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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
जुलाई, 2019 सत्र


मंगलवार, दिनांक 09 जुलाई, 2019


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



बहोरीबंद तहसील में व्‍यवहार न्‍यायालय की स्‍थापना

[विधि और विधायी कार्य]

1. ( *क्र. 303 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या विधि और विधायी कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तीन वर्ष पूर्व माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील में व्‍यवहार न्‍यायालय प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की गयी थी तथा कलेक्‍टर कटनी द्वारा आई.टी.आई. भवन के पास भूमि आरक्षित की गई एवं व्‍यवहार न्‍यायालय को अस्‍थाई तौर पर रिक्‍त बी.आर.सी. भवन में खोलने के आदेश हुये थे? (ख) यदि हाँ, तो तत्संबंध में हुये पत्राचार एवं आदेश की छायाप्रति देवें एवं बहोरीबंद में रिक्‍त बी.आर.सी. भवन को न्‍यायालय स्‍वरूप में परिवर्तन करने हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार पाँच लाख के प्राक्‍कलन की प्रगति से अवगत करावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में व्‍यवहार न्‍यायालय बहोरीबंद अस्‍थाई कार्यालय बी.आर.सी. भवन बहोरीबंद में कब से प्रारंभ होगा एवं व्‍यवहार न्‍यायालय हेतु आरक्षित भूमि पर नये भवन का निर्माण किस प्रकार से कब तक होगा?

विधि और विधायी कार्य मंत्री ( श्री पी.सी. शर्मा ) : (क) जी हाँ। जी हाँ (ख) संबंधित पत्राचार एवं आदेश की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', '', '', '', '' अनुसार है। बी.आर.सी. भवन के अनुरक्षण हेतु रूपये 20 लाख के प्राक्‍कलन दिनांक 23.02.2019 को विभाग में प्राप्‍त हुए हैं, जिस पर प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) बहोरीबंद में बी.आर.सी. भवन के अनुरक्षण का कार्य प्रशासकीय स्‍वीकृति‍ के अभाव में प्रारंभ न होने के कारण उक्‍त भवन में न्‍यायालय प्रारंभ किये जाने की निश्चित समया‍वधि बताई जाना संभव नहीं है। माननीय उच्‍च न्‍यायालय से नवीन भवन निर्माण संबंधी प्राक्‍कलन प्राप्‍त नहीं हुए हैं। अत: नवीन भवन निर्माण संबंधी निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

बाहरी उम्‍मीदवारों को नौकरियों में आयु सीमा की छूट

[सामान्य प्रशासन]

2. ( *क्र. 242 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एम.पी.पी.एस.सी. सहित विभिन्‍न परीक्षाओं में विभिन्‍न राज्‍यों की तरह बाहरी उम्‍मीदवारों को भी प्रदेश की परीक्षाओं में भाग लेने पर कोई पाबंदी नहीं हैं? क्‍या माननीय न्‍यायालय ने बाहरी उम्‍मीदवारों के लिये उम्र बंधन समाप्‍त करने के लिये सरकार को निर्देशित किया है? यदि हाँ, तो माननीय न्‍यायालय के आदेश की प्रतिलिपि‍ उपलब्‍ध करावें (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या प्रदेश सरकार स्‍थानीय उम्‍मीदवारों को लाभ पहुँचाने की दृष्टिगत नियमों में कोई परिवर्तन कर रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या प्रदेश के समीपस्‍थ राज्‍य महाराष्‍ट्र, गुजरात एवं राजस्‍थान में स्‍थानीय उम्‍मीदवारों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है, जिससे मध्‍यप्रदेश के शिक्षित युवा दोहरी मार झेल रहे हैं? क्‍या इस संबंध में सरकार ने कोई कमेटी बनाने का निर्णय लिया है? यदि हाँ, तो कब तक इस कमेटी की बैठक आयोजित की जायेगी? (ग) प्रदेश में एम.पी.पी.एस.सी. परीक्षा की महिला आरक्षण की नियमावली देवें। क्‍या प्रदेश में महिला को एम.पी.पी.एस.सी. में आरक्षण नियमावली की त्रुटि‍ के कारण आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है जिससे महिलाओं से कम अंक के बावजूद पुरूष परीक्षा में चयनित हो रहे हैं? यदि हाँ, तो 1 जनवरी, 2009 के पश्‍चात म.प्र. लोकसेवा आयोग को इस संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। न्‍यायालयीन आदेश दिनांक 7.3.2018 पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर है। (ख) जी हाँ। कोई समिति गठित नहीं की गई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) नियमावली पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर है। अंतिम चयन सूची तैयार करते समय महिलाओं को आरक्षण का लाभ देकर चयन किया गया। ऐसी कोई भी महिला अभ्‍यर्थी नहीं है जिनके पुरूषों से अधिक अंक होने पर चयन नहीं किया गया हो। 17 शिकायतें प्राप्‍त हुईं थीं।

खण्‍डवा नगरीय क्षेत्र में संचालित नर्सिंग होम

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( *क्र. 578 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या खण्डवा नगरीय क्षेत्र में अधिकांश नर्सिंग होम शहर की घनी आबादी के बीच स्थित हैं जिससे आस-पास के रहवासियों का स्वच्छ वातावरण का मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है? (ख) इन नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग के नियमों के तहत किस अधिकारी द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया और निरीक्षण में पाई गई कमियों के कारण उन पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या खण्डवा नगर के नर्सिंग होम में 10वीं, 12वीं पास ग्रामीण बच्चे स्टेथोस्कोप गले में डालकर फर्जी डॉक्टर के रुप में कार्य कर रहे हैं जो नर्सिंग होम के नियमों का खुला उल्लंघन है? (घ) क्या खण्डवा के नर्सिंग होम संचालकों द्वारा वेस्ट मटेरियल को नियम विरूद्ध जमा किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को बीमारी होने के खतरे बढ़ गये हैं? क्या ऐसे निजी हॉस्पिटलों के कारण नागरिकों को यातायात की परेशानी भी हो रही है? इस हेतु जिम्मेदार कौन है? (ड.) ऐसे नर्सिंग होम संचालकों के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग कोई मुहिम चलाकर उनकी मान्यता समाप्त करने एवं दोषी चिकित्सकों को दंडित करने की कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ड.) प्रश्नांश (क) से (घ) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

सेवा सहकारी संस्‍थाओं द्वारा प्रदत्‍त ऋण

[सहकारिता]

4. ( *क्र. 202 ) श्री जसमंत जाटव : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले के करैरा विधान सभा क्षेत्र में सेवा सहकारी संस्‍थाओं द्वारा दिनांक 01-04-2014 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रतिवर्ष कितना-कितना ऋण दिया गया है? समितिवार, शाखावार एवं वर्षवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार दिनांक 31-03-2018 के बाद ऋण माफी की सूची में से कितने सदस्‍यों/व्‍यक्तियों द्वारा ऋण जमा किया गया है, जो लाभान्वित हुये हैं? उनकी समितिवार संख्‍या उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या सेवा सहकारी संस्‍थाओं द्वारा मृतक सदस्‍यों के खातों में भी ऋण भुगतान किया गया है? ऐसे कितने सदस्‍य हैं? समितिवार एवं शाखावार जानकारी वर्ष 2014 से उपलब्‍ध कराई जावे। (घ) सेवा सहकारी संस्‍थाओं द्वारा अगर यह कृत्‍य किया गया है, तो दोषियों के विरूद्ध शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है अथवा क्‍या कार्यवाह‍ी की जा रही है?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) जानकारी निरंक है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

आयुष्मान भारत/निरामयन योजनान्तर्गत मरीजों का उपचार

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

5. ( *क्र. 116 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुष्मान भारत म.प्र. निरामयन योजनान्तर्गत कितनी-कितनी राशि तक के किस-किस श्रेणी के हितग्राहियों को कितनी-कितनी राशि के ईलाज किन-किन चिकित्सालयों में किये जाने के प्रावधान हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त योजनान्तर्गत राज्य शासन एवं भारत सरकार द्वारा कितनी-कितनी राशि प्रदाय किये जाने के नियम हैं? नियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) क्या योजनान्तर्गत मरीजों के उपचार में जो पैकेज दिया जाता है उसमें जाँच की राशि सम्मिलित नहीं की गई है? मरीजों को कैंसर आदि बीमारी हेतु रेडियोथैरेपी/कीमोथैरेपी/ऑपरेशन हेतु पृथक-पृथक चिकित्सालयों में भेजा जाता है? (घ) क्या बीमारी का पैकेज कम होने के कारण योजनान्‍तर्गत उपचार करने में चिकित्सालयों द्वारा आना-कानी की जाती है एवं आयुष्मान योजना के कार्डधारी मरीजों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से भी उपचार हेतु राशि स्वीकृत कराई जाकर चिकित्सालयों द्वारा ली जाती है? यदि हाँ, तो इनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो जिन चिकित्सालयों में चिन्हि‍त बीमारी का ईलाज नहीं करने के कारण मरीजों की मौत हो गई है उनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गयी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) आयुष्मान भारत के हितग्राहियों को प्रतिवर्ष रूपये 5,00,000/- लाख प्रति परिवार दिये जाने का प्रावधान है। योजना अन्तर्गत पात्र हितग्राही एस.ई.सी.सी.- 2011 सर्वे में चिन्हित परिवार (डी-6 को छोड़कर), खाद्य सुरक्षा पर्ची धारक परिवार एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूर (संबल योजना)। उपचार में होने वाली राशि की प्रतिपूर्ति आयुष्मान भारत योजना में इम्पेनल्ड चिकित्सालयों को दिए जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) योजना अन्तर्गत लाभार्थियों के उपचार हेतु राज्य शासन द्वारा 40 प्रतिशत एवं भारत सरकार द्वारा 60 प्रतिशत राशि व्यय भार वहन करने का प्रावधान है। नियम पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं, पैकेज में जाँच की राशि सम्मिलित की गई है। जी नहीं। (घ) जी नहीं। जी नहीं। नियमानुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बागरी जाति को अनु. जाति के प्रमाण-पत्रों का प्रदाय

[सामान्य प्रशासन]

6. ( *क्र. 105 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के पन्‍ना एवं सतना जिले में बागरी समाज के अनुसूचित जाति एवं जनजाति के प्रमाण-पत्र बनाए जा रहे हैं? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्लिखित समाज के प्रमाण-पत्र कटनी जिले में वर्ष 2017 तक बनाए गए? (ग) क्‍या स्‍कूली छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं बागरी परिवारों को अनाज भी अनुसूचित जाति एवं जनजाति कोटे के अनुसार सहकारी समितियों से प्रदाय किया जाता है, किन्‍तु प्रमाण-पत्र न बनने के कारण वह लाभ से वंचित हो रहे हैं? यदि हाँ, तो प्रमाण-पत्र न बनाने हेतु कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? क्‍या दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कटनी जिले के अनुविभाग विजयराघगढ़ में वर्ष 2017 तक बागरी जाति के प्रमाण-पत्र बनाए गए हैं। (ग) बागरी अनुसूचित जाति के लोगों के जाति के प्रमाण-पत्र बनाए जा रहे हैं, इस जाति के व्‍यक्तियों को शासन की योजनाओं के तहत देय लाभ दिया जा रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जनप्रतिनिधियों को लिपिकीय सुविधा का लाभ

[सामान्य प्रशासन]

7. ( *क्र. 397 ) श्री रामपाल सिंह : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधायकों को लिपिकीय सुविधा उपलब्‍ध करवाने के संबंध में शासन के क्‍या-क्‍या निर्देश हैं? उनकी प्रति दें। (ख) लिपिकीय सुविधा हेतु प्रश्‍नकर्ता विधायक के पत्र मान. मंत्री जी तथा कलेक्‍टर रायसेन को कब-कब प्राप्‍त हुए? उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या सांसद/विधायक को लिपिकीय सुविधा में शिक्षक/अध्‍यापक संवर्ग संलग्‍न नहीं किया जा सकता है? यदि हाँ, तो किन-किन सांसद विधायकों के साथ शिक्षक अध्‍यापक संवर्ग संलग्‍न किये गये हैं? (घ) प्रश्‍नकर्ता विधायक को कब तक लिपिकीय सुविधा उपलब्‍ध करा दी जायेगी?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्राप्‍त जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इन‍ विधायकों को नियम शिथिल कर शिक्षक/अध्‍यापक संवर्ग के कर्मचारी उपलब्ध कराए गए हैं। (घ) माननीय विधायक के पत्र दिनांक 07.06.2019 द्वारा लिपिकीय सुविधा हेतु कम्‍प्‍यूटर का ज्ञान रखने वाले किसी भी लिपिक को संलग्‍न किया जाना प्रस्‍तावित किया गया है। अत: कलेक्‍टर रायसेन द्वारा जिले के सभी विभागों में कार्यरत लिपिकों से सहमति चाही गई है। सहमति प्राप्‍त होने पर लिपिकीय सुविधा उपलब्‍ध कराई जा सकती है।

नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

8. ( *क्र. 695 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सिरमौर अंतर्गत सत्र 2016-17, 2017-18 एवं 2018-19 में कुल कितने नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत किये गए? क्या नवीन स्वीकृत उप स्वास्थ्य केन्द्रों में से अधिकांश का सुचारु संचालन नहीं हो रहा है? (ख) नवीन स्वीकृत उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कुल कितने केन्द्र संचालित हैं तथा कितने अभी तक संचालित नहीं हो सके हैं? इतना समय व्यतीत हो जाने के पश्चात भी अभी तक सभी उप स्वास्थ्य केन्द्रों का सुचारु संचालन न हो पाने का क्या कारण है? (ग) विषयांकित समस्त नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र कब तक सुचारु रुप से संचालित हो सकेंगे?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) विधान सभा क्षेत्र सिरमौर अंतर्गत केवल वर्ष 2016-17 में कुल 13 नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत किये गये हैं? जी नहीं। (ख) नवीन स्‍वीकृत केन्‍द्रों पर निकटतम स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की ए.एन.एम. द्वारा नियमित रूप से सेवायें प्रदान की जा रही हैं। (ग) ग्रामीण क्षेत्र में किराये का भवन उपलब्ध होने पर नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित किये जावेंगे। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं।

स्वा. केन्द्र सुवासरा में पदस्‍थ चिकित्‍सक के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतें

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( *क्र. 449 ) श्री हरदीपसिंह डंग : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वास्थ्य केन्द्र सुवासरा में डॉ. आर.एस. जोहरी कब से कार्यरत हैं? (ख) क्या डॉ. जोहरी द्वारा सुवासरा में स्वयं का निजी अस्पताल (क्‍लीनिक या नर्सिंग होम) खोला हुआ है? यदि हाँ, तो क्या उसका प्रभाव शासकीय अस्पताल पर पड़ रहा है? (ग) क्या विगत दिनों सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुवासरा के कर्मचारियों एवं अन्य चिकित्सकों द्वारा डॉ. जोहरी के विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी अर्पित वर्मा के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी या की गई थी? पंचनामें एवं शिकायत की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) डॉ. जोहरी के विरूद्ध शिकायत पर शासन की ओर से की गई सम्पूर्ण कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध करावें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) दिनांक 28.10.1998 से कार्यरत हैं। (ख) जी हाँ। डॉ. जोहरी द्वारा सुवासरा में स्‍वयं का निजी क्‍लीनिक है। जी नहीं। (ग) जी हाँ। पंचनामा/शिकायत की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) डॉ. जोहरी के विरूद्ध मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी, मंदसौर द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), उपखण्ड सीतामऊ के जाँच प्रतिवेदन के आधार पर प्रकरण में कलेक्‍टर मंदसौर के द्वारा कार्यवाही प्रचलन में है।

परिशिष्ट - ''तीन''

राजगढ़ जिला चिकित्‍सालय में रिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( *क्र. 635 ) श्री बापूसिंह तंवर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क्रमांक 97 दिनांक 20.02.2019 को शासन ने कंडिका (क) के उत्‍तर में स्‍वीकृत पदों की जानकारी उपलब्‍ध कराई व कंडिका (ग) में यह बताया कि चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों पर संविदा नियुक्ति की कार्यवाही जारी है तथा 1397 पदों का मांग पत्र लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया है व पदपूर्ति निरन्‍तर प्रक्रिया में है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें कि मूल प्रश्‍न के उत्‍तर दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक राजगढ़ विधान सभा क्षेत्र में स्‍वीकृत पद के विरूद्ध कितनी पदस्‍थापना कर दी गई? पद का नाम दर्शाते हुए जानकारी दें। (ख) प्रश्‍न की कंडिका (क) के उत्‍तर अनुसार यदि समस्‍त रिक्‍त पदों के विरूद्ध पदस्‍थापना नहीं हुई है, तो शासन समस्‍त रिक्‍त पदों पर पदस्‍थापना कब तक कर देगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा मांग-पत्र अनुसार चयनित चिकित्सकों की चयन सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। राजगढ़ विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत फरवरी 2019 के उपरांत एक संविदा चिकित्सक डॉ. अंकुर सिंह बघेल की पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करनवास में की गई है एवं आरती मैहर, स्टॉफ नर्स की पदस्थापना जिला चिकित्सालय राजगढ़ में की गई है। हाल ही में स्नातक बंधपत्र चिकित्सकों की ऑफ लाईन काउंसलिंग दिनांक 20-22 जून 2019 तक आयोजित की गई थी जिसमें राजगढ़ जिले की 13 संस्थाओं में रिक्तता प्रदर्शित की गई थी, परंतु 01 चिकित्सक द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पढ़ाना का चयन किया गया एवं शेष पद रिक्त रहे। पद पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है। (ख) रिक्त पदों की पूर्ति की प्रक्रिया निरंतर जारी है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

नीलामी की प्‍याज का उठाव

[सहकारिता]

11. ( *क्र. 378 ) श्री हर्ष विजय गेहलोत : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 545 दिनां‍क 20.02.2019 के खण्‍ड (क) के संदर्भ में क्‍या साक्षी ट्रेडर्स को दिनांक 25.07.2017 को नीलामी का सम्‍पूर्ण प्‍याज उठाने का प्रमाण-पत्र दिया गया था? यदि हाँ, तो फिर उसकी राशि क्‍यों रोकी गई? (ख) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 545 दिनांक 20.02.2019 के खण्‍ड (ग) के संदर्भ में बतावें कि दिनांक 23.07.2017 को नीलामी के दौरान कौन-कौन अधिकारी उपस्थित थे तथा नीलामी में किस-किस व्‍यापारी ने भाग लिया? क्‍या 1500 टन प्‍याज वास्‍तव में नहीं था? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में बतावें कि नीलाम किया गया 1500 रू. अनुमानित प्‍याज वास्‍तव में कितना था? आर.एम. ट्रेडर्स को लिखी गयी तीनों पत्रों की प्रति देवें तथा बतावें कि उसे सूचित करने के बाद भी उससे भावांतर क्‍यों नहीं वसूल किया गया? (घ) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 545 दि. 20.02.2019 के संदर्भ में किस-किस व्‍यक्ति द्वारा रतलाम तथा भोपाल में प्रेषित कितने पत्र प्राप्‍त हुए तथा उस पर क्‍या कार्यवाही की गई?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) एम.पी. स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल से प्राप्‍त जानकारी अनुसार साक्षी ट्रेडर्स को जिला कार्यालय रतलाम से दिनांक 25.07.2017 से संपूर्ण प्‍याज उठाने का प्रमाण-पत्र नहीं दिया गया था। साक्षी ट्रेडर्स को दिनांक 24.07.2017 को सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन के पत्र क्र./प्‍याज उपार्जन/2017-18/414 रतलाम दिनांक 24.07.2017 दिया गया था, जिसमें उल्‍लेख किया गया था कि आपके द्वारा सैलाना मंडी में 8000 क्विंटल प्‍याज के सौदे किये गये जिसके विरूद्ध आज दिनांक तक 3307.20 क्विंटल का ही उठाव किया गया, शेष प्‍याज 4692.80 क्विंटल है। उक्‍त स्‍कंध दिनांक 25.07.2017 तक अनिवार्य रूप से उठावे अन्‍यथा जो भी प्‍याज खराब हुआ उसको तुलवाकर विनिष्‍टीकरण कर जो भी खर्चा आयेगा उसका मूल्‍य सहित आपकी जमा राशि से काटकर वसूला जावेगा, पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। सैलाना मंडी में 485 मे. टन प्‍याज का विनिष्टीकरण साक्षी ट्रेडर्स के कारण करना पड़ा जिससे उनकी जमा राशि 13,38,349.00 वसूली का प्रस्‍ताव जिला स्‍तरीय समिति द्वारा किया गया। (ख) एम.पी. स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल से प्राप्‍त जानकारी अनुसार दिनांक 23.07.2017 को नीलामी के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं व्‍यापारियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है, 1500 मे. टन अनुमानित मात्रा के प्‍याज की उपलब्धि थी। (ग) एम.पी. स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल से प्राप्‍त जानकारी अनुसार 1500 मे. टन प्‍याज के विरूद्ध 267.745 मे. टन प्‍याज व्‍यापारियों द्वारा उठाया गया एवं 1232.255 मे. टन प्‍याज का विनिष्टीकरण किया गया, इस प्रकार लगभग 1500 मे. टन प्‍याज था। आर.एम. ट्रेडर्स को लिखे गये तीनो पत्रों क्रमश: क्र./प्‍याज उपार्जन/2017-18/411 दिनांक 23.07.2017, क्र. 423 दिनांक 27.07.2017 एवं क्र. 430 दिनांक 29.07.2017 की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है। तत्‍समय जिला स्‍तरीय समिति द्वारा निर्णय लेकर प्‍याज की नीलामी अन्‍य व्‍यापारियों को की गई एवं आर.एम. ट्रेडर्स की संपूर्ण जमा राशि रू. 5,84,653 उक्‍त सौदे के विरूद्ध प्‍याज नहीं उठाने के कारण भावांतर के रूप में वसूलने की कार्यवाही समिति द्वारा प्रस्‍तावित की गई। (घ) एम.पी. स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड, भोपाल से प्राप्‍त जानकारी अनुसार उक्‍त प्रश्‍न के परिप्रेक्ष्‍य में जिला कार्यालय रतलाम को कोई पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ है, मुख्‍यालय भोपाल में 02 पार्टियों के पत्र प्राप्‍त हुये हैं जिन पर कार्यवाही प्रचलन में है, 1. मे. साक्षी ट्रेडर्स सैलाना 2. मे. बागवान ट्रेडिंग कंपनी रतलाम, उक्‍त पत्रों पर कार्यवाही के संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक उज्‍जैन से अभिमत चाहा गया है, अभिमत प्राप्‍त होते ही कार्यवाही की जावेगी।

भावांतर योजनांतर्गत प्‍याज की खरीदी

[सहकारिता]

12. ( *क्र. 468 ) श्री मनोज चावला : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 548 दिनांक 20.02.2019 के प्रश्‍नांश (क) तथा (ख) के संदर्भ में बतावें कि वर्ष 2016 तथा 2017 में क्रमश: 28.7% तथा 72.5% प्‍याज ही बेचा गया शेष प्‍याज खराब होने पर किस-किस अधिकारी पर कार्यवाही की गई तथा 2016 तथा 2017 में क्रमश: रूपये 104.28 करोड़ तथा रूपये 647.55 करोड़ की हानि तथा राज्‍य धन की बर्बादी के लिये कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? उनके नाम बतावें तथा क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या वर्ष 2017 में रतलाम जिले में प्‍याज खरीदी में व्‍यापारियों की प्रतिभूति राशि की वापसी/वसूली हेतु रिपोर्ट दिनांक 1.10.18 को भेजी गई? यदि हाँ, तो उस पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें तथा बतावें कि डेढ़ साल बाद रिपोर्ट क्‍यों बनी तथा 8 माह बाद भी उस पर अंतिम निर्णय क्‍यों नहीं लिया गया? (ग) रतलाम जिले में वर्ष 2016 तथा 2017 में खरीदे गये, कुल प्‍याज की मात्रा, लागतकुल खर्च, विक्रीत प्‍याज की मात्रा, प्राप्‍त राशि बतावें तथा बतावें कि दोनों वर्षों में मिलाकर कितनी हानि हुई तथा 2018 में कितनी मात्रा में प्‍याज भावांतर योजना में खरीदा गया तथा कितनी राशि का भुगतान किया गया? (घ) क्‍या वर्ष 2018 में प्याज खरीदी में भावांतर में अनियमितता की जाँच की गई? यदि हाँ, तो जाँच रिपोर्ट का विव‍रण देवें

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ, प्‍याज के बाजार भाव में निरंतर गिरावट होने, प्‍याज के भण्‍डारण हेतु वैज्ञानिक भण्डारण क्षमता के गोदाम उपलब्‍ध न होने से परम्‍परागत भण्‍डारण गोदामों में भण्‍डारण किया गया, प्‍याज की प्रकृति अत्‍यंत क्षरणशील होने के कारण भण्‍डारित प्‍याज खराब हुई, विपणन संघ की जानकारी अनुसार वर्ष 2016 में उपार्जित प्‍याज में हुई हानि के लिये अधिकारियों की लापरवाही परिलक्षित नहीं हुई। सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन से प्राप्‍त जानकारी अनुसार वर्ष 2017 में कार्पोरेशन के 44 जिला प्रबंधकों को नोटिस जारी किये गये थे उनमें से 26 अधिकारियों द्वारा दिये गये उत्‍तर उपरांत उनके प्रकरण का निराकरण हो चुका है, सभी को जारी नोटिस नस्‍तीबद्ध किये जा चुके हैं, शेष 18 अधिकारियों की कार्यवाही प्रचलन में है, वर्ष 2016 में प्‍याज उपार्जन में राशि रू. 104.28 करोड़ की हानि हुई है। वर्ष 2017 में अंकेक्षित जानकारी अनुसार राशि रू. 645.57 करोड़ की हानि हुई, विभाग द्वारा वर्ष 2016 एवं 2017 में प्‍याज खरीदी, विक्रय, परिवहन एवं भण्‍डारण में अनियमितता की जाँच हेतु आयुक्‍त सहकारिता एवं संचालक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण विभाग की दो सदस्‍यीय जाँच समिति गठित की गई है, जाँच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जी हाँ, सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन से प्राप्‍त जानकारी अनुसार वर्ष 2017 में रतलाम जिले में प्‍याज खरीदी में व्‍यापारियों की प्रतिभूति राशि की वापसी/वसूली हेतु रिपोर्ट दिनांक 01.10.2018 को भेजी गई, सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन के पत्र क्र./उपा./2018-19/246 दिनांक 21.05.2018 के बिन्‍दु क्र. 4 में उल्‍लेख है कि प्‍याज विक्रय/निस्‍तारण के दौरान व्‍यापारियों द्वारा जमा प्रतिभूति/रोकी गई राशि की वापसी/प्राकृतिक कमी से भिन्‍न कमी की वसूली दर/विनिष्‍टीकरण संबंधी व्‍यय आदि के प्रकरणों पर समिति द्वारा विचारोपरांत संस्‍था के व्‍यापारिक हितों को ध्‍यान में रखते हुए समुचित कार्यवाही करने हेतु प्रबंध संचालक को अधिकृत किया गया है। इसी पालन में जिला स्‍तरीय समिति द्वारा निर्णय कर प्रबंध संचालक को पत्र क्र./प्‍याज उपार्जन/2018-19/334 रतलाम दिनांक 1.10.2018 से जानकारी भेजी गई, डेढ़ साल बाद रिपोर्ट इसलिए बनी कि प्रदेश स्‍तर पर प्‍याज खरीदी एवं निस्‍तारण से संबंधित निर्देश सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन के पत्र क्र. उपार्जन/2018-19/246 भोपाल दिनांक 21.05.2018 से प्राप्‍त हुआ, सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन स्‍तर पर कार्यवाही/प्रक्रिया प्रचलन में है। (ग) रतलाम जिले में विपणन संघ द्वारा वर्ष 2016 में 13,640.20 क्विंटल प्‍याज की खरीदी की गई, कुल लागत व्‍यय राशि रू. 99,74,361.00 रही, उपार्जित मात्रा में से 9859.41 क्विंटल मात्रा का विक्रय किया गया, विक्रय मात्रा से प्राप्‍त राशि रू. 30,31,527.29 जिले की कुल लागत व्‍यय में से कम करने पर राशि रू. 69,42,833.71 की हानि परिलक्षित हुई, वर्ष 2017 में विपणन संघ द्वारा 6,44,410.34 क्विंटल प्‍याज का उपार्जन किया गया था। उपार्जन पर कुल व्‍यय राशि रू. 54,29,66,735.28 किया गया, एम.पी. स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन द्वारा विक्रित प्‍याज एवं दोनों वर्षों को मिलाकर हुई हानि संबंधी जानकारी संकलित की जा रही है। म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड से प्राप्‍त जानकारी अनुसार वर्ष 2018 में मुख्‍यमंत्री कृषक समृद्धि योजनान्‍तर्गत प्‍याज की शासकीय खरीदी नहीं की गई अपितु योजनान्‍तर्गत पंजीकृत किसानों को चयनित मण्‍डी प्रांगणों में अपनी उत्‍पादित प्‍याज को अनुज्ञप्तिधारी व्‍यापारियों को विक्रय करने की व्‍यवस्‍था थी, इसके तहत रतलाम जिले में पंजीकृत किसानों ने मण्‍डी प्रांगण में अनुज्ञप्तिधारी व्‍यापारियों को 7,74,413 क्विंटल प्‍याज का विक्रय किया। उक्‍त योजना उद्यानिकी खाद्य प्रसंस्‍करण विभाग की थी, उद्यानिकी खाद्य प्रसंस्‍करण विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार प्‍याज भावांतर भुगतान योजना में वर्ष 2018-19 में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत कृषकों द्वारा जिलों की अधिसूचित मंडियों में 6,82,832.23 क्विंटल का संव्‍यवहार किया गया, जिसकी प्रोत्‍साहन राशि 26,06,75,063.00 रूपये का भुगतान कृषकों के बैंक खातों में आर.टी.जी.एस. के माध्‍यम से किया गया। (घ) म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड से प्राप्‍त जानकारी अनुसार वर्ष 2018 में मुख्‍यमंत्री कृषक समृद्धि योजनान्‍तर्गत कृषि उपज मण्‍डी समिति शिवपुरी में प्‍याज एवं लहसुन की अनियमितता की प्राप्‍त शिकायत की म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा जाँच कराई गई, जाँच प्रतिवेदन का संक्षिप्त विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्य केन्‍द्र सेमरिया का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

13. ( *क्र. 643 ) श्री के.पी. त्रिपाठी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा के प्रश्‍न क्रमांक 214, दिनांक 20/2/19 के उत्‍तर में बताया गया है कि जिले से औच‍ित्‍यपूर्ण प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर कार्यवाही की जावेगी, तो क्‍या इस संदर्भ में जिले से शासन को प्रस्‍ताव प्राप्‍त हो चुका है? (ख) यदि हाँ, तो रीवा जिले के नगर पंचायत सेमरिया अंतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सेमरिया के 100 बिस्‍तरीय अस्‍पताल, डॉक्‍टर एवं अन्‍य स्‍टॉफ का विस्‍तारीकरण का प्रस्‍ताव शासन स्‍तर से कब तक स्‍वीकृत किया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में यदि हाँ, तो क्‍या पहाड़ी अंचल में करीब 40 पंचायतों के बीच में स्थित एक मात्र हॉस्पिटल को 100 बेड में उन्‍नयित कर पर्याप्‍त डॉक्‍टर (महिला डॉक्‍टर सहित) एवं अन्‍य स्‍टॉफ की पदस्‍थापना की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक एवं यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरिया के सिविल अस्पताल में उन्नयन की कार्यवाही परीक्षणाधीन है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

औद्योगिक इकाईयों द्वारा स्‍थानीय लोगों को रोजगार उपलब्‍ध कराया जाना

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

14. ( *क्र. 612 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के विधान सभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी में कौन-कौन से उद्योग/फैक्ट्रियां संचालित हैं तथा इनमें किस-किस उत्‍पाद का निर्माण किया जाता है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन नियमानुसार जिस क्षेत्र/जिले में फैक्‍ट्री/उद्योग स्‍थापित हैं, उसमें रोजगार प्रदान करने हेतु क्षेत्र/जिले से लगभग 70 प्रतिशत बेरोजगार/श्रमिकों को प्राथमिकता दिये जाने के प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो क्‍या उपरोक्‍त संचालित उद्योग/फैक्ट्रियों में शासन नियमों का स्‍पष्‍ट उल्‍लघंन किया जाकर स्‍थानीय बेरोजगार/श्रमिकों के बजाय बाहरी व्‍यक्तियों को रोजगार दिया गया है तथा वर्तमान में भी दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा इस संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन स्‍थानीय बेरोजगार/श्रमिकों को प्राथमिकता से रोजगार उपलब्‍ध कराये जाने हेतु उक्‍त उद्योग/फैक्‍ट्री संचालकों के विरूद्ध ठोस कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी में संचालित औद्योगिक इकाईयों एवं उनके द्वारा निर्मित किये जा रहे उत्‍पाद का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर अवलोकनीय है। (ख) जी नहीं। शासन नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि जिस क्षेत्र/जिले में फैक्‍ट्री/उद्योग स्‍थापित है उसी क्षेत्र/जिले के 70 प्रतिशत बेरोजगारों को रोजगार प्रदान करने में प्राथमिकता दी जावे, अपितु मध्‍यप्रदेश शासन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग, मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक, एफ 16-18/2013/बी-ग्‍यारह, भोपाल दिनांक 19/12/2018 पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' में मध्‍यप्रदेश के स्‍थाई निवासियों को रोजगार देने के संबंध में निम्‍नानुसार प्रावधान किया गया है:- ''उद्योग संवर्धन नीति-2014 (यथा संशोधित 2018) अंतर्गत प्रावधानित वित्‍तीय तथा अन्‍य सुविधाओं का लाभ लेने वाली इकाईयों को उनके द्वारा उपलब्‍ध कराये गये कुल रोजगार का 70 प्रतिशत रोजगार मध्‍यप्रदेश के स्‍थाई निवासियों को दिया जाना अनिवार्य होगा। उक्‍त प्रावधान इस परिप्रेक्ष्‍य में आदेश जारी होने की दिनांक के बाद उत्‍पादन प्रारंभ करने वाली इकाईयों पर प्रभावी होगा।'' (ग) शासनादेश दिनांक 19/12/2018 के परिप्रेक्ष्‍य में यह सुनिश्चित किया जावेगा कि आदेश जारी होने के दिनांक (19.12.2018) के बाद उत्‍पादन में आई औद्योगिक इकाईयों को प्रचलित उद्योग नीति में प्रावधानित वित्‍तीय तथा अन्‍य सुविधाओं का लाभ उनके द्वारा उपलब्‍ध कराये गये कुल रोजगार का 70 प्रतिशत रोजगार मध्‍यप्रदेश के स्‍थाई निवासियों को देने पर ही प्रदाय किया जावे।

हल्‍वा/कोष्‍टा जाति को म.प्र. में अनु. जनजाति के प्रमाण-पत्र का प्रदाय

[सामान्य प्रशासन]

15. ( *क्र. 728 ) श्री प्रदीप पटेल : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन के सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा पृष्‍ठांकन क्रमांक एफ-7-21/2011/आ.प्र./ एक भोपाल दिनांक 7 मार्च, 2011 से आदेश जारी किया गया था? अगर हाँ, तो जारी आदेश की एक प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित जारी आदेश के परिपालन में हल्‍वा/कोष्‍टा जाति को म.प्र. में अनुसू‍च‍ित जनजाति किस दिनांक/माह/वर्ष से नहीं माना जायेगा? (ग) म.प्र. राज्‍य में हल्‍वा/कोष्‍टा जाति के व्‍यक्ति को किस दिनांक से पदोन्‍नति में आरक्षण का लाभ प्राप्‍त नहीं होगा?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

अधिमान्‍यता प्राप्‍त पत्रकारों को सम्‍मान निधि का प्रदाय

[जनसंपर्क]

16. ( *क्र. 441 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को 25 वर्ष की सेवा और 60 वर्ष आयु पूर्ण होने पर 10 हजार रूपया प्रतिमाह सम्मान निधि दिये जाने की योजना है? यदि हाँ, तो क्या उक्त योजना लागू कर दी गयी है? अगर नहीं की गयी है तो कब तक लागू कर दी जावेगी? प्रदेश में कितने पत्रकार इसकी पात्रता रखते हैं? (ख) क्‍या योजना में यह भी उल्लेख है कि दुर्घटना में मृत्यु होने पर 15 लाख की अनुग्रह राशि बाबत् पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून लायेंगे, तो क्या कानून बना लिया गया है? यदि नहीं, तो कब तक बना लिया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) जी हाँ। योजना प्रस्‍तावित है। (ख) दुर्घटना में मृत्‍यु होने पर 15 लाख रूपये की अनुग्रह राशि देने का प्रस्‍ताव विचाराधीन है। पत्रकार सुरक्षा कानून बनाये जाने की प्रक्रिया प्रचलन में है।

प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थाओं में अनियमितता

[सहकारिता]

17. ( *क्र. 183 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा-खाचरौद-खिनौदा जिला सहकारी बैंक शाखा अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थाओं का प्रतिवर्ष ऑडिट कराया जाता है? यदि हाँ, तो 1 जनवरी, 2014 से 30 अप्रैल, 2019 तक की वर्षवार एवं कृषि साख सहकारी समितिवार ऑडिट कराये जाने की स्थिति बतायें। (ख) क्‍या ऑडिट रिपोर्ट में गबन तथा भ्रष्‍टाचार संबंधी कई गंभीर ऑडिट आपत्तियां होने पर दोषी लोगों पर कार्यवाही करने की अनुशंसा की गई थी? यदि हाँ, तो दोषी लोगों के खिलाफ कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई है? यदि की गई है तो किन-किन सहकारी संस्‍थाओं के किन-किन अधिकारियों के खिलाफ की गई है? नाम सहित सम्‍पूर्ण विवरण दें।

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। नागदा-खाचरौद-खिनौदा जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक शाखा अंतर्गत कार्यरत कुल 30 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के वर्ष 2013-14 से 2017-18 तक कराये गये अंकेक्षण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍था मर्यादित, बेहलोला के वर्ष 2016-17 की ऑडिट रिपोर्ट में प्रबंधक श्री राजेन्‍द्र सिंह पंवार पिता सोहन सिंह एवं तत्‍कालीन अध्‍यक्ष श्री भारत सिंह पिता उमराव सिंह के विरूद्ध गंभीर अनियमितता पाई गयी थी। दोषी के विरूद्ध म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 58 (बी) के अंतर्गत राशि वसूली हेतु न्‍यायालय उप पंजीयक सहकारी संस्‍थायें, जिला उज्‍जैन के समक्ष प्रकरण दर्ज किया गया है तथा पुलिस थाना खाचरौद में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने हेतु संस्‍था प्रशासक द्वारा आवेदन दिया गया है, प्रबंधक राजेन्‍द्र सिंह पिता सोहन सिंह पंवार को निलंबित कर दिया गया है।

परिशिष्ट - ''छ:''

अधिकारी/कर्मचारियों के स्‍थानांतरण

[सहकारिता]

18. ( *क्र. 504 ) डॉ. नरोत्तम मिश्र : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहकारिता विभाग द्वारा प्रदेश में दिनांक 17 दिसम्‍बर, 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने अधिकारी/कर्मचारियों का स्‍थानांतरण किया गया? पदवार स्‍पष्‍ट जानकारी दें। (ख) ऐसे कितने अधिकारी/कर्मचारी हैं जिनका स्‍थानांतरण उक्‍त अवधि में एक से अधिक बार किया गया? कारण बतावें। (ग) उपरोक्‍त अवधि में अधिकारी/कर्मचारियों के स्‍थानांतरण से स्‍थानांतरण अनुदान, परिवहन व्‍यय के रूप में शासन की कितनी राशि व्‍यय हुई? (घ) क्‍या अधिकारियों के थोक बंद स्‍थानांतरणों से विभागों व आमजन के कार्य प्रभावित हुए हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) कुल 98 स्‍थानांतरण। 1 अपर आयुक्‍त, 7 संयुक्‍त आयुक्‍त, 17 उप आयुक्‍त, 6 सहायक आयुक्‍त, 3 अंकेक्षण अधिकारी, 24 वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक, 23 सहकारी निरीक्षक, 10 उप अंकेक्षक, 7 लिपिकीय कर्मचारियों के स्‍थानांतरण किये गये हैं। (ख) 3 अधिकारी व 4 कर्मचारियों के स्‍थानांतरण आदेश निरस्‍त/संशोधन किये गये। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त अनुशंसा, न्‍याया‍लयीन निर्णय तथा प्राप्त अभ्‍यावेदन के आधार पर। (ग) अधिकारियों/कर्मचारियों के द्वारा परिवहन राशि के देयक प्रस्‍तुत करने एवं उनके भुगतान उपरांत ही व्यय राशि की जानकारी दी जा सकती है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परासिया में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय को शीघ्र प्रारंभ किया जाना

[विधि और विधायी कार्य]

19. ( *क्र. 496 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या विधि और विधायी कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परासिया में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय प्रारंभ किए जाने के संबंध में शासन द्वारा लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व स्‍वीकृति प्रदान किए जाने के बाद भी अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है, जिसके कारण विभिन्‍न पक्षकारों एवं आमजनों को अत्‍यंत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? (ख) परासिया में अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय को प्रारंभ किये जाने में विभाग द्वारा क्‍यों विलंब किया जा रहा है? (ग) अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय भवन निर्माण का कार्य कब तक प्रारंभ कर पूर्ण कराया जायेगा और न्‍यायालय को प्रारंभ करने से संबंधित समस्‍त औपचारिकताओं को कब तक पूर्ण करते हुए अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय को परासिया में प्रारंभ कर दिया जायेगा? (घ) अतिरिक्‍त सत्र न्‍यायालय को प्रारंभ करने में हो रहे विलंब को देखते हुये क्‍या आमजनों की सुविधा को ध्‍यान में रखते हुए वैकल्पिक व्‍यवस्‍था कर लिंक कोर्ट प्रारंभ कर दिया जायेगा?

विधि और विधायी कार्य मंत्री ( श्री पी.सी. शर्मा ) : (क) मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय की न्‍यायालय स्‍थापना नीति 2014 के अनुसार निर्धारित मापदण्‍डों के अनुरूप आवश्‍यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध न होने के कारण अपर जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश का न्‍यायालय अभी प्रारंभ नहीं किया जा सका है। (ख) मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय की न्‍यायालय स्‍थापना नीति 2014 के अनुसार निर्धारित मापदण्‍डों के अनुरूप आवश्‍यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध न होने एवं जिला मुख्‍यालय से परासिया की दूरी 20 कि.मी. होने से माननीय उच्‍च न्‍यायालय की प्रशासनिक कमेटी (HJS) में पारित प्रस्‍ताव के अनुपालन में उक्‍त मांग माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा नस्‍तीबद्ध की गई है। (ग) नवीन न्‍यायालय भवन के निर्माण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं।

लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती पदों पर आरक्षण का निर्धारण

[सामान्य प्रशासन]

20. ( *क्र. 815 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती हेतु विज्ञापित पदों में आरक्षण किस विभाग द्वारा तय किया जाता है? आरक्षण का वर्गानुसार निर्धारित प्रतिशत क्‍या है? क्‍या वर्ष 2013 से 2018 तक विज्ञापित पदों में आर‍क्षण निर्धारित प्रतिशत अनुसार दिया गया है या आरक्षण प्रतिशत में परिवर्तन किया गया है? (ख) वर्ष 2013 से 2018 तक भर्ती हेतु जारी सूचना/विज्ञापन की प्रति देवें। विज्ञापन में वर्ग अनुसार आरक्षण प्रतिशत क्‍या रखा गया था? यदि आर‍क्षण प्रतिशत शासन द्वारा निर्धारित प्रतिशत से कम या ज्‍यादा रखा गया है तो इसका कारण बतायें। (ग) लोक सेवा आयोग द्वारा 2013 से 2018 तक आयो‍जित राज्‍य सेवा आयोग की परीक्षा के प्रारंभिक तथा मुख्‍य परीक्षा के वर्गवार कट ऑफ मार्क्स बतावें तथा आरक्षित वर्ग के अभ्‍यर्थी के सामान्‍य वर्ग के कट ऑफ मार्कस से ज्‍यादा आने पर उसको किस वर्ग की सूची में शामिल किया? (घ) क्‍या राज्‍य सेवा आयोग (पी.एस.सी.) परीक्षा 2013 से 2018 तक महिलाओं के सामान्‍य वर्ग के अनुसार अंक आने पर भी उन्‍हें आरक्षण की श्रेणी में शामिल किया गया था?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) आरक्षण का निर्धारण संबंधित विभागों द्वारा किया जाता है। मध्‍यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्‍य पिछड़े वर्गों के लिए) आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा-4 (2) (एक) के अंतर्गत अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 20 प्रतिशत एवं अन्‍य पिछड़े वर्गों के लिए 14 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था। राज्‍य शासन द्वारा दिनांक 08 मार्च, 2019 को ''मध्‍यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्‍य पिछड़े वर्गों के लिए) संशोधन अध्‍यादेश, 2019'' जारी किया गया है, जिसमें अन्‍य पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। (ख) भर्ती हेतु जारी विज्ञापन/सूचना की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। आरक्षित वर्ग के उम्‍मीद्वारों को अनारक्षित पदों के विरूद्ध तभी समायोजित किया जायेगा जब वे हर प्रकार से सामान्‍य वर्ग के उम्‍मीदवार के समान ही बिना किसी रियायत के योग्‍यता प्राप्‍त करेंगे। आरक्षित वर्ग के अभ्‍यर्थी के सामान्‍य वर्ग के कट ऑफ मार्क्‍स से ज्‍यादा अंक आने पर उसे सामान्‍य वर्ग की सूची में शामिल किया गया है। (घ) जी हाँ।

टीकमगढ़ जिले में शासकीय खरीदी केन्‍द्रों पर अनियमितताओं की जाँच

[सहकारिता]

21. ( *क्र. 650 ) श्री राकेश गिरि : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में उड़द एवं गेहूँ खरीदी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों/विपणन समितियों के माध्‍यम से की गई है? (ख) किन-किन समितियों में शासकीय खसरा नंबरों पर फर्जी तरीके से व्‍यक्तिगत-नामों से पंजीयन कराने एवं कम रकवा पर अधिक मात्रा में फसलों के विक्रय की शिकायत प्राप्‍त हुई है? उनकी नामवार/ग्रामवार/ मात्रावार एवं बैंक खाता क्रमांक सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार फर्जी व्‍यक्तियों के विरूद्ध शासकीय कोष से राशि हड़पने/धोखाधड़ी करने वालों पर कब तक और क्‍या कार्यवाही की जावेगी तथा इनसे वसूली की कार्यवाही कब तक की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के अनुसार आर्थिक अनियमितताओं में संलिप्‍त कर्मचारी/पटवारी/सत्‍यापनकर्ता/समिति प्रशासक/समिति प्रबंधक एवं फर्जी पंजीयन कराने वालों के विरूद्ध कब तक नियमानुसार आर्थिक अनियमि‍तता एवं धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जावेगी।

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) शासकीय खसरा नम्‍बरों पर फर्जी तरीके से व्‍यक्तिगत नामों से पंजीयन एवं कम रकवा पर अधिक मात्रा में फसलों के विक्रय की कोई शिकायत नहीं प्राप्‍त हुई है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) उत्‍तरांश (ख) के अनुक्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गोपनीय चरित्रावली लिखे जाने में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता

[सामान्य प्रशासन]

22. ( *क्र. 580 ) श्री महेश परमार : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनप्रतिनिधियों को गोपनीय चरित्रावली स्‍वीकार करने का अधिकार दिए जाने के लिए विभाग द्वारा क्‍या प्रयास किये गए हैं? (ख) जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के लिए शासकीय सेवकों की गोपनीय चरित्रावली लिखी जाने के संबंध में निर्देशक सिद्धांतों के निर्धारण में क्या भूमिका है? यदि नहीं, तो क्‍या प्रावधान जोड़ने के लिए दिशा-निर्देश बनाये जायेंगे।

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) ऐसा कोई प्रस्‍ताव नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विज्ञापन दिये जाने के मापदण्‍ड

[जनसंपर्क]

23. ( *क्र. 751 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 17 दिसम्‍बर, 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक जनसंपर्क विभाग म.प्र. शासन द्वारा प्रिंट मीडिया, इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया, वेबसाइटों का कितना-कितना विज्ञापन दिया गया? इलेक्‍ट्रॉनिक चैनल, समाचार पत्र-पत्रिकायें, वेबसाइट को पृथक-पृथक कितनी-कितनी राशि विज्ञापन मद से दी गई? माहवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या विभाग ने मा. मुख्‍यमंत्री, मा. जनसंपर्क मंत्री एवं कांग्रेस प्रवक्‍ता सुश्री शोभा ओझा के निर्देश पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी समर्थित चेनलों, पत्र-पत्रिकाओं, वेबसाइटों या पत्रकारों की कोई सूची बनाई है? क्‍या ऐसा भी निर्णय हुआ है, कि कांग्रेस समर्थित चैनलों, पत्र-पत्रिकाओं को ही जनसंपर्क विभाग की सुविधायें अथवा विज्ञापन अथवा गाड़ी, होटल या आर्थिक माध्‍यता, अधिमान्‍यता या पत्रकार सम्‍मान निधि दी जायेगी, अन्‍य कोई को नहीं? क्‍या ऐसा सुश्री शोभा ओझा का पत्र और सूची जनसंपर्क विभाग को प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो उसकी छायाप्रति उपलब्‍ध करायें। यदि ऑफ रिकॉर्ड भी ऐसा निर्णय हुआ है तो क्‍या भारतीय लोकतंत्र के चौथे स्‍तंभ के लिये इस प्रकार का भेदभाव पूर्ण निर्णय ठीक है? क्‍या मान. मुख्‍यमंत्री जी इस विषय में स्‍पष्‍ट दिशा-निर्देश देंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''सात''

कर्मचारियों की पदोन्‍नति

[सामान्य प्रशासन]

24. ( *क्र. 3 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2016 से दिसम्‍बर 2018 तक भारतीय प्रशासनिक सेवा एव राज्‍य प्रशासनिक सेवा के कुल कितने कर्मचारियों को पदोन्‍नति प्रदान की गयी? श्रेणीवार संख्‍या बतावें। (ख) क्‍या सिर्फ भारतीय प्रशासनिक सेवा के कर्मचारियों को छोड़कर शेष कर्मचारियों को पदोन्‍नति नहीं दी जा रही है? यदि हाँ, तो क्‍यों एवं किसके आदेश से? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें। (ग) सरकार कर्मचारियों को पदोन्‍नति में आरक्षण कब से देना प्रारंभ करेगी।

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जानकारी निम्‍नानुसार है:-

.क्र.

सेवा का नाम

पदोन्‍नति वर्ष

पदोन्‍नति की संख्‍या

1

भारतीय प्रशासनिक सेवा

2016

163

2017

93

2018

64

2

राज्‍य प्रशासनिक सेवा

2016

69

2017

--

2018

02

(ख) मान. उच्‍च न्‍यायालय म.प्र. जबलपुर द्वारा दिनांक 30.04.2016 को पारित आदेश अनुसार म.प्र. लोक सेवा (पदोन्‍नति) नियम, 2002 के कतिपय प्रावधानों को अवैधानिक घोषित किए जाने के विरूद्ध राज्‍य शासन द्वारा मान. सर्वोच्‍च न्‍यायालय में एस.एल.पी. दायर किए जाने पर दिनांक 12.05.2016 द्वारा मान. सर्वोच्‍च न्‍यायालय से यथास्थिति के आदेश दिए जाने के कारण पदोन्‍नति की प्रक्रिया बाधित है। आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार। (ग) मान. सर्वोच्‍च न्‍यायालय में विचाराधीन एस.एल.पी. के अंतिम आदेश होने पर निर्भर है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''आठ''

विधान सभा क्षेत्र पनागर में प्राथमिक/उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्रों की स्वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( *क्र. 53 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राज्य शासन के मापदंडों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के अंतर्गत सामान्य क्षेत्र में 30000 की जनसंख्या पर प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्र एवं 5000 की जनसंख्या पर उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्द्र संचालित हैं? (ख) यदि नहीं, तो क्या विधान सभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत कुशनेर, घाना एवं सालीवाड़ा में मापदंडों के अनुसार केन्द्र खोले जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। (ख) विधान सभा क्षेत्र पनागर अंतर्गत कुशनेर में पूर्व से उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत है। जी नहीं। ग्राम घाना एवं सालीवाड़ा में मापदंडों के अनुसार पात्रता नहीं आती है।

 

 








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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


शासकीय अधिकारियों द्वारा उद्घाटन/अनावरण/शिलान्यास करना

[सामान्य प्रशासन]

1. ( क्र. 33 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय अधिकारियों द्वारा उद्घाटन/अनावरण/शिलान्यास करना तथा स्वयं का प्रचार प्रसार करवाने के संबंध में शासन द्वारा कोई नियम व मर्यादा निर्धारित की गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्या इन दिशा निर्देशों का पालन कड़ाई से किया जा रहा है तथा उल्लंघन होने की दशा में किस प्रकार की कार्रवाई किये जाने का प्रावधान है? (ग) क्या सोशल मीडिया भी उक्त नियम के क्षेत्राधिकार में आता है?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। उल्‍लंघन होने की दशा में शासन द्वारा कडा रूख अपनाये जाने का प्रावधान है। (ग) जी हाँ।

डायलिसिस मशीन की सुविधा

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( क्र. 35 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिला मुख्यालय पर किडनी के रोगियों के ईलाज हेतु डायलिसिस मशीन की सुविधा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध है? यदि हाँ, तो कितनी मशीनें वर्तमान में निर्बाद्ध रूप से सेवाएं दे रही हैं? (ख) जिला चिकित्सालय धार में उपलब्ध व कार्यरत डायलिसिस मशीनें प्रतिदिन कितने मरीजों की डायलिसिस कर सकती हैं? (ग) धार जिला मुख्यालय पर कितने निजी चिकित्सालयों व नर्सिंग होम्स में डायलिसिस मशीन उपलब्ध होकर वर्तमान में मरीजों के उपचार में उपयोग हो रही हैं? (घ) बढ़ती जनसंख्या व किडनी के रोगियों की बढ़ती संख्या को दृष्टिगत रखते हुए क्या शासन, धार जिला चिकित्सालय में गरीब जनता के ईलाज हेतु अतिरिक्त डायलिसिस मशीनों को प्रदान करने हेतु किसी योजना पर कार्य कर रहा हैं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। जिला चिकित्सालय धार में दो मशीनें निर्बाद्ध रूप से सेवायें दे रही है। (ख) जिला चिकित्सालय धार में उपलब्ध दो मशीनों से प्रतिदिन 04 मरीजों की डायलिसिस की जा सकती है। (ग) धार जिला मुख्यालय पर एक एन.जी.ओ. प्रभादेवी चिकित्‍सा सेवा संस्‍थान के द्वारा बिना अनुमति के डायलिसिस की जा रही थी, उसे तीन सदस्‍यीय दल के द्वारा जांच कराया जाकर आगामी आदेश तक डॉक्‍टर्स एवं अन्‍य कर्मचारियों की कमी के कारण प्रतिबंधित करवा दिया गया है। जिला मुख्‍यालय पर किसी भी नर्सिंग होम्‍स में डायलिसिस मशीनें उपलब्‍ध नहीं है। (घ) जी नहीं। धार जिला अस्पताल में वर्तमान में उपलब्ध 02 डायलिसिस मशीनों की उपयोगिता अनुसार वर्तमान में धार जिला अस्पताल को अतिरिक्त मशीनों की आवश्यकता नहीं है।

नीति के विरूद्ध स्थानांतरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( क्र. 54 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग की स्थानांतरण नीति के अनुसार प्रदेश के ए.एन.एम./एम.पी.डब्ल्‍यू. स्वीकृत नियमित पद पर ही पदस्थ हैं? (ख) यदि नहीं, तो विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत ऐसे कितने ए.एन.एम./एम.पी.डब्ल्‍यू. हैं जिन्हे स्वीकृत नियमित पदों से हटाकर अन्य स्‍थानों पर संलग्नीकरण किया गया है? (ग) क्या संलग्न कर्मचारियों को उनके मूल पद पर पदस्थ किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

टेक्स्टाईल गारमेंट पार्क के संबंध में

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

4. ( क्र. 106 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन/मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा दिनांक 19/12/2018 को जावरा शुगर मिल, परिसर में टेक्सटाईल गारमेंट पार्क की स्थापना करने की स्वीकृति प्रदान की गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्या मेसर्स वेबकास लिमिटेड जबलपुर को डी.पी.आर. बनाए जाने हेतु नियुक्त किया गया था? (ग) यदि हाँ, तो क्या एजेंसी द्वारा ड्राफ्ट डी.पी.आर. तैयार की जा चुकी है? (घ) यदि हाँ, तो एजेंसी द्वारा ड्राफ्ट डी.पी.आर. इत्यादि प्रकार की तैयारियां पूर्ण होने के पश्चात शासन/विभाग द्वारा आगामी और किन-किन कार्यों हेतु क्या-क्‍या कार्यवाहियां की गई है? स्थल पर कार्य कब तक प्रारम्भ हो सकेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जावरा शुगर मिल परिसर की 36.00 हेक्‍टेयर भूमि के विकास हेतु विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन के लिये निविदा दिनांक 30/03/2017 को आमंत्रित कर मेसर्स वापकोश लि. जबलपुर को दिनांक 25/10/2017 को नियुक्‍त किया जाकर कार्यादेश जारी किया जा चुका है। (ग) जी हाँ। (घ) परियोजना क्रियान्‍वयन के लिये प्रशासकीय एवं वित्‍तीय स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है। स्‍वीकृति पश्‍चात् निविदा आमंत्रण एवं अन्‍य औपचारिकताओं की पूर्ति के पश्‍चात् कार्य प्रारंभ हो सकेगा।

विभागीय निर्माण कार्य

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

5. ( क्र. 110 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 से वर्ष 2018-19 तक रतलाम जिला अंतर्गत स्वास्थ्य सुविधाओं के उन्नयन हेतु जिला मुख्यालय, तहसील मुख्यालय एवं ब्लॉक अंतर्गत किन-किन सुविधाओं हेतु किन-किन निर्माण कार्यों की शासन/विभाग द्वारा स्वीकृतियां दी गयी? (ख) उपरोक्त वर्षों में उपरोक्तानुसार कौन-कौन से कार्य, किस-किस दिनांक को स्वीकृत होकर उन स्वीकृत कार्यों में से कब-कब किस दिनांक को प्रारम्भ होकर पूर्ण हुए, अपूर्ण रहे, प्रगतिरत हैं अथवा निरस्त हुए? (ग) उपरोक्त वर्षों में शासन/विभाग द्वारा स्वीकृत किये गये कार्यों हेतु पृथकतः कार्यवार कितना-कितना बजट (राशि) स्वीकृत किया गया? कार्यवार, स्थानवार बतायेंl (घ) क्‍या सिविल हॉस्पिटल परिसर जावरा में महिला चिकित्सालय भवन निर्माण की निविदा 21/01/2019 को पी.डब्ल्यू.डी. के पी.आई.यू. द्वारा आमंत्रित की गयी थी? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक उसकी क्या स्थिति है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी नहीं, सिविल अस्पताल परिसर जावरा में महिला चिकित्सालय भवन निर्माण कार्य की निविदा दिनांक 21.01.2019 को नहीं, अपितु दिनांक 17.01.2019 को पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग द्वारा आमंत्रित की गई थी। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा दिनांक 05.10.2018 को राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन अंतर्गत जारी की गई स्‍वीकृति अनुसार निर्माण एजेन्‍सी पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग को सम्‍पूर्ण राशि रूपये 88688458/- दिनांक 30.01.2019 को प्रदाय की जा चुकी है। पी.आई.यू. द्वारा प्रथम निविदा निरस्‍त करने के कारण पुन: निविदा दिनांक 07.06.2019 को आमंत्रित की गई है, जिसकी निविदा पोर्टल क्रमांक 2019_PWDPIU-30060-01 है।

परिशिष्ट - ''नौ''

इंजीनियरिंग कॉलेज व आई.टी.आई. प्रारंभ किये जाना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

6. ( क्र. 112 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत कई वर्षों से जावरा नगर स्थित पॉलिटेक्निक परिसर में इंजीनियरिंग कालेज एवं पिपलौदा नगर में आई.टी.आई. प्रारम्भ किये जाने हेतु शासन/विभाग का लगातार ध्यान आकृष्ट किया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो क्या शासन/विभाग द्वारा विगत वर्षों में इस हेतु दोनों स्थलों का परीक्षण कर कार्ययोजना भी बनाई है? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, तो क्‍या प्रदेश की दो बड़ी तहसीलों पिपलौदा व जावरा सहित आसपास के हजारों छात्र-छात्राओं के हित में शासन/विभाग इन्हें प्रारम्भ करने हेतु गंभीर है? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता की मांग एवं क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं के उच्च व तकनीकी शिक्षण हेतु इन्हें कब तक स्वीकृति प्रदान की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) जावरा क्षेत्र के 100 कि.मी. की परिधि में वर्तमान में शासकीय/विश्‍वविद्यालय एवं निजी क्षेत्र के 11 इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित है, जिसमें जावरा एवं पिपलौदा के विद्यार्थियों को तकनीकी पाठ्यक्रमों में अध्‍ययन के पर्याप्‍त अवसर उपलब्‍ध हैं। विभाग की नीति अनुसार प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में एक आई.टी.आई. खोलने की है। जिला रतलाम में कुल 6 विकासखण्‍डों में से क्रमश: रतलाम, सैलाना, बाजना तथा आलोट में 5 शासकीय आई.टी.आई. संचालित है। विकासखण्‍ड जावरा एवं पिपलौदा में शासकीय आई.टी.आई. संचालित नहीं है वर्तमान में ऐसे 104 विकासखण्‍ड है, जिनमें कोई शासकीय आई.टी.आई. नहीं है। (घ) वर्तमान में विकासखण्‍ड पिपलौदा में नवीन शासकीय आई.टी.आई. एवं जावरा में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना नहीं है।

जय किसान ऋण माफी योजना

[सहकारिता]

7. ( क्र. 119 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत जिला सहकारी बैक राजगढ़ के माध्यम से प्रा.कृषि साख सहकारी समि‍तियों द्वारा वर्ष 2017-18 में खाद बीज एवं नगद राशि हेतु किसानों को ऋण प्रदाय किया गया था? शाखावार समितिवार किसानों को कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई थी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जय किसान फसल ऋण माफी योजनांर्तगत किन-किन कृषकों को कितना-कितना ऋण माफ किया गया है? ऋणग्राहिता कृषकों का नाम, समितिवार ऋण राशि सहित जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की शाखा जो विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर की समितियों के अर्न्‍तगत खाता धारक कृषकों के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर वास्तविक ऋण राशि से अधिक बताकर ऋण खातों में प्रदाय ऋण राशि से अधिक राशि दर्शायी जाकर अधिक राशि बैंक/समिति कर्मचारियों के द्वारा आहरित कर वित्तिय अनियमितता की गई है तथा कौन-कौन से कृषक हैं, जिन्होंने कम ऋण लिया एवं राशि अधिक दर्शायी एवं जिन्होंने ऋण नहीं लिया किन्तु उनका नाम ऋण माफी सूची में दर्ज है? नामवार, ग्रामवार, शाखावार जानकारी से अवगत करावें? (घ) उपरोक्तानुसार जय किसान फसल ऋण माफी योजना में हुये भ्रष्टाचार एवं वित्तीय अनियमितता की जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार जांच कराई जाकर संस्था के दोषी सहायक प्रबंधकों के विरूद्ध कार्यवाही की गई।

सौर ऊर्जा सिस्‍टम की जाँच कराया जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

8. ( क्र. 169 ) श्री पुरुषोत्तम लाल तंतुवाय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14, 2014-15 में जिला दमोह की सिविल अस्‍पताल हटा में किस आदेश से 50.00 लाख रूपये की सौर ऊर्जा सिस्‍टम प्‍लेट सहित प्रदाय किया गया था? शासन के आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें तथा म.प्र. में और किन-किन अस्‍पतालों में सौर ऊर्जा प्‍लेट सिस्‍टम हेतु राशियां दी गई थी। कार्य एजेन्‍सी एवं राशिवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या सिविल अस्‍पताल हटा में आज भी उक्‍त प्‍लेटें डली हुई हैं? क्‍या मरीजों को उक्‍त योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। यदि हाँ, तो कार्य एजेन्‍सी पर आज तक क्‍या कार्यवाही हुई या कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) वर्ष 2013-14 में ऊर्जा विकास निगम द्वारा जिला दमोह के सिविल अस्पताल हटा में 15 के. वा. क्षमता के सौर फोटोवाल्टेइक पावर प्‍लांट की स्थापना के लिये द्वारा राशि रूपये 2700300/- का कार्यादेश दिया गया था। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। म. प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा संयंत्र की स्थापना न किये जाने के कारण कार्य एजेन्सी को जारी किया गया कार्यादेश निरस्त किया गया व इस एजेन्सी को कोई भुगतान नहीं किया गया है।

दिल्‍ली-मुम्‍बई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

9. ( क्र. 184 ) श्री दिलीप सिंह गुर्जर : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री से भारत सरकार के दिल्‍ली-मुम्‍बई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रोजेक्‍ट के अंतर्गत इन्‍वेस्‍टमेंट रीजन के अर्ली बर्ड प्रोजेक्‍ट रतलाम - नागदा इकॉ‍नामिक कॉरिडोर की डी.पी.आर. की स्‍वीकृति प्रदान कर कार्य प्रारंभ करने की मांग पर मुख्‍यमंत्री कार्यालय के पत्र क्रमांक 269/सी.एम.एस./बी.सी.एस./2019, दिनांक 28/01/2019 के परिपालन में अपर मुख्‍य सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग को क्या निर्देश प्रदान किए गए हैं? (ख) निर्देशों के परिपालन में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है तथा उक्‍त योजना की स्‍वीकृति कब तक प्रदान कर दी जाएगी?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) प्रश्‍नांकित संदर्भ से निर्देश दिये गये थे कि उक्‍त पत्र पर नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही कर माननीय विधायक एवं इस कार्यालय को अवगत कराने का कष्‍ट करें। तद्नुसार माननीय विधायक महोदय को वस्‍तुस्थिति से विभागीय पत्र क्रमांक 213/2019/ए-ग्‍यारह, दिनांक 15/03/2019 द्वारा अवगत कराया गया है। (ख) डी.एम.आई.सी. परियोजना के चरणबद्ध क्रियान्‍वयन के अंतर्गत प्रथम चरण में पीथमपुर-धार-महू इन्‍वेस्‍टमेंट नोड का विकास किया जा रहा है तथा रतलाम-नागदा इन्‍वेस्‍टमेंट नोड का विकास भारत सरकार के समन्‍वय से द्वितीय चरण में विचार किया जाना है।

ए.एन.एम. प्रशिक्षण केंद्र

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( क्र. 230 ) श्री आलोक चतुर्वेदी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छतरपुर जिले में ए.एन.एम. प्रशिक्षण केंद्र संचालित था? यदि हाँ, तो कब से? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में क्या उपरोक्त ए.एन.एम. प्रशिक्षण केंद्र वर्तमान में संचालित हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि नहीं, है, तो उपरोक्त ए.एन.एम. प्रशिक्षण केंद्र को कब और क्यों बंद कर दिया गया है? (घ) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में क्‍या उपरोक्त ए.एन.एम. प्रशिक्षण केंद्र का स्वयं का भवन है? यदि हाँ, तो भवन में क्या-क्या है? (ड.) क्या सफलतापूर्वक संचालित उक्त ए.एन.एम. प्रशिक्षण केंद्र को पुनः प्रारम्भ किया जा सकता है? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ वर्ष 1979 से। (ख) जी नहीं। (ग) फरवरी 2016 से प्रशिक्षणार्थियों की कम संख्या को देखते हुये बंद किया गया। (घ) जी हाँ। भवन में 02 क्लासरूम, 01 प्राचार्य कक्ष, 01 स्‍टॉफ रूम, 01 डायनिंग रूम, लायब्रेरी, किचिन, स्टोर रूम, छात्रावास, टायलेट, आंगन एवं 02 बोरबेल्स इत्यादि। (ड.) ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

थेलिसीमिया रोकथाम परियोजना में अनियमितता

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

11. ( क्र. 245 ) श्री यशपाल सिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा 2012 में थेलिसीमिया रोकथाम परियोजना का गठन किया गया था, यदि हाँ, तो इसमें कौन-कौन सदस्‍य थे वर्तमान में इस परियोजना के कार्यों की स्थिति से अवगत कराये? (ख) इंदौर-उज्‍जैन संभाग में 1 जनवरी 2010 से प्रतिवर्ष कितने थेलिसीमिया पीड़ित बच्‍चों का रजिस्‍ट्रेशन विभाग द्वारा किया गया, क्‍या प्रदेश मे उक्‍त बीमारी हेतु प्रदान की जाने वाली दवाईयाँ निम्‍न स्‍तर की है जिससे अभिभावक उनका उपयोग बच्‍चों पर नहीं कर रहे है ऐसी कितनी शिकायतें इंदौर एवं उज्‍जैन संभाग से विभाग को प्राप्‍त हुई? (ग) क्या थेलिसीमिया रोकथाम परियोजना 2012 में कुल 3 करोड़ की राशि का बजट आवंटन किया गया था यदि हाँ, तो कब-कब उक्‍त बीमारी से लड़ने के लिये शासन ने बजट मे राशि का प्रावधान किया वर्षवार जानकारी देवें। (घ) 1 जनवरी 14 के पश्‍चात् शासन ने कितने निजी चिकित्‍सालयों को उक्‍त बीमारी हेतु कुल कितनी-कितनी राशि उपलब्‍ध करायीवर्षवार विवरण दें तथा प्रदेश मे उक्‍त बीमारी के उपचार हेतु कितनी संस्‍थायें रजिस्‍टर्ड होकर कार्य कर रही है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, थेलिसीमिया की रोकथाम हेतु परियोजना स्वीकृत की गई थी, इसमें कोई सदस्‍य नहीं था। इस परियोजना के तहत चिन्हित 5 जिलों-बड़वानी, मंडला, मंदसौर, रीवा एवं शहडोल जिलों में प्रयोगशालाओं का सुदृढ़ीकरण, चिकित्सकों एवं लैब टेक्नीशियन्स का प्रशिक्षण, औषधी का क्रय एवं प्रचार प्रसार गतिविधियां संपादित की गई थी। इस परियोजना के लिये वर्ष 2013-14 के पश्चात बजट प्रावधान उपलब्ध न होने से परियोजना बंद कर दी गई थी। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। जी नहीं। जी नहीं, कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (ग) जी नहीं वर्ष 2012-13 में रूपये दो करोड़ का प्रावधान किया गया था। बजट प्रावधान की वर्षवार जानकारी निम्नानुसार है :-

वर्ष 2012-13 - रू. 2.00 करोड़
वर्ष 2013-14 - रू. 1.00 करोड़

(घ) निजी चिकित्सालयों को कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। प्रदेश में उक्त बीमारी के उपचार हेतु कोई रजिस्टर्ड नहीं है।

परिशिष्ट - ''दस''

प्रदेश की वित्‍तीय स्थिति

[वित्त]

12. ( क्र. 269 ) श्री भूपेन्द्र सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई किसान कर्जमाफी सहित अन्‍य योजनाओं के संचालन हेतु शासन के पास कितनी धन राशि उपलब्‍ध है? यदि हाँ तो कितनी, यदि नहीं, तो राशि की व्‍यवस्‍था कैसे की जावेगी? (ख) 20 दिसम्‍बर 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश सरकार द्वारा कितना-कितना कर्ज कहाँ-कहाँ से लिया गया बतायें?

वित्त मंत्री ( श्री तरूण भनोत ) : (क) राज्य शासन द्वारा जय किसान फसल ऋण माफी योजना तथा अन्य योजनाओं के संचालन हेतु आवश्यक धनराशि की व्यवस्था की गई है। योजनावार प्रावधान की जानकारी विधानसभा के समक्ष बजट प्रस्ताव में प्रस्तुत की जाएगी। (ख) राज्य शासन द्वारा आर.बी.आई. के माध्यम से बाजार ऋण के अतिरिक्त अन्य वित्तीय संस्थाओं जैसे नाबार्ड, ए.डी.बी. आदि, इसके अतिरिक्त लोक लेखे से भी समय-समय पर नियमानुसार ऋण प्राप्त किया जाता है, जिसके अंतिम आंकड़े नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा प्रतिवर्ष जारी वित्त लेखे में उपलब्ध कराये जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 के वित्त लेखे नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा वर्तमान में पूर्ण किये जाने शेष हैं। अतः जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

परसवाड़ा विधानसभा में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

13. ( क्र. 277 ) श्री रामकिशोर कावरे : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अतारांकित प्रश्न क्रमांक 519, दिनांक 20-02-2019 के उत्‍तर (ख) में बताया गया था कि परसवाड़ा सामुदायिक स्‍वास्थ्‍य केन्‍द्र में डॉक्‍टर पदस्‍थ करेंगे, परंतु आज दिनांक तक स्‍थाई डॉक्‍टर पदस्‍थ नहीं किया गया है? कौन दोषी है? क्‍या डॉक्‍टर पदस्‍थ कर पायेंगे अथवा नहीं जानकारी देवें। (ख) संदर्भित प्रश्‍न के उत्‍तर (क) में लामता प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयन परीक्षणाधीन बताया गया है। यदि हाँ, तो 8 वर्षों से परीक्षणाधीन रहने का क्‍या कारण है? (ग) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र/सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र/उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का निरीक्षण कब-कब, किस-किस अधिकारी ने किया 2016 से अभी तक की जानकारी निरीक्षण पंजी सहित जानकारी छायाप्रति में देवें? (घ) यदि निरीक्षण समय-समय पर नहीं किया गया तो दोषी कौन-कौन है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा मांगपत्र अनुसार चयनित चिकित्सकों की चयन की सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है, चयन सूची प्राप्त होने पर शीघ्र रिक्तता अनुसार पदपूर्ति की जावेगी। शीघ्र ही पी.जी. बंधपत्र चिकित्सकों की पदस्थापना की कार्यवाही की जा रही है, जिसमें विशेषज्ञ संवर्ग के पदों की रिक्तता प्रदर्शित करते हुए पदस्थापना के प्रयास किये जावेगें। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हां वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लामटा को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का प्रस्ताव विचाराधीन है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (घ) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विधायक/सांसदों के पत्रों का जवाब

[सामान्य प्रशासन]

14. ( क्र. 278 ) श्री रामकिशोर कावरे : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधायक/सांसदों के पत्रों का जवाब देने के लिए सामान्‍य प्रशासन विभाग से आदेश जारी हुआ यदि हाँ, तो आदेश की छायाप्रति प्रदाय करें? (ख) क्‍या यह सच है कि विधायक/सांसदों के पत्रों का जवाब 7 दिवस में देना आवश्‍यक है यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा बालाघाट जिले में समस्‍त विभागों को जो पत्र लि‍खे गये हैं उसमें विभागों द्वारा समय-सीमा में जवाब नहीं देने पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ग) विधायक/सांसदों के प्रोटोकाल के संबंध में जारी आदेश की छायाप्रति प्रदाय करें। प्रशासन द्वारा विधायक को क्‍या-क्‍या अधिकार दिये गये है?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। माननीय विधायक/सांसदों के पत्रों का उत्‍तर देने की अधिकतम अवधि एक माह की है। प्रश्‍नकर्ता द्वारा बालाघाट जिले में समस्‍त विभागों को जो पत्र लिखे गए हैं उसमें विभागों द्वारा समय-सीमा में जवाब नहीं देने पर नियमानुसार अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जावेगी। (ग) माननीय विधायक/सासदों के प्रोटोकाल के संबंध में जारी निर्देश की प्रति प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित परिशिष्‍ट में दी गई है। माननीय संसद सदस्‍यों को उनके निर्वाचन क्षेत्र में भ्रमण हेतु परिवहन विभाग द्वारा एक माह में अधिकतम 07 दिवस के लिये वाहन अधिग्रहित कर सुविधा उपलब्‍ध कराई जाती है।

बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

15. ( क्र. 304 ) श्री प्रणय प्रभात पाण्डेय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम अमरगढ़, तहसील बहोरीबंद जिला कटनी में गले एवं लीवर कैंसर से अनेक लोगों की पूर्व में मृत्‍यु हो चुकी है तथा वर्तमान समय में गले एवं लीवर कैंसर के अनेक रोगी इस ग्राम में हैं? (ख) यदि हाँ, तो स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा इस संबंध में पूर्व में की गई जांचों एवं सर्वेक्षणों के क्‍या निष्‍कर्ष एवं परिणाम रहे? क्‍या ग्रामवासियों द्वारा इस्‍तेमाल किये जाने वाले पेयजल की भी पूर्व में जांच की गई थी एवं जांच रिपोर्ट क्‍या थी? (ग) क्‍या शासन अमरगढ़ ग्राम में बढ़ रहे कैंसर रोगियों की संख्‍या पर रोक लगाने एवं केंसर मरीजों की समुचित देखभाल हेतु कोई कार्ययोजना बनाकर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से एवं कब तक? (घ) बहोरीबंद विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कहाँ-कहाँ पर कब से सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र तथा उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र संचालित हैं तथा इन संचालित केन्‍द्रों पर कौन-कौन से पद स्‍वीकृत हैं एवं इन स्‍वीकृत पदों पर कौन-कब से पदस्‍थ हैं? कौन-कौन से स्‍वीकृत पद कब से रिक्‍त हैं? (ड.) प्रश्नांश (घ) में उल्‍लेखित चिकित्‍सकों के एवं अन्‍य स्‍टॉफ के रिक्‍त पदों की किस प्रकार से कब तक पद पूर्ति कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी नहीं। ग्राम अमरगढ़ तहसील बहोरीबंद जिला कटनी में गत वर्षों में गले के कैंसर से पीड़ि‍त कुल-7 एवं लीवर कैंसर से पीड़ि‍त कुल-2 मरीजों की मृत्यु हुई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिनांक 22.05.2018 एवं 14.03.2019 को आयोजित स्वास्थ्य शिविर में ग्राम अमरगढ़ तहसील बहोरीबंद जिला कटनी में गले एवं लीवर के कैंसर से पीड़ि‍त कोई नये मरीज नहीं मिले हैं। (ख) स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में 2011 में लोगों में जागरूकता एवं कैंसर के मरीजों को ढूढने हेतु दिनांक 22.05.2018 एवं 14.03.2019 को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें गले एवं लीवर कैंसर से पीड़ि‍त कोई मरीज नहीं मिला। जी हाँ, ग्रामवासियों द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले पेयजल की जाँच पी.एच.ई. विभाग द्वारा की गयी थी। रिपोर्ट पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिवर्ष कैंसर के मरीजों को ढूढने हेतु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाता है, जिला चिकित्सालय में कैंसर के मरीजों की समुचित देखभाल एवं उपचार हेतु जिला कैंसर केयर यूनिट की स्थापना जिला चिकित्सालय कटनी में की गयी है, जिसमें कैंसर से पीड़ि‍त मरीजों को कैंसर कीमोथैरेपी प्रोटोकॉल अनुसार दी जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बहोरीबंद के अंतर्गत 01 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 04 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 36 उपस्वास्थ्य केन्द्र है। शेष भाग की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ड.) चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति की कार्यवाही एन.एच.एम. के माध्यम से प्रत्येक बुधवार वॉक इन इन्टरव्यू के माध्यम से निरंतर जारी है। बंधपत्र के अनुक्रम में भी चिकित्सकों की पदस्थापना की कार्यवाही जारी है। द्वितीय श्रेणी चिकित्सकों के नियमित रिक्त पदों की पूर्ति हेतु हाल ही में विभाग द्वारा 1397 पदों का मांगपत्र प्रेषित किया गया है जिसमें से बैकलॉग के 1065 पदों पर लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया की जा रही है। स्‍टॉफ नर्स पदों की पूर्ति के लिये भर्ती नियम अनुसार प्रदेश में संचालित शासकीय जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्रों एवं बी.एस.सी. नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्रों से प्रशिक्षण पूर्ण होने पर संचालनालय स्तर से काउंसलिंग कर स्‍टाफॅ नर्स के पद पर नियुक्ति की जाती है। पेरामेडिकल स्‍टॉफ की नियुक्ति प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से कार्यवाही निरन्तर जारी है। पद पूर्ति की निश्चित समय सीमा बताना संभव नहीं है।

नवीन जिला निवाड़ी में विभागों के जिला कार्यालयों की स्‍थापना

[सामान्य प्रशासन]

16. ( क्र. 327 ) श्री अनिल जैन : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवगठित जिला निवाड़ी में किन-किन विभागों के जिला कार्यालयों की प्रशासनिक स्‍वी‍कृति प्रदान की जा चुकी है तथा शेष जिला कार्यालयों की प्रशासनिक स्‍वीकृति कब तक जारी की जायेगी? (ख) प्रश्नांश (क) में स्‍वीकृत जिला कार्यालयों में क्‍या पदों की स्‍वीकृति एवं पदस्‍थापना की जा चुकी है, यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (ग) क्‍या कार्यालय कलेक्‍टर निवाड़ी एवं भू-अभिलेख शाखा निवाड़ी के लिए स्‍वीकृत पदों के विरूद्ध पदों की पूर्ति की जा चुकी है? यदि नहीं, तो क्‍यों? पद-पूर्ति कब तक की जावेगी। (घ) नवीन जिला निवाड़ी के किन-किन विभागों द्वारा जिला कार्यालयों के विभिन्‍न पदों की वित्‍तीय स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव वित्‍त विभाग को प्रश्‍न दिनांक तक नहीं भेजे गये हैं? नवीन जिला निवाड़ी में वित्‍त विभाग से जिन जिला कार्यालयों में पदों की स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है उनके द्वारा जिला निवाड़ी में कब तक विभागीय कार्यालय प्रारंभ किये जावेगें?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बीना रिफायनरी द्वारा कराये गये विकास कार्य

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

17. ( क्र. 363 ) श्री महेश राय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत ओमान रिफायनरी के द्वारा बीना विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य एवं सामाजिक कार्यक्रम में सहभागिता का प्रावधान है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो कितने प्रतिशत। (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत विगत तीन वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि किस मद में एवं किसके माध्‍यम से व्‍यय की गयी है? सूची उपलब्‍ध करायी जावे। (ग) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बीना के बाहर भी विकास कार्य कराने का प्रावधान है? (घ) यदि हाँ, तो विगत 5 वर्षों में कहाँ-कहाँ विकास कार्य कराये गये? सूची उपलब्‍ध करायी जावे।

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) जी हाँ। कंपनी अधिनियम 2013 में निहित प्रावधान अनुसार मेसर्स भारत ओमान रिफायनरी द्वारा विकास कार्य एवं सामाजिक कार्यक्रम में सहभागिता का प्रावधान है। कंपनी अधिनियम 2013 के प्रावधान अनुसार ''कार्पोरेट सोशल रेस्‍पोंसिबिलिटी'' के तहत कंपनी को विगत 03 साल के शुद्ध लाभ का कम से कम 2 प्रतिशत राशि व्‍यय करने का प्रावधान है। (ख) वांछित जानकारी का संधारण राज्‍य शासन द्वारा नहीं किया जाता है। कंपनी अधिनियम भारत शासन द्वारा प्रशासित है, तदापि कंपनी द्वारा उपलब्‍ध कराई गई जानकारी अनुसार प्रश्नांश (क) के अंतर्गत भारत ओमान रिफायनरी द्वारा बीना विधानसभा क्षेत्र में विगत 03 वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक रू. 3236.51 लाख की राशि कॉर्पोरेट सोशल रेस्‍पोंसिबिलिटी के तहत व्‍यय की गई। मदवार व्‍यय की गई जानकारी एवं संबंधित एजेंसी की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ पर है। (ग) जी हाँ। कार्पोरेट सामाजिक दायित्‍व के निर्वहन को व्‍यवस्थित करने के लिये भारत सरकार द्वारा कंपनी अधिनियम के अधीन ''कंपनी (कार्पोरेट सामाजिक दायित्‍व नीति) नियम 2014'' जारी किये गये है। इन नियमों के तहत प्रत्‍येक कंपनी को कार्पोरेट सामाजिक दायित्‍व की बाध्‍यता है तथा इस दायित्‍व का निर्वहन प्रत्‍येक कंपनी में गठित कार्पोरेट सामाजिक दायित्‍व समिति के माध्‍यम से होगा। (घ) वांछित जानकारी का संधारण राज्‍य शासन द्वारा नहीं किया जाता है। कंपनी अधिनियम भारत शासन द्वारा प्रशासित है, तदापि कंपनी द्वारा उपलब्‍ध कराई गई जानकारी अनुसार, भारत ओमान रिफायनरी द्वारा विगत 05 वर्षों में बीना विधानसभा क्षेत्र के बाहर सी.एस.आर. अंतर्गत कराये गये मुख्‍य कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब पर है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

ट्रस्‍टी मंदिरों की ऑडिट रिपोर्ट

[अध्यात्म]

18. ( क्र. 367 ) श्री महेश राय : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र बीना के अंतर्गत कितने शासकीय ट्रस्‍टी मंदिर हैं और उनके पास कृषि की कितनी भूमि है? कृषि आय से ट्रस्‍ट द्वारा किस-किस मद में कितनी राशि व्‍यय की जाती है? (ख) क्‍या शासन द्वारा ट्रस्‍टों को राशि व्‍यय करने की सीमा निश्चित की गयी है? यदि हाँ, तो किस दर से किन-किन मदों में। (ग) शासन द्वारा क्‍या मंदिरों का ऑडिट कराया गया है? यदि हाँ, तो विगत 03 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट उपलब्‍ध करावे। (घ) क्‍या मंदिर ट्रस्‍टों की राशि जन मानस के कल्‍याण में व्‍यय की जा सकती है? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावे।

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) विधान सभा क्षेत्र बीना के अंतर्गत उपखण्‍ड बीना में शासन संधारित कुल 13 मंदिर है एवं उनके पास कृषि की 481.88 हे. भूमि है। कृषि आय को किस-किस मद में कितनी राशि व्‍यय की जानी है, ट्रस्‍ट की प्रबंधन समिति द्वारा निर्धारण किया जाता है। (ख) ट्रस्‍ट मंदिरों का प्रशासन म.प्र. लोक न्‍यास अधिनियम के अंतर्गत होता है। राज्‍य शासन ने ऐसी कोई दरें निर्धारित नहीं की है। (ग) ट्रस्‍ट का ऑडिट लोक न्‍यास अधिनियम के अंतर्गत निरूपित विधि से होता है, शासन द्वारा नहीं। (घ) यह न्‍यास डीड पर निर्भर है।

बकाया राशि की वसूली

[सहकारिता]

19. ( क्र. 398 ) श्री रामपाल सिंह : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक रायसेन एवं उनकी शाखाओं द्वारा दिये गये ऋणों में से जून 19 की स्थिति में बकायादारों की सूची, ऋणी का नाम, पिता का नाम, पता तथा बकाया राशि की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) उक्‍त बकाया राशि वसूल करने हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही/प्रयास किये गये? उक्‍त राशि कब तक वसूल की जायेगी? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) के बकायादारों तथा उनके परिजनों को बैंक द्वारा अन्‍य योजनाओं में ऋण दिया गया है यदि हाँ, तो किन-किन को ऋण दिया गया? (घ) प्रश्नांश (ग) के लिये कौन-कौन जवाबदार है उनके खिलाफ क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वसूली हेतु सक्षम न्यायालय में प्रकरण दायर किये गये, संबंधितों से नोटिस जारी कर व्यक्तिगत संपर्क से वसूली के प्रयास किये गये हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्तरांश के बकायादार डिफाल्टर सदस्यों को बैंक द्वारा अन्य योजना में ऋण नहीं दिया गया है, परन्तु उनके परिजनों को बैंक द्वारा अन्य योजनाओं में ऋण देते समय पहचान करने की कोई प्रक्रिया प्रचलन में नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

भवन/पदों की पूर्ति

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

20. ( क्र. 426 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय औद्योगिक संस्‍था (आई.टी.आई.कॉलेज) जरूवाखेड़ा वर्तमान में किराये के भवन में संचालित किया जा रहा है। (ख) क्‍या आई.टी.आई. कॉलेज हेतु नवीन भवन निर्माण की स्‍वीकृति हो गई है एवं शासकीय आई.टी.आई. भवन हेतु शासन से भूमि आरक्षित कर दी गई है? यदि हाँ, तो भवन का कार्य कब से प्रारंभ होगा? (ग) उक्‍त प्रशिक्षण संस्‍थान में शासन द्वारा कितने पदों की स्‍वीकृति प्राप्‍त है? स्‍वीकृति अनुसार कौन-कौन से पद भरे व कौन-कौन से पद रिक्‍त हैं? जानकारी पदवार, पृथक-पृथक उपलब्‍ध करावें। (घ) रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। जी हाँ समयावधि बताना सम्‍भव नहीं है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(घ) समय-सीमा बताया जाना सम्‍भव नहीं है।

परिशिष्ट - ''बारह''

 

प्रोत्साहन राशि एवं योजनाओं का लाभ

[विधि और विधायी कार्य]

21. ( क्र. 442 ) श्री जालम सिंह पटैल : क्या विधि और विधायी कार्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधि कार्य से जुड़े नये अधिवक्ताओं को 03 वर्ष तक प्रोत्साहन राशि 4 हजार रूपये दिये जाने अपनी लाइब्रेरी/ई-लाईब्रेरी प्रारंभ करने के लिए एक मुश्त 50 हजार रूपये अनुदान दिये जाने वकीलों के आवास हेतु सहकारी समितियों का गठन करने एवं दुर्घटना बीमा एवं स्वास्थ्य बीमा कराने के लिए प्रीमियम की राशि का 25 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा दिये जाने की योजना है? यदि हाँ, तो क्या उक्त योजना का लाभ अधिवक्ताओं को प्रदान कर दिया गया हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजनाओं का लाभ जिला नरसिंहपुर, सागर, दमोह, छतरपुर के कितने अधिवक्ताओं को मिला हैं? जिलेवार, नामवार सूची प्रदान करें?

विधि और विधायी कार्य मंत्री ( श्री पी.सी. शर्मा ) : (क) जी नहीं। अधिवक्ताओं को आवासीय सुविधा सहकारी समितियों के गठन एवं अधिवक्ताओं को दुर्घटना एवं स्‍वास्‍थ्‍य बीमा प्रदान किये जाने के संबंध में म.प्र. राज्य अधिवक्ता परिषद्, उच्च न्यायालय, जबलपुर को पत्र लिखते हुए प्रस्ताव भेजने हेतु लिखा गया है। जी नहीं। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के आलोक में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्वास्थ्य केन्द्रों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

22. ( क्र. 450 ) श्री हरदीपसिंह डंग : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में विधानसभा क्षेत्रवार कितनी श्रेणी के शासकीय स्वास्थ्य केन्द्र हैं? स्थान सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) उपरोक्त स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वीकृत पद एवं पदस्थ डॉक्टर, कर्मचारियों की जानकारी देवें। (ग) 1 जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक जिला चिकित्सालय से कितने मरीजों को उपचार हेतु रेफर (दूसरे अस्पताल भेजा गया) किया गया? (घ) जिले के समस्त चिकित्सालयों में से किन-किन चिकित्‍सालयों पर वाहन सुविधा उपलब्ध है? शासकीय या प्राईवेट वाहन का नाम, मॉडल नंबर सहित जानकारी देवें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) मंदसौर जिले के विधानसभा क्षेत्रवार जिला चिकित्सालय सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) 01 जनवरी 2019 से प्रश्न दिनांक तक कुल 1434 मरीजों को उपचार हेतु रेफर किया गया। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

NRI कोटे से की गई भर्ती की जांच

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

23. ( क्र. 469 ) श्री मनोज चावला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) व्‍यापम द्वारा जनवरी 2015 से मई 2019 तक कौन-कौन सी भर्ती एवं पात्रता परीक्षा एवं चयन परीक्षा आयोजित की गई? परीक्षा का शुल्‍क, शामिल विद्यार्थियों की संख्‍या, कुल फीस से प्राप्‍त राशि, छपाये गये प्रश्‍न पत्र की संख्‍या तथा कुल राशि, प्रत्‍येक परीक्षा के सभी मद मिलाकर कुल खर्च, परीक्षा अनुसार बचत/अधिक खर्च सहित सूची देवें। (ख) AFRC द्वारा निजी मेडिकल कालेज में 2017 में NRI कोटे में भर्ती के 107 अभ्‍यर्थी की जांच रिपोर्ट की प्रति देवें? उच्‍च न्‍यायालय द्वारा जांच हेतु आदेश कब दिया गया तथा जांच किस दिनांक को पूर्ण की गई? (ग) AFRC द्वारा निजी मेडिकल कॉलेजों की 2013 से 2019 तक की निर्धारित की गई फीस कालेज अनुसार बतावें। किस वर्ष में फीस में सर्वाधिक वृद्धि हुई? इस वर्ष की प्रतिशत वृद्धि बतावें तथा जिस दस्‍तावेज के आधार पर फीस वृद्धि स्‍वीकृत की गई उस दस्‍तावेज की प्रति उपलब्‍ध करावें?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है। (ग) प्रवेश एवं शुल्‍क विनियामक समिति (AFRC) द्वारा संस्‍थाओं की फीस का निर्धारण संस्‍थाओं के आय-व्‍यय के आधार तथा अपीलीय प्रधाधिकारी (AFRC) एवं माननीय उच्‍च न्‍यायालय के फीस वृद्धि के संबंध में निर्णयों के अनुपालन में निजी चिकित्‍सा महाविद्यालय में पिछले वर्षों में फीस वृद्धि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार।

बदतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

24. ( क्र. 474 ) श्री अर्जुन सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के जिला अस्‍पताल, सामुदायिक अस्‍पतालों व पी.एच.सी. में पदस्‍थ अमले की जानकारी देवें? विभाग की जिला स्‍थापना में कितने पद स्‍वीकृत हैं? उनके विरूद्ध कितने पद भरे हुए हैं? भरे पदों पर कौन-कौन अधिकारी कब से पदस्‍थ है स्‍थापनावार तिथिवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश '' के संबंध में बरघाट व कुरई विकासखण्‍ड जिला सिवनी में कितने प्राईमरी हेल्‍थ सेंटर स्‍वीकृत हैं तथा कितनों के स्‍वयं के भवन हैं? इन सेंटर्स में पदस्‍थ अमले की जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश '' के संबंध में क्‍या अधिकांश अमला दूसरे कस्‍बों से अप-डाउन करता है जिसमें परिणामस्‍वरूप आमजन को कठिनाई का सामना करना पड़ता हैं? बरघाट व कुरई विकासखण्‍ड के ऐसे कर्मचारियों के नाम पदनाम बतायें? (घ) सिवनी जिले में कितने आयुर्वेदिक अस्‍पताल हैं विकासखण्‍डवार जानकारी देवें? क्‍या आयुर्वेदिक प्रणाली से लोगों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है, सामान्‍य जले कटे उपचार भी इन अस्‍पतालों में नहीं मिलता है? क्‍या आगामी समय में आयुर्वेदिक अस्‍पतालों में एलोपेथिक उपचार की आधारभूत व्‍यवस्‍था की जायेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार(ख) विकासखण्ड बरघाट के अंतर्गत 3 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अरी, धापारा और बहरई एवं विकासखण्ड कुरई के अंतर्गत 4 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पपीरवानी, ग्वारी, खवासा एवं धोबीसर्रा स्वीकृत है। उक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अपने स्वयं के भवन में संचालित है। शेष भाग की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार(ग) जी नहीं। सभी अधिकारी/कर्मचारी की पदस्थापना मुख्यालय पर है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार जिनमें आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार लिया जा रहा है वर्तमान में कोई योजना नहीं है।

ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. के संबंध में

[सामान्य प्रशासन]

25. ( क्र. 475 ) श्री अर्जुन सिंह : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2017-18 में आदिवासियों को जैविक खेती एवं पोषण सुनिश्चित करने वाली विशेष योजना जो आदिवासी उपयोजना मद से 2016-17 में स्‍वीकृत हुई थी के संबंध में एक शिकायत मय सबूतों के शिकायतकर्ता पुनीत टण्‍डन द्वारा ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. स्‍थापना को की गयी थी। क्‍या शिकायतकर्ता दिनांक 02.08.2018 को महानिदेशक ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. से भेंट हेतु गये थे। (ख) क्‍या इस प्रकरण में ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. जांच न कर दोषियों का भयादोहन कर रही है? (ग) यदि ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. इस प्रकरण में दोषियों का भयादोहन नहीं कर रही है तो शिकायत पर ब्‍यूरो द्वारा अ‍ब तक की गयी कार्यवाही की पत्रावली और नोटशीट का विवरण देवें। (घ) इस प्रकरण में ब्‍यूरो कब तक अपने स्‍तर की कार्यवाही पूर्ण कर लेगा?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। शिकायतकर्ता द्वारा महानिदेशक, आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ को दिनांक 03/08/2018 को शिकायत की गई थी। (ख) जी नहीं। (ग) शिकायत को पंजीबद्ध की जाकर सत्‍यापन में लिया गया है। शिकायत की जांच जारी है। (घ) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल को प्रारंभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

26. ( क्र. 497 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परासिया विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत आमजनों एवं मरीजों को अच्‍छी सुविधा प्राप्‍त हो सके इसलिये सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र परासिया में 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल के उन्‍नयन की स्‍वीकृति शासन द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व खनिज प्रतिष्‍ठान मद से प्रदान की जा चुकी है, यदि हाँ, तो विभाग द्वारा अभी तक 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल को प्रारंभ क्‍यों नहीं किया गया है? (ख) परासिया में 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल भवन निर्माण हेतु क्‍या टेंडर जारी किये जा चुके हैं? यदि हाँ, तो 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल हेतु भवन निर्माण कार्य को कब से प्रारंभ कर, कब तक पूर्ण करा दिया जायेगाएवं अस्‍पताल से संबंधित अन्‍य सभी औपचारिकताओं को पूर्ण कर कब तक 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल को प्रारंभ कर दिया जायेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। इसी परिप्रेक्ष्य में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परासिया को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन का प्रस्ताव विचाराधीन है। (ख) जी हाँ। खनिज प्रतिष्ठान निधि अंतर्गत भवन निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति निरस्त होने के कारण पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग द्वारा निविदा भी निरस्त कर दी गई है। प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं।

संविदा कर्मचारियों का समान पद कार्य एवं समान वेतन

[सामान्य प्रशासन]

27. ( क्र. 510 ) श्री शरदेन्दु तिवारी : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के विभागों/मंडलों/योजनाओं में कार्यरत संविदा कर्मचारियों हेतु समान पद कार्य समान वेतन एवं स्‍थायीकरण किये जाने एवं वेतन वृद्धि के संबंध में वर्तमान में संविदा/नीति में क्‍या-क्‍या प्रावधान है? (ख) जिन विभागों में संविदा कर्मियों को शासन नीति अनुसार वेतन वृद्धि एवं सुविधायें नहीं दी गई है? उनको कब तक शासन के आदेश दिनांक से भुगतान किया जावेगा? (ग) संविदा कर्मचारी जो 15 वर्षों से अधिक सेवायें दे चुके हैं वो सेवा निवृत्ति आयु तक पहुंच रहे हैं उनके सबंध में शासन के क्‍या नियम है?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) संविदा कर्मचारियों को समान पद कार्य, समान वेतन एवं स्‍थायीकरण किए जाने के कोई निर्देश नहीं हैं। वेतनवृद्धि के संबंध में निम्‍नानुसार प्रावधान है:- ''वर्तमान में संविदा पर नियुक्‍त अधिकारियों/कर्मचारियों को इस नीति के अनुरूप विभागों द्वारा उन्‍हें नियमित नहीं कर दिया जाता तब तक प्रत्‍येक वर्ष की जनवरी में वार्षिक वेतनवृद्धि, आलोच्‍य अवधि में उपभोक्‍ता मूल्‍य सूचकांक में वृद्धि के आधार पर देय होगी तथा यह राशि निकटतम 100 रूपये के गुणांक तक पूर्णांकित की जाएगी। उपर्युक्‍त अनुसार वार्षिक वेतनवृद्धि देने के लिए यह आवश्‍यक होगा संबंधित संविदा सेवक ने कम से कम 06 माह की सेवा अवधि उस वेतन में पूर्ण कर ली हो।'' (ख) दिनांक 05 जून 2018 को जारी संविदा नीति अनुसार विहित शर्तों की पूर्ति होने पर विभागों द्वारा ही कार्यवाही किया जाना है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) संविदा नीति अनुसार प्रत्‍येक विभाग के भर्ती किए जाने वाले पदों में 20 प्रतिशत पद संविदा पर नियुक्‍त अधिकारियों/ कर्मचारियों के लिए आरक्षित रहेंगे। नियमित पदों की भर्ती के लिए अधिकतम आयु-सीमा 55 वर्ष से अधिक नहीं होगी तथा संविदा पर कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों को आयु-सीमा के आधार पर 62 वर्ष के पूर्व सेवा से नहीं हटाया जाएगा।

समितियों द्वारा स्‍वीकृत किए गए प्रकरण

[सहकारिता]

28. ( क्र. 519 ) श्री संजय उइके : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले की बैहर तहसील के अंतर्गत आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों/सहकारी सोसाईटियों द्वारा खाद्य/बीज/किसान क्रेडिट कार्ड में वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से वित्‍तीय वर्ष 2018-19 तक कितने कृषकों/व्‍यापरियों को कितना ऋण किस-किस के लिए दिया गया है सोसाईटीवार जानकारी देवें ? (ख) सहकारी समितियों द्वारा वितरित ऋण के विरूद्ध कितने कृषकों द्वारा कितने ऋण की अदायगी की एवं कितने कृषकों द्वारा ऋण की अदायगी नहीं की गई?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

विधायक एवं मंत्री स्‍वेच्‍छानुदान

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

29. ( क्र. 520 ) श्री संजय उइके : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैहर विधान सभा क्षेत्रों की जनपद पंचायत को विधायक स्‍वेच्‍छानुदान की राशि जारी की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से वित्‍तीय वर्ष 2019-20 तक जनपद पंचायतों को किन-किन व्‍यक्तियों/समिति को आर्थिक सहायता स्‍वीकृत की गई, किन-किन जनपद पंचायतों ने किन-किन को कब-कब भुगतान किया और किन-किन को भुगतान नहीं किया गया? जनपद पंचायत के खाते से निर्गमित राशि की सूची उपलब्‍ध करावें?

वित्त मंत्री ( श्री तरूण भनोत ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।

रोगी कल्‍याण समिति के दिशा निर्देश

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

30. ( क्र. 538 ) श्री गिर्राज डण्‍डौतिया : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रोगी कल्‍याण समिति के दिशा-निर्देश 2018 के तहत व्‍यय हेतु किन-किन मदों/कार्यों में व्‍यय करने का प्रावधान है? मदवार बताया जावे? (ख) प्रश्‍नांश '' के प्रकाश में रोगी कल्‍याण समिति जिला चिकित्‍सालय मुरैना में वर्ष 2014 से 2019 तक व्‍यय विवरण मदवार, दिनांक, राशि, व्‍यय का प्रकार आदि सहित दी जावें। (ग) व्‍यय मद में कितना व्‍यय किस-किस मद पर एक बार में किया जावेगा व इस हेतु कौन-कौन अधिकृत है तथा अधिकृत व्‍यक्ति/संस्‍था आदि को कितने व्‍यय का अधिकार है? नाम, पदनाम आदि सहित जानकारी दी जावे।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) रोगी कल्याण समिति जिला चिकित्सालय मुरैना में वर्ष 2014 से 2019 तक का मदवार व्यय विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

रोगी कल्‍याण समिति के आय-व्‍यय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

31. ( क्र. 539 ) श्री गिर्राज डण्‍डौतिया : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रोगी कल्‍याण समिति दिशा-निर्देश 2018 अंतर्गत समिति की आय से भवन/ दुकान आदि निर्माण व मरम्‍मत आदि का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन निर्माण कार्यों व मरम्‍मतों में व्‍यय किया जा सकता है जिला चिकित्‍सालय मुरैना में कितने निर्माण कार्य वर्ष 2014 से 2019 तक कराये गये, की जानकारी कार्य नाम, राशि व्‍यय, क्रियान्‍वयन एजेंसी वर्ष दिनांक, विज्ञापन की प्रति, कार्य प्रारंभ व पूर्ण अवधि/कार्य की वर्तमान स्थिति आदि से अवगत करावे।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ। अस्पताल में भवन निर्माण, अस्पताल भवन का रख-रखाव व मरम्मत, लघु निर्माण कार्य/जीर्णोद्धार, अस्पताल भवन का रंगरोगन एवं नवीन भवन निर्माण/विस्तार का प्रावधान है। किंतु दुकान निर्माण का प्रावधान नहीं है। (ख) भवन निर्माण, अस्पताल भवन का रख-रखाव व मरम्मत, लघु निर्माण कार्य/जीर्णोद्धार, अस्पताल भवन का रंगरोगन एवं नवीन भवन निर्माण/विस्तार का प्रावधान है। जिला चिकित्सालय मुरैना में वर्ष 2014 से 2019 तक कराए गए निर्माण एवं मरम्मत कार्य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

आदिवासी जिलों में स्वास्थ्य सेवायें

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

32. ( क्र. 576 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश के जिला धार में कुल कितने जिला अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं अन्य शासकीय अस्पताल है? डॉक्टरों के स्वीकृत पदों की जानकारी एवं वर्तमान में पदस्थ डॉक्टरों के नाम, पदनाम की जानकारी तथा रिक्त पदों की जानकारी एवं अन्य कर्मचारियों के रिक्त पदों की जानकारी जिलेवार उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रश्नकर्ता विधायक द्वारा मनावर विधानसभा क्षेत्र में 100 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण कराने हेतु मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जी को दिनांक 04 जून 2019 क्रमांक 163/ एमपी-एमएलए/2019 को पत्र लिखा गया था। यदि हाँ, तो क्‍या उक्त पत्र पर कार्यवाही करते हुए उक्त 100 बिस्तरीय अस्पताल उन्नयन हेतु आगामी बजट में शामिल कर लिया जाएगा? यदि हाँ, तो निश्चित अवधि बतावें। यदि नहीं, तो क्यों नहीं। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आदिवासी बाहुल्यता जिले में डॉक्टरों के स्वीकृत पद एवं अन्य पदों पर कब तक पदस्थापना कर दी जाएगी। यदि नहीं, तो क्यों नहीं। (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जिले में संचालित निजी अस्पताल क्लीनिकों के नाम की जानकारी एवं इनके संचालकों की जानकारी तथा अस्पताल का पंजीयन क्रमांक तथा उक्त निजी अस्पतालों में उपलब्ध समस्त डॉक्टरों एवं विशेषज्ञों के नाम एवं पंजीयन नंबर की जानकारी उपलब्ध करावें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार(ख) जी हां वर्तमान में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मनावर का सिविल अस्पताल में उन्नयन हेतु शासन में विचाराधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति की कार्यवाही एन.एच.एम. के माध्यम से प्रत्येक बुधवार वॉक इन इन्टरव्यू के माध्यम से एवं बंधपत्र के अनुक्रम में भी चिकित्सकों की पदस्थापना की कार्यवाही निरन्तर जारी है। द्वितीय श्रेणी चिकित्सकों के नियमित रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा 1397 पदों का मांगपत्र लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया है जिसमें से बैकलॉग के 1065 पदों पर लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया की कार्यवाही की जा रही है। चयन सूची प्राप्त होने पर आवश्यकता अनुसार पदस्थापना की जावेगी। इसी प्रकार पैरामेडिकल स्टाफ के पदों की पूर्ति मध्यप्रदेश प्रोफेशनल बोर्ड द्वारा चयनित उम्मीदवारों की जानकारी प्राप्त होने पर काउंसलिंग के माध्यम से किये जाने की कार्यवाही निरंतर जारी रहती है। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार।

युवा उद्यमियों के लिए कौशल विकास योजना का क्रियान्‍वयन

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

33. ( क्र. 581 ) श्री महेश परमार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश राज्य में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के अंतर्गत कुल कितने कार्यक्रम संचालित हैं? संचालित कार्यक्रमों से कुल कितने प्रतिभागी लाभान्वित हुए हैं? जिलेवार जानकारी प्रस्तुत करें। (ख) मध्यप्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए क्या प्रयास किये जा रहे है? रोजगार उपलब्ध कराने के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति क्या है? (ग) युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कुल कितनी योजनायें संचालित हैं तथा संचालित योजनाओं के लिए कितना बजट प्रावधान है? इन योजनाओं में लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति क्या है?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) विभाग के अन्‍तर्गत 06 कार्यक्रम संचालित है। क्रमश: आई.टी.आई. के एक एवं दो वर्षीय पाठ्यक्रम में 101282, मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना एवं मुख्‍यमंत्री कौशल्‍या योजना में 25067, युवा स्‍वाभिमान योजना में किसी भी प्रशिक्षणार्थी का प्रशिक्षण पूर्ण नहीं, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (राज्‍य कॉम्‍पोनेंट) 17283, जॉब फेयर योजनान्‍तर्गत कुल 498 एवं करियर काउंसिलिंग के अन्‍तर्गत कुल 213 प्रतिभागी लाभान्वित हुए हैं। जिलेवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) एवं (ग) जॉब फेयर एवं करियर काउंसिलिंग योजना के माध्‍यम से युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्‍ध कराये जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जॉब फेयर योजनान्‍तर्गत रोजगार मेला आयोजित किये जा रहे हैं। जॉब फेयर एवं करियर काउंसिलिंग के अन्‍तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2019-20 में 111.81 लाख का बजट प्रावधान किया गया। अभी तक 10 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया इसमें 498 बेरोजगारों का निजी क्षेत्र में रोजगार हेतु चयन किया गया। मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना, मुख्‍यमंत्री कौशल्‍या योजना, युवा स्‍वाभिमान योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (राज्‍य कॉम्‍पोनेंट) के संबंध में जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

विधायक के पत्रों पर कार्यवाही और आमंत्रण

[सामान्य प्रशासन]

34. ( क्र. 604 ) श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश-विधानसभा सदस्य द्वारा शासकीय सेवकों/कार्यालयों को लिखित पत्रों पर कार्यवाही के शासन/विभाग के क्या नवीनतम-निर्देश हैं और क्या कटनी जिले के शासकीय सेवको/कार्यालयों द्वारा इन मार्गदर्शी निर्देशों का पालन किया जाता हैं, (ख) प्रश्नांश के तहत प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा कार्यालय-कलेक्टर (जिला-योजना एवं सांख्यिकी) कटनी को दिनांक 01/02/2018 से दिनांक 28/02/2019 की अवधि मे लिखित 07 पत्रों की सम्‍बन्धित द्वारा नियत प्रारूप मे कब अभिस्वीकृति प्रदान की और पत्रों पर की गयी कार्यवाही से नियमानुसार कब कब अवगत कराया गया पत्रवार बताएं (ग) प्रश्नांश के तहत प्रश्नकर्ता सदस्य द्वारा कार्यालय-लोक निर्माण विभाग संभाग-कटनी को दिनांक 09/03/2019 एवं म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं. कटनी को दिनांक 28/02/2019 को लिखित पत्रों की सम्‍बन्धितों द्वारा नियत प्रारूप मे कब अभिस्वीकृति प्रदान की गयी और पत्रों पर की गयी कार्यवाही से नियमानुसार कब कब अवगत कराया गया? पत्रवार बताएं। (घ) विगत एक वर्ष में कटनी-मुड़वारा-विधानसभा क्षेत्र में और कटनी-जिले में जिला- स्तरीय क्या-क्या शासकीय/सार्वजनिक, समारोह/कार्यक्रम कहाँ-कहाँ, किस-किस विभाग/कार्यालय द्वारा कब-कब आयोजित किए गये और प्रश्नकर्ता सदस्य को किस प्रकार और किसके द्वारा आमंत्रित किया गया आयोजित समारोह/कार्यक्रमवार एवं विभाग/कार्यालयवार बताएं? (ङ) प्रश्नांश से के तहत शासनादेशों के उल्लंघन पर क्या कोई कार्यवाही की जाएंगी? यदि हाँ, तो किस प्रकार एवं कब तक यदि नहीं, तो क्यों?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। संबंधितों द्वारा इन निर्देशों का पालन किया जाता है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-द अनुसार है। (ड.) शासनादेशों का उल्‍लंघन नहीं किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सहकारी समितियों व बैंकों के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही

[सहकारिता]

35. ( क्र. 613 ) श्री राज्‍यवर्धन सिंह : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र नरसिंहगढ़ के अंतर्गत वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति/सहकारी बैंकों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या शिकायतें, कब-कब, किस-किस स्‍तर पर प्राप्‍त हुई? प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त शिकायतों पर कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही किन-किन के द्वारा की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन सी शिकायतें सत्‍य पाये जाने पर किन-किन समिति/शाखा प्रबंधकों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई। (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने पत्र क्रमांक 07 फरवरी 2019 से समर्थन मूल्‍य पर गेहूं खरीदी घोटाले की जाँच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु कलेक्‍टर जिला राजगढ़ को लेख किया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कोई कार्यवाही की गई है, यदि हाँ, तो क्‍या, यदि नहीं, तो क्‍यों तथा कब तक जाँच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। पत्र पर कार्यवाही हेतु जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, राजगढ़ को भेजा गया। बैंक से प्राप्त जानकारी अनुसार समर्थन मूल्य खरीदी 2012 में अनियमितता के दोषी समिति प्रबंधक श्री रामबाबू सिसोदिया को निलंबित किया गया तथा समिति कर्मचारी श्री देवेन्द्र नागर की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। मंडी सचिव सारंगपुर द्वारा दोषियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. की कार्यवाही की गई, प्रकरण माननीय न्यायालय सारंगपुर में विचाराधीन है।

 

ऋण माफी योजना में 25%50% राशि का भुगतान

[सहकारिता]

36. ( क्र. 616 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सहकारिता आयुक्त के पत्र क्रमांक/सात/एपी/2019/573 दिनांक 20.02.2019 द्वारा प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाओं से कालातीत खातों 1 से 2 वर्ष के ऋण पर 75% तथा दो वर्ष से अधिक कालातित खातों के ऋण पर 50% राशि संस्थाओं को उपलब्ध करने के प्रस्ताव प्रशासक से मंगवाये गये थे, यदि हाँ, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) अंतर्गत ऋण माफी योजना में, 25%50% राशि का भुगतान कहाँ से होगा, क्या यह राशि पैक्‍स संस्‍थाओं को वहन करनी पड़ेगी? क्या संस्‍थाओं को घाटा नहीं होगा? घाटे का जवाबदार कौन होगा?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हां, जय किसान फसल ऋण माफी योजनान्तर्गत बिन्दु क्रमांक 4.12 में कालातीत ऋण पर राज्य शासन द्वारा बैंकों से परामर्श कर One Time Settlement किये जाने का प्रावधान होने से, संदर्भित पत्र के माध्यम से प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से संचालक मण्डल/प्रशासक की बैठक में अनुमोदन की अपेक्षा की गई थी। (ख) संस्थाओं द्वारा दिए गए प्रस्ताव के अनुसार योजना अंतर्गत शेष राशि संस्थाऐं स्वयं वहन करेंगी। एन.पी.ए. ऋण के अंतर्गत राशियों की वसूली हो जाने से संस्थाओं में तरलता बढ़ेगी। शासन द्वारा संस्थाओं में तरलता बढ़ाने के लिए 25 प्रतिशत की सीमा तक अंशपूंजी उपलब्ध कराई गई है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जय किसान ऋण माफी योजना

[सहकारिता]

37. ( क्र. 617 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले में जय किसान ऋण माफी योजना के तहत प्रश्न दिनांक तक किन-किन प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाओं द्वारा किस-किस किसान के खातों में 2 लाख रूपये का समायोजन किया गया है? प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थावार सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित किसानों को क्या नया ऋण व खाद-बीज प्रदाय किया गया है? यदि हाँ, तो शाजापुर जिले में प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थावार कितने किसानों को पुन: ऋण व खाद-बीज प्रदाय किया गया है? सूची देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत क्‍या किसानों की बकाया ऋण राशि एवं जय किसान योजना में माफ की गई ऋण राशि में अंतर हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या सरकार द्वारा वचन पत्र के अनुरूप 2 लाख तक का ऋण माफ नहीं किया हैं? शाजापुर जिले में ऐसे किन-किन किसानों के बकाया ऋण एवं जय किसान ऋण माफी योजना में समायोजित की गई राशि में अंतर हैं सहकारी संस्‍थावार सूची देवें।

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। शाजापुर जिले में उत्तरांश में उल्लेखित किसानों की बकाया ऋण राशि एवं जय किसान फसल ऋण माफी योजना में माफ की गई राशि में अंतर नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय उचित मूल्‍य की दुकान के सबंध में

[सहकारिता]

38. ( क्र. 620 ) श्री नागेन्द्र सिंह (गुढ) : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2018-2019 में सहकारिता विभाग द्वारा शासकीय उचित मूल्‍य के दुकानों के संचालन हेतु रिक्‍त सेल्‍समैन के पदों पर भर्ती हेतु प्रदेश के समस्‍त जिलों के बेरोजगार युवकों से ऑनलाइन आवेदन बुलाये गये थे? यदि हाँ, तो वर्तमान में आज तक कितने सेल्‍समैन पदों की नियुक्ति की गई, जिलेवार बतावें यदि नहीं, तो क्‍या सेल्‍समैन के रिक्‍त पदों पर भर्ती की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) क्‍या रीवा जिले के शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों के संचालन का प्रभार एक सेल्‍समैन के पास एक से अधिक दुकाने हैं? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ? (ग) क्‍या शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों में सेल्‍समैन के अतिरिक्‍त तुलावटी (खाद्यान तौल करने वाला) की अलग से व्‍यवस्‍था है यदि हाँ, तो तुलावटी रखने हेतु शासन के दिशा निर्देशों की प्रति उपब्‍लध करावे। रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान व रीवा जनपद पंचायत में एक से अधिक कितने सेल्‍समैनों को दुकान अवांटित की गई है उन उचित मूल्‍य दुकानों के खाद्य आवांटन की सूची माह मई जून 2019 की उपभोक्‍ताओं की आवंटन सूची उपब्‍लध करावें।

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। नियुक्ति की कार्यवाही नहीं हुई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। विभिन्न दायर याचिकाओं में माननीय उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन नियुक्ति रहने के पारित आदेश के अंतर्गत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। तीन माह की समयावधि में नियुक्ति किये जाने का प्रयास किया जावेगा। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी नहीं। रायपुर कर्चुलियान एवं रीवा जनपद पंचायत में एक से अधिक सेल्समैन वाली दुकानों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। माह मई, 2019 एवं जून, 2019 में खाद्यान्न आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 3 एवं 4 अनुसार है।

लोक सेवा केन्‍द्रों का संचालन

[लोक सेवा प्रबन्धन]

39. ( क्र. 622 ) श्री नागेन्द्र सिंह (गुढ) : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कितने लोक सेवा केन्‍द्र संचालित हैं उन केन्‍द्रों में वर्ष 2014 से आज दिनांक 2019 तक कितने डिजिटल जाति प्रमाण पत्र शासन विशेष अभियान चलाकर बनाये गये इस हेतु शासन द्वारा प्रति जाति प्रमाण लेमिनेशन सहित कुल कितने रूपये स्‍वीकृत किये गये थे। रीवा जिले में कुल कितने लोक सेवा केन्‍द्र संचालित है तथा किस केन्‍द्र में कितने डिजिटल जाति प्रमाण पत्र बनाये गये है तथा केन्‍द्रवार उनका कितना भुगतान किया गया है और कितनी राशि अभी शेष है उक्‍त राशि का भुगतान कब तक किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रदेश के अन्‍य जिलों में भुगतान किस दर से किया गया है एवं रीवा जिले में इसका भुगतान किस दर से किया गया? क्‍या जो आदेश शासन से दिये गये थे उससे कम रेट पर भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो इसके लिये दोषी कौन है एवं उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी एवं भुगतान कब तक किया जायेगा? (ग) क्‍या प्रदेश में नये टेन्‍डर बुलाये गये हैं यदि हाँ, तो पुराने बकाया भुगतान के बिना क्‍या पुराने केन्‍द्रों को हटा दिया जायेगा? क्‍या रीवा जिले के लोक सेवा केन्‍द्रों के व्‍ही-जी-एफ राशि शेष है तो उसका भुगतान कब तक किया जावेगा नहीं तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) मध्यप्रदेश में कुल 412 लोक सेवा केन्द्र संचालित हैं वर्ष 2014 से प्रश्न दिनांक तक कुल 2,48,52,557 जाति प्रमाण पत्र बनाए गए हैं। शासन द्वारा प्रति जाति प्रमाण पत्र प्रोसेस शुल्क 30 रूपये एवं प्रिंट और लेमिनेशन शुल्क 5 रूपये कुल 35 रूपये स्वीकृत हैं। रीवा जिले में कुल 11 लोक सेवा केन्द्र संचालित हैं केन्द्रवार बनाए गए जाति प्रमाण पत्र एवं राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रदेश के सभी जिलों में भुगतान प्रश्नांश () में दर्शाई दर अनुसार किया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। म.प्र. राज्य लोक सेवा अभिकरण द्वारा जून, 2018 तक का व्ही.जी.एफ. राशि का भुगतान कर दिया गया है। माह फरवरी, 2019 तक का व्ही.जी.एफ. राशि का भुगतान प्रक्रियाधीन है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

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कर्मचारियों की नियुक्ति की जानकारी

[सहकारिता]

40. ( क्र. 646 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर के विकासखण्‍ड लवकुशनगर एवं बड़ामलहरा की सेवा सहकारी समिति मर्यादित कटहरा एवं बंघा में कौन-कौन, कब-कब से किस पद पर पदस्‍थ हैं? उल्‍लेखित करें। (ख) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार क्‍या उक्‍त व्‍यक्तियों को शासन के नियम एवं निर्देशों के अनुसार नियुक्त किया गया था? (ग) यदि हाँ, तो शासन के नियम और निर्देशों की प्रति उपलब्‍ध करायें। उक्‍त समिति द्वारा नियुक्ति संबंधी कर्मचारियों की संपूर्ण विवरण उपलब्‍ध करायें। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या शासन विधिसम्‍मत एवं समय-सीमा पर कार्यवाही न करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) पंजीयक सहकारी संस्थाएं के निर्देश दिनांक 13.08.2002 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। नियुक्ति संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) संबंधित संस्था के संचालक मंडल द्वारा नियुक्ति दी गई। (ड.) उप आयुक्त सहकारिता, जिला छतरपुर द्वारा नियम विरूद्ध नियुक्त कर्मचारियों की सेवायें समाप्त करने एवं नियुक्तिकर्ता के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित समिति के प्रशासक को दिए गए हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जनप्रतिनिधि के पत्रों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

41. ( क्र. 647 ) श्री राजेश कुमार प्रजापति : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला छतरपुर के विधान सभा क्षेत्र चन्‍दला के विधायक द्वारा क्रमांक /154/ छत/19 दिनांक 07.06.2019 को कलेक्‍टर छतरपुर को पत्र लिखा गया था? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त पत्र पर कलेक्‍टर छतरपुर द्वारा कार्यवाही की गई थी? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही का संपूर्ण विवरण उपलब्‍ध कराएं। (ख) क्‍या शासन विधि सम्‍मत कार्यवाही न करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो कारण स्‍पष्‍ट करें

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी हाँ। पत्र पर की गई कार्यवाही का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) पत्र में उल्‍लेखित विषयों के संबंध में जांच कर कार्यवाही की जा चुकी है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

42. ( क्र. 651 ) श्री राकेश गिरि : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद जिला चिकित्‍सालय एवं ट्रॉमा सेंटर टीकमगढ़ में विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के कितने पद स्‍वीकृत है एवं वर्तमान में कितने पद रिक्‍त हैं एवं किन-किन चिकित्‍सा सुविधाओं का अभाव है? (ख) क्‍या जिला चिकित्‍सालय एवं ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन लगभग 1000 रोगी उपचार हेतु आते हैं? यदि हाँ, तो उन्‍हें विषेशज्ञ चिकित्‍सकों के बिना एवं चिकित्‍सा सुविधाओं के अभाव में उचित एवं आवश्‍यक उपचार उपलब्‍ध हो पाता है? अगर नहीं, तो इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ग) रोगियों की संख्‍या एवं जनहित को दृष्टिगत रखते हुए विशेषज्ञ चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों पर चिकित्‍सकों की कब तक पदस्‍थापना कर दी जावेगी एवं आवश्‍यक चिकित्‍सा सुविधाओं व उपकरणों की पूर्ति कब तक पूरी कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जिला चिकित्सालय टीकमगढ़ में-22 एवं ट्रॉमा सेन्टर टीकमगढ़ में-07 विशेषज्ञ चिकित्सक के कुल 29 पद स्वीकृत हैं। स्वीकृत पदों के विरूद्ध 03 पद विशेषज्ञ चिकित्सक भरे हैं। वर्तमान में 26 पद विशेषज्ञ चिकित्सक के रिक्त हैं। आवश्यकता पड़ने पर सहायक शल्य चिकित्सकों से कार्य लिया जाता है। (ख) जी हाँ। ट्रॉमा सेंटर में उपलब्ध संसाधनों से मरीजों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2018-19 में कुल 1470 रोड़ एक्सीडेंट कैसेस के मरीजों को उपचारित किया गया, 06 मेजर आपरेशन तथा 781 माईनर आपरेशन किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रदेश में विशेषज्ञों के स्वीकृत 3556 पदों के विरूद्ध मात्र 1029 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। प्रथम श्रेणी विशेषज्ञों के समस्त पद पदोन्नति से भरे जाने का प्रावधान है। पदोन्नति उपरांत पदस्थापना संबंधी कार्यवाही की जावेगी। प्रश्नांश (ख) के उत्तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

बेरोजगारी भत्‍ता

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

43. ( क्र. 677 ) डॉ. नरोत्तम मिश्र : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (‍क) दिनांक 17 दिसम्‍बर 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश के कुल कितने शिक्षित बेरोजगार युवाओं को शासन द्वारा बेरोजगारी भत्‍ता दिया गया? (ख) प्रदेश में कुल कितने शिक्षित बेरोजगार हैं जिनको बेरोजगारी भत्‍ता प्रदाय किया जाना शेष है? जिलेवार संख्‍या बतावें। (ग) शिक्षित बेरोजगारों के बेरोजगारी भत्‍ते/रोजगार हेतु शासन स्‍तर पर क्‍या कोई मापदण्‍ड बनाया गया है? यदि हाँ, तो किस प्रकार का? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों के कौशल विकास/प्रशिक्षण हेतु शासन की कार्ययोजना है? यदि हाँ, तो किस प्रकार की? नाम सहित जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) एवं (ख) निरंक। (ग) एवं (घ) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश राज्‍य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा मध्‍यप्रदेश के युवाओं के कौशल विकास हेतु एन.एस.क्‍यू.एफ. पाठ्यक्रम आधारित लघु अवधि योजनाएं यथा मुख्‍यमंत्री कौशल संवर्धन योजना, मुख्‍यमंत्री कौशल्‍या योजना संचालित है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा मुख्‍यमंत्री युवा स्‍वाभिमान योजना संचालित की जा रही है, जिसमें नगरीय क्षेत्र के युवाओं को 90 दिन प्रशिक्षण प्रदान किया जावेगा तथा नगरीय निकायों में एक वर्ष में 100 दिन का रोजगार दिया जावेगा। इसके लिए बेरोजगारों को अधिकतम 4000 हजार रूपये प्रतिमाह के मान से स्‍टाइपेंड दिए जाने के प्रावधान हैं। योजनान्‍तर्गत प्रशिक्षित युवाओं के 70 प्रतिशत (रोजगार/स्‍वरोजगार) नियोजन का प्रावधान है। योजनान्‍तर्गत कौशल प्रशिक्षण का कार्य बोर्ड द्वारा किया जा रहा है।

महिला सहकारी बैंक

[सहकारिता]

44. ( क्र. 685 ) श्री लक्ष्‍मण सिंह : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहकारिता के क्षेत्र में महिलाओं को बढ़ावा देने हेतु कौन सी योजनाएं है एवं भविष्‍य की क्‍या कार्य योजना है? (ख) प्रदेश में कितने महिला सहकारी बैंक पंजीकृत हैं तथा वर्तमान में कितने महिला सहकारी बैंक सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) सहकारी अधिनियम की धारा-6 के तृतीय परन्‍तुक में संस्‍थाओं के पंजीयन हेतु 33 प्रतिशत महिला सदस्‍यों का प्रावधान है तथा केवल महिला सदस्‍यों की सहकारी समिति का गठन भी किया जा सकता है। अधिनियम की धारा 48 (3) (ब) के द्वारा, जिन संस्‍थाओं में महिला वैयक्तिक सदस्‍य है, के संचालक मण्‍डल में दो स्‍थान महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। वर्तमान में अन्‍य कोई योजना नहीं है। (ख) प्रदेश में कुल 12 महिला नागरिक सहकारी बैंक पंजीकृत हैं। वर्तमान में 08 महिला नागरिक बैंक कार्यशील है।

औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र विभिन्न संकायों का संचालन

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

45. ( क्र. 696 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र सिरमौर अंतर्गत सत्र 2017 में माननीय मुख्यमंत्री महोदय की घोषणा के अनुपालन में नवीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था विकासखण्ड सिरमौर में सत्र 2018-19 से प्रारंभ की गयी है? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि कम्प्यूटर संकाय के अतिरिक्त अन्य संकायों जैसे विद्युत, फिटर, ड्राफ्टमैन आदि आवश्यक संकायों का संचालन दूसरे सत्र में भी प्रारंभ नहीं किया जा सका है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित अन्य संकायों का संचालन क्या प्रारंभिक सत्र 2019-20 से प्रारंभ किया जा सकेगा? यदि नहीं, तो उक्त संकायों का संचालन कब तक प्रारंभ किया जावेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) जी हाँ। संस्‍था नगर परिषद् सिरमौर के भवन में संचालित है। जिसमें एक ट्रेड कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर एण्‍ड प्रोग्रामिंग असिस्‍टेंट ही संचालित करना संभव है। (ख) जी नहीं। समयावधि बताना संभव नहीं है।

डॉक्‍टरों एवं कर्मचारियों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

46. ( क्र. 735 ) श्री कमल पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में शासकीय जिला हॉस्पिटल एवं अन्‍य सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों हेतु कौन-कौन से पद, किस-किस विभाग, किस स्‍तर के, कुल कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ख) हरदा जिले में उपरोक्‍त स्‍वीकृत पदों में कितने पद पर डॉक्‍टर एवं कर्मचारी पदस्‍थ हैं तथा कितने पद आज दिनांक तक रिक्‍त हैं? (ग) क्‍या हरदा जिले की अस्‍पतालों में डॉक्‍टरों एवं कर्मचारियों की बहुत कमी है? (घ) हरदा जिले में विभाग द्वारा डॉक्‍टरों एवं अन्‍य कर्मचारियों की पूर्ति कब तक की जाएगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी उत्‍तरांश (क) अनुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति की कार्यवाही एन.एच.एम. के माध्यम से प्रत्येक बुधवार वॉक इन इन्टरव्यू के माध्यम से एवं बंध-पत्र के अनुक्रम में भी चिकित्सकों की पदस्थापना की कार्यवाही निरन्तर जारी है। द्वितीय श्रेणी चिकित्सकों के नियमित रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा 1397 पदों का मांग-पत्र लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया है जिसमें से बैकलॉग के 1065 पदों पर लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया की कार्यवाही की जा रही है। चयन सूची प्राप्त होने पर आवश्यकता अनुसार पदस्थापना की जावेगी। इसी प्रकार पैरामेडिकल स्टाफ के पदों की पूर्ति मध्य प्रदेश प्रोफेशनल बोर्ड द्वारा चयनित उम्मीदवारों की जानकारी प्राप्त होने पर काउंसलिंग के माध्यम से किये जाने की कार्यवाही निरंतर जारी रहती है। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

47. ( क्र. 736 ) श्री कमल पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में शासकीय जिला चिकित्‍सालय सहित कुल कितने चिकित्‍सालय, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कहाँ-कहाँ कब से संचालित हैं? (ख) हरदा जिले में कितने सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र नवीन स्‍वीकृत हुए लेकिन निर्माण नहीं हुआ? निर्माण नहीं होने के क्‍या कारण हैं? (ग) हरदा जिले में कितने स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बनकर तैयार हैं जिनका अभी तक शुभारंभ नहीं हुआ? (घ) क्‍या हरदा जिले में सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की और आवश्‍यकता है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ आवश्‍यकता हैं एवं कब तक ये स्‍वीकृत हो जाएंगे?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) हरदा जिले में संचालित शासकीय जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थानवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) हरदा जिले में केवल 23 नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत किये गये हैं। भवन निर्माण संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) ऐसा कोई स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है जिसका शुभारंभ लंबित है। (घ) सतत् प्रक्रिया है। पात्रता व बजट की उपलब्‍धता के अनुसार स्‍वीकृति की कार्यवाही की जावेगी।

सहायक प्रबंधक पद पर नियुक्ति

[सहकारिता]

48. ( क्र. 748 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कृषक सेवा सहकारी संस्‍था मर्या. बैजनाथ तहसील महिदपुर जिला उज्‍जैन के जांच प्रकरण में सहायक निरीक्षक सी.एस. आसोड़िया ने अनियमिततापूर्वक बनेसिंह सोलंकी को सहायक प्रबंधक पद पर पुन: नियुक्ति दी गई जबकि ये भ्रष्‍टाचार के आरोप में जमानत पर हैं? ऐसा क्‍यों? नियम की छायाप्रति देवें। (ख) इस घोर अनि‍यमितता के लिये इन पर कब तक कार्यवाही की जायेगी? (ग) नियम विरूद्ध इस नियुक्ति को कब तक निरस्‍त कर दिया जाएगा?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) जी नहीं, श्री सी.एस. आसोड़िया सहकारी निरीक्षक द्वारा पुनः नियुक्ति नहीं दी गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तरांश (क) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

चिकित्‍सालयों में स्‍वीकृत एवं रिक्‍त पद

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

49. ( क्र. 752 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल संभाग में कितने चिकित्‍सा महाविद्यालय, जिला अस्‍पताल, सिविल अस्‍पताल, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र हैं? चिकित्‍सकों के कितने-‍कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं स्‍वीकृत के विरूद्ध कितने रिक्‍त पद हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है एवं रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के संदर्भ में सिरोंज-लटेरी विकासखण्‍डों के विभिन्‍न चिकित्‍सालयों में चिकित्‍सकों एवं पैरा-मेडिकल स्‍टाफ में कितने पद स्‍वीकृत हैं तथा स्‍वीकृत पद के विरूद्ध कितने रिक्‍त पद हैं? रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रवार जानकारी दें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति की कार्यवाही एन.एच.एम.‌ के माध्यम से प्रत्येक बुधवार वॉक इन इन्टरव्यू के माध्यम से एवं बंध-पत्र के अनुक्रम में भी चिकित्सकों की पदस्थापना की कार्यवाही निरन्तर जारी है। द्वितीय श्रेणी चिकित्सकों के नियमित रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा 1397 पदों का मांग-पत्र लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया है जिसमें से बैकलॉग के 1065 पदों पर लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया की कार्यवाही की जा रही है। चयन सूची प्राप्त होने पर आवश्यकता अनुसार पदस्थापना की जावेगी। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

लोकायुक्‍त एवं E.O.W. जांच पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

50. ( क्र. 755 ) श्री सुनील सराफ : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्र.क्र.1695 दिनांक 21.07.2017 में दर्शाये लोकायुक्‍त व E.O.W. प्रकरणों की अद्यतन स्थिति देवें। दिनांक 22.02.2018 से 31.05.2019 तक इन प्रकरणों के संदर्भ में विभाग व लोकायुक्‍त E.O.W. के मध्‍य हुये समस्‍त पत्राचार की प्रमाणित प्रति देवें। (ख) दिनांक 01.07.2017 से 31.05.2019 तक विभाग के किन अधिकारियों-कर्मचारियों पर लोकायुक्‍त, E.O.W. प्रकरण दर्ज हुये उनकी जानकारी माहवार-वर्षवार देवें। (ग) जिन प्रकरणों में लोकायुक्‍त, E.O.W. ने जांच कर विभाग को भेज दिये हैं उन पर विभाग द्वारा कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है? (घ) उपरोक्‍तानुसार जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कार्यवाही न कर उन्‍हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित देकर बतावें कि शासन उन पर कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सी.एम. हेल्‍पलाईन कॉल सेंटर की जानकारी

[लोक सेवा प्रबन्धन]

51. ( क्र. 756 ) श्री सुनील सराफ : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सी.एम. हेल्‍पलाईन कॉल सेंटर का कार्य किस कंपनी/फर्म के पास था? वर्ष 2014 से 31.12.2018 समयावधि के संदर्भ में बतावें। (ख) इसके लिये कंपनी/फर्म को कितना भुगतान किन-किन कार्यों के लिये किया गया? जानकारी मदवार, कार्यवार सहित माहवार-वर्षवार देवें। कंपनी/फर्म द्वारा प्रस्‍तुत समस्‍त बिलों का विवरण माहवार-वर्षवार देवें। (ग) इनमें कार्यरत रहे लोगों की सूची नाम, P.F. नंबर, कर्मचारी अंशदान, नियोक्‍ता अंशदान की जानकारी सहित माहवार-वर्षवार देवें। (घ) कंपनी/फर्म द्वारा देयता/उपयोगिता प्रमाण पत्र कब-कब जमा कराया गया? दिनांकवार, माहवार, वर्षवार प्रमाणित प्रति देवें।

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) वर्ष 2014 से 31.12.2018 समयावधि में सी.एम. हेल्‍पलाईन कॉल सेंटर का कार्य मेसर्स श्योरविन बी.पी.ओ. सर्विसेस लिमिटेड के पास था। (ख) इसके लिये संबंधित कंपनी मेसर्स श्योरविन बी.पी.ओ. सर्विसेस लिमिटेड भोपाल को कॉल सेंटर संचालन हेतु किये गये भुगतान का मदवार, कार्यवार, माहवार-वर्षवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। संबंधित फर्म को कॉल सेंटर के संचालन हेतु किये जा रहे व्‍ययों जैसे -बिजली, दूरभाष एवं ऑफिस किराया की प्रतिपूर्ति भी की गई, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) कार्यरत रहे लोगों की सूची नाम, P.F. नंबर, कर्मचारी अंशदान, नियोक्‍ता अंशदान की जानकारी सहित माहवार-वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) संबंधित कंपनी/फर्म को उनसे की जा रही सेवाओं के बदले उन्‍हें भुगतान किया जाता है। अत: कंपनी से देयता/उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्‍त करने का प्रावधान नहीं है।

सेवा सहकारी समिति में सम्मिलित ग्रामों का संलग्‍नीकरण

[सहकारिता]

52. ( क्र. 786 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेवा सहकारी समितियों में संलग्‍न ग्रामों का संलग्‍नीकरण कार्य विभाग द्वारा कब किया गया था तथा इसमें कब-कब सुधार कार्य किया गया? (ख) सागर जिले में किन-किन सेवा सहकारी समितियों में सुधार कार्य किया गया है? (ग) किन-किन सेवा सहकारी समितियों में कौन-कौन से गाँव संलग्‍न हैं? नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सागर एवं राहतगढ़ वि.ख. की जानकारी देवें तथा सेवा सहकारी समिति में संलग्‍न ग्रामों का संलग्‍नीकरण कार्य का पुन: विचार कर क्‍या नवीन संलग्‍नीकरण कार्य प्रस्‍तावित/विचाराधीन हैं? (घ) सेवा सहकारी समिति मोकलपुर में यदि ग्राम पिपरिया रामवन जसराज, किशनपुरा ग्राम संलग्‍न हैं तथा इन ग्रामों के नजदीक/सुविधा की दृष्टि से क्‍या सेवा सहकारी समिति चितौरा में संलग्‍नीकरण किया जा सकता हैं? यदि हाँ, तो कब तक?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 एवं नियम 1962 में सेवा सहकारी समितियों में ग्रामों को संलग्नीकरण करने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

चिकित्सकों के स्‍वीकृत पदों की पूर्ती

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

53. ( क्र. 797 ) श्री करण सिंह वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इछावर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं सिविल अस्‍पताल में चिकित्‍सकों के कितने पद स्‍वीकृत हैं?. (ख) प्रश्‍नांकित केन्‍द्रों में कितने चिकित्‍सकों के पद भरे हुये है एवं कितने कहाँ-कहाँ रिक्‍त हैं? (ग) ग्राम भाऊखेड़ी में स्थित स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का निर्माण कब किया गया है? स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में कितना चिकित्‍सक/स्‍टाफ है? नामवार सूची देवें। (घ) प्रश्‍नांकित चिकित्‍सकों/स्‍टाफ के रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक की जा सकेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) इछावर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत सिविल अस्पताल स्वीकृत नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वीकृत पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी उत्‍तरांश (क) अनुसार है। (ग) ग्राम भाऊखेड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भवन निर्माण वर्ष 2014 एवं लोकार्पण सितम्बर 2016 में किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति की कार्यवाही एन.एच.एम.‌ के माध्यम से प्रत्येक बुधवार वॉक इन इन्टरव्यू के माध्यम से एवं बंध-पत्र के अनुक्रम में भी चिकित्सकों की पदस्थापना की कार्यवाही निरन्तर जारी है। द्वितीय श्रेणी चिकित्सकों के नियमित रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा 1397 पदों का मांग-पत्र लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया है जिसमें से बैकलॉग के 1065 पदों पर लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया की कार्यवाही की जा रही है। चयन सूची प्राप्त होने पर आवश्यकता अनुसार पदस्थापना की जावेगी। इसी प्रकार पैरामेडिकल स्टाफ के पदों की पूर्ति मध्य प्रदेश प्रोफेशनल बोर्ड द्वारा चयनित उम्मीदवारों की जानकारी प्राप्त होने पर काउंसलिंग के माध्यम से किये जाने की कार्यवाही निरंतर जारी रहती है। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

महाविद्यालय का भवन निर्माण

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

54. ( क्र. 798 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में शासकीय पॉलीटेक्निक जतारा एवं छतरपुर जिले में शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय नौगाँव कब खोला गया था? दोनों आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय कर बतायें कि दोनों कॉलेज में कितने-कितने छात्र-छात्राओं की संख्‍या सहित कहाँ-कहाँ, किस-किस को उधार के भवन लेकर, बच्‍चों को कब से प्रशिक्षण अध्‍ययन कराया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर बतायें कि दोनों के भवनों के निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि विभाग ने कब-कब स्‍वीकृत की थी? दोनों भवनों के अलग-अलग डिजाईन, ड्राईंग, प्‍लान, ऐलिवेशन क्‍या-क्‍या था? दोनों के भवनों के निर्माण हेतु कहाँ-कहाँ, किस-किस खसरा नम्‍बरों में कितनी-कितनी रकबा की कौन सी भूमि ट्रेस सहित कब-किसके द्वारा की गई थी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत दोनों भवन की राशि में से कितनी-कितनी राशि व्‍यय कर कितना-कितना कार्य पूर्ण करा दिया गया है और कौन-कौन से ठेकेदारों को कब-कब, कितनी-कितनी राशि का किस दर पर कितना-कितना भुगतान किया जा चुका है और कितना-कितना प्रश्‍न दिनांक तक किया जाना शेष है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर विभाग द्वारा स्‍वीकृत राशि भवनों के निर्माण हेतु नहीं भेजी जाने से कार्य प्रश्‍न दिनांक तक एक वर्ष से बंद है? अगर हाँ तो निश्चित समय-सीमा सहित बतायें कि कब तक स्‍वीकृत राशि विभाग भेजकर बंद कार्यों को पुन: चालू करायेगा? कब तक बच्‍चे नवीन कॉलेजों में पहुँचकर अध्‍ययन करने लगेंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) भवनों के निर्माण हेतु स्‍वीकृत राशि की जानकारी तथा डिजाईन ड्राईंग प्‍लान, ऐलिवेशन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 एवं भूमि आवं‍टन संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-5 अनुसार है।

अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण

[सामान्य प्रशासन]

55. ( क्र. 799 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के सभी विभागों में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने हेतु शासन ने प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या नियम बनाये हैं? ऐसे नियमों-आदेशों की छायाप्रति प्रदाय करें। (ख) सागर संभाग में ऐसे कौन-कौन से अधिकारी एवं कर्मचारी थे जिनका सेवानिवृत्‍त के पूर्व प्रश्‍न दिनांक के पहले उनकी मृत्‍यु हो गई थी? उनके नाम, पिता/पति का नाम, जाति, पता, विभाग का नाम, पद, मृत्‍यु दिनांक, अनुकंपा नियुक्ति चाहने वाले का नाम, विभाग में प्राप्‍त आवेदन दिनांक सहित संपूर्ण जानकारी दें, जिनके आज भी अनुकंपा देने हेतु प्रकरण लंबित हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बतायें कि प्रश्‍न दिनांक तक पात्र होने के बावजूद अनुकंपा नियुक्ति चाहने वाले को किस-किस कारण से अनुकंपा नियुक्ति प्रदान नहीं की गई है? लंबित प्रकरण कब और कहाँ, किस कार्यालय में लंबित हैं? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बतायें कि लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण प्रश्‍न दिनांक तक का कर दिया जावेगा तो कब तक और नहीं तो क्‍यों?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) निर्देशों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट

[औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन]

56. ( क्र. 816 ) श्री कुणाल चौधरी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2009 से 2016 तक किस-किस दिनांक को किस शहर में ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट (जी.आई.एस.) का आयोजन किया गया? समिट की सभा कितनी राशि के निवेदन पर एम.ओ.एस. में से कितनी राशि का निवेश हो चुका है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार समिट के प्रचार हेतु मुख्‍यमंत्री, महोदय अधिकारी एवं अन्‍य ने किस-किस देश की यात्रा किस दिनांक में की? समि‍ट का इवेंट मैनेजमेंट का कार्य किस फर्म को दिया गया तथा डेकोरेशन, भोजन आदि का कार्य किस-किस को दिया गया? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार समि‍ट पर हुये खर्च की मदवार, कंसलटेंट, विज्ञापन, प्रचार-प्रसार हेतु देश विदेश यात्रा, डेकोरेशन, होटल, भोजन, सांस्‍कृतिक कार्यक्रम, इत्‍यादि जानकारी समिट अनुसार भुगतान किये गए फर्म/संस्‍थान/व्‍यक्ति के नाम सहित देवें तथा यह भी बताएं की भुगतान किस विभाग के किस लेखा मद से किया गया? (घ) क्‍या शासन 2009 से 2018 की समिट पर श्‍वेत-पत्र जारी करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री कमल नाथ ) : (क) वर्ष 2009 से 2016 के मध्‍य आयोजित ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट के दिनांक एवं शहर निम्‍न है:- 1. ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट दिनांक 22-23 अक्‍टूबर 2010- खजुराहो 2. ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट दिनांक 28-30 अक्‍टूबर 2012- इंदौर 3.ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट दिनांक 08-10 अक्‍टूबर 2014- इंदौर 4. ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट दिनांक 22-23 अक्‍टूबर 2016-इंदौर शेष प्रश्‍नांश का आशय स्‍पष्‍ट न होने से उत्‍तर दिया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार वर्ष 2009 से 2016 के मध्‍य माननीय मुख्‍यमंत्री, अधिकारी एवं अन्‍य द्वारा की गई देशों की यात्रा एवं दिनांक की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट दिनांक 22-23 अक्‍टूबर 2010-खजुराहो का कार्य इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स फेडरेशन ऑफ इण्डिया, नई दिल्‍ली को तथा वर्ष 2012, 2014 एवं 2016 में आयोजित ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट का कार्य कॉन्‍फेडरेशन ऑफ इण्डियन इण्‍डस्‍ट्रीज (सी.आई.आई.) को दिया गया था। (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार समिट पर हुये खर्च की मदवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में उल्‍लेखित संस्‍थाओं को संबंधित ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर्स समिट के कार्यों के व्‍यय का भुगतान किया गया है। यह भुगतान औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्‍साहन विभाग के लेखा शीर्ष 5531 डेस्टिनेशन मध्‍यप्रदेश इन्‍वेस्‍टमेंट ड्राईव मद से किया गया है। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''सोलह''


डॉक्‍टर्स एवं स्‍टाफ नर्सों की पदस्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

57. ( क्र. 818 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र ब्‍यौहारी जिला शहडोल में डॉक्‍टर्स के कुल कितने पद स्‍वीकृत हैं तथा वर्तमान में कुल कितने डॉक्‍टर्स पदस्‍थ हैं एवं कार्यरत हैं? शेष स्‍वीकृत पदों को कब तक भरा जाएगा? (ख) उक्‍त सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र ब्‍यौहारी में स्‍टाफ नर्सों के कुल कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं कार्यरत हैं तथा कितने पद खाली हैं और कब तक भरे जाएंगे? (ग) क्‍या ब्‍यौहारी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 83 जिला शहडोल के अंतर्गत ग्रामीणों में उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भवनों का निर्माण कराया गया है? यदि हाँ, तो उनमें कितने डॉक्‍टर्स एवं स्‍टाफ नर्स कार्यरत हैं तथा खाली पदों की पूर्ति कब तक की जायेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) दिनांक 15.12.2008 से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ब्यौहारी का 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन हो गया है। सिविल अस्पताल ब्यौहारी में चिकित्‍सकों के कुल 21 पद स्वीकृत, 02 कार्यरत एवं 19 पद रिक्त हैं। चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति की कार्यवाही एन.एच.एम. के माध्यम से प्रत्येक बुधवार वॉक इन इन्टरव्यू के माध्यम से निरंतर जारी है। बंध-पत्र के अनुक्रम में भी चिकित्सकों की पदस्थापना की कार्यवाही जारी है। द्वितीय श्रेणी चिकित्सकों के नियमित रिक्त पदों की पूर्ति हेतु हाल ही में विभाग द्वारा 1397 पदों का मांग-पत्र प्रेषित किया गया है जिसमें से बैकलॉग के 1065 पदों पर लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया की जा रही है। उपरोक्तानुसार चिकित्सकों की उपलब्धता होने पर यथाशीघ्र पदों की पूर्ति की जावेगी। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं। (ख) उत्‍तरांश (क) में अंकित सिविल अस्पताल ब्यौहारी में स्टॉफ नर्स के कुल 20 पद स्वीकृत हैं एवं 14 कार्यरत हैं तथा 06 पद रिक्त हैं। रिक्त पदों की पूर्ति के लिए भर्ती यथाशीघ्र की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। उप स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर्स एवं स्टॉफ नर्स के पद स्वीकृत नहीं होते हैं। उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर रिक्त महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रिक्त पदों की पूर्ति यथाशीघ्र की जावेगी। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। ब्‍यौहारी विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 83 के क्षेत्र के अन्‍तर्गत कुल उप केन्‍द्रों की संख्‍या-69 है, इन उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में 69 महिला स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता तथा 35 पुरूष स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता पदस्‍थ हैं।

खाद गोदाम भवन निर्माण में अनियमितता

[सहकारिता]

58. ( क्र. 819 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जयसिंहनगर जनपद प्रांगण स्थित निर्मित खाद गोदाम के लिए कितनी राशि स्‍वीकृत की गई थी? (ख) उक्‍त स्‍वीकृत राशि किस स्‍थान पर खाद गोदाम के निर्माण हेतु स्‍वीकृत हुई है? क्‍या यह नवीन भवन हेतु स्‍वीकृत हुई थी? (ग) यदि हाँ, तो क्रमांक (क) में उल्लिखित स्‍थल पर पुराने भवन के मरम्‍मत में राशि क्‍यों व्‍यय की गई? (घ) उक्‍त प्रश्‍नांश के तहत राशि में अनियमितता होने की स्थिति में कौन दोषी है एवं उसके ऊपर क्‍या कार्यवाही की गई?

सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) खाद गोदाम मरम्मत एवं चौकीदार क्वार्टर मरम्मत हेतु प्राक्कलन अनुसार राशि रू. 5.92 लाख। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार खाद गोदाम के निर्माण हेतु स्वीकृत नहीं है। जी नहीं। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्तरांश (क) एवं () अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शिशुओं एवं महिलाओं की असमय मृत्‍यु

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

59. ( क्र. 1010 ) श्री कमल पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिला सहित म.प्र. के किस-किस जिले में 01 दिसम्‍बर 2018 से 14 जून 2019 तक कितने-कितने शिशुओं एवं महिलाओं की असमय मृत्‍यु हुई? जिलेवार जानकारी दें। (ख) म.प्र. में शिशुओं एवं महिलाओं की असमय हुई मृत्‍यु के क्‍या-क्‍या कारण हैं? (ग) म.प्र. के विभिन्‍न जिलों में हुई शि‍शुओं एवं महिलाओं की असमय हुई मृत्‍यु के लिए कौन दोषी है? (घ) म.प्र. के विभिन्‍न जिले में हो रही शिशुओं एवं महिलाओं की असमय मृत्‍यु की रोकथाम हेतु शासन एवं विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? जिलेवार जानकारी दें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) प्रश्‍नावधि में हरदा जिले में 144 शिशुओं एवं 342 महिलाओं की मृत्यु हुई है। शेष प्रश्‍न की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) म.प्र. में शिशुओं एवं महिलाओं की असमय हुई मृत्यु के कारणों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ग) म.प्र. विभिन्न जिलों में हुई शिशुओं एवं महिलाओं की असमय मृत्यु के लिये प्रत्यक्ष रूप से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मृत्यु के चिकित्सीय कारणों के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक एवं भौगोलिक कारण भी होते हैं। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है।

 

 



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भाग-3

अतारांकित प्रश्नोत्तर


15
दिसम्‍बर 2018 से जून 2019 तक किये गये स्‍थानांतरण

[सामान्य प्रशासन]

1. ( क्र. 4 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 15 दिसम्‍बर 2018 से जून 2019 तक कुल कितने स्‍थानांतरण किये गये? इनमें कितने भारतीय प्रशासनिक सेवा, कितने राज्‍य प्रशासनिक सेवा के थे? इनमें से कितने स्‍थानांतरण तबादला बोर्ड की अनुशंसा पर किये गये? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍थानांतरणों पर कुल कितने कर्मचारियों पर कितनी राशि शासन द्वारा दी गयी? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍थानांतरण हेतु किन-किन विधायकों/सांसदों एवं राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा की गयी? नाम सहित जानकारी दें।
सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

होशंगाबाद/भोपाल अंतर्गत पंजीकृत चिकित्‍सालय

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( क्र. 15 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आयुष्‍मान योजना के अंतर्गत होशंगाबाद एवं भोपाल जिले में कौन-कौन से चिकित्‍सालय किस-किस बीमारी के इलाज हेतु चिन्हित किये गये हैं? चिकित्‍सालयवार अधिकृत बीमारियों की भी जानकारी दें। (ख) आयुष्‍मान योजना के अंतर्गत होशंगाबाद जिले के कितने मरीजों द्वारा अभी तक अपना उपचार कराया गया? (ग) आयुष्‍मान योजना की पात्रता हेतु नागरिकों के लिए कौन से मापदण्‍ड निर्धारित किये गये हैं? (घ) क्‍या शासन की जानकारी में यह तथ्‍य है कि इलाज की दरें कम निर्धारित किये जाने से चिन्हित चिकित्‍सालयों द्वारा अन्‍यत्र रिफर किया जा रहा है? (ड.) क्‍या नये लोगों के आयुष्‍मान कार्ड बनाये जा सकते हैं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) शासकीय/अशासकीय चिकित्सालयों की सेवा प्रदायगी की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) 2894 मरीजों ने उपचार कराया है। (ग) एस.ई.सी.सी. सर्वे-वर्ष 2011 में (D-6 को छोड़कर), सम्बल योजना में शामिल परिवार एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत खाद्य सुरक्षा पर्ची धारक। (घ) जी नहीं। (ड.) जी हाँ, पात्रतानुसार।

ई सिगरेट व फ्लेवर्ड हुक्‍का पर प्रतिबंध

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

3. ( क्र. 16 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारत सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय द्वारा विगत दो वर्ष में ''ई सिगरेट'' एवं ''फ्लेवर्ड हुक्‍का'' जैसे मादक पदा‍र्थों के संबंध में इलेक्‍ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्‍टम के विनिर्माण बिक्री एवं आयात रोकने के लिये परामर्श जारी किया गया था? (ख) क्‍या सेन्‍ट्रल ड्रग्‍स स्‍टैंडर्ड कंट्रोल आर्गनाइजेशन द्वारा भी इलेक्‍ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्‍टम के विनिर्माण, बिक्री, आयात एवं विज्ञापन की अनुमति नहीं देने का अनुरोध किया गया था। प्रश्नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित निर्देशों के संबंध में क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) क्‍या साधारण सिगरेट की तुलना में ई सिगरेट एवं फ्लेवर्ड हुक्‍का मानवशरीर के लिये ज्‍यादा नुकसानदेह है? (घ) क्‍या प्रदेश में ऑनलाईन ई सिगरेट एवं फ्लेवर्ड हुक्‍का की बिक्री तेजी से बढ़ रही है? यदि हाँ, तो इसकी बिक्री पर रोकथाम हेतु शासन क्‍या करेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री तुलसीराम सिलावट ) : (क) जी हाँ, परामर्श जारी किया गया है। (ख) जी हाँ। प्रदेश के वरिष्ठ औषधि निरीक्षक वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, समस्त औषधि निरीक्षकों एवं समस्त खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कार्यवाही करने के सबंध में दिशा निर्देश जारी किये गये है। (ग) भारत के विभिन्‍न राज्‍यों पर शोध कार्य चल रहे है वर्तमान में स्‍पष्‍ट तथ्‍य उपलब्‍ध नहीं है। (घ) इस संबंध में अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है न ही इस तरह का डाटा इस कार्यालय में संधारित किया जाता है। प्रदेश के वरिष्ठ औषधि निरीक्षक वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, समस्त औषधि निरीक्षकों एवं समस्त खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कार्यवाही करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गये है।

जाति प्रमाण पत्र में 50 वर्ष का बंधन

[सामान्य प्रशासन]

4. ( क्र. 17 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या सामान्य प्रशासन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दो वर्ष में नर्मदापुरम संभाग की अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय इटारसी/होशंगाबाद द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति प्रमाण-पत्र के इच्‍छुक ऐसे नागरिकों के कितने आवेदन, आवेदनकर्ताओं का विगत 50 वर्ष का ब्‍यौरा न होने के कारण निरस्‍त किये गये? संख्‍या की जानकारी दें। (ख) क्‍या सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश दिनांक 11.07.2005 की कंडिका 6.6 में स्‍पष्‍ट निर्देश है कि - स्‍थाई जाति प्रमाण पत्र के लिए उतने ही दस्‍तावेज लिये जावे, जिनसे उनके दावे की पुष्टि हो सके। आवेदन में उल्‍लेखित सभी दस्‍तावेज आवश्‍यक नहीं है एवं वर्ष 1950 या उससे पूर्व से मध्‍यप्रदेश का निवासी होने संबंधी लिखित रिकार्ड प्रस्‍तुत करने हेतु विवश न किया जावे। (ग) यदि हाँ, तो इस संबंध में अनुसूचित जाति/जनजाति के नागरिक जाति प्रमाण-पत्र के लिए परेशान न हो, इस संबंध में क्‍या शासन परिपत्र पुन: जारी करेगा? (घ) प्रश्नांश (क) में जिन लोगों के आवेदन 50 वर्ष का ब्‍यौरा न होने के कारण निरस्‍त किये, क्‍या उन्‍हें प्रमाण-पत्र जारी किये जावेंगे?
सामान्य प्रशासन मंत्री ( डॉ. गोविन्द सिंह ) : (क) ऐसे किसी नागरिक का आवेदन निरस्‍त नहीं किया गया है। (ख) जी हाँ। (ग) इस संबंध में निर्देश दिनांक 13 जनवरी 2014, 11 अगस्‍त 2016, 4 सितम्‍बर 2018 एवं दिनांक 20 मई 2019 को निर्देश जारी किए गए है। (घ) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।