मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2019 सत्र


गुरूवार, दिनांक 11 जुलाई, 2019


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



कटनी में एन.डी.बी. योजनांतर्गत सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

1. ( *क्र. 830 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा एन.डी.बी. योजना की सड़कों की जानकारी विषयक कार्यपालन यंत्री संभाग-कटनी को दिनांक 09/03/2019 को लिखित पत्र का सामान्य प्रशासन विभाग म.प्र. शासन के निर्देशानुसार निराकरण नहीं करने और जानकारी प्रदान न करने पर कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) एन.डी.बी. योजनांतर्गत मुड़वारा विधान सभा में झिंझरी गुलवारा से बिलहरी की ओर एवं केलवारा खुर्द से खरखरी की ओर सड़क कितनी-कितनी लागत से किस ठेकेदार कंपनी द्वारा किन शर्तों के अध्याधीन बनाई जा रही है और किन शर्तों पर कंसल्टेंसी एजेंसी की किस आदेश से नियुक्ति की गयी है? डी.पी.आर. की प्रति भी प्रदान करें। (ग) प्रश्नांश (ख) के तहत सड़कों के निर्माण में ठेकेदार कंपनी को किस-किस खनिज की कितनी मात्रा में उत्खनन के कौन-कौन खनि पट्टे की स्वीकृति किस सक्षम अधिकारी द्वारा कब प्रदान की गयी? (घ) क्या प्रश्नांश (ख) के तहत निर्माणाधीन दोनों सड़कों में फर्जी प्राक्कलन, की जा रही अनियमितताओं एवं गुणवत्ताविहीन निर्माण के कारण शासन स्तर पर तकनीकी जाँच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग कटनी द्वारा वांछित जानकारी दिनांक 22.06.2019 को माननीय विधायक जी को उपलब्‍ध कराई गई है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। डी.पी.आर. की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जी नहीं, कोई अनियमितता नहीं की जा रही है। अत: जाँच कराने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

इच्‍छावर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत नहरों का निर्माण 

[जल संसाधन]

2. ( *क्र. 1017 ) श्री करण सिंह वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीहोर जिले के इच्‍छावर विधान सभा क्षेत्र के काकरखेड़ा ग्राम के अंतर्गत शासन द्वारा नहर का निर्माण कब किया गया है? (ख) वर्तमान में उक्‍त कार्य की क्‍या स्थिति है तथा इसको कितनी समय अवधि में पूरा कर लिया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) एवं (ख) काकरखेड़ा तालाब की आर.बी.सी. नहर का निर्माण कार्य वर्ष 1981-82 में पूर्ण किया जाना प्रतिवेदित है। कार्य पूर्ण एवं अच्‍छी स्थिति में होने से शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

किसानों को थ्री-फेज विद्युत की आपूर्ति 

[ऊर्जा]

3. ( *क्र. 901 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में किसानों को थ्री-फेज की विद्युत प्रतिदिन प्रदाय करने के संबंध में सरकार की वर्तमान में क्‍या नीति है? (ख) 1 जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक किसानों को थ्री-फेज की विद्युत प्रतिदिन कितने घण्‍टे प्रदान की जा रही है? क्‍या घोषणा अनुरूप दिन के समय कम से कम 8 घण्‍टे विद्युत प्रदाय की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) प्रदेश में वर्तमान में पूर्व, मध्‍य एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा किसानों को कृषि फीडरों के माध्‍यम से थ्री फेज पर प्रतिदिन 10 घंटे (दिन के समय 6 घंटे एवं रात्रि के समय 4 घंटे) विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराने की नीति है। (ख) 1 जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश में किसानों को कृषि फीडरों के माध्‍यम से थ्री फेज पर औसतन 9 घंटे 54 मिनट प्रतिदिन विद्युत प्रदाय किया गया है। वर्तमान में विद्युत प्रणाली के भार प्रबंधन एवं तकनीकी बाध्‍यता को दृष्टिगत रखते हुए कृषि फीडरों को दो समूहों में विभक्‍त कर पाक्षिक रूप से किसानों को बारी-बारी से दिन के समय में 08 घंटे थ्री फेज पर विद्युत प्रदाय करने का प्रस्‍ताव विचाराधीन है।

प्रदेश में विद्युत कटौती

[ऊर्जा]

4. ( *क्र. 825 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में पर्याप्‍त बिजली होने के बावजूद भी लगातार बिजली कट रही है, इस अनियमितता के क्‍या कारण हैं? ऊर्जा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष विद्युत लाईनों के रख-रखाव हेतु किस-किस माह में मेन्‍टेनेंस किया जाता है? क्‍या प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सही समय पर मेन्‍टेनेंस का कार्य पूरे प्रदेश में समय पर पूरा हुआ है? यदि हाँ, तो लगातार बिजली कटने के क्‍या कारण हैं? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार हैं? (ख) क्‍या "मध्‍यप्रदेश युनाईटेड फोरम फॉर पावर इंप्‍लाईज एवं इंजीनियर्स" ने विभाग को लगातार बिजली कटौती की असली वजह इस वर्ष आउटसोर्स अधिकारी एवं कर्मचारियों की भारी कमी तथा समय पर मेन्‍टेनेंस नहीं होना बताया है? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? (ग) प्रदेश में अघोषित विद्युत कटौती हेतु गत 6 माह में प्रश्‍न दिनांक तक कितने अधिकारी एवं कर्मचारियों को निलंबित किया गया? क्‍या निलंबन के पश्‍चात् निलंबित कर्मचारियों के क्षेत्र में विद्युत प्रदाय सुचारू रूप से चल रहा है? यदि नहीं, तो निलंबन के क्‍या कारण हैं? (घ) प्रदेश में विद्युत कर्मचारियों की पूर्ति हेतु इंदौर एवं उज्‍जैन संभाग में किस-किस आउटसोर्स कर्मियों के ठे‍केदारों को कहाँ-कहाँ पर क्‍या-क्‍या कार्य सौंपा? क्‍या ठेकेदार के सभी कर्मचारी प्रशिक्षित हैं? इसकी जाँच गत 6 माह में कब-कब की गई?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) प्रदेश में मांग के अनुरूप पर्याप्त विद्युत उपलब्धता है। राज्‍य शासन की मंशानुसार अपरिहार्य स्थितियों यथा-प्राकृतिक आपदा एवं अन्‍य तकनीकी कारणों से उत्‍पन्‍न आकस्मिक अवरोधों के कारण हुए विद्युत व्यवधानों एवं सुनियोजित ढंग से शटडाउन लेकर किये जा रहे मेन्‍टेनेंस कार्यों को छोड़कर गैर कृषि उपभोक्ताओं को औसतन 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्ताओं को औसतन 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत आपूर्ति की जा रही है। प्रदेश में कोई भी अघोषित विद्युत कटौती नहीं की गई है, अतः अनियमितता का प्रश्न नहीं उठता। प्रदेश में प्रतिवर्ष निर्बाध विद्युत प्रदाय करने हेतु 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्रों, विद्युत लाईनों एवं अन्य विद्युत उपकरणों के रख-रखाव का कार्य मानसून के पूर्व (माह अप्रैल से माह जून अथवा मानसून आने तक) एवं मानसून समाप्त होने के उपरांत माह अक्टूबर-नवम्बर (त्यौहारों के पूर्व तक) में किया जाता है। इस वर्ष लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान एवं अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारु रुप से चलाने हेतु प्री-मानसून मेन्‍टेनेंस का कार्य निर्धारित समयावधि में अतिआवश्यक होने पर ही किया गया है एवं आवश्‍यकतानुसार वर्तमान में भी उक्‍त मेन्‍टेनेंस का कार्य चल रहा है। प्रदेश में कहीं भी अघोषित बिजली कटौती नहीं की गई है, तथापि कतिपय प्रकरणों में असामाजिक तत्‍वों द्वारा विद्युत लाईनों से छेड़छाड़ करने के कारण विद्युत प्रदाय प्रभावित हुआ है तथा ऐसे प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) ''मध्‍यप्रदेश युनाईटेड फोरम फॉर पावर इंप्‍लाईज एवं इंजीनियर्स द्वारा राज्‍य शासन से विद्युत व्‍यवस्‍था के संबंध में कई पत्राचार किये गए हैं। उक्‍त पत्राचार में सारत: यह उल्‍लेख किया गया है कि ''विद्युत की कटौती की न तो कोई राज्‍य शासन की योजना है एवं न ही विद्युत कंपनियों द्वारा कहीं पर विद्युत कटौती की जा रही है, लेकिन सामान्‍य ट्रिपिंग, तकनीकी ब्रेकडाउन/फाल्‍ट एवं पूर्व निर्धारित शटडाउन होने पर विद्युत सप्‍लाई बंद होने को कटौती कहकर प्रचारित किया जा रहा है, जो दुर्भाग्‍यपूर्ण है।'' (ग) प्रदेश में अघोषित विद्युत कटौती हेतु विगत 6 माह से प्रश्न दिनांक तक किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी को निलंबित नहीं किया गया है, अपितु प्रदेश में निर्बाध विद्युत प्रदाय बनाये रखने में बरती गई लापरवाही एवं कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण कतिपय अधिकारियों/ कर्मचारियों का निलंबन किया गया है। उक्‍त निलंबन पश्चात निलंबित अधिकारियों/कर्मचारियों के क्षेत्र में अपरिहार्य स्थितियों से उत्‍पन्‍न आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर विद्युत प्रदाय सुचारू रुप से किया जा रहा है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर क्षेत्रान्तर्गत राजस्व संभाग इंदौर एवं उज्जैन में विद्युत कर्मचारियों की पूर्ति हेतु ऑउटसोर्स कर्मियों के निविदाकारों (ठेकेदारों) से उपलब्ध कराये गये मेनपॉवर (अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल एवं उच्च कुशल) से विद्युत आपूर्ति हेतु विभिन्न कार्य यथा-कार्यालयीन कार्य, तकनीकी कार्य आदि विभिन्न स्थानों पर सम्पादित कराये जा रहे हैं, जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। निविदा अनुबंध की शर्तों में उल्‍लेखित अर्हताओं/शैक्षणिक योग्यता के अनुसार ही निविदाकारों द्वारा मेनपॉवर उपलब्ध करवाया गया है, अत: जाँच का प्रश्‍न नहीं उठता।

ग्रेसिम उद्योग पर कार्यवाही

[श्रम]

5. ( *क्र. 1061 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्र.क्र. 3990 दिनांक 14.03.18 के पुस्‍तकालय परिशिष्‍ट-1 में वर्णित प्रकरण क्र. 977/1/एवं 5436/12 में कारखाना अधिभोगी एवं प्रबंधक को मा. सी.जे.एम. न्‍यायालय द्वारा फरार घोषित किए जाने पर विभाग ने इनकी गिरफ्तारी के लिए क्‍या व कब कार्यवाही की? समस्‍त कार्यवाही की छायाप्रति देवें। (ख) यदि कार्यवाही नहीं की गई तो कारण बताएं। इसके उत्‍तरदायी अधि‍कारियों के नाम, पदनाम भी देवें। इस अवधि के समस्‍त अधिकारियों के नाम देवें। (ग) उपरोक्‍तानुसार इन अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

श्रम मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) प्रश्न में वर्णित प्रकरण क्रमांक 977/11 एवं 5436/12 में कारखाना अधिभोगी एवं प्रबंधक को माननीय सी.जे.एम. न्यायालय, उज्जैन द्वारा फरार घोषित किया गया। इस प्रकरण में अनुवर्ती कार्यवाही जैसे गिरफ्तारी आदि की कार्यवाही पुलिस विभाग द्वारा ही की जाना है किसी अन्य विभाग द्वारा नहीं। कार्यवाही के संबंध में गृह विभाग से जानकारी एकत्र की जा रही है। (ख) विभाग द्वारा कारखाना अधिभोगी एवं प्रबंधक के विरूद्ध माननीय सी.जे.एम. न्यायालय उज्जैन में प्रकरण दर्ज किया गया था, जो कि वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। विभाग स्तर पर उपरोक्त प्रकरणों में कोई कार्यवाही लंबित नहीं है। शेष कार्यवाही के संबंध में गृह विभाग से जानकारी एकत्र की जा रही है। (ग) कार्यवाही के संबंध में गृह विभाग से जानकारी एकत्र की जा रही है।

बाजना फोरलेन निर्माण में अनियमितता की जाँच 

[लोक निर्माण]

6. ( *क्र. 962 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 544 दिनांक 21.2.19 के संदर्भ में बतावें कि उत्‍तर दिनांक तक अनुबंध की शर्तों अनुसार कितने दिन का विलंब अभी तक हुआ? पेनाल्‍टी किस अनुसार वसूली जाना है? अभी तक ठेकेदार को किस-किस दिनांक को कितना भुगतान किया गया। (ख) क्‍या उपरोक्‍त प्रश्‍न के साथ दी गई D.P.R. तथा सूचना के अधिकार के तहत अजय कुमार चत्‍तर को पत्र क्र.42/सूअधि/स/2017-18 दिनांक 15.1.18 को दी गई D.P.R. भिन्‍न-भिन्‍न है। विधान सभा प्रश्‍नों के माध्‍यम से प्राप्‍त D.P.R. में कुल लागत रूपये 1004.75 लाख तथा दूसरी D.P.R. में रूपये 1747.06 लाख है। यदि हाँ, तो प्रश्‍न 544 के उत्‍तर में इसका उल्‍लेख क्‍यों नहीं है? (ग) क्‍या एक D.P.R. में सड़क की चौड़ाई 20.3 मीटर तथा दूसरी D.P.R. में 31.7 मीटर है, यदि यह सही है तो भ्रामक D.P.R. बनाना क्‍या अपराध की श्रेणी में नहीं है? क्‍या 18 करोड़ का भ्रष्‍टाचार किया जा रहा है? क्‍या विभाग किसी अधिकारी को जाँच हेतु नियुक्‍त करेगा? (घ) क्‍या फोरलेन के प्रारंभिक बिन्‍दु बाजना बस स्‍टैण्‍ड से 1/2 कि.मी. पर रेल्‍वे ओव्‍हर ब्रिज है? यदि हाँ, तो इसका D.P.R. में उल्‍लेख न कर असत्‍य रूप से उस बस स्‍टैण्‍ड का उल्‍लेख किया गया जो 16 साल पहले ही अन्‍य स्‍थान पर चला गया? यदि हाँ, तो इस सड़क के निर्माण में हो रही अनियमितता की जाँच कराई जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) अद्यतन 11 माह 02 दिवस का विलंब हुआ है। अनुबंध की कंडिका 15 के अनुसार कॉन्‍ट्रेक्‍ट डाटा शीट के अनुलग्‍नक पी अनुसार 0.05 प्रतिशत प्रतिदिन एवं अधिकतम 10 प्रतिशत शास्ति का प्रावधान है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। रूपये 1747.06 लाख की डी.पी.आर. स्‍वीकृति हेतु प्रेषित नहीं की गई थी, अत: विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक-544 में इसका उल्‍लेख नहीं किया गया। (ग) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। किसी प्रकार का भ्रष्‍टाचार नहीं हुआ है, अत: जाँच की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) जी हाँ, रेल्‍वे ओव्‍हर ब्रिज मार्ग के कि.मी. 1/6 में स्थित है। जिसका निर्माण सेतु परिक्षेत्र से किया जाना था, इसलिए रतलाम संभाग (भवन/पथ) द्वारा बनाई गई डी.पी.आर. में आर.ओ.बी. का उल्‍लेख नहीं किया गया। मार्ग के प्रारंभिक भाग में पूर्व में बाजना बस स्‍टैण्‍ड स्थित था, जो कालान्‍तर में अन्‍यत्र स्‍थानांतरित हो गया है, किन्‍तु उस स्‍थान का नाम वर्तमान में भी बोलचाल में बाजना बस स्‍टैण्‍ड के नाम से प्रचलन में है। जाँच की आवश्‍यकता नहीं है।

परिशिष्ट -''एक''

विदिशा जिले में खेल मैदान/स्टेडियम का निर्माण

[खेल और युवा कल्याण]

7. ( *क्र. 862 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा विदिशा जिले के किन-किन ग्रामों/शहारों में राज्य सरकार अथवा भारत सरकार के सहयोग से खेल मैदान, स्टेडियम या अन्य खेल सुविधायें बनाई अथवा दी जा रही हैं? विकासखण्डवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या विदिशा जिले के सिरोंज नगर में विभाग द्वारा खेल स्टेडियम का निर्माण कराया गया? यदि हाँ, तो इसके निर्माण लागत एवं निर्माण एजेन्सी कौन सी थी? निर्माण की अद्यतन स्थिति क्या है? क्या निर्माण एजेन्सी ने उक्त परिसर विभाग को हस्तांतरित कर दिया है? यदि हाँ, तो हस्तांतरण की तिथि बतावें। यदि नहीं, तो दोषी कौन है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या सिरोंज में बन रहे खेल परिसर विस्तार एवं स्टेडियम के रूप में परिवर्तित करने हेतु विभाग को पाँच वर्ष पूर्व प्रस्ताव प्राप्त हुआ था? क्या विभाग के द्वारा उसे स्वीकृत किया गया? यदि हाँ, तो जानकारी दें। यदि नहीं, तो क्यों? क्या इस वित्तीय वर्ष में उसे स्वीकृत किया जावेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, सिरोंज नगर में स्टेडियम निर्माण हेतु शासन आदेश क्रमांक एफ-2-7/2013/नौ दिनांक 05.03.2013 द्वारा राशि रू. 166.31 लाख की संशोधित स्वीकृति दी गई है। जिस पर रू. 56.50 लाख का व्यय किया गया है। निर्माण एजेंसी कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग विदिशा है। स्‍टेडियम निर्माणाधीन होने से निर्माण एजेंसी द्वारा विभाग को हस्‍तांतरित नहीं किया गया है। शेषांश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट -''दो''

बीला बांध में पानी की पर्याप्‍तता

[जल संसाधन]

8. ( *क्र. 1058 ) श्री तरबर सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले के बंडा विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2010-2011 से योजना पूर्ण होने तक बीला बांध में पर्याप्‍त पानी सु‍निश्चित करने के लिए पोषक नहर योजना पर कितना व्‍यय कब-कब किया गया? इसके लिए किन फर्मों, एजेंसियों, व्‍यक्तियों, विभागों को कितना भुगतान किन कार्यों के लिए किया गया? की जानकारी नाम, राशि, भुगतान दिनांक सहित बतायें। (ख) इस नहर निर्माण से प्रश्‍न दिनांक तक बांध में प्रतिवर्ष 31 मार्च को पानी की मात्रा वर्षानुसार बतावें। नहर निर्माण के तीन वर्ष पूर्व की स्थिति भी प्रति वर्षानुसार बतावें। (ग) क्‍या पोषक नहर की डिजाइन में परिवर्तन कर इसे उपयोगी बनाया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी नहीं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

जल संसाधनों का प्रबंधन 

[जल संसाधन]

9. ( *क्र. 476 ) श्री अर्जुन सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पर्याप्‍त जल उपलब्‍धता सुनिश्चित करने हेतु पिछले 10 वर्ष में सरकार द्वारा किये गये प्रयासों/नीति का ब्‍यौरा दें। आगामी समय में पर्याप्‍त जल उपलब्‍धता हेतु सरकार की क्‍या रणनीति है? (ख) जल संरक्षण के लिए 'रिज टू वैली' अवधारणा पर आधारित जल संरक्षण प्रयासों पर पिछले 10 वर्षों में क्‍या कार्य किये गये? (ग) जल संरक्षण की प्रभावी रणनीति तैयार करने की दिशा में सरकार क्‍या करने जा रही है? (घ) जलवायु परिवर्तन के कारण प्रदेश का बड़ा हिस्‍सा सूखे और बंजर होने के खतरे से जूझ रहा है? यदि पूर्व में कोई कार्ययोजना तैयार की गयी थी, तो उसकी क्‍या प्रगति थी? जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को जल संरक्षण के माध्‍यम से सरकार क्‍या कार्ययोजना अपनाने जा रही है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

रायसेन जिले में फीडर सेपरेशन के कार्य

[ऊर्जा]

10. ( *क्र. 399 ) श्री रामपाल सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 10 जून, 2019 की स्थिति में रायसेन एवं बरेली संभाग में कहाँ-कहाँ के ट्रांसफार्मर कब से जले/खराब हैं? उनको अभी तक क्‍यों नहीं बदला गया? कब तक बदल दिये जायेंगे? (ख) जिला रायसेन में फीडर सेपरेशन का कार्य अपूर्ण तथा अप्रारंभ क्‍यों है? ठेकेदार द्वारा निर्धारित समय-सीमा में कार्य क्‍यों नहीं किया गया? विभाग के अधिकारियों ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? (ग) मुख्‍यमंत्री स्‍‍थायी पम्‍प कनेक्‍शन योजना में जून 2019 की स्थिति में कितने किसानों के ट्रांसफार्मर रखवाया जाना शेष हैं? कब तक रखवायेंगे? (घ) जून 2019 की स्थिति में जिला रायसेन में किन-किन ग्राम/मजरों-टोलों के विद्युतीकरण के कार्य शेष हैं? उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) 10 जून, 2019 की स्थिति में म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के रायसेन एवं बरेली संभागों में कोई भी जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु शेष नहीं है। अतः प्रश्न नहीं उठता। (ख) जिला रायसेन में वर्तमान में 48 फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य अपूर्ण/अप्रारंभ है। उक्त कार्य हेतु पूर्व में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत मेसर्स ड्रेक एण्ड स्कल वॉटर एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड को, एच.व्ही.डी.एस. योजना के अंतर्गत मेसर्स फेडर्स लॉयड कार्पोरेशन लिमिटेड को तथा दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत मेसर्स डी.व्ही. पावर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को अवार्ड जारी किये गये थे। मेसर्स ड्रेक एण्ड स्कल वॉटर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड एवं मेसर्स फेडर्स लॉयड कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा समय पर कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण उन्हें जारी अवार्ड निरस्त किये जाने एवं मेसर्स डी.व्ही. पावर प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित कार्यों में वित्तीय प्रावधान शेष नहीं रहने के कारण, कार्य पूर्ण नहीं कराये जा सके। म.प्र. मध्य विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों द्वारा अनुबंध की शर्तों के अनुसार मेसर्स ड्रेक एण्ड स्कल वॉटर एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड एवं मेसर्स फेडर्स लॉयड कार्पोरेशन लिमिटेड के विरूद्ध विलंब के लिये लिक्विडेटेड डैमेज की राशि पेनल्टी स्वरूप काटे जाने, अग्रिम राशि पर ब्याज की वसूली किये जाने तथा बैंक गारंटी जब्त करने की कार्यवाही की गई है, जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है, वर्तमान में उक्त शेष 48 फीडरों में से 20 फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय स्तर पर किया जा रहा है तथा शेष 28 फीडरों के कार्यों के लिए किसी भी योजना में वित्तीय प्रावधान उपलब्ध नहीं है, वर्तमान में प्रश्नाधीन क्षेत्र में फीडर विभक्तिकरण के 39 अपूर्ण एवं 9 अप्रारंभ कार्य हैं, जिनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब-1'' एवं ''ब-2'' अनुसार है। (ग) रायसेन जिले में मुख्यमंत्री स्थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कुल 853 किसानों के कृषि पम्प कनेक्शन हेतु ट्रांसफार्मर रखवाया जाना शेष है जिन्हें योजनान्तर्गत निहित प्रावधानों के अनुसार अधिकतम 6 माह की अवधि में पूर्ण करने के प्रयास किये जा रहे हैं। (घ) 20 जून, 2019 की स्थिति में जिला रायसेन में कोई भी ग्राम/मजरा/टोला विद्युतीकरण हेतु शेष नहीं है, तथापि आवश्यकतानुसार ग्रामों/मजरों/टोलों के सघन विद्युतीकरण का कार्य नए घरों के निर्माण/ विद्युत भार बढ़ने पर प्रणाली सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता आदि के दृष्टिगत सतत् रूप से किया जाता है।

जिला टीकमगढ़ में घटित विद्युत दुर्घटनाएं

[ऊर्जा]

11. ( *क्र. 1028 ) श्री राकेश गिरि : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक हुई विद्युत दुर्घटनाओं की वितरण केन्‍द्रवार जानकारी देवें एवं पीड़ितों को दी गई आर्थिक सहायता की राशि सहित विवरण देवें। (ख) उक्‍त में सबसे अधिक दुर्घटनायें किस वितरण केन्‍द्र में घटित हुईं? प्रभारी अधिकारी का नाम एवं पद देवें तथा संबंधित अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) क्‍या उक्‍त समयावधि में आउटसोर्स श्रमिकों की चालू लाइन में कार्य के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं में मृत्‍यु हुई है? यदि हाँ, तो वर्षवार विवरण देवें तथा दुर्घटनाओं के समय उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सूची देवें। (घ) ऐसी गंभीर प्रकृति की विद्युत दुर्घटनाओं में क्‍या संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) टीकमगढ़ जिले में वर्ष 2016-17 से दिनांक 19.06.2019 तक हुई विद्युत दुर्घटनाओं में पीड़ितों को दी गई आर्थिक सहायता की राशि की जानकारी सहित वितरण केन्द्रवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित अवधि में सबसे अधिक दुर्घटनायें टीकमगढ़ (ग्रामीण) वितरण केन्द्र के क्षेत्रांतर्गत घटित हुईं हैं। उक्त वितरण केन्द्र के प्रभारी अधिकारी अप्रैल, 2016 से दिनांक 21.10.2016 तक श्री कृष्णा माहौर, सहायक अभियंता रहे तथा वर्तमान में दिनांक 03.10.2016 श्री नितिन बाथम, सहायक अभियंता (संविदा) पदस्थ हैं। प्रकरण से संबंधित प्रथम दृष्ट्या दोषी कर्मचारी श्री बालकिशन रैकवार, वरिष्ठ लाईन सहायक का स्थानांतरण कर आरोप पत्र जारी कर विभागीय जाँच की जा रही है। जाँच के उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जाना संभव होगा। (ग) जी हाँ, प्रश्नाधीन अवधि में चालू विद्युत लाईन पर कार्य करते समय दिनांक 10.08.18 को श्रमिक स्व. श्री घनश्‍याम वल्द श्री फुंदी अहिरवार आउटसोर्स कर्मचारी, ग्राम माडूमर की मृत्यु हुई है, जिनके आश्रितों को नियमानुसार सहायता राशि रू. 4,00,000/- (चार लाख रुपये) प्रदान कर दी गई है। इस दुर्घटना के समय उपस्थित कार्मिकों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रथम दृष्ट्या श्री बालकिशन रैकवार, वरिष्‍ठ लाईन सहायक को आरोप पत्र जारी किया गया है। जाँच के उपरांत निष्कर्ष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। उक्त घटना में प्रथम दृष्ट्या कोई अधिकारी दोषी नहीं पाया गया है।

भेल महाविद्यालय के भवन का निर्माण

[उच्च शिक्षा]

12. ( *क्र. 766 ) श्रीमती कृष्णा गौर : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा गोविंदपुरा विधान सभा क्षेत्र स्थित भेल महाविद्यालय के किराये के रूप में मासिक/वार्षिक कितनी-कितनी राशि भेल प्रबंधन को भुगतान की जाती है? वर्षवार जानकारी दी जाए। (ख) भेल महाविद्यालय में वर्तमान में किन-किन संकायों में कितने-कितने छात्र-छात्राएं अध्‍ययनरत हैं? पृथक-पृथक संख्‍या बताई जाए। (ग) भेल महाविद्यालय के नवीन भवन निर्माण हेतु कितनी धनराशि स्‍वीकृत की गई है एवं महाविद्यालय का भवन निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किया जायेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) गोविंदपुरा विधान सभा क्षेत्र स्थित शासकीय महाविद्यालय, भेल, भोपाल वर्तमान में भेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराये गये भवन में संचालित है, जिसके विगत तीन वर्षों के किराये के भुगतान की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) महाविद्यालय में वर्तमान में कला, वाणिज्य और विज्ञान तीनों संकायों में शिक्षा दी जा रही है। सत्र 2018-19 की छात्र-छात्राओं की संख्या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत भेल महाविद्यालय के भवन निर्माण हेतु राशि रूपये 650.00 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। अनुबंध अनुसार अप्रैल 2020 तक भवन निर्माण का कार्य पूर्ण होने का प्रावधान है।

परिशिष्ट -''तीन''

मण्‍डी निधि से निर्मित सड़कों की स्थिति

[लोक निर्माण]

13. ( *क्र. 120 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत मण्डी निधि से योजना प्रारम्भ होने से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी सड़कें निर्मित हैं? सड़क का नाम, राशि, निर्माण कार्य का वर्ष, सड़क मरम्मत की अवधि एवं वर्तमान में सड़क की भौतिक स्थिति से अवगत करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार मण्डी निधि से निर्मित सड़कों की समय-सीमा खत्म होने पर अथवा समय-सीमा खत्म होने के पूर्व ही खराब होने पर मरम्मत अथवा रिनोवेशन कराये जाने का क्‍या प्रावधान है? यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) सड़कों का कब तक रिनोवेशन/पेंच वर्क कराया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि मण्डी निधि से निर्मित सड़कों के पेंचवर्क/रिनोवेशन कराये जाने का प्रावधान नहीं है, तो क्‍या उक्त सड़कों का विभाग द्वारा अधिग्रहण करके पुनः डी.पी.आर. तैयार कर निर्माण कराया जावेगा? जिससे कि‍ जिस उद्देश्य से मण्डी निधि से सड़क निर्माण करायी गई थी उस उद्देश्य की पूर्ति हो सके? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) समय-सीमा खत्‍म होने पर आवश्‍यकता अनुसार नवीनीकरण कार्य तथा समय-सीमा खत्‍म होने के पूर्व (परफॉरमेंस गारंटी के अंतर्गत) मरम्‍मत कार्य कराये जाने का प्रावधान है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। मण्‍डी निधि से निर्मित सड़कों की स्थिति संतोषजनक है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट -''चार''

एस.एस.ए. कॉलेज सिहोरा में बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण

[उच्च शिक्षा]

14. ( *क्र. 930 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय श्‍याम सुंदर अग्रवाल महाविद्यालय सिहोरा के नवीन कन्‍या छात्रावास के लिये कितने पद शासन द्वारा स्‍वीकृत किये गये हैं? पदवार सूची उपलब्‍ध करायें तथा यह भी बतायें कि स्‍वीकृत पदों के अनुरूप कितने अधिकारी-कर्मचारी पदस्‍थ किये गये हैं? पदस्‍थापना आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें। कितने पद रिक्‍त हैं? रिक्‍त पद कब तक भर दिये जावेंगे? (ख) प्रश्नांश (क) छात्रावास में बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण अभी तक क्‍यों नहीं कराया गया? कब तक बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण करा दिया जावेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) महाविद्यालय में नवीन कन्या छात्रावास के लिये सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण कोई भी पद स्वीकृत नहीं किये गये हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) शासकीय महाविद्यालय, सिहोरा के नवीन कन्या छात्रावास की बाउण्‍ड्रीवॉल के निर्माण हेतु तकनीकी स्‍वीकृति की राशि रूपये 16.63 लाख का प्रस्‍ताव स्‍थायी वित्‍तीय समिति की सूची में शामिल किया गया है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

रीवा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

15. ( *क्र. 915 ) श्री राजेन्द्र शुक्ल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा शहर के मास्‍टर प्‍लान की महत्‍वपूर्ण सड़क स्‍टेडियम तिराहे से सैनिक स्‍कूल होते हुए मंडी पहुंच मार्ग व रीवा विधान सभा क्षेत्र की सड़कों का निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ क्‍यों नहीं हुआ? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में मास्‍टर प्‍लान की मुख्‍य सड़क स्‍टेडियम तिराहे से सैनिक स्‍कूल होते हुए मंडी तक 2.25 कि.मी. का कार्य बजट में शामिल होने के बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ क्‍यों नहीं हुआ, जबकि सैनिक स्‍कूल की जमीन सड़क निर्माण के लिए देने हेतु रक्षा मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्‍ली से स्‍वीकृति प्राप्‍त है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं, स्‍टेडियम तिराहे से सैनिक स्‍कूल होते हुए मंडी पहुंच मार्ग का निर्माण, उपलब्‍ध भू-भाग लंबाई 0.70 कि.मी. में पूर्ण हो चुका है। शेष लंबाई में भू-अर्जन हेतु मुआवजे राशि के भुगतान की प्रक्रिया प्रचलन में है। प्रश्‍नांश की शेष सड़कों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी हाँ। मार्ग की स्‍वीकृत लम्‍बाई 2.25 कि.मी. में से 1.55 कि.मी. का भाग रक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्‍ली के अधिपत्‍य की भूमि भाग की सैद्धांतिक स्‍वीकृति दिनांक 01.08.2018 को प्राप्‍त है। हस्‍तांतरण की शर्त 'सी' में समस्‍त भू-अर्जन की राशि के भुगतान पश्‍चात भूमि हस्‍तान्‍तरित की जावेगी।

धरमकुंडी से इटारसी सड़क निर्माण 

[लोक निर्माण]

16. ( *क्र. 1084 ) श्री प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धरमकुंडी से इटारसी (व्‍हाया तीखड़-जमानी) रोड कब स्‍वीकृत हुआ था? उक्‍त सड़क की निर्माणाधीन राशि क्‍या थी? (ख) टेंडर के अनुसार सड़क निर्माण की अवधि क्‍या थी? (ग) निर्माणाधीन सड़क पर कितने स्‍थानों पर पुल-पुलिया बनना था? वर्तमान में उनकी स्थिति क्‍या है? (घ) क्‍या समयावधि में कार्य पूर्ण न कर पाने पर जिम्‍मेदार अधिकारी एवं ठेकेदार पर कोई कार्यवाही की गई? कब तक निर्माण हो जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) दिनांक 27.03.2015 को राशि रूपये 4998.00 लाख है। (ख) अनुबंध अनुसार अवधि दिनांक 28.06.2018 तक थी जिसकी समयवृद्धि दिनांक 30.06.2019 तक बढ़ाई गई थी। (ग) 52 स्‍थानों पर पुल-पुलियां बनना है, वर्तमान में 37 नग पुल-पुलियों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। (घ) समयावधि में कार्य पूर्ण न करने के कारण ठेकेदार को दिनांक 12.10.2018 को ब्‍लैक लिस्‍ट किया गया है। दिनांक 31.12.2019 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्‍य है।

 

खण्‍डवा-मूंदी-नर्मदानगर सड़क मार्ग की निर्माण

[लोक निर्माण]

17. ( *क्र. 678 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्डवा मूंदी नर्मदानगर सड़क मार्ग का निर्माण किस एजेंसी द्वारा किस वर्ष में किया गया था? इसकी निर्माण लागत क्या थी एवं इसके रख-रखाव की शर्तें क्या थीं? (ख) वर्तमान में इस मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से यात्री वाहनों एवं दो पहिया वाहनों क्षतिग्रस्त/दुर्घटनाग्रस्त होने वाली जनहानि के लिए कौन जिम्मेदार है? इस मार्ग की मरम्मत विभाग द्वारा क्या वर्षा के पूर्व की जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? (ग) इस मार्ग के रख-रखाव की जिम्मेदारी किस विभाग की है? क्या उनके द्वारा अपने विभागीय कर्तव्यों का पालन किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्यों? (घ) निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क निर्माण की शर्तों का उल्लंघन करने पर उसके विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? इस मार्ग का रिन्‍यूवल कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (ड.) सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क के दोनों और खनिज विभाग की अनुमति के बगैर गहरी खाई खोदकर सड़क को ऊँचा किया गया है जिससे लोग दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। विभाग द्वारा उक्त एजेंसी पर क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) खण्‍डवा जावर मूंदी (मु.जि.मा. लं. 32.60 कि.मी.) मार्ग का निर्माण कार्य मेसर्स तोमर बिल्‍डर्स एवं कॉन्‍ट्रेक्‍टर प्रा.लि. ग्‍वालियर द्वारा वर्ष 2013-14 में किया गया था, इसकी निर्माण लागत राशि रूपये 219722859/- थी एवं ठेकेदार को कार्य पूर्णता की तिथि 15.05.2013 से 1 वर्ष दिनांक 14.05.2014 तक रख-रखाव किये जाने की शर्त थी। (ख) भारत सरकार द्वारा उक्‍त मार्ग को सैद्धांतिक रूप से राष्‍ट्रीय राजमार्ग बनाये जाने हेतु अनुमोदित किया गया। वर्तमान में राज्‍य सरकार द्वारा मरम्‍मत किये जाने का निर्णय किया गया। अत: कोई जिम्‍मेदार नहीं है। वर्तमान में म.प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड द्वारा मरम्‍मत कार्य स्‍वीकृत किया गया है, मरम्‍मत सतत् प्रक्रिया होने से समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ग) मार्ग के रख-रखाव की जिम्‍मेदारी वर्तमान में म.प्र. सड़क विकास निगम लिमिटेड की है। जी हाँ। अत: शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) निर्माण एजेन्‍सी द्वारा सड़क निर्माण की शर्तों का उल्‍लंघन नहीं किया गया है। अत: उसके विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। चूंकि मार्ग सैद्धांतिक तौर पर भारत सरकार द्वारा राष्‍ट्रीय राजमार्ग की सूची में शामिल है अत: रिन्‍यूवल किया जाना विचाराधीन नहीं है। (ड.) जी नहीं, सड़क निर्माण एजेन्‍सी द्वारा मार्ग निर्माण हेतु निर्धारित प्रोफाइल के लिये रोड कटिंग, नाली कटिंग एवं स्‍ट्रक्‍चर हेतु की गई खुदाई आदि से प्राप्‍त मिट्टी से निर्धारित प्रोफाइल में एम्‍बैकमेंट एवं सबग्रेड का कार्य किया गया है। उक्‍त खुदाई के लिये खनिज विभाग की अनुमति की आवश्‍यकता नहीं होती है। मई 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक मार्ग की ऊँचाई (प्रोफाइल) के कारण उक्‍त मार्ग पर कोई दुर्घटना नहीं हुई है। अत: उक्‍त एजेन्‍सी पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

संबल योजनांतर्गत लाभान्वित हितग्राही

[श्रम]

18. ( *क्र. 589 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर विधान सभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण संबल योजनांतर्गत कुल कितने पंजीयन कार्डधारी हैं? क्‍या वर्तमान में शेष रह गये हितग्राहियों का पंजीयन रोक दिया गया है? यदि हाँ, तो कारण बतायें तथा कब तक प्रारंभ कर दिये जायेंगे? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित योजनान्‍तर्गत पंजीकृत लाभार्थियों को योजना के लाभ से वंचित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) यदि नहीं, तो योजना प्रारंभ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को किस-किस योजना में क्‍या-क्‍या लाभ दिये गये हैं?

श्रम मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) सागर विधान सभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना अन्तर्गत कुल 58978 पंजीकृत कार्डधारी श्रमिक हैं। जी नहीं, आदर्श आचार संहिता के कारण नवीन पंजीयन पर रोक लगाई गई थी। पूर्व में जारी पंजीयन आधार सीडेड एवं मोबाईल नं. से लिंक नहीं था अत: आधार सीडेड एवं मोबाईल नं. से युक्त पंजीयन की कार्यवाही प्रारंभ किये जाने के निर्देश सभी पदाभिहित अधिकारियों को किये जा चुके हैं। (ख) जी नहीं। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट -''पाँच''

सुवासरा विधान सभा क्षेत्र में संचालित सौर ऊर्जा कंपनियाँ

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

19. ( *क्र. 853 ) श्री हरदीपसिंह डंग : क्या कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा विधान सभा में क्षेत्र स्थित सौर ऊर्जा कम्पनियों के नाम, उनके कम्पनी संचालक के नाम सहित देवें। (ख) कम्पनियों द्वारा रखे गये या नियुक्त किये गये कर्मचारियों एवं अधिकारियों के नाम एवं निवास स्थान की जानकारी देवें। (ग) मेन्‍टेनेन्‍स का कार्य क्षेत्रीय व्यक्तियों के माध्यम से या बाहरी व्यक्तियों से कराया जा रहा है? (घ) उपरोक्त कम्पनियों द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु कितनी-कितनी राशि दी गई?

कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री ( श्री हर्ष यादव ) : (क) सुवासरा विधान सभा क्षेत्र स्थित सौर ऊर्जा कम्‍पनियों के नाम व उनके कम्‍पनी संचालक के नाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) कम्‍पनियों द्वारा नियुक्‍त किये गये कर्मचारियों एवं अधिकारियों के नाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। निवास की जानकारी संबंधित कम्‍पनियों के पास है। (ग) संबंधित निविदाकारों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) कम्‍पनियों द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु खर्च की गई राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

पोहरी विधान सभा क्षेत्रांतर्गत विद्युतविहीन ग्राम/बस्तियां

[ऊर्जा]

20. ( *क्र. 892 ) श्री सुरेश धाकड़ : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पोहरी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत समस्‍त आबाद ग्राम बस्तियां, मजरा-टोला अनुसूचित जाति एवं अनु. जनजाति बस्तियां क्षेत्र विद्युतीकृत हैं? यदि नहीं, तो जून 2019 की स्थिति में उक्‍त में से कौन-कौन अविद्युतीकरण हैं? विद्युतीकरण कब तक किया जाएगा? (ख) पोहरी विधान सभा क्षेत्र में ऐसे कौन-कौन से ग्राम, बस्तियां, मजरा, टोला, अनुसूचित जाति बस्‍ती, अनुसूचित जनजाति बस्‍ती है जो मार्च 2019 की स्थिति में विद्यु‍तीकृत नहीं थे? इन्‍हें विद्युतीकृत कब तक कर लिया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) जनगणना पुस्तिका 2011 के अनुसार पोहरी विधान सभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत कुल 386 आबाद ग्राम हैं तथा उक्‍त सभी ग्राम विद्युतीकृत हैं। उक्‍त ग्रामों में 54 मजरा/टोला, 09 अनुसूचित जाति बस्‍ती एवं 14 अनुसूचित जनजाति बस्तियां सम्मिलित हैं, जो कि सभी विद्युतीकृत हैं। उक्‍तानुसार वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युतीकरण हेतु कोई भी ग्राम/ मजरा/टोला अनुसूचित जाति बस्‍ती/अनुसूचित जनजाति बस्‍ती शेष नहीं है। (ख) मार्च, 2019 की स्थिति में पोहरी विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत कोई भी ग्राम/मजरा/टोला/अनुसूचित जाति बस्‍ती/ अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विद्युतीकरण हेतु शेष नहीं थे।

चन्‍दला विधान सभा क्षेत्रातंर्गत क्रेशर/ग्रेनाईट खदानों का संचालन

[पर्यावरण]

21. ( *क्र. 1021 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्रेशर एवं ग्रेनाईट खदानों में पर्यावरण संरक्षण हेतु शासन द्वारा क्‍या नियम बनाए गये हैं? छरतपुर जिले के चन्‍दला विधान सभा क्षेत्र में कितने क्रेशर एवं ग्रेनाईट खदानों का संचालन हो रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्‍या जिले स्थित संचालित खदानों में बनाए गए नियमों का पालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो वर्तमान में संचालित ऐसी खदानों की सूची उपलब्‍ध करायी जाए। यदि नहीं, तो नियमों का उल्‍लंघन करने वाले खदान मालिकों के विरूद्ध विगत 5 वर्षों में क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) नियमों का उल्‍लंघन करने वाले खदान मालिकों पर यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो कब तक की जावेगी तथा पर्यावरण संरक्षण का पालन कब तक किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) भारत शासन द्वारा प्रदूषण नियंत्रण हेतु जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 बनाये गये हैं, जो क्रेशर एवं ग्रेनाईट खदानों पर भी लागू होते हैं। इन अधिनियमों की धारा क्रमशः 25/26 एवं 21 में खदानों के संचालन हेतु मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सम्मति प्राप्त करना अनिवार्य है। छतरपुर जिले के चंदला विधान सभा क्षेत्र में 32 क्रेशर खदानें एवं 19 ग्रेनाईट खदानें संचालित हैं। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट -''छ:''

प्रान्तीय स्तरीय ओलंपिक का आयोजन

[खेल और युवा कल्याण]

22. ( *क्र. 711 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रान्तीय स्तरीय ओलंपिक का आयोजन म.प्र. में कब से किया जावेगा? (ख) विक्रम आवार्डी जिनको सरकारी नौकरी नहीं मिली है, क्‍या उनको शासन द्वारा प्रतिमाह सहयोग निधि देने का कोई प्रावधान रखा गया है? यदि हाँ, तो कितनी राशि प्रतिमाह दी जावेगी? (ग) प्रश्नांश (ख) अंतर्गत विक्रम आवार्डी की संख्या कितनी है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) प्रान्‍तीय स्‍तरीय ओलंपिक खेलों के आयोजन की निश्चित तिथि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) विक्रम अवार्डी जिनको सरकारी नौकरी नहीं मिली है, उनको शासन द्वारा प्रतिमाह सहयोग निधि देने का कोई प्रावाधन वर्तमान में नहीं है। (ग) म.प्र. सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश दिनांक 17.06.2009 के पालन में विक्रम अवॉर्ड प्राप्‍त खिलाडियों को उत्‍कृष्‍ट खिलाड़ी घोषित किया जाता है तथा उनके द्वारा शासकीय नौकरी हेतु आवेदन करने पर उन्‍हें नौकरी दी जाती है। म.प्र. सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश के संदर्भ में अभी तक 108 विक्रम पुरस्‍कार प्राप्‍त खिलाड़ियों को उत्‍कृष्‍ट खिलाड़ी घोषित किया गया तथा उनमें से 80 खिलाड़ियों को शासकीय नौकरी प्रदान कर दी गई है, शेष 28 खिलाड़ियों द्वारा आवेदन पत्र प्रस्‍तुत न करने के कारण शासकीय नौकरी प्रदान नहीं की गई है।

रीवा संभाग में पर्यावरणीय जन सुनवाई का आयोजन

[पर्यावरण]

23. ( *क्र. 1035 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.04.2016 से प्रश्‍नतिथि तक रीवा संभाग में खनि पट्टों को देने की प्रक्रिया किस-किस स्‍थान पर, किस-किस प्रकार की, कितने हेक्‍टेयर की लीज किस-किस को देने हेतु पर्यावरण विभाग द्वारा जन सुनवाई की गई? माहवार/वर्षवार/स्‍थानवार लीज का एरिया एवं मिनरलवार/लीज आवंटी के नामवार/जिलेवार जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित पर्यावरणीय जन सुनवाई में दिनांक 01.04.2016 से प्रश्‍नतिथि तक प्रत्‍येक जन सुनवाई में प्रकरणवार क्‍या-क्‍या निष्‍कर्ष आये? विभाग ने प्रकरणवार क्‍या-क्‍या प्रतिवेदन तैयार कर खनिज विभाग को/या अन्‍य को दिया, का प्रत्‍येक जन सुनवाईवार सभी प्रतिवेदनों की अलग-अलग एक-एक प्रति उपलब्‍ध कराएं। (ग) क्‍या पर्यावरणीय जन सुनवाईयों में जिन-जिन लोगों ने विरोध किया उनकी बात भी अपने प्रतिवेदनों में विभाग में दर्ज की? अगर हाँ तो कहाँ-कहाँ? प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार जो विरोध हुआ उसका किस-किस प्रतिवेदन में उल्‍लेख है? प्रकरणवार/माहवार/वर्षवार/जिलेवार एक-एक प्रति उपलब्‍ध कराएं। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार हुई जन सुनवाईयों में किस-किस विभाग के किस नाम/पदनाम के अधिकारी एवं कर्मचारी उप‍स्थित थे? जानकारी माहवार/वर्षवार/ प्रकरणवार/सुनवाईवार/जिलेवार दें। किस-किस विभाग के अधिकारी अनुपस्थित थे? जानकारी माहवार/ वर्षवार/प्रकरणवार/सुनवाईवार/जिलेवार दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा जारी ई.आई.ए. नोटिफिकेशन, 2006 के प्रावधानों अनुसार पर्यावरणीय स्वीकृति के प्रकरणों में जन सुनवाई आयोजित किये जाने का प्रावधान है। तत्संबंध में रीवा संभाग में दिनांक 01.04.2016 से प्रश्नाधीन अवधि तक आयोजित जन सुनवाई की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जन सुनवाई का कार्यवाही विवरण जन सुनवाई के दौरान प्राप्त लिखित/मौखिक आपत्तियों/टीका टिप्पणियों इत्यादि के ब्यौरे सहित भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली या उनके अधीनस्थ राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव निर्धारण प्राधिकरण को भेजा जाता है एवं उनके द्वारा ही पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी निर्णय लिया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। उक्त कार्यवाही विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ, संबंधित दस्तावेज पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' के कॉलम-7 अनुसार है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सड़क निर्माण में अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि का भुगतान

[लोक निर्माण]

24. ( *क्र. 812 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शाजापुर में शुजालपुर शहर से लसुल्डिया हेजम तक का सड़क निर्माण कार्य कब पूर्ण हुआ? सड़क निर्माण के लिये अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि कितनी है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि का प्रदाय मांग अनुसार प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों नहीं किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि किसानों को कब तक प्रदाय कर दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) दिनांक 31.03.2015 को। जिला भू-अर्जन अधिकारी, जिला शाजापुर के अनुसार संभावित मुआवजा राशि रू. 28,04,880/- है। (ख) स्‍वीकृत प्राक्‍कलन में भू-अर्जन का प्रावधान नहीं होने के कारण। (ग) भूमि मुआवजा राशि को सम्मिलित कर, पुनरीक्षित प्राक्‍कलन तैयार किया जा रहा है। पुनरीक्षित प्राक्‍कलन की स्‍वीकृति उपरांत भूमि के मुआवजे के भुगतान की कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

पिपलौदा स्थित महाविद्यालय में आवश्‍यक संसाधनों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

25. ( *क्र. 977 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन/विभाग द्वारा पिपलौदा में विगत वर्ष से महाविद्यालय की स्‍वीकृति देकर महाविद्यालय की विगत वर्ष से कक्षाएं प्रारंभ कर परीक्षा ली जाकर एवं इस वर्ष पुन: कक्षाओं में प्रवेश निरंतर लिये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो वर्तमान में महाविद्यालय डाईट के कमरों में लगाया जाकर विगत वर्ष एक ही संकाय बी.ए. में सैकड़ों छात्रों ने प्रवेश लिया तथा इस वर्ष कला के साथ ही व‍ाणिज्‍य एवं विज्ञान संकाय भी प्रारंभ किया जाना अत्‍यावश्‍यक है? (ग) क्‍या महाविद्यालय का स्‍वयं का भवन, खेल मैदान, स्‍टॉफ क्‍वार्टर एवं अन्‍य संसाधन उपलब्‍ध नहीं होने की वजह से सैकड़ों छात्र दूरस्‍थ स्‍थान जाकर प्रवेश लेने को मजबूर हो रहे हैं एवं स्‍टॉफ की कमी भी महसूस की जा रही है? यदि हाँ, तो इस हेतु महाविद्यालय भवन एवं स्‍टॉफ व स्‍टॉफ क्‍वार्टर की कमियों को कब तक दूर किया जाकर स्‍वीकृति दी जायेगी

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। 120 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। वर्तमान में सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय प्रारंभ करना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। महाविद्यालय का स्‍वयं का भवन नहीं है। जी नहीं, वर्तमान में स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध 07 अतिथि विद्वान कार्यरत हैं एवं साथ ही 01 प्राध्‍यापक/सहायक-प्राध्‍यापक को डिप्‍लॉय भी किया गया है। अशैक्षणिक संवर्ग उपलब्‍ध होने पर पदस्‍थापना संभव है। सीमित संसाधनों के कारण भवन, खेल मैदान, स्‍टॉफ क्‍वार्टर आदि की स्‍वीकृति अभी नहीं दी गई है एवं समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।


भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


श्रमिकों के बच्‍चों को छात्रवृत्ति का लाभ

[श्रम]

1. ( क्र. 7 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कर्मकार मंडल में पंजीकृत श्रमिकों के बच्‍चों को छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कितनी-कितनी राशि? (ख) क्‍या जनपद पंचायत होशंगाबाद के पंजीकृत श्रमिकों के बच्‍चों को वर्ष 2017-18, 2018-19 की छात्रवृत्ति सहित अन्‍य लाभ नहीं मिल पा रहा हैं? यदि हाँ, तो इसके क्‍या कारण हैं?

श्रम मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) जी हाँ। शिक्षा हेतु प्रोत्साहन राशि एवं मेधावी छात्र/छात्राओं को नगद पुरस्कार योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों के बच्चों योजनांतर्गत देय राशि की  जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे  परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब एवं स अनुसार है।

निर्माण कार्य खेल प्रशाल

[खेल और युवा कल्याण]

2. ( क्र. 8 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इटारसी स्थित विजयराजे सिंधिया खेल प्रशाल का विद्युत कनेक्‍शन सहित कितना-कितना कार्य होना शेष है? यदि हाँ, तो इसके क्‍या कारण है? (ख) विजयराजे सिंधिया खेल प्रशाल का निर्माण कार्य कब तक पूरा होकर हस्‍तांतरित हो सकेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) खेल प्रशाल का विद्युत कनेक्शन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। फुटबाल खेल मैदान में घास लगाने का कार्य प्रचलन में है। (ख) खेल प्रशाल का निर्माण कार्य दिनांक 31.12.2018 को पूर्ण किया जाकर दिनांक 20.02.2019 को जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी होशंगाबाद को पी.आई.यू. होशंगाबाद द्वारा हस्तांतरित किया जा चुका है।

अधिकारियों/कर्मचारियों का निलंबन 

[ऊर्जा]

3. ( क्र. 77 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोकसभा चुनाव के दौरान माह मार्च-अप्रैल, 2019 में विद्युत वितरण कंपनियों के अधिकारियों/कर्मचारियों के थोक बंद निलंबन किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो कितने निलंबित किये गये? कारण सहित संख्यात्मक जानकारी देवें? (ग) क्या उपरोक्त बताये गये कारणों के आधार पर विगत 5 वर्षों में अधिकारियों/कर्मचारियों के निलंबन किये गये थे? यदि हाँ, तो संख्या बतावें? (घ) प्रश्नांश (ग) के अंतर्गत यदि गत 5 वर्षों में निलंबन नहीं किये गये थे तो मात्र 2 माह में 400 से अधिक अधिकारियों/कर्मचारियों के निलंबन क्या व्यक्तिगत कारणों से किये गये है? यदि नहीं, तो ऐसी कौन सी परिस्थिति थी कि निलंबन जैसी कठोर कार्यवाही की गई? इसके लिये कौन अधिकारी दोषी है? प्रश्न दिनांक को कितने अधिकारी/कर्मचारी निलंबित हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) एवं (ख) प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों यथा म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर, म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल तथा म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर द्वारा मार्च-अप्रैल, 2019 में कुल 225 अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित किया गया, जिसकी निलंबन के कारण सहित संख्‍यात्‍मक जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, संलग्‍न परिशिष्‍ट में दर्शाए गए कारणों से विगत 5 वर्षों (1 अप्रैल, 2014 से 28 फरवरी, 2019 तक) में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर द्वारा 166, म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल द्वारा 532 एवं म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर द्वारा 282 अधिकारियों/कर्मचारियों का निलंबन किया गया है। (घ) उत्‍तरांश (ग) में दर्शाए अनुसार विगत 5 वर्षों (1 अप्रैल, 2014 से 28 फरवरी, 2019 तक) में भी प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही की गई है। मार्च-अप्रैल, 2019 में किये गए निलंबन की कार्यवाही हेतु उत्‍तरदायी परिस्थितियों/कारणों की जानकारी  संलग्‍न परिशिष्‍ट में अनुसार है। अत: व्‍यक्तिगत कारणों से कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में निलंबन की कार्यवाही हेतु कोई भी अधिकारी दोषी नहीं है। दिनांक 21.6.2019 की स्थिति में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर में 10 तथा म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल में 26 अधिकारी/कर्मचारी निलंबित हैं। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर में वर्तमान में कोई भी अधिकारी/कर्मचारी निलंबित नहीं है।

परिशिष्ट -''सात''

सुरक्षा उपकरणों की कमी 

[ऊर्जा]

4. ( क्र. 78 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गत वर्षों में जबलपुर जिले में विद्युत लाईन पर कार्य करने के दौरान लाईनमेन कर्मचारियों की मृत्यु हुई है? यदि हाँ, तो कितने लाईनमेनों की किन कारणों से मृत्यु हुई है? कारण सहित गत 5 वर्षों की संख्यात्मक जानकारी देवें? (ख) क्या मृत कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई है? यदि हाँ, तो कितने कर्मचारियों को कितनी-कितनी राशि भुगतान की गई है? विभागीय एवं ठेके के समस्त मृत कर्मचारियों की जानकारी देवे? यदि सहायता नहीं दी गई है तो क्यों? (ग) क्या मृत्यु का कारण कंपनी के पास पर्याप्त संख्या मे सुरक्षा उपकरण नहीं होना हैं? (घ) यदि हाँ, तो कंपनी द्वारा आधुनिक सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं उपलब्ध कराये जाते? यदि नहीं, तो बिजली के खम्बे पर चढ़ने के लिये सीढ़ी के बदले जे.सी.बी एवं अन्य का उपयोग क्यों किया जाता हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) जी हाँ, जबलपुर जिले में विगत 5 वर्षों (यथा वर्ष 2014-15 से वर्ष 2018-19 तक) में 10 विभागीय/ठेके पर कार्य कर रहे तकनीकी कर्मचारियों की विद्युत दुर्घटना में मृत्यु हुई है जिसकी कारण सहित जानकारी  संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, विद्युत कंपनी के नियमानुसार विभागीय एवं ठेके के विद्युत दुर्घटना में मृत उक्त सभी कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है, जिसका विवरण  संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) नियमानुसार निर्धारित सुरक्षा उपकरण समस्त तकनीकी कर्मचारियों को उपलब्ध कराये जाते है, साथ ही नार्म के अनुसार तकनीकी कर्मचारियों को मेन्टेनेंस/सुधार के कार्य एवं शिकायतों के निराकरण के लिए खम्बे पर चढ़ने के लिए लेडर जीप एवं बांस की सीढ़ी प्रदान की जाती है। खम्बे पर मेन्टेनेंस/सुधार कार्य हेतु चढ़ने के लिये जे.सी.बी. का उपयोग नहीं किया जाता।

परिशिष्ट -''आठ''

खरीदारी से संबंधित

[खेल और युवा कल्याण]

5. ( क्र. 145 ) श्री आरिफ मसूद : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2012-13 में कभी खरीदारी से संबंधित फाइलों में फर्जी हस्‍ताक्षर का प्रकरण सामने आया था। क्‍या फर्जी हस्‍ताक्षर की जाँच पुलिस मुख्‍यालय द्वारा की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो उसमें कितने अधिकारियों के हस्‍ताक्षर फर्जी पाए गए थे? (ग) इन फर्जी हस्‍ताक्षर से संबंधित टेंडर की फाइलों से उक्‍त अवधि में कितने करोड़ की खरीदारी की गयी और किस फर्म से? (घ) क्‍या यह भी सही है कि यह प्रकरण में कार्यवाही शासन स्‍तर पर विभाग में लंबित है? इस पर विभाग द्वारा आज दिनां‍क तक कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? कार्यवाही लंबित रहने के क्‍या कारण हैं? (ड.) क्‍या यह आर्थिक अपराध की श्रेणी में नहीं आता? क्‍या शासन इस पर कार्यवाही करेगा तो कब तक? और नहीं तो क्‍यों?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) जी नहीं वर्ष 2011-12 में फर्जी हस्‍ताक्षर संबंधी प्रकरण संज्ञान में आया था। जी नहीं। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नोत्‍तर () के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। विभागीय पत्र क्रमांक एफ 3-17/2019/नौ दिनांक 03.07.2019 के द्वारा संचालक से जाँच प्रतिवेदन चाहा गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जा सकेगी। (ड.) प्रश्‍नोत्‍तर () के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रशासकीय स्वीकृति न होने पर पेचवर्क/मरम्मत कार्य 

[लोक निर्माण]

6. ( क्र. 146 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत लोक निर्माण विभाग की वर्ष 2016-17 17-18, 18-19 एवं 19-20 से प्रश्न दिनांक तक कौन-कौन सी सड़कें कितनी-कितनी राशि की स्वीकृत होकर पूर्ण हो गई है एवं कितनों में कार्य प्रगतिरत है अथवा कार्य प्रारंभ होना शेष है? सड़कवार राशि, ठेकेदार के नाम, कार्यादेश दिनांक तथा कार्यपूर्ण करने की अवधि एवं कार्य की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति से अवगत करावें? (ख) प्रश्नांश () अनुसार प्रगतिरत सड़कों के अंतर्गत विलंब से कार्य करने वाले एवं कार्य प्रारंभ न करने वाले निविदाकारों के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? अभी तक की गई कार्यवाही से अवगत करावें? (ग) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग के कौन-कौन से मार्गों को मुख्य जिला मार्ग से जोड़ने के प्रस्ताव प्रक्रियाधीन हैं? मार्ग दोहरी संबद्धता निर्माण के प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है? क्या जब तक दोहरी संबद्धता हेतु प्रस्तावित मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति नहीं हो जाती है तब तक उक्त मार्गों पर पेच वर्क/मरम्मत कार्य किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) कोई नहीं। जी नहीं। जी हां, आवश्‍यकतानुसार निरंतर किया जाता है वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट -''नौ''

बढ़ता ध्‍वनि व वायु प्रदूषण 

[पर्यावरण]

7. ( क्र. 156 ) श्री विश्वास सारंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल व इंदौर के प्रमुख दस-दस स्‍थानों पर प्रश्‍न दिनांक को ध्‍वनि व वायु प्रदूषण कितना-कितना है? शहरवार, प्रमुख स्‍थानवार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत पिछले 3 वर्षों 2017, 1819 की तुलनात्‍मक स्थिति क्‍या है? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के तहत बढ़ते प्रदूषण का कारण क्‍या-क्‍या है एवं इसकी रोकथाम के क्‍या-क्‍या उपाय किये गये?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र- एवं अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के तहत प्रदूषण के चिन्हित कारणों एवं रोकथाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

छतरपुर वि.स. क्षेत्र में सिंचित भूमि 

[जल संसाधन]

8. ( क्र. 178 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितनी कृषि भूमि है एवं कितनी सिंचित है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में उपरोक्त भूमि में सिंचाई के क्या-क्या साधन हैं? सिंचाई के उक्त साधनों से अलग-अलग कितनी-कितनी भूमि सिंचित होती है? (ग) विधानसभा क्षेत्र छतरपुर अंतर्गत सिंचाई हेतु कितनी परियोजनाएं हैं? उक्त से कितनी भूमि सिंचित होती है। (घ) विधानसभा क्षेत्र छतरपुर अंतर्गत विभाग की कौन-कौन सी परियोजनाएं निर्माणाधीन, लंबित एवं प्रस्तावित हैं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) प्रभारी अधिकारी, भू-अभिलेख छतरपुर से प्राप्‍त जानकारी अनुसार छतरपुर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत 44,440 हेक्‍टर कृषि भूमि है। सिंचित भूमि 23,035 हेक्‍टर। (ख) प्राप्‍त जानकारी अनुसार कुआं, तालाब, नाला, नदी, नहर एवं नलकूप से सिंचाई की जाती है। कुआं से 14,355 हेक्‍टर, तालाब से 30 हेक्‍टर, नहर से 210 हेक्‍टर, नाला से 50 हेक्‍टर, नदी से 50 हेक्‍टर एवं नलकूप से 762 हेक्‍टर तथा जल संसाधन विभाग की परियोजनाओं से 7,578 हेक्‍टर भूमि सिंचित होना प्रतिवेदित है। (ग) एवं (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। कोई लंबित परियोजनाएं नहीं हैं।

परिशिष्ट -''दस''

स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर की कक्षाएं प्रारंभ की जाना

[उच्च शिक्षा]

9. ( क्र. 186 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री से शासकीय महाविद्यालय नागदा में स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर एम.एस.सी. रसायन विषय की कक्षाएं प्रारंभ करने की मांग करने पर मुख्‍यमंत्री के पत्र क्र. 101/सी.एम.एस./एम.एल.ए./212/209, दिनांक 22/01/2019 व पत्र क्रमांक 555/ सी.एम.एस./एम.एल.ए./212/209, दिनांक 22/02/2019 के परिपालन में प्रमुख सचिव उच्‍च शिक्षा विभाग को क्‍या निर्देश प्रदान किए गए हैं? मुख्‍यमंत्री कार्यालय के पत्र के परिपालन में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री से शासकीय महाविद्यालय नागदा में स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर एम.ए. राजनैतिक एवं समाज शास्‍त्र विषय की कक्षाएं शासन मद से प्रारंभ करने की स्‍वीकृति की मांग करने पर मुख्‍यमंत्री के पत्र क्र. 92/ सी.एम.एस./एम.एल.ए./212/209, दिनांक 18/01/2019 के परिपालन में प्रमुख सचिव उच्‍च शिक्षा विभाग को क्‍या निर्देश प्रदान किए गए हैं? मुख्‍यमंत्री कार्यालय के पत्र के परिपालन में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) जी हाँ। संदर्भित पत्रों के तहत नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश प्राप्त हुए हैं। पूर्व में आदेश क्रमांक एफ 23-1/2016/38-2 दिनांक 14.09.2017 में शासकीय महाविद्यालय, नागदा में स्नातकोत्तर स्तर पर गणित विषय प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की जा चुकी है वर्तमान में सीमित संसाधनों के कारण महाविद्यालय में अन्य स्नातकोत्तर विषय की कक्षायें प्रारंभ किया जाना संभव नहीं है। (ख) उत्तरांश () अनुसार।

महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय का निर्माण 

[उच्च शिक्षा]

10. ( क्र. 196 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर के निर्माण हेतु कितनी भूमि कहाँ पर आवंटित की गई है? (ख) महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय के भवन एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण हेतु कितना अनुमानित व्यय होगा? प्रश्न दिनांक तक कितना बजट किस-किस मद में प्रदाय किया जा चुका है? प्राप्त राशि से कितना कार्य किया जा चुका है? कितना कार्य शेष है? शेष कार्य को पूर्ण कराने हेतु कितनी राशि की आवश्यकता है? (ग) महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय में कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं? कितने पद भरे जा चुके हैं. शेष रिक्त पदों को कब तक भर लिया जावेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय, छतरपुर के निर्माण हेतु 168.689 हेक्‍टेयर भूमि, मौजा बगौता तहसील छतरपुर में आवंटित की गई हैं। (ख) अनुमानित व्‍यय 150 करोड़ है। प्रश्‍न दिनांक तक कोई बजट प्रदाय नहीं है। संपूर्ण कार्य शेष है। (ग) 236 पद स्‍वीकृत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 31 पद भरे जा चुके हैं। शेष 205 पद रिक्‍त हैं। रिक्‍त पदों की भर्ती हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

विभागीय ठेकेदारों की कार्यप्रणाली 

[ऊर्जा]

11. ( क्र. 206 ) श्री जसमंत जाटव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले की करैरा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत विगत तीन वर्षों (अप्रैल 2016 से) में प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन विभागीय ठेकेदार विधिवत नियुक्‍त हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या श्री सुनील सोनी ठेकेदार एम.पी.ई.बी करैरा द्वारा सिलारपुर चौराहे पर अपने घर के लिये बिना किसी विभागीय अनुमति एवं तकनीकी स्‍वीकृति/प्रशासकीय स्‍वीकृति के अपनी मनमर्जी से 12 शासकीय पोल अवैध रूप से खड़े कर उन पर बिजली के तार डाल कर कई महीनों तक विद्युत का उपयोग किया गया है? अगर हां, तो ऐसा किस आधार पर किया गया है? इस प्रक्रिया में कौन-कौन संलिप्‍त हैं? क्‍या ऐसे ठेकेदारों को विभाग द्वारा कालातीत की कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) विधान सभा क्षेत्र करैरा क्षेत्रान्‍तर्गत वितरण कंपनी के ठेकेदारों को मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना के तहत कंपनी द्वारा कितनी सामग्री प्रदाय की गई? उस सामग्री में से कितनी सामग्री का उपयोग किया गया तथा कितनी सामग्री शेष बची है, जो कंपनी को वापिस की गई है वर्षवार विगत तीन वर्षों (अप्रैल 2016 से) की जानकारी प्रदान की जावे। (घ) करैरा विधान सभा अंतर्गत ओ.वाय.टी. योजना के तहत वितरण कंपनी की अनुमति उपरांत विगत तीन वर्षों (अप्रैल 2016 से) में ठेकेदारों द्वारा जो वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये हैं वह उपयोगी हैं अथवा नहीं? सूची उपलब्‍ध कराई जाए

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के क्षेत्रान्‍तर्गत ऑन-लाईन पोर्टल पर पंजीकृत ठेकेदारों में से प्रश्‍नाधीन अवधि में शिवपुरी जिले के करैरा विधानसभा क्षेत्र में 22 ठेकेदारों द्वारा कार्य किया गया है, जिनका विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) जी नहीं। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) विधानसभा क्षेत्र करैरा के अन्‍तर्गत म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना के कार्यों हेतु ठेकेदारों को प्रदाय की गई, ठेकेदारों द्वारा उपयोग की गई एवं शेष सामग्री की प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (घ) करैरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में ओ.वाय.टी. योजना के अंतर्गत ठेकेदारों द्वारा वितरण कंपनी की आवश्‍यक स्‍वीकृति उपरान्‍त कुल 308 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये हैं एवं उक्‍त सभी वितरण ट्रांसफार्मर वर्तमान में उपयोगी है। उक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों की ठेकेदारों के नाम सहित ग्रामवार सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

विभागीय विद्युत योजनाओं का क्रियान्‍वयन 

[ऊर्जा]

12. ( क्र. 207 ) श्री जसमंत जाटव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी करैरा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग में संचालित हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत कितना लक्ष्‍य प्रदाय किया गया था, उसके विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या प्रगति की गई है? (ख) विभाग को अधोसरंचना विस्‍तार हेतु संचालित योजनाओं के तहत कितना-कितना लक्ष्‍य दिया गया था? उनमें क्‍या प्रगति हुई है? (ग) क्‍या शिवपुरी के वार्ड क्र. 25 में घरेलू उत्‍पाद उपयोग के लिये दी जाने वाली लाईट का वोल्‍टेज इतना कम है, कि किसी भी प्रकार के घरेलू उत्‍पाद बिजली के अभाव में कार्य नहीं कर रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों है? जबकि शिवपुरी जिले को पर्याप्‍त मात्रा में विद्युत उपलब्‍ध कराई गई? (घ) एस.टी.सी संभाग शिवपुरी द्वारा करैरा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत विगत तीन वर्षों में (अप्रैल 2016 से) कितने कार्य कितनी लागत के कहाँ-कहाँ किये गये हैं तथा क्‍या उक्‍त कार्यों की तकनीकी स्‍वीकृति/प्रशासकीय स्‍वीकृति थी तथा वह कार्य किस ठेकेदार द्वारा कराये गये हैं एवं किस सक्षम अधिकारी द्वारा सत्‍यापित किये गये हैं? उनका पूर्णता/उपयोगि‍ता प्रमाण पत्र कब और किस अधिकारी द्वारा जारी किया गया है? सूची उपलब्‍ध करावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की स्‍वीकृति विधानसभा क्षेत्रवार नहीं अपितु जिलेवार प्रदान की जाती है तथा योजना के अंतर्गत प्रावधानित कार्यों के परिप्रेक्ष्‍य में योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्‍त होने पर योजना का लाभ उन्‍हें दिया जाता है। योजना के क्रियान्‍वयन की निर्धारित अवधि में उक्‍त हितग्राही मूलक कार्यों को करना होता है, जिस हेतु पृथक से वर्षवार लक्ष्‍य निर्धारित नहीं किये जाते। शिवपुरी एवं करैरा विधानसभा क्षेत्रों में वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-  अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र (शिवपुरी वृत्त) के अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में संचालित योजनाओं में अधोसंरचना विस्तार के प्रस्‍तावित/सम्मिलित कार्यों एवं प्रगति का योजनावार एवं वर्षवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र -  अनुसार है। (ग) जी नहीं। शिवपुरी के वार्ड क्रमांक 25 में जवाहर कॉलोनी, अम्बेडकर कॉलोनी, बड़ा बाजार आदि कॉलोनियां स्थित है जिन्‍हें 33/11 के.व्ही विद्युत उपकेन्द्र आई.टी.आई. से निर्गमित 11 के.व्ही जवाहर कॉलोनी विद्युत फीडर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। इस फीडर पर वार्ड क्रमांक 25 में अंतिम ट्रांसफार्मर 200 के.व्ही.ए. क्षमता का मरघट खाना रोड पर स्थापित है। इस ट्रांसफार्मर पर वर्तमान में अधिकतम लोड 145 एम्पियर है एवं एल.टी.लाईन के अंतिम छोर पर वोल्टेज दिनांक 21.06.19 को नापने पर (फेज टू न्यूट्रल) R फेज-234 वोल्ट, Y फेज-232 वोल्ट, B फेज- 223 वोल्ट प्राप्त हुआ है, जो कि नियमानुसार सही है वर्तमान में वार्ड वासियों के समस्त घरेलू उपकरण सुचारू रुप से चल रहे हैं। (घ) एस.टी.सी. संभाग शिवपुरी द्वारा करैरा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत प्रश्नांश अवधि में लागत राशि रू. 1498.29 लाख के 103 कार्य विभिन्न पंजीकृत ठेकेदारों के माध्‍यम से पूर्ण किये गये हैं। उक्त कार्यों की प्रशासकीय/तकनीकी स्वीकृति सक्षम अधिकारी से ली गई है। प्रश्‍नाधीन चाही गई जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-  अनुसार है।

महाविद्यालय में पदों की पूर्ति 

[उच्च शिक्षा]

13. ( क्र. 238 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय महाविद्यालय विजयराघवगढ़ जिला कटनी में शासन द्वारा कितने पद किस-किस मद से स्वीकृत किये गये? (ख) स्वीकृत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर वर्तमान में कितने पदों की पूर्ति हुई है? यदि नहीं, हुई तो कारण बतायें। (ग) प्रश्न दिनांक तक यदि इन पदों की पूर्ति आउटसोर्स से नहीं हुई है? तो क्या शासन अन्य मदों से पदों की पूर्ति करेगा? यदि हाँ, तो शासन की क्या योजना है? और कब तक पद पूर्ति करेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) शासन द्वारा शासकीय महाविद्यालय, विजयराघवगढ़ जिला कटनी में प्राचार्य 01 पद, सहायक-प्राध्यापक 05 पद, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, मुख्यलिपिक/सहायक-लेखापाल, सहायक वर्ग-2, सहायक वर्ग-3, चौकीदार एवं भृत्य के एक-एक पद नियमित स्थापना से तथा चतुर्थ श्रेणी के 04 पद कलेक्टर दर से स्वीकृत किये गये हैं। (ख) स्वीकृत तृतीय श्रेणी संवर्ग में सहायक वर्ग-03 का एक कर्मचारी कार्यरत है। कर्मचारियों की कमी के कारण शेष पदों की पूर्ति नहीं की जा सकी है। (ग) महाविद्यालय में आउटसोर्स से पद स्वीकृत नहीं हैं। जी हां। कलेक्टर दर पर पद पूर्ति की कार्यवाही विचाराधीन है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

स्वीकृत मार्गों को बजट उपलब्ध कराया जाना 

[लोक निर्माण]

14. ( क्र. 240 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी-बरही मार्ग के ग्राम बगैहा मोड़ से ग्राम नदावन होते हुए ग्राम खितौली पहुंच मार्ग का निर्माण कितनी राशि से किस योजना में प्रस्तावित/स्वीकृत है? (ख) क्या विजयराघवगढ़ से ग्राम बरहटा पहुंच मार्ग स्वीकृत हैं? यदि हाँ, तो मार्ग के निर्माण हेतु कितना बजट स्वीकृत है एवं प्रश्न दिनांक तक स्वीकृत बजट में से कितनी राशि उपलब्ध करा दी गई है और कितनी राशि उपलब्ध कराया जाना शेष है? स्वीकृति‍ आदेश की छायाप्रति दें? शेष राशि कब तक उपलब्ध करा दी जायेगी? नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) उन्‍नयन कार्य, रू. 49.00 करोड़, एशियन विकास बैंक। (ख) जी हाँ। विस्‍तृत विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। स्‍वीकृत आदेश की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट -''ग्‍यारह''

फीडर सेपरेशन अन्‍तर्गत स्‍वीकृत कार्य 

[ऊर्जा]

15. ( क्र. 249 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र पिपरिया अन्तर्गत तहसील पिपरिया एवं बनखेड़ी में विगत दो वर्षों में फीडर सेपरेशन अन्तर्गत कितने कार्य स्‍वीकृत हुये हैं एवं क्‍या इन स्वीकृत कार्यों को अनुबंध की शर्तों के मुताबिक पूर्ण कर लिया गया हैं? अनुबंध अनुसार निर्धारित समय-सीमा में कितने कार्य पूर्ण कर लिये गये एवं कितने कार्य अपूर्ण तथा अप्रांरभ हैं तहसील वार एवं फीडर वार विवरण देवें। (ख) अपूर्ण/अप्रारंभ कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा जानकारी तहसीलवार, फीडरवार जानकारी देवें। (ग) जो कार्य अनुबंध के तहत निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण नहीं हो पाये हैं इसके लिये कौन उत्‍तरदायी हैं, क्या उत्तरदायित्व का निर्धारण किया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पिपरिया के अंतर्गत विगत 2 वर्षों में पिपरिया एवं बनखेड़ी तहसीलों में फीडर विभक्तिकरण योजना के अंतर्गत कोई भी कार्य स्‍वीकृत नहीं हुआ हैं तथापि प्रश्‍नाधीन अवधि में दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनांतर्गत तहसील पिपरिया में नंदवाडा एवं रानी पिपरिया के 11 के.व्‍ही. के 2 फीडरों के विभक्तिकरण के कार्य हेतु टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी को कार्यादेश जारी किया गया था, जिसके तहत उक्‍त दोनों फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य ठेकेदार एजेन्‍सी से किए गए अनुबंध के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में क्रमश: दिनांक 22.06.2018 एवं 22.10.2018 को पूर्ण कर लिया गया है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

लंबित प्रकरणों की स्‍वीकृति 

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

16. ( क्र. 256 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना के तहत प्रश्‍नकर्ता के प्रश्न क्रमांक 59 (क्रमांक 514) दिनांक 21/02/2019 के कंडिका () में उत्तर दिया गया था कि शेष प्रकरण भारत शासन एवं राज्य शासन के लक्ष्य व अनुदान की स्‍वीकृति की प्रत्याशा में लंबित हैं। भारत शासन द्वारा व राज्य शासन में लक्ष्य व अनुदान स्वीकृति प्राप्त होने के पश्‍चात जिला होशंगाबाद अन्तर्गत वर्ष 2018-19 के लंबित प्रकरण स्वीकृत किये जा सकेंगे? (ख) यदि हाँ, तो म.प्र. शासन द्वारा लक्ष्य के विरूद्ध भारत शासन से अनुदान की मांग की गयी हैं? यदि हाँ, तो सम्पूर्ण विवरण देवें। (ग) म.प्र. शासन द्वारा लक्ष्य के अनुरूप इस योजना को संचालित करने हेतु बजट में प्रावधान किया जाकर इस मद में राशि उपलब्ध करायी जावेगी? सं‍दर्भित प्रश्‍नांश की कंडिका (घ) में अनुदान की प्रत्याशा में लंबित प्रकरण कब तक स्वीकृत कर दिये जावेंगे?

कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री ( श्री हर्ष यादव ) : (क) जी हां। विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक-59 (क्रमांक-514), दिनांक 21.02.2019 की कण्डिका '' में उत्‍तर दिया गया था कि शेष प्रकरण भारत शासन एवं राज्‍य शासन के लक्ष्‍य व अनुदान की स्‍वीकृति की प्रत्‍याशा में लंबित हैं। भारत शासन एवं राज्‍य शासन से लक्ष्‍य व अनुदान स्‍वीकृति प्राप्‍त होने के पश्‍चात जिला होशंगाबाद अन्‍तर्गत वर्ष 2018-19 के लंबित प्रकरण स्‍वीकृत किये जा सकेंगे। (ख) म.प्र. ऊर्जा विकास निगम लि. के पत्र क्रमांक MPUVN/solar pump/2018-19/226, Dated 16.04.2018 (जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार), पत्र क्रमांक MPUVN/solar pump/2018-19/2125, Dated 08.08.2018 (जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार) तथा पत्र क्रमांक MPUVN/solar pump/2018-19/4735, Dated 01.03.2019 (जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार), से वर्ष 2018-19 के लिये 18000 सोलर पम्‍प की स्‍थापना के लिये नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार से स्‍वीकृति मांगी गई है। निगम के पत्र क्रमांक MPUVN/solar pump/2019-20/243, Dated 29.04.2019 जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार, के माध्‍यम से नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की नई योजना 'किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्‍थान महाअभियान (KUSUM) योजना' के घटक 'B' के अन्‍तर्गत 35000 सोलर पम्‍प की स्‍वीकृति मांगी गई है। (ग) भारत शासन से सोलर पम्‍प स्‍थापना हेतु उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखानुसार स्‍वीकृति मांगी गई है। उक्‍त व राज्‍य शासन से बजट प्राप्‍त होने पर लंबित प्रकरणों में सोलर पम्‍प स्‍थापना हेतु कार्यवाही की जा सकेगी।

अन्‍त्‍येष्टि सहायता की राशि प्रदाय

[श्रम]

17. ( क्र. 309 ) श्री के.पी. त्रिपाठी : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के हितग्राहियों को अन्‍त्‍येष्टि सहायता दिए जाने का प्रावधान है? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर यदि हाँ, तो रीवा जिले के विधान सभा क्षेत्र सेमरिया अंतर्गत जनवरी, 2019 से प्रश्‍न प्रस्‍तुति दिनांक तक किन-किन हितग्राहियों को मृत्‍योपरांत अन्‍त्‍येष्टि सहायता राशि प्रदाय की जा चुकी है? संबंधित व्‍यक्ति का नाम पता एवं प्रदाय की गई राशि के विवरण सहित जानकारी देवें।

श्रम मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (‍क) श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित मध्‍यप्रदेश भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्‍डल, मध्‍यप्रदेश श्रम कल्‍याण मण्‍डल, मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण योजना (नया सवेरा), की योजनाओं के अंतर्गत अंत्‍येष्टि सहायता दिये जाने का प्रावधान है। (ख) प्रश्नांश '''' की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '''', '''', '''' अनुसार है।

सड़क एवं पुल निर्माण 

[लोक निर्माण]

18. ( क्र. 328 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी के जमुनिया खास सहित कई गांवों के निवासियों द्वारा झांसी की मुख्‍य सड़क तक लिंक रोड के अभाव एवं रास्‍ते में एक बड़े नाले पर बरसात भर आवागमन बाधित रहने से पुल की मांग की जाती रही है, किंतु विभाग द्वारा उक्‍त कार्य स्‍वीकृत नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृत न करने का क्‍या कारण है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सड़क एवं पुल जो वहां के कई गांवों के निवासियों के लिए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है क्‍या शासन द्वारा उक्‍त मार्ग पर सड़क एवं पु‍ल निर्माण की प्रक्रिया की जायेगी, यदि हाँ, तो कब तक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ, ओरछा-जमुनिया-झांसी मार्ग पर सातरा नदी पड़ती है। जमुनिया के नजदीक निकलने वाले सभी मार्ग प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं जनपद पंचायत के अधीन है। यह मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधीन नहीं होने के कारण इस विभाग द्वारा निर्माण हेतु कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट -''बारह''

सड़क निर्माण 

[लोक निर्माण]

19. ( क्र. 334 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी के ग्राम धमना, गुवावली एवं बम्‍हौरी शीतल सहित कई गांवों के ग्रामवासियों को वर्षा ऋतु में पठाराम, चचावली, तरीचरकलां एवं अन्‍य ग्रामों में आवागमन हेतु कई किलोमीटर का चक्‍कर काटकर जाना पड़ता हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या ग्राम धमना से पठाराम बायां चचावली मार्ग जो कि कच्‍चा है, पर विभाग द्वारा उक्‍त मार्ग पर पक्‍की सड़क निर्माण हेतु प्रस्‍ताव भेजा गया है, यदि हाँ, तो स्‍वीकृत न करने का क्‍या कारण है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सड़क जो वहां के कई गांवों के निवासियों के लिए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण हैं, क्‍या शासन ग्रामवासियों की उक्‍त मांग को पूर्ण करने की पहल करेगी ? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। (ख) कार्यवाही लोक निर्माण विभाग के द्वारा नहीं अपितु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा की गई है। धमना से पठाराम मार्ग प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना त‍था पठाराम से चचावली मार्ग पंचायत विभाग के अधीन है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश () अनुसार।

परिशिष्ट -''तेरह''

ग्राम ऐरन से सनाई मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

20. ( क्र. 357 ) श्री महेश राय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (‍क) विधान सभा क्षेत्र बीना के ग्राम ऐरन से सनाई मार्ग स्‍वीकृत है? यदि हाँ, तो निर्माण एजेन्‍सी कौन हैं? उक्‍त मार्ग का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (ख) क्‍या बरसात में उक्‍त मार्ग पूर्णत: बाधित हो जायेगा जिससे आवागमन में परेशानी होगी? उक्‍त संबंध में शासन की क्‍या योजना है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो क्‍या बरसात के पूर्व उक्‍त मार्ग की मरम्‍मत हो जायेगी? समय-सीमा बतावें

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ वर्तमान में लोक निर्माण विभाग म.प्र.ग्रा.स.वि. प्राधिकरण के पत्र दिनांक 8.05.2017 अनुसार मार्ग दिनांक 22.07.2017 को म.प्र.ग्रा.स.वि. प्राधिकरण को हस्‍तांतरित किया गया है। म.प्र.ग्रा.स.वि. प्राधिकरण द्वारा दिनांक 13.06.2019 के अनुसार मार्ग पुन: इस विभाग को हस्‍तांतरित किया गया है। इस विभाग की पूर्व स्‍वीकृति में कार्य संभव नहीं। अत: पुनरीक्षित प्रस्‍ताव तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। विभाग द्वारा मरम्‍मत कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान में सुगम यातायात हेतु मार्ग मोटरेबल रखा जा रहा है। (ग) विभाग द्वारा मरम्‍मत कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

भारत ओमान रिफायनरी प्रबंधन के द्वारा किये जा रहे प्रदूषण की जाँच

[पर्यावरण]

21. ( क्र. 362 ) श्री महेश राय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बीना के अंतर्गत संचालित औद्योगिक इकाई भारत ओमान रिफायनरी बीना के द्वारा वायु के माध्‍यम से केमिकल्‍स प्रदूषण किया जा रहा है जिससे आस-पास के ग्रामों एवं बीना नगर में केमिकल्‍स गिरने से खाने की सब्‍जी एवं फलों को जहरीला बनाया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो इससे जनमानस के स्‍वास्‍थ्‍य पर होने वाले दुष्‍परिणाम के लिये कौन उत्‍तरदायी होगा? (ग) क्‍या ग्राम नहरोन, भिलावली, बम्‍होरी में रिफायनरी प्रबंधन की डस्‍ट, राख के उड़ने से किसानों की फसलें नष्‍ट हो रही है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रबंधन द्वारा इन्‍हें मुआवजा राशि देने का प्रावधान है? (घ) ग्राम नहरोन, भिलावली, बम्‍होरी, दुर्जन एवं आस-पास के ग्रामीण चर्म रोग की बीमारी से पीड़ि‍त हो रहे हैं, उक्‍त संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है अवगत करावें

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्तरांश () के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नही। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शहर के बाहर रिंग (बायपास) रोड की स्‍वीकृति‍

[लोक निर्माण]

22. ( क्र. 370 ) श्री महेश राय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बीना शहर के पास बड़ी औद्योगिक इकाईयां चल रही हैं जिससे शहर में यातायात बढ़ गया है? क्‍या शासन के पास रिंग रोड (बायपास) बनाने की योजना है? (ख) यदि नहीं, तो क्‍या शासन उक्‍त संबंध में कोई योजना बना रही है? (ग) यदि हाँ, तो कब तक रिंग रोड (बायपास) स्‍वीकृत हो जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) वर्तमान में कोई योजना प्रस्‍तावित नहीं। (ग) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

रायसेन जिले में स्‍वीकृत कार्य

[लोक निर्माण]

23. ( क्र. 400 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग अंतर्गत रायसेन जिले में वर्ष 2016-17 से जून 19 तक की अवधि में बजट, अनुपूरक बजट तथा अन्‍य योजनाओं में कौन-कौन सी सड़कें-पुलें कब-कब स्‍वीकृत किये गये? (ख) उक्‍त स्‍वीकृत सड़कें तथा पुलों में से कौन-कौन से कार्य अप्रारंभ है तथा किन-किन कार्यों के टेण्‍डर आमंत्रित नहीं किये गये तथा क्‍यों? कार्यवार कारण बतायें (ग) उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में किन-किन में वन तथा बिजली के तार व पोल का व्‍यवधान है? विभाग के अधिकारियों द्वारा संबंधित विभाग से अनुमति प्राप्‍त करने हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? (घ) उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में किन-किन में भूमि अधिग्रहण की आवश्‍यकता है? इस हेतु विभाग के अधिकारियों ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) रायसेन जिले में स्‍वीकृत सड़क/पुलों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है।

अधिग्रहित भूमि का मुआवजा

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 432 ) श्री राहुल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दमोह विधानसभा अंतर्गत भीलमपुर-बालाकोट सड़क निर्माण के संबंध में एन.आई.टी. जारी की गई थी? यदि हाँ, तो उसकी प्रति उपलब्‍ध कराये। किस कंपनी के द्वारा उक्त मार्ग का निर्माण कार्य किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश () अनुसार निर्माणाधीन मार्ग में कितने भूमि स्वामियों की भूमि अधिग्रहित की गई है, सूची उपलब्ध करायें। क्या सभी भूमि स्वामियों को अधिग्रहित भूमि का शासन के अनुसार मुआवजा प्रदान कर दिया गया है? यदि हाँ, तो भूमिस्वामी के नाम, मुआवजा राशि की सूची उपलब्ध कराये। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) के भूमिस्वामियों के द्वारा कलेक्टर महोदय दमोह को मुआवजा न मिलने के संबंध में शिकायत की गई है? यदि हाँ, तो क्या और उस पर क्या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्नांश () के अनुसार क्‍या निर्माण कंपनी द्वारा सड़क निर्माण के लिए मुरम, गिट्टी का परिवहन ग्राम-जमुनिया में निर्मित खदान से किया जा रहा है। यदि हाँ, तो उक्त खदान की लीज संबंधी दस्तावेज का विवरण उपलब्ध कराये? यदि नहीं, तो कहाँ से किया जा रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नांश से सम्‍बंधित एन.आई.टी. की छायाप्रति (दमोह-जमुनिया-बालाकोट मार्ग हेतु) संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। मे. प्रकाश एस्‍फाल्टिंग एण्‍ड टोल हाईवेज (इंडिया) लि. महू जिला इन्‍दौर। (ख) कोई भूमि अधिग्रहित नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। कलेक्‍टर महोदय द्वारा जाँच कराई गई जिसके अनुसार किसी भी व्‍यक्ति की भूमि सड़क निर्माण में नहीं ली जा रही है तथा उक्‍त सड़क लोक निर्माण विभाग की है जो पूर्व से निर्मित है जिसका सुदृढ़ीकरण म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट -''चौदह''

पंचम नगर परियोजना मे हुए घोटालों की जाँच

[जल संसाधन]

25. ( क्र. 434 ) श्री राहुल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिलें में पंचम नगर सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य किन-किन निर्माण एजेंसियों के द्वारा कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना के कार्य की कुल लागत क्या है एवं कितने समयावधि में उक्त कार्य पूर्ण किया जायेगा? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित परियोजना में कार्यरत मजदूरों की मजदूरी का भुगतान दिनांक 30-31 मार्च 2010 को काटे गये 62 चेकों के माध्यम से भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त भुगतान की राशि के देयकों की प्रति उपलब्ध करायें। (ग) क्‍या प्रश्नांश (ख) के अनुसार क्‍या भुगतान हेतु काटे गये 62 चेकों की गड़बड़ी के संबंध में शिकायतकर्ता श्री दिवाकर करमरकर, निवासी- दमोह के द्वारा एफआईआर 741/11 की गई थी? यदि हाँ, तो उक्त एफ.आई.आर की प्रतिलिपि उपलब्ध करायें। क्या सभी दोषियों के खिलाफ संबंधित न्यायालय में चालान पेश कर दिये गये हैं? यदि हाँ, तो कब और नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्नांश (ग) के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत में भुगतान के लिये काटे गये 62 चेकों के भुगतान में गड़बड़ी की क्‍या जाँच कर ली गई हैं? यदि हाँ, तो जाँच की प्रति उपलब्ध करायें। नहीं तो क्यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) मेसर्स मन्‍टेना कन्‍स्‍ट्रक्‍शन प्रा.लि. हैदराबाद। कार्य की लागत रू. 674.90 करोड़। दिसम्‍बर 2020 तक पूर्ण किया जाना लक्षित। (ख) से (घ) जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

बैतूल विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

26. ( क्र. 445 ) श्री निलय डागा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैतूल विधान सभा क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2019-20 में किन-किन नवीन/जीर्णोद्धार सड़कों के निर्माण प्रावधानित है? सड़क का नाम एवं प्राक्कलन राशि एवं किस-किस मद से पूर्ण की जाना है? (ख) इनमें से किस-किस नवीन/जीर्णोद्धार सड़कों का निर्माण का प्रावधान जनप्रतिनिधियों की मांग पर प्रावधानित किया गया है? जनप्रतिनिधि का नाम भी बताएं (ग) उपरोक्त नवीन/जीर्णोद्धार सड़कें कब तक पूर्ण कर ली जावेंगी प्रत्येक की वर्तमान स्थिति बताएं

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है।

परिशिष्ट -''पंद्रह''

सिंचाई सुविधाओं के बारे में 

[जल संसाधन]

27. ( क्र. 478 ) श्री अर्जुन सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में दो फसली एवं एक फसली सिंचित क्षेत्र का विकासखण्‍डवार विवरण दें कुरई विकासखण्‍ड तथा बरघाट विकासखण्‍ड में बारहमासी सिंचाई परियोजनाओं का विवरण दें(ख) सिवनी जिले के कुरई विकासखण्‍ड से बैनगंगा, हिररी सहित 4 महत्‍वपूर्ण नदियों का उद्गम है बावजूद इसके यह क्षेत्र पूरी तरह सूखे क्षेत्र में तब्‍दील हो गया है? इन नदियों को पुनर्जीवित करने की सरकार की क्‍या योजना है? लम्‍बे समय से माचागोरा बांध का पानी इस क्षेत्र को दिया जाए यह जनकांक्षा है, इसकी पूर्ति के लिये सरकार की क्‍या योजना है? (ग) जिले में नदी जोड़ों योजना के तहत माचागोरा बांध का पानी कुरई तथा बरघाट विकासखण्‍ड को उपलब्‍ध कराने के लिए प्रस्‍तावित योजना का विवरण दें? (घ) सिवनी जिले के लिए पर्यावरण और खेती की जमीन व जल संसाधन की तबाही का पर्याय बनने वाली मोगली जलाशय योजना को निरस्‍त करने के संबंध में क्‍या प्रगति हुई हैं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। कुरई तथा बरघाट विकासखण्‍ड में कोई भी बारहमासी सिंचाई परियोजना नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र सूखे में तब्‍दील होने की कोई स्थिति नहीं है। नदियों को पुनर्जीवित करने का विभाग में कोई प्रस्‍ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है। परियोजना का समुचित जल उपयोग कर लिये जाने तथा अन्‍य क्षेत्र के लिए पानी उपलब्‍ध नहीं होने के कारण प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में पानी उपलब्‍ध कराया जाना संभव नहीं है। (ग) नदी जोड़ों योजना के तहत माचागोरा बांध का पानी कुरई तथा बरघाट विकासखण्‍ड को उपलब्‍ध कराने के लिए वर्तमान में कोई योजना प्रस्‍तावित अथवा विचाराधीन नहीं है। (घ) मोगली जलाशय परियोजना का निरस्‍तीकरण प्रस्‍ताव मुख्‍य अभियंता सिवनी द्वारा प्रमुख अभियंता भोपाल को उनके पत्र दिनांक 23.01.2019 द्वारा प्रेषित किया जाना प्रतिवेदित है।

परिशिष्ट -''सोलह''

मुख्‍यमंत्री आवासों में व्‍यय के संबंध में 

[लोक निर्माण]

28. ( क्र. 505 ) डॉ. नरोत्तम मिश्र : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुख्‍यमंत्री/मंत्रिगणों को भोपाल में शासकीय आवास आवंटित किये गये हैं? आवासवार व नामवार जानकारी देवें। (ख) यदि हाँ, तो क्‍या आवंटित शासकीय आवासों में नव निर्माण, मरम्‍मत व साज-सज्‍जा के कार्य कराए गये है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि हाँ, तो कौन-कौन से आवासों में कितनी-कितनी राशि के कार्य कराए गए है? मुख्‍यमंत्री आवास सहित कार्य का नाम व कुल राशि की स्‍पष्‍ट जानकारी दें

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी हाँ। विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

शहडोल-रीवा (अमरकंटक) रोड निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

29. ( क्र. 511 ) श्री शरदेन्दु तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल-रीवा (अमरकंटक) रोड की वर्तमान क्‍या स्थिति है? (ख) क्‍या बधवार स्थित अल्‍ट्राटेक सीमेंट उद्योग होने के कारण एवं सिंगरौली की तरफ से काफी औद्योगिक वाहनों के आवागमन से पहाड़ की रोड पूरी तरह उखड़ चुकी है? (ग) यदि हाँ, तो आवागमन की दृष्टि से इस मार्ग को पुन: बनाये जाने एवं वर्तमान के मरम्‍मत किये जाने के संबंध में क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) शहडोल-रीवा-अमरकंटक मार्ग में वर्तमान में सुचारू रूप से यातायात संचालित है। (ख) जी नहीं, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्‍त। (ग) मार्ग के शहडोल-रीवा हिस्‍से को भारत सरकार द्वारा सैद्धांतिक रूप से राष्‍ट्रीय राजमार्ग घोषित किये जाने हेतु अनुमोदित किया गया है। निर्माण हेतु भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा डी.पी.आर की कार्यवाही प्रगति पर है। मार्ग का नियमित संधारण आवश्‍यकतानुसार जोनल अनुबंध के माध्‍यम से संपादित किया जा रहा है। अन्‍य हिस्‍से बुढ़ार-अमरकंटक मार्ग के मरम्‍मत लायक हिस्‍सों के रिन्‍यूवल हेतु निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है।

सागर परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण

[जल संसाधन]

30. ( क्र. 514 ) श्री शरदेन्दु तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बाण सागर परियोजना के अंतर्गत कितनी छोटी एवं बड़ी/मध्‍यम/नहरें है जो चुरहट विधान सभा क्षेत्र से होकर गुजरती है? (ख) उपरोक्‍त नहरों की रख-रखाव की जिम्‍मेदारी किसके पास है, वर्तमान में उपरोक्‍त नहरों के रिसाव एवं क्रेक होने की स्थिति में कहाँ-कहाँ पानी बह रहा है? (ग) चुरहट विधान सभा में कितनी छोटी नहरें गांव-गांव तक पानी पहुंचाने के लिये बनाई जा रही है? गांववार बतावें इन नहरों को जल समि‍ति के अथवा ठेकेदार के माध्‍यम से बनवाई जा रही है, वर्तमान स्थिति क्‍या है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) नहरों के रख-रखाव की जिम्‍मेदारी जल उपभोक्‍ता संथाओं एवं जल संसाधन विभाग की है। उत्‍तर प्रदेश पोषक नहर के रख-रखाव की जिम्‍मेदारी उत्‍तर प्रदेश शासन की है। मध्‍यप्रदेश की नहरों में कोई रिसाव व क्रेक नहीं होना प्रतिवेदित हैवर्तमान में उत्‍तर प्रदेश की पोषक नहर से रिसाव को रोकने हेतु उत्‍तर प्रदेश राज्‍य द्वारा आवश्‍यक कार्य करा दिया जाना प्रतिवेदित है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''''अनुसार है। छोटी नहरों का निर्माण जल उपभोक्‍ता संथाओं के माध्‍यम से कराया जाना प्रतिवेदित है। सभी नहरों का कार्य पूर्ण है।

नहरों के द्वारा ग्रामों में सिंचाई

[जल संसाधन]

31. ( क्र. 545 ) श्री गिर्राज डण्‍डौतिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग संभाग अम्‍बाह जिला मुरैना A,B,C के किस कि.मी. से प्रारंभ होकर कहाँ तक कार्यरत है, व इसमें कितनी शाखाएं/उपशाखाएं स्‍थापित हैं? कि.मी. सहित बतावें व शाखा/उपशाखाओं की जानकारी भी उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित मुख्‍य शाखाओं व उसकी समस्‍त उपशाखाओं/माइनर्स में कितने ग्रामों की सिंचाई हो रही है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित मुख्‍य शाखा एव उपशाखाओं के टेलपॉरशन (अंतिम छोर) तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है? यदि हाँ, तो इसके कारण क्‍या है व टेलपॉरशन तक पानी कब तक दे दिया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। अम्‍बाह ब्रांच केनाल में शाखा एवं उप शाखा नहरें 114 स्‍थापित हैं तथा उक्‍त नहरों से 304 ग्राम में सिंचाई की जाना प्रतिवेदित है। (ग) जी नहीं। सभी शाखा एवं उप शाखाओं के अंतिम छोर तक पानी पहुंचना (राजस्‍थान) से मुख्‍य नहर पर प्राप्‍त होने वाले पानी पर निर्भर है। कोटा बैराज से कभी-कभी पर्याप्‍त मात्रा में पानी उपलब्‍ध नहीं होने से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने में आंशिक कमी आती है।

संचालित सिंचाई संथाएं

[जल संसाधन]

32. ( क्र. 546 ) श्री गिर्राज डण्‍डौतिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधान संभाग अम्‍बाह में कितनी सिंचाई संथाएं संचालित है? संथा का नाम, कोड क्रमांक, अध्‍यक्ष व समिति के सभी सदस्‍यों के नाम बतायें जावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में वर्ष 2003 से 2008 तक कार्यरत सिंचाई संथाओं को कितनी-कितनी राशि दी जाकर कार्य किस-किस एजेंसी से कराये गये कार्यों की जानकारी लागत राशि निर्माण एजेंसी का नाम, कार्य विवरण आदि सहित बताया जावे। क्‍या सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं? अथवा शेष है व शेष कार्य कब तक करा दिये जावेंगे।

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है।

रिंगरोड पर फ्लाई ओवर निर्माण

[लोक निर्माण]

33. ( क्र. 603 ) श्री महेन्द्र हार्डिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि () क्या इन्दौर शहर के पूर्वी रिंगरोड पर पिपल्याहाना एवं बंगाली चौराहे पर फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य चल रहा है। () क्या इन्दौर शहर में रिंगरोड पर यातायात का भारी दबाव रहता है एवं आए दिन जाम की स्थिति निर्मित होती हैं? () यदि हाँ, तो रिंगरोड पर खजराना चौराहा, एमआर-9 चौराहा, रेडिसन चौराहा एवं बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहे पर फ्लाई ओवर का निर्माण कब स्वीकृत होगा? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : () एवं () जी हाँ। () वर्तमान में सीमित वित्‍तीय संसाधन होने से, स्‍वीकृति की निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

मुख्‍यमंत्री कृषि पम्‍प योजना अंतर्गत लाईन विस्‍तार एवं ट्रांसफार्मर लगाना  

[ऊर्जा]

34. ( क्र. 627 ) श्री रामकिशोर कावरे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री कृषि पम्‍प योजना में बालाघाट जिले में 2015 से आज दिनांक तक कितने प्रकरण स्‍वीकृत किये गये है। कितने प्रकरण मे कार्य पूर्ण किया गया? (ख) इस योजना में लाईन विस्‍तार एवं ट्रांसफार्मर लगाने की निविदा कब निकाली गई और 2015 से अब तक कौन-कौन ठेकेदार के द्वारा किया गया गया हैं? ठेकेदार के नाम सहित जानकारी देवें। (ग) क्‍या इस योजना में लगाये गये पोल, तार निम्‍न स्‍तर का लगाया गया हैं? यदि हाँ, तो क्‍या भोपाल स्‍तर के अधिकारियों से जाँच करायेंगे। (घ) क्‍या इस योजना से विकासखण्‍ड बालाघाट, किरनापुर, लांजी, वारासिवनी विकासखण्‍ड अंतर्गत सैकड़ेवार किसानों की शिकायत मिली हैं? प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी वरिष्‍ठ विद्युत विभाग अधिकारी को मौखिक जानकारी दी गई हैं, क्‍या मंत्री जी इसे संज्ञान में लेकर जाँच करायेंगे।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) बालाघाट जिले में मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना प्रारंभ दिनांक 01.04.16 से दिनांक 22.06.19 तक कुल 835 स्‍थाई कृषि पम्‍पों के कार्यों हेतु प्राक्‍कलन स्‍वीकृत किये गये हैं तथा उक्‍त में से 732 स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शनों का कार्य पूर्ण कर दिया गया हैं। (ख) प्रश्‍नाधीन योजना अन्‍तर्गत टर्न की आधार पर लाईन विस्‍तार एवं ट्रांसफार्मर लगाने के कार्यों हेतु निविदा अधीक्षण अभियंता (संचा.-संधा.) सिवनी द्वारा ई-टेन्‍डर क्रमांक 996 दिनांक 26.05.17 के माध्‍यम से निकाली गई जिसमें 13 निविदाकारों द्वारा भाग लिया गया था। निविदा में प्राप्‍त न्‍यूनतम दर अधिक होने से निविदा रद्द की गई। तत्‍पश्‍चात अधीक्षण अभियंता (संचा.-संधा.) बालाघाट द्वारा निविदा ई-टेन्‍डर क्रमांक 1513, दिनांक 22.05.18 द्वारा निकाली गई, जिसमें कार्य सम्‍पादन हेतु 3 फर्मों को अवार्ड जारी किया गया था किन्‍तु उक्‍त फर्मों द्वारा अनुबंध नहीं किया गया, जिससे उक्‍त अवार्डों को निरस्‍त किया गया। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन लाईन विस्‍तार एवं ट्रांसफार्मर लगाने के कार्य पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय स्‍तर पर लेबर कान्‍ट्रेक्‍टर के माध्‍यम से कराये गये। लेबर कान्‍ट्रेक्‍टर के माध्‍यम से कराये गये कार्यों का ठेकेदारों के नाम/पता सहित विवरण  संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नाधीन योजनान्‍तर्गत लाईन विस्‍तार के कार्यों में लगाये गये पोल, तार आदि सामग्री पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय स्‍तर से क्रय करने के पूर्व इसका परीक्षण थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेन्‍सी/वितरण कंपनी के संबंधित अधिकारी द्वारा किया जाता है। सामग्री वितरण कंपनी के भंडारगृह में प्राप्‍त होने के पश्‍चात् रेण्‍डम सेम्‍पलिंग कर सामग्री का परीक्षण एन.ए.बी.एल. प्रमाणित प्रयोगशाला से कराया जाता है तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही इसका उपयोग किया जाता है। उक्‍त योजनान्‍तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में पी.सी.सी. पोल की गुणवत्‍ता की जाँच जिले में पदस्‍थ कार्यपालन अभियंता (एस.टी.सी.) द्वारा पोल निर्माण फैक्‍ट्री में जाकर की जाती है तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने पर अनुमोदन उपरांत पोल क्रय किये जाते हैं। अत: प्रश्‍नाधीन योजना में उपयोग की गई सामग्री की जाँच कराने की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) प्रश्‍नाधीन योजनान्‍तर्गत प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित विकास खण्‍डों से किसानों द्वारा कुल 15 शिकायतें कृषि पम्‍प कनेक्‍शन के लाईन विस्‍तार के कार्य पूर्ण नहीं किये जाने के संबंध में प्राप्‍त हुई है। उक्‍त विकासखण्‍डों से प्राप्‍त शिकायतों एवं उनमें से निराकृत की गई शिकायतों की विकासखण्‍डवार संख्‍या की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय से मौखिक एवं लिखित रूप से उक्‍त संबंध में 4 शिकायतें प्राप्‍त हुई थी जिसमें से 2 शिकायतों में सम्मिलित कार्य कृषकों के आपसी विवाद के कारण तथा 1 शिकायत में कृ‍षक द्वारा निर्धारित अंश राशि जमा नहीं किये जाने के कारण कार्य नहीं किया गया है एवं 1 प्रकरण में कृषि पंप कनेक्‍शन का कार्य प्रगति पर है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में कोई जाँच कराया जाना आवश्‍यक नहीं है।

परिशिष्ट -''सत्रह''

ग्रामीण क्षेत्र में नवीन कुटीर उद्योग प्रारम्‍भ करना

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

35. ( क्र. 633 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवीन कु‍टीर एवं ग्रामोद्योग प्रारम्‍भ करने के क्‍या नियम/शासन की नीति है? नियम सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍न कंडिका (क) अनुसार उपलब्‍ध जानकारी अनुसार राजगढ़ विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितने नवीन उद्योग प्रारम्‍भ करने का लक्ष्‍य हैं?

कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री ( श्री हर्ष यादव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है (ख) विभाग अंतर्गत विधानसभा क्षेत्रवार लक्ष्‍यों का निर्धारण नहीं किया जाता है। वर्ष 2019-20 में राजगढ़ जिले में नवीन कुटीर उद्योग स्‍थापना हेतु मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना में 99 तथा मुख्‍यमंत्री आर्थिक कल्‍याण योजना में 84 तथा निजी क्षेत्र में मलबरी पौधारोपण हेतु 55 एकड़ का लक्ष्‍य प्रस्‍तावित है जिसमें राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के हितग्राही भी लाभान्वित हो सकेंगे।

मोहनपुरा वृहद सिंचाई योजना

[जल संसाधन]

36. ( क्र. 634 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मोहनपुरा वृहद सिंचाई योजना राजगढ़ की सी.सी. जारी हो गई है तथा उक्‍त डेम निर्माण में कुल कितनी राशि व्‍यय हुई? व्‍यय राशि सहित सी.सी. जारी होने के दिनांक की जानकारी दें (ख) क्‍या मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई हेतु नहर निर्माण भी होना है? (ग) क्‍या मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना की लेफ्ट बैंक केनाल का निर्माण भी होना है? यदि हाँ, तो लेफ्ट बैंक केनाल से कितने हेक्‍टर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्‍तावित है? (घ) लेफ्ट बैंक केनाल का निर्माण कब तक हो जायेगा तथा सिंचाई सुविधा कब से उपलब्‍ध हो जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। केवल मोहनपुरा बांध निर्माण की सी.सी. जारी की जाना प्रतिवेदित है। बांध निर्माण में कुल राशि रू. 440.29 करोड़ निवेश किया जाना प्रतिवेदित है। सी.सी. जारी होने का दिनांक 20.02.2018 है। जी हाँ। (ग) जी हाँ। बांयी तट नहर से 1,15,101 हेक्‍टर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्‍तावित है। (घ) बांयी तट नहर माह जुलाई 2021 तक पूर्ण होना लक्षित है। समय-सीमा निर्धारित करना संभव नहीं है।

गरीबों की संबल योजना 

[श्रम]

37. ( क्र. 679 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के हर वर्ग के गरीब के उत्थान के लिए असंगठित मजदूरों के पंजीयन का कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि हाँ, तो खंडवा जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में कुल कितने लोगों का पंजीयन किया जा चुका है? नगरीय निकाय एवं जनपदवार संख्या बताये (ख) क्या इस योजना से प्रदेश के लाखों गरीब मजदूर परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में मदद मिलेगी? यदि हाँ, तो मुख्य रूप से कौन-कौन से लाभ मिलने की संभावना थी? (ग) क्या यह योजना वर्तमान में प्रभावशील है? यदि नहीं, तो क्यों? क्या गरीब वर्ग के उत्थान के लिए बनाई गई इस महत्वपूर्ण योजना को बन्द कर दिया गया है यदि हाँ, तो क्यों? (घ) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए वरदान सिद्ध होने वाली संबल योजना में बजट में क्या प्रावधान किये गये है? क्या इसे बजट में प्राथमिकता दी गई है? (ड.) क्या प्रदेश सरकार गरीब मजदूरों के हित में सम्बल योजना को पूर्ववत लागू क्रियान्वित रखने का निर्णय लेकर उनका जीवन स्तर उपर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है?

श्रम मंत्री ( श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया ) : (क) खण्डवा जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के कुल 4,46,900 असंगठित मजदूरों का पंजीयन अब तक किया गया है। नगरीय निकाय एवं जनपदवार पंजीयन की  जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। योजनान्‍तर्गत मुख्य रूप से मिलने वाले लाभ निम्नानुसार हैः- अन्त्येष्टि सहायता, अनुग्रह सहायता (सामान्य मृत्यु), अनुग्रह सहायता (दुर्घटना में मृत्यु), अनुग्रह सहायता (स्थाई अपंगता), अनुग्रह सहायता (आंशिक स्थाई अपंगता), प्रसूति सहायता, सरल बिजली बिल एवं निःशुल्क शिक्षा योजना। (ग) जी हां, योजना का संचालन निरंतरित है। (घ) जी हाँ। मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना में वर्ष 2019-20 हेतु प्रारंभिक रूप से रूपये 800 करोड़ के बजट प्रावधान के प्रस्ताव किये गये हैं। (ड.) जी हाँ। जरूरी सुधार उपरांत मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना क्रियान्वित की जा रही है।

परिशिष्ट -''अठारह ''

नहर निर्माण के संबंध में

[जल संसाधन]

38. ( क्र. 700 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिरमौर अंतर्गत कुल कितने स्थानों पर नहर निर्माण का कार्य संचालित है? कुल कितने स्थानों पर नहर निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है? कितने स्थानों पर नहर निर्माण का कार्य चालू है? (ख) जिन स्थानों पर नहर निर्माण किया जाना प्रस्तावित है, उनमें से किन ग्रामों का सर्वे पूर्ण हो चुका है? क्या अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा समस्त प्रभावित कृषकों को प्राप्त हो चुका है ऐसे कितने कृषक है जिनकी अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा लंबित है? कब तक ऐसे प्रभावित कृषकों को मुआवजा राशि उपलब्ध करायी जा सकेगी? (ग) विधानसभा क्षेत्र सिरमौर अंतर्गत किन- किन ग्रामों को नहर से जोड़े जाने का प्रस्ताव है? नहर निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने हेतु विभाग द्वारा क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। निर्माणाधीन नहरों के 7,900 कृषकों को अधिग्रहित भूमि के मुआवजा का भुगतान किया जाना प्रतिवेदित है। शेष प्रभावित 105 कृषकों को मुआवजा राशि भुगतान हेतु लंबित होना प्रतिवेदित है। मुआवजा राशि का वितरण भू-अर्जन अधिकारी द्वारा किए जाने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

खेल स्‍टेडियम का संचालन 

[खेल और युवा कल्याण]

39. ( क्र. 773 ) श्रीमती कृष्णा गौर : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजधानी भोपाल में विभाग द्वारा कौन-कौन से खेल स्‍टेडियम का संचालन किया जा रहा है? स्‍टेडियम के नाम सहित बताया जाए? (ख) केन्‍द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा टी.टी. नगर स्‍टेडियम के रख-रखाव एवं खिलाडियों को सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिये जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी धनराशि प्रदाय की गई? (ग) विभाग द्वारा टी.टी. नगर स्‍टेडियम के रख-रखाव एवं खिलाडियों को सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिये वर्ष जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस मद में कितनी-कितनी धनराशि व्‍यय की गई? मदवार, कार्य सहित विवरण दिया जाए?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) राजधानी भोपाल में विभाग द्वारा टी.टी नगर स्टेडियम, बाबेअली स्टेडियम तथा मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम एवं ऐशबाग हॉकी स्टेडियम पर हॉकी टर्फ का संचालन किया जा रहा है। (ख) केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2017-18 में एथेलेटिक ट्रेक हेतु राशि रू. 2.00 करोड़ तथा मल्टीपरपज हॉल हेतु राशि रू. 3.00 करोड़ प्राप्त हुये है। प्रदेश सरकार द्वारा टी.टी. नगर स्टेडियम के रख-रखाव हेतु पृथक से राशि आवंटित नहीं की जाती है, बल्कि प्रतिवर्ष स्टेडियम अधोसंरचना मद में बजट उपलब्ध करवाया जाता है। वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक स्टेडियम अधोसंरचना मद में प्रावधानित राशि का विवरण  संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) टी.टी.नगर स्टेडियम के रख-रखाव एवं खिलाडियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिये वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक मदवार व कार्यवार व्यय राशि की जानकारी  संलग्न परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट -''उन्नीस''

खेल स्‍टेडियम का निर्माण

[खेल और युवा कल्याण]

40. ( क्र. 789 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मकरोनिया में खेल स्‍टेडियम की स्‍वीकृति विभाग द्वारा प्रदान की गई है या लंबित है? (ख) क्‍या खेल स्‍टेडियम मकरोनिया हेतु राजस्‍व विभाग द्वारा भूमि आरक्षित कर दी गई है? (ग) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा उक्‍त भूमि का निरीक्षण किया गया है तथा इस संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) विभाग द्वारा खेल मैदान मकरोनिया का निर्माण कार्य कब तक किया जायेगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) जी नहीं, उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण स्वीकृति नहीं दी गई है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ भूमि उपयुक्त नहीं होने के कारण विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। (घ) प्रश्‍नोत्तर () के संदर्भ में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अपूर्ण एवं अप्रारंभ निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

41. ( क्र. 790 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरयावली विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा कितने सड़क निर्माण कार्य स्‍वीकृ‍त किये गये? स्‍वीकृत कार्यों के नाम, लागत, कार्य पूर्ण करने की दिनांक, कार्य की भौतिक प्रगति से अवगत करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित अवधि के सड़क निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण न होने एवं प्रारंभ न करने के कारणों से अवगत करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में दर्शाये गये अपूर्ण एवं अप्रारंभ कार्यों को पूर्ण एवं प्रारंभ कराने के लिये विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, की जावेगी तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-'' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) अनुबंधानुसार कार्यवाही की जावेगी। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है।

स्टॉपडेम व तालाब निर्माण

[जल संसाधन]

42. ( क्र. 803 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न नदियों/नालों में कितने स्टॉप डेम, कितने स्थानों पर तालाब हैं? उनके नाम सहित उनसे कितना रकबा सिंचित किया जाता है? (ख) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कितने स्टॉप डेमों/तालाबों के टेण्डर विभाग द्वारा आमंत्रित किए गए हैं? नाम सहित सम्पूर्ण विवरण दें। (ग) क्षेत्र में कितने स्टॉप डेमों/तालाबों का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है? कितनों का कार्य अपूर्ण/अप्रारंभ है? पृथक-पृथक सम्पूर्ण जानकारी दें। (घ) क्षेत्र में कितने तालाब/स्टाप डेमों की साध्यता होकर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है? नाम सहित विवरण दें।

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) एव (ख) जानकारी  संलग्न परिशिष्ट  के  प्रपत्र-अ अनुसार है। निरंक। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) एवं (घ) निर्माणाधीन परियोजना की जानकारी  संलग्न परिशिष्ट  के  प्रपत्र-ब अनुसार तथा प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त परियोजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

परिशिष्ट -''बीस''

जल संरचनाओं में निजी भूमि का अधिग्रहण

[जल संसाधन]

43. ( क्र. 821 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शाजापुर में दिसंबर 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन बेराज/स्‍टाप डेम/तालाब की कितनी राशि की प्रशासकीय स्‍वीकृती जारी की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित संरचनाओं में निजी भूमि कितनी-कितनी अधिग्रहण की जा रही है? संरचनावार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित भूमि के मालिकों से क्‍या एन.ओ.सी. प्राप्‍त कर ली गई है? यदि हाँ, तो सूची प्रदान करें।

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट -''इक्कीस''

तालाबों का संरक्षण

[जल संसाधन]

44. ( क्र. 831 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में कितने और कौन-कौन से तालाब/जलाशय कहाँ-कहाँ निर्मित हैं? इन तालाबों/जलाशयों का क्या-क्या उपयोग वर्तमान में किया जा रहा हैं, और इनका कितना-कितना क्षेत्रफल और कैचमेंट क्षेत्र हैं? तालाब/जलाशयवार बताएं। (ख) क्या कटनी तहसील के ग्राम-पिपरौंध में स्थित तालाब/जलाशय के भराव का क्षेत्र और कैचमेंट क्षेत्र वर्तमान में कम हुआ हैं? यदि हाँ, तो क्यों? (ग) पिपरोंध के तालाब/जलाशय और इसकी नहरों की मरम्मत और सुधार के विगत 03 वर्षों में क्या-क्या कार्य कितनी-कितनी राशि से कब-कब किये गये और वर्तमान में क्या कार्य कराये जाने की आवश्यकता है? (घ) प्रश्नांश (ख) से (ग) के परिप्रेक्ष्य मे पिपरौंध के तालाब/जलाशय को सुरक्षित एवं जल भराव का क्षेत्र बढ़ाने के शासन स्तर से आदेश कर कार्यवाही की जायेंगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों ?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) कटनी जिले में 1 मध्‍यम एवं 88 लघु सिंचाई परियोजनाएं निर्मित हैं, जिनका उपयोग सिंचाई कार्य हेतु किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं। (ग) विगत 3 वर्षों में विभाग द्वारा प्रश्‍नाधीन जलाशय और उसकी नहरों का कोई मरम्‍मत/सुधार कार्य नहीं कराया जाना प्रतिवेदित है। पिपरोंध जलाशय के अंतर्गत प्रस्‍तावित कार्य का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी नहीं। आवश्‍यकता नहीं होने से शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

पार्वती रेसई परियोजना में लंबित मुआवजा

[जल संसाधन]

45. ( क्र. 838 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले के अंतर्गत पार्वती रेसई सिंचाई परियोजना का कार्य प्रगतिरत है, यदि हाँ, तो परियोजना की संपूर्ण लागत, डूब क्षेत्र में सम्मिलित ग्राम (चल-अचल संपत्ति) विस्‍थापित ग्राम/परिवार, निर्माण एजेन्‍सी एवं अनुबंध की सेवा शर्तों आदि सहित परियोजना का विस्‍तृत विवरण देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त परियोजना से प्रभावित किन-किन परिवारों को कितनी-कितनी मुआवजा राशि स्‍वीकृत होकर किन-किन को वितरित की जा चुकी है तथा किन कारणों से किया जाना शेष है तथा कब तक शेष राशि का वितरण करा दिया जावेगा? (ग) क्‍या पूर्व में सर्वेक्षण के समय जिन ग्रामों को डूब क्षेत्र में चिन्हित किया गया था वर्तमान में उनको डूब क्षेत्र से बाहर बताया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 02.06.2019 को आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में विभागीय अधिकारियों को प्रभावित ग्राम भैरूपुरा की जान‍कारी देते हुए इसी प्रकार के अन्‍य ग्रामों की वस्‍तुस्थिति का परीक्षण कर आ रही विसंगति को दूर किये जाने का उल्‍लेख किया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त संबंध में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की गई, यदि हाँ, तो क्‍या, यदि नहीं, तो क्‍यों तथा कब तक, उक्‍त विसंगति को दूर कर पात्र डूब प्रभावितों को मुआवजा प्रदान करने की कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) से (ग) पार्वती रेसई नाम की कोई सिंचाई परियोजना नहीं होने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं। 

बड़ोदिया तालाब मार्ग सुधारीकरण

[जल संसाधन]

46. ( क्र. 839 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ म.प्र. के पत्र क्रमांक 74/ कार्य/बड़ोदिया तालाब/ज.स.स./2018 नरसिंहगढ़ दिनांक 07.01.2019 द्वारा बड़ोदिया तालाब पहुँच मार्ग के सुधारीकरण हेतु प्राक्‍कलन राशि रूपये 31.64 लाख का तैयार कर आवश्‍यक स्‍वीकृति हेतु अधीक्षण यंत्री जल संसाधन मंडल भोपाल म.प्र. को प्रेषित किया गया है, यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त प्राक्‍कलन अनुसार मार्ग सुधारीकरण हेतु आवश्‍यक राशि की स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई है, यदि हाँ, तो स्‍वीकृति आदेश की प्रति देवें, यदि नहीं, तो उक्‍त संबंध में क्‍या कार्यवाही किन कारणों से, किस स्‍तर पर कब से लंबित है? लंबित कार्यवाही के लिये कौन-कौन दोषी है? (ख) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन उक्‍त मार्ग पर सुगम आवागमन प्रदान करने हेतु ग्रामीणजनों की मांग के दृष्टिगत प्रश्‍नांश (क) प्राक्‍कलन अनुसार आवश्‍यक राशि की स्‍वी‍कृति प्रदान करेगा, यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) बड़ोदिया तालाब पहुंच मार्ग के सुधार कार्य का प्रस्‍ताव प्रमुख अभियंता कार्यालय में परीक्षणाधीन होने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं। (ख) प्रश्‍नांश () में दिये उत्‍तर के प्रकाश में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सोलर एनर्जी का ठेका निजी कम्पनी को दिए जाना

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

47. ( क्र. 844 ) श्री महेश परमार : क्या कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पूर्व ऊर्जा मंत्री के कार्यकाल में सोलर एनर्जी का ठेका इनफिनिट एनर्जी सोलुशन (Infinit Energy Solution) को टेंडर के माध्यम से दिया गया था, यदि हाँ, तो क्या उक्त कंपनी उनके किसी परिवार के सदस्य के नाम से पंजीकृत थी? (ख) पूर्व ऊर्जा मंत्री के कार्यकाल में टेंडर जारी करने के लिए अपनायी गयी प्रक्रिया क्या थी? उक्त प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए कौन-कौन से नियम लागू थे? उन नियमों की सत्यापित प्रतियों के साथ साथ टेंडर प्रक्रिया में उपयोग किये गए समुचित अभिलेखों की जानकारी उपलब्ध कराने का कष्ट करें। (ग) क्या बार-बार विद्युत कटौत्री होने के कारण आम जनता सोलर एनर्जी सिस्टम खरीदने के लिए प्रेरित हो रही है? यदि हाँ, तो क्या उसका प्रत्यक्ष लाभ उपरोक्त निजी कंपनी को हो रहा है या भविष्य में होगा? (घ) उपरोक्त टेंडर प्रक्रिया के दौरान उक्त कार्यकाल में कौन-कौन अधिकारी किस-किस पद पर किन कार्यों के लिए पदस्थ किये गए थे और वर्तमान में वे अधिकारी कहाँ और किस पद पर, किस परियोजना के लिए कार्यरत है?

कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री ( श्री हर्ष यादव ) : (क) जी हाँ। म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा सोलर रूफटाप परियोजनाओं के लिए कुल 16 श्रेणियों (क्षमता व बैटरी के आधार पर) की निविदा में से 2 श्रेणियों में मेसर्स इनफिनिट एनर्जी का चयन किया गया। प्राप्‍त जानकारी अनुसार मेसर्स एनफिनिट द्वारा प्रस्‍तुत निविदा में कम्‍पनी पंजीकरण की जानकारी में कम्‍पनी के डायरेक्‍टर्स का पूर्व ऊर्जा मंत्री से संबंध उल्‍लेखित नहीं है। (ख) पूर्व ऊर्जा मंत्री के कार्यकाल में निविदाएं म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा संचालित की जाती थी, जिनके संचालक मण्‍डल में पूर्व ऊर्जा मंत्री नहीं थे। म.प्र. ऊर्जा विकास निगम की निविदाएं राष्‍ट्रीय स्‍तर पर आमंत्रित किये जाने की प्रक्रिया थी। प्रश्‍नाधीन निविदा में 30 इकाईयों ने भाग लिया, जिसमें से 26 राज्‍य के बाहर की थीं। उक्‍त प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिये प्रस्‍तावों का ऑनलाईन पद्धति से जमा किये जाने की प्रक्रिया लागू थी, इस निविदा में प्राप्‍त न्‍यूनतम दरें भारत सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा तय की गई बैंचमार्क मूल्‍य की तुलना में विभिन्‍न श्रेणियों हेतु 3-26 प्रतिशत तक कम प्राप्‍त हुई है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब अनुसार है। इस निविदा में प्राप्‍त दरें निगम के पूर्व वर्ष में (वर्ष 2014) माननीकृत की गई दरों की तुलना में 31-238 प्रतिशत तक कम प्राप्‍त हुई है। निविदा की आर.एफ.पी. पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी नहीं। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में लागू नहीं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

पर्यावरण विकास एवं संरक्षण कार्यक्रम का क्रियान्‍वयन

[पर्यावरण]

48. ( क्र. 847 ) श्री महेश परमार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में पर्यावरण विकास एवं संरक्षण के लिए कुल कितनी शासकीय एवं गैर शासकीय संस्थाएं कार्य कर रही हैं? इनमें से उत्कृष्ट कार्य करने वाली कितनी संस्थाएं हैं? उन्होंने कौन से उत्कृष्ट कार्य किए हैं? (ख) चालू वित्तीय वर्ष में कुल कितने भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य किन-किन योजनाओं में रखे गए हैं और उनकी क्रियान्वयन एजेन्सी कौन-कौन सी है? नाम, पते सहित जानकारी प्रस्तुत करें। (ग) पर्यावरण विभाग द्वारा इस वर्ष कार्ययोजना में उज्जैन जिले के लिए कुल कितने कार्य स्वीकृत किए है एवं कितनी राशि स्वीकृत की गयी है तथा उनकी समय-सीमा क्या है? (घ) उज्जैन जिले के पर्यावरण विभाग द्वारा कुल कितने बड़े प्रोजेक्ट कितनी राशि के स्वीकृत किए है? उनकी क्रियान्वयन एजेन्सी कौन सी है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) उज्जैन जिले के शहरी क्षेत्रों में स्थित 04 तालाबों के पर्यावरण संरक्षण हेतु जिला कलेक्टर के माध्यम से conservation of urban water bodies परियोजनाओं का नगर पालिका खाचरोद, उन्हेल, तराना एवं मकडोन द्वारा क्रियान्वयन किया जा रहा है। एप्को द्वारा उज्जैन जिले में 250 शासकीय विद्यालयों तथा 02 महाविद्यालयों में भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्रवर्तित राष्ट्रीय हरित कोर कार्यक्रम अंतर्गत इको क्लबों का संचालन किया जाता है। वन मण्डल उज्जैन द्वारा भी पर्यावरण वानिकी, क्षतिपूर्ति वनीकरण व शहरी वनीकरण संबंधी कार्य किये जाते है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र- अ एवं ब अनुसार है। (ग) एवं (घ) उज्जैन जिले के लिये विभाग द्वारा कोई कार्य/प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं किये जाने के कारण प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट -''बाईस''

खेल मैदानों की जानकारी

[खेल और युवा कल्याण]

49. ( क्र. 854 ) श्री हरदीपसिंह डंग : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन द्वारा युवाओं हेतु कौन-कौन से खेलों को महत्व दिया जाकर योजना में सम्मिलित किया गया है? (ख) विगत 5 वर्षों में विभाग द्वारा मंदसौर जिले में खेलों हेतु क्या-क्या कार्यक्रम कराये गये हैं, खेल का नाम, स्थान, कार्यक्रम पर खर्च की गई राशि की जानकारी देवें। (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के नगरीय क्षेत्र सीतामऊ, शामगढ़, सुवासरा में खेलने योग्य कितने मैदान हैं नाम सहित जानकारी देवें। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के नगरीय क्षेत्र सीतामऊ, शामगढ़, सुवासरा में खेल मैदान बनाने हेतु कोई योजना है यदि हाँ, तो जानकारी देवें।

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) म.प्र. शासन द्वारा युवाओं हेतु खेल को महत्व देने के तहत भोपाल में पुरूष हॉकी, शूटिंग, घुड़सवारी, वाटर स्पोर्ट्स (रोइंग, कयाकिंग-कैनोइंग, सेलिंग) मार्शल आर्ट (जूड़ो, फेन्सिग, ताईक्वांड़ो, बॉक्‍सिंग, कराते, कुश्ती), इसके अलावा ग्वालियर में बॉक्सिंग तथा महू (इन्दौर) में फुटबॉल डे-बोर्डिंग केन्द्र संचालित है। होशंगाबाद में एक्वाटिक्स व ट्रायथलॉन, ग्वालियर में महिला हॉकी, बैडमिंटन, जबलपुर में तीरंदाजी अकादमी एवं भोपाल, झाबुआ मण्डला में सहायक तीरंदाजी प्रशिक्षण केन्द्र संचालित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है (ग) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के नगरीय क्षेत्र सीतामऊ एवं शामगढ़ में खेलने योग्य 1-खेल मैदान सुवासरा में उपलब्ध है। (घ) जिला प्रशासन द्वारा खेल मैदान निर्माण हेतु आवश्यक भूमि व बजट की उपलब्धता तथा खेल मैदान निर्माण की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए खेल मैदान निर्माण की स्वीकृति दी जाती है, वर्तमान में इन स्थानों पर आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण इन स्थानों पर मैदान निर्माण की कोई योजना नहीं है।

सिंचाई योजनाओं की जानकारी विषयक

[जल संसाधन]

50. ( क्र. 863 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग द्वारा विदिशा जिले में विगत 5 वर्षों में वृहद्, मध्यम एवं लघु कौन-कौन सी सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की गई? स्वीकृत उपरांत सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर उक्त सिंचाई योजनाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया गया है क्या? परियोजनाओं के नाम सहित जानकारी दें। (ख) प्रश्नांश () के संदर्भ में उक्त परियोजनाओं में से कितनी परियोजनाएं समय-सीमा अनुसार पूरी नहीं की गई तथा कितनी परियोजनाएं प्रारंभ ही नहीं हुई? प्रारंभ न होने के क्या कारण है? (ग) प्रश्नांश (), (ख) के संदर्भ में क्या विदिशा जिले में लटेरी तहसील के ग्राम दपकन में टेम नदी के ऊपर मध्यम सिंचाई परियोजना स्वीकृत की गई है? यदि हाँ, तो योजना के अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। इस योजना में कितने गांव/रकबा भूमि डूब में आ रहे हैं? गांव के कितने लोग विस्थापित हो रहे हैं? कितनी आवासीय बस्तियाँ विस्थापित हो रही है? विस्थापितों के पुर्नवास और डूब प्रभावित किसानों की भूमि मुआवजें वितरण में शासन ने क्या निर्णय लिया है? विस्थापितों और डूब प्रभावित किसानों को शासन क्या-क्या सुविधायें देगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के  प्रपत्र-1  अनुसार है। परियोजनाओं का निर्माण कार्य निर्धारित लक्ष्‍यानुसार होने से विलंब की स्थिति नहीं है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है।

परिशिष्ट -''तेईस''

सरकुला डेम का निर्माण 

[जल संसाधन]

51. ( क्र. 893 ) श्री सुरेश धाकड़ : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के पोहरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत (सरकुला डेम) स्‍वीकृत हुआ है? यदि हाँ, तो कब एवं कितनी लागत का? (ख) सरकुला डेम के लिये भू-अर्जन कब किया गया? यदि नहीं, किया गया तो भू-अर्जन कब तक किया जायेगा? (ग) क्‍या सरकुला डेम के निर्माण हेतु निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है? यदि नहीं, तो निविदा प्रक्रिया कब पूर्ण हो जायेगी तथा निर्माण कार्य कब से शुरू होगा? (घ) सरकुला डेम में कहाँ-कहाँ की कितनी-कितनी भूमि सिंचाई प्रस्‍तावित है? इसमें किन-किन गावों की भूमि सिंचित होगी? उक्‍त डेम का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण किया जाना हैं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) जी हाँ। परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 04.10.2018 को रू. 226.62 करोड़ की प्रदान की गई। (ख) परियोजना का भू-अर्जन नहीं हुआ है। वन भूमि व्‍यपवर्तन एवं निजी भूमि अधिग्रहण किए जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जानकारी  संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। एजेंसी का निर्धारण नहीं होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट -''चौबीस''

प्रदेश में अघोषित विद्युत कटौती

[ऊर्जा]

52. ( क्र. 907 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 जनवरी, 2019 से 15 जून, 2019 तक प्रदेश के किन-किन जिलों में कि‍तने-कितने घण्‍टे की अघोषित बिजली कटौती की गई? (ख) उक्‍त अवधि में की गई अघोषित बिजली कटौती से प्रदेश में आम नागरिकों को हुई परेशानियों के संबंध में सरकार का क्‍या आंकलन है? (ग) प्रदेश में बिजली प्रदाय व्‍यवस्‍था गड़बड़ाने के क्‍या कारण है? इस संबंध में सरकार के द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रियव्रत सिंह ) : (क) 01 जनवरी, 2019 से 15 जून, 2019 तक प्रदेश के समस्‍त 52 जिलों में प्राकृतिक आपदा तथा तकनीकी कारणों से हुए आकस्मिक व्‍यवधानों को छोड़कर कहीं भी अघोषित विद्युत कटौती नहीं की गई है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार अपरिहार्य स्थितियों से उत्‍पन्‍न आकस्मिक व्‍यवधानों को छोड़कर प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रदेश में कोई भी अघोषित विद्युत कटौती नहीं की गई है तथा विद्युत प्रदाय बाधित होने पर त्‍वरित रूप से आवश्‍यक संधारण कार्य कर विद्युत प्रदाय सामान्‍य कर दिया गया है। प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित स्थिति के किये गये आंकलन अनुसार उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2018 में मार्च से मई की अवधि में संपूर्ण प्रदेश में नियोजित एवं अनियोजित शटडाउन की कुल संख्‍या 1,61,065 के मुकाबले इस वर्ष इसी अवधि में 1,46,534 शटडाउन रहे अर्थात 9% की कमी आई। इसी प्रकार उक्‍त शटडाउन के दौरान विद्युत व्‍यवधान की औसत अवधि वर्ष 2018 में 1 घण्‍टा 30 मिनिट थी, जबकि इस वर्ष यह घटकर 1 घण्‍टा 14 मिनिट रह गई है तथापि कतिपय प्रकरणों में असमाजिक तत्‍वों द्वारा विद्युत लाईनों से छेड़छाड़ करने के कारण विद्युत प्रदाय प्रभावित हुआ है तथा ऐसे प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। विद्युत व्‍यवस्‍था को निर्बाध रूप से चालू रखने के उद्देश्‍य से सभी संबंधितों को निर्देशित किया गया है तथा मेन्‍टेनेंस कार्य हेतु अत्‍यावश्‍यक होने पर सर्वसंबंधितों को पूर्व सूचना देना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये गये हैं ताकि इससे उपभोक्‍ताओं को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

नईगढ़ी सूक्ष्‍म दबाव परि. के कार्य की प्रगति

[जल संसाधन]

53. ( क्र. 916 ) श्री राजेन्द्र शुक्ल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले की नईगढ़ी सूक्ष्‍म दबाव दूरी गेसन परियोजना की प्रगति क्‍या है? इस योजना से क्षेत्र के किसानों को कितना लाभ होगा? (ख) योजना कब तक पूर्ण होगी? कार्यपूर्णता तिथि एवं अब तक हुए निर्माण कार्य की प्रगति विवरण सहित स्‍पष्‍ट करें। (ग) इस योजना से कितने ग्रामों की कितने किसानों की कितनी हेक्‍टेयर जमीन की भी सिंचाई होगी? (घ) इस योजना के पूर्ण होने में विलम्‍ब का क्‍या कारण है?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) से (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। परियोजना का निर्माण कार्य दिसंबर 2020 तक पूर्ण किया जाना लक्षित होने से विलंब नहीं हुआ है।

परिशिष्ट -''पच्चीस''

लोक निर्माण विभाग अन्‍तर्गत मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

54. ( क्र. 920 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी लम्‍बाई के कौन-कौन से मार्ग लोक निर्माण के विभागाधीन है? इन मार्गों का निर्माण कितनी लागत से कब किया गया था? इन मार्गों में से किन-किन मार्गों का कब पुनर्निर्माण, विशेष मरम्‍मत का कितनी लागत से विगत 3 वर्षों में किया गया एवं इन मार्गों में से वर्तमान समय में किन-किन मार्गों का पुनर्निर्माण या विशेष मरम्‍मत का कार्य आवश्‍यक है? मार्गवार, सूची देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित क्षेत्रांतर्गत कौन-कौन से नवीन मार्गों का निर्माण, किन-किन निर्माण एजेंसियों द्वारा अनुबंध की किन शर्तों के अधीन कितनी लागत से किया जा रहा है? अनुबंध की शर्तों के अनुसार इन मार्गों में कितनी-कितनी लागत से कौन-कौन से निर्माण कार्य किस दर से कब तक पूर्ण होने हैं? अनुबंध के विवरण सहित मार्गवार निर्माण एजेंसीवार सूची देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित मार्गों के निर्माण में प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण पर कितना भुगतान किया गया एवं कितनी लागत के कौन-कौन से निर्माण कार्य होना शेष है? उक्‍त मार्गों के निर्माण में गुणवत्‍ता विहीन निर्माण सामग्री का उपयोग करने संबंधी कौन-कौन सी शिकायतें शासन स्‍तर पर प्राप्‍त हुई तथा इन शिकायतों पर कब किसके द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत कहाँ-कहाँ पर नवीन मार्गों का निर्माण एवं पुराने मार्गों की मरम्‍मतीकरण का कार्य कितनी लागत से प्रस्‍तावित है? उपरोक्‍त उल्‍लेखित प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर कहाँ पर लंबित है? इसकी स्‍वीकृति किस प्रकार से कब तक प्राप्‍त होगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) किसी भी नवीन मार्ग का निर्माण नहीं किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर लंबित नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत सिंचाई योजनायें

[जल संसाधन]

55. ( क्र. 921 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन सी सिंचाई योजनायें विभाग द्वारा स्‍थापित की गई एवं उनमें से वर्तमान समय में कितने पूर्ण रूप से क्रियाशील एवं कितनी किन कारणों से बंद हैं अथवा पूर्ण रूप से क्रियाशील नहीं है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित योजनाओं के सुधार कार्य एवं पुनर्निर्माण हेतु विभाग की क्‍या कार्ययोजना एवं प्रस्‍ताव हैं? इन्‍हें किस प्रकार से कौन-कौन से योजना मदों से कितनी-कितनी लागत से पुन: संचालित किया जा सकता है? कौन-कौन सी योजनाओं का सुधार कार्य आर.आर.आर. मद से किया जा सकता है? योजनावार सूची देवें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित विभाग द्वारा स्‍थापित छपरा जलाशय के केचमेंट एरिया में मार्बल माइन्‍स द्वारा अतिक्रमण करने से जलाशय की भंडारण क्षमता समाप्‍त हो गई है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा अतिक्रमण समाप्‍त कर जलाशय की भंडारण क्षमता पुन: शत्-प्रतिशत करने हेतु विभाग द्वारा कब क्‍या कार्यवाही की गई? केचमेंट एरिया से अतिक्रमण किस प्रकार से कब तक अलग कर दिया जावेगा? अतिक्रमण के नाम सहित अभी तक की गई कार्यवाही की विवरण देवें। (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित बहोरीबंद जलाशय एवं रूपनाथ जलाशय के अंतिम छोर बचैया एवं अमरगढ़-अमोदा तक सिंचाई का पानी न पहुंचने के क्‍या कारण हैं? क्‍या शासन बहोरीबंद जलाशय की दोनों नहरों की मरम्‍मत कर सी.सी. निर्माण एवं रूपनाथ जलाशय की नहर के प्रारंभिक बिंदु पर 500 मीटर पाईप-लाईन डालकर नहर के अंदर सी.सी. निर्माण करायेगा, जिससे अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके? उत्‍तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से किस योजना मद से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' एवं ''''अनुसार है। (ग) जी हाँ। अनुविभागीय अधिकारी, जल संसाधन विभाग द्वारा खनिज निरीक्षक के साथ स्‍थल का संयुक्‍त निरीक्षण दिनांक 10.05.2019 को कराया जाकर प्रतिवेदन जिला खनिज अधिकारी को प्रेषित किया जाना प्रतिवेदित है। प्रतिवेदन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही उनके स्‍तर पर किए जाने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) नहर तथा उनकी संरचनायें अत्‍यधिक पुरानी होने से रिसाव के कारण बचैया, अमरगढ़-अमोदा तक पानी पहुंचाना संभव नहीं हो पाता है। दोनों जलाशयों की नहरों के उन्‍नयन हेतु कोई योजना वर्तमान में विचाराधीन नहीं होने से शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्‍या 

[उच्च शिक्षा]

56. ( क्र. 967 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शैक्षणिक वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक रतलाम जिले में शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेशित विद्यार्थियों की वर्षवार कुल संख्‍या बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) की अवधि में बजट राशि कार्यवार बतावें (ग) वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक प्रतिवर्ष संख्‍या में वृद्धि/कमी बतावें। (घ) वर्ष 2014-15 से 2018-19 से प्रतिवर्ष विद्यार्थी की हितमूलक विभिन्‍न योजना में हितग्राही की संख्‍या तथा कुल राशि बतावें।

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्री जितू पटवारी ) : (क) शैक्षणिक सत्र 2014-15 से 2018-19 तक रतलाम जिले के शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेशित विद्यार्थियों की कुल संख्‍या पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) की अवधि में बजट राशि का कार्यवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक प्रतिवर्ष प्रश्‍नाधीन शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्‍या में उत्‍तरोत्‍तर वृद्धि हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) हितमूलक विभिन्‍न योजनाओं में हितग्राहियों की संख्‍या तथा कुल राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

पेयजल, भू-जल स्‍तर एवं सिंचाई की समस्‍या

[जल संसाधन]

57. ( क्र. 969 ) श्री के.पी. त्रिपाठी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या रीवा जिले के विधानसभा क्षेत्र सेमरिया के उत्‍तरी पश्चिमी क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट है तथा लोग 2-2 कि.मी. दूरी से पीने का पानी लाने को विवश हैं? क्‍या सरकार इस क्षेत्र में स्थित जरमोरा बांध को भरने की रचनात्‍मक पहल कर आमजन की पानी की समस्‍या हल करेगी या उसी के समान्‍तर सरकार द्वारा कोई दूसरी योजना स्‍वीकृत कर पेयजल, भू-जल स्‍तर एवं सिंचाई की समस्‍या का समाधान करेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : जी नहीं। जरमोरा बांध का भरना वर्षा पर निर्भर है, वर्तमान में दूसरी योजना स्‍वीकृत करने कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

रोड की मरम्‍मत 

[लोक निर्माण]

58. ( क्र. 970 ) श्री के.पी. त्रिपाठी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले की रीवा से सेमरिया बनकुंइया रोड जगह-जगह उखड़ी होने के कारण चलने लायक नहीं है? इस रोड से बांदा, सतना एवं रीवा का व्‍यस्‍ततम आवागमन पूरी तरह से बाधित हो रहा है। इस रोड के निर्माण, मरम्‍मत एवं रख-रखाव की समयावधि (DLP PERIOD) बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्रकाश में इस समयावधि में रोड के मरम्‍मत एवं रख-रखाव का कार्य कौन-कौन से ठेकेदार या एजेंसी को दिया गया था? क्‍या समयावधि में क्षतिग्रस्‍त हुई रोड की मरम्‍मत करवाकर जनहित में चलने लायक बनवाया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सज्जन सिंह वर्मा ) : (क) जी नहीं। जी नहीं, अनुबंधानुसार इस मार्ग के निर्माण की समयावधि 365 दिवस थी। उक्‍त मार्ग के मरम्‍मत एवं रख-रखाव की डिफेक्‍ट लायबिलिटी पीरियड में कार्य पूर्णता दिनांक 15.07.2016 से 5 वर्ष है। (ख) डिफेक्‍ट लायबिलिटी पीरियड में मार्ग के रख-रखाव एवं सुधार कार्य की जिम्‍मेदारी म.प्र. रोड़ डेव्‍हलपमेन्‍ट कार्पोरेशन लि. की निगरानी में सम्‍बंधित ठेकेदार मे. प्रकाश एस्‍फाल्टिंग एवं टोल हाईवेस (इंडिया) लि. महू जिला इन्‍दौर की है, वर्तमान में मार्ग की स्थिति अच्‍छी है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

स्वीकृत कार्यों की जानकारी

[जल संसाधन]

59. ( क्र. 998 ) श्री प्रेमसिंह पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग के द्वारा विधानसभा क्षेत्र बड़वानी मे वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2018-19 तक कितने कार्य स्वीकृत किए गए हैं? कार्य का नाम, कार्य स्वीकृति का क्रमांक/दिनांक, स्वीकृत राशि, कार्य प्रारम्भ होने की दिनांक, एजेंसी का नाम, व्यय की गई राशि, कार्य की अद्यतन स्थिति की विकासखंडवार जानकारी उपलब्ध करावें l (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार कितने कार्यों की सी.सी. जारी की जा चुकी है? सी.सी. की छायाप्रति उपलब्ध करावेंl (ग) क्या संबंधित एजेंसी के द्वारा राशि आहरण कर ली गई हैं, किन्तु मौका स्थल पर कार्य अधूरा है? यदि हाँ, तो विभाग के द्वारा दोषियों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) परियोजनाओं का पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं होना प्रतिवेदित है। अत: पूर्णता प्रमाण-पत्र उपलब्‍ध कराना संभव नहीं है। (ग) ऐसा कोई प्रकरण प्रतिवेदित नहीं होने से शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट -''छब्बीस''

लंबित सिंचाई योजनाओं की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

60. ( क्र. 999 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक मध्‍यप्रदेश के जिला धार की कौन-कौन सी सर्वेक्षित सिंचाई योजनाएं बैराज, स्‍टॉप डेम किस-किस स्‍तर पर स्‍वीकृति हेतु लंबित हैं? उक्‍त योजनाओं को कब तक स्‍वीकृति दी जाएगी? (ख) उक्‍त योजनाओं में से कौन-कौन सी योजनाएं भारत सरकार के पास लंबित हैं? उक्‍त योजनाओं की स्‍वीकृति हेतु विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये? (ग) जनवरी 2019 की स्थि‍ति में उक्‍त जिलों की कौन-कौन सी योजनाओं का सर्वेक्षण करवाया जा रहा है तथा कौन-कौन सी निर्माणाधीन योजनाओं का कार्य अपूर्ण है तथा उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होगा?

जल संसाधन मंत्री ( श्री हुकुम सिंह कराड़ा ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के  प्रपत्र-अ अनुसार है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से स्‍वीकृति दिए जाने की स्थिति नहीं है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। कोई भी परियोजना भारत सरकार के पास लंबित नहीं है। (ग) सर्वेक्षणाधीन परियोजना की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट -''सत्ताईस''

विद्युत का वाणिज्यिक उत्‍पादन

[ऊर्जा]

61. (