमांक 2745, दिनांक 09.03.2016 पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? तिथिवार, कार्यवाहीवार, पृथक-पृथक विवरण दें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार पठार क्षेत्र में पेयजल संकट के निदान हेतु कब तक पेयजल की व्‍यवस्‍था की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) वर्तमान में ऐसी कोई योजना नहीं है। बरगी व्‍यपवर्तन योजना की डी.पी.आर. में वर्तमान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग, कटनी के ज्ञाप क्रमांक 244/तक/57/2016, दिनांक 22.03.2016 के द्वारा कलेक्‍टर (भू-अर्जन शाखा) कटनी एवं ज्ञाप क्रमांक 222/कार्य/2018, कटनी दिनांक 22.02.2018 द्वारा माननीय विधायक को अवगत कराया गया है कि रीठी के भू-स्‍तर मुख्‍य नहर के पूर्ण प्रवाह जलस्‍तर से ऊँचे होने के कारण मुख्‍य नहर से रीठी विकासखण्‍ड को बहाव द्वारा जोड़ना संभव नहीं है। (घ) उत्तरांश (क) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विद्युत समस्‍या के निराकरण हेतु शिविरों का आयोजन

[ऊर्जा]

4. ( *क्र. 259 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत गत 04 वर्षों में कहाँ-कहाँ विद्युत समस्‍या निवारण शिविर आयोजित किये गये? (ख) क्‍या शिविर में सक्षम अधिकारी उपस्थित नहीं रहते हैं? क्‍या यही कारण है कि मौके पर शिकायतों का निराकरण नहीं होता है एवं हितग्राही को विद्युत कार्यालयों के चक्‍कर लगाने पड़ते हैं? (ग) इन शिविरों में कितनी समस्‍यायें प्राप्‍त हुईं? मौके पर कितनी समस्‍याओं का निराकरण किया गया? शिविर समाप्ति उपरांत बाद में कार्यालय से कितनी शिकायतों का निराकरण किया गया? संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। (घ) प्रश्नांश (ग) के अंतर्गत मौके पर शिकायतों के निराकरण न होने का क्‍या कारण है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत विगत 4 वर्षों                           यथा-वर्ष 2014-15 से 2017-18 (जनवरी-18 तक) में आयोजित विद्युत समस्‍या निवारण शिविरों का स्‍थानवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) शिविर सक्षम अधिकारियों की उपस्थिति में ही आयोजित किये जाते हैं तथा अधिकांश शिकायतों का निराकरण मौके पर ही किया जाता है। उल्‍लेखनीय है कि प्रश्‍नाधीन अवधि में आयोजित विद्युत समस्‍या निवारण शिविरों में प्राप्‍त कुल 1635 शिकायतों में से 1198 शिकायतों का निराकरण शिविर दिनांक को मौके पर ही किया गया है। (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में आयोजित विद्युत समस्‍या निवारण शिविरों में कुल 1635 शिकायतें प्राप्‍त हुईं, जिनमें से शिविर स्‍थल पर 1198 शिकायतों का निराकरण किया गया तथा शिविर उपरांत 436 शिकायतों का निराकरण किया गया। अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर लगाने से संबंधित एक शिकायत का कार्य प्रगति पर है। (घ) कुछ शिकायतों यथा-मीटर बदले जाने, ट्रांसफार्मर बदले जाने, विद्युत लाइनों संबंधी कार्य आदि में मैदानी जाँच आवश्‍यक होती है, अत: शिविर स्‍थल पर ही शिकायत की जाँच/निराकरण संभव नहीं हो पाता। ऐसे प्रकरणों में वितरण कंपनी द्वारा जाँच कराकर शिकायत का यथाशीघ्र निराकरण किया जाता है।

स्‍व-रोजगार योजनाओं का संचालन

[जनजातीय कार्य]

5. ( *क्र. 3543 ) सुश्री मीना सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                  (क) प्रदेश में जनजाति के स्‍व-रोजगार के लिये कौन-कौन सी योजनायें केन्‍द्र और राज्‍य शासन द्वारा संच‍ालित हैं? इनका इन वर्गों के लिये वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में वार्षिक लक्ष्‍य क्‍या था? जिलेवार संख्‍यात्मक जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) 01 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक उमरिया जिले की मानपुर विधान सभा क्षेत्र में जनजाति वर्गों के कितने लोगों को प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित योजनाओं से स्‍व-रोजगार के लिये लाभान्वित किया गया है? वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ग) उमरिया जिले की मानपुर विधान सभा क्षेत्र में जनजाति के कितने परिवार गरीबी रेखा के नीचे रहते हैं तथा  01 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने परिवार अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के गरीबी की रेखा के ऊपर आ गये हैं? वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करायें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना संचालित है। इनके वार्षिक लक्ष्‍य की जिलेवार संख्‍यात्‍मक जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) 01 जनवरी, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक उमरिया जिले की मानपुर विधान सभा क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लाभांवित हितग्राहियों की वर्षवार जानकारी निम्नानुसार है :-

क्र.

 

योजनाओं का नाम

 

वित्‍तीय वर्ष 2013-14

वित्‍तीय वर्ष 2014-15

वित्‍तीय वर्ष 2015-16

वित्‍तीय वर्ष 2016-17

वित्‍तीय वर्ष 2017-18

1

टंट्या भील स्वरोजगार योजना,

07

16

-

-

-

2

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना,

-

05

26

16

57

3

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना

-

-

-

0

0

4

मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना,

-

-

-

18

34

 

(ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''एक''

देशी शराब दुकान का अन्‍यत्र स्‍थानांतरण

[वाणिज्यिक कर]

6. ( *क्र. 3064 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                (क) प्रदेश में देशी शराब दुकान स्‍थापित करने के क्‍या दिशा-निर्देश हैं? निर्देशों की छाया प्रति देवें। देशी शराब दुकान उड़ना (सड़क) तहसील पाटन जिला जबलपुर वर्तमान समय में कब से किस स्‍थल पर संचालित है? (ख) क्‍या शासकीय माध्‍यमिक शाला उड़ना (सड़क) के मुख्‍य द्वार से 50 मीटर दूर स्‍कूल पहुँच मार्ग के बाजू में एवं उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र उड़ना (सड़क) से 80 मीटर दूर तथा सेवा सहकारी समिति उड़ना सड़क से 30 मीटर दूर स्थित है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) यदि हाँ, तो वित्‍त वर्ष 2017-18 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त शराब दुकान को अन्‍यत्र स्‍थानांतरण करने हेतु ग्रामीणजनों द्वारा धरना प्रदर्शन कब-कब किये गये तथा कब-कब, किस-किस को मांग पत्र प्रेषित किये गये? (घ) क्‍या प्रश्नांश (ग) में उल्‍लेखित धरना प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणजनों पर प्रकरण दर्ज कर उन्‍हें प्रताड़ि‍त किया गया? यदि हाँ, तो क्‍या शासन ग्रामीणजनों की न्‍यायोचित मांग को स्‍वीकार करते हुये देशी शराब दुकान उड़ना सड़क को अन्‍यत्र स्‍थानांतरित कर ग्रामीणजनों पर लगाये गये मुकदमों को वापिस लेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रदेश में देशी शराब दुकान स्‍थापित करने के लिए मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत सामान्‍य प्रयुक्ति नियम-1 में दिशा निर्देश प्रावधानित हैं, नियमों की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। देशी शराब दुकान उड़ना दिनांक 23.04.2017 से श्री राघवेन्‍द्र सिंह ठाकुर के भवन उड़ना में संचालित है, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ख) वर्तमान स्थिति में देशी शराब दुकान उड़ना से माध्‍यमिक शाला की दूरी 318 मीटर, उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की दूरी 228 मीटर तथा देशी शराब दुकान से सहकारी समिति की उड़ना से दूरी 125 मीटर है, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। (ग) थाना प्रभारी थाना पाटन जिला जबलपुर से प्राप्‍त जानकारी अनुसार वर्ष 2017-18 में ग्राम उड़ना सड़क में स्थिति देशी शराब दुकान को अन्‍यत्र स्‍थानांतरित करने हेतु ग्रामीणजनों द्वारा ग्राम उड़ना (सड़क) में कोई धरना प्रदर्शन आयोजित नहीं किया। कार्यालय थाना प्रभारी थाना पाटन, जिला जबलपुर के पत्र की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-चार अनुसार है, वर्ष 2017-18 में देशी शराब दुकान उड़ना को अन्‍यत्र स्‍थानांतरण करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व पाटन को समक्ष में ज्ञापन, दिनांक 13.04.2017 को दिया गया था, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-पाँच अनुसार है। (घ) जी नहीं। देशी शराब दुकान उड़ना सड़क मध्‍यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत बनाए गए सामान्‍य प्रयुक्ति नियम-1 में दिए गए दिशा निर्देशों के अंतर्गत स्‍थापित होने से मदिरा दुकान को स्‍थानांतरित नहीं किया जा रहा है। अतएव शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

नवीन विद्युत ग्रिड की स्‍थापना

[ऊर्जा]

7. ( *क्र. 1262 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत ग्राम दगल्‍या व ग्राम बाजरोन के मध्‍य तथा ग्राम रामगढ़ में 33/11 के.व्‍ही. विद्युत ग्रिड नहीं होने से क्रमश: ग्राम दगल्‍या-बाजरोन के मध्‍य 40 ग्रामों के कृषकों एवं ग्राम रामगढ़ अंतर्गत 25 ग्रामों के कृषकों को निरंतर अल्‍प वोल्‍टेज एवं लाईन के तार टूटने से विद्युत कटोत्री का दंश झेलना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो उक्‍त समस्‍या के निराकरण हेतु प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) उपरोक्‍तानुसार क्‍या ग्रामों के किसानों की पुरजोर मांग पर प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्‍त वर्णित स्‍थानों पर 33/11 के व्‍ही. विद्युत ग्रिड स्‍थापित कराने हेतु निरंतर शासन से मांग की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त वर्णित स्‍थानों पर 33/11 के.व्‍ही. विद्युत ग्रिड की स्‍थापना करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं, विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत ग्राम बाजरोन व दगल्या एवं आस-पास के ग्रामों को 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र रनारा से नियमानुसार सुचारू रूप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, तथापि उक्त क्षेत्र में प्रणाली सुदृढ़ीकरण हेतु ग्राम बाजरोन व दगल्या के मध्य 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र की स्थापना का कार्य वित्तीय उपलब्धतानुसार इसी प्रकार के अन्‍य कार्यों की प्राथमिकता के क्रम में अगामी योजनाओं में सम्मिलित किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। ग्राम रामगढ़ एवं आस-पास के क्षेत्र में स्थित ग्रामों को लगभग 4 कि.मी. की दूरी पर स्थित 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र लखोनी से नियमानुसार सुचारू रूप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, वर्तमान में ग्राम रामगढ़ में 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र की स्थापना का कार्य तकनीकी रूप से साध्य नहीं है। (ख) जी हाँ। उत्तरांश (क) में दर्शाए अनुसार कार्यवाही की जायेगी, जिस हेतु वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

धोबी/रजक जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा

[अनुसूचित जाति कल्याण]

8. ( *क्र. 1758 ) श्री रामनिवास रावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                        (क) प्रदेश के संपूर्ण जिलों में धोबी/रजक जाति को अनुसूचित जाति की सूची में सम्मिलित किये जाने हेतु पारित अशासकीय संकल्‍प पर प्रदेश के आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्‍थान द्वारा संकल्‍प के पक्ष में/विभागीय टीप में क्‍या-क्‍या उल्‍लेख किया गया था? पृथक-पृथक दिनांकवार भेजी गई टीप की प्रति संलग्‍न करें (ख) क्‍या संस्‍थान से शासन को प्राप्त अभिमत/टीप के आधार पर ही शासन द्वारा अशासकीय संकल्‍प पारित करने की सहमति प्रदान की गई थी?                                                                         (ग) यदि हाँ, तो विभाग के पत्र दिनांक 14 जुलाई, 2006 के साथ प्रदेश के आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्‍थान द्वारा धोबी जाति के संबंध में 45 जिलों की सर्वेक्षण रिपोर्ट निष्‍कर्ष के साथ विभाग के पत्र दिनांक 07 जुलाई, 2006 संलग्‍न कर भारत सरकार को भेजी गई थी? इस रिपोर्ट में संस्‍थान द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में धोबी जाति की सामाजिक स्थिति एक समान तथा संदर्भित साहित्‍यों में दिये गये विवरणों को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्‍तावित किया गया था कि धोबी जाति के क्षेत्रीय बंधन को समाप्‍त करते हुए, इन्‍हें संपूर्ण म.प्र. में अनुसूचित जाति में मान्‍य किये जाने की अनुशंसा की गई थी? (घ) यदि हाँ, तो आदिम जाति अनुसंधान के प्रतिवेदन दिनांक 24 जुलाई, 2007 में प्रदेश में धोबी जाति की सामाजिक स्थिति भिन्‍न-भिन्‍न क्‍यों एवं किस आधार पर बतलायी जाकर म.प्र. शासन के विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय मंत्री जी के अनुमोदन लिये बिना ही विधान सभा से पारित प्रस्‍ताव के मामले/नीतिगत निर्णय में सदन की भावना के विरूद्ध भारत सरकार को यह प्रस्‍तावित किया गया कि प्रदेश में धोबी समुदाय की स्थिति भिन्‍न-भिन्‍न है, इसलिए अनुसूचित जाति में सम्मिलित करने का पर्याप्‍त आधार नहीं है? (ड.) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या संस्‍थान द्वारा वर्ष 2006 तक की स्थिति में धोबी जाति की सामाजिक स्थिति एक समान बतायी गई थी एवं वर्ष 2007 में उनकी स्थिति भिन्‍न-भिन्‍न लेख किया जाकर प्रकरण को समाप्‍त करने की अनुशंसा भारत सरकार से कर विधान सभा की अवमानना की गई है?                                                       (च) यदि नहीं, तो क्‍या शासन द्वारा इसकी उच्‍चस्‍तरीय जाँच कराकर संबंधित दोषी के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए धोबी जाति के समर्थन में भारत सरकार द्वारा चाही गई अपेक्षित सर्वे रिपोर्ट भेजी जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। (घ) से (च) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विद्युत खंभों की नीलामी

[ऊर्जा]

9. ( *क्र. 2502 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                    (क) क्‍या सीहोर शहर के विभिन्‍न क्षेत्रों में विद्युत खंभों को बदला गया है? यदि हाँ, तो विगत 3 वर्ष के दौरान कितने-कितने विद्युत खंभे किन कारणों से बदले गए? खंभों की संख्‍या का ब्‍यौरा दें। (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) अनुसार पुराने खंभों को नीलाम किया गया है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें? यदि नहीं, तो विगत 3 वर्ष के दौरान निकाले गए विद्युत खंभे और तार केबल आदि कहाँ पर रखे गए हैं, वहां संधारित पंजी की छायाप्रति उपलब्‍ध कराएं। (ग) क्‍या सीहोर शहर में पदस्‍थ जूनियर इंजीनियर की निगरानी में शहर के विभिन्‍न स्‍थानों और कॉलोनियों में विद्युत खंभे लगाए गए हैं? यदि हाँ, तो किस-किस इंजीनियर की निगरानी में किस-किस कंपनी ठेकेदार द्वारा किन-किन स्‍थानों पर विद्युत खंभे लगाए गए हैं? प्रश्‍नांकित दिनांक से 03 वर्ष का ब्‍यौरा वर्षवार, स्‍थानवार, कंपनीवार ठेकेदारवार उपलब्‍ध कराएं।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। सीहोर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विगत तीन वर्षों यथा-वर्ष 2015-16, 2016-17 एवं 2017-18 में बदले गये विद्युत खम्बों की संख्‍या सहित प्रश्नाधीन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) में दर्शाये गये पुराने खंभों/तारों आदि को स्थानीय स्तर पर नीलाम नहीं किया जाता है, अपितु कार्यों के विरूद्ध निकाली गई पुरानी सामग्री को क्षेत्रीय भण्डार भोपाल में वापिस कर नीलामी आदि की कार्यवाही की जाती है, जिसका शहरवार विवरण संधारित नहीं किया जाता। सीहोर शहर में विगत 03 वर्षों के दौरान निकाले गये खंभों, तार, केबल आदि की क्षेत्रीय भण्डार, भोपाल में वापसी का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब-1', प्रपत्र 'ब-2' एवं प्रपत्र 'ब-3' अनुसार है। उक्‍त सामग्री की क्षेत्रीय भण्‍डार, भोपाल में प्राप्ति से संबंधित संधारित किये गये रिकार्ड/मटेरियल रिसिप्‍ट एडवाइस की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) सीहोर शहर में विभिन्न स्थानों और कॉलोनियों में विद्युत खंभे एस.टी.सी. संभाग सीहोर में पदस्थ इंजीनियरों एवं प्रोजेक्ट नोडल अधिकारी (सहायक यंत्री) की निगरानी (पर्यवेक्षण) में लगाये गये हैं। प्रश्‍नांकित दिनांक से विगत तीन वर्ष का वर्षवार, स्थानवार, कंपनीवार/ठेकेदार-वार एवं निगरानी (पर्यवेक्षण) अधिकारी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब-1', प्रपत्र 'ब-2' एवं प्रपत्र 'ब-3' अनुसार है।

कर्मचारियों/अधिकारि‍यों का स्‍थायीकरण

[सामान्य प्रशासन]

10. ( *क्र. 1232 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                      (क) प्रदेश के वन, स्‍वास्‍थ्‍य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास आदि विभागों में 10 वर्षों अथवा इससे अधिक समय से कार्यरत कुशल, अकुशल एवं अर्द्धकुशल अधिकारियों व कर्मचारियों को स्‍थाई होने की पात्रता है, या नहीं? (ख) उक्‍त संबंध में जी.ए.डी. का (निर्णय 2016) क्‍या निर्णय है? उक्‍त निर्णयों के पालन में प्रश्नांश (क) कर्मचारियों, अधिकारियों को कब तक स्‍थाई करेगें? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) प्रश्नांश (क) अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संख्‍या लगभग कितनी है? इन्‍हें स्‍थाई करने पर शासन पर क्‍या भार पड़ेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) दिनांक 07 अक्‍टूबर, 2016 को जारी निर्देश दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्‍थायी कर्मी घोषित करने से संबंधित है। स्‍थाई के नहीं। अत: शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) लगभग 48000। शेषांश उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार।

सौर ऊर्जा संयंत्र की स्‍थापना

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

11. ( *क्र. 2929 ) श्री रामपाल सिंह : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किसानों के पंपों को चलाने के लिये सौर ऊर्जा संयंत्र स्‍थापित किये जाने की योजना संचालित की गई है? (ख) यदि हाँ, तो शहडोल जिले में कितने कृषकों द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्र स्‍थापित किये जाने का आवेदन पत्र प्रस्‍तुत किया गया है? प्रश्‍नांकित जिले की विभिन्‍न तहसीलों में तहसीलवार आवेदन प्रस्‍तुतकर्ता एवं किसानवार जानकारी उपलब्‍ध करायी जावे।                                          (ग) सौर ऊर्जा स्‍थापना हेतु आवेदनकर्ता किसानों में से कितने कृषकों के जल स्‍त्रोत स्‍थल पर सौर ऊर्जा स्‍थापित कर दी गई है तथा कितने कृषकों को उपलब्‍ध नहीं करायी गयी है? विलंब का कारण क्‍या है और कब तक उपलब्‍ध करा दी जावेगी?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। (ख) शहडोल जिले से प्रश्‍न दिनांक तक 181 किसानों से सोलर पम्‍प की स्‍थापना के आवेदन प्राप्‍त हुये हैं, जिसकी तहसीलवार एवं किसानवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) शहडोल जिले के प्रथम चरण में 60 एवं द्वितीय चरण में 121 (कुल 181) किसानों से सोलर पम्‍पों की स्‍थापना हेतु आवेदन प्राप्‍त हुये हैं। जहां द्वितीय चरण के आवेदन प्रक्रियाधीन हैं, प्रथम चरण के 60 आवेदकों द्वारा निर्धारित राशि जमा की गई है और तदोपरान्‍त सभी प्रकरणों में सोलर पंपों की स्‍थापना हेतु कार्यादेश जारी किये जा चुके हैं। उक्‍त में से 16 नग सोलर पम्‍पों की स्‍थापना की जा चुकी है। शेष 44 सोलर पम्‍पों की स्‍थापना का कार्य प्रगति पर है और निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अधिकारी के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत की जाँच

[जनजातीय कार्य]

12. ( *क्र. 1623 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2018 की स्थिति में जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत पदस्‍थ पी.एच.डी. उपाधि धारक अपर संचालक के सेवाकाल की संपूर्ण पदस्‍थापनाओं का विवरण दें? (ख) वर्ष 2009 से अद्यतन स्थिति तक में, आदिम जाति कल्‍याण और अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग एवं अधीनस्‍थ कार्यालयों में पदस्‍थापना के दौरान उक्‍त अधिकारी के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों का ब्‍यौरा दें? शिकायतों पर शासन स्‍तर पर की जा रही कार्यवाहियों की फाइलवार अद्यतन स्थिति बतावें? (ग) उक्‍त अधिकारी द्वारा आदिम जाति कल्‍याण और अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग के विरूद्ध कितनी कौन सी न्‍यायालयीन याचिकाएं प्रस्‍तुत की गई हैं? प्रकरणों की अद्यतन स्थिति बतावें प्रकरणवार ओ.आई.सी. द्वारा शीघ्र निराकरण हेतु क्‍या प्रयास किये गये हैं?                                                  (घ) उक्‍त अधिकारी के खिलाफ कब-कब आपराधिक चालान पेश हुए हैं? चालानों पर कार्यवाही की अद्यतन स्थिति बतावें

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार।                                                (घ) अपराध क्रमांक 889/13 में चालान क्रमांक 206/14, दिनांक 10.04.2014 को पेश किया गया है। श्री भण्‍डारी द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में एम.सी.आर.सी. 3667/2014 दायर की गई है, जिसमें माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है।

परिशिष्ट - ''दो''

बिजारिया/बिजौरिया जाति को जाति प्रमाण-पत्र का प्रदाय

[सामान्य प्रशासन]

13. ( *क्र. 3271 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) क्‍या गुना, राजगढ़, अशोकनगर, शाजापुर आदि जिलों में बिजारिया/बिजौरिया जाति के व्‍यक्तियों को कंजर जाति अंतर्गत अनुसूचित जाति के जाति प्रमाण-पत्र जारी किये जा रहे हैं?                                                                       (ख) क्‍या बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में निवासरत् बिजारिया/बिजौरिया जाति के व्‍यक्तियों को कंजर जाति अंतर्गत अनुसूचित जाति के जाति प्रमाण-पत्र जा‍री किये जा रहे हैं? यदि नहीं, तो इसके क्‍या कारण हैं। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या विभाग द्वारा बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में निवासरत् इन जाति के व्‍यक्तियों को अनुसूचित जाति के जाति प्रमाण-पत्र जारी किये जाने के संबंध में कोई कार्ययोजना बनायी जा रही है? यदि नहीं, तो विभाग इस पर कब तक कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) भारत सरकार द्वारा मध्‍यप्रदेश राज्‍य के लिए अधिसूचित अनुसूचित जाति की सूची में अनुक्रमांक 28 पर अंकित ''कंजर'' जाति के व्‍यक्तियों को अनुसूचित जाति के अंतर्गत जाति प्रमाण-पत्र जारी किए जा रहे हैं। इस सूची में बिजारिया/बिजौरिया जाति अंकित नहीं होने के कारण बिजारिया/बिजौरिया जाति के जाति प्रमाण-पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना अंतर्गत लाभांवित हितग्राही

[ऊर्जा]

14. ( *क्र. 1076 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में स्‍वीकृत 11 वीं, 12 वी पंचवर्षीय एवं ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत कितने ग्रामों के मजरे, टोले, मोहल्‍ले विद्युतीकरण हेतु स्‍वीकृत थे एवं कितने ग्रामों के शेष हैं, जिनमें विद्युतीकरण का कार्य नहीं किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित योजनान्‍तर्गत कितने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हितग्राहियों को नि:शुल्‍क बी.पी.एल. विद्युत कनेक्‍शन दिये हैं? वितरण केन्‍द्रवार हितग्राहियों की संख्‍या उपलब्‍ध करायें                                                        (ग) उक्‍त प्रश्‍न के उत्‍तर में बताया गया कि 188 ग्रामों को विद्युतीकरण योजना से जोड़ा गया, परन्‍तु वस्‍तुस्थिति यह है कि दऊवन का पुरा (भानपुरा) में ठेकेदार द्वारा लाईन खड़ी करके आज दिनांक तक ट्रांसफार्मर नहीं रखा गया, बिल दिये जा रहे हैं एवं राजनगर अमुसया में लाईन खड़ी कर दी है, तार नहीं हैं, बिल दिये जा रहे हैं एवं चौधरन खेरा, जंगलन खेरा में वुदौरा में मात्र खम्‍बे जमीन में पड़े हैं, बिल दिये जा रहे हैं। इसी तरह भरवा खेरा, बुयरा खेरा भानपुरा में अभी तक खम्‍बे भी नहीं लगाये गये, ऐसे इतने ग्रामीण क्षेत्र हैं, जो 100 से अधिक की आबादी वाले हैं, परन्‍तु उन स्‍थानों पर प्रश्‍न दिनांक तक बिजली नहीं लगाई गई है, क्‍या शीघ्र ही जाँच कराकर उक्‍त शेष ग्रामों में विद्युतीकरण करा दिया जावेगा? (घ) क्‍या वर्णित प्रश्‍न क्र. 1301 में 188 ग्रामों को विद्युतीकरण से जोड़ा गया बताया गया था, परन्‍तु प्रश्‍नकर्ता को जानकारी 175 ग्रामों की दी गई सदन में इस प्रकार की असत्‍य जानकारी देने वालों के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधानसभा क्षेत्र खरगापुर में 11 वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत सम्मिलित कार्य योग्‍य सभी 119 विद्युतीकृत ग्रामों के 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले मजरों/टोलों के विद्युतीकरण सहित सघन विद्युतीकरण का कार्य एवं 12 वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत सम्मिलित कार्य योग्‍य एक अविद्युतीकृत ग्राम के विद्युतीकरण एवं 69 विद्युतीकृत ग्रामों के 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले मजरों/टोलों के विद्युतीकरण सहित सघन विद्युतीकरण के कार्य पूर्ण कर योजनान्‍तर्गत समस्‍त कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उक्‍त योजनाओं में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र हेतु स्‍वीकृत किसी भी कार्य योग्‍य ग्राम के विद्युतीकरण/सघन विद्युतीकरण का कार्य किये जाने हेतु शेष नहीं है। (ख) 11 वीं एवं 12 वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के अंतर्गत वितरण केन्‍द्र खरगापुर में क्रमश: 3212 एवं 438 तथा वितरण केन्‍द्र बल्‍देवगढ़ में क्रमश: 2987 एवं 398 गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सभी श्रेणी के हितग्राहियों को नि:शुल्‍क बी.पी.एल. कनेक्‍शन प्रदान किये गये हैं। (ग) जी हाँ, ग्राम भानपुरा के दऊवन कापुरा टोले का विद्युतीकरण 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत माह फरवरी-17 में पूर्ण किया जा चुका है एवं वर्तमान में उक्‍त टोले में 17 घरेलू विद्युत कनेक्शन हैं, वर्तमान में ग्राम राजनगर के अमुसया टोला में 6 घरेलू विद्युत कनेक्शन, ग्राम बुदौरा के चौधरन खेरा में 12 एवं जंगलन खेरा में 10 घरेलू विद्युत कनेक्शन हैं। ग्राम बुदौरा के भरवा खेरा टोला की आबादी 100 से कम होने के कारण उक्त योजनांतर्गत इसके विद्युतीकरण का कार्य नहीं किया गया है। सौभाग्य योजनांतर्गत उक्त टोले के अविद्युतीकृत घरों को विद्युत कनेक्‍शन दिया जाना प्रस्तावित है। ग्राम भानपुरा के बुयराखेरा नहीं अपितु बोपरा खेरा में 25 के.व्ही.ए. क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है, जिस पर 2 घरेलू कनेक्‍शन हैं, जो वर्तमान में चालू हैं। उक्‍त सभी मजरों/टोलों में उपभोक्‍ताओं को नियमानुसार विद्युत बिल जारी किये जा रहे हैं, वर्तमान में विधानसभा क्षेत्र खरगापुर के अंतर्गत स्वीकृत कार्य योग्य 100 या 100 से अधिक आबादी वाला कोई मजरा/टोला विद्युतीकरण हेतु शेष नहीं है। (घ) विधानसभा प्रश्न क्रमांक 1301, दिनांक 28.11.2017 के उत्‍तर में 11 वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 119 ग्रामों एवं 12 वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में 69 ग्रामों के 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले मजरों/टोलों इस प्रकार कुल 188 ग्रामों के मजरों/टोलों के विद्युतीकरण सहित सघन विद्युतीकरण का कार्य किये जाने की जानकारी दी गई थी, जो पूर्णत: सत्य है। अत: किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

बी.एल.ओ. के रूप में शिक्षकों का संलग्‍नीकरण

[सामान्य प्रशासन]

15. ( *क्र. 2531 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                    (क) निर्वाचन के कार्य में किन शासकीय सेवकों को बी.एल.ओ. का कार्य दिया जा सकता हैं? क्‍या निर्वाचन कार्यालय में एवं बी.एल.ओ. के कार्य में शिक्षकों को कार्य करने के लिये जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा कार्य आवंटित किया गया है? (ख) कुल कितने शिक्षक बी.एल.ओ. का कार्य एवं कितने शिक्षक निर्वाचन कार्यालय में संलग्‍न होकर कार्य कर रहे हैं? (ग) निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की घोषणा के पश्‍चात् ही निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होती है, तो क्‍या निर्वाचन कार्यालय में शिक्षकों के संलग्‍नीकरण एवं बी.एल.ओ. के कार्य में संलग्‍न शिक्षकों को इस कार्य से पृथक रहने के लिये क्‍या निर्देश जारी किए गए हैं? (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में किन-किन जिलों में                                    कितने-कितने शिक्षक निर्वाचन संबंधी कार्य हेतु संलग्‍न किये गये हैं? क्‍या निर्वाचन कार्य में लगे शिक्षकों के स्‍थान पर कोई वैकल्पिक व्‍यवस्‍था की गई है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) बूथ लेवल अधिकारी, सरकार या स्‍थानीय निकायों के सेवारत अधिकारी होते हैं, उन्‍हें जिला निर्वाचन अधिकारी का अनुमोदन प्राप्‍त करने के बाद लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1950 की धारा 13ख (2) के आधीन निर्वाचक रजिस्‍ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नियुक्त किया जाता है। निम्‍नलिखित श्रेणी के कर्मचारियों को बूथ लेवल अधिकारी के रूप में नियुक्‍त किया जा सकता है :- 1. शिक्षक, 2 .आंगनवाड़ी कार्यकर्ता,                             3 .पटवारी/अमीन/लेखपाल, 4. पंचायत सचिव, 5. ग्राम स्‍तरीय कार्यकर्ता, 6. बिजली बिल रीडर,                             7. डाकिया, 8. सहायक नर्स एवं मिड वाईफ, 9. स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता, 10. दोपहर का भोजन कार्यकर्ता 11. संविदा शिक्षक, 12. निगम कर संग्रह, 13. शहरी क्षेत्र में लिपकीय स्‍टॉफ (अपर श्रेणी लिपिक/अवर श्रेणी लिपिक आदि) आयोग के निर्देशों के अंतर्गत उपरोक्‍तानुसार जिलों में निर्वाचक रजिस्‍ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को बी.एल.ओ. नियुक्‍त किया जाता है। बी.एल.ओ. अपनी ड्यूटी के समय को छोड़कर अतिरिक्‍त समय में सुबह, शाम या अवकाश के दिन बी.एल.ओ. का कार्य करते हैं। इसके लिये इन्‍हें रूपये 6000/- अतिरिक्‍त मानदेय दिया जाता है। बी.एल.ओ. की ड्यूटी से विभाग का कार्य प्रभावित नहीं होता है। (ख) राज्‍य में 65200 मतदान केन्‍द्रों में 41340 शिक्षक फोटो निर्वाचक नामावली के कार्य हेतु बी.एल.ओ. नियुक्‍त हैं एवं जिला निर्वाचन कार्यालयों में 86 शिक्षक की ड्यूटी अस्‍थायी रूप से निर्वाचन कार्य हेतु लगायी गयी है। यह स्‍थायी स्‍वरूप की नहीं है। बी.एल.ओ. भी स्‍थायी स्‍थापना के नहीं है। ड्यूटी बदलती रहती है। प्राय: बी.एल.ओ. की ड्यूटी हेतु शिक्षक को छोड़कर अन्‍य संवर्ग के कर्मचारियों को बी.एल.ओ. नियुक्‍त किया जाता है। जब अन्‍य कर्मचारी नहीं मिलते तो शिक्षकों को लगाया जाता है। बी.एल.ओ. की ड्यूटी स्‍थायी स्‍वरूप की नहीं है। यह बदलती रहती है। अधिकतर मतदान केन्‍द्रों में वर्षभर में 2-3 बी.एल.ओ. बदल जाते हैं। (ग) लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम 1950 के नियम 13गग मुख्‍य निर्वाचन ऑफिसरों, जिला निर्वाचन ऑफिसरों आदि का निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्‍त समझा जाना - इस भाग में निर्दिष्‍ट और सभी निर्वाचनों के लिये निर्वाचक नामावली की तैयारी, पुनरीक्षण और शुद्धि‍ करने और ऐसे निर्वाचनों का संचालन करने के संबंध में नियोजित कोई अन्‍य ऑफिसर या कर्मचारीवृन्‍द, उस अवधि में जिसके दौरान उन्‍हें इस प्रकार नियोजित किया जाता है, निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्‍त पर समझे जायेंगे और ऐसे ऑफिसर और कर्मचारीवृन्‍द उस अवधि के दौरान, निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, अधीक्षण और अनुशासन के अध्‍यधीन होंगे, फोटो निर्वाचक नामावली का कार्य सतत् अद्यतन के तहत लगातार चलता है, जिसमें बी.एल.ओ. में कार्यरत संलग्‍न शिक्षक इस कार्य को अवकाश दिनों और गैर शिक्षण समय तथा गैर शिक्षण दिवसों के दौरान बूथ लेवल अधिकारी के कार्य को सम्‍पन्‍न करते हैं।                             (घ) अन्‍य कर्मचारी उपलब्‍ध नहीं होने से 86 शिक्षक निर्वाचन संबंधी कार्य के लिये जिला निर्वाचन कार्यालयों में आफिस कार्य के लिये लगाये हैं। चुनाव के लिये अन्‍य कर्मचारी उपलब्‍ध होने पर इन्‍हें मुक्‍त कर दिया जाता है। प्राय: शिक्षकों को तब ही लगाया जाता है, जब अन्‍य कर्मचारी उपलब्‍ध न हो।

पवन/सौर ऊर्जा उत्‍पादन एवं नीति

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

16. ( *क्र. 2975 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में केन्‍द्र राज्‍य प्रवर्तित योजनाओं के माध्‍यम से पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा उत्‍पादन के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य किये जा रहें हैं? यदि हाँ, तो बताएं कि उपरोक्‍त संबंधी कार्य प्रदेश के किन-किन जिलों में प्रारंभ किये गये? (ख) पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा उत्‍पादन हेतु किन जिलों में किन स्‍थानों पर संयंत्र उत्‍पादन इकाइयां स्‍थापित की गईं, उनकी स्‍थापित क्षमता कितनी है? (ग) प्रदेश में सौर एवं पवन ऊर्जा उत्‍पादन कब से प्रारंभ हुआ? (घ) अवगत कराएं कि जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सौर एवं पवन ऊर्जा के माध्‍यम से वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कुल कितनी-कितनी ऊर्जा एम.पी. मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा क्रय की गई? वर्षवार जानकारी से अवगत कराएं

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। जिला रीवा एवं मंदसौर में केन्‍द्र राज्‍य प्रवर्तित योजनाओं के माध्‍यम से सौर परियोजना उत्‍पादन के क्षेत्र में कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में पवन ऊर्जा परियोजनाओं की स्‍थापना निजी विकासकों द्वारा की जा रही है। (ख) प्रदेश में निजी विकासकों द्वारा स्‍थापित की गई पवन ऊर्जा परियोजनाओं एवं सौर ऊर्जा परियोजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                                                  (ग) प्रदेश में पवन ऊर्जा परियोजनाओं से विद्युत उत्‍पादन वर्ष 1995 एवं सौर ऊर्जा परियोजना से विद्युत उत्‍पादन वर्ष 2011 से प्रारंभ हुआ है। (घ) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में एम.पी. मैनेजमेंट कम्‍पनी लिमिटेड द्वारा क्रय की गई पवन ऊर्जा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जावरा विधानसभा क्षेत्र में सौर ऊर्जा संयंत्र स्‍थापित नहीं है।

छात्रावास/विद्यालयों के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों की जाँच

[अनुसूचित जाति कल्याण]

17. ( *क्र. 3203 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी, 2015 के पश्चात् उज्‍जैन संभाग के अनुसूचित जाति, जन जाति के                                               किन-किन छात्रावास एवं विद्यालयों में किस-किस के खिलाफ कैसी-कैसी शिकायत विभाग को प्राप्त हुई? उस पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी? (ख) उक्त अवधि में, उक्त संभाग में, उक्त विभाग के किन-किन अधिकारी, कर्मचारी के खिलाफ किन-किन वित्तीय अनियमितता की शिकायत किस-किस ने की? उनकी वर्तमान स्थिति क्या है? क्या झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच जिलों में छात्रावास अधीक्षकों एवं विद्यालय प्राचार्य द्वारा भारी अनियमितता कर विद्यार्थियों को विभाग द्वारा प्रदत्त सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है? (ग) क्या विभाग प्रदेश के समस्त छात्रावास में थम्ब मशीन से विद्यार्थियों की प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज करने का विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो कब तक? क्या छात्रावास में अध्यनरत विद्यार्थियों की उपस्थिति छात्रावास अधीक्षक एवं अध्ययनरत विद्यालय प्राभारी की सहमति 100% बताकर अनुपस्थित विद्यार्थियों की राशि में अनियमितता की जा रही है? ऐसी कितनी शिकायतों पर जाँच, विभाग के उच्च अधिकारियों ने                                     कब-कब की, उसकी रिपोर्ट से अवगत करायें। (घ) उक्त संभाग में उक्त अवधि में छात्रावास एवं विद्यालयों द्वारा कौन-कौन सी पुस्तक व अन्य सामग्री खरीदी गयी, विभाग द्वारा समस्त छात्रावास, विद्यालयों का ऑडिट कब-कब कराया गया, उसकी रिपोर्ट ऑडिटर के नाम सहित देवें। उक्त जिलों में, उक्त अवधि में, विभाग द्वारा उक्त छात्रावासों, विद्यालयों को कितना-कितना बजट दिया गया? उसे कहाँ-कहाँ खर्च किया गया?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच जिलों में विद्यार्थियों को विभाग द्वारा प्रदत्‍त सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा रहा है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जी नहीं, राशि में अनियमितता नहीं की जा रही है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) पुस्‍तक व अन्‍य सामग्री क्रय एवं ऑडिट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है तथा प्रदत्‍त बजट और व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

स्‍व-सहायता समूहों द्वारा पोषण आहार वितरण

[महिला एवं बाल विकास]

18. ( *क्र. 2519 ) श्री कल्याण सिंह ठाकुर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन द्वारा महिला उत्‍थान एवं रोजगार देने हेतु स्‍व-सहायता समूहों को पोषण आहार वितरण से जोड़ा गया है, किन्‍तु विदिशा विधानसभा क्षेत्र में छोटे-छोटे समूहों के स्‍थान पर एक बड़े समूह को पोषण आहार वितरण दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या इससे छोटे समूह लाभ से वंचित नहीं होंगे? (ख) प्रश्नांश (क) के क्रम में छोटे समूहों को बन्‍द कर उन                                         स्‍व-सहायता समूहों में संलग्‍न महिलाओं के लिये शासन क्‍या योजना बना रहा है? नहीं तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। विदिशा विधानसभा क्षेत्र में छोटे-छोटे समूहों के स्थान पर एक बड़े समूह को पोषण आहार वितरण नहीं दिया गया है। विदिशा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में संचालित 220 आंगनवाड़ी केन्द्रों में 215 स्व-सहायता समूहों द्वारा एवं नगरीय क्षेत्र विदिशा अंतर्गत 167 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 03                                  स्व-सहायता समूह/महिला मण्डल द्वारा पोषण आहार का प्रदाय किया जा रहा है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्‍व-सहायता समूहों के माध्‍यम से पूरक पोषण आहार का प्रदाय

[महिला एवं बाल विकास]

19. ( *क्र. 3539 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या भारत सरकार एवं मुख्‍यमंत्री जी द्वारा पूरक पोषण आहार का प्रदाय स्‍व-सहायता समूहों से कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं? यदि हाँ, तो यह निर्देश क्या हैं और निर्देशों के पालन में अब तक क्‍या कार्यवाही की गई तथा स्‍व-सहायता समूहों से पोषण आहार का प्रदाय कब से प्रारंभ होगा? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत पूरक पोषण आहार प्रदायगी व्‍यवस्‍था हेतु गठित उच्‍च स्‍तरीय समिति द्वारा क्‍या-क्‍या अनुशंसायें की गईं एवं किन-किन अनुशंसाओं को विभाग द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की गई? (ग) अनूपपुर जिले की पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत 03 वर्षों में कितने कुपोषित बच्‍चे, कहाँ-कहाँ आंगनवाड़ी केन्‍द्रवार, वर्षवार पाये गये? कुपोषित बच्‍चों को खोजने के लिए प्रश्‍नांकित अवधि में विभाग द्वारा कौन से कार्यक्रम, शिविर का आयोजन कब-कब किया गया? (घ) प्रश्नांश (ग) के तहत पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में अतिकम वजन के बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण एवं उपचार हेतु क्‍या कार्य योजना है एवं स्‍नेह सरोकार अभियान के तहत क्‍या कार्य हुये? आंगनवाड़ीवार बतायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों में टेकहोम राशन का प्रदाय स्व-सहायता समूह के माध्यम से किए जाने की घोषणा की गई थी, जिसके परिप्रेक्ष्य में आंगनवाड़ी केन्द्रों पर प्रदाय होने वाले टेकहोम राशन (टी.एच.आर.) व्यवस्था के परीक्षण एवं व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक 19-52/1/4/16, दिनांक 23.09.2016 के तहत गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा की गई अनुशंसाओं के आधार पर, मंत्रि-परिषद् की बैठक दिनांक 14.11.2017 में प्रदेश में टेकहोम राशन (टी.एच.आर.) का प्रदाय भोपाल संभाग के 05 जिलों को छोड़कर शेष समस्त जिलों में स्व-सहायता समूह/स्व-सहायता समूह के फेडरेशन से किए जाने का निर्णय लिया गया है, मंत्रिपरिषद आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '' अनुसार है। मंत्रि-परिषद् के निर्णय अनुसार प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों में टेकहोम राशन व्यवस्था के संबंध में महिला स्व-सहायता समूह/स्व-सहायता समूहों के संघों को टेण्डर में भाग लेने एवं इस कार्य हेतु प्रेरित करने, प्रशिक्षित एवं फेसिलिटेड करने संबंधी अनुशंसाएं प्रस्तुत करने के लिये म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्र.एफ 19-70/2017/1/4, दिनांक 05.12.2017 द्वारा अंतर्विभागीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अनुशंसाओं के आधार पर टेकहोम राशन व्यवस्था के लिये नवीन नीति निर्धारण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) उच्च स्तरीय समिति द्वारा की गई अनुशंसाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट  के प्रपत्र '' अनुसार है। समिति की अनुशंसा अनुसार टेकहोम राशन का प्रदाय स्व-सहायता समूह/स्व-सहायता समूहों के फेडरेशन से किए जाने का निर्णय मंत्रि परिषद द्वारा लिया गया है। (ग) अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़, विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत विगत 03 वर्षों में पाये गये कम वजन अति कम वजन के बच्चों की जानकारी                                 निम्नानुसार है :-

क्र.

 

 

 

विधानसभा क्षेत्र

 

 

परियोजना का नाम

 

 

आंगनवाड़ी केन्‍द्र की संख्‍या

 

 

विगत 03 वर्षों में पाये गये कम वजन एवं अति कम वजन कुपोषित बच्‍चे

रिमार्क

 

 

 

14-15

15-16

16-17

1.

पुष्पराजगढ़

पुष्पराजगढ़

431

5822

4949

4433

सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

2.

जैतहरी

75

1256

1103

2585

2/-कुपोषित बच्चों के लिए प्रश्नांकित अवधि में विभाग द्वारा निम्नानुसार गतिविधियों का आयोजन कराये गये :- प्रत्येक माह में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिमाह 01 तरीख से 04 तारीख तक 0 से 5 वर्ष के समस्त बच्चों का वजन लिया जाकर ग्रेड निकालकर पंजी संधारित की जाती है। विशेष वजन अभियान दिनांक 01 नवम्बर, 2016 से 31 दिसम्बर, 2016 तक एवं 01 दिसम्बर, 2017 से 31.01.2018 तक आयोजन किया गया, जिसमें प्रत्येक पर्यवेक्षक द्वारा सेक्टर अंतर्गत समस्त आंगनवाड़ि‍यों में 0 से 5 वर्ष के समस्त बच्चों का वजन, परियोजना अधिकारियों द्वारा 30 आंगनवाड़ी केन्द्रों का एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा 20 आंगनवाड़ी केन्द्रों का भ्रमण कर बच्चों का वजन किया जाकर पंजी संधारित की गई है। इस प्रकार कम वजन एवं अतिकम वजन के कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया गया है। इस प्रकार अभियान के दौरान विधान सभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ अंतर्गत कुल 28185 बच्चों का वजन कराया गया, जिसमें कम वजन के बच्चे 5282 एवं अतिकम वजन 804 बच्चे कुपोषित पाये गये, जिसमें कुल 35 बच्चों को एन.आर.सी. केन्द्रों में भर्ती कराया जाकर लाभांवित किया गया। (घ) प्रश्नांश (ग) के तहत पुष्पराजगढ़, विधान सभा क्षेत्र में अतिकम वजन के बच्चों के ''स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार हेतु'' पोषण वाटिका निर्माण, स्वास्थ्य किट का प्रदाय, स्वास्थ्य जाँच, परामर्श सेवा, स्नेह शिविर, गोद दिलाना, लालिमा अभियान अंतर्गत आई.एफ.ए. का प्रदाय आदि कार्ययोजना में शामिल                           किया गया है।

क्र.

 

 

आयोजित गति‍विधियां

 

विधानसभा का नाम

 

आयोजित शिविर

 

 

आंगन वाडी केन्‍द्र की संख्‍या

वर्ष

14-15

 

वर्ष

15-16

 

वर्ष

16-17

 

1.

स्‍नेह शिविर

 
 
 
 
पुष्‍पराजगढ़

 

 

 

 

 

15 से 27 जून 2017 तक
11
से 23 सितम्‍बर 2017 तक
11
से 23 दिसम्‍बर 2017 एवं
12
से 24 फरवरी 2018 तक

431+75

13

13

13

2.

स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण

155+75

500+75

495+75

311+75

3.

पोषण पुनर्वास केन्‍द्रों भर्ती

बेड संख्‍या 2+1

30+5

30+5

30+5

 

2. स्नेह सरोकार अभियान के तहत पुष्पराजगढ़ में कुल 667 बच्चों को स्नेह सरोकार अंतर्गत लाभान्वित किया गया, सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

क्र.

 

 

कार्ययोजना में शामिल

 

जिम्‍मेदारी लिये गये

 

श्रेणी परिवर्तन हुए बच्‍चों की जानकारी

अतिकम से कम

कम से सामान्‍य

कुल श्रेणी परिवर्तन

प्रतिशत कुल परिवर्तन

1.

 

स्‍नेह सरोकार अंतर्गत

667

05

84

303

58.77

 


विधानसभा क्षेत्र पिपरिया अंतर्गत पोल शिफ्टिंग कार्य

[ऊर्जा]

20. ( *क्र. 3395 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2017-18 के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र पिपरिया में शोभापुर-खैरी-तरौनकलां एवं सांडिया-बनखेड़ी-उमरधा रोड के पोलों की शिफ्टिंग कार्य के संबंध में जारी प्राक्कलन एवं प्रशासकीय स्वीकृति अनुसार नवीन विद्युत लाईन खड़ी किये जाने का प्रावधान है? (ख) क्या‍ प्राक्कलन एवं प्रशासकीय स्वीकृति अनुसार कार्य एजेंसी द्वारा कार्य न किया जाकर नवीन लाईन के स्थान पर एल.टी. एवं 33 के.व्‍ही.ए. लाईन की पुरानी सामग्री का उपयोग नवीन लाईन के कार्य में किया जा रहा है? (ग) क्या पुरानी लाईन का जो मटेरियल है, वह विभाग में जमा किया जाना था, जो नहीं किया गया है? (घ) उत्‍तर यदि हाँ में है तो कार्य एजेंसी एवं विभाग के उत्तरदा‍यी अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ड.) क्या मान. ऊर्जा मंत्री जी को पत्र क्रमांक 846, दिनांक 29.01.2018 के द्वारा शिकायत की गयी थी? इस शिकायत पर क्या कार्यवाही की गयी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) वर्ष 2017-18 में विधानसभा क्षेत्र पिपरिया के अंतर्गत शोभापुर-खैरी-तरौनकलां एवं सांडिया-बनखेड़ी-उमरधा रोड के पोलों की शिफ्टिंग के कार्य के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग, होशंगाबाद से वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालय में प्राप्‍त आवेदन पर 5 प्रतिशत सुपरविजन योजनांतर्गत प्राक्कलन स्वीकृत किये गये हैं तथा उक्‍त निर्माण कार्य विभाग द्वारा अधिकृत ठेकेदारों के माध्‍यम से मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सुपरविजन में कराया जा रहा है। (ख) स्‍वीकृत प्राक्‍कलन एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति के अनुसार कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग भोपाल द्वारा शोभापुर-खैरी-तरौनकलां के कार्य हेतु कार्य एजेंसी मेसर्स एस.आर.के. इलेक्ट्रिकल भोपाल एवं सांडिया बनखेड़ी-उमरधा के कार्य हेतु कार्य एजेंसी मेसर्स ए.के. गुप्‍ता भोपाल को कार्यदेश जारी किया गया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित प्रबंधक द्वारा पर्यवेक्षण करने पर कुछ स्‍थानों पर ठेकेदारों द्वारा पुरानी लाईनों की सामग्री का उपयोग नवीन लाईनों में किया जाना पाया गया है। (ग) जी हाँ। नियमानुसार ठेकेदारों को पुरानी लाईन की सामग्री जमा करनी है। सांडिया-बनखेड़ी-उमरधा के लाईन शिफ्टिंग के कार्य में निकाली गई सामग्री में से कुछ सामग्री कार्य एजेंसी मेसर्स ए.के. गुप्ता, भोपाल द्वारा सहायक प्रबंधक चांदोन वितरण केन्द्र कार्यालय में जमा की गई है। शोभापुर-खैरी-तरौनकलां के लाईन के शिफ्टिंग के कार्य में निकाली गई सामग्री ठेकेदार द्वारा जमा नहीं की गई है। (घ) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में कार्य एजेंसियों द्वारा की गई अनियमितताओं के संबंध में उप महाप्रबंधक संचा./संधा., पिपरिया द्वारा अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग, होशंगाबाद को अवगत कराया गया है। अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग द्वारा संबंधित ठेकेदारों को नियमानुसार कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पर्यवेक्षण अधिकारी श्री जलज वायकर, प्रबंधक उपसंभाग बनखेड़ी एवं श्री विदुर दुबे, प्रबंधक, उपसंभाग पिपरिया (ग्रामीण) को पर्यवेक्षण कार्य से पृथक कर उनके विरूद्ध मुख्य महाप्रबंधक (भो.क्षे.), भोपाल द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। (ड.) जी हाँ, माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के प्रश्‍नाधीन पत्र के माध्‍यम से प्रेषित शिकायत की जाँच महाप्रबंधक (सर्तकता), कार्या. मुख्य महाप्रबंधक, भोपाल द्वारा की जा चुकी है एवं अन्‍य जाँच निष्कर्ष के आधार पर पर्यवेक्षण कार्य में लापरवाही पाये जाने पर उत्‍तरांश (घ) में दर्शाए अनुसार प्रबंधक उपसंभाग बनखेड़ी एवं प्रबंधक उपसंभाग पिपरिया (ग्रामीण) को पर्यवेक्षण कार्य से पृथक कर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये हैं। उप महाप्रबंधक (एस.टी.सी.), होशंगाबाद को उपरोक्त दोनो कार्यों हेतु पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त कर प्रश्‍नाधीन कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार संपादित कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया है।

सुवासरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सौर/पवन ऊर्जा का उत्‍पादन

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

21. ( *क्र. 3598 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा उत्पादन का कार्य कौन-कौन सी कम्‍पनियों के द्वारा किया जा रहा है? कम्‍पनियों का नाम, कार्य के स्थान की जानकारी देवें।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : सुवासरा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा उत्‍पादन का कार्य करने वाली कम्‍पनियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

नि:शक्‍तजनों के पदों की पूर्ति

[सामान्य प्रशासन]

22. ( *क्र. 2197 ) श्री रमेश पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                        (क) क्‍या म.प्र. सरकार ने अधिसूचना क्र. एफ.बी.-1/85/2006/211, दिनांक 29.05.2009 द्वारा प्रदेश में नि:शक्‍तजनों की सीधी भर्ती में डिप्‍टी कलेक्‍टर का पद केवल अस्थि विकलांगों के लिए आरक्षित कर दिया गया है तथा श्रवण व दृष्टि बाधित नि:शक्‍तों को वंचित कर दिया गया है?                                                                 (ख) क्‍या यू.पी.एस.सी. के माध्‍यम से आई.ए.एस. की भर्ती में अस्थि, श्रवण एवं दृष्टि बाधित नि:शक्‍तजनों को समान अवसर दिया गया है, तो फिर म.प्र. में डिप्‍टी कलेक्‍टर के पद पर श्रवण व दृष्टि बाधित नि:शक्‍तजनों के साथ भेदभाव क्‍यों किया जा रहा है? (ग) क्‍या सरकार द्वारा आगामी वर्ष 2018 की राज्‍य सिविल सेवा परीक्षा की भर्ती में डिप्‍टी कलेक्‍टर के पद की सीधी भर्ती में श्रवण व दृष्टि बाधित नि:शक्‍तजनों को समान अवसर दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि                                             नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ बी-1/85/2006/2/1, दिनांक 29.05.2009 द्वारा राज्‍य सेवा परीक्षा के माध्‍यम से उप जिलाध्‍यक्षों के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में दृष्टिबाधित/श्रवणबाधित नि:शक्‍तजनों के लिए आरक्षण में छूट प्रदान की गई है, दृष्टिबाधित/श्रवणबाधित नि:शक्‍तजनों के लिए निर्धारित 2-2 प्रतिशत पद अस्थिबाधित प्रवर्ग में आरक्षित किये गये हैं। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्तमान में प्रचलित अधिसूचना के क्रम में राज्‍य सेवा परीक्षा 2018 के माध्‍यम से उप जिलाध्‍यक्ष के पद पर सीधी भर्ती का प्रस्‍ताव लोक सेवा आयोग, इन्‍दौर को प्रेषित किया जा चुका है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उज्जैन जिलांतर्गत रिक्‍त पदों की पूर्ति

[वाणिज्यिक कर]

23. ( *क्र. 3494 ) डॉ. मोहन यादव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                    (क) उज्जैन जिले में कार्यरत उप पंजीयक कार्यालयों में कितने-कितने पद स्वीकृत हैं? संपूर्ण स्टॉफ की जानकारी उप पंजीयक कार्यालयवार प्रदान करें। (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार स्वीकृत पदों में से कितने पद कब से रिक्त हैं? रिक्त पदों की उप पंजीयक कार्यालयवार जानकारी प्रदान करें? रिक्त पदों पर कब तक उप पंजीयक एवं स्टॉफ की पूर्ति कर दी जावेगी?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। रिक्‍त पदों के पूर्ति की समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चार''

दीनदयाल उपाध्याय ज्योति योजनान्तर्गत विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

24. ( *क्र. 3481 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                      (क) क्‍या भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विद्युत विहीन फलियों में विद्युतीकरण हेतु विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी फलियों को सम्मिलित किया गया है तथा कार्य करने हेतु संबंधित ठेकेदार को किस दिनांक को कार्यादेश दिया गया है? कार्यादेश की प्रतिलिपि एवं फलियों की सूची प्रदान करें। (ख) वर्तमान में कितने फलियों में विद्युतीकरण कार्य कर दिया गया है तथा कितने फलियों में कार्य अप्रारंभ हैं? जो कार्य वर्तमान तक अप्रारंभ है, उन्हें शीघ्र पूर्ण करने हेतु विभाग की क्या कार्ययोजना है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विद्युत विहीन फलियों में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजनान्तर्गत विद्युतीकरण का कार्य स्वीकृत है। भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत आने वाले 213 राजस्व ग्रामों के सभी चिन्हित 678 फलियों को विद्युतीकरण हेतु उक्‍त योजना में शामिल कर लिया गया है, जिसकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उक्त कार्य सहित खरगोन जिले हेतु स्‍वीकृत उक्‍त योजना का कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु मेसर्स वोल्टॉस प्रा.लि., मुंबई को दिनांक 14.12.2016 को कार्यादेश जारी किया गया था। कार्यादेश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजनान्तर्गत सम्मिलित 678 विद्युतवि‍हीन फलियों में से 27 फलियों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, 20 फलियों में कार्य प्रगति पर है एवं शेष 631 फलियों में कार्य प्रारंभ किया जाना है। उक्त कार्य ठेकेदार एजेन्‍सी के साथ किये गये निविदा अनुबंध की शर्तों के अनुसार माह दिसम्बर 2018 तक पूर्ण किया जाना है तथा उक्‍त कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

त्रुटिपूर्ण विद्युत बिल का प्रदाय  

[ऊर्जा]

25. ( *क्र. 3244 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता विधायक एवं दिमनी विधानसभा क्षेत्र के विद्युत हितग्राहियों द्वारा गलत विद्युतकर को लेकर कितने आवेदन जिला प्रशासन/ऊर्जा विभाग को प्रस्‍तुत किये गये? जनवरी 2015 व फरवरी 2018 के मध्‍य प्रस्‍तुत आवेदनों की संख्‍या दी जावे? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितने विद्युत बिलिंग के आवेदन निराकृत कर दिए गए हैं एवं शेष आवेदनों के लंबित रहने के क्‍या कारण हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक एवं दिमनी विधानसभा क्षेत्र के विद्युत हितग्राहियों द्वारा गलत विद्युतकर से संबंधित कोई भी आवेदन प्राप्‍त नहीं हुआ है, शेष प्रश्‍नांश का उत्‍तर अपेक्षित नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

 

 








 


Top of Form

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


विद्युतीकरण से वंचित ग्राम

[ऊर्जा]

1. ( क्र. 88 ) श्री लखन पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र पथरिया में ऐसे कितने ग्राम हैं जो विद्युतीकरण से वंचित हैं? ग्रामवार सूची उपलब्‍ध करावें एवं इन ग्रामों में विद्युतीकरण कब तक किया जावेगा? (ख) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा पथरिया  क्षेत्रान्‍तर्गत दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत ऐसे कितने ग्रामों के मजरे/टोले हैं जिनमें विद्युतीकरण का कार्य किया जाना शेष हैं? सूची उपलब्‍ध करावें (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित शेष विद्युतीकरण का कार्य कब तक पूर्ण हो जावेगा? (घ) विधान सभा क्षेत्र पथरिया में जलना, मुठिया, सोरई, हरदू, हरदूटोला, अमराटोला, छपराटोला एवं अनगौरी ग्राम में विद्युत की क्‍या व्‍यवस्‍था है? यदि इन ग्रामों/टोलों में विद्युत व्‍यवस्‍था नहीं है तो कब तक हो जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पथरिया के अंतर्गत सभी ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथापि वन बाधित ग्राम चूना सगौनी के कालांतर में डी-इलेक्ट्रिफाईड होने के कारण वर्तमान में इस ग्राम में विद्युत सुविधा उपलब्‍ध नहीं है। उक्‍त ग्राम के विद्युतीकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में स्‍वीकृत है, जिसे मई, 2018 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। (ख) विधानसभा क्षेत्र पथरिया में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनान्‍तर्गत विद्युतीकरण हेतु सम्मिलित डी-इलेक्ट्रिफाइड ग्राम एवं विद्युतीकृत ग्रामों के अविद्युतीकृत मजरों/टोलों की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित विद्युतीकरण के कार्य मई-2018 पूर्ण किये जाने का लक्ष्‍य रखा गया है। (घ) विधान सभा क्षेत्र पथरिया के अन्‍तर्गत ग्राम जलना, मुठिया एवं सोरई पूर्व से विद्युतीकृत हैं, इन ग्रामों को विद्युत प्रदाय 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र घुघवारा से निर्गमित 11 के.व्‍ही. फीडरों से किया जा रहा है तथा उक्‍त ग्राम वितरण केन्‍द्र बक्‍स्‍वाहा जिला छतरपुर के अंतर्गत आते हैं। ग्राम सोरई के हरदू टोला (हरदू नहीं), ग्राम कनोरां कलां का उमरा टोला (अमराटोला नहीं), ग्राम कनोरां कलां का छपरा टोला एवं ग्राम अनगौरी के अनगौरी टोला के विद्युतीकरण का कार्य मई-2018 तक पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

आंगनवाड़ी भवन निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

2. ( क्र. 93 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिहोरा एवं कुण्‍डम विकासखण्‍ड अंतर्गत भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में भवन के‍ निर्माण की क्‍या कार्य योजना है वर्ष 2018-19 में किन-किन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में भवन निर्माण कराया जाना प्रस्‍तावित है? ये भवन कब तक पूर्ण करा लिये जावेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) सिहोरा एवं कुण्‍डम विकासखण्‍ड अंतर्गत 102 भवन विहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट पर  है। (ख) प्रश्‍नांश (क) भवन विहीन आँगनवाड़ी केन्द्रों के लिये मनरेगा योजना के अभिसरण से एवं राज्‍य आयोजना अंतर्गत आँगनवाड़ी भवन निर्माण की योजना है। आँगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। अतः समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

बुधुआ माईनर निर्माण

[नर्मदा घाटी विकास]

3. ( क्र. 96 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1151 दिनांक 28.11.17 में अवगत कराया गया था, कि बरगी नहर के 67.042 कि.मी. के आसपास से बुधुआ माईनर स्‍वीकृति के संबंध में पुन: परीक्षण कर यथाशीघ्र जोड़ा जावेगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बरगी परियोजना से अभी तक नहीं जोड़ा गया? कब तक जोड़ दिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। (ख) बुधुआ माईनर नहर निर्माण के प्रस्‍ताव का विभाग द्वारा परीक्षण किया गया। परीक्षण में पाया गया, कि जल संसाधन विभाग के मढ़ई जलाशय एवं प्रस्‍तावित बुधुआ माईनर नहर का सिंचित क्षेत्र एक ही होने के कारण बुधुआ माईनर नहर का निर्माण करना आवश्‍यक नहीं है वर्तमान में अस्‍थाई रूप से जल संसाधन विभाग के द्वारा मढ़ई जलाशय की नहर को बरगी व्‍यपवर्तन परियोजना की दायीं तट मुख्‍य नहर से जोड़ लिया गया है। स्‍थायी व्‍यवस्‍था हेतु दायीं तट मुख्‍य नहर पर हेड रेग्‍यूलेटर बनाने की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

देशी एवं विदेशी शराब दुकानों से प्राप्‍त आय

[वाणिज्यिक कर]

4. ( क्र. 123 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍त वर्ष 2017-2018 में शासन को इंदौर संभाग में देशी एवं विदेशी शराब दुकान में कितनी-कितनी राशि आय के रूप में प्राप्त हुई है? उसकी सूची दी जावे। (ख) क्या संभाग में कुछ ठेकेदारों ने नकली प्रतिभूति जमा कर ठेका हासिल कर लिया है, ऐसे ठेकेदारों के नाम बताये जावें? इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है. क्या प्रतिभूत की तस्दीक नहीं की जाती है? यदि जान बूझकर अधिकारी द्वारा लापरवाही बरती गयी है तो ऐसे अधिकारी का नाम बताया जावे. उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ग) क्या अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मात्र निलंबित कर खानापूर्ति की गई है? उन्हे समय-सीमा में आरोप आधार पत्र नहीं देकर उन्हें दूसरी जगह पदस्थापना की गई है? उनकी जिम्मेदारी क्यों नहीं फिक्स की गई है? उन्हे निलंबित, बहाल एवं पदस्थापना के आदेश की प्रमाणित प्रति देवें। जिम्मेदारी तय न करने के उचित कारण सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) वित्‍तीय वर्ष 2017-18 (माह जनवरी 2018 अंत तक) में शासन को इंदौर संभाग से देशी एवं विदेशी शराब दुकान से प्राप्‍त आय का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) इन्‍दौर संभाग में नकली प्रतिभूति जमा कर ठेका हासिल करने संबंधी कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

परिशिष्ट - ''सात''

फीडर सेपरेशन के संबंध में

[ऊर्जा]

5. ( क्र. 269 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) ग्‍वालियर जिले की तीनों विधान सभा, ग्‍वालियर ग्रामीण 14, भितरवार एवं डबरा में विद्युत विहीन ग्रामों को फीडर सेपरेशन योजना के अंतर्गत किस कंपनी को किस दिनांक से किस दिनांक तक कितनी राशि का तथा कितने सब स्‍टेशनों का कार्य करने का जिम्‍मा सौंपा गया था?                         (ख) विभाग द्वारा फीडर सेपरेशन योजना में विद्युतीकरण में क्‍या-क्‍या मापदण्‍ड एवं कार्य रखे गये? क्‍या कंपनी उन मापदंडों के तहत कार्य संपादित कर रही है? कितने प्रतिशत कार्य वर्तमान में पूर्ण हो चुके हैं? (ग) 14 ग्‍वालियर ग्रामीण विधान सभा के कितने ग्रामों को फीडर सेपरेशन योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया गया है? कितने ग्रामों में फीडर सेपरेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है? उन ग्रामों के नाम सहित बतायें एवं शेष ग्रामों में फीडर सेपरेशन का कार्य कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में फीडर विभक्तिकरण योजना के अंतर्गत विद्युत विहीन ग्रामों में नहीं अपितु विद्युतीकृत ग्रामों में कृषि एवं गैर कृषि फीडरों को पृथक किये जाने के लिये पूर्व में ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स ज्‍योति स्‍ट्रक्‍चर्स लिमिटेड, मुंबई को रू. 67.77 करोड़ राशि का अवार्ड दिनांक 09.08.2011 को जारी किया गया था। उक्‍त अवार्ड अनुसार ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा संपूर्ण कार्य दिनांक 19.02.2013 तक किये जाने थे, किन्‍तु ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा कार्य अत्‍यन्‍त धीमी गति से करने के कारण मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पत्र दिनांक 15.04.2015 से कान्‍ट्रेक्‍ट टर्मिनेट कर दिया गया। तदुपरांत योजना के शेष कार्यों को पूर्ण किये जाने के लिये ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्‍स लिमिटेड, मुंबई को रू. 60.66 करोड़ राशि का अवार्ड दिनांक 01.08.2016 को जारी किया गया था। उक्‍त अवार्ड अनुसार ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा संपूर्ण कार्य दिनांक 28.02.2018 तक किये जाने थे। उल्‍लेखनीय है कि फीडर विभक्तिकरण योजना के अंतर्गत सबस्‍टेशनों के कार्य किये जाने का प्रावधान नहीं है। (ख) फीडर विभक्तिकरण योजना में कृषि उपभोक्‍ताओं को 10 घंटे एवं गैर-कृषि उपभोक्‍ताओं को 24 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किये जाने के उद्देश्‍य से 11 के.व्‍ही. फीडरों को कृषि एवं गैर-कृषि फीडरों में विभक्‍त करने का कार्य कराया जा रहा है तथा साथ ही ग्रामों में केबलीकरण सहित विद्युत अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के कार्य भी उक्‍त योजना में सम्मिलित हैं। योजनान्तर्गत गुणवत्‍तापूर्ण सामग्री का उपयोग कर निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप उचित गुणवत्‍ता का कार्य संपादित कराये जाने के मापदण्‍ड निर्धारित किये गये हैं एवं ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा उक्‍त मापदण्‍डों के अनुरूप कार्य कराया जा रहा है वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 11 के.व्‍ही. के फीडरों को इलेक्ट्रिकली सेपरेट करने का लगभग 73 प्रतिशत कार्यपूर्ण कर लिया गया है। (ग) ग्‍वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 173 ग्रामों को फीडर विभक्तिकरण योजना के अन्‍तर्गत सम्मिलित किया गया है एवं आज दिनांक तक इस योजना में 127 ग्रामों में 11 के.व्‍ही.फीडरों को इलेक्ट्रिकली सेपरेट करने का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष फीडरों पर कार्य प्रगति पर है। इन कार्यों को पूर्ण करने की समय-सीमा 28.02.2018 थी। ठेकेदार एजेन्‍सी से इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के प्रयास किये जा रहे हैं, किन्‍तु कार्य पूर्णता की निश्चित समय-सीमा वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं है। उक्‍त फीडरों की ग्रामों के नाम सहित सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। उक्‍त के अतिरिक्‍त ग्‍वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के 37 ग्राम, जो फीडर विभक्तिकरण योजना में सम्मिलित नहीं थे, में फीडर विभक्तिकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना के अन्‍तर्गत कराया जा रहा है तथा वर्तमान में इन 37 ग्रामों में से 26 ग्रामों में 11 के.व्ही. फीडरों की इलेक्ट्रिकली सेपरेट करने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है एवं 11 ग्रामों के कार्य प्रगति पर है। दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना के अन्‍तर्गत ग्‍वालियर जिले हेतु ठेकेदार एजेन्‍सी को जारी अवार्ड दिनांक 28.12.2016 के अनुसार कार्यों को पूर्ण किये जाने के लिये निर्धारित अवधि 27 दिसम्‍बर, 2018 है। उक्‍त फीडरों की ग्रामों के नाम सहित सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। फीडर विभक्तिकरण योजना के अंतर्गत ऐसे ग्राम जिनमें 11 के.व्‍ही. फीडरों को इलेक्ट्रिकली सेपरेट कर दिया गया है, उनमें एल.टी. लाईन संबंधी कार्य भी कराये जा रहे हैं जो वर्तमान में प्रगति पर हैं।

लेखापाल को द्वितीय समयमान दिये जाने हेतु विसंगतिपूर्ण स्थिति का निराकरण

[वित्त]

6. ( क्र. 358 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) किस कारण से संचालनालय कोष एवं लेखा भोपाल द्वारा सचिव, वित्त विभाग वल्लभ भवन भोपाल को प्रेषित किये गये पत्र क्रमांक/मा.द./जबलपुर संभाग/2013/393,दिनांक-03.12.2013 की अंतिम कंडिकाओं में लेखापाल पद पर 20 वर्ष की सेवा पर समयमान वेतनमान दिये जाने के संबंध में विसंगतिपूर्ण स्थिति का अविलम्‍ब निराकरण किये जाने का अनुरोध किया गया था?                               (ख) उक्तानुसार लेखापाल को 20 वर्ष की सेवा पर समयमान वेतनमान दिये जाने में आ रही विसंगति का निराकरण किया गया है या नहीं? हाँ तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावें, यदि नहीं, लेखापाल को द्वितीय समयमान वेतनमान का लाभ नहीं देने से आर्थिक हानि के लिए जिम्मेदार कौन है? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर नहीं तो प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित पत्र के क्रम में कब तक विसंगतिपूर्ण स्थिति का निराकरण के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया जावेगा? हाँ तो बतावें नहीं तो क्यों? (घ) शिक्षा विभाग अन्तर्गत जबलपुर/इंदौर/भोपाल/विदिशा जिले के किस-किस लेखापाल द्वारा द्वितीय समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिलने एवं लाभान्वित लेखापाल की संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा द्वारा वसूली अधिरोपित करने पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ग्वालियर में वाद प्रस्तुत किये गये हैं, माननीय न्यायालय द्वारा क्या निर्णय दिया? विभाग द्वारा क्या पालन किया गया है? पालन प्रतिवेदन, निर्णय की प्रति सहित जानकारी उपलब्ध करावें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) सहायक ग्रेड-3 एवं सहायक ग्रेड-2 के पद लेखापाल के पद से कनिष्‍ठ होते हुये भी इन पदों पर कार्यरत कर्मचारी उच्‍चतर समयमान वेतनमान प्राप्‍त कर रहे है, जबकि लेखापाल के पद पर पदोन्‍नत कर्मचारी उच्‍चतर समयमान से वंचित है, के आधार पर मार्गदर्शन की अपेक्षा की गई थी। (ख) वित्‍त विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ-8-6/2015/नियम/चार दिनांक 16.5.2017 के द्वारा लेखापाल पद के ग्रेड वेतन 2400/- का उन्‍नयन कर ग्रेड वेतन रूपये 2800/- किया गया है। परिपत्र की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।           (ग) उत्‍तरांश "ख" के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभाग द्वारा इस आशय की जानकारी संधारित नहीं की जाती है।

परिशिष्ट - ''आठ''

प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत निःशुल्क विद्युत कनेक्शन प्रदाय करना

[ऊर्जा]

7. ( क्र. 359 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) प्रधानमंत्री सौभाग्‍य योजना के तहत नि:शुल्‍क विद्युत कनेक्‍शन उपलब्‍ध करवाए जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत कितने ग्रामों के कितने परिवारों का चयन किया गया है? संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें? (ख) उक्त योजना के तहत विदिशा जिले के लिए कितना लक्ष्य प्राप्त हुआ है वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) उक्त चयनित लोगों/परिवारों को कब तक योजना का लाभ दिया जाएगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के विधानसभा क्षेत्र के 330 ग्रामों में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर-घर योजना (सौभाग्‍य) के अंतर्गत विद्युत कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराए जाने हेतु सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011 के डाटा के अनुसार सर्वे चल रहा है। उक्‍त क्षेत्र में प्रारंभिक तौर पर 24851 परिवारों/हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने हेतु चयनित किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि ''सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011'' के अनुसार चिन्हित आर्थिक रूप से कमजोर हितग्राहियों को उक्‍त योजना के अंतर्गत नि:शुल्‍क विद्युत कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराए जाने का प्रावधान है। (ख) सौभाग्‍य योजना के अन्‍तर्गत विदिशा जिले में प्रारंभिक तौर पर 1.46 लाख हितग्राहियों को सम्मिलित किया गया है। (ग) प्रदेश में सभी हितग्राहियों को दिसम्‍बर, 2018 तक योजना अंतर्गत विद्युत कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है।

विद्युत बिलों के संबंध में

[ऊर्जा]

8. ( क्र. 372 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर नगर में विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपभोक्‍ताओं को मीटर रीडिंग न कर आंकलित (अधिक) खपत के बिल प्रदाय किये जा रहे हैं? इसके लिये कौन दोषी है? (ख) सागर नगर में विगत 1 वर्ष में विद्युत बिलों संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई तथा उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या विगत एक वर्ष में विद्युत बिलों में अत्‍यधिक वृद्धि हुई है? इसका क्‍या कारण है? इन बढ़े हुए बिलों के निराकरण संबंधी विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं, सागर नगर में मीटरयुक्त उपभोक्ताओं को मीटर चालू होने की स्थिति में मीटर रीडिंग ली जाकर मीटर में दर्ज खपत के आधार पर एवं मीटर बंद/खराब होने पर विद्युत प्रदाय संहिता 2013 की कंडिका 8.35 में निहित प्रावधानों के अनुसार विगत 3 माह की औसत खपत के आधार पर आंकलित खपत के बिल प्रदान किये जा रहे हैं। उक्त परिप्रेक्ष्य में किसी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी होने का प्रश्न नहीं उठता। (ख) सागर नगर में विगत एक वर्ष (फरवरी-17 से जनवरी-18 तक) में विद्युत बिल संबंधी 2450 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2394 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। शेष 56 शिकायतें मीटर तेज चलने से संबंधित हैं, जिनमें नये मीटर लगाकर विद्युत प्रदाय चालू किया गया है। प्राथमिक परीक्षण में मीटर तेज चलते हुए नहीं पाये गये हैं, किन्तु उपभोक्ताओं द्वारा चुनौती दिये जाने के कारण इन मीटरों को परीक्षण हेतु परीक्षण लैब में भेजा गया है। परीक्षण के परिणामों के अनुसार इन प्रकरणों में कार्यवाही की जा रही है। (ग) जी नहीं, विगत एक वर्ष में प्रति उपभोक्ता विद्युत बिलों में औसतन 11.67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो सामान्य है। यह वृद्धि विद्युत दरों में वृद्धि तथा उपभोक्ताओं के विद्युत उपभोग में वृद्धि के कारण हुई है। बिजली के बिलों से संबंधित शिकायतों का वितरण कंपनियों द्वारा विभिन्न स्तरों पर पंजीयन कर तथा समय-समय पर शिविरों का आयोजन कर निराकरण किया गया है।

विद्युत देयकों में फ्लेट रेट लागू करने के निर्देश

[ऊर्जा]

9. ( क्र. 443 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मा. मुख्‍यमंत्री जी ने दिनांक 02.01.2018 को मा. मंत्रीयों व अधिकारियों की बैठक में कृषि उपभोक्‍ताओं पर विद्युत बिलों में फ्लेट रेट लागू करने का निर्णय लिया था इसके पालन हेतु निर्देश भी दिये थे इस संबंध में जारी आदेश की प्रति भी उपलब्‍ध करावें? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त निर्णय/निर्देशों/उक्‍त जारी आदेश को अनदेखा कर श्‍योपुर जिले में विद्युत कंपनी के अमले द्वारा जिले की नगरीय सीमा व इसके ठीक आस-पास के कृषि भूमि के मालिक कृषकों से प्रतिमाह घरेलू एवं व्‍यावसायिक उपभोक्‍ताओं की भांति मनमानी राशि के बिल वसूल कर उन्‍हें आर्थिक बोझ से लादा जा रहा है? (ग) उक्‍त निर्णय/निर्देश/जारी आदेश की अवहेलना हेतु कौन उत्‍तरदायी है एवं दोषी के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा, यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) दिनांक 02.01.2018 के पश्‍चात उक्‍त निर्णय/निर्देश/जारी आदेश की अवहेलना कर जिले के जिन कृषकों से फ्लेट रेट से अधिक राशि प्रतिमाह विद्युत कंपनी द्वारा वसूली गई है क्‍या उसका समायोजन आगामी महिनों के बिलों में करने के सख्‍त निर्देश क्‍या शासन विद्युत कंपनी को जारी करेगा तथा अब उक्‍त कृषकों से फ्लेट रेट अनुसार ही बिल लिये जाने की व्‍यवस्‍था करवाएगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा दिनांक 2.1.2018 को ली गई समीक्षा बैठक में कृषि उपभोक्‍ताओं पर विद्युत बिलों में फ्लेट रेट लागू करने के बारे में उल्‍लेखित निर्देश नहीं दिये गये थे, क्‍योंकि म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश (वर्ष 2017-18) की श्रेणी एल.वी. 5.4 में पूर्व से ही कृषि उपभोक्‍ताओं के लिये फ्लेट रेट का प्रावधान है। अत: तत्संबंधी कोई आदेश जारी करने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

मानपुर में 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र की स्‍थापना

[ऊर्जा]

10. ( क्र. 444 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 589 दिनांक 28.11.2017 के प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में जानकारी दी थी कि श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम मानपुर में वर्तमान में विद्युत भार के आधार पर नवीन 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र की स्‍थापना तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं पाई गई? (ख) उक्‍त तथ्‍य विद्युत कंपनी के अभिलेखों में सच हो सकता है लेकिन धरातलीय स्थिति उक्‍त तथ्‍यों के ठीक विपरीत है, वास्‍तविकता ये है कि प्रतिवर्ष कृषि सीजन में मानपुर व आसपास के दर्जनों ग्रामों में वास्‍तव में नियमित रूप से सुचारू विद्युत सप्‍लाई पर्याप्‍त वोल्‍टेज के साथ नहीं मिल पाती है?              (ग) क्‍या उक्‍त कारण से कृषकों को बहुत ही कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है कृषि कार्य प्रभावित रहता है इस कारण क्षेत्रीय कृषक मानपुर में यथाशीघ्र 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र स्‍वीकृत करने की निरंतर मांग कर रहे हैं? (घ) यदि हाँ, तो कृषकों के हित में कार्यरत विद्युत कंपनी क्‍या मानपुर में 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र स्‍वीकृत कर इसे स्‍थापित करवाएगी अथवा शासन इस हेतु विद्युत कंपनी को निर्देशित करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्र के मानपुर एवं आस-पास के ग्रामों में कृषि सीजन में यदा-कदा अवसरों को छोड़कर पर्याप्‍त वोल्‍टेज के साथ सुचारू विद्युत सप्‍लाई प्रदाय की जा रही है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार कृषकों को यदा-कदा अवसरों पर विद्युत प्रदाय में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन कृषि कार्य प्रभावित नहीं होता है। कस्‍बे मानपुर व इसके आस-पास विद्यमान तीन दर्जन से अधिक ग्रामों की विद्युत समस्‍या को अधिक सुदृढ करने हेतु ग्राम मानपुर के नजदीक 6 कि.मी. की दूरी पर ग्राम धीरोली में नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र के निर्माण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनान्‍तर्गत शामिल किया गया है। योजनान्‍तर्गत कार्य हेतु दिनांक 18.01.2017 को अवार्ड जारी किया गया है वर्तमान में कार्य प्रगति पर है एवं जुलाई, 2018 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। उक्‍त 33 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र के अलावा श्‍योपुर के ग्राम गोपालपुरा में नवीन 220/132/33 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र का निर्माण प्रस्‍तावित है जिससे क्षेत्र में विद्युत व्‍यवस्‍था और बेहतर होगी। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में मानपुर में पृथक से 132/33 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र की आवश्‍यकता नहीं है।

मुख्‍यमंत्री की घोषणाएं

[सामान्य प्रशासन]

11. ( क्र. 513 ) श्री सचिन यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2009 से 2012 तक माननीय मुख्‍यमंत्री द्वारा पश्चिम निमाड़ खरगोन में कितनी घोषणाएं की गई? (ख) उक्‍त में से कितनी घोषणाएं पूर्ण की गई? कितनी शेष है? शेष के क्‍या कारण है? इन्‍हें कब तक पूर्ण किया जायेगा? (ग) उक्‍त घोषणाओं को समय-सीमा में पूर्ण नहीं किए जाने के क्‍या कारण हैं? क्‍या तत्‍संबंध में संबंधितों की जवाबदेही सुनिश्चित की गई है? यदि हाँ, तो बतायें। नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत 33 के. व्‍ही. लाईन छोटे खम्‍भों पर लगाना

[ऊर्जा]

12. ( क्र. 578 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 33 के. व्‍ही. लाईन छोटे खम्‍भों पर लगाई जा सकती है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इससे दुर्घटना संभावित नहीं है? (ग) क्‍या रिछाई पहुँच मार्ग में छोटे खम्‍भे पर लाईन अटैच कर आगे बढ़ाई गई है, जो जमीन से मात्र 12 फीट ऊंचाई से झूल रही है? (घ) क्‍या बरेला उपयंत्री के संज्ञान में यह जानकारी है? यदि हाँ, तो यह खम्‍भा क्‍यों नहीं बदला गया?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं, विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 177 के अन्‍तर्गत केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा दिनांक 20.09.2010 को अधिसूचित सुरक्षा तथा विद्युत आपूर्ति संबंधी उपाय, विनियम 2010 के प्रावधानों के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से ओवरहेड लाईनों की जमीन से निर्धारित की गई ऊँचाई के अनुसार ही 33 के.व्‍ही. लाईनों सहित सभी विद्युत लाईनों की जमीन से ऊँचाई सुनिश्चित कर विद्युत लाईन डाली जाती है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) एवं (घ) जी नहीं, ग्राम रिछाई के पहुंच मार्ग पर 33 के.व्‍ही. लाईन के निर्माण का कार्य निर्धारित तकनीकी मापदण्‍डों के अनुरूप ही किया गया था। किन्‍तु संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा कुछ समय पूर्व विद्यमान लाईन के नीचे रोड के निर्माण का कार्य करवाया गया है, जिसके कारण उक्‍त लाईन की जमीन से ऊँचाई निर्धारित मानकों से कम हो गई है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कनिष्‍ठ अभियंता, बरेला वितरण केन्‍द्र की जानकारी में आने पर उक्‍त लाईन को निर्धारित ऊँचाई पर स्‍थापित करने हेतु प्राक्‍कलन तैयार करवाकर कार्य आदेश जारी कर उक्‍त लाईन को निर्धारित मानकों के अनुरूप व्‍यवस्थित कर कार्य पूर्ण कर दिया गया है तथापि उक्‍त प्रकरण में नियमों के अनुरूप लाईन में फेरबदल हेतु किये जाने वाले व्‍यय की लागत की रकम जमा कराने का नोटिस संबंधित एजेंसी को देने की कार्यवाही नहीं करने के कारण संबंधित कनिष्‍ठ यंत्री से स्‍पष्‍टीकरण माँगा गया है।

कर्मचारियों को पद से पृथक करना

[महिला एवं बाल विकास]

13. ( क्र. 846 ) श्री अनिल जैन : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या टीकमगढ़ जिले में वर्ष 2017-18 में विभाग द्वारा तमाम महिलाकर्मियों को उनके पद से पृथक किया गया है? यदि हाँ, तो उन्‍हें पद से पृथक करने के कारणों सहित महिलाकर्मियों की सूची जनपद पंचायतवार, ग्रामपंचायत वार, पदवार उपलब्‍ध कराई जाये।             (ख) प्रश्‍नांश (क) में पद से पृथक किये जाने की कार्यवाही में क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग के नियमों का महिला बाल विकास विभाग द्वारा समुचित रूप से पालन किया गया है? यदि नहीं, तो जल्‍दबाजी में यह कदम क्‍यों उठाया गया है? क्‍या आरोपी महिलाकर्मियों को अपना पक्ष प्रस्‍तुत करने के लिये क्‍या समुचित समय एवं अवसर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या प्रश्‍नगत महिलाकर्मियों की सूची में बहुत से ऐसे हैं जिन्‍हें अकारण, निराधार पद से पृथक कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍या विभाग द्वारा इस कठोर कार्यवाही की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कब तक की जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ वर्ष 2017-18 में मुख्यालय पर निवास नहीं करने, आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन नियमानुसार नहीं करने एवं कर्तव्यों, दायित्वों में लापरवाही बरतने के कारण 60 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, 20 सहायिका तथा 02 मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पद से पृथक किया गया। महिला सशक्तिकरण संचालनालय के अंतर्गत टीकमगढ़ जिले में वर्ष 2017-18 में किसी भी महिलाकर्मी को पद से पृथक नहीं किया गया जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख)  जी हाँ। जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकायें मुख्यालय पर निवास नहीं करती थी उन्‍हें पद से पृथक करने की कार्यवाही विभाग के निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की गई है। अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। समस्त कार्यवाही नियमानुसार की गई है अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

प्रदेश में मूलभूत सुविधाओं पर राशि अवंटन

[वित्त]

14. ( क्र. 929 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) वर्ष 2014 से वर्ष 2017 तक पूरे प्रदेश में 5 मूलभूत सुविधाओं रोड, बिजली, पानी, शिक्षा एवं स्‍वास्‍थ्‍य पर कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई वर्षवार बतायें। (ख) वर्ष 2014 से 2017 तक प्रत्‍येक वर्ष के बजट की कितने प्रतिशत राशि रोड, बिजली, पानी, स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा पर खर्च की गयी? (ग) वर्ष 2014 से 2017 तक 14 ग्‍वालियर ग्रामीण विधान सभा में रोड, बिजली, पेयजल, सिंचाई, स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई तथा मुख्‍यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, लाड़ली लक्ष्‍मी योजना, मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्‍जवला हेतु योजनावार आवंटित राशि एवं उक्‍त योजनाओं से लाभांवित हितग्राहियों की  संख्‍या सहित बतायें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक की मांग संख्‍यावार जानकारी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा जारी संबंधित वर्ष के विनियोग लेखे में दृष्‍टव्‍य है, जो विधानसभा के पुस्‍तकालय में उपलब्‍ध है वर्ष 2016-17 के संबंध में मांग संख्‍यावार बजट पुस्तिका के रूप में जानकारी दिनांक 28.02.2018 को विधानसभा के पटल पर प्रस्‍तुत की गई है, जो विधानसभा के पुस्‍तकालय में उपलब्‍ध है। (ख) प्रश्‍नांश "क" अनुसार। (ग) विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी विनियोग लेखे तथा बजट पुस्तिकाओं में संधारित नहीं की जाती है। अत: उक्‍त जानकारी पृथक से संधारित नहीं होने से दी जाना संभव नहीं है।

मुख्‍यमंत्री की विदेश यात्रा

[सामान्य प्रशासन]

15. ( क्र. 1067 ) श्री जितू पटवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) माननीय मुख्‍यामंत्री जी की विदेश यात्रा को लेकर पिछले पाँच वर्षों में इंवेन्‍ट मेनेजमेन्‍ट कार्य के लिये किस किस संस्‍था/व्‍यक्ति को कितना कितना भुगतान किया गया? इंवेन्‍ट मेनेजमेन्‍ट का कार्य आवंटन करने हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई गई? जिस संस्‍था/व्‍यक्ति को कार्य दिया गया उसका चयन किस आधार पर किया गया? चयनित संस्‍था का नाम, भागीदार/मालिक का नाम, पिता का नाम निवास का पता सहित जानकारी देवें। (ख) पिछले पाँच वर्षों में मुख्‍यमंत्री ने किस दिनांक से किस दिनांक तक विदेश यात्रा की? देश का नाम, यात्रा का मकसद, साथ में गये प्रतिनिधि मण्‍डल के समस्‍त सदस्‍यों का नाम, अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम सहित जानकारी देवें। (ग) पिछले 05 वर्षों में मुख्‍यमंत्री ने कुल मिलाकर कितने दिन विदेश यात्रा की तथा उक्‍त सारी यात्रा में कुल कितने व्‍यक्ति साथ गये? उक्‍त यात्राओं पर कुल मिलाकर कितनी राशि खर्च हुई। (घ) प्रश्‍नांश (ग) की विदेश यात्रा में से किस किस यात्रा में परिवार के कौन-कौन सदस्‍य साथ गये? उनका खर्च शासन ने वहन किया या निजी खर्च हुआ?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शासकीय सेवकों को आनंद की अनुमति दिलाया जाना

[आनन्द]

16. ( क्र. 1091 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा आनंद मंत्रालय का गठन किन उद्देश्‍यों को लेकर किया गया था तथा आनंद मंत्रालय किस दिनांक से अस्तित्‍व में आया हैं? (ख) आनंद विभाग को अभी तक कुल कितना बजट किस-किस प्रयोजन हेतु राज्‍य विधान सभा द्वारा पारित किया गया है? वित्‍तीय वर्षवार बजट की राशि पृथक-पृथक बतायें। (ग) क्‍या राज्‍य आनंद संस्‍थान म.प्र. शासन आनंद विभाग की पंजीकृत संस्‍था है? यदि हाँ, तो संस्‍था के पंजीयन क्रमांक, दिनांक एवं उद्देश्‍य बतायें? (घ) क्‍या माह जनवरी 2018 में राज्‍य आनंद संस्‍थान के माध्‍यम से शासकीय विभागों में अधिकारी/कर्मचारियों को आनंद की अनुभूति कराने के लिए ऑर्ट ऑफ लिविंग संस्‍था, ईशा फाउंडेशन और आई.ओ.एफ.सी. संस्‍था को अधिकृत किया जाकर आनंद प्रशिक्षण लिये जाने हेतु सभी विभागों प्रमुखों, संभागायुक्‍तों व कलेक्‍टरों के नाम पत्र जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो आनंद प्रशिक्षण में किस-किस विभाग के कितने-कितने अधिकारी/कर्मचारियों ने भाग लिया एवं इस पर कुल कितनी राशि व्‍यय की गई तथा संबंधित किन संस्‍थानों को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया एवं कितनी राशि का भुगतान किया जाना शेष है? (ड.) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में म.प्र. शासन द्वारा स्‍वीकृत बजट से कितनी राशि का अतिरिक्‍त व्‍यय किया गया है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) आनंद विभाग, दिनांक 6 अगस्‍त, 2016 को गठित किया गया। विभाग के गठन के उद्देश्‍य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी हाँ। संस्‍थान का पंजीयन क्र. 01/01/01/31335/16 एवं दिनांक 12 अगस्‍त, 2016 है। उद्देश्‍य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी हाँ। प्रतिभागी कर्मचारी/अधिकारियों की संख्‍या एवं विभाग की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। प्रशिक्षण हेतु माह जनवरी, 2018 में आर्ट ऑफ लिविंग, बैंगलोर को कुल राशि रूपये 12,54,500/- का भुगतान किया गया है एवं अन्‍य संस्‍थानों को इस अवधि में कोई भुगतान नहीं किया गया। संबंधित संस्‍थानों का पूर्ण भुगतान किया जा चुका है कोई देयक भुगतान हेतु शेष नहीं है। (ड.) स्‍वीकृत बजट से अतिरिक्‍त व्‍यय नहीं किया गया।

विभागीय छात्रावासों में सुदृढ़ीकरण तथा वार्षिक रख-रखाव हेतु निर्देश

[अनुसूचित जाति कल्याण]

17. ( क्र. 1111 ) श्रीमती ममता मीना : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) सभी जिलों में विभाग द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रावासों का संचालन किया जाता है इनमें मूलभूत सुविधाओं को निरंतर रखने के लिये विभाग के क्या दिशा-निर्देश हैं? (ख) क्या छात्रावासों के भवनों में मूलभूत सुविधायें जारी रखने हेतु शैक्षणिक सत्र के दौरान कभी भी पेयजल, लेट बाथ मरम्मत, विद्युत मरम्मत, छत मरम्मत, आदि कार्यों की आवश्यकता कभी भी उत्पन्न हो सकती है, यदि हाँ, तो इन मूलभूत सुविधाओं को निरंतर रखने के लिये विभाग की क्या नीति/निर्देश तथा क्या बजट व्यवस्था रहती है? (ग) क्या विभाग से इन मदों का आवंटन जिलों को प्रदान किया जाता है? यदि हाँ, तो यह बतायें कि जब जिलों में निर्माण एजेंसियों को कोषालय से आवंटन अंतरण की व्यवस्था नहीं है तो बजट जिलों को प्रदान कर समय क्यों व्यर्थ किया जाता है? जिलों को आवंटन जारी करने के साथ निर्माण एजेंसियों को जिला स्तर पर आवंटन किस प्रकार दिया जावेगा? इस संबंध में कोई निर्देश हों तो बतायें? (घ) प्रश्नांश '' पर विभाग के क्या दिशा निर्देश हैं? यदि हाँ, तो बतायें, यदि नहीं, तो विभाग कब तक दिशा-निर्देश/नीति तैयार करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं को निरंतर रखने के लिए विभाग के दिशा निर्देश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। मूलभूत सुविधाओं हेतु निर्देश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग के छात्रावास/आश्रम सुदृढ़ीकरण योजना में बजट प्रावधान रखा जाता है। जिलों में संचालित संस्‍थाओं के मान से प्रति भवन राशि रूपये 50,000/- (रूपये पचास हजार) का आवंटन जिलों को प्रदाय किया जाता है। (ग) जी हाँ। वित्‍त विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2017 से कोषालयीन आहरण की नयी आई.एफ.एम.आई.एस. प्रणाली के तहत वित्‍तीय नियमानुसार विभागीय बी.सी.ओ. द्वारा निर्माण एजेन्‍सी के बी.सी.ओ. में बजट अंतरित किया जा रहा है। (घ) प्रश्‍नांश '' अनुसार विभाग वित्‍त विभाग द्वारा जारी आई.एफ.एम.आई.एस. प्रणाली के अनुरूप कार्यवाही कर रहा है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रभारी प्राचार्य आवासीय विद्यालय ढेंगदा जिला श्योपुर के विरूद्ध विभागीय जाँच

[जनजातीय कार्य]

18. ( क्र. 1112 ) श्रीमती ममता मीना : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) बजट सत्र फरवरी-मार्च 2017 में प्रश्‍न क्रमांक 4808 के उत्तर दिनांक 08.03.2017 अनुसार माननीय मंत्री जी द्वारा अपचारी कर्मचारी श्री पी.आर. दोहरे प्रभारी प्राचार्य आवासीय विद्यालय ढेंगदा के विरूद्ध विभागीय जाँच में प्रतिवाद उत्तर पर गुण-दोष के आधार पर निर्णय लिया जावेगा से आश्वस्त कराया गया था, क्या विभाग द्वारा आज दिनांक तक अपचारी कर्मचारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई बताये? (ख) क्या उक्त प्राचार्य को प्रभारी सहायक आयुक्त का भी प्रभार वर्तमान में सौंपा गया है। यदि हाँ, तो क्या गंभीर अनियमितता करने वाले प्राचार्य को सहायक आयुक्त का प्रभार दिया जाना उचित है, बतायें? (ग) श्री दोहरे के विरूद्ध वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की जाँच पर निर्णय कब तक लिया जावेगा? अवधि बतावें। (घ) क्या प्रभारी प्राचार्य को सहायक आयुक्त का प्रभार दिये जाने की शासन नीति है? यदि नहीं, तो सहायक आयुक्त के अनाधिकृत प्रभार से श्री दोहरे को पृथक क्यों नहीं किया गया है? कारण बतायें तथा इन्हें प्रभार से पृथक करने हेतु क्या कार्यवाही की गई है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। श्री दोहरे के विरूद्ध संस्थित विभागीय जाँच का प्रतिवेदन आयुक्‍त, जनजातीय कार्य विकास, म.प्र. से शासन को प्राप्‍त हो चुका है, जिस पर निर्णय लेने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जी हाँ। विभाग में प्रशासनिक अधिकारी की कमी एवं स्‍थानीय व्‍यवस्‍था के तहत श्री दोहरे को अस्‍थायी रूप से सहायक आयुक्‍त, श्‍योपुर का प्रभार सौंपा गया है। (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार। (घ) जी नहीं। विभागीय प्रशासनिक अधिकारियों की कमी एवं स्‍थानीय व्‍यवस्‍था के तहत श्री दोहरे को अस्‍थायी रूप से सहायक आयुक्‍त, श्‍योपुर का प्रभार सौंपा गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नवीन पवन ऊर्जा संयंत्र की स्थापना

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

19. ( क्र. 1116 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद भौगोलिक दृष्टि से काफी बड़ा क्षेत्र होने के नाते नवीन पवन ऊर्जा के क्षेत्र में काफी संभावना है? यदि हाँ, तो इस हेतु विभाग के द्वारा क्या योजनाएं बनायी जा रही है? (ख) यहां कब तक नवीन पवन ऊर्जा संयंत्र की स्थापना कर दी जावेगी?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री नारायण सिंह कुशवाह ) : (क) जी हाँ। परन्‍तु स्‍थल विशेष पर पवन ऊर्जा स्‍त्रोत की उपलब्‍धता के आंकलन एवं पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्‍थापना की साध्‍यता से संबंधित आवश्‍यक सर्वेक्षण के उपरान्‍त ही पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्‍थापना की जा सकती है। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शासन की प्रोत्‍साहन नीति के प्रावधानों के अन्‍तर्गत निजी इकाइयों द्वारा परियोजनाओं की स्‍थापना की जा रही है। विभाग द्वारा नागदा-खाचरौद विधान सभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में पवन ऊर्जा परियोजनाओं की स्‍थापना के प्रोत्‍साहन हेतु पवन ऊर्जा परियोजना क्रियान्‍वयन नीति-2012 लागू की गयी है। (ख) जैसा कि उत्‍तर '' में उल्‍लेख किया गया है, प्रदेश में शासन की प्रोत्‍साहन नीति के प्रावधानों के अन्‍तर्गत निजी इकाइयों द्वारा परियोजनाओं की स्‍थापना की जा रही है। निजी इकाइयां स्‍वयं स्‍थल का चयन कर पवन ऊर्जा परियोजनाओं की स्‍थापना की अनुकूलता/साध्‍यता जानने हेतु आवश्‍यक सर्वेक्षण करती है एवं साध्‍यता सुनिश्चित होने पर ही परियोजना स्‍थापना करती हैं।

जनप्रतिनिधियों के पत्रों के संबंध में जिला कलेक्‍टर द्वारा कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

20. ( क्र. 1121 ) श्री उमंग सिंघार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले की गंधवानी विधानसभा क्षेत्र की समस्‍याओं को लेकर 1 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला कलेक्‍टर धार को जारी किये गये पत्रों को लेकर जिला कलेक्‍टर धार द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार जारी किये गये पत्रों को लेकर की गई कार्यवाही से संबंधित जनप्रतिनिधि को अवगत कराया गया अथवा नहीं? यदि अवगत कराया गया तो उक्‍त पत्रों की छायाप्रति उपलब्‍ध कराई जाएं? यदि अवगत नहीं कराया गया तो क्‍यों?                        (ग) जनप्रतिनिधि के पत्रों पर कार्यवाही न करने और उनके जवाब नहीं देने के लिये जिम्‍मेदार कौन है? इसके लिये शासन के क्‍या दिशा निर्देश है और क्‍या शासन द्वारा इन दिशा निर्देश का पालन किया जा रहा है एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा जारी किये गये पत्रों के संबंध में शासन द्वारा समीक्षा की गई है, यदि नहीं, तो जनप्रतिनिधियों द्वारा जारी किये गये पत्रों के संबंध में जिलेवार शासन द्वारा समीक्षा की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विद्युत सुविधा विहीन ग्रामों में विद्युत लाईन विस्तार कार्य में ठेकेदारों द्वारा मनमानी

[ऊर्जा]

21. ( क्र. 1172 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) क्या धार जिले में प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना अंतर्गत चिन्हांकित अनेकों ग्रामों में विद्युत लाईन विस्तार का कार्य युबिटेक कम्पनी को सौंप दिया गया है तथा यूबीटेक कम्‍पनी द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है? (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र धरमपुरी अंतर्गत जनपद पंचायत नालछा के विद्युत विहिन ग्रामों में विद्युत लाईन विस्तार कार्य हेतु कम्पनी के ठेकेदारों द्वारा मनमानी कर ग्रामीणों से विद्युत पोल गाड़ने हेतु गड्ढे खुदवाकर देने पर ही विद्युत लाईन डालने का डर बताकर योजना का दुरूपयोग व ग्रामीणों का शोषण किया जा रहा है? क्या विभाग ठेकेदारों के उक्त कृत्य की जाँच करवाकर उनके विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, धार जिले में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्‍य) के अन्‍तर्गत चिन्‍हांकित विभिन्‍न ग्रामों में विद्युत लाईन विस्‍तार सहित आवश्‍यक विद्युत अधोसंरचना विस्‍तार का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना के अन्‍तर्गत निविदा प्रक्रिया उपरान्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स यूबीटेक कंपनी प्रा.लि. फरीदाबाद (हरियाणा) को दिया गया है। जी हाँ, उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। (ख) जी नहीं, प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता।

विद्युत सुविधा विहीन ग्रामों तक विद्युत सुविधा उपलब्ध कराना

[ऊर्जा]

22. ( क्र. 1173 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्‍या प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना अंतर्गत विद्युत सुविधा विहीन प्रत्येक ग्राम, मजरे, टोले, फलिये, घरों व खेत तक विद्युत लाईन विस्तार का कार्य किस अवधि तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अब तक किन-किन विद्युत सुविधा विहीन ग्राम, मजरे, टोले, फलिये  आदि का सर्वे पूर्ण कर चिन्हांकन कर लिया गया है तथा उक्त चिन्हांकित ग्रामों में से किन-किन ग्राम, मजरे, टोले में विद्युत लाईन विस्तार का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्‍य) के अन्‍तर्गत प्रदेश के सभी विद्युत विहीन घरों को दिसम्‍बर 2018 तक विद्युत कनेक्‍शन प्रदाय करने का लक्ष्‍य रखा गया है, जिसके अंतर्गत पूर्व से संचालित विद्युतीकरण की योजनाओं में निर्मित अधोसंरचना का उपयोग करते हुए विद्युत कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु आवश्‍यक अतिरिक्‍त विद्युत अधोसंरचना विस्‍तार का कार्य किया जायेगा। उल्‍लेखनीय है कि कृषकों द्वारा खेतों में बनाए गए दूर-दूर स्थि‍त घरों की उक्‍त योजना के अंतर्गत विद्युत लाईन विस्‍तार कर कनेक्‍शन दिये जाने का प्रावधान नहीं है। (ख) धार जिले के धरमपुरी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सौभाग्‍य योजना में कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु 144 राजस्‍व ग्रामों के 412 मजरों/टालों के सर्वे का कार्य पूर्ण कर चिन्‍हांकन कर लिया गया है, जिनकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है वर्तमान में उक्‍त में से 45 राजस्‍व ग्रामों के 95 चिन्हित मजरों/टोलों में विद्युत लाईन विस्‍तार का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जिनकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

विभाग द्वारा कार्यों हेतु आवंटित राशि की जानकारी

[अनुसूचित जाति कल्याण]

23. ( क्र. 1210 ) श्री संजय शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष २०१६-१७ एवं २०१७-१८ में नरसिंहपुर जिले में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को कितना बजट शासन द्वारा प्रदान किया गया? (ख) विधानसभा क्षेत्र तेंदूखेड़ा के अंतर्गत अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा वर्ष २०१६-१७ एवं २०१७-१८ में कितनी-कितनी राशि, कौन-कौन से कार्य हेतु कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराई गई? ग्राम पंचायतवार कार्यों एवं राशि की जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा संयोजक अनुसूचित जाति कल्याण नरसिंहपुर को पत्र क्रमाँक-आर/८५५, दिनांक ३१/०७/२०१६, दिया गया था? यदि हाँ, तो पत्र में उल्लेखित ग्राम पंचायतों में से कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों को कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई? सूची उपलब्ध करावें।                  (घ) प्रश्नांश (ग) के अनुसार, पत्र में उल्लेखित ग्राम पंचायतों में से शेष पंचायतों को राशि कब तक प्रदान की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) योजनान्‍तर्गत बजट सीमा के अंतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुकम्पा नियुक्ति की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

24. ( क्र. 1211 ) श्री संजय शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) नरसिंहपुर जिले में प्रश्न दिनांक तक अनुकम्पा नियुक्ति के कितने-कितने प्रकरण कौन-कौन से विभागों में लम्बित हैं और क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार इन प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा? विभागवार जानकारी प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मण्‍डला जिले में सचालित दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना

[ऊर्जा]

25. ( क्र. 1218 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) मण्‍डला जिले में दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के माध्‍यम से ११वां विद्युतीकरण प्‍लान कब प्रारंभ किया गया था, योजना प्रारंभ के समय में अविद्युतीकृत ग्रामों में विद्युतीकरण हेतु क्‍या मापदंड तय किये गये थे? जिले के कितने ग्रामों में मजरे टोलों में और कितने बी.पी.एल. परिवारों में विद्युतीकरण एवं विद्युत कनेक्‍शन देने की योजना थी? (ख) किस एजेंसी ने मण्‍डला जिले में विद्युतीकरण करने का अनुबंध किया था? अनुबंध अनुसार कौन-कौन से कार्य करने थे और पूर्ण करने की समयावधि कब तक थी? (ग) यदि समयावधि में विद्युतीकरण का काम नहीं हो सका है तो उसके क्‍या कारण हैं? क्‍या इससे इस्‍टीमेट कास्‍ट प्रभावित क्‍यों नहीं होगा और प्रभावित होगा, तो कार्य की गुणवत्‍ता भी प्रभावित होगी इसके लिए किसकी जवाबदारी होगी? (घ) समायावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले एजेंसी के खिलाफ अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई तथा उक्‍त कार्य को कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) 11वीं पंचवर्षीय योजना में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना में समाहित) अन्तर्गत मण्डला जिले की परियोजना की स्वीकृति आर.ई.सी. लिमिटेड से दिनांक 18.03.2008 को प्राप्त हुई थी। उक्त योजना के प्रावधानों के अनुसार योजनान्तर्गत अविद्युतीकृत ग्रामों के विद्युतीकरण तथा 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले अविद्युतीकृत मजरों/टोलों के विद्युतीकरण सहित ग्रामों के सघन विद्युतीकरण का कार्य करते हुए गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले सभी श्रेणी के हितग्राहियों को नि:शुल्क बी.पी.एल. कनेक्शन दिये जाने थे। मण्डला जिले हेतु स्वीकृत उक्त योजनांतर्गत कार्य योग्य 15 अविद्युतीकृत ग्रामों के विद्युतीकरण एवं 1152 विद्युतीकृत ग्रामों के 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले मजरों/टोलों के विद्युतीकरण सहित सघन विद्युतीकरण का कार्य कर 42250 बी.पी.एल. परिवारों को नि:शुल्क बी.पी.एल. कनेक्शन दिये जाने के कार्य सम्मिलित थे। (ख) जिला मण्डला में उक्त योजनांतर्गत विद्युतीकरण के कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु ठेकेदार एजेंसी मेसर्स जी.व्ही.पी.आर., हैदराबाद से अनुबंध किया गया था। अनुबंध के अनुसार कार्य योग्य 15 अविद्युतीकृत ग्रामों के विद्युतीकरण, 1152 विद्युतीकृत ग्रामों के योजना के प्रावधानों के अनुसार सघन विद्युतीकरण तथा 42,258 बी.पी.एल. हितग्राहियों को नि: शुल्क बी.पी.एल. कनेक्‍शन दिये जाने के कार्य किये जाने थे, जिसकी कार्य पूर्णता अवधि अनुबंध की प्रभावी दिनांक 17.04.2009 से 18 माह थी। (ग) ठेकेदार एजेन्सी द्वारा कार्य धीमी गति से संपादित करने, कार्य हेतु आवश्यकतानुसार कुशल श्रमिकों की अनुपलब्धता एवं पहुँच मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण उक्त कार्य ठेकेदार एजेंसी द्वारा समयावधि में पूर्ण नहीं किया जा सका। अनुबंध के अनुसार जारी कार्यादेश में निहित निर्धारित दरें कार्य पूर्ण करने की अवधि तक समान रहने के प्रावधान है। उक्त के परिप्रेक्ष्य में ठेकेदार एजेन्सी द्वारा समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण इस्टीमेट कास्ट प्रभावित होने तथा ठेके के प्रावधान अनुसार गुणवत्ता प्रभावित होने का प्रश्‍न नहीं उठता (घ) समयावधि में कार्यपूर्ण नहीं करने के कारण उक्त ठेकेदार एजेन्सी से पेनल्टी स्वरूप लिक्विडेटेड डैमेज के रूप में रू 150.90 लाख की राशि वसूली की गई है। ठेकेदार द्वारा कार्य संपादित नहीं करने के कारण शेष कार्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय तौर पर किया जा रहा है। कार्य विभागीय तौर पर करने के कारण दरों की अंतर राशि  रू 49.44 लाख की वसूली ठेकेदार से की गई है। शेष सभी कार्य माह जून, 18 तक पूर्ण किया जाना संभावित है।

मण्‍डला जिले के विकासखण्‍ड निवास नारयणगंज एवं बीजाडांडी क्षेत्र में नर्मदा नदी से सिंचाई

[नर्मदा घाटी विकास]

26. ( क्र. 1219 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मण्‍डला जिले के अंतर्गत विकासखण्‍ड निवास, नारायणगंज, बीजाडांडी के ग्रामों के किसानों की खेती में सिंचाई सुविधा हेतु नर्मदा नदी से सिंचाई हेतु तीनों विकासखण्‍ड के हजारों एकड़ जमीन सिंचाई के अभाव में बंजर पड़ी हुई है, उक्‍त विकासखण्‍डों में नर्मदा नदी तीन तरफ से घिरी हुई है फिर भी सिंचाई की कहीं कोई सुविधा नहीं होने के कारण किसान अपने खेतों से परिश्रम के अनुपात में कृषि उत्‍पादन नहीं कर पा रहे हैं? (ख) क्‍या सरकार तीनों विकासखंड के हजारों एकड़ जमीन नर्मदा नदी से सिंचाई की कोई योजना बनाएगी, ताकि उक्‍त क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा बन सके? (ग) डिण्‍डौरी जिले के ग्राम कुटरई में पूर्व से प्रस्‍तावित सिंचाई एवं विद्युत उत्‍पादन हेतु डेम प्रस्‍तावित था लेकिन आज तक इस कार्य में कितनी प्रगति हुई, बताने का कष्‍ट करेंगे तथा उक्‍त कार्य को कराने के लिये सरकार प्राथमिकता देते हुये मूर्त रूप देने का काम करेगी?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) एवं (ख) नर्मदा घाटी विकास विभाग की वर्तमान में कोई योजना प्रस्‍तावित नहीं है। (ग) डिण्‍डौरी जिले के ग्राम कुटरई के पास 24 मेगावाट विद्युत उत्‍पादन हेतु रोसरा जल विद्युत परियोजना प्रस्‍तावित थी। इसमें कुल डूब भूमि 3067 हेक्‍टेयर में 1233 हेक्‍टेयर वन भूमि आ रही थी तथा 17 ग्राम (1 पूर्ण +16 आंशिक) डूब में आ रहे थे। योजना से लाभ हेतु केवल 24 मेगावाट विद्युत उत्‍पादन था तथा सिंचाई नहीं थी। समीक्षा के दौरान परीक्षण करने पर योजना साध्‍य नहीं पाई जाने से इसके क्रियान्‍वयन का औचित्‍य नहीं है।

ग्रामों की कुल खपत अनुसार ट्रांसफार्मर स्थापित करना

[ऊर्जा]

27. ( क्र. 1229 ) श्री मोती कश्यप : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) बडवारा वि.स.क्षे. के वि.खं. बडवारा, कटनी व ढीमरखेडा के किन ग्रामों में दिनांक 31-1-2018 की स्थिति में विद्युत के स्थायी कनेक्शन और अस्थायी कनेक्शन कितने हैं तथा कुल ऊर्जा खपत की तुलना में कितनी क्षमता के कितने-कितने ट्रांसफार्मर लगाये गये हैं और किन ग्रामों में                   1 जनवरी 2017 से 31-1-2018 की अवधि में किन-किन दिनांकों को ट्रांसफार्मर बिगड़े हैं और उन्हें किन-किन दिनांकों को पुर्नस्‍थापित किया गया है और इससे किन-किन फसलों की हानि हुई है?    (ख) क्या आवश्यकता के विरूद्ध कम क्षमता के ट्रांसफार्मर होने व उन पर किन्हीं कारणों से अत्यधिक दबाव से जलने वाले ट्रांसफार्मरों के बदलने पर प्रश्नांश (क) अवधि में विभागीय धन कितना व्यय हुआ है? (ग) क्या ग्राम के स्थायी कनेक्शन और प्राय: लिये जानेवाले अस्थायी कनेक्शन तथा तात्कालिक रूप से किये जाने वाले अवैध कनेक्शनों के क्षमता के विरूद्ध ऊर्जा भार बढ़ने पर एक के बाद एक सभी ट्रांसफार्मरों के जलने से विभाग को होने वाली धनहानि को रोकने की क्‍या सार्थक योजना बनायी गयी हैं? (घ) क्या विभाग प्रत्येक ग्रामों के कुल सिंचित व असिंचित रकबे, निरन्तर सिंचित होने की स्थिति वर्तमान में कुल आवश्यकता का सर्वेक्षण कराकर ट्रांसफार्मर स्थापित कर विभागीय राजस्व और कृषकों को हानि से बचाये जाने की योजना क्रियान्वित करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) बडवारा विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्ड बडवारा, कटनी व ढीमरखेडा में दिनांक 31.01.2018 की स्थिति में ग्रामवार स्थाई एवं अस्थाई कनेक्‍शनों की संख्या एवं विद्युत भार के अनुसार ग्रामवार स्थापित ट्रांसफार्मरों की संख्या पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। दिनांक 1 जनवरी 2017 से 31.01.2018 की अवधि में फेल हुए वितरण ट्रांसफार्मरों की फेल होने एवं उनके बदलने की तिथि का विवरण  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। फेल ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्ताओं द्वारा नियमानुसार बकाया राशि जमा करने के उपरान्त निर्धारित समयावधि में ट्रांसफार्मर बदले गए हैं, अतः प्रश्न नहीं उठता।                 (ख) प्रश्नाधीन क्षेत्र में विद्युत भार के अनुरूप उपयुक्त क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित किये गए है अत: विद्युत भार के कारण ट्रांसफार्मर जलने का प्रश्न नहीं उठता। (ग) कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं का भार पृथक करने एवं उन्हें निर्धारित की गई पृथक-पृथक समयावधि हेतु विद्युत प्रदाय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में फीडर विभक्तिकरण योजना का क्रियान्वयन किया गया है। साथ ही अवैध कनेक्‍शन वाले संभावित क्षेत्रों में निम्नदाब लाईनों का केबलीकरण भी किया जा रहा है। सौभाग्य योजनांतर्गत अवैध घरेलू कनेक्शनों का नियमितीकरण कर स्थाई कनेक्‍शन प्रदान किये जा रहे हैं। आवश्‍यकतानुसार पर्याप्त क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मर लगाये गए है। प्रति वर्ष भविष्य में भार वृद्धि का अनुमान लगाकर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापना तथा क्षमता वृद्धि के कार्य किये जाते है। उक्तानुसार कार्यवाही कर योजनाबद्ध तरीके से वितरण ट्रांसफार्मरों पर संबद्ध भार उनकी क्षमता के अनुरूप रखा जाता है। (घ) प्रति वर्ष संभावित विद्युत भार की वृद्धि का आंकलन कर आवश्‍यकतानुसार अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों की स्थापना तथा स्थापित ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य किये जाते हैं जो कि एक सतत् प्रक्रिया है वर्ष 2017-18 में जनवरी-18 तक कटनी जिले में इसी प्रक्रिया के तहत 886 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किये गए है तथा 89 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है।

132 के.व्‍ही. विद्युत ग्रिड की स्‍थापना

[ऊर्जा]

28. ( क्र. 1271 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि   (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के नगर माचलपुर की वर्तमान जनसंख्‍या 15 हजार से अधिक है? यदि हाँ, तो क्‍या नगर माचलपुर में वर्तमान में स्‍थापित 33/11 के. व्‍ही. विद्युत ग्रिड से पर्याप्‍त एवं सुलभ आपूर्ति नहीं होने से आमजन एवं कृषकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा निरंतर शासन-प्रशासन से नगर माचलपुर में 132 के.व्‍ही्. विद्युत ग्रिड स्‍थापना कराने हेतु अनुरोध किया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक नगर माचलपुर में 132 के.व्‍ही. विद्युत ग्रिड स्‍थापना हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या शासन नगर माचलपुर में पर्याप्‍त, सुगम एवं निर्बाद विद्युत आपूर्ति हेतु 132 के.व्‍ही. विद्युत ग्रिड की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) एवं (ख) वर्ष 2011 की जनगणना पुस्तिका के अनुसार विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के नगर माचलपुर की जनसंख्‍या 9476 है वर्तमान में नगर माचलपुर में स्‍थापित 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र से कृषि एवं गैर कृषि कार्य हेतु सुचारू रूप से पर्याप्‍त विद्युत की आपूर्ति की जा रही है। माचलपुर 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र को 14 कि.मी. दूरी पर स्थित 132 के.व्‍ही. जीरापुर उपकेन्‍द्र से निर्गमित 33 के.व्‍ही. माचलपुर फीडर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के अनुरोध पर माचलपुर में 132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍थापित किये जाने के प्रस्‍ताव का परीक्षण करवाने पर, 132 के.व्‍ही. माचलपुर उपकेन्‍द्र की स्‍थापना का कार्य तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं पाया गया है। उल्‍लेखनीय है कि ए.डी.बी. योजनान्‍तर्गत जीरापुर 132 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र से माचलपुर तक एक नये 33 के.व्‍ही. फीडर का कार्य पूर्ण किया गया है, जिससे माचलपुर 33 के.व्‍ही. फीडर का भार इस नये फीडर पर शिफ्ट होने से प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत प्रदाय की गुणवत्‍ता में और अधिक सुधार परिलक्षित होगा।

शासकीय आवासों की दयनीय स्थिति

[नर्मदा घाटी विकास]

29. ( क्र. 1279 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिले में नर्मदा घाटी विकास विभाग के कितने शासकीय आवासगृह हैं? श्रेणीवार संख्‍यात्‍मक जानकारी दी जाए। खंडवा नगर की पृथक से जानकारी दी जाए। (ख) क्‍या शास. आवास गृह जिसे आवंटित हैं उसी के द्वारा निवास किया जा रहा है? श्रेणीवार शासकीय आवास गृह किस-किस अधिकारी/कर्मचारी को आवंटित किये गये? (ग) क्‍या कर्मचारियों द्वारा अपने नाम आवंटित शासकीय मकानों को भी किसी अन्‍य अशासकीय व्‍यक्तियों को किराये पर दे रखे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शास. भवनों की वार्षिक भौतिक सत्‍यापन की कार्यवाही की गई? नहीं तो क्‍यों? कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं? (घ) क्‍या शास. आवास गृहों को आवंटन के लिए कोई वरिष्‍ठता पंजी संधारित नहीं है एवं शास. आवास गृहों का आवंटन पूर्णत: मनमाने ढंग से किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? इसमें कौन-कौन दोषी है?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।     (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) शासकीय आवास, गृहों का आवंटन आवास समिति द्वारा नियमानुसार किया जाता है एवं पंजी संधारित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अ.जा./अ.ज.जा. छात्रावास की आवश्‍यकता

[अनुसूचित जाति कल्याण]

30. ( क्र. 1282 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कितनी-कितनी क्षमता के छात्रावास एवं आश्रम संचालित हैं? क्‍या अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग में शिक्षा के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह पर्याप्‍त हैं? (ख) क्‍या पूर्व एवं पश्चिम निमाड़ में खंडवा जिला मुख्‍यालय शिक्षा के क्षेत्र में हब बन जाने से आस-पास के जिलों से भी अ.जा. वर्ग के छात्र-छात्राएं यहां अधिक संख्‍या में अध्‍ययन के लिए आ रहे हैं? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या वर्तमान में उपलब्‍ध छात्रावास/आश्रम समय की मांग अनुसार पर्याप्‍त हैं? विगत तीन वर्षों में खंडवा जिला मुख्‍यालय पर रिक्‍त सीटों के विरूद्ध कितने-कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? (घ) क्‍या रिक्‍त सीटों के अभाव के कारण अ.जा. वर्ग के अनेक छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिल पाया? यदि हाँ, तो क्‍या जिला मुख्‍यालय पर 100-100 सीटर अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के छात्रावास की नवीन स्‍वीकृति दी जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जी हाँ। नवीन छात्रावासों की स्‍थापना हेतु निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार पात्रता आने पर नवीन छात्रावास स्‍वीकृत होने पर प्राथमिकता क्रम में छात्रावास खोलने की कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

अनुसूचित जाति तथा जनजाति बस्‍ती में विकास कार्य

[अनुसूचित जाति कल्याण]

31. ( क्र. 1308 ) श्री सुदेश राय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) अनुसूचित जाति तथा जनजाति बस्‍ती में नाली, खरंजा, सी.सी.रोड एवं विद्युतीकरण का कार्य कराये जाने हेतु शासन के क्‍या मापदण्‍ड हैं? (ख) विधान सभा क्षेत्र सीहोर अंतर्गत वर्ष 2014-15 से लेकर आज दिनांक ग्रामीण क्षेत्र की अनुसूचित जाति तथा जनजाति बस्‍ती में नाली, खरंजा, सी.सी.रोड एवं विद्युतीकरण के कितने प्रस्‍ताव विभाग को प्राप्‍त हुये तथा उसके विरूद्ध कितने प्रस्‍ताव स्‍वीकृत कर कार्य प्रारंभ करा दिये गये तथा कितने प्रस्‍ताव विभाग के पास लंबित हैं? लंबित रहने का क्‍या कारण है? सम्‍पूर्ण विवरण कार्य एवं स्‍थान सहित बतावें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) मापदण्‍ड की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) अनुसूचित जाति बस्‍ती की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। विधान सभा क्षेत्र सीहोर जनजाति बाहुल्‍य क्षेत्र/ग्राम नहीं होने से कोई प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं हुए जिससे अनुसूचित जनजाति बस्तियों में नाली, खरंजा, सी.सी.रोड एवं विद्युतीकरण के कार्य नहीं कराये गये हैं। ग्राम खामलिया में सी.सी.रोड का एक प्रस्‍ताव प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्रामीण अंचलों में विद्युतीकरण का कार्य

[ऊर्जा]

32. ( क्र. 1309 ) श्री सुदेश राय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सीहोर के विकासखण्‍ड सीहोर अन्‍तर्गत ग्रामीण अंचलों के विद्युत विहीन किन-किन ग्राम, मोहल्‍ले/मजरा, टोले में वर्ष 2013-14 से किस योजना के अन्‍तर्गत कितनी राशि से विद्युतीकरण के कार्य कराये गये हैं? स्‍थान सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितने कार्य पूर्ण हो चुके तथा कितने शेष हैं तथा जो शेष है वह कब तक पूर्ण कर लिये जायेंगे? स्‍थान सहित पूर्ण एवं अपूर्ण कार्य की जानकारी देवें। (ग) अगामी वर्षों में दीनदयाल ग्राम ज्‍योति योजना अन्‍तर्गत विद्युत विहीन किन-किन ग्रामों के मजरे-टोले में विद्युतीकरण के कार्य प्रस्‍तावित है तथा कार्य कब तक पूर्ण करा लिये जाएंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला सीहोर के विकासखण्‍ड सीहोर के अंतर्गत सभी ग्राम वर्ष 2013-14 से पूर्व से ही विद्युतीकृत हैं तथा उक्‍त क्षेत्र में वर्ष 2013-14 से विद्युतीकृत किये गये मजरों/टोलों की योजनावार, स्‍थानवार, व्‍यय की गई राशि सहित प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्‍दर्भ में पूर्ण कार्यों एवं शेष कार्यों की प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' एवं '' अनुसार है। प्रश्‍नाधीन शेष कार्य टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी के साथ किये गये अनुबंध अनुसार मई, 2019 तक पूर्ण किये जाने हैं तथापि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। (ग) सीहोर जिले में विकासखण्‍ड सीहोर के अंतर्गत आगामी वर्षों में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना के अंतर्गत संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' में दर्शाए गए विद्युत विहीन मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य प्रस्‍तावित है, जिसे उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी से किये गये अनुबंध के अनुरूप मई, 2019 तक पूर्ण किया जाना है।

परिशिष्ट - ''नौ''

जिम्‍मेवारों की पहचान कर कार्यवाही

[ऊर्जा]

33. ( क्र. 1318 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्‍या विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 432 दिनांक 18.07.2017 में पुस्‍तकालय परिशिष्‍ट फीडर विभक्तिकरण दिनांक 1.4.2014 से 31.03.2017 तक कोई भी नवीन एवं सुधार के कार्य न कराये जाने की जानकारी दी गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में रीवा जिले के गुढ़ विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना, फीडर विभक्तिकरण योजना एवं स्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शन के कार्य वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 के दौरान नहीं कराये गये, तो क्‍यों? शासन द्वारा इन कार्यों हेतु किनती-कितनी राशि वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक में प्रदान की गई? प्राप्‍त राशि का प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष में उपयोग क्‍यों नहीं किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार राजीव गांधी विद्युतीकरण, फीडर विभक्तिकरण योजना एवं स्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शन के कितने कार्य 2014-15 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में लंबित हैं? समय पर कार्य पूर्ण न किये जाने पर कब-कब         किन-किन पर कौन-कौन सी कार्यवाही प्रस्‍तावित की गयी, की प्रति देते हुए बतावें? लंबित कार्य कब तक पूर्ण किये जावेंगे? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के कार्यों में प्राप्‍त उपकर की राशि ठेकेदारों/संविदाकारों से कितनी काटी गई व कितनी जमा की गयी वर्षवार बतावें? अगर नहीं तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क) अनुसार नवीन एवं सुधार के कार्य न कराये जाने एवं प्रश्‍नांश (ख) अनुसार कार्य समय पर पूर्ण न करने व शासन से प्राप्‍त राशि का प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष में उपयोग न करने के जिम्‍मेवारों पर प्रश्‍नांश (ग) अनुसार जिम्‍मेवारों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे एवं प्रश्‍नांश (घ) अनुसार उपकर की राशि न काटने के जिम्‍मेवारों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 432 दिनांक 18.7.2017 के पुस्‍तकालय परिशिष्‍ट में 1.4.2014 से 31.3.2017 की चाही गई जानकारी से मात्र 1.4.2014 से 31.3.2016 तक फीडर विभक्तिकरण योजना में हुए नवीन व सुधार के कार्य की जानकारी निरंक थी, न कि वर्ष 2016-17 की। (ख) जी नहीं, गुढ़ विधान सभा अन्तर्गत राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना, फीडर विभक्तिकरण योजना एवं स्थायी पम्प कनेक्‍शन के कार्य वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक कराये गए हैं, कराये गए कार्यों का योजनावार वर्षवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ए-1, ए-2, ए-3, बी-1, बी-2, बी-3, डी-1, डी-2 एवं डी-3 अनुसार है। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं फीडर विभक्तिकरण योजना में जिलेवार राशि स्वीकृत होती है। इसके अतिरिक्‍त पम्प कनेक्‍शन हेतु वितरण कंपनी को शासन द्वारा राशि प्रदान की जाती है। विधानसभा क्षेत्र वार राशि स्वीकृत नहीं की जाती है। रीवा जिले में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना हेतु रु. 149.05 करोड़ एवं फीडर विभक्तिकरण योजना हेतु रु. 127.44 करोड़ अवार्ड स्वीकृत हुए हैं। उक्त तीनों योजनाओं में जैसे-जैसे कार्य पूर्ण होते जाते हैं, उनका समायोजन कम्पनी स्तर पर किया जाता है। योजनावार वर्षवार उपयोग की गई राशि का विवरण भी उक्‍तानुसार पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्रों में दिया गया है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार राजीव गांधी विद्युतीकरण, फीडर विभक्तिकरण योजना के कोई भी कार्य प्रश्‍न दिनांक पर लम्बित नहीं है। स्थायी पम्प कनेक्‍शन के वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक के कोई भी कार्य लंबित नहीं है वर्ष 2017-18 में प्रश्‍न दिनांक तक गुढ़ विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुल 95 पम्पों के कार्य लंबित हैं सभी लंबित कार्य संसाधनों की उपलब्धता अनुसार एवं राइट आफ वे मिलने पर निर्धारित अधिकतम समय-सीमा 06 माह के अंदर पूर्ण करने का प्रयास किया जावेगा। कार्य समय पर पूर्ण न करने के कारण रीवा जिले में संबंधित फीडर विभक्तिकरण योजना के ठेकेदारों के बिलों से रु. 10.67 लाख तथा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में रु. 745 लाख की राशि तरलता क्षतिपूर्ति के रुप में कटौती की गई है।         (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के कार्यों में वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक उपकर की काटी गई राशि का वर्षवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ए-1, ए-2, ए-3, बी-1, बी-2, बी-3, डी-1, डी-2 एवं डी-3 में समाहित है। (ड.) उत्तरांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

कोयला की कमी से ताप विद्युत गृह बन्द होने एवं कम भार पर चलाना

[ऊर्जा]

34. ( क्र. 1335 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्‍या म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सभी ताप गृहों में कोयला की बहुत अधिक कमी होने के कारण ताप विद्युत गृह बन्‍द होने की स्थिति में आ गये है? (ख) वर्तमान में म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड में औसतन प्रतिदिन किन-किन ताप विद्युत केन्‍द्रों पर कितने-कितने मैट्रिक टन कोयला की आवश्‍यकता है व औसतन प्रतिदिन कितना मैट्रिक टन कोयला कोल इंडिया द्वारा उपलब्‍ध कराया जा रहा है? (ग) वर्तमान में कोल इंडिया को म.प्र. पांवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा कितनी राशि का भुगतान किया जाना शेष है? (घ) वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक कितनी-कितनी मांग अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को कितना-कितना मैट्रिक टन कोयला उपलब्‍ध कराया गया है? वर्षवार बतायें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं वर्तमान में कोई ताप विद्युत गृह कोयले की कमी से बंद नहीं है तथापि कोयले का प्रदाय अनुबंध की मात्रा से कम हुआ है। (ख) म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के ताप विद्युत गृहों हेतु कोयला कंपनियों द्वारा कोयले की आपूर्ति कोल प्रदाय अनुबंध के अनुसार की जाती है। दिनांक 09.10.2017 को कोल इंडिया से तय कोल मैट्रिक्‍स के अनुसार वर्तमान में म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के समस्‍त ताप विद्युत गृहों को कुल 55000 मी.टन प्रतिदिन कोयले की आपूर्ति किया जाना है। तय कोल मैट्रिक्‍स के विरूद्ध वर्तमान में दिनांक 10.10.2017 से दिनांक 20.02.2018 तक प्रतिदिन औसतन 40338 मी. टन कोयला प्राप्‍त हुआ है जिसका विद्युत गृहवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) दिनांक 26.02.2018 की स्थिति में कोल इंडिया लिमिटेड को म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा रू. 569.64 करोड़ राशि का भुगतान किया जाना शेष है। (घ) म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के ताप विद्युत गृहों की वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक आवश्‍यक कोयले की मात्रा, जो कि अनुबंधित मात्रा के अनुसार है एवं उक्‍त अवधि में कोल इंडिया द्वारा उपलब्‍ध कराये गये कोयले की मात्रा की वर्षवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दस''

निर्माण कार्य की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

35. ( क्र. 1433 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) अनूपपुर जिलान्‍तर्गत विकास कार्य हेतु वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में कुल कितनी राशि प्राप्‍त हुई है। प्राप्‍त राशि में से कुल कितनी राशि किस प्रयोजन हेतु किन नियमों के तहत किस एजेन्‍सी के माध्‍यम से खर्च की गई हैं? (ख) विकासखण्‍ड जैतहरी एवं अनूपपुर अंतर्गत व्‍यय की गई राशि का विवरण पृथक से प्रदान करें। स्‍वीकृत कार्यों में से किन-किन जनप्रतिनिधियों के अनुशंसा के आधार पर कार्य स्‍वीकृत हुए हैं? उल्‍लेख करें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अनूपपुर जिले को अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजना मद में राशि रूपये 292.61 लाख एवं अनुसूचित जनजाति विद्युतीकरण योजना में राशि रूपये 189.61 लाख इस प्रकार कुल राशि रूपये 482.22 लाख का आवंटन विकास कार्य हेतु प्राप्‍त हुआ। व्‍यय की गई राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

सिंगरौली जिले में एयरपोर्ट का निर्माण

[विमानन]

36. ( क्र. 1459 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) सिंगरौली जिले में एयरपोर्ट का कब तक निर्माण किया जायेगा? डी.पी.आर. की अद्यतन स्थिति बताए? (ख) क्‍या और भूमि की आवश्‍यकता है तो क्‍या अर्जन किया जा रहा है? कितनी भूमि की जरूरत है? उसकी क्‍या कीमत लागत होगी? (ग) क्‍या भूमि अर्जन व निर्माण राशि की शासन स्‍वीकृति किया जा रहा है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) समय-सीमा बतलाई जाना संभव नहीं हैं। डी.पी.आर. तैयार करने का कार्य प्रगति पर हैं। (ख) जी हाँ। भू-अर्जन की कार्यवाही प्रचलन में हैं। 19.30 हेक्‍टेयर। कीमत का आंकलन किया जा रहा हैं। (ग) डी.पी.आर. अपूर्ण होने से जानकारी दिया जाना संभव नहीं हैं।

सीधी भर्ती के संबंध में

[सामान्य प्रशासन]

37. ( क्र. 1479 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले के अन्‍तर्गत पातालकोट में निवासरत भरिया समाज के लोगों को शासकीय सेवा में सीधी भर्ती की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो छिन्‍दवाड़ा जिले में निवासरत अन्‍य गांवों के भरिया समाज एवं नरसिंहपुर, सिवनी, होशंगाबाद में रहने वाले भरिया समाज के लोगों को भी सम्मिलित कर सीधी भर्ती का प्रावधान किया जायेगा? (ग) यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुरूप चिन्हित क्षेत्र में जो भारिया जनजाति के लोग निवासरत हैउन्‍हें ही भारत सरकार की विशेष पिछड़ी जनजाति के लिये योजनाओं हेतु विशेष पिछड़ी जनजाति की मान्‍यता प्राप्‍त है।

आदिम जाति/अनु.जाति/पिछड़ा वर्ग छात्रवासों में अनियमितता

[अनुसूचित जाति कल्याण]

38. ( क्र. 1503 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) उज्जैन जिले के आदिम जाति/अनु.जाति/पिछड़ा वर्ग छात्रवासों में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में कितनी राशि छात्रावास भवनों की मरम्मत/विद्युतीकरण/रगांई पुताई/पेयजल व्यवस्था हेतु कितनी राशि प्रदान की गई? छात्रावास और वर्षवार ब्यौरा देवें? (ख) क्या कारण है कि उक्त छात्रावासों में देख-रेख/साफ-सफाई/मरम्मत का अभाव है? छात्र-छात्राएं शासन द्वारा प्रदत्‍त सुविधाओं से वंचित हैं? (ग) उक्त छात्रावासों की रंगाई पुताई/विद्युतीकरण/पेयजल व्यवस्था/मरम्मत कब करा दी जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। छात्र छात्राओं को शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है।                (ग) अनुसूचित जाति के समस्‍त छात्रावासों में रंगाई पुताई/विद्युतिकरण, पेयजल व्‍यवस्‍था,मरम्‍मत कार्य आवंटन सीमा अंतर्गत माह जून 2018 तक करा लिये जायेंगे। जनजातीय कार्य विभाग के समस्‍त छात्रावासों की रंगाई पुताई, पेयजल, विद्युतीकरण, मरम्‍मत कार्य प्राप्‍त आवंटन की सीमा में पूर्ण कराये गये हैं वर्ष 2017-18 में पिछड़ा वर्ग विभागान्‍तर्गत पोस्‍ट मैट्रिक कन्‍या छात्रावास में रंगाई, पुताई, शौचालय मरम्‍मत, ब्‍लॉक पेवलिंग के लिए राशि रू. 20.33 लाख निर्माण एजेन्‍सी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के बी.सी.ओ. में अंतरित की गई है। रंगाई पुताई का कार्य पूर्ण हो गया है तथा शेष कार्य प्रगति पर है।

जनजा‍तीय क्षेत्र में विद्युतीकरण कार्य

[जनजातीय कार्य]

39. ( क्र. 1524 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) विभाग अंतर्गत भोपाल जिले में वर्ष 2010 से 2015 तक अग्रवाल एसोसिएट भोपाल के द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए विद्युतीकरण के कितने कार्य किये है? कार्यवार, भुगतान की गई राशि का विवरण दें। (ख) ग्रामीण विद्युतीकरण के कंडिका के अनुसार कराये गये कार्यों की क्‍या कोई शिकायत मिली है? यदि हाँ, तो कराई गई जाँच का प्रतिवेदन देवें। (ग) कंडिका (क) के किन्‍हीं कार्यों का स्‍थल सत्‍यापन यदि आ.जा. कल्‍याण विभाग के किसी अधिकारी ने किया है, तो उसके प्रतिवेदन उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो क्‍या किसी वरिष्‍ठ अधिकारी से कार्यों का स्‍थल सत्‍यापन कराया जायेगा? (घ) कंडिका (क) अनुसार कराये गये गांवों/मोहल्‍लों में रहने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति की ग्रामवार संख्‍या देवें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विद्युतीकरण योजना मद अन्‍तर्गत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) विद्युतीकरण कार्यों हेतु म.प्र.म.क्षे.वि.वि. कम्‍पनी लिमिटेड को कार्यों के पर्यवेक्षण शुल्‍क के रूप में कार्यवार 5 प्रतिशत की राशि भुगतान की जाती है। पूर्व वर्षों के कार्य तत्‍समय ही चार्जिंग परमीशन उपरान्‍त म.प्र.म.क्षे.वि.वि. कम्‍पनी लिमिटेड को सीधे अन्‍तरित किये जा चुके हैं। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

विभागीय जाँच

[जनजातीय कार्य]

40. ( क्र. 1525 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) विभाग में कितने विभागीय अपर आयुक्‍त पदस्‍थ है? (ख) क्‍या उक्‍त अधिकारी के विरूद्ध बैतूल पदस्‍थापना के दौरान बिना टेण्‍डर, बिना बजट के निर्माण कार्य कराये जाने के संबंध में कार्यवाही लंबित है? यदि हाँ, तो कब से? (ग) क्‍या उक्‍त अधिकारी ने तामिया एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना में कराये गये व्‍यावसायिक प्रशिक्षण की जाँच की है? यदि हाँ, तो क्‍या उसने दो जाँच प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किये है? यदि हाँ, तो पहले प्रतिवेदन में अनियमितता होने तथा दूसरे प्रतिवेदन में प्रशिक्षण सही पाये जाने का उल्‍लेख कैसे किया गया है? (घ) क्‍या कंडिका (ग) के द्वितीय जाँच प्रतिवेदन में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत छिन्‍दवाड़ा के, जो कि जाँच समिति में थी, के हस्‍ताक्षर हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना अन्‍तर्गत विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

41. ( क्र. 1540 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) जिला सिंगरौली  में  दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना अन्‍तर्गत स्‍वीकृत कितने ग्रामों के टोले-मजरे विद्युतविहीन है, उसकी पूर्ति कब तक की जावेगी? (ख) क्‍या इनके लिये बजट उपलब्‍ध है? यदि हाँ, तो कब तक  दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना अन्‍तर्गत विद्युतीकरण के लिए राशि उपलब्‍ध होगी और कब तक शेष ग्रामों के टोले-मजरे योजना से लाभांवित होंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला सिंगरौली हेतु स्‍वीकृत दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में 730 विद्युतीकृत ग्रामों के मजरों/टोलों के विद्युतीकरण सहित इन ग्रामों में सघन विद्युतीकरण का कार्य सम्मिलित है। उक्‍त कार्य सहित योजनान्‍तर्गत समस्‍त कार्य टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी से किये गये अनुबंध के अनुसार मई-2019 तक पूर्ण किये जाने हैं। (ख) जी हाँ। सिंगरौली जिले में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनान्‍तर्गत विद्युतीकरण के कार्यों के लिए रू. 56.74 करोड़ की राशि स्‍वी‍कृत है तथा योजना के प्रावधानों के अनुसार, कार्य की प्रगति के अनुरूप उपयोगिता प्रमाण-पत्र उपलब्‍ध कराए जाने पर आर.ई.सी. लिमिटेड द्वारा योजनान्‍तर्गत क्रमश: राशि उपलब्‍ध कराई जा रही है। उत्तरांश (क) में दर्शाए अनुसार उक्‍त योजना के अंतर्गत प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समस्‍त कार्य मई-2019 तक पूर्ण किये जाने संभावित है।

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्‍थाईकर्मी बनाना

[जनजातीय कार्य]

42. ( क्र. 1548 ) श्री कल सिंह भाबर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा झाबुआ जिले में दैनिक वैतन भोगी को स्‍थाईकर्मी बनाने हेतु आदेश प्रसारित किये गये है? (ख) यदि हाँ, तो झाबुआ जिले में आज तक कितने दैनिक वेतन भोगी को स्‍थाईकर्मी बनाया गया है कि वि.ख.वार संस्‍थावार सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) यदि दैनिक वेतन भोगीयों को स्‍थाईकर्मी नहीं बनाया गया है तो कब तक स्‍थाई बनाया जावेगा और जिले में कुल कितने दैनिक वेतन भोगी कार्यरत है? संस्‍थावार वि.ख.वार सूची उपलब्‍ध करावे। (घ) यदि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्‍थाईकर्मी बनाया गया है यदि नहीं, तो विलंब के लिये उत्‍तरदायी अधिकारी/कर्मचारी पर शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) 333 दैनिक वेतन भोगी को स्‍थायीकर्मी बनाया गया है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) 333 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्‍थाईकर्मी बनाया गया है। जिले में 523 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी कार्यरत हैं। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार कार्यवाही की गई है। यह एक सतत् प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

छात्रावास/आश्रमों में सामग्री क्रय हेतु दी गई राशि

[जनजातीय कार्य]

43. ( क्र. 1549 ) श्री कल सिंह भाबर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) क्‍या आ.जा.क. विभाग द्वारा प्रत्‍येक छात्रावास/आश्रमों में निवासरत बच्‍चों को उपयोग सामग्री क्रय हेतु राशि कितनी-कितनी प्रदान किये जाने का प्रावधान है? (ख) झाबुआ जिले में वर्ष 2016-17 में किन-किन छात्रावास में कितनी-कितनी राशि दी गई? जिसका उपयोग किस रूप में कहाँ-कहाँ किया गया? छात्रावास/आश्रमवार, वि.ख.वार सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या छात्रावास पालक समिति के खातों में जमा राशि की निकासी पर वर्ष 2016-17 में ही कलेक्‍टर द्वारा प्रतिबंध लगा दिया है? यदि हाँ, तो छात्रावासों में उपयोग सामग्री के अभाव में कौन जिम्‍मेदार होगा? प्रतिबंध लगाना ही था, तो खातों में राशि क्‍यों जमा किस नियम के तहत की गई है? वि.ख.वार संस्‍थावार सूची उपलब्‍ध करावें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है(ग) जी हाँ। शिकायत प्राप्‍त होने पर प्रश्‍नांश में वर्णित अनुसार प्रतिबंध लगाया गया था, जो अब हटा लिया गया है, अतएव शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है

विद्युत विभाग द्वारा नियमित उपभोक्‍ताओं के कनेक्‍शन विच्‍छेद

[ऊर्जा]

44. ( क्र. 1582 ) श्री राजेश सोनकर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) विद्युत विभाग इंदौर संभाग अन्तर्गत जिला इंदौर में ट्रांसफार्मरों पर एक से अधिक व्यक्तिगत कनेक्शन होने पर अधिकांश उपभोक्ताओं द्वारा नियमित बिल भुगतान के पश्चा‍त भी कुछ उपभोक्ताओं के बिल बकाया होने से नियमित बिल भरने वाले उपभोक्‍ताओं के भी सामूहिक रूप से ट्रांसफार्मरों को काटे जा रहे हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो नियमित बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के लिये विद्युत प्रदाय की क्या व्यवस्था की जा रही है, स्पष्ट करें? इंदौर जिले के अन्‍तर्गत दिनांक 31 जनवरी-2018 की स्थिति में कुल कितने विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित हैं एवं कितने विद्युत संयोजन है संचालन-संधारण संभाग/शहर संभागवार संख्‍या बतावें? कितने विद्युत वितरण ट्रांसफाम्रर के अतिभारित होने के बाबत् कितनी शिकायतें वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में दिनांक 31 जनवरी-2018 तक संचालन-संधारण संभाग/शहर संभागवार प्राप्‍त हुई है संख्‍या बतावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या इंदौर जिला अंतर्गत विद्युत विभाग द्वारा कई स्थानों पर किसानों के कनेक्शनों को सामूहिक रूप से काटे जाने की शिकायत प्राप्त हुई? जिस कारण विवादों की स्थिति निर्मित हो रही है? (घ) विजिलेंस टीम द्वारा किसानों के विद्युत संयोजक के कागजों की जाँच पड़ताल किये बिना कृषकों के विद्युत चोरी के प्रकरण बनाये जाकर कनेक्शन काटे जा रहे हैं? क्या कृषकों के पास पर्याप्त दस्तावेज होने पर भी पुन: कनेक्शन जुड़वाने में छ: माह तक भटकना पड़ रहा है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता तथापि यदि फेल ट्रांसफार्मर से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण फेल ट्रांसफार्मर बदला जाना संभव नहीं होता तो ऐसी स्थिति में विद्युत बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्‍ताओं को यथासंभव वैकल्पिक व्‍यवस्‍था कर विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराया जाता है। उल्‍लेखनीय है कि इन्‍दौर जिले के अन्‍तर्गत 31 जनवरी, 2018 की स्थिति में कुल 24002 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित हैं तथा कुल 8,93,128 विद्युत कनेक्‍शन हैं, जिनकी वितरण कंपनी के संभागवार संख्‍या संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। प्रश्‍नाधीन अवधि में वितरण ट्रांसफार्मरों के अतिभारित होने की कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (ग) इन्‍दौर जिले के अन्‍तर्गत सामूहिक रूप से कनेक्‍शनों के काटने संबंधी कोई भी शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (घ) जी नहीं, विद्युत का अवैधानिक उपयोग पाए जाने पर ही विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के अनुसार प्रकरण बनाए गए हैं। जी नहीं, ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है।

परिशिष्ट - ''बारह''

ई.ओ.डब्‍लू. द्वारा दर्ज अपराध क्रमांक 61/12 की जानकारी

[अनुसूचित जाति कल्याण]

45. ( क्र. 1624 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ई.ओ.डब्‍लू. में दर्ज एफ.आई.आर. 61/2012 की जाँच से संबंधित रूपये 7