मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2016 सत्र


गुरूवार, दिनांक 08 दिसम्‍बर, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

Top of Form


भिण्‍ड जिले में स्‍वीकृत रेत खदानें

[खनिज साधन]

1. ( *क्र. 1671 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के विकासखण्‍ड मेहगांव, रौन, लहार के अतंर्गत कुल कितनी स्‍वीकृत रेत खदाने हैं? विधानसभा क्षेत्रवार, नामवार, रकबावार जानकारी दी जावे (ख) उक्‍त खदानों में से वर्तमान में कौन-कौन सी खदानों से शासन की स्‍वीकृति से रेत उत्‍खनन का कार्य किया जा रहा है? क्‍या उक्‍त स्‍वीकृत संचालित खदानों का सीमांकन विधानसभा में लिये निर्णय के अनुसार क्षेत्रीय विधायक को साथ में लेकर किया गया है? यदि हाँ, तो किस-किस खदान पर नामवार, खदानवार जानकारी दी जावे (ग) क्‍या विकासखण्‍ड लहार अंतर्गत डुबका खदान जिसकी अनापत्ति पर्यावरण विभाग से जारी नहीं की गई है, से रेत का उत्‍खनन कर नदी की दूसरी और मेहगांव विकासखण्‍ड, मेहगांव बरेठी गांव से रेत का परिवहन किसकी अनुमति से और किन परिस्थितियों में किया जा रहा है? क्‍या प्रशासन उक्‍त नियम विरूद्ध रेत उत्‍खनन कार्य करने वाले ठेकेदार का ठेका निरस्‍त करेगा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट में दर्शित है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट में दर्शित है। माननीय प्रश्‍नकर्ता द्वारा किस विधानसभा सत्र का प्रश्‍न में संदर्भ लिया गया है, स्‍पष्‍ट नहीं होने के कारण जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। खदानों का सीमांकन कलेक्‍टर कार्यालय द्वारा किया जाता है। (ग) प्रश्‍नानुसार डुबका रेत खदान हेतु समस्‍त वैधानिक अनुमतियां प्राप्‍त हो गईं हैं। अत: नियमानुसार खदान का संचालन किया जा रहा है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

सड़क निर्माण में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

2. ( *क्र. 1651 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) गोटेगांव नगरपालिका परिषद् में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में विभिन्‍न वार्डों में सड़क नाली, पुलियों के कितने निर्माण हुए, विवरण स्‍वीकृत बजट सहित देवें (ख) उपरोक्‍त निर्माण में कितने निर्माण अंडर इस्‍टीमेट एवं कितने ओवर इस्‍टीमेट हुए? (ग) क्‍या ओवर इस्‍टीमेट निर्माणों की तकनीकी प्रशासनिक एवं वित्‍तीय अनुमतियां समय पर नियमानुसार ली गईं थी? यदि नहीं, तो दोषी कौन है? दोषियों पर क्‍या कार्यवाही कब तक की जाएगी? (घ) ओवर इस्‍टीमेट निर्माण करने हेतु क्‍या नियम हैं? नियमावली सहित जानकारी देवें (ड.) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा गोटेगांव की मॉडल रोड निर्माण में हुई अनियमितताओं की जानकारी कलेक्‍टर नरसिंहपुर को पत्र द्वारा दी गई थी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 12 कार्यों पर स्‍वीकृत प्राक्‍कलन राशि से कम एवं 8 कार्यों पर स्‍वीकृत प्राक्‍कलन राशि से अधिक व्‍यय हुआ है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्राप्‍त जानकारी की जाँच किए जाने के आदेश दिए गए हैं। जाँच परिणामों के अनुसार आगे की कार्यवाही नियमानुसार की जावेगी। (घ) यदि किसी कार्य की लागत स्‍वीकृत अनुमानित लागत से अधिक आने की संभावना हो या अधिक आवे तो कार्य की पुनरीक्षित स्‍वीकृति सक्षम प्राधिकारी से लिए जाने का प्रावधान है। (ड.) जी हाँ। कार्यवाही कलेक्‍टर जिला नरसिंहपुर के पास प्रचलित है।

शासकीय महाविद्यालयों को भवन की सुविधा

[उच्च शिक्षा]

3. ( *क्र. 20 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश में कई शासकीय महाविद्यालय भवन के अभाव में किराये के भवन में संचालित होते हैं? यदि हाँ, तो जिलावार सूची उपलब्ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किराये के भवन में संचालित शासकीय महाविद्यालयों के स्वयं के भवन के लिये शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) शासन द्वारा कब तक समस्त शासकीय महाविद्यालयों को स्वयं का भवन उपलब्ध कराने संबंधी कार्यवाही पूर्ण कर ली जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) प्रदेश के 11 शासकीय महाविद्यालय किराये के भवन में संचालित हैं। जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। (ख) संलग्‍न परिशिष्ट के रिमार्क कालम में जानकारी अंकित है। भवन निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध होने पर निर्माण कार्य का प्रस्‍ताव प्राप्त होने पर निर्णय हेतु स्थायी वित्तीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं। समिति के निर्णय अनुसार प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाती है। तदोपरांत निर्माण कार्य की प्रक्रिया निर्माण एजेंसी द्वारा की जाती है। उपलब्‍ध आवंटन के आधार पर भवनों का निर्माण किया जाता है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

ए.सी.ई.ओ. को सौंपे गये कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

4. ( *क्र. 1724 ) श्री सुरेन्‍द्रनाथ सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग के कितने अधिकारियों को ए.सी.ई.ओ. जिला पंचायत बनाया है? उनको विभाग के कौन से आदेशों, निर्देशों से कार्य सौंपे हैं? (ख) किन जिला पंचायतों ने विभागीय निर्देशों का पालन कर ए.सी.ई.ओ. को कार्य दिये हैं और किनने नहीं दिये हैं? उनके नाम बतायें। (ग) विभागीय अधिकारी जैसे ए.सी.ई.ओ. जिला पंचायत, सी.ई.ओ. जनपद पंचायत, बी.डी.ओ. डी.ई.ओ., ए.डी.ई.ओ. को जल ग्रहण क्षेत्र मिशन एवं आजीविका परियोजना में क्‍या दायित्‍व सौंपे गये हैं? यदि दायित्‍व सौंपे गये हैं तो आदेश, निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करायें? नहीं सौंपे गये हैं तो कब से विभागीय अधिकारियों से काम लिया जायेगा? (घ) विभाग में किस-किस विभाग के अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर कब से कार्यरत हैं? कितने अन्‍य विभाग से प्रतिनियुक्ति पर हैं? संविदा वाले कितने अधिकारी ए.सी.ई.ओ. के जि.पं. के पद से वेतन लेने वाले हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) 32 अधिकारियों को अतिरिक्‍त मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है. विभाग के पत्र क्रमांक 2991, दिनांक 06.03.2013 एवं 7866, दिनांक 05.07.2013 द्वारा कार्य सौंपे गए हैं. जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है. (ख) समस्‍त जिला पंचायतों में उपरोक्‍त पत्रानुसार पालन किया जाकर अतिरिक्‍त मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी को कार्य दिए गए हैं. शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता. (ग) राजीव गांधी जल ग्रहण मिशन द्वारा उत्‍तरदायित्‍व सौंपे जाने संबंधी कोई आदेश पृथक से जारी नहीं किए गए हैं. मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी अपने स्‍तर से दायित्‍व संबंधी कार्यादेश जारी करते हैं. (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है.

प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना प्रस्‍तावित सड़कों का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

5. ( *क्र. 888 ) श्रीमती रंजना बघेल (किराड़े) : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनावर विधान सभा क्षेत्र में 91 मार्गों पर सड़क निर्माण के प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किए गए थे, जिनकी स्‍वीकृति की जानकारी देवें। उक्‍त सड़कें कब तक स्‍वीकृत हो जावेंगी? (ख) विधानसभा क्षेत्र में प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना में मिसिंग रोड अधूरे पड़े हैं, क्‍या उन्‍हें पूर्ण किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक निम्‍न रोड यथा- 1. साला से पडाला, 2. लुन्‍हेरा से बायखेड़ा, 3. अहेरवास कुटीर से रणदा, 4. उमरबन रोड से बडीया, 5. धौलीबावड़ी से मालविहार आदि को पूर्ण किया जावेगा। (ग) विधानसभा क्षेत्र मनावर के निम्‍नलिखित राजस्‍व ग्राम अभी भी सड़क मार्ग से नहीं जुडे है :- 1. बनेडिया, 2. उरदना, 3. सरिकपुरा, 4. गोपालपुरा, 5. पेरखड़, 6. पिपलटोका, 7. लिम्‍दापुरा, 8. जलखेड़ा, 9. दगडपुरा, 10. निलदा, 11. सावलाखेड़ी, 12. फरसपुरा, 13. निरगुडियापुरा, 14. बालीपुरखुर्द। उपरोक्‍त गांवों की पहुँच हेतु सड़क निर्माण की स्‍वीकृति प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना अथवा मुख्‍य मंत्री सड़क योजना में होगी। (घ) यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत/मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत वर्तमान में मिसिंग लिंक के अंतर्गत सड़क निर्माण करने का कोई प्रावधान नहीं होने से उक्त योजनांतर्गत स्वीकृत नहीं किया जा सकता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) उत्तरांश (ग) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

100 सीटर कन्‍या छात्रावास की स्‍वीकृति

[उच्च शिक्षा]

6. ( *क्र. 323 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अता. प्रश्न संख्‍या-85 (क्रमांक 2943), दिनांक 28 जुलाई 2016 के उत्‍तर की कंडिका (क) में बताया गया था कि नेताजी सुभाषचन्‍द्र बोस शासकीय स्नातकोत्‍तर महाविद्यालय ब्‍यावरा में 100 सीटर कन्‍या छात्रावास निर्माण हेतु राशि रूपये 234.28 लाख का प्रस्‍ताव स्‍थायी वित्‍त समिति के समक्ष प्रस्‍तुत कर दिया गया है, स्‍वीकृति हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक स्‍थायी वित्‍त समिति द्वारा उक्‍त प्रस्‍ताव को स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई है अथवा नहीं? (ख) क्‍या शासन विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा सहित आसपास के क्षेत्र की कमजोर एवं सामान्‍य निर्धन वर्ग की छात्राओं को आवासीय सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से उक्‍त प्रस्‍ताव को स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। प्रस्‍ताव स्‍थायी वित्‍तीय समिति की बैठक में प्रस्‍तुत किया गया, किन्‍तु समिति द्वारा भवन विहीन महाविद्यालयों में भवनों के निर्माण को प्राथमि‍कता दी है। (ख) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है। ब्‍यावरा नगर में आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा 50 सीटर कन्‍या छात्रावास संचालित किया जा रहा है, जिसमें महाविद्यालयीन छात्राओं को भी प्रवेश दिया जाकर लाभांवित किया जा रहा है।

पी.एच.डी. परीक्षा में अनियमितता

[उच्च शिक्षा]

7. ( *क्र. 144 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि. अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 41 (क्र. 6799), दिनांक 29.03.2016 के उत्‍तरांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) प्रबंध विषय में अंग्रेजी माध्‍यम का पर्चा वितरित किया व उत्‍तर में उक्‍त विषय का अध्‍ययन व अध्‍यापन अंग्रेजी माध्‍यम में होना बतायाजबकि वास्‍तविकता में ग्‍वालियर-चंबल संभाग के अधिकांश महाविद्यालय में मात्र हिन्‍दी माध्‍यम से प्रबंध विषय का अध्‍ययन-अध्‍यापन कराया जाता है व कुछ में दोनों भाषाओं में? (ख) क्‍या उक्‍त (क) में वर्णित कार्य हिन्‍दी माध्‍यम के ग्रामीण अंचल व पृष्‍ठभूमि के तथा दलित वर्ग के शोधार्थियों के खिलाफ सुनियोजित षडयंत्र था? यदि नहीं, तो उक्‍त विषय में मात्र सामान्‍य वर्ग के ही छात्र क्‍यों उत्‍तीर्ण हुए? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) में सदन को गुमराह करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही करेंगे तथा उक्‍त विषय की परीक्षा को पुन: आयोजित कराने की घोषणा करेंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। प्रबंध विषय के अध्‍यापन का कार्य अध्‍यादेश-24 के सेक्‍शन 37 (ii) एवं 39 (i) परीक्षा के बिन्‍दु 5 अनुसार अंग्रेजी में ही होता है। (ख) जी नहीं। क्‍योंकि परीक्षा में कुल 317 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे। परीक्षा में सामान्‍य श्रेणी के 251 छात्र बैठे थे, जिसमें से मात्र 07 छात्र ही उत्‍तीर्ण हुए। अनु. जाति/जनजाति श्रेणी के 27 तथा अन्‍य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के 39 छात्र बैठे थे, जिसमें कोई भी छात्र उत्‍तीर्ण नहीं हुआ है। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिंहस्थ 2016 में विभाग द्वारा खर्च की गई राशि

[नगरीय विकास एवं आवास]

8. ( *क्र. 1779 ) श्री जितू पटवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिंहस्‍थ 2016 के मद में किस-किस विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि खर्च की गई और कुल कितनी राशि खर्च हुई? (ख) सिंहस्‍थ 2016 में प्रशिक्षण के मद में किस-किस विभाग द्वारा कितनी राशि खर्च की गई प्रशिक्षण के मद में खर्च का विस्‍तृत ब्‍यौरा उपलब्‍ध करावें? (ग) सिंहस्‍थ 2016 में गठित समिति की अनुशंसा पर किस-किस विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि किस-किस मद में कार्य में खर्च की गई, उक्‍त समिति के गठन संबंधी विवरण उपलब्‍ध करावे तथा बतावे कि उक्‍त समिति को खर्च संबंधी निर्देश देने के वित्‍तीय अधिकार किस नियम से प्राप्‍त हुये? नियम की प्रति देवें (घ) सिंहस्‍थ 2016 के दौरान वैचारिक कुंभ किसके आदेश से आयोजित किया गया उस आदेश की प्रति देवें तथा बतावें कि वैचारिक कुंभ पर किस-किस मद में किस-किस विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि खर्च की गई? उक्‍त खर्च की स्‍वीकृति किसके द्वारा किस अधिकार से दी गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) सिंहस्‍थ 2016 मद अंतर्गत विभिन्‍न विभागों द्वारा व्‍यय राशि एवं कुल व्‍यय राशि के विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संकलित की जा रही है। (ग) सिंहस्‍थ 2016 हेतु गठित समिति की अनुशंसा पर संबंधित विभागों द्वारा व्‍यय राशि का विवरण एवं समिति के गठन से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

ग्राम उदय से भारत उदय अभियान का संचालन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

9. ( *क्र. 1834 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 14 अप्रैल से 31 मई 2016 तक सरकार द्वारा ग्राम उदय से भारत उदय अभियान चलाया गया था? उसमें किन-किन विभागों के कितने-कितने आवेदन ग्राम स्‍तर से लगाकर जिले स्‍तर के हितग्राही मूलक योजनाओं के प्राप्‍त हुए? धार जिले के संबंध में उपरोक्‍त जानकारी विधानसभा क्षेत्रवार, विकासखण्‍डवार उपलब्‍ध करावें (ख) प्राप्‍त आवेदनों में से कितने आवदेन पात्र पाये गए एवं कितने आवेदन अपात्र पाये गए? विभागवार एवं ग्राम पंचायतवार जानकारी देवें (ग) क्‍या पात्र लोगों को लाभान्वित कर दिया गया है एवं उनको सूचित किया गया है? धार जिले के संबंध में जानकारी जनपद पंचायतवार, पंचायतवार उपलब्‍ध करावें लाभान्‍वितों को प्रदाय राशि की जानकारी भी उपलब्‍ध करावें (घ) अपात्र लोगों की किस कारण से अपात्र किया, उनको जानकारी दी गयी या नहीं? धार जिले के संबंध में जनपद पंचायतवार, पंचायतवार जानकारी देवें

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

स्‍पेशल कनेक्टिविटी के तहत सड़क निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( *क्र. 1897 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम उदय से भारत उदय कार्यक्रम के दौरान बैरसिया से ग्राम बरखेड़ा मौजी तक स्‍पेशल कनेक्टिविटी योजनांतर्गत मार्ग को जोड़ने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रभारी मंत्री जिला भोपाल को दिये गये पत्र पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गयी है? (ख) प्रश्नांश (क) के तारतम्‍य में यदि अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है, तो इस पर कब तक कार्यवाही करेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) राज्य में स्पेशल कनेक्टिविटी में सड़क निर्माण योजना संचालित नहीं है। (ख) शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नरसिंहपुर जिले में शौचालय निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( *क्र. 1530 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी पंचायतों में बाह्य शौच मुक्‍त करने के लिए कितने शौचालय का निर्माण हो चुका है त‍था कितनों का निर्माण शेष है, वह कब तक पूर्ण हो जाएगा? (ख) नरसिहंपुर जिले में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी पचायतें बाह्य शौच से मुक्‍त हो चुकी हैं तथा कितनी पंचायतें अभी बाह्य शौच मुक्‍त होना बाकी हैं? अलग-अलग पंचायतों के नाम सहित जानकारी दें (ग) गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2008-09 से अभी तक कितने शौचालयों का निर्माण हो चुका है? किस ग्राम में कितने-कितने शौचालयों का निर्माण किया गया है? ग्रामवार/संख्‍यावार स्‍पष्‍ट जानकारी दें (घ) क्‍या 23 जुलाई, 2016 के बाद सीधे हितग्राही के खाते में राशि दी जाएगी? क्‍या इस स्थिति में शौचालय निर्माण में पंचायतों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या ऐसी स्थिति में पूर्व की तरह व्‍यवस्‍था पर शासन विचार करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) नरसिंहपुर जिले में प्रश्‍न दिनांक तक 446 ग्राम पंचायतों को बाह्य शौच मुक्‍त करने के लिए 80697 शौचालयों का निर्माण हो चुका है एवं वास्‍तविक सर्वे अनुसार 17757 शौचालयों का निर्माण शेष है, जिन्‍हें 2 अक्‍टूबर 2019 के पूर्व पूर्ण कराये जाने का लक्ष्‍य है। (ख) नरसिहंपुर जिले में प्रश्‍न दिनांक तक 227 ग्राम पंचायतें बाह्य शौच से मुक्‍त हो चुकी हैं तथा 219 ग्राम पंचायतें बाह्य शौच मुक्‍त होना बाकी हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है(ग) गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2008-09 से अभी तक 31464 शौचालयों का निर्माण हो चुका है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है(घ) स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत दिनांक 01-07-2016 से शौचालय निर्माण की प्रोत्‍साहन राशि सीधे हितग्राही के खाते में दी जा रही है। वर्तमान में शौचालय निर्माण स्‍वयं हितग्राही द्वारा किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधायक निधि से स्वी्कृत कार्य

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

12. ( *क्र. 1540 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के नगर पालिका परिषद् सिरोंज में विगत दो वर्षों में विधायक निधि से किन-किन कार्यों के लिए कितनी-कितनी राशि कब-कब स्‍वीकृत हुई है? स्‍वीकृत कार्य में से कितने कार्य पूर्ण हुए एवं कितने कार्य अभी तक अपूर्ण हैं, अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जावेगा? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या विधायक निधि से जैन समुदाय हेतु पानी की टंकी निर्माण हेतु राशि की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? नगर परिषद् सिरोंज द्वारा आज दिनांक तक टंकी निर्माण का कार्य प्रारंभ क्‍यों नहीं किया गया? नगर परिषद् द्वारा टंकी निर्माण कार्य हेतु क्‍या-क्‍या प्रक्रिया अभी तक अपनाई गई? विलंब के लिए कौन जिम्‍मेदार हैं, क्‍या उन पर कार्यवाही की जावेगी? यदि‍ हाँ, तो कब, नहीं तो क्‍यों नहीं?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। उक्त टंकी के निर्माण हेतु नगर पालिका सिरोंज द्वारा प्रथम निविदा 31.3.2016 एवं द्वितीय निविदा 24.8.2016 को आमंत्रित की गई। प्राप्त दरें स्वीकृत राशि से अधिक होने के कारण कार्य प्रारम्भ नहीं कराया जा सका। तृतीय निविदा दिनांक 15.7.2016 को आमंत्रित की जा कर प्राप्त दरें परिषद संकल्प क्रमांक 90 दिनांक 10.8.2016 द्वारा स्वीकृत किये जाने के उपरान्त दिनांक 16.10.2016 को कार्यादेश जारी किया गया। विलम्ब के लिये कोई अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार न होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

जिला पंचायत उज्‍जैन में पदस्‍थ पंचायत सचिवों का निलंबन/बहाली

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

13. ( *क्र. 387 ) श्री सतीश मालवीय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पंचायत उज्‍जैन में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उज्‍जैन के द्वारा जिले में फरवरी 2015 से 05 नवम्‍बर 2016 तक कितने ग्राम पंचायत सचिव किन-किन कारणों से निलंबित किये गये/हटाये गये? नामवार, पंचायतवार, निलंबन के कारणवार जानकारी उपलब्‍ध करावें (ख) प्रश्‍न (क) के क्रम में निलंबित किये गये सचिवों को कब-कब बहाल किया जाकर कौन-कौन सी पंचायत में पदस्‍थ किया गया? दिनांकवार, पंचायतवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) जिला पंचायत उज्‍जैन में ऐसे कितने पंचायत सचिव थे, जिनको निलंबन के पश्‍चात/हटाने के पश्‍चात उन्‍हें उसी पंचायत में पदस्‍थ किया गया, जहां से उन्‍हें निलंबित किया गया था/हटाया गया था? उसी पंचायत में बहाल किये जाने के क्‍या कारण थे? क्‍या यह शासन की नीति अनुसार किये गये हैं? पंचायत सचिव जहां से निलंबित किये गये थे/हटाये गये थे वहीं बहाल होने वाले पंचायत सचिवों की जानकारी दिनांकवार, पंचायतवार उपलब्‍ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला पंचायत उज्जैन के प्रश्नावधि में 42 ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया। नामवार, ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित करने के कारण सहित जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) निलंबन से बहाल किये गये ग्राम पंचायत सचिवों की दिनांकवार तथा पंचायतवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ग) निलंबन से बहाल कर उसी ग्राम पंचायत में पदस्थ किये गये सचिवों की दिनांकवार तथा पंचायतवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार।

परिशिष्ट - ''चार''

मेट्रो रेल परियोजना का क्रियान्‍वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

14. ( *क्र. 9 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल योजना के क्रियान्‍वयन में अब तक क्‍या-क्‍या कार्य पूर्ण किये गए हैं? (ख) मेट्रो परियोजना के लिये किन विदेशी संस्‍थाओं से ऋण हेतु बातचीत की गई है? इसकी वर्तमान स्थिति का विवरण दें। जायका द्वारा ऋण देने से इंकार करने के क्‍या कारण हैं? (ग) भोपाल एवं इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन में अभी तक किस-किस मद में कितनी-कितनी धनराशि व्‍यय की गई अथवा की जायेगी? पृथक-पृथक बताया जाए। (घ) मेट्रो रेल योजना का क्रियान्‍वयन का कार्य किस एजेन्‍सी से कराया जा रहा है एवं योजना को कब तक पूर्ण किया जायेगा? निश्चित समय-सीमा बतायी जाए 

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) भोपाल एवं इन्‍दौर में प्रस्‍तावित मेट्रो परियोजना का प्रस्‍ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। भारत सरकार के अनुमोदन उपरांत क्रियान्‍वयन एजेंसी का चयन किया जायेगा। परियोजना का क्रियान्‍वयन वर्ष 2021-22 तक प्रस्‍तावित है। निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

चम्बल नदी पर पुल निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

15. ( *क्र. 535 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 10.01.2016 खाचरौद प्रवास के दौरान माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा घोषणा क्रमांक 14 द्वारा ग्राम बनवाड़ा से मोकड़ी रास्ते पर चम्बल नदी पर पुल निर्माण कराये जाने की घोषणा की थी? (ख) क्या पूर्व में बनी पुलिया की ऊंचाई काफी कम होने एवं पास में जल संसाधन विभाग द्वारा बड़ा स्टाप डेम निर्माण किये जाने से उक्त पुलिया वर्षाकाल में लगभग छः माह तक पानी में डूबी रहती है, जिससे लगभग 50 ग्रामों के किसानों को 30-35 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। उक्त पुलिया का निर्माण कब तक प्रारम्भ होगा? यदि योजना कार्ययोजना में शामिल नहीं है तो कब तक सम्मिलित कर ली जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत पुल निर्माण हेतु डी.पी.आर. तैयार करने के लिये कंसलटेंट नियुक्त किये जाने हेतु निविदा आमंत्रित की गई है अतः पुल निर्माण कार्य प्रारंभ करने की निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। उक्त कार्य को योजना में शामिल कर लिया गया है।

ग्राम उदय से भारत उदय अभियान अन्‍तर्गत विकास कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

16. ( *क्र. 339 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इन्‍दौर जिला अंतर्गत मध्‍यप्रदेश सरकार की ग्राम उदय से भारत उदय अभियान अंतर्गत ग्राम विकास हेतु ग्राम स्‍तर पर योजनाएं बनाई गईं थीं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या योजनाएं पंचायत विभाग द्वारा बनवाई गईं हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में सांवेर विधानसभा क्षेत्र में ग्राम उदय से भारत उदय योजनांतर्गत क्‍या-क्‍या कार्य करवाये जायेंगे? क्‍या अभियान अंतर्गत ग्रामीणों द्वारा दिये गये प्रस्‍ताव पर जल्‍द ही कार्य कराये जायेंगे? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम विकास योजना (जी.पी.डी.पी.) अंतर्गत सामुदायिक कार्यों एवं हितग्राही मूलक कार्यों की योजनाएं बनाई गई हैं। (ग) ग्राम उदय से भारत उदय अभियान में ग्राम पंचायत विकास योजना (जी.पी.डी.पी.) तैयार करने का कार्य किया गया है। ग्राम पंचायत विकास योजना में शामिल कार्यों को करने का जो प्राथमिकता क्रम है, उसके अनुसार तथा संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर कार्य करवाये जा सकेंगे। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जलावर्धन योजना अंतर्गत निर्माण कार्य में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( *क्र. 1049 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परासिया विधान सभा क्षेत्रांतर्गत नगर परिषद बड़कुही में शासन द्वारा स्‍वीकृत जलावर्धन योजना अंतर्गत फिल्‍टर प्‍लांट, ओव्‍हरहेड टैंक का निर्माण कार्य जिस भूमि पर किया जा रहा है, क्‍या वह भूमि नगर परिषद बड़कुही को शासन द्वारा आवंटित की गई है या नहीं? भूमि का स्‍थल, खसरा नंबर मद की जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि नगर परिषद बड़कुही को भूमि आवंटित नहीं की गई तो निकाय द्वारा शासन के किन नियमों के आधार पर उपरोक्‍त भूमि पर फिल्‍टर प्‍लांट, ओव्‍हरहेड टैंक का निर्माण कार्य किया जा रहा है? (ग) क्‍या नगर परिषद बड़कुही द्वारा जलावर्धन योजना अंतर्गत फिल्‍टर प्‍लांट, ओव्‍हरहेड टैंक का निर्माण कार्य प्रारंभ कर लगभग 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण करने के उपरांत दिनांक 23.09.2016 को तहसीलदार परासिया द्वारा दैनिक समाचार पत्र ''लोकमत समाचार'' में भूमि नगर परिषद बड़कुही को भूमि आवंटन के लिए इश्‍तेहार का प्रकाशन कराया गया? भूमि आवंटन के लिए आवंटित भूमि का स्‍थल निरीक्षण तहसीलदार परासिया द्वारा किया गया था या नहीं? न.पा. बड़कुही के पार्षदों एवं नागरिकों द्वारा भूमि आवंटन के संबंध में दि. 29.09.2016 को न्‍यायालय तहसीलदार परासिया में आपत्ति प्रस्‍तुत की गई थी, जिस पर तहसीलदार द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) कलेक्‍टर छिंदवाड़ा को प्रश्‍नकर्ता द्वारा बड़कुही जलावर्धन योजना निर्माण कार्य में भ्रष्‍टाचार अनियमितता की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराये जाने हेतु दि. 21.09.2016 को पत्र क्रमांक 597 दिया गया था, उस पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। भूमि का खसरा क्रं. 160 रकबा 0.304 में से 0.06 हेक्‍टेयर तथा खसरा क्रं. 82 रकबा 4.059 हेक्‍टेयर में से 2 हेक्‍टेयर भूमि शासकीय मद में दर्ज है। (ख) निकाय द्वारा नियमानुसार शासकीय भूमि के आवंटन हेतु दिनांक 26.04.16 को आवेदन दिया गया तथा समय-सीमा में कार्य किये जाने को दृष्टिगत रखते हुये भूमि आवंटन की प्रत्‍याशा में मध्‍यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 कंडिका 100 (1) के अंतर्गत निकाय द्वारा कार्य प्रारंभ किया गया। (ग) जी हाँ। जी नहीं। जी हाँ। प्रस्‍तुत आपत्ति पर तहसीलदार ने मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद बड़कुही से जवाब मांगा, जिसके प्रत्‍युत्‍तर में मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी द्वारा आपत्ति को निरस्‍त करने हेतु तथ्‍यात्‍मक पत्र दिनांक 27.09.16 लिखा गया है। (घ) निर्माण कार्यों की जाँच कलेक्‍टर, छिंदवाड़ा द्वारा कराई जा रही है।

दतिया जिलान्‍तर्गत संचालित एन.जी.ओ.

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

18. ( *क्र. 1786 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 35 (क्र. 598), दिनांक 14.12.2015 के उत्‍तर में सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा दतिया जिले में 4 एन.जी.ओ. पंजीकृत बताये गये? जानकारी उपलब्‍ध करायें कि उक्‍त एन.जी.ओ. किस दिनांक से पंजीकृत होकर संचालित हो रहे हैं। पंजीकरण की छायाप्रतियां उपलब्‍ध कराई जावें (ख) उक्‍त एन.जी.ओ. कहाँ-कहाँ क्‍या-क्‍या कार्य कर रहे हैं, उनके द्वारा प्रांरभ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या गतिविधियां की गई हैं, उन्‍हें शासन से किस-किस दिनांक को कितनी-कितनी राशि अनुदान के रूप में दी गई? (ग) उक्‍त एन.जी.ओ. द्वारा संचालित संस्‍थाओं की प्रांरभ दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक आडिट की छायाप्रतियां एवं किन-किन अधिकारियों द्वारा इनके निरीक्षण किये, उनके नाम/पद सहित उनके प्रतिवेदनों की छायाप्रतियां उपलब्‍ध कराई जावें? (घ) क्‍या उक्‍त एन.जी.ओ. द्वारा चलाई जा रही अधिकृत संस्‍थाएं केवल कागजों में चल रही हैं, मौके पर इनके द्वारा कोई गतिविधि दिखाई नहीं दी, अधिकारी कर्मचारी फर्जी दस्‍तावेज तैयार कर शासन के लाखों रूपये अपव्‍यय कर रहे है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन दोषी हैं? यदि नहीं, तो इनकी उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराई जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (घ) जी नहीं। अशा. संस्था म.प्र. प्राकृतिक चिकित्सालय तथा महाविद्यालय समिति शाखा दतिया द्वारा वृद्धाश्रम का संचालन बंद पाये जाने से संस्था को अनुदान राशि स्वीकृत नहीं की गयी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अवैध कालोनियों का नियमितीकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( *क्र. 1632 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ध्‍यानाकर्षण सूचना क्रमांक-466, दिनांक 14-03-2016 के तारतम्‍य में नगरपालिक निगम, कटनी की कितनी अवैध कालोनियों में से कितने में शिविर लगाकर वैध करने की क्‍या-क्‍या कार्यवाही किस-किस दिनांक को की गई? यदि नहीं, की गई है तो इसके क्‍या कारण हैं? (ख) नगरपालिक निगम, कटनी की कुल जनसंख्‍या के 30 से 40 प्रतिशत नागरिक अवैध कालोनियों में निवास एवं मूलभूत सुविधाओं के न होने से हो रही असुविधा को देखते हुए निश्चित समयावधि में कालोनियों का नियमितीकरण कड़ाई से कराये जाने के आदेश सक्षम प्राधिकारी आयुक्‍त नगरपालिक निगम, कटनी को प्रदान करेंगे? (ग) शासन के समक्ष अवैध-कालोनियों के विकास हेतु कुल लागत का 50% कालोनी निवासियों से लिये जाने के वर्तमान प्रावधान को कम करने की मान. मुख्‍यमंत्री जी की 15-12-2015 की सदन की घोषणानुसार कोई प्रस्‍ताव लंबित है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा कब तक निर्णय लिया जावेगा? यदि नहीं, तो कारण बतायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर निगम कटनी क्षेत्र में कुल 90 अवैध कालोनियों में से केवल 2 अवैध कालोनियों के नियमितीकरण की कार्यवाही की गई, 2 कालोनी का सर्वे कराया गया तथा 7 कालोनियों में शिविर लगाकर अवैध कालोनी के नियमितीकरण की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। शेष अवैध कालोनियों को वैध करने हेतु कार्यक्रम तैयार कर दिनांक 21.11.2016 को सूचना जारी की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अंतर्गत बनाये गये मध्‍यप्रदेश नगर पालिका (कालोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण तथा निर्बंधन एवं शर्त) नियम 1998 एवं समय-समय पर राज्‍य शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में 31 दिसम्‍बर 2012 तक अस्तित्‍व में आई अवैध कालोनियों को प्रचलित नियम, प्रक्रिया अनुसार वैध करने के निर्देश दिये गये हैं। सचिव, म.प्र. शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पत्र क्रमांक एफ 1-30/2011/18-3 दिनांक 06.09.2013 से समस्‍त कलेक्‍टर एवं समस्‍त आयुक्‍त नगर निगम को अवैध कालोनी के नियमितीकरण की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। (ग) कार्यवाही प्रचलन में है।

हाउसिंग बोर्ड द्वारा हितग्राहियों को भवन आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

20. ( *क्र. 36 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के दिनांक 08.12.2015 के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 42 (क्र. 380) के (ख) उत्‍तर में बताया है कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा वर्ष 2008-09 एवं 2011-12 में निशातपुरा (पन्‍नानगर) बैरसिया रोड के जूनियर एम.आई.जी. प्रकोष्‍ठ भवनों के 39 हितग्राहियों को मय ब्‍याज राशि वापस कर दी गई है तो प्रश्‍नांकित 39 हितग्राहियों को दी गई मय ब्‍याज राशि, मय नाम राशि वापसी हेतु आवेदन दिनांक, चेक क्रमांक एवं दिनांक, संबंधित हितग्राहियों को चेक प्रदाय पावती, राशि सहित सूची दें? (ख) प्रश्‍नांकित योजना निरस्‍त होने के कारण तथा भूमि पर पुनरीक्षित योजना स्‍वीकृत हो जाने पर जिन हितग्राहियों की पंजीयन राशि ब्‍याज सहित मण्‍डल ने वापिस की है, क्‍या मण्‍डल द्वारा ऐसे हितग्राहियों को जिन्‍होंने आज दिनांक तक उक्‍त राशि वापिस नहीं ली है, उन्‍हें तत्‍समय की कीमत अनुसार मण्‍डल की अन्य योजना में समायोजित कर उसी दर से स्‍वतंत्र भवन अथवा भूखण्‍ड आवंटित किया जा सकेगा? (ग) क्‍या इस संबंध में माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा भी निर्देश जारी किये हैं? तद्नुसार हितग्राहियों को प्रश्‍नांश (ख) अनुसार स्‍वतंत्र भवन अथवा भू-खण्‍ड आवंटित किया जावेगा तथा प्रश्‍नांश (क) अनुसार हितग्राहियों को आज दिवस तक उनकी जमा राशि नहीं लौटाई जाने एवं सदन में असत्‍य उत्‍तर देने वाले दोषी अधिकारियों पर विभाग क्‍या दण्‍डनीय कार्यवाही करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) पन्नानगर (देवकी नगर) बैरसिया रोड भोपाल के पंजीयनकर्ताओं से पुनरीक्षित योजना में सम्मिलित होने के लिए सहमति चाही गई थी, जिन पंजीयनकर्ताओं द्वारा सहमति प्रदान नहीं की, उन्हें जमा राशि ब्याज सहित वापस की गई है, जिन पंजीयनकर्ताओं ने सहमति प्रदान की है, उन्हें पुनरीक्षित योजना में भवन आवंटित किया गया है। सूची की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी प्रश्नांश (क) अनुसार है एवं जिन हितग्राहियों द्वारा भवन की राशि प्राप्त नहीं की है, उन्हें मण्डल की रिक्त संपत्ति अथवा नवीन योजना में वर्तमान निर्धारित मूल्य पर भवन उपलब्ध कराया जा सकता है, इसमें उनके द्वारा जमा राशि मय ब्याज के समायोजित की जावेगी। (ग) माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस योजना के संबंध में कोई आदेश/निर्देश जारी नहीं किये हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है, सूची में दिये गये अनुसार हितग्राहियों को राशि लौटाई गई, परन्तु उनमें से 6 हितग्राहियों द्वारा चेक वापिस कर राशि लेने से इंकार किया गया। अतः इस बाबत् कोई अधिकारी दोषी नहीं है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

खनिज विभाग में सलाहकारों की नियुक्ति

[खनिज साधन]

21. ( *क्र. 394 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या 1 जनवरी 2014 के पश्चात खनिज, भू-विज्ञान विभाग, पेट्रोलियम विभाग, म.प्र. स्टेट माइनिंग एंड मिनरल्स कारपोरेशन लिमिटेड आदि विभाग की विभिन्न योजनाओं में सलाहकार की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन कार्यों के लिए सलाहकारों की नियुक्ति की गई है? (ख) उक्त में से किन-किन सलाहकारों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है तथा किन-किन ने नहीं, समय-सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने वाले सलाहकारों के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई? इनकी कितनी राशि विभाग द्वारा रोकी गई? इन सलाहकारों को किन-किन कार्यों के लिए कितना-कितना भुगतान किया गया? (ग) क्या पेट्रोलियम विभाग के कंसल्टेंट वित्त विभाग की सहमति‍ से तथा भू-विज्ञान विभाग के कंसल्टेंट भारत सरकार दवारा नियुक्त किये जाते हैं? यदि हाँ, तो किन-किन कंसल्टेंट की नियुक्ति हेतु वित्त विभाग से अनुमति ली गयी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) खनिज साधन विभाग एवं मध्‍यप्रदेश स्‍टेट माईनिंग कार्पोरेशन लिमिटेड की किसी योजना हेतु सलाहकार की नियुक्ति नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रश्‍न में उल्‍लेखित शेष विभाग राज्‍य शासन के विभाग नहीं हैं। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश () में दिये गये उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नरसिंहगढ़ नगर के शा. महाविद्यालय में पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

22. ( *क्र. 1659 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ स्थित शासकीय महाविद्यालय में किस-किस संकाय के कितने-कितने पद सहायक प्राध्‍यापक/प्राध्‍यापक के स्‍वीकृत हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार सहायक प्राध्‍यापक/प्राध्‍यापक के स्‍वीकृत पद के विरूद्ध कितने पद भरे हैं व कितने पद रिक्‍त हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार रिक्‍त पदों को कब तक भरा जावेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) महाविद्यालय में शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग को दिनांक 24/11/2015 को 2371 सहायक प्राध्‍यापकों के संबंध में विज्ञापन जारी कर भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ करने हेतु लिखा गया है।

परिशिष्ट - ''छ:''

जनपद पंचायत भाण्‍डेर में सीईओ का प्रभार

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

23. ( *क्र. 214 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दतिया जिले में चार मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी वर्तमान में पदस्‍थ हैं? (ख) क्‍या जनपद पंचायत भाण्‍डेर में तिलहन संघ के तृतीय श्रेणी के विवादित कर्मचारी को मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी का प्रभार दिया गया है, जबकि चार मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी उपलब्‍ध हैं? (ग) क्‍या भाण्‍डेर में पदस्‍थ मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी श्री मालवीय को बिना कोई नोटिस, लेटर दिये हटाकर जिले पर अटैच किया गया? क्‍या इस प्रकार हटाया जा सकता है? (घ) क्‍या मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी पद पर तिलहन संघ के विवादित तृतीय श्रेणी कर्मचारी को नियमानुसार प्रभार देकर पदस्‍थ किया जा सकता है, जबकि चार मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी मौजूद हो? इस अनियमितता के लिए कौन दोषी हैं? भाण्‍डेर में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी को कब तक प्रभार दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जी नहीं। तिलहन संघ से प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ द्वितीय श्रेणी के समकक्ष सहायक परियोजना अधिकारी को मु.का.अ.ज.पं. भाण्‍डेर जिला दतिया का प्रभार दिया गया है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं। (ग) जी नहीं। कर्तव्‍य निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता के कारण, कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। जी हाँ, कर्तव्‍य निर्वहन में उदासीनता के परिप्रेक्ष्‍य में। (घ) प्रश्‍नांश () एवं () अनुसार।

मुख्‍यमंत्री सड़क योजनान्‍तर्गत सड़कों की स्‍वीकृति‍

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

24. ( *क्र. 261 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री सड़क योजनांतर्गत वर्ष 2013-14, 2014-15 में दमोह एवं टीकमगढ़ जिले में कितनी सड़कें स्‍वीकृत हुईं, जिनकी प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त हो चुकी है? नामवारविकासखण्‍डवार, राशिवार जानकारी उपलब्‍ध करायें (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश में दमोह एवं टीकमगढ़ जिला ही शेष है, जिनको राशि प्रदाय नहीं होने से प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त सड़कों के कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं? उक्‍त सड़कों के कार्य प्रारंभ कराने हेतु राशि कब तक जारी की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत दमोह जिले में वर्ष 2013-14 में 15 सड़कों की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई थी। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। वर्ष 2014-15 में दमोह जिले में योजनांतर्गत कोई प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी नहीं हुई है। प्रश्‍न में उल्‍लेखित वर्षों में टीकमगढ़ जिले में सड़कों की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी नहीं हुई है। (ख) जी नहीं। उत्‍तरांश (क) में योजनांतर्गत उल्‍लेखित जिन सड़कों की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की गई है, उन कार्यों हेतु राशि प्रदाय की जा चुकी है एवं उक्‍त सड़कें पूर्ण भी हो चुकी हैं अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सात''

मंदिर की भूमि पर अतिक्रमण

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

25. ( *क्र. 356 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खरगोन जिले की तहसील बड़वाहा में कितने शासकीय मंदिर हैंउसकी सूची दी जावे। इन मंदिरों के संपत्ति के संबंध में विवरण देवें। (ख) प्रश्‍न (क) के अनुसार इन मंदिरों की सं‍पत्तियों पर वर्तमान में किसका अवैध कब्‍जा कब से है? क्‍या ग्राम नावघाटखेड़ी में रत्‍नेश्‍वर महादेव मंदिर के परिसर में कब्‍जे को हटाने के संबंध में मंदिर के पुजारी द्वारा विगत 27 वर्षों से प्रयास किया जा रहा है, किंतु आज दिनांक तक कब्‍जा नहीं हटाया गया है, जबकि अवैध कब्‍जा शासकीय विभाग एवं सेवा निवृत्‍त शासकीय चौकीदार का होना बताया गया है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पुजारी के द्वारा जनसुनवाई में की गई शिकायत के समय-सीमा में निराकरण न करने से कार्यालयीन पत्र क्रमांक 588, 589, 590 दिनांक 26.9.16 से मुख्‍य सचिव, विभाग प्रमुख एवं जिला प्रशासन को लिखा गया था? यदि हाँ, तो इस संबंध में प्राप्‍त पत्र पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? अवगत करावें। क्‍या कब्‍जाधारी चौकीदार द्वारा इस संबंध में सिविल न्‍यायालय में कार्यवाही का हवाला देकर कब्‍जा संबंधित एवं विभाग द्वारा बनाये रखा है? (घ) क्‍या एक शासकीय विभाग द्वारा बंदोबस्‍त में दर्ज मंदिर की भूमि पर अवैध कब्‍जा किया गया है और शासन के नियमों का पालन न करने से तथा वरिष्‍ठ के पत्रों के आधार पर भी कब्‍जा न हटाने से वरिष्‍ठ कार्यालय द्वारा क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ड.) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार विभाग एवं विभाग के भूतपूर्व चौकीदार के पुत्र जिन्‍हें विभाग द्वारा ही अवैध कब्‍जा कराया गया है, को हटाने के लिए क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी एवं संबंधित विभाग के कनिष्‍ठ अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

 

 

 

 

 






 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


स्‍मार्ट सिटी परियोजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

1. ( क्र. 10 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल में स्‍मार्ट सिटी के विकास एवं निर्माण हेतु कितनी-कितनी भूमि किस-किस स्‍थान पर प्रदान की गई है? (ख) वर्तमान में स्‍मार्ट सिटी हेतु चयनित क्षेत्र के रहवासियों का मत लेने हेतु सर्वे कब करवाया गया है? इस सर्वे में कितने प्रतिशत लोगों ने सहमति दी है? (ग) स्‍मार्ट सिटी के निर्माण में अभी तक किस-किस मद में कितनी-कितनी धनराशि व्‍यय की गई है? (घ) स्‍मार्ट सिटी योजना में क्‍या-क्‍या निर्माण कार्य किये जायेंगे एवं आम जनता के लिये क्‍या-क्‍या सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जायेंगी? (ड.) स्‍मार्ट सिटी योजना का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किया जायेगा एवं कब तक पूर्ण किया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भोपाल में स्‍मार्ट सिटी के विकास एवं निर्माण हेतु साउथ एवं नार्थ टी.टी. नगर में 342 एकड़ (138 हेक्‍टेयर) भूमि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार चिन्हित की गयी है। मानचित्र जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार चिन्हित की गयी है। (ख) वर्तमान में स्‍मार्ट सिटी हेतु चयनित क्षेत्र पूर्व से ही भोपाल विकास प्राधिकरण की पुर्नघनत्‍वीकरण योजना के अंतर्गत था। शासन द्वारा इस क्षेत्र को ही स्‍मार्ट सिटी की स्‍थापना के तहत क्षेत्र आधारित विकास हेतु चिन्हित किया गया है। (ग) व्‍यय की गई राशि का विवरण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) स्‍मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत एरिया बेस्‍ड डेवलपमेंट हेतु टी.टी. नगर क्षेत्र को ट्रांसिट ओरिएंटिड डेवलपमेंट के सिद्धांतों के अनुसार किया जाएगा। इस क्षेत्र में सरकारी आवास, नि‍जी आवास, विभिन्‍न कार्य स्‍थल, व्‍यवसायिक केन्‍द्र, मनोरंजन केन्‍द्र, धार्मिक केन्‍द्र, खेल मैदान, पार्क, सायकिल ट्रेक, फुटपाथ, स्‍मार्ट स्‍ट्रीट लाईट, वाई फाई नेट वर्किंग, 24 घंटे जी प्रदाय, चिकित्‍सा केन्‍द्र, आदि का विकास किया जाएगा। विस्‍तृत कार्ययोजना बनाने की कार्यवाही प्रचलन में है। (ड.) स्‍मार्ट सिटी परियोजना के दो घटक है :-

1. पैन सिटी 2. एरिया बेस्‍ड डेवलपमेंट

पैन सिटी योजना के अंतर्गत अनेक परियोजनाओं का क्रियान्‍वयन प्रारंभ हो चुका है। जिनसे नगरवासियों की विभिन्‍न प्रकार की सुविधाओं का लाभ मिल सकें। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने की संभावित तिथि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। एरिया बेस्‍ड डेवलपमेंट हेतु टी.टी. नगर क्षेत्र में चिन्हित भूमि पर कार्य प्रांरभ किया जाना प्रस्‍तावित है। इस क्षेत्र के नियोजन हेतु मेसर्स टाटा कन्‍सलटिंग इंजीनियर्स का चयन किया। उपरोक्‍त कंपनी द्वारा सर्वे रिपोर्ट तथा परियोजना के अन्‍य महत्‍वपूर्ण चरणों का अध्‍ययन करने के बाद ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जावेगा। वर्तमान में इस परियोजना के पूर्ण होने की‍ तिथि दिया जाना संभव नहीं है।

व्यवसायिक रूप से संचालित हॉस्‍टलों का रजिस्‍ट्रेशन

[नगरीय विकास एवं आवास]

2. ( क्र. 21 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या इन्दौर नगरीय क्षेत्र में छात्र-छात्राओं के लिये व्यवसायकि रूप से हॉस्टल संचालित है? यदि हाँ, तो कितने हॉस्टल संचालित हैं? (ख) क्या व्यवसायायिक रूप सें संचालित हॉस्टलों का नियमानुसार रजिस्ट्रेशन नगर पालिक निगम में किया जाना अनिवार्य हैं? यदि हाँ, तो क्या प्रश्‍नांश अनुसार संचालित हॉस्टलों का रजिस्ट्रेशन संबंधित मालिक द्वारा कराया गया है? (ग) यदि नहीं, तो जिन मालिकों द्वारा हॉस्टलों का नियमानुसार रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है उनके विरूद्ध शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रहीं है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ, इन्‍दौर नगरीय क्षेत्र में छात्र-छात्राओं के लिये व्‍यवसायिक रूप से हॉस्‍टल संचालित है, जिनमें से नगर निगम, इन्‍दौर में रजिस्‍टर्ड हॉस्‍टलों की संख्‍या 881 (आठ सौ इक्‍यासी) है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ, व्‍यवसायिक रूप से संचालित हॉस्‍टलों का नियमानुसार रजिस्‍ट्रेशन नगर पालिक निगम में किया जाना अनिवार्य है, कुल 881 संचालित हॉस्‍टलों का रजिस्‍ट्रेशन संबंधित मालिकों द्वारा करवाया गया है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ, नगर पालिक निगम, इंदौर द्वारा कार्यवाही की जाती है। जिन मालिकों द्वारा हॉस्‍टलों का नियमानुसार रजिस्‍ट्रेशन नहीं कराया जाता है, तो निरीक्षण के दौरान संबधित संस्‍थान पर व्‍यवसायिक लायसेंस नहीं पाये जाने की स्थिति में नगर पालिक निगम, इंदौर द्वारा तीन दिन की समयावधि का सूचना-पत्र (नोटिस) दिया जाकर लायसेंस बनाने की कार्यवाही की जाती है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

अवैध कॉलोनी काटी जाने की प्राप्त शिकायतें

[नगरीय विकास एवं आवास]

3. ( क्र. 25 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या जिला प्रशासन इन्दौर को जिले में अवैध कॉलोनी काटी जाने की विगत पाँच वर्षों में शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो किन-किन स्थानों पर अवैध कॉलोनी काटे जाने की शिकायत प्राप्त हुई हैअवैध कॉलोनी काटी जाने के स्थानों की सूची उपलब्ध करावें? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) अनुसार इन अवैध कॉलोनी काटी जाने की शिकायतों पर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की है? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की है, संबंधित के नाम सहित कार्यवाही विवरण सहित सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) क्या जिला प्रशासन द्वारा अवैध कॉलोनी के विरूद्ध कार्यवाही करने के बाद भी इन अवैध कॉलोनियों में प्लॉटों का क्रय-विक्रय होकर निर्माण कार्य किया जा रहा है? यदि हाँ, तो जिला प्रशासन द्वारा इसे रोकने के लिए क्या कार्यवाही की जा रही है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

ग्राम सलैया घरोंदा योजना में अफोर्डेबल 2 बी.एच.के. प्रकोष्‍ठ के संबंध में

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( क्र. 37 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा ''ग्राम सलैया घरौंदा योजना वर्ष 2012-13 में अफोर्डेबल 2 बी.एच.के. प्रकोष्‍ठ निर्माण की योजना'' कब स्‍वीकृत की गई थी? क्‍या स्‍वीकृत योजनानुसार आवंटियों को भवन उपलब्‍ध करा दिये गये हैं? (ख) भोपाल विकास प्राधिकरण के अंतर्गत भवन आवंटन की नियत राशि अनुबंध अनुसार आवेदक द्वारा जमा न करने पर प्राधिकरण द्वारा कोई अतिरिक्‍त राशि/ब्‍याज/दाण्डिक ब्‍याज आवंटियों से वसूल किया जाता है? यदि हाँ, तो किस दर से? (ग) यदि विकास प्राधिकरण द्वारा समयावधि में भवन उपलब्‍ध न कराने अथवा योजना का स्‍वरूप बदलने पर आवेदक द्वारा अपनी संपूर्ण जमा राशि विलंब के कारण वापस ली जाती है तो ऐसी स्थिति में प्राधिकरण द्वारा आवेदक को किस दर से जमा राशि वापिस की जाती है? क्‍या प्राधिकरण द्वारा आवेदक की राशि में कटौती कर बिना ब्‍याज के मूल राशि वापिस की जाती है? क्‍या इस प्रकार प्राधिकरण द्वारा की गई कार्यवाही न्‍यायोचित है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन ऐसे प्रकरणों में आवेदकों को उनकी जमा राशि पर बैंक द्वारा सावधि जमा पर देय ब्‍याज अनुसार राशि वापिस करने के निर्देश जारी करेगा? (घ) भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा जारी आवंटन आदेश में उल्‍लेखित शर्तों का पालन क्‍या केवल आवंटियों के लिये हैं, इन्‍हीं शर्तों का उल्‍लंघन यदि प्राधिकरण द्वारा किया जाता है, तो ऐसे में शासन प्राधिकरण के विरूद्ध आवेदकों के पक्ष में क्‍या कार्यवाही करेगा? (ड.) उपरोक्‍त योजना के अंतर्गत कितने आवंटित आवेदकों को राशि वापिस की गई है? उनकी जमा राशि में से कितनी राशि की कटौती कर भुगतान किया गया हैक्‍या शासन अशासकीय गृह निर्माण संस्‍थाओं की तरह इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत अल्‍प आय श्रेणी के आवंटियों को ब्‍याज सहित राशि वापिस करने के निर्देश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम सलैया घरौंदा योजना वर्ष 2012-2013 में अर्फोडेबल 2 बी.एच.के. प्रकोष्ठ निर्माण की योजना मंत्री परिषद् समिति के निर्णय क्रमांक-एफ-3-4/2012/32-1, भोपाल, दिनांक 06.03.2012 को स्वीकृत की गई थी। जी नहीं। (ख) जी हाँ। भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा किश्तों के विलम्ब अवधि पर व्ययन नियम 2013 के नियम 12 (2) अनुसार 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अधिरोपित किया जाता है। (ग) यदि विकास प्राधिकरण द्वारा समयावधि में भवन उपलब्ध नहीं कराने अथवा-योजना का स्वरूप बदलने पर आवेदक द्वारा अपनी सम्पूर्ण राशि विलंब के कारण वापस ली जाती है, तो ऐसी स्थिति में पंजीयन राशि का 20 प्रतिशत राशि कटौती कर शेष राशि वापस की जाती है। जी हाँ। भोपाल विकास प्राधिकरण, भोपाल द्वारा संचालक मण्डल के निर्णय क्रं.- 1746/13 दिनांक 30.10.2015 के परिपालन में कार्यवाही की जाती है। (घ) प्राधिकरणों द्वारा आवंटन आदेश में उल्लेखित शर्तों का पालन करना उभय पक्षों के लिये बंधनकारी है। अतः शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ड.) योजनांतर्गत कुल 79 आवंटियों की राशि काटी गई है। 09 आवंटियों की राशि राजसात की गई है, संचालक मण्डल के निर्णय दिनांक 28.02.2014 के अनुसार 45 आवटियों के पंजीयन राशि की 15 प्रतिशत राशि काटी गई है, संचालक मण्डल के निर्णय दिनांक 30.10.2015 के अनुसार 25 आवेदकों की पंजीयन राशि की 20 प्रतिशत राशि काटी गई है। म.प्र. शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय के पत्र क्रं.-एफ-23-44/ 2010/32-1, भोपाल, दिनांक 09 नवम्बर 2011 द्वारा निर्देश जारी किये गये है।

नगर परिषद् अध्‍यक्ष के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( क्र. 54 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या आलोट नगर परिषद् जिला रतलाम में हुए भ्रष्‍टाचार, पद दुरूपयोग, फर्जी हस्‍ताक्षर से लाखों के भुगतान व अनियमितताओं की पार्षदों द्वारा शिकायत की गई थी? कलेक्‍टर रतलाम द्वारा कराई गई जाँच में क्‍या पाया गया? (ख) क्‍या कलेक्‍टर रतलाम ने न.पा. अधिनियम 1961 की धारा 41 (क) के तहत अध्‍यक्ष न.प.को अयोग्‍य करार देने संबंधी प्रतिवेदन राज्‍य शासन को भेजा है? यदि हाँ, तो कब? शासन ने उक्‍त संबंध में क्‍या कार्यवाही की? (ग) शासन ने अध्‍यक्ष नगर परिषद् आलोट को अयोग्‍य करार क्‍यों नहीं दिया? उनके विरूद्ध भारतीय दण्‍डविधान अंतर्गत कार्यवाही क्‍यों नहीं की?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। कलेक्‍टर शहरी विकास अभिकरण का पत्र क्रमांक 1041 दिनांक 12.08.16 द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। दिनांक 12.08.16 को। विभाग के पत्र क्रमांक 1597 दिनांक 08.09.2016 द्वारा अनियमित एवं अवैध रूप से किये कार्यों के संबंध में परीक्षण कर उत्‍तरदायी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश आयुक्‍त, नगरीय प्रशासन एवं विकास को दिये गये है। आयुक्‍त, नगरीय प्रशासन एवं विकास के पत्र क्रमांक 13327 दिनांक 14.10.16 द्वारा संयुक्‍त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, उज्‍जैन संभाग को शासन पत्र के संदर्भ में उत्‍तरदायी पदाधिकारी/अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध आरोप पत्र, अभिकथन पत्र, अभिलेख एवं गवाह सूची, जाँच प्रतिवेदन के साथ प्रारूप चाहा गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। प्राप्‍त होने पर नियमानुसार गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। इस प्रकार प्रकरण में नियमानुसार कार्यवाही प्रचलित है।

खायला से सांदागिर रोड की मरम्‍मत

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( क्र. 57 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत खायला से सांदागिर रोड निर्माण किस वर्ष में कितनी लागत से एवं किस ठेकेदार द्वारा कराया गया है? क्‍या उक्‍त मार्ग की एजेंसी परिवर्तित की गई थी? (ख) क्‍या रोड निर्माण की गुणवत्‍ता ठीक नहीं होने के कारण रोड क्षतिग्रस्‍त हो चुकी है, जिसके मरम्‍मत का कार्य ठेकेदार द्वारा नहीं कराया जा रहा है? क्‍या विभाग द्वारा ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है? (ग) अनुबंध पत्र में रोड के रख-रखाव की अंतिम तारीख कौन सी है एवं स्‍वीकृत दिनांक से कितनी बार रोड मरम्‍मत का कार्य कराया गया है? पूर्ण विवरण सहित जानकारी उपलब्‍ध कराई जाए।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत एन.एच.-86 (क्वायला) से सांदगिर सड़क निर्माण कार्य दिनांक 31.05.2013 को रूपये 182.57 लाख की लागत से ठेकेदार मैसर्स तुलसीराम एंड कम्पनी झांसी (उ.प्र.) द्वारा पूर्ण कराया गया था। जी नहीं। (ख) उत्तरांश (क) में उल्लेखित सड़क का निर्माण कार्य गुणवत्ता के अनुसार कराया गया है। जिसकी जाँच समय-समय पर राष्ट्रीय गुणवत्ता नियंत्रक एवं राज्य गुणवत्ता नियंत्रक द्वारा की गई है जिसमें निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई थी। वर्तमान सड़क के प्रारंभिक 6.00 कि.मी. के भाग में जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित किये जा रहे बांध निर्माण में भारी वाहनों के आवागमन के कारण मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। ठेकेदार के विरूद्ध अनुबंधानुसार कार्यवाही की जायेगी। (ग) अनुबंधानुसार उक्त मार्ग का रख-रखाव ग्यारंटी अवधि के अंतर्गत दिनांक 30.05.2018 तक कराया जाना है। मई 2014 तक ठेकेदार द्वारा सम्पूर्ण सड़क का रख-रखाव अनुबंधानुसार कराया गया हैं तत्पश्चात्‌ उत्तरांश (ख) अनुसार स्थिति उत्पन्न होने से उक्त सड़क के प्रारम्भिक 6.00 कि.मी. को छोड़कर शेष 3.60 कि.मी. लंबाई में रख-रखाव ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है। कलेक्टर सागर के पत्र क्रमांक 1058 दिनांक 17.06.2016 द्वारा सांदगिर मार्ग के इस क्षतिग्रस्त 6.00 कि.मी. के सुदृढ़ीकरण मरम्मत एवं रख-रखाव कराये जाने हेतु जल संसाधन विभाग को लेख किया गया एवं पुनः प्राधिकरण कार्यालय जिला सागर के पत्र क्रमांक 1810 दिनांक 17.11.2016 द्वारा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग को आवश्यक मरम्मत कराये जाने हेतु लेख किया गया है।

आदिवासी उपयोजना क्षेत्र निधि की राशि

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

7. ( क्र. 69 ) श्री संजय उइके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (‍क) क्‍या बालाघाट जिले को विभाग की वि‍भिन्‍न योजनाओं में आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के विकास हेतु राशि उपलब्‍ध कराई जाती है? (ख) यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में वि‍भिन्‍न योजनाओं में राशि का व्‍यय ग्राम पंचायत/जनपद पंचायतवार कहाँ-कहाँ, कितना-कितना किया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार

अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के हॉकी खेल मैदान

[खेल और युवा कल्याण]

8. ( क्र. 76 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रदेश में अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के हॉकी खेल मैदान बनाने के लिए अप्रैल 2013 में प्रदेश के 15 जिले चिन्हित किये गये थे? यदि हाँ, तो वे जिले कौन-कौन से थे? क्‍या उनमें उज्‍जैन भी सम्‍मिलित था? (ख) क्‍या सरकार ने वर्तमान में केवल पाँच शहरों का चयन सिंथेटिक हॉकी खेल मैदान बनाने के लिए किया है जिस पर तीस करोड़ रूपये व्‍यय होगे? जिनमें उज्‍जैन-रतलाम शामिल नहीं है? यदि हाँ, तो सकारण ब्‍यौरा दें. (ग) उपरोक्‍त पाँच नये खेल मैदानों के निर्माण के बाद प्रदेश में कितने अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के खेल मैदान हो जाएंगे? क्‍या सरकार दिल्‍ली-मुंबई के मध्‍य ब्रॉड गेज रेल लाइन पर स्थिति रतलाम व उज्‍जैन में अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के खेल मैदान बनाएगी? यदि यदि हाँ, तो कब व नहीं, तो क्‍यों नहीं.

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। चिन्हित 15 जिलों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर है। जी हाँ उसमें उज्जैन सम्मिलित है। (ख) जी हाँ। 5-सिंथेटिक हॉकी एस्ट्रोटर्फ निर्माण पर लगभग रू. 2603.54 लाख का व्यय होगा। जी हाँ, उज्जैन को सम्मिलित नहीं होने का मुख्य कारण विभाग के नाम आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं होना है। (ग) 11-अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हॉकी मैदान हो जावेगें। जी नहीं, आरम्भ में 5-स्थानों पर हॉकी एस्ट्रोटर्फ का निर्माण किया जायेगा, तदोपरांत शेष 10-स्थानों हेतु औचित्य का परीक्षण कर ही निर्णय लिया जावेगा।

परिशिष्ट - ''दो ''

नये शापिंग कॉम्‍पलैक्‍स का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( क्र. 83 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 26 जुलाई 2016 के अता. प्रश्‍न संख्या 3 (क्र.110) के तारत्‍मय में पुराने घण्‍टाघर के बारे में पी.डब्‍ल्‍यू.डी व पुरातत्‍व विभाग की रिपोर्ट का विवरण देकर बताएं कि भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में नहीं है फिर भी नगरपालिका उसे जीर्ण-शीर्ण बताकर शापिंग कॉम्‍पलैक्‍स क्‍यों बनाना चाहती है? क्‍या इतने सकरे स्‍थान पर जहां चारों और संकरी सड़क व कई दुकानें हैं तथा ट्रैफिक समस्‍या है वहां शापिंग कॉम्‍पलैक्‍स व पार्किंग होने पर गाड़ि‍यों के आने से यातायात बढ़ेगा या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या ट्राफिक पुलिस व पुरात्‍तव व लोक निर्माण विभाग जिसकी सम्‍पत्ति घण्‍टाघर है कि राय लेकर इसे तोड़ने का नगरपालिका ने निर्णय क्‍यों नहीं लिया?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग जावरा के पत्र पृ. क्रमांक 973/टी.एस.बी./34 दिनांक 19.07.2006 के वितरण अनुसार पुराना घण्‍टाघर भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में है, कलेक्‍टर, जिला रतलाम को संचालनालय पुरातत्‍व अभिलेखागार एवं संग्रहालय म.प्र., भोपाल द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 2184/संर/2011 भोपाल दिनांक 03.09.2011 के विवरण अनुसार जीर्ण-शीर्ण घण्‍टाघर भवन राज्‍य संरक्षित स्‍मारक नहीं है एवं पत्र में घण्‍टाघर भवन की मरम्‍मत कर उसे मजबूत करते हुए, उसी स्‍वरूप में रिनोवेट का कार्य कराये जाने के विकल्‍प का उल्‍लेख है। पुराना घण्‍टाघर भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में होने के कारण इसे तोड़कर नगर पालिका द्वारा पार्किंग कम शापिंग कॉम्‍पलैक्‍स का निर्माण कराया जाना प्रस्‍तावित किया गया है। पुराना घण्‍टाघर भवन के स्‍वामित्‍व को म.प्र., लोक निर्माण विभाग से नगर पालिका परिषद्, जावरा में हस्‍तांतरित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। हस्‍तांतरण के पश्‍चात यातायात बढ़ने की समस्‍या को ध्‍यान में रखते हुए, नगर पालिका के द्वारा पार्किंग कम शॉपिंग कॉम्‍पलैक्‍स का निर्माण कराया जायेगा।

डिपो भवन एवं रेन बसेरा धर्मशाला को खाली कराना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

10. ( क्र. 84 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर जिले के ग्राम कस्‍बारेंज के डिपो भवन तथा रैन बसेरा धर्मशाला को खाली कराने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा गुना, अशोकनगर जिले के किस-किस अधिकारी आयुक्‍त ग्‍वालियर, अध्‍यक्ष एवं सदस्‍य सचिव राजस्‍व मण्‍डल ग्‍वालियरप्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पत्र लिखे पत्रों की जानकारी देते हुए बताएं कि प्रत्‍येक पत्र के बाद क्‍या कार्यवाही की? (ख) कस्‍बारेंज पंचायत के भवन हेतु राजस्‍व मण्‍डल में कौन-कौन से अधिकारी कब पेशी पर गयेयदि गये तो उस पर क्‍या कार्यवाही करेंगे तथा पहले 3 माह का स्‍टे खत्‍म हुआ तो उसके बाद कब्‍जा क्‍यों नहीं लिया व केविएट क्‍यों नहीं लगाई व दूसरी बार स्‍टे समाप्‍त होते ही कब्‍जा लेने की कार्यवाही क्‍यों नहीं की? (ग) मुख्‍य कार्यपालिका अधिकारी मुंगावली जनपद ने किस तिथि को धर्मशाला रेन बसेरा के भवन को पूर्व सरपंच व पंचायत सचिव ने नियम विरूद्ध किराये पर निजी व्‍यक्ति को दिया तो उसे अभी तक ग्राम पंचायत कस्‍बारेंज को वापस क्‍यों नहीं कब्‍जा दिया तथा अशोकनगर के ओझां को नियम विरूद्ध धर्मशाला रैनबसेरा देने वाले सरपंच व सचिव पर कार्यवाही कब करेंगे? (घ) कस्‍बारेंज ग्राम पंचायत के डिपो भवन जिसको यादवेन्‍द्र सिंह के किरायेदारी के नाम पर कब्जे को विधानसभा चुनाव में आचार संहिता में चुनाव आयोग ने हटाया था पुन: यादवेन्‍द्र सिंह ने अन्‍य व्‍यक्ति को किराये पर दिया था उस आदेश को जब एस.डी.ओ. मुंगावली ने निरस्‍त किया था उस पर राजस्‍व मण्‍डल का स्‍थगन कब तक का था तथा उसके बाद डिपो भवन को कस्‍बारेंज को क्‍यों नहीं सौंपा गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर दर्शित है। (ख) राजस्व मण्डल में दिनांक 30.9.2016 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मुंगावली एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मुंगावली पेशी पर गये। स्टे खत्म होने की जानकारी प्राप्त नहीं हुई थी,। जानकारी प्राप्त होने पर अधिकारी पुनः उपस्थित हुए जिसमें माननीय राजस्व मण्डल ने निगरानी निरस्त की तथा दिनांक 22.11.2016 को भवन खाली कराया गया तथा कब्जा लिया गया है। (ग) दिनांक 26.1.2013 को भवन सार्वजनिक समिति को उपयोग एवं रखरखव हेतु दिया गया। दिनांक 22.11.2016 कस्बारेंज के भवनों का कब्जा लिया गया है। नियम विरुद्ध भवन समिति को देने के कारण तत्कालीन सचिव को निलंबित किया जा चुका है तथा पूर्व सरपंच को नोटिस जारी किया गया है। (घ) विधानसभा आचार संहिता के दौरान प्राप्त शिकायत के आधार पर उक्त भवन को रिक्त कराया जाकर एवं शील्डकर आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक श्री बी.एल. परमार जिला अशोकनगर को सुपुर्दगी में दिया गया था। स्थगन आदेश की अवधि दिनांक 30.09.2016 प्रकाश में आने पर अनुविभागीय अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मुंगावली दोनो राजस्व मण्डल ग्वालियर में उपस्थित हुए तथा दिनांक 22.11.2016 को भवन खाली कराया जाकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मुंगावली ने अपने कब्जे में लिया है।

परिशिष्ट - ''तीन ''

जनभागीदारी मद के कार्य

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

11. ( क्र. 124 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला राजगढ़ अंतर्गत 25 प्रतिशत, 50 प्रतिशत जनभागीदारी मद से वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कितनी-कितनी राशि के निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये ? नगरीय क्षेत्रवार, ग्रामवार कार्यों के नाम का विस्‍तृत विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या जनभागीदारी से पक्‍के कार्य कराये जाने के नियम हैं? यदि हाँ, तो जिला राजगढ़ अंतर्गत अर्थवर्क, मुरम बोल्‍डर कार्य की स्‍वीकृति किस नियम के तहत प्रदान की गई? जनभागीदारी के अंतर्गत कार्य स्‍वीकृत करने हेतु नियम की प्रति भी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि सक्षम अधिकारी द्वारा 25 प्रतिशत, 50 प्रतिशत जनभागीदारी से अर्थवर्क, मुरम बोल्‍डर की स्‍वीकृति नियम विरूद्ध की गई तो जवाबदार अधिकारी के विरूद्ध विभाग द्वारा कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, की जावेगी तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) सभी कार्यों की स्वीकृतियां नियमानुसार किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

बी.आर.जी.एफ. एवं पंचपरमेश्‍वर योजना के कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( क्र. 125 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला राजगढ़ की विधान सभा क्षेत्र सारंगपुर में बी.आर.जी.एफ. योजनांतर्गत वर्ष 2013-14 से वर्ष 2015-16 तक कितनी-कितनी राशि के कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत किये गये थे वर्षवार, ग्राम पंचायतवार कार्यवार स्‍वीकृत राशि एवं व्‍यय की जानकारी से अवगत करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उपरोक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में से कितने-कितने कार्य पूर्ण किये जाकर कितने कार्यों के उपयोगिता प्रमाण-पत्र जारी किये गये  है अभी कौन-कौन से कार्य अपूर्ण हैं एवं अपूर्ण कार्यों के विरूद्ध जो राशि आहरण की गई है उसकी वसूली हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार नियत समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं होने के लिये दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के कालम 03 एवं 04 अनुसार। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के कालम 02, 03, 04 एवं 05 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के कालम 06 एवं 07 अनुसार एवं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अतिवृष्टि के विशेष पैकेज से इंदिरा आवास कुटीरों का चयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

13. ( क्र. 137 ) श्री लखन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दमोह जिले में वर्ष 2013 में या उससे पूर्व अतिवृष्टि में राहत राशि मिलने वाले हितग्राहियों को इंदिरा आवास कुटीर प्रदान करने अलग से लक्ष्‍य प्राप्‍त हुआ है? यदि हाँ, तो इसमें चयन हेतु क्या मापदण्‍ड रखे गये थे? पात्रता व अपात्रता का चयन किस प्रकार किया गया? (ख) क्‍या हितग्राही पात्रता के पूरे मापदण्‍ड करता है तो सभी हितग्राहियों को कुटीर प्रदान की जावेगी? यदि नहीं, तो कुटीर आवंटन हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनायी गई? (ग) विधानसभा क्षेत्र पथरिया में अतिवृष्टि मद से प्रदान की गई कुटीरों की सूची उपलब्‍ध करावें। साथ ही पात्र हितग्राहियों की संख्‍या बताएं  एवं जिन हितग्राहियों को आवास दिए गए, उनमें चयन का आधार क्‍या था, ग्राम पंचायतवार सूची उपलब्‍ध करायें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। ऐसे बी.पी.एल. पात्रताधारी जिनके क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजे हेतु प्रकरण तहसील कार्यालय में पंजीकृत है अथवा मुआवजा मिल चुका है, का चयन किया गया। (ख) इंदिरा आवास योजना में पात्रता एवम कुल लक्ष्य की स्वीकृति भारत शासन द्वारा दी गई है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

दमोह जिले में स्‍वीकृत कपिल धारा कुओं को पूर्ण किया जाना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( क्र. 138 ) श्री लखन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में कपिल धारा योजना अंतर्गत योजना लागू होने से अब तक कितने कुएं स्‍वीकृत किए गये? (ख) इस योजनांतर्गत स्‍वीकृत कुओं में से कितनों की सी.सी. जारी कर दी गई वर्तमान में ऐसे कितने स्‍वीकृत कुए हैं जो अधूरे पड़े हैं? इनकों पूर्ण कराने का क्‍या प्रावधान है? (ग) पथरिया विधानसभा क्षेत्र में कपिलधारा अंतर्गत ऐसे कितने स्‍वीकृत कुए हैं जो अधूरे पड़े हैंइन्‍हें कब तक पूर्ण कराया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) दमोह जिले में कपिलधारा उपयोजना अंतर्गत उपयोजना लागू होने से अब तक 11724 कुएं स्‍वीकृत किए गये है। (ख) इस उपयोजनांतर्गत स्‍वीकृत कुओं में से 10085 कूपों की सी.सी. जारी कर दी गई। वर्तमान में जिले में ऐसे 1449 स्‍वीकृत कुए हैं जो प्रगतिरत हैं। महात्‍मा गांधी नरेगा योजना मॉग आधारित होने से जॉबकार्डधारी श्रमिकों द्वारा काम की मांग अनुसार प्रत्‍येक प्रारंभ किये गये कार्य को पूर्ण कराये जाने का प्रावधान है। (ग) पथरिया विधानसभा क्षेत्र में कपिलधारा उपयोजना अंतर्गत ऐसे 411 स्‍वीकृत कुए हैं, जो प्रगतिरत/अपूर्ण हैं। योजनांतर्गत कार्यों का पूर्ण होना जॉबकार्डधारियों द्वारा रोजगार की मांग पर निर्भर होने से कार्यों को पूर्ण कराये जाने की निश्‍चित समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है।

स्‍थानांतरण/कार्य मुक्ति

[उच्च शिक्षा]

15. ( क्र. 145 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि. अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 42 (क्र. 6800) दिनांक 29.03.2016 में सदन में मंत्री महोदय द्वारा प्रश्‍नांश (घ) में तत्‍कालीन मुख्‍य लिपिक श्री संतोष सक्‍सेना को श्रीमती अर्चना श्रौत्रिय प्राध्‍यापक के स्‍थानांतरण संबंधित न्‍यायालीन प्रकरण में लापरवाही बरतने हेतु निलंबित करना बताया गया था? (ख) क्‍या श्री सक्‍सेना उक्‍त प्रकरण में आज दिनांक तक निलंबित नहीं किये गये है? इस तरह सदन में झूठी एवं काल्‍पनिक जानकारी क्‍यों दी गई? (ग) क्‍या दोषी श्री सक्‍सेना को सदन में निलंबित करने संबंधी आदेश जारी कराने हेतु घोषणा करेंगे और इस संबंध में दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे और कब तक?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। कार्यवाही में विलम्‍ब के लिये जिम्‍मेदारी निर्धारित की गई है। (ग) श्री सन्तोष सक्सेना पूर्व से ही निलंबित है तथा जिम्‍मेदारी निर्धारित कर कार्यवाही प्रचलित है। अत: प्रश्‍नांश '' के अनुसार शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्‍नातक स्‍तर तक विज्ञान संकाय स्‍वीकृत करना

[उच्च शिक्षा]

16. ( क्र. 151 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय तिरोड़ी एवं शासकीय महाविद्यालय खैरलांजी में विज्ञान संकाय स्‍वीकृत करने का प्रस्‍ताव शासन के पास लंबित है? (ख) यदि हाँ, तो कब तक दोनों महाविद्यालयों में विज्ञान संकाय स्‍नातक स्‍तर तक स्‍वीकृत कर दिये जावेंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

गणित एवं रसायन विषय की कक्षायें स्‍वीकृत की जाना

[उच्च शिक्षा]

17. ( क्र. 152 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय महाविद्यालय कटंगी जिला बालाघाट में स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर गणित एवं रसायन शास्‍त्र विषय की कक्षायें स्‍वीकृत करने की कार्यवाही शासन स्‍तर पर लंबित है? (ख) यदि हाँ, तो कब तक शासकीय महाविद्यालय कटंगी जिला बालाघाट में गणित एवं रसायन शास्‍त्र विषय में स्‍नातकोत्‍तर कक्षायें स्‍वीकृत कर दी जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। प्रस्‍ताव का परीक्षण कर लिया गया है। (ख) प्रस्‍तावित क्षेत्र में विद्यार्थी संख्‍या कम होने के कारण वर्तमान में शासकीय महाविद्यालय कटंगी जिला बालाघाट में गणित एवं रसायनशास्‍त्र में स्‍नातकोत्‍तर की कक्षाएं प्रारंभ किये जाने में कठिनाई है।

एम.डी.एम. में मुद्रण एवं स्‍टेशनरी खरीदी की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

18. ( क्र. 163 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला पंचायत सतना द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में मध्‍यान्‍ह भोजन योजनांतर्गत 38 लाख रूपये की मुद्रण एवं स्‍टेशनरी खरीदी म.प्र. राज्य सहकारी उपभोक्‍ता संघ मर्यादित प्रेस यूनिट इंडस्ट्रियल एरिया गोविंदपुरा भोपाल से की गई थी? जबकि इसी संस्‍था से मुद्रण एवं स्‍टेशनरी खरीदी करने पर स्‍वच्‍छ भारत अभियान में जिला पंचायत सतना में बड़ा घोटाला प्रकाश में आ चुका है? (ख) क्‍या उपरोक्‍त संस्‍था द्वारा मुद्रण हेतु जिला पंचायत सतना को उपलब्‍ध कराये गये दर का शासकीय मु्द्रणालय म.प्र. माध्‍यम अथवा पंचायत एवं मुद्रणालय द्वारा निर्धारित दर तथा उक्‍त संस्‍थाओं के मुद्रण नमूनों का तुलनात्‍मक विश्‍लेषण जिले द्वारा नहीं किया गया? (ग) क्‍या इतनी बड़ी मात्रा में मुद्रण में कार्य कराये जाने के पूर्व विज्ञप्ति (ऑफर्स) जारी कर दरें आमंत्रित किये जाने से प्रति स्‍पर्धात्‍मक दर प्राप्‍त होती है व मुद्रित सामग्री की गुणवत्‍ता भी सुनिश्चित की जा सकती थी? (घ) यदि प्रश्नांश (क) (ख) एवं (ग) सही है तो कागजों की गयी खरीदी एवं मुद्रण की जाँच कब तक करायी जावेगी? शासन को क्षति पहुंचाने वाले जिला पंचायत के सी.ई.ओ., प्रभारी अधिकारी एवं लेखा अधिकारी पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? समय-सीमा बतायें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। स्वच्छ भारत मिशन कार्य के क्रय में दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। (ख) उपरोक्त संस्था द्वारा मुद्रण हेतु प्रदत्त दर, पंचायत राज मुद्रणालय उज्जैन एवं म.प्र. राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ भोपाल से प्राप्त दरों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया था। (ग) पंचायती राज मुद्राणलय उज्जैन एवं म.प्र. सहकारी उपभोक्ता संघ भोपाल से प्रतिस्पर्धात्मक दरें प्राप्त की गई थी तथा मुद्रित सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के बाद ही प्राप्त की गई। (घ) प्रकरण में परीक्षण हेतु समिति का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट अपेक्षित है।

जनपद पंचायत उचेहरा में पंच परमेश्‍वर घोटाले की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

19. ( क्र. 164 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या-117 (क्रमांक 2801) दिनांक 02.03.16 द्वारा जनपद पंचायत उचेहरा में पंच परमेश्‍वर मद योजना में 2 करोड़ से अधिक राशि गबन का मामला उठाया गया था? (ख) क्‍या जनपद उचेहरा की सी.ई.ओ. ने अपने पत्र क्रमांक /जन.पंचा./2016/558 उचेहरा, दिनांक 18.02.2016 में स्‍वीकार किया है कि 17 ग्राम पंचायतों में रू. 147.19 लाख नियम विरूद्ध राशि निकाली गई है? (ग) क्‍या म.प्र. शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश क्रमांक 4717/ एम.23/22/वि-15/शिका./2016 भोपाल, दिनांक 26.04.2016 द्वारा इस शिकायत की जाँच हेतु तीन सदस्‍यीय जाँच दल उचेहरा भेजा गया था? किंतु यह जाँच दल जाँच करने के स्‍थान पर सचिवों से नई कैश बुक बनवाने के निर्देश दे रहे थे तथा इनके द्वारा गंभीरता से जाँच नहीं की गई है? (घ) यदि प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) सही है तो जनपद उचेहरा के सभी ग्राम पंचायतों के खातों से आहरित राशि के वाउचर बैंक से प्राप्‍त कर प्रत्‍येक आहरण जिसमें सी.ई.ओ. जनपद की अनुमति लगी हुई है, मामले की पुन: जाँच कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही एवं वसूली की कार्यवाही कब तक कर ली जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। जनपद पंचायत उचेहरा के पत्र क्रमांक/जन.पंचा./2016/558 दिनांक 18.02.2016 एवं संशोधित पत्र क्रमांक 570 दिनांक 24.02.201 के तहत् लेख किया गया था कि ग्राम पंचायतों द्वारा प्रथम दृष्टया (रिकार्ड मिलान न होने की स्थिति में) 147.19 लाख राशि निकाली गई। जिसकी कार्यवाही सहायक यंत्री को संबंधित रिकार्ड का परीक्षण कर प्रतिवेदन देने हेतु निर्देशित किया जा चुका है। (ग) जी हाँ। तीन सदस्यी जाँच दल उचेहरा भेजा गया था। जाँच दल द्वारा सचिवों से नई केश बुक बनवाने के कोई निर्देश नहीं दिये गये। (घ) अधीक्षण यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, रीवा मण्डल के पत्र क्रमांक 1103 दिनांक 22.10.2016 द्वारा जाँच प्रतिवेदन सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्रेषित किया जा चुका है। तद्नुक्रम में कार्यवाही प्रचलन में है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

गंदी बस्‍ती उन्‍मूलन हेतु बजट आंवटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

20. ( क्र. 174 ) श्री अंचल सोनकर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर जिले के अंतर्गत वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में शासन द्वारा शहरी क्षेत्र में गंदी बस्‍ती उन्‍मूलन के तहत कितनी राशि किस-किस विधान सभा को विकास कार्य हेतु प्रदान की गई? विधान सभा क्षेत्र एवं कार्यवार बतावें। (ख) क्‍या जबलपुर जिले के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग समुदाय के लोगों का प्रतिशत प्रश्‍नकर्ता की विधानसभा क्षेत्र पूर्व जबलपुर के अंतर्गत सबसे अधिक है? यदि हाँ, तो वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र को कितनी राशि प्रदाय की गई वर्षवार बतावें। क्‍या शासन ने गंदी बस्‍ती उन्‍मूलन के अंतर्गत प्रश्‍नकर्ता की विधान सभा को अतिरिक्‍त बजट आवंटन प्रदान किया हैं यदि हाँ, तो कितना, यदि नहीं, तो कारण बतावें। (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता की विधान सभा क्षेत्र अनुसूचित एवं अनुसूचित जाति बाहुल्‍य की होने के उपरांत भी जबलपुर जिले की अन्‍य विधान सभा क्षेत्र की तुलनात्‍मक दृष्टि से विकास कार्य हेतु अल्‍प बजट आंवटन प्रदान किया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? क्‍या शासन ने जाति विशेष वर्ग की सुविधाओं में कटौती की है अथवा गंदी बस्‍ती उन्‍मूलन के तहत शासन इन क्षेत्रों का विकास नहीं करना चाहता? यदि हाँ, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) निरंक। (ख) एवं (ग) शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विधायक क्षेत्र विकास निधि वर्ष 2016-17 से स्‍वीकृत कार्य

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

21. ( क्र. 178 ) श्री अंचल सोनकर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर पूर्व विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक जिला योजना मण्‍डल को कितने प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुये है? कार्यों का विवरण दें। इनमें कितने कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की जा चुकी है? कार्यवार ब्‍यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) स्‍वीकृत कार्यों के विरूद्ध कितनी राशि जारी की जा चुकी है? क्‍या राशि किश्‍तों में प्रदाय की जाती है अथवा एक साथ। कार्यवार जारी राशि का विवरण दें। (ग) निर्माण एजेंसियों को स्‍वीकृत कार्यों की कितनी राशि प्राप्‍त हो चुकी है, कितनी शेष है? कार्यवार विवरण देवें। शेष राशि कब तक निर्माण एजेंसियों को प्रदाय कर दी जावेगी? (घ) जिला योजना से राशि प्रदाय करने के कितने समय में राशि निर्माण एजेंसी को प्राप्‍त हो जाती है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत वर्ष 2016-17 में प्रश्न दिनांक तक 82 प्रस्ताव प्राप्त हुये है, सभी प्राप्त प्रस्तावों की स्वीकृतियां प्रदान की जा चुकी है। कार्यवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में स्वीकृत कार्यों के विरूद्ध राशि रू. 115.78197 लाख की राशि जारी की जा चुकी है। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका की कंडिका 3.12 के प्रावधान के अनुरूप एजेन्सियों को राशि जारी की जाती है। कार्यवार राशि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) स्वीकृत कार्यों के विरूद्ध एजेन्सियों को राशि रू. 35,15,000/- प्रदान की जा चुकी है। निर्माण एजेन्सियों को राशि रू. 80,63,197/- जारी किया जाना शेष है। शेष राशि वित्तीय वर्ष 2016-17 में जारी कर दी जावेगी। (घ) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका में इसका कोई उल्लेख नहीं है।

विधायक विकास निधि के स्‍वीकृत निर्माण कार्य

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

22. ( क्र. 179 ) श्री अंचल सोनकर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015-16 में जबलपुर पूर्व विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये? दिनांक 31.03.2016 की स्थिति में कौन-कौन से कार्य अप्रारंभ, प्रगतिरत एवं पूर्ण थे? विवरण सहित बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) में स्‍वीकृत कार्यों में से दिनांक 31.03.2016 की स्थिति में किन-किन कार्यों की राशि खर्च न होने के कारण सरेंडर की गई? (ग) वर्ष 2015-16 में 31.03.2016 की स्थिति में प्रगतिरत एवं अप्रारंभ कार्यों की वर्तमान में क्‍या स्थिति है? यदि कार्यों को पूर्ण करा लिये गये है तो ठेकेदारों को भुगतान हो गया है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों? भुगतान न होने की स्थिति में दोषी कौन-कौन है? दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) वर्ष 2015-16 में दिनांक 31.3.2016 की स्थिति में प्रगतिरत एवं अप्रारम्भ कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के कॉलम क्रमांक 4 में दर्शित है। सभी कार्यों का भुगतान किये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

 

नगर पालिका परिषद् गोटेगांव अंतर्गत मॉडल रोड का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

23. ( क्र. 182 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पालिका परिषद् गोटेगांव अंतर्गत मॉडल रोड का कार्य कब प्रारंभ किया गया? इसकी लागत क्या थी? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार वर्तमान में मॉडल रोड की लागत बढ़ाई गई है, यदि हाँ, तो किन-किन कार्यों के लिए लागत बढ़ाई गई, सूची उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार उक्त कार्य कब तक पूर्ण हो जावेगा।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) मॉडल रोड निर्माण हेतु आदेश क्रमांक 1079 दिनांक 07.10.2014 जारी किया गया है, कार्य प्रारंभ है। कार्य की लागत राशि रू. 220.50 लाख है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) कार्य पूर्ण होने की तिथि 31.12.16 है।

प्रधानमंत्री सड़क योजना अंर्तगत डबल कनेक्टिविटी सड़क का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

24. ( क्र. 200 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत सिंगल कनेक्टिविटी करने के बाद डबल कनेक्टिविटी करने की आवश्यकता हैं? (ख) क्या अधिकांश ग्रामों में सिंगल कनेक्टिविटी हो जाने के बावजूद लगे हुये समीप स्थित ग्रामों में जाने हेतु लम्बा चक्कर लगाना पडता हैं? (ग) यदि हाँ, तो क्या ऐसी सड़कों के लिये डबल कनेक्टिविटी सड़क योजना बनाई जाएगी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सिंगल कनेक्टिविटी ही दिए जाने का प्रावधान है। (ख) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में ग्रामों को कोरनेटवर्क से जोड़ा जाने हेतु सड़के निर्मित की गई है, अतः डामरीकृत मार्ग की दूरी कोरनेटवर्क से जुड़ी सड़क की उपलब्धता पर निर्भर है। (ग) वर्तमान में अभी कोई योजना नहीं है। (घ) उत्तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

जबलपुर जिले के उद्योग विभाग में लंबित प्रकरण

[वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार]

25. ( क्र. 201 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सुविधा समिति (अनुदान हेतु) की बैठक नियमित किये जाने का प्रावधान हैं? (ख) यदि हाँ, तो जबलपुर जिले में चालू वर्ष में किन किन दिनांकों को बैठक की गई? (ग) प्रश्न दिनांक तक जबलपुर जिले में कुल कितने प्रकरण (लागत पूंजी, प्रवेश कर, वेट) कब से लंबित हैं? (घ) लंबित रखने के लिये कौन जवाबदार हैं एवं कब तक निराकरण किया जायेगा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश एम.एस.एम.ई. प्रोत्‍साहन योजना 2014 में जिला स्‍तरीय सहायता समिति की बैठक प्रतिमाह किये जाने का प्रावधान हैं। (ख) चालू वित्‍तीय वर्ष जबलपुर जिले में जिला स्‍तरीय सहायता समिति की बैठक दिनांक 14.06.2016 को आयोजित की गई। (ग) कुल 30 प्रकरण लंबित हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(घ) लंबित रखने के कारणों की प्रकरणवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार हैं। प्रकरणों का निराकरण आगामी सहायता समिति की बैठक में कर लिया जावेगा।

परिशिष्ट - ''चार ''

दतिया जिले में खनिजों की नीलामी

[खनिज साधन]

26. ( क्र. 215 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14 से अक्‍टूबर 2016 तक दतिया जिले में कितने खनिजों की लीजे दी गई और कितनी नीलामी बोली में गौण खनिज नीलामी की गई? क्‍या नीलामी की गई रेत खदानों का एग्रीमेंट हुआ है? विवरण विधानसभा एवं फर्म/व्‍यक्तिवार दिया जाए? (ख) क्‍या भाण्‍डेर विधानसभा क्षेत्र में स्थित एक भी रेत खदान की पाँच वर्षों से आज दिनांक तक कोई नीलामी नहीं हुई है जिससे क्षेत्र में अवैध उत्‍खनन और परिवहन जारी है, इससे शासन को करोड़ों रूपये के राजस्‍व की हानि हुई? (ग) क्‍या दतिया जिले में कई पत्‍‍थरों की खदानों की लीज नियमों के प्रतिकूल दी गई है एवं क्रेशर भी अवैध रूप से संचालित हैं? कई लीजें सार्वजनिक स्‍‍थलों, जलस्‍त्रोतों, स्‍कूल भवन, आदि के नजदीक हैं? यदि ऐसा नहीं है तो सदन को सत्‍यापित कर अवगत कराये कि एक भी लीज सार्वजनिक स्‍थल के नजदीक नहीं है? सभी लीजे शासन द्वारा निर्धारित दूरी पर ही है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन जिले में वर्ष 2013 से अक्‍टूबर 2016 तक खनिज पत्‍थर गिट्टी के 24 तथा मिट्टी खनिज का 01 उत्‍खनिपट्टा स्‍वीकृत किया गया है। जिले में पत्‍थर बोल्‍डर की 16 खदानें ई-नीलामी द्वारा स्‍वीकृत की गई हैं। वर्ष 2013-14 एवं वर्ष 2014-15 में मध्‍यप्रदेश राज्‍य खनिज निगम के पक्ष में स्‍वीकृत 15 रेत खदानों को निगम द्वारा ई-निविदा के माध्‍यम से दो वर्ष हेतु ठेके पर स्‍वीकृत किया गया तथा एग्रीमेंट किया गया। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 पर दर्शित है। 1 अप्रैल 2015 से अक्‍टूबर 2016 तक मध्‍यप्रदेश राज्‍य खनिज निगम द्वारा उनके पक्ष में स्‍वीकृत 20 खदानों की ई-नीलामी की गई थी। प्रश्‍नानुसार शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 पर दर्शित है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नाधीन विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2012 में 8 रेत खदानें दिनांक 31.03.2014 तक स्‍वीकृत थी। जिले में अवैध उत्‍खनन, परिवहन को रोकने हेतु खनिज विभाग, पुलिस विभाग एवं राजस्‍व विभाग द्वारा सतत् रूप से कार्यवाही की जा रही है। (ग) जी नहीं। जिले में स्‍वीकृत लीज नियमानुसार प्रतिबंधित दूरी छोडकर स्‍वीकृत की गई है। अत: इसके सत्‍यापन का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच ''

ग्वालियर जिले में वाटरशैड योजना के अन्तर्गत कराये जा रहे के कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

27. ( क्र. 228 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में शासन की वाटरशेड योजना अन्तर्गत वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में प्रश्न दिनांक तक किस-किस ग्राम में कितनी कितनी लागत से क्या क्या कार्य स्वीकृत कर कराये गये है तथा कितने कार्य पूर्ण/अपूर्ण हैं स्थान व नाम सहित वर्ष वार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) वाटरशेड योजनान्तर्गत भविष्य में कौन-कौन से ग्राम में कितनी-कितनी लागत से क्या क्या कार्य कराने की योजना है। कार्यवार जानकारी देवें तथा पूर्व के अपूर्ण कार्यों में कौन दोषी है क्या उनके विरूध कोई कार्य वाही की गई है नहीं तो कब तक की जावेगी।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। पूर्व के कोई भी कार्य अपूर्ण नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की जानकारी

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

28. ( क्र. 229 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्वालियर जिले की डबरा तहसील में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में योजना प्रारम्भ से प्रश्न दिनांक तक कितने हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया गया किस हितग्राही को तीर्थ दर्शन के लिये कहाँ भेजा गया वर्षवार हितग्राहियों के नाम आयु व पता सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश ( क) मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में डबरा शहर से कितनी बार हितग्राहियों को तीर्थ दर्शन के लिये भेजा गया (ग) क्या तीर्थ दर्शन के लिए भेजते समय स्थानीय विधायक को इसकी सूचना दी गई नहीं तो क्यों। क्या सूचना दिया जाना उचित नहीं था तो क्यों यदि हाँ, तो फिर इसकी सूचना क्यों नहीं दी जाती। इसमें कौन दोषी है क्या उनके खिलाफ कोई कार्यवाही की गई है नहीं तो कब तक की जावेगी।

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

दोषी सब इंजीनियर को निलंबित किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

29. ( क्र. 245 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अंकित बिल्‍डकॉम मनगवां को वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक में कौन-कौन से कार्य मनगवां नगर पंचायत के अधीन कितने-कितने लागत के दिये गये व कराये गये हैं? उनकी कार्य की स्थिति क्‍या है, की जानकारी T.S.C., A.S.C. मूल्‍यांकन प्रतिवेदन की प्रति देते हुए देवें तथा कार्य की वर्तमान स्थिति एवं भुगतान की गई राशि की जानकारी देवें? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के प्रोपराईटर कार्य में संलग्‍न रिश्‍तेदार सब इंजीनियर के माध्‍यम से नियम के विपरीत कार्य देने, गुणवत्‍ताविहीन कार्यों एवं बगैर कराये गये कार्यों का भी मूल्‍‍यांकन कर राशि को भुगतान करने एवं अन्‍य ठेकेदारों को सही कराये गये कार्यों का भी मूल्‍यांकन न करने व कराये गये कार्यों की राशि का भुगतान की कार्यवाही में परेशान करने के कृत्‍य की जाँच कलेक्‍टर रीवा से कराकर दोषी पर कार्यवाही करेंगे? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संब इंजीनियर संतोष पाण्‍डेय मनगवां नगर पंचायत में कब से पदस्‍थ हैं तथा सब इंजीनियर को एक पद प्रभार में रखने के शासन के क्‍या नियम-निर्देश हैं? क्‍या यह उक्‍त अवधि पूरी कर चुके हैं? यदि हाँ, तो उसे कब तक नगर पंचायत मनगवां से हटा देंगे? (घ) सब इंजीनियर संतोष पाण्‍डेय की मनगवां नगर पंचायत के पदस्‍थापना में कुल कितनी शिकायतें हुई हैं उन शिकायतों पर कब किस से जाँच कराई जाकर क्‍या कार्यवाही की गई तथा उसके सेवाकाल में कुल कितने बार विभाग द्वारा स्‍थानांतरित अथवा अन्‍य दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) नहीं वर्तमान में इस आशय की कोई शिकायत लंबित न होने के कारण प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) श्री संतोष पाण्‍डेय, उपयंत्री, नगर परिषद् मनगवां में दिनांक 03.03.2004 से पदस्‍थ है। कार्य की आवश्‍यकता अनुसार पद प्रभार में रखा जाता है। शासन के इस संबंध में कोई नियम-निर्देश नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) श्री संतोष पाण्‍डेय, उपयंत्री की पदस्‍थापना उपरांत उनके विरूद्ध शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। सेवाकाल के दौरान श्री संतोष पाण्‍डेय, उपयंत्री का स्‍थानांतरण नगर परिषद् पेटलावद जिला झाबुआ, नगर परिषद् सिरमौर जिला रीवा, नगर परिषद् त्‍यौंथर जिला रीवा तथा नगर परिषद् मनगवां, जिला रीवा किया गया है।

दोषी पर कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

30. ( क्र. 246 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्र. 1797 दिनांक 26/02/2015 के पुस्तकालय में रखे उत्‍तर के बिंदु (क) का उत्‍तर जो परिशिष्‍ट (ब) अनुसार ग्राम पंचायत बांस में रूपये 126.58 कंदैला 82.85 (82.35) गढ़ 29.29, मुढि़ला 57.85, रामपुर 63.88 लाख रूपये व्‍यय करना बताया गया है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ तो उक्‍त राशि उक्‍त पंचायतों में किस मापदण्‍ड से आवंटित की गई थी? (ग) (क), (ख) के अनुसार क्‍या उक्‍त पंचायतों में ऐसा कोई निर्माण विकास देखने को नहीं मिल रहा है। यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त कार्यों की जाचं लोकायुक्‍त संगठन कराते हुए दोषी मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को निलंबित करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज करायेंगे? (घ) क्‍या जनसंख्‍या एवं आबादी के अनुपात पर ग्राम पंचायतों को अधिक राशि आवंटित करने में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी दोषी है। यदि हाँ, तो उक्‍त नियम विरूद्ध स्‍वीकृत की गई राशि की वसूली करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज करायेंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। विधानसभा बजट सत्र फरवरी 2015 में वि.स. तारांकित प्रश्न क्र. 1797 के प्रश्नांश (क) के उत्तर में संलग्न परिशिष्ट में ग्राम पंचायत बांस में रू. 126.58 लाख, कंदैला में रू. 82.81 लाख, गढ में रू. 69.29 लाख, मुढ़ि‍ला में रू. 57.85 लाख एवं ग्राम पंचायत रामपुर में रू. 63.88 लाख व्यय करना उल्लेखित है। (ख) मनरेगा मांग आधारित योजना है, जिसमें कार्य की मांग होने पर राशि का व्यय संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है। (ग) जी नहीं। ग्राम पंचायत बांस में राशि रू. 126.58 लाख से 84 निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत कंदैला में राशि रू. 62.81 लाख से 50 निर्माण कार्य,ग्राम पंचायत गढ में राशि रू. 69.29 लाख से 80 निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत मुडिला में राशि रू. 57.85 लाख से 36 निर्माण कार्य एवं ग्राम पंचायत रामपुर में राशि रू. 63.88 लाख से 29 निर्माण कार्य किये गये है। (घ) ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों में मनरेगा योजनान्तर्गत राशि का व्यय हुआ है, मनरेगा योजना मांग आधारित योजना है। योजना की गाइड लाइन के अनुसार ग्राम पंचायतों में राशि व्यय की गई है।

इन्‍सीलेटर शौचालय

[उच्च शिक्षा]

31. ( क्र. 262 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में कन्‍या महाविद्यालयों एवं कन्‍या छात्रावासों में कहाँ-कहाँ इन्‍सीलेटर शौचालय (सेनेट्री नेवकिन के) निष्‍पादन की व्‍यवस्‍था वाले शौचालय स्‍थापित हैं? नाम, पतावार जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या दमोह जिले में कन्‍या महाविद्यालय में एक भी इन्‍सीलेटर शौचालय नहीं बनाये गये हैं? (ग) कितना बजट किन-किन शालाओं को प्रदान किया है? बजट प्राप्ति के बाद यदि उक्‍त शौचालय नहीं बनाये गये तो संबंधितों पर कब तक क्‍या कार्यवाही की जाएगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। ।

मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी उचेहरा के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

32. ( क्र. 272 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत उचेहरा जिला सतना द्वारा वर्ष 2014-15 में क्रय नियमों का पालन किये बिना अग्निशामक यंत्र 7,67,270=00 के क्रय किए हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनियमित क्रय पर क्‍या पुलिस अधीक्षक आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ रीवा में शिकायत क्रमांक 108/16 दर्ज कर ली गई है? यदि हाँ, तो विभागीय स्‍तर पर भी अग्निशामक यंत्र क्रय में की गई शिकायत को संज्ञान में लेकर यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? अब तक जाँच न करने के लिए कौन दोषी है? उसके विरूद्ध अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी उचेहरा को निलंबित कर विभागीय जाँच संस्थित की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? बताएं।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) जी हाँ। जाँच उपरांत प्रथम दृष्‍टया अनियमितता पाई जाने से श्रीमती वंदना शर्मा के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते है।

मदवार आवंटित राशि

[नगरीय विकास एवं आवास]

33. ( क्र. 290 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र की नगर परिषद् माण्‍डव, को प्रतिवर्ष शासन द्वारा कितना-कितना अनुदान किन-किन मदों में किन-किन कार्यों हेतु वर्ष 2010 से अब तक उपलब्‍ध कराया गया है तथा नगर परिषद् द्वारा प्राप्‍त आवंटन का उपयोग किन-किन कार्यों पर किया गया है? (ख) वर्षवार, मदवार, कार्यवार उपलब्‍ध बंटन एवं किये गये व्‍यय की जानकारी उपलब्‍ध करावें तथा परिषद् की स्‍वयं की क्‍या आय रही है व उसका क्‍या उपयोग किया गया है वर्षवार बतायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

करों की वसूली में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

34. ( क्र. 291 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र की नगर परिषद् धामनोद में विगत पाँच वर्षों से बाजार बैठक कर बोझा कर एवं अन्‍य करों की वसूली किस माध्‍यम से की जा रही है? (ख) यदि वार्षिक ठेका पद्धति से वसूली की जा रही है तो किन-किन ठेकेदारों द्वारा मदवार कितनी-कितनी राशि किस-किस वर्ष में जमा करवाई गई है? यदि ठेकेदारों पर राशि बकाया है तो बकाया राशि की वसूली हेतु क्‍या कार्यवाही की गई है तथा बकाया ठेका राशि वसूल नहीं कर पाने के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जवाबदार है तथा उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ग) वर्तमान में किस आधार पर ठेकेदारों द्वारा बिना नीलामी के करों की वसूली की जा रही है? बेजा वसूली की अनुमति देने वाले अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद्, धामनौद में विगत 05 वर्षों से बाजार बैठक एवं अन्‍य करों की वसूली वार्षिक ठेका पद्धति से की जा रही है। (ख) ठेका पद्धति से जमा राशि का प्रपत्र, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है, बकाया ठेकेदारों से बकाया ठेका राशि वसूली हेतु समय-समय पर सूचना पत्र जारी किये गये हैं, दिनांक 30.11.2015 में आयोजित नेशनल लोक अदालत में भी प्रकरण वसूली हेतु रखे गये थे, किसी भी बकाया ठेकेदार द्वारा राशि जमा नहीं कराई गई है, बकाया ठेकेदारों से बकाया वसूली हेतु परिषद् की आगामी आयोजित बैठक में प्रकरण रखा जाकर RRC द्वारा एवं माननीय न्‍यायालय में वाद दायर कर वसूली की जायेगी। (ग) वर्तमान में आवेदित ठेकेदारों द्वारा बाजार बैठक एवं पशु पंजीयन ठेकों की राशि वसूल की जा रही है तथा बोझाकर की वसूली विभागीय की जा रही है, निकाय द्वारा विभिन्‍न ठेकों की नीलामी हेतु वित्‍तीय वर्ष 2016-17 को दिनांक 21.03.2016 को नई दुनिया समाचार पत्र में विज्ञप्ति का प्रकाशन किया गया था एवं दिनांक 28.03.2016 को नीलामी प्रक्रिया आयोजित की गई थी, उक्‍त नीलामी प्रक्रिया में किसी ने भाग नहीं लिया, तदोपरांत की स्थिति में पशु पंजीयन ठेका हेतु रईश पिता सईद कुरैशी द्वारा शासकीय बोली से अधिक राशि एवं एकमुश्‍त राशि जमा कर ठेका लेने हेतु आवेदन कार्यालय में दिया गया, इसी प्रकार बाजार बैठक वसूली ठेका हेतु लोकेश पिता मिश्रीलाल द्वारा शासकीय बोली से अधिक एकमुश्‍त जमाकर ठेका लेने हेतु आवेदन कार्यालय में दिया गया निकाय में गठित पी.आई.सी. के द्वारा पारित संकल्‍प क्रमांक 275 दिनांक 09.03.2016 एवं अध्‍यक्ष महोदय की स्‍वीकृति से ठेका दिया गया, निकाय को आर्थिक नुकसान न हो इस हेतु उनको ठेका दिया गया, अवधि समाप्‍त होते ही निकाय द्वारा विधिवत् नीलामी प्रक्रिया की जाकर ठेका दिया जायेगा। उक्‍त कार्य किसी भी दुर्भावना से ग्रसित होकर नहीं किया गया है, इस संबंध में संयुक्‍त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, इंदौर संभाग इंदौर को जाँच हेतु पत्र जारी किया गया है, जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ: ''

स्‍टेट कनेक्टिविटी अंतर्गत रोड निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

35. ( क्र. 340 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर जिला अंतर्गत सांवेर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2013-14 से वर्ष 2014-15 वर्ष 2015-16 तक स्‍टेट कनेक्टिविटी योजना में कितनी सड़कों को शामिल किया गया? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में सांवेर विधानसभा क्षेत्र की कितनी सड़कों को पिछले 02 वर्षों में स्‍टेट कनेक्टिविटी में शामिल कर स्‍वीकृति प्रदान की गई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में कितनी सड़कों का निर्माण प्रश्‍न दिनांक तक प्रारंभ किया गया है व प्रश्‍नकर्ता द्वारा भेजे गये सड़कों के कितने प्रस्‍तावों को स्‍टेट कनेक्टिविटी में शामिल किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में आगामी बजट वर्ष एवं पूर्व के 02 वर्षों में राज्‍य शासन द्वारा सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लिए स्‍टेट कनेक्टिविटी से निर्माण हेतु कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई व कहाँ-कहाँ की गई? क्‍या सांवेर विधानसभा की स्‍टेट कनेक्टिविटी सड़कों को भी इस आगामी बजट वर्ष में शामिल किया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) इंदौर जिले के अंतर्गत सांवेर विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2013-14 वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 तक स्टेट कनेक्टिविटी योजनांतर्गत किसी भी सड़क को स्वीकृत नहीं किया गया है। (ख) उत्तरांश (क) अनुसार। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश (क) अनुसार। बजट में प्राप्त राशि एवं कार्यों की प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिया जाता है अतः सांवेर विधानसभा क्षेत्र की सड़कों को स्टेट कनेक्टिविटी में शामिल किये जाने के संबंध में वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं है।

वन परिक्षेत्र, सनावद अंतर्गत निर्माण कार्य

[वन]

36. ( क्र. 362 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के सामान्‍य वन मण्‍डल, बड़वाहा अन्‍तर्गत कितने वन परिक्षेत्र कार्यालय हैं? उक्‍त मण्‍डल में कितने पद विभिन्‍न श्रेणियों के स्‍वीकृत है एवं कितने पद भरे हुए एवं कितने पद कितने समय से रिक्त है? (ख) प्रश्नांश (क) के बड़वाहा मण्‍डल के वन परिक्षेत्र कार्यालय सनावद अन्‍तर्गत वित्‍त वर्ष 2013-14 से वित्‍त वर्ष 2016 (अक्‍टूबर 2016) तक विभिन्‍न मदों में कितनी-कितनी राशि वर्षवार प्राप्‍त हुई एवं कितनी राशि व्‍यय की गई वर्षवार स्‍वीकृत कार्य, राशि, पूर्ण व्‍यय, शेष राशि सहित सम्‍पूर्ण जानकारी दी जावे? (ग) सनावद परिक्षेत्र अन्‍तर्गत कितनी वन समितियां हैं? इन वन समितियों में उपरोक्‍त वित्‍त वर्षों में कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई एवं कितनी राशि समिति द्वारा खर्च की गई एवं कितनी राशि शेष है? (घ) क्‍या शासन से प्राप्‍त राशि वन समितियों के माध्‍यम से ही खर्च कराई जाना चाहिये? यदि हाँ, तो नियम की प्रति दी जावे? यदि वन समिति के माध्‍यम से नहीं करायी गयी हैं तो इस संबंध में संबंधित अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ड.) क्‍या अध्‍यक्ष ग्राम वन समिति, बिराली द्वारा 15 अगस्‍त 2014 को सहायक सचिव को चार्ज दिये जाने के आदेश के बाद भी चार्ज नहीं दिये जाने एवं शासकीय कर्मचारी से कार्य कराये जाने एवं संयुक्‍त खाते से अध्‍यक्ष की बिना सहमति के शासकीय राशि आहरित करने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभाग को पत्र व्‍यवहार किया गया है? इस संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं हुई तो क्‍या कारण रहें हैं? जाँच कब तक की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के सामान्‍य वनमण्‍डल अन्‍तर्गत 03 परिक्षेत्र कार्यालय क्रमश: सनावद, बड़वाह एवं काटकुट है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) परिक्षेत्र सनावद अन्‍तर्गत कुल 22 समितियाँ है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हाँ। सहायक सचिव बिराली द्वारा दिनांक 31.10.2014 को प्रभार लेने से मना कि‍या गया। दिनांक 6.10.2016 को नियुक्‍त सहायक सचिव को वर्तमान समय में पात्रता न होने के कारण प्रभार नहीं दिया गया है। माननीय विधायक के इस संबंध में विभाग में कोई पत्र प्राप्‍त होना नहीं पाया गया। अत: शेष कार्यवाही एवं जाँच करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍यमंत्री आवास योजना का क्रियान्‍वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

37. ( क्र. 363 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री आवास योजना के नियम क्‍या हैं? (ख) जनपद पंचायत बड़वाह अंतर्गत मुख्‍यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विगत तीन वर्षों में किन-किन ग्राम पंचायतों में कितने-कितने आवेदन-पत्र प्राप्‍त हुए एवं प्राप्‍त आवेदन पत्रों में कितने स्‍वीकृत हुए हैं? उसकी सूची दी जावें। (ग) जनपद पंचायत बड़वाहा अंतर्गत ऐसी कितनी ग्राम पंचायतें हैं जहां मुख्‍यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कोई आवास स्‍वीकृत नहीं हुआ है? आवास स्‍वीकृत न होने के क्‍या कारण रहे हैं। इसके लिये कौन दोषी हैदोषीकर्ता अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन की नीति/दिशा-निर्देश, पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जनपद पंचायत बड़वाह क्षेत्रान्तर्गत मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन में विगत तीन वर्षों में 2013-14 से 2015-2016 तक ग्राम पंचायतों में कुल 5234 आवेदन प्राप्त एवं 3143 स्वीकृत हुए हैं। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) मुखयमंत्री ग्रामीण आवास मिशन के अन्तर्गत आवास स्वीकृत नहीं किये जाते हैं, अपितु आवास निर्माण के लिए बैंकों द्वारा ऋण एवं अनुदान स्वीकृत किया जाता है। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन नजूल बाह्‌य क्षेत्र में लागू नहीं है। अतः जनपद पंचायत-बड़वाह क्षेत्रान्तर्गत 11 ग्राम पंचायतें (बडूद, रुपखेड़ा, साला, बासवा, खुड़गांव, बड़वाह कस्बा, सिरलाय,रुपाखेड़ी, बावडीखेडा, नावघाटखेडी एवं बागफल) नजूल बाह्‌य क्षेत्र में आने के कारण इन पंचायतों में कोई आवास ऋण प्रकरण स्वीकृत नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त 04 ग्राम पंचायतों (मर्दाना डुब प्रभावित होने से एवं जुलवानिया, नलवट वनग्राम होने से) तथा ग्राम पंचायत जुजाखेडी में विगत तीन वर्षों में कोई आवेदन प्राप्त नहीं होने के कारण ऋण प्रकरण स्वीकृत नहीं हो सके हैं। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

सागौन एवं यूकेलिप्टिस पौधों के वृक्षारोपण पर अंकुश लगाना

[वन]

38. ( क्र. 374 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शहडोल संभाग में सागौन एवं यूकेलिप्टिस के पौधों का वृक्षारोपण करते समय भूमि संरचना एवं वन संरचना को ध्यान में रखा गया था? (ख) क्या कारण है कि साल के वनों में सागौन एवं यूकेलिप्टिस के पौधों का रोपण किया गया जबकि वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि सागौन और यूकेलिप्टिस से साल के वन नष्ट हो जाते हैं तथा पर्यावरणीय तंत्र प्रभावित होता है? (ग) किन अधिकारियों की अनुशंसा पर उक्त पर्यावरण विरोधी कार्य किया गया? क्या उक्त वन परिक्षेत्र में सागौन और यूकेलिप्टिस के पौधो के वृक्षारोपण में भविष्य में अंकुश लगाया जावेगा।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) वनवृत्‍त शहडोल अंतर्गत कार्य आयोजना अनुसार साल का पुनरूत्पादन जिन क्षेत्रों में नहीं आ पा रहा था, उन क्षेत्रों का चयन तत्‍समय सागौन तथा यूकेलिप्‍टस के रोपण के लिये किया गया इन क्षेत्रों में वर्तमान में सागौन तथा सागौन के एसोसिएट्स (मित्र प्रजाति) जैस बहेड़ा तथा मिश्रित प्रजाति का पुनरूत्‍पादन प्राप्‍त हो रहा है। साल वन क्षेत्रों में पुनरूत्‍पादन हो रहा है अत: इसके नष्‍ट होने या पर्यावरणीय तंत्र प्रभावित होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) पर्यावरण विरोधी कार्य की अनुशंसा किसी अधिकारी द्वारा नहीं की गई है। वृक्षारोपण में प्रजातियों के चयन स्‍थल की अनुकूलता के अनुसार किया जाता है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुकंदपुर टाइगर सफारी का नामकरण

[वन]

39. ( क्र. 375 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला सतना के मुकुंदपुर में निर्मित टाइगर सफारी का नामकरण मुख्यमंत्री महोदय द्वारा स्व. महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव के नाम पर किये जाने सम्बंधी घोषणा की गयी थी? (ख) यदि हाँ, तो अभी तक उक्त टाइगर सफारी के प्रवेश द्वार एवं परिसर में उक्त नाम उल्लेखित क्यों नहीं कराया गया? (ग) उक्त टाइगर सफारी का घोषित नाम पर्यटन विभाग एवं वन विभाग की सूची में एवं वेबसाइट में कब तक अंकित किया जावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) मुकुन्‍दपुर में स्थित चिड़ि‍याघर/व्‍हाइट टाइगर सफारी, जू एवं रेस्‍क्‍यू सेंटर के नाम परि‍वर्तन हेतु कार्यवाही प्रचलित है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

उज्‍जैन संभाग आयुक्‍त कार्यालय में पदस्‍थ अधिकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

40. ( क्र. 388 ) श्री सतीश मालवीय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग आयुक्‍त कार्यालय में उपायुक्‍त (विकास) एवं संयुक्‍त आयुक्‍त (विकास) के पद पर कौन अधिकारी कब से पदस्‍थ है? (ख) क्‍या एक ही अधिकारी को उपायुक्‍त (विकास) से पदोन्‍नत कर उसी स्‍थान पर संयुक्‍त आयुक्‍त के पद पर पदस्‍थ किया जाना शासन की नीति के अनुरूप है? यदि हाँ, तो संपूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करावें और यदि नहीं, तो कौन-कौन अधिकारी दोषी है, शासन इन पर क्‍या कार्यवाही करेगा? (ग) क्‍या उज्‍जैन संभाग आयुक्‍त कार्यालय में पदस्‍थ अधिकारी उपायुक्‍त (विकास) एवं संयुक्‍त आयुक्‍त (विकास) के रूप में कई वर्षों से पदस्‍थ है? यदि हाँ, तो क्‍या इनके स्‍थानांतरण के संबंध में शासन के कोई नियम लागू होते हैं? यदि हाँ, तो इनका स्‍थानांतरण उज्‍जैन संभाग आयुक्‍त कार्यालय से कब तक कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) श्री प्रतीक सोनवलकर उपायुक्‍त (विकास) के पद पर दिनांक 24-09-2008 से 27-12-2013 तक एवं संयुक्‍त आयुक्‍त के पद पर दिनांक 28-12-2013 से पदस्‍थ हैं। (ख) आयुक्‍त कार्यालय के उपायुक्‍त (विकास) के पद को संयुक्‍त आयुक्‍त (विकास) में अपग्रेड करने से पदोन्‍नति उपरान्‍त संबंधित अधिकारी को उसी स्‍थान पर पदस्‍थ किया गया। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ग) जी हाँ। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

ग्राम पंचायत धामनटूक में जाँच दल द्वारा की गई कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

41. ( क्र. 411 ) श्री रामसिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के बदरवास विकासखण्‍ड की ग्राम पंचायत धामनटूक के पूर्व सरपंच/सचिव द्वारा निर्माण कार्यों में किए गए भ्रष्‍टाचार एवं अनियमितताओं की जाँच हेतु राज्‍य स्‍तर से जाँच दल गठित किया गया? घटित जाँच दल द्वारा दिनांक 05/02/2016 एवं 06/02/2016 को ग्राम पंचायत धामनटूक में भ्रमण कर जाँच की गई? यदि हाँ, तो क्‍या जाँच की गई एवं जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर क्‍या कार्यवाही कब-कब की गई? (ख) क्‍या जाँच दल द्वारा 07 कार्य मौके पर होना नहीं पाए गए? यदि हाँ, तो इन कार्यों की कितनी-कितनी राशि पूर्व सरपंच/सचिव द्वारा कब-कब आहरित की गई? उक्‍त राशि वसूली हेतु किन-किन के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या शासन द्वारा ग्राम पंचायत धामनटूक में पूर्व सरपंच/सचिव द्वारा किए गए भ्रष्‍टाचार एवं अनियमितताओं की सूक्ष्‍म जाँच हेतु तकनीकी जाँच दल गठित करने की कार्यवाही मार्च 2016 की स्थिति में प्रच‍लित थी? यदि हाँ, तो उक्‍त गठित तकनीकी जाँच दल का पत्र एवं तकनीकी जाँच दल द्वारा की गई कार्यवाही की प्रति संलग्‍न कर जानकारी दें? (घ) ग्राम पंचायत धामनटूक के तत्‍कालीन सरपंच/सचिव द्वारा गबन की गई राशि कब तक वसूल की जाएगी? निश्चित स‍मयावधि बताएं एवं राशि गबन करने के लिए तत्‍कालीन सरपंच/सचिव के विरूद्ध पुलिस में एफ.आई.आर. कब तक दर्ज करा दी जाएगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जाँच पश्चात् आयुक्त ग्वालियर संभाग-ग्वालियर के आदेश क्र क्यू. /विकास/स्था./23- 24/01/2016 दिनांक 13.01.2016 के माध्यम से सहायक यंत्री, मनरेगा श्री सोनेराम वर्मा को निलंबित किया गया था एवं कलेक्टर के आदेश क्र. 572 दिनांक 05.02.2016 के माध्यम से उपयंत्री, मनरेगा जनपद पंचायत बदरवास श्री अशोक खैरोनिया की संविदा सेवा अवधि समाप्त की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार(ख) जी हाँ। अभिलेख एवं प्रमाणित जानकारी के अभाव में कार्यवार अनियमित्ता का आंकलन नहीं किया जा सका है कार्यवाही प्रचलित है अंतिम जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात् नियमानुसार कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार। जिला स्तरीय तकनीकी दल द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है। (घ) तकनीकी जाँच दल द्वारा कार्यवार विस्तृत प्रतिवेदन अपेक्षित है। वर्तमान में तत्कालीन सचिव श्री सुरेश धाकड के विरूद्ध रिकार्ड खुर्द-बुर्द करनें के संबंध में पुलिस में एफ.आई.आर दर्ज की जा चुकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार

ग्राम पंचायतों में अपूर्ण कार्य पूर्ण कराने बाबत्

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

42. ( क्र. 412 ) श्री रामसिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 21.10.2016 की स्थिति में ग्राम पंचायतों द्वारा संबंधित कार्यों की राशि आहरित करने के बावजूद कुछ निर्माण कार्य अपूर्ण है तथा कुछ कार्य प्रारंभ ही नहीं हुए हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कार्यों के नाम, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति क्रमांक एवं दिनांक, कार्य की कुल लागत एवं राशि कितनी-कितनी कब-कब आहरित की गई? कार्य प्रारंभ करने की तिथि सहित मदवार जानकारी दें। (ख) क्‍या राशि आहरित करने के बावजूद संबंधित द्वारा जो कार्य प्रारंभ नहीं किए हैं उनसे राशि वसूलने हेतु कोई कार्यवाही नहीं की गई? यदि हाँ, तो कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? यदि नहीं, तो किन-किन के विरूद्ध कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्य कब तक पूर्ण होंगे? निश्चित समयावधि बताएं तथा दो वर्ष से अधिक समय पूर्व जो राशि आहरित की गई है उसे वसूलने हेतु अभी तक क्‍या कार्यवाही किन-किन के द्वारा की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो इसके लिए कौन दोषी है? (घ) क्‍या जिन एजेंसियों द्वारा स्‍वीकृत कार्यों की राशि लगभग 02 वर्ष पूर्व आहरित कर ली थी फिर भी कार्य प्रारंभ नहीं किया तो उक्‍त राशि किसके पास जमा थी? उक्‍त राशि का उपयोग किसके द्वारा कहाँ किया गया? राशि का दुरूपयोग करने पर इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेंगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं वसूली हेतु संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के कालम 17 एवं 18 अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के कालम 19, 16 एवं 17 अनुसार। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) 2 वर्ष पूर्व राशि आहरित कर कार्य प्रारंभ न करने के संबंध में राशि संबंधित निर्माण एजेंसियों के पास ही थी जिनके विरूद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 अंतर्गत नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

 

प्रशासकीय अनुमोदन

[उच्च शिक्षा]

43. ( क्र. 431 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता को आयुक्‍त कार्यालय उच्‍च शिक्षा विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक 1301/29-टी.एल./आ.अ.शि./शा-3/15, भोपाल दिनांक 06.7.16 यह अवगत कराया गया था कि प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्‍त होते ही अवगत कराया जावेगा? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्‍तर हां है तो क्‍या प्रशासकीय अनुमोदन हो चुका है या नहीं? यदि हाँ, तो अवगत करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर ना है तो क्‍या अनुमोदन हेतु प्रस्‍तुत प्रस्‍ताव शासन नियमों के अनुकूल है या नहीं? यदि हाँ, तो अनुमोदन न होने में विलंब का क्‍या कारण है? कब तक प्रशासकीय अनुमोदन दिया जावेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) प्रस्तुत स्थानान्तरण प्रस्ताव शासन के नियमों के अनुकूल है। प्रकरण शासन के समक्ष विचाराधीन है। समय-सीमा बताना सम्भव नहीं।

 बी.पी.एल. सूची में गलत ढंग से नाम जोड़े जाने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

44. ( क्र. 465 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजनगर तहसील अंतर्गत बी.पी.एल. सर्वे सूची के नाम अंकित करने हेतु फार्म अपरिपत्र दो-1 की कण्डिका 6 तहसील राजनगर में मामला क्र. 714, दिनांक 20.10.11 ग्राम ललपुर में पटवारी हल्‍का क्र. 13 में मूलचन्‍द्र अवस्‍थी को अंक 14 दिये गये, जो नियम विरूद्ध हैं? (ख) नायब तहसीलदार ललपुर तहसील राजनगर के पत्र क्र. 196/ना.तह/11 राजनगर, दिनांक 14.07.2011 को बी.पी.एल. सूची में नाम सम्मिलित बाबत पत्र दिया, जिसमें श्री लक्ष्‍मी नारायण तनय अर्जुन प्रसाद निवासी ललपुर को 13 अंक दिये गये? (ग) गलत ढंग से नाम अंकित कर कपिल धारा कूप निर्माण कराया गया और शासन की राशि का लाभ लिया, जिसकी जाँच कराई गई? यदि हाँ, तो कब नहीं तो क्‍यों? जिन अधिकारियों की मिलीभगत से नाम दर्ज किये गये उनके नाम पद सहित बतायें तथा शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्‍नाधीन व्यक्ति श्री मूलचन्द्र अवस्थी को पात्रतानुसार 14 अंक दिये गये थे, जो निहित प्रावधानों के अनुरूप है। (ख) निहित प्रावधानों के अनुरूप श्री लक्ष्मी नारायण पिता अर्जुन प्रसाद को पात्रतानुसार 13 अंक दिये गये थे। (ग) जी नहीं। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

समग्र स्‍वच्‍छता अभियान में अनियमितता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

45. ( क्र. 467 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) समग्र स्‍वच्‍छता अभियान के अन्‍तर्गत छतरपुर जिले में वर्ष 2011 से शौचालय निर्माण हेतु प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) राजनगर एवं लवकुशनगर विकासखण्‍ड के तहत वर्ष 11 से 15 तक शासन की राशि का दुरूपयोग/अनियमितताएं की गई और वसूली हेतु नोटिस दिये गये? उनके नाम सहित विवरण दें? (ग) ब्‍लॉक समन्‍वयकों ने वर्ष 2011 से 2015 तक मानीटिरिंग सही ढंग से क्‍यों नहीं की? उक्‍त वर्षों के टूर प्रोग्राम की प्रतियां दें? शासन की राशि के गबन में शामिल अधिकारियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही न करने के अब तक क्‍या कारण रहें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) समग्र स्‍वच्‍छता अभियान के अन्‍तर्गत छतरपुर जिले में वर्ष 2011 से शौचालय निर्माण हेतु प्रश्‍न दिनांक तक राशि रूपये 76.20 करोड़ व्‍यय की गई है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी नहीं, ब्‍लॉक समन्‍वयकों के द्वारा समय-समय पर ग्राम पंचायतों में जाकर शौचालय निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग की गई है तथा ग्रामवासियों को योजना के क्रियान्‍वयन हेतु प्रोत्‍साहित किया गया है। जनपद पंचायत लवकुशनगर में ब्‍लाक समन्‍वयक का पद रिक्‍त होने के कारण भ्रमण कार्यक्रम वर्ष 2013 से दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब अनुसार है।

मंदिरों का जीर्णोद्धार एवं पवित्र नगर घोषित करना

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

46. ( क्र. 468 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या छतरपुर जिले के मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु दिनांक 31.3.16 को राशि समर्पित की गई जिसे स्‍वयं माननीय मंत्री के पत्र क्र. 198 दिनांक 20.6.16 द्वारा कलेक्‍टर छतरपुर को पत्र दिया गया? क्‍या इसमें एजेंसी की घोर लापरवाही सामने आई? क्‍या उनके खिलाफ कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या माननीया मंत्री महोदया के पत्र क्र. 1177 दिनांक 22.3.16 द्वारा कलेक्‍टर छतरपुर लवकुशनगर को पवित्र नगर घोषित किये जाने का प्रतिवेदन चाहा गया तथा कलेक्‍टर छतरपुर के पत्र क्र. 237 दिनांक 31.5.16 को पवित्र नगर घोषित किये जाने की अनुशंसा की गई? (ग) यदि हाँ, तो प्रदेश सरकार द्वारा कब तक आदेश किये जावेगें?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परफार्मेंस ग्राण्‍ट की राशि का बंटन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

47. ( क्र. 492 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन के पत्र क्र./पं.रा./रा.वि.आ.-1/2016/9551, दिनांक 10.08.16 को जारी आदेशानुसार जनपद पंचायतों के समस्‍त सदस्‍यों के बीच परफार्मेंस ग्राण्‍ट की राशि प्रत्‍येक सदस्‍य को बराबर-बराबर समान रूप से बांटे जाने का प्रावधान है, परंतु खरगापुर विधान सभा की जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़ में उक्‍त राशि 25 सदस्‍यों के बीच समान रूप से जनपद के अधिकारियों एवं पदाधिकारियों द्वारा सांठ-गांठ करके नहीं बांटी जा रही है? (ख) क्‍या शासन के नियम का उल्‍लंघन करने वाले दोषी अधिकारी की जाँच कराकर उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करायेंगे? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या उक्‍त राशि जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़ के सभी सदस्‍यों के बीच बराबर-बराबर मान से बांटे जाने की शीघ्र कार्यवाही करायेंगे? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (घ) उक्‍त राशि आज दिनांक तक क्‍यों नहीं बांटी गई तथा शासन के आदेश का पालन भी नहीं किया गयाइसका क्‍या कारण हैसाथ ही शासन के आदेश का पालन न करने वाले अधिकारी के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक न होने तथा समस्त जनपद सदस्यों द्वारा कार्य प्रस्तावित नहीं करनें से राशि का वितरण नहीं किया जा सका है। (ख) उतरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक आयोजित कर समस्त निर्वाचित सदस्यों के वार्डो में समानुपातिक रूप से राशि का वितरण किया जा सकेगा। (घ) जनपद सदस्यों द्वारा उनके निर्वाचित वार्डों में लिये जाने वाले कार्यों के प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं करनें तथा जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित नहीं होने से राशि का वितरण नहीं किया जा सका है। नियमानुसार बैठक में कार्यों का अनुमोदन पश्चात् स्वीकृति की कार्यवाही कर राशि वितरित की जा सकेगी।

बल्‍देवगढ़ में शा.महाविद्यालय की स्‍थापना

[उच्च शिक्षा]

48. ( क्र. 493 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के बल्‍देवगढ़ में शासकीय महाविद्यालय नहीं है? क्‍या जनपद पंचायत बल्‍देवगढ़ के परिक्षेत्र में हायर सेकण्‍डरी 10+2 एवं हाई स्‍कूलों सहित लगभग 18-20 स्‍कूल है तथा बारहवीं कक्षा उत्‍तीर्ण करने के उपरांत छात्र-छात्राओं को उच्‍च शिक्षा प्राप्‍त करने हेतु इधर-उधर भटकना पड़ता है? (ख) क्‍या छात्र-छात्राओं के हित में बल्‍देवगढ़ में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने हेतु आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो समयावधि बताये यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या शासन द्वारा शिक्षा को ऊंचे शिखर पर ले जाने का कार्य छात्र-छात्राओं के हितों में किया जा रहा है फिर खरगापुर विधान सभा के बल्‍देवगढ़ में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने में देरी क्‍यों की जा रही है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ, जी नहीं। जी नहीं। बल्देवगढ़ से शासकीय पीजी महाविद्यालय, टीकमगढ़ 25 कि.मी., शासकीय कन्या महाविद्यालय, टीकमगढ़ 25 कि.मी., अशासकीय संत रामदास महाविद्यालय टीकमगढ़ 25 कि.मी., अशासकीय द्वारका प्रसाद महाविद्यालय, खरगापुर 10 कि.मी., अशासकीय गणेशप्रसाद वर्णी महाविद्यालय धुवारा 35 कि.मी. की दूरी पर संचालित है जहां छात्र-छात्रायें अध्ययन कर सकते है। (ख) जी नहीं। 25 कि.मी. की दूरी पर तीन शासकीय महाविद्यालय तथा 10 कि.मी. की दूरी पर अशासकीय महाविद्यालय उपलब्‍ध है। अत: बल्‍देवगढ़ में शासकीय महाविद्यालय प्रारम्‍भ करने में कठिनाई है। (ग) प्रश्नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नवीन शासकीय महाविद्यालय खोलने की स्‍वीकृति

[उच्च शिक्षा]

49. ( क्र. 500 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले के नगर पंचायत क्षेत्र छापीहेड़ा में शासकीय महाविद्यालय नहीं हैं? यदि हाँ, तो क्‍या नगर पंचायत क्षेत्र छापीहेड़ा एवं आसपास के लगभग 30-35 ग्रामों के छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय शिक्षा प्राप्‍त करने हेतु अन्‍य तहसीलों के महाविद्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है तथा अन्‍य महाविद्यालयों में सीमित संख्‍या में सीट होने से उन्‍हें शिक्षा से वंचित होना पड़ता है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक शासन द्वारा नगर पंचायत क्षेत्र छापीहेड़ा में शासकीय महाविद्यालय खोलने हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या शासन क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के भविष्‍य को दृष्टिगत रखते हुये क्षेत्र में ही उच्‍च शिक्षा प्रदान करने हेतु शासकीय महाविद्यालय खोलने की स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। जी हाँ, जी नहीं। म.प्र.शासन उच्च शिक्षा विभाग के पत्र क्रमाक 1362/1895/2016/38-2 दिनांक 02/07/2016 द्वारा राजगढ़ जिले के नगर पंचायत क्षेत्र छापीहेडा में महाविद्यालय प्रारंभ करने हेतु मापदण्ड की पूर्ति न होने के कारण महाविद्यालय खोले जाने में कठिनाई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

महाविद्यालय के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

50. ( क्र. 501 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ जिले के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय खिलचीपुर में स्‍वीकृत पद संरचना के विरूद्ध रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या उक्‍त महाविद्यालय में केवल एक ही सहायक प्राध्‍यापक कार्यरत है और वह भी प्राचार्य के प्रभार में हैं? शेष सभी संकाय के विषयों पर अतिथि विद्वानों से अध्‍ययन कार्य कराया जा रहा है, जिसमें अनुभवी सहायक प्राध्‍यापक नहीं होने से छात्र-छात्राओं का अध्‍ययन कार्य प्रभावित होता है? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या विग‍त कई वर्षों से उक्‍त महाविद्यालय में प्रभारी प्राचार्य होने से कॉलेज प्रबंधन का कार्य भी प्रभावित हो गया है? महाविद्यालय में न तो सुव्‍यवस्थित लायब्रेरी, प्रयोगशाला, रंगाई-पुताई कार्य, जनभागीदारी से होने वाले विकास कार्यों की स्थिति वर्तमान में नगण्‍य है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा उक्‍त महाविद्यालयीन गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिये स्‍थाई प्राचार्य अथवा अन्‍य किसी सहायक प्राध्‍यापक को प्रभारी प्राचार्य बनाया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) इसी प्रकार क्‍या शासन उक्‍त महाविद्यालय परिसर की भूमि को अतिक्रमण से बचाने एवं सुरक्षा की दृष्टि से बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान करेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग से दिनांक 19.2.16 को विज्ञापन जारी किया था जो स्थगित किया गया था परंतु दिनांक 24.11.16 को स्थगित विज्ञापन पर पुनः कार्यवाही के लिये पी.एस.सी. से अनुरोध किया गया है। इस महावि. में 02 नियमित सहा. प्रा. कार्यरत है जिसमें एक प्रभारी प्राचार्य का प्रभार देख रहे है शेष शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों हेतु आवश्यकतानुसार अतिथि विद्वान आमंत्रित किये जाते हैं। (ख) जी नहीं। महाविद्यालय में लायब्रेरी संचालित है महाविद्यालय भवन की समग्र मरम्मत/रंगाई पुताई हेतु राशि रूपये 7.00 लाख की स्वीकृति जारी की गई है। जनभागीदारी मद से होने वाले विकास कार्य की स्थिति वर्तमान में निरंक हैं। (ग) उत्तरांश '' एवं '' के संदर्भ में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) महाविद्यालय परिसर में अतिक्रमण एवं सुरक्षा की दृष्टि से बाउंड्रीवॉल के निर्माण हेतु स्वीकृति की कार्यवाही प्रचलन में है।

300 वर्ग मीटर तक के भूखण्डों पर भवन निर्माण की अनुमति

[नगरीय विकास एवं आवास]

51. ( क्र. 536 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मध्यप्रदेश राजपत्र असाधारण क्रमांक 157 दिनांक 20 अप्रैल 2015 के म.प्र. नगरपालिका विधि (संशोधन) अधिनियम 2015 के अनुसार 300 वर्ग मीटर तक के भू-खण्डों पर भवन निर्माण या पुनः निर्माण के परीक्षण एवं अनुमोदन करने हेतु योग्य वास्तुविदों एवं संरचना इंजीनियरों को पंजीकृत तथा प्राधिकृत किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो उज्जैन जिले में कितनी नगरीय निकायों ने उक्त गजट नोटिफिकेशन का पालन करना प्रारम्भ कर दिया है एवं कितनी नगरीय निकायों ने उक्त गजट नोटिफिकेशन का पालन नहीं किया है? (ग) शासन द्वारा उक्त नियमों का पालन कराये जाने हेतु क्या-क्या दिशा-निर्देश जारी किये हैं? निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) उज्‍जैन जिले की नगरीय निकायों में दिनांक 27 नवम्‍बर 2015 के राजपत्र प्रकाशन में उल्‍लेख अनुसार दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित की वास्‍तुविद एवं संरचना इंजीनियर को 300 वर्ग मीटर तक के भूखण्‍डों पर भवन निर्माण या पुर्ननिर्माण के परीक्षण, अनुमोदन करने हेतु निकायों में पंजीयन के लिये सूचित किया गया। वास्‍तुविदों एवं संरचना इंजीनियरों द्वारा अभी तक निकायों में पंजीयन नहीं कराया गया है। वास्‍तुविद एवं संरचना इंजीनियर निकायों में प्रावधानों के अंतर्गत राजपत्र के प्रावधान अनुसार अपना पंजीयन करा सकते है। (ग) दिशा-निर्देश एवं राजपत्र जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।


सिंहस्‍थ क्षेत्र के लिए अधिग्रहित भूमि

[नगरीय विकास एवं आवास]

52. ( क्र. 557 ) श्री सतीश मालवीय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सिंहस्‍थ क्षेत्र हेतु आरक्षित भूमि के लेंड यूज चेंज किए जाने हेतु शासन की अनुमति आवश्‍यक है? (ख) उज्‍जैन में 1 जनवरी 2006 से 30 मार्च 2015 तक सिंहस्‍थ क्षेत्र हेतु आरक्षित जमीनों में से कौन-कौन सी जमीन को सिंहस्‍थ क्षेत्र से मुक्‍त किया गया था? मुक्‍त क्षेत्र की पूर्ण जानकारी सर्वे नं./रकबा स्‍थान सहित उपलब्‍ध कराएं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में मुक्‍त की गई जमीन का क्‍या उपयोग किया गया है? क्‍या उक्‍त भूमि पर कोई व्‍यवसायिक अथवा गृह निर्माण संबंधी गतिविधियां संचालित हैं? यदि हाँ, तो क्‍या इस हेतु राज्‍य शासन से आवश्‍यक अनुमतियां प्राप्‍त की गई हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी अनुमति कब-कब प्राप्‍त की गई है, प्रकरणवार पूर्ण जानकारी दें? यदि नहीं, तो इस नियम विरूद्ध कार्यवाही हेतु संबंधितों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जाएगी? (घ) क्‍या उपर्युक्‍त गतिविधियों हेतु लेंड यूज चेंज किया गया है, तो क्‍या इस हेतु आवश्‍यक अनुमति राज्‍य शासन से प्राप्‍त की गई थी? यदि नहीं, तो इस हेतु भी संबंधितों के विरूद्ध क्‍या कार्यवही की जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) अधिसूचित मेला क्षेत्र में भूमि उपयोग उपांतरण की कार्यवाही नहीं की जा सकती है। सिंहस्थ मेला क्षेत्र (पडाव मेला क्षेत्र) में किसी विकास के लिये नियमन उज्जैन विकास योजना की कण्डिका- 2.21 में दिये गये है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) उज्जैन विकास योजना 2021 की कण्डिका-2.21 के अनुसार अधिसूचित मेला क्षेत्र से अपवर्जित भूमि का भू उपयोग स्वतः ही आवासीय हो कर विकास योजना 2021 का अभिन्न अंग मान्य होगा।

 परिशिष्ट - ''सात''

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का क्रियान्‍वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

53. ( क्र. 596 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन एवं बड़वानी जिले में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्रवार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत कौन-कौन सी सड़क कितनी-कितनी राशि की स्‍वीकृत की गई? कितने कार्य पूर्ण किये गये? कितने कार्य निर्माणाधीन हैं एवं कितने कार्य अप्रारंभ है? इनकी कार्यवार स्‍वीकृत राशि, व्‍यय राशि, मूल्‍यांकन राशि की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब, किस-किस सड़क का निरीक्षण किया गया? उसमें क्‍या कमियां पाई गई एवं उनकी कब और क्‍या पूर्ति की गई? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में परफार्मेंस/ग्‍यारन्‍टी पीरियड के दौरान किन-किन सड़कों में मरम्‍मत कार्य किया गया एवं कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? कितनी-कितनी सड़कों के मरम्‍मत के प्रस्‍ताव भेजे गये हैं? कितने स्‍वीकृत हुये, कितने कार्य प्रारंभ किये एवं कितने कार्य प्रारंभ किये जाना लंबित है? (घ) खरगोन-बड़वानी जिले की कौन-कौन से विधानसभावार नवीन सड़कों के निर्माण के कौन-कौन से प्रस्‍ताव चालू वित्‍तीय वर्ष में भेजे हैं? कितने प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हेतु किस स्‍तर पर लंबित हैं? प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रस्‍ताव विभाग को भेजे हैं, उन प्रस्‍तावों के विरूद्ध कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये एवं कितने अस्‍वीकृत किये गये? अस्‍वीकृत किये जाने का कारण स्‍पष्‍ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब अनुसार है। गारंटी अवधि में सड़कों की मरम्मत हेतु पृथक से स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होती है। अनुबंधानुसार गारंटी अवधि प्रारंभ होने पर आवश्यकतानुसार सभी सड़कों का रख-रखाव प्रारंभ कर दिया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) खरगोन एवं बड़वानी जिले में चालू वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत खरगोन जिले की विधानसभा क्षेत्र भगवानपुरा एवं बड़वाह में क्रमशः तलकपुरा से सतावड़ा एवं ओखला से आक्या का प्रस्ताव भेजा गया था जिसकी स्वीकृति उपरांत निविदा स्वीकृत की जा चुकी है। अतः स्वीकृति लंबित होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्नकर्ता माननीय विधायक द्वारा वर्ष 2015-16 में कुल 92 प्रस्ताव भेजे गये थे जिनका परीक्षण किया गया एवं उक्त प्रस्ताव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मार्गदर्शी दिशा निर्देशों के अनुरूप नहीं होने की जानकारी से माननीय विधायक महोदय को अवगत करा दिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शौचालय निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

54. ( क्र. 597 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भारत स्‍वच्‍छता मिशन अंतर्गत खुले में शौच से मुक्‍त किये जाने हेतु बेसलाईन सर्वे ग्रामीण क्षेत्रों में किस वर्ष में किया गया था? बेस लाईन सर्वे के आधार पर जिलेवार एवं जनपदवार कितने परिवारों में शौचालय पाये गये थे एवं कितने परिवारों में शौचालय होना नहीं पाया गया था? क्‍या बेसलाईन सर्वे सूची में अंकित परिवारों में ही शौचालय निर्माण का प्रावधान है? यदि नहीं, तो प्रावधान क्‍या है? (ख) क्‍या बेसलाईन सर्वे सूची में दर्ज होने से कई परिवार वंचित है? यदि हाँ, तो उन्‍हें बेसलाईन सर्वे सूची में जोड़ने हेतु कोई प्रावधान किया गया है यदि हाँ, तो कितने शौचालयविहीन परिवारों को जोडा गया है एवं क्‍या वर्तमान में भी बेसलाईन सर्वे सूची में शौचालयविहीन परिवारों को जोडा जा रहा है? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में खरगोन जिले की जनपद पंचाय‍त एवं ग्राम पंचायतवार ऐसे कितने-कितने शौचालयविहीन परिवार हैं जिनका बेसलाईन सर्वे सूची में नाम दर्ज होना है? क्‍या इन परिवारों में शौचालय निर्माण का कार्य प्राथमिकता पर किया जावेगासमयावधि बताई जावें? (घ) क्‍या वर्ष 2014 से वर्तमान तक खरगोन जिले की ग्राम पंचायतों एवं जनपद पंचायतों द्वारा खुले में शौच से मुक्‍त किये जाने हेतु प्रयासों के तहत शौचालय निर्माण का कार्य किया गया है? किन्‍तु जिन परिवारों का नाम बेसलाईन सर्वे में दर्ज नहीं है एवं शौचालय निर्माण का कार्य कर लिया गया है तथा उनका भुगतान वर्तमान तक शेष है, ग्राम पंचायतवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावें? ऐसे परिवारों का शेष भुगतान कब तक कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत प्रथमवार दिसम्‍बर 2012 में द्वितीयबार जनवरी 2015 एवं तीसरीबार संशोधन करते हुए एक घर एक परिवार के मान से अप्रैल 2016 में खुले में शौच मुक्‍त किये जाने हेतु बेसलाईन सर्वे किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय के रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अ अनुसार है। एक घर एक शौचालय निर्माण हेतु बेसलाईन सर्वे में अंकित परिवारों के अलावा जिन घरों में शौचालय निर्मित नहीं है, उनके यहाँ पात्रतानुसार बेसलाईन सर्वे में घर के मुखिया का नाम जोड़ने के उपरांत शौचालय निर्माण का कार्य कराया जा सकता है। (ख) एक घर एक शौचालय के मान से बेसलाईन सर्वे में पात्र परिवारों का नाम जोड़ा गया है। अभी भी यदि कोई पात्र परिवार बेसलाईन सर्वे सूची में जुड़ने से वंचित रह गया है तो जोड़ा जा सकता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब अनुसार है। जी हाँ। अक्‍टूबर 2019 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्‍य है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। इन परिवारों का योजनांतर्गत पात्रता का परीक्षण कराया जा रहा है।

शुगर मिल परिसर एवं संलग्‍न भूमियों पर उद्योगों की स्‍थापना

[वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार]

55. ( क्र. 615 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सहकारिता विभाग द्वारा शुगर मिल जावरा सहकारी समिति का परिसमापन कर उद्योग विभाग को पुन: सौंप दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी समय-समय पर शुगर मिल परिसर एवं शुगर मिल से संलग्‍न सैकड़ों बीघा रिक्‍त भूमि पर वृहद एवं लघु उद्योग स्‍थापित किये जाने हेतु निरंतर प्रश्‍नों एवं आवेदनों के माध्‍यम से निवेदन किया जा रहा है? (ग) यदि हाँ, तो शासन/विभाग द्वारा प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर के उद्योगपतियों को निवेश हेतु उद्योग धंधे प्रारंभ किये जाने के लिये उद्योग समिट व्‍यक्तिगत संपर्क इत्‍यादि माध्‍यम से आमंत्रित किया जा रहा है? (घ) यदि हाँ, तो मिल परिसर में फूड पार्क, एग्रो बेस्‍ड इण्‍डस्‍ट्री रेल्‍वे की आवश्‍यकताओं से संबंधित उद्योग, कंटेनर डिपो इत्‍यादि हेतु विभाग द्वारा किस प्रकार की कार्ययोजना बना कर क्‍या किया जा रहा है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। भूमि का आधिपत्‍य विभाग दवारा प्राप्‍त कर लिया गया हैं। (ख) जी हाँ, प्रश्‍नकर्ता दवारा पूर्व में भी इस तरह के प्रश्‍न किये गये थे, किन्‍तु तत्‍समय यह भूमि स‍हकारिता विभाग के अधीन थी। (ग) जी हाँ। प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर के उदयोगपतियों को प्रदेश में निवेश हेतु तैयार करने के प्रयास किये जा रहे हैं। (घ) विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जाना हैं।

पीलीया खाल प्रदूषण मुक्‍त कार्य योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

56. ( क्र. 616 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जावरा शहर के मध्‍य होकर बहने वाला पी‍लीया खाल शहर एवं आसपास के संपूर्ण नालों की गंदगी के मिलने के कारण एक बड़े गंदे नाले में तब्‍दील हो चुका है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शहर को प्रदूषण मुक्‍त किये जाने हेतु ''पीलीया खाल'' प्रदूषण मुक्‍त योजना की डी.पी.आर. नगर पालिका जावरा द्वारा तैयार कर शासन/विभाग को अग्रेषित की गई है? (ग) यदि हाँ, तो नगर की इस गंभीर स्थिति को दृष्टिगत रख अब तक क्‍या कार्यवाही की गयी? (घ) नगर को प्रदूषण मुक्‍त किये जाने एवं गंभीर बीमारियों की रोक‍थाम हेतु शासन/विभाग उक्‍त कार्य योजना को कब तक स्‍वीकृति देकर नगर को प्रदूषण मुक्‍त करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) प्रकरण पर परीक्षण कर वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है।

मक्‍सी औद्योगिक क्षेत्र में नये उद्योगों से अनुबंध

[वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार]

57. ( क्र. 633 ) श्री अरूण भीमावद : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन द्वारा मक्‍सी जिला शाजापुर को औद्यागिक क्षेत्र घोषित क्‍या गया है? यदि हाँ, तो कब से? (ख) नये उद्योगों के लिए शासन द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में कौन-कौनसी सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जा रही है? (ग) म.प्र. शासन द्वारा हाल ही में इन्‍दौर में आयोजित समिट में मक्‍सी औद्योगिक क्षेत्र नये उद्योग स्‍थापित करने हेतु अनुबंध सहमति प्रदान की गई है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ, मध्‍यप्रदेश शासन दवारा मक्‍सी जिला शाजापुर को वर्ष 1980 में औदयोगिक क्षेत्र घोषित किया गया हैं। (ख) औदयोगिक क्षेत्र में उदयोगों को सड़क, पानी, बिजली, जैसी मूलभूत सुविधायें उपलब्‍ध कराई जा रही हैं। (ग) उदयोगों दवारा स्‍वेच्‍छा से उदयोग लगाया जाता हैं। उद्योग स्‍थापित करने हेतु अनुबंध एवं स‍हमति लेने का प्रावधान नहीं हैं। अत: प्रश्‍नांश का उत्‍तर देने का प्रश्‍न उप‍स्थित नहीं होता हैं।

 

शा.ब.क.श.न. महा. विद्या. शाजापुर का कन्‍या छात्रावास का निर्माण

[उच्च शिक्षा]

58. ( क्र. 634 ) श्री अरूण भीमावद : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन द्वारा उच्‍च शिक्षा में अध्‍ययनरत छात्राओं को छात्रावास सुविधा उपलब्‍ध कराई जाती है? (ख) यदि हाँ, तो शास.बा.क.शर्मा न. महा विद्यालय शाजापुर में विगत 10 वर्ष से अपूर्ण कन्‍या छात्रावास पूर्ण क्‍यों नहीं हुआ है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार अपूर्ण छात्रावास पूर्ण होगा? यदि होगा तो कब तक पूर्ण होगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। जिन शासकीय महाविद्यालयों में कन्या छात्रावास उपलब्ध है, उन महाविद्यालयों की छात्राओं को छात्रावास सुविधा उपलब्ध होती है। (ख) शासकीय बा.कृ.शर्मा नवीन महाविद्यालय, शाजापुर की कन्या छात्रावास के निर्माण हेतु यू.जी.सी. के पत्र दिनांक 31/08/2008 द्वारा 50.00 लाख एवं पत्र दिनांक 31/09/2009 द्वारा 19.01 लाख की इस प्रकार कुल राशि रू. 69.01 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई थी। यू.जी.सी.द्वारा महाविद्यालय को छात्रावास निर्माण हेतु स्वीकृत की गई सम्पूर्ण राशि उपलब्ध न कराये जाने के कारण निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। (ग) प्राचार्य द्वारा छात्रावास निर्माण कार्य को पूर्ण कराये जाने हेतु राशि रू. 117.13 लाख का पुनरीक्षित प्रस्ताव कार्यालयीन पत्र क्रमांक 1192/2016, दिनांक 08/08/2016 द्वारा दिनांक 11/08/16 को व्यक्तिगत हस्ते विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, कार्यालय, भोपाल में प्रस्तुत किया जा चुका है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से राशि उपलब्ध होने पर अपूर्ण छात्रावास का कार्य पूर्ण हो सकेगा। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

जैन महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ भिण्‍ड को जमीन हस्‍तांतरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

59. ( क्र. 649 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या कार्यालय कलेक्‍टर जिला भिण्‍ड के पत्र क्रमांक 415 दि. 11.11.2014 प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग भोपाल को महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ भिण्‍ड को भूमि आवंटित करने हेतु जारी किया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) नगर पालिका भिण्‍ड के संकल्‍प क्रमांक 53 दिनांक 29.3.1988 सर्वे क्रमांक 324325 व नगर पालिका परिषद् भिण्‍ड का संकल्‍प क्रमांक 191 दिनांक 28.9.2013 में जैन समुदाय को महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ के लिए भूमि हस्‍तान्‍तरित हेतु अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) नगर पालिका भिण्‍ड के सर्वे क्रमांक 324325 में जैन महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ भिण्‍ड का आधिपत्‍य 1975 से होने के उपरांत हस्‍तान्‍तरित करने में क्‍या कारण है? कब तक हस्‍तान्‍तरित हो जायेगी? (घ) मा तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री श्री प्रकाशचन्‍द्र सेठी नगर पालिका भिण्‍ड 100 मीटर लम्‍बाई व 100 मीटर चौड़ाई अल्‍प संख्‍यक जैन समुदाय महावीर जैन कीर्ति स्‍तम्‍भ के लिए 1975 प्रीमियम एवं लीज रेन्‍ट पर देने के लिए अभी तक शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही हुई? समय-समय पर किसके द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? विवरण दें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ, शेषांश के संबंध में संचालनालय के पत्र क्रमांक 10395 दिनांक 08.08.2016 से मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका भिण्‍ड से मध्‍यप्रदेश नगर पालिका अचल संपत्ति (अंतरण) नियम, 2016 प्रभावशील होने से पुन: प्रस्‍ताव चाहा गया है। (ख) महावरी कीर्ति स्‍तम्‍भ समिति भिण्‍ड को भूमि आवंटित करने हेतु नगर पालिका भिण्‍ड द्वारा जिला कलेक्‍टर, भिण्‍ड के माध्‍यम से प्रस्‍ताव प्रेषित किया गया था, जिसके परिप्रेक्ष्‍य में नगर पालिका भिण्‍ड से मध्‍यप्रदेश नगर पालिका अचल संपत्ति (अंतरण) नियम, 2016 प्रभावशील होने से पुन: प्रस्‍ताव चाहा गया है। (ग) मध्‍यप्रदेश नगर पालिका अचल संपत्ति (अंतरण) नियम, 2016 के प्रावधानुसार कार्यवाही की जा रही है वर्तमान में कार्यवाही प्रचलित है। (घ) जानकारी संलग्&