मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 10 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

Top of Form


Top of Form


स्‍टाम्‍प वेंडरों की पंजियों का निरीक्षण

[वाणिज्यिक कर]

1. ( *क्र. 3551 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन उप पंजीयक द्वारा सत्र 2014-15 में कौन-कौन से मुद्रांक विक्रेता हेतु आयु, शैक्षणिक योग्यता, चरित्र आदि की जाँच कराई गई तथा किन योग्य उम्मीदवारों को अनुज्ञप्ति जारी की गई? नाम, पता सहित सूची देवें। (ख) स्टाम्प वेंडर हेतु रितेश मंडलोई द्वारा जिला सब रजिस्ट्रार कार्यालय खरगोन में कब आवेदन दिया गया? इस आवेदन पर की गई विभागीय कार्यवाही तथा पुलिस वेरिफिकेशन संबंधी कार्य कब-कब किसके द्वारा किया गया? इस स्टाम्प वेंडर के द्वारा अपने कार्यकाल में स्टाम्प संबंधी संधारित आवश्यक पंजियों का संधारण विभागीय नियमानुसार हुआ है? यदि नहीं, तो इस पर की गई कार्यवाही की जानकारी देवें। (ग) रितेश मंडलोई की दुकान का भौतिक सत्यापन, दुकान निरीक्षण, पंजियों की जाँच, मांग पत्रों की जाँच, बैंक चालान की जाँच कब-कब किस अधिकारी द्वारा की गई? दिनांकवार कार्यवाही की जानकारी देवें। यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई तो कारण बतायें। (घ) सब रजिस्ट्रार कार्यालय (पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग) अंतर्गत सत्र 2014-15 में कितने स्टाम्प वेंडरों का स्टॉक, संधारित पंजि‍यों का निरीक्षण कार्य किया गया? निरीक्षणवार सूची देवें।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रश्नांश (क) म.प्र. स्‍टाम्‍प नियम 1942 के अंतर्गत मुद्रांक विक्रेता के अनुज्ञा अधिकारी जिले के जिला पंजीयक हैं न कि उप पंजीयक। उप पंजीयक खरगोन द्वारा कोई अनुज्ञा जारी न‍हीं की गई। (ख) निरीक्षण में स्‍टाम्‍प वेंडर पंजियों को नियमानुसार भरा जाना नहीं पाया गया, की गई जाँच एवं कार्यवाही की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जिला पंजीयक खरगोन को दिनांक 30/12/2016 को प्राप्‍त शिकायत के अनुसार स्‍टाम्‍प वेंडर का निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण में विक्रय पंजी, माँग पत्रों की जाँच तथा उप कोषालय से स्‍टाम्‍प वेंडर को जारी स्‍टाम्‍पों का सत्‍यापन किया गया। जाँच प्रतिवेदन अनुसार विक्रय पंजी में पाई गई अनियमितता के आधार पर वर्ष 2016-17 के लिये अनुज्ञा का नवीनीकरण नहीं किया गया, की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) वर्ष 2014-15 में 31 स्‍टाम्‍प वेंडरों के किये गये निरीक्षण की तिथिवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

आनंद विभाग अंतर्गत संपादित कार्य

[आनन्द]

2. ( *क्र. 5030 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में माह अगस्‍त 2016 से आनंद विभाग का गठन किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो आनंद विभाग के अंतर्गत कितना-कितना बजट किस जिले को आवंटित किया गया है? जिलेवार बताएं। क्‍या आनंद उत्‍सव, आनन्‍दम, आनन्‍द सभा हेतु पृथक-पृथक बजट आवंटित किया गया है? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार कटनी जिले में प्रत्‍येक आनंद उत्‍सव के आयोजन हेतु पंचायत विभाग द्वारा राशि रूपये पन्‍द्रह हजार तक व्‍यय करने हेतु संचालनालय से जनपद पंचायतों को राशि उपलब्‍ध कराई गई है? यदि हाँ, तो कटनी जिले की कौन-कौन सी जनपद पंचायत को कितनी-कितनी राशि कब-कब उपलब्‍ध कराई गई है? (घ) क्‍या विभाग द्वारा कटनी जिले को निर्धारित 136 लक्ष्‍यानुसार कौन-कौन सी ग्राम पंचायत में कब-कब आनन्‍द उत्‍सव, आनन्‍दम, आनन्‍द सभा का आयोजन किया गया?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। दिनांक 6 अगस्‍त, 2016 को आनंद विभाग का गठन किया गया। (ख) आनंद विभाग द्वारा जिलेवार बजट आवंटित नहीं किया गया है। अत: प्रश्‍नांश लागू नहीं। जी नहीं। (ग) जी हाँ। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पंचायत राज संचालनालय द्वारा कटनी जिले की 6 जनपद पंचायतों को पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार राशि उपलब्‍ध कराई गई है। (घ) कटनी जिले में निर्धारित 136 पंचायत समूहों में केवल आनंद उत्‍सव का आयोजन किया गया। आनंद उत्‍सव के आयोजन की ग्राम पंचायतवार, दिनांकवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

13वें वित्‍त आयोग से स्‍वीकृत राशि

[संस्कृति]

3. ( *क्र. 264 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 13वें वित्‍त आयोग की अनुशंसाओं के तहत भारत शासन द्वारा वर्ष 2011 से अब तक किन-किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत हुई व कितनी प्राप्‍त्‍ा हुई? वर्षवार ब्‍यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) के तहत स्‍वीकृत राशि से क्‍या-क्‍या कार्य करवाये गये? कितने एवं कौन-कौन से स्‍मारक अनुरक्षण पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ग) केन्‍द्र सरकार द्वारा स्‍वीकृत कितनी राशि का उपयोग अब तक नहीं किया जा सका व किस कारण?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) 13वें वित्‍त आयोग की अनुशंसाओं के अंतर्गत स्‍मारकों के अनुरक्षण एवं विकास कार्य, संग्रहालयों के उन्‍नयन एवं विविध कार्यों हेतु वर्ष 2011 से अब तक राशि रूपये 157.50 करोड़ भारत शासन द्वारा स्‍वीकृत की गई एवं प्राप्‍त हुई। स्‍वीकृत एवं प्राप्‍त राशि का ब्‍यौरा/जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) प्रश्नांश (क) के तहत स्‍वीकृत राशि से कराये गये कार्य तथा स्‍मारकों के अनुरक्षण एवं विकास कार्य, संग्रहालयों के उन्‍नयन एवं विविध कार्यों पर व्‍यय की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) 13वें वित्‍त आयोग की अनुशंसाओं के अंतर्गत केन्‍द्र सरकार द्वारा राशि रूपये 157.50 करोड़ की स्‍वीकृत की गई। इस राशि में से अब तक राशि रूपये 84.45 करोड़ व्‍यय की गई तथा शेष राश‍ि रूपये 73.05 करोड़ से अनुरक्षण्‍ा कार्यों की कार्यवाही प्रचलन में है।

जाति प्रमाण पत्रों का सत्यापन

[सामान्य प्रशासन]

4. ( *क्र. 4544 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता सदस्य का विधानसभा प्रश्न क्रमांक 5235, दिनांक 11/03/2016 के प्रश्नांश () एवं (ड.) एवं प्रश्न क्रमांक 1400, दिनांक 06/12/2016 की एकत्रित जानकारी क्या है? (ख) कटनी जिले में अनुविभागवार कितने जाति प्रमाण दायरा पंजी में दर्ज हैं? कितने जाति प्रमाण-पत्र समग्र पोर्टल पर दिनांक 27/02/2016 के पश्‍चात् दर्ज कर प्रश्न दिनांक तक सत्यापित किये गये, कितने प्रमाण-पत्र किन कारणों से सत्यापित किया जाना शेष हैं? (ग) जाति प्रमाण-पत्र अभियान में कटनी तहसील के किन-किन विद्यालयों के आवेदन लोक सेवा केन्द्र से ऑनलाईन दर्ज किये गये? पात्र पाये गये आवेदनों का कब-कब डिस्पोजल किया गया? प्रमाण-पत्र कब-कब वितरित किये गये? विद्यालयवार बतायें। (घ) कटनी नगर के किन-किन विद्यालयों के आवेदन अभियान के तहत किन-किन कारणों से अब तक जमा नहीं हुये? क्या इन विद्यालयों को अभियान से पृथक रखा गया था? यदि हाँ, तो क्यों? यदि नहीं, तो आवेदन जमा न होने के कारण बतायें और क्या इस संबंध में अभिभावकों द्वारा समाधान पोर्टल पर शिकायत की गई है? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक किया गया निराकरण क्या था? (ड.) प्रश्नांश () के इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र, अभियान के तहत बनवाये जाने की एवं प्रश्न में उपस्थित तथ्यों पर संज्ञान लेते हुये कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो क्या एवं कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रश्‍न क्रमांक 5235 का प्रेषित उत्‍तर पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है तथा प्रश्‍न क्रमांक 1400 के संबंध में कलेक्‍टर, कटनी से प्राप्‍त जानकारी परीक्षणाधीन है। (ख) जानकारी निम्‍नानुसार है :-

अनुविभाग का नाम

पंजी में दर्ज

सत्‍यापित जाति प्रमाण-पत्र

सत्‍यापन हेतु शेष

कटनी, रीठी, बड़वारा

47676

466

47210

विजयराघवगढ़

4884

0

4884

ढीमरखेड़ा

10808

0

10808

बहोरीबंद

16927

1771

15156

(ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (घ) कटनी नगर के सभी विद्यालयों के जाति प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन तहसील कार्यालय/राजस्‍व शिविरों में जमा किये गये हैं। जिन आवेदन पत्रों में आवश्‍यक दस्‍तावेजों की प्रतिपूर्ति नहीं की गई है। उन्‍हें वापस कर आवश्‍यक दस्‍तावेजों की पूर्ति कर पुन: जमा करने हेतु प्रे‍रित किया गया है। किसी भी विद्यालयों को अभियान से पृथक नहीं रखा गया है। केन्‍द्रीय विद्यालय आर्डीनेंस फैक्‍ट्री द्वारा छात्रों के आवेदन जमा नहीं किये गये। समाधान पोर्टल में शिकायत क्रमांक 10104323 दर्ज हुई थी जो सत्‍य पाई गई जिस पर प्राचार्य के असहयोग रवैये की जानकारी के संबंध में क्षेत्रीय संगठन अधिकारी, अजमेर को आवश्‍यक कार्यवाही हेतु पत्र प्रेषित किया गया है। (ड.) विद्यालयों में अध्‍ययनरत विद्यार्थियों के जाति प्रमाण-पत्र अभियान के तहत निरंतर सत्र दर सत्र लिये जा रहे हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विभाग द्वारा पारित शासकीय संकल्‍प के अनुरूप कार्यवाही

[महिला एवं बाल विकास]

5. ( *क्र. 2552 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2013 में विधानसभा द्वारा पारित शासकीय संकल्‍प के अनुसार महिला बाल विकास विभाग से संबंधित क्‍या-क्‍या सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया है? संकल्‍प की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के पालन में विधानसभा क्षेत्र-07 दिमनी जिला मुरैना में जनवरी 2014 से जनवरी 2016 तक संकल्‍प के निर्णय के अनुसार क्‍या-क्‍या कार्य किये गये, की विस्‍तार पूर्वक जानकारी दी जावे? संकल्‍प के अनुसार कार्य नहीं किये या नहीं हो सकने के क्‍या कारण हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) म.प्र. से संबंधित जनसंकल्प की अ़द्यतन जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र दिमनी में किये गए कार्य का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। पारित संकल्प क्षेत्र विशेष हेतु निर्धारित नहीं है। अतः शेष का प्रश्न नहीं है। सतत् प्रक्रिया है।

नर्मदा नदी से सामूहिक/माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं की स्‍वीकृति

[नर्मदा घाटी विकास]

6. ( *क्र. 1320 ) श्री राजकुमार मेव : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु नर्मदा नदी से सामूहिक सिंचाई एवं माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं तैयार कर स्‍वीकृत करने की कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो वर्ष 2016-17 में प्रदेश में कौन-कौन सी सिंचाई परियोजनाएं कितनी लागत की स्‍वीकृत की गई हैं? (ख) क्‍या खरगोन जिले में महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु कोई नई परियोजना स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में महेश्‍वर विधानसभा की जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह के क्षेत्र बड़कीचौकी, कवाणा, घटयावैड़ी रामदढ़ बलसगांव आशाखो पेमपुरा करोंदियाखूर्द हाथीदग्‍गड़ जिरात रोस्‍याबारी बाकानेर कुसुम्‍भ्‍या भवनतलाई छोटाभेडल्‍या बड़ाभेडल्‍या हेलाबाबर आदि के किसानों की कृषि सिंचाई हेतु सुविधा उपलब्‍ध नहीं है? यदि हाँ, तो कार्ययोजना तैयार की गई है? यदि नहीं, तो कारण बतावें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में ग्राम के किसानों एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा सिंचाई परियोजना स्‍वीकृति हेतु कब-कब प्रस्‍ताव दिये गये? उन पर विभाग द्वारा कब तक कार्य योजना तैयार कर परियोजना की स्‍वीकृति हेतु कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) बलवाडा उद्वहन सिंचाई योजना स्‍वीकृत है। (ग) जी हाँ। ओंकारेश्‍वर जलाशय के वर्तमान में जल के अधिकतम स्‍तर से ओंकारेश्‍वर परियोजना की नहरों से इन ग्रामों में सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु नहर में अतिरिक्‍त जल उपलब्‍ध नहीं है। नर्मदा नदी से जल उद्वहन कर इस क्षेत्र में सिंचाई करना वित्‍तीय दृष्टि से साध्‍य नहीं है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो

पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस पर वेट टैक्‍स

[वाणिज्यिक कर]

7. ( *क्र. 4147 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या देश के अन्‍य राज्‍यों की तुलना में मध्‍यप्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस पर सबसे अधिक वेट टैक्‍स लगाया जाता है? यदि हाँ, तो पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस पर किन-किन दरों पर टैक्‍स लगाया जाता है? (ख) देश की सार्वजनिक क्षेत्र की किन-किन पेट्रोलियम कंपनियों से मध्‍यप्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थ बुलाये जाते हैं? उन पेट्रोलियम कंपनियों से प्रदेश सरकार को पेट्रोल तथा डीजल कितने रूपये प्रति लीटर में प्राप्‍त हो रहा है तथा वे उपभोक्‍ताओं को कितने रूपये में बेच रहे हैं?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) अन्‍य राज्‍यों में लागू वेट की दरें विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती हैं। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस पर अधिरोपित टैक्‍स की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियां मेसर्स इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड, मेसर्स हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड एवं मेसर्स भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड हैं। पेट्रोल एवं डीजल प्रतिलीटर कितने रूपये में प्राप्‍त किया जाता है तथा उपभोक्‍ताओं को कितने रूपये प्रतिलीटर विक्रय किया जाता है, यह जानकारी विभाग द्वारा संधारित नहीं की जाती है।

परिशिष्ट - ''तीन''

अन्‍य राज्‍यों को विद्युत का प्रदाय

[ऊर्जा]

8. ( *क्र. 4608 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. पॉवर सरप्‍लस राज्‍य बन गया है और दूसरे राज्‍यों को बिजली बेच रहा है? यदि हाँ, तो वर्ष 2013 से वर्ष 2016 तक वर्षवार कितने राज्‍यों को कितनी मात्रा में बिजली बेची गयी? (ख) प्रदेश में कृषि पंप हेतु किसानों को कितने घंटे बिजली दी जा रही है? (ग) प्रश्नांश (क) व (ख) की जानकारी अनुसार अगर प्रदेश दूसरे राज्‍यों को बिजली बेच रहा है तो प्रदेश के किसानों को कृषि कार्य हेतु 24 घंटे बिजली क्‍यों नहीं दी जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) अटल ज्‍योति अभियान के अंतर्गत प्रदेश में कृषि कार्य हेतु प्रत‍िदिन 10 घंटे वि़द्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ग) भूतल स्‍तर एवं विभिन्‍न फसलों के लिए पानी की आवश्‍यकता अनुसार कृषि कार्यों हेतु प्रतिदिन 10 घंटे विद्युत प्रदाय पर्याप्‍त है। वर्तमान में भूजल एवं सतही जल का संरक्षण भी एक महत्‍वपूर्ण उद्देश्‍य है।

परिशिष्ट - ''चार''

ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण आहार वितरण की व्यवस्था

[महिला एवं बाल विकास]

9. ( *क्र. 5642 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण आहार वितरण की क्या व्यवस्था है? नियमों की प्रति उपलब्ध करावें (ख) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में क्‍या आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार प्रदाय कर रहे समूहों के विरुद्ध लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं? यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्राप्त कुल शिकायतें और उन पर की गई कार्यवाही का विवरण देवें? (ग) क्या विभाग के द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार वितरण व्यवस्था के सुधार हेतु कोई कार्ययोजना है? यदि हाँ, तो उसका क्रियान्वयन कब प्रारम्भ हो जावेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग के निर्देशानुसार वर्तमान में 03 वर्ष से 06 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार की व्यवस्था सांझा चूल्हा कार्यक्रम तहत् मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत कार्यरत स्व सहायता समूहों के माध्यम से तथा 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती धात्री माताओं एवं किशोरी बालिकाओं को टेकहोम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार की व्यवस्था एम.पी. एग्रो के माध्यम से संचालित की जाती है। विभाग के निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। पानसेमल विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों पर सांझा चूल्हा कार्यक्रम अन्‍तर्गत नाश्ता एवं भोजन का प्रदाय करने वाले स्व सहायता समूह के विरूद्ध कोई भी शिकायत वर्ष 2016-17 में प्राप्त नहीं हुई है। (ग) राज्य शासन द्वारा भारत सरकार महिला बाल विकास एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप पूरक पोषण आहार वितरण व्यवस्था के विस्तृत निर्देश जारी किए जा चुके हैं। निर्देशों के अनुसार ही वर्तमान में प्रदेश की आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार का वितरण किया जा रहा है। विभाग द्वारा इसकी सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है। वर्तमान में स्व सहायता समूहों के देयकों के भुगतान की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। परियोजना स्तर एवं आंगनवाड़ी केन्द्र स्तर पर पृथक-पृथक टेकहोम राशन प्राप्ति एवं वितरण व्यवस्था का पंचनामा तैयार किया जा रहा है।

विभागीय परीक्षाओं के मापदण्‍ड

[सामान्य प्रशासन]

10. ( *क्र. 5566 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित विभागीय परीक्षाओं में अन्‍य विभागों के लिपिक वर्गीय कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं? (ख) म.प्र. शासन की अधिसूचना क्रमांक 2377/ ए-3-दिनांक 17/3/1977 के अनुसार क्‍या अन्‍य विभागों के शासकीय/अर्द्धशासकीय/निगम मण्‍डल/शासन के बोर्ड जैसे मण्‍डी बोर्ड आदि के कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार यदि हाँ, तो छतरपुर जिले में अन्‍य विभागों के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के आवेदन आमंत्रित क्‍यों नहीं किये जाते? कलेक्‍ट्रेट छतरपुर में विगत वर्ष में उक्‍त विभागीय परीक्षा कब हुई? आवेदन पत्र बुलाये गये तो तिथिवार विगत एक वर्ष की जानकारी देवें। (घ) उक्‍त परीक्षाओं के क्‍या नियम हैं और कब से संचालित नहीं हो रही हैं, अगले सत्र की परीक्षा तिथि व आवेदन करने की तिथि की भी जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) एवं (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अशोक नगर जिले में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

[सामान्य प्रशासन]

11. ( *क्र. 4830 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 06 दिसम्‍बर 2016 के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 4 (क्र. 30) एवं प्रश्‍न संख्‍या 5 (क्र. 31) तथा दिनांक 01 अप्रैल 2016 के प्रश्‍न संख्‍या 2 (क्र. 6602) के संदर्भ में बतायें कि इस संबंध में 06 दिसम्‍बर 2016 के बाद आज तक जो कार्यवाही प्रचलन में थी, उसमें क्‍या प्रगति हुई? (ख) पत्रों व शिकायतों का विवरण देते हुये प्रश्‍नवार व पत्रवार शिकायतों की कार्यवाही में जो कार्यवाही प्रचलन में है? उसमें क्‍या कार्यवाही हुई?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नवीन विद्युत स्‍टेशनों की स्‍वीकृति

[ऊर्जा]

12. ( *क्र. 3754 ) श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल के गठन को 10 वर्ष से अधिक हो गये हैं? (ख) कंपनी द्वारा गुना जिले में गत दो वर्षों में केन्‍द्र एवं राज्‍य की योजनाओं में 270 के.व्‍ही.ए., 132 के.व्‍ही.ए. एवं अन्‍य छोटे विद्युत सब स्‍टेशनों के कितने प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हुये, कितने लम्बित हैं? क्षेत्रीय आपूर्ति अनुसार किन क्षेत्रों में डिमाण्‍ड है, कब तक पूर्ति होगी? (ग) क्‍या विभाग म.प्र.म.क्षे.वि.वि. कंपनी वृत्‍त गुना को विद्युत आपूर्ति एवं विद्युत वोल्‍टेज की पूर्ति के लिये घोषित तथा मांग अनुसार आर्थिक सहायता की आपूर्ति करेगा? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) एवं (ग) में वर्णित तथ्‍यों की पूर्ति के लिये विभाग और कंपनी में कौन जिम्‍मेदार है? कारण सहित विवरण दें। क्‍या विभाग दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। (ख) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड एवं म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा गुना जिले में गत दो वर्षों में मांग में वृद्धि होने के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍वीकृत किये गये विद्युत उपकेन्‍द्रों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। क्षेत्र में स्‍वीकृत भार एवं भविष्‍य में विद्युत मांग में संभावित वृद्धि के दृष्टिगत उपकेन्‍द्रों की स्‍वीकृति प्राथमिकता के आधार पर, तकनीकी साध्‍यता एवं वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुसार की जाती है, जो कि एक सतत प्रक्रिया है। तद्नुसार प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में उपकेन्‍द्रों के प्रस्‍तावित कार्यों को स्‍वीकृत कर कार्य पूर्ण किये जा रहे हैं, जिनका उपकेन्‍द्रवार एवं क्षेत्रवार (स्‍थानवार) जहाँ बढ़ी हुई माँग के अनुरूप उपकेन्‍द्र प्रस्‍तावित किया गया है, का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट में दर्शाए अनुसार है। उक्‍त स्‍वीकृत उपकेन्‍द्रों का कार्य वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप किया जा रहा है, जिसे पूर्ण करने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश () अनुसार प्रश्‍नाधीन उपकेन्‍द्रों के प्रस्‍तावित कार्यों को स्‍वीकृत कर कार्य पूर्ण किये जा रहे हैं, तथापि वितरण कंपनियों को विभिन्‍न मदों में अनुदान/सहायता एवं वित्‍तीय संस्‍थानों से ऋण लेने हेतु राज्‍य शासन की गारंटी दी जाती है। (घ) उत्‍तरांश () एवं () के परिप्रेक्ष्‍य में किसी के दोषी होने का प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

महिदपुर वि.स. क्षेत्र में प्रदायित अस्‍थायी कनेक्‍शन

[ऊर्जा]

13. ( *क्र. 5389 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में महिदपुर वि.स. क्षेत्र में कुल कितने अस्‍थायी कनेक्‍शन प्रदान किये गये हैं? वितरण केन्‍द्रवार, ग्रामवार, कृषक संख्‍या सहित बतावें (ख) नवीन ट्रांसफार्मर लगाकर इन्‍हें कब तक स्‍थायी कर दिया जायेगा? (ग) महिदपुर वि.स. क्षेत्र में कितने मजरे टोले अविद्युतीकृत हैं? (घ) इन्‍हें कब तक विद्युतीकृत कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2016-17 में कुल 3990 अस्‍थायी कृषि पम्‍प कनेक्‍शन प्रदान किये गये हैं, जिसकी वितरण केन्‍द्रवार एवं ग्रामवार संख्‍या की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2016-17 में प्रदाय किये गये कुल 3990 अस्‍थायी कृषि पम्‍प कनेक्‍शनों में से जिन कृषकों द्वारा मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना में स्‍थायी कृषि पम्‍प कनेक्‍शन हेतु आवेदन प्रस्‍तुत कर योजना के प्रावधानों के अनुसार राशि जमा करने सहित औपचारिकताएं पूर्ण की जाएंगी, उनके अस्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शन तकनीकी रूप से साध्‍य पाये जाने पर स्‍थायी कनेक्‍शन में परिवर्तित किये जाने की कार्यवाही की जा सकेगी। अत: वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में चिन्हित 70 मजरे/टोले अविद्युतीकृत हैं। (घ) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र में चिन्हित 70 अविद्युतीकृत मजरों/टोलों में से 22 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में सम्मिलित है। उक्‍त कार्य माह दिसम्‍बर-2017 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। शेष 48 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत है, जिसे टर्न-की ठेकेदार एजेंसी से किये गये अनुबंध के अनुसार नवम्‍बर, 2018 तक पूर्ण किया जाना है।

ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया

[ऊर्जा]

14. ( *क्र. 4634 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा जले हुये ट्रांसफार्मर के बदलने की क्‍या प्रक्रिया है तथा इस हेतु निर्धारित राशि क्‍या है? क्‍या अपेक्षित राशि जमा न करने पर ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाते हैं? निर्धारित शुल्‍क जमा करने के कितने दिनों में ट्रांसफार्मर बदले जाने के नियम हैं? (ख) यदि अपेक्षित राशि से कम राशि जमा है और ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा रहा है तो ऐसी स्थिति में किसानों को बिजली उपलब्‍ध कराने की शासन की क्‍या कोई योजना है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध करायें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जले/खराब ट्रांसफार्मर बदलने हेतु उपभोक्‍ताओं द्वारा शिकायत प्राप्‍त होने पर/अन्‍य किसी स्‍त्रोत से जानकारी प्राप्‍त होने पर क्षेत्रीय लाईनमेन जाकर ट्रांसफार्मर की जाँच करता है एवं ट्रांसफार्मर जलने/खराब होने संबंधी जानकारी वितरण केन्‍द्र प्रभारी/फीडर प्रभारी को उपलब्‍ध करवाता है। संबंधित वितरण केन्‍द्र प्रभारी/फीडर प्रभारी को जानकारी प्राप्‍त होने के पश्‍चात् एस.एम.एस. आदि के माध्‍यम से उच्‍चाधिकारी को जानकारी प्रेषित की जाती है तथा ट्रांसफार्मर बदलने हेतु प्राक्‍कलन बनाकर आवश्‍यक स्‍वीकृति हेतु उच्‍चाधिकारी को प्रेषित किया जाता है। जले/खराब ट्रांसफार्मर बदलने हेतु प्रत्‍येक संचालन/संधारण संभाग में इम्‍प्रेस्‍ट ट्रांसफार्मर उपलब्‍ध कराये गये हैं। सूचना प्राप्‍त होते ही सहायक अभियंता/मेन्‍टेनेन्‍स प्रभारी ट्रांसफार्मर को उपलब्‍धता के अनुसार नियमानुसार निर्धारित समय-सीमा के अन्‍दर ट्रांसफार्मर बदलवाता है। म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा खराब/जले हुये वितरण ट्रांसफार्मरों को बदलने हेतु निम्‍नानुसार समयावधि निर्धारित है :- (i) संभागीय मुख्‍यालयों में 12 घंटे के अन्‍दर। (ii) संभागीय मुख्‍यालयों को छोड़कर शहरी क्षेत्र में 24 घंटे के अन्‍दर। (iii) ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे मौसम में 72 घंटों के अन्‍दर तथा मानसून के मौसम में जुलाई से सितम्‍बर तक 7 दिवस के अन्‍दर। फेल/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं पर बकाया राशि होने की स्थिति में जले एवं खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से जुड़े 75 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने पर अथवा कुल बकाया राशि का 40 प्रतिशत जमा होने के उपरांत इन जले एवं खराब ट्रांसफार्मरों को उक्‍तानुसार निर्धारित समय-सीमा में बदला जाता है। फेल/खराब वितरण ट्रांसफार्मर, जिन पर बकाया राशि नहीं है, उनको बदलने हेतु कोई राशि जमा नहीं कराई जाती है। (ख) वर्तमान में निर्धारित नियमानुसार उपभोक्‍ताओं द्वारा उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार बकाया राशि जमा करने पर जले/खराब ट्रांसफार्मर को बदल कर विद्युत प्रदाय सुचारू किये जाने का प्रावधान है।

बालाघाट जिलांतर्गत योजनावार व्‍यय की जानकारी

[पर्यटन]

15. ( *क्र. 4949 ) श्री संजय उइके : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग को आदिवासी उपयोजना क्षेत्र माँग संख्‍या 41 में बजट राशि आवंटन प्राप्‍त होता है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि प्रदेश के जिलों को आवंटित की गयी? (ग) विभाग द्वारा बालाघाट जिले को आवंटित राशि में से कितनी-कितनी राशि कहाँ-कहाँ, किन-किन कार्यों में व्‍यय की गयी? योजनावार/मदवार बतावें। (घ) बालाघाट जिले में कहाँ-कहाँ, कौन-कौन से पर्यटन केन्‍द्र हैं? उनकी सूची उपलब्‍ध करावें

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(घ) पर्यटन विभाग में ''पर्यटन केन्‍द्रों'' की घोषणा का कोई प्रावधान नहीं है, अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

सागर जिलांतर्गत विक्रय पत्र का पंजीयन/रजिस्‍ट्रेशन

[वाणिज्यिक कर]

16. ( *क्र. 4665 ) श्री हर्ष यादव : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर नगर में रजिस्‍ट्रार सागर के माह दिसम्‍बर 2016 में कितने विक्रय पत्र पंजीयन किये? खरीददार व विक्रेता के नाम, रकबा, पटवारी हल्‍का, विक्रय मूल्‍य, शासन को स्‍टाम्‍प आदि से आय सहित बताएं? (ख) जनवरी 2017 में 01 जनवरी से 15 जनवरी 2017 तक कुल कितने विक्रय पत्र रजिस्‍टर्ड किये गये? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित समय में सागर के सुभाग्‍योदय डेव्‍हलपर्स नामक क्रेता ने कुल कितनी जमीन, किस कीमत की, किस पटवारी हल्‍का व किस खसरा नंबर की क्रय की है? क्‍या जिला प्रशासन ने जमीन का विक्रय नहीं करने संबंधी आपत्ति की थी? विक्रय नहीं करने संबंधी आपत्ति संबंधी शासन के पत्र का विवरण देवें। (घ) पट्टे/लीज़ की जमीन का विक्रय क्‍यों पंजीकृत किया गया? विक्रय के पूर्व जमीन के असल मालिक की जाँच/जानकारी क्‍यों नहीं की गई? क्‍या सागर की बेशकीमती, बहुउपयोगी, जमीन भूमाफिया को देने हेतु जमीन के असल मालिक की पड़ताल ना कर अवैध विक्रय किया गया? क्‍या इसकी जाँच कराई जाकर दोषी शासकीय सेवकों पर कार्यवाही की जावेगी।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) उप पंजीयक कार्यालय सागर में दिसम्‍बर, 2016 में नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत 101 विक्रय पत्र पंजीबद्ध किये गये। खरीददार व विक्रेता के नाम रकबा पटवारी हल्‍का, विक्रय मूल्‍य, शासन को स्‍टाम्‍प आदि से आय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जनवरी 2017 में 01 जनवरी से 15 जनवरी तक कुल 137 विक्रय पत्र पंजीबद्ध किये गये। (ग) सुभाग्‍योदय डेव्‍हलपर्स नामक क्रेता द्वारा की गई जमीन, कीमत, पटवारी हल्‍का नं. एवं खसरा नं. की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। कलेक्‍टर (नजूल), जिला सागर द्वारा राजस्‍व मण्‍डल मध्‍यप्रदेश ग्‍वालियर के निगरानी प्रकरण क्रमांक-R-1794-I/16 में पारित आदेश दिनांक 06/06/2016 के विरूद्ध अपील प्रस्‍तुत करने की अनुमति हेतु प्रमुख सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग, मध्‍यप्रदेश भोपाल को लिखे पत्र की प्रतिलिपि पत्र पृ. क्रमांक 4805/री.नजूल/16 सागर, दिनांक 16/06/2016 द्वारा जिला पंजीयक सागर को सूचनार्थ इस निर्देश के साथ प्राप्‍त हुआ कि उक्‍त भूमियों के दस्‍तावेजों का पंजीयन आगामी आदेश तक न किये जावें। शासन से उक्‍त भूमि के विक्रय न किये जाने के संबंध में कोई आदेश प्राप्‍त नहीं हुआ। (घ) भूमि विक्रय संबंधी कलेक्‍टर (नजूल), जिला सागर द्वारा नजूल प्रकरण 21अ/20 (4) वर्ष 2014-15 में पारित आदेश दिनांक 25/05/2016 के विरूद्ध माननीय राजस्‍व मण्‍डल ग्‍वालियर द्वारा निगरानी प्रकरण क्रमांक 1794-1/10 में पारित आदेश दिनांक 06/06/2016 तथा पुनर्विलोकन आवेदन प्रकरण क्रमांक 2269/2016 में पारित आदेश दिनांक 23/09/2016 के अनुसार तथा माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा डब्‍ल्‍यू.पी.नं. 10493 में पारित आदेश दिनांक 01/12/2016 के आदेश के विरूद्ध किसी सक्षम न्‍यायालय के स्‍टे न होने की स्थिति में उप पंजीयक द्वारा पंजीयन अधिनियम के अंतर्गत प्रस्‍तुत विक्रय पत्र का पंजीयन नियमानुसार पंजीबद्ध किया गया। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नार्मल डेवलपमेंट योजना का क्रियान्‍वयन

[ऊर्जा]

17. ( *क्र. 5606 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं.लि. इन्‍दौर के अन्‍तर्गत नार्मल डेवलपमेंट योजना (एन.डी. योजना) में किस प्रकार के कार्य किये जाते हैं? (ख) उज्‍जैन जिले में वर्ष 2015-16, 2016-17 में जनवरी, 2017 अंत तक नार्मल डेवलपमेंट योजना में कितने प्राक्‍कलन स्‍वीकृत किये गये हैं, उनमें से कितने कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं? संख्‍या बतावें कार्य पूर्ण नहीं होने के प्रमुख कारण क्‍या हैं? (ग) क्या संबंधित अधिकारी के द्वारा कार्य में लापरवाही करने के कारण इस योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों को नहीं मिल पाया और ऐसे अधिकारी के खिलाफ क्या कार्यवाही की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इन्‍दौर के अन्‍तर्गत नार्मल डेवलपमेंट योजना में घरेलू श्रेणी के आवेदकों/उपभोक्‍ताओं (उन आवेदकों/उपभोक्‍ताओं को छोड़कर जो बहु मंजिला काम्‍प्‍लेक्‍स अथवा आवासीय कॉलोनियों में अवस्थित है) एवं गैर-घरेलू अथवा औद्योगिक श्रेणी के आवेदकों/उपभोक्‍ता के नवीन कनेक्‍शनों अथवा भार वृद्धि के प्रकरणों में सर्वे के अनुसारतकनीकी साध्‍यता होने पर 11 के.व्‍ही. लाईननवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित करने तथा आवश्‍यक होने पर वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि जैसे कार्य किये जाते हैं तथा इनकी लागत वितरण कंपनी द्वारा वहन की जाती है। निम्‍नदाब लाईन की आवश्‍यकता होने पर उपभोक्‍ता द्वारा निम्‍नदाब लाईन की लागत वहन की जाती है। (ख) उज्‍जैन जिले में वर्ष 2015-16 में नार्मल डेवलपमेंट योजना में 74 प्राक्‍कलन स्‍वीकृत किये गये व सभी कार्य पूर्ण हो गये हैं। वर्ष 2016-17 में जनवरी-2017 अंत तक नार्मल डेवलपमेंट योजना में 88 प्राक्‍कलन स्‍वीकृत किये गये हैंजिनमें से 84 कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं तथा शेष 4 कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। नार्मल डेवलपमेंट योजना में कार्य वितरण कंपनी द्वारा विभागीय तौर पर सम्‍पादित कराये जाते हैं तथा कतिपय अवसरों पर उपयोग होने वाली विद्युत सामग्री एवं अन्‍य संसाधनों की तात्‍कालिक अनुपलब्‍धता के कारण कार्य पूर्णता में समय लगता है। प्रश्‍नाधीन शेष 4 कार्यों हेतु कार्यादेश जनवरी 2017 में ही निर्माण संभाग उज्‍जैन को जारी किये गये हैं। (ग) प्रश्‍नाधीन योजना में पात्र सभी व्‍यक्तियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। अत: किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

विशेष पोषण आहार में अनियमितता

[महिला एवं बाल विकास]

18. ( *क्र. 2311 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक छतरपुर जिले में आकस्मिक व्‍यय, अन्‍य प्रभार, सामग्री उपकरण, स्‍टेशनरी के व्‍यय की विकासखण्‍डवार जानकारी दें? (ख) क्‍या स्‍टॉक रजिस्‍टर पर दर्ज की गई सामग्री भंडार में उपलब्‍ध नहीं रहती? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (ख) का भौतिक सत्‍यापन किन-किन तिथियों में किसके द्वारा किया गया? पद सहित नाम बतायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक छतरपुर जिले में आकस्मिक व्यय, अन्य प्रभार, सामग्री उपकरण, स्टेशनरी के व्यय की विकासखण्डवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) स्टॉक पंजी में दर्ज की गयी सामग्री भंडार में उपलब्ध रहती है। (ग) प्रश्‍नांश () की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

उमरिया जिले में लोक कल्‍याण शिविर का आयोजन

[सामान्य प्रशासन]

19. ( *क्र. 5334 ) सुश्री मीना सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शासन द्वारा शासन की कार्य प्रणाली को अधिक विकासोन्‍मुखी, जनकल्‍याणकारी, भेदभाव रहित एवं भ्रष्‍टाचार मुक्‍त करने हेतु लोक कल्‍याण शिविरों का आयोजन प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में माह में एक बार निश्चित दिन पर आयोजित किये जाने के निर्देश हैं? (ख) यदि हाँ, तो उमरिया जिले में आने वाले विकासखण्‍डों में वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में कहाँ-कहाँ पर इन लोक कल्‍याण शिविरों का आयोजन किया गया है? इन शिविरों में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? कितनी निराकृत हुईं? शेष शिकायतों की वर्तमान में क्‍या स्थिति है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र मानपुर अंतर्गत वर्ष 2015-16 में लोक कल्‍याण शिविर प्रत्‍येक माह आयोजित किये गये हैं? यदि हाँ, तो माहवार शिविर आयोजित करने की तिथि सहित प्राप्‍त शिकायतों को कम्‍प्‍यूटरीकृत किया गया है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो कब तक लंबित शिकायतों का निराकरण कर दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) उमरिया जिले में आने वाले विकासखण्‍डों में वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में आयोजित लोक कल्‍याण शिविरों के स्‍थानों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। इन शिविरों में 2223 शिकायतें प्राप्‍त हुईं, 2223 शिकायतों का निराकरण किया गया, वर्तमान में कोई शिकायत लंबित नहीं है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

अध्‍यापक संवर्ग की स्‍थानान्‍तरण्‍ा नीति

[सामान्य प्रशासन]

20. ( *क्र. 5457 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश्‍ा में शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्‍थानान्‍तरण के शासन के क्‍या नियम हैं? निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें (ख) क्‍या शासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक ही स्‍थान पर 3 वर्ष से अधिक अवधि हो जाने पर स्‍थानान्‍तरण के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या वर्ष 2016 में शासन ने स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं पुलिस विभाग को छोड़कर जिले में अथवा जिले के बाहर स्‍थानान्‍तरण किये जाने के निर्देश दिये थे? यदि हाँ, तो उक्‍त विभाग को स्‍थानान्‍तरण से छूट दिये जाने का क्‍या कारण रहा है? (घ) क्‍या शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग के अध्‍यापक संवर्ग के अध्‍यापकों के स्‍थानान्‍तरण्‍ा भी अन्‍य शिक्षकों की भांति करने की नीति बना रहा है? यदि हाँ, तो कब तक और यदि नहीं, तो अध्‍यापक संवर्ग के अन्‍य शिक्षकों की भांति स्‍थानान्‍तरण नीति नहीं बनाये जाने का क्‍या कारण है, जबकि अध्‍यापक संवर्ग को भी अन्‍य शिक्षकों के समान छठवां वेतनमान दिया गया है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) राज्‍य एवं जिला स्‍तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों के स्‍थानांतरण के लिए स्‍थानांतरण नीति निर्धारित है। जिसकी प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ख) स्‍थानांतरण नीति की कंडिका 8.7 के प्रावधान अनुसार। प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रशासकीय व्‍यवस्‍था को दृष्टिगत रखते हुये उक्‍त विभागों के लिये पृथक नीति निर्धारित करने का प्रावधान है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) अध्‍यापक संवर्ग में स्‍थानांतरण का कोई प्रावधान नहीं है, अपितु अन्‍तर्निकाय ऑनलाईन संविलियन का प्रावधान है। अध्‍यापक संवर्ग स्‍थानीय निकाय के अन्‍तर्गत पंचायत/नगरीय निकाय के कर्मचारी हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

रीवा जिले में कुपोषण की रोकथाम

[महिला एवं बाल विकास]

21. ( *क्र. 3488 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रीवा जिले में बच्‍चों के कुपोषण की रोकथाम हेतु सुपोषण अभियान, अटल बाल पालक मिशन, ब्‍लॉक वार, स्‍नेह सरोकार, कुपोषित बच्‍चों को गोद लेने की परम्‍परा आदि का अभियान चलाया जा रहा है? यदि हाँ, तो अक्‍टूबर 2016 की सर्वे रिपोर्ट में 36 हजार बच्‍चे कुपोषण की चपेट में पाये गये, जिनकी संख्‍या 2017 में बढ़कर लगभग 37 हजार हो गयी है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में इसकी रोकथाम हेतु क्‍या जिले में 15 परियोजनाएं 3300 से ज्‍यादा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पोषण पुनर्वास केन्‍द्र में न्‍यूट्रीशन स्‍टॉक, नर्स और डॉक्‍टर पदस्‍थ हैं? परियोजना अधिकारी मौजूद हैं एवं कुपोषित बच्‍चों को दिया जाने वाला पोषण आहार का मीनू और भर्ती के लिये एन.आर.सी. तय है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक 1 वर्ष में 15 से ज्‍यादा बच्‍चों की मौत हो चुकी है एवं 33 हजार बच्‍चे मध्‍यम कुपोषण की श्रेणी में एवं लगभग 4 हजार बच्‍चे अति कुपोषण की श्रेणी में हैं? यदि हाँ, तो पोषण पुनर्वास केन्‍द्र के आंकड़े बताते हैं कि 1 वर्ष में महज 2800 बच्‍चे ही केन्‍द्र में पहुंच सके हैं? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) (ग) के प्रकाश में सरकार 1 कुपोषित बच्‍चे पर करीब 2 हजार रूपये खर्च करती है, जिसमें एन.आर.सी. में पोषण आहर, इलाज और भोजन का खर्चा जुड़ा है, जब कि माँ को भी प्रतिदिन भोजन एवं सौ रूपये दिये जाते हैं? यदि हाँ, तो उपरोक्‍त के बावजूद हर माह कुपोषण का आंकड़ा घटने की जगह बढ़ता जा रहा है, इन सब के लिये किसे जिम्‍मेदार माना गया है? अब तक कितनों के वि‍रूद्ध कितनी कार्यवाही की गई? क्‍या शासन द्वारा राशि उपलब्‍ध नहीं कराई जा रही है? की जावेगी तो कब तक?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। माह-अक्टूबर 2016 एवं जनवरी 2017 में कुपोषित बच्चों की संख्या निम्नानुसार है :- 

 

वर्ष

कुपोषित बच्चों की संख्या

अक्टूबर 2016

36840

जनवरी 2017

36314


(ख) जी हाँ, रीवा जिले में 09 पोषण पुनर्वास केन्द्र संचालित हैं, जिसमें न्यूट्रीशन स्टॉक, नर्स एवं डॉक्टर पदस्थ हैं। चिन्हित गंभीर कुपोषित बच्चों को संचालित केन्द्रों में भर्ती किया जाता है व निर्धारित मानक अनुसार पोषण आहार दिया जाता है। (ग) पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषण से मृत्यु की संख्या निरंक है। माह जनवरी 2017 में मध्यम कम वजन के 32746 तथा अतिकम वजन के 3568 बच्चे कुपोषण की श्रेणी में हैं। अतिकम वजन के सभी बच्चे पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती हेतु पात्र नहीं होते हैं। पोषण पुनर्वास केन्द्र के मापदण्डों अनुसार अतिकम वजन के बच्चों का परीक्षण किया जाकर, उन्हें पात्र पाये जाने पर पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया जाता है। भर्ती कराने हेतु बच्चों के अभिभावकों की सहमति भी आवश्यक होती है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में माह जनवरी तक 1865 बच्चे इन पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती किए गए हैं। (घ) पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती के दौरान राशि रूपये 2580/- प्रति बच्चे के मान से व्यय की जाती है, जिसमें भर्ती बच्चे की माता को राशि रू. 120/- प्रतिदिन मजदूरी क्षतिपूर्ति भत्ते के रूप में दी जाती है। शासन के द्वारा कुपोषण प्रबंधन पर निरंतर कार्य किया जा रहा है, कुपोषण में कमी की स्थिति प्रश्‍नांश () के उत्तर में परिलक्षित है। कुपोषण हेतु कई कारक जिम्मेदार होते हैं यथा दैनिक भोजन में पर्याप्त पोषण तत्वों का अभाव, स्वास्थ्य सुविधाओं की अनुपलब्धता/पहुंच, आर्थिक संरचना, संसाधन की कमी, अनुचित आहार-व्यवहार, बीमारियां, परिवार में सदस्यों की संख्या, रोजगार की कमी, सामाजिक कुरीतियां, शिक्षा का अभाव आदि। गंभीर कुपोषित बच्चों की रोग निरोधक क्षमता कम होने से अन्य बीमारियों का उन पर तुलनात्मक रूप से ज्यादा प्रभाव पड़ता है। जन सामान्य द्वारा पोषण विविधता का उपयोग न करना, स्वच्छता एवं व्यवहार परिवर्तन में कम रूचि जैसे अन्य कारक भी कुपोषण की समस्या बने रहने के प्रमुख कारण हैं, जिसके लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। अतः कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं उठता है।

चंदेरी को पर्यटन केन्‍द्र के रूप में अधिसूचित किया जाना

[पर्यटन]

22. ( *क्र. 3700 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चंदेरी एक ऐतिहासिक पर्यटन नगरी है, पर्यटन नगरी होने के बाद भी इसे अभी तक पर्यटन नगरी के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है, क्‍यों? (ख) इसे कब तक पर्यटन नगरी के रूप में अधिसूचित किया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) पर्यटन नीति 2016 के अंतर्गत किसी ''नगर'' को ''पर्यटन नगरी'' अधिसूचित करने का प्रावधान नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय सेवकों का निलंबन

[सामान्य प्रशासन]

23. ( *क्र. 3589 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अनुशासनिक मामलों में शासकीय सेवकों को अनावश्यक निलंबित करने पर उन्हें लघु शास्ति अधिरोपित करने की स्थिति में सम्पूर्ण वेतन भुगतान करने के शासन के निर्देश हैं? (ख) यदि हाँ, तो उज्जैन संभाग में वर्ष 2015 से प्रश्न दिनांक तक ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिसमें अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा शासकीय सेवकों को निलंबित किया गया है? विभागवार विस्तृत ब्यौरा दें। (ग) प्रश्नांश (ख) में दर्शाये गये कितने शासकीय सेवकों की निलंबन अवधि को सेवा अवधि मानकर उन्हें वेतन भुगतान किया गया है? क्या अनावश्यक निलंबन के कारण शासकीय सेवकों को किये गये वेतन भुगतान से शासन को हुई आर्थिक हानि, संबंधित अनुशासनिक प्राधिकारी से वसूल की जाना चाहिए? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) संलग्‍न परिशिष्‍ट की सूची के सरल क्रमांक 01 से 06 तक के अधिकारियों को वेतन भुगतान किया गया। शेष के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही प्रचलित है। प्रकरणों में अनावश्‍यक निलंबन की स्थिति नहीं रही है। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

बीना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित शराब दुकानें

[वाणिज्यिक कर]

24. ( *क्र. 5263 ) श्री महेश राय : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बीना के नगर पालिका सीमा के अतंर्गत कितनी देशी/अंग्रेजी शराब की दुकानें संचालित हैं? लायसेंसधारी का नाम बताएं (ख) शराब की दुकानें किन-किन स्‍थानों के लिये आंवटित की गई हैं? सूची उपलब्‍ध करायें (ग) क्‍या छोटी बजरिया पर अंग्रेजी/देशी शराब की दुकान आवंटि‍त है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन की नीति के अनुरूप जनता स्‍कूल एवं चर्च एवं जैन मंदिर के पास जिसकी दूरी 100 मीटर की दूरी से भी कम है, यह क्‍या शासन के नियमों के अनुरूप है? (घ) यदि नहीं, तो इस दुकान को हटाने का क्‍या प्रावधान है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बीना में नगरपालिका बीना अंतर्गत संचालित मदिरा दुकानें एवं उनके लायसेंसधारी का नाम संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) वर्ष 2016-17 के लिये बीना नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत संचालित मदिरा दुकानों का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जी हाँ। छोटी बजरिया बीना क्षेत्र अंतर्गत विदेशी मदिरा दुकान छोटी बजरिया आवंटित होकर संचालित है। विदेशी मदिरा दुकान छोटी बजरिया बीना ऑफ श्रेणी की मदिरा दुकान है, जिसके परिसर में मदिरा का उपभोग प्रतिबंधित होने से दुकान अवस्‍थापन संबंधी सामान्‍य प्रयुक्ति नियम-1 (2) (ख) के नियम लागू नहीं होते हैं। अत: दुकान नियमानुसार है। (घ) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

कुपोषण से मुक्ति हेतु दी गई र‍ाशि में अनियमितता

[महिला एवं बाल विकास]

25. ( *क्र. 3343 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रीवा संभाग अंतर्गत कुपोषित बालक एवं बालिकाओं की जानकारी वर्ष 2014 से प्रश्‍नांश दिनांक तक की वर्षवार, जिलावार, जनपदवार देवें। इन कुपोषित बच्‍चों में से कितने बच्‍चे किस-किस उम्र के हैं? कुपोषित पाये गए बच्‍चों में कितने बच्‍चे जन्‍म से कुपोषित पाये गए, की जानकारी पृथक से देवें? जन्‍म से कुपोषित बच्‍चों की माताओं को कुपोषण से मुक्ति बाबत् कब-कब कौन-कौन सा उपचार एवं सुविधा शासन द्वारा उपलब्‍ध कराई गई? अगर नहीं तो क्‍यों? क्‍या इनका समुचित लाभ संबंधितों को मिला? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में सरकार द्वारा कुपोषित बच्‍चों के परीक्षण एवं सत्‍यापन बाबत् वजन लेने का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। वर्तमान स्थिति में कुपोषित बच्‍चों की क्‍या स्थिति जिला एवं जनपदवार संभाग स्‍तर की है? इस अभियान हेतु शासन द्वारा वर्ष 2012 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में कितनी-कितनी राशि रीवा संभाग के किस-किस जिले को प्रदान की गई? उस राशि में से कितनी राशि खर्च की गई? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार रीवा संभाग अंतर्गत कितने कुपोषित बच्‍चों की मृत्‍यु किस-किस जिले एवं जनपद में वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक में हुई? मृत्‍यु हुए बच्‍चे किस आयु समूह के थे? बच्‍चों के मृत्‍यु का प्रतिशत रीवा संभाग सहित प्रदेश के अन्‍य जिलों में क्‍या है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) अनुसार कुपोषित बच्‍चों की संख्‍या में बढ़ोत्‍तरी के लिए कौन-कौन जवाबदार हैं? शासन द्वारा कुपोषण से मुक्ति बाबत् करोड़ों रूपये खर्च किये जाने पर भी इस पर सुधार न होने का क्‍या कारण हैं? क्‍या शासन द्वारा दी जाने वाली राशि एवं सुविधाएं संबंधितों द्वारा कुपोषित बच्‍चों को उपलब्‍ध न कराकर फर्जी तरीके से राशि का दुरूपयोग कर राशि का बंदरबाट कर लिया जाता है? ऐसा करने के दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) रीवा संभाग अंतर्गत वर्ष 2014 से वर्ष 2017 (माह दिसम्बर 2016) तक 0 से 5 वर्ष तक के बालक एवं बालिकाओं की उम्रवार वर्षवार, जिलेवार, ब्लॉक/परियोजनावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कुपोषित पाए गए बच्चों में ऐसे बच्चे जो जन्म से कुपोषित पाए गए, की जानकारी विभागीय एम.आई.एस. में संधारित नहीं की जाती है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गृह भेंट, मंगल दिवस तथा ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के माध्यम से कुपोषित बच्चों की माताओं को बच्चों के पोषण स्तर में सुधारने हेतु निरंतर परामर्श दिया जाता है। कुपोषित बच्चों की माताओं को पर्यवेक्षक द्वारा पृथक से प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। (ख) दिनांक 01 नवम्बर 2016 से 28 फरवरी 2017 तक प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों में विशेष वजन अभियान का आयोजन किया गया था, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। उक्त अभियान हेतु कोई भी पृथक से राशि उपलब्ध नहीं कराई गई थी। (ग) प्रश्नांकित अवधि में रीवा संभाग अंतर्गत किसी भी कुपोषित बच्चे की मृत्यु कुपोषण के कारण नहीं हुई है। शेष का प्रश्न ही नहीं है। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में वर्ष 2014 की तुलना में विशेष वजन अभियान अंतर्गत रीवा संभाग के जिलों में कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी आई हैं। जी नहीं, अतः शेष का प्रश्न ही नहीं है।

 

 

 







भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


भेड़ाघाट को पर्यटन स्थल में शामिल करना

[पर्यटन]

1. ( क्र. 90 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर जिले में भेड़ाघाट विश्‍व विख्यात पर्यटन स्थल हैं? (ख) क्या यहाँ अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर की सुविधायें नहीं हैं? (ग) यदि हाँ, तो क्या इसी कारण भेड़ाघाट को पर्यटन स्‍थल का दर्जा नहीं मिला हैं? (घ) क्या भेड़ाघाट की उपेक्षा दूर की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। (ख) अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर की सुविधाओं की स्‍पष्‍ट परिभाषा नहीं होने से उत्‍तर दिया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर अनुसार।

कलाकारों को दिये जाने वाले अलंकरण सम्‍मान

[संस्कृति]

2. ( क्र. 91 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. सरकार की ओर से कलाकारों को विभिन्न अलंकरण/प्रतिष्ठित सम्मान दिये जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो कौन कौन से अलंकरण/प्रतिष्ठित सम्मान कब कब दिये गये? (ग) क्या ये सम्मान नियमित रूप से कलाकारों को नहीं दिये गये हैं? यदि हाँ, तो क्यों? (घ) क्या लता अलंकरण सम्मान तीन साल से किसी को नहीं दिया गया हैं? यदि दिया गया हैं तो जानकारी देवें।

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ. (ख) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा दिये जाने वाले अलंकरण/प्रतिष्ठित सम्‍मान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 से 16 अनुसार. (ग) यथासंभव नियमित रूप से दिए जाते हैं. अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता. (घ) जी हाँ. 

लोक प्रतिनिधि अधिनियम के तहत कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

3. ( क्र. 857 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर के नगरपालिका पसान के तत्‍कालीन अध्‍यक्ष के विरूद्ध जनवरी 2017 में आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ भोपाल में किसी प्रकार की शिकायत हुई है? यदि हाँ, तो लोक प्रतिनिधित्‍व अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रश्नांश (क) शिकायत की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें तथा उक्‍त शिकायत पर विभाग ने अब तक क्‍या कार्यवाही की है? यदि कार्यवाही नहीं की है तो क्‍या कारण है? यदि की जावेगी तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्‍तरांश '' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नवीन 33/11 विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍वीकृति

[ऊर्जा]

4. ( क्र. 1035 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्र कृषि बाहुल्‍य है तथा क्षेत्र के ग्राम आवनी व जवासा सहित इनके आस पास विद्यमान दर्जनभर से अधिक ग्रामों में कृषि सीजन में हमेशा नियमित विद्युत सप्‍लाई व लो वोल्‍टेज की समस्‍या गंभीर रूप से व्‍याप्‍त रहती है? (ख) क्‍या उक्‍त कारण से क्षेत्रीय कृषकों को कृषि कार्य में कई प्रकार की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है? इस समस्‍या के हल हेतु ग्राम आवनी व जवासा के मध्‍य नवीन 33/11 विद्युत सब स्‍टेशन स्‍वीकृत कर उपयुक्‍त स्‍थान पर इसे स्‍थापित किये जाने की आवश्‍यकता है तथा इस हेतु क्षेत्रीय कृषक कई वर्षों से निरंतर मांग भी कर रहे है? (ग) यदि हाँ, तो कृ‍षकों की मांग व विद्युत समस्‍या के समाधान हेतु क्‍या शासन/विद्युत कंपनी उक्‍त सब स्‍टेशन के कार्य को कार्य योजना में शामिल करने उपरांत प्रथम प्राथमिकता में ही ग्राम आवनी-जवासा के मध्‍य यथाशीघ्र नवीन सब स्‍टेशन के निर्माण कार्य को स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्र कृषि बाहुल्‍य क्षेत्र है किंतु प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत ग्राम आवनी, जवासा व इसके आस-पास के ग्रामों में विद्यमान विद्युत भार के अनुरूप विद्युत अधोसरंचना उपलब्‍ध होने से इस क्षेत्र में कृषि कार्य हेतु निर्धारित अवधि के लिये पर्याप्‍त वोल्‍टेज पर विद्युत प्रदाय किया जाता है। (ख) उत्‍तरांश '''' में दर्शाए अनुसार वर्तमान में उपलब्‍ध विद्युत अधोसंरचना से प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में पर्याप्‍त वॉल्‍टेज के साथ सुचारू रूप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। अत: ग्राम आवनी व जवासा के मध्‍य नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र के निर्माण की वर्तमान में आवश्‍यकता नहीं है। प्रश्‍नाधीन उपकेन्‍द्र की स्‍थापना हेतु विगत वर्षों से मांग की जा रही है किंतु उपकेन्‍द्र की स्‍थापना का कार्य तकनीकी साध्‍यता एवं वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप किया जाता है। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

33/11 विद्युत सब स्‍टेशन की स्‍वीकृति

[ऊर्जा]

5. ( क्र. 1036 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत बड़ौदा स्थित 33/11 विद्युत सब स्‍टेशन पर बड़ौदा नगर व क्षेत्र सहित कई दर्जन ग्रामों की कृषि व गैर कृषि विद्युत का भार है इस कारण वह अधिभारित रहता है? (ख) क्‍या उक्‍त कारण से बड़ौदा सब स्‍टेशन से संबद्ध ग्राम अलापुरा व उसके आसपास के दर्जनभर से भी अधिक ग्रामों में प्रतिवर्ष कृषि सीजन में सुचारू विद्युत सप्‍लाई व लो वोल्‍टेज की गंभीर समस्‍या हर समय व्‍याप्‍त रहती है नतीजन कृषकों को कठिनाइयां आती है? (ग) उक्‍त समस्‍या के हल हेतु क्‍या ग्राम अलापुरा में नवीन 33/11 विद्युत सब स्‍टेशन का निर्माण कार्य स्‍वीकृत कर स्‍थापित किये जाने की आवश्‍यकता है? क्‍या ये कार्य वर्ष 2016-17 के एस.एस.टी.डी. प्‍लान में भी शामिल है? (घ) यदि हाँ, तो कृ‍षकों के हित में क्‍या शासन/विद्युत कंपनी अलापुरा में चालू वित्‍त वर्ष में ही प्रथम प्राथमिकता के साथ उक्‍त सब स्‍टेशन को स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) ग्राम रामवाड़ी में 33/11 सब स्‍टेशन का पूर्व से स्‍वीकृत कार्य हेतु निविदा सहित अन्‍य क्‍या-क्‍या कार्यवाही पूर्ण कर ली है, क्‍या-क्‍या नहीं? कब तक इन्‍हें पूर्ण करके निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जावेगा, बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत बड़ौदा 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र के कृषि सीजन में कतिपय अवसरों पर अतिभारित होने के कारण लो वोल्‍टेज की समस्‍या परिलक्षित होती है। (ख) जी नहीं, बड़ौदा 33/11 के.व्‍ही.उपकेन्‍द्र से संबद्ध ग्राम अलापुरा व उसके आस-पास के क्षेत्र में विद्युत प्रदाय कर रहे फीडरों से सामान्‍यत: सुचारू रूप से विद्युत प्रदाय किया जाता है तथापि इन फीडरों के अंतिम छोर वाले ग्रामों में कृषि सीजन से कतिपय अवसरों पर अधिभार के कारण लो वोल्‍टेज की समस्‍या आती है। (ग) एवं (घ) ग्राम अलापुरा में नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र की स्‍थापना का कार्य वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना में वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार किया जाना प्रस्‍तावित है। (ड.) ग्राम रामबाड़ी में नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र की स्‍थापना का कार्य दीन दयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनांतर्गत स्‍वीकृत है। वर्तमान में उक्‍त योजना का कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा कार्यवाही पूर्ण कर दिनांक 18.01.2017 को चयनित ठेकेदार एजेंसी को अवार्ड जारी कर दिया गया है। उक्‍त योजनांतर्गत अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा अवार्ड दिनांक से 24 माह है एवं तद्नुसार ठेकेदार एजेंसी द्वारा कार्य प्रांरभ/पूर्ण कराया जायेगा।

बस स्‍टैण्‍ड के पास संचालित शराब दुकानों का स्‍थानांतरण

[वाणिज्यिक कर]

6. ( क्र. 1368 ) श्री हरवंश राठौर : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कौन-कौन सी देशी एवं अंग्रेजी मदिरा दुकानें ग्रामीण क्षेत्र के बस स्टैण्डों के समीप संचालित हैं। संचालित स्थल के पूर्ण पता सहित सूची एवं बस स्टैण्ड से दूरी की जानकारी उपलब्ध कराई जाए? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित बस स्टैण्डों के पास संचालित शराब दुकानों के कारण बस में यात्रा करने वाले यात्रियों की असुविधा होने के कारण इन्हें अन्यत्र स्थानांतरित करने की नीति पर क्या शासन विचार कर रहा है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में बस स्‍टैण्‍ड के समीप संचालित देशी/विदेशी मदिरा दुकानों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश राजपत्र असाधारण क्रमांक 55 दिनांक 06.02.2015 के अन्‍तर्गत उक्‍त मदिरा दुकान नियमानुसार संचालित होने से इन दुकानों को अन्‍यत्र स्‍थानांतरित करने की कोई नीति वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

विद्युतीकरण कार्य

[ऊर्जा]

7. ( क्र. 1598 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले की वारासिवनी-खैरलांजी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना (आर.जी.जी.व्‍ही.वाय.) १२वां चरण अंतर्गत कितने ग्रामों में कार्य प्रस्‍तावित हैं तथा कितने ग्रामों में कार्य पूर्ण हो चुका है? ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करावे? (ख) प्रश्‍नांकित (क) के अनुसार उक्‍त योजनांतर्गत किये गये पूर्ण, अपूर्ण एवं प्रस्‍तावित ग्रामवार एवं मजरे-टोलेवार कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति उपलब्‍ध करावें? (ग) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार उक्‍त योजनांतर्गत किये जाने वाले कार्यों का सर्वे कार्य कब किया गया है? किये गये सर्वे की जानकारी उपलब्‍ध करावे? (घ) प्रश्‍नांकित (क) के अनुसार उक्‍त योजना का कार्य किस एजेंसी के द्वारा किया जा रहा है तथा अनुबंध अनुसार संबंधित एजेन्‍सी को कार्य कब पूर्ण किया जाना था? अगर वारासिवनी-खैरलांजी विधानसभा क्षेत्र में कार्य प्रारंभ नहीं किया गया या अपूर्ण हैं, तो उसका कारण बतावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) 12वीं पंचवर्षीय योजना में बालाघाट जिले हेतु स्‍वीकृत राजीव गाँधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में वारासिवनी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत 73 विद्युतीकृत ग्रामों के 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले मजरों/टोलों के विद्युतीकरण/बी.पी.एल. कनेक्‍शन प्रदान करने के कार्य सम्मिलित थे। उक्‍त ग्रामों में सम्मिलित सभी कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं। उक्‍तानुसार प्रस्‍तावित/कार्य पूर्ण किये गये ग्रामों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) 12वीं पंचवर्षीय योजना में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत योजनाओं की प्रशासकीय स्‍वीकृति योजनावार प्रदान की गई थी, ग्राम/मजरे/टोलेवार नहीं। बालाघाट जिले सहित 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के प्रदेश में क्रियान्‍वयन हेतु प्रदान की गई प्रशासकीय स्‍वीकृति की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नाधीन योजना के अंतर्गत सम्मिलित बालाघाट जिले के वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र के सभी 73 ग्रामों का सर्वे कार्य वर्ष 2015-16 में किया गया है। सर्वे की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नाधीन योजनान्‍तर्गत विद्युतीकरण का कार्य टर्न-की आधार पर करने हेतु मेसर्स बजाज इलेक्ट्रिकल्‍स लिमिटेड मुंबई, को अवार्ड जारी किया गया है। उक्‍त ठेकेदार एजेंसी द्वारा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित अवधि फरवरी-2017 है। वारासिवनी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत उक्‍त योजना में सम्मिलित 73 ग्रामों में सभी प्रस्‍तावित कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर लिये गये हैं। अत: प्रश्‍न नहीं उठता।

आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार की सप्लाई

[महिला एवं बाल विकास]

8. ( क्र. 1700 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) हरदा जिले में आंगनवाड़ियों के माध्यम से बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को प्रदाय किये जाने वाला पोषण आहार की सप्लाई किन-किन एजेंसी/फर्म द्वारा की जा रही है। (ख) क्या शासकीय एजेन्सी द्वारा भी पोषण आहार की सप्लाई हरदा जिले में की जा रही है। यदि हाँ, तो किस-किस शासकीय एजेन्सी से वर्ष 2013-14,14-15, 15-16 एवं वर्ष 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में कितना पोषण आहार कितनी राशि का सप्लाई किया गया। (ग) हरदा जिले में वर्तमान में कितने कुपोषित बच्चे चिन्हित किये गये हैं व उनके स्वास्थ्य सुधार के लिये शासन स्तर से क्या कार्यवाही की जा रही है। (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार वर्षों में कुपोषित बच्चों की संख्या में कितने प्रतिशत की कमी व वृद्धि हुई है। वर्षवार बतायें।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) हरदा जिले की आंगनवाड़ी केन्द्रों में विभाग के निर्देशानुसार वर्तमान में 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती धात्री माताओं को टेकहोम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार की व्यवस्था एम.पी.एग्रो के माध्यम से तथा 03 वर्ष से 06 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में सांझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत् मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत कार्यरत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्रों में स्व-सहायता समूह एवं महिला मण्डल के माध्यम से संचालित की जाती हैं। (ख) जी हाँ। हरदा जिले में एम.पी.स्टेट एग्रो इण्डस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड भोपाल द्वारा 06 माह से 03 वर्ष के बच्चों, गर्भवती,धात्री माताओं के लिये टेकहोम राशन के रूप में पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जा रहा हैं। वर्ष 2013-14,2014-15,2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में प्रश्न दिनांक तक प्रदाय किये गये पूरक पोषण आहार (टेकहोम राशन) की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''01'' पर है(ग) हरदा जिले में वर्तमान में कुल 850 अतिकम वजन के कुपोषित बच्चे चिन्हित किये गये है। राज्यशासन द्वारा कुपोषित बच्चों के सुधार हेतु निम्नानुसार कार्यवाही की जा रही हैः- (1) अतिकम वजन के बच्चों को आंगनवाड़ी केन्द्र पर नाश्ता/भोजन एवं थर्डमील प्रदाय किया जाता है। (2) राज्य शासन द्वारा 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में तीन दिवस दूध का प्रदाय किया जाता हैं। (3) स्नेह शिविर के माध्यम से डे-केयर शिविरों का आयोजन कर बच्चों के भोजन एवं स्वास्थ्य की देखभाल की जाती हैं। (4) स्नेह सरोकार योजना के अंतर्गत समुदाय के प्रबुद्ध लोगों द्वारा अतिकम वजन के बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की जिम्मेदारी ली गई है। अतिकम वजन के बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार किया जा रहा है। (5) पंचवटी से पोषण आहार द्वारा कुपोषित बच्चों के परिवार को मुनगा के बीज वितरित किया जा रहा है। (6) गंभीर कुपोषित बच्चों को एन.आर.सी.में भर्ती कराया जाकर स्थिति में सुधार किया जाता हैं। (घ) वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक कुपोषित बच्चों की संख्यात्मक जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''02'' पर है।

परिशिष्ट - ''दो''

नारी निकेतन का संचालन

[महिला एवं बाल विकास]

9. ( क्र. 1798 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश में कितने नारी निकेतन कहाँ-कहाँ पर संचालित है? (ख) क्‍या उज्‍जैन संभाग मुख्‍यालय पर नारी निकेतन का संचालन विभाग द्वारा किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या विभाग में योग्‍य कर्मचारियों का अभाव है? (ग) क्‍या उज्‍जैन संभाग मुख्‍यालय पर नारी निकेतन बंद कर स्‍वाधार गृह का संचालन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो किसके द्वारा? एन.जी.ओ. द्वारा संचालन का क्‍या कारण है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) वर्तमान में प्रदेश में एक भी नारी निकेतन संचालित नहीं है। (ख) जी नहीं। नारी निकेतन के स्थान पर शासकीय (उषा किरण केंद्र) वन स्टॉप स्थापित किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रशन उपस्थित नहीं होता है।

जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित न किया जाना

[सामान्य प्रशासन]

10. ( क्र. 1805 ) श्री रजनीश सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किसी नवीन निर्माण के शिलान्‍यास/भूमिपूजन/लोकार्पण के कार्यों में जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है? यदि हाँ, तो प्रोटोकाल के तहत इसमें कौन-कौन से जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है? (ख) क्‍या अधिकारियों की मनमानी के कारण शासन के निर्देशों के बावजूद भी नवीन निर्माण कार्यों में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया जाता है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन दोषी है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 29 अगस्‍त 2016 को ग्राम आमानाला, जनपद पंचायत धनौरा, जिला सिवनी में माध्‍यमिक शाला के उन्‍नयन में क्षेत्रीय विधायक को आमंत्रित नहीं किये जाने के संबंध में माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय, मान. शिक्षा मंत्री महोदय, मान. कलेक्‍टर जिला सिवनी को पत्र प्रेषित किया गया था? यदि हाँ, तो इस संबंध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही संबंधितों के द्वारा दोषियों के विरूद्ध की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों बताये?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ओव्‍हर लोड ट्रांसफार्मर

[ऊर्जा]

11. ( क्र. 1806 ) श्री रजनीश सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र केवलारी में प्रश्‍न दिनांक तक 25 के.वी. 63 के.वी.ए. 100 के.वी.ए. के कितने ट्रांसफार्मर ओव्‍हरलोड हैं? इन ट्रांसफार्मरों की जानकारी ग्रामवार, क्षमतावार उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या ओवरलोड ट्रांसफार्मरों से बार-बार ट्रांसफार्मर जलने एवं वोल्‍टेज की समस्‍या बनी रहती है यदि हाँ, तो अभी तक ओवरलोड के कारण कितने ट्रांसफार्मर जलकर खराब हुये है? ओवरलोड ट्रांसफार्मर शासन कब तक अंडरलोड कर देगा? (ग) विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत मुख्‍यमंत्री स्‍थाई सिंचाई, कनेक्‍शन, कृषक अनुदान योजना से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कृषकों को लाभ दिया गया है? (घ) नये ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये जाने हेतु क्‍या प्रावधान हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्तमान में कोई ट्रांसफार्मर अतिभारित नहीं है अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) केवलारी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन योजना में 20 कृषक लाभान्वित हुए हैं एवं कृषक अनुदान योजना जिसे वर्तमान में लागू मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पंप योजना में समाहित कर लिया गया है, के अंतर्गत 556 कृषक लाभान्वित हुए है। (घ) स्‍थापित ट्रांसफार्मरों पर नियमित रूप से टांगटेस्‍टर से भार मापन किया जाता है। ट्रांसफार्मर पर उक्‍तानुसार संबद्ध भार एवं भविष्‍य में आने वाले संभावित भार का आंकलन कर तथा ट्रांसफार्मर की स्‍थापना उपरांत दिये गये कनेक्‍शनों के कारण ट्रांसफार्मर भार केन्‍द्र पर स्‍थापित नहीं होने से उससे संबद्ध उपभोक्‍ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप वोल्‍टेज प्राप्‍त नहीं होने की संभावना के दृष्टिगत ऐसे ट्रांसफार्मरों को प्रतिवर्ष चिन्‍हित कर, कार्य योजना अनुसार अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर स्‍थापित करने या ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि की कार्यवाही की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। इसके अतिरिक्‍त मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन योजना अंतर्गत कृषकों द्वारा स्‍थायी पंप कनेक्‍शन हेतु आवेदन देने पर आवश्‍यकतानुसार ट्रांसफार्मर स्‍थापित कर कनेक्‍शन दिये जा रहे हैं। साथ ही स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजनांतर्गत भी कृषक अपना ट्रांसफार्मर स्‍वयं स्‍थापित करवा सकते है।

आंगनवाड़ी केन्द्रों का सुचारु संचालन

[महिला एवं बाल विकास]

12. ( क्र. 2382 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिरमौर अन्तर्गत कुल कितने आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन विभाग द्वारा कराया जा रहा है? कितने ऐसे आंगनवाड़ी केन्द्र हैं जिनमें स्वयं का भवन उपलब्ध होने के बाद भी अन्यत्र संचालन कराया जा रहा है? (ख) क्षेत्र भ्रमण के दौरान यह शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन नियमित रुप से नहीं किया जा रहा है तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका आंगनवाड़ी केन्द्रों में उपस्थित नहीं रहतीं। ऐसी स्थिति में क्या सिरमौर एवं जवा के आंगनवाड़ी केन्द्रों की जाँच कराकर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सिरमौर अन्तर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना सिरमौर क्र. 1 अन्तर्गत 89 एवं जवा अन्तर्गत 246 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। विधानसभा क्षेत्र सिरमौर अन्तर्गत ऐसे कोई आंगनवाड़ी केन्द्र नहीं है जहाँ शासकीय भवन उपलब्ध होने के उपरान्त भी आंगनवाड़ी केन्द्र का संचालन अन्यत्र कराया जा रहा है। (ख) परियोजना अधिकारी, क्षेत्रीय पर्यवेक्षक एवं अन्य अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से आंगनवाड़ी केन्द्रों का भ्रमण एवं पर्यवेक्षण किया जाता है। आंगनवाड़ी केन्द्र बंद रहने या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के केन्द्र पर अनुपस्थित रहने की शिकायतें प्राप्त होने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने का प्रावधान है।

विकासखण्ड जवा अंतर्गत ग्राम पंचायत चौखण्डी के 200 के.वी. ट्रांसफार्मर को बदलने के संबंध में

[ऊर्जा]

13. ( क्र. 2383 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्ड जवा अंतर्गत ग्राम पंचायत चौखण्डी का 200 के.वी. का ट्रांसफार्मर पिछले 1 वर्ष से जला हुआ है? क्या कारण है कि इतना अधिक समय व्यतीत हो जाने के उपरांत भी उक्त ट्रांसफार्मर को बदला नहीं जा सका? (ख) प्रश्नांश (क) उल्लेखित ट्रांसफार्मर कब तक बदल दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं, अपितु दिनांक 20.12.16 को प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित ट्रांसफार्मर की आंतरिक एल.टी.बाइंडिग एवं एल.टी. बुश खराब होने से एक फेस की सप्‍लाई बाधित हुई थी। आवश्‍यक सुधार कार्य करवाकर दिनांक 21.12.16 को उक्‍त ट्रांसफार्मर से तीन फेस सप्‍लाई चालू कर दी गई थी। दिनांक 13.02.17 को पुन: एक फेस सप्‍लाई बन्‍द होने से उक्‍त ट्रांसफार्मर को फेल घोषित किया गया हैं। (ख) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित 200 के.व्‍ही.ए. क्षमता के ट्रांसफार्मर से सम्‍बद्ध 91 उपभोक्‍ताओं में से 42 उपभोक्‍ताओं पर रू. 6.77 लाख की विद्युत देयकों की राशि बकाया है, नियमानुसार जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर से जुडे 75 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि का भुगतान करने अथवा कुल बकाया राशि की 40 प्रतिशत् राशि जमा होने के उपरांत उक्‍त फेल ट्रांसफार्मर को बदलने की कार्यवाही की जा सकेगी। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में प्रश्‍नाधीन ट्रांसफार्मर को बदले जाने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

 

निर्माण/सुधार कार्य

[ऊर्जा]

14. ( क्र. 2441 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं.लि. इन्‍दौर के अन्‍तर्गत इन्‍दौर शहर में आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना लागू थी? इस योजना के अन्‍तर्गत इन्‍दौर शहर में क्‍या-क्‍या कार्य सम्‍पादित कराये गये कार्य की लागत सहित पूर्ण किये गये कार्यों की जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार योजना के शुरू होने से पहले फीडरवार शहर में कितने प्रतिशत लाईनलॉस थी व इस योजना के तहत कितने समय में कितनी लाईनलॉस कम करने का लक्ष्य था? (ग) माह दिसम्बर-2016 में फीडर वाईज कितना लाईनालॉस है? यदि निर्धारित लक्ष्य से फीडर वाईज लाईनलॉस कम है तो इसके लिये कौन जिम्मेदार है व विभाग द्वारा इस हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर के अंतर्गत इंदौर शहर में आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना लागू थी। उक्‍त योजना के तहत् इंदौर शहर में सम्पादित कराये गये कार्यों का लागत सहित विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) इंदौर शहर में आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना लागू होने से पहले वित्तीय वर्ष 2009-10 में औसत लाईन लॉस 22.29 प्रतिशत था। उस समय फीडरवार लाईन लॉस की गणना नहीं होती थी। इस योजना के तहत् 6 वर्षों में लाईन लॉस 15 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया था। (ग) इंदौर शहर में माह दिसम्बर-2016 में औसत लाईन लॉस 19.87 प्रतिशत है। इंदौर शहर के 05 शहर संभागो में लाईन लॉस की शहर संभागवार, फीडरवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-1', 'ब-2', 'ब-3', 'ब-4' एवं 'ब-5' अनुसार है। किसी भी क्षेत्र के लाईन लॉस में तकनीकी एवं वाणिज्यिक लॉसेस शामिल होते हैं। इन्‍दौर शहर में आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना का मुख्‍य उद्देश्‍य विद्युत की बढ़ती मांग के अनुरूप अधोसंरचना का विकास, बेहतर वोल्‍टेज व गुणवत्‍तापूर्वक विद्युत प्रदाय के लिए प्रणाली सुदृढ़ीकरण के कार्यों का निष्‍पादन तथा फलस्‍वरूप तकनीकी हानियों में कमी लाना था। इसके अतिरिक्‍त मीटर आदि की स्‍थापना से कुछ मात्रा में वाणिज्यिक हानियों में कमी लाना भी था। उक्‍त कार्यवाही के उपरांत भी क्षेत्र के कतिपय रहवासियों द्वारा विद्युत के अनाधिकृत उपयोग तथा मीटर से छेड़छाड़ आदि के कारण वाणिज्यिक हानियों में बढ़ोत्‍तरी होती है जिससे लाईन लॉस प्रभावित होता है। लाईन लॉस में कमी लाना एक सतत् प्रक्रिया है तथापि आर.ए.पी.डी.आर.पी. योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लाईनलॉस में कमी नहीं होने से अनुबंध की शर्तों के अनुसार ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स के.ई.सी.इन्‍टरनेशनल लिमिटेड, गुडगांव द्वारा प्रस्तुत देयको की राशि में से 20 प्रतिशत प्रतिधारण राशि (रिटेन्शन अमाउन्ट) के रूप में कटौती कर कुल रु. 40.43 करोड़ की राशि काटी गई है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को प्राप्‍त सामाजिक सुरक्षा

[महिला एवं बाल विकास]

15. ( क्र. 2576 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को क्‍या-क्‍या सामाजिक सुरक्षा मिल रही है? (ख) क्‍या म.प्र. श्रम विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को न्‍यूनतम वेतन निर्धारित किया है? यदि हाँ,. तो शासन ने अब तक वेतन निर्धारण क्‍यों नहीं किया? (ग) क्‍या माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर व इंदौर ने भी उक्‍त संबंध में निर्देश शासन को दिए हैं? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा दें व बताये कि माननीय न्‍यायालय के निर्देशों का पालन शासन क्‍यों नहीं कर रहा है? कब तक पालन होगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) भारत सरकार द्वारा लागू की गई अटल पेंशन योजना एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका बीमा योजना अंतर्गत इन्‍हें सामाजिक सुरक्षा मिल रही है। (ख) श्रम आयुक्‍त, मध्‍यप्रदेश शासन, इंदौर के पत्र क्रमांक बफा/वेतन/आठ/2014/243-44/(2) दिनांक 07/02/2015 द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के लिये न्‍यूनतम वेतन दरे निर्धारित करने की मांग के परिप्रेक्ष्‍य में आंगनवाड़ी संस्‍था में नियोजन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को कुशल श्रेणी व आंगनवाड़ी सहायिका को अर्द्धकुशल श्रेणी का न्‍यूनतम वेतन दरे प्रस्‍तावित किये जाने के संबंध में सुझाव चाहे गये थे। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार हैभारत सरकार, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय नई दिल्‍ली के पत्र क्रमांक/No24-178/2015-CD-I/, दिनांक 17/03/2016 द्वारा म.प्र. मानसेवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ म.प्र. भोपाल द्वारा प्रेषित मांगों के संबंध में लेख किया गया है कि माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के प्रकरण ''अमीरी बी व अन्‍य के'' संदर्भ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को मानसेवी होने से शासकीय सेवक नहीं माना गया है। साथ ही इनको न्‍यूनतम वेतन का लाभ एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका को शासकीय सेवक संबंधी मांग पर कार्यवाही की जाना संभव नहीं है। अत: शेष कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) निर्देश अप्राप्‍त है। अत: शेष कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

आंगनवाड़ी केन्‍द्र पर सामग्री प्रदाय

[महिला एवं बाल विकास]

16. ( क्र. 3150 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) झाबुआ जिले में महिला बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में विगत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कौन-कौन सी और कितनी-कितनी सामग्री प्रदाय की गई? (ख) उक्‍त अवधि में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में प्रदाय सामग्री पर कितनी राशि व्‍यय की गई है तथा प्रदाय सामग्री का भौतिक सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा किया गया है? (ग) सामग्री किस फर्म से ली गई है इस हेतु क्‍या कोई विज्ञापन अथवा टेण्‍डर जारी किया गया है यदि हाँ, तो उसका विवरण और यदि नहीं, तो किसके आदेश पर सामग्री आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में प्रदाय की गई है? (घ) क्‍या विभाग को आंगनवाड़ी केन्‍द्र में सामग्री प्रदाय के संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) झाबुआ जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों में विगत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में प्रदाय सामग्री की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) उक्त अवधि में आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्रदाय सामग्री पर व्यय की गई राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है(ग) सामग्री जिस फर्म से ली गई हैं उसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार हैम.प्र.भण्डार क्रय नियमानुसार म.प्र.लघु उद्योग निगम एवं अन्य शासकीय एजेंसियों के माध्यम से जिले व संचालनालय स्तर से सामग्री क्रय की गई। विभाग द्वारा सामग्रियों हेतु विज्ञापन अथवा टेण्डर नहीं निकाला गया अपितु पूर्ण कार्यवाही म.प्र.भण्डार क्रय के नियमों के अनुरुप म.प्र.लघु उद्योग निगम के माध्यम एवं अन्य शासकीय एजेंसियों के माध्यम से की गई। अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

नियम विरूद्ध तरीके से व्‍यय की गई राशि के दोषियों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

17. ( क्र. 3344 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा एवं सतना जिले में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक में माननीय मुख्‍यमंत्री के कार्यक्रमों का आयोजन किस-किस माह, दिनांक एवं स्‍थान पर किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के आयोजन किस-किस नाम से आयोजित किये गये? इनके आयोजनों में आयोजनवार कितनी-कितनी राशि खर्च की गई,? इनमें उपयोग हुए टेन्‍ट (सामियाना), फर्नीचर, कुर्सियों, टेबिलों, भोजन एवं वाहनों हेतु- कितनी राशि खर्च की तथा भुगतान की क्‍या स्थिति हैं? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या सुपर स्‍पेशलिटी हॉस्पिटल के भूमि पूजन बाबत उपयोग किये गये टेन्‍ट (शामियाना), फर्नीचर एवं अन्‍य सामग्री कहाँ से ली गई थी? कितने दिनों तक शामियाना एवं अन्‍य सामग्री अस्‍पताल परिसर में लगी व रखी रही? इसके लिए निविदा कब बुलायी गई एवं कार्यादेश किस एजेन्‍सी को कितनी लागत पर दिया गया? इसी तरह ए.एस.एफ. ग्राउण्‍ड रीवा में दिनांक 22.01.2017 किस नाम से आयोजित कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री जी आये थे? इस कार्यक्रम में उपायोग किये गए, टेन्‍ट (शामियाना), कुर्सी, फर्नीचर, वाहन एवं भोजन के पैकेट हेतु किन-किन को कार्यादेश दिया गया? कार्यादेश के पूर्व निविदाएं कब-कब बुलाई गई? (घ) प्रश्नांश (ख) (ग) अनुसार अगर राशि नियम विरूद्ध तरीके से खर्च की गई तो उनके लिए कौन-कौन दोषी हैं? अन्‍य मदों की खर्च की गई राशि की पूर्ति किस तरह की जावेगी? क्‍या उक्‍त राशि खर्च करने से अन्‍य कार्य प्रभावित नहीं होंगे? इस तरह राशि के अपव्‍यय के लिए दोषियों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? करेंगे तो कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्‍यमंत्री स्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शन योजना

[ऊर्जा]

18. ( क्र. 3391 ) श्री गिरीश गौतम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री स्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शन योजना की शुरूआत किस माह से की गयी? रीवा जिले में इस योजना के तहत कनेक्‍शन हेतु 31/12/2016 तक कितने आवेदन प्रस्‍तुत किये गये? किसानों से प्रति किसान-कितनी राशि जमा करायी गयी? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित योजना अंतर्गत कितने किसानों को उनके पंप तक विद्युत खम्‍भे स्‍थापित कर कनेक्‍शन दिया गया है? शेष किसानों को कब तक कनेक्‍शन प्रदान कर दिया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना दिनांक 06.09.2016 से प्रारंभ की गई है। रीवा जिले में इस योजनान्‍तर्गत दिनांक 31.12.2016 तक 150 कृषकों के आवेदन पत्र प्राप्‍त हुये हैं। उक्‍त योजनान्‍तर्गत कृषकों से जमा कराई गई राशि का कृषकवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित 150 कृषकों में से 32 कृषकों के स्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शन हेतु लाईन विस्‍तार के कार्य पूर्ण कर कनेक्‍शन दिये जा चुके हैं। शेष कृषकों के लाईन विस्‍तार के कार्य वरीयता क्रमानुसार करते हुए योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित अवधि के अन्‍दर कार्य पूर्ण किया जाना अनुमानित है।

माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणाओं पर क्रियान्‍वयन न किया जाना

[सामान्य प्रशासन]

19. ( क्र. 3446 ) श्री रामनिवास रावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने जिला मुरेना, श्‍योपुर एवं भिंड जिलों में कहाँ-कहाँ किस-किस दिनांक को प्रवास पर रहे? (ख) उक्‍त प्रवास के दौरान माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा कौन-कौन सी घोषणाएं की थी? उन घोषणाओं में कौन-कौन सी घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं तथा कौन-कौन सी घोषणाएं अभी तक किन कारणों से पूरी नहीं की जा सकी हैं? घोषणावार, विभागवार सूची दें। (ग) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा प्रदेश के जिलों में प्रवास के दौरान जनहित से जुड़ी की गई घोषणाएं जिला कलेक्‍टरों द्वारा सभी घोषणाएं मुख्‍यमंत्री कार्यालय को नहीं भेजी जाती है अथवा उन्‍हें मनमाने तरीके से बदलकर भेजा जाता है? (घ) यदि हाँतो क्‍या ऐसे मामले माननीय मुख्‍यमंत्री जी के संज्ञान में आये हैं और दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (ड.) क्‍या दिनांक 30 जुलाई 2008 को श्‍योपुर जिले के विजयपुर तहसील मुख्‍यालय के प्रवास के दौरान माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा कराहल ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिये जाने की घोषणा की थी एवं इस आशय का प्रेस नोट जनसंपर्क विभाग, श्‍योपुर द्वारा जारी किया गया था? यदि हाँ, तो इस घोषणा पर प्रश्‍न दिनांक तक अमल क्‍यों नहीं किया जा सकता है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार(ग) माननीय मुख्‍यमंत्री जी समस्‍त घोषणाओं संबंधित कलेक्‍टर द्वारा मुख्‍यमंत्री कार्यालय को भेजी जाती है। घोषणाओं में किसी प्रकार का फेरबदल नहीं किया जाता है शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा कराहल ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिये जाने की घोषणा नहीं की गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मा. मुख्‍यमंत्री की घोषणाओं का क्रियान्‍वयन

[सामान्य प्रशासन]

20. ( क्र. 3489 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के विभिन्‍न कार्यक्रमों में चतुर्दश विधान सभा के गठन से अब तक कितनी घोषणाएं की है, घोषणाओं की संख्‍या, उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी घोषणाएं पूरी की गई? क्‍या मुख्‍यमंत्री ने अनुसूचित जाति के छात्रों को विदेश में पढ़ाई करने के लिये 15 लाख की सहायता की घोषणा रीवा में की थी? यदि हाँ, तो घोषणा के क्रम में कितने छात्रों को सहायता राशि प्रदान की गयी नाम, पता, वार्षिक आय, योग्‍यता सहित विवरण देवें? क्‍या इस संबंध में आवेदन मंगाये गये थे? यदि हाँ, तो कितने आवेदन प्राप्‍त हुये चयन का मापदण्‍ड क्‍या था बतावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में क्‍या 3 मार्च को एन.एन.ए.सी. ग्राउन्‍ड में रविदास जयंती पर जिले के पाँच रविदास मन्दिरों को जीर्णोद्धार कराने की घोषणा की थी? यदि हाँ, तो घोषणा के क्रियान्‍वयन की वर्तमान में क्‍या स्थित है जानकारी देवें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) कुल 45 घोषणायें की गई जानकारी पुरस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार(ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार। जी हाँ। चयन के मापदण्‍ड की जानकारी परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार(ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- द अनुसार। मंदिरों के जीर्णोद्धार की कार्यवाही प्रकियाधीन है।

आबकारी विभाग अंतर्गत स्वीकृत/संचालित दुकानें

[वाणिज्यिक कर]

21. ( क्र. 3674 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में आबकारी विभाग की कितनी दुकानें संचालित हैं या ठेके पर दी गई है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आबकारी विभाग द्वारा संचालित अथवा ठेके पर दी गई दुकानों में से विगत 05 वर्षों में कितनी दुकानें नई स्वीकृत हुई हैं?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) आबकारी विभाग, जिला धार में धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 10 देशी मदिरा दुकानें एवं 05 विदेशी मदिरा दुकानें इस प्रकार कुल 15 मदिरा दुकानें संचालित है। शासन नीति अनुसार उपरोक्‍त मदिरा दुकानों को टेण्‍डर के माध्‍यम से निष्‍पादित कर आवंटित किया जाता है। (ख) आबकारी विभाग जिला धार के अन्‍तर्गत विगत 05 वर्षों में मदिरा की कोई भी नई दुकान स्‍वीकृत नहीं हुई है।

प्रदेश में कुपोषण से बच्चों की मृत्यु

[महिला एवं बाल विकास]

22. ( क्र. 3694 ) श्री रामनिवास रावत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जनवरी 2017 की स्थिति में प्रदेश में 0-6 एवं 6-12 वर्ष उम्र के कितने बच्चे सामान्य वजन, कितने कम वजन (कुपोषित) एवं कितने अति कमवजन (अतिकुपोषित) के है? (ख) 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2017 तक 0-6 वर्ष एवं 6-12 वर्ष के कितने बच्चों की मृत्यु किन कारणों (मीजल्स, डायरिया, मलेरिया, कुपोषण, कुपोषण जनित कारणों एवं अन्य बीमारी नाम सहित) से हुई? साथ ही बतावें कि कुपोषित एवं अतिकुपोषित चिन्हित किये गए बच्चों में से कितने बच्चों की मृत्यु हुई है? जिलेवार बतावें? (ग) क्या श्योपुर जिले में कुपोषण से हुई लगातार मौतों के प्रकरण प्रकाश में आने एवं इस सम्बन्ध में प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र लिखने के पश्चात् प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास, म.प्र. शासन तथा केंद्र सरकार के अधिकारियों द्वारा जिले का दौरा किया? यदि हाँ, तो श्योपुर जिले के दौरा उपरांत इन अधिकारियों द्वारा क्या क्या प्रतिवेदन दिए एवं उक्त प्रतिवेदनों अनुसार श्योपुर में कुपोषण दूर करने के लिए क्या प्रयास किये गए?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) एकीकृत बाल विकास सेवा अंतर्गत 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन लिया जाकर उनके पोषण स्तर का निर्धारण किया जाता है। विभागीय एम.आई.एस. अनुसार उपलब्ध माह दिसम्बर 2016 की स्थिति में जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है(ख) बच्चों की मृत्यु के कारणो का निर्धारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाता है। वर्णित अवधि में बच्चों की मृत्यु की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार है(ग) जी हाँ, निरीक्षण के आधार पर पोषण पुनर्वास केन्‍द्रों में अतिकुपोषित बच्‍चों को भर्ती का विशेष अभियान चलाया गया। डे-केयर सेन्‍टर्स प्रारम्‍भ किए गए। कराहल विकास खण्‍ड में पोषण सुधारों के लिए समिति का गठन भी किया गया है।

आबकारी विभाग की दुकानों से प्राप्त राजस्व आय

[वाणिज्यिक कर]

23. ( क्र. 3706 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में आबकारी विभाग अंतर्गत संचालित दुकानों से शासन को प्रति वर्ष कितने-कितने राजस्व की आय हुई है? कितनी निलामी से व कितनी बिक्री पर टैक्स के रूप में प्राप्त हुई वर्षवार, दुकानवार जानकारी देवें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जिला धार में धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित मदिरा दुकानों से नीलाम की राशि वर्षवार, दुकानवार, शासन को विगत 03 वर्षों में प्राप्‍त राजस्‍व की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। वेट अधिनियम के अंतर्गत मदिरा खुदरा व्‍यवसायियों द्वारा विक्रय किया गया मदिरा कर मुक्‍त/कर चुके माल की श्रेणी में आने से कर की देयता खुदरा व्‍यवसायी पर नहीं आती है।

परिशिष्ट - ''तीन''

एकीकृत बाल विकास परियोजना नागौद में आंगनवाड़ी केंद्र सिंहपुर में फर्जी नियुक्ति

[महिला एवं बाल विकास]

24. ( क्र. 3737 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या सतना जिले के कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना नागौद क्र.01 द्वारा ग्राम पंचायत सिंहपुर में आंगनवाड़ी केंद्र क्र. सिंहपुर 05 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर आदेश क्र.133 दिनांक 25/04/2016 द्वारा नम्रता गौतम पिता स्वरूपनारायण गौतम की नियुक्ति की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या नम्रता गौतम की शादी कटनी जिले के जुहली ग्राम में वर्ष 2010 (18 जून 2010) में हुई थी जिसका विधानसभा की मतदाता सूची के भाग संख्या 04 के सरल क्र. 658 में नम्रता पति अरविन्दकुमार का नाम शामिल है, जबकि भर्ती प्रक्रिया 22/08/2014 से प्रारंभ हुई थी लेकिन विवाहित होने के बाद इन्हें आवेदन पत्र प्रस्तुत करने हेतु कैसे वैध किया गया? विवरण सहित बतावें। (ग) क्या गरीबी रेखा की वर्ष 2006-07 की सूची में भगवानदीन गौतम पिता राममिलन गौतम का नाम दर्ज है जिसका चयन क्र.610/11 है, जबकि नम्रता गौतम स्वरुपनारायण की पुत्री हैं जिनका नाम गरीबी रेखा की सूची में नहीं था इसके बावजूद भी गरीबी रेखा का 10 अंक कैसे दिया गया? क्या उक्त नियुक्ति के संबंध में अंतिम सूची के सरल क्र.02 में चयनित राजकली चौधरी पति सुखराम चौधरी द्वारा फर्जी नियुक्ति की शिकायत एस.डी.एम. नागौद/परियोजना अधिकारी नागौद/जिला कार्यक्रम अधिकारी म.बा.वि.वि. सतना/सी.ई.ओ. जिला पंचायत एवं कलेक्टर सतना के यहाँ की गई थी? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि हाँ, तो क्या उक्त शिकायत की जाँच संबंधितों के द्वारा की गई, यदि नहीं, तो क्यों, कब तक की जाएगी तथा फर्जी नियुक्ति को निरस्‍त करते हुए पात्र उम्‍मीदवार को नियुक्ति दी जाएगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। (ख) आवेदिका नम्रता गौतम द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्र में स्वंय को अविवाहित बताया गया था तथा आवेदन पत्र के साथ संलग्न दस्तावेज निवास प्रमाण, बी.पी.एल. राशनकार्ड, मतदाता सूची में ग्राम सिंहपुर की निवासी प्रमाणित होती थी जिसके आधार पर खण्ड स्तरीय चयन समिति एवं जिला स्तरीय दावा आपत्ति निराकरण समिति द्वारा नम्रता गौतम के स्थानीय निवासी की जाँच तहसीलदार नागौद से कराये जाने के उपरान्त, प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर स्थानीय निवासी पाये जाने के कारण नियुक्ति प्रदान की गई। (ग) राजकली चौधरी पति सुखराम चौधरी द्वारा नम्रता गौतम के बी.पी.एल. फर्जी होने की शिकायत के आधार पर जिला स्तरीय दावा आपत्ति निराकरण समिति सतना के निर्देशानुसार आवेदिका नम्रता गौतम के बी.पी.एल. की जाँच तहसीलदार नागौद से कराई गयी। तहसीलदार नागौर के पत्र क्र./104/आर.तह./2016 नागौद दिनांक 16.03.2016 द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार बी.पी.एल. सर्वे क्रमांक 610/11 कार्ड नं. 2184433 जारी दिनांक 12.07.2011 की परिवार सूची में भगवानदीन गौतम, शकुन्तला गौतम, माधुरी गौतम, नितिन, मुकेश, नम्रता गौतम, निधि गौतम का नाम दर्ज है साथ ही भगवानदीन गौतम के साथ नम्रता का नाम समग्र आई.डी. 194574554 पर दर्ज है जिसके आधार पर नम्रता गौतम को बी.पी.एल. के निर्धारित 10 अंक प्रदाय किये गये है। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में जाँच उपरान्त ही नम्रता गौतम की नियुक्ति की गई। वर्तमान में उक्त प्रकरण न्यायालय कलेक्टर सतना में विचाराधीन है। अतः शेष का प्रश्न की उपस्थित नहीं होता है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालित योजनाओं का सत्‍यापन

[महिला एवं बाल विकास]

25. ( क्र. 3755 ) श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गत 05 वर्षों से गुना जिले में कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित हैं कितने नवीन केन्‍द्र खुलना है? इन वर्षों में वर्षवार कितने बच्‍चे ब्‍लॉकवार कुपोषित चिन्हित हुए तथा वह कौन से आंगनवाड़ी में निवासरत हैं? (ख) क्‍या विभागों द्वारा विगत 05 वर्षों से संचालित सभी योजनाओं एवं एन.जी.ओ. के संचालन के सभी कार्यों का भौतिक सत्‍यापन एवं सी.ए.जी. ऑडिट रिपोर्ट हुई है? यदि नहीं, तो कारण बतायें, कौन जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) और (ख) में वर्णित तथ्‍यों की आपूर्ति एवं संचालन कौन करता है? बच्‍चों को खाद्यान्‍न वितरण के लिये कौन जिम्‍मेदार है? समीक्षा के बाद कार्यवाही हेतु उत्‍तरदायी कौन है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित तथ्‍यों की समीक्षा विभाग के पास है या नहीं? गत 05 वर्षों में किस योजना में कितना वर्षवार फण्‍ड खर्च किया? फिर कुपोषित बच्‍चों के लिये कौन उत्‍तरदायी है? क्‍या विभाग कोई नया प्‍लान लागू करेगा, ताकि कोई कुपोषित न रहे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) गुना जिले में विगत 05 वर्षों से 1125 आंगनवाड़ी केन्द्र एवं 393 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। वर्तमान में जिले में 101 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र एवं नवीन 41 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत हुये है, जिनकी प्रारंभ की कार्यवाही प्रचलन में है। वर्षवार, संधारित परियोजानावार चिन्हित कुपोषित बच्चों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। अतिकम वजन वाले बच्चों का नामवार संधारण किया जाता हैं, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 02 अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा महिला सशक्तिकरण को अप्रैल 2013 से डी.डी.ओ. के अधिकार प्रदाय किये गये है। विभाग अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं का ऑडिट कार्य एजीएमपी ग्वालियर द्वारा समयसमय पर किया जाता है। गुना जिले में विभाग अंतर्गत मात्र एक संस्था माँ स्वरूप आश्रम, (शिशु गृह) रेडक्रास सोसायटी गुना द्वारा जिला चिकित्सालय गुना में संचालित किया जा रहा है। जिसका ऑडिट स्थानीय सी.ए. द्वारा किया जाता है तथा भौतिक सत्यापन विभाग द्वारा किया जाता है। (ग) आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के द्वारा किया जाता है। आंगनवाड़ी केन्द्र में दर्ज 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सांझा चूल्हा कार्यक्रम अन्तर्गत स्व-सहायता समूहों के माध्यम से पोषण आहार का वितरण कराया जाता है तथा 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्चों को (रेडी टू ईट फूड) एम.पी.एग्रो के द्वारा प्रदायित टेक होम राशन वितरण किया जाता है। आंगनवाड़ी केन्द्र का पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन क्षेत्रीय पर्यवेक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से किया जाता है। पोषण आहार वितरण न होने के लिये विकासखंड स्तर पर परियोजना अधिकारी तथा जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी उत्तरदायी है। (घ) जी हाँ। वर्णित तथ्यों की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के पास है, गत 05 वर्षों में विभिन्न योजनाओं अन्तर्गत प्राप्त आवंटन एवं व्यय का विवरण जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 03 अनुसार है। कुपोषण हेतु कई कारक जिम्मेदार होते है यथा अपर्याप्त भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं की अनुपलब्धता/पहुंच, आर्थिक संरचना, संसाधन की कमी, अनुचित आहार-व्यवहार, बीमारियां, परिवार में सदस्यों की संख्या, रोजगार की कमी, सामाजिक कुरीतिया, शिक्षा का अभाव आदि। अतः किसी व्यक्ति विशेष को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है। विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों की वर्तमान में संख्या का आंकलन करने हेतु विशेष वजन अभियान का आयोजन 01 नवम्बर 2016 से 28 फरवरी 2017 तक किया गया। इस अभियान में सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पर्यवेक्षकों द्वारा बच्चों का वजन लेकर उनके पोषण स्तर का निर्धारण किया गया। इस अभियान में चिन्ह्ति कम वज़न एवं अतिकम वज़न के बच्चों के पोषण स्तर में सतत् सुधार तथा फॉलोअप हेतु विशेष पोषण अभियान का प्रांरभ किया जा रहा है।

म.प्र. की बिजली कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मियों का नियमितीकरण

[ऊर्जा]

26. ( क्र. 3817 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन ऊर्जा विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक 3159/12/05 भोपाल दिनांक 27.12.2013 जनसंकल्‍प 2013 में बिजली कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई है? (ख) क्‍या मान. मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा बिजली कंपनी के संविदा कर्मचारियों को यह पूर्ण आश्‍वासन दिया गया था कि म.प्र. में यदि तीसरी बार भाजपा सरकार बनती है तो संविदा कर्मियों को शीघ्र नियमित कर दिया जावेगा? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) का उत्‍तर हां है तो? क्‍या शासन लम्‍बे अर्से से संविदा पर कार्यरत बिजली कंपनी के कर्मचारियों के नियमित करने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों नहीं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जनसंकल्‍प 2013 में विद्युत वितरण कंपनियों में संविदा नियुक्ति में कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित सभी समस्‍याओं के निराकरण हेतु त्‍वरित कदम उठाये जाने के संबंध में उल्‍लेख किया गया था। (ख) उपलब्‍ध अभिलेखों के अनुसार इस संबंध में माननीय मुख्‍यमंत्री जी की कोई घोषणा नहीं है। (ग) विद्युत वितरण कंपनियों में संविदा नियुक्ति पर कार्यरत कार्मिकों की समस्‍याओं के निराकरण हेतु संविदा सेवा (अनुबंध तथा सेवा की शर्तें) नियम 2016, फरवरी 2016 से लागू किए गए हैं। इन नियमों में संविदा कार्मिकों की विभिन्‍न समस्‍याओं का निराकरण करते हुए इन कार्मिकों को उनके कार्य की योग्‍यता के आधार पर अधिकतम 60 वर्ष की आयु तक संविदा पर कार्य करने की सुविधा प्रदान की गई है। नियमित भर्ती की प्रक्रिया में संविदा कार्मिक को भी पात्रतानुसार अवसर दिया जाता है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं को नियमितीकरण

[महिला एवं बाल विकास]

27. ( क्र. 3831 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान में चंबल संभाग में कितनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं कार्यरत हैं उन्‍हे प्रतिमाह कितना-कितना वेतन प्राप्‍त हो रहा है? आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका का पद नियमित कर्मचारी के रूप में है या संविदा या अन्‍य? (ख) क्‍या शासन इस मंहगाई को एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के अति महत्‍वपूर्ण, जिम्‍मेदारीपूर्वक कठोर परिश्रम के कार्य को दृष्टिगत रखते हुए उन्‍हें नियमित करने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक तत्‍संबंधी आदेश जारी कर दिये जावेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) चंबल संभाग अन्तर्गत जिला मुरैना, श्योपुर एवं भिंड जिले में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को निम्नानुसार मानदेय भुगतान प्रतिमाह किया जा रहा है :-

 

क्र.

जिला

कार्यरत

देय मानदेय (प्र.मा.)

 

 

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

सहायिका

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

सहायिका

1.

मुरैना

2073

2053

रू.5000/-

रू. 2500/-

2.

श्योपुर

894

894

रू.5000/-

रू. 2500/-

3.

भिण्ड

2003

1961

रू.5000/-

रू. 2500/-

 

उपरोक्तानुसार कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं एवं सहायिकाएं मानसेवी है तथा इन्हें भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रतिमाह मानदेय का भुगतान किया जाता है। (ख) जी नहीं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के नियमितीकरण का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है अतः शेष का कोई प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

एवरेज बिल प्रदाय के प्रावधान

[ऊर्जा]

28. ( क्र. 3834 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी. जिला राजगढ़ द्वारा सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में विगत एक वर्ष से घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को मासिक विद्युत एवरेज बिल प्रदाय किये जा रहे है? यदि हाँ, तो एवरेज विद्युत बिल प्रदाय किये जाने के विद्युत कम्पनी के क्या प्रावधान है? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत क्या एवरेज बिल प्रदाय किये जाने उपरान्त कितने उपभोक्तओं द्वारा बिल संशोधन हेतु आवेदन/शिकायत प्रस्तुत की गई एवं शिकायत/आवेदन के तारतम्य में कितने उपभोक्तओं का बिल वास्तविक मीटर रीडिंग के सापेक्ष संशोधित किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) के तारतम्य में उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी के लिये कौन जिम्मेदार है? क्या विभाग ऐसे अधिकारि‍यों/कर्मचारि‍यों के विरुद्ध कोई कार्यवाही करेगा? क्‍या वि.वि.क.द्वारा आगे भी मासिक विद्युत एवरेज बिल प्रदाय किये जायेंगे? यदि नहीं, तो इस प्रक्रिया में कब तक सुधार किया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं, अपितु प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं के मीटर बंद/खराब/जले पाये जाते हैं उन्‍हें विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा दिनांक 7.8.2013 को अधिसूचित म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता, 2013 की कण्डिका 8.35 के प्रावधानों के अनुसार निर्धारण कर औसत खपत के मासिक देयक दिये गये हैं। उक्‍त वैधानिक प्रावधानों से संबंधित म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता 2013 की कंडिका 8.35 की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में दिये गये औसत बिल वाले 845 उपभोक्‍ताओं द्वारा बिल में संशोधन हेतु आवेदन/शिकायत प्रस्‍तुत की गई, जिनमें से 331 उपभोक्‍ताओं के बिल सही होने से सुधार की आवश्‍यकता नहीं थी तथा शेष 514 उपभोक्‍ताओं के बिलों में आवश्‍यक सुधार किया गया। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उपभोक्‍ताओं से प्राप्‍त आवेदनों के विरूद्ध बिलों में परीक्षण उपरांत स्‍थानीय अधिकारियों द्वारा तत्‍काल नियमानुसार सुधार किया जा रहा है। अत: इस हेतु किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है। बन्‍द/खराब मीटरों वाले उपभोक्‍ताओं को उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत औसत बिल दिये गये हैं तथा बन्‍द/खराब/जले मीटरों को बदले जाने तक उक्‍त वैधानिक प्रक्रिया अनुसार ही बिल दिये जायेंगे। तथापि बंद/खराब/जले मीटरों को उपलब्‍धता के अनुसार अविलम्‍ब बदलने की कार्यवाही की जा रही है।

परिशिष्ट - ''चार''

नवीन आंगनवाड़ी केन्‍द्र भवन निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

29. ( क्र. 3843 ) श्री सुदेश राय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सीहोर अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सीहोर में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्रामीण एवं शहरी अंचलों में किन-किन स्‍थानों पर नवीन आंगनवाड़ी केन्‍द्र प्रारंभ करने हेतु विभाग को कितनी अनुशंसा प्राप्‍त हुई? स्‍थान सहित वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ कितने नवीन आंगनवाड़ी के प्रस्‍ताव शासन को स्‍वीकृति हेतु प्रेषित किये गये इनमें से कितने मान्‍य और कितने अमान्‍य हुये? अमान्‍य हुये तो किस कारण से तथा मान्‍य होने पर किन-किन स्‍थानों पर आंगनवाड़ी केन्‍द्र प्रारंभ किये गये है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं तथा कब तक प्रारंभ करा दिये जावेंगे? (ग) कितने आंगनवाड़ी के स्‍वयं के भवन हैं तथा कितनी आंगनवाड़ी भवन विहीन हैं जो किराये पर लिये गये कक्षों में संचालित हो रही हैं? इनके स्‍वयं के भवन के निर्माण हेतु वर्तमान में क्‍या कार्यवाही प्रचलित है तथा भवनों का निर्माण कब तक करा लिया जावेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जिला सीहोर अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सीहोर अन्तर्गत संचालित परियोजनाओं में वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक ग्रामीण एवं शहरी अंचलों के 19 स्थानों हेतु नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने की अनुशंसायें प्राप्त हुई थी जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में उल्लेखित 19 स्थानों हेतु नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने के प्रस्ताव मान्य किये गये है। मान्य किये गये 19 स्थानों में से 18 स्थानों पर आंगनवाड़ी केन्द्र संचालन प्रारंभ कर दिया गया है ग्राम निवारिया में नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में होने से आंगनवाड़ी केन्द्र संचालन प्रारंभ नहीं हुआ है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) विधानसभा क्षेत्र सीहोर अन्तर्गत 94 आंगनवाड़ी केन्द्र स्वंय के भवन में संचालित है तथा 128 आंगनवाड़ी केन्द्र भवनविहीन है जो किराये के भवनों में संचालित है। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। सीमित वित्तीय साधन होने के कारण समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

ग्रामीण मजरा टोला, मोहल्‍लों में विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

30. ( क्र. 3844 ) श्री सुदेश राय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सीहोर के अन्‍तर्गत वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्रामीण अंचलों अन्‍तर्गत किन-किन ग्रामों के विद्युत विहीन मजरा-टोला में विद्युतीकरण का कार्य किस-किस योजना से कराये गये हैं? स्‍थल सहित योजना का नाम तथा उससे लाभांवित ग्रामीण की संख्‍या का विवरण पृथक-पृथक बतायें? (ख) आगामी वर्षों में विभाग द्वारा विद्युत विहीन ग्रामों के मजरा, टोला एवं मोहल्‍ले में विद्युतीकरण का कार्य किस योजना में प्रस्‍तावित है तथा इसकी समय-सीमा क्‍या होगी? (ग) स्‍थाई पंप कनेक्‍शन हेतु वर्ग विशेष एवं श्रेणीवार कितनी-कितनी राशि जमा कराने का प्रावधान है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सीहोर के अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में किये गये विद्युतीकरण के कार्यों की मजरा/टोला/ग्रामवार एवं लाभान्वित हुए ग्रामीण परिवारों की संख्‍या सहित योजनावार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र सीहोर के 22 अविद्युतीकृत मजरों/टोलों/मोहल्‍लों के विद्युतीकरण का कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में सम्मिलित किया गया है, जिसका विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजनांतर्गत कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निविदा कार्यवाही उपरांत चयनित ठेकेदार एजेंसी द्वारा जारी अवार्ड दिनांक से 24 माह में कार्य पूर्ण कराया जायेगा। अत: वर्तमान में प्रश्‍नाधीन कार्य पूर्ण किये जाने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) नवीन स्‍थायी पंप कनेक्‍शन हेतु वर्तमान में लागू ''मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन'' योजनांतर्गत कृषकों से विद्युत लाईन विस्‍तार सहित विद्युत अधोसंरचना के कार्य हेतु निम्‍नानुसार प्रति हार्सपावर अंशदान की राशि जमा कराये जाने का प्रावधान है :-

(राशि रू. प्रति हार्सपावर)

वर्ष

लघु एवं सीमान्‍त कृषक
(2
हेक्‍टेयर से कम के भूमि धारक)

2 हेक्‍टेयर तथा अधिक भूमि धारक कृषक

अनुसूचित जाति/जन जाति के कृषक

अन्‍य

2016-17

5000/-

7000/-

11000/-


परिशिष्ट - ''छ:''

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती

[महिला एवं बाल विकास]

31. ( क्र. 3860 ) श्री मुकेश नायक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पन्‍ना जिले की विधानसभा क्षेत्र पवई अन्‍तर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका की भर्ती में शाहनगर परियोजना अंतर्गत अनियमितता के संबंध में परियोजना शाहनगर में कहाँ-कहाँ कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई है? (ख) उक्‍त शिकायतों का निराकरण किस अधिकारी द्वारा किया गया?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। पन्ना जिले की विधानसभा क्षेत्र पवई अन्तर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका की भर्ती में अध्यक्ष जनपद पंचायत शाहनगर द्वारा 01 शिकायत संचालनालय स्तर पर तथा सी.एम. हेल्पलाईन अन्तर्गत 10 एवं जनसुनवाई में 08 शिकायतें प्राप्त हुई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शिकायत की जाँच जिला कार्यक्रम अधिकारी पन्ना द्वारा की जा रही है। जाँच की कार्यवाही प्रचलन में होने से शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

सांस्‍कृतिक संकुल भवन निर्माण एवं बुन्‍देलखण्‍ड सांस्‍कृतिक महोत्‍सव का आयोजन

[संस्कृति]

32. ( क्र. 3930 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 18 (क्र. 761) दिनांक 08.12.2015 के उत्‍तरांश में बताया गया था कि, सागर नगर में सांस्‍कृतिक संकुल का प्रस्‍ताव जिसकी लागत 803 लाख रू. बताई गई है, का प्रस्‍ताव भारत सरकार के समक्ष विचारधीन है? क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 4170 दिनांक 15.03.2013 के पश्‍चात् कोई भी सांस्‍कृतिक संकुल भवन की स्‍वीकृति भारत सरकार से प्राप्त नहीं हुई है? यदि हाँ, तो क्‍या कारण है? यदि अन्‍य शहरों के लिए स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई है तो सागर नगर का प्रस्‍ताव वर्ष 2013 से अभी तक लंबित क्‍यों है? (ख) क्‍या शासन स्‍तर पर सागर नगर के लंबित सांस्‍कृतिक संकुल भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्राथमिकता पर दिलाये जाने हेतु कोई ठोस कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तक कब तक? (ग) क्‍या बुन्‍देलखण्‍ड के मुख्‍यालय सागर में कभी भी बुन्‍देलखण्‍ड सांस्‍कृतिक महोत्‍सव का आयोजन शासन द्वारा कराया गया था? यदि हाँ, तो इस तरह के महोत्‍सव का बाद के वर्षों में आयोजन क्‍यों बंद कर दिया गया है? क्‍या शासन इसको पुन: शुरू करने पर विचार करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) सागर नगर में सांस्‍कृतिक संकुल भवन निर्माण हेतु विभाग द्वारा एक डी.पी.आर. राशि रूपये 08.03 करोड़ की बनाकर भारत सरकार को प्रेषित की गई थी. इस पर भारत सरकार द्वारा कोई स्‍वीकृति नहीं प्राप्‍त हुई. भारत सरकार द्वारा दिनांक 15/03/2013 के पश्‍चात मध्‍यप्रदेश के खण्‍डवा, विदिशा, भोपाल में सांस्‍कृतिक संकुल भवन की स्‍वीकृति दी गई है. सागर का पुराना परियोजना अभिलेख (डीपीआर) लंबित रखने का निर्णय भारत सरकार का है. (ख) शासन स्‍तर पर सागर नगर में सांस्‍कृतिक संकुल निर्माण हेतु पुन: प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत लोक निर्माण विभाग (पीआईयू) को कार्यादेश दिए गए हैं कि भारत सरकार के मापदंडों के अंतर्गत राशि रूपये 15.00 करोड़ की संशोधित डी.पी.आर. तैयार कर प्रस्‍तुत करें जिसके उपरांत उसे भारत सरकार को पुन: प्रेषित किया जावेगा. भारत सरकार को अनुश्रवण किया जावेगा. स्‍वीकृति का निर्णय भारत सरकार द्वारा ही लिया जाता है. (ग) जी नहीं.

शासकीय सेवकों को सातवां वेतनमान का प्रदाय

[वित्त]

33. ( क्र. 3950 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में शासकीय सेवकों को सातवें वेतनमान का लाभ मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा दिया जायेगा? यदि हाँ, तो कब से? (ख) क्‍या सातवें वेतनमान के पूर्व दिये गये वेतनमान की स्‍वीकृति के पत्रकों पर कोष एवं लेखा का अनुमोदन आवश्‍यक है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या मध्‍यप्रदेश के सभी विभागों द्वारा अपने अधिकारी/कर्मचारियों के वेतन पत्रक का अनुमोदन कोष एवं लेखा से करा लिया गया है? (घ) यदि नहीं, तो क्‍या सातवें वेतनमान दिये जाने के पूर्व विगत सभी वेतनमानों के निर्धारिण पत्रकों की जाँच कोष एवं लेखा से कराए जाने के आदेश शासन द्वारा जारी किये जाएंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ड.) क्‍या सेवानिवृत्ति के समय शासकीय सेवकों की सेवापुस्तिका कोष एवं लेखा जाँच हेतु भेजने से उनके पेंशन प्रकरणों के निराकरण में विलंब होता है? यदि हाँ,तो क्‍या शासन ऐसे प्रकरणों के त्‍वरित निराकरण के लिए शासकीय कर्मचारी हित में सकारात्‍मक आदेश जारी करेगा?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रदेश की वितीय स्थिति के परिप्रेक्ष्‍य में यथासमय निर्णय लिया जायेगा। (ख) जी हाँ। (ग) वेतनमान पत्रक का अनुमोदन सतत रूप से जारी रहता है। किसी भी शासकीय सेवक के वेतन पत्रक का अनुमोदन कोष एवं लेखा द्वारा किया जाता है। (घ) '''' के प्रकाश में आवश्‍यक नहीं है। (ड.) जी नहीं। पेंशन निर्धारण के प्रकरणों का निराकरण तत्‍परता से किये जाने हेतु प्रत्‍येक जिले में पेंशन कार्यालय संचालित है।

सिवनी जिले के पर्यटन स्‍थलों का‍ विकास

[पर्यटन]

34. ( क्र. 3951 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले में पर्यटन की दृष्टि से किन-किन स्‍थलों को चिन्‍हित कर उन्‍हें विकसित किया जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍या पर्यटन की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुये कोई कार्य योजना विचाराधीन है? नाम सहित अवगत करायें? (ख) जिले में स्‍वतंत्रता संग्राम से संबंधित कौन-कौन से ऐतिहासिक स्‍थलों को संरक्षित किया जा रहा है? उनके विकास की क्‍या योजना है? नाम सहित अवगत करायें। (ग) पुरातात्विक दृष्टि से जिले में कौन-कौन से स्‍थल हैं तथा उनके विकास की क्‍या योजना संचालित है? उनके लिये कितना बजट का प्रावधान किया गया है? अलग-अलग स्‍थलवार नाम सहित जानकारी से अवगत करायें?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। केन्‍द्र सरकार द्वारा स्‍वीकृत ''स्‍वदेश दर्शन योजना'' वाईल्‍ड लाईफ सर्किट के अंतर्गत सिवनी जिले के पेंच नेशनल पार्क के वफर एरिया में पर्यटन गतिविधियों हेतु विकास कार्य किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) पुरातत्‍व की दृष्टि से सिवनी जिले में आदेगांव का किला आदेगांव एवं रिछारिया देव का स्‍थान, ग्‍वारी संरक्षित स्‍मारक है। दोनों स्‍मारक विकसित है तथा रिछारिया देव का स्‍थान ग्‍वारी के लिए इस वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में रू. 6,38,300/- की राशि स्‍वीकृत की गई है। जिसकी निविदा कार्यवाही प्रचलन में है। अनुमोदन पश्‍चात् विकास कार्य किया जायेगा। वर्तमान में आदेगांव का किला आदेगांव हेतु योजना नहीं है।

वेयर हाउसों में रखी जाने वाली शराब की स्‍टॉक

[वाणिज्यिक कर]

35. ( क्र. 3966 ) श्री राजेश सोनकर : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्दौर जिला अंतर्गत आबकारी विभाग द्वारा वेयर हाउसों में रखी जाने वाली शराब किन-किन वेयर हाउसों में रखी जाती है? वेयर हाउसों की क्षमता क्या है व कितने वेयर हाउस है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वेयर हाउसों में रखी शराब का स्टॉक कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी मात्रा में किया जाता है? वेयर हाउस पर रखी गई शराब का स्टॉक रिकार्ड किन-किन अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में विगत एक वर्ष में वेयर हाउसों का निरीक्षण कब-कब किन-किन अधिकारियों द्वारा किया गया? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितनी-कितनी शराब वेयर हाउसों से शराब दुकानों को पिछले 02 वर्षों में सप्लाय की गई? वेयर हाउसों से सप्लाय की जाने वाली शराब की स्वीकृति किन-किन अधिकारियों द्वारा दी गई?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) इन्‍दौर जिले के अंतर्गत आबकारी विभाग द्वारा (1) शासकीय विदेशी मदिरा भाण्‍डागार ग्राम असरावद बुजुर्ग, इन्‍दौर (2) शासकीय देशी मदिरा संग्रहण मद्य भाण्‍डागार, 33, 34 एस.आर. कम्‍पाउण्‍ड, लसूडिया मोरी, इन्‍दौर (3) शासकीय देशी मदिरा संग्रहण मद्य भाण्‍डागार, 123, सिमरोल रोड, महू जिला इन्‍दौर स्थित वेयर हाउसों में शराब रखी जाती है। उपरोक्‍त वेयर हाउसों की क्षमता निम्‍नानुसार है :- शासकीय विदेशी मदिरा भाण्‍डागार ग्राम असरावद बुजुर्ग इन्‍दौर की भण्‍डारण क्षमता 672611 पेटी है, शासकीय देशी मदिरा मद्य भाण्‍डागार, 33, 34 एस.आर. कम्‍पाउण्‍ड, लसूडिया मोरी, इन्‍दौर की भण्‍डारण क्षमता 55000 पेटी की है एवं शासकीय देशी मदिरा मद्य भाण्‍डागार, 123, सिमरोल रोड महू की भण्‍डारण क्षमता 20000 पेटी है। उपरोक्‍तानुसार इन्‍दौर जिले में कुल 03 वेयर हाउस है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वेयर हाउसों में शराब का स्‍टाक प्रश्‍नांश '''' अनुसार रखा जाता है। वेयर हाउस पर रखी गई शराब के स्‍टॉक एवं रिकार्ड का संधारण मद्यभाण्‍डागार पर पदस्‍थ कर्मचारियों की सहायता से निम्‍नांकित अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है :- (1) शासकीय विदेशी मदिरा भाण्‍डागार ग्राम असरावद बुजुर्ग, इन्‍दौर के प्रभारी अधिकारी:- सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री राममणीसिंह (2) शासकीय देशी मदिरा संग्रहण मद्य भाण्‍डागार, 33, 34 एस.आर. कम्‍पाउण्‍ड, लसूडिया मोरी, इन्‍दौर के प्रभारी अधिकारी :- सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री डी.एस. सिसौदिया (3) शासकीय देशी मदिरा संग्रहण मद्य भाण्‍डागार, 123, सिमरोल रोड, महू, जिला इन्‍दौर के प्रभारी अधिकारी :- सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री सुखनंदन पाठक (ग) (1) शासकीय विदेशी मदिरा भाण्‍डागार, इन्‍दौर का निरीक्षण विगत 01 वर्ष में उपायुक्‍त आबकारी, संभागीय उडनदस्‍ता इन्‍दौर संभाग, इन्‍दौर द्वारा दिनांक 26.11.2016 को। (2) शासकीय देशी मदिरा भाण्‍डागार, इन्‍दौर का निरीक्षण सहायक आबकारी आयुक्‍त, जिला इन्‍दौर द्वारा दिनांक 19.09.2016 को एवं (3) शासकीय देशी मदिरा भाण्‍डागार, महू, जिला इन्‍दौर का निरीक्षण विगत 01 वर्ष में दिनांक 20 अक्टूबर 2016 को उपायुक्‍त आबकारी, संभागीय उड़नदस्‍ता इन्‍दौर, संभाग, इन्‍दौर द्वारा एवं सहायक आयुक्‍त आबकारी, जिला इन्‍दौर द्वारा 03 जनवरी 2017 को किया गया है। (घ) वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 तथा वर्ष 2016-17 माह दिसम्‍बर 2016 तक) में इन्‍दौर जिले के वेयर हाउसों से शराब दुकानों के प्रदाय (सप्‍लाई) एवं प्रदाय की जाने वाली शराब की स्‍वीकृति से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

आंगनवाड़ी केन्‍द्र

[महिला एवं बाल विकास]

36. ( क्र. 3995 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नगर पालिका क्षेत्र में कितनी जनसंख्‍या के मानक से वार्डों में आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित किये जाते हैं? (ख) क्‍या नगर पालिका मकरोनिया बुजुर्ग जिला सागर में शासन की नीति एवं जनसंख्‍या के मानक से वार्डवार आंगनवाड़ी संचालित किये जा रहे हैं? (ग) यदि नहीं, तो नगर पालिका मकरोनिया के 18 वार्डों में जनसंख्‍या के मान से एवं शासन नियमानुसार आंगनवाड़ी केन्‍द्र कब तक संचालित किये जावेंगे तथा विभाग द्वारा इस संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक कोई योजना बनाई गई है? शासन की ओर प्रस्‍ताव भेजा गया है? (घ) नगर पालिका मकरोनिया के 18 वार्डों में जनसंख्‍या के मानक से एवं शासन के नियमानुसार कब तक आंगनवाड़ी केन्‍द्र संचालित किये जावेंगे?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र हेतु 800 की जनसंख्या पर एक आंगनवाड़ी केन्द्र खोले जाने के निर्देश है। निर्देशो के परिप्रेक्ष्‍य में नगरपालिक क्षेत्र में भी जनसंख्या मानकों के अनुसार आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित किये जाते है। (ख) जी नहीं। नगरपालिका मकरोनिया बुजुर्ग जिला सागर की जनसंख्या 94700 है एवं भारत सरकार के जनसंख्या मापदण्डों अनुसार नगरपालिक मकरोनिया बुजुर्ग जिला सागर में लगभग 118 आंगनवाड़ी केन्द्र होना चाहिये जिसके विरूद्ध कुल 26 आंगनवाड़ी केन्द्र वर्तमान में संचालित किये जा रहे है। (ग) नगरपालिक मकरोनिया के वार्ड 18 वार्डों में 65 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खोले जाने का प्रस्ताव वर्तमान में जिला सागर से दिनांक 25/02/2017 को प्राप्त हुआ है जिसे स्वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित किया जाएगा। (घ) नवीन आंगनवाड़ी/मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र खोले जाने की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा स्वीकृति दी जाती है। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

वाणिज्‍य कर वसूली में असमानता

[वाणिज्यिक कर]

37. ( क्र. 4019 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में मध्‍यप्रदेश दुकान स्‍थापना के तहत पंजीकृत स्‍वल्‍पाहार वाली दुकानों को वाणिज्‍य कर के दायरे में रखा गया है? यदि हाँ, तो इनसे कितने प्रतिशत वाणिज्‍य कर शासन द्वारा वसूला जाता है? (ख) क्‍या अपंजीकृत दुकानों को इससे छूट दी गई है? यदि नहीं, तो क्‍या प्रदेश में ऐसी लाखों दुकानों द्वारा वाणिज्‍यकर की चोरी की जा रही है? (ग) क्‍या वाणिज्‍य कर एवं खाद्य विभाग संयुक्‍त मुहिम के माध्‍यम से ऐसी दुकानों को चिन्हित करेगा ताकि शासन के राजस्‍व/आय में वृद्धि हो? (घ) यदि हाँ, तो वाणिज्‍य कर विभाग द्वारा इस प्रकार हो रही कर चोरी रोकने एवं राजस्‍व वृद्धि के लिये क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) मध्‍यप्रदेश वेट अधिनियम 2002 की धारा 5 के अंतर्गत मध्‍यप्रदेश में क्रय विक्रय करने वाले व्‍यवसायी जिनका वार्षिक टर्नओवर 10 लाख से अधिक है उन पर कर दायित्‍व आता है। केवल मध्‍यप्रदेश दुकान स्‍थापना के तहत पंजीकृत होने से कर दायित्‍व नहीं आता है। कुक्‍ड फूड, परम्‍परागत मिठाई, नमकीन, चाय, पकोड़ी, समोसा, कचोरी, दही बड़ा, पोहा, साबुदाना खिचड़ी, श्रीखण्‍ड एवं खाखरा पर वेट की दर 5 प्रतिशत है। (ख) जी नहीं। जिन व्‍यवसायियों का वार्षिक टर्नओवर 10 लाख से अधिक है वे सभी कर दायित्‍व की सीमा में आते हैं, भले ही वे अपंजीयत हो। कर चोरी संबंधी जानकारी/शिकायत विभाग के संज्ञान में आने पर विभाग द्वारा जाँच पश्‍चात् विधि अनुसार कार्यवाही की जाती है। (ग) मध्‍यप्रदेश वेट अधिनियम में सर्वे के प्रावधान है, सर्वे के दौरान जो व्‍यवसायी कर दायित्‍व की सीमा आते हैं विभाग द्वारा उन पर विधि अनुसार कार्यवाही की जाती है। (घ) विभाग में कर चोरी की रोकथाम हेतु एंटी इवेजन ब्‍यूरो कार्यरत है।

क्षिप्रा नर्मदा कालीसिंध परियोजना का कार्य

[नर्मदा घाटी विकास]

38. ( क्र. 4062 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नर्मदा क्षिप्रा कालीसिंध परियोजना का कोई प्रस्‍ताव है? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही चल रही है? यदि नहीं, तो क्‍या भविष्‍य में कभी उक्‍त योजना लागू होगी? (ख) उक्‍त परियोजना में कितना खर्च होने का अनुमान है? परियोजना में कालीसिंध नदी को कहाँ से नर्मदा व क्षिप्रा से जोड़ा जावेगा? उक्‍त योजना से सोनकच्‍छ क्षेत्र के कितनी जमीन को सिंचाई का लाभ मिल पावेगा? (ग) भविष्‍य में कब तक उक्‍त योजना का कार्य शुरू हो सकेगा?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) यद्यपि परियोजना चिन्हित है, डी.पी.आर. तैयार नहीं हुई है। जी हाँ, डी.पी.आर. बनाकर वांछित स्‍वीकृतियाँ प्राप्‍त होने के बाद वित्‍तीय संसाधनों की व्‍यवस्‍था कर। (ख) डी.पी.आर. तैयार नहीं होने से जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विद्युत सब स्‍टेशन की स्‍थापना

[ऊर्जा]

39. ( क्र. 4096 ) श्री उमंग सिंघार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की गंधवानी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्‍ड बाग के ग्राम नरवाली क्षेत्र में बिजली की लाईन कितनी पुरानी है? नरवाली एवं आसपास के गांव के आदिवासी किसानों से लाईन बंद, तार टूटने व लो वोल्‍टेज की कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? इसमें विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) उक्‍त समस्‍या के हल हेतु विभागीय मंत्री को एवं मुख्‍यमंत्री को प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 07/12/2016 को पत्र क्रमांक 7571 के माध्‍यम से नवीन 33/11 विद्युत सब स्‍टेशन (विद्युत ग्रिड) स्‍वीकृत करने की मांग की गई थी? तत्‍संबंध में माननीय मुख्‍यमंत्री एवं विभागीय मंत्री नरवाली विद्युत ग्रीड स्‍वीकृत करने के आदेश देंगे? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार प्रश्‍नकर्ता के पत्र के क्रम में मंत्री जी के पत्र क्रमांक 1939 दिनांक15/12/2016 द्वारा प्रबंध संचालक म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कंपनी इंदौर को प्रस्‍ताव का तकनीकी परीक्षण कर योजना में शामिल कर अवगत कराने हेतु निर्देशित किया था? यदि हाँ, तो निर्देशानुसार प्रबंधक संचालक द्वारा वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या शासन/विद्युत कंपनी जनहित में उक्‍त प्रस्‍तावों को चालू वित्‍त वर्ष की कार्य योजना में ही शामिल करके इनका बजट में प्रावधान कर इनकी स्‍वीकृति आदेश जारी करेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) धार जिले के गंधवानी विधान सभा क्षेत्रांतर्गत विकासखण्‍ड बाग के ग्राम नरवाली क्षेत्र में स्‍थापित विद्युत लाईनें लगभग 20 वर्ष पुरानी है। विगत 3 माह की अवधि में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में आदिवासी कृषकों से तार टूटने संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है तथापि लाईन बंद होने की 5 एवं कम वोल्‍टेज प्राप्‍त होने की एक शिकायत प्राप्‍त हुई थी। विद्युत लाईनों में तकनीकी खराबी के कारण हुए आकस्मिक अवरोध से विद्युत प्रदाय अवरूध्‍द होने की 5 शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है। शेष एक शिकायत जो कि कम वोल्‍टेज मिलने संबंधी है, के निराकरण हेतु ग्राम नरवाली में नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र की स्‍थापना इसी प्रकार के अन्‍य कार्यों की वरियता को दृष्टिगत रखते वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार की जा सकेगी। (ख) एवं (ग) जी हाँ, माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित पत्रों से ग्राम नरवाली में विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना हेतु मांग की गई है। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के पत्र दिनांक 7.12.2016, जिससे प्रश्‍नाधीन उपकेन्‍द्र की स्‍थापना हेतु मांग की गयी है, के तारतम्‍य में प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित पत्र दिनांक 15.12.16 द्वारा प्रबंध संचालक, म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को ग्राम नरवाली, जिला धार में नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र स्‍थापित करने हेतु परीक्षण करने एवं उपकेन्‍द्र की स्‍थापना हेतु कार्यवाही कर अवगत कराने हेतु निर्देशित किया गया था। उक्‍त तारतम्‍य में ग्राम नरवाली में नवीन 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु तकनीकी साध्‍यता का परीक्षण कराया गया एवं प्रश्‍नाधीन उपकेन्‍द्र की स्‍थापना का कार्य तकनीकी रूप से साध्‍य पाया गया है। उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार उक्‍त उपकेन्‍द्र की स्‍थापना का कार्य इसी प्रकार के अन्‍य कार्यों की वरियता के दृष्टिगत वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुसार किया जाएगा। उक्‍त कार्य चालू वित्‍तीय वर्ष की कार्ययोजना में सम्मिलित करना सभंव नहीं है, क्‍योंकि बजट प्रावधान अनुरूप आवश्‍यक कार्यों का चयन सामान्‍यतया वित्‍तीय वर्ष के प्रारंभ में ही कर लिया जाता है।

बाल सम्‍प्रेक्षण गृह का संचालन

[महिला एवं बाल विकास]

40. ( क्र. 4109 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बाल सम्‍प्रेक्षण गृह गोकलपुर जबलपुर में स्‍वीकृत व पदस्‍थ स्‍टाफ कितना है? कौन-कौन से पद कब से रिक्‍त हैं एवं क्‍यों? कौन-कौन, कब से किस पद पर पदस्‍थ है? (ख) प्रश्‍नांकित सम्‍प्रेक्षण गृह में गंभीर अपराधों में लिप्‍त किशोर अपराधियों की सुरक्षा व्‍यवस्‍था क्‍या है? इस सम्‍प्रेक्षण गृह से कब-कब, कौन-कौन से अपराधी फरार हुए है? इनके फरार होने का क्‍या कारण है? इसके लिए दोषी किस-किस पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक की जानकारी दें? (ग) प्रश्‍नांकित सम्‍प्रेक्षण गृह में किन-किन अपराधों में लिप्‍त कौन-कौन से किशोर अपराधी कब से है? इन किशोर अपराधियों को सामाजिक व मानसिक रूप से अच्‍छा नागरिक बनाने हेतु क्‍या-क्‍या व्‍यवस्‍थाएं संसाधन है? (घ) प्रश्नांश (ख) अवधि में प्रश्‍नांकित सम्‍प्रेक्षण गृह का कब-कब, किन-किन अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया? निरीक्षण में क्‍या-क्‍या कमियां/अनियमितताएं/शिकायतें पाई गई? किन-किन दोषियों के विरूद्ध कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 पर है। (ख) संस्था के अन्तःवासी किशोरों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु 04 चौकीदार (दे.वे.भो.) पदस्थ है एवं 1-6 की गार्ड तैनात है। दिनांक 14.07.2014 को 9 किशोर, दिनांक 29.08.2014 को 4 किशोर, दिनांक 09.10.2016 को 5 किशोर एवं दिनांक 09.12.2016 को 10 किशोर संस्था से पलायन कर गए। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के तहत बच्चों की पहचान प्रकट करना प्रतिषेध है। अतः जानकारी प्रकट नहीं की जा सकती है। किशोरों का लंबे समय से संस्था में रहना, घर की याद आना एवं कुछ किशोरों के परिवारों का अपने बच्चों से मुलाकात हेतु नहीं आना, संस्था से पलायन होने के मुख्य कारण है। वर्ष 2014-15 में संप्रेक्षण गृह से किशोरों के पलायन की घटना में संस्था में पदस्थ 03 चौकीदारों को कार्य के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही का दोषी पाये जाने के कारण उन्हें संप्रेक्षण गृह से पृथक कर अन्य कार्यालय में कार्य करने हेतु आदेशित किया गया। वर्ष 2016-17 में पलायन की घटना हेतु संस्था के अधीक्षक, चोकीदार एवं होमगार्ड सैनिक के विरुद्ध जाँच प्रचलित हैं। उक्त जाँच के निष्कर्षो के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। (ग) किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के तहत बच्चों की पहचान प्रकट करना प्रतिषेध है। अतः जानकारी प्रकट नहीं की जा सकती है। अन्तःवासी किशोरों का शिक्षण कार्य शिक्षा विभाग के शिक्षकों द्वारा संस्था में ही कराया जा रहा है। सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से संस्था में समय-समय पर किशोरों को नैतिक शिक्षा प्रदाय कर अच्छा नागरिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अन्तःवासी किशोरों की नियमित रूप से काउंसिलिंग की जाती है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 पर हैनिरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की कमी, अनमोल वेबसाइट की एंट्री को अद्यतन करना, मच्छर जालियों की मरम्मत, नियमित व्यवसायिक प्रशिक्षण का आयोजन, पलंगों को पेंट किया जाना जैसी कमियां पाई गयी। निरीक्षणकर्ता अधिकारियों के द्वारा दिए गए निर्देशानुसार कमियों की पूर्ती कराई गई है। निरीक्षणों के दौरान अनियमिततायें/शिकायतें नहीं पाई गई। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

विद्युत कर्मचारियों का नियमितीकरण

[ऊर्जा]

41. ( क्र. 4121 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में वर्ष 2010-2013 में संविदा आधार पर सहायक यंत्री कनिष्ठ यंत्री, लाईन परिचारक, परीक्षण सहायक, प्रबंधक, एच. आर. के पदों पर मध्‍यप्रदेश मध्‍यपूर्व/पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी/ट्रांसमिलन लि. में जो नियुक्तियाँ लिखित एवं साक्षात्‍कार के द्वारा की गई हैं, क्‍या शासन द्वारा ऐसा कोई प्रावधान है कि इन विद्युत कर्मचारियों को नियमित किया जायेगा जैसे अन्‍य प्रदेशों, बिहार, झारखण्‍ड, आंध्रप्रदेश, जम्‍मू-कश्मीर, पंजाब में किया गया है? यदि हाँ, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं, संविदा आधार पर जो नियुक्तियां की गई हैं, उनमें वर्तमान में लागू संविदा सेवा (अनुबंध तथा सेवा की शर्तें) नियम 2016 के अंतर्गत, नियमितीकरण किये जाने का कोई प्रावधान नहीं है तथापि संविदा कार्मिकों की योग्‍यता के आधार पर अधिकतम 60 वर्ष की आयु तक संविदा पर कार्य करने की सुविधा प्रदान की गई है।

फर्जी जाति प्रमाण पत्र की जाँच

[सामान्य प्रशासन]

42. ( क्र. 4125 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र छिंदवाड़ा के अंतर्गत फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने वाले व्‍यक्तियों के खिलाफ नामजद शिकायत (लोवेल संजीव पंवार) द्वारा जिलाध्‍यक्ष, जिला दण्‍डाधिकारी को दिनांक 30/10/2014 को लिखित में तथा कोरियर द्वारा की गई थी? जिसका आवक क्रमांक 40 जिला कार्यालय छिंदवाड़ा है? (ख) यदि हाँ, तो कितने व्‍यक्तियों ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाई है? पत्र की प्रति दें। आवेदक द्वारा दी गई सत्‍यापित प्रति पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या आवेदक द्वारा दिया गया पत्र में जिन व्‍यक्तियों के नाम हैं, उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण कायम करवाया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक प्रकरण दर्ज कर जाँच की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) कलेक्‍टर, छिंदवाड़ा के कार्यालयीन अभिलेखों के अनुसार शिकायत कार्यालय में प्राप्‍त होना नहीं पाया गया है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अतिकुपोषण से हुई मौतों पर कार्यवाही

[महिला एवं बाल विकास]

43. ( क्र. 4149 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में प्रदेश के कौन-कौन से जिलों में कितने प्रतिशत बच्‍चे अतिकुपोषित पाये गये? उक्‍त अवधि में कौन-कौन से जिलों में कितने बच्‍चों की मौतें अतिकुपोषण से हुई हैं वर्षवार, जिलेवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) कुपोषण से निपटने के लिये प्रश्नांश (क) में वर्णित वित्‍तीय वर्षों में बजट में सरकार द्वारा कितनी-कितनी राशि का प्रावधान किया गया तथा कितनी-कितनी राशि किस-किस प्रकार से खर्च की गई वर्षवार जानकारी दें। (ग) क्‍या सरकार द्वारा सितंबर-अक्‍टूबर 2016 में किये गये सर्वे अनुसार अतिकुपोषण से प्रदेश में 116 मौतें होने के बाद 2.5 करोड़ रूपये अतिरिक्‍त खर्च किये गये थे? क्‍या नवंबर-दिसंबर 2016 के सर्वे में कुपोषित बच्‍चों की संख्‍या 22708 से बढ़कर 24448 हो गई? (घ) क्‍या जिला श्‍योपुर में नगरपालिका द्वारा जनवरी 2016 में किये गये सर्वे में वार्ड क्रमांक 10 में ही 26 बच्‍चे अतिकुपोषित अवस्‍था में पाये गये? (ड.) प्रदेश में बढ़ते कुपोषण के लिये जिम्‍मेदार/लापरवाह अधिकारी/कर्मचारियों पर क्‍या कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में प्रदेश अंतर्गत जिलों में पाये गये अति कम वजन के बच्चों के प्रतिशत की वर्षवार जिलेवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'1' अनुसार हैं। अतिकुपोषण से किसी भी बच्चे की मृत्यु होना प्रतिवेदित नहीं हैं। (ख) कुपोषण दूर करने के लिए आई.सी.डी.एस. योजनातंर्गत पूरक पोषण आहार कार्यक्रम तथा अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन में राशि व्यय की गई हैं। इस हेतु वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में विभागीय बजट एवं व्यय की जिलेवार स्थिति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'2' अनुसार हैं। प्रश्नावधि में गंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार एवं फॉलोअप हेतु स्वास्थ्य विभाग की आवंटित एवं व्यय राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '3' अनुसार हैं। (ग) प्रश्नांकित अवधि में विभाग द्वारा श्योपुर जिले के कुछ गांवों को छोड़कर, अन्य जिलों में कोई सर्वेक्षण नहीं कराया गया। श्योपुर जिले में प्रश्नांकित अवधि में कोई अतिरिक्त राशि खर्च नहीं की गई। नवम्बर 2016-फरवरी 2017 की अवधि में विशेष वजन अभियान में चिन्हित कम एवं अति कम वजन के बच्चों का जिलेवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '4' अनुसार है