मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
नवम्‍बर-दिसम्‍बर, 2017 सत्र


बुधवार, दिनांक 06 दिसम्‍बर, 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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पशु औषधालयों में चिकित्‍सकों की पूर्ति

[पशुपालन]

1. ( *क्र. 2100 ) श्री दिनेश कुमार अहिरवार : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पशु औषधालयों में कर्मचारियों, डॉक्‍टरों की पोस्टिंग नहीं की जा रही है? (ख) पशु औषधालय जतारा, पशु औषधालय लिधौरा में 03 वर्षों से डॉक्‍टरों के पद खाली क्‍यों पड़े हैं? (ग) क्‍या शासन पशु औषधालयों में डॉक्‍टरों की पोस्टिंग करेगा, जिससे इलाज के लिये जानवरों को भटकना न पड़े? इलाज के अभाव में कई जानवरों की असमय मौत हो रही है? (घ) क्‍या मंत्री जी विधान सभा क्षेत्र जतारा के पशु औषधालयों में शीघ्र पदस्‍थापना करेंगे, जिससे जानवरों को समय पर इलाज मिल सके?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी नहीं। समय-सीमा पर पदस्थापना की जाती है। (ख) जतारा में पशु औषधालय नहीं है। पशु चिकित्सालय है, जहां चिकित्सक पदस्थ हैं। लिधौरा में पशु चिकित्सालय में स्थानांतरण से पद रिक्त हुआ है। (ग) पशु औषधालयों में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधि‍कारियों की पदस्थापना नवनियुक्ति‍ तथा स्थानांतरण के माध्यम से समय-समय पर की जाती है। पद रिक्त होने पर नजदीक की संस्था के अधि‍कारी को अतिरिक्त प्रभार देकर सेवायें उपलब्ध कराई जाती हैं। जी नहीं। (घ) समय-समय पर पदस्थापना की जाती है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

एडव्‍होकेट प्रोडेक्‍शन एक्‍ट लागू किया जाना

[गृह]

2. ( *क्र. 2193 ) श्री रमेश पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01.01.2015 से 31.10.2017 तक प्रदेश में कितने वकीलों से कहाँ-कहाँ मारपीट, दुर्व्‍यवहार एवं अन्‍य प्रताड़ना के प्रकरण दर्ज हुए? न्‍यायालयों में तोड़फोड़, गोलीचालन के प्रकरणों की जानकारी भी जिलावार देवें? (ख) क्‍या शासन वकीलों की सुरक्षा के लिए एडव्‍होकेट प्रोडेक्‍शन एक्‍ट लागू करने पर विचार कर रहा है? (ग) यदि हाँ, तो इसकी तैयारी वर्तमान में किस स्‍तर पर है एवं यह कब तक लागू कर दिया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भवन संनिर्माण कर्मकार कार्ड का सरलीकरण

[श्रम]

3. ( *क्र. 1414 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भवन संनिर्माण कर्मकार कार्ड के आवेदन हेतु निर्माण श्रमिक को निर्माण में संलग्न होने के प्रमाण के लिये पंजीकृत ठेकेदार से प्रमाणीकरण कराने की बाध्यता रखी गई है? (ख) यदि नहीं, तो क्या निर्माण श्रमिक को निर्माण में संलग्न होने के प्रमाण के लिये अपंजीकृत व्‍यक्ति का प्रमाणीकरण मान्य है? (ग) क्या निर्माण श्रमिक के स्वहस्ताक्षर से या स्वप्रमाणीकरण के द्वारा निर्माण में संलग्न होने का प्रमाण मान्य नहीं है? (घ) क्या इस प्रक्रिया का सरलीकरण किया जा सकता है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी नहीं। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के पंजीयन हेतु ठेकेदारों का प्रमाणीकरण आवश्यक नहीं है। अस्टांपित कागज पर स्वहस्ताक्षरित व स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र के आधार पर निर्माण श्रमिक मान्य किया जाता है। (ख) अस्टांपित कागज पर स्वहस्ताक्षरित व स्‍व-प्रमाणित घोषणा पत्र के आधार पर निर्माण श्रमिक मान्य किया जाता है। (ग) जी नहीं। निर्माण कार्य में लगे श्रमिक द्वारा स्वयं के दिये शपथ पत्र/स्‍व-प्रमाणीकरण या भवन स्वा‍मी द्वारा किये गये प्रमाणीकरण या वार्ड पार्षद/ग्राम पंचायत के सरपंच/सचिव के प्रमाणीकरण के आधार पर जाँच उपरांत पात्र पाये जाने पर निर्माण श्रमिक का पंजीयन किया जाता है। (घ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अपलोड खाद्यान्न पर्ची जनरेट की जाना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

4. ( *क्र. 2283 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विदिशा जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रता की श्रेणी में आने वाले नवीन परिवारों की खाद्यान्न पात्रता पर्ची एवं जारी खाद्यान्न पर्ची में आवश्यक सुधार हेतु अपलोड होने पर भी विगत 9 माहों से जनरेट नहीं की जा रही हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्या शासन पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न से वंचित रखना चाहता है? यदि नहीं, तो अपलोड खाद्यान्न पर्चियां कब तक तक जनरेट की जा रही हैं?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) विदिशा जिले में कुल 2,11,658 परिवारों (10,38,017 हितग्राही) को पात्रता पर्ची का वितरण कर लाभ दिया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा राज्‍य के लिए हितग्राहियों की अधिकतम सीमा निर्धारित है। इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने का प्रावधान अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत न होने के कारण शेष आवेदकों को सम्मिलित नहीं किया गया है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से हितग्राही की मृत्‍यु होने, विवाह होने, अन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्रा‍ही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। तद्नुसार नवीन पात्रता पर्ची निर्धारित सीमा में जारी की जा रही है। जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में सदस्‍यों की संख्‍या के विरूद्ध विलोपन योग्‍य सदस्‍यों को पोर्टल पर विलोपित किया जाकर, उतनी ही संख्या में संबंधित जिले के नवीन सत्यापित सदस्‍यों को सम्मिलित किया जा रहा है। जुड़ने वाले नवीन परिवारों में बी.पी.एल. एवं अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्ष 2017-18 में विदिशा जिले में 1,028 परिवारों के 4,916 हितग्राहियों के लिए नवीन पात्रता पर्ची जारी की गई है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षण संस्‍था द्वारा लीज भूमि का दुरूपयोग

[राजस्व]

5. ( *क्र. 2159 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पूर्व सत्रों में सदन में उठाये गये प्रश्‍नों के आधार पर खंडवा जिला मुख्‍यालय पर निमाड़ एजुकेशनल सोसायटी की लीज फ्री-होल्‍ड करने की बड़े स्‍तर पर हुए भ्रष्‍टाचार की जाँच की जा रही है? यदि हाँ, तो वर्तमान में उसकी स्थिति क्‍या है? (ख) क्‍या शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु मिली भूमि पर लीज धारक द्वारा बड़ा होटल एवं मैरिज गार्डन बनाकर व्‍यावसायिक उपयोग किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इनके निर्माण की अनुमति किसके द्वारा दी गई? आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराएं (ग) निगम के झोन कार्यालय से चंद कदम दूरी पर हजारों स्‍क्‍वायर मीटर भवन का अवैध निर्माण कैसे हुआ है तथा खेल मैदान पर बने अवैध मैरिज गार्डन का संचालन क्‍यों किया जा रहा है? ऐसे अवैध निर्माण को निगम द्वारा कब तक तोड़ा जाएगा? (घ) राजस्‍व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से मूल लीज शर्तों में परिवर्तन कर फ्री-होल्‍ड की गई भूमि का वर्तमान बाजार मूल्‍य क्‍या है? क्‍या अब इसका भू-भाटक उस दर से वसूला जा रहा है? यदि हाँ, तो कितना? (ड.) फ्री-होल्‍डलीज प्रकरण की उच्‍चस्‍तरीय जाँच कब तक पूर्ण होकर संबंधित संस्‍था एवं दोषी अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही की जाएगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में संस्‍था के लीज प्रकरण की पुनर्विलोकन की कार्यवाही कलेक्‍टर न्‍यायालय राजस्‍व प्रकरण क्रमांक 0120 (1) वर्ष 2017-18 प्रचलित है। एवं उक्‍त संस्‍था के लीज नवीनीकरण एवं फ्री-होल्‍ड के संबंध में प्रकरण मान. लोकायुक्‍त संगठन, म.प्र. भोपाल विरूद्ध 162/2016 दर्ज होकर विचाराधीन है। (ख) जी हाँ। इसके निर्माण की अनुमति नहीं दी गयी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उक्‍त भूमि पर कॉलेज, स्‍कूल संचालित हैं। शेष खुले मैदान पर अवैध रूप से मैरिज गार्डन के रूप में उपयोग किया जाता है, जिसकी नगर निगम से कोई अनुमति नहीं है। इसी परिसर में निर्मित अवैध निर्माण पर होटल/रेस्‍टोरेंट संचालित हैं, जिसके लिये समय-समय पर अवैध निर्माण को तोड़ने हेतु सूचना पत्र जारी किये गये। अवैध निर्माण तोड़ने हेतु दिनांक 10.09.2017 नियत की गयी थी, किन्‍तु निर्माणकर्ता द्वारा नियत दिनांक को मान. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर की डब्‍ल्‍यू.पी. 11301/2017, दिनांक 02.08.2017 के पारित स्‍थगन आदेश स्‍थल पर प्रस्‍तुत करने के फलस्‍वरूप तोड़ने की कार्यवाही स्‍थगित की जाकर स्‍थगन आदेश के परिपालन में प्रकरण विवेचनाधीन होकर कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) मूल लीज शर्तों में परिवर्तन कर फ्री-होल्‍ड की गई भूमि का वर्तमान बाजार भाव मूल्‍य राशि रूपये 55,03,00,140/- एवं वार्षिक भू-भाटक रूपये 2,69,569/- निर्धारित किया गया है। (ड.) उत्‍तरांश () अनुसार। समय-सीमा बतायी जाना संभव नहीं है।

ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया

[परिवहन]

6. ( *क्र. 3066 ) श्री मंगल सिंग धुर्वे : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परिवहन विभाग में दो पहिया, चार पहिया वाहनों के लिये ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिये 8 वीं या 10 वीं पास होना अनिवार्य है? (ख) जो 8 वीं या 10 वीं पास नहीं है, उनके दो पहिया चार, पहिया वाहनों के लाईसेंस की विभाग में क्‍या व्‍यवस्‍था है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) तथ्यात्मक‍ स्थिति यह है कि केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम-8 के अनुसार मात्र परिवहन यान को चलाने के लिये अनुज्ञप्ति प्राप्ति करने हेतु न्यनूतम शैक्षणिक योग्‍यता 8 वीं स्‍तर उत्तीर्ण रखी गई है। परिवहन यान से भिन्न यान के चालन अनुज्ञप्ति के लिये ऐसा कोई बंधन नहीं है।

आई.टी.आई. में पद पूर्ति

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

7. ( *क्र. 2128 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी जिले के अन्‍तर्गत विकासखण्‍ड मुख्‍यालय कुसमी एवं मझौली में संचालित आई.टी.आई. में कितने ट्रेड संचालित हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित आई.टी.आई. कुसमी एवं मझौली में विभिन्‍न पदों में कितने पद स्‍वीकृत, भरे एवं रिक्‍त हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर ली जावेगी? (घ) आई.टी.आई. मझौली के भवन निर्माण की स्‍वीकृति कब हुई? लागत राशि सहित जानकारी देंवे। भवन का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) सीधी जिले के अंतर्गत विकासखण्‍ड मुख्‍यालय आई.टी.आई. कुसमी में 06 व्‍यवसाय तथा आई.टी.आई., मझौली में 01 व्‍यवसाय संचालित है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है(ग) आई.टी.आई., मझौली में मात्र एक व्‍यवसाय संचालित है, संस्‍था में प्राचार्य वर्ग-1 को पदस्‍थ किये जाने की आवश्‍यकता नहीं है, प्रशिक्षण अधीक्षक ही पर्याप्‍त होगा। पदोन्‍नति पर आरक्षण के संबंध में माननीय न्‍यायालय में याचिका दायर होने के कारण प्रशिक्षण अधीक्षक, सहायक वर्ग-1, 2 एवं 3 के पद को भरा जाना संभव नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) आई.टी.आई., मझौली के भवन निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति राशि रूपये 995.27 लाख, दिनांक 23 मई, 2016 को जारी की गई पी.आई.यू. (पी.डब्‍ल्‍यू.डी.) द्वारा कार्यादेश अनुसार कार्यपूर्ण करने की तिथि 16.03.2018 है।

परिशिष्ट - ''एक''

जनभागीदारी नल-जल योजना की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

8. ( *क्र. 2084 ) श्री चेतराम मानेकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) आमला विधानसभा क्षेत्र में जन भागीदारी नल-जल योजना में कितने ग्राम सम्मिलित किये गये हैं? (ख) सम्मिलित किये गये ग्रामों के नाम बताएं? (ग) कितनी नल-जल योजनाएं स्‍वीकृत की गई हैं? (घ) कितनी योजनाएं लंबित हैं? नाम बताएं

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 06 ग्राम। (ख) ग्राम कोढरखापाए, बेलमंडई, रतेड़ाकला, अंधारिया, सोनोलीबुण्डाला एवं खेड़ली बाजार। (ग) 05 योजनाएं। (घ) एक लंबित है। खेड़लीबाजार नल-जल योजना।

शासकीय भूमि पर कब्‍जे की जाँच

[राजस्व]

9. ( *क्र. 2741 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र जुन्‍नारदेव जिला छिंदवाड़ा के अंतर्गत खसरा क्र. 167, रकवा 0.405 भूमि अभिलेख में शासकीय या निजी दर्ज है? (ख) क्‍या अभिलेख अनुसार शासकीय भूमि में दर्ज बताया गया है? यदि हाँ, तो इस भूमि पर किसका कब्‍जा है और किसके द्वारा अतिक्रमण किया गया है तथा किये गये अतिक्रमण को कब तक हटाया जायेगा? (ग) क्‍या पूर्व में आवंटित जनपद पंचायत कार्यालय तामिया, जिला छिंदवाड़ा का कार्यालय खोला जायेगा? (घ) क्‍या पूर्व जनपद सी.ई.ओ. श्री पुरूषोत्‍तम राजौरिया द्वारा कार्यवाही कर जनपद पंचायत के कर्मचारियों के निवास हेतु भवन निर्माण की अनुमति दी गई थी? यदि हाँ, तो उस अनुमति को क्‍यों निरस्‍त कर दिया गया है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) विधान सभा क्षेत्र जुन्नारदेव जिला छिंदवाड़ा के अंतर्गत खसरा क्र. 167, रकवा 0.405 के विकासखण्ड कार्यालय तामिया के नाम से भूमि स्वामी स्वत्व पर दर्ज है। (ख) अभिलेख अनुसार भूमि स्वामी स्वत्व में दर्ज है। खसरा नम्बर 167 में भूमि स्वामी विकासखण्ड कार्यालय तामिया का कब्जा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सुवासरा नगरीय क्षेत्र में राजस्व विभाग की भूमि

[राजस्व]

10. ( *क्र. 3116 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सुवासरा नगर पंचायत के अधीन राजस्व विभाग की कितनी भूमि है, सर्वे नंबर सहित जानकारी देवें तथा नगर पंचायत के चारों तरफ से जुड़ी हुई राजस्व विभाग की भूमि का स्थान व सर्वे नंबर भी बतावें। (ख) सुवासरा नगर के अंतर्गत नगर की सीमा में आने वाली राजस्व विभाग की शासकीय भूमि में से कितनी भूमि रिक्त है, सर्वे क्र. व स्थान तथा शासकीय भूमि पर किन व्यक्तियों का कब्जा है? सर्वे क्र. व कब्जाधारियों के नाम सहित जानकारी देवें। (ग) प्रश्न क्रमांक 3659, दिनांक 20.03.2017 के संबंध में सर्वे क्र. 1035/11035/2 की भूमि पर अवैध कब्जा पूर्ण रूप से हटाया गया है या नहीं एवं विभाग द्वारा कब्जा हटा कर शासकीय भूमि होने का बोर्ड लगाया गया है या नहीं? यदि कब्जा पूर्णरूप से नहीं हटाया गया है तो इसका कारण स्पष्ट करें तथा कब तक शासन द्वारा पूर्णरूप से कब्जा हटाकर शासकीय भूमि होने का बोर्ड लगा दिया जावेगा? (घ) सुवासरा नगर में एवं नगर की सीमा के आसपास शासकीय भूमि होने का कोई बोर्ड लगाये गये हैं या नहीं? यदि हाँ, तो कितनी जगह लगाये गये हैं? यदि नहीं, तो समस्त शासकीय भूमि पर कब तक शासकीय भूमि होने के बोर्ड लगा दिया जावेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' तथा '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍न क्र. 3659, दिनांक 20.03.2017 के संबंध में सर्वे क्र. 1035/2 की भूमि पर विभाग द्वारा अवैध कब्‍जा पूर्ण रूप से हटा दिया गया है तथा सर्वे क्र. 1035/1 में अवैध रूप से नागरिकों द्वारा अतिक्रमण किया जाकर अपने कच्‍चे मकान व झोपड़ि‍याँ बनाकर निवास कर रहे हैं, उन्‍हें नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण किया जाकर विद्युत, पानी आदि उपलब्‍ध करवाई गई है। इस कारण से पूर्ण रूप से सर्वे क्र. 1035/1 का कब्‍जा नहीं हटाया गया। सर्वे क्र. 1035/2 का अतिक्रमण पूर्ण रूप से हटा दिया गया व 1035/1 में निवासरत् व्‍यक्तियों को शासन के नियमानुसार पट्टे प्रदान करने की कार्यवाही प्रचलित होने से कब्‍जा नहीं हटाया गया। सर्वे नंबर 1035/1 पर निवासरत् व्‍यक्ति पट्टे की पात्रता में नहीं आने पर कब्‍जा हटाने की कार्यवाही की जावेगी। शासकीय भूमि पर बोर्ड लगाने संबंधी कोई प्रावधान नहीं है। (घ) शासकीय भूमि पर बोर्ड लगाने संबंधी कोई प्रावधान नहीं होने से बोर्ड नहीं लगाये गये।

अवैध उत्खनन की शिकायत पर कार्यवाही

[राजस्व]

11. ( *क्र. 2614 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्न क्र. 3590, दिनांक 06 मार्च, 2017 उज्जैन संभाग में हो रहे अवैध उत्खनन की शिकायतों पर कार्यवाही के सम्बन्ध में दिये गये उत्तर में (क) से (घ) तक की जानकारी एकत्रित किये जाने का आश्वासन दिया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या जानकारी का संकलन किया जाकर उपलब्ध कराई जा चुकी है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) प्रश्नांश (क) में चाही गयी जानकारी एकत्रित नहीं कराये जाने के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी हैं? क्या शासन दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो ब्यौरा दें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सूखे से प्रभावित मछुआ समितियों को राहत राशि का प्रदाय

[मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास]

12. ( *क्र. 1512 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ जिले सहित खरगापुर विधानसभा क्षेत्र सूखे की चपेट में है तथा रजिस्‍टर्ड मछुआ समितियों द्वारा तालाबों में मछली का बीज (बच्‍चा) डाला गया था जो पानी कम होने से सूख जाने से उक्‍त बीज (बच्‍चा) मछली का मर गया है? क्‍या ऐसी हानि को शासन ध्‍यान में रखते हुये मछुआ समितियों को किसानों की तरह राहत राशि देगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या यह सच है कि रैकवार समाज के व्‍यक्तियों द्वारा मछुआ समितियों का गठन ज्‍यादा संख्‍या में किया हुआ है? रैकवारों की समितियों को या अन्‍य समितियों को कब तक सूखा जैसी राहत राशि प्रदाय करा देंगे? (ग) क्‍या इन समितियों को सूखा राहत दिये जाने हेतु विभाग द्वारा कोई कार्ययोजना तैयार कराई गई? यदि हाँ, तो संपूर्ण जानकारी से अवगत करायें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) एवं (ख) जी हाँ समितियों से आवेदन प्राप्‍त होने पर राहत राशि दिये जाने पर विचार किया जावेगा। (ग) मत्‍स्‍य बीज मरने पर सहायता हेतु पूर्व से ही राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र छ: चार में प्रावधान किये गये हैं।

राजस्‍व वसूली के लक्ष्‍य की प्राप्‍ति‍

[परिवहन]

13. ( *क्र. 1678 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग अंतर्गत आने वाले जिले से वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना राजस्‍व वसूली का लक्ष्‍य किस-किस जिले को दिया गया था? वर्षवार, जिलावार, शाखावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में कितनी-कितनी वसूली किस मद/शाखा की लंबित है? शाखावार, वर्षवार, जिलेवार जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में टैक्‍स वसूली लंबित होने के लिये कौन-कौन अधिकारी व व्‍यक्ति जिम्‍मेदार हैं? उसकी सूची वार्षिकवार, शाखावार, जिलावार, अधिकारीवार देंवे। (घ) प्रश्नांश (ख), (ग) के संदर्भ में दोषियों के विरूद्ध कौन-सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) शाखावार लक्ष्‍य निर्धारित नहीं किये जाते हैं। वर्षवार, जिलेवार वसूली का लक्ष्‍य एवं उनके विरूद्ध प्राप्‍त राजस्‍व की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) लक्ष्‍य मार्गदर्शी होने एवं युक्तियुक्‍त वसूली हो जाने के कारण शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दो''

दखल रहित भूमियों की मदों का निर्धारण/परिवर्तन

[राजस्व]

14. ( *क्र. 3050 ) श्री संजय उइके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजस्‍व विभाग निस्‍तार पत्रक, अधिकार अभिलेख, खसरा पंजी में गैरखाते की दखल रहित जमीनों को बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल, पहाड़ चट्टान, घास, चरनोई मदों में दर्ज करता है? (ख) यदि हाँ, तो निस्‍तार पत्रक, अधिकार अभिलेख एवं खसरा पंजी में बालाघाट, मण्‍डला, डिण्‍डोरी एवं बैतूल जिले में राजस्‍व विभाग किस-किस मद में भूमि दर्ज करता है? इन मदों का उल्‍लेख भू-राजस्‍व संहिता 1959 की किस-किस धारा में किया गया है? (ग) भू-राजस्‍व संहिता 1959 की किस-किस धारा के तहत मदों में परिवर्तन या संशोधन का अधिकार किस अधिकारी को दिया गया है, निस्‍तार पत्रक में दर्ज प्रयोजन में परिवर्तन का अधिकार किस धारा में किस अधिकारी को दिया गया है? (घ) भू-राजस्‍व संहिता 1959 में गैरखाते की दखल रहित भूमियों की मदों के निर्धारण एवं मदों में परिवर्तन का अधिकार कलेक्‍टर को प्रदान किए जाने के संबंध में शासन क्‍या कार्यवाही कर रहा है? कब तक करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला बालाघाट, मण्डला, डिण्डोरी एवं बैतूल में निस्तार पत्रक अधिकार अभिलेख खसरा पंजी में बड़े झाड़, छोटे झाड़ के जंगल, पहाड़ चट्टान, घास, चरनोई, पानी के नीचे, इमारती लकड़ी, सड़क बगैरह मद में भूमि दर्ज है। निस्तार पत्रक संहिता की धारा 237 (1) में तथा अधिकार अभिलेख संहिता की धारा 108 में एवं खसरा पंजी संहिता की धारा 121 के तहत तैयार किये जाने के प्रावधान हैं। (ग) मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 में धारा 237 (2) के तहत निस्तार पत्रक में दर्ज प्रयोजन में परिवर्तन के अधिकार पूर्व में जिला कलेक्टर को थे। मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता संशोधन अधिनियम 2011 से संहिता की धारा 237 (2) को विलुप्त किया गया है। (घ) कोई प्रस्ताव लम्बित नहीं है।

कार्यभारित हैण्‍डपंप मैकेनिकों की वेतनमान विसंगतियों का निराकरण

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

15. ( *क्र. 2905 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्नकर्ता विधायक के दिनांक 27.03.2017 के अता. प्रश्न क्रमांक 5781 के खंड (ग) में बताया गया कि संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा संभाग उज्जैन द्वारा पत्र क्रमांक 217 दिनांक 23.02.2017 के बिंदु क्र. 5 अनुसार वित्त विभाग म.प्र शासन के स्वीकृति आदेश की मांग की जा रही है, क्या स्वीकृति वित्त विभाग से प्राप्त हो गयी है? यदि हाँ, तो किस दिनांक को? जानकारी देवें (ख) प्रश्नांश (क) संदर्भित कार्यभारित हैण्‍डपंप मैकेनिकों की वेतनमान विसंगतियों का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा? समय-सीमा बतायें। (ग) मंदसौर, रतलाम, नीमच जिलों में ऐसे कितने हैण्‍डपंप मैकेनिक हैं, जो 01 जनवरी, 2016 के पश्चात् वेतनमान संशोधन के पूर्व ही सेवानिवृत्त हो गए हैं? संख्या बतायें। उक्त वेतनमान विसंगति को दूर करने से उज्जैन संभाग में कितने मैकेनिकों को कितना-कितना लाभ होगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) 01 जनवरी, 2016 के पश्चात् मंदसौर, रतलाम, नीमच जिलों में 01 हैण्डपंप मैकेनिक वेतनमान रूपये 950-1530 से सेवानिवृत्त हुआ है। उक्त वेतनमान विसंगति दूर करने पर उज्जैन संभाग में कुल 103 हैण्डपंप मैकेनिकों को उनकी सेवा अवधि अनुसार लाभ होगा।

प्रिज्म सीमेंट फैक्ट्री में माल सप्लाई की ओव्हरलोडिंग की जाँच

[गृह]

16. ( *क्र. 2299 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले के कोलगवां थाना के बाबूपुर चौकी प्रभारी द्वारा अपने पत्र क्रमांक 117/229, दिनांक 05.07.2017 को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को लिखे पत्र में यह बात स्वीकार की है कि तहसील रघुराजनगर के अंतर्गत ग्राम रामस्थान में श्रवणकुमार पाठक की 80 एकड़ की लीज में ए.आर.टी. कम्पनी द्वारा विगत 10 वर्षों से ओव्हर लोडिंग कर रामस्थान से प्रिज्म सीमेंट फैक्ट्री में माल सप्लाई की जा रही है? रामस्थान लोडिंग की पर्ची एवं प्रिज्म सीमेंट की अनलोडिंग पर्ची का मिलान कर दिया जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि ए.आर.टी. कम्पनी द्वारा उच्च न्यायालय एवं ई.टी.पी. सिस्टम का खुला उल्लंघन किया है? क्या उक्त हाइवों का एग्रीमेंट विमला पटेल द्वारा किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) यदि हाँ, तो इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सतना द्वारा अपने पत्र क्रमांक 23, दिनांक 18.07.2017 द्वारा नगर पुलिस अधीक्षक सतना को आठ बिन्‍दुओं की जाँच के आदेश दिए थे, जिसके परिपालन में नगर पुलिस अधीक्षक ने अपने पत्र क्रमांक 3094, दिनांक 04.09.2017 के तहत् थाना प्रभारी कोलगवां को 13 बिन्दुओं के जाँच के आदेश दिए थे? (ग) क्या शासन हित में जनहित एवं समाज सेवी छत्रपाल सिंह छत्तू द्वारा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सतना को दिनांक 11.10.2017 को 06 बिन्दुओं का आवेदन दिया गया है? अगर हाँ तो क्या परिवहन विभाग द्वारा राजस्व, खनिज एवं पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर जाँच समय-सीमा में कराई जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) चौकी प्रभारी बाबुपुर थाना कोलगवां सतना द्वारा पत्र क्रमांक 117/299, दिनांक 05.09.2017 आर.टी.ओ. सतना को भेजा गया है, जो कि संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। परिवहन विभाग नहीं अपितु कलेक्‍टर सतना द्वारा बिन्‍दुओं की जाँच के लिए पत्र क्रमांक 3265/खनिज/2017, दिनांक 08.11.2017 द्वारा संयुक्‍त जाँच समिति की गठन कर जाँच करने के आदेश जारी किए गये हैं। समिति द्वारा जाँच की कार्यवाही प्रारंभ की जा चुकी है। जाँच की समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं की वीडियोग्राफी

[गृह]

17. ( *क्र. 2428 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा ग्‍वालियर संभाग में आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं की वीडियो रिकार्डिंग कराई जा रही है? यदि हाँ, तो कौन-कौन आर.टी.आई. कार्यकर्ताओं की वीडियोग्राफी किस दिनांक से व किस अधिकारी के आदेश से क्‍यों कराई जा रही है? प्रकरणवार ब्‍यौरा दें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या वीडियोग्राफी की रिकार्डिंग का वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा अवलोकन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो किस-किस रिकार्डिंग का किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब अवलोकन किया गया है? (ग) क्‍या शासन द्वारा कराई जा रही वीडियोग्राफी के विरूद्ध शिकायतें की गई हैं? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक प्राप्‍त शिकायतों का मय शिकायतकर्ता की जानकारी सहित ब्‍यौरा दें? क्‍या शिकायतों पर शासन द्वारा संज्ञान लिया गया है? यदि हाँ, तो जाँच प्रतिवेदन का ब्‍यौरा दें? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या अति. पुलिस अधीक्षक ग्‍वालियर पश्चिम द्वारा पत्र क्र. अ.पु.अ./पश्चिम/ग्‍वा./जी-874/2017, दिनांक 01.05.2017 जारी किया है? यदि हाँ, तो पत्र की प्रतिलिपि उपलब्‍ध कराएं? साथ ही इससे संबंधित जाँच प्रतिवेदन, कथन, वेदन, जाँच रिपोर्ट सहित अन्‍य दस्‍तावेजों की प्रति उपलब्‍ध कराएं।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। अपितु स्‍थानीय पुलिस द्वारा श्री आशीष चतुर्वेदी को सुरक्षा गार्ड प्रदाय किया गया है। श्री चतुर्वेदी की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों को वीडियो कैमरा प्रदान किया गया है। इस विषय से संबंधित शिकायतों एवं उन पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। सुरक्षा संबंधी व्‍यवस्‍थाओं तथा उनसे संबंधित पहलुओं का संज्ञान परीक्षण, विश्‍लेषण एवं आवश्‍यक कार्यवाहियां स्‍थानीय पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाती हैं। (घ) जी हाँ। पत्र की प्रतिलिपि जाँच प्रतिवेदन, कथन एवं दस्‍तावेज पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

थाना भवंरपुरा में जमा शस्त्र

[गृह]

18. ( *क्र. 2912 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) थाना भंवरपुरा जिला ग्वालियर ग्राम डांडा खिड़क के व्यक्तियों के जून 2017 में किस व्यक्तियों के किस अपराध में किस कर्मचारी/अधिकारी की अनुशंसा पर शस्त्र लाईसेन्स निरस्त कर रायफलें जमा कराई हैं? उनके नाम, पद स्पष्ट करें? यदि कोई मनगढ़ंत अपराध भी किया है, तो क्या इतने शस्त्रधारकों द्वारा एक साथ अपराध किया, स्पष्ट करें? (ख) डांडा खिड़क गाँव में कितने व्यक्तियों के पास किस प्रकार के शस्त्र हैं? शस्त्र धारक का नाम, पिता का नाम, उम्र, जाति तथा किस व्यक्ति पर क्या अपराध है? क्या पूरा गाँव अपराधी है या कुछ पुलिस के भ्रष्टाचार के कारण संपूर्ण गाँव से बचाकर उनके शस्त्र निलंबित या जमा कराने से बचाये हैं? उन व्यक्तियों के नाम बतावें, जिनके शस्त्र जमा नहीं करायें हैं? क्या शस्त्र जमा दिनांक से संबंधित व्यक्तियों को पुलिस विभाग या अन्य विभाग द्वारा कार्यवाही हेतु नोटिस या सूचना दी गई है? यदि हाँ, तो कब? दिनांक तथा दी गई सूचना की प्रति बतावें? (ग) क्‍या ग्राम डांडा खिड़क पूरी तरह डाकू प्रभावित क्षेत्र है? क्या पुलिस की लापरवाही के कारण इन शस्त्रधारकों के साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो जाती है तो क्या इसके लिये पुलिस प्रशासन दोषी होगा? यदि नहीं, तो फिर इसके लिये सामूहिक शस्त्र जमा कराने का क्या औचित्य है? अब इन जमा शस्त्रों को कब तक वापिस कर दिया जावेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) वन संरक्षक पदेन वन मण्डलाधिकारी सामान्य वन मण्डल के पत्र दिनांक 24.02.2017 के अनुसार ग्राम डांडा खिड़क के निवासियों द्वारा वन क्षेत्र से अवैध उत्खनन करने से रोकने पर वन अधिकारियों/कर्मचारियों पर सामूहिक रुप से हमला कर शासकीय कार्य में लगातार बाधा उत्पन्न करने में लायसेंसी शस्त्रों का दुरुपयोग करने के कारण ग्राम डांडा खिड़क थाना भंवरपुरा के लायसेंसधारियों के लायसेंस निरस्त किये जाने के प्रस्ताव पर जिला दण्डाधिकारी ग्वालियर के आदेश दिनांक 16.05.2017 से 34 लायसेंसधारियों के लायसेंस निलंबित किये जाकर उनके शस्त्र जमा कराये गये थे। चाही गई जानकारी एवं आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। लायसेंस निलंबन की कार्यवाही लायसेंसधारियों पर दर्ज आपराधिक प्रकरणों के आधार पर नहीं, बल्कि लायसेंसधारियों द्वारा अपने लायसेंसी शस्त्र का दुरुपयोग सामूहिक रुप से किये जाने के आधार पर की गयी है। (ख) 34 लायसेंसधारियों के शस्त्र लायसेंस ग्राम डांडा खिड़क से संबंधित है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट में समाहित है। लायसेंसधारियों के लायसेंस निलंबन की कार्यवाही पुलिस रिपोर्ट के आधार पर नहीं की गयी है, बल्कि वन संरक्षक पदेन वन मण्डलाधिकारी के प्रस्ताव पर की गयी है, अतः पुलिस के भ्रष्टाचार या अन्य किसी को बचाये जाने का प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) ग्राम डांडा खिड़क एवं आस-पास के क्षेत्र करीबन 8 वर्ष पूर्व डाकू प्रभावित थे। वन विभाग की अनुशंसा पर शस्त्र निलंबन की कार्यवाही की गयी है। प्रश्नांश () के उत्तर में दर्शाये गये कारणों से शस्त्र जमा कराए गए हैं। प्रकरण में विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी।

परिशिष्ट - ''चार''

शासकीय भूमि का आवंटन

[राजस्व]

19. ( *क्र. 3118 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर एवं शाजापुर जिला अन्तर्गत विगत 02 वर्षों में स्कूल शिक्षा विभाग एवं नगर पंचायतों को स्कूल भवनों के लिए एवं प्रधानमंत्री आवास के लिये कुल कितनी शासकीय भूमि आवंटित की है? (ख) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के संदर्भ में प्रश्नांश (क) में उल्लेखित भूमि आवंटन की सूची सर्वे नम्बर एवं रकवा सहित उपलब्ध करावें। (ग) विगत 02 वर्षों में अनुविभागीय अधिकारी/तहसीलदार द्वारा भूमि आवंटन संबंधी कौन-कौन से प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित किये एवं उन पर क्या कार्यवाही की गई? प्रकरणवार पूर्ण जानकारी देवें (घ) प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नगरीय निकायों हेतु प्रेषित किये गये भूमि आवंटन संबंधी प्रस्तावों पर क्या कार्यवाही की गई? प्रकरणवार पूर्ण जानकारी देवें

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला आगर मालवा में विगत 02 वर्षों में स्‍कूल शिक्षा विभाग को रकवा 2.24 हेक्‍टेयर भूमि एवं नगर पंचायतों को स्‍कूल भवनों के लिये रकवा ''निरंक'' भूमि एवं प्रधानमंत्री आवास के लिये रकवा 5.00 हेक्‍टेयर भूमि आवंटित की गयी है तथा शाजापुर जिले में स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं नगर पंचायतों को स्‍कूल भवनों के लिये कुल 5.44 हेक्‍टेयर भूमि आवंटित की गई है और प्रधानमंत्री आवास के लिये कुल 12.26 हेक्‍टेयर भूमि आरक्षित की गई है। (ख) जिला आगर मालवा में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के संदर्भ में प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित भूमि आवंटन की सूची सर्वे नम्‍बर एवं रकवा सहित संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं शाजापुर जिले में विधानसभा क्षेत्र सुसनेर के ग्राम देहरीपाल तहसील मो. बड़ोदिया जिला शाजापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु ग्राम देहरीपाल सर्वे क्र. 344 रकवा 8.16 हेक्‍टेयर में से रकवा 2.00 हेक्‍टेयर, 374 रकवा 2.09 हे. में से 1.00 हे. इस प्रकार कुल 4.00 हेक्‍टेयर भूमि आरक्षित की गई है। (ग) आगर जिले की प्रकरणवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं शाजापुर जिले की जानकारी निरंक है। (घ) आगर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु सुसनेर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत नगरीय निकायों हेतु प्रेषित किये गये भूमि आवंटन संबंधित जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं शाजापुर जिले में सुसनेर विधानसभा क्षेत्र की कोई भी पंचायत शाजापुर जिले से संबंधित नहीं होने से जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

राशन वितरण में अनियमितता

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

20. ( *क्र. 3306 ) श्री उमंग सिंघार : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल जिले में वर्ष 2017 में एक ही आधार नम्‍बर से राशन वितरण में गड़बड़ी होना संज्ञान में आई थी? यदि हाँ, तो किस प्रकार की अनियमितता/गड़बड़ी की जानकारी, तथ्‍य प्रकाश में आये? जाँच रिपोर्ट की प्रति देते हुए बतावें किस-किस लोक सेवकों के विरूद्ध कब-कब क्‍या कार्यवाही की गई? उसकी प्रति बताते हुए यह भी बतावें कि क्‍या अनुशासनिक कार्यवाही पर्याप्‍त है? (ख) क्‍या जिन संस्‍थाओं द्वारा गड़बड़ी/अनियमितता की जाना पाई गई है? क्‍या वे संस्‍थाएं यथावत दुकानें चला रही हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी संस्‍थाएं हैं और वे किस नियम के तहत चला रही है? इस नियम विरूद्ध संचालन के लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? (ग) संस्‍थाओं द्वारा गड़बड़ी की जाना कब प्रकाश में आई? तिथि बतायें। उस तिथि के पश्‍चात् क्‍या-क्‍या कार्यवाही किस-किस के विरूद्ध की गई? अंतिम आदेश की प्रति बतायें। (घ) क्‍या वित्‍तीय हानि शासन को हुई? यदि हाँ, तो कितने रूपये की?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। माह मार्च 2017 में भोपाल नगर निगम क्षेत्र की 38 उचित मूल्‍य दुकानों पर एक ही आधार के सत्‍यापन पर एक से अधिक परिवारों को राशन सामग्री वितरण की अनियमितता पाई गई थी, जिसकी जाँच कराई गई है। दुकानवार जाँच रिपोर्ट की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। दुकानों के पर्यवेक्षण के लिए नियुक्‍त कनिष्‍ठ आपूर्ति अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। उचित मूल्‍य दुकानों पर अनियमितता में संबंधित विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्रवाई प्रचलित है। (ख) जी हाँ। जाँच उपरांत 38 उचित मूल्‍य दुकान पर अनियमि‍तता पाई गई है, जिस हेतु म.प्र. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 की कंडिका 16 (7) के अनुसार वितरण में पाई गई अनियमितता के लिए प्रथम दृष्‍टया उत्‍तरदायी विक्रेता एवं सहायक को उनके पद से पृथक करने के आदेश पारित किए गए हैं, जिसका पालन करते हुए संबंधित सहकारी संस्‍थाओं द्वारा दोषी विक्रेता एवं सहायक को सेवा से पृथक कर उनके स्‍थान पर नये विक्रेता एवं सहायक को नियुक्‍त किया गया है। वर्तमान में नये विक्रेता एवं सहायक द्वारा दुकान का संचालन किया जा रहा है। अत: यह कहना सही नहीं है कि संस्‍थाओं द्वारा वर्तमान में नियम विरूद्ध दुकान का संचालन किया जा रहा है। (ग) दिनांक 17.04.2017 को संचालनालय खाद्य द्वारा ई-मेल के माध्‍यम से प्रेषित सूची से उक्‍त गड़बड़ी प्रकाश में आई उक्‍त तिथि के पश्‍चात् संपन्‍न की गई कार्यवाही पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जी हाँ। प्रकरण में राशन सामग्री का अपयोजन पाया गया, जिसकी कुल कीमत रू. 86,51,695/- (छियासी लाख इक्‍कावन हजार छ: सौ पिनचानवे रूपये मात्र) है, की वसूली के आदेश दिए गए हैं। दुकानवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।


गैंगरेप की घटना पर कार्यवाही

[गृह]

21. ( *क्र. 1727 ) श्री बाला बच्‍चन : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल में दिनांक 31.10.2017 को हबीबगंज रेल्‍वे स्‍टेशन के पास हुई गैंगरेप की घटना की रिपोर्ट किस दिनांक को कितने बजे किस थाने में लिखी गई? रिपोर्ट लिखने में विलंब के कारण बतावें तथा इसके जिम्‍मेदार अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित देवें? एफ.आई.आर. एवं लगाई गई धाराओं की छायाप्रति भी उपलब्‍ध करायें। (ख) इस विलंब के लिए उन पर क्‍या कार्यवाही की गई? पीड़िता एवं परिवार को थाना क्षेत्रों के चक्‍कर में उलझाकर परेशान करने वाले अधिकारियों व संबंधित स्‍टॉफ पर शासन ने क्‍या कार्यवाही की है? (ग) क्‍या पीड़िता के परिजनों ने ही एक या अधिक आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया? पुलिस ने स्‍वयं इन्‍हें पकड़ने में तत्‍परता क्‍यों नहीं दिखाई? (घ) ऐसे संवेदनशील प्रकरण में विलंब करने, पीड़िता को परेशान करने, सबूतों व घटनास्‍थल पर जाने में कोताही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) भोपाल में दिनांक 31.10.2017 को हबीबगंज रेल्वे स्टेशन के पास हुई घटना की रिपोर्ट थाना जी.आर.पी. हबीबगंज में दिनांक 01.11.2017 सायं पंजीबद्ध की गई, प्रकरण की विवेचना पूर्ण कर सक्षम न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। भा.द.वि. की धारा 228-ए एवं माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी किये गये दिशा निर्देशों के पालन में एफ.आई.आर. की प्रति प्रदाय की जाना विधिसम्मत नहीं होगा। उक्त संबंध में विलंब के लिये थाना एम.पी. नगर में पदस्थ उनि. रामनाथ टेकाम, थाना प्रभारी निरी. संजय सिंह बैस, थाना प्रभारी हबीबगंज निरीक्षक रवीन्द्र यादव एवं थाना प्रभारी जी.आर.पी. हबीबगंज निरी. मोहित सक्सेना, उनि. बी.पी. उईके, थाना जी.आर.पी. को निलंबित किया गया है तथा सी.एस.पी. एम.पी. नगर श्री कुलवंत सिंह को हटाते हुए, उनका स्थानान्तरण पुलिस मुख्यालय किया गया है। प्रकरण का विचारण माननीय सक्षम न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण प्रकरण से संबंधित अन्य जानकारी दी जाना विधिसम्मत नहीं होगा। (ख) से (घ) उत्‍तर प्रश्‍नांश () के उत्‍तर में समाहित है।

मोटर यान अधिनियम अंतर्गत हेलमेट की अनिवार्यता

[गृह]

22. ( *क्र. 1337 ) श्री राजेश सोनकर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर शहर में मोटर यान अधिनियम, 1988 कि धारा 129 के तहत् ही हेलमेट की अनिवार्यता पर सख्ती की जा रही है? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो मोटर यान अधिनियम, 1988 कि धारा 129 का स्पष्ट उल्‍लेख करें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 129 के उल्‍लंघन में दण्ड के क्या प्रावाधान हैं या नहीं? यदि हाँ, तो दण्ड के प्रावधान विस्तृत रूप से स्पष्ट‍ करें? यदि नहीं, तो किस नियम के तहत् चौराहों, प्रमुख मार्गों, गलियों एवं मौहल्‍लों में चालानी कार्यवाही की जा रही है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में मोटर यान अधिनियम, 1988 कि धारा 130 क्या है? स्पष्ट करें रास्ते पर रोककर किन-किन दस्तावेजों की जाँच/चैकिंग का अधिकार किस-किस स्तर के अधिकारी को है? स्पष्ट करें क्या शहर के चौराहों पर धारा 130 के स्‍पष्‍ट उल्‍लंघन की स्थिति है या नहीं? यदि हाँ, तो इस उल्‍लंघन को रोकने के संबंध में क्या‍ कदम उठाये जायेंगे? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में इन्दौर शहर में ट्रैफिक के दबाव में वाहनों की अधिकतम गति सीमा निर्धारित है? क्या शहर के आंतरिक मार्गों पर जहां वाहनों की गति बहुत ही कम होने पर भी हेलमेट अनिवार्यता की आवश्यकता है, स्पष्ट करें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (घ) जी हाँ। मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधान अनुसार उक्त अनिवार्यता निर्धारित है। चालक की सुरक्षा के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य है।

खाद्यान्न पात्रता की पर्ची में संशोधन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

23. ( *क्र. 2554 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में खाद्यान्न पात्रता की पर्चियां जिन हितग्राहियों के पास पूर्व से हैं, उन पात्रता पर्चियों में सदस्यों के नाम जोड़ने/घटाने/संशोधन के पश्‍चात् पात्रता पर्ची जनरेट होने में चार से आठ माह का समय लग रहा है, जिससे तत्कालीन समय में हि‍तग्राही का खाद्यान्न बन्द हो जाता है, जिससे कि हितग्राही परेशान होकर संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाता है? इस कारण शासन की इस महत्वपूर्ण योजना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है? (ख) इस नियम के सरलीकरण की क्या योजना है? (ग) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद की संशोधन वाली कितनी पात्रता पर्चियां विभाग के पास लंबित हैं? ये कब तक जनरेट हो जावेंगी? सूची उपलब्ध करावें।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्र परिवारों में नाम जोड़ने, घटाने एवं अन्‍य संशोधन करने का कार्य स्‍थानीय निकाय द्वारा प्राथमिक रूप से समग्र डाटाबेस में किया जाता है। पात्र हितग्राही के डाटाबेस में संशोधन करने पर उसको खाद्यान्‍न का प्रदाय बंद नहीं होता और न ही हितग्राही को परेशान होकर कार्यालय के चक्‍कर लगाना पड़ रहा है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में नवीन सदस्‍य के जन्‍म लेने, हितग्राही की मृत्‍यु होने, विवाह होने से, अन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्रा‍ही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। (ख) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्र परिवारों का डाटा डिजिटाईज्‍ड किया जा चुका है एवं राज्‍य स्‍तर से ही उचित मूल्‍य दुकानवार राशन सामग्री का आवंटन जारी किया जाता है। समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के पोर्टल पर पात्र परिवारों का सत्‍यापन, अपात्र परिवारों का विलोपन एवं पात्र परिवारों के डाटाबेस संशोधन की कार्यवाही स्‍थानीय निकाय द्वारा ऑनलाईन की जाती है। लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का कम्‍प्‍यूटराईजेशन कर वितरण व्‍यवस्‍था का सरलीकरण किया गया है, जिसमें आवश्‍यकतानुसार समय-समय पर संशोधन एवं सुधार की कार्यवाही की जाती है। (ग) विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में पात्रता पर्ची में संशोधन पश्‍चात् 14 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की जाना शेष है। परिवार सदस्‍य जोड़ने का निराकरण राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत भारत शासन द्वारा निर्धारित आवंटन सीमा के अधीन ही किया जा सकता है। इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने का प्रावधान अधिनियम की धारा-3 के तहत लाभांवित नहीं किया जाता है। तदानुसार नवीन पात्रता पर्ची/संशोधन निर्धारित सीमा में जारी किए जाते हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

जेलर पद के वेतन में विसंगति

[जेल]

24. ( *क्र. 3424 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रदेश की जेलर पद का वेतन पुलिस विभाग के समकक्ष पद की अपेक्षा कम है, क्‍यों? (ख) इस विसंगति को कब तक दूर कर दिया जायेगा? (ग) इंदौर संभाग की जेलों में विगत 2 वर्षों में कैदियों के भोजन, फल आदि के लिए कितनी राशि आवंटित की गई? कितनी व्‍यय की गई? जेलवार बतावें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। भर्ती नियम में प्रावधान एवं राज्‍य वेतन आयोग की अनुशंसा अनुसार वेतन देय है। विभिन्‍न विभागों हेतु पृथक वेतन स्‍वीकृत होने से विसंगति हुई है। (ख) प्रकरण राज्‍य वेतन आयोग के विचाराधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) इंदौर संभाग की जेलों में विगत 2 वर्षों में कैदियों के भोजन, फल आदि के लिए आवंटित की गई राशि, व्‍यय की गई राशि की जेलवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम का क्रियान्‍वयन

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

25. ( *क्र. 3231 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खाद्यान्‍न प्रदाय किये जाने हेतु लगाई गई मशीनें कितने रूपये की दर से किस-किस कम्पनी के द्वारा ली गईं हैं? ऐसे व्यक्ति जो कि अति वृद्ध हैं और उनके अंगूठे की छाप मशीन पर नहीं आती है, उन्हें खाद्यान्‍न देने की क्या व्यवस्था है? पात्र परिवारों को निर्धारित सीमा के भीतर खाद्यान्न का लाभ दिलाये जाने के लिए शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? (ख) पात्र होने के बावजूद भी खाद्यान्न न मिलने से लोगों का भरण पोषण न हो पाने और उनकी मृत्यु हो जाने की स्थिति‍ में कौन जिम्मेदार होगा? (ग) संज्ञान में आया है कि खाद्यान्न कूपन में किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं हो रहा है? ग्राम पंचायत द्वारा समग्र पोर्टल से मृतकों को हटाया जा चुका है, किन्तु मृतकों के नाम भी आवंटन जारी किया जा रहा है? ऐसी स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है? (घ) उचित मूल्य की दुकानों में ग्रामों को सम्मिलित करने में दुकान से कितनी दूरी नियत की गई है? ऐसे कितने ग्राम हैं, जिनके व्यक्ति 5 से 10 कि.मी. दूर खाद्यान्न लेने जाते हैं? विधान सभा क्षेत्र सिंहावल अंतर्गत भरूही से बारपान, व्योहारखांड से बघोर, चितांग से हटवा के हितग्राही जो कि लगभग 10 किमी दूर खाद्यान्‍न लेने जाते हैं, इनकी सुविधा हेतु क्या नवीन दुकानें खोली जावेंगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) उचित मूल्‍य दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन मेसर्स डी.एस.के. डिजिटल टेक्‍नॉलाजीस प्राईवेट लिमिटेड एवं मेसर्स लिंकवेल टेली सिस्‍टम्‍स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा BOO (Build-Own-Operate) मॉडल के तहत लगाई गई है, जिसमें मशीन के साथ-साथ उसके परिचालन पर व्‍यय, सिम का बिल, सॉफ्टवेयर आदि सम्मिलित है, कि दर क्रमश: रूपये 1191.30 एवं रूपये 1245.00 प्रतिमाह प्रति मशीन है। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्र परिवारों को पी.ओ.एस. मशीन के माध्‍यम से राशन वितरण की व्‍यवस्‍था की गई है। वर्तमान में नगरीय क्षेत्र की उचित मूल्‍य दुकानों पर ही बायोमैट्रिक सत्‍यापन के आधार पर राशन वितरण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों में हितग्राहियों को राशन वितरण में बायोमेट्रिक सत्‍यापन की अनिवार्यता नहीं की गई है। नगरीय क्षेत्र में अतिवृद्धजनों या अन्‍य हितग्राहियों के किसी कारणवश पी.ओ.एस. मशीन पर बायोमेट्रिक्‍स सत्‍यापन विफल होने पर उन्‍हें वितरण पंजी के माध्‍यम से राशन वितरण किया जाता है। (ख) वैध पात्रता पर्चीधारी हितग्राहियों को पात्रता अनुसार राशन सामग्री वितरण की व्‍यवस्‍था की गई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के पोर्टल पर स्‍थानीय निकाय को नवीन परिवारों के सत्‍यापन एवं अपात्र परिवारों के विलोपन की सुविधा उपलब्‍ध है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से अपात्र परिवारों को अनमेप करने की सुविधा जिला स्‍तर पर विभागीय अमले को भी दी गई है। किसी हितग्राही की मृत्‍यु होने अथवा अन्‍य कारणों से अपात्र होने की स्थिति में समय-समय पर पात्र परिवारों की सूची से विलोपित की कार्यवाही की जाती है। हितग्राही द्वारा अपात्र होने अथवा अन्‍य कारणों से उचित मूल्‍य दुकान से राशन प्राप्‍त न करने पर हितग्राहियों को आवंटित सामग्री का समायोजन कर आगामी माह का आवंटन जारी किया जाता है। (घ) मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के अंतर्गत प्रत्‍येक ग्राम पंचायत में उचित मूल्‍य दुकान खोलने का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में उचित मूल्‍य दुकान खोलने हेतु दूरी का मापदण्‍ड निर्धारित नहीं है। ग्राम पंचायत भरूही में पात्र परिवारों की संख्‍या 402 है, जिसकी बारपान से दूरी 4 किलोमीटर है। ग्राम पंचायत बघोर की उचित मूल्‍य दुकान में पात्र परिवारों की संख्‍या 1127 होने के कारण ग्राम व्योहारखांड (बैगा बस्‍ती) में अतिरिक्‍त उचित मूल्‍य दुकान खोली जा चुकी है। ग्राम पंचायत हटावा की उचित मूल्‍य दुकान से ग्राम पंचायत चितांग के हितग्राहियों को राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है, जिसकी दूरी 3 किलोमीटर है। ग्राम पंचायत चितांग में नवीन उचित मूल्‍य दुकान खोलने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


खाद्दान्न पर्ची वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

1. ( क्र. 174 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजना में से एक गरीबों को खाद्यान्‍न पर्ची वितरण करने के क्या नियम है? इस योजना में पात्रता की अर्हता क्या है? नियम की प्रति उपलब्ध करावें. (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में विमुक्त, घुमक्कड़ एवम अर्द्ध घुमक्कड़ परिवारों को खाद्यान्‍न पर्ची प्रदाय वितरण करने के लिए प्रश्नकर्ता ने विगत एक वर्ष में कब-कब जिला प्रशासन को पत्र लिखा? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार प्राप्त पत्र के आधार पर क्या कार्यवाही की गई है. पर्ची कहाँ-कहाँ वितरित की गई? यदि नहीं, जारी की तो उसके क्या कारण रहे हैं?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत हितग्राहियों को पात्रता पर्ची प्राप्‍त करने हेतु अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित पात्रता श्रेणियों में होना अनिवार्य है। पात्रता पर्ची जारी करने हेतु स्‍थानीय निकाय द्वारा संबंधित परिवार की संपूर्ण जानकारी समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के पोर्टल पर प्रविष्टि उपरांत समग्र परिवार आई.डी. निर्मित कराना, संबंधित पात्रता श्रेणी में सत्‍यापन एवं खाद्य विभाग के अमले द्वारा उचित मूल्‍य दुकान से मैपिंग उपरांत भारत सरकार द्वारा निर्धारित खाद्यान्‍न आवंटन सीमा के अंतर्गत पात्रता पर्ची एन.आई.सी. द्वारा जारी की जाती है, उसके उपरांत स्‍थानीय निकाय द्वारा हितग्रा‍ही को पर्ची का वितरण किया जाता है। अधिनियम के अंतर्गत चिन्हित श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के ऐसे परिवार को पात्र परिवार श्रेणी में सम्मिलित किया गया है, जिनकी पात्रता का निर्धारण संबंधित विभागों द्वारा किया गया है। नियम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) माननीय सदस्‍य द्वारा दिनांक 09-11-2016 को ग्राम बागदाबुजुर्ग के 14 घुमक्कड़ जाति के परिवारों को पात्रता पर्ची जारी करने के संबंध में लिखा गया था। (ग) खरगोन जिले में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत 3,31,645 परिवारों के (16,59,571 हितग्राहियों) को पात्रता पर्ची वितरित कर लाभान्वित किया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा राज्‍य के लिए हितग्राहियों की अधिकतम सीमा निर्धारित है। इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने का प्रावधान अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत न होने के कारण शेष आवेदकों को सम्मिलित नहीं किया गया है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से हितग्राही की मृत्‍यु होने, विवाह होने से, अन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्रा‍ही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। तदनुसार नवीन पात्रता पर्ची निर्धारित सीमा में जारी की जा रही है। जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में सदस्‍यों की संख्‍या के विरूद्ध विलोपन योग्‍य सदस्‍यों को पोर्टल पर विलोपित किया जाकर, उतनी ही संख्या में संबंधित जिले के नवीन सत्यापित सदस्‍यों को सम्मिलित किया जा रहा है। जुड़ने वाले नवीन परिवारों में बी.पी.एल. एवं अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी को प्राथमिकता दी जा रही है। उपरोक्‍त प्राथमिकता के उपरांत ही अन्‍य परिवार जोड़ने की प्रक्रिया है।

संचालित वाहनों के परमिट

[परिवहन]

2. ( क्र. 186 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र गोटेगाँव में यात्री वाहन के रूप में विभाग द्वारा वाहनों को सवारी लाने ले जाने हेतु परमिट प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो समस्त वाहन जिन्‍हे परमिट दिया गया है की सूची प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांस (क) अनुसार, नरसिंहपुर से गोटेगाँव, गोटेगाँव से जबलपुर, गोटेगाँव से सांकल होते हुए नरसिंहपुर, गोटेगाँव से धूमा, गोटेगाँव से झोतेश्‍वर होते हुए धूमा, आदि मार्गों पर कितने वाहन परमिट एवं कितने वाहन बगैर परमिट के संचालित हो रहे हैं की सूची मालिक का नाम, मार्ग का नाम, गाडी नं. सहित प्रदान करें। (ग) विधानसभा क्षेत्र गोटेगाँव में बगैर परमिट के संचालित हो रहे वाहनों पर शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? (घ) वर्ष दिसम्बर 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र गोटेगाँव में कितने वाहनों को परमिट प्रदान किये गये, की सूची प्रदान करें।

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) एवं (ग) परमिटधारी संचालित वाहनों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। विभाग द्वारा चैकिंग के दौरान जो वाहन बिना परमिट संचालित पाए गये उनसे नियमानुसार कार्यवाही कर समझौता शुल्‍क वसूल किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

गोटेगाँव में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पूर्णकालिक कार्यालय की स्थापना

[राजस्व]

3. ( क्र. 187 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा बजट सत्र 2016 के दौरान माननीय मंत्री महोदय द्वारा गोटेगाँव में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का पूर्णकालिक कार्यालय को जल्द से जल्द खोले जाने का कथन किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त कार्यालय कब तक खोला जावेगा? (ख) क्‍या प्रश्‍न क्रमांक 1343 (अतारांकित) दिनांक 22.7.2016 के संदर्भ में माननीय मंत्री जी द्वारा अवगत कराया गया है कि गोटेगाँव में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का पूर्णकालिक कार्यालय है? क्‍या यह सही है कि वर्तमान में यह कार्यालय, तहसील गोटेगाँव के कार्यालय में संचालित किया जा रहा है, जिसमें एक डिप्टी कलेक्टर पदस्थ हैं? यदि हाँ, तो भ्रामक जानकारी प्रदान करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्या शसन कोई कार्यवाही करेगा यदि हाँ, तो कब तक। (ग) गोटेगाँव में अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व का पूर्ण कालिक कार्यालय खोले जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा तीन बार पत्राचार किया जा चुका है उन पत्रों पर की गई कार्यवाही से अवगत करावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) गोटेगाँव में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पदस्थ है। गोटेगाँव में अनुविभागीय कार्यालय उपलब्ध है। (ख) जिले की तहसील गोटेगाँव में एस.डी.एम. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का पद शासन द्वारा स्वीकृत है व पूर्णकालिक अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की पद स्थापना की गई है जिसमें डिप्टी कलेक्टर पदस्थ है वर्तमान में कार्यालय तहसील कार्यालय भवन में संचालित है। शासन स्तर में स्टॉफ की व्यवस्था की जा रही हैं। किसी अधिकारी के विरुद कार्यवाही की आवश्यकता नहीं हैं। (ग) जी हाँ। प्राप्त सभी पत्र कलेक्टर नरसिंहपुर को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजे गये। जानकारी अप्राप्त होने पर स्मरण कराया गया।

विभागीय जाँच संस्थित करने का अधिकार

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

4. ( क्र. 222 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दिनांक 27.03.2017 में मुद्रित परि.अता. प्रश्‍न क्रमांक 7266 के प्रश्नांश (क) का उत्‍तर जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। श्री बी.पी.तिवारी सहायक ग्रेड-3 के विभागीय जाँच संस्थित की गई है (ख) का उत्‍तर जांचोपरांत यथोचित कार्यवाही की जा सकेगी, प्रश्‍नांश (ग) का उत्‍तर दिनांक 13.02.2017 की शिकायत जनशिकायत निवारण विभाग के पत्र क्रमांक पी.जी.आर. 3398860 दिनांक 25.02.2017 द्वारा प्राप्‍त हुई। प्रमुख अभियंता को शीघ्र जाँच हेतु भेजा गया है दिया गया है तो बिना अधिकार विभागीय जाँच संस्थित करने के लिए दोषी अधीक्षण यंत्री के विरूद्ध अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई तथा प्रमुख अभियंता द्वारा क्‍या जाँच की गई? जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध कराते हुये बताए कि जाँच प्रतिवेदन अनुसार क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) श्री चन्‍द्रशेखर अग्निहोत्री (राजगुरू) निवासी रचना नगर कटनी द्वारा मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन को पुन: दिनांक 25.05.2017 को शिकायत कर अधीक्षण यंत्री रीवा के विरूद्ध कार्यवाही करने का अनुरोध किया है मैदमवार अधीक्षण यंत्री के विरूद्ध विगत 3 वर्षों से वर्तमान तक कब कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई? शिकायतवार, कार्यवाहीवार विवरण देते हुये शिकायत की प्रतियां एवं कार्यवाही संबंधी पत्रों की प्रतियां उपलब्‍ध करावें?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। शिकायत की जाँच मुख्य अभियन्ता भोपाल परिक्षेत्र द्वारा कर प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन दिनांक 8.11.2017 प्रस्तुत किया गया है। शासन के पत्र क्रमांक एफ-5-48/1-34 दिनांक 25.7. 2017 द्वारा श्री पी.के.मैदमवार, अधीक्षण यंत्री, को बिना अधिकार विभागीय जाँच संस्थित करने के लिए उत्तरदायी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जाँच प्रतिवेदन पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। जाँच प्रतिवेदन परीक्षणाधीन है, परीक्षणोपरान्त गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जाएंगी। (ख) जी हाँ। विगत 03 वर्षों में श्री मैदमवार के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

रेशम विभाग गुना में पदोन्‍नति में वरिष्‍ठता निर्धारण में अनियमितता

[कुटीर एवं ग्रामोद्योग]

5. ( क्र. 278 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय जिला अधिकारी रेशम विभाग, गुना में पदस्‍थ श्री रमेशचंद्र वास्‍त्री जो 08 जून 1987 से दैनिक वेतनभोगी के पद पर पदस्‍थ थे। विभाग द्वारा आदेश क्रमांक रे.सं./14/3/दो/ 91/725 भोपाल, दिनांक 21.01.1994 के द्वारा श्री रमेशचंद्र वास्‍त्री से कनिष्‍ठ 12 कर्मचारियों को नियमित कर दिया। परंतु श्री वास्‍त्री का नाम सूची में नहीं जोड़ा गया। जिससे व्‍यथित होकर श्री रमेशचंद्र वास्‍त्री न्‍यायालय की शरण में गये और न्‍यायालयीन आदेश के क्रम में इन्‍हें सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियमित करने संबंधी आदेश जारी कर दिये थे? परंतु सहायक ग्रेड-3 के पद रिक्‍त होने के उपरांत भी इन्‍हें विभाग द्वारा नियमित नहीं किया गया? श्री रमेशचंद्र वास्‍त्री द्वारा न्‍यायालय की अवमानना का केस दर्ज कराने पर इन्‍हें विभाग द्वारा 30 अप्रैल 2010 से नियमित किया गया जबकि श्री वास्‍त्री को इसका लाभ दिनांक 21.01.1994 से दिया जाना चाहिए था। यह लाभ श्री वास्‍त्री को कब तक दे दिया जावेगा और इसके लिए दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी और कब तक? (ख) क्‍या श्री वास्‍त्री वरिष्‍ठ कर्मचारी होने के उपरांत इनकी पदस्‍थापना मिनी आई.टी.आई. के पद पर की गई? जबकि इनसे कनिष्‍ठ कर्मचारियों को रेशम विभाग में सहायक ग्रेड-3 पर की गई? ऐसे में श्री वास्‍त्री को पदोन्‍नति के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है जबकि वास्‍तव में श्री वास्‍त्री सभी कर्मचारियों से वरिष्‍ठ थे और रेशम विभाग में उस समय सहायक ग्रेड-3 के पद भी रिक्‍त थे? ऐसे में अधिकारी एवं कर्मचारियों की लापरवाही का खामयाजा श्री वास्‍त्री क्‍यों भुगतें? इन्‍हें दिनांक 21.01.1994 से वरिष्‍ठता का लाभ प्रदान करने संबंधी आदेश कब तक जारी करेंगे?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। श्री बास्त्री से भृत्य का कार्य लिया जा रहा था। रेशम संचालनालय सेवा भरती नियम 1991 के प्रावधान अनुसार भृत्य के रूप में नियोजित दैनिक वेतनभोगी श्रमिक को दो वर्ष के कार्य अनुभव के आधार पर वरियता क्रम में नाम आने पर तथा रिक्त पद उपलब्ध होने की स्थिति में नियमितीकरण की कार्यवाही का प्रावधान है। श्री बास्त्री का नाम सूची में अंकित था। विभागीय आदेश दिनांक 21/1/1994 द्वारा जिन 12 कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियमित किया गया है। श्री बास्त्री की अन्य 12 सहायक ग्रेड तीन के पद पर नियमित किये गये कर्मचारियों के कार्य की प्रकृति एवं योग्यता के समकक्ष नहीं थी। सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञापन दिनांक 9/1/1990 के अनुसार लिपिक कार्य हेतु नियोजित दैनिक भोगियों का नियमितीकरण सहायक ग्रेड-3 के पद पर लिपिक हेतु निर्धारित योग्यता को दृष्टिगत रखते हुए किया गया। (ख) माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के परिपालन में आदेश दिनांक 30/4/2010 से संचालनालय के अधीन स्वीकृत मिनी आई.टी.आई.के रिक्त पद सहायक ग्रेड-पर श्री बास्त्री को नियमित किया गया। रेशम संचालनालय के स्वीकृत पदों पर नियमित किये गये किसी भी कर्मचारी को सहायक ग्रेड-3 के पद पर वर्तमान तक पदोन्नति नहीं हुई अत: पदोन्नति के लाभ से वंचित होने तथा वरिष्ठता का लाभ देने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

किसानों के खेती नहीं किया जाना

[पशुपालन]

6. ( क्र. 407 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के पूर्व तारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3481 दिनांक 06.03.2017 के उत्‍तर (घ) में बताया गया था, कि नि:शक्‍त असहाय गौवंश की सुरक्षा हेतु रीवा जिले में केवल 3 गौशाला संचालित हैं आवारा गौवंश अपितु उसी क्षेत्र के निवासरत पशुपालकों द्वारा स्‍वयं के पाले पशु जिनमें अधिकांश गौवंश है अनुत्‍पादक हो जाने पर छोड़ दिया जाता है यही गौवंश विचरण करते रहते हैं? य‍ह समस्‍या पशुपालकों से संबंधित है पशुपालकों को समझाइश दी जाकर उन्‍हें जागरूक किये जाने की आवश्‍यकता है, कि पशुओं का उचित प्रबंधन करें तो इस समस्‍या का समाधान हो सकता है, तो शासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍न में उपरोक्‍त के निदान हेतु कहाँ-कहाँ बैठक की गई? बैठक का दिनांक, स्‍थान, बैठक में खर्च की गई राशि की जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में एवं नीलगाय से फसल नुकसान के कारण किसान खेती करना बंद न करे इसके लिये क्‍या ठोस योजना शासन द्वारा तैयार की गई है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशि‍ष्ट अनुसार। (ख) वन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार, नीलगाय से फसल नुकसान के कारण किसान खेती करना बंद न करें इसके लिये वन विभाग द्वारा मंदसौर जिले के ऐरा ग्राम से 27 नीलगायों को बोमा पद्धति से पकड़कर गांधी सागर अभ्यारण्य में छोड़ा गया है। साथ ही प्रदेश स्तर पर रोजड़ा से फसल हानि से प्रभावित जिलों से 1000 नीलगायों को पकड़कर उनमें से नर राजड़ो की नसबंदी करने के उपरांत उन्हें अन्यत्र वनक्षेत्र में छोड़े जाने की योजना है। इसके अतिरिक्त कृषि‍ विकास तथा किसान कल्याण विभाग के सहयोग से मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के सतपुडा टाइगर रिजर्व के नजदीक ग्राम धांई एवं चुरना में वन्यप्राणि‍यों से फसल हानि को रोकने हेतु सोलर फैसिंग लगाई गई है।

परिशिष्ट - ''सात''

किसान आत्‍महत्‍या, मुआवजा जानकारी विषयक

[गृह]

7. ( क्र. 501 ) श्री मधु भगत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में दिनांक 1 अप्रैल 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में हुये राज्‍य व्‍यापी किसान आंदोलन/अन्‍य कारणों से कहाँ-कहाँ, किन-किन कृषकों की मृत्‍यु हुई और उनके परिजनों को मुआवजा के रूप में कितनी-कितनी धन राशि का वितरण कब-कब किया गया? दिनांकवार, ग्रामवार, विकासखंडवार, जिलावार, संभागवार जानकारी देवें। (ख) क्‍या विगत कुछ माह पूर्व खैरी विकासखंड बालाघाट में अवैध पटाखा फैक्‍ट्री धमाके में 27 लोग जिंदा जल गये थे? उन्‍हें शासन द्वारा कब-कब कितनी-कितनी राशि का मुआवजा प्रदाय किया गया? उक्‍त घटना की जाँच कब और किन-किन अधिकारियों के माध्‍यम से कराई गई तथा जाँच में दोषी पाये गये अधिकारी/कर्मचारी/अन्‍य पर अब तक क्‍या-क्‍या दंडात्‍मक कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या अवैध पटाखा फैक्‍ट्री में भारी मात्रा में विस्‍फोट फैक्‍ट्री मापदंड अनुसार नहीं होना पाया गया था एवं दर्जन भर से अधिक लापरवाही पाई गई थी? शासन द्वारा अब तक किसी प्रकार की दंडात्‍मक कार्यवाही नहीं की गई, क्‍यों? दोषियों को क्‍यों बचाया जा रहा है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पेयजल परिवहन व्‍यय देयकों की जानकारी

[राजस्व]

8. ( क्र. 779 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर जिले के राहतगढ़ विकासखण्‍ड में वर्ष 2012-13 में किन-किन ग्राम पंचायतों में पेयजल परिवहन की राशि का भुगतान पंचायतों/परिवहन कर्ताओं को आज दिनांक तक नहीं किया गया है? (ख) क्‍या कार्यालय जनपद पंचायत राहतगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक 1764 दिनांक 31.08.2016 को परिवहनकर्ता की भुगतान राशि 482310 के संबंध में कोई पत्राचार किया गया है? यदि हाँ, तो इस संबंध में विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या कलेक्‍टर सागर द्वारा इस संबंध में पत्र क्रमांक 4376/व.लि.-1/2017 सागर दिनांक 26.04.2017 द्वारा इस संबंध में कार्यवाही की गई थी। यदि हाँ, तो विभाग द्वारा पत्र के संबंध में परिपालन किया गया है? (घ) यदि लंबित पेयजल परिवहन के संबंध में कार्यवाही की गई है तो ग्राम पंचायत कांचरी वि.ख. राहतगढ़ वर्ष 2012-13 पेयजल परिवहन कर्ता की व्‍यय राशि रूपये 42160.00 का भुगतान कब किया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) रा‍हतगढ़ विकासखण्ड़ में वर्ष 2012-13 में ग्राम मरदानपुर, मेनवारा कलॉ, सीहोरा, काचरी, सेमरामेड़ा, खरीगुमरिया, धनोरा में पेयजल परिवहन की राशि का भुगतान लंबित हैं। (ख) जी हाँ। बजट आवंटन की कार्यवाही प्रचलित हैं। (ग) जी हाँ। कार्यवाही प्रचलित हैं। (घ) कलेक्‍टर सागर द्वारा उक्‍त मद में प्राप्‍त प्रस्ताव के परीक्षण उपरांत नियमानुसार पात्रता होने पर भुगतान किया जावेगा।

थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट

[राजस्व]

9. ( क्र. 971 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बिजावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरेठी तहसील राजनगर में प्रस्तावित थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट के लिए कितनी जगह आरक्षित की गई हैं? इसमें कितनी भूमि शासकीय है? कितनी निजी भूमि अधिग्रहित की गई है तथा अधिग्रहण में कितनी राशि आवंटित की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में प्रस्तावित प्रोजेक्ट की वर्तमान में क्या स्थिति है? जो भी परिस्थिति हैं, क्‍या उसमें कोई परिवर्तन संभव हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में यदि कोई अड़चन थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट में आ रही है, तो क्या विभाग इस प्रोजेक्ट को सोलर प्रोजेक्ट में परिवर्तन की मांग केंद्र सरकार से करेंगे। यदि हाँ, तो कब तक सही स्थिति बन सकेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) बिजावर विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम बरेठी तहसील राजनगर जिला छतरपुर म.प्र. में प्रस्तावित थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए ग्राम बरेठी, सांदनी, सतना एवं बसारी की 975.957 हे. निजी भूमि एवं 172.635 हे. शासकीय भूमि का अर्जन किया गया है। तदनुसार निजी भूमि/परिसम्पत्तियों के भूमिस्वामियों के लिए 1118733910-00 रूपये मुआवजा राशि, 1487723074-00 रूपये पुनर्वास अनुदान एवं शासकीय भूमि के लिए 3013296067-00 रूपये स्वीकृत की गई है। (ख) वर्तमान में केवल भूमि अधिग्रहण कर ली गई है। जी नहीं। (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में केन्‍द्र सरकार से मांग करने का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

प्रसूति सहायता का लाभ न दिए जाना

[श्रम]

10. ( क्र. 1098 ) श्री कैलाश चावला : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधायक मनासा जिला नीमच के पत्र 253 दिनांक 26-04-2017 से कलेक्‍टर मंदसौर को कालीबाई पति शंभुसिंह निवासी निपानिया तहसील गरोठ के कर्मकार मण्‍डल का कार्ड स्‍वीकृति के पश्‍चात् भी प्रसूति सहायता का लाभ न दिए जाने की शिकायत की गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित हितग्राही का कर्मकार मण्‍डल का कार्ड बनाने हेतु मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा सत्‍यापन करवाकर जानकारी सही होने पर आवेदन स्‍वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो स्‍वीकृति का दिनांक बतावें? (ग) प्रसूता की प्रसूति किस दिनांक को हुई है? क्‍या प्रसुति पूर्व हितग्राही के कर्मकार मण्‍डल के कार्ड बनाने की स्‍वीकृति हो चुकी थी, यदि हाँ, तो क्‍या हितग्राही स्‍वीकृति दिनांक से लाभ अभी तक न दिए जाने के क्‍या कारण हैं?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जी हाँ। माननीय विधायक मनासा जिला नीमच का प्रश्न में उल्लेनखित शिकायती पत्र प्राप्त हुआ था। (ख) जी हाँ। प्रश्नांश (क) में उल्लेखित हितग्राही का म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल का श्रमिक पंजीयन कार्ड बनाने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत का सत्यापन करवाकर जानकारी सही होने पर आवेदन दिनांक 02.12.2016 को स्वीकृत किया गया। (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित हितग्राही की प्रसूति दिनांक 28.01.2017 को हुई है। उक्त प्रकरण में हितग्राही को दिनांक 24.08.2017 को हितलाभ प्रदाय किया गया। उक्त के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

11. ( क्र. 1112 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग मंत्रालय वल्‍लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक 4094/2631/2071/1/34/पार्ट भोपाल दिनांक 31 जुलाई 2017 के अनुक्रमांक 3 में दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने का लेख है? अब तक विभाग ने क्‍या कार्यवाही की है? कृत कार्यवाही से अवगत करावें। (ख) क्‍या वित्‍तीय वर्ष 2017 में लोकायुक्‍त ने अनूपपुर कार्यालय में छापा डालकर कुछ स्‍थानीय सप्‍लायर के यहां से भी दस्‍तावेज संग्रह किए हैं? यदि हाँ, तो उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित अधिकारियों के विरूद्ध जाँच की जाकर दोष सिद्ध पाया गया है? लेकिन अभी तक कार्यवाही न करने का कारण क्‍या है? विभाग क्‍या दोषी अधिकारी को बचाना चाहती है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। श्री हीरा सिंह धुर्वे, कार्यपालन यंत्री, श्री आर.पी. अहिरवार एवं श्री एस.पी. द्विवेदी, उपयंत्री, के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की गयी है। तथा श्री के.के. गुप्ता, से.नि. उपयंत्री, के विरूद्ध आरोप पत्र जारी किये गये हैं। श्री एस.पी. द्विवेदी, उपयंत्री, का स्थानांतरण किया जा चुका है एवं श्री आर.पी. अहिरवार, के स्थानांतरण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) विभाग के संज्ञान में नहीं है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी नहीं। जाँच की जा रही है। जी नहीं।

सिहोरा में आई.टी.आई. प्रारंभ की जानकारी

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

12. ( क्र. 1141 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्नकर्ता के पत्र पर आपके द्वारा क्रमांक 2616 दिनांक 6.9.17 को संचालक कौशल विकास भोपाल को सिहोरा जिला जबलपुर में नवीन आई.टी.आई. आरंभ किये जाने हेतु प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने के निर्देश दिये गये थे? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार संचालक द्वारा प्रस्‍तुत प्रस्‍ताव की प्रति उपलब्‍ध करायें? यह भी बतायें कि सिहोरा में नवीन आई.टी.आई. कब से आरंभ कर दी जायेगी तथा कौन-कौन से ट्रेड कितनी कितनी सीटों के संचालित किये जावेंगे?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रस्‍ताव जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। संस्‍था की स्‍वीकृति अभी नहीं हुई है। अतएव ट्रेड/सीटों की संख्‍या बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''आठ''

खाद्यान्‍न की कालाबाजारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

13. ( क्र. 1212 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रा‍थमिक कृषि सहकारी संस्‍था मर्यादित परा तहसील अटेर जिला भिण्‍ड में कालाबाजारी के संबंध में दिनांक 28.08.2017 को कोई वीडियो वायरल हुआ था? यदि हाँ, तो विवरण दें। (ख) वायरल हुये वीडियो की जाँच कलेक्‍टर खाद्य द्वारा किस अधिकारी से करायी गई? जाँच में क्‍या पाया सहित जाँच अधिकारी का नाम पदनाम सहित जानकारी दे? (ग) वायरल वीडियो स्‍वयं साक्ष्‍य होने के बाद भी संस्‍था के सीमित प्रबंधक, विक्रेता तथा संचालक मण्‍डल के विरूद्ध खाद्य अधिनियम की धारा 3/7 के अंतर्गत कार्यवाही आज दिनांक तक लंबित रहने के क्‍या कारण हैं? कार्यवाही कब तक की जायेगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पुलिस प्रताड़ना से पुलिसकर्मी द्वारा आत्‍महत्‍या करना

[गृह]

14. ( क्र. 1216 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पुलिस प्रताड़न एवं वरिष्‍ठ अधिकारी को शिकायत करने पर डांट मिलने से अन्‍तर्मन से दु:खी होकर थाना रोन में पदस्‍थ प्रधान आरक्षक 865 रामकुमार शुक्‍ला द्वारा दिनांक 02.10.2017 को जहरीला पदार्थ खाकर आत्‍महत्‍या कर ली गई थी? यदि हाँ, तो क्‍या घटना के संबंध में मृतक का वरिष्‍ठ अधिकारियों से बातचीत व प्रताड़ना की घटना का विवरण आदि से संबंधित कोई ऑडियो/वीडियो सोशल मीडिया अथवा अन्‍य माध्‍यम से पुलिस को प्राप्‍त हुआ है? यदि हाँ, तो उसका विवरण दें। (ख) क्‍या मृतक पुलिसकर्मी के उपचार के दौरान चिकित्‍सालय में लिये गये मृत्‍यु पूर्व कथन व कोई सुसाईट नोट भी पुलिस को मर्ग जाँच के दौरान प्राप्‍त हुआ? यदि हाँ, तो बताएं तथा उसमें किसे दोषी बताया गया, पूर्ण जानकारी दें? (ग) उक्‍त घटना के संबंध में उप पुलिस महानिरीक्षक चम्‍बल रेंज के निर्देशन में जाँच प्रचलित हैं, जाँच की स्थिति बताएं? यदि जाँच सम्‍पन्‍न हो गई है, तो जाँच प्रतिवेदन उपलब्‍ध कराया जाये? क्‍या घटना के दोषी थाना प्रभारी व पुलिस अधीक्षक भिण्‍ड के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों कब तक किया जायेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) थाना रौन में मर्ग क्र. 28/17 धारा 174 जाफौ, दिनांक 02.10.2017 को प्र.आर. 865 रामकुमार शुक्ला थाना रौन द्वारा जहरीला पदार्थ का सेवन कर लेने से उसकी जे..एच. ग्वालियर में उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने पर पंजीबद्ध किया गया था। मर्ग की जाँच पुलिस महानिरीक्षक चंबल जोन म.प्र. के आदेश दिनांक 03.10.2017 द्वारा श्री अनुराग सुजानिया (भा.पु.से.) अति. पुलिस अधीक्षक मुरैना को सुपुर्द की गयी है तथा मर्ग जाँच की कार्यवाही का पर्यवेक्षण पुलिस उप महानिरीक्षक चंबल रेंज को सौंपा गया है। घटना से पूर्व प्रधान आरक्षक रामकुमार शुक्ला की अधिकारियों से हुई चर्चा के आडियो/वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से सायबर सेल भिण्ड द्वारा संकलित किये जाकर मर्ग की जाँच में शामिल किये गये है। मर्ग प्रकरण की जाँच जारी है। (ख) प्रधान आरक्षक रामकुमार शुक्ला के चिकित्सालय में उपचार के दौरान नायब तहसीलदार गोहद द्वारा मृत्यु पूर्व कथन लिये गये। पुलिस को मर्ग जाँच के दौरान स्वर्गीय रामकुमार शुक्ला के परिवारजन द्वारा एक पत्र दिया गया जिसे जाँच में शामिल किया गया है। दोष का निर्धारण मर्ग जाँच पूर्ण होने के उपरान्त ही हो सकेगा। (ग) मर्ग की जाँच अभी जारी है। जाँच पूर्ण होने पर जाँच में पाए गए तथ्यों के अनुसार विधि सम्मत कार्यवाही की जाएगी। समय-सीमा बताना सम्भव नहीं।

अवैध रेत का उत्‍खनन

[गृह]

15. ( क्र. 1217 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अटेर, जिला भिण्‍ड के विरूद्ध पैसे लेकर प्रतिबंधित चम्‍बल अभ्‍यारण क्षेत्र से अवैध रेत का उत्‍खनन कराने संबंधी कार्यवाही एस.डी.ओ.पी. निवास पर हुई? डीलिंग/बातचीत की वीडियो सीडी सहित प्रमाणित शिकायत क्षेत्रीय विधायक द्वारा की गई है? (ख) प्रथम दृष्‍टया संलग्‍न दस्‍तावेजों से शिकायत प्रमाणित होने के फलस्‍वरूप क्‍या दोषी अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अटेर के विरूद्ध कार्यवाही कर तत्‍काल हटाया जाकर शिकायत की जाँच किसी वरिष्‍ठ अधिकारी से करायी जावेगी? (ग) यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी को कब तक हटाया जायेगा, जाँच के क्‍या निष्‍कर्ष रहे हैं? जाँच अधिकारी के पदनाम सहित प्रकरण में की गई कार्यवाही का पूर्ण विवरण दिया जाये? यदि जाँच सम्‍पन्‍न हो गयी हो, तो जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्‍ध करायी जाये?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) प्रश्‍नकर्ता, माननीय विधायक द्वारा दिनांक 08/11/2017 को एक आवेदन पत्र पेन ड्राइव के साथ पुलिस अधीक्षक भिण्‍ड को को दिया गया था जिसमें अवैध रेत उत्‍खनन कराने के संबंध में एस.डी.ओ.पी. निवास पर हुई कथित बातचीत का आक्षेप लगाया गया है। (ख) आक्षेपों की जाँच प्रचलन में है। (ग) जाँच अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक, भिण्‍ड श्री राजेन्‍द्र वर्मा द्वारा की जा रही है। जाँच के दौरान दिनांक 02.11.2017 को श्री संदीप शर्मा द्वारा शिकायत संबंधी सी.डी. एवं मोबाईल फोन जप्‍त कराया गया। उक्‍त सी.डी. में रिकार्ड किये गये ऑडियो तथा वीडियो का जाँच कराई जा रही हैं। जाँच जारी है। पूर्ण होने पर जाँच के निष्‍कर्ष से माननीय विधायक को अवगत कराया जा सकेगा।

छिन्‍दवाड़ा जिले में नल-जल योजनाओं की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

16. ( क्र. 1243 ) श्री जतन उईके : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले में कुल कितनी नल-जल योजना संचालित हैं? उनमें से कितनी नल-जल योजना किन कारणों से बंद हैं? (ख) क्‍या कार्यपालन मंत्री, अधीक्षण यंत्री लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग द्वारा 01 जनवरी 2015 के बाद प्रश्‍न दिनांक तक छिन्‍दवाड़ा जिले के बहुत से ग्रामों में बंद एवं नवीन नल-जल योजना के प्रस्‍ताव सहित प्राक्‍कलन जबलपुर स्थित वरिष्‍ठ कार्यालय को भिजवाये थे? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (ख) में वर्णित भेजे गये प्रस्‍ताव के अनुसार छिन्‍दवाड़ा जिले के किन-किन विधान सभा क्षेत्रों के किन-किन ग्रामों में बंद एवं नवीन नल-जल योजनाएं स्‍वीकृत की गई है और किन-किन में नहीं? मापदण्‍ड का आधार बतावें? (घ) शेष बची बंद एवं नवीन नल-जल योजनाएं कब तक चालू करवा दी जायेगी?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कुल 986 नल जलप्रदाय योजनाएं। असफल हो जाने के कारण 37, मोटरपंप खराबी के कारण 11, विद्युत अवरोध के कारण 12, पाईप लाईन क्षतिग्रस्त होने से 5 एवं ग्राम पंचायत द्वारा न चलाये जाने से 5 इस प्रकार वर्तमान में कुल 70 योजनाएं बंद हैं। (ख) जी हाँ। (ग) बंद योजनाओं के सभी 126 प्रस्तावों का अनुमोदन तथा 5 नवीन योजनाएं स्वीकृत की गईं, शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) शेष बंद योजनाओं को शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत के माध्यम से चालू कराये जाने की कार्यवाही की जा रही है। नवीन नल-जल योजनाओं के कार्य स्वीकृति उपरांत चालू करने की कार्यवाही की जावेगी। निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है।

संचालित पशु औषधालय

[पशुपालन]

17. ( क्र. 1244 ) श्री जतन उईके : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत नादनवाड़ी, सिराठा, चागोवा, मोरडोंगरी, बहुचिचोली, सिवनी, राजना, कस्‍बे में संचालित पशु औषधालय का भवन वर्तमान में जर्जर स्थिति में होकर जगह के अभाव में सुविधाविहीन भी है एवं इस कारण चिकित्‍सक स्‍टॉफ सहित पशुओं के उपचार हेतु आने वाले क्षेत्रीय पशुपालकों को भी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है? (ख) उक्‍त स्थिति के मद्देनजर क्‍या विभाग द्वारा उक्‍त औषधालय भवन का प्रस्‍ताव/प्राक्‍कलन (लागत) तैयार कर उसे जिला योजना समिति से अनुमोदन कराने उपरांत स्‍वीकृति हेतु शासन को भेजा गया है? (ग) यदि हाँ, तो बतावे कि उक्‍त प्रस्‍ताव/प्राक्‍कलन वर्तमान में स्‍वीकृति हेतु किस स्‍तर पर लंबित है। क्‍या शासन इसे चालू वर्ष के अनुपूरक अथवा आगामी वर्ष के वार्षिक बजट में शामिल कर इन औषधालयों को स्‍वीकृति आदेश शीघ्र जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) विधानसभा क्षेत्र पांढुर्णा अंतर्गत पशु औषधालय नादनवाड़ी विभागीय जीर्ण-शीर्ण भवन में पशु चिकित्सालय सिराठा नवीन भवन में, पशु औषधालय चागोवा विभागीय जीर्णशीर्ण भवन में, पशु औषधालय मोरडोंगरी पंचायत के भवन में, पशु औषधालय बहुचिलोली पंचायत के भवन में तथा कृत्रिम गर्भाधान उपकेन्द्र राजना पंचायत के भवन में संचालित है। ग्राम सिवनी में विभागीय संस्था स्थापित नहीं है। संस्थाओं के भवन जीर्णशीर्ण है किन्तु क्षेत्र के समस्त पशुपालकों को विभाग की संस्थाओं द्वारा सभी प्रकार की पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध काई जा रही है। (ख) जी नहीं। (ग) प्रश्न उपस्थि‍त नहीं है।

पेयजल संकट दूर करना

[राजस्व]

18. ( क्र. 1246 ) श्री जतन उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले की पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र के मोहखेड़ विकासखण्‍ड पांढुर्णा के अन्‍तर्गत पेयजल परिवहन हेतु ग्राम पंचायतों को निर्देश दिये गये थे, उक्‍त निर्देश के परिपालन में ग्राम पंचायतों द्वारा पेयजल संकट को दूर करने हेतु पेयजल का परिवहन किया गया था? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में किन-किन ग्राम पंचायतों के पेयजल परिवहन व्‍यय की राशि संबंधित ग्राम पंचायत को शासन द्वारा आवंटित नहीं की गई है? जिससे पेयजल परिवहन का व्‍यय भुगतान नहीं किया जा सका? पृथक-पृथक ग्राम पंचायतवार विवरण दें? बकाया भुगतान कब तक कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) पांढुर्णा विधानसभा क्षेत्र के मोहखेड़ विकासखण्‍ड के अंतर्गत पेयजल परिवहन के व्‍यय देयकों का भुगतान किया जा चुका हैं। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

नवीन पुलिस चौकी अथवा पुलिस सहायता केंद्र खोले जाना

[गृह]

19. ( क्र. 1319 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामान्य एवं विशेष परिस्थितियों में नवीन पुलिस चौकी खोले जाने अथवा स्थानांतरित किए जाने, पुलिस सहायता केंद्र अथवा बीट खोले जाने के संबंध में शासन के क्या नियम-निर्देश हैं? (ख) विधानसभा क्षेत्र बिजावर के ग्राम पंचायत झमटुली की जनसंख्या कितनी है? समीपवर्ती चौकी कौन सी है एवं कितने किलो दूरी पर स्थित है? (ग) विधानसभा क्षेत्र बिजावर के ग्राम झमटुली में पुलिस चौकी खोले जाने हेतु प्रश्नकर्ता ने पत्राचार किया था? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्नांश (ग) के अनुक्रम में क्या नवीन पुलिस चौकी खुल सकती है? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्या पुलिस सहायता केंद्र खोलने हेतु विचार किया जायेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- '' एवं '' अनुसार। पुलिस सहायता केन्द्र खोले जाने हेतु कोई नियम निर्धारित नहीं है। (ख) ग्राम पंचायत झमटुली की जनसंख्या 5000 है। समीपवर्ती चौकी सीलोन है, जिसकी दूरी लगभग 18 कि.मी. है। (ग) जी हाँ। प्रस्ताव, निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप नहीं पाए जाने से अमान्य किया गया। (घ) उत्तरांश '' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

दर्ज अपराधों में माल बरामदगी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी

[गृह]

20. ( क्र. 1365 ) श्रीमती ममता मीना : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला गुना के पुलिस थाना फतेहगढ़ में दर्ज अपराध क्रमांक 58/15 एवं अपराध क्रमांक 225/15, सिटी कोतवाली, गुना में दर्ज अपराध क्रमांक 312/15 एवं जिला सागर के थाना खुरई में अपराध क्रमांक 400/15 पर दर्ज अपराधों में कितना माल-मशरूका चोरी गया एवं कितना माल बरामद हुआ, शेष माल बरामद क्यों नहीं हुआ? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित अपराधों में गिरफ्तार व फरार आरोपियों के नाम क्या है? गिरफ्तार आरोपियों की जमानत कब हुई? फरार आरोपी कब तक गिरफ्तार किये जाएंगे? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित अपराधों के आरोपियों का पुलिस रिमांड कब कितने दिन का लिया गया? यदि नहीं, लिया तो क्यों? शेष माल की बरामदगी कब तक की जाएगी? (घ) प्रश्नांश (क) में वर्णित अपराधों का पता लगाने के लिये सायबर सेल द्वारा आरोपियों की मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड में किन पुलिस अधिकारियों की आरोपियों से बात हुई, उनके नाम बतायें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी की समय-सीमा बताना संभव नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित। (घ) गिरफ्तार किये गये आरोपियों से मोबाईल जप्त नहीं हुआ है एवं न ही विवेचना में कॉल डिटेल का उपयोग किया गया है। अतः पुलिस अधिकारियों से बातचीत होने की जानकारी निरंक है।

साईबर सेल में चोरी

[गृह]

21. ( क्र. 1366 ) श्रीमती ममता मीना : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के साईबर सेल से अपराधियों की कॉल डिटेल रिकार्ड के लेपटॉप व एनालाईजर मोबाईल कैसे व क्यों चोरी हुआ? इस संबंध में थाना केंट में दर्ज अपराध क्रमांक 632/15 में आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उससे लेपटॉप की हार्ड डिस्क एवं कॉल डिटेल रिकार्ड गायब करने के संबंध में पूछताछ क्यों नहीं की गई? (ख) क्या सायबर एक्सपर्ट की मदद से हार्ड डिस्क और कॉल डिटेल रिकार्ड का बेकअप लेकर सी.डी.आर. में दर्ज विवरण के आधार पर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी, की जावेगी तो कब तक, यदि नहीं, की जाएगी तो क्यों? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित अपराध का पता लगाने के लिये आरोपियों के मोबाईल की सी.डी.आर. में आरोपियों की जिन पुलिस अधिकारियों से बात हुई, उनके नाम बताएं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) दिनांक 30.11.15 की रात्रि जिला गुना के पुलिस साईबर सेल के कक्ष के पीछे की खिड़की की ग्रिल तोड़कर चोरी हुई थी, जिस पर थाना केंट जिला गुना में अपराध क्रमांक 632/15 धारा 457,380 भा.द.वि. पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण की विवेचना में आरोपी गुलशन पुत्र पांचेलाल पारदी को गिरफ्तार कर आरोपी से पूछताछ कर लैपटॉप,चार्जर एवं मोबाईल जप्त किये गये। (ख) लैपटॉप की हार्डडिस्क गायब होना नहीं पाया गया। लैपटॉप के डाटा का बैकअप साईबर सेल के मुख्य कम्प्यूटर पर उपलब्ध था। साईबर एक्सपर्ट की मदद की आवश्यकता नहीं है। दोषी के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई है। (ग) आरोपी के पास उसका कोई मोबाईल जप्त न होने से प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

जनपद पंचायत पनागर में भवन संनिर्माण कार्ड के नवीनीकरण

[श्रम]

22. ( क्र. 1415 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विषयांकित स्‍थान पर योजना प्रारंभ से अद्यतन कितने हितग्राहियों के संनिर्माण कार्डों का नवीनीकरण किया गया है? ग्राम पंचायतवार संख्यात्मक जानकारी देवें? (ख) कितने प्रकरणों में नवीनीकरण नहीं किया गया है? कारण सहित जानकारी दें? (ग) नवीनीकरण न करने के लिये कौन दोषी है? क्या दोषी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (ख) के अंतर्गत कब तक नवीनीकरण किया जायेगा?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत जनपद पंचायत पनागर क्षेत्रान्तंर्गत 2751 हितग्राहियों के निर्माण श्रमिक कार्डों का नवीनीकरण किया गया हैं। ग्राम पंचायतवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पंजीकृत निर्माण श्रमिक द्वारा आवेदन करने पर पात्रता जाँच उपरांत नवीनीकरण की कार्यवाही की जाती है। अपूर्ण/त्रुटिपूर्ण आवेदनों पर कमी पूर्ति नहीं होने की स्थिति में नवीनीकरण नहीं किया जाता है। (ग) एवं (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न‍ उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''नौ''

चेक पोस्‍ट पर पदस्‍थ अधिकारीयों एवं कर्मचारियों की पदस्‍थापना

[परिवहन]

23. ( क्र. 1447 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में शासन ने परिवहन विभाग के सभी चेक पोस्‍ट बंद करने का निर्णय लिया है? यदि हाँ, तो कब से एवं किस कारण? (ख) कितने एवं कौन-कौन से परिवहन चेक पोस्‍ट बंद किये गये? इन चेक पोस्‍ट के कर्मचारी, अधिकारि‍यों को कहाँ-कहाँ पदस्‍थ किया गया एवं कौन-कौन से चेक पोस्‍ट प्रारंभ हैं। (ग) क्‍या चेक पोस्‍ट बंद होने से परिवहन विभाग का अमला असमंजस में है? उन्‍हें अन्‍य किसी विभाग में समायोजित (मर्ज) किया जायेगा या अन्‍य जाँच कार्य में लगाया जायेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। विभाग द्वारा केवल कम्प्यूटरीकृत बॉर्डर चैक पोस्ट जो एम.पी.आर.डी.सी के माध्यम से कम्प्यूटरीकृत रूप से संचालित हैं उनके अलावा, प्रदेश की सीमा में स्थित विभाग की समस्त जाँच चौकियों को प्रशासनिक कारणों से दिनांक 12 सितम्बर 2017 द्वारा बंद करने का निर्णय लिया गया हैं। (ख) प्रश्‍नांश '''' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में विभाग द्वारा बंद की गई 21 परिवहन जांच चौकियों की सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विभाग द्वारा बंद की गई परिवहन जाँच चौकियों पर पदस्थ कर्मचारियों/अधिकारियों को प्राथमिक तौर पर परिवहन आयुक्त कार्यालय ग्वालियर में पदस्थ किया गया। केवल 19 कम्प्यूटरीकृत बॉर्डर चैक पोस्ट जो एम.पी.आर.डी.सी. के माध्यम से संचालित हैं, वे ही एकीकृत परिवहन जाँच चौकियाँ ही वर्तमान में प्रारम्भ है। जिसकी सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं। विभाग में मोटरयान अधिनियम में विहित प्रावधानों का पालन कराये जाने हेतु एवं अन्य पर्यवेक्षण (जाँच) हेतु प्रर्वतन अमले की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए प्रवर्तन अमले को क्षेत्रीय/अति.क्षेत्रीय/जिला परिवहन कार्यालय एवं एकीकृत परिवहन जाँच चौकियों व संभागीय परिवहन सुरक्षा स्क्वाड पर बल की आवश्यकता/कमी को देखते हुये तैनाती की जाती है, अन्य किसी विभाग में समायोजित (मर्ज) करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना

[राजस्व]

24. ( क्र. 1470 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले की कसरावद तहसील के पटवारी हल्का नम्बर 2 की भूमि सर्वे नम्बर 476521 पर अतिक्रमण की सूचना दिनांक 01 मार्च, 2014 से प्रश्न दिनांक तक तहसील कार्यालय कसरावद एवम जिला प्रशासन को शिकायत की गई, उसकी तिथिवार संपूर्ण कार्यवाही की जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के सम्बन्ध में शिकायतवार यह भी बतावें की कौन सी शिकायत पर किस अवधि में क्या कार्यवाही करने की जवाबदेही किस अधिकारी/कर्मचारी की थी और वह जवाबदेही पूरी नहीं करने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों प्रारंभ नहीं की? (ग) प्रश्नांश (क) एवम (ख) के सम्बन्ध में यह भी बतावें की जनहित याचिका की सुनवाई करते हाईकोर्ट इंदौर ने 2016 में उक्त शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के पालन में प्रशासन के कृत कार्यवाही की दिनांकवार जानकारी देवें? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) के सम्बन्ध में यह भी बतावें का क्या अतिक्रमण हटाने की कोई लिखित प्रतिवेदन किसी अधिकारी या कर्मचारी ने दिया है? क्या उक्त सर्वे नंबर वर्तमान में अतिक्रमण में है? अतिक्रमण की अनेकों शिकायतों के बाद भी अतिक्रमण मुक्त न करने पर अधिकारी/कर्मचारी पर क्या कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा बताई जावे।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) दिनांक 1 मार्च 2014 से प्रश्न दिनांक तक कुल 2 शिकायतें सरपंच चिचली द्वारा अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला कार्यालय में प्रस्तुत की गई प्रथम शिकायत सरपंच चिचली द्वारा दिनांक 16.02.15 को तहसील कार्यालय में द्वितीय शिकायत कलेक्टर कार्यालय में दिनांक 21.05.16 को की गई थी। प्रथम शिकायत अनुविभागीय अधिकारी कसरावद के समक्ष दिनांक 16.02.15 को प्रस्तुत हुई जिसे अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के जावक क्रमांक 92/12.05.15 द्वारा आवश्यक कार्यवाही हेतु तहसीलदार कसरावद को प्रेषित किया गया, जिस पर तत्कालीन तहसीलदार को कार्यवाही करना थी। द्वितीय शिकायत 21.05.16 प्राप्त होने पर कलेक्टर के पत्र क्रमांक 1532/वाचक-1/2016 दिनांक 21.06.16 से तहसीलदार कसरावद से स्पष्ट जाँच प्रतिवेदन चाहा गया तहसीलदार कसरावद द्वारा पत्र क्रमांक 1581/री-1/16 दिनांक 01.07.16 से स्पष्ट जाँच प्रतिवेदन मय रा.प्र.क्र. 25/अ-68/13-14 प्रेषित किया गया। माननीय उच्च न्यायालय में रिट पिटीशन 1654/16 विचाराधीन होने के कारण अधीनस्थ तहसीलदार न्यायालय द्वारा कार्यवाही संभव नहीं होने से किसी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ करने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) दिनांक 01.06.16 को आवेदक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के रिट पिटीशन में पारित आदेश दिनांक 11.04.16 के पालन में निराकरण हेतु कलेक्टर न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया जिसे संज्ञान में लेकर दिनांक 09.12.16 को आदेश पारित कर अप्राधिकृत कब्जा हटाने हेतु निर्देशित किया गया जिसके पालन में दिनांक 23.11.17 को मौके पर कब्जा हटा दिया गया है। (घ) जी हाँ। दिनांक 23.11.17 को खसरा नंबर 521 से अतिक्रमण हटाने एवं खसरा नंबर 476 पर किसी का अतिक्रमण नहीं होने का लिखित प्रतिवेदन राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी द्वारा प्रस्तुत की गई है। अतः किसी अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

चैक पोस्ट/टोल नाकाओं पर नशे की हालत में वाहन चलाए जाना

[गृह]

25. ( क्र. 1484 ) श्री हरवंश राठौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. मोटरयान परिवहनयानों पर शासन अधिनियम में निहित प्रावधानों के अंतर्गत बस/ट्रक ड्राइवरों द्वारा नशे की हालत में मोटरयान संचालन के समय परिवहन चेक पोस्ट/टोल नाका/रास्ता में वाहनों को रोककर वाहन चालकों की अल्कोहल ब्रीफ एनलाईजर मशीन से जाँच कराई जाती रही है एवं क्या प्रावधान है। (ख) क्या उक्त व्यवस्था वर्तमान में बंद कर दी गई है, जिसके कारण ड्राइवरों द्वारा नशे की हालत में वाहन चलाने से आए दिन दुर्घटना होती रहती हैं? (ग) विगत दो वर्षों में सागर जिलान्‍तर्गत ऐसे कितने वाहनों की टोल/चेक पोस्ट/टोल नाका एवं रास्ते में वाहनों को रोककर वाहन एवं वाहन चालकों की जाँच उपरांत दोषी वाहन चालकों के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। संबंधित प्रावधान/जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) विगत दो वर्षों में सागर जिला अंतर्गत वाहनों को रोककर एवं वाहन चालकों की जाँच उपरान्‍त शराब पीकर वाहन चलाने वाले दोषी 955 वाहन चालकों के विरूद्ध मोटरयान धारा 185 के तहत चालानी कार्यवाही कर प्रकरण माननीय न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किये गये है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

थाना कोलगवां क्षेत्र में अवैध गांजा एवं शराब बिक्री

[गृह]

26. ( क्र. 1574 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले में कोलगवां थाना अंतर्गत 01 मई, 2017 से आज दिनांक तक चोरी के कितने प्रकरण दर्ज किये गये हैं? कितने चोर पकड़े गये हैं? किन-किन प्रकरणों में चोरी का माल बरामद किया गया हैं? (ख) कोलगवां थाना क्षेत्र में किन-किन मजरा/टोला/वार्ड में अवैध गांजा एवं अवैध शराब बेचने के प्रकरण दर्ज किये गये हैं? कितना गांजा और शराब जप्‍त किया गया हैं? दोषियों के विरूद्ध अब तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या कोलगवां थाना अंतर्गत चोरी/अवैध गांजा एवं अवैध शराब की बिक्री रोक पाने में शासन अक्षम साबित हो रहा हैं? थाना प्रभारी के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जाएगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बारह''

टेंडर स्‍वीकृति की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

27. ( क्र. 1736 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ता.प्र.क्र. 2980, दिनांक 26.07.2017 को (घ) उत्‍तर में बताया गया कि 06 टेंडर स्‍वीकृत होकर कार्यादेश जारी हो चुके हैं, इन कार्यों की अद्यतन स्थिति बतावें? (ख) ये कार्य कब तक पूर्ण होंगे? इनकी कार्य पूर्णता दिनांक भी बतावें? (ग) क्‍या कारण है कि ये कार्य समय से विलंब से चल रहे हैं? इसके दोषियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 31 दिसंबर 2017 तक पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। (ग) क्रियान्वयन के दौरान वर्षा ऋतु, पाईप प्रदाय में देरी, थर्ड पार्टी निरीक्षण में विलम्ब, सीमेन्ट कांक्रीट रोड से पाईप लाईन क्रासिंग,निर्धारित मेक का ट्रांसफार्मर बाजार में उपलब्ध न होना, विद्युत कनेक्शन में विलम्ब, आदि अपरिहार्य कारणों से कार्य पूर्णता में विलम्ब हुआ है। अनुबंध के प्रावधान के अनुसार दोषी पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध अनुबंध की शर्तों के अधीन कार्यवाही की जा सकेगी। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

खसरा/नक्‍शा ऑनलाईन किये जाने में आ रही त्रुटि

[राजस्व]

28. ( क्र. 1747 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खसरा नक्‍शा ऑनलाईन किये जाने हेतु पूर्व से प्रचलित एन.आई.सी. का सॉफ्टवेयर त्रुटिपूर्ण था? यदि नहीं, तो नया सॉफ्टवेयर हेतु प्राइवेट कंपनी को कार्य दिये जाने का क्‍या कारण हैं? (ख) म.प्र. में कृषि नक्‍शों को ऑनलाईन किये जाने का कार्य किस कंपनी को कितनी अवधि के लिये किस दर से दिया गया है? (ग) संबंधित कंपनी को खसरा नक्‍शा ऑनलाईन दर्ज किये जाने का भुगतान किये जाने से पूर्व कार्य का सत्‍यापन किस अधिकारी से कराया जाता है? (घ) वर्तमान में कंपनी द्वारा नक्‍शों को ऑनलाईन किये जाने के बाद भी उसमें त्रुटियों आ रही है, जिससे कृषकों को के.सी.सी. फसल बीमा खाद्य क्रय व अन्‍य योजनाओं का लाभ प्राप्‍त नहीं हो पा रहा है, उसके लिये कौन जवाबदार है? संबंधित जवाबदार पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। एन.आई.सी. सॉफ्टवेयर क्लाइंट/सर्वर तकनीक पर आधारित है, जबकि नया सॉफ्टवेयर सेन्ट्रलाइज़ आर्किटेक्चर पर आधारित हो कर वेब बेस्ड है। (ख) कृषि नक्शों को ऑनलाइन करने का कार्य M/s Bhopal E-Governance Ltd. को 5 वर्ष के लिए पी.पी.पी. मॉडल आधार पर दिया गया है। (ग) कम्पनी को अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है, अत: प्रश्न उद्भू‍त नहीं होता है। (घ) जी नहीं। अत: शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता है।

विधानसभा क्षेत्र पनागर के बरेला में आई. टी. आई. खोलना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

29. ( क्र. 1822 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विभाग की नीति प्रत्येक विकासखंड में एक आई. टी. आई. खोलने की है? (ख) क्या छात्र-छात्राओं की परेशानी एवं बरेला से शासकीय आई. टी. आई. जबलपुर की 25 कि.मी. दूरी को ध्यान में रखते हुये बरेला में आई. टी. आई. खोलने की योजना है? (ग) क्या आई. टी. आई. खोलने से प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार सुविधा उपलब्ध हो जायेगी? (घ) यदि यो‍जना नहीं है तो कारण बतावें?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक कैलाश जोशी ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) बरेला, विकासखण्‍ड पनागर के अंतर्गत आता है। पनागर विकासखण्ड में 02 शासकीय आई.टी.आई. क्रमश: मॉडल आई.टी.आई. जबलपुर एवं महिला आई.टी.आई. जबलपुर तथा 33 प्रायवेट आई.टी.आई. संचाललित है। अतएत बेरला में एक और शासकीय आई.टी.आई. खोलना नीति अनुसार नहीं होने के कारण संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

भवन संनिर्माण योजनांतर्गत विवाह सहायता राशि न मिलना

[श्रम]

30. ( क्र. 1826 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनपद पंचायत पनागर में भवन संनिर्माण योजनांतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक विवाह सहायता राशि के भुगतान हेतु कितने प्रकरण लंबित हैं? विलंब के कारण सहित बकाया राशि की दिनांकवार जानकारी देवें. (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत कब तक विवाह सहायता राशि का भुगतान किया जायेगा? (ग) क्या दुर्गा राजपूत ग्राम निरंदपुर, विवाह दिनांक 22-06-2017, घसीटा भूमिया ग्राम कसही, आवेदन दिनांक 25-04-2017 एवं अन्य-150 श्रमिक कार्डधारियों को भुगतान न होने से शासन की छवि धूमिल हुई है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अंतर्गत कौन दोषी है? क्या दोषी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) म. प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत जनपद पंचायत पनागर में प्रश्न दिनांक तक विवाह सहायता राशि के भुगतान हेतु 38 प्रकरण लंबित थे जिसका निराकरण किया जा चुका है। वर्तमान में कोई प्रकरण लंबित नहीं है। अत: प्रश्नांश की शेष जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जनपद पंचायत पनागर द्वारा श्री दुर्गा राजपूत, पिता श्री सत्ती सिंह राजपूत को विवाह सहायता के अंतर्गत दिनांक 23.10.2017 को राशि 25,000/- का भुगतान किया गया है। एवं श्री घसीटा भूरिया ग्राम कसही का आवेदन अपूर्ण होने के कारण निरस्त किया गया। अत: प्रश्नांश की शेष जानकारी का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

बाढ़ से हुयी क्षति के लंबित भुगतान के निराकरण

[राजस्व]

31. ( क्र. 1844 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कारण है कि जिला रीवा के विकासखण्ड जवा की ग्राम पंचायत नीवा में पिछले वर्ष आयी बाढ़ से हुयी क्षति के मुआवजे का भुगतान अभी तक नहीं किया जा सका? (ख) क्या उक्त भुगतान के लंबित रखने में दोषी अधिकारी, कर्मचारियों के विरुद्ध विभाग द्वारा कार्यवाही की जावेगी? उक्त लंबित भुगतान कब तक किया जा सकेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) वर्ष 2016 ग्राम नीवा तहसील जवा में आई बाढ़ से कुल 2388076/- रूपए आर्थिक अनुदान स्‍वीकृत कर आर.टी.जी.एस. माध्‍यम से 1475384/- रूपए का भुगतान किया गया था, किन्‍तु 912692/- रूपए राशि के प्रभावित व्‍यक्तियों द्वारा खाता नम्‍बर नहीं दिए जाने से भुगतान अभी तक नहीं हुआ हैं। कार्यवाही प्रचलित हैं। (ख) म.प्र. शासन के तात्‍कालिक दिशा निर्देश अनुसार ट्रेजरी बिल में खाता नम्‍बर न होने से भुगतान लंबित था। खाता नम्‍बर एकत्रित किए जाकर भुगतान की कार्यवाही प्रचलित हैं। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

आदिवासी बस्ती में निवासरत हरिजन आदिवासी परिवारों को आवासीय पट्टा का वितरण

[राजस्व]

32. ( क्र. 1845 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रीवा के विकासखण्ड जवा अंतर्गत ग्राम पंचायत उपरवार के ग्राम गुढ़पटैती एवं ग्राम पंचायत छतैनी के टोला पोंगल्ला आदिवासी बस्ती में निवासरत कितने अनु.जाति, आदिवासी परिवारों को आवासीय पट्टा वितरित किया जा चुका है? कितने परिवार आवासीय पट्टा प्राप्त करने से वंचित रह गये हैं? (ख) ऐसे वंचित परिवारों को आवासीय पट्टा कब तक उपलब्ध कराया जावेगा?
राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला रीवा के विकासखण्ड जवा अंतर्गत ग्राम पंचायत उपरवार के ग्राम गुढ़पटैती में कुल 43 अनुसूचित जाति आदिवासी परिवार म.प्र. शासन की भूमि आ.नं. 112 रकवा 37.55 एकड़ पर विगत कई वर्षों से निवासरत है। ग्राम गुढ़पटैती में आबादी भूमि आरक्षित न होने के कारण आवासीय पट्टा प्रदान नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत छतैनी के टोला पोंगल्ला (ग्राम लोनी) आदिवासी बस्ती में वर्ष 2011-12 में 08 अनु. जाति वर्ग के व्यक्तियों को पट्टा वितरित किया गया है तथा आ.नं. 19/7 रकवा 0.619 हे. पर 14 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवार के व्यक्तियों को आबादी भूमि आरक्षित न होने से आवासीय पट्टा प्राप्त करने से वंचित है। (ख) उक्त शासकीय भूमियों को नियमानुसार आबादी घोषित कर पात्रता होने पर पट्टे दिये जायेंगे। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में हो रहे भ्रष्टाचार की जाँच

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

33. ( क्र. 1849 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रीवा के विकासखण्ड सिरमौर की ग्राम पंचायत उमरी में गरीब आदिवासी बस्तियों में सुचारु रुप से खाद्यान्न वितरण नहीं हो पा रहा तथा कई हितग्राहियों के नाम पात्रता सूची से काट दिये जाते हैं, उक्त योजना के क्रियान्वयन में खाद्यान्न वितरण केन्द्रों में नियुक्त विक्रय प्रतिनिधियों के द्वारा भी अनियमितताएं की जा रही हैं। क्या उक्त विसंगतियों की निष्पक्ष जाँच कराई जावेगी? (ख) क्या उक्त भ्रष्टाचार में लिप्त विक्रय प्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों पर दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी अथवा नहीं यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नल-जल योजना के संधारण हेतु स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग न होना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

34. ( क्र. 1855 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में कितनी नल-जल योजना संधारण हेतु स्वीकृति प्राप्त हुई है। ग्रामवार, लागत राशि, स्वीकृत दिनांक सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) समस्त स्वीकृत योजनाओं की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? क्या सभी संधारण कार्य पूर्ण हो चुका हैं? नहीं तो क्या कारण हैं? (ग) ग्रीष्मकालीन में संधारण न होने से जो ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध न होने से असुविधा हुई, इसके लिये कौन जिम्मेदार हैं? क्या इन्हें शीघ्र पूर्ण कराने हेतु कोई समीक्षा की गई थी? हाँ तो विवरण उपलब्ध करावें? नहीं तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 18 योजनाओं हेतु। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) 18 नल-जल योजनाओं में से 17 योजनाएं पूर्ण एवं 01 योजना प्रगतिरत है, जिसकी क्रियान्वयन एजेंसी ग्राम पंचायत है। असफल स्त्रोत को छोड़कर अन्य कारणों से बंद योजनाओं को चालू रखने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। (ग) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत आदिवासी परिवारों को खाद्यान्‍न पर्ची उपलब्ध कराना

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

35. ( क्र. 1856 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुल कितने आदिवासी परिवार हैं वर्तमान में कितने परिवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अन्तर्गत खाद्यान्न पात्रता पर्ची वितरित की गई तथा कितने शेष हैं तथा शेष परिवार रहने का क्या कारण हैं? इसके लिये कौन दोषी है? क्या दोषियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही प्रस्तावित की गई है? (ख) क्‍या भीकनगाँव विधानससभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत कांझर अंतर्गत ग्राम नागझिरी एवं ग्राम पंचायत नुरियाखेड़ी अन्तर्गत ग्राम मेहत्‍याखेड़ी में कुल कितने आदिवासी परिवार हैं तथा कितने परिवारों को खाद्यान्न पर्ची वितरण की गई तथा कितने परिवार शेष हैं? इसका शेष रहने का क्या कारण हैं तथा इन्हें कब तक खाद्यान्न पर्ची उपलब्ध कराई जाएगी?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) विधानसभा क्षेत्र भीकनगाँव में 60,413 अनुसूचित जनजाति के परिवार है। खरगोन जिले में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत 3,31,645 परिवारों के (16,59,571 हितग्राहियों) को लाभांवित किया जा रहा है, जिसमें भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्र के 63,606 पात्र परिवार (हितग्राहियों 3,51,034) सम्मिलित है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा राज्‍य के लिए हितग्राहियों की अधिकतम सीमा निर्धारित है। इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने का प्रावधान अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत न होने के कारण शेष आवेदकों को सम्मिलित नहीं किया गया है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से हितग्राही की मृत्‍यु होने, विवाह होने से, अन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्रा‍ही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। तदनुसार नवीन पात्रता पर्ची निर्धारित सीमा में जारी की जा रही है। जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में सदस्‍यों की संख्‍या के विरूद्ध विलोपन योग्‍य सदस्‍यों को पोर्टल पर विलोपित किया जाकर, उतनी ही संख्या में संबंधित जिले के नवीन सत्यापित सदस्‍यों को सम्मिलित किया जा रहा है। जुड़ने वाले नवीन परिवारों में बीपीएल एवं अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्ष 2017-18 में खरगोन जिले में 180 परिवारों के 491 हितग्राहियों के लिए नवीन पात्रता पर्ची जारी की गई है। (ख) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नागझिरी के सभी 150 आदिवासी परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई है। ग्राम मेहत्‍याखेड़ी के 166 परिवारों में से 160 परिवारों को पात्रता पर्ची जारी की गई है। शेष 6 आवेदकों को सम्मिलित नहीं करने का कारण प्रश्नांश (क) के उत्‍तर अनुसार है।

नामांतरण आदेशों का परिपालन न होने पर कार्यवाही

[राजस्व]

36. ( क्र. 1895 ) श्री मोती कश्यप : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसी तहसीलदार (नजूल) गोहलपुर जबलपुर ने रा.प्र.क्र./817/अ-6/2015-16 में किसी दस्‍तावेज के आधार पर श्यामलाल बर्मन/अठईलाल बर्मन की किसी भूमि के संबंध में दिनांक 16-5-2016 की तथा रा.प्र.क्र. 80/अ-6/2015-16 के किसी दस्तावेजों के आधार पर किसी स्थान की केशवप्रसाद पटेल की किसी भूमि के संबंध में दिनांक 20-11-2015 में कोई आदेश पारित कर किन्हीं को कोई कार्यवाही करना निर्देशित किया गया है? (ख) प्रश्नांश (क) के आदेश दिनांकों से दिनांक 31-10-2017 के मध्य बीती किसी अवधि में आदेशों के परिपालन न होने से क्या यह सिद्ध नहीं है कि तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक व पटवारी का आचरण भ्रष्ट और अनियमित है? (ग) क्या विभाग जिला जबलपुर की तहसीलों में आदेशित एवं लम्बित नामांतरण प्रकरणों की जाँच करायेगा और दोषी अधिकारी व कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) तहसीलदार (नजूल) गोहलपुर जबलपुर के राजस्‍व प्रकरण क्र. 817/अ-6/2015-16 आदेश पारित दिनांक 16.05.2016 के अनुसार राजस्‍व रिकार्ड अद्तन किया जा चुका है तथा क्र. 80/अ-6/2015-16 दर्ज हुआ है। प्रकरण उपलब्‍ध नहीं हो रहा है इस हेतु अनुविभागीय अधिकारी गोहलपुर से जाँच कराई जा रही है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही की जावेगी। (ग) उत्‍तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

बिना पक्ष सुने अभिलेख से नाम हटाने की जाँच

[राजस्व]

37. ( क्र. 1900 ) श्री मोती कश्यप : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला/तहसील जबलपुर के रा.नि.मं. जबलपुर-1, प.ह.नं. 1 आधारताल के ग्राम माढ़ोताल के फार्म पी-।। खसरा में वर्ष 2015-16 में ख.नं. 121/2, रकवा 0.810 हे. भूमि राजेन्द्र तिवारी तथा वर्ष 2017-18 में ख.नं. 108/1, रकवा 0.263 हे. भूमि सतीश व सुधीर टंडन के नाम दर्ज है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) खसरों में तहसीलदार नजूल गोहलपुर के दिनांक 1-6-11, 18-10-11, 13-12-1516-12-16 के विभिन्न राजस्व व नामांतरण (वसीयत) प्रकरणों में से किस में किनके संबंध में किन प्रकार के आदेश दिये गये हैं? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) के किसी के किन्हीं आदेशों द्वारा बिना दस्तावेज मांगे व पक्ष सुने किस आधार पर प्रश्नांश (क) के राजेन्द्र तिवारी का नाम अभिलेखों से हटाकर अन्यों का दर्ज कर दिया गया है? (घ) क्या प्रश्नांश (क) राजस्व निरीक्षक ने अपील प्रकरण/014/6/16-17 में किन्हीं खसरों व रकवों के संबंध में किन्हीं वसीयत व सहमति शपथ पत्र दिनांक 20-6-2016 का उल्लेख कर अ.वि.अ. गोहलपुर ने कोई अभिमत दिया है? (ड.) क्या. प्रश्नांश (क) से (ग) के तथ्यों की जाँच कर प्रभावित को न्याय प्रदान किया जायेगा और दो‍षि‍यों पर कार्यवाही की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जिला जबलपुर तहसील जबलपुर ग्राम माढ़ोताल नं.बं. 660 प.ह.नं. 25/31‍ स्थित भूमि खसरा नंबर 121/2 रकवा 0.810 हे. पर राजेन्‍द्र तिवारी का नाम वर्ष 2015-16 के खसरे में दर्ज नहीं है। तथा वर्ष 2017-18 में ग्राम माढ़ोताल के खसरा नंबर 108/1 रकवा 0.263 हे. सतीश व सुधीर टंडन के नाम पर दर्ज है। (ख) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित दिनांकों का ग्राम माढ़ोताल के खसरा से मिलान करने पर प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट पर है। (ग) प्रश्‍नांश (क) के सबंध में वर्ष 2015-16 के राजस्‍व रिकार्ड में राजेन्‍द्र तिवारी का नाम राजस्‍व अभिलेखों में दर्ज नहीं था। अत: शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (घ) जी हाँ। (ड.) अनुविभागीय अधिकारी गोहलपुर के न्‍यायायल में अपील प्रकरण क्र. 014/6/16-17 प्रचलन में है। निर्णय अनुसार कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - ''चौदह''

ध्‍यानाकर्षण सूचना क्रमांक 25 दिनांक, 08 मार्च 2017 की जानकारी

[गृह]

38. ( क्र. 1985 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 01 जनवरी, 2017 से 30 सितम्‍बर, 2017 तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा तत्‍कालीन अनुविभागीय अधिकारी पुलिस लहार जिला भिण्‍ड के कृत्‍यों की जाँच हेतु माननीय गृह मंत्री जी म.प्र. शासन को पत्र लिखे गये एवं प्रश्‍नकर्ता की ध्‍यानाकर्षण सूचना क्रमांक 25 दिनांक 08.03.2017 पर चर्चा के दौरान माननीय गृह मंत्री जी द्वारा तत्‍कालीन अनुविभागीय अधिकारी पुलिस लहार के कृत्‍यों की जाँच ए.डी.जी. स्‍तर के अधिकारी से कराने की जानकारी दी गई थी? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त प्रश्‍नांश के परिप्रेक्ष्‍य में जाँच किस-किस अधिकारी से कब-कब करायी गई एवं जाँच निष्‍कर्षों के आधार पर क्‍या कार्यवाही की गई?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) उक्त प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में पुलिस मुख्यालय द्वारा श्री बी.बी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक से जाँच कराई जा रही है। जाँच पूर्ण होने पर गुण-दोष के आधार पर आवश्यक कार्यवाही की जावेगी। श्री अवनीश बंसल तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी पुलिस लहार जिला भिण्ड को स्थानांतरित कर पुलिस मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया जा चुका है।

प्रदेश में महिलाओं पर हुये बलात्‍कार के संबंध में जानकारी प्रदाय

[गृह]

39. ( क्र. 2011 ) श्री तरूण भनोत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में विगत 02 वर्षों में महिलाओं पर बलात्‍कार के कितने प्रकरण दर्ज किये गये जानकारी प्रदेश के महानगर भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्‍वालियर के थानों में दर्ज प्रकरणवार दी जावे? जानकारी 01 अक्‍टूबर 2015 से 31 अक्‍टूबर 2017 तक बताई जावे? (ख) प्रदेश के जिन थानों के अंतर्गत महिलाओं पर बलात्‍कार की घटनाएं बढ़ी हैं, इसके थाने के प्रभारियों पर क्‍या कार्यवाही की गई, पूर्ण जानकारी दी जावे?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) एवं (ख) जानकारी संकलित की जा रही है।

समूह नल-जल योजना की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

40. ( क्र. 2024 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले में कुण्‍डालिया डेम व मोहनपुरा डेम से समूह नल-जल योजना प्रस्‍तावित है? (ख) यदि हाँ, तो खिलचीपुर एवं जीरापुर विकासखण्‍ड के कौन-कौन से ग्राम लिये गये हैं तथा योजना की लागत क्‍या है? (ग) क्‍या समूह नल-जल योजना की डी.पी.आर. तैयार की जाकर स्‍वीकृत हो चुकी है? यदि हाँ, तो योजना के टेण्‍डर कब तक हो जावेंगे? (घ) यदि हाँ, तो कब तक कार्य प्रारंभ कर दिया जावेगा? एजेन्‍सी का नाम भी बतावें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 के अनुसार है। कुण्डालिया समूह योजना की लागत रूपये 709.00 करोड़ एवं मोहनपुरा समूह जलप्रदाय योजना की लागत रूपये 304.92 करोड़ है। (ग) जी हाँ, योजना हेतु वित्तीय संयोजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्तरांश-'' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

खाद्यान्‍न पर्ची की जानकारी

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

41. ( क्र. 2026 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खिलचीपुर विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत खाद्यान्‍न पर्ची से कितने लोगों को लाभांवित किया गया है? विकास खण्‍डवार वर्षवार विवरण देंवे। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कितने परिवार खाद्यान्‍न पर्ची से वंचित हैं? विकासखण्‍डवार जानकारी देवें? (ग) क्‍या खाद्यान्‍न पर्ची से वंचित लोगों (परिवारों) को भी खाद्यान्‍न पर्ची मिलेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) खाद्यान्‍न पर्ची के वितरण के क्‍या मापदण्‍ड है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) राजगढ़ जिले में कुल 2,60,398 परिवारों (12,43,666 हितग्राही) को पात्रता पर्ची का वितरण कर लाभ दिया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित आबादी की सीमा तक ही लाभ दिया जा सकता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत पात्र परिवारों को स्‍थानीय निकाय द्वारा सत्‍यापन उपरांत पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) जारी की जाती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित आबादी की सीमा तक ही लाभ दिया जा सकता है। अधिनियम अंतर्गत राज्‍य के लिए हितग्राहियों की अधिकतम सीमा निर्धारित है। इस सीमा से अधिक हितग्राहियों को लाभांवित करने का प्रावधान अधिनियम की धारा-3 के अंतर्गत न होने के कारण शेष आवेदकों की पात्रता नहीं बनती है। वर्तमान में सम्मिलित पात्र परिवारों में से हितग्राही की मृत्‍यु होने, विवाह होने से, अन्‍य स्‍थान पर निवास करने एवं पात्रता श्रेणी में न रहने के कारण हितग्रा‍ही की पात्रता में परिवर्तन होना एक निरंतर प्रक्रिया है। तदनुसार नवीन पात्रता पर्ची निर्धारित सीमा में जारी की जा रही है। जिले में 01 मई, 2017 की स्थिति में परिवारों की संख्‍या के विरूद्ध जितने अपात्र परिवारों को पोर्टल पर विलोपित किया जायेगा, उतनी ही संख्या में संबंधित जिले के नवीन सत्यापित परिवारों को सम्मिलित किया जा सकेगा। जुड़ने वाले नवीन परिवारों में बीपीएल एवं अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्ष 2017-18 में राजगढ़ जिले में 186 परिवारों के 718 हितग्राहियों के लिए नवीन पात्रता पर्ची जारी की गई है। (ग) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार। (घ) प्रश्नांश (ख) के उत्‍तर अनुसार।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

पुलिस महकमे को अवकाश स्‍वीकृत करना

[गृह]

42. ( क्र. 2040 ) श्री अंचल सोनकर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश पुलिस विभाग में थानों में पदस्‍थ पुलिस अमले के लिये अवकाश के क्‍या नियम हैं? यह भी बताया जावें कि क्‍या अन्‍य विभागों के समान ही पुलिस विभाग में अवकाश के नियम लागू होते है यदि हाँ, तो नियमों की प्रति देवें। (ख) क्‍या पुलिस महकमे को राष्‍ट्रीय एवं अन्‍य त्योहारों पर अवकाश नहीं दिया जाता है? यदि हाँ, तो क्‍यों? यह भी बताया जावे कि उनसे लगातार सेवायें ली जाती हैं जिससे पुलिस थानों में पदस्‍थकर्मी मानसिक तनाव में आ जाते हैं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) क्‍या शासन पुलिस महकमे को सप्‍ताह में एक दिवस का अवकाश देने की कार्यवाही कर रही है, जिससे पुलिस को मानसिक तनाव से मुक्‍त किया जा सके एवं उनके परिवार को भी तनाव मुक्‍त रखा जावे। यदि हाँ, तो कब तक? य‍ह भी बताया जावे कि पुलिस से उत्‍कृष्‍ठ सेवायें लेने हेतु शासन इन्‍हें अन्‍य और क्‍या सुविधायें प्रदाय किये जाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में कानून व्‍यवस्‍था सुचारू रूप से चल सके?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार। (ख) पुलिस के कार्य की प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुए सामान्यतः राष्ट्रीय एवं अन्य त्योहारों पर अवकाश नहीं दिया जाता है, किन्तु किसी अधिकारी/कर्मचारी को अवकाश की अति-आवश्यकता होने पर अवकाश दिया जाता है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं।

आवेदन एवं प्रस्‍ताव पर विभाग की कार्यवाही

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

43. ( क्र. 2042 ) श्री रजनीश सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिवनी जिले के केवलारी विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान में कितने ग्रामों एवं मजरे-टोलों में मापदण्‍ड के अनुसार पेयजल योजनाएं चालू हैं तथा मापदण्‍ड के अनुसार हैण्‍डपंपों एवं नल-जल आदि की और कितनी आवश्‍यकता है? (ख) प्रश्‍न दिनांक तक जनप्रतिनिधियों द्वारा पंचायतों द्वारा एवं जनता के द्वारा कितनी नल-जल योजनाएं एवं कितने हैण्‍डपंप लगाने हेतु आवेदन एवं प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुये? उक्‍त आवेदन एवं प्रस्‍ताव पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) विगत 03 वर्षों से लंबित अपूर्ण नल-जल योजना की संख्‍या कितनी है? इन्‍हें कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 252 ग्रामों एवं 14 टोलों में पेयजल योजनाएं चालू हैं। इस वर्ष के विभागीय कार्ययोजना अनुसार 111 बसाहटो में 113 हैण्डपंप की आवश्यकता है। नल-जल योजना की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन मांग आधारित है, ग्राम पंचायत की मांग पर विभागीय मापदंडों के अनुसार पात्रता होने पर स्वीकृति देने पर विचार किया जाता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) 07 योजनाएं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

अल्‍पवर्षा के कारण सूखा की स्थिति एवं राहत राशि

[राजस्व]

44. ( क्र. 2048 ) श्री रजनीश सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इस वर्ष प्रदेश में अल्‍पवर्षा, अवर्षा से सूखे की स्थिति निर्मित होकर खरीफ की फसल को भारी नुकसान हुआ है? यदि हाँ, तो आंकलन अनुसार प्रदेश के किन-किन जिलों की किन-किन तहसीलों में कितने प्रतिशत व कौन-कौन सी फसलों को नुकसान हुआ है? (ख) क्‍या सिवनी जिले की केवलारी, घनौरा, छपारा एवं सिवनी तहसील सूखे के कारण फसलों में हुए नुकसान का सर्वे कराया गया है? (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त तहसीलों का विवरण उपलब्‍ध करायें। यदि नहीं, तो क्‍यों? उक्‍त तहसीलों के किसानों (संख्‍या में) राहत पाने की पात्रता में आते है? कितने किसानों को राहत राशि वितरित करने की स्‍वीकृति प्रदान की गई है? (घ) क्‍या कलेक्‍टर सिवनी द्वारा केवलारी एवं घनौरा तहसील को सूखा प्रभावित घोषित करने का प्रस्‍ताव राज्‍य शासन को भेजा गया है? यदि हाँ, तो राज्‍य शासन ने इस पर क्‍या कार्यवाही की?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। अल्‍पवर्षा से प्रदेश की 133 तहसीलों में खरीफ की फसल प्रभावित हुई हैं। नवीन सूखा मैन्‍युअल 2016 के वैज्ञानिक मापदंडों के अनुसार, 18 जिलों की 133 तहसील में बोई गई फसलों में 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ हैं। (ख) जी नहीं। जिले की केवलारी, धनौरा, छपरा एवं सिवनी तहसीलों को सूखा ग्रस्‍त घोषित नहीं किया गया हैं एवं न ही सूखे के कारण फसलों में नुकसान हुआ हैं। (ग) उत्‍तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

जल निगम के नरहेला वॉटर प्रोजेक्‍ट की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

45. ( क्र. 2065 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधान सभा जौरा में कार्याधीन नरहेला वॉटर प्रोजेक्‍ट के अंतर्गत पगारा बांध से विभिन्‍न ग्रामों में पेयजल आपूर्ति के लिए डाली गई लाईनों के कारण से विभिन्‍न ग्रामों में सी.सी. खरंजा एवं अन्‍य मार्ग को खोदकर क्षतिग्रस्‍त किया गया है? क्‍या उन्‍हें पुन: निर्माण करने की जवाबदेही विभाग की है? यदि हाँ, तो कब तक उनका निर्माण कराया जा सकेगा? यदि नहीं, तो जवाबदेह कौन होगा? (ख) प्रोजेक्‍ट के अंतर्गत कितने ग्राम लाभान्वित किये गये हैं एवं वर्तमान में कितने ग्रामों में कार्य पूर्ण कर लिया गया है और कितने ग्रामों में कार्य जारी हैं, उन्‍हें कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में विभिन्‍न ग्रामों में क्षतिग्रस्‍त सी.सी. खरंजा एवं अन्‍य मार्ग की वजह से आम रास्‍ता अवरूद्ध हो रहे हैं, जिससे आम ग्रामीणजनों को परेशानी हो रही है। उक्‍त क्षतिग्रस्‍त मार्गों को कब तक पुन: निर्माण करवा दिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। जी हाँ, उक्त कार्य करने की जवाबदेही संबंधित एजेन्सी की है। कार्य प्रगतिरत है, इसे मार्च 2018 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रोजेक्ट के अंतर्गत 34 ग्राम लाभांवित किये जाना है वर्तमान में 23 ग्रामों में पाईप लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है एवं घरों में नल कनेक्शन का कार्य प्रगति पर है तथा शेष 11 ग्रामों में पाईप लाईन बिछाने एवं घरों में नल कनेक्शन का कार्य प्रगति पर है, योजना के कार्य मार्च 2018 तक पूर्ण करना लक्षित है। (ग) क्षतिग्रस्त मार्गों का सुधार कार्य प्रगतिरत है, मार्च 2018 तक सुधार किया जाना लक्षित है।

रामलीला मैदान से अतिक्रमण हटाना

[राजस्व]

46. ( क्र. 2072 ) श्री मुकेश नायक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले के शाहनगर ग्राम पंचायत के रामलीला मैदान एवं धरमपुरा में शासकीय अतिक्रमण की कब-कब कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं और उन शिकायतों पर आज दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) उक्‍त रामलीला मैदान की जमीन वर्तमान खसरे में किस नाम से दर्ज है? अगर म.प्र. शासन में ये दर्ज हैं तो आज दिनांक तक अतिक्रमण नहीं हटाये जाने के लिये दोषी कौन हैं और कब-तक अतिक्रमण हटाया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) पन्‍ना जिले की शाहनगर ग्राम पंचायत के रामलीला मैदान एवं धरमपुरा के शासकीय भूमि में अतिक्रमण की पृथक-पृथक शिकायतें प्राप्‍त हुई है। ग्राम पंचायत शाहनगर के बीचों-बीच बजरंग चौक में रामलीला आयोजित होती है वर्तमान में वहां पर कोई अतिक्रमण नहीं है तथा धरमपुरा के अतिक्रमित भूमि के संबंध में अतिक्रमण प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर न्‍यायालय तहसीलदार शाहनगर के राजस्‍व प्रकरण क्रमांक 27/अ-68/2015-16 में पारित आदेश दिनांक 04.03.2016 के द्वारा अनावेदक को रूपये 5000/- के अर्थदण्‍ड से अधिरोपित किया जाकर भूमि से बेदखली आदेश पारित किया गया है। उक्‍त आदेश के विरूद्ध अनावेदक द्वारा न्‍यायालय अनुविभागीय अधिकारी शाहनगर में अपील प्रस्‍तुत की गई थीजिसमें अनुविभागीय अधिकारी शाहनगर द्वारा अपील खारिज कर न्‍यायालय तहसीलदार के आदेश को यथावत रखा गया। तदोपरान्‍त मौके से अतिक्रमण हटाया गया। (ख) ग्राम शाहनगर में रामलीला मैदान हेतु कोई भूमि आरक्षित नहीं है। वर्तमान में रामलीला ग्राम शाहनगर के बीचों-बीच बजरंग चौके में आयोजित होता है। उक्‍त स्‍थल/भूमि ग्राम शाहनगर के खसरा नंबर 1118 मद म.प्र. शासन आबादी दर्ज है। वर्तमान में रामलीला आयोजित स्‍थल पर कोई अतिक्रमण नहीं है।

आदिवासी कृषक की भूमि का 03 वर्ष पश्‍चात् भी मुआवजा भुगतान नहीं किया जाना

[राजस्व]

47. ( क्र. 2115 ) पं. रमेश दुबे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा प्रश्‍न क्रमांक 1236 दिनांक 19.07.17 के उत्‍तर में यह बताया गया है कि मौजा मांडवी के आदिवासी भूमिस्‍वामी की भूमि का 3 वर्ष पूर्व अधिग्रहण किया गया है, किन्‍तु मुआवजा का भुगतान अभी तक क्‍यों नहीं किया गया है? (ख) क्‍या यह आदिवासी परिवारों व कृषकों पर अन्‍याय नहीं है? जिला प्रशासन इस मामले पर संवेदनशील क्‍यों नहीं है? (ग) राजस्‍व विभाग के अधिकारियों द्वारा निरंतर पत्राचार करने पर भी राष्‍ट्रीय राजमार्ग द्वारा मुआवजा भुगतान हेतु गंभीर नहीं है क्‍यों? क्‍या इस हेतु राष्‍ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों पर जवाबदारी नियत कर अनुसूचित जन जाति पर अत्‍याचार का प्रकरण दर्ज नहीं कराया जा सकता और यदि कराया जा सकता है तो जिला प्रशासन मौन क्‍यों है? (घ) अपनी भूमि खोकर मुआवजा हेतु विगत 4 वर्षों से दर-दर भटक रहे मौजा मांडवी के आदिवासी परिवारों की क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन सुधि लेकर उन्‍हें वर्तमान दर पर मुआवजा भुगतान में रूचि नहीं लेने वाले राष्‍ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों की जवाबदेही नियत कर उनके विरूद्ध अनुसूचित जन जाति के सदस्‍यों के साथ आर्थिक अत्‍याचार का प्रकरण दर्ज कराने का आदेश देगा नहीं तो क्‍यों? कब तक मुआवजा का भुगतान करा दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। परियोजना निदेशक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 47 इकाई नागपूर के द्वारा भारत के राजपत्र में अधिसूचना के प्रकाशन किये जाने उपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की जाकर मुआवजा राशि का अधिनिर्णय पारित किया जावेगा तथा नियमानुसार मुआवजा राशि भुगतान की कार्यवाही की जावेगी। (ख) जी नहीं। जिला प्रशासन की पहल पर ही आदिवासियों की भूमि के अधिग्रहण के सम्बंध में परियोजना निदेशक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इकाई 47 नागपूर को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के प्रावधान अनुसार 3 (ए) की प्रारंभिक अधिसूचना का प्रकाशन कराये जाने हेतु अनुविभागीय अधिकारी एवं सक्षम प्राधिकारी (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग) तहसील-पाण्ढुर्णा के माध्यम से कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। (ग) प्रकरण में अधिनिर्णय उपरांत नियमानुसार मुआवजा राशि का भुगतान सम्बन्धित भूमिस्वामी को किया जावेगा। परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इकाई 47 नागपूर द्वारा अधिग्रहण की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उतरांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार कार्यवाही प्रचलित है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वर्षों से शासकीय भूमि पर निवासरत परिवारों को आवास का पट्टा प्रदाय करना

[राजस्व]

48. ( क्र. 2116 ) पं. रमेश दुबे : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम मझियापार, तहसील बिछुआ जिला छिन्‍दवाड़ा के व्‍यक्तियों द्वारा वर्षों से शासकीय भूमि पर आवास निर्माण कर निवास करने के चलते निवासरत भूमि का पट्टा प्रदाय के संबंध में प्रश्‍नकर्ता को आवेदन प्रस्‍तुत करने पर क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने कलेक्‍टर छिन्‍दवाड़ा को पत्र क्रमांक 1135 दिनांक 14.09.2017 प्रस्‍तुत किया है? (ख) यदि हाँ, तो इस पत्र पर किस स्‍तर से अब तक क्‍या कार्यवाही की गयी है? (ग) वर्षों से मकान बनाकर ग्राम मझियापार के निवासरत परिवारों को आवास का पट्टा कब तक प्रदाय कर दिया जावेगा? नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन इसे संज्ञान में लेकर वर्षों से निवासरत उक्‍त परिवारों को आवास का पट्टा प्रदाय किये जाने का आदेश जिला प्रशासन को देगा? नहीं तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) उपरोक्त पत्र के पालन में तहसीलदार बिछुआ से प्रश्‍नाधीन भूमि का सर्वेक्षण कराया गया। तदुपरांत पाया गया कि भूमि खसरा नं. 135 एवं 137 कुल रकवा 0.801 हेक्टर मद ''छोटे झाड का जंगल'' पर 17 अ.जा./अ.ज.जा. के परिवार मकान बनाकर निवास कर रहे है। चूंकि उक्त भूमि ''छोटे झाड़ के जंगल'' मद में दर्ज है जो वन की परिभाषा में आते है। अतः ऐसी भूमि का मद परिवर्तन किया जाकर उन्हें आवासीय पट्टा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के अनुसार पट्टा दिया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्‍तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

किसानों को मुआवज़ा राशि प्रदान किया जाना

[राजस्व]

49. ( क्र. 2171 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधान सभा क्षेत्र की तहसील परासिया एवं तहसील उमरेठ के अंतर्गत दिनांक 09.09.2017 को तेज आंधी-तूफान चलने के कारण ग्राम पंचायत फुटेरा के ग्राम बिसखान एवं ग्राम तालपिपरिया, मालपिपरिया, घाघरतलाई, तिगाई एवं अपतरा के किसानों की मक्‍के व अन्‍य फसलें पूर्णत: क्षतिग्रस्‍त होकर नष्‍ट हो गई, जिसके कारण किसानों को बहुत अधिक नुकसान एवं क्षति हुई है, परंतु ऐसे प्रभावित किसानों को अभी तक विभाग द्वारा कोई क्षतिपूर्ति/मुआवज़ा राशि प्रदान नहीं की गई है, जिसका क्या कारण है? जानकारी उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित ग्राम के प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति/मुआवज़ा राशि विभाग द्वारा कब तक प्रदान कर दी जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित ग्राम के प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति/मुआवज़ा राशि प्रदान किये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) परासिया, तहसीलदार परासिया एवं तहसीलदार उमरेठ को पत्र प्रेषित किये गये थे, जिन पत्रों पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) दिनांक 09.09.2017 को तेज आंधी-तुफान चलने के कारण प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित ग्रामों के किसानों की मक्‍के व अन्‍य फसलें क्षतिग्रस्‍त होने के संबंध में हल्‍का पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्‍तार अधिकारी, ग्राम सरपंच, सचिव एवं राजस्‍व निरीक्षक की गठित टीम द्वारा फसल क्षति की जाँच कराई गई। जाँच अनुसार मक्‍के की फसल झुकी हुई थी, जड़ से खराब नहीं हुई तथा अन्‍य फसल में क्षति 15-20 प्रतिशत होना पाया गया। आर.बी.सी. 6 (4) में 25 प्रतिशत से कम क्षति होने पर मुआवजा का प्रावधान नहीं हैं। (ख) उत्‍तरांश "क" के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिये गये पत्र के पालन में उक्‍त ग्रामों में गठित टीम द्वारा फसल क्षति की जाँच कराई गई। फसल क्षति का प्रतिशत 25 प्रतिशत से कम पाया गया। अत: राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6 (4) के तहत मुआवजा राशि दिये जाने का प्रावधान नहीं हैं।

परासिया डिवीजन के सुचारू संचालन हेतु विभिन्‍न सुविधाएं उपलब्‍ध कराना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

50. ( क्र. 2172 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग के द्वारा परासिया उपखण्‍ड को डिवीजन बनाया जा चुका है? अगर हाँ तो डिवीजन के सुचारू संचालन हेतु विभाग द्वारा जो विभिन्‍न सुविधायें (जैसे पर्याप्‍त स्‍टॉफ, आवश्‍यक सामग्री, बोर मशीन व अन्‍य संसाधन) उपलब्‍ध कराई जाती है? क्‍या वे सभी सुविधायें परासिया डिवीजन को विभाग द्वारा उपलब्‍ध कराई जा रही है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि परासिया डिवीजन को यदि विभिन्‍न सुविधायें उपलब्‍ध नहीं कराई जा रही हैं तो इसका क्‍या कारण हैं? कब तक परासिया डिवीजन को पर्याप्‍त सुविधायें उपलब्‍ध करा दी जायेंगी? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा परासिया डिवीजन के सुचारू संचालन हेतु विभिन्‍न सुविधाओं को विभाग द्वारा प्रदान किये जाने के संबंध में प्रमुख सचिव, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग भोपाल को पत्र क्रमांक वि.स./परासिया/127/2017/267 दिनांक 01.06.2017 एवं मुख्‍य अभियंता, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग परिक्षेत्र जबलपुर को पत्र क्रमांक वि.स./परासिया/127/2017/266 दिनांक 01.06.2017 के माध्‍यम से अवगत कराया गया था, जिन पत्रों पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) परासिया डिवीजन को विभाग द्वारा आगामी वर्ष में क्षेत्र में कितने बोर कराये जाने के टारगेट दिये जायेंगे?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के परियोजना खण्ड छिंदवाड़ा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड परासिया में परिवर्तित करते हुए खण्ड छिंदवाड़ा के 03 उपखण्डों क्रमशः परासिया, अमरवाड़ा एवं जामई के कार्यक्षेत्र को खण्ड परासिया में सम्मिलित किया गया है। सम्मिलित किये गये उपखण्डों का अमला भी खण्ड परासिया को दिया गया है। खण्ड के सुचारू संचालन हेतु विभाग द्वारा जो विभिन्न सुविधायें (जैसे पर्याप्त स्टाफ, आवश्यक सामग्री बोर मशीन व अन्य संसाधन) उपलब्ध संसाधन अनुसार उपलब्ध करा दी गई है। सिविल संकाय का खण्ड होने के कारण रिग मशीन उपलब्ध नहीं करायी जाती है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ, कार्यालय मुख्य अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग परिक्षेत्र जबलपुर के पत्र क्र. 4250 दिनांक 13.06.2017 द्वारा अधीक्षण यंत्री परियोजना मंडल छिंदवाड़ा को निर्देशित किया गया। अधीक्षण यंत्री द्वारा कार्यपालन यंत्री खण्ड परासिया के मांग अनुसार दो कर्मचारियों को परासिया खण्ड में शासकीय कार्य करने हतु निर्देशित किया गया। (घ) आगामी वर्ष के लिए बोर (नलकूप) खनन कार्यों के लक्ष्यों का निर्धारण नहीं हुआ है, प्रतिवर्ष बजट उपरांत लक्ष्यों का निर्धारण होता है, अतः प्रश्नाधीन जानकारी बताया जाना संभव नहीं है।

हितग्राहियों को उज्‍जवला योजना का लाभ

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

51. ( क्र. 2218 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनपद पंचायत गंगेव एवं जवा जिला रीवा को स्‍कीम दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक में उज्‍जवला योजना से कितने हितग्राहियों को गैस सिलेण्‍डर चूल्‍हा दिया गया है? सूची देवें? (ख) प्रश्नांश (क) की योजना एवं सूची में दर्ज हितग्राहियों को गैस सिलेंडर चूल्‍हा नहीं दिया गया है तो कौन दोषी है? दोषी पर क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेगे तथा सूचीबद्ध हितग्राहियों को सिलेंडर चूल्‍हा उपलब्‍ध कराएंगे? (ग) प्रश्नांश (क) के योजना से क्‍या कई हितग्राहियों का सिलेंडर एवं चूल्‍हा नहीं दिया गया जैसा कि छेदीलाल पिता राम नाथ कोरी अथवा इनके पत्‍नी निवासी ग्राम पंचायत तेन्‍दुनी विकासखण्‍ड जवा का नाम सूची में दर्ज है किन्‍तु इन्‍हे सिलेंडर चूल्‍हा नहीं दिया गया है क्‍यों? कौन दोषी है? दोषी पर क्‍या कार्यवाही करते हुए सभी को सिलेन्‍डर चूल्‍हा देंगे? (घ) यदि प्रश्नांश (ख) (ग) हाँ तो सूची अनुसार हितग्राहियों को सिलेंडर मिला की नहीं? का सत्‍यापन संबंधित तहसीलदार से कराएंगे?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनांतर्गत जनपद पंचायत गंगेव के 6365 हितग्राहियों एवं जवा के 7594 हितग्राहियों को गैस कनेक्‍शन दिये गये है। गैस कनेक्‍शन प्राप्‍त करने वाले हितग्राहियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 में सर्वेक्षित परिवार के अंतर्गत ऐसे परिवार जो निर्धारित 7 श्रेणियों में से किसी भी एक वंचित श्रेणी के अंतर्गत आने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री उज्‍जवला योजनांतर्गत गैस कनेक्‍शन दिये जाने का प्रावधान है। जिन हितग्राहियों द्वारा गैस कनेक्‍शन हेतु निर्धारित दस्‍तावेज के साथ आवेदन प्रस्‍तुत किया गया है परीक्षण उपरांत पात्र पाये गये उन हितग्राहियों को गैस कनेक्‍शन जारी किये गये है। गैस कनेक्‍शन जारी करना एक सतत् प्रकिया है। इस प्रकार गैस कनेक्‍शन जारी न होने के संबंध में किसी पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। शेष रहे परिवारों द्वारा निर्धारित आवेदन प्रस्‍तुत करने पर परीक्षण उपरांत पात्र पाये जाने पर गैस कनेक्‍शन जारी किए जाते हैं। (ग) श्री छेदीलाल पिता रामनाथ कोरी निवासी ग्राम पंचायत तेंदुनी विकासखण्‍ड जवा का नाम ऐ.सी.सी.सी. डाटा में दर्ज नहीं है। श्री छेदिया ऊर्फ राजकुमार कोरी (पिता श्री रामनाथ कोरी) की पत्‍नी श्रीमती गीतादेवी का नाम ऐ.सी.सी.सी. सूची में है उनके नाम से जवा इण्‍डेन ग्रामीण वितरक जवा के द्वारा उपभोक्‍ता क्रमांक 7051245086 दिनांक 06.05.2017 को एस.व्‍हीं. जारी किया गया, किन्‍तु उपभोक्‍ता द्वारा प्रथम रिफिल एवं चूल्‍हे की राशि जमा न करने के कारण गैस कनेक्‍शन प्रदाय नहीं किया जा सका जिससे दिनांक 27.11.2017 को प्रदाय किया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) एस.ई.सी.सी. डाटा में दर्ज हितग्राहियों द्वारा प्रस्‍तुत आवेदन के परीक्षण उपरांत पात्र पाये जाने पर भारत शासन, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के द्वारा विहित प्रक्रिया से गैस कंपनियों द्वारा गैस कनेक्‍शन जारी किये गये है। योजना में राज्‍य शासन द्वारा सत्‍यापन का प्रावधान नहीं है तथापि कनेक्‍शन विशेष की शिकायतें पाने पर गैस कंपनी को राज्‍य शासन द्वारा कार्यवाही हेतु समन्‍वय किया जाता है।

विद्यालय भूमि से अतिक्रमण हटाना

[राजस्व]

52. ( क्र. 2220 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कलेक्‍टर रीवा के पत्र क्र./आर.एम.एस.ए./वि.स. आश्‍वासन/स्‍मरण पत्र/2017/1530 दिनांक 3/4/17 से एस.डी.एम. पत्र राजस्‍व त्‍योंथर, नईगढ़ी तथा इन्‍हीं तहसीलदारों को आदेशित कर विद्यालय भूमि अतिक्रमण मुक्‍त कराने हेतु आदेशित किया है? (ख) प्रश्नांश (क) के पत्र में कितने पत्रों का संदर्भ लेख किया गया है? कई आदेशों के बावजूद भी कलेक्‍टर के आदेश का पालन नहीं किया गया? यदि हाँ, तो क्‍यों एवं इसके लिये कौन दोषी है? दोषी पर कब एवं क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जायेगी? (ग) प्रश्नांश (क) के पत्र में उल्‍लेखित शालाओं को भवन निर्माण हेतु स्‍वीकृति राशि से अतिक्रमण होने के कारण निर्माण नहीं हो सका, इसमें कौन दोषी हैं? दोषी पर क्‍या कार्यवाही करेंगे? (घ) प्रश्नांश (क) के आदेश का पालन कब तक करा कर विद्यालय प्रमुख को भूमि सौंप कर दोषी अधिकारियों को दण्डित कर देंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्नांश (क) में दर्शित पत्र में 10 पत्रों का संदर्भ लेख किया गया है। शासकीय हाई स्कूल चैखंडी तहसील जवा हेतु खसरा नं. 113 रकवा 0.544 हे. आवंटित की गई है। जिसमें से 0.05 एकड़ पर शिवबालक पिता पुलई कुशवाहा द्वारा आवंटन के पूर्व से मकान व बाड़ी बनाकर बेजा कब्जा किया गया था जिसके विरूद्ध न्यायालय नायब तहसीलदार वृत्त अतरैला तहसील जवा के राजस्व प्रकरण क्र 17/68/2011-12/अतरैला दिनांक 11.10.14 द्वारा अतिक्रामक के विरूद्ध बेदखली आदेश पारित किया गया था। जिसकी द्वितीय अपील न्यायालय अपर आयुक्त के यहा विचाराधीन है तथा हाई स्कूल गहिलवार की आ. नं. 96/2 रकवा 2.023 हे. म.प्र. शासन हाईस्कूल खेल मैदान में अतिक्रमण का प्रकरण क्र 11/68/2016-17 पंजीबद्ध किया गया तथा शासकीय हाई स्कूल कन्या डभैरा के संबंध में माननीय अपर आयुक्त के अपील प्रकरण विचाराधीन है। न्यायालीयन प्रक्रिया पूर्ण के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी। नईगढ़ी एवं त्योंथर में अतिक्रमण नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के प्रकाश में कोई दोषी नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अवैध उत्‍खनन के प्रकरणों में की गई वसूली की कार्यवाही

[गृह]

53. ( क्र. 2245 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता. प्रश्‍न क्रमांक 30, दिनांक 19.07.2017 एवं पूर्व प्रश्‍न 04 (क्रमांक 63) दिनांक 19.07.2016 के उत्‍तर में बताया गया कि पालकटोरी एवं मनकपूर में अवैध उत्‍खनन के प्रकरण में कलेक्‍टर न्‍यायालय द्वारा रूपये 10,26,40,000/- का अर्थदण्‍ड आरोपियों के विरूदध आरोपित किया गया था? क्‍या उक्‍त अर्थदण्‍ड की वसूली करली गई है? यदि हाँ, तो कब रसीद संख्‍या सहित बतावें? (ख) यदि नहीं, तो क्‍यों तथा बिना अर्थदण्‍ड की वसूली किये फरार आरोपियों को किस आधार पर जमानत दे दी गई व क्‍यों कारण सहित विस्‍तृत विवरण देते हुये जमानत के आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। (ख) कलेक्टर न्यायालय अशोकनगर के प्रकरण क्र. 39/67/2015-16 में अनावेदकगणों को 10,26,40,000/- के अर्थदण्ड के लिये कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रकरण में अंतिम आदेश अभी पारित नहीं किया गया है, क्योंकि प्रकरण में अन्य पक्षकारों की सुनवाई की जाना शेष है। जिसके पश्चात सभी तर्को को सुनने के बाद अंतिम आदेश पारित किया जावेगा। प्रकरण में थाना देहात अशोकनगर द्वारा अपराध क्रमांक 226/16 धारा 147, 148, 149, 379, 341 भा.द.वि. का अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया जहां माननीय न्यायालय द्वारा आरोपियों को जमानत पर रिहा किया गया है।

तुलसी सरोवर अशोकनगर की सिंचाई विभाग की भूमि

[राजस्व]

54. ( क्र. 2248 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि दिनांक 06 मार्च 2017 के प्रश्‍न क्रमांक 48 के संदर्भ में बतायें कि राजस्‍व मण्‍डल के आदेश की अपील की गई या नहीं तथा इस सम्‍बंध में अभी तक क्‍या कार्यवाही हुई प्रगति का विवरण देवें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : दिनांक 06 मार्च 2017 के प्रश्‍न क्रमांक 48 के संदर्भ में म.प्र. राजस्व मण्डल के प्र.क्र. 4277-2/2016 में पारित आदेश दिनांक 06.01.2017 के विरूद्ध अपील प्रस्तुत नहीं की गई है। अशोकनगर स्थित तुलसीसरोवर, सिंचाई विभाग की भूमि के संबंध में निगरानीकर्ता विजय स्वरूप, शांतस्वरूप पुत्रगण आनन्द स्वरूप द्वारा माननीय राजस्व मण्डल ग्वालियर में निगरानी प्रस्तुत की गई है