मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


गुरूवार, दिनांक 09 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

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प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि का वितरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

1. ( *क्र. 5397 ) श्री रमेश पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा किस तिथि से मान्‍य किया जाता है? प्रीमियम जमा करने की तिथि‍ या उसके कितने दिन बाद से बीमा मान्‍य किया जाता है? (ख) इसमें किसान को बीमा पॉलिसी वितरण/रसीद क्‍यों नहीं दी जाती है? कारण बतावें। (ग) खरीफ मौसम की प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति के फलस्‍वरूप बड़वानी जिलान्‍तर्गत कितनी बीमा राशि कितने कृषकों को दी गई? शून्‍य से 100, 100-200, 200-300 रू. की बीमा राशि कितने कृषकों को दी गई? (घ) रबी फसल की जानकारी भी प्रश्‍नांश (ग) अनुसार देवें। प्रीमियम से कम बीमा राशि देने के लिए दोषी बीमा कंपनियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ मौसम में ऋणी एवं अऋणी कृषकों के बीमांकन एवं प्रीमियम काटने की अवधि 1 अप्रैल से 16 अगस्‍त तथा रबी में 15 सितंबर से 15 जनवरी है। प्रीमियम जमा करने की तिथि से ही बीमा मान्‍य किया जाता है। (ख) योजनांतर्गत अऋणी किसानों को रसीद बैंक द्वारा दी जाती है तथा ऋणी कृषकों के प्रीमियम कटौती की जानकारी बैंक पासबुक में होती है। योजनांतर्गत सभी बीमित कृषकों को पॉलिसी के रूप में फोलियो एवं रसीद देने का कार्य प्रक्रियाधीन है। (ग) खरीफ 2016 मौसम में बड़वानी जिले में प्राकृतिक आपदा से जो नुकसान हुआ है तथा जिला स्‍तर पर गठित सर्वे समिति द्वारा जिन प्रभावित बीमित क्षेत्र का सर्वे किया है उनके दावों की गणना बीमा कंपनी स्‍तर पर प्रक्रियाधीन है। (घ) रबी 2016-17 में बड़वानी जिले में प्राकृतिक आपदा से नुकसान की कोई सूचना बीमा कंपनी को प्राप्‍त नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मन्दसौर जिले को आवंटित राशि

[लोक निर्माण]

2. ( *क्र. 5610 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा मन्दसौर जिले में विगत 1 वर्ष में क्या-क्या विकास कार्य करवाए गए? (ख) विगत वर्ष 2016 के मूल बजट में एवं अनुपूरक बजट में मन्दसौर जिले को आवंटित राशि की जानकारी कार्य का नाम एवं राशि विधानसभा क्षेत्रवार बतावें। (ग) विगत एक वर्ष में प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मंत्री जी को दिये गये मांग पत्रों की जानकारी देवें। (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में विकास हेतु वर्ष 2016-17 के मूल बजट एवं अनुपूरक बजट में कौन-कौन से कार्य जोड़े गए थे? नाम बतावें। यदि नहीं, जोड़े गए थे तो इसका कारण बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) बजट/अनुपूरक बजट में जिलेवार आवंटन प्रदाय नहीं किया जाता है। अत: मंदसौर जिले को आवंटित राशि का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) श्‍यामगढ़ सुवासरा परासली मार्ग पर रेल्‍वे समपार क्र. 46-बी श्‍यामगढ़ यार्ड (नागदा कोटा सेक्‍शन कि.मी. 786) के बदले रेल्‍वे ओव्‍हर ब्रिज का निर्माण। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लंबित कार्यों की स्‍वीकृति

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

3. ( *क्र. 1981 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह में कृषि मण्‍डी बोर्ड द्वारा वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16 में कौन से कार्य, कितनी लागत से कराये गये? कार्य एजेंसी सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें साथ ही यह बतायें कि कितने कार्य शासन स्‍तर पर स्‍वीकृति हेतु लंबित हैं? (ख) लंबित कार्य कब तक स्‍वीकृत हो जावेंगे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जिला दमोह में मंडी बोर्ड स्तर से वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में निर्माण कार्यों की जारी प्रशासकीय स्वीकृति के तहत कराये गये कार्यों की प्रश्नगत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। दमोह जिले के अंतर्गत लगभग 65 सड़क निर्माण कार्यों के प्रस्‍ताव मंडी बोर्ड को प्राप्‍त हुये थे, जिन्‍हें मुख्‍य सचिव, म.प्र. शासन की नोटशीट क्रमांक 340 दिनांक 15.09.16 के निर्देश संदर्भ में मंडी बोर्ड द्वारा मंडी प्रांगण के बाहर भवन या सड़क के कार्य नहीं कराये जायेंगे, अपितु यह कार्य लो‍क निर्माण विभाग या म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के माध्‍यम से कराये जायेंगे, के अनुक्रम में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को दिनांक 06.01.17 से आगामी कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। इस संबंध में मंडी बोर्ड स्तर पर उल्लेखित सड़क प्रस्तावों की स्वीकृति संबंधी अन्य कोई कार्यवाही लंबित नहीं है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

बीना से देहरी सड़क मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

4. ( *क्र. 5260 ) श्री महेश राय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बीना से देहरी सड़क मार्ग स्‍वीकृत हो गया है? (ख) यदि हाँ, तो किस विभागीय मद से कार्य स्‍वीकृत हुआ है। वर्तमान स्थिति से अवगत करायें। (ग) यदि नहीं, है तो क्‍या शासन के द्वारा देहरी रोड की कार्य योजना प्रस्‍तावित है? (घ) प्रश्नांश (क) के अनुसार उक्‍त सड़क निर्माण कार्य के टेण्‍डर प्रक्रिया की समय-सीमा से अवगत करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अधीन है, प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर अनुसार। (ग) एवं (घ) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर अनुसार।

परिशिष्ट - ''एक''

नर्मदा परिक्रमा मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

5. ( *क्र. 805 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. के जिलों से निकलने वाली माँ नर्मदा का जो नर्मदा परिक्रमा मार्ग है, क्‍या वह पूर्ण रूप से डामरीकृत है? (ख) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र खातेगांव से भी माँ नर्मदा निकलती है एवं कर्व दार्शनि‍क घाट एवं स्‍थल है, जहां पर हजारों की संख्‍या में परिक्रमावासी आते हैं एवं रात्रि विश्राम करते हैं, किन्‍तु घाटों पर उचित व्‍यवस्‍था नहीं है, तो क्‍या शासन इस हेतु कोई ठोस कदम उठायेगा? (ग) क्‍या शासन द्वारा नर्मदा परिक्रमा मार्ग को नर्मदा के दोनों किनारे-किनारे से बनाये जाने हेतु कोई सर्वे किया गया है? अगर हाँ तो नवीन नर्मदा परिक्रमा मार्ग का निर्माण कार्य कब से शुरू होगा? (घ) अगर शासन द्वारा नये नर्मदा परिक्रमा मार्ग का सर्वे नहीं किया गया है, तो वर्तमान मार्ग पर जो छोटे-छोटे नदी नालों पर पुल-पुलिया नहीं है, उनका निर्माण किये जाने हेतु क्‍या योजना है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) घाटों की व्‍यवस्‍था का कार्य विभाग के कार्य क्षेत्रान्‍तर्गत नहीं होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जयंतीमाता मंदिर के पहुंच मार्ग पर खारी नदी पर वेंटेड काजवे निर्माण हेतु लागत रू. 92.46 लाख का प्राक्‍कलन परीक्षणाधीन है, अन्‍य नालों पर पुल-पुलियाओं की वर्तमान में कोई योजना नहीं है।

रतलाम बांसवाड़ा मार्ग निर्माण में मापदंडों का उल्‍लंघन

[लोक निर्माण]

6. ( *क्र. 4003 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रतलाम बांसवाड़ा मार्ग पर ग्राम घामनोद बायपास मार्ग के निर्माण में शासन के मापदण्‍डों के अनुरूप कम से कम टर्न हो, इसके विरूद्ध जाकर अत्‍यधिक 90 डिग्री से अधिक के अनेक मोड़ निर्मित कर सड़क निर्माण किया गया? विभाग के अधिकारियों द्वारा किन नियमों के अनुसार अन्‍धे मोड़ की स्‍वीकृति दी गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही होगी? नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

नवनिर्मित बनियातारा स्‍टॉप डेम निर्माण की जाँच

[जल संसाधन]

7. ( *क्र. 3881 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्‍डला जिले के अंतर्गत बनियातारा सिंचाई डेम की स्‍वीकृति कब दी गई थी तथा कितनी राशि स्‍वीकृत की गई थी? उक्‍त कार्य का निर्माण किस एजेंसी को दिया गया था तथा कब तक कार्य पूर्ण करना था? (ख) क्‍या डेम निर्माण का कार्य पूर्ण होने के पहले ही स्‍लूस गेट एवं स्‍लूस एप्रोच टूट गये हैं, इसके क्‍या कारण हैं? (ग) डेम निर्माण में जो पिंचिग का कार्य किया गया है, वह पूर्णत: घटिया है, यह पहली बारिश में ही टूट गया है? (घ) क्‍या डेम निर्माण का कार्य पूर्ण होने के पूर्व डेम फट चुका है तथा बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं, इसके क्‍या कारण हैं? (ड.) क्‍या डेम निर्माण के पूर्व डेम की यह स्थिति निर्मित हुई है, उसमें संबंधित अधिकारि‍यों की जिम्‍मेदारी तय करते हुये कार्यवाही करेंगे?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 29.05.2013 को रू. 909.68 लाख की प्रदान की गई थी। श्री सुशील दत्त पाण्डे खरगोन। दिनांक 30.05.2016(ख) स्लूस के एप्रोच स्लेब में निर्माण के दौरान आंशिक टूट-फूट हुई थी। जिसे पुनः निर्माण कर सुधार करा लिया गया है। (ग) पिचिंग कार्य गुणवत्ता पूर्ण कराया गया है। बारिश में कोई क्षति नहीं होना प्रतिवेदित है। (घ) एवं (ड.) जी नहीं। बाँध पूर्णतः सुरक्षित एवं सुदृढ़ है। अतः अधिकारियों पर कार्यवाही करने की स्थिति नहीं है।

जावरा शहर में फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण

[लोक निर्माण]

8. ( *क्र. 5150 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा शहर एवं आस-पास के क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्‍या एवं बढ़ते वाहनों की संख्‍या के कारण शहर के मध्‍य रेलवे फाटक पर 24 घंटे में कई बार फाटक बंद होने से शहर दो भागों में बंट कर रूक सा जाता है? व्‍यापारिक, शैक्षणिक, स्‍वास्‍थ्‍य एवं आपातकालीन सेवाएं ठप सी हो जाती हैं। (ख) यदि हाँ, तो क्‍या विगत वर्ष बजट में शासन/विभाग द्वारा उक्‍त स्‍थल पर सेतु विभाग द्वारा फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण किये जाने की बजट में स्‍वीकृति देकर टेंडर काल एवं वर्क आर्डर की प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या संबंधित एजेंसी ठेकेदार द्वारा फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण कार्य को प्रारंभ किये जाने हेतु अपना कैंप लगाकर औपचारिकताएं पूर्ण कर प्रारंभिक कार्यों की शुरूआत भी कर दी थी? (घ) यदि हाँ, तो अवगत कराएं कि शहर एवं क्षेत्र की अत्‍यंत गंभीर समस्‍या एवं मुख्‍य आवश्‍यकता की इस महती एवं महत्‍वपूर्ण कठिनाई के निराकरण को शीघ्र किये जाने हेतु निर्देशित किए जाने के बाद अब और कौन सी औपचारिकताएं शेष रही हैं? कब पूर्ण होंगी एवं कब तक निर्माण कार्य निरंतर रूप से प्रारंभ किया जा सकेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) रेल्‍वे की आपत्ति, स्‍थानीय जनता का विरोध एवं निर्माण में आ रहे अतिक्रमण को हटाया जाना शेष है। बाधाओं के निराकरण उपरांत कार्य को निरंतर रूप से किया जा सकेगा, समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।

अनुबंध के पश्‍चात् निविदा दरों में परिवर्तन

[लोक निर्माण]

9. ( *क्र. 2975 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग में निविदा में प्राप्‍त दर को अनुबंध करने के पश्‍चात दरें परिवर्तित करने का अधिकार किस सक्षम अधिकारी को प्राप्‍त है? सक्षम अधिकारी का पद नाम बतावें? यदि नहीं, तो स्‍पष्‍ट करें कि सक्षम अधिकारी के अलावा ऐसा करना वि‍त्‍तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है या नहीं? (ख) क्‍या लोक निर्माण विभाग (वि.यां) संभाग ग्‍वालियर में अनुबंध क्रं. 15/2016-17 में कार्यादेश क्र. 3697/3698, दिनांक 27-06-2016 में अनुबंधित दर से हटकर अन्‍य दर पर कार्यों का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो यह नियम संगत है? नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित कृत्‍यों में अनियमितता करने वाले अधिकारी के विरूद्ध जाँच कराई जाकर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) किसी को नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

एन.एच. 7 मऊगंज में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क द्वारा निर्मित मार्ग

[लोक निर्माण]

10. ( *क्र. 3486 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एन.एच. 7 मऊगंज एम.डी.आर. सड़क से मऊगंज घोघम पहुंच मार्ग हनुमना-बहरी सीधी जिला मार्ग को जोड़ने वाले मार्ग की कुल लंबाई 28.30 किलोमीटर है, जिसमें 10 किलो मीटर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क द्वारा निर्मित मार्ग है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्‍या इस मार्ग में पड़ने वाले गांवों की जनसंख्‍या लगभग 25817 है, जो मार्ग पूर्णत: ध्‍वस्‍त है? (ग) प्रश्नांश (क) (ख) के प्रकाश में यदि हाँ, तो इस मार्ग को एम.डी.आर. घोषित किये जाने हेतु एवं मार्ग की केटेगिरी 'बी' का प्रस्‍ताव शासन को भेजा गया है? जिसमें लिखा है कि पुनर्निर्माण कराना आवागम की दृष्टि से नितांत आवश्‍यक है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के प्रकाश में यदि हाँ, तो इसे स्‍वीकृत कर बजट में राशि आवंटन की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसे स्‍वीकृत करने की समय-सीमा बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, जी नहीं, आंशिक रूप से ध्‍वस्‍त है जो मोटरेबल है। (ग) जी नहीं अपितु विभागीय स्‍तर पर परीक्षणाधीन है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

आयातित दलहन पर मण्‍डी शुल्‍क की वसूली

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

11. ( *क्र. 5036 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब प्रदेश के बाहर से आयातित दलहन पर मण्‍डी शुल्‍क एवं निराश्रित शुल्‍क देय था? अवधिवार विवरण दें। (ख) प्रश्नांश (क) की अवधि में अन्‍तर्राज्‍यीय जाँच चौकी 'खवासा' से कटनी मण्‍डी में कितना-कितना दलहन किस फर्म में किस-किस दिनांक को आया? फर्मवार विवरण दें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में दर्शाये गए विवरण अनुसार क्‍या कटनी मण्‍डी की फर्मों द्वारा मण्‍डी शुल्‍क एवं निराश्रित शुल्‍क उसी दर से जमा किया, जिस दर पर बिल जारी है? यदि नहीं, तो मण्‍डी शुल्‍क एवं नि:शुल्‍क की चोरी का आंकलन कब कराया जावेगा। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में जाँच कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कब तक करेंगे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश के बाहर से आयातित दलहन पर मंडी शुल्‍क निम्‍नानुसार अवधि में देय था, दिनांक 20-07-2013 से 22-08-2013 तक, दिनांक 23-08-2015 से 06-01-2016 तक, दिनांक 07-01-2017 से वर्तमान तक तथा प्रदेश के बाहर से आया‍तित दलहन पर निराश्रित शुल्‍क समाज कल्‍याण विभाग मध्‍यप्रदेश शासन भोपाल की अधिसूचना दिनांक 27-01-2000 अनुसार प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित अवधि में देय है। (ख) परीक्षण प्रक्रियाधीन है। (ग) प्रश्‍नांश के सन्‍दर्भ में जाँच पूर्व से प्रचलित है, जिसमें इस विषय को भी सम्मिलित किया गया है। (घ) दोषिता निर्धारण हेतु परीक्षण प्रचलित है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

लेबड़ नयागांव फोर लेन के अपूर्ण कार्य को पूर्ण किया जाना

[लोक निर्माण]

12. ( *क्र. 4561 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लेबड़-नयागांव फोर-लेन पर ट्रकों को खड़े करने के लिए अनुबंध के अनुसार कितने ले-बाय कहाँ-कहाँ रखे जाना प्रस्तावित थे? क्या सभी स्थलों पर ले-बाय बनाये गये हैं, इन ले-बाय में क्या-क्या सुविधाएं कन्सेश्नर को दी जाना अनुबंध के अनुसार प्रस्तावित थी? क्या समस्त प्रस्तावित सुविधाएं वर्तमान में दी जा रही हैं? (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित सभी सेंटर पर पानी, छत, शौचालय, विद्युत कनेक्शन उपलब्ध हैं, इसकी जांच कब-कब, किस-किस MPRDC के या अन्य अधिकारी ने की? अधिकारी के नाम सहित जानकारी देते हुए बतायें कि इस संबंध में कितनी शिकायत किस-किस व्यक्ति/संस्था की विभाग को प्राप्त हुईं, उस पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति द्वारा इस मार्ग का निरीक्षण कर उक्त सर्विस सेंटर की कमियों को ठीक कर सुविधा चालू करने के निर्देश अधिकारियों को वर्ष 2016 में दिए? क्या उन पर प्रश्न दिनांक तक अमल हुआ? यदि नहीं, तो क्यों नहीं? () क्या फोरलेन कन्सेश्नर द्वारा उन सम्पूर्ण फोर-लेन पर लगे पौधों का भौतिक सत्यापन (गिनती) करवायी गयी थी? यदि हाँ, तो लेबड़-जावरा तथा जावरा-नयागांव के बीच कितने पौधे लगाए गये, कितने और लगना शेष हैं? क्या इन समस्त पौधों पर मार्किंग या नम्बर प्लेट लगाई गयी है? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) लेबड़-नयागांव फोरलेन मार्ग को दो भागों में विभाजित होकर प्रथम भाग लेबड़-जावरा फोरलेन मार्ग लम्बाई 125 कि.मी. पर अनुबंधानुसार दांयी/बांयी ओर कुल 10 स्थानों मकनी, नागदा, मुलथान, धराड़, अरनियाफंटा पर एवं द्वितीय भाग जावरा-नयागांव फोरलेन मार्ग लम्बाई 127 कि.मी. पर दांयी/बांयी ओर कुल 8 स्थानों परवलिया, मन्दसौर बायपास, चल्दू, मनासा जंक्शन एवं मलखेड़ा जंक्शन पर ट्रक ले-बाय बनाये जाना प्रस्तावित होकर बनाये गये हैं। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1' अनुसार है। जी हाँ, अधिकांशतः। (ख) जी हाँ, अधिकांशतः। उक्त मार्ग का निरीक्षण समय-समय पर एम.पी.आर.डी.सी. एवं अन्य अधिकारियों द्वारा लगातार किया गया, जिनमें श्री नरेन्द्र कुमार मुख्य अभियंता, श्री बी.पी. बौरासी महाप्रबंधक, श्री राकेश जैन संभागीय प्रबंधक, श्री मनोज कुमार गुप्ता सहायक महाप्रबंधक इत्यादि द्वारा दिनांक 15.05.2014, दिनांक 14.06.2016, दिनांक 15.11.2016, दिनांक 16.11.2016 आदि दिनांकों में निरीक्षण किया गया। ट्रक ले-बाय पर सुविधाओं की कमियों के संबंध में निगम को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। निवेशकर्ता को निर्देश जारी किये गये एवं पालन सुनिश्चित करने हेतु कार्यवाही प्रगति पर है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। पौधरोपण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी नहीं। अनुबंध में मार्किंग या नम्बर प्लेट लगाने का प्रावधान न होने के कारण।

टेकनपुर हर्सी केनाल रोड का लोक निर्माण विभाग में हस्तांतरण

[जल संसाधन]

13. ( *क्र. 4486 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (‍क) भितरवार विधान सभा क्षेत्र में जल संसाधान विभाग द्वारा 01 अप्रैल, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी वित्‍तीय स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई है? उनमें क्‍या-क्‍या निर्माण कार्य किस-किस स्‍थान पर कराये गये हैं तथा कराये जा रहे हैं? किस ठेकेदार/एजेंसी तथा किस-किस यंत्री के सुपरवि‍ज़न में निर्माण कार्य कराये गये हैं? उन निर्माण कार्यों की वर्तमान में भौतिक तथा वित्‍तीय स्थिति क्‍या है? निर्माण कार्यों को कब तक पूरा किया जाना था, विलम्‍ब होने का क्‍या कारण है? इसके लिये कौन ठेकेदार/एजेन्‍सी या यंत्री दोषी हैं? सभी निर्माण कार्यों की अलग-अलग जानकारी स्‍पष्‍ट करें तथा अधूरे निर्माण कार्यों को कब तक पूरा कर लिया जावेगा? (ख) जल संसाधन विभाग में भितरवार विधान सभा क्षेत्र में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्‍थ हैं? उनका नाम, पद, पदस्‍थापना, दिनांक, मुख्‍यालय स्‍पष्‍ट करें। (ग) टेकनपुर-हर्सी, केनाल रोड जो पूरी तरह जर्जर हालत में है, क्‍या जल संसाधन विभाग इस रोड का निर्माण करा रहा है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है या लोक निर्माण विभाग को हस्‍तांतरण किया जा रहा है तो प्रश्‍न दिनांक तक हस्‍तांतरण की क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है। अब कब तक पूरी कार्यवाही कर लोक निर्माण विभाग को हस्‍तांतरण कर दिया जावेगा? एक निश्चित समय-सीमा स्‍पष्‍ट करें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''अ-1'' एवं ''अ-2'' अनुसार है। सभी कार्य समयावधि में पूर्ण किए गए हैं, अथवा प्रगतिरत हैं। अतः विलम्ब होने अथवा किसी के दोषी होने की स्थिति नहीं है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''ब-1'', ''ब-2'', ''ब-3'' एवं ''ब-4'' अनुसार है। (ग) टेकनपुर-हर्सी केनाल रोड पर भारी वाहनों का आवागमन होने से यह क्षतिग्रस्त हुई है। इस मार्ग को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरण करने हेतु प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, लोक निर्माण विभाग से दिनांक 12.02.2016 को अनुरोध किया गया था। उक्त के परिप्रेक्ष्‍य में लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्ग के निर्माण हेतु जल संसाधन विभाग से रू. 95 करोड़ की मांग की गई है। सड़क निर्माण हेतु धनराशि का प्रावधान परियोजना प्रस्‍ताव में नहीं रखा जाता है। लोक-निर्माण विभाग को इस तथ्‍य से अवगत करा दिया गया है। इस विषय में प्राथमिकता पर आगामी कार्यवाही की जाएगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

तालाबों/स्‍टॉपडेमों की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

14. ( *क्र. 5158 ) श्री रणजीतसिंह गुणवान : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आष्‍टा विधान सभा क्षेत्र में विगत 5 वर्षों से आष्‍टा में प्रस्‍तावित तालाबों/स्‍टॉपडेमों की एक भी स्‍वीकृति अभी तक जारी नहीं की गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍यों? आष्‍टा क्षेत्र में कितने तालाबों/स्‍टॉपडेमों की स्‍वीकृति शासन स्‍तर पर लंबित है। (ग) स्‍वीकृत न होने का क्‍या कारण है, इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (घ) क्‍या शासन जिम्‍मेदार अधिकारी पर कार्यवाही करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जी नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''', '''' एवं '''' अनुसार है। किसी अधिकारी पर कार्यवाही करने की स्थिति नहीं है।

समितियों की मांग/वसूली में भिन्‍नता

[सहकारिता]

15. ( *क्र. 5469 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्या. गुना के अन्‍तर्गत वर्ष 2015-16 से 2016-17 तक बैंक को नाबार्ड/अपेक्‍स बैंक द्वारा किसानों को ऋण वितरण किये जाने हेतु कितनी-कितनी राशि प्रदाय की गई? वर्षवार जानकारी देवें एवं इस राशि को बैंक द्वारा संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थाओं को कितनी-कितनी राशि प्रदाय की गई? समितिवार तथा वर्षवार जानकारी देवें (ख) प्रश्नांश (क) अन्‍तर्गत ऋण वितरण के अनुरूप संबंधित सेवा स‍हकारी समितियों ने कितनी-कितनी राशि की वसूली की, जो मुख्‍यालय को प्राप्‍त भी हुई? वर्षवार, शाखावार समितियों के नामवार जानकारी देवें। आज दिनांक में समितियों के बैंक की मांग एवं वसूली की स्थिति समितियों के नामवार, वर्षवार उपलब्‍ध करावें। आज दिनांक में सभी समितियों की ड्यू-ओव्हरड्यू राशि कितनी है, की जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश बैंक की गुना शाखा में वर्ष 2015-16, 2016-17 अन्‍तर्गत सेवा समिति तरावटा तथा अन्‍य समितियों अन्‍तर्गत किसानों के नाम से फर्जी ऋण वितरण करते हुये, कितनी राशि के गबन का धोखाधड़ी का मामला सामने आया, इसमें कौन-कौन शामिल रहे? नाम पद बतावें। दोषियों से कितनी राशि वसूल की गई, कितनी लेना बाकी है? किन-किन के खिलाफ पुलिस में एफ.आई.आर. कराई गई?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., गुना को नाबार्ड से कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है, अपेक्स बैंक से प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) समितियों द्वारा की गई वसूली की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार तथा समितियों की ड्यू-ओव्हर ड्यू राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ग) सेवा समिति तरावटा अंतर्गत किसानों के नाम से फर्जी ऋण वितरण के प्रकरण में राशि रूपये 18,15,000/- फर्जी तरीके से आहरित की गई। प्रकरण में सम्मिलित श्री ओमपाल सिंह परमार, कम्प्यूटर ऑपरेटर तथा श्री राजकुमार शर्मा, समिति प्रबंधक, सेवा सहकारी समिति तरावटा शामिल रहे हैं, दोषियों से राशि रूपये 14,35,000/- की वसूली की जा चुकी है एवं राशि रूपये 3,80,000/- वसूल करना शेष है। उक्त दोनों दोषी कर्मचारियों के विरूद्ध दिनांक 09.11.2016 को थाना सिटी कोतवाली में एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त अन्य समितियों में उक्त वर्षों में गबन धोखाधड़ी के प्रकरण प्रकाश में नहीं आये हैं।

विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में नवीन कार्यों की स्वीकृति

[लोक निर्माण]

16. ( *क्र. 5641 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पानसेमल में वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में विभाग के द्वारा कितने कार्य स्वीकृत किये गए हैं? सूची उपलब्ध करावें स्वीकृत कार्यों में से कितने कार्य प्रारम्भ किये गए हैं तथा कितने अप्रारम्भ हैं? अप्रारम्भ कार्यों का कारण बतावें (ख) उक्‍त अवधि में क्षेत्रीय विधायक के द्वारा कोई प्रस्ताव विभाग को दिए गए हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रस्तावों पर क्या कार्यवाही हुई है? (ग) क्या आम जनता की परेशानी को देखते हुए भेजे गए प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो कारण बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत दो सड़कें आती हैं। (1) सेंधवा-निवाली-खेतिया राजमार्ग क्रमांक-36 (2) राजपुर-निवाली-खेतिया मुख्‍य जिला मार्ग उक्‍त दोनों मार्ग स्‍वीकृत होकर प्रारंभ किये जाकर प्रगतिरत हैं। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त एक प्रस्‍ताव माननीय विधायक महोदय श्री दीवान सिंह जी पटेल विधानसभा क्षेत्र पानसेमल का प्राचार्य पानसेमल को संबोधित पत्र क्रमांक दिनांक 25.02.2016 द्वारा शासकीय महाविद्यालय पानसेमल भवन के निर्माण हेतु नवीन प्रस्‍ताव चाहा गया। इस संबंध में नवीन महाविद्यालय पानसेमल के निर्माण हेतु प्राचार्य महाविद्यालय पानसेमल द्वारा पूर्ण प्रस्‍ताव प्राक्‍कलन राशि 1237.68 लाख का (प्राक्‍कलन एवं ड्राईंग) सहित उनके पत्र क्रं. 43/2017 पानसेमल दिनांक 21.01.2017 द्वारा अपर संचालक वित्‍त उच्‍च शिक्षा मध्‍यप्रदेश सतपुड़ा भवन भोपाल को स्‍वीकृति एवं आवंटन हेतु भेजा गया है। स्‍वीकृति अप्राप्‍त। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत खेतिया शहर एवं पलसुद शहर में बायपास बनाने के प्रस्‍ताव मान. विधायक महोदय द्वारा दिनांक 18.01.2016 को पत्र लिखा गया था। अनुबंध में बायपास निर्माण का प्रावधान नहीं होने के कारण यह कार्य करवाया जाना संभव नहीं था, पत्र दिनांक 16.02.2016 एवं पत्र दिनांक 29.07.2016 द्वारा मार्ग के संबंध में सुझाव दिये गये थे, जिसके संबंध में सेंधवा-खे‍तिया मार्ग के कि.मी. 24 एवं 27 में घाट सुधार के संबंध में उल्‍लेखित किया गया था, जिसके सुधार का कार्य प्रगतिरत है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं सेंधवा-खेतिया मार्ग के कि.मी. 24 एवं 27 घाट कटिंग करके सुधार कार्य प्रगति पर है, बायपास का कार्य अनुबंध में किया जाना संभव नहीं होने के कारण नहीं किया जा सकता।

निविदाओं की शर्तों में अतिरिक्‍त परफार्मेंस गांरटी का प्रावधान

[लोक निर्माण]

17. ( *क्र. 5570 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग की निविदाओं की शर्तों में ठेकेदार से परफार्मेंस गारंटी के अलावा अतिरिक्‍त्‍ा परफार्मेंस गारंटी लिये जाने के प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो इसकी प्रक्रिया तथा शर्तों के संबंध में जानकारी दें? (ख) क्‍या कार्यपालन यंत्री (वि./यां) संभाग क्रमांक 02 भोपाल ने निविदा क्रमांक 29634 वर्ष 2016-17 में बि‍ना अतिरिक्‍त परफार्मेंस गांरटी के ठेकेदार से अनुबंध कर लिया? यदि हाँ, तो विभाग संबंधित के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेगा? (ग) प्रदेश में वर्ष 2016-17 में ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिनमें ठेकेदार द्वारा जमा अतिरिक्‍त परफार्मेंस गांरटी की राशि से कार्यों की गुणवत्‍ता सुधारी गई अथवा विषयांकित राशि सीज की गई हो? (घ) क्‍या शासन अव्‍यवहारिक दरों पर विषयांकित राशि के प्रयोग की समीक्षा करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। संबंधित कार्यपालन यंत्री के विरूद्ध आचरण नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्‍मक कार्यवाही प्रचलन में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) 04 प्रकरणों में अतिरिक्‍त परफार्मेंस गारंटी के अंतर्गत कार्य की गुणवत्‍ता न सुधारने के कारण ठेकेदार की जमा राशि सीज की गई है। (घ) जी नहीं।

किसानों को फसल बीमा का लाभ

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

18. ( *क्र. 5013 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2015, 16 में दतिया जिले के किसानों का राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत बीमा किया गया था। (ख) क्या दतिया जिले के किसानों की फसल सूखे से नष्ट हो गई थी, जिसका सर्वे भी हो चुका है। (ग) क्या दतिया तहसील के किसानों को फसल बीमा का लाभ प्राप्‍त हो चुका है, किन्‍तु भाण्‍डेर तहसील के किसानों को उसका लाभ आज दिनांक तक नहीं मिला है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) का उत्‍तर हाँ में है, तो दतिया जिले में कुल कितने किसानों से फसल बीमा योजना के तहत खरीफ एवं रबी फसलों की कितनी बीमित राशि वसूली गई एवं सूखा उपरांत योजनान्‍तर्गत कितनी-कितनी राशि कितने किसानों को फसल बीमा के रूप में दी गई? तहसीलवार, पटवारी हल्‍कावार कृषकों की संख्‍या उपलब्‍ध कराई जाए (ड.) भाण्डेर के किसानों को फसल बीमा का लाभ कब तक मिल जावेगा एवं इस योजना का लाभ न मिल पाने के लिए कौन दोषी है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) खरीफ 2015 में दतिया एवं भाण्‍डेर तहसील में फसल कटाई के आधार पर वास्‍तविक उपज में कमी नहीं पाई गई है, जिसके कारण राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजनांतर्गत दावा राशि देय नहीं है। (घ) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजनांतर्गत दतिया जिले की खरीफ 2015 बीमित राशि एवं दावा राशि की तहसीलवार, पटवारी हल्‍कावार कृषकों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है एवं रबी 2015-16 की बीमांकन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। रबी 2015-16 की दावा राशि का आंकलन प्रकियाधीन है। (ड.) उत्‍तरांश (ग) एवं (घ) अनुसार।

उचित मूल्य की दुकान का संचालन

[सहकारिता]

19. ( *क्र. 620 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था दौडवां अन्तर्गत ग्राम पंचायत नुरियाखेड़ी में राशन लेने हेतु समस्त उपभोक्ताओं को रामपुरा दुकान जिसकी दूरी 04 कि.मी. तथा रास्ता खराब है जाना पड़ता है तथा उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए भीकनगांव अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा पूर्व प्रचलित व्यवस्था अनुरूप ग्राम नुरियाखेड़ी शासकीय भवन में वितरण हेतु पत्र जारी किया गया था, जिसकी सहमति ग्राम पंचायत एवं आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था दौडवां द्वारा प्रस्ताव पारित कर दी जा चुकी है, जिसका पालन संस्था प्रबंधक द्वारा नहीं किया गया है? (ख) क्‍या उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये ग्राम पंचायत नुरियाखेड़ी से अस्‍थाई दुकान का संचालन किया जा सकता है? हाँ तो कब तक? यदि नहीं, तो क्या कारण है?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, जी हाँ। चूंकि नवीन उचित मूल्य दुकानें खोलने के संबंध में मान. उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश अनुसार स्थगन होने से दुकान नहीं खोली जा सकी, इस कारण से संस्था प्रबंधक द्वारा पालन नहीं किया गया। (ख) कलेक्टर जिला खरगोन से प्राप्त जानकारी अनुसार उपभोक्ता हित में ग्राम पंचायत नुरियाखेड़ी से उपभोक्ताओं को अस्थाई रूप से राशन वितरण कराने हेतु संस्था प्रबंधक दौडवां को निर्देशित किया गया है। माह मार्च 2017 से वितरण प्रारंभ किया जावेगा।

कृषि उपज मण्‍डी समिति अम्‍बाह में दुकानों की नीलामी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

20. ( *क्र. 3815 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्‍डी समिति अम्‍बाह जिला मुरैना द्वारा वर्ष 2012 में करोली माता रोड तरफ कितनी सेन्‍ड्रीशॉप (दुकानों) की नीलामी बोली किन-किन अधिकारियों की उपस्थिति में किस दिनांक को लगवाई गई थी? (ख) किस-किस बोली धारक को कौन-कौन से नंबर की दुकान कितनी कीमत पर बोली द्वारा आवंटित की गई थी? (ग) क्‍या तीन अधिकारी बोली लगवाने हेतु नियत किये गये? यदि हाँ, तो उनके नाम पद सहित जानकारी दी जावे? (घ) क्‍या दो अधिकारियों के बोली से संबंधित प्रोसीडिंग पर तो हस्‍ताक्षर हैं, तीसरे अधिकारी ने हस्‍ताक्षर नहीं किये थे? क्‍या शासन बोलीधारक दुकानदारों को बोली से प्राप्‍त होने वाली दुकानों को आवंटित कराने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों नहीं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति, अम्बाह में 10 नग सेण्ड्रीशॉप (करोली माता रोड तरफ) की नीलामी दिनांक 03.11.2012 को भारसाधक अधिकारी एवं सचिव कृषि उपज मंडी समिति, अम्बाह की उपस्थिति में की गई थी। (ख) किसी भी बोली धारक को दुकान आवंटित नहीं की गई। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ। जी नहीं। कृषि उपज मंडी समिति अम्बाह जिला मुरैना में दिनांक 03.11.2012 को सेण्ड्रीशॉप नीलामी की कार्यवाही की गई, जिसमें गठित समिति के सदस्यों का कोरम पूरा नहीं होने से संयुक्त संचालक, आंचलिक कार्यालय ग्वालियर द्वारा मध्यप्रदेश कृषि उपज मंडी (भूमि एवं संरचना का आवंटन) नियम 2009 के नियम 8 (3) अनुसार दिनांक 07.06.2014 को निरस्त की गई।

स्‍टॉपडेम एवं तालाब का निर्माण

[जल संसाधन]

21. ( *क्र. 4404 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सबलगढ़ विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली सिंचाई विहीन ग्राम पंचायतों में नवीन मध्‍यम सिंचाई योजना एवं लघु सिंचाई योजना शासन की प्राथमिकता में शामिल है, कार्य पालन यंत्री जल संसाधन सबलगढ़ के पत्र क्रमांक 2037, दिनांक 09/09/2016 के अनुसार शासन को लिखे पत्रानुसार कितने नवीन तालाब स्‍वीकृत किए गए हैं? (ख) कार्यपालन यंत्री सबलगढ़ के पत्रानुसार कार्यों को जल संसाधन विभाग द्वारा न बनवाते हुए अन्‍य विभागीय ऐजेंसि‍यों द्वारा बनावाने हेतु क्‍यों प्रेरित किया गया है? क्‍या शासन के पास कार्य कराने हेतु आवंटन नहीं है? अन्‍य विभागों की अनापत्ति लेते हुए उक्‍त कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा कब तक करा दिए जायेंगे? (ग) विधान सभा सबलगढ़ अंतर्गत क्‍वारी नदी पर रायपुर घाटी के अंतर्गत प्रश्‍नकर्ता द्वारा शासन से कितने स्‍टॉपडेम की मांग की गई? संख्‍या बतावें। उनमें से कितने स्‍वीकृत कर दिए गए हैं? नामवार संख्‍या बतावें स्‍वीकृत स्‍टॉपडेमों का कार्य प्रारंभ कब तक कर दिया जाएगा? समयावधि बतावें (घ) क्‍या यह सही है कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिए गए स्‍टॉपडेमों एवं तालाबों के प्रस्‍तावों को कार्यपालन यंत्री सबलगढ़ द्वारा तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं मानकर निरस्‍त कर दिया जाता है अथवा अन्‍य ऐजेंसियों के माध्‍यम से कराने के लिए बाध्‍य किया जाता है? ऐसे अधिकारी के खिलाफ क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) कार्यपालन यंत्री द्वारा मान. विधायक के पत्र दिनांक 22.04.2016 में उल्लेखित नवीन तालाबों एवं मरम्मत योग्य तालाबों की जानकारी उनके पत्र दिनांक 09.09.2016 से कलेक्टर मुरैना को अवगत कराते हुये मान. सदस्य को अवगत कराया जाना प्रतिवेदित है। तदनुसार माननीय विधायक द्वारा प्रस्तावित कार्य विभागीय तकनीकी एवं वित्तीय मापदण्डों के अनुरूप न होने की जानकारी दी गई है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होते हैं। (ग) सबलगढ़ विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत रामपुर घाटी क्षेत्र में क्वारी नदी पर 03 स्टॉप डेम क्रमशः सालई, रूनधानखालसा एवं बातेरघाट का कार्य पूर्ण करा लिया जाना प्रतिवेदित है। वर्तमान में कोई परियोजना स्वीकृति हेतु विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं। (घ) जी नहीं। उत्तरांश (ख) एवं (ग) अनुसार। अतः किसी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करने की स्थिति नहीं है।

कृषि योजनाओं का भौतिक सत्यापन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

22. ( *क्र. 1494 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग जिला जबलपुर में विभिन्‍न योजनाओं के सफल क्रियान्‍वयन के लिए संयुक्‍त संचालक स्‍तर से लेकर ग्रामीण कृषि विस्‍तार अधिकारी तक योजनाओं के भौतिक सत्‍यापन के लिए कोई प्रावधान है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार संयुक्‍त संचालक स्‍तर से लेकर ग्रामीण कृषि विस्‍तार अधिकारी तक भौतिक सत्‍यापन के लिए संवर्गवार कितना-कितना प्रतिशत लक्ष्‍य निर्धारित है? (ग) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक जबलपुर जिले में अब तक संयुक्‍त संचालक उप संचालक कृषि ने कुल कितने हितग्राहियों का एवं लक्ष्‍यानुसार कितने प्रतिशत सत्‍यापन किया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार कितने अधिकारियों ने शासन के निर्देशों का पालन किया और कितने अधिकारियों ने नहीं? क्‍या आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) संयुक्त संचालक से लेकर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तक विभिन्न योजनाओं में भौतिक सत्यापन के निर्धारित लक्ष्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ग) जबलपुर जिले में वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक संयुक्त संचालक कृषि संभाग जबलपुर द्वारा 78 एवं उप संचालक कृषि जिला जबलपुर द्वारा 208 हितग्राहियों से सम्पर्क कर योजनाओं का सत्यापन लक्ष्यानुसार लगभग 5 प्रतिशत किया है। कृषकों की सूची की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (घ) शासन के निर्देशों का पालन किया गया है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

कैलारस स्थित सहकारी शक्कर कारखाने को प्रारंभ कराया जाना

[सहकारिता]

23. ( *क्र. 4696 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले की कैलारस तहसील स्थित सहकारी शक्कर कारखाना कब से एवं किस कारण से बंद है? (ख) माह जनवरी 2017 की स्थिति में इस कारखाने पर कुल कितनी देनदारियां हैं? उक्त देनदारियों में से कितनी गन्ना उत्पादक किसानों की हैं एवं कितनी कारखाने के अधिकारियों/कर्मचारियों की हैं? उक्त देनदारियों का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा? (ग) उक्त कारखाने को अभी तक चालू न किये जाने के क्या कारण हैं? क्या मुख्यमंत्री जी ने दिनांक 28-01-17 को जौरा तहसील के ग्राम रजौधा प्रवास के दौरान उक्त कारखाने को शीघ्र शुरू कराये जाने की घोषणा की है? यदि हाँ, तो उक्त कारखाने को शुरू कराये जाने की शासन की क्या योजना है?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) वर्ष 2008-09 से पर्याप्‍त गन्‍ने की उपलब्‍धता न होने के कारण। (ख) कुल देनदारियां राशि रू. 28,33,80,873.00, गन्‍ना उत्‍पादक किसानों की राशि रू. 80,62,636.00, अधिकारियों/कर्मचारियों की राशि रू. 12,11,67,610.00। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं। (ग) कारखाने के पास वित्‍तीय संसाधन न होने के कारण। जी हाँ दिनांक 29.01.2017 को। दि मुरैना मंडल सहकारी शक्‍कर कारखाना मर्यादित कैलारस के संचालन हेतु राष्‍ट्रीय सहकारी शक्‍कर कारखाना संघ मर्यादित नई दिल्‍ली द्वारा तैयार की गई फिजिबिलिटी रिपोर्ट में दिये गये दो विकल्‍पों के अन्‍तर्गत पी.पी.पी. मोड पर संचालन हेतु वित्‍त विभाग से परामर्श कर सहमति बनाये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

बाय-पास सड़क का निर्माण

[लोक निर्माण]

24. ( *क्र. 1083 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ जिला मुख्‍यालय से छतरपुर मार्ग बल्‍देवगढ़ नगर के बीच बस्‍ती से बना हुआ है? जिस मार्ग पर बसों एवं भारी वाहनों, ट्रकों का आना जाना हमेशा बना रहता है। मुख्‍य मार्ग के किनारे पर हा.से. स्‍कूल, कन्‍या हाई स्‍कूल तथा अस्‍पताल एवं दुकानें बनी हुई हैं तथा बच्‍चों को स्‍कूल जाते समय एवं राहगीरों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ता है और हमेशा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है? ऐसी स्थिति को ध्‍यान में रखते हुये बाय-पास सड़क निर्माण कराये जाने की योजना को कब तक स्‍वीकृत कर दिया जावेगा? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या शासन द्वारा उक्‍त बाय-पास सड़क निर्माण का डी.पी.आर. तैयार करा लिया गया है? यदि हाँ, तो कब बनवाया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं बनाया गया? कारण स्‍पष्‍ट करें क्‍या बल्‍देवगढ़ में बाय-पास सड़क बनाये जाने की शासन के पास कोई योजना है या नहीं? (ग) क्‍या अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व या तहसीलदार से अभिमत मांगा गया है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें। क्‍या अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व या तहसीलदार से अभिमत मंगाया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। वर्तमान में सीमित वित्‍तीय संसाधन होने के कारण स्‍वीकृति की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। दिनांक 21.09.2016. प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में कोई योजना नहीं है। (ग) जी हाँ। माह सितम्‍बर-2016 में। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कृषि उपज मंडी निधि से विकास कार्यों हेतु राशि का प्रदाय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

25. ( *क्र. 3838 ) श्री सुदेश राय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र 159 सीहोर स्‍िथत मण्‍डी सीहोर एवं श्‍यामपुर मंडियों से मंडी विकास बोर्ड को कितना कर विगत 3 वर्षों में प्रदाय किया गया है? (ख) सीहोर एवं श्‍यामपुर मण्‍डी क्षेत्र में मण्‍डी निधि से कौन-कौन से विकास कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि मंडी बोर्ड द्वारा कब प्रदाय की गई है? वर्ष 2014 से वर्तमान तक मंडियों को दी गई राशि का कार्यवार विवरण प्रदान करें

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मंडियों से मंडी बोर्ड को कर प्राप्त नहीं होता है, अपितु बोर्ड शुल्क तथा राज्य विपणन विकास निधि प्राप्त होती है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) मंडी निधि से विकास कार्य के लिये राशि मंडियों द्वारा ही प्रदत्त होती है। बोर्ड स्तर से मंडी निधि का प्रदाय या अंतरण नहीं किया जाता है। मंडी बोर्ड को मंडियों से प्राप्त राज्य विपणन विकास निधि तथा बोर्ड निधि से प्रदाय राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है।

 

 







भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


बलराम तालाब योजनान्तर्गत निर्मित तालाब

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

1. ( क्र. 35 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में लघु सिंचाई और जल सरंक्षण के लिए बलराम तालाब योजना कब लागू की गई है और वर्ष २०१२ से दिसम्बर २०१६ तक इस योजना के तहत खरगोन जिले में कुल कितने तालाब निर्मित कराये गए हैं? विधान सभा क्षेत्रवार और ग्रामवार जानकारी दी जाय। इन स्वीकृत तालाब में कितने पूरे हुए और कितने अपूर्ण हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार इन तालाबों में कितनी राशि‍ व्यय की गई। विधान सभा क्षेत्रवार और ग्रामवार जानकारी दी जावे। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार बलराम तालाबों के अपूर्ण रहने के क्या कारण रहे है। अपूर्ण तालाबों की वर्षवार सूची दी जावे। क्या कोई अनियमितता की शिकायत हुई है। यदि है, तो प्राप्त शिकायत पर क्या कार्यवाही की गई।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रदेश में बलराम तालाब योजना 25 मई 2007 से लागू की गई। वर्ष 2012 से दिसंबर 2016 तक इस योजना के तहत खरगौन जिले में कुल 548 बलराम तालाबों का निर्माण कराया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार कुल स्वीकृत तालाबों पर राशि रू. 3,89,64,918/- व्यय की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) बलराम तालाब का निर्माण कृषक द्वारा स्वयं किया जाता है, मूल्यांकन पश्चात् अनुदान भुगतान किये जाने की प्रकिया है। कृषकों द्वारा कार्य पूर्ण न किये जाने के कारण तालाब अपूर्ण है वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्नांकित अवधि में बलराम तालाबों में अनियमितता संबंधी कोई शिकायत प्राप्त होना प्रतिवेदित नहीं है। अत: कार्यवाही का प्रश्न ही नहीं उठता।

DBT योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

2. ( क्र. 140 ) श्री लखन पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2014-152015-16 में बीज ग्राम योजना व बीज उत्‍पादक समितियाँ संचालित थी? यदि हाँ, तो क्‍या इसकी 50 % राशि हितग्राही व 50 % राशि शासन द्वारा दी जाना थी? (ख) क्‍या केन्‍द्र सरकार द्वारा भुगतान हेतु DBT योजना लागू की गई है? यदि हाँ, तो कब से और म.प्र. में यह योजना कब से लागू की गई है? (ग) डी.बी.टी. योजना लागू होने के पश्‍चात् प्रदेश के किन-किन जिलों में उप संचालकों (समस्‍त जिले के) को कितनी-कितनी राशि दी गई व उनके द्वारा कितनी-कितनी राशि किस-किस तारीख को सोसायटी या किसानों को दी गई ? बतावें? (घ) डी.बी.टी. योजना लागू होने के पश्‍चात् कितनी-कितनी राशि बीज ग्राम योजना के अन्‍तर्गत कृषकों को अनुदान के रूप में दी जाना थी व वह योजना लागू होने के बाद किन-किन बीज उत्‍पादक समितियों को दी गई? तारीखवार व समितिवार बताएँ योजना लागू होने के पश्‍चात् क्‍या नियम विरूद्ध भुगतान किया गया? यदि हाँ, तो क्‍या दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई ? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। बीज ग्राम योजनांतर्गत अनाज एवं दलहनी/तिलहनी फसलों के बीज वितरण पर प्रति हितग्राही प्रति एकड़ हेतु बीज की कीमत का क्रमश: 50 प्रतिशत एवं 60 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान था। (ख) जी हाँ। सबमिशन ऑन सीड एण्‍ड प्‍लांटिंग मटेरियल अंतर्गत बीजग्राम कार्यक्रम में भारत सरकार के मार्गदर्शी निर्देश प्रभावशील होने से डीबीटी योजना दिनांक 29 मई 2015 से लागू की गई है। डीबीटी लागू होने संबंधी पत्र की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 एवं ''5'' अनुसार है। डीबीटी योजना बीजग्राम कार्यक्रम में वर्ष 2015-16 से लागू होने के पश्‍चात् प्रदेश के जिलों में प्रथम दृष्‍टया नियम विरूद्ध भुगतान होना प्रतीत होता है। अत: समस्‍त जिलों की प्रारंभिक जाँच हेतु संबंधित संभागीय संयुक्‍त संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास को आदेशित किया गया है, गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

3. ( क्र. 143 ) श्री लखन पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि विभाग द्वारा किसानों के हित में कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं? योजना का नाम व पात्रता शर्तों सहित जानकारी दें? (ख) दमोह जिले के विधान सभा पथरिया के दोनों विकास खण्‍ड में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कृषि विभाग की किस-किस योजना का क्‍या-क्‍या लाभ दिया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

4. ( क्र. 259 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आलोट जिला रतलाम की ताल - खारवाकला - महिदपुर सड़क सिंहस्‍थ पूर्व से जर्जर हो चुकी है? (ख) यदि हाँ, तो सड़क निर्माण में देरी क्‍यों हो रही है? जर्जर सड़क के कारण नागरिक किसान सभी पेरशान है,? (ग) उक्‍त सड़क निर्माण हेतु अब तक की गई कार्यवाही का पूर्ण ब्‍यौरा दें व सड़क कब तक निर्मित हो जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) आंशिक रूप से। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

विधायक निधि से कराये गये कार्य

[लोक निर्माण]

5. ( क्र. 430 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग छतरपुर द्वारा वर्ष 2014-15, 15-16, 16-17 में विधायक निधि से चन्‍दला विधान सभा क्षेत्र में कौन-कौन से कार्य, कितनी-कितनी राशि के स्‍वीकृत किये गये उनमें से कितने कार्य पूर्ण हो चुके है कितने शेष है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार सभी निर्माण कार्य किन-किन अधिकारियों ने मूल्‍यांकन किया गया? (ग) क्‍या किये गये कार्य तकनीकी मापदण्‍ड के अनुसार किये गये? (घ) यह कि अपूर्ण कार्य होने के बावजूद भी सी.सी./पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किये गये? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के स्‍तम्‍भ-09 में अंकितानुसार है। (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जिला मुख्‍यालय को जोड़ने वाली सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

6. ( क्र. 540 ) श्री जसवंत सिंह हाड़ा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शाजापुर जिले की अकोदिया - देवलाबिहार - लाहोरी बेरछा रोड जोड तक शाजापुर जिला मुख्‍यालय को जोड़ने वाली MDR सड़क निर्माण किये जाने हेतु कोई योजना अथवा प्रस्‍ताव शासन के समक्ष विचाराधीन हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) में अंकित जिला मुख्‍यालय को जोड़ने वाली सड़क को स्‍वीकृति प्रदान किये जाने हेतु शासन द्वारा विचार किया जा रहा है तथा प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित मार्ग को बजट में सम्मिलित किये जाने हेतु शासन द्वारा कोई प्रावधान किया जाना प्रस्‍तावित हैं? (ग) यदि विभाग द्वारा प्रश्नांश (क) अंतर्गत जिला मुख्‍यालय को जोड़ने वाली सड़क के प्रस्‍ताव भेजे गये हैं तो शासन स्‍तर पर उक्‍त प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति में विलंब किन कारणों से हो रहा है? कब तक शासन इस मार्ग की स्‍वीकृति प्रदान करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं, प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। (ग) प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है वर्तमान में वित्‍तीय संसाधन सीमित होने के कारण निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

किये गये सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 943 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन-जावरा एवं ताल बड़ौद (जावरा-आगर) सड़क निर्माण किस कंपनी ने किस अनुबंध पर किया? (ख) उक्‍त मार्ग पर स्‍थापित टोल प्‍लाजा से अब तक हुई आय का टोलवार ब्‍यौरा क्‍या है तथा टोल स्‍थापना की शर्तें क्‍या हैं? (ग) क्‍या जावरा-उज्‍जैन एवं ताल-बड़ौद सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्‍त है, पेचवर्क स्‍तरहीन है, रख-रखाव ठीक नहीं है, विभाग उक्‍त संबंध में क्‍या कदम उठा रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) उज्‍जैन-उन्‍हेल-घिनौदा-जावरा मार्ग का अनुबंध मेसर्स टॉपवर्थ टोलवेज प्रा.लि. मुम्‍बई के साथ बी..टी. योजना अंतर्गत अनुबंध किया एवं आगर-बड़ौद-आलोट-ताल-जावरा मार्ग का निर्माण एडीबी योजना में मेसर्स मोंटीकार्लो कंस्‍ट्रक्‍शन प्रा.लि. अहमदाबाद के साथ अनुबंध किया गया। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। टोल स्‍थापना की शर्तें संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जी नहीं। जी नहीं। जी नहीं। संधारण कार्य निरंतर प्रक्रिया के अंतर्गत किया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''एक''

मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 1033 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत प्रेमसरमूंडला मुख्‍य जिला मार्ग यातायात एवं कृषि उत्‍पादन परिवहन की दृष्टि से महत्‍वपूर्ण मार्ग हैं? (ख) उक्‍त मार्ग का अधिकांश भाग काली मिट्टी एवं जलग्रहण क्षेत्र से गुजरने के कारण मार्ग की वर्तमान सतह उपयुक्‍त न होने से बार-बार क्षतिग्रस्‍त होती है इस कारण उक्‍त मार्ग को सीमेन्‍टीकृत किये जाने की आवश्‍यकता हैं? (ग) क्‍या वर्तमान में विभाग में मुख्‍य जिला मार्गों को सीमेन्‍ट्रीकृत किये जाने की कार्य योजना प्रस्‍तावित भी हैं? (घ) क्‍या शासन जनहित के मद्देनजर उक्‍त मार्ग को प्रस्‍तावित कार्य योजना में शामिल करने उपरांत मुख्‍य जिला मार्गों के उन्‍नयन हेतु शासन की वर्तमान नीति अनुसार उक्‍त मार्ग निर्माण कार्य को वर्ष 201718 के वार्षिक बजट में शामिल करके इसकी डी.पी.आर. तैयार कराकर इसे स्‍वीकृति प्रदान करेगा? इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2016 में आपको प्रेषित पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई, यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, मार्ग की पूर्ण लंबाई 30.53 कि.मी. में से 6.10 कि.मी. लंबाई में सी.सी. मार्ग की आवश्‍यकता है। (ग) मार्ग की आवश्‍यकतानुसार सीमेंट्रीकृत/डामरीकृत सतह के निर्माण हेतु प्राक्‍कलन तैयार किये जाते है। (घ) वर्तमान में वित्‍तीय संसाधन सीमित होने के कारण स्‍वीकृति की निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। प्राक्‍कलन तैयार किया जा चुका है जो कि परीक्षणाधीन है।

स्‍टॉप डेम कम रपटा निर्माण

[जल संसाधन]

9. ( क्र. 1034 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम वर्धा बुजुर्ग व सी.आर.एम.सी. के समीप से गुजर रही वर्धा (अमराल) नदी में हमेशा तीनचार फिट पानी बहता रहता है, नदी के दोनों ओर दर्जनभर से अधिक ग्राम बसे हैं व ग्रामीणों के खेत भी हैं? (ख) क्‍या ग्रामीणों को अपने अपने ग्राम से जिला मुख्‍यालय/अन्‍यत्र व खेतों पर जाने-आने हेतु हर मौसम में नदी पार करना पड़ती है, मवेशी भी चरने हेतु नदी पार कर आते जाते हैं वर्षाकाल में नदी में उफान आने पर आवागमन बंद हो जाता है नतीजतन ग्रामीणों व मवेशियों को कई समस्‍याएं आती हैं? (ग) उक्‍त समस्‍याओं के समाधान हेतु क्‍या उक्‍त कार्य का प्राक्‍कलन ईई डब्‍ल्‍यू.आर.डी. श्‍योपुर द्वारा मुख्‍य/प्रमुख अभियंता भोपाल को भेज दिया हैं? यदि नहीं, तो क्‍या शासन उक्‍त कार्य का प्रस्‍ताव प्राक्‍कलन विभाग से अविलम्‍ब तैयार करवाकर इसे वर्ष 2017 18 के बजट में शामिल कर स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। अमरोल नदी पर ग्राम वर्धा बुजुर्ग के समीप स्टॉप डेम कम काजवे निर्माण हेतु स्थल का चयन कर साध्यता ऑनलाईन दर्ज की जाना प्रतिवेदित है। प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते है।

सड़क निर्माण में वृक्षारोपण

[लोक निर्माण]

10. ( क्र. 1212 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नवीन फोरलेन हाईवे के निर्माण हेतु काटे जाने वाले वृक्षों की संख्या का निर्धारण किया जाकर, अनुपातिक नवीन वृक्षारोपण का प्रावधान होता है? यदि हाँ, तो काटे गये वृक्षों की संख्या के कितने प्रतिशत वृक्षों का वृक्षारोपण करने का प्रावधान या शर्त होती है? (ख) क्या वृक्षारोपण हेतु पृथक से भूमि का आवंटन एजेन्सी को किया जाता है? यदि नहीं, तो इतनी अधिक संख्या में वृक्षारोपण कहाँ किया जाता है तथा क्या वृक्षों की देखभाल हेतु एजेन्सी और निर्माता ठेकेदार में से किसका उत्तरदायित्‍व निर्धारित किये जाने का प्रावधान है? (ग) लेबड-मानपुर फोरलेन हाईवे के निर्माण के समय किस-किस प्रजाति के कितने वृक्ष काटे गये, काटे गये वृक्षों की संख्या से शर्तानुसार/प्रावधानुसार किस-किस प्रजाति के कितने वृक्षों का वृक्षारोपण किया गया? वृक्षारोपण में से कितने वृक्ष फरवरी 2017 की स्थिति में जीवित है तथा वृक्षारोपण का ऑडिट कब-कब किया जाता है? (घ) क्या विभाग कनेर प्रजाति की वनस्पती को वृक्ष की श्रेणी में मानता है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। अनुबंध के प्रावधान एवं जिला कलेक्‍टर द्वारा जारी पेड़ काटने की अनुमति लागू शर्तों के अनुसार वृक्षारोपण करने का प्रावधान है। काटे गये वृक्षों से 5 से 10 गुना वृक्षों के वृक्षारोपण की शर्तों का प्रावधान होता है। (ख) जी नहीं। मार्ग के दोनों ओर समानान्‍तर लंबाई में उपलब्‍ध सड़क सीमा में वृक्षारोपण कराया जाता है। वृक्षों की देखभाल का उत्‍तरदायित्‍व अनुबंध अनुसार कन्‍सेशनायर द्वारा किये जाने का प्रावधान है। (ग) लेबड-मानपुर फोरलेन हाईवे के निर्माण के समय बबुल, नीम, पीपल व अन्‍य प्रजाति के कुल 189 वृक्ष काटे गये थे। काटे गये वृक्षों की एवज में अनुमति की शर्तानुसार 3,000 नग वृक्षारोपण किया गया तथा इसके अतिरिक्‍त भी निवेशकर्ता द्वारा समय समय पर वृक्षारोपण किया गया। फरवरी-2017 की स्थिति में कुल किये गये वृक्षारोपण में से 8,203 नग वृक्ष जीवित पाये गये। रोपित वृक्षों की देखभाल एवं रखरखाव अनुबंध की शर्तों के अनुसार निवेशकर्ता द्वारा सतत् रूप से किया जाता है। अनुबंध में वृक्षारोपण के ऑडिट का कोई प्रावधान नहीं है। (घ) कनेर छोटे वृक्ष की श्रेणी में आता है तथा वनस्‍पतिशास्‍त्र की परिभाषा अनुसार इसे छोटा वृक्ष/पेड़ माना जा सकता है।

नवीन पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

11. ( क्र. 1447 ) श्री प्रताप सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत तेजगढ़-पुरा मार्ग पर गुरैया नदी पर नवीन पुल, तेजगढ़-पुरा मार्ग पर रोजाघाट नाले पर नवीन पुल, खर्राघाट के समीप व्‍यारमा नदी पर पुल, सिमरी जालमसिंह से बनवार-बम्‍हौरी माला मार्ग पर स्थित धुनगी नाला पर नवीन पुल, धुनगी नाला से घटेरा मार्ग पर महादेवघाट पर नवीन पुल, तारादेही-कोटखेड़ा मार्ग के मध्‍य व्‍यारमा नदी पर निर्मित पुल की दोनों साइडे यथास्थिति निर्माण करने एवं राजघाट से दिनारी मार्ग पर स्थित ग्राम-दसोंदी के समीप नाला पर नवीन पुल आदि निर्मित किये जाने हेतु शासन को अनेक प्रस्‍ताव भेजे गये थे? क्‍या विगत कई वर्षों से अनेक ग्राम वर्षा ऋतु में लघु पुल/रपटा निर्मित होने से कई दिनों तक आवागमन अवरूद्ध हो जाता है, फलस्‍वरूप यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है? (ख) क्‍या ग्रामीण यात्रियों की उल्‍लेखित असुविधा को ध्‍यान में रखते हुए प्रश्‍नकर्ता द्वारा सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र क्रमांक 238 दिनांक 11/08/2014 एवं मुख्‍य अभियंता लोक निर्माण विभाग, सेतु परिक्षेत्र भोपाल के लिए पत्र क्रमांक 21 दिनांक 14/01/2014 से प्राक्‍कलन/प्रस्‍ताव तैयार करवाकर आवश्‍यक स्‍वीकृति हेतु अनुरोध किया था, किन्‍तु आज तक प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित पुलों की स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं हुई है? किस स्‍तर पर उक्‍त प्रस्‍ताव किस कारण से लंबित हैं? (ग) क्‍या चालू बजट सत्र 2017 में कई वर्षों से लंबित उक्‍त प्रस्‍तावों को सम्मिलित कर जनहित में आवश्‍यक स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं वर्षाऋतु में अधिक वर्षा होने से आंशिक रूप से यातायात प्रभावित होता है, जनता को आवागमन में कठिनाई होती है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नकर्ता का पत्र दिनांक 14.01.2014 प्राप्‍त हुआ है। वर्तमान में न तो प्रस्‍तावित है और न ही स्‍वीकृत है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कृषि विस्‍तार प्रशिक्षण केन्‍द्र

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

12. ( क्र. 1495 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग के अधीन कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना कृषकों, विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण हेतु की गई हैं? (ख) यदि हाँ, तो विगत प्रश्नांश (क) तीन वर्षों में अनुसार कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केन्द्र नरसिंहपुर तथा जबलपुर को किस किस वर्ष कितना कितना बजट प्रशिक्षण हेतु दिया गया है? (ग) क्या प्रशिक्षण केन्द्रों की स्थापना के पश्‍चात् भी उप संचालकों द्वारा जिला स्तर पर किसान कल्याण तथा कृषि विकास नरसिंहपुर एवं जबलपुर में विभिन्न योजनांतर्गत प्रशिक्षण मद से राशि प्रदाय की जा रही है? कुल प्रावधानित राशि बतावें? (घ) क्या विभाग में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत होने वाले समस्त प्रशिक्षण, कृषि विस्‍तार एवं प्रशिक्षण केन्द्रों द्वारा ही कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? निश्चित समय-सीमा बतावें। यदि नहीं, तो क्यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) विभिन्‍न योजनाओं के अंतर्गत होने वाले समस्‍त प्रशिक्षण, प्रावधान एवं निर्देश अनुसार, उप संचालक, परियोजना संचालक ''आत्‍मा'' एवं प्राचार्य, कृषि विस्‍तार एवं प्रशिक्षण केन्‍द्रों के द्वारा आयोजित किये जाते है। शेष का प्रश्‍न नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

किसानों की बकाया राशि का भुगतान

[सहकारिता]

13. ( क्र. 1529 ) श्रीमती ममता मीना : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गुना जिले में विगत 05 वर्षों में कृषि एवं सहकारी गन्ना शुगर कारखाना नारायणपुरा तहसील राघौगढ़ में गन्ना खरीदी उपरांत किसानों की कितनी राशि का भुगतान किया जाना शेष है। वर्षवार जानकारी देवें? (ख) उक्त शक्कर कारखाने द्वारा किसानों से वर्षवार किस-किस दर पर गन्ना क्रय किया गया एवं कारखाना द्वारा उत्पादित शक्कर को किस मूल्य पर किसे बेचा गया, स्पष्ट जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार क्या किसानों को बकाया राशि का भुगतान ब्याज राशि सहित किया जावेगा अथवा नहीं? कृषकों की बकाया राशि का भुगतान किस दिनांक तक कर दिया जावेगा? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार बकाया राशि का भुगतान यथासमय न करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी। की जाने वाली कार्यवाही एवं कार्यवाही की समय-सीमा बतावें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) कृषकों को बकाया राशि का भुगतान ब्‍याज सहित किया जा रहा है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) बकाया राशि का भुगतान ब्‍याज सहित किया जा रहा है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

श्री रियाज अहमद मण्डी सचिव शिवपुरी को प्रतिनियुक्ति से मूल विभाग में वापसी

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

14. ( क्र. 1530 ) श्रीमती ममता मीना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडी सचिव शिवपुरी के संबंध में प्रश्‍नकर्ता के परि.अता.प्रश्न संख्‍या 140 (क्रमांक 1330) दिनांक 5.12.2016 के जवाब में मंडी सचिव शिवपुरी को अनुपयुक्त मानते हुये प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया विचाराधीन बताई गई थी। प्रक्रिया अभी तक पूरी क्यों नहीं हुई? इसको मूल विभाग में वापिस क्यों नहीं किया जा रहा है? कब तक वापिस कर दिया जावेगा। (ख) वर्ष 2016 में सचिव शिवपुरी द्वारा मंडी शिवपुरी की दुकान नीलामी में कार्यपालन यंत्री मंडी बोर्ड से बिना दर निर्धारण कराये दुकान नीलाम कर दी। सचिव के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) मंडी सचिव शिवपुरी पर अपराध क्रमांक 112/15 धारा 3,4,5 देह व्यापार अधिनियम के तहत जेल जाने से मंडी बोर्ड की सरकार की छवि खराब हुई है। फिर भी सचिव को मंडी बोर्ड में प्रतिनियुक्ति से बाहर करते हुये मूल विभाग में वापिस क्यों नहीं किया जा रहा है? इसके लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी है? (घ) क्‍या मंडी सचिव शिवपुरी की प्रतिनियुक्ति अवधि अंतिम बार बढ़ाई जाने के बाद उक्त आदेश की अवहेलना करते हुये मार्च 2017 तक तीन वर्ष की अवधि गलत तरीके से बढ़ा दी गई? क्या सचिव की अवधि और भी बढ़ाई जावेगी या मूल विभाग में वापिस किया जावेगा।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड में प्रतिनियुक्ति संबंधी मामलों में निर्णय लेने हेतु गठित समिति की अपरिहार्य कारणों से बैठक नहीं हो सकने से प्रकरण अंतर्गत कार्यवाही अभी विचाराधीन है। उक्त बैठक में प्रकरण अंतर्गत निर्णय होने पर तदानुसार आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। इसके लिये समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। (ख) कार्यपालन यंत्री, म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड, तकनीकी कार्यालय ग्वालियर के पत्र दिनांक 09.03.2016 के द्वारा आफसेट वेल्यू निर्धारित कराने के उपरांत समाचार पत्रों में नीलामी सूचना प्रकाशित कर कृषि उपज मंडी समिति शिवपुरी में सेण्ड्री शॉप की नीलामी की गई है। अत: शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड को सचिव कृषि उपज मंडी समिति शिवपुरी के विरूद्ध प्रश्नागत प्रकरण में दोष प्रमाणित होने संबंधी अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं होने से उनके विरूद्ध कार्यवाही की स्थिति निर्मित नहीं होती है। अत: शेष का प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (घ) वर्तमान सचिव, कृषि उपज मंडी समिति शिवपुरी की पैतृक संस्था में शाख प्रबंधक के पद पर पदोन्नति उपरांत वेतनमान को दृष्टिगत रखते हुये सचिव-स के पद रिक्त होने की स्थिति में पैतृक संस्था से प्राप्त सहमति अनुसार राज्य मंडी बोर्ड सेवा विनियम 1998 के विनियम 6 (2) के प्रावधान अंतर्गत कार्य की आवश्यकता के आधार पर म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आदेश दिनांक 27.06.2014 से प्रतिनियुक्ति अवधि आगामी तीन वर्ष के लिये बढ़ाई गई। इस संबंध में उत्तरांश "क" में वर्णित समिति द्वारा उपयुक्त निर्णय लिया जायेगा, जिसके अनुसार आगामी कार्यवाही की जावेगी।

खरीफ फसल वर्ष 2015 का बीमा क्‍लेम

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

15. ( क्र. 1617 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के तहसील खिलचीपुर के अन्‍तर्गत किन-किन पटवारी हल्‍कों में किन मापदण्‍डों के आधार पर राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजनांतर्गत खरीफ वर्ष 2015 का फसल बीमा की राशि का भुगतान कब-कब किया गया तथा किन-किन पटवारी हल्‍कों को किस-किस कारण से उक्‍त योजनांतर्गत फसल बीमा की राशि नहीं मिल सकी हैं? पटवारी सर्वे रिपोर्ट की प्रति सहित बतावें? (ख) क्‍या उक्‍त वंचित पटवारी हल्‍कों में पटवारियों द्वारा गलत सर्वे रिपोर्ट प्रेषित किये जाने से किसानों को बीमा क्‍लेम प्राप्‍त नहीं हो सका है तथा क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा वंचित पटवारी हल्‍कों को शीघ्र बीमा क्‍लेम के भुगतान हेतु अपने पत्र दिनांक 02 दिसम्‍बर, 2016 को माननीय मुख्‍यमंत्री, माननीय कृषि मंत्री, प्रमुख सचिव किसान कल्‍याण, प्रबंध संचालक मण्‍डी बोर्ड को वंचित ग्रामों की सूची सहित अनुरोध किया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन उक्‍त सूची में वर्णित वंचित ग्रामों को बीमा क्‍लेम की राशि का भुगतान करने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजनांतर्गत खरीफ वर्ष 2015 में राजगढ़ जिले की खिलचीपुर तहसील के समस्‍त पात्र कृषकों को बैंकों के माध्‍यम से फसल बीमा की दावा राशि दिनांक 21-11-2016 एवं 15-02-2017 को भुगतान की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। दावा राशि के भुगतान की गणना प्रक्रिया की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। पटवारियों द्वारा सम्‍पन्‍न फसल कटाई प्रयोगों के परिणामों को विभागीय पोर्टल पर दर्ज किया जाता है। खिलचीपुर तहसील की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ख) जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) उत्‍तरांश ख अनुसार।

पुलिया निर्माण

[लोक निर्माण]

16. ( क्र. 1621 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा खिलचीपुर से सुसनेर तक सड़क निर्माण कार्य विगत 8-9 वर्ष पूर्व कराया गया था? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त मार्ग पर ग्राम नाईहेड़ा के समीप स्थित स्‍थानीय पीलियाखाल नाले पर अत्‍यंत संकीर्ण (दो पाईप वाली) पुलिया होने से वर्षाकाल में ग्राम नाईहेड़ा, टपरियाहेड़ी, मेलखेड़ी एवं जीरापुर के लगभग 75-80 किसानों की लगभग 300 बीघा भूमि जलमग्‍न हो जाती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त संकीर्ण पुलिया के स्‍थान पर बड़ी पुलिया का निर्माण करवाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन वर्ष 2007 से निरंतर पुलिया निर्माण की मांग कर रहे किसानों को राहत एवं सुविधा देने के लिये तत्‍काल पुलिया निर्माण की स्‍वीकृति जारी करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जलमग्‍न होने वाली भूमि के रकवे एवं आर्थिक क्षति के संबंध में कोई जानकारी विभाग के पास नहीं है। उक्‍त मार्ग 14 जून 2016 को राष्‍ट्रीय राजमार्ग घोषित हो चुका है। अत: पुलिया निर्माण के संबंध में तिथि बताया जाना संभव नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) मार्ग राष्‍ट्रीय राजमार्ग घोषित हो चुका है एवं मार्ग निर्माण एवं संधारण इत्‍यादि का उत्‍तरदायित्‍व भारत सरकार का है अत: शेष जानकारी देना संभव नहीं है।

बालाघाट जिले के कटंगी विधान सभा क्षेत्र में जर्जर सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

17. ( क्र. 1720 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कटंगी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कटोरी से मोहगांव घाट मार्ग लम्‍बाई 8 किलो मीटर, भौरगढ़ से टेमनी मार्ग लम्‍बाई 03 किलो मीटर एवं कटोरी से कचेरकनी मार्ग लम्‍बाई 05 किलो मीटर अत्‍यन्‍त ही जर्जर हो चुकी है? (ख) यदि हाँ, तो इन सड़कों का मरम्मतीकरण कब तक कर लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) साधारण मरम्‍मत कार्य किया जा रहा है।

कृषि उपज मंडी मोहना की मरम्‍मत

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

18. ( क्र. 1723 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले की मोहना कृषि मंडी कब प्रारंभ की गई? मंडी बोर्ड द्वारा उक्‍त मंडी के विकास के लिये कब-कब, कितनी-कितनी राशि दी गई वर्षवार एवं कार्यवार बतावें। (ख) क्‍या मोहना कृषि उपज मंडी में किसानों की फसल खरीदी जा रही है? यदि हाँ, तो वर्ष 2016 में कितनी खरीदी गई? मोहना मंडी में वर्ष 2010 से 2016 तक मंडी शुल्‍क के रूप में कितनी राशि प्राप्‍त हुई वर्षवार बतायें। (ग) क्‍या मोहना मंडी जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में है? पानी का भराव होता है एवं बाउण्‍ड्रीवॉल नहीं है? कब तक उक्‍त मंडी का मरम्‍मत कार्य कराया जायेगा? क्‍या मरम्‍मत कार्य हेतु शीघ्र कार्यवाही करेंगे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति लश्कर की उपमंडी मोहना म.प्र. शासन, कृषि विभाग की अधिसूचना दिनांक 20 मई 1972 से प्रारंभ की गई। मंडी बोर्ड द्वारा दी विकास की राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। कृषि उपज मंडी लश्कर की उपमंडी मोहना में वित्तीय वर्ष अप्रैल 2016 से 31 जनवरी 2017 तक कुल 470 क्विंटल किसानों की कृषि उपज खरीदी की गई। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। बाउण्‍ड्रीवॉल, आंतरिक, एप्रोच सड़क एवं कार्यालय भवन कार्यों की बोर्ड निधि से स्वीकृति प्रदान की जाकर निर्माण कार्य प्रारंभ कराये जा रहे है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

चंदेरी राजघाट उद्वहन सिंचाई योजना

[जल संसाधन]

19. ( क्र. 1726 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) चंदेरी राजघाट उद्वहन सिंचाई योजना जिसमें राजघाट बांध का पानी मुंगावली क्षेत्र के साजन महू तालाब में डालने तथा चंदेरी मुंगावली के गांवों में नहरों द्वारा सिंचाई हेतु जो योजना बनी है। वह कितनी धनराशि की योजना है तथा उससे कितनी एकड़ भूमि की किस-किस गांव की सिंचाई होगी? (ख) उक्‍त योजना का कब तक कार्य प्रारंभ हो जायेगा? (ग) उक्‍त योजना से इस क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का लाभ कब से मिलेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) चंदेरी सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 13.01.2016 को रू.389.77 करोड़ की सैच्‍य क्षेत्र 20,000 हेक्टर के लिये प्रदान की गई है। जिसमें चंदेरी तहसील के 24 ग्रामों की 6,105 हे. तथा मूंगावली तहसील के 53 ग्रामों की 13,895 हे. भूमि में रबी सिंचाई अनुमानित है। निर्माणकर्ता एजेंसी द्वारा विस्‍तृत सर्वेक्षण के उपरांत ग्रामवार कमाण्‍ड क्षेत्र का अंतिम निर्धारण हो सकेगा। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) परियोजना के राईसिंग मेन के मार्ग में आनेवाली 4.2 हे. वन भूमि की स्वीकृति एवं परियोजना की पर्यावरण स्‍वीकृति प्राप्त होने के पश्चात् कार्य प्रारंभ कराना संभव होगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चार''

कृषि उपज मंडी का उन्नयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

20. ( क्र. 1869 ) श्री मोती कश्यप : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या‍ जिला कटनी के ग्राम उमरियापान में कृषि‍ उपज मण्‍डी किसी अवधि से संचालित है? (ख) क्या दिनांक 15-10-2016 को उमरियापान के किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रश्नांश (क) का कृषि‍ उपज मण्डी के रूप में उन्नयन की घोषणा की है? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) हेतु किसी ग्राम के खसरे-रकबे की भूमि का चयन कर दिया गया है? (घ) प्रश्नांश (ख) को प्रारंभ किये जाने की कार्यवाही किस स्तर पर विचाराधीन है और कब तक कृषि‍ उपज मण्डी प्रारंभ कर दी जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में कटनी जिले के ग्राम उमरियापान में उपमंडी अधिसूचित है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। (घ) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर जिला कटनी के राजस्व अनुवृत्ति आदेश दिनांक 07.10.2016 से ग्राम बम्हनी के खसरा नंबर 161 रकबा 5.710 हेक्टर शासकीय भूमि चिन्हित की गई है। किंतु उमरियापान उप मंडी को स्वतंत्र मंडी के रूप में उन्नयन के लिये राज्य शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड है यथा 15 एकड़ भूमि, वार्षिक आय 50 लाख एवं थोक व्यापारियों की संख्या 15 तथा मुख्य मंडी से उपमंडी की दूरी 15 किलोमीटर निर्धारित है की पूर्ति नहीं हो पाने के कारण राज्य शासन स्तर पर विचाराधीन है। उप मंडी के विकास हेतु राशि रूपयें 150 लाख बोर्ड निधि से स्वीकृत किये जाकर निर्माण कार्यों की निविदा स्वीकृत की जाकर निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिये गये है।

रीवा जिले के क्‍योटी-कटरा-लालगांव सड़क के फर्जी निर्माण की जाँच एवं कार्यवाही

[लोक निर्माण]

21. ( क्र. 2021 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा‍ जिले में क्‍यो‍टी-कटरा-लालगांव सड़क के निर्माण की स्‍वीकृति लोक निर्माण विभाग द्वारा की गयी थी जिसका टेन्‍डर भी निकाला गया था तथा 17 सितम्‍बर 2013 को वर्क आर्डर जारी किया गया था? यदि हाँ, तो आर्डर नम्‍बर क्‍या है तथा कितने राशि का टेन्‍डर था तथा किस ठेकेदार का टेन्‍डर स्‍वीकृत किया जाकर वर्क आर्डर जारी किया गया था? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित सड़क का निर्माण एम.पी.आर.डी.सी. विभाग से स्‍वीकृत किया गया जिसका कार्य भी पूर्ण हो चुका है? यदि हाँ, तो सड़क निर्माण एम.पी.आर.डी.सी. से कराये जाने का प्रस्‍ताव कब हुआ और स्‍वीकृत कब हुई तथा कार्य कब चालू हुआ? (ग) लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रश्नांश (क) में वर्णित सड़क निर्माण के टेन्‍डर की राशि का आहरण कब-कब किया गया तारीख सहित विवरण दें तथा पैसा आहरण के समय इस सड़क के कार्य हेतु उपयंत्री, सहायक यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी तथा कार्यपालन यंत्री कौन थे? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्य का पैसा बिना कार्य के ही पी.डब्‍ल्‍यू.डी. द्वारा निकाल लिये जाने की शिकायत पर कोई जाँच की जा रही है? यदि हाँ, तो कौन जाँच कर रहा है? क्‍या उच्‍च स्‍तरीय अधिकारियों से जाँच करायी जायेगी एवं आरोपित अधिकारियों के विरूद्ध तत्‍काल कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (निर्माण की नहीं अपितु मार्ग नवीनीकरण की स्‍वीकृति थी) जी हाँ। जी हाँ। वर्क आर्डर नं0 4592 दिनांक 17.09.2013 है। टेन्‍डर राशि रूपये 41.35 लाख का, श्री नीरज द्विवेदी ठेकेदार को वर्क आर्डर जारी किया गया था। (ख) जी हाँ। प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 01.12.2014 को जारी की गई तथा कार्य दिनांक 01.09.2015 को प्रारंभ हुआ। (ग) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी हाँ। अधीक्षण यंत्री लो.नि.वि. रीवा मण्‍डल रीवा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

परिशिष्ट - ''पाँच''

सिंचाई योजनाओं के प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

22. ( क्र. 2074 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीधी/सिंगरौली जिले अंतर्गत मवई नदी डायवर्सन, महान नदी डायवर्सन, अमहोरा डोल मार्ग एवं हट्टा जालपानी निगरी गोपद नदी डायवर्सन सिंचाई योजना प्रस्‍तावित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या प्रस्तावित सिंचाई योजनाओं का प्राक्‍कलन विभाग के पास लंबित है? यदि हाँ, तो लंबित प्रस्‍तावों को कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जाएगी? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में लघु सिंचाई योजनाओं से संबधित कितने प्रस्‍ताव विभाग से प्राप्‍त हुए हैं? जानकारी देवें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) सीधी जिले में मवई नदी डायवर्सन, अमोहराडोल बाँध तथा सिंगरौली जिले में गौड़ वृहद सिंचाई परियोजना प्रस्तावित हैं। महान नदी डायवर्सन की कोई योजना नहीं है। (ख) अमोहराडोल परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 25.01.2016 को प्रदान की गई है, जिसका निर्माण कार्य प्रारंभ है। मवई नदी डायवर्सन परियोजना के सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर डी.पी.आर. तैयार किया गया है। परियोजना में संजय टाईगर रिजर्व कोरजोन की 123.67 हेक्टर वन भूमि प्रभावित होने तथा परियोजना की लागत मापदण्ड से अधिक होने के कारण मुख्य अभियंता, बोधी द्वारा वैकल्पिक प्रस्ताव तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। मवई नदी के स्थान पर बनास नदी से जल उद्वहन कर माइक्रो एरिगेशन प्रणाली से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव का परीक्षण किया जा रहा है। गौड़ वृहद परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन मुख्य अभियंता, बोधी के कार्यालय में परीक्षणाधीन होने के कारण समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) सिंगरौली जिले के अंतर्गत मियार मध्यम सिंचाई परियोजना एवं पाँच लघु सिंचाई परियोजनाओं की साध्यता स्वीकृति क्रमशः दिनांक 12.01.2017 एवं दिनांक 17.11.2016 को दी जाकर डी.पी.आर. बनाने के निर्देश दिये गये हैं।

गांगला से हण्डिया एवं हण्डिया से गुल्लास रोड निर्माण

[लोक निर्माण]

23. ( क्र. 2121 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में गांगला से हण्डिया एवं हण्डिया से गुल्लास सड़क विभाग द्वारा कब स्वीकृत की गई हैं? उक्त सड़कों के निर्माण पर कितनी-कितनी राशि व्यय की गई व व्यय होना है। उक्त सड़कों की वर्तमान स्थिति क्या है? ठेकेदार से किये गये अनुबन्ध का विवरण उपलब्ध करावें। (ख) उक्त सड़कों के समय पर कार्य न होने के लिये कौन-कौन दोषी है एवं उन पर क्या कार्यवाही हुई है? यदि सड़कों के निर्माण में ठेकेदार की गलती है तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? (ग) उक्त सड़कों का कितना-कितना कार्य हो गया है एवं कितना बाकी है? उसे कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? पुल पुलिया सहित स्पष्ट करें। (घ) हरदा जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत ऐसे कितने रोड हैं जिनका प्रश्न दिनांक तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है एवं कार्य अपूर्ण है? कारण सहित सूचि उपलब्ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टि के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) ठेकेदार दोषी है। दोषी ठेकेदार का नाम काली सूची में दर्ज किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत प्राप्त प्रस्तावों पर कार्यवाही

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( क्र. 2122 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले के विधानसभा क्षेत्र-135 हरदा अन्तर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत कुल कितने व कौन-कौन से प्रस्ताव विभाग को प्राप्त हुये हैं व प्रश्नकर्ता द्वारा कलेक्टर हरदा को लिखे पत्र क्रमांक/1051 दिनांक 26.04.2016 पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या विभाग द्वारा उक्त प्राप्त प्रस्तावों के स्थल निरीक्षण कर प्राक्कलन तैयार कर लिये गये हैं? (ग) यदि हाँ, तो किस-किस कार्य को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत शामिल किया गया है व उन पर कितनी-कितनी राशि व्यय होना संभावित है? (घ) हरदा विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत कब तक चयनि‍त कार्यों का कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) हरदा जिले में विधान सभा क्षेत्र-135 हरदा के लिये प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत विकासखण्‍ड हरदा एवं खिरकिया में कुल 71601 कार्यों के प्रस्‍ताव कृषि विभाग हरदा को प्राप्‍त हुए थे। माननीय विधायक के पत्र क्रमांक/विधायक हरदा/2014/1051/2016 दिनांक 26.04.2016 के अनुसार 44 प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए थे। जिनमें से 41 प्रस्‍ताव जिला सिंचाई योजना (डी.आई.पी.) में शामिल किये गये शेष 3 प्रस्‍ताव शामिल नहीं किये गये है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जिले की डी.आई.पी. को दिनांक 22.12.2016 के राज्‍य स्‍तरीय मंजूरी समिति की बैठक में अनुमोदन प्राप्‍त हो चुका है। (ख) प्राप्‍त प्रस्‍ताव प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के ए.आई.बी.पी. घटक से संबंधित होने के कारण उक्‍त प्रस्‍तावों पर जल संसाधन विभाग हरदा के द्वारा कार्य किया जाना है। जल संसाधन विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत विभाग द्वारा डी.आई.पी. में सम्मिलित 41 प्रस्‍ताव हेतु भौतिक लक्ष्‍य एवं आवंटन प्राप्‍त नहीं हुआ है। लक्ष्‍य प्राप्‍त होने पर स्‍थल निरीक्षण कर प्राक्‍कलन तैयार किये जावेगे। (ग) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत शामिल 41 प्रस्‍ताव हेतु अनुमानित लागत राशि रू. 680 लाख का प्रावधान किया गया है, जो व्‍यय होना संभावित है। (घ) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत जल संसाधन विभाग द्वारा भौतिक एवं वित्‍तीय लक्ष्‍य उपलब्‍ध कराने पर कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा।

परिशिष्ट - ''छ: ''

हाईस्‍कूल भवन निर्माण

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 2129 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के सभी जिलों में पी.आई.यू. द्वारा बनाये जाने वाले भवनों में आंतरिक विद्युतीकरण कार्य किये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो झाबुआ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नवनिर्मित हाईस्‍कूल पिटोल एवं अन्‍य भवनों में आंतरिक विद्युतीकरण कार्य क्‍यों नहीं किया गया? (ग) उक्‍त निर्मित हाईस्‍कूल भवनों में कक्षाएं संचालित हैं, क्‍या शासन द्वारा हाईस्‍कूल भवनों में विद्युतीकरण कार्य की राशि पी.आई.यू. को नहीं दी जाती है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, कक्षाएँ संचालित है। आंतरिक विद्युतीकरण कार्य हेतु पी.आई.यू. को राशि दी जाती है।

परिशिष्ट - ''सात''

नहरों की मरम्‍मत/सफाई में गंभीर अनियमितताएं

[जल संसाधन]

26. ( क्र. 2310 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उर्मिल बाई नहर में वर्ष 2011 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन माइनरों में वर्षवार नहरों की सफाई एवं मरम्‍मत पर कितनी राशि का व्‍यय किया गया? (ख) मरम्‍मत एवं सफाई पर विभाग के उपयंत्री/अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कितने देयकों को प्रणाणित किया गया? राशि सहित विवरण दें। (ग) विभागीय अधिकारियों द्वारा किन-किन तिथियों में टूर किया गया? टूर प्रोग्राम की वर्षवार प्रमाणित जानकारी दें? (घ) क्‍या कार्यपालन यंत्री द्वारा धरातल पर कार्य का भौतिक सत्‍यापन करवाया गया? यदि हाँ, तो कब तक।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) उर्मिल बायीं नहर उत्तर प्रदेश के अधिपत्य में होने से शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

कृषक प्रशिक्षण में गंभीर अनियमितताएं

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

27. ( क्र. 2312 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 15-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कृषक प्रशिक्षण हेतु कितना आवंटन जिला छतरपुर में प्राप्‍त हुआ और कितना व्‍यय किया गया? (ख) जिले में जिन-जिन विकासखण्‍डों के कृषकों को प्रशिक्षण दिया गया, उनकी संख्‍या दें? (ग) प्रशिक्षण किन-किन अवधियों में कहाँ-कहाँ पर आयोजित किये गये तथा कितना-कितना व्‍यय हुआ? प्रशिक्षणवार व्‍यय की जानकारी का विवरण दें? (घ) क्‍या निजी खातों में राशि डालकर दुकानदारों से वाउचर बनवाये गये?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी नहीं।

सहकारी अधिनियम 1960 की धारा 58B के तहत् कार्यवाही किये जाना

[सहकारिता]

28. ( क्र. 2316 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रबी विपणन वर्ष 14-15 से 16-17 तक समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित एवं भण्‍डारित मात्रा में पाई गई कमी के संबंध में उपार्जन करने वाली संस्‍थाओं के विरूद्ध छतरपुर जिले में क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) छतरपुर जिले में वर्ष 14-15 से 16-17 में सहकारी संस्‍थाओं के गेहूँ उपार्जित केन्‍द्रों पर उपार्जित गेहूँ की तुलना में कम जमा गेहूँ की राशि वसूली हेतु सहकारी अधिनियम 1960 की धारा 58वी के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कराये गये? यदि हाँ, तो कौन-कौन के विरूद्ध? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) में किन-किन अधिकारियों ने परीक्षण किया उनके नाम, पद सहित जानकारी दें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) रबी विपणन वर्ष 2014-15 से 2016-17 तक समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित एवं भण्‍डारित मात्रा में पाई गई कमी की राशि संबंधित कर्मचारियों से जमा करा ली गई है, दो केन्‍द्र प्रभारियों द्वारा राशि जमा न करने के कारण उन्‍हें निलंबित किया गया है। (ख) जी नहीं, सेवा सहकारी समिति मर्या. टटम में वर्ष 2014-15 एवं सेवा सहकारी समिति मर्या. उजरा में वर्ष 2015-16 की स्टॉक कमी की राशि वसूली के प्रकरण दर्ज कराने हेतु निर्देश दिये गये है। (ग) जानकरी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''आठ''

सेवा सहकारी समिति चांगोटोला की जाँच

[सहकारिता]

29. ( क्र. 2403 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सेवा सहकारी समिति चांगोटोला पंजीयन क्र. 66/64 की जाँच दिनांक 24/05/2016 को तहसीलदार बालाघाट द्वारा की गयी जाँच में सत्‍य पाया गया? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या दिनांक 12/10/2012 को सेवा सहकारी समिति मर्यादित चांगोटोला पंजीयन क्र0 66/64 द्वारा लिपिक रविशंकर ठाकरे को सेवा से पृथक किया गया था? यदि हाँ, तो लिपिक वर्तमान में कैसे पदस्‍थ है? (ग) क्‍या चमारूलाल बाहे सेवा सहकारी समिति के उपाध्‍यक्ष चांगोटोला द्वारा जनसुनवाई शिकायत संख्‍या 16030 की गयी थी? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। तहसीलदार बालाघाट द्वारा शिकायत की जाँच कर जाँच प्रतिवेदन कलेक्टर खाद्य शाखा, बालाघाट को प्रेषित किया गया था, जिसे कलेक्टर खाद्य शाखा, बालाघाट द्वारा पत्र दिनांक 27.05.2016 से उप आयुक्त सहकारिता, बालाघाट को कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया। कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता, बालाघाट द्वारा जाँच प्रतिवेदन का परीक्षण किया गया, जाँच प्रतिवेदन में जाँच अधिकारी द्वारा स्पष्ट अभिमत नहीं देने से महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., बालाघाट से उप आयुक्त सहकारिता द्वारा स्पष्ट अभिमत चाहा गया, जिसके पालन में महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., बालाघाट द्वारा अपने पत्र दिनांक 28.09.2016 से स्पष्ट अभिमत प्रेषित किया गया, जिसके अनुसार शिकायत असत्य पाये जाने से कार्यालय उप आयुक्त सहकारिता, बालाघाट द्वारा दिनांक 29.09.2016 से जिला आपूर्ति अधिकारी, बालाघाट को शिकायत नस्तीबद्ध किये जाने हेतु लिखा गया है। (ख) जी हाँ। न्यायालय उप पंजीयक सहकारी संस्थायें, जिला बालाघाट के आदेश से लिपिक वर्तमान में पदस्थ है। (ग) जी हाँ। शिकायत पर उत्तरांश '' अनुसार कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश में बीमा कंपनियों द्वारा किसानों को कम राशि दिया जाना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

30. ( क्र. 2508 ) श्री जितू पटवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में 1 रूपये से लेकर 2000 रूपये का फसल बीमा राशि कितने किसानों को मिली? पटवारी हल्‍का का नाम, फसल बीमा राशि की इन्‍दौर, उज्‍जैन संभाग की जिलावार जानकारी 01.01..2015 से 31.01.2017 अवधि के संदर्भ में देवें? (ख) यह भी बतावें कि उपरोक्‍त समया‍वधि में उपरोक्‍त कृषकों ने कितनी प्रीमियम राशि जमा की? प्रश्‍नांश (क) अवधि अनुसार देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार तहसीलवार कितरने बीमितऋणी कृषक थे? (घ) फसल बीमा दावा भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी देवें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''नौ''

रेल्‍वे ओवर ब्रिज निर्माण

[लोक निर्माण]

31. ( क्र. 2592 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत जो बाईपास निर्माणाधीन है उस पर रेल्वे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसकी स्वीकृति कब प्रदान की गई एवं इसकी लागत कितनी है? ब्रिज निर्माण की समय-सीमा क्या है? (ख) स्वीकृति के बाद उक्त ब्रिज का निर्माण कब प्रारंभ किया गया एवं इसका निर्माण कब पूर्ण हो जावेगा? समय-सीमा में कार्य पूर्ण न हो पाने पर क्या विभाग इसकी जाँच करवायेगा एवं संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो अवगत करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 01.09.2015 एवं लागत रू. 1392.67 लाख। अनुबंध अनुसार 3 जुलाई 2017(ख) दिनांक 04.01.2016 को कार्यादेश जारी एवं अनुबंधानुसार 3 जुलाई 2017 को पूर्ण किया जाना है। कार्यावधि शेष है, शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नहरों के सुदृढ़ीकरण

[जल संसाधन]

32. ( क्र. 2648 ) श्री रजनीश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जल संसाधन विभाग द्धवारा नहरो की मजबूती /सुंदृढ़ीकरण कार्य किया जाता है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक केवलारी विधान सभा क्षेत्र में किन-किन नहरों की मजबूती/सुदृढ़ीकरण कार्य किया गया है? उन नहरों का नाम व स्‍थान स्‍वीकृत राशि एवं व्‍यय की गई राशि बतावें? (ख) क्‍या संजय सरोवर परियोजना के अंतर्गत मुख्‍य नहर माईनर नहर सब माइनर नहर के सुदृढ़ीकरण (ईआरएस) के लिये रूपये 615.42 करोड़ का परियोजना प्रस्‍ताव केन्‍द्रीय जल आयोग भारत सरकार को दिनांक 17 अक्‍टूबर 2013 को भेजा गया था? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (ख) अनुसार केन्‍द्रीय जल आयोग भारत सरकार ने इस पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्य किया है? यदि हाँ, तो बतायें, यदि नहीं, तो क्‍या पुन: शासन केन्‍द्रीय जल आयोग भारत सरकार को प्रस्‍ताव भेजेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) केन्द्रीय जल आयोग द्वारा अपने पत्र दिनांक 19.02.2014, 26.09.2014 एवं 15.05.2015 द्वारा अतिरिक्‍त जानकारी चाही गई हैं जिनका समाधान किया जा रहा है। गुणदोष के आधार पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।

परिशिष्ट - ''दस''

अपर तिलवारा एवं पेंच परिवर्तन सिंचाई योजना

[जल संसाधन]

33. ( क्र. 2649 ) श्री रजनीश सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत अपर तिलवारा सिचांई योजना की वर्तमान स्थिति क्‍या है? इस योजना को कब स्‍वीकृत किया गया है? स्‍वीकृत राशि भी बतायें। (ख) अपर तिलावारा योजना से कितने हेक्‍टेयर भूमि सिंचित होगी? ग्रामवार विवरण देवें। इस योजना को कब पूर्ण कर किसानों को सिंचाई हेतु पानी देने का लक्ष्‍य है? क्‍या समयावधि में यह कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसका जिम्‍मेदार कौन है? (ग) पेंच परिवर्तन सिंचाई योजना (माचागोरा बांध जिला छिंदवाडा) की वर्तमान स्थिति क्‍या हैं? इस योजना से सिवनी जिले की कितने हेक्‍टेयर कृषि भूमि लाभांवित होगी? पेंच परिवर्तन योजना को कब स्‍वीकृत किया गया? इसके लिये कितनी राशि स्‍वीकृति की गई? (घ) प्रश्नांश (क) एवं प्रश्‍नांश (ग) अनुसार उक्‍त दोनों सिंचाई योजना की मांग किस जनप्रतिनिधि द्वारा रखी गई? कब रखी गई? नाम व पद बतावें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'1' अनुसार है। (ख) परियोजना से कुल 7,950 हे. भूमि सिंचित होगी। ग्रामवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'2' अनुसार है। परियोजना का कार्य जून-2017 तक पूर्ण कर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराया जाना लक्षित है। (ग) पेंच व्यपवर्तन परियोजना के बांध का निर्माण कार्य लगभग 95 प्रतिशत तथा नहर का कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूर्ण होना प्रतिवेदित है। परियोजना से सिवनी जिले की लगभग 47,000 हे. कृषि भूमि। लाभांवित होगी परियोजना की स्वीकृति वर्ष 1988 में रू.9160.00 लाख प्रदान की गई थी। इस परियोजना की कुल कमाण्‍ड क्षेत्र 85,000 हे. की अद्यतन लागत रू.2544.57 करोड़ है। (घ) अपर तिलवारा नहर परियोजना के निर्माण हेतु तत्कालीन म.प्र. विधानसभा उपाध्यक्ष मान. स्व. श्री हरवंश सिंह जी द्वारा पत्र दिनांक 25.03.2010 एवं दिनांक 18.08.2010 द्वारा मांग रखी गई थी। पेंच व्यपवर्तन परियोजना की मांग किसी जन-प्रतिनिधि द्वारा नहीं की जाना प्रतिवेदित है। परियोजना मुख्य अभियंता वृहद परियोजना (अनुसंधान) द्वारा वर्ष 1970 में प्रस्तावित की गई थी।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

सहकारी साख संस्थाओं के खाताधारकों को प्रदत्त पासबुक

[सहकारिता]

34. ( क्र. 2722 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के परि.अता. प्रश्न क्रमांक 1677 दिनांक 22 जुलाई 2016 के उत्तरांश (क) के तारतम्‍य में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत सहकारी साख संस्थावार क्रेडिट कार्डधारी शेष कृषकों को पासबुक किन कारणों से उपलब्ध नहीं कराई जा सकी? (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कृषकों को 2016 में प्राप्त बीमा क्लेम का समायोजन खातों में किया गया? यदि हाँ, तो कृषकों के खातों में किए गए समायोजन की सहकारी साख संस्थावार जानकारी देवें? (ग) कृषकों को उपलब्ध कराई गई पासबुक में प्रविष्टि‍ की क्या स्थिति है? कृपया विवरण देवें? (घ) कृषकों शत्-प्रतिशत पासबुक उपलब्ध कराने एवं पासबुक में पूर्ण प्रविष्टि‍ कर पारदर्शितापूर्ण प्रक्रिया से लेनदेन हेतु कोई ठोस कदम उठाये जाकर कार्य पूर्ण किया जावेगा? यदि हाँ, तो क्या व कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) विधान सभा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1677 दिनांक 22 जुलाई 2016 के उत्तरांश '' में 2162 कृषकों को संयुक्त खाते होने तथा गांव से बाहर होने के कारण मुआवजा राशि वितरित नहीं होने से पास बुक नहीं दिये जाने का उल्लेख किया गया था। वर्तमान में शेष सभी 2162 कृषकों को पासबुक उपलब्ध करा दी गई है। (ख) जी हाँ। समितिवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) कृषकों द्वारा समिति में पासबुक प्रस्तुत करने पर तारीख प्रविष्टि की जाती है। (घ) शत्-प्रतिशत कृषकों को पासबुक उपलब्ध करा दी गई है। संस्था से लेनदेन की प्रविष्टि कृषक द्वारा पासबुक संस्था में प्रस्तुत करने पर तारीख पूर्ण की जाती है।

परिशिष्ट - ''बारह''

निर्माण कार्यों की जानकारी

[जल संसाधन]

35. ( क्र. 2757 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रायसेन की विधानसभा क्षेत्र उदयपुरा में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने कार्य कितनी-कितनी राशि के किस मद से कब-कब करवाये गये? विकासखण्‍डवार एवं वर्षवार पूर्ण ब्‍यौरा देवें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार प्रचलित कार्य में से कितने कार्य पूर्ण हैं? कितने अपूर्ण हैं एवं उक्‍त कार्य में से किस-किस कार्य के लिये किस-किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस दिनांक को चेक/ड्राफ्ट क्रमांक एवं नगद राशि के रूप में किया गया वर्षवार ब्‍यौरा देवें? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्यों में से कौन-कौन से कार्य है? जिनके पूर्ण किये बिना अथवा कार्य प्रारंभ किये बिना कार्य से अधिक राशि का भुगतान किया गया? कार्यवार किये गये भुगतान का पूर्ण ब्‍यौरा देवें? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत कार्यों में अनियमितता और भ्रष्‍टाचार की कितनी शिकायतें जिला स्‍तर पर प्राप्‍त हुई? शिकायतों का विवरण देते हुये बतावें कि इनमें से किन-किन शिकायतों की जाँच किसके द्वारा कराई गई एवं जाँच के पश्‍चात् क्‍या कार्यवाही की गई?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है।

टेम परियोजना से विस्‍थापित ग्राम

[जल संसाधन]

36. ( क्र. 2836 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र के कौन-कौन से ग्राम टेम परियोजना के कारण प्रभावित हो रहे हैं, सूची उपलब्‍ध करावे? (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित प्रभावित ग्रामों के विस्‍थापितों की पुनर्बसाहट हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्ययोजना बनायी गयी है? (ग) इस परियोजना से नजीराबाद क्षेत्र के आसपास के कौन-कौन से ग्राम लाभांवित हो रहे हैं, इस परियोजना के चालू होने पर बैरसिया तहसील के सिंचाई के रकबे में कितनी बढ़ोत्‍तरी होगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) टेम मध्यम परियोजना से ग्राम खेडली एवं माजिदगढ़ पूर्ण रूप से तथा ग्राम कोलूखेड़ी आंशिक रूप से प्रभावित होना प्रतिवेदित हैं। (ख) प्रभावितों के विस्थापन हेतु कार्य योजना बनाने की कार्यवाही प्रचलन में हैं। (ग) परियोजना से नजीराबाद क्षेत्र के ग्राम गनाखेड़ी व आलमपुरा लाभांवित होंगे तथा बैरसिया तहसील के सिंचाई रकबे में 550 हेक्टर की वृद्धि संभावित है।

हितग्राहियों को सब्सिडी का भुगतान

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

37. ( क्र. 2837 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत किन-किन हितग्राहियों के वेयरहाउस, पॉली हाउस तथा नेट हाउस शासन की अनुदान योजनान्‍तर्गत 01 जनवरी 2014 से 31 दिसम्‍बर 2016 के मध्‍य कितनी-कितनी राशि के स्‍वीकृत किये गये हैं? हितग्राहीवार, किस-किस कंपनी द्वारा उपरोक्‍त हाउसों का निर्माण किया गया है, हितग्राहीवार, कपंनीवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित हितग्राहियों को दी जाने वाली सब्सिडी की राशि जारी हो गयी अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्‍या कारण रहे हैं एवं कब तक सब्सिडी की राशि जारी कर दी जावेगी?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में वेयर हाउस एवं नेट हाउस के कोई प्रकरण स्‍वीकृत नहीं है। पॉली हाउस के स्‍वीकृत प्रकरणों सहित प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

हितग्राही का नाम

ग्राम

स्‍वीकृत अनुदान राशि (लाख में)

निर्माता कंपनी का नाम

श्री राहुल/ओ.पी. सक्‍सेना

करारिया

16.88

इंडियन ग्रीन हाउस

श्रीमति उमा कनकने/महेश कनकने

हिनोती सड़क

16.88

परम ग्रीन हाउस

श्री महेश कुमार/गोपीलाल

हिनोती सड़क

18.70

परम ग्रीन हाउस

श्री प्‍यार सिंह/भीकम सिंह

भेसोदा

18.70

सिद्धि विनायक पॉली हाउस पुणे

श्री धमेन्‍द्र सक्‍सेना/के.एन. सक्‍सेना

बर्राई

16.88

इंडियन ग्रीन हाउस

(ख) उत्‍तरांश (क) के हितग्राही श्री प्‍यार सिंह/भीकम सिंह के प्रकरण में कार्य अपूर्ण होने के कारण अनुदान की दि्‍वतीय किस्‍त रूपये 9.35 लाख जारी नहीं हुई है, जिसके लिए चालू वित्‍तीय वर्ष में कार्य पूर्ण होने पर 31 मार्च 2017 की समय-सीमा निर्धारित है। शेष प्रकरणों में स्‍वीकृत अनुदान की राशि भुगतान की जा चुकी है।

पहुँच मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

38. ( क्र. 2999 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या ग्राम पंचायत डोल से चिरैया नाला पहुंच मार्ग हेतु विभाग द्वारा सड़क निर्माण कराया जा रहा है? उक्त सड़क मार्ग कब प्रारंभ किया गया था तथा विभाग द्वारा सड़क के निर्माण पूर्णता हेतु कितनी अवधि निर्धारित की गयी थी? (ख) उक्त मार्ग निर्माण के अवरूद्ध होने का क्या कारण है? विभाग द्वारा उक्त अधूरे मार्ग का निर्माण कब तक पूरा किया जा सकेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 19.10.201508 माह। (वर्षाकाल छोड़कर) । (ख) भू-अर्जन की कार्यवाही प्रचलन में होने के कारण। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

कृषि विभाग की विभिन्‍न योजनाएं

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

39. ( क्र. 3137 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में झाबुआ जिले में किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग को विभिन्‍न योजनाओं में कितना आवंटन प्राप्‍त हुआ एवं व्‍यय का विवरण देंवे? (ख) जिले में उक्‍त अवधि में कितने निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये तथा ऐसे कितने कार्य है जिनका निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण नहीं हुआ है तथा क्‍या कारण है विवरण देवें? (ग) वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में पेटलाबद विधान सभा क्षेत्र में कितने कृषकों को विभाग की हितग्राही मूलक योजना में लाभांवित किया गया? (घ) पेटलाबद विधान सभा क्षेत्र में विभाग के मैदानी अमले में से किस-किस के विरूद्ध क्‍या-क्‍या शिकायतें उक्‍त अवधि में प्राप्‍त हुई है तथा उस पर क्‍या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) पेटलावद विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत निर्माण कार्यों अथवा हितग्राही मूलक योजनाओं के संबंध में उक्त अवधि में विभाग के मैदानी अमले के विरूद्ध कोई शिकायतें उक्त अवधि में प्राप्त नहीं हुई है। अपितु मैदानी अमले द्वारा कृषकों के साथ अभद्र व्यवहार एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार के कुल 2 शिकायत प्राप्त हुई थी जिस पर की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है।

बलराम ताल योजना, भू-जल संवर्धन योजना, राष्‍ट्रीय बायोगैस योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

40. ( क्र. 3138 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में बलराम ताल योजना, भू-जल संवर्धन योजना, राष्‍ट्रीय बायोगैस योजना अंतर्गत कहाँ-कहाँ, कितने-कितने कार्य करवाये गये विकास खण्‍डवार जानकारी उपलब्‍ध करावें वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 की जानकारी देवें? (ख) उक्‍त योजनाओं के अंतर्गत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कितनी राशि व्‍यय कर कितने हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। तथा वर्तमान में इनकी क्‍या स्थिति है तथा क्‍या उपयोगिता है? (ग) झाबुआ जिले में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कितने नलकूप खनन किये गये है वर्षवार कितने आवेदन प्राप्‍त हुए कितने मान्‍य/अमान्‍य किये गये तथा कितने लंबित है? (घ) झाबुआ जिले में नलकूप खनन हेतु उक्‍त तीनों वर्षों में कितन-कितना लक्ष्‍य निर्धारित किया गया था। क्‍या लक्ष्‍य अनुसार नलकूप खनन कार्य करवाये गये यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-चार अनुसार है।

संचालित विभागीय परियोजनाएं

[जल संसाधन]

41. ( क्र. 3226 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत जल संसाधन विभाग की कितनी परियोजनायें चल रही हैं? क्या कोई नई परियोजना का सर्वे किया गया है? (ख) क्या भगवंत सागर बांध की गाद निकालने का प्रस्ताव है? यदि हाँ, तो उसका बजट क्या है? यदि नहीं, तो क्यों जबकि उसकी गाद निकालना अति आवश्यक है? ग्राम दीवाल, बड़ौदा के सर्वे किस स्थति में है? (ग) सुक्ता जलाशय का नगर निगम खण्डवा को पेयजल देने का कितने सालों का एग्रीमेंट है व कितना पानी हर साल दिया जाता है? व कब दिया जाता है? (घ) क्या यह पानी नगर निगम खण्डवा पाईप लाईन द्वारा लेती है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विधान सभा क्षेत्र पंधाना के अंतर्गत पलासी लघु सिंचाई परियोजना निर्माणाधीन है तथा भाम (राजगढ़) मध्यम सिंचाई परियोजना की स्वीकृति शासनादेश दिनांक 14.09.2016 द्वारा प्रदान की गई है। तीन लघु सिंचाई परियोजनाएं क्रमशः सुक्ता बैराज, भाम बैराज तथा काल्दा नाले पर तालाब के सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। (ख) जी नहीं। जलाशय के भराव क्षेत्र में गाद (सिल्ट) हटाने से रिसाव की समस्या संभावित होने से गाद निकालना तकनीकी रूप से व्यवहारिक नहीं है। ग्राम दीवाल के समीप पाबई लघु सिंचाई परियोजना एवं बड़ौदा अहिर के समीप उमरदा लघु सिंचाई परियोजनाओं के सर्वे कार्य नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा किये जाकर डी.पी.आर. तैयार किये गये थे। प्रस्ताव का परीक्षण एवं प्राक्कलन एस.ओ.आर. 2016 की दर पर अद्यतन करने पर दोनों परियोजनाओं की प्रति हेक्टर लागत रू. 03.50 लाख से अधिक होने से परियोजनाएं वित्तीय मापदण्ड पर साध्य नहीं पाई गई। (ग) सुक्ता जलाशय से नगर निगम खण्डवा को उनकी माँग अनुसार प्रतिवर्ष जल प्रदाय किया जाता है। इस वर्ष 11.33 मि.घ.मी. जल आरक्षित किया जाना प्रतिवेदित है। माह फरवरी से वर्षा आगमन तक। (घ) जी नहीं।

सागर जिला में कीटनाशक दवा खाद एवं बीज का लायेसन्‍स

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

42. ( क्र. 3292 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खाद, बीज, कीटनाशक दवा के लायसेंस जारी करने हेतु आवेदन लोक सेवा केन्‍द्र के माध्‍यम से लेने तथा बने हुए लायसेंस लोक सेवा केन्‍द्र के माध्‍यम से ही आवेदकों को देने का प्रावधान किया गया है? यदि हाँ, तो कब से? लोक सेवा केन्‍द्र सागर में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? कितने आपत्ति लगाकर खारिज/लौटाये गये? विभाग ने कुल कितने लायसेंस जारी किये? (ख) वर्ष 2015-16 से दिसम्‍बर 2016 तक कितने आवेदन प्रश्नांश (क) संदर्भित उप संचालक किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास को विकासखण्‍ड के माध्‍यम से एवं सीधे प्राप्‍त हुए है? विकासखण्‍डवार संख्‍या बतायें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) समय में बनाये गये लायसेंस विक्रेताओं को देने के लिए लोक सेवा गांरटी केन्‍द्रों को कब-कब दिये गये? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) समय में बनाये गये लायसेंस आवेदकों को रजिस्‍ट्री से भेजे गये? उपसंचालक कार्यालय द्वारा आवेदकों को दिये गये लायसेंसों की प्रमाणित प्रति बतायें? क्‍या संयुक्‍त संचालक कार्यालय सागर ने लायसेंस आवेदन लोक सेवा केन्‍द्रों से लेने एवं यही से समय-सीमा में बनाकर आवेदकों को देने की जाँच की है? यदि हाँ, तो कौन दोषी था? यदि नहीं, तो शासन के इतने बड़े लोक हितकारी कानून के क्रियान्‍वन की जाँच क्‍यों नहीं की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी, हाँ। लोक सेवा केन्‍द्र सागर के माध्‍यम से वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त आवेदन व अन्‍य विस्‍तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) वर्ष 2015-16 से दिसम्‍बर 2016 तक विकासखण्‍डों से सीधे 255 आवेदन प्राप्‍त हुये। विकासखण्‍डवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) के अनुसार आवेदन पत्र सीधे विकासखण्‍डों द्वारा प्राप्‍त हुये। अत: लोक सेवा केन्‍द्र से भेजने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (ख) के अनुसार प्राप्‍त आवेदन अनुसार बनाये गये लायसेंस रजिस्‍ट्री से नहीं भेजे गये अपितु तैयार किये गये लायसेंस संबंधितों एवं विकासखण्‍डों के वरिष्‍ठ कृषि विकास अधिकारी के द्वारा समय पर स्‍वयं ही कार्यालय से प्राप्‍त किये गयें। उप संचालक कार्यालय द्वारा आवेदकों को दिये गये लायसेंसों की प्रमाणित प्रतियां एकत्रित की जा रही है। लायसेंस समय पर जारी न किये जाने एवं संबंधितों को उपलब्‍ध न कराने की कोई भी शिकायत/ अपील कार्यालय संयुक्त संचालक, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास, संभाग- सागर को प्राप्‍त नहीं हुई। जिससे पृथक से जाँच करने एवं दोषी पाये जाने का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

श्री राजेन्‍द्र सूरी साख सहकारी संस्‍था मर्या. राजगढ़ द्वारा की गई अनियमितता

[सहकारिता]

43. ( क्र. 3377 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्री राजेन्‍द्रसूरी साख सहकारी संस्‍था मर्या. राजगढ़ जिला धार के संचालक मण्‍डल द्वारा करोड़ों रूपये की आर्थिक अनियमितताओं के कारण यू.ओ.डब्‍लू. द्वारा छापा मारा गया था? (ख) क्‍या संचालक मण्‍डल के द्वारा स्‍वयं एवं रिश्‍तेदारों के नाम पर ऋण लेकर स्‍वयं ही संचालकों द्वारा डूबत मानकर डूबत खातों में डाल दिया गया जिससे संस्‍था को भारी आर्थिक क्षति हुई साथ ही कई व्‍यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए अपूर्ण दस्‍तावेजों के आधार पर अपात्र लोगों को ऋण स्‍वीकृत किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो सहकारिता विभाग द्वारा संचालक मण्‍डल को भंग क्‍यों नहीं किया गया? शासन कब तक संचालक मण्‍डल को भंग कर प्रशासक की नियुक्ति करेगा ताकि निष्‍पक्ष रूप से जाँच हो सकें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. इन्‍दौर द्वारा संस्‍था के दस्‍तावेज जब्‍त किये जाने के पश्‍चात् जाँच प्रतिवेदन अप्राप्‍त है। प्रतिवेदन प्राप्‍त होने के पश्‍चात् ही स्थिति स्‍पष्‍ट हो सकेगी। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार।

जल संसाधन विभाग द्वारा मरम्मत पर व्यय राशि

[जल संसाधन]

44. ( क्र. 3398 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में व धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र में जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित शासकीय आवास गृहों की मरम्मत पर विगत दो वर्षों के दौरान किस-किस आवास गृह पर कितनी-कितनी राशि किन कार्यों पर व्यय की गई है? (ख) दोनों वर्षों में व्यय की गई राशि की आवासवार करवाये गये कार्य सहित जानकारी उपलब्ध करावें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) धार जिले में शासकीय आवास गृहों की मरम्मत पर विगत 02 वर्षों में किये गये व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। धरमपुरी विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत आवास गृहों के मरम्मत पर विगत 02 वर्षों में कोई राशि व्यय नहीं किया जाना प्रतिवेदित है।

नियम विरूद्ध खाता खोलने वाले शाखा प्रबंधक पर कार्यवाही

[सहकारिता]

45. ( क्र. 3472 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता.प्र.सं. 85 (क्र. 1652) दिनांक 22/07/2016 के तहत विधि विरूद्ध बैठक के प्रस्‍ताव क्र. 2 के अंतर्गत बैंक खाते के संचालन के लिए हस्‍ताक्षरों का प्रमाणीकरण होना जरूरी था? संबंधित व्‍यक्तियों के हस्‍ताक्षर किस पदनाम/नाम के व्‍यक्ति ने प्रमाणित किए थे? शाखा प्रबंधक ने उक्‍त खाते का संचालन किस आधार पर होने दिया? (ख) प्रश्नांश (क) के तहत उक्‍त खाते का संचालन किस दिनांक तक हुआ? किस दिनांक को बंद किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) के तहत दिनांक 22/07/2016 को दिये उत्‍तर व दिसम्‍बर 2016 में भोपाल जे.आर. द्वारा उक्‍त बैठक को विधि विरूद्ध घोषित करने के बाद भी उक्‍त खाते का संचालन शाखा प्रबंधक ने किस नियम के संचालित होने दिया? (घ) प्रश्नांश (क) व (ग) के तहत विधि विरूद्ध खाता खोलने व खाते का संचालन होने देने के लिए जिम्‍मेदार खरगोन शाखा प्रबंधक पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतायें। नियम बतायें। क्‍या अब की जायेगी? क्‍या और कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। समिति जामगढ़ के संबंधित व्‍यक्तियों के हस्‍ताक्षर प्रभारी शाखा प्रबन्‍धक श्री प्रदीप द्विवेदी द्वारा हस्‍ताक्षर प्रमाणित किए गए। प्रभारी शाखा प्रबन्‍धक द्वारा समिति जामगढ़ के पारित ठहराव/प्रस्‍ताव के आधार पर खाता संचालित किया गया। (ख) प्रश्‍नांश "क" के तहत उक्‍त खाते का संचालन दिनांक 18.04.2016 से दिनांक 29.12.2016 तक हुआ। (ग) प्रश्‍नांश "क" के तहत संयुक्‍त पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं भोपाल, संभाग भोपाल द्वारा विधि शून्‍य संबंधी आदेश बैंक शाखा खरगोन को दिनांक 22.12.2016 को ई-मेल से प्राप्‍त हुआ। इसके पश्‍चात् दिनांक 29.12.2016 तक शाखा प्रबन्‍धक द्वारा तत्‍समय प्रमाणित हस्‍ताक्षरकर्ता से खाता संचालन के अंतर्गत खाता संचालित किया गया। (घ) प्रश्‍नांश "क" एवं "ग" के तहत संयुक्‍त पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं भोपाल के द्वारा पारित आदेश प्राप्‍त होने के पश्‍चात् भी खाता संचालन के लिए बैंक मुख्‍यालय द्वारा शाखा प्रबन्‍धक खरगोन के विरूद्ध स्‍पष्‍टीकरण बैंक के पत्र क्रमांक/स्‍था./2016-17/4074, दिनांक 24.2.2017 से जारी किया गया, जिसका उत्‍तर प्राप्ति पश्‍चात् नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

फसल बीमा के क्रियान्‍वन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

46. ( क्र. 3487 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कृषि कार्य में किसानों के फसल अनुदान की भरपाई करने के लिये बनाया गया था? किन्‍तु रीवा जिले में इस योजना में अभी 10 फीसदी किसानों ने रबी फसल बीमा को लेकर रूचि नहीं दिखाई? जिले में 4.5 लाख किसान है जिसमें 29 हजार ने खरीफ में बीमा कराया जबकि रबी फसल में बीमा 5 हजार किसानों ने भी नहीं कराया? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्‍या बैंक उन किसानों को बीमा किया हुआ मान रहें है जिनके द्वारा समितियों से या फिर बैंक से खाद्य बीज व खेती के लिये ऋण लिया जिसकी संख्‍या लगभग 10 हजार होगी? (ग) क्‍या खरीफ में फसल बीमा कराने वाले लगभग 29 हजार किसानों को 45 करोड़ से अधिक का क्‍लेम दिलाया गया है? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) के प्रकाश में रबी फसल का बीमा में किसानों के रूचि नहीं लेने का कारण बतावें? क्‍या प्रश्‍नांश (ग) में प्राप्‍त किसानों को बीमा राशि मापदण्‍ड के अनुरूप नहीं है या राशि प्रदान करने में किसानों को छला गया है? क्‍या प्रधानमंत्री कृषि बीमा में कई त्रुटिया हैं? बीमा नहीं हो पाने के लिये कौन दोषी है? दोषी के खिलाफ कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, की जावेगी तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रमुख उद्देश्‍य निम्‍नानुसार है:- अनपेक्षित घटना क्रम के कारण फसल हानि/ क्षति से पीड़ि‍त किसानों को वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराना। किसानों की आय को सुद्ढ़ करना ताकि वे अपने कृषि कार्य को जारी रख सके। किसानों को नवीन ओर आधुनिक कृषि अभ्‍यास अपनाने के लिये प्रोत्साहित करना। कृषि कार्य हेतु ऐसा ऋण प्रवाह सुनिश्चित करना जिसे किसानों की उत्‍पादन जोखिम से सुरक्षा होने के अलावा कृषि क्षेत्र से संबंधित खाद्य सुरक्षा, फसल विविधीकरण, तीव्र विकास ओर प्रतिस्‍पर्धा का मार्ग प्रशस्‍त हो। योजना ऋणी कृषकों हेतु अनिवार्य है एवं अऋणी कृषकों हेतु ऐच्‍छिक है एवं अऋणी कृषकों को फसल बीमा कराने हेतु वृहद रूप में प्रचार प्रसार किया जा रहा है। वर्ष 2010-11 की कृषि संगणना अनुसार रीवा जिले में कुल 283986 कृषक है खरीफ 2016 में रीवा जिले में 30209 कृषकों का फसल बीमा कराया गया है तथा रवी 2016-17 के बीमांकन के संकलन का कार्य प्रकियाधीन है। (ख) योजनांतर्गत फसल बीमा अधिसूचित क्षेत्र की अधिसूचित फसलों जो किसानों द्वारा बोई जाती है एवं कृषक सहकारी समितियों, व्‍यावसायिक, क्षेत्रीय ग्रामीण एवं सहकारी बैकों से अल्‍पकालिक फसल ऋण लेते है, उनका बीमा अनिवार्य है एवं अऋणी कृषकों का बीमा स्‍वैच्छिक है। (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2016 के लिये बीमा दावा गणना प्रकियाधीन है। (घ) उत्‍तरांश क एवं ग अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पाली हाउस की व्यवस्था

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

47. ( क्र. 3647 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा विपरीत मौसमी सब्जियों के उत्पादन हेतु उद्यानिकी विभाग द्वारा पाली हाउस व्यवस्था कृषकों को उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है। (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ, तो उक्त योजना शहडोल जिले में लागू की जाकर यहां के कृषकों को लाभान्वित किया जावेगा। यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो क्यों।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) राज्‍य शासन की व्‍यावसायिक उद्यानिकी फसलों की संरक्षित खेती की प्रोत्‍साहन योजना अंतर्गत पॉली हाउस निर्माण हेतु अनुदान की व्‍यवस्‍था है,‍ जिसका लाभ कृषक ले सकते हैं। (ख) उक्‍त योजना शहडोल जिले में लागू है। वित्‍तीय वर्ष के दौरान योजना अंतर्गत ऑन-लाईन पंजीयन कर कृषक योजना का लाभ प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर ले सकते हैं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

फसल बीमा की राशि

[सहकारिता]

48. ( क्र. 3648 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शहडोल जिले में खरीफ फसल वर्ष 2015 के नुकसानी के कारण कृषकों को फसल बीमा की राशि मुहैया करायी गई है। (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ, तो उक्त जिले में प्रत्येक प्राथमिक सहकारी समितियों में कितने-कितनें कृषकों को कितनी फसल बीमा की राशि प्रदान की गई है तथा कितने कृषकों के खाते में राशि जमा की गई है।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

लखनादौन छपारा के माध्‍य फोरलेन मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

49. ( क्र. 3656 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लखनादौन-छपारा के माध्‍य 9 कि.मी. फोरलेन हाईवे का अपूर्ण निर्माण कार्य किस कंपनी द्वारा किया जा रहा है? निर्माण एजेन्‍सी के द्वारा किस दिनांक को कार्य प्रारम्‍भ किया गया है तथा कितनी समयावधि में निर्माण किये जाने का प्रावधान अनुबंध में किया गया है? (ख) उल्‍लेखित मार्ग के निर्माण में अभी तक कौन-कौन सी, कितनी-सामग्री खनित कर उपयोग में लाई गई? उपयोग में लाई गई सामग्री किस दर से कितनी रायल्‍टी वसूली गई? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित मार्ग की घटिया एवं धीमे निर्माण की कितनी शिकायतें कब-कब प्राप्‍त हुई एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? उक्‍त मार्ग के निर्माण की गुणवत्‍ता की जाँच एवं निरीक्षण कब-कब किस एजेन्‍सी द्वारा किया गया एवं उसके निष्‍कर्ष क्‍या थे? क्‍या शासन गुणवत्‍ता विहीन धीमे घटिया निर्माण कार्य उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (घ) प्रश्नांश (क) 09 कि.मी. मार्ग की गुणवत्‍ता के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी स्‍थानीय प्रशासन, राज्‍य शासन व केन्‍द्र शासन के संबंधित मंत्री व विभाग को पत्राचार किया है? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में शासन प्रशासन द्वारा कौन-कौन सी कार्यवाही की गई, यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश '' अनुसार।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

किसानों को खाद एवं बीज का वितरण

[सहकारिता]

50. ( क्र. 3657 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत विगत तीन वर्षों में कितना बीज एवं खाद कृषकों को वितरण हेतु साख सहकारी संस्‍थाओं को आवंटित किया गया था? आवंटित बीज एवं खाद के वितरण हेतु क्‍या मापदण्‍ड तय थे? मापदण्‍ड अनुसार वितरण किया गया या नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में वितरित खाद एवं बीज की विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत सहकारी साख संस्‍थावार सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) नवीन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्‍तर्गत विधान सभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत सहकारी साख संस्‍थाओं के माध्‍यम से कितने कृषकों के बीमा किये गये? समितिवार जानकारी देवें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सिवनी अंतर्गत कितनी राशि का क्‍लेम किया गया था तथा इसके विरूद्ध कितने कृषकों को क्‍लेम राशि का भुगतान हुआ?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) 22,240.80 क्विंटल बीज एवं 42,767 मे.टन खाद। आवंटित/भंडारित बीज एवं खाद का वितरण कृषकों की स्वीकृत साख सीमा के आधार पर किया जाता है। जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत सहकारी समितियों द्वारा बीमा क्लेम प्रस्तुत करने का कोई प्रावधान नहीं है। उपज के आंकड़ों के आधार पर योजना के प्रावधान अनुसार बीमा कंपनी द्वारा नुकसान का आंकलन किया जाकर राशि का भुगतान किया जाता है, अभी तक बीमा कंपनी से कृषकों को भुगतान हेतु कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

कृषि उपज मंडीयों से मंडी विकास बोर्ड को प्रदाय कर का उपयोग

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

51. ( क्र. 3671 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में स्थित कृषि उपज मंडियों से मंडी विकास बोर्ड को कितना कर विगत तीन वर्षों में प्रदाय किया गया है? (ख) जिले के किस मंडी क्षेत्र में मंडी निधि से कौन-कौन से विकास कार्य हेतु कितनी-कितनी राशि कब प्रदाय की गई वर्ष 2013 से वर्तमान तक जिले को दी गई राशि का कार्यवार विवरण प्रदान करें? (ग) जिले में प्रदाय राशि का कहाँ-कहाँ क्या उपयोग हुआ है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मंडियों से मंडी बोर्ड को कर प्राप्‍त नहीं होता है अपितु बोर्ड शुल्‍क तथा राज्‍य विपणन विकास निधि प्राप्‍त होती है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) मंडी निधि से विकास कार्य के लिये राशि मंडियों द्वारा ही प्रदत्‍त होती है। बोर्ड स्‍तर से मंडी निधि का प्रदाय या अंतरण नहीं किया जाता है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

सड़क एवं पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

52. ( क्र. 3816 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अम्‍बाह से उसै थघाट रोड व म.प्र. को उ.प्र. से जोड़ने वाली चम्‍बल नदी पर पुल के निर्माण की गति अत्‍यंत धीमी है? निर्माण की धीमी गति होने का वास्‍तविक कारण क्‍या है वर्षों पूर्व हुए शिलान्‍यास के बावजूद आज तक कार्य पूर्ण न होने के लिये उत्‍तरदायी कौन है? उत्‍तरदायी की पहचान कर उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ख) शासन प्रश्नांश (क) में वर्णित दोनों कार्यों को कब तक पूर्ण कराकर क्षेत्र की जनता को राहत दिलायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) यह सही है कि अम्‍बाह से उसैदघाट (पिनाहट) मार्ग निर्माण की गति धीमी है। निर्माण की धीमी गति होने का वास्‍तविक कारण यह है कि पूर्व में इस मार्ग का निर्माण बी..टी. (एन्‍यूटी) योजनांतर्गत स्‍वीकृत होकर प्रारंभ हुआ था परन्‍तु निर्माण की गति धीमी होने के कारण ठेका निरस्‍त किया गया था। तदोपरांत निर्माण कार्य ई.पी.सी. योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत हुआ एवं पुन: दो मार्ग टेकना-मानपुर जिला श्‍योपुर एवं अम्‍बाह पिनाहट मार्ग को सम्मिलित कर पैकेज बनाकर निविदा में आमंत्रित कर निर्माण एजेन्‍सी का निर्धारण किया गया। निर्माण एजेन्‍सी द्वारा निर्माण कार्य धीमी गति से किया जा रहा है। ठेकेदार को दिनांक 13.10.2017 तक कार्य पूर्ण करना है। म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा मार्ग निर्धारण समय-सीमा में पूर्ण कराने का प्रयास किया जा रहा है। चंबल नदी पर पुल निर्माण हेतु दिनांक 29.12.2016 को कार्यादेश दिया गया है। पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके लिए कोई उत्‍तरदायी नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित मार्ग निर्माण कार्य दिनांक 13.10.2017 तक एवं पुल निर्माण कार्य अनुबंधानुसार 30.04.2020 तक पूर्ण किया जाना है।

नवनी साध्‍यता प्राप्‍त एवं अन्‍य बैराजों के निर्माण

[जल संसाधन]

53. ( क्र. 3839 ) श्री सुदेश राय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीहोर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत साध्‍यता प्राप्‍त मगरदा, सोड़ा-वर्री, मोतीपुरा, मुंजखेड़ा, निपानिया खुर्द, छतरी एवं दोराहा त्रिवेणी नवीन साध्‍यता प्राप्‍त वैराजों के निर्माण में डी.पी.आर. तैयार होने के उपरान्‍त उक्‍त कार्यों की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति हो गई है अथवा नहीं है? यदि नहीं, तो इसमें विलंब का क्‍या कारण है तथा कब तक कार्यवाही पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करा दिये जावेंगे। (ख) धाट पलासी एवं करंजखेड़ा डेम/बैराज के निर्माण की भी डी.पी.आर. तैयार होने के उपरान्‍त इनकी प्रशासकीय एवं तकनीकी स्‍वीकृति हेतु विभागीय स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही प्रचलित है तथा कार्यवाही उपरांत कार्य कब तक प्रारंभ करा दिया जावेगा है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। प्रश्नाधीन 6 परियोजनाओं की डी.पी.आर. प्रमुख अभियंता कार्यालय में तथा त्रिवेणी (दोराहा) बैराज की डी.पी.आर. अधीक्षण यंत्री कार्यालय में परीक्षणाधीन हैं। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

निवास विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सड़क निर्माण कराया जाना

[लोक निर्माण]

54. ( क्र. 3883 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निवास विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लोक निर्माण विभाग की सड़कें मुनू से मचला चौगान मोहगांव, सेल से पिपरिया बम्‍हनी मोहगांव, निवास शहपुरा रोड से बिझौली भीखमपुर गुंदलई, खिन्‍हा रिपटा से जेबरा बरबटी पथर्री केवलारी करोंदी पडरिया घुघरी समनापुर और छिंदगांव पडरिया गडरा भादारी मनेरी से चरगांव, मोहनियापटपरा से मोहनियाटोला उक्‍त सड़कों के निर्माण हेतु जनसामान्‍य की मांग क्षेत्रवासियों के आवगमन की सुविधा मांग अनुसार कई बार मांग की गई है इसके बाद भी सड़कों की स्थिति बहुत खराब है आवागमन में भारी समस्‍या होती है। (ख) क्‍या जनसुविधा के ध्‍यान में रखते हुये अविलंब रोड निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान करेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

धर्मश्री सागर भोपाल बायपास मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

55. ( क्र. 3931 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्र. 973 दिनांक 29 फरवरी 2016 के उत्‍तर में बताया गया था कि एकरेखण तकनीकी रूप से उपयुक्‍त न होने से कार्य में कोई प्रगति नहीं हो पा रही है तो क्‍या शासन प्रस्‍तावित परिवर्तित एकरेखण के प्रस्‍ताव पर विचार कर मार्ग को पूर्ण करायेगा? यदि हाँ, तो इसकी लंबाई एवं लागत कितनी होगी? (ख) प्रश्‍नाधीन कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। कोई प्रस्‍ताव तैयार नहीं किया गया। अत: शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाएं

[जल संसाधन]

56. ( क्र. 3939 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले में सीधी एवं सिहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सारो से पोखरा सिंचाई नहर एवं नेबूहा बांध लघु सिंचाई परियोजना के तहत निर्मित कराई गई है? यदि हाँ, तो अभी तक कितना कार्य वर्षवार कराया गया है और कितना व्‍यय हुआ है? किसानों को सिंचाई हेतु पानी कब तक उपलब्‍ध हो पायेगा? (ख) प्रश्नांश (क) सिंचाई परियोजना अंतर्गत नहर विस्‍तार की कोई योजना सरकार के पास है? यदि हाँ, तो किसानों के हित में क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) क्‍या उक्‍त नहर से किसानों को सिंचाई बांध की क्षमतानुसार सुविधा उपलब्‍ध कराई गई? यदि नहीं, तो कब तक पूरी सुविधा कृषकों को मिल पायेगी? समय-सीमा बतावें। (घ) क्‍या गुलाब सागर महान परियोजना बहरी नहर प्रणाली से 7500 हेक्‍टेयर क्षेत्र में सिंचाई हेतु नहरों का निर्माण कार्य स्‍ट्रक्‍चर एवं लाईनिंग कार्य सहित स्‍वीकृत है? यदि हाँ, तो उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण कराया जावेगा? उक्‍त परियोजना से बहरी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई हेतु सरकार के पास कोई कार्य योजना है? यदि हाँ, तो कब तक किसानों को लाभान्वित किया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। सारो जलाशय पर कुल रू.24.88 लाख एवं नेबूहा बाँध पर कुल रू.23.85 लाख किया जाना प्रतिवेदित है। सारो परियोजना से इस वर्ष 255 हे. तथा नेबूहा परियोजना से 175 हे. क्षेत्र में रबी सिंचाई की गई है। (ख) जी नहीं। नहर विस्तार हेतु कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं। (ग) जी हाँ। सारो परियोजना से इस वर्ष रूपांकित क्षमता 202 हे. के विरूद्ध 255 हे. एवं नेबूहा परियोजना से रूपांकित क्षमता 162 हे. के विरूद्ध 175 हे. में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना प्रतिवेदित है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं। (घ) जी हाँ। महान परियोजना के द्वितीय चरण में बहरी नहर प्रणाली का कार्य स्वीकृत है जिससे 7,500 हे. क्षेत्र में सिंचाई हेतु नहरों के निर्माण कार्य, स्ट्रक्चर एवं लाइनिंग का कार्य किया जाना है। निर्माण कार्य हेतु एजेन्सी का निर्धारण कर अनुबन्ध दिनांक 11.04.2016 को किया गया है। परियोजना का निर्माण कार्य 10.04.2019 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

स्‍वीकृत मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

57. ( क्र. 3940 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिहावल ब्‍लॉक में सुपेला से राजगढ़ रामनगर मार्ग स्‍वीकृत है किन्‍तु अभी तक प्रगति शून्‍य है? कब तक उक्‍त मार्ग का निर्माण प्रारंभ कराया जायेगा? क्‍या कार्य निश्चित अवधि में कार्य पूर्ण हो जावेगा? (ख) क्‍या सीधी एवं सिंगरौली जिले में जनपद पंचायत सिहावल व देवसर में लोक निर्माण विभाग अंतर्गत निर्मित मार्ग अत्‍यंत जीर्ण एवं आवागमन अवरूद्ध होने की स्थिति में है? 1 बघोर से केराई मार्ग, 2 केसौली छादा से कैमोर पहाड़ पहुंच मार्ग, 3 सुपेला से राजगढ़ पहुंच मार्ग, 4 सिहावल से समरमरा मार्ग, 5 पखडा से जेठुआ मार्ग, 6 पहाड़ी गेदुरहावा तालाब से खाड़ी पहुंच मार्ग, लोक निर्माण विभाग से प्रस्‍तावित टीएस/एएस स्‍वीकृति दी गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक स्‍वीकृति दी जावेगी? (ग) सिहावल क्षेत्र के कौन-कौन से मार्ग विभाग में स्‍वीकृति के अभाव में लंबित है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन मार्ग स्‍वीकृत नहीं है अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते। (ख) जी नहीं आंशिक रूप से खराब है। विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''उन्नीस''

अनुदान से लाभांवित ड्रिप पाईप हितग्राही सूची

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

58. ( क्र. 3981 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सत्र 2016-17 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अन्‍तर्गत केन्‍द्र प्रवर्तित माइक्रोइरीगेशन योजना में ड्रिप संयंत्र की स्‍थापना हेतु नियम एवं शर्तों की एक प्रति देवें बड़वानी जिले में लाभान्वित हितग्राहियों के प्रकरण का भौतिक सत्‍यापन संबंधी कलेक्‍टर कार्यालय एवं उद्यानिकी जिला कार्यालय के मध्‍य हुए पत्राचार की प्रति देवें? (ख) सत्र 2016-17 में माईक्रोईरिगेशन सिंचाई अंतर्गत ड्रिप पाईप बड़वानी जिले के ठिकरी विकासखण्ड में कुल कितने आनलाईन आवेदन प्राप्त हुए, कितने आवेदन स्वीकृत हुए तथा कितने किन कारणों से अस्वीकृत हुए ग्राम पंचायतवार संख्या बतायें। ठिकरी विकासखण्ड के अनुदान से लाभांवित ड्रिप पाईप हितग्राहि‍यों की संख्‍या सब्जी रकबा, ड्रिप अनुदान राशि, कृषक अंश राशि सहित सूची देवें।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) योजना के नियम एवं शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। लाभांवित हितग्राहियों के प्रकरणों का भौतिक सत्‍यापन संबंधी कलेक्‍टर कार्यालय के पत्र की प्रति परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र स एवं द अनुसार है।

खंडवा-इंदौर फोरलेन सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

59. ( क्र. 4017 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत 10 वर्षों में खंडवा-इंदौर सड़क मार्ग पर यात्री एवं मालवाहक वाहनों की संख्‍या में कई गुना वृद्धि हुई है? क्‍या यातायात बढ़ने से इस मार्ग पर दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हुई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा के लिए खंडवा-इंदौर सड़क मार्ग को फोरलेन किया जाएगा? इसके प्रस्‍ताव किस स्‍तर पर स्‍वीकृति हेतु लंबित है? (ग) यदि नहीं, तो क्‍या खंडवा-इंदौर सड़क मार्ग को राष्‍ट्रीय राजमार्ग में शामिल किये जाने का प्रस्‍ताव शासन के विचाराधीन है? यदि हाँ, तो इसे कब तक स्‍वीकृति प्राप्‍त हो सकेगी? (घ) क्‍या खंडवा-इंदौर मार्ग पर रेल्‍वे ब्राडगेज के कारण बाधित होने वाले चिन्हित/क्रांसिंग वाले स्‍थान के सड़क मार्ग पर फ्लाय ओवर ब्रिज की कार्यवाही भी विभाग द्वारा की जा रही है? (ड.) यदि हाँ, तो किन-किन स्‍थानों पर इनका निर्माण किया जाना है? क्‍या इनकी स्‍वीकृति को आगामी बजट में शामिल किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। (ख) इन्‍दौर-इच्‍छापुर मार्ग को दिनांक 07.06.2016 को राष्‍ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जा चुका है। अत: प्रश्‍नांकित शेष कार्यवाही भूतल एवं परिवहन मंत्रालय भारत सरकार अंतर्गत प्रकियाधीन है। (ग) उत्तरांश (ख) अनुसार। (घ) जी नहीं। (ड.) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सड़क निर्माण में अनियमितता की जाँच

[लोक निर्माण]

60. ( क्र. 4018 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण में निर्धारित मापदण्‍डों को पालन किया जा रहा है? (ख) प्रदेश में विभाग द्वारा कितने-कितने मीटर चौड़ाई वाली सड़कों पर कितने मीटर की साईड पटरी/कालर बनाने के नियम है? (ग) खण्‍डवा से हरसूद-होशगांबाद जाने वाले मार्ग पर क्‍या विभाग के इन नियमों का पालन किया गया है? (घ) यदि नहीं, तो क्‍यों? ऐसे घटियां निर्माण से होने वाली दुर्घटनाओं के लिए संबंधित विभाग दोषी है या संबंधित ठेकेदार? (ड.) क्‍या इस मार्ग निर्माण में हुई अनियमितता की जाँच