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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


मंगलवार, दिनांक 08 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



(वर्ग 4 : लोक निर्माण, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, खेल एवं युवा कल्याण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, वन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, उच्च शिक्षा)


शा. पोलिटेक्निक पचौर के छात्रावास का सुदृढ़ीकरण

1. ( *क्र. 3503 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला राजगढ़ के पोलिटेक्निक कॉलेज पचौर में छात्रावास किस दिनांक से संचालित है, छात्रावास की लागत एवं निर्माण कार्य पूर्ण होने की तिथि क्‍या थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार छात्रावास पूर्ण होने के पश्‍चात प्रत्‍येक शैक्षणिक वर्ष में कॉलेज में कितने छात्र/छात्राओं के द्वारा प्रवेश लिया गया एवं उनके विरूद्ध कितने छात्र/छात्राओं को प्रत्‍येक वर्ष छात्रावास में प्रवेश दिया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) पोलिटेक्निक कॉलेज पचौर में अध्‍ययनरत छात्र/छात्राओं को छात्रावास में रहने हेतु संपूर्ण मूलभू‍त सुविधाएं उपलब्‍ध हैं? यदि नहीं, तो शासन द्वारा छात्रावास में रहने हेतु संपूर्ण मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध कराने हेतु क्‍या प्रयास किया जावेगा, जिससे कि छात्र/छात्राओं की शै‍क्षणिक व्‍यवस्‍था सुचारू रूप से संचालित हो सके?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) राजगढ़ जिले के पोलिटेक्निक कॉलेज पचौर में छात्रावास भवन वर्ष 1997 से संचालित है। छात्रावास की लागत रू. 63.00 लाख है एवं निर्माण कार्य पूर्ण करने की तिथि 31 दिसम्बर, 1997 थी। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार है(ग) जी हाँ। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''एक''

बी.ओ.टी. योजनांतर्गत मार्ग निर्माण

2. ( *क्र. 4171 ) श्री अजय सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग में बी.ओ.टी. योजना के अंतर्गत वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में राज्‍य सरकार द्वारा कितने सड़क मार्ग बी.ओ.टी. योजना के माध्‍यम से बनवाये गये और इन मार्गों की कितने कि.मी. की दूरी है, इन मार्गों के क्रम बतायें कि कहाँ से कहाँ तक मार्ग बनाये गये हैं। (ख) इन बनाये हुए मार्गों में राज्‍य शासन के द्वारा संबंधित बी.ओ.टी. कंपनी (ठेका कंपनी) को कुल सड़क लागत के कितने प्रतिशत राज्‍य सरकार द्वारा राशि दी गई। क्‍या यह राशि ठेका कंपनी द्वारा राज्‍य सरकार को वापस की गई या उन्‍हीं सड़कों पर खर्च कर दी गई? (ग) प्रस्‍तावित बी.ओ.टी. परियोजना में वर्तमान में कितने प्रतिशत राशि ठेका कंपनी को राज्‍य सरकार देगी और यह राशि क्‍या ठेका कंपनी वापस करेगी अथवा रोड पर ही खर्च कर दी जायेगी। प्रस्‍तावित मार्गों के नाम एवं दूरी बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) बी.ओ.टी. के अंतर्गत निर्मित सड़कों पर राज्‍य शासन द्वारा दी गई ग्रान्‍ट की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। उपयुक्‍त राशि राज्‍य सरकार को वापस करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ग) बी.ओ.टी. के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों पर राज्‍य शासन द्वारा ग्रांट सड़क निर्माण के पश्‍चात दी जावेगी। उपयुक्‍त राशि राज्‍य सरकार को वापस करने का कोई प्रावधान नहीं है। नाम व दूरी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

अभ्‍यारण्य क्षेत्र के ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं

3. ( *क्र. 5032 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहगढ़ के चिड़ीखौ अभ्‍यारण्य में कौन-कौन से ग्राम आते हैं? ग्रामों के नाम सहित जानकारी देवें? (ख) क्‍या अभ्‍यारण्य क्षेत्र के ग्रामों में सड़क, बिजली, शाला भवन, नलकूप खनन, हैण्‍डपंप जैसी मूलभूत सुविधाएं हेतु क्‍या-क्‍या प्रावधान/मापदण्‍ड/शर्तें हैं? शासन के निर्देशों की प्रति दें। (ग) प्रश्‍न की कंडिका (क) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार इन सभी ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं प्राप्‍त हैं या वन विभाग इन ग्रामों तक जाने वाली सड़कें बनाने में रोक लगा रहा है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) नरसिंहगढ़ (चिड़ि‍खौ) अभ्‍यारण्य के अंतर्गत 2 ग्राम, वनग्राम देवगढ़ एवं राजस्व ग्राम चैनपुराखुर्द स्थित हैं। (ख) अभ्‍यारण्य क्षेत्र के ग्रामों में सड़क, बिजली, शाला भवन, हैण्डपम्प, नलकूप खनन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भारत शासन, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय का पत्र दिनांक 26 अक्टूबर, 2007 एवं मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग का पत्र दिनांक 25 मई, 2009 संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। (ग) उत्तरांश में उल्लेखित ग्रामों में हैण्डपम्प, कुआं, नलकूप, बिजली, शाला भवन एवं सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रश्नाधीन ग्रामों तक जाने वाली सड़क बनाने हेतु कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए हैं एवं न ही लंबित हैं। अतः वन विभाग द्वारा इन ग्रामों तक जाने वाली सड़क बनाने में रोक लगाने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

संचालक तकनीकी शिक्षा के पद पर नियमित पदस्‍थापना

4. ( *क्र. 4244 ) श्री तरूण भनोत : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संचालक, तकनीकी शिक्षा म.प्र. की शैक्षणिक योग्‍यता, अनुभव सेवा शर्तें, नियुक्ति का तरीका क्‍या है? क्‍या विगत दस वर्षों से प्रदेश में नियमित संचालक तकनीकी शिक्षा म.प्र. नहीं है? विगत दस वर्षों में प्रभारी संचालक तकनीकी शिक्षा म.प्र. कौन-कौन रहे, उनका नाम कार्यकाल व वे किस सेवा संवर्ग से थे? क्‍या विगत दस वर्षों में प्रभारी संचालक को नियमानुसार संचालक का प्रभार दिया जा सकता है? यदि नहीं, तो किन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया गया? (ख) विगत दस वर्षों में नियमित संचालक तकनीकी शिक्षा म.प्र. की नियुक्ति हेतु क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये? (ग) क्‍या प्रभारी संचालक, तकनीकी शिक्षा म.प्र. को प्रभार से मुक्‍त कर आई.ए.एस. कैडर के अधिकारी की पदस्‍थापना नियम विरूद्ध तरीके से की गई थी? यदि हाँ, तो यह निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया है? कब तक नियमित संचालक की नियुक्ति की जावेगी? (घ) क्‍या विगत दस वर्षों में संचालनालय तकनीकी शिक्षा म.प्र. में पदस्‍थ अधिकारी यथा अतिरिक्‍त संचालकों तथा संयुक्‍त संचालकों की पदस्‍थापना नियमानुसार वरिष्‍ठता के आधार पर की गई? यदि नहीं, तो किन परिस्थितियों में यह निर्णय लिया गया? अब कितनी समयावधि में नियमानुसार अतिरिक्‍त संचालकों तथा संयुक्‍त संचालकों की नियुक्तियां की जावेंगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) मध्यप्रदेश शैक्षणिक सेवा (तकनीकी शाखा) भर्ती नियम 1967 के अनुसार संचालक तकनीकी शिक्षा का पद 100 प्रतिशत शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय के प्राचार्य के संवर्ग से स्थानांतरण द्वारा भरे जाने के प्रावधान हैं। विगत दस वर्षों मे प्रभारी संचालक तकनीकी शिक्षा मध्यप्रदेश के नाम, कार्यकाल एवं सेवा संवर्ग का विवरण संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। जी हाँ। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) केडर में नियमित प्राचार्य उपलब्‍ध नहीं होने के कारण नियमित संचालक की नियुक्ति नहीं की गई है। (ग) संचालक, तकनीकी शिक्षा के पद पर आई.ए.एस. कैडर अधिकारी की पदस्‍थापना कैडर में नियमित प्राचार्य उपलब्‍ध न होने के कारण की गई थी। प्रकरण माननीय न्‍यायालय में विचाराधीन है। (घ) संचालनालयीन अधिकारियों का पृथक संवर्ग नहीं है। वर्तमान पदस्‍थापना कार्य आवश्‍यकता के आधार पर की गई है।

परिशिष्ट - ''चार''

 

कटनी नदी पर पुल निर्माण

5. ( *क्र. 5232 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा कटनी नदी में नये पुल निर्माण हेतु दिनांक 09.07.2014 को सदन में प्रस्‍तुत ध्‍यानाकर्षण सूचना के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त कार्य प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रतिशत पूर्ण हो चुका है? कार्यावधि कितनी बढ़ाई गई? क्‍या 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने की सत्‍यता का परीक्षण प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य सहित स्‍थल निरीक्षण कर किया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) कार्य में विलंब के क्‍या-क्‍या कारण हैं? वर्तमान में स्‍थल पर क्‍या कार्य संचालित हैं, कार्य कब तक पूर्ण किया जायेगा? क्‍या पुल निर्माण कार्य की लागत में बढ़ोत्‍तरी होने की संभावना है? यदि हाँ, तो इन कारणों के जिम्‍मेदारों पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) पुल का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण। दिनांक 30.12.2015 तक कार्यावधि बढ़ाई गई। जी हाँ। माननीय विधायक जी द्वारा निर्धारित तिथि अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) भू-अर्जन प्रकरण में विलंब होना, अतिरिक्‍त कार्य एवं संविदाकार द्वारा समानुपातिक प्रगति नहीं देने के कारण। सुपर स्‍ट्रक्‍चर की ड्रांइग प्रूफ चैकिंग हेतु आई.आई.टी. दिल्‍ली में लंबित होने के कारण कार्य बंद है। जून-2017 तक पूर्ण होना संभावित है। वर्तमान में लागत वृद्धि की संभावना प्रतीत नहीं होती है। इसके लिए कोई अधिकारी जिम्‍मेदार नहीं है, संविदाकार द्वारा कार्य धीमी गति से करने के कारण अनुबंधानुसार कार्यवाही की जा रही है।

रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय में अतिथि अध्‍यापकों की नियुक्ति

6. ( *क्र. 239 ) श्री मोती कश्यप : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय में कौन-कौन से विभाग व पाठ्यक्रम संचालित हैं और उनमें किन स्‍तर के कौन से पद सृजित हैं तथा कब से कौन से पद किन कारणों से रिक्‍त हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में किन विभाग व पाठ्यक्रमों में किन-किन अतिथि अध्‍यापकों की नियुक्ति की गई है और वे कब से अध्‍यापन कार्य कर रहे हैं? (ग) वर्ष 2013 से किन विषय विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में किनके शोध कार्य पूर्ण हुये हैं और चल रहे हैं? (घ) विश्‍वविद्यालय द्वारा विभाग से पदपूर्ति का अनुमोदन प्राप्‍त कर लेने के उपरान्‍त भी किन कारणों से नियुक्तियां नहीं की हैं?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''', '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) विश्वविद्यालय द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु दिनांक 20.01.2014 एवं 03.03.2014 को विज्ञापन जारी किये गये थे, परन्तु माननीय उच्च न्यायालय में दायर याचिका क्रमांक 7532/2014 में स्थगन का निराकरण दिनांक 30.10.2014 एवं याचिका क्रमांक 7326/15 में निर्णय दिनांक 27.08.2015 के परिपालन में विज्ञापित पदों में से अनारक्षित के 23 एवं बैकलॉग के 55 पद भरे जाने थे। विधि विभाग के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु दिनांक 12.12.2014 को साक्षात्कार आयोजित किया गया था, जिसमें कोई भी उम्मीदवार योग्य नहीं पाया गया है। इसी बीच समन्वय समिति की 90वीं बैठक दिनांक 26.06.2015 में अध्यादेश क्रमांक 04 में हुए परिवर्तन जो कार्य परिषद बैठक दिनांक 19.02.2016 में अंगीकृत किया गया, के पालन में अधिसूचना जारी कर पुन: विज्ञापन निकालने की कार्यवाही की जा रही है।

खण्‍डवा-इन्‍दौर मार्ग पर यातायात का दबाव

7. ( *क्र. 170 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में खण्‍डवा-इन्‍दौर मार्ग पर मालवाहक एवं यात्री वाहनों के आवागमन में तुलनात्‍मक रूप से कितने प्रतिशत वृद्धि हुई है? इस मार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण क्‍या है? (ख) क्‍या वर्तमान में खंडवा इन्‍दौर-मार्ग रख-रखाव के अभाव में जगह-जगह गड्ढों से क्षतिग्रस्‍त हो गया है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा संबंधित कंपनी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या इस मार्ग का विगत एक वर्ष से मेटेंनेस पूरी तहत बंद है? क्‍यों? क्‍या इसकी अनुबंध अवधि समाप्ति की ओर होने से कंपनी ने मरम्‍मत एवं रख-रखाव कार्य बंद कर दिया है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या यह अनुबंध की शर्तों का उल्‍लंघन है? क्‍या इस मार्ग पर कंपनी द्वारा वाहनों से वसूले जा रहे टोल टैक्‍स को बंद किये जाने की कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ, तो कब से?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) विगत तीन वर्षों में खण्‍डवा इन्‍दौर मार्ग पर मालवाहक एवं यात्री वाहनों के आवागमन में तुलनात्‍मक रूप से लगभग 5-10 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इस मार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण वाहन चालकों की लापरवाही है एवं तेज गति से वाहन चलाना है। (ख) से (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विकासखण्‍ड सोहागपुर अंतर्गत सड़क निर्माण

8. ( *क्र. 4547 ) श्री जय सिंह मरावी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के विकासखण्‍ड सोहागपुर के ग्राम करकटी से सिरौंजा तक बारहमासी सड़क निर्माण कराने की स्‍वीकृति प्रदान की गई? (ख) यदि हाँ, तो सड़क के निर्माण का कार्य कब तक पूरा कराया जावेगा और यदि नहीं, तो अंतिम छोर के 20 से 25 हजार की आबादी को आवागमन की सुविधा से वंचित करने का क्‍या कारण है? (ग) इसी तरह जिले के ग्राम मठिया से कोल्‍हुआ तक के पहुँच मार्ग के निर्माण कराने की प्रस्‍तावानुसार लागत क्‍या है तथा निर्माण कार्य कब तक प्रारम्‍भ किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। कार्य स्‍थायी वित्‍तीय समिति की 134 वीं बैठक में अनुमोदित हो चुका है, प्रशासकीय स्‍वीकृति उपरांत कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा। (ग) रूपये 153.93 लाख। निश्चित तिथि बताना संभव नहीं।

जंगली जानवरों से फसलों को क्षति

9. ( *क्र. 3683 ) श्री राजकुमार मेव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में वन क्षेत्र से लगे हुए वन ग्रामों रमठान, बडकीचौकी, देवगढ़ बलवाड़ा, थरवर, कुण्डिया आदि में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुँचाया जाता है? (ख) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में लगे हुए वन क्षेत्र के ग्रामों में जंगली जानवरों (सुअरों) द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचाने के संबंध में 01.04.13 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने एवं किन-किन ग्रामों के किसानों द्वारा आवेदन पत्र प्राप्‍त हुये? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई एवं कितने किसानों के मुआवजा प्रकरण तैयार किये गये, कितने प्रकरणों में कितनी-कितनी मुआवज़ा राशि स्‍वीकृत की गई एवं स्‍वीकृत राशि किसानों को कब भुगतान की गई? (घ) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र में वन क्षेत्रों से लगे हुए वन ग्रामों रमठान, बडकीचौकी, देवगढ़ बलवाड़ा, थरवर, कुण्डिया आदि वन ग्रामों में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों द्वारा नुकसान नहीं किये जाने के संबंध में क्‍या कार्य योजना तैयार की गई है? योजना का क्रियान्‍वयन कब किया जावेगा एवं इसके क्‍या-क्‍या उपाय किये गये हैं?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) सामान्‍य वनमण्‍डल बड़वाह अंतर्गत महेश्‍वर विधान सभा क्षेत्र में लगे हुए वनक्षेत्र के ग्रामों में जंगली जानवरों (सुअरों) द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के संबंध में 01.04.2013 से प्रश्‍न दिनांक तक राजस्‍व विभाग के पास ग्राम कवाणा, होदड़ि‍या, सिराल्‍या के कुल 10 किसानों से आवेदन प्राप्‍त हुए हैं। (ग) जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसानी पर कार्यवाही राजस्‍व विभाग द्वारा की जाती है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) मण्‍डलेश्‍वर से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसानी के संबंध में मण्‍डलेश्‍वर उपखण्‍ड के ग्राम कवाणा के-2, ग्राम होदड़ि‍या के-3, सिराल्‍या के-5, किसानों के आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए, जिनमें नियमानुसार प्रकरण तैयार कर आर्थिक सहायता राशि रूपये 42800/- स्‍वीकृत की गई है। उक्‍त राशि के आवंटन की मांग की गयी है। आवंटन प्राप्‍त होते ही संबंधित को भुगतान कर दिया जावेगा। (घ) महेश्‍वर विधान सभा क्षेत्र में वनक्षेत्रों से लगे ग्रामों में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों द्वारा किये जा रहे नुकसान को रोकने के लिये योजना तैयार की गई है, जिसमें सोलर फैंसिंग, जल संरचनाओं का विकास, वन्‍यप्राणियों का रहवास, विकास एवं रेस्‍क्‍यू आदि उपाय प्रस्‍तावित हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सड़क मार्ग की स्‍वीकृति

10. ( *क्र. 4442 ) श्री नाना भाऊ मोहोड़ : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सौंसर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत परतापुर-सायरा, बेरडी-गूजरखेड़ी सड़क मार्ग पर कन्‍हान नदी पर परतापुर के समीप पुल का निर्माण कर दिया गया है, जबकि परतापुर-सायरा-बेरडी-गूजरखेड़ी सड़क मार्ग स्‍वीकृत नहीं होने से नागरिकों को आवागमन की कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है? (ख) कब तक उक्‍त सड़क मार्ग स्‍वीकृत कर कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) स्‍वीकृति उपरांत कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा। निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

महाविद्यालय पानसेमल में रिक्‍त पदों की पूर्ति

11. ( *क्र. 1894 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महाविद्यालय पानसेमल में शासन द्वारा कुल कितने कर्मचारी/प्राध्‍यापकों के पद स्‍वीकृत हैं तथा वर्तमान में कितने पदस्‍थ हैं? क्‍या रिक्‍त पदों पर शीघ्र पदस्‍थापना की जावेगी? (ख) यदि हाँ, तो कब तक और नहीं तो फिर शैक्षणिक कार्य कैसे संभव होगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। शैक्षणिक रिक्त पदों पर पूर्ति हेतु मांग पत्र लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया जा चुका है। तृतीय संवर्ग के कुछ पदों की पूर्ति पदोन्नति एवं शेष तृतीय एवं चतुर्थ संवर्ग के पदों पर नियुक्ति की कार्यवाही प्रचलन में है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) उत्तर (क) के प्रकाश में निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं। वर्तमान व्यवस्थांतर्गत शैक्षणि‍क कार्य अतिथि विद्वानों के आमंत्रण से कि‍या जा रहा है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

स्‍टील प्‍लांट की स्‍थापना

12. ( *क्र. 5181 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में कहाँ-कहाँ पर कितनी लागत से कौन-कौन से स्‍टील प्‍लांट किनके द्वारा लगाने हेतु योजना प्रस्‍तावित है तथा इस संबंध में किन-किन से कितनी लागत से एम.ओ.यू. हस्‍ताक्षरित किये गये, इन प्रस्‍तावित संयंत्रों की स्‍थापना से कितने लोगों को रोजगार उपलब्‍ध होगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍थापित होने वाले संयंत्रों को स्‍टील निर्माण हेतु किस प्रकार के कितने आयरन की आवश्‍यकता पड़ेगी? संयंत्रवार सम्‍पूर्ण सूची देवें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित श्रेणी एवं मात्रा का आयरन जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में उपलब्‍ध है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा यहां पर स्‍टील प्‍लांट स्‍थ‍ापित करने की दिशा में क्‍या-क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं एवं यह सिहोरा क्षेत्र में किस-किस प्रकार के कौन-कौन से संयंत्र स्‍थापित होना प्रस्‍तावित हैं तथा इनसे कितने लोगों को रोजगार मिलेगा तथा इनके स्‍थापना प्रस्‍ताव किस स्‍तर पर लंबित हैं तथा ये कब से प्रारंभ होंगे?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) प्रदेश में प्राप्‍त प्रस्‍ताव अनुसार स्‍टील स्‍थापना वाली कंपनी पूंजी निवेश एवं प्रस्‍तावित रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) निवेशकों से प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित जानकारी अप्राप्‍त है। (ग) खनिज विभाग द्वारा किए गए प्रारंभिक सर्वेक्षण के आधार पर सिहोरा क्षेत्र में 60 % आयरन ऑक्‍साइड लौह अयस्‍क के संकेत मिले हैं। इस क्षेत्र में आयरन ओर की श्रेणी तथा मात्रा का विस्‍तृत भौमिकीय अन्‍वेषण पश्‍चात ही भण्‍डार का आंकलन किया जा सकता है। विभाग द्वारा जबलपुर जिले के सिहोरा के क्षेत्र में स्‍टील प्‍लांट स्‍थापित करने हेतु इच्‍छुक निवेशकों को औद्योगिक नीति एवं कार्य योजना 2014 के अंतर्गत प्रोत्‍साहित किया जा रहा है। सिहोरा क्षेत्र में स्‍थापनाधीन/प्रारंभ स्‍टील संयंत्र एवं रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

काष्‍ठ एवं बांस परिवहन की निविदा का आमंत्रण

13. ( *क्र. 1989 ) श्री संजय उइके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रतिवर्ष काष्‍ठ एवं बांस परिवहन हेतु निविदा आमंत्रित की जाती है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2011-12 से प्रश्‍न दिनांक तक आमंत्रित निविदा में कौन-कौन व्‍यक्ति/फर्म/संस्‍था ने हिस्‍सा लिया? निविदा में सफल निविदाकार का नाम, पता, स्‍वीकृत दर, कार्यादेश का विवरण उपलब्‍ध करावें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

उद्योगों की स्‍थापना हेतु भूमि का आवंटन

14. ( *क्र. 2760 ) श्री गोपाल परमार : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या आगर नगर में शासकीय भूमि उद्योग विभाग द्वारा लीज़ पर आवंटित की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन लोगों को दी गई है नाम एवं पता सहित सूची देवें एवं किस प्रयोजन हेतु क्‍या वर्तमान में उक्‍त जमीन पर उद्योग चलाये जा रहे हैं, हां तो कौन-कौन से किसके द्वारा? (ख) क्‍या लीज़ पर दी भूमि के लिए समय-सीमा तय की गई है? यदि हाँ, तो किन-किन को क्‍या-क्‍या समय-सीमा निर्धारित की गई है? क्‍या ऐसे भी आवंटित पट्टाधारी हैं, जिनकी समय-सीमा पूर्ण हो चुकी है? यदि हाँ, तो किन-किन की सूची देवें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के अनुसार लीज़ दी गई शासकीय भूमि पर आवंटित लोगों द्वारा उद्योग स्‍थापित नहीं किये गये हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इनके लीज़ पट्टे निरस्‍त करने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार ऐसे लीज़ पट्टाधारी जिनकी समय-सीमा पूर्ण हो चुकी है, क्‍या उनकी लीज़ पर दी गई शासकीय भूमि शासन द्वारा अपने कब्‍जे में ली गई है? यदि हाँ, तो कब किन-किन की ली है, सूची देवें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) एवं (ख) जी हाँ, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। लीज़ पर आवंटित की गई भूमि की लीज़ अवधि सीमा 30 वर्ष है। वर्तमान में किसी आवंटित पट्टाधारी की लीज़ अवधि समय-सीमा पूर्ण नहीं हुई है। (ग) जी हाँ, जिन आवंटी इकाईयों द्वारा उद्योग स्‍थापित नहीं किये गये/बंद हैं, उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। (घ) लीज़ पर पट्टा अवधि पूर्ण न होने के कारण प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

अतिथि विद्वानों की नियमित प्राध्‍यापक पद पर नियुक्ति

15. ( *क्र. 523 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन उच्‍च शिक्षा विभाग द्वारा रीवा संभाग के सभी शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी द्वारा स्‍ववित्‍तीय पाठ्यक्रम कितने वर्षों से चलाए जा रहे हैं तथा कितने अतिथि विद्वान कार्यरत हैं? इन अतिथि विद्वानों को प्रति माह प्रति कालखण्‍ड मानदेय निर्धारित किया गया है? क्‍या निर्धारित मानदेय पर्याप्‍त है? (ख) क्‍या स्‍ववित्‍तीय पाठ्यक्रमों के लिये सहायक प्राध्‍यापकों के नियमित पदों का सृजन किया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या भविष्‍य में नियमित पदों का सृजन करते हुए शासन के निर्देशानुसार भर्ती प्रक्रिया अपनाई जाएगी? (ग) क्‍या अतिथि विद्वान महाविद्यालयों में निरंतर सेवाएं देते हुए निर्धारित उम्र की सीमा पार कर चुके हैं? क्‍या ऐसे अतिथि विद्वानों को कार्यरत महाविद्यालयों में रिक्‍त पदों पर नियमित पद पर रखा जावेगा?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) रीवा संभाग के अंतर्गत 11 शासकीय महाविद्यालयों में जनभागीदारी द्वारा स्ववित्तीय पाठ्यक्रम चलाये जा रहे हैं। कुल 219 अतिथि विद्वान कार्यरत हैं। मानदेय की दर पूर्व घोषित होती है, जिसके आधार पर अतिथि विद्वान द्वारा कार्यभार ग्रहण किया जाता है, जिससे मानदेय की पर्याप्तता स्पष्ट है। (ख) जी नहीं। स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों के लिए नियमित पद सृजित किये जाने की कोई नीति नहीं है, क्योंकि स्ववित्तीय आधार पर प्रारंभ किये जाने वाले पाठ्यक्रमों की शिक्षण व्यवस्था हेतु संविदा के आधार पर शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की संविदा नियुक्ति/कार्यकाल एवं मानदेय का निर्धारण जनभागीदारी समिति द्वारा किया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं, अतिथि विद्वानों के लिए कोई उम्र सीमा निर्धारित नहीं है। जी नहीं।

टावर लाईन हेतु वनों की कटाई

16. ( *क्र. 4677 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डिण्‍डौरी जिले के अन्‍दर से किस-किस जंगल के अंदर से टावर लाईन बिछायी गयी है, जंगल का नाम, कम्‍पाट नं. सहित, वन परिक्षेत्र का नाम, टावर-बिछाने व लगाने हेतु टावर लगाने वाली कंपनी ने किस दिनांक को अनुमति के लिए आवेदन दिया तथा किस दिनांक को टावर लगाने की अनुमति प्रदान की गई? कितनी जमीन में टावर लगाने हेतु अनुमति दी गई? (ख) अनुमति की जमीन में कौन-कौन सी प्रजाति के वृक्ष हैं, टावर लगाने के समय कितने वृक्ष कौन-कौन सी प्रजाति के काटे गये हैं व नष्‍ट हुए हैं, टावर लगाते समय बिना अनुमति के कंपनी द्वारा कितने वृक्षों को नष्‍ट किया गया? प्रजातिवार बतावें। (ग) कंपनी के ऊपर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गयी, दिनांकवार बतावें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) डिण्डौरी सामान्य वनमण्डल के अंतर्गत तीन विद्युत लाईन की परियोजनाओं में 195.967 हेक्टेयर वन भूमि में भारत सरकार द्वारा स्वीकृति जारी की गई है। विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है। (ख) एवं (ग) उपरोक्त तीन परियोजनाओं के विरूद्ध कुल 8884 वृक्ष वन विभाग द्वारा आवेदित वन क्षेत्र से विदोहित किया जाना है। विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है। कंपनी द्वारा बिना अनुमति के कोई वृक्ष नहीं काटे गये और न ही नष्ट किये गये। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

नेमावर में औद्योगिक केन्‍द्र की स्‍थापना

17. ( *क्र. 4409 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खातेगांव विधान सभा क्षेत्रांतर्गत सिद्धक्षेत्र एवं माँ नर्मदा की पावन नगरी नेमावर को औद्योगिक क्षेत्र घोषित किये जाने से कौन-कौन से उद्योग स्‍थापित किये जावेंगे? (ख) नेमावर को औद्योगिक क्षेत्र घोषित किये जाने की दिनांक से प्रश्‍नांश दिनांक तक नेमावर में कौन-कौन से उद्योगों की स्‍थापना की जा चुकी है? (ग) शासन द्वारा अगर औद्योगिक क्षेत्र घोषित किये जाने के बाद से किसी भी औद्योगिक केन्‍द्र की स्‍थापना करने में विलंब हो रहा है, तो क्‍यों कारण बतावें? (घ) नेमावर में शासन द्वारा जो औद्योगिक केन्‍द्र स्‍थापित किये जावेंगे, उससे कौन-कौन से केडर के लोगों को फायदा होगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) सभी प्रकार के लघु, मध्‍यम एवं वृहद उद्योग, उद्यमियों द्वारा स्‍थापित किये जावेंगे। (ख) नेमावर औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य पूर्ण होने के उपरांत औद्योगिक क्षेत्र अधिसूचित किया जावेगा, उसके पश्‍चात उद्योगों की स्‍थापना हेतु आवंटन किया जा सकेगा। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) औद्योगिक क्षेत्र नेमावर में उद्योगों की स्‍थापना से उद्योगों की मांग पर आधारित स्‍थानीय लोगों को फायदा होगा।

पी.डी.ए. सर्वे हेतु लंबित प्रकरण

18. ( *क्र. 3853 ) श्री वीरसिंह पंवार : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वन अधिकार अधिनियम-26 में पात्र लोगों को वितरित वन अधिकार पत्र, सामुदायिक दावों से संबंधित अभिलेखों के संधारण का दायित्‍व विभागों को सौंपा गया है? (ख) यदि हाँ, तो रायसेन जिले में फरवरी, 16 तक वितरित कितने अधिकार पत्रों, सामुदायिक दावों के अभिलेखों का संधारण विभाग द्वारा किया गया? कितनों का नहीं तथा क्‍यों? (ग) आदिवासी व्‍यक्ति को प्राप्‍त अधिकार पत्र (वन भूमि का पट्टा) भूमि पर कुआं निर्माण, मेढ़ बन्‍धान कार्य क्‍या मशीन या ट्रेक्‍टर से करवा सकता है? यदि हाँ, तो इस हेतु उसको क्‍या विभाग से अनुमति लेना पड़ेगा? यदि हाँ, तो क्‍यों? (घ) फरवरी, 16 की स्थिति में रायसेन जिले में आदिवासी पात्र परिवारों के आवेदन पत्र पी.डी.ए. सर्वे हेतु कब से एवं क्‍यों लंबित हैं? कब तक पी.डी.ए. सर्वे होगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत पात्र दावेदारों को वितरित वन अधिकार पत्र एवं सामुदायिक अधिकार पत्र से संबंधित अभिलेखों के संधारण का दायित्व वन विभाग को सौंपा गया है। (ख) रायसेन जिले में वनमण्डल रायसेन एवं औबेदुल्लागंज के अंतर्गत फरवरी, 2016 तक वनभूमि पर 6296 व्यक्तिगत एवं 106 सामुदायिक अधिकार पत्र वितरित किये गये हैं, जिसमें से 2645 व्यक्तिगत अधिकार पत्र एवं 62 सामुदायिक अधिकार पत्रों के अभिलेखों का संधारण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 3651 व्यक्तिगत एवं 44 सामुदायिक हक प्रमाण पत्रों के अभिलेखों को प्राप्त करने हेतु कलेक्टर (आदिम जाति कल्याण विभाग) से पत्राचार प्रचलित है। (ग) जी हाँ। भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पत्र क्रमांक/4-2/2008-एफ.पी. दिनांक 16.07.2008 (संलग्‍न परिशिष्‍ट) में वन अधिकार अधिनियम, 2006 की धारा 3 (1) के अंतर्गत वितरित अधिकार पत्र धारियों की भूमि पर वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अंतर्गत नेट प्रेजेन्ट वेल्यू और सभी प्रक्रियाएँ लागू नहीं होने से प्रश्नांकित कार्यों हेतु वन अधिकार पत्रधारक को विभाग से अनुमति लेना आवश्यक नहीं है। (घ) प्रश्नांकित अवधि का कोई भी आवेदन पत्र पी.डी.ए. सर्वे हेतु लंबित नहीं होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

परिशिष्ट - ''सात''

औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने के मापदण्‍ड

19. ( *क्र. 724 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रतलाम शहर के अलावा जिले के किन-किन शहरों में लघु उद्योग स्‍थापना हेतु औद्योगिक क्षेत्र स्‍थापित अथवा घोषित किये हैं? व कब से? (ख) औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने हेतु क्‍या मापदण्‍ड एवं प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित की गई है? (ग) आलोट बड़ा शहर होने तथा तहसील मुख्‍यालय होने के उपरांत भी औद्योगिक क्षेत्र स्‍थापना से वंचित क्‍यों है? जबकि यह क्षेत्र अनुसूचित बाहुल्‍य क्षेत्र है? (घ) शासन इस क्षेत्र के युवा उद्यमियों के हित में कब तक औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर लघु स्‍थापना करने की प्रक्रिया प्रारंभ करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) रतलाम शहर के अलावा जिले के शासन द्वारा दिनांक 17.01.2012 को निम्‍नलिखित पूर्व स्‍थापित औद्योगिक क्षेत्रों को अधिसूचित किया गया :- 1. औद्योगिक भूमि, सालाखेड़ी, 2. औद्योगिक क्षेत्र दिलीपनगर, 3. औद्योगिक क्षेत्र, कुम्‍हारी जावरा, 4. आय.टी.सी. औद्योगिक क्षेत्र, जावरा, 5. ग्रामीण कर्मशाला सैलाना (ख) मध्‍यप्रदेश शासन, वाणिज्‍य, उद्योग और रोजगार विभाग के ज्ञाप क्रमांक एफ 20-1/10/बी-ग्‍यारह, दिनांक 04.01.2012 से औद्योगिक क्षेत्रों को अधिसूचित किये जाने हेतु जारी निर्देश संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) आलोट शहर में औद्योगिक क्षेत्र की स्‍थापना हेतु शासकीय भूमि उपलब्‍ध नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

रॉयल्‍टी गौण खनिज में हेराफेरी

20. ( *क्र. 5247 ) श्री मधु भगत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क्र. 1524 दि. 23/07/15 के उत्‍तर में पूछा गया था कि जिन फर्मों/एजेंसियों ने जितनी भी मात्रा में गौण खनिज का इस्‍तेमाल किया है, उसकी निर्धारित मात्रा एवं दर के अनुसार रॉयल्‍टी जमा की गई है? (ख) प्रश्‍न के उत्‍तर में दिये गये, प्रपत्र अ-1 में उल्‍लेखित बालाघाट-बैहर मार्ग का उन्‍नयन कार्य में संलग्‍न मेसर्स दिलीप बिल्‍डकान लिमिटेड भोपाल ने गौण खनिज मिट्टी 656135.158 घनमीटर तथा रेत 13139.219 घन मीटर रेत की कितनी रॉयल्‍टी किसे भुगतान की राशि, तिथि, जिस चालान/चैक से राशि दी गई हो, उसकी जानकारी बतावें? (ग) क्‍या उल्‍लेखित की गई मात्रा सही है? यदि हाँ, तो एम.बी. तथा देयकों की प्रति देखकर बतायें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कलेक्टर खनिज शाखा से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्न क्र. 1524 दिनांक 23.07.2015 के उत्तर में दिये गये प्रपत्र-अ में उल्लेखित बालाघाट-बैहर मार्ग के निर्माण कार्य में इस्टीमेट एवं इंजीनियर के अनुपात अनुसार गिट्टी की मात्रा 656135.158 घनमीटर एवं रेत की मात्रा 13139.219 घनमीटर दर्शायी गयी थी। वर्तमान प्रश्न क्र. 5247 में गिट्टी की मात्रा के स्थान पर मिट्टी की मात्रा 656135.158 दर्शायी गयी है। ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में वास्तविक रूप से प्रयुक्त गिट्टी की मात्रा 306999.39 घनमीटर का भुगतान रू. 1,15,07,973/- कलेक्टर खनिज शाखा से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार किया गया है। ठेकेदार द्वारा वास्तविक रूप में प्रयुक्त रेत की मात्रा 14482.62 घनमीटर का उपयोग किया गया है, जो कि ठेकेदार द्वारा स्थानीय बाजार से क्रय की गई है, जिसकी रॉयल्टी रू. 641458/- विक्रेता श्री विनोद शर्मा, मोवाड़ा को भुगतान किया गया है। (ग) जी नहीं। प्रयुक्त की गई गिट्टी की मात्रा 306999.39 घनमीटर एवं रेत की मात्रा 14482.62 घनमीटर है।

रहवासी क्षेत्रों में सड़क मरम्‍मतीकरण

21. ( *क्र. 3229 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरियावली विधानसभा क्षेत्र के फोरलेन से चितौरा रहवासी क्षेत्र की ओर एन.एच. 86 बंडा रोड कर्रापुर तिगड्डा से कर्रापुर रहवासी क्षेत्र, मेन रोड सानौधा से ग्राम सानौधा में रहवासी क्षेत्र की ओर एवं मेन रोड मकरोनिया से बटालियन होते हुए फोरलेन तक रहवासी क्षेत्र की सड़क मार्गों का निर्माण कार्य विभाग द्वारा कब किया गया था? (ख) निर्माण कार्य उपरांत उपरोक्‍त रहवासी मार्गों में विभाग द्वारा कब-कब मरम्‍मतीकरण कार्य किया गया? (ग) क्‍या उपरोक्‍त रहवासी मार्ग वर्तमान में आवागमन की दृष्टि से सुगम है? यदि नहीं, तो इन सड़क मार्गों का मरम्‍मतीकरण कार्य/नवीनीकरण हेतु विभाग द्वारा प्राक्‍कलन/अन्‍य क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) इन सड़क मार्गों का मरम्‍मतीकरण कार्य/नवीनीकरण कार्य विभाग द्वारा आवागमन सुगम हेतु कब तक किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) स्‍वीकृति उपरांत। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं।

परिशिष्ट - ''नौ''

तीर्थ दर्शन कार्यक्रम में वित्‍तीय अनियमितता

22. ( *क्र. 4100 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुरैना जिले की जौरा तहसील से वर्ष 20132014 में मुख्‍यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत कितने तीर्थ यात्रियों को मुरैना तक पहुंचाया गया था? संख्‍या, वर्ष, माह सहित पूर्ण जानकारी दी जाये? (ख) क्‍या उक्‍त तीर्थ यात्रियों को जौरा से मुरैना जाने हेतु जिन बस वाहनों को दर्शाया गया है, उन वाहनों के नंबर बसों के न होकर, ट्रेक्‍टर, स्‍कूटरों व अन्‍य वाहनों के थे, इस असत्‍य जानकारी के लिये कौन अधिकारी दोषी हैं, वाहन के नंबर, वर्ष, माह सहित पूर्ण जानकारी दी जाये? (ग) क्‍या तीर्थ दर्शन यात्रा के तहत तहसीलदार श्री नीरज शर्मा प्रभारी थे, जबकि वाहनों के किराये के नाम पर शाही तहसीलदार श्रीमती मनीषा कौल द्वारा भुगतान राशि स्‍वयं के खाते में जमा कराई गई थी? कितनी राशि किस-किस वाहन के नाम प्राप्‍त कर, किस दिनांक, किस खाते नंबर में जमा कराई, खाताधारक के नाम सहित जानकारी दी जावे? (घ) क्‍या उक्‍त वित्‍तीय अनियमितता के खिलाफ शिकायत की गई थी? शिकायतकर्ता का नाम, किस-किस अधिकारी को दी गई तथा उस पर क्‍या कार्यवाही की गई?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बांस के परमिट का प्रदाय

23. ( *क्र. 1690 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा कितने वंशकार समाज के हितग्राहियों को बांस के परमिट (पावती) जारी किये गये हैं? (ख) क्‍या प्रति सप्‍ताह या प्रतिमाह परमिट के अनुसार वंशकार समाज के हितग्राहियों को उनके व्‍यवसाय चलाने हेतु बांस नियमित रूप से दिए गये हैं? हां या नहीं? यदि नहीं, दिये गये हैं, तो इसके पीछे क्‍या कारण हैं? हितग्राहियों को बांस उपलब्‍ध कराये जाने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) हितग्राहियों को जिस सप्‍ताह या जिस माह बांस विभाग द्वारा उपलब्‍ध नहीं कराया जाता है, तो उनको पिछले एवं अगले परमिट के आधार पर बांस प्रदान किया जायेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नाधीन क्षेत्र में 341 पंजीकृत हितग्राहियों को बांस के परमिट (पावती) जारी किये गये हैं। (ख) जी नहीं। बांस उपलब्धता के आधार पर प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। हितग्राहियों की मांग पूर्ति हेतु अन्य वृत्त से भी बांस प्राप्त कर उनकी पूर्ति की जाती है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

दो लाख रूपयों से कम राशि के कार्यों का भुगतान

24. ( *क्र. 1178 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में वित्‍तीय वर्ष 01/04/2013 से प्रश्‍नतिथि तक 2 लाख रू. से कम राशि वाले कितने कार्य किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिले में उक्‍त समयानुसार मेन्‍टेनेंस पर कितनी राशि, व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में से कितनी राशि का भुगतान किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है।

छतरपुर जिले में स्‍थापित उद्योग

25. ( *क्र. 3157 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या उद्योग मंत्री गत वर्ष छतरपुर जिले के ग्राम महेबा में दौरे पर आकर किसी इकाई का उद्घाटन कर गईं थीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त इकाई का क्‍या नाम एवं क्‍या काम है? इस इकाई की वर्तमान स्थिति क्‍या है? (ग) उक्‍त इकाई को उद्योग विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या सहायता या अन्‍य-अन्‍य प्रकार की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ, एक इकाई के भूमि पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं थीं। (ख) इकाई का नाम मे. रामवती इण्‍डस्ट्रियल इक्विपमेंट प्रा.लि. है। इकाई उक्‍त स्‍थल पर स्‍वयं की भूमि पर ई.ओ.टी. क्रेन पी.ए.बी. निर्माण एवं इण्‍डस्‍ट्रीयल फेब्रीकेशन आदि कार्य करने के लिये उद्योग लगाना चाहती है। इकाई के द्वारा उद्यमी ज्ञापन पार्ट-1 फाईल किया गया है। (ग) इकाई द्वारा विभाग से किसी भी प्रकार की सहायता की मांग नहीं की गई है।

 

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


खेल स्‍टेडियम निर्माण

1. ( क्र. 52 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जिला सिंगरौली अंतर्गत बैढ़न में इंडोर एवं आउटडोर स्‍टेडियम का निर्माण करने हेतु वर्ष 2015 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मंत्री जी से निवेदन किया गया है? यदि हाँ, तो स्‍टेडियम का निर्माण करने हेतु शासन की क्‍या योजना है तथा कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : जी हाँ। आउटडोर खेल परिसर का निर्माण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परफारमेंस ग्रांट से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में माननीय स्थानीय विधायक की अनुशंसा से 5 से 7 एकड़ भूमि का आवंटन खेल और युवा कल्याण विभाग के नाम किए जाने पर राशि रू. 80.00 लाख की लागत से कराये जाने की योजना है एवं इण्डोर खेल परिसर निर्माण की योजना को भारत सरकार के पत्र क्र. 30-01/एमवाईएएस/आरजीकेए/2015/6419/ 6428, दिनांक 05.11.2015 द्वारा योजना की पुनः समीक्षा के कारण भारत सरकार द्वारा स्थगित रखे जाने की जानकारी दी गई है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

शासकीय महाविद्यालयों में संकाय बढ़ाये जाना

2. ( क्र. 77 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पोहरी विकासखण्‍ड में एकमात्र शासकीय महाविद्यालय पोहरी संचालित है जिसमें मात्र कला संकाय की कक्षाएं संचालित है जिससे पोहरी के छात्र-छात्राओं को स्‍नातक स्‍तर पर विज्ञान एवं वाणिज्‍य संकायों के अध्‍ययन हेतु परेशानी का सामना करना पड़ता है? क्‍या पोहरी महाविद्यालय में संकाय बढ़ाये जाने की मांग प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत 07 वर्षों से लगातार की जा रही है? यदि हाँ, तो उक्‍त महाविद्यालय में अन्‍य महाविद्यालय की भांति विज्ञान एवं वाणिज्‍य संकाय की कक्षाएं मय पद के कब तक प्रारंभ कर दी जावेगी? (ख) क्‍या प्रदेश के शैक्षणिक दृष्टि पिछड़े स्‍थानों पर शासकीय महाविद्यालय खोलने की योजना के अन्‍तर्गत शिवपुरी जिले के बैराढ़ में आगामी सत्र से महाविद्यालय खोले जाने का प्रस्‍ताव है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार महाविद्यालयों में अन्य विषय पढ़ने की सुविधा है। जी हाँ वर्तमान में नवीन संकाय खोलने की योजना नहीं है। (ख) जी नहीं।

परिशिष्ट ''दस''

म.प्र. में रोजड़ो (नीलगाय) से फसलों को क्षति

3. ( क्र. 89 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में रोजड़ों (नीलगाय) की संख्‍या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है व किसानों की फसलों का सर्वाधिक नुकसान हो रहा है? यदि हाँ, तो शासन ने इनके उन्‍मूलन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍या शासन इनके उन्‍मूलन हेतु कोई योजना बनाएगा व कब तक? (ख) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन वन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 22/285/99/10-2 दिनांक 31 मई 2000 द्वारा नील गाय मारने की अनुमति देने के अधिकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व को है? यदि हाँ, तो विगत दो वर्षों में रतलाम जिले में प्रश्‍न दिनांक तक नीलगाय को मारने के कितने-कितने आवेदन प्राप्‍त हुए व कितने लोगों को मारने की अनुमति दी गई? यदि नहीं, दी गई, तो क्‍यों? (ग) अनुविभागीय अधिकारी व जिलाधीश को नियमानुसार नील गाय को मारने की अनुमति क्‍यों नहीं दी जा रही है एवं 2 वर्ष से आवेदन क्‍यों लंबित हैं?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी नहीं। शासन स्तर पर नीलगायों के उन्मूलन की कोई योजना विचाराधीन नहीं है तथा निकट भविष्य में प्रस्तावित नहीं है। (ख) जी हाँ। राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रतलाम जिले में फसल नुकसानी के संबंध में नीलगाय को मारने की अनुमति हेतु 06 आवेदन प्राप्त हुए परन्तु प्राधिकृत अधिकारी द्वारा सभी आवेदन, नुकसान कर रही विशिष्ट नीलगायों की पहचान न होने के कारण निरस्त किये गये। (ग) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व खेतों में फसल नुकसानी करने वाली नीलगायों को मारने हेतु अनुमति जारी करने के लिए स्वयं सक्षम है। अत: उन्हें किसी से अनुमति प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। विगत 02 वर्षों से नीलगायों को मारने की अनुमति देने हेतु कोई भी आवेदन लंबित नहीं है।

जावरा नयागांव फोरलेन पर तोड़ी गई संरचनाओं का पुनर्निर्माण

4. ( क्र. 90 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि. प्रश्‍न संख्‍या-105 (क्रमांक 2521) दिनांक 21.7.11 के संदर्भ में बन्‍नाखेड़ा जावरा चौपाटी चौराहे पर शक्तिस्‍थल, परवलिया, माननखेड़ा में यात्री प्रतीक्षालय जो कि तोड़ दिये थे, का निर्माण एवं शहीद पार्क की बाउण्‍ड्रीवॉल माननखेड़ा का निर्माण अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है, इसका क्‍या कारण है? (ख) उक्‍त संरचनाएं कब तक पूर्ण कर दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्नकर्ता के परि. प्रश्न संख्या-105 (क्रमांक 2521) दिनांक 21.07.2011 के सन्दर्भ में नयागाँव से लेबड़ फोरलेन निर्माण के लिये जावरा से मन्दसौर के बीच हटाई/तोड़ी गई परिसम्पत्तियों की सूची में उल्लेखित बन्नाखेड़ा में शुगरकेन सब-स्टेशन की भूमि पर दीवार एवं मेन गेट हटाये गये थे। कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग रतलाम को प्रस्तुत प्राक्कलन अनुसार राशि रू. 31.85 लाख दी गई है, जिसमें दीवार एवं मेन गेट भी सम्मिलित है। शुगरकेन सब-स्टेशन की बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा पूर्ण कर दिया गया है। परवलिया एवं माननखेड़ा में यात्री प्रतीक्षालय संरचना 15.86 मीटर की सड़क सीमा के अन्दर होने तथा निर्माण कार्य में बाधित होने से हटाई गई, जिसका मुआवजा निर्धारण मांग पत्र भू-अर्जन अधिकारी, जावरा से अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। मांग पत्र अनुसार उक्त संरचनाओं के निर्माण हेतु राशि उपलब्ध करवाई जावेगी। (ख) हटाये गये ग्राम परवलिया एवं माननखेड़ा के यात्री प्रतीक्षालय का मुआवजा निर्धारण मांग पत्र भू-अर्जन अधिकारी, जावरा से अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। मांग पत्र अनुसार उक्त संरचनाओं के निर्माण हेतु राशि उपलब्ध करवाई जावेगी। निर्माण की तिथि बताना संभव नहीं है।

खंडवा चिकित्‍सा महाविद्यालय के निर्माण में गुणवत्‍ताहीन सामग्री का उपयोग

5. ( क्र. 184 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा जिला मुख्‍यालय पर निर्माणाधीन चिकित्‍सा महाविद्यालय एवं संबद्ध निर्माण कार्यों में कौन सी ब्रिक्‍स ईंट के उपयोग का प्रावधान है एवं इसे किस दर पर क्रय किया जा रहा है? (ख) क्‍या इन ब्रिक्‍स की गुणवत्‍ता स्‍थानीय स्‍तर पर उपलब्‍ध फ्लायऐश ब्रिक्‍स से उत्‍तम हैं? यदि नहीं, तो उच्‍च गुणवत्‍ता एवं कम दर पर मिलने वाली स्‍थानीय ब्रिक्‍स का उपयोग क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (ग) क्‍या प्रश्‍नाधीन निर्माण कार्य में फ्लायऐश ब्रिक्‍स का उपयोग प्रतिबंधित है? यदि नहीं, तो इनका उपयोग कब तक आरंभ किया जाएगा? (घ) क्‍या शासकीय निर्माण कार्यों में उच्‍च गुणवत्‍ता एवं न्‍यूनतम मूल्‍य की स्‍थानीय निर्माण सामग्री का उपयोग न कर बाहर से निर्माण सामग्री क्रय करने से स्‍थानीय छोटे उद्योग धंधों को हतोत्‍साहित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) भवनों की ब्रिक मेसोनरी में ए.ए.सी. ब्‍लॉक तथा बाउन्ड्रीवॉल एवं चेम्बर निर्माण कार्य में स्थानीय ब्रिक। अनुबंध में निहित मापदण्डानुसार निर्माण सामाग्री का क्रय ठेकेदार द्वारा किया जाता है, अतः ब्रिक क्रय करने की दर बताना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्न उपस्थित ही नहीं होता है। (ग) जी नहीं। बाउन्ड्रीवॉल एवं चेम्बर निर्माण में स्थानीय ब्रिक के रूप में फ्लायऐश ब्रिक्स का उपयोग किया जा रहा है। (घ) जी नहीं। कोई जिम्मेदार नहीं है।

खण्‍डवा चिकित्‍सा महाविद्यालय का निर्माण

6. ( क्र. 195 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्‍डवा जिला मुख्‍यालय पर निर्माणाधीन चिकित्‍सा महाविद्यालय एवं सम्‍बद्ध निर्माण कार्यों में कौन सी ब्रिक्स ईंट का प्रयोग किया जा रहा है? निर्माण स्‍थल पहुंच तक प्रोजेक्‍ट दर अनुसार किस दर से क्रय की जा रही है? (ख) क्‍या उपयोग की जा रही इन ब्रि‍क्स की गुणवत्‍ता स्‍थानीय स्‍तर पर मिल रही फ्लायऐश ब्रि‍क्स से भिन्‍न है? यदि नहीं, तो उच्‍च गुणवत्‍ता एवं कम दर पर मिलने वाली स्‍थानीय ब्रिक्स का उपयोग क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (ग) क्‍या शासकीय निर्माण कार्यों में उच्‍च गुणवत्‍ता एवं न्‍यूनतम मूल्‍य की स्‍थानीय सामग्री का उपयोग न कर बाहर से निर्माण सामग्री क्रय करने से स्‍थानीय छोटे उद्योग-धंधों को हतोत्‍साहित किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (घ) क्‍या प्रश्‍नाधीन निर्माण कार्य में फ्लायऐश ब्रिक्स का उपयोग प्रतिबंधित है? यदि नहीं, तो इनका उपयोग कब तक आरंभ किया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) भवनों में ब्रिक मेसोनरी हेतु ए..सी. ब्‍लॉक तथा बाउण्‍ड्रीवॉल एवं चेम्‍बर निर्माण कार्य में स्‍थानीय ब्रिक्‍स अनुबंध में निहित प्रावधानों के अनुरूप कम्‍पलीट आईटम की निर्धारित दर पर ठेकेदार को भुगतान किया जाता है। ब्रिक का पृथक से क्रय करने का कोई प्रावधान नहीं है, अत: ब्रिक क्रय की दरें बताना संभव नहीं। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। कोई जिम्‍मेदार नहीं है। (घ) जी नहीं, बाउण्‍ड्रीवॉल एवं चेम्‍बर निर्माण में फ्लायऐश ब्रिक्‍स को उपयोग किया जा रहा है।

सिहोरा-रैपुरा (पन्‍ना) मार्ग निर्माण में अनियमितताएं

7. ( क्र. 240 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एम.पी.आर.डी.सी. के अधीन वर्ष 2014-15 में जबलपुर के सिहोरा और पन्‍ना जिला के रैपुरा तक के मार्ग का निर्माण ठेकेदार से कराया गया है? (ख) क्‍या सिहोरा के उल्‍दना मोड़ में बहोरीबंद तक 30 कि.मी. के बेस में केवल काली सिलेक्‍ट स्‍वाइल और बहोरीबंद से रैपुरा व्‍हाया बाकल 27 कि.मी. में स्‍थानीय पत्‍थर की रेतीली गिट्टी तुड़ाकर व मिट्टी मुरूम डाली गयी है तथा उस पर ही डामरीकरण किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) मार्ग के प्राक्‍कलन में किन गुणवत्‍ता की मिट्टी, मुरूम, गिट्टी, डामर और पुलियों का प्रावधान किया गया है तथा क्‍या उसका परिपालन निर्धारित स्‍पेसिफिकेशन के अनुसार कराया गया है? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) का तकनीकी विशेषज्ञ से परीक्षण कराया जाकर कोई कार्यवाही की गई है? नहीं, तो कब तक करायी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। उल्‍दना मोड़ से बहोरीबंद तक बेस में सुपरविजन क्‍वालिटी कंट्रोल के परीक्षण उपरांत मापदण्‍डानुसार मिट्टी का उपयोग किया गया है। काली सिलेक्‍ट स्‍वॉयल का उपयोग नहीं किया गया है। बहोरीबंद से रैपुरा व्‍हाया बाकल सेक्‍शन में मुरूम का उपयोग न करते हुए स्‍पेसिफिकेशन में निर्धारित क्रस्‍ड जी.एस.बी. मटेरियल का उपयोग किया गया है। डब्‍ल्‍यू.बी.एम., डी.बी.एम. में मापदण्‍डानुसार गिट्टी का उपयोग किया जाकर डामरीकरण का कार्य किया गया है। (ग) सड़क निर्माण में उपयोग में लाई जा रही सामग्री केन्‍द्रीय परिवहन मंत्रालय एवं भारतीय सड़क कांग्रेस एस.पी.-73 द्वारा निर्धारित एवं अनुबंध में उल्‍लेखित स्‍पेसिफिकेशन के अनुसरण में कराया गया है। (घ) सुपरविजन एवं क्‍वालिटी सलाहकार मेसर्स यू.आर.एस. द्वारा ही परीक्षण किया गया है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

बैंट संस्‍थान धरमपुरी पर पुल निर्माण

8. ( क्र. 313 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या धार जिला अंतर्गत धरमपुरी नगर के पास नर्मदा नदी के बीच में स्थित अति प्राचीन बैंट संस्‍थान/तपोस्‍थल (टापु) पुरातन काल से आस-पास के क्षेत्र के नागरिकों की धार्मिक आस्‍था का प्रमुख केन्‍द्र है? (ख) क्‍या उक्‍त स्‍थल पर प्रत्‍येक त्‍यौहार पर हजारों श्रद्धालु नाव, बोट आदि संसाधनों से प्राचीन शिव मंदिर में पूजा अर्चना करने हेतु जाते हैं तथा महाशिवरात्री के पर्व पर लगने वाले भव्‍य मेले के समय शासन द्वारा प्रतिवर्ष लाखों रूपये खर्च कर अस्‍थाई पुल का निर्माण किया जाता है? (ग) क्‍या अस्‍थाई पुल, निर्माण अवधि के दौरान ही कई बार तकनीकी त्रुटियों के कारण बह जाता है व मेले के दौरान हमेशा पुल डहने का डर बना रहता है? (घ) क्‍या क्षेत्र के नागरिकों द्वारा वर्षों से धरमपुरी नगर से बैंट संस्‍थान के बीच स्‍थाई पुल बनाने की मांग की जा रही है तथा शासन को प्रेषित प्रस्‍ताव भी विगत काफी वर्षों से स्‍वीकृति के अभाव में लंबित है? क्‍या शासन अब प्रस्‍तावित पुल निर्माण का सर्वे करवाकर, धरमपुरी नगर से बैंट संस्‍थान के मध्‍य पुल निर्माण कार्य की स्‍वीकृति जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक, समयावधि बतावें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) उक्‍त स्‍थल पर प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु लगभग 1 से 1.5 लाख तक की संख्‍या में दर्शन हेतु जाते है। उक्‍त दिवस मेला भी आयोजित होता है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु नर्मदा नदी में धरमपुरी से लगी छोटी धारा में पत्‍थर एवं रेत से अस्‍थाई पुल निर्माण किया जाता है। पुल के बीच में नदी के पानी की निकासी हेतु सीमेंट के बडे आकार के पाईप रखे जाते हैं। (ग) अस्‍थायी पुल का निर्माण नदी में उपलब्‍ध रेत एवं पत्‍थरों से होता है। नदी के पानी के निकासी हेतु सीमेंट के बडे आकार के पाईप रखे जाते है। मेला एवं दर्शन एक दिवसीय होता है। यह व्‍यवस्‍था की जा रही है कि मेला दिवस पर ओंकारेश्‍वर परियोजना बांध से पानी नहीं छोड़ा जावे। (घ) स्‍थानीय नागरिकों द्वारा स्‍थाई पुल बनाने की मांग की जा रही है। जी नहीं।

धामनोद से सुन्‍द्रेल मार्ग निर्माण

9. ( क्र. 324 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धरमपुरी तहसील के ग्राम धामनोद-सुन्‍द्रेल पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु बजट में प्रावधान किया गया था? यदि हाँ, तो अभी तक इस मार्ग के निर्माण का कार्य क्‍यों प्रारंभ नहीं कराया गया है? कारण सहित जानकारी दी जावे? (ख) प्रश्‍नांश (क) से संबंधित मार्ग के संबंध में क्‍या इस मार्ग से जुड़े लगभग 10-15 ग्रामों के आम नागरिकों का आवागमन प्रभावित रहता है तथा वर्षाकाल में अत्‍यधिक परेशानी होती है, यदि हाँ, तो निकट भविष्‍य में कब तक मार्ग का निर्माण कार्य प्रारंभ कर पूर्ण करा दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित स्‍पष्‍ट जानकारी दी जावे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य अनुसार शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते।

विभागीय कार्यों की स्‍वीकृति

10. ( क्र. 325 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में किन-किन कार्यों के प्रस्‍ताव तैयार कर स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍तावित किये गये, उनमें से कितने कार्य स्‍वीकृत हुये, कितने कार्य किस कारण से लंबित हैं? लंबित प्रस्‍तावों की स्‍वीकृत हेतु क्‍या प्रयास किये गये? (ख) उक्‍त अवधि में कौन-कौन से कितनी-कितनी लागत के निर्माण कार्य पूर्ण किये गये? इनमें घटिया निर्माण कार्य संबंधी शिकायतों का क्‍या निराकरण किया गया? (ग) अपूर्ण कार्यों के पूर्ण न होने पाने के क्‍या कारण हैं? इन कार्यों को कब तक पूर्ण किया जाना था? समय-सीमा में कार्य न होने के लिये कौन जिम्‍मेदार है? पूर्ण और निर्माणाधीन कार्यों का कब-कब, किस-किसके द्वारा निरीक्षण किया गया? (घ) धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र से संबंधित महत्‍वपूर्ण लंबित प्रस्‍तावों को जनहित में कब तक स्‍वीकृत कर निर्माण कार्य कराया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र की एक मात्र सड़क नागदा-धार-गुजरी मार्ग के कि.मी. 100 से 139.2 का भाग आता है। धार गुजरी मार्ग की स्‍वीकृति म.प्र. शासन लो.नि.वि. भोपाल द्वारा दिनांक 09.06.2015 को रूपये 255.28 करोड़ की जारी की गई है। उक्‍त मार्ग ई.पी.सी. पद्धति के अंतर्गत अनुबंध किया जाकर 24 माह में पूर्ण करने हेतु कार्य मेसर्स प्रकाश एस्‍फाल्टिंग एण्‍ड टोजवेज महू को सौंपा गया है। ठेकेदार द्वारा दिनांक 19.08.2015 से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस मार्ग के अतिरिक्‍त धरमपुरी विधानसभा के अंतर्गत निम्‍न दो सडके ए.डी.बी. योजना के अंतर्गत प्रस्‍तावित है, जिनकी डी.पी.आर. तैयार की जा रही है। (1) धरमपुरी-तारा मण्‍डल मुख्‍य जिला मार्ग (2) मनावर-कालिबाडी धामनोद मुख्‍य जिला मार्ग। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसारपुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत कार्य अनुबंधित अवधि में प्रगतिरत् है। (घ) प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन होने से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

इनडोर स्‍टेडियम का निर्माण

11. ( क्र. 352 ) श्री कैलाश चावला : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन के खेल विभाग द्वारा प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में एक इनडोर स्‍टेडियम निर्माण करने हेतु निर्णय लिया गया है? (ख) क्‍या उक्‍त निर्णय के प्रकाश में मनासा विधानसभा क्षेत्र में जिलाधीश द्वारा आवश्‍यक भूमि का आवंटन भी किया जा चुका है? (ग) स्‍टेडियम निर्माण हेतु बजट का आवंटन न होने से निविदा आमंत्रित करने का कार्य भी विभाग द्वारा नहीं किया जा रहा है, इस हेतु विभाग द्वारा बजट का आवंटन कब तक कर दिया जावेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं, अपितु भारत सरकार द्वारा राजीव गांधी खेल अभियान योजनान्तर्गत प्रत्येक विकासखण्ड में इण्डोर स्टेडियम बनाये जाने की योजना है, परंतु इण्डोर खेल परिसर के निर्माण की योजना को भारत सरकार के पत्र क्र. 30 - 01/एमवाईएएस/आरजीकेए/2015/6419/6428, दिनांक 05.11.2015 द्वारा योजना की पुनः समीक्षा के कारण स्थगित रखा गया है। (ख) जी हाँ। (ग) प्रश्नोत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

औद्योगिक क्षेत्र रिछाई में जलभराव

12. ( क्र. 392 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या औद्योगिक क्षेत्र रिछाई, जिला जबलपुर में उद्योगों के लिए आवंटित की गई भूमि के चारों तरफ बाउण्‍ड्रीवॉल बनाई गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या इस क्षेत्र के रहवासी क्षेत्र में बारिश के समय जलभराव होता है? क्‍या जल प्‍लावन से क्षेत्र में निवासरत परिवारों को भारी समस्‍या का सामना करना पड़ता है? (ग) यदि हाँ, तो क्षेत्र के पानी निकासी हेतु क्‍या व्‍यवस्‍था कब तक बनाई जायेंगी?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। (ख) जबलपुर जिले में स्थित औद्योगिक क्षेत्र रिछाई के अंतर्गत रहवासी क्षेत्र नहीं है। (ग) औद्योगिक क्षेत्र रिछाई में जल निकासी हेतु नाले/नालियों का निर्माण कार्य अपग्रेडेशन परियोजना के अंतर्गत औद्योगिक केन्‍द्र विकास निगम जबलपुर द्वारा किया जा रहा है। उक्‍त कार्य मार्च 2016 तक पूर्ण होने की संभावना है।

शासकीय मंदिरों का जीर्णोद्धार

13. ( क्र. 410 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नागदा खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कितने शासकीय एवं कितने अशासकीय मंदिर निर्मित हैं? (ख) शासकीय मंदिरों के जीर्णोद्धार को शासन द्वारा क्‍या योजना बनाई गई है? (ग) इन मंदिरों का कब तक जीर्णोद्धार कर लिया जावेगा? कितने शासकीय मंदिरों के जीर्णोद्धार के प्रस्‍ताव विचाराधीन है? (घ) नागदा शहर के जूना नागदा स्थित महाभारत कालिन टेकरी को संरक्षित धरोहर घोषित करने की क्‍या कार्यवाही प्रचलित है? इसे कब तक संरक्षित धरोहर घोषित किया जावेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) नागदा खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में कुल 48 शासकीय मंदिर है तथा अशासकीय मंदिरों का सर्वे किया जा रहा है। (ख) नागदा के 02 शासकीय मंदिर एवं खाचरौद के 04 शासकीय मंदिरों 1. श्री चारभुजानाथ मंदिर ग्राम मडावदा 2. श्री रामजानकी मंदिर ग्राम घिनोदा 3. श्री भगवान राधाकृष्‍ण मंदिर ग्राम उमरना एवं 4. श्री राम मंदिर खाचरौद के जीर्णोद्धार हेतु राशि स्‍वीकृत की गई है निर्माण कार्य प्रगति पर है। (ग) शासन द्वारा स्‍वीकृत 4 मंदिरों का जीर्णोद्धार कार्य का प्रचलित है निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैा शेष प्रस्‍ताव विचाराधीन है। (घ) जी नहीं। 

शासकीय कन्‍या महाविद्यालय की स्‍वीकृति

14. ( क्र. 430 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा शहर में पूर्व में मा.मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा उपरांत कन्‍या महाविद्यालय स्‍वीकृत किया गया था? (ख) क्‍या कन्‍या महाविद्यालय को भूमि आवंटन कर दी गई है? अगर भूमि आ‍वंटित हो गई है तो भवन निर्माण की स्‍वीकृति कब तक हो जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। कार्यालयीन पत्र क्रमांक 2028/49/आउशि/निर्माण/14 दिनांक 28.12.2015 द्वारा प्राचार्य से भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव मंगाया गया है।

स्‍टेट हाईवे-45, चौराई एवं नदीगांव मार्ग का निर्माण

15. ( क्र. 449 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में सेवढ़ा-चौराई नदीगांव मार्ग के निर्माण का कार्य किस एजेन्‍सी को दिया गया है एवं कितनी राशि स्‍वीकृत की गई एवं निर्माण एजेन्‍सी द्वारा अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं कराए जाने पर, संबंधित एजेन्‍सी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जाएगी? क्‍या 31 मार्च 2016 तक कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा? (ख) सेवढ़ा-चौरई नदीगांव मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से आवागमन उपलब्‍ध कराने हेतु मरम्‍मत कार्य कब तक पूर्ण कराया जाएगा? समयावधि बताएं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) निर्माण एजेन्‍सी मेसर्स सी.एम.एम. इन्‍फ्रा प्रोजेक्‍ट लि. एवं मे. के.ती. कंस्‍ट्रक्‍शन लि. (जे.वी.) इन्‍दौर। यह कार्य नरवर-सतनवाड़ा मार्ग के साथ संयुक्‍त रूप से स्‍वीकृत हुआ है जिसकी लागत रू. 72.11 करोड़ है। अनुबंधित अवधि में कार्य प्रगति पर है अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं, अनुबंधानुसार कार्य पूर्णता की तिथि 03.11.2017 है। यह कार्य 03.11.2017 तक पूर्ण होना है। अत: संबंधित एजेन्‍सी के विरूद्ध अभी कार्यवाही नहीं की जा सकती। यह कार्य 31.03.2016 तक पूर्ण नहीं हो सकता। (ख) सेवढ़ा-चौरई-नदीगांव मार्ग के समस्‍त गड्ढे निर्माण एजेन्‍सी द्वारा अनुबंधानुसार भरा दिये गये है एवं मार्ग पर आवागमन निर्वाध गति से चल रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

डिण्‍डौरी जिले के मार्गों का बजट प्रस्‍ताव

16. ( क्र. 561 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डिण्‍डौरी जिले के शहपुरा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2013-14, 2014-15, 15-16 में बजट में शामिल करने हेतु, लोक निर्माण विभाग भोपाल में किन-किन मार्गों के प्रस्‍ताव प्राक्‍कलन सहित, डामरीकरण हेतु भेजे गये हैं? (ख) विधायक शहपुरा द्वारा, कलेक्‍टर डिण्‍डौरी, कार्यपालन यंत्री लो.नि. विभाग डिण्‍डौरी को विधान सभा क्षेत्र शहपुरा के अंतर्गत डामरीकरण मार्ग निर्माण हेतु दिए गए आवेदन पत्र पर क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) ग्राम बड़झर ददरा से कुटर्रइ मार्ग वि.ख. शहपुरा का डामरीकरण किस मद से किस ठेकेदार द्वारा कराया गया, गारंटी पीरियड तक मार्ग की क्‍या स्थिति है? (घ) क्‍या मार्ग पर 7-8 वर्ष पूर्व कराये गये WBM मार्ग पर डामरीकरण किया गया है, क्‍या यह नियमानुसार है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) माननीय विधायक श्री ओमप्रकाश धुर्वे विधायक शाहपुरा जिला डिण्‍डौरी का आवेदन पत्र कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग डिण्‍डौरी को प्राप्‍त नहीं हुआ। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) ग्राम बडझर ददरा से कुटरई मार्ग विकासखण्‍ड शाहपुरा का डामरीकरण कार्य वार्षिक संधारण मद से श्री सुरेश राय ठेकेदार बिछिया (शाहपुरा) द्वारा कराया गया है। जिसकी गारंटी पीरियड दिनांक 30.06.2017 तक है। मार्ग की स्थिति संतोषप्रद है। (घ) जी हाँ। जी हाँ।

परिशिष्ट ''ग्यारह''

सांवेर-क्षिप्रा मार्ग निर्माण में अनियमितता

17. ( क्र. 621 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांवेर-क्षिप्रा सड़क का कार्य किस कम्‍पनी को दिया गया है? क्‍या कम्‍पनी द्वारा खराब कार्यों की शिकायत प्राप्‍त हुई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या निर्माणाधीन कम्‍पनी द्वारा घटिया कार्य किये जाने पर सम्‍बंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या सम्‍बंधित ठेकेदार द्वारा घटिया कार्य करने पर विभागीय अधिकारियों की संलिप्‍तता पाई गई है? क्‍या अधिकारियों द्वारा रोड निर्माण का समय-समय पर मौका निरीक्षण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कम्‍पनी द्वारा घटिया निर्माण की जाँच अधिकारियों द्वारा क्‍यों नहीं की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) सांवेर-क्षिप्रा सड़क का निर्माण कार्य एडीबी-IV योजना के अंतर्गत अनुबंध क्रं. 148/2015, दिनांक 07.08.2015 द्वारा मेसर्स रंजित बिल्‍डकॉन लि अहमदाबाद को 21 माह में पूर्ण करने हेतु सौंपा गया है। इस मार्ग के कार्य के संबंध में नई-दुनिया समाचार पत्र के माध्‍यम से शिकायत प्रकाशित हुई थी। उक्‍त बिन्‍दुओं की जाँच सुपरविजन कन्‍सलटेंट द्वारा की गई व उक्‍त कार्य गुणवत्‍तापूर्ण पाया गया। (ख) कंपनी द्वारा कार्य निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार किया जा रहा है, अत: कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) जी नहीं। कार्य अंर्तराष्‍ट्रीय कन्‍सलटेन्‍सी के इंजीनियरों की देख-रेख एवं निर्देशन में गुणवत्‍तापूर्ण किया जा रहा है। विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारी एवं संभाग स्‍तर के इंजीनियरों द्वारा भी समय-समय पर कार्य की गुणवत्‍ता हेतु सतत् निरीक्षण एवं परीक्षण किया जाता है। ऐसी स्थिति में घटिया कार्य करने एवं जाँच का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

पांढुर्णा नगर में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्‍वीकृत

18. ( क्र. 872 ) श्री जतन उईके : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र पांढुर्णा के आसपास आने वाले तीन सौ चार गांव सहित मोहखेड, सौंसर सहित किसी भी स्‍थान पर इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं है? (ख) क्‍या पिछले कई वर्षों से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, जनता, छात्र-छात्राओं द्वारा पांढुर्णा नगर में इंजीनियरिंग कॉलेज की मांग लगातार की जा रही है? (ग) क्‍या वंचित क्षेत्र एवं आस-पास के क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं की उच्‍च शिक्षा हेतु इंजीनियरिंग कॉलेज पांढुर्णा नगर में प्रारंभ किये जाने की कोई कार्ययोजना पर शासन द्वारा स्‍वीकृति की कार्यवाही की गई/की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) पांढुर्णा में कोई इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं हैं। (ख) जी नहीं। (ग) इस प्रकार का कोई प्रस्‍ताव नहीं हैं।

खेल मैदान का निर्माण

19. ( क्र. 876 ) श्री जतन उईके : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या आगामी दो वर्षों में शासन की प्रदेश के तहसील मुख्‍यालयों पर खेल मैदान स्‍टेडियमों का निर्माण की कोई योजना प्रस्‍तावित है? (ख) यदि हाँ, तो छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किस स्‍थान पर इसका निर्माण एवं स्‍थापना के लिए स्‍वीकृति प्रदान की गई है? कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

बायपास रोड निर्माण

20. ( क्र. 1039 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के ब्‍यौहारी शहर से होकर रीवा-शहडोल मुख्‍य मार्ग है जहां अत्‍यन्‍त संकीर्णता होने के कारण आवागमन एवं परिवहन व्‍यवस्‍था बाधित होती है? (ख) क्‍या यह मार्ग राष्‍ट्रीय मार्ग घोषित हो चुका है जिसमें निकट भविष्‍य में यातायात बढ़ने की संभावना है और फोरलेन सड़क बनना प्रस्‍तावित है? (ग) यदि उक्‍त कार्य प्रस्‍तावित है तो उक्‍त सड़क के दोनों तरफ आवासीय एवं व्‍यवसायी प्रतिष्‍ठान होने के कारण सड़क में अत्‍यंत संकीर्णता होने के कारण ब्‍यौहारी शहर के बाहर जन सामान्‍य की सुविधा की दृष्टि से बायपास सड़क का निर्माण कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। यहाँ अतिक्रमण होने के कारण आवागमन एवं परिवहन व्‍यवस्‍था बाधित होती है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अवन्तिपुर बड़ोदिया गरीबनाथ धाम पर विकास कार्य

21. ( क्र. 1132 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शाजापुर जिले के अवंतीपुर बड़ोदिया में बाबा गरीबनाथ समाधि स्‍थल पर प्रतिवर्ष मेला लगता है, जिसमें लगभग 1 लाख श्रद्धालु समाधि स्‍थल पर एकत्रित होते है, क्‍या इस ऐतिहासिक समाधि स्‍थल पर श्रद्धालुओं के ठहरने, प्रसाधन व पीने के पानी की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था है? क्‍या इसके विकास एवं सुविधाओं के लिए पूर्व में कभी राशि आवंटित की गई? यदि हाँ, तो किस-किस कार्य के लिए कितनी-कितनी राशि कब-कब दी गई? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍थल पर श्रद्धालुओं के लिए मूलभू‍त सुविधाएं जैसे ठहरने के लिये आवास, पेयजल, प्रसाधन, सत्‍संग हॉल, पार्क, रोड एवं नाली इत्‍यादि के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव तैयार किए गए है? यदि हाँ, तो उपरोक्‍त में से किस-किस कार्य के कितनी-कितनी राशि के प्राक्‍कलन तैयार किये गये है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित विकास कार्यों को प्राक्‍कलन के अनुसार स्‍वीकृत किया जावेगा यदि हाँ, तो कब तक?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। मेला अवधि में प्रतिदिन 10 से 15 हजार व्‍यक्ति मेले मे आते-जाते है तथा ग्राम पंचायत द्वारा ठहरने प्रसाधन एवं पेयजल की व्‍यवस्‍था की जाती है। (ख) प्रस्‍ताव तैयार किये जा रहे है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कालिदास कन्‍या महाविद्यालय का निर्माण

22. ( क्र. 1268 ) डॉ. मोहन यादव : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन नगर में कालिदास कन्‍या महाविद्यालय के भवन निर्माण का भूमि पूजन कब एवं किसके द्वारा किया गया था? (ख) उक्‍त भवन निर्माण के संबंध में जारी निविदा विज्ञप्ति डी.पी.आर. अनुबंध की प्रति उपलब्‍ध करावें? अनुबंध उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण हो जाना था? (ग) प्रश्‍नांश (ख) की जानकारी अनुसार क्‍या संबंधित ठेकेदार द्वारा निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करते हुए अनुबंध की शर्तों का उल्‍लंघन किया गया है? यदि हाँ, तो ठेकेदार के विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई है तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं? दोषियों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) शासकीय कालीदास कन्या महाविद्यालय, उज्जैन के भवन निर्माण का भूमि पूजन दिनांक 29.06.2010 को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा किया गया। (ख) निविदा विज्ञप्ति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर, डी.पी.आर. पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर एवं अनुबंध पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स पर है। कार्य 18 माह दिनांक 23.04.2015 तक पूर्ण होना था। (ग) जी नहीं। भवन निर्माण हेतु आवंटित राशि निर्माण एजेंसी, लोक निर्माण विभाग के अन्य मांग संख्या में हस्तांतरित हो जाने के कारण ठेकेदार को समय पर राशि उपलब्ध न होने से कार्य बाधित हुआ। शेष प्रश्नांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

फ्रीगंज ओव्‍हर ब्रिज निर्माण

23. ( क्र. 1269 ) डॉ. मोहन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंहस्‍थ 2016 के मद्देनजर फ्रीगंज ओव्‍हर ब्रिज निर्माण के संबंध किन-किन की शिकायतें प्राप्‍त हुई उक्‍त ब्रिज का निर्माण कार्य किस कारण से रोक दिया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) की जानकारी अनुसार क्‍या उक्‍त ब्रिज का निर्माण निर्धारित समयावधि में सिंहस्‍थ के पूर्व पूर्ण कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बतावें? यदि प्रक्रिया दूषित होने के कारण निर्माण पर रोक लगाई गई है, तो ठेकेदार को किये गये एवं किये जाने वाले भुगतान एवं कार्य पूर्ण नहीं होने के लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) की जानकारी अनुसार यदि उक्‍त ब्रिज का निर्माण कार्य सिंहस्‍थ तक पूर्ण नहीं होता है तो नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही पूर्ण नहीं करते हुए निर्माण विज्ञप्ति प्रकाशित किये जाने के लिये कौन अधिकारी दोषी है, दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) सिंहस्थ-2016 के मद्देनजर फ्रीगंज ओव्हर ब्रिज निर्माण के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। माननीय हाई कोर्ट खण्डपीठ इन्दौर के द्वारा डब्ल्यू.पी. (पी.आई.एल.) 11019/2013 में पारित स्थगन आदेश दिनांक 05.12.2014 के कारण रोक दिया गया, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं! माननीय उच्च न्यायालय द्वारा म.प्र. सड़क विकास निगम की कार्यवाही को दिनांक 05.12.2014 द्वारा जारी आदेश द्वारा स्थगित किया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित स्थगनादेश के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली में अपील क्र. एस.एल.पी. नं. 16455/2015 प्रस्तुत की गई। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 06.07.2015 में पारित आदेश द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के स्थगनादेश को स्थगित कर दिया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। चूंकि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जारी स्थगनादेश दिनांक 05.12.2014 से 06.07.2015 तक प्रभावशील रहा, अतः निविदाकार द्वारा निविदा की शर्तों के अनुरूप अपनी बिड सीक्यूरिटी वापिस ले ली एवं कार्यादेश जारी नहीं हो सका। जुलाई-2015 से सिंहस्थ प्रारम्भ अप्रैल-2016 तक मात्र 9 माह का समय शेष रहने के कारण पुनः निविदा आमंत्रित की जाकर सिंहस्थ पूर्व ब्रिज निर्माण संभव न होने के कारण आगामी कोई कार्यवाही नहीं की गई। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वैधानिक कार्यवाही पूर्ण की गई। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिनांक. 06.07.2015 को पारित आदेश द्वारा उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर के स्थगन आदेश को स्थगित कर दिया जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नवीन पुल निर्माण की स्‍वीकृति

24. ( क्र. 1499 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत तलावदा-आवनी मार्ग पर बागर नदी के रपटे पर नवीन पुल निर्माण हेतु विस्‍तृत सर्वे कराने के उपरांत डी.पी.आर. तैयार करने की कार्यवाही की जानकारी मुख्‍य अभियंता सेतु भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक-5552, दिनांक 06.12.2015 द्वारा प्रश्‍नकर्ता को दी गई है? यदि हाँ, तो क्‍या डी.पी.आर. तैयार कर ली गई है? (ख) क्‍या उक्‍त रपटे पर वर्षाकाल में चम्‍बल नदी में बाढ़ आ जाने पर प्रतिवर्ष कई-कई फिट पानी कई-कई दिनों तक बहने, रपटे के दोनों ओर विद्यमान ग्रामों का संपर्क टूट जाने एवं यातायात अवरूद्ध हो जाने के तथ्‍य को प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या-36 (क्रमांक-1210) दिनांक 03.3.2015 के प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में स्‍वीकारा भी है? तो क्‍या शासन उक्‍त समस्‍या के समाधान हेतु बागर नदी के रपटे पर नवीन पुल के निर्माण कार्य को वर्ष 2016-17 के वार्षिक बजट में शामिल करके इस कार्य की डी.पी.आर. तैयार कराकर, इसकी शीघ्र प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, कार्यवाही प्रगति पर है। (ख) जी हाँ। डी.पी.आर. तैयार की जा रही है। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नवीन औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करना

25. ( क्र. 1500 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) श्‍योपुर जिला मुख्‍यालय पर बायपास रोड के समीप नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु कितनी भूमि आरक्षित की? इसकी अनुमति हेतु उद्योग विभाग द्वारा पर्यावरण विभाग को प्रस्‍ताव कब भेजा? (ख) उक्‍त प्रस्‍ताव भेजने के उपरांत आरक्षित भूमि की अनुमति प्राप्ति हेतु उद्योग विभाग द्वारा वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई इस हेतु पर्यावरण विभाग को कब कब पत्र लिखे? (ग) क्‍या पर्यावरण विभाग की अनुमति अप्राप्‍त होने के कारण वर्तमान तक जिले में आरक्षित भू‍मि के आवंटन की तथा औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने सहित उद्योग विभाग में वर्तमान तक लंबित पड़े दर्जनों उद्यमियों के आवेदनों पर भी कोई कार्यवाही संभव नहीं हो पा रही है नतीजन जिले का औद्योगिक विकास पूरी तरह से ठप्‍प पड़ा है? (घ) यदि हाँ, तो इस हेतु कौन उत्‍तरदायी है, के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? अब कब तक उद्योग विभाग द्वारा पर्यावरण विभाग से अनुमति प्राप्‍त करके जिले में आरक्षित भूमि के आवंटन व औद्योगिक क्षेत्र के विकास की कार्यवाही को कब तक पूर्ण करके इसे विकसित कर दिया जावेगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) श्‍योपुर जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने हेतु श्‍योपुर मुख्‍यालय पर बायपास रोड के समीप श्‍योपुर कस्‍बे की 48.964 हेक्‍टेयर भूमि आरक्षित की गयी है। उक्‍त भूमि को औद्योगिक प्रयोजन में परिवर्तित किये जाने की अनुमति हेतु प्रमुख सचिव, वाणिज्‍य, उद्योग और रोजगार विभाग, मंत्रालय भोपाल द्वारा प्रमुख सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग को दिनांक 09.10.2013 को प्रस्‍ताव प्रेषित किया गया। (ख) उक्‍त प्रस्‍ताव भेजने के उपरांत कलेक्‍टर श्‍योपुर के माध्‍यम से पृष्‍ठाकंन पत्र दिनांक 28.12.2013 पत्र दिनांक 17.11.2015 अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 1124, दिनांक 18.02.2016 तथा उद्योग आयुक्‍त द्वारा दिनांक 19.02.2016 से प्रमुख सचिव, मध्‍यप्रदेश शासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंत्रालय, भोपाल को पत्र लिखे गये। (ग) एवं (घ) जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र, श्‍योपुर कार्यालय में प्रश्‍नगत भूमि में भूमि आवंटन हेतु उद्यमियों के निर्धारित प्रारूप पर कोई आवेदन लंबित नहीं है। आवास एवं पर्यावरण विभाग से औद्योगिक प्रयोजन की अनुमति प्राप्‍त होने के पश्‍चात भूमि को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की कार्यवाही आवश्‍यकता/मांग अनुसार की जावेगी।

मंदिरों का जीर्णोद्धार

26. ( क्र. 1851 ) श्री मुकेश नायक : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पन्‍ना जिले में कुल कितने ऐसे मंदिर हैं, जिनका प्रबंध धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व विभाग के द्वारा किया जाता है? (ख) इन मंदिरों से वर्ष 2014-2015 और 2015 में दिसम्‍बर माह तक कुल कितनी आय हुई और इनके रख-रखाव तथा जीर्णोद्धार कार्यों पर कितना धन खर्च हुआ है? (ग) धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये पन्‍ना जिले में शासन के प्रयासों की जानकारी भी दीजिए?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है। 

राखी बुजुर्ग में सुसरी नदी पर पुल निर्माण

27. ( क्र. 1895 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राखी बुजुर्ग में सुसरी नदी पर पुल कब स्‍वीकृत हुआ है? इसके निर्माण हेतु कितनी राशि की स्‍वीकृति हुई थी तथा इसकी निर्माण एजेंसी क्‍या थी? (ख) क्‍या यह पुल रू. 150 करोड़ का स्‍वीकृत होकर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के द्वारा कार्य किया था? यदि हाँ, तो क्‍या कार्य अपूर्ण है? कब तक पूर्ण हो जावेगा? (ग) क्‍या इस पुल के नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियां हो रही है? यदि हाँ, तो क्‍या वर्षाकाल हेतु कोई वैकल्पिक व्‍यवस्‍था है? यदि हाँ, तो क्‍या?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन पुल ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा निर्मित किया जा रहा है। उनसे प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार।

परिशिष्ट ''बारह''

मेन्‍टेनेन्‍स नहीं कराये जाने पर देय पेनाल्‍टी की जानकारी

28. ( क्र. 1946 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर संभाग में म.प्र. रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन के साथ हुये अनुबंधों के आधार पर किस-किस स्‍थान पर कितने मिलोमीटर लंबे बी.ओ.टी. के प्रोजेक्‍ट प्रश्‍नतिथि तक चल रहे हैं? सड़कवार/किलोमीटरवार/बी.ओ.टी. की कंपनीवार दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍थानों पर एम.पी.आर.डी.सी. के साथ किन-किन निजी कंपनियों के द्वारा सड़कों के मेन्‍टेनेंस हेतु क्‍या-क्‍या अनुबंध किये हैं? सड़कों का मेन्‍टेनेंस कब-कब तयशुदा समय-सीमा में कराया जाना अत्‍यावश्‍यक है? कब-कब किस रोड का मेन्‍टेनेंस कराया गया? (ग) क्‍या बी.ओ.टी. के मार्गों का मेन्‍टेनेंस उक्‍त कंपनियों के द्वारा अनुबंधों के आधार पर समय-समय पर न करने पर सभी मार्गों में सड़कों के खराब हो जाने पर आमजन को परेशानी होती है? (घ) क्‍या अनुबंध के आधार पर बी.ओ.टी. कंपनियों को मेन्‍टेनेंस का कार्य समय-समय पर नहीं करने पर पेनाल्‍टी निर्धारित की जाती है? 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक किस-किस कंपनी पर कितनी पेनाल्‍टी रख-रखाव नहीं करने पर ली गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत किये गये अनुबंध, स्‍थान कि.मी.वार कम्‍पनीवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार अनुबंध के शेड्यूल 'के' एवं 'एम' अनुसार, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। मार्ग के मेन्‍टेनेन्‍स एक सतत् एवं नियमित प्रक्रिया है जो वर्षभर निरन्‍तर चलती रहती है। (ग) जी नहीं। बी.ओ.टी. मार्गों पर संधारण नियमिति हो रहा है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। मेन्‍टेनेंस नहीं करने पर पेनाल्‍टी का अनुबंध में प्रावधान है, परन्‍तु प्रश्‍नांकित मार्गों पर मेन्‍टेनेंस का कार्य करवाया गया है अत: पेनाल्‍टी का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

मेन्‍टेनेंस न कराने पर लगी पेनाल्‍टी की जानकारी

29. ( क्र. 1948 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में म.प्र. रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन के साथ हुये अनुबंधों के आधार पर किस-किस स्‍थान पर कितने मिलोमीटर लंबे बी.ओ.टी. के प्रोजेक्‍ट प्रश्‍नतिथि तक चल रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित स्‍थानों पर एम.पी.आर.डी.सी. के साथ किन-किन निजी कंपनियों के द्वारा सड़कों के मेन्‍टेनेंस हेतु क्‍या-क्‍या अनुबंध किये हैं? सड़कों का मेन्‍टेनेंस कब-कब तयशुदा समय-सीमा में कराया जाना आवश्‍यक है? कब-कब किस रोड का मेन्‍टेनेंस कराया गया? (ग) क्‍या बी.ओ.टी. के मार्गों का मेन्‍टेनेंस उक्‍त कंपनियों के द्वारा अनुबंधों के आधार पर समय-समय पर न करने पर सभी मार्गों में सड़कों के खराब हो जाने पर आमजन को परेशानी होती है? (घ) क्‍या अनुबंध के आधार पर बी.ओ.टी. कंपनियों को मेन्‍टेनेंस के कार्य समय-समय पर नहीं करने पर पेनाल्‍टी निर्धारित की जाती है? 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक किस-किस कंपनी पर कितनी पेनाल्‍टी रख-रखाव नहीं करने पर ली गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। सड़कों के मेन्‍टेनेंस का दायित्‍व निवेशकर्ता कम्‍पनी का है। सड़कों के मेन्‍टेनेंस अनुबंध में दिये गये प्रावधान ऑपरेशन/मेन्‍टेनेंस के अनुसार कार्य कराया जाना आवश्‍यक है। मेन्‍टेनेंस कार्य निवेशकर्ता कम्‍पनी द्वारा एक निरंतर प्रक्रिया के तहत वर्षभर किया जाता है। (ग) जी नहीं। निवेशकर्ता कम्‍पनी के द्वारा अनुबंधानुसार सड़कों का मेन्‍टेनेंस समय-समय पर कराया जाता है। शेष का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (घ) जी हाँ। प्रावधान है परन्‍तु इन सड़कों पर रख-रखाव करवाया गया है अत: पेनाल्‍टी का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

परिशिष्ट ''तेरह''

 

इंदौर अहमदाबाद बाय-पास रोड निर्माण

30. ( क्र. 2249 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले अंतर्गत इंदौर अहमदाबाद बाय-पास फूलमाल फाटक से देवझीरी तक सी.सी. रोड निर्माण की स्‍वीकृति दी गई है? (ख) यदि हाँ, तो नेशनल हाईवे से कब तक लोक निर्माण विभाग को हस्‍तांतरित करने की कार्यवाही पूर्ण की जावेगी? (ग) यदि उक्‍त बाय-पास निर्माण का हस्‍तांतरण नहीं होता है तो उक्‍त फूलमाल फाटक से देवझीरी तक रोड जो कि पूरा उखड़ गया है की मरम्‍मत का कार्य किया जावेगा? (घ) यदि उक्‍त रोड का मरम्‍मत कार्य किया जावेगा तो कब तक किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) भा.रा.रा.प्रा. से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) भा.रा.रा.प्रा. से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) भा.रा.रा.प्रा. से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''चौदह''

सिंध नदी के पुल की मरम्‍मत

31. ( क्र. 2268 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या डबरा के पास ग्‍वालियर झांसी मार्ग पर बने सिंध नदी के पुल की जर्जर हालत होती जा रही है? इसकी मरम्‍मत की जिम्‍मेदार पी.डब्‍लू.डी. की है? क्‍या इसकी मरम्‍मत हेतु कोई कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (ख) क्‍या नवीन पुल निर्माण की योजना है या नहीं यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन मार्ग के पुल निर्माण का कार्य विभाग के कार्यक्षेत्र अंतर्गत न होकर भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है, प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''पंद्रह''

ग्‍वालियर झांसी मार्ग पर बने रामगढ़ पुल का निर्माण

32. ( क्र. 2269 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या डबरा में ग्‍वालियर झांसी मार्ग पर बना रामगढ़ पुल काफी सकरा और क्षतिग्रस्‍त होने के कारण आये दिन रोड पर जाम लग रहा है और आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है? इनको रोकने के लिए तथा पुल को चौड़ा करने के लिए क्‍या कोई कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) पुल के स्‍थान पर नवीन पुल निर्माण का प्रस्‍ताव विभाग द्वारा दिया गया है यदि नहीं, तो इस जर्जर पुल के क्षतिग्रस्‍त होने पर शासन की क्‍या योजना है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन मार्ग के पुल निर्माण का कार्य विभाग के कार्यक्षेत्र अंतर्गत न होकर भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है। प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

सड़कों/पुलों/ भवनों का रख-रखाव

33. ( क्र. 2355 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत दो वर्षों में सरकार द्वारा लोक निर्माण विभाग रायसेन को सड़कों, पुलों, भवनों इत्‍यादि के रख-रखाव हेतु कितनी धन‍राशि उपलब्‍ध करवाई गई? (ख) आज दिनांक तक इस धनराशि में से कितना व्‍यय कहाँ-कहाँ किया गया? (ग) प्रश्‍न दिनांक तक वर्षा, बाढ़ व अन्‍य प्राकृतिक आपदाओं से रायसेन जिले के अन्‍तर्गत किन-किन सड़कों को कितनी-कितनी धनराशि की क्षति हुई? सड़कवार ब्‍यौंरा दें? (घ) सरकार ने इन सड़कों की मरम्‍मत हेतु इस जिले को कितनी धनराशि कब-कब प्रदान की? व्‍यय की गई धनराशि का सड़कवार ब्‍यौरा दें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) बाढ़ एवं अन्‍य प्राकृतिक आपदाओं के मद में कोई राशि प्राप्‍त नहीं हुई अपितु जिन मार्गों पर क्षति हुई उनकी मरम्‍मत/सुधार कार्य संधारण मद में प्राप्‍त राशि से मरम्‍मत कराये गये संपूर्ण जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

सनावद खरगोन मार्ग एवं बायपास की स्‍वीकृति

34. ( क्र. 2531 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा खरगोन जिले के नगर सनावद से खरगोन जिला मुख्‍यालय को जोड़ने वाले मार्ग की स्‍वीकृति एवं निविदा कब जारी की गई? कितनी राशि स्‍वीकृत हुई है एवं कितने पुल पुलियाओं आदि की स्‍वीकृति हुई है? (ख) क्‍या उक्‍त मार्ग के रास्‍तें में कस्‍बा बडूद एवं बैडिया में बायपास की स्‍वीकृति के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा समय-समय पर प्रस्‍तुत प्रस्‍तावों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? क्‍या बायपास स्‍वीकृत होगा, यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताई जावे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) खरगोन जिले के नगर सनावद से खरगोन मुख्‍यालय को जोड़ने वाले मार्ग की स्‍वीकृति दिनांक 09.12.2014 के द्वारा राशि 122.60 करोड़ जारी की गई। कार्य निर्माण ए.डी.बी.-4 योजना में निविदा दिनांक 22.01.2015 को जारी की गई। इस मार्ग पर कुल 176 पुल पुलियाएं है, जिनमें से 42 पुल-पुलियाओं का नवनिर्माण एवं चौड़ीकरण डी.पी.आर. कंसलटेंट की सलाह पर किया जाना प्रस्‍तावित है। (ख) इस मार्ग के रास्‍ते में ग्राम बडूद एवं बैडिया में बायपास उपरोक्‍त स्‍वीकृत परियोजना के अंतर्गत नहीं है एवं न ही किया जाना है। अत: शेष प्रश्‍न का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

सड़क निर्माण

35. ( क्र. 2580 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिरमौर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बदरांव गौतमान से डीही तक 2 किमी मेन रोड मझियार से रीवा का निर्माण ठेके पर विभाग द्वारा कराया गया था? यदि हाँ, तो कार्य बीच में क्‍यों बंद कर दिया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के ही संदर्भ में क्‍या उक्‍त कार्य को विभाग द्वारा पुन: कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। निश्चित तिथि बताना संभव नहीं।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

जंगली सुअर/पशु द्वारा नागरिकों पर हमला कर गंभीर क्षति पहुंचाना

36. ( क्र. 2591 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जंगली सुअर/पशु द्वारा रहवासी क्षेत्र में घुसकर गंभीर क्षति पहुंचाने एवं प्राणघातक हमला करने पर विभाग द्वारा कितनी क्षतिपूर्ति एवं क्‍या सुविधा प्रदान की जाती है? इस संबंध में शासन के क्‍या आदेश है? (ख) क्‍या विभाग द्वारा जंगली सुअर/पशु द्वारा घायल करने पर तत्‍काल एक हजार रूपये की सहायता प्रदान की जाती है घायल व्‍यक्ति जितनी अवधि में चिकित्‍सालय में भर्ती रहते हैं एवं स्‍थायी विकलांगता होने पर उन्‍हें किसी भी प्रकार की सहायता विभाग द्वारा प्रदान नहीं की जाती है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन/विभाग चिकित्‍सालय में भर्ती रहने की अवधि में पति-पत्नी को उतनी अवधि की मजदूरी की राशि भुगतान करेगा एवं स्‍थायी रूप से विकलांग होने पर उसके जीवकोपार्जन हेतु जीवन की शेष अवधि के लिये निर्धारित राशि जीवकोपार्जन हेतु देगा? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 97/आर दिनांक 25.01.2016 के द्वारा वन मंडलाधिकारी होशंगाबाद को पत्र लिखा गया एवं इस पत्र की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव वन विभाग को दी गई? यदि हाँ, तो इस पत्र पर क्‍या कार्यवाही हुई? (ड.) क्‍या शासन सेन्‍चुरी क्षेत्र के पशु कृषि क्षेत्र/रहवासी क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें इस हेतु कोई स्‍थायी व्‍यवस्‍था करेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जंगली सुअर/पशु द्वारा गंभीर क्षति पहुंचाने एवं प्राणघातक हमला करने पर विभाग द्वारा क्षतिपूर्ति के प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। यह सही नहीं है कि घायल व्‍यक्ति जितनी अवधि में चिकित्‍सालय में भर्ती रहता है एवं उसके स्‍थायी विकलांगता की स्थिति में विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान नहीं की जाती है। वन्‍यप्राणियों से लोगों के घायल/स्‍थायी अपंग होने पर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाती है। (ग) वन्‍यप्र‍ाणियों से घायल/स्‍थायी अपंग होने पर प्रभावित व्‍यक्ति को पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाती है। चिकित्‍सालय में भर्ती रहने की अवधि में पति-पत्नी की मजदूरी की राशि का भुगतान अथवा विकलांग होने पर जीविकोपार्जन हेतु जीवन की शेष अवधि के लिए क्षतिपूर्ति राशि दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। (घ) जी हाँ। वन मंडलाधिकारी सामान्‍य वन मंडल होशंगाबाद के पत्र दिनांक 23.02.2016 द्वारा प्रश्‍नकर्ता को प्रकरण की वस्‍तुस्थिति से अवगत कराया है। (ड.) संरक्षित क्षेत्र पशु कृषि क्षेत्र/रहवासी क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें इस हेतु कोई स्‍थायी व्‍यवस्‍था किया जाना विचाराधीन नहीं है।

स्‍टेट हाईवे-45 एवं सेवढ़ा-चौरई नदीगांव मार्ग का निर्माण

37. ( क्र. 2621 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में स्‍टेट हाईवे-45 में लहार नगर के अंदर नाला निर्माण, पेवर ब्‍लॉक तथा विद्युतीकरण का कार्य कब तक पूर्ण किया जाएगा? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में सेवढ़ा-चौरई नदीगांव मार्ग का निर्माण कार्य कितनी लागत से किस एजेन्‍सी से कराया जा रहा है एवं अनुबंध अनुसार कितनी अवधि में कार्य पूर्ण किया जाना है? (ग) क्‍या गुणवत्‍ताहीन सामग्री उपयोग किए जाने से उक्‍त निर्माणाधीन मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त क्षतिग्रस्‍त मार्ग की मरम्‍मत कब तक कराई जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) स्‍टेट हाईवे क्रं. 45 में लहार नगर के अंदर नाला निर्माण, पेवर ब्‍लॉक एवं विद्युतीकरण का कार्य दिनांक 31 मार्च 2016 तक पूर्ण होने की संभावना है। (ख) सेवढ़ा-चौरई-नदीगाँव मार्ग का निर्माण कार्य नरवर-सतनवाड़ा मार्ग के साथ संयुक्‍त रूप से स्‍वीकृत हुआ है जिसकी लागत 72.11 करोड़ है। यह कार्य निर्माण एजेन्‍सी मेसर्स सी.एम.एम. इन्‍फ्रा लि. एवं मै. केटी कंस्‍ट्रक्‍शन लि. (जे.वी.) इन्‍दौर को प्रदाय किया गया है, इस कार्य की निर्माण अवधि 2 वर्ष है, जो दिनांक 03.11.2017 को समाप्‍त होगी। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पंजीकृत संस्‍थाओं की जानकारी

38. ( क्र. 2635 ) श्री विजय सिंह सोलंकी : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) फर्म एवं सोसायटी पंजीयन कार्यालय इंदौर अंतर्गत कितनी संस्‍थाएं पंजीकृत है कितनी क्रियाशील है कितनी अक्रियाशील है? कितनी संस्‍थाओं ने अपने ऑडिट नियमित रूप से संस्‍था में जमा कराये है? (ख) पंजीकृत संस्‍थाओं में से खरगोन जिले की संस्‍थाओं के नाम सहित सूची देवें? (ग) इंदौर कार्यालय में वर्ष 2015 में कितनी संस्‍थाओं की शिकायत प्राप्‍त हुई, कितनी शिकायतों का निराकरण हुआ तथा कितनी शिकायतें लंबित है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) कार्यालय सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं, इंदौर संभाग, इंदौर में कुल 21906 संस्थाएं पंजीकृत हैं। मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 में संस्थाओं के क्रियाशील अथवा अक्रियाशील होने संबंधी प्रावधान परिभाषित नहीं है। उक्त अधिनियम में संस्थाओं के आडिट नियमित रूप से संस्था में जमा कराये जाने का प्रावधान वर्णित नहीं है। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) मध्यप्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 की धारा 32 (2) में संस्थाओं के विरूद्ध शिकायत किये जाने का प्रावधान है। जिसके तहत् प्रश्नांकित अवधि में कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

खिलाडि़यों को प्रशिक्षण एवं खेल आयोजन

39. ( क्र. 2660 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जिला खेल एवं युवा कल्‍याण विभाग द्वारा प्रतिभावान खिलाडि़यों की पहचान कर प्रशिक्षण के पर्याप्‍त अवसर उपलब्‍ध कराने का लक्ष्‍य है? (ख) यदि हाँ, तो पनागर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में कितने खिलाडि़यों को प्रशिक्षण के अवसर उपलब्‍ध कराये हैं? (ग) क्‍या पनागर एवं बरेला में खेल आयोजन किये गये हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक के आयोजनों का विवरण देवें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। (ख) पनागर विधानसभा क्षेत्र में प्रतिवर्ष 1 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाता है। जिसके अंतर्गत वर्ष 2013-14 में 54 खिलाडि़यों, 2014-15 में 72 खिलाडि़यों, तथा वर्ष 2015-16 में 83 खिलाडि़यों, ने भाग लिया। (ग) जी हाँ। वर्ष 2013-14 से वर्ष 2015-16 में पनागर में ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। जिसके अंतर्गत कबड्डी व्हालीबाल, फुटबाल, हैण्डबाल, खो-खो, कराते खेलों का प्रशिक्षण शिविर प्रतिवर्ष 01 मई से 30 जून तक किया गया है।

लोक निर्माण विभाग के मार्गों का डामरीकरण

40. ( क्र. 2751 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाह/सनावद क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के अधीन कितने मार्ग हैं? इसमें से कितने मार्ग डामरीकृत हैं एवं कितने मार्ग गिट्टीकृत होकर डामरीकृत हेतु प्रस्‍तावित है? क्षेत्र के ग्राम बडूद से खुजरातखेड़ा, बासवा से गणेशपुरी, सनावद-खण्‍डवा रोड से खनगांवखेड़ी, नवोदय विद्यालय से घोसली, जगतपुरा से खामखेड़ा एवं लौंदी एवं पंचकोशी के लिये महत्‍वपूर्ण मार्ग नावघाटखेड़ी से कटघडा मार्ग को जोड़ने वाले मार्ग डामरीकरण के लिये शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत 1 वर्ष में क्षेत्र के जिन मार्गों के उन्‍नयन, डामरीकरण आदि के प्रस्‍ताव विभाग प्रमुख को प्रेषित किये गये हैं? उन पत्रों के परिप्रेक्ष्‍य में कितने मार्गों के उन्‍नयन, डामरीकरण के प्रस्‍ताव स्‍वीकृत किये हैं एवं कितने मार्ग के प्रस्‍ताव लंबित हैं, उसकी सूची दी जावे? क्‍या चित्रमोड-अँजरूद खॅडवाड़ा के मार्ग के घटिया निर्माण से मार्ग खराब होने से विभाग द्वारा ठेकेदार के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जा रही है? यदि कार्यवाही नहीं की जा रही है, तो कब तक की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) सनावद क्षेत्र की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत बड़वाह-सनावद क्षेत्र की निम्‍नलिखित सड़कें आती हैं:- (1) इन्‍दौर-खण्‍डवा राजमार्ग क्रमांक-27 (2) बडवाह-धामनोद राजमार्ग क्रं. 38 (3) सनावद-सुलगांव-पुनासा-मुंदी राजमार्ग क्रं. 41 (4) बड़वाह-काटकुट मुख्‍य जिला मार्ग (5) सनावद-खरगोन मुख्‍य जिला मार्ग उपरोक्‍त सभी मार्ग डामरीकृत है। प्रश्‍नांकित मार्गों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। विगत एक वर्ष में म.प्र. सड़क विकास निगम कार्यक्षेत्र की एक सड़क सनावद-खरगोन मार्ग के उन्‍नयन डामरीकरण का प्रस्‍ताव स्‍वीकृत होकर कार्यादेश जारी किये जाकर सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। चित्रमोड अँजरूद मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग द्वारा निर्मित किया गया है। शेष अँजरूद से खंगवाडा मार्ग लंबाई 2.00 कि.मी. विभाग के पास डामरीकृत मार्ग है। मार्ग वर्तमान में विभागीय संधारण में है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

नवीन शासकीय महाविद्यालय

41. ( क्र. 2797 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में विगत 05 वर्षों में कितने नवीन शासकीय महाविद्यालय कहाँ-कहाँ खोले गये है, सूची दें? (ख) उक्‍त शासकीय महाविद्यालयों में कितने नियमित सहायक प्राध्‍यापक/प्राध्‍यापक/प्राचार्य पदस्‍थ हैं, महाविद्यालयवार सूची, उपलब्‍ध करायें यह भी बतायें कितने महाविद्यालयों में सिर्फ अतिथि विद्वान ही पदस्‍थ है, कोई नियमित प्राध्‍यापक नहीं है? (ग) प्रदेश में कितने सहायक प्राध्‍यापक/प्राध्‍यापक/ प्राचार्य के पद रिक्‍त हैं? (घ) उक्‍त रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर ली जावेगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार। (ख) उक्त शासकीय महाविद्यालयों में 133 सहायक प्रध्यापक, 05 प्राध्यापक एवं 01 प्राचार्य पदस्थ है, महाविद्यालयवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-01 अनुसार। 09 नवीन शासकीय महाविद्यालयों हैं, जिनमें नियमित प्राध्यापक न होने से सिर्फ अतिथि विद्वानों के माध्यम से अध्यापन कार्य संचालित है, सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-02 अनुसार। (ग) प्रदेश में 2970 सहायक प्राध्यापक, 453 प्राध्यापक एवं 360 प्राचार्य के पद रिक्त पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार हैं। (घ) प्राध्यापक एवं प्राचार्यों के रिक्त पदों की पूर्ति पदोन्नति के माध्यम से होगी तथा सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग द्वारा दिनांक 19.02.2016 को विज्ञापन जारी किया गया है।

 

चॉकलेटों में गाय एवं सुअर की चर्बी मिलाने की जाँच

42. ( क्र. 2842 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल के मण्‍डीदीप क्षेत्र में जो वर्तमान में रायसेन औद्योगिक क्षेत्र है, इसमें केडबरीज, नेस्‍ले, डेयरी मिल्‍क चॉकलेट निर्माण की कितनी फैक्ट्रियां हैं एवं इसके संचालक कौन हैं? (ख) मण्‍डीदीप औद्योगिक क्षेत्र में केडबरीज, नेस्‍ले, डेयरी मिल्‍क चाकलेटों का निर्माण भोपाल एवं इंदौर के कितने कारखानों में पायी जाने वाली पशुओं की चर्बी खरीदकर किया जाता है? क्‍या सर्वाधिक गाय की चर्बी मिलायी जाती है? कितनी बार फैक्‍ट्री में चॉकलेट निर्माण का मटेरियल जप्‍त किया गया? (ग) क्‍या मण्‍डीदीप में राजेन्‍द्र पटेल एवं रोहण पटेल द्वारा केडबरीज, डेयरीमिल्‍क एवं नेस्‍ले चॉकलेट के निर्माण में गाय की चर्बी मिलाने की शिकायतें प्राप्‍त हुईं? पूर्व विधायक किशोर समरीते की शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गयी?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) चॉकलेट निर्माण की एक इकाई मेसर्स मेक्‍सन न्‍यूट्रीशन फूड इंडिया प्रा.लि. कार्यरत है जिसमें केडबरीज ब्रांड की चॉकलेट का निर्माण जॉब वर्क अन्‍तर्गत किया जाता है। इसके संचालक राजेन्‍द्र चन्‍द्रकांत पटेल है। (ख) इकाई द्वारा प्रस्‍तुत कार्ययोजना अनुसार उत्‍पादित चॉकलेट निर्माण में शुगर, तरल गुलकोज, आयुर्वेदिक एक्‍सटेक्‍ट फलेवरर्स, कलर साइंटिक एसिट इत्‍यादि का उपयोग किया जाता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा पिछले दो वर्षों में मेक्‍सन न्‍यूट्रीशन फूड इंडिया प्रा.लि. से 6 नमूने जाँच हेतु राज्‍य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गये थे। प्राप्‍त जाँच रिपोर्टों में खाद्य विश्‍लेषक द्वारा पशु अथवा गाय की चर्बी की पुष्टि नहीं की गई है। (ग) प्राप्‍त शिकायत के आधार पर दिनांक 24.02.2015 को मण्‍डीदीप स्थित कारखाने से चॉकलेट निर्माण में प्रयुक्‍त मटेरियल लो ट्रांस वनस्‍पति एवं वेजीटेबल फेट मिक्‍स (मेसो फेट) अवमानक पाये जाने के कारण उक्‍त प्रकरण माननीय सक्षम न्‍यायालय न्‍याय निर्णायक अधिकारी (अतिरिक्‍त जिला दण्‍डाधिकारी) जिला, रायसेन में विचाराधीन है।

म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा निर्मित उज्‍जैन-आगर रोड

43. ( क्र. 3000 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन आगर मार्ग पर टोल नाका कब से ठेके पर है तथा कब तक है? प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि वसूली की जा चुकी है एवं कितनी शेष है? इस राशि के द्वारा कब-कब, कितनी-कितनी लंबाई में मार्ग में सुधार कार्य किया गया है? (ख) ठेके की समयावधि में कितने मार्ग की मरम्‍मत की जानी थी तथा कितनी की गई? व्‍यय राशि बताई जावें? (ग) किस सामग्री द्वारा मार्ग का सुधार कार्य किया गया? इसका सत्‍यापन कब किस स्‍तर के अधिकारियों द्वारा किया गया? क्‍या उक्‍त मार्ग वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण है एवं साईट पटरी भी खराब हो चुकी है? उक्‍त मार्ग सिंहस्‍थ 2016 की दृष्टि से राजस्‍थान को जोड़ने का महत्‍वपूर्ण मार्ग है, उक्‍त मार्ग के सुदृढ़ीकरण एवं साईड की पटरी भरने की विभाग/शासन की क्‍या योजना है? (घ) क्‍या सिंहस्‍थ पूर्व इस मार्ग को सुदृढ़ीकरण एवं साईड की पटरी भरने का कार्य कर लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) दिनांक 19/05/2003 से 05/02/2017 तक। राशि 274.87 करोड़ की वसूली जा चुकी है। कंसेशन अवधि पूर्ण दिनांक तक वसूली जाना शेष है। अनुबंध अनुसार मार्ग के रख-रखाव एवं संधारण कार्य निवेशकर्ता कंपनी द्वारा एक निरंतर प्रक्रिया के तहत किया जाता है। अनुबंध में अलग से संधारण व्यय राशि के आंकलन का प्रावधान नहीं है। (ख) अनुबंध अनुसार मार्ग के रख-रखाव एवं संधारण कार्य निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा एक निरंतर प्रक्रिया के तहत किया जाता है। अनुबंध में अलग से संधारण व्यय राशि के आंकलन का प्रावधान नहीं है। (ग) मार्ग निर्माण में उपयोग की गई सामग्री संधारण के तकनीकी मापदण्डानुसार है। संधारण कार्य का सतत् पर्यवेक्षण एवं सत्यापन निगम के अधिकारियों के द्वारा किया जाता है। जी नहीं। मार्ग संतोषप्रद स्थिति में है। जी हाँ। उक्त मार्ग सिंहस्थ 2016 की दृष्टि से राजस्थान को जोड़ने का महत्वपूर्ण मार्ग है, उक्त मार्ग के सुदृढ़ीकरण करने की कोई योजना नहीं है। निवेशकर्ता कंपनी द्वारा साइड की पटरी भरने का कार्य एक निरंतर प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। (घ) सुदृढ़ीकरण करने की कोई योजना नहीं है एवं निवेशकर्ता कंपनी द्वारा साईड की पटरी भरने का कार्य एक निरंतर प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।

वनग्रामों में निवासियों को भू-अधिकार पत्र दिया जाना

44. ( क्र. 3112 ) श्री रामनिवास रावत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले की कराहल, विजयपुर एवं वीरपुर तहसील की 121 ग्राम पंचायतों के 321 ग्रामों में शासन की अधिसूचना क्र.3263 -दस-62 दिनांक 26/04/1962 से श्‍योपुर जिले के 44 वनग्रामों की बसाहट की भूमि प्रबंधन हेतु राजस्‍व विभाग को हस्‍तांतरित की गई है? यदि हाँ, तो इन 44 वन ग्रामों की सूची ग्रामवार आबादी सहित सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या वन चौकी ढेंगदा, वन परिक्षेत्र श्‍योपुर के वन चौकी प्रभारी श्री शेख बरकतउल्‍ला द्वारा ग्राम कलमी के निवासियों को दिनांक 29/10/2015 को वन भूमि की बेदखली हेतु भ.व.अ. 1927 की धारा 80 (अ) के अंतर्गत सूचना पत्र जारी किए गये थे? यदि हाँ, तो उक्‍त निवासी उक्‍त भूमि पर कब से काबिज हैं? क्‍या इस प्रकार के नोटिस दिए जाना वैधानिक है? यदि नहीं, तो संबंधित दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित 44 वनग्रामों की बसाहट भूमि को शीघ्र आबादी घोषित कर इन ग्रामों में बसे ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अथवा मुख्‍यमंत्री आवास योजनान्‍तर्गत भू-अधिकार पत्र/पक्‍के आवास उपलब्ध कराये जावेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) राजस्‍व विभाग को हस्‍तांतरित उक्‍त ग्रामों की बसाहट की वनभूमि के निर्वनीकरण हेतु प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए हैं। इन वनग्रामों में कुल 1260 पात्र दावेदारों को वन अधिकार पत्र आदिम जाति कल्‍याण विभाग द्वारा जारी किये गये हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के कॉलम-6 में दर्शित है। शेष अंश वन विभाग से संबंधित नहीं हैं।

परिशिष्ट ''अठारह''

लोक निर्माण संभाग श्‍योपुर अंतर्गत अनियमिताओं की प्राप्‍त शिकायतें

45. ( क्र. 3133 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोकायुक्‍त संगठन, म.प्र.में श्‍योपुर जिले में लोक निर्माण संभाग श्‍योपुर में निर्माण कार्यों में हुए भ्रष्‍टाचार व अनयमितताओं के प्रकरण कब से दर्ज हैं? उक्‍त प्रकरणों में जाँच की वर्तमान स्थिति से अवगत करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकरणों की जाँच कब तक पूर्ण होगी? प्रकरणों में शिकायतों का जो उत्‍तर संबंधित विभागों तथा शासकीय सेवकों द्वारा दिया गया है? क्‍या संगठन द्वारा उसे मान्‍य कर दिया है? प्रकरणों की जाँच में किन-किन शासकीय सेवकों को दोषी पाया गया है? दोषियों के विरूद्ध किस-किस प्रकार की कार्यवाही की अनुशंसा संगठन ने संबंधित विभागों को की है व संगठन की अनुशंसा के आधार पर संबंधित विभागों ने किन-किन शासकीय सेवकों के विरूद्ध अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की है? (ग) यदि नहीं, तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) लोकायुक्त संगठन से प्राप्त जानकारी अनुसार विशेष पुलिस स्थापना, ग्वालियर में लोक निर्माण संभाग, श्योपुर में निर्माण कार्यों में हुए भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के संबंध में श्री राजीव शर्मा, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग संभाग ग्वालियर के विरूद्ध प्राथमिक जाँच क्रमांक 63/2014 पंजीबद्ध होकर वर्तमान में जाँच हेतु लंबित है। उक्त के अतिरिक्त लोकायुक्त संगठन के तकनीकी शाखा में लोक निर्माण संभाग, श्योपुर में निर्माण कार्यों में हुए भ्रष्टाचार व अनियमितताओं से संबंधित एक प्रकरण क्रमांक नि/60/09/14-15 दिनांक 22/12/2014 को दर्ज किया गया है। उक्त प्रकरण में प्रथम दृष्ट्या दोषी पाये गये 10 अधिकारी/कर्मचारियों को शासन द्वारा आरोप पत्रादि जारी किये गये है। (ख) लोकायुक्त संगठन द्वारा दर्ज प्राथमिक जाँच प्रकरण 2014 में जाँच अभी पूर्ण नहीं हुई है। उक्त प्रकरण में सम्पूर्ण साक्ष्य संकलन के उपरांत प्राप्त साक्ष्य अनुसार आगामी कार्यवाही लोकायुक्त संगठन द्वारा की जावेगी। प्रकरण क्रमांक नि/60/09/14-15 में संलग्न परिशिष्‍ट में अंकित अधिकारी/कर्मचारियों को जारी आरोप पत्रादि के संबंध में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विभागीय जाँच के निष्कर्ष अनुसार गुण-दोष के आधार पर दण्ड की कार्यवाही की जा सकेगी। (ग) प्राथमिक जाँच क्रमांक 63/2014 में जाँच पूर्ण होने के उपरांत दोषी पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध विशेष पुलिस स्थापना द्वारा कार्यवाही की जावेगी। विभाग द्वारा जारी आरोप पत्रादि के संबंध में विभागीय जाँच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट ''उन्नीस''

री-कास्टिंग/पुन: निविदा से शासन को क्षति

46. ( क्र. 3230 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग, पी.आई.यू. सागर संभाग के अंतर्गत स्‍थापित विभिन्‍न उप संभाग/जिलों में विगत तीन वर्षों में कितने ठेकेदारों के विरूद्ध 03 सी.के. का नोटिस जारी किया गया एवं कितनी निविदा रिस्‍क इन कास्‍ट/पुन: निविदा विभाग द्वारा जारी की गई? उप संभागवार/जिलेवार जानकारी देवें? (ख) क्‍या लोक निर्माण विभाग सागर संभाग के अधीन अन्‍य जिलों की अपेक्षा सागर जिले के पी.आई.यू. क्र. 06 में सर्वाधिक री-कास्टिंग निविदा/पुन: निविदा जारी हुई है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) री-कास्टिंग/पुन: निविदा जारी होने के कारण शासन/विभाग को आर्थिक क्षति होती है? यदि हाँ, तो पी.आई.यू. क्र. 6 को री-कास्टिंग/पुन: निविदा जारी करने पर कितनी हानि हुई? (घ) क्‍या री-कास्टिंग निविदा/पुन: निविदा से आर्थिक क्षति से विभाग के कौन-कौन से अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं? क्‍या इनके विरूद्ध शासन कार्यवाही करेगा? समय-सीमा बतायें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) संबंधित ठेकेदार द्वारा निर्धारित समयावधि व्‍यतीत होने एवं कार्य की गति अत्‍यंत धीमी होने से अनुबंधानुसार कार्यवाही की गई। (ग) जी नहीं। क्‍योंकि निविदा अनुबंध के प्रावधानानुसार संबंधित कार्य के मूल ठेकेदार के हर्जे-खर्चे पर आमंत्रित की जाती है। शासन को कोई हानि नहीं। (घ) कोई आर्थिक क्षति नहीं अत: कोई जिम्‍मेदार नहीं। कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं उठता। आवश्‍यक नहीं।

पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मार्गों का निर्माण

47. ( क्र. 3272 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के नोनघटी से दमेहड़ी मार्ग, सल्‍हरो से मुख्‍य मार्ग, पटना से करपा सरई, अहिरगवा मार्ग, करपा से बीजापुरी नगमला मार्ग, गौरेला से मानिकपुर मार्ग, तिलवनडाण्‍ड से ढोढीपानी, वहरी झोरी मार्ग, करौदी से लपटी बिरौरी मार्ग, अमगवा से भेजरी मार्ग, पोड़की से करगरा मार्गों का क्‍या पुन: निर्माण कार्य कराया जायेगा? (ख) प्रश्‍नांश '' अनुसार सभी मार्ग अति जर्जर एवं डामरीकरण मार्ग क्षतिग्रस्‍त व मिट्टी मिट्टी गड्डों में परिवर्तित हो चुके हैं। इन मार्गों का क्‍या पुन: सर्वे कराया जायेगा तथा कब तक नवीन सड़क निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की जायेगी? (ग) उक्‍त मार्गों में पिछले 3 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार मार्गवार सुधार कार्य के नाम से तथा पेज भराई के नाम से कितनी कितनी राशि खर्च की गयी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन से प्राथमिकतानुसार निर्माण कार्य कराया जा सकेगा। (ख) जी नहीं। समय समय पर डब्‍ल्‍यू.बी.एम., बी.टी. पेच से मरम्‍मत कराया जाता है मार्ग सामान्‍य है। उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं। (ग) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बीस''

बैरसिया विधानसभा अंतर्गत संचालित खेल गतिविधियाँ

48. ( क्र. 3307 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कितनी-कितनी राशि उपलब्‍ध करायी गयी है एवं कितनी राशि उक्‍त वित्‍तीय वर्षों में व्‍यय हुई है? (ख) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में किन-किन खेल गतिविधियों का संचालन विभाग के माध्‍यम से कहाँ-कहाँ पर किया? (ग) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आगामी वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में कौन-कौन सी खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिये जाने का प्रस्‍ताव बनाया गया है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभाग द्वारा जिलेवार गतिविधियां संचालित की जाती है विधानसभा क्षेत्रवार नहीं। उक्त वर्षों में विधानसभा क्षेत्र बैरसिया के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई राशि की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-ख अनुसार है। (ग) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2015-16 में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु विभाग द्वारा विधायक ट्राफी का आयोजन का प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसमें प्रति विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राशि रू. 30,000/- प्रतियोगिता आयोजन हेतु एवं 03-ट्राफी उपलब्ध कराई जा रही है। 

परिशिष्ट ''इक्कीस''

उद्योग स्थापना हेतु प्‍लाट आवंटन

49. ( क्र. 3333 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) कटनी जिले में उद्योग स्‍थापना हेतु कौन-कौन सी भूमियां राजस्‍व विभाग से हस्‍तांतरित की गईं? उनके खसरा नं. रकवा की जानकारी देवें? (ख) पिछले 05 वर्षों में किन-किन उद्योगों की स्‍थापना के लिए भूमियां आवंटित की गई? ऐसे कितने आवंटित प्‍लाट (भूमियां) हैं जिन पर कोई भी उद्योग स्‍थापित नहीं किया गया तो क्‍या शासन ने उनकी लीज निरस्‍त कर कब्‍जा वापिस ले लिया? यदि नहीं, तो कब तक ले लिया जायेगा? (ग) उपरोक्‍त आवंटित प्‍लाटों में से ऐसे कितने हैं जिन पर उद्योगों को लगाने की अनुमति दी गई थी? उनसे लीज निरस्‍त कर कब्‍जा वापिस ले लिया है? यदि नहीं, तो कब तक ले लिया जाएगा? (घ) उपरोक्‍त आवंटित प्‍लाटों में से ऐसे कितने हैं, जिन पर उद्योगों को लगाने की अनुमति दी गई थी? उनसे भिन्‍न उपयोग कार्य किये जा रहे हैं, उनकी लीज निरस्‍त कर शासन ने कब्‍जा प्राप्‍त किया है या नहीं? यदि नहीं, तो कब किया जाएगा?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) एवं (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार 03 उद्योगों को 61.310 हेक्‍टेयर भूमि आवंटन किया गया है। 01 उद्योग स्‍थापित हो चुका है तथा शेष 02 उद्योग स्‍थापनाधीन है। अत: लीज निरस्‍त करने व कब्‍जा प्राप्‍त करने का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (घ) किसी भी इकाई द्वारा औद्योगिक प्रयोजन के अतिरिक्‍त भिन्‍न उपयोग नहीं किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अमरवाड़ा वि.स. क्षेत्र में घटिया मार्ग निर्माण

50. ( क्र. 3358 ) श्री कमलेश शाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वि.स. क्षेत्र अमरवाड़ा में जुंगावानी से धनौरा मार्ग की स्‍वीकृति दिनांक, लागत, पूर्णता दिनांक बतावें। (ख) क्‍या मार्ग निर्माण के एक वर्ष के आस-पास होने पर ही मार्ग अत्‍यंत जर्जर, गड्ढेयुक्‍त हो गया है? (ग) इसकी गुणवत्‍ता की जाँच कब तक करवाई जायेगी? इसका सुधार कब तक किया जावेगा? समय-सीमा बतावें। (घ) इसके जिम्‍मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) कार्य गुणवत्‍तापूर्वक कराया गया है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''बाईस''

मुख्‍यमंत्री की घोषणा का क्रियान्‍वयन

51. ( क्र. 3401 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने भाण्‍डेर विधान सभा क्षेत्र की जनता की पुरजोर मांग पर घोषणा क्र. ए. 3093 द्वारा सिंहपुरा तैड़ोत के बीच पहुंच नदी पर पुल निर्माण की घोषणा की थी? (ख) क्‍या पुल निर्माण का सर्वे कार्य प्राक्‍कलन आदि समस्‍त औपचारिकतायें पूर्ण होकर प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु फाईल प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग के यहां लंबित है? (ग) क्‍या इस पुल के निर्माण से भाण्‍डेर इन्‍दरगढ़ की दूरी बहुत कम होकर इस क्षेत्र के निवासियों को काफी राहत मिलेगी और भाण्‍डेर एवं सेवढ़ा विधानसभा के लोगों के लिए आवागमन सुलभ और सस्‍ता होगा? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) हाँ में है तो जनहितकारी इस घोषणा के क्रियान्‍वयन हेतु प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक जारी हो जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ 8 कि.मी. दूरी कम होगी। (घ) प्रश्‍नांकित पुल म.प्र. ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत निर्मित मार्ग पर होने के कारण पुल निर्माण हेतु ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण से अनुरोध किया जा रहा है।

2 लाख रूपये कम राशि के कार्यों की जानकारी

52. ( क्र. 3423 ) श्री विश्वास सारंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं रायसेन जिले में वित्‍तीय वर्ष 1 अप्रैल 2013 से प्रश्‍न तिथि तक 2 लाख रू. से कम राशि के लोक निर्माण विभाग में क्‍या-क्‍या कार्य, किस स्‍थान पर किए गए? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिलों में उक्‍त समयानुसार मेन्‍टेनेन्‍स पर कितनी राशि व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में कितनी राशि का भुगतान किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-1' एवं '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं '' अनुसार है।

परफार्मेंस गारंटी में मरम्‍मत कार्य

53. ( क्र. 3424 ) श्री विश्वास सारंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल से जबलपुर एन.एच 12 पेंचवर्क/रिन्‍यूवल वर्क का कार्य कब हुआ था? दिनांक सहित कुल लागत और ठेकेदार के नाम/पते सहित जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तहत परफारमेंस गारण्‍टी कब तक की थी? किस पदनाम/नाम के अधिकारी ने भौति‍क सत्‍यापन कर भुगतान कराया? (ग) प्रश्‍नांश (क) व (ख) के तहत क्‍या यह सच है कि गारण्‍टी अवधि में सड़क के खराब हो जाने के बाद भी ठेकेदार द्वारा मरम्‍मत कार्य नहीं किया गया? यदि हाँ, तो ठेकेदार पर क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेईस''

उपस्थित छात्र को अनुपस्थित दर्शाना

54. ( क्र. 3438 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र.भोज (मुक्‍त) विश्‍वविद्यालय भोपाल के सेन्‍टर ग्‍वालियर कोड 0306 पर वर्ष 2014 में छात्र पुष्‍पेन्‍द्र यादव रोल 130306DCA004 द्वारा क्‍या सभी विषयों की परीक्षा दी? यदि हाँ, तो दिनांक 22/12/2014 को विषय कम्‍प्‍यूटर एण्‍ड फन्‍डामेन्‍टल प्रथम पेपर जो 2:00 PM से 5:00 PM का था उसमें छात्र पुष्‍पेन्‍द्र यादव को किस कारण अनुपस्थित बताया है? इस बाबत् क्‍या छात्र पुष्‍पेन्‍द्र यादव द्वारा दिनांक 31/07/2015 को निदेशक, प्रवेश एवं मूल्‍यांकन, म.प्र. भोज (मुक्‍त) विश्‍वविद्यालय भोपाल को अंक सूची में सुधार बाबत् आवेदन दिया था? यदि हाँ, तो उक्‍त आवेदन पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) यदि विश्‍वविद्यालय यह मानता है कि छात्र पुष्‍पेन्‍द्र यादव प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त दिवस को अनुपस्थित था तो उक्‍त दिवस की अटेण्‍डेन्‍स सीट जिसकी उत्‍तर पुस्तिका का सीरियल नम्‍बर 331289 है स्‍पष्‍ट करें? जब छात्र पुष्‍पेन्‍द्र ने उपस्थित रहकर परीक्षा दी है तो उसकों अनुपस्थित बताने में किस कर्मचारी/अधिकारी की लापरवाही है? उसका नाम स्‍पष्‍ट करें। क्‍या ऐसे लापरवाह कर्मचारी/अधिकारी को इतनी बड़ी गलती के लिये दोषी मानकर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? अब छात्र की मार्कशीट में गलती को सुधार कर कब तक पुन: सही मार्कशीट उपलब्‍ध करा दी जावेगी? एक निश्चित समय-सीमा स्‍पष्‍ट करें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। तकनीकी त्रृटि के कारण। जी हाँ। संशोधित अंकसूची दिनांक 29.12.2015 को जारी की गई। (ख) '''' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

एरियर्स भुगतान

55. ( क्र. 3453 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उच्‍च शिक्षा मंत्रालय के आदेश क्र. एफ-11-1/3/2013/38-3, भोपाल दिनांक 15 फरवरी 2013 में अशासकीय महाविद्यालयों के सेवानिवृत्‍त प्राध्‍यापकों एवं कर्मचारियों को दिनांक 1 अप्रैल 2010 से पाँचवे वेतनमान के अनुरूप पेंशन पुनरीक्षण के कारण अंतर की राशि का एरियर्स वित्‍तीय वर्ष 2012-13 से पाँच वार्षिक किश्‍तों में भुगतान किया जाना था किंतु चार वित्‍तीय वर्ष व्‍यतीत होने के बावजूद एरियर्स का भुगतान नहीं किया गया तो क्‍यों तथा कब तक किया जावेगा? (ख) क्‍या इस मामले में शासन अधिकारियों के प्रति कोई कार्यवाही करने पर विचार कर रहा है यदि हाँ, तो कब तक विवरण दें?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। बजट उपलब्ध होने पर किया जाएगा। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

वनों की सुरक्षा पर व्‍यय

56. ( क्र. 3454 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले में वनों की सुरक्षा/वाहनों पर वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना व्‍यय किया गया? (ख) वनों से प्राप्‍त आय सिंगरौली जिले को वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी हुई तथा व्‍यय कितना किया गया? (ग) चितरंगी विधानसभा क्षेत्र में तार फेंसिंग, नवीन वृक्षों के रोपण में लापरवाही तथा वृक्षों के अवैध कटाई के कितने प्रकरण प्रकाश में आये है? (घ) प्रश्‍नांश (क) सिंगरौली जिले को पैकेज से कुल कितनी राशि प्राप्‍त हुई है? जो व्‍यय हुआ है उसका विवरण तहसीलवार देवें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) सिंगरौली जिले में वनों की सुरक्षा/वाहनों पर वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल रूपये 377.75 लाख का व्यय किया गया। (ख) सिंगरौली जिले को वनों से वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक रूपये 11054.22 लाख की आय प्राप्त हुई तथा रूपये 6851.72 लाख व्यय किया गया। (ग) चितरंगी विधान सभा क्षेत्र में सिंगरौली जिले के अंतर्गत तार फेंसिंग, नवीन वृक्षों के रोपण में लापरवाही के कोई प्रकरण अभी तक प्रकाश में नहीं आये हैं तथा वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक वृक्षों के अवैध कटाई के कुल 566 प्रकरण प्रकाश में आये हैं। (घ) प्रश्‍नांश (क) सिंगरौली जिले को पैकेज से कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है। अतः शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

 

विभाग से किये गये पत्राचार पर कार्यवाही

57. ( क्र. 3457 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन सामान्‍य प्रशासन विभाग के विभागीय आदेश अनुसार माननीय सांसदों/विधायकों द्वारा प्रेषित किये जाने वाले पत्रों का जवाब विभाग द्वारा दिया जाना निर्धारित किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या यह लोक निर्माण विभाग में भी लागू है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा मुख्‍य अभियंता, कार्यपालन यंत्री (भ.सं.) अनुविभागीय अधिकारी (भ.सं.) लोक निर्माण विभाग रीवा को 1 जनवरी 13 से 30 जनवरी 16 तक विभिन्‍न ता‍रीखों में समस्‍याओं के निराकरण हेतु कई पत्र लिखे गये, तो उक्‍त पत्रों का जवाब किन-किन तारीखों पर प्रश्‍नकर्ता को दिया गया? (ग) यदि पत्रों का जवाब नहीं दिया गया तो उसके लिए कौन जिम्‍मेवार है और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ, संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार(ग) जवाब देने की कार्यवाही की जा रही है।

परिशिष्ट ''चौबीस''

विभागीय निधि से शासकीय आवासों की मरम्‍मत

58. ( क्र. 3458 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍य अभियंता लोक निर्माण विभाग रीवा/अधीक्षण यंत्री लो‍क निर्माण विभाग रीवा मंडल रीवा द्वारा शासकीय आवासों के मरम्‍मत हेतु जनवरी 2013 से 31 जनवरी 2016 तक कितने प्रशासकीय स्‍वीकृत आदेश जारी किये गये है? (ख) क्‍या प्रशासकीय स्‍वीकृत आदेश के तहत वरीयता क्रम से आवासों का मरम्‍मत कार्य कराया गया है? यदि हाँ, तो विवरण देवें? वरीयता क्रम से जिन प्रशासकीय स्‍वीकृति पर कार्य नहीं कराये गये तो उसके लिऐ कौन दोषी है? उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता एवं कलेक्‍टर रीवा द्वारा कार्यपालन यंत्री (भ.सं)/अनुविभागीय अधिकारी (भ.सं.) लोक निर्माण विभाग रीवा को 1 जनवरी 2013 से 30 जनवरी 2016 तक विभिन्‍न तारीखों में प्रशासकीय स्‍वीकृत आदेशों अनुसार कार्य कराने हेतु लेख किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गयी है तथा विभाग द्वारा उक्‍त पत्रों का जवाब किन-किन तारीखों पर प्रश्‍नकर्ता को दिये गये? यदि नहीं, तो क्‍यों? उसके लिये कौन जिम्‍मेवार है और उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश अवधि में मुख्‍य अभियंता लो.नि.वि. रीवा द्वारा 129 कार्य एवं अधीक्षण यंत्री लो.नि.वि. रीवा द्वारा 49 कार्यों के प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश जारी किये गये है। (ख) जी हाँ। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। 8 कार्य वरीयता क्रम से नहीं कराये गये है। संबंधित अधिकारियों का स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया है। विशेष मरम्‍मत कार्यों की वरीयता, तकनीकी आवश्‍यकता एवं कार्य की महत्‍ता के आधार पर आवंटन की उपलब्‍धता पर, निर्धारित की जाती है। (ग) जी हाँ। पत्रों में उल्‍लेखित एम.आई.जी. II 236 शासकीय आवास के लिये संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को विशेष मरम्‍मत के अंतर्गत कार्यवाही हेतु लेख किया गया है। प्रश्‍नकर्ता को प्रश्‍नांश पत्रों में से एक पत्र का प्रति उत्‍तर दिनांक 14.11.15 को दिया गया है। शेष पत्रों के प्रति उत्‍तर न देने हेतु जिम्‍मेदार अधिकारियों का स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया है। स्‍पष्‍टीकरण प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

मंदिरों का जीर्णोद्धार

59. ( क्र. 3466 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मंदसौर विकासखण्‍ड अंतर्गत 1 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने-कितने शासन द्वारा संधारित मंदिरों एवं धार्मिक न्‍यास के जीर्णोद्धार हेतु कितनी-कितनी राशि प्रदान की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) से संदर्भित इन मंदिरों में दी गई राशि में कितने-कितने मंदिरों के कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृतियां जारी कर टेण्‍डर आमंत्रित कर लिये गये तथा कितने का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा कितनों का पूर्ण? (ग) क्‍या मंदसौर के शासन द्वारा संधारित मंदिरों के लिये शासन स्‍तर पर तो राशि स्‍वीकृत कर दी गई है किंतु प्रश्‍न दिनांक तक वह राशि ग्रामीण यांत्रिकी विभाग (आर.ई.एस) को प्रदान नहीं की गई इस संबंध में कौन-कौन अधिकारी इसके लिये जिम्‍मेदार है उनके खिलाफ क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) मंदसौर विकासखण्‍ड के अंतर्गत दिनांक 1 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक श्री चारभुजानाथ मंदिर ग्राम गुराडिया देदा एवं श्री राधाकृष्‍ण मंदिर आक्‍या उमाहेडा के कार्य स्‍वीकृत हुये है। इनकी स्‍वीकृति क्रमश: 4,50,000 एवं रूपये 4,50,000 है जो कि कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग मंदसौर को प्राप्‍त हो चुकी है। (ख) श्री चारभुजानाथ मंदिर ग्राम गुराडिया देदा की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 1/6/2014 द्वारा दी गई थी यह कार्य पूर्ण हो चुका है तथा श्री राधाकृष्‍ण मंदिर आक्‍या उमाहेडा के कार्य की स्‍वीकृति दिनांक 28/10/2015 द्वारा दी गई थी। उक्‍त कार्य की निविदा का द्वितीय आमंत्रण कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग मंदसौर ने जारी किया गया है। (ग) प्रश्‍न क्रमांक एवं के उत्‍तर मे उल्‍लेखित दोनों कार्यों की स्‍वीकृत राशि दी जा चुकी है एवं विभाग को प्राप्‍त हो चुकी है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

प्रतिबंधित वन विभाग की भूमि पर निजी कं‍पनियों द्वारा कार्य

60. ( क्र. 3467 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर विकासखण्‍ड स्थित रेवास देवडा मार्ग पर घुघरीपाल एवं देवडुंगरी माताजी पर वन विभाग की कितनी भूमि है, क्‍या यह भूमि प्रतिबंधित क्षेत्र है? (ख) 1 जनवरी 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक इस भूमि पर अन्‍य उपयोग हेतु किस-किस प्रकार के एग्रीमेंट कर निजी कंपनियों को किस कार्य के लिए किस नीति के तहत किस-किस सक्षम अधिकारी ने प्रदान की? (ग) क्‍या उक्‍त वन विभाग की भूमि पर वन जीव विचरण करते है तथा यह एरिया वन जीवों के कारण आम नागरिक के लिए प्रतिबंधित है? यदि हाँ, तो पवन ऊर्जा के लिए इस जमीन को दिये जाने से वन्‍य प्र‍ाणियों पर इसका क्‍या प्रभाव पडेगा? इसका आंकलन क्‍या एग्रीमेंट के समय किया गया था? यदि हाँ, तो विवरण प्रस्‍तुत करें? (घ) विण्‍ड पावर कंपनी द्वारा इस प्रतिबंधित एरिये में कितनी सड़कें बनाकर कितना खनिज उपयोग में लिया गया?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नाधीन मार्ग पर भारतीय वन अधिनियम, 1927 के अंतर्गत अधिसूचित संरक्षित वनखण्ड-बरदल में वन विभाग की कुल 1259.56 हेक्टेयर वन भूमि हैं। जी हाँ। यह वन भूमि होने के कारण, भारत सरकार एवं राज्य शासन की अनुमति/अनुमोदन के बिना गैर वानिकी उपयोग हेतु प्रतिबंधित वन क्षेत्र है। (ख) प्रश्नाधीन अवधि में इस भूमि पर विण्ड वर्ल्‍ड इण्डिया लिमिटेड भोपाल को, वनमण्डल के वनपरिक्षेत्र मन्दसौर के वनखण्ड बालागुडा, बरखेड़ा जयसिंह एवं बरदल कक्ष क्रमांक पी-1 से पी-6 तक में विण्ड मास्ट योजना अंतर्गत कुल 95.3825 हेक्टेयर वन भूमि में 55.20 मेगावाट पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने हेतु निर्धारित दिशा-निर्देश एवं प्रावधान अनुसार वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अंतर्गत भारत सरकार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन नई दिल्ली तथा म.प्र. शासन वन विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें रेवास देवड़ा स्थित वनखण्ड बरदल के कक्ष क्रमांक पी-3 से पी-6 तक 77.4265 हेक्टेयर, वन भूमि भी शामिल है। (ग) जी हाँ, किन्तु उक्त वन भूमि पर अत्यन्त कम संख्या में वन्यजीव है तथा यह एरिया वन्यजीवों के कारण आम नागरिकों के लिये प्रतिबंधित नहीं हैं। वन्यप्राणियों की अत्यंत कम मौजूदगी होने से, पवन ऊर्जा को यह जमीन दिये जाने से वन्यप्राणियों के रहवास एवं प्रबंधन में इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। इसका समग्र आंकलन करने के पश्चात् ही भारत सरकार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश एवं प्रावधान अनुसार वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अंतर्गत औपचारिक अनुमोदन स्वीकृति प्रदान की गई है। (घ) विण्ड पावर कंपनी द्वारा उपरोक्तानुसार स्वीकृत रेवास देवड़ा स्थित वनखण्ड बरदल के कक्ष क्रमांक पी-3 से पी-6 तक कुल 77.4265 हेक्टेयर में 03 सड़कें बनाने का कार्य किया गया, जिसमें 5300 घनमीटर खनिज उपयोग में लिया गया। स्वीकृत क्षेत्र में विभिन्न संरचनाओं के निर्माण में जैसेः- 57 विण्ड टरबाईन, विण्ड मास्ट, यार्ड/बिल्डिंग इत्यादि संरचनाओं के निर्माण हेतु खोदी गई नींव/फाउंडेशन एवं सड़कों के किनारें बनी नालियों से प्राप्त खनिज का उपयोग सड़क निर्माण में किया गया है। 

अत्‍यंत जर्जर सड़क मार्गों की स्‍वीकृति

61. ( क्र. 3513 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील पिपलौदा एवं तहसील जावरा के ग्रामीण क्षेत्र के सड़क मार्ग अत्‍यंत जर्जर होकर पुल पुलियाएं भी क्षतिग्रस्‍त अवस्‍था में होकर क्षेत्र के ग्रामीणजनों का आवागमन बाधित कर कष्‍टप्रद कर रही हैं? (ख) साथ ही क्‍या दोनों तहसीलों के अंतर्गत ग्रामीण मार्गों की पुल-पुलियाओं के प्रस्‍ताव सहित प्रमुख सड़क मार्गों के प्रस्‍तावों को भी विभागीय तौर पर और प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी पत्रों के माध्‍यम से शासन/विभाग से लगातार मांग की है? (ग) यदि हाँ तो पिपलौदा तहसील अंतर्गत आक्‍यादेह व्‍हाया शुजापुर पंचेवा मार्ग एवं सुखेडा बस स्‍टेण्‍ड पुलिया तथा जावरा तहसील अंतर्गत कलालिया-रिंगनोद मार्ग एवं सीतामऊ-रिंगनोद रोड फंटे से व्‍हाया विनौली-आलमपुर ठिकरिया मार्ग सहित कई प्रस्‍ताव प्रेषित किये हैं? (घ) यदि हाँ, तो उपरोक्‍त प्रेषित प्रस्‍ताव अनुसार दोनों तहसीलों की अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण एवं पूर्णतया: जर्जर होकर जीर्णशीर्ण ध्‍वस्‍त सड़क मार्गों एवं पुल पुलियाओं की स्‍वीकृति दिये जाने हेतु शासन/विभाग द्वारा अब तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। सभी मार्ग नहीं। म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा निर्मित जावरा विधानसभा क्षेत्र मे जावरा-पिपलौदा जालन्‍धर मार्ग, पिपलौदा-सैलाना मार्ग, आगर-बड़ौद, ताल-आलोट जावरा मार्ग, उज्‍जैन-जावरा मार्ग एवं जावरा नयागांव मार्ग अच्‍छी स्थिति में है। उक्‍त मार्गों पर क्षेत्र के ग्रामीणजनों को आवागमन में कोई कष्‍ट नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के स.क्रं. 01 से 04 पर उल्‍लेख अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के स.क्रं. 01 से 04 पर उल्‍लेख अनुसार है।

महाविद्यालयों में स्‍वीकृत पदों की पूर्ति

62. ( क्र. 3514 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्‍यापकों की अत्‍यंत कमी होकर स्‍वीकृत पदों की पदपूर्ति शासन/विभाग द्वारा अतिथि विद्धानों की नियुक्त दी जाकर की जाती है तथा अतिथि विद्वानों के माध्‍यम से ही कई वर्षों से शैक्षणिक कार्य महाविद्यालयों में सम्‍पन्‍न किया जा रहा है? (ख) क्‍या विगत कई वर्षों से अतिथि विद्वानों द्वारा उन्‍हें नियमितीकरण किये जाने एवं स्‍थाई नियुक्ति दिये जाने के संबंध में लगातार मांग की जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो शासन/विभाग स्‍वीकृत रिक्‍त पदों की पदपूर्ति हेतु क्‍या अतिथि विद्वानों को स्‍थाई नियुक्ति अथवा नियमितीकरण किये जोन के संबंध में विचार कर रहा है?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जी हाँ, विगत कई वर्षों से प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों के विरुद्ध संबंधित महाविद्यालय में विषयवार कार्यभार के आधार पर आवश्यकतानुसार संबंधित विषय में अतिथि-विद्वानों को आमंत्रित कर अध्यापन कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं।

उद्योगों हेत आरक्षित भूमि

63. ( क्र. 3591 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पिछले 03 वर्ष में मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों की स्‍थापना हेतु कितनी भूमि आरक्षित की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) कितनी जमीन पर उद्योगों की स्‍थापना हो चुकी है तथा कितनी जमीन पर उद्योग हेतु एम.ओ.यू. साईन किए गए है? (ग) प्रश्‍नांश (क) कितनी जमीन उद्योगों की स्‍थापना हेतु रिक्‍त पड़ी है तथा इसके रिक्‍त होने के क्‍या कारण है?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) एवं (ख) 12751.583 हेक्‍टेयर भूमि विभाग के पक्ष में हस्‍तांतरित की गई है जिसमें से विभिन्‍न इकाईयों को 391.103 हेक्‍टेयर भूमि आवंटित की गई है। जमीन पर उद्योग हेतु एम.ओ.यू. साइन नहीं किये गये हैं। (ग) 12360.480 हेक्‍टेयर भूमि रिक्‍त है। रिक्‍त भूमि हेतु उद्यमियों/निवेशकों द्वारा मांग किए जाने पर आवंटन की कार्यवाही की जायेगी।

वन अधिकार कानून

64. ( क्र. 3592 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भूमि अधिकार कानून के तहत सीहोर जिले में कितने व्‍यक्तियों को वन भूमि प्रदान की गई? पिछले 3 वर्षों की वर्षवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अभी तक वन भूमि पर रहने वाले आदिवासियों को उक्‍त स्‍थान पर काबिज रखने के लिए सरकार ने क्‍या कार्यवाही की? (ग) वन भूमि पर सालों से रहने वाले आदिवासियों को अतिक्रमण प्रकरण से मुक्‍त करने के लिए सरकार ने क्‍या कार्यवाही की?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) अनुसूचित जनजाति और अन्‍य परम्‍परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्‍यता) अधिनियम 2006 एवं नियम 2007 संशोधित नियम 2012 के तहत सीहोर जिले में कुल 3988 पात्र आदिवासी दावेदारों को वनभूमि के हक प्रमाण पत्र प्रदाय किये गये हैं। विगत तीन वर्षों में क्रमश: वर्ष 2013 में 357, वर्ष 2014 में 18 एवं वर्ष 2015 में 61 दावेदारों को वनभूमि के अधिकार पत्र दिये गये। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में अधिकार पत्रधारक वनभूमि पर यथावत काबिज रहेंगे। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) म.प्र. शासन, वन विभाग के पत्र क्रमांक/एफ-5-21/2002/10-3, दिनांक 06.08.2008 द्वारा अनुसूचित जनजाति और अन्‍य परम्‍परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्‍यता) अधिनियम 2006 के प्रकाश में दिनांक 13.12.2005 तक वनभूमि पर अतिक्रमण से संबंधित केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के साधारण वन अपराध प्रकरणों को निरस्‍त करने तथा ऐसे प्रकरण जो न्‍यायालय में हैं, उन्‍हें वापस लेने का निर्णय लिया गया है। ऐसे प्रकरणों को वापस लेने की कार्यवाही प्रचलित है।

परीक्षाओं के घोषित समय-सीमा का पालन

65. ( क्र. 3654 ) श्रीमती ममता मीना : क्या तकनीकी शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जीवाजी विश्‍वविद्यालय ग्‍वालियर की एवं उससे संबंधित सभी विषयों के मान्‍यता प्राप्‍त कॉलेजों में अध्‍ययनरत छात्रों को गत 5 वर्षों से घोषित समय में अध्‍ययन कराया जाकर परीक्षाएं ली जाकर उनका रिजल्‍ट घोषित करने की समय-सीमा सुनिश्चित है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हां तो एक ही समूह में विभिन्‍न सेमेस्‍टरों में ऐसे कितने सेमेस्‍टरों का रिजल्‍ट अगले सेमेस्‍टर के रिजल्‍ट के बाद आया है या आना है? गत 5 वर्षों का विवरण दें। क्‍या घोषित समय के बाद रिजज्‍ट आया है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) का उत्‍तर ना हो तो यह बतायें कि जीवाजी यूनिवर्सिटी एवं म.प्र. के अन्‍य यूनिवर्सिटियों की परीक्षाओं की ओर उनके रिजल्‍ट घोषणा की समय-सीमा में अंतर क्‍यों है? जबकि सभी विश्‍वविद्यालयों में अध्‍ययन एक ही कानून के अंतर्गत होता है? (घ) क्‍या विभाग प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के बिन्‍दुओं के अनुरूप परीक्षा लेने एवं उनका रिजल्‍ट घोषित करने एवं अध्‍ययन कराने हेतु समरूपता स्‍थापित कर समय-सीमा घोषित करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? जिन्‍होंने समय-सीमा का पालन नहीं किया उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही होगी?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) सभी सेमेस्टरों के परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो चुके हैं। अत: शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) एवं (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

ब्रम्‍हाण घाट को पवित्र नगरी की घोषणा

66. ( क्र. 3692 ) श्री संजय शर्मा : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नरसिंहपुर जिले के पवित्र तीर्थ ब्रम्‍हाण घाट को क्‍या पवित्र नगरी घोषित किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या-क्‍या सुविधायें प्राप्‍त होंगी? (ख) क्‍या पवित्र नगरी में मांस एवं मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध है? यदि हाँ, तो ब्रम्‍हाण घाट में इस पर प्रतिबंध क्‍यों नहीं है? (ग) क्‍या ब्रम्‍हाण घाट के मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु शासन द्वारा प्रयास किये जावेंगे? (घ) यदि हाँ, तो कब तक?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। आदेश क्रमांक एफ 2-02/ 2012/छ: दिनांक 22/4/2013 को धार्मिक न्‍यास एवं धर्मस्‍व विभाग मंत्रालय द्वारा नरसिंहपुर जिले के बरमान को पवित्र क्षेत्र घोषित किया गया है। आवश्‍यक सुविधाओं की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत करेली तथा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत चांवरपाठा को आवश्‍यक कार्यवाही हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। (ग) विधिवत प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर विचार किया जायेगा। (घ) अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''पच्चीस''

पुल का निर्माण

67. ( क्र. 3695 ) श्री संजय शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नरसिंहपुर जिले में ग्राम बरमान कलां एवं खुर्द के बीच नर्मदा नदी के दोनों तटों को जोड़ने हेतु पुल निर्माण हेतु प्रस्‍ताव प्रमुख सचिव, म.प्र.शासन, लो.नि.वि., मंत्रालय भोपाल को पत्र क्रमांक-1118 दिनांक 08.05.2015 को प्रेषित किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या प्राक्‍कलन अनुसार बजट में स्‍वीकृत प्रदान की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '''' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

खेल एवं खिलाडि़यों को प्रशिक्षण

68. ( क्र. 3696 ) श्री संजय शर्मा : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नरसिंहपुर जिले में खेल एवं खिलाडि़यों को बढ़ावा देने, खेल प्रतिभाओं को खोजने उन्‍हें प्रोत्‍साहित करने प्रशिक्षण देने कहाँ-कहाँ क्‍या-क्‍या व्‍यवस्‍थायें की है? (ख) प्रदेश एवं केन्‍द्र शासन की संचालित किन-किन योजनान्‍तर्गत किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई है एवं कितनी-कितनी राशि किन कार्यों में व्‍यय हुई है? (ग) वर्ष 2012-13 से 2014-15 तक व्‍यय का विवरण मदवार प्रदान करें?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जिले में खिलाडि़यों को बढ़ावा देने, खेल प्रतिभाओं को खोजने उन्हें प्रोत्साहित करने एवं प्रशिक्षण देने के लिये ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर, ग्रामीण खेल प्रतियोगिता, महिला खेल प्रतियोगिता, युवा अभियान खेल प्रतियोगिता का आयोजन, खेल परिषद् को खेल सामग्री का क्रय, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाडि़यों को खेल वृत्ति, हॉकी प्रशिक्षण केन्द्र का संचालन की व्यवस्थायें की गई हैं। प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

रालामण्‍डल से सामगी तक रोड निर्माण

69. ( क्र. 3721 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा अंतर्गत रालामण्‍डल से ग्राम सामगी तक रोड स्‍वीकृत है? यदि हाँ, तो किस योजना अंतर्गत है। (ख) उक्‍त रोड का निर्माण कार्य कब तक शुरू होगा यदि स्‍वीकृत नहीं है तो क्‍या विभाग द्वारा इसकी स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है। (ग) यदि कार्यवाही प्रचलित है तो जानकारी स्‍पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। किसी योजना में नहीं है। (ख) स्‍वीकृत नहीं है। अत: निर्माण शुरू करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। वर्तमान में कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है। (ग) जी नहीं। वर्तमान में कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है।

अगेरा से खेड़ा कालोनी तक रोड निर्माण

70. ( क्र. 3722 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अगेरा से खेड़ा कालोनी तहसील सोनकच्‍छ तक रोड स्‍वीकृत है? (ख) यदि स्‍वीकृत है तो कब तक निर्माण कार्य शुरू होगा? यदि स्‍वीकृत नहीं है तो क्‍या विभाग द्वारा इसकी स्‍वीकृति हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है या नहीं? (ग) यदि उक्‍त मार्ग पर रोड निर्माण स्‍वीकृत है तो किस योजना के अंतर्गत है तथा क्‍या कार्यवाही अभी तक इस दिशा में की जा रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) स्‍वीकृत नहीं है। अत: निर्माण शुरू करने का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। वर्तमान में कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है। (ग) जी नहीं। किसी योजना में नहीं है। वर्तमान में कोई कार्यवाही प्रचलन में नहीं है।

जर्जर भवनों के संबंध में

71. ( क्र. 3757 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर में विभाग के कितने भवन ऐसे है जो जर्जर होने के कारण उपयोगी नहीं है। सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या जर्जर भवनों के स्‍थान पर नया भवन बनाने की कोई कार्ययोजना विभाग में तैयार की जा रही है। (ग) उक्‍त भवनों का अन्‍यत्र प्रयोग करने के लिए क्‍या विभाग विचार करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री सरताज सिंह ) : (क) 13 भवन। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट ''छब्बीस''

वन जीवों के असामान्‍य मौतों की जाँच

72. ( क्र. 3890 ) श्री दिनेश राय : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत पेंच नेशनल पार्क में वर्तमान में कुल कितने शेर और तेंदुए हैं तथा वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक वन्‍य जीवों की सुरक्षा व अन्‍य पर कितना व्‍यय हुआ? (ख) क्‍या पिछले एक वर्ष में विभाग की लापरवाही के कारण पेंच एरिये में सैकड़ो वन्‍य जीवों की असामान्‍य मौतें हो रही है? यदि हाँ, तो 1 अप्रैल, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक वन्‍य जीवों की संदिग्‍ध मौतों की संख्‍या बतावें? (ग) इन असामान्‍य मौतों के लिए कौन-कौन अधिकारी जवाबदार है और विभाग इन अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही करेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) सिवनी जिले के अंतर्गत वर्ष 2015 में कैमरा ट्रेप अनुश्रवण के अनुसार पेंच नेशनल पार्क में वर्तमान में न्यूनतम 45 बाघ हैं। तेन्दुओं की संख्या का आंकलन नहीं हुआ है। वर्ष 2013-14 से प्रश्न दिनांक तक वन्य जीवों की सुरक्षा व अन्य कार्यों पर रूपये 18.82 करोड़ व्यय हुये है। (ख) जी नहीं। (ग) किसी वन्यजीव की असामान्य या संदिग्ध मृत्यु नहीं हुई है एवं न ही कोई अधिकारी जवाबदार है। अत: शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

हितग्राही मूलक योजनाओं के ऋण प्रकरणों पर कार्यवाही

73. ( क्र. 3933 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या उद्योग मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला झाबुआ अंतर्गत 1 अप्रैल, 2014 से 31 दिसम्‍बर 2015 तक की अवधि में जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र द्वारा किस-किस बैंक को शासन की कौन-कौन सी योजनांतर्गत कितने हितग्राहियों के ऋण प्रकरण स्‍वीकृति हेतु भेजे गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्रेषित प्रकरणों में कितने हितग्राहियों को किन-किन बैंकों द्वारा ऋण आवेदन स्‍वीकार कर उन्‍हें राशि उपलब्‍ध करा दी गई? कितने हितग्राहियों के प्रकरण लंबित है और क्‍यों? (ग) लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या इसके लिये दोषी अधिकारियों का उत्‍तरदायित्‍व का निर्धारण किया जाकर उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी एवं कब तक?

उद्योग मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं अनुसार है। कार्यालय में कोई भी आवेदन पत्र लंबित नहीं है। बैंकों द्वारा शासन से प्राप्त लक्ष्यों की शत्-प्रतिशत पूर्ति की गई। अत: शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।

वन प्रणियों की मृत्‍यु के लिए दोषियों पर कार्यवाही

74. ( क्र. 3960 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में वन्‍य प्राणियों का संरक्षण एवं प्रबंधन वन्‍य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधान के अंतर्गत किया जाता है? इसी के अंतर्गत राष्‍ट्रीय उद्यान एवं अभ्‍यारण्‍यों के गठन एवं प्रबंधन के साथ टाईगर रिजर्व, कंजर्वेशन रिजर्व, कम्‍यूनिटी रिजर्व बनाये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हां तो राज्‍य शासन द्वारा स्‍थापित राष्‍ट्रीय उद्यान वन्‍य प्राणी अभ्‍यारण्‍य राष्‍ट्रीय उद्यानों सहित स्‍‍थापित टाईगर रिजर्व में कौन-कौन से वन्‍य प्राणियों की प्रजातियां रखी गई हैं? उनमें से वर्ष 2012 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में कितने से वन्‍य प्राणी की मृत्‍यु हुई? म.प्र. में कितने टाईगरों की मृत्‍यु 2010 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में हुई? कारण सहित बतावें? कितने वन्‍य प्राणियों की मौत शिकारियों के कारण हुई? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में वन्‍य प्राणियों के रख-रखाव, भोजन, दवाई एवं अन्‍य खर्च हेतु कितनी-कितनी राशि वर्ष 2012 से प्रश्‍नांश दिनांक तक में खर्च की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के वन्‍य प्राणियों की मृत्‍यु एवं रख-रखाव में कमी के लिए लापरवाह अधिकारियों/कर्मचारियों की पहचान कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर फर्जी बिल वाऊचर दवाई एवं वन्‍य प्राणियों के भोजन के नाम पर राशि आहरित की गई है तो दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेंगे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जी हाँ। (ख) राज्य शासन द्वारा स्थापित राष्ट्रीय उद्यानों, अभ्यारण्यों तथा टाईगर रिजर्वस में वन्यप्राणियों की कोई प्रजाति रखी नहीं जाती है बल्कि उस क्षेत्र में उपलब्ध वन्यप्राणियों की प्रजातियों का संरक्षण किया जाता है। वर्ष 2012 से प्रश्नांश दिनांक तक वन्यप्राणियों की मृत्यु की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 (अ) अनुसार है। वर्ष 2010 से प्रश्ना