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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


गुरूवार, दिनांक 10 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 1 : किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पंचायत और ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं निःशक्त जन कल्याण, सहकारिता, राजस्‍व, पुनर्वास, परिवहन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लोक सेवा प्रबंधन, जन शिकायत निवारण)


बलराम तालाब योजनांतर्गत निर्मित तालाब

1. ( *क्र. 510 ) श्री मुकेश नायक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में लघु सिंचाई और जल संरक्षण के लिये बलराम तालाब योजना कब से लागू है और वर्ष 2012 से दिसम्‍बर 2015 तक इस योजना के तहत राज्‍य में कुल कितने तालाब बनाये गये तथा कुल कितनी धनराशि खर्च की गई? (ख) क्‍या पन्‍ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्रांतर्गत बलराम तालाब योजना में घपले-घोटाले और भ्रष्‍टाचार की शिकायतें प्रशासन को विभिन्‍न स्‍तरों पर प्राप्‍त हुईं हैं और उनकी जाँच भी कराई गयी है और भौतिक सत्‍यापन के दौरान हजारों तालाब फर्जी तौर पर बनाये जाने तथा केवल कागजों पर तालाब बना कर शासन से अनुदान राशि लेने के मामले प्रकाश में आये हैं? यदि हाँ, तो ऐसे मामलों में दोषी व्‍यक्तियों और अधिकारियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मध्यप्रदेश में बलराम ताल योजना वर्ष 2007-08 से लागू है। वर्ष 2012 से दिसंबर 2015 तक 12931 बलराम तालाब निर्मित किये गये एवं वर्ष 2015-16 में 856 बलराम तालाब निर्माणाधीन हैं तथा इन पर राशि रू. 13118.85 लाख व्यय हुये हैं। जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) विभागीय स्तर पर कोई शिकायत प्राप्त होना नहीं होना पाया गया कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''एक''

लाइट ट्रैप उपकरणों की उपयोगिता

2. ( *क्र. 4559 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कीट नियंत्रण के लिए शासन द्वारा लाइट ट्रैप उपकरण वितरित किए गए हैं? यदि हाँ, तो भोपाल संभाग में विगत एक वर्ष में कितने किसानों को उक्‍त उपकरण दिए गए? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार लाइट ट्रैप उपकरणों की उपयोगिता क्‍या रही? उपकरणों से कीट नियंत्रण का प्रतिशत क्‍या रहा? क्‍या उपकरण के उपयोग से किसानों को कीट नाशक दवा का उपयोग नहीं किया गया? (ग) क्‍या लाइट ट्रैप उपकरण किसानों को अनुदान में दिया गया है? यदि हाँ, तो उपकरण की बाजार कीमत कितनी थी व शासन द्वारा प्रति उपकरण कितनी राशि वहन की गई? (घ) लाइट ट्रैप उपकरण के उपयोग का उपयुक्‍त समय क्‍या था? क्‍या उक्‍त समय में किसानों को उपकरण के उपयोग के लिए बिजली उपलब्‍ध रही?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। भोपाल संभाग में विगत एक वर्ष में 8000 उपकरण दिये गये, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) लाईट ट्रैप का उपयोग फसल पर हानिकारक कीटों के प्रकोप की पूर्व सूचना हेतु किया जाता है। इससे कीट नियंत्रण का प्रतिशत, कीट प्रकोप की अधिकता या कमी पर निर्भर करता है। तद्नुसार कीटों के नियंत्रण हेतु अंतिम विकल्प के रूप में कीट नाशक दवा का उपयोग किया जाता है। (ग) जी हाँ। योजना के अंतर्गत फसल प्रदर्शन में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा विकसित एवं अनुशंसित लाईट ट्रैप को एक घटक के रूप में प्रावधानित कर रूपये 1800 प्रति लाईट ट्रैप के शत-प्रतिशत अनुदान पर फसल प्रदर्शन में कृषकों को उपलब्ध करवाया गया है। (घ) लाईट ट्रैप उपकरण के उपयोग का उपयुक्त समय फसल बुवाई के तृतीय सप्ताह से फसल कटाई पूर्व तक अनुशंसित है, तद्नुसार फसल प्रदर्शनों में लाईट ट्रैप का उपयोग शाम सात बजे से दस बजे तक उपयोग किया गया, उक्त समय बिजली की उपलब्धता रही है।

परिशिष्ट - ''दो''

जनश्री एवं आम आदमी बीमा योजना का क्रियान्‍वयन

3. ( *क्र. 3672 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिले में जनपद पंचायतें जनश्री बीमा एवं आम आदमी बीमा के क्रियान्‍वयन की ओर से पूरी तरह उदासीन हैं? (ख) यदि नहीं, हैं तो बतावें कि वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में किस-किस जनपद पंचायत के अंतर्गत कितने लोगों का जनश्री बीमा एवं आम आदमी बीमा कराया गया तथा कितने लोगों को उक्‍त बीमा योजनाओं का लाभ दिया गया है? (ग) यदि जनपद पंचायतों द्वारा लक्ष्‍य के अनुसार कार्यवाही नहीं की गयी है, तो क्‍या उत्‍तरदायी शासकीय सेवकों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक और किसके विरूद्ध? संबंधित शासकीय सेवक का नाम पदनाम सहित बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार(ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

मुख्‍यमंत्री सड़क योजना के तहत अमानक निर्माण कार्य

4. ( *क्र. 5544 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले के बागली एवं कन्‍नौद विकासखण्‍ड में तृतीय चरण में जिन मार्गों का निर्माण कार्य हुआ है अथवा कार्य किया जा रहा है, इनमें निम्‍न स्‍तर का घटिया कार्य कराये जाने की शिकायतें विगत 3 वर्षों में कब-कब प्राप्‍त हुईं? (ख) प्रश्‍नांकित निर्माण कार्य किन-किन एजेन्सियों के माध्‍यम से किया जा रहा है? क्‍या विभागीय अधिकारियों ने शिकायतों की जाँच कराई है? यदि हाँ, तो जाँच के परिणाम बतायें? (ग) किन-किन अधिकारियों ने जाँच की है? अधिकारी का नाम, पद बतावें। क्‍या शिकायतकर्ता को जाँच प्रतिवेदन से अवगत कराया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो कब अवगत कराया गया? (घ) क्‍या दिनांक 12 जून, 2015 की जिला सतर्कता की बैठक में शेष कार्य अगस्‍त 2015 तक पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांकित कार्य पूर्ण हो गये हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण दें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) उक्‍त विकासखण्‍डों में निम्‍न स्‍तर का घटिया कार्य किये जाने की शिकायत दिनांक 02.08.2014 एवं 20.06.2013 को की गई है। (ख) प्रश्‍नांकित निर्माण कार्य। (1) मेसर्स कराड़ा कंस्‍ट्रक्शन कंपनी इन्‍दौर। (2) मेसर्स सरमन इंडिया रोड मेकर्स प्रा.लि. भोपाल। (3) मेसर्स ज्‍योति कंस्‍ट्रक्शन कंपनी हरदा के माध्‍यम से किया जा रहा है। शिकायतों की जाँच कराई, जाँच में कार्य संतोषप्रद पाये गये। (ग) कार्यों की जाँच राज्‍य स्‍तरीय क्‍वालिटी मॉनिटर्स (1) श्री एस.डी. भाले (2) श्री एस.के.एस. रघुवंशी (3) श्री आर.के. खरे (4) श्री जे.एल. गाँधी से कराई गई। जाँच प्रतिवेदन से माननीय विधायक जी को दिनांक 09.02.2016 को अवगत कराया गया है। (घ) जी हाँ। सभी कार्य पूर्ण नहीं हुये हैं। कार्य अपूर्ण रहने का कारण मार्गों का वनक्षेत्र में होना, पूर्व ठेकेदार द्वारा कार्य अधूरा छोड़ने के कारण अनुबंध निरस्‍त किया जाना, निजि भूमि होना आदि है।

गृह निर्माण सहकारी संस्‍था के निर्वाचन में अनियमितता

5. ( *क्र. 5402 ) श्री के.पी. सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लाल बहादुर शास्‍त्री गृह निर्माण सहकारी संस्‍था मर्या. के निर्वाचन संपन्‍न कराने हेतु वरिष्‍ठ सहकारी निरीक्षक श्री भास्‍कर शर्मा को निर्वाचन अधिकारी नियुक्‍त किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में निर्वाचन अधिकारी द्वारा उप पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं मुरैना से निर्वाचन संपन्‍न कराने हेतु मार्गदर्शन चाहा गया था तथा तत्‍कालीन उप पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं मुरैना ने अपने पत्र क्र. 357 दिनांक 08.02.2013 को 161 सदस्‍य संख्‍या के बीच ही निर्वाचन कराने हेतु निर्देशित किया गया था? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या उप पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं मुरैना द्वारा उक्‍त संस्‍था की सदस्‍यता सूची का सत्‍यापन किए बिना ही दिनांक 15.07.2015 को नियम विरूद्ध लाल बहादुर शास्‍त्री गृह निर्माण सहकारी संस्‍था मर्या. मुरैना का निर्वाचन 161 सदस्‍यों के स्‍थान पर 55 सदस्‍यों के बीच ही कराने संबंधी प्रस्‍ताव राज्‍य निर्वाचन सहकारी प्राधिकरण को प्रेषित कर दिया है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में उच्‍च स्‍तरीय निष्‍पक्ष जाँच कराई जाकर दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी एवं तत्‍कालीन उप पंजीयक सहकारी संस्‍था द्वारा दिनांक 08.02.2013 को दिए गए मार्गदर्शन/निर्देश के अनुसार ही 161 सदस्‍यों के बीच ही निर्वाचन संपन्‍न कराया जाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, जी हाँ। (ग) उप पंजीयक, मुरैना द्वारा 55 सदस्यों नहीं अपितु संस्था से प्राप्त 49 सदस्यों की सूची सहित निर्वाचन कराने हेतु प्रस्ताव मूलतः म.प्र. राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी को प्रेषित किया गया। (घ) प्रश्नांश से संबंधित विषयवस्तु वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर में संस्था के निर्वाचन की लंबित रिट पिटीशन क्रमांक 6980/15 में विचाराधीन होने तथा इस रिट पिटीशन में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 16.10.2015 के अंतरिम आदेश अनुसार "संस्था का निर्वाचन याचिका के अंतिम निर्णय के अध्यधीन होने" के आधार पर तत्संबंध में उक्त याचिका के अंतिम निर्णय होने के उपरान्त ही तदनुसार कार्यवाही की जा सकती है।

गोटेगांव में अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व की पदस्‍थापना

6. ( *क्र. 4368 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव में अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व (एस.डी.एम.) के पद की पूर्ण कालिक स्‍थापना है या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍या शासन की कोई ऐसी मंशा है कि गोटेगांव में अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व (एस.डी.एम.) की पदस्‍थापना की जावेगी? (ख) यदि हाँ, तो कब तक? यदि स्‍थापना की जाती है, तो क्‍या अनुविभागीय अधिकारी हेतु पूर्ण कालिक स्टाफ की पर्याप्‍त उपलब्‍धता की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) गोटेगांव में अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व (एस.डी.एम.) का पद शासन द्वारा स्‍वीकृत है। पूर्ण कालिक अनुविभागीय अधिकारी पदस्‍थ है। (ख) उतरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जी हाँ, समय-सीमा बताना संभव नहीं।

पुरानी छाबनी ग्‍वालियर स्थित भूमि का नियम विरूद्ध आवंटन

7. ( *क्र. 2622 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पुरानी छाबनी तहसील व जिला ग्‍वालियर के सर्वे क्रमांक 783, 784, 785, 786 की भूमि मिसिल बंदोबस्‍त संवत 1997 खसरा के खाना नं. 3 में मिल्कियत सरकार ग्‍वालियर गवर्नमेंट तथा खाना नं. 6 में कब्रिस्‍तान अंग्रेज कब्‍जे तहसील वशरह नं. 497 दर्ज है? (ख) इंडियन चर्च एक्‍ट 1997 की किस धारा व नियम के तहत चर्च ऑफ इंगलैण्‍ड की संपत्ति इंडिया में होने पर चर्च ऑफ इंडिया में समायोजित की गई थी? ग्राम छाबनी तहसील ग्‍व‍ालियर की मिसिल बंदोबस्‍त संवत 1997 में किस खसरे में सर्वे नं. 783, 784, 785 एवं 786 की भूमि चर्च ऑफ इंग्‍लैण्‍ड की थी? (ग) क्‍या उक्‍त भूमि ग्राम पंचायत की मांग पर नायब तहसीलदार रायरू (ग्‍वालियर) ने जनहित में दिनांक 17.08.2009 को शासकीय इंटर कॉलेज पुरानी छाबनी हेतु आरक्षित कर दी थी? (घ) यदि हाँ, तो तत्‍कालीन कलेक्‍टर ग्‍वालियर ने दस्‍तावेज का सत्‍यापन किए बिना चर्च को अनुचित लाभ पहुँचाकर इंडियन चर्च ट्रस्‍टीज चर्च ऑफ इंडिया सी.आई.पी.बी.सी. डायसीस ऑफ नागपुर सी.आई.पी.बी.सी. के नाम दर्ज आदेश निरस्‍त कर राजस्‍व खसरे में शासकीय दर्ज कराकर भूमि की हेराफेरी करने वाले दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्ध जाँच कराकर कब तक कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना का क्रियान्‍वयन

8. ( *क्र. 3311 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना में बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कितने ग्राम जोड़े जाने की पात्रता रखते हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित ग्रामों को जोड़े जाने के संबंध में विभाग की क्‍या कार्य योजना है एवं उल्‍लेखित ग्रामों को कब तक इस योजना के तहत जोड़ दिया जावेगा? (ग) सुदूर ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सुदूर बसे ग्रामों को प्राथमिकता के आधार पर जोड़ने की कोई योजना लंबित है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो प्राथमिकता के आधार पर इन सुदूर बसे ग्रामों को कब तक जोड़ दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 36 ग्राम जोड़े जाने की पात्रता रखते हैं। (ख) मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत पात्र ग्रामों को जोड़े जाने की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्यों की निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रचलन में होने से उक्‍त ग्रामों को जोड़ने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। सुदूर ग्राम संपर्क सड़क योजनांतर्गत मनरेगा के अभिसरण से आंतरिक मार्ग, मजरे टोले एवं खेत समूह को जोड़ने की उपयोजना स्‍वीकृत की गई है। इस योजनांतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति का निर्णय पंचायतीराज संस्‍थाओं द्वारा लिया जाता है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सांवेर विधानसभा क्षेत्र में कार्यों की स्‍वीकृति

9. ( *क्र. 618 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांवेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन योजनाओं में व किन मदों में किन-किन कार्यों की स्‍वीकृतियां प्रदान की गई है? सांवेर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा स्‍वीकृत किये गये कार्यों की लागत कितनी थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में सांवेर विधानसभा क्षेत्र में कितनी-कितनी राशि का व्‍यय कहाँ-कहाँ किया गया व किन मदों में कितनी राशि शेष है? आगामी बजट 2016-17 में भी क्‍या सांवेर विधानसभा क्षेत्र हेतु ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति चाही गई? यदि हाँ, तो कौन-कौन से व कब तक इन्‍हें स्‍वीकृति प्रदान की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या पूर्व स्‍वीकृत कार्यों में से कुछ कार्य अभी तक लंबित/अप्रारंभ हैं? यदि हाँ, तो किन कारणों से लंबित/अप्रारंभ हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में लंबित/अप्रारंभ कार्य/स्‍वीकृत कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जायेंगे व निर्माण कार्यों का भौतिक सत्‍यापन किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया? क्‍या निर्माण कार्यों में कोई अनियमितता पाई गई थी? यदि हाँ, तो उन अधिकारियों/एजेन्‍सी पर कोई कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं आगामी बजट 2016-17 में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा सांवेर विधान सभा क्षेत्र हेतु प्रस्तावों की स्वीकृति की जानकारी निरंक है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) कार्यों को वित्तीय वर्ष 2016-17 में पूर्ण करने का लक्ष्य है। भौतिक सत्यापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। निर्माण कार्यों में कोई अनियमितता नहीं पाई गई। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मध्‍यान्‍ह भोजन योजना अंतर्गत संचालित समूह

10. ( *क्र. 2250 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में वर्तमान में मध्‍यान्‍ह भोजन योजना अंतर्गत कितने समूह संचालित हैं? (ख) यदि समूह संचालित हैं, तो इनके द्वारा समय पर मीनू अनुसार भोजन प्रदान किया जा रहा है? विगत एक वर्ष की जानकारी देवें। (ग) यदि समूह द्वारा समय पर मध्‍यान्‍ह भोजन नहीं दिया जा रहा है, तो समूह के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) यदि नहीं की गई तो किस-‍किस अधिकारी द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) झाबुआ जिले में वर्तमान में मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत कुल 1762 समूह संचालित हैं। (ख) संचालित समूहों द्वारा सामान्यतः समय पर निर्धारित मीनू अनुसार भोजन प्रदान किया जाता है। विगत एक वर्ष की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) निरीक्षण/शिकायत जाँच में जिन समूहों द्वारा समय पर मध्यान्ह भोजन नहीं देना पाया गया है, ऐसे समूहों के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न ही नहीं उठता है।

आदिवासी उप योजनांतर्गत बजट आवंटन

11. ( *क्र. 1990 ) श्री संजय उइके : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग को आदिवासी उपयोजना मद से विकास हेतु बजट प्राप्‍त होता है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2013-14 में राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि महाविद्यालय ग्‍वालियर एवं नवीन कृषि महाविद्यालय वारासिवनी बालाघाट को कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य हेतु आवंटित की गई थी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्‍वविद्यालय से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है एवं नवीन कृषि महाविद्यालय वारासिवनी बालाघाट की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

फर्जी निर्वाचन में लिप्‍त कर्मियों की पदोन्‍नति/स्‍थानांतरण

12. ( *क्र. 5447 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2011-12 में हुए अंजनी प्रा.उ.स.भं.मर्या. चन्‍दला (छतरपुर) के फर्जी निर्वाचन की जाँच उपरांत पुष्टि हो चुकी है? यदि हाँ, तो संबंधित जाँच प्रतिवेदन में संलिप्‍त दोषी कर्मियों के नाम/पदनाम उल्लेखित करें? (ख) क्‍या उक्‍त कर्मियों के विरूद्ध विभागीय जाँच के आदेश जारी हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त कर्मियों के नाम/पदनाम, विभागीय जाँच संस्‍थापित करने का आदेश क्र./दि., जाँच अधिकारी का नाम/पदनाम, कर्मियों की अधिवार्षिकी आयु की तिथि, प्रश्‍न दिनांक तक विभागीय जाँच पूर्ण/अपूर्ण, अपूर्ण होने के कारण सहित जानकारी स्‍पष्‍ट करें कि उक्‍त जाँच प्रतिवेदन के परिप्रेक्ष्‍य में विभागीय जाँच के अंतिम आदेश पारित न करने के लिए कौन दोषी है? दोषी अधिकारी का नाम/पदनाम लेख कर बताएं। (ग) क्‍या विभागीय जाँच लंबित रहते उक्‍त में से किसी कर्मी को पदोन्‍नति का लाभ दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त कर्मी का नाम/पदनाम लेख करें? (घ) क्‍या उक्‍त पदोन्‍नति आदेश में यह उल्‍लेख है कि पदोन्‍नत कर्मचारी के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्‍थापित हो, तो पदोन्‍नति‍ आदेश स्‍थगित रखकर कार्यमुक्ति/कार्यग्रहण न कराया जाए? यदि हाँ, तो निर्देशों की अनदेखी कर उक्‍त कर्मी के पक्ष में कार्यमुक्ति आदेश जारी कर कार्य ग्रहण कराकर पदोन्‍नति लाभ व स्‍थानांतरण जैसे प्रतिकूल आदेश जारी किये गये हैं? उक्‍त प्रतिकूल आदेश जारी करने वाले दोषी अधिकारी के नाम/पदनाम का उल्‍लेख करें। (ड.) क्‍या शासन उक्‍त प्रतिकूल आदेशों को तत्‍काल प्रभाव से निरस्‍त कर उक्‍त अधिकारियों के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र एक अनुसार है। (ख) जाँच में दोषी पाये गये अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र दो अनुसार है। विभागीय जाँच प्रक्रियाधीन होने से कोई दोषी नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी को पदोन्नति का लाभ नहीं दिया गया, किन्तु प्रशासकीय आवश्यकता के आधार पर एक कर्मचारी का स्थानान्तरण किया गया है, जिसमें कोई अधिकारी दोषी नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

13. ( *क्र. 5006 ) श्री आरिफ अकील : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल जिला सहकारी बैंक द्वारा किसानों की ऋण गारंटी में रखी भूमि को ओने-पौने दामों पर रसूखदारों एवं बैंक के कथित अधिकारियों की मिलीभगत से वर्ष 2001 में नीलामी की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो बैंक के कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा किन-किन रसूखदारों से मिलीभगत कर किन-किन किसानों की कितनी-कितनी कृषि भूमि कितनी-कितनी राशि में नीलाम की गई, वास्‍तविक कीमत सहित बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (क)-(ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या उक्‍त अनियमितता को लेकर माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा दोषियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही किए जाने एवं किसानों को उनकी भूमि वापिस दिलाए जाने का निर्णय दिया है? यदि हाँ, तो कब तक किसानों को भूमि वापिस कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक मर्या. भोपाल द्वारा 25 ऋणी सदस्यों की बंधक भूमि वर्ष 2001 में कलेक्टर दर से भिन्न दरों पर नीलाम की गई है, जिसमें बैंक के अधिकारियों की संलिप्तता प्रकाश में आई है। (ख) 25 ऋणी सदस्यों की 125.63 एकड़ भूमि राशि रुपये 16.86 लाख में नीलाम की गयी थी। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) बैंक द्वारा की गई भूमि नीलामी के विरूद्ध ऋणी कृषक श्री आजम खान एवं श्रीमती अकबरी बानों द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय में अपील की गई थी। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा उक्तानुसार कृषकों द्वारा प्रस्तुत सिविल अपील क्रमांक 723/2016 एवं सिविल अपील क्रमांक 724/2016 में दिनांक 02/02/2016 को आदेश पारित करते हुए यह निर्देश दिये गये हैं कि अपीलार्थियों द्वारा 6 माह की अवधि के भीतर 6 प्रतिशत ब्याज दर से बैंक को मूलधन के भुगतान करने पर अपीलार्थियों को भूमि वापिस की जाये, बैंक द्वारा नीलामी से भूमि क्रय करने वाले व्यक्तियों को रू. 50,000/- की राशि 6 प्रतिशत की ब्याज दर से 2 माह की अवधि में वापस की जाए तथा लोकायुक्त कार्यालय द्वारा अपनी जाँच रिपोर्ट में दर्शित निष्कर्षों के आधार पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की जाए। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के परिपालन में राशि जमा कराने एवं क्रेता को लौटाने की कार्यवाही प्रचलन में है। लोकायुक्त कार्यालय में प्रकरण पंजीकरण की प्रक्रिया में है। बैंक के दोषी अधिकारियों को पूर्व में ही दण्डित किया जा चुका है।

परिशिष्ट - ''छ:''

प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत निर्मित मार्ग

14. ( *क्र. 3797 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में जिला कटनी के वि.स.क्षे. बड़वारा के अंतर्गत वि.खं. बड़वारा, कटनी ढीमरखेड़ा के कितनी जनसंख्‍या के कौन-कौन से ग्राम प्र.मं.ग्रा.स.यो. के अंतर्गत पक्‍की सड़कों से जोड़े गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में किन ग्रामों की किन सड़कों का निर्माण पूर्ण हो गया है? किनकी निविदा कब स्‍वीकृत हुईं, कब कार्य आदेश जारी हुये हैं, किन तिथियों में किस चरण के कितने कि.मी. के कार्य पूर्ण हुये हैं? कार्य रूकने के कारण क्‍या हैं और कौन से कार्य कब पूर्ण होंगे? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के किन्‍हीं प्रचलित मार्गों के निर्माण की अवधि पूर्ण हो गई है और उनमें से किनका रिन्यूवल कार्य पूर्ण हो चुका है और किनके विषय में क्‍या कार्यवाही चल रही है? (घ) ज.पं. ढीमरखेड़ा के खमतरा से महगवां की कितनी कि.मी. की सड़क कब स्‍वीकृत हुई है और उसका निर्माण कब प्रारंभ किया गया है तथा किस स्‍तर तक कार्य पूर्ण हुआ है और कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़कें विगत तीन वर्षों में पूर्ण हुई हैं। अतः सभी सड़कें गारंटी अवधि में हैं। गारंटी अवधि समाप्त होने के पश्चात्‌ बी.टी. रिन्यूवल का कार्य कराया जाता है, अतः उक्त किसी भी सड़क पर न तो बी.टी. रिन्यूवल का कार्य प्रारंभ किया गया है और न ही रिन्यूवल कराने की कोई कार्यवाही चल रही है। (घ) जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के खमतरा से महगवां सड़क का निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत दिनांक 29.12.2011 को स्वीकृत कर माह मई, 2013 में प्रारंभ किया गया है। सड़क की विभिन्न लंबाईयों में जी.एस.बी./डब्ल्यू.एम.एम./बी.टी./सी.सी. स्तर तक का कार्य पूर्ण हुआ है। कार्य पूर्ण कराये जाने की निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

लीज़ पर दी गई भूमि की शर्तें

15. ( *क्र. 4039 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिला टिमरनी नगर परिषद सीमा के नगर टिमरनी क्षेत्र में कितनी शासकीय भूमि है, शासकीय कुल भूमि का कितने-कितने भाग पर क्‍या-क्‍या उपयोग किया जा रहा है? क्षेत्रफल, खसरा नंबर सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) टिमरनी नगर परिषद सीमा के नगर टिमरनी क्षेत्र में शासन द्वारा राधा स्‍वामी सत्‍संग सभा दयाल बाग, आगरा को कितनी भूमि किन शर्तों पर किस प्रयोजन हेतु किस वर्ष में कितने वर्षों के लिए लीज़ पर दी गई है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या शासन द्वारा लीज़ में दिए गए राधा स्‍वामी सत्‍संग सभा दयाल बाग, आगरा की टिमरनी नगर परिषद सीमा में स्‍वयं की भूमि है? यदि हाँ, तो क्षेत्रफल, खसरा सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (ख) (ग) के संदर्भ में क्‍या शासन जनहित एवं शासकीय प्रयोजन हेतु शासकीय भूमि की लीज़ निरस्‍त कर सकते हैं? यदि हाँ, तो नीति निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मंडी बोर्ड से स्‍वीकृत सड़कें

16. ( *क्र. 3706 ) श्री लखन पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पथरिया जिला दमोह में वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 में मंडी बोर्ड से कितनी सड़कें स्‍वीकृत हुईं? (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्णित निर्माणाधीन एवं प्रस्‍तावित सड़कों का ग्रामवार नाम बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) वर्णित स्‍वीकृत सड़कों में से कौन-कौन सी सड़कों के निर्माण हेतु निविदा कार्य 31 जनवरी 2016 तक पूर्ण नहीं किया गया है? सड़कवार नाम (ग्राम) बतावें। (घ) इस हेतु क्‍या विभाग दोषी है या अधिकारीगण?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विधान सभा क्षेत्र पथरिया जिला-दमोह में मंडी बोर्ड द्वारा बोर्ड निधि से वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 में 24 सड़क कार्य स्वीकृत किये गये थे, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। संलग्‍न परिशिष्ट-अ के क्रमांक 15 से 24 में वर्णित 10 सड़क कार्यों की स्वीकृति मंडी बोर्ड संचालक मण्डल की बैठक क्रमांक 123 दिनांक 30.09.14 के प्रस्ताव क्रमांक-28 के निर्णय अनुसार निरस्त किया गया है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ में वर्णित स्वीकृत 14 सड़क कार्यों में से 05 सड़क कार्य पूर्ण हैं। शेष 09 सडकों के कार्य फायनल स्तर पर हैं, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। मंडी बोर्ड निधि से वर्तमान में पथरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई भी सड़क कार्य स्वीकृति‍ हेतु प्रस्तावित नहीं है। (ग) उत्तरांश "क" तथा "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश "ग" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''आठ''

गंधवानी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कृषकों को मुआवज़ा वितरण

17. ( *क्र. 5258 ) श्री उमंग सिंघार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की गंधवानी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विगत वर्ष शीत ऋतु व वर्षा, असमय ओला वृष्टि, आंधी तूफान के कारण रबी की फसलों का कितना नुकसान हुआ था? नुकसान के आंकलन के लिये क्‍या ग्रामों का सर्वे किया गया और कितने शेष रह गये? (ख) सर्वे उपरांत क्‍या सर्वे रिपोर्ट सौंपी गई और कितना मुआवज़ा देना सैद्धांतिक रूप से स्‍वीकृत किया गया? (ग) सर्वे में जिन किसानों के नाम मुआवज़े में शामिल नहीं किये गये या उन्‍हें मुआवज़ा वितरित नहीं हो सका? वे कितने हैं। उसका क्‍या कारण है और कौन जिम्‍मेदार है? (घ) क्‍या उपरोक्‍त विषय से संबंधित शिकायतें शासकीय एजेंसी/कार्यालयों के संज्ञान में आईं थी? यदि हाँ, तो उनमें से कितनी निराकृत हुईं?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) धार जिले की गंधवानी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत विगत वर्ष शीत ऋतु व वर्षा, असमय ओलावृष्टि, आंधी तूफान के कारण रबी की फसलों का क्षेत्रीय राजस्‍व अमले द्वारा नजरी आंकलन में 5% से कम क्षति पाई जाने से सर्वे नहीं किया गया था। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) कोई भी शिकायतें संज्ञान में नहीं आईं।

प्रचार सामग्री का मुद्रण

18. ( *क्र. 2155 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013 एवं 2014 में जिला पंचायत खरगोन एवं खरगोन जिले की समस्‍त जनपद पंचायत द्वारा निर्मल भारत तथा मतदाता जागरूकता अभियान अंतर्गत प्रचार-प्रसार सामग्री के लिये कब-कब कितनी राशि द्वारा पेंपलेट, पोस्‍टर, बैनर, स्‍टीकर, फ्लेक्‍स आदि कितनी मात्रा में कहाँ-कहाँ से बनवाये गये? जिला जनपदवार व्‍यय राशि सहित सूची देवें। इन प्रचार सामग्री हेतु किस दिनांक को निविदा का प्रकाशन किस समाचार पत्र में किया गया? यदि निविदा नहीं प्रकाशित की गई, तो क्‍यों कारण बतायें? (ख) उक्‍त प्रचार सामग्री किस मद से प्रिंट कराई गई? उक्‍त दोनों अभियान अंतर्गत विभिन्‍न मदों में खरगोन जिले को प्राप्‍त राशि एवं व्‍यय राशि की मदवार राशि सहित सूची देवें? (ग) उक्‍त प्रचार सामग्री के संबंध में कितनी शिकायत किस-किस माध्‍यम से जिला पंचायत को प्राप्‍त हुई तथा इन शिकायतों पर की गई कार्यवाही की जानकारी देवें? (घ) इस सामग्री संबंधी निर्वाचन विभाग से कोई पत्र व्‍यवहार किया गया है, तो पत्रवार विषय सहित सूची देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्ष 2013 एवं 2014 में जिला पंचायत खरगोन में निर्मल भारत अभियान अंतर्गत प्रचार-प्रचार सामग्री पंपलेट, पोस्‍टर, बैनर, स्‍टीकर, फ्लेक्‍स आदि पंचायती राज मुद्रणालय सहकारी मर्यादित, उज्‍जैन से बनवाये गये हैं। मतदाता जागरूकता अभियान अंतर्गत कोई भी प्रचार-प्रसार सामग्री नहीं बनवाई गई। खरगोन जिले की समस्‍त जनपद पंचायतों द्वारा भी प्रचार-प्रसार सामग्री नहीं बनवाई गई। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रचार-प्रसार सामग्री निर्मल भारत अभियान अंतर्गत सूचना शिक्षा एवं संचार मद से प्रिंट कराई गई है। मतदाता जागरूकता अभियान अंतर्गत कोई राशि प्राप्‍त नहीं हुई है। निर्मल भारत अभियान अंतर्गत प्राप्‍त राशि एवं मदवार व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सोयाबीन फसल की बीमा राशि का भुगतान

19. ( *क्र. 5036 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरसिंहगढ़ तहसील के सभी पटवारी हल्‍कों के कृषकों को सन् 2014-15 की सोयाबीन फसल बीमा राशि का भुगतान कर दिया गया है? (ख) प्रश्‍न की कंडिका (क) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार जिन पटवारी हल्‍कों के कृषकों की बीमा राशि का भुगतान नहीं हुआ, उनको भुगतान कब तक किया जावेगा? अगर भुगतान नहीं किया जायेगा, तो कारण बतायें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2014 मौसम हेतु नरसिंहगढ़ तहसील के उन पात्र कृषकों को क्षतिपूर्ति राशि का पूर्ण भुगतान नोडल बैंको के माध्‍यम से किया गया, जिनकी अधिसूचित क्षेत्र की अधिसूचित फसल हेतु उपज में कमी पाई गई थी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार।

मुख्‍यमंत्री सड़क योजनांतर्गत निर्मित मार्ग

20. ( *क्र. 568 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्‍डौरी, प्रथम चरण, द्वितीय, तृतीय चरण में मुख्‍य मंत्री सड़क योजना के तहत कितने मार्ग बनाये गये, विकासखण्‍डवार, लागत सहित, रो.गा. मद एवं अन्‍य मद का अलग-अलग बतावें? (ख) प्रश्‍न (क) के मार्गों के निर्माण के समय-सीमा के अंदर कितने मार्ग बने, जो नहीं बने उन ठेकेदारों पर क्‍या कार्यवाही की गई? कितने ठेकेदारों पर कार्यवाही नहीं की गई? (ग) ठेकेदारों द्वारा छोड़े गये कार्यों को विभाग द्वारा कितने कार्यों को कब से कराया जा रहा है? कितने कार्य समय-सीमा में हुये? कितने नहीं? विकासखण्‍डवार बतावें। (घ) कितने कार्यों की सी.सी. समय में जारी की गई, नहीं तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत 10 कार्य समय-सीमा के अन्‍दर पूर्ण हुये हैं। जो कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं हुये, उन सभी ठेकेदारों के विरूद्ध अनुबंध के प्रावधानानुसार कार्यवाही की जाकर रू. 3.69 लाख की कुल राशि देयकों से रोकी गई। (ग) 02 ठेकेदारों का अनुबंध निरस्‍त कर विभागीय रूप से कार्य कराया गया है। ठेकेदार द्वारा छोड़े गये सभी कार्यों को विभागीय रूप से कराये जाकर पूर्ण किया गया है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

अवैध कब्‍जाधारियों पर कार्यवाही

21. ( *क्र. 3441 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले के तहसील भितरवार के ग्राम गोहिन्‍दा प.ह.न. 15 के सर्वे न. 127, 128, 129, 130 रकबा 4-बीघा 18 विस्‍वा जो भगत सिंह पुत्र हाकिम सिंह जाति रावत एवं आसिक, आरिफ पुत्रगण स्‍व. श्री राजूखां आदि की भूमि स्‍वामित्‍व की है क्‍या उक्‍त भूमि पर कुछ असा‍माजिक तत्‍वों द्वारा अवैध कब्‍जा किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो उनके नाम स्‍पष्‍ट करें? इस बाबत् भूमि स्‍वामियों द्वारा शिकायत तहसीलदार भितरवार, एस.डी.एम. भितरवार, कलेक्‍टर ग्‍वालियर को कब-कब की गई है? शिकायतों पर दोषियों के प्रति क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नकर्ता क्षेत्रीय विधायक ने अपने पत्र क्र./152/दिनांक 29.01.2016 को मूल शिकायत सहित कलेक्‍टर ग्‍वालियर को पत्र लिखा था, उक्‍त पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई है? क्‍या असामाजिक तत्‍वों द्वारा भूमि पर अवैध कब्‍जा करना सही पाया गया? यदि हाँ, तो उनके प्रति क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई? अब कब तक उन असामाजिक तत्‍वों से भूमि मुक्‍त कराकर वास्‍तविक भूमि स्‍वामियों को कब्‍जा दिला दिया जावेगा? (घ) ग्‍वालियर नगर निगम के वार्ड क्र. 41 के छत्री पार्क से लगी हुई अच्‍युतानन्‍द व्‍यायामशाला है, जो आज खण्‍डहर स्थिति में है इस अच्‍युतानन्‍द व्‍यायामशाला का राजस्‍व रिकार्ड (लैण्‍ड रिकार्ड) में कितना रकबा है? क्‍या उक्‍त रकबे पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्‍जा किया गया है? यदि हाँ, तो अवैध कब्‍जाधारियों के नाम तथा कितने-कितने रकबे पर अवैध कब्‍जा किया है? स्‍पष्‍ट करें। क्‍या शासन इस बेशकीमती भूमि पर हुये अतिक्रमण को हटाकर अवैध कब्‍जे से मुक्‍त करायेगा? यदि हाँ, तो कब? तक यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित स्‍पष्‍ट करें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नामांतरण संबंधित कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा जाना

22. ( *क्र. 1255 ) डॉ. मोहन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नामांतरण प्रकरण में हो रही देरी को रोकने के लिये विभाग द्वारा क्‍या कार्य योजना बनाई जा रही है? क्‍या नामांतरण संबंधित समस्‍त कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपने की कार्ययोजना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में समस्‍त जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी अनुसार क्‍या ग्राम पंचायतों को नामांतरण के ही अधिकार दिये जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में राजस्‍व अभिलेखों में नामांतरण प्रविष्‍टी दर्ज कराने में कृषकों को पटवारियों द्वारा परेशान किया जावेगा एवं भ्रष्‍टाचार की संभावना बनी रहेगी? (ग) यदि हाँ, तो नामांतरण की प्रविष्‍टी को राजस्‍व अभिलेखों में अमलदरामद कर खसरा एवं बी-1 की प्रति कृषकों को सुगमता से उपलब्‍ध कराये जाने के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कोई नवीन योजना बनाई जा रही है अथवा प्रस्‍तावित है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आवास संघ में अनियमितता की जाँच

23. ( *क्र. 4862 ) श्री हर्ष यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी आवास संघ मर्यादित का पत्र क्रमांक/आ.संघ/विधि/13/1545, दिनांक 14 फरवरी 2013 किस परिप्रेक्ष्‍य में और किसे लिखा गया था? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार संबंधित व्‍यक्ति के आवेदन दिनांक 04 फरवरी 2013 के क्रमांक 6 के बिन्‍दु क्रमांक 3 और बिन्‍दु क्रमांक 4 की जानकारी एवं अभिलेख का विवरण उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या म.प्र. राज्‍य सहाकारी आवास संघ सहकारिता विभाग के प्रशासकीय नियंत्रण में है? इसके कितने और कौन-कौन से प्रकरण ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. अथवा लोकायुक्‍त में विचाराधीन हैं? संस्‍था की विगत 5 वर्ष की बैलेन्‍स शीट उपलब्‍ध करावें? टर्न ओवर की राशि भी बतावें। (घ) सामान्‍य प्रशासन विभाग और सूचना आयोग के जिस आदेश-दिशा निर्देश से आवास संघ को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की परि‍धि से बाहर रखा गया है? प्रति दें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत चाही गई जानकारी के संदर्भ में डॉ. सुरेश गर्ग को लिखा गया। (ख) बिन्दु क्रमांक 03 एवं बिन्दु क्रमांक 04 के संबंध में चाही गई जानकारी एवं अभिलेख पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र "1" एवं "2" अनुसार है। (ग) जी हाँ। ई.ओ.डब्ल्यू. में विचाराधीन प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र "3" अनुसार है। वर्तमान में लोकायुक्त में कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं है। संस्था की विगत पाँच वर्ष की बैलेन्स शीट पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र "4" अनुसार है। टर्न ओवर की राशि पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र "5" अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे गये परिशिष्ट के प्रपत्र "6" अनुसार है।

मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी के प्रकरण में यथोचित कार्यवाही

24. ( *क्र. 5357 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 587, दिनांक 14.12.2015 अनुसार श्रीमती माधुरी शर्मा सी.ई.ओ. का जाँच प्रकरण विभागीय आदेश क्र. 17042 दिनांक 04.12.15 द्वारा भविष्‍य के लिये सचेत किया गया है? प्रश्‍न क्रमांक 592 दिनांक 14.12.15 के पुस्‍तकालय परिशिष्ट अनुसार श्री डी.एस. सिसोदिया की वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोकी गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अनुसार क्‍या श्रीमती माधुरी शर्मा पर की गई कार्यवाही पर्याप्‍त है? यदि हाँ, तो डी.एस. सिसोदिया की केवल विलंब से भुगतान करने पर वेतन वृद्धि रोके जाने की कार्यवाही उचित है? यदि नहीं, तो माधुरी शर्मा के प्रकरण को पुन: संज्ञान में लेकर कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अनुसार श्रीमती माधुरी शर्मा ने अपने उत्‍तर में यह लिखा था कि दिनांक 08.09.14 की बैठक में अध्‍यक्ष महोदय के कहने पर मेरी सहमति मानते हुए गैलाना एवं मोड़ी में सामुदायिक भवन स्‍वीकृत किए? क्‍या यह उचित है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) यदि हाँ, तो दिनांक 10.09.2014 को ही कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति देना क्‍या अधिक जल्‍दबाजी नहीं हैं? यदि हाँ, तो क्‍या माधुरी शर्मा पर शीघ्र कठोर कार्यवाही की जावेगी व क्‍या तथा कब तक?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) श्रीमती माधुरी शर्मा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी के जाँच प्रकरण में गुणदोषों के आधार पर निर्णय लिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) प्रश्नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिवहन विभाग के निर्देशों का पालन

25. ( *क्र. 541 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन परिवहन विभाग द्वारा बस चालकों/परिचालकों को वर्दी पहन कर बसें चलाने के निर्देश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेश/निर्देश की प्रति देवें? (ख) क्‍या सतना जिले में पंजीकृत बसों के बस चालक/ परिचालकों द्वारा वर्दी पहन कर बस संचालन किया जाता है? यदि नहीं, तो बिना वर्दी पहने बस चला रहे चालकों के विरूद्ध कब-कब अभियान चलाकर कार्यवाही करते हुए जुर्माना वसूला गया है? क्‍या निजी विद्यालयों के बसों के वाहन चालकों पर भी यह नियम लागू है? यदि हाँ, तो क्‍या वे इस निर्देश का पालन कर रहे हैं? (ग) क्‍या सतना जिले में विभिन्‍न मार्गों पर चलने वाली बसों में यात्री किराया सूची चस्‍पा कराई गई है? यदि हाँ, तो उन वाहनों के क्रमांकवार जानकारी देवें? साथ ही इन बसों के परमिट, फिटनेस, स्‍पीड गवर्नर एवं इमरजेंसी गेट सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या बसों में किराया सूची चस्‍पा नहीं होने से बस परिचालकों द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूल किया जाता है? यदि हाँ, तो विगत एक वर्ष में ऐसी कितनी बसों के परिचालकों के विरूद्ध शिकायत होने पर कार्यवाही कर परमिट रद्द करने की कार्यवाही की गई? क्‍या उक्‍त आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर) : (क) मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम-9 के अधीन चालक की वर्दी एवं नियम-36 के अधीन परिचालक की वर्दी निर्धारित की गई है। परिवहन आयुक्त, कार्यालय द्वारा परिपत्र क्रमांक 3322/प्रवर्तन/टीसी/2011 दिनांक 17.06.2011 क्रमांक 5050/प्रवर्तन/टीसी/2011 दिनांक 03.09.2011 एवं समय-समय पर परिवहन अधिकारियों को चालक/परिचालक को उक्त नियमों के अतंर्गत निर्धारित वर्दी धारण कर वाहन चलवाने के निर्देश जारी किए गये हैं। निर्देश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) सतना जिलें में पंजीकृत बसों के बस चालक/परिचालक को वर्दी पहन कर बस संचालन हेतु समय-समय पर आकस्मिक चैकिंग के समय निर्देशित किया गया है एवं वर्दी पहन कर बस संचालन न करने वाले 14 वाहनों के चालकों के विरूद्ध कार्यवाही कर रूपये 7000/- जुर्माना वसूल किया गया है, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। प्रश्नांश के उत्तर में दर्शाये नियम एवं परिपत्र निजी विद्यालयों की बसों के वाहन चालकों/परिचालकों पर भी लागू होते हैं और पालन कराया जा रहा है। (ग) सतना जिले में विभिन्न मार्गों पर चलने वाली 548 बसों में यात्री किराया सूची चस्पा कराने का कार्य किया गया है, जिसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जिन वाहनों के विण्डस्क्रीन पर परमि‍ट, फिटनेस एवं बीमा की जानकारी चस्पा कराई गई है, उसकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) मनमाना किराया वसूलने का प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। 548 बसों में किराया सूची चस्पा कराने के कार्य को कड़ाई से कराया गया है, जिन वाहनों पर किराया सूची चस्पा लगी नहीं पायी गयी है, उन वाहनों पर चालानी कार्यवाही कर रूपये 10000/- जुर्माना वसूल किया गया है। 20 वाहनों पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जी हाँ।

 

 


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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

डिपो भवन को ग्राम पंचायत कस्‍बारेंज को कार्यालय हेतु सौंपा जाना

1. ( क्र. 2 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या डिपो भवन ग्राम पंचायत कस्‍बारेंज के कार्यालय को किरायेदार से खाली कराकर ग्राम पंचायत को सौंपने के निर्देश प्रभारी मंत्री जी के द्वारा दिए जाने तथा 26 जनवरी, 2015 के ग्राम पंचायत की साधारण सभा के प्रस्‍ताव के बावजूद प्रधानमंत्री सांसद चयनित कस्‍बारेंज गांव जहां पंचायत भवन नहीं है, को किरायेदार से खाली करवाकर पंचायत भवन को कार्यालय हेतु नहीं दिया जा रहा है? (ख) क्‍या विलंब के दोषी लोगों पर कार्यवाही ग्राम पंचायत कस्‍बारेंज के डिपो भवन को ग्राम पंचायत कस्‍बारेंज को कार्यालय हेतु किरायेदार को हटाकर कब तक सौपेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कस्‍बारेंज स्थित डिपो भवन को ग्राम सभा के प्रस्ताव क्रमांक 03 दिनांक 26.01.2014 द्वारा श्री जगदीश पुत्र जानकीलाल ओझा को किराये पर दिया गया था। किरायेदारी निरस्त करने हेतु जनपद पंचायत मुंगावली द्वारा दिनांक 27.03.2015 को अनुविभागीय अधिकारी मुंगावली को ग्राम पंचायत के प्रस्ताव क्रमांक 03 दिनांक 26.01.2014 को अपास्त करने हेतु अपील प्रस्तुत की गई। अनुविभागीय अधिकारी मुंगावली द्वारा उक्त अपील में आदेश दिनांक 02.01.2016 द्वारा ग्राम पंचायत के प्रस्ताव क्रमांक 03 दिनांक 26.01.2014 को अपास्त किया गया। उक्त भवन किरायेदार से खाली कराने हेतु कार्यवाही की गई, अनुविभागीय अधिकारी के आदेश दिनांक 02.01.2016 को राजस्व मण्डल ग्वालियर द्वारा 3 माह हेतु स्थगन आदेश जारी किया गया। जिसके पालन में भवन रिक्त कराने की कार्यवाही रोक दी गई। (ख) राजस्व मण्डल ग्वालियर द्वारा प्रकरण निर्णित होने के उपरांत डिपो भवन को खाली कराये जाने की कार्यवाही राजस्व मंडल के निर्णय अनुरुप की जाएगी।

तालाब व स्‍टॉप डेम का रख-रखाव

2. ( क्र. 11 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम जिले में वर्ष 2011-12 से अभी तक कितने तालाब कृषि विभाग ने किस-किस गांव में बनाये हैं? उनमें से कित‍ने टूट गये हैं व कितनों में मिट्टी भर गई है? (ख) इन्‍हें ठीक करने व मिट्टी निकालने हेतु शासन की क्‍या योजना है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जिले में वर्ष 2011-12 से अभी तक 217 बलराम तालाब, 7 लघुत्तम सिंचाई तालाब एवं 31 परकोलेशन टैंक का निर्माण हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जिले में मात्र एक लघुत्तम सिंचाई तालाब (धमोत्तर) फूट गया था, कुछ तालाबों में आंशिक मात्र मिट्टी जमा हुई है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार रख-रखाव संबंधित पंचायतों द्वारा किया जाता है एवं बलराम ताल का रख-रखाव कृषक द्वारा स्वयं किया जाता है। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

पंचायतकर्मी/सचिवों को एरियर्स का नियम विरूद्ध भुगतान

3. ( क्र. 48 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला शहडोल के विकासखण्‍ड जयसिंहनगर के अंतर्गत पंचायतकर्मी/ सचिवों को नियम विरूद्ध एरियर्स का भुगतान जनपद पंचायत द्वारा किया गया है, ज‍बकि माननीय न्‍यायालय द्वारा इनका भुगतान प्रतिबंधित किये जाने हेतु आदेश दिये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो इसके लिए उत्‍तरदायी दोषी अधिकारी कौन है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। जिला शहडोल के जनपद पंचायत जससिंहनगर के अंतर्गत 84 सचिव कार्यरत है। मध्यप्रदेश पंचायत राज संचालनालय भोपाल के पत्र क्र. बजट/15-16/9533, दिनांक 19.06.2015 के अनुसार 73 सचिवों को नियमानुसार वेतन एरियर्स का भुगतान किया गया है। शेष कुछ सचिव निलंबित होने एवं कुछ के नियुक्ति संबंधी मामले माननीय न्यायालय में लंबित होने के कारण भुगतान नहीं किया गया है। सचिवों को नियमानुसार माननीय न्यायालय द्वारा एरियर्स भुगतान को प्रतिबंधित किये जाने संबंधी कोई आदेश जारी नहीं किये गये हैं।
(ख) उत्तरांश- के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

किसानों के अवैध ऋण प्रकरण

4. ( क्र. 60 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला सहकारी बैंक सीधी में वर्ष 2011-12 से दिसंबर 2015 तक बहुत से किसानों के नाम अवैध ऋण प्रकरण बनाये गये और अवैध तरीके से कर्मचारियों की भर्ती की गई? यदि हाँ, तो किन-किन शाखाओं द्वारा अनियमिततायें की गई तथा कलेक्‍टर सीधी द्वारा किन पर क्‍या कार्यवाही की गई? पृथक-पृथक जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में जो कर्मचारी दोषी नहीं है, जाँच उपरांत इनकी क्‍या पुन: पदस्‍थापना की गई है? यदि हाँ, तो नाम सहित शाखावार विवरण देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। अनियमितताएं तथा उन पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 1, 2, 3 तथा 4 अनुसार है। (ख) पुनः पदस्थापना नहीं की गई है तथा अवैध रूप से भर्ती कर्मचारियों को बैंक द्वारा निष्कासन का नोटिस जारी किये जाने पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा स्थगन दिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

दोहरे रोड टैक्‍स की वसूली

5. ( क्र. 179 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में किसी भी टू-व्‍हीलर से मल्‍टी-एक्‍सल वाहनों तक के रजिस्‍ट्रेशन के समय कितने समय का रोड टैक्‍स जमा कराया जाता है? यह टैक्‍स किस लिये लिया जाता है? (ख) क्‍या नवीन रजिस्‍ट्रेशन के समय वाहन का लाईफ टाईम रोड टैक्‍स जमा करवाया जाता है? यदि हाँ, तो प्रदेश में इसके अतिरिक्‍त बी.ओ.टी. मार्ग पर दोबारा रोड टैक्‍स क्‍यों वसूला जा रहा है? (ग) प्रदेश के लाईफ टाईम रोड टैक्‍स जमा वाहनों से दोबारा रोड टैक्‍स क्‍यों वसूला जा रहा है? क्‍या यह प्रदेश के नागरिकों पर अतिरिक्‍त आर्थिक बोझ नहीं है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या प्रदेश में पंजीबद्ध ऐसे सभी वाहनों से बी.ओ.टी. मार्ग पर रोड टैक्‍स लिया जाना बंद किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 में रोड टैक्स नहीं अपितु मोटरयानों पर कर लेने के प्रावधान हैं। इस अधिनियम की धारा 3 में वर्णित प्रथम अनुसूची एवं द्वितीय अनुसूची में विनिर्दिष्ट दरों पर विभिन्न प्रकार के वाहनों पर मोटरयान कर लिया जाता हैं। निर्धारित दर संबंधी अधिसूचना दिनांक 03.01.2015 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं। (ख) से (घ) जी नहीं। केवल निजी उपयोग में आने वाली वाहनों से नवीन रजिस्ट्रेशन के समय प्रश्नांश (क) के उत्‍तर अनुसार द्वितीय अनुसूची में वर्णित दर से मोटरयान कर के रूप में जीवनकाल कर लिया जाता है। बी.ओ.टी. मार्ग पर किसी प्रकार का रोड टैक्स वसूल नहीं किया जा रहा हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

भू-माफिया द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

6. ( क्र. 189 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खं‍डवा विधानसभा क्षेत्र में भू-माफिया सक्रिय है एवं इन भू-माफियों द्वारा शासकीय भूमि पर लगातार अतिक्रमण किये जा रहे हैं? (ख) क्‍या अटल सरोवर के चारों ओर संजय नगर/दादाजी वार्ड में भू-माफिया द्वारा अवैध रूप से प्‍लाट काटकर बेचे गए हैं? यदि हाँ, तो ऐसे भू-माफियाओं के नाम बतायें एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या राजस्‍व विभाग की निष्क्रियता के कारण ऐसे भू-माफिया लगातार सक्रिय हो रहे हैं? विभागीय अधिकारियों द्वारा इन पर कोई कार्यवाही नहीं करने से भू-माफिया निर्भीक होकर अतिक्रमण कर रहे हैं? (घ) क्‍या जिले में इन भू-माफियाओं द्वारा शासकीय भूमि पर किये गए अतिक्रमण/कब्‍जे हटाने के लिए विभाग द्वारा कोई कार्ययोजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्‍त करने की प्रभावी कार्यवाही कब तक कर ली जाएगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) अटल सरोवर बांध की भूमि का रकबा 629.13 हे. है, जिसमें से 83.40 हे. भूमि पर वर्ष 2014-15 में कुल 50 अतिक्रामकों द्वारा अतिक्रमण किया गया था, जिनके विरूद्ध विधिवत कार्यवाही की जाकर राशि रूपये 1,46,000.00 का अर्थदण्ड वसूल किया जाकर मौके से अतिक्रामकों को बेदखल किया गया है। वर्तमान में 48 अतिक्रामकों द्वारा उक्त भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। जिनके विरूद्ध विधिवत प्रकरण पंजीबद्ध कर बेदखली की कार्यवाही प्रचलित है। संजय नगर व दादाजी वार्ड में शासकीय भूमि पर वर्ष 1984 व उसके पूर्व वर्षों से लोग निवासरत है, जिसमें से अधिकांश लोगों को वर्ष 1984 में ही आवासीय पट्टा प्रदान किया जा चुका है। भू-माफिया द्वारा उक्त दोनों स्थलों पर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण नहीं किया गया है। (ग) राजस्व विभाग द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही की जा रही हैं। वर्ष 2014-15 में अटल सरोवर क्षेत्र में कुल 50 अतिक्रामकों को बेदल कर राशि रूपये 1,46,000.00 वसूली गई। (घ) मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1969 की धारा 248 के अन्तर्गत अतिक्रमण हटाना और अतिक्रामकों को दण्डित करना एक सतत् कानूनन कार्यवाही है और जब-जब जैसे-जैसे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का तथ्य सामने आता है तब-तब अतिक्रमण विरोधी कार्यवाही की जाती है।

निराश्रित निशक्‍त को पेंशन प्रदाय

7. ( क्र. 361 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निराश्रित, नि:शक्‍तजनों के पेंशन संबंधी किस-किस प्रकार की योजना चलाई जा रही है? कृपया बिन्‍दुवार पूर्ण जानकारी देवें? पेंशन प्राप्‍त करने की क्‍या पात्रता है? क्‍या नि:शक्‍त जन को पेंशन प्राप्‍त करने के लिए बी.पी.एल. कार्डधारक होना अनिवार्य है? (ख) पेंशन पात्रता होने के बाद भी यदि किसी व्‍यक्ति के पास बी.पी.एल. कार्ड नहीं हैं तो उसे यह सुविधा उपलब्‍ध कराने हेतु शासन क्‍या कोई व्‍यवस्‍था हेतु दिशा-निर्देश देगा, जिससे कि निराश्रित, नि:शक्‍त व्‍यक्ति पेंशन पा सकें? (ग) क्‍या निराश्रितों, नि:शक्‍तजनों को प्रतिमाह नियमित पेंशन प्राप्‍त होती है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण हैं? प्रत्‍येक माह समय पर पेंशन प्राप्‍त हो, इसके लिए विभाग की क्‍या योजना है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार(ख) भारत सरकार की पेंशन योजनाओं यथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था, विधवा, निःशक्त पेंशन योजना एवं राज्य शासन द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत विधवा, परित्यकता एवं निःशक्तजनों हेतु बी.पी.एल. की अनिवार्यता है। राज्य शासन द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों को बी.पी.एल. की अनिवार्यता से मुक्त रखा गया है। वर्तमान में बी.पी.एल. से छूट दिये जाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) जी हाँ। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। हितग्राहियों को मासिक पेंशन आगामी माह की 5 तारीख के पूर्व प्रदान करने हेतु शासन द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं।

परिशिष्ट ''नौ''

फसल बीमा की योजना

8. ( क्र. 414 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य में (बीमा) फसल बीमा योजना के वर्तमान में क्‍या नियम निर्देश हैं? (ख) फसलों के बीमा करने का क्‍या आधार है? (ग) फसल नुकसान का किस प्रकार आंकलन किया जाता है? (घ) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में वर्ष 2012-13 से 2015-16 तक कुल कितने कृषकों का फसल बीमा किया गया था? उसमें कितने बीमा प्रकरण बीमा कम्‍पनी को प्राप्‍त हुये? उनमें कितने स्‍वीकृत किये गये एवं कितने अस्‍वीकृत किये? अस्‍वीकृति का कारण सहित जानकारी सूची में वर्षवार उपलब्‍ध करावें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना केन्‍द्र सरकार की योजना है जिसे राज्‍य एवं केन्‍द्र सरकार के सहयोग से एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेन्‍स कम्‍पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड द्वारा क्रियान्‍वयन किया जाता है। खरीफ एवं रबी मौसम में राज्‍य शासन द्वारा अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलों की अधिसूचना जारी की जाती है, जिसके आधार पर कृषकों का बीमांकन कर बैंकों द्वारा पटवारी हल्‍कावार व फसलवार घोषणा पत्र एकजाई कर प्रीमियम राशि के साथ एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेन्‍स कम्‍पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड भोपाल को भेजा जाता है। नियम निर्देश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) गत वर्षों के आधार पर 100 हेक्‍टर से अधिक पटवारी हल्‍के में फसलों का क्षेत्र होने पर पटवारी हल्‍कावार अधिसूचित फसलों हेतु अधिसूचित क्षेत्र एवं 500 हेक्‍टर से अधिक क्षेत्र होने पर तहसील स्‍तर पर अधिसूचित फसल हेतु अधिसूचित क्षेत्र का बीमा किया जाता है। योजना फसल ऋण लेने वाले कृषकों हेतु अनिवार्य है तथा अऋणी कृषकों हेतु ऐच्छिक है। (ग) आंकलन प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेन्‍स कम्‍पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड भोपाल से प्राप्‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

पंचायत सचिवों को अध्‍यापन के समान वेतनमान

9. ( क्र. 427 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पंचायत सचिवों का सहायक अध्‍यापक के समान वेतन देने की माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा 24 मार्च 2013 को घोषणा की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या वर्तमान में सहायक अध्‍यापकों का वेतन 24000/- के करीब है जबकि पंचायत सचिवों का 17500/- के करीब है। (ग) पंचायत सचिवों को उन्‍हें छठवां वेतनमान का लाभ कब तक दे दिया जावेगा? (घ) शासकीय सेवकों की तरह पंचायत सचिवों को कौन से श्रेणी वर्ग का वेतन दिया जा रहा है? (ड.) पंचायत सचिवों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने की शासन की क्‍या योजना है? यह कब तक लागू की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) ग्राम पंचायत सचिव शासकीय सेवक नहीं है, इसलिये इन्हे छठवां वेतनमान नहीं दिया गया है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ड.) पंचायत सचिवों को अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने की शासन की कोई योजना नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

गरीबी रेखा की सूची से ग्रामीणों के नाम काटे जाना

10. ( क्र. 610 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा-47 की तहसीले बल्‍देवगढ़, खरगापुर, पलेरा सूखा से प्रभावित क्षेत्र है? क्‍या तीनों तहसीलों के सक्षम अधिकारियों द्वारा ऐसे भीषण सूखे के संकट के समय गरीबी रेखा की सूची से कई गरीब परिवारों के नाम काट दिये गये है? यदि हाँ, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या अभी और भी नाम काटे जा सकते हैं तथा वर्ष 2015 से जनवरी 2016 तक बल्‍देवगढ़ तहसील में खरगापुर तहसील में पलेरा तहसील में कितने ग्रामीणों के नाम काटे जा चुके हैं? शासन के किस आदेश के तहत या किस नियम के तहत नाम काटे जाने की कार्यवाही की गई है? काटे गये नामों की सूची कारण सहित उपलब्‍ध करायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या गरीबों को सूखे में राशन दिये जाने की शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो अवगत करायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2015 से जनवरी 2016 तक तहसील पलेरा में गरीबी रेखा सूची से कोई नाम नहीं काटा गया है। वर्ष 2015 से जनवरी 2016 तक तहसील खरगापुर में 02 व्‍यक्तियों के तथा तहसील बल्‍देवगढ़ में 01 व्‍यक्ति अपात्र पाये जाने से गरीबी रेखा सूची से नाम काटे गये है। (ख) गरीबी रेखा सूची में अपात्र व्‍यक्तियों की जानकारी/शिकायत प्राप्‍त होने पर नाम काटे जाने की समुचित कार्यवाही की जा सकती है। वर्ष 2015 से जनवरी 2016 तक म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र क्रमांक 8535/22/वि-6/सा.../07 दिनांक 29.03.2007 के प्रावधानों के तहत अपात्र पाये जाने से निम्‍नांकित व्‍यक्तियों के नाम गरीबी रेखा सूची से काटे गये है

 क्र

तहसील

ग्राम

व्‍यक्ति का नाम

1

बल्‍देवगढ़

सैपुरा

श्री साबूप्रसाद तनय मुरलीधर दुबे

2

खरगापुर

छिदारी

श्री घनश्‍याम तनय धरनीधर दीक्षित

3

खरगापुर

छिदारी

श्री देवेन्‍द्र तनय मंशाराम दीक्षित

 
(
ग) जी हाँ। खरीफ मौसम 2015 में अल्‍प वर्षा के कारण सूखे से प्रभावित कृषक जिनकी फसल का 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षति हुई है, उन्‍हें राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्राथमिकता परिवार में सम्मिलित किया गया है। ऐसे कृषकों की सूची तहसीलदार/नायब तहसीलदार से प्राप्‍त कर स्‍थानीय निकाय द्वारा सत्‍यापन उपरांत जारी पात्रता पर्ची के आधार पर 5 किलोग्राम खाद्यान्‍न प्रति सदस्‍य रूपये 1.00 प्रति किलोग्राम की दर से, 1 किलो शक्‍कर, 1 किलो नमक एवं 4 लीटर कैरोसीन प्रदाय किया जा रहा है। जारी किये गये आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है।

परिशिष्ट - ''दस''

छोटे कृषकों को ओला/सूखा सहायता राशि नहीं दिया जाना

11. ( क्र. 797 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिंड जिले में 01.04.2014 से प्रश्‍न तिथि तक तहसील मेहगांव, रौन, गोरमी में कितने ओला पीडि़त एवं सूखा पीडि़तों को कितनी-कितनी सहायता राशि दी गई? (ख) ग्राम बहादुरपुरा, मेहदा, अमायन सर्किल के कितने रकबे के कृषकों को प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार सूखा/ओला की कितनी सहायता राशि दी गई? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित समयानुसार एवं (ख) में उल्‍लेखित ग्रामों में बड़े कृषकों को सहायता दी गई? छोटे कृषकों को सहायता राशि नहीं दी गई? ग्रामों में कुल कितने कृषकों का नुकसान हुआ?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) भिण्ड जिले की तहसील मेहगांव/गोरमी में 2014-15 में ओलावृष्टि से पीडि़त कृषकों को निम्नानुसार सहायता राशि वितरित की गईः-

1. मेंहगांव 34 रू. 140830/-
2.
गोरमी 902 रू. 7337915/-

तहसील रौन में 2014-15 में ओलावृष्टि की जानकारी निम्नानुसार हैः-

1. निवसाई 82 रू. 157710/-

इसी प्रकार वर्ष 2015-16 में तहसील मेंहगांव, गोरमी, रौन में सूखा/अल्पवर्षा से पीडि़तों को निम्नानुसार सहायता राशि वितरित की गई हैः-

1. मेंहगांव 471 रू. 1190950/-
2.
गोरमी 321 रू. 721550/-
3.
रौन 1273 रू. 4711065/-

(ख) ग्राम बहादुरपुरा, मेंहदा, अमायन वृत में अल्पवर्षा/सूखा प्रभावित रकबा के कृषकों को वितरित सहायता राशि की जानकारी निम्नानुसार हैः-

1. बहादुरपुरा 12.38 हे. 28 कृषक रू. 68665/-
2.
मेंहदा 24.59 हे. 33 कृषक रू. 174636/-
3.
अमायनवृत 154.22 हे. 245 कृषक रू. 666550/-

अमायन वृत में 2014-15 में ओलावृष्टि से प्रभावित 34 व्यक्तियों के 14.92 हे. प्रभावित रकबा के लिये रू. 140830/- की सहायता राशि वितरित की गई। अल्प वर्षा से वर्ष 2015-16 में खरीफ फसल क्षति के लिये सहायता राशि 2015 में वितरित की जा चुकी है। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित समय में सभी प्रकार के प्रभावित कृषकों को उनकी पात्रता अनुसार सहायता राशि दी गई है। प्रभावित कृषकों की संख्या निम्नानुसार हैः-

1. मेंहदा 33 कृषक
2.
बहादुरपुरा 28 कृषक
3.
अमायन वृत 34 कृषक ओला पीडि़त
245 कृषक सूखा पीडि़त

विभागीय कार्यों की जानकारी

12. ( क्र. 810 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में वित्‍तीय वर्ष 01.04.2013 से प्रश्‍न ति‍‍थि तक दो लाख रूपये से कम राशि के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में क्‍या-क्‍या कार्य, किस-किस स्‍थान पर किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित जिले में मेन्‍टेनेन्‍स पर किस-किस स्‍थान पर कितनी राशि व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में से किस-किस को कितनी राशि का भुगतान किया गया? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में सभी पूर्ण कार्यों का पूर्णता एवं उपयोगिता प्रमाण पत्रों को किस-किस नाम/पदनाम द्वारा जारी किया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कार्यों में मेन्टेनेंस पर राशि व्यय नहीं की गई। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार। (घ) उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार।

प्रधानमंत्री/मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण

13. ( क्र. 839 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना व मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत विगत पांच वर्षों में प्रश्‍नांश दिनांक तक कितनी व कौन सी सड़कें स्‍वीकृत की गई है? स्‍वीकृत/निर्मित सड़कों का निरीक्षण किन अधिकारियों द्वारा कब किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितनी सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? कितनी अपूर्ण है? कितनी सड़कों का कार्य प्रारम्‍भ नहीं कराया गया है? कार्य प्रारम्‍भ न कराये जाने के क्‍या कारण है? समयावधि में कार्य पूर्ण न होने के क्‍या कारण है? (ग) उक्‍त प्रश्‍नांशों के संदर्भ में शासन द्वारा कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? कितनी राशि व्‍यय हो चुकी है? (घ) शासन को कौन सी सड़कों के निर्माण के प्रस्‍ताव भेजे गये हैं? भिण्‍ड विधान सभा में हार की जमेह राजस्‍व ग्राम को किस सड़क से जोड़ा जाएगा? किन मार्गों के मरम्‍मत के प्रस्‍ताव तैयार किए गए हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत पात्र सड़कों के कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुये है। भिण्ड विधानसभा के राजस्व ग्राम हार की जमेह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत निर्मित सड़क मुहण्ड धनकुपुरा मार्ग से द्वार पहुँच मार्ग 500 मीटर से कम दूरी पर स्थित है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत पात्र ग्राम जो पक्की सड़कों से 500 मीटर के अंदर स्थित है, जुड़े हुये ग्रामों की श्रेणी में आते है अतः हार की जमेह को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत पृथक से जोड़ा जाना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

इंदिरा आवासों की स्‍वीकृति

14. ( क्र. 840 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदिरा आवास स्‍वीकृत करने के लिए क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए हैं? छायाप्रति सहित जानकारी दें? (ख) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत इंदिरा आवास हेतु शासन से 2012 से 2015 तक किस वर्ष में कितना लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ? कितने प्रकरण स्‍वीकृत किए गए? कितने प्रकरण अस्‍वीकृत किए गए? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित अवधि में किन हितग्राहियों को प्रश्‍नांश दिनांक तक कितनी राशि का भुगतान किया गया? कितनी राशि शेष है? राशि शेष होने के क्‍या कारण है? (घ) क्‍या वर्णित प्रश्‍न में प्रश्‍नांश दिनांक तक प्रकरण स्‍वीकृत नहीं किए गए? इसके लिए कौन दोषी है? अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) इन्दिरा आवास स्वीकृत करने के लिए निर्धारित मापदण्ड की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) भिण्ड जिले के अन्तर्गत इन्दिरा आवास हेतु शासन से वर्ष 2012-13 में 1032, वर्ष 2013-14 में 1579, वर्ष 2014-15 में 1559 एवं वर्ष 2015-16 में 1350 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, इसमें से वर्ष 2012-13 में 1032, वर्ष 2013-14 में 1065, वर्ष 2014-15 में 1245 एवं वर्ष 2015-16 में 1161 प्रकरण स्वीकृत किये गये। शेष प्रकरण के प्रस्ताव जनपद पंचायत से प्राप्त करने की कार्यवाही प्रलचन में है। कोई प्रकरण अस्वीकृत नहीं किया गया। (ग) हितग्राहियों को प्रश्नांश दिनांक तक भुगतान हेतु शेष राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। आवास सॉफ्ट में दरवाजा स्तर तक के निर्धारित मापदण्ड के फोटो अपलोड करने एवं हितग्राही से उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के उपरांत राशि जारी करने की कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) वर्णित प्रश्न में प्रश्नांश दिनांक तक वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 के शेष प्रकरण हेतु स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। जिसके लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत भिण्ड द्वारा समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों को पत्र क्रमांक जि.प./ इ.आ.यो./2016/490 भिण्ड दिनांक 25.01.2016 एवं पत्र क्रमांक 504 दिनांक 27.01.2016 जारी किए गये हैं।

कपिल धारा योजना

15. ( क्र. 855 ) श्री जतन उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले की पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र में महात्‍मा गांधी नरेगा की कपिल धारा उपयोजना में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कूप स्‍वीकृत किये गये हैं? कितने कूप पूर्ण हो चुके हैं? कितने कूप अपूर्ण हैं? (ख) पूर्ण कूपों का किसके द्वारा भौतिक सत्‍यापन किया गया है तथा कितने कूपों का सी.सी. जारी हो चुकी है? कितने का सी.सी. जारी होना बाकी है? (ग) कपिल धारा उपयोजना में प्रश्नांश (क) अनुसार कितने कूप सफल हुए है? कितने कूप असफल हुए है? सफल कूपों में कितने कूपों पर विद्युत/मोटर पम्‍प हेतु आई.टी.पी.डी. से अनुदान दिया गया है? (घ) क्‍या असफल कूप होने पर संबंधित कृषक को दुबारा कपिल धारा योजना का लाभ दिया गया है? यदि हाँ, तो कितने को?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) छिंदवाडा जिले की पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र में महात्‍मा गांधी नरेगा की कपिल धारा उपयोजना में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक 49 कूप स्‍वीकृत किये गये हैं। कोई भी कूप अभी पूर्ण नहीं होने से स्‍वीकृत 49 कूप अपूर्ण हैं। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्‍थित नहीं होता।

पंचायत सचिवों का नियमितीकरण

16. ( क्र. 858 ) श्री जतन उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिंदवाड़ा के पंचायत के सचिवों की पदस्‍थापना के 3 वर्ष पूर्ण किये जाने पर नियमित किये जाने के शासन के आदेश हैं? यदि हाँ, तो 3 वर्ष पूर्ण किये गये कितने सचिवों को नियमित किया गया है? जनपदवार सूची उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या 3 वर्ष पूर्ण किये जाने के पश्‍चात भी ऐसे कितने सचिव हैं, जिन्‍हें नियमित नहीं किया गया है, उनको नियमित नहीं किये जाने का क्‍या कारण हैं? उन्‍हें नियमित नहीं किये जाने हेतु कौन अधिकारी दोषी है? (ग) क्‍या सचिवों को नियमित नहीं किये जाने हेतु जिम्‍मेदार अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही का विवरण देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। 721 ग्राम पंचायत सचिवों को नियमित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार (ख) 37 ग्राम पंचायत सचिवों को नियमित नहीं किया गया है। इनके विरुद्ध माननीय न्यायालय में प्रकरण लंबित होने, निलंबित होने एवं विभागीय जाँच संस्थित होने के कारण एवं कार्य प्रणाली संतोषजनक न होने के कारण कोई दोषी नहीं है। नियमित नहीं किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ग) जानकारी उत्तरांश- अनुसार, कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय सेवकों द्वारा उत्‍तरदायित्‍वों के निर्वहन में लापरवाही करना

17. ( क्र. 1006 ) श्री मधु भगत : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला परिवहन कार्यालय बालाघाट में प्रभारी आर.टी.ओ. कौन पदस्‍थ है? (ख) इनके कार्यकाल में कौन-कौन सी शिकायतें क्‍लेम्‍स लंबित थे? क्‍या इनका निराकरण नियमानुसार निश्चित समयावधि के अंदर और विधि अनुसार कार्यलयीन प्रक्रिया को अपनाते हुए किया गया? (ग) क्‍या इन्‍होंने बालाघाट से चलने वाली और गुजरने वाली यात्रा बसों का निरीक्षण किया गया था? यदि हाँ, तो कब-कब कितनी बसों में से कितनी बसों पर इमरजेंसी गेट पीछे की ओर कांच लगवाया गया तथा सीढ़ी का जाल कटवाया गया?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) श्री अजय मार्को। (ख) श्री मार्को के द्वारा लंबित 05 क्लेम्स एवं शिकायत प्रकरणों में कार्यवाही की गई है। उनके द्वारा श्री जी.डब्ल्यू. तिग्गा का पेंशन प्रकरण, अंतिम वेतन आहरण स्वत्व, श्री राम प्रकाश गौड के आरोप-पत्र, श्री राजीव उपाध्याय के अपराध संबंधी लंबित जानकारी परिवहन आयुक्त कार्यालय को प्रेषित किया गया। साथ ही पुलिस अधीक्षक बालाघाट में प्राप्त दो शिकायत जो क्रमश: (1) स्व. श्री सुरेश कुमार अग्रवाल एवं (2) लोक सेवा यान चलाने के लिये बैच (बिल्ला) के संबंध में थी, उनका निराकरण उनके द्वारा विधिवत् नियमानुसार किया गया है। (ग) दिनांक 15.07.2015 से लगातार बसों का निरीक्षण किया गया है। 138 बसों पर इमरजेंसी गेट लगावाये गये एवं 146 बसों की सीढ़ी का जाल कटवाया गया। जाँच की गई सभी बसों की पीछे की ओर कांच लगा पाया गया।

स्‍कूल भूमि पर अतिक्रमण

18. ( क्र. 1019 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी शहर में लक्ष्‍मी नारायण मंदिर के पास कन्‍या हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूल संचालित हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त विद्यालय के लिये कितनी भूमि आरक्षित है? उसका रकबा एवं खसरा नंबर क्‍या है? (ख) क्‍या उक्‍त विद्यालय की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है? यदि हाँ, तो कितनी भूमि पर और शासन द्वारा इसे मुक्‍त कराने की क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो मुक्‍त कराने की कार्यवाही कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। उक्त विद्यालय के लिये आराजी खसरा नं. 2049/2ख रकबा 0.027 हे. भूमि आरक्षित है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

इंदिरा आवास की स्‍वीकृति

19. ( क्र. 1020 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जनपद पंचायत गोंहपारू के ग्राम पंचायत नवागांव के बाल गोविन्‍द पिता श्री द्वारिका प्रसाद गुप्‍ता का नाम बी.पी.एल. सूची से मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी के आदेश दिनांक 16.10.2009 के आधार पर काटा गया है और दिनांक 02 नवंबर 2015 को उक्‍त व्‍यक्ति के नाम इंदिरा आवास स्‍वीकृत कर 37500/- रूपये की प्रथम किस्‍त जारी की गई है? यदि हाँ, तो उक्‍त अनियमितता के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी और कब तक? (ख) क्‍या शुभम ट्रेडर्स जिसका टिन नंबर 23849044385 है के द्वारा बिल नंबर 66 के माध्‍यम से उक्‍त पंचायत को 20 एम.एम. तथा 40 एम.एम. गिट्टी तथा रेत सप्‍लाई का राशि प्राप्‍त किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त ट्रेडर्स गिट्टी एवं रेत का लीज़ धारी है? यदि नहीं, तो उक्‍त अनियमितता पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। उक्त अनियमितता के दृष्टिगत संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत गोहपारू श्री संतोष कुमार पटेल को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत शहडोल द्वारा दिनांक 29.02.2016 को पत्र क्रमांक आईएवाय/2016/1343 एवं तत्कालीन सचिव को पत्र क्रमांक आई.ए.वाय./ 2016/1216 शहडोल दिनांक 24.02.2016 से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संबंधित का जबाब प्राप्त होते ही नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। (ख) जी हाँ। गिट्टी और रेत सप्लाई करने के लिए लीज़ धारी होना जरूरी नहीं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

संविदा कर्मियों की सेवा समाप्ति

20. ( क्र. 1162 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विकास आयुक्‍त भोपाल के पत्र क्रमांक 22/वि-3/ग्रायांसे/15 दिनांक 28.02.2015 द्वारा मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत कार्य संचालित न होने एवं आवंटन के अभाव में संविदा कर्मियों की सेवा समाप्ति के निर्देश दिये गये थे? (ख) क्‍या कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सतना ने योजनांतर्गत पदस्‍थ संविदा कर्मियों को दिनांक 01.04.2015 को जिला पंचायत सतना के लिये भारमुक्‍त कर दिया था? (ग) क्‍या मनरेगा में नवीन नियुक्तियों पर प्रतिबंध के बाद भी जिला पंचायत सतना द्वारा बिना सक्षम स्‍वीकृत प्राप्‍त किये हटाये गये संविदा कर्मियों को नियुक्ति दी गई है? नियुक्ति आदेश तथा नियुक्ति प्राप्‍त कर्मचारियों की सूची भी दें? (घ) हटाये गये संविदा कर्मियों को बिना सक्षम स्‍वीकृति लिये नियम विरूद्ध नियुक्ति करने के लिये दोषी अधिकारी एवं प्रस्‍तावित करने वाले अतिरिक्‍त मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी पर शासन क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्‍न में उल्‍लेखित पत्र द्वारा अधीक्षण यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा रीवा को, मुख्‍यमंत्री सड़क योजना के तहत संविदा पर पदस्‍थ कर्मचारियों के संबंध में जिला स्‍तर पर नियोक्‍ता के द्वारा सेवा समाप्ति के संबंध में कार्यवाही किये जाने बाबत् लिखा गया था। (ख) प्रश्‍नांश '''' में उल्‍लेखित कार्यपालन यंत्री के पत्र दिनांक 01.04.2015 द्वारा संवि‍दा कर्मी श्री अनिल कुमार शर्मा, संविदा सहायक मानचित्रकार एवं श्री पुष्‍पेन्‍द्र नागर संविदा लेखापाल को अपना प्रभार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अन्‍य कर्मचारियों को सौंपने एवं जिला पंचायत में उपस्थिति हेतु लिखा गया था। (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश '''' में पूर्व संविदा कर्मचारियों को ही जिले के अंदर युक्तियुक्‍तकरण करते हुए उन्‍हें रिक्‍त पदों पर समान संविदा शर्तों पर पदस्‍थ किया है। नियुक्ति आदेश तथा नियुक्ति प्राप्‍त कर्मचारियों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

निराश्रित, वृ‍द्ध, विकलांग एवं विधवा पेंशन

21. ( क्र. 1165 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर निगम क्षेत्र सतना एवं सतना (ग्रामीण) में विगत एक वर्ष से निराश्रित, वृद्ध, विकलांग एवं विधवा पेंशन नहीं दी गई है? (ख) क्‍या सतना नगर निगम क्षेत्रान्‍तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में निराश्रित, वृद्ध, विकलांग एवं विधवा पेंशन हितग्राहियों के खाते में डाल दी गई है? सतना नगरीय क्षेत्र में कितने पेंशनधारियों को पेंशन दी जा रही है? (ग) इसके लिये जिले के कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? शासन समय पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को न उपलब्‍ध कराने वाले राज्‍य स्‍तर/जिला स्‍तर के अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही करेगा? समय-सीमा दें? कब तक पेंशन की राशि हितग्राहियों के खाते में जमा करा दी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। सतना नगरीय क्षेत्र में 9441 पेंशनधारियों को पेंशन दी जा रही है। माह जनवरी 2016 तक की पेंशन राशि का भुगतान समस्त हितग्राहियों के खाते में कर दिया गया हैं। (ग) उत्तरांश एवं के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

कर चोरी के संबंध में

22. ( क्र. 1258 ) डॉ. मोहन यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन स्थित चिमनगंज मण्‍डी में वाहनों के आने जाने के लिये कितने आगम एवं निर्गम द्वार है? (ख) क्‍या मण्‍डी में आने वाले अनाज को इन आगम एवं निर्गम द्वारों के अतिरिक्‍त परिवहन के लिये कुछ व्‍यापारियों को गोडाउन के पीछे से द्वार बनाकर मण्‍डी शुल्‍क, वाणिज्‍य कर एवं अन्‍य करों के भुगतान से मुक्‍त रखने के संबंध में अन्‍य कोई वैकल्पिक व्‍यवस्‍था की गई है? (ग) यदि नहीं, तो इस प्रकार शासन के करों की चोरी करने वाले व्‍यापारियों एवं उनसे मिली भगत कर उक्‍त कार्य को प्रोत्‍साहित कर शासन को राजस्‍व की हानि पहुंचाने वाले अधिकारियों के विरूद्ध विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति, उज्जैन में 05 द्वार हैं, जिसमें से आगमन एवं निर्गमन हेतु 02 द्वार संचालित किये जा रहे हैं। शेष 03 द्वारा बंद रखे गये हैं। (ख) कृषि उपज मंडी समिति उज्जैन में कृषि उपज का परिवहन निर्धारित आगम एवं निर्गम द्वारा से ही होता है किसी भी व्यापारी को मंडी शुल्क, वाणिज्यिक कर एवं अन्य करों के भुगतान से मुक्त रखने हेतु कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। (ग) उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में शेष कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

भवनविहीन अथवा जीर्ण-शीर्ण पंचायत भवन

23. ( क्र. 1482 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में ऐसी कोई ग्राम पंचायत है जिसके पास अपना शासकीय भवन नहीं है अथवा भवन तो है परन्‍तु जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में है? (ख) यदि हाँ, तो उनकी नाम सहित अलग-अलग सूची उपलब्‍ध करावें तथा उक्‍त ग्रामम पंचायतों में भवन कब तक स्‍वीकृत किया जावेगा? (ग) क्‍या जीर्ण-शीर्ण पंचायत भवन के स्‍थान पर नवीन पंचायत भवन स्‍वीकृत किया जावेगा? (घ) यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ अंतर्गत 01 ग्राम पंचायत भवनविहीन एवं 36 ग्राम पंचायतों के भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। (ख) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जनपद पंचायत राजगढ़ की ग्राम पंचायत खजूरी भवनविहीन है एवं ग्राम पंचायत काचरी, चाटूखेड़ा, किला अमरगढ़, कलपोनी, कोडीयाजरगर, हथईखेड़ा, सुल्तानपुरा, कालूखेड़ा, प्रेमपुरा, सनखेड़ी, चैड़ापुरा, महाबल, माचलपुर, देहरीनाथ, कांसी, बांकपुरा, संवासडा, देवलीकला, खेडीआम्बा, पडीया, आम्बा, सुआहेडी, नारायणघटा, बानपुर, पीपल्या, नरी, लसूडलीधाकड, बडलावदा, चैंसला, कुण्डीबेह, रामगढ़, सुस्तानी एवं खेडीपाका के भवन जीर्ण-शीर्ण है तथा जनपद पंचायत खिलचीपुर में कोई भी पंचायत भवनविहीन नहीं है, ग्राम पंचायत बारौल, डालपुरा एवं समेली के भवन जीर्ण-शीर्ण है। भवनविहीन ग्राम पंचायतों में विभाग द्वारा नवीन पंचायत भवन निर्माण की योजना है। (ग) जो ग्राम पंचायतें भवनविहीन है वहां नवीन पंचायत भवन निर्माण की विभाग की योजना है। जीर्ण-शीर्ण पंचायतों हेतु बजट उपलब्ध होने पर नवीन भवन निर्माण की कार्यवाही की जा सकेगी। (घ) जानकारी उत्तरांश- अनुसार।

पुलिया निर्माण की स्‍वीकृति

24. ( क्र. 1483 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ के मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्‍तर्गत 1. बोरदा श्रीजी रोड से अतरालिया 2. एन.एच.-12 से दोलाज से दुर्जनपुरा-नेस 3. सेदरा रोड से पुरा सेदरा, 4. खाजला सेदरा रोड से कांदलखेड़ी व्‍हाया सेमली 5. बामलावे रोड-नरी जोड़ से माथन्‍या 6. एन.एच.12 से मूण्‍डला, अमृतपुरा, खाजला 7 एन.एच.12 से बरदला के बीच पुलियाओं के प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु शासन को भेजे गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त पुलियाएँ स्‍वीकृति हो चुकी हैं यदि नहीं, तो कब तक स्‍वीकृत हो जावेंगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। कार्यों का परीक्षण होकर तकनीकी स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में होने से स्‍वीकृति की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शासकीय भूमि की हेरा-फेरी

25. ( क्र. 1518 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले के ग्राम जाखदा जागीर में मौजूद 700 हेक्‍टेयर शासकीय भूमि को शासकीय अभिलेखों में छेड़छाड़ कर राजस्‍व विभाग के अधिकारी/ कर्मचारियों ने स्‍वयं की स्‍वार्थ पूर्ति हेतु 331 लोगों के नाम अनियमित तरीके से राजस्‍व अभिलेखों में दर्ज कर दिया? (ख) उक्‍त भूमि में से 161 लोगों के नाम पर 302 हेक्‍टेयर शासकीय भूमि को बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश से चढ़ाया गया जिसका कोई प्रकरण आदि भी नहीं है शेष लगभग 175 लोगों के नाम शासकीय भूमि को प्रकरण के साथ चढ़ाया गया जिन प्रकरणों के साथ इन्‍हें इन्‍द्राज किया गया व दायरे में दर्ज नहीं होना पाया गया? (ग) क्‍या उक्‍त तथ्‍य तहसीलदार बड़ौदा से प्राप्‍त प्रतिवेदन में प्राथमिक सूचना एवं कार्यवाही के पश्‍चात् प्रकाश में आए? (घ) यदि हाँ, तो बतावे कि इस पूरे मामले में कौन दोषी है, के विरूद्ध वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई यदि नहीं, तो क्‍यों क्‍या शासन उक्‍त पूरे मामले की जाँच करवाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा तथा उक्‍त शासकीय भूमि को भू-माफियाओं से मुक्‍त करवाएगा यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

चकबन्‍दी की निरस्‍ती

26. ( क्र. 1519 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न संख्‍या 71 (क्रमांक 3415) दिनांक 16.07.2014 के प्रश्नांश (क) से (घ) के उत्‍तर में श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम मेखड़ाहेडी, राजपुरा उर्फ झुनझुनीपुरा, ललितपुरा, बिचगावंडी, सारंगपुर, भिलवाडिया में चकबंदी निरस्‍त करने के निर्णय की समय-सीमा एवं मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता के अंतर्गत चकबंदी की पुष्टि होने उपरांत निरस्‍त करने का कोई प्रावधान न होने तथा उक्‍त ग्रामों में लागू चकबंदी को निरस्‍त करना संभव न होने के तथ्‍य से अवगत कराया है? (ख) क्‍या यह सच है कि लगभग 5 दशक पूर्व उक्‍त ग्रामों की चकबंदी की व्‍यवस्‍था को राजस्‍व अभिलेखों में तो अंकित कर दिया था लेकिन अभिलेखों अनुसार कृषक मौके पर वर्तमान तक काबिज नहीं हो पाए? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन श्‍योपुर क्षेत्र के कृषकों की कठिनाईयों के निवारण के लिये चकबंदी की निरस्‍ती हेतु मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता के प्रावधानों में आवश्‍यक संशोधन करने पर गंभीरता से विचार करेगा व कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं।

सड़कों का निर्माण

27. ( क्र. 1599 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में कुछ सड़कों का निर्माण प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत किया गया था, परंतु उन्‍हीं सड़कों के कुछ शेष भाग छोड़ दिये गये हैं? जैसे सैपुरा से मऊकड़वाहा तक वार से पुरैनिया होकर मुख्‍य सड़क हीरापुर तक, लुर्हरा से सुकौरा होकर नारायणपुर तक एवं देरी से तिगौड़ा होकर खुड़ौ तक की सड़कें शेष व अधूरी पड़ी हैं? (ख) क्‍या इन सड़कों से जुड़े दूरस्‍थ ग्रामीण अंचल हैं? जहां पर स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं से लेकर जीवन के रोजमर्रा की आवश्‍यक सामग्री हेतु ग्रामीणों को आने जाने हेतु सड़कें न होने के कारण बहुत मुसीबत उठानी पड़ती है? यदि हाँ, तो सड़कों की स्‍वीकृति प्रदाय कर कब तक निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ, खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत सड़कों का निर्माण किया गया है स्वीकृति के अनुसार किसी भी सड़क का कोई भाग शेष नहीं छोड़ा गया है। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सड़कों का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत नहीं किया गया है। (ख) जी हाँ, प्रश्नांश (क) में उल्लेखित ग्रामों को जोड़ने हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत ग्राम सैपुरा को टीकमगढ़-छतरपुर मार्ग से, ग्राम कड़वाहा को ग्राम वनपुरा बुजुर्ग से, ग्राम वार को वनपुरा बुजुर्ग से एवं फुटेर टीला रोड से खुडौनज देरी तक के सड़क निर्माण की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त हो गयी है, निविदा उपरांत एजेंसी निर्धारण होने पर निर्माण कार्य कराया जा सकेगा निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष ग्राम योजना के दिशा निर्देशों के अंतर्गत पात्रता नहीं रखने के कारण योजनांतर्गत जोड़ना संभव नहीं है।

परिवार सहायता एवं जनश्री बीमा योजना

28. ( क्र. 1607 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की लवकुशनगर, राजनगर, विजावर, नौगांव में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने व्‍यक्तियों को परिवार सहायता दी गई? (ख) क्‍या परिवार सहायता के साथ जनश्री बीमा योजना का फार्म भर कर जबलपुर भेजा जाता है यदि हाँ, तो कितने व्‍यक्ति के परिवार लाभान्वित हुए? (ग) राजनगर, लवकुशनगर जनपद क्षेत्रों के लाभान्वित परिवारों की नामवार सूची का विवरण उपलब्‍ध करावें तथा शासन की गाइड लाईन की प्रति दें? (घ) लंबित प्रकरणों की प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या स्थिति है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार(ख) जी हाँ। जनश्री बीमा योजनांतर्गत 33 हितग्राहियों को लाभांवित किया गया। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार(घ) राष्ट्रीय परिवार सहायता योजनांतर्गत कोई प्रकरण लंबित नहीं है।

पदोन्‍नतियां समय-सीमा में किया जाना

29. ( क्र. 1608 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में राजस्‍व विभाग के अंतर्गत कमिश्‍नर कार्यालय एवं कलेक्‍टर कार्यालयों में पदस्‍थ स्‍टेनोग्राफर वर्ग 2 से वर्ग 1 एवं वर्ग 3 से वर्ग 2 पर पदोन्‍नति किस दिनांक के बाद नहीं की गई? (ख) क्‍या प्रदेश के संभागीय कमिश्‍नर कार्यालयों एवं कलेक्‍टर कार्यालयों में वर्ग 1 एवं वर्ग 2 के स्‍टेनोग्राफर के पद रिक्‍त है? (ग) यदि हाँ, तो इन पदों की पूर्ति हेतु स्‍टेनोग्राफर वर्ग 2 से 1 पर तथा स्‍टेनोग्राफर वर्ग 3 से 2 पर पदोन्‍नति कब तक कर दी जावेगी? समय-सीमा बतायें? (घ) क्‍या यह सत्‍य है कि लगभग 20 वर्ष उक्‍त पदों की पदोन्‍नतियां नहीं की गई जिससे इस वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्‍नति के अधिकारी से वंचित रखा गया?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्नाधीन पदोन्नति कुछ वर्षों से नहीं होने के कारण तिथि देना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) वरिष्ठता सूची एवं पदोन्नति प्रस्ताव तैयार करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा दी जाना संभव नहीं। (घ) जी नहीं।

शिकायतों पर कार्यवाही

30. ( क्र. 1677 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 01.03.2014 से 31.12.2015 तक कलेक्‍टर छिंदवाड़ा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) परासिया, तहसीलदार परासिया तहसीलदार उमरेठ को जो शिकायतें की गई थी उनकी अद्यतन स्थिति की जानकारी माहवार देवें? (ख) शासकीय प्राथमि‍क विद्यालय ग्राम कन्‍हरगांव की शिक्षिका श्रीमती किरन शर्मा एवं सहायक शिक्षक विरेन्‍द्र शर्मा के विरूद्ध की गई शिकायतों पर क्‍या कार्यवाही की गई बतावें? (ग) क्‍या इनके विरूद्ध शासकीय कुएं एवं भूमि पर कब्‍जा करने की शिकायतें मिलने पर कब्‍जा स्‍थल का भौतिक सत्‍यापन किया गया? यदि नहीं, तो कब तक भौतिक सत्‍यापन कराया जाए इनके द्वारा किये गये कब्‍जे को हटवाया जावेगा? समय-सीमा बतायें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 1.3.2014 से 31.12.2015 की गई शिकायतों के संबंध में जाँच हेतु वस्तुस्थिति की जानकारी राजस्व निरीक्षक मोरडोंगरी खुर्द का प्रतिवेदन दिनांक 21.2.2015 तथा ग्राम पंचायत कन्हरगाँव का पत्र दिनांक 26.3.2015 के तहत श्रीमती किरन शर्मा पति वीरेन्द्र शर्मा निवासी कन्हरगाँव के द्वारा प्रचलित आबादी भूमि खसरा नंबर 424 रकबा 1.924 हेक्टर भूमि में से 828 वर्गफुट पर मकान निर्माण किया गया है। पूर्व में उक्त भूमि पर 4-5 फिट गहरा गड्ढा जिसे बराबर कर मकान निर्माण किया गया है। उक्त कुआं नक्शा में प्रदर्शित नहीं है। तथा ग्राम पंचायत कन्हरगाँव ने कुआं पूर कर दिये जाने में कोई आपत्ति नहीं बतायी है। वर्तमान में प्रकरण तहसीलदार उमरेठ के न्यायालय में प्रचलन में है। दिनांक 29.2.2016 को अनावेदिका के साक्ष्य हेतु प्रकरण नियत है। गुण दोषों के आधार पर प्रकरण का निराकरण किया जावेगा। (ख) शिकायत के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब लिया गया। जवाब के सुसंगत तथ्यों की पुष्टि हेतु साक्ष्य के लिये प्रचलित है। शिकायत की पुष्टि उपरान्त विभागीय कार्यवाही हेतु प्रेषित किया जावेगा। (ग) जी हाँ। वर्तमान प्रकरण प्रचलन में है त्वरित कार्यवाही कर प्रकरण में गुणदोषों के आधार पर समय-सीमा में निराकरण किया जावेगा।

प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण

31. ( क्र. 1691 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत वर्ष 2013 से वर्ष 2015 तक कितने मार्ग (‍सड़क) निर्माण स्‍वीकृत किए गये है? विकासखण्‍डवार मार्ग निर्माण की पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध कराये? (ख) छिन्‍दवाड़ा जिले में विकासखण्‍ड अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में कितने मार्गों की स्‍वीकृति हेतु राज्‍य सरकार से केन्‍द्र सरकार को प्रस्‍ताव भेजे गये हैं? (ग) छिन्‍दवाड़ा जिले के 500 एवं 250 आबादी वाले कितने ग्रामों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में जोड़ा जा रहा है? (घ) क्‍या जिन ग्रामों में 100 की आबादी है उन्‍हें भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में जोड़ा जायेगा? हाँ या नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) छिंदवाड़ा जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत वर्ष 2013 से वर्ष 2015 तक 245 सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) छिंदवाड़ा जिले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत 146 सड़कों के प्रस्ताव स्वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित किये गये है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) छिंदवाड़ा जिले में वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत सामान्य विकासखडों के 500 एवं अधिक तथा आदिवासी विकासखण्ड में 250 एवं अधिक जनसंख्या वाले क्रमशः 359 एवं 195 ग्रामों को अब तक सड़क निर्मित कर जोड़ा जा चुका है एवं क्रमशः 53 एवं 72 ग्रामों को जोड़ने हेतु सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है, शेष क्रमशः 17 एवं 135 ग्रामों को जोड़ा जाना प्रस्तावित है। (घ) जी नहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मार्गदर्शी दिशा निर्देशों के अनुसार वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार सामान्य विकासखण्डों में 500 एवं अधिक एवं आदिवासी विकासखण्डों में 250 एवं अधिक जनसंख्या के पात्र ग्रामों को जोड़ने का प्रावधान है।

जल ग्रहण परियोजनाओं में प्राप्‍त राशि एवं व्‍यय

32. ( क्र. 1728 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र क्र. 229 नीमच में वर्तमान में कहाँ-कहाँ पर जलग्रहण परियोजनाएं संचालित हो रही हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में दशाई गई जल ग्रहण परियोजनाओं में अब तक कितनी राशि किन-किन गतिविधियों हेतु व्‍यय की गई है? व्‍यय राशि का ग्रामवार घटकवार ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या परियोजना क्रियान्‍वयन के दौरान परियोजना क्षेत्र में जनहित में कराए गए निर्माण कार्यों के शुभांरभ/लोकार्पण आदि कार्यक्रम के आयोजन के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है? यदि नहीं, तो कारण बताएं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''बारह''

किसानों को बीमा राशि नहीं मिल पाना

33. ( क्र. 1732 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोक नगर जिले में पिछले 3 वर्षों में किस-किस तहसील में किसानों को इसलिये बीमा नहीं मिला कि समय पर आंकड़े व आंकलन समय पर नहीं भेजा? यदि हाँ, तो किस वर्ष किस-किस तहसील को कितनी धनराशि का आंकलन बीमा कंपनी को नहीं भेजा व किसानों को प्रति तहसील कितनी-कितनी राशि मिलनी थी वह नहीं मिली तथा आंकलन नहीं भेजने के लिये कौन जिम्‍मेदार है व उसको क्‍या दण्‍ड दिया जाएगा? (ख) क्‍या जिलाधीश अशोक नगर ने गत वर्ष शासन को लिखा था कि कुछ तहसीलों का आंकलन नहीं भेजा जा सका उसका विवरण देकर बताएं कि शासन ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की तथा बीमा से वंचित व प्रभावित किसानों को क्‍या बीमा कम्‍पनियों से या अपने खजाने से पैसा देगी तथा कब तक? (ग) क्‍या जिलाधीश श्री प्रजापति ने प्रमुख सचिव व संचालक कृषि को पत्र लिखा था कि बीमा क्‍लेम हेतु आंकड़े वेबसाईट समय पर नहीं डाले इसलिये बीमा कम्‍पनी पैसे नहीं दे रही है तो शासन किसानों को बीमे की राशि कब तक दिला देगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) अशोकनगर जिले की विगत 3 वषों की बीमा आवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। खरीफ 2015 हेतु क्षतिपूर्ति प्रक्रियाधीन है। खरीफ 2015 मौसम हेतु बीमा आवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है रबी 2013-14 मौसम में ईसागढ़ तहसील के वास्‍तविक उपज के आंकड़े योजना के अनुसार राजस्‍व विभाग द्वारा समयावधि में विभागीय वेबसाईट पर दर्ज नहीं किये जाने से क्षतिपूर्ति की गणना नहीं की जा सकी थी। जिस कारण संबंधित कृषकों को बीमा लाभ प्राप्‍त नहीं हो पाया है। राज्‍य तकनीकी समिति की बैठक वर्ष में 2 बार होती है, उक्‍त बैठक दिनांक 14.10.2015 को आयोजित की गई थी। आगामी बैठक माह मार्च 2016 में आयोजित की जावेगी उसमें उक्‍त प्रकरणों पर निर्णय लेकर केन्‍द्र शासन से अनुमोदन प्राप्‍त कर किसानों को भुगतान हेतु बीमा कम्‍पनी को क्षतिपूर्ति राशि प्रदाय की जावेगी। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार।

रंगजी महाराज ट्रस्‍ट की भूमि

34. ( क्र. 1734 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न संख्‍या 39 (क्र. 708) दिनांक 23.11.2011 एवं 22 (क्र. 1138) दिनांक 02.03.2015 के संदर्भ में रंगजी महाराज ट्रस्‍ट जावरा जिला रतलाम की भूमि के बारे में आयुक्‍त भू-अभिलेख एवं बन्‍दोबस्‍त ग्‍वालियर के जिलाधीश को लिखे पत्र क्र. 2167 दिनांक 12.09.2011 श्री अरूण पाण्‍डेय जी तत्‍कालीन आयुक्‍त उज्‍जैन संभाग के अशासकीय पत्र एवं पत्र क्र. 9883-84 दिनांक 10.10.2012, 10207 दिनांक 19.10.2012 एवं 556 दिनांक 15.1.13 एवं उपायुक्‍त राजस्‍व उज्‍जैन का पत्र 10208 दिनांक 19.10.2012 एवं विधान सभा प्रश्‍न 08 (क्र. 5) दिनांक 06.12.2012 के उत्‍तर में माननीय मंत्री महोदय द्वारा दिये गये उत्‍तर एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखे गये पत्रों का विवरण देते हुए बताएं कि उक्‍त प्रकरण में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही कि गई क्‍या रजिस्‍ट्री निरस्‍त कर भूमि शासनाधीन ले लिया है? दोषियों को चिन्हित कर दण्डित कर दिया गया है? (ख) सांसद व विधायक फण्‍ड से बने भवनों को प्रशासन ने अपने अधीन ले लिया है यदि हाँ, तो पृथक विवरण दे। यदि नहीं, तो क्‍यों? अभी तक कार्यवाही नहीं होने का कारणों को स्‍पष्‍ट करें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त के पत्र क्रमांक 2167/11 भू-प्रब/2011 दिनांक 12.09.11 के अनुक्रम में दोषी पाये गये पटवारी की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने से दण्डित किया गया। आयुक्त, उज्जैन संभाग, उज्जैन के द्वारा अर्द्धशासकीय पत्र एवं संन्दर्भित पत्रों में दोषियो के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु लिखा गया था। पत्रों के तारतम्य में दोषी तहसीलदारों के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु कार्यालयीन पत्र क्रमांक 2179/स्थापना/15 दिनांक 14.7.15 के द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु आयुक्त, उज्जैन संभाग उज्जैन को आरोप पत्रादि जारी किये जाने हेतु भेजे गये। तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व जावरा के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिये कार्यालयीन पत्र क्रमांक 3088/स्थापना/12 दिनांक 07.07.12 के द्वारा सचिव, म.प्र.शासन, सामान्य प्रशासन विभाग भोपाल को लिखा गया है। अनुविभागीय अधिकारी जावरा का प्रकरण क्रमांक 100/बी-121/02-03 आदेश दिनांक 30.04.03 का मूल प्रकरण उपलब्ध नहीं होने से तत्कालीन प्रवाचक के विरूद्ध कार्यवाही पृथक से की जा रही है। प्रकरण उपलब्ध होते ही रजिस्ट्री के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। विधायक निधि से ट्रस्ट को पैसे देने का नियम नहीं होने पर नियमों के विपरीत राशि दिये जाने के कारण जिला योजना एवं सांख्यिकीय अधिकारी रतलाम के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु सचिव म.प्र. शासन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यकीय विभाग, भोपाल को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 2179/स्थापना/15 दिनांक 14.07.15 के द्वारा प्रस्ताव प्रेषित किये गये है। (ख) अनुविभागीय अधिकारी जावरा द्वारा प्रकरण क्रमांक 100/बी-121/02-03 खोजा जा रहा है। मूल प्रकरण प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

शौचालय विहीन ग्राम

35. ( क्र. 1739 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोनकच्‍छ विधानसभा के कितने ग्रामों में वर्ष 2014-15 में शौचालय का निर्माण किया जा चुका है तथा किन-किन योजनाओं के अंतर्गत किया गया है? (ख) सोनकच्‍छ विधानसभा के कितने ग्रामों में अभी तक शौचालय निर्माण नहीं हुआ है और क्‍यों? (ग) सोनकच्‍छ विधानसभा के समस्‍त घरों में शौचालयों निर्माण की कोई योजना शासन द्वारा बनाई जा रही है यदि हाँ, तो क्‍या यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वर्ष 2014-15 में 126 ग्रामों में मनरेगा/निर्मल भारत/स्‍वच्‍छ भारत मिशन/आवास योजना अंतर्गत शौचालय निर्माण का कार्य किया गया है। (ख) सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ऐसा कोई ग्राम नहीं है जहाँ शौचालय निर्माण न हुआ हो। (ग) जी हाँ। वर्ष 2019 तक सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्रांतर्गत के समस्‍त घरों में शौचालय निर्माण कराये जाने का लक्ष्‍य है।

जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक

36. ( क्र. 1740 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक की शाखा कहाँ-कहाँ पर संचालित है? बैंक शाखा का नाम व इन शाखा में नियमित प्रबंधक किस दिनांक से पदस्‍थ है तथा किन-किन बैंकों में प्रभारी पदस्‍थ है? इनका मूल पद क्‍या है? (ख) सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र की कितनी बैंकों में कितने नियमित कर्मचारी कार्यरत है व कितने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी हैं तथा कितने व कौन से पद रिक्‍त है? (ग) क्‍या इन रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु शासन इस पर कोई विचार कर रहा है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति हेतु जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, देवास को विभिन्न वर्गों के 50 पदों की स्वीकृति दी गई है, जिनकी भर्ती म.प्र.राज्य सहकारी बैंक मर्यादित, भोपाल के माध्यम से आई.बी.पी.एस. द्वारा की जावेगी।

परिशिष्ट ''तेरह''

भ्रष्‍ट सरपंच एवं सचिव पर कार्यवाही

37. ( क्र. 1789 ) श्री सुदेश राय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सीहोर के अंतर्गत वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों में सरपंच/सचिव पर अनियमित तरीके से शासन की योजनाओं में भ्रष्‍टाचार करने पर प्रकरण पंजीबद्ध किया गये हैं ग्राम पंचायतवार सूची सहित नाम बतावें? (ख) पंजीबद्ध किये गये प्रकरणों में कार्यवाही की क्‍या स्थिति है और यदि जाँच धीमी गति से किये जाने के क्‍या कारण है और इसके लिये कौन-कौन उत्‍तरदायी है? (ग) सभी प्रकरणों में कब तक कार्यवाही पूर्ण कर दोषियों को सजा दिलायी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) कुल प्राप्त 15 प्रकरणों में से 14 प्रकरण विभिन्न न्यायालय में पंजीबद्ध किये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार01 प्रकरण में राशि वसूली की कार्यवाही, जनपद पंचायत सीहोर के पत्र क्रमांक 51 दिनांक 06.02.16 तत्कालीन सरपंच एवं सचिव को जारी कर, प्रचलित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार (ख) प्रकरणों में कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के कॉलम 7 एवं 8 अनुसार। समस्त प्रकरणों में कार्यवाही प्रचलित, शेष प्रश्न नहीं उठता। (ग) पंजीबद्ध 14 प्रकरणों में 01 प्रकरण में सरपंच व सचिव को निर्णय अनुसार कारावास से दंडित किया गया। शेष 13 प्रकरणों में न्यायालयीन कार्यवाही प्रचलित होने से समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।

सोसायटी भण्‍डारण की जानकारी

38. ( क्र. 1844 ) श्री मुकेश नायक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले की पवई विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत किस-किस स्‍थान पर कौन-कौन सी नाम/पते वाली सोसायटियां/भण्‍डार/संस्‍थायें कब से कार्य कर रही है तथा किन-किन संस्‍थाओं में सेक्रेटरी की पदस्‍थापना न होने से उसके स्‍थान पर कौन कार्य कर रहा है? (ख) पवई विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्णित सोसायटी/संस्‍था/ भण्‍डार को कितना-कितना खाद्यान्‍न/तेल/ अन्‍य प्रतिमाह किस-किस कैटेगरी (ए.पी.एल.), (बी.पी.एल.) (अन्‍य) के लिए आवंटित किया जाता है? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित किन-किन सोसायटी/भण्‍डारों/ संस्‍थाओं 1.1.2012 से प्रश्‍न तिथि तक क्‍या-क्‍या शिकायतें कलेक्‍टर कार्यालय में प्राप्‍त हुई? उन पर प्रश्‍न तिथि तक कब व क्‍या कार्यवाही हुई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -1 अनुसार है। (ख) कलेक्टर (खाद्य) पन्ना से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 2 अनुसार है। (ग) कलेक्टर (खाद्य) पन्ना से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

लंबित अविवादित नामांतरण के प्रकरण

39. ( क्र. 1845 ) श्री मुकेश नायक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पवई, शाहनगर, रैपुरा एवं सिमरिया में जनवरी 2016 तक कितने अविवादित नामांतरणों के प्रकरण लंबित है? (ख) अविवादित नामांतरणों का निराकरण न करने के क्‍या कारण है? प्रकरण लंबित रखने हेतु कौन अधिकारी दोषी है? क्‍या शासन दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) विवादित नामांतरण प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जाएगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता। (ग) विवादित नामांतरण न्‍यायालयीन प्रकरण होने के कारण समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

निर्मल भारत, स्‍वच्‍छ भारत मिशन

40. ( क्र. 1986 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या निर्मल भारत स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत सूचना, शिक्षा, संचार में राशि व्‍यय करने के प्रावधान है? यदि हाँ, तो केन्‍द्र राज्‍य एवं जिला स्‍तर पर कितनी राशि व्‍यय करने के प्रावधान है? मिशन अंतर्गत वर्ष 2012-13 से वर्ष 2014-15 तक बालाघाट जिले को प्राप्‍त आवंटन केन्‍द्रांश एवं राज्‍यांश की वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) क्या राज्‍य मुख्‍यालय द्वारा वर्ष 2012-13, 2013-14 एवं 2014-15 में जिलों से सूचना, शिक्षा, संचार के अंतर्गत व्‍यय की जाने वाली राशि वापस बुलाई गई? यदि हाँ, तो वापस बुलाई गई राशि की वर्षवार जिलेवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) राज्‍य मुख्‍यालय द्वारा उक्‍त वापस बुलाई गई राशि किस-किस कार्य में कितनी-कितनी व्‍यय की गई? राशि का व्‍यय किस अधिकारी द्वारा किया गया? किस एजेंसी को कितना-कितना भुगतान किया गया वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत परियोजना लागत का केन्‍द्र स्‍तर पर सूचना शिक्षा, संचार मद में 03 प्रतिशत एवं राज्‍य स्‍तर पर 05 प्रतिशत व्‍यय किये जाने का प्रावधान है, जिसमें 4.5 प्रतिशत जिले का (3.75 आई.ई.सी. मद में, 0.75 ट्रेनिंग मद में) एवं 0.5 प्रतिशत राज्‍य स्‍तर पर (0.25 आई.ई.सी मद, 0.25 ट्रेनिंग मद में) व्‍यय का प्रावधान है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है(ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है(ग) कार्यवार व्‍यय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। राशि का व्‍यय राज्‍य जल एवं स्‍वच्‍छता मिशन भोपाल द्वारा किया गया है। एजेंसीवार भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है

नि:शक्‍त बालक/बालिकाओं के लिये विशेष विद्यालय

41. ( क्र. 2068 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शासन द्वारा नि:शक्‍त बालक/बालिकाओं के लिये विशेष विद्यालय, संस्‍थाएं संचालित किय गये हैं? (ख) शहडोल संभाग के किन-किन जिलों में दृष्टि एवं श्रवण बाधित बच्‍चों के लिये कक्षा 1 से 12वीं तक विशेष विद्यालय संचालित है? विद्यालय का नाम, स्‍थान व जिले का नाम, संचालित वर्ष, प्रत्‍येक विद्यालय में अध्‍ययनरत् दृष्टि एवं श्रवणबाधित बच्‍चों की संख्‍या क्‍या है? इन विद्यालयों में पदों की पूर्ति की जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार संचालित वर्ष से प्रश्‍न दिनांक तक प्रत्‍येक विशेष विद्यालय में किये जा रहे व्‍यय व दृष्टि एवं श्रवणबाधित बालक/बालिकाओं को मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में शासन निर्देशों की जानकारी उपलब्‍ध करावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नष्‍ट हुई फसलों के मुआवजा

42. ( क्र. 2246 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर अंतर्गत प्रत्‍येक हल्‍कों में 25 से 30 प्रतिशत सोयाबीन की फसल में किसानों के नाम पटवारी द्वारा छोड़ दिये गये हैं जबकि उनका वा‍स्‍तविक नुकसान हुआ है इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) क्‍या पटवारी एवं राजस्‍व निरीक्षकों द्वारा मनमाने ढंग से सर्वे कर किसानों के खातों में कहीं कम कहीं ज्‍यादा राशि डाली गई इस विसंगति के लिये कौन जिम्‍मेदार है? शासन की गाईड लाईन अनुसार राशि क्‍यों नहीं डाली गई है तथा पटवारी एवं आर.आई. पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ग) क्‍या किसान द्वारा अनेकों बार खाता नंबर दिये जाने के बावजूद भी राशि उनके खाते में नहीं डाली जा रही है एवं किसान द्वारा जो जमीन वर्षों पूर्व खरीदी गई है जिसकी वहीं पर वर्तमान क्रयकर्ता किसान का नाम होने के बावजूद भी मुआवजे की राशि पूर्व के विक्रयकर्ता किसान के नाम पर आवंटित की जा रही है तथा जिन किसानों के पूर्वज वर्षों पूर्व फौत हो चुके हैं एवं वही पर वर्तमान में उनके वारिसों के नाम होने के बावजूद भी मुआवजा राशि उनके पूर्वजों के नाम पर आवंटित की जा रही है उक्‍त विसंगतियों को दूर करने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) क्‍या उक्‍त सभी अनियमितताओं को लेकर क्षेत्रीय विधायक द्वारा कलेक्‍टर होशंगाबाद को जानकारी एवं गाईड लाईन उपलब्‍ध कराने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है? परन्‍तु अभी तक सर्वे की ग्रामवार जानकारी अपर्याप्‍त है जानकारी देने में विलंब क्‍यों हुआ है? संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर में पीडि़त किसानों के कितने मुआवजा प्रकरण शेष है? इनकी मुआवजा राशि कब तक वितरण कर दी जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर अंतर्गत सभी आने वाले ग्रामों में जहां सोयाबीन फसल बोई गई थी का सर्वे दल द्वारा विधिवत सर्वेक्षण किया गया। किसी भी पात्र कृषकों का नाम नहीं छोड़ा गया। (ख) फसल क्षति का सर्वे राजस्‍व, कृषि, पंचायत विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के संयुक्‍त दल के माध्‍यम से कराया गया है। सर्वे में कहीं भी मनमानी नहीं की गई है। सर्वे पश्‍चात सभी किसानों को राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के मानदण्‍डानुसार राहत राशि प्रदान की गई है। (ग) प्रभावित कृषकों से प्राप्‍त बैंक खातों में ही ई-पेमेंट के माध्‍यम से ही राहत राशि का भुगतान किया गया है। राहत राशि वितरण के पूर्व क्षति पत्रक को ग्राम पंचायत से भी प्रमाणित कराया गया है। (घ) राहत राशि वितरण में किसी भी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं की गई है। माननीय विधायक महोदय द्वारा राहत राशि के संबंध में लिखित अथवा मौखिक रूप से जो भी जानकारी चाही गई है। उसे उपलब्‍ध कराया गया है। सभी पात्र कृषकों को राहत राशि का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में कोई पात्र कृषक एवं प्रकरण शेष नहीं है।

फसलों की गलत प्रविष्टि होना

43. ( क्र. 2247 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि मध्‍यप्रदेश राजपत्र दिनांक 15 मई 2015 में प्रकाशित होशंगाबाद जिले के सोहागपुर, बाबई, केसला एवं होशंगाबाद तहसील में संलग्‍न पटवारी हल्‍कों के किसानों के रकबे में धान की फसल अंकित होने से किसानों को मुआवजा तथा बीमा क्‍लेम में राशि नहीं मिल पा रही है? (ख) यदि हाँ, तो इस त्रुटि का राजपत्र में सुधार कर किसानों के रकबे में सोयाबीन/मूंग कब तक संशोधित कर दिया जायेगा ताकि किसानों की नष्‍ट हुई फसल का मुआवजा/बीमा क्‍लेम मिल सके? (ग) प्रश्नांश (क) एवं प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में उक्‍त हुई त्रुटि के सुधार हेतु क्‍या क्षेत्रीय विधायक द्वारा विभाग को पत्र लिखा गया है उस पर क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) मध्‍यप्रदेश राजपत्र में हुई त्रुटि के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं उन पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार के सहयोग से तथा केन्‍द्र द्वारा प्राप्‍त दिशा निर्देशों के आधार पर एग्रीकल्‍चर इन्‍श्‍योरेन्‍स कम्‍पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। जिला कलेक्‍टरों द्वारा अधिसूचना जारी करने हेतु पटवारी हल्‍कावार 100 हेक्‍टर से अधिक बोये गये रकबों की जानकारी आयुक्‍त भू-अभिलेख ग्‍वालियर को प्रेषित की जाती है। उक्‍त जानकारी उनके अनुमोदन होने के पश्‍चात अधिसूचना में प्रकाशित की जाती है। यदि उक्‍त जारी अधिसूचना में किसी प्रकार का संशोधन किया जाना हो तो निर्धारित तिथि के पूर्व प्राप्‍त होने पर संशोधित अधिसूचना जारी की जाती है। 15 मई 2015 में प्रकाशित होशंगाबाद जिले की जारी अधिसूचना में किसी भी प्रकार का संशोधन प्राप्‍त न होने से संशोधित अधिसूचना जारी नहीं की गई है। (ख) किसानों की नष्‍ट हुई फसलों का मुआवजा राजस्‍व विभाग द्वारा दिया गया है। बीमित फसलों की जानकारी राजपत्र में अधिसूचित की गई है। संशोधित जानकारी समय-सीमा में प्राप्‍त न होने से एवं समयावधि निकल जाने से संशोधित अधिसूचना जारी किया जाना संभव नहीं है। (ग) इस संबंध में मान. क्षेत्रीय विधायक महोदय का पत्र क्रमांक 3605 दिनांक 29.10.2015 कलेक्‍टर महोदय को प्राप्‍त हुआ था जिसके पालन में उनके कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1572 दिनांक 22.1.2016 को मान. विधायक महोदय को उपरोक्‍तानुसार जानकारी प्रेषित की गई। (घ) राजपत्र प्रकाशन में कोई त्रुटि नहीं हुई है क्‍योंकि जानकारी राजपत्र में अधिसूचित फसलों के प्रकाशन हेतु पटवारी हल्‍कों में 100 हेक्‍टर से अधिक क्षेत्र बोई जाने वाली फसलों की जानकारी फसल बोने के पूर्व भेजनी होती है। इस हेतु बीमित फसलों की जानकारी संबंधित पटवारी हल्‍कों में गत वर्ष बोई गई फसलों के आधार पर संबंधित पटवारी से जिला कलेक्‍टर अधीक्षक भू-अभिलेख को प्राप्‍त होती है। जानकारी प्राप्‍त होने पर उनके द्वारा ऑनलाईन सूची प्रकाशन हेतु उपलब्‍ध कराई जाती है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

इंदिरा आवास योजना

44. ( क्र. 2256 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2013-14 से अब तक जिला स्‍तर से एवं जनपद स्‍तर से कितने-कितने हितग्राहियों को इंदिरा आवास झाबुआ एवं रानापुर जनपद में स्‍वीकृत किये गये? (ख) उक्‍त स्‍वीकृत इंदिरा आवास प्रकरणों में कितने हितग्राहियों को राशि का भुगतान होकर कितने आवास पूर्ण हो चुके हैं? (ग) उपरोक्‍त इंदिरा आवास प्रकरणों में कितने आवास पूर्ण नहीं हुए है? नहीं हुए तो क्‍यों? (घ) शासन इन अपूर्ण इंदिरा आवासों को पूर्ण करने में क्‍या पहल कर रही है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वर्ष 2013-14 से अब तक जिला स्तर से एवं जनपद स्तर से जनपद पंचायत झाबुआ में 2105 एवं जनपद पंचायत राणापुर में 1374 इंदिरा आवास स्वीकृत किये गये। (ख) उक्त स्वीकृत इंदिरा आवास प्रकरणों में जनपद पंचायत झाबुआ के 651 एवं जनपद पंचायत राणापुर के 434 हितग्राहियों को राशि का भुगतान किया गया जिसमें जनपद पंचायत झाबुआ में 651 एवं जनपद पंचायत राणापुर में 434 आवास पूर्ण हो चुके हैं। (ग) उपरोक्त इंदिरा आवास प्रकरणों में जनपद पंचायत झाबुआ में 1290 तथा जनपद पंचायत राणापुर में 795 आवास अपूर्ण हैं। हितग्राहियों को प्रथम किश्त जारी करने के उपरांत आवास सॉफ्ट में दरवाजा स्तर तक की निर्धारित मापदण्ड की फोटो आवास सॉफ्ट में अपलोड करने पर द्वितीय किश्त जारी की जाती है। द्वितीय किश्त के उपरांत हितग्राही द्वारा आवास पूर्ण कर आवास सॉफ्ट में पूर्ण आवास की फोटो अपलोड करने पर हितग्राही का आवास पूर्ण माना जाता है। इस कारण से आवास अभी भी अपूर्ण हैं। (घ) हितग्राहियों को आवास निर्माण का कार्य पूर्ण कराने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर पदस्थ ग्राम रोजगार सहायकों को प्रति-आवास दरवाजा स्तर तक पूर्ण कराने एवं आवास सॉफ्ट में फोटो अपलोड करने पर प्रति-आवास प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। राज्य स्तर से सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है।

प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना

45. ( क्र. 2275 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्‍वालियर जिले में विकासखण्‍ड डबरा के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत विगत 3 वर्ष से 31 दिसम्‍बर 2015 तक कहाँ से कहाँ तक कितनी राशि व्‍यय कर रोडों का निर्माण कार्य किस माह पूर्ण कराया तथा प्रत्‍येक कार्य की गारंटी अवधि कब तक है अथवा थी? इन रोडों की गारंटी अवधि में मरम्‍मत कार्य कराने हेतु कितनी-कितनी राशि ठेकेदार की रोकी गई अथवा भुगतान की गई कार्यवार बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्‍त रोडों में से कौन-कौन से रोड गारंटी अवधि में क्षतिग्रस्‍त हो जाने से मरम्‍मत कार्य पर कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस ठेकेदार को किस माह किया गया तथा कितनी राशि मरम्‍मत कार्य हेतु उपलब्‍ध है प्रत्‍येक कार्यवार पृथक-पृथक बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त्‌ सड़कों में से केवल एक सड़क डबरा सिंहपुर रोड से गजापुर गांरटी अवधि में भारी वाहनों के आवागमन के कारण क्षतिग्रस्त है। इस सड़क की मरम्मत हेतु रूपये 4.34 लाख की राशि उपलब्ध थी। निर्माण कार्य पूर्ण होने के तुरन्त पश्चात्‌ रेत खदानों से भारी वाहनों के परिवहन किये जाने से सड़क मरम्मत योग्य नहीं होने से ठेकेदार द्वारा मरम्मत कार्य नहीं कराये जाने के कारण कोई भुगतान नहीं किया गया है। वर्तमान में इस सड़क के उन्नयन का कार्य कराया जा रहा है।

परिशिष्ट ''चौदह''

मुआवजा वितरण में अनियमिता

46. ( क्र. 2299 ) श्री अरूण भीमावद : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 14 एवं 15 फरवरी 2015 में विकासखण्‍ड मो. बड़ोदिया जिला शाजापुर के 90% ग्रामों में संतरे की फसलें ओलावृष्टि के कारण नष्‍ट हो जाने के कारण मान. मुख्‍यमंत्री म.प्र. शासन ने प्रति पेड़ के मान से किसानों को मुआवजा वितरण की स्‍वीकृति प्रदाय की गई थी? (ख) क्‍या राजस्‍व विभाग के अधिकारी/ कर्मचारियों द्वारा संतरा फसलों का मुआवजा अपात्र किसानों को वितरण किये जाने पर मान. मंत्री जी द्वारा जाँच के निर्देश दिये गये थे? (ग) यदि हाँ, तो मुआवजा वितरण में हुई अनियमिताओं के लिए कौन-कौन से राजस्‍व विभाग के अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाये गये है? (घ) दोषी राजस्‍व अधिकारी/कर्मचारी पर जाँच के उपरांत क्‍या कार्यवाही हुई? यदि नहीं, हुई तो कब तक दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं, विधानसभा क्षेत्र शाजापुर के विकासखण्‍ड मो. बडोदिया में दिनांक 14 एवं 15 फरवरी को ओलावृष्टि नहीं हुई थी, अपितु मो. बडोदिया क्षेत्र में दिनांक 12 से 15 मार्च 2015 में ओलावृष्टि/असामयिक वर्षा हुई थी जिससे क्षेत्र के 60 ग्रामों में संतरे सहित अन्‍य रबी मौसम की फसलों को क्षति हुई थी। जी हाँ, मान. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा तहसील मो. बडोदिया के भ्रमण के दौरान संतरा के लिए 500 रूपये प्रति पेड़ के मान से प्रभावितों को राहत राशि देने की घोषणा की गई थी। (ख) जी हाँ, संतरा फसलों की राहत राशि वितरण अपात्र कृषकों को की जाने संबंधी त्रुटि पाये जाने पर मान. प्रभारी मंत्रीजी द्वारा जाँच के निर्देश दिये गये थे। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में जाँच उपरान्‍त तीन पटवारी दोषी पाये गये एवं तात्‍कालीन तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) द्वारा भी लापरवाही बरती गई। (घ) दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। तीन पटवारियों की दो-दो वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई एवं एक पटवारी के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई।

जिला जनपद एवं ग्राम पंचायतों द्वारा कराये गये विकास कार्य

47. ( क्र. 2345 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिला स्थित जिला पंचायत, जनपद पंचायत व ग्राम पंचायतों द्वारा वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से विकास कार्य कराये गये? कार्य नाम, लागत, कार्यकारी एजेन्‍सी का नाम आदि जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) उक्‍त कार्यों हेतु किस-किस फर्म से क्‍या-क्‍या सामग्री क्रय की गई व क्रय सामग्री हेतु कितना-कितना भुगतान उक्‍त फर्मों को किया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संकलित की जा रही है।

पट्टे की जमीन की बिक्री

48. ( क्र. 2346 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रायसेन जिले में वर्ष 2013-14 से जून 2015 तक अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग के पट्टे की जमीन बिक्री अनुमति हेतु कितने आवेदन प्राप्‍त हुए, कितनी में अनुमति दी गई, कितने निरस्‍त हुए? (ख) उक्‍त प्रकरणों में अनुमति की क्‍या शर्तें रखी गई तथा आवेदन निरस्‍ती के क्‍या कारण रहे प्रकरणों में शर्तों के उल्‍लंघन पर क्‍या कार्यवाही के निर्देश दिये गये थे? (ग) क्‍या उक्‍त बिक्रीत भूमि में शर्तों के उल्‍लंघन पर बि‍क्री शून्‍य घोषित करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो उनकी निगरानी की जिम्‍मेदारी किन-किन अधिकारियों को दी गई?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) कुल 04 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। किसी में अनुमति नहीं दी गई, चारों आवेदन निरस्त हुए। (ख) सभी आवेदन पत्र म.प्र.भू-राजस्व संहिता की धारा 158, 182, एवं 165 में दिये गये विधि प्रावधानों के अनुरूप न होने से निरस्त किये गये। शेष प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता। (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

 

कृषि उपज मण्‍डी समिति के अध्‍यक्ष के विरूद्ध अविश्‍वास

49. ( क्र. 2379 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिरोंज विधानसभा क्षेत्र के लटेरी कृषि उपज मण्‍डी समिति के अध्‍यक्ष के विरूद्ध अविश्‍वास प्रस्‍ताव पारित हुआ है, यदि हाँ, तो किस तारीख को पारित हुआ है? (ख) क्‍या कृषि उपज मण्‍डी समिति लटेरी के अध्‍यक्ष पद पर मतदान की दिनांक बार-बार स्‍थगित की गई है? यदि हाँ, तो स्‍थगित करने का क्‍या कारण हैं और किस तारीख को मतदान कराया जावेगा? (ग) क्‍या कृषि उपज मण्‍डी समिति लटेरी में सदस्‍यों द्वारा मण्‍डी अध्‍यक्ष के विरूद्ध अविश्‍वास प्रस्‍ताव पारित होने के उपरांत भी मण्‍डी में दो नये सदस्‍यों की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या यह नियमानुसार है? यदि नहीं, तो दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। मंडी समिति में नये सदस्यों की नियुक्ति/नाम निर्देशन म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा -11 (1) के खंड (घ) (ड.) (ज) (ञ) के अनुसार कलेक्टर/जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा किये जाने का प्रावधान है, जिसके अंतर्गत कार्यवाही की गई है, इसलिये दोषियों पर कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''पंद्रह''

प्राकृतिक प्रकोप से हुई फसल क्षति का मुआवजा

50. ( क्र. 2535 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शासन द्वारा मध्‍यप्रदेश के किसानों को किसानों की फसल क्षति में तत्‍कालिक आर्थिक सहायता राशि देने के प्रावधान किए गए हैं? यदि हाँ, तो नियम की जानकारी दी जावे? (ख) वर्ष 2015 बड़वाहा विधान सभा क्षेत्र में कितने किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है एवं किसानों को हुई फसल क्षति का मुआवजा वर्तमान तक कितनी राशि का भुगतान किया गया है एवं कितनी राशि का भुगतान किया जाना शेष है? (ग) बड़वाहा विधान सभा क्षेत्र में किसानों को हुई फसल क्षति से दिये गये भुगतान के अलावा कितने आवेदन-पत्र लंबित है? इन प्राप्‍त आवेदन-पत्रों पर विभाग द्वारा मुआवजा देकर समय-सीमा में क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 में प्रावधान किया गया है। (ख) बड़वाह विधानसभा क्षेत्रांतर्गत तहसील बड़वाह एवं सनावद के कुल 10983 किसानों को मिर्च फसल क्षति हेतु राहत राशि रूपये 10,62,08,787/- (रूपये दस करोड़ बासठ लाख आठ हजार सात सौ सतासी) का भुगतान बैंक खातों के माध्‍यम से किया गया है। कोई भी किसान भुगतान हेतु शेष नहीं है। (ग) बड़वाह विधानसभा क्षेत्रांतर्गत राहत राशि वितरण के संबंध में 4462 आवेदन पत्र प्राप्‍त हुये थे। आवेदन पत्रों की पटवारियों से जाँच करायी गई। जाँच उपरांत अपात्र पाये जाने से आवेदन पत्र नस्‍तीबद्ध किये गये।

पुल निर्माण

51. ( क्र. 2582 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिरमौर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत जवा से जनकहाई पहुँच मार्ग में ग्राम जनकहाई की आदेश नदी की पुलिया कब से क्षतिग्रस्‍त हैं, पुलिया का निर्माण क्‍यों नहीं कराया गया? क्‍या दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के ही संदर्भ में - क्‍या उक्‍त पुलिया का निर्माण कार्य विभाग द्वारा पुन: कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सिरमौर विधानसभा क्षेत्र में जनकहाई पहुँच मार्ग पर आदेश नदी नहीं है। अपितु जनकहाई घाट पर उदरा नाले पर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित पुलिया वर्ष 2001 से क्षतिग्रस्त है, उक्त पुलिया के स्थान पर बड़े पुल का निर्माण होना है। लोक निर्माण विभाग के दोषी अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय जाँच प्रचलन में है। (ख) उत्तरांश (क) के प्रकाश में उक्त पुलिया के स्थान पर बड़े पुल का निर्माण किया जाना है जिसका प्रस्ताव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत भारत सरकार को प्रेषित किया गया है, स्वीकृति अपेक्षित है। स्वीकृति प्राप्त होने पर निर्माण कराया जा सकेगा, निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

अपात्र सदस्‍य को पद से पृथक किया जाना

52. ( क्र. 2623 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2009-10 में पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं म.प्र. भोपाल एवं संयुक्‍त पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं ग्‍वालियर को श्री रामकुमार कौरव निवासी ग्राम खूजा जिला भिण्‍ड को दुग्‍ध उत्‍पादक सहकारी संस्‍था मर्यादित बरथरा की प्राथमिक सदस्‍यता से हटाया जाकर दुग्‍ध संघ के प्रतिनिधि पद से पृथक किए जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 14 दिसम्‍बर 2015 को पूछे गए प्रश्‍न क्रमांक 1190 के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या जांचोपरांत उपायुक्‍त सहकारिता भिण्‍ड ने अपने पत्र क्रमांक 10.12.2015 से तथ्‍यात्‍मक जाँच प्रतिवेदन संलग्‍न कर आयुक्‍त सहकारिता एवं संयुक्‍त पंजीयक, सहकारी संस्‍थाएं ग्‍वालियर को भेजा गया था जिसमें श्री रामकुमार कौरव, दुग्‍ध समिति के उपनियम के अनुसार दुग्‍ध उत्‍पादक सहकारी संस्‍था मर्यादित बरथरा तहसील लहार के सदस्‍य रहने के लिए पात्र नहीं है, का उल्‍लेख किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो जाँच उपरांत दुग्‍ध उत्‍पादक सहकारी संस्‍था मर्यादित बरथरा के सदस्‍य के रूप में अपात्र साबित किए जाने के बाद भी श्री रामकुमार कौरव को अभी तक पद से पृथक क्‍यों नहीं किया गया तथा इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या उक्‍त संबंध में उच्‍च स्‍तरीय एवं निष्‍पक्ष जाँच कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी एवं अपात्र सदस्‍य को पद से पृथक किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में दुग्‍ध सहकारी संस्‍था बरथरा के अध्‍यक्ष द्वारा नियम विरूद्ध श्री रामकुमार कौरव को बरथरा संस्‍था से अवैध सदस्‍यता देकर दुग्‍ध संघ ग्‍वालियर को प्रतिनिधि बनाने की जाँच कर संस्‍था अध्‍यक्ष एवं सचिव के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) श्री राम कुमार कौरव को अपात्र होने से आवश्यक कार्यवाही हेतु उप आयुक्त, सहकारिता जिला भिण्ड द्वारा दिनांक 19.02.2016 को प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित बरथरा जिला भिण्ड के संचालक मण्डल को निर्देशित किया गया है, अपात्र सदस्य के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। अतः जाँच की आवश्यकता नहीं है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। परीक्षणोपरांत कार्यवाही की जाएगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विधानसभा क्षेत्र पनानगर में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जबलपुर के द्वारा भुगतान

53. ( क्र. 2658 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पनागर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जबलपुर के माध्‍यम से वर्ष 2014-15 में विधायक निधि से विभिन्‍न निर्माण कार्य कराये गये हैं? (ख) क्‍या अधिकांश कार्यों का भुगतान ठेकेदारों को नहीं किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन स्‍तर पर आवंटन का अभाव है? यदि नहीं, तो भुगतान न होने के लिए कौन जवाबदार है? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार लंबित भुगतान कब होगा? समय-सीमा बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। प्रश्नांश '''' में उल्लेखित कार्यों का आवंटन फरवरी 2016 में प्राप्त होने से सभी संबंधित ठेकेदारों को भुगतान कर दिये गये हैं। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी उत्तरांश (ख) अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अतिक्रमण हटाया जाना

54. ( क्र. 2673 ) चौधरी चन्‍द्रभान सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि रीवा जिले की तहसील हनुमना के पटवारी हल्‍का लासा स्थित खसरा नम्‍बर 364 रकबा 8 डिसमिल, खसरा नम्‍बर 331 रकबा 23 डिसमिल, खसरा नम्‍बर 335/3 रकबा 4 डिसमिल पर शासकीय आम रास्‍ता है? (ख) क्‍या उक्‍त रास्‍ते पर स्‍थानीय दबंगों द्वारा आम रास्‍ते पर अतिक्रमण कर उसको सकरा कर दिया गया है यदि हाँ, तो उक्‍त रास्‍ते का अतिक्रमण से मुक्‍त कराने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) यदि नहीं, तो कब तक उक्‍त रास्‍ते को अतिक्रमण से मुक्‍त करा लिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ रास्ते पर बाडी लगाकर रास्ता संकरा कर लिया गया है, किन्तु रास्ता चालू है। रास्ते के अंश भाग पर किये अतिक्रमण को हटाने हेतु म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत तहसीलदार हनुमना के न्यायालय में कार्यवाही प्रचलित है। (ग) उत्तरांश में वर्णित न्यायालयीन प्रक्रिया पूर्ण होने पर रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करा लिया जावेगा।

 

अंशदायी भविष्‍य निधि कटोत्रे में अन्‍तर

55. ( क्र. 2703 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला पंचायत धार के मूल कर्मचारी तथा संविलियन कर्मचारियों का सी.पी.एफ. कटौत्रा व संस्‍था का भाग एक ही नियम व अनुपात अनुसार जमा किया जा रहा है? यदि नहीं, तो एक ही कार्यालय के कर्मचारियों के लिये पृथक-पृथक अनुपात में क्‍यों जमा किया जा रहा है, कारण बतावें? (ख) क्‍या शासन इस प्रकार के अंतर को समाप्‍त करेगा? यदि हाँ, तो कब तक बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला पंचायत धार के अंतर्गत अन्य कर्मचारियों का संविलियन नहीं हुआ है। जिला पंचायत के मूल कर्मचारियों का सी.पी.एफ कटौत्रा एवं संस्था का भाग नियम एवं अनुपात अनुसार जमा किया जा रहा है। (ख) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

रोजगार सहायकों की संविदा वृद्धि

56. ( क्र. 2704 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले में रोजगार सहायकों की संविदा अवधि में वृद्धि करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो धार जिले में कार्यरत रोजगार सहायकों की संविदा अवधि वृद्धि की गई है? (ख) यदि नहीं, की गई है तो इन्‍हें वेतन किन नियमों के तहत भुगतान किया जा रहा है? इस वित्‍तीय अनियमितता के लिए कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी उत्‍तरदायी है? इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। धार जिले में कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों की संविदा अवधि में शासन निर्देशानुसार वृद्धि की जाने का प्रावधान है। जी नहीं। कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों की संविदा अवधि में शासन निर्देशानुसार वृद्धि की जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है। (ख) जिले की समस्‍त जनपद पंचायत क्षेत्रांर्गत कार्यरत ग्राम रोजगार सहायकों की संविदा अवधि वृ‍द्धि की जाने की प्रत्‍याशा में उपस्थिति के आधार पर मानदेय भुगतान किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नव गठित आगर-मालवा जिले में विभागों की जानकारी

57. ( क्र. 2759 ) श्री गोपाल परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नव गठित आगर-मालवा जिला दिनांक 16.08.2013 से प्रभावशील हो गया है? प्रश्‍नांक दिनांक तक आगर-मालवा जिले में कितने विभागों की पदस्‍थापना सेट अप स्‍वीकृत हो चुके हैं? कितने विभागों की स्‍वीकृति होना शेष है? कब तक कर दिये जायेंगे समय-सीमा बतावें? (ख) शासन द्वारा किन-किन विभागों की स्‍वीकृति के बाद अधिकारी/ कर्मचारियों की पदस्‍थापना की गई है विभागवार पदस्‍थ अधिकारी/कर्मचारियों की सूची देवें? यदि नहीं, की गई है तो शासन कब तक पद पूर्ति कर देगा? (ग) प्रश्‍नांश दिनांक तक किन-किन कार्यालय को पद सेटअप/कार्यालय प्रमुख/आहरण संवितरण अधिकारों की स्‍वीकृति शासन द्वारा दी गई है सूची देवें? जिनको नहीं दिये गये है तो कब तक दिये जायेंगे समय-सीमा बतावें? (घ) नवगठित आगर जिले को वर्ष 2013-14 से विकास हेतु कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई विभागवार सूची देवें किन-किन विभागों द्वारा कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई है बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रश्नांश दिनांक तक 48 विभागों के सेट-अप स्वीकृत किये जा चुके हैं। 07 विभागों की स्वीकृति होना शेष है। समय-सीमा बताना संभव नहीं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार पद पूर्ति हेतु समय-सीमा दी जाना संभव नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार

पटवारी भर्ती प्रक्रिया

58. ( क्र. 2779 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा‍ जिले में सन् 2012 में पटवारी भर्ती की प्रक्रिया में आरक्षण एवं पटवारी विज्ञापन के नियमों का पालन न करके सामान्‍य अनारक्षित सीट की मैरिट से सभी महिलाओं को बाहर कर केवल पुरूषों की सूची जारी की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या सामान्‍य (अनरक्षित) सीट को सामान्‍य पुरूष के नाम से सम्‍बोधन कर सामान्‍य सीट से मैरिट महिलाओं को मैरिट सीरियल क्रमांक (2) (7) (13) (23) (27) पांचों महिलाओं को हटाकर सामान्‍य महिला सीट में रख दिया गया? जिससे सामान्‍य सीट में चयनित होने वाली महिलाएं मैरिट सूची से बाहर हो गयी? नियम सहित कारण बतावें? (ग) क्‍या सन् 2012 में पटवारी भर्ती की प्रक्रिया में आरक्षण की अन्‍य जिलों जबलपुर, सीधी, भोपाल आदि स्थानों में सामान्‍य (अनारक्षित) सीट में मैरिट सीरियल में महिलाओं को जगह दी गई है? यदि हाँ, तो रीवा जिले में क्‍यों नहीं दी गई नियम सहित कारण बतावें? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार आरक्षण रोस्‍टर को लागू कर आरक्षण प्रक्रिया में की गई त्रुटि में सुधार किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब त‍क? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। रीवा जिले में सन् 2012 में पटवारी भर्ती की प्रक्रिया में आरक्षण एवं पटवारी विज्ञापन के नियमों का पालन आयुक्त भू-अभिलेख एवं बन्दोबस्त म.प्र. ग्वालियर द्वारा जारी विज्ञप्ति एवं दिशा निर्देशों तथा शासन के नियमों के अनुसार किया गया हैं। (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर नकारात्मक होने के कारण अन्य जानकारी दिये जाने की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती, क्योकि म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल के ज्ञाप क्रमांक सी/3-2/97/3/एक भोपाल दिनांक 18 फरवरी 1997 के अनुसार महिला आरक्षण में समानान्तरण आरक्षण (होरिजेन्टल आरक्षण) निर्धारित किया है जो नियमानुसार हैं। (ग) रीवा जिले में आरक्षण नियमों का पालन किया गया है तथा अन्य जिले जबलपुर,सीधी,भोपाल में भी आरक्षण नियमों का पालन किया गया है। (घ) आरक्षण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं की गई है इसलिये सुधार का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।

 

मुद्रण एवं स्‍टेशनरी खरीदी

59. ( क्र. 2804 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला पंचायत सतना में मध्‍यान्‍ह भोजन योजना अंतर्गत विगत 04 वर्षों में मुद्रण एवं स्‍टेशनरी खरीदी में व्‍यापक अनियमितता की गयी है? (ख) वित्‍तीय वर्ष 2012-13, 13-14, 14-15 एवं 15-16 में कब-कब, किस-किस संस्‍था से, कितनी-कितनी सामग्री का मुद्रण/खरीदी की गई है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित कार्यों का भुगतान एक ही संस्‍था को किया गया है? यदि नहीं, तो किन-किन संस्‍‍थाओं को कब-कब, कितना-कितना भुगतान किया गया है? (घ) उक्‍त अनियमित खरीदी/मुद्रण के लिये दोषी एम.डी.एम. प्रभारी एवं लेखाधिकारी के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला पंचायत सतना में मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत विगत 04 वर्षों में मुद्रण एवं स्टेशनरी खरीदी का परीक्षण कराया जा रहा है। (ख) वित्तीय वर्ष 2012-13, 13-14, 14-15 एवं 15-16 में मुद्रण/खरीदी की गई सामग्री की तिथि, संबंधित संस्था एवं मुद्रित सामग्री का विवरण जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश अनुसार वर्णित कार्यों का संस्थाओं को भुगतान की गई राशि एवं तिथियों का विवरण जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है(घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में परीक्षण कराया जा रहा है।

परिशिष्ट ''सोलह''

विभागों में अधिकारी एवं कर्मचारियों की पूर्ति

60. ( क्र. 2873 ) श्री गोपीलाल जाटव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला अशोकनगर को बने हुये काफी समय व्‍यतीत हो गया है, किंतु अभी भी यहां सभी विभागों में अधिकारी एवं कर्मचारियों की कमी बनी हुई है, जिससे शासन की योजनाओं का क्रियान्‍वयन नहीं हो पा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो जिला अशोकनगर में कब तक अधिकारियों, कर्मचारियों की कमी को पूरा कर लिया जायेगा? समय-सीमा बतायें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) स्वीकृत पदों के विरूद्ध रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही नियमानुसार की जाएगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं

कलेक्‍टर कार्यालय उज्‍जैन में अधीक्षक के पद की पूर्ति

61. ( क्र. 3019 ) श्री सतीश मालवीय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कलेक्‍टर कार्यालय जिला उज्‍जैन में अधीक्षक का पद रिक्‍त है? यदि हाँ, तो किस दिनांक से रिक्‍त है? पद रिक्‍त होने की स्थिति में कार्य प्रभावित हो रहा है अथवा नहीं? कलेक्‍टर द्वारा पद पूर्ति हेतु क्‍या कार्यवाही की गई जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या वर्तमान प्रभारी अधीक्षक का शासकीय सेवा में प्रथम नियुक्ति आदेश कलेक्‍टर उज्‍जैन के द्वारा जारी नहीं किया हुआ है? (ग) क्‍या प्रभारी अधीक्षक पूर्व में शासकीय अधिवक्‍ता कार्यालय में कार्यरत रहे है? यदि हाँ, तो कब से कब तक कार्य किया गया? (घ) क्‍या वर्तमान में प्रभारी अधीक्षक का नाम कलेक्‍टोरेट कर्मचारियों की वरिष्‍ठता क्रम सूची में स्‍थापना शाखा के लिपिकों द्वारा षडयंत्र पूर्वक लाभ पहुँचाने के लिए डाला जाकर सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2 एवं अधीक्षक के पद पर पदोन्‍नति कराई गई है? यदि हाँ, तो कलेक्‍टर द्वारा दोषी अधिकारी/कर्मचारियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। 01.01.14 से रिक्त है। जी नहीं, सहायक अधीक्षक द्वारा कार्य संपादित किया जा रहा है, शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ, दिनांक 04.10.89 से 12.10.13 तक कार्यरत रहे हैं। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सहायक यंत्रियों ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, मनरेगा के स्‍थानांतरण

62. ( क्र. 3020 ) श्री सतीश मालवीय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत उज्‍जैन में एक वर्ष की अवधि‍ में सहायक य‍ंत्रियों ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मनरेगा के कितने स्‍थानांतरण किये गये? जनपदवार, तिथिवार सूची उपलब्‍ध करावे एवं शासन के सहायक यंत्रियों ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, मनरेगा के स्‍थानांतरण के क्‍या नियम हैं? नियम उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या सहायक यंत्रियों के स्‍थानांतरण माननीय पंचायत मंत्री महोदय पंचायत एवं ग्रामीण अथवा प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से किये गये? यदि नहीं, तो क्‍या स्‍थानांतरण नियम विरूद्ध किये गये हैं? (ग) क्‍या नियम विरूद्ध किये गये स्‍थानांतरण करने वाले अधिकारियों पर शासन कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला पंचायत उज्‍जैन द्वारा पिछले एक वर्ष में चार सहायक यंत्रियों का जिला स्‍तर पर मुख्‍यालय परिवर्तन किया गया हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रभारी मंत्री से अनुमोदन लिया गया हैं। (ग) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लोक सेवा गारंटी केन्‍द्रों पर सेवा शुल्‍क का निर्धारण

63. ( क्र. 3050 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में लोक सेवा गारंटी केन्‍द्रों के माध्‍यम से खसरा, बी.1 एवं अक्‍स (नक्‍शा) की प्रति लेने पर कितना-कितना शुल्‍क निर्धारित किया गया है? प्रति सर्वे नं. के अनुसार जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित शुल्‍क के कारण किसानों को खसरा, बी.1 एवं अक्‍स की एक सर्वे नं. से अधिक सर्वे नं. की प्रति लेने पर अत्‍याधिक शुल्‍क देना पड़ रहा है? क्‍या किसानों को आर्थिक भार से बचाने के लिए प्रति पेज के मान से शुल्‍क का निर्धारण किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब से? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित शुल्‍क को यदि कम नहीं किया जाता है तो क्‍या लोक सेवा गारंटी केन्‍द्रों को किसानों पर अतिरिक्‍त आर्थिक बोझ डालने का अधिकार दिया गया है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नियम विरूद्ध ईटों की भट्टी का संचालन

64. ( क्र. 3116 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2015 से जून 2015 तक रायसेन जिले की रायसेन तहसील के किस ग्राम के किस किसान की निजी भूमि एवं ग्राम की शासकीय भूमि पर किसके द्वारा बनाई गई ईंट के किस दिनांक को राजस्‍व अथवा खनिज अधिकारी द्वारा प्रकरण बनाए? कितनी ईंट जप्‍त की गई? कितनी ईंटें किसके सुपुर्द सौंपी गई? कितनी ईंट स्‍थल पर ही नष्‍ट कर दी गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में किस दिनांक को कितने जुर्माने का आदेश किसके द्वारा दिया गया? उसमें से कितनी राशि का चेक प्राप्‍त किया? कितनी राशि किस दिनांक को नगद जमा करवाई, कितनी राशि जमा करवाया जाना शेष है, कितनी राशि का चेक किस दिनांक को बाउंस हुआ? (ग) भू-राजस्‍व संहिता 1959 एवं म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 में ईंट को नष्‍ट किए जाने का अधिकार किस-किस धारा या कंडिका में किस-किस को दिया गया है? यदि यह अधिकार नहीं दिया गया तो ईंट किन प्रावधानों अनुसार नष्‍ट की गई? (घ) ईंट जप्‍त करने, सुपुर्दनामे पर दिए जाने की बजाए नष्‍ट किए जाने के लिए शासन किसे जिम्‍मेदार शासन ने क्‍या कार्यवाही की है? यदि नहीं, तो कारण बतावें व कब तक कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति

65. ( क्र. 3117 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह अक्‍टूबर 2015 में ओलावृष्टि, तूफान एवं वर्षा से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराए जाने के बाद श्‍योपुर जिलान्‍तर्गत कितनी-कितनी राहत राशि की मांग जिला कलेक्‍टरों द्वारा शासन से की? मांग के विरूद्ध में कितनी राशि जिले को उपलब्‍ध कराई गई? उक्‍त राशि में से प्रश्‍नांकित दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की जा चुकी है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जिला श्‍योपुर की तहसील विजयपुर, वीरपुर, कराहल, श्‍योपुर एवं बड़ौदा में अवर्षा, अल्‍पवर्ष एवं ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की राहत राशि नहीं मिलने के कितने आवेदन प्रश्‍नांकित दिनांक तक प्राप्‍त हुए? इन आवेदकों को राहत राशि नहीं मिलने के क्‍या कारण है? क्‍या शासन इस प्रकार के समस्‍त आवेदनों की समीक्षा कर पात्र कृषकों को राहत राशि वितरण करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में मान. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा नष्‍ट हुई फसलों के उपरांत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर क्‍या-क्‍या घोषणायें की एवं प्रश्‍नांकित दिनांक तक जिला श्‍योपुर में मान. मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणाओं का क्‍या-क्‍या लाभ कितने कृषकों को मिला है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) माह अक्‍टूबर 2015 में ओलावृष्टि, अवर्षा एवं कीट-व्‍याधि से हुई फसल क्षति का सर्वे कराया गया। सर्वे उपरांत श्‍योपुर जिला को उनकी मांग अनुसार रूपये 1736.87 लाख (रूपये सत्रह करोड़ छत्‍तीस लाख सतासी हजार) की राहत राशि उपलब्‍ध करायी गई। संपूर्ण राशि प्रभावित पात्र कृषकों को वितरित की जा चुकी है। (ख) जिला श्‍योपुर की तहसील विजयपुर से 217 आवेदन प्राप्‍त हुये। सभी पात्र पाये जाने पर सभी को राहत राशि वितरण की जा चुकी है। तहसील श्‍योपुर में 208 आवेदन पत्र प्राप्‍त हुये थे। जाँच उपरांत 112 आवेदन पत्र पात्र होने से प्रभावितों को राहत राशि वितरित की जा चुकी है। शेष 96 आवेदन अपात्र पाये गये। तहसील वीरपुर, बड़ौदा, एवं कराहल से कोई भी आवेदन प्राप्‍त नहीं हुये। (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा जिला श्‍योपुर में कोई भी घो‍षणा नहीं की गई है।

प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाली आबादी के संबंध में

66. ( क्र. 3126 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिसम्‍बर, 2011 की स्थिति में प्रदेश की कितनी आबादी गरीबी रेखा से नीचे निवास करती थी? यह प्रदेश की कुल आबादी का कितना प्रतिशत है? दिसम्‍बर, 2012-13 एवं दिसम्‍बर, 2014-15 की स्थिति में प्रदेश में बी.पी.एल. आबादी की कितनी-कितनी संख्‍या थी, बतावें? (ख) क्‍या वर्ष, 2011 के बाद से प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाली आबादी में वृद्धि हुई है? यदि हाँ, तो इसके क्‍या कारण हैं? क्‍या शासन की योजनाएं प्रदेश से गरीबी हटाने में विफल रही है? (ग) प्रश्नांश (क) की अवधि में श्‍योपुर जिले में बी.पी.एल. की कितनी आबादी है व वर्ष, 2009 से कितने-कितने नाम बी.पी.एल. सर्वे सूची में बढ़ाए गए, कृपया वर्षवार तहसीलवार बतावें? इनमें से कितने आवेदन प्राप्‍त कर व कितने सीधे बढ़ाए गए? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार सर्वे सूची में बढ़ने वाले नामों में से कितने लोगों को खाद्यान्‍न पर्ची मिलने लगी है, कितनों को नहीं व सभी को कब तक प्रदाय कर दी जावेंगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) दिसम्बर, 2011 की स्थिति में प्रदेश में कुल 5468456 की आबादी गरीबी रेखा के नीचे निवास करती थी। यह प्रदेश की कुल आबादी का 7.53 प्रतिशत है। दिसम्बर, 2012-13 में कुल बी.पी.एल. आबादी 5618904 एवं वर्ष 2014-15 की स्थिति में कुल बी.पी.एल. आबादी 5781466 प्रदेश में बी.पी.एल. आबादी की संख्या थी। (ख) जी हाँ। गरीबी रेखा की सूची में नाम जोड़े जाने की प्रक्रिया निरंतर है तथा पूर्व में किए गये सर्वे में छूटे परिवारों एवं परिवार से पृथक हुये पात्र परिवारों के नाम जí