मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
नवम्‍बर-दिसम्‍बर, 2017 सत्र


गुरूवार, दिनांक 07 दिसम्‍बर, 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

1. ( *क्र. 714 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त म.प्र. राज्‍य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल द्वारा कलेक्‍टर सागर एवं जिला कार्यक्रम समन्‍वयक, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी सागर एवं अति. जिला कार्यक्रम समन्‍वयक महात्‍मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी को पत्र क्रमांक 6278/MGNREGS-MP/2016, दिनांक 11.07.2016 को खेत सड़क के कार्यों में राज्‍य स्‍तर से की गयी जाँच के संबंध में लिखा गया था? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) अनुसार निर्देशों के परिपालन में अब तक किस-किस के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है और जाँच तथा कार्यवाही किस स्‍तर पर किन कारणों से लंबित है? (ग) यदि नहीं, तो शासन को पहुँचायी गयी करोड़ों रूपये की क्षति की वसूली करने संबंधी कार्यवाही में और प्रकरण में विलम्‍ब कर संबंधित दोषी अधिकारी को संरक्षण दिये जाने के लिये कौन दोषी है? उसके विरूद्ध और प्रश्नांश (क) में दर्शित पत्र अनुसार संबंधित दोषी अधिकारी के विरूद्ध कब तक और क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत जैसीनगर के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित होकर संबंधित का उत्‍तर समाधान कारक पाए जाने पर विभागीय जाँच प्रकरण समाप्‍त किया गया। तकनीकी अधिकारी श्री आर.के. गुप्‍ता, तत्‍कालीन सहायक यंत्री जनपद पंचायत, जैसीनगर के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित होकर प्रचलन में है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) शासन को पहुंचाई गई क्षति के संबंध में जाँच रिपोर्ट में किसी प्रकार की वसूली की अनुशंसा नहीं की गई है। तत्‍कालीन मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जैसीनगर के विरूद्ध संस्थित विभागीय जाँच समाप्‍त की गई है तथा तकनीकी अधिकारी तत्‍कालीन सहायक यंत्री जनपद पंचायत, जैसीनगर के विरूद्ध विभागीय जाँच की कार्यवाही प्रचलित है, जिसमें गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जाएगी। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍यमंत्री की घोषणा का क्रियान्‍वयन

[उच्च शिक्षा]

2. ( *क्र. 3259 ) श्री जसवंत सिंह हाड़ा : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शुजालपुर में शासकीय महाविद्यालय के नवीन भवन निर्माण एवं गुलाना में नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किये जाने की कोई घोषणा की गई है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) अंतर्गत माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणाओं को पूर्ण किये जाने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है तथा माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणाओं को कब तक पूर्ण कर दिया जावेगा?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। दिनांक 12.07.2017 को घोषणा की गई। (ख) माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अनुक्रम में जवाहरलाल नेहरू शासकीय पी.जी. महाविद्यालय, शुजालपुर के भवन निर्माण के प्राप्त प्रस्ताव पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। गुलाना में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ करने के संबंध में प्राप्त प्रस्ताव विभागीय मापदण्डों के अनुसार परीक्षण कर परियोजना परीक्षण समिति में विचारार्थ प्रस्तुत किया जा रहा है। समिति के निर्णयानुसार आगामी कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

सूखा प्रभावित किसानों को शासन की अन्‍य योजनाओं का लाभ

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

3. ( *क्र. 2901 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग द्वारा वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में ओला तथा अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को मुख्यमंत्री कन्या दान/निकाय योजना के अन्तर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शिथिलता के संबंध में निर्देश जारी किये गये थे? यदि हाँ, तो निर्देश की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या शासन द्वारा वर्ष 2017 में विदिशा जिले की यथासंभव सभी तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है या नहीं? (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर हाँ तो प्रश्नांश (क) के समरूप सूखे से प्रभावित किसानों को मुख्यमंत्री कन्या दान/निकाय योजना के अन्तर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित किये जाने हेतु शिथिलता के संबंध में शासन विचार कर रहा है या नहीं? यदि हाँ, तो बतावें? नहीं तो कारण देवें? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा आयुक्त, सामाजिक न्याय विभाग को प्रेषित पत्र क्रमांक 8165, दिनांक 30.10.2017 उनके कार्यालय व उनके ई-मेल पर कब प्राप्त हुआ? इस पत्र पर क्या कार्यावाही की गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में ओलावृष्टि से प्रभावित तथा 2015-16 में सूखा प्रभावित किसानों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजनान्तर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शिथिलता के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' ''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। शासन द्वारा वर्ष 2017 में विदिशा जिले की सभी तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया। (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में शासन स्तर पर कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ग) पत्र क्र. 8165, दिनांक 30.10.2017 के संबंध में प्रश्नकर्ता द्वारा आयुक्त, सामाजिक न्याय विभाग को लिखा गया पत्र संचालनालय के ई-मेल पर पत्र दिनांक 14.10.2017 को भेजा गया था। चूंकि उक्त घोषणा 2015-16 तक के लिए की गई थी। वर्ष 2017 में सूखा प्रभावित किसानों की कन्याओं के सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत लाभ दिये जाने के शासन ने कोई निर्देश जारी नहीं किये हैं। इस संबंध में संचालनालय के पत्र क्रमांक 2317, दिनांक 23.11.2017 से माननीय प्रश्नकर्ता को अवगत कराया गया है।

अवैध रेत उत्‍खनन/खरीदी/बिक्री

[खनिज साधन]

4. ( *क्र. 2662 ) श्री मधु भगत : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट, सिवनी और मंडला जिले में विभाग द्वारा किस-किस प्रकार की खदानें खनिज पट्टे, खनिज सर्वेक्षण अनुमति, खनिज परिवहन की अनुमति किसे-किसे कब-कब राज्‍य शासन से, जिला स्‍तर से, संचालनालय से दी गई हैं, जो कि प्रभावशील हैं, पूर्ण विवरण देवें? उपरोक्‍त अनुमति धारकों या ठेकेदारों को किसी अन्‍य नाम से जाना जाता है? (ख) कौन-कौन से खनिज हेतु शासन को कितनी राशि विगत 3 वर्षों से विभिन्‍न मदों रॉयल्‍टी जुर्माना शुल्‍क इत्‍यादि में दी, खनिज रॉयल्‍टी के रूप में कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ग) विगत 3 वर्षों में अवैध खनन, परिवहन, नियम विरूद्ध अनुमति इत्‍यादि के संबंध में शासन स्‍तर, संचालनालय स्‍तर, जिला स्‍तर पर किस-किस के विरूद्ध कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? उनकी प्रति बताते हुये यह भी बताएं कि उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) उपरोक्‍त जिलों में चल रही शासकीय योजनाएं निर्माण किस-किस रेत उत्‍खननकर्ता पट्टाधारी में कितनी-कितनी रेत कब-कब किसे-किसे कितनी मात्रा में बेची? पूर्ण नाम पता सहित बताएं

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 में प्रश्‍नानुसार चाही गई जानकारी संधारित किये जाने का प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय भूमि पर अवैध उत्‍खनन

[खनिज साधन]

5. ( *क्र. 2507 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला पन्‍ना, छतरपुर, टीकमगढ़ के अंतर्गत वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक अवैध उत्‍खनन के कितने प्रकरण प्रशासन द्वारा बनाये गये? (ख) प्रकरण क्रमांक 16/अ-67/2014-15, नौगांव दिनांक 05.05.2015 से संबंधित राशि वसूली की कार्यवाही से संबंधित जिला प्रशासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में क्‍या न्‍यायालय कलेक्‍टर छतरपुर के आदेश दिनांक 19.05.2015 में अवैध उत्‍खननकर्ता से निर्धारित बाजार मूल्‍य से 10 गुना एवं उपयोग में लायी गयी मशीनरी जे.सी.बी. एवं महिन्‍द्रा ट्रैक्‍टरों को राजसात किये जाने के आदेश जारी किये गये? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करायें। (घ) प्रश्नांश (ग) के आदेश के पालन में जिला प्रशासन छतरपुर द्वारा क्‍या कार्यवाही की गयी? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो कब तक कार्यवाही की जावेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश अनुसार प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व), नौगांव के न्‍यायालय में विचाराधीन होने से वसूली की कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। न्‍यायालय कलेक्‍टर, छतरपुर द्वारा दिनांक 19.05.2015 को कोई आदेश जारी नहीं किये गये हैं। दिनांक 19.05.2015 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जो कि, पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के प्रकाश में कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं होने से प्रश्‍नांश के शेष भाग का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

महाविद्यालय हरदा को प्राप्‍त बजट

[उच्च शिक्षा]

6. ( *क्र. 1746 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय कला एवं वाणिज्‍य स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय हरदा को वर्ष 2014-15 से 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी बजट राशि प्राप्‍त हुई व प्राप्‍त राशि व व्‍यय की गई राशि का मदवार व वर्षवार विवरण दें? (ख) प्रश्‍नांकित (क) अनुसार उक्‍त वर्षों में आवंटित की गई बजट राशि से कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत किये गये? कार्य स्‍वीकृत किये जाने हेतु जनभागीदारी समिति द्वारा किस बैठक में किस बिन्‍दु क्रमांक से किस कार्य का अनुमोदन किया गया है? (ग) स्‍वीकृत कार्यों में से कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो गये हैं एवं अपूर्ण कार्यों के लिये कौन जिम्‍मेदार हैं व उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण कर लिये जावेंगे? (घ) कार्य में देरी व कार्य अपूर्ण रहने के क्‍या कारण हैं व इसके लिये कौन दोषी है व दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासन द्वारा प्राप्त राशि एवं व्यय का विवरण संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2014-15 से 2016-17 में कोई कार्य स्वीकृत नहीं हुए तथा जनभागीदारी समिति द्वारा किसी कार्य का अनुमोदन नहीं किया गया। (ग) से (घ) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

रिक्त पदों की पूर्ति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

7. ( *क्र. 1859 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अन्तर्गत वर्तमान में मध्यप्रदेश में पंचायत समन्वयक अधिकारी, पंचायत सचिव एवं जनपद पंचायत अन्तर्गत सहायक ग्रेड-03, ग्रेड-2, लेखापाल, कम्प्यूटर ऑपरेटर के कुल कितने पद सृजित हैं तथा उनमें से कितने पद रिक्त हैं? (ख) क्या कर्मचारियों के सम्पूर्ण पदों पर पद पूर्ति न होने से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में विभाग में कठिनाईयाँ आ रही हैं, जिससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है? (ग) क्‍या सम्पूर्ण पदों पर पूर्ति हेतु शासन द्वारा कोई योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो वह क्या है तथा कब तक पदपूर्ति हो जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) एवं (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

तोड़े गये शौचालयों का पुनर्निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

8. ( *क्र. 2393 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या कन्‍नौद से पुनासा (नर्मदा नगर) मार्ग निर्माण में कन्‍नौद नगरीय निकाय के अंतर्गत अतिक्रमण हटाने से लगभग 200 शौचालय नष्‍ट किये गये हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ख) क्‍या उक्‍त शौचालय तोड़े जाने से लोगों को खुले में शौच हेतु जाना पड़ रहा है? क्‍या नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इन्‍हें पुन: निर्मित किये जाने हेतु कोई आदेश जारी किया जावेगा? (ग) अगर तोड़े गये शौचालयों का पुन: निर्माण किया जावेगा तो कब तक? (घ) अतिक्रमण के कारण तोड़े गये शौचालय के पुन: निर्माण हेतु नगर परिषद कन्‍नौद द्वारा विभाग को भेजे गये प्रस्‍तावों पर की जा रही प्रक्रिया से अवगत करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) कन्‍नौद पुनासा मार्ग चौड़ीकरण हेतु एम.पी.आर.डी.सी. एजेन्‍सी एवं राजस्‍व विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई, जिसमें 67 शौचालय तोड़े गये। (ख) जी हाँ, पत्र क्रमांक 12193, दिनांक 23.06.2017 द्वारा आदेश जारी किया जा चुका है। (ग) कार्य प्रगति पर है, दिसम्‍बर 2017 तक शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। (घ) स्‍वच्‍छ भारत मिशन (शहरी) अंतर्गत आदेश क्रमांक 12153, भोपाल दिनांक 23.06.2017 द्वारा 67 शौचालयों की स्‍वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें से राशि रू. 3.64 लाख (प्रथम किश्‍त) प्रदान की जा चुकी है।

मिनी स्‍टेडियम एवं व्‍यावसायिक परिसर का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( *क्र. 581 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मंदसौर स्थित बालागंज स्‍व-वित्‍त्‍ा पोषित योजनान्‍तर्गत मिनी स्‍टेडियम एवं व्‍यावसायिक परिसर योजना प्रारंभ की गई थी? यदि हाँ, तो कब से, इस योजना में कुल कितनी दुकानें एवं स्‍टेडियम कितने वर्षों में बनाने का लक्ष्‍य रखा गया है? इस हेतु किस एजेन्‍सी को निर्माण की जिम्‍मेदारी सौंपी गई थी, क्‍या कार्य पूर्ण हो गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों, योजना की अद्यतन स्‍ि‍थति से अवगत करायें? (ख) क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त योजनान्‍तर्गत 147 दुकानों में से 92 दुकानें ही बनीं हैं, जो क‍ि अपूर्ण हैं? संपूर्ण दुकानें नहीं बनने के क्‍या कारण हैं? क्‍या इन दुकानों पर असामाजिक तत्‍वों द्वारा अवैधानिक कब्‍जा कर लिया गया है? इन्‍हें हटाने के लिये कब कब प्रयास किये गये हैं? (ग) क्‍या शासन की साधिकार समिति ने इसे पूर्ण घनत्‍वीकरण योजना में शामिल करते हुये केबिनेट से निर्णय करवाकर नगरपालिका को हस्‍तातं‍रित कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कब, अद्यतन स्थिति से अवगत करायें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। योजना दिनांक 24.02.2001 से प्रारंभ की गई थी। इस योजना में 02 चरणों में 145 दुकानें एवं स्‍टेडियम बनाया जाना था। प्रथम चरण में 145 दुकानों का निर्माण 18-20 माह में पूर्ण करने का लक्ष्‍य रखा गया था। मध्‍यप्रदेश गृह निर्माण मण्‍डल को निर्माण की जिम्‍मेदारी सौंपी गई थी। जी नहीं, योजना के प्रथम चरण में 93 दुकानों का निर्माण पूर्ण हो गया है। योजना की अद्यतन स्थिति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, योजना के प्रथम चरण में 145 दुकानों में से 93 दुकानों का निर्माण पूर्ण है। योजना के द्वितीय चरण का कार्य प्रांरभ नहीं होने से शेष दुकानों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। जी नहीं, दुकानों के बाहर बरामदों पर असामाजिक तत्‍वों द्वारा अवैधानिक कब्‍जा कर लिया जाता है। समय-समय पर जिला प्रशासन एवं नगर पालिका द्वारा इन्‍हें हटाया जाता है। (ग) जी नहीं, योजना की अद्यतन स्थिति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

वृद्ध एवं विधवा पेंशन का भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( *क्र. 2038 ) श्री अंचल सोनकर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर नगर निगम सीमा अंतर्गत वृद्धा/विधवा पेंशन के कुल कितने हितग्राहियों को पेंशन का भुगतान नगर निगम जबलपुर द्वारा किया जा रहा है? वृद्ध, विधवा एवं नि:शक्‍तों की वार्डवार संख्‍या बतावें (ख) क्‍या नगर निगम के अधिकारियों/कर्मचारियों की लापरवाही के कारण अनेकों वृद्धों/विधवाओं एवं नि:शक्‍त जनों को विगत कई-कई माह से पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जबकि आवेदक द्वारा अपने समस्‍त दस्‍तावेज नगर निगम में समय से जमा करा दिये गये हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कितने पेंशनधारी हैं, जो वर्तमान में पात्र होने के उपरांत भी पेंशन से वंचित हैं? वार्डवार संख्‍या बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में बतायें कि क्‍या नगर निगम के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा पेंशनधारी के खातों, पता एवं जमा दस्‍तावेजों की समय पर जाँच एवं सत्‍यापन न करने के कारण पात्र हितग्राहियों को शासन की महत्‍वपूर्ण योजना से वंचित होना पड़ रहा है एवं उन्‍हें लगातार भटकना पड़ता है? क्‍या शासन ऐसी महत्‍वपूर्ण योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध जाँच कर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जबलपुर नगर निगम सीमा अंतर्गत वृद्ध/विधवा पेंशन के 28,560 पेंशन हितग्राहियों को भुगतान किया जा रहा है। वृद्ध विधवा एवं नि:शक्‍तों की वार्डवार संख्‍या की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

योजना समाप्ति उपरांत कर्मचारियों की सेवा समाप्ति

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

11. ( *क्र. 2893 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारत सरकार द्वारा मध्‍यप्रदेश में संचालित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की बी.आर.जी.एफ., आई.ए.पी. योजनाओं को बंद कर दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त योजनाएं कब बंद कर दी गई हैं तथा योजना के संचालन में कार्यरत कितने कर्मचारियों की सेवा समाप्‍त कर दी गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार क्‍या योजना समाप्ति उपरांत कर्मचारियों की सेवा समाप्ति पश्‍चात् मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा बेरोजगार हुये कर्मचारियों को रोजगार उपलब्‍ध कराने हेतु कोई योजना बनाई जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) बी.आर.जी.एफ. योजना 31 मार्च 2015 से भारत सरकार द्वारा डीलिंक की जाकर बंद कर दी गई है। योजना बंद होने से 259 संविदा कर्मियों की सेवायें समाप्त कर दी गई हैं। आई.ए.पी. योजनान्तर्गत वर्ष 2015-16 से राशि प्राप्त नहीं हुई है। योजना के संचालन हेतु पृथक से किसी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की गई थी। (ग) योजना शत-प्रतिशत् केन्द्र वित्त पोषित होने एवं योजना बंद होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

स्‍वच्‍छता कर्मचारियों का नियोजन

[नगरीय विकास एवं आवास]

12. ( *क्र. 3211 ) डॉ. मोहन यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगरीय निकायों में स्वच्छता स्‍टॉफ सेटअप सहित स्वच्छता कर्मचारी रखे जाने संबंधी नियम शर्तें अर्हता, प्रतिदिन कार्य के घण्टे, हटाया जाना, वेतन आहरण अन्य सुविधायें अवकाश आदि, स्वच्छता कर्मचारियों की संख्या के निर्धारण हेतु नगर, वार्ड की जनसंख्या के अनुपात से अथवा अन्य आधार से की जाती है? (ख) जनवरी 2015 से प्रश्न दिनांक तक नगर निगम उज्‍जैन द्वारा कुल कितने स्वच्छता कर्मचारियों को कार्य पर रखा गया, कितनों को हटाया गया स्वच्छ‍ता कर्मचारियों से स्वच्छता कार्यों से भिन्न श्रेणी के जैसे लेखकीय/ लिपिकीय या अन्य कोई प्रकार के कार्य करवाये जा सकते हैं अथवा नहीं साथ ही स्वच्छता कर्मचारियों की नियुक्ति किसी जाति, धर्म, वर्ग विशेष के लोगों से ही किये जाने का प्रावधान है अथवा अन्य किसी वर्ग के लोगों को भी नियुक्त किया जा सकता है? यदि नहीं, तो क्या उक्‍त नगर पालिका निगम में ऐसा किया जा रहा है? (ग) प्रश्नांश (ख) की अवधि में स्वच्छता मिशन अन्तर्गत नगर निगम उज्जैन द्वारा कौन-कौन सी फर्मों को कितनी-कितनी अवधि के लिए कितने क्षेत्र का ठेका दिया गया है? मय ठेका राशि की जानकारी प्रदान करते हुए ठेकेदार फर्म द्वारा रखे गये कर्मचारियों के संबंध में श्रम कानून का पालन किया जा रहा है, या नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं, परन्‍तु नगरीय निकायों में कर्मचारियों को विनियमित करने के लिए नगर पालिक निगमों में म.प्र. नगर पालिक निगम (अधिकारियों तथा सेवकों के नियुक्ति तथा शर्तें) नियम 2000 एवं नगर पालिका परिषद एवं नगर परिषद के लिए म.प्र. नगर पालिका कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम 1968 में प्रावधान विहित है साथ ही निकाय क्षेत्र में जनसंख्‍या के मान से स्‍वच्‍छता कार्य हेतु सफाई संरक्षक के पद निर्धारण हेतु नगर निगमों के लिए म.प्र. शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास, मंत्रालय भोपाल के परिपत्र क्रमांक एफ 4-52/2012/18-1, दिनांक 28.02.2014 एवं नगर पालिका, नगर परिषदों के लिए परिपत्र क्रमांक एफ 4-51/2012/18-1, दिनांक 28.02.2014 द्वारा आदर्श कार्मिक संरचना लागू है। (ख) नगर पालिक निगम, उज्‍जैन में स्‍थापना शाखा के माध्‍यम से जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक 13 सफाई संरक्षकों को अनुकंपा नियुक्ति के अंतर्गत कार्य पर रखा गया है। कर्मचारियों द्वारा कार्य में लापरवाही बरते जाने एवं निरंतर अनुपस्थित रहने पर नियमानुसार निलंबन आदि की कार्यवाही की जाती है। स्‍वच्‍छता कर्मचारियों से स्‍वच्‍छता कार्यों से भिन्‍न श्रेणी के कार्य यथा-लेखकीय/लिपिकीय या अन्‍य कार्य न कराए जाने के संबंध में नियमों में कोई प्रावधान नहीं है। म.प्र. लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं अन्‍य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम 1994 के उपबंधों के अनुसार रोस्‍टर तैयार किया जाता है। उक्‍त प्रावधान नगरीय निकायों में लागू है, जिसमें विहित प्रावधान अनुसार नगरीय निकायों द्वारा कार्यवाही की जाती है। नगर पालिक निगम, उज्‍जैन में नियुक्ति में भी आरक्षण रोस्‍टर का पालन किया जाता है। (ग) नगर पालिक निगम, उज्‍जैन द्वारा निगम सीमा क्षेत्र में आने वाले मुख्‍य स्‍थलों एवं अनसेफ्ट क्षेत्रों की समुचित सफाई व्‍यवस्‍था हेतु आउट सोर्सिंग एजेन्‍सीज, रतन एम्‍पोरियम 6-7 पालिक बाजार, धार एवं ओरिअंटल एजेन्‍सीज, एफ.एफ. 1 शान्‍तम ग्रीन कमर्शियल काम्‍पलेक्‍स वसना रोड बड़ोदरा (गुजरात) को 357.98 रू. की दर से दिसंबर 2016 से 1 वर्ष का ठेका दिया गया है। उपरोक्‍त फर्मों द्वारा अपने अधीनस्‍थ श्रमिकों के संबंध में श्रम कानून अनुसार पालन किया जा रहा है।

सागर नगर खेल परिसर में जॉगिंग ट्रेक का निर्माण

[खेल और युवा कल्याण]

13. ( *क्र. 2090 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खेल परिसर सागर में जॉगिंग ट्रेक का निर्माण कितनी राशि से हुआ है? निर्माण एजेंसी कौन थी? निर्माण कब प्रारंभ हुआ था एवं कब पूर्ण किया गया था? (ख) क्‍या जॉगिंग ट्रेक का निर्माण गुणवत्‍ताहीन एवं निर्धारित मानक पर नहीं हुआ है, जिससे खिलाड़ि‍यों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है? क्‍या इसकी उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी? (ग) क्‍या शासन खिलाडि़यों के हित में सिंथेटिक जॉगिंग ट्रेक की सुविधा देने पर विचार करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जॉगिंग ट्रेक निर्माण पर राशि रू. 24,92,077/- व्‍यय हुई है। निर्माण एजेंसी म.प्र. लघु उद्योग निगम भोपाल द्वारा निर्माण कार्य 07.10.2016 में प्रारंभ कर 05.01.2017 में पूर्ण किया गया है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) सिंथेटिक क्षेत्र की स्‍थापना पर रू. 6.00 करोड़ का अनुम‍ानित व्‍यय होना है। विभाग के सीमित बजट व सागर जिले के एथलेटिक खिलाड़ि‍यों द्वारा राष्‍ट्रीय स्‍तर पर उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन नहीं होने के कारण सागर में सिंथेटिक जॉगिंग ट्रेक की सुविधा उपलब्‍ध करवाई जाना संभव नहीं है।

खनिज अधिकारियों के स्‍थानांतरण

[खनिज साधन]

14. ( *क्र. 2141 ) चौधरी चन्‍द्रभान सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2017 में खनिज निरीक्षक, सहायक खनिज अधिकारी एवं खनिज अधिकारियों के स्‍थानांतरण आदेश जारी हुये हैं? यदि हाँ, तो उनकी सूची प्रदान करें तथा उनमें से नर्मदापुरम संभाग, जबलपुर संभाग एवं रीवा संभाग में कितने अधिकारियों को भारमुक्‍त किया है। (ख) जिनको भारमुक्‍त नहीं किया गया है, उनको कब तक भारमुक्‍त कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो, क्‍यों?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नानुसार आदेशों की प्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। प्रश्‍नाधीन संभागों के 23 खनि निरीक्षक, सहायक खनि अधिकारी एवं खनि अधिकारी को भारमुक्‍त किया गया है। (ख) नर्मदापुरम संभाग के अंतर्गत जिला बैतूल में पदस्‍थ किये गये सहायक खनि अधिकारी को माननीय उच्‍च न्‍यायालय के निर्णय के संदर्भ में दिनांक 13.11.2017 को कार्यमुक्‍त किया गया है। इनके द्वारा पदग्रहण करने के उपरांत जिला बैतूल में पदस्‍थ खनि निरीक्षक को कार्यमुक्‍त किया जा सकेगा। रीवा संभाग के अंतर्गत जिला सिंगरौली में पदस्‍थ खनि निरीक्षक द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय से स्‍थानांतरण के विरूद्ध स्‍थगन प्राप्‍त करने के कारण इन्‍हें कार्यमुक्‍त नहीं किया गया है। इनकी कार्य मुक्ति माननीय उच्‍च न्‍यायालय के निर्णय के अधीन होगी। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

महाकाल मंदिर उज्जैन का सफाई टेण्डर

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

15. ( *क्र. 3266 ) श्री सतीश मालवीय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या महाकाल मंदिर उज्जैन के सफाई का ठेका रूपये 3.5 करोड़ में एक वर्ष हेतु दिया गया है? क्या एक वर्ष पश्‍चात् सफाई हेतु नवीन निविदायें आमंत्रित की जावेंगी या इसी एजेन्सी को अगले वर्ष हेतु ठेका अवधि बढ़ाकर कितने करोड़ में दिया जावेगा? (ख) ठेका अवधि‍ में जिस कम्पनी को महाकाल मंदिर में सफाई कार्य का ठेका दिया है। उसके कितने कर्मचारी सेवारत हैं? इन कर्मचारियों की उपस्थितियों का भौतिक सत्यापन किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया है एवं इन कर्मचारियों में से कितने कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन किया गया एवं कितने कर्मचारियों का सत्यापन नहीं किया गया? जिस कम्पनी को कार्य दिया गया है, वर्क आर्डर दिनांक से प्रश्न दिनांक तक किस दिन कितने कर्मचारी उपस्थित रहे? कर्मचारीवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या जिस एजेन्सी को महाकाल मंदिर उज्जैन की सफाई का कार्य दिया गया है? उसके कम कर्मचारी रखने/पर्याप्त सफाई न करने पर महाकाल मंदिर समिति को उक्त एजेन्सी को अनुबंध समाप्त करने के अधिकार हैं? यदि हाँ, तो उक्त एजेन्सी के खिलाफ प्रश्न दिनांक तक महाकाल मंदिर समिति द्वारा कौन-कौन सी शिकायतें की गई हैं? शिकायतवार जानकारी उपलब्ध करावें। उन शिकायतों पर प्रश्न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्राम रोजगार सहायकों/सचिवों का नियमितीकरण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

16. ( *क्र. 3195 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में नियुक्त ग्राम रोजगार सहायकों को शासन के आदेश क्रमांक 932/761/13/22, दिनांक 06.07.2013 से ग्राम पंचायत सहायक सचिव घोषित किया गया है? यदि हाँ, तो इनकी क्या सेवा शर्तें निर्धारित की गयी हैं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार इन सहायक सचिवों को नियमित किये जाने की शासन की क्या योजना है? इन्हें कब तक नियमित किया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार इन कर्मचारियों को सेवा से पृथक किये जाने/निलंबित किये जाने के संबंध में शासन के क्या नियम एवं निर्देश हैं? किस-किस अधिकारी को इन्हें सेवा से पृथक किये जाने का अधिकार है? दिनांक 01 जनवरी, 2016 से प्रश्नांकित दिनांक तक श्योपुर जिले में किन-किन ग्राम पंचायतों के सहायक सचिवों को किस-किस कारण से सेवा से पृथक किया है एवं किसके आदेश से? (घ) ग्राम पंचायत सचिवों की शासकीय सेवा के दौरान मृत्यु उपरांत उनके परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने हेतु शासन स्तर पर विचाराधीन प्रस्ताव पर अभी तक क्या निर्णय लिया गया है? कब तक इन कर्मचारियों के लिए अनुकम्पा नियुक्ति की नीति लागू कर दी जावेगी? इस संबंध में शासन द्वारा क्या नियम बनाये हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। उक्त आदेश में सहायक सचिव घोषित करने का प्रावधान है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। शासन की ऐसी कोई योजना नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 एवं 2 अनुसार है। श्योपुर जिले से संबंधित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। पंचायत सचिव मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती और सेवा की शर्तें) नियम, 2011 में प्रावधानित अवकाश की पात्रता रखता है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है।

सतना जिले में स्थित गुप्‍त गोदावरी का विकास

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( *क्र. 2583 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) चित्रकूट में गुप्त गोदावरी में गुफा के अंदर प्रतिदिन प्रवेश करने वाले लोगों की औसत संख्या बताएं? क्या यह सही है की गुफा के अंदर होने वाली किसी भी संभावित दुर्घटना से निपटने के लिये लोगों को बाहर निकालने के लिये शासन के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है? (ख) क्या शासन वैकल्पिक व्यवस्था हेतु विशेषज्ञों से सर्वे करवाकर अविलंब आपातकालीन मार्ग बनाने का काम शुरु करेगा? (ग) गुफा के अंदर होने वाली गर्मी से पर्यटकों को निजात दिलाने के लिये क्या विभाग गुफा के अंदर A.C. लगाने की योजना पर विचार करेगा? यदि नहीं, तो प्रवेश शुल्क 10 रू. से बढ़ाकर 20 रू. कर ऐसी व्यवस्था करने में शासन को क्या आपत्ति है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) चित्रकूट क्षेत्र में स्थित गुप्‍त गोदावरी गुफाओं के अंदर प्रतिदिन प्रवेश करने वाले लोगों की औसत संख्‍या 3418 है। वर्तमान समय में दुर्घटना आदि से निपटने के लिये स्‍थानीय प्रशासन व पुलिस प्रशासन के माध्‍यम से यात्रियों को गुफाओं से बाहर निकालने की व्‍यवस्‍था की जाती है। इस व्‍यवस्‍था को और भी अधिक सुदृढ़ बनाने के लिये मिनी स्‍मार्ट सिटी मिशन अंतर्गत वैकल्पिक मार्गों हेतु कार्य योजना तैयार की जा रही है। (ख) जी हाँ, मिनी स्‍मार्ट सिटी योजना के कंसल्‍टेंट श्री मुकेश इन्‍दुरख्‍या के साथ मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद चित्रकूट द्वारा गुप्‍त गोदावरी का भ्रमण किया गया एवं उक्‍त वैकल्पिक व्‍यवस्‍था हेतु एवं विशेषज्ञों से सर्वे कराये जाने हेतु सुझाव दिया गया है, कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) गुफाओं का सर्वे विशेषज्ञों द्वारा किये जाने के पश्‍चात् उनके सुझाव अनुसार ही A.C. लगाने की योजना पर विचार उपयुक्‍त होगा, विशेषज्ञों के सुझाव प्राप्ति उपरांत नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

बारह खंभा (देवपुरा) धार्मिक स्‍थल का विकास

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

18. ( *क्र. 2519 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या इछावर ब्‍लॉक के अंतर्गत ग्राम देवपुरा में बारह खंभा नामक धार्मिक स्‍थल पर मेला भरता है? यदि हाँ, तो कब और कितने दिनों तक आयोजन होता है? उक्‍त मेले में कितने श्रद्धालु पहुंचते हैं? प्रश्‍न दिनांक तक 3 वर्ष का ब्‍यौरा दें। (ख) बारह खंभा धार्मिक स्‍थल पर पहुंचने के लिए कौन-कौन से मार्ग हैं और किन-किन मार्गों से पहुंचते हैं तथा उन मार्गों की वर्तमान स्थिति क्‍या है? (ग) क्‍या ग्राम खेरी से ग्राम देवपुरा तक सड़क मार्ग निर्माण का कोई प्रस्‍ताव लंबित है? यदि हाँ, तो कब से लंबित है तथा कब तक मार्ग का निर्माण कर दिया जायेगा? (घ) विभाग द्वारा बारह खंभा धार्मिक स्‍थल के विकास के लिए प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्य कराए गए हैं? ब्‍यौरा दें तथा आगामी क्‍या कार्ययोजना है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

हरदोली पेयजल योजना का क्रियान्‍वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( *क्र. 3419 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन द्वारा बहरदौली जल आवर्धन योजना के लिये बांध निर्माण में लगने वाली राशि नगरपालिका मुलताई को हस्‍तांतरित कर दी गई है? यदि हाँ, तो दिनांक बतावें। (ख) क्‍या इस योजना में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया विभाग द्वारा पूर्ण कर ली गई है? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। साथ ही दिनांक से स्‍पष्‍ट करें कि य‍ह प्रक्रिया कब तक पूर्ण कर ली जायेगी। (ग) उक्‍त योजना में बांध का निर्माण विभाग द्वारा कब तक प्रारंभ किया जायेगा? (घ) उक्‍त योजना को कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। निकाय के खाते में मुआवजा राशि अंतरित होने के उपरांत आपसी क्रय नीति के अंतर्गत कार्यालय, कलेक्‍टर (भू-अर्जन शाखा) बैतूल के द्वारा प्रकरण क्रमांक 12 अ-82/16-17, प्रकरण क्रमांक 11 अ-82/16-17, प्रकरण क्रमांक 09 अ-82/16-17 में पारित आदेश दिनांक 09.06.2017 एवं प्रकरण क्रमांक 10 अ-82/16-17 में पारित आदेश दिनांक 23.06.2017 के द्वारा कुल 31 कृषकों से रजिस्‍ट्री कराने की स्‍वीकृति प्रदान की गई। प्राप्‍त स्‍वीकृति के विरूद्ध निकाय के द्वारा अब तक कुल 25 कृषकों की रजिस्‍ट्री कराई जा चुकी है तथा मुआवजा राशि उनके खाते में अंतरित की जा चुकी है। शेष 06 कृषकों से रजिस्‍ट्री कराई जाने की कार्यवाही प्रचलित है। प्रक्रिया पूर्ण करने की निश्चित दिनांक बताया जाना संभव नहीं है। (ग) योजना के अंतर्गत बांध निर्माण घटक का कार्य दिनांक 19.11.2017 से प्रारंभ किया गया है। (घ) कार्य प्रगतिरत है। कार्य पूर्णता के लिए कार्यादेश दिनांक 17.04.2013 से 12 माह का समय निर्धारित किया गया था। निर्माण कार्य हेतु भूमि उपलब्‍ध नहीं होने से कार्य प्रारंभ नहीं कराया जा सका। बांध निर्माण कार्य प्रारंभ होने के दिनांक 19.11.2017 से समयावधि 12 माह निर्धारित की गई है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

ग्राम पंचायतों का नगर पंचायतों में उन्‍नयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

20. ( *क्र. 2529 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्राम पंचायत से नगर पंचायत के दर्जा देने हेतु शासन स्‍तर से कितनी ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है तथा सागर जिले में ऐसी कितनी ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है? (ख) क्‍या वृहद ग्राम पंचायत कर्रापुर को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने हेतु शासन स्‍तर से कोई प्रस्‍ताव विभाग में लंबित है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) ग्राम पंचायत से नगर पंचायत के दर्जा देने हेतु प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर विभाग द्वारा नियमानुसार गठन की कार्यवाही की जाती है तथा सागर जिले में कुल 04 ग्राम पंचायतों मालथौन, बांदरी, बिलहरा एवं गौरझामर को नगर परिषद में गठन हेतु कार्यवाही प्रचलित है। (ख) जी नहीं।

बेनजीर कॉलेज को अन्‍यत्र स्‍थानांतरित किया जाना

[उच्च शिक्षा]

21. ( *क्र. 3408 ) श्री आरिफ अकील : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय बेनजीर महाविद्यालय को अन्‍यत्र स्‍थानांतरित/शिफ्ट करने के संबंध में विश्‍वविद्यालय अधिनियम के अनुसार शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत समितियों के द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि बेनजीर कॉलेज को अन्‍यत्र स्‍थानांतरित नहीं किया जावेगा? (ख) यदि हाँ, तो य‍ह निर्णय किसके द्वारा कब लिया गया था और बेनजीर कॉलेज की स्‍थापना कब हुई थी? प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में यह अवगत करावें कि क्‍या बेनजीर कॉलेज को अन्‍यत्र स्‍थानांतरित कर दिया है? यदि हाँ, तो किसके आदेश से कब और कहाँ स्‍थानांतरित किया गया है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। शासकीय विज्ञान एवं वाणिज्‍य महाविद्यालय बेनजीर, भोपाल की स्‍थापना 07.10.1982 में हुई थी। जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है।

आवारा पुशओं का व्‍यवस्‍थापन

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( *क्र. 2546 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या नगर निगम मुरैना के वार्ड क्र. 20, 40 एवं 45 में आवारा पुशओं के जमावड़ा से वहां के निवासियों को बहुत अधिक परेशानी हो रही है? यदि हाँ, तो नगर निगम मुरैना ने अब तक इन पशुओं को पकड़वाकर अन्‍यत्र भिजवाने हेतु क्‍या कार्यवाही की है? यदि कोई कार्यवाही नहीं की है तो क्‍यों नहीं की तथा कब तक कार्यवाही कर ली जावेगी, ताकि जनता को परेशानी से बचाया जा सके? (ख) क्‍या वार्ड क्र. 45 में शास. भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्‍जा कर लिया गया है एवं उसमें बने पार्क में अवैध रूप से सुअर पालन किये जाने से क्षेत्रीय जनता में असंतोष व्‍याप्‍त हो चुका है? यदि हाँ, तो कब तक वार्ड क्र. 45 की शास. भूमि एवं पार्क को दबंगों एवं अवैध कब्‍जाधारियों से मुक्‍त करा लिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। नगर पालिक, निगम मुरैना के द्वारा वार्ड 20, 40 एवं 45 में जो भी आवारा पशुओं का जमावड़ा था, उसे नगर पालिक निगम द्वारा निगम दस्‍ते से पकड़वाकर वाहनों के द्वारा नगर पालिक निगम के देवरी गौशाला में गौ सेवकों के सुपुर्द किया गया है, निगम द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ने की मुहिम शहर में सतत् रूप से चलाई जाती है। (ख) वार्ड क्रमांक 45 में 04 व्‍यक्तियों द्वारा झुग्‍गी-झोपड़ी बनाकर अतिक्रमण किया गया है, पार्क में अवैध रूप से सुअर पालन नहीं किया जा रहा है और न ही क्षेत्र की जनता में असंतोष व्‍याप्‍त है, संबंधित अतिक्रमणकारियों को अतिक्रमण हटाने हेतु नोटिस जारी किये गये हैं, अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

धार्मिक स्‍थलों का जीर्णोद्धार

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

23. ( *क्र. 3298 ) श्री इन्‍दर सिंह परमार : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्‍जैन संभाग में वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक कितने धार्मिक स्‍थलों के जीर्णोद्धार के प्रस्‍ताव जिले के कलेक्‍टरों से प्राप्‍त हुये? उनमें से कितनों को राशि आवंटित की गई? वर्षवार, जिलेवार जानकारी देवें (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित प्रस्‍तावों में से राशि स्‍वीकृति के क्‍या-क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित हैं? क्‍या मापदण्‍ड का पालन किया गया? (ग) शाजापुर जिले से धर्मस्‍व विभाग को 2016-17, 2017-18 में किन-किन मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिये राशि स्‍वीकृत की गई? सूची देवें। 2016-17, 2017-18 में कितने प्रस्‍ताव किस-किस दिनांक को प्राप्‍त हुये? क्‍या प्राप्‍त प्रस्‍तावों में से स्‍वीकृतियां किसी मापदण्‍ड के अनुसार की हैं?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अमरावती रोड से सेट लाव्‍हाना मार्ग का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

24. ( *क्र. 913 ) श्री जतन उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत अमरावती रोड से सेट लाव्‍हाना मार्ग के निर्माण का टेण्‍डर कब हुआ था? मार्ग की लागत एवं एजेन्‍सी कौन है? (ख) मार्ग निर्माण की कार्यावधि क्‍या है, प्राक्‍कलन में क्‍या-क्‍या प्रावधान रखे गये थे? (ग) मार्ग निर्माण में आने वाली कुल कितनी पुल-पुलियों का निर्माण इस कार्य के साथ होना था और निर्माण एजेन्‍सी द्वारा अभी तक क्‍या-क्‍या और कितना कार्य किया जा चुका है? अनुबंध की राशि में मार्ग निर्माण न होने की स्‍थि‍ति में क्‍या पुनरीक्षित प्राक्‍कलन तैयार कर विभाग द्वारा स्‍वीकृत कराया गया है? (घ) यदि निर्माण एजेन्‍सी द्वारा उक्‍त कार्य दी गई अवधि में पूर्ण नहीं किया गया तो विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई तथा उक्‍त निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर दिया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) टेण्डर दिनांक 23.03.2013 को जारी हुआ, मार्ग की लागत रूपये 114.63 लाख थी एवं एजेन्सी मेसर्स मूसले कन्स्ट्रक्‍शन कम्पनी, नागपुर थी। (ख) कार्यावधि कार्यादेश दिनांक 05.08.2013 से एक वर्ष अर्थात्‌ 04.08.2014 तक थी। प्राक्कलन में डामरीकृत मार्ग 3.85 कि.मी., कांक्रीट मार्ग 0.100 कि.मी. एवं 10 पुल-पुलियों का प्रावधान किया गया था। (ग) मार्ग में 10 पुल-पुलियों का निर्माण होना था, जिसमें स्थल की आवश्‍यकतानुसार 11 पुल-पुलियों का निर्माण किया गया है। 4.17 कि.मी. डामरीकृत मार्ग तथा 0.063 कि.मी. कांक्रीट मार्ग का निर्माण किया गया। संपूर्ण कार्य अनुबंध राशि के अंदर पूर्ण हुआ। शेष प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता। (घ) निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं हुआ, इस कारण निर्माण एजेन्सी पर रूपये 7,55,880/- की राशि के विलंब हेतु अर्थदण्ड अधि‍रोपित किया गया। उक्त मार्ग को दिनांक 30.11.2015 को पूर्ण किया जा चुका है।

बायपास मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति‍

[नगरीय विकास एवं आवास]

25. ( *क्र. 598 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिला मुख्‍यालय पर निर्मित एफ.सी.आई. गोदाम से सफेद चबूतरा शिवपुरी रोड तक का व्‍यस्‍ततम एक मात्र बायपास मार्ग की दशा वर्तमान में अत्‍यन्‍त खराब है, पूरा मार्ग गड्ढ़ों में तब्‍दील होकर चलने योग्‍य नहीं रह गया है? इस कारण भारी वाहनों एवं नागरिकों को आवागमन में अत्‍यधिक कठिनाईयां आ रही हैं, नागरिक इस मार्ग के पुनर्निर्माण की मांग भी कर रहे हैं? (ख) क्‍या उक्‍त कारणों के मद्देनजर नगर पालिका श्‍योपुर ने मुख्‍यमंत्री अधोसंरचना विकास मद अंतर्गत उक्‍त मार्ग के पुनर्निर्माण की 03 करोड़ की डी.पी.आर. तैयार कर शासन को स्‍वीकृति हेतु भेज भी दी है? (ग) उक्‍त डी.पी.आर. वर्तमान में किस स्‍तर पर कब से परीक्षणाधीन है, परीक्षण कार्य कब तक पूर्ण करवा लिया जावेगा? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित कठिनाईयों के मद्देनज़र क्‍या शासन उक्‍त डी.पी.आर. का परीक्षण कार्य यथाशीघ्र निपटवाएगा व इसे निश्चित रूप से चालू वर्ष के अनुपूरक बजट में शामिल करवाकर इसकी प्रशासकीय स्‍वीकृति अविलम्‍ब जारी करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक 13086, दिनांक 16.11.2017 से राशि रू. 299.79 लाख की तकनीकी एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी कर दी गई है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिपालन में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


मध्‍यान्‍ह भोजन योजना का क्रियान्‍वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

1. ( क्र. 26 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन व रतलाम जिले में वर्ष 2015 से अब तक कहाँ-कहाँ मध्‍यान्‍ह भोजन में कीड़े, छिपकली, इल्‍ली व कॉकरोच पाये जाने की शिकायतें मि‍ली? तहसीलवार-विकासखण्‍डवार जानकारी प्रदान करें. (ख) स्‍तरहीन दाल-रोटी-चावल वितरण के कितने प्रकरण उक्‍त अवधि में प्रकाश में आए? उनका ब्‍यौरा दें. (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संबंध में शासन ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की एवं भोजन के स्‍तर की सतत् निगरानी हेतु क्‍या कदम उठाये? तहसीलवार पूर्ण विवरण दें.

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) रतलाम जिलें में प्रश्नाधीन अवधि में ऐसा कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। उज्जैन जिले में दैनिक पत्रिका समाचार पत्र दिनांक 25 जनवरी 2017 में उज्जैन शहरी क्षेत्र की माध्यमिक शाला दमदमा में निर्धारित गुणवत्ता का भोजन प्रदाय न करने का समाचार प्रकाशित हुआ था। माननीय महापौर, नगर पालिका निगम, उज्जैन द्वारा दिनांक 06 फरवरी 2017 को उक्त शाला का निरीक्षण कर, शाला में प्रदाय भोजन की गुणवत्ता निर्धारित मानक अनुसार नहीं होना प्रतिवेदित किया गया। (ग) प्रश्नांश (ख) के तारतम्य में उज्जैन शहरी क्षेत्र की माध्यमिक शाला दमदमा में कार्यरत स्वयं सेवी संस्था को जिला पंचायत उज्जैन द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र क्रमांक 2932 दिनांक 01.03.2017 जारी किया गया। मध्यान्ह भोजन की सतत् निगरानी हेतु जिला परियोजना समन्वयक, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, विकासखण्ड अकादमिक समन्वयक, जनशिक्षक, शिक्षक, क्वालिटी मॉनिटर द्वारा निरंतर निरीक्षण किये जाकर सतत् निगरानी रखी जाती है। इसके अतिरिक्त शालाओं में निरीक्षण पंजी का संधारण, छात्र-छात्राओं की माताओं का रोस्टर तैयार कर भोजन चखना, शाला के मध्यान्ह भोजन प्रभारी, शिक्षक द्वारा वितरण पूर्व भोजन चखने एवं भोजन का नमूना 24 घंटे तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।

स्‍मार्ट सिटी का विकास

[नगरीय विकास एवं आवास]

2. ( क्र. 59 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल सहित प्रदेश के किन-किन महानगरों/नगरों में स्‍मार्ट सिटी का विकास किया जा रहा है? (ख) स्‍मार्ट सिटी के विकास हेतु किन-किन महानगरों/नगरों में कितनी-कितनी शासकीय एवं निजी भूमि की आवश्‍यकता का आंकलन किया गया है एवं इसमें कितनी-कितनी शासकीय एवं निजी भूमि स्‍मार्ट सिटी के विकास हेतु उपलब्‍ध कराई गई है? (ग) स्‍मार्ट सिटी के विकास हेतु किन-किन वर्षों में कितनी-कितनी धनराशि केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार द्वारा उपलब्‍ध कराई गई? (घ) प्रदेश के किन-किन नगरों में स्‍मार्ट सिटी का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है एवं क्‍या-क्‍या विकास कार्य किये गये? (ड.) स्‍मार्ट सिटी के निर्माण का कार्य कब तक पूर्ण करने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) स्‍मार्ट सिटी योजना अन्‍तर्गत भोपाल सहित इंदौर, जबलपुर, ग्‍वालियर, उज्‍जैन, सागर एवं सतना शहर में स्‍मार्ट सिटी का विकास किया जा रहा है। (ख) स्‍मार्ट सिटी भोपाल-स्‍मार्ट सिटी मिशन के अन्‍तर्गत क्षेत्र आधारित विकास (एरिया बेस्‍ड डेवलपमेंट) हेतु भोपाल स्‍मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लि‍मिटेड को शासन द्वारा 342 एकड़ शासकीय भूमि हस्‍तांतरित की गई है। स्‍मार्ट सिटी इंदौर-स्‍मार्ट सिटी के विकास कार्य हेतु शासकीय भूमि 24.028 हेक्‍टेयर का आंकलन किया गया है तथा आवंटन की प्रकिया प्रगतिशील है। स्‍मार्ट सिटी जबलपुर-जबलपुर स्‍मार्ट सिटी विकास हेतु शासकीय भूमि 334.7 हेक्‍टेयर का आंकलन किया गया है। स्‍मार्ट सिटी ग्‍वालियर- स्मार्ट सिटी योजनान्‍तर्गत शासकीय भूमि 23.476 हेक्‍टेयर का आंकलन किया गया है। स्‍मार्ट सिटी उज्‍जैन-स्‍मार्ट सिटी योजनान्‍तर्गत राज्‍य शासन की भूमि 9.219 हेक्‍टेयर केन्‍द्र शासन की भूमि 35.732 का आंकलन किया गया है। इसके अतिरिक्‍त विनोद मिल की भूमि 18.018 हेक्‍टेयर का प्रकरण न्‍यायालय में विचाराधीन है। स्‍मार्ट सिटी सागर- स्‍मार्ट सिटी योजनान्‍तर्गत शासकीय भूमि 908 एकड़ का आंकलन किया गया है। स्‍मार्ट सिटी सतना-स्‍मार्ट सिटी योजनान्‍तर्गत शासकीय भूमि 662 एकड़ का आंकलन किया गया है। 250 एकड़ शासकीय भूमि आरक्षित की जा चुकी है तथा बाकी भूमि की प्रकिया प्रचलन में है। (ग) स्‍मार्ट सि‍टी योजनान्‍तर्गत वर्षवार धनराशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) स्‍मार्ट सिटी भोपाल के विकास कार्यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार, स्‍मार्ट सिटी इंदौर के विकास कार्यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार, स्‍मार्ट सिटी जबलपुर के विकास कार्यों की सूची पुस्‍तकालय के परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार, स्‍मार्ट सिटी ग्‍वालियर की सूची पुस्‍तकालय के विकास कार्यों की सूची परिशिष्‍ट के प्रपत्र-5 अनुसार एवं स्‍मार्ट सिटी उज्‍जैन के विकास कार्यों की सूची पुस्‍तकालय के परिशिष्‍ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। स्‍मार्ट सि‍टी सागर एवं सतना का चयन जून 2017 में ही हुआ है। दोनो ही शहरों में स्‍पेशल पर्पस व्‍हीकल (एस.पी.वी.) का गठन किया जा चुका है। दोनो ही शहरों में विकास कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। (ड.) भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर में वर्ष 2021 तक, ग्‍वालियर एवं उज्‍जैन में 2022 तक तथा सागर एवं सतना में वर्ष 2023 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है।

नर्मदा सेवा यात्रा व्‍यय राशि

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

3. ( क्र. 60 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2017 में किस दिनांक से किस दिनांक तक नर्मदा सेवा यात्रा निकाली गई? (ख) नर्मदा सेवा यात्रा के कार्यक्रम का आयोजन किस-किस नगरों/कस्‍बों/जिलों में किस-किस दिनांक को किया गया? (ग) नर्मदा सेवा यात्रा के आयोजन हेतु कितनी-कितनी राशि विज्ञापन, व्‍ही.व्‍ही.आई.पी./व्‍ही.आई.पी. की सुरक्षा एवं अन्‍य मदों में व्‍यय की गई एवं यह व्‍यय किस विभाग के बजट से किया गया है? पृथक-पृथक विवरण‍ दिया जाये? (घ) क्‍या वर्ष 2013-14 में नर्मदा नदी के संरक्षण हेतु कार्य योजना बनाई गई थी? यदि हाँ, तो इस कार्ययोजना के क्रियान्‍वयन हेतु प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या विकास कार्य किये गये एवं किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई? (ड.) इस कार्ययोजना के क्रियान्‍वयन से प्रदेश के किन-किन नगरों गंदे नालों में ट्रीटमेंट प्‍लांट लगाये गये एवं नालों को डायवर्ट किया गया?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनांक 11 दिसम्बर 2016, से दिनांक 15 मई 2017 तक नर्मदा सेवा यात्रा निकाली गई। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संकलित की जा रही है। (घ) जी हाँ, योजना अन्तर्गत नर्मदा नदी किनारे स्थित 24 शहरों के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज के कार्यों हेतु डी.पी.आर. तैयार कराई जाकर स्वीकृति हेतु केन्द्र शासन के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को दिनांक 15.09.2014 को प्रेषित की गई थी। केन्द्र शासन से इन योजनाओं की स्वीकृति प्राप्त नहीं होने से अभी क्रियान्वयन की कार्यवाही नहीं हुई है। 24 नगरों की डी.पी.आर. तैयार कराए जाने पर अभी तक राशि रूपये 3,29,63,884.00 व्यय हुई है। (ड.) प्रश्नांश '''' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री आवास योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( क्र. 169 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बड़वाहा विधान सभा क्षेत्र की नगर पालिका बड़वाहा एवम सनावद में प्रधानमंत्री आवास योजना में कब सर्वे हुआ है. वार्डवार पात्र व्यक्तियों की सूची दी जावे. (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार इन पात्र हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ किस प्रकार का दिया गया है? नियम की प्रति उपलब्ध कराई जावे। (ग) आवास योजना में ऐसे कितने हितग्राही हैं जिन्हें वर्तमान तक आवास योजना का लाभ नहीं मिला है? इन व्यक्तियों को कब तक लाभ मिल जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) बड़वाह विधान सभा क्षेत्र की नगर पालिका परिषद् बड़वाह में फरवरी, 2017 एवं नगर पालिका परिषद्, सनावद में जनवरी, 2017 में सर्वे किया गया है। नगर पालिका परिषद् बड़वाह में हितग्राहियों की पात्रता का परीक्षण किया जा रहा है। सूची तैयार की जा रही है एवं नगर पालिका परिषद् सनावद की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी- सबके लिए आवास 2022) के मार्गदर्शी सिद्धांत पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग का ज्ञाप दिनांक 01.11.2014 पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) नगर पालिका परिषद् बड़वाह में हितग्राहियों की सूची तैयार की जा रही है जिस अनुसार विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर भारत सरकार से स्‍वीकृति प्राप्‍त की जायेगी। वर्तमान में भारत सरकार से स्‍वीकृत न होने के कारण समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। नगर पालिका परिषद्, सनावद द्वारा चयनित 391 हितग्राहियों में से 230 पात्र हितग्राहियों को लाभ दिया जा चुका है। 161 हितग्राहियों को अभी लाभ नहीं मिल पाया है। इनकी पात्रता का परीक्षण कर पात्र पाये जाने पर दिसम्‍बर, 2017 तक लाभ प्रदान कर दिया जायेगा।

भूखण्‍ड आवंटन की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( क्र. 401 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश राज्‍य कर्मचारी आवास निगम भोपाल द्वारा झाबुआ मुख्‍यालय किशनपुरी में प्रस्‍तावित भू-खण्‍ड योजना 2012 में भू-खण्‍ड प्राप्‍त करने संबंधी कोई योजना थी? (ख) यदि हाँ, तो पंजीयन एवं आवंटन नियम के अंतर्गत जिन कर्मचारियों को भूखण्‍ड आवंटित किये है, क्‍या उनसे आवंटन नियम की शर्त क्रमांक-11 अनुसार सभी आवेदनकर्ता से उनका म.प्र. में भवन/भू-खण्‍ड नहीं होने संबंधी शपथ पत्र लिया गया है? (ग) क्‍या जिन आवेदित कर्मचारियों ने आवंटन नियम की शर्त क्रमांक 11 के तहत शपथ पत्र प्रस्‍तुत नहीं किया है, उन्‍हें भी भूखण्‍ड आवंटित किये गये है? क्‍या इस संबंध में विभाग को कोई शिकायत प्राप्‍त हुई थी, यदि हाँ, तो क्‍या उस पर क्‍या कार्यवाही की गई थी? (घ) यदि भूखण्‍ड आवंटन में प्रक्रिया यदि त्रुटिपूर्ण है तो क्‍या आवास निगम सभी आवेदन पत्रों की पुन: जाँच कर कार्यवाही करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, शपथ पत्र लिये गये थे, परन्‍तु म.प्र. राज्‍य कर्मचारी आवास निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक दिनांक 16/08/2002 के नियम 11 की बाध्‍यता समाप्‍त की गई थी। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। जी नहीं शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) भू-खण्‍ड आवंटन की प्रक्रिया त्रुटीपूर्ण न होने से पुन: जाँच का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निर्माण कार्यों के लिए एजेंसी

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

6. ( क्र. 402 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र झाबुआ अंतर्गत विधायक निधि वर्ष 2016-17 में स्‍वीकृत निर्माण कार्यों में से कौन-कौन से निर्माण कार्यों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग झाबुआ को निर्माण एजेन्‍सी बनाया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग झाबुआ द्वारा स्‍वीकृत कार्यों पर कितना-कितना निर्माण कार्य प्रश्‍न दिनांक तक किया गया है तथा उक्‍त कार्यों पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय हो गई है? (ग) क्‍या विभाग द्वारा निर्माण एजेन्‍सी को राशि उपलब्‍ध नहीं कराने से निर्माण कार्य अधूरे होकर कार्य बंद पड़े हैं और आदिवासी मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान तथा निर्माण सामग्री का भुगतान नहीं हो पा रहा है? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार मजदूरी एवं सामग्री का भुगतान नहीं होने से कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी उत्‍तरदायी है? निर्माण एजेन्‍सी को कब तक स्‍वीकृत कार्यों की राशि उपलब्‍ध कराई जावेंगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है। (ख) सभी स्वीकृत कार्य प्रश्न दिनांक तक पूर्ण हो चुके है। व्यय राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी नहीं, सभी कार्य पूर्ण हो चुके है। जिनका भुगतान बी.सी.ओ.टू. बी.सी.ओ. प्रक्रिया के तहत संबंधित विभाग को किया जा चुका है। (घ) राशि संबंधित विभाग के बी.सी.ओ. को जारी किये जाने से शेष का प्रश्न उपिस्थत नहीं होता हैं।

परिशिष्ट - ''छ:''

नमामि देवी नर्मदे यात्रा

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

7. ( क्र. 426 ) श्री संजय शर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में नमामि देवी नर्मदे यात्रा का रात्रि विश्राम किन-किन स्थानों पर किस-किस दिनांकों में हुआ था? (ख) यात्रियों के रहने और खाने की व्यवस्था किसके द्वारा कराई गई? (ग) उक्त व्यवस्था में किन-किन स्थानों पर कितना खर्च आया? स्थानवार जानकारी प्रदान करें? (घ) उक्त व्यवस्था में कितनी राशि खर्च की गई, राशि का भुगतान किसके द्वारा किया गया?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''सात''

एज्‍यूकेशन लोन का वितरण

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

8. ( क्र. 427 ) श्री संजय शर्मा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक कितने छात्र/छात्राओं को एज्‍यूकेशन लोन (शिक्षा ऋण), प्रदान किया गया? (ख) छात्र/छात्राओं का नाम व स्वीकृत ऋण राशि सहित जानकारी प्रदान करें। (ग) वर्तमान में कितने प्रकरण कौन-कौन से बैंकों में लम्बित हैं? इनका निराकरण कब तक कर दिया जावेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

यू.आई.डी.एस.एस.एम.टी. योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( क्र. 428 ) श्री संजय शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत, नगर परिषद् तेंदूखेड़ा के यू.आई.डी.एस.एस.एम.टी. योजना के कार्य में इंटेक वेल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक मेन पाईप लाईन की गहराई, निविदा की शर्तानुसार, कितनी निर्धारित थी और ठेकेदार द्वारा कितनी गहराई पर मेन पाईप लाईन बिछाई गई है? (ख) मेन पाईप लाईन के नीचे किस प्रकार का बेस दिया जाना निर्धारित था? निविदा शर्तानुसार निर्धारित बेस दिया गया है या नहीं? (ग) डिस्ट्रीब्यूशन पाईप लाईन बिछाते समय, निविदा की शर्तों के अनुसार, पूर्व में निर्मित खोदी गई पक्की सड़कों की मरम्मत ठेकेदार द्वारा किया जाना निर्धारित था या नहीं? यदि हाँ, तो ठेकेदार द्वारा खोदी गई पक्की सड़कों की मरम्मत की गई है या नहीं? (घ) इंटेक वेल तक पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाना, निविदा की शर्तों के अनुसार निर्धारित था या नहीं? यदि हाँ, तो पहुंच मार्ग का निर्माण ठेकेदार द्वारा कराया गया है या नहीं? (ङ) डिस्ट्रीब्यूशन पाईप लाईन की गहराई, निविदा की शर्तों के अनुसार, कितनी निर्धारित थी और ठेकेदार द्वारा कितनी गहराई पर मेन पाईप लाईन बिछाई गई है? डिस्ट्रीब्यूशन पाईप लाईन के नीचे किस प्रकार का बेस दिया जाना निर्धारित था? निर्धारित बेस दिया गया है या नहीं? (च) निविदानुसार कार्य न किये जाने पर ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद् तेंदूखेडा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत यू.आई.डी.एस.एस.एम.टी. योजना के कार्य में इंटेकवेल से वाटर ट्रीटमेंट प्‍लांट तक मेन पाईप लाईन की गहराई 1 मी. + 0.2 मी. निर्धारित थी तदानुसार कार्य कराया गया है। (ख) निविदा शर्तानुसार मेन पाईप लाईन के नीचे जिस स्‍ट्रेटा (हार्ड राक/काली मिट्टी) में आवश्‍यकतानुसार मुरम का बेस दिया जाना था वहां पर मुरम का बेस दिया गया है। (ग) ठेकेदार द्वारा अनुबंध अनुसार डब्‍ल्‍यू.बी.एम. एवं डामरीकृत सड़क का मरम्‍मत कार्य किया जाना था, जो ठेकेदार द्वारा संपादित किया गया है। (घ) निविदा शर्तानुसार इंटेकवेल तक पहुँच ब्रिज का निर्माण आवश्‍यक रूप से किया जाना था, जो ठेकेदार द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्‍त पहुँच मार्ग निर्माण प्रावधानित नहीं था। (ड.) डिस्‍ट्रीब्‍यूशन पाईप लाईन की गहराई निविदा शर्तों के अनुसार 1 मी. + 0.2 मी. निर्धारित थी। ठेकेदार द्वारा पथरीले एवं सकरे स्‍थलों पर औसतन 0.70 मी. गहराई में पाईप लाईन बिछाई गई है, तदनुसार ही कार्य का मूल्‍यांकन किया गया है। शेष स्‍थानों पर पाईप लाईन निविदा शर्तों के अनुसार बिछाई गई है। डिस्‍ट्रीब्‍यूशन पाईप लाईन के नीचे निविदा शर्तों अनुसार जिस स्‍ट्रेटा (हार्ड रॉक/काली मिट्टी) में आवश्‍यकतानुसार मुरम बेस दिया जाना था, जो ठेकेदार द्वारा संपादित किया गया है। (च) ठेकेदार द्वारा निविदा अनुसार कार्य किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जल आवर्धन योजना अंतर्गत किये गये कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( क्र. 466 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जल आवर्धन योजना के तहत नगर पंचायत इंदरगढ़ में क्‍या-क्या कार्य स्‍वीकृत हुए हैं? प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट एवं ठेकेदारों से अनुबंध की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें? (ख) उक्‍त कार्य की निर्माण एजेंसी कौन है, निर्माण एजेंसी ने म.प्र. जलावर्धन के क्षेत्र में कौन-कौन से कार्य किये है? उनमें से कितने कार्य पूर्ण होकर विभाग को हैण्‍ड ओवर हो चुके हैं एवं कितने अपूर्ण हैं? (ग) क्‍या उक्‍त निर्माण एजेंसी को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया जा चुका है? यदि हाँ, तो कब और क्‍या कारण से एवं पुन: बहाल होने के क्‍या कारण रहे हैं? साथ ही क्‍या उक्‍त निर्माण एजेंसी कार्य को खुद न करते हुए पेटी पर निर्माण कार्य को दे देती है? (घ) क्‍या इंदरगढ़ में निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिस कारण अभी स्‍थानीय लोगों ने कार्य को रोका भी था, जो की प्रमुखता से स्‍थानीय अखबार में भी छपा था? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त सारे कार्य की एक टीम बनाकर जाँच करा लेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) उक्‍त कार्य की निर्माण एजेंसी मेसर्स बान्‍कों कंस्‍ट्रक्‍शन प्रा.लि. नेहरू कॉलोनी थाटीपुर ग्‍वालियर है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) मुख्‍य अभियंता, म.प्र. लोक निर्माण विभाग उत्‍तर परिक्षेत्र ग्‍वालियर के पत्र क्रमांक सा./404/कॉन/70/2015 ग्‍वालियर दिनांक 05.04.2016 से पंजीयन निलंबित किया गया था तथा प्रमुख अभियंता म.प्र. लोक निर्माण विभाग का पत्र क्रमांक 212/वनिस/पंजी/अपील/प्र.अ./लो.नि.वि./2016/429 भोपाल दिनांक 12.07.2017 से पंजीयन बहाल किया गया मेसर्स बानको कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी द्वारा लोक निर्माण विभाग दतिया संभाग के अंतर्गत उन्‍नाव कामद मार्ग की प्रगति अनुबंध अनुसार नहीं होने के कारण फर्म का पंजीयन निलंबित किया गया था। फर्म के द्वारा आर.एम.सी. प्‍लांट एवं सीमेंट हेतु गोदाम तैयार करने एवं शेष मशीनरी साईट पर उपलब्‍ध करने का कार्य कर देने के कारण अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग, ग्‍वालियर मंडल द्वारा अपने पत्र दिनांक 08/07/2016 से फर्म के पंजीयन को बहाल करने की अनुशंसा की गई, जिसके आधार पर प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा फर्म पंजीयन बहाल किया गया है। जी नहीं, नगर परिषद् इंदरगढ़ में मुख्‍यमंत्री शहरी पेयजल योजना के अंतर्गत स्‍वीकृत समस्‍त कार्य स्‍वयं ठेकेदार द्वारा ही संपादित किये जा रहे है। (घ) जी नहीं, निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। कार्य में प्रयुक्‍त समस्‍त सामग्री टेस्टिंग समय-समय पर करवाई गई है। स्‍थल पर ठेकेदार द्वारा मानक अनुरूप रेत संग्रहण न करने के कारण स्‍थानीय लोगों ने दिनांक 17.10.2017 को शिकायत की थी। इसके संबंध में निकाय द्वारा भी सूचना पत्र क्रमांक 775 दिनांक 13.10.2017 से ठेकेदार को अनुपयुक्‍त रेत हटाने हेतु नोटिस जारी किया गया था। जिसके पालन में निविदाकार फर्म द्वारा दिनांक 17.10.2017 को रेत हटा ली गई है। स्‍थल पर कार्य गुणवत्‍तापूर्वक किया जा रहा है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

दिव्‍यांगों के लिए कराये गए कार्य

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

11. ( क्र. 467 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में सामाजिक न्‍याय विभाग द्वारा 2016-172017-18 में विकलांग दिव्‍यांगों के लिये क्‍या-क्या प्रयास/कार्यक्रम किये, कहाँ-कहाँ, किस-किस दिनांक को शिविर लगाये, दिनांकवार/ग्रामवार जानकारी दी जाये? (ख) उक्‍त वर्षों में जिले को राज्‍य शासन से कितनी राशि इन कार्यक्रमों के लिय प्राप्‍त हुई एवं उस राशि को किस-किस मद में कहाँ-कहाँ खर्च किया गया? दिनांकवार, मदवार जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ग) उक्‍त दिव्‍यांगों को वितरीत किये जाने वाले उपकरण व अन्‍य सामग्री कब-कब एवं कहाँ से क्रय की गयी? इसके लिये कोई निश्चित एजेंसी, कंपनी है या फिर विज्ञप्ति निकाल कर टेण्‍डर बुलाये गये हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिले में विभाग द्वारा प्रश्नांश अवधि में 36 दिव्यांग शिविर आयोजित किये गये है। ग्राम पंचायत/निकाय स्तर पर आयोजित शिविर की तिथिस्थान आदि से संबंधित जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' पर है। (ख) राज्य शासन द्वारा जिले को ''विश्व विकलांग दिवस'' आयोजन के लिये 2016-17 में 90000/- तथा 2017-18 में 56000/- का आवंटन उपलब्ध कराया गया। आवंटित राशि का मदवार विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''बी'' पर है। (ग) वर्ष 2016-17 में मैसर्स नेशन कृत्रिम अंग आरोपण केन्द्र इंदौर एवं मैसर्स एलिम्को जबलपुर से उपकरण शासन द्वारा चिन्हित फर्म से क्रय किये गये। फर्म शासन द्वारा चिन्हांकित किये गये थे। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

बेरोजगारों को ऋण वितरण

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

12. ( क्र. 599 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में उद्योग विभाग को वर्तमान तक कितने बेरोजगारों से मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार/युवा उद्यमी योजनान्‍तर्गत ऋण स्‍वीकृति हेतु कितने-कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? इन योजनाओं का निर्धारित लक्ष्‍य क्‍या है, योजनावार बतावें? (ख) लक्ष्‍य के विरूद्ध विभाग द्वारा उक्‍त योजनाओं अंतर्गत कितने ऋण प्रकरण स्‍वीकृत कर वितरण हेतु किन-किन बैंकों में भेजे, में से संबंधित बैंकों ने कितने-कितने प्रकरण स्‍वीकृत कर कितने बेरोजगारों को ऋण वितरित किया गया है? (ग) क्‍या दिनांक 15.09.2017 की स्थिति में मु.म. स्‍वरोजगार व युवा उद्यमी योजनांतर्गत क्रमश: 37523 बेरोजगारों को ऋण वितरण करने के लक्ष्‍य के विरूद्ध विभाग ने 45611 प्रकरण स्‍वीकृत कर उक्‍त बैंकों में भेजे, में से इन बैंकों ने 1102 प्रकरण स्‍वीकृत कर 2301 हितग्राही को ही ऋण वितरित किया? (घ) क्‍या दिनांक 16.09.2017 को बैंकर्स की जिला स्‍तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक में प्रभारी मंत्री/कलेक्‍टर श्‍योपुर ने दिनांक 20.09.2017 तक लक्ष्‍यानुसार ऋण स्‍वीकृति/वितरण करने के निर्देश बैंक प्रतिनिधियों को दिये थे, का पालन संबंधित बैंकों ने नहीं किया गया? नतीजतन वर्तमान तक बेरोजगारों को उक्‍त योजनाओं का लाभ नहीं मिला? क्‍या शासन बैंकों में लंबित ऋण प्रकरणों को शीघ्र स्‍वीकृत कराकर वितरण कराने हेतु आवश्‍यक कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) श्योपुर जिले में सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना/मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनान्तर्गत योजना के प्रारंभ से वर्तमान तक बेरोजगारों से प्राप्त आवेदनों एवं लक्ष्य की जानकारी निम्नानुसार हैः-

क्र

वर्ष

मु.मं.युवा उद्यमी योजना

मु.मं.स्वरोजगार योजना

 

 

प्राप्‍त लक्ष्‍य

प्राप्‍त प्रकरण

प्राप्‍त लक्ष्‍य

प्राप्‍त प्रकरण

1

2014-15

10

21

190

664

2

2015-16

15

32

150

855

3

2016-17

12

21

150

519

4

2017-18

12

13

200

614

(ख) उक्त योजनाओं के अंतर्गत बैंकों को अनुशंसित एवं बैंकों द्वार स्वीकृत/वितरित प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) दिनांक 15.09.2017 की स्थिति में उक्त योजना अंतर्गत सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग को निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध स्वीकृत/वितरित प्रकरणों की जानकारी निम्नानुसार हैः-

योजना का नाम

लक्ष्‍य

प्रेषित प्रकरण

स्‍वीकृत प्रकरण

वितरित प्रकरण

मु.म.युवा उद्यमी

12

11

02

01

मु.म. स्‍वरोजगार

200

456

110

23

(घ) जी हाँ। दिनांक 16.09.2017 को संपन्न बैंकर्स जिला स्तरीय समीक्षा में लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिये गये। निर्देशों का पालन किया जा रहा है। अतः शेष का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।

बालू का अवैध उत्‍खनन

[खनिज साधन]

13. ( क्र. 806 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अता. प्रश्‍न क्र. 2321, दिनांक 28.02.2017 के उत्‍तर में परिशिष्‍ट ख-3 में दी गई जानकारी के अनुसार जो अर्थदण्‍ड प्रस्‍तावित किया गया वह शासन में खजाने में कितना और कब जमा किया गया? (ख) क्‍या विभागीय अधिकारियों द्वारा जो टूर प्रोग्राम की सूची दी गई, उसमें अनुमोदन कलेक्‍टर द्वारा नहीं है और न हीं जावक रजिस्‍टर पर दर्ज है? (ग) शासन की कितनी राशि का व्‍यय अब तक टूर पर किया विवरण दे तथा जिले में अवैध जो उत्‍खनन बालू का हो रहा है, उसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? (घ) छतरपुर जिले की नदियों से बालू निकाल कर करोड़ों रुपयों की हानि शासन की हो रही है? इसकी जाँच राज्‍य स्‍तर पर की जावेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। (ख) सहायक खनि अधिकारी द्वारा प्रस्‍तुत टूर डायरी का अनुमोदन कलेक्‍टर, छतरपुर द्वारा दिनांक 14.02.2017 को नोटशीट पर प्रदान किया गया है, जो पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- ब पर दर्शित है। (ग) जिले में विभागीय अधिकारियों के टूर पर शासन की राशि का व्‍यय निरंक है। जिले में स्‍वीकृत खदानों से हटकर रेत का उत्‍खनन पाये जाने पर संबंधित को दंडित करने हेतु संबंधित के विरूद्ध अवैध उत्‍खनन का प्रकरण दर्ज कर सक्षम न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया जाता है। (घ) जी नहीं। रेत का अवैध उत्‍खनन/परिवहन पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

क्वायला से सांदागिर रोड की मरम्मत

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

14. ( क्र. 937 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्नकर्ता के प्रश्न क्रंमाक 151 दिनांक 20/7/17 के उत्तर पैरा क्रमांक (क) में खायला से सांदागिर रोड के क्षतिग्रस्त मार्ग के सुधार के लिए तकनीकी स्वीकृति उपरांत शासन द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है? (ख) यदि नहीं, तो कब तक जारी की जाएगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। तकनीकी स्वीकृति उपरांत प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। (ख) प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत छूटे मार्गों की जानकारी

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

15. ( क्र. 938 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 1 अप्रैल 2016 से प्रश्नांकित दिनांक तक बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत मुख्यमंत्री ग्राम सड़क/प्रधानमंत्री सड़क योजनान्तर्गत कौन-कौन से सड़क मार्गों/पुल-पुलियों के निर्माण कार्य हेतु प्रस्ताव शासन एवं विभागीय स्तर पर कब-कब भेजे गए एवं कौन-कौन से प्रस्ताव स्वीकृत किए गए? सड़कों के नाम एवं एजेंसी के नाम सहित जानकारी उपलब्ध कराई जाए। (ख) कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृति के पश्चात अभी तक किस कारण से प्रारंभ एवं लंबित पड़े हैं? (ग) वर्ष 2016 से प्रश्नांकित दिनांक तक मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत छूटे ग्रामों को जोड़ने हेतु क्या कार्यवाही की गई हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत पात्र ग्रामों की स्वीकृति जारी हो चुकी है। प्रधानंमत्री सड़क योजनांतर्गत 02 सड़कों के प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) मुख्यमंत्री सड़क योजना के मापदण्डानुसार ग्रामों को जोड़ने हेतु सभी सड़कें स्वीकृत हो चुकी हैं।

परिशिष्ट - ''नौ''

तालाब निर्माण की राशि का फर्जी भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

16. ( क्र. 951 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर परिषद् माण्डव द्वारा छप्पन महल नाला तालाब एवं टिपकिया तालाब निर्माण माण्डव में कार्यरत मजदूरों की राशि का भुगतान फर्जी रूप से मेसर्स दीपक बिजवा, कन्स्ट्रक्शंस एवं मटेरियल सप्लायर, दिग्ठान को किस आधार पर किया गया है? (ख) क्या मेसर्स दीपक बिजवा, कन्स्ट्रक्शंस एवं मटेरियल सप्लायर, दिग्ठान द्वारा जिलाधीश महोदय को लिखित में दिया गया है कि उसके द्वारा माण्डव के उक्त तालाबों में किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या उक्त प्रकरण की जाँच कर ली गई है? अथवा नहीं? यदि नहीं, तो कब तक जाँच पूर्ण कर दोषी अध्यक्ष व सी.एम.ओ. के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद्, माण्‍डव द्वारा छप्‍पन महल नाला तालाब एवं टिपकिया तालाब के गहरीकरण कार्य में कार्यरत मजदूरों की राशि का भुगतान मेसर्स दीपक बिजवा कन्‍स्‍ट्रक्‍शन एवं मटेरियल सप्‍लायर, दिग्‍ठान को नहीं किया गया है। (ख) जी हाँ, श्री कालू सिंह जी ठाकुर, माननीय विधायक, धरमपुरी के पत्र दिनांक 31.07.2017 के साथ संलग्‍न होकर मेसर्स दीपक बिजवा कन्‍स्‍ट्रक्‍शन एवं मटेरियल सप्‍लायर का पत्र कलेक्‍टर-धार को प्राप्‍त हुआ है। (ग) शिकायत की जाँच हेतु कलेक्‍टर जिला धार के द्वारा जाँच समिति का गठन कर जाँच किये जाने के आदेश दिये गये है। प्रकरण की जाँच उपरान्‍त दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

नगर परिषद् माण्डव द्वारा तालाब निर्माण की राशि के फर्जी भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( क्र. 952 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर परिषद् माण्डव द्वारा छप्पन महल नाला तालाब एवं टिपकिया तालाब निर्माण माण्डव में कार्यरत मजदूरों की राशि का भुगतान फर्जी रूप से मेसर्स स्वामी कन्स्ट्रक्शंस एवं मटेरियल सप्लायर, धामनोद को किस आधार पर किया गया है? (ख) क्या मेसर्स स्वामी कन्स्ट्रक्शंस एवं मटेरियल सप्लायर, धामनोद द्वारा जिलाधीश महोदय को लिखित में दिया गया है कि उसके द्वारा माण्डव के उक्त तालाबों में किसी प्रकार का कोई कार्य नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो उक्त प्रकरण की जाँच कर ली गई? अथवा नहीं? यदि नहीं, तो कब तक जाँच पूर्ण कर दोषी अध्यक्ष व सी.एम.ओ. के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद्, माण्‍डव द्वारा छप्‍पन महल नाला तालाब एवं टिपकिया तालाब के गहरीकरण कार्य में कार्यरत मजदूरों की राशि का भुगतान फर्जी रूप से मेसर्स स्‍वामी कन्‍स्‍ट्रक्‍शन एवं मटेरियल सप्‍लायर, धामनौद को नहीं किया गया। (ख) जी नहीं। मेसर्स स्‍वामी कन्‍स्‍ट्रक्‍शन एवं मटेरियल सप्‍लायर, धामनौद द्वारा कलेक्‍टर जिला धार को कोई शिकायत प्रस्‍तुत नहीं की गई है। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वि. वि. निधि के कार्यों में अधिकारियों की अनियमित स्वेच्छाचारिता

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

18. ( क्र. 959 ) श्री मोती कश्यप : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता ने वर्ष 2015 से 2017 के विधायक विकास निधि मद से वि.खं. बडवारा, कटनी, ढीमरखेड़ा की किन ग्राम पंचायतों/ग्रामों में कौन से कार्य किन निर्माण एजेन्सी के लिये प्रस्तावित किये हैं और कब प्रशासकीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में से किन कार्यों की राशि किन तिथियों में पंचायतों के खातों में स्‍थानांतरित किये जाने पर किन कार्यों की दिनांक 31-10-2017 तक की भौतिक स्थिति क्या पायी गई है और जिनके द्वारा कार्य के प्रति उदासीनता बरती गई है? उनके विरूद्ध कब क्या कार्यवाही की गई है और किन दिनांक तक निर्माण पूर्ण करा लिया जावेगा? (ग) क्या मु.का.अ. जनपद पंचायत कटनी द्वारा वर्ष 2017 के प्रश्नांश (क) के किन्हीं कार्यों को तकनीकी स्वीकृति प्रदान किये जाने हेतु कितनी अवधियों तक किस औचित्यपूर्ण कारणों से लम्बित रखा गया है? (घ) क्या किसी विभागीय उच्चस्तरीय अधिकारी द्वारा प्रश्नांश (ग) अधिकारी द्वारा दीर्घावधि तक तकनीकी स्वीकृति अग्रेषित न की जाने की स्वेच्छाचारी एवं भ्रष्ट कृत्यों की जाँच संबंधित सरपंचों/सचिवों/रोजगार सहायकों के बयान लेकर की जावेगी और कार्यवाही की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने हेतु पत्र क्रमांक 1052 दिनांक 11.05.2017, पत्र क्रमांक 1352 दिनांक 30.06.2017, पत्र क्रमांक 1531 दिनांक 29.07.2017 एवं पत्र क्रमांक 1814 दिनांक 07.09.2017 से निर्देशित किया गया हैं। (ग) जी हाँ। 3 कार्यों का ग्राम छहरी में घाट निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य मनरेगा मद से कराया जा चुका है। ग्राम टेढी में ग्रामपंचायत का प्रस्ताव अनुशंसा अनुरूप नहीं होने के कारण निरस्त किया गया है। इस कारण तकनीकी स्वीकृति जारी नहीं हुई है। (घ) अनुशंसित कार्य पूर्व वर्षों में किये जाने एवं निजी भूमि पर होने के कारण तकनीकी स्वीकृति जारी नहीं हुई हैं। अतः इसमें किसी के दोषी होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

लीज होल्‍ड को फ्री-होल्‍ड में संपरिवर्तन

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( क्र. 1050 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या जबलपुर विकास प्राधिकरण की योजना क्रं. 2B मेडिकल कॉलेज के सामने प्राधिकरण की दुकाने एवं नेहरूनगर डॉक्‍टर्स कॉलोनी के आवास स्थित हैं? क्‍या उक्‍त दुकानों में से आधी दुकानों की रजिस्‍ट्री जे.डी.ए. द्वारा करके दुकानों को फ्री-होल्‍ड करते हुये संबंधितों को मालिकाना हक दे दिया गया है एवं शेष दुकानदारों को विगत कई वर्षों से उनकी दुकानों की फ्री-होल्‍ड के नाम से अनावश्‍यक रूप से भटकाया जा रहा है? (ख) क्‍या संबंधित शेष दुकानदारों एवं आवास में निवासरत कॉलोनी नेहरूनगर वासियों द्वारा अपनी दुकानें एवं आवास को फ्री-होल्‍ड करवाने हेतु अनेकों पत्राचार जबलपुर विकास प्राधिकरण से किये हैं, किन्‍तु प्राधिकरण द्वारा कार्यवाही नहीं की जा रही, क्‍यों? पूर्ण जानकारी दी जावे। (ग) यदि वर्णित (क), (ख) सही है तो कब तक शेष दुकानें एवं आवासों को वर्णित (क) की संस्‍था द्वारा फ्री-होल्‍ड कर उनका मालिकाना एवं स्‍वामित्‍व का अधिकार शेष दुकानदारों एवं आवास में निवासरत नागरिकों को प्रदान कर देगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। लीजहोल्‍ड से फ्री-होल्‍ड किये जाने के संबंध में मध्‍यप्रदेश विकास प्राधिकरण की सम्‍पत्तियों के प्रबंधन तथा व्‍ययन नियम 2013 में संशोधन की कार्यवाही प्रचलित होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। शेष उत्‍तरांश '' अनुसार। (ग) प्रश्‍नाशं '' एवं '' में वर्णित आवासीय भूखण्‍डों के उत्‍तरांश '' अनुसार व्‍ययन नियम 2013 में संशोधन उपरान्‍त की लीज होल्‍ड को फ्री-होल्‍ड में संपरिवर्तन की कार्यवाही प्राधिकरण द्वारा की जा सकेगी। प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित गुमठियों को प्राधिकरण द्वारा मासिक किराये पर दी गई है। अत: इन्‍हें फ्री-होल्‍ड कर मालिकाना हक देने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। प्रश्‍नाधीन दुकानों का व्‍ययन नियम के प्रावधानों के विपरीत बिना किसी प्रतिस्‍पर्धा/ऑफर के आवंटित किया गया है, जो व्‍ययन नियम 2013 के प्रावधानों के विपरीत होने से तत्‍संबंध में प्राधिकारी बोर्ड द्वारा निर्णय लिया जाना है।

नगर परिषद् कटंगी के संदर्भ में

[नगरीय विकास एवं आवास]

20. ( क्र. 1063 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्तमान समय नगर परिषद् कटंगी में कौन-कौन से दैनिक, श्रमिक किस नियम के तहत कब से किन शर्तों के अधीन पदस्‍थ हैं तथा उनसे कौन-कौन से कार्य कराने के दायित्‍व सौंपे गये हैं? नामवार सूची देवें एवं वर्तमान समय में कौन-कौन से शासन के स्‍थाई कर्मचारी पदस्‍थ हैं तथा उन्‍हें कौन सा दायित्‍व नगर परिषद् द्वारा सौंपा गया है? संपूर्ण सूची सहित जानकारी देवें? (ख) क्‍या प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित दैनिक श्रमिकों की नियुक्ति पी.आई.सी.के अनुमोदन पर की गई हैं? उत्‍तर में यदि हाँ, तो यह बतलावें कि यह नियुक्ति कितने दिनों के लिये की जा सकती है तथा यह श्रमिक कब से लगातार दैनिक वेतन पर अपनी सेवाएं नगर परिषद् को दे रहे हैं? नगर परिषद् में स्‍थाई शासकीय कर्मचारी होते हुये भी दैनिक, श्रमिकों को अति महत्‍वपूर्ण कार्यों का दायित्‍व सौंपने का क्‍या कारण है? बतलावें? (ग) क्‍या नगर परिषद् कटंगी द्वारा वित्‍त वर्ष 2017-18 में बस स्‍टैण्‍ड बैंक के बाजू से प्रज्ञा कॉलेज तक नाला निर्माण कराया जा रहा है? उत्‍तर में यदि हाँ, तो यह कार्य किस मद के अंतर्गत कितनी लागत से कराया जा रहा है? उक्‍त निर्माण कार्य के निर्माण के स्‍टीमेट एवं निर्माण स्‍थल के स्‍वीकृत नक्‍शे की छायाप्रति देवें एवं यह भी बतलावें कि निर्माण कार्य के पूर्व क्‍या निर्माण स्‍थल का सीमांकन कराकर निर्माण स्‍थल से अतिक्रमण अलग किये गये थे? उत्‍तर में यदि हाँ, तो सीमांकन संबंधी सभी कार्यों की छायाप्रति देवें एवं यह भी बतलावे कि निर्माण स्‍थल से किन-किन के कौन-कौन से अतिक्रमण अलग किये गये है तथा वर्तमान समय में कौन-कौन से अतिक्रमण निर्माण स्‍थल के निर्माण कार्य को प्रभावित कर रहे हैं? निर्माण स्‍थल का निर्माण पूर्व सीमांकन न कराने तथा निर्माण स्‍थल से सभी अतिक्रमणों को अलग न करने का दोषी कौन है क्‍या शासन उक्‍त कार्य की जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? उत्‍तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। (ख) नगर परिषद्, कटंगी जिला जबलपुर में कार्यरत दैनिक वेतन श्रमिकों को निकाय में कार्य की आवश्‍यकता के आधार पर कार्य संपादन के लिए रखा जाता है। निकाय में वर्तमान दिनांक तक कुल 64 कर्मचारी रखे गए हैं। जिनका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। नाला निर्माण कार्य निकाय मद से राशि रू. 50.33 लाख से कराया जा रहा है। उक्‍त निर्माण कार्य के एस्‍टीमेंट एवं निर्माण स्‍थल के स्‍वीकृत नक्‍शे की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। जी हाँ। नाला निर्माण कार्य के पूर्व वर्ष 2014 में मान. उच्‍च न्‍यायालय, जबलपुर के रिट याचिका क्रमांक डब्‍ल्‍यू.पी. 13151/12 में पारित निर्णय दिनांक 12.08.2014 के परिपालन में राजस्‍व विभाग द्वारा सीमांकन कर निर्माण स्‍थल से अतिक्रमण अलग किए गए थे। संबंधित याचिका में पारित निर्णय, सीमांकन एवं अतिक्रमण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। वर्तमान में प्रज्ञा बाल उत्‍थान समिति द्वारा नाले के ऊपर कमरे का निर्माण कर एवं लटोरी पिता भगवानदास द्वारा अस्‍थाई टपरा रखकर पुन: अतिक्रमण किया गया है। अतिक्रमण निर्माण स्‍थल को प्रभावित कर रहे हैं। निर्माण स्‍थल का निर्माण पूर्व सीमांकन कराया गया था तथा निर्माण स्‍थल से संपूर्ण अतिक्रमण हटाए गए थे। अत: कोई भी दोषी नहीं है। लेकिन वर्तमान में प्रज्ञा बाल उत्‍थान समिति द्वारा नाले के ऊपर कमरे का निर्माण कर एवं लटोरी पिता भगवानदास द्वारा अस्‍थाई टपरा रखकर पुन: अतिक्रमण किया गया है। उक्‍त अतिक्रमणों को अलग किए जाने हेतु संबंधितों को पत्र क्रमांक 252, दिनांक 01.07.2017 को नोटिस जारी किया जाकर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रचलन में है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

निर्माण कार्यों की प्रगति पत्रक की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( क्र. 1111 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में नगर पालिका परिषद् अनुपपुर को म.प्र. शासन ने कुल कितनी राशि उपलब्‍ध करायी है? उपलब्‍ध राशि में से किन-किन कार्यों में खर्च किया गया है? अधोसंरचना योजना तथा पेयजल योजनान्‍तर्गत प्राप्‍त राशि की जानकारी प्रदान करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित उल्‍लेखित कार्यों की सूची प्रगति पत्रक तथा भौतिक सत्‍यापन के साथ विवरण देवें? (ग) नगर पालिका क्षेत्र में निर्माणाधीन कार्यों का भूमि पूजन किन-किन जन प्रतिनिधियों से कराया गया है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) नगर पालिका क्षेत्र में निर्माणाधीन कार्यों का भूमि पूजन जनप्रतिनिधियों से कराये जाने की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

विकास कार्यों में भेदभाव

[खनिज साधन]

22. ( क्र. 1113 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में अनूपपुर जिले को प्रधानमंत्री खनिज प्रतिष्‍ठान निधि अंतर्गत कुल कितनी राशि आवंटित प्राप्‍त हुई है? प्राप्‍त राशि में से कुल कितने कार्य स्‍वीकृत हुए हैं? स्‍वीकृत के पूर्व किन प्रक्रियाओं का पालन किया गया है? स्‍वीकृत कार्य का प्रकार, राशि, क्रियान्‍वयन एजेन्‍सी, कार्य की भौतिक स्थिति की जानकारी प्रदान करें। (ख) क्‍या जो इस प्रतिष्‍ठान के सदस्‍य नहीं हैं? उनके अनुशंसा पर कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो अनुशंसाकर्ता का नाम, पता, पद एवं किस राजनैतिक दल का कार्यकर्ता है तथा किस दायित्‍व में है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्य मेरे अनुशंसा से कुल कितने स्‍वीकृत हुए हैं? क्‍या यह भी सही है कि उक्‍त मद के वितरण में स्‍थानीय विधायकों की अनदेखा की जा रही है? यदि हाँ, तो कारण बतावें।

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रधानमंत्री खनिज प्रतिष्‍ठान निधि के नाम से कोई निधि नहीं है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बरझा बाईपास का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

23. ( क्र. 1142 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 665 दिनांक 28.2.17 में अवगत कराया गया था कि नगर पालिका परिषद् सिहोरा द्वारा बरझा बाईपास सड़क के निर्माण हेतु नगर पालिका अधिकारी सिहोरा को डी.पी.आर. तैयार करने के निर्देश दिये गये थे? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार डी.पी.आर कब बनाया गया प्रति उपलब्‍ध करायें? कब तक भूमि का अधिग्रहण कर कार्य आरंभ कर दिया जावेगा? कार्य में विलम्‍ब के लिये कौन-कौन दोषी हैं? इन पर कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? यह बाईपास कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल द्वारा नगर पालिका परिषद्, सिहोरा बरझा रोड़ निर्माण कार्य के प्राप्‍त डी.पी.आर. का परीक्षण उपरांत युक्तिसंगत नहीं पाये जाने से अमान्‍य कर दिया गया है। जिससे शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खदानों का आवंटन

[खनिज साधन]

24. ( क्र. 1248 ) श्री जतन उईके : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले में स्थित अमेलिया नार्थ और मंडला साउथ कोयला खदानों का आवंटन किस दिनांक को किस कंपनी अथवा संस्‍था को हुआ था? (ख) इन दोनों कोयला खदानों में कुल कितने टन कोयले का भंडार है और इससे राज्‍य शासन को कितना राजस्‍व रायल्‍टी के तौर पर मिलेगा? (ग) क्‍या इन दोनों ही कोयला खदानों में पर्यावरणीय स्‍वीकृति और उत्‍खनन के मानकों का जमकर उल्‍लंघन किया जा रहा है? इसके खिलाफ विभाग क्‍या कार्यवाही करेगा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नाधीन जिले में अमेलिया नॉर्थ कोयला खदान नहीं है। मंडला साउथ कोयला खदान मेसर्स जे. पी. सीमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड को दिनांक 22.04.2015 को आवंटित की गई हैं। (ख) प्रश्‍नाधीन जिले में स्थित मंडला साउथ कोयला खदान में लगभग 13.35 मिलियन टन कोयला का भण्‍डार है। इससे शासन को रॉयल्‍टी के रूप में 381 करोड़ प्राप्‍त होने की संभावना है। (ग) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गौण खनिज उत्‍खनन/परिवहन की प्राप्‍त शिकायतों पर कार्यवाही

[खनिज साधन]

25. ( क्र. 1249 ) श्री जतन उईके : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले में विभाग द्वारा किस-किस प्रकार की खदान खनिज, पट्टे खनन सर्वेक्षण अनुमति परिवहन की अनुमति किसे-किसे कब-कब राज्‍य शासन से जिला स्‍तर से संचालनालय को दी गई है? जो कि प्रभावशील है? (ख) उपरोक्‍त अनुमति धारकों/ठेकेदारों द्वारा कौन-कौन से गौण खनिज हेतु शासन को कितनी राशि पिछले 03 वर्ष से विभिन्‍न मदों, रायल्‍टी, जुर्माना, शुल्‍क आदि में दी? गौण खनिज रायल्‍टी के रूप में कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ग) पिछले 03 वर्ष में अवैध खनन, परिवहन, नियम विरूद्ध अनुमति इत्‍यादि के संबंध में शासन स्‍तर, संचालनालय स्‍तर, जिला स्‍तर पर किस-किस के विरूद्ध कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍न का आशय स्‍पष्‍ट नहीं है। राज्‍य शासन स्‍तर से अथवा जिला स्‍तर से संचालनालय को प्रश्‍नानुसार अनुमति दिये जाने का प्रावधान नहीं है। अत: प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट पर दर्शित है।

परिशिष्ट - ''दस''

जाँच अभिमत के आधार पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

26. ( क्र. 1297 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर निगम भोपाल में वर्ष 2016-17 में डीजल चोरी प्रकरण के संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन व्‍यक्तियों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई? (ख) क्‍या नगर निगम भोपाल में वर्ष 2016-17 में डीजल व टैंकरों की लॉग बुक के संबंध में जाँच की गई? (ग) यदि हाँ, तो जिन-जिन अधिकारियों के विरूद्ध जाँच की गई, जाँच अभिमत की प्रतियां दें? (घ) जाँच अभिमत के आधार पर कौन-कौन दोषी पाये गये, उनके नाम बतायें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर निगम, भोपाल द्वारा वर्ष 2016-17 में डीजल चोरी प्रकरण में सर्व श्री मधुसूदन तिवारी, प्रभारी निगम, डीजल टेंक व प्रभारी कोलार हाईडेन्‍ट एवं राजकुमार पटेल प्रभारी विधानसभा जल प्रदाय हाईडेन्‍ट को उनके विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करते हुए निलंबित किया गया है। (ख) नगर निगम, भोपाल के वाहनों की लॉग बुक वाहन प्रभारी द्वारा यथा समय जांची जाती है। (ग) उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी अधिकारी के विरूद्ध जाँच किए जाने का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने हेतु निति निर्धारण

[खेल और युवा कल्याण]

27. ( क्र. 1355 ) श्री राजेश सोनकर : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या राज्‍य शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा दिये जाने हेतु कोई योजना बनाई जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? प्रदेश में जिला स्तर पर म.प्र. खेल परिषदों को खेल सामग्री क्रय करने हेतु 03 वर्षों में कितनी राशि का आवंटन किया गया? (ख) ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन देने हेतु इन्दौर जिला में किस-किस विकासखण्ड में कितनी राशि की सामग्री 03 वर्षों में वितरित की गईं? क्या ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सामग्री वितरित नहीं की जा रही है, कारण स्प‍ष्ट करें? (ग) क्या विभिन्न जिलों में विकासखण्ड के स्थान पर विधानसभावार सामग्री वितरण की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) विभाग में ग्रामीण क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा दिये जाने हेतु पूर्व से ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, मुख्‍यमंत्री कप, विधायक कप, ग्रामीण युवा केन्‍द्र के नाम से योजनायें संचालित है, इस कारण पृथक से योजना बनाने की कोई आवश्‍यकता नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। प्रदेश में जिला स्‍तर पर खेल परिषद् को खेल सामग्री क्रय करने हेतु 03- वर्ष यथा वर्ष 2015-16 में राशि रू 520,00 लाख वर्ष 2016-17 में राशि रू 734.68 लाख एवं वर्ष 2017-18 में राशि रू 726.30 लाख का बजट आवंटित किया गया। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में इन्‍दौर जिलों को प्रदाय राशि में से विकासखण्‍डों में वितरित खेल सामग्री की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) विभाग में विधानसभावार खेल सामग्री वितरण की कोई योजना नहीं होने से विधासभावार सामग्री वितरण की जाना संभव नहीं हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जनपद एवं जिला पंचायतों में संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण करना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

28. ( क्र. 1386 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जनपद एवं जिला पंचायतों में कितने संविदा कर्मचारी पदस्थ हैं और उन्हें क्या सुविधाएँ दी जा रही है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के नियमितीकरण की क्या योजना है, यदि नहीं, तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास अंतर्गत जिला स्‍तर पर 921 तथा जनपद पंचायत पर 5572 इस प्रकार कुल 6493 संविदा पर कर्मचारी पदस्‍थ है। उन्‍हें प्रदाय की जा रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में शासन की ऐसी कोई योजना नहीं है।

राष्‍ट्रीय, अंतर्राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार खिलाड़ियों को रोजगार एवं स्‍थानांतरण नीति विषयक

[खेल और युवा कल्याण]

29. ( क्र. 1419 ) श्री राजेश सोनकर : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्यप्रदेश शासन एवं खेल एवं युवक कल्याण विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को खेल विभाग/सामान्य प्रशासन विभाग व अन्य विभागों में नौकरी दी जाती है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में यदि हाँ, तो पिछले 10 वर्षों में किन-किन राष्ट्रीय खिलाड़ियों, अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को खेल गति‍विधियों में उत्कृष्‍ट प्रदर्शन करने पर शासन के विभिन्न विभागों में नौकरियां प्रदान कि गई? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में खिलाड़ी कोटे में नौकरी प्राप्तं खिलाड़ियों की स्थानांतरण नीति क्या है? क्या इन्हें एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जा सकता है या नहीं? स्थानांतरण नीति स्पष्ट करें? क्या खिलाड़ियों को गृह जिले से स्थानांतरित करने पर उसमें प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ियों के खेल पर भी प्रभाव पड़ता है? क्या खिलाड़ियों को स्थानांतरण नीति में छूट दी जायेगी? उनके स्थानांतरण को निरस्त कर स्थानांतरित खिलाड़ियों को पुन: गृह जिले में ही पदस्‍थ किया जायेगा? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में पिछले 5 वर्षों में कितने खिलाड़ियों को शासन द्वारा एकलव्य, विक्रम द्रोणाचार्य पुरस्कार दिये गये व इनमें से कितनों को शासन/खेल विभाग द्वारा विभिन्न विभागों में नौकरीयां दी गई व कितने राष्‍ट्रीय, अंतर्राष्‍ट्रीय पुरस्‍कृत खिलाड़ी अभी भी बेरोजगार हैं? क्या इन्हें रोजगार दिये जायेंगे व खिलाड़ियों को खेल से जुड़े रहने हेतु उनका स्थानांतरण अन्य जिले में करने पर रोक लगाई जायेगी?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ (ख) विभाग द्वारा उत्‍कृष्‍ट खिलाड़ियों को उपलब्‍ध कराई गई नौकरी की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) शासकीय सेवा में कोई खिलाड़ी कोटा नहीं होने से उत्‍कृष्‍ट खिलाड़ी घोषित शासकीय सेवकों के लिए पृथक से कोई स्‍थानान्‍तरण नीति नहीं है। अत: शेष जानकारी देने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विगत 5 वर्षों में विक्रम एवं एकलव्‍य पुरस्‍कार से सम्‍मानित खिलाड़ियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। द्रोणाचार्य पुरस्‍कार विभाग द्वारा नहीं दिए जाने के कारण जानकारी दी जाना संभव नहीं है। उत्‍कृष्‍ट खिलाड़ी घोषित खिलाड़ि‍यों को उपलब्‍ध कराई गई शासकीय सेवा की जानकारी एकत्रित की जा रही है। राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्राप्‍त बेरोजगारों को रोजगार देने का कार्य विभाग द्वारा नहीं किया जाता है। अत: शेष प्रश्‍न की जानकारी विभाग द्वारा दी जाना संभव नहीं है।

विज्ञान संकाय के प्राध्‍यापकों की पदस्‍थापना संबंधी

[उच्च शिक्षा]

30. ( क्र. 1451 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्र.क्र.66 दिनांक 07.03.2017 के उत्‍तर में यह लिखा गया है, कि (ख) विज्ञान संकाय में वर्तमान में कोई भी छात् -छात्राओं ने प्रवेश नहीं लिया है, इस कारण प्राध्‍यापक की नियुक्ति नहीं की गई हैं, क्‍या उक्‍त उत्‍तर पूर्णतः असत्‍य है क्‍या यह सही है कि अस्‍सी युवा विद्यार्थीयों ने विज्ञान संकाय में प्रवेश लिया है . तथा विभाग माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा पर भी अब तक अमल क्‍यों नहीं कर रहा है? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री जी को उक्‍त संबंध में 17.09.2017 को लिखा गया पत्र जो आगामी कार्यवाही हेतु मान. मुख्‍यमंत्री कार्यालय से विभाग को 07.10.2017 को भेजा गया। उस पर क्‍या कार्यवाही की? (ग) अस्‍सी छात्रों के भविष्य के दृष्टिगत कब तक विज्ञान विषय के प्राध्‍यापक आलोट शासकीय महाविद्यालय में पदस्‍थ किये जाएंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) शासकीय महाविद्यालय आलोट में विज्ञान संकाय दिनांक 09.09.2016 से प्रारंभ किया गया है। प्रथम वर्ष सत्र 2016-17 में किसी भी विद्यार्थी द्वारा विज्ञान में प्रवेश न होने के कारण अध्यापन कार्य हेतु प्राध्यापकों या अतिथि विद्वानों की व्यवस्था नहीं की गई थी। सत्र 2017-18 में बी.एस.सी. भाग-1 में कुल 73 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। प्राध्यापकों की नियमित नियुक्ति नहीं होने के कारण अतिथि विद्वानों द्वारा अध्यापन कराया जा रहा है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है। (ग) रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति नहीं होने के कारण नियमित प्राध्यापक पदस्थ करने में कठिनाई है। अतिथि विद्वानों द्वारा अध्यापन कार्य कराया जा रहा है।

वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंतर्गत पौधों की खरीदी

[वन]

31. ( क्र. 1452 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में वर्ष 2016 एवं 2017 में वृक्षारोपण कार्यक्रमों के अंतर्गत कितने एवं किस-किस प्रजाति के पौधे, कितनी कितनी दर पर, किस-किस नर्सरी अथवा फर्म से खरीदें गए? जिलेवार, तहसीलवार, ब्‍यौरा दें? (ख) उक्‍त प्रश्‍नांश (क) वृक्षारोपण कार्यक्रमों के पौधों के सुरक्षा, वृक्षारोपण, खाद व परिवहन आदि पर हुए व्‍यय एवं पौधों की खरीदी में अपनाई गई प्रक्रिया का ब्‍यौरा क्‍या है? (ग) वृक्षारोपण 2016 एवं 2017 में लगाये गये कितने पौधे आज दिनांक तक सुरक्षि‍त हैं, कितने नष्ट हुए? नष्ट पौधों के लिए कौन जिम्‍मेदार है? उक्‍त पर क्‍या कार्यवाही की गई?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) उज्जैन संभाग के शाजापुर, रतलाम एवं मंदसौर वन मण्डल द्वारा वर्ष 2016 एवं 2017 में वृक्षारोपण कार्यक्रमों के अंतर्गत पौधे विभागीय रूप से अनुसंधान विस्तार रतलाम से प्राप्त किये गये हैं। वनमंडल उज्जैन एवं नीमच में फर्म से क्रय पौधे की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। पौधों की खरीदी में नियमानुसार कोटेशन/टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। पौधे पारिस्थितिकी जलवायु एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों द्वारा नगण्य मात्रा में नष्ट हुए हैं। अतः नष्ट पौधों के लिए कोई भी अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार नहीं है। अतः उन पर कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

स्‍नात्‍कोत्‍तर कक्षाएं प्रारंभ किया जाना

[उच्च शिक्षा]

32. ( क्र. 1481 ) श्री कैलाश चावला : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 3 फरवरी 2016 को माननीय मुख्‍यमंत्री द्वारा उच्‍च शिक्षा विभाग की समीक्षा के तहत आयुक्‍त, उच्‍च शिक्षा भोपाल द्वारा दिनांक 03-05-2016 को परिपत्र जारी कर परिपत्र के क्रमांक 06 में महाविद्यालय में 100 से अधिक विद्यार्थी स्‍नातक अंतिम वर्ष में अध्‍ययनरत् होने की जानकारी चाही गई थी, ताकि वहाँ स्‍नात्‍कोत्‍तर कक्षाएं प्रारंभ की जा सकें। (ख) उक्‍त पत्र के प्रकाश में नीमच जिले के किस-किस महाविद्यालय द्वारा किस विषय में स्‍नातक अंतिम वर्ष में 100 से अधिक छात्र होने की जानकारी किस-किस दिनांक को दी गई? (ग) उक्‍त जानकारी प्राप्‍त होने के बाद विभाग द्वारा प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित महाविद्यालय में कौन-कौन से विषय स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए प्रारंभ किए गए महाविद्यालयवार जानकारी देवें। (घ) क्‍या महाविद्यालय स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने के साथ प्राध्‍यापकों एवं भवन की आवश्‍यकता को पूर्ति हेतु भी स्‍वीकृतियां दी गई हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। उल्लेखित जानकारी संकलित की गई है। (ख) उक्त के प्रकाश में नीमच जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नीमच एवं शासकीय महाविद्यालय मनासा द्वारा अंतिम वर्ष में 100 से अधिक छात्र होने की जानकारी प्रेषित की गई है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। नीमच जिले में उक्त प्रक्रिया के अंतर्गत नवीन स्नातकोत्तर कक्षाएँ प्रारंभ नहीं की गई है। (घ) प्रश्नांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्‍वयन एवं उसका लाभ दिया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

33. ( क्र. 1492 ) श्री राजकुमार मेव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगरीय क्षेत्रांतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना दिये जाने के क्‍या नियम एवं प्रावधान हैं? योजना का क्रियान्‍वयन नगरीय क्षेत्र में किये जाने हेतु क्‍या प्रक्रिया अपनाई गई और यह प्रक्रिया इन्‍दौर संभाग अंतर्गत किस-किस नगरीय निकायों में कब-कब प्रारंभ की गई? योजनांतर्गत आवासहीन परिवारों को कब तक आवासीय भूखण्‍ड उपलब्‍ध कराये जाकर योजना का लाभ दिया जावेगा? (ख) इंदौर संभाग क्षेत्रांतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत किस-किस नगरीय निकायों को किस-किस वर्ष में कितने-कितने आवास बनाने हेतु कितने-कितने लक्ष्‍य के विरूद्ध कितने पात्र परिवारों का चयन कर कितने परिवारों को प्रथम किश्‍त के रूप में राशि उपलब्‍ध कराई जाकर कितने पात्र परिवारों के आवास पूर्ण किये? कितने अपूर्ण हैं? अपूर्ण रहने का कारण बतावें? (ग) प्रश्नांश (ख) के संबंध में संस्‍थाओं को शासन के किस आदेश क्रमांक, दिनांक से लक्ष्‍य एवं आवंटन प्राप्‍त हुआ? नगरीय निकाय महेश्‍वर, मण्‍डलेश्‍वर एवं करही-पाडल्‍या द्वारा योजना में लाभ लाभ दिये जाने हेतु संस्‍था द्वारा पात्र परिवारों का अनुमोदन, सक्षम अधिकारी का अनुमोदन लिया जाकर प्रथम किश्‍त की राशि कब-कब हितग्राहियों के खाते में जमा की गई? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में क्‍या शासन से प्राप्‍त लक्ष्‍य एवं आवंटन उपलब्‍ध होने के उपरांत भी नगरीय निकायों द्वारा विलंब किया जाकर हितग्राहियों को लाभ नहीं दिया गया? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? जिम्‍मेदारों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगरीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी- सबके लिए आवास 2022) का लाभ दिये जाने के मार्गदर्शी सिद्धांत पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं हितग्राही चयन की प्रक्रिया पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। योजना क्रियान्‍वयन के लिए प्रथमत: हितग्राही का सर्वेक्षण किया जाता है, सर्वेक्षण उपरांत हितग्राही की पात्रता का परीक्षण कर पात्र पाये गये हितग्राहियों का विहित प्रक्रिया अनुसार जिला कलेक्‍टर से अनुमोदन कराया जाता है साथ ही विस्‍तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार का राज्‍य सरकार एवं भारत सरकार से परियोजना का अनुमोदन कराया जाता है, अनुमोदन उपरांत राज्‍य सरकार एवं भारत सरकार से राशि प्राप्‍त कर योजना का क्रियान्‍वयन किया जाता है। कंसलटेंट की नियुक्ति दिनांक से योजना क्रियान्‍वयन का कार्य प्रारंभ हो जाता है। कंसलटेंट की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। ऐसे आवासहीन परिवार दिसम्‍बर, 2014 के पूर्व शासकीय भूमि पर निवासरत हैं उन्‍हें पट्टा दिये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा की सारणी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''इ-1 एवं इ-2'' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी- सबके लिए आवास 2022) अंतर्गत वर्ष 2022 तक सभी पात्र शहरी आवासहीन हितग्राही को आवास उपलब्‍ध कराया जाना है। शासन से नगरीय निकायों को पृथक से कोई लक्ष्‍य नहीं दिया गया है। महेश्‍वर, मण्‍डलेश्‍वर एवं करही-पाडल्‍या की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी नहीं। हितग्राही को राशि आवंटन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मान. न्‍यायालय एन.जी.टी. भोपाल के आदेश दिनांक 5.10.17 का पालन कराया जाना

[वन]

34. ( क्र. 1514 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम चंद्रनगर जिला छतरपुर में किसान सेवा केन्‍द्र का पेट्रोल पम्‍प भूमि खसरा क्र. -455/1/5 पर भागीरथ पिता गनपत कुशवाह द्वारा निजी स्‍वत्‍व मालकाना हक की भूमि पर पेट्रोल पम्‍प लगाकर संचालित किया जा रहा था, जो खसरा क्र. - 455/1/5 भूमि वन भूमि नहीं है। (ख) क्‍या कार्यालय वन परिक्षेत्राधिकारी वन परिक्षेत्र लौड़ी (खजुराहो) ने पत्र क्र. 1013/2016 लवकुशनगर खजुराहो दिनांक 27.8.16 में प्रतिवेदन दिया कि भूमि खसरा क्र. न. 455/1/5 स्थित मौजा ग्राम चंदनगर भूमि वन क्षेत्र से बाहर है, उक्‍त क्षेत्र में किसी भी तरह के निर्माण पर वन विभाग को कोई आपत्ति नहीं हैं? (ग) क्‍या उक्‍त पेट्रोल पम्‍प किसान सेवा केन्‍द्र की ब्रिकी अनुज्ञा पत्र पर रोक लगा दी गई थी और प्रकरण मान. न्‍यायालय एन.जी.टी. भोपाल द्वारा दिनांक 5.10.17 को आदेश पारित किया कि प्रकरण निरस्‍त किया जाता है? फिर पेट्रोल पम्‍प के संचालक को वन विभाग छतरपुर से एन.ओ.सी. नहीं दी जाती है कहा जाता है कि मेरे परिक्षेत्र में नहीं है पन्‍ना परिक्षेत्र में आता है आवेदक पन्‍ना के वन विभाग के अधिकारियों के पास जाता है तो कहा जाता है कि छतरपुर से एन.ओ.सी. मिलेगी, ऐसी भ्रामक स्थिति में आवेदक परेशान है और वास्‍तविक रूप से आवेदक को वन विभाग छतरपुर को एन.ओ.सी. जारी करना चाहिए, जो नहीं कर रहा है इसलिए आवेदक को एन.ओ.सी. कब तक जारी करा देंगे कृपया समयावधि बताये और कार्यालय का नाम बतायें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) प्रश्नांश में उल्लेखित खसरा क्रमांक 455/1/5 वनभूमि नहीं है। (ख) जी नहीं। वन परिक्षेत्राधिकारी लौड़ी (खजुराहो) के पत्र दिनांक 27.08.2016 द्वारा नायब तहसीलदार राजनगर (राजस्व) को प्रश्नांश में दिये गये विवरण अनुसार अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया है। (ग) जी नहीं। माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल न्यायालय द्वारा दिनांक 05.10.2017 को पारित आदेश में निर्देश दिये गये हैं कि आवेदक को नवीन आवेदन पत्र पुनः प्रस्तुत करना होगा। इसके पश्चात उक्त आवेदन पर विचार करते हुये संबंधित अधिकारियों द्वारा विधि संगत कार्यवाही की जाये। प्रश्नाधीन क्षेत्र छतरपुर के वनमण्डल के अन्तर्गत नहीं आने एवं पन्ना वनमण्डल के अन्तर्गत आने संबंधी कोई वक्तव्य नहीं दिया गया है। माननीय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल न्यायालय द्वारा दिनांक 05.10.2017 को पारित आदेश अनुसार आवेदक द्वारा संबंधित अधिकारियों के कार्यालय में नवीन आवेदन पत्र प्रस्तुत करने पर विधि संगत कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

टीकमगढ़ जिले में वर्ष 2003 से 2004 तक लीज पर दी गई खनिज खदानों की जानकारी

[खनिज साधन]

35. ( क्र. 1516 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में वर्ष 2003 से 2004 तक में जिन हितग्राहियों को खदानें आवंटित की थी? उन हितग्राहियों के नाम एवं खसरा नं. सहित संपूर्ण जानकारी से अवगत करायें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) की खदानों में से उ.प्र. के निवासी व्‍यक्ति के नाम भी खदान का पट्टा जारी किया गया था,यदि हाँ, तो वह किस नियम के तहत जारी किया गया था? जानकारी नियमावली सहित उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या जिन अधिकारियों ने गलत तरीके से खदान आवंटित कर लाभ पहुंचाया क्‍या ऐसे अधिकारी के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित की गई,यदि नहीं, तो कब तक उक्‍त दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी।

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ पर दर्शित है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब पर दर्शित है। मध्‍यप्रदेश गौण नियम, 1996 के नियम 5 में किसी भी भारतीय नागरिक को उत्‍खनि-पट्टा स्‍वीकृत किये जाने के प्रावधान हैं। (ग) अधिकारियों के द्वारा गलत तरीके से खदान आवंटित कर लाभ पहुंचाने का प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। अत: प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

खरगापुर विधानसभा-47 की तहसील पलेरा में 1200 नाम गरीबी रेखा से काटे जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

36. ( क्र. 1517 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के नगर पलेरा में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले गरीबों के 1200 नाम सूची में से काट दिये हैं और जो वास्‍तविक गरीब हैं, जिनके पास रहने खाने की व्‍यवस्‍था नहीं है, बिना जाँच किये मनमर्जी से नाम काटे गये हैं, जिसके मापदण्‍ड क्‍या थे? नियम की प्रति दें एवं किस सक्षम अधिकारी द्वारा नाम काटे गये हैं, सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या जो वास्‍तविक रूप में गरीब हैं, जिनके नाम गरीबी रेखा की सूची से काटे गये क्‍या उनके नाम पुन: जोड़ने हेतु जिले द्वारा कमेटी गठित कर मौके की वस्‍तुस्थिति को देखकर पात्र हितग्राहियों के नाम कब तक जोड़ दिये जावेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या बेसहारा, गरीब व्‍यक्तियों/महिलाओं के नाम काटे जाने से भुखमरी की कगार पर पहुंच गये हैं, क्‍योंकि उन्‍हें राशन मिलना बंद हो गया है? ऐसी स्थिति का परीक्षण क्‍या विभाग के अधिकारियों ने किया कि राजनीति से प्रेरित होकर नाम काटे गये हैं। शासन के निर्देशों का उल्‍लंघन करने वाले दोषी अधिकारी के विरूद्ध कब तक दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या उक्‍त संबंध में ज्ञापन के माध्‍यम से तहसीलदार पलेरा को अवगत कराय गया था, जिस पर प्रश्‍न तक कोई कार्यवाही नहीं की गई कारण स्‍पष्‍ट करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। नगरीय क्षेत्र पलेरा में गरीबी रेखा के अंतर्गत जीवन यापन करने वाले अपात्र पाये गये 1144 परिवारों के नाम काटे गये है। म.प्र. शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल, मंत्रालय द्वारा पत्र क्रमांक 461/2003, दिनांक 15.09.2003 द्वारा जारी मापदण्‍ड संबंधी परिपत्र की प्रति जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) द्वारा नाम काटे गये है। (ख) जी नहीं। यदि उक्‍त प्रक्रिया से कोई व्‍यक्ति अंसतुष्‍ट है तो वह सक्षम अपीलीय अधिकारी को अपील कर सकता है। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) तहसीलदार पलेरा द्वारा ज्ञापन का पत्र क्रमांक 512 दिनांक 27.10.2017 द्वारा कलेक्‍टर जिला टीकमगढ़ को आवश्‍यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है।

जनभागीदारी मद की जानकारी

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

37. ( क्र. 1568 ) श्री लखन पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में जनभागदारी मद से विगत 2014-15, 2015-162016-172017-18 में स्‍वीकृत किए गए कार्यों की सूची विकासखण्‍डवार अलग-अलग ग्राम पंचायतों के आधार पर प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्राप्‍त आवंटन प्रशासकीय स्‍वीकृति के आधार पर प्रदान करावें व इन कार्यों की निर्माण एजेंसी क्‍या थी एवं पंचायतों में कार्यों को स्‍वीकृत करने के कोई मापदण्‍ड या सीमा है, यदि है तो क्‍या? (ग) क्‍या विधानसभा क्षेत्र पथरिया में चुनिंदा पंचायतों में ही राशि स्‍वीकृत की जा रही है यदि हाँ, तो क्‍यों क्‍या अन्‍य पंचायतों के प्रस्‍ताव नहीं आए? (घ) क्‍या वर्ष 2016-172017-18 में प्राप्‍त आवंटन से अधिक के कार्य स्‍वीकृत किये गये, यदि हाँ, तो क्‍यों? ऐसी कितनी ग्राम पंचायतें हैं, जहां से राशि खर्च करने की उपयोगिता आने के बाद भी द्वितीय किश्‍त जारी नहीं की गई?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ, ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर जन-सहयोग की राशि को जनभागीदारी के अंश में रूप में मान कर स्वीकृति प्रदान की जाती है। ग्राम पंचायतों में कार्य कराये जाने की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी हाँ। वर्ष 2016-17 में आवंटन से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई है। क्योकि स्वीकृत कार्यों की उपयोगिता प्रति त्रैमास की समाप्ति तक प्राप्त न होने के कारण एवं आवंटन व्यपगत होने की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुये नवीन कार्य स्वीकृत किये गये। जी नहीं। ऐसी कोई भी ग्राम पंचायत नहीं है।

जनभागीदारी मद की जानकारी

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

38. ( क्र. 1569 ) श्री लखन पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में जन भागीदारी मद से विगत 2016-172017-18 में 50 प्रतिशत मद की राशि कौन-कौन सी ग्राम पंचायतों को दी गई, पंचायतवार कार्य विवरण सहित बतावें? (ख) क्‍या जनभागीदारी मद की अधिकतर राशि केवल मिट्टी मुरम के कार्यों हेतु जारी की गई है? यदि हाँ, तो क्‍यों क्‍या अन्‍य कार्य जन-भागीदारी मद से नहीं करायें जा सकते? (ग) जनभागीदारी मद से कौन-कौन से कार्य कराये जा सकते हैं? क्‍या इसमें दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) जनभागीदारी मद से स्‍वीकृत कार्य में पहली किस्‍त में कम से कम कितनी राशि देने का नियम है क्‍या यह सही है कि स्‍वीकृत किए गए 15-15 लाख के कार्यों में 2015-16, 2016-17, 10 प्रतिशत से भी कम की राशि दी गई, यदि हाँ, तो क्‍यों?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जनभागीदारी नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जिले में जनभागीदारी नियमों के अनुरूप ही कार्य कराये जाने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जनभागीदारी मद में स्वीकृत कार्यों के स्वरूप के आधार पर प्रथम किश्त की राशि दी जाती है। जी नहीं। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

आई.एच.एस.डी.पी. के तहत निर्मित मकानों का आवासहीनों को आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

39. ( क्र. 1576 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या सतना नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 22 में आई.एच.एस.डी.पी. योजना के तहत 270 मकानों का निर्माण नगर पालिक निगम द्वारा कराया गया है? (ख) क्‍या उक्‍त भवन लाटरी, पद्धति से चयनित आवासहीनों को आवंटित किया जायेगा? 270 मकान का निर्माण घटिया हुआ है। भारी भ्रष्‍टाचार हुआ है, जाँच में यह सब पाया गया है। क्‍या कार्यवाही हुई? (ग) प्रश्नांश (ख) में चयनित आवासहीनों का चयन किस आधार पर किया गया है? क्‍या इनका चयन सामुदायिक विकास समिति की मोहल्‍ला समिति एवं पड़ोसी समिति से अनुमोदन लिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या इन आवासहीनों का प्रकाशन वार्डवार किया जाकर आपत्तियों का निराकरण किया गया है? किन-किन पारदर्शी प्रक्रियाओं का पालन आवासहीनों के चयन में किया गया है? (घ) चयनित आवासहीनों का नाम, पता, किस वार्ड का निवासी है, जन्‍म प्रमाण पत्र के आधार पर कहाँ का मूल निवासी है, तालुका, जिला प्रदेश की जानकारी के साथ सूची उपलब्‍ध करायें? यदि आवासहीनों के चयन में पारदर्शी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है तो इसके लिए दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा बतायें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, पात्र हितग्राही यदि उपलब्‍ध आवास से अधिक हैं तो उनके मध्‍य लॉटरी से किया जाता है। प्रकरण की जाँच करा ली गई है। जाँच प्रतिवेदन का परीक्षण किया जा रहा है, परीक्षण उपरांत विधि अनुकूल कार्यवाही की जायेगी। (ग) हितग्राही का मापदण्‍ड म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग, मंत्रालय वल्‍लभ भवन, भोपाल दिनांक 01.11.2014 पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी नहीं। प्रावधान नहीं है। जी हाँ। चयनित 181 हितग्राहियों की प्रथम सूची एम.आई.सी. की स्‍वीकृति उपरान्‍त जिला कलेक्‍टर से अनुमोदित होने के पश्‍चात् सूची का प्रकाशन क्रमश: नगर निगम की वेबसाईड, नगर निगम की सूचना पटल एवं संबंधित बस्तियों में कराया गया है। 244 हितग्राहियों की पुनरीक्षित द्वितीय सूची का प्रकाशन निगम के सूचना पटल एवं संबंधित बस्तियों में चस्‍पा कराया जाकर कराया गया है, जिसमें निर्धारित समय-सीमा के अंदर आपत्ति प्राप्‍त नहीं हुई है। तदोपरान्‍त हितग्राहियों की पुनरीक्षित सूची एम.आई.सी. से प्राप्‍त कर अनुमोदन जिला कलेक्‍टर द्वारा कराया गया है। (घ) चयनित हितग्राही की सूची जन्‍म प्रमाण पत्र के आधार पर नहीं बनाई गई है। वार्डवार, मोहल्‍लावार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। चयन निर्धारित प्रक्रिया अनुसार किया गया है, जिससे कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

माधवगढ़ स्‍टेडियम निर्माण घोटाला की वसूली

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

40. ( क्र. 1577 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सतना द्वारा ग्राम पंचायत माधवगढ़ जिला सतना में स्‍टेडियम का निर्माण कार्य किया जा रहा था? जो अभी अधूरा है तथा इस पर कितनी राशि व्‍यय हो चुकी है? स्‍टेडियम कब तक पूर्ण निर्माण होगा? (ख) क्‍या घटिया निर्माण के कारण उक्‍त स्‍टेडियम साधारण बाढ़ में ताश के पत्‍ते की तरह धराशायी हो गया है? क्‍या इसमें सभी यंत्रियों को निलंबित किया जाकर जाँच कराई गई थी? जाँच प्रतिवेदन उपलब्‍ध करायें? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) (ख) सही है तो बतायें किन कारणों से स्‍टेडियम धराशायी हुआ, किन्‍तु आस-पास की झुग्‍गी झोपड़ी सही सलामत रही? बिना शासकीय क्षति की वसूली उपयंत्री, सहायक यंत्री, कार्यपालन यंत्री, अधीक्षण यंत्री एवं ठेकेदार से न करते हुए सभी अधिकारियों को क्‍यों बहाल कर दिया गया? (घ) स्‍टेडियम निर्माण घोटाले में दोषी अधिकारियों/ठेकेदार के विरूद्ध कब तक थाने में आपराधिक प्रकण पंजीबद्ध कराते हुए सभी के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही कर दी जायेगी? क्‍या दोषी अधिकारियों/ठेकेदारों से 68 लाख वसूली न कर उन्‍हें माफ कर दिया जायेगा? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। कार्य पर रू. 65.42 लाख का व्यय हुआ है। निर्माण कार्य वर्ष 2016-17 में आयी अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हुआ एवं कार्य से संबंधित अभियंताओं के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित है। अतः कार्य पूर्ण होने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) उक्त कार्य वर्ष 2016-17 में आयी अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हुआ। कार्य से संबंधित अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उपयंत्री को निलंबित किया गया एवं उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई। जाँच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जाँच प्रतिवेदन में स्टेडियम के क्षतिग्रस्त होने के कारण उल्लेखित है। शासकीय क्षति हेतु दोषी अभियंताओं के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है। कार्य से संबंधित संविदाकार श्री अखिलेश सिंह को काली सूची में दर्ज करते हुए रू. 19.03 लाख की आर.आर.सी. जारी की गई। (घ) विभागीय जाँच के निष्कर्षों के अनुसार गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जाएगी। अतः शेष प्रश्‍नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

शा.बा.कृ्.श.न. महाविद्यालय शाजापुर का कन्‍या छात्रावास का निर्माण

[उच्च शिक्षा]

41. ( क्र. 1601 ) श्री अरूण भीमावद : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि. अतारांकित प्र.क्र. 634 दिनांक 8/12/2016 में बताया गया कि बा.श.न. महाविद्या. शाजापुर में कन्‍या छात्रावास के लिए राशि यू.जी.सी. से प्राप्‍त होगी तो विभाग द्वारा कन्‍या छात्रावास निर्माण हेतु यु.जी.सी. से कब-कब पत्राचार किये गये? (ख) विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग भोपाल के द्वारा कन्‍या छात्रावास के लिए कब-कब पत्राचार किये गये?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) पं. बालकृष्ण शर्मा नवीन शासकीय महाविद्यालय, शाजापुर में कन्या छात्रावास के निर्माण हेतु महाविद्यालय एवं विभाग द्वारा यू.जी.सी. को निम्नानुसार पत्राचार किये गये: 1. महाविद्यालय का पत्र क्र. 577, दिनांक 18.06.2009, 2. महाविद्यालय का पत्र क्र. निल, दिनांक 29.05.2010, 3. कलेक्टर जिला शाजापुर का अर्द्धशासकीय पत्र क्र. 595, दिनांक 04.05.2011, 4. महाविद्यालय का पत्र क्र. 548, दिनांक 08.06.2011, 5. महाविद्यालय का पत्र क्र. 142, दिनांक 27.01.2012, 6. महाविद्यालय का पत्र क्र. 764, दिनांक 09.05.2013, 7. महाविद्यालय का पत्र क्र. 1192, दिनांक 08.08.2016, 8. आयुक्त, उच्च शिक्षा, म.प्र., भोपाल का अर्द्धशासकीय पत्र क्र. 1405, दि. 08.09.2016, 9. कार्यालय आयुक्त, उच्च शिक्षा, भोपाल का पत्र क्र. 1516, दिनांक 17.11.2017, 10. महाविद्यालय का पत्र क्र. 1905, दिनांक 22.11.2017 (ख) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, भोपाल द्वारा महाविद्यालय के कन्या छात्रावास हेतु निम्नानुसार पत्राचार किये गयेः 1. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, भोपाल का पत्र क्र. डब्ल्यू एच 32/107003/07-08/सीआरओ, दिनांक 31.03.2008 द्वारा कन्या छात्रावास के निर्माण हेतु राशि रू. 50.00 लाख की स्वीकृति जारी की गई। 2. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, भोपाल का पत्र क्र. डब्ल्यू एच 32/107003/07-08/सीआरओ दिनांक 31.03.2009 द्वारा राशि रू.19,01,000/- की स्वीकृति जारी की गई। 3. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, भोपाल का पत्र क्र. डब्ल्यू एच 32/107003/07-08/सीआरओ दिनांक 14.02.2013 द्वारा राशि रू. 40,99,000/- की स्‍वीकृति जारी की गई।

खनिज साधनों के क्रय एवं विक्रय की जानकारी

[खनिज साधन]

42. ( क्र. 1687 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में क्रय-विक्रय हेतु खनिज जैसे कोयला, लेट्राइट, डोलोमाइट, बॉक्साइट आदि के संग्रहण हेतु जिला खनिज अधिकारी से अनुज्ञा प्राप्‍त करना आवश्‍यक है? यदि हाँ, तो किस नियम प्रावधान के अंतर्गत एवं अनुज्ञा प्राप्ति आवेदन के कितने दिन के अन्‍दर अनुज्ञा प्रदान करने के प्रावधान हैं? तय समय-सीमा में अनुज्ञा प्रदान न किये जाने पर किस अधिकारी को दोषी मानकर क्‍या दण्‍ड दिये जाने का प्रावधान है? (ख) वर्ष 2013 से वर्तमान तक कितने आवेदन खनिज क्रय-विक्रय संग्रहण हेतु प्राप्‍त हुये? कितने आवेदन स्‍वीकृत हुये? कितने अभी तक अनुज्ञा स्‍वीकृति हेतु लंबित हैं? : पन्‍ना, कटनी, सतना, उमरिया, शहडोल,जिले की अद्यतन जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) उक्‍त अनुज्ञा प्राप्ति के पश्‍चात् कितने समय में उसके नवीनीकरण करवाने का प्रावधान है एवं अनुज्ञप्ति धारक द्वारा नवीनीकरण के आवेदन प्रस्‍तुत करने के कितने दिवस में नवीनीकरण कर दिये जाने का प्रावधान है एवं समय-सीमा में नवीनीकरण न किये जाने पर दोषी अधिकारी पर क्‍या कार्यवाही की एवं क्‍यों? क्‍या प्रावधान है वर्ष 2016 से कितने नवीनीकरण आवेदन लंबित हैं?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उ‍पस्थित नहीं होता। (ख) मध्‍यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्‍डारण का निवारण) नियम, 2006 के अंतर्गत खनिजों के क्रय-विक्रय संग्रहण के लिये व्‍यापारिक अनुज्ञप्ति प्राप्‍त करने के लिये प्रश्‍नाधीन अवधि में प्राप्‍त आवेदनों की संख्‍या, स्‍वीकृत आवेदनों की संख्‍या एवं लंबित आवेदनों की संख्‍या पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ में दर्शाई गई है। जिसमें प्रश्‍नाधीन जिलों के संबंध में प्रश्‍न अनुसार जानकारी उल्‍लेखित है। (ग) खनिज व्‍यापारिक अनुज्ञप्ति की समाप्ति तिथि से तीन माह पूर्व नवीकरण आवेदन प्रस्‍तुत करने के प्रावधान हैं। अनुज्ञप्ति के नवीकरण आवेदन पत्र के निपटारे की समय-सीमा निर्धारित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता। नवीनीकरण के लंबित आवेदन पत्रों की संख्‍या पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब पर दर्शाई गई है।

टूटी सीवर लाईन का कार्य नहीं होना

[नगरीय विकास एवं आवास]

43. ( क्र. 1691 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या अनामिका नगर गुलमोहर तीन, भोपाल वार्ड नं. 50 के वर्तमान रहवासियों द्वारा नगर निगम में विकास व अन्‍य शुल्‍क जमा करके भवन निर्माण की अनुज्ञा प्राप्‍त कर भवन निर्माण किये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो अनामिका नगर गुलमोहर तीन, भोपाल वार्ड नं. 50 के रहवासियों द्वारा टूटी सीवर लाईन के संबंध में मुख्‍यमंत्री हेल्‍प लाईन व महापौर चौपाल में उपस्थित होकर तथा नगर निगम के वरिष्‍ठ अध‍कारियों को की गई थी तथा महापौर द्वारा स्‍थल भ्रमण कर सीवर ठीक करने के निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो आज दिनांक तक सीवर लाईन की मरम्‍मत नहीं होने के क्‍या कारण हैं? (ग) सीवर लाईन टूटी होने व सीवर का गंदा पानी फैलने से पूरी कॉलोनी में गंदगी का वातावरण व्‍याप्‍त है, जिससे बीमारी होने का अंदेशा है? क्‍या रहवासियों की परेशानियों को देखते हुये शीघ्र सीवर लाईन की मरम्‍मत कराई जायेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, जी नहीं। अनामिका नगर, नगर निगम भोपाल को हस्‍तांतरित कॉलोनी नहीं है, अत: इस कॉलोनी में सीवरेज की पाईप लाईन का कार्य नगर निगम निधि से नहीं कराया जा सकता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) रहवासी/कॉलोनी समिति कार्य पर होने वाले व्‍यय का 50 प्रतिशत जनभागीदारी के रूप में जमा करते हैं, तो स्‍वीकृति पश्‍चात् कार्य कराया जा सकेगा। कॉलोनी की समस्‍या का निराकरण कॉलोनी समिति द्वारा ही कराया जाना होगा। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नमामी देवी नर्मदे यात्रा में व्‍यय राशि की जानकारी

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

44. ( क्र. 1748 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि नमामी देवी नर्मदे यात्रा के दौरान हरदा जिले में किन-किन नवीनों घाटों अथवा पुलों का निर्माण कराये जाने की मुख्‍य मंत्री द्वारा घोषणा की गई?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : जानकारी संकलित की जा रही है।

नगर पालिका हरदा द्वारा भूमि व अन्‍य संपत्ति का विक्रय

[नगरीय विकास एवं आवास]

45. ( क्र. 1753 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) 01 अप्रैल 2001 से 31 मार्च 2008 तक नगर पालिका परिषद् हरदा द्वारा किन-किन लोगों को कितनी-कितनी भूमि (प्‍लाट), दुकानें व अन्‍य व कौन-कौन सी सामग्री का कब-कब, किस-किस स्‍वीकृति आदेश से कितनी-कितनी राशि में विक्रय किया गया? विस्‍तृत जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) वर्षों में बेचे गये प्‍लाट, दुकान व अन्‍य सामग्री के विक्रय से प्राप्‍त राशि को किस-किस कार्य में कितना-कितना व्‍यय किया गया? विस्‍तृत जानकारी देवें। (ग) क्‍या नगर पालिका परिषद् हरदा द्वारा कुछ ऐसी दुकानों का भी विक्रय कर दिया गया जिस पर माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा रोक लगाई गई थी? (घ) यदि हाँ, तो इसका क्‍या कारण है व इसके लिये कौन जवाबदार है? संबंधित जवाबदार के विरूद्ध क्‍या व कब तक कार्यवाही की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) 01 अप्रैल, 2001 से 31 मार्च 2008 तक नगरपालिका परिषद् हरदा द्वारा विक्रय की गई भूमि, (प्‍लाट) दुकानें एवं अन्‍य सामग्री की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी नहीं। माननीय उच न्‍यायालय के आदेश दिनांक 07.01.2014 के परिप्रेक्ष्‍य में आदर्श बालक मंदिर (ए.बी.एम.) ग्राउंड एवं वरदान कॉम्प्लेक्स के संबंध में नगर पालिका द्वारा वरदान कॉम्प्लेक्स की मात्र 04 दुकानों की सार्वजनिक नीलामी परिषद् स्‍वीकृति एवं समाचार पत्रों में विज्ञप्ति जारी करने के पश्‍चात की गई है, किन्‍तु वर्तमान में दुकानों का आधिपत्‍य नगर पालिका के पास ही है। मान. उच्‍च न्‍यायालय का आदेश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विश्‍वविद्यालय समिति की जानकारी

[उच्च शिक्षा]

46. ( क्र. 1789 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रानी दुर्गावती विश्‍वविद्यालय जबलुपर में विगत 5 वर्षों में ऐसी कोई समिति बनाई गई जिसमें माननीय विधायकों को सदस्य बनाया गया है? यदि हाँ, तो समिति का नाम, सदस्य, कार्यक्षेत्र, समिति के उद्देश्‍यों से अवगत करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो समिति की बैठक कितने दिन में आयोजित किया जाना सुनिश्‍चित किया गया था एवं समिति निर्माण के बाद प्रश्‍न दिनांक तक कितनी बैठकें, कब-कब आयोजित की गई? (ग) समिति बैठक के पूर्व क्या माननीय सदस्यों को अवगत कराया जाता है? यदि हाँ, तो किन-किन सदस्यों को कब-कब इसकी सूचना दी गई? बैठकों में कितने माननीय सदस्य उपस्थित हुये जानकारी देवें। (घ) क्या बैठकें नियमित आयोजित की जा रही हैं यदि नहीं, तो अंतिम बैठक कब आयोजित की गई इस बैठक में कितने माननीय सदस्‍य उपस्थित हुये? अंतिम बैठक के बाद बैठक का आयोजन क्‍यों नहीं किया गया? स्‍पष्‍ट कारण बातवें। क्या समिति अपने उद्दश्‍यों के अनुरूप कार्य कर रही है? यदि नहीं, तो समिति के सुचारू कार्य न करने का कारण स्पष्ट करें।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) से (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाना

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

47. ( क्र. 1790 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में सूक्ष्म, लघु मध्यम उद्यम विभाग द्वारा कौन-कोन सी बेरोजगारी उन्मूलन एवं शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने हेतु कौन-कौन योजनायें संचालित हैं? विस्तृत नियमावली सहित जानकारी प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार इन योजनाओं द्वारा कितने उद्यमियों को लाभ पहुंच रहा है? विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में दिसम्बर, 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक जिन उद्यमियों को इन योजना से लाभ प्रदान किया गया, उनकी योजना का नाम, राशि, उद्यम, स्वीकृत वर्ष सहित जानकारी प्रदान करें। (ग) क्षेत्र में बहुयामी फसले जैसे गन्ना, गेहूं, दान एवं सब्जियों का बहुतायत उत्पादन होता है। क्या ऐसे उत्पादनों के प्रसंगकरण एवं उद्योगिक उत्पादन हेतु विभाग कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिये शिक्षित बेरोजगारों एवं शिक्षित युवा कृषकों को प्रोत्साहित करने हेतु कोई विशेष अभियान विभाग चलायेगा? यदि हाँ, तो अवगत करावें।

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में सूक्ष्म, लघु और मध्य उद्यम विभाग द्वारा स्वरोजगार उपलब्ध कराने हेतु वर्तमान में निम्न योजनाएं संचालित की जा रही है:- 1. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना 2. मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 3. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजनाओं की विस्तृत नियमावली पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में दिसम्बर, 2013 से प्रश्न दिनांक तक 222 उद्यमियों को लाभ प्रदान किया गया है। योजनावार एवं वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) राज्य शासन द्वारा दिनांक 16.11.2017 से मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना प्रारंभ की गई है। जिसमें उद्योग (विनिर्माण) एवं सेवा क्षेत्र से संबंधित कृषि आधारित एग्रो प्रोसेसिंग, फूडप्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज आदि परियोजनायें सम्मिलित की गई है।

उद्योगिक इकाइयों की स्‍थापना

[वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार]

48. ( क्र. 1809 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर,भिण्ड, मुरैना व शिवपुरी, जिलों में कहाँ-कहाँ किस स्थान पर उद्योगिक क्षेत्र हैं व नवीन क्षेत्र कहाँ-कहाँ प्रस्तावित हैं? (ख) उपरोक्त जिलों के उद्योगिक क्षेत्रों में कुल कितनी व कौन-कौन सी उद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं? नाम व स्थानवार बतायें? (ग) जिन उद्योगों के लिये भूमि आवंटित है क्या वह इकाइयां कार्य कर रही हैं, या उन्होंने किसी अन्य कम्पनी या संस्था को किराये पर दी हैं? (घ) क्या जो उद्योग काफी वर्षों से बंद पड़े हैं, क्या उनसे भूमि आवंटन नियम के अनुसार भूमि वापस लेने की कोई कार्यवाही की है वर्तमान स्थति की जानकारी देवें।

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) वाणिज्य उदयोग एवं रोजगार विभाग के अंतर्गत आई.आई.डी.सी. ग्वालियर क्षेत्रांगत ग्वालियर, भिण्ड, मुरैना व शिवपुरी जिले में स्थापित एवं प्रस्तावित नवीन औद्योगिक क्षेत्र निम्नानुसार हैं:-

क्रं.

जिला

स्थापित औद्योगिक क्षेत्र

नवीन प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र

1.

ग्वालियर

1.स्टोन पार्क पुरानी छावनी ग्वालियर.
2.
रेडीमेड गारमेंट पार्क ग्वालियर.
3
प्लास्टिक पार्क बिलौआ.

--

2.

मुरैना

1. औद्योगिक क्षेत्र वानमोर.
2.
सीतापुर फेज-1
3.
सीतापुर फेस-2
4. .
औद्योगिक क्षेत्र पिपरसेवा

--

3.

भिण्ड

1. औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर/घिरोगी
2.
फूड पार्क मालनपुर

--

4.

शिवपुरी

1. फूड क्लस्टर बड़ोदी

1.स्‍मार्ट इण्डस्ट्रियल पार्क पडौरा

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की जिलेवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र 1 से 4 पर है। (ख) एम.एस.एम.ई. विभाग के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र ग्वालियर जिले में 429, भिण्ड जिले में 106, मुरैना जिले में 53 व शिवपुरी जिले में 205 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। नाम व स्थानवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र 1 से 4 पर है। (ग) वाणिज्य उद्योग और रोजगार विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र पर है। वाणिज्य उदयोग एवं रोजगार विभाग की (आई.आई.डी.सी. की) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र पर है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र 1 से 4 में उल्लेखित बंद इकाइयों को छोड़कर शेष सभी कार्यरत हैं। (घ) जी हाँ। वाणिज्य उद्योग एवं रोजगार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र पर है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट प्रपत्र 1 से 4 अनुसार है।

म.प्र. शासन द्वारा जनहितार्थ चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

49. ( क्र. 1825 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनपद पंचयत पनागर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जनहितार्थ योजनाओं का क्रियान्‍वयन किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो कौन-कौन सी योजनाओं का क्रियान्‍वयन किया गया है वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायतवार योजनावार लाभान्वित हितग्राहियों की संख्‍या बतावें? (ग) ऐसे कितने पात्र हितग्राही हैं, जो शासन की योजनाओं के अंतर्गत लाभ पाने से वंचित हैं? क्या ऐसे हितग्राहियों को चि͗न्हित किया गया है? संख्यात्मक जानकारी देवें? (घ) प्रश्नांश (ग) के अंतर्गत यदि नहीं, तो कब तक शेष पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) संचालित योजनाओं के क्रियान्‍वयन की पंचायतवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) लक्ष्‍य के अनुरूप पात्रतानुसार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत शालाओं में मध्‍यान्‍ह भोजन व्यवस्था

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

50. ( क्र. 1830 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या‍ शालाओं में मध्‍यान्‍ह भोजन ग्रहण करने के लिये कक्ष की व्यवस्था है? (ख) यदि नहीं, तो छात्र कहाँ बैठकर भोजन करते हैं? (ग) क्या छात्रों को भोजन करने के लिये कक्ष निर्माण कराया जायेगा? (घ) क्या छात्र अपनी थालियां स्वयं धोते हैं? यदि हाँ, तो क्या बर्तन धोने के लिये कोई व्यवस्था की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) लक्षित शालाओं में उपलब्ध कक्षों/बरामदों में बैठकर छात्र/छात्राएं मध्यान्ह भोजन ग्रहण करते है। (ग) वर्तमान में ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है। (घ) जी नहीं। रसोईयों के द्वारा थालियां धोने की व्यवस्था है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री सड़क निर्माण की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

51. ( क्र. 1846 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला रीवा के विकासखण्ड जवा में प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत ग्राम जनकहाई से ग्राम नीवा पहुंच मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो उक्त मार्ग में कई स्थानों में गड्ढे हो जाने तथा सड़क उखड़ जाने के पीछे क्या कारण हैं? (ख) क्या उक्त सड़क के घटिया निर्माण की पृथक एजेंसी से जाँच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2016 में अगस्त-सितम्बर माह में दो बार रीवा जिले में अतिवृष्टि के कारण यह मार्ग टमस नदी एवं महाना नदी की बाढ़ से लगभग एक सप्ताह प्रभावित रहा जिसके कारण मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ था। वर्तमान में मार्ग का संधारण कार्य पूर्ण कर दिया गया है। (ख) जी नहीं, शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

अधूरे पड़े तथा गुणवत्ता विहीन शौचालय निर्माण की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

52. ( क्र. 1848 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कारण है कि जिला रीवा के विकासखण्ड सिरमौर की ग्राम पंचायत उमरी में अभी तक शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं हो सका? इसके अतिरिक्त जो शौचालय निर्मित हो चुके हैं, उनका भुगतान भी लंबित है तथा निर्माण कार्य भी गुणवत्ता विहीन है। (ख) क्या विकासखण्ड सिरमौर अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरी में शौचालय निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जाँच कराई जावेगी? यदि हाँ, तो सीमा बतावे।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला रीवा के विकासखण्‍ड सिरमौर की ग्राम पंचायत उमरी में एस.बी.एम. पोर्टल पर प्रदर्शित कुल 1061 में से 1048 शौचालय पूर्ण हो चुके है तथा 13 शौचालय निर्माण प्रगतिरत है। 72 शौचालयों का निर्माण मनरेगा से कराया गया है। भारत शासन से मनरेगा अंतर्गत सामग्री मद में राशि उपलब्‍ध नहीं होने के कारण सामग्री का भुगतान शेष है। कोई भी शौचालय गुणवत्‍ता विहीन नहीं है। (ख) ग्राम पंचायत उमरी में भ्रष्‍टाचार संबंधी कोई शिकायत संज्ञान में नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

जिला रीवा की जनपद पंचायत जवा को नगर पंचायत का दर्जा दिलाया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

53. ( क्र. 1853 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या पूर्व में जिला रीवा की जनपद पंचायत जवा को नगर पंचायत का दर्जा प्रदाय करने संबंधी कार्यवाही की गई थी? यदि हाँ, तो क्या कारण है कि अभी तक जनपद पंचायत जवा को नगर पंचायत का दर्जा प्रदाय नहीं किया जा सका हैं? (ख) क्या जनपद पंचायत जवा को नगर पंचायत का दर्जा प्रदाय किया जावेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ, कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) जनपद पंचायत जवा (मूलत: जो ग्राम पंचायत है) को नगर परिषद् का दर्जा प्रदान किये जाने हेतु कलेक्‍टर जिला रीवा से प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी, समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

ग्राम उदय से भारत उदय अभियान अन्तर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण

[पंचायत और ग्&