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मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 09 मार्च 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



शिकायतों पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( *क्र. 1936 ) डॉ. मोहन यादव : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2012 से प्रश्न दिनांक तक मलेरिया विभाग उज्‍जैन, जिला उज्‍जैन में कुल कितनी सामग्री एवं कितनी मशीनें क्रय की गईं? वर्तमान में स्टॉक में कितनी सामग्री एवं मशीनें शेष हैं? रिकॉर्ड में हेरा-फेरी, भ्रष्टाचार एवं फर्जी भुगतान के संबंध में उक्‍तावधि में कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? प्राप्त शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई? शिकायतों एवं जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुये उपरोक्तानुसार जानकारी वर्ष 2012 से वित्‍तीय वर्षवार उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार क्रय की गई सामग्री एवं मशीनों की संख्या एवं स्टॉक में उपलब्ध मशीनों की संख्या कम होने तथा प्राप्त शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं करने के लिए कौन अधिकारी दोषी हैं? दोषी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जनवरी 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला मलेरिया अधिकारी, उज्जैन द्वारा क्रय की गई सामग्री और मशीनों एवं इनके स्‍टॉक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्रश्‍नावधि में रिकार्ड में हेरा-फेरी, भ्रष्टाचार एवं फर्जी भुगतान के संबंध में कुल 01 शिकायत प्राप्त हुई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला उज्जैन द्वारा दिनांक 03.11.2016 को 02 सदस्यों की जाँच समिति गठित की गई है एवं जाँच प्रचलन में है। शिकायत की छायाप्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार जाँच प्रचलन में है। जाँच में विलंब हेतु जाँच समिति को इस संबंध में दिनांक 26.02.2018 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जाँच उपरांत गुण-दोष के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी।

प्रोजेक्ट कायाकल्प का क्रियान्‍वयन

[चिकित्सा शिक्षा]

2. ( *क्र. 1583 ) श्री राजेश सोनकर : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एम.वाय. हॉस्पिटल इन्दौर में प्रोजेक्ट कायाकल्प कब से प्रारंभ किया गया था? प्रोजेक्‍ट कायाकल्प में किन-किन कार्यों को किया जाना प्रस्तावित किया था? क्‍या चिकित्सा उपकरण/सामग्री क्रय किया जाना भी प्रस्तावित था? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या प्रोजेक्ट कायाकल्प के लिए कोई नीति/बजट का प्रावधान था? कार्यों के संधारण व नवीनीकरण हेतु नोडल अधिकारी/कमेटी कब किसके आदेशों से नियुक्त की गयी? उसकी क्या जिम्मेदारियां हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्या प्रोजेक्ट कायाकल्प में एम.वाय. के विभिन्न वार्डों में संधारण नवीनीकरण के कार्य करते समय गैस पाईप लाईन बदली गई थी फिर भी मासूमों की जानें गईं? यदि हाँ, तो क्या कायाकल्प प्रोजेक्ट के तहत उक्‍त कार्य किया गया था? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में क्या पी.आय.सी.यू. में भी आग लगने के कारण बच्चों की जानें गईं थीं? क्या वार्ड में आग लगने से धुएं के कारण श्वास लेने में परेशानी होने से 47 से ज्यादा बच्चों की जान पर बन आई थी? क्या पी.आय.सी.यू. में मृत बच्चों की डी.एन.ए. रिपोर्ट भी नहीं प्राप्त हुई है? क्या कायाकल्‍प प्रोजेक्‍ट में अनियमितताओं के लिये नोडल अधिकारी/अस्पताल प्रबंधक की कोई जवाबदारी नहीं बनती है?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) शासकीय स्‍वशासी चिकित्‍सा महाविद्यालय, इन्‍दौर के एम.वाय. अस्‍पताल में कार्यकारिणी समिति के अध्‍यक्ष एवं संभागायुक्‍त द्वारा दिनांक 02 अक्‍टूबर, 2014 में प्रोजेक्‍ट कायाकल्‍प प्रारंभ किया गया। प्रोजेक्‍ट कायाकल्‍प के अन्‍तर्गत चिकित्‍सालय में संधारण कार्य तथा सेवा में सुधार कार्यों को प्राथमिकता से लिया गया है। (ख) प्रोजेक्‍ट कायाकल्‍प राज्‍य शासन द्वारा स्‍वीकृत न होकर स्‍थानीय स्‍तर पर प्रारंभ किये जाने से किसी अधिकारी की नियुक्ति अथवा बजट प्रदाय करने की स्थिति नहीं है। (ग) जी नहीं। किसी मासूम की जान नहीं गई। सामान्‍य संधारण एवं सेवा की गुणवत्‍ता में सुधार किया गया है। (घ) आग लगने एवं धुएं के कारण किसी बच्‍चे की मृत्‍यु नहीं हुई। शार्ट सर्किट से उत्‍पन्‍न आग पर तत्‍परता से काबू करते हुए तत्‍काल बच्‍चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया, किसी बच्‍चे की मृत्‍यु नहीं होने से शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है। अनियमितता की स्थिति नहीं होने से किसी अधिकारी अथवा प्रबंधक के दोषी होने की स्थिति नहीं है।

राजगढ़ जिले में विभागांतर्गत संचालित योजनायें

[आयुष]

3. ( *क्र. 2296 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या राज्यमंत्री, आयुष महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले में क्‍या आयुष विभाग का कार्यालय संचालित है? यदि हाँ, तो कब से? (ख) उक्‍त विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? (ग) उक्‍त संचालित योजनाओं में से वर्ष 2017-18 में कितने-कितने व्‍यक्तियों को कौन-कौन सी योजना का लाभ शासन द्वारा दिया गया है? (घ) उक्‍त विभाग में कौन-कौन से पद रिक्‍त हैं? उनकी पूर्ति कब तक की जावेगी?

राज्यमंत्री, आयुष ( श्री जालम सिंह पटेल ) : (क) जी हाँ। वर्ष 1980 से। (ख) प्रभावितों को आयुष चिकित्सा सेवायें उपलब्ध कराना। (ग) 2.77 लाख प्रभावितों को आयुष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। (घ) जिला आयुष स्थापना अंतर्गत रिक्त पदों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। पदपूर्ति सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

दमोह जिले में निर्माणाधीन कार्य

[जल संसाधन]

4. ( *क्र. 81 ) श्री लखन पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में आज दिनांक तक जल संसाधन विभाग से कौन-कौन से कार्य कराये जा रहे हैं? विकास खण्‍डवार अलग-अलग स्‍वीकृत राशि, स्‍वीकृति‍ की दिनांक सहित बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कितने कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हुए एवं कितने कार्य समय-सीमा समाप्‍त हो जाने पर भी पूर्ण नहीं हो पाये। समय-सीमा में कार्य पूर्ण ना होने की स्‍थि‍ति में क्‍या जिम्‍मेदार अधिकारियों पर कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍वीकृत सभी कार्यों की भुगतान की अद्यतन स्थिति एवं की गई कटौतियों से अवगत करावें एवं गुणवत्‍ता परीक्षण पर उठाई गई आपत्तियों के निराकरण का विवरण उपलब्‍ध करावें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) दमोह जिले में प्रश्‍नाधीन अवधि तक 08 कार्य प्रारंभ हैं। निर्माणाधीन कार्य यथा शीघ्र पूर्ण कराने के लिए आवश्‍यक प्रयत्‍न किये जाने से अधिकारियों पर कार्यवाही करने की स्थिति नहीं है। कार्य गुणवत्‍ता पूर्ण है। परीक्षण परिणाम संतोषजनक होने से आपत्ति नहीं उठाई गई है। अत: प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

निर्माण कार्यों की जानकारी

[जल संसाधन]

5. ( *क्र. 2529 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बाणसागर उद्वहन सिंचाई योजना लिंक नहर को पटवारी हल्‍का चौखण्‍डी, तेन्‍दुनी, बसरेही में किन-किन किसानों की भूमि नहर निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई है? भू-स्‍वामी का नाम, पटवारी हल्‍का शुष्‍क रकबा में अधिग्रहीत रकबा मुआवजे की राशि भुगतान की गई? राशि की सूची देवें तथा सूची में यह भी अंकित करें कि किन-किन किसानों को किन कारणों से राशि का भुगतान नहीं हुआ है? (ख) प्रश्नांश (क) के अधिग्रहीत भूमि में जिन किसानों को भुगतान नहीं हुआ, उनकी राशि वर्तमान में कहाँ है तथा उक्‍त भुगतान के लिए शासन/विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है? (ग) पटेहरा उद्वहन सिंचाई योजना की नहर अठ्इसा से फुरौना लेते हुए गोटता कोठार तक जाने वाली नहर की वर्तमान 3 कि.मी. में नहर काटकर खेती बोई गई, इसमें शासन/विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? क्‍या उक्‍त नहर में अधिग्रहीत भूमि किसानों को वापस कर दी गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) यदि हाँ, तो नहर का निर्माण पुन: कराया जायेगा या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो कब तक? साथ ही बतायें कि उक्‍त नहर के निर्माण में वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि दी गई एवं व्‍यय की गई? सहपत्रों के साथ जानकारी देवें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) बाणसागर उद्वहन सिंचाई नाम की कोई योजना नहीं है। बाणसागर परियोजना के अधीन त्‍यौंथर बहाव योजना के लिए क्रय/अधिग्रहीत की गई भूमि के मुआवजा भुगतान संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) भू-अर्जन हेतु आवश्‍यक धनराशि विभाग ने भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) को जमा की है। भूमि के स्‍वत्‍व एवं सीमांकन संबंधी कार्यवाही कर भुगतान की कार्यवाही सतत् है। (ग) प्रश्‍नाधीन भूमि से कृषकों का अतिक्रमण हटा दिया गया है। जी नहीं। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (घ) उद्वहन सिंचाई योजना की नहर के पुनर्निर्माण अथवा पाईप-लाईन बिछाने संबंधी परीक्षण के लिए मुख्‍य अभियंता को निर्देशित किया गया है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। नहर निर्माण के लिए व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

हरदा जिलान्तर्गत योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

6. ( *क्र. 1988 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) हरदा जिलान्तर्गत विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 में कितने हितग्राहियों को प्रदान किया गया? विधानसभा क्षेत्रवार संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध करायें। (ख) हरदा जिले के अन्तर्गत पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को शासन द्वारा उक्त वर्षों में कितनी-कितनी राशि का आवंटन प्राप्त हुआ व प्राप्त राशि को कहाँ-कहाँ किस मद में खर्च किया गया? (ग) पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं और आगामी समय में उक्त वर्ग के लिये शासन की क्या-क्या योजनायें प्रस्तावित हैं?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) हरदा जिलान्‍तर्गत विभाग द्वारा संचालित विभिन्‍न योजनाओं में वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 एवं वर्ष 2017-18 में लाभांवित हितग्राहियों की विधानसभा क्षेत्रवार संख्‍यात्‍मक जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) हरदा जिले के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग को वर्षवार, मदवार प्राप्‍त आवंटन एवं व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा वर्तमान में संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। आगामी समय में पिछड़ा वर्ग के बालकों के लिए सम्‍पूर्ण प्रदेश में प्रथम चरण में 10 विकासखण्‍डों में किराये के भवन में 10 पोस्‍ट-मैट्रिक छात्रावास संचालित करने की योजना प्रस्‍तावित है।

जिला चिकित्सालय बालाघाट का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

7. ( *क्र. 1907 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बजट सत्र 2017 में विधानसभा में जिला चिकित्सालय बालाघाट को 500 बिस्तरों में अपग्रेड करने की घोषणा पर अब तक अमल न होने का क्या कारण है? अपग्रेड करने की कार्यवाही कब तक कर दी जाएगी? (ख) जिला चिकित्सालय बालाघाट में सी.टी. स्केन की मशीन अब तक क्यों नहीं लगाई गयी है? क्या इस कार्य हेतु कम्पनी के लोग आये थे, किंतु सिविल सर्जन द्वारा स्थान उपलब्ध न कराने की वजह से वे वापस चले गये? सी.टी. स्‍केन की मशीन कब तक लगा दी जाएगी तथा देरी के लिये जिम्मेदार चिकित्सालय प्रशासन पर शासन क्या कार्यवाही करेगा? (ग) जिला चिकित्सालय में डायलिसिस की लंबी प्रतिक्षा सूची को दृष्टिगत रखते हुए क्या डायलिसिस मशीनें 2 से बढ़ाकर 5 कर दी जायेंगी, साथ ही साथ रविवार के दिन भी डायलिसिस करने की व्यवस्था कर दी जाएगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) प्रस्ताव परीक्षणाधीन है। समयावधि बताना संभव नहीं है। (ख) सी.टी. स्केन मशीन आउटसोर्स एजेन्सी के माध्यम से 19 जिला चिकित्सालयों में स्थापित करने हेतु विभाग एवं आउटसोर्स एजेन्सी के मध्य अनुबंध दिनांक 02.02.2018 को निष्पादित किया गया है। एजेन्सी को चिकित्सालय से साईट हैन्ड ओवर दिनांक से 04 से 06 माह में सी.टी. स्केन मशीन चिकित्सालय में स्थापित किये जाने के निर्देश हैं। जी हाँ। जी नहीं, ऐजेन्सी के प्रतिनिधि द्वारा स्थान का निरीक्षण किया गया, परन्तु भवन आधिपत्य नहीं लिया गया। 15 मिनिट में आने का कहकर चले गये एवं लौटकर नहीं आये। यथा संभव शीघ्र, बालाघाट जिला चिकित्सालय में सी.टी. स्केन मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया प्रचलन में है। देरी के लिये चिकित्सालय प्रशासन जिम्मेदार नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जिला चिकित्सालय में डायलिसिस मशीनों की संख्या 02 से 05 करने की कार्यवाही प्रचलन में है। जी नहीं, डायलिसिस अनुबंध अनुसार रविवार के दिन डायलिसिस किये जाने का प्रावधान नहीं है।

निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता का परीक्षण

[जल संसाधन]

8. ( *क्र. 2358 ) श्री रामपाल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले में जल संसाधन विभाग द्वारा निर्माण कार्य कराये जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांकित जिले में विगत 02 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य कराये गये हैं? कार्य की लागत राशि क्‍या है एवं कार्य की भौतिक स्थिति क्‍या है? किस-किस कार्य के लिये कितना-कितना भुगतान किया गया है? कार्यवार निर्माण संबंधी गुणवत्‍ता का परीक्षण किस अधिकारी/कर्मचारी द्वारा किस-किस दिनांक को किया गया है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

महिला चिकित्‍सालय को प्रारंभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( *क्र. 2176 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रतलाम जिले के मध्‍य स्थित जावरा नगर में विभाग द्वारा सिविल हॉस्पिटल जावरा के परिसर में नवीन महिला च‍ि‍कित्‍सालय भवन की स्‍वीकृति प्रदान की है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त उल्‍लेखित जन कठिनाइयों के निराकरण एवं स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं को सुगमता से किये जाने हेतु माननीय मंत्री जी द्वारा विगत वर्ष 2017 के बजट में इसे सम्मिलित कर अतिशीघ्र कार्य प्रारंभ करने की भी स्‍वीकृति प्रदान की थी? (ग) क्‍या विगत वर्ष 2017 के बजट भाषण में सदन में बजट पर मांग और चर्चा का उत्‍तर देते हुए माननीय मंत्री जी ने सिविल हॉस्पिटल परिसर जावरा में महिला चिकित्‍सालय भवन निर्माण को इस बजट में सम्मिलित करने का कथन किया था? (घ) यदि हाँ, तो शासन/विभाग द्वारा विगत वर्ष के बजट भाषण में एवं सदन में उल्‍लेखित इस स्‍वीकृत महिला चिकित्‍सालय के कार्य को समय पर प्रारंभ किये जाने हेतु स्‍वीकृति दिनांक से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही एवं कार्य किये गये तथा महिला चिकित्‍सालय का कार्य कब प्रारंभ होगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) वर्ष 2017 के बजट भाषण में रतलाम में जावरा को 50 बिस्तर का नवीन मेटरनिटी भवन देने के निर्णय से अवगत कराया गया था। (घ) निर्माण एजेन्सी पी.आई.यू. लोक निर्माण विभाग है, मुख्य वास्‍तुविद लोक निर्माण विभाग द्वारा डिजाईन वास्तुविद एवं पी.एम.सी. सेवाओं के लिये वास्तुविद का चयन दिनांक 27.01.2018 को किया गया है, डी.पी.आर. बनाने की कार्यवाही प्रचलन में है, कार्य प्रारंभ करने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

स्थानांतरित कर्मचारियों की कार्यमुक्ति‍

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( *क्र. 2446 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्वास्थ्य विभाग शिवपुरी में वर्ष 2017 में नियमित संविदा व एन.एच.एच. अन्तर्गत अधिकारी/कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गये थे? (ख) यदि हाँ, तो स्थानांतरित अधिकारी/कर्मचारियों में से किस-किस अधिकारी/कर्मचारी को स्थानांतरण स्थल हेतु कार्यमुक्त नहीं किया गया, उसका नाम, पद, संस्था का विवरण उपलब्ध कराते हुए कार्यमुक्त न किए जाने का कारण स्पष्ट करें? साथ ही कार्यमुक्त न किए जाने हेतु यदि कोई नियम या आदेश है तो उसकी छायाप्रति उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या स्थानांतरण नीति वर्ष 2017-18 में स्थानांतरित कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त किए जाने एवं संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल के पत्र क्र./2/अवि/सेल-टी.पी./2017/888, दिनांक 15.09.2017 एवं पत्र क्र./2/अवि/सेल-टी.पी./2017/1191-एफ भोपाल, दिनांक 28.11.2017 द्वारा स्थानांतरित कर्मचारियों को स्थानांतरण स्थल हेतु कार्यमुक्त किए जाने के निर्देश दिए गये थे? यदि हाँ, तो उसके उपरांत भी स्थानांतरित किए गये कर्मचारियों को कार्यमुक्त न करने एवं शासन के आदेशों की अवहेलना करने वाले दोषी अधिकारियों पर शासन क्या कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) स्थानांतरित अधिकारी/कर्मचारियों में से श्रीमती ज्योति जाटव संविदा ए.एन.एम. को न्यायालयीन स्थगन होने के कारण कार्य मुक्त नहीं किया गया है। (ग) जी हाँ। उत्तरांश (ख) के अनुक्रम में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों में पदों की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

11. ( *क्र. 2454 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले के विकासखण्ड शुजालपुर एवं विकासखण्ड कालापीपल में एकीकृत नवीन उपस्वास्थ्य केन्द्रों में कौन-कौन से पद स्वीकृत किये गये हैं? नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों में वर्तमान में कौन-कौन स्वास्थ्य कर्मचारी कहाँ-कहाँ काम कर रहे हैं? क्या रिक्त पदों को भरने की योजना है? यदि हाँ, तो कब तक भरा जावेगा? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित उप स्वास्थ्य केन्द्र वर्तमान में किस-किस भवन में संचालित हो रहे हैं? ब्लॉकवार सूची देवें। क्या नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों एवं भवन निर्माण हेतु राशि का आवंटन किया जा चुका है? यदि नहीं, तो कब तक भवन निर्माण कराया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) शाजापुर जिले के विकासखण्‍ड शुजालपुर एवं विकासखण्‍ड कालापीपल में नवीन उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में ए.एन.एम. (महिला स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता) के पद स्‍वीकृत किये हैं। वर्तमान में नवीन उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में कोई भी कर्मचारी पदस्‍थ नहीं है। जी हाँ। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है। (ख) वर्तमान में विकासखण्‍ड कालापीपल में 06 नवीन उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भूरिया खजुरिया, अलीसीरिया, खमलाय, खरदौनखुर्द, पाडलिया एवं निपानिया खुर्द किराये के भवन में संचालित किये जा रहे हैं। जी नहीं। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

प्रचार-प्रसार में व्‍यय राशि

[जनसंपर्क]

12. ( *क्र. 2635 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में दिनांक 01 अप्रैल, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग ने शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार प्रिंट, इलेक्‍ट्रॉनिक सहित सभी माध्‍यमों से कितनी राशि व्‍यय की है? वर्षवार बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार अवधि में कितनी राशि का भुगतान प्रदेश के बाहर की संस्‍थाओं को किया गया है? वर्षवार बतायें। (ग) वर्ष 2016 में उज्‍जैन में संपन्‍न कुंभ, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक क्रमश: आयोजित एकात्‍म यात्रा, नर्मदा यात्रा, भावांतर योजना, फसल बीमा योजना और अन्‍त्‍योदय मेलों के प्रचार-प्रसार में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? कार्यक्रमानुसार बतायें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

पुराने तालाबों का सुदृढ़ीकरण

[जल संसाधन]

13. ( *क्र. 2055 ) श्री राजकुमार मेव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में कुल 31 तालाबों से सिंचाई की जा रही है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से तालाबों से कितने हेक्‍टेयर में कितने किसान सिंचाई कर रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक तालाबों के रख-रखाव, सुदृढ़ीकरण हेतु कब-कब एवं किन-किन तालाबों के प्रस्‍ताव प्रश्‍नकर्ता द्वारा शासन, विभाग एवं जिला स्‍तर को दिये गये? (ग) क्‍या विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1486, दिनांक 04.12.2017 में यह उत्‍तर दिया गया है कि डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से स्‍वीकृति की स्थिति नहीं है? यदि हाँ, तो क्‍या अंतिम डी.पी.आर. तैयार हो गई है? यदि नहीं, तो क्‍या कारण हैं? (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तावित कार्यों में कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी हाँ। जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया के प्रचार-प्रसार पर व्‍यय

[जनसंपर्क]

14. ( *क्र. 2573 ) श्री जितू पटवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पिछले 05 वर्षों में इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया के प्रचार (शीर्ष 7248) विशेष अवसरों पर प्रचार (शीर्ष 4065) पर कुल कितना खर्च किया गया? (ख) कैलेण्‍डर वर्ष 2015-16 तथा 2017 में कितने-कितने विज्ञापन जारी किये गये तथा उक्‍त तीनो वर्षों में कितने पत्रकारों को लैपटाप दिये गये? (ग) पिछले 05 वर्षों में वरिष्‍ठ पत्रकारों को जो श्रद्धा निधि प्रदान की गई? उन पत्रकारों का नाम, मीडिया का नाम पता, प्रदान की गई राशि सहित सूची प्रदान करें। (घ) वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कुल मिलाकर किस-किस प्रिन्‍ट मीडिया तथ इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया को कितनी-कितनी राशि का विज्ञापन किस-किस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए दिया गया? वर्षवार जानकारी देवें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) शीर्ष 7248 पर रूपये 1,19,99,82,879/- तथा शीर्ष 4065 पर रूपये 1,95,43,72,352/- (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार विज्ञापन। 835 राज्‍य स्‍तरीय अधिमान्‍य पत्रकारों को लैपटाप क्रय करने हेतु राशि दी गई। (ग) रूपये 6000 प्रति माह के मान से 127 वरिष्‍ठ पत्रकारों को, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सुठालिया में संसाधनों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

15. ( *क्र. 1953 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा राजगढ़ जिले के सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सुठालिया हेतु करोड़ों की लागत से भवन निर्माण किया जाकर स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं तथा क्‍या उक्‍त सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र अंतर्गत नगर सुठालिया की 15 हजार की आबादी एवं आसपास के 60-65 ग्राम आते हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या सुठालिया सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में इमरजेंसी सेवाओं हेतु जनरेटर, एम्‍बुलेंस तथा पोस्‍ट मार्टम भवन नहीं होने से मरीज व्‍यक्ति एवं उसके परिवारजनों को 26 कि.मी. दूर स्थित सिविल अस्‍पताल ब्‍यावरा आने पर विवश होना पड़ता है? यदि हाँ, तो क्‍या विभाग द्वारा उपरोक्‍त अत्‍यंत आवश्‍यक संसाधन एम्‍बुलेंस, जनरेटर तथा पोस्‍ट मार्टम भवन निर्माण हेतु प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा अपने पत्र दिनांक 06.02.2018 से माननीय विभागीय मंत्री जी एवं आयुक्‍त, संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं मध्‍यप्रदेश, भोपाल को उक्‍त संबंध में अनुरोध किया गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या शासन सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सुठालिया में 50 के.व्‍ही.ए. जनरेटर एम्‍बुलेंस तथा पोस्‍ट मार्टम भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। (ख) जी नहीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुठालिया में इमरजेंसी सेवाओं अंतर्गत 01 दीनदयाल 108 एम्बुलेन्स एवं 01 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेन्स संचालित है। वर्तमान में एकल कक्ष में पोस्टमार्टम होते हैं, नवीन पोस्टमार्टम भवन के निर्माण कार्य हेतु राशि रू. 18.17 लाख की दिनांक 12.02.2018 की स्थाई वित्त समिति की बैठक में सैद्धांतिक स्वीकृति हो चुकी है, प्रशासकीय स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है, जनरेटर का प्रस्ताव जिले से प्राप्त होने पर परीक्षण उपरांत आवश्‍यकता होने पर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार स्वीकृति की कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) जी हाँ। जानकारी उत्‍तरांश (ख) के उत्तर में समाहित है। जनरेटर एवं पोस्टमार्टम भवन निर्माण की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

फूड पायजनिंग प्रकरण की जाँच एवं कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

16. ( *क्र. 2582 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 2200, दिनांक 01.12.2017 के प्रश्नांश (ग) उत्‍तर अनुसार क्‍या जाँच पूर्ण हो गयी है? (ख) यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन की प्रमाणित प्रति देवें। (ग) ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्‍या इनकी (संबंधित फर्म की) पुन: सैंपलिंग की गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक पुन: सैंपलिंग की जाएगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। संबंधित फर्म से लिये गये खाद्य पदार्थों के नमूने राज्य खाद्य प्रयोगशाला द्वारा मानक स्तर के घोषित किये गये हैं। अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा प्रशासन जिला उज्जैन द्वारा उक्त नमूनों को पुनः जाँच हेतु केन्‍द्रीय खाद्य जाँच प्रयोगशाला मैसूर भेजा गया था। केन्द्रीय खाद्य जाँच प्रयोगशाला मैसूर द्वारा भी उक्त नमूनों को मानक स्तर का घोषित किया गया है। निरीक्षण के आधार पर संबंधित फर्म संचालक को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 विनियम, 2011 की धारा 32 अंतर्गत नोटिस जारी किया गया था, जिसमें दिये गये निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित फर्म का खाद्य पंजीयन निलंबित किया गया है। (ख) जाँच प्रतिवेदन पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, संबधित फर्म की पुनः सेंपलिंग की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बरखेड़ा डेम के निर्माण की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

17. ( *क्र. 2099 ) श्री उमंग सिंघार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले की गंधवानी विधानसभा क्षेत्र में बरखेड़ा डेम स्‍वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त डेम की तकनीकी स्‍वीकृति एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार उक्‍त डेम में किन-किन ग्रामों के कितने किसानों की कितनी-कितनी सिंचित/असिंचित भूमि का अधिग्रहण किया गया है? ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करावें (ग) प्रश्‍नांकित (ख) अनुसार क्‍या जिन किसानों की भूमि अधिग्रहीत की है, उन किसानों को मुआवजा देने का कार्य प्रारम्‍भ कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कितने किसानों को मुआवजा राशि प्रदान कर दी गई? ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करावें तथा जिन किसानों को अभी तक मुआवजा दिया गया है? मुआवजा नहीं दिये जाने का कारण स्‍पष्‍ट करें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' एवं ''2'' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

रोगी कल्‍याण समिति की बैठकों का आयोजन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

18. ( *क्र. 2414 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की रोगी कल्‍याण समिति है या नहीं? यदि है तो क्‍या बैठक होती है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र पंधाना अन्‍तर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पंधाना एवं छैगांवमाखन में प्रश्‍नकर्ता द्वारा जिला अधिकारी को बार-बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराने के बाद भी पिछले 04 वर्षों में एक भी बार बैठक आहूत नहीं की गई और रोगी कल्‍याण समिति से प्राप्‍त राशि से कोई भी निर्माण कार्य या मरीजों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा में लगने वाली सुविधा क्‍यों नहीं उपलब्‍ध कराई गई है? (ग) क्‍या पंधाना सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की बाउन्‍ड्रीवॉल का निर्माण गत 03 वर्ष पूर्व कराया गया था, जो कि आज दिनांक तक पूरी नहीं हुई है, क्‍यों? क्‍या ठेकेदार को इसका पूर्ण भुगतान हो चुका है? यदि हाँ, तो ठेकेदार के विरूद्ध कोई ठोस कार्यवाही की गई है या नहीं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, गठित है। जी हाँ। (ख) जी हाँ। कार्यकारणी समिति की बैठकें समय-समय पर आयोजित की गई हैं। रोगी कल्याण समिति के माध्यम से कराये गये कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। ठेकेदार द्वारा कार्य छोड़ देने के कारण। जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

 

माध्‍यम में की गयी भर्ती/पदोन्‍नति

[जनसंपर्क]

19. ( *क्र. 2629 ) श्री हर्ष यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्‍या म.प्र. माध्‍यम द्वारा वर्ष 2012 से 2015 में विभिन्‍न अधिकारियों/कर्मचारियों की पदोन्‍नति की गई थी? उक्‍त पदोन्‍नति में क्‍या आरक्षित पदों के विरूद्ध सामान्‍य वर्ग के कर्मचारियों की पदोन्‍नति हो गई? यदि हाँ, तो क्‍यों? इस संबंध में संपूर्ण प्रक्रिया की विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध करावें इस प्रकरण में दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : जी हाँ। पदोन्‍नतियां नियमानुसार की गईं थीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

प्रबंध कमेटी के गठन में अनियमितता

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

20. ( *क्र. 2492 ) श्री आरिफ अकील : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 18 के तहत वक्‍फ की प्रबंधन कमेटियां बनाने का अधिकार वक्‍फ बोर्ड में निहित है? यदि हाँ, तो क्‍या धारा 27 के अंतर्गत इन्‍हें प्रत्‍यायोजित नहीं किया जा सकता है? (ख) यदि हाँ, तो वक्‍फ बोर्ड अध्‍यक्ष/मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी ने उक्‍त प्रावधानों का उल्‍लंघन कर भिण्‍ड जिले की गोहद तहसील में वक्‍फ कब्रस्‍तान में हश्‍मत अली की अध्‍यक्षता में बिना बोर्ड अनुमति के दिनांक 01 जून, 2017 को कमेटी गठित किए जाने के पश्‍चात् दिनांक 11 जनवरी 2018 को आगे निरंतर कार्य करने हेतु अधिकृत कर दिया है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या मध्‍यप्रदेश वक्‍फ बोर्ड के चेयरमैन के आदेशानुसार हश्‍मत अली वाली कमेटी द्वारा वक्‍फ भूमि सर्वे नम्‍बर 713 से 723 तक जिसका रकबा 20 बीघा आराजी को अवैध रूप से विक्रय करने के संबंध में स्‍थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा कलेक्‍टर को ज्ञापन सौंपा था? (घ) यदि हाँ, तो शिकायतों के आधार पर शासन स्‍तर से शासन/वक्फिया संपत्ति को अवैध रूप से विक्रय करने, लीज व किरायेदारी करने वाले मुतावल्‍ली सहित मध्‍यप्रदेश वक्‍फ बोर्ड के चेयरमैन के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी नहीं। प्रबंध कमेटियों का गठन एवं उनको अतिष्ठित करने का प्रावधान वक्‍फ अधिनियम की धारा 67 में है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। नियमों का उल्‍लंघन नहीं किया गया है। ज्ञापन की प्रति कलेक्‍टर को दी गई है। (घ) नियमानुसार कार्यवाही प्रचलन में है।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति/शिक्षण/अन्य शुल्क की प्रतिपूर्ति

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

21. ( *क्र. 1843 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) म.प्र. शासन पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत् अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, शिक्षण एवं अन्य शुल्क की प्रतिपूर्ति के क्या मापदण्‍ड हैं? आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या प्रदेश के विभिन्न जिलों में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, शिक्षण एवं अन्य शुल्क में प्रतिपूर्ति की राशि पृथक-पृथक निर्धारित है या एक समान? विवरण सहित जिलेवार जानकारी पृथक-पृथक देवें। (ग) क्या रीवा जिले में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अन्य पिछड़ा वर्ग के बी.एस.सी. में अध्ययनरत् छात्रों की शिक्षण एवं अन्य शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि अशासकीय महाविद्यालयों के लिए 108 रुपये वार्षिक निर्धारित की गई है? यदि हाँ, तो क्या इतनी कम राशि में अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षा देना संभव है? यदि नहीं, तो क्या विभाग द्वारा किसी तरह का अनुदान इन अशासकीय महाविद्यालयों को उपलब्ध कराया जावेगा? विवरण सहित जानकारी देवें। (घ) क्या रीवा जिले के अशासकीय महाविद्यालयों में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को शिक्षण शुल्क एवं अन्य शुल्क की प्रतिपूर्ति कम होने के कारण उनकी अंकसूची शिक्षण सत्र 2014-15 की महाविद्यालयों द्वारा रोकी गई है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्या इन छात्रों की अंकसूची दिलाने हेतु शासन स्तर से निर्देश जारी किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) म.प्र. शासन पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग द्वारा शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत् अन्‍य पिछड़ा वर्ग के छात्रों हेतु पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, शिक्षण एवं अन्‍य शुल्‍क की प्रतिपूर्ति हेतु पिछड़ा वर्ग पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति संशोधित विनियम 2013 संचालित है। आदेश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है(ख) प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, शिक्षण एवं अन्‍य शुल्‍क की प्रतिपूर्ति विभागीय नियम-2013 की कंडिका 5.3 अनुसार जिला स्‍तर पर कलेक्‍टर के अनुमोदन से करने का प्रावधान है। (ग) जी नहीं। रीवा जिले में पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अन्‍य पिछड़े वर्ग के बी.एस.सी. में अशासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत् पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शासकीय दर अनुसार शिक्षण शुल्‍क 108 रूपये वार्षिक निर्धारित की गई तथा अन्‍य शुल्‍क की राशि रू. 3236/- निर्धारित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नवीन मेडीकल कॉलेज की स्वीकृति

[चिकित्सा शिक्षा]

22. ( *क्र. 2323 ) श्रीमती ममता मीना : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गुना जिले में एन.एफ.एल., गेल जैसे बड़े औद्योगिक प्लांट होकर गुना जिले की म.प्र. में स्थित कॉलेजों से इन्दौर, भोपाल, ग्वालियर, विदिशा, सागर की दूरी 200 किमी से अधिक है? यदि हाँ, तो क्या गुना जिले में नवीन मेडिकल कॉलेज खोलने का कोई प्रस्ताव, अनुशंसा मांग पूर्व से लंबित है। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित तथ्य एवं अन्य ऐसे कौन से प्रावधान हैं, जिसके अनुसार नवीन मेडिकल कॉलेज खोलने हेतु आवश्यकता होती है? क्या उस श्रेणी में गुना जिले में नवीन मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दी जा सकती है? (ग) प्रश्नांश (ख) में वर्णित ऐसी नीति विभाग बताये, जिसके तहत गुना जिले में अर्थात चांचौड़ा विधानसभा में नवीन मेडिकल कॉलेज की सुविधा और मापदण्ड पूर्ण हो सकें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित तथ्यों के अनुसार गुना जिले के चांचौड़ा विधान सभा में कब और कैसे नवीन मेडिकल कॉलेज की स्थापना की स्वीकृति प्रदान करेंगे? कारण सहित विवरण पटल पर दें।

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी हाँ। गुना जिले में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने संबंधी प्रस्‍ताव लंबित नहीं है। (ख) से (घ) भारत सरकार तीन संसदीय क्षेत्र सीमा में एक भी चिकित्‍सा महाविद्यालय न होने पर समय-समय पर शासकीय मेडिकल कॉलेज स्‍वीकृत करता है। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की स्‍थापना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

23. ( *क्र. 1680 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिला अंतर्गत पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने नवीन प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र/उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र/सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खोले गये? प्रशासकीय स्‍वीकृति की छायाप्रति सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार स्‍वीकृत नवीन प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र/उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र/सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को भवन निर्माण के कितने कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं? सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में से कितने निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक तक अपूर्ण या अप्रारंभ हैं? सूची उपलब्‍ध करायें। उक्‍त कार्यों के अपूर्ण या अप्रारंभ रहने का क्‍या कारण है? उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण कर दिये जावेंगे?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विधान सभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ अंतर्गत आदेश क्रमांक एफ 12-56/2003/सत्रह/मेडि-तरन, दिनांक 21.05.2014 के द्वारा ग्राम धुराधर, सरई, नगुला एवं पड़री में नवीन उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई है। प्रशासकीय स्‍वीकृति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र धुराधर, सरई, नगुला एवं पड़री के भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नहरों का निरीक्षण

[जल संसाधन]

24. ( *क्र. 1610 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 05 वर्षों में खरगोन जिले के देजला देवाडा तालाब/नहर/डेम/दिवार/माईनर पर व्यय समस्त कार्यों की सूची कार्य के नाम, व्यय राशि, मात्रा/लंबाई, सत्यापन कार्य दिनांक सहित सूची देवें। (ख) इन व्यय राशि वाले कार्यों का निरीक्षण कब-कब किस अधिकारी द्वारा किया गया? इन कार्यों को किस माध्यम से किस ठेकेदार द्वारा कराया गया? (ग) उक्त कार्यों का मूल्यांकन किस अधिकारी द्वारा किया गया? भुगतान कब किस माध्यम से किया गया? (घ) इस तालाब की नहरों के निरीक्षण पथ एवं नहरों की स्थिति क्या है? कितनी लंबाई की माईनर कब-कब पक्की की गई? नहरवार कार्यवार सूची देवें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्य मेसर्स पृथ्‍वी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर्स प्रा. लिमिटेड एवं मेसर्स हरिकरण बिरला (संयुक्‍त उपक्रम) से कराया जाना प्रतिवेदित है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) परियोजना की नहरें एवं उसके निरीक्षण पथ की स्थिति अच्‍छी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

कटनी जिलांतर्गत पर्यटन स्थलों का संरक्षण/विकास

[पर्यटन]

25. ( *क्र. 2420 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में ऐतिहासिक महत्व के कौन-कौन से स्थल चिन्हित हैं और कौन-कौन से स्थल पुरातत्वकालीन हैं? इन स्थलों पर शासन द्वारा विकास के कौन-कौन से कार्य विगत तीन वर्षों में कब-कब कितनी-कितनी लागत से कराये गये हैं? (ख) विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 से कटनी जिले के किन-किन स्थानों पर कौन-कौन से कार्य किन प्रस्तावों/भाग के आधार पर कितनी-कितनी लागत से कब-कब कराये गये और किये गये कार्यों का निरीक्षण/नाम/पदनाम एवं सत्यापन किन शासकीय सेवकों द्वारा कब-कब किया गया? कार्यवार बतायें। (ग) जिला पर्यटन संवर्द्धन परिषद की विगत समय कब-कब बैठकें आयोजित की गईं, बैठकों में पारित प्रस्ताव क्या थे? क्या कार्यवाही की गई? बैठकवार बतायें। (घ) जिले में पर्यटन स्थलों के विकास के लिये क्या कोई प्रस्ताव/योजना शासन स्तर पर लंबित है? यदि हाँ, तो क्या? क्या कटनी जिले में पर्यटन स्थल में विकास कार्यों हेतु कोई प्रस्ताव कार्य स्वीकृत किये गये हैं? यदि हाँ, तो क्या विवरण देवें?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) कटनी जिले के 14 स्‍मारक राज्‍य संरक्षित घोषित हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

 

 

 






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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्‍तर छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितताएं

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

1. ( क्र. 6 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्‍तर छात्रवृत्ति नियम 2013 के अनुसार निजी कालेजों में पिछड़ा वर्ग के पढ़ने वाले विद्यार्थियों, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय एक लाख रूपये से अधिक न हो, को सरकार वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराती है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या वर्ष 2014-15 और 2015-16 में प्रदेश के रीवा, सतना, छिन्‍दवाड़ा, कटनी, मुरैना, बालाघाट, बैतूल, टीकमगढ़ एवं गुना जिले के निजी कालेजों में पिछड़ा वर्ग के अध्‍ययनरत छात्रों को छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्‍त होने पर जाँच करवाई गयी थी? यदि हाँ, तो जाँच निष्‍कर्षों के आधार पर किन-किन जिलों के किन-किन कालेजों में पिछड़ा वर्ग के अध्‍ययनरत विद्यार्थियों के खाते में तय फीस के अतिरिक्‍त कितनी राशि ट्रांसफर की गई? इस अनियमितता के लिए कौन-कौन दोषी है और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित है? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेष 42 जिलों में छात्रवृत्ति वितरण में की गई अनियमितता की जाँच करायी जा रही है? यदि हाँ, तो जाँच के क्‍या निष्‍कर्ष निकले हैं एवं कितनी राशि का आर्थिक घोटाला हुआ है और इसके लिए उत्‍तरदायित्‍व का निर्धारण किया जाकर विधिसम्‍मत कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी नहीं। पिछड़ा वर्ग मैट्रिकोत्‍तर छात्रवृत्ति नियम 2013 के अनुसार निजी कॉलेजों में पिछड़ा वर्ग के पढ़ने वाले विद्यार्थियों, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय एक लाख रूपये से अधिक न हो, को सरकार वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध नहीं कराती है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में शेष प्रश्‍न उपस्थित होता। (ग) शेष प्रश्‍न उपस्थित होता।

नियुक्तियों में अनियमितता की जाँच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( क्र. 7 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या डॉ. आर.एस. गुप्‍ता तत्‍कालीन मुख्‍य स्‍वास्‍थ्‍य एवं चिकित्‍सा अधिकारी दतिया की पदस्‍थापना के दौरान नियुक्तियों में व्‍यापक स्‍तर पर फर्जीवाड़ा कर ऐसे अभ्‍यर्थियों को पदस्‍थ किया गया जिनके एम्‍पलाय कोड फर्जी थे, की बिना कोई जाँच पड़ताल किए फर्जी आदेशों से अपात्रों को ज्‍वाईन करा लिया गया एवं इनका वेतन आहरण किया जाता रहा तथा इस संबंध में संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं के संयुक्‍त संचालक श्री राकेश मुंशी की अध्‍यक्षता में जाँच दल गठित किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में संचालनालय स्वास्‍थ्‍य सेवाएं के संयुक्‍त संचालक की अध्‍यक्षता में गठित तथा जाँच दल द्वारा जाँच उपरांत कितने एवं किन-किन कर्मचारियों को अपात्र पाया गया एवं फर्जी नियुक्तियां दिए जाने के संबंध में किन-किन को दोषी पाया गया एवं उनके विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जाँच प्रतिवेदन के आधार पर अपात्र/संदिग्ध कर्मचारियों की संख्या का आंकलन किया जा रहा है। जाँच प्रतिवेदन अनुसार, जो नियुक्तियां जिला दतिया में हुई है वह डॉ. आर.एस.गुप्ता तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दतिया के कार्यकाल की होना पाई गई है। प्रकरण में डॉ.गुप्ता को संचालनालय स्तर से कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 09.11.2017 द्वारा जारी किया गया था। डॉ. गुप्ता द्वारा प्रस्तुत प्रतिवाद उत्तर परीक्षणोपरांत संतोषजनक नहीं पाये जाने के कारण उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है। वर्तमान में संचालनालय के पत्र क्रमांक 04/शिका./सेल-7/दतिया/2018/372-73 भोपाल दिनांक 20/02/2018 द्वारा आरोप पत्र जारी किये जाकर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाएं

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

3. ( क्र. 36 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) राज्य शासन द्वारा अल्पसंख्यक कल्याण के लिए क्या क्या योजनायें हैं? उसकी सूची दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार प्रश्नकर्ता द्वारा विगत 4 वर्षों में बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक बस्तियों में निर्माण आदि के लिए कब कब प्रस्ताव दिए गए है. इन प्राप्त प्रस्ताव पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? क्या प्रश्नकर्ता द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के कब्रस्तान की दीवार का प्रस्ताव दिया है? यदि हाँ, तो अब तक क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्या कारण रहे हैं? कब तक राशि स्वीकृत की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के कब्रस्‍तान की दीवार का प्रस्‍ताव माह जनवरी 2016 में प्राप्‍त हुआ। सहायक अनुदान (9411) चर्च एवं दरगाह इत्‍यादि को अनुदान दिये जाने के मद में पर्याप्‍त राशि उपलब्‍ध न होने से राशि स्‍वीकृत नहीं हो सकी। वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में प्रावधान शेष नहीं होने से तृतीय अनुपूरक अनुमान 2017-18 में बजट स्‍वीकृति हेतु प्रेषित किया गया। अत: राशि स्‍वीकृति की जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

राज्य बीमारी योजना के प्रकरणों के विलंब

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

4. ( क्र. 40 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य बीमारी योजना क्या है? इस योजना में लाभ के लिए क्या पात्रता होना चाहिए? नियम बताएँ। (ख) इस योजना में शासन द्वारा कौन-कौन सी गंभीर बीमारी चिन्हित की गई है? उसकी सूची दी जावें। इस योजना हेतु कौन-कौन से अस्पताल राज्य के भीतर एवं राज्य से बाहर के चिन्हित किये गए हैं? सूचि देवें। इस योजना में मरीज द्वारा आवेदन करने के कितने दिन के अंदर राशि स्वीकृत होकर संबधित अस्पताल में भुगतान हेतु भेजी जाती है? (ग) खरगोन जिले में पिछले दिनांक 01/08/2017 से जनवरी 18 तक कितने आवेदन कब-कब प्राप्त हुए? इन प्राप्त आवेदनों पर विभाग द्वारा कब-कब प्रस्ताव सक्षम अधिकारी की ओर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किये गए? अधिकारी द्वारा कितनी बार मेमो लगाया गया? आवेदन प्राप्ति से राशि स्वीकृति तक कितने दिनों का विलम्ब हुआ है? इसके लिए कौन दोषी है? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? समस्त प्रकरणों के दर्ज करने की क्रमानुसार जानकारी देवें। (घ) क्या बीमारी के प्रकरणों के विलम्ब के बारे में प्रश्नकर्ता द्वारा मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य का ध्यान आकर्षित करने हेतु पत्र क्रमांक 1240 दिनांक 16/10/2017 से लिखा गया है? शासन द्वारा कार्यवाही की जानकारी देवें। क्या वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जाँच की गई है? यदि हाँ, तो विस्‍तृत जानकारी देवें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) राज्य बीमारी सहायता निधि योजना अन्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के सदस्यों को गंभीर 21 चिन्हित बीमारीयों के उपचार हेतु उपचार पेकेज अनुसार रू. 25000/- हजार से रू. 200000/- लाख तक की सहायता राशि स्वीकृत की जाती है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। मरीज द्वारा आवेदन करने के 10 कार्य दिवस में राशि संबंधित अस्पताल में भुगतान हेतु भेजी जाती हैं। (ग) प्रश्न भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विलम्ब का परीक्षण/जाँच उपरान्त गुणदोष के आधार पर सम्बधितों के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी। (घ) जी हाँ। संचालनालय स्वास्थ्य सवाएं के पत्र क्रमांक 547, दिनांक 23.11.17 द्वारा जिला कलेक्टर खरगोन को राज्य बीमारी सहायता निधि योजनान्तर्गत लंबित श्रीमती नानी बाई एवं अन्य स्वीकृत लंबित प्रकरणों की विस्तृत जानकारी चाही गई थी। जानकारी प्राप्त नहीं होने पर पुनः स्मरण पत्र क्र 564, दिनांक 28.11.17, पत्र क्र 590, दिनांक 12.12.17, पत्र क्र. 34, दिनांक 18.01.18 द्वारा स्मरण पत्र भेजे गये। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

हथना जलाशय में छूटे हितग्राहियों को मुआवजा का भुगतान

[जल संसाधन]

5. ( क्र. 84 ) श्री लखन पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र पथरिया के वि.ख. पथरिया के ग्राम हथना में सिंचाई विभाग द्वारा तालाब बनाया गया है? यदि हाँ, तो इसमें कितनी जमीन व कितने किसानों की जमीन डूब में आयी? (ख) क्‍या डूब में आयी जमीन के पट्टे अनुसूचित जनजाति के लोगों को पूर्व में दिये गये थे? यदि हाँ, तो क्‍या प्रभावित सभी लोगों को मुआवजा दिया गया? (ग) क्‍या राजस्‍व विभाग द्वारा डूब में आये मात्र 39 लोगों को ही मुआवजा दिया गया? यदि हाँ, तो सूची उपलब्‍ध करावे एवं शेष 43 लोगों को मुआवजा क्‍यों नहीं दिया गया है? (घ) क्‍या बचे हुए 43 लोगों को भी मुआवजा दिया जावेगा? यदि मुआवजा नहीं दिया जा सकता तो क्‍या इनके निरस्‍त किये गये पट्टे वापिस किये जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। कुल भूमि 44.29 हेक्‍टर जिसमें से 40 कृषकों की 15.80 हेक्‍टर निजी भूमि, 0.70 हेक्‍टर शासकीय भूमि तथा 27.79 हेक्‍टर वन भूमि प्रभावित हुई। (ख) जी हाँ। प्रभावित वन भूमि में से 36 अनुसूचित जनजाति के व्‍यक्तियों को वनाधिकार पट्टे दिए गए थे जिन्‍हें रू. 226.80 लाख का मुआवजा दिया गया है। (ग) जी नहीं। राजस्‍व विभाग द्वारा डूब प्रभावित 36 लोगों का अवार्ड पारित कर मुआवजा भुगतान किया गया है। शेष व्‍यक्तियों की भूमि डूब से प्रभावित नहीं होने के कारण उन्‍हें मुआवजा की पात्रता नहीं है। (घ) जी नहीं। जी नहीं। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

सिविल अस्‍पताल सिहोरा में पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( क्र. 99 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1139 दिनांक 1/12/17 में अवगत कराया गया था, कि सिविल अस्‍पताल सिहोरा में रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु शासन स्‍तर से निरंतर प्रयास जारी है तथा शीघ्र ही‍ चिकित्‍सकों की स्‍वीकृत पदों के अनुरूप पद पूर्ति की जावेगी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुरूप आज तक स्‍वीकृत पदों के अनुरूप चिकित्‍सकों की पदस्‍थापना नहीं की गई, जिससे जनाक्रोश व्‍याप्‍त है, कब तक पदों की पूर्ति कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, सिविल अस्पताल सिहोरा जिला जबलपुर विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है इसी क्रम में विभाग द्वारा कुल 10 चिकित्सकों/बंधपत्र चिकित्सकों के पदस्थापना आदेश जारी किए गए परंतु उक्त में से 07 चिकित्सकों द्वारा कार्यग्रहण नहीं किया गया एवं 03 चिकित्सकों द्वारा कार्यग्रहण किया गया। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार पदपूर्ति की कार्यवाही की गई है परंतु चिकित्सकों द्वारा कार्यग्रहण नहीं किया गया है। विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है, पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

सिविल अस्‍पताल में सुविधाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

7. ( क्र. 143 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह के सिविल अस्‍पताल हटा में डॉक्‍टरों की क्‍या पद संरचना है? शासन के पत्र की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) इतने बड़े सिविल अस्‍पताल में शिशु रोग, महिला रोग, एम.डी डॉक्‍टर व एक्‍स-रे मशीन, एम.आर.आई ब्‍लड बैंक आदि की सुविधाएं नहीं है। यह सुविधाएं कब तक उपलब्‍ध हो जावेंगी।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सिविल अस्पताल हटा में एक्स-रे मशीन, ब्लड स्टोरेज यूनिट की सुविधाएं उपलब्ध है, चिकित्सकों द्वारा नियमित रूप से मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। एम.आर.आई. की सुविधा का कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

क्षतिग्रस्‍त जलाशयों/नहरों की मरम्‍मत

[जल संसाधन]

8. ( क्र. 144 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह अंतर्गत हटा विधानसभा क्षेत्र में कितने सिंचाई तालाब हैं? नाम पतावार जानकारी उपलब्‍ध करायें तथा प्रत्‍येक जलाशय से कितने हेक्‍टेयर भूमि सिंचित होती है? (ख) क्‍या कई जलाशय, जैसे गुदरी जलाशय, खोवा, जलाशय तथा हटा विधानसभा क्षेत्र के अन्‍य जलाशय जिनकी नहरें क्षतिग्रस्‍त, पिंचिंग क्षतिग्रस्‍त है तथा कई बार लिखित शिकायत उपरांत भी सुधार कार्य नहीं होने से किसानों को शासन के जलाशयों से सिंचाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है? सुधार कार्य कराये जाने की समय-सीमा बतायी जायें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) गुदरी, खोबा तथा अन्‍य जलाशयों को संधारण कराकर उत्‍तरांश (क) में वर्णित सिंचाई की गई है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

रोगी कल्‍याण/रेडक्रास समिति की आय एवं व्‍यय राशि

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( क्र. 153 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के अंतर्गत विगत 03 वर्षों में रोगी कल्‍याण समिति छतरपुर व रेडक्रास समिति छतरपुर के द्वारा कहाँ से कितनी आय हुई? किस कार्य हेतु कितनी राशि व्‍यय की गई? व्‍यय हेतु क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित है? क्‍या सक्षम अधिकारी की अनुमति ली गई? (ख) क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में गठित रोगी कल्‍याण समितियों की साधारण सभा की वर्ष में न्‍यूनतम एक बार तथा कार्य कारणी की बैठक प्रत्‍येक त्रैमास में करने के नियम हैं? (ग) यदि हाँ, तो वर्ष 01.01.15 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से प्रस्‍ताव पारित कर कार्य सम्‍पादित किये गये? कार्यवार, खर्च की गई राशि सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। रोगी कल्याण समिति नियमावली 2010 के तहत। जी हाँ। रेडक्रास सोसायटी स्वास्थ्य विभाग के कार्य क्षेत्र में नहीं आती। (ख) साधारण सभा की बैठक वर्ष में एक बार एवं कार्यकारणी समिति बैठक दो माह में एक बार आयोजित करने का प्रावधान है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

तंबाकू युक्‍त उत्‍पादों के क्रय विक्रय पर प्रतिबंध

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

10. ( क्र. 258 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में तंबाकू युक्‍त उत्‍पादों के क्रय विक्रय पर दिनांक 31 मई 2012 से प्रतिबंध है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या तंबाकू युक्‍त उत्‍पादों का क्रय विक्रय बंद हो चुका है? (ग) यदि नहीं, तो जबलपुर जिले में कितने उत्‍पादनकर्ता एवं विक्रयकर्ता के विरूद्ध प्रश्नांश (क) अवधि में प्रकरण बनाये गये हैं? संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें. (घ) क्‍या प्रश्नांश (ग) अंतर्गत उत्‍पादनकर्ता एवं विक्रयकर्ता के द्वारा तंबाकू क्रय विक्रय बंद कर दिया गया है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। तंबाकू युक्त उत्पादों के उत्पादनकर्ताओं एवं विक्रयकर्ताओं पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। दिनांक 31.05.2012 के बाद तम्बाकू युक्त खाद्य पदार्थ बेचने वाले विक्रेताओं के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये खाद्य सुरक्षा प्रशासन जिला जबलपुर द्वारा 27 प्रकरण बनाये गये है। (घ) जी नहीं। तम्बाकू युक्त उत्पादों के उत्पादनकर्ताओं एवं विक्रयकर्ताओं द्वारा क्रय विक्रय बंद नहीं किया गया है। अपितु तम्बाकू युक्त खाद्य पदार्थों उत्पादनकर्ताओं एवं विक्रयकर्ताओं द्वारा क्रय विक्रय बंद किया गया है।

संगीत सम्राट तानसेन की जन्‍म स्‍थली पर तानसेन कार्यक्रम आयोजित करना

[संस्कृति]

11. ( क्र. 271 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले में संगीत सम्राट तानसेन की जन्‍मस्‍थली एवं साधना स्‍थली किस गाँव एवं किस स्‍थान पर है? तानसेन कार्यक्रम का आयोजन कितनी सभायें प्रस्‍तुति होती है? (ख) तानसेन कार्यक्रम का शुभारम्‍भ ग्‍वालियर शहर (हजीरा किलागेट) में शुभारम्‍भ समापन दोनों कार्यक्रम किये जाते हैं? कितने दिन यह कार्यक्रम चलता है और कहाँ-कहाँ पर? (ग) क्‍या संगीत सम्राट तानसेन की जन्‍मस्‍थली, साधना स्‍थली पर कार्यक्रम का शुभारम्‍भ या समापन क्‍यों नहीं किया जाता है? कारण बतायें। क्‍या जन्‍मस्‍थली और साधना स्‍थली का अपमान नहीं है? ग्‍वालियर में जहां शुभारम्‍भ एवं समापन किया जाता है वहां संगीत सम्राट तानसेन से जुड़ा हुआ ऐसा क्‍या विशेष है जहां विभाग शुभारम्‍भ एवं समापन करने को तैयार है? (घ) क्‍या शासन अथवा विभाग अगला आयोजन संगीत सम्राट तानसेन की जन्‍मस्‍थली एवं साधना स्‍थली में करेगा? यदि नहीं, तो किस कारण से विवरण दें?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) संगीत सम्राट तानसेन की जन्‍म स्‍थली एवं साधना स्‍थली ग्राम बेहट में मानी गयी है. तानसेन समारोह में 9 सभाएं आयोजित होती है. (ख) तानसेन समारोह कार्यक्रम तानसेन की समाधि स्‍थल जो मोहम्‍म्‍द गौस के मकबरा के नजदीक हजीरा स्‍थल पर पाँच दिवसीय आयोजित होता है. समारोह का समापन तानसेन की साधना एवं जन्‍म स्‍थली बेहट में होता है तथा पिछले दो वर्षों से तानसेन समारोह की एक सभा गुजरी महल में आयोजित की जा रही है. (ग) तानसेन समारोह का समापन तानसेन की साधना एवं जन्‍मस्‍थली बेहट में होता है एवं विगत अनेकों वर्षों से तानसेन समाधि परिसर हजीरा में परम्‍परा अनुसार श्रद्धांजलि सभा के रूप में शुभारंभ होता आया है. इसी परम्‍परा का निर्वाह करते हुए शुभारंभ समाधि परिसर में ही होता है. इसे अपमान के रूप में नहीं देखना चाहिए. समाधि परिसर हजीरा ग्‍वालियर में स्थित होने के कारण वर्षों से संगीत कलाकारों का यहां आकर समाधि परिसर में संगीत प्रस्‍तुत करना एक श्रद्धांजलि है इसलिए कार्यक्रम का शुभारंभ ग्‍वालियर में होता है एवं समापन जन्‍म एवं साधना स्‍थली बेहट में होता है. (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता.

प्रदेश में पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितताओं की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

12. ( क्र. 292 ) श्री तरूण भनोत : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के छात्रों को दी जाने वाली पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदाय हेतु नियम क्‍या हैं एवं वर्तमान में किस आधार पर छात्रों को छात्रवृत्ति वितरित की जा रही है? (ख) क्‍या शासन द्वारा वर्तमान में प्रदेश के समस्‍त जिलों में केपिंग (तय फीस के हिसाब से छात्रवृत्ति तय) करवाने से शासन को करोड़ों रूपयों की हानि से बचत हो रही है? (ग) क्‍या प्रदेश के जिलों में पूर्व से चली आ रही पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाले की जाँच की जाकर संबंधित दोषियों पर कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के छात्रों को दी जाने वाली पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदाय हेतु प्रचलित नियम की छायाप्रति जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। प्रचलित नियमों के अनुसार पात्रता अनुसार पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति वितरित की जा रही है। (ख) जी हाँ, शासन द्वारा वर्तमान में प्रदेश के समस्‍त जिलों में केपिंग (तय फीस के हिसाब से छात्रवृत्ति तय) करवाने से शासन को वित्‍तीय हानि से बचत हो रही है। (ग) जी हाँ, प्रदेश के जिलों में पूर्व से चली आ रही पोस्‍ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितताओं की जाँच की जाकर दोषी पाए जाने पर संबंधितों पर कार्यवाही की जावेगी।

चिकित्‍सकों के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

13. ( क्र. 304 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बरगी वि.स. क्षेत्र के अंतर्गत बेलखेड़ा, नटवारा, शहपुरा, चरगंवा, बरगी नगर आदि चिकित्‍सालयों में कितने चिकित्‍सकों के पद वर्तमान में रिक्‍त हैं? रिक्‍त चिकित्‍सकों के पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी? (ख) शास. चिकित्‍सालय बरगी नगर में चिकित्‍सकों एवं पैरामेडिकल स्‍टॉफ के कितने एवं कौन-कौन से पदों पर पदस्‍थापना की जानी है? उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक हो जायेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) बरगी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थाओं में चिकित्सकों के संबंध में जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। विभाग पदपूर्ति हेतु निरंतर प्रयास कर रहा है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) विभाग अंतर्गत बरगी, उप स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में संचालित है। बरगी नगर अंतर्गत चिकित्सालय का भवन, रानी अवंतीबाई लोधी सागर बाया मेसनरी बांध संभाग बरगी द्वारा स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है, उपरोक्त भवन में बरगी नगर उप स्वास्थ्य केन्द्र संचालित किया जा रहा है। उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की संस्था में चिकित्सक का पद स्वीकृत नहीं होता। चिकित्सकीय व्यवस्था हेतु सप्ताह में 02 दिवस डॉ. राजेश राज, की सेवायें ली जा रही है।

परिशिष्ट - ''आठ''

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपकरण एवं मशीनरी की व्यवस्था

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

14. ( क्र. 334 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत बण्डा/शाहगढ़ में मरीजों के इलाज व चिकित्सा संबंधी कौन-कौन सी सुविधाएं, संसाधन, उपकरण एवं मशीनरी है? किन-किन जांचों से संबंधित कौन-कौन सी सुविधाएं संसाधन व आधुनिक उपकरण आदि नहीं हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में क्‍या स्वास्थ्य व चिकित्सा संबंधी सुविधाएं संसाधन पर्याप्त नहीं है? यदि हाँ, तो कब तक सुविधाएं उपलब्ध कराई जावेगीं? (ग) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्वास्थ्य अधिकारी एवं पैरामेडीकल स्टाफ की पूर्ति कब तक की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) बण्डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत बण्डा/शाहगढ़ में मरीजों के इलाज व चिकित्सा संबंधी वाह्य रोगी उपचार/अंतः रोगी उपचार/पैथोलॉजी जाँच/प्रसव सुविधा/टीकाकरण/एन.आर.सी./महिला एवं पुरूष नसबंदी आपरेशन/एम.एल.सी.एवं आकस्मिक सेवाओं की सुविधा उपलब्ध है। पैथोलॉजी जॉचों एवं मानव संसाधन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। इन स्वास्थ्य केन्द्रों में मानव संसाधन की कमी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के लिये आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर की संस्था पर प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के लिये आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं। कुछ मानव संसाधन की कमी है, इसके बावजूद उपलब्ध संसाधनों से चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध करायी जा रहीं हैं। रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही प्रचलन में है। यथासंभव शीघ्र। (ग) रिक्त पदों की पूर्ति की कार्यवाही प्रचलन में है। यथा संभव शीघ्र।

विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

15. ( क्र. 337 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत बहरोल, सेसईसाजी, कंदवा, हीरापुर में 108 एम्बुलेंस का संचालन हो रहा है अथवा नहीं? (ख) यदि नहीं, तो विभाग द्वारा उक्त ग्रामों को 108 की सुविधाओं से वंचित क्यों रखा गया है एवं इस‍के क्या कारण है? (ग) क्या दिनांक 24/1/2018 को बहरोल से बेसली तिगड्डा के बीच ट्राली दुर्घटना में 25 व्यक्तियों को चोट एवं 1 व्यक्ति की मौत तत्काल 108 एम्बुलेंस की सुविधा न होने के कारण हुई एवं शेष घायलों का उपचार समय पर नहीं हो सका? (घ) उक्त ग्राम बहरोल, बांदरी, धामोनी, बण्डा मार्ग पर संचालित होने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सीय सहायता मिल सके इस दिशा में विभाग द्वारा 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था कब तक कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं, दिनांक 24/01/18 सायं लगभग 05:00 बजे हुई दुर्घटना में 20 मरीजों को बण्डा, कर्रापुर एवं दलपतपुर के 108 वाहन एवं डायल 100 एवं अन्य साधनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बण्डा में उपचार हेतु लाया गया था, जहां पर मरीजों को तत्काल उपचार की व्यवस्था की गई थी। मृतक श्री हेमराज पुत्र श्री रूपसिंह लोधी उम्र 12 वर्ष निवासी पहरगुवां की मृत्यु घटना के लगभग 10-15 मिनट बाद घटना स्थल पर ही हो गई थी। (घ) ग्राम बांदरी में 108-एम्बुलेंस उपलब्ध है तथा शेष ग्रामों हेतु बण्डा लोकेशन की 108-एम्बुलेंस वाहन द्वारा सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है।

जन-चिकित्सालय में सोगोग्राफी मशीन उपलब्‍ध न होना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

16. ( क्र. 350 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय जन-चिकित्सालय गंजबासौदा में सोनोग्राफ मशीन उपलब्ध होने के बाद भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है? (ख) क्‍या शासकीय जन-चिकित्सालय गंजबासौदा में उक्त सोनोग्राफ संचालन हेतु पदस्थ चिकित्सक को प्रशिक्षण दिया गया है? क्‍या उक्त चिकित्सक द्वारा प्रशिक्षण लेने के बाद भी सोनोग्राफी किये जाने से इंकार किया गया है? इस संबंध में चिकित्सक द्वारा लिखित में भी आवेदन किया गया है? (ग) प्रश्नांश एवं का उत्तर हाँ तों ऐसी स्थिति में उक्त चिकित्सक के विरूद्ध अभी तक विभाग द्वारा कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई है? कार्यवाही नहीं किये जाने के लिए कौन उत्तरदायी है? कब तक कार्यवाही की जावेगी? जबकि नियमानुसार प्रशिक्षण पर होने पर व्यय की वसूली संबंधित कर्मचारी से किये जाने का प्रावधान है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। (ग) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी विदिशा के पत्र क्रमांक 10284-85 दिनांक 25.07.2016 द्वारा एवं संचालनालय पत्र क्रमांक 04/शिका/सेल-5/2018/456 एवं पत्र क्रमांक 330 दिनांक 26.02.2018 द्वारा डॉ. सुभाष सिंह तोमर को अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

हाई प्रायोरिटी डिस्ट्रिक्ट योजना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

17. ( क्र. 351 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रायलय भारत सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सूचकांकों के आधार पर मध्य प्रदेश के पिछड़े किस किस जिलों को प्राथमिकता वाले जिले (हाई प्रायोरिटी डिस्ट्रिक्ट) घोषित किया गया है? इन जिलों की सूची उपलब्ध करावें? (ख) उक्त जिलों को हाई प्रायोरिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के अन्‍तर्गत कौन-कौन सी सुविधाएं-संसाधन उपलब्ध करवाए जाने का प्रावधान है? प्रावधान की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जिलों की सूची में क्या विदिशा जिला सम्मिलित है, या नहीं? यदि हाँ, तो हाई प्रायोरिटी डिस्ट्रिक्ट के तहत प्रश्नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत किस-किस शासकीय चिकित्सालय में कौन-कौन सी सुविधाएं व संसाधन किस-किस दिनांक को उपलब्ध करवाई गई है, की सूची उपलब्ध करावें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मातृ एवं शि‍शु स्वास्थ्य सेवाओं में सूचकांकों के आधार पर 16 जिलों को उच्च प्राथमिकता वाले जिले (हाई प्रायोरिटी डिस्ट्रिक्ट) घोषित किया गया है। सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र - अनुसार है। (ख) हाई प्रायोरिटी जिले के रूप में चिन्हांकित जिलों को दी जाने वाली सुविधाओं तथा संसाधन की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र - अनुसार है। (ग) जी हाँ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिलों को बजट का प्रावधान वार्षिक कार्ययोजना में किया जाता है वर्ष 2017-18 की कार्ययोजना की स्वीकृति के समय विदिशा जिला हाई प्रायोरिटी जिलों की सूची में सम्मिलित नहीं था वर्ष 2018-19 की वार्षिक कार्ययोजना में प्रावधान अनुसार सुविधायें दी जा सकेंगी। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

सांस्‍कृतिक संकुल भवन एवं बुन्‍देलखण्‍ड सांस्‍कृतिक महोत्‍सव का आयोजन

[संस्कृति]

18. ( क्र. 368 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्र. 3930 दिनांक 10.03.2017 के उत्‍तरांश में बताया गया था कि सागर नगर में सांस्‍कृतिक संकुल निर्माण हेतु प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) को भारत सरकार के मापदंडों के अंतर्गत राशि रु. 15.00 करोड़ की संशोधित डी.पी.आर. तैयार कर प्रस्‍तुत करने हेतु आदेशित किया गया है? तो क्‍या पी.आई.यू. द्वारा संशोधित डी.पी.आर. तैयार कर प्रस्‍तुत कर दी गयी है? (ख) यदि हाँ, तो तैयार संशोधित डी.पी.आर. की प्रति उपलब्‍ध करायें। क्‍या संशोधित डी.पी.आर. शासन द्वारा सांस्‍कृतिक संकुल निर्माण की स्‍वीकृति हेतु भारत सरकार की ओर प्रेषित कर दी है? यदि नहीं, तो कब तक प्रेषित कर दी जायेगी? (ग) क्‍या शासन संभागीय मुख्‍यालय एवं बुन्‍देली लोक संस्‍कृति के केन्‍द्र बिन्‍दु सागर में बुन्‍देली लोककला के संरक्षण, संवर्धन एवं लोक कलाकारों के प्रोत्‍साहन हेतु बुन्‍देलखण्‍ड सांस्‍कृतिक महोत्‍सव प्रति वर्ष मनाये जाने की स्‍वीकृति देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों।

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ. (ख) डी.पी.आर. की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार. जी नहीं. कार्यवाही प्रक्रियाधीन. (ग) जी हाँ. 

बुन्‍देलखण्‍ड मेडिकल कॉलज सागर के ऑडिटोरियम हॉल का निर्माण

[चिकित्सा शिक्षा]

19. ( क्र. 369 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बी.एम.सी. सागर में भवनों के निर्माण हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत की गयी थी एवं कौन-कौन से कार्य कराये जाना सम्मिलित था? क्‍या इसमें ऑडिटोरियम हॉल का निर्माण भी सम्मिलित था? यदि हाँ, तो भवनों सहित ऑडिटोरियम हॉल का निर्माण कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (ख) क्‍या प्रश्‍नाधीन हॉल को सर्व सुविधायुक्‍त बनाने के लिए ए.सी., ई.को. सिस्‍टम, साउण्‍ड सिस्‍टम एवं बैठने हेतु फर्नीचर आदि का कोई प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु विचाराधीन है? यदि हाँ, तो प्रस्‍ताव कितनी राशि का है तथा कब तक स्‍वीकृत कर कार्य प्रारम्‍भ कर लिया जायेगा?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) बी.एम.सी. सागर के निर्माण हेतु राशि  रूपये 158.17 करोड़ की स्‍वीकृति दी गई थी। चिकित्‍सा महाविद्यालय, चिकित्‍सालय स्‍टॉफ क्‍वार्टर, हॉस्‍टल अतिथिगृह एवं ऑडिटोरियम सहित 21 भवनों का कार्य कराया जाना सम्मिलित था। जी हाँ। ऑडिटोरियम भवन को छोड़कर अन्‍य भवनों का कार्य पूर्ण हो गया है। ऑडिटोरियम हॉल का निर्माण प्रगति पर है वर्तमान में समय-सीमा निर्धारित किया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। राशि रूपये 334.40 लाख। वर्तमान में समय-सीमा का निर्धारण किया जाना संभव नहीं है।

30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( क्र. 393 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मकरोनिया बुजुर्ग में सामुदायिक स्‍वस्‍थ्‍य केन्‍द्र 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल के संचालन के लिए विभाग द्वारा चिकित्‍सा एवं अन्‍य पदों/भवन/उपकरण/फर्नीचर इत्‍यादि व्‍यवस्‍थाओं की स्‍वीकृति प्राप्‍त हो गई हैं? (ख) यदि उपरोक्‍त स्‍वीकृतियां प्राप्‍त हो गई हैं तो विभाग द्वारा क्‍या किराये के भवन में उक्‍त अस्‍पताल संचालित करने की कोई कार्यवाही विभाग में लंबित है? (ग) यदि हाँ, तो विभाग में समुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र 30 बिस्‍तरीय अस्‍पताल को किराये के भवन में कब तक संचालित/प्रारंभ किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : () एवं (ख) जी हाँ। (ग) यथाशीघ्र, निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है।

नवीन उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

21. ( क्र. 394 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिले में नवीन उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र स्‍वीकृत किए गए हैं? (ख) यदि हाँ, तो कब और कितने विकासखण्‍ड वार जानकारी देवें। (ग) नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत नवीन उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र गढौलीखुर्द, कपूरिया, कुडारी, सिरौजा, बडकुंआ, मारा इमलिया, चादामउ तथा भापेल नवीन स्‍वीकृत उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र विभाग द्वारा स्‍वीकृत है यदि हाँ, तो उपरोक्‍त उप‍स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र प्रारंभ करने के लिए विभाग ने अब तक क्‍या कार्यवाही की? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित नवीन उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कब तक प्रारंभ/संचालित होगें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) दिनांक 21.06.2016 को 42 नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्रों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। विकासखण्डवार जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। नवीन उप-स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण नहीं होने तक किराये के भवन में संचालित किये जाने हेतु समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पत्र क्र. 5/भवन/एन.एच.एम./2016-17/14199 दिनांक 03.02.2017 के द्वारा निर्देश जारी किये गये है। (घ) निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं।

परिशिष्ट - ''दस''

असिंचित ग्रामों में सिंचाई सुविधा

[जल संसाधन]

22. ( क्र. 439 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत 35 असिंचित ग्रामों हेतु चंबल मुख्‍य नहर से नवीन नहर का निर्माण करवाकर सिंचाई सुविधा मुहैया कराने की मांग को लेकर उक्‍त ग्रामों के कृषकों ने दिनांक 14/12/2018 से अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन प्रारंभ किया था? (ख) क्‍या धरने के दौरान ही दिनांक 02/01/2018 को प्रश्‍नकर्ता के नेतृत्‍व में उक्‍त ग्रामों के कृषकों का प्रतिनिधि मण्‍डल उक्‍त मांग को पूर्ण कराने हेतु माननीय मुख्‍यमंत्री जी से मिला था? माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने मौके पर ही विभागीय अपर मुख्‍य सचिव को 15 दिन में डी.पी.आर. तैयार कराने के निर्देश दिये थे व कृषकों के प्रतिनिधि मण्‍डल को सकारात्‍मक निर्णय लिये जाने का आश्‍वासन दिया था? (ग) क्‍या उक्‍त निर्देशों के पालन में विभाग द्वारा डी.पी.आर. तैयार कर शासन को स्‍वीकृति हेतु भेज दी हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो कब भेजी व इसकी लागत क्‍या हैं? डी.पी.आर. में उक्‍त ग्रामों में किस तरह से व कहाँ से पानी पहुंचाने हेतु व्‍यवस्‍था किये जाने का उल्‍लेख हैं? (घ) क्‍या शासन उक्‍त निर्देशों के पालन में व कृषकों को दिए गए उक्‍त आश्‍वासन की पूर्ति हेतु उक्‍त डी.पी.आर. को वर्ष 2018-19 के बजट में निश्चित रूप से शामिल करेगा व इसकी प्रशासकीय स्‍वीकृति अविलम्‍ब जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) प्रश्‍नाधीन ग्रामों सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए डी.पी.आर. तैयार की गई है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से तकनीकी अवयव एवं लागत संबंधी जानकारी एवं स्‍वीकृति दी जाना संभव नहीं है। (घ) प्रशासकीय स्‍वीकृति देने तथा बजट में प्रावधान कराने की स्थिति नहीं आई है।

श्‍योपुर जिला चिकित्‍सालय को उन्‍नयन करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

23. ( क्र. 440 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 100 बिस्‍तरीय श्‍योपुर जिला चिकित्‍सालय को 200 बिस्‍तरीय में उन्‍नयन करने हेतु वर्ष 2017-18 के बजट में टोकन बजट प्रावधान किया गया था? संस्‍था के उन्‍नयन की कार्यवाही प्रचलन में है यह जानकारी प्रश्‍नकर्ता के ता.प्र. क्रमांक 595 दिनांक 01/12/2017 के प्रश्नांश (क) एवं (ग) के उत्‍तर में दी थी। (ख) क्‍या दिनांक 12/12/2017 को सम्‍पन्‍न केबिनेट की बैठक में प्रदेश के समस्‍त जिलों में ट्रामा सेन्‍टरों को पूर्णरूपेण व्‍य‍वस्थित करने तथा श्‍योपुर सहित 11 शहरी स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं के उन्‍नयन हेतु 156 करोड़ रूपये मंजूर किये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो श्‍योपुर जिला चिकित्‍सालय के उन्‍नयन का स्‍वीकृति आदेश क्‍या जारी कर दिया है? यदि हाँ, तो इसकी प्रति उपलब्‍ध करावे? यदि नहीं, तो इसे जारी करने में अब क्‍या कठिनाई है इसे दूर करके कब तक उन्‍नयन आदेश जारी किया जावेगा? (घ) क्‍या उक्‍त आदेश के अभाव में चिकित्‍सालय का उन्‍नयन संभव नहीं हो पा रहा है। यदि हाँ, तो क्‍या शासन अब अविलंब उन्‍नयन आदेश जारी करके आदेश में उल्‍लेखानुसार समस्‍त कार्यवाहीयां पूर्ण करके श्‍योपुर में 200 बिस्‍तरीय चिकित्‍सालय को शीघ्र प्रारंभ करवायेगा? इस हेतु समय सीमा भी बतावें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

जिम्‍मेवारों पर कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

24. ( क्र. 485 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारत सरकार द्वारा राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मिशन का संचालन आम जनों को सुलभ सस्‍ती एवं गुणवत्‍ता युक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध कराना है, जिसका एक भाग गर्भावस्‍था के परिणाम तथा जन्‍मजात लैगिंक असमानताएं समाप्‍त करने का था? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार राज्‍य में 912 महिला प्रति 100 पुरुष का आंकड़ा था? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में वर्ष 2011-12 से 2015-16 के दौरान राज्‍य में बालक एवं बालिकाओं के आंकड़े क्‍या थे? राज्‍य के साथ रीवा संभाग का जिलेवार बतावें। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के तारतम्‍य में क्‍या जन्‍म पर निरंतर विषम लिंग अनुपात की समीक्षा भी वर्ष 2011-12 से 2015-16 के दौरान की गई, जिसमें ए.एन.सी. पंजीयन (93.72 लाख) तथा कुल प्रसव (69.83 लाख) में वृहद अंतर 23.89 लाख के संदर्भ में आपेक्षित था तो क्‍यों वर्ष 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक में इसकी स्थिति क्‍या है? (ड.) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (घ) अनुसार वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक योजना के सुचारू संचालन बाबत् कितनी-कितनी राशि रीवा संभाग के जिलों को वर्षवार प्रदान की गयी तथा कितना व्‍यय किया गया? (च) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (घ) अनुसार क्‍या लिंग अनुपात में सुधार न होने योजना का क्रियान्‍वयन सही ढंग से न करने एवं प्रश्‍नांश (ड.) अनुसार प्राप्‍त राशि का फर्जी बिल वाउचर तैयार कर खर्च करने, योजना संचालन के नाम पर राशि के व्‍यय के लिए जिम्‍मेवारों की पहचान कर उन पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार राज्य में 931 महिला, प्रति 1000 पुरूष का आंकड़ा था। (ग) वर्ष 2011-12 से 2015-16 के दौरान राज्य व रीवा संभाग के जिलों की जन्म के समय के लिंगानुपात की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) प्रदेश में गर्भवती महिलाओं के प्रसव परिणाम से संबंधित आंकड़ों का संधारण किया जाता है। प्रसव के परिणाम शासकीय एवं निजी संस्थाओं में प्रसव, घरेलू प्रसव के अलावा स्वतः व प्रेरित गर्भपात के आंकड़ों से प्राप्त होते है। प्रायः शहरी क्षेत्रों में निजी चिकित्सालय की बहुतायत के कारण वहां होने वाले प्रसव की रिपोर्टिंग के कम होने के कारण प्रसव के आंकड़ें प्राप्त नहीं हो पाते हैं। इसी प्रकार ऐसी गर्भवती महिलाएं जो अपना प्रसव अपने निवास के क्षेत्र से बाहर अन्य क्षेत्रों/जगहों पर कराती है उनकी भी रिपोर्ट नहीं हो पाती है। एम.सी.टी.एस. के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण एवं गर्भवती महिलाओं की ट्रेकिंग आर.सी.एच. पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है, एम.सी.टी.एस. में शहरी क्षेत्रों हेतु कोई पृथक से रिपोर्टिंग हेतु लिंकेज न होने के कारण वर्तमान में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन एवं आर.सी.एच. पोर्टल को लागू किया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों में होने वाले प्रसव के स्थान पर डिलेवरी पाईंट पर प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु समस्त जिलों के डिलेवरी पाईंट को जीओ मेंपिग के माध्यम से युक्तिकरण किया जा रहा है। भारत शासन द्वारा संचालित अनमोल एवं आर.सी.एच. पोर्टल के माध्यम से समस्त गर्भवती पंजीकृत महिलाओं के प्रसव के परिणाम को संग्रहित किया जा सकेगा। प्रदेश में वर्ष 2017 (अप्रैल 2017 से जनवरी 2018 तक) एच.एम.आई.एस. के आधार पर कुल 15.81 लाख गर्भवती महिलाएं ए.एन.सी. पंजीकृत हुई एवं 11.29 लाख प्रसव तथा 57725 गर्भपात प्रतिवेदित है। (ड.) योजना (गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम एवं नियम) के सुचारू संचालन बाबत् प्रदाय एवं व्यय राशि की जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (च) लिंग भेद एक सामजिक कुरीति (समस्या) है, इसके लिए जनजागृति एवं गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम एवं नियम के समुचित क्रियान्वयन की सतत् कार्यवाही की जा रही है। योजनान्तर्गत प्रदाय राशि में वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बारह''

जल संसाधन विभाग द्वारा तालाबों का निर्माण

[जल संसाधन]

25. ( क्र. 486 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक में कितने तालाबों का निर्माण कितनी-कितनी लागत से किन-किन तहसीलों में कराया गया एवं कितने तालाबों के निर्माण की स्‍वीकृत प्राप्‍त हैं, लेकिन निर्माण कार्य प्रारम्‍भ नहीं किए गये, क्‍यों? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में निर्मित तालाबों में से किन-किन तालाबों द्वारा कितने हेक्‍टेयर में सिंचाई की जा रही है? सिंचाई से राजस्‍व की प्राप्ति तालाबवार बतावें? इन तालाबों के रख-रखाव व सुधार पर कितनी राशि कब-कब खर्च की गयी का विवरण पृ‍थक-पृथक तालाबवार वर्ष 2012 से देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के तालाबों के अतिरिक्‍त गोविन्‍दगढ़ तालाब जो ऐतिहासिक एवं लम्‍बे क्षेत्रफल का है, उसकी साफ-सफाई रख-रखाव एवं सौन्‍दर्यीकरण बाबत् शासन ने क्‍या कार्य योजना तैयार की है जबकि शासन को इससे राजस्‍व की प्राप्‍त भी ज्‍यादा हो रही है? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) के तालाबों का निर्माण अनुबंध की शर्तों अनुसार तय समय-सीमा पर न कराकर गुणवत्‍ताविहीन कार्य कराये गये, सिंचाई हेतु किसानों को पानी भी नहीं मिल रहा, इस पर जबावदारों पर क्‍या कार्यवाही करेगें? साथ ही प्रश्नांश (ग) तालाब के अस्तित्‍व बचाने बाबत् साफ-सफाई एवं सौन्‍दर्यीकरण हेतु कार्य योजना तैयार न करने के लिए जिम्‍मेवारों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अप्रारंभ कार्य निरंक। (ग) विभाग सिंचाई तालाबों का सौंदर्यीकरण नहीं करता है। अत: शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं। (घ) निर्माण कार्य की गुणवत्‍ता ठीक होकर संग्रहित सीमित जल से अधिकाधिक सिंचाई की गई है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''तेरह''

श्‍याम नगर बांध निर्माण

[जल संसाधन]

26. ( क्र. 538 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के विकासखण्‍ड उचेहरा के श्‍याम नगर बांध का निर्माण वर्ष 1979-1980 में 90% पूर्ण होने के बाद नाला क्‍लोजिंग का कार्य शेष बचा था उसी दौरान वन विभाग द्वारा आपत्ति लेने के कारण आगे के कार्य को रोक दिया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो वन भूमि के बदले में राजस्‍व विभाग द्वारा कारीमाटी सखौहा में भूमि वन विभाग को उपलब्‍ध करा दी गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त तालाब का शेष कार्य प्रारंभ किए जाने हेतु राशि शासन द्वारा कब तक  आवंटित की जावेगी? क्‍या यह सही है कि उक्‍त बांध का निर्माण शीघ्र प्रारंभ होने से उक्‍त बांध से लगे 12 गांवों में कृ‍षकों की सिंचाई के लिए एक ओर पानी मिलेगा वही जल स्‍तर भी बढ़ेगा? (घ) प्रश्नांश (क) के अधूरे बांध निर्माण को पूर्ण करने हेतु क्‍या क्षेत्र के निवासियों को साथ में लेकर प्रश्‍नकर्ता द्वारा ग्रामीणों को ज्ञापन कलेक्‍टर सतना को दिया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक ज्ञापन में की गई कार्यवाही से अवगत करायें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) कलेक्‍टर जिला सतना द्वारा दिनांक 30.03.2010 को ग्राम सुरदहाकला तहसील नागौद की 29.002 हेक्‍टर, ग्राम जादवपुर कोठार की 31.229 हेक्‍टर एवं ग्राम कचुरा तहसील मझगवां की 51.559 हेक्‍टर कुल 111.866 हेक्‍टर राजस्‍व भूमि वन विभाग को आंवटित की गई। इसी दौरान बरगी परियोजना की नहरों का कार्य प्रारंभ किया गया, जिसमें श्‍याम नगर बांध का सम्‍पूर्ण कमाण्‍ड क्षेत्र प्रस्‍तावित होने से परियोजना निर्माण का औचित्‍य नहीं रहा। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं। (घ) क्षेत्रीय निवासीयों तथा मान. सदस्‍य द्वारा कलेक्‍टर जिला सतना को प्रेषित ज्ञापन शासन के संज्ञान में नहीं है। अत: जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

राज्य बीमारी सहायता निधि अंतर्गत जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

27. ( क्र. 539 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सतना जिले के नागौद विकासखण्‍ड के ग्राम जसों के निवासी श्री श्‍याम सुन्‍दर तनय, गया प्रसाद सोनी, बी.पी.एल. कार्डधारी जो ह्रदय रोग से पीड़ि‍त था, जिसका स्‍टीमेट चिरायु हास्पिटल में तैयार किए जाने हेतु दिनांक 22.01.2018 को दिया गया था? (ख) प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा दूरभाष पर सी.एम.ओ. सतना से मरीज की गंभीर हालत को देखने शीघ्र राशि स्‍वीकृत किए जाने का अनुरोध करने पर सी.एम.ओ. ने अवगत कराया की नियमों में परिवर्तन होने से मरीज को स्‍वत: मेडिकल बोर्ड में आना पड़ेगा यदि हाँ, तो क्‍या गंभीर हालत में मरीज जब मरणासन्‍न हो ऐसी स्थितियों में क्‍या मरीज का जिला मुख्‍यालय में मेडिकल बोर्ड में जाना संभव है? (ग) प्रश्नांश (क) (ख) के मरीज को राज्‍य बीमारी सहायता नहीं मिलने से आर्थिक सहायता न होने से ऑपरेशन नहीं हो सका और दिनांक 23.01.2018 को मृत्‍यु होने को दृष्टिगत रख कर क्‍या शासन नियमों में परिवर्तन कर मेडिकल बोर्ड के सामने मरीज की उपस्थिति को अनिवार्यता समाप्‍त करेगा और पीड़ि‍त को 4 लाख का मुआवजा दिए जाने की कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं, गंभीर एवं अस्पताल में भर्ती रोगियों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित नहीं होने बाबत् पूर्व से शासन द्वारा प्रावधान किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रकरण में मरीज द्वारा राज्य बीमारी सहायता निधि के अन्तर्गत उपचार हेतु आवेदन नहीं दिया, इस लिए राशि स्वीकृत नहीं की गई। जी नहीं, मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है।

जबलपुर जिले में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का क्रियान्‍वयन

[जल संसाधन]

28. ( क्र. 584 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2015-16 में हर खेत को पानी पहुंचाने के लिये प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना स्‍वीकृत की गई है? (ख) क्‍या इसका मुख्‍य उद्देश्‍य सिंचाई योजना तैयार कर सुनिश्चित सिंचाई का प्रबंधन, जलाशय पुनर्भरण, पानी के बहाव को रोककर उपयोग में लाना है? (ग) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत विकासखंड पनागर एवं विकासखंड जबलपुर के बरेला क्षेत्र में कितने जलाशयों का पुनर्भरण किया गया एवं कहाँ-कहाँ पानी के बहाव को रोककर स्‍टॉप डेम बनाये गये? (घ) क्‍या ग्राम पिपरिया, हिनौतिया भौई, सिलुआ, बल्‍हवारा, मिड़की, मनकवारा, बैरागी, पड़वार, सरौरा, बिलगड़ा के ग्रामों में नीचे जा चुके जल स्‍तर के कारण पानी के बहाव को रोककर स्‍टॉप डेम बनाने हेतु कोई कार्यवाही की गई है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना भारत सरकार की योजना है। जिसमें कृषि विभाग नोडल विभाग है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत जल संसाधन विभाग द्वारा ए.आई.बी.पी. एवं काड़ा के कार्य कराये जाते हैं। (ग) एवं (घ) भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत नवीन सिंचाई परियोजनाओं की स्‍वीकृति देने का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

मंदसौर के संगीत महाविद्यालय में नवीन ऑडिटोरियम एव लायब्रेरी भवन निर्माण

[संस्कृति]

29. ( क्र. 684 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मंदसौर के संगीत महाविद्यालय में नवीन ऑडिटोरियम एव लायब्रेरी भवन निर्माण की अतिरिक्त परियोजना संचालक लोक निर्माण विभाग PIU द्वारा तकनीकी स्वीकृति जारी की गयी है? यदि "हाँ" तो स्वीकृति आदेश की प्रतिलिपि उपलब्ध करायें? (ख) प्रदेश के कितने संगीत महाविद्यालयों में ऑडिटोरियम स्वीकृत किये हैं या ऑडिटोरियम बन चुके हैं? स्थानवार जानकारी देवें? क्या विभाग मानता है कि संगीत के प्रस्तुतीकरण दृष्टिगत मंदसौर के 75 वर्ष पुराने संगीत महाविद्यालय में ऑडिटोरियम महाविद्यालय की प्रमुख आवश्कता है? यदि "हाँ" तो विभाग द्वारा उक्त दोनों निर्माण कार्य की वित्तीय स्वीकृति कब तक प्रदान कर दी जाएगी? (ग) प्रदेश के संगीत महाविद्यालयों को किस-किस वर्ष कहाँ-कहाँ प्रारम्भ किया गया? इनमें वर्तमान में कितने विद्यार्थी अध्ययनरत है? इन महाविद्यालयों में कौन-कौन सी विधा (फेकल्टी ) संचालित हैं तथा मंदसौर महाविद्यालय में कुल कितने पद स्वीकृत हैं कितने रिक्त हैं, रिक्त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जाएगी? (घ) मंदसौर महाविद्यालय में कौन-कौन से नए विषय की मांग महाविद्यालय प्रशासन द्वारा की गयी है इन्हें कब तक स्वीकृति मिल जाएगी?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ. PIU द्वारा जारी स्‍वीकृति संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' पर है. PIU द्वारा उक्‍त परियोजनाओं के लिए विद्युतीकरण कार्य का प्राक्‍कलन/तकनीकी अभी जारी की जाना शेष है. उक्‍त परियोजनाओं हेतु समग्र तकनी‍की स्‍वीकृतियां प्राप्‍त होने के पश्‍चात प्रशासकीय अनुमोदन की स्थिति होगी. (ख) जानकारी प्रश्‍नांश '''' अनुसार संगीत महाविद्यालय मैहर में सभागृह पूर्व से ही विद्यमान है. वर्तमान में अन्‍य किसी संगीत महाविद्यालय में ऑडिटोरियम पूर्व निर्मित/स्‍वीकृत नहीं है. जी हाँ. जानकारी प्रश्‍नांश अनुसार. (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार. (घ) शासकीय संगीत महाविद्यालय मंदसौर द्वारा कत्‍थक चित्रकला मूर्तिकला व्‍यवहारिक कला की मांग की गयी है. चूंकि मंदसौर महाविद्यालय वर्तमान में संगीत शिक्षण महाविद्यालय के रूप में ही संचालित है अत: शैक्षणिक अमले की अल्‍पता एवं पदों की रिक्‍तता के चलते महाविद्यालय में ललित कला से संबंधित एवं अन्‍य विषय प्रारंभ किया जाना फिलहाल संभव प्रतीत नहीं होता है.

परिशिष्ट - ''चौदह''

संजय गांधी अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन की कमी होना

[चिकित्सा शिक्षा]

30. ( क्र. 768 ) श्री अजय सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संजय गांधी अस्‍पताल एवं गांधी मेमोरियल में ऑक्‍सीजन प्‍लांट लगाया गया है? उक्‍त अस्‍पतालों में कब, कितनी क्षमता का, ऑक्‍सीजन प्‍लाण्‍ट कितनी लागत से बना है की जानकारी देते हुये बताये कि उक्‍त ऑक्‍सीजन प्‍लाण्‍ट से प्रतिदिन कितने मेगा सिलेण्‍डरों की पूर्ति प्रश्‍नतिथि तक की जाती रही दिनांक 01.01.2015 से 31.12.2017 के दौरान उक्‍त ऑक्‍सीजन प्‍लाण्‍ट से प्रतिदिन कितने मेगा सिलेण्‍डरों का उत्‍पादन हुआ वर्षवार/माहवार/दिनांकवार/सिलेंडर की संस्‍थावार/सिलेंडर की कीमतवार अस्‍पताल में उपयोगवार जानकारी दें? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित अस्‍पताल में पीडियाट्रिक्‍स एस.पी.डब्‍लू., आई.सी.यू., आई.सी.सी.यू., कैजुअलटी, ओटी.एस.एन.सी.यू. में ऑक्‍सीजन प्‍लाण्‍ट से ऑक्‍सीजन गैस की सप्‍लाई की जाती है? क्‍या ऑक्‍सीजन प्‍लॉण्‍ट से गैस सप्‍लाई की पाईप लाईनों को अस्‍पताल प्रबंधन जान बूझकर मेंटेन नहीं करता जिसके कारण बाहर से ऑक्‍सीजन गैस के सिलेंडर खरीदे जा सके? (ग) क्‍या वर्ष 2016 में रीवा में एवं वर्ष 2014 में सतना के अस्‍पतालों में निजी फर्म एस.आर.के. इंडस्ट्रीज को ऑक्‍सीजन सप्‍लाई का ठेका प्रदान किया गया था? अगर नहीं तो कब दिया गया विवरण दें? उक्‍त फर्म को किस दर पर, किस प्रकार के सिलेण्‍डर (मापदण्‍ड दें ) कितनी संस्‍था में प्रतिमाह/प्रतिवर्ष, कितने समय के लिये सप्‍लाई करने के आदेश जारी हुये थे? जारी सभी आदेशों की (रीवा एवं सतना ) एक एक प्रति दें। (घ) क्‍या रीवा में उक्‍त ऑक्‍सीजन गैस सिलेण्‍डर 540 रू. में और सतना में 180 रू. में दिया जा रहा है? उक्‍त कंपनी को सतना एवं रीवा अस्‍पतालों ने सप्‍लाई दिनांक से प्रश्‍नतिथि तक कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया है कि जानकारी दिनांकवार/चेक क्रमांकवार/राशिवार/माहवार/वर्षवार/जिलेवार दें?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी हाँ। अप्रैल-मई 2001 में ऑक्‍सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर प्‍लांट लागत रूपये 12,46,440/- में स्‍थापित किया गया। स्‍थापना के समय प्‍लांट की उत्‍पादन क्षमता लगभग 50 जम्‍बो साईज ऑक्‍सीजन सिलेण्‍डर के बराबर थी। वर्तमान में प्‍लांट से 25 जम्‍बो साईज सिलेण्‍डर के बराबर ऑक्‍सीजन उत्‍पादित हो रही है। प्‍लांट से एस.पी.डब्‍ल्‍यू.आई.सी.सी.यू.सर्जरी आई.सी.यू.मेजर ओ.टी.कैजुअल्‍टी ओ.टी. एवं कैजुअल्‍टी वार्ड में पाईप लाईन के जरिए गैस प्रदाय होने से ऑक्‍सीजन सिलेण्‍डर के समतुल्‍य माप का आंकलन करना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। पाइप लाइन का रख-रखाव नियमित होने से प्रश्‍नांश उपस्थि‍त नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। सतना में चिकित्‍सा महाविद्यालय की कोई इकाई नहीं है।

ऑक्‍सीजन सप्‍लाई में अनियमितताएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

31. ( क्र. 769 ) श्री अजय सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा एवं सतना जिले के अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन गैस की सप्‍लाई निजी कंपनी के द्वारा की जा रही है? यदि हाँ, तो कब से? उक्‍त निजी कंपनी से ऑक्‍सीजन गैस की सप्‍लाई रीवा एवं सतना के अस्‍पतालों में प्रति मेगा सिलेण्‍डर किस दर पर 01.08.2014 से प्रश्‍नतिथि तक की जा रही है वर्षवार सिलेण्‍डर की दर वार जानकारी दें। (ख) क्‍या रीवा एवं सतना जिले के अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन गैस की सप्‍लाई के लिए टेंडर/कोटेशन/अन्‍य बुलाए गए थे? हाँ तो कब-कब? किस-किस कंपनी के द्वारा प्रति सिलेण्‍डर क्‍या दर (रेट) दी गई? किस दर को मान्‍य करते हुए सप्‍लाई आर्डर जारी किया गया? क्‍या सिंगल निविदा को भी आर्डर दिया गया? अगर हां, तो कहाँ? किस दिनांक को? किस फर्म को? किस दर पर? कितने समय हेतु? (ग) क्‍या सतना से रीवा के बीच की दूरी 55 किलोमीटर (लगभग) है? क्‍या उक्‍त ऑक्‍सीजन गैस सतना में 180 रु. एवं रीवा में 540 प्रति मेगा सिलेण्‍डर में सप्‍लाई की जा रही है? क्‍या मेडिकल सिलेण्‍डर में भरी ऑक्‍सीजन 99 प्रतिशत शुद्ध होनी चाहिए? क्‍या सतना/रीवा के अस्‍पतालों में उक्‍त शुद्धता एवं गैस पूरी भरी है, का परीक्षण किया? यदि हाँ, तो विवरण देवें? (घ) उक्‍त सिलेण्‍डरों को सतना एवं रीवा के निजी अस्‍पतालों में 100 रु. में दिया जा रहा है? अत: उक्‍त प्रकरण में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित कब तक कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पुरातात्विक सर्वेक्षण

[संस्कृति]

32. ( क्र. 844 ) श्री अनिल जैन : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी के कई गांवों में पुरातत्‍व महत्‍व के कई अवशेष स्थित होते हुये पुरातत्‍व विभाग द्वारा कोई विस्‍तृत सर्वेक्षण प्रश्‍न दिनांक तक नहीं किया गया है? यदि नहीं, तो विभाग द्वारा अब तक किये गये सर्वेक्षणों की जानकारी वर्षवार एवं गांववार बतायी जावे। (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में स्थित ग्राम असाटी में पुरातत्‍व महत्‍व के पर्याप्‍त संख्‍या में शिलालेख, मूर्तियां, खण्‍डहर आदि मौजूद होते हुये विभाग के द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है और न ही इस गांव में विभाग के द्वारा कोई विकास कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो इस दिशा में त्‍वरित कदम कब तक उठाये जायेंगे? (ग) विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में स्थित ओरछा एवं गढ़ कुण्‍डार में विभाग द्वारा दिनांक 01.04.2014 से प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या विकास कार्य कराये गये हैं? पूर्ण अपूर्ण की जानकारी वर्षवार देते हुये बतावें कि अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जा सकेगा तथा प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में विभाग के आगामी प्राथमिकता के कार्यों की सूची पृथक से उपलब्‍ध कराई जावे।

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी नहीं. विभाग द्वारा वर्ष 2010-11 में निवाड़ी तहसील के सभी ग्राम 109 का ग्रामवार पुरातत्‍वीय सर्वेक्षण करवाया गया है. (ख) जी नहीं. असाटी गांव के सर्वेक्षण में पुरासामग्री प्रकाश में आयी है. यह सभी पुरासम्‍पदा गांव के पूजा स्‍थलों में रखी हुई है. इनमें से कुछ कलाकृतियां संग्रहालय के प्रदर्शन योग्‍य हैं, किन्‍तु ग्रामीणों की धार्मिक आस्‍था होने के कारण इन्‍हें स्‍थानांतरित नहीं किया गया है. (ग) संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार.

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

जल उपभोक्‍ता संस्‍थाओं के कार्यों का भौतिक सत्‍यापन

[जल संसाधन]

33. ( क्र. 855 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कितनी जल उपभोक्‍ता संस्‍थायें हैं? नाम सहित संख्‍या बतायें। जल उपभोक्‍ता संस्‍थाओं को वर्ष अप्रैल 2014 से 31 दिसम्‍बर 2017 तक वर्षवार कितना-कितना आवंटन उपलब्‍ध कराया गया? संख्‍या/वर्षवार जानकारी बतायें। (ख) जल उपभोक्‍ता संस्‍था द्वारा वर्षवार प्राप्‍त आवंटन से कौन-कौन से कार्य कराये गये? संस्‍थावार/कार्यवार स्‍वीकृत राशि, कार्य पर व्‍यय राशि, कार्य की मूल्‍यांकन राशि, मूल्‍यांकनकर्ता उपयंत्री का नाम एवं मूल्‍यांक सत्‍यापितकर्ता अधिकारी का नाम व पद सहित संस्‍थावार जानकारी उपलब्‍ध कराई जाये। (ग) क्‍या जल उपभोक्‍ता संस्‍थाओं द्वारा कराये गये कार्यों का भौतिक सत्‍यापन कराये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो किस कमेटी द्वारा भौतिक सत्‍यापन किया गया है? भौतिक सत्‍यापन की सत्‍य प्रतिलिपि उपलब्‍ध कराई जाये। यदि नहीं, कराया गया है तो कमेटी गठित कर संस्‍थाओं द्वारा कराये कार्यों का भौतिक सत्‍यापन प्रश्‍नकर्ता के समक्ष कराया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) ग्‍वालियर ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत 13 संथाएं कार्यरत है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) कार्यों का भौतिक सत्‍यापन संबंधित उपयंत्री, अनुविभागीय अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री द्वारा किए जाने की व्‍यवस्‍था है। साथ ही संस्‍था अध्‍यक्ष, वित्‍तीय सदस्‍य एवं अन्‍य सदस्‍यों द्वारा भी सत्‍यापन किए जाने से पृथक से कमेटी गठित कर मूल्‍यांकन कराने की आवश्‍यकता नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

लखुंदर नदी पर प्रस्‍तावित जादमी वेयर का निर्माण

[जल संसाधन]

34. ( क्र. 985 ) श्री अरूण भीमावद : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लखुन्‍दर नदी पर ग्राम जादमी में नवीन वेयर का निर्माण प्रस्‍तावित है? (ख) इस जादमी वेयर के निर्माण से किसानों की कितनी हेक्‍टेयर भूमि सिंचित होगी? (ग) क्‍या जादमी वेयर से शाजापुर नगर के लिए पेयजल हेतु पानी उद्वहन कर चीलर बांध में डालना प्रस्‍तावित है? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में लखुंदर नदी पर जादमी वेयर की प्रशासकीय स्‍वीकृति निर्माण कार्य के लिए कब तक होगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जामदी वियर की डी.पी.आर. अंतिम नहीं हुई है। अत: जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में स्‍वीकृति अथवा निर्माण के लिए समय-सीमा नियत नहीं की जा सकती है।

खाद्य अपमिश्रण के प्रकरणों में कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

35. ( क्र. 1017 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में पदस्‍थ किन-किन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य अपमिश्रण नमूनों के किन-किन प्रकरणों में किस सक्षम अधिकारी से अभियोजन की स्‍वीकृति कब ली है? किन-किन प्रकरणों में स्‍वीकृति नहीं ली है एवं क्‍यों वर्ष 2014-15 से 2017-18 प्रश्‍न दिनांक तक के नमूनों के प्रकरणों की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांकित किन-किन नमूनों के प्रकरणों में न्‍यायालय में चालान कब प्रस्‍तुत किया गया? किन प्रकरणों में समयावधि में चालान प्रस्‍तुत नहीं किया गया एवं क्‍यों? किन-किन प्रकरणों में पी.एफ एक्‍ट 1954 की धारा 10 (7) के अंतर्गत अपराध विद्यमान रहते हुये भी कोई कार्यवाही नहीं की है एवं क्‍यों? सूची दें। (ग) प्रश्‍नांकित किन-किन न्‍यायालीय प्रकरणों में खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम की धारा 13 (2) की साक्ष्‍य प्रस्‍तुत न करने, अधिनियम के नियम 16, 17, 18 का पालन न करने, अपूर्ण दूषित दस्‍तावेज प्रस्‍तुत करने, पक्ष विरोधी कथन देने से कौन-कौन से प्रकरण दोष मुक्‍त हुये है? सूची दें। इसके लिये दोषी किन-किन खाद्य सुरक्षा अधिकारी पर शासन ने कब क्‍या कार्यवाही की है? (घ) प्रश्नांश (ग) में न्‍यायालय से दोषमुक्‍त हुये नमूनों के किन-किन प्रकरणों में रिवीजन/अपील की कार्यवाही कब की गई है? किन-किन प्रकरणों में कार्यवाही किसने नहीं की है एवं क्‍यों? सूची दें। (ड.) न्‍यायालय से निर्णीत किन-किन प्रकरणों में अधिरोपित अर्थदण्‍ड की कितनी-कितनी राशि की वसूली कब किसने की है? किन-किन प्रकरणों में कितनी राशि की वसूली करना बकाया है एवं क्‍यों? सूची दें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (ड.) प्रश्‍नांशों में पी.एफ.ए.एक्‍ट 1954 के अंतर्गत जानकारी चाही गई है। वर्ष 2014-15 से वर्ष 2017-18 प्रश्‍न दिनांक तक पी.एफ.ए.एक्‍ट (खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम) 1954 नियम 1955 प्रभावी न होने से शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बैराज, बांध एवं तालाब निर्माण

[जल संसाधन]

36. ( क्र. 1033 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम एवं उज्‍जैन जिले में कितने एवं कौन-कौन से बैराज, बांध, तालाब निर्माण के प्रकरण शासन के पास स्‍वीकृति हेतु लंबित हैं? कितनी राशि के एवं कितने समय से? (ख) किस कारण से उक्‍त प्रकरण अब तक लंबित हैं? क्‍या वर्षाकाल से पूर्व उक्‍त निर्माण कार्य स्‍वीकृत होकर निर्मित हो सकेगें? (ग) इन पिछड़े व अनुसूचित जाति बाहुल्‍य क्षेत्रों में सिंचाई रकबा बढ़ाने की दिशा में शासन क्‍या कदम उठा रहा है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) रतलाम एवं उज्‍जैन जिले में सिंचाई परियोजनाओं का कोई प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु शासन स्‍तर पर लंबित नहीं है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है। साध्‍यता प्राप्‍त परियोजनाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से स्‍वीकृति एवं निर्माण प्रारंभ कराने के संबंध में जानकारी नहीं दी जा सकती है। (ग) सिंचाई क्षमता में वृद्धि के लिए नई परियोजनाओं को चिन्‍हित करना, साध्‍य परियोजनाओं को स्‍वीकृत करना, स्‍वीकृत परियोजनाओं को निर्मित करना और निर्मित परियोजनाओं से अधिकाधिक सिंचाई करना सतत् प्रक्रिया है जिससे सिंचाई रकबे में सतत् वृद्धि हुई है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

ए.एन.एम. भर्ती में बोनस अंक

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

37. ( क्र. 1061 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या संचालनालय स्‍वास्‍थ्‍य सेवायें म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक-3/प.क/सेल1/2016/966 दिनांक 30/9/16 के अनुसार रिक्‍त पदों के विरूद्ध ए.एन.एम. की सीधी भर्ती हेतु पी.ई.बी. द्वारा दिनांक 15-16 अप्रैल 2016 को आयोजित ऑनलाईन परीक्षा में सम्मिलित ए.एन.एम. को अनुभव के आधार पर बोनस/वेटेज अंक देने का प्रावधान था? (ख) यदि हाँ, तो छतरपुर जिले के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के उप प्राथ. सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में दिनांक 26/12/2007 से आज तक कार्यरत ए.एन.एम. को बोनस/वेटेज अंक दिये गये हैं तो सूची उपलब्‍ध करावें। यदि नहीं, तो इस लापरवाही में कितने वरिष्‍ठ अधिकारी दोषी हैं? नामवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या छतरपुर जिले के चन्‍दला, सरबई, राजनगर, बक्‍स्‍वाहा की कुछ ए.एन.एम. को सभी औपचारिकतायें पूर्ण करने एवं इस संबंध में कई आवेदन देने के बाद भी अभी तक बोनस अंक क्‍यों नहीं दिये गये हैं? यदि दिये गये हैं तो उनकी सूची प्रदाय करें? (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार उक्‍त कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गयी है? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ऑनलाईन परीक्षा वर्ष 2017 में आयोजित की गई। ) (ख) सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) एम.पी.ऑनलाईन से जानकारी प्राप्त न होने के कारण तथा संबंधित संविदा ए.एन.एम. द्वारा एम.पी.ऑनलाईन को जानकारी उपलब्ध न कराये जाने के कारण जिनके बोनस अंक की गणना कम की गई है। उनका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इस बाबत् निर्णय हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) इस हेतु लापरवारही बरतने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं।

सातनारी जलाशय का पुन: निर्माण

[जल संसाधन]

38. ( क्र. 1096 ) श्री मधु भगत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2011 से 2017 के बीच विभाग द्वारा कौन-कौन से मेजर, मिडियम और माईनर प्रोजेक्‍ट का प्रशासकीय अनुमोदन दिया गया? योजना का नाम, स्‍थान, राशि अनुमोदन की तिथि सहित बतायें? (ख) उपरोक्‍त में से वे योजनायें कौन-कौन सी हैं जो वन भूमि में है और वन भूमि में योजना बनाने और निर्माण कार्य करने के लिए विभाग ने कौन से नियम, मापदण्‍ड प्रक्रिया अपनाते हुए अनुमतियां प्राप्‍त की? (ग) उपरोक्‍त योजनाओं में से वे कौन-कौन सी योजनायें हैं जिनकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट भारत सरकार से अनुमोदन कराये बिना निर्माण प्रारंभ कर दिया गया? (घ) उपरोक्‍त समस्‍त प्रश्‍नांश के प्रकाश में बताये कि बालाघाट जिले के परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र की सातनारी जलाशय की मंजूरी किस आधार पर और किन कारणों से नहीं दी गयी है तथा उक्‍त जलाशय पर कोई राशि खर्च की गई हो तो राशि बतायें और कार्य का प्रतिशत बतायें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नागदा की चम्बल नदी पर डेम निर्माण न होना

[जल संसाधन]

39. ( क्र. 1135 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2007 में चम्बल नदी के डाउन स्‍ट्रीम में डेम निर्माण स्वीकृत हुआ था, उक्त डेम की डी.पी.आर. बनकर स्वीकृति हो चुकी थी। उक्त डेम क्यों नहीं बन सका? नहीं बनने के क्या-क्या कारण रहे हैं? (ख) अब यह डेम कब तक स्वीकृत हो जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। चिन्हित स्‍थल के अपस्ट्रीम में नगर-पालिका परिषद् नागदा द्वारा प्रस्तावित जल आवर्धन योजना के डूब में आने से परियोजना साध्‍य नहीं रही। (ख) वर्तमान में कोई परियोजना विचाराधीन नहीं है।

निवास बीजाडांडी एवं नारायणगंज विकासखण्‍ड में कृषि हेतु सिंचाई सुविधा

[जल संसाधन]

40. ( क्र. 1141 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मण्‍डला जिले के विकासखण्‍ड निवास बीजाडांडी तथा नारायणगंज क्षेत्र के हजारों किसानों के खेतों की सिंचाई हेतु कोई योजना शासन के पास उपलब्‍ध है? य‍दि है तो योजना का नाम बताएं। उक्‍त कार्य हेतु अभी तक सरकार ने क्‍या योजना तैयार की है? (ख) यदि कोई योजना प्रस्‍तावित है तो इस योजना पर कब तक कार्य प्रारंभ कर लिया जावेगा? कार्य पूर्ण करने की कोई अवधि है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) नवीन सिंचाई परियोजनाओं के चिन्‍हांकन से लेकर स्‍वीकृति एवं निर्माण की कार्यवाही एक सतत् प्रक्रिया है। मण्‍डला जिले के निवास विकासखण्‍ड में गौर लघु सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति राशि रू. 3435.77 लाख की दिनांक 25.05.2016 को 1,105 हेक्‍टर में सिंचाई हेतु दी गई है। निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।

श्योपुर जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ाना

[जल संसाधन]

41. ( क्र. 1184 ) श्री रामनिवास रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2009 में जिला श्योपुर की सिंचाई क्षमता कितनी थी एवं वर्तमान में कितनी है? सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए कौन-कौन सी नयी योजनायें प्रस्तावित की गयी? कौन-कौन सी स्वीकृत की गयी हैं? कौन-कौन सी स्वीकृति हेतु किस स्तर पर लंबित हैं? लंबित योजनाओं को कब तक स्वीकृत कर दिया जावेगा? (ख) उपरोक्त अवधि में जिला श्योपुर में सिंचाई सुविधा की वृद्धि हेतु किन-किन पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार, विस्तृतीकरण एवं किन-किन नवीन तालाबों का निर्माण कार्य किस-किस योजना के तहत स्वीकृत हुआ? कृपया स्थल का नाम, ग्राम पंचायत, स्वीकृत राशि, व्यय राशि, कार्य एजेंसी का नाम, कार्य की वर्तमान भौतिक स्थिति सहित तहसीलवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश अनुसार सिंचाई रकबा बढ़ाने हेतु विजयपुर में लौंडी नाला पर बांध, चेटीखेडा बांध, श्योपुर तहसील के 35 ग्रामों में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, मूझरी परियोजना की स्वीकृति देने, विजयपुर में बेहरदे नाले पर तालाब बनाने हेतु आदि की मांग को लेकर क्रमशः माह दिसम्बर 2017 एवं जनवरी, फरवरी 2018 में किसानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के समय मान. मुख्यमंत्री जी द्वारा क्या-क्या आश्वासन दिया गया? उक्त आश्वासन की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) वर्ष 2009 में 1,17,268 हेक्‍टर। वर्तमान में 1,47,596 हेक्‍टर सिंचाई क्षमता निर्मित है। शासकीय एवं निजी स्‍त्रोतों से तहसीलवार सिंचाई क्षमता की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। सिंचाई क्षमता बढ़ाने हेतु 03 परियोजनाएं पूर्ण, 02 परियोजनाएं प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त तथा 08 परियोजनायें चिन्हित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नाधीन आवश्‍वासन दिया जाना अभिलेख में नहीं है। मूंझरी बांध का सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ होकर सतत् है। चेटीखेड़ा परियोजना से सहारिया जन-जाति के परिवारों का दूसरी बार विस्‍थापन होने से परियोजना की स्‍वीकृति देने में कठिनाई है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

हरसी, ककेटो, पेहसारी तालाबों से पशुओं को पीने के लिये पानी छोड़ना

[जल संसाधन]

42. ( क्र. 1195 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में अल्प वर्षा के कारण पशुओं के पीने के पानी की बहुत गम्भीर समस्या है? यदि हाँ, तो क्या हरसी तालाब, ककेटो एवं पेहसारी तालाबों से भीषण पेयजल संकट में पशुओं के पीने के लिये पानी नहर के द्वारा छोटे-छोटे तालाबों, गड्ढों को भरने के लिये छोड़ा जावेगा? यदि हाँ, तो कब-कब यदि नहीं, तो क्यों? (ख) क्या प्रश्‍न क्र. 4486 दिनांक 9 मार्च 2017 को माननीय जलसंसाधन मंत्री महोदय द्वारा प्रश्‍नकर्ता विधायक को सदन में चर्चा अनुसार टेकनपुर-हर्सी कैनाल रोड का निर्माण कराने का आश्‍वासन दिया था? यदि हाँ,? तो प्रश्‍न आश्‍वासन दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है। स्पष्ट करें? अब रोड का निर्माण कब तक करा लिया जावेंगा? (ग) ग्वालियर जिले में जलसंसाधन विभाग में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्थ हैं? उनका नाम, पद, पदस्थापना दिनांक तथा मुख्यालय बतावें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। अल्‍पवर्षा के कारण हरसी बाँध में कम पानी होने से पलेवा हेतु पानी प्रदान किया गया। ककेटो एवं पेहसारी बाँध का जल स्‍तर सिल लेवल से नीचे होने तथा बाँधों के डेड स्‍टोरेज का पानी लिफ्ट कर ग्‍वालियर शहर की पेयजल आपूर्ति हेतु तिघरा बाँध में डाले जाने से नहरों से छोटे-छोटे तालाबों एवं गड्ढों को भरा जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नाधीन आश्‍वासन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। अगले बजट की स्थिति नहीं आई होने से शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है।

भितरवार विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्‍य सुविधाओं की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

43. ( क्र. 1196 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले के विकासखण्ड घाटीगाँव एवं भितरवार में कितने उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हैं? विकासखण्डवार स्वास्थ्य केन्द्रों की सूची उपलब्ध करावें। संचालित स्वास्थ्य केन्द्रों में कहाँ-कहाँ प्रसव केन्द्र की सुविधा उपलब्ध है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित स्वास्थ्य केन्द्रों में विभिन्न वर्गों के कितने पद स्वीकृत, भरें एवं रिक्त है? पदवार जानकारी देवें। भरे हुये पदों पर कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी या डॉक्टर पदस्थ हैं उनका नाम, पद, पदस्थापना दिनांक तथा मुख्यालय बतावें। क्या शासन रिक्त पदों की पूर्ति करने जा रहा है? यदि हाँ, तो कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी देवें। (ग) क्या संचालित स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रसुताओं हेतु जननी एक्सप्रेस की सुविधाएं प्रदान की जाती है? यदि हाँ, तो विकासखण्ड घाटीगाँव एवं भितरवार के किन-किन स्वास्थ्य केन्द्रों में जननी एक्सप्रेस की सुविधा उपलब्ध है? यदि नहीं, तो क्यों? अब कब तक स्वास्थ्य केन्द्रों में जननी एक्सप्रेस की सुविधा उपलब्ध करा दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। जी हाँ। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। विकासखण्ड भीतरवार के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 02 वाहन एवं विकासखण्ड घाटीगांव में उप स्वास्थ्य केन्द्र घाटीगांव तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र वीरपुर में 1-1 वाहन उपलब्ध है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

44. ( क्र. 1230 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पिछड़ा वर्ग के कल्‍याण हेतु वर्ष 2013 से जनवरी 2018 तक कितनी एवं कौन-कौन सी कल्‍याणकारी योजनाएं प्रारंभ होकर लागू की? ब्‍यौरा दें। (ख) पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास हेतु किन-किन योजनाओं के तहत कितने लोग उज्‍जैन एवं रतलाम जिले में लाभान्वित हुए? कितनी राशि आवंटित की गई? कितनी किन-किन योजनाओं में व्‍यय की गई? तहसीलवार वर्षवार ब्‍यौरा दें. (ग) वर्ष 2017 की स्थिति में पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित जातियों तथा पिछड़ा मानने के नियमों का पूर्ण ब्‍यौरा दें।

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जिला उज्‍जैन एवं रतलाम में पिछड़ा वर्ग के कल्‍याण हेतु वर्ष 2013 से जनवरी, 2018 तक संचालित कल्‍याणकारी योजनाओं  की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- एक अनुसार है। (ख) पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास हेतु उज्‍जैन एवं रतलाम जिले में लाभांवित व्‍यक्ति, आवंटित राशि तथा व्‍यय राशि की तहसीलवार, वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- दो अनुसार है। (ग) वर्ष 2017 की स्थिति में पिछड़ा वर्ग में सम्मिलित जातियों तथा पिछड़ा मानने के नियमों का पूर्ण विवरण जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- तीन  अनुसार है।

म.प्र. माध्‍यम द्वारा भर्ती में अनियमितताओं की जाँच

[जनसंपर्क]

45. ( क्र. 1243 ) श्री रामनिवास रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2013-14 में मध्‍यप्रदेश माध्‍यम में विभिन्‍न पदों की भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो किस-किस श्रेणी के किस-किस पद पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किये गये? इन पदों पर भर्ती के लिए क्‍या-क्‍या योग्‍यताएं एवं अनुभव वांछनीय थे? (ख) क्‍या उक्‍त भर्ती में आरक्षण नियमों का पालन किया गया था? यदि हाँ, तो आरक्षण नियमों के अंतर्गत किस-किस श्रेणी के कौन-कौन से पद किस-किस वर्ग के लिए आरक्षित किये गये? इन आरक्षित पदों के विरूद्ध किस-किस पद पर किन-किन का चयन किया गया? यदि नहीं, तो आरक्षण नियमों का पालन नहीं करने के लिए कौन-कौन जिम्‍मेदार है? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में म.प्र. शासन, सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया/चयन के मापदण्‍ड क्‍या-क्‍या निर्धारित किये गये हैं? (घ) क्‍या उपरोक्‍त भर्ती में म.प्र. माध्‍यम द्वारा म.प्र. शासन की निर्धारित भर्ती प्रक्रियाओं के संबंध में जारी आदेश/दिशा निर्देशों की अनदेखी करते हुए मनमाने तरीके से अपात्र एवं अयोग्‍य अभ्‍यर्थियों की भर्ती की गई है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन उक्‍त भर्ती की उच्‍चस्‍तरीय जाँच करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या म.प्र. माध्‍यम द्वारा उक्‍त की गई भर्ती को लेकर राजधानी भोपाल में दिनांक 07 अप्रैल, 2014 को म.प्र. कांग्रेस पार्टी के मुख्‍य प्रवक्‍ता श्री के.के. मिश्रा ने प्रेस कान्‍फ्रेन्‍स कर भर्ती में अनियमितताएं किए जाने एवं जनसंपर्क विभाग में विज्ञापन, फिल्‍मों एवं पेपर खरीदी में भ्रष्‍टाचार किये जाने का आरोप लगाया गया था जो कि दिनांक 08 अप्रैल, 2014 को प्रदेश के प्रमुख समाचार पत्रों में खबरें प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी? यदि हाँ, तो इन आरोपों को संज्ञान में लेते हुए शासन ने जाँच करायी थी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : क) जी हाँ। प्रकाशित विज्ञापनों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -तीन अनुसार है। (ख) जी हाँ। प्रकाशित विज्ञापन में पद की श्रेणी का उल्‍लेख है। उक्‍त प्रकाशित विज्ञापनों में आरक्षित वर्ग के उम्‍मीदवारों की  जानकारी पुस्तकालय में रखे परशिष्‍ट के प्रपत्र एक एवं दो अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -तीन अनुसार है। (घ) निर्धारित प्रकिया का पालन करते हुए उपयुक्‍त व्‍यक्तियों का चयन किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपि‍स्थित नहीं होता। (ड.) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिंचाई परियोजनाओं की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

46. ( क्र. 1265 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत करणपुरा बैराज लघु सिंचाई परियोजना का विभाग द्वारा सर्वेक्षण कराये जाने के उपरांत साध्‍य पाये जाने से प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु शासन स्‍तर पर लंबित हैं? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी कर दी गई अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा कब तक प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान कर ग्रामीणजनों को सिंचाई सुविधा से जोड़ दिया जावेगा? (ख) उपरोक्‍तानुसार क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत भानपुरा बैराज एवं गागोरनी बैराज कम लागत में अधिक हेक्‍टेयर भूमि रकबा सिंचित करने की क्षमता रखने से प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्‍त परियोजनाओं का सर्वेक्षण कर साध्‍यता परीक्षण हेतु माननीय मुख्‍यमंत्री जी, माननीय जलसंसाधन मंत्री जी एवं प्रमुख सचिव जलसंसाधन विभाग मध्‍यप्रदेश शासन, भोपाल से निरंतर मांग की गई है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त परियोजनाओं के सर्वेक्षण हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) करनपुरा बैराज की साध्‍यता दिनांक 18.01.2017 को दी गई। परियोजना का सैच्‍य क्षेत्र मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना के अधीन आ जाने से परियोजना की आवश्‍यकता नहीं रहने के कारण स्‍वीकृति नहीं दी जा सकती है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना के सैच्‍य क्षेत्र में आ जाने से बैराज बनाने की आवश्‍यकता नहीं रह गई है।

लघु सिंचाई परियोजनाओं की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

47. ( क्र. 1268 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत सादलपुर-2 तालाब, नवापुरा तालाब एवं शिवपुरी तालाब लघु सिंचाई परियोजनाओं के सर्वेक्षण उपरांत उक्‍त परियोजनाएं साध्‍य पाई गई है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त परियोजनाओं की प्रशासकीय स्‍वीकृतियां शासन द्वारा जारी कर दी गई अथवा नहीं? यदि नहीं, तो इसमें विलम्‍ब के क्‍या कारण है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या उक्‍त वर्णित परियोजनाएं कम लागत में अधिक हेक्‍टेयर भूमि रकबा सिंचित करने की क्षमता रखती है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त वर्णित सिंचाई परियोजनाओं की प्रशासकीय स्‍वीकृति मुख्‍य बजट 2018-19 में प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍या उक्‍त परियोजनाओं पर आश्रित क्षेत्रों में‍ सिंचाई हेतु पानी की व्‍यवस्‍था के लिये विभाग द्वारा कोई ठोस कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) सादलपुर-2 तथा नवापुरा परियोजना की साध्‍यता दिनांक 12.01.2016 को तथा शिवपुरा परियोजना की साध्‍यता दिनांक 17.11.2016 को दी गई। प्रश्‍नाधीन परियोजनाओं के सैच्‍य क्षेत्र मोहनपुरा वृहद परियोजनाओं के अधीन आ जाने से परियोजनाओं की स्‍वीकृति संबंधी आगामी कार्यवाही की जाना आवश्‍यक नहीं रहा है।

अटल सरोवर तलाब निर्माण

[जल संसाधन]

48. ( क्र. 1297 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीधी एवं सिंगरौली जिले में मनरेगा योजना के अंतर्गत सिंचाई विभाग के द्वारा अटल सरोवर तालाब का निर्माण गीड़ा, पिपरी, झारा एवं धूपखड़ में किया गया है? यदि हाँ, तो कब? निर्माण कार्य पर कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या अटल सरोबर तालाब अभी तक अपूर्ण हैं? निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण क्‍यों नहीं किया गया हैं? अपूर्ण तालाबों को पूर्ण कब तक करा लिया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में अपूर्ण अटल सरोवर तालाबों को पूर्ण किये जाने की अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, की गई तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में अटल सरोवर तालाबों के निर्माण कार्य में अनियमितता व तालाबों के अपूर्ण रहने के लिये कौन-कौन से अधिकारी व कर्मचारी दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जल संसाधन विभाग द्वारा महात्‍मा गांधी नरेगा के कार्य यथास्थिति बंद कर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सौंप दिए जाने से कार्य पूर्ण कराना पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एजेंसी से अपेक्षित है। (ग) अपूर्ण तालाबों को पूर्ण कराने के लिए विभाग के कार्यपालन यंत्री, सीधी एवं सिंगरौली ने क्रमंश: दिनांक 23.04.2013 को जिला पंचायत सीधी के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, सीधी एवं दिनांक 07.11.2015 को जिला पंचायत सिंगरौली के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी को लिखा है। (घ) तालाबों के निर्माण पूर्ण नहीं होने के लिए विभाग के किसी अधिकारी व कर्मचारी के दोषी होने की स्थिति नहीं है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

सर्वेक्षित सिंचाई योजनाओं की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

49. ( क्र. 1303 ) श्री सुदेश राय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नांकित दिनांक तक सीहोर जिले के विधानसभा क्षेत्र 159 सीहोर में सिंचाई रकबा बढ़ाये जाने हेतु कौन-कौन सी योजनाएं सर्वेक्षित हैं? इनमें से कौन-कौन सी योजनाएं साध्‍य पाई जाकर डी.पी.आर. तैयार की जा चुकी है? इनमें से किन-किन योजनाओं की डी.पी.आर. प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु शासन को भेजी जा चुकी है, कौन सी नहीं एवं क्‍यों? कौन-कौन सी योजनाएं सर्वेक्षण उपरांत असाध्‍य पाई गई? (ख) प्रशासकीय स्‍वीकृति उपरान्‍त किन-किन योजनाओं के टेण्‍डर बुलाये गये हैं तथा कार्य कब प्रारम्‍भ कराया जाकर उसके पूर्ण किये जाने की समयावधि क्‍या होगी? योजना की पृथक-पृथक जानकारी कार्य की समयावधि एवं ठेकेदार के नाम सहित बतावें। (ग) घाटपलासी एवं करंजखेड़ा वेराज की वार-वार मरम्‍मत होने के उपरान्‍त भी यह हर वर्षा काल में क्षतिग्रस्‍त हो जाते हैं, इस समस्‍या के स्‍थाई निदान के लिये विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है तथा क्‍या कोई प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर विचाराधीन है तथा कब तक कार्यवाही पूर्ण हो जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) सीहोर जिले के सीहोर विधानसभा क्षेत्र में सोंडा बर्री बैराज, मोतीपुरा बैराज, त्रिवेणी बैराज, छतरी बैराज एवं मगरदा बैराज परियोजनाओं का सर्वेक्षण कराया गया है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं हुई है। शासन स्तर पर कोई डी.पी.आर. लंबित नहीं है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से परियोजनाओं के साध्य अथवा असाध्य पाई जाने की जानकारी देना संभव नहीं है। (ख) निपानिया खुर्द बैराज की निविदा आमंत्रित कर ठेकेदार मेसर्स गुल सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी भोपाल को अनुबंध करने हेतु दिनांक 15.11.2017 को कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, सीहोर ने पत्र जारी किया था। ठेकेदार द्वारा अनुबंध नहीं करने से अमानत राशि राजसात कर पुनः निविदा आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में निपानिया खुर्द एवं मुंजखेड़ा बैराज में निर्माण एजेंसी नियत नहीं होने से निर्माण प्रारंभ करने की समय-सीमा तय करना संभव नहीं है। (ग) घाटपलासी (काकड़घाट) बैराज की साध्यता दिनांक 06.01.2018 को प्रदान की गई है। करंजखेड़ा बैराज की मरम्मत कराना तकनीकी रूप से साध्य नहीं पाया गया है।

नवीन उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र प्रारंभ करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

50. ( क्र. 1305 ) श्री सुदेश राय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सीहोर के अंतर्गत नवीन उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र प्रारंभ किये जाने हेतु शासन से स्‍वीकृति किस दिनांक को प्राप्‍त हुई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में किन-किन स्‍थानों पर नवीन उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र प्रारंभ करा दिये गये? यदि नहीं, तो इसमें देरी का क्‍या कारण हैं तथा कब तक प्रारंभ करा दिये जावेंगे?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) आदेश क्रमांक एफ 12-29/2015/सत्रह/मेडि-3 दिनांक 21.06.2016 द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में ग्राम सीलखेड़ा, ग्राम जमोनिया तालाब, ग्राम रावनखेड़ा, ग्राम बिजौरी, ग्राम शेखपुरा एवं ग्राम गडीबराज में नवीन उप स्वास्थ्य केन्द्र प्रारंभ कर दिये गये है।

शासन से स्‍वीकृत पदों के अनुसार चिकित्‍सों की पूर्ति किया जाने हेतु

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

51. ( क्र. 1355 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खरगापुर एवं बल्‍देवगढ़ में शासन से स्‍वीकृत चिकित्‍सों के पदों पर तैनाती पूर्ण है एवं तथा महिला चिकित्‍सों की भी स्‍वीकृत पदों के अनुसार तैनाती पूर्ण है? (ख) क्‍या प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खरगापुर में 02 लाख की आबादी वाले क्षेत्र में एक डॉक्‍टर के भरोसे स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र चलाया जा रहा है? खरगापुर में शासन से स्‍वीकृत पदों में से डॉक्‍टरों एवं नर्सों के कितने पद खाली पड़े हैं एवं कितनी नर्सें एवं डॉक्‍टर वर्तमान में तैनात हैं? सफाई कर्मचारियों के कितने पद खाली पड़े हैं तथा कितने वर्तमान में तैनात है? (ग) क्‍या सरकार द्वारा 02 लाख की आबादी पर एक ही डॉक्‍टर तैनात किये जाने का नियम है? क्‍या खरगापुर क्षेत्र के लोग इलाज कराने हेतु इधर-उधर भटकते है एवं गर्भवती महिलायें भी महिला डॉक्‍टर नहीं होने के कारण जोखिम उठाकर इधर-उधर भटकती हैं? क्‍या खरगापुर में महिला चि‍कित्‍सक एवं रिक्‍त पड़े पद डॉक्‍टरों नर्सों एवं सफाई कर्मियों की पूर्ति किये जाने हेतु आदेश जारी करेगें? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (घ) क्‍या खरगापुर प्राथमिक स्वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर पदस्‍थ मेडिकल ऑफिसर द्वारा ब्‍लाक मेडिकल ऑफिसर बल्‍देवगढ़ को प्रशासन शासन को पत्र लिखे गये हैं कि स्‍वीकृत पदों की पूर्ति कराई जाय? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? खरगापुर एवं बल्‍देवगढ़ में शासन से स्वीकृत डॉक्‍टरों एवं महिला डॉक्‍टरों तथा नर्सों एवं सफाई कर्मचारियों की तैनाती किस कारण से नहीं की जा रही हैं तथा प्रश्‍नकर्ता विधान सभा क्षेत्र खरगापुर के दोनों अस्‍पतालों के प्रति उपेक्षा क्‍यों की जा रही है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खरगापुर एवं बल्देवगढ़ में विशेषज्ञों के 03 तथा चिकित्सा अधिकारी के 02 पद स्वीकृत हैं, स्त्रीरोग विशेषज्ञ का एक-एक पद स्वीकृत है, महिला चिकित्सक के नाम से पद स्वीकृत नहीं है। प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी है कुल स्वीकृत 3556 पदों के विरूद्ध मात्र 999 विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। अतः स्त्रीरोग विशेषज्ञ की पदस्थापना नहीं की जा सकी है। खरगापुर एवं बल्देवगढ़ में 01-01 चिकित्सक कार्यरत हैं तथा संस्था में पदस्थ चिकित्सक/स्‍टॉफ द्वारा आम-जन का स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है। (ख) जी हाँ। खरगापुर में विशेषज्ञों के 03, चिकित्सा अधिकारी का 01, स्टॉफ नर्स के 04 पद रिक्त है। 01 चिकित्सक, 02 स्टॉफ नर्स एवं 02 एन.एन.एम. कार्यरत है, सफाई कर्मी का पद रिक्त नहीं है। (ग) जी नहीं, खरगापुर में विशेषज्ञ के 03 तथा चि.. के 02 पद विभाग द्वारा स्वीकृत किए गए हैं परंतु विशेषज्ञ/चिकित्सकों की अत्यधिक कमी के कारण पदपूर्ति की कार्यवाही नहीं की जा सकी है। आवश्यकतानुसार अन्य संस्थाओं से चिकित्सक की ड्युटी भी स्थानीय स्तर पर लगाई जाती है। पदपूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है, हाल ही में विभाग द्वारा 1397 चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को मांग-पत्र प्रेषित किया गया है। (घ) विभाग रिक्त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत है। संचालनालय के आदेश क्रमांक 01 जी/विज्ञप्त/सेल-संविदा/17/45100 दिनांक 24.11.2017 के द्वारा सरल क्रमांक 190 अनुसार एक मेडिसिन योग्यता के बंधपत्र चिकित्सक डॉ.राजन कुमार अहिरवार, की पदस्थापना सा.स्वा.के. बल्देवगढ़ जिला टीकमगढ़ की गई है परंतु चिकित्सक द्वारा उपस्थिति प्रस्तुत नहीं की गई। प्रदेश में विशेषज्ञ/चिकित्सकों की अत्यधिक कमी है, विशेषज्ञ के कुल स्वीकृत 3556 पदों के विरूद्ध 999 तथा चिकित्सा अधिकारी के कुल स्वीकृत 5016 पदों के विरूद्ध 3594 चिकित्सक कार्यरत हैं। विगत वर्ष 2017 में 13 स्टॉफ नर्सों को टीकमगढ़ जिला आवंटित किया गया है। विभाग निरंतर पदपूर्ति के प्रयास कर रहा है, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को 1397 चिकित्सकों की पूर्ति हेतु मांगपत्र प्रेषित किया गया है, चयन सूची प्राप्त होने पर उपलब्धता अनुसार पदस्थापना संबंधी कार्यवाही की जा सकेगी।


नहर से लिफ्टिंग कर जल भराव कराया जाना

[जल संसाधन]

52. ( क्र. 1363 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बल्‍देवगढ़ में ग्‍वालसागर तालाब स्थित है एवं उक्‍त तालाब से नहरें निकली हुई हैं जिससे कई किसान लाभांवित होते हैं परन्‍तु सूखे के कारण तालाब में सिंचाई हेतु पानी नहीं रहता है? क्‍या ऐसी स्थिति में वान सुजारा की नहर से लिफ्टिंग कर जल भराव करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) क्‍या वान सुजारा की नहरों से वह गांव छूट गये हैं, जिनमें ग्‍वा‍लसागर की नहरें जाती हैं वह ग्राम देवीनगर, घाटकी, जटेरा वलवंतपुरा, सुजानपुरा जिनागढ़ आदि हैं तथा दूसरी नहर से बल्‍देवगढ़ कछयात, डुम्‍बार, चंदूली आदि शेष है। क्‍या उन किसानों के संकट को ध्‍यान में रखते हुये वानसुजारा की नहर से ग्‍वालसागर तालाब में जल भराव कब तक करा देंगे? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) क्‍या उक्‍त योजना को बजट में शामिल करने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो जानकारी स्‍पष्‍ट करें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी हाँ। जी हाँ। अल्‍पवर्षा की स्थिति में ग्‍वाल सागर जलाशय में कम भण्‍डारण होता है। जी नहीं। बानसुजारा परियोजना में उपलब्‍ध जल परियोजना के सैच्‍य क्षेत्र के लिए आबद्ध होने के कारण शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

तालाबों का निर्माण

[जल संसाधन]

53. ( क्र. 1407 ) श्री प्रताप सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दमोह जिले में वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने तालाबों का निर्माण कराया गया है? क्या निर्मित किये गये तालाबों में से 20-25 तालाबों में पानी का ठहराव नहीं होता है? (ख) क्या पंचम नगर सिंचाई परियोजना से बेवस नदी पर बैराज बनाकर 26 किमी. नहरों से 57 गांव के किसानों को सिंचाई सुविधा देने की घोषणा की गई थी? मौके पर 5 किमी. नहर को खोदकर छोड़ दिया गया है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) एवं (ख) में लगाये गये आरोप भारतीय किसान संघ ने अन्य मांगों के निराकरण हेतु ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर दमोह को सौंपा गया था? प्रस्तुत ज्ञापन में दर्शायी गई समस्याओं के निराकरण हेतु अभी तक शासन/प्रशासन स्तर पर क्या कार्यवाही की गई?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में 47 तालाब। जी नहीं। 08 तालाब क्रमंश: शेखपुरा, समधन, आलमपुर, माला, पौड़ी जैतगढ़, बंदरकोला, करासिया एवं हरदुआ पौड़ी में डूब क्षेत्र से रिसाव के कारण पानी का ठहराव नहीं होना प्रतिवेदित है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। परियोजना के सैच्‍य क्षेत्र में विस्‍तार करते हुए उच्‍च दाब पर भमिगत पाईप लाईन बिछाकर सूक्ष्‍म सिंचाई के लिए निर्माण कार्य सतत् है। (ग) कलेक्‍टर को सौंपे जाने वाले ज्ञापन की जानकारी विभाग द्वारा संधारित करना अपेक्षित नहीं है। विभाग को ज्ञापन प्राप्‍त नहीं होने से जानकारी दी जाना संभव नहीं है।


नर्मदा नदी के किनारे पर वृक्षारोपन

[जल संसाधन]

54. ( क्र. 1408 ) श्री प्रताप सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा सत्र नवम्बर-दिसम्बर, 2017 के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने विधानसभा में घोषणा की थी कि नर्मदा नदी के दोनों किनारे पर वृक्षारोपण किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब से वृक्षारोपण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है तथा यह कार्य किन-किन विभागों की देख-रेख एवं निगरानी में सम्पादित किया जा रहा है? (ख) दोनों किनारों में जो पौधे अधिरोपित किये गये हैं वह कितने शासकीय भूमि में तथा कितने कृषकों की निजी भूमि में किस-किस प्रजाति के पौधे अधिरोपित किये गये हैं? प्रत्येक पौधे के रोपण हेतु कितनी राशि शासन द्वारा नियत की गई हैं? (ग) पौधों के रख-रखाव एवं संवर्धन के लिए क्या प्रक्रिया है तथा प्रक्रिया के संचालन हेतु अभी तक कितना आवंटन किसे उपलब्ध कराया गया है? प्राप्त आवंटन में से अभी तक कितनी राशि व्यय की जा चुकी है? क्या इस तरह का वृक्षारोपण नर्मदा नदी की अन्य सहायक नदियों के किनारे किये जाने की योजना बनायी जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है ।


हितग्राहियों का चिन्हांकन एवं आवास उपलब्धता

[विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जाति कल्याण]

55. ( क्र. 1454 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विभाग द्वारा आवासहीन या कच्चे आवास युक्त हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने हेतु कोई योजना पृथक से संचालित है या प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रावधानित है? मापदण्ड, प्रक्रिया सहित पूर्ण विवरण देवें। (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत किन-किन ग्रामों/मजरे टोलों/नगरीय निकायों में विमुक्त, घुम्मकड़ एवं अर्द्ध घुम्मकड़ जाति के कितने लोग निवास करते हैं? ग्रामवार/नगरीय निकायवार संख्‍यात्‍मक उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित हितग्राहियों को प्रश्नांश (क) में उल्लेखित योजना का लाभ देने हेतु कार्यवाही किस स्तर पर प्रचलित हैं एवं स्वीकृति कब तक होगी? (घ) प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रं. 874 दिनांक 06.10.17 द्वारा ग्राम भवानीपुरा के 26 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति हेतु जिला अधिकारी को लेख किया था? पत्र के संबंध में क्या कार्यवाही की गई? तद्संबंधी किए गए पत्राचारों की सत्यापित प्रति कृपया उपलब्ध करावें? पत्र के प्रतिउत्तर में कोई पत्र लिखा हो तो उसकी सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें।

राज्‍यमंत्री, पिछड़ा वर्ग ( श्रीमती ललिता यादव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। नगर परिषद् सुसनेर में 230 विमुक्‍त, घुमक्‍कड़ एवं अर्धघुमक्‍कड़ जाति वर्ग के लोग निवास करते है। (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित हितग्राहियों को प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित योजना का लाभ देने हेतु कार्यवाही जिला स्‍तरीय समिति के समक्ष प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।


स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयनीकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

56. ( क्र. 1455 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 03 वर्षों में म.प्र. में किन-किन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का सिविल अस्पताल में उन्नयनीकरण किया गया हैं? (ख) आगर जिला अंतर्गत जिला चिकित्सालय में, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर एवं नलखेड़ा, उपस्वास्थ्य केन्द्र सोयतकलां में कितने पद स्वीकृत हैं इनमें से कौन-कौन से भरे हुए हैं एवं कौन से रिक्त हैं? रिक्त पदों के विरूद्ध क्या व्यवस्था प्रचलित है? (ग) क्‍या सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर एवं नलखेड़ा के उन्नयनीकरण का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन हैं? यदि हाँ, तो कार्यवाही किस स्तर पर प्रचलित है एवं स्वीकृति कब तक होगी? यदि नहीं, तो क्या स्वप्रेरणा से स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता हेतु कोई ठोस कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नकर्ता ने क्‍या पत्र क्रमांक 999 दिनांक 23.11.2017 से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में स्टाफ नर्स की व्यवस्था हेतु जिला अधिकारियों से अनुरोध किया था? उक्त के संबंध में क्या कार्यवाही की गई? पत्र के परिप्रेक्ष्य में किए गए पत्राचारों की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों में स्टाफ नर्स की उपलब्धता की क्या स्थिति हैं? स्वास्थ्य केन्द्रवार विवरण देवें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विगत 03 वर्षों में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बैरसिया, मंडीदीप एवं नसरूल्लागंज का सिविल अस्पताल में उन्नयन किया गया है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोयतकलां में चिकित्सक का पद रिक्त होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में पदस्थ चिकित्सक डॉ. अखिलेश कुमार बागी को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोयतकलां का प्रभार दिया गया है। डॉ. कुलदीप सिंह राठौर की ड्युटि सप्ताह में 03 दिन सोमवार, बुधवार एवं शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोयतकलां में लगाई गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सुसनेर में एक्स-रे टेक्निशियन का पद रिक्त होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बडौद में पदस्थ श्री कैलाश पुष्पद एक्स-रे टेक्निशियन (संविदा) की ड्युटी लगाई गई है। (ग) सुसनेर का उन्नयनीकरण का प्रस्ताव अमान्य/नलखेड़ा का प्रस्ताव विचाराधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलन में है। पत्राचारों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर है। शेष प्रश्न की जानकारी निम्नानुसार हैः-

क्र.

संस्था का नाम

पदनाम

स्वीकृत

कार्यरत

रिक्त

1

सा.स्वा.केन्द्र सुसनेर

स्टाफ नर्स

6

0

6

2

सा.स्वा.केन्द्र नलखेड़ा

स्टाफ नर्स

6

4

2

3

प्रा.स्वा.केन्द्र बडागांव

स्टाफ नर्स

1

0

1

4

प्रा.स्वा.केन्द्र सोयतकलां

स्टाफ नर्स

1

0

1

 



 

 

 

 

 

 

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र जुन्‍नारदेव का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

57. ( क्र. 1485 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत सामुदायिक स्‍&