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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


बुधवार, दिनांक 09 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 5 : पशुपालन, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, विधि और विधायी कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, श्रम, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्‍त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जाति कल्याण)


अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत निर्माण कार्य

1. ( *क्र. 838 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग भिण्‍ड के द्वारा अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत जनवरी, 13 से 31 जनवरी, 2016 तक किन ग्राम पंचायतों को किनकी अनुशंसा से निर्माण कार्य के लिए राशि जारी की गई है? (ख) क्‍या ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति निवासरत ग्रामों में बस्‍ती विकास के लिए राशि जारी की जावेगी? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश (क) में जारी की गई राशि के ग्रामों में कितने प्रतिशत जनसंख्‍या निवासरत है? कितने अनुसूचित जाति के लोगों को लाभ हुआ है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत राशि जारी करने में नियमों के विपरीत विभाग द्वारा कार्य करके अनुसूचित जाति के लोगों के विकास कार्य संबंधित अधिकारियों द्वारा किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत प्रश्‍नकर्ता द्वारा अनुमोदित ग्राम पंचायतों में किन ग्राम पंचायतों को कब कितनी राशि किस निर्माण के लिए जारी की गई? क्‍या भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत बस्‍ती विकास और अनुसूचित जाति बस्‍ती विद्युतीकरण के लिए राशि जारी नहीं की गई? यदि हाँ, तो क्‍यों कौन से प्रकरण विचाराधीन हैं? कब तक राशि जारी हो जायेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) 40 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की आबादी में या 20 अनुसूचित जाति के परिवार निवासरत होने पर बस्‍ती विकास योजना में कार्य कराने का प्रावधान है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) नियमों के विपरीत विभाग द्वारा कार्य करने का प्रकरण संज्ञान में नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रस्‍तावित ग्रामों की सूची व उनमें आबादी के प्रतिशत की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विद्युतीकरण के कोई प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं हुए हैं। परीक्षणाधीन कार्य पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

विधान सभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत शालाओं का उन्‍नयन

2. ( *क्र. 4049 ) श्री रजनीश सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के विधान सभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत कितने कौन-कौन से माध्‍यमिक स्‍कूलों एवं हाइस्‍कूलों का विगत 05 वर्षों में उन्‍नयन किया गया है? (ख) केवलारी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत स्‍कूलों के उन्‍नयन हेतु किन-किन ग्राम पंचायतों से प्रस्‍ताव आये एवं किन-किन जनप्रतिनिधियों ने उन्‍नयन हेतु विभाग को पत्र लिखा? प्रस्‍ताव एवं पत्र दिनांक का विवरण देवें? (ग) विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन माध्‍यमिक/हाईस्‍कूल का उन्‍नयन इस सत्र में होना है? (घ) क्‍या ग्राम अलौनी खापा, अहरवाड़ा सादक सिवनी माध्‍यमिक शाला का उन्‍नयन होना है? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार(ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार(ग) उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सीमित वित्‍तीय संसाधनों के दृष्टिगत अंतिम निर्णय उपरांत ही शालाओं के नाम ज्ञात हो सकेंगे। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) अहरवाड़ा पूर्व से ही हाईस्‍कूल है। मा.शा. अलौनीखापा एवं मा.शा. सादक सिवनी निर्धारित मापदण्‍ड की पूर्ति नहीं करते हैं। उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सीमित वित्‍तीय संसाधनों की वजह से सभी पात्र शालाओं का उन्‍नयन संभव नहीं हो पाता है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट ''एक''

शाला भवन तक पहुंच मार्ग का निर्माण

3. ( *क्र. 5234 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा मिशन के तहत विद्यालय भवनों तक पहुंच मार्ग निर्माण के क्‍या निर्देश हैं? पुरवार कन्‍या हाई स्‍कूल, इंदिरा गांधी वार्ड कटनी के पहुंच मार्ग निर्माण हेतु वर्ष 2013-14 से किन-किन जनप्रतिनिधियों ने नगर पालिक निगम, कटनी को कब-कब पत्र लिखे? पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई। क्‍या की गई कार्यवाही से संबंधितों को अवगत कराया गया? यदि हाँ, तो कब-कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) में कलेक्‍टर कटनी के पत्र क्रमांक आर.एम.एस.ए./शिक्षा/ 2013-14/6595, दिनांक 23.12.2013 द्वारा आयुक्‍त नगर पालिक निगम, कटनी को दिये गये निर्देश के पालन में क्‍या कार्यवाही की गई एवं क्‍या की गई कार्यवाही से कलेक्‍टर महोदय को अवगत कराया गया? साथ ही बतायें कि अब तक मार्ग निर्माण न होने के क्‍या कारण हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में बतायें कि जनप्रतिनिधियों के पत्रों और शासन तथा वरिष्‍ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना कर विद्यालय के मार्ग का निर्माण नहीं करने का कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? क्‍या इन पर कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों? साथ ही यह भी बतायें कि विद्यालय मार्ग का निर्माण किस प्रकार एवं कब तक किया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत विद्यालय भवनों तक पहुँच मार्ग का कोई प्रावधान नहीं है। अतः राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से जिला कलेक्टर को जिला स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कार्यवाही हेतु पत्र क्र./भवन/आर.एम.एस.ए./भोपाल/ 2013-14/2019 दिनांक 22.4.2013 से लेख किया गया था। पुरवार कन्या हाईस्कूल, इंदिरा गाँधी वार्ड, कटनी के पहुँच मार्ग निर्माण हेतु वर्ष 2013-14 से जनप्रतिनिधियों द्वारा लिखे गये पत्र एवं उन पर की गई कार्यवाही का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। संलग्‍न परिशिष्ट में उल्लेखित जानकारी के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) कार्यालय कलेक्टर, जिला कटनी का पत्र क्र./आर.एम.एस.ए./शिक्षण/2013-14 /6505 कटनी, दिनांक 23.12.2013 द्वारा प्रश्‍नाधीन मार्ग को बी.आर.जी.एफ. योजनांतर्गत निर्माण कराये जाने हेतु पत्र लिखा गया है, लेकिन प्रस्तावित पहुँच मार्ग अवैध कॉलोनी क्षेत्र के अंतर्गत है। मध्यप्रदेश नगरपालिका नियम अधिनियम 1956 के अंतर्गत बनाये गये मध्यप्रदेश नगरपालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण निबंधन तथा शर्तें) नियम 1998 में वर्णित प्रावधानों के अनुसार अवैध कॉलोनी क्षेत्र में निर्माण कार्य नहीं कराये जा सकते हैं, इसलिये प्रस्तावित पहुँच मार्ग का निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। (ग) प्रश्‍नांश के उत्तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

हरदा जिलांतर्गत नलकूप खनन

4. ( *क्र. 4443 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग, हरदा द्वारा हरदा जिले में विगत 3 वर्षों में कुल कितने नलकूप खनन कार्य कराये गये हैं? विधान सभा क्षेत्रवार बताएं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किये गये खनन कार्यों में से कितने कार्य शासकीय मशीन द्वारा एवं कितने खनन प्राइवेट मशीन से ठेकेदार द्वारा कराये गये हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) अ‍नुसार किये गये खनन कार्यों का भौतिक सत्‍यापन किस अधिकारी द्वारा कराया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किये गये खनन कार्य की वर्तमान स्थिति क्‍या है? कितने खनन चालू हालत में हैं व कितने खनन बंद हैं, उसका क्‍या कारण है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

शाला भवन के गुणवत्‍ताहीन कार्य की जाँच

5. ( *क्र. 5376 ) पं. रमेश दुबे : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा जिले में आदिम जाति कल्‍याण विभाग के द्वारा शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक शाला बडोसा विकासखण्ड बिछुआ जिला छिंदवाड़ा का निर्माण कार्य कब प्रारंभ हुआ? लागत राशि क्‍या थी, ठेकेदार कौन थे और किस तकनीकी अधिकारी के पर्येवेक्षण में इस भवन का निर्माण कार्य कब पूर्ण हुआ? (ख) क्‍या उक्‍त भवन का निर्माण कार्य गुणवत्‍ताहीन होने से लोकार्पण के दिन वर्षा होने के कारण छत टपकने लगी, जिसके गवाह तत्‍कालीन शिक्षक व शिक्षणरत बच्‍चे थे, जिसकी शिकायत तत्‍समय व उसके पश्‍चात की गयी थी? (ग) क्‍या शासन उक्‍त गुणवत्‍ताहीन भवन की जाँच प्रश्‍नकर्ता की उपस्थिति में कराकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही तथा उक्‍त भवन की मरम्‍मत कराये जाने का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) छिन्दवाड़ा जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बडोसा विकासखण्ड बिछुआ जिला छिन्दवाड़ा का निर्माण कार्य वर्ष 2005-06 से प्रारम्भ हुआ, भवन की लागत राशि 26.53 लाख थी। ठेकेदार श्री चन्द्रभूषण यादव निवासी ग्राम चंदनगांव जिला छिन्दवाड़ा एवं श्री एम.के. विश्वकर्मा तथा श्री जी.पी. सोनी उपयंत्री लोक निर्माण विभाग छिन्दवाड़ा एवं प्रभारी सहायक यंत्री, आदिवासी विकास छिन्दवाड़ा के तकनीकी पर्यवेक्षण में वर्ष 2008-09 में पूर्ण हुआ। (ख) जी नहीं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बडोसा विकासखण्ड बिछुआ की छत लोकार्पण के समय भवन में किसी प्रकार से छत टपकने की शिकायत तत्समय प्राप्त नहीं हुई थी। लोकार्पण के पश्चात भवन में गुणवत्ताहीन कार्य होने की शिकायत की गई थी। (ग) जी हाँ। उक्त भवन में गुणवत्ताहीन कार्य के लिये तत्कालीन तकनीकी अमले के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने की कार्यवाही की जा रही है एवं भवन में हुई तकनीकी त्रुटि के कारण आवश्यक मरम्मत एवं सुधार का कार्य कराये जाने की कार्यवाही की जा रही है।

अनुत्पादक पशुओं के हितार्थ गौशालाओं का निर्माण

6. ( *क्र. 520 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या म.प्र. शासन पशुपालन विभाग द्वारा गौ एवं पशु हत्‍या पर कानून बनाकर हत्‍या करने वालों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही का प्रावधान किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो शासन से ऐरा प्रथा समाप्‍त करने के बावजूद पशु मालिकों द्वारा अपने वृद्ध मवेशियों को खुला छोड़ देने के कारण वे किसानों की खेती को नुकसान पहुँचा रहे हैं? क्‍या ऐसे पशु मालिकों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रावधान किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बताएं? (ग) क्‍या आवारा पशुओं के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जाने जा रही हैं? यदि हाँ, तो क्‍या पशुपालन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश के अंदर ग्राम पंचायत मुख्‍यालय में गौशाला बनवाकर आवारा पशुओं के ठहरने एवं खाने आदि की व्‍यवस्‍था हेतु ग्राम पंचायतों में बजट उपलब्‍ध कराया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। प्रदेश में गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम (संशोधित) 2010 प्रभावशील है। (ख) जी नहीं। पशु पालकों द्वारा स्वयं के पालित पशु, जिनमें अधिकांश गौवंश है, अनुत्पादक हो जाने पर पशुओं को घर पर बांधा नहीं जाता है, बल्कि घर से छोड़ दिया जाता है और यही गौवंश आवारा रूप में विचरण करते हैं। जी हाँ। (ग) आवारा पशुओं के कारण सड़क दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। गौवंश के संरक्षण हेतु समाजसेवी संस्थाओं के माध्यम से संचालित पंजीकृत, क्रियाशील गौशालाओं को गौवंश के भरण पोषण हेतु आर्थिक सहायता म.प्र. गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड के द्वारा जिला गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। गौशालाओं की देखभाल एवं भरण पोषण की व्यवस्था गौशाला समिति द्वारा की जाती है।

अनुसूचित जाति के फर्जी प्रमाण पत्र पर कार्यवाही

7. ( *क्र. 2774 ) श्री अजय सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एस.डी.एम. राजस्‍व परगना गुना द्वारा राजेन्‍द्र सिंह सलूजा पुत्र अमरीक सिंह का सांसी जाति का प्रमाण पत्र बनाया गया था तथा क्‍या उक्‍त जाति प्रमाण पत्र को म.प्र. शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्‍याण की राज्‍य स्तरीय गठित छानबीन समिति भोपाल के प्र.क्र. 247/2009 को आदेश दिनांक 10.09.2011 द्वारा निरस्त किया गया? (ख) क्‍या ऐसे दोषी सदस्‍य पर कोई आपराधिक प्रकरण बनता है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। आवेदक कोमलप्रसाद शाक्‍य निवासी गुना द्वारा मा. न्‍यायिक दण्‍डाधिकारी प्रथम श्रेणी गुना श्री सचिन जैन के न्‍यायालय में पृथक से परिवाद श्री राजेन्‍द्र सिंह सलूजा एवं अन्‍य 5 लोगों के विरूद्ध दायर किया गया था, जिस पर मा. न्‍यायालय द्वारा प्र.क्र./072/14 दि. 28.05.2014 को श्री राजेन्‍द्र सिंह सलूजा के विरूद्ध धारा 420, 467, 468, 471 ता.हि. अंतर्गत अपराध का संज्ञान लेकर परिवाद पंजीबद्ध किया गया है।

महिदपुर वि.स. क्षेत्रांतर्गत गौशालाओं का विकास

8. ( *क्र. 5525 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिदपुर वि.स. क्षेत्र में कितनी गौशालाएं हैं? इनके पास कितना भूमि रकबा है? शासकीय एवं निजी पृ‍थक-पृथक बतावें? (ख) विगत 5 वर्षों में इन्‍हें कितना अनुदान दिया गया वर्षवार, गौशाला के नाम सहित बतावें। अकाउंट नंबर भी बतावें? (ग) गौशाला विकास के लिए जो सुविधाएं एवं अनुदान दिए जाते हैं, उनकी सूची प्रक्रिया सहित देवें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) महिदपुर विधान सभा मे कुल 2 पंजीकृत गौशालाएं हैं। गोपाल गौशाला कटन, महिदपुर के पास 5.76 हेक्टेयर गौशाला समिति की निजी भूमि है तथा श्री कृष्ण गौशाला रावतखेडी के पास 7 हेक्टेयर शासकीय भूमि है, जिसमें 18 आरा विवादित हैं। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) म.प्र. गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड द्वारा पंजीकृत क्रियाशील गौशालाओं को जिला गौपालन एवं पशुधन संवर्धन समितियों के माध्यम से गौवंश के भरण पोषण हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। गौशालाओं में उपलब्ध गौवंश के भरण पोषण की व्यवस्था एवं देखरेख गौशाला समिति द्वारा की जाती है। म.प्र. गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड से प्राप्त राशि को गौशाला में उपस्थित पशु संख्या के अनुपात में जिला गौसंवर्धन समिति की बैठक में अनुमोदन उपरांत चेक के माध्यम से प्रदाय किया जाता है। पशु चिकित्सा विभाग की नज़दीकी संस्था द्वारा पशुओं का टीकाकरण एवं स्वास्थ परीक्षण कार्य किया जाता है। निर्देश की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

पशुओं के उपचार हेतु दवाईयों का क्रय

9. ( *क्र. 3894 ) श्री दिनेश राय : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिवनी जिले में उपसंचालक पशु चिकित्‍सा द्वारा पशुओं के उपचार हेतु दवाइयों का क्रय वर्ष 2011-12 से प्रश्‍न दिनांक तक में कितनी-कितनी किस एजेंसी के द्वारा किया गया तथा इस मद में उक्‍त वर्षों में कितना-कितना बजट प्राप्‍त हुआ? वर्षवार जानकारी दें। (ख) सिवनी जिले के अंतर्गत पशु चिकित्‍सक द्वारा प्रश्‍नांक (क) में वर्णित वर्षों के दौरान कहाँ-कहाँ पर भ्रमण कार्यक्रम किये गये हैं और उनके द्वारा कितने व्‍यय के बिल प्रस्‍तुत किये गये? (ग) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित वर्षों में क्रय दवाइयों को स्‍टॉक रजिस्‍टर में दर्ज कर कितनों को कितनी-कितनी दवाइयां वितरित की गई तथा कितना व्‍यय किया गया? (घ) सिवनी विधानसभा क्षेत्र में किस-किस ग्राम में कहाँ-कहाँ कैम्‍प आयोजित कर पशुओं का इलाज किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

व्‍याख्‍याताओं की मूल विभाग में वापसी

10. ( *क्र. 4364 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिवासी विकास विभाग के कितने व्‍याख्‍याता जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्‍थान में पदस्‍थ हैं ओर क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या इन व्‍याख्‍याताओं की आदिवासी विकास विभाग में आवश्‍यकता नहीं है? इनको मूल विभाग में वापिस बुलाने हेतु क्या प्रयोजन किये गये? (ग) इस विभाग के कितने व्‍याख्‍याता वर्षों से डाइट्स में बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के प्रतिनियुक्ति/पद विरूद्ध कार्यरत हैं, जिसके कारण शिक्षा विभाग के व्‍याख्‍याता/वरिष्‍ठ व्‍याख्‍याताओं का डाइट संस्‍थाओं में पदांकन/पदोन्नति नहीं हो पा रही है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अंतर्गत व्‍याख्‍याताओं को कब तक मूल विभाग में वापिस भेजा जावेगा?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) आदिवासी विकास विभाग के 10 व्‍याख्‍याता जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्‍थानों में पदस्‍थ हैं। पदस्‍थ व्‍याख्‍याताओं के द्वारा आदिम जाति कल्‍याण विभाग के शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाता है। (ख) जी हाँ। रिक्‍त पदों पर विभाग में पदस्‍थ समान सामर्थ्‍य एवं समान वेतनमान में न्‍यूनतम अर्हताधारी कार्यरत शिक्षकों की निर्धारित चयन प्रक्रिया द्वारा अवसर दिये जाने संबंधी विभागीय सहमति प्रदान की गई है। डाईट प्रशिक्षण में विभाग के शिक्षक भी प्रशिक्षण प्राप्‍त करते हैं। (ग) विभाग के 10 व्‍याख्‍याता बिना अना‍पत्ति प्रमाण पत्र के डाईट में कार्यरत हैं। पदोन्‍नति पर शिक्षा विभाग से पदस्‍थापना होने पर कार्यरत व्‍याख्‍याताओं को मूल विभाग में वापस किया जा सकता है। (घ) उत्‍तरांश '' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण

11. ( *क्र. 3728 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में अतिथि शिक्षक, नियमित शिक्षक के समान ही कार्य कर रहे हैं। यदि कर रहे हैं, तो क्‍या इन्‍हें समान काम का समान वेतन दिया जा रहा है? (ख) क्‍या अतिथि शिक्षकों को आगामी संविदा नियुक्‍ति में किसी प्रकार का लाभ दिया जावेगा? (ग) यदि दिया जावेगा तो क्‍या लाभ दिया जावेगा। क्‍या सभी अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाने की शासन द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही हैं? यदि नहीं, तो क्‍या भविष्‍य में की जाएगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। (ग) संविदा शाला शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया हेतु शैक्षणिक योग्‍यता एवं शिक्षण प्रशिक्षण धारित अतिथि शिक्षकों को पात्रता परीक्षा उत्‍तीर्ण करने पर प्रावीण्‍य सूची में कार्य दिवसों के अनुभव के आधार पर बोनस अंक देने का प्रावधान किया गया है। जी नहीं शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

राष्‍ट्रीय उद्यानिकी मिशन अंतर्गत ट्रैक्टर का प्रदाय

12. ( *क्र. 4471 ) श्री लखन पटेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या राष्‍ट्रीय उद्यानिकी मिशन के अंतर्गत 20 HP से अधिक एवं 20 HP से कम ट्रैक्टर दिए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो इसके लिए क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित हैं? (ख) विगत 03 वर्षों में इस योजना के अंतर्गत पथरिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितने कृषकों को 20 HP तथा इससे अधिक के ट्रैक्टर प्रदान किए गए? (ग) शासन द्वारा विधानसभावार अथवा क्षेत्रवार कोई लक्ष्‍य निर्धारित किया गया? विगत 03 वर्षों की लक्ष्‍य पूर्ति का ब्‍यौरा दिया जावे?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 20 अश्वशक्ति से अधिक के ट्रैक्टर पर वर्ष 2013-14 तक अनुदान का प्रावधान था। वर्तमान में 20 अश्वशक्ति तक के ट्रैक्टर पर अनुदान का प्रावधान है। कृषक उद्यानिकी फसलों का उत्पादन करता हो। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी नहीं। लक्ष्य जिलेवार निर्धारित किये जाते हैं। विगत 03 वर्षों की लक्ष्य पूर्ति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

एरिया एजूकेशन ऑफिसर के पद का सृजन

13. ( *क्र. 3046 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. में राज्‍य शिक्षा सेवा गठन के पश्‍चात् कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्‍ता एवं निरीक्षण के लिए एरिया एजूकेशन ऑफिसर के पद सृजित किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या इन पदों की पूर्ति विभाग परीक्षा आयोजित करके करेगा? (ख) क्‍या म.प्र. में शिक्षा विभाग द्वारा एरिया एजूकेशन ऑफिसर के पद की पूर्ति के लिए अध्‍यापक संवर्ग को भी पात्र माना गया है? यदि हाँ, तो विभाग में उपलब्‍ध प्रधानाध्‍यापक की पदोन्‍नति का मार्ग छोड़कर एरिया एजूकेशन ऑफिसर के पद की पूर्ति के लिए परीक्षा का आयोजन करने का क्‍या औचित्‍य है? (ग) क्‍या शासन द्वारा माध्‍यमिक विद्यालय के प्रधानाध्‍यापकों को वरिष्‍ठता के आधार पर विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी बनाने के पश्‍चात् शेष रहे प्रधानाध्‍यापकों को एरिया एजूकेशन ऑफिसर बनाने पर विचार किया जायेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित एरिया एजूकेशन ऑफिसर के पदों की पूर्ति के लिए परीक्षा आयोजित करके पदस्‍थ करने पर शासन का कितना व्‍यय होगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) शासन द्वारा एरिया एजूकेशन ऑफिसर के कुल 3286 पद सृजित किये गये हैं। ए.र्इ.ओ. की पद पूर्ति हेतु परीक्षा आयोजित हो चुकी है। वर्तमान में ए.ई.ओ. की भर्ती से संबंधित न्‍यायालयीन प्रकरण प्रचलित है, न्‍यायालय निर्णय के अनुक्रम में कार्यवाही की जावेगी। (ख) अध्‍यापक संवर्ग में मात्र अध्‍यापक को पात्रता है। ए.ई.ओ. का पद सीधी भर्ती का है एवं प्रधानाध्‍यापक माध्‍यमिक शाला को भी चयन परीक्षा में शामिल होने की पात्रता है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उक्‍त पद की चयन परीक्षा हेतु शासन द्वारा व्‍यय नहीं किया गया है।

शिक्षकों के अनियमित निलंबन की जाँच

14. ( *क्र. 5468 ) श्री संजय पाठक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कटनी जिले में सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शालाओं में वर्ष 2015 में शौचालय निर्माण कराये गये? यदि हाँ, तो कितने और कहाँ-कहाँ जानकारी देवें? (ख) क्‍या उक्‍त के दौरान जून 2015 में अनेक शिक्षकों/जनशिक्षकों/अध्‍यापक/सहायक अध्‍यापक/सहायक शिक्षकों को शौचालय निर्माण न करने के कारण निलंबित किया गया? यदि हाँ, तो क्‍या शौचालय निर्माण का दायित्‍व शाला प्रबंधन समिति का है या उक्‍त शिक्षकों का? उक्‍त निलंबन किसके द्वारा प्रस्‍तावित किया गया? क्‍या संबंधित निलंबित कर्मचारी को पहले कोई कारण बताओ सूचना पत्र देकर पक्ष रखने का अवसर दिया गया, इसमें आरक्षित श्रेणी के शिक्षकों को भी दण्डित किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में संबंधित का निलंबन किस जाँच के आधार पर निरस्‍त किया गया? यदि संबंधित अधिकारी जाँच में निर्दोष पाये गये तो निलंबन प्रस्‍तावित करने वाले अधिकारी पर क्‍या कार्यवाही होगी? यदि जाँच नहीं हुई तो क्‍या उक्‍त निलंबन छिपाने के लिये किया गया?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय 2015-16 के अंतर्गत प्राथमिक/माध्यमिक शाला परिसरों में 315 बालक शौचालय, 189 बालिका शौचालय, इस प्रकार कुल 504 शौचालयों का निर्माण किया गया। शालावार स्वीकृत एवं निर्मित शौचालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जून 2015 में शिक्षक/जन शिक्षक/ अध्यापक/सहायक अध्यापक/सहायक शिक्षकों को स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय अभियान के अंतर्गत शालाओं में शौचालय निर्माण कार्य प्रारंभ न करने के कारण निलंबित किया गया। शौचालय निर्माण का दायित्व शाला प्रबंधन समिति का है एवं इस समिति में शाला के प्राधानाध्यापक/प्रभारी अध्यापक पदेन सचिव होते हैं तथा शासन के आदेशों का पालन समय-सीमा में किये जाने हेतु उनका मुख्य दायित्व होता है। जन शिक्षक का मॉनिटरिंग का दायित्व होता है। शिक्षकों का निलंबन विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक द्वारा प्रस्तावित किया गया था। संबंधित निलंबित कर्मचारियों को पहले कोई कारण बताओ सूचना पत्र नहीं दिया गया, इसमें आरक्षित श्रेणी के शिक्षकों को भी दंडित किया गया है। (ग) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में संबंधितों का निलंबन विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक के प्रतिवेदन के आधार पर निरस्त किया गया। प्रकरण की जाँच करवाई जा रही है एवं प्रतिवेदन प्राप्त होने पर आगामी कार्यवाही की जाएगी।

प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर कार्यवाही

15. ( *क्र. 2118 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा माह मई, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक सचिव माध्‍यमिक शिक्षा मण्‍डल, भोपाल को लिखे गये पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई? पत्र के माध्‍यम से चाहे गए अभिलेख उपलब्ध करावें। (ख) अभी तक उपलब्‍ध न कराने के लिए कौन उत्‍तरदायी हैं एवं उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. कार्यालय द्वारा कार्यालयीन पत्र क्रमांक/प्रशा./स्था./ए-2/3238/2015, भोपाल दि. 22.9.2015 प्रेषित किये गये हैं। संबंधित की नियुक्ति संभागीय अधिकारी रीवा के द्वारा संभागीय कार्यालय माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रीवा हेतु वर्ष 2010 में की गई। संबंधित संभागीय अधिकारी द्वारा पत्र दि. 06.11.15 द्वारा वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। संभागीय अधिकारी, रीवा द्वारा संभागीय कार्यालय, रीवा में व्हाउचर पेमेंट के आधार पर पत्र क्रमांक-8329, दि. 25.1.2010 से श्रीमती प्रतिभा द्विवेदी को डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के पद पर कलेक्टर दर पर 4500/- मात्र पर पूर्णतः अस्थायी रूप से व्हाउचर पेमेंट के आधार पर संविदा नियुक्ति पर रखा गया था। पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। संबंधित को दिसम्बर, 2014 तक वेतन भुगतान किया गया है। दि. 05.1.2015 को स्थानीय निधि लेखा रीवा ज्येष्ठ संपरीक्षा द्वारा संबंधित के संविदा नियुक्ति का वेतन सहित अनुमोदन के साथ अद्यतन सेवावृद्धि का सक्षम आदेश से संपरीक्षा को अवगत कराया जाय, अन्यथा संपरीक्षा द्वारा संविदा मानदेय का भुगतान मान्य किया जाना संभव नहीं होने संबंधी आपत्ति अंकित की गई है। उल्लेखनीय है कि संबंधित संविदा कर्मचारी की नियुक्ति का सक्षम स्तर संभागीय अधिकारी रीवा द्वारा संभागीय कार्यालय रीवा में ही की गई, चूंकि दिसम्बर, 2014 तक संविदा सेवा एवं संविदा वृद्धि राशि को संपरीक्षा द्वारा मान्य किया गया, परंतु जनवरी 2015 से संबंधित संविदा कर्मचारी को संविदा सेवा एवं संविदा राशि भुगतान पर संपरीक्षा द्वारा आपत्ति अंकित की गई। प्रकरण के संबंध में मण्डल स्तर की गठित समिति की बैठक दि. 01.2.2016 को प्रकरण का परीक्षण किया जाकर, अनुशंसा उपरान्त श्रीमती प्रतिभा द्विवेदी, डी.ई.ओ. संविदा के रूप में कार्यरत का जनवरी, 2015 से वेतन भुगतान एवं 30 सितम्बर, 2016 तक सेवावृद्धि कार्यालयीन आदेश क्रमांक-प्रशा/स्था./ ए-2/4737/2016, भोपाल, दि. 29.2.2016 द्वारा की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (ख) प्रकरण में नियमानुसार कार्यवाही करने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

राजनगर विधानसभा क्षेत्र में कार्यों की स्‍वीकृति

16. ( *क्र. 1630 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में अनुसूचित जाति, जनजाति की बस्तियों में निर्माण हेतु शासन द्वारा कितने प्रस्‍तावों को स्‍वीकृति दी गई? उनकी कितनी संख्‍या है तथा कितनी राशि व्‍यय हुई? (ख) छतरपुर जिले के कितने प्रस्‍ताव आयुक्‍त आदिवासी विकास हेतु भेजे गये? क्‍या उनकी स्‍वीकृतियां की गई? यदि हाँ, तो कब, नहीं तो क्‍यों? (ग) राजनगर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत क्‍या आदिवासी बस्तियों में नाली निर्माण/रोड निर्माण/भवन निर्माण के प्रस्‍ताव विभाग में प्राप्‍त हुए? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति ‍में क्‍या समस्‍या उत्‍पन्‍न हुई? शासन प्रावधानों की गाइड लाईन की प्रति उपलब्‍ध करावें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) म.प्र. शासन, अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति बस्तियों में वर्ष 2014 एवं वर्ष 2015-16 में स्‍वीकृत प्रस्‍तावों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) छतरपुर जिले के 03 प्रस्‍ताव, आयुक्‍त, आदिवासी विकास को भेजे गये। जी नहीं। अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजना मद अंतर्गत प्रावधानित राशि की 80 प्रतिशत राशि जिलों को अनुसूचित जनजाति की जनसंख्‍या के मान से आवंटित किये जाने के कारण जिले से प्राप्‍त प्रस्‍ताव जिले को प्राप्‍त आवंटन अंतर्गत नियमानुसार स्‍वीकृति हेतु मूलत: जिले को भेजे गये। (ग) जिला स्‍तर पर प्राप्‍त हुए हैं। 01 कार्य की स्‍वीकृति प्रदान की गयी है। शेष के प्राक्‍कलन एवं तकनीकी स्‍वीकृति अपेक्षित होने से स्‍वीकृति की कार्यवाही नहीं हो सकी है। शासन प्रावधानों की गाईड लाईन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

अल्‍पसंख्‍यक शैक्षणिक संस्थाओं को जारी प्रमाण पत्र

17. ( *क्र. 4997 ) श्री आरिफ अकील : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शासन द्वारा माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्देशानुसार संस्‍थाओं को अल्‍पसंख्‍यक दर्जा प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं? यदि हाँ, तो किन मूलभूत नियम एवं आधारों पर प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं और भोपाल संभाग में वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक में कितने अल्‍पसंख्‍यक दर्जा प्रमाण पत्र जारी किए गए, कितने प्रकरण/प्रस्‍ताव वर्तमान में लंबित हैं? (ख) क्‍या अल्‍पसंख्‍यक दर्जा प्राप्‍त शैक्षणिक संस्‍थाओं में अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के बच्‍चों को अन्‍य समुदायों से अधिक प्रतिशत में प्रवेश दिये जा रहे हैं? यदि नहीं, तो वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में भोपाल जिला अंतर्गत वर्षवार अल्‍पसंख्‍यक समुदाय व अन्‍य समुदायों के छात्रों की संख्‍या बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में राज्‍य शासन एवं नेशनल कमिशन फॉर मायनोरिटी एज्‍यूकेशन इंस्‍टीट्यूशन भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार यथोचित संख्‍या में अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के बच्‍चों को जिन संस्‍थाओं/स्‍कूलों में प्रवेश नहीं दिया, उनकी मान्‍यता समाप्‍त कर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतावें?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं को मान्यता एवं अल्पसंख्यक प्रमाण-पत्र देने के लिए मार्गदर्शी सिद्धांत एवं प्रक्रिया 2007 यथा संशोधित 2015 के आधार पर आवेदक संस्थाओं के आवेदनों का निराकरण किया जाता है, नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। भोपाल संभाग में वर्ष 2014 से आज दिनांक तक 10 अल्‍पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं को प्रमाण-पत्र जारी किये गये। 07 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। (ख) जी नहीं। अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं को मान्यता एवं अल्पसंख्यक प्रमाण-पत्र देने के लिये मार्गदर्शी सिद्धान्त् एवं प्रक्रिया 2007 संशोधित 2015 में अल्प‍संख्यक दर्जा प्राप्त शैक्षणिक संस्था में अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को अन्य समुदायों से अधिक प्रतिशत में प्रवेश दिये जाने का कोई बंधन नहीं है, उक्‍त मार्गदर्शी सिद्धांत की कण्डिका 19.12 में अल्पसंख्यक समुदायों के आवेदकों को प्रवेश में प्राथमिकता देने का प्रावधान है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्नांश भाग के उत्तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

 

जिला खरगोन अंतर्गत निर्माण/मरम्‍मत कार्य

18. ( *क्र. 3163 ) श्री सचिन यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला खरगोन में शिक्षा विभाग द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक छात्रावासों, आश्रमों, प्राथमिक, माध्‍यमिक, हाईस्‍कूल, हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूलों के मरम्‍मत कार्य, फर्शीकरण, बाउण्‍ड्रीवाल, अतिरिक्‍त कक्ष, मूत्रालय, शौचालय तथा अन्‍य कार्यों के लिये कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ख) उक्‍त राशि में से कौन-कौन से निर्माण कार्य कहाँ-कहाँ कराए गए? क्‍या उक्‍त कार्यों का प्राक्‍कलन सत्‍यापन एवं कार्य की आवश्‍यकतानुसार ही कार्य स्‍वीकृत किए गए और कार्य की पूर्णता के आधार पर ही मापांक कराया गया? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में दर्शित कार्यों की भुगतान प्रक्रिया पूर्ण कर दी गई है? यदि हाँ, तो किस प्रकार की गई है? उक्‍त निर्माण कार्यों के संबंध में क्‍या कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक किस प्रकार की कार्यवाही की गई? शिकायतवार जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कसरावद विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कितनी-कितनी राशि के कितने-कितने कार्य कहाँ-कहाँ कराये गये एवं प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य शेष हैं? शेष के क्‍या कारण हैं और इन कार्यों को कब तक पूर्ण कर दिया जायेगा? प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) अनुसार भी कोई कार्यवाही की गई है, तो उसकी अद्यतन स्थिति की जानकारी से अवगत करावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला खरगोन में सर्वशिक्षा अभियान अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक छात्रावास, माध्यमिक शाला, फर्शीकरण, बाउण्ड्रीवाल, अतिरिक्त कक्ष, मूत्रालय हेतु राशि प्राप्त नहीं हुई। शौचालय, प्राथमिक शाला एवं मरम्मत हेतु प्राप्त राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी हाँ, कार्यों का प्राक्कलन सत्यापन एवं कार्य की आवश्यकतानुसार ही कार्य स्वीकृत किये गये हैं। पूर्णता के आधार पर ही मापांक कराया जाता है। (ग) प्रश्नांश (क) में दर्शित शौचालयों के कार्य का भुगतान पूर्ण कर दिया गया है एवं प्राथमिक शाला भवन निर्माणाधीन होने से नियमानुसार भुगतान की प्रक्रिया कर ली गई है। मरम्मत के कार्यों के भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जी नहीं, कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार कसरावद विधानसभा क्षेत्रांतर्गत स्वीकृत/पूर्ण/शेष कार्यों एवं राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। मरम्मत का एक कार्य शेष है, जो प्रगतिरत होकर मार्च 2016 मे पूर्ण होना लक्षित है। प्रश्नांश (ख) एवं (ग) अनुसार कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। अतः जानकारी निरंक है।

पेयजल संकट के निदान हेतु तैयार कार्ययोजना

19. ( *क्र. 3962 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या म.प्र. सरकार द्वारा रीवा जिले को पूर्ण रूप से सूखाग्रस्‍त घोषित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो शासन द्वारा इस स्थिति से निपटने के लिए क्‍या कार्ययोजना तैयार की है, का पूर्ण विवरण देते हुये बतावें कि नये हैण्‍डपम्‍प खनन, हैण्‍डपंपों हेतु राइजर पाइपों की खरीदी, बंद नल जल योजनाओं के संचालन सहित अन्‍य कार्यों हेतु कितनी राशि व्‍यय करने की कार्ययोजना सरकार की है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में सरकार द्वारा पेयजल संकट से निपटने के लिये कार्य योजना तैयार की है, तो उसका क्रियान्‍वयन कब तक किया जाकर मौके पर दिखाई देने लगेगा? अगर कार्य योजना तैयार नहीं की गयी है, तो कब तक तैयार कर कार्यरूप में परि‍णीत किया जावेगा? अगर नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के अनुसार है। (ग) पेयजल संकट निवारण हेतु बनाई गई आकस्मिक कार्य योजना में दर्शाये गये कार्य आवश्यकतानुसार करवाये जा रहे हैं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

शालाओं में शिक्षकों का युक्तियुक्‍तकरण

20. ( *क्र. 40 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सरदारपुर जिला धार के विभिन्‍न शालाओं में प्राचार्य, संविदा वर्ग 1, 2 एवं 3 तथा अध्‍यापकों के कितने पद कब से रिक्‍त हैं? (ख) उक्‍त पदों को भरने के लिए क्‍या कार्यवाही की जा रही है तथा कब तक रिक्‍त पदों की पूर्ति कर दी जायेगी? (ग) क्‍या शासन यह सुनिश्चित करेगा कि युक्तियुक्‍तकरण के अनुसार शिक्षकों को शालाओं में पदस्‍थ किया जाये, जिससे छात्रों के अध्‍ययन के कार्य में व्‍यवधान न हो?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्राचार्यों के रिक्‍त पदों की पूर्ति पदोन्‍नति द्वारा किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। संविदा वर्ग 1, 2 एवं 3 के पदों की पूर्ति प्रोफेशनल एक्‍जामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा के माध्‍यम से की जावेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। 15 शैक्षणिक संस्‍थाओं में 30 मई, 2015 में युक्तियुक्‍तकरण किया जाकर पदपूर्ति की कार्यवाही की गई है।

उप संचालक पशु चिकित्‍सा सिंगरोली द्वारा दवाओं का क्रय

21. ( *क्र. 2932 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिंगरौली जिले में उप संचालक पशु चिकित्‍सा द्वारा पशुओं के उपचार हेतु दवाइयों का क्रय वर्ष 2010-11 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी, किस एजेन्‍सी के द्वारा किया गया तथा इस मद में उक्‍त वर्षों में कितना-कितना बजट प्राप्‍त हुआ? (ख) सिंगरौली जिले के अंतर्गत पशु चिकित्‍सक द्वारा प्रश्‍नकाल में वर्णित वर्षों में कहाँ-कहाँ पर भ्रमण कार्यक्रम किये गये हैं और उनके द्वारा कितने रूपए के व्‍यय के बिल प्रस्‍तुत किये गये हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) वर्णित वर्षों में क्रय दवाइयों को स्‍टाक रजिस्‍टर में दर्ज कर कितनों को कितनी-कितनी दवाइयां वितरित की गयी तथा कितना व्‍यय किया गया? (घ) चितरंगी विधानसभा क्षेत्र में किस-किस ग्राम में कहाँ-कहाँ कैम्‍प आयोजित कर पशुओं का इलाज किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित शिक्षकों के विरूद्ध कार्यवाही

22. ( *क्र. 1659 ) श्रीमती ममता मीना : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिक्षा अधिकारी विकासखण्‍ड बमोरी जिला गुना द्वारा अपने विकासखण्‍ड के 40 शासकीय विद्यालयों का दिनांक 28 फरवरी, 2015 से 02 मार्च, 2015 के मध्‍य आकस्मिक निरीक्षण किया गया? (ख) क्‍या शिक्षा अधिकारी विकासखण्‍ड बमोरी द्वारा उक्‍त विद्यालयों के निरीक्षण उपरांत प्रारंभिक कार्यवाही पश्‍चात् अपने पत्र क्रमांक/निरीक्षण/2015/18 बमोरी दिनांक 10.04.2015 के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, गुना को प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित शिक्षकों तथा बंद शाला पाये जाने पर ऐसी शालाओं के शिक्षकों के विरूद्ध जिला शिक्षा अधिकारी, गुना द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार दोषी शिक्षकों के विरूद्ध यदि जिला शिक्षा अधिकारी, गुना द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई, तो इसका समुचित वैधानिक कारण बताया जावे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍नांकित अवधि में 18 विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। (ख) जी हाँ। (ग) अनुपस्थित अवधि का वेतन काटने एवं एक संविदा शाला शिक्षक की एक वर्ष की परीवीक्षा अवधि बढ़ाये जाने की कार्यवाही की गई। (घ) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गांधी सागर जलाशय हेतु मत्‍स्‍य विकास का ठेका

23. ( *क्र. 4455 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गांधी सागर जलाशय की मछलियों को पकड़ना एवं विक्रय करने का ठेका कब और किन-किन शर्तों पर दिया गया? (ख) जलाशय में किस-किस प्रजाति के कितने-कितने बच्‍चे वर्ष 2014 एवं वर्ष 2015 में किस-किस माह में जलाशय में छोड़े गए एवं उक्‍त अवधि में क्‍या ठेकेदार द्वारा छोटे बच्‍चों को भी पकड़कर विक्रय करने का कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो किस आदेश से ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या ठेकेदार एवं उनके गुण्‍डों द्वारा क्षेत्र में ग्रामीणों एवं नागरिकों के साथ मारपीट एवं अपहरण तथा हत्‍या का प्रयास आदि आपराधिक कृत्‍य किए हैं? क्‍या विभाग द्वारा आपराधियों को प्रश्रय दिया जा रहा है? यदि नहीं, तो ठेकेदार के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। गांधी सागर जलाशय में मछली पकड़ने का ठेका नहीं दिया जाता है, जलाशय में मछली पकड़ने का कार्य पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियां करती हैं। इन समितियों द्वारा आखेटित मछली का विक्रय आउटसोर्स (मत्‍स्‍य विक्रय अनुबंधग्रहिता) नियुक्‍त कर उसके माध्‍यम से कराया जाता है। मत्‍स्‍य विक्रय का अनुबंध एवं शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) वर्ष 2014 एवं वर्ष 2015 में गांधी सागर जलाशय में माहवार छोड़े गये मछली के बच्‍चों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। मत्‍स्‍य विक्रय अनुबंधग्रहिता द्वारा छोटे बच्‍चों को पकड़ कर विक्रय करने का कार्य नहीं किया जाता है। अत: आदेश देने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) ठेकेदार के द्वारा आपराधिक कृत्‍य किये जाने की शिकायत मत्‍स्‍य महासंघ में दर्ज नहीं है, लेकिन समाचार पत्र से उनके इस कार्यों की जानकारी प्राप्‍त हुई थी, जिस पर उन्‍हे इस कार्यालय के पत्र क्रमांक 1089 दिनांक 07.10.15 से ऐसा न करने एवं कानून हाथ में न लेने की हिदायत दी गई थी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। अत: विभाग द्वारा अपराधियों को प्रश्रय दिये जाने की जानकारी सही नहीं है।

नलजल योजनांतर्गत प्राप्‍त प्रस्‍ताव पर कार्यवाही

24. ( *क्र. 1311 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी संभाग के तहत वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में जन भागीदारी योजना के तहत नलजल योजना अंतर्गत कितने प्रस्‍ताव किस-किस दिनांक को खण्‍ड होशंगाबाद में प्राप्‍त हुये? ग्रामवार, ग्राम पंचायतवार, उपसंभागवार जानकारी देवें तथा किन पंचायत द्वारा एवं अन्‍य द्वारा योजना अंतर्गत किस-किस दिनांक को 01 प्रतिशत एवं 03 प्रतिशत की राशि जमा की गई? (ख) पंचायत द्वारा राशि जमा करने के बाद किस दिनांक को टेंडर बुलाये गये तथा किस दिनांक को कार्य आदेश जारी किये गये? यदि कार्य आदेश जारी नहीं किये गये हैं, तो इनके लंबित रखने का क्‍या कारण है? (ग) क्‍या लंबे समय तक कार्य आदेश जारी नहीं करना एवं शासन की नीति एवं मंशा अनुसार काम न करते हुए कौन उत्‍तरदायी है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) नलजल योजना के क्रियान्वयन के पूर्व सफल एवं सक्षम स्रोत किया जाना आवश्यक है। योजनाओं में विलंब सक्षम स्रोत के उपलब्ध न हो पाने के कारण हुआ है। अतः कोई दोषी नहीं है।

विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में हैण्‍डपम्‍पों की स्थिति

25. ( *क्र. 4747 ) श्री अनिल जैन : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में विगत 3 वर्षों में कितने हैण्‍डपम्‍प प्रश्‍न दिनांक तक लगाये गये हैं? इनमें से कितने हैण्‍डपम्‍प में पर्याप्‍त पानी है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में से कितने हैण्‍डपम्‍प चालू हैं और कितने हैण्‍डपम्‍प पानी होते हुये भी खराब पड़े हुये हैं? इनकी खराबी का कारण और इन्‍हें सुधारने की समयावधि साथ में दी जावे? (ग) वित्‍तीय वर्ष में क्‍या शासन द्वारा पेयजल हेतु कुछ नये नलकूपों का खनन कराये जाने की योजना है? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में ग्राम पंचायतवार इनकी प्रस्‍तावित संख्‍या की जानकारी पृथक से दी जावे?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 235 हैण्डपंप। 174 हैण्डपंपों में। (ख) 174 हैण्डपंप चालू। 5 हैण्डपंप। 4 हैण्डपंपों की लाइन गिर जाने, 1 हैण्डपंप की लाइन फंस जाने एवं 2 हैण्डपंप भर-पट जाने के कारण असुधार योग्य हैं। इन्हें नहीं सुधारा जा सकता। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

 

 

 




 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


हैडपंप का पुर्नस्‍थापन

1. ( क्र. 91 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जावरा नयागाँव टोल रोड निर्माण कम्‍पनी द्वारा हटाये गये हैण्‍डपम्‍प पुर्नस्‍थापित करने हेतु विभाग को दिनांक 17.02.09 को रूपये 12.18 लाख का भुगतान 14 हैण्‍डपम्‍प, नल-कूप लगाने हेतु किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त राशि में से कहाँ-कहाँ, किस-किस ग्राम में हैण्‍डपम्‍प एवं नल-कूप लगाया गया? क्‍या समस्‍त 14 हैण्‍डपम्‍प लगा दिये गये हैं, यदि नहीं, तो क्‍यों व कहाँ-कहाँ शेष हैं?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जी हाँ, शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''सात ''

मुख्‍यमंत्री नल-जल योजना का क्रियान्‍वयन

2. ( क्र. 173 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खण्‍डवा विधानसभा क्षेत्र में विगत दो वर्षों में मुख्‍यमंत्री नल योजना के कितने प्रकरण स्‍वीकृत किये गये? ग्रामवार, राशिवार जानकारी दी जाए? (ख) क्‍या ग्रामीणों को पेयजल सुलभ कराने की इस योजना में भ्रष्‍टाचार के कारण कई ग्रामों में ये बन्‍द पड़ी हैं? यदि हाँ, तो कितने ग्रामों में इस योजना को विभाग द्वारा हैंड ओवर किया गया है? (ग) मुख्‍यमंत्री नल-जल योजना में घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत के बाद कितनी कार्यरत एजेंसियों पर विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या उनसे शासकीय धन की वसूली की जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) इस योजना में विगत तीन वर्षों में हुई अनियमितता के लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है? उन पर विभाग द्वारा कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जाएगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 04 योजनाएं स्वीकृत की गईं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है अतएव शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) कोई नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

ट्यूबवेल खनन

3. ( क्र. 415 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के मेरे विधान सभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में विगत वर्ष मात्र 18 इंच बारिश होने से सूखा पड़ गया था एवं इस वर्ष भी शासन द्वारा इस क्षेत्र की दोनों नागदा-खाचरौद तहसीलों को सूखा ग्रस्‍त घोषित किया है? (ख) क्‍या विगत वर्ष पेयजल की समस्‍या समाधान हेतु सांसद एवं विधायक निधि से ट्यूबवेल खनन कार्य करना पड़ा जिससे अन्‍य विकास कार्य क्षेत्र में नहीं हो पाये हैं? (ग) इस वर्ष भी क्षेत्र में गंभीर पेयजल संकट से निपटने हेतु शासन स्‍तर पर क्‍या कार्य योजना बनाई गई है? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 601 दिनांक 22.12.15 को प्रमुख अभियंता भोपाल को नवीन 100 ट्यूबवेल खनन हेतु पत्र लिखा गया था। उस पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि योजना नहीं बनाई गई है तो कब तक बना ली जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, जी नहीं। (ग) उज्जैन जिले हेतु रूपये 170.00 लाख की आकस्मिक कार्य योजना बनाई गई है। (घ) जी हाँ। आवश्यकतानुसार आंशिक पूर्ण श्रेणी की बसाहटों में नल-कूप खनन की कार्यवाही की जायेगी।

अ.जा./अ.ज.जा. कृषकों के यहां ट्रांसफार्मर लगाये जाना

4. ( क्र. 416 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अ.जा./अ.ज.जा. कृषकों के यहां ट्रांसफार्मर (डी.पी.) लगाने के क्‍या प्रावधान है? विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में माह नवम्‍बर 2013 से आज तक डी.पी. हेतु कितने आवेदन प्राप्‍त हुये? उसमें कितने प्रकरण स्‍वीकृत एवं कितने अस्‍वीकृत किये गये? (ख) कितने प्रकरण विभाग के पास लंबित हैं लंबित रहने के क्‍या कारण हैं? प्राप्‍त आवेदनों को किस आधार पर वरीयता क्रम दिया जाता है वर्षवार सूची उपलब्‍ध करावें एवं निर्देशों की कॉपी उपलब्‍ध करावें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जनजाति के कृषकों के कपिल धारा के कूप या अन्‍य कूपों तक सिंचाई सुविधा के लिये जिस ग्राम में अधिक हितग्राही हैं, ऐसे ग्रामों को चिन्हित कर विद्युत लाईन का विस्‍तार करने के प्रावधान हैं। म.प्र.प.क्षे.वि.वि. कम्‍पनी से प्राप्‍त प्राक्‍कलन अनुसार नवम्‍बर 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक डी.पी. (ट्रान्‍सफार्मर) लगाने हेतु प्राप्‍त प्रस्‍ताव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) लंबित प्रस्‍ताव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। म.प्र.प.क्षे.वि.वि. कम्‍पनी से प्राक्‍कलन प्राप्‍त न होने के कारण कार्य आदेश जारी नहीं किये जा सके हैं। प्राप्‍त आवेदनों के म.प्र.प.क्षे.वि.वि. कम्‍पनी से प्राक्‍कलन प्राप्‍त होने पर अधिक पात्र हितग्राही वाले ग्रामों को वरीयता को ध्‍यान में रखते हुय विद्युत लाईन के कार्य कराये जाते हैं। वर्षवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'दो' एवं निर्देशों की प्रतियाँ प्रपत्र 'तीन' अनुसार है।

विभाग द्वारा टेंडर की जानकारी

5. ( क्र. 499 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा जिला सागर में इलेक्ट्रिक कार्य एवं बाहरी विद्युतीकरण कार्य के विभाग द्वारा अप्रैल, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने टेंडर जारी किये गये? (ख) विभाग द्वारा टेंडर फार्म की खरीदी एवं जमा करने हेतु क्‍या समय-सीमा निश्चित की गई थी? (ग) यदि टेंडर फार्म के लिये समय-सीमा दी जाती है, तो टेंडर क्र. 828, दिनांक 22.07.2015 के टेंडर फार्म खरीदी हेतु समय 14.50 बजे से दिनांक 22.07.2015 समय 17.30 बजे तक ही क्‍यों रखा गया? उक्‍त टेंडर में कितने फर्मों द्वारा टेंडर फार्म जमा किये गये एवं किस दर पर जमा किये गये? (घ) टेंडर फार्म निर्धारित दर से अधिक दर पर आये एवं स्‍वीकृति प्रदान की गई, जबकि वर्तमान में उक्‍त कार्य निर्धारित दर से कम दरों पर किये जा रहे हैं, तो क्‍या संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध जाँच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) एवं (ख) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत एक टेण्‍डर जारी किया गया। इसमें दिनांक 22/07/2015 तक आवेदन फार्म खरीदी तथा दिनांक 24/07/2015 सायं 17.30 बजे तक आवेदन पत्र जमा करने की समय-सीमा निर्धरित की गई। (ग) प्रश्‍नांश अन्‍तर्गत तकनीकी कारणों से दिनांक 22/07/2015 को 14.50 बजे निविदा डिस्‍प्‍ले हुई। प्रक्रिया के तहत निम्‍न फर्मों द्वारा फार्म जमा किये गये :-

क्र.

फर्मों का नाम

दर

1

मे. प्रशांत इलेक्ट्रिकल्‍स भोपाल

18.29 प्रतिशत सी.एस.आर. से अधिक

2

मे. रामेश्‍वरम इलेक्ट्रिकल्‍स सागर

20.70 प्रतिशत सी.एस.आर. से अधिक

3

मे. आर.एस. चौहान रायसेन

18.29 प्रतिशत सी.एस.आर. से अधिक

4

मे. मोहन कुशवाहा सागर

18.29 प्रतिशत सी.एस.आर. से अधिक

5

मे. श्रीनाथ इंजीनियर धार

21.00 प्रतिशत सी.एस.आर. से अधिक

(घ) अन्‍य जिलों की दरों से कम पर ठेकेदारों से सहमति ली जाकर 16.75 प्रतिशत सी.एस.आर. से अधिक पर निविदा स्‍वीकृत की गई। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

भूमिगत जल के दोहन से पेयजल संकट

6. ( क्र. 532 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सतना जिले की तहसील रामपुर बघेलान, भू-जल दोहन में अतिसंवेदनशील जोन में शामिल होने की वजह से सिंचाई के लिए भूमिगत जल के सर्वाधिक दोहन से माह दिसम्‍बर 15 में ही जल संकट के हालात पैदा हो गये हैं? (ख) क्‍या उक्‍त तहसील के 50 से अधिक गांवों का भू-जल स्‍तर 200 फिट से नीचे चला गया है जिससे इन गांवों में लगे सभी हैण्‍डपंप ड्राई हो गये हैं? (ग) क्‍या कोटर क्षेत्र के लौलाछ, पिपराछ, गोलहटा, देवरा, बरा, चितगढ़, बिहरा तथा करही के 80 फीसदी हैण्‍डपंप सूख गये हैं? यदि हाँ, तो इन गांवों में पेज जल व्‍यवस्‍था के लिए शासन द्वारा क्‍या उपाय किया जा रहा है? (घ) क्‍या तहसील रामपुर बघेलान के अलावा तहसील रघुराजनगर भी विधान सभा क्षेत्र रैगाँव में भी इसी तहत के हालात हैं जहां पर विभिन्‍न गांवों के हैण्‍डपंप ड्राई होने से पेयजल संकट उत्‍पन्‍न हो गया है बताएं कि पेयजल संकट निवारण हेतु शासन/प्रशासन स्‍तर से क्‍या उपाय किये जा रहे हैं?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। प्रश्नाधीन ग्रामों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिये हैण्डपंप में राइजर पाइप बढ़ाना, सिंगलफेस पंपों की स्थापना, भरेपटे नलकूपों की सफाई, स्रोत समाप्त हो जाने से बंद नल-जल प्रदाय योजनाओं के लिये स्रोत निर्माण कर चालू करना तथा आंशिक पूर्ण बसाहटों में नवीन नल-कूप खनन करने की कार्यवाही की जा रही है।

परिशिष्ट ''नौ''

ग्रेबल पैक हैण्‍डपंप खनन

7. ( क्र. 565 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला डिण्‍डौरी में पी.एच.ई. के तीनों उपखण्‍डों से विस्‍तृत सतही नल-जल योजना के कितने प्राक्‍क‍लन सहित प्रस्‍ताव, स्‍वीकृति हेतु, जिला स्‍तर संभाग स्‍तर या प्रदेश स्‍तर पर भेजा गया? (ख) उक्‍त तीनों स्‍तरों पर लंबित होने के क्‍या कारण है, जिम्‍मेदार कौन है? (ग) जिला डिण्‍डौरी में ग्रेवल पैक हैण्‍डपंप खनन वर्ष 2013, 14, 15 में कितने हुये? यदि नहीं, तो क्‍या इसकी जिले में आवश्‍यकता महसूस नहीं की गयी? (घ) हाइड्रोलॉजीकल या जियोलॉजीकल सर्वे अनुसार कितने ग्रामों में ग्रेवल पैक हैण्‍डपंप हेतु जिले में विकासखण्‍डवार प्रस्‍ताव किया गया, नहीं तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) डिण्डौरी जिले में सतही स्रोत आधारित 02 समूह जल प्रदाय योजनाओं के स्टेज-1 प्रस्ताव प्राप्त हुये। (ख) योजना प्रस्ताव परीक्षणाधीन हैं, शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्ष 2013, 14 एवं 15 में क्रमशः 31, 18 एवं 18 ग्रेवल पैक नलकूपों का खनन किया गया। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) एक ही बसाहट में भिन्न-भिन्न प्रकृति के नलकूपों का खनन आवश्यक हो सकता है, इस कारण संपूर्ण विकासखण्ड के लिये प्रस्ताव तैयार नहीं किया जा सकता। बसाहटों के आच्छादन हेतु लक्षित बसाहटों का सर्वेक्षण हाइड्रोजियोलॉजिस्ट से कराया जाता है।

अनुपयोगी तथा क्षतिग्रस्‍त शाला भवनों का सुधार

8. ( क्र. 584 ) श्री हरवंश राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र बण्‍डा जिला सागर में ऐसी कितने प्राथमिक शाला भवन, माध्‍यमिक शाला भवन, हाईस्‍कूल भवन, हायर सेकण्‍डरी भवन या छात्रावास हैं जो क्षतिग्रस्‍त हैं या अनुपयोगी हैं? भविष्‍य में जिनके उपयोग से जनहानि हो सकती है? (ख) कंडिका (क) की जानकारी के अनुसार क्‍या विभाग ने कोई पहल की है या निरीक्षण किया है जिससे उनमें सुधार हो सके या उनके उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जा सके? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) विशेष रूप से विकासखण्‍ड बंडा की माध्‍यमिक शाला भवन नैनधरा, पाटन और हाईस्‍कूल कंदवा के भवनों की गुणवत्‍ता अच्‍छी नहीं होने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्राचार करने के बाद संबंधित निर्माण कार्य एजेन्सियों के विरूद्ध अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बण्डा, जिला सागर में 38 प्राथमिक एवं 3 माध्यमिक शाला भवन इस प्रकार कुल 41 भवन क्षतिग्रस्त/अनुपयोगी है। इन क्षतिग्रस्त भवनों में कक्षाओं का संचालन नहीं किया जा रहा है। भविष्य में जनहानि का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। सागर जिले के बण्डा विधानसभा क्षेत्र में एक हाईस्कूल कंदवा भवन की गुणवत्ता आंशिक रूप से ठीक न होने के कारण भवन उपयोग में नहीं लाया जा रहा है। शेषांश उद्भूत नहीं होता। (ख) जी हाँ। विभाग द्वारा निरीक्षण किया गया है। क्षतिग्रस्त भवनों में कक्षाएं न संचालित करने के निर्देश संबंधित बी.आर.सी.सी./प्रधानाध्यापकों को दिये गये है। जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक, आर.एम.एस.ए. जिला सागर के पत्र दिनांक 31.10.14 द्वारा हाई स्कूल भवन के सुधार के संबंध में निर्माण एजेन्सी, सहायक अभियंता, म.प्र.लघु उद्योग निगम, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तिली सागर को लिखा गया है। (ग) विशेष रूप से विकासखण्ड बण्डा की माध्यमिक शाला नैनधरा, माध्यमिक शाला पाटन के भवनों की गुणवत्ता पर की गई कार्यवाही निम्नानुसार है.- (1) माध्यमिक शाला नैनधरा के निर्माणाधीन अतिरिक्त कक्षों की कार्यपूर्णता एवं गुणवत्ता के संबंध में जनपद शिक्षा केन्द्र बण्डा द्वारा पत्र दिनांक 10.7.2012, 7.5.14 अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बण्डा को लिखा गया। पत्र पर कार्यवाही करते हुये अनुविभागीय (राजस्व) बण्डा द्वारा दिनांक 29.5.14 एवं 22.6.15 को निर्माण एजेन्सी ग्राम पंचायत/सचिव नैनधरा को कारण बताओं पत्र जारी किये गये। जिसके फलस्वरूप माध्यमिक शाला नैनधरा के निर्माणाधीन अति. कक्ष की गुणवत्ता में सुधार करते हुये अतिरिक्त कक्षों का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में अंतिम किश्त की राशि जारी नहीं की गई है। कार्य पूर्ण होने के उपरान्त ही राशि जारी की जायेगी। (2) प्रश्नकर्ता मान. विधायक द्वारा दिनांक 17.8.15 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बण्डा, जिला सागर को माध्यमिक शाला ग्राम पाठन की जानकारी एवं निरीक्षण कर सुधारात्मक आवश्यक कार्यवाही करने हेतु पत्र लिखा गया। माध्यमिक शाला पाटन का स्थल निरीक्षण सहायक यंत्री, जिला शिक्षा केन्द्र सागर दिनांक 9.10.15 को किया गया है। भवन में क्षत में सीपेज होना पाया गया, जिसके संबंध में जिला शिक्षा केन्द्र सागर के पत्र क्रमांक-3224, दिनांक 19.10.15 के द्वारा प्रधानाध्यापक, माध्यमिक शाला पाटन के शाला प्रबंधन समिति में उपलब्ध भवन मरम्मत राशि से सीपेज की मरम्मत हेतु लिखा गया। मरम्मत कार्य प्रगतिरत है। शासकीय हाई स्कूल के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी सागर के पत्र दिनांक 11.2.16 द्वारा उत्तरांश उल्लेखित पत्र दिनांक 31.10.14 के अनुक्रम में निर्माण एजेन्सी सहायक अभियंता, मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तिलि सागर को स्मरण कराते हुये लेख किया गया है कि भवन का तत्काल सुधार कार्य करवाये, अन्यथा की स्थिति में उक्त निर्माण कार्य की राशि प्रशासकीय स्वीकृति में से वरिष्ठ कार्यालय की सहमति से काट ली जावेगी।

जल वितरण व्‍यवस्‍था

9. ( क्र. 617 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा विगत 03 वर्षों में विधान सभा क्षेत्र सांवेर अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में टंकी के माध्‍यम से पेयजल उपलब्‍ध कराये जाने हेतु टंकियों का निर्माण कहाँ-कहाँ किया गया था? कहाँ-कहाँ पर प्‍लास्टिक की टंकियां रखी गई थीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में उक्‍त टंकियों से जल वितरण करने हेतु सांवेर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कहाँ-कहाँ पर बोरिंग कराये गये व जल वितरण लाईन बिछाई गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में विगत 3 वर्षों में टंकी निर्माण/प्‍लास्टिक टंकियां क्रय/बोरिंग करना, जल वितरण लाईन हेतु कितनी राशि व्‍यय की गई व कहाँ-कहाँ व्‍यय की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में कहाँ-कहाँ पर उक्‍त टंकियों से जल वितरण किया जा रहा है एवं कहाँ-कहाँ पर जल वितरण नहीं किया जा रहा है? किन कारणों से जल वितरण नहीं किया जा रहा है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) से (घ) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''दस''

ठेकेदारी प्रथा एवं श्रमिकों का शोषण

10. ( क्र. 720 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा स्थित ग्रेसिम इंडस्‍ट्री, केमिकल डिवीजन, लैंक्‍सेस एवं आर्केमा औद्योगिक इकाइयों तथा रतलाम जिले की औद्योगिक इकाईयों में परमानेंट नेचर का कार्य ठेकेदार श्रमिकों से कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो किस आधार व कानून के तहत? (ख) ठेकेदार प्रथा की आड़ में उच्‍चतम न्‍यायालय के निर्णयों के विरूद्ध हो रहे श्रमिकों के शोषण रोकने हेतु शासन ने उक्‍त उद्योग प्रबंधकों पर अब तक क्‍या कार्यवाही की? एवं नहीं तो क्‍यों? (ग) ठेकेदार श्रमिकों के हित में शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज (स्टेपल फायबर डिवीजन) नागदा में ठेकेदार श्रमिक से परमानेंट नेचर के कार्य कराए जाने का प्रकरण समक्ष आया है। आर्केमा नाम से कोई औद्योगिक इकाई की जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रश्नांकित शेष इकाईयों एवं आर्सिल औद्योगिक इकाई में उक्त स्थिति नहीं है। संविदा श्रम (विनियमन एवं समाप्ति) अधिनियम, 1970 के अंतर्गत प्रश्नांकित उद्योगों में ठेका श्रमिकों से स्थायी प्रकृति के कार्य कराए जाने पर प्रतिबंध नहीं है किन्तु संविदा श्रम (विनियमन एवं समाप्ति) मध्यप्रदेश नियम,1973 के नियम 25 (2) में प्रावधान है किः- ऐसे मामलों में, जहाँ संस्थान के नियोक्ता द्वारा सीधे नियोजित श्रमिकों का ही या उनके समान कार्य करने के लिए श्रमिकों को ठेके पर नियोजित किया गया हो, उनके वेतन की दर, अवकाश, कार्य के घंटे तथा सेवा की अन्य शर्तें वही होगी, जो कि मुख्य नियोक्ता द्वारा सीधे नियोजित कर्मचारियों को उसी कार्य पर या समान कार्य करने पर देय है। (ख) ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज (एस.एफ.डी.) लि. नागदा के प्रबंधन के विरूद्ध संविदा श्रम (विनियमन एवं समाप्ति) अधिनियम, 1970 एवं न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के उल्लंघनों के प्रकरणों में सक्षम न्यायालय में अभियोजन एवं दावा प्रकरण दायर करने की कार्यवाही की जा चुकी है। (ग) प्रश्नांश के उत्तर अनुसार कार्यवाही की गयी है।

विकासखण्‍ड आरोन का भवन निर्माण

11. ( क्र. 761 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विकासखण्‍ड आरोन में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग में कितने अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यरत हैं? (ख) क्‍या विकासखण्‍ड आरोन में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के लिये कार्यालय के संचालन हेतु कोई निजी भवन नहीं है? यदि हाँ, तो विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी कहाँ बैठते हैं? (ग) लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग आरोन के लिये कार्यालय संचालन हेतु भवन निर्माण कब तक किया जायेगा? (घ) विकासखण्‍ड आरोन में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के लिये कार्यालय हेतु भवन का निर्माण कब तक किया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) विकासखण्ड आरोन में लोक स्वास्थ्य यात्रिकी विभाग में 2 उपयंत्री, 12 हैण्डपंप टेक्नीशियन एवं 2 हेल्पर कार्यरत हैं। (ख) विकासखण्ड आरोन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उपखण्ड गुना के अन्तर्गत है। आरोन विकासखण्ड के अन्तर्गत 1 उपयंत्री का मुख्यालय है वह जनपद पंचायत आरोन में बैठता है। हैण्डपंप टेक्नीशियन एवं हेल्पर के मुख्यालय ग्राम पंचायतों में होकर वे वही संबंधित ग्राम पंचायतों में बैठते है। (ग) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उपखण्ड स्तर पर कार्यालय होते है चूंकि आरोन में उपखण्ड नहीं है अतः भवन निर्माण का प्रश्न ही नहीं है (घ) प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

कार्यों की गुणवत्‍ता की जानकारी

12. ( क्र. 809 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड जिले में वित्‍तीय वर्ष 01.04.2013 से प्रश्‍न तिथि तक दो लाख रूपये से ज्‍यादा राशि के लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग में क्‍या-क्‍या कार्य, किस-किस स्‍थान पर किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिले में उक्‍त समयानुसार मेन्‍टेनेन्‍स पर किस-किस प्रकार के कार्यों पर कितनी राशि, व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में से किस-किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।

भृत्‍यों को वर्दी का प्रदाय

13. ( क्र. 910 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा स्‍कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत भृत्‍यों को कितनी-कितनी अवधि में सामान्‍य वर्दी एवं गर्म वर्दी देने का प्रावधान है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार विगत 3 वर्षों में जिला शिक्षा अधिकारी विदिशा द्वारा आवंटित राशि में से कितनी राशि का भुगतान किया गया? आवंटित बजट का आय-व्‍यय वर्षवार एवं भुगतान की गई राशि का पूर्ण ब्‍यौरा देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार विदिशा जिले के स्‍कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत भृत्‍यों को कितने वर्षों से गर्म वर्दी प्रदाय नहीं की गई और क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सामान्य वर्दी प्रतिवर्ष एवं गर्म वर्दी तीन वर्ष में एक बार देने का प्रावधान है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ग) उत्तरांश में प्रावधान अनुसार पात्रता अनुसार भृत्यों को सामान्य/गर्म वर्दी प्रदाय की गई। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''ग्‍यारह''

अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत कार्य

14. ( क्र. 911 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत शासन द्वारा विदिशा जिले को कुल कितने लक्ष्‍य प्राप्‍त हुए थे, लक्ष्‍य के विरूद्ध कितने काम स्‍वीकृत किये गये, एवं कितने स्‍वीकृति हेतु शेष हैं? (ख) उक्‍त योजना के तहत स्‍वीकृत कार्य में कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया है? कितने कार्य पूर्ण हुए एवं कितने अपूर्ण हैं? अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जावेगा? अपूर्ण रहने का क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास नियम, 2014 की कंडिका-6 अनुसार अनुसूचित जाति की जनसंख्‍या के प्रतिशत वाले ग्रामों में प्राथमिकता से कार्य कराये जाने हेतु नियम निर्धारित है? यदि हाँ, तो वर्ष 2015-16 में स्‍वीकृत कार्यों की सूची दें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत शासन द्वारा कोई लक्ष्‍य निर्धारित नहीं है। वर्ष 2014-15 में 23 कार्य तथा वर्ष 2015-16 में 13 कार्य स्‍वीकृत किये गये। लक्ष्‍य निर्धारण न होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्ष 2014-15 में 58.98 लाख एवं वर्ष 2015-16 में 67.58 लाख भुगतान किया गया है। वर्ष 2014-15 में कुल स्‍वीकृत 23 कार्यों मे से 17 कार्य पूर्ण हो गये हैं एवं 6 कार्य निर्माणाधीन हैं जो मई 2016 तक पूर्ण हो जायेंगे एवं वर्ष 2015-16 में कुल स्‍वीकृत 13 कार्यों में से 4 पूर्ण हो गये हैं एवं शेष 9 निर्माणाधीन कार्य मई 2016 तक पूर्ण हो जायेंगे। (ग) जी हाँ। वर्ष 2015-16 में स्‍वीकृत कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बारह''

पेयजल की व्‍यवस्‍था

15. ( क्र. 1043 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी तहसील अंतर्गत ग्राम कुंआ, पपौंध, निपनिया सहित 50 ग्रामों का जल स्‍तर 400 फिट के नीचे है तथा पेयजल हेतु निर्मित हैण्‍डपम्‍पों से पानी निकलना बंद हो गया है, जिससे पेयजल संकट उक्‍त क्षेत्र में उत्‍पन्‍न हो गया है? (ख) क्‍या बाण सागर बांध परियोजना के पानी का भराव इस क्षेत्र से लगा हुआ है और इस क्षेत्र में पेयजल की सुविधा हेतु बांध के पानी की सप्‍लाई की व्‍यवस्‍था उक्‍त क्षेत्रवासियों को करायी जावेगी ताकि क्षेत्रवासी भारी पेयजल संकट से निजात पा सकें? यदि हाँ, तो कब तक?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। जी नहीं। (ख) जी हाँ। वर्तमान में कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

लोक शिक्षण संचालनालय के पत्र क्र. 2229 दिनांक 11.12.2015 के संबंध में

16. ( क्र. 1161 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न संख्‍या 177 (क्र. 2718) दिनांक 18.12.2015 में यह मान लिया है कि सतना में सहायक अध्‍यापक से अध्‍यापक पद की पदोन्‍नति में नि:शुल्‍क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 19 का उल्‍लंघन हुआ है? (ख) क्‍या लोक शिक्षण संचालनालय ने सहायक अध्‍यापक से अध्‍यापक पद पर हुई पदोन्‍नति में धारा 19 के उल्‍लंघन को लेकर संयुक्‍त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा से पदोन्‍नति में हुई अनियमितता की जाँच कराई गई थी? यदि हाँ, तो जाँच का विवरण देवें? (ग) क्‍या सतना जिले में हिन्‍दी विषय के 64 विज्ञान (जीव विज्ञान) के 28 एवं सामाजिक विज्ञान के 99 पदों पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पद न होते हुये भी नियम विरूद्ध पदोन्‍नति की गई है? क्‍या सतना जिले की माध्‍यमिक शालाओं में 1600 अध्‍यापक पद के विरूद्ध (गणित एवं अंग्रेजी विषय के विरूद्ध) कार्यरत हैं? (घ) यदि प्रश्‍नांश (क) (ख) एवं (ग) सही है तो गणित एवं अंग्रेजी विषय के रिक्‍त पदों में अतिथि शिक्षकों की भर्ती करते हुये पद विरूद्ध अध्‍यापकों/अतिशेष अध्‍यापकों को कब तक हटा दिया जावेगा? हिन्‍दी विषय के 64 विज्ञान (जीव विज्ञान) के 28 एवं सामाजिक विज्ञान के 99 पदों पर नियम विरूद्ध पदोन्‍नति करने वाले जिला शिक्षा अधिकारी सतना एवं संबंधित तत्‍कालीन लिपिक को निलंबित कर कब तक जाँच पूर्ण करा ली जावेगी? दोषियों पर शासन कब तक दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जाँच उपरांत ही नियम उल्‍लंघन की स्थिति स्‍पष्‍ट हो सकेगी। संभागीय संयुक्‍त संचालक, लोक शिक्षण, रीवा द्वारा जाँच समिति गठित की जाकर जाँच प्रचलन में है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार। (ग) जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर स्थिति स्‍पष्‍ट होगी। (घ) जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर तदानुसार नियमों के प्रकाश में आवश्‍यक आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

बीड़ी श्रमकों को कुटीरों का प्रदाय

17. ( क्र. 1237 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में श्रम विभाग द्वारा कितनी दुकानों का पंजीयन है? नाम, पतावार दुकान मालिक के नाम सहित जानकारी प्रदाय करें? (ख) दमोह जिले में श्रम विभाग द्वारा वर्ष 2013 से वर्ष 2016 तक कितनी कुटीरें बीड़ी मजदूरों व अन्‍य मजदूरों को प्रदाय की गई है? (ग) क्‍या उक्‍त प्रदत्‍त कुटीरें संबंधित बीड़ी श्रमिक/श्रमिक के पास तक पहुँची? यदि हाँ, तो निर्मित कुटीरों का मूल्‍यांकन किस अधिकारी द्वारा किया गया? क्‍या उक्‍त कुटीर निर्माण में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही है? यदि हाँ, तो जाँच समिति बनाकर जाँच करवाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जायेगा?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) दमोह जिले में श्रम विभाग द्वारा मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में 4208 दुकानों का पंजीयन किया गया है। इनके दुकान मालिकों के नाम व पते की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) दमोह जिले में श्रम विभाग द्वारा वर्ष 2013 से वर्ष 2016 तक कोई भी कुटीरें प्रदाय नहीं की गई है। (ग) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

अनुसूचित ग्रामों का चिन्‍हांकन

18. ( क्र. 1241 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा जिला दमोह में ऐसे अनुसूचित ग्रामों को अधिसूचित/चिन्‍हांकित किया गया है, जिसमें प्रतिवर्ष प्रदाय राशि का उपयोग किया जाता है? (ख) उक्‍त ग्राम 50 से कम होने के कारण बार-बार उन्‍हीं ग्राम पंचायत को राशि प्रदाय की जा रही है? क्‍या शासन द्वारा ऐसे ग्रामों का चिन्‍हांकन निरस्‍त कर किसी भी ग्राम के अनुसूचित जाति मोहल्‍ले में उक्‍त राशि व्‍यय कराने के निर्देश प्रदाय किये जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक जानकारी बतायें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) विभाग द्वारा अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना के संदर्भ में अनुसूचित जाति बाहुल्‍य ग्रामों की सूची तैयार की गयी है। (ख) जी नहीं। अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजना के प्रावधानों के अनुसार राशि उपलब्‍ध कराई जा रही है। अनुसूचित जाति बाहुल्‍य गांवों की सूची निरस्‍त करने का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

श्रमिकों की बकाया राशि का भुगतान

19. ( क्र. 1253 ) डॉ. मोहन यादव : क्या श्रम मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विनोद विमल मिल, इन्‍दौर टैक्‍स टाईल्‍स, श्री सिंथेटिक्‍स आदि मिलों में कार्यरत श्रमिकों की बकाया राशि एवं देनदारियों के भुगतान के संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? इस संबंध में उच्‍च न्‍यायालय द्वारा क्‍या निर्देश दिये गये हैं? निर्देशों की प्रति प्रदान करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी अनुसार हाईकोर्ट के निर्देश के पश्‍चात् भी विभाग द्वारा उपरोक्‍तानुसार मिलों में कार्यरत श्रमिकों की बकाया राशि एवं देनदारियों का भुगतान नहीं किया जाकर अनावश्‍यक रूप से परेशान किया जा रहा है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) का जवाब नहीं है तो श्रमिकों की बकाया राशि का भुगतान कब तक कर दिया जावेगा?

श्रम मंत्री ( श्री अंतरसिंह आर्य ) : (क) विनोद, विमल मिल परिसमापन में हैं, अतः श्रमिकों की बकाया राशि एवं देनदारियों के संबंध में श्रम विभाग द्वारा कार्यवाही अपेक्षित नहीं है। प्रकरण में जिला कलेक्टर उज्जैन ने तर्फे राज्य शासन एक अपील क्रमांक 2/2004 माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर की युगल पीठ में प्रस्तुत की है, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 16.04.2004 को स्थगन आदेश पारित किया गया है। प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। श्री सिन्थेटिक्स लि. उज्जैन दिनांक 16.11.2006 से मान. उच्च न्यायालय कलकत्ता द्वारा परिसमापन में है। अतः श्रमिकों की बकाया राशि एवं देनदारियों के संबंध में श्रम विभाग द्वारा कार्यवाही अपेक्षित नहीं है। इस संबंध में मान. उच्च न्यायालय, कलकत्ता द्वारा पारित आदेश दिनांक 21.06.2013 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार तथा आदेश दिनांक 17.07.2013 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार एवं आदेश दिनांक 20.06.2014 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार पर एवं दिनांक 05.05.2015 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। इन्दौर टेक्सटाईल को शासन के आदेश दिनांक 14.08.1997 द्वारा दिनांक 30.09.1997 से विधिवत् बंदीकरण की अनुमति प्रदान की गयी थी। कंपनी की परिसम्पत्तियां म.प्र. राज्य वस्त्र उद्योग निगम लिमिटेड भोपाल के आधिपत्य में हैं। श्रमिकों को देय राशि का भुगतान किया जा चुका है। (ख) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में श्रमिकों की बकाया राशि के भुगतान की कार्यवाही मान. उच्च न्यायालय के आदेश के पश्चात् शासकीय परिसमापक द्वारा की जाना है। श्रम विभाग द्वारा अवधि बताया जाना संभव नहीं है।

शिप्रा शुद्धिकरण

20. ( क्र. 1254 ) डॉ. मोहन यादव : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शिप्रा शुद्धिकरण हेतु ट्रीटमेन्‍ट प्‍लान्‍टों के संबंध में की गई संपूर्ण कार्यवाही, निविदा विज्ञप्ति, अनुबंध, प्राप्‍त निविदाएं, उपरोक्‍त संबंध में किन-किन की शिकायतें प्राप्‍त हुई आदि की जानकारी देते हुए उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होना था? (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी अनुसार अनुबंध में उल्‍लेखित निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने के लिये कौन दोषी है? दोषी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) वर्तमान में क्षिप्रा शुद्धिकरण हेतु ट्रीटमेंट प्लांटों का कोई कार्य स्वीकृत नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) उत्तरांश- अनुसार कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित ही नहीं होता है।

छात्रावासों में अनियमितता

21. ( क्र. 1425 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग द्वारा उज्‍जैन जिले में कितने छात्रावास कहाँ-कहाँ संचालित हैं? उक्‍त छात्रावासों में कितने-कितने छात्र-छात्रा दर्ज है? (ख) उक्‍त छात्रावासों में भोजन एवं दैनंदिनी कार्यों हेतु प्रति छात्र कितनी राशि आवंटि‍त की जाती है? (ग) उक्‍त आवंटन अनुसार क्‍या प्रत्‍येक छात्रावास में राशि का सदुपयोग किया जाता है? इसका भौतिक सत्‍यापन किया जाता है? यदि हाँ, तो कब-कब किन के द्वारा? (घ) उक्‍त छात्रावासों का संचालन किन के द्वारा हो रहा है? क्‍या संचालनकर्ता अधिकारी/कर्मचारी विभाग के ही कर्मचारी हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) उक्‍त छात्रावासों में पदस्‍थ कर्मचारियों के लंबे समय से एक ही तहसील में पदस्‍थी का क्‍या कारण है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) आदिवासी मद से उज्‍जैन जिले में 03 पोस्‍ट मैट्रिक छात्रावास, 01 प्री-मैट्रिक छात्रावास संचालित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। अनुसचित जाति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) आदिवासी एवं अनुसूचित जाति छात्रावासों में निवासरत प्रति विद्यार्थी को दैनिक भोजन/नाश्‍ता के लिये शिष्‍यवृत्ति बालक को रूपये 1,000/- एवं कन्‍या को रूपये 1,040/- दिये जाने का प्रावधान है। (ग) जी हाँ। विभागीय अधिकारी/कलेक्‍टर द्वारा अधिकृत जिला अधिकारी द्वारा समय समय पर निरीक्षण/सत्‍यापन किया जाता है। (घ) आदिवासी/अनुसूचित जाति छात्रावासों का संचालन विभागीय अधीक्षकों द्वारा किया जाता है, किन्‍तु कर्मचारियों की कमी एवं पद रिक्‍त होने से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से (अंशकालीन) अधीक्षकों के रूप में छात्रावासों का संचालन का कार्य संपादित कराया जा रहा है। (ड.) आदिवासी मद से संचालित छात्रावासों में पदस्‍थ अधीक्षकों/अधीक्षिकाओं को 3-5 वर्षों में स्‍थानांतरण किये जाने का प्रावधान है। अनुसूचित जाति विभाग अन्‍तर्गत शासन की नीति अनुसार एक ही तहसील में लम्‍बे समय से कार्यरत कर्मचारियों के स्‍थानान्‍तरण किये गये थे। स्‍थान्‍तरित किये गये कर्मचारियों के द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय इन्‍दौर से स्‍थगन आदेश लेने पर विभाग के द्वारा स्‍थानान्‍तरण पर स्‍थगन का प्रति उत्तर माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इन्‍दौर में प्रस्‍तुत किया गया है, किन्‍तु स्‍थगन रिक्‍त नहीं होने से संबंधित कर्मचारी यथावत उसी स्‍थान पर कार्यरत हैं।

परिशिष्ट ''तेरह''

निर्माण कार्यों में अनियमितता

22. ( क्र. 1428 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा उज्‍जैन जिले में विगत तीन वर्षों में किन-किन तहसीलों में किन-किन निर्माण कार्यों/छात्रावास निर्माण/ रख-रखाव/मरम्‍मत हेतु कितनी-कितनी राशि जारी की गई? उनकी निर्माण एजेंसी क्‍या थी? (ख) क्‍या उक्‍त कार्यों का भौतिक सत्‍यापन विभाग द्वारा किया जाता है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रदेश से प्राप्‍त राशि को जिले की विभिन्‍न तहसीलों में आवंटन का क्‍या मापदण्‍ड हैं? यदि समान मापदण्‍ड है तो प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में समानता क्‍यों नहीं? (घ) जिले की अनु.जाति बाहुल्‍य तहसीलों में कम राशि आवंटन का क्‍या कारण है? आवंटन में अनियमितता के लिए कौन दोषी है? क्‍या विभाग दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) प्राप्‍त राशि को जिले की तहसीलों में आवंटन का कोई मापदण्‍ड नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत अनुसूचित जाति बाहुल्‍य तहसीलवार राशि आवंटन का कोई मापदण्‍ड नहीं है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

नियम विरूद्ध मेडिकल बिल की वसूली एवं दोषी पर कार्यवाही

23. ( क्र. 1485 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सहायक पशु चिकित्‍सा क्षेत्रीय अधिकारी कार्यालय उपसंचालक पशु चिकित्‍सा सेवाएं रीवा में रामेश्‍वर प्रसाद सिंह दुबे की पदस्‍थापना कब की गई है तथा इसके पहले किस अवधि तक शहडोल में पदस्‍थापना थी? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) के अधिकारी द्वारा अपने शहडोल एवं रीवा पदस्‍थापना के दौरान कब-कब स्‍वयं अथवा आश्रितों के इलाज के लिये मेडिकल एवं यात्रा बिल का भुगतान प्राप्‍त किया है? स्‍वीकृति राशि प्रति के साथ देवें? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) का अधिकारी पात्रता से अधिक मेडिकल बिल प्राप्‍त किया है, तो स्‍वीकृतिकर्ता अधिकारी एवं उपभोगकर्ता अधिकारी से राशि की वसूली करते हुए पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) श्री दुबे की रीवा में पदस्थापना दिनांक 16.08.2012 को की गई है। इसके पहले उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, शहडोल में दिनांक 09.03.1993 से 19.02.2004 एवं दिनांक 08.08.2005 से 08.09.2008 तक कार्यरत रहे एवं शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र शहडोल में दिनांक 09.09.2008 से 14.08.2012 तक कार्यरत रहे। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ग) उपचार/मेडिकल बिल की अनुमति/स्वीकृति संचालक, चिकित्सा शिक्षा विभाग, म.प्र. भोपाल/अधिष्ठाता, एस.एस.मेडिकल कॉलेज, रीवा/संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं की है अतः नियमानुसार स्वीकृति प्राप्त होने से वसूली एवं प्रकरण पुलिस में दर्ज होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

 

छात्रावासों का संचालन

24. ( क्र. 1493 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा मिशन द्वारा वर्तमान में श्‍योपुर, कराहल, विजयपुर में संचालित 100-100 सीटर बालिका छात्रावासों हेतु वर्ष 2013-14 से वर्तमान तक वर्षवार कितनी-कितनी राशि प्रदाय की इसे किन-किन कार्यों में व्‍यय किया? (ख) शासन निर्देशानुसार उक्‍त छात्रावासों में क्‍या-क्‍या सुविधाएं होनी चाहिए? क्‍या-क्‍या हैं, क्‍या-क्‍या नहीं व क्‍यों? सुविधायें कब तक उपलब्‍ध कराई जावेगा? (ग) उक्‍त अवधि में उक्‍त छात्रावासों में कक्षा 9 से 12 तक कितनी-कितनी बालिकाओं ने प्रवेश लिया संख्‍या कक्षा/वर्षवार बतावें? (घ) क्‍या श्‍योपुर में उक्‍त छात्रावास कन्‍या हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल के हॉल में, कराहल, विजयपुर में एक-दो छोटे कमरों में जिनमें 100-100 पलंग बिछाने की जगह नहीं हैं, सं‍चालित किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो जगह के अभाव में ये छात्रावास कैसे संचालित हो रहे हैं? (ड.) क्‍या उक्‍त छात्रावासों में प्रवेशार्थी बालिकाओं की वास्‍तविक संख्‍या अभिलेखों में कम हैं के बावजूद संख्‍या अधिकतम दर्शाकर प्रतिवर्ष लाखों रुपये की राशि संबंधित अमले द्वारा व्‍यय कर दुरूप‍योग किया जा रहा हैं? यदि नहीं, तो क्‍या शासन उक्‍त छात्रावासों में बालिकाओं की संख्‍या, सुविधा व संधारित अभिलेखों का भौतिक सत्‍यापन करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान अंतर्गत जिला श्योपुर में 03 बालिका छात्रावास (100 सीटर) संचालन हेतु वर्ष 2013-14 से वर्तमान तक प्रदाय राशि एवं मदवार व्यय का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) छात्रावास का स्वयं का भवन निर्मित होने तक अस्थायी भवन में छात्रावास संचालन के निर्देश है। बालिकाओं को निःशुल्क भोजन, आवास, टायलेटरी आवश्यक सामग्री की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश है। वर्तमान में छात्रावास अस्थायी भवन में संचालित है जिनमें ये सुविधाएं उपलब्ध है। (ग) वर्षवार, छात्रावासवार कक्षा 9 से 12 में प्रवेशित छात्राओं की संख्या की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) बालिका छात्रावास श्योपुर शा. कन्या उ.मा.वि. श्योपुर में एक बड़ा साईज (40x80) एवं एक कक्ष साईज (20x30) में, बालिका छात्रावास कराहल अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास भवन के 06 कक्षों में तथा बालिका छात्रावास विजयपुर किराये का भवन 07 कक्षों में संचालित है। उक्त तीनों छात्रावासों में बिना पंलग के 100 बालिकाओं के रहने के लिये पर्याप्त जगह है। तीनों छात्रावासों के भवन निर्माणाधीन हैं। भवन पूर्ण होने पर नवीन भवनों में छात्रावास संचालित किये जाकर समस्त फर्नीचर उपकरण, पलंग की व्यवस्था हो सकेगी। (ड.) जी नहीं। श्योपुर जिले के छात्रावासों का शिकायत प्राप्त होने पर भौतिक सत्यापन करवाया जाएगा तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

परिशिष्ट ''पन्‍द्रह''

 

एग्रीकल्‍चर सामग्री का क्रय

25. ( क्र. 1494 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले के वर्तमान में आदिम जाति कल्‍याण विभाग के अधीन कितने हाई/हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल संचालित हैं इनमें वर्ष 2014-15, 2015-16 में एग्रीकल्‍चर सामग्री क्रय करने हेतु कितनी राशि शासन द्वारा प्रदाय की गई, इसमें से कितनी-कितनी राशि इन स्‍कूलों के प्राचार्यों को सहायक आयुक्‍त द्वारा वर्षवार उपलब्‍ध कराई? (ख) उक्‍त राशि से उक्‍त अवधि में समस्‍त प्राचार्यों ने क्रय समिति का गठन कर उसका अनुमोदन उपरांत शासन निर्देशानुसार कितनी-कितनी एग्रीकल्‍चर सामग्री किस फर्म से कितनी-कितनी मात्रा में कब-कब खरीदी इसका सत्‍यापन किस सक्षम अधिकारी से कब कराया? इस संबंध में शासन निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या उक्‍त सामग्री उक्‍त निर्देशानुसार उक्‍त प्राचार्यों को अपने स्‍तर से ही खरीदना थी लेकिन इस हेतु सहायक आयुक्‍त ने प्राचार्यों को राशि उपलब्‍ध नहीं कराई? इसके क्‍या कारण हैं। (घ) क्‍या सहायक आयुक्‍त ने स्‍वयं ही शासन निर्देशों को अनदेखा कर समस्‍त प्राचार्यों से बिना एग्रीकल्‍चर सामग्री की डिमांड लिये बिना विज्ञप्ति जारी किये अनियमित तरीके से लाखों रूपये की घटिया स्‍तर की सामग्री चौगुने दाम पर क्रय कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इस पूरे मामले की जाँच करवाएगा यदि नहीं, तो क्‍यों?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) श्‍योपुर जिले में विभाग के 11 हाईस्‍कूल एवं 06 हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल संचालित हैं। वर्ष 2014-15 में रूपये 2.00 लाख की राशि कृषि संकाय के संचालन हेतु प्राचार्य शासकीय उत्‍कृष्‍ट उ.मा.वि. कराहल को सहायक आयुक्‍त श्‍योपुर द्वारा उपलब्‍ध कराई गई। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। शेष प्रश्‍न ही नहीं उठता। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सोलह''

प्रदेश के सहायक शिक्षकों की उ.श्रे.शि. पद पर पदो‍न्‍नति

26. ( क्र. 1565 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में स्‍कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत सहायक अध्‍यापकों को 7 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने के पश्‍चात् अध्‍यापक पद पर पदोन्‍नत किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम बतायें? (ख) क्‍या विभाग में कार्यरत सहायक शिक्षक जिनका सेवा काल 20 से 30 वर्ष हो चुका है, उन्‍हें उच्‍च श्रेणी शिक्षक नहीं बनाया गया? यदि हाँ, तो, विभाग इस संबंध में इन सहायक शिक्षकों को उच्‍च श्रेणी शिक्षक बनाये जाने के लिये क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मध्यप्रदेश पंचायत/नगरीय अध्यापक संवर्ग (नियोजन एवं सेवा की शर्तें) नियम, 2008 की अनुसूची-चार का अनुक्रमांक-2 के अनुसार पदोन्नति के लिए अर्हता तथा अनुभव संबंधित विषय में स्नातक उपाधि या समकक्ष एवं शिक्षण-प्रशिक्षण उपाधि/पत्रोपाधि (डिप्लोमा) तथा धारित पद पर न्यूनतम सात वर्ष का अनुभव हो है। सात वर्ष के अनुभव के अतिरिक्त पदोन्नति हेतु पदों की उपलब्धता, वरिष्ठता, पात्रता तथा पदोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर ही पदोन्नति का प्रावधान है। (ख) मध्यप्रदेश अराजपत्रित तृतीय वर्ग शैक्षणिक सेवा (अमहाविद्यालयेत्तर सेवा) भरती तथा पदोन्नति नियम, 1973 की अनुसूची-चार (2-क) तथा पदोन्नति पदों की उपलब्धता, वरिष्ठता, पात्रता तथा पदोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान है। तद्नुसार सेवा अवधि के आधार पर पदोन्नति नहीं होती है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अनुकंपा नियुक्ति के प्रश्‍न का गलत जवाब

27. ( क्र. 1566 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न संख्‍या 34 (क्र. 1656) दिनांक 31 जुलाई, 2015 के उत्‍तर में जी नहीं, जवाब दिया गया है? जबकि 04 जुलाई-2014 के प्रश्‍न संख्‍या 70 (क्रं.1440) के उत्‍तर में उपरोक्‍त शासन के आदेश का हवाला देकर अनुकंपा नियुक्ति की जाना बताया गया था? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) अनुसार सदन में प्रस्‍तुत उत्‍तर में असमानता का कारण शासकीय कार्य में लापरवाही दर्शाता है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा सदन में गलत जानकारी देकर विधानसभा सदस्‍यों को गुमराह करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश 1656 में इंदौर जिले में कोई अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी जाने के कारण जी नहीं उत्‍तर दिया गया था तथा प्रश्‍नांश 1440 में दिवंगत शासकीय कर्मचारी के आश्रित को सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 18/08/2008 के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता के संबंध में प्रश्‍न होने के कारण जी हाँ का उत्‍तर दिया गया था। दोनों प्रश्‍नों में पृथक-पृथक जानकारी चाही गई थी। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बी.आर.सी.सी. पद पर प्रतिनियुक्ति

28. ( क्र. 1631 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र भोपाल के आदेश क्र./0019, दिनांक 8/11/2011 द्वारा लिखित परीक्षा बी.आर.सी.सी. पद पर प्रतिनियुक्ति हेतु आदेश जारी किये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो आदेश में यह भी निर्देश थे कि भविष्‍य में किसी भी कारण से रिक्‍त होने वाले पदों पर चयन सूची के आधार पर नियुक्ति की कार्यवाही की जावेगी? (ग) यदि हाँ, तो चयन सूची को दर किनार कर बिना पात्रता परीक्षा उत्‍तीर्ण किये सागर संभाग में बी.आर.सी.सी. पद पर प्रतिनियुक्तियां निरस्‍त की गई? (घ) यदि नहीं, तो क्‍यों? कौन दोषी है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्रमांक/राशिके/नियु/2011/10019 दिनांक 08.11.2011 विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक की सेवायें प्रतिनियुक्ति पर लिये जाने के निर्देश थे। (ख) राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र क्रमांक 10648 दिनांक 26.11.2011 अनुसार प्रकाशित प्रावीणता सूची जारी होने के दिनांक से 01 वर्ष तक वैध रहने का उल्लेख था। (ग) विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, शाहनगर जिला पन्ना, जिला सागर में विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, जैसीनगर, विकासखण्ड स़्त्रोत समन्वयक, राहतगढ़, एवं विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, रहली तथा टीकमगढ़ जिले के विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक टीकमगढ़, विकास खण्ड स्त्रोत समन्वयक जतारा एवं विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, निवाड़ी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन प्राप्त होने से पदस्थ है। प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। (घ) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शा.उ.मा.वि./मा.वि./प्रा.वि. के स्‍कूल एक ही पाली में संचालित किये जाना

29. ( क्र. 1660 ) श्रीमती ममता मीना : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय उ.मा.वि./मा.वि./प्रा.वि. के पृथक-पृथक स्‍वतंत्र भवन होने पर उन्‍हें दोपहर पाली में संचालित करने के निर्देश है? (ख) क्‍या शिक्षा विभाग गुना जिले में भी शासन नियमों के अंतर्गत प्रश्‍न (क) अनुसार समस्‍त विद्यालय संचालित हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) शासकीय उ.मा. विद्यालय धरनावदा (राघौगढ़) में छात्र संख्‍या के मान से पर्याप्‍त से भी अधिक भवन व्‍यवस्‍था होने के बावजूद विद्यालय को दो पाली में तथा इसी तरह कलेक्‍टर गुना के निर्देशानुसार जाँच उपरांत शा.मा.वि. मावन (गुना) का स्‍वतंत्र भवन होकर जिला शिक्षा अधिकारी, गुना द्वारा पत्रांक 4276 दिनांक 18.09.2014 से दोपहर पाली में संचालित करने के आदेश के बावजूद भी प्रात: पाली में क्‍यों संचालित किया जा रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार शासन निर्देशों के विपरीत वरिष्‍ठ अधिकारी के आदेश का उल्‍लंघन करने वाले प्राचार्य एवं संस्‍था प्रमुख के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी और कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) शा.उ.मा.वि. धरनावदा में छात्र संख्या 586 है और शाला में माध्यमिक विभाग में 209 छात्र अध्ययनरत है। इस प्रकार शाला की कुल छात्र संख्या 795 है। शाला के भवन में मात्र 10 कक्ष है। छात्र संख्या अधिक होने से एवं कार्य सुविधा की दृष्टि से शा.उ.मा.वि. धरनावदा दो पालियों में संचालित किया जा रहा है। शा.मा.वि. मावन में छात्र संख्या 370 तथा प्रा.वि.मावन में 167 छात्र दर्ज है। कुल छात्र संख्या 537 है। जिला शिक्षा अधिकारी गुना द्वारा उनके पत्र क्रमांक 2476 दिनांक 18.09.2014 द्वारा शा.मा.वि. मावन को एक ही पाली में संचालित करने के आदेश दिए गए थे। परन्तु सरपंच ग्राम पंचायत, मावन तथा अध्यक्ष शाला प्रबंध समिति शा.मा.वि. मावन के द्वारा छात्र संख्या अधिक होने से बैठने के स्थान की कमी तथा पेयजल की समस्या के संबंध में लेख किया गया। स्वयं मान. विधायक सुश्री ममता मीना द्वारा उनके पत्र दिनांक 20.10.2014 द्वारा विद्यालय को पूर्ववत दो पालियों में लगाये जाने हेतु लेख किये जाने से जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उनके पत्र क्रमांक 2386 दिनांक 16.06.2015 द्वारा शा.मा.वि.मावन तथा शा. प्राथ.बा.प्रा.वि. मावन को पृथक-पृथक दो पालियों में संचालित करने के आदेश किये गये है। (घ) प्रश्नांश के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

अपर जिला एवं सत्र न्‍यायालय प्रारंभ किया जाना

30. ( क्र. 1695 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले की परासिया विधान सभा क्षेत्र में अपर जिला एवं सत्र न्‍यायालय खोले जाने की शासन द्वारा स्‍वीकृति प्रदान की जा चुकी है? यदि हाँ, तो अपर जिला एवं सत्र न्‍यायालय को स्‍थापित किए जाने में विलम्‍ब का क्‍या कारण है? (ख) परासिया विधानसभा क्षेत्र के परासिया में अपर जिला एवं सत्र न्‍यायालय को प्रारंभ किए जाने हेतु संबंधित विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) परासिया विधान सभा क्षेत्र के परासिया में अपर जिला एवं सत्र न्‍यायालय को कब तक प्रारंभ कर दिया जाएगा?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) परासिया में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय को प्रारंभ किए जाने हेतु माननीय उच्च न्यायालय की अनुशंसा अनुसार आवश्यक मूलभूत सुविधायें जैसे उपयुक्त न्यायालय भवन, न्यायाधीश के निवास हेतु उपयुक्त शासकीय आवासगृह उपलब्ध कराया जाना है एवं न्यायाधीश एवं उनके अमले के तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के पदों का सृजन कराया जाना है। परासिया में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय हेतु 2 अतिरिक्त न्यायालय निर्माण संबंधी प्राक्कलन तथा 1 डी-टाईप आवास निर्माण संबंधी प्राक्कलन प्राप्त हो चुके है जिन्हें आगामी स्थायी वित्तीय समिति की बैठक मे स्वीकृति हेतु रखा जाना प्रस्तावित है। इसी प्रकार न्यायाधीश एवं उनके अमले के तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के पदों के सृजन का प्रस्ताव वित्त विभाग की ओर प्रेषित किया गया था। वित्त विभाग ने सहमति न देते हुए माननीय उच्च न्यायालय के अर्द्धशासकीय पत्र दिनांक 25.04.14 जिसके द्वारा नवीन न्यायालय स्थापना सबंधी मापदण्ड निर्धारित किये गये है, के बिन्दु क्र. 1 से 5 तक के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने का परामर्श दिया है। तदानुसार उच्च न्यायालय से जानकारी प्राप्त की जा रही है। (ग) समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

अपूर्ण तथा अप्रारंभ योजनायें

31. ( क्र. 1750 ) श्री संजय शर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना के अंतर्गत रायसेन एवं नरसिंहपुर जिले के कितने ग्रामों में पेयजल योजना स्‍वीकृत की गई? ग्राम पंचायत को कितनी योजना हस्‍तांतरित की? (ख) कितने ग्रामों में कार्य अपूर्ण है तथा क्‍यों? उक्‍त अपूर्ण तथा अप्रारंभ योजनाओं पर कितना बिजली का बिल बकाया है? (ग) समूह नल-जल प्रदाय योजना में रायसेन एवं नरसिंहपुर जिलों में क्‍या-क्‍या कार्य किस-किस एजेन्‍सी द्वारा करवाये जा रहे हैं? उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (घ) समूह नल-जल प्रदाय योजना तथा नल-जल योजना स्‍वीकृत करने के संबंध में रायसेन एवं नरसिंहपुर जिला में किन-किन माध्‍यमों से 01.01.14 से 01.02.16 तक प्रस्‍ताव विभाग को प्राप्‍त हुए तथा उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) रायसेन जिले की 106 योजनाएं स्वीकृत एवं 77 योजनायें हस्तांतरित तथा नरसिंहपुर जिले की 66 योजनायें स्वीकृत एवं सभी योजनाएं हस्तांतरित। (ख) रायसेन जिले में 09 योजनाएं, प्रगतिरत होने से। 02 अपूर्ण योजनाओं पर रूपये 39945.00 तथा 01 अप्रांरभ योजना पर रूपये 4567.00 का बिजली का बिल बकाया है। नरसिंहपुर जिले की सभी योजनाएं पूर्ण है। 66 हस्तांतरित योजनाओं में रुपये 302270.00 बिजली का बिल बकाया है। (ग) रायसेन जिले में मेसर्स एल. एण्ड टी. कंस्ट्रक्शन चेन्नई द्वारा उदयपुरा समूह प्रदाय योजना का कार्य किया जा रहा है, कार्यादेशानुसार जुलाई 2016 में पूर्ण किया जाना लक्षित है। संग्रामपुर योजना समूह नल-जल योजना के स्त्रोत निर्माण हेतु निविदा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सफल स्त्रोत निर्माण के पश्चात् उक्त योजना के शेष अवयवों के निर्माण की कार्यवाही नियमानुसार की जावेगी। योजना के पूर्ण होने की निश्चित समयावधि बतलाया जाना संभव नहीं है। नरसिंहपुर जिले में कोई समूह जल प्रदाय योजना कार्य स्वीकृत नहीं हैं। (घ) रायसेन जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। नरसिंहपुर जिले की जानकारी निरंक है।

हायर सेकण्‍डरी स्कूलों में प्रधानाचार्य पदों की पूर्ति

32. ( क्र. 1834 ) श्री मुकेश नायक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र में विभाग के कितने हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल हैं एवं प्रधानाचार्य के स्‍वीकृत पदों के समकक्ष कितने पद रिक्‍त हैं? विधानसभावार आंकड़ा देवें? (ख) जिन स्‍कूलों में प्रभारी प्राधानाचार्य नियुक्‍त हैं? उनकी सूची विधानसभावार देवें? (ग) हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल में प्रधानाचार्य पदों की पूर्ति कब तक की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट ''सत्रह''

माध्‍यमिक शालाओं का उन्‍नयन

33. ( क्र. 1835 ) श्री मुकेश नायक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले की विधान सभा क्षेत्र पवई में संचालित शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक विद्यालयों में कौन-कौन सी सुविधाएं विद्यार्थियों को उपलब्‍ध कराई जाती है? (ख) पन्‍ना विधान सभा क्षेत्र के कितने शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक विद्यालयों के उन्‍नयन के प्रस्‍ताव विभाग में स्‍वीकृत किये गये तथा उस संबंध में आदेश कब तक जारी हो जायेंगे? (ग) पन्‍ना विधान सभा क्षेत्र के शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक विद्यालय के उन्‍नयन के लिए आगामी शिक्षण सत्र के लिये विभाग में क्‍या नई योजनाएं, सम्मिलित की गई या नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) नि:शुल्‍क पाठ्य पुस्‍तक, गणवेश एवं पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्‍क सायकिल वितरण की जाती है। (ख) विभाग मे उन्‍नयन के कोई प्रस्‍ताव स्वीकृत नहीं किए गए है। अत: शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं।

निर्माण कार्यों की जानकारी

34. ( क्र. 1938 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि दिनांक 01.04.2013 से प्रश्‍न तिथि तक सतना जिले की किन-किन छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं के लिये क्‍या-क्‍या सामग्री किस-किस दर पर, किस फर्म/संस्‍था/व्‍यक्ति से कब-कब खरीदी कब-कब जारी निविदाओं के आधार पर की गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : सतना जिले में 11 प्री-मेट्रिक छात्रावास 01 पोस्‍टमेट्रिक छात्रावास तथा 09 आश्रम शाला संचालित है, जिनमें क्रय की गई सामग्री, दर, फर्म/संस्‍था/व्‍यक्ति से खरीदी के दिनांक का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

खेलकूद सामग्री का क्रय

35. ( क्र. 1992 ) श्री संजय उइके : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के खेल परिसरों के लिए वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में खेल सामग्री की खरीदी की गई है? (ख) यदि हाँ, तो बालाघाट जिलान्‍तर्गत क्‍या-क्‍या सामग्री किस दर पर कितनी-कितनी एवं किस फर्म/आपूर्तिकर्ता से खरीदी गई?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जिला खरगोन, झाबुआ, अनूपपुर, श्‍योपुर में खेल सामग्री क्रय नहीं की गई है। शेष जिलों में सामग्री क्रय की गई है। (ख) वर्ष 2015-16 में बालाघाट जिले में क्रय की सामग्री दर, मात्रा एवं फर्म/आपूर्तिकर्ता की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''उन्‍नीस''

शिकायत पर कर्मचारियों के विरूद्ध जारी आदेश

36. ( क्र. 2163 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सहायक आयुक्‍त, पश्चिम निमाड़ खरगोन, आदिवासी विकास शाखा द्वारा जनवरी 2016 में कितने कर्मचारियों के विरूद्ध आदेश जारी किये गये प्रति देवें? शिकायत पर कितने आदेश जारी किये गये कर्मचारीवार सूची देवें? (ख) बिन्‍दु (क) के शिकायत प्राप्‍त होने पर किये गये आदेश के संदर्भ में कब किसके द्वारा शिकायत प्राप्‍त हुई? कब जाँच आदेश जारी हुए जाँच प्रतिवेदन कब प्राप्‍त हुआ तथा इस प्रतिवेदन पर कब आदेश जारी हुआ? दिनांकवार विषयवार सूची देवें। (ग) बिन्‍दु (क) के संबंध में वरिष्‍ठ कार्यालय, वरिष्‍ठ अधिकारी से कोई पत्र/मौखिक आदेश/पत्र खरगोन विभागीय कार्यालय में प्राप्‍त हुआ है तो इसका विवरण देवें? प्रश्‍नांश (क) के संबंध में विभागीय विकासखण्‍ड अधिकारी से कोई शिकायत या पत्र प्राप्‍त हुआ है तो विवरण देवें? (घ) खरगोन विभागीय कार्यालय के आदेश क्रमांक/418/आदिम/शिकायत/16, दिनांक 12.01.16 द्वारा आदिवासी कन्‍या छात्रावास, भगवानपुरा का प्रभार जिस कर्मचारी को दिया गया है उसे पूर्व में सहायक आयुक्‍त के निरीक्षण में लापरवाही के कारण अधीक्षिका पद से कब हटाया गया था? दिनांक बतायें? इस लापरवाह कर्मचारी को पुन: होस्‍टल अधीक्षिका बनाने का कारण बतायें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास खरगोन द्वारा जनवरी 2016 में 05 कर्मचारियों के विरूद्ध आदेश जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के कॉलम नम्‍बर दो में दर्शायी गई है। विभागीय विकासखण्‍ड अधिकारी से कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है किन्‍तु विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी से शिकायत प्राप्‍त हुई है, जिसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट में दर्शाया गया है। (घ) आदेश दिनांक 12/01/2016 द्वारा श्रीमती राजकुमारी सेंगर अधीक्षिका आदिवासी कन्‍या आश्रम (अंग्रेजी माध्‍यम) भगवानपुरा का प्रभार सौंपा गया है, को पूर्व में आदेश दिनांक 07/10/2014 से इसी आश्रम से शिकायत के आधार पर निलंबित किया गया है। तत्‍पश्‍चात श्रीमती निर्मला चौहान अधीक्षिका के विरूद्ध बालिकाओं द्वारा शिकायत प्रेषित करना तथा सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकास खरगोन के निरीक्षण के समय पर शिकायत सिद्ध पाई जाने के कारण श्रीमती चौहान को कन्‍या आश्रम के प्रभार से हटाया जाकर पुन: श्रीमती राजकुमारी सेंगर को सौंपा गया।

खरगोन रेशम किसानों की नाराजगी

37. ( क्र. 2175 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा विगत 3 वर्षों में खरगोन जिले में कहाँ-कहाँ, कितने कार्यक्रम कब-कब आयोजित किये गये? इन कार्यक्रमों में खर्च राशि मदवार बतायें? विगत 3 वर्षों में विभाग द्वारा खरगोन जिले में कहाँ-कहाँ, कितने हितग्राहियों को किस योजनांतर्गत लाभांवित किया गया? (ख) रेशम संचालनालय द्वारा वर्ष 2014 एवं 2015 में खरगोन जिले से कितने किसानों से रेशम उत्‍पादन हेतु किन शर्तों पर अनुबंध किये गये? किस कारण वर्तमान में खरगोन के किसान शहतुत के पौधे उखाड़ने के लिए बेबस हुए? किस कारण उन्‍हें अनुदान प्राप्‍त होने में देरी हुई? इस के लिए कौन जिम्‍मेदार है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) खरगोन जिले में विगत 3 वर्षों में आयोजित कार्यक्रम एवं लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' 1,2,3,4, एवं 5 अनुसार है। (ख) वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में खरगोन जिले में 409 कृषकों से अनुबंध किए गए। अनुबंध की शर्तों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। किसी भी कृषक द्वारा पौधरोपण उखाड़े जाने की सूचना प्राप्त नहीं है। खरगोन जिले में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत चयनित हितग्राहियों को कार्य प्रगति के आधार पर राशि उपलब्ध कराई जा रही है। मनरेगा के तहत प्रशासकीय स्वीकृति कलेक्टर खरगोन से दिनांक 22/1/2016 को प्राप्त हुई है। योजनांतर्गत औपचारिकताएं पूर्ण कराई जा रही है। योजनांतर्गत स्वीकृत राशि कार्य की प्रगति अनुसार 2 से 6 माह में देय है। कृषकों को भुगतान में विभाग स्तर पर कोई विलंब नहीं हुआ है, अत: जिम्मेदारी निर्धारण का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

कन्‍या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय डबरा के भवन की मरम्‍मत

38. ( क्र. 2274 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय कन्‍या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय डबरा में लगभग 1200 छात्रायें रोजाना पढ़ने के लिये आती है? इस भवन की हालत जीर्ण-शीर्ण हो चुकी है? क्‍या नवीन भवन के सम्‍बन्‍ध में कोई कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (ख) क्‍या शासकीय कन्‍या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय डबरा हेतु भवन मरम्‍मत कार्य हेतु कोई स्‍वीकृति वर्तमान में दी गई है? यदि नहीं, तो नवीन भवन हेतु प्रस्‍ताव तैयार कराकर विभाग द्वारा कब तक भेजा जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। पुराने भवन के कुछ कमरे उपयोग हेतु उपयुक्‍त नहीं है। शासन द्वारा विभिन्‍न योजनाओं के तहत 15 नवीन कक्षों का निर्माण कराया जा चुका है, जिसमें विद्यालय संचालित है। इसके अतिरिक्‍त पुराने भवन में भी कक्षाएं संचालित की जाती है। अनुपयुक्‍त कमरों की मरम्‍मत/पुन: निर्माण हेतु प्राक्‍कलन तैयार कर बजट की उपलब्‍धता अनुसार मरम्‍मत/पुर्ननिर्माण कराया जा सकेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी नहीं। उत्‍तरांश '' अनुसार।

नल-जल योजनाएं

39. ( क्र. 2511 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) स्‍वच्‍छ पेयजल की व्‍यवस्‍था प्रत्‍येक बसाहट में हो ऐसी कोई प्राथमिकता है? यदि है तो मण्‍डला जिले के विधान सभा क्षेत्र निवास अन्‍तर्गत आने वाले सभी गांव/बसाहटों में अभी तक पेयजल हेतु क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये हैं? (ख) वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक पेयजल हेतु किये गये प्रयासों के तहत कौन-कौन से कार्य कराये गये हैं? (ग) इस हेतु विगत दो वर्षों में कितने मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना, कितने जनभागीदारी योजना तथा जल आवर्धन योजना अनुसार कितने नल-जल कार्यक्रमों की स्‍वीकृति मिली है? योजना अनुसार कार्य की स्‍वीकृति उपरांत उनकी प्रगति कैसी है बंद और संचालित योजनाओं की जानकारी सहित संपूर्ण जानकारी विकासखण्‍डवार देवें?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। मण्डला जिले में पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु हैण्डपंप स्थापना, कूप निर्माण एवं नल-जल योजनाओं के माध्यम से प्रयास किये गये हैं। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में 140 हैण्डपंप स्थापना एवं 53 नल-जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''बीस''

शॉफ्टवेल कूप खनन

40. ( क्र. 2519 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मण्‍डला जिले के विभिन्‍न ग्रामों में विगत चार वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक 450 मिलीमीटर व्‍यास के कुल कितने शॉफ्टवेल कूप खनन किये गये हैं? खनन कराये गये शॉफ्टवेल कूप के अंदर एवं बाहर का डाया (व्‍यास) कितना-कितना होता है तथा इसकी गहराई कितनी होती है? (ख) क्‍या शॉफ्टवेल कूप खनन योजना का सी.एस.आर. रेट मध्‍य प्रदेश पी.एच.ई. विभाग से अप्रूव्‍ड है? यदि अप्रूव्‍ड है तो शॉफ्टवेल कूप का सी.एस.आर. क्‍या है? (ग) अभी तक किये गये शॉफ्टवेल की संख्‍या कितनी है? कहाँ-कहाँ कराये गये है? एक शॉफ्टवेल उत्‍खनन में कुल कितना खर्चा आता है? शॉफ्टवेल उत्‍खनन में किन-किन कार्यों को सम्मिलित किया गया है?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 78 शॉफ्टवेल। बाहरी एवं अंदर का व्यास क्रमशः 462 मि.मी. एवं 450 मि.मी.। 20 से 50 मीटर तक गहराई के शॉफ्टवेल किये गये हैं। गहराई निश्चित नहीं होती है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) 78 शॉफ्टवेल, ग्रामवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। लागत गहराई के अनुसार होती है। शॉफ्टवेल का खनन केसिंग पाइप की स्थापना, जल परीक्षण, जीवाणु नाशन, हैण्डपंप स्थापना एवं प्लेटफार्म निर्माण इत्यादि कार्य सम्मिलित हैं।

परिशिष्ट ''इक्‍कीस''

हायर सेकण्‍डरी/हाई स्‍कूल भवनों का निर्माण

41. ( क्र. 2529 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाहा विधानसभा क्षेत्र में कितने हायर सेकण्‍डरी एवं कितने हाई स्‍कूल संचालित हैं? क्षेत्र में ऐसे कितने हाई स्‍कूल एवं हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल संचालित किए जा रहे हैं, जिनके भवन नहीं है और वे वैकल्पिक व्‍यवस्‍था कर कहीं और संचालित कर रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा समय-समय पर भवनों के निर्माण के संबंध में शासन का ध्‍यान आकर्षित कराया गया है? तद्नुसार विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? उक्‍त प्रस्‍तावित भवनों के निर्माण में वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई है और कब तक भवन स्‍वीकृत हो जावेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) 13 हायर सेकण्‍डरी तथा 19 हाई स्‍कूल संचालित है। 0 4 हायर सेकण्‍डरी एवं 06 हाईस्‍कूल स्‍वभवन विहीन होकर प्राथमिक/ माध्‍यमिक विद्यालय के भवनों में संचालित हो रहे है। (ख) जी हाँ। जिले की राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान की वर्ष 2015-16 की वार्षिक कार्ययोजना में इन स्‍वभवन विहीन विद्यालयों के लिये भवन की मांग प्रस्‍तावित की गयी थी परंतु भारत सरकार से स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं हुई है। भवन निर्माण की स्‍वीकृति, उपलब्‍ध बजट प्रावधान एवं सक्षम स्‍वीकृति पर निर्भर होती है अत: समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

पेयजल उपलब्‍ध कराया जाना

42. ( क्र. 2579 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिरमौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखण्‍ड सिरमौर एवं विकासखण्‍ड जवा में पेयजल की समस्‍या को दृष्टिगत रखते हुये शासन द्वारा लोगों को पेयजल उपलब्‍ध कराये जाने हेतु वर्तमान में कितने हैण्‍डपंप संचालित हैं एवं कितने बंद पड़े हैं? कृपया विकासखण्‍ड अनुसार सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के ही संदर्भ में बंद बड़े हैण्‍डपंपों में अतिरिक्‍त राईजर पाइप लगाकर क्‍या हैण्‍डपंपों को चालू कराया जायेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें।

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, आवश्यकता अनुसार राइजर पाइप बढ़ाने की कार्यवाही की जा रही है। हैण्डपंप संधारण सतत् प्रक्रिया है, निश्चित समय-सीमा नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट - 'बाईस''

शिक्षा समिति की बैठक का आयोजन

43. ( क्र. 2602 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनपद पंचायत अन्‍तर्गत निर्मित शिक्षा समिति की बैठक पंचायतीराज अधिनियम के तहत् प्रतिमाह आयोजन की जानी चाहिए? हाँ, तो इस बैठक के आयोजन के लिए कौन अधिकारी नियु‍क्‍त है? (ख) क्‍या भीकनगांव विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत जनपद पंचायत झिरन्‍या में निर्मित वर्तमान शिक्षा समिति की बैठक कब-कब आयोजित की गई तथा उस समिति की बैठक में क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या जनपद पंचायत झिरन्‍या में वर्तमान शिक्षा समिति अध्‍यक्ष द्वारा पत्र जारी कर विकासखण्‍ड शिक्षा अधिकारी को शिक्षा समिति की बैठक का आयोजन हेतु सूचना दी गई थी? परन्‍तु इसके पश्‍चात् भी वर्तमान तक बैठक का आयोजन नहीं किया गया है? क्‍या यह शासन के नियमों की अवहेलना जनप्रतिनिधियों को उपेक्षित करना तथा अपने पदीय दायित्‍वों के प्रति उदासीनता प्रतीत नहीं होती है? क्‍या शासन द्वारा इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो इसके लिये कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित की जाएगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। बैठक के आयोजन हेतु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, जनपद पंचायत अंतर्गत गठित शिक्षा समिति के सचिव नियुक्त है। (ख) वर्तमान शिक्षा समिति की बैठक आयोजित नहीं की गई है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। आयुक्‍त राज्य शिक्षा केन्द्र के पत्र दिनांक 29/02/2016 द्वारा आयुक्त आदिवासी विभाग व कलेक्‍टर, जिला खरगोन को सम्बन्धित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही के लिए पत्र लिखा गया है।

आदिवासी छात्रों के छात्रावासों के उन्‍नयन

44. ( क्र. 2610 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में अनुसूचित जनजाति छात्रावासों में कक्षा 1 से कक्षा 10 तक ही छात्र भर्ती किये जा सकते हैं तथा क्‍या पूर्व में प्री-मैट्रिक छात्रावासों में छात्र कक्षा 1 से कक्षा 12वीं तक की भर्ती की जाती थी? यदि हाँ, तो इस प्रकार के संशोधन का क्‍या कारण है? (ख) क्‍या आदिवासी छात्रावासों में 10वीं कक्षा उत्‍तीर्ण करने के पश्‍चात् छात्रों को पर्याप्‍त सुविधा न मिलने के कारण शिक्षा के वंचित होना पड़ रहा है? क्‍या पूर्व की भांति शासन द्वारा विचार कर अनुसूचित जनजति छात्रावासों को पुन: कक्षा 1 से कक्षा 12 तक भर्ती किये जाने हेतु कार्यवाही की जा सकती है? (ग) क्‍या वर्तमान में अंग्रेजी माध्‍यम के बालक आश्रम 50 सीटर प्रारंभ किये गये है? जिनको प्रारंभ किये 5 वर्ष हो जाने के पश्‍चात् भी कक्षा 1 से कक्षा 5 तक ही आदिवासी बालकों की सुविधा दी जाती है? क्‍या इन आश्रमों को कक्षा 12वीं तक बढ़ाने हेतु शासन द्वारा कोई कार्ययोजना बनाई जा सकती है तथा इन संचालित आश्रमों की सीटों में वृद्धि कर 50 के स्‍थान पर 100 किया जा सकता है? क्‍या अंग्रेजी माध्‍यम के बालक आश्रम की तर्ज पर अंग्रेजी माध्‍यम के बालिका आश्रम भी खोले जा सकते हैं? (घ) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रातंर्गत अनुसूचित जनजाति का बालिका छात्रावास कितने वर्ष पूर्व निर्मित है? क्‍या वर्तमान में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्‍त हो चुका है? यदि हाँ, तो इसके स्‍थान पर नवीन छात्रावास भवन निर्माण किये जाने हेतु शासन द्वारा कार्यवाही प्रस्‍तावित की जाऐगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) शासन के ज्ञाप क्रमांक एफ-12-13/2006/25-2/1014 दिनांक 15/07/2014 द्वारा 12वीं तक नियमित रूप से छात्रावास में रहने की सुविधा यथावत् बनाये रखे हैं। (ख) जी नहीं। शासन के ज्ञाप क्रमांक एफ-12-13/2006/25-2/1014 दिनांक 15/07/2014 द्वारा 12वीं तक छात्रावासों में निवास करने की सुविधा प्रदान की गई है। (ग) जी हाँ। (घ) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत अनुसूचित जनजाति का बालिका छात्रावास भवन वर्ष 1963 में निर्मित किया गया तथा उक्त भवन का मरम्मत कार्य हेतु राशि रूपए 11.85 लाख की स्‍वीकृति की जाकर, प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 29/10/2015 को जारी की गई। मरम्मत कार्य प्रगति पर है।

 

 

समेकित छात्रवृत्ति योजना

45. ( क्र. 2657 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर जिले में समेकित की छात्रवृत्ति योजना अन्‍तर्गत विद्यालयों के समस्‍त छात्रों की सत्र 13-14, 14-15 एवं 15-16 की छात्रवृत्ति उनके बैंक खातों में जमा की जा चुकी है? (ख) यदि हाँ, तो सत्रवार पात्र छात्रों की संख्‍या, आंकलित राशि एवं वितरित राशि का विवरण दें? (ग) क्‍या कुछ छात्रों की छात्रवृत्ति अभी तक बैंक खातों में जमा नहीं की गई है? इन छात्रों की राशि कब तक बैंक खातों में जमा की जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार छात्रवृत्ति की राशि समय पर जमा न होने के लिए दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं.  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार  छात्रवृत्ति वितरित  की  जा  चुकी है. (ख) प्रश्‍नांश '''' अनुसार . (ग) जी  हां. कार्यवाही प्रचलन में हैं.  (घ) समेकित छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 8 विभागों की लगभग 30 प्रकार की छात्रवृत्तियों  की ऑनलाईन स्‍वीकृति एवं भुगतान का कार्य किया जाता है. जो अत्‍यंत वृहद स्‍वरूप का कार्य है. अत: कोई  दोषी नहीं  है. अत: शेषांश  का प्रश्‍न उपस्थित नहीं  होता.

परिशिष्ट - ''तेईस''

बंद पड़ी नल-जल योजनाओं का पुनरूद्धार

46. ( क्र. 2661 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या पनागर क्षेत्र में 05 नल-जल योजनायें बंद पड़ी है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या कारण है? (ग) क्‍या इन योजनाओं का पुनरूद्धार किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) मोटर पंप खराब होने के कारण। (ग) हस्तांतरित योजनाओं में मोटरपंप सुधार कर चालू करने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

छात्रावासों हेतु सामग्री का क्रय

47. ( क्र. 2717 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र में विभाग अन्‍तर्गत संचालित किन-किन छात्रावास आश्रमों के छात्र/छात्राओं के उपयोग के लिये विगत तीन वर्षों में पलंग, बिस्‍तर आदि आवश्‍यक सामग्री किन-किन फर्मों से किस-किस दर पर क्रय की गई है? संस्‍थावार बतावें? (ख) शासन द्वारा सामग्री क्रय की राशि छात्र/छात्राओं के खातों में जमा करवाने के बावजूद किन संस्‍थाओं द्वारा एक ही संस्‍थान से सामग्री क्रय की गई है तथा किस दर पर, संस्‍थावार, सामग्रीवार बतावें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा संचालित छात्रावास/आश्रमों के छात्र छात्राओं के उपयोग के लिए विगत वर्ष 2012-13 एवं वर्ष 2013-14 में पलंग, बिस्‍तर आदि आवश्‍यक सामग्री जिला स्‍तर से संस्‍थाओं/इकाई से क्रय की गई है। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। वर्ष 2014-15 में नवीन क्रय नीति अनुसार छात्रावास/आश्रमों में लगने वाली आवश्‍यक सामग्री पालक समिति एवं विद्यार्थियों द्वारा क्रय की गई विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

पेयजल समस्‍या के समाधान

48. ( क्र. 2747 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या पशुपालन मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पोहरी विधानसभा क्षेत्र में कितनी पेयजल/स्‍थलजल/नल-जल योजनाएं स्‍थापित है? उनमें से कितनी योजनाएं चालू व कितनी बंद है? बंद योजनाओं का कारण बतावें व उन्‍हें कब तक चालू कर दिया जावेगा? प्रत्‍येक योजना की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें? (ख) जनभागीदारी योजना के तहत पेयजल हेतु पोहरी विधानसभा क्षेत्र के कितने ग्राम में प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए हैं व उन पर क्‍या कार्यवाही की गयी है?(ग) पोहरी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने ग्राम, मजरें-टोलें में नवीन हैण्‍डपंप, नल-कूप स्‍थापित किये गये व कितने हैण्‍डपंपों व नलकूपों में सिंगल फेस, थ्री-फेस मोटर डाली गयी है वर्तमान में कितने पर हैण्‍डपंप स्‍वीकृत है एवं कितने स्‍थानों पर हैण्‍डपंपों में सिंगल फेस, थ्री-फेस मोटर प्रस्‍तावित की गयी है व उन्‍हें कब तक स्‍थापित कर दिये जावेंगे?

पशुपालन मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कुल 64 योजनाएं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 4 योजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुये 2 योजनाएं स्वीकृत एवं कार्य प्रगति पर हैं। 2 योजनाओं के प्रस्ताव नवीन योजनाओं की स्वीकृति पर प्रतिबंधित होने के कारण लंबित। (ग) 206 ग्रामों में। 21 सिंगल फेस मोटरपंप एवं 4 थ्री-फेस मोटर स्थापित किये गये हैं। 45 सिंगल फेस एवं 70 थ्री-फेस मोटरपंप स्थापना हेतु प्रस्तावित किये गये हैं। निश्चित तिथि नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट ''चौबीस''

परियोजना सलाहकार मण्‍डल द्वारा प्रस्‍तावित कार्य योजना

49. ( क्र. 2933 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले के एकीकृत आदिम जाति विकास परियोजना देवसर आदिवासी उपयोजना (राज्‍य आयोजना) अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 20/4/2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य कराये गये हैं? (ख) क्‍या वर्ष 2014-15 में मोष, सकेती, सिधरी, सिधार, सिरगुड़ी, घोरहवा, खैरछन, गौरहवा, बछनार, सिल्‍कोरी, कलस्‍टर ग्रामों में चयनित किया गया है? यदि हाँ, तो इस योजना का लाभ हितग्राहियों को कब तक दिया जावेगा? (ग) क्‍या वर्ष 2015-16 में परियोजना सलाहकार मण्‍डल की बैठक बुलाई गई है? यदि हाँ, तो उक्‍त बैठक दिनांक में कौन-कौन सी कार्ययोजना कहाँ-कहाँ प्रस्‍तावित की गयी हैं तथा उक्‍त प्रस्‍तावित कार्यों का अनुमोदन किस दिनांक को हुआ है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ। चयनित ग्राम वर्ष 2015-16 की कार्ययोजना में सम्मलित किया गया है। इस हेतु उद्यानिकी मद अन्तर्गत आवंटन राशि रू. 9.00 लाख माह फरवरी 2016 में दिया जा चुका है। हितग्राहियों को लाभ दिया जाना प्रक्रियाधीन है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

उज्‍जैन जिले में हेड स्‍टार्ट केन्‍द्र योजना

50. ( क्र. 3007 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में हेड स्‍टार्ट केन्‍द्र योजना कब से लागू हुई? प्रति हेड स्‍टार्ट केन्‍द्र कितनी राशि का आवंटन किया गया? स्‍थापना के पश्‍चात् मेंटेनेन्‍स पर कितनी राशि व्‍यय हुई? उज्‍जैन जिले में कितनी शालाओं में हेड स्‍टार्ट केन्‍द्र स्‍थापित किेये गये? कितने केन्‍द्रों के बिजली के बिल कब से जमा नहीं हुए हैं? कितने हेड स्‍टार्ट केन्‍द्र चालू स्थिति में है और कितने बंद स्थिति में है? कितने कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर चालू स्थिति में है? कितने कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर संस्‍थाओं से गायब हैं? संस्‍थावार सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) उज्‍जैन जिले में कितनी स्‍मार्ट क्‍लासेस कहाँ-कहाँ शुरू हो रही हैं? विभाग में कितने शिक्षक कम्‍प्‍यूटर संचालन में योग्‍यता रखते हैं? जिन विद्यालयों में स्‍मार्ट क्‍लासेस शुरू की जा रही है उन विद्यालयों में क्‍या कम्‍प्‍यूटर योग्‍यता वाले शिक्षकों को नियुक्‍त किया गया है? यदि नहीं, तो हेड स्‍टार्ट केन्‍द्र जैसी स्थिति स्‍मार्ट क्‍लासेस की नहीं होगी? (ग) क्‍या हेड स्‍टार्ट केन्‍द्रों में जिन शिक्षकों को जिम्‍मेदारी सौंपी गई उन शिक्षकों की कम्‍प्‍यूटर संचालन की योग्‍यता प्रशिक्षण प्रदाय करने के बाद जांची गयी कि वे इस कार्य में सक्षम हैं? मेप आई.टी. द्वारा चयनित विभाग में कम्‍प्‍यूटर योग्‍यताधारी शिक्षकों का विभाग ने स्‍मार्ट क्‍लास की जिम्‍मेदारी सौंपी है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) उज्जैन जिले में हेडस्टार्ट केन्द्र योजना सत्र 2003-04 से लागू है। हेडस्टार्ट केन्द्रों के लिए वर्ष 2003-04 से वर्ष 2012-13 तक कुल रु.77,25,000/- राशि का आवंटन किया गया। स्‍थापना के पश्‍चात् मेटेंनेंस पर कुल व्यय लगभग रु. 7,91,705/- हुआ है। उज्‍जैन जिले में 72 हेडस्टार्ट केन्द्र स्थापित किये गए है। संचालित हेडस्टार्ट केन्द्रों के बिजली बिल का भुगतान पूर्व में उपलब्ध कराई गई आकस्मिक निधि एवं अन्य मद से किया जाता है। वर्ष 2009-10 में 01 हेडस्टार्ट केन्द्र बंद कर दिया गया था। अतः वर्तमान में 71 हेडस्टार्ट केन्द्र में से 62 हेड स्‍टार्ट केन्‍द्र संचालित है और 9 हेड स्‍टार्ट केन्‍द्र बंद है। जिनमे 209 कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर चालू स्थिति में है तथा 06 कम्‍प्‍यूटर हार्डवेयर संस्‍थाओं में नहीं है। जनकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) उज्जैन जिले में 30 स्मार्ट क्लासेस शुरू हुए है जिसकी जनकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। उज्जैन जिले में कम्प्यूटर संचालन में प्रशिक्षित शिक्षकों की कुल संख्या 138 है। स्मार्ट क्लास हेतु 30 कम्प्यूटर संचालन में प्रशिक्षित शिक्षकों को नियत किया गया है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ एवं वे इस कार्य में सक्षम है। जी नहीं।

परिशिष्ट - ''पच्‍चीस''

सहायक शिक्षकों की पदोन्‍नति

51. ( क्र. 3049 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर जिले में सहायक शिक्षक से शिक्षक पद पर एवं सहायक अध्‍यापक से अध्‍यापक पद पर पदोन्‍नति के विकासखण्‍डवार, विषयवार कुल कितने पद स्‍वीकृत हैं? (ख) शाजापुर जिले में सहायक शिक्षकों एवं सहायक अध्‍यापकों की पदोन्‍नति सूची जो अंतिम बार जारी की गई, उस समय विकासखण्‍डवार, विषयवार कितने पद रिक्‍त थे एवं कितने पद पदोन्‍नति से भरे गये? (ग) वर्तमान की स्थिति में शाजापुर जिले में सहायक शिक्षकों एवं सहायक अध्‍यापकों की पदोन्‍नति के लिये विकासखण्‍डवार, विषयवार कितने पद रिक्‍त है एवं कब तक पदोन्‍नति से भरे जा सकेंगे? (घ) क्‍या सहायक शिक्षक से शिक्षक पद पर पदोन्‍नति के लिये सुरक्षित एवं सृजित पदों पर सहायक अध्‍यापक संवर्ग की पदोन्‍नति की गई है? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) शाजापुर जिले में सहायक शिक्षक से शिक्षक एवं सहायक अध्‍यापक से अध्‍यापक के पदों पर पदोन्‍नति हेतु विकास खण्‍डवार, विषयवार स्‍वीकृत पदों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार। पदोन्‍नति एक सतत् प्रक्रिया समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी नहीं। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विद्यालयों को नियम विरूद्ध अन्‍य भवन में शिफ्ट किया जाना

52. ( क्र. 3108 ) श्री रामनिवास रावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला मुख्‍यालय श्‍योपुर में संचालित शा.उ.मा.वि. हजारेश्‍वर को कब एवं किन कारणों से, किसके आदेश से किस शाला में शिफ्ट कर दिया गया है? (ख) क्‍या उक्‍त भवन में संचालित विद्यालय को अन्‍यत्र शिफ्ट किए जाने के कारणों से मुक्‍त करा लिया गया है? यदि हाँ, तो कब वर्तमान स्थिति में क्‍या उक्‍त भवन छात्र/छात्राओं के अध्‍ययन योग्‍य है? यदि हाँ, तो शा.उ.मा.वि. हजारेश्‍वर को पुन: इसी भवन में शिफ्ट न किए जाने के क्‍या कारण है? (ग) क्‍या कलेक्‍टर/मिशन संचालक, जिला शिक्षा केन्‍द्र श्‍योपुर के आदेश क्र./जि.शि.के./बा.शि./2016/76 दिनांक 21 जनवरी 2016 से नवीन शा.मा.वि.वार्ड. नं. 08 श्‍योपुर की कक्षा 6, 7 की छात्राओं एवं बालिका छात्रावास श्‍योपुर, कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मॉडल 03 श्‍योपुर एवं कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मॉडल 03 बड़ौदा की कक्षा 6, 7, 8 में निवासरत बालिकाओं जो कि शासकीय माध्‍यमिक विद्यालय चम्‍बल कॉलोनी श्‍योपुर में अध्‍ययनरत थी के प्रवेश स्‍थानां‍तरित करते हुए बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों की बिना सहमति के बीच शैक्षणिक सत्र में शासकीय श्री हजारेश्‍वर उ.मा.वि. श्‍योपुर भवन में संचालित करने के आदेश दिए गए है? यदि हाँ, तो इसके क्‍या कारण है? क्‍या यह वैधानिक है? (घ) क्‍या नवीन मा.शा.वार्ड क्र. 08 में अन्‍य संस्‍थाओं का स्‍टॉफ पदांकित किया गया है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ का कौन-कौन स्टॉफ? उक्‍त स्‍टाफ का वेतन वर्तमान में कहाँ-कहाँ से आहरित हो रहा है? बतावें? क्‍या यह सही है कि उक्‍त शाला में पदस्‍थ अध्‍यापक श्रीमती विष्‍णु शर्मा जिनकी मूल पदस्‍थापना शा.मा.वि. गलमान्‍या में है को बिना किसी एन.ओ.सी. एवं स्‍थानांतरण प्रक्रिया का पालन किए नगरीय क्षेत्र में पदस्‍थ कर दिया है? यदि हाँ, तो किस आदेश से? क्‍या नियम विरूद्ध की गई उक्‍त पदस्‍थापना का निरस्‍त कर उन्‍हें मूल संस्‍था में वापिस भेजा जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) शासकीय श्री हजारेश्वर उ.मा.वि.श्योपुर में दर्ज छात्र संख्या के मान से पर्याप्त अध्यापन कक्ष, प्रयोगशाला कक्ष एवं पुस्तकालय कक्ष की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण कलेक्टर श्योपुर के आदेश दिनांक 23.9.15 द्वारा इस विद्यालय को पास ही शासकीय मॉडल स्कूल श्योपुर के नव निर्मित भवन में शिफ्ट किया गया। (ख) उत्तरांश अनुसार शिफ्ट किये जाने हेतु वर्णित कारणों के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश उद्भूत नहीं होता। (ग) जिला कलेक्टर के आदेश दिनांक 21.1.16 द्वारा बालिका छात्रावास श्योपुर, कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय मॉडल 03 श्योपुर एवं कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय मॉडल 03 (बड़ौदा) श्योपुर में निवासरत बालिकाओं के प्रवेश (नामांकन) शासकीय माध्यमिक विद्यालय चम्बल कॉलोनी श्योपुर एवं शासकीय माध्यमिक कन्या विद्यालय श्योपुर से स्थानांतरित करते हुए शासकीय माध्यमिक विद्यालय, वार्ड नं. 08 श्योपुर में दर्ज (नामांकन) करवा कर विद्यालय तत्काल प्रभाव से शासकीय श्री हजारेश्वर उ.मा.वि. श्योपुर के भवन में संचालित करने के निर्देश दिये गये थे, चूंकि शासकीय माध्यमिक विद्यालय चम्बल कॉलोनी एवं शासकीय माध्यमिक विद्यालय श्योपुर छात्रावासों से दूर है एवं अति व्यस्त मार्गों से होकर विद्यालय जाने से परेशानी थी, अतः कस्तूरबां गांधी बालिका विद्यालय मॉडल 03 श्योपुर एवं बड़ौदा में निवासरत बालिकाओं के अनुरोध पर ही उनकी शिक्षा व सुविधा एवं सुरक्षा की दृष्टि से नामांकन शासकीय माध्यमिक विद्यालय वार्ड नं. 08 श्योपुर में करते हुए विद्यालय संचालन शासकीय श्री हजारेश्वर उ.मा.वि. श्योपुर में करने के आदेश दिये थे। (घ) शासकीय माध्यमिक शाला वार्ड नं. 08 श्योपुर जो कि शासकीय श्री हजारेश्वर उ.मा.वि. के पुराने भवन में भी संचालित है, में जिन शिक्षकों की व्यवस्था की गई है उनकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उक्त स्टॉफ का वेतन पूर्ववर्ती संस्था से ही आहरित हो रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत लिखित परीक्षा के परिणामों के आधार पर श्रीमती विष्णू शर्मा, अध्यापक, शासकीय मा.वि. गलमान्य की, कार्यालय जनपद पंचायत श्योपुर के अनापत्ति प्रमाण पत्र दिनांक 31.10.09 के आधार पर कलेक्टर, जिला श्योपुर के आदेश दिनांक 14.5.10 द्वारा शासकीय माध्यमिक विद्यालय चम्बल कॉलोनी श्योपुर में पदस्थापना की जाकर बालिका छात्रावास श्योपुर के वार्डन पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।

दोषी पर कार्यवाही किया जाना

53. ( क्र. 3251 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के आदेश क्रमांक/स्‍थापना-3/स्‍थानान्‍तरण/दिनांक 31.12.2015 के 21-08 से लेकर निरंतर 21-013 तक किन-किन सहायक ग्रेड-1,2,3 एवं मुख्‍य लिपिक का स्‍थानान्‍तरण जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अन्‍यत्र किया गया है? उक्‍त आदेश के परिपालन में क्‍या संबंधित कितने कर्मचारी अपने स्‍थानान्‍तरण आदेश का पालन कर नयी पदस्‍थापना में उपस्थित होकर कार्य करना प्रारंभ कर दिये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आदेश का पालन किन-किन के द्वारा नहीं किया गया है? यदि उक्‍त स्‍थानान्‍तरित कर्मचा‍री अपनी नवीन पदस्‍थापना का पद प्रभार प्राप्‍त कर कार्य प्रारंभ नहीं किये तो क्‍या यह माना जाएगा कि उक्‍त कर्मचारी अपने वरिष्‍ठ अधिकारियों के आदेश न पालन करने के दोषी है? यदि हाँ, तो उन्‍हें कब तक निलंबित कर विभागीय जाँच संस्‍थापित कर देंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) के जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के कार्यालय में उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति हो गई है? यदि हाँ, तो किस-किस कर्मचारी, मुख्‍य लिपिक की नवीन पदस्‍थापना की गई है? यदि उक्‍त कर्मचारी अपने पूर्व पदस्‍थापना से मुक्‍त होकर नवीन पदस्‍थापना में उपस्थित नहीं हुए तो क्‍यों? उन्‍हें मुक्‍त न करने में कौन-कौन अधिकारी दोषी है? उनके विरूद्ध कब क्‍या कार्यवाही करेंगे तथा उन्‍हें कब तक भारमुक्‍त करा देंगे? (घ) यदि क्‍या प्रश्‍नांश (क) के जिन कर्मचारियों का जिस नीति के तहत स्‍थानान्‍तरण हुआ है? उस नीति के तहत उक्‍त कार्यालय में आने वाले सहायक ग्रेड-1, 2, 3 का स्‍थानान्‍तरण उक्‍त कार्यालय से कब तक कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के आदेश क्रमांक/स्था.-3/स्थानांतरण दिनांक 31.12.15 के 21-08 से लेकर निरंतर 21-13 तक स्थानांतरण नहीं किये गये है। दिनांक 31.12.15 को आदेश क्रमांक/स्था-3/स्थानांतरण/ 2108/2015 से मुख्य लिपिक, आदेश क्र./स्था.-3/स्थानां./2110/2015 से लेखापाल आदेश क्रमांक/स्था.-3/ स्थानां./2112/2015 से सहायक ग्रेड़-2, आदेश क्रमांक/स्था.-3/स्थानां./ 2114/2015 से सहायक ग्रेड़-3 का स्थानांतरण जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला मुख्यालय में स्थित कार्यालयों में किया गया है। आदेश के पालन की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र एक अनुसार है। (ख) श्री चन्द्रिका प्रसाद मिश्रा, मुख्य लिपिक किडनी की गंभीर बीमारी के कारण चिकित्सा अवकाश पर होने से नवीन पदस्थापना के पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। अतः शेषाशं का प्रश्न उपस्थित नहीं। (ग) रिक्त पदों के लिये जारी आदेश एवं उपस्थित होने की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र दो में अंकित जानकारी के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) संचालनालय के पत्र क्रमांक/स्था.-4/बी/2014/2291, दिनांक 09.12.2014 एवं पत्र क्रमांक/स्था.-4/बी/स्थानांतरण/15/2015 दिनांक 27.11.2015 में निहित निर्देश के पालन में स्थानांतरण किया गया है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं है।

परिशिष्ट ''छब्‍बीस''

संविदा शाला शिक्षकों का नियमितीकरण

54. ( क्र. 3271 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कुल कितने अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं? इन अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति रिक्‍त पद के विरूद्ध योग्‍यतानुसार की जाती है? (ख) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा इन्‍हें संविदा शाला शिक्षक में नियमित किये जाने का आश्‍वासन दिया गया था? यदि हाँ, तो कब और आज दिनांक तक घोषणा की पूर्ति क्‍यों नहीं की गयी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा संचालित शालाओं में 22159 अतिथि शिक्षक कार्यरत है। जी, हाँ। (ख) जी, नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

डिफाल्‍टरों के विरूद्ध कार्यवाही

55. ( क्र. 3334 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आदिवासी वित्‍त विकास निगम के कटनी जिले के आज दिनांक तक कितने डिफॉल्‍टर हैं? नामवार, राशिवार, विकासखण्‍डवार सूची दें? इन डिफॉल्‍टरों से वसूली हेतु किये गये प्रयासों की जानकारी दें? तीन वर्ष से कम एवं तीन वर्ष से अधिक समयावधि के डिफॉल्‍टरों की सूची दें? (ख) जिला अंत्‍योदय विभाग, माटी कला विभाग, हथकरघा विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में कुल कितने ऋण प्रकरण स्‍वीकृति हेतु भेजे गये तथा कितने प्रकरणों की स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई? (ग) कटनी जिले का आदिवासी वित्‍त विकास निगम कार्यालय कहाँ संचालित हो रहा है? कार्यालय में कार्यरत स्‍टॉफ की जानकारी, स्‍वीकृत पद तथा रिक्‍त पदों की जानकारी देवें? विगत पाँच वर्षों में कार्यरत स्‍टॉफ की संख्‍या वर्षवार बतायें?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) कटनी जिला अन्‍तर्गत आदिवासी वित्‍त एवं विकास निगम अन्‍तर्गत किसी भी इकाई में कोई भी डिफाल्‍टर नहीं है। अत: जानकारी निरंक है। (ख) जिला अंत्‍यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित कटनी द्वारा 799 प्रकरण स्‍वीकृत हेतु भेजे गये, जिसमें से 325 प्रकरणों की स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई है। माटीकला एवं हथकरघा विभाग से संबंधित जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) कटनी जिला अन्‍तर्गत आदिवासी वित्‍त एवं विकास निगम कार्यालय जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग कटनी कलेक्‍टर परिसर में संचालित है। शाखा कटनी में आदिवासी वित्‍त एवं विकास निगम के कोई पद स्‍वीकृत नहीं है। विगत पाँच वर्षों से जिला संयोजक आदिम जाति कल्‍याण विभाग एवं इस कार्यालय के लिपिक द्वारा निगम शाखा कटनी का कार्य संपादन किया जा रहा है।

छात्रवृत्ति भुगतान की जाँच

56. ( क्र. 3335 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कटनी जिले में छात्रवृत्ति का छात्रों को पूर्ण भुगतान कर दिया है? यदि हाँ, तो विगत 3 वर्षों का वर्षवार विवरण दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में विभिन्‍न डी.डी.ओ. संकुलों को छात्रवृत्ति भुगतान के कितने बैंकर्स चैक जारी किए गए? इनमें से कितने विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति भुगतान कर दिया गया है? शेष कितने छात्र है? (ग) जिन विद्यार्थियों के खातों में राशि का भुगतान नहीं हुआ है? इस संबंध में जिला कार्यालय द्वारा कब-तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? क्‍या छात्रवृत्ति स्‍वीकृति एवं वितरण शेष नहीं हैं के संबंध में जिले द्वारा प्रमाण-पत्र दिया गया है? यदि हाँ, तो असत्‍य एवं भ्रामक जानकारी देने के लिए कौन दोषी है? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के पत्र क्रमांक/समग्र/22/2016/109/ भोपाल दिनांक 30.01.2016 को निरस्‍त करते हुए संचालनालय पत्र क्रमांक/समग्र/22/2016/43/ भोपाल दिनांक 23.01.2016 को यथावत् रखते हुए कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब-तक और यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क)  जी नहीं. जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार. (ख)  जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार. (ग)   आहरण वितरण अधिकारियों द्वारा सम्बंधित छात्रों के सही बैंक खाता प्राप्त कर राशि उनके बैंक खाते में भुगतान की कार्यवाही की जा रही है.  जी हाँ. समेकित छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत 8 विभागों की लगभग 30 प्रकार की छात्रवृत्तियों की ऑनलाइन स्वीकृति एवं भुगतान का कार्य किया जाता है.  जिला शिक्षा अधिकारी कटनी के पत्र दिनांक 28-11-2015 द्वारा प्रेषित प्रमाण पत्र में वर्ष 2013-14 में तत्कालीन पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की शत्-प्रतिशत स्वीकृति एवं वितरण तथा वर्ष 2014-15 में सभी पात्र 184227 विद्यार्थियों को शत्-प्रतिशत छात्रवृत्ति की स्वीकृति एवं 181464 को भुगतान देने का उल्लेख किया है.  जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 में वर्णित कारणों से भुगतान शेष है. अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नही होता.  (घ)   जी नही. कार्य में प्रगति होने से. 

परिशिष्ट ''त्‍ताईस''

छिंदवाड़ा में जिला संयोजक के स्‍वीकृत पद

57. ( क्र. 3360 ) श्री कमलेश शाह : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा जिले में जिला संयोजक के कितने पद स्‍वीकृत हैं? कितने रिक्‍त कब से रिक्‍त हैं? (ख) कितने पदों पर प्रभारी कार्यरत हैं? (ग) इन पदों को भरने के लिए डी.पी.सी. कब आयोजित की जावेगी?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) जिला संयोजक का पद स्‍वीकृत नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्‍नांश '' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश '' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शौचालयों में छत का निर्माण

58. ( क्र. 3425 ) श्री विश्वास सारंग : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल और रायसेन जिले के किन-किन स्‍कूलों में निर्मित छात्राओं के शौचालयों के ऊपर छत नहीं है? जिलावार, स्‍कूलवार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत शौचालयों के ऊपर छत अभी तक क्‍यों नहीं डाली गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत कब तक छत डाल दी जायेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) भोपाल एवं रायसेन जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में बालिका शौचालय मे आर.सी.सी. छत/कट स्टोन/जी.आई. सीट/एस्बेस्टास शीट उपलब्ध है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

क्रीड़ा शुल्‍क का उपयोग

59. ( क्र. 3426 ) श्री विश्वास सारंग : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक भोपाल एवं रायसेन जिले के शासकीय/निजी स्‍कूलों के छात्रों से खेलकूद गतिविधियों हेतु कितना-कितना क्रीड़ा शुल्‍क लिया गया वर्षवार, स्‍कूलवार राशिवार जानकारी दें? किन-किन निजी/शासकीय स्‍कूलों ने छात्रों से क्रीड़ा शुल्‍क लेकर शासन/जिला शिक्षा अधिकारी को जमा नहीं किया? स्‍कूलवार जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत उक्‍त राशि का वितरण किस प्रकार किया गया? उन्‍होंने व्‍यय कहाँ-कहाँ, कैसे-कैसे किया? (ग) क्‍या जिस सत्र के लिए क्रीड़ा शुल्‍क लिया जाता है? व्‍यय भी उसी सत्र में हो जाता है? यदि नहीं, तो फिर क्रीड़ा शुल्‍क क्‍यों लिया जाता है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) भोपाल एवं रायसेन जिले के शासकीय/निजी स्‍कूल के छात्रों से खेल गतिविधियों हेतु प्राप्‍त क्रीडा शुल्‍क का वर्षवार, स्‍कूलवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 पर है। शेषांश निरंक। (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत 45 प्रतिशत शाला में 15 प्रतिशत संभागीय कार्यालय में तथा 40 प्रतिशत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को वितरित किया जाता है। शाला स्‍तर पर व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। भोपाल, रायसेन एवं संभागीय कार्यालय भोपाल द्वारा विभिन्‍न राज्‍य स्‍तरीय शालेय प्रतियोगिताओं पर व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 पर है। (ग) जी नहीं। क्रीड़ा शुल्‍क का उपयोग आवश्‍यकतानुसार आगामी वर्षों में किया जा सकता है।

सेवा में हटाये गये शहरिया भाषाई शिक्षकों का समायोजन

60. ( क्र. 3439 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या आदिम जाति कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला संयोजक/सचिव सहरिया विकास अभिकरण जिला शिवपुरी का पत्र क्रं./सह.वि.अमि./2015-16/3609 दिनांक 14/12/2015 को प्रस्‍तुत करें? क्‍या उक्‍त पत्र के द्वारा सेवा से हटाये गये शहरिया जनजाति भाषाई शिक्षकों को रिक्‍त पदों पर समायोजन किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो ठीक इसी प्रकार ग्‍वालियर जिले से हटाये गये भाषाई शिक्षकों को जिला शिवपुरी की तरह रिक्‍त पदों पर ग्‍वालियर जिले में कब तक समायोजन कर लिया जावेगा? अभी तक समायोजन न करने का क्‍या कारण था? इसके लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी है?

आदिम जाति कल्याण मंत्री ( श्री ज्ञान सिंह ) : (क) पत्र की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। जी नहीं। जनपद पंचायत को लिखा गया है। (ख) सेवा से हटाये गये भाषाई शिक्षकों द्वारा उच्‍च न्‍यायालय ग्‍वालियर में याचिकायें दायर की गई हैं, जो विचाराधीन हैं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''अट्ठाईस''

 

हाई स्‍कूल - हायर सेकण्‍डरी स्‍कूलों में शैक्षणिक सुधार के परिणाम

61. ( क्र. 3464 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में विभिन्‍न हाई स्‍कूल एवं हायर सेकण्‍डरी स्‍कूल कक्षा 10वीं एवं 12वीं में वर्ष 2015-16 में कितने विद्यार्थी रजिस्‍टर्ड है? प्रश्‍न दिनांक तक इन विद्यार्थियों में कितनों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम है तथा कितने डी-ग्रेड में है? विद्यालयवार जानकारी देवें? (ख) क्‍या शासन द्वारा विद्यार्थीयों को 75 प्रतिशत से कम की उपस्थिति के कारण 20 रू. शुल्‍क लेकर नियमित से स्‍वाध्‍यायी किया जाएगा? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त संभाग के स्‍वाध्‍याय बच्‍चों की सूची विद्यालयवार उपलब्‍ध कराये? (ग) क्‍या कुछ वर्षों से 75 प्रतिशत कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति तो दी जा रही है किन्‍तु उन्‍हें विद्यालय में स्‍वाध्‍यायी घोषित कर दिया है? यदि हाँ, तो विभिन्‍नता के क्‍या कारण हैं? क्‍या ज्‍यादातर विद्यालयों में उक्‍त स्‍वाध्‍याय किये गये विद्यार्थियों में से ऐसे कई विद्यार्थी हैं जिनकी उपस्थिति तो 75 प्रतिशत है किन्‍तु वे डी-ग्रेड के (पढ़ने में कमजोर) होने के कारण विद्यालय परीक्षा परिणाम सुधारने के लिये इन्‍हें जानबूझकर स्‍वाध्‍यायी किया जा रहा है?