मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
नवम्‍बर-दिसम्‍बर, 2017 सत्र


मंगलवार, दिनांक 05 दिसम्‍बर, 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि

[महिला एवं बाल विकास]

1. ( *क्र. 1547 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं लगभग 20 वर्षों से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं दे रहीं हैं एवं प्रदेश सरकार की विभिन्‍न योजनाओं का क्रियान्‍वयन करा रहीं हैं, इसके बाद भी उन्‍हें मात्र पाँच हजार रूपए मानदेय दिया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार 20 वर्षों से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से सेवाएं लेने के बाद आंगनवाड़ी कार्यकताओं के सेवानिवृत्‍त होने पर उनके भविष्‍य के लिए क्‍या प्रदेश सरकार ने कोई योजना बनाई है? क्‍या उनकी सेवा कार्य पूर्ण होने पर उन्‍हें एक मुश्‍त सम्‍मानजनक राशि दिये जाने का प्रावधान प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है? यदि हाँ, तो कब तक लागू किया जायेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या प्रदेश सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हितों को ध्‍यान में रख कर कोई नये नियम तैयार किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक लागू किये जाने की संभावना है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) भारत सरकार के द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को राशि रू 3000/- मानदेय एवं राज्य शासन द्वारा अतिरिक्त मानदेय के रूप में राशि रू. 2000/- प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है। (ख) आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्ति उपरान्त एकमुश्त सम्मान राशि दिये जाने के प्रस्ताव पर कार्यवाही प्रचलित है, जिसकी प्रक्रियागत अवधि निश्चित न होने से समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। एकीकृत बाल विकास सेवा योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के दिशा-निर्देश के अनुरूप ही किया जाता है। (ग) जी नहीं। एकीकृत बाल विकास सेवा योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त मानदेय में बढ़ोत्तरी हेतु प्रस्ताव पर कार्यवाही प्रचलित है, किन्तु प्रक्रियात्मक अवधि निश्चित नहीं होने से समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

पारिवारिक भूमि बंटवारा के निर्देश

[वाणिज्यिक कर]

2. ( *क्र. 223 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा सामिलात खाते की भूमि से पुत्री के नाम काटने पर बाजार मूल्‍य का ढाई प्रतिशत स्‍टाम्‍प ड्यूटी लिये जाने के आदेश जारी किये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के प्रावधान से किसान एवं सामिलात खाताधारी परेशान हैं? यदि हाँ, तो लड़की/पुत्री का कथन लेकर नि:शुल्‍क बंटवारा मंजूर करने के निर्देश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब-तक? यदि नहीं, तो कारण बताएं।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी नहीं। मध्‍यप्रदेश शासन, वाणिज्यिक कर विभाग की अधिसूचना दिनांक 03.07.2017 द्वारा कुटुम्‍ब के सदस्‍यों के मध्‍य हक त्‍याग के प्रकरणों में स्‍टाम्‍प शुल्‍क 2.5 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया गया है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

पंपों का उर्जीकरण

[अनुसूचित जाति कल्याण]

3. ( *क्र. 2102 ) श्री दिनेश कुमार अहिरवार : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग द्वारा वर्ष 2014 से 2017 तक अनुसूचित जाति कृषकों के खेतों पर सिंचाई सुविधा एवं मजरा-टोलों में विद्युतीकरण कार्य हेतु कितनी राशि आवंटित हुई? (ख) विभाग द्वारा आवंटित राशि से विधान सभा क्षेत्र जतारा के कितने अनुसूचित जाति कृषकों के खेतों पर सिंचाई हेतु पम्‍पों का उर्जीकरण किया गया? (ग) क्‍या विभाग द्वारा वर्ष 2014 से 2017 तक विधान सभा क्षेत्र जतारा के अनुसूचित जाति मजरा-टोलों में आवंटित राशि से विद्युतीकरण का कार्य किया गया? (घ) वर्ष 2014-17 तक अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग द्वारा आवंटित राशि से विधान सभा क्षेत्र जतारा के अनुसूचित जाति कृषकों के पम्‍पों का उर्जीकरण एवं मजरा-टोलों में विद्युतीकरण के कार्य में विलम्‍ब के लिये कौन दोषी है? दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) 60 अनुसूचित जाति के कृषकों के खेतों पर सिंचाई हेतु पम्‍पों का उर्जीकरण किया गया है। (ग) जी हाँ। (घ) वर्ष 2015-16 तक के स्‍वीकृत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में प्राप्‍त आवेदन पत्रों की सूची विद्युत विभाग को प्राक्‍कलन हेतु भेजे गये। प्राक्‍कलन प्राप्‍त होते ही नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। आवंटित राशि विद्युत विभाग के खाते में जमा की गई है।

परिशिष्ट - ''दो''

दतिया जिले हेतु बजट का आवंटन

[आनन्द]

4. ( *क्र. 2920 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आनंद विभाग द्वारा दतिया जिले में वर्ष 2017 में विभिन्‍न कार्यों के लिऐ बजट आवंटित किया गया है? यदि हाँ, तो कितनी राशि आवंटित हुई? (ख) क्‍या उक्‍त राशि विभिन्‍न कार्यों में व्‍यय की गई और की जाना है? यदि हाँ, तो दतिया जिले में किन-किन कार्यों पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय की जा चुकी है और 31 मार्च, 2018 तक किस-किस कार्य पर व्‍यय की जाना है? (ग) प्रश्नांश (ख) की राशि की विस्‍तृत जानकारी तहसीलवार एवं कार्यवार किस ऐजेंसी, फर्म या व्‍यक्ति को कितनी-कितनी राशि भुगतान की गई है? (घ) क्‍या आनंद विभाग के तहत भाण्‍डेर तहसील में कोई कार्य नहीं हुआ है? यदि हाँ, तो क्‍यों नहीं? इसके लिऐ कौन जिम्‍मेदार है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। आनंद विभाग द्वारा दतिया जिले को वित्‍तीय वर्ष 2017 में कोई बजट आवंटित नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं होता। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में लागू नहीं। (घ) आनंद विभाग द्वारा भाण्‍डेर तहसील में दिनांक 14 से 21 जनवरी, 2017 के बीच आनंद उत्‍सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। शेष प्रश्‍नांश लागू नहीं होता।

विद्युत तारों की चोरी

[ऊर्जा]

5. ( *क्र. 1956 ) श्री महेन्‍द्र सिंह सिसौदिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वर्ष 2016-17 में गुना जिले में विद्युत लाईनों के तार चोरी हुये हैं? यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्रवार सूची उपलब्ध करायें? (ख) जिन विधान सभाओं में तार चोरी हुये हैं, विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) अनुसार जिन विधानसभा क्षेत्रों में तार चोरी हुये हैं? क्या विभाग द्वारा उनकी एफ.आई.आर. दर्ज की गई है? विधानसभा क्षेत्र बमोरी की सूची उपलब्ध करावें (घ) क्या जिन ग्रामों में तार चोरी हुये हैं? उनका रिप्लेसमेंट किया गया है? यदि हाँ, तो कहाँ-कहाँ सूची उपलब्‍ध करायें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ। वर्ष 2016-17 में गुना जिले में विद्युत लाईनों के तार चोरी की विधानसभा क्षेत्रवार सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) विद्युत लाईनों के तारों की चोरी के प्रकरणों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को प्राप्‍त होने पर स्‍थल निरीक्षण कर संबंधित पुलिस थाने में रिपोर्ट/सूचना दर्ज की गई है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र एवं अ‍वधि में विद्युत लाईनों के तार चोरी के सभी 20 प्रकरणों में वितरण कंपनी के संबंधित अधिकारी द्वारा संबंधित पुलिस थानों को सूचना दी गई है, जिनमें से 8 प्रकरणों में एफ.आई.आर. दर्ज हुई है। बमौरी विधानसभा क्षेत्र के प्रश्‍नाधीन तार चोरी के 6 प्रकरणों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' के सरल क्रमांक 1 से सरल क्रमांक 6 तक में दर्शाई गई है। (घ) विद्युत लाईनों के तारों की चोरी के 13 प्रकरणों में तारों को बदला/लगाया जा चुका है, जिसकी स्‍थानवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

विद्युत की निर्वाध सप्‍लाई

[ऊर्जा]

6. ( *क्र. 1633 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री व ऊर्जा विभाग के प्रशासनिक अधिकारी संपूर्ण प्रदेश के हितग्राहियों को घरेलू उपयोग हेतु 24 घण्‍टे एवं कृषि कार्य हेतु 10 घंटे विद्युत सप्‍लाई हेतु शासन व प्रशासन प्रतिबद्ध है? (ख) यदि हाँ, तो नगर पालिक निगम मुरैना एवं विधान सभा क्षेत्र-07 दिमनी जिला मुरैना के उपरोक्‍त वर्णित हितग्राही को विद्युत प्रदाय की जा रही है? (ग) यदि नहीं, तो क्‍यों? यदि हाँ, तो सम्‍पूर्ण उपरोक्‍त वर्णित क्षेत्र में सप्‍लाई विद्युत को लेकर ऊर्जा मंत्री जी स्‍वयं या उनके प्रतिनिधि द्वारा प्रश्‍नकर्ता की उपस्थिति में जाँच की जाकर हितग्राहियों से रूबरू होंगे? यदि हाँ, तो यह जाँच कब की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, संपूर्ण प्रदेश के आबादी क्षेत्र में घरेलू उपभोक्‍ताओं को 24 घंटे तथा कृषि उपभोक्‍ताओं को 10 घंटे विद्युत प्रदाय हेतु राज्‍य शासन प्रतिबद्ध है। (ख) नगर पालिक निगम, मुरैना एवं विधानसभा क्षेत्र-07 दिमनी जिला मुरैना के हितग्राहियों को कतिपय अवसरों पर प्राकृतिक आपदा/तकनीकी खराबी के कारण आए आकस्मिक व्‍यवधानों व अत्‍यावश्‍यक मेन्‍टेनेंस कार्य की अवधि को छोड़कर सामान्‍यत: घरेलू उपयोग हेतु 24 घंटे तथा कृषि कार्य हेतु 10 घंटे विद्युत प्रदाय की जा रही है। (ग) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

उज्‍जैन नगर के लिए नवीन हवाई पट्टी की योजना

[विमानन]

7. ( *क्र. 2904 ) डॉ. मोहन यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन नगर के लिए विमानन विभाग की कोई योजना प्रस्तावित हो तो विस्तृत जानकारी प्रदान करें। (ख) उज्जैन नगर में वर्तमान में पुलिस लाईन स्थित हेलीपैड एवं दताना-मताना स्थित हवाई पट्टी का उपयोग किया जा रहा है तथा दोनों ही जगह ना तो नाईट लेंडिंग कि व्‍यवस्‍था है और ना ही कोई अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं? क्या विभाग की इस संबंध में कोई कार्य योजना है? यदि हाँ, तो कब तक प्रारम्भ की जायेगी? (ग) उज्जैर नगर में सिंहस्थ महापर्व तथा वर्ष भर महाकालेश्वर दर्शन हेतु प्रति वर्ष लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है तथा वर्तमान में उपलब्ध हेलीपैड तथा हवाई पट्टी से आने जाने में लगभग पूरे शहर को व्यस्ततम यातायात पार कर जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में क्या महाकालेश्वर मंदिर के आसपास किसी स्था‍न पर नवीन हवाई पट्टी की योजना प्रस्तावित है? यदि नहीं, तो क्यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। संसाधनों की उपलब्‍धता के परिप्रेक्ष्‍य में अभी विकास की योजना नहीं है। हवाई पट्टी पर विमान की लेंडिंग के समय अस्‍थाई रूप से आवश्‍यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जाती हैं। (ग) जी नहीं। मंदिर के आसपास हवाई पट्टी बनाने हेतु आवश्‍यक खुली भूमि उपलब्‍ध नहीं होने एवं महानिदेशक, नागर विमानन द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार तकनीकी रूप से भी संभव नहीं है।

विद्युत मीटर रीडिंग में अनियमितता

[ऊर्जा]

8. ( *क्र. 2037 ) श्री अंचल सोनकर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्तमान में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जबलपुर शहर के आम विद्युत उपभोक्‍ताओं को खपत से अधिक के विद्युत देयक भेजे जा रहे हैं? यदि हाँ, तो क्‍या कारण है? यह भी बताया जावे कि विद्युत देयक किसके द्वारा तैयार किये जा रहे हैं? (ख) क्‍या पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जबलपुर शहर में एक निजी कंपनी को विद्युत मीटर रीडिंग एवं उपभोक्‍ताओं के निवास पर ही विद्युत देयक तैयार कर प्रदान करने का ठेका दिया गया है? यदि हाँ, तो कंपनी का नाम बतावें? यह भी बताया जावे कि क्‍या ठेका प्राप्‍त कंपनी द्वारा नियमानुसार देयकों को तैयार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो आम उपभोक्‍ताओं को खपत से अधिक राशि के विद्युत देयक क्‍यों प्रदाय किये जा रहे हैं? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) क्‍या गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले एवं एक बत्‍ती कनेक्‍शन वाले उपभोक्‍ताओं का भी विद्युत देयक कई हजारों में कंपनी द्वारा प्रदाय किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन इसकी जाँच कराकर विद्युत देयकों का सुधार कर उचित राशि उपभोक्‍ता से वसूल करेगा एवं गलत देयक प्रदाय करने वाली कंपनी का ठेका निरस्‍त कर पूर्व की भांति मीटर वाचकों से मीटर रीडिंग कराकर आम जनता को राहत पहुँचावेगा, तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। जबलपुर शहर वृत्‍त के अंतर्गत ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स फीडबैक इन्‍फ्रा प्रा.लि. गुड़गांव के द्वारा स्‍पॉट बिलिंग के तहत मीटर रीडिंग की जाकर देयक तैयार किये जा रहे हैं। (ख) जी हाँ, उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार जबलपुर नगर वृत्‍त में स्‍पॉट बिलिंग के तहत मीटर रीडिंग तथा देयक तैयार करने का कार्य ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स फीडबैक इन्‍फ्रा प्रा.लि. गुडगांव से कराया जा रहा है। उक्‍त ठेकेदार कंपनी द्वारा मीटर में दर्ज खपत के आधार पर नियमानुसार देयक तैयार किये जा रहे हैं। पूर्व में ठेके पर अनुबंधित मीटर वाचकों द्वारा कुछ कनेक्‍शनों की गलत रीडिंग लिये जाने एवं हड़ताल पर जाने के कारण कुछ उपभोक्‍ताओं के मीटरों में खपत संचित होती रही थी। उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा रीडिंग लिये जाने पर वास्‍तविक मीटर रीडिंग होने से इन प्रकरणों में पूर्व की छूटी हुई खपत, जिसकी रीडिंग/बिलिंग नहीं हो पाई थी, के संचित होने के कारण अधिक राशि के बिल जारी हुए, जो कि उपभोक्‍ता द्वारा की गई वास्‍तविक खपत के ही हैं। (ग) जी नहीं, जबलपुर शहर वृत्‍त के अंतर्गत सभी श्रेणी के उपभोक्‍ताओं को म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दर आदेश में निहित प्रावधानों के तहत नियमानुसार बिल दिये जा रहे हैं। उत्‍तरांश (ख) में दर्शाए अनुसार कुछ प्रकरणों में विद्युत खपत संचित होने से वास्‍तविक खपत अनुसार अधिक राशि के बिल जारी हुए हैं। ऐसे प्रकरणों में शिकायतों के निराकरण हेतु जबलपुर शहर के विभिन्‍न क्षेत्रों में शिविर एवं वितरण केन्‍द्रों में अतिरिक्‍त काउन्‍टर लगाये गये हैं तथा जाँचोपरांत संबंधित उपभोक्‍ताओं को स्‍लेब यूनिट का लाभ देकर पुनरीक्षित बिल जारी किये गये हैं। उक्‍त प्रक्रिया लगातार जारी है। उपभोक्‍ताओं को बकाया राशि का किश्‍तों में भुगतान किये जाने की सुविधा भी प्रदान की गई है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में ठेके पर स्‍पॉट बिलिंग का कार्य कर रही एजेन्‍सी द्वारा म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दर आदेश में निहित प्रावधानों एवं मीटर में दर्ज वास्‍तविक खपत के अनुसार ही देयक प्रदाय किये जा रहे हैं। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में स्‍पॉट बिलिंग का कार्य कर रही ठेकेदार एजेन्‍सी के विरूद्ध कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना का रख-रखाव

[ऊर्जा]

9. ( *क्र. 1795 ) श्री राजेश सोनकर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्न क्र. 1614, दिनांक 25 जुलाई, 2017 में इन्दौर शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बारे में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पूछे जाने पर गांव क्षेत्रों में विद्युत कम्पनी द्वारा विद्युत लाईनों एवं स्था‍‍पित ट्रांसफार्मरों का रख-रखाव का कार्य कराया जा रहा है बताया गया था, तो विद्युत कंपनी द्वारा इंदौर शहर वृत्‍त में सम्मिलित किये गये ग्रामीण क्षेत्रों में क्‍या-क्‍या रख-रखाव के कार्य उनके सम्मिलित करने की दिनांक के बाद कराये गये? इन सम्मिलित किये गये ग्रामीण क्षेत्रों में जिन विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई है, उनकी सूची देवें तथा कितने किलोमीटर लाईन का रिनोवेशन किया गया? (ख) आई.पी.डी.एस. योजना क्या है? इस योजना के अंतर्गत क्या-क्या कार्य कराये जायेंगे, कार्य कब तक प्रांरभ कराये जायेंगे? इन्‍दौर शहर वृत्‍त के अतंर्गत विगत 3 वित्‍तीय वर्ष में कितने विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर का मेन्‍टेनेंस कार्य किया गया है? शहर, संभागवार संख्‍या बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के प्रश्न क्रमांक 1614, दिनांक 25.07.2017 के उत्तर में यह बताया गया था कि इंदौर शहर वृत्त में सम्मिलित किये गये ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव के विभिन्न कार्य, उन ग्रामों के शहरी क्षेत्र में सम्मिलित किये जाने के उपरांत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय स्‍तर पर कराये जा रहे हैं। इंदौर शहर वृत्त के अंतर्गत सम्मिलित किये गये ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव के कार्यों के अंतर्गत 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्रों का रख-रखाव, 33 के.व्‍ही. एवं 11 के.व्ही. लाईनों का रख-रखाव, विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों का रख-रखाव, उच्चदाब तथा निम्नदाब लाईनों में मिडस्पान पोल लगाना एवं निम्नदाब लाईनों का रख-रखाव इत्यादि कार्य कराये गये हैं। इंदौर शहर वृत्त के अंतर्गत सम्मिलित किये गये ग्रामीण क्षेत्रों में प्रश्‍नाधीन अवधि में वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के जो कार्य किए गये हैं, उनकी शहर, संभागवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत लाईनों के रिनोवेशन के कार्य के तहत् 33 के.व्ही. की 2.5 किलोमीटर, 11 के.व्ही. की 8.5 किलोमीटर एवं निम्नदाब की 12.5 किलोमीटर लाईन के रिनोवेशन का कार्य किया गया है। (ख) आई.पी.डी.एस. (इनट्रीग्रेटेड पॉवर डेव्हलपमेंट स्कीम) योजना केन्द्र सरकार की योजना है, जिसके अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में विद्युत प्रणाली के सुदृढ़ीकरण एवं ए.टी. एण्ड सी. लॉसेस (समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियाँ) को कम करने के कार्य स्वीकृत हैं। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न विद्युत अधोसंरचना संबंधी कार्य यथा- नवीन 11 के.व्ही. लाईनों का निर्माण, 11 के.व्ही. लाईनों की क्षमता वृद्धि, एरियल बंच निम्नदाब केबल, भूमिगत केबल, नये विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, निम्नदाब लाईनों के खुले तारों को केबिल से बदलना एवं मीटरिंग के कार्य कराये जायेंगे। इन्‍दौर शहर वृत्‍त के सभी शहर संभागों हेतु उक्‍त कार्य टर्न-की आधार पर कराए जाने के लिये विभिन्‍न ठेकेदार एजेन्सियों को माह सितम्‍बर, 2017 में अवार्ड जारी किया गया है तथा ठेकेदार एजेन्सियों द्वारा दिनांक 25.10.2017 से सर्वे का कार्य आरंभ किया गया है, जो वर्तमान में प्रगति पर है। शहर वृत्त इंदौर के अंतर्गत विगत 3 वित्तीय वर्षों में कुल 28,156 वितरण ट्रांसफार्मरों के रख-रखाव (मैन्‍टेनेन्स) का कार्य किया गया है, जिसकी शहर संभागवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

10. ( *क्र. 2534 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 में सागर जिले में कितने आंगनवाड़ी भवन शासन स्‍तर से स्‍वीकृत किए गए? (ख) स्‍वीकृत किए गए आंगनवाड़ी भवन वर्षवार, विकासखण्‍ड एवं विधान सभा क्षेत्रवार कितने-कितने स्‍वीकृत किए गए? (ग) स्‍वीकृति हेतु विभाग द्वारा जिला स्‍तर पर क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए थे? (घ) नरयावली विधासभा क्षेत्र के कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के भवन हेतु ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधि स्‍तर से आवेदन पत्र लंबित हैं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) सागर जिले में 211 आंगनवाड़ी भवन वर्ष 2014-15, 2015-16, 2016-17 में स्वीकृत किये गये हैं। विस्तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) स्वीकृत किये गये आंगनवाड़ी भवनों की विस्तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा जिले में आंगनवाड़ी भवन निर्माण के लिये निर्धारित मापदण्‍ड पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) सागर जिले से नरयावली विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत 26 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 06 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है, 03 नगरी क्षेत्रों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये भवन मनरेगा योजना के अभिसरण से स्वीकृत नहीं किये जा सकते हैं, अतः शेष 17 आंगनवाड़ी भवनों के प्रस्ताव स्वीकृति हेतु लंबित हैं।

मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन योजना

[ऊर्जा]

11. ( *क्र. 2929 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1790, दिनांक 25 जुलाई, 2017 के उत्‍तर में बताया गया था कि विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा के अंतर्गत माह अक्‍टूबर 2016 से जुलाई 2017 तक मुख्‍यमंत्री स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन योजनांतर्गत 698 आवेदन पंजीबद्ध किये गये थे, जिसके विरूद्ध 177 आवेदनों का निराकरण होना बताया था? यदि हाँ, तो शेष 521 आवेदनों में प्रश्‍न दिनांक तक अद्यतन स्थिति क्‍या है तथा एक अगस्‍त 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त योजना में पंजीबद्ध आवेदन तथा निराकृत आवेदन की जानकारी देवें? (ख) क्‍या उक्‍त योजनांतर्गत कृषक द्वारा नियमानुसार राशि जमा कराये जाने की दिनांक से 9 माह में कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित है? यदि हाँ, तो क्‍या फसल सीजन के समय कृषकों को स्‍थायी कनेक्‍शन की त्‍वरित आवश्‍यकता होती है, जो कि समय पर नहीं होने से कृषकों की फसल प्रभावित होती है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा कृषकों को त्‍वरित स्‍थायी कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु कोई ठोस निर्णय लिया जावेगा? यदि हाँ, तो क्‍या और कब तक? प्रश्नांश (क) वर्णित प्रश्‍न दिनांक तक शेष आवेदनों का निराकरण कब तक करा दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, प्रश्‍न क्रमांक 1790, दिनांक 25.7.2017 में मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना के अंतर्गत ब्‍यावरा विधानसभा क्षेत्र में माह अक्‍टूबर 2016 से जुलाई 2017 तक 698 आवेदन पंजीबद्ध होने तथा इनमें से 177 आवेदकों के कार्य पूर्ण किये जाने की जानकारी दी गई थी। शेष 521 आवेदनों में से प्रश्‍न दिनांक तक 338 आवेदनों में कार्य पूर्ण कर दिया गया है, 3 आवेदन मार्ग अवरूद्ध होने/अन्‍य कारणों से निरस्‍त कर दिये गये हैं एवं 180 (आवेदनों) में स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन हेतु कार्य प्रगति पर है। एक अगस्‍त 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त योजना में 227 आवेदन पंजीबद्ध किये गये हैं जिनका कार्य प्रगति पर है तथा इनका निराकरण योजना की निर्धारित समयावधि में कर दिया जायेगा। (ख) राज्‍य शासन के आदेश दिनांक 06.09.2016 द्वारा लागू मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना में कार्य किये जाने के लिये आवेदक द्वारा राशि जमा कराये जाने के उपरांत कार्य किये जाने हेतु अधिकतम 9 माह की समय-सीमा निर्धारित की गई थी, जिसे राज्‍य शासन के आदेश दिनांक 12.09.2017 के माध्‍यम से दिनांक 12.09.2017 के बाद प्राप्‍त होने वाले आवेदनों हेतु घटाकर 6 माह कर दिया गया है। उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित शेष आवेदनों का निराकरण योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में करा दिया जायेगा। कृषि सीजन में त्‍वरित आवश्‍यकता की पूर्ति हेतु कृषक आवश्‍यकतानुसार अस्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन प्राप्‍त कर सकते हैं तथा उक्‍तानुसार अस्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन लेने वाले उपभोक्‍ताओं को राज्‍य शासन के आदेश दि. 21.9.2017 द्वारा यह विकल्‍प दिया गया है कि उनके द्वारा मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित अंश राशि जमा करने पर, उन्‍हें अस्‍थायी कृषि पम्‍प कनेक्‍शन हेतु पृथक से एनर्जी चार्ज आदि की राशि जमा करने की आवश्‍यकता नहीं होगी तथा उक्‍त अस्‍थायी कनेक्‍शन पर फ्लैट रेट आधारित बिलिंग की जाएगी। यदि कृषक चाहे तो मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना में अंश राशि न जमा कर ''स्‍वयं का ट्रांसफार्मर योजना'' में योग्‍य विद्युत ठेकेदार से अधोसंरचना का कार्य करवाकर शीघ्र कनेक्‍शन प्राप्‍त कर सकता है।

हरदा जिले में आई.एस.ओ. अवार्ड घोषित छात्रावास

[अनुसूचित जाति कल्याण]

12. ( *क्र. 2609 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में कुल कितने अ.जा/अ.ज.जा छात्रावास संचालित हैं? कितने छात्रावासों को आई.एस.ओ. अवार्ड घोषित किया गया है? आई.एस.ओ. अवार्ड हेतु क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित थे? (ख) क्‍या आई एस ओ अवार्ड छात्रावासों के लिए शासन दवारा बजट निर्धारित किया गया था? यदि हाँ, तो सम्‍पूर्ण बजट का विवरण अवार्डेड छात्रावास पर कितना कितना किस मद पर व्‍यय किया गया? सम्‍पूर्ण ब्‍यौरा देवें। यदि नहीं, तो आई.एस.ओ. अवार्ड के लिए किस मद से भुगतान किया गया? छात्रावासवार जानकारी देवें। (ग) जिले में संचालित छात्रावासों में सी.सी.टी.व्‍ही. कैमरा व एल.सी.डी. टी.वी. की व्‍यवस्‍था दी गई है? यदि हाँ, तो कहाँ कहाँ? किस फर्म से क्रय किया गया? क्‍या क्रय हेतु भंडार क्रय नियमों का पालन किया गया? यदि हाँ, तो नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) संदर्भ में क्‍या क्रय हेतु समिति का गठन किया गया था? यदि हाँ, तो समिति से अवगत करावें एवं क्रय सामग्री के भौतिक सत्‍यापन की जानकारी देवें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) हरदा जिला अंतर्गत अनुसूचित जाति के 22 तथा अनुसूचित जनजाति के 22 छात्रावास संचालित हैं। जिला अंतर्गत अनुसूचित जाति के 22 तथा अनुसूचित जनजाति के 22 छात्रावास को आई.एस.ओ. अवार्ड घोषित किया गया है। आई.एस.ओ. मापदण्‍ड आई.एस.ओ. संगठन द्वारा निर्धारित थे। (ख) जी नहीं। आई.एस.ओ. अवार्ड हेतु शासन स्‍तर से बजट निर्धारित नहीं था। आई.एस.ओ. मापदण्‍ड की पूर्ति हेतु किये गये व्‍यय की मदवार छात्रावासवार अनुसूचित जाति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं अनुसूचित जनजाति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जी हाँ। सी.सी.टी.व्‍ही. कैमरा सुविधायुक्‍त अनुसूचित जनजाति छात्रावासों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है एवं अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रावासों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र'' अनुसार है एवं एल.सी.डी.टी.व्‍ही. सुविधायुक्‍त अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रावासों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार एवं अनुसूचित जनजाति के छात्रावासों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र'' अनुसार है। सी.सी.टी.व्‍ही. कैमरा-एडवांस टेक्‍नालाजी इंदौर एवं एल.सी.डी.टी.व्‍ही. गुंजन रेडियो हरदा से क्रय की गई है। क्रय हेतु भण्‍डार क्रय नियमों का पालन किया गया या नहीं, इसकी जाँच की जा रही है। (घ) जी नहीं।

टैक्‍नोफेव इंजी. लिमिटेड द्वारा विद्युत कार्यों में अनियमितताएं

[ऊर्जा]

13. ( *क्र. 3080 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टैक्‍नोफेब इंजी. लिमि. द्वारा मुरैना जिले में किये जा रहे कार्यों में विभाग को कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं हैं या विभाग के संज्ञान में कितनी अनियमितताएं प्रकाश में आईं हैं? विवरण देवें। (ख) ठेकेदार कंपनी के सामान स्‍टोर कहाँ-कहाँ स्‍थापित हैं और विभाग द्वारा सामान का कब-कब निरीक्षण किया गया? निरीक्षणकर्ता का नाम, निरीक्षण प्रतिवेदन सहित अवगत कराया जावे? (ग) क्‍या ठेकेदार कंपनी स्‍वयं कार्य न करते हुए नियम विरूद्ध अनुभवहीन लोगों को पेटी कॉन्‍ट्रेक्‍ट स्‍तर पर कार्य करवा रही है और उन्‍हें ही सामान प्रदाय कर दिया जाता है? यदि हाँ, तो क्‍यों? यदि नहीं, तो ठेकेदार कंपनी द्वारा सामान किस-किस को प्रदाय किया गया है? गेटपास मटेरियल प्रदाय की जानकारी दी जावे? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित अनुभवहीन पेटी कॉन्‍ट्रेक्‍टरों द्वारा कार्य में न तो एलाइन्‍मेन्‍ट, डायरेक्‍शन, तारों में टेंशन का ध्‍यान रखा जा रहा है और न ही नियमानुसार मटेरियल लगाया जा रहा है? ग्रामीण सड़कों पर खम्‍बे गाड़े जा रहे हैं, लाइने झुक रही हैं, जिससे ग्रामीणजनों को खतरा पैदा हो गया है? विधान सभा क्षेत्र जौरा में ठेकेदार कंपनी द्वारा कार्यों में की गयी अनियमितताओं की जाँच कर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मुरैना जिले में मेसर्स टैक‍नोफैब इंजीनियरिंग लिमिटेड, नई दिल्‍ली द्वारा फीडर विभक्तिकरण योजनान्‍तर्गत किये जा रहे कार्यों में से कार्य की गुणवत्‍ता संबंधी 2 शिकायतें प्राप्‍त हुईं हैं। प्राप्‍त शिकायतों की जाँच उपमहाप्रबंधक (संचा./संधा.), मुरैना एवं प्रोजेक्‍ट मैनेजमेंट कंसलटेन्‍सी, मेसर्स एस.जी.एस. कंपनी द्वारा नियुक्‍त रेसीडेंट इंजीनियर द्वारा संयुक्‍त रूप से की गई है। उक्‍त प्राप्‍त शिकायतों में उल्‍लेखित बिन्‍दु जाँच में सही नहीं पाये गये। उक्‍त प्राप्‍त शिकायतों का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ख) मेसर्स टैकनोफैब इंजीनियरिंग लिमिटेड का साईट स्‍टोर मुरैना शहर के ए.बी.रोड के पास लश्‍करी का पुरा, मौजा छोंदा, परगना जिला मुरैना में स्‍थापित है। ठेकेदार एजेंसी के साईट स्‍टोर में उपलब्‍ध सामग्री का सत्‍यापन एम.ए.एस. (मटेरियल एट साईट) रजिस्‍टर से एम.आर.सी. (मटेरियल रिसिप्‍ट सर्टिफिकेट) जारी करने के पूर्व एवं सेम्‍पलिंग कार्य के लिए नियुक्‍त अधिकारियों द्वारा किया जाता है। उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी के साईट स्‍टोर के निरीक्षण की दिनांक सहित निरीक्षणकर्ता का नाम एवं निरीक्षण प्रतिवेदन के विवरण से संबंधित जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) मेसर्स टैकनोफैब इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा स्‍वयं की लेबर एवं उनके अनुबंधित अनुभवी ठेकेदारों के माध्‍यम से प्रोजेक्‍ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी के फील्‍ड इंजीनियरों की देखरेख में कार्य कराया जा रहा है। उक्‍त ठेकेदार कंपनी के द्वारा स्‍थानीय अनुभवी ठेकेदारों की प्रशिक्षित लेबर के माध्‍यम से भी कुछ कार्य कराये गये हैं। अनुभवहीन व्‍यक्तियों को कार्य नहीं दिया गया है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में मटेरियल एवं गेट पास संबंधी जानकारी दिये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। कार्य पूर्ण होने पर प्रोजेक्‍ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी एवं विद्युत कंपनी के अधिकारियों से माप एवं जाँच कराने के उपरांत ही अग्रिम कार्यवाही की जाती है। (घ) मेसर्स टैकनोफैब इंजीनियरिंग लिमिटेड को जारी किये गये अवार्ड के प्रावधानों के अनुरूप ही कार्य उक्‍त ठेकेदार एजेन्‍सी की स्‍वयं की लेबर एवं उनके अनुबंधित अनुभवी ठेकेदारों के माध्‍यम से, प्रोजेक्‍ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी के फील्‍ड इंजीनियरों की देखरेख में ही कराया जाता है। यह सही है कि कार्य के दौरान कुछ स्‍थानों पर पोल स्‍थापित करने में ग्रामीणों द्वारा आपत्तियाँ दर्ज की जाती हैं। ग्रामीणों द्वारा चयनित स्थान पर पोल खड़े नहीं करने देने से कतिपय अवसरों पर विद्युत लाईन को सड़क के नजदीक स्‍थापित कर कार्य किया जाता है। तथापि कार्य के दौरान रोड पर पोल गाड़ने की शिकायत प्राप्‍त होने पर प्रोजेक्‍ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी, ठेकेदार एजेन्‍सी एवं विद्युत कंपनी के क्षेत्र प्रभारी के साथ संयुक्‍त सर्वे कर पोल को उचित स्‍थान पर स्‍थापित कराकर समस्‍या का निराकरण कर दिया जाता है। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र रजौधा से निर्गमित 11 के.व्‍ही. हुसेनपुर फीडर पर मेसर्स टैकनोफैब इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा फीडर सेपरेशन कार्य करने हेतु रोड पर पोल खड़े करने पर आपत्ति की गई थी। सूचना प्राप्‍त होने पर अविलंब उक्‍त कार्य को रोक दिया गया है एवं स्‍थापित पोलों को तकनीकी रूप से उचित स्‍थान पर स्‍थानान्‍तरित करने हेतु मेसर्स टैकनोफैब कंपनी को निर्देशित कर दिया गया है। मेसर्स टैकनोफैब इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा उक्‍त पोलों को स्‍थानान्‍तरित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार जौरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मेसर्स टैकनोफैब इंजीनियरिंग लिमिटेड द्वारा किये गये कार्यों में अनियमितता संबंधी दो शिकायतें प्राप्‍त हुईं थीं, जो कि जाँचोपरान्‍त सही नहीं पाई गई।

परिशिष्ट - ''पाँच''

वनाधिकार पट्टों का वितरण

[जनजातीय कार्य]

14. ( *क्र. 2192 ) श्री रमेश पटेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी विधान सभा क्षेत्र के पाटी एवं बड़वानी क्षेत्र अंतर्गत दि. 01.1.2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने पात्रों को वनाधिकार पट्टे जारी एवं वितरित किये गये? संबंधित संख्‍या ग्रामवार, वर्षवार बतावें। (ख) ग्राम पिपरकुण्‍ड, देवगढ़, आम्‍ली, मोरानी, कन्‍ड्रावन वन, सागमाल, रामगढ़, सागबारा, चैरवी, कोटबांधनी, सिधवानी, घोघसा, भानिजकुण्‍ड, गोलगांव, खेरवानी, सेमलेट, मरदई, काजलमाता में कितने लोगों को वनाधिकार पट्टा दिया जाना शेष है? ग्रामवार संख्‍या बतावें। (ग) इस संबंध में कितने आवेदन लंबित हैं? ग्रामवार संख्‍या देवें। इनका निराकरण कब तक कर पट्टा वितरण कर दिया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश '''' में दर्शित ग्रामों में वन अधिकार पत्र दिये जाने हेतु कोई प्रकरण शेष नहीं है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) उत्तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छ:''

वाटर कूलर एवं फर्नीचर का क्रय

[सामान्य प्रशासन]

15. ( *क्र. 2318 ) कुमारी निर्मला भूरिया : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में वर्ष 2014-15 एवं वर्ष 2015-16 में विधायक जनसम्पर्क निधि, मंत्रि‍यों की जनसम्पर्क निधि तथा विधायक स्वेच्छानुदान से कितने शासकीय विद्यालयों/चिकित्सालयों एवं जनपद पंचायत में वाटर कूलर एवं फर्नीचर क्रय किये जाने हेतु किस-किस संस्था में कितनी-कितनी राशि किस-किस दिनांक को स्वीकृत की गई है? इनमें से कितनी संस्थाओं द्वारा राशि का सही उपयोग किया गया? उपयोगि‍ता प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जावे? संस्थावार जानकारी देवें। (ख) क्या प्रश्नांश (क) में संस्थाओं को विधायक, जनसम्पर्क निधि, मंत्रियों की जनसम्पर्क निधि तथा विधायक स्वेच्छानुदान से वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में राशि उपलब्ध कराई गई थी, इन संस्थाओं द्वारा उक्त राशि से वाटर कूलर एवं फर्नीचर क्रय नहीं किये हैं? इन संस्थाओं की सूची प्रदान की जावे? (ग) विधायक जनसम्पर्क निधि, मंत्रियों की जनसम्पर्क निधि तथा विधायक स्वेच्छानुदान से स्वीकृत वाटर कूलर/फर्नीचर क्रय नहीं करने वाली संस्थाओं के विरूद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई, नहीं की गई तो कारण बतावें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। सभी संस्‍थाओं द्वारा राशि का सही उपयोग किया गया है। उपयोगिता प्रमाण पत्र संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) संस्‍थाओं द्वारा वाटर कूलर एवं फर्नीचर क्रय किये गये हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कुपोषण प्रभावित जिलों में संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्र

[महिला एवं बाल विकास]

16. ( *क्र. 57 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश के कौन-कौन से जिले कुपोषण से प्रभावित हैं? जिलों के नाम सहित जानकारी दी जाए। (ख) कुपोषण से प्रभावित जिलों में कितनी-कितनी आंगनवाड़ी संचालित हैं? पृथक-पृथक बताया जाए। (ग) कुपोषण से प्रभावित क्षेत्रों में आंगनवाड़ी द्वारा प्रतिदिन, प्रति बच्‍चा कितना-कितना पौष्टिक खाद्य पदार्थ दिया जाता है एवं प्रतिदिन के मान से प्रति बच्‍चा कितनी राशि व्‍यय की जाती है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) वर्ष 2015-16 में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-4 अनुसार जिलेवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) विभागीय निर्देशानुसार अति कम वजन के बच्चों को 20-25 ग्राम प्रोटीन एवं 800 ग्राम कैलोरीयुक्त आहार, पूरक पोषण आहार के रूप में दिये जाने एवं राशि रूपये 9/- प्रति बच्चा प्रति दिवस व्यय किये जाने का प्रावधान है।

परिशिष्ट - ''सात''

राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना का क्रियान्‍वयन

[ऊर्जा]

17. ( *क्र. 790 ) श्री मुकेश नायक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले के विधान सभा क्षेत्र 58 पवई में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनांतर्गत वर्ष 2009 से मार्च 2015 तक कितने ग्रामों में विद्युतीकरण कार्य स्‍वीकृत किया गया? संख्‍या बतावें। किस-किस क्रियान्‍वयन एजेंसी द्वारा कितने-कितने ग्रामों में क्‍या-क्‍या कार्य किये गये हैं? संख्‍या बतावें। (ख) क्‍या राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत अ.जा./अ.ज.जा./पि. वर्ग के लिये कोई विशेष सुविधा दिये जाने के प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो क्‍या विधान सभा क्षेत्र दिमनी में इनका पालन किया जाकर कहाँ-कहाँ, क्‍या-क्‍या कार्य किए? (ग) क्‍या स्‍वीकृ‍त कार्य प्रारंभ होकर अपूर्ण हैं, जैसे कहाँ खम्‍भे, तार, कटआउट, ट्रांसफार्मर भी नहीं लगे हैं? (घ) स्‍वीकृत/निर्माणाधीन कार्य कब तक पूर्ण होकर हितग्राहियों को समय पर कृषि एवं घरेलू विद्युत प्रदाय हो जावेगी? कार्य समय पर पूर्ण न होने के क्‍या कारण हैं? इस हेतु कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? उनके खिलाफ शासन द्वारा कब तक कार्यवाही की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला पन्‍ना के विधानसभा क्षेत्र पवई में 11वीं एवं 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनान्‍तर्गत वर्ष 2009 से मार्च 2015 तक किये गये विद्युतीकरण के कार्यों की स्‍वीकृत ग्रामों की संख्‍या सहित योजनावार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) जी नहीं, 11वीं एवं 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजनान्‍तर्गत सम्मिलित सभी ग्रामों के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं। (घ) प्रश्‍नाधीन सभी स्‍वीकृत कार्य पूर्ण कर हितग्राहियों को घरेलू कनेक्‍शन प्रदान कर विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त योजनाओं में कृषि कार्य हेतु पम्‍प कनेक्‍शन दिये जाने का कोई प्रावधान नहीं है। उक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में किसी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - ''आठ''

वित्‍त सेवा के अधिकारियों को समयमान वेतनमान

[वित्त]

18. ( *क्र. 2718 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन वित्‍त विभाग द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक एफ-11-17/2014/नियम/चार, दिनांक 30 सितम्‍बर, 2014 मध्‍यप्रदेश वित्‍त सेवा के अधिकारियों पर लागू है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍त विभाग में मध्‍यप्रदेश वित्‍त सेवा संवर्ग के ऐसे कितने अधिकारी हैं, जिनकी सेवायें 30 वर्ष की हो चुकी हैं एवं उन्‍हें इस समयमान की पात्रता है? क्‍या इन सभी अधिकारियों को शासन के निर्देशानुसार समयमान वेतनमान स्‍वीकृत किया जा चुका है? यदि नहीं, तो उन्‍हें कब तक स्‍वीकृत किया जावेगा? (ग) क्‍या ऐसे अधिकारी भी हैं, जो सेवानिवृत्‍त हो चुके हैं परंतु उन्‍हें तीसरा समयमान वेतनमान का लाभ नहीं मिल पाया है? यदि हाँ, तो यह लाभ कब तक मिल जायेगा एवं लाभ नहीं देने के लिये कौन दोषी हैं एवं दोषी अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्‍या प्रधानमंत्री कार्यालय से समयमान वेतनमान नहीं दिये जाने के संबंध में पत्र प्रस्‍तुत हुआ है? उस पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई, बतावें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। 03 समयमान वेतनमान स्‍वीकृत किये जाने संबंधी कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (ग) जी हाँ। समयमान वेतनमान स्‍वीकृत किये जाने संबंधी कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। (घ) ऐसा कोई पत्र प्राप्‍त होना नहीं पाया गया। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍यमंत्री कृषि स्‍थायी पंप कनेक्‍शन योजना में अनियमितता

[ऊर्जा]

19. ( *क्र. 3157 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजनान्‍तर्गत संचालन-संधारण संभाग महिदपुर एवं नागदा में योजना के प्रारंभ से माह अक्‍टूबर-2017 तक कितने विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर स्‍वीकृत किये गये हैं? संभागवार पृथक-पृथक जानकारी देवें (ख) मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना हेतु निर्धारित समय-सीमा में कितने पम्‍पों हेतु कितने वितरण ट्रांसफार्मर नहीं लगाये जा सके? कारण बतावें तथा इसके लिए संबंधित ठेकेदार पर क्‍या कार्यवाही की गई? अभी तक स्‍थापित ट्रांसफार्मर की संभागवार पृथक-पृथक जानकारी देवें (ग) संचालन-संधारण संभाग नागदा में मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना के अन्‍तर्गत योजना की प्रारंभ तिथि से अक्‍टूबर-2017 तक जारी कार्यादेशों की वरीयता सूची देवें, जिसमें कार्य पूर्णता की जानकारी भी समाहित हो? क्‍या कारण है कि यहां पर स्‍थापित ट्रांसफार्मर में हल्‍की गुणवत्‍ता की सामग्री प्रयुक्‍त की गई? ठेकेदार द्वारा लगाये समस्‍त बिलों की छायाप्रति देवें (घ) प्रश्‍न (ग) अनुसार वरीयता क्रय में मनचाहा परिवर्तन कर ट्रांसफार्मर लगाने वालों तथा हल्‍की गुणवत्‍ता की सामग्री प्रयुक्‍त करने वालों एवं इसकी अनदेखी करने वाले संबंधित अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना में योजना प्रारंभ दिनांक 06.09.2016 से अक्‍टूबर, 2017 तक संचा.-संधा. संभाग महिदपुर में 500 सिंचाई पम्‍पों हेतु 481 एवं संचा.-संधा. संभाग नागदा में 455 सिंचाई पम्‍पों हेतु 451 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍वीकृत किये गये हैं। (ख) मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना में उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित स्‍वीकृत कार्यों में से संचा.-संधा. संभाग महिदपुर में 257 पम्‍प कार्यों हेतु 251 एवं संचा.-संधा. संभाग नागदा में 184 पम्‍प कार्यों हेतु 182 वितरण ट्रांसफार्मर निर्धारित समय-सीमा में नहीं लगाये जा सके। उक्‍त कार्यों में विलंब का कारण वर्षा ऋतु में पहुँच मार्ग उपलब्‍ध नहीं होना एवं खेतों में फसल खड़ी होना है, अत: किसी ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है। मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना में उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में संचा.-संधा. संभाग महिदपुर में 274 हितग्राहियों हेतु 267 (29 समय-सीमा में एवं 238 समय-सीमा के पश्‍चात्) एवं संचा.-संधा. संभाग नागदा में 187 हितग्राहियों हेतु 184 (51 समय-सीमा में एवं 133 समय-सीमा के पश्‍चात्) वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित कर दिये गये हैं। (ग) मुख्‍यमंत्री स्‍थाई कृषि पंप कनेक्‍शन योजना में योजना प्रारंभ दिनांक 06.09.2016 से अक्‍टूबर-2017 तक अंश राशि जमा करने वाले संचा.-संधा. संभाग नागदा के हितग्राहियों के कार्य हेतु जारी कार्यादेशों की वरीयता सूची जिसमें कार्य की पूर्णता की जानकारी समाहित है, पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उक्‍त योजना में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में '' श्रेणी के विद्युत ठेकेदारों से सेमी टर्न-की के आधार पर कार्य कराए जा रहे हैं, जिसमें मुख्‍य सामग्री यथा-ट्रांसफार्मर, पोल, कंडक्‍टर आदि वितरण कंपनी द्वारा ही ठेकेदार को उपलब्‍ध कराई जाती है तथा ठेकेदार द्वारा निर्धारित मापदण्‍डों एवं गुणवत्‍ता के अनुरूप अन्‍य सामग्री क्रय कर उक्‍त कार्यों में उपयोग में लाई जाती है। प्रश्‍नाधीन स्‍थापित किये गए वितरण ट्रांसफार्मरों की गुणवत्‍ता विद्युत कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप है तथा इन्‍हें स्‍थापित करने के लिये उपयोग की गई अन्‍य आवश्‍यक विद्युत सामग्री की गुणवत्‍ता निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही ठेकेदार द्वारा सामग्री का उपयोग किया गया है। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन कार्यों हेतु ठेकेदारों द्वारा उन्‍हें जारी कार्यादेशों के विरूद्ध कोई भी बिल भुगतान हेतु संबंधित कार्यालयों में प्रस्‍तुत नहीं किया गया है। (घ) उत्‍तरांश (ग) में उल्‍लेखित कार्यादेशों में यथासंभव वरीयता अनुसार ही कार्य संपादित कराये गये हैं। तथापि कतिपय अवसरों पर मार्ग सुगम नहीं होने, कृषकों के आपसी विवाद, सामग्री कार्यस्‍थल पर पहुँचने में लगने वाले समय, विभिन्‍न कार्यादेशों में कार्य की मात्रा में भिन्‍नता आदि कारणों से आई व्‍यव‍हारिक कठिनाईयों के कारण कुछ प्रकरणों में वरीयता क्रम आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। इन कार्यों में उत्‍तरांश (ग) में दर्शाए अनुसार निर्धारित मानकों के अनुरूप ही सामग्री का उपयोग किया गया है। अत: किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत स्‍वीकृत विद्युत सब-स्टेशन

[ऊर्जा]

20. ( *क्र. 457 ) श्री संजय शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2015-16 से प्रश्न दिनांक तक कितने विद्युत सब-स्टेशन, कहाँ-कहाँ पर और कितनी क्षमता के स्वीकृत हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार स्वीकृत विद्युत सब-स्टेशनों में से कौन-कौन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है? कौन-कौन निर्माणाधीन हैं एवं कौन-कौन का निर्माण कार्य क्‍यों प्रारम्भ नहीं हुआ है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार निर्माणाधीन विद्युत सब-स्टेशनों का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण होगा एवं निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं होने वाली विद्युत सब-स्टेशनों का निर्माण कार्य कब तक प्रारम्भ होगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) तेन्‍दूखेड़ा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में 132 के.व्‍ही. के 3 विद्युत उपकेन्‍द्र एवं 33 के.व्‍ही. के 4 विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍वीकृत किये गये हैं, जिनकी स्‍थानवार एवं क्षमतावार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार स्‍वीकृत उपकेन्‍द्रों में से कार्य पूर्णता वाले, निर्माणाधीन एवं कार्य अप्रारंभ वाले उपकेन्‍द्रों की कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण सहित उपकेन्‍द्रवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार निर्माणाधीन विद्युत उपकेन्‍द्रों का निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावित तिथि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। कार्य अप्रारंभ वाले 132 के.व्‍ही. के पलोहाबडा एवं तेन्‍दूखेड़ा उपकेन्‍द्रों का कार्य क्रमश: भूमि आवंटन एवं निविदा कार्यवाही पूर्ण होने पर प्रारंभ किया जा सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। इसके अतिरिक्‍त कार्य अप्रारंभ वाले 33 के.व्‍ही. बिल्‍थारी उपकेन्‍द्र का कार्य सर्वे पूर्ण होने पर दिसम्‍बर 2017 में प्रारंभ किया जाना संभावित है।

परिशिष्ट - ''नौ''

दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के लिए विनियमित योजना

[सामान्य प्रशासन]

21. ( *क्र. 1138 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को स्‍थायी कर्मियों में विनियमित करने की योजना शासन द्वारा बनाई गई है? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार शासन द्वारा यदि विनियमित करने की योजना बनाई गई है तो माह अक्‍टूबर, 2016 के बाद झाबुआ जिले में कितने दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को स्‍थायीकर्मी के आदेश किस-किस विभाग द्वारा जारी किये गये? क्‍या धार जिले में आदेश जारी हो चुके हैं? (ग) झाबुआ जिले में दैनिक वेतन भोगी को स्‍थायी कर्मी के आदेश विभाग द्वारा जारी नहीं किये गये तो शासन उस विभाग के अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा और स्‍थायी करने के आदेश कब तक जारी किये जावेंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विनियमितिकरण की कार्यवाही एक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाती है। शेषांश प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दस''

दुधी सिंचाई परियोजना का कार्य प्रारंभ किया जाना

[नर्मदा घाटी विकास]

22. ( *क्र. 1901 ) श्री ठाकुरदास नागवंशी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता के तारांकित प्रश्न क्रमांक 2392, दिनांक 03.03.2017 के उत्‍तर में दुधी सिंचाई परियोजना का डी.पी.आर. छ: माह के अन्दर तैयार किये जाने का आश्‍वासन दिया गया था? यदि हाँ, तो अद्यतन स्थिति की जानकारी दें? (ख) क्या प्रश्न दिनांक तक दुधी सिंचाई परियोजना की डी.पी.आर. तैयार नहीं की जाकर टेंडर आहूत नहीं किये गये हैं? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन उत्तरदायी हैं, क्या उत्तरदायित्व का निर्धारण किया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जी हाँ। दुधी सिंचाई परियोजना की डी.पी.आर. विभाग द्वारा दिनांक 26.05.2017 को केन्‍द्रीय जल आयोग, नई दिल्‍ली को प्रस्‍तुत कर दी गई थी। केन्‍द्रीय जल आयोग द्वारा 2017 की गाईड लाईन अनुसार अनुमोदन प्राप्‍त कर, पुनरीक्षित डी.पी.आर. प्रस्‍तुत करने का लेख किया गया है। विभाग द्वारा केन्‍द्रीय जल आयोग की गाईड लाईन 2017 के अनुसार परियोजना की प्रि-फिजिबिलिटी रिपोर्ट दिनांक 14.09.2017 को केन्‍द्रीय जल आयोग, नई दिल्‍ली को प्रस्‍तुत कर दी गई है। प्रतिवेदन केन्‍द्रीय जल आयोग, नई दिल्‍ली में परीक्षणाधीन है। पी.एफ.आर. के अनुमोदन उपरांत 2017 की गाइडलाईन अनुसार डी.पी.आर. पुनरीक्षित कर पुन: प्रेषित की जाना है। (ख) उत्‍तरांश () के परिप्रेक्ष्‍य में जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनुसूचित जाति जनजाति बाहुल्‍य ग्रामों में विकास कार्य

[जनजातीय कार्य]

23. ( *क्र. 1817 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अनुसूचित जाति, जनजाति बाहुल्‍य ग्रामों में मूलभूत सुविधाओं के विस्‍तार हेतु योजना (नियम 2017) स्‍वीकृत की गई है? (ख) यदि हाँ, तो इस योजना में पुलिया निर्माण के कार्य क्‍यों नहीं लिये गये? (ग) क्‍या जनजाति बाहुल्‍य क्षेत्रों में आवागमन हेतु पुलिया निर्माण कार्य नहीं किये जायेंगे? (घ) यदि हाँ, तो जनजाति क्षेत्र में पुलिया कौन बनायेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) से (घ) संबंधित नियम के नियम-2 योजना के उद्देश्‍य में पुलिया निर्माण का उल्‍लेख है, किन्‍तु कार्यों के निर्धारण की सूची नियम-5 में उल्‍लेख नहीं है। नियम-5 के अन्‍तर्गत पुलिया निर्माण को शामिल करने हेतु संशोधन की कार्यवाही विचाराधीन है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मंत्री स्‍थापना में विशेष सहायक के पद पर नियुक्‍त/पदस्‍थापना के नियम

[सामान्य प्रशासन]

24. ( *क्र. 2008 ) श्री तरूण भनोत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मंत्री स्‍थापना में स्‍वीकृत विशेष सहायक के पद पर तृतीय श्रेणी कर्मचारी की पदस्‍थापना की जा सकती है? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति एवं पदस्‍थ कर्मचारियों की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) यदि नहीं, तो क्‍या मंत्रियों की स्‍थापना में पदस्‍थ तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को तत्‍काल हटाया जायेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) और (ख) विशेष सहायक के पद पर प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों की पदस्‍थापना की जाती है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

वन क्षेत्र में काबिज परिवारों को पट्टे का वितरण

[जनजातीय कार्य]

25. ( *क्र. 162 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाह विधान सभा क्षेत्र में वन क्षेत्र में ऐसे कितने परिवार हैं, जिन्हें पट्टे की स्वीकृति नहीं हुई है, जिनके पास आर्थिक दण्‍ड की रसीदें लगभग 20 -30 वर्षों की भी है? उनके द्वारा विगत एक वर्ष में कब कब आवेदन दिए हैं? उनकी सूची दी जावे। (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार ऐसे परिवारों को पट्टे स्वीकृति के सम्बन्ध में विगत एक वर्ष में प्रश्नकर्ता द्वारा कब-कब लिखा गया है? प्राप्त पत्रों पर विभाग द्वारा कब कब क्या क्या कार्यवाही की गई है? (ग) विधान सभा क्षेत्र में ऐसे कितने परिवार हैं, जिन्हें पात्रता होते हुए भी अभी तक पट्टे प्रदाय नहीं किये गए हैं, इन परिवारों को पट्टे कब तक दिए जावेंगे? अपात्रों की भी सूची दी जावे।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) विधानसभा क्षेत्र बड़वाह में ऐसे कोई परिवार नहीं हैं, जिन्‍हें पात्रता होते हुए पट्टा प्रदाय नहीं किया गया। बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार 71 दावे निराकरण हेतु लंबित हैं। अपात्रों की सूची की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

 

 

 





भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


मदिरा दुकानों से प्राप्‍त आय

[वाणिज्यिक कर]

1. ( क्र. 84 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न दिनांक तक प्रदेश के किन-किन जिलों में देशी एवं विदेशी मदिरा की कितनी-कितनी दुकानें संचालित हैं? जिलेवार संख्‍या बतायी जाए। (ख) प्रदेश में वर्तमान में किन-किन जिलों में कितनी-कितनी मदिरा डिस्टलरी एवं बॉटलिंग प्‍लांट कार्य कर रहे हैं एवं इनमें वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक कितनी-कितनी मदिरा का उत्‍पादन किया गया वर्षवार जानकारी दी जाए। (ग) वाणिज्यिक कर विभाग (आबकारी विभाग) को मदिरा की बिक्री से वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी आमदनी हुई वर्षवार जानकारी दी जाए।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रदेश के जिलों में संचालित देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानों की संख्‍या की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) प्रदेश में वर्तमान में कार्य कर रहे मदिरा डिस्‍ट्रलरीज, विदेशी मदिरा बॉटलिंग इकाई एवं देशी मदिरा बॉटलिंग इकाई (सी.एस.-1बी) जिन जिले में स्‍थापित है तथा वर्ष 2013 से माह अक्‍टूबर 2017 तक में किये गये उत्‍पादन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- दो, तीन एवं चार अनुसार है। (ग) वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को मदिरा की बिक्री से वर्ष 2013-14 से वर्ष 2017-18 (माह अक्‍टूबर 2017 अंत तक) प्राप्‍त राजस्‍व की वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-पाँच अनुसार है।

नकली प्रतिभूति जमा कर शराब ठेका प्राप्त करना

[वाणिज्यिक कर]

2. ( क्र. 173 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क ) इंदौर संभाग में देशी एवम विदेशी शराब दुकान में वित्त वर्ष 2017 -2018 में कितनी कितनी राशि आय के रूप में शासन को प्राप्त हुई है? उसकी सूची दी जावे. (ख) क्या संभाग में कुछ ठेकेदारों ने नकली प्रतिभूति जमा कर ठेका हासिल कर लिया है? यदि हाँ, तो ऐसे ठेकेदारों के नाम बताया जावे. इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है. (ग) क्या प्रतिभूति की तस्दीक नहीं की जाती है? यदि हाँ, तो जानबूझकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारी का नाम बताया जावे, उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) इन्‍दौर संभाग में देशी/विदेशी शराब दुकान से वर्ष 2017-18 में माह अक्‍टूबर तक कुल आय रू 7732263401/- शासन को प्राप्‍त हुई है। इन्‍दौर संभाग के जिलेवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) इन्‍दौर संभाग में नकल प्रतिभूति जमा कर ठेका हासिल करने संबंधी कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है, अत: जानकारी निरंक है। (ग) इन्‍दौर संभाग के सभी 08 जिलों में प्रतिभूति की तस्‍दीक कराई जाती है। अत: शेष प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट- '' ग्यारह''

विदेश यात्राओं की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

3. ( क्र. 258 ) श्री रामनिवास रावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 जनवरी 2015 से प्रश्नांकित दिनांक तक मा. मुख्यमंत्री, मंत्री मण्डल के किन-किन सदस्यों एवं किन-किन अधिकारि‍यों द्वारा किन-किन देशों की यात्राएं कब-कब की? इन यात्राओं के उद्देश्य क्या थे? (ख) प्रश्नांश (क) की यात्राओं पर कितनी-कितनी राशि व्यय हुई? (ग) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में क्या अधिकांश यात्राएं प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए की गयी? यदि हाँ, तो इन यात्राओं के दौरान किन किन विदेशी उद्योगपतियों से किस-किस प्रकार के कितनी-कितनी राशि के एम.ओ.यू./निवेश के प्रस्ताव कब कब हस्ताक्षरित किये गए? इनमें से कौन-कौन से एम.ओ.यू. अनुसार प्रदेश में किस किस क्षेत्र में कितना विदेशी निवेश अभी तक हुआ है?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ग्रामों में विद्युत मांग के अनुरूप ट्रांसफार्मर स्‍थापित कराना

[ऊर्जा]

4. ( क्र. 267 ) श्री मोती कश्यप : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 31.10.2017 की स्थिति में वि.स.क्षे. बड़वारा के वि.खं. बड़वारा, कटनी एवं ढीमरखेड़ा में कितने-कितने हार्सपावर के कितने कृषि पम्‍प कार्य हेतु स्‍थायी कनेक्‍शन है और प्रतिवर्ष कितने अस्‍थायी कनेक्‍शन कृषि पम्‍प कार्य हेतु लिये जाते है? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में स्‍थायी व अस्‍थायी कनेक्‍शनों से ऊर्जा की कुल आवश्‍यकता के अनुसार कितने ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये है और जिससे ऊर्जा आपूर्ति में कितने ट्रांसफार्मरों की कमी पायी गई है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) (ख) के कनेक्‍शनों की कुल ऊर्जा मांग की तुलना में कम क्षमता के अपर्याप्त ट्रांसफार्मर स्थापित किये जाने से किसी एक ट्रांसफार्मर के बिगड़ जाने पर निरन्तर अवैध कनेक्शनों से ग्राम के सारे ट्रांसफार्मर बिगड़ जाते हैं और जिससे विभाग और कृषकों को असाधारण क्षति उठाना पडती है? (घ) क्या विभाग प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्षेत्र के प्रत्ये‍क ग्रामों की आवश्यकता के अनुरूप कब तक पर्याप्त क्षमता के पर्याप्त ट्रांसफार्मर स्‍थापित कराकर कृषकों की अपूर्णीय क्षति को रोकेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) दिनांक 31.10.2017 की स्थिति में बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्‍ड बड़वारा, कटनी एवं ढीमरखेड़ा में एक अश्‍वशक्ति के 5, दो अश्‍वशक्ति के 9194, तीन अश्‍वशक्ति के 3938 एवं 5 अश्‍वशक्ति के 2927, इस प्रकार कुल 16064 स्‍थाई पम्‍प कनेक्‍शन विद्यमान है। प्रति वर्ष उक्‍त विकासखण्‍डों में औसतन 3000 अस्‍थाई कृषि पम्‍प कनेक्‍शन दिये जाते है। (ख) बड़वारा विधानसभा क्षेत्र के विकासखण्‍ड बड़वारा, कटनी एवं ढीमरखेड़ा के अंतर्गत उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में विद्यमान स्‍थाई/अस्‍थाई पम्‍प कनेक्‍शनों के विद्युत प्रदाय हेतु ऊर्जा की कुल आवश्‍यकता लगभग 54000 के.व्‍ही.ए. के विरूद्ध विभिन्‍न क्षमता के कुल 1991 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित है, जिनकी कुल क्षमता 1,06,750 के.व्‍ही.ए. हैं, जो कि स्‍थाई एवं अस्‍थाई कनेक्‍शनों की मांग/आवश्‍यकता की तुलना में पर्याप्‍त है। (ग) जी नहीं, प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के उत्‍तर के अनुसार प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कुल ऊर्जा की मांग की तुलना में पर्याप्‍त क्षमता के ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये हैं, जिससे ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर फेल होने की स्थिति निर्मित नहीं हो। साथ ही वितरण कंपनी द्वारा ट्रांसफार्मरों से संबद्ध अवैध कनेक्‍शन वाले व्‍यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। ट्रांसफार्मर के फेल हो जाने पर ट्रांसफार्मर को नियमानुसार शीघ्र बदलकर/शीघ्र सुधारकर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। (घ) उत्‍तरांश (क), (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

जनसम्‍पर्क निधि अंतर्गत हितग्राहियों को राशि का वितरण

[सामान्य प्रशासन]

5. ( क्र. 351 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 482 दिनांक 25.7.2017 जनसंपर्क निधि वर्ष 2015-162016-17 में भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत किन-किन हितग्राही को कितनी राशि दी गई? कितनी राशि के प्रकरण किस स्‍तर पर विचाराधीन है? कब तक वितरित हो जायेगी? छायाप्रति सहित जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही प्रचलित है? क्‍या राशि सुरक्षित है? यदि हाँ, तो किस खाते में किस नियम के तहत राशि जमा की गई? छायाप्रति सहित जानकारी दें? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के अंतर्गत 2015-16 व बिल क्र. 206 दिनांक 26.3.2016 राशि 9 लाख व 2016-17 बिल क्र. 194 दिनांक 7.3.2017 राशि 950000.00 आहरण की गई? यदि हाँ, तो प्रश्‍नांश दिनांक तक हितग्राही को राशि वितरित क्‍यों नहीं की गई? इसके लिए कौन उत्‍तरदायी हैं? क्‍या दोषी को निलंबित किया जायेगा? (घ) क्‍या दोषी अधिकारी के विरूद्ध कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी? क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए? पालन न होने के लिए कौन उत्‍तरदायी हैं?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जनसंपर्क निधि वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में भिण्‍ड विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत हितग्राहियों को प्रदाय राशि की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। उक्‍त वर्षों के कोई प्रकरण विचाराधीन नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) वर्ष 2015-16 के राशि रूपये 40,000/- के प्रस्‍ताव एवं वर्ष 2016-17 के राशि रूपये 80,000/- के प्रस्‍ताव प्रभारी मंत्री से अनुमोदन प्राप्‍त न होने के कारण स्‍वीकृत नहीं किये जा सके। वित्‍तीय वर्ष समाप्‍त हो जाने के कारण राशि लेप्‍स हो जाती है। अत: सुरक्षित नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जनसंपर्क निधि से स्‍वीकृत पश्‍चात हितग्राहियों के बैंक खाते प्राप्‍त न हो पाने के कारण बैंक से अनुशं‍सित हितग्राहियों के नामवार चेक तैयार कराके हितग्राहियों को तत्‍समय ही वितरण कराया जा चुका है। (घ) कोई भी अधिकारी/कर्मचारी दोषी न होने से कार्यवाही करने का प्रश्‍न ही उ‍त्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट- ''बारह''

आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ ग्‍वालियर द्वारा प्रकरण की जाँच

[सामान्य प्रशासन]

6. ( क्र. 352 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तारांकित प्रश्‍न क्र. 1246 दिनांक 23.2.2017 कार्यालय आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ ग्‍वालियर का पत्र क्र. 3509 दिनांक 18.10.2016 में प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? प्रश्‍नांश (ख) से (घ) की जानकारी यदि ए‍कत्रित हो गई हो तो उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत प्रचलित जाँच को कब अपराध में पंजीबद्ध कर कठोर कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रारंभिक जाँच क्रमांक 09/2011 में जाँच की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जानकारी प्राप्‍त नहीं हुई है। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

अटल ज्योति योजना की जानकारी

[ऊर्जा]

7. ( क्र. 458 ) श्री संजय शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नर्मदा उत्तर क्षेत्र में अटल ज्योति योजना की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार अटल ज्योति योजना का कार्य कब तक पूर्ण होगा? (ग) सम्पूर्ण तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र में जहाँ-जहाँ अटल ज्योति योजना का कार्य किया गया है, उसमें प्रयुक्त केबल लाईन विद्युत लोड क्यों सहन नहीं कर पा रही है और जल कर क्यों नष्ट हो रही है? प्रयुक्त केबल लाईन की जाँच कर उच्च गुणवत्ता की केबल लाईन कब तक लगा दी जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) अटल ज्‍योति कोई योजना नहीं अपितु समस्‍त घरेलू उपभोक्‍ताओं को 24 घन्‍टे विद्युत प्रदाय की सुविधा उपलब्‍ध कराए जाने हेतु एक अभियान था, जिसके अंतर्गत किसी भी प्रकार की विद्युत अद्योसंरचना का कार्य नहीं किया जाना था। तथापि तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नर्मदा उत्‍तर क्षेत्र में फीडर विभक्तिकरण योजना में 11 के.व्‍ही. के 14 फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य किया जाना था, जिसमें से 12 फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण हो गया है तथा वर्तमान में 2 फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य शेष है। (ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में फीडर विभक्तिकरण योजनान्‍तर्गत 11 के.व्‍ही. के शेष 2 फीडरों यथा-काशीखेरी फीडर एवं रूकवारा फीडर के विभक्तिकरण का कार्य प्रगति पर है जिसे मार्च-2018 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत फीडर विभक्तिकरण योजना में गुणवत्‍तापूर्ण निम्‍न दाब केबल का उपयोग किया गया है। केबल क्रय करने के पूर्व इसका थर्ड पार्टी निरीक्षण कराया जाता है। तत्पश्‍चात रेंडम सेंपल का एन.ए.बी.एल. प्रमाणित प्रयोगशाला में परीक्षण भी कराया जाता है। उक्‍त योजनान्‍तर्गत प्रयुक्‍त केबल में से वितरण केन्‍द्र सिहोरा, कोडिया एवं डोंगी के कुछ ग्रामों के अंतर्गत केबल जलने की शिकायतें प्राप्‍त हुई थी, जिन्‍हें बदल दिया गया है। उपरोक्‍त केबल जलने का मुख्‍य कारण अवैध कनेक्‍शनों के जुड़ जाने के कारण क्षमता से अधिक भार बढ़ जाना है। वितरण कंपनी के संबंधित अधिकारियों द्वारा अवैध कनेक्‍शनों की समय-समय पर जाँच की जाती है तथा उन पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। चूंकि उक्‍त योजनान्‍तर्गत प्रयुक्‍त केबल की गुणवत्‍ता की जाँच, क्रय करते समय की गई है, अत: तत्संबंध में अन्‍य किसी प्रकार की जाँच अथवा योजनान्‍तर्गत प्रयुक्‍त केबल को बदलने की कार्यवाही करने की आवश्‍यकता नहीं है।

 

कुपोषण के रोकथाम

[महिला एवं बाल विकास]

8. ( क्र. 545 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) उज्‍जैन संभाग में वर्ष 2015 से अक्‍टूबर 2017 तक कितने कुपोषित बच्‍चे पाये गये वर्षवार बताए? (ख) शासन द्वारा इन कुपोषित बच्‍चों के लिए किन-किन योजनाओं को क्रियान्वित किया गया तथा कितनी-कितनी राशि उसमें आवंटित एवं व्‍यय हुई (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कुपोषण रोक एवं सुधार की दिशा में सरकार द्वारा समय-समय पर उठाये गये कदमों का ब्‍यौरा व परिणाम क्‍या है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) उज्जैन संभाग में प्रश्‍नांकित अवधि में पाये गये कुपोषित बच्चों की वर्षवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) इन कुपोषित बच्चों के लिए आई.सी.डी.एस. योजना के अतिरिक्त अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन तथा स्नेह सरोकार योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उज्जैन संभाग के जिलों में प्रश्‍नांकित अवधि में वर्षवार आवंटित एवं व्यय राशि का विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) कुपोषण रोक एवं सुधार की दिशा में आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्रत्येक माह 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन लिया जाकर उनके पोषण स्तर का निर्धारण किया जाता है। चिन्हित कम वज़न एवं अतिकम वज़न के बच्चों के पोषण स्तर में सतत् सुधार तथा फॉलोअप किया जा रहा है। अतिकम वजन वाले बच्चों को थर्डमील का प्रदाय तथा कुपोषण संकेन्द्रित ग्रामों में स्नेह शिविरों का आयोजन किया जाता है। चिन्हित गंभीर कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्रों में संदर्भित किया जाता है। अतिकम वजन वाले बच्चों के पोषण की देखभाल जनसमुदाय, जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा जिम्मेदारी लिये जाने हेतु स्नेह सरोकार कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। वर्ष 2005-06 में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-3 सर्वे के परिणामों की तुलना में वर्ष 2015-16 में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 सर्वे के प्राप्त परिणामों प्रदेश में बच्चों में कुपोषण की स्थिति में 26.6 प्रतिशत कमी परिलक्षित हुई है।

परिशिष्ट- '' तेरह''

मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा घोषित उद्वहन सिंचाई प्रणालियों को पूर्ण किया जाना

[नर्मदा घाटी विकास]

9. ( क्र. 958 ) श्री मोती कश्यप : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वि.स.क्षेत्र बड़वारा के ग्राम बड़वारा, खमतरा, ढीमरखेड़ा, सिलौंडी, पौनिया एवं उमरियापान में जनदर्शन यात्रा दिनांक 10-8-2016, 11-9-2016 एवं 15-10-2016 को मा. मुख्यमंत्री जी ने विभागीय दायींतट नहर की जिन किन्हीं दो उद्वहन सिंचाई प्रणाली की घोषणायें की हैं, उनका कुल सिंचाई रकवा सहित वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? (ख) प्रश्नांश (क) की बरगी व्यपवर्तन योजना की दायींतट मुख्य नहर की आर.डी. 102.00 से 104.00 कि.मी. का कार्य पूर्ण न होने के कारण क्या हैं और अभी तक उसकी कब-कब निविदायें आमंत्रित व स्वीकृत की गई हैं तथा किन कारणों से कब-कब निर्माण एजेन्सियों द्वारा निर्माण कार्य छोड़ा गया है? (ग) प्रश्नांश (ख) नहर में आर.डी. 83.00 से 104.00 कि.मी. के मध्य कितनी सिंचाई क्षमता की माइनर नहरें हैं, कितने क्षेत्र में काडा का कार्य पूर्ण हो गया है? कितना शेष है और जिनकी निविदायें कब तक आमंत्रित कर पूर्ण कर दी जावेंगी? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के सिंचाई का रकवा कितना है और उन्हें कब प्रारंभ कर कब तक पूर्ण कर कृषकों को लाभान्वित कर दिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) ढीमरखेड़ा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना लागत रूपये 256.16 करोड़ की स्‍वीकृति की जाकर परियोजना निर्माणाधीन है। स्‍लीमनाबाद-बड़वारा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना डी.पी.आर. हेतु परीक्षण की स्थिति में है। कुल सिंचाई रकवा 50,000 हेक्‍टेयर है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) आर.डी. कि.मी. 83.00 से कि.मी. 104.00 के मध्‍य एक शाखा नहर व 4 माइनर नहरें हैं। संपूर्ण 23507 हेक्‍टेयर में काडा कार्य शेष है। काडा कार्य की डी.पी.आर. स्‍वीकृति हेतु प्रक्रियाधीन है। डी.पी.आर. स्‍वीकृति उपरांत काडा कार्य किया जाना लक्षित है। (घ) सिंचाई का कुल रकवा 73507 हेक्‍टेयर है। ढीमरखेड़ा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का कार्य दिनांक 17/08/2017 से प्रारंभ हो गया है। इस कार्य के पूर्ण होने की लक्षित तिथि 16/08/2019 है। स्‍लीमनाबाद-बड़वारा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना डी.पी.आर. हेतु परीक्षण की स्थिति में हैं, अतएव इसके प्रारंभ व पूर्ण होने की तिथि बताना संभव नहीं है। रेहुटा, पड़रिया, देवरी, बिछिया माइनर नहरों से कृषकों को लाभांवित किया जा रहा है।

परिशिष्ट- ''चौदह''

सौर ऊर्जा परियोजना के अनुबंध के नियम व शर्तें

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

10. ( क्र. 1041 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सौर ऊर्जा, परियोजनांतर्गत रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में मेसर्स नरभेराम विश्राम (विकासक) को अब तक कितनी भूमि आवंटित की गई? विकासक द्वारा कितनी भूमि की मांग की गई? पूर्ण ब्‍यौरा दें? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (क) परियोजना के विकासक के साथ शासन के अनुबंध के नियम व शर्तों का ब्‍यौरा मय अनुबंध उपलब्‍ध करावें? (ग) परियोजनाओं में देरी/रूकावट दूर करने हेतु शासन की कार्ययोजना क्‍या है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) सौर ऊर्जा परियोजना हेतु रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में विकासक मेसर्स नरभेराम विश्राम को विभाग द्वारा भूमि आवंटित नहीं की गई है। विकासक द्वारा 20.19 हेक्‍टेयर, स्‍वचिन्हित राजस्‍व भूमि की मांग की गई थी, परन्‍तु परियोजना समय-सीमा में पूर्ण किये जाने हेतु विकासक द्वारा निजी भूमि क्रय कर के परियोजना स्‍थापना की गई है। (ख) जिला रतलाम में 'सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं की क्रियान्‍वयन नीति-2012' के नियम एवं शर्तों के अनुसार परियोजना स्‍थापित की गई है, नीति की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। मध्‍य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कम्‍पनी लिमिटेड एवं विकासक के मध्‍य हुये पावर परचेस एग्रीमेट (PPA) की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) शासन द्वारा निजी विकासकों को परियोजनाएं स्‍थापित करने हेतु त्‍वरित कार्यवाही कर भू-आवंटन की प्रक्रिया की जाती है तथा विकासकों को पूर्ण सहयोग करते हुये राजस्‍व भूमि के सीमांकन का कार्य जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी के माध्‍यम से सम्‍पन्‍न कराया जाता है। परियोजना का क्रियान्‍वयन पी.पी.ए. में निर्धारित समय-सीमा व शर्तों में किया जाता है।

सीटर कन्‍या/बालक छात्रावास का निर्माण

[जनजातीय कार्य]

11. ( क्र. 1099 ) श्री कैलाश चावला : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मनासा विधानसभा क्षेत्र के कुकड़ेश्‍वर में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा सीटर कन्‍या/बालक छात्रावास निर्माण हेतु स्‍वीकृति प्रदान की गई हैं? (ख) क्‍या उक्‍त स्‍थान पर लगभग 15 वर्ष पूर्व भी छात्रावास निर्माण की स्‍वीकृति देकर दशहरा मैदान/खेल मैदान में निर्माण प्रारंभ कराया गया था, जिसमें जन विरोध को देखते हुए तत्कालीन मुख्‍यमंत्री/सक्षम अधिकारी के निर्देश पर कार्य बंद कर दिया गया था? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता एवं कलेक्‍टर नीमच द्वारा पुनर्निमाण कार्य प्रारंभ करने पर जन विरोध को देखते हुए उक्‍त छात्रावास को अन्‍यत्र बनाए जाने हेतु पत्र विभागीय अधिकारियों द्वारा दिनांक 25-09-2017 को लिखा गया था? (घ) उक्‍त पत्र पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या विभाग उक्‍त छात्रावास को उक्‍त स्‍थान पर बनाने का निर्णय निरस्‍त कर मनासा में उपलब्‍ध भूमि पर बनाये जाने हेतु विचार करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। प्रीमैट्रिक बालक छात्रावास, कुकड़ेश्‍वर के भवन निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। (ख) एवं (ग) वर्ष 2009-10 में प्रीमैट्रिक बालक छात्रावास, कुकड़ेश्‍वर लागत रू.60.00 लाख की स्‍वीकृति प्रदान की गई थी। छात्रावास निर्माण हेतु आवंटित भूमि पर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया था, जिसे स्‍थानीय नागरिकों के विरोध के कारण बन्‍द कर दिया गया। कलेक्‍टर नीमच द्वारा अन्‍यत्र छात्रावास का निर्माण कराये जाने हेतु दिनांक 25/09/2017 को पत्र नहीं लिखा गया है। कलेक्‍टर द्वारा दिनांक 02/06/2017 को पत्र आयुक्‍त, आदिवासी विकास म.प्र. भोपाल को लिखा गया है। (घ) पत्र पर नियमानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। परीक्षणोपरान्‍त, नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जा सकेगी।

लंबित प्रकरण की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

12. ( क्र. 1115 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला अनूपपुर लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग खण्‍ड अनूपपुर कार्यालय में विगत माह आर्थि‍क अपराध प्रकोष्‍ठ EOW या लोकायुक्‍त ने छापामारी की थी? यदि हाँ, तो किन-किन अधिकारी/कर्मचारी एवं सप्‍लायर के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया है? क्‍या इसके पूर्व भी लोकायुक्‍त ने छापा मारा था? या रंगे हाथ घूस लेते हुए पकड़े गये थे? यदि हाँ, तो प्रकरण की क्‍या स्थिति है? (ख) उक्‍त कार्यालय में पदस्‍थ अधिकारी/कर्मचारी तथा सप्‍लायर के विरूद्ध चल रही विवेचना कब पूर्ण होगी तथा माननीय न्‍यायालय में चालन कब पेश किया जाएगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। लोकायुक्‍त संगठन ने श्री हीरासिंह धुर्वे कार्यपालन यंत्री एवं श्री सूर्यकान्‍त मिश्रा सहायक ग्रेड-2 लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग जिला अनूपपुर के विरूद् रंगे हाथ घूस लेते हुए पकड़े जाने पर अपराध क्र. 145/2014 दिनांक 03/04/2014 को पंजीबद्ध किया जाकर न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत किया गया। प्रकरण न्‍यायालय में विचाराधीन है। जी हाँ। आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ द्वारा अपराध क्रमांक 39/17 एवं अपराध क्रमांक 40/17 दिनांक 31/08/2017 को पंजीबद्ध किये गये। प्रकरण वर्तमान में विवेचनाधीन है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) लोकायुक्‍त संगठन में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 145/2014 में विवेचना उपरान्‍त माननीय न्‍यायालय अनूपपुर में दिनांक 18/09/2015 को चालान प्रस्‍तुत किया गया। आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ के प्रकरण विचाराधीन हैं। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट- ''पंद्रह''

विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में विद्युत फीडर सेपरेशन के अधूरे कार्य की प्रगति

[ऊर्जा]

13. ( क्र. 1214 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र अटेर, जिला भिण्‍ड अंतर्गत म.प्र.वि. वितरण कंपनी का मेसर्स ज्‍योति कंपनी के माध्‍यम से किन-किन गांवों में फीडर सेपरेशन एच.डी. व एल.टी. लाईन के कौन-कौन से कार्य कराये जाने का अनुबंध किस दिनांक को पारित किया गया था? अनुबंध अनुसार यह कार्य कब तक पूर्ण किये जाने थे? कार्यों की वर्तमान स्थिति सहित पूर्ण जानकारी दी जाये? (ख) क्‍या क्षेत्र के राजस्‍व गांवों में फीडर सेपरेशन का कार्य हुआ, किन्‍तु उन्‍हीं गांवों के मजरों को छोड़ दिया गया साथ ही कई गांवों में विद्युत ट्रांसफार्मर का स्‍ट्रेक्‍चर बनाये, किन्‍तु ट्रांसफार्मर नहीं रखे गये, एच.डी. व एल.टी. का कार्य आज दिनांक तक पूर्ण नहीं किया हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से कार्य वर्तमान में अधूरे हैं तथा इन कार्यों को कब तक पूर्ण किया जावेगा? तत्‍काल अधूरे कार्य पूर्ण कराने की समय-सीमा दी जाये।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) भिण्‍ड जिले के अन्‍तर्गत विधानसभा क्षेत्र अटेर में म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के द्वारा मेसर्स ज्‍योति स्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड कम्‍पनी से 11 के.व्‍ही. के 26 फीडरों के विभक्तिकरण के कार्य हेतु, जिसके अन्‍तर्गत 142 ग्रामों का एच.टी. एवं एल.टी.लाईन का कार्य किया जाना सम्मिलित था, दिनांक 29.07.2011 को अनुबन्‍ध किया गया था। उक्‍तानुसार 11 के.व्‍ही. के 26 फीडरों एवं उनसे संबद्ध 142 ग्रामों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। उक्‍त अनुबंध के अनुसार फीडर विभक्तिकरण का कार्य फरवरी 2013 तक पूर्ण किया जाना था। कार्य की प्रगति अत्‍यंत धीमी होने एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं किये जाने के कारण उक्‍त अनुबंध दिनांक 08.06.2015 को निरस्‍त कर दिया गया। ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा अनुबंध समाप्ति दिनांक तक 11 के.व्‍ही. के 11 फीडरों पर शत्-प्रतिशत कार्य करते हुए इनसे संबद्ध 62 ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण किया गया है। अनुबंध निरस्‍तीकरण के पश्‍चात् शेष 15 फीडरों के 80 ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण के कार्यों को पूर्ण करने हेतु निविदा आधार पर चयनित नवीन ठेकेदार एजेन्‍सी मेसर्स एम.डी.पी.-एन.के.जी. (जे.व्‍ही.) ग्‍वालियर को दिनांक 17.08.2016 को अवार्ड जारी किया गया। उक्‍त ठेकेदार एजेंसी द्वारा 2 फीडरों एवं इनसे संबद्ध 14 ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण का कार्य पूर्ण कर दिया गया है, 10 फीडरों में 11 के.व्‍ही. लाईन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है एवं एल.टी.लाईन/ट्रांसफार्मर का कार्य शेष है तथा 3 फीडरों का कार्य अप्रारंभ है, विवरण संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, भिण्‍ड जिले के अन्‍तर्गत अटेर विधानसभा क्षेत्र में राजस्‍व ग्रामों में फीडर विभक्तिकरण योजनान्‍तर्गत कार्य किये जा रहे है, किन्‍तु ग्रामों में स्थित मजरों/टोलों के कार्य उक्‍त योजना के प्रावधानों के अनुसार योजना में शामिल नहीं है। पूर्व में कार्यरत ठेकेदार एजेंसी मेसर्स ज्‍योति स्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड कंपनी द्वारा अधूरे छोड़े गये कार्यों में से वर्तमान में अपूर्ण कार्य वाले 13 फीडरों की वर्तमान स्थिति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-''के सरल क्रमांक-14 से 26 में दर्शाए अनुसार है। इन अपूर्ण कार्यों को फरवरी 2018 तक पूर्ण किये जाने की समय-सीमा निर्धारित है।

परिशिष्ट- '' सोलह''

अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व द्वारा अपर आयुक्‍त के निर्णय का उल्‍लघंन किया जाना

[सामान्य प्रशासन]

14. ( क्र. 1233 ) पं. रमेश दुबे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 के दौरान होशंगाबाद जिले के कितने अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्‍व) के विरूद्ध शासकीय भूमि को शासन के हित में कार्यवाही न करते हुए व्‍यक्ति विशेष को लाभ पहुँचाने के संबंध में अनुशासनात्‍मक कार्यवाही शासन स्‍तर पर सामान्‍य प्रशासन विभाग में लंबित है। भूमि के ब्‍यौरे की जानकारी स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व श्री अभिषेक गहलोत ने न्‍यायालय अपर आयुक्‍त नर्मदापुरम संभाग होशंगबाद के पारित आदेश दिनांक 29.06.2016 का पालन न करते हुए प्रकरण का पुनर्विलोकन किया तो किस नियम के तहत? (ग) क्‍या प्रकरण में फर्जी वसीयत के तथ्‍य मौजूद होने के बावजूद भी तथ्‍य अनदेखा कर शासकीय भूमि को राजस्‍व रिकॉर्ड में दर्ज न करने की कार्यवाही की गयी? यदि हाँ, तो संबंधित के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गयी, यदि नहीं, तो क्‍यों?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विद्यालयों, छात्रावासों और आश्रमों की जानकारी

[जनजातीय कार्य]

15. ( क्र. 1239 ) श्री जतन उईके : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिंदवाड़ा जिलांतर्गत विभाग द्वारा कितने विद्यालयों, छात्रावासों और आश्रमों का संचालन किया जा रहा है? यह विद्यालय, छात्रावास और आश्रम कहाँ-कहाँ स्थित हैं? इनमें विभिन्‍न स्‍तरों पर कुल स्‍वीकृत पदों की जानकारी पदनाम तथा वास्‍तविक नियुक्ति की जानकारी दें। (ख) क्‍या विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों को उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों में तब्‍दील किये जाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो उसकी विस्‍तृत जानकारी दें। यदि नहीं, तो क्‍या ऐसी योजना बनाई जाएगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) इन विद्यालयों, छात्रावासों और आश्रमों के लिये पद कब तक भर दिये जाएंगे?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) छिन्‍दवाड़ा जिलांतर्गत विभाग द्वारा निम्‍नानुसार संस्‍थाएं संचालित किये गये जा रहे है:-

विद्यालय

छात्रावास

आश्रम

1639

92

56

संस्‍थावर विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''', '''', '''' एवं नियुक्ति अमले की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। ऐसी योजना बनाई जाने की कोई भी कार्यवाही प्रचलित नहीं हैं। (ग) पदपूर्ति की कार्यवाही सतत् प्रक्रिया है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

16. ( क्र. 1240 ) श्री जतन उईके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के पांढुर्णा विकासखण्‍ड तथा मोहखेड़ा विकासखण्‍ड में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के पहले फेस में कुल कितने ग्रामों के कार्य हुए कितने ट्रांसफार्मर कितनी धनराशि के स्‍वीकृत होकर कार्य हुआ है? कितने ट्रांसफार्मर चोरी हुए हैं तथा इनमें से कितने ग्रामों में पुन: लगा दिए गए हैं? (ख) मुख्‍यमंत्री जी की वितरण ट्रांसफार्मर तत्‍काल ठीक किये जाने की घोषणा के बाद वर्ष 2017-18 में प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित विकासखण्‍डों में कितने वितरण ट्रांसफार्मर कहाँ-कहाँ ठीक किये व कितने किस अवधि से खराब हैं व कब तक सुधरेंगे तथा विभाग जो वितरण ट्रांसफार्मर ले गये हैं कब तक वापस लगाएगा? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा जुलाई 2014 में अनुसूचित जाति, जनजाति बस्तियों में दिये गये कौन-कौन से प्रस्‍ताव योजना में शामिल किये हैं? राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में दूसरे फेस में क्‍या-क्‍या कार्य शामिल हैं तथा उनमें से कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो गए हैं। शेष कार्य कब तक पूर्ण होंगे? (घ) पांढुर्णा विधान सभा क्षेत्र में फीडर सेपरेशन योजना में कितना खर्च हुआ व कितना कार्य हुआ तथा गुणवत्‍ता का क्‍या ख्‍याल रखा गया है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जिला छिंदवाड़ा के विकासखण्‍ड पांढुर्णा तथा मोहखेड़ा में 10वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (पहला फेज) के अंतर्गत कुल 353 ग्रामों में कार्य करते हुये 235 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये। उक्‍त योजना की स्‍वीकृति छिंदवाड़ा जिले हेतु प्रदान की गई थी, विकासखण्‍डवार नहीं, अत: स्‍वीकृत राशि की विकासखण्‍डवार जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। उक्‍त विकासखण्‍डों सहित जिला छिंदवाड़ा हेतु आर.ई.सी. लिमिटेड से रू. 69.83 करोड़ लागत राशि की योजना की स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई। उक्‍त योजनान्‍तर्गत विकाखण्‍ड पांढुर्णा तथा मोहखेड़ा में स्‍थापित कोई भी वितरण ट्रांसफार्मर चोरी नहीं हुआ है अत: पुन: लगाये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) माननीय मुख्‍यमंत्री जी की वितरण ट्रांसफार्मर तत्‍काल ठीक किये जाने की घोषण के बाद वर्ष 2017-18 में विकासखण्‍ड पांढुर्णा तथा मोहखेड़ा में क्रमश: 88 एवं 59 खराब वितरण ट्रांसफार्मर सुधारें/बदले गये, जिनकी स्‍थानवार, फेल होने तथा बदले जाने की दिनांक सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। उक्‍त अवधि में फेल हुए वितरण ट्रांसफार्मरों में से दिनांक 18.09.2017 को फेल हुआ मात्र एक वितरण ट्रांसफार्मर संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण बदले जाने हेतु शेष है। नियमानुसार बकाया राशि जमा होने पर उक्‍त ट्रांसफार्मर को बदला जा सकेगा अत: वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नंही है। (ग) जुलाई 2014 में अनुसूचित जाति/जन‍जाति बस्तियों के विद्युतीकरण के संबंध में माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय से कोई भी प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं हुआ है। अत: तत्‍संबंध में कोई कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। 12वीं पंचवर्षीय योजना में स्‍वीकृत राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना (दूसरा फेज) के अंतर्गत अविद्युतीकृत ग्रामों के विद्युतीकरण, विद्युतीकृत ग्रामों में 100 एवं 100 से अधिक आबादी वाले मजरों/टोलों के विद्युतीकरण सहित सघन विद्युतीकरण एवं सभी श्रेणी के हितग्राहियों को नि:शुल्‍क बी.पी.एल. कनेक्‍शन प्रदान करने के कार्य शामिल थे। पांढुर्णा एवं मोहखेड़ा में विकासखण्‍डों में उक्‍त योजना में सम्मिलित एवं पूर्ण किये गये कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। उक्‍त योजनान्‍तर्गत पांढुर्णा एवं मोहखेड़ा विकासखण्‍डों हेतु सम्मिलित समस्‍त कार्य पूर्ण हो चुके है, अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) विधानसभा क्षेत्र पांढुर्णा में फीडर में विभक्तिकरण योजनांतर्गत स्‍वीकृत समस्‍त 14 फीडरों के विभक्तिकरण के कार्य पूर्ण किये जा चुके है, जिसमें राशि रू. 3.903 करोड़ का व्‍यय हुआ है। फीडर विभक्तिकरण योजना में कार्य में उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के लिये टर्न-की ठेकेदार एजेन्‍सी द्वारा भारतीय मानक (आई.एस.) के अनुरूप सामग्री का क्रय किया गया है। योजनान्‍तर्गत उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्‍ता का परीक्षण थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेन्‍सी एरडा/वेप्‍कास के द्वारा किया गया है तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही योजनान्‍तर्गत सामग्री का उपयोग किया जाता है। उक्‍त सामग्री के ठेकेदार एजेन्‍सी के साईट-स्‍टोर में प्राप्‍त होने के पश्‍चात् ही वितरण कंपनी के नोडल अधिकारी/थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेन्‍सी द्वारा सामग्री का रेंडम सेम्‍पल लेकर सामग्री का परीक्षण एन.ए.बी.एल. प्रमाणित प्रयोगशाला में कराया गया है। उक्‍त योजनान्‍तर्गत समस्‍त कार्य की गुणवत्‍ता निविदा की शर्तों एवं आर.ई.सी. कंस्‍ट्रक्‍शन मैनुअल के प्रावधानों के अनुसार थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेन्‍सी एवं वितरण कंपनी के नोडल अधिकारी द्वारा सुनिश्चित की गई है।

खरगापुर विधान सभा 47 में आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण

[महिला एवं बाल विकास]

17. ( क्र. 1299 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में ऐसे कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्र हैं, जो भवन के अभाव में किसी अन्‍य स्‍थानों पर संचालित किये जा रहे हैं? सूचीवार उपलब्‍ध करायें। (ख) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की सतत् मॉनीटिरिंग करने एवं बच्‍चों को नाश्‍ता एवं भोजन की गुणवत्‍ता देखने हेतु किस-किस अधिकारी द्वारा खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का भ्रमण किया गया? तारीखवार एवं आंगनवाड़ी पर की गई कार्यवाही एवं बच्‍चों की समस्‍याओं का क्‍या निराकरण किया गया, जानकारी से अवगत करायें? (ग) विगत 3 वर्षों में माननीय केन्‍द्रीय मंत्री एवं टीकमगढ़ सांसद द्वारा खरगापुर क्षेत्र में कब-कब,किन-किन आंगनवाड़ि‍यों को चैक किया, पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायें? (घ) क्‍या खरगापुर विधान सभा के आंगनवाड़ी केन्‍द्र जो भवन विहीन हैं, उनमें शीघ्र भवन बनाये जाने की शासन की क्‍या योजना है, पूर्ण जानकारी से अवगत करायें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) टीकमगढ़ जिले के खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में एकीकृत बाल विकास परियोजना बल्देवगढ़ एवं पलेरा के कुल 121 आंगनवाड़ी केन्द्र भवन के अभाव में अन्य स्थानों पर (किराये के भवनों में) संचालित किये जा रहे है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना बल्देवगढ़ एवं पलेरा में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों का भ्रमण तहसीलदार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारियों एवं सेक्टर पर्यवेक्षकों द्वारा किया गया तथा भ्रमण के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्र संचालन/हितग्राही से सबंधित सेवाओं को प्रदाय करने में पाई गई अनियमितता के लिये सबंधित स्वसहायता समूह, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं के विरूद्ध कार्यवाही कर समस्याओं का निराकरण किया गया। विस्तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) विगत तीन वर्षों में माननीय केन्द्रीय मंत्री एवं टीकमगढ़ सांसद द्वारा खरगापुर क्षेत्र में परियोजना बल्देवगढ़ एवं पलेरा के आंगनवाड़ी केन्द्रों में किये गये भ्रमण की जानकारी उपलब्ध नहीं है। (घ) खरगापुर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत भवन विहिन (किराये के भवनों में संचालित) 121 आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा योजना के अभिसरण से तथा शहरी क्षेत्रों में राज्य आयोजना मद से आंगनवाड़ी भवन निर्माण की योजना है। आंगनवाड़ी भवनों को निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर होता है। अतः समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।

उज्जैन जिले के रजिस्ट्रार कार्यालय में पदस्थ अधिकारी/कर्मचारीयों की जानकारी

[वाणिज्यिक कर]

18. ( क्र. 1438 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले में कुल कितने रजिस्ट्रार कार्यालय हैं, उन पर कितने अधिकारी/कर्मचारी कार्यरत हैं? उनके नाम तथा पद बतायें? (ख) उपरोक्त कार्यालय में ऐसे कितने लोग कार्यरत हैं, जिनको कार्य करते हुए 3 वर्ष या उससे अधिक का समय हो गया है? पदस्थी दिनांक से प्रश्न दिनांक तक की कार्यरत अवधि की जानकारी प्रदान करें? (ग) क्या विभाग की ऐसी कोई योजना है कि 3 वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारी और कर्मचारीयों का स्थानांतरण किया जाना है, यदि हाँ, तो 3 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत ऐसे अधिकारी और कर्मचारीयों का स्थानांतरण कब तक कर दिया जायेगा? (ध) उज्जैन जिले में ऐसे कितने अधिकारी एवं कर्मचारी हैं, जिनके संदर्भ में पिछले 3 वर्षों में शिकायत प्राप्त हुई है तथा क्या कार्यवाही की गई है?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) स्‍थानांतरण नीति वर्ष 2016-17 अनुसार 03 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी के स्‍थानांतरण की अनिवार्यता नहीं है। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट- ''सत्रह''

ट्रस्ट/सामाजिक संस्थान की भूमि के विक्रय की अनुमति

[वाणिज्यिक कर]

19. ( क्र. 1462 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश में ट्रस्ट/सामाजिक संस्थान आदि के नाम दर्ज एवं आधिपत्य की भूमि का विक्रय कोई व्यक्ति द्वारा राज्य शासन की अनुमति के बगैर किया जा सकता है? यदि नहीं, तो फिर धार जिले में ईसाई मिशन संस्थान की धार में स्थित भूमि का विक्रय विलेख दस्तावेज क्रमांक ए वन ग्रन्थ 6272 क्रमांक 1614 दिनांक 17.06.2009 के द्वारा रजिस्ट्रार कार्यालय धार द्वारा किस आधार पर रजिस्‍टर्ड कर दिया गया? (ख) क्या प्रश्नांश (क) में उल्लेखित विक्रय विलेख दस्तावेज क्रमांक ए वन ग्रन्थ 6272 क्रमांक 1614 दिनांक 17.06.2009 से हुए आर्थिक अपराध की शिकायत कलेक्टर जिला धार को प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो उसकी जाँच अब तक क्यों नहीं की गई तथा जाँच कब तक पूर्ण कर ली जावेगी?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) पब्लिक ट्रस्‍ट के नाम पर दर्ज एवं आधिपत्‍य की भूमि का विक्रय पंजीयक लोक न्‍यास की अनुमति के पश्‍चात किया जा सकता है। दस्‍तावेज में विक्रेता के भू-स्‍वामी स्‍वत्‍व की भूमि का विक्रय दर्शाया जाकर विक्रेता द्वारा अधिकृत मुख्‍तारआम द्वारा दस्‍तावेज प्रस्‍तुत किए जाने से उप पंजीयक द्वारा दस्‍तावेज रजिस्‍टर्ड किया गया। उप पंजीयक को यह अधिकार प्राप्‍त नहीं है कि वह अन्‍य अधिनियमों के प्रवर्तित विवादित प्रश्‍नों को देखें। (ख) जी हाँ। जाँच पूर्ण की जाकर प्रतिवेदन कलेक्‍टर धार के पत्र क्रमांक 10541/सतर्कता/2017 दिनांक 14/07/2017 से महानिदेशक, आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ (ई.ओ.डब्‍ल्‍यू.) भोपाल को भेजा जा चुका है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जनवरी 1997 से अक्टूबर 2000 तक के प्रकरणों में अनुकम्पा नियुक्ति

[ऊर्जा]

20. ( क्र. 1468 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 01 जनवरी 1997 से अक्टूबर 2000 के मध्‍य खरगोन जिले के संचालन-संधारण संभाग मंडलेश्वर में मध्‍यप्रदेश विद्युत मण्‍डल के जिन अधिकारियों/कर्मचारियों की मृत्यु हुई थी उनमें से मृतकों के किन-किन आश्रितों ने अनुकम्‍पा नियुक्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत किये एवं इन पर क्‍या कार्यवाही की गई, सूची देवें? यदि निर्धारित समयावधि में पात्र आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति नहीं मिली तो इसका दोषी अधिकारी कर्मचारी कौन है. उसके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित समयावधि में मृतक कर्मचारियो के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति के क्या नियम थे? उसकी प्रति देवें? 01 जनवरी 1997 से अक्‍टूबर 2000 के मध्‍य खरगोन जिले के संचालन-संधारण संभाग मण्‍डलेश्‍वर में मध्‍यप्रदेश विद्युत मण्‍डल के जिन अधिकारियों/कर्मचारियों की मृत्‍यु हुई थी उनके किन-किन आश्रित आवेदकों को अनुकम्‍पा नियुक्ति दी जा चुकी है? जिन्हें प्रश्न दिनांक तक अनुकम्पा नियुक्ति नहीं दी है, उनके कारण स्पष्ट करें और बतावें की उन्हें कब तक अनुकम्पा नियुक्ति दे दी जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में खरगोन जिले के संचा.संधा.संभाग, मंडलेश्वर में मध्यप्रदेश विद्युत मंडल के 11 कर्मचारियों की मृत्यु हुई थी, जिनमें से 9 मृतकों के अश्रितों के आवेदन प्राप्त हुये थे। उक्‍त प्राप्‍त आवेदनों में से 6 आवेदनों को ही म.प्र. विद्युत मण्‍डल, इन्‍दौर के क्षेत्रीय कार्यालय द्वार तत्कालीन समय में लागू प्रक्रिया/नियमों के अनुसार अतिरिक्त सचिव (कार्मिक एक) मप्र विद्युत मंडल, जबलपुर कार्यालय को आगामी कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया था। उक्‍त प्रकरणों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। उल्‍लेखनीय है कि म.प्र. विद्युत मण्‍डल के परिपत्र दिनांक 01.09.2000 द्वारा, कठिन वित्‍तीय स्थिति के कारण मण्‍डल में अनुकम्‍पा नियुक्ति बन्‍द करने का निर्णय लिया गया था, जिसके परिप्रेक्ष्‍य में अनुकम्‍पा नियुक्ति हेतु लंबित आवेदनों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी। अत: किसी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) प्रश्‍नाधीन समयावधि में मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के नियम संबंधी परिपत्र क्रं. 01-07/छ:/9 जबलपुर दिनांक 30.01.97 की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। 1 जनवरी 1997 से अक्टूबर 2000 के मध्य खरगोन जिले के संचा.संधा.संभाग, मंडलेश्वर में जिन 11 कर्मचारियों की मृत्यु हुई थी उनमें से किसी के भी आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान नहीं की गई है। उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार म.प्र. विद्युत मण्‍डल द्वारा दिनांक 01.09.2000 को अनुकम्‍पा नियुक्ति बन्‍द किये जाने संबंधी लिये गये निर्णय के परिप्रेक्ष्‍य में अनुकंपा नियुक्ति हेतु तत्समय लंबित प्रकरणों में कार्यवाही नहीं की गई। वर्तमान में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में लागू अनुकंपा नियुक्ति नीति 2013 (संशोधित) की कंडिका 3.8 के अनुसार दि. 10.04.12 के पूर्व एवं दिनांक 15.11.2000 के पश्‍चात् के दुर्घटना मृत्यु के प्रकरणों को छोड़कर 10.04.12 के पूर्व के शेष अस्वीकृत एवं लंबित प्रकरणों में अनुकम्‍पा नियुक्ति की पात्रता नहीं है। अतः उपरोक्त के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन अवधि में जिन कर्मचारियों की मृत्‍यु हुई है उनके आश्रितों से प्राप्‍त अनुकम्‍पा नियुक्ति के आवेदनों पर कोई कार्यवाही किया जाना संभव नहीं हो सकेगा।

अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास के अंतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति

[अनुसूचित जाति कल्याण]

21. ( क्र. 1488 ) श्री राजकुमार मेव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन स्‍तर से कोई ऐसे नियम बनाये गये हैं कि जनगणना 2011 के आधार पर अनुसूचित जाति बाहुल्‍य चिन्हित ग्रामों में (जनसंख्‍या प्रतिशत के घटते क्रम में) ही विकास कार्यों की स्‍वीकृति दी जावेगी? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत वर्ष 2017-18 में विभाग को कितना बजट स्‍वीकृत किया गया? विभाग द्वारा कितनी राशि के कितने कार्य किस-किस विधानसभा क्षेत्र में स्‍वीकृत किये गये एवं कितनी राशि के कार्य स्‍वीकृत किये जाने शेष हैं? (ग) अनुसूचित जाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक तहसील महेश्‍वर के लिये कितने कार्यों की स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव दिये गये? कार्यवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे तथा कब तक कितने कार्यों में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की जावेगी? क्‍या वर्ष 2017-18 में जिले में उपलब्‍ध कराई गई राशि के कार्य स्‍वीकृत नहीं कराये गये हैं वर्तमान में भी कार्य स्‍वीकृति हेतु विचाराधीन है? क्‍या राशि का उपयोग नहीं होने से राशि लेप्‍स हो गई? (घ) क्‍या विधान सभा क्षेत्र महेश्‍वर अनुसूचित जाति बाहुल्‍य क्षेत्र घोषित होकर क्षेत्र के विकास हेतु अधिक राशि ग्रामों के लिए उपलब्‍ध कराई जाना चाहिए? जबकि प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में चिन्‍हांकित ग्रामों में ही सर्व प्रथम कार्य किये जाने हेतु प्रस्‍ताव प्राप्‍त किये जाते हैं? जब‍कि विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर के अनुसूचित जाति के परिवार निवास करने वाले ग्रामों में कार्य किये जाने का प्रावधान होना चाहिए एवं यह संशोधन किये जाने पर शासन स्‍तर पर कोई विचार किया जावेगा बताया जावें? ताकि अनुसूचित जाति बस्तियों का विकास किया जा सके?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। नियम की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) रू. 110 करोड़ का बजट स्‍वीकृत किया गया। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) तहसील महेश्‍वर के लिए 35 कार्यों के प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए हैं जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। 9 कार्यों हेतु रू. 43.78 लाख की स्‍वीकृति जारी हो चुकी है। शेष कार्यों की स्‍वीकृति के लिए समिति के निर्णय अनुसार जारी की जा सकेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है। जी हाँ। स्‍वीकृति हेतु विचाराधीन है। राशि लेप्‍स नहीं हुई है। (घ) शासन की ऐसी योजना नहीं है।

अनुसूचित जन-जाति बस्‍ती विकास के अंतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति

[जनजातीय कार्य]

22. ( क्र. 1489 ) श्री राजकुमार मेव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन स्‍तर से कोई ऐसे नियम बनाये गये हैं कि जनगणना, 2011 के आधार पर अनुसूचित जनजाति बाहुल्‍य चिन्हित ग्रामों में (जनसंख्‍या प्रतिशत के घटते क्रम में) ही विकास कार्यों की स्‍वीकृति दी जावेगी? यदि हाँ, तो नियमों की प्रति उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत वर्ष 2017-18 में विभाग को कितना बजट स्‍वीकृत किया गया, विभाग द्वारा जिला पश्चिम निमाड़ (खरगोन) में किस-किस विधान सभा क्षेत्र में कितनी-कितनी राशि के कितने-कितने कार्य स्‍वीकृत किये गये एवं कितनी राशि के कार्य स्‍वीकृत किये जाने शेष हैं? (ग) अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजनांतर्गत द्वारा वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक तहसील महेश्‍वर के लिये कितने कार्यों की स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव दिये गये? कार्यवार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे तथा कब तक कितने कार्यों में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की जावेगी? अवगत करावें। क्‍या यह सही है कि वर्ष 2017-18 में जिले में उपलब्‍ध कराई गई राशि के स्‍वीकृत नहीं कराये गये है वर्तमान में भी कार्य स्‍वीकृति हेतु विचाराधीन हैं? क्‍या राशि का उपयोग नहीं होने से राशि लेप्‍स हो गई? (घ) क्‍या विधान सभा क्षेत्र महेश्‍वर के अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास हेतु अधिक राशि ग्रामों के लिये उपलब्‍ध कराई जाना चाहिए, जबकि प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में चिन्‍हांकित ग्रामों में ही सर्व प्रथम कार्य किये जाने हेतु प्रस्‍ताव प्राप्‍त किये जाते हैं? क्‍या विधान सभा क्षेत्र महेश्‍वर के अनुसूचित जन जाति के परिवार निवास करने वाले ग्रामों में कार्य किये जाने का प्रावधान किए जाने हेतु कोई संसाधन किये जाने पर शासन स्‍तर पर कोई विचार किया जावेगा, ताकि अनुसूचित जनजाति बस्तियों का विकास किया जा सके।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) प्रश्‍न में वर्णित अनुसार नस्तियों की तथ्‍यात्‍मक स्थिति यह है कि प्राथमिकता सूची तैयारी की जायेगी। नियम की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) अनुसूचित जनजाति बस्‍ती विकास योजनान्‍तर्गत वर्ष 2017-18 में विभाग को कुल राशि रूपये एक सौ पच्‍चीस करोड़ का बजट स्‍वीकृत था, इसमें से राशि रूपये 595.89 लाख बजट खरगोन जिले को स्‍वीकृत किया गया। जिला पश्चिम निमाड़ खरगोन के विधानसभा क्षेत्रों में कार्य स्‍वीकृत की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) प्रश्‍नांकित अवधि में तहसील महेश्‍वर के लिये कार्यों की स्‍वीकृति हेतु प्राप्‍त प्रस्‍तावों की जानकारी पुस्‍तकालय में र‍खे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्य स्‍वीकृति की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जी हाँ, राशि लेप्‍स नहीं हुई है। (घ) विधानसभा क्षेत्रवार राशि उपलब्‍ध कराये जाने का प्रावधान नहीं है। मध्‍यप्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति बस्‍ती विकास एवं विद्तीकरण योजना नियम 2017 के नियम 3 की कण्डिका 3.3 में अंतिम जनगणना अनुसार ग्राम की कुल जनसंख्‍या का 50 प्रतिशत या उससे अधिक के ग्रामों में कार्य स्‍वीकृति के प्रावधान है। विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर के अनुसूचित जनजाति ग्रामों में कार्य कराये जाने हेतु पृथक से प्रावधान किये जाने सम्‍बन्‍धी कोई प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर विचारणीय नहीं है। नियम/निर्देशों के अन्‍तर्गत ही अनुसूचित जनजातियों बस्तियों का विकास किया जाना है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की भर्ती की जानकारी

[महिला एवं बाल विकास]

23. ( क्र. 1496 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक छतरपुर जिला के महिला बाल विकास विभाग गौरिहार मुख्‍यालय बारीगढ़ जनपद पंचायत गौरिहार में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका की भर्ती में हुयी धांधली की शिकायत जनप्रतिनिधियों द्वारा की गयी? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार क्‍या बारीगढ़ में शासन द्वारा विभाग में संचालित योजनाओं के क्रियान्‍वयन में हो रही गड़बड़ी की भी शिकायत जनप्रतिनिधियों द्वारा की गयी है या नहीं? (ग) क्‍या जनप्रतिनिधियों द्वारा की गयी शिकायत पर आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गयी? यदि की गयी तो क्‍या शिकायतकर्ता को उक्‍त कार्यवाही की सूचना प्रदान की गयी है या नहीं यदि नहीं, तो क्‍यों कारण बतावें? (घ) यदि कार्यवाही नहीं की गयी तो लम्बित शिकायत पर कार्यवाही कब तक की जावेगी एवं कार्यवाही में विलम्‍ब करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही और कब तक की जावेगी?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती अर्चना चिटनिस ) : (क) जी हाँ। की गई शिकायत की सत्यप्रतिलिपि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में एकीकृत बाल विकास परियोजना गौरिहार मुख्यालय बारीगढ़ में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जानकारी निरंक है। (ग) विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अपितु वर्ष 2016-17 में नियुक्ति से संबधित एक शिकायत प्राप्त हुई है जिसके संबंध में शिकायतकर्ता को पत्र क्र. 425 दिनांक 04/04/2017 द्वारा पत्र जारी कर नियुक्ति से संबधित रिकॉर्ड अवलोकन करने हेतु लेख किया जाकर रिकॉर्ड का अवलोकन कराया गया जिससे संबधित शिकायतकर्ता श्रीमती मीना पटेल जनपद सदस्य नाहरपुर वार्ड क्र. 16 द्वारा लिखित कथन देकर नियुक्ति संबंधी कार्यवाही से संतुष्टि व्यक्त की गई। जारी पत्र की सत्यापित एवं कथन की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य अनुसार शिकायत का निराकरण किया जाकर संबधित शिकायतकर्ता को पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार सूचित किया गया है। अतः शेष कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

विद्युतीकरण हेतु नस्तियों की जानकारी

[अनुसूचित जाति कल्याण]

24. ( क्र. 1497 ) श्री आर.डी. प्रजापति : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की चन्‍दला विधान सभा क्षेत्र में विगत 05 वर्षों में अनु.जाति/जनजाति के कितने किसानों की कितनी नस्तियां आदिम जाति कल्‍याण विभाग को ट्रान्‍सफार्मर (डी.पी.) लगाने हेतु प्राप्‍त हुई? उनमें से कितने किसानों के यहां डी.पी. लगा दी गयी हैं एवं कितने किसान अभी इस योजना में वंचित है? (ख) उन लंबित नस्तियां पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है? लंबित नस्तियों पर कब तक डी.पी. उपलब्‍ध करा दी जावेगी? (ग) विभाग द्वारा विद्युत विभाग को वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रकरण विद्युतीकरण एवं पम्‍पों के ऊर्जीकरण हेतु प्राक्‍कलन तकनीकी स्‍वीकृति हेतु भेजे गये एवं विद्युत विभाग से क्‍या समस्‍त प्रकरण समय-सीमा में वापिस आये या नहीं? सूचीवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार प्रकरण समय-सीमा में वापिस न आने पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गयी है? यदि नहीं, तो कारण बतावें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अनुसूचित जाति के 11 किसानों की 06 नस्तियां एवं अनुसूचित जनजाति के 07 किसानों की 02 नस्तियां ट्रांसफार्मर (डी.पी.) लगाने हेतु प्राप्‍त हुई। कृषकों के कुओं तक ट्रांसफार्मर (डी.पी.) स्‍थापित कर दी गई हैं। (ख) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) अनुसूचित जाति के 82 प्रकरण विद्युतीकरण एवं 20 प्रकरण पम्‍पों के ऊर्जीकरण एवं अनुसूचित जनजाति के केवल पम्‍प ऊर्जीकरण हेतु 07 कृषकों के प्रस्‍ताव प्राक्‍कलन एवं तकनीकी स्‍वीकृति हेतु विद्युत विभाग को भेजे गये। अनुसूचित जाति के विद्युतीकरण के 72 एवं पम्‍प ऊर्जीकरण के 16 प्रकरण एवं अनुसूचित जनजाति के समस्‍त 07 प्रकरण तकनीकी स्‍वीकृति सहित प्राप्‍त हो चुके हैं। लंबित प्रकरण की समय-सीमा समाप्‍त नहीं हुई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) लंबित प्रकरण की समय-सीमा समाप्‍त नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

वेतन विसंगति की जानकारी

[सामान्य प्रशासन]

25. ( क्र. 1536 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. सामान्‍य प्रशासन विभाग (वेतन आयोग प्रकोष्‍ठ) मंत्रलाय के आदेश दिनांक 5.10.2006 एफ-2-6/1/वे.आ.प्र./96 के द्वारा ब्रम्‍ह स्‍वरूप समिति की अनुशंसा पर म.प्र. शासन द्वारा वित्‍त विभाग के अनुमोदन पश्‍चात जिला अभियोजन अधिकारी राज्‍य लोक सेवा आयोग द्वारा आंशिक या पूर्णरूप से सीधी भर्ती को दिनांक 01.04.2016 से 6500-10500/- रूपये बैसिक के स्‍थान पर 8000-13500/- रूपये मासिक वेतनमान स्‍वीकृत किया गया था? उक्‍त आदेश के पालन में कितने जिला अभियोजन अधिकारी को 8000-13500/- रूपये बेसिक वेतनमान दिया जा रहा है एवं कितने अभियोजन अधिकारी को नहीं दिया जा रहा है? जिन अभियोजन अधिकारी को दिया जा रहा है या जिन्‍हें नहीं दिया जा रहा है कारण सहित सभी जिला अभियोजन अधिकारियों की सूची प्रस्‍तुत की जावें? (ख) (1) क्‍या अन्‍य राज्‍यों की तुलना में म.प्र. के अभियोजना अधिकारियों को देश में सबसे कम वेतनमान 3600 ग्रेड-पे दिया जा रहा है? (2) यदि हाँ, तो उक्‍त उनके वेतनमान की विसंगति का सुधार का कोई प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर लंबित है? (3) यदि हाँ, तो कब से लंबित है तथा किस स्‍टेज पर है और उसके अंतिम समाधान में कितना समय लगेगा? (ग) अग्रवाल पे कमीशन के द्वारा ए.डी.पी.ओ. का वेतनमान 6500-10500/- रूपये बेसिक पर देने की अनुशंसा की है? अग्रवाल पे-कमीशन की रिपोर्ट को अधिकतर विभागों में लागू की जा चुकी है? ए.डी.पी.ओ. के संबंध में अभी तक लागू न होने का कारण क्‍या है? अभी तक लागू क्‍यों नहीं की गई? (घ) क्‍या जिला अभियोजन अधिकारी एवं सहायक जिला अभियोजन अधिकारी के लिये न्‍यायालय में कोई ड्रेस कोड निर्धारित है? यदि ड्रेस कोड निर्धारित है तो क्‍या शासन के नियमानुसार कोई ड्रेस अलाउन्‍स दिया जा रहा है या नहीं? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

लोक नायक जय प्रकाश सम्‍मान निधि की स्‍वीकृति

[सामान्य प्रशासन]

26. ( क्र. 1537 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय पुलिस अधीक्षक जिला छतरपुर के द्वारा पत्र क्र./पु.अ./छतरपुर/ जि.वि.स./च.स./13-9- (38) दिनांक 25.05.2013 को जिला दण्‍डाधिकारी छतरपुर म.प्र. को राजनैतिक मीसा/डी.आई.आर. बन्‍दी होने के कारण लोकनायक जयप्रकाश नारायण सम्‍मान निधि स्‍वीकृत किये जाने के संबंध में बन्‍दी मीसा/डी.आई.आर. के अलावा अन्‍य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्‍त तो नहीं रहा एवं इनके विरूद्ध कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज तो नहीं हुआ है के संबंध में आपके द्वारा उपलब्‍ध करायी गई बंदियों की सूची की जानकारी तैयार कर संलग्‍न कर आपकी ओर प्रेषित है, लेख किया गया था? हाँ या नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या संलग्‍न सूची में स्‍व. श्री स्‍वामी प्रसाद अग्रवाल तनय स्‍व. श्री रामचरन अग्रवाल नि. गांधी चौक बाजार बिहारी जू मंदिर के सामने छतरपुर को मीसा/डी.आई.आर. के अलावा अन्‍य आपराधिक प्रकरण निरंक लेख किया गया था? हाँ या नहीं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त प्रकरण के संबंध में शासन या प्रशासन द्वारा उक्‍त व्‍यक्ति को सम्‍मान निधि के संबंध में माननीय कलेक्‍टर को पत्र भेजा गया था? हाँ या नहीं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त व्‍यक्ति को सम्‍मान निधि स्‍वीकृत की गई है हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो कब, लेख करें? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें? क्‍या शासन विधि सम्‍मत कार्यवाही न करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के आदेश जारी करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) स्‍व. श्री स्‍वामी प्रसाद अग्रवाल की पत्नि श्रीमती गांधी द्वारा आवेदन पत्र कलेक्‍टर छतरपुर को प्रस्‍तुत किया गया था। (घ) आवेदिका के पति मीसा/डी.आई.आर. के अंतर्गत निरूद्ध नहीं रहे। अत: आवेदिका द्वारा प्रस्‍तुत आवेदन पत्र सम्‍मान निधि नियम 2008 तथा संशोधित नियमों के मापदण्‍डों के अनुकूल न होने से आवेदन पत्र अमान्‍य किया गया। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मजरा टोले में विद्युतीकरण

[ऊर्जा]

27. ( क्र. 1548 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा मजरा-टोलों में विद्युतीकरण किये जाने के नियम-निर्देश जारी किये गये है? यदि हाँ, तो सिरोंज विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत जनवरी 2014 से अब तक किन-किन मजरा-टोलों में कब-कब विद्युतीकरण के कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उक्‍त कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हुए एवं कितने अपूर्ण हैं? अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किये जाने की संभावना है? (ग) प्रश्‍नांश (क) में से शेष रहे मजरा-टोलों को कब तक विद्युतीकरण के तहत जोड़े जाने की संभावना है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) मजरे/टोलों के विद्युतीकरण के कार्य विभिन्‍न योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे है। सिरोंज विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत जनवरी-2014 से वर्तमान तक विभिन्‍न योजनाओं में स्‍वीकृत 230 मजरों/टोलों/बस्तियों के विद्युतीकरण के कार्य हेतु अवार्ड/कार्यादेश जारी किए गए हैं जिनका मजरा/टोला/बस्‍तीवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'', '', '', '', '', '' एवं '' अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए गए 230 कार्यों में से 157 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 73 कार्य प्रगति पर हैं। उक्‍त शेष कार्य दिसम्‍बर-2018 तक पूर्ण किए जाने की संभावना है। प्रश्‍नाधीन पूर्ण/अपूर्ण कार्यों की संख्‍या का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

वरिष्‍ठ संपरीक्षक श्री ए.एम. अंसारी द्वारा किए गये पक्षपातपूर्ण ऑडिट की जानकारी

[वित्त]

28. ( क्र. 1583 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍थानीय निधि संपरीक्षा के वरिष्‍ठ संपरीक्षक श्री. ए.एम. अंसारी के विरूद्ध विभिन्‍न विभागों में भ्रष्‍टाचार एवं आर्थिक लेन-देन कर विभागीय अभिलेखों के विपरीत आक्षेप लेने तथा कई अभिलेखों को नजर अंदाज कर अधिकारियों तथा कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्‍य से ऑडिट किए जाने की शिकायतें म.प्र. वक्‍फ बोर्ड एवं अन्‍य विभागों जैसे भोज ओपन यूनिवर्सिटी के संबंध में विभाग को प्राप्‍त हुई हैं? (ख) क्‍या श्री ए.एम. अंसारी ऑडिटर द्वारा मध्‍यप्रदेश वक्‍फ बोर्ड का वर्ष 2009-10 से 2015-16 तक के किए गए ऑडिट में भ्रष्‍टाचार कर तत्‍कालीन सी.ई.ओ. एवं अन्‍य को बचाने के उद्देश्‍य से आपत्तियां नहीं लिए जाने तथा अन्‍य के संबंध में अनुचित आपत्तियां लिए जाने के कारण विभाग द्वारा वक्‍फ बोर्ड की शिकायतों पर वित्‍त विभाग के आदेश दिनांक 07 जून 2017 से पुन: ऑडिट के आदेश दिए गये थे? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या दोबारा किए गए ऑडिट में पूर्व में श्री अंसारी द्वारा पक्षपातपूर्ण ऑडिट किया जाना पाया गया है? जिस पर संचालक स्‍थानीय निधि संपरीक्षा द्वारा विभाग के प्रमुख सचिव को प्रतिवेदन प्रेषित किया गया तथा श्री अंसारी के विरूद्ध कार्यवाही हेतु भी लिखा गया है? (घ) यदि हाँ, तो श्री अंसारी द्वारा किए गए पक्षपातपूर्ण ऑडिट एवं उनके विरूद्ध अन्‍य विभागों से प्राप्‍त शिकायतों पर उनके विरूद्ध विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है? उन अधिकारियों एवं श्री अंसारी पर कब तक कार्यवाही की जावेगी और क्‍या?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) जी हां। श्री ए.एम.अंसारी, ज्येष्ठ संपरीक्षक के विरूद्ध अध्यक्ष म.प्र.वक्फ बोर्ड, भोपाल द्वारा की गई शिकायत दिनांक 25.03.2017 एवं भोज (मुक्त) विश्‍वविद्यालय,भोपाल से संबंधित दो (02) शिकायतें दिनांक 01.05.2017 एवं दिनांक 18.07.2017 को प्राप्त हुई है। (ख) जी हां। अध्यक्ष, म.प्र.वक्फ बोर्ड द्वारा विभिन्न बिन्दुओं पर श्री अंसारी, ज्येष्ठ संपरीक्षक की शिकायत दिनांक 25.03.2017 को शासन को करते हुए बोर्ड के लेखों की पुनः संपरीक्षा चाही गई थी, जिसके परिप्रेक्ष्‍य में विभागीय आदेश क्रमांक एफ 1 (सी) 6/2017/ई/चार, दिनांक 07 जून, 2017 से म.प्र.वक्फ बोर्ड, भोपाल के लेखा वर्ष 2009-10 से 2015-16 तक के लेखों की पुनः संपरीक्षा हेतु निर्देश जारी किये है। (ग) जी हाँ। श्री ए.एम.अंसारी, ज्येष्ठ संपरीक्षक द्वारा म.प्र.वक्फ बोर्ड, भोपाल के लेखों की संपरीक्षा पूर्ण कर प्रस्तुत संपरीक्षा प्रतिवेदन में सम्मिलित 04 आपत्तियों में वर्णित तथ्यों में पुनः संपरीक्षा में अंतर पाया गयाहै। पुनः संपरीक्षा प्रतिवेदन संचालनालय के पत्र दिनांक 14.09.2017 से प्राप्त हुआ है। इस संबंध में संचालनालय स्थानीय निधि संपरीक्षा द्वारा संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय स्थानीय निधि संपरीक्षा, भोपाल को श्री अंसारी, ज्येष्ठ संपरीक्षक से आपत्तियों के तथ्यों में अंतर पर बिन्दुवार स्पष्टीकरण प्राप्त कर अपनी अनुशंसा सहित प्रस्तुत करने हेतु दिनांक 14.09.2017 से निर्देशित किया गया है। प्रकरण में क्षेत्रीय कार्यालय स्थानीय निधि संपरीक्षा, भोपाल की अनुशंसा के आधार पर आगामी कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी। (घ) श्री ए.एम.अंसारी, ज्येष्ठ संपरीक्षक से क्षेत्रीय कार्यालय, स्थानीय निधि संपरीक्षा, भोपाल के पत्र दिनांक 07.10.2017 से म.प्र.वक्फ बोर्ड के लेखा वर्ष 2009-10 से 2015-16 तक की पुनः संपरीक्षा में पायी गयी भिन्नता पर स्पष्टीकरण चाहा गया। उक्त स्पष्टीकरण नियत बिन्दुओं पर नहीं होने के कारण क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल के पत्र दिनांक 16.11.2017 से पुनः स्पष्टीकरण चाहा गया है। श्री अंसारी के स्पष्टीकरण प्राप्त होने के उपरान्त उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी। इसी प्रकार भोज (मुक्त) विश्‍वविद्यालय, भोपाल से संबंधित दो (02) शिकायतें प्राप्त हुई है। इन शिकायतों पर संचालनालय, स्थानीय निधि संपरीक्षा के पत्र दिनांक 18.05.2017 एवं 10.10.2017 से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय स्थानीय निधि संपरीक्षा, भोपाल से तथ्यात्मक जानकारी/प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। इन शिकायतों पर क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त जानकारी एवं अनुशंसा के आधार पर आगामी कार्यवाही की जावेगी।

बस्‍ती विकास योजनांतर्गत प्रस्‍तावित कार्यों की स्‍वीकृति

[अनुसूचित जाति कल्याण]

29. ( क्र. 1587 ) श्री मेहरबान सिंह रावत : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रस्‍ताव अनुसार तत्‍कालीन मंत्री महोदय श्री ज्ञान सिंह जी के पत्र क्रमांक 299 दिनांक 5/5/2017 एवं वर्तमान मंत्री महोदय श्री लाल सिंह आर्य के पत्र क्रमांक 2415 दिनांक 27/09/17 के द्वारा कलेक्‍टर महोदय मुरैना को ग्राम पंचायत रामपहाड़ी एवं ग्राम पंचायत रवेश डिगवार की अनु.जाति बस्तियों में सी.सी. खरंजा निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत करने के निर्देश किये गए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कलेक्‍टर महोदय मुरैना द्वारा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद सबलगढ़ एवं जिला संयोजक मुरैना को मय तकनीकी एवं अपने अभिमत सहित स्‍वीकृति हेतु निर्देश दिये गये हैं। यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक प्रशासकीय स्‍वीकृति के आदेश जारी क्‍यों नहीं किये गये हैं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराएं? यदि नहीं, तो कब तक प्रशासकीय स्‍वीकृति के आदेश जारी कर दिये जाएंगे? (ग) दिनांक 1 जुलाई 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तावित कार्यों की प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक जारी कर दी जायेगी? प्रस्‍तावित कार्यों के विलंब के लिये दोषी अधिकारी/कर्मचारी कौन है? नाम बतावें एवं उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही प्रस्‍तावित की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। योजनान्‍तर्गत प्रावधानित जिला स्‍तरीय समिति की बैठक नहीं हो सकी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) समिति की बैठक के निर्णय उपरांत स्‍वीकृतियां जारी की जायेंगी। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लिपिक संवर्ग की वेतन विसंगतियों का निराकरण

[वित्त]

30. ( क्र. 1597 ) श्री अरूण भीमावद : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लिपिक संवर्ग के वेतनमान विसंगति के निराकरण हेतु गठित समिति द्वारा 23 सूत्रीय बिन्‍दुओं के निराकरण की रिपोर्ट दिनांक 14.7.2017 को सौंपी गई है? (ख) क्‍या शासन द्वारा उक्‍त रिपोर्ट के परीक्षण कर प्रतिवेदन देने हेतु दिनांक 08 सितम्‍बर, 2017 को द्वि-सदस्‍यीय समिति गठित की गई है? (ग) क्‍या उक्‍त समिति द्वारा अपनी रिपोर्ट शासन को प्रस्‍तुत कर दी गई है? (घ) यदि हाँ, तो शासन इस रिपोर्ट के आधार पर लिपिक संवर्ग के वेतनमान की विसंगति दूर करने संबंधी आदेश कब तक जारी करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं। (घ) समिति की रिपोर्ट प्राप्‍त होने पर आगे कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं हैं।

नवीन विद्युत ग्रीड की स्‍थापना

[ऊर्जा]

31. ( क्र. 1598 ) श्री अरूण भीमावद : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शाजापुर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चौसला कुल्‍मी एवं ग्राम अलकी सहित आसपास के 20-25 ग्रामों निम्‍न दाब की गंभीर समस्‍या होने से सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहा है? (ख) यदि हाँ, तो शासन की किसानों को सिंचाई हेतु उचित दाब उपलब्‍ध कराने की क्‍या योजना है? (ग) किसानों को निम्‍न दाब की समस्‍या को निराकरण करने हेतु नवीन ग्रीड की स्‍वीकृति कब होगी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं। शाजापुर विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत ग्राम चौसला कुल्‍मी एवं ग्राम रूलकी (ग्राम अलकी नहीं) सहित आसपास के लगभग 20-25 ग्रामों में 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र बैरछा से निर्गमित 11 के.व्‍ही. चौसला कुल्‍मी सिंचाई फीडर से सिंचाई हेतु विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। माह अक्‍टूबर 17 में उक्‍त फीडर पर औसतन 9:48 घंटे विद्युत प्रदाय किया गया है एवं इस फीडर पर अधिकतम भार 140 एम्‍पीयर दर्ज हुआ है जो कि निर्धारित मानकों के अनुरूप है। दिनांक 20.11.2017 को उक्‍त फीडर के अंतिम छोर वाले 25 के.व्‍ही.ए. वितरण ट्रांसफार्मर पर फेस टू फेस वोल्‍टेज- 430 वोल्‍ट पाया गया है, जो कि निर्धारित मानकों के अनुरूप है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना सहित कोई भी कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

हितग्राहियों की समस्‍याओं का निराकरण

[ऊर्जा]

32. ( क्र. 1634 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍न क्रमांक 642 दिनांक 18.07.2017 में प्रश्‍नांश (ख) के निराकरण हेतु जो परिशिष्ट प्रस्‍तुत किया गया है। उसमें स.क्र. 1 लगायत 76 हितग्राहियों की समस्‍याओं का उल्‍लेख है। उसमें से क्‍या कुछ समस्‍याओं का निराकरण हो चुका है तथा कुछ हितग्राहियों की समस्‍यायें शेष होने का उल्‍लेख, निराकरण कॉलम में है। (ख) यदि हाँ, तो क्‍या अब प्रपत्र निराकरण कॉलम के अनुसार समस्‍याओं का निराकरण हो चुका है। यदि नहीं, तो कारण बताते हुये उनका निराकरण कब तक कर दिया जायेगा।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी हाँ, प्रश्‍न क्रमांक 642 दिनांक 18.07.2017 के तारतम्‍य में कुल 76 हितग्राहियों की समस्‍याओं में से 50 हितग्राहियों की समस्‍याओं का निराकरण किया जा चुका है, जिसका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। वर्तमान में 26 हितग्राहियों की समस्‍याओं का निराकरण किया जाना शेष है। (ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार प्रश्‍नाधीन कुल 76 हितग्राहियों की समस्‍याओं में से 50 हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण किया जा चुका है। शेष 26 समस्‍याओं का निराकरण नहीं होने का कारण/निराकरण होने की संभावित समयावधि की जानकारी इस प्रकार है- (i) 5 समस्‍याएं उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं करने के कारण ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने, 1 समस्‍या हितग्राही द्वारा नियमानुसार सुपरविजन राशि जमा नहीं करने एवं 1 समस्‍या उपभोक्‍ता द्वारा विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण निराकृत नहीं की जा सकी हैं। इस प्रकार उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार आवश्‍यक राशि का भुगतान नहीं करने के कारण उक्‍त 7 आवेदन/समस्‍याएँ निराकरण हेतु शेष है। (ii) 17 समस्‍यायें जो कि विद्युत अधोसंरचना उपलब्‍ध कराने की मांग से संबंधित है, से संबंधित कार्य दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में सम्मिलित कर लिया गया है, जिसका क्रियान्‍वयन टर्न-की आधार पर कराए जाने हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: इनके निराकरण हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना वर्तमान में संभव नहीं है। (iii) 2 समस्‍याओं के निराकरण हेतु कार्य वितरण कंपनी के एस.टी.सी. संभाग द्वारा किया जा रहा है, जो प्रगति पर है तथा लगभग 1 माह में कार्य पूर्ण किया जाना संभावित है। प्रश्‍नाधीन शेष 26 समस्‍याओं के निराकरण हेतु की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

त्रुटिपूर्ण मुआवज़ा निर्धारण करने वाले दोषियों के विरूद्ध लोकायुक्‍त में शिकायत

[सामान्य प्रशासन]

33. ( क्र. 1651 ) पं. रमेश दुबे : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राष्‍ट्रीय राजमार्ग छिन्‍दवाड़ा-सिवनी के निर्माण में मौजा चौरई के भूमि का त्रुटिपूर्ण मुआवज़ा निर्धारण एवं व्‍यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने की शिकायत लोकायुक्‍त जबलपुर को विगत 3 वर्षों के मध्‍य की गयी है? यदि हाँ, तो कब-कब किस-किस के द्वारा शिकायत की गयी है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में क्‍या उक्‍त शिकायत की जाँच की गयी है? यदि हाँ, तो किस अधिकारी के द्वारा की गयी? जाँच में क्‍या पाया गया? जाँच प्रतिवेदन व निष्‍कर्ष से अवगत कराते हुए यह बतावें कि कौन लोग दोषी पाये गये? (ग) यदि जाँच नहीं की गयी है तो क्‍यों? किस अधिकारी के पास कब से जाँच लंबित है? अब तक जाँच को लंबित रखने के क्‍या कारण हैं? क्‍या यह माना जाये कि जाँचकर्ता अधिकारी द्वारा आरोपियों को प्रश्रय दिया जा रहा है? (घ) कब तक जाँच पूर्ण कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी नहीं। (ख) से (घ) उत्‍तरांश '' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश के पेंशनधारियों को सातवें वेतनमान का लाभ

[वित्त]

34. ( क्र. 1689 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में दिनांक 1.1.2016 के पूर्व के सेवानिवृत्‍त शासकीय कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिये जाने की कोई योजना विचाराधीन है? (ख) क्‍या इस विषय पर छत्‍तीसगढ़ राज्‍य के द्वारा दिनांक 01.01.2016 के पूर्व के पेंशनभोगियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिये जाने की सहमति राज्‍य शासन को दो माह पूर्व प्राप्‍त हो चुकी है, उक्‍त सहमति के आधार पर दोनों राज्‍यों के पेंशनभोगियों को लाभ देने के आदेश राज्‍य सरकार द्वारा जारी किये जाने हैं का लंबित रहने का क्‍या कारण है? कब तक आदेश जारी किये जावेंगे? (ग) क्‍या देश के अन्‍य भारतीय जनता पार्टी शासित राज्‍य सरकारों द्वारा अपने दिनांक 1.1.2016 के पूर्व के सेवानिवृत्‍त पेंशनधारी कर्मचारियों को केन्‍द्र सरकार के कर्मचारियों के अनुरूप ही सातवें वेतनमान का लाभ दिया गया, जबकि प्रदेश में केन्‍द्र सरकार के आदेश के विपरीत न्‍यूनतम 2.47 के अनुरूप लाभ करने की जिद्द वित्त विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही है, जिससे प्रदेश के लाखों पेंशनभोगी परिवारों को सातवें वेतनमान प्राप्‍त न होकर नुकसान होगा? क्‍या शासन इस बिन्‍दु पर विचार कर पेंशनभोगियों के हित में निर्णय लेगा? समय-सीमा बतायें।

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रदेश के वित्‍तीय संसाधनो को दृष्टिगत रखते हुए निर्णय लिया जावेगाI (ख) जी हाँI शेषांश (क) अनुसारI (ग) केन्‍द्र सरकार के अनुसार लाभ दिये जाने की बाध्‍यता नहीं रहती हैI फिर भी राज्‍य के वित्‍तीय संसाधनों को द़ृष्टिगत रखते हुए यथासमय उपयुक्‍त निर्णय लिया जाएगाI समय-सीमा बताना संभव नहीं हैI

कोयला की कमी से ताप विद्युत गृह बन्‍द होने एवं कम भार पर चलाना

[ऊर्जा]

35. ( क्र. 1751 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश के सभी ताप गृहों में कोयले की बहुत अधिक कमी होने के कारण ताप विद्युत गृह बन्‍द होने की स्थिति में आ गये हैं? (ख) माह सितम्‍बर, 2017 एवं अक्‍टूबर, 2017 में प्रदेश के किन-किन ताप विद्युत केन्‍द्रों के लिए कितने-कितने मैट्रिक टन कोयले की आवश्‍यकता थी व उक्‍त अवधि में कितना मैट्रिक टन कोयला कोल इंडिया द्वारा उपलब्‍ध कराया गया? (ग) वर्तमान में कोल इंडिया को कितनी राशि का भुगतान किया जाना शेष है? (घ) वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक कितनी-कितनी मांग अनुसार केन्‍द्र सरकार द्वारा कितना-कितना मैट्रिक टन कोयला उपलब्‍ध कराया गया है वर्षवार बतायें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) जी नहीं तथापि विगत कुछ माहों, विशेषत: अगस्त, सितम्बर एवं अक्टूबर 2017 में कोयला कंपनियों द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड को अनुबंध की मात्रा से कम कोयला प्रदाय किए जाने से म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड की कुछ ताप विद्युत इकाइयों को बंद रखना पड़ा तथा कुछ को कम भार पर चलाया गया। (ख) म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड के ताप विद्युत गृहों हेतु कोयला कंपनियों द्वारा कोयले की आपूर्ति कोल प्रदाय अनुबंध के अनुसार की जाती है। अत: कोयले की आवश्यकता की गणना, मासिक आधार पर, कोल प्रदाय अनुबंध के आधार पर की गई है, जिसके अनुसार माह सितम्बर 17 एवं अक्टूबर 17 में आवश्यकता एवं उक्त अवधि में कोल इंडिया द्वारा उपलब्‍ध कराए गये कोयले की मात्रा की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) वर्तमान में दिनांक 18.11.2017 की स्थिति में म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड द्वारा कोल इंडिया लिमिटेड को उनके देयकों के विरूद्ध लगभग रू 279.50 करोड़ का भुगतान किया जाना शेष है। (घ) म.प्र. पावर जनरेटिंग कम्पनी लिमिटेड के ताप विद्युत गृहों को वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक आवश्यक कोयले की मात्रा, जो कि अनुबंधित मात्रा के अनुसार है एवं उक्त अवधि में कोल इंडिया द्वारा उपलब्‍ध कराये गये कोयले की मात्रा की वर्षवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

परिशिष्ट- '' अठारह''

माननीय सांसद एवं विधायकों के पत्रों पर कार्यवाही

[सामान्य प्रशासन]

36. ( क्र. 1783 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत 01 जनवरी, 2016 से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन माननीय विधायकगण एवं क्षेत्रीय सांसद द्वारा कलेक्टर नरसिंहपुर को किस-किस संबंध में कब-कब पत्र लिखे गए एवं म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेशानुसार क्या प्राप्त सभी पत्रों की अभिस्वीकृति दी गई? (ख) यदि हाँ, तो क्या माननीय विधायक एवं सांसदों के पत्रों को पंजीयन रजिस्टर में इन्द्राज किया जाता है? (ग) यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता द्वारा जो पत्र लिखे गये, उन समस्त पत्रों को इन्द्राज किया गया एवं उन पर की गई कार्यवाही से प्रश्‍नकर्ता को अवगत कराया गया? यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्ता के पत्रों को अवगत कराये जाने हेतु भेजे गए पत्रों की छायाप्रति उपलब्ध करावें।

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विभागीय आदेश का पालन किया जाता है। (ख) जी हाँ। पत्रों को कम्‍प्‍यूटर में इंद्राज किया जाता है। (ग) जी हाँ। सभी पत्रों को कम्‍प्‍यूटर में इंद्राज किया जाता है। जिन विभागों को पत्र कार्यवाही हेतु प्रेषित किए जाते हैं, उन विभागों द्वारा माननीय सांसद एवं विधायकगणों को अवगत कराया जाता है। प्रश्‍नकर्ता के पत्रों पर की गई कार्यवाही एवं अवगत कराये जाने की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

विधानसभा क्षेत्र के अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास में क्रय सामगी की जानकारी

[अनुसूचित जाति कल्याण]

37. ( क्र. 1784 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17, 2017-18 में प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव जिला नरसिंहपुर में स्थापित अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास में क्या-क्या सामग्री कब-कब, कितनी-कितनी राशि से क्रय की गई, वर्षवार जानकारी प्रदान करें। (ख) क्या खरीदी गई सामग्री शासकीय मापदण्डानुसार थी? यदि हाँ, तो सामग्री की गुणवत्ता की जाँच की गई? यदि हाँ, तो किस संस्था द्वारा, कब-कब की गई जानकारी देवें?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) अनुसूचित जाति छात्रावासों हेतु क्रय की गई सामग्री की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं जनजातीय कार्य विभाग की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। सामग्री की गुणवत्‍ता की जाँच की गई। अनुसूचित जाति छात्रावासों हेतु क्रय की गई सामग्री की जाँच मध्‍यप्रदेश शासन, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्‍याण विभाग के पत्र क्रमांक एफ 12/37/05/25-2 दिनांक 21 नवम्‍बर, 2005 की कंडिका 6 के तहत जिला स्‍तर पर गठित समिति द्वारा दिनांक 30.06.2016 एवं दिनांक 30.12.2016 को की गई। अनुसूचित जनजाति छात्रावासों हेतु क्रय सामग्री की गुणवत्‍ता की जाँच दिनांक एवं संस्‍था की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

परिशिष्ट- ''उन्नीस''

विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत नहरों के रख-रखाव

[नर्मदा घाटी विकास]

38. ( क्र. 1818 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत नहरों के अंदर घास कटाई, रख-रखाव या अन्‍य कारणों से आखिरी छोर तक पानी नहीं पहुंचता है? (ख) क्‍या आखिरी छोर के किसानों द्वारा पानी न मिलने के बावजूद राजस्‍व राशि जमा की जाती है? (ग) क्‍या शासन द्वारा आखिरी छोर के किसानों को पानी पहुंचाने हेतु व्‍यवस्‍था की जावेगी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

राज्‍यमंत्री, नर्मदा घाटी विकास ( श्री लालसिंह आर्य ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' एवं '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जी हाँ। (घ) नहरों के सुधार एवं निर्माण कार्य पूर्ण होने पर। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट- ''बीस''

नियम के विरूद्ध शिक्षकों के अटेचमेंट करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही

[जनजातीय कार्य]

39. ( क्र. 1861 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत प्राथमिक विद्यालय, माध्यमिक विद्यालय, हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूल सभी में कुल कितने शिक्षक वर्तमान में पदस्थ हैं? विद्यालय की श्रेणी सहित नाम सहित शिक्षकों के नाम सहित जानकारी शालावार उपलब्ध करावें। (ख) क्या भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत दुरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों का अटेचमेंट शिक्षकों की सुविधानुसार मुख्य सड़क के नजदीक या विकासखण्ड मुख्यालय के नजदीक कर दिया गया है? यदि हाँ, तो ऐसे कितने शिक्षक हैं तथा उनका नाम एवं मुख्य पदस्थापना कहाँ की है? यह आदेश किस अधिकारी द्वारा जारी किया गया है तथा यह शासन के कौन से आदेश के पालन में किया गया है? (ग) क्या यह व्यवस्था नियमानुसार है? नहीं है तो सम्बंधित आदेशकर्ता अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी? (घ) क्या शिक्षकविहिन शालाओं में, या जहां पर बच्चों के अनुपात में कम शिक्षक हैं वहां पर जिन शालाओं में अधिक शिक्षक हैं वहां से उन्हें हटाकर शिक्षकविहीन शालाओं में पदस्थापना की जा सकती है? हाँ, तो यह व्यवस्था कब तक की जाएगी? नहीं तो क्यों नहीं?

(श्री शिवराज सिंह चौहान) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी नहीं। अपितु कार्यालय आयुक्‍त आदिवासी विकास म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक/छात्रावास/ 164/2013:639-640 दिनांक 07/01/2013 में दिये गये निर्देशों के अनुसार छात्रावास/आश्रमों में अधीक्षक/अधीक्षिकाओं के पद पर पदस्‍थापना की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। किन्‍तु भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र में संचालित शालाओं में अतिशेष शिक्षक नहीं हैं।

विकास कार्यों हेतु प्राप्‍त राशि से किये गये निर्माण कार्य

[अनुसूचित जाति कल्याण]

40. ( क्र. 1877 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में विभिन्‍न विकास कार्य हेतु वित्‍तीय वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि प्राप्‍त हुई? (ख) कितनी-कितनी राशि के क्‍या-क्‍या कार्य किये गये? विकासखण्‍डवार जानकारी देवें? (ग) विभाग द्वारा कितनी-कितनी राशि का उपयोग नहीं करने के कारण राशि शासन को वापस की गई एवं वापस करने के क्‍या कारण रहें है? उक्‍त निर्माण कार्य का सम्‍पादन न होने के कारण कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्‍मेदार हैं? उक्‍त अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ शासन क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेगा?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) समर्पित राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। विद्युतीकरण योजना के निविदा आमंत्रण पर मा. उच्‍च न्‍यायालय द्वारा स्‍थगन होने से कार्य नहीं कराये गये हैं। जिम्‍मेदारी का निर्धारण किया जा रहा है। जी हाँ।

आबकारी विभाग इन्‍दौर द्वारा राजस्‍व में अनियमितता

[वाणिज्यिक कर]

41. ( क्र. 1918 ) श्री राजेश सोनकर : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आबकारी विभाग इन्दौर में वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में राजस्व प्राप्ति के समय कौन-कौन सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं आबकारी उप-निरीक्षक पदस्थ थे? नाम बतायें? कितने वर्षों से इन्दौर में ही पदस्थ थे? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्या‍ इनकी कोई जवाबदेही नहीं थी? चालान जमा करते समय किस-किस स्तर के अधिकारियों के हस्ताक्षर पश्चात् बैंकों में चालान जमा कराये जाते हैं? क्या इन अधिकारियों द्वारा बगैर देखे ही बैंको में चालान जमा करवाये गये? हाँ या नहीं? आबकारी विभाग में पदस्थ अधिकारियों को तौजी सत्यापन कि जवाबदारी किन-किन अधिकारियों की थी? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में आबकारी विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में तौजी सत्यापित कराई गई थी? हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो किन-किन अधिकारियों द्वारा उक्त वर्षों में तोजी सत्यापन की गई? नाम सहित सूची उपलब्ध करायें? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में यदि नहीं, तो तौजी सत्यापित न कराने का क्या कारण है? तौजी सत्यापित न कराने वालों पर कोई कार्यवाही की जायेगी? क्या आबकारी विभाग व शासन को राजस्व हानि पहुंचाने वाले अधिकारियों पर भी एफ.आई.आर. अथवा बर्खास्तगी की कार्यवाही की जायेगी?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) प्रश्‍नानुसार आलोच्‍य अवधि में पदस्‍थ सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं आबकारी उपनिरीक्षकों के नाम एवं उनकी इन्‍दौर जिले में अद्यतन प्रदर्शित अनुसार पदस्‍थ अवधि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक एवं दो अनुसार है। (ख) आबकारी अधिकारियों/कर्मचारियों के उत्‍तरदायित्‍व के संबंध में शासन के पत्र दिनांक 29.09.2017 से विभागीय जाँच संस्थित किये जाने हेतु 09 अधिकारियों/कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी किए गए हैं। लायसेंसियों द्वारा चालान जमा करते समय विभागीय अधिकारियों को जमा करने से पूर्व चालान दिखाने की कोई प्रक्रिया नहीं हैं। प्रश्‍नांश पूर्वानुसार आबकारी अधिकारियों/कर्मचारियों की जवाबदारी के संबंध में विभागीय जाँच संस्थित की गयी है। तदनुसार जाँच निष्‍कर्ष अनुसार जवाबदारी तय होगी। (ग) आबकारी विभाग जिला इन्‍दौर के द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2015-16 एवं वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में 31 मार्च 2017 तक की स्थिति में तौजी सत्‍यापन या तौजी सत्‍यापन नहीं कराये जाने का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। प्रश्‍न के उत्‍तरांश के संबंध में अधिकारियों की नाम सहित सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्रतीन अनुसार हैं। (घ) प्रश्‍नांतर्गत विनिश्‍चय के संबंध में शासन के पत्र दिनांक 29.09.2017 से विभागीय जाँच संस्थित किये जाने हेतु 09 अधिकारियों/कर्मचारियों को आरोप पत्र जारी किये गये है। आरोप पत्र के उत्‍तर एवं विभागीय जाँच के निष्‍कर्ष के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जा जायेगा।

प्रश्नकर्ता द्वारा लिखे गए पत्र

[सामान्य प्रशासन]

42. ( क्र. 1920 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्नकर्ता द्वारा दिनांक 10 अक्टूबर, 2017 को माननीय मुख्यमंत्री जी को लिखे पत्र क्रमांक 8127 पत्र क्रमांक 8128 पत्र क्रमांक 8130 पत्र क्रमांक 8131 एवं मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र क्रमांक 8111 पत्र क्रमांक 8112 पत्र क्रमांक 8113 पत्र क्रमांक 8114 पत्र क्रमांक 8115 एवं दिनांक 22 जुलाई 2017 को लिखे पत्र क्रमांक 7162 से पत्र क्रमांक 7209 प्राप्त हुए हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नकर्ता के किस विषय पर लिखे गए किस पत्र पर माननीय मुख्यमंत्री जी के कार्यालय ने किस दिनांक एवं माननीय मुख्य सचिव के कार्यालय ने किस दिनांक को किस-किस को क्या-क्या आदेश एवं निर्देश दिए हैं? (ग) प्रश्नकर्ता के किस विषय पर लिखे गए पत्र में की गई शिकायत की जाँच राज्य शासन कब तक पूरी करवा कर प्रश्नकर्ता को कब तक जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करवा दी जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) प्रकरणों में कार्यवाही कर उसका निराकरण करना एक सतत् कार्य प्रक्रिया है जिसकी निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं है।

 परिशिष्ट- ''इक्कीस''

लेखापाल को समयमान वेतनमान दिलाया जाना

[वित्त]

43. ( क्र. 1924 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. संचालनालय कोष एवं लेखा के पत्र क्र./मा.द./जबलपुर/393 दिनांक 02/12/13, 27/06/14 एवं अर्द्ध शासकीय पत्र दिनांक 01/09/14 द्वारा सचिव वित्त विभाग को प्रेषित किये पत्र में उल्लेख किया है कि उपरोक्त स्थिति से यह स्पष्ट होता है कि जहां एक ओर सहायक ग्रेड-3 एवं सहायक ग्रेड-2 के पद लेखापाल के पद से कनिष्ठ होते हुये भी इन पदों पर कार्यरत कर्मचारी उच्चतर समयमान वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं, जबकि लेखापाल के पद पर पदोन्नत कर्मचारी उच्चतर समयमान से वंचित हैं, इस विसंगतिपूर्ण स्थिति का अविलम्ब निराकरण किया जाना आवश्‍यक है? (ख) प्रश्नांश (क) का उत्तर हाँ, तो उक्त विसंगतिपूर्ण स्थिति का निराकरण किया गया है या नहीं? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? यदि नहीं, तो लेखापाल को हो रही आर्थिक हानि के लिए कौन उत्तरदायी है, कब तक इस विसंगति का निराकरण कर स्पष्ट आदेश जारी किये जावेंगे? (ग) संयुक्त संचालक, कोष लेखा, भोपाल होशंगाबाद संभाग द्वारा दिनांक 01/07/16 से 30/08/17 तक उनके कार्यालय में लेखापाल को द्वितीय समयमान वेतनमान अनुमोदन हेतु सेवापुस्तिका किस विभाग के लेखापाल की किस दिनांक को प्राप्त हुई? किस लेखापाल का किस दिनांक को अनुमोदित कर दिया गया? किस-किस लेखापाल का किस कारण से अनुमोदन नहीं किया है, की जानकारी विभागवार उपलब्ध करावें?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) वित्‍त विभाग द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक एफ-8-6/2015/ नियम/चार दिनांक 16-5-2017 द्वारा लेखापाल का वेतन उन्‍नयन किया गया है। (ख) उत्‍तरांश '''' अनुसार। (ग) लेखापाल को द्वितीय समयमान वेतनमान दिये जाने की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है।

परिशिष्ट- ''बाईस''

फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने वालों पर कार्यवाही

[जनजातीय कार्य]

44. ( क्र. 1998 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या मुख्यमंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने वाले व्‍यक्तियों के खिलाफ नामजद शिकायत (लोवेल संजीव पावर) द्वारा जिलाध्‍यक्ष जिला दण्‍डाधिकारी को दिनांक 30/10/2014 को लिखित में तथा कूरियर से की गई थी, जिसका आवक क्र. 04 जिला कार्यालय छिन्‍दवाड़ा है? (ख) यदि हाँ, तो कितने व्‍यक्तियों ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाई है? पत्र की प्रति दें। आवेदक द्वारा दी गई सत्‍यापित प्रति पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या आवेदक द्वारा दिये गये पत्र में जिन व्‍यक्तियों के नाम हैं, उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण कायम करवाया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक प्रकरण दर्ज कर जाँच की जावेगी?

मुख्यमंत्री ( श्री शिवराज सिंह चौहान ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विद्युत कर्मचारियों के नियमितीकरण

[ऊर्जा]

45. ( क्र. 2000 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में वर्ष 2010-2013 में संविदा आधार पर सहायक यंत्री, कनिष्‍ठ यंत्री, लाईन परिचालक, परीक्षण सहायक, प्रबंधक एच.आर. के पदों पर म.प्र. मध्‍य पूर्व/पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी/ट्रांसमिशन लि. में लिखित एवं साक्षात्‍कार के द्वारा नियुक्तियां की गई है? (ख) क्‍या शासन द्वारा ऐसा कोई प्रावधान है कि इन विद्युत कर्मियों को नियमित किया जायेगा? जैसे अन्‍य प्रदेशों बिहार, झारखण्‍ड, आंध्रप्रदेश, पंजाब में किया गया है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री पारस चन्‍द्र जैन ) : (क) ऊर्जा विभाग के अंतर्गत प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित विद्युत कंपनियों में संविदा आधार पर प्रश्‍नाधीन अवधि में की गई नियुक्तियों की विद्युत कंपनीवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है (ख) जी नहीं।

परिशिष्ट- ''तेईस''

प्रदेश में फिल्‍म प्रदर्शन उद्योग की जानकारी

[वाणिज्यिक कर]

46. ( क्र. 2012 ) श्री तरूण भनोत : क्या वित्त मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 20012008 की नीति के अंतर्गत मनोरंजन कर की छूट जी.एस.टी. में किस प्रकार दी जावेगी? मनोरंजन कर जो पहले 20 प्रतिशत था जी.एस.टी. आने पर 28 प्रतिशत हो गया फिल्‍म प्रदर्शन उद्योग को एवं उपभोक्‍ता को उससे होने वाली क्षति भरपाई की क्‍या योजना है? (ख) प्रदेश में नवीन सिनेमा घर मल्टीप्लेक्स स्‍थापित करने को प्रोत्‍साहन देने के लिये सरकार की वर्तमान प्रभारी योजना या प्रस्‍तावित योजना क्‍या है? क्‍या कोई नीति बनाई गई है या प्रस्‍तावित है? (ग) वर्तमान में संचालित या बंद पड़े सिनेमा घर अथवा मल्टीप्लेक्स के जीर्णोद्धार व नवीनीकरण को प्रोत्‍साहित करने की शासन की कोई योजना या नीति है या प्रस्‍तावित है? (घ) क्‍या सिनेमा प्रदर्शन को पर्यटन उद्योग या अन्‍य श्रेणी के कोई उद्योग का दर्जा देने की शासन की कोई योजना है? या प्रस्‍तावित है जानकारी दी जावे?

वित्त मंत्री ( श्री जयंत मलैया ) : (क) मध्‍यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 174 के प्रावधानों के अनुसार जी.एस.टी के लागू होने के दिनांक 01-07-2017 से पूर्व प्रचलित अधिनियमों के अंतर्गत कर के भुगतान से दी गई छूट आगे लागू नहीं रहेंगी। जी.एस.टी के अंतर्गत प्रवेश की टिकिट दर 100 रूपये अथवा उससे कम है तो जी.एस.टी की दर 18 प्रतिशत (9 प्रतिशत सी.जी.एस.टी. + 9 प्रतिशत एस.जी.एस.टी.) है। प्रवेश श&#