मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2016 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 09 दिसम्‍बर, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

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दान राशि के उपयोग की जाँच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( *क्र. 1917 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्री लक्ष्‍मण आहूजा द्वारा कलेक्‍टर-कटनी को अक्‍टूबर 2015 में शासकीय जिला चिकित्‍सालय कटनी में रसोई घर निर्माण हेतु दान राशि दिये जाने हेतु पत्र दिया गया था एवं यह नि‍र्णय हुआ था कि निर्मित कक्ष का नाम इनकी स्‍वर्गवासी धर्मपत्‍नी के नाम रखा जावेगा? (ख) क्‍या विधानसभा अता. प्रश्‍न संख्‍या 55 (क्रमांक 1820), दिनांक 25-07-2016 के उत्‍तर में दी गयी दानराशि से रसोई घर रेन्‍यूवेशन के कार्य हेतु दिये जाने की जानकारी दी गई थी एवं यह भी स्‍वीकार किया गया था कि इस राशि से बाउंण्‍ड्रीवाल निर्माण एवं रसोई घर रेन्‍यूवेशन का कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो बतायें कि किया गया कार्य दान-दाता की इच्‍छा के अनुरूप था एवं किस प्रकार? (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में बतायें कि दानदाता की मंशा के विपरीत दानराशि से बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण एवं रसोई घर रेन्‍यूवेशन की आवश्‍यकता किस प्रकार उचित थी? कार्य की मांग एवं नोटशीट किसके निर्देश/आदेश पर लिखी गई? (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में विधानसभा प्रश्‍न का भ्रामक उत्‍तर देने एवं दानराशि का मनमर्जी से उपयोग करने के जिम्‍मेदारों के विरूद्ध कार्यवाही एवं निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता की जाँच तथा दानदाता की मंशानुसार कार्य कराये जाने की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। दानदाता द्वारा उनकी स्वर्गीय पत्नी की स्मृति में रसोई घर के निर्माण हेतु रुपये 5.00 लाख का दान दिया गया था। (ख) जी हाँ। जिला चिकित्सालय कटनी में दान दाता द्वारा दी गई राशि रुपये 5.00 लाख एवं जनभागीदारी योजना मद की राशि से भोजनालय में बाउण्ड्रीवाल निर्माण एवं रसोई घर का उन्नयन कार्य कराया गया है। जी हाँ। दानदाता द्वारा अपने दान पत्र में यह उल्लेख नहीं किया गया है कि उनके द्वारा दी गई राशि से रसोई घर में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण किये जाने हैं, अतः भोजनालय की बाउण्ड्रीवाल एवं किचिन में उन्नयन के कार्य कराये गये हैं। (ग) रसोई घर के चारों तरफ खुला हुआ क्षेत्र होने के कारण आवारा पशुओं का लगातार विचरण होता था। कई बार सुअर जैसे पशु भोजनालय में घुसने की चेष्ठा करते थे, जिसके कारण रसोई घर में बनने वाले भोजन को संक्रमित करने की लगातार शंका बनी रहती थी। जिसके कारण बाउण्ड्रीवाल का निर्माण अति आवश्यक था। प्रश्नांकित कार्य की नोटशीट सचिव, रोगी कल्याण समिति द्वारा अध्यक्ष कार्यकारिणी, रोगी कल्याण समिति/कलेक्टर, कटनी को अवलोकनार्थ एवं सहमति हेतु भेजी गई थी। (घ) विधानसभा प्रश्न का भ्रामक उत्तर नहीं दिया गया और न ही दान राशि का मनमर्जी से उपयोग किया गया है, उक्त कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति जिला योजना समिति द्वारा प्रदान की गई है। कार्य की गुणवत्ता की जाँच, लोक निर्माण विभाग द्वारा की जा रही है।

झिरन्या में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की पदस्‍थापना

[आदिम जाति कल्याण]

2. ( *क्र. 1383 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जनपद पंचायत अन्तर्गत पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा ग्रामीण विकास की समस्त योजनाओं का संचालन किया जाता है तथा उनकी कार्यालय में नियमित उपस्थिति‍ अनिवार्य है? (ख) क्या भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जनपद पंचायत झिरन्या में विगत 02 वर्ष से मुख्य कार्यपालन अधिकारी अवकाश पर हैं तथा वहां पर जनपद पंचायत का संचालन प्रभारी अधिकारियों के माध्यम से कराया जा रहा है, जिसमें संबंधित अधिकारी उनके मूल कार्य करने के पश्चात् अतिरिक्त समय में जनपद पंचायत झिरन्या के कार्यों का सम्पादन कर रहा है, जिससे समस्त जनपद के प्रतिनिधि/सरपंचों के कार्य समयावधि में न होने तथा अधिकारी समय पर न मिलने से त्रस्त हैं? (ग) क्या झिरन्या जनपद में स्थाई मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पदस्थ किया जावेगा? हाँ तो कब तक?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, दिनांक 14.09.2015 से दिनांक 05.10.2016 तक अवकाश पर। जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

नियम विरूद्ध राशि स्‍वीकृति पर कार्यवाही

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

3. ( *क्र. 126 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शासन द्वारा विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति क्षेत्र के विकास हेतु कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक जिला राजगढ़ में किन-किन योजनाओं में कितना-कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ? योजनावार वर्षवार आवंटन की जानकारी देवें (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्‍त आवंटन का जिला स्‍तरीय समिति में कार्य स्‍वीकृति हेतु कब-कब समिति की बैठक आयोजित की गई? बैठक में जिला राजगढ़ के किन-किन कार्यों को प्रस्‍तावित किया जाकर जिला स्‍तर पर एवं शासन स्‍तर पर स्‍वीकृत किये गये? कार्य का नाम, राशि का विवरण, ग्राम पंचायतवार देवें (ग) जिला राजगढ़ अंतर्गत ऐसे कितने हितग्राही हैं, जिनको पूर्व में आवास योजना का लाभ मिल चुका था, किन्‍तु उन्‍हें सक्षम अधिकारियों द्वारा पुन: योजना का लाभ दिया गया है एवं ऐसी कितनी ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें पूर्व से ही अन्‍य योजनाओं का निर्माण कार्य हो चुका था, उसी स्‍थान पर पुन: निर्माण कार्य हेतु राशि स्‍वीकृत की गई? हितग्राहीवार, ग्रामवार, विकासखण्‍डवार कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? (घ) प्रश्नांश (ख) अनुसार विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति विकास के स्‍वीकृत कार्यों का सत्‍यापन किन-किन जिला स्‍तरीय अधिकारियों के द्वारा किया गया? कार्यवार सत्‍यापित करने वाले अधिकारी का नाम एवं दिनांक बताएं निर्धारित मापदण्‍ड के विपरीत वास्‍तविक हितग्राही को लाभ न देते हुये, नियम विरूद्ध कार्य करने वाले दोषी अधिकारियों के विरूद्ध विभाग कब तक कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार(घ) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ के जाँच प्रतिवेदन अनुसार निर्धारित मापदण्‍ड के विपरीत वास्‍‍तविक हितग्राही को लाभ पहुंचाने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही प्रचलन में है।

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालयों को आवंटित राशि

[स्कूल शिक्षा]

4. ( *क्र. 1931 ) श्री माधो सिंह डावर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में कितने शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। (ख) वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17 तक शासन द्वारा उक्त उत्कृष्ट विद्यालयों के संचालन हेतु कितनी राशि किस मद में आवंटित की गई है? वर्षवार बताएं। (ग) आवंटित राशि से क्या-क्या कार्य करवाये गये हैं? कार्यों की सूची प्रदान करें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) अलीराजपुर जिले में 01 जिला स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय एवं 05 विकासखण्ड स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय कुल 06 उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

 

शासकीय एवं अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा डी.एड. कोर्स की अवैध वसूली

[स्कूल शिक्षा]

5. ( *क्र. 1968 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन द्वारा शासकीय एवं अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं में डी.एड. कोर्स हेतु प्रतिवर्ष कितना शैक्षणिक शुल्क निर्धारित किया गया है? विगत एक वर्ष में निर्धारित शिक्षा शुल्क से अधिक धनराशि वसूल करने संबंधी किन-किन संस्थाओं की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और क्या उनकी जाँच कराई गई है? यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा देवेंl (ख) क्‍या छात्रों द्वारा संस्थाओं की अवैध वसूली का विरोध करने पर उनको मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए जानबूझकर बिना कोई ठोस कारण के संस्था में उपस्थिति कम दर्शाकर उन्हें परीक्षा से वंचित किया गया है? सूची उपलब्ध कराई जावेl (ग) संस्थानों द्वारा अवैध वसूली किये जाने की शिकायत प्रमाणित होने की स्थिति में संबंधित संस्थानों की मान्यता समाप्त करने संबंधी शासन कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्राप्‍त शिकायतों की जाँच में मानसिक रूप से प्रताड़‍ित करते हुए जानबूझ कर बिना कोई ठोस कारण के किसी छात्र को परीक्षा से वंचित होना नहीं पाया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश () के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

खण्‍डवा जिले में नर्सिंग होम/पैथालॉजी लेब में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( *क्र. 1232 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिले में कितने पंजीकृत निजी नर्सिंग होम, नि‍जी अस्‍पताल, पैथालॉजी लेब एवं सोनोग्राफी सेंटर हैं? उनकी संख्‍या, नाम एवं संचालकवार जानकारी दी जाए। (ख) क्‍या इनमें से कई नर्सिंग होम, अस्‍पताल, लेब में शासन की गाईडलाईन का खुलेआम उल्‍लंघन हो रहा है? प्रश्नांश (क) के क्रम में इनमें कार्यरत मेडिकल, पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्‍टाफ की नामवार जानकारी दी जाए (ग) उक्‍त सभी संस्‍थानों का विगत तीन वर्षों में किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब निरीक्षण एवं आकस्मिक जाँच की गई? कितने संस्‍थानों का संचालन नियम विरूद्ध होने पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या सभी संस्‍थानों में मानव स्‍वास्‍थ्‍य को देखते हुए अस्‍पताल के कचरे का निपटान नियमानुसार किया जा रहा है? पार्किंग सुविधा, विभिन्‍न पैथालॉजी जांचों की दरों की रेटलिस्‍ट दृश्‍यस्‍थान पर लगाई गई है? (ड.) यदि नहीं, तो क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारियों द्वारा नियम विरूद्ध संचालित ऐसे संस्‍थानों को सहयोग कर जनस्‍वास्‍थ्‍य से खिलवाड़ किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या इनकी उच्‍चस्‍तरीय जाँच की जाएगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) खंडवा जिले में 2 निजी नर्सिंग होम, 14 निजी अस्पताल, 9 पैथालॉजी लेब एवं 15 सोनोग्राफी सेंटर पंजीकृत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ, 5 संस्थाओं सदगुरु नेत्र चिकित्सालय, श्री दादाजी हॉस्पिटल, आदर्श पैथालॉजी लेब, निदान पैथालॉजी लेब एवं संजीवनी डायग्नोस्टिक सेंटर बायोमेडिकल द्वारा वेस्ट मैनेजमेन्ट नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। 05 संस्थाओं का पंजीयन निरस्त किया गया, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी नहीं, 05 निजी संस्थाओं द्वारा बायोमेडिकल वेस्ट के निपटान हेतु मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल से ऑथोराईजेशन नहीं लिया गया था। जी हाँ। जी हाँ। (ड.) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बैकलॉग के पदों की भर्ती

[स्कूल शिक्षा]

7. ( *क्र. 1579 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कारण है कि सहायक अध्‍यापक के बैकलॉग के रिक्‍त पदों की परीक्षा दिनांक 23.09.2016 को निरस्‍त की गई जबकि दिनांक 10.05.2016 को भारत सरकार के राजपत्र में नये नियमों का प्रकाशन हो गया था? इस निरस्‍त आदेश की छायाप्रति, आदेश जारी करने वाले अधिकारी का नाम, पदनाम सहित बतावें (ख) आरक्षित वर्ग के हितों के साथ खिलवाड़ करके परीक्षा निरस्‍त करने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा? धार जिले में वर्तमान में बैकलॉग पदों की कितनी संख्‍या है? जिलावार, पदवार बतावें। विगत 7 वर्षों में विशेष भर्ती अभियान के तहत कितने पद भरे गए? वर्षवार बतावें (ग) शेष पदों की पूर्ति हेतु शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) सहायक अध्यापक का पद सीधी भर्ती का पद नहीं है। सहायक अध्यापक के रिक्त पदों के भर्ती के लिए किसी भी प्रकार की परीक्षा आयोजित करने अथवा निरस्त करने के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किये गये हैं अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश () के उत्तर के अनुसार। धार जिले में वर्तमान बैकलॉग पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) पद रिक्तता तथा पद पूर्ति की जाना एक सतत् प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

वित्‍तीय अनियमितताओं पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

8. ( *क्र. 1216 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जैसीनगर के बी.एम.ओ. के विरूद्ध वित्‍तीय अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या बी.एम.ओ. जैसीनगर के विरूद्ध शिकायतों की जाँच करायी जाकर उनके कार्यकाल अवधि के वित्‍तीय अभिलेखों का अंकेक्षण भी कराया गया है? जाँच प्रतिवेदन सहित अंकेक्षण की प्रति उपलब्‍ध करायी जावे (ग) यदि नहीं, तो क्‍या बी.एम.ओ. जैसीनगर को विभागीय स्‍तर पर संरक्षण के चलते वितीय अनियमितता करने की छूट दी गयी है, जिसकी पुष्टि प्रमुख समाचार पत्र दैनिक भास्‍कर सागर में 26 अक्‍टूबर, 2016 में प्रकाशित ''बी.एम.ओ. जैसीनगर द्वारा फिर से शासकीय राशि को हड़पने'' संबंधी समाचार से होती है? (घ) मध्‍यप्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अंतर्गत ऐसे कितने बी.एम.ओ. को वित्‍तीय अनियमिततायें करने की विभागीय स्‍तर से छूट प्रदान की गयी है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जैसीनगर ब्लॉक मेडिकल आफिसर डॉ. जे.एस. धाकड़ के विरूद्ध अनियमितता से संबंधित प्राप्त दो शिकायतों में से संचालनालय स्तर पर प्राप्त एक शिकायत की जाँच प्रचलन में है तथा दूसरी शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सागर को प्राप्त होने पर प्रकरण की जाँच उनके द्वारा श्री राजेश राय जिला लेखाप्रबंधक सागर से पूर्ण कराते हुये जाँच प्रतिवेदन प्राप्त किया, जिसमें प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर डॉ. धाकड़ को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुये प्रतिवाद उत्तर चाहा गया जो प्राप्त होने पर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सागर द्वारा डॉ. धाकड़ के विरूद्ध आगामी कार्यवाही हेतु प्रकरण क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, सागर को प्रेषित किया जो परीक्षणाधीन है। जी नहीं। जाँच प्रतिवेदन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं, दिनांक 26 अक्टूबर 2016 के दैनिक समाचार पत्र में वित्तीय अनियमितता से संबंधित प्रकाशित समाचार पत्र का जाँच प्रतिवेदन प्रश्नांश () में उल्लेखित दूसरी शिकायत से संबंधित होकर क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, सागर को प्राप्त होकर उनके अधीन परीक्षणाधीन है। परीक्षण उपरान्त संबंधित के विरूद्ध गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही शीघ्र की जावेगी। (घ) जी नहीं।

अपूर्ण भवनों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

9. ( *क्र. 708 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडला जिले के विकासखण्‍ड बीजाडांडी के ग्राम पिण्‍डरई में प्रा.शा. एवं मा.शा. भवन आंगनवाड़ी भवन, पंचायत भवन शाला के अतिरिक्‍त कक्ष निर्माण किन कारणों से पिछले 2008 से अपूर्ण हैं? (ख) निर्माण एजेंसी कौन थी? क्‍या उक्‍त भवनों की राशि प्राप्‍त हो गई है? अगर पूर्ण राशि प्राप्‍त हो गई है तो गड़बड़ी करने वाले के खिलाफ अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या विभाग के पास उक्‍त अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने की योजना है, ताकि लोगों को उसका लाभ प्राप्‍त हो सके?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मण्‍डला जिले के विकासखण्‍ड बीजाडांडी के ग्राम पिण्‍डरई में 2008-09 में प्राथमिक शाला में 01 अतिरिक्‍त कक्ष तथा मा.शा. भवन हेतु 03 अतिरिक्‍त कक्ष स्‍वीकृत किये गए। प्राथमिक शाला का अतिरिक्‍त कक्ष पूर्ण है। मा.शा. के 3 अतिरिक्‍त कक्ष निर्माण एजेन्‍सी ग्राम पंचायत द्वारा राशि का अनुचित आहरण कर कार्य छत स्‍तर उपरान्‍त अपूर्ण है। आंगनवाड़ी भवन, पंचायत भवन का निर्माण स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। (ख) कार्य की निर्माण एजेन्‍सी ग्राम पंचायत है। जिला शिक्षा केन्‍द्र द्वारा सीधे निर्माण एजेन्‍सी के खातों में सम्‍पूर्ण स्‍वीकृत राशि हस्‍तान्‍तरित कर दी गई थी। निर्माण एजेन्‍सी के विरूद्ध प्रकरण क्र./अविअ/रि./01/12/463/31.03.12 अनु.विभा.अधि. राजस्‍व विभाग में लंबित है। (ग) विभाग को उक्‍त राशि की वसूली प्राप्‍त होने के पश्‍चात उक्‍त कार्य को पूर्ण किया जा सकेगा।

राष्‍ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत व्‍यय राशि

[स्कूल शिक्षा]

10. ( *क्र. 693 ) श्री गोपाल परमार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर जिले में वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक राष्‍ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिला कार्यालय को कितनी राशि‍ आवंटित की गई है? मदवार जानकारी दें। क्या शासन द्वारा उक्त राशि व्यय करने के नियम बनाये गए हैं? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन कर व्‍यय किया जा रहा है? यदि हाँ, तो प्राप्‍त मदवार राशि से कितनी राशि किस मद में व्‍यय की गई है? व्‍यय की मदवार जानकारी उपरोक्‍तानुसार पृथक पृथक देवें (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार प्राप्त राशि एवं प्रश्नांश (ख) अनुसार व्यय राशि हेतु क्‍या क्रय समिति एवं सामग्री भौतिक सत्यापन समिति बनायी गयी है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें? यदि नहीं, तो कारण बतावें? इसके लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है? शासन दोषी अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही करेगा? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या क्रय की गई कार्यालय की सामग्री का भौतिक सत्यापन कराया गया है? यदि हाँ, तो भौतिक सत्यापन की वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक तक की जानकारी देवें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) नवीन जिला आगर मालवा का गठन दि. 16.08.2013 को हुआ है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान कार्यालय आगर में अक्टूबर 2015 से आरंभ किया गया है। अतः राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2015-16 से आगर जिला कार्यालय को राशि प्रदाय की गई। मदवार प्रदाय राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। भारत शासन के निर्देशानुसार वित्तीय मेन्यूअल अनुसार राशि का व्यय किया जाता है। व्यय नियम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। मदवार व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 एवं 4 अनुसार है। (घ) जी हाँ। सत्यापन रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 5 अनुसार है।

उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में म‍ेडिकल स्‍टाफ की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

11. ( *क्र. 2031 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मेडिकल स्‍टाफ की कमी की वजह से बंद रहते हैं? (ख) यदि हाँ, तो इसमें स्‍टाफ बढ़ाने के लिये कौन से कदम उठाये जा रहे हैं अथवा उठा लिये हैं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सिविल सर्जन के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

12. ( *क्र. 1760 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले के जिला चिकित्‍सालय में पदस्‍थ स‍िविल सर्जन डॉ. राजेश श्रीवास्‍तव के खिलाफ जिला कलेक्‍टर, लोक स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जी को की गई शिकायतों के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी देवें? (ख) डॉ. राजेश श्रीवास्‍तव वरिष्‍ठता सूची में काफी पीछे हैं, फिर भी वरिष्‍ठों की उपेक्षाकर उन्‍हें सिविल सर्जन किस कारण बनाया गया? (ग) डॉ. राजेश श्रीवास्‍तव द्वारा पन्‍ना जिला चिकित्‍सालय परिसर में डॉक्‍टरों और अन्‍य कर्मचारियों को आवास आवंटन के मामले में नियमों की उपेक्षा करने और अपात्रों को आवास आवंटन करने की शिकायत पर शासन ने क्‍या कार्यवाही की है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) पन्ना जिले के जिला चिकित्सालय में सिविल सर्जन के पद पर पदस्थ डॉ. राजेश श्रीवास्तव के विरूद्ध कलेक्टर को प्राप्त दो शिकायतों का जाँच प्रतिवेदन, कलेक्टर पन्ना द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त की जो कलेक्टर पन्ना के अधीन परीक्षणाधीन है, के अतिरिक्त संचालनालय स्तर से डॉ. राजेश श्रीवास्तव, सिविल सर्जन पन्ना के विरूद्ध प्रशासनिक पद पर रहते हुये शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाये जाने संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर प्राप्त शिकायत जाँच हेतु क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, सागर की ओर भेजते हुये जाँच प्रतिवेदन चाहा गया जो अप्राप्त है। (ख) प्रशासकीय पदों का दायित्व, अधिकारी की कार्य दक्षता एवं उनके व्यवहार कुशलता पर उन्हें सौंपा जाता है अतः यह कहना सही नहीं होगा कि डॉ. राजेश श्रीवास्तव वरिष्ठता सूची में काफी पीछे हैं, फिर भी वरिष्ठों की उपेक्षाकर उन्हें सिविल सर्जन बनाया गया। (ग) पन्ना जिला चिकित्सालय परिसर में डॉ. राजेश श्रीवास्तव द्वारा डॉक्‍टरों/अपात्रों को शासकीय आवास आवंटन के संबंध में डॉ. आलोक गुप्ता द्वारा शिकायत करने के पश्चात उनके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक डब्ल्यू.पी. 14204/2015 दायर की जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा उक्त याचिका पर आदेश दिनांक 26.08.2015 पारित किया गया, जिस पर सागर कमिश्नर द्वारा डॉ. गुप्ता को समक्ष में उपस्थित होने के निर्देश देते हुये माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के संबंध में यह निर्णय दिया गया कि शासकीय आवास क्रमांक एफ से आई टाईप के निवास स्थानों के संबंध में किसी स्थान विशेष में कार्यभार ग्रहण करने की तारीख उसकी इस प्रकार के निवास स्थान के लिये अग्रता तारीख होगी, किंतु यह केवल तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर ही लागू होगा, शिकायतकर्ता के स्वयं चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ होने के साथ ही द्वितीय श्रेणी की परिधि में आने के परिणामस्वरूप उक्त प्रावधान उन पर लागू नहीं होता।

जिला/राज्‍य बीमारी सहायता निधि अंतर्गत भुगतान

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

13. ( *क्र. 305 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला/राज्‍य बीमारी सहायता निधि के अंतर्गत गरीबी रेखा के मरीजों को मान्‍यता प्राप्‍त अस्‍पतालों में ईलाज कराने पर सहायता राशि का भुगतान संबंधित अस्‍पताल को किया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो सिंगरौली जिले में वर्ष 2015 एवं 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने ऐसे मरीजों को सहायता राशि भुगतान की गई है? अस्‍पतालवार विवरण देवें (ग) क्‍या सहायता राशि के प्रकरण प्राप्‍त होने से लेकर स्‍वीकृत करने तक की कोई समय-सीमा निर्धारित है? (घ) ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिन्‍हें सहायता राशि अभी तक उपलब्‍ध नहीं कराई गई है?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आवेदन प्राप्त होने के 10 कार्य दिवस के अन्दर प्रकरण स्वीकृत करने की समय-सीमा निर्धारित है। (घ) निरंक।

परिशिष्ट - ''दो''

स्‍कूल भवन निर्माण हेतु आरक्षित भूमि पर से अतिक्रमण को बेदखल किया जाना

[आदिम जाति कल्याण]

14. ( *क्र. 300 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले की उप तहसील नालछा के पटवारी हल्‍का नं. 168 (70) ग्राम बगडी की आबादी भूमि में स्थित शासकीय भूमि, खसरा नं. 624 रकबा 1.202 हेक्‍टेयर भूमि कलेक्‍टर, जिला धार द्वारा प्रकरण क्र. 121 बी, 90-91 में आदेश दिनांक 27.06.1991 एवं तहसील आदेश क्र. 195/री-3/91, दिनांक 06.08.1991 के माध्‍यम से सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास धार को कन्‍या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय एवं विज्ञान कक्ष निर्माण हेतु हस्‍तांतरित की गई थी? (ख) कन्‍या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय बगडी हेतु आरक्षित उक्‍त भूमि पर भूखण्‍डों का विक्रय किसके संरक्षण में किसके द्वारा किया गया है? क्‍या शासन दोषी व्‍यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करेगा अथवा यदि अतिक्रमण हो रहा है तो क्‍या विभाग अतिक्रमण को बेदखल कर विद्यालय हेतु आवंटित भूमि को सुरक्षित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बगडी हेतु आरक्षित उक्त भूमि पर भूखण्डों का विक्रय नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत हल्का पटवारी बगडी तहसील धार द्वारा दिनांक 25.11.2016 को मापन अनुसार शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय एवं शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय, बगडी हेतु भूमि क्षेत्रफल 11522 वर्ग फिट (0.107 हेक्टेयर) पर स्कूल संचालित किया जा रहा है। शेष भवन पर अतिक्रमण है। चूँकि उक्त सर्वे नम्बर व रकबे की भूमि शासकीय अभिलेख में आबादी में दर्ज होने के कारण संबंधित ग्राम पंचायत को अतिक्रमण हटाने के अधिकार हैं। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जिला चिकित्‍सालय सागर के ट्रामा सेंटर को प्रारंभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

15. ( *क्र. 1489 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिला चिकित्‍सालय परिसर में नव निर्मित ट्रॉमा सेंटर प्रश्‍न दिनांक तक प्रारंभ नहीं हुआ है? यदि हाँ, तो किन कमियों के कारण ट्रामा सेंटर प्रारंभ नहीं हुआ है? (ख) क्‍या जिला चिकित्‍सालय सागर के सिविल सर्जन ने ट्रॉमा सेंटर प्रारंभ कराने हेतु वर्ष 2016 में कुछ आवश्‍यक कार्यों को कराने के लिए शासन को पत्र लिखा था? यदि हाँ, तो कौन-कौन से कार्य कराने के लिए पत्र में लेख किया गया था? उस पर शासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) शासन कब तक ट्रॉमा सेंटर को प्रारंभ करा देगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। ट्रामा सेन्टर के निर्माण कार्य की कमियों के कारण। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) यथासंभव शीघ्र।

परिशिष्ट - ''तीन''

स्कूल भवनों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

16. ( *क्र. 1944 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्राथमिक शाला से माध्यमिक शाला एवं माध्यमिक शाला से हाई स्कूल तथा हाई स्कूल से हायर सेकेण्‍ड्री में उन्नयित शालाओं में नवीन भवन के निर्माण हेतु क्या प्रक्रिया है? विधानसभा क्षेत्र बिजावर में उपरोक्त उन्नयन की गई शालाओं में कब तक भवन निर्माण किया जा सकेगा? (ख) विधानसभा क्षेत्र बिजावर में शासकीय उ.मा.वि. सटई, मातगुवा, गुलगंज में क्या छात्र संख्या के मान से विद्यालय में पर्याप्त कक्ष हैं? यदि नहीं, तो क्या इन विद्यालयों में नवीन कक्ष निर्माण या नवीन भवन निर्माण की आवश्यकता है? यदि हाँ, तो नवीन कक्ष या भवन निर्माण किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्राथमिक शाला से माध्‍यमिक शाला में उन्‍नयित नवीन भवन के निर्माण हेतु सर्वशिक्षा अभियान योजना के तहत वार्षिक कार्ययोजना के माध्‍यम से प्रस्‍ताव भारत सरकार को स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍तुत किये जाते हैं। प्राप्‍त स्‍वीकृति के आधार पर विभाग द्वारा आवश्‍यक स्‍वीकृति प्रदान की जाती है। माध्‍यमिक शाला से हाईस्‍कूल तथा हाईस्‍कूल से हायर सेकेण्‍डरी की उन्‍नयित शाला में नवीन भवन के निर्माण हेतु राज्‍य योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत शाला भवनों का निर्माण उपलब्‍ध बजट के आधार पर कराया जाता है। राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत उन्‍नत किये गये स्‍कूलों में भवन भारत सरकार द्वारा स्‍वीकृत किये जाते हैं। विधान सभा क्षेत्र बिजावर में उन्‍नयि‍त माध्‍यमिक शालाओं में वर्ष 2013-14 में 10 उन्‍नयित की गई माध्‍यमिक शालाओं का निर्माण प्रगतिरत है। सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उन्‍नत किये गये हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी शालाओं में भवन निर्माण बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शेषांश नवीन कक्ष या भवन निर्माण बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चार''

रेडक्रास सोसायटी (मुरैना) के कर्मचारियों की सेवा में पुन: बहाली

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

17. ( *क्र. 2035 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला चिकित्‍सालय मुरैना की रेडक्रास सोसायटी द्वारा लंबे समय से पदस्‍थ नर्सिंग, इलेक्‍ट्रीशियन एवं सफाई कर्मचारियों को दिनांक 01.09.2014 से हटा दिया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ख) क्‍या उक्‍त आदेश के खिलाफ माननीय उच्‍च न्‍यायालय, खण्‍डपीठ ग्‍वालियर में याचिका क्र. 5592/2014 पर स्‍थगन आदेश पारित किया है तथा एक अन्‍य याचिका क्र. डब्‍लू.पी. 7737/2014 में स्‍थगन आदेश पारित किया गया था, परंतु अस्‍पताल प्रशासन द्वारा नवम्‍बर 2016 तक किसी कर्मचारी को ट्रेनिंग नहीं कराई गई है? क्‍या कारण रहे? तथ्‍यों सहित पूर्ण जानकारी दी जावे। (ग) क्‍या उक्‍त प्रकरण में स्‍थगन आदेश के बावजूद कार्यरत कर्मचारियों को ना तो सेवा कार्य पर रखा है, ना ही उन्‍हें अभी तक वेतन भुगतान किया गया है? उन्‍हें कब तक कार्य पर रख वेतन भुगतान किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। कर्मचारियों के प्रशिक्षित नहीं होने के कारण रेडक्रास सोसायटी मुरैना की दिनांक 01.09.2014 की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार कर्मचारियों को हटाया गया है। (ख) जी हाँ। माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा न्यायालयीन प्रकरणों क्रमशः 5592/14 एवं 7737/2014 में दायर याचिका में स्थगन आदेश आगामी सुनवाई तक दिया गया। स्टाफ को ट्रेनिंग कराये जाने हेतु दिये गये आदेश के तारतम्य में संबंधित नर्सिंग स्टाफ की निर्धारित योग्यता न होने के कारण कर्मचारियों को प्रशिक्षण नहीं कराया गया। उक्त संबंध में माननीय उच्च न्यायालय को अवगत कराया गया है। प्रकरण वर्तमान में न्यायालय के अधीन विचाराधीन है। (ग) उत्तरांश (क) में उल्लेखित अनुसार सिविल सर्जन मुरैना के आदेश दिनांक 09.12.2014 के पालन में कर्मचारियों द्वारा कार्य पर उपस्थिति नहीं दिये जाने के कारण वेतन भुगतान नहीं किया गया है।

प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ शिक्षक की (ओ.डी.) प्रतिनियुक्ति निरस्‍त करना

[स्कूल शिक्षा]

18. ( *क्र. 495 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन के आदेशों के अनुसार शिक्षकों को (ओ.डी.) प्रतिनियुक्ति पर किसी अन्‍य विभाग में तैनाती किये जाने का प्रावधान है? प्रा.शाला जिनागढ़ संकुल केंद्र बल्‍देवगढ़ में पदस्‍थ शिक्षक की तैनाती जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़ के कार्यालय में किस अधिकारी के आदेश से तथा किस नियम के तहत की गई है? (ख) यदि विभाग द्वारा कोई आदेश जारी नहीं किया गया तो उक्‍त शिक्षक शिक्षा संस्‍था पर कब से उपस्थित होकर शिक्षण कार्य नहीं कर रहा है? क्‍या उक्‍त शिक्षक की जाँच हेतु संस्‍था पर कोई अधिकारी गया? क्‍या उक्‍त शिक्षक के विरूद्ध कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई? यदि हाँ, तो पूर्ण जानकारी से अवगत करायें? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या छात्र-छात्राओं के अभिभावकों द्वारा एवं ग्रामीणजनों द्वारा उक्‍त शिक्षक की मांग पर कोई कार्यवाही की गई? साथ ही प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये पत्र के उत्‍तर सहित उक्‍त शिक्षक के विरूद्ध किसी भी प्रकार की कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? उक्‍त शिक्षक के विरूद्ध कार्यवाही कब तक करेंगे? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बल्देवगढ़ जिला-टीकमगढ़ के पत्र दिनांक 30.08.2016 के द्वारा श्री श्याम सुन्दर यादव, सहायक अध्यापक, शा.प्रा.शा. जिनागढ़ जिला-टीकमगढ़ की जनपद पंचायत बल्देवगढ़ में नियम विरुद्ध ड्यूटी लगाई जाने के लिए कलेक्टर, जिला-टीकमगढ़ ने मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी बल्‍देवगढ़ को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़ का पत्र संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) दिनांक 31.08.2016 से 18.11.2016 तक। प्रकरण की जाँच हेतु निर्देशित किया गया। (ग) छात्र-छात्राओं के अभिभावकों एवं ग्रामीणजनों के द्वारा शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। माननीय विधायक टीकमगढ़ द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत टीकमगढ़ को पत्र लिखा है। पत्र पर की गई कार्यवाही की जानकारी प्राप्त की जा रही है। प्रकरण की जाँच हेतु निर्देशित किया गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण दोष्‍ा के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।

परिशिष्ट - ''पाँच''

हाईस्‍कूलों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

19. ( *क्र. 1356 ) श्री संजय शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हाईस्‍कूल से हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन करने के शासन के क्‍या मापदण्‍ड हैं? (ख) यदि छात्र/छात्राओं की संख्‍या पर्याप्‍त है, दूरी भी 8 कि.मी. से अधिक है तो क्‍या ऐसे हाईस्‍कूलों को हायर सेकेण्‍डरी में उन्‍नयन नहीं किया जा सकता? (ग) क्‍या मात्र ग्राम की जनंसख्‍या कम होने के कारण स्‍कूलों का उन्‍नयन नहीं किया जा सकता? (घ) यदि नहीं, तो शा. हाईस्‍कूल खुलरी, शा. हाईस्‍कूल पौंरझिर एवं शा. हाईस्‍कूल चीकसा का उन्‍नयन क्‍यों नहीं किया गया?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) से (घ) शालाओं का उन्‍नयन निर्धारित मापदण्‍ड एवं उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधनों के आधार पर सक्षम स्‍वीकृति से किया जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

हायर सेकेण्‍डरी शाला का संचालन

[स्कूल शिक्षा]

20. ( *क्र. 635 ) श्री अरूण भीमावद : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग म.प्र. शासन द्वारा प्रदेश के प्रत्‍येक विकासखण्‍ड स्‍तर पर उत्‍कृष्‍ट हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल संचालित किये जा रहे हैं, जिसमें विद्यार्थी का प्रवेश चयन परीक्षा के माध्‍यम से वरीयता क्रम से किया जाता है? (ख) क्‍या ऐसे विद्यार्थियों के लिये जो चयनित नहीं हो पाते उनको अध्‍ययन हेतु उत्‍कृष्‍ट हायर सेकेण्‍डरी शाला के अलावा अन्‍य हायर सेकेण्‍डरी शाला विकासखण्‍ड स्‍तर पर संचालित है, जिसमें अचयनित विद्यार्थी प्रवेश पा सकें? (ग) जिला शाजापुर के विकासखण्‍ड मोहन बड़ोदिया में केवल एक मात्र उत्‍कृष्‍ट हायर सेकेण्‍डरी शाला संचालित है, जिसमें चयनित छात्रों का ही प्रवेश किया जाता है? अचयनित छात्र/छात्राएं प्रवेश से वंचित रहते हैं? (घ) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के अनुसार अचयनित छात्रों के लिए हायर सेकेण्‍डरी शाला का संचालन करने हेतु कार्ययोजना बनाई है, जिससे छात्रों का भविष्‍य सुरक्षित रहे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ, विकासखण्‍ड स्‍तरीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों में चयन प्रवेश परीक्षा के माध्‍यम से नहीं किया जाता है। आयुक्‍त, लोक शिक्षण के निर्देश क्र. उविसे/प्रवेश/114/06-07 दिनांक 23/07/2008 के अनुसार ऐसे विकासखण्‍डों में जहां एक मात्र विद्यालय है एवं उत्‍कृष्‍ट विद्यालय के रूप में चिन्‍हांकित है, उस विद्यालय के क्षेत्र के अन्‍तर्गत समस्‍त छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

उपयोजना क्षेत्र के ग्रामों में बुनियादी सुविधाएं

[आदिम जाति कल्याण]

21. ( *क्र. 1612 ) श्री प्रताप सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के ग्रामों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्‍ध कराने हेतु भारत सरकार/राज्‍य सरकार किस-किस मद में किन-किन कार्यों हेतु किस आधार पर राशि स्‍वीकृत करती है? (ख) जबेरा विधान सभा क्षेत्र के माडा पाकेट्स क्षेत्रांतर्गत आने वाले तेन्‍दूखेड़ा/जबेरा विकासखण्‍ड के ग्रामों में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के स्‍वीकृत किये गये हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार योजनांतर्गत स्‍वीकृत कार्य कितने पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने अपूर्ण हैं, कार्य अपूर्ण होने का क्‍या कारण है? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे? (घ) योजनांतर्गत कौन-कौन से कार्य किस आधार पर स्‍वीकृत किये जाते हैं? नीति और निर्देशों से अवगत करावें। वर्ष 2016-17 में माडा पाकेट्स के ग्रामों में कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृति हेतु राज्‍य शासन/भारत शासन को प्रस्‍तावित किये हैं अथवा प्रस्‍तावित किये जाने हैं? उनका विवरण देवें। क्‍या कार्य स्‍वीकृति हेतु माननीय मंत्री जी एवं जनप्रतिनिधियों के प्रस्‍ताव प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त हुए हैं?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जिन योजनाओं में भारत सरकार द्वारा राशि दी जाती है, की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। राज्‍य सरकार द्वारा बस्‍ती विकास योजना के कार्यों हेतु नियमों में प्रावधान अनुसार राशि स्‍वीकृत की जाती है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं ''दो'' अनुसार है। (ग) बस्‍ती विकास योजना अन्‍तर्गत 11 कार्य पूर्ण हुए हैं। 06 कार्य अपूर्ण हैं। समय-सीमा निर्धारित करना संभव नहीं है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है। (घ) आदिवासी उपयोजना विशेष केन्‍द्रीय सहायता, संविधान के अनुच्‍छेद 275(1) तथा विद्युतीकरण कार्य अन्‍तर्गत स्‍वीकृति के संबध में जारी नीति एवं निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''चार'' तथा वर्ष 2016-17 में प्रस्‍तावित किये गये कार्यों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''पांच'' अनुसार है। माननीय विधायक विधान सभा क्षेत्र जबेरा के पत्र दिनांक 27/05/16 द्वारा दो पत्र परियोजना कार्यालय दमोह को प्राप्‍त हुए थे, जिनमें निस्‍तार एवं जानवरों के पीने के लिए विकासखण्‍ड तेंदूखेड़ा के ग्राम जरूआ एवं ग्राम हाथीडोल मे नवीन तालाब निर्माण कार्य प्रस्‍तावित किये गये थे। सी.सी. रोड के प्रस्‍ताव जिला संयोजक दमोह को प्राप्‍त हुए है।

मॉडल स्‍कूल जावरा के अपूर्ण स्‍टॉफ क्‍वार्टर्स का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

22. ( *क्र. 617 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मॉडल स्‍कूल जावरा के अंतर्गत व्‍याख्‍याताओं एवं अधिकारी कर्मचारियों हेतु स्‍टॉफ क्‍वार्टर्स का निर्माण कार्य, अपूर्ण स्थिति में बंद होकर अपूर्ण बने क्‍वार्टर अब जीर्ण-शीर्ण होने लगे हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्‍नों एवं पत्रों के माध्‍यम से लगातार शासन/विभाग का ध्‍यान आकर्षित कर अपूर्ण कार्यों को पूर्ण किये जाने हेतु निवेदन किया जा रहा है? (ग) यदि हाँ, तो शासन/विभाग द्वारा करोड़ों रूपये की स्‍वीकृति एवं लाखों रूपये का व्‍यय किये जाने के बावजूद अपूर्ण स्थिति में रहने से क्षतिग्रस्‍त हो रहे क्‍वार्टर्स का कार्य कब प्रारंभ होगा? (घ) साथ ही विगत कई वर्षों से लापरवाही के कारण बंद पड़े कार्य से हो रही क्षति एवं धनहानि की जिम्‍मेदारी हेतु शासन/विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मॉडल स्कूल जावरा के स्टॉफ क्वार्टर का कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण अपूर्ण होकर वर्तमान में बंद हैं। (ख) जी हाँ। (ग) शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) ठेकेदार द्वारा कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण कार्य अपूर्ण होकर वर्तमान में बंद है। इस हेतु शेष कार्य की निविदा आमंत्रित कर कार्य पूर्ण करवाने एवं कार्य पूर्ण होने पर पूर्व ठेकेदार की दरों से अधिक व्यय होने पर अंतर की राशि की वसूली ठेकेदार से की जायेगी।

हेड-स्‍टार्ट योजना का क्रियान्‍वयन

[स्कूल शिक्षा]

23. ( *क्र. 2072 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिक्षा विभाग द्वारा चलाई गई हेड-स्‍टार्ट योजना वर्तमान में चल रही है या बंद हो गयी है? (ख) यदि चल रही है तो कहाँ-कहाँ एवं उससे कितने छात्र-छात्रा लाभ‍ान्वित हुए हैं? (ग) यदि नहीं, तो योजना हेतु लिए गए हजारों कम्‍प्‍यूटर्स, फर्नीचर व अन्‍य सामान कहाँ व किन हालातों में है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) हेडस्‍टार्ट योजना वर्तमान में चल रही है। (ख) प्रदेश में 3052 हेडस्‍टार्ट केन्‍द्र हैं तथा इनमें लगभग कुल 493003 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) उत्‍तर (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

पोस्‍ट मैट्रिक छात्रावासों में छात्र/छात्राओं को कोचिंग की सुविधा

[आदिम जाति कल्याण]

24. ( *क्र. 1862 ) श्री जतन उईके : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा आदिम जाति कल्‍याण विभाग में पोस्‍ट मैट्रिक छात्रावासों में छात्रों को कोचिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है? यदि हाँ, तो कब से एवं क्‍या इसके लिये कोई आदेश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेश एवं दिनांक सहित आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें (ख) क्‍या उक्‍त सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रावासों में निवासरत बच्‍चों को भी उपलब्‍ध कराई जा रही है? (ग) यदि नहीं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत छात्र/छात्राओं को उक्‍त सुविधा कब तक उपलब्‍ध कराई जायेगी तथा कब तक आदेश कर दिया जायेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। पोस्‍ट मैट्रिक छात्रावासों में वर्ष 2008 से अंग्रेजी विषय की कोचिंग सुविधा स्‍वीकृत की गई है। आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। सभी आदिवासी पोस्‍ट मैट्रिक छात्रावासों में योजना उपलब्‍ध है। (ग) शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''आठ''

सिविल चिकित्‍सालय रांझी का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( *क्र. 1763 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राँझी जबलपुर स्थित डिस्‍पेंसरी का सिविल चिकित्‍सालय के रूप में उन्‍नयन करने के पश्‍चात् इसमें चिकित्‍सा व स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी कौन-कौन सी सुविधाएं कौन-कौन से उपकरण, मशीनरी व संसाधन प्रदाय किये गये हैं? मरीजों के रात्रिकालीन इलाज की क्‍या-क्‍या व्‍यवस्‍थाएं/सुविधाएं हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के चिकित्‍सालय में स्‍वीकृत व पदस्‍थ चिकित्‍सकों/पैरामेडिकल स्‍टाफ कितना है? कौन-कौन से स्‍वीकृत पद रिक्‍त हैं एवं क्‍यों? नये सृजित मेडिकल स्‍पेशलिस्‍टों व चिकित्‍सकों के कितने पदों की पूर्ति की गई है तथा किन-किन पदों की पूर्ति नहीं की गई है एवं क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) में विगत एक वर्ष में इलाज हेतु भर्ती कितने मरीजों की मृत्‍यु हुई? कितने मरीजों को बेहतर इलाज हेतु अन्‍यत्र रैफर किया गया? प्रसूति हेतु कितनी महिलाओं को भर्ती किया गया? कितनी महिलाओं की सामान्‍य/सीजेरियन डिलेवरी कराई गई तथा कितनी महिलाओं को रैफर किया गया? कितनी प्रसूति महिलाओं व नवजात शिशुओं की मृत्‍यु हुई? (घ) प्रश्‍नांकित चिकित्‍सालय का किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब आकस्मिक निरीक्षण में पाई गई किन-किन कमियों/शिकायतों के संबंध में सुधार हेतु क्‍या प्रयास किये गये एवं इस संबंध में कब-कब, किसने क्‍या निर्देश जारी किये हैं और उन पर क्‍या कार्यवाही की गई है? वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक की जानकारी दें

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) सिविल अस्पताल रांझी को सीमॉक के रूप में कार्यशील बनाया गया एवं सिजेरियन प्रसव एवं ब्लड स्टोरेज यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराई गई। उपलब्ध कराये गये उपकरणों एवं मशीनरी संसाधन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। रात्रि‍कालीन ईलाज की व्यवस्था हेतु 01 चिकित्सक, 02 स्टाफ नर्स, 01 वार्डबॉय, 01 स्वीपर एवं 01 गार्ड पदस्थ रहते हैं। मरीजों को उपचारित करने एवं भर्ती किये जाने की व्यवस्था है। रैफर किये जाने वाले मरीजों के परिवहन हेतु 108 एम्बुलेन्स व 102 जननी एक्सप्रेस की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्टाफ की कमी के कारण। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


मध्यप्रदेश में कुपोषण से शिशु मृत्यु दर संख्या

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( क्र. 24 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश में कुपोषण से शिशु मृत्यु दर संख्या क्या है? क्या प्रदेश में कुपोषण से शिशु मृत्यु दर विगत वर्षों की तुलना में बढ़ती जा रही है? यदि हाँ, तो कारण स्पष्‍ट करें? (ख) मध्यप्रदेश में विगत पाँच वर्षों की कुपोषण से शिशु मृत्यु दर की संख्या जिलावार उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्‍नांश अनुसार मध्यप्रदेश में कुपोषण से शिशु मृत्यु दर की संख्या कम करने हेतु संबंधित विभाग द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) प्रदेश में कुपोषण से शिशु मृत्यु दर संख्या संबंधी कोई प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍न (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) कुपोषण एवं शिशु मृत्यु दर कम करने हेतु विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयास संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

आदिवासी उपयोजना क्षेत्र निधि में व्‍यय राशि

[आदिम जाति कल्याण]

2. ( क्र. 70 ) श्री संजय उइके : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिम जाति कल्‍याण विभाग को भारत सरकार से आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के विकास हेतु विशेष केन्‍द्रीय सहायता व संविधान के अनुच्‍छेद 275 (1) मद में वित्‍तीय वर्ष 2010-11 से वित्‍तीय वर्ष 2015-16 तक कुल प्राप्‍त राशि 188713.17 लाख के विरूद्ध कुल 103027.57 लाख व्‍यय किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो शेष राशि कहाँ व्‍यय की गयी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत वित्तीय वर्ष 2010-11 से वित्तीय वर्ष 2015-16 तक कुल प्राप्त राशि रू. 188713.17 लाख के विरूद्ध कुल राशि रू. 166260.36 लाख व्यय की गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश के संदर्भ में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्ध घुमक्‍कड़ जनजातियों के संबंधी .

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति कल्याण]

3. ( क्र. 114 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश के किन-किन जिलों के कलेक्‍टर्स ने विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्ध घुमक्‍कड़ जनजातियों की जनसंख्‍या तथा शैक्षणिक,सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण जानकारी शासनादेश उपरांत अब तक उपलब्‍ध नहीं करवाई? (ख) क्‍या उक्‍त सर्वेक्षण जानकारी अनुपलब्‍धता के कारण माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा उपरोक्‍त वर्ग के उत्‍थान हेतु की गई घोषणाओं का लाभ इस वर्ग को नहीं मिल रहा है? यदि हाँ, . तो कहाँ-कहाँ घोषणा का लाभ दिया गया? ब्‍यौरा दें. एवं नहीं, तो सर्वे शीघ्र प्राप्ति हेतु क्‍या कदम उठाये गये? (ग) जुलाई 2016 तक कितनी एवं कौन-कौन सी जातियों को विमुक्‍त घुमक्‍कड़ एवं अर्ध घुमक्‍कड़ जनजातियों में सम्मिलित किया गया एवं कौन सी अन्‍य जातियों को इस वर्ग में सम्मिलित करने की मांग प्राप्‍त हुई अथवा विचाराधीन?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) शाजापुर, सिवनी, गुना, देवास एवं दतिया जिलों से सर्वेक्षण की जानकारी प्राप्त हुई है। शेष जिले जिनकी जानकारी प्राप्त नहीं हुई उन्हें स्मरण पत्र भेजा गया है, कार्यवाही अभी प्रचलन में है। (ख) जी नहीं। विभाग द्वारा संचालित योजना का लाभ सभी जिलों में इन वर्गों के व्यक्तियों को दिया जा रहा है। सर्वेक्षण पूर्ण होने पर इन वर्गों के लिये भविष्य की योजनाएं तैयार करने पर सहायता प्राप्त होगी। (ग) जुलाई-2016 तक किसी भी नई जाति को विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजातियों में सम्मिलित नहीं किया गया है। विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजातियों की सूची में अनुक्रमांक-30 पर अंकित धनगर जनजाति के साथ धनगर में उपजाति वर्ग समूह का उल्लेख अंकित करने एवं गोपाल जाति को घुमक्कड़ जाति में शामिल किये जाने के आवेदन प्राप्त हुए है, जो परीक्षणाधीन है।

सुपर स्‍पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

4. ( क्र. 115 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सरकार ने सुपर स्‍पेशियलिटी हॉस्पिटल खोलने के संबंध में निवेशकों के हित में निर्णय लिये हैं? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) सरकार ने बेहतर चिकित्‍सा सुविधायें देने की दिशा में वर्ष 2015 एवं जुलाई 2016 तक क्‍या-क्‍या निर्णय लिये? (ग) क्‍या सरकार केवल बड़े शहरों में ही चिकित्‍सा सुविधायें एवं सुपर स्‍पेशियलिटी चिकित्‍सालय खोलने पर बल देगी अथवा निवेशकों को पिछड़े, आदिवासी, अनुसूचित जाति बाहूल्‍य जिलों में उक्‍त सुविधायें प्रदान करवाने हेतु प्रोत्‍साहित करेगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश में मल्टी एवं सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल तथा मेडिकल कॉलेज खोलने के संबंध में म.प्र. स्वास्थ्य क्षेत्र निवेश प्रोत्साहन योजना 2016 जारी की है। तत्संबंधी जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। म.प्र. स्वास्थ्य क्षेत्र निवेश प्रोत्साहन योजना 16 अगस्त 2016 को जारी की गयी है। (ग) जी नहीं, योजना सम्पूर्ण प्रदेश हेतु है। निवेशकों को ग्रामीण क्षेत्र में उक्त सुविधायें प्रदान करने को प्रोत्साहन हेतु इन्दौर शहर में निवेश हेतु रियायती दर पर भूमि आवंटन का प्रावधान नहीं है। भोपाल शहर में 40 प्रतिशत तथा शेष नगरों में 60 प्रतिशत शासकीय भूमि के मूल्य में रियायत/छूट का प्रावधान है तथा अन्य सभी नगरीय क्षेत्र से बाहर स्थापित होने वाली स्वास्थ्य संस्थाओं हेतु 75 प्रतिशत शासकीय भूमि के मूल्य में रियायत/छूट का प्रावधान किया गया है।

परिशिष्ट - ''तीन''

शिक्षकों के क्रमोन्‍नति के प्रकरण

[स्कूल शिक्षा]

5. ( क्र. 133 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा अधिकारी भोपाल कार्यालय में शिक्षकों के क्रमोन्‍नति के कितने प्रकरण कब से लंबित हैं? (ख) क्रमोन्‍नति के लंबित प्रकरणों पर कार्यालय द्वारा अभी तक आदेश क्‍यों नहीं निकाले गये? यदि निकाले जायेंगे तो कब तक? (ग) इसके विलंब होने में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? क्‍या उनके विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी, यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) वर्तमान में कोई प्रकरण लंबित नहीं है। (ख) क्रमोन्‍नति के प्रकरणों के आदेश जारी किए जा चुके है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश '' '' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शास्ति के प्रभाव में रहते हुए द्वितीय क्रमोन्‍नति का लाभ

[स्कूल शिक्षा]

6. ( क्र. 168 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल के आदेश क्रमांक एफ 17-9/2014/20-4 भोपाल दिनांक 08.05.2014 द्वारा एस.के. त्रिपाठी तथा प्रभारी जिला शिक्षा सतना को भविष्‍य के लिए सचेत किया गया था? (ख) क्‍या इसी अधिकारी को म.प्र. शासन, स्‍कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक 2309/796/2013/20-4 भोपाल दिनांक 26.11.2015 द्वारा परिनिंदा की शास्ति अधिरोपित की गई थी तथा अनुदान घोटाले की विभागीय जाँच भी अभी लंबित है? क्‍या आयुक्‍त रीवा संभाग रीवा द्वारा भी आरोप पत्र जारी किये हैं? (ग) जिला पंचायत सतना के पत्र क्रमांक जि.पं./शिका./2015/5368 दिनांक 21.8.2015 द्वारा क्‍या इसी अधिकारी के विरूद्ध थाना कोलगंवा में अपराध क्रमांक 887/15 दिनांक 24.9.15 भारतीय दंड विधान की धारा 420 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था तथा उक्‍त अधिकारी माननीय न्‍यायालय से जमानत पर हैं? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) सही है तो शास्ति के प्रभाव में रहते हुए उक्‍त अधिकारी को म.प्र. शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक एफ 13-36/2012/20-1 भोपाल, दिनांक 06.01.2016 द्वारा द्वितीय क्रमोन्‍नति वेतनमान कैसे दे दिया गया? नियम विरूद्ध द्वितीय क्रमोन्‍नति कब तक निरस्‍त कर दी जायेगी? स्‍वीकृत करने वाले अधिकारी पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा बतायें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) प्रकरण परीक्षणाधीन है। परीक्षणोपरान्‍त नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी।

विधानसभा प्रश्‍नों पर विभाग द्वारा कार्यवाही न किया जाना

[स्कूल शिक्षा]

7. ( क्र. 169 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क्रमांक 4619, दिनांक 29.03.2012 पर बने आश्‍वासन क्रमांक 885 की जाँच उप संचालक कार्यालय संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा से करायी गयी थी? क्‍या यह भी सही है कि उक्‍त जाँच अधिकारी द्वारा पत्र क्रमांक 30, दिनांक 07.04.2015 को अपना जाँच प्रतिवेदन संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षक को सौंप दिया था, जिसमें एक अधिकारी और दो लिपिक दोषी पाये गये थे? (ख) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा प्रश्‍न (क्र. 2718), दिनांक 18.12.2015 में संचालक लोक शिक्षण ने यह मान लिया है कि सतना में सहायक अध्‍यापक से अध्‍यापक पद की पदोन्‍नति में नि:शुल्‍क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा का उल्‍लंघन हुआ है? संचालक लोक शिक्षण भोपाल के पत्र क्रमांक/शि.क./सी/अता. 2718/2015/2229, भोपाल दिनांक 11.12.2015 एवं क्रमांक 358, दिनांक 17.02.2016 के द्वारा प्रकरण की जाँच संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा को सौंपी गई थी? इस जाँच में 02 अधिकारी एवं 02 लिपिक नियम विरूद्ध तरीके से लाभ देने के लिये दोषी पाए गए हैं? (ग) क्‍या संचालक लोक शिक्षण के पत्र क्रमांक/शि.का./सी./आश्‍वा. 885/35/2015/1775 भोपाल, दिनांक 08.10.2015 द्वारा 01 अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय सतना के दो लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के विरूद्ध तत्‍काल अनुशासनात्‍मक कार्यवाही के निर्देश गये थे, किन्‍तु आज दिनांक तक इनके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क) (ख) एवं (ग) सही है तो उक्‍त विधानसभा प्रश्‍नों से उद्भूत जाँच में दोषी पाये गये अधिकारियों एवं लिपिकों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही न करते हुए उन्‍हें बचाने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? नियम विरूद्ध लाभ देने वाले अधिकारी/कर्मचारी एवं नियम विरूद्ध तरीके से लाभ लेने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध शासन कब तक दंडित करने की कार्यवाही करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी हाँ। संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, रीवा संभाग रीवा के पत्र क्र./वि.स./बजट/ 2016/120, दिनांक 09.03.16 के द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में जिला शिक्षा अधिकारी सतना को उत्तरदायी बताया गया है। (ग) दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध निम्नानुसार कार्रवाई की गई है:- 1. लोक शिक्षण संचालनालय म.प्र. के आदेश क्र.स्था.1/सत/सी/सतना/ 74 /2015 /1383-1384, दिनांक 23.11.16 के द्वारा श्री उमाकांत शुक्ला, तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी सतना की दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है। 2. संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, रीवा संभाग रीवा के आदेश क्र./184-185, दिनांक 08.11.16 के द्वारा श्री पवन श्रीवास्तव, सहायक ग्रेड-2, सतना की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है। 3. संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, रीवा संभाग रीवा के आदेश क्र./186-187, दिनांक 08.11.16 के द्वारा श्री उमेश कुमार शुक्ला, लेखापाल की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने के आदेश जारी किये गये है। (घ) प्रश्नांश '' '' एवं '''' उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में शाला भवनों का मरम्‍मतीकरण

[स्कूल शिक्षा]

8. ( क्र. 187 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत वर्तमान में ऐसे कितने प्राथ./माध्य./ हाईस्कूल/हायरसेकेण्डरी विद्यालय हैं जो भवनविहीन हैं एवं कितने विद्यालयों के भवन जर्जर अवस्था में हैं सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त भवन विहीन/जर्जर भवन वाले विद्यालयों के नवीन भवन निर्माण हेतु शासन की कोई मंशा है तो अवगत करावें। (ग) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत ऐसे कितने शाला भवन है जिनकी भूमि का सीमांकन कर अतिकमण मुक्त कराया गया है? अतिक्रमण मुक्त भूमि पर कितने विद्यालयों की बाउन्ड्रीवॉल का निर्माण कराया गया हे सूची उपलब्ध करावें। जिन विद्यालयों में बाउन्ड्रीवॉल नहीं है उन विद्यालयों में बाउन्ड्रीवॉल निर्माण की शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो अवगत करावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव के अतंर्गत वर्तमान में प्राथ‍/माध्यमिक विद्यालय भवनविहीन नहीं है। जर्जर प्राथ/माध्‍यमिक विद्यालयों के भवन की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार। हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '6 '' अनुसार है। (ख) नवीन भवन निर्माण हेतु प्रस्‍ताव वार्षिक कार्ययोजना में प्रेषित किया जाता है। स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर एवं बजट उपलब्‍धता के आधार पर निर्माण कार्य किया जाता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाओं में बाउन्ड्रीवॉल निर्माण हेतु प्रस्‍ताव भारत शासन को प्रेषित किया जाता है एवं स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर ही निर्माण कार्य किया जा सकता है। शासकीय उ.मा. विद्यालय खमरिया झांसी घाट में जन भागीदारी से बाउन्ड्रीवॉल का निर्माण कराया गया है। बाउन्ड्रीवॉल का निर्माण बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर है।

विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों के संबंध में

[स्कूल शिक्षा]

9. ( क्र. 193 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान सत्र में विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत शासन द्वारा देय निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें समस्त विद्यालयों के समस्त छात्र/छात्राओं को वितरित कर दी गई है? (ख) यदि नहीं, तो समस्त विषयों की पुस्तक वितरित न कर पाने का कारण बतावें। (ग) ऐसे कितने विषय है जिनकी शिक्षा शालाओं में संचालित नहीं हो रही है ऐसे स्कूलों की सूची विषयवार उपलब्ध करावें। विषय मान से शिक्षा न दिये जाने का कारण भी स्पष्ट करें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्‍तरांश '' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1, 23 अनुसार है। पदपूर्ति निरंतर प्रक्रिया है। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधानसभा क्षेत्र पनागर की शालाओं में विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था

[स्कूल शिक्षा]

10. ( क्र. 204 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नवनिर्मित/निर्माणाधीन शालाओं में विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था का प्रावधान रखा जाता हैं? (ख) क्या विषयांकित विधान सभा में 06 माह पूर्व नवनिर्मित शास. मा. शाला उमरिया पठरा में विद्युत एवं पेयजल की व्यवस्था नहीं हैं? (ग) क्या विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था न होने के कारण शाला पुराने भवन में ही चल रही हैं? (घ) यदि हाँ, तो कब तक व्यवस्थायें की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) विधानसभा पनागर के अंतर्गत 6 माह पूर्व शास. मा. शाला उमरिया पठरा का निर्माण कार्य नहीं किया गया है। माध्‍यमिक शाला भवन लगभग 10 वर्ष पूर्व निर्मित किया गया है, जिसमें विद्युत एवं पेयजल की व्यवस्था है। (ग) उत्‍तरांश '' '' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश '' '' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दस बीस वर्षों से अधिक पदस्‍थ लिपिकों का स्‍थानांतरण

[स्कूल शिक्षा]

11. ( क्र. 216 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त लोक शिक्षण के पत्र क्रमांक स्‍था.4/बी/स्‍थाना/2016 भोपाल दिनांक 14.06.2016 द्वारा मध्‍यप्रदेश के समस्‍त जिला शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि उनके कार्यालय में दस बीस वर्षों से पदस्‍थ लिपिकों के स्‍थानांतरण कर एक माह में पालन प्रतिवेदन भेजा जाए? (ख) उपरोक्‍त पत्र के परिपालन में क्‍या दतिया जिले के जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय में आदेश का पालन हुआ? यदि हाँ, तो पालन प्रतिवेदन एवं स्‍थानांतरण आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराई जाए? (ग) क्‍या आयुक्‍त लोक शिक्षण के पत्र के परिपालन हेतु जनप्रतिनिधियों ने शिक्षामंत्री, जिला शिक्षाधिकारी को पत्र लिखे थे? यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र के संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई और कृत कार्यवाही से जनप्रतिनिधि को अवगत कराया गया अथवा नहीं? यदि हाँ, तो कृत कार्यवाही के पत्र की प्रतिलिपि उपलब्‍ध कराई जाए यदि नहीं, तो क्‍यों और इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ, आयुक्त, लोक शिक्षण के पत्र दिनांक 14.06.16 द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ लिपिकों के स्थानातरंण हेतु निर्देश दिये गये थे। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक पर है। (ग) लोक शिक्षण संचालनालय में प्राप्‍त जनप्रतिनिधि के पत्र के अनुक्रम जिला शिक्षा अधिकारी दतिया द्वारा जारी आदेश दिनांक 23.11.16 की प्रति पत्र क्र./स्‍था.-4/2325/ दिनांक 25.11.16 दवारा जनप्रतिनिधि को संलग्‍न भेजते हुए अवगत कराया गया पत्र की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो पर है।

परिशिष्ट - ''चार''

सहायक अध्‍यापक संवर्ग को क्रमोन्‍नति

[स्कूल शिक्षा]

12. ( क्र. 217 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या  दतिया जिले में सहायक अध्‍यापक संवर्ग को 12 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के उपरांत क्रमोन्‍नति का लाभ नहीं दिया गया है? क्‍या इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 5623 दिनांक 16.3.2016 में पूछे गए प्रश्‍न पर आश्‍वासन क्रमांक 743 बना था? (ख) क्‍या उपरोक्‍त आश्‍वासन के बावजूद आज दिनांक तक क्रमोन्‍नति का लाभ नहीं दिया गया? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (ग) उपरोक्‍त संवर्ग के सहायक अध्‍यापकों को कब तक क्रमोन्‍नति का लाभ दिया जावेगा और विलंब के लिए जिम्‍मेदारों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई या की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दतिया के आदेश दिनांक 03.11.2016 एवं 10.11.2016 के द्वारा जिले के 284 सहायक अध्यापकों को 12 वर्ष सेवा उपरांत क्रमोन्नति का लाभ दिया गया है। शेषांश आश्‍वासन क्रमांक 743 बना था। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '' '' उत्तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्वालियर जिले में आदिमजाति कल्याण विभाग द्वारा स्वीकृत विद्युत ट्रांसफार्मरों

[आदिम जाति कल्याण]

13. ( क्र. 233 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2014-15 एवं 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक किन किन ग्रामों में कितने किस स्थान पर विद्युत ट्रांसफार्मर स्वीकृत कर लगाये गये हैं। कितने शेष हैं किस में कितनी राशि भुगतान की गई ग्राम का नाम व स्थान सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) ग्वालियर जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जिन स्थानों पर ट्रांसफार्मर स्वीकृत किये गये हैं। क्या उस क्षेत्र के स्थानीय विधायक को इसकी सूचना दी गई है नहीं तो क्यों इसमें कौन दोषी है क्या उसके खिलाफ कोई कार्यवाही की जावेगी? हाँ, तो कब तक। नहीं तो क्यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) ग्वालियर जिले में विभाग द्वारा वर्ष 2014-15 में अनुसूचित जनजाति विद्युतीकरण योजना अन्तर्गत 05 चिन्हित अविद्युतीकृत ग्रामों में विद्युतीकरण कार्य कराये गये है, 75 ग्रामों का विद्युतीकरण कार्य शेष है। स्वीकृत कार्यों की ग्राम, स्थान एवं भुगतान की गई राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। वर्ष 2016-17 में कोई कार्य नहीं कराया गया हैं। (ख) जिले द्वारा स्वीकृत किये गये कार्यों की सूचना स्थानीय विधायक को दिये जाने के संबंध कोई निर्देश नहीं हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

नियम विरूद्ध बहाली आदेश निरस्‍त किया जाना

[स्कूल शिक्षा]

14. ( क्र. 242 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्र. सी. 1-2008-3 एक दिनांक 20/10/2008 द्वारा संभागायुक्‍तों द्वारा अपने ही संभाग में पदस्‍थ प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी शासकीय सेवकों के विरूद्ध लघु शासित के अधिकार दिये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो स्‍कूल शिक्षा विभाग के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के सेवकों को निलंबन से बहाल करने की सूचना संबंधित विभाग/विभाग अध्‍यक्ष को देते हुए उसकी पदस्‍थापना किये जाने का अनुरोध किया जाना चाहिये ताकि प्रशासकीय विभाग/विभाग अध्‍यक्ष द्वारा प्रशासकीय आवश्‍यकता अनुसार उसकी पदस्‍थापना करें? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख) हाँ तो रीवा संभागायुक्‍त द्वारा संभाग अंतर्गत किन-किन प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी शासकीय सेवकों को वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक निलंबित किया जाकर बहाल किये या पदस्‍थापना हेतु प्रस्‍ताव विभाग अध्‍यक्ष को भेजे गये हैं, की जानकारी आदेश की प्रति के साथ जिलावार, श्रेणीवार, पदवार सूची देवें? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) हाँ तो यह बतायें कि किस-किस जिले में किस-किस व्‍याख्‍याता/प्राचार्य को संभागायुक्‍त द्वारा निलंबित कर बहाल किया जाकर पदस्‍थापना आदेश जारी किये गये हैं? क्‍या उक्‍त बहाली पदस्‍थापना आदेश नियम विरूद्ध है? यदि हाँ, तो उन्‍हें कब तक निरस्‍त कर नियमानुसार प्रक्रिया से बहाल एवं पदस्‍थापना की जायेगी? नियम विरूद्ध आदेश जारी करने वाले अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्‍तरांश (क) में वर्णित सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र के क्रम में सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा निलंबन किये जाने एवं निलंबन से बहाल करने के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं किन्‍तु निलंबन से बहाली उपरांत पदस्‍थापना किये जाने के संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं किये गये हैं। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रस्‍ताव विभागाध्‍यक्ष को नहीं भेजे गये। (घ) विभाग के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के शासकीय सेवकों को निलंबन से बहाल कर पदस्‍थापना आदेश जारी किये जाने की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेषांश उत्‍तरांश '' '' अनुसार, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ: ''

फर्जी मांझी जाति प्रमाण-पत्र की जाँच

[आदिम जाति कल्याण]

15. ( क्र. 247 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 87 पूर्ण उत्‍तर मार्च 2014 के प्रश्‍नांश (ग) के प्रकरण निरस्‍त की जानकारी दी गई है, पारित निर्णय की जानकारी नहीं दी गई है। बताएं कि प्रमाण पत्र निरस्‍त पश्‍चात् रीवा से पृथक की कार्यवाही करेंगे? (ख) विधान सभा अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 134 (क्रमांक 2567) उत्‍तर दिनांक 18.07.2016 के मूल प्रश्‍न के भाग (ग) में संशोधन किये जाने से प्रश्‍नकर्ता द्वारा चाही गई जानकारी का उद्देश्‍य पूर्ण नहीं होता इसलिये उक्‍त प्रश्‍न के मूल प्रश्‍नानुसार जिलावार, विभागवार, पदवार वर्षवार जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 87 विधानसभा सत्र मार्च 2014 के प्रश्‍नांश (ग) अनुसार निरस्त प्रकरणों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' '' अनुसार है। सेवा से पृथक करने की कार्यवाही उस विभाग की है जिस विभाग ने उन्‍हें शासकीय सेवा में नियुक्ति प्रदान ही है। सामान्‍य प्रशासन विभाग के पत्र कमांक एफ-7-74/2003/आ.प्र/एक दिनांक 21 जुलाई 2003 के द्वारा स्‍पष्ट निर्देश जारी किये जा चुके हैं। उक्‍त पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' '' अनुसार है। (ख) जिलावार, विभागवार, पदवार वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) निरस्‍त प्रकरणों पर कार्यवाही करने हेतु संबंधित जिलों के कलेक्‍टर और पुलिस अधीक्षक को समिति द्वारा पारित निर्णय की प्रतियां उपलब्‍ध करा दी गई हैं। जिन पर कार्यवाही प्रचलित है।

दोषी पर कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

16. ( क्र. 248 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के पत्र क्र./विधि/सी/रीवा/ अपील/114/06/1420-1421 भोपाल दिनांक 15/07/06 में विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी सिरमौर, जिला रीवा में पदस्‍थ तत्‍कालीन लिपिक रजनीश द्विवेदी के विरूद्ध शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के कारण कलेक्‍टर रीवा द्वारा अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिये गये थे तथा जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के आदेश क्रमांक/सतर्कता/609-610 रीवा दिनांक 13/02/2007 को निलंबित किया जाकर विभागीय जाँच संस्‍थापित की गई थी? आदेश प्रति के साथ जानकारी देवें तथा यह भी बतायें कितनी राशि की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई थी? (ख) यदि हाँ, तो दर्ज कराई गई एफ.आई.आर. की प्रति दें। यदि एफ.आई.आर. दर्ज नहीं कराई गई तो क्‍यों तथा कब तक एफ.आई.आर. दर्ज करा दी जायेगी? एफ.आई.आर. दर्ज न कराने में कौन-कौन दोषी है? दोषी के विरूद्ध कब क्‍या कार्यवाही करेंगे की जानकारी, एफ.आई.आर. की प्रति एवं संस्‍थापित विभागीय जाँच का जाँच प्रतिवेदन उपलब्‍ध कराते हुए देवें? (ग) क्‍या संयुक्‍त संचालक संभागीय कार्यालय/जिला शिक्षा अधिकारी/विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्‍थ मुख्‍य लिपिक का वेतनमान 4500-7000 स्‍वीकृत हैं? जिला शिक्षा अधिकारी रीवा द्वारा आदेश क्र. स्‍था/2/लेखा/पदों/2003/263-64 रीवा दिनांक 29/03/2003 से रजनीश द्विवेदी को लेखापाल से मुख्‍य लिपिक के पद का वेतन नियम विरूद्ध 5000 से 8000 पद पदोन्‍नति आदेश जारी कर दिया जा रहा है? (घ) (क), (ख), (ग) यदि हाँ, तो नियम विरूद्ध श्री द्विवेदी की पदोन्‍नति जारी करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कब क्‍या कार्यवाही करेंगे तथा अधिक भुगतान किया गया? वेतन उनके स्‍वत्‍वों एवं अचल संपत्तियों से वसूल किया जाकर शासन कोष में राशि जमा कराते हुये पुलिस में प्रकरण दर्ज करायेंगे? यदि हाँ, तो कब?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। विभागीय जाँच संस्थापित करने संबंधी आदेश संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। श्री रजनीश द्विवेदी तत्कालीन मुख्य लिपिक सिरमौर को जारी आरोप पत्र में रूपये 10,19,805/-की हानि का उल्लेख है। (ख) जी नहीं। एफ.आई.आर दर्ज नहीं करायी गई है। कलेक्टर रीवा के पत्र दिनांक 30.11.2016 के अनुक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा पत्र क्रमांक/सर्त/वि.स./ 2016/1282, दिनांक 01.12.16 द्वारा पुलिस अधीक्षक रीवा को एफ.आई.आर.दर्ज करने हेतु लिखा गया है। एफ.आई.आर. दर्ज न कराने हेतु तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी श्री मोहनलाल तिवारी थे, जो कि सेवानिवृत्त हो गये है तथा तत्कालीन सर्तकता कक्ष प्रभारी लिपिक श्री के.के.मिश्रा,सहा.ग्रेड-2 को संयुक्त संचालक के आदेश क्रमांक/249-50 दिनांक 01.12.2016 द्वारा निलंबित कर दिया गया है। प्रकरण में विभागीय जाँच प्रचलन में है, जिसके पूर्ण होते ही जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा सकेगा। (ग) जी हाँ। जी हाँ। (घ) नियम विरूद्ध पदोन्नति जारी करने वाले तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार मिश्रा को सेवा से पृथक किया जा चुका है। अधिक भुगतान के संबंध में संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण शहडोल संभाग शहडोल को जाँच हेतु निर्देशित किया गया है। जांचोपरांत गुणदोष के आधार पर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - ''सात ''

सिविल अस्‍पताल हटा की व्‍यवस्‍थाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

17. ( क्र. 258 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में हटा सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को सिविल अस्‍पताल का दर्जा कब किस आदेश के तहत प्राप्‍त हुआ था? आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या हटा चिकित्‍सालय को प्रा.स्‍वा.के. जैसा ही संचालित किया जा रहा है, सिविल हॉस्पिटल के अनुरूप डॉक्‍टर पदस्‍थ नहीं हैं, कोई सुविधाएं नहीं हैं? इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की जाएगी? (ग) सिविल अस्‍पताल हटा को सिविल अस्‍पताल भवन, सिविल अस्‍पताल अनुरूप पद संरचना, मरीजों को प्रदाय सुविधाएं कब तक उपलब्‍ध हो जावेंगी?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) दमोह जिले में हटा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का 60 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का दर्जा शासन आदेश क्र.एफ 1-15/07/सत्रह/मेडि-3 दिनांक 09.09.2008 को प्राप्त हुआ था। आदेश की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है(ख) जी नहीं। सिविल अस्पताल हटा में स्वीकृत 09 विशेषज्ञों के विरूद्ध 01 सर्जिकल विशेषज्ञ व 06 चिकित्सा अधिकारी के विरूद्ध 04 पदस्थ है। जी नहीं, सिविल अस्पताल हटा में एक्स-रे, पैथॉलाजी, ब्लड़ स्टोरेज यूनिट एवं अन्य जांचों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। चिकित्सकों के पद पूर्ति की कार्यवाही निरन्तर जारी है। (ग) सिविल अस्पताल हटा में भवन को सिविल अस्पताल के अनुरूप निर्माण किये जाने हेतु डी.पी.आर तैयार करने की कार्यवाही प्रचलन में है एवं चिकित्सकों के पदों की पूर्ति हेतु कार्यवाही निरन्तर जारी है। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''आठ ''

इन्‍सीलेटर शौचालयों के संबंध में

[स्कूल शिक्षा]

18. ( क्र. 263 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर संभाग में कन्‍या विद्यालयों एवं कन्‍या छात्रावासों में कहाँ-कहाँ इन्‍सीलेटर शौचालय स्‍थापित हैं? नाम, पतावार जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या दमोह जिले में कन्‍या छात्रावासों, विद्यालयों में एक भी इन्‍सीलेटर शौचालय नहीं बनाये गये हैं? (ग) कितना बजट किन-किन शालाओं को प्रदान किया है? बजट प्राप्ति के बाद यदि उक्‍त शौचालय नहीं बनाये गये तो संबंधितों पर कब तक और क्‍या कार्यवाही की जाएगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) हाई व हायर सेकेण्‍डरी स्कूलों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट - ''एक '' अनुसार है। प्राथमिक/माध्‍यमिक कन्या विद्यालयों एवं कन्या छात्रावासों के शौचालयों में इन्सीलेटर स्थापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक '' अनुसार है। (ख) हाई व हायर सेकेण्‍डरी विद्यालयों से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो '' अनुसार है। के.जी.बी.व्ही. एवं कन्या छात्रावास भवनों के प्राक्कलन में इन्सीलेटर का प्रावधान नहीं होने से वहां इन्सीलेटर स्थापित नहीं है। प्राथमिक/ माध्‍यमिक 371 शालाओं के कन्या शौचालयों में इन्सीलेटर स्थापित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है। जिन एजेंसियों द्वारा इन्सीलेटर निर्मित नहीं किए गए हैं उन्‍हें इन्सीलेटर निर्मित करने हेतु जिलों द्वारा लिखा गया है। प्राथमिक व माध्‍यमिक कन्‍या विद्यालयों एवं कन्या छात्रावासों से संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक '' अनुसार है। उतरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन अंतर्गत प्राप्‍त राशि

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

19. ( क्र. 306 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2014-2015 से प्रश्‍न दिनांक तक सिंगरौली जिले को राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के अंतर्गत कितनी राशि प्राप्‍त हुई है तथा कितनी व्‍यय की गई? व्‍यय राशि का मदवार एवं गतिविधिवार ब्‍यौरा दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में व्‍यय की गई राशि के संबंध में क्‍या भण्‍डार क्रय नियमों का पालन वित्‍तीय सीमा में किया गया है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में दर्शाई गई व्‍यय राशि के संबंध में जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित कर अनुमोदन लिया गया है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा दें। (घ) व्‍यय राशि के संबंध में क्‍या सक्षम अधिकारी द्वारा सत्‍यापन किया गया है? यदि हाँ, तो विवरण उपलब्‍ध कराया जावे?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) प्रश्‍नावधि में सिंगरौली जिले को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 50.19 करोड़ राशि प्राप्त हुई है तथा राशि रूपये 44.07 करोड़ व्यय की गई। मदवार एवं गतिविधिवार व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ, व्यय राशि का सत्यापन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं संबंधित कार्यक्रम अधिकारी द्वारा किया है। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सुठालिया के नवीन भवन में विद्युत कनेक्‍शन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( क्र. 324 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 11 (क्रमांक 2935) दिनांक 25 जुलाई 2016 के परिप्रेक्ष्‍य में सदन में हुई चर्चा के दौरान माननीय विभागीय मंत्री जी द्वारा सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सुठालिया के नवीन भवन में बाहरी विद्युत कनेक्‍शन के प्राक्‍कलन की स्‍वीकृति एक माह में करा लेने की बात कही थी? क्‍या उक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के नवीन भवन में विद्युत कनेक्‍शन की स्‍वीकृति प्रश्‍न दिनांक तक नहीं हुई है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृति प्रदान न करने के क्‍या कारण है? (ख) क्‍या उक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का नवीन भवन विभाग के आधिपत्‍य में आए हुये लगभग एक वर्ष का समय व्‍यतीत हो जाने के बावजूद भी आमजन को नवीन भवन के माध्‍यम से स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं का लाभ बाहरी विद्युत कनेक्‍शन के अभाव में नहीं मिल पा रहा है? यदि हाँ, तो इस लापरवाही के लिये कौन जिम्‍मेदार है तथा शासन द्वारा संबंधित के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कोई कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या शासन उक्‍त नवीन भवन में बाहरी विद्युत कनेक्‍शन की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, विद्युत कनेक्शन कार्य सहित पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति दिनांक 19.10.2016 को जारी की जा चुकी है। अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। स्वीकृति में कोई लापरवाही नहीं हुई अपितु प्रक्रिया में समय लगा है, अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) स्वीकृति दिनांक 19.10.2016 को जारी हो जाने के पश्चात् पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग राजगढ़ द्वारा बाह्य विद्युतीकरण कार्य की निविदा दिनांक 21.11.2016 से प्रक्रिया में है। यथा शीघ्र।

ब्‍यावरा नगर में ट्रामा सेन्‍टर की स्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

21. ( क्र. 329 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 56 (क्रमांक 514) दिनांक 18 जुलाई 2016 के उत्‍तर की कंडिका (क) में गया था कि मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला राजगढ़ द्वारा नगर ब्‍यावरा में ट्रामा सेंटर खोले जाने हेतु उपयोगिता दर्शाते हुये पूर्ण प्रस्‍ताव नहीं भेजा गया है? तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक प्रस्‍ताव विभाग को प्राप्‍त हो चुका है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो शासन निर्देशों के बावजूद प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण प्रस्‍ताव प्रेषित नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कोई कार्यवाही की गई अथवा नहीं? (ख) क्‍या शासन ब्‍यावरा नगर में ट्रामा सेंटर खोले जाने हेतु पूर्ण प्रस्‍ताव प्राप्‍त कर स्‍वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। जी नहीं। (ख) भारत सरकार को राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित सिविल अस्पतालों में ट्रामा सेन्टरों की स्थापना हेतु प्रस्ताव संचालनालय के पत्र क्रमांक-/एच.ए./सेल-3/2016/2116 दिनांक 01/12/2016 के द्वारा प्रेषित किया गया है। इसमें सिविल अस्पताल ब्यावरा भी सम्मिलित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम अंतर्गत अशासकीय स्‍कूलों की फीस निर्धारण

[स्कूल शिक्षा]

22. ( क्र. 341 ) श्री राजेश सोनकर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में कब से शिक्षा का अधिकार अधिनियम (R.T.E.) लागू किया गया है? क्‍या इस अधिनियम के तहत् 06 से 14 वर्ष के बच्‍चों को नि:शुल्‍क एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (R.T.E.) लागू होने के उपरांत भी क्‍या इंदौर जिला अंतर्गत अशासकीय स्‍कूलों (प्रायवेट स्‍कूलों) में अधिक फीस वसूली के कारण जन आंदोलन किये गये थे? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या अशासकीय विद्यालय भी इस अधिनियम के अंतर्गत शामिल किये गये हैं? यदि हाँ, तो इनके द्वारा वसूल की जा रही फीस अधिनियम का उल्‍लंघन नहीं है? यदि हाँ, तो क्‍या अशासकीय विद्यालयों में भी नि:शुल्‍क एवं अनिवार्य शिक्षा दी जाना अनिवार्य किया जायेगा? यदि नहीं, तो कारण बतायें? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या शासन स्‍तर पर अशासकीय स्‍कूलों की बढ़ती फीस वृद्धि से पालकों को निजात दिलाने हेतु फीस रेग्‍यूलेटिंग एक्‍ट बनाने का प्रावधान किया जा रहा है या किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक किया जायेगा? क्‍या क्षेत्रीय विधायक को भी फीस निर्धारण समिति बनाकर सदस्‍य बनाया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 दिनांक 01.04.2010 से प्रभावशील है। अधिनियम के क्रियान्‍वयन के लिए राज्‍य द्वारा नि:शुल्‍क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम, 2011 दिनांक 26.03.2011 को अधिसूचित किये गये हैं। जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 18 के अंतर्गत अशासकीय विद्यालयों को मान्‍यता प्राप्‍त करना अनिवार्य है। जी नहीं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12 (1) (सी) के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्‍त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह तथा कमजोर वर्ग के नि:शुल्‍क प्रवेशित बच्‍चों को छोड़कर शेष बच्‍चों के लिये फीस निर्धारण किये जाने की व्‍यवस्‍था है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) अशासकीय विद्यालयों द्वारा लिये जाने वाले शैक्षणिक एवं अन्‍य प्रकार के शुल्‍कों के निर्धारण हेतु मार्गदर्शी सिद्धांत दिनांक 30.04.2015 को मार्गदर्शी सिद्धांत वर्तमान में प्रभावशील है। सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 20.10.2015 द्वारा अशासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक तथा अन्‍य शुल्‍क व मुद्दों विनियमित करने संबंधी बिंदु पर विचार करने हेतु राज्‍य शासन द्वारा विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

महाराजा यशवंतराव चिकित्‍सालय में दवाइयों एवं अन्‍य सामग्री क्रय में अनियमितता

[चिकित्सा शिक्षा]

23. ( क्र. 342 ) श्री राजेश सोनकर : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाराजा यशवंतराव चिकित्‍सालय इंदौर में किन-किन विभागों के माध्‍यम से कौन-कौन सी सामग्री किन नियमों के तहत क्रय की जाती है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में महाराजा यशवंतराव चिकित्‍सालय में पिछले दिनों एप्रिन खरीदी एवं दवाईयां खरीदी में बहुत अनियमितताएं सामने आई थी? यदि हाँ, तो क्‍या गड़बड़ि‍यां थी? इन अनियमितताओं के दोषियों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई अथवा की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में महाराजा यशवंतराव चिकित्‍सालय, इंदौर में चाचा नेहरू अस्‍पताल, कैंसर विभाग, इंदौर में मरीजों को कौन-कौन सी दवाईयां उपलब्‍ध कराई जाती हैं व क्‍या चिकित्‍सालय में समस्‍त दवाईयां उपलब्‍ध हैं? यदि नहीं, तो क्‍या मरीजों के परिजनों से बाहर से दवाईयां मंगवाई जाती हैं?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( श्री शरद जैन ) : (क) एम.वाय. चिकित्सालय, इंदौर द्वारा चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के लिये सेन्ट्रल स्टोर हेतु खाद्यान्न सामग्री भंडार क्रय नियमों के अंतर्गत खुली निविदा के माध्यम से, रोगियों के लिये विभिन्न प्रकार के फर्नीचर एवं अन्य आवश्यक सामग्री भंडार क्रय नियम के तहत मध्यप्रदेश राज्य सहकारी उपभोगता संघ मर्यादित, केन्द्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार मर्यादित, सहकारी बाजार, गांधी हॉल, इंदौर से, मेडिकल स्टोर में दवा नीति के अंतर्गत मेडिकल कॉर्पोरेशन भोपाल द्वारा निर्धारित दर पर दवाइयॉ, इंजेक्शन एवं सर्जीकल सामग्री तथा जो मेडिकल कॉर्पोरेशन में उपलब्ध नहीं है उनका क्रय मध्यप्रदेश भण्डार क्रय नियमों का पालन करते हुये खुली निविदा के सफल न्यूनतम दर के निविदाकार से किया जाता है। (ख) एम.वाय. चिकित्सालय, इंदौर में ऐप्रिन का क्रय मध्यप्रदेश हाथकरघा बुनकर मर्यादित संघ, भोपाल से किया गया है। ऐप्रिन क्रय के संबंध में जाँच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। दवाइयों के क्रय में अनियमितता का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। (ग) प्रश्नांश में उल्लेखित संस्थाओं में उपलब्ध दवाइयों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अ, ब एवं स अनुसार है। दवाइयॉ एवं अन्य सामग्री मध्यप्रदेश कार्पोरेशन लिमिटेड भोपाल में उपलब्ध दरों में नहीं है। उन दवाइयों एवं सामग्री को कैंसर चिकित्सालय, इंदौर की कैंसररोधी दवाइयों आमंत्रित निविदा दरो पर एवं जनरल दवाइयों एम.वाय. चिकित्सालय, इंदौर द्वारा जारी निविदा दरों से क्रय की जाती है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों के परिजनों से बाहर से दवाईयॉ नहीं मंगाई जाती है।

उज्‍जैन शहर में संचालित नर्सिंग होम

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

24. ( क्र. 383 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन शहर में कितने नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) नर्सिंग होम की अनुमति किन-किन विभाग द्वारा दी जाती है उसके क्‍या नियम और शर्त रहती है? उज्‍जैन शहर के कितने नर्सिंग होम नियमानुसार संचालित हो रहे हैं एवं कितने नर्सिंग होम नियम विरूद्ध संचालित हो रहे हैं? सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) नर्सिंग होम में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं व जाँच हेतु राशि के निर्धारण के क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किये गये हैं? क्‍या उज्‍जैन शहर के नर्सिंग होम द्वारा दी जाने वाली सुविधा व जाँच हेतु राशि निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार ली जा रही है? यदि हाँ, तो सुविधा एवं जाँच के संबंध में जिले के किन-किन अधिकारियों द्वारा नर्सिंग होम का निरीक्षण दिनांक 01.10.2015 से 05.11.2016 तक किया गया और क्‍या-क्‍या कमियां पाई गई एवं संबंधित अधिकारी द्वारा किस-किस नर्सिंग होम पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) उज्जैन शहर में 38 नर्सिंग होम संचालित हो रहे है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा नर्सिंग होम की अनुमति प्रदान की जाती है, किन्तु इसके पूर्व संबंधित को नगर निगम/नगर पालिका से अनुमति एवं प्रदूषण नियंत्रण मण्डल से प्राधिकार प्रमाण-पत्र एवं आवश्यकतानुसार ए.ई.आर.बी. की अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम-1973, नियम 1997 के प्रावधानों के पालन पर पंजीयन किया जाता है। उज्जैन शहर में समस्त 38 नर्सिंग होम नियमानुसार संचालित हो रहे है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) नर्सिंग होम में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं व जाँच हेतु राशि निर्धारण के कोई मापदण्ड निर्धारित नहीं है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

25. ( क्र. 384 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में जनवरी, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने मिडिल से हाईस्‍कूल एवं हाईस्‍कूल से हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल का उन्‍नयन किया गया है एवं कितने हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल का उन्‍नयन किया जाना शेष हैं? (ख) उज्‍जैन जिले के उन्‍नयन किये गये हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में कितने भवन स्‍वीकृत किये गये हैं, कितने भवन स्‍वीकृत नहीं हो पाये हैं? कितने भवन पूर्ण हैं, कितने भवन अपूर्ण हैं? अपूर्ण भवन कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे? कितने नवीन भवनों में स्‍कूलों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है? स्‍कूलवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) उज्‍जैन जिले में उन्‍नयन किये गये हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में स्‍कूलवार स्‍टॉफ की क्‍या स्थिति है? क्‍या स्‍कूलवार स्‍टॉफ पर्याप्‍त संख्‍या में है? अगर नहीं तो विभाग द्वारा क्‍या प्रयास किये जा रहे है? (घ) कब तक स्‍कूलों में स्‍टॉफ की पूर्ति कर ली जावेगी एवं वर्तमान में हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल स्‍टॉफ की जानकारी उपलब्‍ध करावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार। वर्ष 2016-17 में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार 03 पूर्ण हायर सेकेण्‍डरी भवनों में स्‍कूल का संचालन हो रहा है।। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार। (घ) पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। पद पूर्ति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार।

परिशिष्ट - ''दस ''

नियम विरूद्ध ए.एन.एम. नियुक्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

26. ( क्र. 413 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले में वर्ष 2011-12 से वर्ष 2015-16 तक लगभग आधा दर्जन ए.एन.एम. की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन की नियुक्ति किन-किन के द्वारा कब-कब किस आदेश के तहत की गई है? आदेश एवं तत्‍समय लागू शासन के नियम/निर्देशों की छायाप्रति संलग्‍न कर जानकारी दें। (ख) क्‍या उक्‍त ए.एन.एम. नियुक्ति फर्जीवाड़े की जाँच कराई गई है? यदि हाँ, तो उक्‍त जाँच प्रतिवेदन पर किन-किन के द्वारा कब-कब क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो क्‍यों? (ग) क्‍या सी.एम.एच.ओ. कार्यालय शिवपुरी ने उक्‍त ए.एन.एम. नियुक्ति फर्जीवाड़े का जाँच प्रतिवेदन टीप सहित कार्यवाही हेतु प्रमुख सचिव लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण म.प्र. शासन भोपाल एवं आयुक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं मध्‍यप्रदेश को वर्ष-2016 में पत्र प्रेषित किया था? यदि हाँ, तो प्रेषित पत्र एवं संलग्‍न प्रतिवेदन की छायाप्रतियां संलग्‍न कर जानकारी दें कि उक्‍त दोनों अधिकारियों द्वारा प्रकरण में क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्‍यों? (घ) क्‍या उक्‍त लगभग आधा दर्जन नियुक्तियां तत्‍कालीन 03 सी.एम.एच.ओ. द्वारा कर्मचारियों से मिलीभगत कर अनियमितताएं कर की गई हैं, जिन्‍हें बचाने के लिए शासन कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है? यदि नहीं, तो शासन ने अभी तक नियमों की अनदेखी करने वाले सी.एम.एच.ओ. एवं कर्मचारियों के विरूद्ध ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही क्‍यों नहीं की? यदि कार्यवाही की है तो संलग्‍न कर जानकारी दें?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, शिवपुरी द्वारा की गई नियुक्तियों की जाँच जिला टीकाकरण अधिकारी (कनिष्ठ अधिकारी) से कराई गई जो कि नियमानुसार उचित नहीं है। इस प्रकरण की नियमानुसार विस्तृत जाँच कर एक माह में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, ग्वालियर को निर्देशित किया गया है। (ग) क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें, ग्वालियर को जाँच कर एक माह के अंदर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। जाँच प्रतिवेदन में प्राप्त निष्कर्ष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) जाँच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बदरवास के तत्‍कालीन बी.एम.ओ. के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

27. ( क्र. 414 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बदरवास के पूर्व बी.एम.ओ. के विरूद्ध अप्रैल-2014 से अक्‍टूबर-2016 की अवधि में कोई शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी शिकायतें प्राप्‍त हुई? प्राप्‍त शिकायतों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बदरवास के खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी द्वारा पत्र क्रमांक 2016/क्‍यू1, दिनांक 08.10.2016 मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्थ्‍य अधिकारी जिला शिवपुरी को लिखा गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त पत्र पर मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला शिवपुरी द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या कार्यालय मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी जिला शिवपुरी द्वारा पत्र क्रमांक मु.चि.अ./2016/12789, दिनांक 21.10.2016, खण्‍ड चिकित्‍सा अधिकारी सामु.स्‍वा. केन्‍द्र बदरवास को किसी प्रकरण की जाँच कर 02 दिवस में प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करने हेतु लिखा है? यदि हाँ, तो प्रकरण की शिकायत एवं पूर्ण जाँच प्रतिवेदन पर सी.एम.एच.ओ. द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा जनहित में तत्‍कालीन बी.एम.ओ. के स्‍थानांतरण हेतु वर्ष 2016 में सी.एम.एच.ओ. शिवपुरी को कोई पत्र लिखा है? यदि हाँ, तो उस पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई? जनहित में उक्‍त स्‍थानांतरण कब तक किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। उक्त के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। खण्ड चिकित्सा अधिकारी बदरवास द्वारा प्रकरण की जाँच पूर्ण करते हुये जाँच प्रतिवेदन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शिवपुरी को उपलब्ध कराये जाने के पश्चात्, प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला शिवपुरी ने उनके आदेश दिनांक 26.09.2016 द्वारा डॉ. रामलखन सिंह पिप्पल खण्ड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बदरवास को उक्त प्रभार से तत्काल प्रभाव से हटाते हुये उनका प्रभार डॉ. नीतराज गौर, चिकित्सा अधिकारी को तथा आदेश दिनांक 21.11.2016 द्वारा श्री अशोक अग्रवाल, प्रभारी लेखापाल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बदरवास का लेखा शाखा संबंधी समस्त प्रभार श्री रामस्वरूप श्रीवास्तव, एम.पी.एस. बदरवास को प्रशासकीय कार्य सुविधा की दृष्टि से तत्काल प्रभार से सौंपा गया। (घ) जी नहीं। उक्त के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्यारह ''

राजनगर विकासखण्‍ड में आने वाले ग्राम की तकनीकी स्‍वीकृतियां

[अनुसूचित जाति कल्याण]

28. ( क्र. 470 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 16 (क्र. 1630), दिनांक 09 मार्च, 2016 के उत्‍तर में सदन में मौखिक चर्चा में माननीय मंत्री महोदय ने सदन में क्षेत्र के लंबित पड़े प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति का उत्‍तर दिया था? तो अब तक वर्ष 2016-17 के आवंटन से स्‍वीकृति की कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो आदेशों की प्रति दें? (ख) राजनगर विधानसभा क्षेत्र के राजनगर विकासखण्‍ड में आने वाले ग्राम की तकनीकी स्‍वीकृतियां जनपद द्वारा दी गई और वह पत्रावलियां प्रश्‍न दिनांक तक आयुक्‍त अनुसूचित जाति विकास भोपाल को जमा की गई या आदिम जाति विभाग छतरपुर? यदि हाँ, तो स्‍वीकृत कर दी जावेगी? (ग) यदि नहीं, तो मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी राजनगर द्वारा 07.11.2016 को जमा की गई? पत्रावलियों में अब तक क्‍या कार्यवाही हुई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) आयुक्‍त, अनुसूचित जाति विकास में प्रस्‍ताव विचाराधीन है। नियमानुसार निर्णय लिया जायेगा। (ग) प्रस्‍ताव नियमानुसार नहीं होने से स्‍वीकृति नहीं दी गयी है।

दवाएं, सर्जिकल उपकरण का क्रय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

29. ( क्र. 471 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले में वर्ष 15-16 एवं 16-17 में कितनी दवाएं, सर्जिकल उपरकण एवं अन्‍य सामग्री मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी द्वारा क्रय की गई? प्राप्‍त आवंटन, सप्‍लाई दिनांक, सप्‍लाई फर्म का नाम, फर्म पार्टनर/प्रोपरायटर का नाम सहित देवें? (ख) किन फर्मों ने टेण्‍डर भरे, जमा टेण्‍डरों की स्‍वीकृति तथा टेण्‍डर के लिए दिये गये विज्ञापनों का विवरण देवें? (ग) वर्ष 14-15 से 16-17 तक कुपोषण दूर करने हेतु किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि विकासखण्‍डवार प्राप्‍त हुई वर्षवार विवरण दें। प्राप्‍त राशि को किन-किन कार्यों पर व्‍यय किया गया? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित राशि के व्‍यय का परीक्षण किया गया?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) छतरपुर जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा वर्ष 15-16 एवं 16-17 में क्रय की गई दवाएं, सर्जिकल उपकरण एवं अन्य सामग्री एवं सप्लाई दिनांक, सप्लाई फर्म पार्टनर/प्रोपरायटर का नाम सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। प्राप्त आवंटन की जानकारी निन्नानुसार हैः-

वर्ष

औषधि

सामग्री

अन्य प्रभार

मशीनरी/उपकरण 63-01

आवंटन

व्यय

आवंटन

व्यय

आवंटन

व्यय

आवंटन

व्यय

2015-16

9394500

9374488

4327800

4191510

899500

880426

3787400

3722087

2016-17

8268357

6062019

4066600

3541684

573400

571618

3679300

3621615

(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) जी हाँ।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बल्‍देवगढ़ एवं खरगापुर में महिला चिकित्‍सकों के पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

30. ( क्र. 496 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगापुर विधानसभा के स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बल्‍देवगढ़ एवं खरगापुर में चिकित्‍सक एवं महिला चिकित्‍सा के कुल कितने पद हैं और कितने डॉक्‍टरों की तैनाती कहाँ-कहाँ पर है और कितने पद रिक्‍त पड़े हैं? (ख) क्‍या बल्‍देवगढ़ स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्र पर भारी गंदगी का अंबार लगा हुआ है? B.M.O. स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर उपलब्‍ध नहीं रहते हैं तथा मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है तथा वर्तमान में डॉक्‍टरों के अभाव से तथा महिला चिकित्‍सक न होने के कारण आम जनता इलाज के अभाव में इधर-उधर इलाज कराकर परेशान हो रही हैं और डेंगू तथा चिकिनगुनिया ग्राम जिनागढ़, सुजानपुरा, देवीनगर आदि में फैला रहा जिसकों नजर अंदाज कर बी.एम.ओ. द्वारा किसी प्रकार की कोई व्‍यवस्‍था नहीं की केवल कागजों में कार्यवाही करते रहे? (ग) क्‍या बी.एम.ओ. को बदलकर महिला चिकित्‍सकों की पूर्ति करायेंगे? समयावधि बतायें यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। साफ-सफाई की पूर्ण व्यवस्था है। जी नहीं, बी.एम.ओ. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बल्देवगढ़ में ही उपस्थित रहते है। जी नहीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बल्देवगढ़ में डॉ. उमंग लिटोरिया, डॉ. विरेन्द्र सिंह एवं डॉ. राहुल जैन पदस्थ हैं। स्त्रीरोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। जी नहीं। उपलब्ध स्टॉफ द्वारा समुचित स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध करायी जा रही है। चिकन गुनिया एवं डेंगू का कोई प्रकरण उपस्थित नहीं हुआ। (ग) शिकायत प्राप्त होने पर गुण दोष के आधार पर नियम अनुसार कार्यवाही की जावेगी। प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण विशेषज्ञों की पदस्थापना नहीं की जा सकी है। विशेषज्ञ के पद पदोन्नति के माध्यम से ही भरे जाने का प्रावधान है, चिकित्सकों की पदपूर्ति हेतु विभाग निरंतर प्रयासरत् है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से 1896 चिकित्सकों की चयन सूची प्राप्त होने पर स्नातकोत्तर चिकित्सकों की उपलब्धता अनुसार पदपूर्ति संबंधी कार्यवाही की जा सकेगी, पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह ''

शालाओं में मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध कराना

[स्कूल शिक्षा]

31. ( क्र. 502 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत ऐसे कितने शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक/हाईस्‍कूल तथा हाईसेकेण्‍डरी स्‍कूल हैं जिनमें स्‍वयं का शाला भवन, खेल मैदान तथा बाउन्ड्रीवॉल नहीं है? उक्‍त सुविधाएं विद्यालय के पास कब से नहीं है? शालावार जानकारी देवें। साथ ही बतावें कि शाला उन्‍नयन हेतु कौन-कौन से प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर किन कारणों से लंबित हैं? (ख) क्‍या शासन द्वारा प्रश्‍नांश (क) अनुसार शालाओं में उक्‍त वर्णित सुविधाएं प्रदान करने हेतु प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या बतावें? (ग) क्‍‍या उपरोक्‍तानुसार सुविधाएं शालाओं में नहीं होने से छात्र-छात्राओं में मानसिक बौद्धिक व शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव आ रहा है? साथ ही भवन के अभाव में अध्‍ययन कार्य भी बाधित होता है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त सभी सुविधाऐं प्रश्‍नांश (क) वर्णित शालाओं में प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुरा के समस्‍त शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाओं में स्‍वयं का शाला भवन है। जिन शालाओं में स्‍वयं का खेल मैदान तथा बाउन्ड्रीवॉल नहीं है, की शालावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। इन शालाओं में बाउन्ड्रीवॉल एवं खेल मैदान की सुविधा शाला स्‍थापना से अभी तक नहीं है। शाला उन्‍नयन हेतु विभाग स्‍तर पर कोई प्रस्‍ताव नहीं है। हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। वर्ष 2016-17 हेतु शाला उन्नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ, वार्षिक कार्ययोजना 2016-17 में भारत शासन से बाउन्ड्रीवॉल मांग की गई है, परन्‍तु भारत शासन से स्‍वीकृति‍ प्राप्‍त नहीं हुई। हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों के लिये उपलब्‍ध बजट अनुसार समय समय पर आवश्‍यक कार्यवाही की जाती है। (ग) जी नहीं। शाला का अध्‍यापन कार्य यथावत संचालित है। सभी प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाओं का स्‍वयं का भवन है। भारत शासन से स्‍वीकृती प्राप्‍त होने पर इनमें बाउन्ड्रीवॉल का निर्माण किया जा सकेगा। प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाओं हेतु खेल मैदान भूमि की उपलब्‍धता पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं खेल एवं युवक कल्‍याण विभाग के सहयोग पर निर्भर है। हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों हेतु सुविधायें बजट की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों व प्रसव केन्‍द्रों की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

32. ( क्र. 515 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पोहरी विधान सभा क्षेत्रांतर्गत 01 जनवरी 2009 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से नवीन उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र स्‍वीकृत किये गये हैं? क्‍या इन उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों हेतु भवन भी स्‍वीकृत किये गये हैं। यदि हाँ, तो उनकी अद्यतन स्थिति क्‍या है? (ख) पोहरी विधान सभा क्षेत्रांतर्गत कौन-कौन से प्रसव केन्‍द्र संचालित हैं व उनमें कौन-कौन कर्मचारी वर्तमान में पदस्‍थ हैं? प्रसव केन्‍द्र प्रारंभ होने से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त प्रसव केन्‍द्रों में कितने प्रसव कराये गये हैं व इन प्रसव केन्‍द्रों पर प्रसूताओं हेतु क्‍या-क्‍या सुविधाएं उपलब्‍ध हैं? प्रसव केन्‍द्रों की जानकारी पृथक-पृथक उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, बैराढ़ में एक्‍स-रे मशीन एवं टेक्‍नीशियन उपलब्‍ध नहीं है? यदि हाँ, तो एक्‍स-रे मशीन एवं टेक्‍नीशियन की व्‍यवस्‍था कब तक कर दी जावेगी? (घ) प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, छर्च में कौन-कौन से पद स्‍वीकृत किये गये हैं व स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध कौन-कौन से पदों पर किस-किस अधिकारी-कर्मचारी की पदस्‍थापना कर दी गयी है व शेष पदों पर कब तक पदस्‍थापना कर दी जावेगी? जानकारी पदवार, नामवार उपलब्‍ध करावें।

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) पोहरी विधान सभा क्षेत्रांतर्गत 01 जनवरी 2009 से प्रश्‍न दिनांक तक 08 नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र सलोदा, बारोद, बेरजा, टोरिया, भौराना, भिलौड, दौरानी एवं डांगबर्वे स्वीकृत किये गये हैं। इन उप स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं की है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है(ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खर्च में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। पदस्थापना की कार्यवाही निरन्तर जारी रहती है। निश्चित समयावधि बताना संभंव नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह ''

सिविल हॉस्पि‍टल नागदा को उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

33. ( क्र. 539 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा शहर उज्जैन के बाद जिले का सबसे बड़ा शहर है, यहां कई बड़े-बड़े उद्योग संचालि‍त हैं साथ ही नगर पंचायत उन्हैल, बडावदा एवं महिदपुर रोड के मरीज भी यंहा स्वास्थ्य सुविधा के लिये सिविल हॉस्पीटल नागदा में आते हैं, किन्तु यहां पर स्वीकृत बिस्तरों की संख्या कम होने के कारण मरीजों को ईलाज के लिये अन्यत्र जाना पड़ता है? (ख) क्‍या बड़नगर तहसील जनसंख्या की दृष्टि से नागदा से काफी छोटी होने के बाद भी यहां 100 बिस्तरों के चिकित्सालय की स्वीकृति हुई है? (ग) सिविल हॉस्पि‍टल नागदा को 100 बिस्तर का प्रोन्नत कब तक कर दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं, 35 बिस्तरीय सिविल अस्पताल नागदा की वर्ष 2015-16 की बाह्य रोगियों की संख्या लगभग-300 एवं आंतरिक रोगी-20 प्रतिदिन की है। अतः सिविल अस्पताल नागदा में मरीजों की संख्या को देखते हुये स्वीकृत बिस्तरों की संख्या पर्याप्त है। (ख) जी नहीं, बड़नगर तहसील क्षेत्र एवं इसके आस-पास की ग्रामीण क्षेत्रों की जनसंख्या के आधार पर 100 बिस्तरीय अस्पताल की स्वीकृति हुई। (ग) प्रश्‍नांश (क) उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उन्नयन किये गये विद्यालयों के भवन की स्वीकृति‍

[स्कूल शिक्षा]

34. ( क्र. 540 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिक्षा विभाग द्वारा माध्यमिक एवं हाई स्कूलों का उन्नयन किया गया है, जो कि (1) शा.मा. शाला कमठाना का हाई स्कूल में उन्नयन (2) शा.मा. शाला बुरानाबाद का हाई स्कूल में उन्नयन (3) शा.मा.शाला बिरियाखेड़ी का हाई स्कूल में उन्नयन (4) शा. हाई स्कूल सुरेल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन (5) शा. हाई स्कूल बड़ागाँव का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन (6) शा. हाई स्कूल रूनखेरा का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन? (ख) क्‍या उक्त विद्यालयों में उन्नयन पश्चात् भवन एवं स्टॉफ की पूर्ति नहीं किये जाने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है? (ग) यदि हाँ, तो इन विद्यालयों में कब तक भवन की स्वीकृति‍ एवं पदों की पूर्ति कर दी जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) भवन निर्माण बजट प्रावधान की उपलब्‍धता पर निर्भर करेगा। पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रतिनियुक्ति पद पर कार्यरत व्याख्याता की कार्यमुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

35. ( क्र. 543 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या स्कूल शिक्षा विभाग के शा. मॉडल उ.मा.वि. इन्दौर में प्रतिनियुक्ति पद पर कार्यरत श्री धीरज कुमार मिश्रा व्याख्याता को जिला शिक्षा अधिकारी जिला इन्दौर के आदेश क्र./स्था-2/मॉडल स्कूल/2016/5039, इन्दौर दिनांक 13.07.2016 के तहत प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई है? यदि हाँ, तो किस आधार पर इनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई है? स्पष्‍ट करें। (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के परिपालन में मॉडल स्कूल के प्राचार्य के द्वारा श्री धीरज कुमार मिश्रा, व्याख्याता को अपनी मूल संस्था हेतु कार्यमुक्त कर दिया जबकि वह वर्ष 2016 की पूरक परीक्षा केन्द्र के सहायक केन्द्राध्यक्ष शा. उ.मा.वि. देपालपुर जिला इन्दौर का कार्य संभाल रहे थे? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत इन्हें परीक्षा के मध्य ही कार्यमुक्त किया गया? स्पष्‍ट करें। (ग) क्या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जिला इन्दौर के पत्र क्र./7441-7442/स्था.शिक्षा/2016-17, इन्दौर दिनांक 18.07.2016 के तहत श्री धीरज कुमार मिश्रा व्याख्याता के कार्यमुक्ति आदेश पर रोक लगा कर इन्हे शा. मॉडल स्कूल उ.मा.वि. इन्दौर में ही पदस्थ रखे जाने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिये गये थे? यदि हाँ, तो इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा क्या कार्यवाही की गई व वर्तमान में श्री धीरज कुमार मिश्रा से किस संस्था में क्या कार्य लिया जा रहा है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। संबधित का भौतिक विषय नहीं होने से प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई है। (ख) जी हाँ। शेषांश की जानकारी उत्तरांश '' '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत इंदौर के पत्र दिनांक 18.07.2016 के पूर्व ही संबंधित को कलेक्टर इंदौर के अनुमोदन से दिनांक 14.07.2016 को मूल संस्था शासकीय उ.मा.वि. तराना जिला उज्जैन के लिये कार्यमुक्त किया जा चुका था। जिला शिक्षा अधिकारी इन्दौर द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत इंदौर के माध्यम से प्राप्त संबंधित का अभ्यावेदन दिनांक 15.7.2016 का निराकरण कर संबंधित को मूल संस्था हेतु दिनांक 14.07.2016 को जारी कार्यमुक्ति आदेश को मान्य किया गया। वर्तमान में संबंधित द्वारा अपनी मूल संस्था में उपस्थिति न देने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी उज्जैन द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।

बंजारा, घुमक्‍कड़, खैरूआ तथा शिकारी जाति के लोगों को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाना

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति कल्याण]

36. ( क्र. 559 ) श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या म.प्र. में बंजारा, घुमक्‍कड़, शिकारी, खैरूआ जाति निवास करती है? यदि हाँ, तो गुना जिले में कितने लोग है वर्गवार संख्‍या बतायें। (ख) क्‍या उक्‍त जाति के लोगों के लिये शासन द्वारा कोई कार्य योजना तैयार की है? क्‍या उक्‍त जाति के लोगों को भी अनुसूचित जाति में शामिल किया जावेगा? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त जाति के लोगों को भी स्‍थाई तौर पर बसाकर आवास बनाकर स्‍थापित किये जाने की शासन की कोई योजना है?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) बेसलाईन सर्वे अनुसार गुना जिले में बंजारा जनजाति की कुल जनसंख्‍या 37847 है। शिकारी एवं खैरूआ जाति, विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजाति की सूची में शामिल नहीं है। (ख) जी हाँ। विभाग द्वारा केवल विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजाति की सूची में सम्मिलित जाति को विभाग की शैक्षणिक एवं अ‍ार्थिक योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा रहा है। (ग) विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जनजाति के आवासहीनों को विभागान्‍तर्गत आवास अनुदान नियम 2013 के तहत आवास प्रदाय किये जाने की योजना संचालित है।

बस्‍ती विकास योजना

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति कल्याण]

37. ( क्र. 598 ) श्री राजकुमार मेव : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जन जाति बस्‍ती विकास (बंजारा समाज) योजनान्‍तर्गत वर्ष 2016-17 में विभाग को कितना बजट स्‍वीकृत किया गया, विभाग द्वारा कितनी राशि के कार्य स्‍वीकृत किये गये एवं कितनी राशि के कार्य स्‍वीकृत किये जाने शेष है? (ख) विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जन जाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत (बंजारा समाज) द्वारा वर्ष 2015-16 से वर्तमान तक तहसील महेश्‍वर के लिए कितने कार्यों की स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव दिये गये? कार्यवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में वर्ष 2016-17 में खरगोन जिले की महेश्‍वर तहसील के लिए कितने कार्यों के लिए कितनी राशि का बजट प्रावधान किया गया, कितने कार्यों के लिए कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई? यदि नहीं, तो क्‍या कारण है? (घ) क्‍या शासन स्‍तर पर संचालनालय में महेश्‍वर तहसील से संबंधित कार्यों के प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु विगत दो वर्षों से लंबित है? यदि हाँ, तो कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी ताकि क्षेत्र का विकास हो सके?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुक्‍कड जनजाति बस्ती विकास (बंजारा समाज) योजनांतर्गत वर्ष 2016-17 में विभाग को राशि रूपये 441.00 लाख का बजट आवंटन प्राप्त हुआ। विभाग द्वारा राशि रूपये 293.10 लाख का आवंटन जिलों को जारी किया गया एवं राशि रूपये 147.49 लाख के कार्य स्वीकृत किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) वर्ष 2015-16 में विधानसभा क्षेत्र महेश्वर के लिये 11 कार्यों की राशि रूपये 49.00 लाख का आवंटन जारी किया गया है। (ग) योजना में तहसीलवार बजट प्रावधान नहीं किया जाता। वर्ष 2016-17 में खरगोन जिले की महेश्वर तहसील के लिये कार्यों के अपूर्ण प्रस्ताव प्राप्त होने के कारण कार्यों की स्वीकृति जारी नहीं की गई। पूर्ण प्रस्ताव उपलब्ध कराने हेतु सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास, खरगोन को पत्र लिखा गया है। (घ) अपूर्ण प्रस्ताव प्राप्त होने के कारण स्वीकृति जारी नहीं की गई, जिले से प्रस्ताव प्राप्त होने पर योजना में उपलब्ध बजट प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास के अंतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति

[अनुसूचित जाति कल्याण]

38. ( क्र. 599 ) श्री राजकुमार मेव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन स्‍तर से ऐसे नियम बनाये गये हैं कि जनगणना 2011 के आधार पर अनुसूचित जाति बाहुल्‍य चिन्हित ग्रामों में (जनसंख्‍या प्रतिशत के घटते क्रम में) ही विकास कार्य किया जावेगा? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत वर्ष 2016-17 में विभाग को कितना बजट स्‍वीकृत किया गया? विभाग द्वारा कितनी राशि के कार्य स्‍वीकृत किये गये एवं कितनी राशि के कार्य स्‍वीकृत किये जाने शेष हैं? जिलेवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे। (ग) अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत वर्ष 2015-16 से वर्तमान तक तहसील महेश्‍वर के लिए कितने कार्यों की स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव दिये गये? कार्यवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे तथा कब तक कितने कार्यों में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की जावेगी? (घ) क्‍या विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर अनुसूचित जाति बाहुल्‍य क्षेत्र घोषित होकर क्षेत्र के विकास हेतु अधिक राशि ग्रामों के लिए उपलब्‍ध कराई जाना चाहिए, जबकि प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में चिन्‍हांकित गामों में ही सर्व प्रथम कार्य किये जाना है। क्‍या सभी अनुसूचित जाति बाहुल्‍य ग्रामों में कार्य किये जाने का प्रावधान होना चाहिए एवं यह संशोधन कब तक किया जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना 2014 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' '' अनुसार है। (ख) योजनांतर्गत विभाग को रूपये 110.00 करोड़ बजट प्रावधान स्वीकृत है। योजनांतर्गत जिलेवार स्वीकृत कार्यों की संख्या/राशि, स्वीकृति हेतु शेष कार्यों की संख्या/राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' '' अनुसार है(ग) खरगोन जिले के महेश्वर तहसील के लिये प्राप्त प्रस्ताव, स्वीकृत कार्य एवं राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' '' अनुसार है(घ) योजनांतर्गत ग्राम/वार्ड/मजरे/टोले को इकाई मानकर 40 प्रतिशत अनुसूचित जाति की संख्या या अनुसूचित जाति के 20 परिवार निवास करते हो वहां कार्य स्वीकृत करने का ही प्रावधान है।

कंपनी का कार्यक्षेत्र एवं विद्युत उत्‍पादन क्षमता

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

39. ( क्र. 618 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रतलाम, मंदसौर, नीमच जिला अंतर्गत पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा से विद्युत उत्‍पादन का कार्य निरंतर शासन/विभाग के नियंत्रण में होकर चल रहा है? (ख) यदि हाँ, तो इस हेतु शासकीय/निजी भूमियों का आवंटन/क्रय विक्रय किया जाकर उक्‍त भूमियों पर कंपनियों द्वारा कार्य किये जा रहे हैं और इस हेतु शासन/विभाग की नियम प्रक्रिया भी है? (ग) यदि हाँ, तो उपरोक्‍त जिलों में वर्ष 2003 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन कंपनियों द्वारा किस-किस स्‍थान पर कितने मेगावाट के विद्युत उत्‍पादन के संयंत्र स्‍थापित कर विद्युत उत्‍पादन कार्य प्रारंभ किये, कितने कार्य अपूर्ण रहे, कितने कार्य अप्रारंभ रहे? (घ) साथ ही उपरोक्‍त स्‍थानों से कितना विद्युत उत्‍पादन होकर विद्युत क्षमता वृद्धि हुई तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आवागमन, रास्‍तों को रोका जाना एवं आवंटित भूमि से अधिक कब्‍जे में लेना एवं आबादी के नजदीक संयंत्र स्‍थापित करना इत्‍यादि प्रकार की कितनी शिकायतें विगत 5 वर्ष में प्राप्‍त होकर कितनी निराकृत हुई?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। रतलाम, मंदसौर व नीमच जिला अन्‍तर्गत पवन ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा से विद्युत उत्‍पादन का कार्य निरंतर, शासन की पवन ऊर्जा परियोजना क्रियान्‍वयन नीति-2012 एवं सौर ऊर्जा परियोजना क्रियान्‍वयन नीति-2012 के प्रावधानों के अन्‍तर्गत किया जा रहा है। (ख) निजी इकाइयों को शासन की पवन ऊर्जा परियोजना क्रियान्‍वयन नीति-2012 एवं सौर ऊर्जा परियोजना क्रियान्‍वयन नीति-2012 के प्रावधानों के अन्‍तर्गत परियोजना स्‍थापना हेतु विभाग द्वारा शासकीय भूमि के उपयोग की अनुमति दी जा रही है। विकासकों द्वारा निजी भूमि पर प्रस्‍तावित परियोजनाओं हेतु निजी भूमि क्रय कर परियोजनाएं स्‍थापित की जा रही है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) उपरोक्‍त स्‍थानों पर पवन ऊर्जा की 1001.7 मेगावाट क्षमता एवं सौर ऊर्जा की 329 मेगावाट क्षमता की स्‍थापना से कुल 1330.7 मेगावाट क्षमता की वृद्धि हुई है। विगत 5 वर्ष में प्रश्‍न दिनांक तक ग्रामीण क्षेत्रों से आवागमन, रास्‍तों को रोका जाना एवं आवंटित भूमि से अधिक कब्‍जे में लेना एवं आबादी के नजदीक संयंत्र स्‍थापित करना इत्‍यादि प्रकार की जिला रतलाम में 35 एवं जिला मंदसौर में 12 कुल 47 शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं। जिला मंदसौर में शेष कुल 4 शिकायतों का निराकरण विकासकों एवं शिकायतकर्ताओं के मध्‍य सहमति से होना है, इस हेतु आवश्‍यक समन्‍वय किया गया है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ बस्तियों को मूलभूत सुविधाएं

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति कल्याण]

40. ( क्र. 636 ) श्री अरूण भीमावद : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या म.प्र. शासन ने विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ बस्तियों के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, सड़क आदि के निर्माण हेतु कार्य योजना प्रस्‍तावित है? (ख) यदि हाँ, तो शाजापुर विधानसभा क्षेत्र में रिंगनीखेड़ा, इमलीडेम, सॉपखेड़ा, खेड़ा पहाड़, तालाबडेर, भालूखेड़ा, पाण्‍डूखोरा, भेरूखेड़ा, मझानिया खोरिया चक, रामनगर, रूलकी, कांकड़ी आदि बाहुल्‍य ग्रामों में मूलभूत सुविधाओं के प्रस्‍ताव लंबित क्‍यों है? (ग) यदि लंबित है तो प्रश्‍नांश (क) के अनुसार मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्‍यों है? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुसार मूलभूत सुविधाओं का लाभ कब तक प्राप्‍त होगा?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी हाँ। विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ बस्तियों के निवासियों को मूलभूत सुविधा हेतु बस्ती विकास योजना एवं विद्युतीकरण योजना संचालित है। (ख) प्रस्ताव विभाग के विचाराधीन है। योजना में उपलब्ध बजट प्रावधान अनुसार, नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रस्ताव विभाग के विचाराधीन होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) अभी प्रस्ताव विभाग में विचाराधीन हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अयोग्‍य व्‍यक्ति की बहाली

[स्कूल शिक्षा]

41. ( क्र. 647 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 31 (क्रमांक 1011) दिनांक 25/07/2016 के संबंध में श्री सुधीर त्रिपाठी भिण्‍ड द्वारा त्‍याग पत्र दिनांक 06/07/2009 को दिया गया त्‍याग पत्र स्‍वीकृत आदेश दिनांक 07/08/2015 को जारी हुआ 10/07/2009 को त्‍याग पत्र वापस हेतु आवेदन पत्र दिया गया 06 वर्ष पश्‍चात् त्‍याग पत्र स्‍वीकृत कर अनुबंध समाप्‍त विलम्‍ब से क्‍यों किया गया इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है? (ख) श्री सुधीर त्रिपाठी संविदा शाला शिक्षक 2 पर भारतीय दण्‍ड संहिता के अंतर्गत भिण्‍ड जिले में कहाँ पर कौन सा प्रकरण कब पंजीबद्ध हुआ? प्रकरण पंजीबद्ध किसके द्वारा करवाया गया विवेचना किसके द्वारा कब की गई? अभी तक क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) क्‍या मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अटेर ने एक माह का वेतन देकर आदेश क्रमांक 1974 दिनांक 15/10/2007 सेवा समाप्‍त की? सामान्‍य प्रशासन समिति ने पुनर्विचार करके आदेश क्रमांक 2137 दिनांक 12/11/2007 जारी किया? यदि हाँ, तो पुनरावृत्ति क्‍यों हुई? प्रश्‍नांश (क) में समयावधि में कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) और (ग) में अयोग्‍य व्‍यक्ति की अपील कलेक्‍टर भिण्‍ड द्वारा स्‍वीकार कर सवेतनिक बहाल आदेश क्‍यों जारी किया गया? क्‍या यह गंभीर त्रुटि है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) श्री सुधीर त्रिपाठी, संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-2, शा. मा.वि. मधैयापुरा अटेर के द्वारा त्याग-पत्र दिनांक 06.07.09 एवं त्याग-पत्र वापसी दिनांक 10.07.09 के आवेदन-पत्रों पर तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अटेर जिला-भिण्ड़ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इस संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय भोपाल को पत्र लिखा जा रहा है। गुण-दोष के आधार पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। प्रश्नांश (क) उत्तर अनुसार। (घ) म.प्र. पंचायत अध्यापक संवर्ग (नियोजन एवं सेवा की शर्तें) नियम, 2008 के नियम-8 के अनुसार अध्यापक संवर्ग के अपीलीय अधिकारी जिला कलेक्टर है। श्री सुधीर त्रिपाठी की अपील पर अपीलीय अधिकारी द्वारा संबंधित को देय पारिश्रमिक में से अनुपस्थित दिवसों का अनुपातिक कटौत्रा किया जाकर उनकी उपस्थिति संस्था में उपस्थित दिनांक से मान्य की गई है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पंद्रह ''

अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास में निर्माण का स्‍वीकृत

[अनुसूचित जाति कल्याण]

42. ( क्र. 650 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न संख्‍या-1 (क्रमांक 838) दिनांक 09.03.2016 में 40 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की आबादी या 20 अनुसूचित जाति के परिवार निवासरत होने पर बस्‍ती विकास योजना से प्रकरण स्‍वीकृत करने का प्रावधान है बताया गया था तो भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग भिण्‍ड द्वारा किस ग्राम पंचायत में कितनी राशि विगत पाँच वर्षों में स्‍वीकृत की गई? (ख) जनवरी 2014 से प्रश्‍नांश दिनांक प्रति तिमाही कितना बजट किस मद में जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण भिण्‍ड को मिला उसका उपयोग कहाँ पर किया गया? कितना कब लेप्‍स हुआ? इसके क्‍या कारण है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के अन्‍तर्गत क्‍या नियमों के प्रतिकूल अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना के अंतर्गत प्रकरण स्‍वीकृत किए गए? यदि हाँ, तो अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? जनवरी 2016 से अभी तक क्‍या कार्य योजना तैयार की गई? उसमें से कौनसा प्रकरण अभी तक स्‍वीकृत नहीं हुआ? (घ) भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रश्‍नांश दिनांक तक कौन से प्रकरण विचाराधीन है कब तक स्‍वीकृत हो जायेंगे?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) भिण्ड विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायतवार विगत पाँच वर्षों में स्वीकृत राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' '' अनुसार है। (ख) जनवरी 2014 से प्रश्न दिनांक तक योजनांतर्गत भिण्ड जिले को प्राप्त आवंटन की त्रैमासिक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। लैप्स आवंटन की जानकारी एवं कारण परिशिष्ट में उल्लेखित हैं। (ग) जी नहीं। तैयार कार्ययोजना के अंतर्गत स्वीकृत एवं लंबित प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' '' अनुसार है(घ) भिण्ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' '' अनुसार है। अनुसूचित जाति बस्ती विकास योजना नियम के अनुसार परीक्षण उपरान्त आवंटन की सीमा में स्वीकृत किये जायेंगे।

जिला चिकित्‍सालय में निर्माण कार्यों में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

43. ( क्र. 652 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत विगत 03 वर्षों में रोगी कल्‍याण समिति भिण्‍ड व रेडक्रास समिति भिण्‍ड के द्वारा कहाँ से कितनी आय हुई? किस कार्य हेतु कितनी राशि व्‍यय की गई? व्‍यय करने के लिए क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित हैं? क्‍या व्‍यय करने से पूर्व सक्षम अधिकारी की अनुमति ली गई? (ख) जुलाई 15 से प्रश्‍न दिनांक तक जनभागीदारी मांग संख्‍या 6064 के अंतर्गत कलेक्‍टर भिण्‍ड द्वारा कौन से कार्य स्‍वीकृत किए गए जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में कितनी राशि का निर्माण कार्य किस एजेंसी से करवाया गया? निर्माण का निरीक्षण किसके द्वारा किया गया? (ग) जनवरी 12 से प्रश्‍न दिनांक तक कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा भिण्‍ड द्वारा किस मद से जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में किस निर्माण कार्य का किस संविदाकर्म/ठेकेदार से अनुबंध किया गया? कौन सा कार्य अप्रारंभ/अपूर्ण/पूर्ण हैं? कब तक पूर्ण होगा? (घ) जनवरी 12 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला चिकित्‍सालय भिण्‍ड में किस मद में निर्माण कार्यों के लिए बजट प्राप्‍त हुआ? किस एजेंसी से क्‍या निर्माण कार्य करवाया गया? किस प्रयोगशाला में कब परीक्षण करवाया गया? किस उपयंत्री/सहायक यंत्री की देखरेख में कार्य हुआ?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। जी हाँ। जी हाँ। (ख) मांग संख्या 60 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। मांग संख्या 64 के तहत जानकारी निरंक है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

गुरूजियों को शिक्षाकर्मी के समान वेतन

[स्कूल शिक्षा]

44. ( क्र. 682 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ब्‍यावरा (राजगढ़) विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षाकर्मी तथा ई.जी.एस.शालाओं में गुरूजी की नियुक्ति किन नियमों एवं शर्तें के तहत कितने मानदेय पर की  गई थी? जानकारी दें? (ख) क्‍या प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षाकर्मी तथा ई.जी.एस.शालाओं में गुरूजियों को अलग-अलग मानदेय दिये जाने का प्रावधान निर्धारित था? यदि हाँ, तो शिक्षाकर्मी एवं गुरूजियों को सहायक अध्‍यापक बनने तक कितना-कितना मानदेय निर्धारित था? (ग) क्‍या गुरूजियों को नियुक्ति दिनांक से शिक्षाकर्मी के समान सहायक अध्‍यापक के पद के समान वेतन दिये जाने हेतु प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय में लगाया था? यदि हाँ, तो निर्णय की प्रति दें? (घ) क्‍या राजगढ़ जिले में भी उच्‍च न्‍यायालय के निर्णय के पालन में ई.जी.एस.शालाओं में कार्यरत गुरूजियों को शिक्षाकर्मी के समान सहायक अध्‍यापक के पद के वेतन का एरियर्स दिया है? यदि हाँ, तो किस आदेश से कब उन गुरूजियों का नाम पद नाम पदस्‍थापना स्‍थल दी गई एरियर्स की राशि एवं स्‍वीकृत करने वाले अधिकारी का नाम सहित बतावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) ब्यावरा (राजगढ़) विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत म.प्र. पंचायत शिक्षाकर्मी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम, 1997 की अनुसूची-एक में अंकित शिक्षाकर्मी वर्ग-1, 2, 3 वेतनमान क्रमशः 1200-40-2000, 1000-30-1600 एवं 800-20-1200 नियत था। इस नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। प्रदेश में शिक्षा गारंटी शालाओं हेतु वर्ष 1997 से 2005 तक म.प्र. शिक्षा गारंटी शाला पुनरीक्षित नियम 30 जून, 2002 अनुसार निर्धारित नियम एवं शर्तों पर गुरूजी की पहचान वहीं समुदाय करता था, जिसने शाला खोलने की मांग की है एवं गुरूजी का अनुबंध स्‍थानीय शिक्षा गारंटी शाला के पालक शिक्षक संघ से होता था। शिक्षा गारंटी शालाओं में कार्यरत गुरूजियों का शासन द्वारा समय-समय पर निम्‍नानुसार मानदेय निर्धारित किये गये है- वर्ष 1997 - रू. 500/- प्रतिमाह। वर्ष 2001 - रू. 1000/- प्रतिमाह। वर्ष 2003 - रू. 2500/- प्रतिमाह (01.07.2001 से पूर्व अनुबंधित)। वर्ष 2003 - रू. 1000/- प्रतिमाह (01.07.2001 से पश्‍चात् अनुबंधित)।

         वर्ष 2007 - रू. 2500/- प्रतिमाह (प्रौन्‍नत ई.जी.एस.)। वर्ष 2007 - रू. 1750/- प्रतिमाह (अप्रौन्‍नत ई.जी.एस.)। वर्ष 2008 - रू. 2500/- प्रतिमाह सभी को।

         वर्ष 2012 - रू. 3600/- प्रतिमाह (20.09.2012) सभी को। (ख) उत्‍तरांश क अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षाकर्मियों को सहायक अध्‍यापक बनने तक 800-20-1200 का वेतनमान दिया जा रहा था। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है।

राजगढ़ जिले में मॉडल स्‍कूल भवन की स्‍वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

45. ( क्र. 683 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले में स्‍कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत मॉडल स्‍कूल भवन की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (ख) यदि हाँ, तो राजगढ़ जिले की तहसीलों में किस-किस वर्ष में कितनी-कितनी राशि के मॉडल स्‍कूल भवन स्‍वीकृत किये गये हैं? स्‍वीकृति दिनांक, स्‍वीकृति राशि एवं निर्माण एजेंसी का नाम सहित तहसीलवार बतायें। (ग) क्‍या उक्‍त स्‍वीकृत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी तहसीलों में कार्य पूर्ण हो चुके हैं? कार्य पूर्ण होने की दिनांक, यदि नहीं, तो अपूर्ण होने का कारण बतावें। (घ) क्‍या उपरोक्‍त स्‍वीकृत मॉडल स्‍कूल भवनों में विद्युतीकरण, पेयजल एवं बाउन्ड्रीवॉल एवं एप्रोच रोड से शाला भवन तक सड़क मार्ग कार्य भी स्‍वीकृत है? यदि स्‍वीकृत है तो क्‍या कार्य पूर्ण किये गये है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। मॉडल स्कूल के भवनों में आंतरिक विद्युतीकरण, पेयजल के कार्य स्वीकृत होकर पूर्ण हो चुके है। बाह्य विद्युतीकरण, बाउण्ड्रीवॉल एवं एप्रोच रोड (सड़क मार्ग) के कार्य मॉडल स्कूल भवन के साथ प्रावधानित नहीं है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

 परिशिष्ट - ''सोलह ''

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की अनियमित नियुक्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

46. ( क्र. 686 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कि वर्षाकालीन सत्र 2016 के तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 670 के जवाब में द्वारा स्‍वीकार किया गया था, कि बालाघाट जिले में पदस्‍थ कलम सिंह पटले सहायक ग्रेड-2 की नियुक्ति नियम विरूद्ध हैं? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक उनके विरूद्ध कोई भी कार्यवाही क्‍यो नहीं कि गई? कारण बतावे? कब तक कार्यवाही की जावेगी समय सीमा बतावे? (ख) क्‍या श्री कलमसिंह पटले की प्रथम नियुक्ति स्‍वीपर के पद पर की गई थी एवं सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदोन्नति भी नियम विरूद्ध की गई हैं? (ग) यदि हाँ, तो आज दिनांक तक उनके विरूद्ध कार्यवाही कर इन्‍हे पद से बर्खास्‍त क्‍यो नहीं किया गया? कारण बतावे? दोषी कर्मचारी के विरूद्ध आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं करने वाले जिम्‍मेदार अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी और कब तक?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 06.02.2014 के संदर्भ में श्री पटले के विरूद्ध कोई कार्यवाही वर्तमान में नहीं की जा रही है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) उत्तरांश (क) के सदंर्भ में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

हाई स्‍कूलों का हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

47. ( क्र. 755 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बरगी विधानसभा क्षेत्र के हाई स्‍कूलों ग्राम रमखिरिया, शहजपुर, मनकेड़ी एवं कालादेही के छात्र-छात्राएं कक्षा 10 वीं उत्‍तीर्ण करने के बाद पढ़ाई छोड़ देते है क्‍योंकि हा.से.स्‍कूल गांव से दूर है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शासन ग्रामीण छात्र-छात्राओं के भविष्‍य को दृष्टिगत ग्राम रमखिरिया, शहजपुर मनकेड़ी एवं कालादेही हाई स्‍कूलों का उन्‍नयन हा. से. स्‍कूल में करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नांकित विद्यालयों के छात्र-छात्राऐं समीपस्‍थ हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल, शहपुरा, पिपरियाकला एवं बरगी में अध्‍ययन हेतु जाते है। (ख) उन्‍नयन निर्धारित मापदण्‍ड की पूर्ति करने एवं बजट उपलब्‍धता पर निर्भर करता है। समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

क्षेत्र में विकास की योजना

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

48. ( क्र. 769 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सुवासरा के आम्बा एवं रूनीजा पंचायत के अन्तर्गत एन.टी. पी.सी. द्वारा सौर ऊर्जा प्लांट हेतु कितने करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है तथा क्षमता भी बतावें। (ख) विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा विकास हेतु क्या कार्य योजना बनाई गई हैं? (ग) एन टी पी सी के अधिकारियों द्वारा रूनीजा एवं आम्बा पंचायतों के ग्रामीणों को विकास हेतु क्या-क्या आश्वासन दिये गये हैं? (घ) विभाग द्वारा ग्रामीणों की सुविधा हेतु विकास कार्य कब तक प्रारम्भ कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधान सभा सुवासरा के आम्‍बा एवं रूनीजा पंचायत के अन्‍तर्गत एन.टी.पी.सी. द्वारा 250 मेगावाट क्षमता की रूपये 1502.77 करोड़ की परियोजना स्‍थापित की जा रही है। (ख) विधान सभा क्षेत्र सुवासरा में परियोजना क्षेत्र में ग्राम पंचायत रूनीजा एवं आम्‍बा के अन्‍तर्गत ग्रामों में स्‍थानीय क्षेत्र विकास निधि अन्‍तर्गत कार्य योजना की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विभाग व एन.टी.पी.सी. द्वारा परियोजना प्रभावित क्षेत्र रूनीजा एवं आम्‍बा पंचायतों में उत्‍तरांश (ख) में प्रस्‍तावित कार्यों को किये जाने हेतु आश्‍वासन दिया गया है। (घ) संलग्‍न परिशिष्‍ट में उल्‍लेखित विकास कार्य स्‍वीकृत कर दिए गए हैं।

परिशिष्ट - ''सत्रह ''

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को सिंचाई सुविधा बाबत्

[आदिम जाति कल्याण]

49. ( क्र. 785 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कृषकों को सिंचाई सुविधा के उद्देश्‍य से खेतों में विद्युतीकरण की योजना हेतु वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में जिला पन्‍ना के लिये कितना बजट आवंटन किया गया? उक्‍त योजना से कितने हितग्राही लाभान्वित हुए? ग्रामवार जानकारी देवें। (ख) क्‍या समय-सीमा में कार्य न करने पर बजट लैप्‍स हो जाने से अनुसूचित जाति एवं जनजाति के हितग्राही योजना के लाभ से वंचित रह गये? क्‍या उक्‍त कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जनजाति विद्युतीकरण योजना अन्तर्गत पन्ना जिले को वर्ष 2014-15 में राशि रूपये 127.00 लाख एवं जिले में अनुसूचित जाति के कृषकों को पंप ऊर्जीकरण योजनान्‍तर्गत रूपये 35.00 का बजट आवंटन किया गया था। वर्ष 2015-16 में अनुसूचित जनजाति हेतु कोई राशि आवंटित नहीं की गई एवं अनुसूचित जाति हेतु रूपये 75.00 लाख आवंटन प्राप्‍त हुआ था। योजना अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति लाभान्वितों की ग्रामवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं अनुसूचित जाति की ग्रामवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जिले को आवंटित राशि लेप्स नहीं हुई हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होते।

परिशिष्ट - ''अठारह ''

रोगी कल्‍याण समितियों का गठन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

50. ( क्र. 786 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍वास्‍थ्‍य एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में रोगी कल्‍याण समिति के गठन के क्‍या प्रावधान है? प्रावधानों की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) गुनौर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में रोगी कल्‍याण समिति का गठन किया गया है वर्तमान में संचालित समितियों की जानकारी स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रवार, समिति के सदस्‍यों के नामवार समिति गठन के दिनांक सहित सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में रोगी कल्‍याण समिति की बैठकों के क्‍या प्रावधान है? प्रावधान अनुसार किस रोगी कल्‍याण समिति की कितनी बैठकें आयोजित की गई और किस-किस बैठक में कौन-कौन उपस्थित रहे एवं क्‍या-क्‍या प्रस्‍ताव रखे गये तथा क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) रोगी कल्याण समिति नियमावली 2010 के तहत रोगी कल्याण समिति के गठन का प्रावधान है। प्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर रोगी कल्याण समिति गठन प्रावधान नहीं है। स्वास्थ्य केन्द्रों में गठित रोगी कल्याण समितियों की साधारण सभा की बैठक वर्ष में 01 न्युनतम एक बार तथा कार्यकारणी की बैठक प्रत्येक त्रैमास में करने का प्रावधान है। रोगी कल्याण समिति की आयोजित बैठकों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है एवं बैठक में उपस्थित सदस्यों तथा पारित प्रस्ताव का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। बैठक प्रस्तुत प्रस्तावों पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

जिला बीमारी सहायता निधि के स्‍वीकृत प्रकरणों पर आवंटन उपलब्‍ध करवाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

51. ( क्र. 802 ) श्री तरूण भनोत : क्या लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर शहर में दिनांक 1 अप्रैल 2016 से 30 अक्‍टूबर 2016 तक जिला बीमारी सहायता निधि से उपचार होने वाले कितने स्‍वीकृत प्रकरण हैं एवं उनमें कितना व्‍यय होना है? जानकारी गरीब हितग्राहियों के नामवार, पतेवार एवं बीमारीवार दी जावे। (ख) क्‍या गरीब पीड़ि‍तों के गंभीर रोगों के उपचार हेतु राशि चिन्हित अस्‍पतालों को स्‍वीकृति होने के बाद भी शासन द्वारा आवंटन प्रदाय नहीं किया जा रहा है? इसके क्‍या कारण हैं? (ग) कब तक जबलपुर शहर में गरीबी रेखा कार्डधारियों को जिला बीमारी सहायता निधि से उपचार करवाने हेतु शासन स्‍तर के आवंटन उपलब्‍ध करवा दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जबलपुर शहर में दिनांक 1 अप्रैल 2016 से 30 अक्टूबर 2016 तक जिला बीमारी सहायता निधि से 180 प्रकरण में राशि रूपयें 1,80,32,127/- का व्यय होना है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। वित्तीय वर्ष 2016-17 हेतु दिनांक 01.04.2016 से 24.11.2016 तक राशि रूपये 3,69,87,500/- का आवंटन किया गया है। जबलपुर जिले में दिनांक 24.11.2016 की स्थिति में राशि रूपये 10162885/- शेष है। (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रस्‍तावति कार्यों की स्‍वीकृति एवं आवंटन

[अनुसूचित जाति कल्याण]

52. ( क्र. 803 ) श्री तरूण भनोत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने पत्र क्र. 3615 दिनांक 08.01.16 एवं पत्र क्र./40081 दिनांक 17/2/2016 को अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत जिले की विधान सभा पश्चिम जबलपुर हेतु एक मुश्‍त प्रावधान के अंतर्गत 8 सी.सी सड़क निर्माण कार्यों को प्रस्‍तावित किया था? (ख) क्‍या कलेक्‍टर जबलपुर ने भी अपने पत्र क्र./247/आ.वि.बस्‍ती विकास/2016/जबलपुर दिनांक 10/05/16 के द्वारा वर्णित (क) के निर्माण हेतु आयुक्‍त अनुसूचित जाति विकास म.प्र. भोपाल को प्रशासकीय स्‍वीकृति एवं 18.40 लाख योजनान्‍तर्गत प्रदाय हेतु पत्र लेख किया था? (ग) यदि वर्णित (क), (ख) हां, तो वर्णित (क) के निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति एवं आवंटन प्रदाय हेतु विलंब का क्‍या कारण है व इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (