मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


मंगलवार, दिनांक 07 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

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मुख्य कार्यपालन अधिकारी की स्थाई पदस्थापना 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

1. ( *क्र. 1423 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बंडा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जनपद पंचायत बंडा में विगत एक वर्ष से स्थाई मुख्य कार्यपालन अधिकारी की पदस्थापना न होने से प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सप्ताह में एक दो दिवस का समय देकर कार्यों का संपादन किया जा रहा है, जिससे संबंधित प्रभारी अधिकारी द्वारा दो-दो जगहों का कार्य संपादन करने के पश्चात् जनपद पंचायत बंडा का कार्य संपादित किया जाता है, जिसके कारण समस्त जनपद पंचायत के प्रतिनिधि एवं सरपंचों के कार्य समयावधि में न होने एवं अधिकारी के न मिलने के कारण त्रस्त हैं? (ख) क्या जिला स्तर के अधिकारी को स्वयं के प्रभार के साथ-साथ दो-दो जनपदों का प्रभारी बनाया जा सकता है? प्रावधान बताया जाए। (ग) जनपद पंचायत बंडा में स्थाई मुख्य कार्यपालन अधिकारी की पदस्थापना कब तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जनपद पंचायत बंडा में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी की पूर्णकालिक पदस्‍थापना दिनांक 15/12/2016 को की गई थी। मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के दिनांक 09/01/2017 से निलंबित होने से जिला स्‍तर के अधिकारी को प्रभार सौंपा गया है। (ख) जी हाँ। जिला स्‍तर के अधिकारियों को स्‍वयं के प्रभार के साथ जनपद पंचायतों का प्रभारी बनाये जाने पर निषेध नहीं है। (ग) लोक सेवा आयोग से चयनित मुख्‍य कार्यपालन अधिकारियों के प्रशिक्षण उपरांत मार्च 2017 में पदस्‍थापना की जाना संभावित है।

प्रस्तावित स्टेडियम का निर्माण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( *क्र. 2411 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत ग्राम बख्यतायपुरा में निर्माणाधीन खेल परिसर के अंतर्गत       क्या-क्या कार्य होना है एवं निर्धारित समय-सीमा तक क्या-क्या कार्य हो चुका है? कार्य के प्राक्कलन से तुलनात्‍मक जानकारी उपलब्‍ध करावें (ख) खेल परिसर के निर्माण कार्य को प्रारम्भ करने एवं पूर्ण करने हेतु निर्धारित तिथि क्या है? क्या निर्धारित तिथि में कार्य पूर्ण हो गया है? यदि नहीं हुआ तो विलंब हेतु कौन जिम्मेदार है? विलंब के लिये ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्यावाही की गयी एवं कार्य कब तक पूर्ण हो जावेगा? (ग) निर्माणाधीन कार्य की गुणवत्ता की जाँच किस-किस अधिकारी द्वारा किस-किस दिनांक को की गयी है? अधिकारी का नाम एवं पद सहित जानकारी देवें बतावें की कार्य पूर्ण गुणवत्ता का किया गया है या नहीं? यदि नहीं, तो ठेकेदार के विरुद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गयी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत ग्राम बख्यतायपुरा में निर्माणाधीन खेल परिसर के अंतर्गत पवेलियन, खेल मैदान, बाउन्‍ड्रीवॉल एवं गेट निर्माण का कार्य प्राक्‍कलन अनुसार निर्धारित समयावधि में कराया गया है। (ख) कार्य दिनांक 30/04/2016 को प्रारंभ किया गया। कार्य अनुबंधानुसार पूर्ण कराने की निर्धारित तिथि 29/04/2017 है, कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो गया है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

सीधी भर्ती के प्राध्‍यापकों की परि‍वी‍क्षा अवधि की समाप्ति 

[उच्च शिक्षा]

3. ( *क्र. 2071 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्‍या प्रदेश में संचालित शासकीय महाविद्यालयों के लिये विभिन्‍न विषयों में वर्ष 2010-11 में मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा प्राध्‍यापकों की सीधी भर्ती की गई है? यदि की गई है तो विषयवार/वर्गवार प्राध्‍यापकों की सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या वर्ष 2010-11 में सीधी भर्ती के प्राध्‍यापकों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर नियुक्‍त किया गया है? यदि हाँ, तो उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्‍त करने के नियम/निर्देश क्‍या हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या सीधी भर्ती के प्राध्‍यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्‍त कर दी गई है? यदि हाँ, तो परिवीक्षा अवधि समाप्‍त किये गये विषयवार प्राध्‍यापकों की सूची उपलब्‍ध करायें? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में यदि सीधी भर्ती के प्राध्‍यापकों की परिवीक्षा अवधि अभी तक समाप्‍त नहीं की गई है तो कारण सहित जानकारी देवें। उनकी परिवीक्षा अवधि कब तक समाप्‍त कर आदेश जारी कर दिये जायेंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2010-11 में 115 प्राध्यापकों की सीधी भर्ती की गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र  '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश शैक्षणिक सेवा (महाविद्यालयीन शाखा) भर्ती नियम 1990 के बिन्दु 22 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (घ) सीधी भर्ती से नियुक्त प्राध्यापकों की नियुक्ति के संबंध में प्राप्त शिकायतों की जाँच प्रचलित है। परिवीक्षा अवधि समाप्त करने के संबंध में प्राध्यापक संघ द्वारा याचिका क्रमांक डब्ल्यू.पी. 17095/2015 माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर की गई है, जिसमें पारित आदेश दिनांक 01.12.2016 के तारतम्य में वैधानिक परीक्षण किया जा रहा है। न्यायालयीन प्रकरण के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सीधी एवं सिंगरौली जिले में अधूरे निर्माण कार्य 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

4. ( *क्र. 4184 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग अन्‍तर्गत जनपद पंचायत सिहावल, सीधी जिले में निर्माण कार्य विगत दस वर्षों से स्‍वीकृत होकर अधूरे हैं? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार है? (ख) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग अन्‍तर्गत विगत पाँच वर्षों में जनपद पंचायत सिहावल में कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये? कितने प्रारंभ, अपूर्ण, पूर्ण एवं अप्रारंभ हैं? जनपद सिहावल अन्‍तर्गत गेरूआ कुढेरी नाला रपटा एवं पुलिया कितने वर्षों से बंद है? क्‍यों बंद हैं? कार्य पूर्ण नहीं कराने में कौन दोषी है एवं क्‍या कार्यवाही की गई है? व्‍यौहारखांड रोड व लौआरबिछरी रोड ग्राम सोनवर्षा में सामुदायिक भवन इत्‍यादि कार्यों की जानकारी देवें (ग) जनपद पंचायत सिहावल जिला सीधी में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अन्‍तर्गत मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क खेत सड़क के कितने कार्य स्‍वीकृत किये गए उनमें से कितने प्रारंभ, अप्रारंभ, पूर्ण, अपूर्ण हैं? अप्रारंभ एवं अपूर्ण का क्‍या कारण है? उक्‍त के संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) क्‍या शासन स्‍तर से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में नये कार्यों की स्‍वीकृति पर प्रतिबंध लगाया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? प्रतिबंधित कार्य जो अधूरे हैं, क्‍या उन्‍हें पूर्ण कराया जावेगा? कार्यों के लंबित भुगतान किये जायेगें? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। निर्माणाधीन कार्यों की अपूर्णता के कारण निजी भूमि, भूमि विवाद होना, सामग्री-मजदूरी का अनुपात असंतुलन एवं निविदा में ठेकेदारों की अरूचि है।        (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में जनपद पंचायत सिहावल में 06 कार्य स्‍वीकृत हुए। 02 कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति निरस्‍त। 04 कार्य अपूर्ण हैं। प्रश्‍नांश की शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।                     (ग) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अंतर्गत जनपद पंचायत सिहावल में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना के 07 कार्यों में से 04 कार्य एम.पी.आर.आर.डी.ए. को अंतरित किये गये। 02 कार्य भूमि उपलब्‍ध नहीं होने से निरस्‍त हुये। 01 कार्य ठेकेदारों द्वारा निविदा में भाग न लेने के कारण विभागीय तौर पर किया जा रहा है। यह कार्य पूर्णता पर है। (घ) जी नहीं। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में भुगतान संबंधी कोई कठिनाई नहीं है। शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

घोड़ाडोंगरी ब्‍लॉक में भूमि का नवीनीकरण  

[वन]

5. ( *क्र. 3742 ) श्री मंगल सिंग धुर्वे : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैतूल जिले के वर्तमान घोड़ाडोंगरी ब्‍लॉक के अन्‍तर्गत वन विभाग ने अधिक अन्‍न उपजाओं योजना के अन्‍तर्गत 1965-66 में जिन जमीनों को राजस्‍व विभाग को अन्‍तरित किया है, उन जमीनों का राजपत्र में प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी नवीनीकरण वन विभाग ने नहीं किया? (ख) यदि हाँ, तो घोड़ाडोंगरी ब्‍लॉक के किस ग्राम की कितनी भूमि संरक्षित वन सर्वे में शामिल कर वनखण्‍डों में अधिसूचित की गई? कितनी भूमि किन कारणों से वनखण्‍डों के बाहर छोड़ी गई? इसमें कितनी भूमि किस आदेश क्रमांक, दिनांक से अन्‍तरित की गई? कितनी भूमि किस दिनांक को राजपत्र में निर्वनीकृत की गई?                                   (ग) वनखण्‍डों के बाहर छोड़ी गई किस ग्राम की कितनी भूमि का किन-किन कारणों से प्रश्‍नांकित दिनांक तक भी निर्वनीकरण नहीं किया गया? इन भूमियों को निर्वनीकृत किए जाने के प्रस्‍ताव वनमंडल एवं वनवृत से किस दिनांक को प्रेषित किए? यदि प्रस्‍ताव प्रेषित नहीं किए हों तो उसका कारण बताएं? (घ) भारत सरकार एवं सर्वोच्‍च अदालत से निर्वनीकरण की अनुमति प्राप्‍त की जाकर वन भूमि का निर्वनीकरण किए जाने पर किस दिनांक को किसने रोक लगाई है? यदि नहीं, लगाई तो अनुमति के प्रस्‍ताव प्रेषित क्‍यों नहीं किए? कब तक प्रस्‍ताव प्रेषित कर दिए जावेंगे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।                  (ग) परिशिष्‍ट के कॉलम-7 में दर्शित संरक्षित वनभूमियों के निर्वनीकरण की कार्यवाही माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय की याचिका क्रमांक 337/1995 में पारित आदेश दिनांक 13.11.2000 द्वारा निर्वनीकरण पर अस्‍थाई रूप से रोक लगाये जाने के कारण लंबित है। (घ) भारत सरकार एवं माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय से अनुमति लेकर निर्वनीकरण पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। प्रकरण विशेष में आवश्‍यक होने पर माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय की अनुमति हेतु प्रकरण भारत सरकार को प्रेषित किया जाता है। वनखण्‍डों के बाहर छोड़ी गई वनभूमियों के निर्वनीकरण की समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

6. ( *क्र. 3680 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) प्रधानमंत्री आवास योजना के ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियान्वयन के क्या दिशा-निर्देश हैं एवं आवास स्वीकृति हेतु पात्रता के क्या पैमाने हैं एवं इस हेतु क्या प्रक्रिया अपनाई जा रही है? सन् 2022 तक सबको आवास उपलब्ध कराने हेतु मध्यप्रदेश में योजनान्तर्गत इस वर्ष कितना आवंटन प्राप्त हुआ है? जिलेवार विवरण देवें (ख) आगर जिला अंतर्गत इस वर्ष कितना आवंटन/लक्ष्य प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत प्राप्त हुआ है? प्राप्त आवंटन/लक्ष्य/मध्यप्रदेश को प्राप्त आवंटन/लक्ष्य का कितना प्रतिशत है? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित पात्रता/पैमाने अनुसार प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कितने लोग आवास योजना अंतर्गत पात्र हैं? ग्रामवार सूची उपलब्ध करावें इनमें से कितने लोगों को आवास स्वीकृत किये जाकर प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है एवं शेष हितग्राहियों को कब तक आवास स्वीकृत होंगे? (घ) क्या आवास हेतु पात्र व्यक्तियों/परिवारों के परीक्षण हेतु अधिकारी/कर्मचारी के दल द्वारा निरीक्षण किया था? यदि हाँ, तो क्‍या निरीक्षण दल ने प्रश्नांश (क) में उल्लेखित प्रावधान अनुसार जाँच की है? यदि नहीं, तो क्‍या जाँच में विसंगतियों का स्वतः संज्ञान लिया जाकर पात्र व्यक्तियों को आवास उपलब्ध कराने हेतु प्रभावी कार्यवाही की जावेगी व जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत् हितग्राहियों का चयन सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना-2011 (SECC-2011) में सूचीबद्ध परिवारों की परस्पर वंचितता की तीव्रता के आधार पर करने के दिशा-निर्देश हैं। सर्वोच्च प्राथमिकता आवासहीन परिवारों को, दूसरी प्राथमिकता शून्य कक्ष कच्चा परिवारों को एवं तीसरी प्राथमिकता एक कक्ष कच्चा श्रेणी आवास परिवारों को वंचितता की तीव्रता के क्रम से देने की है। SECC-2011 के अनुसार मध्यप्रदेश में 23,023 आवासहीन 53,562 शून्य कक्ष कच्चा आवास एवं 29,22,647 एक कक्ष कच्चा आवास वाले परिवार हैं। भारत सरकार ने वर्ष 2019 तक के लिए मध्यप्रदेश के लिए 11.78 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें से वर्ष 2016-17 के लिए 4.48 लाख व वर्ष 2017-18 के लिए 4.96 लाख आवास का लक्ष्य निर्धारित है। इसके विरूद्ध प्रदेश में विभिन्न ग्रामों के लिए 9.44 लाख लक्ष्य देते हुए हितग्राहियों के भौतिक सत्यापन पश्चात् पात्र पाये जाने वाले परिवारों को स्वीकृति के निर्देश दिये गये हैं। (ग) सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामों में लक्षित हितग्राही संख्या 3509 है, जिनमें से 1024 हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि जारी की गई है। शेष हितग्राहियों की पात्रता का भौतिक सत्यापन एवं भारत सरकार की वेबसाईट पर स्वीकृति की प्रकिया पूरी होने पर स्वीकृति संभव है। स्वीकृत प्रकरणों की ग्रामवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) SECC-2011 में सूचीबद्ध परिवारों की पात्रता का भौतिक सत्यापन कराये जाने के उपरांत अपात्रों को चिन्हित कर पात्रता क्रम में अगले परिवार का चयन करने की प्रकिया अपनाई गई है। SECC-2011 में सूचीबद्ध परिवारों में नाम जोड़ना अथवा संशोधन करना राज्य शासन के क्षेत्राधिकार में नहीं है।

विशेष औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति

[वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार]

7. ( *क्र. 4361 ) श्री चेतन्‍य कुमार काश्‍यप : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रतलाम में बांगरोद के 33.500 हेक्‍टेयर तथा करमदी के 18.150 हेक्‍टेयर क्षेत्र में निर्माणाधीन विशेष औद्योगिक क्षेत्रों की क्‍या स्थिति है? इसके उद्योग कब से प्रारंभ होंगे? (ख) करमदी में बन रहे नमकीन कलस्‍टर में अब तक कितना काम हो चुका है? यह कब तक पूरा होगा? (ग) इसमें अब तक कितने प्‍लॉट आवंटित किये जा चुके हैं?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) रतलाम जिले के औद्योगिक क्षेत्र बांगरोद एम.एस.एम.ई. विभाग के अधीन जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र रतलाम के आधिपत्‍य में है। विभाग के अंतर्गत रतलाम जिले के औद्योगिक क्षेत्र करमदी में 18.15 हेक्‍टेयर भूमि पर दिनांक 22.12.2015 को अधोसरंचना विकास कार्य प्रारंभ किये गये हैं। औद्योगिक क्षेत्र करमदी में दिसंबर 2018 तक उद्योग प्रारंभ होने की संभावना है। (ख) करमदी में बन रहे नमकीन क्‍लस्‍टर में अभी तक निम्‍न निर्माण कार्य पूर्ण किये गये हैं :- 3.0 कि.मी. सीमेंट कांक्रीट रोड, 2.5 कि.मी. स्‍ट्रॉम वाटर ड्रेन, जल प्रदाय हेतु 2.20 कि.मी. पाईप लाईन का कार्य, 2.72 कि.मी. सीवर लाईन, बॉटम डोम स्‍तर तक पानी की टंकी का कार्य, अपर डोम स्‍तर तक भूमि का सम्‍पवैल निर्माण कार्य। दिनांक 31.12.2017 तक कार्य पूर्ण होना संभावित हैं। (ग) नमकीन क्‍लस्‍टर करमदी जिला रतलाम में अभी तक 05 प्‍लाट आवंटित किये गये हैं।

मनरेगा के तहत् स्वीकृत कार्यों में मजदूरी का भुगतान

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

8. ( *क्र. 3690 ) श्री रामनिवास रावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) माह जनवरी, 2017 की स्थिति में श्योपुर जिले में मनरेगा के तहत् स्वीकृत कार्यों में कितने कार्य अपूर्ण एवं अप्रारम्भ हैं? अपूर्ण रहने के क्या कारण हैं इन कार्यों में कितनी राशि का भुगतान क्रय की गई सामग्री एवं कितना मजदूरी का किया जाना शेष है? अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने एवं मजदूरों को शेष राशि का भुगतान कब तक करा दिया जावेगा। जनपदवार जानकारी देवें (ख) वर्ष 2016-17 में मनरेगा के तहत् कौन-कौन से कार्य, कितनी राशि के कब स्वीकृत कर किसे एजेंसी बनाया गया है? इन पर प्रश्‍न दिनांक तक कितना व्‍यय किया गया, कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत करने पर किस कारण से रोक लगी हुई है? (ग) क्या मनरेगा अधिनियम की अनुसूची II पैरा 29 के प्रावधानों के अनुरूप मजदूरी भुगतान में 15 दिनों से अधिक देरी से किये गए सभी भुगतानों के लिए क्षतिपूर्ति तुरंत प्रदान करने के आदेश हैं? यदि हाँ, तो उक्त आदेशों के क्रम में श्‍योपुर जिले में कुल कितनी क्षतिपूर्ति राशि दी जाना थी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) माह जनवरी 2017 की स्थिति में श्‍योपुर जिले में महात्‍मा गांधी नरेगा के तहत् स्‍वीकृत कार्यों में से 3419 कार्य अपूर्ण हैं। जिनकी जनपद वार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। योजना मांग आधारित होने से कार्यों का पूर्ण होना जॉबकार्डधारी श्रमिकों द्वारा रोजगार की मांग पर निर्भर है। इन कार्यों में सामग्री व मजदूरी का भुगतान शेष नहीं है। (ख) वर्ष 2016-17 में महात्‍मा गांधी नरेगा के तहत् खेल मैदान, शांतिधाम, आंगनवाड़ी, सुदूर सड़क एवं तालाब आदि 384 कार्य रू. 2114.56 लाख के स्‍वीकृत किए गए। क्रियान्‍वयन ऐजेन्‍सी संबंधित ग्राम पंचायत है। प्रश्‍न दिनांक तक राशि रू. 755.21 लाख व्‍यय किए गए। महात्‍मा गांधी नरेगा के तहत् मजदूरी मूलक कार्य जिनसे स्‍थाई परिसम्‍पत्‍तियों का निर्माण होता है, को छोड़कर शेष पर रोक है। (ग) जी हाँ। श्‍योपुर जिले में कोई क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित नहीं है।

वित्‍तीय अनियमितता के दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही  

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

9. ( *क्र. 4602 ) पं. रमेश दुबे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में मनरेगा स्‍कीम के तहत् वित्‍तीय अपराध करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों/सरपंचों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु किन नियमों में क्‍या प्रावधान हैं? नियम एवं आदेश-निर्देश की प्रति संलग्‍न करें (ख) क्‍या ग्राम पंचायत जमुनिया विकासखण्‍ड चौरई जिला-छिन्‍दवाड़ा में मोक्षधाम निर्माण, फर्जी जॉब कार्ड के आधार पर मजदूरी में अनियमितता तथा नियम विरूद्ध पशु शेड निर्माण में हितग्राहियों का चयन, बिना तकनीकि स्‍वीकृति के भुगतान, स्‍वीकृत राशि से अधिक भुगतान के लिए पूर्व सरंपच, सचिव एवं इंजीनियर्स को वित्‍तीय अपराध का दोषी पाया गया है? यदि हाँ, तो दोषियों के नाम, पता एवं पदनाम सहित जानकारी दें? (ग) अभी तक दोषियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने के क्‍या कारण हैं? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या यह माना जाय कि जनपद पंचायत और जिला पंचायत के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी दोषियों को प्रश्रय दे रहे हैं? यदि नहीं, तो कब तक दोषियों के विरूद्ध थाने में समस्‍त सुसंगत दस्‍तावेजों सहित प्राथमिकी दर्ज करा दी जावेगी? (घ) क्‍या शासन, पृथक-पृथक समय पर तीन बार जाँच में ग्राम पंचायत जमुनिया के पूर्व सरपंच, सचिव व इंजीनियर्स को वित्‍तीय अपराध का दोषी पाये जाने पर भी उनके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज नहीं करने, वित्‍तीय अपराधियों को प्रश्रय देने वाले अधिकारियों को भी वित्‍तीय अपराध के दोषियों के साथ सह आरोपी बनाते हुए उनके विरूद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश देगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) मध्‍यप्रदेश में महात्‍मा गांधी नरेगा योजना के तहत् वित्‍तीय अपराध करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों/सरपंचों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु पृथक से कोई विशेष प्रावधान नहीं है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता है। वित्‍तीय अपराध एवं अनियमितता की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दण्‍ड संहिता, भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम (1988), पंचायतराज एवं ग्राम स्‍वराज अधिनियम 1993, मध्‍यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 एवं संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की संविदाकर्मी की सेवा-शर्तों के तहत् यथोचित कार्यवाही करने की व्‍यवस्‍था है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) सिद्ध पायी गयी अनियमितता के लिए संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार कार्यवाही की गयी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्‍त्‍ारांश (ग) अनुसार प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

स्‍कूल की भूमि पर अनाधिकृत निर्माण  

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( *क्र. 4884 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या अनूपपुर जिले के नगर पंचायत जैतहरी के बालक हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूल जैतहरी की भूमि पर निकाय ने दुकान का निर्माण कराया है? यदि हाँ, तो दुकान निर्माण की लागत बताते हुए जानकारी देवें कि स्‍कूल की भूमि पर शासन या किस सक्षम अधिकारी से स्‍वीकृति‍ उपरांत निर्माण कराया गया है तथा इस अवैधानिक कृत्‍य पर कलेक्‍टर का अभिमत देवें तथा सक्षम कार्यवाही से अवगत कराएं। (ख) क्‍या म.प्र. शासन व मुख्‍यमंत्री की घोषणा अनुसार हॉकर्स जोन के लिए वार्ड क्रमांक 8 हायर सेकेण्‍ड्री स्‍कूल के सामने स्‍थल चयन कर नगर के फेरीवाले हॉकर्स को परिचय प्रमाण पत्र निकाय द्वारा जारी किया गया है? यदि हाँ, तो उनके नाम, पता तथा जोन में निर्मित शाप               किन-किन हॉकर्स को आवंटित की गयी है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या फुटहा तालाब में विधायक निधि से वर्ष 2008-09 के मध्‍य घाट निर्माण कराया गया था? यदि हाँ, तो कितनी राशि व्‍यय की गयी थी? क्‍या घाट बिना किसी सक्षम स्‍वीकृति‍ के अध्‍यक्ष व सी.एम.ओ. ने तोड़कर आर्थिक क्षति पहुँचाते हुए नियम विरूद्ध आचरण किया है? यदि हाँ, तो संयुक्‍त संचालक नगरीय प्रशासन रीवा के                 पत्र क्र. संस/संचा./शिका.शा./जैतहरी/2016/1247 रीवा दिनांक 25.06.2016 से जाँच प्रतिवेदन अवर सचिव, म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं पर्यावरण मंत्रालय वल्‍लभ भवन, भोपाल को भेजा है? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन का विवरण उपलब्‍ध कराते हुए दोषी अध्‍यक्ष का वित्‍तीय अधिकार समाप्‍त कर अभियोजन की कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। दुकान निर्माण की लागत राशि रूपये 10.48 लाख है। स्‍कूल की भूमि पर (School Member of Development Comity) एस.एम.डी.सी. की बैठक दिनांक 01.07.2013 द्वारा पारित प्रस्‍ताव की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है तथा नगर परिषद् जैतहरी के संकल्‍प क्र. 53 दिनांक 12.08.2013 की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार दुकान निर्माण किया गया है, किन्‍तु शासन या कलेक्‍टर जिला अनूपपुर से कोई विधिवत अनुमति प्राप्‍त नहीं की गई, जो कि मध्‍यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 345 के अन्तर्गत अनिवार्य है। इस संबध में कलेक्‍टर से कोई अभिमत नहीं लिया गया। (ख) जी हाँ। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। घाट निर्माण कार्य में राशि रूपये 3,68,135.00 का व्‍यय हुआ। जी हाँ, बिना परिषद् या शासन की सक्षम स्‍वीकृति के घाट तोड़ने की कार्यवाही की गई जो नियम विरूद्ध आचरण सम्‍मत नहीं है। जी हाँ। जाँच प्रतिवेदन के विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जिसके परीक्षण उपरांत कार्यवाही की जा सकेगी।

दमोह जिले के वन परिक्षेत्र में स्‍वीकृत कार्य

[वन]

11. ( *क्र. 1450 ) श्री प्रताप सिंह : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के किन-किन वन परिक्षेत्र में वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य किस-किस मद से स्‍वीकृत किये गये हैं? कार्य का प्रकार, स्‍वीकृति की दिनांक, कार्य हेतु स्‍वीकृत राशि तथा सम्‍पादित कार्यस्‍थल का नाम आदि बतलावें? (ख) प्रश्नांश (क) में स्‍वीकृत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हैं तथा कितने आज दिनांक तक अपूर्ण हैं? कार्य के अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है? (ग) वन परिक्षेत्र तेजगढ़ की रिछायाउ बीट के कम्‍पार्टमेंट क्रमांक 50 में वर्ष 2016 में स्‍वीकृत प्‍लांटेशन कार्य की प्रत्‍येक तिमाही में प्राप्‍त आवंटन के विरूद्ध कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के सम्‍पादित किये गये? प्‍लांटेशन में कितने मीटर सी.पी.आर. पत्‍थर की खकरी प्रस्‍तावित थी तथा उसके विरूद्ध कितने मीटर निर्मित की जा चुकी है एवं कितने मीटर निर्मित होना शेष है? कार्य में संलग्‍न मजदूरों की बैंक खाता सूची एवं डी.पी.आर. की जानकारी उपलब्‍ध करावें (घ) वन विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों में कहाँ-कहाँ पर वृक्षारोपण कार्य किया गया है, प्रत्‍येक रोपणी में किस-किस प्रजाति के कितने-कितने पौधे रोपित किये गये हैं? प्रश्‍न दिनांक तक कितने पौधे जीवित हैं तथा कितने नष्‍ट हो गये हैं? पौधे नष्‍ट होने का क्‍या कारण रहा है एवं उन पर कितनी राशि व्‍यय की गई थी? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या विभाग द्वारा जाँच कर जिम्‍मेदारों पर कोई कार्यवाही की गई है अथवा नहीं?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2, 3 एवं 4 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 एवं 6 अनुसार है।

मिनी इंडोर स्टेडियम का निर्माण

[खेल और युवा कल्याण]

12. ( *क्र. 2778 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर परिसर पंधाना में प्रस्तावित मिनी इंडोर स्टेडियम निर्माण की क्या स्थिति है? (ख) कौन से कारणों से मिनी इंडोर स्टेडियम नहीं बन रहा है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) नगर परिसर पंधाना में प्रस्तावित इण्डोर खेल परिसर निर्माण की योजना को भारत सरकार के पत्र                                     क्र. 30-01/एम.वाई.ए.एस./आर.जी.के.ए./2015/6419/6428, दिनांक 05.11.2015 द्वारा योजना की पुनः समीक्षा के कारण स्थगित रखे जाने की जानकारी दी गई है। भारत सरकार का पत्र संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार।

परिशिष्ट - ''पाँच''

जनपद पंचायत पवई एवं शाहनगर के अंतर्गत स्‍वीकृत निर्माण कार्य

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

13. ( *क्र. 3861 ) श्री मुकेश नायक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                           (क) जनपद पंचायत पवई एवं शाहनगर के अंतर्गत वर्ष 2014 से दिसम्‍बर 2016 तक ऐसे कितने स्‍वीकृत निर्माण कार्य हैं, जो समय-सीमा में पूर्ण नहीं हुये हैं। (ख) स्‍वीकृत निर्माण कार्य समयावधि में पूर्ण नहीं होने पर उत्‍तरदायी अधिकारियों के विरूद्ध विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है। (ग) अपूर्ण कार्यों से संबंधित अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही की गई है। (घ) अपूर्ण निर्माण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जाएगा।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (घ) महात्‍मा गांधी नरेगा के अंतर्गत निर्माण कार्यों को पूर्ण कराना ग्राम पंचायतों में उपलब्‍ध श्रमिकों द्वारा रोजगार की मांग पर निर्भर होने से कार्यों को पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित नहीं की जाती है। प्रश्‍नाधीन अवधि में जनपद पंचायत पवई एवं शाहनगर के अंतर्गत स्‍वीकृत कार्यों में से वर्तमान में 2431 कार्य अपूर्ण हैं। नये कार्य स्‍वीकृत करने के पूर्व अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने के लिए समय-समय पर निर्देश दिए गए हैं। किसी अधिकारी के दोषी होने की स्थिति नहीं है।

धार्मिक स्‍थलों के निर्माण कार्य 

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

14. ( *क्र. 3519 ) श्री सचिन यादव : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 6294, दिनांक 15 मार्च 2016 एवं प्रश्‍न क्रमांक 1020, दिनांक 08 दिसम्‍बर 2016 के परिप्रेक्ष्‍य में की गई कार्यवाही का तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) क्‍या उक्‍त कार्य धार्मिक स्‍थलों के लिए अति आवश्‍यक हैं और श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा हुआ होने से उक्‍त कार्यों में विलंब क्‍यों किया जा रहा है? (ग) प्रश्‍नांकित दिनांक तक की स्थिति में तत्‍संबंधी ब्‍यौरा दें तथा उक्‍त कार्यों को कब तक प्रांरभ कर पूर्ण कर दिया जायेगा? सुनिश्चित कर तत्‍संबंधी ब्‍यौरा दें 

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 6292, दिनांक 15 मार्च 2016 एवं प्रश्‍न क्रमांक 1020, दिनांक 08 दिसम्‍बर 2016 के परिप्रेक्ष्‍य में जिला खरगोन के निम्‍नानुसार धार्मिक स्‍थलों को उनके नाम के सम्‍मुख दर्शाई राशि के प्रस्‍ताव कार्यालय कलेक्‍टर जिला खरगोन द्वारा संभागायुक्‍त इंदौर को प्रेषित किये गये हैं। (1) माता मंदिर ग्राम पानवा रू. 15.00 लाख (2) शालीवाहन मंदिर ग्राम नावडाटोडी रू. 15.00 लाख (3) श्री राम मंदिर कठोरा रू. 10.00 लाख (4) माता मंदिर ग्राम सगुर-भगुर रू. 10.00 लाख। (ख) एवं (ग) तकनीकी प्रस्‍ताव कलेक्‍टर/संभागायुक्‍त के माध्‍यम से विभाग को प्राप्‍त होने पर आवश्‍यक कार्यवाही की जायेगी। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

उद्योगों की स्‍थापना हेतु भूमि का अधिग्रहण

[वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार]

15. ( *क्र. 440 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) प्रदेश के किन-किन जिलों में कितनी-कितनी भूमि विगत 5 वर्षों में उद्योगों की स्‍थापना हेतु अधिग्रहण की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित अवधि में कितनी-कितनी भूमि किन-किन औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गई है? (ग) आवंटित भूमि में से किन-किन औद्योगिक इकाइयों द्वारा उद्योगों की स्‍थापना का कार्य पूर्ण कर लिया गया है? (घ) कितनी इकाइयों के भूमि आवंटन निरस्‍त किये गये? इसके क्‍या कारण हैं? इकाइयों के नाम सहित बताया जाये।

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) विगत 05 वर्षों में प्रदेश के 05 जिलों में 224.484 हेक्‍टेयर निजी भूमि एम.पी. ट्रायफेक के अधीनस्‍थ मध्‍यप्रदेश औद्योगिक केन्‍द्र विकास निगम/ आय.आय.डी.सी. ग्‍वालियर दवारा, भूमि अर्जन अधिनियम, 1894/भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्‍यवस्‍थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 अंतर्गत की गई है। अधिग्रहित भूमि का जिलेवार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में उद्योगों की स्‍थापना हेतु अधिग्रहित भूमि विकासाधीन होने के कारण यह भूमि औद्योगिक इकाइयों को आवंटित होने की स्थिति में नहीं है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के संदर्भ में उद्योगों की स्‍थापना का कार्य पूर्ण होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के संदर्भ में भूमि आवंटन निरस्‍त किये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''छ:''

विधायक विकास निधि नियमावली में संशोधन  

[योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी]

16. ( *क्र. 1082 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधायक विकास निधि पूर्व से संचालित नियमों के आधार पर प्रदाय होती आ रही है और नियमों को बनाये हुये शासन को काफी लम्‍बा समय हो गया है? क्‍या उक्‍त नियमावली में नये नियम शामिल किये जाने का प्रावधान है? (ख) क्‍या सभी विधायकों, मा. मंत्रियों के क्षेत्रों में शा. महाविद्यालय, हा.से. स्‍कूल, हाई स्‍कूल, मा. शालायें प्राथमिक शालायें, शा. अस्‍पताल तहसील कार्यालय, एस.डी.एम. कोर्ट, न्‍यायालय आदि बस स्‍टेण्‍ड, रेल्‍वे स्‍टेशन आदि कार्यालय हैं? इन स्‍थानों पर विधायक निधि‍ से वाटर कूलर लगाये जाने का नियम विधायक निधि की नियमावली में शामिल करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक समयावधि बतायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ग) क्‍या विधायक निधि मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरूद्वारा, चर्च आदि के लिये भी नहीं दी जा सकती है? क्‍या ऐसे वर्णित स्‍थानों के मरम्‍मत या सुधार कार्य के लिये राशि दी जा सकती है? यदि हाँ, तो आदेश जारी करें? यदि नहीं, तो कारण बतायें तथा वर्णित स्‍थानों की राशि किस प्रकार से दी जा सकती है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना मार्गदर्शिका वर्ष 2013 में बनाये गये हैं। उक्त मार्गदर्शिका की कंडिका 4.4 के प्रावधान अनुसार संशोधन संभव है।                    (ख) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट में दी गई सूची के अनुसार कार्यों को किये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में संशोधन का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की मार्गदर्शिका की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट में दी गई सूची के अनुसार कार्यों को किये जाने का प्रावधान है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''सात''

टीकमगढ़ जिले के प्राचीन मंदिरों का रख-रखाव

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

17. ( *क्र. 2929 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) टीकमगढ़ जिले में विगत तीन वर्षों में विभाग के द्वारा कितनी-कितनी राशि प्राचीन मंदिरों के रख-रखाव हेतु दी गई? मंदिरवार, तहसीलवार, वर्षवार बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित मंदिरों को जो राशि स्वीकृत की गई है, उससे कौन से कार्य स्वीकृत किये गये? कितनी राशि जारी की गई और कार्य की एजेंसी कौन है? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित जो कार्य स्वीकृत हुये हैं, वह कब तक पूर्ण होंगे और समय-सीमा में कार्य पूर्ण न कराने के लिये कौन दोषी है, दोषी व्यक्ति के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में महाविद्यालय की स्‍थापना

[उच्च शिक्षा]

18. ( *क्र. 4632 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में एक ही शासकीय स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालय है? क्‍या आबादी के अनुपात में यह पर्याप्‍त है? (ख) गाडरवारा तहसील अंतर्गत नगर पंचायत सांईखेड़ा में कई हाईस्‍कूल हैं तथा आबादी का घनत्‍व भी अत्‍यधिक है, उस अनुपात में महाविद्यालय क्‍यों नहीं खोला जा रहा है? (ग) क्‍या क्षेत्रीय जनता तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा आवेदन के माध्‍यम से सांईखेड़ा में भी एक महाविद्यालय खोलने की मांग की गई है? यदि हाँ, तो कब तक महाविद्यालय खोला जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्तमान में सीमित वित्‍तीय संसाधनों को दृष्टिगत कर नवीन शासकीय महाविद्यालय खोले जाने में कठिनाई है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत संचालित कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( *क्र. 4797 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) स्वच्छ भारत मिशन (शहर) के तहत् योजना प्रारंभ दिनांक से प्रश्न दिनांक तक नगर पालिक निगम कटनी को कब-कब, कितनी-कितनी राशि/सहयोग किस विभाग/व्यक्ति/संस्था से प्राप्त हुई? इस अनुदान राशि को किस-किस कार्य में, कितना कब व्यय किया गया? इस समयावधि में नगर पालिक निगम, कटनी द्वारा इस योजनांतर्गत अपने कोष से                 कितना-कितना व्यय, किस-किस कार्य में कब किया गया? (ख) शासन की व्‍यक्तिगत शौचालय (अनुदान) योजनांतर्गत किस वार्ड के कितने व्‍यक्तियों ने शौचालय हेतु सहमति दी एवं उसमें से कितने व्‍यक्तियों ने अपने हिस्‍से की राशि जमा की तथा किस वार्ड में कितने-कितने शौचालय निर्माण पूर्ण हुए?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

वाटर शेड परियोजना का क्रियान्‍वयन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( *क्र. 3234 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) विदिशा जिले के वाटर शेड की कितनी परियोजनाएं वर्ष 2014-15 से वर्ष 2015-16 में स्‍वीकृत हुईं हैं? इनमें से कौन-कौन से कार्य प्रारंभ हुये एवं कौन-कौन से कार्य प्रारंभ नहीं हुए हैं? विधान सभा क्षेत्रवार जानकारी देवें। (ख) विधान सभा क्षेत्र गंजबासौदा की तहसील बासौदा, त्‍यौंदा एवं ग्‍यारसपुर में निर्माणाधीन वाटर शेड में किन-किन कार्यों हेतु कितना-कितना भुगतान किया गया है एवं कितने कार्य किए गये हैं? किन-किन अधिकारियों द्वारा किये गये कार्यों का भौतिक सत्‍यापन किया गया है? वाटर शेडवार जानकारी देवें। (ग) प्रश्‍नकर्ता के क्षेत्र में वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में नई परियोजना स्‍वीकृत/प्रस्‍तावित है, तो जानकारी देवें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ग) जी नहीं।

भानपुर खंती के आसपास भूमिगत जल स्‍त्रोतों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( *क्र. 3467 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भोपाल जिले के भानपुर खंती के आसपास स्थित हैण्‍डपंप/नलकूप/कुओं के जल का परीक्षण कब-कब किया? वर्ष 2014, 20152016 की जानकारी देते हुए रिपोर्ट की एक-एक प्रति दें (ख) प्रश्नांश (क) के तहत् क्‍या 05 अप्रैल, 2016 को भोपाल नगर निगम ने एन.जी.टी. को मौजूद जलस्‍त्रोतों की रिपोर्ट सौंपी थी? क्‍या रिपोर्ट में जलस्‍त्रोतों का पानी पीने योग्‍य नहीं पाया गया? रिपोर्ट की प्रति देते हुए जानकारी दें (ग) प्रश्नांश (क) (ख) के तहत् उक्‍त क्षेत्र के नागरिकों का पेयजल का मुख्‍य स्‍त्रोत क्‍या है? क्‍या भोपाल नगर-निगम उक्‍त संपूर्ण क्षेत्र में पेयजल उपलब्‍ध करा रहा है? यदि नहीं, तो किन-किन क्षेत्रों में उपलब्‍ध नहीं हो पा रहा है? (घ) प्रश्नांश (क) (ख) के तहत् क्‍या यहां के निजी नलकूपों के दूषित जल को निजी टैंकरों के माध्‍यम से सप्‍लाई किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इसकी रोकथाम के क्‍या उपाए किए जा रहे हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भानपुर खंती के आसपास स्थित हैण्‍ड पंप/नलकूप का जल परीक्षण वर्ष 2015 एवं वर्ष 2016 में किया गया। जल परीक्षण की रिपोर्ट की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। रिपोर्ट की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उक्‍त क्षेत्र में नागरिकों के पेयजल का मुख्‍य स्‍त्रोत नर्मदा जल है। नगर निगम उक्‍त सम्‍पूर्ण क्षेत्र में नर्मदा जल वितरण नलिकाओं के माध्‍यम से उपलब्‍ध करा रहा है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। निजी नलकूपों से दूषित जल का निजी टैंकरों के माध्‍यम से सप्‍लाई की जानकारी नगर निगम को नहीं मिली है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''आठ''

मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजनांतर्गत कराये गये विवाहों की जाँच

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( *क्र. 1970 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर परिषद हिण्‍डोरिया जिला दमोह में वर्ष 2010-11 से प्रश्‍न दिनांक तक मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजनान्‍तर्गत कितने विवाह कराये गये? (ख) क्‍या मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना में विवाहितों जिनके 2-2, 3-3 बच्‍चे हैं, उनकी भी शादियां कराई गईं? क्‍या इनकी जाँच समिति बनाकर कराई जाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही कराना सुनिश्चित करायेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) वर्ष 2010-11 से प्रश्‍न दिनांक तक 740 विवाह मुख्‍य मंत्री कन्‍यादान योजनांतर्गत कराये गये। (ख) जी नहीं। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दोषी सचिव के विरूद्ध कार्यवाही 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

23. ( *क्र. 4708 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                       (क) सी.एम. हेल्‍प लाईन के शिकायत क्र. 1169148, दिनांक 13-08-2015 की जाँच मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी गंगेव से कराई गई, जिसमें सचिव को दोषी पाया गया, फलस्‍वरूप जिला पंचायत रीवा के पत्र क्र. 5661 रीवा दिनांक 14-01-2016 द्वारा दोषी पर कार्यवाही हुई। उक्‍त पत्र का पालन हुआ की नहीं, नहीं तो क्‍यों, कौन दोषी है। (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो उक्‍त सचि‍व के पदस्‍थापना अवधि में कितने कार्य कराये गये। क्‍या कार्यों के न होने के बावजूद भी स्‍वीकृत राशि आहरित कर ली गई। क्‍या उक्‍त कार्यों की जाँच उच्‍चस्‍तरीय समिति गठित कर करायेंगे तथा दोषी के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की जायेगी। (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) हाँ तो उक्‍त सचि‍व से आहरित राशि की वसूली कराकर दोषी के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

महाविद्यालयों में रिक्‍त पदों की पूर्ति 

[उच्च शिक्षा]

24. ( *क्र. 3697 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्रांतर्गत आने वाले महाविद्यालयों में प्राचार्य सहित प्राध्‍यापकों एवं कार्यालयीन स्‍टॉफ के पद लंबे समय से खाली हैं? क्‍या इन महाविद्यालयों में छात्र/छात्राओं की संख्‍या 700 से अधिक है? (ख) इन दोनों महाविद्यालयों में रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। क्षेत्रांतर्गत शासकीय महाविद्यालय चंदेरी तथा ईसागढ़ में शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक संवर्ग में स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की महाविद्यालयवार, विषयवार एवं तृतीय-चतुर्थ की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। केवल शासकीय माधव महाविद्यालय चन्देरी में छात्र/छात्राओं की कुल संख्या 734 है तथा शासकीय महाविद्यालय ईसागढ़ में छात्र/छात्राओं की संख्या 315 है। (ख) शैक्षणिक रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग से दिनांक 19.02.2016 को विषयवार विज्ञापन जारी किया जा चुका है। लोक सेवा आयोग से चयनित अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त होने पर रिक्त पदों की पूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जावेगी। तृतीय संवर्ग में रिक्त पदोन्नति के पदों की पूर्ति स्थानांतरण/पदोन्नति से की जावेगी तथा तृतीय तथा चतुर्थ श्रेणी संवर्ग के स्वीकृत आउट सोर्स के पदों की पूर्ति हेतु दिनांक 05.02.2017 को विज्ञप्ति जारी की गई है। अतः पदों की पूर्ति हेतु निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

अमानगंज में अवैध उत्‍खनन

[खनिज साधन]

25. ( *क्र. 3289 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पन्‍ना जिले की तहसील अमानगंज के ग्राम भरकुआ में श्री नरेन्‍द्र बागरी निवासी फुलदरी के नाम के किसी व्‍यक्ति का खदान एवं क्रशर यूनिट स्‍वीकृत एवं संचालित है? (ख) यदि हाँ, तो इस क्रशर यूनिट एवं खदान के संबंध के संचालन की म.प्र. प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड सागर की अनुमति/अनापत्ति किस आदेश क्र. एवं दिनांक से जारी हुई? क्‍या बिना पर्यावरण विभाग के अनुमति के क्रशर एवं खदान संचालन का कार्य प्रारंभ किया जा सकता है? (ग) यदि नहीं, तो ग्राम भरकुआ के निवासियों द्वारा अवैध उत्‍खनन एवं क्रशर संचालन बन्‍द करने के लिये दिये गये आवेदन दिनांक 30.02.2017 पर प्रशासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) यदि क्रशर यूनिट बिना पर्यावरण की अनुमति/अनापत्ति के संचालित हैं तो उसके लिये कौन दोषी हैं? अवैध रूप से संचालित क्रशर यूनिट संचालक एवं दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही करेंगे?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में प्रश्‍नाधीन व्‍यक्ति के नाम क्रशर द्वारा गिट्टी निर्माण हेतु पत्‍थर खनिज का उत्‍खनिपट्टा स्‍वीकृत है। वर्तमान में स्‍वीकृत खदान एवं क्रशर संचालित नहीं है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्रशर यूनिट को मध्‍यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पत्र क्रमांक 3845, 3846 दिनांक 06.03.2014 को जल एवं वायु सम्‍मति तथा सिया द्वारा पर्यावरण स्‍वीकृति दिनांक 17.05.2013 से प्राप्‍त हुई थी। मध्‍यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दी गई सम्‍मति की वैधता दिनांक 15.07.2016 तक थी। जी नहीं। (ग) प्रश्‍नानुसार प्राप्‍त शिकायत की जाँच राजस्‍व एवं खनिज विभाग द्वारा की गई। जिसमें क्रशर तथा मौके पर उत्‍खनन कार्य संचालित होना नहीं पाया गया। मौके पर पूर्व में उत्‍खनन कार्य किया जाना पाया गया। (घ) प्रश्‍नांश (ग) में दिये उत्‍तर अनुसार क्रशर यूनिट संचालित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


आलोट महाविद्यालय में विज्ञान संकाय प्रारंभ करना

[उच्च शिक्षा]

1. ( क्र. 66 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनवरी २०१६ में माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने आलोट महाविद्यालय में विज्ञान संकाय प्रारंभ करने की घोषणा की थी? विभाग ने उक्‍त घोषणा के अमल पर अब तक क्‍या कार्यवाही की? (ख) क्‍या एक वर्ष बीत जाने के बाद भी महाविद्यालय में विज्ञान संकाय के टीचर्स नहीं आये व विज्ञान संकाय प्रारंभ नहीं किया गया? यदि हाँ, तो क्‍या कारण है? (ग) माननीय मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा पर कब तक पूर्ण अमल होगा? घोषणा पालन में देरी के लिए कौन जिम्‍मेदार है? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। आलोट महाविद्यालय में विज्ञान संकाय प्रारंभ करने की अनुमति मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय के आदेश क्रमांक एफ 23-1/2016/38-2, दिनांक 07.09.2016 के द्वारा प्रदान की गई है, जानकारी संलग्न परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) विज्ञान संकाय में वर्तमान में कोई भी छात्र/छात्राओं ने प्रवेश नहीं लिया है, इस कारण टीचर्स की नियुक्ति नहीं की गई है। (ग) प्रश्नांश '' एवं '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

मध्यान्ह भोजन पकाने हेतु गैस कनेक्शन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

2. ( क्र. 108 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) क्या शासकीय शालाओं में स्व-सहायता समूह द्वारा लकड़ी जलाकर चूल्हों पर मध्यान्ह भोजन पकाया जाता हैं? (ख) क्या शालाओं में चूल्हों के धुएं से प्रदूषण होता है? (ग) यदि हाँ, तो क्या शासन इन समूहों को गैस कनेक्शन प्रदाय करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) यदि नहीं, तो क्या समूहों के लिये गैस कनेक्शन लेने की अनिवार्यता की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) रसोई गैस एवं जलाऊ लकड़ी से भोजन पकाया जाता है।   (ख) चूल्हों में लकड़ी जलाने पर धुएं से वायु प्रदूषित होती है। (ग) उपलब्ध वित्तीय संसाधनों से 32850 गैस कनेक्शन हेतु राशि जारी की गई है। (घ) वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

स्व रोजगार योजना अंतर्गत ऋण के लक्ष्‍य का निर्धारण 

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

3. ( क्र. 109 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उद्योग विभाग द्वारा बैंकों को लक्ष्यों के अनुसार स्वरोजगार योजना के अंतर्गत ऋण प्रकरण भेजे जाते हैं? (ख) यदि हाँ, तो पनागर विधानसभा के अंतर्गत विकासखंड पनागर एवं बरेला में गत ३ वर्षों के बैंकवार लक्ष्य एवं पूर्ति की जानकारी देवें?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) जी हाँ। (ख) विकासखण्‍ड पनागर एवं बरेला में गत 3 वर्षों में तैयार बैंकवार लक्ष्‍य एवं पूर्ति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

ग्राम वन समितियों की भूमिका एवं कार्य

[वन]

4. ( क्र. 126 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में वन विभाग द्वारा विगत ५ वर्षों में कहां-कहां वन समिति बनाई गई है व इसमें कौन-कौन से व्‍यक्तियों को शामिल किया गया है? उसकी सूची दी जाये। (ख) प्रश्नांश के सन्दर्भ में ग्रामवन समिति को विगत ५ वर्षों में बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में क्या-क्या कार्य कराये गए हैं उस पर कितना-कितना खर्च हुआ समितिवार बतावें। इन कार्यों का भूमिपूजन किस प्रतिनिधि द्वारा कराया गया, यदि नहीं, तो क्यों नहीं कराया गया। (ग) बड़वाह वन विभाग में किन-किन मदों में कितनी कितनी राशि से क्षेत्रों के विभिन्न मदों में क्या-क्या कार्य जनता एवं वन सुरक्षा हेतु किए गए? जनता एव वनों की सुरक्षा हेतु क्रय की गई सामग्री विगत ५ वर्षों में कहाँ-कहाँ से क्रय की गई? सामग्री क्रय की निविदा की प्रति देवें। क्या व्यय की गई सामग्री पर वन समिति से ठहराव प्रस्ताव प्राप्त किया गया है? यदि हाँ, तो प्रस्ताव की कॉपी दी जावे। (घ) निर्माण अथवा किसी प्रकार के भुगतान में समिति की क्या भूमिका होती है? बड़वाह मंडल में ऐसे कितने प्रकरण हैं जिसमे बिना समिति के अथवा भूमिका के सामग्री क्रय कर ली गई अथवा कोई निर्माण कर लिया गया है, उसकी सूची देवें।

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) खरगोन जिले में वन विभाग द्वारा विगत 5 वर्षों में खरगोन वन मण्‍डल में 35 एवं बड़वाह वनमंडल में 32 वन समिति बनाई गई हैं जिनमें मध्‍यप्रदेश राजपत्र दिनांक 22.10.2001 के संकल्‍प के बिन्‍दु 6 के अनुसार उपरोक्‍त अवधि में गठित वन समितियों के कार्यकारिणी की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में ग्राम वन समिति के द्वारा विगत 5 वर्ष में वन सुरक्षा कार्य कराये गये हैं। वन सुरक्षा कार्य पर रूपये 5,97,295/- व्‍यय हुए हैं। समितिवार किए गए व्‍यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। सुरक्षा कार्य हेतु भूमिपूजन आवश्‍यक नहीं है। (ग) बड़वाह वनमंडल अन्‍तर्गत वनसुरक्षा मद में ग्राम वन समितियों के माध्‍यम से वन सुरक्षा कार्य किए गए हैं। जनता एवं वनों की सुरक्षा हेतु समितियों के माध्‍यम से विगत पाँच वर्षों में कोई सामग्री क्रय नहीं की गयी है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) निर्माण अथवा किसी प्रकार के भुगतान में मध्‍यप्रदेश शासन वन विभाग, मंत्रालय, वल्‍लभ भवन, भोपाल के आदेश क्रमांक/एफ 16-4/1991/10-2, दिनांक 19.05.2014 के बिन्‍दु क्रमांक-05 (ब) अनुसार समिति के खाते की राशि समिति द्वारा स्‍वयं अर्जित राशि होती है। अत: इस राशि का आहरण संबंधित संयुक्‍त वन प्रबंधन समिति के अध्‍यक्ष एवं सचिव के संयुक्‍त हस्‍ताक्षर से किया जाता है। समिति के खाते की राशि का आहरण आम सभा में लिये गये निर्णय अनुसार किये गये कार्यों के भुगतान हेतु किया जाता है। आम सभा की बैठक में संबंधित वन क्षेत्र में प्रभारी वनरक्षक/वनपाल एवं पदेन सदस्‍य की उपस्थिति अनिवार्य होगी, पत्र की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। बड़वाह वनमंडल में ऐसा कोई प्रकरण नहीं है जिसमें बिना समिति के अथवा भूमिका के सामग्री क्रय कर ली गई अथवा कोई निर्माण कर लिया गया है।

बड़वाह उद्योग विभाग की भूमि पर स्‍थापित कारखानों की स्थिति 

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

5. ( क्र. 161 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र, बड़वाह में निजी व्‍यवसायियों को उद्योग स्‍थापित करने के लिये शासन द्वारा कितनी भूमि उपलब्‍ध कराई गई है? उसका सर्वे नंबर रकबा सहित सम्‍पूर्ण जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार उपलब्‍ध कराई गई भूमि पर शासन द्वारा कितने उद्योगों को कितनी-कितनी (स्‍केअर फीट सहित) भूमि कब-कब दी गई वर्षवार, तिथिवार जानकारी दी जावे। उद्योग मालिकों द्वारा कब उद्योग प्रारम्‍भ किया गया? किस वस्‍तु का निर्माण किया जा रहा है? उद्योग की जानकारी के साथ ही मालिकों की जानकारी दी जावे। उद्योग संचालित किये जा रहे हैं तो पिछले एक वर्ष की प्रतिमाह विद्युत व्‍यय की जानकारी दी जावे? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार जिन उद्योगपतियों को भूमि आवंटित की गई है उनके द्वारा क्‍या वर्तमान में उद्योगों का संचालन किया जा रहा है? क्‍या जिस उद्देश्‍य से दिया गया है वे ही उपयोग कर रहे हैं। यदि नहीं, तो उद्योग कब से बंद है? इन बंद उद्योगों को शासन द्वारा भूमि रिक्‍त कराये जाने के क्‍या प्रावधान हैं? कितने व्‍यवसायियों को सूचना-पत्र जारी कर भूमि रिक्‍त कराने के प्रकरण सामने आये हैं? कितने प्रक्रियाधीन हैं?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) विधानसभा क्षेत्र बड़वाह में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) औद्योगिक क्षेत्र नर्मदा रोड बड़वाह में जिन इकाइयों को भूमि आंवटित की गई है, उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। औद्योगिक क्षेत्र सिरलाय में जिन इकाइयों को भूमि आंवटित की गई है, उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। विभाग द्वारा इकाइयाँ के प्रतिमाह विद्युत व्यय की जानकारी संधारित नहीं की जाती है। (ग) औद्योगिक क्षेत्र नर्मदा रोड बड़वाह में बंद इकाइयाँ तथा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। औद्योगिक क्षेत्र सिरलाय में बंद इकाइयों तथा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है।

कालोनाईजर द्वारा विकसित कॉलोनी

[नगरीय विकास एवं आवास]

6. ( क्र. 193 ) श्री कैलाश चावला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नीमच जिले के मनासा विधानसभा क्षेत्र के मनासा नगर के आस-पास 8 किलोमीटर क्षेत्र में विगत 15 वर्षों से कितनी कालोनियों का निर्माण किस-किस कालोनाईजर द्वारा किया गया।            (1) कालोनाईजर का नाम (2) कालोनी का क्षेत्रफल (3) कालोनाईजर का लायसेंस नम्‍बर (4) नगर एवं ग्रामीण निवेश से प्राप्‍त अनुमति (5) डायर्वसन की तारीख बतावें। (ख) उक्‍त कालोनाईजर द्वारा कालोनी विकास के टीएनसी एवं कालोनाईजर लायसेंस देते समय की विकास की शर्तों का क्‍या पूर्ण पालन किया गया है? (ग) क्‍या उक्‍त कालोनी पूर्ण विकसित की जाकर नगर परिषद् अथवा पंचायत को हैण्‍डओव्‍हर कर दी गई है? यदि हाँ, तो दिनांक बतावें। (घ) क्‍या इन कालोनाईजर द्वारा कालोनी का पूर्ण विकास नहीं किया गया? उनके विकास हेतु बंधक रखे गये प्‍लाटों को मुक्‍त कर दिया गया है। यदि हाँ, तो कालोनाईजर की जानकारी प्‍लाट मुक्‍त होने की दिनांक से तथा पूर्ण विकसित होने वाले प्रमाण पत्र की दिनांक व छायाप्रति देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

उद्योग स्‍थापना

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

7. ( क्र. 265 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में किन-किन जिलों में उद्योग स्‍थापना हेतु उद्योगपतियों के लिये निर्धारित कित‍ने-कितने प्‍लॉट्स विगत तीन वर्षों से अब तक खाली पड़े हैं? (ख) विगत तीन वर्षों में उक्‍त प्‍लॉटों का कितना-कितना प्रीमियम जमा हुआ? जिलेवार ब्‍यौरा दें. (ग) रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में लघु उद्योग स्‍थापना क्षेत्र अब तक क्‍यों नहीं बना? अनुसूचित जाति आरक्षित क्षेत्र की अनदेखी क्‍यों की जा रही है? कब तक औद्योगिक क्षेत्र स्‍थापित होगा?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) उज्जैन संभाग के जिलों में स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों में विगत तीन वर्षों से अब तक खाली पड़े प्लाट्स की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) खाली प्लाटों पर प्रीमियम लिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है।          (ग) औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना क्षेत्रीय निवेश पर्याप्त भूमि की उपलब्धता तथा क्षेत्र की मांग के आधार पर की जाती है। आलोट क्षेत्र में निवेश की संभावना एवं क्षेत्रीय मांग न होने से औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना नहीं की गई।

परिशिष्ट - ''तीन''

पंचायत सचिव एरियर्स घोटाला 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

8. ( क्र. 284 ) श्री चम्पालाल देवड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) देवास जिले की बागली जनपद पंचायत में कुल कितने पंचायत सचिव पदस्‍थ हैं, पंचायत सचिवों के एरियर्स भुगतान की प्रक्रिया क्‍या है? कौन-कौन अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रतिवेदन, गणना, अनुशंसा, हस्‍ताक्षर से एरियर्स का भुगतान किया जाता है? जनवरी 2014 के बाद कितने सचिवों को एरियर्स भुगतान किया गया है? प्रश्‍नांकित दिनांक तक सचिव वार जानकारी बतावें। (ख) प्रश्नांश (क) पंचायत सचिवों के एरियर्स भुगतान के प्रावधान क्‍या हैं? क्‍या बागली जनपद में जनपद व जिला पंचायत की मिलीभगत से उनके वा‍स्‍‍तविक भुगतान से कई गुणा अधिक राशि कमीशन लेकर डाल दी गई है? अगर हाँ तो इस प्रकरण में दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई, जाँच अधिकारी कौन-कौन थे, जाँच प्रतिवेदन में क्‍या बताया गया? (ग) क्‍या विगत कई वर्षों से पंचायत सरपंच, पंच, जनपद प्रतिनिधि का मानदेय व बैठक में दी जाने वाली राशि जनपद के द्वारा नहीं दी गई है व इन सारे मदों की राशि कमीशन प्राप्‍त कर एरियर्स के रूप में बांट दी गई है, अगर हाँ तो प्रकरण में निष्‍पक्ष जाँच कब तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जनपद पंचायत बागली की 118 ग्राम पंचायतों में 109 सचिव पदस्थ हैं। एरियर्स की गणना मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के अधीन उपलब्ध अमले द्वारा की जाती है और परीक्षण उपरान्त स्वीकृति देने के अधिकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को है। जनवरी 2014 के बाद 33 ग्राम पंचायत सचिवों को एरियर्स का भुगतान किया गया है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार हैं। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। जनपद पंचायत बागली में प्रश्नाधीन शासन आदेश दिनांक 24.07.2013 की गलत व्याख्या कर त्रुटिपूर्ण गणना कर कई गुना अधिक राशि का भुगतान एरियर्स के रूप में किया गया है। श्री जितेन्द्र सिंह ठाकुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बागली के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गई है और उन्हें निलम्बित किया गया है। लिपिक         श्री जगदीश शाक्यवार को निलम्बित कर उनके विरूद्ध पुलिस थाना, बागली में एफ.आई.आर. दायर कराई गई है। जनपद पंचायत बागली द्वारा पंचायत पदाधिकारियों को अगस्त 2016 तक की अवधि का मानदेय का भुगतान किया जाना प्रतिवेदित है। विस्तृत जाँच के लिए अपर संचालक (वित्त), पंचायतीराज संचालनालय को निर्देशित किया गया है।

वन ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं

[वन]

9. ( क्र. 291 ) श्री जतन उईके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर संभाग में कुल कितने वन ग्राम हैं? तहसीलवार वन परिक्षेत्र वन ग्रामों की जानकारी देवें? (ख) क्‍या वन ग्रामों में सड़क, बिजली, पानी इत्‍यादि जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध हैं? यदि हाँ, तो बतावें नहीं तो कारण सहित जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में कौन-कौन से उक्‍त वन ग्राम प्रश्नांश (ख) में दर्शित सुविधाओं से वंचित हैं और इनके लिए शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है?                       (घ) विद्युत विहीन वन ग्रामों में कब तक विद्युत सुविधा उपलब्‍ध करा दी जायेगी एवं सड़कविहीन वनग्रामों में सड़क मार्ग निर्माण कराकर उन्‍हें कब तक मुख्‍यधारा से जोड़ा जायेगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। सुविधा वि‍हीन वनग्रामों में सुविधा प्रदाय हेतु वनमंडल स्‍तर पर संबंधित विभागों से सम्‍पर्क स्‍थापित कर कार्यवाही की जा रही है। (घ) विद्युत एवं सड़क विहीन वनग्रामों में व्‍यवस्‍था हेतु वनमंडल स्‍तर पर विद्युत विभाग एवं लोक निर्माण विभाग से सम्‍पर्क स्‍थापित कर कार्यवाही की जा रही है।

वन भूमि पर निर्माण कार्य एवं वृक्षारोपण

[वन]

10. ( क्र. 292 ) श्री जतन उईके : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्रों में वन विभाग की कितनी वन भूमियां होकर उन पर शासन, विभाग द्वारा वर्तमान वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 में क्‍या-क्‍या कार्य किये गये हैं? (ख) क्‍या वन विभाग की उपरोक्‍त स्‍थलों पर भूमियां शासन विभाग के संरक्षण में होकर सुरक्षित हैं? क्‍या इन भूमियों पर किसी प्रकार का अतिक्रमण भी है? यदि हाँ, तो अतिक्रमण रोकने के लिए क्‍या-क्‍या कदम उठाए जा रहे हैं? (ग) क्‍या पिछले तीन वर्षों में उक्‍त वन भूमि पर भिन्‍न-भिन्‍न प्रकार के कार्य कराये गये हैं? यदि हाँ, तो किस-किस प्रकार के कार्य किन-किन स्‍थानों पर किए गए? (घ) वर्ष 2010-11 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक वन क्षेत्रों में कार्यों के लिए प्राप्‍त शासन विभागीय बजट की राशि/व्‍यय की जानकारी देवें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। इन भूमियों पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

विधायक कप टूर्नामेंट 

[खेल और युवा कल्याण]

11. ( क्र. 420 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में 2015-16 के विधायक कप टूर्नामेंट में कितने खिलाड़ि‍यों ने भाग लिया? जिलावार संख्‍या बतावें। (ख) क्‍या विजेता टीम के खिलाड़ि‍यों को खेल विभाग की तरफ से कोई प्रमाण पत्र दिये गये? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या विधायक कप के विजेता टीम को प्रदेश स्‍तर पर खिलाने की कोई योजना है? क्‍या मुख्‍यमंत्री कप के रूप में टूर्नामेंट की योजना नहीं होना चाहिए? (घ) विधायक कप टूर्नामेंट को विभाग की तरफ से कितनी राशि दी गई है? क्‍या यह राशि पर्याप्‍त है?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  पर है। (ख) जी नहीं। विजेता टीम के खिलाड़ि‍यों को विभाग द्वारा ट्रॉफी एवं मेडल प्रदाय किए गए थे। (ग) जी नहीं। जी हाँ, मुख्यमंत्री कप के रूप में विगत 02 वर्षों से प्रतियोगिता का आयोजन विभाग द्वारा किया जा रहा है। (घ) प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को विधायक कप के आयोजन हेतु राशि            रू. 30,000/- का आवंटन प्रदान किया गया था। जी हाँ।

परिशिष्ट - ''चार''

दिये गये ज्ञापन

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

12. ( क्र. 422 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) पिछले 2 वर्षों में प्रदेश के जिला पंचायतों व जनपद पंचायतों के अध्‍यक्ष, सदस्‍यों ने तथा सरपंचों व सचिवों ने कितने-कितने ज्ञापन कब-कब कहाँ-कहाँ अपनी मांगों को लेकर दिये उन पर शासन ने क्‍या आश्‍वासन दिये एवं क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) भारत शासन एवं म.प्र. शासन ने संविधान में संशोधन कर जो अधिकार पंचायतों को दिये थे, इनकों प्रभावित करते हुये कब-कब और क्‍या-क्‍या शासकीय आदेश शासन ने किये? जिसे लेकर पंचायतों के प्रतिलिपियां देते हुये बतायें कि ऐसे संशोधित आदेश जारी करने का क्‍या कारण है? (ग) उपरोक्‍त प्रश्‍नों के संदर्भ में जो मांगे पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों की है, क्‍या उनकी मांगे पूरी कर ली गई है? कौन-कौन सी मांगे लंबित है? कौन सी मांगे किस कारण से जायज नहीं हैं, जिसके कारण उन्‍हें पूरी नहीं की जा सकती है? विवरण देवें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) शासन को ज्ञापन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है और दिए गए आश्वासन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश पंचायतराज, स्वराज एवं ग्रामीण स्वराज अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया है जिससे पंचायतों के अधिकारी विपरीत रुप से प्रभावित होते हों। (ग) जानकारी उत्तरांश-'' अनुसार है।

वॉलीबॉल कॉलोनी एवं कस्बारेज कॉलोनी को मुंगावली नगरपालिका में शामिल करना 

[नगरीय विकास एवं आवास]

13. ( क्र. 424 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अशोक नगर जिले के मुंगावली शहर में स्थित वॉलीबॉल कॉलोनी जिसके लिये नगरपालिका मुंगावली ने शामिल करने का निर्णय लिया तथा प्रस्‍ताव शासन को भेजा है उस प्रस्‍ताव को शासन कब स्‍वीकृति देगा ताकि यह कॉलोनी वैध हो सकें तथा वहां के नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सकें? (ख) वॉलीबॉल कॉलोनी जो शहर के मध्‍य में है, नगरपालिका भवन से लगी हुई है, के कई मतदाताओं के नाम कस्‍बारेंज ग्राम पंचायत में आते है जिनको कब तक नगरपालिका की मतदाता सूची में जोड़ा जायेगा? (ग) ग्राम पंचायत कस्‍बारेंज जो कि मुंगावली शहर के चारों ओर फैली हुई है को मुंगावली नगरपालिका में शामिल करने हेतु प्रस्‍ताव नगरपालिका ने किया है। उस पर कब स्‍वीकृति मिलेगी व कस्‍बारेंज ग्राम पंचायत को मुंगावली नगरपालिका में कब तक शामिल किया जायेगा? (घ) इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता ने जो पत्र लिखे उस पर कब तक कार्यवाही की जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) माननीय विधायक, मुंगावली श्री महेन्‍द्र सिंह कालूखेड़ा की मांग अनुसार मुंगावली जिला-अशोकनगर की पालीवाल कॉलोनी की मुंगावली नगर परिषद् में शामिल करने की मांग पर नगर परिषद् मुंगावली द्वारा प्रस्‍ताव क्रमांक 106 दिनांक 24.09.2016 के अनुसार कलेक्‍टर अशोकनगर को प्रथम प्रकाशन हेतु दिनांक 23.02.2017 को सीमा वृद्धि हेतु भेजा गया है। (ख) पालीवाल कॉलोनी को नगर परिषद् सीमा में शामिल होने के उपरांत ही उक्‍त कॉलोनी के मतदाताओं का नगर परिषद् की मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा।             (ग) कलेक्‍टर, अशोकनगर द्वारा नगर परिषद् मुंगावली का सीमा वृद्धि के प्रस्‍ताव के प्रथम प्रकाशन की सीमावधि 30 दिवस के पश्‍चात् कलेक्‍टर से प्राप्‍त होने पर शासन द्वारा अंतिम प्रकाशन किया जायेगा। (घ) माननीय विधायक जी का पत्र प्राप्‍त हुआ था, कलेक्‍टर अशोकनगर द्वारा नगर परिषद् मुंगावली की सीमा वद्धि समय-सीमा 30 दिवस की अवधि के पश्‍चात् कलेक्‍टर से प्राप्‍त होने पर अंतिम प्रकाशन किया जायेगा।

मेट्रो परियोजना का क्रियान्‍वयन 

[नगरीय विकास एवं आवास]

14. ( क्र. 441 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 14 (क्र. 9) दिनांक 8.12.2016 में बताया गया था कि भोपाल एवं इंदौर में प्रस्‍तावित मेट्रो परियोजना का प्रस्‍ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है तो प्रेषित करने का दिनांक बताया जाये। (ख) भारत सरकार द्वारा उक्‍त प्रस्‍ताव पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन हेतु भोपाल एवं इन्‍दौर में कितनी-कितनी निजी एवं शासकीय भूमि के अधिग्रहण का प्रस्‍ताव है? (घ) क्‍या जायका कंपनी द्वारा मेट्रो रेल परियोजना हेतु ऋण देने से इंकार किया गया है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा धनराशि की व्‍यवस्‍था हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ड.) विभाग द्वारा मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्‍वयन का कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) भोपाल एवं इंदौर में प्रस्‍तावित मेट्रो परियोजना का प्रस्‍ताव भारत सरकार को दिनांक 01-03-2016 को प्रेषित किया गया। (ख) भारत सरकार द्वारा उक्‍त प्रस्‍ताव पर की गई कार्यवाही के संबंध में जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) मेट्रो परियोजना के क्रियान्‍वयन हेतु भोपाल में 32.5 हेक्‍टेयर शासकीय भूमि एवं इंदौर में 21.43 हेक्‍टेयर शासकीय भूमि प्राप्‍त किये जाने का प्रस्‍ताव है। (घ) भारत सरकार के माध्‍यम से अवगत कराया गया है कि जायका द्वारा मेट्रो परियोजना हेतु वित्‍तपोषण करने से इंकार किया गया है। भोपाल एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के लिये धन राशि की व्‍यवस्‍था के संबंध में भारत सरकार का अंशदान एवं अन्‍य बाइलैटरल/मल्‍टीलैटरल एजेंसियों से आर्थिक सहायता प्राप्‍त करने की कार्यवाही प्रचलित है। (ड.) विभाग द्वारा मेट्रो रेल परियोजनाओं का क्रियान्‍वयन वित्‍तीय वर्ष 2017-18 से प्रारंभ किया जाना प्रस्‍तावित है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

उज्जैन जिले में रेत/पत्थर खदानों की नीलामी 

[खनिज साधन]

15. ( क्र. 479 ) श्री सतीश मालवीय : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) उज्जैन जिले में वर्ष जनवरी २०१५ से जनवरी २०१७ तक कितने खनिजों कि लीज़ दी गई और कितनी नीलामी बोली में गौण खनिज की नीलामी की गई? क्या नीलामी की गई रेत खदानों का एग्रीमेंट हुआ है? विवरण विधानसभा एवं फर्म/व्यक्तिवार दिया जाए। (ख) उज्जैन जिले में कितनी रेत खदानों की विगत पाँच वर्षों से आज दिनांक तक नीलामी नहीं हुई है? खदानवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। क्‍या जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन जारी है इससे शासन को करोड़ों रूपए की राजस्व की हानि हुई है? इस ओर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) क्या उज्जैन जिले में कई पत्थर की खदानों की लीज़ नियमों के प्रतिकूल दी गई है एवं क्रेशर भी अवैध रुप से संचालित है? कई लीज़ सार्वजनिक स्थलों, जल स्त्रोतों, स्कूल भवन आदि के नजदीक है? यदि ऐसा नहीं है तो सदन को सत्यपित कर अवगत करावें कि एक भी लीज़ सार्वजनिक स्थल के नजदीक नहीं है? सभी लीज़ शासन द्वारा निर्धारित दूरी पर ही है?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन जिले में रेत खनिज की 19 खदानों को 05 बार नीलामी में रखा गया था। परन्‍तु इन खदानों पर कोई भी बोलीदार द्वारा बोली नहीं लगाने से यह खदानें वर्तमान में नीलामी हेतु शेष है। प्रश्‍नानुसार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स में दर्शित है। जिले में खनिजों के अवैध उत्‍खनन एवं परि‍वहन के प्रकरण प्रकाश में आने पर उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। वर्ष 2015-16 में अवैध उत्‍खनन के 16 एवं अवैध परिवहन के 307 प्रकरण प्रकाश में आये थे। जिसमें नियमानुसार रूपये 54.89 लाख का अर्थदण्‍ड वसूल किया गया है। इसी प्रकार वर्ष 2016-17 में (जनवरी 2017 तक) अवैध उत्‍खनन के 22 एवं अवैध परिवहन के 176 प्रकरण प्रकाश में आये हैं। जिसमें रूपये 38.580 लाख का अर्थदण्‍ड वसूल किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। लीज स्‍वीकृति के पूर्व मध्‍यप्रदेश गौण खनिज नियम, 1996 के प्रावधान अनुसार विभिन्‍न विभागों से जानकारी प्राप्‍त कर क्रेशर द्वारा गिट्टी निर्माण हेतु पत्‍थर खनिज का उत्‍खनिपट्टा स्‍वीकृत किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

घट्टीया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कें 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

16. ( क्र. 480 ) श्री सतीश मालवीय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत घटि्टया विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत कितनी सड़कें निर्माणाधीन हैं? उनकी वर्तमान में क्‍या स्थिति है? कितनी सड़कें पूर्ण हो चुकी है? कितनी सड़कें प्रगतिरत हैं एवं कितनी सड़कों पर कार्य प्रारंभ होने के बाद बंद हैं? (ख) निर्माणाधीन प्रधानमंत्री सड़कों की गुणवत्ता के सम्बंध में उच्च स्तरीय अधिकारी द्वारा सड़कों का कब-कब निरीक्षण किया गया है? उनमें क्या-क्या कमियां पाई गई? सड़कवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) क्या घटि्टया विधानसभा क्षेत्र की निर्माणाधीन सड़क गुणवत्ताहीन बनाई जा रही है? क्या उक्त निर्माणाधीन सड़कों की जाँच राज्य स्तरीय समिति से की गई? यदि हाँ, तो कब-कब? सड़कवार जानकारी उपलब्‍ध करावें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) निर्माणाधीन सड़कों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। 78 सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। कोई कार्य बंद नहीं है। (ख) निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता का निरीक्षण स्टेट क्वालिटी मॉनीटर द्वारा किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) निरीक्षण पर पाई गुणवत्ता संतोषजनक है। कमियों का समाधान कराया जाता है। राज्य स्तरीय समिति बनाकर जाँच कराने की आवश्यकता उत्पन्न नहीं हुई है।

स्‍वच्‍छता अभियान पर व्‍यय राशि 

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( क्र. 570 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर निगम जबलपुर द्वारा वर्ष 2016 में चलाये गये स्‍वच्‍छता अभियान के प्रचार-प्रसार में 01 जनवरी 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना व्‍यय किया गया? जानकारी शासन के द्वारा प्राप्‍त आवंटन की राशिवार बताई जावे? (ख) वर्णित (क) की संस्‍था के स्‍वच्‍छता अभियान के तहत क्‍या-क्‍या कार्य कितनी-कितनी राशि के कराये गये? जानकारी आयटमवार, मदवार राशिवार पृथक-पृथक रूप से देवें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर निगम जबलपुर द्वारा दिनांक          01-01-2016 से प्रश्‍नांश दिनांक तक 62,25,566.00 प्रचार-प्रसार में व्‍यय किये गये। राज्‍य शासन द्वारा स्‍वच्‍छ भारत मिशन अंतर्गत 47,56,300.00 अनुदान प्रदान किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को उपयंत्री पद के कार्यभार से मुक्‍त कराना 

[नगरीय विकास एवं आवास]

18. ( क्र. 571 ) श्री तरूण भनोत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर निगम में उपयंत्री पद का कार्यभार देने के नियम क्‍या हैं? किस श्रेणी एवं पद के कर्मचारी को उपयंत्री पद का कार्यभार शासन के नियमानुसार दिया जा सकता है? (ख) जबलपुर नगर-निगम में विभागवार, संभागवार, कौन-कौन से दैनिक वेतनभोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एवं निचले पदों पर कार्यरत किन-किन पदों के कर्मचारी उपयंत्री का कार्य कर रहे है? नाम, पद अवधि स्‍थान/संभागवार सहित जानकारी देवें? (ग) वर्णित (ख) की संस्‍था में नियम विरूद्ध दैनिक वेतन भोगी चतुर्थ श्रेणी, वैक्‍सीनेटर आदि पदों के कर्मचारियों को उपयंत्री पद से कब तक हटाया जावेगा ताकि नं. 1 शहर में गुणवत्‍तापूर्ण कार्य हो सके?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) उपयंत्री पद का प्रभार शैक्षणिक योग्‍यता डिग्री/डिप्‍लोमाधारी कर्मचारी को पूर्णत: अस्‍थायी रूप से कार्य की आवश्‍यकता के अनुसार दिया जा सकता है। (ख) वर्तमान में दैनिक वेतन भोगी/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, प्रभारी उपयंत्री का कार्य नहीं कर रहे हैं। एक मात्र दैनिक वेतन कर्मचारी, श्री पवन श्रीवास्‍तव की नियुक्ति माननीय उच्‍च न्‍यायालय के द्वारा सिविल अपील क्रमांक 5023 वर्ष 1999 में पारित निर्णय दिनांक 13.09.1999 के परिपालन में कार्यालयीन आदेश दिनांक 05.10.1999 के अनुसार प्रभारी उपयंत्री के रूप में दैनिक वेतन भोगी कार्यरत हैं। उपयंत्री दैनिक वेतन भोगी के पद पर होने से जबलपुर नगर निगम के संभाग क्रमांक-13 में कार्यरत हैं। (ग) माननीय उच्‍च न्‍यायालय के आदेशानुसार प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित श्री पवन श्रीवास्‍तव को छोड़कर नगर पालिक निगम, जबलपुर में नियम विरूद्ध दैनिक वेतन भोगी/चतुर्थ श्रेणी/वेक्‍सीनेटर आदि पदों के कर्मचारी प्रभारी उपयंत्री पद पर कार्यरत नहीं हैं।

महाविद्यालय के रिक्‍त पदों की पूर्ति

[उच्च शिक्षा]

19. ( क्र. 738 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) रायसेन जिले अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय बरेली एवं शासकीय महाविद्यालय उदयपुरा में स्‍वीकृत पद संरचना के विरूद्ध रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या शासकीय महाविद्यालय उदयपुरा में केवल एक ही सहायक प्राध्‍यापक कार्यरत है और वह भी प्राचार्य के प्रभार में हैं? शेष सभी संकाय के विषयों पर अतिथि विद्वानों से अध्‍ययन कार्य कराया जा रहा है, जिसमें अनुभवी सहायक प्राध्‍यापक नहीं होने से छात्र-छात्राओं का अध्‍ययन कार्य प्रभावित होता है?            (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या विग‍त कई वर्षों से उक्‍त महाविद्यालय में प्रभारी प्राचार्य होने से कॉलेज प्रबंधन का कार्य भी प्रभावित हो गया है? महाविद्यालय में न तो सुव्‍यवस्थित लायब्रेरी, प्रयोगशाला, रंगाई-पुताई कार्य, जनभागीदारी से होने वाले विकास कार्यों की स्थिति वर्तमान में नगण्‍य है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा उक्‍त महाविद्यालयीन गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिये स्‍थाई प्राचार्य अथवा अन्‍य किसी सहायक प्राध्‍यापक को प्रभारी प्राचार्य बनाया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) उक्त महाविद्यालय के शैक्षणिक संवर्ग के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु लोक सेवा आयोग से दिनांक 19.02.2016 को विज्ञापन जारी हो चुका है तथा तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के आउट सोर्स के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विज्ञप्ति दैनिक समाचार-पत्रों में दिनांक 30.11.2016 एवं 05.02.2017 को प्रकाशित हो चुकी है। जी हाँ। जी नहीं। (ख) जी नहीं। महाविद्यालय में लायब्रेरी, प्रयोगशाला सुव्यवस्थित है एवं रंगाई-पुताई का कार्य इसी माह फरवरी-2017 में लोक निर्माण विभाग से पूर्ण कराया जा चुका है। (ग) प्रश्नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

समग्र स्‍वच्‍छता अभियान में अनियमितता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

20. ( क्र. 739 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) समग्र स्‍वच्‍छता अभियान अन्‍तर्गत रायसेन जिले के उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2011 से शौचालय निर्माण हेतु प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि व्‍यय की गई? (ख) बाड़ी एवं उदयपुरा विकासखण्‍ड के तहत वर्ष 2011 से 2016 तक शासन की राशि का दुरूपयोग/अनियमितताएं की गई और वसूली हेतु नोटिस दिये गये? उनके नाम सहित विवरण दें? (ग) ब्‍लॉक समन्‍वयकों ने वर्ष 2011 से 2016 तक मानीटरिंग सही ढंग से क्‍यों नहीं की? शासन की राशि के गबन में शामिल अधिकारियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही न करने के अब तक क्‍या कारण रहे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में शौचालय निर्माण के लिए जनपद पंचायत उदयपुरा की 68 ग्राम पंचायतों में 10072 शौचालयों के लिए प्रोत्‍साहन राशि रूपये 886.14 लाख तथा जनपद पंचायत बाडी में 75 ग्राम पंचायतों में 4725 शौचालयों के निर्माण के लिए प्रोत्‍साहन राशि रूपये 355.85 लाख जारी की गई। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में वर्णित राशि में से रूपये 3.55 लाख के दुरूपयोग के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व), बरेली में ग्राम पंचायत सांईखेडा के सरपंच श्रीमती बसंतीबाई लोधी तथा श्री जगदीश प्रसाद लोधी और सचिव श्री महेश लोधी एवं श्री दुर्गा प्रसाद लोधी से वसूली के लिए प्रकरण संस्थित किया गया है। (ग) सतत् मॉनिटरिंग से प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर में उल्‍लेखित शौचालयों का निर्माण संभव हो सका है। धनराशि के दुरूपयोग के प्रकरण में प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर में उल्‍लेखित कार्रवाई की गई है।

ग्राम पंचायत का नगर पंचायत में उन्‍नयन 

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( क्र. 808 ) श्री आशीष गोविंद शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश की ऐसी कौन-कौन सी ग्राम पंचायत हैं जिन्‍हें वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक उन्‍नयन कर नगर पंचायत का दर्जा दिया गया है? उन्‍नयन नगर पंचायत का नाम बतावें। (ख) क्‍या ग्राम पंचायत का उन्‍नयन कर नगर पंचायत का दर्जा दिये जाने के पश्‍चात् उक्‍त नगर में नगर पंचायत भवन निर्माण किये जाने हेतु विभाग द्वारा भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? अगर हाँ तो नगरों के नाम बतावें। (ग) देवास जिला अंतर्गत जिन ग्राम पंचायतों का उन्‍नयन नगर पंचायत में किया गया है क्‍या उक्‍त नगर पंचायतों में सेटअप के मान से स्‍वीकृत पदों पर अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं या नहीं? (घ) खातेगांव विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नेमावर को भी नगर पंचायत का दर्जा प्राप्‍त हुआ है? उक्‍त नगर पंचायत द्वारा विभाग को कार्य योजना संबंधी जो प्रस्‍ताव भेजे है उन पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) मध्‍यप्रदेश में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक ग्राम पंचायत का उन्‍नयन कर 25 नगर परिषद् का गठन किया गया है, उन्‍नयन नगर परिषद् का नाम जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश के खण्‍ड '''' के संदर्भ में ग्राम पंचायत का उन्‍नयन कर नगर परिषद् का दर्जा दिये जाने के पश्‍चात् 15 नगर परिषद् को पृथक-पृथक राशि नगर परिषद् भवन निर्माण किये जाने हेतु राशि जारी की गई है। नगरों के नाम जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) देवास जिले अंतर्गत ग्राम पंचायतों का उन्‍नयन किया गया है, उक्‍त नगर परिषद् में सेटअप के मान से स्‍वीकृत पदों पर अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत नहीं है। (घ) जी हाँ, नगर परिषद्, नेमावर द्वारा कार्ययोजना संबंधी क्रमश: नगर में विकास कार्य, शमशान घाट निर्माण एवं नर्मदा तट पर घाट सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य हेतु प्राप्‍त हुये हैं, जो परीक्षणाधीन है।

परिशिष्ट - ''सात''

नर्मदा की सहायक नदियों के क्षेत्रों में सघन वनीकरण 

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

22. ( क्र. 921 ) श्री मोती कश्यप : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नमामि देवी नर्मदे अभियान अंतर्गत नर्मदा सेवा यात्रा का शुभारंभ किस दिनांक को किसके द्वारा कहाँ से किया गया है और व कितने ठहराव के बाद कहाँ पहुंच गई है और उसका कब समापन होगा तथा क्‍या उसके उद्देश्‍य में विभागीय किन्‍हीं गतिविधियों के माध्‍यम से नर्मदा नदी की जल समृद्धि और प्रदूषण से मुक्ति सम्मिलित है? (ख) क्‍या नर्मदा नदी के उद्गम स्‍थल से राज्‍य की सीमा तक दोनों दिशाओं में कितने किलोमीटर बहकर संगम करने वाली कोई नदियां हैं, जो नर्मदा के जल को समृद्ध करती है(ग) क्‍या विभाग द्वारा नर्मदा जल की समृद्धि की दिशा में प्रश्नांश (ख) सहायक नदियों को जल समृद्ध बनाने की दिशा में विगत किन्‍हीं वर्षों में वन घनत्‍वीकरण की कोई योजनाएं बनाई गई हैं और किन जिलों की किन नदियों के कितने किलोमीटर तक कितने वृक्षरोपित किये गये हैं? (घ) क्‍या विभाग प्रश्नांश (क) उद्देश्‍य की पूर्ति हेतु आगामी वर्ष में जिला एवं नदीवार किस प्रकार की प्रभारी योजना बनायेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) नर्मदा सेवा यात्रा का शुभारंभ दिनांक 11 दिसम्बर 2016 को मान. मुख्यमंत्री जी, मध्यप्रदेश शासन के द्वारा अमरकंटक से किया गया। 424 ठहराव के बाद दिनांक 21.2.2017 तक जिला धार में पहुंच गई है। यात्रा का समापन दिनांक 11 मई 2017 को है। जल समृद्धि और प्रदूषण से मुक्ति के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी नर्मदा सेवा यात्रा से जोड़े गये विभिन्न विभागों से संबंधित है। विभागों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ पर है।  (ख) नर्मदा नदी के उद्गम स्थल से राज्य की सीमा तक दोनों दिशाओं में 3127.7 किलो मीटर बहकर संगम करने वाली 85 सहायक नदियां है जो नर्मदा जल को समृद्ध करती है। (ग) नर्मदा जल की समृद्धि की दिशा में प्रश्नांश-ख में सहायक नदियों को जल समृद्ध बनाने की दिशा में विगत वर्षों में वन घनित्वीकरण की विशिष्ट योजना प्रचलित नहीं है। नर्मदा नदी के किनारे स्थित वन क्षेत्रों में जिले की कार्य आयोजना अनुसार नियमित उपचार कार्य ''कार्य आयोजना क्रियान्वयन'' तथा अन्य प्रचलित योजनाओं के अन्तर्गत नियमित वृक्षारोपण कार्य कराया जाता है। विगत वर्षों में 6 जिलों की 17 सहायक नदियों के 14.90 किलो मीटर लंबाई में 1098196 पौधे रोपित किए गए जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) विषय विचाराधीन है।

दिव्‍यांग व्‍यक्तियों को पेंशन योजना का लाभ 

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

23. ( क्र. 955 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) पंचायत एवं सामाजिक कल्याण विभाग अन्तर्गत हरदा जिले में वर्ष 2013-14, 14-15 एवं 15-16 में किस-किस योजनान्तर्गत कितने हितग्राहियों को कौन-कौन सी सहायता उपलब्ध करायी गई है।             (ख) हरदा जिले में वर्तमान तक कितने दिव्यांग (विकलांग) व्यक्तियों का पंजीयन विभाग द्वारा किया गया है? (ग) हरदा जिले में पंजीकृत दिव्यांग (विकलांग) व्यक्तियों को विकलांग पेंशन योजना का लाभ विगत एक वर्ष से नहीं दिया जा रहा है, उसका क्या कारण है? (घ) प्रश्नांश (क) अवधि में हरदा जिले में कितने व्यक्तियों/हितग्राहियों द्वारा विभाग को कितने आवेदन अथवा शिकायतें प्राप्त हुई हैं व कितनी शिकायतों का निराकरण विभाग द्वारा किया गया है व शेष शिकायतों का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग जिला हरदा अन्तर्गत 6253 निःशक्तजनों का पंजीयन किया गया।          (ग) पंजीकृत निःशक्तजनों में 3225 को पात्रता के अनुसार पेंशन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन एवं राज्य शासन की सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्रदाय किया जा रहा है। शेष हितग्राही निर्धारित पात्रता के मापदण्ड में नहीं होने से सहायता राशि का लाभ नहीं दिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) अवधि में किसी भी पात्र हितग्राही के आवेदन पत्र जिले में लंबित नहीं है। आवेदन प्राप्त होने पर पात्रता के आधार पर निराकरण कर लिया जाता है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''आठ''

नवीन गर्ल्‍स कॉलेज की स्‍वीकृ‍ति 

[उच्च शिक्षा]

24. ( क्र. 1029 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) क्‍या श्‍योपुर जिले में वर्तमान तक एक ही शासकीय पीजी कालेज संचालित है जबकि जिले में प्रतिवर्ष लगभग 3 हजार छात्राएं इन्‍टर पास आउट होती है? नतीजन वे कॉलेज शिक्षा से वंचित रह जाती है? (ख) क्‍या जिलेवासियों द्वारा नवीन गर्ल्‍स कॉलेज स्‍वीकृत करने की मांग की जा रही है?         (ग) यदि हाँ, तो बतावे कि उक्‍त कॉलेज की स्‍थापना के प्रक्रियाधीन प्रस्‍ताव को स्‍थाई परियोजना प‍रीक्षण समिति के समक्ष विचारार्थ भेजने में विलंब का कारण व कब तक भेजा जावेगा? (घ) क्‍या शासन उक्‍त प्रक्रियाधीन प्रस्‍ताव को उक्‍त समिति के समक्ष अविलंब भेजेगा तथा समिति द्वारा लिये गए निर्णय को जिलेवासियों की मांग के अनुरूप परिवर्तित करके इसे बजट में शामिल करेगा व श्‍योपुर में उक्‍त कॉलेज स्‍वीकृत करने के आदेश जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। वर्ष 2016-17 में श्योपुर जिले में लगभग 1200 छात्राओं ने इण्टर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। शासकीय पी.जी. महाविद्यालय श्योपुर एवं अशासकीय आदर्श महाविद्यालय श्योपुर तथा अशासकीय राजीव गांधी महाविद्यालय बड़ौदा जिला श्योपुर में संचालित है। जहां पर छात्रायें अध्ययन कर सकती हैं। (ख) जी हाँ। (ग) वर्तमान में उपलब्ध सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण प्रस्ताव का अनुमोदन सम्भव नहीं है। (घ) प्रश्नांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नवीन महाविद्यालय की स्‍वीकृति 

[उच्च शिक्षा]

25. ( क्र. 1030 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत बड़ौदा तहसील मुख्‍यालय पर वर्तमान में एक भी शासकीय कॉलेज संचालित नहीं हैं, एक मात्र राजीव गांधी अशासकीय महाविद्यालय संचालित है जिसमें शिक्षा महंगी होने के कारण गरीब माता पिता अपने बच्‍चों को नहीं पढ़ा पाते? (ख) बड़ौदा नगर व क्षेत्र के विद्यार्थीयों के हित में क्‍या शासन बड़ौदा में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ कराने हेतु गंभीरता से विचार करेगा व इस हेतु विभाग से प्रस्‍ताव तैयार कराकर प्रस्‍ताव से संबंधित सभी कार्यवाहिया पूर्ण कराने उपरांत इसे बजट में शामिल कर स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) इस संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा चालू वित्‍त वर्ष में विभागीय मंत्री को प्रेषित पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ, जी नहीं। बड़ौदा से 25 कि.मी. की दूरी पर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय श्योपुर स्थित है, जहाँ पर विद्यार्थी अध्ययन कर सकते है। (ख) जी नहीं। वर्तमान में सीमित संसाधनों को दृष्टिगत कर बड़ौदा में नवीन महाविद्यालय की स्थापना किये जाने में कठिनाई है। (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा चालू वित्त वर्ष में विभागीय मंत्री जी को प्रेषित पत्र में बड़ौदा में नवीन महाविद्यालय की स्थापना की मांग की गयी है तथा इसे 2016-17 के वार्षिक बजट में शामिल कर स्वीकृत करने का लेख किया गया है, उत्तर प्रश्नांश '' अनुसार है।

जैन कीर्ति स्‍तम्‍भ भिण्‍ड जमीन हस्‍तांतरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

26. ( क्र. 1249 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परिवर्तित तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 59 (क्र. 649), दिनांक 08.12.2016 जैन महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ भिण्‍ड को जमीन हस्‍तान्‍तरण नगर पालिका भिण्‍ड के संकल्‍प क्रमांक 53, दिनांक 29.03.1988 सर्वे क्रमांक 324325 व नगर पालिका परिषद् भिण्‍ड का सम्‍मेलन क्र. 06 संकल्‍प क्रमांक 191, दिनांक 28.09.2013 में प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) मध्‍यप्रदेश राजस्‍व विभाग मंत्रालय भोपाल का पत्र क्रमांक 1612/2411/2016/सात 2, दिनांक 29.08.2016 के अंतर्गत प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) नगर पालिका परिषद् भिण्‍ड द्वारा जैन महावीर कीर्ति स्‍तम्‍भ भिण्‍ड को जमीन हस्‍तान्‍तरण हेतु क्‍या समस्‍या है, कब तक निराकरण होगा? विलंब क्‍यों हो रहा है? (घ) कलेक्‍टर कार्यालय भिण्‍ड का पत्र क्र. 1215, दिनांक 11.11.2014 सचिव मध्‍यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग भोपाल को भेजा गया है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक समुचित कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, भिण्‍ड से पत्र क्रमांक 415, दिनांक 11.11.2014 से मध्‍यप्रदेश नगर पालिका (अचल संपत्ति अंतरण) नियम, 1996 के अंतर्गत प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ था, जिसमें कार्यवाही की जाकर मध्‍यप्रदेश नगर पालिका (अचल संपत्ति अंतरण) नियम, 1996 के नियम 7 के अंतर्गत मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका भिण्‍ड को दिनांक 23.01.2015, 24.04.2015 एवं 25.02.2016 स्‍मरण पत्र भेजे गए थे, परन्‍तु मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, भिण्‍ड के द्वारा प्रस्‍ताव संचालनालय को नहीं भेजा गया वर्तमान में मध्‍यप्रदेश नगर पालिका (अचल संपत्ति अंतरण) नियम, फरवरी 2016 प्रभावशील है, मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, भिण्‍ड को उक्‍त नियम के तहत प्रस्‍ताव भेजने हेतु दिनांक 29.02.2016, 08.08.2016, 20.12.2016 को पत्र भेजा गया, मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, भिण्‍ड से दिनांक 22.02.2017 को प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है। (ख) पत्र प्राप्‍त होने के पश्‍चात् मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, भिण्‍ड को मध्‍यप्रदेश नगर पालिका (अचल संपत्ति अंतरण) नियम, फरवरी 2016 के प्रावधानुसार प्रस्‍ताव भेजने हेतु दिनांक 20.12.2016 को स्‍मरण-पत्र जारी किया गया, मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, भिण्‍ड से दिनांक 22.02.2017 को प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ। (ग) कोई समस्‍या नहीं है, मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, भिण्‍ड से दिनांक 22.02.2017 को प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है, जिसका परीक्षण किया जाकर विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी। (घ) मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, भिण्‍ड से दिनांक 22.02.2017 को प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है, विधि अनुसार कार्यवाही प्रचलित है।

मुख्‍यमंत्री/प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

27. ( क्र. 1250 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास परियोजना और मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क अंतर्गत प्रश्‍नांश दिनांक को कौन से कार्य निर्माणाधीन हैं? कब तक पूर्ण हो जायेंगे? (ख) भिण्‍ड विधानसभा के अंतर्गत वर्तमान में कौन से निर्माण कार्य निर्माणाधीन हैं वर्ष 20162017 में कौन से निर्माण स्‍वीकृत हो जायेंगे? (ग) किन ग्रामों को जोड़ने के लिए 2016 में क्‍या प्रयास किए जा रहे हैं? (घ) भिण्‍ड विधानसभा के अंतर्गत जनसंख्‍या 500 तक के ग्रामों को अभी तक सड़क मार्ग से नहीं जोड़ा गया है इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है? कब तक जोड़ा जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्यों को वर्ष 2017-18 में पूर्ण कराना लक्षित है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। स्वीकृत के लिये कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अ एवं ब में उल्लेखित ग्रामों को जोड़ने की कार्यवाही की गई है। (घ) भिण्ड विधानसभा के अंतर्गत वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार जनसंख्‍या घटते क्रम में 500 तक की जनसंख्‍या वाले शेष 7 ग्रामों को जोड़ने हेतु कार्य पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब में शामिल है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है।

निःसंतान दम्पत्ति को कन्या अभिभावक पेंशन की भांती पेंशन का प्रदाय 

[सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण]

28. ( क्र. 1283 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) वर्तमान में 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे दम्पत्ति जिनकी संतान मात्र कन्या ही है, ऐसे दम्पत्ति को शासन द्वारा 500/- रूपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है (ख) क्‍या 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे दम्पत्ति जो निःसंतान हैं, जिनका पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं होता है एवं शारीरिक रूप से भी शक्त होते हैं, इनके लिये भी क्या शासन कन्या अभिभावक पेंशन की भांती पेंशन देने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो इनका पालन पोषण हेतु क्या योजना है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) 60 वर्ष से अधिक आयु के बी.पी.एल.एवं निराश्रित श्रेणी के हितग्राहियों को राज्य शासन की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत सहायता देने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त भारत शासन की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत भी 60 वर्ष से अधिक आयु के बी.पी.एल. व्यक्तियों को सहायता राशि देने का प्रावधान है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

नवीन विकासखण्ड बनाने की प्रक्रिया 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

29. ( क्र. 1284 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) मध्यप्रदेश में विगत 20 वर्षों में कितने नये विकासखण्ड बनाये गये हैं? नये विकासखण्ड बनाने हेतु न्यूनतम एवं अधिकतम कितनी पंचायतों को सम्मिलित किया जाना आवश्‍यक होता है? (ख) वर्तमान में नये विकासखण्ड बनाये जाने के कितने प्रस्ताव विचाराधीन हैं। राज्य शासन के द्वारा केन्द्रीय शासन को नये विकासखण्ड बनाये जाने के प्रस्ताव कब-कब भेजे गये? पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) वर्ष 2004 से आज तक नागदा को विकासखण्ड बनाने हेतु कई बार बार मांग उठी है? क्‍या नागदा को विकासखण्ड का दर्जा प्रदान करने हेतु प्रस्ताव केन्द्र शासन को भेजा गया है? यदि हाँ, तो प्रति उपलब्ध करावे, यदि नहीं, भेजा गया है तो कब तक भेज दिया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) नये विकासखण्‍ड नहीं बनाये गये हैं। विकासखण्‍ड निर्माण में पंचायतों की संख्‍या का निर्धारण नहीं है। (ख) एवं (ग) कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं हैं। विगत 02 वर्षों में नवीन विकासखण्‍ड बनाये जाने के प्रस्‍ताव केन्‍द्र शासन को नहीं भेजे गये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होते है।

ग्राम पंचायत चिन्‍तौनी के नाला निर्माण में अनियमितता

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

30. ( क्र. 1401 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनपद पहाड़गढ़ की ग्राम पंचायत चिन्‍नौनी में वर्ष 2016 में नाला निर्माण हेतु कितनी राशि स्‍वीकृत हुई उक्‍त कार्य का एस्‍टीमेंट कब बनाया? कार्य आदेश कब जारी हुआ? (ख) उक्‍त निर्माण किस एजेन्‍सी द्वारा कराया जा रहा हैं? अभी तक कितना कार्य हो चुका हैं? कितने मजदूरों को कितनी राशि भुगतान की गई है? (ग) क्‍या परिमाल के कुआँ से नदी किनारे तक कई किसानों के स्‍वामित्‍व की भूमि में शासकीय निर्माण बिना भूमि के दान पत्र के कराया जा रहा हैं, जो पूर्णत: अवैध है? (घ) उक्‍त निर्माण में क्‍या पंचायत से जानकारी ली गई हैं? स्‍थल का चयन बिना पंचायत की स्‍वीकृति के किस अधिकारी द्वारा किया गया हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) राशि रू. 22.54 लाख की। प्राक्‍कलन दिनांक 23.03.2016 को बनाया गया। कार्य आदेश दिनांक 01.04.2016 को जारी हुआ। (ख) ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग, मुरैना। लगभग 50 प्रतिशत। 97 मजदूरों को रू. 5,33,321/- का भुगतान किया गया। (ग) प्रश्‍नाधीन कार्य में 4 किसानो की भूमि आती है जिस पर कार्य कराने हेतु उन्‍होंने शपथ पत्र पर सहमति दी है।               (घ) प्रश्‍नाधीन स्‍वीकृति ग्राम पंचायत, चिन्‍नौनी के ठहराव प्रस्‍ताव क्र. 09 दिनांक 02.10.2015 तथा जनपद पंचायत के ठहराव प्रस्‍ताव क्र. 05 दिनांक 28.11.2015 के आधार पर दी गयी है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्‍वयन 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

31. ( क्र. 1434 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि               (क) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना में लक्ष्य का आवंटन किस प्रक्रिया से किया गया हैं? (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लक्ष्य जो वित्तीय वर्ष 2016-17 में आवंटित किया है, क्या पंचायतों को समान रूप से दिया गया है? पंचायतों की सूची उपलब्ध कराई जावे।            (ग) क्या उक्त आवास योजना को आवंटित लक्ष्य अनुसार पंचायतवार समान भाग में हितग्राहियों की पात्रता अनुसार समय-सीमा में आवंटित किए जाने का लक्ष्‍य निर्धारण किया गया है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत पात्र हितग्राहियों का चयन सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना-2011 (SECC-2011) में से किया जाना बंधनकारी शर्त है। SECC-2011 का वाचन गत वर्ष ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के दौरान ग्राम सभाओं में किया गया है। (ख) जी नहीं। लक्ष्य पंचायतवार निर्धारित नहीं है। (ग) जी नहीं।

हरियाली प्रोजेक्‍ट के तहत पंचायतों में वृक्षारोपण

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

32. ( क्र. 1451 ) श्री प्रताप सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबेरा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत हरयाली प्रोजेक्‍ट के तहत् वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक वृक्षारोपण के कौन से कार्य कराये गये? मनरेगा के तहत जिन ग्राम पंचायतों में वृक्षारोपण का कार्य कराया गया, उन ग्राम पंचायतों की नाम तथा स्‍थान,जहाँ वृक्षारोपण कराया गया है, जनपदवार बतलावें? (ख) प्रश्नांश (क) से संबंधित जिन ग्राम पंचायतों में वृक्षारोपण का कार्य कराया गया, उनमें कितने पौधे किस-किस ग्राम पंचायत में रोपित किये गये? रोपित किये गये पौधे किस नर्सरी अथवा रोपणी से कितनी-कितनी मात्रा में प्राप्‍त किये गये, जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) में जो पौधे लगाये गये हैं, उनमें कितने जीवित हैं और कितने नष्‍ट हो गये हैं? कितने श्रमिकों से वृक्षारोपण कार्य कराया गया? (घ) श्रमिकों के भुगतान का माध्‍यम क्‍या था, नगद/बैंक तथा यह कार्य करने के लिए एजेंसी कौन थी, बतलावें? श्रमिक के भुगतान का माध्‍यम बैंक था या नगद भुगतान किया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (घ) महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत प्रश्नाधीन अवधि में जबेरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वृक्षारोपण का कार्य कराया जाना प्रतिवेदित नहीं है। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते है।

विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों का क्रियान्वयन 

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

33. ( क्र. 1536 ) श्रीमती ममता मीना : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कलेक्टर जिला गुना द्वारा अपने आदेश क्रमांक 3579-3580 दिनांक 21.11.2016 एवं आदेश क्रमांक 3622-3623 दिनांक 23.11.2016 द्वारा ग्राम उपरी में रेल्वे स्टेशन से कुम्भराज रोड तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य फेस-1, फेस-2 एवं फेस-3 स्वीकृत कर क्रियान्वयन एजेंसी कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को नियत किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित आदेश की शर्तों का क्या क्रियान्वयन एजेन्सी कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग गुना द्वारा पालन किया गया है अथवा नहीं? कारण सहित जानकारी देवें? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्यों की निविदा प्रक्रिया किस दिनांक को प्रारम्भ की जाकर किस ठेकेदार को कार्यादेश जारी कर कार्य प्रारम्भ किया गया है अथवा नहीं? प्रशासकीय स्वीकृति आदेश प्राप्ति उपरांत कितने दिवस बाद निविदा प्रक्रिया प्रारम्भ की गई हैं, दिनांक सहित जानकारी दें। (घ) प्रश्नांश (ख) एवं (ग) अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करने वाले दोषी कार्यपालन यंत्री के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) निविदाओं की प्रक्रिया दिनांक 18.1.2017 को प्रारम्भ की गई एवं कार्यादेश जारी नहीं किया गया है। प्रशासकीय स्वीकृति आदेश के उपरान्त 1 माह 27 दिवस में निविदाओं की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई। (घ) किसी के दोषी न होने से शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

जनभागीदारी से स्वीकृत कार्यों में अनियमितता 

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

34. ( क्र. 1537 ) श्रीमती ममता मीना : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अपर कलेक्टर जिला गुना के जाँच प्रतिवेदन दिनांक 22.07.2016 में दोषी पाये गये तत्कालीन सरपंच/सचिव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के विरूद्ध लगभग 6 माह का समय व्यतीत हो जाने के उपरांत भी आपराधिक प्रकरण दर्ज क्यों नहीं कराया गया है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में वर्णित जाँच प्रतिवेदन में सामुदायिक भवन श्री पुरूषोत्तम के कब्जे में होना एवं उपयोग किया जाना पाया गया था? श्री पुरूषोत्तम ग्राम केदारपुरा के विरूद्ध दिनांक 22 जुलाई 2016 से प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? अगर भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार कार्यवाही नहीं की गई है? तो क्यों नहीं की गई है, कारण स्पष्ट करें। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित जाँच प्रतिवेदन में जनभागीदारी से स्वीकृत 02 कूप निर्माण कार्य, 03 विद्युत ट्रान्सफॉर्मर एवं रैनबसेरा भवन/सामुदायिक भवन के उपर प्रथम तल निर्माण कार्य निजी भूमियों पर निर्मित किये गये हैं? सांठ-गांठ करने वाले दोषी जिला योजना अधिकारी/सरपंच/सचिव एवं निजि भूमियों के भू-स्वामियों के विरूद्ध किस दिनांक तक आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जावेगा? (घ) क्या 07 निर्माण कार्यों की निजी भूमि मालिक कौन हैं? क्या एक ही व्यक्ति है अथवा एक ही परिवार के? नाम, पिता का नाम एवं पते सहित जानकारी दें?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) अपर कलेक्टर गुंना के जाँच प्रतिवेदन दिनांक 22.7.2016 में दोषी पाये गये तत्कालीन सरपंच ग्राम पंचायत नागनखेड़ी तत्कालीन पंचायत सचिव ग्राम पंचायत नागनखेड़ी को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया एवं सुनवाई उपरान्त एफ.आई.आर. दर्ज कराने हेतु पत्र क्रमांक 526, दिनांक 20.2.2017 द्वारा पुलिस अधीक्षक गुना को लिखा गया है एवं तकनीकी अधिकारी के रूप में कार्य करने वाले संबंधित तत्कालीन उपयंत्रियों से राशि वसूलने की कार्यवाही हेतु भी दिनांक 20.2.2017 को पत्र जारी किया जा चुका है। (ख) कलेक्टर, गुना के पत्र क्रमांक 526/जियोसां./2017, दिनांक 20.2.2017 द्वारा पुलिस अधीक्षक गुना को एफ. आई. आर. दर्ज करने हेतु लिखा गया है। (ग) 02 कूप का निर्माण निजी भूमि पर हुआ है। 03 विद्युत ट्रान्सफार्मर में से 01 ट्रान्सफार्मर निजी भूमि में है। शेष दो ट्रान्सफार्मर शासकीय भूमि के आम रास्ते पर है। रैन बसेरा/सामुदायिक भवन भूमि सर्वे क्रमांक 27/2/2 रकबा 0.014 हेक्टर है में निर्मित किये गये है। कलेक्टर गुना के पंत्र क्रमांक 526, दिनांक 20.2.2017 द्वारा संबंधितों पर एफ.आई.आर. दर्ज कराने हेतु पुलिस अधीक्षक गुना को लिखा गया है। (घ) कलेक्टर गुना का प्रतिवेदन दिनांक 23.2.2017 जो कि संलग्न परिशिष्ट पर है। सर्वे क्रमांक 159/1 रकबा 0.558 हेक्टर मजरा हीरापुर में कूप निर्माण हुआ है की भूमि मालिक श्री मांगीलाल पुत्र रामाजाति बंजारा निवासी नागनखेड़ी है एवं सर्वे क्रमांक 1536/1 रकबा 0.836 हेक्टर पृथ्वीपुरा का पुरा में कूप निर्माण हुआ है के भूमि मालिक श्री भरत सिंह पुत्र करण सिंह बंजारा निवासी ग्राम नागनखेड़ी है। मंजरा मकेरा कोलूआ के वार्ड-14 में विद्युत ट्रान्सफार्मर सर्वे क्रमांक 3 रकबा 0.251 हेक्टर पर स्थित इसके भूमि मालिक श्री रामचरण पुत्र चतरया जानकी बाई पुत्र चतरया, अमर सिंह हीरालाल पुत्र वंशी, शांति बाई, विमला बाई पुत्री वंशीलाल कमरी बाई देवा जमना लाल जाति गाडरी निवासी कोलूआं है। रैन बसेरा भवन सर्वे क्रमांक 27/2/2 रकबा 0.014 हेक्टर शासकीय भूमि पर निर्मित है।

परिशिष्ट - ''नौ''

विधायक विकास निधि के स्वीकृत निर्माण कार्य

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

35. ( क्र. 1560 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-14 से वर्तमान तक विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में कितने कार्य स्वीकृत किये गये? दिनांक 28.2.2017 की स्थिति में कौन-कौन से कार्य अप्रारंभ, प्रगतिरत एवं पूर्ण थे? प्रश्नांश (क) में स्वीकृत कार्यों में से दिनांक 28.2.2017 की स्थिति में किन-किन कार्यों की राशि खर्च न होने के कारण सरेंडर की गई वर्ष 2013-14 से 28.2.2017 तक की स्थिति में प्रगतिरत एवं अप्रारंभ कार्यों की वर्तमान में क्या स्थिति है? क्‍या कार्यों को पूर्ण करा लिया गया है तथा ठेकेदारों को भुगतान हो गया है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो क्यों? भुगतान न होने की स्थिति में दोषी कौन-कोन है? दोषियों पर क्या कार्यवाही की जा रही है?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) वर्ष 2013-14 से वर्तमान तक विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में 563 कार्य स्वीकृत किये गये। पूर्ण/अपूर्ण/अप्रारम्भ कार्यों की भौतिक स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के कॉलम-3 में दर्शित है। स्वीकृत कार्यों में से आज दिनांक तक की स्थिति में 02 निर्माण कार्यों को निरस्त किया जाकर राशि शासन के निर्धारित शीर्ष में जमा की गई है। वर्ष 2013-14 से दिनांक 28.2.2017 तक की स्थिति में पूर्ण/प्रगतिरत एवं अप्रारम्भ कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के कॉलम-3 में उल्लेखित है। सभी पूर्ण कार्यों का भुगतान किये जाने से किसी के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

अतिथि विद्वानों संबंधी यू.जी.सी. की गाईडलाइन का परिपालन

[उच्च शिक्षा]

36. ( क्र. 1594 ) श्री मोती कश्यप : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) क्‍या रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा यूनीवर्सिटी ग्रान्ट कमीशन के फरवरी 2010 के अतिथि विद्वानों से संबंधित किन शर्तों सहित प्रभावशील रिवाइज्ड गाईडलाइन के अधीन प्रतिकालखण्‍ड तथा अधिकतम मानदेय प्रदान करने के निर्देश के विरूद्ध किस दर से प्रदान किया जा रहा है और क्या यह रिवाइज गाईडलाइन का उल्लंघन नहीं है? (ख) क्या‍ प्रश्नांश (क) गाईडलाइन अंतर्गत मानदेय भुगतान के विरूद्ध किये गये भुगतान की अंतर की राशि का भुगतान किसी अवधि तक कराया जाना निर्देशित किया जावेगा? (ग) प्रश्नांश (क) विश्वविद्यालय के किस डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा समाजशास्त्र एवं जनजातीय अध्ययन विभाग के किन अतिथि विद्वानों द्वारा चालू वर्ष में निर्धारित कालखण्डों में किये गये अध्यापन में से किन कालखण्डों एवं मानदेय की कटौती की है और कितने माहों के भुगतान के उपरान्त किन माहों का किन्हीं कारणों से भुगतान लम्बित किया गया है तथा क्‍यों? (घ) क्‍या लोकसेवा गारन्टी अधिनियम एवं अन्य कार्यकारी आदेशों के अधीन निर्धारित समयावधि में मानदेय भुगतान एवं आपत्तियों का निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों के विरूद्ध कोई दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी। (ड.) क्या अतिथि विद्वानों को सम्‍मानजनक लोकसेवक का दर्जा प्रदान करने हेतु कोई नियम बनाये जावेंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी नहीं। राज्य शासन के नियमानुसार रूपये 275/- (प्रतिकाल खण्ड), अधिकतम रूपये 825/- प्रतिदिवस की दर से मानदेय का भुगतान किया जाता है।  (ख) प्रश्नांश '' के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) विश्वविद्यालय द्वारा समाजशास्त्र एवं जनजातीय अध्ययन विभाग के किसी भी अतिथि विद्वान का चालू वर्ष में निर्धारित कालखण्डों में किये गये अध्यापन में से किसी भी कालखण्ड एवं मानदेय की कटौती नहीं की गई है। अतिथि विद्वान तृप्ति मांझी का माह जनवरी, 2017 का भुगतान प्रक्रिया में है। (घ) एवं (ड.) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

वृद्धा/विधवा एवं नि:शक्‍तजन पेंशन 

[नगरीय विकास एवं आवास]

37. ( क्र. 1632 ) श्री अंचल सोनकर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जबलपुर नगर निगम सीमा अंतर्गत वृद्धा/विधवा पेंशन के कुल कितने हितग्राहियों को पेंशन का भुगतान नगर निगम जबलपुर द्वारा किया जा रहा है? वृद्ध, विधवा एवं नि:शक्‍तों की वार्डवार संख्‍या बतावें। (ख) क्‍या नगर निगम के अधिकारियों/कर्मचारियों की लापरवाही के कारण अनेकों वृद्धों/विधवाओं एवं नि:शक्‍तजनों को विगत कई-कई माह से पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है जबकि आवेदक द्वारा अपने समस्‍त दस्‍तावेज नगर निगम में समय से जमा करा दिये गये हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कितने पेंशनधारी हैं जो वर्तमान में पात्र होने के उपरांत भी पेंशन से वंचित हैं? वार्डवार संख्‍या बतावें। (ग) क्‍या नगर निगम के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा पेंशनधारी के खातों, पता एवं जमा दस्‍तावेजों की समय पर जाँच एवं सत्‍यापन न करने के कारण प्रश्नांश (क), (ख) के पात्र हितग्राहियों को शासन की महत्‍वपूर्ण योजना से वंचित होना पड़ रहा है एवं उन्‍हें लगातार भटकना पड़ता है? क्‍या शासन ऐसे महत्‍वपूर्ण योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध जाँच कर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) वार्डवार संख्‍या की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के संदर्भ में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दस''

मुद्रण एवं स्‍टेशनरी खरीदी में अनियमितता की जाँच

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

38. ( क्र. 1661 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 59 (क्रमांक 2804) दिनांक 10 मार्च 2016 की जाँच बी.एस. चंदेल सहायक संचालक वित्‍त द्वारा की गयी थी तथा इन्‍होंने अपने प्रतिवेदन में गंभीर वित्‍तीय अनियमितता होना पाया था? इन्‍होंने किन अधिकारी/कर्मचारी को वित्‍तीय अनियमितता का दोषी माना है? प्रतिवेदन दें? (ख) क्‍या यही जाँच आर.के. शुक्‍ला संयुक्‍त आयुक्‍त रीवा संभाग द्वारा भी की गई है तथा अपना जाँच प्रतिवेदन पत्र क्रमांक/6-विकास/योजना/शिकायत/ 2016/6680 रीवा दिनांक 22.12.2016 द्वारा शासन को प्रेषित किया गया है? (ग) क्‍या संयुक्‍त आयुक्‍त रीवा ने अपने जाँच प्रतिवेदन में माना है कि जिला पंचायत सतना द्वारा विधान सभा को मुद्रण राशि के संबंध में गलत जानकारी दी गयी है वास्‍तव में 74,52,136.00 रू. का व्‍यय किया गया था। जाँच प्रतिवेदन की कंडिका 9 में वर्णित संस्‍था को कार्यालय नियंत्रक शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग भोपाल के पत्र क्र. जी-बी/2 (22) / 2009/6032 भोपाल दिनांक 02.11.2010 द्वारा इस संस्‍था का पंजीयन निरस्‍त कर ब्‍लैक लि‍स्‍टेड किया गया है? (घ) यदि प्रश्नांश (क), (ख), (ग) सही है तो मुद्रण घोटाले में सम्मिलित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कब तक निलंबित कर विभागीय जाँच प्रस्‍तावित कर दी जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) श्री बी.एस. चंदेल, सहायक संचालक (वित्त) ने जिला पंचायत सतना में वर्ष 2012-13 से 2015-16 में मुद्रण/सामग्री खरीदी की जाँच का अंतरित प्रतिवेदन दिनांक 19/07/2016 को प्रस्तुत किया है जिसमें क्रय प्रक्रिया तथा आवंटन संबंधी अनियमितताओं का लेख है। जाँच पूर्ण नहीं हुई। किसी अधिकारी/कर्मचारी को दोषी पाने का लेख अंतरिम जाँच प्रतिवेदन में नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। जी नहीं। (घ) जाँच प्रतिवेदन का परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण उपरान्त युक्तियुक्त कार्रवाई की जाएगी।

सतना में वाटर शेड कार्यों में व्‍यय राशि

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

39. ( क्र. 1662 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्‍या 1 अप्रैल 2016 से 31 दिसंबर 2016 तक सतना में वाटर शेड कार्यों में 50588303.00 रू. व्‍यय किये गये हैं? क्‍या सतना में एकीकृत जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन की 10 परियोजनायें संचालित हैं? प्रशासकीय स्‍वीकृति अनुसार कराये गये कार्यों का विवरण एवं प्रशासकीय स्‍वीकृत राशि, व्‍यय राशि एवं मूल्‍यांकन की जानकारी दें? (ख) प्रश्नांश (क) की परियोजनाओं द्वारा एकीकृत जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन समितियों के माध्‍यम से कराये गये कार्यों के भुगतान के पूर्व गुणवत्‍ता का परीक्षण एवं भौतिक सत्‍यापन कब-कब, किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया है तथा क्‍या-क्‍या अनियमितता पायी गयी है? भौतिक सत्‍यापन प्रतिवेदन दें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। कोई अनियमितता परिलक्षित नहीं है।

मनरेगा के कार्यों संबंधी निर्देश 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

40. ( क्र. 1684 ) श्री कैलाश चावला : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 01-12-2016 को अपर मुख्‍य सचिव पंचायत को पत्र लिखकर मनरेगा में दिनांक 24-09-2016 को उज्‍जैन में आयोजित मीटिंग में जिन कार्यों को करने के निर्देश दिए गए थे, उन निर्देशों से व्‍यवहारिक कठिनाई उत्‍पन्‍न होने व मनरेगा के कार्य बंद होने की स्थिति के संबंध में जो पत्र लिखा गया था उस पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) उक्‍त निर्देशों का क्‍या माननीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री जी द्वारा अनुमोदन कराया गया है? यदि हाँ, तो दिनांक बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्‍नाधीन पत्र की प्राप्ति की जानकारी अथवा पत्र की प्रति विभाग में उपलब्ध नहीं है। महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत प्रदेश की 22816 पंचायतों में से वर्तमान में 22632 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक कार्य निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में दिनांक 25.02.2017 की स्थिति में 10,79,192 मजदूरों के नियोजन के लिए मस्टर जारी हैं। (ख) विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन कराना, उनकी समीक्षा करना और आवश्‍यकतानुसार निर्देश जारी करना विभागध्यक्ष के क्षेत्राधिकार एवं जिम्मेदारी होने से विभागीय मंत्री के अनुमोदन की आवश्‍यकता नहीं है। प्रश्‍नांश उत्पन्न नहीं होता है।

पेयजल समस्‍या का निराकरण 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

41. ( क्र. 1691 ) श्री कैलाश चावला : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) मनासा विधानसभा क्षेत्र के कई ग्राम पंचायत रायसिंगपुरा, ढोढरब्‍लाक, बरथून, अरनियाढानी आकली ग्राम पंचायत का ग्राम तुमडा में पेयजल समस्‍या निवारण हेतु ग्राम पंचायत द्वारा गांव के आसपास भू-जल उपलब्‍ध न होने के कारण क्‍या 1 किलोमीटर दूर निर्मल नीर कूप का खनन किया गया है जिनमें पर्याप्‍त पानी उपलब्‍ध है। (ख) क्‍या उक्‍त ग्राम पंचायतों के पास विद्युत् कनेक्‍शन हेतु राशि उपलब्‍ध न होने से पेयजल समस्‍या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। इस समस्‍या को हल करने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 17-11-2016 को प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं माननीय मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास को पत्र लिखकर इस समस्‍या के निराकरण हेतु आवश्‍यक कार्यवाही करने हेतु आग्रह किया गया था? इस संबध में विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) प्रश्नाधीन ग्रामों में पेयजल की व्यवस्था है। निर्माणाधीन निर्मल नीर कूप का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होते है।

नगर पालिका परिषद् धनपुरी में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

42. ( क्र. 1702 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला शहडोल अंतर्गत न.पा. परिषद् धनपुरी में कुल कितने अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं। क्‍या वर्णित अधिकारी/कर्मचारियों का वेतन भुगतान बैंक के माध्‍यम से किया जाता है?         (ख) क्‍या कुछ कर्मचारियों का वेतन बिना कार्य किये भुगतान किया जा रहा है? क्‍या भारसाधक अधिकारी द्वारा शासकीय राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये फर्जी भुगतान की वसूली की जायेगी।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका परिषद्, धनपुरी में कुल कार्यरत नियमित अधिकारी/कर्मचारियों की संख्‍या 54 तथा कार्यरत दैनिक वेतन मस्‍टर श्रमिकों की संख्‍या 214 है। जी हाँ। (ख) जी नहीं। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

जनभागीदारी मद के कार्य 

[योजना,आर्थिक एवं सांख्यिकी]

43. ( क्र. 1758 ) श्री लखन पटेल : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले में जनभागीदारी मद से विगत 2014-15, 2015-162016-17 में स्‍वीकृत किए गए कार्यों की सूची विकासखण्‍डवार अलग-अलग ग्राम पंचायतों के आधार पर प्रदान करें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्राप्‍त आवंटन प्रशासकीय स्‍वीकृति के आधार पर प्रदान करावें व इन कार्यों की निर्माण एजेंसी क्‍या थी एवं पंचायतों में कार्यों को स्‍वीकृत करने के कोई मापदण्‍ड या सीमा है क्‍या? (ग) स्‍वीकृत किए गए कार्यों की प्रगति क्‍या है? क्‍या ये कार्य पूर्ण हो गए या प्रगतिरत हैं? यदि कार्य अपूर्ण हैं तो क्‍या कार्यों को पूरा करने की कोई समय-सीमा तय है कि नहीं और कार्य कब तक पूर्ण कराये जावेंगे?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्राप्त आवंटन के आधार पर प्रशासकीय स्वीकृति की राशि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ के कॉलम-4 में एवं उक्त कार्यों के निर्माण एजेन्सी की जानकारी कॉलम क्रमांक-6 में उल्लेखित है। कार्यों को स्वीकृत करने की कार्यवाही जनभागीदारी नियम-2000 के अनुरूप की जाती है। नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) स्वीकृत कार्यों की भौतिक स्थिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ के कॉलम-5 में दर्शित है। वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 के कार्य प्रगतिरत है। समयावधि बताना संभव नहीं है।

मुरैना जिले की जनपद पहाडगढ़ की पंचायत चिन्‍नौनी करेरा को रिकार्ड नहीं देना

 [पंचायत और ग्रामीण विकास]

44. ( क्र. 1767 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मुरैना जिले के पहाडगढ़ जनपद पंचायत की चिन्‍नौनी करेरा का चुनाव दिसम्‍बर 2015 में सम्‍पन्‍न होने के बावजूद संरपच को पंचायत का रिकार्ड जनवरी 2017 तक प्राप्‍त नहीं हुआ है? क्‍या कारण रहें? तथ्‍यों सहित पूर्ण जानकारी दी जावे? (ख) क्‍या निर्वाचित सरपंच द्वारा जिले के वरिष्‍ठ अधिकारियों को कई बार आवेदन देने पर भी रिकार्ड नहीं दिया। (ग) उक्‍त पंचायत का रिकार्ड दिसम्‍बर, 2015 के चुनाव के पूर्व किस कर्मचारी के पास था। विभाग द्वारा रिकार्ड नहीं देने पर कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही नहीं करने के क्‍या कारण रहे। रिकार्ड कब तक उपलब्‍ध करा दिया जावेगा ताकि पंचायत में विकास कार्य सुचारू रूप से चल सके?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) म.प्र.पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 में ग्राम पंचायत का अभिलेख सरपंच को सौंपा जाना अपेक्षित नहीं है। अधिनियम की धारा 69 के तहत अभिलेखों को रखने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के सचिव की है। दिसम्बर 2015 के पंचायत चुनाव के पूर्व के अभिलेख तत्कालीन पंचायत सचिव की अभिरक्षा में थे। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते है।          (ख) म.प्र.पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम,1993 में ग्राम पंचायत का अभिलेख सरपंच को सौंपा जाना अपेक्षित नहीं है। अधिनियम की धारा 69 के तहत अभिलेखों को रखने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के सचिव की है। दिसम्बर 2015 के पंचायत चुनाव के पूर्व के अभिलेख तत्कालीन पंचायत सचिव की अभिरक्षा में थे। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हे। (ग) म.प्र.पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 में ग्राम पंचायत का अभिलेख सरपंच को सौंपा जाना अपेक्षित नहीं है। अधिनियम की धारा 69 के तहत अभिलेखों को रखने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के सचिव की है। दिसम्बर 2015 के पंचायत चुनाव के पूर्व के अभिलेख तत्कालीन पंचायत सचिव की अभिरक्षा में थे। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते है।

हाईमास्‍क लाईट संधारण

[नगरीय विकास एवं आवास]

45. ( क्र. 1799 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्‍जैन नगर पालिका निगम में वर्ष 2015-16, में हाईमास्‍क लाईट संधारण (2 x 400 वाट लाईट) हेतु क्‍या कोई निविदा आहूत की गई थी? यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त कार्य स्‍वीकृत दर पर कराया गया? यदि हाँ, तो किस फर्म द्वारा? (ख) यदि हाँ, तो किन-किन स्‍थानों पर हाईमास्‍क (2 x 400 वाट लाईट) लगाये गये? क्‍या वर्तमान में उक्‍त कार्य का भौतिक सत्‍यापन कराया जा सकता है? यदि नहीं, तो क्‍या निगम की स्‍थाई संपत्ति स्‍टॉक रजिस्‍टर में उक्‍त सामग्री दर्ज की गई? (ग) क्‍या हाईमास्‍क (2 x 400 वाट लाईट) हेतु निगम मद से भी कोई कार्य कराये गये? यदि हाँ, तो किन स्‍थानों पर एवं कितने? किस फर्म के द्वारा? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) में जारी निविदा के स्‍वीकृत दरों के कार्य एवं प्रश्‍नांश (ग) में कराये गये कार्य/स्‍थान/स्‍वीकृत दर फर्म में कोई समानता है? यदि हाँ, तो उक्‍त अनियमितता के लिये कौन दोषी है? क्‍या दोषियों के विरूद्ध विभाग कोई कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। मेसर्स डिलाईट ऑटो इले. उज्‍जैन से कार्य कराया गया है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। जी हाँ, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

कर्मचारियों का नियमीतिकरण 

[खेल और युवा कल्याण]

46. ( क्र. 1816 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या विभाग में कर्मचारियों को संविदा आधार पर नियुक्ति दी जाती है? यदि हाँ, तो उन्‍हें कितने वर्षों के बाद नियमित करने का प्रावधान है? (ख) क्‍या‍ विगत 10 से 12 वर्ष तक विभाग में सेवा देने वाले संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की कोई प्रक्रिया विचाराधीन है? यदि हाँ, तो उक्‍त कर्मचारियों को कब तक नियमित कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) जी हाँ। विभागीय संविदा भर्ती नियम 2006 में नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रश्नोत्तर (क) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नगरपालिक निगम एवं नगर पालिका परिषदों में कर्मचारियों नियुक्तियाँ 

[नगरीय विकास एवं आवास]

47. ( क्र. 1914 ) श्री के.पी. सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) शिवपुरी जिले में नगर पालिक निगम एवं नगर पालिका परिषदों में जनवरी 2014 से कितने स्‍थाई, अस्‍थाई एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्तियां की गई हैं? नगरपालिका/नगर परिषद्वार पदवार संख्‍या बतावें? (ख) क्‍या नगर पालिक निगम एवं नगर पालिका परिषदों में बगैर आवश्‍यकता के स्‍थानीय जनप्रतिनिधियों/अधिका‍रियों द्वारा अपने रिश्‍तेदारों/निजी संबंधितों की नियुक्तियां कराई गई हैं? (ग) इन नियुक्तियों के संबंध में क्‍या विभाग को कोई शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो इन शिकायतों पर विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई हैं? शिवपुरी जिले की शिकायतवार जानकारी दें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शिवपुरी जिले की नगर परिषद्, बैराड में श्री पवन रावत को संविदा पर वाहन चालक पर रखा गया है, जो अध्‍यक्ष के रिश्‍तेदार हैं। (ग) जी नहीं। विभागीय स्‍तर पर कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है, अपितु कलेक्‍टर, शिवपुरी द्वारा मौखिक रूप से पम्‍प चालक की नियुक्ति संबंधी नस्तियां परीक्षण हेतु बुलाई गई है।

परिशिष्ट - ''बारह''

मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

48. ( क्र. 1973 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हटा विधानसभा क्षेत्र में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण के अंतर्गत कुल कितनी सड़कें स्‍वीकृत की गई? नाम सहित संपूर्ण (सड़क की लंबाई, कुल पुलिया, लागत) जानकारी देवें? (ख) उक्‍त सड़कें कब स्‍वीकृत की गई? क्‍या उक्‍त सड़क निर्माण के वर्क ऑर्डर हो चुके हैं? यदि हाँ, तो वर्तमान में क्‍या स्थिति है? क्‍या कार्य प्रारंभ हो चुका है? उक्‍त सड़क का ठेका किस कंपनी को दिया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त योजना में केन्‍द्र व प्रदेश शासन की कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत है? (घ) उक्‍त सड़क निर्माण के संबंध में किन-किन जनप्रतिनिधियों के पत्र प्राप्‍त हुए एवं उन पर क्‍या कार्यवाही हुई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में सड़क के निर्माण के संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को कोई पत्र प्राप्‍त नहीं है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

खनिज पट्टाधारियों के राजस्‍व का मूल्‍यांकन

[खनिज साधन]

49. ( क्र. 2031 ) चौधरी चन्‍द्रभान सिंह : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि जबलपुर संभाग के किन-किन जिलों में विभिन्‍न पट्टाधारियों के विरूद्ध खनिज राजस्‍व का कितना मूल्‍यांकन (असेसमेंट) बाकी है और कितना असेसमेंट हो चुका है? जिनका असेसमेंट नहीं हुआ है? व‍ह कब तक करवा लिया जावेगा?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : प्रश्‍नानुसार जानकारी संलग्न परिशिष्ट पर दर्शित है। कर निर्धारण किया जाना एक सतत् प्रक्रिया है। अत: समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

योजनाओं के संबंध में 

[नगरीय विकास एवं आवास]

50. ( क्र. 2032 ) चौधरी चन्‍द्रभान सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या म.प्र. अर्बन डेवलपमेन्‍ट कंपनी का गठन किया गया है? यदि हाँ, तो कब और क्‍यों साथ ही कंपनी में किन-किन की नियुक्ति कब-कब किस-किस पद पर की गई है? इन अधिकारियों/कर्मचारियों की योग्‍यता क्‍या है? क्‍या कंपनी में नियुक्त अधिकारी/कर्मचारियों के नियम बने हैं? यदि हाँ, तो नियम की प्रति दें, यदि नहीं, तो उक्‍त नियुक्तियां किस आधार पर की गई है? (ख) क्‍या मुख्‍यमंत्री जी को कंपनी का अध्‍यक्ष बनाया गया है? यदि हाँ, तो आधी अधूरी योजना, बगैर कारण के भर्ती करने से मान. मुख्‍यमंत्री जी के पद का अवमूल्‍यन नहीं है? साथ ही वर्तमान में एम.पी.यू.डी.सी. में किन-किन योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है? योजना का नाम, लागत राशि, योजनाकार का नाम एवं योजना किस फंड से क्रियांवित होगी? (ग) क्‍या पेयजल योजना एम.पी.यू.डी.सी. के द्वारा क्रियांवित होना है तो योजनाओं के संचालनालय अन्‍य कार्यालयों के माध्‍यम से क्‍यों अनुमोदित करवाया जाता है? क्‍या वहां पर नियुक्ति सलाहकार, योजना विशेषज्ञ उस कार्य को करने में सक्षम नहीं है? यदि नहीं, तो एम.पी.यू.डी.सी. के अलावा अन्‍य यंत्रियों के माध्‍यम से योजना का परीक्षण क्‍यों करवाया जाता है?          (घ) क्‍या योजनाओं के परीक्षण, स्‍थल के परीक्षण के लिये पर्यावरणीय अभियंता, सोशल एवं जनरल अधिकारी, सामुदायिक विकास अधिकारी, बेनीफिट मॉनिटरिंग एवं इवेल्‍यूशन अधिकारी, एम.आई.एस. अधिकारी की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो किन अधिकारियों द्वारा कब-कब, किन-किन योजनाओं के स्‍थलों का निरीक्षण किया गया? नाम सहित जानकारी दें। यदि नहीं, तो क्‍यों? साथ ही उक्‍त अधिकारियों द्वारा यदि निरीक्षण नहीं किया गया तो विशेषज्ञों को रखे जाने का औचित्‍य क्‍या है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। मंत्री परिषद् आदेश दिनांक 09.12.2014 (आयटम क्रमाकं-3) से प्रदत्‍त स्‍वीकृति अनुसार म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग के आदेश क्रमांक एफ-10-36/2014/18-2 दिनांक 01 जनवरी, 2015 द्वारा शत्-प्रतिशत शासन की अंशपूजी धारित कंपनी ''मध्‍यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी'' का गठन कंपनी अधिनियम के अंतर्गत किया गया है। मध्‍यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड में बोर्ड आफ डायरेक्‍टर्स एवं कम्‍पनी में पदस्‍थ/नियुक्‍त अधिकारियों /कर्मचारियों के नाम, पदनाम एवं नियुक्ति दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' एवं ''2'' अनुसार है। मध्‍यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के मुख्‍यालय एवं परियोजना क्रियान्‍वयन इकाइयों में अधिकारियों/कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति/संविदा पर भर्ती हेतु निर्धारित योग्‍यता संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' एवं ''4'' अनुसार है। जी हाँ। मध्‍यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड में अधिकारियों/कर्मचारियों की पदस्‍थापना शासन द्वारा एवं प्रतिनियुक्ति उपरान्‍त शेष संविदा नियुक्ति, संविदा सेवा शर्तों के आधार पर की गई है। नियुक्तियों का अनुमोदन बोर्ड आफ डायरेक्‍टर की बैठक से प्राप्‍त है। जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग के आदेश क्रमांक एफ-10-05/2015/18-2 दिनांक 30.09.2015 द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री जी को कंपनी का चेयरमेन नियुक्‍त किया गया है। जी नहीं कंपनी द्वारा जिन योजनाओं में कार्य किया जा रहा है उनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '5'' अनुसार है। (ग) वर्तमान प्रस्‍ताव अनुसार 128 नगरीय निकायों के पेयजल आवर्धन योजनाएं कंपनी द्वारा क्रियान्वित की जा रही है, इनका अनुमोदन कंपनी के अन्‍तर्गत निर्धारित प्रक्रिया से ही कंपनी में करवाया जाता है। अन्‍य कार्यालयों से नहीं। जी हाँ- सक्षम है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''6'' एवं ''7'' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आपाती सहायक प्राध्‍यापकों को वेतनमान का लाभ

[उच्च शिक्षा]

51. ( क्र. 2072 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्‍या प्रदेश में संचालित शासकीय महाविद्यालयों के लिये विभिन्‍न विषयों में वर्ष 1987 से 1990 के मध्‍य सहायक प्राध्‍यापकों की भर्ती आपाती सेवा के रूप में की गई थी? यदि हाँ, तो जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या आपाती रूप से नियुक्‍त सहायक प्राध्‍यापकों को नियमितीकरण दिनांक से उच्‍च वेतनमानों का लाभ दिया जा रहा है? आपाती सहायक प्राध्‍यापकों को वेतनमान दिये जाने संबंधी नियम क्‍या हैं? नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) क्‍या आपाती सहायक प्राध्‍यापकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्‍ठ श्रेणी, प्रवर श्रेणी, चतुर्थ पे-बैण्‍ड वेतनमान दिये जाने संबंधी आदेश माननीय उच्‍च न्‍यायालय एवं सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा पारित किये गये हैं? यदि हाँ, तो जानकारी देवें।         (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में माननीय न्‍यायालयों के आदेश के परिपालन में क्‍या सभी आपाती सहायक प्राध्‍यापकों को नियुक्ति दिनांक से वेतनमान का लाभ दिया जा चुका है? यदि अभी तक नहीं दिया गया है तो कितनों को दिया गया है एवं कितनों को अभी दिया जाना शेष है? शेष को कब तक वेतनमान का लाभ दिये जाने संबंधी आदेश जारी कर दिये जायेंगे?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में वर्ष 1987 से 1990 के बीच 618 प्रत्याशियों को आपाती रूप से सहायक प्राध्यापक के पद पर नियुक्ति की गई थी। (ख) जी हाँ। मध्यप्रदेश शैक्षणिक सेवा (महाविद्यालयीन शाखा) भर्ती नियम-1990 में उच्च वेतनमान दिये जाने हेतु प्रावधानित नियम की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है। (ग) जी हाँ। आपाती सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठ, प्रवर एवं चतुर्थ पे-बैण्ड वेतनमान दिये जाने हेतु डॉ. रमेश चन्द्र दीक्षित, सहायक प्राध्यापक, भौतिकशास्त्र की याचिका          क्र. 2742/2012 पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 18.04.2012 तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 18.02.2015 जिसके द्वारा शासन की ओर से प्रस्तुत एस.एल.पी. को खारिज किया गया है, कि जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' पर है।  (घ) जी नहीं। माननीय न्यायालय के आदेश के परिपालन में आपाती रूप से नियुक्त 521 सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति दिनांक से वेतनमानों का लाभ दिया जा चुका है, शेष 97 सहायक प्राध्यापकों को नियुक्ति दिनांक से वेतनमान का लाभ दिया जाना शेष है। शेष प्रकरणों में अनुवीक्षण समिति द्वारा परीक्षण किया जा रहा है। निश्चित समय- सीमा बताना संभव नहीं है।

हरदा जिले की खिरकिया तहसील में शासकीय कॉलेज खोले जाना 

[उच्च शिक्षा]

52. ( क्र. 2120 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या उच्च शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) क्या हरदा जिले की खिरकिया तहसील में शासकीय कॉलेज खोले जाने हेतु कुछ स्थानीय व्यक्तियों द्वारा भूमि दान की गई है? (ख) क्‍या हरदा जिले की तहसील खिरकिया के छात्र/ छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु हरदा या अन्य शहरों में जाना पड़ता है जिसके कारण कई छात्र/छात्रायें उच्च शिक्षा से वंचित हो जाते है, यदि हाँ, तो क्या खिरकिया तहसील में शासकीय कॉलेज खोले जाने की कोई योजना प्रस्तावित है? (ग) यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो उसका क्या कारण है?

उच्च शिक्षा मंत्री ( श्री जयभान सिंह पवैया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। खिरकिया में एक अनुदान प्राप्त विष्णु राजोरिया अशासकीय महाविद्यालय तथा खिरकिया से 25 किमी. दूरी पर शासकीय महाविद्यालय, सिराली संचालित हैं, जहाँ पर विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं। वर्तमान में सीमित वित्तीय संसाधनों को दृष्टिगत कर खिरकिया में महाविद्यालय खोलने की कोई योजना नहीं है। (ग) प्रश्नांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

गुणवत्‍ताविहीन सी.सी. रोड निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

53. ( क्र. 2155 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नगर पंचायत राजगढ़ जिला धार के बस स्‍टैण्‍ड में सी.सी.रोड का निर्माण कार्य कब किया गया? इसकी क्‍या लागत थी, इस पर कितना व्‍यय हुआ एवं इसकी कार्य एजेंसी कौन थी?                 (ख) क्‍या उक्‍त कार्य की गुणवत्‍ता घटिया होने से नगर पंचायत द्वारा इस मार्ग पर लीपा-पोती करने के लिए डामर डाल दिया था, जिसकी जाँच के आदेश कलेक्‍टर ने दिए थे? (ग) यदि हाँ, तो कार्य एजेंसी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर परिषद्, राजगढ़ जिला धार के बस स्‍टेण्‍ड में सी.सी.रोड का निर्माण वर्ष 2013-14 में किया गया था। यह कार्य नगर परिषद्, राजगढ़ द्वारा नहीं कराया गया है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। (ग) नगर परिषद्, राजगढ़ द्वारा यह कार्य नहीं कराए जाने के कारण कार्य एजेंसी के विरूद्ध नगर परिषद् द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इस प्रकरण में पदीय दायित्‍व के निर्वहन में लापरवाही बरतने के कारण निकाय के तत्‍कालीन मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, श्री संतराम चौहान को दोषी पाए जाने के उपरांत असंचयी प्रभाव से 02 वार्षिक वेतन वृद्धियां रोके जाने की शास्ति अधिरोपित की गई है।

मंदिर परिसरों का विकास एवं सौंदर्यीकरण

[धार्मिक न्यास और धर्मस्व]

54. ( क्र. 2185 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या खेल और युवा कल्याण मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विदिशा जिले के सिरोंज विधान सभा क्षेत्रांतर्गत विगत 05 वर्षों में प्रश्‍नांश दिनांक तक सिरोंज के ग्राम वीरपुर में महामाई मंदिर परिसर देवपुर मंदिर परिसर एवं लटेरी के ग्राम महावन के मदागन मंदिर परिसर में विकास, निर्माण, सौन्‍दर्यीकरण में किस-किस विभाग द्वारा किस-किस मद में कितनी-कितनी धनराशि व्‍यय की गई है वर्षवार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्‍त स्‍थलों के विकास में क्‍या-क्‍या निर्माण एवं सौन्‍दर्यीकरण के कार्य किये गये? उक्‍त निर्माण कार्य किस निर्माण एजेंसी/किस विभाग के द्वारा किया जा रहा है? कितने कार्य पूर्ण हुए एवं कितने अपूर्ण हैं? अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जाएगा?

खेल और युवा कल्याण मंत्री ( श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

अवैध कालोनियों की शिकायतें

[नगरीय विकास एवं आवास]

55. ( क्र. 2186 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विदिशा जिले के विधान सभा क्षेत्र सिरोंज एवं लटेरी नगरीय क्षेत्र में अवैध कॉलोनी काटी जाने की विगत 3 वर्षों में कितनी शिकायत जनसुनवाई के माध्‍यम से या पत्राचार से प्राप्‍त हुई हैं? किन-किन स्‍थानों पर अवैध कॉलोनी काटे जाने की शिकायत कब-कब प्राप्‍त हुई है? अवैध कॉलोनी काटी जाने के स्‍थानों की सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार इन अवैध कॉलोनी काटी जाने की शिकायतों पर जिला/स्‍थानीय प्रशासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? संबंधितों के नाम सहित कार्यवाही विवरण सहित सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या स्‍थानीय प्रशासन द्वारा अवैध कॉलोनी के विरूद्ध कार्यवाही करने के बाद भी अवैध कॉलोनियों में प्‍लाटों का क्रय-विक्रय होकर निर्माण कार्य किया जा रहा है? यदि हाँ, तो जिला एवं स्‍थानीय प्रशासन द्वारा इसे रोकने के लिए क्‍या व्‍यवस्‍था की जा रही है? (घ) क्‍या जिला एवं स्‍थानीय प्रशासन द्वारा इन अवैध कॉलोनी को वैध किये जाने हेतु शासन द्वारा कब तक निर्णय लिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) नगर पालिका सिरोंज एवं नगर परिषद् लटेरी को विगत तीन वर्षों में अवैध कॉलोनी काटे जाने की कोई शिकायत जनसुनवाई अथवा पत्राचार के माध्‍यम से प्राप्‍त नहीं हुई है। अनुविभागीय अधिकारी सिरोंज को जनसुनवाई के माध्‍यम से 7 शिकायतें प्राप्‍त हुई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। नगरीय क्षेत्र सिरोंज में अवैध कॉलोनी काटी जाने के स्‍थानों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। अनुविभागीय अधिकारी लटेरी को नगरीय क्षेत्र लटेरी में अवैध कॉलोनी काटे जाने की कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई है। (ख) नगरीय क्षेत्र सिरोंज में अवैध रूप से काटी गई कॉलोनी के कॉलोनाईजर के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों के आधार पर जिला अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कॉलोनाईजर एक्‍ट के तहत कार्यवाही हेतु प्रकरण तैयार कर जिला कार्यालय को प्रेषित किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। नगरीय क्षेत्र लटेरी में अवैध रूप से काटी गई कॉलोनी के विरूद्ध कोई शिकायत प्राप्‍त न होने से जानकारी निरंक है। (ग) नगरीय क्षेत्र सिरोंज में अवैध कॉलोनियों के विरूद्ध अनुविभागीय अधिकारी सिरोंज द्वारा कॉलोनाईजर एक्‍ट में वर्णित प्रावधानों के तहत कार्यवाही प्रचलित है। नगरीय क्षेत्र लटेरी में अवैध रूप से काटी गई कॉलोनी के विरूद्ध कोई शिकायत प्राप्‍त न होने से कार्यवाही प्रचलित नहीं है। (घ) अवैध कॉलोनियों को वैध करने हेतु शासन द्वारा नियमों में आवश्‍यक संशोधन की कार्यवाही की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सतना जिले में संचालित फैक्ट्रियों के ओवरलोडिंग

[खनिज साधन]

56. ( क्र. 2244 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या खनिज साधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत तीन वर्षों में सतना जिले में संचालित किन फैक्ट्रियों के ओवरलोडिंग के संबंध में कलेक्टर सतना एवं खनिज अधिकारी द्वारा फैक्ट्रियों, खदान संचालकों, क्रेशर संचालकों को पत्र जारी कर ओवरलोडिंग न करने की हिदायत दी गई? (ख) क्या खदान संचालकों एवं फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा फ्लाईएस, लेट्राईट, लाइमस्टोन एवं बॉक्साइट का उत्खनन किया जाता है? क्या उसका असिस्मेंट खनिज विभाग द्वारा मौके पर जा कर सत्यापित किया जाता है यदि हाँ, तो विगत 3 वर्षों में कब-कब किया गया? (ग) क्या आज दिनांक तक खदान संचालक/फैक्ट्री संचालक द्वारा जो कांटे लगाए गए हैं उनकी दोनों जगह की कांटापर्ची का मिलान किया जाय तो स्पष्ट हो जायेगा कि दस चका हाइवे में 15 टन माल पास है लेकिन खदान संचालक एवं फैक्ट्री संचालकों द्वारा 35-40 टन माल लोड किया जा रहा है? इसी प्रकार 6 चका में 9 टन माल पास है जबकि 22-24 टन माल लोड कर भेजा जा रहा है? (घ) क्या उक्त कृत्य से शासन को अरबों रूपए की क्षति पहुँचाई जा रही है? क्या इस संपूर्ण प्रकरण की उच्चस्तरीय जाँच कराकर दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करते हुए क्षति का आंकलन कर राजस्व की वसूली की कार्यवाही की जावेगी?

खनिज साधन मंत्री ( श्री राजेन्द्र शुक्ल ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नाधीन जिले में खदान संचालकों तथा फैक्‍ट्री प्रबंधन द्वारा फ्लाय ऐश का उत्‍खनन नहीं किया जाता है। प्रश्‍नानुसार लेटेराइट, लाइमस्‍टोन, बॉक्‍साइट खनिज का उत्‍खनन किया जाता है। जी हाँ। खनिपट्टों का मौका निरीक्षण जिस-जिस दिनांक को किया गया है उसका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट पर दर्शित है। (ग) जी नहीं। खदान/फैक्‍ट्री, संचालकों द्वारा तौल कांटे के अनुसार अभिवहन पार पत्र दिये जाते हैं। विभाग द्वारा ऐसेसमेन्‍ट अभिवहन पार पत्र में दर्शित खनिज मात्रा अनुसार किया जाता है। समय-समय पर जाँच के दौरान खनिज परिवहन करने वाले वाहन में अभिवहन पास में उल्‍लेखित मात्रा से अधिक मात्रा का खनिज पाए जाने पर ऐसी अधिक मात्रा के सम्‍बन्‍ध में अर्थदण्‍ड आरोपित कर वसूल किया जाता है। प्रश्‍न में किसी स्‍थान विशेष का उल्‍लेख न होने के कारण प्रश्‍नानुसार जानकारी दिये जाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वनों की कटाई एवं व्‍यवस्‍थापन 

[वन]

57. ( क्र. 2255 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                 (क) एन.सी.एल. सिंगरौली क्षेत्र में 22 KM दूरस्‍थ क्षेत्र के वनों का विनिर्दिष्‍ट करण पश्‍चात् वन और पर्यावरण विभाग द्वारा किन-किन जिलों में वृक्षारोपण के लिये भूमि प्राप्‍त कर ली गयी है? पर्यावरण एवं वन के इस तरह से उजाड़ के बाद उनके रोकथाम के लिये क्‍या उपाय किये जा रहे हैं? (ख) यदि नहीं, तो इसको नियंत्रित करने के लिये क्‍या उपाय किये जायेंगे वन की कटाई के परिप्रेक्ष्‍य में कंपनी के अनुबंध के अनुसार किन जिलों से अनुबंध किया गया है? इससे क्‍या सिंगरौली जिले के वन क्षेत्रों को कटाई से क्‍या लाभ प्राप्‍त होगा?

वन मंत्री ( डॉ. गौरीशंकर शेजवार ) : (क) एन.सी.एल. को सिंगरौली जिले में कोयला उत्‍खनन हेतु कुल 10 परियोजनाओं में भारत सरकार से स्‍वीकृति उपरांत कुल 3601.379 हेक्‍टेयर वन भूमि व्‍यपवर्तित की गई है। इस प्रत्‍यावर्तित वन भूमि के विरूद्ध वनों की वृद्धि हेतु भारत सरकार की शर्तों के अनरूप एन.सी.एल. से 2597.868 हेक्‍टेयर गैर वन भूमि प्राप्‍त कर इस पर रोपण किया गया है। इसके अतिरिक्‍त भारत सरकार की शर्तों के अनुसार 2012.00 हेक्‍टेयर बिगड़े वनों में भी रोपण किया गया है। अत: एन.सी.एल. को सिंगरौली में वन भूमि प्रतयावर्तित करने के बाद वनों को बनाये रखने के पर्याप्‍त प्रयास किये गये हैं। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पीथमपुर में सेंट्रल लाईंटिंग कार्य की स्‍वीकृति

[नगरीय विकास एवं आवास]

58. ( क्र. 2296 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या पीथमपुर नगर में नगर पालिका निधि से महू घाटाबिल्लोद फोरलेन, जो शहर के मध्य से गुजरता है पर सेंट्रल एल.ई.डी. लाईंटिंग की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त होने के बाद नियमानुसार ऑन लाईन टेण्डर किये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो निविदा पश्चात् प्राप्त दरों को नगर पालिका परिषद् की पी.आई.सी. में अनुमोदन किया जा चुका है तथा प्रकरण में वित्तीय स्वीकृति हेतु शासन को प्रस्ताव भेजे गये थे? (ग) क्या माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा 20-10-2016 को पीथमपुर प्रवास के दौरान उक्त पीथमपुर नगर की सेंट्रल लाईंटिंग का भूमि पूजन सह शिलालेख अनावरण किया गया था? यदि हाँ, तो, नियमानुसार नगर पालिका निधि के जनहीत में की जाने वाली सेंट्रल लाईंटिंग कार्य की वित्तीय स्वीकृति किन तकनीकी कारणों से नहीं दी जा सकी? (घ) नगर पालिका क्षेत्रों में सेंट्रल लाईटिंग के प्रस्तावित पी.पी.पी. मॉडल में वे कौन से लाभ शासन व नगर पालिका को हैं, जिनके कारण प्रक्रियात्मक रूप से की जा रही निविदा की वित्तीय स्वीकृति नहीं दी जा सकी तथा इस संबंध में क्या नियम एवं गाईड लाईन है एवं इस कार्य को पी.पी.पी. मॉडल में करने पर वर्तमान निविदा प्रक्रिया से कितने राजस्व की बचत शासन को होगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, के द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार LED लाईट विद्युत उपकरण क्रय करने के कार्य पर प्रतिबंध होने के कारण वित्‍तीय स्‍वीकृति प्रदान नहीं की गई है।         (घ) सेन्‍ट्रल लाईटिंग के कार्य को पी.पी.पी. मॉडल पर किये जाने से शासन एवं नगरीय निकायों को अपनी निधि से व्‍यय होने वाली राशि की बचत होगी। पी.पी.पी. प्रणाली पर कार्य करने से विद्युत देयकों में होने वाली बचत द्वारा योजना की लागत की राशि उपलब्‍ध हो सकेगी।

रोड, भवन तथा खेल मैदानों की तकनीकी स्‍वीकृति 

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

59. ( क्र. 2324 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) छतरपुर जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने रोड एवं कितने भवनों की स्‍वीकृति प्रदान की गई तथा तकनीकी स्‍वीकृतियां दी? (ख) राजनगर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रशासकीय स्‍वीकृति के अनुसार ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा ठेके पर हो रहे कितने कार्यों के पूर्णत: प्रमाण पत्र जारी किये गये? कितनों के नहीं?         (ग) शासन आदेशों अनुसार कितनी अवधि में कार्य पूर्ण होना थे तिथि का विवरण दें? (घ) क्‍या खेल मैदानों की तकनीकि‍ स्‍वीकृति कार्यपालन यंत्री द्वारा दी गई थी,? क्‍या ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना अन्‍तर्गत कराये गये उक्‍त कार्य खराब हो गये?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) छतरपुर जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 17 रोड एवं 133 भवनों की तकनीकी स्‍वीकृति प्रदान की गई। (ख) पूर्ण हुये सभी 09 कार्यों के पूर्णत: प्रमाण पत्र जारी किये गये। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। उक्‍त कार्य महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत नहीं होकर गुणवत्‍ता संतोषजनक है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

जलग्रहण प्रबंधन मिशन के तहत राशि

[पंचायत और ग्रामीण विकास]

60. ( क्र. 2329 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) विधानसभा क्षेत्र राजनगर अंतर्गत विकासखण्‍ड लवकुशनगर तथा राजनगर के तहत जलग्रहण प्रबंधन मिशन के तहत दिनांक 1.1.13 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन कार्यों पर व्‍यय किया गया?          (ख) उक्‍त संस्‍थाओं के किन-किन बैंकों में खाते हैं तथा अब तक कितनी राशि खातों में शेष है?                  (ग) प्रश्नांश (क) अवधि में छतरपुर जिलें में विकासखण्‍डवार जलग्रहण प्रबंधन मिशन की किन-किन तिथियों में बैठकों का आयोजन जिला स्‍तर पर किया गया तथा व्‍यय राशि के क्‍या परिणाम प्राप्‍त हुए? (घ) क्‍या उपयंत्रियों द्वारा धरातल पर कार्य सही मापदण्‍डानुसार नहीं किये गये और मूल्‍यांकन कर दिया गया?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) आस्थामूलक, वा&#