मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


सोमवार, दिनांक 06 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर

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चालू/बंद नल-जल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

1. ( *क्र. 1761 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र में कितनी नल-जल योजनाएं टंकी सहित एवं टंकी रहित स्‍थापित हैं, कितनी चालू एवं कितनी बंद हैं? (ख) जो बंद योजनाएं हैं उनके क्‍या कारण हैं? (ग) जो योजनाएं अभी तक चालू नहीं हुईं हैं एवं जो योजनाएं बंद हैं, उनका क्‍या कारण है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 54 टंकी सहित एवं 37 टंकी रहित योजनाएं हैं, जिनमें से 56 योजनाएं चालू एवं 35 योजनाएं बंद हैं। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) ऐसी एक भी योजना नहीं है जो अभी तक चालू नहीं हुई है, जो योजनाएं बंद हैं, उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

पुलिसकर्मियों को कम्‍प्यूटर दक्षता प्रशिक्षण

[गृह]

2. ( *क्र. 4415 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा पुलिसकर्मियों को कम्‍प्‍यूटर दक्षता प्रशिक्षण दिया जा रहा है? (ख) क्‍या पुलिसकर्मियों को कम्‍प्‍यूटर प्रशिक्षण के लिए किसी संस्‍था को नियत किया गया है? यदि हाँ, तो संस्‍था का ब्‍यौरा दें? यदि नहीं, तो किस माध्‍यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है? (ग) सीहोर जिले में अभी तक कितने पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और कितने पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाना शेष है और कब तक प्रशिक्षित किया जाएगा? (घ) शासन द्वारा पुलिसकर्मियों के कम्‍प्‍यूटर प्रशिक्षण पर विगत दो वर्ष में कितनी राशि व्‍यय की जा चुकी है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। भारत सरकार के मिशन मोड सी.सी.टी.एन.एस. प्रोजेक्ट के अंतर्गत मध्यप्रदेश के सभी 51 जिले एवं 03 रेल इकाइयों में पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण हेतु एच.सी.एल. (टी) कंपनी को नियत किया गया है। (ग) सीहोर जिले में 495 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। शेष 278 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाना है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) विगत दो वर्षों में पुलिसकर्मियों के कम्प्यूटर प्रशिक्षण पर भारत सरकार के मिशन मोड सी.सी.टी.एन.एस. प्रोजेक्ट के तहत् राशि रूपये 38,33,572/- (अड़तीस लाख तैतीस हजार पाँच सौ बहत्तर रूपये), राज्य अपराध अनुसंधान ब्यूरो के सामान्य बजट से राशि रूपये 1,33,813/- (एक लाख तैतीस हजार आठ सौ तेरह रूपये) का व्यय किया गया।

अनुभाग सुसनेर को पूर्ण अनुभाग का दर्जा

[राजस्व]

3. ( *क्र. 2746 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 05 वर्षों में शासन द्वारा कौन-कौन से नवीन अनुभाग स्वीकृत किये गये हैं? (ख) राजस्व अनुभाग के स्थायीकरण हेतु/पूर्ण अनुभाग बनाये जाने हेतु क्या मापदण्ड हैं एवं कौन-कौन से पद सृजित किये जाते हैं? (ग) अनुभाग सुसनेर कब से संचालित है? राजस्व अनुभाग सुसनेर में स्वीकृत एवं रिक्त पदों की जानकारी देवें? रिक्त पदों पर क्या व्यवस्था की गई है? (घ) क्‍या अनुभाग सुसनेर के स्थायीकरण हेतु/पूर्ण अनुभाग का दर्जा दिए जाने संबंधी कोई प्रस्ताव या मांग प्राप्त हुई थी? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्या स्वप्रेरणा से प्रशासनिक सुदृढ़ता व कार्यसुविधा को दृष्टिगत रखते हुए अनुभाग सुसनेर को पूर्ण अनुभाग का दर्जा दिया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

लंबित सीमांकन प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

4. ( *क्र. 629 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के मऊगंज, नईगढ़ी, मनगवां तहसीलों में सीमांकन के कितने आवेदन जनवरी, 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रस्‍तुत किये गये, तहसीलवार संख्‍या बताएं तथा कितने प्रकरणों का निराकरण किया गया? संख्‍या बताएं। (ख) लंबित सीमांकन प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) रीवा जिले में तहसील मऊगंज नईगढ़ी, मनगवां में सीमाकंन आवेदनों की जानकारी निम्‍नानुसार है :-

 

तहसील का नाम

प्राप्‍त आवेदन

निराकृत आवेदन

मऊगंज

597

565

नईगढ़ी

130

103

मनगवां

296

275

 
 
 
 




 

 

(ख) जिन आवेदित भूमियों पर फसल नहीं लगी है, उनके सीमांकन की तिथि नियत है एवं फसल लगे खेतों का सीमांकन फसल कटने के बाद किया जायेगा।

रीवा ‍जिले में संचालित गोदाम

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

5. ( *क्र. 4308 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में कितने पी.डी.एस. केन्‍द्र एवं गोदाम संचालित हैं। जिले के सभी केन्‍द्रों की सूची तथा केन्‍दों में पदस्‍थ अधिकारियों/कर्मचारियों की सूची विधानसभावार/अनुभागवार उपलब्‍ध करायें। (ख) प्रश्‍नांश () के संदर्भ में उक्‍त सभी केन्‍द्रों के लिए वर्ष 2015 से प्रश्‍न‍ दिनांक तक कितनी सामग्री (गेहूँ, चावल, शक्‍कर एवं केरोसीन) का आवंटन प्रदान किया गया है? केन्‍द्रवार, माहवार सामग्रियों की सूची देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या प्रबंध संचालक भोपाल, क्षेत्रीय प्रबंधक सतना म.प्र. स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन लि. को द्वार प्रदाय योजनांतर्गत परिवहनकर्ता मे. सुरेश कुमार मिश्र एवं अन्‍य परिवहनकर्ता के विरूद्ध शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो शिकायत में क्‍या कार्यवाही की गई है? कृत कार्यवाही की प्रति देवें। (घ) प्रश्‍नांश () के संदर्भ में रीवा के गोदामों में पी.डी.एस. आवंटन के लिए खाद्यान्न सामग्री न होने की स्थिति में सीधे सतना वेयर हाउस से ट्रक क्र. एम.पी. 17 - एच.एच. 1460 द्वारा परिवहन किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या पावती ऑनलाईन जारी हुई है? यदि नहीं, तो क्‍यों, सामग्री की पावती कहाँ से है? सामग्री नहीं पहुंचने के लिए कौन जिम्‍मेदार है? उसके विरूद्ध कौन-सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाया जाना

[राजस्व]

6. ( *क्र. 2278 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले की तहसील हुजूर हल्‍का पटवारी टीकर, ग्राम टीकर की भूमि नं. 1673 रकबा 0.991 हे. जिसमें कि म.प्र. शासन (रास्‍ता) दर्ज रिकॉर्ड है, के अंश रकबा 0.222 हे. में ग्राम के ही निवासी छोटेलाल सिंह आ. तेजभान सिंह द्वारा फसल बोकर अवैधानिक रूप से अतिक्रमण किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या इस शासकीय जमीन से अवैधानिक अतिक्रमण को हटाया जाकर अतिक्रमणकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक एवं यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्‍या बार-बार अतिक्रमण करने के आरोपी के विरूद्ध कार्यवाही कर आम रास्‍ता बहाल किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक एवं यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, अतिक्रमण हटाने हेतु म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता की धारा 248 के प्रावधानानुसार न्‍यायालयीन प्रक्रियानुरूप कार्यवाही प्रचलित है। (ग) जी हाँ। अतिक्रमण हटाना न्‍यायालयीन प्रक्रिया है, अत: निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

चितरंगी विकासखण्‍ड में आई.टी.आई. की स्‍थापना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

7. ( *क्र. 148 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग की नीति यह है कि ऐसे विकासखण्‍ड जिनमें कोई भी शासकीय/अशासकीय आई.टी.आई. महाविद्यालय संस्‍थान नहीं हैं, वहां आई.टी.आई. महाविद्यालय स्‍थापित किये जायें? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश में ऐसे कितने विकासखण्‍ड हैं और कितने विकासखण्‍ड में आई.टी.आई. महाविद्यालय संचालित कराए गए हैं? (ग) क्‍या सिंगरौली जिले के विकासखण्‍ड चितरंगी आदिवासी बाहुल्‍य क्षेत्र में आई.टी.आई. महाविद्यालय खुलवाए जाने हेतु आवेदन प्राप्‍त हुए हैं? यदि हाँ, तो शासन स्‍तर से महाविद्यालय खोले जाने हेतु क्‍या-क्‍या विभागीय प्रयास हुए हैं एवं कब तक प्रारंभ करा दिए जाएंगे?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। (ख) कुल 313 विकासखण्‍डों में से 249 विकासखण्‍डों में शासकीय आई.टी.आई. अथवा प्राईवेट आई.टी.आई. संचालित हैं तथा 64 विकासखण्‍डों में कोई भी शासकीय तथा प्राईवेट आई.टी.आई. संचालित नहीं है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। समय अवधि बताना संभव नहीं है।

पॉलिथिन/प्‍ला‍स्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध

[पर्यावरण]

8. ( *क्र. 894 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन द्वारा प्रदेश में पॉलिथिन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या इसका कठोरता से पा‍लन कराया जा रहा है? (ख) क्‍या शासन द्वारा पॉलिथिन/प्‍लास्टिक के उपयोग से होने वाले दुष्‍परिणामों के व्‍यापक प्रचार-प्रसार हेतु कोई योजना बनाई गई है? पॉलिथिन के कारण हजारों बेजुबान जानवरों की मृत्‍यु हो जाती है तथा पॉलिथिन व प्‍लास्टिक का उपयोग करने से हजारों लोगों को कई प्रकार की बीमारियां होने लगी हैं तथा पर्यावरण भी प्रदूषित होता जा रहा है? क्‍या इस भयानक स्थिति को नियत्रंण करने हेतु शासन कोई ठोस कदम उठाएगा या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या और नहीं तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या भविष्‍य में पॉलिथिन/प्‍लास्टिक के उपयोग पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया जाकर उसका कठोरता से पालन कराया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) एवं (ख) भारत सरकार, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना क्रमांक 320 (अ) दिनांक 18 मार्च, 2016 में उल्लेखित प्रावधान अनुसार 50 माईक्रोन से कम मोटाई की प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग वर्तमान में प्रतिबंधित है। प्रदेश में पॉलिथिन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कराये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। पॉलिथिन/प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले दुष्परिणामों के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु नगरीय-निकायों के साथ पम्पलेट वितरण, रैली, नुक्कड़ नाटक, छापामार कार्यवाही एवं समाचार पत्रों में जानकारी के माध्यम से जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। जानवरों की मृत्यु होने तथा लोगों की बीमारियों के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी नहीं है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रदेश में पॉलिथिन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कराये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है।

इन्‍दौर संभाग में प्रदूषण की रोकथाम

[पर्यावरण]

9. ( *क्र. 4566 ) श्री जितू पटवारी : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर संभाग में प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख 20 कारखानों का नाम, उत्‍पादन का नाम, शहर/गांव का नाम सहित सूची प्रदान करें तथा बताएं की उक्‍त कारखाने किस-किस प्रकार से प्रदूषण फैला रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कारखानों में वर्ष 2015-16 में कब-कब किस-किस प्रकार से जाँच की गई जाँच के निष्‍कर्षों से कारखानेवार अवगत करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कारखानों में कौन-कौन से कारखाने वायू प्रदूषण फैला रहे हैं और वे कौन सी हानिकारक गैस छोड़ रहें हैं तथा उससे कितने कि.मी. क्षेत्र की आबादी को कौन-कौन सी बीमारी होने की संभावना है, फसलों तथा भवनों को क्‍या-क्‍या नुकसान संभावित है? (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सूची में से कौन-कौन से उद्योग प्रतिदिन किस प्रकार का कितने लीटर जहरीला जल छोड़ रहे हैं, उसमें कौन-कौन से हानिकारक रसायन हैं तथा उससे कृषि भूमि के साथ कितने किलोमीटर क्षेत्र तक भूमिगत जल के दूषित होने की संभावना है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) इंदौर संभाग में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग नहीं हैं। प्रदूषणकारी प्रकृति के उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था स्थापित होने से प्रदूषण फैलने की स्थिति नहीं है। सभी इकाइयों द्वारा शून्य निस्त्राव की स्थिति रखी जाती है तथा किसी भी उद्योग को दूषित जल फैलाने की अनुमति नहीं है, अत: प्रदूषण फैलने, कृषि अथवा भूजल के प्रदूषण का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) से (घ) उत्तरांश () के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

आदिवासि‍यों की भूमि के बेनामी नामांतरण की जाँच

[राजस्व]

10. ( *क्र. 3402 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन नियमों में निर्धारित प्रावधान अनुसार आदिवासियों के स्वामित्व की कृषि भूमि आदि की खरीदी अन्य वर्ग के लोग शासन की अनुमति के बगैर नहीं कर सकते हैं? क्या विश्‍व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल माण्डव क्षेत्र में अधिकांश बड़े-बड़े उद्योगपतियों एवं व्यवसायियों द्वारा आदिवासियों की जमीनें सस्ते दामों में अपने यहां कार्यरत अ.ज.जा. वर्ग के अन्यत्र निवासरत अनपढ़ व गरीब मजदूर के नाम से धड़ल्ले से खरीद रहे हैं व उनके नाम से बेनामी नामांतरण करवाया जाकर स्वयं के होटल, रेस्ट हाउस, ढाबा आदि व्यवसाय में उपयोग किया जा रहा है? (ख) क्या शासन विगत 10 वर्षों से अब तक व्यवसायि‍यों द्वारा पंजीयन हेतु प्रस्तुत अभिलेखों की एवं राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज ऐसे बेनामी नामांतरणों की जाँच करवाकर पूंजीपतियों द्वारा गरीब आदिवासियों के नाम की भूमि पर किये जा रहे व्यवसाय व उनके शोषण को रोकने की दिशा में कोई ठोस कदम उठायेगा? यदि हाँ, तो समयावधि बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भोपाल में संचालित बुल मदर/डेयरी फॉर्म

[पशुपालन]

11. ( *क्र. 2016 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पुशपालन विभाग द्वारा भोपाल में संचालित बुल मदर फॉर्म एवं डेयरी फॉर्म में वर्तमान में किस-किस प्रजाति की कितनी-कितनी गायें एवं भैंसें हैं? पृथक-पृथक संख्‍या बताई जाए। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित बुल मदर फॉर्म एवं डेयरी फॉर्म में प्रश्‍न दिनांक से विगत 5 वर्षों में किस-किस प्रजाति की कितनी-कितनी गायें एवं भैंसें क्रय की गईं एवं इसमें कितनी-कितनी धनराशि व्‍यय हुई? पृथक-पृथक बताया जाए। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित बुल मदर फॉर्म एवं डेयरी फॉर्म में प्रतिदिन के हिसाब से प्रतिमाह कितना-कितना दूध संग्रहित होता है एवं क्‍या इस दूध का बाजार में विक्रय किया जाता है, इससे कितनी धनराशि प्रतिमाह प्राप्‍त होती है? पृथक-पृथक बताया जाए? (घ) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित बुल मदर फॉर्म एवं डेयरी फॉर्म के संचालन में प्रश्‍न दिनांक से 5 वर्षों में कितनी-कितनी धनराशि व्‍यय की गई, वर्षवार बताया जाए?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) बुल मदर फॉर्म पर गिर नस्ल की 53, साहीवाल नस्ल की 27 तथा संकर नस्ल की 49 गायें रखी गई हैं एवं शासकीय जर्सी पशु प्रजनन प्रक्षेत्र भदभदा भोपाल में जर्सी नस्ल की 48, जर्सी साहीवाल क्रास की 46, साहीवाल नस्ल की 176 गौवंश का संधारण किया जाता है। बुल मदर फॉर्म एवं शासकीय जर्सी पशु प्रजनन प्रक्षेत्र भदभदा पर भैंसें नहीं हैं। (ख) बुल मदर फॉर्म पर गत 05 वर्षों में साहीवाल नस्ल की 20, गिर नस्ल की 24 तथा संकर नस्ल की 17 गायें क्रय की गई हैं, जिन पर क्रमश: रू. 9,95,150/-, रू. 11,38,597/- एवं रू. 11,90,000/- की राशि व्यय की गई है एवं शासकीय जर्सी पशु प्रजनन प्रक्षेत्र भदभदा भोपाल में विगत 05 वर्षों में साहीवाल नस्ल की 25 गायें, साहीवाल क्रास की 02 गायें तथा साहीवाल बछियां 50 क्रय की गई हैं, जिन पर कुल 28,44,000/- राशि‍ व्यय की गई है। (ग) बुल मदर फॉर्म एवं शासकीय जर्सी पशु प्रजनन प्रक्षेत्र भदभदा, भोपाल के द्वारा दूध संग्रह (कलेक्शन) नहीं किया जाता है, परन्तु फॉर्म पर प्रतिमाह जो दुग्ध उत्पादन होता है, उसे फॉर्म के द्वारा भोपाल शहर के अधि‍कारियों/कर्मचारियों आदि को विक्रय किया जाता है तथा शेष बचा दूध भोपाल दुग्ध संघ सहकारी मर्यादित, भोपाल को प्रदाय किया जाता है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशि‍ष्ट अनुसार है। (घ) बुल मदर फॉर्म के संचालन पर वर्ष 2012-13 में राशि रूपये 77.32 लाख, वर्ष 2013-14 में राशि रूपये 82.76 लाख, वर्ष 2014-15 में राशि रूपये 69.63 लाख, वर्ष 2015-16 में राशि रूपये 82.62 लाख एवं वर्ष 2016-17 में (माह जनवरी तक) राशि रू. 112.16 लाख व्यय की गई है एवं शासकीय जर्सी पशु प्रजनन प्रक्षेत्र भदभदा भोपाल के संचालन में विगत 05 वर्षों में संचालन पर वर्ष 2012-13 में राशि रूपये 53.83 लाख, वर्ष 2013-14 में राशि रूपये 59.58 लाख, वर्ष 2014-15 में राशि रूपये 90.45 लाख, वर्ष 2015-16 में राशि रूपये 87.06 लाख एवं वर्ष 2016-17 में (माह जनवरी तक) राशि रू. 126.05 लाख व्यय की गई है।

परिशिष्ट - ''एक''

शासकीय आराजी की भूमि को कृषकों के नाम किये जाने की जाँच

[राजस्व]

12. ( *क्र. 596 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले की तहसील रघुराजनगर के अंतर्गत पटवारी हल्का सिजहटा के मौजा सोनौरा की शासकीय आराजी क्र. 44, 309, 329/342, 37, 38, 135, 89, 104 एवं 131 जो 16 कृषकों के नाम कूटरचित दस्तावेज़ तैयार कर राजस्व विभाग के अधिकारी, पटवारी एवं भू-माफियाओं ने खुर्दबुर्द कर दी है, जो कृषक क्रमशः बद्रीप्रसाद ब्राम्हण, सीताराम विश्वकर्मा, रामनारायण विश्वकर्मा, श्वरप्रताप सिंह, गोरेलाल रैकवार, लक्ष्मीनारायण ब्रा., रामनरेश ब्रा., रामकृपाल ब्रा., रामशिरोमणि निवासी नई बस्ती कृपालपुर सभी काल्पनिक नाम हैं जिसका स्थल पंचनामा राजस्व विभाग द्वारा 12/03/2016 को किया जा चुका है? शेष सात कृषक क्रमशः छोटेलाल चमार, त्रिवेणीप्रसाद ब्रा., हीरालाल गौतम, विद्यासागर तिवारी, सहेंद्रसिंह, रामलखन, बाबूलाल के नाम कर दी गई? (ख) उक्त आराजियों को खुर्दबुर्द करने के संबंध में थाना कोलगवां में अपराध क्र. 168/16 धारा 420, 467, 468-34 का मुकदमा दर्ज है, जिसमें फर्जी बद्रीप्रसाद ब्रा. एवं प्रथम रजिस्ट्री कराने वाले लक्ष्मण सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है? क्या इस संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक सतना ने पत्र क्र. 3958 दिनांक 01/12/2016 द्वारा एस.डी.एम. राघुराजनगर से जानकारी मांगी थी, जिसका जवाब किन-किन दिनांकों को दिया गया है? (ग) क्या उक्त आराजी का जाँच प्रतिवेदन क्रमश: 10/03/2016, 19/03/2016 को तहसील रघुराजनगर कार्यालय में जमा कर दिया गया है, जिस प्रतिवेदन में स्पष्ट है कि‍ कूटरचित ढंग से फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय को गुमराह कर फर्जीवाड़ा किया गया है? (घ) क्या फर्जीवाड़े में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की जाँच प्रतिवेदन में अनुशंसा की गई है? यदि हाँ, तो दोषियों के विरुद्ध अब तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई है? विलम्ब के कारण सहित बताएं?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

दृष्टिहीनों के लिये कम्‍प्‍यूटर प्रशिक्षण की सुविधा

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

13. ( *क्र. 97 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जबलपुर, भोपाल एवं रीवा में दृष्टिहीन युवकों के लिये कम्प्‍यूटर कोर्स प्रारंभ किया गया है? (ख) क्या दृष्टिहीन युवक लगभग 95 प्रतिशत पढ़ाई, सुनकर ही करते हैं? (ग) क्या ऐसे युवकों के लिये लेपटॉप, डी.वी.डी. की सुविधायें व्‍यक्तिश: दी गई हैं? (घ) यदि नहीं, तो क्यों?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। (घ) व्‍यक्तिश: दिये जाने का प्रावधान नहीं है।

तहसील पलेरा एवं खरगापुर में स्‍थायी तहसीलदारों की पदस्‍थापना

[राजस्व]

14. ( *क्र. 1079 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में तहसील पलेरा एवं तहसील खरगापुर में प्रभारी तहसीलदार कार्यरत हैं? क्‍या तहसीलदारों को अतिरिक्‍त प्रभार सौंपने से शासन के एवं आम जनता के कार्य प्रभावित होते हैं? (ख) क्‍या उक्‍त दोनों तहसीलों में तहसीलदार न होने के कारण आम जनता के कार्यों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है और दो-दो पदों के भार से अधिकारी तथा आम जनता भी परेशान होती है? क्‍या ऐसी स्थि‍तियों को ध्‍यान में रखते हुये पलेरा एवं खरगापुर में तहसीलदारों की पदस्‍थापना कब तक करा देंगे? यदि नहीं, तो कारण बतायें कि क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) जी नहीं। स्वीकृत पदों के विरूद्ध संपूर्ण प्रदेश में तहसीलदारों की अत्यधिक कमी होने से सभी तहसीलों में पृथक-पृथक तहसीलदार की पदस्थापना में कठिनाई है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

जिला अशोकनगर में भूमि पर अवैध निर्माण

[राजस्व]

15. ( *क्र. 48 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जल संसाधन विभाग के उपयंत्री श्री ए.के. जैन ने तहसीलदार अशोकनगर को सर्वे क्रमांक 623624 पर अवैध निर्माण व अतिक्रमण की शिकायत की थी तथा जिले में इन नम्बरों तथा तुलसी सरोवर के बारें में कब-कब जिले में व किस-किस अधिकारी को शिकायत व ज्ञापन मिले व उन पर क्या कार्यवाही हुई? तहसीलदार ने कब-कब क्या आदेश व स्थगन दिये, तिथि सहित विवरण दें (ख) क्या तुलसी सरोवर की उपरोक्त भूमि में नक्शे के नम्बर से छेड़छाड़ कर बदलने की शिकायत शासन को हुई है तथा इस संबंध में पटवारी को निलम्बित कर पुलिस रिपोर्ट भी की गई है? पुलिस रिपोर्ट व पटवारी पर लगे आरोपों का विवरण व की गई कार्यवाही का विवरण देवें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मण्‍डला जिले में चालू/बंद नल-जल योजनाएं

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

16. ( *क्र. 3882 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) निवास विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रत्‍येक विकासखण्‍डवार कुल कितनी नल-जल योजनाएं संचालित हैं? उक्‍त नल-जल योजना में कितनी चालू हैं और कितनी बंद हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत विकासखण्‍डवार ग्रामवार कितनी ऐसी योजनाएं हैं, जिनमें स्‍वीकृति उपरांत कार्य पूर्ण नहीं किया जा सका है? (ग) स्‍वीकृत नल-जल योजनाओं के बंद रहने के क्‍या कारण हैं, बंद योजनाएं को चालू करने की कोई योजना है तो अवगत करायें।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कुल 140 नलजल योजनाएं संचालित हैं। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कोई भी नहीं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। ''नल से जल, आज और कल'' कार्यक्रम के अंतर्गत बंद योजनाओं को चालू करने की योजना है।

पट्टे की जमीन का नियम विरूद्ध विक्रय

[राजस्व]

17. ( *क्र. 4664 ) श्री हर्ष यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर नगर में खुरई मार्ग पर भाग्‍योदय तीर्थ चिकित्‍सालय के सामने स्थित भूमि रकबा लगभग 27 एकड़ को पट्टाधारक खत्री बंधुओं ने सुभाग्‍योदय डेव्‍हलपर्स को जनवरी 2017 में विक्रय किया है? क्‍या इस भूमि के नामांतरण का आवेदन तहसीलदार सागर को दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त भूमि खत्री बंधुओं को पट्टे पर कब किस प्रयोजन व किस अवधि के लिए दी गई थी? कब-कब मौका मुआयना कर पट्टे का नवीनीकरण किया गया? किस अधिकारी द्वारा मौका मुआयना किया गया? (ख) क्‍या कलेक्‍टर सागर द्वारा पट्टेधारियों को उक्‍त भूमि विक्रय की अनुमति दी थी? यदि हाँ, तो आदेश व नोटशीट की प्रमाणित प्रति दें। पट्टे की भूमि का भू-स्‍वामी कौन होता है? क्‍या लीज़धारी/पट्टाधारी भूमि का विक्रय कर सकता है। तत्‍संबंधी नियमों की प्रति दें। इस प्रकरण में पट्टाधारी खत्री बंधु कैसे उक्‍त भूमि के असली भूस्‍वामी बन गये? (ग) अध्‍यक्ष, राजस्‍व मंडल ग्‍वालियर के समक्ष भूमि विक्रय की अनुमति हेतु आवेदन कब आया एवं कब अनुमति जारी की गई? क्‍या मंडल को सागर जिले के राजस्‍व विभाग के शासकीय सेवकों द्वारा असत्‍य जानकारी/रिकॉर्ड/टीप दी, ताकि विक्रय अनुमति जारी हो सके। क्‍या इसकी जाँच की गई है? नहीं तो क्‍यों? (घ) उक्‍त वर्णित सागर की बेशकीमती शासकीय भूमि को भूमाफिया को विक्रय किये जाने के मामले में विक्रयपत्र व नामांतरण को शून्‍य किये जाने हेतु शासन/विभाग क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा? क्‍या दोषियों पर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों एवं हाँ तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में समूह जल योजना की स्‍वीकृति

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

18. ( *क्र. 4325 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधानसभा क्षेत्र राजगढ़ में विभाग द्वारा गोरखपुरा एवं मोहनपुरा डेम से ग्रामों में पेयजल हेतु समूह जल योजना स्‍वीकृत की है? यदि हाँ, तो कब? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावेंl (ख) उक्‍त समूह जल योजना से कितने ग्राम लाभान्वित होंगे? प्रत्‍येक ग्राम में कितनी‍-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? (ग) क्‍या उक्‍त योजना अन्‍तर्गत राशि स्‍वीकृत की जाकर टेण्‍डर लगाये जा चुके हैं? (घ) यदि नहीं, तो इसके लिये कब तक राशि उपलब्‍ध कराई जा सकेगी तथा कब तक टेण्‍डर लगाये जाकर कार्य प्रारम्‍भ किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) गोरखपुरा एवं मोहनपुरा समूह जल प्रदाय योजनाओं के क्रियान्वयन के उपरांत क्रमशः 163 एवं 400 ग्राम लाभांवित हो सकेंगे। ग्रामवार राशि स्वीकृत नहीं की गई है। (ग) जी नहीं। (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्य में निश्चित समय अवधि नहीं बताई जा सकती।

शासकीय सड़क मार्ग की भूमि पर अतिक्रमण

[राजस्व]

19. ( *क्र. 4130 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत विधान सभा क्षेत्र परासिया के ग्राम कुण्‍डालीकला के पटवारी हल्‍का नं. 25 के अंतर्गत खसरा नं. 158, 168, 187 में लगभग 100 वर्षों से शासकीय सड़क मार्ग (कच्‍चा) है, लेकिन कुछ दबंगों द्वारा उक्‍त खसरा नंबर के शासकीय सड़क मार्ग की भूमि पर अतिक्रमण करके खेती कार्य कराया जा रहा है, जिसके कारण इस शासकीय मार्ग में लोगों को आवागमन में परेशानी होती है? (ख) क्‍या ग्रामीणों द्वारा कई बार इसकी शिकायत विभाग को की गई है, लेकिन उक्‍त दबंगों द्वारा किये गये अतिक्रमण को हटाया नहीं गया है, इसके लिये कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आवारा गायों से फसलों को नुकसान

[पशुपालन]

20. ( *क्र. 3823 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अम्‍बाह एवं पोरसा में आवारा गायों का फसलीय आतंक बहुत अधिक हो चुका है, जिसके कारण किसान की फसल नष्‍ट होकर कृषक भूखों मरने की स्थिति में आ गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या शासन इन आवारा गायों के उचित संरक्षण एवं उनके द्वारा किये गये फसलीय नुकसान की भरपाई हेतु सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने हेतु आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) तहसील अम्बाह एवं पोरसा में आवारा गायों द्वारा फसल क्षति का कोई प्रकरण दर्ज नहीं है तथा न ही किसी कृषक द्वारा आवारा गायों द्वारा फसल नष्ट किए जाने संबंधी कोई आवेदन प्रस्तुत किया गया है एवं न ही कृषक भूखों मरने की स्थिति में आ गये हैं। (ख) प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

म.प्र. भू-राजस्व संहि‍ता 1959 की धारा 190, 110 के तहत् नामांतरण

[राजस्व]

21. ( *क्र. 3324 ) श्री गोपाल परमार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 190, 110 के तहत् कृषि भूमियों के नामान्तरण किये जाते हैं तथा धारा 190, 110 वर्तमान में प्रचलित हैं? (ख) क्या धारा 190, 110 के तहत् नामांतरण करने की अधिकारिता राजस्व अधिकारी तहसीलदार/नायब तहसीलदार को है? (ग) धारा 190, 110 के तहत् किये गए नामांतरण में स्टाम्प ड्यूटी ली जाती है। (घ) क्या धारा 190, 110 के तहत् किये गए नामांतरण आपराधिक कृत्य हैं? यदि हाँ, तो किस नियम के तहत् इसे अपराध घोषित किया गया है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्राम भुतिया एवं होलीबयड़ा में पीड़ि‍तों को मुआवजा

[गृह]

22. ( *क्र. 4099 ) श्री उमंग सिंघार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले के गंधवानी ब्‍लॉक के ग्राम भुतिया एवं होलीबयड़ा में 25/01/2017 को घटना में जिले के कलेक्‍टर द्वारा कब संज्ञान लिया गया? उस संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या कलेक्‍टर या अनुवि‍भागीय अधिकारी राजस्‍व द्वारा घटना स्‍थल का दौरा किया गया? अगर किया गया तो कब किया? (ग) ग्राम भुतिया एवं होलीबयड़ा में आदिवा‍सि‍यों के घरों का नुकसान, लूटे रूपये, चांदी, अनाज, डीजल पंप, पशु एवं घरों को तोड़े गये? उसके नुकसान का सर्वे करवाया गया? यदि हाँ, तो कब और क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार घटना के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा जारी किये गये पत्र क्रमांक 7609/दिनांक 28/01/2017 में क्‍या कार्यवाही की गई? (ड.) मध्‍यप्रदेश पीड़ि‍त प्रतिकर योजना 2015 की योजना क्रमांक 5 तथा दण्‍ड प्रक्रिया की धारा 357-ए (1) और 357-ख के तहत् पीड़ि‍त एवं उनके आश्रितों को कितना प्रतिकर देने का प्रकरण बनाया गया? अगर नहीं बनाया गया तो इसके लिये जवाबदार कौन है? क्‍या इन्‍हें प्रतिकर दिया जायेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। संज्ञान लिया जाकर स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली गई। (ख) प्रभारी तहसीलदार, गंधवानी द्वारा ग्रामों का दौरा दिनांक 15, 16 एवं 18 फरवरी 2017 को किया गया। (ग) सर्वे कराया जा रहा है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के केस नंबर 280/12/15/2017 डब्ल्यू.सी. दिनांक 09.02.2017 एवं कार्यालय अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला अपराध) क्रमांक/file com-21 अति म.नि./महिला अपराध/P.A/2-B/2017 दिनांक 04.02.2017 के द्वारा विस्तृत जाँच की जा रही है। जाँच उपरांत कार्यवाही की जावेगी। (घ) प्रश्नांश (ग) अनुसार। (ड.) प्रश्नांश (ग) में वर्णित जाँच रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।

पुलिस चौकी की स्‍थापना

[गृह]

23. ( *क्र. 1890 ) श्री संजय शर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तेन्‍दूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत पुलिस चौकी सिहोरा को उन्‍नयन कर थाना एवं कल्‍याणपुर में नवीन पुलिस चौकी खोलने हेतु प्रस्‍ताव पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर द्वारा शासन को प्रेषित किया गया है। (ख) यदि हाँ, तो पुलिस चौकी सिहोरा का उन्‍नयन कर पुलिस थाना एवं कल्‍याणपुर में नवीन चौकी कब तक खोली जाएगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी हाँ। (ख) पुलिस चौकी सीहोरा का थाने में उन्नयन किये जाने का प्रस्ताव निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप नहीं पाये जाने के कारण अमान्य किया गया। कल्याणपुर में नवीन चौकी खोले जाने का प्रकरण परीक्षणाधीन है। समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है।

डायवर्सन एवं जमीन नामांतरण के लंबित प्रकरणों का त्‍वरित निराकरण

[राजस्व]

24. ( *क्र. 3632 ) श्री अंचल सोनकर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले के अन्‍तर्गत शहरी क्षेत्र में किस तहसीलदार के समक्ष कुल कितने प्रकरण नामांतरण के एवं अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष डायवर्सन के लंबित हैं? अनुभाग वार संख्‍या बतावें। नामांतरण/डायवर्सन होने के उपरांत कितने आवेदकों के नाम कम्‍प्‍यूटर में क्‍यों दर्ज नहीं किये गये हैं। (ख) क्‍या कार्यालय में पदस्‍थ रीडर/पटवारी/राजस्‍व निरीक्षक की लापरवाही एवं हीलाहवाली के कारण नामांतरण एवं डायवर्सन के प्रकरण समयावधि में नहीं हो पाते एवं आवेदक कई-कई माह तक चक्‍कर लगाते रहते हैं? यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा ऐसे प्रकरणों की मॉनीटरिंग प्रत्‍येक माह कर अधिकारियों को एक टारगेट देकर कार्यों को सुगमता एवं सरलता से निपटवाया जावेगा? (ग) क्‍या संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा प्रकरण में प्रत्‍येक पेशी में एक कमी को बता कर आवेदक को एक से दो माह की पेशी दे कर प्रकरण में विलम्‍ब किया जाता है? क्‍या शासन ऐसे निर्देश जारी करेगा कि प्रकरण जमा होने के उपरांत एक ही बार में समस्‍त दस्‍तावेजों की जानकारी आवेदक को प्रदान कर अगली पेशी में प्रस्‍तुत कर प्रकरण का निपटारा कर दिया जावे? यदि हाँ, तो ऐसे आदेश शासन द्वारा कब तक प्रसारित किये जावेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जबलपुर जिले के अंतर्गत शहरी क्षेत्र तहसीलवार नामांतरण/डायर्वसन के प्रकरण निम्‍नानुसार लंबित है :-

 

तहसीलवार नामांतरण

तहसील का नाम

लंबित नामांतरण प्रकरण

कम्‍प्‍यूटर में दर्ज होने से शेष

रांझी

59

3

गोहलपुरा

189

-

गोरखपुर 1-

173

20

गोरखपुर 2-

250

46

केन्‍ट

115

10

कोतवाली

1300

-

ओमती

162

-

योग

2248

79

 

अनुविभागीय अधिकारी के यहाँ डायवर्सन के लंबित प्रकरण

अनुभाग का नाम

लंबित प्रकरण

कम्‍प्‍यूटर में दर्ज होने से शेष

रांझी

6

-

गोहलपुरा

59

15

गोरखपुर

24

-

कोतवाली

28

-

ओमती

-

-

योग

117

15

1. कम्‍प्‍यूटर खसरा सॉफ्टवेयर ग्‍वालियर से लिंक प्रॉब्‍लम के कारण कम्‍प्‍यूटर में दुरूस्‍त नहीं हो पा रहे हैं, जो शीघ्र कर दिये जावेंगे। (ख) जी नहीं। देरी से प्रकरण निपटाने के विविध कारण हो सकते हैं। 2. लंबित प्रकरणों की मॉनीटरिंग प्रत्‍येक माह राजस्‍व अधिकारी की बैठक एवं समय-सीमा बैठक वीडियो कॉन्‍फ्रेन्‍सि‍ग के माध्‍यम से की जाती है एवं इसके संबंध में पृथक से निर्देश आवश्‍यक नहीं हैं। (ग) राजस्‍व प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रत्‍येक प्रकरण में किन-किन दस्‍तावेजों की आवश्‍यकता होगी, यह प्रकरणों की प्रकृति व विवाद की स्थिति पर भी निर्भर करता है। उभय पक्षों के द्वारा कई बार दस्‍तावेज पेश करने में समय मांगा जाता है। साथ ही कभी-कभी न्‍यायालयीन कार्य से अधिक महत्‍वपूर्ण अन्‍य कार्य जैसे प्रोटोकॉल, कानून व्‍यवस्‍था, सिविल न्‍यायालयों में पेशी इत्‍यादि के कारण प्रकरणों में पेशी बढ़ाना पड़ती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सिवनी जिले में वेयर हाउस (गोदामों) की क्षमता

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

25. ( *क्र. 4522 ) श्री रजनीश सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिवनी जिले के अंतर्गत कितने शासकीय एवं कितने निजी वेयर हाउस हैं? विकासखण्‍डवार विवरण देवें? उक्‍त वेयर हाउसों (गोदामों) में भंडारण की क्‍या क्षमता है? वेयर हाउसों (गोदामों) का क्षमतावार विवरण देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उक्‍त वेयर हाउसों के समीप कितने-कितने धान एवं मक्‍का खरीदी केन्‍द्र स्‍थापित हैं? खरीदी केन्‍द्रों एवं वेयर हाउसों की दूरी नजदीकी वेयर हाउस से कितनी दूरी पर स्थित है? गोदामवार, खरीदी केन्‍द्रों का विवरण देवें (ग) क्‍या भण्‍डारण नीति में रूट प्‍लान (मेपिंग) के अनुसार भण्‍डारण खरीदी केन्‍द्रों के समीपस्‍थ वेयर हाउसों में किया गया है? यदि हाँ, तो परिवहन अनुसार वेयर हाउसों में भंडारण का विवरण देवें और यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) वर्तमान में प्रश्‍नांश (क) अनुसार वेयर हाउसों में भण्‍डारण की क्‍या स्थिति है?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) सिवनी जिले के अन्‍तर्गत 37 शासकीय एवं 163 निजी वेयरहाउस हैं। वेयरहाउसों की विकासखण्‍डवार एवं गोदामवार भण्‍डारण क्षमता की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान एवं मक्का के भण्डारण व्यवस्था हेतु निजी एवं संस्थागत गोदामों में पत्र क्रमांक 4303 दिनांक 19.10.2016 के तहत् ऑनलाईन प्राप्त गोदामों के प्रस्तावों के निरीक्षण उपरान्त उपयुक्त पाये गये गोदामों की जिला कलेक्टर कार्यालय स्तर पर 0 से 20 कि.मी. एवं 20 कि.मी. से अधिक दूरी के गोदामों की लॉटरी निकाली जाकर गोदामों के प्राथमिकता क्रम जिसमें सर्वप्रथम WDRA तत्पश्चात अन्य JVS के गोदामों का निर्धारण किया गया, सिवनी जिले की प्राथमिकता सूची शाखावार पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार एवं खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग भोपाल के पत्र क्रमांक एफ 5-16/2016/29-1, दिनांक 17.11.2016 के संदर्भ में PEG एवं शासकीय गोदामों में मैपिंग प्लान की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश (क) में वर्णित सिवनी जिले में स्थित शासकीय एवं निजी गोदामों में खरीफ विपणन वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में उपार्जित धान/मक्का का भण्डारण मध्‍यप्रदेश स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन द्वारा गोदामों की प्राथमिकता सूची अनुसार गोदामों में भण्डारण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। दिनांक 31.05.2015 एवं 31.05.2016 की स्थिति में सिवनी जिले में शाखावार गेहूँ, चावल, धान एवं अन्य की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

 

 

 

 



भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


खरीफ 2015 की बीमा राशि का वितरण

[राजस्व]

1. ( क्र. 50 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र.शासन द्वारा खरीफ 2015 में किसानों को राहत राशि का वितरण किया गया था? यदि हाँ, तो रतलाम एवं अशोकनगर जिले के किस-किस गांव की कितनी प्रतिशत नुकसानी के आधार पर राहत राशि वितरित किया गया विवरण दें? (ख) पटवारी हल्का नम्बर 1, 10, 11 की अनवारी क्रमश: 40 प्रतिशत, 44 प्रतिशत व 43 प्रतिशत होने के बाद भी उक्त पटवारी हल्का नम्बर 1 में 9.17 प्रतिशत, 10 में 3.30 प्रतिशत एवं 11 में 21.60 प्रतिशत बीमा क्लेम क्‍यों नहीं दिया गयाजबकि कई ग्रामों में 50 प्रतिशत से कम बीमा क्लेम दिया गया, कारण स्पष्ट करते हुए बताएं कि उक्त गांवों में अनवारी के आधार पर बीमा क्लेम नहीं देने के क्या कारण है, स्पष्ट विवरण दें? (ग) क्या पटवारी हल्का क्रमांक 10 में बीमा क्लेम प्रीमियम राशि से भी कम दिया गया? यदि हाँतो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। रतलाम एवं अशोकनगर जिले में खरीफ 2015 में किसानों का राहत राशि का वितरण किया गया। जिला रतलाम एवं अशोकनगर की ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) रतलाम जिले की तहसील पिपलौदा के पटवारी हल्‍का नम्‍बर 1,10,11 की आनावारी क्रमश: 40 प्रतिशत, 44 प्रतिशत व 43 प्रतिशत है। पटवारी हल्‍का नम्‍बर 1 में 9.17 प्रतिशत, 10 में 3.18 प्रतिशत एवं 11 में 21.60 प्रतिशत बीमा क्‍लेम का भुगतान किया गया है। उक्‍त पटवारी हल्‍कों में बीमा क्‍लेम बीमा कंपनी द्वारा फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्‍त वास्‍तविक उपज के अनुसार गणना उपरांत प्रदाय किया गया है। बीमा क्‍लेम संबंधी गणना की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ग) बीमा कंपनी द्वारा क्‍लेम का भुगतान फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्‍त वास्‍तविक उपज के अनुसार गणना उपरांत दिया गया है।

स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्‍थापना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

2. ( क्र. 72 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स स्‍थापना के संबंध में सरकार ने अब तक क्‍या निर्णय लिये? (ख) क्‍या सरकार प्रदेश के सभी जिलों में उक्‍त सेंटर्स स्‍थापित करेगी? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी प्रगति ब्‍यौरा क्‍या है? (ग) स्किल डेवलपमेंट सेंटर में किन-किन यूनिट्स का निर्माण किन-किन तकनीकों के प्रशिक्षण हेतु किया जायेगा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) अनसर्विस्‍ड ब्‍लॉक में कौशल विकास केन्‍द्र संचालित करने का निर्णय है। (ख) जी नहीं। (ग) रोजगार, स्‍वरोजगार एवं स्‍थानीय आवश्‍यकता को दृष्टिगत रखते हुये प्रशिक्षण के मॉड्यूलों का निर्धारण किया जाता है। वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं है।

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान हेतु चयन प्रक्रिया

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

3. ( क्र. 98 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शास. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जबलपुर में अधिकांश उम्मीदवारों को सीमित सीटें होने के कारण प्रवेश नहीं मिल पाता है? (ख) क्या अधिकांश गरीब युवकों को प्रवेश न मिलने के कारण बेरोजगार रहना पड़ता हैं? (ग) यदि हाँ, तो क्या सीटों की संख्या में वृद्धि की जायेगी? (घ) चालू वर्ष 2016-17 में चयनित उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, प्राप्तांक सहित विवरण उपलब्ध करावें।

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) एवं (ग) जी नहीं। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

ट्रैक्टर चालकों के लायसेंस एव ट्राली के पीछे रेडियम पट्टी अनिवार्य करना

[परिवहन]

4. ( क्र. 121 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगोन जिले में कितने ट्रैक्टर विभाग में पंजीकृत हैं, विधानसभा क्षेत्रवार ट्रैक्टर पंजीयन की संख्‍या की जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार जिले में कितने ट्रैक्टर मालिकों द्वारा ट्रालियों का पंजीयन कराया गया है, उसकी सूची दी जाये। (ग) खरगोन जिले में कितने ट्रैक्टर चालकों ने वाहन चालक के लायसंस बनवाए हैं एवं कितने ट्रैक्टर चालकों ने लायसेंस नहीं बनवाए? जिले में कितने ट्रैक्टर कृषि एवं कितने गैर कृषि कार्य में पंजीयत हैं? विगत एक वर्ष में कृषि कार्य हेतु पंजीयत ट्रैक्टर को गैर कृषि कार्यों में उपयोग करते पकड़े जाने पर क्या कार्यवाही की गई? इसमें दंड के क्या प्रावधान है? गत माह में जिला योजना समिति की बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार कितने ट्रैक्टर चालकों के लायसेंस बैठक उपरांत से प्रश्न दिनांक तक बनाये गए हैं, उसकी सूची दी जाये। (घ) ट्रैक्टर के पीछे ट्राली होने से चालक को दाए बाए मुड़ने पर होने वाली दुर्घटना पर क्या शासन ट्राली के पीछे रेडियम पट्टी अनिवार्य करने पर विचार कर रहा है? यदि हाँ, तो कब तक?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) खरगोन जिले में पंजीकृत टैक्टरों की कुल संख्या-10000 है। विधानसभा क्षेत्रवार पंजीकृत ट्रैक्टर वाहनों की संख्या निम्नानुसार है :-

 

क्र.

विधानसभा क्षेत्र

ट्रैक्‍टर पंजीयन संख्‍या

1

खरगोन

3227

2

कसरावद

1532

3

महेश्‍वर

1271

4

बडवाह

1933

5

भीकनगांव

1443

6

भगवानपुरा

594

 

योग 

10000

 

सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार खरगोन जिले में पंजीकृत ट्रैक्टर ट्रालियों की विधानसभा क्षेत्रवार संख्या निम्नानुसार है। 

 

क्र.

विधानसभा क्षेत्र

ट्रैक्‍टर पंजीयन संख्‍या

1

 खरगोन

1597

2

कसरावद

658

3

महेश्‍वर

457

4

बडवाह

574

5

भीकनगांव 

506

6

भगवानपुरा 

191

 

योग

3983

 

 

 

 

 

 

 

 



सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जिन्होंने चालन अनुज्ञप्ति ली है केवल उन्हीं का अभिलेख विभाग द्वारा संधारित किया जाता है। खरगोन जिले में 7644 ट्रैक्टर चालकों के लायसेंस बने है। जिन ट्रैक्टर चालकों ने वाहन लायसेंस नहीं बनवाए है उनका अभिलेख संधारित नहीं किया जाता हैं।जिले में निम्नानुसार कृषि एवं गैर कृषि ट्रैक्टर पंजीकृत हैः-

गैर कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर - 1260
कृषि कार्य में पंजीकृत ट्रैक्टर - 8740

योग - 10000

विगत एक वर्ष में कृषि कार्य हेतु पंजीकृत ट्रैक्टर को गैर कृषि कार्यों में उपयोग करते पकड़े जाने पर कुल 130 ट्रैक्टर ट्रालियों पर खनिजों का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर उनके विरूद्ध म.प्र. गौण खनिज नियम 1996 के नियम 53 (5) के तहत खनिज विभाग खरगोन द्वारा कार्यवाही कर उनसे रूपये 16,35,000/- अर्थदण्ड वसूल किया गया है। परिवहन विभाग द्वारा पृथक से कोई कार्यवाही नहीं की गई है। कृषि कार्य हेतु पंजीकृत ट्रैक्टर का गैर कृषि कार्यों में उपयोग करने पर ट्रैक्टर को परिवहन यान मानते हुये ट्रैक्टर के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 56/192, 66/192-क के अंतर्गत दण्डिक/प्रशमन शुल्क अरोपित करने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम 1994 की धारा 16 (3) के अंतर्गत कर वसूल करने का प्रावधान है। गत माह में जिला योजना समिति की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार ट्रैक्टर चालकों के 483 लायसेंस बनाये गये। सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) केन्द्र शासन द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 12.11.2008 के प्रकाश में केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989 के नियम 104 के क्रम में परिपत्र क्रमांक 5998/टीसी/12 दिनांक 02.12.15 जारी किया गया है, जिसमें ट्रैक्टर ट्राली के पीछे परावर्तित टेप लगाये जाने के निर्देश है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। 

उचित मूल्‍य की दुकानों द्वारा राशन वितरण

[खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण]

5. ( क्र. 141 ) श्री लखन पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले की पथरिया विधान सभा क्षेत्र में कुल कितनी उचित मूल्‍य की दुकानें हैं और कितना आवंटन प्राप्‍त होता है, कितने हितग्राहियों को राशन आवंटन होता है? (ख) ऐसे कितने हितग्राही हैं जिनका खाद्यान उचित मूल्‍य की दुकान में आता है किन्‍तु पात्रता पर्ची न होने के कारण सेल्‍समेन द्वारा खाद्यान नहीं दिया जाता है? क्‍या उक्‍त हितग्राही का खाद्यान सुरक्षित रहता है या स्‍टॉफ पंजी में बैलेंस रहता है? विगत दो वर्षों में कितना खाद्यान बैलेंस हुआ है? माहवार बतावें।

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) दमोह जिले की प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र में कुल 110 उचित मूल्‍य दुकानें हैं, जिन्‍हें 1237.357 मे.टन गेहूँ, 327.425 मे.टन चावल, 71.499 मे.टन शक्‍कर, 71.412 मे.टन नमक एवं 153.948 किलोलीटर केरोसीन आवंटित किया गया है। प्रश्‍नांकित विधानसभा क्षेत्र में 73002 पात्र परिवारों के 286146 सदस्‍यों को राशन सामग्री आवंटित की गई है। (ख) सभी सत्‍यापित पात्र परिवारों को उचित मूल्‍य दुकानों से मेप करने पर उनकी पात्रता पर्ची जनरेट होती है। जिनकी पात्रता पर्ची जनरेट होती है, उन्‍हीं की राशन सामग्री उचित मूल्‍य दुकानों को आवंटित की जाती है। पात्रता पर्चीधारी ऐसे परिवार जो किसी कारणवश राशन सामग्री लेने नहीं आते हैं, उनकी राशन सामग्री उचित मूल्‍य दुकानों में सुरक्षित रहती है, जिसका आगामी माहों में समायोजन किया जाता है। शेष भाग की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक ''

गोचर भूमि के नाम से आरक्षित भूमि

[राजस्व]

6. ( क्र. 142 ) श्री लखन पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के अंतर्गत पथरिया विधान सभा क्षेत्र में कितनी कहां-कहां की शासकीय भूमि रिक्‍त पड़ी है जो कि गौचर भूमि के नाम पर शासन में अंकित है? (ख) क्‍या पथरिया विधान सभा क्षेत्र की गौचर भूमि अतिक्रमित है? यदि हाँ, तो किन-किन व्‍यक्तियों द्वारा किस-किस खसरा नक्‍शा की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है? नाम, पतावार जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) अंतर्गत उक्‍त अतिक्रमण को हटाये जाने की मुहिम शासन स्‍तर पर चलायी जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

आवासीय भूमि के पट्टे का प्रदाय

[राजस्व]

7. ( क्र. 150 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 32 (क्र.308) दिनांक 07 दिसम्‍बर 2016 में चितरंगी तहसील अंतर्गत मध्‍यप्रदेश शासन के राजस्‍व विभाग के द्वारा दखल रहित अधिनियम के अंतर्गत आवासीय  भूमि के पट्टे वितरित करने की कार्यवाही क्‍या प्रचलन में है के उत्‍तर में जानकारी एकत्रित की जा रही है प्राप्‍त हुयी थी तो क्‍या जानकारी एकत्रित कर ली गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या म.प्र. शासन दखल रहित भूमि पर आबादी बनाकर भूमिहीन व्‍यक्ति पुस्‍तैनी से काबिज हैं, को आवासीय पट्टा वितरण कराए गये हैंयदि हाँतो कर्थुआ, झोखे, भर्रा, कसर, नौढ़ि‍‍या, गौरबी, करैली, चुरकी, चतरी, खिरवा आदि ग्रामों के व्‍यक्तियों द्वारा आवेदन देने के उपरांत भी आवासीय पट्टा प्राप्‍त न होने के क्‍या कारण है? पटवारी हल्‍कावार विवरण देवें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। एकत्रित जानकारी अनुसार कुल 5723 हितग्राहियों को पट्टा वितरण किया गया है। (ख) जी हाँ। तहसील चितरंगी में पात्रता अनुसार 5723 भूमिहीन व्‍यक्तियों को पट्टा वितरण कराया गया है। प्रश्‍नाधीन ग्राम नेशनल हाईवे रोड के 01 कि.मी. की परिधि में तथा नगर निगम क्षेत्र से 15 कि.मी. की परिधि में आते है। ऐसे ग्रामों की भूमि का पट्टा देने का दखल रहित अधिनियम में प्रावधान नहीं है।

गैस प्रभाव से विद्युत मंडल की मशीनों/उपकरणों का नुकसान

[पर्यावरण]

8. ( क्र. 256 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा जिला उज्‍जैन में विद्युत मंडल के अधिकारियों ने आरोप लगाया है, कि उद्योगों की खतरनाक गैसों के कारण विद्युत मशीनें व तार एवं लौह उपकरण सड़ जाते है, कारणवश विभाग को करोडों रूपयों का नुकसान हो रहा है? (ख) यदि यह सत्‍य है, तो वायु प्रदूषण के संबंध में प्रदूषण मण्‍डल द्वारा दी गई रिपोर्ट का आधार क्‍या है? क्‍या विभाग उद्योगों के दबाव में उक्‍त रिपोर्टस बनाता है। (ग) यदि नहीं, तो क्‍या पृथक एजेंसी से निष्‍पक्ष जाँच करायी जाएगी?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी नहीं। (ख) जी नहीं। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वायु मापन वैज्ञानिकी/तकनीकी आधार पर किया जाता है, उद्योगों द्वारा वायु प्रदूषण स्त्रोतों पर प्रदूषणरोधी उपकरण स्थापित किये गये है तथा मॉनिटरिंग परिणाम सामान्यतः निर्धारित मानकों में पाये जाते है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शेष बचे मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित करना

[राजस्व]

9. ( क्र. 415 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र क्रमांक 14 ग्‍वालियर ग्रामीण अंतर्गत आने वाले 22 मजरों को वर्तमान जनसंख्‍या के आधार पर राजस्‍व ग्राम घोषित किये जाने हेतु प्रस्‍ताव कलेक्‍टर जिला ग्‍वालियर को प्रेषित किये गये थे? (ख) क्‍या विधान सभा प्रश्‍न क्र. 2452 दिनांक 29/07/15 के परिप्रेक्ष्‍य में म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता धारा 73 के तहत विधान सभा क्षेत्र के 12 मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित किया गया है? (ग) यदि हाँ, तो शेष वंचित 10 मजरों को राजस्‍व ग्राम कब तक घोषित किया जावेगा? समय-सीमा बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) कुल 12 ग्रामों के 12 मजरा टोला को जनसंख्या के आधार पर चिन्हित किया जाकर राजस्व ग्राम घोषित किया गया है। (ख) जी हाँ। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

गिरते भूजल स्‍तर को ठीक करने कार्य योजना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

10. ( क्र. 421 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) ग्‍वालियर जिले के विकासखण्‍ड मुरार, बरई, ड‍बरा का भूजल स्‍तर की क्‍या स्थिति थी तथा वर्तमान में इन विकासखण्‍डों की भूजल स्‍तर की क्‍या स्थिति है? (ख) क्‍या गिरते भूजल स्‍तर को ठीक करने के लिये शासन ने कोई योजना बनाई है अथवा नहीं, यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) इन विकासखण्‍डों में पेयजल संकट से निपटने के लिये विभाग की क्‍या तैयारी है?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) विकासखण्ड मुरार, बरई एवं डबरा में (फरवरी 2016) ओसत भूजल स्तर क्रमशः 33, 35 एवं 14 मीटर था तथा वर्तमान में (फरवरी 2017) यह क्रमशः 34.5, 37 एवं 15 मीटर है। (ख) जी हाँ, भू-जल पुनर्भरण एवं जल संवर्धन कार्यक्रम अंतर्गत विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया जाता है। (ग) ग्वालियर जिले में संभावित पेयजल समस्या के निराकरण हेतु कार्य योजना बनाई है जिसके अंतर्गत राईजर पाईप बढ़ाना, नये नलकूप खनन एवं सिंगलफेस पंप लगाने का प्रावधान है।

शासकीय भूमियों में पुस्‍तैनी आबाद व्‍यक्तियों को भू-अधिकार प्रमाण पत्र दिये जाने

[राजस्व]

11. ( क्र. 630 ) श्री गिरीश गौतम : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले के मऊंगज तहसील अंतर्गत पटवारी हल्‍का एवं ग्राम सीतापुर के पठारी टोला में पुस्‍तैनी आबाद आदिवासियों द्वारा उन्‍हें भू-अधिकार प्रमाण-पत्र दिये जाने का आवेदन-पत्र तहसीलदार मऊगंज के यहां दिया गया है? यदि हाँ, तो किस आराजी नम्‍बर के लिए तथा कितने आवेदकों द्वारा तथा आवेदन कब दिया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित आवेदन पत्रों का निराकरण अभी तक क्‍यों नहीं किया गया? कब तक निराकरण कर दिया जायेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जीं हा। तहसील मऊगंज के अंतर्गत पटवारी हल्‍का एवं ग्राम सीतापुर को भूमि खसरा क्रमाक 11 में भू-अधिकार प्रमाण पत्र हेतु कुल-16 व्‍यक्तियों द्वारा वर्ष 2016 में आवेदन दिया गया। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित भूमि राजस्‍व अभिलेख में नाला दर्ज है, नाले की भूमि पर भू-अधिकार प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने का प्रावधान नहीं होने से सभी आवेदन निरस्‍त किये गये है।

कूटरचित दस्तावेज़ के दोषियों पर कार्यवाही

[राजस्व]

12. ( क्र. 762 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सतना जिले की तहसील रघुराजनगर के अंतर्गत पटवारी हल्का सिजहटा के मौजा सोनौरा की शासकीय आराजी क्र.44,309,329/342,37,38,135,89,104 एवं 131 जो 16 कृषकों के नाम कूटरचित दस्तावेज़ तैयार कर राजस्व विभाग के अधिकारी, पटवारी एवं भू-माफियाओं ने खुर्दबुर्द कर दी है जो कृषक क्रमशः बद्रीप्रसाद ब्राम्हण, सीताराम विश्वकर्मा, रामनारायण विश्वकर्मा, ईश्वरप्रताप सिंह, गोरेलाल रैकवार, लक्ष्मीनारायण ब्राम्हण, रामनरेश ब्राम्हण, रामकृपाल ब्राम्हण, रामशिरोमणि निवासी नई बस्ती कृपालपुर सभी काल्पनिक नाम हैं जिसका स्थल पंचनामा राजस्व विभाग द्वारा 12/03/16 को किया जा चुका है? शेष सात कृषक क्रमशः छोटेलालचमार, त्रिवेणीप्रसाद ब्राम्हण, हीरालाल गौतम, विद्यासागर तिवारी, सहेंद्रसिंह, रामलखन, बाबूलाल के नाम कर दी गई है? (ख) उक्त आराजियों को खुर्दबुर्द करने के संबंध में थाना कोलगवां में अपराध क्र.168/16 धारा 420,467,468-34 का मुकदमा दर्ज है जिसमे फर्जी बद्रीप्रसाद ब्राम्हण एवं प्रथम रजिस्ट्री कराने वाले लक्ष्मणसिंह की गिरफ़्तारी हो चुकी है, क्या इस संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक सतना ने पत्र क्र.3958 दिनांक 01/12/16 द्वारा एस.डी.एम. रघुराजनगर से जानकारी मांगी थी जिसका जवाब किन-किन दिनांकों को दिया गया है? (ग) क्या उक्त आराजी का जाँच प्रतिवेदन क्रमशः10/03/16,19/03/16 को तहसील रघुराजनगर कार्यालय में जमा कर दिया गया है जिस प्रतिवेदन में स्पष्ट है कि कूटरचित ढंग से फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय को गुमराह कर फर्जीवाड़ा किया गया है? (घ) क्या फर्जीवाड़े में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की जाँच प्रतिवेदन में अनुशंसा की गई है? यदि हाँ, तो दोषियों के विरुद्ध अब तक कार्यवाही क्यों नहीं की गई है? विलंब के कारण सहित बताएँ?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नदी नालों के किनारों की फसल नुकसानी

[राजस्व]

13. ( क्र. 766 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मंत्री महोदय इस तथ्‍य से अवगत है कि प्रदेश में लगभग तीन लाख एकड़ कृषि भूमि नदी व नालों के किनारों से सटी होने के कारण किसानों की अधिकांश खरीफ फसल नदी नालों में आने वाली बाढ़ से प्रति‍वर्ष नष्‍ट हो जाती है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उन्‍हें फसल नुकसानी का मुआवजा व राहत राशि प्रदान करने हेतु आदेश करेगा? (ख) क्‍या शासन के पास इस प्रकार से हर वर्ष हो रही क्षति को रोकने अथवा बचाव करने संबंधी कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्‍या?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी नहीं। यह सही नहीं है कि प्रदेश में लगभग 3 लाख एकड़ कृषि भूमि नदी व नालों के किनारों से सटी होने के कारण किसानों की अधिकांश खरीफ फसल नदी-नालों में आने वाली बाढ़ से प्रति वर्ष नष्‍ट हो जाती है। अतिवर्षा/बाढ़ से फसल क्षति होने पर आर.बी.सी 6-4 में राहत राशि दिये जाने का प्रावधान है। प्रदेश के किसी भी जिले से ऐसी क्षति की जानकारी एवं मांग प्राप्‍त होने पर राहत राशि प्रदान की जाती है। (ख) जी नहीं।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की योजनाएं

[विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी]

14. ( क्र. 895 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की कौन-कौन सी योजनाएं किस-किस नाम से संचालित हैं? (ख) सोनकच्‍छ नगर व देवास जिले में कौन-कौन सी व किस-किस नाम से योजनाएं संचालित हैं? (ग) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की कोई सुविधा या योजना प्रस्‍तावित है?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक F-A-1-7/2014/एक (1) दिनांक 28-7-2014 द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का विलय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में किया गया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अन्‍तर्गत कार्यरत निम्‍नलिखित संस्‍थान/निगम द्वारा विभाग की निम्‍नानुसार योजनाएं संचालित की जा रही है :-मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम- निगम द्वारा निम्न परियोजनाए संचालित की जा रही है :-- (1) आई.टी. अधोसंरचना संबंधी विकास जिसमें स्टेट डाटा सेंटर (SDC), स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (SWAN) की स्थापना एवं इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर एवं भोपाल में आई.टी.पार्क की स्थापना संबंधी कार्य। (2) आई.टी.प्रमोशन, संबंधी कार्य एवं प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी निवेश संबंधी कार्य। (3) प्रदेश में आधार पंजीयन संबंधी कार्य। मैप-आईटी द्वारा निम्‍न योजनाएं संचालित है :- ई-दक्ष, ई-शक्ति, म.प्र. स्‍टेट स्‍पेशियल डाटा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर एम.पी मोबाइल, ई-साइन वर्चुअल आईटी कैडर एवं डिजिटल लाकर। म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा विभिन्‍न योजनाएं जिसमें मुख्य रूप से अनुसंधान योजना तथा विकासीय गतिविधियों, जियोसाइंस एवं जियाइन्‍फार्मेटिक्‍स, विज्ञान का लोकव्‍यापीकरण एवं विज्ञान के प्रचार-प्रसार, सामाजिक आर्थिक विकास के लिये विज्ञान, सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र, पेटेन्ट सूचना केन्द्र, जैव प्रौद्योगिकी उपयोग केन्द्र, मिशन एक्सीलेंस, ग्रामीण तकनीक प्रयोग केन्‍द्र, एटलस परियोजना तथा जलवायु परिवर्तन शोध केन्द्र के अंतर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधी कार्य किये जाते है। जैव प्रौद्योगिकी परिषद् - परिषद् को राज्य की जैव प्रौद्योगिकी नीति के क्रियान्वयन का दायित्व भी सौंपा गया है। परिषद् निम्‍न मुख्‍य उद्देश्‍य के साथ कार्यरत है:- जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों एवं स्थानीय समुदायों के माध्यम से जैव प्रौद्योगिकी तकनीकों के प्रयोगों तथा शोध को प्रोत्साहन देने के लिये शासकीय विभागों/संस्‍थाओं को सहायता प्रदान करना तथा जैव प्रोद्योगिकी क्षेत्र में शिक्षा के विकास को प्रोत्साहित करना। (ख) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अन्‍तर्गत कार्यरत संस्‍थान/निगम द्वारा सोनकच्‍छ नगर व देवास जिले में निम्‍नानुसार योजनाएं संचालित की जा रही है :- मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम की सोनकच्छ नगर व देवास जिले में निम्न परियोजनाएं संचालित की जा रही है :-- (1) स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (SWAN) (2) आधार पंजीयन (3) अतिरिक्त वीडियो कांफ्रेंसिंग रूम की स्थापना (4) क्षेत्रीय क्षमता निर्माण केंद्र (R.C.B.C.) की स्थापना। मैप आईटी द्वारा देवास जिले में ई-दक्ष योजना का संचालन एवं जिला ई-गवर्नेन्‍स सोसायटी को सहयोग प्रदान किया जाता है। सोनकच्छ में पृथक से कोई योजना संचालित नहीं है। उपरोक्‍त दोनों परियोजना का लाभ प्रदान किया जाता है। म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा सोनकच्‍छ एवं देवास जिले में निम्‍न योजनाएं/ कार्यक्रम संचालित है:- प्रतिभा सम्‍मान समारोह, राष्‍ट्रीय विज्ञान दिवस, अंतर्राष्‍ट्रीय दिवस, अंतर्राष्‍ट्रीय गणित ओलम्पियाड, नवाचारी विज्ञान शिक्षक पुरस्‍कार, कनिष्‍ठ एवं वरिष्‍ठ विज्ञान ओलम्पियाड, पश्चिम भारत विज्ञान मेला, राष्‍ट्रीय विज्ञान सेमीनार, खगोलीय विज्ञान उत्‍सव, टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम, सेमीनार, सिम्‍पोजिया एवं वर्कशाप, अंतर्राष्‍ट्रीय यात्रा अनुदान, युवा वैज्ञानिकों हेतु छात्रवृत्ति, भूसंसाधन प्रभाग के अंतर्गत भूक्षरण मानचित्रण एवं मरूस्‍थलीकरण स्थिति मानचित्रण द्वितीय चरण तथा राष्‍ट्रीय भू-आकर्तिक एवं मानचित्रण, जल संसाधन प्रभाग के अंतर्गत राजीव गांधी भूजल गुणवत्‍ता एवं राजीव गांधी राष्‍ट्रीय पेय जल मिशन चतुर्थ चरण, फसल परियोजना के अंर्तगत गेहूँ फसल क्षेत्र का आंकलन योजनायें संचालित है। (ग) उत्‍तरांश '''' अनुसार।

आपराधिक प्रकरणों में कार्यवाही

[गृह]

15. ( क्र. 1247 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्री संजीव सिंह कुशवाह उर्फ संजू सिंह पुत्र रामलखन सिंह कुशवाह और डॉ. रामलखन सिंह कुशवाह ग्राम मधुपुरा जिला भिण्‍ड हॉल ग्‍वालियर पर भिण्‍ड ग्‍वालियर और दतिया में कौन-कौन से अपराध पंजीबद्ध है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत कब अपराध पंजीबद्ध किए गए? किसके द्वारा विवेचना की जा रही है? प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के अंतर्गत किन प्रकरणों में कब जमानत मिली है, कौन से प्रकरण न्‍यायालय में विचाराधीन हैं? प्रश्‍नांश दिनां‍क तक क्‍या स्थिति है? छायाप्रति सहित जानकारी दें? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) अंतर्गत विभाग कार्यवाही नहीं कर रहा है? अभी तक प्रकरण में कार्यवाही विचारणीय क्‍यों है? इसके लिये कौन दोषी है? उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) से (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थिति नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

प्रतिभूति (गारंटी) वापस करना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

16. ( क्र. 1248 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) भिण्‍ड जिले अंतर्गत लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकीय विभाग भिण्‍ड द्वारा संविदाकार से कार्य के लिए प्रतिभूति (गारंटी) (एफ.डी) दिनांक 01/01/2014 से प्रश्‍नांश दिनांक तक किस अनुबंधकार से कब जमा कराई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत अनुबंधकार द्वारा कब कार्य पूर्ण किय गया? किस स्‍तर के अधिकारी द्वारा एम.बी पर दर्ज किया गया? प्रश्‍नांश दिनांक को कार्य की स्थिति क्‍या है? (ग) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत अनुबंधकार से प्रतिभूति जमा करने, वापस करने का क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किया गया है? (घ) क्‍या वर्ष 2016 में कार्य पूर्ण न होने के उपरांत प्रतिभूमि वापस कर दी गई? यदि हाँ, तो क्‍यों? इसके लिए कौन उत्‍तरदायी है? शासकीय क्षति कितनी हुई? अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) म.प्र. कार्य विभाग नियमावली में निहित प्रावधानों के अनुसार अनुबंधकार से प्रतिभूति अनुबंध करने के पूर्व जमा करने एवं कार्य पूर्ण होने के 12 माह पश्चात् वापस करने का प्रावधान है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्नांश उपस्थित नहीं होता।

प्रदूषण रोकने बावत्

[पर्यावरण]

17. ( क्र. 1290 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिंगरौली जिले के विधानसभा क्षेत्र चितरंगी के अंतर्गत गोरबी में संचालित कोयले की खदान से कोयला निकाल कर चौड़ि‍या बाजार में कोयला यार्ड बनाकर लोडिंग की जाती है? क्‍या कोयले के प्रदूषण से वहा के निवासियों का जीना मुश्किल हो रहा है वहां प्रदूषण रोकने के लिए शासन क्‍या उपाय करेगा? क्‍या जब तक उपाय नहीं होता तब तक कोयला लोडिंग यार्ड को बंद किया जावेगा? (ख) क्‍या कटनी जिले के माधवनगर में राइस मिल एवं दाल मिलों द्वारा भारी मात्रा में प्रदूषण फैल रहा है, नगर निगम सीमा के बाहर लाल ईट भट्टे चल रहे हैं, बरही बडवारा में स्‍टोन क्रेशर चल रहे हैं जिससे उस क्षेत्र के निवासियों का जीना मुश्किल है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रदूषण रोकने की कार्यवाही करते हुए दोषियों को निलंबित करने की क्‍या कार्यवाही शासन करेगी यदि हाँ, तो कब तक?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। भारत सरकार का उपक्रम गोरवी ब्लॉक-बी कोयला खदान में कोल परिवहन से उत्सर्जित धूलकणों के नियंत्रण हेतु जल छिड़काव किया जाता है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहीं। नगर निगम सीमा के बाहर 12 लाल ईट भट्टे मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सम्मति के बगैर संचालित होने से उक्त सभी के विरूद्ध न्यायालयीन वाद दायर किये गये है। बरही एवं बड़वारा तहसील में संचालित स्टोन क्रेशरों में वायु प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) प्रश्नांश एवं के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

[राजस्व]

18. ( क्र. 1349 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भिण्‍ड जिले के मालनपुर में सर्वे क्रमांक 506 पहाड़ पर श्री महेन्‍द्र जाटव एवं अन्‍य लोगों द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किये जाने के संबंध में कलेक्‍टर, भिण्‍ड को श्री राघवेन्‍द्र शर्मा एवं अन्‍य के संयुक्‍त हस्‍ताक्षरयुक्‍त आवेदन पत्र दिनांक 17.01.2016 को दिया था जिसे कलेक्‍टर, भिण्‍ड द्वारा दिनांक 20.01.2016 को टी.एल. मीटिंग में प्रकरण क्रमांक के-267204 सुनवाई हेतु रखा गया था? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त प्रकरण की जाँच क्‍या समय-सीमा में पूर्ण कर ली गई एवं जाँच निष्‍कर्षों के आधार पर प्रकरण में क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या राजस्‍व निरीक्षक वृत्‍त एडौंरी तहसील गोहद, जिला भिण्‍ड द्वारा नायब तहसीलदार एडौंरी को दिये गये अपने जाँच प्रतिवेदन में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण होने की पुष्टि की है? यदि हाँ, तो शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने हेतु क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

गौवंश की हत्‍या एवं अवैध परिवहन पर रोक

[पशुपालन]

19. ( क्र. 1453 ) श्री प्रताप सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन ने गौवंश की हत्‍या और अवैध परिवहन पर प्रतिबंध लगाने हेतु क्‍या कानून/नियम बनाये हैं? (ख) सागर संभाग में गौवंश की हत्‍या और अवैध परिवहन से संबंधित कितने प्रकरण पंजीबद्ध किये गये? गौ मांस की तस्‍करी करने से संबंधित कितने प्रकरणों में कितने व्‍यक्तियों को पकड़ा गया तथा उनके पास से कितनी मात्रा में मांस पकड़ा गया? इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक की वर्षवार व जिलावार जानकारी बतलावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में गौवंश का अवैध रूप से परिवहन करने से संबंधित कितने प्रकरण पंजीबद्ध किये गये तथा कितने पशुओं को पकड़ा गया? इनमें से कितने दोषी व्‍यक्तियों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई तथा प्रकरणों में पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज करवायी गई? जिलावार व प्रकरणवार जानकारी देवें।

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) प्रदेश में वर्तमान में गौवंश वध प्रतिशेध अधि‍नियम 2004 (संशोधि‍त) अधि‍नियम 2010 प्रभावशील है। (ख) गौवंश की हत्या एवं अवैध परिवहन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार, गौमांस से संबंधि‍त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार

भू-जल स्तर गिरने से डेन्जर जोन घोषित करना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

20. ( क्र. 1576 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र (नागदा खाचरोद) का जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, क्षेत्र के कई ग्रामों में ट्युबवेल खनन करने पर 1000 फिट की गहराई तक भी पानी उपलब्ध नहीं हो रहा हैं। क्या क्षेत्र को भू-जल स्तर के मामले में डेन्जर जोन घोषित किया गया है? (ख) यदि नहीं, किया गया है तो कब तक सम्मिलित कर लिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। भूजल स्तर के मामले में इसे सेमी क्रिटिकल ब्लॉक घोषित किया गया है। (ख) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

आई.टी.आई. भवन की स्वीकृति

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

21. ( क्र. 1579 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा शहर में नवीन आई.टी.आई. कक्षाओं का संचालन प्रारम्भ हो गया है, किन्तु इसके लिये विभाग का भवन निर्मित नहीं होने से बच्चों को पढ़ाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्‍या नवीन आई.टी.आई. के भवन की प्रक्रिया किस स्तर पर प्रचलित है? (ख) यदि हाँ, तो नवीन आई.टी.आई. के भवन की स्वीकृति कब तक हो जावेगी?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) एवं (ख) जी नहीं।

नक्शा के विरूद्ध निर्मित बायपास से प्रभावित कृषकों को न्याय

[राजस्व]

22. ( क्र. 1595 ) श्री मोती कश्यप : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कलेक्टर कटनी और तहसीलदार बड़वारा को प्रश्नकर्त्ता ने पत्र दिनांक 9-1-2017 के साथ किसी अभ्यावेदक के राजस्व प्रकरण 2008-2009 द्वारा सीमांकित एवं 2016 तक सर्वमान्य चौहद्दीधारक के किसी पत्र सहित आवेदन अनुसार पुन: सीमांकन किये जाने से किन्हीं कृषकों के रकबे प्रभावित होने का लेख किया है। (ख) क्या किसी बायपास के नक्शे में प्रश्नांश (क) अनावेदक की चौहद्दी की राजस्व व लगानी भूमि में निर्माण प्रस्तावित होने के विरूद्ध किन खसरे व रकबे की भूमि में दिशा परिवर्तित बायपास से किनके खसरे रकबे प्रभावित हुए हैं? (ग) क्या प्रश्नांश (क) के अनावेदक द्वारा 2008-2009 के सीमांकन पर वर्ष 2016 तक आपत्ति न की जाना उसे मान्य किया जाना सिद्ध नहीं करता है। (घ) क्या परिवर्तित दिशा में निर्मित बायपास के विरूद्ध आपत्ति न लगाने और दावा न करने के लिये अनावेदक स्वयं जिम्मेदार नहीं है? (ड.) क्या विभाग बायपास के नक्शे में प्रभावित और निर्मित भौतिक स्थिति पर बायपास के प्रारंभ से अंत तक का सीमांकन कराकर कृषकों को प्रभावित होने, विवादों से बचाने और निर्माण एजेन्सी से मुआवजा दिलाने और न्याय प्रदान करने का निर्देश देगा।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) उपलब्ध जानकारी अनुसार पूर्व स्वीकृत एकरेखण के विरूद्ध निर्माण कार्य नहीं किया गया है। (ग) जी हाँ। (घ) लागू नहीं है। (ड.) उपलब्ध जानकारी अनुसार पूर्व स्वीकृत एकरेखण पर ही बायापास का निर्माण किया गया है।

आबादी नजूल भूमि वारासिवनी शहर के प्रकरणों का निराकरण

[राजस्व]

23. ( क्र. 1600 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के वारासिवनी शहर में नामांतरण, कर निर्धारण, भू-भाटक नवीनीकरण के संबंध में म.प्र.शासन एवं कलेक्‍टर से प्राप्‍त दिशा-निर्देशन/आदेश के पत्रों की तथा अधिनियम की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें आबादी नजूल भूमि नामांतरण भू-भाटक निर्धारण हेतु अप्रैल २०१४ से नवम्‍बर २०१६ तक कुल कितने आवेदन प्राप्‍त हुये? नस्‍ती क्रमांक सहित सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) आबादी नजूल भूमि वारासिवनी शहर में वर्ष ७५-७६ के जाँच सर्वे से लेकर वर्तमान तक कितने प्रकरणों के निराकरण नजूल अधिकारियों के द्वारा किये गये तथा कितने प्रकरण अनिर्णित लंबित विचाराधीन हैं, किन कारणों से हैं, सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) आबादी नजूल भूमि वारासिवनी शहर में नजूल जाँच भूमि सर्वे ७५-७६ से वर्तमान तक कितने भू-धारकों को पट्टा प्रदान किया गया? शेष कितने प्रकरण पट्टे की कार्यवाही के लिए लंबित हैं? सूची उपलब्‍ध करावें? (घ) नजूल आबादी, नगरीय क्षेत्र वार‍सिवनी भूमि के जाँच के वर्गीकरण के तहत कब्‍जेदार (भू-धारक) की भूमि के स्‍थानांतरण, नामांतरण एवं भू-भाटक के प्रकरणों में म.प्र. भू-राजस्‍व संहिता १९५९ के तहत कर निर्धारण एवं शमन शुल्‍क लागू होता है, या नहीं? और यदि लागू होता हैं, तब म.प्र. शासन एवं कलेक्‍टर से प्राप्‍त दिशा/निर्देशों एवं आदेश के पत्रों की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पंजीबद्ध अपराध में आरोपियों की गिरफ्तारी

[गृह]

24. ( क्र. 1604 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के बैहर तहसील अंतर्गत प्रार्थी सुरेश यादव जिला प्रचारक की शिकायत पर किन-किन धाराओं के अंतर्गत कितने लोगों पर अपराध पंजीबद्ध किया गया? क्‍या प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध करते समय अभियुक्‍तगण थाना परिसर में उपस्थि‍त थे या नहीं? (ख) अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत आज दिनांक तक कितने अपराधियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी है एवं कितने आरोपी अभी तक फरार हैं? (ग) आरोपियों की गिरफ्तारियों को लेकर पुलिस द्वारा किन-किन जगहों पर कब-कब सर्च वारंट के साथ छापेमारी की गई एवं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्‍या-क्‍या संभव प्रयास किये गये? (घ) पंजीबद्ध अपराध में सूचीबद्ध आरोपियों के पास क्‍या शासन द्वारा प्रदाय कोई भी सर्विस रिवाल्‍वर थे, हाँ या नहीं और यदि थे तो निलंबन के उपरांत वे सर्विस रिवाल्‍वर कहाँ हैं? (ड.) अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत किन-किन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया एवं निलंबन उपरांत अगर पुलिसकर्मियों द्वारा सर्विस रिवाल्‍वर पुन: पुलिस विभाग में जमा किये गये तो निलंबन उपरांत पंजीबद्ध आरोपियों को सर्विस रिवाल्‍वर जमा करते वक्‍त गिरफ्तार क्‍यों नहीं किया गया? (च) अरोपी पुलिसकर्मियों द्वारा अपने फरारीकाल के दौरान कितनी बार अग्रिम जमानत हेतु किस-किस न्‍यायालय में आवेदन किये गये?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जिला प्रचारक सुरेश यादव की शिकायत पर थाना बैहर में दिनांक 26.09.2016 को (1) तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैहर राजेश शर्मा (2) तत्कालीन निरीक्षक जियाउल हक (3) तत्कालीन उप निरीक्षक अनिल अजमेरिया (4) तत्कालीन स.उ.नि. सुरेश विजयवार व अन्य उईके एवं पन्द्रे एस.ए.एफ. वाला के विरुद्ध पुलिस थाना बैहर जिला बालाघाट में अपराध क्रमांक 202/2016 धारा 294, 323, 506, 452, 392, 307, भा.द.वि. पंजीबद्ध किया गया। उक्त अपराध कायम करते समय आरोपी थाना परिसर में उपस्थित नहीं थे। (ख) प्रकरण की विवेचना विशेष अनुसंधान दल द्वारा की जा रही है। विवेचना में प्राप्त साक्ष्य के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। (ग) विवेचना में प्राप्त साक्ष्य के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। (घ) जी नहीं। (ड.) अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत निम्न पुलिस अधिकारी/कर्मचारी (1) तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैहर राजेश शर्मा को दिनांक 28.09.2016 (2) तत्कालीन निरीक्षक जियाउल हक (3) तत्कालीन उप निरीक्षक अनिल अजमेरिया (4) तत्कालीन स.उ.नि. सुरेश विजयवार को दिनांक 26.09.16 (5) तत्कालीन आरक्षक कुंजबिहारी शर्मा क्रमांक 1225 (6) तत्कालीन चालक आरक्षक अभय सिंह क्रमांक 858 (7) एस.ए.एफ. आरक्षक धनेन्द्र टेम्भरे क्रमांक 382 को दिनांक 28.09.2016 को निलंबित किया गया। शेष जानकारी प्रश्नांश के उत्तर में समाहित है। (च) विस्तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार

परिशिष्ट - ''तीन''

शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करना

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

25. ( क्र. 1616 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विकासखण्‍ड जीरापुर में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थान नहीं होने से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को विकासखण्‍ड में संचालित अशासकीय आई.टी.आई. पर आश्रित होना पड़ता है? यदि हाँ, तो क्‍या अशासकीय आई.टी.आई. में व्‍यवसायवार सीमित सीट होने एवं गरीब परिवार के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं द्वारा प्राईवेट आई.टी.आई. का शुल्‍क वहन न कर पाने के कारण कौशल विकास शिक्षा एवं प्रशिक्षण से निरंतर वंचित होना पड़ रहा है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा उक्‍त संबंध में माननीय मुख्‍यमंत्री जी, माननीय विभागीय मंत्री जी सहित वरिष्‍ठ अधिकारियों से जीरापुर विकासखण्‍ड में शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करने हेतु अनेकों बार आग्रह किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या विभाग द्वारा इस संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासन उपरोक्‍तानुसार गरीब एवं मध्‍यम वर्ग के छात्र-छात्राओं के भविष्‍य को ध्‍यान में रखते हुये शासकीय आई.टी.आई. प्रारंभ करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी नहीं। प्रदेश में 218 शासकीय आई.टी.आई. संचालित है (जिनमें 14 आई.टी.आई. केवल महिलाओं के लिये है) जिनमें इस क्षेत्र के युवा प्रशिक्षण प्राप्‍त कर सकते है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। विभागीय नीति अनुसार अनसर्विस्‍ड ब्‍लॉक में आई.टी.आई. खोली जाना है। (ग) '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ग्रामों में नल-जल योजना के तहत जल प्रदाय

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

26. ( क्र. 1666 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सतना विधान सभा क्षेत्र अन्‍तर्गत कितने ग्रामों में नल-जल योजना के तहत पेयजल उपलब्‍ध कराया जा रहा है? (ख) शेष ग्राम पंचायतों में कब तक नल-जल योजना स्‍वीकृत कर दी जायेगी? (ग) किन-किन ग्राम पंचायतों में नल-जल योजना बंद पड़ी है उसका क्‍या कारण है? कब तक चालू कर ली जायेगी? (घ) बंद पड़ी नल-जल योजनाओं के लिये कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? विभाग दोषियों पर कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) 17 ग्रामों में। (ख) वर्तमान में नवीन नल-जल योजनाओं की स्वीकृति पर प्रतिबंध है। समय-सीमा नहीं बताई जा सकती है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। जून 2017 तक अधिक से अधिक बंद नल-जल योजनाओं को नल से जल, आज और कल कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग चालू करवाने हेतु प्रयासरत है, परन्तु निश्चित तिथी बताना संभव नहीं है। (घ) बंद पडी हस्तांतरित योजनाओं को चालू रखने का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायतों का है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''चार''

नामां‍तरण एवं सीमांकन हेतु पंजीकृत प्रकरण

[राजस्व]

27. ( क्र. 1667 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सतना अंतर्गत तहसील रघुराजनगर में वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रकरण, बंटवारा, नामांतरण एवं सीमांकन हेतु पंजीकृत हैं। पंजीकृत कितने प्रकरणों का निराकरण हो चुका है और कितने प्रकरण प्रश्‍न दिनांक तक लंबित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में लंबित प्रकरणों के लिये कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी है? (ग) आयुक्‍त रीवा संभाग ने लंबित प्रकरणों के संबंध में कब-कब निर्देश दिये? निर्देश की प्रतियां दें? विलंब के लिए दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर शासन कब तक अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

डूब क्षेत्र के कृषकों को पट्टों का आवंटन बाबत्

[राजस्व]

28. ( क्र. 1687 ) श्री कैलाश चावला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर राजस्‍व मंत्री मध्‍य प्रदेश शासन द्वारा आयुक्‍त उज्‍जैन संभाग को मनासा विधानसभा क्षेत्र के ऐसे कृषक, जो डूब से आए हैं, जिनका लगभग 30-40 वर्षों से शासकीय भूमि पर कब्‍जा है व उक्‍त भूमि को विकसित कर कुएं खोद कर विद्युत कनेक्‍शन कराकर कृषि कार्य कर रहे हैं, इनका सर्वे कराकर पट्टों के आवंटन की कार्यवाही हेतु पत्र किस दिनांक को भेजा गया था? (ख) आयुक्‍त द्वारा उक्‍त पत्र के प्रकाश में जाँच के आदेश किस दिनांक को व किस अधिकारी को दिए गए थे। जाँच अधिकारी द्वारा उक्‍त प्रार्थना पत्र में उल्‍लेखित कृषकों की जाँच में अभी तक क्‍या कार्यवाही की है।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

भूमि बेनामी नाम से/अन्‍य आदिवासियों के नाम से खरीदी

[राजस्व]

29. ( क्र. 1724 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोक नगर शहर के पास क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने जिलाधीश को 02 रजिस्ट्रियों की शिकायत की है जो आदिवासियों द्वारा अन्‍य आदिवासियों के नाम की गई है? क्‍या उसकी जाँच एस.डी.ओ. ने कर रजिस्‍ट्री निरस्‍त कर दी? (ख) क्‍या इन रजिस्ट्रियों पर अजय नाम के व्‍यक्ति के गवाह के रूप में दस्‍तखत है तथा उनसे पूछताछ भी की गई कि उनके द्वारा अन्‍य ऐसी कितनी भूमि अमरोद भूरी या आसपास के गाँवों में आदिवासियों से आदिवासियों के नाम पर खरीदी है? (ग) अशोक नगर शहर के आसपास मोहरी आदि गांव में तथा प्रस्‍तावित नवीन मंडी और अमरोद के आसपास इन गाँवों में कितनी आदिवासी जनसंख्‍या है तथा उनमें कितने लोगों की भूमि बेनामी नाम से अन्‍य आदिवासियों के नाम से खरीदी गई? मा. मुख्‍यमंत्री एवं राजस्‍व मंत्री की बेनामी सम्‍मपत्तियों को खरीदने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करने की घोषणा के अनुक्रम में इन पर क्‍या कार्यवाही की जाएगी
राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।


राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 03 हेतु भू-स्वामियों को भू-अर्जन का मुआवजा वितरण

[राजस्व]

30. ( क्र. 1847 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला राजगढ़ के अनुविभाग सारंगपुर अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 03 के उन्‍नयन हेतु किन-किन भूमि स्वामी से भू-अर्जन करना शेष है? (ख) अनुविभाग सारंगपुर अंतर्गत ऐसी कितनी भूमि है जिनका अधिग्रहणकर मुआवजा दिया गया है, परन्तु राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 03 में उपयोग नहीं होना है? सर्वे नं., रकबा, स्थान के विस्तृत ब्यौरे से अवगत करावे एवं भूमि अधिगृहण करने की क्यों आवश्‍यकता पड़ी? (ग) शासकीय भूमि पर मकान/दुकान स्वामी को किन-किन को मुआवजा दिया जाना शेष है? (घ) क्या ऐसे भू-स्वामी भी हैं जिनका राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 03 में भूमि अधिग्रहण का दैनिक पेपर में प्रकाशन किया जाना शेष है? यदि हाँ, तो उक्त भू अर्जन हेतु दैनिक पेपर में प्रकाशन कब तक किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

जिला जबलपुर की नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाना

[पर्यावरण]

31. ( क्र. 1863 ) श्री मोती कश्यप : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला जबलपुर की सीमा में बहने वाली नर्मदा नदी, हिरननदी, परियट और गौर नदी की दूरी कितने किलोमीटर है और कौन किस नदी से मिलती है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) नदियों का जल किन्हीं अवधियों में पेय योग्य रहा है? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) नदियों में किन कारणों से आज दिनांक तक कितना प्रदूषण बढ़ा है और उनका जल कहां-कहां पेय और स्पर्श योग्य नहीं रह गया है? (घ) क्या विभाग द्वारा प्रश्नांश (क) नदियों को प्रदूषण से मुक्‍त किये जाने के कोई ठोस प्रयास किये गये हैं? (ड.) प्रश्नांश (क) के जल को किस विधि कब तक पेय योग्य बना दिया जावेगा?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जबलपुर जिले की सीमा में नर्मदा नदी लगभग 70 कि.मी.,हिरन नदी लगभग 205 कि. मी.,परियट नदी लगभग 88 कि.मी. एवं गौर नदी लगभग 59 कि.मी. तक बहती है। परियट नदी हिरन नदी में तथा हिरन नदी एवं गौर नदी नर्मदा नदी में मिलती है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ड.) मध्यप्रदेश शासन द्वारा डेयरियों से प्रदूषण के नियंत्रण हेतु व्यावसायिक डेयरी प्रक्षेत्र मार्गदर्शी सिद्धांत, 2015 अनुसार डेयरियों के मालिकों को दूषित जल उपचार संयंत्र स्थापित करने हेतु निर्देशित किया गया है। परियट नदी में डेयरी व्यवसाय का अनुपचारित जल एवं गोबर मिलने से प्रदूषण बढ़ा है। मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के अंतर्गत 105 डेयरियों को बंद करने के निर्देश जारी किये जा चुके है तथा 98 डेयरियों के विरूद्ध जिला न्यायालय, जबलपुर में वाद दायर किये गये है। 01 डेयरी द्वारा दूषित जल उपचार संयंत्र (ई.टी.पी.) स्थापित कर लिया है एवं 10 डेयरियों द्वारा निर्माण कार्य जारी है।

परिशिष्ट - ''पाँच''


डी.बी. पावर प्लांट हेतु किसानो की ली गई जमीन के बदले रोजगार उपलब्‍ध कराना

[राजस्व]

32. ( क्र. 1882 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सिंगरोली जिले की तहसील सरई के अंतर्गत गोर्गी निवास में डी.बी. पवार प्लांट द्वारा वर्ष 2010-11 में उद्योग स्थापित करने के लिए किसानों की भूमि जरिये रजिस्ट्री व भू-अर्जन के माध्यम से ली गई थी? यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों के किसानों की भूमि ली गई, ग्रामवार, खसरावार, कृषकवार नाम सहित जानकारी देवें? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर यदि हाँ, तो क्या उक्त भूमि में उद्योग स्थापित किया गया? यदि नहीं, किया गया तो जिन किसानों की भूमि ली गई थी क्या उन्हें वापस की जावेगी जबकि भूमि क्रय किये जाने की अवधी विगत सात वर्ष हो गई है? (ग) क्या म.प्र. शासन द्वारा प्रावधान किया गया है कि यदि क्रय की गई भूमि में पाँच वर्ष के अन्दर उद्योग स्थापित नहीं किया जाता तो उक्त जमीन किसानों को वापस करनी होगी? (घ) क्या जिन किसानों की भूमि क्रय कर ली गई है उनके जीविकोपार्जन का मात्र सहारा उक्त जमीनें थी, जिसे डी.बी. पावर प्लांट द्वारा क्रय की जाकर किसानों को बेसहारा कर दिया गया है? यदि हाँ, तो क्या किसानों को भूमि वापस की जावेगी या उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जावेगा? स्पष्ट विवरण सहित बतावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

श्रमिकों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी

[श्रम]

33. ( क्र. 1891 ) श्री संजय शर्मा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेन्‍दूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत कितने श्रमिकों का रजिस्‍टेशन किया गया है, ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) म. प्र. शासन द्वारा श्रमिकों के कल्‍याण हेतु कौन-कौन सी जनहितैषी योजनायें संचा‍लित है? (ग) तेन्‍दूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2013 - 2014 से प्रश्‍न दिनाँक तक इन योजनाओं से कितने श्रमिक लाभान्वित हुये? ग्रामवार जानकारी प्रदान करें?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत तेन्दूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में कुल 3361 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। जिनमें से 2140 पंजीयन आनलाईन इंद्राज किए जा चुके है। जिसकी ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों हेतु संचालित विभिन्न जनहितैषी योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत तेन्दूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2013-2014 से प्रश्न दिनांक तक कुल 412 निर्माण श्रमिक लाभान्वित हुए। ग्रामवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

कृषि भूमि के पट्टेधारियों को वन विभाग द्वारा बेदखल किया जाना

[राजस्व]

34. ( क्र. 1934 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसीलों में वर्ष 1978-79 एवं 1991 में अलॉटमेंट अधिकारी भू-अभिलेख परिवर्तित भूमि छरतपुर द्वारा कृषि भूमि के पट्टे प्रदाय किये गये थे? (ख) क्‍या वन‍ विभाग द्वारा इन पट्टेधारियों को उनकी भूमि पर से बेदखल किया जा रहा है यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) क्‍या वैध रूप से पट्टाधारी उक्‍त भूमि के भू-स्‍वामी नहीं हो गये है यदि हाँ, तो उन्‍हें बेदखल किये जाने की कार्यवाही अवैधानिक नहीं है। (घ) वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 से प्रश्‍न दिनाँक तक राजस्‍व विभाग में वन विभाग के खिलाफ शिकायती आवेदन देने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है यदि कार्यवाही की गई है तो कार्यवाही का संपूर्ण ब्‍यौरा बतावें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ, अवैधानिक तरीके से बेदखल करने का कोई मामला प्रकाश में आने पर जाँच की जावेगी। (घ) प्रश्‍नाधीन अवधि में कोई शिकायती आवेदन पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ है। अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

श्रमकों का पंजीयन

[श्रम]

35. ( क्र. 1971 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश भवन एवं अन्‍य संनिर्माण कर्मकार मण्‍डल की योजना अन्‍तर्गत हटा विधानसभा क्षेत्र में अब तक कुल कितने श्रमिकों का पंजीयन किया गया है? इनमें से कितनें विगत दो वर्षों में विभाग की विभिन्‍न योजनाओं से लाभान्वित किया गया है? (ख) क्‍या योजना के प्रचार-प्रसार के अभाव में चिकित्‍सा सहायता आवास ऋण सहायता आदि योजनाओं का लाभ श्रमिकों को नहीं मिल पा रहा है? चिकित्‍सा/दुर्घटना चिकित्‍सा सहायता योजना में मापदण्‍डों का विवरण दें? निर्धारित चिकित्‍सालयों की सूची दें? (ग) क्‍या आवास ऋण सहायता योजना में श्रमिक को आवास हेतु ऋण अनुदान दिया जाता है? क्‍या पंजीकृत श्रमिक द्वारा मुख्‍यमंत्री आवास योजना में आवास ऋण लेने पर इस योजनान्‍तर्गत विभाग द्वारा 25 हजार ऋण/ब्‍याज अनुदान हितग्राही को दिया जाएगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) संदर्भित विभाग को विभिन्‍न योजनाओं में सहायता भुगतान के कितने प्रकरण लंबित हैं और क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( श्री ओम प्रकाश धुर्वे ) : (क) म.प्र.भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत हटा विधानसभा क्षेत्र में कुल 6719 निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। विगत दो वर्षों में मंडल की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हटा विधानसभा क्षेत्र में कुल 2844 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। (ख) जी नहीं। चिकित्सा सहायता/दुर्घटना की स्थिति में चिकित्सा सहायता योजना के निर्धारित मापदंडों के विवरण संबंधी (राजपत्र में प्रकाशित) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। राज्य बीमारी सहायता निधि, मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के अंतर्गत मान्यता प्राप्त समस्त चिकित्सालय तथा दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना हेतु शासन द्वारा अधिकृत अस्पतालों से उपचार कराये जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त मंडल द्वारा वर्तमान में अधिमान्य चिकित्सालयों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी नहीं। अनुदान, ऋण के रूप में प्रदान नहीं किया जाता है। म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिक को मुख्यमंत्री भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार आवास (ग्रामीण) योजना के अंतर्गत रूपये 50 हजार एवं मुख्यमंत्री भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार आवास (नगरीय) योजना में रूपये 1 लाख अनुदान के रूप में प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। (घ) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हटा विधानसभा क्षेत्र में भुगतान हेतु वर्तमान में कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है।

हैण्‍डपंप सुधार में ठेकेदार द्वारा लापरवाही

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

36. ( क्र. 1972 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दमोह जिले में हैण्‍डपंप सुधार का ठेका किस कार्य एजेंसी को प्रदाय किया गया था एवं कबआदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या कार्य एजेंसी द्वारा हैण्‍डपंप सुधार बिल्‍कुल नहीं किया जा रहा है? क्षेत्र भ्रमण उपरांत लगातार शिकायतें प्राप्‍त हो रही है, क्‍या उक्‍त ठेका निरस्‍त कर अन्‍य एजेंसी से कार्य कराया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) श्री राम ड्रिलर्स दमोह को दिनांक 23.02.2016 एवं 01.03.2016 को। आदेशों की छायाप्रतियाँ पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2, 3 एवं 4 के अनुसार है। (ख) हैण्डपम्प सुधार किया जा रहा है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

आरक्षित एवं अनारक्षित पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में विसंगति

[गृह]

37. ( क्र. 2058 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग एवं अनारक्षित वर्ग में मूल निवासी होने में विसंगति है, जैसे आरक्षित वर्ग के अभ्‍यार्थियों को मूल निवासी होने की अनिवार्यता एवं अनारक्षित वर्ग में अनिवार्यता नहीं है यह विसंगति क्‍यों है? क्‍या शासन दो वर्गों को समान रखेगा जानकारी दी जावें? (ख) मध्‍यप्रदेश की पुलिस आरक्षक 2016 की भर्ती में कितने प्रतिशत अभ्‍यर्थी सामान्‍य, पिछड़ा वर्ग के मध्‍यप्रदेश के मूल निवासी चयनित हुए एवं कितने प्रतिशत मध्‍यप्रदेश के बाहर के अभ्‍यर्थी चयनित हुये? (ग) क्‍या शासन, अ.जा. एवं अ.ज.जा. के अभ्‍यार्थियों के समान सामान्‍य एवं पिछड़ा वर्ग के अभ्‍यार्थियों को एक समान मध्‍यप्रदेश के मूल निवासी की अनिवार्यता करेगा यदि हाँ, तो चयन प्रक्रिया में कब तक बदलाव किया जावेगा?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। शासन द्वारा निर्धारित भर्ती नियमों के अनुसार किसी प्रकार के आरक्षण का लाभ प्राप्त करने हेतु मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है, परन्तु अनारक्षित वर्ग में मध्यप्रदेश के बाहर का निवासी भारत का नागरिक आवेदन कर सकता है। अनारक्षित वर्ग हेतु मध्यप्रदेश के निवासी होने की अनिवार्यता नहीं है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) पुलिस आरक्षक भर्ती 2016 में कुल रिक्त पद 14283 के विरूद्ध 11363 उम्मीदवार चयनित हुए। जिसमें अनारक्षित पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 7767 है। इसमें से मध्यप्रदेश के अनारक्षित वर्ग के चयनित अभ्यर्थी 5411 है, जो 47.61 प्रतिशत है तथा मध्यप्रदेश के बाहर के अनारक्षित वर्ग के चयनित अभ्यर्थी 2356 है, जिसका प्रतिशत 20.73 है। अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षित पदों पर चयनित मध्यप्रदेश के अभ्यर्थियों की संख्या 862 है, जिसका प्रतिशत 7.58 है। (ग) जी नहीं। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

औद्योगिक प्रशिक्षण केन्‍द्र भवन निर्माण

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

38. ( क्र. 2070 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीधी जिले की तहसील मझौली में औद्योगिक प्रशिक्षण केन्‍द्र संचालित है?यदि हाँ, तो जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या औद्योगिक प्रशिक्षण केन्‍द्र मझौली के लिये भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई है? यदि हाँ, तो लागत राशि सहित जानकारी देवें। यदि नहीं, तो कब तक भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान कर दी जावेगी? (ग) औद्योगिक प्रशिक्षण केन्‍द्र मझौली एवं कुसमी में कितने पद स्‍वीकृत हैं? स्‍वीकृत पदों में से कितने भरे एवं रिक्‍त हैं? पदवार जानकारी देवें। रिक्‍त पदों की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी? (घ) औद्योगिक प्रशिक्षण केन्‍द्र कुसमी एवं मझौली में कौन-कौन से ट्रेड संचालित हैं एवं संचालित ट्रेडों में अध्‍ययनरत छात्रों की संख्‍या कितनी है? छात्रों के आवासीय व्‍यवस्‍था हेतु छात्रावास का निर्माण कब तक करा दिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के आदेश दिनांक 05.08.2015 के परिपालन में जिला सीधी में विकासखण्‍ड मझौली में आई.टी.आई. प्रारंभ की गई है। (ख) जी हाँ। म.प्र. शासन, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के आदेश दिनांक 20.08.2015 द्वारा राशि रूपये 995.27 लाख की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) आई.टी.आई. कुसमी एवं मझौली में संचालित ट्रेड एवं प्रशिक्षणार्थियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। आई.टी.आई. मझौली में छात्रों के लिये 60 सीटर तथा छात्राओं के लिये 60 सीटर छात्रावास के निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की गई है। निर्माण कार्यों के लिये जारी किये गये वर्क ऑर्डर में पूर्णता की तिथि 16.03.2018 निर्धारित है। आई.टी.आई.कुसमी में छात्रावास भवन का प्रावधान नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ: ''

शासकीय नजूल भूमि के पट्टों का प्रदाय

[राजस्व]

39. ( क्र. 2079 ) श्रीमती प्रमिला सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत 100 वर्षों से नगर शहडोल के लोग मकान बनाकर निवास कर रहे हैं तथा दुकानें संचालित कर रहे हैं किंतु उन्‍हें राजस्‍व विभाग से किसी प्रकार के पट्टे आदि प्रदान नहीं किये गये हैं? (ख) क्‍या मकान और दुकानों के जर्जर होने पर आपस में सीमा को लेकर गंभीर विवाद होते हैं तथा मरम्‍मत के लिए बैंक/वित्‍तीय संस्‍थाओं से कर्ज आदि नहीं मिल पाते हैं? (ग) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी, विभागीय मंत्री जी व प्रभारी मंत्री जी के शहडोल प्रवास के दौरान नगरवासियों के द्वारा समस्‍या को लेकर अभ्‍यावेदन प्रस्‍तुत किये गये हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) यदि सही है तो शासन के द्वारा इस संबंध में अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है? क्‍या समस्‍या के निदान हेतु शासन द्वारा सकारात्‍मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

डायवर्सन शुल्क व स्‍टाम्‍प ड्यूटी

[राजस्व]

40. ( क्र. 2126 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले की सभी छः तहसीलों में डायवर्सन शुल्क व स्टाम्प ड्यूटी की दर क्या है व उसका मापदण्ड क्या है? (ख) क्या हरदा जिले की सभी छः तहसीलों में अलग-अलग डायवर्सन व स्टाम्प ड्यूटी शुल्क निर्धारित है? यदि हाँ, तो उसका क्या कारण है? (ग) क्या खिरकिया तहसील की डायवर्सन शुल्क व स्टाम्प ड्यूटी दर हरदा जिला मुख्यालय होने के बाद भी उससे अधिक है? (घ) यदि हाँ, तो उसका क्या कारण है? क्या इस विसंगति को दूर किये जाने के संबंध में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही प्रचलन में है अथवा की जावेगी व जिला मुख्यालय में जो ज्यादा शुल्क व स्टाम्प ड्यूटी ली गई है वह संबंधितों को वापस की जावेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

घुसपैठियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही

[गृह]

41. ( क्र. 2154 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कितने बंग्‍लादेशी घुसपैठिये निवास कर रहे हैं? इनमें से कितने घुसपैठियों ने राशन कार्ड तथा वोटर आई.डी. कार्ड भी बनवा लिये हैं? (ख) अभी तक कितने घुसपैठियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही की गई व कितनों को वापस भेजा गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? इसके लिए कौन दोषी है? (ग) भविष्‍य में कोई भी बंग्‍लादेशी, प्रदेश में घुसपैठ न कर सके इसकी रोकथाम के लिए गृह मंत्रालय ने क्‍या कार्यवाही की है?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) म.प्र. में जिला इन्दौर में 03 और जिला रायसेन में 01 कुल 04 बंग्लादेशी घुसपैठी चिन्हित किये गये है। जिला रायसेन में एक बंग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से निवास करना पाया गया, जिसने राशन कार्ड तथा वोटर कार्ड भी बनवा लिया है। (ख) अभी तक प्रदेश में जिला रायसेन में 01 इन्दौर में 03 कुल 04 बंग्लादेशी घुसपैठी चिन्हित किये गये है। जिला रायसेन का 01 बंग्लादेशी घुसपैठी के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की गयी है। प्रकरण की अपील न्यायालय में विचाराधीन होने एवं सुनवाई की अगली तिथि दिनांक 21.3.2017 नियम होने से उक्त का वापस भेजने संबंधी कार्यवाही न्यायालयीन निर्णय उपरान्त विधि अनुरूप की जायेगी। जिला इन्दौर के 03 बंग्लादेशी घुसपैठियों को क्रमशः दिनांक 04.11.2016 को 01 एवं 03.12.2016 को 02 को डिपोर्ट किया गया। (ग) कोई भी बंग्लादेशी प्रदेश में घुसपैठ न कर सके इसकी रोकथाम के लिये भारत सरकार के निर्देश दिनांक 23 नवम्बर 2009 की कंडिका-2 की उप कंडिका-3 के पालन में जिला स्तर पर स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसके द्वारा जिले के थाना स्तर पर सतत् निगाह रखी जा रही है।

विभाग को भारत सरकार से मिलने वाला बजट

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

42. ( क्र. 2248 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विगत पाँच वर्षों में पेयजल हेतु भारत सरकार तथा राज्‍य सरकार द्वारा खर्च की गयी राशि की जानकारी वर्षवार दें? (ख) क्‍या पिछले वर्ष 2016 में सूखा राहत के तहत पेयजल की उपलब्‍धता हेतु बनायी गयी कार्ययोजना भारत सरकार से राशि प्राप्‍त न होने के कारण कार्यरूप नहीं ले सकी? (ग) क्‍या बजट के अभाव में प्रदेश के बिगड़े हुऐ हैण्‍डपंपों की मरम्‍मत हेतु पाईप तथा अन्‍य छोटी-छोटी सामग्री विभाग को उपलब्‍ध न कराए जाने के कारण हैण्‍डपंप की मरम्‍मत का कार्य रूका हुआ है ये सामग्रीयाँ विभाग में कब तक उपलब्‍ध करा दी जाएगी ताकि आगामी ग्रीष्‍म ऋतु में हैण्‍डपंपों की मरम्‍मत की जा सके?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं, पर्याप्त मात्रा में सामग्री उपलब्ध है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। 

बंद नल-जल योजना चालू कराने बावत्

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

43. ( क्र. 2304 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) परि.अतारांकित प्रश्न संख्‍या 67 (क्र. 1016) कार्यवाही दिनांक 16/12/16 को अतारांकित प्रश्न संख्या 34 (क्रं. 1368) दिनांक 29/07/15 के संबध में बतायें कि स्त्रोत के असफल होने के कारण बंद नल-जल योजनाओं की संख्या क्या है और माननीय विभागीय मंत्री महोदय के जबाव के बाद अभी तक विभाग द्वारा नए स्त्रोत के संबंध में क्या कार्यवाही की गई है? (ख) क्षेत्र की ऐसी कितनी नल-जल योजनाएं हैं जो क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों तथा वोर में पाइपों की कमी के कारण एवं अन्य तकनीकी कारणों से बंद है। इनमें कब तक सुधार कार्य करवाया जाकर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) प्रश्नांकित पूर्व प्रश्नों के संबंध में स्रोत असफल होने के कारण बंद नल-जल योजनाओं की संख्या 9 थी माननीय विभागीय मंत्री जी के जवाब के बाद विभाग द्वारा 7 योजनाओं में नलकूप स्रोत कराये गये जिनमें से 3 सफल रहे एवं 4 में पर्याप्त जल आवक क्षमता प्राप्त नहीं हुई तथा 1 योजना के लिये स्रोत सार्वजनिक कूप लिया है एवं 1 योजना के समस्त अवयव खराब होने से कार्य नहीं कराया गया। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 42 योजनाएं बंद हैं। नल से जल, आज और कल कार्यक्रम के अंतर्गत अधिक से अधिक बंद योजनाओं को चालू करने का प्रयास विभाग एवं ग्राम पंचायत द्वारा किया जा रहा है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट - ''सात''

युवतियों के क्रय-विक्रय पर रोक

[गृह]

44. ( क्र. 2317 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत 5 वर्षों में बुन्‍देलखण्‍ड के सागर संभाग में लिंगानुपात में अंतर के चलते उड़ीसा, बिहार समेत देश के विभिन्‍न प्रांतों से शादी के नाम पर हजारों युवतियों को बेचा गया? (ख) क्‍या युवतियों के क्रय-विक्रय का अवैध धंधा कई संगठित गिरोह संचालित कर रहे हैं? (ग) राज्‍य सरकार ने युवतियों के क्रय-विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए क्‍या प्रयास किये और पुलिस को कितनी सफलता मिली जिलेवार जानकारी दें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) जी नहीं। 02 घटनाओं में, टीकमगढ़ जिले में 01 एवं दमोह जिले में 01 घटनाओं में एक-एक महिला शादी के नाम पर उड़ीसा से खरीद कर लाई गई है। (ख) जी नहीं। (ग) राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सुरक्षा सुदृढ़ करने एवं क्रय विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु जिला मुख्यालय स्तर पर महिला प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केन्द्र जिला स्तर पर मानव दुर्व्यापार विरोधी सेल का गठन किया गया है जिसके प्रभारी अधिकारी अति. पुलिस अधीक्षक है। थाना स्तर पर महिला डेस्क की स्थापना के साथ-साथ 100 डायल, निर्भया मोबाइल, महिला हेल्प लाईन 1090 संचालित की जा रही है। समस्त विद्यालयों में जागरूक हेतु सेमिनार का आयोजन किया जाकर जागरूक संवाद शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह एक सतत् प्रक्रिया है।

इंजीनियरिंग कॉलेज, आई.टी.आई. एवं कौशल विकास केन्‍द्र की सुविधाएं

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

45. ( क्र. 2360 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रतलाम, मंदसौर, नीमच तीनों जिलों के अंतर्गत एकमात्र पॉलीटेक्निक कालेज जावरा के अलावा तकनीकी उच्‍च शिक्षा हेतु कोई अन्‍य शासकीय महाविद्यालय नहीं है साथ ही आई.टी.आई. मात्र जिला मुख्‍यालयों पर बड़े तहसील केन्‍द्रों पर भी नहीं है तथा कौशल विकास केन्‍द्र इक्‍का-दुक्‍का प्रांरभ हुए है? क्‍या हजारों की संख्‍या में छात्र-छात्राओं को अनेक परेशानियां एवं बड़ी राशि खर्च करते हुए इंदौर, उज्‍जैन की ओर जाने को मजबूर होना पड़ता है? (ख) उज्‍जैन संभाग के केन्‍द्र स्‍थल जावरा नगर में स्‍थापित विगत कई वर्षों से संचालित पॉलीटेक्निक कालेज परिसर में आवश्‍यकता से अधिक पर्याप्‍त भूमि एवं मशीन, भवन, होस्‍टल इत्‍यादि होने के बावजूद इंजीनियरिंग कालेज, आई.टी.आई. की सुविधाएं क्‍यों नहीं दी जा रही? (ग) जावरा नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से भी छात्र-छात्राओं द्वारा एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार विगत कई वर्षों से उपरोक्‍त व्‍यवस्‍थाएं प्रदान किये जाने हेतु संघर्ष किया जा रहा है तो कब तक सुविधाएं दी जाकर कब तक कार्य प्रारंभ किया जाएगा?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी नहीं। रतलाम जिले में शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय जावरा के साथ-साथ जिला मुख्‍यालय मंदसौर एवं नीमच जिले के जावद में शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय संचालित है। रतलाम, मंदसौर तथा नीमच जिले में आई.टी.आई. की जानकारी निम्‍नानुसार है:-

क्र.

जिले का नाम

विकासखण्‍ड

आई.टी.आई. का नाम

1

मंदसौर

मंदसौर

मंदसौर

भानपुरा

भानपुरा एवं शामगढ़

मल्‍लहारगढ़

मल्‍लहारगढ़

सीतामऊ

सीतामऊ

गरौठ

गरौठ

2

रतलाम

रतलाम

रतलाम एवं म.रतलाम

सैलाना

सैलाना

आलोट

आलोट

बाजना

बाजना

पिपलौदा

-

जावरा

-

3

नीमच

नीमच

नीमच

जावद

जावद

मनासा

मनासा एवं रामपुरा

 

उक्‍तानुसार पर्याप्‍त संख्‍या में आई.टी.आई. की उपलब्‍धता है। (ख) जावरा पॉलीटेक्निक जावरा में उपलब्‍ध संसाधन पॉलीटेक्निक महाविद्यालय संचालित के लिये आवश्‍यक मापदण्‍डों के अनुरूप है। इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित किये जाने के अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् नई दिल्‍ली के मापदण्‍ड पृथक है। तकनीकी शिक्षा विभाग की नीति के अनुसार प्रत्‍येक विकासखण्‍ड में न्‍यूनतम एक आई.टी.आई. अथवा एक एस.डी.सी. स्‍थापित करने की योजना है। विकासखण्‍ड जावरा में एक प्रायवेट आई.टी.आई. संचालित है। वर्तमान में ऐसे 64 विकासखण्‍ड है जिनमें कोई शासकीय एवं प्रायवेट आई.टी.आई. नहीं है। (ग) कोई प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर विचाराधीन नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

गुमशुदा एवं अपहृतों की पताशजी व कार्यवाही

[गृह]

46. ( क्र. 2418 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत वर्ष 2014-15 से प्रश्न दिनांक तक कितने बच्चे/बालिका के गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस थाने में दर्ज कराई गई? थानावार विवरण दें? (ख) प्रश्नांश (क) के गुम हुए व्यक्तियों में से किन-किन को पुलिस द्वारा खोजबीन कर बरामद किय गया? उनके नाम पते सहित थानावार विवरण दें। शेष को बरामद क्यों नहीं किया गया उसके क्या कारण है? थानावार बताऐं। (ग) प्रश्नांश (क) की अवधि में विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत लड़कियों/महिलाओं के अपहरण व भगाकर ले जाने के कितने प्रकरण थाने में दर्ज है? कितने प्रकरणों में अपराधी पकड़े गये एवं न्यायालय में चालान पेश किया गया तथा कितने प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें पताशजी नहीं हो सकी व अपराधी नहीं पकड़े जा सके?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत वर्ष 2014 से दिनांक 31.01.2017 तक 48 बच्चे/बालिका के गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस थानों में दर्ज कराई गई। थानावार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश के उत्तर में वर्णित 48 बच्चे/बालिका में से 38 बच्चे/बालिका को बरामद कर लिया गया है। बाल न्यायालय (बालकों का संरक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 74 के तहत बालकों की पहचान प्रकटन का प्रतिषेध होने के कारण नाम पते की जानकारी दी जाना संभव नहीं है। शेष जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट में समाहित है। शेष 10 की बरामदगी हेतु प्रयास जारी है। (ग) प्रश्नांश की अवधि में विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत थानों में लड़कियों/महिलाओं के अपहरण व भगाकर ले जाने के 62 प्रकरण कायम किये गये, 44 प्रकरणों में अपराधी गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किये गये, 02 प्रकरणों में खारजी कता की गई तथा 16 प्रकरण ऐसे हैं जिनमें पतासाजी नहीं हो सकी व अपराधी नहीं पकड़े जा सके हैं। 

सेन्ट्रल जेल का निर्माण

[जेल]

47. ( क्र. 2448 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या इन्दौर जिले में सांवेर रोड पर कैदियों के लिये सेन्ट्रल जेल का निर्माण किया जा रहा है? यदि हाँ, तो यह निर्माण कार्य कितने वर्षों से किया जा रहा है व कितने प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्माणाधीन सेन्ट्रल जेल का कार्य वर्तमान में रूका हुआ है? यदि हाँ, तो क्यों व विभाग द्वारा निर्माण कार्य पुनः प्रारंभ करने हेतु क्या कार्यवाही की जा रही है? कब तक निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी हाँ। 06 वर्ष, 2002 से 2008 तक। 15 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण। (ख) जी हाँ। विभाग द्वारा निर्माण कार्य पुन: प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही की जा रही है। लगभग 03 वर्ष की अवधि लगना संभावित है।

थानों एवं चौकियों में पदस्‍थ अमला

[गृह]

48. ( क्र. 2600 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कितने थाने एवं चौकियां हैं? इन थानों एवं चौकियों में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्वीकृत पद एवं नाम उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्नांश (क) के सदर्भ में उक्त थानों एवं चौकियों में ग्राम रक्षा समितियों का गठन कब किया गया? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में वर्ष २०१३-१४, २०१४-१५, २०१५-१६ एवं २०१६-१७ में इन समितियों का सम्मेलन किस-किस स्थानों पर किया गया? इन सम्मेलनों में समिति के कितने सदस्य उपस्थित हुए एवं उनके अधिकार क्या-क्या हैं?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) 03 थाने एवं 01 चौकी है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार। (ख) (1) थाना ठेमी में ग्राम रक्षा समिति का गठन दिनांक 11.02.2008 को किया गया। (2) थाना मुंगवानी में ग्राम रक्षा समिति का गठन दिनांक 02.01.2009 को किया गया। (3) थाना गोटेगांव में ग्राम रक्षा समिति का गठन दिनांक 05.01.2010 को किया गया। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसारजानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार

आई.टी.आई. ब्‍यावरा की बाउण्‍ड्रीवाल एवं पहुँच मार्ग निर्माण

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

49. ( क्र. 2627 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के तारांकित प्रश्‍न संख्‍या 10 क्रमांक 322, दिनांक 07 दिसम्‍बर 2016 के उत्‍तर में बताया गया था कि आई.टी.आई. ब्‍यावरा परिसर की बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण हेतु प्रस्‍तुत प्रस्‍ताव परीक्षण कर परियोजना परीक्षण समिति के समक्ष प्रस्‍तुत किया जाएगा। स्‍वीकृति होने पर निर्माण की कार्यवाही हो सकेगी? तो उक्‍त प्रस्‍ताव में परियोजना परीक्षण समिति से स्‍वीकृति प्राप्‍त कर ली गई है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो कब तक बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण कार्य कराया जाएगा? यदि नहीं, तो कब तक उक्‍त प्रस्‍ताव में स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या आई.टी.आई. ब्‍यावरा तक पहुँच मार्ग निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 6.27 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति भी प्रश्‍न दिनांक तक लंबित है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासन उपरोक्‍तानुसार दोनों प्रस्‍तावों को स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों?

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) जी हाँ। दिनांक 31.01.2017 को परियोजना परीक्षण समिति की बैठक में आई.टी.आई. ब्‍यावरा की बाउण्‍ड्रीवॉल के निर्माण के लिये प्रस्‍ताव पर अनुमोदन दिया गया है। प्रशासकीय आदेश जारी कर दिया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) विभाग के आदेश, दिनांक 21 सितम्‍बर 2016 द्वारा परियोजना परीक्षण समिति की बैठक दिनांक 25.06.2016 में की गई अनुशंसा अनुसार मंत्रिपरिषद् के आदेश दिनांक 02 अगस्‍त 2016 के पालन में आई.टी.आई., ब्‍यावरा की प्रशासकीय स्‍वीकृति राशि रूपये 497.47 लाख से पुनरीक्षित कर राशि रूपये 630.48 लाख की गई। परियोजना संचालक, लोक निर्माण विभाग, पी.आई.यू., भोपाल द्वारा दी गई जानकारी अनुसार पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति में से राशि रूपये 603.48 लाख में पहुँच मार्ग की राशि रूपये 6.27 लाख सम्मिलित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

टप्‍पा कार्यालय सुठालिया का भवन निर्माण

[राजस्व]

50. ( क्र. 2628 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अतांराकित प्रश्‍न संख्‍या 36 ( क्रमांक 333) दिनांक 07 दिसम्‍बर 2016 के उत्‍तर की कंडिका (ग) में बताया गया है कि टप्‍पा कार्यालय सुठालिया के भवन निर्माण हेतु कलेक्‍टर राजगढ़ से प्राप्‍त प्रस्‍ताव में कुछ विसंगतियां परिलक्षित होने के कारण, कलेक्‍टर से पुन: संशोधित प्रस्‍ताव चाहा गया है। उक्‍त प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर, नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण कर भवन निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की जायेगी? तो उक्‍त पत्र की प्रति उपलब्‍ध कराते हुये बतावें, कि क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक संशोधित प्रस्‍ताव प्राप्‍त हो चुका है? यदि हाँ, तो क्‍या भवन निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान कर दी गई? (ख) क्‍या शासन उक्‍त कार्यालय के सुचारू रूप से संचालन हेतु संशोधित प्रस्‍ताव प्राप्‍त कर भवन निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। संशोधित प्रस्‍ताव प्राप्‍त हो चुका है। भवन निर्माण की प्रशासकीय स्‍वीकृति के लिये सक्षम समिति से अनुमोदन प्राप्‍त करने की कार्यवाही प्रचलित है। (ख) संशोधित प्रस्‍ताव प्राप्‍त हो चुका है, कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''आठ''

नल-जल योजना का क्रियान्वयन

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

51. ( क्र. 2669 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पानसेमल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहां-कहां पर नल-जल योजनाएं शासन के द्वारा स्वीकृत कर निर्मित की गई हैं? (ख) प्रश्नांक (क) में उल्लेखित नल जल योजानाओं में से कौनकौन सी प्रश्न दिनांक तक संचालित हैं तथा कौन कौन सी योजनाएं किन कारणों से बंद है, इन बंद पड़ी योजनाओं को कब तक किस प्रकार प्रारम्भ किया जावेगा? (ग) पानसेमल विधानसभा क्षेत्र के नगर खेतिया, पानसेमल एवं पलसुद में स्वीकृत की गई नल-जल योजना की क्या स्थिति है, कार्य कब तक प्रारम्भ होगा तथा ग्राम पंचायत निवाली बुजुर्ग में स्वीकृत नलजल योजना का कार्य क्यों बंद है? इसे कब तक पूर्ण किया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) नगर खेतिया, पानसेमल एवं पलसुद नगरीय क्षेत्र हैं इनमें पेयजल व्यवस्था का दायित्व संबंधित स्थानीय निकायों का है। स्थानीय निकायों द्वारा दी गई नगरों की जानकारी संकलित कर पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। ग्राम निवाली बुजुर्ग की नल-जल योजना के कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

सीमांकन / बंटवारा /नामांतरण के प्रकरण

[राजस्व]

52. ( क्र. 2672 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन के नियमानुसार सीमांकन, बंटवारा एवं नामांतरण आवेदन प्रस्तुत करने के उपरान्त कितनी समय-सीमा में प्रकरण के निराकरण करने का प्रावधान है? नियम की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) जनवरी 2016 से प्रश्न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र पानसेमल जिला बड़वानी में कितने प्रकरण सीमांकन, बटवारा एवं नामांतरण के लंबित है? (ग) प्रकरण किन-किन कारणों से लंबित हैं, लंबित प्रकरणों का निराकरण कब तक कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

पटवारी चयन 2008 में समानता के आधार पर नियुक्ति

[राजस्व]

53. ( क्र. 2819 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 16 (क्र. 1578), दिनांक 11 मार्च 2011 वर्ष 2011 के उत्‍तर (ग) में निम्‍न जिलों में कम्‍प्‍यूटर डिप्‍लोमा नवीन सत्र के मान्‍य किये गये वे जिले इस प्रकार हैं :- अशोकनगर, दतिया, उज्‍जैन, देवास, मंदसौर, खरगोन, खण्‍डवा, रायसेन, विदिशा, सागर, छतरपुर, रीवा, सतना, होशंगाबाद व मुरैना में मान्‍य किये गये हैं, भिण्‍ड में मान्‍य करेंगे क्‍या? (ख) भिण्‍ड में नवीन सत्र के डिप्‍लोमा जमा की संख्‍या प्रश्‍न क्र. 1578, दिनांक 11.03.2011 के उत्‍तर (ग) में निरंक बताई गई है, जबकि डिप्‍लोमा 30.11.2009 तक जमा है? भू-अभिलेख भिण्‍ड के पूर्व लिपिक बीना वर्मा पर कार्यवाही करेंगे? (ग) इनकी समानता के आधार पर नियुक्ति कितने माह में करेंगे? इनके साथ क्‍या समानता की जाएगी? (घ) भिण्‍ड की अंतिम एकीकृत सूची दिनांक 18.01.2011 के अनुसार नवीन सत्र के उम्‍मीदवारों को विवादित दर्शाकर स्‍थान सुरक्षित रखा गया, इनको 3 वर्ष 6 माह तक विवादित क्‍यों रखा गया? कारण बतायें। (ड.) श्रीमान प्रमुख सचिव राजस्‍व महोदय भोपाल के अर्द्धशासकीय पत्र क्र. 208, दिनांक 06.09.2013 द्वारा मुरैना में पटवारियों की नियुक्ति करने के पत्र की प्रति उपलब्‍ध करायें, समस्‍त जिलों के नवीन सत्र के उम्‍मीदवारों की नियुक्ति की गई है? उनके प्रमाण-पत्र उपलब्‍ध करायें।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जी हाँ। (मुरैना छोड़कर) जी नहीं, (ख) जी हाँ, जानकारी नियमानुसार होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (घ) भिण्‍ड की अंतिम एकीकृत सूची दिनांक 18/01/2011 में नवीन सत्र के उम्‍मीदवारों की छानबीन करने में समय लगने से विवादित रखा गया था। (ड.) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार, नवीन सत्र में किसी जिले में कोई नियुक्ति नहीं की गयी है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''नौ''

नल-जल योजनाओं के संबंध में

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

54. ( क्र. 2830 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बैरसिया विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कितनी नल-जल योजनाओं की अनुशंसा ग्रामसभा अथवा प्रश्‍नकर्ता द्वारा जनवरी 2014 से दिसम्‍बर 2016 के मध्‍य की गयी है? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित योजनाओं की वर्तमान स्थिति क्‍या है? इनमें से कितनी योजनायें स्‍वीकृत हो गयी हैं? इन स्‍वीकृत योजनाओं में कितनी योजनाओं का लाभ ग्रामवासियों को मिलने लगा है एवं कितनी योजनायें का लाभ ग्रामवासियों को अभी नहीं मिल पा रहा है? सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में दर्शित जिन नल-जल योजना का लाभ ग्रामवासियों को नहीं मिल पा रहा है, इसके क्‍या कारण रहे हैं एवं इनको कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) कुल 4 नल-जल योजनाओं की अनुशंसा की गई। सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सभी योजनाएं स्वीकृत हैं। 2 योजनाओं से ग्रामवासियों को आंशिक लाभ मिल रहा है एवं शेष 2 योजनाओं से लाभ नहीं मिल रहा है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। निश्चित समयावधि नहीं बताई जा सकती।

परिशिष्ट - ''दस''

राजस्‍व ग्राम घोषित करना

[राजस्व]

55. ( क्र. 2832 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बैरसिया की ग्राम पंचायतों के कौन-कौन से ग्राम आबादी होने के बाद भी राजस्‍व ग्राम के रूप में घोषित नहीं किया गया है, आबादी सहित सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बैरसिया की ग्राम पंचायत रमपुरा का बालाचौन, ग्राम पंचायत जमूसरखुर्द का लालूखेडी एवं भूरीपठार, ग्राम पंचायत खजूरिया का मैनापुरा, ग्राम पंचायत इस्‍लामनगर का मस्‍तीपुरा, ग्राम पंचायत तरावली कलां का करोली, ग्राम पंचायत सेमरी का मोतीपुरा एवं ग्राम पंचायत कोटरा चोपड़ा का चोपड़ा वर्तमान में राजस्‍व ग्राम के रूप में घोषित किया गया है अथवा नहीं। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में दर्शित ग्राम को विभाग कब तक राजस्‍व ग्राम घोषित करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ख) विधान सभा क्षेत्र बैरसिया की ग्राम पंचायत जमूसरखुर्द से लालूखेडी एवं इस्लाम नगर से मस्तीपुरा राजस्व ग्राम घोषित किया जा चुका है। भूरी पठार के रूप में ग्राम जमूसरखुर्द विद्यमान है। ग्राम पंचायत रमपुरा का बालाचोन, खजूरिया का मैनापुरा, तरावली कलां का करोली, सेमरी का मोतीपुरा एवं ग्राम पंचायत कोटरा चोपड़ा का चोपड़ा को निर्धारित मापदंड न होने से राजस्व ग्राम घोषित नहीं किया गया है। (ग) प्रश्नांश एवं के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत के मजरा टोलों को राजस्व ग्राम घोषित करने बावत्

[राजस्व]

56. ( क्र. 2858 ) श्री हरवंश राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ऐसे कितने मजरा टोला हैं जो कि राजस्व ग्राम की पात्रता रखते है। (ख) विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ऐसे ग्राम जो कि भौगोलिक दृष्टि से ग्राम मुख्यालय से पर्याप्त दूरी पर है, बीच में नदी/नाला है तथा जनसंख्या भी पर्याप्त है उनको राजस्व ग्राम घोषित करने के लिए कलेक्टर सागर को भी पत्र लिखे जा चुके है उन पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रस्तावित मजरा टोलों को कब तक राजस्व ग्राम घोषित कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) 4 मजरा टोला है, जो राजस्व ग्राम की पात्रता रखते हैं। (ख) ऐसे ग्राम जो कि भौगोलिक दृष्टि से ग्राम मुख्यालय से पर्याप्त दूरी पर हैं बीच में नदी/नाला है तथा जनसंख्या भी पर्याप्त है उन मजरों को राजस्व ग्राम घोषित करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रदेश में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों का चयन

[तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास]

57. ( क्र. 2880 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 3 वर्षों से प्रश्न दिनांक तक मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मण्डल (प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड) के द्वारा मध्यप्रदेश में किन-किन सेवा परीक्षाओं का आयोजन किया गया? जानकारी देवें। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार मण्डल द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा में प्रत्येक विभाग में प्रदेश के अतिरिक्त अन्य राज्यों के कितने प्रतिशत अभ्‍यर्थियों को चयनित किया गया? विभाग के नाम सहित वर्षवार जानकारी देवें। (ग) यदि शासन द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु मध्यप्रदेश में योग्य उम्मीदवार पर्याप्त संख्या में हैं तो अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित करने का क्या कारण है? (घ) देश के अन्य सभी प्रदेशों में मध्यप्रदेश के अभ्यर्थियों को प्रादेशिक सेवा परीक्षाओं में कितने प्रतिशत पद चयन हेतु निर्धारित किए गए है? राज्य के नाम सहित जानकारी दें।

राज्‍यमंत्री, तकनीकी शिक्षा ( श्री दीपक जोशी ) : (क) विगत 03 वर्षों अर्थात 2014, 2015 एवं 2016 तथा प्रश्‍न दिनांक तक व्‍यावसायिक परीक्षा मण्‍डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) विगत 03 अर्थात 2014, 2015 एवं 2016 तथा प्रश्‍न दिनांक तक व्‍यावसायिक परीक्षा मण्‍डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं की सूची जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) प्रचलित नीति अनुसार। (घ) निरंक।

नामांतरन सीमांकन के प्रकरण कम्प्यूटर में दर्ज करना

[राजस्व]

58. ( क्र. 2896 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला टीकमगढ़ की तहसीलों में कितने नामांतरण, बँटवारा, सीमांकन के प्रकरण विगत तीन वर्षों में प्राप्त हुये कितने का निराकरण हुआ और कितने लंबित है वर्षवार तहसीलवार बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित सीमांकन बँटवारा, नामांकरण का कम्प्यूटर क़े रिकॉर्ड में शत्-प्रतिशत अमल हो चुका है कि नहीं अगर लंबित है, तो कारण बतायें। (ग) सीमांकन, बँटवारा, नामांकन के कितने प्रकरण तहसील में राजस्व मामलों में दर्ज कर लंबित है इनके निपटारे की समय-सीमा बतावें।
राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जिला अंतर्गत दिनांक 31.01.2017 की स्थिति में नामांतरण के 679 बंटवारा के 481 एवं सीमांकन के 14 प्रकरण तहसील कार्यालयों में लंबित है। विवादित प्रकरणों में न्‍यायालयीन प्रक्रिया के अंतर्गत निराकरण की कार्यवाही प्रचलित है जिनमें समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

टीकमगढ़ जिले में गौचर भूमि पर अतिक्रमण

[राजस्व]

59. ( क्र. 2930 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में गौचर की कितनी भूमि आरक्षित है। (ख) क्या आरक्षित गौचर भूमि पर दबंग व्यक्तियों का कब्जा है। ग्रामवार कब्जा करने वाले व्यक्तियों के नाम, खसरा नंबर, रकवा सहित बतावें। (ग) गौचर भूमि पर अतिक्रमण हटाने की सरकार की क्या योजना है और अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों क़े विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई। कब तक गौचर भूमि अतिक्रमण मुक्त की जावेगी।
राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

थानों में जब्त वाहनों की नीलामी

[गृह]

60. ( क्र. 2983 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले थानों में कुल कितने दुपहिया, चौपहिया लोडिंग वाहन कब से जब्त शुदा हैं। इन जब्त शुदा वाहनों की नीलामी की क्या प्रक्रिया है वर्तमान में इन वाहनों की क्या स्थिति है क्या शासन इन वाहनों की नीलामी करेगा? यदि हाँ,, तो कब तक। (ख) पिछले दो वर्षों में क्षेत्र अंतर्गत कुल कितने दो पहिया वाहनों की चोरी किन किन थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई। प्रश्न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई कितने चोरी के प्रकरण में खुलासा हुआ। (ग) क्‍या दोपहिया वाहन चोरी के संबंध में क्षेत्र से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं? क्या ऐसे प्रकरणों के संबंध कोई ठोस नीति है, जिससे इन घटनाओं को रोका जा सकें?

गृह मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थानों में वर्तमान में कोई चौपहिया लोडिंग वाहन जब्त नहीं है, सिर्फ जब्तशुदा 2 दोपहिया वाहन थाना परिसर में सुरक्षित रखे गये हैं। ये दो पहिया वाहन अपराध से संबंधित होने के कारण न्यायालयीन निर्णय उपरांत निर्णय अनुसार निराकृत किये जावेंगे। (ख) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 01.01.2015 से 31.01.2017 तक कुल 58 प्रकरणों में कुल 60 दो पहिया वाहन चोरी हुए थे जिनमें से कुल 30 प्रकरणों में खुलासा होकर 30 दो पहिया वाहन जब्त हुए हैं तथा 06 वाहन अन्यत्र/लावारिस जब्त होने से कुल 36 दोपहिया वाहन बरामद किये गये हैं। शेष प्रकरणों में वाहनों की पतासाजी के प्रयास जारी हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ग) जी नहीं। जी हाँ, दो पहिया वाहनों की चोरी की रोकथाम हेतु समय-समय पर संदिग्ध बदमाशों की जाँच एवं चेकिंग की जा रही है। 

 परिशिष्ट - ''बारह''

मजरों टोलों को राजस्व ग्राम घोषित किया जाना

[राजस्व]

61. ( क्र. 2984 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कुल कितनें मजरो टोलों को राजस्व ग्राम हेतु चिन्हांकित किया गया है, क्या ये चिन्हित मजरे टोले राजस्व ग्राम संबंधी मापदंड पूर्ण करते है? (ख) यदि हाँ, तो क्या इन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित कर दिया गया है? यदि नहीं, तो कब तक किया जावेगा? ऐसे घोषित ग्रामों की सूची उपलब्ध करावें? (ग) मध्यप्रदेश शासन द्वारा पंचायत राज संस्थाओं को अविवादित नामान्तरण बंटवारा के अधिकार पूर्व की भाति पुनः ग्राम पंचायतों को सौंपे जाने का मामला विचाराधीन है? यदि हाँ, तो कब तक यह अधिकार पंचायत राज संस्थाओं को सौंपे जावेंगे। इनका क्रियान्वयन कब तक प्रारम्भ होगा।

राजस्व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्ता ) : (क) गरोठ विधान सभा क्षेत्र के 8 मजरे टोलों को चिन्हांकित किया गया है। चिन्हांकित मजरे राजस्व ग्राम संबंधी मापदण्ड पूर्ण करते हैं। (ख) जी हाँ। आठों मजरे टोलों को राजस्व ग्राम घोषित किया जा चुका है। जो निम्नवत है- 1.बधुनिया, 2. सुरावता का डेरा, 3. अंत्रालिया, 4. गणेशपुरा, 5. रतनपुरा, 6. नयागांव, 7. केथूली, 8.भीमपुरा। (ग) विभागीय अधिसूचना क्रमांक एफ-2-3/2010/सात/शा-6 भोपाल दिनांक 13.06.2016 से अविवादित नामान्तरण एवं बंटवारे के अधिकार पंचायतों को दिये गये है। क्रियान्वयन हेतु विभागीय पत्र क्रमांक एफ-2-3/2010/सात/शा-6 भोपाल दिनांक 18.01.2017 से समस्त कलेक्टर एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है। क्रियान्वयन जारी है।

नलकूप खुदाई के बाद उसका प्लेटफार्म बनाना

[लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी]

62. ( क्र. 2985 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या विभाग द्वारा सभी उपयोगी, अनुपयोगी नलकूपों का बेस प्लेटफॉर्म बनाया जाता है? (ख) क्या प्लेटफॉर्म बेस बनाने से पहले यह चेक नहीं किया जाता है, की नलकूप उपयोगी है या अनुपयोगी? (ग) अनुपयोगी सूखे नलकूप पर प्लेटफॉर्म बेस बनाने में क्या सरकार का आर्थिक नुकसान नहीं होता है? (घ) विगत एक वर्ष में कितने अनुपयोगी सूखे नलकूपों पर कितनी लागत से प्लेटफॉर्म बेस बनाये गये हैं? उस पर कितनी लागत आई हैं?

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ( सुश्री कुसुम सिंह महदेले ) : (क) जी नहीं। (ख) चेक किया जाता है। (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। 

विकासखण्ड सिरमौर में रिक्त पदों की पूर्ति

[पशुपालन]

63. ( क्र. 2990 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पशुपालन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्ड सिरमौर अंतर्गत संचालित पशु चिकित्सालयों में कुल कितने पद स्वीकृत हैं तथा कितने पद रिक्त हैं? इन रिक्त पदों को कब तक भरा जावेगा? (ख) पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारियों एवं पशु चिकित्सा सहायकों के रिक्त पदों को भरने के संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?

पशुपालन मंत्री ( श्री अंतर सिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं हैं। (ख) नियंत्रक व्यवसायिक परीक्षा मण्डल, भोपाल को सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधि‍कारी के 215 रिक्त पदों की पूर्ति हेतु दिनांक 06.02.2017 को प्रस्ताव प्रेषि‍त किया गया हैं एवं लोक सेवा आयोग द्वारा दिनांक 18.05.2016 को पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के 492 रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विज्ञापन प्रसारित किया गया है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

विकासखण्ड जवा के ग्राम भनिगवां में हुए गोमती विश्वकर्मा हत्याकाण्ड की सी.आई.डी. जाँच

[गृह]

64. ( क्र. 2996 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखण्ड जवा जिला रीवा के ग्राम भनिगवां में दिनांक 24.03.2016 को गोमती विश्वकर्मा उम्र 60 वर्ष की हत्या कर दी गई थी, इस अंधे हत्याकाण्ड में विरोधाभाषी बयान होने के कारण मामला संदेहात्मक होने से क्या इस प्रकरण में सी.आई.डी. विभाग को जाँच सौंप दी गई है अथवा नहीं? यदि हाँ, तो सी.आई.डी. विभाग की जाँच किस चरण में है? (ख) यदि उक्त प्रकरण की जाँच अभी तक सी.आई.डी. विभाग को नहीं सौंपी जा सकी तो इसका क्या कारण है? क्या अन्य एजेंसी के माध्यम से उक्त प्