मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
दिसम्‍बर, 2016 सत्र


सोमवार, दिनांक 05 दिसम्‍बर, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

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फसल बीमा दावा राशि का वितरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

1. ( *क्र. 575 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या किसानों को वर्ष 2015-16 फसल नुकसानी के लिए फसल बीमा राशि का लाभ प्राप्त होगा? (ख) वर्तमान में फसल बीमा दावा राशि का वितरण क्यों नहीं किया गया है? कारण बतावें। (ग) फसल बीमा दावा राशि का वितरण कब तक कर दिया जावेगा? (घ) प्रधानमंत्री बीमा राशि के नियम व जानकारी (शर्तें) उपलब्ध करावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) खरीफ वर्ष 2015 की दावा राशि का भुगतान संबंधित नोडल बैंकों को कर दिया गया है एवं रबी 2015-16 की दावा राशि का आंकलन प्रक्रियाधीन है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

नवीन/अधूरी सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

2. ( *क्र. 999 ) श्री कल्याण सिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विदिशा विधान सभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीन सड़क निर्माण कराया जा रहा है? साथ ही अधूरे सड़क निर्माण कार्यों का कार्य गतिशील है जिसमें अत्‍यधिक विलंब हो रहा है? निर्माण कार्य समय-सीमा में न कर घटिया निर्माण किया गया है? (ख) क्‍या विदिशा विधान सभा क्षेत्र में सड़क निर्माण ग्राम नौलास से लखूली, झिरनिया, देहरी से तिलक भदौरा का कार्य समय-सीमा में नहीं होने से धीमीगति से चल रहा है एवं ग्राम सदनखेड़ी से हांसुआ, ग्राम टीलाखेड़ी से गेहूँखेड़ी तक की सड़क का घटिया निर्माण होने से क्षतिग्रस्‍त हो चुकी है? इसकी जाँच कराई जावेगी? साथ ही ग्राम देहरी से निटरी एवं भदौरा एप्रोच रोड तक सड़क निर्माण कार्य स्‍वीकृत एलाइनमेंट में कुल 15 किलोमीटर में शामिल कर शेष 6 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य कराया जाना आवश्‍यक है? (ग) क्‍या पत्र क्रमांक 2431, दिनांक 26.03.2016 एवं पत्र क्रमांक 579, दिनांक 18.10.16 पर मुख्‍य अभियन्‍ता (राज.परि.) लोक निर्माण विभाग, निर्माण भवन भोपाल स्‍तर पर कार्यवाही विचाराधीन है? पत्रों के संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई है? जानकारी उपलब्‍ध करावें 

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। अनुबंधानुसार कार्य गतिशील है। जी नहीं। (ख) जी नहीं, कार्यपालन यंत्री द्वारा जाँच की जाकर कार्य सही पाया गया। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। दोनों ग्राम पक्‍की सड़क जुड़े होने के कारण वर्तमान वित्‍तीय स्थिति को देखते हुये सेकेण्‍ड कनेक्टिवि‍टी प्राथमिकता क्रम में नहीं आता। पत्र क्रमाक 579, दिनांक 18.10.2016 के संबंध में कार्यपालन यंत्री, लो.नि.वि. संभाग विदिशा द्वारा पत्र क्रमांक 12382, दिनांक 02.11.2016 से निराकरण किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

कोपाखेड़ा जलाशय का कार्य प्रारंभ किया जाना

[जल संसाधन]

3. ( *क्र. 1143 ) श्री कमलेश शाह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अमरवाड़ा जिला छिंदवाड़ा के कोपाखेड़ा जलाशय को शासन ने स्‍वीकृति‍ दे दी है? यदि हाँ, तो इसके आदेश की छायाप्रति देवें (ख) किस कारण से उपरोक्‍त स्‍वीकृत कार्य प्रश्‍न दिनांक तक प्रारंभ नहीं हो पाया। (ग) यह कार्य कब तक प्रारंभ होगा? (घ) कार्य प्रारंभ न होने के लिए जिम्‍मेदार अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

कृषि सामग्री की खरीदी हेतु ऋण उपलब्‍ध कराया जाना

[सहकारिता]

4. ( *क्र. 424 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कृषि सामग्री के लिए प्रदेश में कृषकों को खाद बीज और अन्‍य जरूरी सामग्री खरीदने के लिए शून्‍य प्रतिशत ब्‍याज की दर से सहकारी ऋण उपलब्‍ध कराये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो प्रावधान की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित प्रावधान अनुसार वर्ष 2014-15, 2015-16 में विदिशा जिले में किस-किस प्राथमिक साख सहकारी समिति के सदस्‍यों को उक्‍त योजना का लाभ दिया गया है। लाभान्वित कृषकों की संख्‍यात्‍मक जानकारी सहकारी समितिवार उपलब्‍ध करावें। (ग) वर्ष 2016-17 में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत किस-किस सहकारी समिति के सदस्‍यों को ऋण दिया जाना प्रस्‍तावित है

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, विदिशा से संबद्ध समस्त 154 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के सदस्यों को योजना का लाभ दिया गया है। समितिवार लाभान्वित सदस्यों की संख्या की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

सिंहस्‍थ के अपूर्ण/अप्रारंभ कार्यों को पूर्ण किया जाना

[लोक निर्माण]

5. ( *क्र. 982 ) डॉ. मोहन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंहस्‍थ 2016 में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण एवं गेस्‍ट हाउस के संबंध में स्‍वीकृत कार्यों में से कितने कार्य प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण नहीं हुए हैं अथवा प्रारंभ नहीं हुए हैं। (ख) प्रश्नांश (क) की जानकारी अनुसार अपूर्ण एवं प्रारंभ नहीं किये गये कार्य कब तक पूर्ण कर लिए जावेंगे? कार्यवार जानकारी प्रदान करें तथा समयावधि बतावें 

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

सेवा सहकारी समिति सेमरिया में व्‍याप्‍त अनियमितता

[सहकारिता]

6. ( *क्र. 580 ) श्रीमती नीलम अभय मिश्रा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सेवा सहकारी समिति मर्यादित सेमरिया के अध्‍यक्ष भागीरथी शुक्‍ला के विरूद्ध आ‍‍र्थिक एवं अपराधिक प्रकरण दर्ज है? क्‍या समिति प्रबंधक ने सेवक संतोष वर्मा के साथ मिलकर समिति का पैसा बंदरबाट कर लिया है? (ख) क्‍या सेमरिया से सतना पहुँच मार्ग में रानी तालाब के पास समिति का गोदाम स्‍थित है एवं इस गोदाम के पीछे शासकीय जमीन पर भागीरथी शुक्ला ने अवैध कब्‍जा कर घर का निर्माण कराया है? क्‍या उपरोक्त घोटालों की शासन को जानकारी है? यदि हाँ तो अब तक इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही हुई? यदि नहीं तो क्‍यों एवं कब तक होगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, पुलिस थाना सेमरिया जिला रीवा से प्राप्त जानकारी अनुसार 08 अपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार ऐसा कोई प्रकरण प्रमाणित नहीं हुआ है, जिसमें समिति प्रबंधक द्वारा अध्यक्ष के साथ मिलकर पैसे का बन्दरबाट किया गया हो। (ख) जी हाँ। जी हाँ, भागीरथ शुक्ला के पिता श्री जगदीश प्रसाद का अवैध कब्जा है। जी हाँ। अतिक्रमण के विरूद्ध मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहित की धारा 248 के तहत कार्यवाही की गई है, जो न्यायालय में विचाराधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍य तकनीकी परीक्षक द्वारा जाँच

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

7. ( *क्र. 1214 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या-66 (क्रमांक 1803), दिनांक 27 जुलाई 2015 को प्रश्‍नांश कंडिका (ग) में सामान्‍य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक एफ-11-3/2015/1-10 दिनांक 20 फरवरी 2015 द्वारा शासन के मुख्‍य तकनीकी परीक्षक द्वारा जाँच करायी जा रही है, जानकारी दी थी। यदि मंडी के घटिया एवं मानक स्‍तर के निर्माण कार्य न होने संबंधी जाँच पूरी हो गयी हो तो, जाँच प्रतिवेदन की प्रति, निर्माण सामग्री की जाँच जिस प्रयोगशाला में करायी गयी हो तो उस प्रयोगशाला से प्राप्‍त प्रतिवेदन की प्रति समस्‍त संबंधित सहपत्रों साक्ष्‍यों सहित उपलब्‍ध कराते हुये बताया जाये कि जाँच में क्‍या पाया गया है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में जाँच दल में सम्मिलित सभी अधिकारियों के नाम, पद एवं पदस्‍थापना सहित यह जानकारी भी दी जाये कि जाँच किस अवधि में की गयी। जिला स्‍तर पर कितने लोगों को जाँच दल के साथ सहयोग हेतु सम्मिलित किया गया। इन सभी अधिकारियों सहित जाँच अधिकारी एवं जाँच दल पर हुये व्‍यय टी.ए./डी.ए. सहित अन्‍य व्‍यय की संपूर्ण जानकारी की प्रमाणित प्रति उपलब्‍ध करायी जाये

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। मुख्य तकनीकी परीक्षक से जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होना अपेक्षित है। अतएव शेष जानकारी जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर उपलब्ध करायी जा सकेगी। (ख) उत्तरांश "क" के परिप्रेक्ष्य में जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर ही जानकारी उपलब्ध करायी जा सकेगी।

चाकल्‍या सिंचाई परियोजना की अवार्ड राशि का भुगतान

[जल संसाधन]

8. ( *क्र. 1101 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कुक्षी विधानसभा क्षेत्र की चाकल्‍या सिंचाई परियोजना के निरस्‍त हो चुके अंतरिम अवार्ड के पश्‍चात् वर्तमान में पुन: नये सिरे से भू-अर्जन प्रक्रिया 2013 के कानून के अनुसार शुरू की गई है या नहीं। (ख) जिन विस्‍थापितों की बिना फाइनल अवार्ड भुगतान किए 4 वर्षों से जमीन पर कब्‍जा लिया जा चुका है? क्‍या उन्‍हें 4 वर्षों के फसल नुकसान का भुगतान किया जाएगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों? (ग) किसानों को भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्‍यवस्‍थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के केन्‍द्रीय भू-अर्जन कानून के अंतर्गत एवं इसकी पहली-दूसरी एवं तीसरी अनुसूची के अंतर्गत लाभ एवं पुनर्वास लाभ प्रदान किये जा रहे हैं या नहीं। 

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) परियोजना से प्रभावित कृषकों को भू-अर्जन अधिकारी धार द्वारा भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के अनुरूप अंतरिम अवार्ड अनुसार भुगतान कर भूमि अप्रैल, 2014 में अधिग्रहीत की गई। वर्तमान में नये अधिनियम 2013 के अनुसार कृषकों को अंतिम अवार्ड की कार्यवाही भू-अर्जन अधिकारी धार के यहां प्रक्रियाधीन है। जी नहीं। प्रकरण में अंतरिम अवार्ड अनुसार कृषकों को भुगतान किया जा चुका है। अतः फसल नुकसान के भुगतान का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) किसानों को भू-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्स्‍थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम 2013 के अनुसार ही भुगतान किया जावेगा। इस परियोजना अंतर्गत किसी भी कृषक का विस्थापन नहीं हुआ है।

खरगापुर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत बानसुजारा से नहर निर्माण

[जल संसाधन]

9. ( *क्र. 484 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में बानसुजारा से नहर निर्माण का कार्य किया जा रहा है, जिससे निकलने वाले मटेरियल, पत्‍थर, मिट्टी, किसानों की कृषि भूमि में दोनों तरफ डाल दी गई है, जिससे कई किसान परेशान हैं और भूमि पर खेती नहीं कर पा रहे हैं तथा क्‍या किसानों को उक्‍त मिट्टी, पत्‍थर डाले जाने का मुआवज़ा दिलायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें? क्‍या उक्‍त किसानों की भूमि से उक्‍त मटेरियल हटवाये जाने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? समयावधि बतायें यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें। (ख) क्‍या उक्‍त बानसुजारा नहर का मटेरियल पत्‍थर, मिट्टी सड़कों के किनारों पर डाल दिया गया है, जिससे आये दिन राहगीर घटनाओं-दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं तथा क्‍या लोक निर्माण विभाग से जल संसाधन विभाग ने अनुमति ली थी? यदि हाँ, तो अनुमति का पत्र उपलब्‍ध करायेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण स्‍पष्‍ट करें तथा राहगीरों को होने वाली समस्‍या के निराकरण हेतु मिट्टी पत्‍थर हटाये जाने के आदेश जारी करेंगे? यदि हाँ, तो समयावधि बतायें? यदि नहीं तो कारण स्‍पष्‍ट करें

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। ठेकेदार द्वारा नहर की खुदाई से प्राप्त मिट्टी को किसानों के खेतों में उनकी सहमति से उनके खेतों की निचली भूमि पर डाली गई है। सहमति पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। अतः किसानों के खेतों में मिट्टी डाले जाने का मुआवजा दिये जाने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं। (ख) बानसुजारा नहर की खुदाई से प्राप्त मिट्टी एवं अन्य मटेरियल लोक निर्माण विभाग की सड़क एवं शोल्डर पर नहीं डाला गया है। नहर से प्राप्त मटेरियल सड़क के शोल्डर से किसानों के खेतों के बीच के निचले भाग में डाली गई है। मटेरियल को ग्रेडर से समतल कराने के निर्देश मुख्य अभियंता दतिया को दे दिए गए हैं। दुर्घटना संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं होना प्रतिवेदित है। लोक निर्माण विभाग से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अतः शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''तीन''

गोलखेड़ी से सूखा निपानिया मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

10. ( *क्र. 1380 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोलखेड़ी से सूखा निपानिया तक पूर्व निर्मित मार्ग की स्थिति क्‍या है। (ख) प्रश्नांश (क) में मार्ग जीर्णशीर्ण स्थिति में है अथवा नहीं (ग) प्रश्नांश (क) में दर्शित मार्ग हेतु विभाग द्वारा कोई कार्य योजना तैयार की गयी है अथवा नहीं यदि नहीं तो विभाग कब तक इस पर कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) मार्ग क्षतिग्रस्‍त है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार। (ग) कार्य योजना प्रक्रियाधीन, किन्‍तु वर्तमान में किसी भी योजना में प्रस्‍तावित नहीं है। इसलिये समयसीमा बताया जाना संभव नहीं है।

फसल बीमा राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

11. ( *क्र. 1376 ) श्री हर्ष यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर एवं रायसेन जिले में वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में रबी एवं खरीफ की फसलों को हुई क्षति का आंकलन क्‍या प्रशासन व बीमा कंपनी द्वारा करा लिया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त जिलों में कुल कितनी राशि फसल बीमा की कृषकों को उपलब्‍ध कराई जानी है। य‍ह राशि कब तक किसानों के खातों में अंतरित की जावेगी? (ख) विकासखण्‍डवार कितने-कितने कृषकों को किन-किन फसलों की क्षति में कितनी-कितनी राशि देय है। क्षति के बाद भी अब तक बीमा राशि किसानों को न दिये जाने के क्‍या-क्‍या कारण रहे हैं। (ग) देवरी विधानसभा क्षेत्र के बीमित कृषकों को कितनी-कितनी राशि कब तक उपलब्‍ध करा दी जाएगी? ग्रामवार, कृषक संख्‍या एवं राशि की जानकारी दोनों वर्षों की उपलब्‍ध करायें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

बीना नदी परियोजना का क्रियान्‍वयन

[जल संसाधन]

12. ( *क्र. 923 ) श्री महेश राय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बीना नदी परियोजना प्रस्‍तावित है। (ख) यदि हाँ, तो योजना की वास्‍तविक स्थिति क्‍या है। (ग) उक्‍त योजना के प्रारंभ होने से विधानसभा क्षेत्र बीना की कितनी भूमि सिंचित होगी। (घ) बीना नदी परियोजना कब तक प्रारंभ हो जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 30.10.2010 को रू. 1514.577 करोड़ की 97,747 हे. वार्षिक सिंचाई के लिए प्रदान की गई थी। परियोजना के अंतर्गत मडिया बांध, धसान डायवर्सन, देहरा बांध एवं चकरपुर बांध सह-पिकअप वियर का निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित है। परियोजना से प्रभावित वनभूमि 1024.44 हे. की सैद्धांतिक स्‍वीकृति माह जुलाई 2016 में भारत-सरकार से प्राप्‍त हो चुकी है। परियोजना की पर्यावरण स्‍वीकृति एवं प्रभावित वनभूमि की औपचारिक स्‍वीकृति का कार्य प्रक्रियाधीन है। परियोजना के अंतर्गत प्रस्‍तावित मड़ि‍या एवं धसान बांध के डूब क्षेत्र के ग्रामवासियों द्वारा लगातार विरोध किए जाने से परियोजना का संशोधित स्‍वरूप विचाराधीन है। (ग) परियोजना से विधान सभा क्षेत्र बीना की लगभग 49,500 हे. भूमि सिंचाई हेतु प्रस्‍तावित थी। संशोधित स्‍वरूप में विधान सभा क्षेत्र बीना की लगभग 12,400 हे. भूमि में सिंचाई प्रस्‍तावित है। (घ) परियोजना की पर्यावरणीय स्‍वीकृति एवं प्रभावित वनभूमि की औपचारिक स्‍वीकृति प्राप्‍त होने के पश्‍चात निर्माण संबंधी कार्यवाही प्रारंभ हो सकेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

सीधी जिलांतर्गत मार्गों के निर्माण एवं सुधार कार्य

[लोक निर्माण]

13. ( *क्र. 1373 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीधी जिले के सिहावल ब्‍लाक सुपेला से राजगढ़ रामनगर मार्ग स्‍वीकृत है। यदि हाँ, तो कब से। तिथि व लागत बतायें। (ख) प्रश्नांश (क) के कार्य की प्रगति क्‍या अभी तक शून्‍य है। यदि हाँ, तो मार्ग निर्माण कब पूर्ण होगा? (ग) क्‍या सीधी जिले के विकासखण्‍ड सिहावल में बघोर से केराई, केसौली छादा से कैमोर पहाड़ पहुंच मार्ग, सुपेला से राजगढ़, सिहावल से समरगरा मार्ग, पखड़ा से जेठुला एवं पहाड़ी दुरहवा तालाब खाड़ी पहुंच मार्गों की हालत अत्‍यंत जीर्ण है, यदि हाँ, तो प्रश्नांश (ख) के मार्गों के निर्माण की क्‍या योजना है एवं कब तक पूर्ण कर लिए जावेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं, प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) विस्‍तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

ए.बी.सी. कैनाल के 9 आर सबडिस्‍टीब्‍यूटरी के अंतिम छोर तक सिंचाई

[जल संसाधन]

14. ( *क्र. 367 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ए.बी.सी. कैनाल के 9 आर सबडिस्‍ट्रीब्‍यूटरी के आखिरी छोर पर सिंचाई हेतु पानी नहीं पहुंच पाता है क्‍योंकि आखिरी छोर के अधिकांश भाग को तोड़कर अतिक्रमण कर लिया गया है जिससे किसान सिंचाई से वंचित हो रहे हैं? (ख) क्‍या 9 आर सबडिस्‍ट्रीब्‍यूटरी पर किए गए अतिक्रमण के संदर्भ में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है और न ही उक्‍त कारण से सिंचाई से वंचित किसानों को सिंचाई हेतु अन्‍य विकल्‍प पर प्रयास किया गया है। (ग) प्रश्नांश (क) (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या सिचांई हेतु वंचित किसानों के लिए उक्‍त माईनरी के अखिरी छोर की निर्धारित सीमा तक का पुन: निर्माण कराया जा सकेगा। यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं। ए.बी.सी. नहर की 9 आर सब डिस्‍ट्रीब्‍यूटरी के अंतिम छोर तक सिंचाई हेतु पानी पहुंचाया जाकर इस वर्ष 9 आर माईनर से 1,694 हे. क्षेत्र में सिंचाई (पलेवा) उपलब्‍ध कराया गया है। उक्‍त माईनर के अंतिम छोर तक किसी भी प्रकार का अतिक्रमण होना प्रतिवेदित नहीं है। (ख) एवं (ग) 9 आर माईनर के अंतिम छोर तक सिंचाई हेतु पानी उपलब्‍ध होने से शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

कृषकों को खाद एवं बीज का वितरण

[सहकारिता]

15. ( *क्र. 390 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत विगत 03 वर्षों में कितना बीज एवं खाद कृषकों को वितरण हेतु साख सहकारी संस्थाओं को आवंटित किया गया था? आवंटित बीज एवं खाद के वितरण हेतु क्या मापदण्ड तय थे? मापदण्ड अनुसार वितरण किया गया या नहीं? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में वितरित खाद एवं बीज की विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत सहकारी साख संस्थावार सूची उपलब्ध करावें? (ग) नवीन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत सहकारी साख संस्‍थाओं के माध्‍यम से कितने कृषकों के बीमा किये गये? समितिवार जानकारी देवें (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत कितनी राशि का क्लेम किया गया था एवं इसके विरूद्ध कितने कृषकों को क्लेम राशि का भुगतान हुआ?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) 17909 क्विंटल बीज एवं 88080 मे.टन खाद, जिला त‍कनीकी समूह की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार नगद एवं वस्‍तु ऋण का अनुपात 70:30 निर्धारित किया गया है, कृषकों को स्‍वीकृत साधारण साख सीमा अनुसार वितरण किया गया है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) कृषकों का बीमा कराये जाने संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना राज्‍य में खरीफ 2016 से लागू की गई है। योजना अंतर्गत सहकारी समितियों द्वारा बीमा क्‍लेम प्रस्‍तुत करने का कोई प्रावधान नहीं है। उपज के आकड़ों के आधार पर योजना के प्रावधान अनुसार बीमा कंपनी द्वारा नुकसान का आंकलन किया जाकर राशि का भुगतान किया जाता है, अभी तक बीमा कंपनी से कृषकों को भुगतान हेतु कोई राशि प्राप्‍त नहीं हुई है।

आंतरिक सड़क निर्माण के प्रावधान

[लोक निर्माण]

16. ( *क्र. 1349 ) श्री संजय शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पी.आई.यू. द्वारा बनाये जाने वाले भवनों में आंतरिक सड़क बनाये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो तेंदूखेड़ा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नवनिर्मित सिहोरा के महाविद्यालय, तेंदूखेड़ा के एस.डी.एम., एस.डी.ओ.पी. कार्यालय एवं तेंदूखेड़ा के ही प्री-मैट्रिक आदिवासी छात्रावास में आंतरिक सड़क का निर्माण क्‍यों नहीं किया गया? (ग) उपरोक्‍त भवनों में आंतरिक सड़क का निर्माण कब तक कराया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। स्‍वीकृति में सम्मिलित होने पर। (ख) आंतरिक सड़क निर्माण कार्य का प्रावधान स्‍वीकृत प्राक्‍कलन में नहीं होने के कारण। (ग) उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पाटन विधान सभा क्षेत्रांतर्गत पुल/पुलिया निर्माण

[लोक निर्माण]

17. ( *क्र. 742 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कौन-कौन से मार्ग हैं जिनमें पुल-पुलिया एवं रपटों का निर्माण न होने अथवा रपटे पर जल निकासी कम होने से वर्षा ऋतु में ग्रामीणजनों का आवागमन बाधित होता है? (ख) क्‍या पौड़ीकला, सिमरिया (आलासूर), हरसिंघी, लमकना, मुरैठ, सरोंद बनखेड़ी मार्ग के कि.मी. 3/6 कनाड़ी नाला एवं इन्‍द्राना, गनियारी, मुरई मार्ग के कि.मी. 7/2 में हिरन नदी तथा कंजई सकरीकला अधुआ मार्ग के कि.मी. 2/4 में काकरदेही नाला पर पुल निर्माण का स्‍थल परीक्षण कर प्रथम स्‍तरीय प्राक्‍कलन मुख्‍य अभियंता लो.नि.वि. सेतु परिक्षेत्र भोपाल को सम्‍प्रेषित किया जा चुका है तथा बनखेड़ी, मुरेठ, लमकना पौडी मार्ग के कि.मी. 3/2 सुहार नदी पर पुल निर्माण का स्‍थल परीक्षण कर प्रथम स्‍तरीय प्राक्‍कलन अ.य. सेतु मण्‍डल जबलपुर को प्रेषित किया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में उल्‍लेखित पुलों के निर्माण का प्रस्‍ताव शासन स्‍तर पर कहां लंबित है? इन पुलों के निर्माण की स्‍वीकृति किस प्रकार से कब तक प्रदान कर दी जावेगी? (घ) देवनगर-खिन्‍नी (तिदनी) मुरेठ मार्ग में हिरन नदी पर पुल के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव तैयार कर निर्माण कार्य बजट अनुसार कराये जाने के संबंध में हुई प्रगति से अवगत करावे एवं यह भी बतलावें कि उक्‍त पुल का निर्माण किस प्रकार से कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) पाटन विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सुरैया-सिमरिया बढैयाखेड़ा-पडरिया-धमनी-सिंगौरी निर्माणाधीन मार्ग (मुख्‍य जिला मार्ग) के अंतर्गत कि.मी. 4+100 पर स्थित रपटे पर वर्षा ऋतु में अधिक वर्षा होने पर आवागमन कुछ समय के लिए अवरूद्ध हो जाता है। शेष जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) सुरैया-सिमरिया-बढैयाखेड़ा-पडरिया-धमनी-सिंगौरी निर्माणाधीन मार्ग (मुख्‍य जिला मार्ग) के अंतर्गत कि.मी. 4+100 पर स्थित रपटे के स्‍थान पर माईनर ब्रिज निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष प्रस्‍तावों का परीक्षण कराया जा रहा है। वित्‍तीय संसाधनों की सीमित उपलब्‍धता के कारण स्‍वीकृति संभव नहीं। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (घ) रूपये 602.85 लाख का डी.पी.आर. तैयार किया गया है। वित्‍तीय संसाधनों की सीमित उपलब्‍धता अनुसार कार्यवाही संभव नहीं। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''पांच''

पंजीकृत दुकानों से कृषि यंत्र खरीदी की बाध्‍यता समाप्‍त करना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

18. ( *क्र. 167 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा कृषि यंत्रों पर कितना-कितना अनुदान दिया जा रहा है। क्या कृषि विभाग से पंजीकृत संस्‍था/दुकान से ही कृषि यंत्रों को खरीदने के लिये कृषकों को बाध्‍य किया जा रहा है? (ख) क्‍या कृषि विभाग द्वारा पंजीकृत दुकानों से खरीदने पर कृषक को मंहगे दर पर कृषि यंत्र मिल रहे हैं, जिससे उसको शासकीय अनुदान का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि खुले मार्केट में उन्‍हीं कृषि यंत्रों की कीमत काफी कम है तथा अनुदान का अधिक लाभ किसानों को मिल सकता है? (ग) यदि प्रश्नांश (क) एवं (ख) सही है तो सरकार कब तक बाजार दर एवं पंजीकृत दुकानों की दरों का पुनरीक्षण कराकर पंजीकृत दुकानों से कृषि यंत्रों की खरीदी की बाध्‍यता को समाप्‍त कर देगी? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) कृषि यंत्रों की खरीदी के लिये किसानों से अनावश्‍यक कागजी कार्यवाही कराई जाती है, जिससे कृषकों के समय और पैसे की बर्बादी हो रही है? इसलिये कब तक प्रक्रिया सरल बना दी जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) विभाग द्वारा कृषि यंत्रों पर दिये जाने वाले अनुदान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों में केवल भारत सरकार के अधिकृत संस्थाओं से टेस्टेड कृषि यंत्रों पर ही अनुदान देने का प्रावधान है। अत: उक्त निर्देशों के परिपालन में विभाग द्वारा टेस्टेड यंत्रों के निर्माताओं का पंजीयन किया जाता है। कृषकों द्वारा पंजीकृत निर्माताओं के अधिकृत डीलरों, मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम तथा म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ में से किसी से भी कृषि यंत्रों का क्रय किया जा सकता है। (ख) जी नहीं। शासन द्वारा कृषि यंत्रों की दरों का निर्धारण नहीं किया जाता है कृषक द्वारा मोल-भाव कर यंत्रों का क्रय किया जाता है, अत: कृषि यंत्रों की कीमत का अधिक होने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। पात्र कृषकों को अनुदान का लाभ मिल रहा है। कृषक विभिन्न निर्माताओं के पंजीकृत अधिकृत विक्रेताओं से यंत्रों पर मोल-भाव कर क्रय उपरांत अनुदान का लाभ ले रहे हैं। (ग) उत्तरांश "क" एवं "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 से ही कृषि यंत्रों के आवेदन हेतु ऑनलाईन व्यवस्था लागू की गई है जो कि काफी सरल एवं पारदर्शी प्रक्रिया है।

क्‍वारी नदी पर निर्माणाधीन पुल की जाँच

[लोक निर्माण]

19. ( *क्र. 1177 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 63 (क्र. 1492), दिनांक 21 जुलाई 2016 में प्रश्‍नकर्ता द्वारा हाई लेबल ब्रिज क्‍वारी नदी बरेथा तहसील अम्‍बाह जिला मुरैना की स्‍पेशीफिकेशन के अनुसार कार्य न होने से वर्णित कार्य का शिड्यूल ऑफ आयटम की प्रतिलिपि प्राक्‍कलन सहित उपलब्‍ध कराने हेतु मांग की थी परंतु शिड्यूल ऑफ आयटम की प्रतिलपि उपलब्‍ध नहीं कराई गई अत: प्रतिलिपि उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍न के उत्‍तर (ड.) में भी प्रश्नांश (क) से (घ) तक के उत्‍तर निर्धारित मापदण्‍ड के अनुसार कार्य होना बताया हैं परंतु उपरोक्‍त कार्य संतोषजनक नहीं है? (ग) क्‍या उपरोक्‍त कार्य की जाँच हेतु तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रश्‍नकर्ता विधायक के समक्ष जाँच कराई जायेगी? यदि हाँ, तो निश्चित समय-सीमा निर्धारित करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) कार्य पूर्णत: संतोषजनक है, गुणवत्‍ता का परीक्षण एम..आर.टी. एण्‍ड एच. के स्‍पेशिफिकेशन के अनुसार किया गया है और समय-समय पर कार्य का निरीक्षण भी किया जा रहा है। (ग) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में फिलहाल जाँच की आवश्‍यकता प्रतीत नहीं होती।

रीवा जिलान्‍तर्गत चौरा घाट का निर्माण

[लोक निर्माण]

20. ( *क्र. 870 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अता.प्रश्‍न संख्‍या 149 ( क्र. 4633) दिनांक 16.03.2015 के (पुस्‍तकालय) उत्‍तर में बताया गया था कि रीवा जिले के हनुमना सौनौरी मार्ग में चौराघाट का निर्माण कार्य लंबाई 5 कि.मी. वन क्षेत्र से गुजरने के कारण वन विभाग की सैद्धांतिक सहमति की आवश्‍यकता थी जिसकी सैद्धांतिक सहमति की अनुमति वनीकरण हेतु रू. 36663641.00 की राशि वन विभाग में जमा करने के उपरान्‍त विभाग कार्य कर सकेगा, चूंकि कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति में वनीकरण की राशि सम्मिलित नहीं थी साथ ही एस.ओ.आर. दर में परिवर्तन हो चुका है, इससे पुनरीक्षित प्राक्‍कलन तैयार कराया जा रहा है। (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में वनीकरण एवं पुनरीक्षित प्राक्‍कलन तैयार कर लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण यंत्री रीवा वन मंडल रीवा को दिनांक 25.03.2015 को प्रेषित किया गया था एवं कार्यालय वन मण्‍डलाधिकारी वनमण्‍डल रीवा ने पत्र क्र. 1189 दिनांक 13.02.2014 को वनीकरण की राशि के पत्र में विस्‍तृत विवरण सहित राशि 1 सप्‍ताह में जमा कर चालान की एक प्रति भेजने हेतु लेख किया गया था(ग) क्‍या ध्‍यानाकर्षण सूचना क्रमांक 585 में सचिव म.प्र. शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा विभागीय टीप में बताया गया था कि निर्माण कार्य अक्‍टूबर, 2016 में प्रारंभ किया जाकर दो वर्ष में पूर्ण होने की संभावना है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के संबंध में यदि हाँ, तो लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक कार्य क्‍यों नहीं प्रारंभ किया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

नांदिया से पिण्‍डरई सड़क मार्ग के निर्माण में अनियमितता

[लोक निर्माण]

21. ( *क्र. 479 ) प्रो. संजीव छोटेलाल उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्‍डला जिले में नांदिया से पिण्‍डरई सड़क मार्ग किस योजना से स्‍वीकृत होकर कितनी राशि से बनायी गयी और किस कंपनी ने सड़क का निर्माण किया एवं किस कंपनी के द्वारा रूपांकन एवं निर्माण गुणवत्‍ता नियंत्रण का कार्य किया गया? नाम पता सहित पूर्ण जानकारी देवें (ख) क्‍या सड़क निर्माण कंपनी के द्वारा माह जुलाई एवं अगस्‍त 2016 में सड़क मरम्‍मत का कार्य किया गया? यदि हाँ, तो स्‍पष्‍ट है कि पहली ही बारिश में सड़क बह गयी, पुल पुलिया के मुहाने बह गये और आवागमन बाधित हो गया, यानी गुणवत्‍ताहीन कार्य किया गया? यदि नहीं तो सड़क मरम्‍मत की क्‍या आवश्‍यकता पड़ी? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने पत्र क्र./विध./मण्‍डला/396 दिनांक 10/09/2016 के माध्‍यम से जो कि महाप्रबंधक, म.प्र. सड़क विकास प्राधिकरण भोपाल को संबोधित था सड़क निर्माण कंपनी एवं गुणवत्‍ता नियंत्रण कंपनी का भुगतान 5 वर्ष तक रोकने एवं काली सूची में डालने हेतु आग्रह किया था? उस पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गयी? (घ) गुणवत्‍ताविहीन सड़क निर्माण के लिये कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी हैं, उन पर शासन कब तक और क्‍या कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। मार्ग का निर्माण निर्धारित गुणवत्‍ता के अनुरूप किया गया। क्षेत्र में 8 एवं 9 जुलाई को अतिवृष्टि के फलस्‍वरूप कुछ पुल-पुलियों के पहुंच मार्ग क्षतिग्रस्‍त हुये। (ग) कार्य निर्धारित मापदण्‍डों अनुसार किया जा रहा है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) कार्य निर्धारित मानकों अनुसार है। अत: किसी अधिकारी पर कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

उप पंजीयक सहकारिता के विरूद्ध कार्यवाही

[सहकारिता]

22. ( *क्र. 813 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सहका‍रिता मंत्री जी ने एक नस्‍ती पर जावक क्र. 45 दिनांक 26.05.2016 से सचिव सहकारिता को छतरपुर में पदस्‍थ उप पंजीयक को अनियमितता, स्‍वेच्‍छाचारिता, गंभीर दुराचरण के आरोप में निलंबित करने के निर्देश दिये गये थे? यदि हाँ, तो उस पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं की गई तो उसके लिये कौन दोषी है? (ख) डिप्‍टी रजिस्‍ट्रार छतरपुर द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक छतरपुर में प्राथमिक साख समितियों के कर्मचारियों/संचालक मण्‍डल को कब-कब, किस-किस को सेवा से पृथक/हटाने के आदेश जारी किये गये? जावक क्रमांक, दिनांकवार व नामवार सूची दें तथा उक्‍त आदेशों में से किन-किन आदेशों में न्‍यायालय, उप पंजीयक छतरपुर से निर्णय व स्‍थगन दिये गये क्‍या सहकारी एक्‍ट में ऐसी धारा का प्रावधान है कि अपने प्रशासनिक आदेश पर ही अपने ही न्‍यायालय में निर्णय पारित किये जाते हैं? क्‍या दोषी अधिकारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही की जाएगी? (ग) वर्ष 2015-16 में जिला सहकारी बैंक छतरपुर में प्रशासक/उप पंजीयक कौन था? गेहूँ उपार्जन में अधिक खर्च की जाँच में अधिक खर्च होना पाया गया था तथा क्‍या इसी संदर्भ की शिकायत सचिव सहकारिता को की गयी थी? उसके तथ्‍य क्‍या हैं? इसमें बैंक प्रशासक की भूमिका की जाँच कर शासन कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। डब्ल्यू पी क्रमांक 1248/16 में जारी स्थगन आदेश दिनांक 21.1.2016 के परिप्रेक्ष्य में शासकीय अधिवक्ता का अभिमत प्राप्त करने की कार्रवाई की जाने से निलंबन नहीं किया गया। तदनुसार अभिमत प्राप्त करने हेतु कार्रवाई की गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 01 एवं 02 अनुसार है। वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक प्राथमिक साख सहकारी समितियों के कर्मचारियों को सेवा से पृथक करने के आदेश जारी नहीं किये गये हैं अपितु संबंधित संस्‍थाओं के अध्‍यक्ष/संचालक मंडल को सेवा नियमों के तहत नियमानुसार कार्यवाही/पद से पृथक करने हेतु पत्र जारी किये गये हैं। जावक क्रमांक, दिनांक एवं नामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। इसी प्रकार प्राथमिक साख सहकारी समितियों के संचालक मंडल को हटाने के आदेशों की जावक क्रमांक, दिनांक एवं नामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 02 अनुसार है। उक्‍त पत्रों एवं आदेशों में न्‍यायालय उप पंजीयक छतरपुर द्वारा स्‍थगन व निर्णय नहीं दिये गये हैं, इसलिए शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्ष 2015-16 में जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक छतरपुर के प्रशासक एवं उप पंजीयक के पद पर दिनांक 25-12-2015 तक श्री अखिलेश कुमार निगम एवं दिनांक 26-12-2015 से 13-03-2016 तक श्री पी.आर. कावडकर उपायुक्‍त सहकारिता जिला सागर एवं दिनांक 14-03-2016 से 24-03-2016 तक श्री अखिलेश कुमार निगम तथा दिनांक 25-03-2016 से 31-03-2016 तक श्री पी.आर. कावडकर उपायुक्‍त सहकारिता जिला सागर पदस्‍थ रहे हैं। जी हाँ, जी हाँ, विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक 4138 के संदर्भ में गेंहू उपार्जन में अधिक खर्च की जाँच में अधिक राशि खर्च होना पाया गया है, जिसके संबंध में उत्‍तरदायी सहकारी समितियों के कर्मचारियों को नोटिस जारी किये गये हैं। गेंहू उपार्जन कार्य में बैंक प्रशासक की भूमिका नहीं होती है इसलिए शेष प्रश्‍न उपस्थित ही नहीं होता है।

अपूर्ण निर्माण कार्य को पूर्ण किया जाना

[लोक निर्माण]

23. ( *क्र. 119 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ अन्‍तर्गत विधान सभा क्षेत्र सारंगपुर में वित्‍तीय वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक परियोजना क्रियान्‍वयन ईकाई ब्‍यावरा द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी राशि के कराये जा रहे हैं? कार्यवार राशिवार जानकारी देवें (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार नियत समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण कराये जाकर विभाग को हस्‍तांतरित किये गये हैं? कौन-कौन से कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं होने के लिये कौन-कौन ठेकेदार/एजेन्‍सी अधिकारी दोषी हैं? (ग) प्रश्नांश (ख) अनुसार दोषी एजेन्‍सी/ठेकेदार या अधिकारी के विरूद्ध शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं की जावेगी तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

सिवनी-कटंगी-बोनकट्टा मार्ग को पूर्ण किये जाने की समयावधि

[लोक निर्माण]

24. ( *क्र. 146 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. रोड डेव्‍हलपमेन्‍ट कारपोरेशन के अन्‍तर्गत बी.ओ.टी. के अन्‍तर्गत जिला सिवनी-कटंगी-बोनकट्टा मार्ग बनाया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो कब तक यह मार्ग बना दिया जावेगा? निश्चित तिथि बतायी जावे।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कंशेसनायर द्वारा अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार कार्य पूर्ण नहीं किए जाने के कारण म.प्र. रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड अनुबंध के निरस्‍तीकरण आदेश दिनांक 18.11.2016 को जारी किए जा चुके हैं। कार्य पूर्णता का निश्चित दिनांक बताना संभव नहीं है।

मिट्टी परीक्षण केन्‍द्र का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

25. ( *क्र. 1043 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कृषि उपज मण्‍डी परासिया में विभाग द्वारा जो मिट्टी परीक्षण केन्द्र का निर्माण कार्य स्‍वीकृत किया गया है, क्‍या वह कार्य विभाग द्वारा निर्धारित की गई समय-सीमा में ठेकेदार द्वारा पूर्ण कर लिया जायेगा? अगर हाँ, तो समय-सीमा बतायें? (ख) क्‍या वर्तमान में कृषि उपज मण्‍डी परासिया में मिट्टी परीक्षण केन्‍द्र का निर्माण कार्य कुछ राजनैतिक व्‍यक्तियों द्वारा रोक दिया गया है? अगर हाँ, तो उपरोक्‍त निर्माण कार्य को पुन: प्रारंभ किए जाने हेतु विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या विभागीय अधिकारी की लापरवाही के कारण कृषि उपज मण्‍डी परासिया में मिट्टी परीक्षण केन्‍द्र का निर्माण कार्य पूर्ण होने में काफी विलम्‍ब हुआ है? अगर हाँ, तो ऐसे लापरवाह विभागीय अधिकारी के विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। कार्यादेश अनुसार प्रश्नांकित कार्यों की समय-सीमा दिनांक 11.12.2016 को समाप्त हो रही है। अत: समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण होना संभव नहीं हो सकेगा। (ख) जी नहीं। अनुबंधित निविदाकार को अंतिम सूचना पत्र दिनांक 09.11.2016 के माध्यम से अनुबंध निरस्त करने हेतु लिखे जाने पर निविदाकार द्वारा अपने पत्र दिनांक 21.11.2016 से लिखित में तत्काल कार्य प्रारंभ कर मार्च 2017 तक कार्य पूर्ण करने हेतु सहमति दी गई है। (ग) जी नहीं। शेष कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

 

 

 

 






 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

हताईखेड़ा पहुँच मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

1. ( क्र. 4 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल के गोविन्‍दपुरा विधानसभा क्षेत्र के हताईखेड़ा पहुंच मार्ग निर्माण की कार्य स्‍वीकृति का दिनांक धनराशि सहित बताया जाये? (ख) क्‍या उक्‍त मार्ग का निर्माण कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा अनापत्ति नहीं दिये जाने के कारण प्रारंभ नहीं हो रहा है? (ग) उक्‍त मार्ग का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) दिनांक 04.03.16 को रूपये 59.24 लाख की स्‍वीकृति प्रदान की गई है। (ख) जी नहीं। (ग) दिनांक 27.06.2016 को कार्यादेश जारी।

लेबड़ नयागांव फोरलेन में टोल स्थापना में अनियमितता

[लोक निर्माण]

2. ( क्र. 15 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा-नयागांव फोरलेन सड़क निर्माण के समय "टोल प्लाजा" अनुबंध के अनुसार मल्लाहरगढ़ के समीप सुठोद में लगना था? यदि हाँ,तो "टोल प्लाजा" पिपलिया मंडी के समीप बोतलगंज में लगाए जाने के क्या कारण थेटोल स्थापित करने के संबंध में अनुबंध की प्रतिलिपि उपलब्ध कराये। (ख) क्या अनुबंध के विपरीत सुठोद के स्थान पर बोतलगंज में टोल स्थापित करने को लेकर कम्पनी की मंशा वर्षों पुरानी सड़क रामपुरा-मंदसौर के गांव रामपुरा,मनासा,नारायणगढ़ से आने एवं जाने वाले वाहनों से टोल वसूली था? क्या रामपुरा- मंदसौर मार्ग को नवीनीकरण कर जोड़ा जा रहा है जबकि यह वर्षों पुरानी सड़क है? (ग) क्या जनप्रतिनिधियों व MPRDC के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष ग्रामवासियों एवं सामाजिक संगठनों ने ज्ञापन देकर अनुबन्ध अनुसार बोतलगंज से सुठोद के समीप टोल परिवर्तित करने की मांग कई बार की है तथा प्रश्नकर्ता द्वारा उच्च अधिकारियों को इस संबंध में पत्राचार भी किया गया? वर्तमान में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? (घ) उक्त टोल प्रकरण को लेकर कितनी-कितनी शिकायत किस-किस संस्था, व्यक्ति को कब-कब की गईशिकायतकर्ता एवं संस्था का नाम सहित जानकारी देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। निवेशकर्ता कंपनी के आवेदन एवं अनुबंध के प्रावधान अनुसार बोतलगंज गांव के पास टोल प्लाजा स्थापित किया गया है। अनुबंध की प्रतिलिपि पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-क अनुसार। (ख) जी नहीं। जी नहीं। (ग) जी हाँ। टोल प्लाजा का बदलाव अनुबंध अनुसार किया गया, इसलिये कार्यवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।

प्रदेश के न्यायालयों में चेक अनादरण के प्रकरण

[विधि और विधायी कार्य]

3. ( क्र. 17 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गत 05 वर्षों में प्रदेश में चेक अनादरण के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई हैयदि हाँ तो गत 1 जनवरी 2010 के पश्चात् प्रश्न दिनांक तक मंदसौर जिले में वर्षवार, कितने चेक अनादरण के प्रकरण न्यायालय में दर्ज किये गये? सिर्फ संख्या बतायें। (ख) क्या प्रदेश में चेक अनादरण मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु प्रकाम्य लिखित अधिनियम (एन.आई. एक्ट ) के तहत विशिष्ट न्यायालयों की स्थापना की गई है? यदि हाँ तो कहां-कहां, उक्त अवधि से प्रश्न दिनांक तक स्थापित न्यायालयों की जिलेवार, स्थानवार सूची देवें। (ग) क्या उक्त विशिष्ट न्यायालयों की स्थापना हेतु विभाग ने नियम/मापदंड निर्धारित कर रखे है? यदि हाँ तो नियम/मापदंड की प्रतिलिपि देवें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : प्रश्नांश (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नयागांव लेबड़ फोरलेन निर्माण में वृक्षारोपण की स्थिति

[लोक निर्माण]

4. ( क्र. 28 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 28 जुलाई 2016 के अता. प्रश्‍न संख्‍या 23 (क्रमांक 1695) के उत्‍तर में बताया था कि लागत 605.45 करोड़ मेसर्स वेस्‍टर्न एम.पी. इन्‍फ्रास्‍टेक्‍चर रोडवेज लिमिटेड तथा 450.47 करोड़ जावरा नयागांव टोलरोड कंपनी लिमिटेड इंदौर कंपनियों के अनुसार 900.97 करोड़ व 907 करोड़ खर्च हुआ था? टोल राशि 652.65 करोड़ व 663 करोड़ प्राप्‍त हुई व 50,094 वृक्ष लगाये व 53000 पौधे लगाये उसमें से 4500 पौधे जीवित हैं, 12000 पौधों को बड़ा करने का लक्ष्‍य है, 88040 वृक्ष सड़कों के बीच लगाये गये? यदि हाँ, तो पौधे की प्रजातिवार विवरण देते हुए बताऐं कि प्रश्‍न दिनांक तक कितने वृक्ष जीवित हैं व किस प्रजाति के हैं? (ख) परवलिया, मानखेड़ा के यात्री प्रतीक्षालय कितने व कब तक बनेंगे? (ग) टोल द्वारा प्राप्‍त आमदनी 652.65 करोड़ व 663.28 करोड़ के बाद कितनी धनराशि टोल से प्राप्‍त हुई तथा पूरी लागत वसूल होने के बाद क्‍या टोल बंद करने पर विचार करेंगे?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, लेबड़ जावरा मार्ग पर प्रश्‍न दिनांक तक कुल जीवित पौंधों की संख्‍या 54804 एवं जावरा-नयागांव मार्ग पर कुल जीवित पौंधों की संख्‍या 87018 है, जिसकी प्रजातिवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ग) लेबड़-जावरा मार्ग पर जुलाई 2016 से 31.10.2016 तक कुल टोल राशि रूपये 47.07 करोड़ एवं जावरा-नयागांव मार्ग पर जुलाई 2016 से 31.10.2016 तक कुल टोल राशि रूपये 58.67 करोड़ प्राप्‍त हुई। जी नहीं।

किसानों को बीमा मुआवज़ा व फसल क्षति का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

5. ( क्र. 29 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में पिछले 3 वर्षों में प्रत्‍येक जिले में किसानों को बीमा मुआवज़ा व फसल क्षति के रूप में कितने-कितने किसानों को कितनी-कितनी धनराशि मिली? तहसीलवार विवरण देवें। (ख) पिछले 3 वर्षों में किस-किस जिले को या तहसील को कब-कब सूखाग्रस्‍त घोषित किया गया तथा प्रत्‍येक सूखाग्रस्‍त घोषित जिले या तहसील को कितनी-कितनी धनराशि मुआवज़े के रूप में व बीमा राशि या कोई भी सहायता किसानों को मिली, जिले व तहसीलवार विवरण दें? (ग) इस वर्ष प्रदेश में कहीं अतिवृष्टि एवं कहीं सूखा रहा है, तो क्‍या अतिवृष्टि एवं सूखाग्रस्‍त जिलों, तहसीलों की पहचान कर ली गई? यदि हाँ, तो विवरण देवें? क्‍या अतिवृष्टि व सूखे से प्रभावित क्षेत्रों को बीमा या अन्‍य सहायता उपलब्‍ध कराई जावेगी? यदि हाँ, तो किस-किस क्षेत्र को व कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य में खरीफ 2013 मौसम से रबी 2015-16 मौसम तक जिलावार व तहसीलवार बीमा आवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट पर है। जिसमें खरीफ 2015 मौसम हेतु क्षतिपूर्ति राशि संबंधित नोडल बैंकों को भुगतान कर दिया गया है। रबी 2015-16 मौसम हेतु क्षतिपूर्ति प्रक्रियाधीन है। (ख) बीमांकन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष जानकारी राजस्‍व विभाग से एकत्रित की जा रही है। (ग) खरीफ 2016 मौसम में प्राकृतिक आपदा के कारण दतिया जिलें की तहसील इन्‍दरगढ़ में 2569 किसानों को राशि रू. 87.01 लाख एवं तहसील सेवढ़ा में 2852 कृषकों को राशि रू. 1.13 करोड़ एवं जिला स्‍तर पर उड़द फसल हेतु 10837 कृषकों को 7.38 करोड़ का ऑन अकांउट भुगतान योजना प्रावधानानुसार किया गया है। तथा दतिया सहित प्रदेश के समस्‍त जिलों के पात्र कृषकों को योजना के प्रावधान अनुसार बीमा दावा राशि का भुगतान फसल कटाई प्रयोग परिणामों के आधार पर किया जायेगा। शेष जानकारी राजस्‍व विभाग से एकत्रित की जा रही है।

फसल बीमा योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

6. ( क्र. 40 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013, 2014 एवं 2015 में प्राकृतिक आपदा से खरीफ व अन्‍य फसलों में हुए नुकसान भरपाई में राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजनांतर्गत कितने किसानों के दावे किन-किन जिलों से प्राप्‍त हुए? जिलेवार ब्‍यौरा दें। (ख) दावे करने वाले कितने किसानों को कितनी-कितनी बीमा राशि का भुगतान किया गया? जिलेवार ब्‍यौरा दें। (ग) कितने किसानों की फसल क्षति के दावे अब तक लंबित हैं, जिन्‍हे फसल बीमा राशि अब तक नहीं मिली? उज्‍जैन संभाग का जिलेवार ब्‍यौरा दें व किस-किस कारण राशि नहीं मिली?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2013, 2014 एवं 2015 में बीमा आवरण एवं नुकसान भरपाई की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ग) उज्‍जैन जिले के 4 प्रकरण एवं देवास जिले का 1 प्रकरण, जो खरीफ 2013 मौसम से संबंधित हैं, जो बैंकों द्वारा गलत पटवारी हल्‍के में बीमा करने से लंबित थे। उक्‍त त्रुटि के सुधार हेतु एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कंपनी के प्रस्‍ताव अनुसार राज्‍य स्‍तरीय तकनीकी समिति द्वारा अनुशंसित कर केन्‍द्र शासन से मंजूरी प्राप्‍त की गई है। अत: उक्‍त प्रकरणों की क्षतिपूर्ति भुगतान हेतु प्रक्रियाधीन है। उज्‍जैन संभाग का बीमा आवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

ब्‍लैक लिस्‍टेड ठेकेदारों की जाँच

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 42 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन एवं इंदौर संभाग में लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2011 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने एवं कौन-कौन से ठेकेदारों/कंपनियों को ब्‍लैक लिस्‍टेड किया गया है, जिलेवार ब्‍यौरा दें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में इन जिलों में कितने ब्‍लैक लिस्‍टेड ठेकेदारों को राजधानी परिक्षेत्र व अन्‍य स्‍थानों पर किन-किन उच्‍च अधिकारियों ने बहाल कर करोड़ों रूपयों के कार्य आवंटित कर दिये? पूर्ण ब्‍यौरा दें एवं किस आधार पर ब्‍लैक लिस्‍टेड ठेकेदारों को परिक्षेत्र बदलकर कार्य आवंटित किये, कारण सहित ब्‍यौरा दें? (ग) क्‍या सरकार ने उक्‍त (क) एवं (ख) के मामलों की जाँच करवायी है? यदि हाँ,तो कब? की गई कार्यवाही का ब्‍यौरा दें एवं यदि नहीं, तो इन गंभीर मामलों में भ्रष्‍ट अधिकारियों पर कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। ब्‍लैक लिस्टेड ठेकेदारों की बहाली नियमानुसार ही की गई है। अन्‍य परिक्षेत्र में कार्य लिये जाने हेतु ठेकेदार स्‍वतंत्र है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रश्‍नांश एवं में उल्‍लेखित अनुसार किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्‍त नहीं होने से जाँच की आवश्‍यकता नहीं है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होते।

 

दलपतपुर बरा मार्ग निमार्ण

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 55 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र बण्‍डा में लोक निर्माण विभाग द्वारा स्‍वीकृत दलपतपुर बरा मार्ग का कार्य वर्ष 2011-12 में प्रारंभ होने के पश्चात् क्‍यों रोका गया? (ख) उक्‍त मार्ग का निर्माण कार्य कब प्रारंभ किया जावेगा? (ग) पूर्ण जानकारी सहित विवरण उपलब्‍ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) बजट में सम्मिलित न होने के कारण प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी नहीं की जा सकी। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उक्‍त कार्य हेतु अनुबंध क्रं. 3402/2013-14 के तहत दिनांक 05.06.2013 को जारी कार्यादेश के तहत कार्य को 29.07.2013 यथा स्थिति बंद करने के निर्देश दिये गये है।

तहसील कार्यालय भवन निर्माण

[लोक निर्माण]

9. ( क्र. 56 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 29.3.2016 के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 10 (क्रमांक 2234) के भाग (ग) के उत्‍तर में बताया गया था कि जाँच कमेटी गठित की गई थी? जिसका जाँच प्रतिवेदन अप्राप्‍त है? (ख) दिनांक 18.3.2016 को गठित जाँच समिति के सदस्‍यों के नाम की सूची उपलब्‍ध कराई जाए? (ग) जाँच कमेटी के गठन दिनांक से 08 माह पूर्ण होने के पश्चात् भी जाँच प्रतिवेदन उपलब्‍ध क्‍यों नहीं कराया गया है? जाँच कब तक पूर्ण हो जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जाँच कमेटी द्वारा जाँच पूरी की जाकर अपना प्रतिवेदन प्रमुख अभियंता के माध्‍यम से प्रस्‍तुत कर दिया गया है, जो कि परीक्षणाधीन है।

परिशिष्ट - ''एक''

प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर कार्यवाही

[लोक निर्माण]

10. ( क्र. 68 ) श्री संजय उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को प्रश्‍नकर्ता द्वारा की गई शिकायत की जाँच हेतु प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्‍याण विभाग के पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई, संबंधित जानकारी प्राप्‍त करने हेतु कोई पत्र प्राप्‍त हुआ है? (ख) यदि हाँ तो प्रश्‍नकर्ता के पत्र एवं प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्‍याण विभाग के पत्र पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? पत्र प्राप्ति दिनाँक से किस-किस अधिकारी/कर्मचारी को कब-कब कार्यवाही हेतु अंकित/निर्देशित किया गया एवं किस अधिकारी/कर्मचारी के पास प्रकरण कब से लंबित है? (ग) प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्‍याण विभाग के पत्रानुसार जाँच कार्य कब तक पूर्ण कर प्रश्‍नकर्ता को उपलब्‍ध करा दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण मण्‍डल जबलपुर को जाँच हेतु दिनांक 26.05.2016 को निर्देशित किया गया। जी हाँ। (ख) अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु मण्‍डल जबलपुर को प्रमुख अभियंता म.प्र.लो.नि.वि. द्वारा दिनांक 26.05.2016 द्वारा जाँच करने हेतु निर्देशित किया गया। पत्र प्राप्ति दिनांक से दिनांक 26.05.2016, दिनांक 14.07.2016, दिनांक 01.10.2016 को निर्देश दिये गये। अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण मण्‍डल जबलपुर के पास प्रकरण लंबित है। (ग) जाँच उपरांत प्रतिवेदन उपलब्‍ध करा दिया जायेगा, समय-सीमा बताना संभव नहीं।

ईशानगर - नौगाँव मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

11. ( क्र. 73 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिलान्तर्गत नौगाँव-ईशानगर रोड से कितने गाँव का सम्पर्क है? कितने और कौन-कौन से सम्पर्क मार्ग इस मुख्य मार्ग से जुड़े है? यह रोड कितनी विधानसभा के गांव को आपस में जोड़ती है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुक्रम में उपरोक्त मार्ग की वर्तमान में क्या स्थिति है? क्या यह मार्ग पूर्णतः जर्जर हो चुका है? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुक्रम में उपरोक्त मार्ग का पुनर्निर्माण कब तक करवाया जावेगा।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) मार्ग की कुल लंबाई 36.00 कि.मी. है, जिसमें से 8.00 कि.मी. संतोषजनक एवं शेष 28.00 कि.मी. लंबाई खराब स्थिति में है। जी नहीं। (ग) सीमित वित्‍तीय संसाधनों के कारण वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''दो''

मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

12. ( क्र. 99 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या कृषि संबंधी या मंडी संबंधी कार्य करते समय कृषकों की मृत्यु होने पर रूपये 1 लाख अनुदान देने का प्रावधान हैं? (ख) यदि हाँ, तो विधानसभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत गत 3 वर्षों में ऐसे कितने कृषकों की मृत्यु हुई हैं और मृत्‍यु उपरांत 1-1 लाख रू का अनुदान दिया गया? (ग) क्या कृषक कमलेश प्रसाद ग्राम पिपरिया खुर्द (बरेला) को मृत्यु उपरांत मात्र 50 हजार रूपये दिये गये हैं? (घ) यदि हाँ तो योजनानुसार 1 लाख रूपये की राशि क्यों नहीं दी गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। कृषकों की कृषि कार्य करते हुए दुर्घटना में मृत्‍यु होने पर आर्थिक सहायता राशि रूपये 1.00 लाख (रूपये एक लाख मात्र) प्रदान किये जाने का प्रावधान है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) विधान सभा क्षेत्र पनागर के अंतर्गत गत तीन वर्षों में कृषक श्री प्रेमलाल काछी पनागर जिला जबलपुर की करंट लगने से मृत्‍यु होने पर योजनांतर्गत मृत्‍यु सहायता राशि रूपये 1.00 लाख प्रदान की गई। (ग) जी हाँ। कृषक श्री कमलेश प्रसाद ग्राम पिपरिया खुर्द की सर्पदंश से मृत्‍यु होने पर मृतक के निकटतम वारिस पिता श्री जगन्‍नाथ पटेल पिता साहबलाल पटेल को आर.बी.सी. 6-4 के पद पांच (2) के तहत राशि रूपयें 50000/- आर्थिक अनुदान सहायता राशि दिनांक 03.08.2016 का स्‍वीकृत कर वारसान के बैंक खाते में भुगतान किया जा चुका है। (घ) मुख्‍यमंत्री कृषक जीवन कल्‍याण योजना 2008 अंतर्गत कृषक की सर्पदंश से मृत्‍यु होने पर सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान नहीं है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

13. ( क्र. 100 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इमरजेंसी नेचर की सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाती हैं? (ख) यदि हाँ तो गत तीन वर्षों में प्रश्न दिनांक तक विभाग द्वारा ऐसी कितनी सड़कें चिन्हित की गई हैं? सूची देवें। (ग) यदि चिन्हित नहीं की गई हैं तो क्या पनागर विधानसभा क्षेत्र से प्रेषित सड़कों के प्रस्तावों का सर्वे किया गया हैं? (घ) यदि हाँ, तो क्या प्रश्नांश (ग) के अधीन यह सड़कें एन.एच.7 से मोहनिया (कुशनेर), एन.एच.7 से कारीवाह, बढै़याखेड़ा से पौरूआ, इमलई से महगवां टगर, बरेला से महगवां-हिनौतिया-पिंडरई, बरेला से बल्हवारा-जमुनिया-हिनौतिया भोई, तिलहरी से डूंगा महगांव इमरजेंसी नेचर की नहीं हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) इमरजेंसी नेचर के नाम से विभाग में सड़कों का वर्गीकरण नहीं किया जाता है। (ख) उत्‍तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जिन मार्गों के प्राक्‍कलन बनाये गये है उनका सर्वे किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) उत्‍तरांश () अनुसार।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

14. ( क्र. 107 ) श्री रामनिवास रावत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू होने के बाद म.प्र. में कितने कृषकों का फसल बीमा किया है? कितनी राशि प्रीमियम के रूप में किस-किस कंपनी को जमा की गई? प्रीमियम राशि में से कितनी राशि सरकार द्वारा दी गई है? कितनी राशि किसानों द्वारा जमा की है? जिलेवार जानकारी दें? (ख) क्या माह सितम्बर एवं अक्टूबर 2016 में आंधी, तूफान एवं वर्षा एवं अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों को नुकसान हुआ है? यदि हाँ, तो किस-किस जिले की किस-किस तहसील में? क्या फसल नुकसानी का सर्वे कराया गया? सर्वे अनुसार किस-किस जिले में कितने-कितने कृषकों की फसल को नुकसान हुआ? क्या फसलों को हुई क्षतिपूर्ति हेतु राहत राशि दी गई? फसल बीमा योजना के तहत किसानों को दावा राशि दी गई? (ग) यदि हाँ तो किस-किस जिले में कितने-कितने कृषकों को कितनी-कितनी राशि‍ का भुगतान किया गया? यदि नहीं तो क्यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्‍तर्गत म.प्र. में खरीफ 2016 हेतु लगभग 3427321 कृषकों का फसल बीमा किया गया है। कृषक अंश के रूप में एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को राशि रू. 231.35 करोड़, एच.डी.एफ.सी. इरगो जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी को राशि रू. 60.04 करोड़ एवं आई.सी.आई.सी.आई. लोम्‍बार्ड जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी को राशि रू.104.62 करोड़, कुल राशि रू. 396.01 करोड़ प्रीमियम राशि कृषकों द्वारा जमा की गई। कुल प्रीमियम राशि में से कृषक अंश घटाकर शेष अनुमानित राशि रू. 2305.78 करोड़ राज्‍य एवं केन्‍द्र सरकार द्वारा 1:1 के अनुपात में बीमा कंपनियों को जमा कराई जायेगी। इसमें एच.डी.एफ.सी. इरगो जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी को राशि रू. 3.17 करोड़ का अग्रिम भुगतान राज्‍य शासन द्वारा किया गया है। कृषकों द्वारा जमा प्रीमियम राशि की जिलेवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) खरीफ 2016 मौसम में प्राकृतिक आपदा के कारण दतिया जिलें की तहसील इन्‍दरगढ़ में 2569 किसानों को राशि रू. 87.01 लाख एवं तहसील सेवढ़ा में 2852 कृषकों को राशि रू. 1.13 करोड़ एवं जिला स्‍तर पर उड़द फसल हेतु 10837 कृषकों को 7.38 करोड़ का ऑन अकांउट भुगतान योजना प्रावधानानुसार किया गया है। तथा दतिया सहित प्रदेश के पात्र कृषकों को योजना के प्रावधान अनुसार बीमा दावा राशि का भुगतान फसल कटाई प्रयोग परिणामों के आधार पर किया जायेगा। शेष जानकारी राजस्‍व विभाग से एकत्रित की जा रही है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार।

श्योपुर जिले में सर्वेक्षित सिंचाई योजनाओं की स्वीकृति

[जल संसाधन]

15. ( क्र. 109 ) श्री रामनिवास रावत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्योपुर जिले में सिंचाई का रकवा बढ़ाये जाने हेतु कौन-कौन सी योजनाएं प्रश्नांकित दिनांक तक सर्वेक्षित हैं? इनमें से कौन-कौन सी योजनाएं साध्य पाई जाकर डी.पी.आर. तैयार की जा चुकी है? इनमें से किन-किन योजनाओं की डी.पी.आर. प्रशासकीय स्वीकृति हेतु शासन को भेजी जा चुकी है, कौन सी नहीं एवं क्यों? कारण सहित बतावें? कौन-कौन सी योजनाएं सर्वेक्षण उपरांत असाध्य पाई गई? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार श्योपुर जिले की सर्वेक्षित सिंचाई परियोजनाओं चैंटीखेड़ा बांध, धामिनी नदी पर धमनद बांध, गांवडी के पास इडर नदी पर बांध, डोकरका तालाब, पिपरवास के कुंडा नाले पर बांध कराहल तहसील कदवाल तालाब, रीछी लघु तालाब, वरधाबुजुर्ग तालाब आदि के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति हेतु समय-समय पर मान. मुख्य मंत्री जी, मान. जल संसाधन मंत्री, प्रमुख सचिव जल संसाधन को लिखे गए पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई? (ग) श्योपुर जिले में प्रस्तावित चैंटीखेड़ा सिंचाई परियोजना के निर्माण की स्वीकृति में विलम्ब के क्या कारण हैं? कब तक उक्त योजना की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। चैंटीखेड़ा मध्यम परियोजना की डी.पी.आर 01.04.2016 से प्रभावशील दरों पर तैयार कर मुख्य अभियंता, बोधी के कार्यालय में परीक्षणाधीन है। प्रश्नांश में उल्लेखित अन्य परियोजनायें निर्धारित मापदण्ड पर साध्य नहीं पाई गई है। (ग) परियोजना की स्वीकृति डूब प्रभावित सहारिया परिवारों के पुनर्वास एवं उपलब्ध वित्तीय संसाधनों से निर्भर होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

दमोह जबलपुर मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

16. ( क्र. 135 ) श्री लखन पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह-जबलपुर मार्ग का निर्माण किस योजनांतर्गत कराया गया है? इस मार्ग की गारंटी समय-सीमा कब तक है? (ख) क्‍या दमोह-जबलपुर मार्ग पिछले दो वर्षों से खराब हैं, बार-बार सड़क सुधारने की बात कही जाती है, परंतु आज दिनांक तक कोई सुधार कार्य नहीं कराया गया? (ग) क्‍या दमोह-जबलपुर मार्ग पूर्णत: क्षतिग्रस्‍त होने पर भी इस मार्ग पर टोल टैक्‍स लिया जा रहा हैं? यदि हाँ, तो क्‍या क्षतिग्रस्‍त मार्ग पर टोल लेना उचित हैं? (घ) यदि नहीं तो इस मार्ग का सुधार कार्य कब तक कराया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) दमोह-जबलपुर मार्ग (राज्‍य मार्ग क्रमांक-37) का निर्माण/उन्‍नयन कार्य बी..टी. योजना के अंतर्गत किया गया है, इस मार्ग की कंशेसन अवधि 26.02.2022 तक है। (ख) जी नहीं। कुछ कि.मी. में पाट होल्‍स है। जी नहीं। कंशेसनायर द्वारा गत दो वर्षों में संधारण कार्य किया गया है तथा इस वर्ष भी वर्तमान में पेंच मरम्‍मत का कार्य प्रगति पर है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) निवेशकर्ता कंपनी द्वारा संधारण कार्य प्रगति पर है। संधारण कार्य एक नियमित प्रकिया है अत: निश्चित अवधि बताना संभव नहीं।

 

 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

17. ( क्र. 140 ) श्री संजय उइके : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, खरीफ फसल वर्ष, 2016 में कितने ऋणी/अऋणी कृषकों के द्वारा कुल कितने रकबा में धान, सोयाबीन, मक्‍का एवं अन्‍य फसल का बीमा कराया गया? जिलेवार एवं फसलवार जानकारी बतावें? (ख) कुल फसल का बीमा किये गये कुल बीमित राशि की कितनी प्रीमियम राशि कृषकों से वसूल की गई फसलवार, जिलेवार जानकारी देवें? (ग) मध्‍यप्रदेश में किन-किन बीमा कम्‍पनियों द्वारा कितने-कितने खरीफ फसल का बीमा किया गया? राज्‍य शासन एवं भारत सरकार द्वारा बीमित राशि की प्रीमियम राशि कम्‍पनी को भुगतान की गयी? बीमा कम्‍पनीवार जानकारी देवें? (घ) कम्‍पनी द्वारा कुल कितने किसानों को निर्धारित जोखिम घटक अनुसार कितनी राशि का भुगतान किया गया? लाभान्वित किसानों की जिलेवार संख्‍या बताएं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। राज्‍य शासन द्वारा राज्‍यांश प्रीमियम राशि रू. 3.17 करोड़ एवं केन्‍द्र शासन द्वारा राशि रू. 3.17 करोड़ का एच.डी.एफ.सी. इरगो जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी लिमिटेड को अग्रिम भुगतान किया गया है। (घ) एच.डी.एफ.सी. इरगो जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा दतिया जिलें के 16256 कृषकों को राशि रू. 9.39 करोड़ का ऑन अकाउंट भुगतान योजना प्रावधानानुसार किया गया।

सड़क का निर्माण

[लोक निर्माण]

18. ( क्र. 147 ) श्री के.डी. देशमुख : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिले में विधान सभा क्षेत्र कटंगी 113 के अंतर्गत कटोरी से कचेखनी, कटोरी से मोहगांवघाट, कटोरी से फुलचुर, भौरगढ़ से टेमनी मार्ग, कटोरी से लीलामा मार्ग, दैतवरी से नयेगांव पी.डब्‍ल्‍यू.डी. मार्गों की हालत बहुत ही खराब हो गई है? (ख) यदि हाँ तो शासन इन मार्गों के निर्माण हेतु क्‍या कार्यवाही कर रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) सीमित वित्‍तीय संसाधनों के कारण वर्तमान में विभाग द्वारा कार्यवाही संभव नहीं।
परिशिष्ट - ''चार''

 

 

शिक्षित बेराजगारों को रोजगार उपलब्‍ध कराया जाना

[सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम]

19. ( क्र. 154 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में सूक्ष्‍म, लघु, मध्‍यम उद्यम विभाग द्वारा कौन-कौन सी बेरोजगारी उन्‍मूलन एवं शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्‍ध कराये जाने हेतु क्‍या योजना संचालित है? (ख) उन उद्यमों द्वारा कितने उद्यमियों को लाभ पहुंच रहा है? (ग) क्षेत्र में बहुयामी फसले जैसे गन्‍ना, गेहूं, धान एवं दालों एवं सब्जियों का बहुतायत उत्‍पादन होता है। क्‍या ऐसे उत्‍पादनों के प्रसंगकरण एवं उद्योगिक उत्‍पादन हेतु विभाग कृषि आधारित उद्योग लगाने के लिये शिक्षित बेरोजगार एवं शिक्षित युवा कृषकों को प्रोत्‍साहित करने हेतु क्‍या कोई विशेष अभियान चलायेगा?

राज्‍यमंत्री, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम ( श्री संजय पाठक ) : (क) प्रश्‍नांश के संबंध में वर्तमान में विभाग द्वारा निम्‍न स्‍वरोजगार योजनायें संचालित है:- 1. मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना 2. मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना 3. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (ख) प्रश्‍नांश के संबंध में गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में लाभान्वित उद्यमियों की योजनावार जानकारी निम्‍नानुसार हैं :-

क्र.

योजना का नाम

लाभान्वित संख्‍या

1

मुख्‍यमंत्री युवा उद्यमी योजना

07

2

मुख्‍यमंत्री स्‍वरोजगार योजना

78

3

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

26

योजनावार लाभान्वित उद्यमियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- '', '' एवं '' अनुसार हैं। (ग) यदि कोई हितग्राही उद्योग लगाने हेतु योजना अंतर्गत ऋण के लिए आवेदन करता है तो उसे नियमानुसार बैंकों से ऋण उपलब्‍ध कराने की कार्यवाही की जाती है।

तहसील गाडरवारा से छिंदवाड़ा तक सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

20. ( क्र. 156 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) तहसील गाडरवारा से मुहपानी होते हुये जिला छिंदवाड़ा तक क्‍या कोई सड़क का प्रस्‍ताव वर्ष 2005-06 से विभाग में स्‍वीकृति हेतु लंबित है? यदि हाँ, तो वर्तमान में उसकी क्‍या स्थिति है? (ख) क्‍या क्षेत्र की जनता की आवश्‍यकता के हिसाब से गाडरवारा से छिंदवाड़ा यदि सीधी सड़क का निर्माण होता है तो उसकी दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम होगी? (ग) यदि हाँ तो क्‍या जनहित में इस सड़क को शीघ्र स्‍वीकृति प्रदान कर निर्माण कराया जायेगा? यदि हाँ तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) 100 कि.मी. नहीं अपितु लगभग 40 से 50 कि.मी. कम होगी। (ग) सीमित वित्‍तीय संसाधनों के कारण। स्‍वीकृति प्रदान करना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उद्यानिकी विभाग की संचालित योजनाएं

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

21. ( क्र. 160 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में उद्यानिकी विभाग द्वारा राज्‍य योजनाओं में वर्ष 2016-17 से D.B.T. योजना लागू की गयी है? यदि हाँ, तो योजनावार प्रश्‍न दिनांक तक भौतिक एवं वित्‍तीय लक्ष्‍य पूर्ति की जानकारी दी जावे? (ख) प्रश्‍न दिनांक तक निर्धारित लक्ष्‍यों की पूर्ति न होने का क्‍या कारण है? (ग) क्‍या योजनाओं के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा कृषकों को बीज आदान सामग्री की व्‍यवस्‍था कर सीधे कृषकों को उपलब्‍ध कराया जा रहा है? यदि हाँ, तो उद्यानिकी विभाग द्वारा कृषकों को समय पर बीज आदान सामग्री की व्‍यवस्‍था क्‍यों नहीं की जा रही है, कारण स्‍पष्‍ट करें? (घ) क्‍या प्रदेश के किसान स्‍वयं अपने स्‍तर से राशि व्‍यय न कर बीज क्रय नहीं कर रहे हैं, जिससे निर्धारित लक्ष्‍यों की पूर्ति नहीं हो पा रही है एवं बीज की व्‍यवस्‍था हेतु किसान दर-दर भटक रहे हैं?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) डी.बी.टी. लागू योजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट में है। (ख) लक्ष्‍य वार्षिक रूप से निर्धारित किये जाते हैं, अत: उत्‍तर निरंक है। (ग) जी हाँ। विभागीय रूप से उपलब्‍ध बीजों को कृषकों को विभिन्‍न योजनान्‍तर्गत उपलब्‍ध कराया जा रहा है। जहां विभागीय स्‍तर पर बीज उपलब्‍ध नहीं है, वहां कृषक स्‍वयं बीज की व्‍यवस्‍था करने हेतु स्‍वतंत्र है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। किसानों के दर-दर भटकने की स्थिति निर्मित नहीं है।

परिशिष्ट - ''पांच''

मंडी कटनी के लिपिकों को स्‍थानांतरित किया जाना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

22. ( क्र. 161 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी समिति कटनी में पदस्‍थ किस-किस लिपिकों के विरूद्ध विभाग जाँच संस्थित की जाकर आरोप पत्र जारी किए हैं? आरोप पत्र की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) में लिपिकों के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित अथवा प्रस्‍तावित है, इन्‍हें इस मंडी में पूर्व में की गई अनियमितताओं के लिए कब-कब कौन-कौन से दण्‍ड दिए गए हैं? (ग) क्‍या प्रश्नांश (क) के किसी लिपिकीय कर्मचारी को उसके दुराचरण को देखते हुए अन्‍य मंडी समिति में प्रतिनियुक्ति पर स्‍थानांतरित करने का प्रस्‍ताव मंडी समिति में सर्वसम्‍मति से पारित करते हुए प्रबंध संचालक भोपाल एवं उपसंचालक जबलपुर को सचिव द्वारा भेजा गया है? (घ) प्रश्नांश (ग) यदि हाँ तो प्रबंध संचालक भोपाल एवं उपसंचालक मंडी बोर्ड जबलपुर द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं की गई तो कब तक की जावेगी? (ड.) क्‍या जिनके विरूद्ध मंडी समिति ने प्रतिनियुक्ति पर स्‍थानांतरण करने का प्रस्‍ताव पारित नहीं किए और उनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित है? उनको भी स्‍थानांतरण किया जावेगा, जिससे जाँच कार्य प्रभावित न हो? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों? कारण बताऐं।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति कटनी में पदस्थ 07 लिपिक क्रमश: श्री मुकेश कुमार राय, श्री आर.पी. खम्परिया, श्रीमती कमला त्रिपाठी, श्री पी.डी.पाठक, श्री जगदीश नंदनवार, श्रीमती दुर्गा साजनानी एवं श्री नरेन्द्र गर्ग, के विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित की जाकर आरोप पत्र जारी किये गये है। आरोप पत्र की प्रतियां क्रमश: कर्मचारीवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्नांश-"क" के उत्तर में उल्लेखित 07 लिपिक जिनके विरूद्ध विभागीय जाँच संस्थित है, जिनमें से 05 लिपिकों को मंडी समिति कटनी द्वारा पूर्व में की गई अनियमितताओं के लिये शास्ति अधिरोपित की गई थी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) प्रश्नांश "क" में उल्लेखित लिपिकों में से श्री आर.पी.खम्परिया एवं श्री मुकेश राय, लिपिक को अन्य मंडी समिति में प्रतिनियुक्ति पर स्थानांतरण करने का प्रस्ताव आंचलिक उपसंचालक, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, जबलपुर को सचिव, द्वारा भेजा गया था। (घ) जी हाँ। प्रश्नांश "ग" के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में आंचलिक उपसंचालक, म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड, जबलपुर के आदेश क्रमांक 6162-63 दिनांक 25.11.2016 द्वारा श्री आर.पी.खम्परिया, लिपिक को मंडी समिति कटनी से मंडी समिति नरसिंहपुर एवं आदेश क्रमांक 6164-65 दिनांक 25.11.2016 द्वारा श्री मुकेश राय लिपिक को मंडी समिति कटनी से मंडी समिति गोंटेगांव स्थानांतरण किया जा चुका है। (ड.) कृषि उपज मंडी समिति कटनी द्वारा श्रीमती कमला त्रिपाठी, श्री जगदीश नंदनवार, श्री पी.डी.पाठक, श्री नरेंद्र गर्ग, श्रीमती दुर्गा साजनानी, (सेवानिवृत्त) लिपिक को प्रतिनियुक्ति पर स्थानांतरण करने का प्रस्ताव पारित नहीं किये गये है, इनके विरूद्ध संस्थित विभागीय जाँच कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

गोटेगांव में सिविल कोर्ट की स्‍वीकृति

[विधि और विधायी कार्य]

23. ( क्र. 162 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गोटेगांव में सिविल कोर्ट के संबंध में माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय जी द्वारा विगत 8 वर्ष पहले गोटेगांव में सिविल कोर्ट निर्माण की घोषणा की थी? उसी आधार पर 9.50 करोड़ रू. की राशि स्‍वीकृति भी हुई लेकिन विभाग द्वारा आज दिनांक उसकी वित्‍तीय स्‍वीकृति‍ क्‍यों नहीं प्रदान की गई? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार यह स्‍वीकृति कब तक की जावेगी एवं कार्य कब तक प्रारंभ किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, गोटेगांव में न्‍यायालय भवन निर्माण हेतु माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा अनुमोदित रूपये 5,57,83,000/- के प्राक्‍कलन प्राप्‍त हुए थे, उक्‍त प्राक्‍कलन स्‍थाई वित्‍तीय समिति की दिनांक 16-11-2016 की बैठक में वित्‍तीय स्‍वीकृति हेतु रखा गया है जिस पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) निश्चित समयावधि बताया जाना सम्‍भव नहीं है।

गोटेगांव बाईपास का निर्माण

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 185 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत गोटेगांव बायपास का निर्माण कार्य कब प्रारंभ किया गया एवं यह कार्य कब पूर्ण होगा? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या गोटेगांव बायपास निर्माण की लागत को बढ़ाया गया है? यदि हाँ तो क्यों एवं निर्माण लागत किन कार्यों के लिए बढ़ाई गई सूची उपलब्ध करावें। (ग) गोटेगांव बायपास पर रेल्वे ओवर ब्रिज का कार्य कब प्रारंभ किया गया एवं इसकी लागत क्या है? (घ) गोटेगांव बायपास रेल्वे ओवर ब्रिज निर्माण की कोई कार्य सीमा है तो यह कार्य अत्यंत धीमी गति से क्यों चल रहा है? क्या यह तय समय-सीमा में पूर्ण हो जावेगा यदि हाँ तो कब तक।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव अंतर्गत गोटेगांव बायपास का निर्माण दिनांक 05.11.2014 को प्रारंभ हुआ। कार्य प्रगति पर है। कार्य पूर्णता की निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) दिनांक 01.04.2016 को अनुबंध संपादित कर प्रारंभ किया गया एवं लागत रूपये 1392.67 लाख है। (घ) 18 माह वर्षाकाल सहित, इस वर्ष अत्‍याधिक वर्षा के कारण कार्य की गति धीमी रही। जी हाँ। दिनांक 03.07.2017 तक पूर्ण होने की संभावना है।
परिशिष्ट - ''छ:''

किसानों को पानी न मिलने बाबत्

[जल संसाधन]

25. ( क्र. 208 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या हरदई प्रथम एवं द्वितीय माईनर तथा धनपीपरी माईनर द्वारा किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है? (ख) क्‍या उपरोक्‍त समस्‍या निराकरण हेतु माईनरों के गहरीकरण सुधार हेतु प्राक्‍कलन तैयार कर स्‍वीकृति हेतु शासन को भेजा गया किन्‍तु स्‍वीकृति के अभाव में कार्य संपादन नहीं हो सका? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) यदि हाँ, तो किसानों के हित में कब तक उपरोक्‍त माईनरों के प्राक्‍कलन को स्‍वीकृति मिलकर कार्य संपादन कराया जावेगा? यदि नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जी हाँ। डी.पी.आर प्रमुख अभियंता कार्यालय में परीक्षणाधीन होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते है।

मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा क्र. ए.3093 का परिपालन

[लोक निर्माण]

26. ( क्र. 209 ) श्री घनश्‍याम पिरोनियाँ : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने घोषणा क्रमांक ए.3093 द्वारा सिहपुरा तैडोत पहूज नदी पर पुल निर्माण की घोषणा की थी? (ख) क्‍या पुल निर्माण हेतु स्‍थल निरीक्षण, परीक्षण, बोरिंग प्राक्‍कलन तैयार कर प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु भेजा गया है, जिसमें दोनों ओर प्रधानमंत्री सड़क होने का कारण बताकर प्रकरण लंबित रख दिया गया है जबकि हकीकत में नदी के दोनों ओर प्रधानमंत्री सड़क नहीं है। इस प्रकार सदन को भी गुमराह किया गया है? (ग) विधानसभा क्षेत्र भाण्‍डेर की महत्‍वपूर्ण पुल निर्माण परियोजना को देखते हुए कब तक प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी कर दी जावेगी और सदन को यह झूठा कारण कि नदी के दोनों ओर प्रधानमंत्री सड़क है इसलिए पुल निर्माण लोकनिर्माण विभाग द्वारा नहीं किया जा सकता? जानकारी देने के लिए दोषियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी नहीं प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु वित्‍तीय व्‍यय समिति से अनुमोदन किया जा चुका है। सदन को गुमराह करने का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) प्रशासकीय स्‍वीकृति हेतु वित्‍तीय व्‍यय समिति की 65वीं बैठक दिनाकं 26.09.2016 में अनुमोदन किया जा चुका है। अत: शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। बजट में सम्मिलित होने के उपरांत ही प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की जा सकेगी।

सिंचाई साधनों पर व्‍यय राशि

[जल संसाधन]

27. ( क्र. 236 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर में जनवरी 2011 में सिंचाई हेतु कितने तालाब, बांध या अन्य साधन थे? इनसे कितनी भूमि सिंचित होती थी? नाम सहित जानकारी प्रदाय करे। (ख) विधानसभा क्षेत्र बिजावर में प्रश्न दिनांक तक सिंचाई हेतु कितने तालाब, बांध या अन्य साधन हैं। इनसे कितनी भूमि सिंचित होती है? नाम सहित जानकारी प्रदाय करें? (ग) विधानसभा क्षेत्र बिजावर में प्रश्न दिनांक तक सिंचाई हेतु ऐसी कितनी परियोजना हैं जो पूर्ण नहीं हुई है? उनके नाम एवं प्रश्न दिनांक तक उनमें कितना व्यय हो चुका है? (घ) प्रश्नांश "क" एवं "ख" के अनुक्रम में जनवरी 2011 से प्रश्न दिनांक तक सिंचाई हेतु उपलब्ध तालाब, बांध या अन्य साधन में कितनी-कितनी राशि व्यय की गई?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विधान सभा क्षेत्र बिजावर में जनवरी 2011 की स्थिति में 19 तालाब थे। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है (ग) विधान सभा क्षेत्र बिजावर में प्रश्न दिनांक तक तरपेड़ मध्यम परियोजना एवं श्यामरी मध्यम परियोजना अपूर्ण हैं। उक्त दोनों परियोजनाओं पर दिनांक 31.10.2016 तक क्रमशः रू. 6339.52 लाख तथा रू. 4043.84 लाख व्यय किया जाना प्रतिवेदित है। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में जनवरी 2011 से प्रश्न दिनांक तक निर्मित तालाबों पर कुल रूपये 1462.257 लाख व्यय किया जाना प्रतिवेदित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है।
परिशिष्ट - ''सात''

निर्माण कार्यों की जाँच बाबत्

[जल संसाधन]

28. ( क्र. 240 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि. अता. प्रश्‍न संख्‍या-36 (क्रमांक 2391) दिनांक 11 मार्च, 2016 के प्रश्नांश (क) में कार्य प्रगति में है, जानकारी दी गई है। कार्य में निविदा अनुबंध में कार्य पूर्ण होने की कितनी समय-सीमा तय है? समय-सीमा में कार्य पूर्ण न होने के लिए कौन जिम्‍मेदार है? उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जायेगी? (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍न के (ग) भाग के उत्‍तर में अंकित निर्माण एजेन्‍सी में निलंबन की जानकारी दी गई है तो क्‍या निलंबन पश्चात् क्‍या उक्‍त कार्य का पुन: से टेण्‍डर जारी किया गया है? यदि जारी किया गया तो कब? नहीं तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के कार्यों को कब तक पूर्ण करा दिया जायेगा तथा कार्यों के समय-सीमा में पूर्ण न कराने के लिये कौन अधिकारी या संविदाकार जिम्‍मेदार है? उसके विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कब तक की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। परियोजनाओं में भू-अर्जन में देरी एवं कृषकों के अवरोध के कारण कार्य पूर्ण करने में समय लगना स्वाभाविक है। अतः इसके लिए कोई अधिकारी जिम्मेदार नहीं है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। निविदा सूचना दिनांक 11.08.2014 द्वारा। (ग) समय-सीमा में पूर्ण नहीं हुए कार्यों को अनुबंध में निहित प्रावधान अनुसार समयवृद्धि दिया जाना प्रतिवेदित है। कार्य को अंतिम करते समय गुणदोष के आधार पर सक्षम अधिकारी द्वारा अधिरोपित दण्ड की वसूली की जायेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''आठ''

कृषि मण्‍डी बोर्ड की सड़कें

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

29. ( क्र. 257 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले की हटा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कृषि मण्‍डी बोर्ड से कितनी सड़कों के निर्माण होना लंबित है? नाम, स्‍थानवार, राशिवार जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ख) उक्‍त सड़कें कृषि मण्‍डी बोर्ड मद से कब तक स्‍वीकृत हो जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) हटा विधान सभा क्षेत्रान्तर्गत मंडी बोर्ड से सड़कों के निर्माण लंबित नहीं है। अपितु सड़कों के निर्माण हेतु प्राप्त प्रस्तावों की नाम, स्थानवार, राशिवार, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) के परिशिष्ट-"अ" में उल्लेखित सड़कों के प्राप्त प्रस्तावों को किसान सड़क निधि मद से स्वीकृति के निर्णय हेतु शासन द्वारा माननीय मुख्यमंत्रीजी की अध्यक्षता में गठित साधिकार समिति के समक्ष प्रस्तुत किये जाने वाले एजेण्डा में सम्मिलित किया गया है। गठित समिति की बैठक की तिथि नियत न होन से स्वीकृति हेतु समय-सीमा बताना संभव नहीं हैं।
परिशिष्ट - ''नौ''

उपसंचालक मंडी बोर्ड जबलपुर के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायत पर कार्यवाही

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

30. ( क्र. 267 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर संभाग में पदस्‍थ उपसंचालक म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड जबलपुर के विरूद्ध चन्‍द्रशेखर अग्निहोत्री (राजगुरू) निवासी रचनानगर कटनी द्वारा दिनांक 28/8/2016 को मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन को शिकायत कर प्रतिनियुक्ति से वापस करने और नियम विरूद्ध कार्य करने की शिकायत की गई थी? क्‍या शिकायत की जाँच किसी वरिष्‍ठ अधिकारी से कराई जावेगी? (ख) उपसंचालक मंडी बोर्ड, जबलपुर को कृषि उपज मंडी कटनी की कितनी शिकायतें जाँच हेतु विगत दो वर्षों में प्राप्‍त हुयी? कितनी शिकायतों को जाँच उनके द्वारा स्‍वयं की गई? क्‍या कई जांचों में दोषिता का निर्धारण भी नहीं किया गया, जिससे दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करने में विलंब हुआ, उसके लिये कौन दोषी है? (ग) प्रश्नांश (ख) की शिकायतों में कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी दोषी पाए गए? दोषियों के विरूद्ध कब-कब क्‍या-क्‍या ठोस एवं निर्णायक कार्यवाही की गई है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड के संयुक्त संचालक स्तर के अधिकारी से प्रश्नागत शिकायत की जाँच कराई जा रही है। (ख) उपसंचालक मंडी बोर्ड जबलपुर को कृषि उपज मंडी समिति कटनी के संबंध में विगत दो वर्षों में 54 शिकायतें प्राप्त हुई। इसमें से उपसंचालक मंडी बोर्ड जबलपुर द्वारा 44 शिकायतों की स्वयं जाँच की गई है। 04 जाँच प्रतिवेदनों में शिकायत प्रमाणित पाये जाने पर दोषिता का निर्धारण जाँचकर्ता अधिकारी/उपसंचालक मंडी बोर्ड जबलपुर द्वारा नहीं किया गया, इसके लिये उन्हे भविष्य में पुर्नरावृत्ति न करने हेतु सचेत किया जा रहा है। (ग) उत्तरांश "ख" की 54 शिकायतों में से जिन प्रकरणों में जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हो चुके है, उसमें प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये अधिकारी/कर्मचारियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के कालम 08 में तथा संबंधितों के विरूद्ध प्रचलित कार्यवाही का विवरण कालम 09 में वर्णित है।

बाणगंगा परियोजना अंतर्गत वृक्षों का मुआवज़ा

[जल संसाधन]

31. ( क्र. 268 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना जिले के बाणसागर परियोजना यूनिट क्र. 5 के अंतर्गत ग्राम देवरी कलां, मसमासी, पुरैना में प्रभावित किसानों के वृक्षों की गणना का विवरण वर्ष 2011 से प्रश्‍न दिनांक तक आराजी नम्‍बर सहित दें। (ख) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत वृक्षों के पारित एवं घोषित अवार्ड की जानकारी अद्यतन वर्षवार, कृषक की संख्‍यात्‍मकवार देवें। (ग) प्रश्नांश (क) के अनुसार प्रश्नांश (ख) में पारित एवं घोषित अवार्ड के अनुरूप क्‍या मुआवजा कृषकों को भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो कृषक की संख्‍यावार, वर्षवार, तारीखवार भुगतान की गई राशि का विवरण दें। यदि नहीं तो भुगतान हेतु शेष राशि का विवरण ग्रामवार, कृषक की संख्‍यावार, राशिवार अद्यतन दें? (घ) राज्‍य शासन द्वारा उक्‍त ग्रामों के मुआवजा वितरण हेतु किन-किन वर्षों में कितनी राशि आवंटित की गई है वर्षवार, कृषकवार संख्‍यात्मक एवं राशिवार अद्यतन जानकारी दें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) सतना जिले के बाणसागर परियोजना यूनिट क्र. 5 के अंतर्गत वर्ष 2011 से प्रश्न दिनांक तक क्रमशः ग्राम देवरी कला में 5604, मसमासी में 286 एवं ग्राम पुरैना में शून्य वृक्षों की गणना की गई। ग्राम देवरीकला के वृक्षों का अवार्ड दिनांक 31.08.2013 को रू.1,67,53,856.00 का एवं ग्राम मसमासीकला के वृक्षों का अवार्ड दिनांक 08.07.2013 को रू. 9,14,965.00 का पारित एवं घोषित किया गया है। ग्राम देवरीकला के कृषकों को वृक्षों का पारित अवार्ड अनुसार सितम्बर-अक्टूबर 2015 एवं मसमासी कला के कृषकों को वृक्षों का पारित अवार्ड अनुसार अप्रैल 2016 में मुआवजा भुगतान किया गया है। कृषकवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं ब अनुसार है। (घ) ग्राम देवरीकला के वृक्षों का मुआवजा भुगतान हेतु राशि माह अगस्त 2015 एवं ग्राम मसमासी के वृक्षों के लिए राशि माह मार्च 2016 में प्रदाय की गई।

परिशिष्ट - ''दस''

नागदा गुजरी रोड निर्माण में अनियमितता

[लोक निर्माण]

32. ( क्र. 282 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या निर्माण एजेंसी द्वारा शासन से किये गये अनुबंध अनुसार 250 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले 70 किलोमीटर लम्‍बाई के नागदा से गुजरी तक सीमेंटेड रोड का निर्माण एजेंसी को अनिवार्य रूप से दो वर्ष के अन्‍दर पूर्ण करना नियत है? नियत शर्त अनुसार समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने पर निर्माता कंपनी से 10 प्रतिशत या अधिक सरचार्ज कटौती किये जाने का प्रावधान है? (ख) यदि हाँ, तो अनुबंध निष्‍पादन एवं कार्य प्रारंभ होने को एक वर्ष से अधिक अवधि बीत जाने पर भी निर्माण एजेंसी द्वारा मात्र 27 किलोमीटर ही रोड का निर्माण किया गया है? (ग) अब तक कितनी सरचार्ज राशि की कटौती की गई है तथा समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने पर कुल कितनी कटौती की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। (ख) अनुबंध दिनांक 07.09.2015 से प्रश्न दिनांक तक लगभग 42 कि.मी. लंबाई में मिट्टी का कार्य 25 कि.मी. लंबाई में जी.एस.बी., 23 कि.मी. में डी.एल.सी. एवं 21.50 कि.मी. लंबाई में पी.क्यू.सी. एवं पूर्ण चौड़ाई 7.0 मी. में कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह कुल अनुबंध राशि का लगभग 35 प्रतिशत है। यह सड़क लगभग 5 कि.मी. वनक्षेत्र (घाट) से गुजरती है। इस सड़क में प्रोफाइल ठीक करने हेतु 13 जगह मूल सड़क से पृथक अलाइनमेंट का निर्माण किया जाना है। अतः वन क्षेत्र के कार्य की अनुमति एवं इन 13 स्थानों पर आवश्यक भू-अर्जन की कार्यवाही में कुछ विलंब के कारण प्रगति पर आंशिक रूप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के फलस्वरूप तथा अन्य फोर्स मेजर के कारण विलंब संभावित है। (ग) कोई कटोत्री नहीं की गई है। यदि कार्य पूर्ण होने के विलम्ब होता है तो अनुबंध के प्रावधानानुसार कार्यवाही की जावेगी।

चितरंगी में सिविल कोर्ट की स्‍थापना

[विधि और विधायी कार्य]

33. ( क्र. 304 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंगरौली जिले के चितरंगी तहसील अंतर्गत गत कई वर्षों से चितरंगी में सिविल कोर्ट खुलवाएं जाने के लिये मांग की जा रही है? तहसील अंतर्गत सिविल कोर्ट खुलवाऐं जाने का क्‍या प्रावधान है? (ख) क्‍या चितरंगी से देवसर की दूरी 80 कि.मी. है और देवसर सिविल कोर्ट में 4 हजार से ऊपर आपराधिक व विविध प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं? (ग) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में चितरंगी में सिविल कोर्ट हेतु क्‍या भूमि आरक्षि‍त करा दी गई हैं? क्‍या वैकल्पिक कोर्ट संचालन के लिये ग्राम पंचायत भवन स्‍वराज भवन उपलब्‍ध करा दिये गये हैं? यदि हाँ, तो कोर्ट का संचालन कब तक प्रारंभ करा दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : () से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्‍वय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

34. ( क्र. 310 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्‍तर्गत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एक फसल का मुआवजा अलग-अलग दिये जाने का प्रावधान किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या तुअर दाल, धान तथा उड़द में श्‍योपुर व मुरैना जिले में मुआवजे की राशि प्रदेश में सबसे अधिक तथा इन्‍ही फसलों की सतना जिले में मुआवजा राशि प्रदेश में सबसे कम निर्धारित की गई है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या तुअर दाल के फसल बीमे की प्रति हेक्‍टर मुआवजे की राशि में सतना से श्‍योपुर जिले में 10 गुना से अधिक का अंतर है? यदि हाँ, तो इस विसंगति को दूर करने हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (घ) क्‍या प्रदेश के उपजाऊ क्षेत्र मालवा और सर्वाधिक सिंचित क्षेत्र निमाड़, जहां फसलों का उत्‍पादन अपेक्षाकृत अधिक होता है, के जिलों में फसल बीमा योजना की मुआवजा दर प्रति हेक्‍टर अपेक्षाकृत कम प्रावधानित की गई है? यदि हाँ, तो कारण बतायें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रदेश के सभी जिलों में समान रूप से लागू की गई है। योजना अनुसार किसी जिले में किसी फसल विशेष की कुल बीमित राशि जिले की अल्‍पकालिक फसल ऋणमान जिला स्‍तरीय तकनीकी समिति द्वारा निर्धारित की जाती है। दावा राशि की गणना समान रूप से योजना के प्रावधान अनुसार की जाती है। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार है। (ग) श्‍योपुर जिले में खरीफ 2016 में तुअर फसल की कुल बीमित राशि रू. 118463 प्रति हेक्‍टेयर तथा जिला सतना में राशि रू. 8307 प्रति हेक्‍टेयर निर्धारित है। बीमित राशि का निर्धारण उत्‍तरांश '' अनुसार है। (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार।

इंदौर अहमदाबाद फोरलेन मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

35. ( क्र. 311 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या इंदौर-अहमदाबाद, फोरलेन हाईवे का निर्माण आई.वही.आर.सी.एल. कंपनी द्वारा किया जा रहा है? यदि हाँ, तो निर्माण एजेंसी आई.व्‍ही.आर.सी.एल. के द्वारा किस दिनांक को कार्य प्रारंभ किया गया है तथा कितनी समयावधि में निर्माण किये जाने का प्रावधान अनुबंध में किया गया है? (ख) क्‍या इस फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य इंदौर से लेकर पिटोल तक पूर्ण हो चुका है? (ग) यदि नहीं, तो कितना कार्य किया जाना शेष है तथा क्‍या वर्तमान में निर्माण कार्य प्रचलित है? यदि हाँ, तो जिन स्‍थानों पर निर्माण कार्य प्रचलित है, उसके स्‍थल की सूची उपलब्‍ध करावे? (घ) प्रश्नांश (ग) के संदर्भ में इतने लंबे समय से लंबित कार्य को जन सुविधा व सुव्‍यस्थित यातायात को दृष्टिगत रखते हुए फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य पूर्ण करवाने हेतु शासन द्वारा क्‍या प्रयास किये जा रहे है तथा कब तक हाईवे पूर्ण हो जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग विभाग के कार्यक्षेत्र अंतर्गत नहीं है। यह कार्य भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा किया जा रहा है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश '' अनुसार।
परिशिष्ट - ''ग्यारह''

पुल-पुलियाओं का निर्माण

[लोक निर्माण]

36. ( क्र. 316 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जावरा एवं पिपलौदा तहसील के ग्रामीण मार्गों के अनेक स्‍थानों पर पुल पुलियाएं नहीं होने के कारण ग्रामीण आवागमन अत्‍यंत कठिनाई पूर्ण रहता है तथा इस हेतु लोक निर्माण विभाग/सेतु निगम विभाग द्वारा क्षेत्रीय कठिनाईयों के निराकरण हेतु सर्वे/परीक्षण किया है? (ख) यदि हाँ तो पिपलौदा तहसील में (1) सुखेड़ा बस स्‍टेण्‍ड पर (2) लांबाखोटा जांबुडा मार्ग पर (3) ग्राम मचून में मलेनी नदी पर (4) अगेंठी-कुशलगढ़ मार्ग पर (5) बधोडिया-मांडवी मार्ग पर (6) बाराखेड़ा-सुजापुर मार्ग के अन्‍य अनेक मार्गों पर पुल/पुलियाओं की अत्‍यंत आवश्‍यकता आवागमन की कठिनाईयों के कारण अत्‍यावश्‍यक है? (ग) साथ ही जावरा तहसील के (1) कलालिया-रीधा चांदा मार्ग पर (2) असावती-आनाखेड़ी मार्ग पर (3) अनुमंतिया-पंथमेलकी मार्ग पर (4) मन्‍याखेडी - गोठडा मार्ग पिंगला नदी पर (5) ग्राम ढोढर में पंचायत के पास (6) मांडवी हाई स्‍कूल मार्ग पर (7) सरसौदा से मा.वि. मार्ग पर (8) मोयाखेडा-कलालिया मार्ग पर एवं (9) खेडा-गोठडा मार्ग पर आवागमन कष्‍टप्रद होकर बाधित रहता है? (घ) क्‍या उपरोक्‍तानुसार के साथ ही दोनों तहसीलों के अनेक ग्रामीण मार्गों पर पुल-पुलिया नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों का आवागमन एवं कृषि उपज का परिवहन भी अत्‍यंत कष्‍टप्रद रहता है? क्‍या शासन/विभाग अतिशीघ्र उपरोक्‍तानुसार विभागीय बजट से सम्मिलित कर कठिनाईयों का निराकरण कर रहा है? यदि हाँ तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) परीक्षण कराया जा रहा है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। (घ) जी हाँ। सीमित वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता के कारण कार्यवाही संभव नहीं। वर्तमान में निश्चित ति‍थि बताना संभव नहीं है।

सुखेडा उपमंडी की स्‍थापना एवं कार्य प्रारंभ किया जाना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

37. ( क्र. 317 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत वर्षों में जावरा कृषि उपज मंडी समिति अंतर्गत सुखेडा उपमंडी प्रारंभ करने की घोषणा कर उपमंडी हेतु भूमि चिन्हित की जाकर मंडी समिति जावरा द्वारा राजस्‍व विभाग को भूमि की प्रीमियम राशि भू-भाटक के रूप में जमा भी करवा दी गई है? (ख) यदि हाँ तो क्‍या मान. कृषि मंत्री जी की घोषणा के पश्चात् मंडी समिति जावरा द्वारा त्‍वरित निर्णय लेते हुए उपमंडी सुखेड़ा को प्रारंभ किया जाना निश्चित किये काफी समय व्‍यतीत हो चुका है? (ग) यदि हाँ तो क्‍या कारण है कि मान. मंत्री जी की घोषणा एवं मंडी बोर्ड द्वारा विभागीय कार्यवाही एवं नियमानुसार भूमि हेतु प्रीमियम एवं भू-भाटक की राशि जमा कराए जाने के बावजूद उपमंडी सुखेडा की स्‍थापना एवं कार्य अप्रारंभ हैं? (घ) विभागीय शेष बची कौन-सी ऐसी औपचारिकताएं हैं जिन्‍हें कब तक पूर्ण कर लिया जाकर उपमंडी स्‍थापना एवं कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जाएगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। वर्तमान में ग्राम सुखेड़ा में उपमंडी की स्थापना हेतु शासकीय भूमि के कुल रकबा 6.200 हेक्टेयर के आवंटन की स्वीकृति का प्रस्ताव कलेक्टर जिला रतलाम द्वारा आयुक्त उज्जैन संभाग उज्जैन के माध्यम से पत्र दिनांक 09.03.15 से प्रमुख सचिव, म.प्र. शासन, राजस्व विभाग को प्रस्तुत किया गया है। मंडी समिति जावरा द्वारा प्रस्तावित भूमि की 10 प्रतिशत राशि रूपयें 1.35 लाख चालान क्रमांक 47 दिनांक 02.07.2012 से शासकीय कोष में जमा की गई है। (ख) उत्तरांश "क" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नाधीन भूमि की स्वीकृति राजस्व विभाग से प्राप्त होने पर उपमंडी की अधिसूचना हेतु नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जावेगी। (ग) उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्नाधीन भूमि की स्वीकृति राजस्व विभाग से प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जावेगी। (घ) उत्तरांश "ख" के संदर्भ अनुसार मंडी अधिनियम 1972 की धारा 3 एवं 4 की कार्यवाही की जाना होगी। उत्तरांश "ख" में उल्लेखित कारणों से समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

सुन्‍दरपुरा से लखनवास सड़क मार्ग की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

38. ( क्र. 320 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के ता.प्रश्‍न संख्‍या (क्रमांक 520), दिनांक 21 जुलाई 2016 के उत्‍तर की कंडिका (ख) में बताया गया था कि माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा वन-टू-वन चर्चा में केवल सुंदरपुरा से लखनवास मार्ग को लेने के कारण प्राक्‍कलन संशोधित कर पुन: दिनांक 06.06.2016 से जारी एस.ओ.आर. तैयार किया जा रहा है? तो क्‍या कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण राजगढ़ द्वारा यथा समय संशोधित प्राक्‍कलन तैयार कर अग्रिम कार्यवाही हेतु वरिष्‍ठालय को प्रेषित किया जा चुका है? यदि हाँ, तो क्‍या विधानसभा क्षेत्र ब्‍यावरा की उक्‍त अत्‍यंत लोक महत्‍व की सड़क निर्माण की स्‍वीकृति हेतु सक्षम समिति से अनुमोदन करा लिया गया है अथवा नहीं? (ख) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी के वन-टू-वन चर्चा में दिये गये निर्देशों के पालन में उक्‍त मार्ग निर्माण हेतु द्वितीय अनुपूरक बजट में प्रावधान किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, जी हाँ, जी नहीं। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

स्‍टेट हाईवे क्रमांक 14 पर पुल निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

39. ( क्र. 325 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के अता. प्रश्‍न संख्‍या-19 (क्रमांक 526) दिनांक 21 जुलाई 2016 के उत्‍तर में बताया गया था कि स्‍टेट हाईवे क्रमांक 14 ब्‍यावरा से सिरोंज मार्ग के ब्‍यावरा सुठालिया के मध्‍य क्रमश: धानियाखेड़ी, गिन्‍दौरहाट एवं सिलपटी ग्राम के निकट स्थित तीन पुलों के निर्माण हेतु प्राथमिक तकनीकी प्रस्‍ताव तैयार किये जा रहे हैं? तो क्‍या प्राथमिक तकनीकी प्रस्‍ताव तैयार होकर निर्माण कार्य हेतु आगामी अनुपूरक बजट में सम्मिलित कर लिये गये है अथवा नहीं? यदि नहीं तो उक्‍त संबंध में क्‍या कार्यवाही, किस स्‍तर पर किन कारणों से लंबित हैं एवं अनावश्‍यक विलंब के लिये कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है तथा जिम्‍मेदार अधिकारियों के विरूद्ध शासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कोई कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्‍यों? (ख) क्‍या गत वर्षाकाल में उक्‍त पुलों का निर्माण नहीं होने एवं अत्‍यन्‍त क्षतिग्रस्‍त होने के कारण यातायात अवरूद्ध हो गया था तथा विभाग द्वारा अस्‍थाई मुरम बोल्‍डर डालकर उक्‍त मार्ग पर जैसे-तैसे यातायात संचालित कराया गया था? जो प्रश्‍न दिनांक तक किसी भी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उपरोक्‍तानुसार सभी पुल निर्माण हेतु शीघ्र ठोस निर्णय करेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। प्राथमिक तकनीकी परीक्षण उपरांत विस्‍तृत सर्वेक्षण किया जा रहा है। वर्तमान में बजट में सम्मिलित नहीं। विस्‍तृत सर्वेक्षण उपरांत डी.पी.आर. तैयार कर बजट में सम्मिलित करने हेतु प्रस्‍ताव भेजा जायेगा। प्रश्‍न ही नहीं उठता। प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ख) जी हाँ। संधारण का कार्य किया गया। जी नहीं। वर्तमान में विस्‍तृत सर्वेक्षण किया जा रहा है, तत्‍पश्‍चात डी.पी.आर. तैयार कर स्‍वीकृति हेतु विचार किया जावेगा। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। प्रश्‍न ही नहीं उठता।

बीमा क्‍लेम राशि का कृषकों को भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

40. ( क्र. 327 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले को सोयाबीन 2015 की बीमा क्षतिपूर्ति की राशि का बंटन प्राप्‍त हो चुका है? यदि हाँ तो बतावें कि किस-किस बैंक में कितने कृषकों को सोयाबीन बीमा क्‍लेम की राशि के दावे स्‍वीकृत किये गये हैं? क्‍या जिले के हजारों कृषकों द्वारा बीमा प्रीमियम राशि भिन्‍न-भिन्‍न बैंकों में जमा कराई गई थी किन्‍तु क्‍या कारण है कि कृषकों को वर्ष 2016 के अंतिम पड़ाव तक भी बीमा क्‍लेम राशि प्राप्‍त नहीं हुई है? इसके लिये क्‍या बीमा कंपनियां जिम्‍मेदार हैं? यदि हाँ तो ऐसे कंपनियों के विरूद्ध शासन द्वारा कोई कठोर कार्यवाही की जावेगी? (ख) क्‍या शासन पीडि़त कृषकों को बीमित राशि का भुगतान करवाएगा? यदि हाँ तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्र की जा रही है।

 

 

सांवेर विधान सभा में बरलाई शुगर मील के कृषकों/कर्मचारियों को भुगतान

[सहकारिता]

41. ( क्र. 345 ) श्री राजेश सोनकर : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता. प्रश्‍नसंख्‍या 33 (क्र. 622) तारांकित दिनांक 02.3.2016 के संदर्भ में बरलाई शुगर मिल के संबंध में किसान/कर्मचारियों के लंबित वेतन/स्‍वत्‍वों तथा कृषकों के बकाया गन्‍ना मूल्‍य के भुगतान हेतु कितनी राशि देनदारी शेष है? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में क्‍या राज्‍य शासन द्वारा कृषकों/कारखाने के कर्मचारियों को लंबित वेतन/स्‍वत्‍वों तथा कृषकों के बकाया गन्‍ना मूल्‍य के भुगतान राज्‍य शासन से अग्रिम प्राप्‍त कर भुगतान किया जाना है? (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या सहकारिता विभाग को वित्‍त विभाग द्वारा अग्रिम भुगतान हेतु राशि आवंटित की जा चुकी है? यदि नहीं तो कृषकों/कारखाने के कर्मचारियों को लंबित वेतन/स्‍वत्‍वों तथा कृषकों के बकाया गन्‍ना मूल्‍य के भुगतान की राशि किस मद से हस्‍तांतरित कर कब तक वितरित करा दी जायेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) वर्तमान में राशि रूपये 4,53,36,210.70 (ख) जी हाँ। (ग) राशि रू. 1000.00 का सांकेतिक प्रावधान किया गया है, शेष राशि के प्रावधान हेतु कार्रवाई प्रक्रियाधीन, समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

जयन्‍ती माता पहुंच मार्ग की स्‍वीकृति एवं अन्‍य मार्गों के डामरीकरण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

42. ( क्र. 357 ) श्री हितेन्द्र सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बड़वाहा विधान सभा क्षेत्र के नगर बड़वाहा के पूर्वी दिशा में लगभग 500 वर्ष पुराना आस्‍था का केन्‍द्र जयन्‍ती माता के मंदिर पहुंच मार्ग एवं चोरल नदी पर ब्रिज निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग प्रमुख एवं विभागीय अधिकारियों को पत्र प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किया गया था? यदि हाँ, तो पत्र प्राप्‍ती के दिनांक से वर्तमान तक विभाग द्वारा तद्संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई है वर्तमान में ब्रिज की क्‍या स्थिति है? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधान सभा क्षेत्र बड़वाहा के लिये और कितने-कितने मार्गों के डामरीकरण की स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍ताव विभाग प्रमुख को प्रेषित किये गये हैं एवं प्राप्‍त प्रस्‍तावों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के अधीन कितने ऐसे मार्ग हैं जिनमें डामरीकरण किया जाना है? उसकी सूची दी जावे एवं डामरीकरण की स्‍वीकृति हेतु समय-सीमा बताई जावे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। वर्तमान में पूर्व निर्मित रपटे पर से आवागमन हो रहा है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

उपायुक्‍त सहकारिता के विरूद्ध कार्यवाही

[सहकारिता]

43. ( क्र. 368 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परि.अता. प्रश्‍न क्रमांक 1053 दिनांक 22-07-2016 के प्रश्‍नांश (ख) के संबंध में दिए गए उत्‍तर में असत्‍य जानकारी देकर प्रश्‍नांश की मूल भावना को नष्‍ट कर दिया गया है? यदि हाँ तो क्‍यों? क्‍या पत्र के तारतम्‍य में क्रमांक/विधि/2016/454/मुरैना दिनांक 04-03-2016 को सेवा सहकारी संस्‍था रजौधा के संबंध में संबंधित अधिकारी द्वारा आदेश जारी नहीं किया गया है? इस संबंध में की गई समस्‍त कार्यवाही नोटशीट उपस्थित फर्जी संचालक माताराम के हस्‍ताक्षर सहित जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे? (ख) संबंधित उपायुक्‍त सहकारिता के संबंध में प्रश्‍नकर्ता की शिकायत पर अब तक क्‍या कार्यवाही की गई हैं अद्यतन जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं, अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1053 दिनांक 22.07.2016 के प्रश्‍नांश '''' के संबंध में दिया गया उत्‍तर अभिलेखों के आधार पर दिया गया है। उप पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं मुरैना द्वारा प्राथमिक साख सहकारी संस्‍था मर्यादित राजोधा के संचालक मण्‍डल को कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 12.10.2015 जारी किया गया था। उत्‍तर हेतु दिनांक 29.10.2015 नियत की गई थी। उक्‍त नियत दिनांक पर श्री माताराम द्वारा उपस्थित होकर श्रीमती सियाबाई अध्‍यक्ष के हस्‍ताक्षरयुक्‍त पत्र प्रस्‍तुत कर एक माह का समय चाहा, इसके उपरांत सुनवाई हेतु नियत तिथियों पर संचालक मण्‍डल के सदस्‍य उपस्थित नहीं हुए। प्रकरण में आदेश क्रमांक/विधि/2016/454/मुरैना, दिनांक 04.03.2016 उप पंजीयक, सहकारी संस्‍थाएं मुरैना द्वारा पारित किया गया। कार्यवाही की नोटशीट एवं श्री माताराम के हस्‍ताक्षरयुक्‍त पत्र संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक एवं दो अनुसार है(ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तुत शिकायत की जाँच संयुक्‍त आयुक्‍त सहकारिता, चंबल संभाग मुरैना द्वारा की जा रही है, जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर आवश्‍यक कार्यवाही की जा सकेगी।
परिशिष्ट - ''बारह''

घूमन नदी पर प्रस्तावित बांध का निर्माण

[जल संसाधन]

44. ( क्र. 370 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिरमौर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम घूमन में प्रवाहित घूमन नदी के जल संग्रहण हेतु क्या विभाग द्वारा पूर्व में कोई बांध स्वीकृत किया गया है? यदि हाँ, तो निर्माण कार्य प्रारंभ क्यों नहीं किया जा रहा है? (ख) उक्त बांध का निर्माण कब तक पूरा हो सकेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। घूमन तालाब परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 07.04.2007 को राशि रू. 681.08 लाख की सैच्य क्षेत्र 684 हे. के लिए प्रदान की गई थी। श्री राजकुमार उरमलिया तत्कालीन मान. विधायक द्वारा मान. मंत्रीजी जल संसाधन विभाग को लिखे गये पत्र दिनांक 16.06.2011 में उल्लेख किया है कि बांध के जलग्रहण क्षेत्र एवं कमाण्ड क्षेत्र को पावर प्लांट कंपनियों द्वारा क्रय किया जा रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में परियोजना के क्रियान्वयन की कार्यवाही नहीं की गई। पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में परियोजना का पुनः स्थल निरीक्षण कर साध्यता रिपोर्ट तैयार करने हेतु निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही निर्णय लिया जाना संभव होगा। अतः समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

किसानों को खाद एवं बीज वितरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

45. ( क्र. 371 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन की योजना अनुसार खाद एवं बीज का आवंटन किसानों को किया जाना है? (ख) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र सिरमौर में खाद एवं बीज की आपूर्ति नहीं हो सकी है? जबकि बुवाई का सीजन चल रहा है, विलंब की स्थिति में किसान समय से बुवाई कर पाने में असमर्थ हैं। (ग) यदि हाँ, तो किसानों को खाद एवं बीज कब तक उपलब्ध हो सकेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। अपितु उर्वरक की उपलब्‍धता के आधार पर किसानों को उपलब्‍ध कराया जाता है। विभिन्‍न योजनाओं के लक्ष्‍यों तथा सामान्‍य विक्रय के लिये उपलब्‍धता के आधार पर बीज किसानों को उपलब्‍ध कराया जाता है। (ख) जी नहीं, उर्वरक एवं बीज का भण्‍डारण एवं वितरण निरंतर जारी है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) कृषकों को उर्वरक एवं बीज का वितरण निरंतर जारी है। अत: शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।
परिशिष्ट - ''चौदह''

सिंचाई परियोजनाओं के कार्य

[जल संसाधन]

46. ( क्र. 391 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रचलित कुण्डालिया बांध परियोजना से लाभान्वित होने वाले ग्रामों के अलावा नलखेड़ा विकासखण्ड के छूटे ग्रामों को शामिल करने हेतु कोई पत्र भेजा था या मांग की थी? यदि हाँ, तो इस संबंध में क्या कार्यवाही की जा रही हैं विवरण देवें? (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत ग्राम दावतपुर के निकट कोई स्टाम डेम की मांग की गई थी? यदि हाँ तो क्या कार्यवाही की गई विवरण देवें? (ग) प्रश्नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत किन-किन सिंचाई परियोजनाओं की मांग की है या पत्र भेजे हैं, प्राप्त मांग या पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई? पूर्ण विवरण देवें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। पत्र दिनांक 08.05.2015 तथा पत्र दिनांक 09.04.2015 से भाटन नदी एवं लखुंदर नदी के मध्‍य का कमाण्‍ड एरिया कुण्‍डलिया बांध से सिंचित किये जाने हेतु उल्‍लेख किया गया है। कुण्‍डिलया वृहद परियोजना के सिंचाई प्रणाली को प्रेशराईज्‍ड प्रणाली में परिवर्तित करने के कारण कमाण्‍ड क्षेत्र 58,000 हे. से बढ़कर 1,25,000 हे. हो गया है। जिसकी विस्‍तृत कार्य योजना तैयार किया जाना प्रक्रियाधीन है तथा इसमें भाटन एवं लखुंदर नदी के मध्‍य का क्षेत्र भी आंशिक रूप से कमाण्‍ड में आना प्रस्‍तावित है। (ख) विधान सभा क्षेत्र सुसनेर अंतर्गत दावतपुर तालाब परियोजना की मांग की गई थी। परियोजना की जलग्रहण क्षेत्र अत्‍यन्‍त न्‍यून (1.83 वर्ग कि.मी.) होने से परियोजना साध्‍य नहीं पाई गई है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।
परिशिष्ट - ''पंद्रह''

ड्रिप सिंचाई योजना में स्‍वीकृत प्रकरण

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

47. ( क्र. 396 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ जिले में वर्ष 2013 से 31 अक्‍टूबर 2016 तक ड्रिप सिंचाई योजना में कितने प्रकरण स्‍वीकृत किए गए? विधान सभा क्षेत्रवार, वर्षवार जानकारी देवें। (ख) उपरोक्‍त प्रकरणों में कितना अनुदान दिया गया? क्‍या अनुदान राशि के प्रकरण लंबित हैं? यदि हाँ तो लंबित प्रकरणों की संख्‍या तथा लंबित रहने के इसके कारण सहित विधान सभा क्षेत्रवार, वर्षवार जानकारी दें।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट में है। (ख) वर्ष 2012-13 से 2015-16 तक के 1513 प्रकरणों में राशि रूपये 1342.30 लाख का अनुदान दिया गया। वर्ष 2016-17 में 244 प्रकरणों में कार्य करने हेतु आशय पत्र जारी किये गये हैं। अनुदान राशि के कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।
परिशिष्ट - ''सोलह''

शिवपुरी जिले में पुल निर्माण के बगैर टोल-टैक्‍स की अवैध वसूली

[लोक निर्माण]

48. ( क्र. 405 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले में एन.एच-3 देहरदा से ईसागढ़ सड़क का निर्माण किया गया है? यदि हाँ तो उक्‍त मार्ग का कौन-कौन सा कितना कार्य पूर्ण हो चुका है? कौन-कौन सा कितना कार्य अपूर्ण है? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण किया जाएगा? (ख) उक्‍त सड़क एवं पुल निर्माण कार्य किस एजेंसी द्वारा कब से प्रारंभ किया गया है? अनुबंध अनुसार उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण होना थे? उक्‍त कार्यों के पूर्ण करने हेतु क्‍या अवधि बढ़ाई गई है? यदि हाँ, तो किन-किन कार्यों हेतु कितनी-कितनी अवधि कब से कब तक बढ़ाई गई है? बढ़ाई गई अवधि में भी संबंधित निर्माण कार्य पूर्ण न किए जाने पर शासन संबंधित एजेंसी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक करेगा? (ग) क्‍या एन.एच.-3 देहरदा तिराहा से ईसागढ़ सड़क का निर्माण अत्‍यंत घटिया किया गया है जो कुछ माह में ही उखड़ गया है? यदि हाँ, तो इसकी जाँच कराकर दोषियों को दण्डित कर सड़क मार्ग कब तक पूर्ण कराया जाएगा? सड़क निर्माण एवं पु‍ल निर्माण हेतु किस-किस एजेंसी को कार्य दिया गया है? (घ) क्‍या एन.एच.-देहरदा तिराहा से पचावली में मध्‍य टोल टैक्‍स वसूल किया जा रहा है? यदि हाँ तो यह टोल टैक्‍स किस बाबत तथा किसके किस आदेश से लिया जा रहा है? क्‍या अपूर्ण एवं जर्जर रोड एवं सिंध नदी पर निर्माणाधीन पुल बनाए बगैर यह टोल टैक्‍स लिया जा रहा है? यदि हाँ तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। उक्‍त मार्ग पंच लिस्‍ट के कार्य छोड़कर पूर्ण हो चुके है। पूर्ण एवं अपूर्ण कार्य की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। अपूर्ण कार्यों को पूर्ण करने हेतु समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी नहीं शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। मार्ग का निर्माण शीघ्र ही पूर्ण कराया जावेगा। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) जी हाँ। अनुबंधानुसार शासन से स्‍वीकृति उपरांत कंसेशनायर द्वारा अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार टोल टैक्‍स लिया जा रहा है। अनुबंधानुसार 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने के पश्चात् स्‍वतंत्र इंजीनियर द्वारा प्रोविजनल पूर्णता: प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। इस प्रमाण-पत्र के जारी होने के पश्चात् कंसेशनायर द्वारा टोल टैक्‍स वसूली प्रारंभ की जाती है। सड़क के अपूर्ण कार्यों एवं सिंध नदी के पुल का शेष कार्य पंच लिस्‍ट में उल्‍लेखित है। कंसेश्‍नायर द्वारा इन शेष कार्यों को अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार पूर्ण किया जावेगा।
परिशिष्ट - ''सत्रह''

कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

49. ( क्र. 406 ) श्री रामसिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लोक निर्माण विभाग की कोई सड़कें हैं? यदि हाँ, तो वह सड़कें कौन सी एवं कहां से कहां तक कितनी लंबाई की हैं? उक्‍त सड़कों की वर्तमान स्थिति क्‍या है? (ख) क्‍या उक्‍त सड़कें अत्‍यंत जर्जर हैं एवं उनकी पुलियां भी जर्जर हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी सड़कें एवं कौन-कौन सी पुलियाएं जर्जर हैं? जर्जर सड़कें एवं पुलियाओं का निर्माण कब तक कराया जाएगा? (ग) क्‍या कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुछ नवीन सड़कों का निर्माण कराया जाना प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो वह सड़कें कौन-कौन सी हैं? उक्‍त सड़कों की स्‍वीकृति कब तक प्रदान किए जाने की संभावना है? (घ) क्‍या ग्राम सलौदा से चिलावद वाया पाड़ौदा-रूहानी एवं ग्राम डहरवारा से कुशयारा अतिमहत्‍वपूर्ण मार्ग है? इनका सर्वे विभाग द्वारा कराया जाकर स्‍वीकृति प्रदान कर सड़क निर्माण कराने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो इस योजना पर कार्य कब तक होगा? यदि नहीं तो उक्‍त सड़कों का सर्वे कब तक कराकर अग्रिम कार्यवाही कब तक की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (घ) लोक निर्माण विभाग की पुस्तिका पर अंकित नहीं होने के कारण कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।
परिशिष्ट - ''अठारह''

किसानों को नलकूप खनन हेतु अनुदान की स्‍वीकृति‍

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

50. ( क्र. 425 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्‍य पोषित नलकूप खनन योजना के तहत प्रदेश की सहायता निधि से अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषकों को अनुदान स्‍वीकृत करने का प्रावधान है? प्रावधान/निर्देशों की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्नांश '''' अनुसार विदिशा जिले में वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में कितने कृषकों को अनुदान स्‍वीकृत किया गया है, कृषकों की संख्‍या, स्‍वीकृत अनुदान, नलकूप खनन स्‍थान सहित विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बासौदा अंतर्गत वर्ष 2016-17 में कितने कृषकों को नलकूप खनन हेतु अनुदान राशि स्‍वीकृत किया जाना प्रस्‍तावित है।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ, योजना की मार्गदर्शी निर्देश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) विधान सभा क्षेत्र बासौदा अंतर्गत वर्ष 2016-17 में 23 कृषकों को नलकूप खनन हेतु अनुदान राशि रूपये 9.00 लाख प्रस्तावित है।

प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त जलाशय का कार्य प्रारंभ किया जाना

[जल संसाधन]

51. ( क्र. 457 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या हटा नगर के पास शक्ति सागर जलाशय नाम से 2007 में 7.12 करोड़ की राशि से प्रशासकीय स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई थी? यदि हाँ तो आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या 09 वर्ष बीत जाने के बाद कार्य प्रारंभ किया गया? यदि हाँ तो क्‍यों? यदि नहीं तो क्‍यों? (ग) शक्ति सागर जलाशय का कार्य कब तक प्रारंभ किया जायेगा एवं आज तक कार्य प्रारंभ नहीं करने पर अधिकारियों पर कब तक क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। आदेश प्रति संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) परियोजना के डूब क्षेत्र में 176.76 हे. निजी एवं 14.30 हे. शासकीय भूमि कुल 191.06 हे. भूमि प्रभावित है। डूब से प्रभावित कृषकों द्वारा प्रबल विरोध किया जा रहा है तथा क्रियान्‍वयन रोकने के लिए मा. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में प्रकरण क्रमांक-डब्‍ल्‍यू.पी.-18261/2011 दायर की गई है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। (ग) मा. उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में प्रकरण लंबित होने के कारण समय-सीमा बताना संभव नहीं हैं। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''उन्नीस''

छतरपुर जिले में किसानों के साथ छल बाबत्

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

52. ( क्र. 459 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर जिले में कृषि विभाग के अनुसार जिले भर में 93 हजार हेक्‍टेयर रकबा में उड़द की फसल की बोवनी थी जिसमें प्रत्‍येक हेक्‍टेयर 4 क्विंटल पैदावार होने की रिपोर्ट कृषि विभाग द्वारा तैयार की गई तथा शासन स्‍तर पर भेजी गई? (ख) क्‍या रिकार्ड 3.72 लाख क्विंटल उड़द मंडियों में से मात्र 16 हजार क्विंटल की नीलामी किसानों के साथ धोखा नहीं है? (ग) क्‍या इस संबंध में वर्ष 2016-17 में जिम्‍मेदार अधिकारियों ने मौके पर जाकर जाँच की यदि हाँ, तो कौन-कौन अधिकारी दोषी पाये गये उनको नोटिस दिये नाम पद सहित विवरण दें? (घ) क्‍या मंडी में डाक देखी ही नहीं जाती व्‍यापारियों के घर से ही रसीदे तैयार होती है और कागजों में खाना पूर्ति कर दी जाती है? कृषि उपज मण्‍डी में ऑनलाईन सिस्‍टम की जानकारी नहीं भी दी जा रही है? क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड, से संबंधित नहीं है। (ख) जी नहीं। छतरपुर जिले की मंडियों में माह अप्रैल 2016 से अक्टूबर 2016 तक 105174 क्विंटल उड़द की आवक हुई है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है। (ग) मंडी में अधिकारियों द्वारा समय-समय पर घोष विक्रय का निरीक्षण किया जाता है। उत्तरांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। मंडी उपविधि की कंडिका 16 (2) के अंतर्गत मंडी प्रागंण में कृषकों द्वारा लाई गई कृषि उपज का विक्रय खुले घोष पद्धति से मंडी समिति के कर्मचारी द्वारा उच्चतम प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य पर अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों द्वारा विक्रय संपन्न कराया जाता है। छतरपुर जिले की मंडी समितियों द्वारा कृषकों को भारत शासन एगमार्कनेट पोर्टल से दैनिक जिन्सवार आवक की मात्रा एवं भाव की ऑनलाईन सिस्टम से जानकारी दी जा रही है।

विभागीय योजनाओं के संबंध में किसानों को लाभ बाबत्

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

53. ( क्र. 460 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के विकासखण्‍ड राजनगर, लवकुशनगर तथा नौगांव के किसानों को वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक किसान कल्‍याण, कृषि विकास विभाग की किस-किस योजनाओं का क्‍या-क्‍या लाभ दिया गया? योजनावार संख्‍यात्‍मक जानकारी दें। (ख) विभाग की योजनाओं के अन्‍तर्गत वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में छतरपुर जिले के हितग्राहियों को लाभान्वित करने हेतु योजनावार क्‍या लक्ष्‍य रखे गये है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।

हवाई पट्टी का निर्माण

[लोक निर्माण]

54. ( क्र. 480 ) प्रो. संजीव छोटेलाल उइके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्‍डला जिले के ग्‍वारा में हवाई पट्टी का निर्माण पिछले 6 वर्षों से किया जा रहा है क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने अपने पत्र क्र. 432/ दिनांक 24.9.2016 पत्र क्र. 443 दिनांक 14.10.2016 जो कार्यपालन यंत्री मण्‍डला तथा पत्र क्र. 492 दिनांक 24.10.16 मुख्‍य अभियंता लो.नि.वि. जबलपुर को संबोधित था जिसमें हवाई पट्टी निर्माण संबंधी बिन्‍दुवार जानकारी तथा विभागीय अभिमत चाहा गया था? यदि हाँ तो वांछित जानकारी बिन्‍दुवार क्‍यों नहीं उपलब्‍ध कराई गई? संबंधित अधिकारी कर्मचारी पर क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ख) हवाई पट्टी निर्माण करने वाली फर्म का क्‍या नाम है और कब-कब निर्माण अवधि बढ़ायी गयी? क्‍या अवधि बढ़ाने के लिए सक्षम अधिकारियों से अनुमोदन प्राप्‍त किया गया तथा मानक प्राक्‍कलन में कितनी बार संशोधन किया गया? (ग) क्‍या ठेकेदार के द्वारा गुणवत्‍ताविहीन कार्य करने एवं उचित प्रबंधन नहीं करने के कारण निलंबित कर दिया गया था? काली सूची में डालने हेतु आदेश प्रसारित कर दिये गये? यदि हाँ तो आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें। (घ) ऐसी क्‍या परिस्थिति निर्मित हुई कि ठेकेदार का निलं‍बन निरस्‍त कर पुन: कार्य करने की अनुमति प्रदान की गयी? निलंब निरस्‍त आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

खरगापुर विधान सभा के नगर बल्‍देवगढ़ में बायपास सड़क का निर्माण

[लोक निर्माण]

55. ( क्र. 485 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ जिला मुख्‍यालय से छतरपुर मार्ग बल्‍देवगढ़ नगर की बीच बस्‍ती से बना हुआ है जिस मार्ग पर बसों एवं भार वाहनों ट्रकों का आना जाना हमेशा बना रहता है तथा मुख्‍य मार्ग के किनारे पर हा.से.स्‍कूल, कन्‍या हाई स्‍कूल तथा अस्‍पताल एवं दुकाने बनी हुई हैं और वाहनों की अधिकता से आये दिन आम जनता दुर्घटनाओं का शिकार बन रही है? क्‍या नगर बल्‍देवगढ़ एवं क्षेत्रवासियों का समस्‍याओं का ध्‍यान में रखते हुये बायपास सड़क निर्माण कराये जाने की योजना को कब तक स्‍वीकृत कर दिया जावेगा? यदि नहीं तो कारण स्‍पष्‍ट करें? (ख) क्‍या शासन द्वारा उक्‍त बायपास सड़क निर्माण का डी.पी.आर. तैयार करा लिया गया है यदि हाँ, तो कब बनवाया गया यदि नहीं तो कारण स्‍पष्‍ट करें क्‍यों नहीं बनाया गया? (ग) क्‍या आम जनता की परेशानी को ध्‍यान में रखते हुये बल्‍देवगढ़ में बायपास सड़क निर्माण किये जाने की शासन के पास कोई योजना है या नहीं तथा जनता की असुविधा का शासन द्वारा क्‍या निराकरण किया जा रहा है? या कब तक कराया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, वित्‍तीय संसाधनों की सीमितता के कारण वर्तमान में स्‍वीकृति संभव नहीं। दुर्घटनाओं की जानकारी विभाग के संज्ञान में नहीं है। (ख) जी हाँ, दिनांक 19.09.2016। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) वर्तमान में कोई योजना नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नवीन सड़क एवं पुलिया का निर्माण

[लोक निर्माण]

56. ( क्र. 498 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि. अता. प्रश्‍न संख्‍या 46 (क्रमांक 1034) दिनांक 21 जुलाई 2016 के उत्‍तर की कंडिका (क) में बताया गया था कि खिलचीपुर से ब्‍यावराकलॉ व्‍हाया छापीहेड़ा तक लंबाई 24 कि.मी. मार्ग ब्रिक्‍स योजनान्‍तर्गत सम्मिलित किया गया था। ऋण स्‍वीकृति के अभाव में स्‍वीकृत नहीं हो सकता? तो क्‍या शासन उक्‍त मार्ग की वर्तमान में अत्‍यंत खराब स्थिति को देखते हुए सड़क निर्माण हेतु राज्‍य मद अथवा अन्‍य किसी भी मद से स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में वर्णित मार्ग में ग्राम अम्‍बावता एवं ग्राम भाटखेड़ा में तालाब के किनारे की पुलिया नहीं होने से ग्रामीणजनों के खेतों में वर्षाकाल में पानी भर जाता है तथा आवागमन भी अवरूद्ध होता है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त पुलिया निर्माण की भी स्‍वीकृति प्रदान करेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। सीमित वित्‍तीय संसाधन होने के कारण वर्तमान में प्रश्‍नांकित कार्य किसी भी योजना में शामिल नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ, उक्‍त दोनों पुलियों के निर्माण हेतु दिनांक 07.06.16 को स्‍वीकृति प्रदान की जा चुकी है। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

स्‍टाप डेम मरम्‍मत कार्य की निविदाएं आमंत्रित न करना

[जल संसाधन]

57. ( क्र. 499 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले के विधान सभा क्षेत्र खिलचीपुर के अंतर्गत भगोरा स्‍टाप डेम की मरम्‍मत हेतु विभाग द्वारा एस.आर. मद से राशि रूपये 64.00 लाख की स्‍वीकृति काफी समय पूर्व प्रदान की गई थी? (ख) यदि हाँ तो क्‍या विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक स्‍टाप डेम मरम्‍मत कार्य हेतु निविदायें भी आमंत्रित नहीं की गई है? यदि हाँ, तो इसके क्‍या कारण है तथा इस लापरवाही के लिये कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है? (ग) क्‍या शासन द्वारा ऐसे लापरवाह अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? (घ) यदि हाँ तो क्‍या शासन उक्‍त स्‍टाप डेम मरम्‍मत कार्य हेतु सक्षम अधिकारियों को आवश्‍यक दिशा-निर्देश प्रदान कर कार्य पूर्ण करवाएगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) भगोरा स्टाप डेम की मरम्मत हेतु कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते है।

सतनबाड़ा-नरवर सड़क का निर्माण

[लोक निर्माण]

58. ( क्र. 513 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पोहरी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सतनबाड़ा-नरवर मार्ग के निर्माण हेतु पुन: निविदा उपरांत नवीन ठेकेदार को कार्य आदेश कब जारी किया गया था उक्‍त सड़क के निर्माण हेतु क्‍या समय-सीमा निर्धारित की गयी थी? (ख) प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जाना था व ठेकेदार द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार सतनबाड़ा-नरवर मार्ग की अद्यतन स्थिति से अवगत करावें? सड़क निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) ठेकेदार को कार्यादेश दिनांक 04.11.2015 को जारी किया गया था। 2 वर्ष। (ख) 40 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जाना था, 5 प्रतिशत कार्य किया गया है। (ग) सबग्रेड 7.20 कि.मी., जी.एस.बी. 2.75 कि.मी., डब्‍लयू.एम.एम. 0.225 कि.मी., डी.बी.एम. 0.225 कि.मी. का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। अनुबंधानुसार दिनांक 03.11.2017 तक निर्धारित है।

मुख्य जिला सड़क योजना में नागदा-खाचरौद वि.स. क्षेत्र की सड़कों की जानकारी

[लोक निर्माण]

59. ( क्र. 527 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2016-17 में मुख्य जिला सड़क योजना में प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद की कितनी सड़कों को सम्मिलत किया गया है? इस योजना में कितनी सड़कें सम्मिलित करना प्रस्तावित है? अवगत करावें। (ख) (1) घिनोदा से व्हाया गढी भौंसोला, बंजारी, श्रीवच्छ होते हुए बड़वदा तक सड़क मार्ग लम्बाई 20 कि.मी. (2) नागदा से बैरछा - बनवाड़ा, मोकड़ी, चापाखेड़ा, बड़ावदा मार्ग लम्बाई 30 कि.मी. (3) घुड़ावन - बटलावदी, रिंगनिया, नामली मार्ग लम्बाई 25 कि.मी. सड़कों को इस योजना में सम्मिलित किया गया है? (ग) यदि नहीं किया गया है तो कब तक मुख्य जिला सड़क योजना में सम्मिलित कर लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद के 3 मार्ग मुख्‍य जिला सड़क योजना में सम्मिलित किये गये है एवं इस योजना में वर्तमान में कोई भी नवीन सड़क सम्मिलित करना प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में कोई प्रस्‍ताव नहीं है।
परिशिष्ट - ''बीस''

ए.डी.जे. कोर्ट हेतु भूमि का आवंटन

[विधि और विधायी कार्य]

60. ( क्र. 528 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा शहर में ए.डी.जे. कोर्ट प्रारम्भ करने हेतु भूमि का आवंटन प्राप्त हो गया है? यदि नहीं तो क्‍यों? क्या ए.डी.जे. कोर्ट हेतु अनुकूल शासकीय भूमि नहीं मिल रही है? (ख) यदि ऐसा है तो निजी भूमि‍ अधिग्रहित करने का क्या प्रावधान है? (ग) शासन स्तर पर निजी भूमि क्रय करने की दिशा में क्या कार्यवाही की जा रही है? नागदा में ए.डी.जे. कोर्ट कब तक प्रारम्भ हो जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : () से () तक की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

ओवरब्रिज का निर्माण

[लोक निर्माण]

61. ( क्र. 546 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक निर्माण विभाग द्वारा इन्दौर में बाणगंगा रेल्वे ओवरब्रिज के समानांतर एक ओर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है? (ख) यदि हाँ, तो वर्तमान में कितना कार्य हो चुका है व कितना शेष है? क्या यह सहीं है कि प्रश्‍नांश अनुसार बनाया जा रहा बाणगंगा रेलवे ओवर ब्रिज समय-सीमा में पूर्ण नहीं हो पाया है? (ग) यदि हाँ, तो किन कारणों से कार्य पूर्ण होने में समय लग रहा है व कब तक कार्य पूर्ण हो जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) विभाग के अंतर्गत दोनों एड ज्‍वाईनिंग स्‍पान छोड़कर शेष कार्य पूर्ण, रेल्‍वे पोर्शन में 30 मीटर के एक स्‍पान में एवं स्‍लेब का कार्य शेष है। जी हाँ। (ग) पुलिस विभाग की जमीन न मिलने, रेल्‍वे से ड्राइंग डिजाइन समय से न मिलने एवं एच.टी. लाईन शिफ्टिंग के कारण समय लग रहा है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत निर्माण कार्यों में नए ठेकेदारों को मौका

[लोक निर्माण]

62. ( क्र. 549 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक निर्माण विभाग अन्तर्गत निर्माण कार्यों में नए ठेकेदारों को मौका मिले व स्पर्धा बढ़ने से कम लागत में काम हो इस हेतु शासन द्वारा आदेश जारी कर ठेकेदारों की श्रेणियां (ए,बी,सी,डी) को खत्म किया गया है, व साथ ही ठेकेदारों से ली जाने वाली लाखों की रजिस्ट्रेशन फीस और अनुभव प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता भी खत्म की गई है? (ख) यदि हाँ तो आदेश की प्रति उपलब्ध करावेंक्या प्रश्‍नांश अनुसार जारी शासन के आदेश के बाद भी कम लागत (निर्धारित सीमा से कम) के जारी टेण्डरों में अधिकारियों द्वारा प्री-क्वालिफिकेशन की शर्तें जोड़ी जा रही हैं? यदि हाँ तो प्रदेश के किन-किन जिले के अधिकारियों द्वारा इस तरह शासन के आदेश का पालन नहीं किया गया सूची उपलब्ध करावें व इनके विरूद्ध विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जावेगी स्पष्‍ट करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ. जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। जी नहीं। कोई नहीं शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''इक्कीस''

उज्‍जैन जिले की घट्टिया विधान सभा क्षेत्र में साध्‍य सिंचाई परियोजना

[जल संसाधन]

63. ( क्र. 555 ) श्री सतीश मालवीय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले की घट्टिया विधान सभा क्षेत्र में विगत तीन वर्षों में लघु, मध्‍यम एवं वृहद सिंचाई परियोजना की विभाग द्वारा कराये गये, सर्वेक्षण कौन-कौन सी योजनायें साध्‍य पाई गई? (ख) साध्‍य परियोजना में किन-किन को बजट आवंटित किया गया एवं किन-किन योजनाओं में कार्य प्रारंभ करा दिया गया है, वर्तमान में कार्य की क्‍या स्थिति है? कार्यपूर्ण योजना से कितने हेक्‍टेयर कृषि भूमि सिंचित हो रही है? (ग) जिन परियोजनाओं में निर्माण कार्य चल रहा है, उन निर्माण एजेंसियों का नाम व पता एवं अब तक की व्‍यय राशि तथा अब तक किये कार्यों का विवरण व परियोजना में तैनात अधिकारी/कर्मचारियों का विवरण देवें। (घ) अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? परियोजनावार स्‍पष्‍ट समय-सीमा बतावें। सिंचाई परियोजना के निर्माण में विलंब के क्‍या कारण हैं?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) घटिया विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत मध्‍यम/वृहद सिंचाई परियोजना प्रस्‍तावित नहीं है। विगत तीन वर्षों में सर्वेक्षित लघु सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होते है।
परिशिष्ट - ''बाईस''

घट्टिया विधान सभा क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़कें

[लोक निर्माण]

64. ( क्र. 556 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले की घट्टिया विधान सभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की कितनी सड़कें निर्माणाधीन हैं एवं कितनी अपूर्ण सड़कें है? (ख) ऐसी कितनी सड़कें हैं जो विभाग तीन वर्ष में भी पूर्ण नहीं कर पाया? पूर्ण न होने के क्‍या कारण हैं? (ग) घट्टिया विधान सभा क्षेत्र में सड़कें पूर्ण न करने के कारण कितने ठेकेदारों पर कौन-कौन सी कार्यवाही कब-कब की गई? सड़कवार, दिनांकवार जानकारी उपलब्‍ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) म.प्र. सड़क विकास निगम में मात्र एक सड़क महिदपुर-पानविहार जिवाजी नगर मार्ग निर्माणाधीन है एवं कोई सड़क कार्य अपूर्ण नहीं है। (ख) विगत 03 वर्षों में ऐसी कोई सड़क निर्माणाधीन होकर अपूर्ण नहीं है या निर्माणाधीन है। अत: प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) उपरोक्‍त एवं के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

कृषि उपज मंडी निधि से विकास कार्यों हेतु राशि का प्रदाय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

65. ( क्र. 572 ) श्री दीवानसिंह विट्ठल पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वानी जिले में स्थित कृषि उपज मंडीयों से मंडी विकास बोर्ड को कितना कर विगत तीन वर्षों में प्रदाय किया गया है? (ख) जिले के किस मंडी क्षेत्र में मंडी निधि से कौन-कौन से विकास कार्य हेतु कितनीकितनी राशि कब प्रदाय की गई है वर्ष 2012 से वर्तमान तक जिले को दी गई राशि का कार्यवार विवरण प्रदान करें? (ग) जिले में प्रदाय राशि का कहाँ-कहाँ क्या उपयोग हुआ है? क्या इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक से जानकारी लेकर उपयोग हुआ है? यदि हाँ, तो कब और नहीं तो क्यों? पानसेमल विधानसभा क्षेत्र में मंडी निधि के कार्यवार राशि व दिनांक सहित जानकारी प्रदान करें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रश्नांश "ख" के संदंर्भ में कार्य विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। मंडी समिति के साधारण सम्मेलन में माननीय विधायक या उनके प्रतिनिधि की उपस्थिति रहती है। सम्मेलन में कार्य स्वीकृति का अनुमोदन उपरांत कार्य किये गये है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

शामगढ सुवासरा चम्‍बल सिंचाई योजना का क्रियान्‍वयन

[जल संसाधन]

66. ( क्र. 576 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शामगढ़ सुवासरा चम्बल सिंचाई योजना की वर्तमान स्थिति‍ बतावें। (ख) इस योजना में कितने हेक्टेयर भूमि सिंचाई एवं राशि का प्रावधान रखा गया है? (ग) इस योजना की मांग किस जनप्रतिनिधि द्वारा रखी गई है? नाम एवं पद बतावें। (घ) सीतामऊ कयामपुर चम्‍बल सिंचाई योजना के सर्वे हेतु पूर्व सिंचाई मंत्री के आदेश का पालन कब से प्रारम्भ किया जावेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) शामगढ़ सुवासरा चंबल सिंचाई परियोजना की डी.पी.आर. मुख्‍य अभियंता (बोधी) में परीक्षणाधीन है। परियोजना 40,000 हे. सैच्‍य क्षेत्र रूपांकित होकर अनुमानित लागत रू.954.94 करोड़ है। परियोजना की मांग श्री हरदीपसिंह डंग मा. विधायक सुवासरा विधानसभा क्षेत्र द्वारा की गई। सीतामऊ कयामपुर चंबल सिंचाई परियोजना के सर्वेक्षण कार्य का प्राक्‍कलन तैयार होने के उपरांत। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

विकासखण्‍ड सेवढ़ा सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

67. ( क्र. 581 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले के विकासखण्‍ड सेवढ़ा में ल&#