Top of Form

मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च, 2018 सत्र


बुधवार, दिनांक 07 मार्च 2018


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर



शासकीय भूमियों का निजी भूमि में हस्‍तांतरण

[राजस्व]

1. ( *क्र. 757 ) श्री अजय सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन राजस्‍व विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन के ज्ञाप क्रमांक एफ 16-36/20/2013/सात/शा. 2, भोपाल दिनांक 17.01.2014 के अनुसार भूमि स्‍वामी के हक में आवंटित भूमि के शासकीय पट्टेदारों द्वारा व्‍यक्तिगत परिस्थितियों के कारण भूमि विक्रय/अंतरण के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं, उसके अनुसार संहिता की धारा 165 (7) ख में प्रावधान है कि धारा 158 (3) के सभी भूमि स्‍वामी अपने धारणाधिकार की ऐसी कृषि भूमि को बिना कलेक्‍टर की आज्ञा से 10 वर्षों तक विक्रय नहीं कर सकते हैं? (ख) प्रश्नांश (क) हाँ तो कलेक्‍टर एवं जिला दण्‍डाधिकारी सतना के आदेश क्र./राजस्‍व/2017/87 सतना दिनांक 22.03.2016 के निर्देशों का पालन तहसील रघुराजनगर के ग्राम रामस्‍थान में एक हजार एकड़ से अधिक की शासकीय भूमि को खुर्द-बुर्द किये जाने के प्रकरणों में हुई शिकायतों पर कब-कब कार्यवाही की गयी? प्रकरणवार बतायें। (ग) क्‍या तहसीलदार, तहसील रघुराजनगर के पत्र क्रमांक 306/आ.क्र./तह.रघु/2017, दिनांक 31.08.2017 के जरिये क्‍या 04 शासकीय भूमियों के अवैध कब्‍जाधारियों को नोटिस जारी कर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है? क्‍या हल्‍का पटवारी रामस्‍थान द्वारा प्रिज्‍म सीमेंट, अल्‍ट्राट्रेक, अमीरे कोल सहित उक्‍त ग्राम के 50 अवैध कब्‍जाधारियों के विरूद्ध तहसीलदार के हस्‍ताक्षरित नोटिसों को क्‍या प्रश्‍न तिथि तक तामील करवाया गया है? अगर तामील करवाया गया है तो क्‍या प्रश्‍न तिथि तक उन्‍हें तहसीलदार के कार्यालय में जमा करवाया गया है? ता‍मील हुये सभी नोटिसों की एक-एक प्रति दें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित भूमियों को राज्‍य शासन कब तक निष्‍क्रांत संपत्तियों का अंतरण अवैधानिक मानते हुये शासकीय संपत्ति भू-अभिलेखों में दर्ज करेगा? अगर नहीं करेगा तो क्‍यों? कारण व नियम उपलब्‍ध करायें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित भूमि-स्वामी हक में आवंटित भूमि/शासकीय पट्टेदार के क्रय विक्रय के संबंध में कोई शिकायत कार्यालय को प्राप्त नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। पत्र क्रमांक 306, दिनांक 31.08.2017 के जरिये 04 व्यक्तियों को नोटिस जारी कर उनके स्वत्व के संबंध में जानकारी चाही गयी थी न कि शासकीय भूमि में अवैध कब्जाधारियों के संबंध में। इसके अलावा अन्य 16 व्यक्तियों को नोटिस तैयार कर तामिली हेतु कार्यवाही की जा रही है, जिसमें प्रिज्म सीमेन्ट, अल्ट्राटेक, अमीरे कोल सहित अन्य 13 व्यक्ति शामिल हैं। तामील हुई नोटिस की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश () में वर्णित भूमियों निष्क्रांत भूमियां नहीं है। वर्ष 1958-59 की खतौनी अधिकार अभिलेख में शासकीय भूमियां थी, जिनका नियमानुसार बंटन/व्यवस्थापन किया गया है।

परियोजनावार प्रबंधक के पद की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

2. ( *क्र. 1518 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या पी.एच.ई. विभाग द्वारा जल निगम का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या जल निगम में परियोजनावार प्रबंधक के पद पर प्रचार-प्रसार हेतु नये सिरे से विज्ञापन जारी किये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो कब-कब किस परियोजना के लिए कितने पद स्‍वीकृत थे? नियमावली क्‍या थी? क्‍या इसमें कोई संशोधन किया गया था? यदि किया गया था तो क्‍यों? स्‍पष्‍ट कारण बताएं। किसका चयन किया गया है, उसका पूर्ण विवरण साक्षात्‍कार के प्राप्‍त अंक सहित देंवे। (ग) क्‍या पी.एच.ई. विभाग से जिला सलाहकार (आई.ई.सी.) को जल निगम में प्रबंधक के पद पर प्रतिनियुक्ति पर लिया जा सकता था? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? यदि हाँ, तो जल निगम में प्रबंधक के पद पर विज्ञापन जारी करने की क्‍या आवश्‍यकता थी? (घ) क्‍या जल निगम द्वारा संविदा पर नियुक्त प्रबंधकों को भविष्‍य में स्‍थाई किया जाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, परियोजना क्रियान्वयन इकाई स्तर पर प्रबंधक (जनसहभागिता) के पद हेतु विज्ञापन जारी किये गए थे। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। संविदा कर्मी को प्रतिनियुक्ति पर लिए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। संविदा कर्मी को स्थाई किए जाने का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

जहांगीराबाद थाने में दर्ज अपराध पर कार्यवाही

[गृह]

3. ( *क्र. 1618 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अपराध क्रमांक 889/2013 में थाना जहांगीराबाद, भोपाल द्वारा जिला एवं सत्र न्‍यायालय भोपाल में चालान किस दिनांक को प्रस्‍तुत किया गया? प्रस्‍तुत चालान में किस-किस आरोपी द्वारा नियमित जमानत प्राप्‍त की गयी है? प्रत्‍येक का तिथिवार विवरण दें। (ख) उक्‍त अपराध के संबंध में उच्‍च न्‍यायालय में प्रस्‍तुत एम.सी.आर.सी. 3267/2014 में स्‍थगन किस दिनांक को जारी किया गया है? स्‍थगन में किसे आदेशित किया गया है? चालान प्रस्‍तुत होने के पश्‍चात् एफ.आई.आर. पर स्‍थगन किस तरह प्रभावशील होगा? (ग) जिला अभियोजन अधिकारी किस विभाग के अधीन है? उसके द्वारा उक्‍त प्रकरण में जिला न्‍यायालय के समक्ष एफ.आई.आर. पर दिये गये स्‍थगन को किस आधार पर न्‍यायालयीन कार्यवाही के लिये स्‍थगन के रूप में समर्थित किया जा रहा है? (घ) जिन विधिक कार्यवाहियों में कार्यवाही अंतिम हो जाती है, तो ऐसे प्रकरणों में कार्यवाही अंतिम होने के पश्‍चात् जारी/प्राप्‍त न्‍यायालयीन स्‍थगन की प्रभावशीलता के‍ नियमों की प्रति उपलब्‍ध करावें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) थाना जहांगीराबाद, जिला भोपाल के अपराध क्रमांक 889/13 में चालान दिनांक 10.04.2014 को माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा एम.सी.आर.सी. क्र. 3267/2014 में दिनांक 11.04.2014 को स्थगन जारी किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय ने यह स्थगन आगामी समस्त कार्यवाहियों हेतु जारी किया गया है, जो सभी पक्षकारों के लिये प्रभावशील है। माननीय न्यायालय से संबंधित होने से टिप्पणी करना न्यायसंगत नहीं होगा। (ग) जिला अभियोजन अधिकारी, गृह विभाग के अधीन है। प्रश्नांश विवेचना/न्यायालयीन प्रक्रिया से संबंधित होने से उत्तर दिया जाना न्यायसंगत नहीं होगा। (घ) न्यायालयीन प्रक्रिया से संबंधित होने से उत्तर दिया जाना न्यायसंगत नहीं होगा।

परिशिष्ट - ''एक''

आदिवासी की भूमि का नामांतरण

[राजस्व]

4. ( *क्र. 1545 ) श्री कल सिंह भाबर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (‍क) क्‍या आदिवासी वर्ग के नाम की कृषि भूमि सामान्‍य वर्ग के नाम पर की जा सकती है? यदि नहीं, तो झाबुआ जिले के ग्राम मेघनगर तहसील मेघनगर सर्वे नम्‍बर 332 क्षेत्रफल 1.35 हेक्‍टेयर कृषि भूमि, जो वर्ष 2010-11 तक आदिवासी वर्ग के व्‍यक्ति के नाम पर थी, वह वर्ष 2011-12 में अचानक सामान्‍य वर्ग के व्‍यक्ति के नाम पर कैसे की गई? (ख) क्‍या ऐसे मामलों की जाँच कर आदिवासी वर्ग की भूमि गैर आदिवासी के नाम पर करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता 1959 की धारा 165 (6) के उपबंधों के अध्‍यधीन अधिसूचित क्षेत्रों में अ.ज.जा. की भूमि का गैर अ.ज.जा को अंतरण प्रतिबंधित है। ग्राम मेघनगर स्थित सर्वे नं. 332 रकबा 1.35 हेक्‍टर कृषि भूमि राजस्‍व रि‍कॉर्ड में वर्ष 2010-11 में अनुसूचित जनजाति के सदस्‍य श्री सोमला पिता कुवरा जाति पटलिया के नाम दर्ज थी। वर्ष 2011-12 में यह भूमि राजस्‍व रिकार्ड खसरा के कालम नं. 12 कैफियत में अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व थांदला के प्रकरण क्रमांक 2/अ-23/2007-08 आदेश दिनांक 09.04.2009 द्वारा नामांतरण होकर गैर अनुसूचित जनजाति की सदस्‍य सुगरा बेवा अब्‍दुलरहीम के नाम दर्ज होना पाई गई है। (ख) जी हाँ तहसीलदार मेघनगर के न्‍यायालय में प्रकरण क्रमांक 0007/अ-6 (अ)/2017-18 पंजीबद्ध कर जाँच प्रारंभ की गई है। जाँच उपरांत अग्रिम कार्यवाही की जावेगी।

 

किसानों की फसल का मुआवजा भुगतान

[राजस्व]

5. ( *क्र. 708 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 07.09.2017 एवं 10.10.2017 को विकासखण्‍ड पानसेमल जिला बड़वानी में तेज बारिश एवं आंधी तूफान से किसानों की खड़ी फसल खराब हुई है? (ख) यदि हाँ, तो क्या विभाग के द्वारा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया गया है? सर्वे में कितने किसानों की फसल खराब होने की जानकारी प्राप्त हुई? प्रभावित किसानों की सूची उपलब्ध करायें। (ग) क्या प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को शासकीय नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो ऐसे किसानों की सूची उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो कब तक किसानों को मुआवजा प्रदान किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। आंशिक क्षति हुई है। (ख) जी हाँ। राजस्‍व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा विकासखण्‍ड पानसेमल के ग्राम जाहूर, भड़गोन, बबुलताड़, मोरतलाई, कानसुल, निसरपुर में सर्वे किया गया। सर्वे अनुसार कुल 210 किसानों की फसल को आंशिक क्षति हुई है। आंशिक प्रभावित किसानों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। सर्वे अनुसार फसल क्षति का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र खण्‍ड छ: क्रमांक 4 (आर.बी.सी. 6-4) के नियमानुसार फसल क्षति 25 प्रतिशत से कम होने से आर्थिक सहायता राशि दिये जाने के प्रावधान नहीं हैं। शेष प्रश्‍नांश उदभूत नहीं।

व्ही.आई.पी. सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी के साथ अभद्र व्‍यवहार

[गृह]

6. ( *क्र. 559 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि व्ही. आई.पी. की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी का कार्य शासकीय कार्य की श्रेणी में आता है या नहीं? यदि हाँ, तो फिर प्रश्नकर्ता के अंगरक्षक के साथ दिनांक 08.01.2016 को मांगलिया टोल प्लाजा कर्मचारियों द्वारा की गई मारपीट की घटना होने पर पुलिस थाना क्षिप्रा में धारा 341, 323, 294, 506, 34 भा.द.वि. के तहत् दर्ज अपराध क्र. 09/16 में प्रश्नकर्ता द्वारा नियमानुसार धारा 353 बढ़ाने के संबंध में पूछे गये प्रश्न क्रमांक 1186, दिनांक 20.07.2016 के उत्तर में किस नियम के तहत उक्त अपराध शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाला नहीं बताया जाकर धारा 353 एवं 332 भा.द.वि. की श्रेणी में नहीं होना बताया गया है? नियम की प्रति उपलब्ध करावें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : जी हाँ। प्रकरण में अनुसंधान के दौरान यह पाया गया था कि घटना दिनांक को धरमपुरी धार के माननीय विधायक श्री कालुसिंह अपनी प्रायवेट कार से क्षिप्रा होते हुए धरमपुरी जा रहे थे। वाहन पर विधायक पास नहीं था और न ही वाहन पर विधायक लिखा था। गनमेन आरक्षक श्री मोतीलाल, सुरक्षा वाहिनी, भोपाल सादे कपड़ों में था। इस कारण टोल कर्मचारियों का विवाद हुआ था। वर्तमान में थाना क्षिप्रा के अप.क्र. 09/16 का प्रकरण न्यायालय में धारा 294, 332, 353, 341 एवं 506 भाग-2 के अंतर्गत विचारण में है।

नवीन हैण्‍डपंपों का उत्‍खनन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

7. ( *क्र. 2236 ) सुश्री मीना सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला उमरिया अंतर्गत मानपुर विधानसभा क्षेत्र में विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक नवीन हैण्‍डपंप उत्‍खनन हेतु वित्‍तीय एवं भौतिक लक्ष्‍य कितना था? विकासखण्‍डवार जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या दिये गये वित्‍तीय वर्षों में हैण्‍डपंप उत्‍खनन हेतु दिये गये भौतिक लक्ष्‍यों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल हेतु व्‍यवस्‍था पूर्ण की जा सकेगी? यदि नहीं, तो शासन द्वारा हैण्‍डपंप उत्‍खनन के लक्ष्‍यों को पूर्ण करने हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ग) मानपुर विधान सभा क्षेत्र में पूर्व से स्‍थापित/स्‍वीकृत नल जल की भौतिक स्थिति क्‍या है? पूर्व में बंद नल-जल योजनाओं को पुन: चालू करने के लिये शासन द्वारा क्‍या कोई कार्यवाही की गई है? (घ) क्‍या विधानसभा क्षेत्र मानपुर अंतर्गत पूर्व में स्‍वीकृत योजना ग्राम पंचायत को हस्‍तांतरित नहीं की गई है? उन्‍हें कब तक पूर्ण कर संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्‍तांतरित कर दिया जायेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्य जिलेवार दिये जाते हैं, विधानसभा क्षेत्रवार नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) कुल 102 नल-जल योजनाएं चालू एवं 38 योजनाएं बंद हैं तथा 3 प्रगतिरत हैं। बंद योजनाओं को चालू करने हेतु संबंधित ग्राम पंचायतों को राशि उपलब्ध करवाई जाकर विभाग द्वारा तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है। (घ) अपूर्ण योजनाओं को छोड़कर सभी पूर्ण योजनाएं हस्तांतरित कर दी गई हैं। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है।

भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन

[राजस्व]

8. ( *क्र. 1514 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत कितने ऐसे प्रकरण हैं, जिनमें शासन द्वारा भवन निर्माण स्वीकृत कर दिया है, परंतु विभाग द्वारा भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई है? ऐसे प्रकरणों की सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में उक्त भवनों के निर्माण की स्वीकृति कब प्राप्त हुई? विभाग अथवा एजेंसी द्वारा भूमि आवंटन हेतु कब-कब पत्राचार किया गया? उपरोक्त पत्राचार पर क्या कार्यवाही की गई? भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन कब तक कर दी जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

कुंडालिया परियोजना अंतर्गत डूब क्षेत्र की भूमि

[राजस्व]

9. ( *क्र. 1445 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कुंडालिया बाँध परियोजना अंतर्गत सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत डूब क्षेत्र में कौन-कौन से ग्रामों की भूमि है? ग्रामवार सर्वे नम्बर वार जानकारी उपलब्ध करावें उक्तानुसार भूमि में कौन-कौन सी सिंचित है एवं कौन सी असिंचित? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जमीन के डूब क्षेत्र में आने से पूर्व असिंचित होने एवं बाद में सिंचित करने या इसके विपरीत अर्थात् सिंचित से असिंचित करने संबंधी कोई शिकायत प्राप्त हुई है या कोई प्रकरण संज्ञान में आए हैं? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या प्रश्नकर्ता द्वारा पत्र क्रमांक 958, दिनांक 09.11.2017 से प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी सुसनेर से जानकारी चाही गयी थी एवं कार्यवाही हेतु लेख किया था? पत्र के संदर्भ में क्या कार्यवाही की गई? पूर्ण विवरण देवें। (घ) क्‍या प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के संदर्भ में जवाबदारी सुनिश्चित की जाकर ठोस कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या व कब तक? क्या दोषियों पर उचित कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) कुंडालिया बांध परियोजना अंतर्गत सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत डूब क्षेत्र में कोठडी, पिपल्या सोगनरा, रोजडी ढाबला सोनगरा, पटना भीलखेडी, भण्डावद, गडिया, गोयल, महेन्दी, बिसनी, दात्या, कचनारिया, टिकोन, सामरी, लटूरीउमठ, लाडोन, कनाली, पनाली, पनाला, गुंजारिया, गोकुलपूर, धनोरा, मोल्याखेडी, गोठडा, बेरछाखेडी ग्रामों की भूमि है। ग्रामवार सर्वे नंबरवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। सिंचित व असिंचित अभिनिर्धारित करने के संबंध में प्रकरणों में भूमि अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 19 के प्रकाशन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, धारा 20 की प्रक्रिया में सुनिश्चित होगा कि कौन-सी भूमि सिंचित अथवा असिंचित है, ग्राम कोठडी, मोल्याखेडी, गोठडा (सहायक बांध) एवं गोठडा की कुछ भूमियों को आपसी सहमति से क्रय नीति से लिया गया है, सर्वे की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "ख" अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। चाही गई जानकारी के संबंध में चूंकि भू-अर्जन प्रकरणों में धारा 19 के प्रकाशन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है तथा धारा 20 की प्रक्रिया में विनिश्‍चय होगा, अत: तदनुसार जानकारी उपलब्‍ध होगी। (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

नाप तौल निरीक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

10. ( *क्र. 2156 ) श्री मुकेश नायक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2012 के पश्‍चात् व्‍यापम द्वारा प्रदाय की गई सूची के आधार पर क्‍या नाप तौल निरीक्षकों की नियुक्ति की गई थी? यदि हाँ, तो व्‍यापम द्वारा प्रदाय की गई सूची की प्रति बतायें। (ख) उक्‍त सूची में से शैक्षणिक योग्‍यता प्रमाण पत्रों के सत्‍यापन हेतु कौन-कौन से उम्‍मीदवारों को बुलाया गया था, चयन सूची/प्रतीक्षा सूची के मेरिट क्रम में उनके नाम तिथि सहित बतायें और उनमें से कौन-कौन उपस्थित हुये थे? (ग) उपरोक्‍त सूची में से दस्‍तावेजों के सत्‍यापन उपरांत कौन-कौन से उम्‍मीदवार पात्र पाये गये थे, उनके नाम, पते बतायें तथा किस-किस के नियुक्ति आदेश जारी किये गये थे? (घ) सत्‍यापन के पश्‍चात् पात्र पाये गये कौन-कौन से उम्‍मीदवारों के नियुक्ति‍ आदेश जारी नहीं किये गये? उनका नाम तथा कारण बतायें। (ड.) नियुक्ति आदेश जिन-जिन के जारी हुए थे, उनमें से किस-किस ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया? उनके नाम पते सहित बतायें। (च) क्‍या नियुक्ति आदेश रजिस्‍टर्ड डाक से नहीं भेजे गये थे और न ही उन्‍हें विभागीय पोर्टल/वेबसाईट पर अपलोड कर प्रचारित किया गया? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? यदि नहीं, तो सभी के रजिस्‍ट्री क्रमांक, दिनांक बतायें।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। (ग) पात्र उम्‍मीदवारों को नियुक्ति आदेश जारी किये गये थे, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) सत्‍यापन के पश्चात् ऐसे उम्‍मीदवार जिनके नियुक्ति आदेश जारी नहीं किये गये, उनकी सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (च) सभी पात्र उम्‍मीदवारों को नियुक्ति आदेश स्‍पीड पोस्‍ट के माध्‍यम से भेजे गये थे। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। आदेश विभागीय पोर्टल/वेबसाईट पर अपलोड नहीं किये गये।

सोयाबीन/धान की फसलों की क्षतिपूर्ति

[राजस्व]

11. ( *क्र. 813 ) श्री रजनीश सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिवनी जिले में सूखे से प्रभावित नष्‍ट हुई सोयाबीन की फसलों एवं धान की फसलों के लिये क्षति का आंकलन किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यदि हाँ, तो उक्‍त क्षति पर शासन द्वारा कितना-कितना मुआवजा दिया गया, विकासखण्‍डवार बताएं (ग) यदि सर्वे कर आंकलन नहीं किया गया तो क्‍यों? स्‍पष्‍ट करें। मुआवजे की राशि कब तक वितरित की जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं, सूखा मैन्‍युअल 2016 के अनुसार जिला सिवनी में वैज्ञानिक मापदण्‍डों की पूर्ति नहीं होने से जिला सिवनी को सूखाग्रस्‍त घोषित नहीं किया गया हैं। अत: प्रश्‍न उदभूत नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उदभूत नहीं होता।

यात्री बसों को स्‍थाई/अस्‍थाई परमिट का प्रदाय

[परिवहन]

12. ( *क्र. 1850 ) श्री जतन उईके : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिंदवाड़ा जिले में परिवहन विभाग द्वारा जिलों में यात्री बसों का स्‍थाई एवं प्रतिमाह अस्‍थाई परमिट दिया जाता है? (ख) क्‍या सभी यात्री बसों को अस्‍थाई परमिट प्रतिमाह दिया जा रहा है? यदि हाँ, तो किन-किन यात्री बसों को प्रतिमाह दिया जा रहा है? (ग) क्‍या छिंदवाड़ा जिले में बिना परमिट की अवैध रूप से यात्री बसें भी चलाई जा रही हैं? यदि हाँ, तो कितनी बसें चल रही हैं? प्रश्नांश (ख) अवधि में निरीक्षण के दौरान बिना परमिट अथवा वैधता समाप्‍त होने के बाद भी चलती पाई गई यात्री बसों पर क्‍या कार्यवाही किस अधिकारी के द्वारा की गई? यदि कोई अर्थदण्‍ड वसूला गया तो कितनी राशि वसूली गई, वसूली राशि का क्‍या उपयोग किया गया? (घ) क्‍या विभाग द्वारा बस मालिकों को जो परमिट जारी किये जाते हैं, उसमें वाहन की क्‍या कंडीशन है, क्‍या यह भी दर्शाई जाती है कि विभाग द्वारा कितने वर्ष पुराने वाहन को यात्री बसों के संचालन हेतु परमिट दिया जाता है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जिला परिवहन अधिकारी छिंदवाड़ा द्वारा अस्थायी परमिट जारी किये जाते हैं तथा स्थायी परमिट क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार जबलपुर द्वारा स्वीकृति के पश्चात् आर.टी.ओ. जबलपुर द्वारा जारी किये जाते हैं। (ख) जिन बस संचालकों द्वारा अस्थाई अनुज्ञापत्र मार्ग पर प्राप्ति हेतु विहित फीस एवं टैक्स निर्धारित प्रपत्रों को संलग्न कर प्राधिकार के समक्ष आवेदित किये जाते हैं, उन्हें गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार अनुज्ञापत्र स्वीकृत कर जारी किये जाते हैं। अस्थाई अनुज्ञापत्रों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर निरंतर विशेष अभियान चलाकर अवैध रूप से बिना परमिट चल रही वाहनों की चैकिंग की जाती है। अवैध रूप से चल रही वाहनों से राशि रूपये 15000/- की शास्ति अधिरोपित की गई है। अधिरोपित राशि शासकीय कोष में जमा कराई गई। (घ) जी हाँ। मध्यप्रदेश शासन के राजपत्र दिनांक 24.11.2010 के अनुसार 15 वर्ष तक की आयु तक के यात्री वाहनों को स्टेज कैरिज के स्थाई/अस्थाई परमिट दिये जाते है। परिपत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

पूर्व निर्मित पानी की टंकियों से जल प्रदाय

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

13. ( *क्र. 571 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विकासखण्ड जवा अंतर्गत ग्राम पंचायत अतरैला में विभाग के द्वारा 04 वर्ष पूर्व दो टंकियों का निर्माण किस उद्देश्य के तहत कराया गया था? क्या कारण है कि उक्त ग्राम पंचायत क्षेत्र में पूर्व से निर्मित दोनों पानी की टंकियों से अभी तक पंचायतवासियों को पेयजल प्रदाय व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जा सकी है? (ख) उक्त कार्य में की गई लापरवाही में लिप्त अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध विभाग स्तर पर क्या कार्यवाही की जावेगी? (ग) ग्राम पंचायत अतरैला के निवासियों को कब तक नल-जल योजना का लाभ, उक्त टंकियों के माध्यम से, दिलाया जा सकेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रश्नांकित पंचायत में केवल एक टंकी का निर्माण पर्याप्त दबाव से जलप्रदाय करने हेतु किया गया था। योजना स्त्रोत में पानी की कमी से टंकी के माध्यम से जलप्रदाय नहीं किया जा रहा था, परन्तु वर्तमान में सफल स्त्रोत निर्मित कर टंकी के माध्यम से जलप्रदाय किया जा रहा है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

ऑनलाईन आई.टी.आई. परीक्षा प्रणाली में संशोधन

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

14. ( *क्र. 1750 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में आई.टी.आई. परीक्षा ऑनलाईन ली जाती है? यदि हाँ, तो क्या यह सही है कि ऑनलाईन परीक्षा के कारण अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं और बीच में ही आई.टी.आई. छोड देते हैं? (ख) यदि हाँ, तो शासन इसके लिये क्या कार्यवाही कर रहा है?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) प्रश्‍न उदभूत नहीं होता।

सूखाग्रस्त घोषित जिलों को आवंटित राशि का वितरण

[राजस्व]

15. ( *क्र. 1175 ) श्री रामनिवास रावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017 में अवर्षा, अल्पवर्षा के कारण किन-किन जिलों की कितनी-कितनी तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है? सूखाग्रस्त तहसीलों में नष्ट हुई फसलों की मुआवजा (राहत) राशि वितरण हेतु जिला कलेक्टरों द्वारा कितनी-कितनी राशि की मांग शासन से की गयी? जिलेवार बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में कितनी-कितनी राशि किस-किस जिले को प्रश्नांकित दिनांक तक आवंटित की गयी है? आवंटित राशि के विरुद्ध किस-किस जिले में कितनी-कितनी राशि आहरित कर कितने-कितने किसानों को फसल नुकसानी की मुआवजा (राहत) राशि के रूप में वितरित किया गया है? जिलेवार जानकारी दें। श्योपुर जिले की जानकारी तहसील का नाम, प्रदाय राशि सहित दें? यदि नहीं, तो क्यों एवं कब तक वितरित कर दी जावेगी? (ग) क्या प्रदेश सरकार द्वारा सूखाग्रस्त जिलों में राहत पहुंचाने हेतु राशि रु. 3705.95 करोड़ का मेमोरेंडम दिनांक 02.11.2017 को केंद्र सरकार को भेजा गया है? यदि हाँ, तो उक्त दिनांक के पश्चात् और कितनी-कितनी राशि की मांग कब-कब की है एवं मांग के विरुद्ध अभी तक कितनी राशि प्रदेश शासन को केंद्र सरकार से प्राप्त हुई है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) नवीन सूखा मैन्‍युअल 2016 के अनुसार प्रदेश के 18 जिलों की 133 तहसीलों को सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। सूखाग्रस्‍त तहसीलों में नष्‍ट हुई फसलों की मुआवजा राशि हेतु सूखा घोषित जिलों से प्राप्‍त मांग एवं सूखा राहत राशि के आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नांकित दिनांक तक आवंटित राशि की उपरोक्‍तानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। सूखाग्रस्‍त जिलों में मुआवजा राशि आहरित करने की कार्यवाही प्रचलित है तथा श्‍योपुर जिले की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ, प्रदेश सरकार द्वारा सूखाग्रस्‍त जिलों में राहत पहुंचाने हेतु राशि रू. 3705.95 करोड़ का मेमोरेंडम दिनांक 02.11.2017 को केन्‍द्र सरकार को भेजा गया है। प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गए मेमोरण्‍डम के विरूद्ध भारत सरकार से अभी तक कोई राशि प्राप्‍त नहीं हुई है।

सामूहिक बलात्‍कार की घटित घटनाएं

[गृह]

16. ( *क्र. 9 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुलिस मुख्‍यालय में संधारित/उपलब्‍ध जानकारी के अनुसार माह नवम्‍बर 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में प्रदेश के किस-किस जिले के किन-किन थानों के अंतर्गत महिलाओं/बच्चियों के साथ सामूहिक बलात्‍कार किये जाने एवं हत्‍या किये जाने तथा जिंदा जलाने के प्रकरण कब-कब किन-किन के विरूद्ध पंजीबद्ध किये गये? (ख) उक्‍त पंजीबद्ध प्रकरणों में से किन-किन प्रकरणों में सभी अपराधियों की गिरफ्तारी किन-किन कारणों से नहीं हो सकी है? उनकी गिरफ्तारी हेतु क्‍या प्रयास किये जाने हैं? किन-किन प्रकरणों में पुलिस विवेचना पूर्ण की जाकर चालान माननीय न्‍यायालय में कब-कब प्रस्‍तुत किये गये हैं? अपराध क्रमांक, दिनांक सहित पूर्ण विवरण दें। (ग) क्‍या राज्‍य सरकार द्वारा 12 वर्ष से कम उम्र की बच्‍चि‍यों के साथ बलात्‍कार करने पर आरोपियों को फांसी दिये जाने का प्रावधान किये जाने हेतु विगत विधान सभा सत्र में कानून में संशोधन किया गया है? उसके बावजूद भी प्रदेश में बच्चियों के साथ सामूहिक बलात्‍कार की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है तथा बलात्‍कार करने के बाद पीड़ि‍त महिला/बच्‍ची की हत्‍या कर सबूत मिटाने का काम कर रहे हैं? यदि हाँ, तो इस हेतु सरकार ने क्‍या ठोस प्रयास किये हैं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

फोरलेन निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण

[राजस्व]

17. ( *क्र. 1688 ) श्री अनिल जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न दिनांक को प्रदेश में एन.एच. फोरलेन निर्माण किये जाने हेतु किसानों की भूमि अधिग्रहीत किये जाने के लिये कौन-कौन से अधिनियम, बिल, अध्‍यादेश प्रचलन में हैं? उनके नाम व प्रभावशीलता की तिथि स्‍पष्‍ट बतायी जाये। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार भूमि अधिग्रहण हेतु प्रचलित अधिनियम, बिल, अध्‍यादेश अनुसार प्रदेश में फोरलेन निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण करने पर किसानों को मुआवजा राशि देने हेतु प्रश्‍न दिनांक को कितनी-कितनी दरें कब से प्रभावशील हैं? भूमि वर्गवार जानकारी दी जावे। (ग) एन.एच. 76 झांसी-खजुराहो फोरलेन निर्माण हेतु विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी के किन-किन किसानों की कितनी-कितनी भूमि का अंतिम रूप से अधिग्रहण किस अधिकारी के आदेश के द्वारा कब किया गया है? विवरण सहित बतावें तथा प्रश्नांश (क) में प्रचलित अधिनियम, बिल, अध्‍यादेश क्‍या एन.एच. 76 झांसी-खजुराहो फोरलेन पर भी लागू होते हैं? यदि नहीं, तो कारण बताया जावें। (घ) विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में उक्‍त प्रश्‍नांकित फोरलेन में यदि भूमि अधिग्रहीत की गई हो तो मुआवजा राशि की क्‍या दरें निर्धारित की गई हैं? कारण सहित बतावें तथा यह भी बतावें कि इस फोरलेन में मुआवजा राशि प्रदेश में वर्तमान प्रचलित दरों पर क्‍यों नहीं दी जा रही है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) प्रदेश में एन.एच. फोरलेन निर्माण किये जाने हेतु नेशनल हाईवेज एक्‍ट 1956 प्रचलन में है, जिसकी प्रभावशीलता 15.4.1957 से है। (ख) भूमि अधिग्रहण हेतु प्रचलित अधिनियम नेशनल हाईवेज एक्‍ट 1956 के प्रावधान 3 जी के अनुसार कृषकों को मुआवजा राशि का निर्धारण सक्षम प्रधिकारी द्वारा किया जाता है। (ग) एन.एच. 76 झांसी खजुराहों फोर लेन निर्माण हेतु विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी के प्रभावित किसानों की अधिग्रहण की गई भूमि की ग्रामवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। उक्‍त ग्रामों का अवार्ड अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी निवाड़ी द्वारा किया गया है। ग्रामवार विवरण निम्‍नानुसार है :-

ग्राम का नाम

 

पारित अवार्ड का दिनांक

 

निवाडीखास

20.06.2017

निवाडीभाटा

20.06.2017

मुडारा

20.06.2017

देवेन्‍द्रपुरा

20.06.2017

नैगुवां

20.06.2017

उरदौरा

20.04.2017

घूघसीखास

20.06.2017

घूघसीग्रंट

20.04.2017

प्रतापपुरा

20.12.2017

बबेडीजंगल

20.12.2017

 

जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थि‍त नहीं होता। (घ) विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी में उक्‍त प्रश्‍नांकित फोरलेन में भूमि अधिग्रहीत की गई है, मुआवजा राशि की दर का विवरण निम्‍नानुसार है :-

 

ग्राम का नाम

निर्धारित मुआवजा की दर

सिंचित

 

असिंचित

 

निवाडीखास

406000

203000

निवाडीभाटा

380000

190000

मुडारा

406000

203000

देवेन्‍द्रपुरा

380000

190000

नैगुवां

306000

153000

उरदौरा

306000

153000

घूघसीखास

356000

178000

घूघसीग्रंट

330000

165000

प्रतापपुरा

860000

660000

बबेडीजंगल

847000

847000

 

फोरलेन में मुआवजा राशि का निर्धारण प्रदेश में अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे के निर्धारण हेतु प्रचलित अधिनियमों, निहित प्रावधानों के आधार पर किया गया है। उक्‍त ग्रामों के अवार्ड में सिर्फ अर्जित की गई भूमि के अवार्ड पारित किये गये हैं। अर्जित की गई भूमि पर स्थित‍ परिसम्‍पत्तियों, मकान, वृक्ष, कुआं, बोर बेल आदि का सत्यापन एवं सर्वे कार्य जारी है, जिसका निर्धारण शीघ्र ही किया जायेगा।

 

 

नियमों के विपरीत उप निरीक्षकों को थाना प्रभारी का प्रभार

[गृह]

18. ( *क्र. 789 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल जिले में कौन-कौन से निरीक्षक स्‍तर के थाने हैं? दिनांक 01.01.2015 से 31.12.2017 के दौरान किस नाम/पदनाम के निरीक्षक उक्‍त थानों में स्‍टेशन हाउस ऑफि‍सर या टी.आई. या नगर निरीक्षक के पद पर तैनात रहे या वर्तमान में हैं? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित थानों में एवं समयानुसार किस-किस थानों में उप निरीक्षक पद के अधिकारी/कर्मचारी को थाना प्रभारी या प्रभारी थाना प्रभारी का चार्ज दिया गया? थानावार/नाम/पदनामवार जानकारी दें जब उपनिरीक्षक प्रभारी थाना प्रभारी थे, त‍ब किस-किस नाम के इंस्‍पेक्‍टर पुलिस लाईन में पदस्‍थ रहे? प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित जानकारी दिनांकवार/माहवार/वर्षवार/समयवार दें (ग) भोपाल जिले के थाना बजरिया में प्रश्‍न तिथि तक थाना प्रभारी उप निरीक्षक हैं या निरीक्षक? उक्‍त कर्मचारी/अधिकारी किस दिनांक से उक्‍त थाने में थाना प्रभारी के रूप में पदस्‍थ हैं? उक्‍त थाना प्रभारी ने भोपाल जिला पुलिस बल में किस दिनांक से किस दिनांक तक किस थाना क्षेत्र में किस पद पर अपनी सेवायें प्रश्‍नतिथि तक दी हैं? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) (ग) में वर्णित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भोपाल जिला पु. बल में प्रश्‍नतिथि तक तीन वर्षों की लगातार सेवायें एवं कुल सेवाकाल भोपाल जिला पुलिस बल में कितना है? थानावार/समयवार/पदवार/नामवार जानकारी दें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) भोपाल जिले में कुल 36 निरीक्षक स्तर के थाने एवं इनके अतिरिक्त महिला थाना, अजाक थाना, अपराध थाना एवं यातायात थाना भी निरीक्षक स्तर के थाने हैं। दिनांक 01.01.2015 से दिनांक 31.12.2017 के दौरान उक्त थानों में पदस्थापना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ग) भोपाल जिले में थाना स्टेशन बजरिया में प्रश्नतिथि तक थाना प्रभारी उपनिरीक्षक (उप निरीक्षक श्री दिनेश प्रताप सिंह) है, जो दिनांक 11.08.2016 से थाना स्टेशन बजरिया में पदस्थ है। श्री दिनेश प्रताप सिंह दिनांक 23.08.2014 को जिला भोपाल में आमद उपरांत दिनांक 9/2014 से 8/2016 तक थाना हबीबगंज में उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत रहें हैं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार

आमला विधान सभा क्षेत्रांतर्गत संचालित नल-जल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

19. ( *क्र. 2109 ) श्री चेतराम मानेकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2008 से आज दिनांक तक आमला विधान सभा क्षेत्र में कितनी नल-जल योजनाएं स्‍वीकृत हुईं? (ख) पूर्णरूपेण संचालित नल-जल योजनाओं की सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) बंद नल-जल योजनाएं कब तक पूर्णरूपेण संचालित करा दी जायेंगी? (घ) वर्तमान में आमला विधान सभा क्षेत्र की कितनी नल-जल योजनाएं प्रस्‍तावित की गई हैं? प्रस्‍तावित योजनाएं कब तक स्‍वीकृत करा ली जायेंगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 32 नल-जल योजनाएं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। (घ) 10 नल-जल योजनाएं। निश्चित तिथि नहीं बताई जा सकती है।

परिशिष्ट - ''तीन''

शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना

[राजस्व]

20. ( *क्र. 2226 ) श्रीमती शकुन्‍तला खटीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या करेरा जिला शिवपुरी की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 1537 जो सब्‍जी मण्‍डी हेतु आवंटित की जा चुकी थी, जिस पर कुछ भू-माफियाओं द्वारा लम्‍बे समय से जबरन अतिक्रमण कर भवन निर्माण भी कर लिये गये हैं तथा इस अतिक्रमण को हटाने हेतु प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा कई बार शासन को मौखिक रूप से व पत्र क्रमांक 68/एम.एल.ए./2017 दिनांक 31.07.2017 द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व करेरा को दिया गया, परन्‍तु प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई एवं जवाब भी नहीं दिया गया? क्‍या माननीय विधायकों के पत्र का जवाब न देते हुये शासन के नियमों व माननीय विधायकों के विशेषाधिकारों का भी उल्‍लंघन किया है? (ख) यदि हाँ, तो अभी तक उपरोक्‍त भू-माफियाओं से अतिक्रमण क्‍यों नहीं हटाया गया, जबकि करेरा में तहसील एवं एस.डी.एम. के कार्यालय भी हैं व राजस्‍व विभाग के समस्‍त अमले को उपरोक्‍त अतिक्रमण की जानकारी भी है? (ग) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन राजस्‍व विभाग के भोपाल मंत्रालय के उच्‍च अधिकारियों द्वारा जाँच कराई जाकर करेरा की बेशकीमती भूमि को भू-माफियाओं से मुक्‍त कराकर उक्‍त स्‍थान में सब्‍जी मण्‍डी स्‍थापित कराई जावेगी, जिससे सब्‍जी के व्‍यापारी अपना करोबार सुचारू रूप से चला सकें? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। सब्‍जी मण्‍डी हेतु भूमि आरक्षित की गई है। अतिक्रमण हटाने हेतु माननीय विधायक का पत्र प्राप्‍त हुआ है। पत्र पर कार्यवाही कर प्रारंभिक जाँच पश्चात् न्‍यायालय तहसीलदार करेरा में अतिक्रमण हटाने हेतु प्रकरण क्रमांक 3/2017-18/अ-68 दर्ज किया गया है। जिसमें आगामी सुनवाई दिनांक 06.03.2018 को नियत है, अत: उक्‍त कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार प्रकरण में न्‍यायालयीन कार्यवाही प्रचलित है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

भोपाल, होशंगाबाद संभाग में गौ-शालाओं का संचालन

[पशुपालन]

21. ( *क्र. 2094 ) श्री आरिफ अकील : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गौ-शालाओं की गायों की खुराक हेतु शासन द्वारा राशि निर्धारित की गई है? यदि हाँ, तो एक दिन में एक गाय की खुराक के लिए कितनी राशि प्रदाय किए जाने का प्रावधान है? (ख) भोपाल, होशंगाबाद संभाग में कहाँ-कहाँ, किन-किन के संचालन में गौ-शालाएं संचालित की जा रही हैं और उनमें कितनी-कितनी गायों के लिए वित्‍तीय वर्ष 2010-11 से 2017-18 तक कितनी-कितनी राशि शासन द्वारा प्रदाय की गई? जिलेवार गौशालावार बतावें (ग) क्‍या गौ-शालाओं के अतिरिक्‍त आवारा एवं दान की गई (खुले रूप से घूमने वाली गाय) गायों की खुराक के लिए राशि आवंटित किए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो एक दिन में कितनी राशि किसको आवंटित किए जाने का प्रावधान है? भोपाल, होशंगाबाद संभाग में घूम रही आवारा गायों के लिए वित्‍तीय वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? यदि नहीं, तो इस लापरवाही के लिए कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। राशि‍ रूपये 10 प्रतिदिन प्रति गौवंश निर्धारित किया गया है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता

सोहागपुर तहसील अंतर्गत नजूल की भूमि

[राजस्व]

22. ( *क्र. 1966 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के सोहागपुर तहसील अंतर्गत राजस्‍व निरीक्षक मण्‍डल सोहागपुर नंबर 1 पटवारी हल्‍का नंबर 78 शहडोल नगर के खसरा नंबर 215/547, रकबा 0.12 एकड़ नजूल भूमि है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) हाँ तो प्रश्‍नांकित भूमि के भूमि स्‍वामी का नाम एवं पता बताया जाये। क्‍या वर्तमान में भूमि स्‍वामी का उक्‍त आराजी पर पूर्णतया कब्‍जा है, यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध करायी जाये। (ग) प्रश्‍नांकित भूमि के चारों दिशा में कौन-कौन से खसरा नबरों की भूमि लगी हुई है? भूमियों की रकबे सहित जानकारी उपलब्‍ध करायी जावे।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में कोई प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ग) वर्तमान नक्शे में ख.. 547 के दक्षिण एवं पूर्व में ख.. 391 रकबा 0.085 हे. नजूल शासकीय, उत्तर में खसरा नम्बर 385 रकबा 0.113 हे. सड़क शासकीय तथा पश्चिम में ख.. 392 रकबा 0.121 हे. शासकीय दर्ज अभिलेख है।

गैरखाते में सार्वजनिक प्रयोजन के लिए दर्ज दखल रहित भूमि

[राजस्व]

23. ( *क्र. 223 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीहोर जिले में भू-राजस्‍व संहिता 1956 की धारा 237 (1) के तहत आरक्षित कितनी-कितनी भूमि वर्तमान में किस-किस राजस्‍व अभिलेखों में दर्ज है? (ख) धारा 237 में क्‍या प्रावधान किए गए हैं? उनमें किस दिनांक को क्‍या संशोधन किए गए एवं वर्तमान में क्‍या प्रावधान हैं? (ग) धारा 237 (1) में किन-किन प्रयोजनों के लिए आरक्षित एवं राजस्‍व अभिलेखों में किन-किन मदों में दर्ज जमीनों को निजी उद्योगों, निजी परियोजनाओं, निजी संगठनों एवं निजी संस्‍थाओं को किन-किन कार्यों के लिए आवंटित किए जाने का भू-राजस्‍व संहिता 1959 की किस धारा में क्‍या प्रावधान है? (घ) यदि प्रावधान नहीं हैं, तो इन भूमियों को निजी उद्योगों, निजी परियोजना, निजी संगठन एवं निजी संस्‍थाओं को आवंटित करने का क्‍या कारण है? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार हैं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सीहोर जिले में भू राजस्‍व संहिता 1956 की धारा 237 (1) के तहत आरक्षित भूमि वर्तमान में (2016-2017) निम्‍नलिखित अभिलेखों में दर्ज है :-

मद

अमराई अन्‍य फल उद्ययान

आबादी

बड़े झाड़ का जंगल

छोटे झाड़ का जंगल

पानी के अन्‍तर्गत

पहाड़ों व चट्टान

 

सड़क तथा इमारतों के अंतर्गत

क्षेत्रफल हे.मे.

8.0

4456.00

8806.00

2863.7

18432.00

7850.00

13965.00

 

(ख) धारा 237 का प्रावधान एवं संशोधन का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) भू-राजस्‍व संहिता में धारा 237 (1) की भूमियों को निजी उद्योगों, निजी परियोजनाओं, निजी संगठनों एवं निजी संस्‍थाओं के लिए प्रावधान नहीं है। (घ) शासकीय भूमियां समय-समय पर विभिन्‍न शासकीय परिपत्रों के तहत आंवटित की जाती हैं शेष प्रश्‍न उदभूत नहीं होता।

बसों के संचालन हेतु फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने के नियम

[परिवहन]

24. ( *क्र. 2245 ) श्री जितू पटवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्‍कूल/यात्री बसों के संचालन हेतु फिटनेस प्रमाण पत्र किन-किन शर्तों व नियमों के तहत दिया जाता है? नियमों की जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) 15 वर्षों से पुरानी बसों के संचालन हेतु क्‍या नियम हैं? नियम की प्रति देवें व इन्‍दौर जिले में संचालित कितनी बसें हैं जो 15 वर्ष पुरानी हैं, किन्‍तु स्‍कूलों/यात्रियों के परिवहन में लगी हैं? (ग) दिनांक 01.01.2017 से प्रश्‍न दिनांक तक इन्‍दौर, उज्‍जैन संभाग में ओवर लोडिंग तेज रफ्तार/15 वर्ष पुरानी बसों पर शासन ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की व कितनी बसों के फिटनेस निरस्‍त किये गये? जिलेवार, वाहनवार जानकारी देवें। (घ) इन्‍दौर में DPS स्कूल की बस दुर्घटना की शासन द्वारा की गई जाँच की रिपोर्ट उपलब्‍ध करायें व दुर्घटना के लिए कौन जिम्‍मेदार था और उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? अवगत करावें। (ड.) प्रदेश में इस तरह की दुर्घटना यात्री बसों/स्‍कूल/कॉलेज बसों में नहीं हो, इसके लिए शासन क्‍या प्रयास करने जा रहा है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 56, केन्‍द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 62 एवं मध्‍यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम 48 में विहित प्रावधानों के अनुसार परिवहन यानों के संचालन हेतु फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है। इसके अतिरिक्‍त शैक्षणिक संस्‍थान वाहनों के रूप में पंजीकृत परिवहन यानों को फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा जारी गाईड लाईन का पालन भी किया जा रहा है। आदेश/नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) 15 वर्षों से पुरानी बसों के संचालन के संबंध में विभागीय अधिसूचना दिनांक 24.11.2010 द्वारा मध्‍यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के नियम-77 में संशोधन किया गया है। शैक्षणिक संस्‍था बसों के संचालन के संबंध में विभागीय परिपत्र क्रमांक एफ 22-12/2011, दिनांक 14.07.2012 द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं, जिनकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'बी' अनुसार है। इंदौर जिले में 813 बसें 15 वर्ष पुरानी हैं। (ग) वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'सी' एवं 'डी' अनुसार है। (घ) इन्‍दौर में DPS स्कूल की बस दुर्घटना की जाँच रिपोर्ट की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। गृह विभाग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार दुर्घटना के लिये प्रकरण में जिम्‍मेदार चालक राहुल पिता रामलाल सिसोदिया उम्र 30 साल, निवासी ग्राम कनाडिया की घटना दिनांक को ही मृत्‍यु हो गई है तथा घटना में अन्‍य जिम्‍मेदार व्‍यक्ति 01 नीर‍ज पिता स्‍व. भावानी शंकर अग्निहोत्री उम्र 45 साल, निवासी 104 बी स्‍कीम नं. 103, केशरबाग रोड, इंदौर 2. जलज पिता शंकर, उम्र 28 साल, निवासी गली नं. 5, अनिल नगर बर्फानीधाम इंदौर 3. चेतन पिता रघुवीर कुमावत, उम्र 56 साल, निवासी 218 सुदामा नगर, इंदौर एवं डी.पी.एस स्‍कूल प्रचार्य सुदर्शन सोनार पिता डॉ. मिट्ठूलाल सोनार, उम्र 51 साल, निवासी डी 34 अपोलो डीबी सिटी निपानिया को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण विवेचनाधीन है। (ड.) प्रदेश में यात्री बसों एवं स्‍कूल कॉलेज बसों में इस तरह की दुर्घटना की पुनरावृत्ति न हो उसे रोकने हेतु विभागीय परिपत्र क्रमांक 157/128/2018/आठ, दिनांक 17.01.2018 द्वारा सर्व संबंधितों को निर्देशित कर दिया गया है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एफ' अनुसार है।

सिहोरा में नवीन आई.टी.आई. की स्‍थापना

[तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार]

25. ( *क्र. 100 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर मा. मंत्री जी द्वारा पत्र क्रमांक 2616, दिनांक 06.09.2017 को संचालक कौशल विकास को सिहोरा में नवीन आई.टी.आई. खोले जाने के निर्देश दिये गये थे? (ख) औद्योगिक क्षेत्र सिहोरा में प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत को देखते हुये नवीन आई.टी.आई. वर्ष 2018-19 में कब तक प्रारंभ कर दी जावेगी तथा कौन-कौन से व्‍यवसाय का प्रशिक्षण उपलब्‍ध हो सकेगा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी हाँ। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 

 






Top of Form

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


कर्ज से तंग आकर किसानों द्वारा आत्‍महत्‍या किया जाना

[गृह]

1. ( क्र. 10 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुलिस मुख्‍यालय में संधारित/उपलब्‍ध जानकारी के अनुसार प्रदेश में 01 अप्रैल 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में किस-किस जिले में कितने-कितने किसानों/मजदूरों ने फसल के खराब हो जाने/कर्ज आदि के कारण आत्‍महत्‍याएं कर ली हैं? जिलेवार ब्‍यौरा दें। (ख) क्‍या प्रदेश में कर्ज आदि के कारण किसानों द्वारा आत्‍महत्‍या किये जाने के मामलों में वृद्धि हो रही है? यदि नहीं, तो किन कारणों से किसान आत्‍महत्‍या कर रहे हैं? (ग) क्‍या माह जनवरी 2018 में टीकमगढ़ जिले के बलदेवगढ़ विकासखण्‍ड के ग्राम बाबाखेड़ा में किसान हजारी आदिवासी ने घर के आंगन में लगे पेड़ पर आत्‍महत्‍या कर ली? क्‍या आत्‍महत्‍या से पहले किसान ने दीवार पर कर्ज का हिसाब लिखा था? इसी तरह से नीमच जिले के मनासा विकासखण्‍ड के अल्‍हेड़ गांव के विनोद पाटीदार उम्र 34 वर्ष ने साहूकारों के कर्ज़ व प्रताड़ना से तंग आकर जहर खाकर आत्‍महत्‍या कर ली? आत्‍महत्‍या के पूर्व एक वीडियो में मृत किसान ने साहूकारों के द्वारा कर्ज के कारण परेशान करने आदि की बात कही थी तथा कर्ज से परेशान होकर प्रधानमंत्री कार्यालय से इच्‍छा मृत्‍यु की भी गुहार लगाई थी? (घ) यदि हाँ, तो इन दोनों प्रकरणों में पुलिस द्वारा किन-किन धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर किन-किन के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई तथा मृतक किसान के परिजन को राज्‍य शासन द्वारा क्‍या-क्‍या सहायता उपलब्‍ध करायी गई?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

ऑनलाईन खसरा खतौनी नकल

[राजस्व]

2. ( क्र. 73 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में किसानों को खसरा खतौनी की नकल ऑनलाईन मिल रही है? क्‍या इसमें किसानों को हो रही कठिनाइयों की शिकायतें विभाग को प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो उन कठिनाइयों को दूर करने के लिये विभाग द्वारा क्‍या कदम उठाये जा रहे हैं? (ख) क्‍या किसानों के रकबे में अंतर आ रहा है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। वर्तमान में भू-अभिलेख प्रतिलिपियों का प्रदाय NIC सॉफ्टवेयर से किया जा रहा है। (ख) वर्तमान में सभी जिलों में एन.आई.सी. सॉफ्टवेयर से अभिलेख अद्यतन किया जा रहा है। अत : शेष प्रश्‍‍‍न उपस्थित नहीं होता।

आवासीय पट्टे की स्‍वीकृति

[राजस्व]

3. ( क्र. 75 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्यारसपुर, त्योंदा, बासौदा तहसील अन्तर्गत कुल कितने राजस्व ग्राम है और कितने वन ग्राम हैं? क्या दखल रहित म.प्र.शासन की भूमि पर आबादी बनाकर भूमिहीन व्यक्ति जो पुश्तैनी से काबिज है, उन्हें आवासीय पट्टा देने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2015, 2016 एवं 2017 में प्रश्नकर्ता द्वारा किन-किन ग्रामों के आवासीय भूमिहीन व्यक्तियों को आवासीय पट्टा वितरित किये जाने की मांग की गई? (ग) उक्त मांग पर पात्र व्यक्तियों को आवासीय पट्टा वितरण किया गया है या नहीं? यदि हाँ, तो जानकारी देवें कि किन-किन व्यक्तियों को पट्टा स्वीकृत किया गया है? यदि नहीं, तो क्या कारण रहा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) ग्यारसपुर, त्योंदा, बासौदा, अंतर्गत राजस्‍व व वन ग्राम निम्‍नानुसार है :-

क्र

तहसील

राजस्व ग्राम

वनग्राम

1.

ग्यारसपुर

128

0

2.

त्योंदा

101

1

3.

बासौदा

186

0

कुल

415

1

 
जी हाँ, मध्‍यप्रदेश ग्रामों के दखल रहित भूमि (विशेष उपबंध) अधि 1970 के तहत आवासीय पट्टा देने के प्रावधान है (ख) (1) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्र. 4751 दिनांक 10.10.2016 द्वारा ग्राम पंचायत पचपीपरा के ग्राम हांसुआ में आवास योजना की आबादी घोषित करने बावत।
(2)
प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्र. 4757 दिनांक 16.11.2016 द्वारा ग्राम भिदवासन में अनुसूचित जाति वर्ग आवेदक श्री रामा पुत्र खुमान अहिरवार को पट्टा स्वीकृत करने की मांग की गयी थी।
(3)
प्रश्‍नकर्ता के पत्र दिनांक 22.10.2016 से ग्राम पंचायत आकाडोडा के ग्राम डबरी के आदिवासी को सर्वे कराकर पट्टे स्वीकृत करने हेतु लिखा गया था। (ग) (1) ग्राम पंचायत पचपीपरा के ग्राम हांसुआ में 2 प्रतिशत से अधिक चरनोई भूमि का रकबा न होने से आबादी घोषित नहीं की गई है एवं पट्टा वितरण नहीं किया जा सका। (2) आवेदक का ग्राम भिदवासन में एक मकान निजी भूमि में एवं एक मकान शासकीय सुरक्षित चरनोई मद में होने से आवेदक को पट्टे की पात्रता नहीं होने से पट्टा नहीं दिया जा सका। (3) सचिव ग्राम पंचायत आकाडोडा द्वारा प्रस्तुत जानकारी अनुसार उक्त पत्र में उल्लेखित मांग पर ग्राम पंचायत आकाडोडा द्वारा धन्नू को छोड़ श्री उमराव, गुलाब, रामदयाल, रूपसिंह एवं अमरसिंह को आवासीय पट्टे जारी कर दिए गए हैं।

गंजबासौदा को जिला घोषित करना

[राजस्व]

4. ( क्र. 76 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विदिशा जिले के विकासखंड गंजबासौदा के निवासी पिछले 20 वर्षों से गंजबासौदा के चतुर्मुखी विकास की संभावना को देखते हुये क्षेत्र के नागरिक, संगठनों द्वारा जिला बनाने की मांग निरन्तर करते आ रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्तर हाँ तो किस-किस के द्वारा जिला बनाने की मांग की गई? मांग/ज्ञापन पत्रों की प्रति उपलब्ध करावें? (ग) उक्त मांग पर जिला प्रशासन द्वारा प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है या नहीं? यदि हाँ, तो प्रस्ताव की प्रति उपलब्ध करावें, यदि नहीं, तो क्यों? (घ) क्या गंजबासौदा भौगोलिक, जनसंख्या, राजस्व-आय की दृष्टि से जिला बनने की श्रेणी में आता है? यदि हाँ, तो जिला बनाने की घोषणा कब तक की जावेगी? यदि नहीं, तो क्यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ग) जी नहीं। प्रस्ताव अपेक्षित है। (घ) प्रस्ताव प्राप्त होने पर परीक्षण किया जा सकेगा। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

नानाजी देशमुख चिकित्‍सा महाविद्यालय हेतु विधायक के चयन

[पशुपालन]

5. ( क्र. 85 ) श्री लखन पटेल : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पिछले सत्र में नानाजी देशमुख चिकित्‍सा महाविद्यालय की समिति हेतु विधायक का चयन कर विधानसभा में पत्र/प्रस्‍ताव भेजा गया था। (ख) क्‍या उक्‍त चयन अनुसार विभाग से नियुक्ति के आदेश हो गये थे? यदि नहीं, तो आदेश कब तक होगें? (ग) यदि आदेश होने में विलम्‍ब हुआ तो इसका दोषी कौन है और इसके विरूद्ध कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, माननीय मुख्यमंत्री जी के अनुमोदन उपरांत प्रस्ताव माननीय राज्यपाल महोदय को आगामी कार्यवाही हेतु भेजा गया है। (ग) प्रश्नांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

बंद नल-जल योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

6. ( क्र. 91 ) श्री लखन पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र पथरिया में कितनी नल-जल योजनाएं (सभी मदों की) हैं इनमें से कितनी नल-जल योजनाएं चालू हैं व कितनी बंद हैं? बंद होने का कारण स्‍पष्‍ट बतावें? (ख) बंद नल-जल योजनाओं को चालू कराने हेतु आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्य कहाँ-कहाँ कराये गये? ग्राम पंचायतवार बतायें। क्‍या वर्ष 2016-172017-18 में बंद पड़ी नल जल योजनाओं को चालू कराने हेतु राशि उपलब्‍ध करायी गई? यदि हाँ, तो कितनी व उस राशि से कितनी नल-जल योजनाओं का सुधार हुआ व क्‍या-क्‍या कार्य कराया गया? क्‍या ये नल-जल योजनाएं सुचारू रूप से चालू हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी चालू है? ग्राम पं./ग्रामवार बतावें। (ग) क्‍या बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को आगामी ग्रीष्‍म काल को देखते हुए चालू कराने हेतु विभाग द्वारा कोई योजना बनायी गई है? यदि हाँ, तो क्‍या योजना है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 89 नल-जल योजनाएं। 76 चालू एवं 13 बंद हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। जी हाँ, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 एवं 3 अनुसार है। (ग) जी हाँ। बंद नल-जल योजनाएं यथाशीघ्र चालू की जा सके इस हेतु शासन द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित की है जिसे रु. 20.00 लाख तक के स्वीकृति के अधिकार सौपें गये हैं।

अवैध कब्‍जाधारियों को हटाये जाना

[राजस्व]

7. ( क्र. 101 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिहोरा विकासखण्‍ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत टिकरिया पुरानी के अधीन बरनू तिराहा के पास किवलारीहार ख.नं. 85/2 भूमि किसके नाम पर हैं? प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) भूमि में वास्‍तविक भूमि स्‍वामी के अतिरिक्‍त किन-किन लोगों ने कब्‍जा कर रखा है? अवैध रूप से किये गये कब्‍जे को अभी तक क्‍यों नहीं हटाया गया? कब्‍जाधारियों से भूमि को मुक्‍त कराकर वास्‍तविक भू-स्‍वामी को कब तक भूमि सौंप दी जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिले के सिहोरा विकासखण्‍ड के अंतर्गत ग्राम पंचायत टिकरिया पुरानी के अधीन बरनू तिराहा के पास किवलारीहार ख.नं. 85/2 पूरन सिंह वल्द डुमारी सिंह जाति मरावी साकिन छपरा तहसील कुण्डम भूमि स्वामी के नाम दर्ज है। प्रति संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ख) प्रश्नांश ' भूमि में वास्तविक भूमि स्वामी के अतिरिक्त मोहम्‍मद कलीम पिता मुहम्‍मद असरफ सा. गोसलपुर एवं राजेश पिता रामनाथ पटेल सा. केवलारी एवं संभव जैन पिता चेतराम जैन निवासी ग्राम किवलारी ने कब्‍जा कर रखा है। इन कब्जाधारियों को हटाये जाने के आदेश के विरूद अनावेदक गणों द्वारा न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सिहोरा के न्यायालय में अपीलीय प्रकरण विचाराधीन होने से अवैध कब्जाधारियों से भूमि को मुक्त नहीं कराया जा सका है। प्रकरण के निराकरण पश्चात आदेश का पालन सुनिश्चित किया जायेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चार''

बंद नल-जल योजनाओं की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

8. ( क्र. 139 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) हटा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन ग्रामों में नल-जल योजनाएं हैं एवं चालू या बंद किस स्थिति में हैं? (ख) क्‍या वहां 75% नल जल योजनाएं बंद पड़ी है तथा वहां सूखे की स्थिति है? क्‍या नल-जल योजनाएं सुधरवायी जाएंगी एवं युद्ध स्‍तर पर सुधार कार्य कराया जावेंगे?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, सूखे की स्थिति निर्मित होने के उपरांत भी मात्र 13 प्रतिशत ही बंद हैं। बंद नल-जल योजनाओं में विभाग तथा कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति के माध्यम से स्वीकृति उपरांत सुधार कार्य कराये जा रहे हैं।

परिशिष्ट - ''पाँच''

जिला दमोह के हटा नगर में निष्‍क्रान्ति भूमि

[राजस्व]

9. ( क्र. 140 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह के हटा नगर के मध्‍य में (कंसोडियम प्रापर्टी) निष्‍क्रान्ति भूमि कितनी है? खसरा नक्‍शा सहित उपलब्‍ध करावें। (ख) उक्‍त भूमि पर अतिक्रमण किन-किन व्‍यक्तियों के द्वारा किया गया? क्‍या यह अतिक्रमण हटाया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला दमोह के हटा नगर में निष्‍क्रान्त भूमि खसरा नंबर 272/1, 278/1 रकबा क्रमशः 0.862, 0.258 कुल 1.120 हे. है। खसरा, नक्शा की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) उक्त भूमि पर 52 व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब पर है। नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी।

खाद्यान्‍न पर्ची से वंचित एस.सी. एवं एस.टी. परिवार

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

10. ( क्र. 189 ) श्री दिनेश कुमार अहिरवार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला टीकमगढ़ के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्‍न पर्ची वितरण का क्‍या आधार है? विधानसभा क्षेत्र जतारा के जनपद-जतारा, जनपद पलेरा में वर्ष 2014 से 2017 तक जिला खाद्य अधिकारी द्वारा कितनी खाद्यान्‍न पर्ची जारी की गई? (ख) म.प्र. शासन के आदेश अनुसार एस.सी., एस.टी. परिवारों को जाति प्रमाण पत्र के आधार पर खाद्यान्‍न पर्ची जारी करने के आदेश हैं, तो वर्ष 2014 से 2017 तक कितने एस.सी., एस.टी. परिवारों को कितनी खाद्यान्‍न पर्ची जारी की गई? (ग) अगर एस.सी., एस.टी. परिवारों को खाद्यान्‍न पर्ची जारी की गई तो ऐसे 10% परिवार आज भी खाद्यान्‍न पर्ची से वंचित क्‍यों है? 10% शेष रह गये परिवारों को खाद्यान्‍न पर्ची कब तक जारी होगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (‍क) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की धारा-3 के अंतर्गत प्रदेश हेतु निर्धारित सीमा जनगणना-2011 की अनुसार 75 प्रतिशत आबादी को पात्र हितग्राहियों के रूप में चिन्‍हांकित कर लाभांवित किया जा सकता है। अधिनियम अंतर्गत राज्‍य के लिए हितग्राहियों की अधिकतम सीमा निर्धारित है। इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने का प्रावधान अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत न होने के कारण शेष आवेदकों की पात्रता नहीं बनती है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से हितग्राही की मृत्‍यु होने, विवाह होने से, अन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्राही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। तदनुसार नवीन पात्रता पर्ची निर्धारित सीमा में जारी की जाती है। विधानसभा क्षेत्र जतारा के जनपद जतारा में अप्रैल, 2014 की स्थिति में 28,771 पात्रतापर्ची धारी थे, जो बढ़कर दिसम्‍बर, 2017 में 36,787 हो गये। इसी प्रकार जनपद पलेरा में अप्रैल, 2014 की स्थिति में 21,305 पात्रता पर्चीधारी थे, जो बढ़कर दिसम्‍बर, 2017 में 31,261 हो गये। (ख) जी हाँ। टीकमगढ़ जिले में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी अंतर्गत कुल 35717 परिवारो को पात्रता पर्ची जारी की गयी है। इसके अतिरिक्‍त अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी के परिवारो को अन्‍य 23 श्रेणियों में भी सत्‍यापित किया जाकर पात्रता पर्ची जारी की गई है। (ग) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति श्रेणी के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय अधिकारी/कर्मचारी तथा आयकरदाताओं को पात्रता पर्ची जारी नहीं की जाती है। टीकमगढ़ जिले में माह जनवरी 2018 तक अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति श्रेणी अंतर्गत सत्‍यापित सभी परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की जा चुकी है। पात्र परिवारों का सत्‍यापन, उन्‍हें पात्रता पर्ची जारी करना एवं अपात्र परिवारों का विलोपन एक सतत् प्रक्रिया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों से घासलेट का विक्रय

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

11. ( क्र. 224 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश शासन द्वारा शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों से घासलेट का तेल (केरोसीन) विक्रय किया जाता है? यदि हाँ, तो किन-किन वर्ग के उपभोक्‍ताओं को कितनी-कितनी मात्रा में प्रतिमाह प्रदान किया जाता है? (ख) क्‍या शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों से सामान्‍य स्‍तर के उपभोक्‍ताओं को भी घासलेट का तेल विक्रय किया जाता है? यदि हाँ, तो प्रतिमाह कितना? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या सीहोर जिले में फ्री-सेल घासलेट विक्रय किया जाता है? यदि हाँ, तो किन-किन स्‍थानों पर प्रतिमाह कितना-कितना घासलेट विक्रय किया जाता है? विगत एक वर्ष के दौरान विक्रय का माहवार, स्‍थानवार उपभोक्‍ताओं का ब्‍यौरा दें। (घ) क्‍या शासन द्वारा शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों के माध्‍यम से अन्‍य उपभोक्‍ता सामग्रियों का विक्रय कराने की योजना है? यदि हाँ, तो ब्‍यौरा दें? यदि नहीं, तो कब तक क्रियान्‍वयन की योजना है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। अंत्‍योदय एवं प्राथमिकता परिवार के उपभोक्‍ताओं को केरोसीन प्रतिमाह क्रमश: 5 लीटर एवं 2 लीटर प्रति परिवार के मान से प्रदाय किया जा रहा है। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर में उल्‍लेखित हितग्राहियों के अतिरिक्‍त अन्‍य किसी को केरोसीन प्रदाय नहीं किया जाता है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत चिन्हित पात्र परिवारों को ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली का केरोसीन वितरित किया जाता है। (ग) जी नहीं। वर्तमान में गैर पी.डी.एस. केरोसीन का वितरण सीहोर जिले में नहीं हो रहा है। दिसम्‍बर-2014 में सीहोर जिले में 12 के.एल. गैर पी.डी.एस. केरोसीन का उठाव सीहोर एवं आष्‍टा के थोक विक्रेताओं के द्वारा किया गया था। जिसका तत्‍समय विक्रय मूल्‍य 60.50 से 61 रूपये तक प्रति लीटर निर्धारित किया गया था। भारत सरकार के द्वारा 19 जनवरी 2015 को केरोसीन (उपयोग पर निर्बंधन और अधिकतम कीमत नियतन) आदेश, 1993 में संशोधन कर समानान्‍तर विपणनकर्ता और केरोसीन के थोक व्‍यापारियों को गैर पी.डी.एस. केरोसीन की आपूर्ति क्रियाकलाप, विपणन, व्‍यवसाय या वाणिज्‍य को उपरोक्‍त नियंत्रण आदेश के उपबंधों से छूट दी गई है। वर्तमान में कोई भी समानान्‍तर विपणनकर्ता जो केरोसीन (उपयोग पर निर्बंधन और अधिकतम कीमत नियतन) आदेश, 1993 के उपबंधों का पालन कर रहे हैं एवं सरकारी तेल कंपनी द्वारा नियुक्‍त किए गये थोक व्‍यापारी मध्‍यप्रदेश केरोसीन व्‍यापारी अनुज्ञापन आदेश, 1979 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति प्राप्‍त कर गैर पी.डी.एस. केरोसीन का व्‍यापार कर सकते हैं। (घ) वर्तमान में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा के अधीन गेहूं, चावल के अतिरिक्‍त नमक, उपलब्‍धता के आधार पर मोटा अनाज, ज्‍वार/बाजरा एवं मिट्टी का तेल का ही वितरण किया जा रहा है।

4-जी पी.ओ.एस. मशीन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

12. ( क्र. 245 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जबलपुर जिले में पी.ओ.एस. मशीन में 2जी सिम चल रही है? (ख) क्‍या 2जी सिम होने के कारण स्‍पीड कम मिलती है? जिससे उपभोक्‍ताओं को खाद्यान्‍न पर्ची के लिये अधिक इंतजार करना पड़ता है? (ग) क्‍या शासन हाईस्‍पीड व्‍यवस्‍था हेतु 4जी पी.ओ.एस. मशीन उपलब्‍ध करायेगा? (घ) यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। (ख) डाटा का साईज अत्‍यन्‍त कम होने से 2जी सिम से सर्वर पर डाटा भेजे जाने में स्‍पीड पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) पी.ओ.एस. मशीन में सभी जनरेशन की सिम लगाए जाने की व्‍यवस्‍था है। प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में 4जी सिम लगाने की आवश्‍यकता प्रतीत नहीं होती। (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सोलर पम्‍प स्‍थापित करना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

13. ( क्र. 274 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भारत सरकार से मध्‍यप्रदेश को कितने सोलर पम्‍प स्‍थापित करने के लक्ष्‍य पर सहमति किस दिनांक को प्रदान की गई? (ख) संपूर्ण म.प्र. में वॉटर सप्‍लाई हेतु कितने सोलर पम्‍प स्‍वीकृत हुये हैं? किस-किस जिले में सोलर पम्‍प पर कार्य प्रारंभ किया गया है? शेष जिलों में कब तक सोलर पम्‍प का कार्य प्रारंभ किया जावेगा? (ग) एक सोलर पम्‍प स्‍थापित करने में लगभग कितनी राशि खर्च की जायेगी एवं सोलर पम्‍प के साथ-साथ इस प्रोजेक्‍ट में क्‍या-क्‍या कार्य सम्मिलित किये गये हैं? (घ) ग्‍वालियर जिले में कितने सोलर पम्‍प स्‍वीकृत किये गये हैं? किस-किस गांव एवं किस-किस स्‍थान में? सोलर पम्‍प स्‍थापित करने हेतु क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किये गये हैं?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) भारत सरकार के सहमति पत्र दिनांक 17.09.2012 तथा स्वीकृति आदेश दिनांक 28.03.2013,24.03.2015 एवं 30.03.2015 तथा पत्र दिनांक 14.10.2014 से कुल 2,903 सोलर पंप के लक्ष्य प्राप्त। (ख) भारत सरकार द्वारा कुल 2,903 सोलर पंप स्वीकृत। सभी जिलों में कार्य किए गए हैं। वर्ष 2017-18 हेतु जारी लक्ष्यों के अनुरूप डी.पी.आर. तैयार कराने की कार्यवाही की जा रही है, निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है। (ग) एक सोलर पम्प योजना पर नवीन मापदंडानुसार अनुमानित खर्च रू. 10.00 लाख। सोलर पंप आधारित योजना की डी.पी.आर. स्वीकृत होने पर वास्तविक लागत राशि का आंकलन किया जा सकेगा। सोलर पंप के साथ पंपिंग मेन, भण्डारण हेतु टंकी, टंकी स्थापना हेतु स्टेजिंग, जल वितरण नलिकाओं आदि आवश्यक कार्य किये जावेंगे। (घ) भारत सरकार द्वारा प्रदेश को दिये गये लक्ष्य के विरूद्ध ग्वालियर जिले को 55 सोलर पंप आधारित योजनाओं का लक्ष्य दिया गया है। स्थापना हेतु स्थल निर्धारण प्रक्रियाधीन है। सोलर पंप आधारित नल-जल योजना के क्रियान्वयन हेतु निर्धारित दिशा-निर्देश जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।


गोदामों से खाद्यान्‍न वितरण में की जा रही अनियमितता

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

14. ( क्र. 284 ) श्री तरूण भनोत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माह दिसम्‍बर 2017 में कलेक्‍टर जबलपुर द्वारा खाद्य आपूर्ति मामले से संबंधित बैठक में नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि राशन उठाव के मामलों में गंभीरता बरतते हुये इस कार्य को तेजी से पूर्ण करने के साथ-‍साथ अधिकारी प्रत्‍येक माह राशन दुकानों पर समय-सीमा के भीतर अनाज पहुँचाने की व्‍यवस्‍था करें? (ख) यदि वर्णित (क) सही तो क्‍या राशन वितरण के लिये जिला प्रशासन द्वारा तय की गई समय-सीमा पूर्ण होने के पश्‍चात् जबलपुर जिले की सैकड़ों दुकानें ऐसी हैं जहां प्रश्‍न दिनांक तक अनाज पहुँच नहीं पा रहा है? (ग) क्‍या शासन के नियमानुसार अगले माह बांटे जाने वाले राशन की सप्‍लाई एक माह पूर्व माह की 15 से 25 तारीख के बीच करनी होती है अर्थात् फरवरी माह में बांटे जाने वाले राशन की सप्‍लाई जनवरी की 15 से 25 तारीख के बीच करने के नियम हैं? (घ) यदि वर्णित (क), (ख), (ग) सत्‍य तो जबलपुर में गोदामों से राशन उठवाकर राशन दुकानों तक पहुँचाने की लचर व्‍यवस्‍था के दोषी अधिकारियों पर शासन क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। जबलपुर जिले में खाद्यान्‍न का उठाव यु‍क्तियुक्‍त एवं तकनीकी कारणों से निर्धारित तिथि तक नहीं होने के कारण 3.1.2018 तक खाद्यान्‍न उठाव की ति‍थि में वृद्धि की गई थी। (ग) मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कंडिका 12 (3) अनुसार आगामी माह के राशन सामग्री का प्रदाय पूर्ववर्ती माह की अंतिम तारीख तक करने का नियम है। फिर भी राशन सामग्री को जल्‍दी पहुँचाने हेतु पूर्व माह की 15 से 25 तारीख के बीच राशन सामग्री पहुँचाने के निर्देश दिये गए हैं। (घ) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में निर्धारित तिथि तक सामग्री पहुँचाए जाने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पीड़ि‍तों को पट्टा प्रदाय में विषमता

[राजस्व]

15. ( क्र. 285 ) श्री तरूण भनोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2011 में मेडिकल कॉलेज जबलपुर के समीप बालसागर निवासियों को जिला प्रशासन द्वारा विस्‍थापित कर शांतिनगर परसवारा महाराणा प्रताप वार्ड में बसाया था एवं क्‍या शांतिनगर परसवारा क्षेत्र का पट्टा प्रदाय हेतु सर्वे करवाया जाकर पीड़ितों को पर्ची भी प्रदाय की गई है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या जिन गरीब पीड़ि‍तों को स्‍थापित क्षेत्र में पट्टा प्रदाय किया था वहां शासकीय शाला भवन निर्मित किया गया है जबकि उक्‍त पट्टे के आधार पर पीड़ि‍त द्वारा समस्‍त प्रकार के टैक्‍सों का भुगतान किया जा रहा है? पूर्ण जानकारी दी जावें। (ग) क्‍या महाराणा प्रताप वार्ड स्थित शांतिनगर, परसवारा क्षेत्र के अनेक पीड़ितों को आज दिनांक तक पट्टा प्रदाय हेतु सर्वे के उपरांत भी पट्टा प्रदाय नहीं किया गया है? (घ) यदि वर्णित (क) एवं (ग) सही है तो जिला प्रशासन द्वारा इस तरह की विषमताओं को कैसे पृथक करेगा व गरीब पीड़ित नागरिकों को कैसे राहत प्रदान करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) उत्‍तराशं '''' में उल्‍लेखानुसार जिन गरीब पीड़ि‍तों को स्‍थापित क्षेत्र में पट्टा प्रदाय किया गया था वहां उपलब्ध अन्य शासकीय भूमि पर नगर निगम द्वारा गरीब पीड़ि‍तों विस्थापित परिवार के बच्चों के पढ़ाई हेतु शासकीय नवीन प्राथमिक पाठशाला बाल सागर (परसवारा) भवन का निर्माण किया गया है। (ग) जी नहीं। सर्वे उपरांत म.प्र. के भूमिहीन व्यक्तियों को (पट्टा धृति अधिकारों का प्रदान किया जाना) अधिनियम 1984 यथा संशोधित के अनुसार 31 दिसम्बर 2014 तक की स्थिति में पात्र पायेगये सभी व्यक्तियों को नियमानुसार पट्टा प्रदाय किया गया है। (घ) विषमता परिलक्षित नहीं है। स्थल पर निवासरत व्यक्तियों को शासन के नियमानुसार पट्टा प्रदाय किया गया है।

खसरा नं. विलोपित होने एवं राजस्‍व रिकार्ड से भूमि कम होने की जाँच

[राजस्व]

16. ( क्र. 303 ) श्रीमती प्रतिभा सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्र. 1619 दि. 29.11.17 के उत्‍तर (क) एवं (ख) में बताया था कि जबलपुर नगर के ग्राम लक्ष्‍मीपुर नं. बं. 643 हे. ने 25/31 स्थित ख.नं. 223/1क वर्तमान सर्वे कं. 223/8 का रकबा 1.817 हे. से कम होकर 1.637 हे. होने एवं ख.नं. 223/1क विलोपित होने की जाँच अनु.अधि. (रा.) कोतवाली से करायी जा रही है एवं जाँच अनुसार कार्यवाही की जावेगी? तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त प्रकरण की जाँच करा ली गयी है? जाँच में खसरा की गुम भूमि 0.18 हेक्‍टेयर कहाँ गयी एवं विलोपित ख.न. विलोपित क्‍यों किया गया? रकबे से गुम हुयी 0.18 हे. भू‍मि कब तक वापस दर्ज की जावेगी? अनु.अधि. की जाँच रिपोर्ट की प्रति दें। प्रकरण में कौन-कौन दोषी है? (ख) उपरोक्‍त ख.नं. 223/1 क वर्तमान सर्वे क्र. 223/8 एवं 225 की शास.शिक्षक कर्म. के नाम दर्ज 1.817 हे. भूमि का नक्‍शे में बटान/सीमा कब तक दर्ज की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। शासकीय शिक्षक कर्मचारी सहकारी गृह निर्माण समिति के नाम दर्ज कुल खसरा नम्बरों का रकबा वर्ष 1983-84 में रकबा 1.822 हे. अभिलेख में दर्ज है। खसरा नं. 223/1/क का रकबा वर्ष 1983-84 में 0.169 हे. था, जिसमें से संस्था के द्वारा वर्गफिट में विक्रय किये जाने के उपरांत वर्तमान बटांकों का योग करने पर रकबा पूर्ण हो जाता है। खसरा नं. 223/8 का रकबा वर्ष 1983-84 में रकबा 0.097 हे. दर्ज था तथा 2017-18 में भी 0.097 हे. दर्ज है। अतः उक्त खसरा नम्बर पर रकबा की कमी नहीं पाई जाती है। खसरा नं. 223/1/क से संस्था के द्वारा भू-खंड विक्रय किये जाने के उपरांत उक्त खसरा नम्बर के कुल 17 नवीन बटांक कायम किये जा चुके है, जिनके बटांक 223/1/क/1 से लगायत 223/1/क/13 एवं 223/29, 223/30, 223/32 तथा 223/35 है। अतः उक्त मूल खसरा नम्बर विलोपित नहीं हुआ है बल्कि, उसके बटांक उपरोक्तानुसार कायम किये गये है। जाँच में पाया गया है कि, खसरा नं. 223/12 का रकबा 0.097 हे. संस्था के नाम दर्ज था, जो कि, लिपिकीय त्रुटिवश 0.092 हे. वर्ष 1993-94 में अंकित हो गया है, जिसे तहसीलदार कोतवाली के प्रकरण क्रमांक 0018/अ-6-अ/2017-18 में पारित आदेश दिनांक 20/02/2018 में सुधार किया जाकर खसरा अद्यतन करा दिया गया है। उक्त त्रुटि लिपिकीय त्रुटि थी। अतः जाँच के उपरांत कोई दोषी नहीं पाया गया है। जाँच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उपरोक्त खसरा नम्बर एवं शासकीय शिक्षक गृह निर्माण सहकारी संस्था के नाम वर्तमान भूमि का सीमांकन जरिये प्रकरण क्रमांक 0001/अ-12/2015-16 में पारित आदेश दिनांक 21.03.2016 को किया जा चुका है। संस्था द्वारा उक्त सीमांकन के पश्चात् बटांकन एवं सीमांकन हेतु कोई आवेदन पत्र पेश नहीं किया गया है। आवेदन प्रस्‍तुत होने पर नियमानुसार बटांकन एवं सीमांकन किया जायेगा।

नल-जल योजनाओं का संधारण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

17. ( क्र. 339 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधानसभा क्षेत्र बण्‍डा में किन-किन पंचायतों में संचालित नल-जल योजनाओं को पी.एच.ई. विभाग द्वारा पंचायतों को सुपुर्दगी में दिया है? (ख) पंचायतों के माध्यम से सरपंचों एवं सचिवों के प्रमाणीकरण के आधार पर बतावें कि पी.एच.ई. विभाग द्वारा पंचायतों को सुपुर्द की गई नल-जल योजनाओं का लाभ ग्रामीण जनता को मिल रहा है या नहीं? (ग) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कौन-कौन सी नल-जल योजनाएं बंद हैं एवं चालू हैं? (घ) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत वर्ष 2017-18 में स्वीकृत नल-जल योजनाओं के निविदा उपरांत कितनी नल-जल योजनाओं के कार्य प्रारंभ किए गए हैं? यदि नहीं, तो कब तक कार्य प्रारंभ किए जाएंगे?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) कोई नवीन योजना स्वीकृत नहीं हुई है, अपितु विगत वित्तीय वर्ष 2016-17 एवं इस वित्तीय वर्ष 2017-18 में 51 जीर्णशीर्ण/बंद योजनाओं को चालू करने की स्वीकृति दी गई है, जिसके अंतर्गत निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की गई है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है।

राजस्‍व प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

18. ( क्र. 365 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक नामांतरण, फोती, बंटवारा, सीमांकन एवं बटांक के कितने प्रकरण लंबित हैं? (ख) क्‍या प्रश्‍नाधीन राजस्‍व प्ररकणों के निराकरण हेतु शासन ने कोई दिशा निर्देश जारी किए हैं? दिशा निर्देशों में जारी समय अवधि में कितने प्रकरणों का निराकरण नहीं हो पाया है? इसके लिए कौन दोषी है? (ग) क्‍या शासन निर्धारित समय-सीमा में कृषकों के लंबित नामांतरण, फोती, बंटवारा, सीमांकन एवं बटांक प्रकरणों के निपटान हेतु त्‍वरित कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सागर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत प्रश्‍नांश दिनांक तक नामांतरण एवं फौती नामांतरण के 158 प्रकरण, नक्‍शा के बटांकन के 33 प्रकरण, बंटवारा के 29 प्रकरण एवं सीमांकन का 01 प्रकरण लंबित है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन लंबित प्रकरणों के निराकरण में विलंब पक्षकारों के मध्‍य विवाद होने से, राजस्‍व प्रकरणों के तकनीकी, प्रक्रियात्मक एवं वैधा‍निक उपबंधों के परिपालन की बाध्‍यता के कारण हुआ है अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ।

पं.दीनदयाल उपाध्‍याय निर्माण पीठ श्रमिक आश्रय (शेड) की स्‍वीकृति

[श्रम]

19. ( क्र. 390 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राज्यमंत्री, श्रम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में पं.दीनदयाल उपाध्‍याय निर्माण पीठ श्रमिक आश्रय (शेड) वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16, 2016-17 में कितने शेडों की स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई? विकास खण्‍डवार जानकारी देवें? (ख) उपरोक्‍त शेडों की स्‍वीकृति के लिए विभाग द्वारा क्‍या मापदण्‍ड तय किया गया था? (ग) नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्‍ड की किसी भी पंचायत में उपरोक्‍त शेड़ स्‍वीकृत क्‍यो नहीं हुए? (घ) क्‍या नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्‍ड की वृहद ग्राम पंचायतों में उपरोक्‍त शेड स्‍वीकृति का कोई प्रस्‍ताव है? यदि है? तो जानकारी देवें।

राज्यमंत्री, श्रम ( श्री बालकृष्ण पाटीदार ) : (क) सागर जिले में पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय निर्माण पीठा श्रमिक आश्रय (शेड) योजना अंतर्गत वर्ष 2013-14, 2014-15, 2015-16, 2016-17 में किसी भी विकासखण्‍ड से कोई प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु प्राप्‍त न होने से स्‍वीकृत शेडों की संख्‍या निरंक है।
(ख) पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय निर्माण पीठा श्रमिक आश्रय (शेड) योजना के प्रावधान अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायत मुख्‍यालय अथवा ब्‍लॉक मुख्‍यालय/ग्राम पंचायत द्वारा ऐसे स्‍थानों का चयन कर, जहाँ नियमित रूप से निर्माण कार्य में कार्यरत पीठा श्रमिक कार्य की खोज में एकत्रित होते है, शेड निर्माण हेतु विस्‍तृत प्रस्‍ताव संबंधित जिले के सहायक श्रमायुक्‍त/ श्रमपदाधिकारी/सहायक श्रमपदाधिकारी को प्रेषित किया जावेगा, जिसमें स्‍थान की उपयुक्‍तता, भूमि की उपलब्‍धता, शेड का नक्‍शा एवं क्षेत्रफल तथा उसमें पेयजल व प्रसाधन जैसी सुविधाओं की व्‍यवस्‍था और निर्माण लागत तथा भविष्‍य में संधारण आदि की जान‍कारी सम्मिलित होगी यह प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर संबंधित जिले के सहायक श्रमायुक्‍त/श्रमपदाधिकारी/सहायक श्रमपदाधिकारी द्वारा परीक्षण कर वांछित अनुमति संबंधित जनपद पंचायत अथवा ब्‍लॉक मुख्‍यालय/ग्राम पंचायत को प्रेषित करने का प्रावधान है। (ग) नरयावली विधान सभा क्षेत्रांतर्गत सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्‍ड की किसी भी पंचायत से उक्‍त योजना अंतर्गत शेड निर्माण का प्रस्‍ताव प्राप्‍त न होने से शेड स्‍वीकृति संबंधी प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सागर एवं राहतगढ़ विकासखण्‍ड की वृहत ग्राम पंचायतों में उपरोक्‍त शेड स्‍वीकृत हेतु कोई भी प्रस्‍ताव कार्यालय को प्राप्‍त नहीं है।

नल-जल योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

20. ( क्र. 391 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्रांम पंचायत कर्रापुर विकासखण्‍ड सागर में नल-जल योजना के लिए कितनी राशि कब स्‍वीकृत की गई थी? (ख) उपरोक्‍त योजना में कौन-कौन से कार्य प्रस्‍तावित थे? क्‍या सभी कार्य पूर्ण हो गये हैं? (ग) यदि उपरोक्‍त योजना में प्रस्‍तावित कार्यों में जल स्‍त्रोत के कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तो शेष कार्य कब तक पूर्ण किए जाएंगे? (घ) उपरोक्‍त नल-जल योजना कब तक प्रारंभ की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) राशि जिलेवार आवंटित की जाती है, योजनावार नहीं। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार(ग) शेष कार्यों हेतु निविदा आमंत्रण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है। (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है।

परिशिष्ट - ''छ:''

प्रदेश में कृषकों की अप्राकृतिक मौतें

[गृह]

21. ( क्र. 404 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में वित्‍त वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कहाँ-कहाँ के कितने कृषकों की मौत अप्राकृतिक ढंग से हुई? नाम, पते सहित वर्षवार सूची देवें एवं यह भी बतलावें कि मौत के समय इन कृषकों एवं उनके परिवार पर कितनी-कित‍नी राशि का कर्ज था वर्षवार संपूर्ण सूची देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित अप्राकृतिक तरीके से मृत कृषकों के परिवार को कब-कब प्रदेश सरकार द्वारा किस प्रकार की सहायता प्रदान की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित मृत कृषकों के फांसी लगाने/कीटनाशक पीकर आत्‍महत्‍या करने के क्‍या कारण थे एवं इन कृषकों को कर्ज वसूली हेतु किन बैंकों एवं किन फायनेंस कंपनियों के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा कर्ज वसूली हेतु प्रताड़ित किया गया तथा आत्‍महत्‍या हेतु मजबूर करने वाले किन-किन अधिकारियों/फायनेंस कंपनियों पर कब क्‍या कार्यवाही की गई?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार

पेयजल हेतु कार्य योजना की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

22. ( क्र. 435 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या अल्‍पवर्षा के कारण सूखा व जल अभाव क्षेत्र घोषित श्‍योपुर जिले में प्रश्‍न दिनांक तक भू-जल स्‍तर 200 से 450 फिट तक गिर जाने के कारण पी.एच.ई. विभाग के अभिलेखों अनुसार कुल स्‍थापित 6024 हैण्‍डपम्‍पों में से लगभग 400 सूख जाने, एक हजार से अधिक अपर्याप्‍त पानी देने, लगभग 500 हैण्‍डपम्‍प मेंटेनेन्‍स के अभाव व भरे पटे होने के कारण बन्‍द पड़े हैं? (ख) क्‍या जिले में संचालित 194 नल-जल/मुख्‍यमंत्री नल-जल/स्‍पॉट सोर्स योजनाओं में से उपरोक्‍त/अन्‍य कारणों से 30 योजनाएं बंद पड़ी हैं? शेष अपर्याप्‍त पानी दे रही है? यदि नहीं, तो क्‍या शासन जाँच करवाएगा? (ग) क्‍या उक्‍त स्थिति के मद्देनजर ई.ई. पी.एच.ई. श्‍योपुर द्वारा राहत आयुक्‍त भोपाल को 713.10 लाख की जो कार्य योजना स्‍वीकृति हेतु भेजी हैं व कब, इसमें पेयजल की समस्‍या हेतु किन-किन उपायों का उल्‍लेख हैं? क्‍या शासन इसे वर्ष 2018-19 के बजट में शामिल करके अविलम्‍ब स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं, 5948 कुल स्थापित हैण्डपंपों में से 5630 चालू एवं 318 बंद हैं, जिसमें 275 जलस्तर नीचे जाने से एवं 43 साधारण खराबी से बंद है। (ख) जी नहीं, 194 कुल स्थापित नल-जल योजनाओं में से 173 चालू एवं 21 बंद हैं, जिसमें 02 स्त्रोत सूखने से, 8 मोटरपंप खराबी से, 1 पाईप लाईन क्षतिग्रस्त एवं 10 योजनाएं पंचायत द्वारा नहीं चलाने के कारण बंद है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, दिनांक 7.10.2017 को जिसमें आंशिक पूर्ण श्रेणी की बसाहटों में नवीन नलकूपों का खनन कर हैण्डपंप स्थापना, जलस्तर नीचे जाने वाले हैण्डपंपों में राइजर पाइप बढ़ाना एवं सिंगलफेस मोटर पंप स्थापित करना, कम जल आवक क्षमता वाले नलकूपों में हाइड्रोफ्रैक्चरिंग कार्य एवं पेयजल परिवहन आदि कार्य प्रस्तावित हैं। वित्तीय संयोजन उपरांत स्वीकृत की जा सकेगी।

भूमि आवंटन हेतु प्रस्‍ताव की स्‍वीकृति

[राजस्व]

23. ( क्र. 436 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले के ग्राम जाखदा जागीर में उपलब्‍ध 1200 हेक्‍टेयर भूमि केन्‍द्रीय रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्‍थान (डी.आर.डी.ओ.) नई दिल्‍ली के लिए रक्षा यूनिट की स्‍थापना हेतु आवंटित करने के वास्‍ते कलेक्‍टर श्‍योपुर ने प्रस्‍ताव शासन को स्‍वीकृति हेतु भेजा है यदि हाँ, तो कब। (ख) उक्‍त प्रस्‍ताव अनुसार उक्‍त आवंटित भूमि के बदले कलेक्‍टर की गाईड लाईन के अनुसार डी.आर.डी.ओ. से प्राप्‍त राशि से बड़ौदा में 100 बिस्‍तरीय अस्‍पताल एवं श्‍योपुर स्‍टेडियम में स्‍वीमिंग पुल सहित क्‍या-क्‍या अन्‍य निर्माण कार्य कितनी-कितनी राशि से कराये जाना प्रस्‍तावित हैं? (ग) क्‍या शासन ने केन्‍द्रीय रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि प्रदेश के भिण्‍ड जिले में नवीन सैनिक स्‍कूल स्‍थापित किए जाने की शर्त पर ही डी.आर.डी.ओ. को उक्‍त भूमि आवंटित की जा सकेगी? यदि हाँ, तो श्‍योपुर जिले के साथ ऐसा क्‍यों किया जा रहा है? (घ) जिले के विकास के मद्देनजर क्‍या शासन उक्‍त शर्त को वापस लेगा तथा कलेक्‍टर श्‍योपुर के प्रस्‍ताव को स्‍वीकृति प्रदान कर डी.आर.डी.ओ. उक्‍त भूमि आवंटित कर इसे धरातल पर रक्षा यूनिट की स्‍थापना की अनुमति प्रदान करेगा व कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। दिनांक 08.09.2017 को प्राप्त हुआ। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। कलेक्टर श्योपुर का प्रस्ताव विचाराधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पेयजल उपलब्‍धता

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

24. ( क्र. 481 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विभाग द्वारा रीवा जिले में घट रहे जल स्‍तर को देखते हुए आने वाले गर्मी के मौसम में पेय जल संकट से निपटने बावत् क्‍या कार्य योजना तैयार की है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग द्वारा खनन कराये गये नलकूपों में पानी का जल स्‍तर क्‍या है? इनमें रायजर पाइपों की संख्‍या कितनी है, विभाग द्वारा तय मापदण्‍ड अनुसार कितनी रायजर पाइप नलकूपों (हैण्‍डपम्‍पों) में डालने के नियम हैं, मापदण्‍ड अनुसार रायजर पाइप डालने पर बोरबेल (हैण्‍डपम्‍पों) पर पानी न निकलने की स्थिति पर पानी उपलब्‍धता आमजनता को हो सके इस पर क्‍या कार्यवाही करेगें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के तारतमय में जिले के कितने ऐसे बोरबेल (हैण्‍डपम्‍प) है, जो पानी की कमी से सूख चुके है, उनसे पानी निकलना बंद हो चुका है, ऐसे नलकूपों की गहराई क्‍या थी? अनुबंध अनुसार क्‍या इनका खनन किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार पेय जल संकट से निपटने की तैयारी (योजना) शासन द्वारा तैयार नहीं की गयी, बोरबेल (हैण्‍डपम्‍प) का जल स्‍तर नीचे जा चुका है, आम जन को पानी नहीं मिल रहा, इस पर क्‍या कार्यवाही/योजना तैयार कर पानी उपलब्‍ध करावेगें? अगर नलकूपों का खनन अनुबंध अनुसार न कर कम गहराई के किये गये, तो इसके लिए जबावदारों की पहचान कर क्‍या कार्यवही करेंगे?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जिले हेतु सूखा राहत मद अंतर्गत रूपये 1172.50 लाख की कार्ययोजना तैयार की गई है। (ख) औसतन 26 मीटर। सामान्यतः 10 नग से 15 नग। मापदण्ड अनुसार 10 नग एवं जलस्तर अधिक नीचे होने की स्थिति में राइजर पाइप का विस्तार तथा आवश्यकतानुसार सिंगलफेस सबमर्सिबल पम्प से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। (ग) 72 हैण्डपंप, शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अनुबंध अनुसार ही नलकूपों का खनन किया जाता है। (घ) उत्तरांश-'' अनुसार कार्य योजना तैयार की गई है स्वीकृति एवं आवंटन उपरांत कार्यवाही की जा सकेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

श्रमिकों का पंजीयन

[श्रम]

25. ( क्र. 483 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या राज्यमंत्री, श्रम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले में जनपद पंचायतों के द्वारा भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मण्‍डल के तहत श्रमिकों के पंजीयन स्‍वप्रमाणित शपथ पत्र के आधार पर प्राप्‍त आवेदन अनुसार किये गये एवं वर्ष 2014 से प्रश्‍नांश दिनांक तक कितने परिचय पत्र जारी कर वितरित किये गये? जनपदवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या यह सही है कि श्रमिकों के परिचय पत्र श्रम विभाग के जारी परिपत्र दिनांक 09.03.2015 के तारतम्‍य में नवीन पंजीयन एवं नवीनीकरण के पोर्टल से जारी किये गये, उन में से कई हितग्राहियों की जानकारी पोर्टल पर नहीं दी गयी, जिससे हितग्राही लाभ से वंचित हो रहे हैं क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार क्‍या जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के पाँच हितग्राहियों को परिचय पत्र जारी किये गये लेकिन पोर्टल पर ऑनलाईन जानकारी न दिये जाने से विवाह सहायता का लाभ प्रकरण स्‍वीकृत के बाद भी नहीं मिल सका? इस पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों एवं अन्‍य जिम्‍मेवारों द्वारा परिचय पत्र जारी करने के बाद आज तक पोर्टल पर ऑनलाईन करने की कार्यवाही का सत्‍यापन न करने, हितग्राहियों का लाभ से वंचित किये जाने, समय पर पंजीयन न करने के जिम्‍मेवारों पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

राज्यमंत्री, श्रम ( श्री बालकृष्ण पाटीदार ) : (क) जी हाँ। रीवा जिले के जनपद पंचायतों द्वारा म.प्र. भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार कल्‍याण मंडल के अंतर्गत निर्माण श्रमिकों के पंजीयन स्‍वप्रमाणित शपथ पत्र के आधार पर पात्रतानुसार किये गये हैं। रीवा जिले की वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक जनपद पंचायतवार जारी परिचय पत्र की जानकारी निम्‍नानुसार है-

क्र.

जनपद पंचायत का नाम

ऑनलाईन पोर्टल द्वारा जारी पंजीयन

1

जनपद पंचायत रीवा

2983

2

जनपद पंचायत सिरमौर

1152

3

जनपद पंचायत गंगेव

884

4

जनपद पंचायत नईगढ़ी

2312

5

जनपद पंचायत हनुमना

1302

 

क्र.

जनपद पंचायत का नाम

ऑनलाईन पोर्टल द्वारा जारी पंजीयन

6

जनपद पंचायत त्‍यौंथर

329

7

जनपद पंचायत जवा

00

8

जनपद पंचायत मउगंज

3319

9

जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान

397

(ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में निर्माण श्रमिकों के परिचय-पत्र (नवीन पंजीयन एवं नवीनीकरण) पोर्टल के माध्‍यम से जारी किये गये हैं। पोर्टल से पंजीयन/नवीनीकरण जारी होने के पश्‍चात स्‍वत: ही निर्माण श्रमिक की जानकारी पोर्टल में दर्ज हो जाती है। अत: प्रश्‍नांश की शेष जानकारी का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित सभी 05 हितग्राहियों को विशेष प्रकरण के तहत विवाह सहायता राशि का भुगतान किया जा चुका है। (घ) रीवा संभाग के सभी पदाभिहित अधिकारियों द्वारा पात्र हितग्राहियों के पंजीयन पोर्टल के माध्‍यम से ऑनलाईन जारी किये जा रहे हैं।

अपराधियों को गिरफ्तारी

[गृह]

26. ( क्र. 535 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या थाना सिविल लाईन रीवा में अपराध क्र. 536/17 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी, 34 के तहत दिनांक 17.08.2017 को दर्ज किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) यदि हाँ, तो उक्‍त अपराध में लिप्‍त आरोपियों की गिरफ्तारी प्रश्‍न दिनांक तक क्‍यों नहीं की गई एवं कब तक की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में पीड़ि‍त सज्‍जन सिंह परिहार वास्‍ते विनय सिंह निवासी एल.आई.जी. 57 बोदाबांग जिला रीवा द्वारा दिनांक 25.11.2017 को पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्‍यालय भोपाल को शिकायत की गई थी? यदि हाँ, तो उक्‍त शिकायत पर उल्‍लेखित आरोपियों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? अवगत करावें। यदि नहीं, की गई तो कब तक की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रकरण विवेचनाधीन है। समय-सीमा बताना संभव नहीं। (ग) जी नहीं। अन्य दिनाँकों में प्राप्त आवेदन पत्रों पर नियमानुसार कार्यवाही जारी हैं। समय-सीमा बताना संभव नहीं।

भू-खण्‍डों का मूल्‍य निर्धारण

[राजस्व]

27. ( क्र. 536 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ध्‍यानाकर्षण सूचना क्रमांक 305 नवम्‍बर, दिसम्‍बर, 2017 सत्र में दिये गये उत्‍तर में महानिरीक्षक पंजीयन भोपाल द्वारा अनुमोदित कलेक्‍टर गाईड लाईन वर्ष 2015-16 के बिन्‍दु क्रमांक 4.4 के अनुसार अपवर्तित कृषि भूमि, आवासीय भू-खण्‍ड दर से 300 वर्गमीटर यानी 0.030 हेक्‍टेयर का प्रतिकर गाईड लाईन में अंकित नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत विशिष्‍ट ग्राम सड़वा एवं नामतारा में भूखण्‍डों का मूल्‍य प्रतिवर्ग मीटर की दर से निर्धारित दर प्रतिकर का निर्धारण किया गया है। शेष 19 सामान्‍य ग्राम होने के कारण शासन द्वारा अनुमोदित गाईड लाईन के अनुसार भूमि अर्जन पुनर्व्‍यवस्‍थापना में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 23 (2) के प्रावधानों के अनुसार प्रतिकर का निर्धारण किया गया, उत्‍तर दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो ललितपुर खजुराहों, पन्‍ना-सतना रेल लाईन के भू-अर्जन में भू-अर्जन अधिकारी द्वारा गाईड लाईन के बिन्‍दु क्रमांक 6 एवं 9 में स्‍पष्‍ट उल्‍लेख है कि 300 वर्गमीटर तक के भू-खण्‍डों का मूल्‍यांकन प्रतिवर्ग मीटर की दर से मान्‍य किया जाएगा? शेष की गणना 300 वर्गमीटर के बाद हेक्‍टेयर में की जाएगी किन्‍तु भू-अर्जन अधिकारी नागौद द्वारा मनमानी गणना कर मुआवजा का निर्धारण किया जा रहा है? (ग) क्‍या शासन भू-अर्जन अधिकारी नागौद जिला सतना को 300 वर्गमीटर तक के भू-खण्‍डों को वर्गमीटर की दर से भुगतान कब-तक कराएगा और अब-तक न करने के लिए दोषी भू-अर्जन अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी तथा भू-अर्जन/पुनर्स्थापन एवं प्रतिकर अधिनियम 2013 की धारा 33 को संज्ञान में लेते हुए पारित अवार्डों को संशोधन करते हुए रीवाइज कब तक किया जावेगा? (घ) विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 216 दिनांक 29.11.2017 के प्रश्‍नांश (ख) में प्रश्‍नकर्ता के पत्रों को कलेक्‍टर रीवा, सतना, सिंगरौली, सागर एवं छतरपुर को कार्यवाही हेतु भेजा गया था। उस पर प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? की गई कार्यवाही से अवगत करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) (जिला सतना के भू-अर्जन अधिकारी नागौद द्वारा शासन द्वारा अनुमोदित कलेक्टर गाईड लाईन के अनुसार भूमि अर्जन, पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अनुसार प्रतिकर का निर्धारण किया गया है। (ग) (जिला सतना के भू-अर्जन अधिकारी नागौद द्वारा भूमि अर्जन पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अनुसार ही प्रतिकर निर्धारण किया गया है। प्रतिकर भुगतान प्रक्रियाधीन है। इसके लिए कोई अधिकारी दोषी नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) सतना जिले में प्रचलित गाईड लाईन के अनुसार भू-अर्जन प्रकरण में प्रतिकर का निर्धारण कर कार्यवाही की गई है। सिंगरौली जिला अंतर्गत रीवा-सीधी-सिंगरौली रेल लाईन परियोजना हेतु कुल 22 ग्रामों में म.प्र. भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुर्नव्‍यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अनुसार धारा-11 के तहत अधिसूचना का प्रकाशन किया गया है। धारा 19 के तहत कार्यवाही जारी है। रीवा जिले में नियमानुसार मुआवजा एवं सलोशियम ब्‍याज राशि का भुगतान अवार्ड धारियों को किया गया है। कुल 17 गावों में 506 खातेदार कुल राशि 179665475 राशि का भुगतान किया गया। भुगतान हेतु शेष राशि निरंक है। संदर्भित पत्र अनुसार सतना रीवा सिंगरौली छतरपुर में कार्यवाही की गई है जबकि सागर जिले के किसी ग्राम की भूमि अर्जन का 541 कि.मी. रेल मार्ग निर्माण में न होने से पत्रानुसार कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं है।

धान खरीदी केन्द्रों द्वारा कृषकों को भुगतान

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

28. ( क्र. 574 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सिरमौर अंतर्गत कितने धान खरीदी केन्द्र बनाये गए थे? खरीदी केन्द्रों के माध्यम से खरीदी गयी धान के फसल की मूल्य का भुगतान 01 माह व्यतीत हो जाने के उपरांत भी कृषकों को न मिल पाने का क्या कारण है? (ख) खरीदी केन्द्रों के माध्यम से खरीदी गयी धान के मूल्य का पूर्ण भुगतान कृषकों को कब तक कर दिया जावेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) खरीफ विपणन वर्ष 2017-18 में समर्थन मूल्‍य पर धान उपार्जन हेतु सिरमौर विधानसभा क्षेत्र में 8 खरीदी केन्‍द्र बनाए गए थे। खरीदी केन्‍द्र के माध्‍यम से खरीदी गई एफ.ए.क्‍यू. धान की मात्रा 17569.04 मे.टन है जिसकी राशि रूपये 25,79,93,147/- कृषकों को दे दी गई है। (ख) खरीदी केन्‍द्र द्वारा उपार्जित एफ.ए.क्‍यू. धान का कोई भी भुगतान लंबित नहीं है।

आलोट तहसील मुख्‍यालय पर विभागीय उपखण्‍डीय कार्यालय

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

29. ( क्र. 589 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या रतलाम एवं उज्‍जैन जिले में तहसील स्‍तर पर प्रत्‍येक विधानसभा क्षेत्र में लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी उपखण्‍डीय कार्यालय स्‍थापित हैं? विशेषकर आलोट जिला रतलाम में क्‍यों नहीं स्थापित है? (ख) क्‍या शासन के नियम व प्रावधान अनुरुप प्रत्‍येक तहसील (विधानसभा क्षेत्र) पर लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी मुख्‍यालय/उपखण्‍डीय कार्यालय स्‍थापित होना अनिवार्य नहीं है? यदि हाँ, तो आलोट के क्षेत्र वासियों की सुविधा हेतु उपखण्‍डीय कार्यालय क्‍यों नहीं प्रारंभ किया गया? (ग) शासन विधानसभा क्षेत्र आलोट में पी.एच.ई. मुख्‍यालय/उपखण्‍ड कार्यालय कब तक प्रारंभ कर देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं.

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं, सामान्‍यत: एक, दो अथवा तीन विकासखण्‍डों को शामिल कर एक उपखण्‍ड स्‍थापित किया जाता है। तहसील अथवा विधानसभा क्षेत्रवार उपखण्‍ड स्‍वीकृत नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

उद्योग प्रबंधक को भूमि आवंटन

[राजस्व]

30. ( क्र. 590 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन ने ग्रेसिम उद्योग प्रबंधकों को चंबल नदी के आस-पास की शासकीय भूमियां वृक्षारोपण या अन्‍य कार्यों हेतु दी है अथवा देने की प्रक्रिया जारी की है? यदि हाँ, तो किन नियमों एवं शर्तों पर प्रदान की है या की जाना है? मय दस्‍तावेज पूर्ण ब्‍यौरा दें. (ख) क्‍या भूमि आवंटन पर आपत्तियां प्राप्‍त हुई थी? यदि हाँ, तो कितनी एवं कौन-कौन सी? जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) स्‍थान में उद्योग स्‍थापना से अब तक शासन ने ग्रेसिम व अन्‍य उद्योग समूहों को किन-किन प्रयोजनार्थ कितनी व कौन-कौन सी भूमियां कहाँ-कहाँ प्रदान की हैं तथा क्‍या उक्‍त भूमि का आवंटन शर्तानुसार ही हो रहा है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला उज्‍जैन में ग्रीन बेल्‍ट का विकास कर पर्यावरण सुधार हेतु चम्‍बल नदी के आसपास की भूमियों पर जनपद पंचायत खाचरौद के माध्‍यम से ग्रेसिम उद़योग को वृक्षारोपण करने की अनुमति आदेश दिनांक 10-01-2018 द्वारा दी गई जिसे कलेक्‍टर उज्‍जेन ने पुनर्विलोकन आदेश दिनांक 15-02-18 से निरस्‍त किया गया है। आदेशों की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जिला उज्‍जैन में निम्‍नांकित तीन से आपत्तियां प्राप्‍त हुई थी जिनका निराकरण किया (1) सर्वहारा समाज शिक्ष समिति नागदा (2) सरपंच ग्राम पंचायत एवं ग्रामवासी परमार खेडी (3) अभय चोपडा एवं नाहरू खां निवासीगण नागदा (ग) प्रश्‍नांश (क) स्‍थान में ग्रेसिम व अन्‍य उद्योग समूहों को भूमियां आवंटित नहीं की गई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय भूमि को निजी स्‍वामित्‍व में करने वालों पर एफ.आई.आर. कायम न होना

[गृह]

31. ( क्र. 758 ) श्री अजय सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर पुलिस अधीक्षक सतना के द्वारा क्र./न.पु.अ./सतना/182ए/17 दिनांक 24.08.2017 की जाँचकर्ता अधिकारी राजस्‍व निरीक्षक एवं पदेन नायब तहसीलदार रघुराजनगर सतना का कथन लेकर अपने पत्र क्रमांक 182 से थाना प्रभारी कोलगवां जिला सतना को निर्देश दिया था कि शासकीय भूमियों को कूट रचित दस्‍तावेजों के आधार पर बेचने वाले व्‍यक्तियों एवं शासकीय कर्मचारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करें? उपरोक्‍त पत्र की एक प्रतिलिपि एवं नायब तहसीलदार के नगर पुलिस अधीक्षक को दिये गये कथन की एक प्रतिलिपि उपलब्‍ध करायें? प्रश्‍नतिथि तक प्रकरण क्‍या पंजीबद्ध हुआ? अगर नहीं तो क्‍यों? प्रकरण कायम न करने वाले टी.आई. को कब तक शासन निलंबित करेगा? (ख) क्‍या सतना जिले में 31 मार्च 2015 से प्रश्‍नतिथि तक करोड़ों रूपये मूल्‍य की शासकीय भूमियों को कूट रचित दस्‍तावेजों से निजी भूमियों में बदलकर उन्‍हें बेचे जाने के कई प्रकरणों में थाना कोलगवां एवं थाना सिटी कोतवाली में एफ.आई.आर.दर्ज हुई है? सभी एफ.आई. आरों की एक-एक प्रति दें? कलेक्‍टर सतना के द्वारा इसी तारतम्‍य में जारी आदेश क्रमांक/राजस्‍व/2016/87 दिनांक 22.03.2016 के पत्र की एक प्रतिलिपि उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या शासकीय भूमियों को कूट रचित दस्‍तावेजों के आधार पर खुर्द-बुर्द करने के प्रकरणों में दोष सिद्ध होने के बाद भी जिला पुलिस अपराधियों पर एफ.आई.आर. दर्ज न कर मामले को टालने एवं भटकाने मुख्‍य सचिव/प्रमुख सचिव राजस्‍व/पुलिस महानिदेशक/ए.डी.जी.अ.अ.वि. को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांग रही है? दिनांक 01.01.2017 से प्रश्‍नतिथि तक लिखे गये सभी पत्रों की एक-एक प्रति दें? अगर नहीं तो एफ.आई.आर. दर्ज क्‍यों नहीं की गयी? कारण दें। नियमों की एक प्रति दें? (घ) प्रश्‍न तिथि तक किस-किस शासकीय कर्मचारियों/भूमाफियाओं के विरूद्ध कब-कब किस की अपराध क्रमांकों से प्रकरण दर्ज हुये? कौन-कौन गिरफ्तार हुये? किस-किस की गिरफ्तारी अभी शेष है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। अपराध क्रमांक 168/2016 थाना कोलगंवा में एवं अप. क्रं. 169/2017 सिटी कोतवाली सतना में अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत अनुसंधान में लिया। इनके कथन की आवश्यकता उपरोक्त अपराधों में लिया जाना विधि संगत नहीं पाया गया है अतः कथन उपलब्ध करा पाना संभव नहीं है। विधि संगत कार्यवाही किये जाने के फलस्वरूप किसी को निलंबित किये जाने का प्रश्न ही नहीं उठता। (ख) जी हाँ। थाना कोलगंवा में अपराध क्रमांक 168/2016 एवं थाना कोतवानी सतना में अपराध क्रमांक 169/2017 पंजीबद्ध कर अनुसंधान किया जा रहा है, अनुसंधान से संबंधित होने से एफ.आई.आर की प्रति देना संभव नहीं है। कलेक्‍टर सतना का आदेश क्रमांक 2016/87, दिनांक 22/03/016 की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। ऐसी सूचनाएं थानों में प्राप्त होने पर गुण-दोषों के आधार पर दोषियों के विरूद्ध अपराधों का पंजीयन किया जा रहा है। उपरोक्त दोनो अपराध इस बात के प्रमाण है। उल्लेखित पदाधिकारियों द्वारा कोई मार्गदर्शन नहीं मांगा गया है न ही किसी प्रकार का प्रत्राचार ही किया गया है। ऐसी स्थिति में प्रति उपलब्ध करा पाना संभव नहीं है। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

परिशिष्ट - ''आठ''

खतरनाक अपराधियों की सूची एवं उन पर कार्यवाही

[गृह]

32. ( क्र. 790 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरेला विधानसभा क्षेत्र भोपाल के अंतर्गत आने वाले थाना क्षेत्रों में दि. 01/01/2016 से 31/12/2017 के दौरान किस किस नाम के जेबकट/अड़ीबाज/निगरानी बदमाश/जिला बदर को सूची में रखा गया? थानावार/अपराधवार/सूचीनाम एवं पतेवार उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार एवं थाना क्षेत्रों में किस-किस नाम के पते वाले अपराधी के द्वारा 5 या उससे अधिक गंभीर अपराध किये गये जिससे उसे जिला बदर करना चाहिये था? जिला बदर की कार्यवाही किस किस थाना क्षेत्रों में किस किस नाम/पते वाले आरोपी की प्रचलित है अथवा कर दी गयी है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित समयानुसार एवं थाना क्षेत्रों में धोखाधड़ी/लूट/हत्‍या/हत्‍या के प्रयास/चेन लूटने/बलात्‍कार/महिला को छोड़ने/ मारपीट/अड़ीबाजी/जुयें/सट्टे/आत्‍महत्‍या/नाबालिग एवं बालिग महिला के साथ विभिन्‍न अपराधों के प्रकरण कायम हुये? ? (घ) प्रश्‍नतिथि तक नरेला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थाना क्षेत्रों में 01/01/16 से 31/12/2017 के दौरान किन किन अपराध क्रमांकों एवं धाराओं के प्रकरण लंबित है? प्रकरणों के लंबित होने का कारण क्‍या है? लंबित होने के कारण किस नाम/पदनाम को शासन दोषी मानता है? उन पर कब व क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

खरगापुर विधान सभा-47 में सूखे के कारण किसानों के कर्ज माफ किये जाना

[राजस्व]

33. ( क्र. 878 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा सहित टीकमगढ़ जिले एवं प्रदेश के 18 जिलों की 133 तहसीलों को सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है जिसमें सरकार के द्वारा राजस्‍व पुस्‍तक 6-4 के मापदण्‍डों अनुसार आर्थिक अनुदान सहायता राशि तथा पेयजल परिवहन हेतु राशि आवंटित की जाती है? यदि हाँ, तो खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में सूखा घोषित दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों को तहसील पलेरा, खरगापुर, बल्‍देवगढ़, में सूखा राहत राशि प्रदाय की गई है। तहसीलवार ग्रामवार किसानों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध कराएं। (ख) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में सूखा होने के कारण किसानों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है तथा किसानों की आर्थिक स्थिति अत्‍यंत दयनीय है क्‍या ऐसी स्थिति में किसानों के बैकों के कर्जे एवं खाद बीज के कर्जे तथा बिजली के बिलों को माफ किये जाने का सरकार के पास कोई प्रावधान है? यदि हाँ, तो जानकारी से अवगत करायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें कि किसानों के बैंकों के कर्जे खाद बीजों के कर्जे एवं बिजली के बिलों को माफ क्‍यों नहीं किया जा सकता है? (ग) क्‍या पूरे प्रदेश में किसानों को भावान्‍तर योजना का लाभ दिये जाने की बात सरकार द्वारा की जा रही है यदि हाँ, तो खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में कितने किसानों को इस योजना का लाभ दिया गया है? सम्‍पूर्ण विधान सभा क्षेत्र में लाभान्वित किसानों की संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करायें तथा भावान्‍तर योजना से वंचित कितने किसान खरगापुर विधान सभा में शेष है उनकी भी संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलबध करायें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ, खरगापुर विधानसभा सहित टीकमगढ़ जिले की 11 तहसीलों को सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है। जिसमें सरकार के द्वारा राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6 (4) के मापदण्‍ड अनुसार आर्थिक अनुदान सहायता राशि तथा पेयजल परिवहन हेतु राशि आबंटित की जाती है। खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में सूखा घोषित दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक सूखा से प्रभावित किसानों को संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार राहत राशि का वितरण किया गया है। (ख) विधान सभा क्षेत्र खरगापुर के अंतर्गत बैंक की खरगापुर, पलेरा एवं बल्‍देवगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्‍यम से वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में के.सी.सी. ऋण 4249 सदस्‍यों को राशि रूपये 468.93 लाख का ऋण वितरण किया गया। शासन द्वारा क्षेत्र सूखाग्रस्‍त घोषित किया गया है। शासन द्वारा राजस्‍व वसूली स्‍थगित की जाने तथा कलेक्‍टर द्वारा जारी प्रमाणपत्र अनावरी के अनुसार 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षतिवाले ग्रामों की सूची प्रदान करने पर प्रभावित कृषकों के चालू अल्‍पकालीन ऋणों को मध्‍यकालीन ऋण में परिवर्तित किये जाने का प्रावधान है। (ग) जी हाँ, खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के तहत कुल 12120 कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया। जिसमें से 8733 कृषकों को योजना का लाभ दिया गया है तथा शेष 3387 पंजीकृत किसानों द्वारा जिन्‍स नहीं बेचे जाने के कारण लाभान्वित नहीं किया जा सका।

परिशिष्ट - ''नौ''

दतिया जिले में नियम विरूद्ध स्‍थानांतरण

[राजस्व]

34. ( क्र. 894 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय कलेक्‍टर जिला दतिया के आदेश क्रमांक क्‍यू/भू-अभि/स्‍था/2017/714-24 दिनांक 10.07.17 के द्वारा 16 पटवारियों के स्‍थानांतरण किये गये थे जो कि स्‍थानांतरण नीति 2017 के विरूद्ध किये गये थे? (ख) क्‍या इन पटवारियों से वरिष्‍ठ पटवारियों को जो कई वर्षों से एक ही तहसील में जमे हुऐ हैं उन्‍हें छोड़कर तीन साल से भी कम समय के पटवारियों को स्‍थानांतरण किया गया जिनमें विकलांगों/मान्‍यता प्राप्‍त कर्मचारी संघों के पदाधिकारीयों को भी नहीं बक्‍शा गया? (ग) क्‍या उपरोक्‍त नियम विरूद्ध स्‍थानांतरित पटवारियों में से कितने पटवारियों के स्‍थानांतरण निरस्‍त किए गये और क्‍यों? नियम विरूद्ध स्‍थानांतरण करने के लिए कौन दोषी है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। सभी स्‍थानांतरण, स्‍थानांतरण नीति वर्ष 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत किए गए है। (ख) स्‍थानांतरण नीति 2017, न्‍यायालयीन संदर्भ, प्रशासनिक आवश्‍यकता, टी.एस.एम., राजस्‍व विभाग, ई-गवर्नेंस की आवश्‍यकता और नये आयाम पटवारियों की कुशलता तथा कार्यक्षमता आदि समस्‍त बिन्‍दुओं का संतुलन रखते हुए मीटिंग के माध्‍यम से किया गया है। जो विधि अनुरूप है। एवं स्‍थानांतरण नीति 2017 की कण्डिका 8.19 के नीति अनुरूप किये गये। इसके साथ जिला कार्यालय में गठित (स्‍टॉफ कमेटी) छानबीन समिति का प्रतिवेदन संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।  (ग) सभी स्‍थानांतरण, स्‍थानांतरण नीति 2017 के अंतर्गत किए गए। 10 पटवारियों में से 05 पटवारियों के स्‍थानांतरण मान. उच्‍च न्‍यायालय के आदेश के संदर्भ में निरस्‍त किये गए, जिससे अन्‍य 05 पटवारियों के स्‍थानांतरण प्रभावित होने से संशोधित किये गये। मान. उच्‍च न्‍यायालय के द्वारा किसी को दोषी नहीं माना गया है अत: कोई दोषी नहीं है।

परिशिष्‍ट- ''दस''

समर्थन मूल्‍य पर किसानों से धान खरीदी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

35. ( क्र. 945 ) श्री गिरीश गौतम : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा में समर्थन मूल्‍य पर खरीदी हेतु कुल कितने खरीदी केन्‍द्र बनाये गये हैं वर्ष 2017 में धान बिक्री के लिए कुल कितने किसानों का पंजीयन किया गया तथा निर्धारित तिथि तक कितने किसानों द्वारा धान खरीदी केन्‍द्र में विक्रय किया और कितने क्विंटल धान की खरीदी की गयी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित उपार्जित धान का कुल मूल्‍य कितना हुआ तथा प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने किसानों को कितनी राशि का भुगतान किया गया? प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने किसानों का कितनी राशि का भुगतान शेष है और उसका भुगतान कब तक कर दिया जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

36. ( क्र. 946 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मुख्‍यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना अंतर्गत रीवा जिले के तहसील मऊगंज, नईगढ़ी, मनगवां एवं रायपुर कर्चु. में किन-किन ग्रामों को वर्ष 2016-17 में चयनित किया गया है? चयन के मापदण्‍ड क्‍या हैं तथा यह योजना कब से लागू है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित तहसीलों में मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना अंतर्गत जनवरी 2016 से दिसम्‍बर 2017 तक किन-किन ग्रामों में ट्यूबवेल का खनन किया गया है? उनकी गहराई कितनी है तथा खोदे गये कितने ट्यूबवेल में पर्याप्‍त पानी की उपलब्‍धता प्राप्त हुई तथा ट्यूबवेल खनन के स्‍थान का चयन किस तरीके से किया गया? (ग) मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना में खोदे गये ट्यूबवेल का किन-किन ठेकेदारों को कितनी राशि का भुगतान किया गया है? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित तहसीलों में जनवरी 2016 से दिसम्‍बर 2017 तक मुख्‍यमंत्री पेयजल योजना से अब तक कितने लोगों को पेयजल प्राप्‍त हो रहा है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कोई नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। वित्तीय वर्ष 2017-18 से लागू है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। ट्यूबवेल खनन के स्थान का चयन भू-जलविद की अनुशंसा एवं रेजिस्टिविटी सर्वे के अनुसार किया गया है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) उत्तरांश-'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शाजापुर जिले में भू-जलस्‍तर घटने से उत्‍पन्‍न हुई पेयजल संकट

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

37. ( क्र. 982 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शाजापुर जिले को जल अभावग्रस्‍त क्षेत्र घोषित किया गया है? पेयजल स्‍त्रोत एवं हैण्‍डपंपों का जलस्‍तर नीचे जाने के कारण बंद होने की संख्‍या में निरंतर वृद्धि हो रही है? (ख) यदि हाँ, तो आगामी ग्रीष्‍मकालीन अवधि में शाजापुर जिले की जनता को पेयजल संकट को दूर करने की क्‍या-क्‍या योजनाएं शासन स्‍तर पर लागू की जानी हैं? (ग) क्‍या पेयजल संकट में शासन के मापदण्‍डों के अलावा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं जनता की मांग पर अतिरिक्‍त नलकूप खनन एवं सिंगल फेस मोटर की उपलब्‍धता होगी? (घ) यदि हाँ, तो शाजापुर जिले की विधानसभावार विस्‍तृत जानकारी या निर्देश उपलब्‍ध करावें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) विभाग द्वारा आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु अनुमानित लागत रूपये 250.88 लाख की कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके अंतर्गत नवीन नलकूपों का खनन कर हैण्डपंप स्थापना का कार्य, स्थापित हैण्डपंपों में राइजर पाइप बढ़ाने का कार्य एवं सिंगलफेस मोटर पंप स्थापित करने, कम जल आवक क्षमता वाले नलकूपों में हाइड्रोफ्रैक्चरिंग कार्य एवं पेयजल परिवहन आदि कार्य प्रस्तावित किये गये हैं। (ग) पेयजल संकटग्रस्त ग्रामों में समुचित पेयजल व्यवस्था हेतु जनप्रतिनिधियों की मांग को प्राथमिकता देते हुए आवश्यकतानुसार सर्वेक्षण उपरांत नलकूप खनन कर हैण्डपंप एवं सिंगलफेस मोटर पंप स्थापना का कार्य करवाया जाता है। (घ) उत्तरांश-'' एवं '' के परिप्रेक्ष्य में पृथक से निर्देश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

आगजनी की घटना पर कार्यवाही

[गृह]

38. ( क्र. 1089 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भिण्‍ड जिले के थाना लहार से लगभग 100 मीटर की दूरी पर दिनांक 23 एवं 29 दिसम्‍बर 2017 की रात्रि में मिट्टी के तेल से कपड़ा (पढ्ढा) भिगोकर दुकानों में आग लगाई थी? यदि हाँ, तो किन-किन की दुकानों में आग लगाई गई एवं किन-किन के विरूद्ध किस-किस धारा में प्रकरण दर्ज किया गया? अपराध क्रमांक एवं दिनांक सहित विवरण दें। (ख) उपरोक्‍त अग्निकांड में जलकर नष्‍ट हुई दुकानों के मालिकों को कितनी-कितनी राशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गई? प्रत्‍येक का अलग-अलग विवरण दें। (ग) उपरोक्‍त घटना में अभी तक किन-किन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया? यदि नहीं, तो थाने के ठीक सामने दुकानों में आग लगाकर अशांति फैलाने की योजना बनाने वालों का पता लगाकर दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी? समयावधि बतायें। (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या भिण्‍ड नगर में ब्‍लॉक कालोनी के पीछे विनय नगर में दिनांक 25 जनवरी 2018 को प्रात: काल श्री रामबाबू सिंह चौहान की हत्‍या की गई थी? यदि हाँ, तो किन-किन के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया एवं उनकी अभी तक गिरफ्तारी न किये जाने के क्‍या कारण हैं और कब तक गिरफ्तारी की जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। जिन दुकानों में आग लगाई गई जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। इस संबंध में दर्ज किये गये प्रकरणों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र- में समाहित है। (ग) दर्ज प्रकरणों में अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। शेष जानकारी विवेचना से संबंधित होने से जानकारी दिया जाना न्याय संगत नहीं है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) यह सही नहीं है, कि प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में दिनाँक 25.01.2018 को श्री राम बाबू सिंह चौहान की हत्या की गई थी। श्री राम बाबू सिंह चौहान की हत्या के संबंध में थाना सिटी कोतवाली भिण्ड में अपराध क्रमांक- 33/2018 धारा 302 भारतीय दण्ड विधान पंजीबद्ध हुआ है। जानकारी विवेचना से संबंधित होने से दी जाना न्याय संगत नहीं है।

परिशिष्ट - ''ग्‍यारह''

बसों का अनियमित परिचालन

[परिवहन]

39. ( क्र. 1100 ) श्री मधु भगत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले से अन्‍य प्रदेश में जो बसें आती-जाती हैं वे कौन-कौन सी हैं? मालिक का नाम, परमिट क्रमांक, समय सारणी और दिनांक अवधि बताते हुए यह भी बताये कि एक परमिट पर कुछ बसे निर्धारित सीमा से अधिक चक्‍कर लगा रही है? यदि हाँ, तो वे कौन-कौन सी है? (ख) क्‍या मलाजखंड-नागपुर बस का परमिट इस प्रकार का है कि उसे नागपुर हाल्‍ट कर वापस हो जाती है जिसके बार में परिवहन विभाग के अधिकारियों को विभिन्‍न माध्‍यम से सूचना संज्ञान में लाई गई थी? यदि हाँ, तो उस बस ऑपरेटर पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या परिवहन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की लापरवाही के कारण अनियमित प्रचालन और दुर्घटनायें हो रही हैं? यदि नहीं, तो फिर दुर्घटनाओं का क्‍या कारण है और कौन जिम्‍मेदार है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र , , एवं अनुसार है। जी नहीं। (ख) मार्ग मलाजखण्ड से नागपुर पर म.प्र. एवं महाराष्ट्र राज्य के परिवहन करार के अंतर्गत 02 परमिट 02 फेरे के प्रावधान के अंतर्गत 02 अस्थाई अनुज्ञाएं महाराष्ट्र राज्य से प्रति हस्ताक्षर कराये जाने की शर्त पर वैधता दिनांक 31.08.2016 तक के लिये म.प्र. से जारी की गई थी। इस परमिट के समयचक्र के संबंध में महाराष्ट्र प्राधिकार द्वारा पत्र दिनांक 12 फरवरी 2016 से समयचक्र वापसी के प्रतीत होने की सूचना दी गई, जिसकी प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-च अनुसार है। इस पर कार्यवाही करते हुये सचिव, एस.टी.ए. म.प्र. द्वारा अपने आदेश दिनांक 05.07.2016 से नवीन संशोधित समयचक्र जारी कर परमिटधारियों को संशोधित समयचक्र पर ही संचालन हेतु निर्देशित किया गया, आदेश प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। इसकी सूचना भी महाराष्ट्र प्राधिकार को पत्र क्रमांक 81 दिनांक 11.07.2016 द्वारा दी गई प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। आगामी अस्थाई अनुज्ञाएं संशोधित समयचक्र पर ही जारी की गई है। (ग) जी नहीं, परिवहन विभाग द्वारा दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की दृष्टि से समय-समय पर सघन जाँच की जाती है व नियम विरूद्ध संचालन करने वाले वाहन मालिकों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

भरवेल माइन्‍स से वायु प्रदूषण

[पर्यावरण]

40. ( क्र. 1101 ) श्री मधु भगत : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पर्यावरण विभाग के उत्‍तरदायित्‍व अधिकार और कर्तव्‍य क्‍या-क्‍या हैं तथा बालाघाट जिले के लिए यह सब कार्य कौन देखता है? नाम/पदनाम बतायें। (ख) जिले की भरवेली माइन्‍स से वायु प्रदूषण कौन-कौन से गांवों तक होता है और उस प्रदूषण की जाँच, नियंत्रण तथा प्रदूषण से हुए नुकसान के लिए माइनिंग प्रशासन क्‍या-क्‍या कार्यवाही करता है, क्‍या उस पर विभाग द्वारा मानी‍टरिंग की गयी है, समीक्षा की गई है? माईनिंग प्रबंधक से भेंट की गई है? बैठकें की गयी हैं? यदि हाँ, तो पिछले 3 वर्षों का ब्‍यौरा बतायें। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उन ग्रामों के निवासियों को वायु प्रदूषण से हो रही बीमारियों की जाँच के लिए क्‍या उपाय किसके द्वारा किये गये? जिन ग्रामों में प्रदूषण का प्रभाव पड़ रहा है उन गांवों की आबादी क्‍या है तथा कुल कितने लोगों को इलाज (उपचार) दिया गया? ग्रामवार संख्‍या बतायें।

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) मध्य प्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग के अंतर्गत म.प्र.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का गठन जल (प्रदूषण निवारण एवं नियत्रण) अधिनियम 1974 की धारा-4 के अन्तर्गत हुआ है तथा बोर्ड द्वारा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियत्रण) अधिनियम 1974, वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियत्रण) अधिनियम 1981 एवं पर्यावरण (सरंक्षण) अधिनियम 1986 एवं इन अधिनियमों के अन्तर्गत निर्गमित नियमों को लागू कराने का उत्तरदायित्व है। जल (प्रदूषण निवारण एवं नियत्रण) अधिनियम 1974 की धारा 17 एवं वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 17 में राज्य बोर्ड के कार्य स्पष्ट किये गये है जो संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। मुख्यतः बोर्ड द्वारा प्रदूषण नियंत्रण हेतु आवश्‍यक व्यवस्थायें स्थापित करवाने, प्रदूषण की जाँच/मानिटरिंग कर पर्यावरण की गुणवत्ता के मानकों का पालन सुनिश्चित कराने का कार्य सम्पादित किया जाता है। अधिनियमों/नियमों के प्रावधान अन्तर्गत उल्लंघनकर्ता इकाईयों/संस्थानों के विरूद्ध विधिसम्मत कार्यवाही करने एवं न्यायालयीन परिवाद दायर करने हेतु भी बोर्ड अधिकृत है। पर्यावरण विभाग के अंतर्गत एप्को द्वारा प्रदेश की पर्यावरण नीति का निर्माण, राज्य के पर्यावरणीय संसाधनों के संरक्षण हेतु अंतर्विभागीय समन्वय,पर्यावरण संरक्षण विषय पर शोध अध्ययन,प्रशिक्षण एवं जन जागरूकता संबंधी कार्यक्रम तथा पर्यावरणीय अधिनियमों के अंतर्गत विभिन्न प्रावधानों का नियमन किया जाता है। बालाघाट जिला बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, म.प्र.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जबलपुर के कार्यक्षेत्र में है, जिसमें श्री एस.एन. द्विवेदी, क्षेत्रीय अधिकारी पदस्थ हैं। (ख) मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बालाघाट जिले की मैगनीज ओर आफ इंडिया लिमिटेड,भरवेली माइंस में माइन परिसर एवं नजदीकी गांवों भरवेली,तवेझरी एवं माझंरा में वायु गुणवत्ता की जाँच की गई है, परिणाम निर्धारित मानकों के अनुरूप पाये गये है। माइंस में वायु प्रदूषण नियंत्रण की सक्षम व्यवस्था स्थापित व संचालित होने के कारण आसपास के गांवों में वायु प्रदूषण जैसी स्थिति नहीं है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) बालाघाट जिले की भरवेली माइंस के आस-पास के ग्रामों में वायु प्रदूषण से संबंधित किसी भी प्रकार की बीमारी होने संबंधी जानकारी प्राप्त नहीं हुई है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बारह''

नागदा शहर को जिला का दर्जा देना

[राजस्व]

41. ( क्र. 1128 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे किनागदा शहर जनसंख्या, रेल मार्ग, सड़क मार्ग एवं राजस्व प्राप्ति में अहम् स्थान रखते हुए भी अभी तक जिला नहीं बन पाया है, जबकि आगर जैसे छोटे शहर को जिला बनाया गया हैं, जिले की अर्हता में किन-किन कमियों की वजह से नागद शहर जिला नहीं बन पा रहा हैं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : जी हाँ। नागदा को जिला बनाने हेतु कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषित पानी की रोकथाम

[पर्यावरण]

42. ( क्र. 1129 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा नगर में स्‍थापित उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषित पानी जो कि चम्बल नदी में मिलता है, इस कारण चम्बल नदी के आसपास के ग्रामों का भू-जल स्तर दूषित हो चुका है, इस कारण ग्रामीणजनों को पेयजल एवं सिंचाई के पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो चुका है, इस स्थिती के समाधान के लिये शासन स्तर पर क्या योजना बनाई जा रही है? यह योजना कब तक स्वीकृत हो जावेगी? (ख) यदि नहीं, बनाई गई है तो कब तक बना ली जायेगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा चंबल नदी के किनारे स्थित 14 ग्राम एवं रास्ते के 08 गाँव इस प्रकार कुल 22 ग्रामों में जल आपूर्ति के स्थाई समाधान हेतु रूपये 29.29 करोड़ की समूह नल-जल योजना बनाई गई है, जिसकी प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश '''' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय भूमि एवं निजी भूमि पर निवासरत लोगों को भू-अधिकार पत्र का प्रदाय

[राजस्व]

43. ( क्र. 1145 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल संभाग में निवासरत कितने ग्रामीणों को अभी तक भू-अधिकार पत्र प्रदान किया गया है? सभी पात्र बेघर परिवारों को भू-खण्‍ड का अधिकार प्रदान करने हेतु शहडोल संभाग के किन-किन जिलों में कितने-कितने लोगों के लिए अब तक पहल की गई है? जिलावार एवं तहसीलवार संख्‍यात्‍मक जानकारी प्रदान करें। (ख) क्‍या अभी तक लोगों को भू-अधिकार पत्र प्रदान नहीं किए गये हैं? यदि हाँ, तो क्‍या कारण हैं? पात्र परिवारों कों कब तक भू-अधिकार पत्र प्रदान कर दिये जावेंगे।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला अनूपपुर के अंतर्गत 26 जनवरी 2018 से चालू अभियान अंतर्गत अभी तक 18 लोगों को पट्टा प्रदान किया गया है। सर्वेक्षण उपरान्‍त 1384 आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए है जो परीक्षणाधीन हैं। जिला उमरिया के अंतर्गत अभी तक 29557 लोगों को पट्टा प्रदान किया गया है। सर्वेक्षण उपरान्‍त 45178 आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए है। जिला शहडोल अंतर्गत कुल 116811 निवासरत ग्रामीणों को अभी तक भू-अधिकार पत्र प्रदान किये गये है। जिलावार एवं तहसीलवार प्राप्‍त आवेदन पत्रों का विवरण निम्‍नानुसार है:- 

क्र.

जिला

तहसील

आवेदन संख्‍या

1

अनुपपुर

अनूपपुर

446

2

अनुपपुर

जैतहरी

23

3

अनुपपुर

कोतमा

75

4

अनुपपुर

पुष्‍पराजगढ़

840

योग

1384

1

उमरिया

बांधवगढ़

11720

2

उमरिया

पाली

3447

3

उमरिया

मानपुर

15843

4

उमरिया

चंदिया

9983

5

उमरिया

नौरोजाबाद

3255

6

उमरिया

करकेली

930

योग

45178

1

शहडोल

व्‍यौहारी

18694

2

शहडोल

जयसिंहनगर

26727

3

शहडोल

गोहपारू

15286

4

शहडोल

सोहागपुर

22454

5

शहडोल

बुढार

8267

6

शहडोल

जैतपुर

25383

योग

116811

कुल योग

163373

(ख) जिला अनूपपुर में कार्यवाही प्रचलित है। जिला उमरिया में समस्‍त पात्र परिवारों को भू-अधिकार पत्र प्रदान किये गये। जिला शहडोल में सर्वे में प्राप्‍त पात्र परिवारो को भू-अधिकार पत्र प्रदान किये गये है। कार्यवाही की गई है एवं निरंतर की जा रही है।

एम.पी. समाधान पोर्टल में दर्ज शिकायत का निराकरण

[राजस्व]

44. ( क्र. 1150 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या एम.पी. समाधान पोर्टल में दर्ज जन शिकायत क्रमांक 10128772 दिनांक 05.09.2017 एवं जन शिकायत क्रमांक 10129248 दिनांक 18.09.2017 निराकरण हेतु प्रमुख सचिव (राजस्‍व) की ओर प्रेषित की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो प्रमुख सचिव (राजस्‍व) द्वारा शिकायत निराकरण के सम्‍बन्‍ध में अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) दोनों ही शिकायतकर्ताओँ द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर कृषि की जा रही है, जिनके विरुद्ध बेदखली के आदेश पारित किये गये। शीघ्र ही इनको बेदखल किया जावेगा।

प्रदेश में किसान आत्महत्या की घटनाएँ

[गृह]

45. ( क्र. 1176 ) श्री रामनिवास रावत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्नकर्ता के परि.अता. प्रश्न क्र.276 दिनांक 27.02.17 के उत्तर में दिनांक 16 नवम्बर 2016 से 24 जनवरी 2017 तक प्रदेश में कुल 1761 आत्महत्या की घटनाएँ घटित होने जिनमें से 287 (कृषक एवं कृषक मजदूर) तथा 160 छात्र थे, की जानकारी दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो दिनांक 01 फरवरी 2017 से प्रश्नांकित दिनांक तक की अवधि में प्रदेश में आत्महत्या की कुल कितनी घटनाएँ घटित हुई? जिलेवार बतावें। इनमें से कितने कृषक, कृषि मजदूर व छात्र थे? पृथक-पृथक जिलेवार संख्यात्मक जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (ख) की अवधि में आत्महत्या करने वाले कृषक, कृषक मजदूर एवं छात्रों के द्वारा आत्महत्या करने के कारणों सहित उनके नाम, पिता का नाम, उम्र, पता सहित जिलेवार जानकारी दें? (घ) छात्र/छात्राओं द्वारा की जा रही आत्महत्याओं के संबंध में विधान सभा द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट पर शासन द्वारा अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

नल-जल योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

46. ( क्र. 1187 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) 1 फरवरी 2018 की स्थिति में भितरवार विधानसभा क्षेत्र में क्या सभी पंचायतों में नल-जल योजनायें है? यदि नहीं, तो किस किस पंचायतों में नल-जल योजनायें नहीं हैं? उन पंचायतों के नाम बतावें व किस कारण सें नल-जल योजनाओं से इन पंचायतों को वंचित रखा है? (ख) विधान सभा क्षेत्र की किन-किन ग्राम पंचायतें में नल-जल योजनाएं चालू हैं तथा कहाँ-कहाँ किस कारण से बन्द हैं? जहाँ चालू हैं उन ग्राम पंचायतों की प्रत्येक पंचायतवार कुल कितनी जनसंख्या है? क्या इस पूरी जनसंख्या को इन नल-जल योजना से पेयजल हेतु पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा हैं? यदि नहीं, तो कुल कितनी जनसंख्या को इस नल-जल योजना से पानी मिल रहा है? शेष बची जनसंख्या के लिये इस गम्भीर स्थिति में पेयजल की क्या ठोस व्यवस्था की गई है? अलग-अलग प्रत्येक पंचायतवार जानकारी दें। बन्द पडी नल-जल योजनाओं को कब तक चालू कर दिया जावेगा। एक निश्चित समय-सीमा बतावें। (ग) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आने वाली पंचायतें जो घाटीगाँव जनपद क्षेत्र में आती हैं, क्या उनका वाटर लेवल बहुत नीचे चला गया है? यदि हाँ, तो पिछले तीन वर्षों का तुलनात्मक वाटर लेवल बतावें? क्या इतने नीचे चले गये वाटर लेवल की स्थिति में पैदा हो रहे गम्भीर पेयजल संकट से निपटने की विभाग द्वारा कोई ठोस योजना बनाई है? यदि हाँ, तो क्या? विस्तृत रूप से प्रत्येक पंचायतवार बतावें? (घ) भितरवार विधानसभा क्षेत्र में पी.एच.. विभाग में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी पदस्‍थ हैं उनका नाम, पद, मुख्यालय तथा कार्यक्षेत्र पंचायतवार बतावें।

लोक स