मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
नवम्‍बर-दिसम्‍बर, 2017 सत्र


सोमवार, दिनांक 04 दिसम्‍बर, 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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दमुआ से बेलनीढाना के बीच सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

1. ( *क्र. 1997 ) श्री नथनशाह कवरेती : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग अंतर्गत छिन्‍दवाड़ा जिले के विधान सभा क्षेत्र जुन्‍नारदेव के दमुआ से बेलनीढाना के बीच 07 कि.मी. तक सड़क का निर्माण 2014-15 में (एम.पी.आर.डी.सी.) के तहत किस कंपनी द्वारा किया गया था? (ख) क्‍या कार्य अधूरा छोड़ दिया गया? यदि हाँ, तो कब तक पूरा कर दिया जायेगा? यदि पूरा कर लिया गया है तो वर्तमान में पूरी सड़क पर गड्ढे एवं जर्जर हालत में क्‍यों है? इसके लिये कौन दोषी है? उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के प्रकाश में क्‍या शर्तों के अनुसार तत्‍काल मरम्‍मत कार्य कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) मेसर्स डी.बी.एल. बैतूल-सारणी प्रा.लि. द्वारा निर्मित बैतूल-सारणी-परासिया मार्ग (लंबाई 124.10 कि.मी.) का कार्य (सतपुड़ा पेंच टाईगर रिजर्व कोरिडोर का भाग लंबाई 4.78 कि.मी. का कार्य छोड़कर) किया गया। (ख) जी हाँ, वन विभाग से अनुमति प्राप्‍त होने के उपरांत कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जावेगा। मरम्‍मत हेतु वन मण्‍डल अधिकारी पश्चिम छिंदवाड़ा की अनुमति की शर्तों के अनुसार कार्य किया जा रहा है, सड़क निर्माण न किये जाने के लिये कोई दोषी नहीं है, अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। वन विभाग से प्राप्‍त अनुमति अनुसार मरम्‍मत की जा रही है, शीघ्र ही मरम्‍मत पूर्ण की जावेगी। चूंकि संधारण एक सतत् प्रक्रिया है अत: समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

पेंच परियोजना से सिंचाई सुविधा से वंचित ग्राम

[जल संसाधन]

2. ( *क्र. 2404 ) श्री दिनेश राय (मुनमुन) : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र सिवनी में नवनिर्मित माचागौरा बांध (पेंच परियोजना) से निकलने वाली नहरों से लालमाटी (गोपालगंज) क्षेत्र के कई गांव सिंचाई सुविधा से वंचित रह गये हैं? यदि हाँ, तो इसके प्रस्‍तावित एवं लाभान्वित तथा शेष रह गये गांवों की सूची लालमाटी क्षेत्र सहित दी जावे। साथ ही बतावें की शेष रह गये गांव में नहरों के निर्माण कार्य को अंतिम रूप कब दिया जा सकेगा? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें कि उन गांवों में नहर का निर्माण क्‍यों नहीं किया जा सकेगा? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में प्रश्‍नगत गांव में सिंचाई सुविधा हेतु नहर विस्‍तार के लिये कोई सर्वेक्षण किया गया है? यदि नहीं, तो इन गांवों का सर्वेक्षण कब तक पूर्ण कर निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) परियोजना का निर्माण कार्य पूर्व में प्रस्‍तावित प्राक्‍कलन के आधार पर न किया जाकर राजनैतिक दबाव के चलते संशोधित कर निर्माण कार्य कराया गया?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। सिवनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लालमाटी क्षेत्र सहित सिंचाई से लाभांवित ग्रामों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' तथा वंचित ग्रामों की सूची लालमाटी क्षेत्र सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। वंचित ग्राम निर्माणाधीन सिवनी शाखा नहर से लगभग 8 से 10 कि.मी. दूरी पर कमांड क्षेत्र से बाहर होने तथा वंचित ग्रामों का भू-सतह, नहर तल से लगभग 15 से 20 मी. ऊँचा होने के कारण तकनीकी दृष्टि से नहर द्वारा सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध कराना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। उत्‍तरांश (क) अनुसार। (ग) जी नहीं। परियोजना का निर्माण कार्य पूर्व में प्रस्‍तावित प्राक्‍कलन एवं तकनीकी स्‍वीकृति के आधार पर किया जाना प्रतिवेदित है।

परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई द्वारा कराये गये कार्य

                                                                      [लोक निर्माण]

3. ( *क्र. 2877 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई जिला धार द्वारा विगत 3 वर्षों में कितने-कितने कार्य कहाँ-कहाँ करवाये गये? राशि सहित वर्षवार, विधानसभा क्षेत्रवार जानकारी देवें? (ख) इन कार्यों की अद्यतन स्थिति बतावें। इनमें कितने कार्य पूर्ण/अपूर्ण हैं तथा कितनी राशि इनमें आहरित की जा चुकी है? विधान सभा क्षेत्रवार बतावें। (ग) कार्यों में विलंब एवं गुणवत्‍ताहीन होने की जाँच कब तक करवाई जायेगी? स्‍वतंत्र कंसलटेंसी द्वारा उपरोक्‍त दी गई रिपोर्ट, पत्रों की छायाप्रति कार्यवार देवें? (घ) कार्यों में विलंब व गुणवत्‍ताहीन होने की विभाग कब जाँच कराएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) इस इकाई के अंतर्गत कार्य में प्रयुक्‍त मटेरियल की शासन द्वारा निरंतर जाँच कराई जाती है। परीक्षण में गुणवत्‍ताहीन सामग्री होने संबंधी किसी प्रकार की रिपोर्ट प्राप्‍त नहीं हुई है। अत: जाँच का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। कार्यों में विलंब हेतु अनुबंधानुसार कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) कार्यों में विलंब हेतु अनुबंध में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही प्रचलन में है। प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍नांश के संबंध में जाँच का प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता।

उर्वरकों के दर निर्धारण की प्रक्रिया

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

4. ( *क्र. 1227 ) श्री उमंग सिंघार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग, मार्कफेड से उर्वरक उपलब्‍ध कराता है? यदि हाँ, तो उर्वरकों के दर निर्धारण की क्‍या प्रक्रिया है? क्‍या निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्‍ध कराया जाता है? (ख) क्‍या धार जिले में जैविक खेती के प्रति सरकार उदासीन है? यदि नहीं, तो बताएं कि सरकार द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु धार जिले में पिछले तीन वर्षों में क्‍या प्रयास किये गये एवं इससे कितने किसानों को लाभ हुआ है? वर्षवार लाभांवित किसानों की संख्‍या बतावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। विपणन संघ द्वारा ऑफर सूचना का प्रकाशन कर प्रदायकों से ऑफर व शर्तें आमंत्रित की जाती हैं। प्राप्‍त ऑफरों के आधार पर उर्वरक समन्‍वय समिति द्वारा उर्वरकों का क्रय मूल्‍य एवं प्रदाय की शर्तों का निर्धारण किया जाता है। समिति द्वारा निर्धारित दर एवं शर्तों के अनुसार विपणन संघ द्वारा निर्धारित दर पर उर्वरकों का क्रय एवं विक्रय किया जाता है। (ख) जी नहीं। धार जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु वर्ष 2016-17 में लगभग एक लाख कृषि साहित्‍य पम्पलेट्स का वितरण जैविक खेती के प्रचार प्रसार हेतु किसानों को किया गया। विगत तीन वर्षों में 936 बायो गैस संयंत्रों के निर्माण कराये गये। परम्‍परागत कृषि विकास योजना अंतर्गत जैविक प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण, जैविक आदान सामग्री का वितरण जिले के 500 किसानों को किया गया। वर्षवार लाभांवित किसानों की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''एक''

निर्माण कार्यों का भुगतान

[लोक निर्माण]

5. ( *क्र. 1376 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिंगरौली जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार के कि.मी. 124/2 नौआ नाला पुल एवं उसके बाद रीकन्‍ट्रेक्‍शन ऑफ डेनेज ब्रिज का कार्य अनुबन्ध क्रमांक 61/एन.एच./2007-08 संविदाकार के द्वारा जाब क्र.0075 ई.एक्स./2006-07/एम.पी./521 का सम्पूर्ण कार्य दिनांक 31/03/2015 को पूर्ण कर दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो कार्यपूर्ण होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग सागर उप संभाग रीवा द्वारा ठेकेदार के बकाया देयक का भुगतान आज दिनांक तक नहीं किया गया और राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 75 के विस्तार में स्थित नौआ नाला पुल एप्रोच निमार्ण कार्य के सभी दस्तावेज गुम हो गये हैं? दस्तावेजों के गुम होने की एफ.आइ.आर. जी.आर.पी. थाना भोपाल में विभाग के कर्मचारी द्वारा करायी गयी है? (ग) क्या अभिलेखों की द्वितीय प्रति निर्माण कराने एवं संविदाकार के भुगतान में विलम्ब करने वाले अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी और संविदाकार के लम्बित देयक का भुगतान अविलम्ब कर दिया जायेगा? (घ) यदि हाँ, तो किस दिनांक तक संविदाकार को सम्पूर्ण देयक का भुगतान बिना किसी शर्त और पेनाल्टी के करा दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, कार्य स्‍थल की आवश्‍यकता अनुसार संविदाकार द्वारा पुल एवं सिंगरौली तरफ का पहुंच मार्ग का कार्य दिनांक 30.10.2015 को पूर्ण कर दिया गया था, पुल की सीधी तरफ का पहुंच मार्ग का कार्य अन्‍य एजेन्‍सी से करवाये जाने के कारण करवाया जाना आवश्‍यक नहीं था। (ख) जी नहीं। ठेकेदार का भुगतान रा.रा. संभाग सागर के अंतर्गत रा.रा. उपसंभाग रीवा के द्वारा नहीं अपितु क्षेत्रीय अधिकारी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा किया जाना है। अंतिम देयक क्षेत्रीय अधिकारी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भोपाल को कार्यपालन यंत्री रा.रा. संभाग सागर द्वारा अपने पत्र दिनांक 08.11.2017 को प्रेषित किया गया है। ठेकेदार द्वारा मापों एवं बिल की अभिस्‍वीकृति नहीं दिये जाने के कारण क्षेत्रीय अधिकारी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भोपाल में भुगतान हेतु लंबित है। जी हाँ, दस्‍तावेजों के गुम हो जाने के कारण विभाग के कर्मचारी द्वारा जी.आर.पी. थाना भोपाल में लिखित शिकायत की गई थी, जी.आर.पी. थाना द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज नहीं की गई थी। (ग) मूल अभिलेखों के गुम हो जाने के कारण नई माप पुस्तिका तैयार की गई। संविदाकार के भुगतान में विलंब हेतु कोई अधिकारी दोषी नहीं है, अत: किसी अधिकारी के प्रति कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। ठेकेदार द्वारा माप एवं बिल की अभिस्‍वीकृति दिये जाने के पश्‍चात लंबित देयक के भुगतान की कार्यवाही की जा सकेगी। (घ) उपरोक्‍त प्रश्‍नांश (ग) के परिप्रेक्ष्‍य में देयक के भुगतान हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। ठेकेदार का भुगतान अनुबंध की शर्तों एवं प्रावधान के अनुसार ही किया जा सकेगा।

जिला रतलाम अंतर्गत सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

6. ( *क्र. 176 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आलोट जिला रतलाम में महिदपुर रोड, खारवांकला, ताल-आलोट मार्ग जो पूर्णतः जर्जर हो चुका है, उक्‍त सड़क निर्माण प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति क्‍या है? कब तक उक्‍त सड़क निर्माण प्रारंभ होगा? पाँच माह पूर्व टेंडर की कार्यवाही व प्रशासकीय स्‍वीकृति भी हो चुकी है? फिर कार्य में देरी क्‍यों? (ख) सड़क निर्माण में देरी से पूर्व उक्‍त सड़क का मरम्‍मतीकरण एवं पेंचवर्क क्‍यों नहीं किया जा रहा है? (ग) आलोट विधानसभा क्षेत्र में कितनी व कौन-कौन सी सड़कें ग्‍यारंटी अवधि में खराब हुईं? पूर्ण ब्‍यौरा दें तथा की गई कार्यवाही से अवगत करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। मार्ग निर्माण हेतु निविदा स्‍वीकृति बाबत् प्रक्रियाधीन है। अनुबंध होने के बाद। द्वितीय निविदा आमंत्रण के कारण देरी हुई है। (ख) विभाग के स्‍थाई गैंग द्वारा आवश्‍यक मरम्‍मत कार्य किया जा रहा है। (ग) कोई नहीं। दो मार्ग परफारमेंस गारंटी में है। दोनों मार्गों की स्थिति संतोषजनक है। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

सड़क निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

7. ( *क्र. 2595 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 03 सितम्‍बर, 2017 को माननीय लोक निर्माण मंत्री जी के ब्‍यावरा नगर के प्रवास के दौरान भूमि पूजन कार्यक्रम में नगर के पीपल चौराहा से राजगढ़ बायपास तक सीसी सड़क निर्माण, डिवाईडर एवं पोल शिफ्टिंग कार्य की स्‍वीकृति हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा की गई मांग पर माननीय मंत्री जी द्वारा शीघ्र ही मार्ग निर्माण कराये जाने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त घोषणा के पालन में विस्‍तृत कार्ययोजना वरिष्‍ठालय को प्रेषित कर दी गई है? (ख) क्‍या नगर के उक्‍त भाग पर सीसी रोड निर्माण, डिवाईडर एवं पोल शिफ्टिंग कार्य कराये जाने से पूरा नगर सीसी युक्‍त होकर नगरवासियों को निरंतर अवरूद्ध होने वाले आवागमन से निजात एवं सुन्‍दर-स्‍वच्‍छ नगर की अनुभूति प्राप्‍त होगी? यदि हाँ, तो क्‍या माननीय मंत्री जी की घोषणा एवं ब्‍यावरा नगर के आमजन की पुरजोर मांग के दृष्टिगत पीपल चौराहा से राजगढ़ बायपास तक सीसी सड़क निर्माण कार्य, डिवाईडर व पोल शिफ्टिंग हेतु दि्वतीय अनुपूरक बजट 2017-18 में स्‍वीकृति प्रदान की जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) घोषणा नहीं अपितु निर्देश दिये गये थे। जी नहीं। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में कोई कार्यवाही प्रस्‍तावित नहीं है।

जिला सहकारी बैंक/सहकारी समितियों की जाँच

[सहकारिता]

8. ( *क्र. 1879 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी बैंक बालाघाट के अधीन कितने-कितने सहकारी बैंक संचालित हैं? जिलावार/विधानसभा क्षेत्रवार बैंकों व समितियों की पतावार जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कितनी समितियों द्वारा खाद्यान्न खरीदी केन्‍द्रों में भण्‍डारण व उठाव किया, की जानकारी तथा बैंकों द्वारा किसानों को योजनावार स्‍वीकृत किये गये ऋणों की जानकारी हितग्राही की संख्‍यावार देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रत्‍येक बैंकों में जमा सन्ड्री क्रेडिटर्स राशि की जानकारी बैंकवार देवें। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में प्रत्‍येक बैंकों में जमा सन्ड्री क्रेडिटर्स राशि के उपयोग के लिए प्रचलित नियमों की प्रति देवें तथा उक्‍त राशि के उपयोग तथा दुरूपयोग करने के लिए कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? अधिकारियों की सूची सहित जानकारी देवें तथा उनके विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेंगे?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., बालाघाट के अधीन अन्य कोई बैंक संचालित नहीं है। जिले में सहकारी बैंक की शाखाओं तथा उनसे संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं की सूची विधानसभावार पते सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) उत्तरांश (क) की समितियों द्वारा संचालित खरीदी केन्द्रों में भण्डारण एवं उठाव नहीं किया जाता, अपितु समितियों द्वारा समर्थन मूल्य अंतर्गत खाद्यान्न क्रय किया जाता है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। योजनावार स्वीकृत किये गये ऋणों की जानकारी हितग्राहियों की संख्यावार पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ग) जानकारी निरंक है। (घ) उत्तरांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मार्ग निर्माण कार्य की जाँच

[लोक निर्माण]

9. ( *क्र. 2302 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आगर नगरीय क्षेत्र में 4 लेन सी.सी. रोड एवं नाला निर्माण कार्य निर्धारित अवधि निकल जाने के पश्चात् भी पूर्ण नहीं हुआ? यदि हाँ, तो क्या कार्यवाही की गई? कार्य का प्रशासकीय कार्यादेश एवं अनुबंध की सत्यापित प्रति उपलब्ध करावें। (ख) उक्तानुसार कार्य क्‍या निर्धारित मानक अनुरूप किया गया? यदि हाँ, तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कब-कब मानीटरिंग की गई? तिथि सहित विवरण देवें (ग) मार्ग निर्माण के प्रगतिरत रहते हुए गुणवत्ता संबंधी या निर्धारित मानक अनुरूप कार्य न होने संबंधी कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं हैं एवं इसके संबंध में क्या कार्यवाही की गई? किन-किन अधिकारियों द्वारा जाँच की गई? शिकायतवार पूर्ण विवरण देवें जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध करावें? (घ) क्‍या प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के तारतम्य में या स्वप्रेरणा से स्वतः संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य की जाँच कर उचित कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या व कब तक? विवरण देवें। क्‍या मार्ग निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग के संबंध में जाँच की जाकर उचित कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। आगर नगरीय क्षेत्र में 4 लेन सी.सी. रोड एवं नाला निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति, कार्यादेश एवं अनुबंध की सत्‍यापित प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। निरीक्षणकर्ता अधिकारी एवं दिनांक की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार एवं निरीक्षण का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) मार्ग निर्माण के प्रगतिरत् रहते हुए म.प्र. सड़क विकास निगम को प्राप्‍त एक शिकायत की जाँच की गई। जाँच का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) निर्माण कार्य अनुबंधानुसार मेसर्स लॉयन इंजीनियरिंग कन्‍सलटेंट की देखरेख में हुआ है। मटेरियल इत्‍यादि की जाँच निरंतर प्रक्रिया के तहत की जाकर निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 की जाँच अनुसार पेनल्‍स में वांछित सुधार कर दिया गया था। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

पदमी से सलवाह मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

10. ( *क्र. 2763 ) श्री पंडित सिंह धुर्वे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग अंतर्गत मण्‍डला जिले के विकास खण्‍ड घुघरी के अंतर्गत पदमी से सलवाह मार्ग अत्‍यन्‍त जर्जर हो चुका है? क्‍या उक्‍त मार्ग के निर्माण हेतु विभाग के द्वारा कार्यवाही की जा रही है? (ख) क्‍या पूर्व में उक्‍त मार्ग के निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग मण्‍डला द्वारा शासन को डी.पी.आर. प्रेषित की गई थी? यदि हाँ, तो शासन द्वारा मार्ग निर्माण हेतु कब तक स्‍वीकृति आदेश जारी किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रस्‍ताव तैयार किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वित्‍तीय वर्ष 2016-17 में उपलब्‍ध कराई गई योजना सीमा के अनुपात में कार्यों की स्‍वीकृति पूर्व में ही दी जा चुकी थी।

लंबित विभागीय जाँच का निराकरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

11. ( *क्र. 811 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में कृषि उपज मंडी समिति कटनी के मंडी कर्मचारी एवं कटनी मंडी में पदस्‍थ रहे राज्‍य मंडी बोर्ड सेवा के कर्मचारियों की किन-किन की विभागीय जाँच कब-कब संस्थित की गई? कौन जाँच अधिकारी एवं कौन प्रस्‍तुतकर्ता अधिकारी हैं?                पृथक-पृथक विवरण दें (ख) प्रश्‍नांश (क) के कर्मचारियों को जारी आरोप पत्र की प्रतियां उपलब्‍ध करावें? अब तक विभागीय जाँच पूर्ण न करने के क्‍या कारण हैं? क्‍या दोषियों को बचाने के लिए जाँच में विलं‍ब हो रहा है? खम्‍पारिया एवं मुकेश राय को निलंबित करने के बाद 45 दिवस में आरोप पत्र जारी न करने के लिए स्‍थापना प्रभारी को कब तक निलंबित किया जावेगा?                    (ग) कृषि उपज मंडी के किन फर्मों पर कितनी-कितनी राशि कब से बकाया है? विवरण दें तथा बकाया रहते उक्‍त फर्म की अनुज्ञप्ति क्‍यों जारी की है, क्‍या अनुज्ञप्ति निरस्‍त कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? (घ) मंडी कटनी में कितने अनुज्ञा पत्र सत्‍यापन हेतु शेष हैं? क्‍या उक्‍त शाखा प्रभारी उक्‍त शाखा में पदस्‍थापना दिनांक से पदस्‍थ हैं? यदि हाँ, तो उसे कब तक बदला जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति कटनी मंडी संवर्ग के कर्मचारियों के विरूद्ध वर्ष 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में संस्थित की गई जाँच की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कटनी मंडी में पदस्‍थ रहे राज्‍य मंडी बोर्ड सेवा के 15 कर्मचारियों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में विभागीय जाँच प्रक्रियाधीन है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित कर्मचारियों को जारी आरोप-पत्र की प्रतियां पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विभागीय जाँच शीघ्र पूर्ण कराने की कार्यवाही की जा रही है। दोषियों को बचाने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण-दोष के आधार पर कार्यवाही की जावेगी। (ग) कृषि उपज मंडी कटनी की फर्मों की बकाया राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। बकाया राशि की वसूली व अनुज्ञप्ति निरस्‍त न करने वाले दोषियों के विरूद्ध गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। (घ) कृषि उपज मंडी समिति कटनी में दिनांक 31.10.2017 की स्थिति में मंडी शुल्‍क छूट के लिये प्राप्त 1954 अनुज्ञा पत्र सत्‍यापन के लिये शेष हैं। अनुज्ञा पत्र शाखा प्रभारी श्री अमृतलाल कुजूर मंडी, निरीक्षक मंडी, समिति कटनी में दिनांक 20.04.2013 से पदस्‍थ हैं तथा वे दिनांक 26.09.2013 से अनुज्ञा सत्‍यापन शाखा में कार्यरत हैं। पदस्‍थी बदलने का प्रश्‍न उदभूत नहीं होता।

 

पुल-पुलियों का निर्माण

[लोक निर्माण]

12. ( *क्र. 2461 ) श्री संजय शाह मकड़ाई : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) हरदा जिले में विगत 05 वर्षों में सेतु निगम के माध्‍यम से कितने पुल-पुलियां स्‍वीकृत हुये हैं? उनके पूर्ण होने की क्‍या समय-सीमा है? प्रश्‍न दिनांक तक उनकी क्‍या स्‍ि‍थति है? (ख) लो.नि.वि. अन्‍तर्गत क्‍या टिमरनी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वनांचलों में मकड़ाई से खारी मार्ग पर पुल, ग्राम गुलढ़ाना से कुमरूम मार्ग पर, गवासेन से राजाबरारी पर, मगरधा से रतनपुर मार्ग के नदियों पर पुल-पुलिया के निर्माण की स्‍वीकृति प्रदान की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक स्‍वीकृति‍ दी जावेगी? (ग) लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रश्‍नांश (क) जिले में पूर्व से निर्मित रोडों, जिनकी            रख-रखाव की समय-सीमा समाप्‍त हो गई है, जो रोड जीर्ण-शीर्ण अवस्‍था में हैं, उनके रख-रखाव हेतु क्‍या शासन द्वारा कोई योजना तैयार की गई है? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों? क्‍या आगामी समय-सीमा में कोई योजना तैयार की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। किसी योजना में प्रस्‍तावित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) लोक निर्माण विभाग संभाग हरदा अंतर्गत वर्तमान में कोई भी मार्ग जीर्ण-शीर्ण स्थिति में नहीं है, अनुरक्षण मद के मार्गों का रख-रखाव एवं नवीनीकरण कार्य आवश्‍यकता अनुसार प्रत्‍येक वर्ष में उपलब्‍ध आवंटन अनुरूप किया जाता है।

परिशिष्ट - ''तीन''

भितरवार में कृषक संगोष्ठी का आयोजन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

13. ( *क्र. 1810 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या दिनांक 28.10.2017 को विकासखण्ड स्तरीय कृषक संगोष्ठी तकनीकी प्रशिक्षण एवं मृदापरीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण भितरवार में किया गया था? यदि हाँ, तो उक्त कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र को उपलब्ध करावें? क्‍या उक्त पत्र में सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा निर्धारित प्रोटोकाल का पालन किया गया था? यदि हाँ, तो क्या कार्ड में उल्लेखित नाम जैसे श्री योगेन्द्र सिंह कुशवाह, मण्डल अध्यक्ष भाजपा चीनौर, श्री मुकेश कुमार भार्गव, मण्डल अध्यक्ष भाजपा आंतरी इत्यादि आमंत्रण पत्र में दर्ज अनेकों नाम किस प्रोटोकाल में आते हैं? क्या यह प्रोटोकाल का खुला उल्लंघन है? यदि हाँ, तो इसके लिये कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं? क्या प्रोटोकाल का उल्लंघन करने वाले अधिकारी के प्रति कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) ग्वालियर जिले में विभाग द्वारा 01 जनवरी, 2017 से प्रश्‍न दिनांक तक              किन-किन दिनांकों में किन-किन स्थानों पर कृषि महोत्सव, कृषक मेला, कृषक संगोष्ठी, कृषि विज्ञान मेला सहप्रदर्शनी के कार्यक्रमों में किस-किस योजना एवं मद की कितनी-कितनी राशि, किन-किन कार्यों में किस-किस अधिकारी द्वारा व्यय की गयी? (ग) क्या इन योजनाओं में बहुत बड़े स्तर पर शासन की राशि का दुरूपयोग किया गया है? यदि हाँ, तो क्या इन कार्यक्रमों में हुये व्यय की जाँच कराई गई है? यदि हाँ, तो जाँच में कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी द्वारा अनियमितता करना पाया है? उनके नाम स्पष्ट करें? यदि जाँच नहीं कराई गई है तो क्यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। आमंत्रण पत्र पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा आमंत्रण कार्ड को तैयार करने के संबंध में प्रोटोकाल निर्धारित नहीं है। उप संचालक, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग जिला ग्‍वालियर द्वारा माननीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रण कार्ड में उपस्थिति‍ हेतु उल्‍लेख एवं निवेदन किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। व्‍यय का सत्‍यापन उपरान्‍त ही भुगतान हुआ है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विधानसभा क्षेत्र लटेरी अंतर्गत नवीन बायपास रोड का निर्माण

[लोक निर्माण]

14. ( *क्र. 1544 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विदिशा जिले के विधानसभा क्षेत्र लटेरी के ग्राम आनंदपुर में नवीन बायपास मार्ग निर्माण हेतु मुख्‍य अभियंता लोक निर्माण विभाग, भोपाल द्वारा दिनांक 14.09.2016 को तकनीकी स्‍वीकृति जारी कर प्राक्‍कलन प्रस्‍तुत किये गये हैं? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में अभी तक क्‍या कार्यवाही की जा रही है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार क्‍या उक्‍त नवीन बायपास रोड की प्रशासनिक स्‍वीकृति जारी हो चुकी है? यदि नहीं, तो क्‍यों तथा कब तक स्‍वीकृति जारी होने की संभावना है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग, भोपाल के पत्र दिनांक 17.10.2016 से त्रुटियों के निराकरण हेतु मूलत: लौटाया गया, जिसे मुख्‍य अभियंता (रा.प.) लो.नि.वि. भोपाल के ज्ञाप दिनांक 28.10.2016 से कार्यपालन यंत्री, संभाग लो.नि.वि. विदिशा को मूलत: लौटाया गया। (ख) जी नहीं। वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता के अनुसार कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी करने पर विचार किया जायेगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तावित सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

15. ( *क्र. 2837 ) श्री सचिन यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक क्‍यू-1/दिनांक 06 मार्च, 2017 में उल्‍लेखित सड़कों के निर्माण कार्यों के प्रस्‍ताव पर क्‍या कार्यवाही की गई तथा तत्‍संबंध में क्‍या कोई दिशा-निर्देश प्राप्‍त हुए हैं? यदि हाँ, तो बतावें कि किस-किस के द्वारा कब-कब और तत्‍संबंध में प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? कार्यवाहीवार अद्यतन स्थिति से अवगत करावें। (ख) उपरोक्‍त सड़कों के निर्माण कार्य हेतु        कितनी-कितनी बार प्रस्‍ताव कब-कब तैयार किये गये और विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? तब से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त प्रस्‍ताव स्‍वीकृत किये जाने में लापरवाही क्‍यों की जा रही है? क्‍या संज्ञान लेते हुए संबंधितों की जवाबदेही सुनिश्चित कर प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति प्रश्‍न दिनांक तक कर दी जायेगी? यदि हाँ, तो कब? नहीं तो क्‍यों? (ग) 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त सड़कों के निर्माण कार्यों के प्रस्‍ताव स्‍वीकृति के लिए मुख्‍य अभियंता लोक निर्माण, भोपाल को कब-कब प्राप्‍त हुए? दिनांकवार जानकारी देते हुए इन प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति प्रश्‍न दिनांक तक जारी नहीं करने के क्‍या कारण हैं? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में दर्शित लंबी समयावधि के उपरांत क्‍या उपरोक्‍त सड़कों के निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए लंबित प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति प्रश्‍न दिनांक तक जारी कर दी जायेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रस्‍तावों पर कार्यवाही का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) से (घ) विस्‍तृत जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''चार''

पराचौकी-ईशानगर मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

16. ( *क्र. 1889 ) श्री पुष्‍पेन्‍द्र नाथ पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बिजावर अंतर्गत पराचौकी-ईशानगर निर्माणाधीन मार्ग हेतु कितनी राशि स्वीकृत की गई है? उक्त निर्माण कार्य हेतु किस ठेकेदार/एजेंसी को निविदा उपरांत कब कार्यादेश दिया गया? कितनी समयावधि में कार्य पूर्ण होना है? यह कार्य कब प्रारंभ किया गया?             (ख) निविदा आमंत्रण में एवं कार्यादेश जारी करते समय मार्ग निर्माण हेतु क्या-क्या मानदंड व गुणवत्ता के प्रकार निर्धारित किए गये? सूची उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार विभाग द्वारा चाही गई गुणवत्ता आधारित कितना मार्ग निर्माण पूर्ण हुआ है? गुणवत्ता पर आधारित मार्ग निर्माण की विभिन्न सतहों का कुल कितना-कितना कहाँ-कहाँ निर्माण हो चुका है? कितना शेष है? कार्य की पूर्णता पर अभी तक कब-कब कितनी-कितनी राशि का भुगतान हो चुका है? शेष कार्य पूर्ण करने की क्या समयावधि है? यदि समय पर कार्य पूर्ण नहीं होता है तो विभाग क्या दंडात्मक कार्यवाही करेगा? (घ) ठेकेदार या निर्माण एजेंसी द्वारा निर्माण कार्य के विभिन्न स्तरों पर गुणवत्ता में कमी की जा रही है या स्थापित मानदंडों के अनुरूप निर्माण सामग्री का उपयोग नहीं हो रहा है तो इसकी जाँच की शिकायत स्थानीय स्तर पर किस अधिकारी से की जावेगी? क्या दंडात्मक कार्यवाही विभाग इसमें करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है।                                           (ख) अनुबंधानुसार मापदण्‍ड एवं गुणवत्‍ता निर्धारित है। (ग) गुणवत्‍ता आधारित मार्ग निर्माण की पूर्ण जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। जी हाँ, ठेकेदार द्वारा कार्य में समानुपातिक प्रगति न लाने के कारण ठेकेदार का पंजीयन काली सूची में दर्ज किया गया है। (घ) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

नवीन तालाबों/स्‍टापडेम की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

17. ( *क्र. 2442 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजगढ़ विधान सभा क्षेत्र में वर्तमान में कौन-कौन से स्‍थान पर बांध/तालाब निर्माणाधीन हैं? (ख) उक्‍त स्‍टापडेम/तालाब कितनी-कितनी लागत के हैं तथा उनकी क्षमता कितनी है? कब तक पूर्ण हो जायेंगे? (ग) क्‍या मा. मुख्‍यमंत्री जी के राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में प्रवास के दौरान 15 नवीन तालाब/स्‍टापडेम के निर्माण हेतु घोषणा की थी? यदि हाँ, तो बतावें? (घ) उक्‍त तालाब/स्‍टापडेम कब तक स्‍वीकृत किये जावेंगे?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) एवं (घ) मान. मुख्‍यमंत्री कार्यालय से प्राप्‍त 15 परियोजनाओं की सूची में से 03 परियोजनाएं क्रमश: सोहनपुरा तालाब, कुलीपुरा तालाब एवं कोठड़ा बैराज की साध्‍यता रिपोर्ट विभागीय वेबसाइट पर दर्ज होना नहीं पाया गया। शेष 12 परियोजनाओं की जानकारी से मान. सदस्‍य को शासन के पत्र दिनांक 09.10.2017 द्वारा अवगत कराया गया है। पत्र की प्रति संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''छ:''

मार्ग निर्माण की जाँच एवं कार्यवाही

[लोक निर्माण]

18. ( *क्र. 2219 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रमुख सचिव लोक निर्माण द्वारा क्‍या रीवा जिला मुख्‍यालय स्थित रतहरा से चोरहटाह के मध्‍य की पी.टी.एस. चौरहा से धोनिया टंकी के कराये गये कार्यों में त्रुटि पाई गई है? निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति के साथ जानकारी देवें तथा देवास से क्‍योरी मार्ग मनगवां से लालगांव का कार्य क्‍यों बंद है? कब तक कार्य प्रारंभ करा देंगे? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि मार्गों की हालत खराब है तो क्‍या इसकी पुष्टि हुई है? यदि हाँ, तो संविदाकार एवं अधिकारियों पर कौन सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई? कार्यवाही प्रति के साथ जानकारी दें। उक्‍त कार्य कितने लागत के थे? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के संदर्भ में कौन संविदाकार एवं उच्‍च अधिकारी दोषी पाये गये, उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? दोषियों को बचाने के लिए कौन दोषी है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में दोषियों एवं दोषियों को बचाने वालों के विरूद्ध कौन-सी दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेंगे? कब तक लागत राशि की वसूली किस-किस से करेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रति की जानकारी, कार्यवाही क्रमश: पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1, 2, 3, 4, 5, 6 अनुसार है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत फसलों का बीमा

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

19. ( *क्र. 1059 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना अंतर्गत योजना प्रारंभ से प्रश्‍न दिनांक तक पाटन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पाटन एवं मझौली तहसील के कितने कृषकों द्वारा फसल बीमा कराया गया तथा किन-किन फसलों का कितना-कितना प्रीमियम कृषकों से वसूला गया? वर्षवार, फसलवार, पटवारी हल्‍कावार सूची देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में बीमाकृत फसलों पर किन-किन कारणों से कब-कब क‍ृषि उपज प्रभावित हुई तथा नुकसान होने पर कितने कृषकों को कब-कब कितनी बीमा राशि का भुगतान किया गया? वर्षवार, पटवारी हल्‍कावार, लाभांवित कृषक संख्‍या एवं प्रदाय की गई राशि सहित सूची देवें (ग) क्‍या खरीफ फसल 2017 में अल्‍पवर्षा होने के कारण जबलपुर जिले की खरीफ फसलों का उत्‍पादन प्रभावित हुआ तथा कहीं-कहीं पर अवर्षा की स्थिति में कृषकों ने अपनी खरीफ फसलों को सूखने के कारण अलग कर रवि फसल की बुबाई की तैयारी शुरू कर दी है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर में यदि हाँ, तो ऐसी परिस्थितियों में कृषकों को बीमा का भुगतान किन नियमों के तहत किया जावेगा एवं सूखा प्रभावित जबलपुर जिले के कृषकों को बीमा का भुगतान किस प्रकार से कब तक किया जावेगा तथा आगामी रवि फसल की पैदावार लेने हेतु कृषकों को त्‍वरित रूप से किस प्रकार की कौन-कौन सी सहायता प्रदान की जावेगी? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ख) खरीफ 2016 में अतिवृष्टि से दलहनी फसलें कुछ क्षेत्र में प्रभावित हुईं थीं, किन्‍तु उत्‍पादन पर बहुत ज्‍यादा असर नहीं देखा गया। खरीफ वर्ष 2016 में क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान उन पात्र कृषकों को किया गया है, जिनकी अधिसूचित क्षेत्र की अधिसूचित फसल हेतु उपज में कमी पाई गई थी। रबी वर्ष 2016-17 मौसम हेतु क्षतिपूर्ति प्रक्रियाधीन है। खरीफ 2017 हेतु फसल कटाई प्रयोग के आधार पर औसत पैदावार के आंकड़ों की गणना होने पर क्षतिपूर्ति प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है।                                   (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है।

नवीन तालाबों का निर्माण एवं पुराने तालाबों का रख-रखाव

[जल संसाधन]

20. ( *क्र. 1486 ) श्री राजकुमार मेव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महेश्‍वर विधान सभा क्षेत्र की जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह में विभाग के कितने तालाब निर्मित हैं? उनसे कितने किसानों की, कितने हेक्‍टेयर की कृषि भूम‍ि सिचिंत होती है? क्‍या सिंचाई सुविधा में वृद्धि हेतु वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक नवीन तालाबों के निर्माण हेतु प्रस्‍ताव दिये गये? प्रस्‍तावों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? प्रस्‍ताववार जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे। (ख) विभाग द्वारा निर्मित तालाबों के रख-रखाव, नहरों का सुदृढ़ीकरण, नवीन नहरों का निर्माण किये जाने हेतु कोई नियम, प्रावधान है? यदि हाँ, तो कितना बजट प्रावधान प्रतिवर्ष किया जाता है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह में तालाबों के रख-रखाव, सुदृढ़ीकरण एवं नहरों के पुन: निर्माण, नवीन नहरों के निर्माण हेतु वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍ताव दिये गये एवं उन प्रस्‍तावों में विभाग द्वारा कब-कब,                  क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संबंध में क्‍या विभाग द्वारा हाथीदग्‍गड, रूपलाझिरी, धवली, गवला, जामन्‍या, मण्‍डलेश्‍वर, गुजरमोहना एवं आवल्‍या तालाबों की नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं नहरों के निर्माण हेतु लघु सिंचाई योजना के आर.आर.आर. मद में डी.पी.आर. तैयार कराई जाकर विभाग को प्रस्‍तुत की गई है? यदि हाँ, तो यह प्रस्‍ताव जिला स्‍तर से कब-कब प्रस्‍तुत किये गये एवं शासन स्‍तर पर उक्‍त प्रस्‍तावों में स्‍वीकृति हेतु कब-कब, क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? प्रस्‍तावों में कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी, ताकि किसानों को सिंचाई का लाभ प्राप्‍त हो सके?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) महेश्वर विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत महेश्वर में 18 तथा बड़वाह में 13 तालाब निर्मित हैं। इन तालाबों से 3,685 किसानों की 7,662 हेक्टर कृषि भूमि सिंचित होती है। विस्तृत विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। वर्ष 2015-2016 से प्रश्न दिनांक तक दोनों ही जनपद पंचायतों में नवीन तालाबों से संबंधित कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है। (ख) निर्मित तालाबों के रखरखाव, नहरों का सुदृढ़ीकरण तथा नवीन नहरों का निर्माण कराना एक सतत प्रक्रिया है। तालाब एवं नहर के रखरखाव वार्षिक मरम्‍मत मद अंतर्गत तथा नहरों के सुदृढ़ीकरण का कार्य भारत सरकार द्वारा जारी गाईड-लाईन के अंतर्गत आर.आर.आर. मद में किया जाता है। निर्देश/गाईड-लाईन की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। वित्‍तीय वर्ष 2017-18 में परियोजनाओं के रख-रखाव हेतु रू. 50 करोड़, आर.आर.आर. मद में रू. 110 करोड़ तथा लघु सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिये रू. 996 करोड़ का बजट प्रावधान है। नहर निर्माण हेतु अलग से बजट प्रावधान नहीं रखा जाता है। (ग) एवं (घ) तालाबों/नहरों के रखरखाव, सुदृढ़ीकरण के प्रस्तावों की सूची एवं विभाग द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2/3/4'' अनुसार है। डीपीआर अंतिम नहीं होने से स्‍वीकृति की स्थिति नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

इन्‍दौर, इच्‍छापुर सड़क मार्ग का नवीनीकरण

[लोक निर्माण]

21. ( *क्र. 2155 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर-इच्‍छापुर राज्‍यमार्ग पर टोल टैक्‍स वसूला जाना कब से बंद किया गया है? क्‍या संबंधित फर्म के अनुबंध में अनुबंध समाप्ति दिनांक के पूर्व उनके द्वारा संपूर्ण सड़क को सही हालत में हैंडओवर किया जाना शामिल था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या अनुबंध की उक्‍त शर्तों का पालन विभाग द्वारा संबंधित फर्म से करवाया गया है? यदि हाँ, तो अनुबंध समाप्‍त होने के 01 माह बाद ही विभाग की सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे एवं सड़कें खराब कैसे हुईं? (ग) क्‍या अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने पर संबंधित फर्म की राशि राजसात की गई? यदि हाँ, तो कितनी एवं नहीं तो क्‍यों? क्‍योंकि गड्ढों से बचने के लिए वाहन गलत साईड जा रहे हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रहीं हैं?                         (घ) इन्‍दौर-इच्‍छापुर मार्ग की बदहाली के लिए कौन जिम्‍मेदार है? इस संपूर्ण मार्ग का नवीनीकरण कब एवं किस विभाग द्वारा किया जाएगा? (ड.) क्‍या व्‍यापक जनहित में इस मार्ग पर यात्री परिवहन को छोड़कर केवल व्‍यवसायिक वाहनों/परिवहन से ही पथकर वसूलने की नीति अपनाई जाएगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) इंदौर-इच्छापुर राजमार्ग पर दिनांक 18/02/2017 से टोल टैक्स वसूला जाना बंद किया गया है। जी हाँ। (ख) जी हाँ। कंसेशन अवधि में अनुबंध अनुसार मार्ग का पेच रिपेयर कार्य/नवीनीकरण कार्य निवेशकर्ता कंपनी को निरंतर किया जाना है, ताकि यातायात सुगमतापूर्वक संचालित हो सके। उक्तानुसार निवेशकर्ता कंपनी द्वारा मार्ग का संधारण कार्य किया गया था। यह सही नहीं है कि अनुबंध समाप्ति के 01 माह बाद सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गये। अनुबंध समाप्ति के पश्चात् यातायात का दबाव अधिक बढ़ जाने एवं वर्षा ऋतु में मार्ग पर गड्ढे हो गये थे। (ग) जी नहीं। निवेशकर्ता द्वारा अनुबंधित शर्तों का पालन किया गया।        इंदौर-एडलाबाद 2 लेन मार्ग पर टोल बंद होने से यातायात में बढ़ोत्तरी होने एवं वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों की अवहेलना करने के कारण दुर्घटना होती है। (घ) कोई जिम्मेदार नहीं है।       इंदौर-इच्छापुर संपूर्ण मार्ग का नवीनीकरण म.प्र.स.वि.नि. द्वारा करवाया जायेगा। उक्त कार्य के लि‍ये निविदा प्रक्रिया पूर्ण होकर अनुबंध स्तर पर प्रगतिशील है। (ड.) अभी कुछ बताया जाना संभव नहीं है।

बड़नगर विधानसभा क्षेत्र की स्वीकृत सड़कों का निर्माण

[लोक निर्माण]

22. ( *क्र. 2630 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2012-13 पूरक बजट में स्वीकृत व गलत नाम से अंकित मार्ग पिरसापास से राजामया व्हाया अमोदिया गुणावद मार्ग जिसका सही नाम पलदुना से गुणावद व्हाया पीरझलार, असावता, फतेहपुर गुणावद मार्ग लंबाई 15.85 कि.मी. है। उक्त मार्ग का नाम सुधार कर आज दिनांक तक स्वीकृत क्यों नहीं हुआ? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा इस सड़क के संबंध में विगत 4 वर्ष में कितने पत्राचार किस-किस को किए गये? उन पत्रों को संज्ञान में लेकर क्या क्या कार्यवाही की गई?                         (ग) क्या उक्त सड़क को अनुपूरक बजट में सम्मिलित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। वर्ष 2012-13 के बजट में सरल क्र. 38 उज्‍जैन पर पिरसापास से राजायपा व्‍हाया अमोदिया गुणावद मार्ग लंबाई 13.70 कि.मी. व लागत रू. 340.78 लाख का नाम अंकित था। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। सक्षम वित्‍तीय समिति द्वारा अनुमोदन होने के उपरान्‍त अग्रिम कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा ।

परिशिष्ट - ''सात''

गुणवत्‍ताहीन निर्माण पर कार्यवाही

[लोक निर्माण]

23. ( *क्र. 2871 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग अंतर्गत महिदपुर से जैथल व्‍हाया नारायणा पानबिहार मार्ग निर्माण अत्‍यंत घटिया व गुणवत्‍ताहीन होने के बावजूद अभी तक इस पर कोई कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? (ख) स्‍वतंत्र कंसल्‍टेंसी द्वारा प्रस्‍तुत रिपोर्ट की छायाप्रति दें? (ग) इसकी कब तक जाँच कराई जाएगी? इसका निरीक्षण करने वाले अधिकारियों द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया? प्रत्‍येक निरीक्षण रिपोर्ट की छायाप्रति देवें? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार ध्‍यान न देने वाले अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत महिदपुर से जैथल व्‍हाया नारायणा पानबिहार मार्ग का निर्माण सुपरविजन क्‍वालिटी कंसलटेंट की निरंतर देखरेख में गुणवत्‍ता युक्‍त किया जा रहा है। कार्य मानक स्‍तर का होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) सुपरविजन क्‍वालिटी कन्‍सलटेंट द्वारा गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के लिये निरंतर किये जा रहे परीक्षण परिणाम की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) कार्य की नियमित जाँच की जाती है। म.प्र. सड़क विकास निगम के अधिकारियों द्वारा समय समय पर किए गए निरीक्षण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) कार्य मानक स्‍तर का कराया जा रहा है एवं अधिकारियों द्वारा निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

भावांतर योजना का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( *क्र. 2735 ) श्री जितू पटवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भावांतर योजना में जिलेवार पंजीकरण की फसल अनुसार संख्‍या बतावें। यह कुल राज्‍य का कितना प्रतिशत है? फसलों का समर्थन मूल्‍य बतावें। कृषकों को उनकी फसल की मंडी में विक्रय के मूल्‍य को भावांतर योजना में किस प्रकार समायोजित किया जायेगा? (ख) उत्‍तर दिनांक तक जिलेवार प्रश्‍नांश (क) में पंजीकृत कृषकों की संख्‍या बतावें जिन्‍होंने अपनी फसल का विक्रय किया तथा योजना के अंतर्गत बिक्रीत फसलों की जिलेवार मात्रा बतावें तथा प्रत्‍येक बिक्रीत फसल के न्‍यूनतम तथा अधिकतम मूल्‍य बतावें। प्‍याज में घोटाले को देखते हुये बतावें कि भावांतर योजना में किस प्रकार के घोटाले संभावित हैं तथा उसे रोकने की क्‍या नीति है? (ग) उत्‍तर दिनांक तक भावांतर योजना में भुगतान की गई राशि का फसल अनुसार तथा प्राप्‍तकर्ता कृषक की संख्‍या सहित जानकारी दें तथा लगभग कितनी राशि का भुगतान शेष है? (घ) भावांतर योजना लागू करते समय क्‍या इस बिन्‍दु पर चिंतन हुआ कि किस-किस फसल में कितनी कितनी राशि का भुगतान संभावित है तथा कुल कितना भुगतान संभावित है? यदि नहीं, तो क्‍यों? योजना लागू करने संबंधी केबिनेट में प्रस्‍तुत तथा केबिनेट द्वारा स्‍वीकृ‍त प्रति समस्‍त संलग्‍न दस्‍तावेज सहित देवें।                       (ड.) भावांतर योजना की जिलेवार सफल संचालन की जिम्‍मेदारी किस अधिकारी की है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रश्नागत जानकारी दिनांक 22.11.2017 की स्थिति में पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। भावांतर भुगतान योजना में शामिल फसलों के प्रति क्विं. समर्थन मूल्य निम्नानुसार है :- (1.) सोयाबीन - रू. 3050/- (2.) मक्का - रू. 1425/- (3.) मूंगफली - रू. 4450/- (4.) मूंग - रू. 5575/- (5.) उड़द - रू. 5400/- (6.) तिल - रू. 5300/- (7.) रामतिल - रू. 4050 (8.) तुअर-रू. 5450/- योजना अन्तर्गत निर्धारित शर्तों के अध्यधीन पंजीकृत किसान द्वारा बेची गयी फसल की विक्रय दर समर्थन मूल्य से कम किन्तु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल (Wholesale) विक्रय दर से अधिक हुई तो समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अन्तर की राशि भावांतर के रूप में भुगतान योग्य होगी। पंजीकृत किसान द्वारा बेची गई फसल की विक्रय दर राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल (Wholesale) विक्रय दर से कम हुई तो समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अन्तर की राशि का लाभ भावांतर के रूप में देय होगा, परन्तु किसी उत्पाद के मॉडल (Wholesale) विक्रय दर औसत (तीन राज्यों का) यदि न्यूनतम समर्थन मूल्य से उपर रहे तो उक्त फसल उत्पाद के लिये भावांतर भुगतान योजना लागू नहीं मानी जाएगी। यदि किसान द्वारा विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक या उसके बराबर हुई तो योजना का लाभ देय नहीं होगा। (ख) शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) दिनांक 16 से 31 अक्टूबर 2017 तक विक्रय करने वाले पंजीकृत किसानों को भावांतर की राशि भुगतान करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जानकारी एकत्रित की जा रही है। (घ) जी हाँ। विधिवत विचारोपरांत योजना लागू की गई। (ड.) जिला कलेक्टर के नेतृत्व में संबंधित जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों की भावांतर भुगतान योजना के संचालन की जिम्मेदारी है।

अतिवृष्टि से सिंचाई तालाबों को नुकसान

[जल संसाधन]

25. ( *क्र. 2073 ) श्री मुकेश नायक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विगत 10 वर्षों में पन्‍ना जिले में अतिवृष्टि के कारण सिंचाई विभाग द्वारा बनाये गये कितने तालाब फूट गये/नष्‍ट हो गये? सूचीवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या अतिवृष्टि के कारण गुणवत्‍ता ठीक न होने के कारण कई बांधों में सिंचाई विभाग द्वारा कट लगाकर फोड़े गये/नष्‍ट किये गये हैं? तालाबवार जानकारी उपलब्ध करावें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) अतिवृष्टि के कारण तीन तालाबों में सुरक्षा की दृष्टि से कट लगाकर पानी निकाला जाना प्रतिवेदित है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - ''आठ''

 

 

 





 


भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


लेबड़-नयागांव फोर-लेन सड़क पर विद्युत व्यवस्था

[लोक निर्माण]

1. ( क्र. 3 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विषयान्तर्गत लेबड़ नयागांव फोर-लेन सड़क पर वर्तमान में, अनुबन्ध के अनुसार, कहाँ-कहाँ विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है एवं कहाँ नहीं? फोर-लेन पर प्रकाश व्यवस्था बंद रहने के क्या कारण हैं? (ख) अनुबन्ध अनुसार जिन स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था की जानी थी वहाँ के जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक विद्युत बिलों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराए? अनुबंध अनुसार सम्पूर्ण फोर-लेन पर कितने वृक्ष लगाने का लक्ष्य टोल कंपनी को दिया गया था वर्तमान में कितने वृक्ष हैं? वृक्षों का भौतिक सत्यापन किस-किस अधिकारी ने कब-कब किय? अनुबंध अनुसार टोल कम्पनी द्वारा गत 5 वर्ष में पौधे नहीं लगाने पर विभाग द्वारा कम्पनी के खिलाफ क्या-क्या एवं किस-किस तरह की कार्यवाही की गई? (ग) बढ़ती दुर्घटनाओं के चलते फोर-लेन पर विभाग एवं निर्माण कम्पनी कहाँ-कहाँ हाईमास्ट एवं प्रकाश व्यवस्था की जरूरत महसूस कर रहा है? इस सम्बन्ध में किन-किन जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने कहाँ-कहाँ के लिए प्रकाश व्यवस्था की मांग की है? उस पर विभाग एवं कन्सेशनर (सड़क निर्माण कंपनी) ने क्या-क्या कार्यवाही की? (घ) लेबड़-नयागाँव फोर-लेन पर स्थित विभिन्न टोल पर 1 जनवरी 2016 के पश्चात प्रतिदिन प्रति टोल कितनी राशि टोल के रूप में प्राप्त हुई, उक्त टोल बूथों के समीप कितने किलोमीटर के गाँव को टोल से मुक्त रखा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) लेबड़-जावरा फोर-लेन सड़क पर वर्तमान में अनुबन्ध के अनुसार विद्युत व्यवस्था की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जावरा-नयागाँव फोर-लेन सड़क पर वर्तमान में अनुबन्ध के अनुसार विद्युत व्यवस्था की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है, प्रकाश व्यवस्था बंद रहने का कारण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट में वर्णित है। (ख) लेबड़-जावरा फोर-लेन के निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा प्राप्त                      मई-2015 से प्रश्‍न दिनांक तक विद्युत बिलों की प्रतिलिपि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। जावरा-नयागाँव फोर-लेन के निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा                       जनवरी-2015 से प्रश्न दिनांक तक विद्युत बिलों की प्रतिलिपि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। अनुबन्धानुसार लेबड़-जावरा मार्ग पर कुल 6744 वृक्ष काटे गये थे। संबंधित कलेक्टरों से प्राप्त अनुमति अनुसार काटे गये वृक्षों की तुलना में 50094 पौधे लगाये जाना थे। वर्तमान में निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार 76000 वृक्ष है। वृक्षों का भौतिक सत्यापन माह नवम्बर 2016 में श्री जी.पी. वर्मा, पी.आर.ओ. वन विकास निगम, खण्डवा की उपस्थिति में घटित टीम द्वारा सत्यापन किया गया, जिसमें कुल 54804 पौधे जीवित पाये गये। अनुबन्धानुसार जावरा-नयागाँव मार्ग पर कुल 8804 वृक्ष काटे गये थे। संबंधित कलेक्टरों से प्राप्त अनुमति अनुसार काटे गये वृक्षों की तुलना में कुल 88040 पौधे लगाये जाना थे। वर्तमान में निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार 78580 वृक्ष है। वृक्षों का भौतिक सत्यापन वनमण्डलाधिकारी, जिला-रतलाम के पत्र क्र. राजस्व/2013/1810 रतलाम, दिनांक 17.04.2013 से प्रस्तुत किया गया, जिसमें रतलाम जिले में कुल 13555 पौधे जीवित पाये गये। वनमण्डलाधिकारी रतलाम के पत्र क्र. व्यय/2017/1108 रतलाम, दिनांक 11.04.2017 से सत्यापन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें कुल 14339 पौधे जीवित पाये गये। वनमण्डलाधिकारी मन्दसौर के पत्र क्र. राजस्व/2016/4383 मन्दसौर, दिनांक 16.08.2016 से सत्यापन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें मन्दसौर जिले में कुल 65817 पौधे जीवित पाये गये। वनमण्डलाधिकारी सामान्य वनमण्डल नीमच के पत्र क्र. राजस्व/2016/1637 नीमच, दिनांक 31.03.2016 से सत्यापन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें नीमच जिले में कुल 20951 पौधे जीवित पाये गये। निवेशकर्ता कम्पनी द्वारा संबंधित कलेक्टरों से प्राप्त अनुमति अनुसार वृक्ष लगाये गये है, कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) अनुबन्धानुसार फोर-लेन पर प्रकाश व्यवस्था हेतु हाईमास्ट लगवाये गये है। जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा प्रकाश व्यवस्था की मांग एवं विभाग तथा कन्सशेनायर द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। (घ) लेबड़-जावरा फोर-लेन पर स्थित विभिन्न टोल पर 1 जनवरी-2016 के पश्चात् प्रतिदिन प्रति टोल राशि टोल के रूप में प्राप्त की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है। जावरा-नयागाँव फोर-लेन पर स्थित विभिन्न टोल पर 1 जनवरी-2016 के पश्चात् प्रतिदिन प्रति टोल राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार है। अनुबन्धानुसार उक्त टोल बूथों के समीप के गाँवों को टोल मुक्त नहीं रखा गया है।

दाल खरीदी में अनियमितता

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

2. ( क्र. 53 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा नरसिंहपुर जिले में वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में तुअर, मूंग, उड़द एवं अन्‍य किस्‍म की कितनी-कितनी मात्रा में दालें किस-किस दर पर क्रय की गई वर्षवार जानकारी दी जाए। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित वर्षों में नरसिंहपुर जिले में दाल खरीदी में कितनी-कितनी धनराशि व्‍यय की गई वर्षवार जानकारी दी जाएं। (ग) क्‍या नरसिंहपुर जिले में प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित वर्षों में दाल खरीदी में अनियमितता की शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो शासन द्वारा क्‍या इसकी जाँच करवाई गई है? जाँच में किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दोषी पाया गया एवं उनके विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? पृथक-पृथक बताया जाए।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) शासन द्वारा नरसिंहपुर जिले में वर्ष                             2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में अरहर, मूंग, उड़द एवं अन्‍य किस्‍म की दालें नहीं खरीदी गई अपितु दलहन उपज की खरीदी जिसमें पैक्‍स एवं विपणन संस्‍थाओं ने विपणन संघ, नेफेड एवं एफ.सी.आई. के लिये खरीदी की है, जिसकी सम्मिलित कुल वर्षवार मात्रा एवं दर की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र 01 अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित वर्षों में नरसिंहपुर जिल में दाल खरीदी नहीं हुई अपितु खरीदी गई दलहन उपज की खरीदी राशि पर व्‍यय की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ग) जी हाँ, नरसिंहपुर जिले में दाल खरीदी नहीं हुई अपितु खरीदी गई दलहन उपज में शासन स्‍तर पर प्राप्‍त शिकायतो के आधार पर श्री विवेक पोरवाल, आई.ए.एस. की अध्‍यक्षता में कमेटी गठित कर जाँच करवाई गई। जिसमें आयुक्‍त सहकारिता के आदेश क्रमांक/2773 दिनांक 14.09.2017 से श्री अमित ठाकुर सहकारी निरीक्षक एवं आदेश क्रमांक/2774 दिनांक 14.09.2017 से श्री चंद्रशेखर पटेल सहकारी निरीक्षक, जिसमें सहकारिता विभाग अंतर्गत विपणन संघ द्वारा जिला विपणन अधिकारी नरसिंहपुर, विपणन सहकारी संस्‍था चावरपाठा (खुलरी) द्वारा संस्‍था प्रबंधक श्री धनंजय पटेल एवं विक्रेता श्री अभिषेक पटेल को दोषी पाया गया। उक्‍त सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित किया गया है एवं आयुक्‍त खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण म.प्र. द्वारा श्री अशोक कुमार सत्‍यार्थी सहायक आपूर्ति अधिकारी नरसिंहपुर को निलंबित किया गया।

परिशिष्ट - ''नौ''

प्‍याज खरीदी में अनियमितता

[सहकारिता]

3. ( क्र. 58 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2017 में किन-किन जिलों में किसानों से कितनी-कितनी मात्रा में प्‍याज शासन द्वारा किस दर पर क्रय की गई एवं प्‍याज खरीदी में कितनी धनराशि व्‍यय की गई? जिलेवार विवरण दिया जाये। (ख) प्रदेश के किन-किन जिलों में किसानों से क्रय की गई प्‍याज की                            कितनी-कितनी मात्रा में नीलामी किस-किस दर पर की गई एवं इससे शासन को कितनी-कितनी धनराशि प्राप्‍त हुई? (ग) किसानों से क्रय की गई प्‍याज कितनी-कितनी मात्रा में खराब हुई                                 पृथक-पृथक जिलेवार जानकारी दी जाए? इससे शासन को कितनी-क्षति हुई? (घ) क्‍या प्‍याज खरीदी एवं नीलामी में अनियमितता की शिकायतें पाई गई हैं? यदि हाँ, तो शासन द्वारा क्‍या इस‍की जाँच करवाई गई है? जाँच में किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दोषी पाया गया एवं उनके विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? पृथक-पृथक बताया जाए। (ड.) आगामी वर्षों में इस प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए राज्‍य शासन द्वारा क्‍या कार्ययोजना बनाई गई है?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) विपणन संघ द्वारा वर्ष 2017 में 23 जिलों में कृषकों से प्रति क्विंटल रू. 800.00 की दर से कुल 87,32,771.76 क्विंटल राशि रू. 69,862.18 लाख की प्‍याज खरीदी की गई, जिसमें देवास जिले की विवादित मात्रा 2568.07 क्विंटल सम्मिलित नहीं है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) आंकड़ों का अंतिमीकरण किया जा रहा है, उसके उपरांत ही स्थिति स्‍पष्‍ट हो सकेगी। (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है, प्‍याज उपार्जन कार्य के दौरान लापरवाही बरतने के कारण एम.पी. स्‍टेट सिविल सप्‍लाईज कार्पोरेशन द्वारा दोषी पाये अधिकारियों एवं उनके विरूद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ड.) यथासमय यथोचित निर्णय शासन द्वारा लिया जा सकेगा।

इंदौर इच्छापुर मार्ग की स्वीकृति

[लोक निर्माण]

4. ( क्र. 166 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इंदौर इच्छापुर मार्ग को बी.ओ.टी. में दिया गया था? क्या यह भी सही है कि मार्ग की बी.ओ.टी.की अवधि 18 फरवरी 17 को समाप्त हो गई है? उक्त अवधि समाप्त होने के बाद इस मार्ग का रख-रखाव किसके द्वारा किया जावेगा? क्या टोल बंद होने के बाद इस मार्ग पर परिवहन में वृद्धि हुई है एवं भारी वाहनों की संख्या बड़ी है? (ख) यदि हाँ, तो क्या मार्ग भी खराब हुआ हैं? टोल अवधि बाद इस मार्ग के रख-रखाव पर विभाग द्वारा कितनी राशि व्यय की गई है? जब तक फोर-लेन मार्ग का निर्माण नहीं होता है तो इस मार्ग के रख-रखाव में चालू वित्त वर्ष में व्यय हेतु क्या प्रावधान किया गया है? (ग) क्‍या यह सही है कि यह मार्ग सम्पूर्ण दक्षिण राज्य को जोड़ने वाला मार्ग है? यदि हाँ, तो इस मार्ग को रख-रखाव शीघ्र कराये जाने के सम्बन्ध में सरकार क्या कर रही है? क्या शासन द्वारा केंद्रीय सरकार को फोर-लेन का (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट ) प्रस्ताव प्रेषित किया गया है यदि हाँ, तो कितनी राशि का भेजा है तथा स्वीकृति के सम्बन्ध में अभी तक क्या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। उक्‍त अवधि समाप्‍त होने के बाद इस मार्ग का रख-रखाव मध्‍यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। जी हाँ। जी हाँ। (ख) जी हाँ। टोल अवधि बाद इस मार्ग के पेच रिपेयर पर अभी तक कोई राशि व्‍यय नहीं की गई है। जब तक फोर-लेन मार्ग का निर्माण नहीं होता है, उक्‍त स्थिति में मार्ग के रख-रखाव हेतु चालू वित्‍तीय वर्ष में रू. 79.27 लाख का संधारण मद में प्रावधान किया गया है एवं मार्ग नवीनीकरण हेतु रू. 45.03 करोड़ का प्रावधान है। (ग) जी हाँ। मार्ग मरम्‍मत के साथ मार्ग नवीनीकरण शीघ्र किये जाने की योजना है। जी नहीं। भूतल परिवहन एवं हाईवे मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्‍ली के पत्र दिनांक 07.06.2016 के द्वारा एन.एच.-6 एदलाबाद के पास महाराष्‍ट्र-बुरहानपुर-बोरगांव-छेगांव माखन-देशगांव-बडवाह-इन्‍दौर-उज्‍जैन-आगर एवं झालावाड़ एन.एच. 12 राजस्‍थान कुल लंबाई 376 कि.मी. को नवीन राष्‍ट्रीय राजमार्ग घोषित किये जाने हेतु सैद्धांतिक स्‍वीकृति दी गई है एवं एन.एच.ए.आई. इन्‍दौर द्वारा डी.पी.आर. तैयार की जा रही है। शेष इस विभाग से संबंधित नहीं है।

नवीन मार्गों की स्वीकृति

[लोक निर्माण]

5. ( क्र. 168 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग अंतर्गत बड़वाहा विधान सभा क्षेत्र में कितने मार्ग हैं? इन मार्गों की सूची दी जावें। प्रश्नकर्ता द्वारा इन मार्गों की स्वीकृति के सम्बन्ध में जनवरी,14 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग प्रमुख अथवा विभाग में कब कब प्रस्ताव दिए एवं विभाग द्वारा इन प्रस्तावों पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्रश्नकर्ता द्वारा जयंति माता पहुँच मार्ग के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण मार्गों के प्रस्ताव दिए हैं? यदि हाँ, तो जयंति माता पहुँच मार्ग जो की आस्था का केंद्र होने से तथा जनता की परेशानी को देखते हुए इस सड़क मार्ग की स्वीकृति कब तक जारी हो जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र '' 'अ-1' एवं '' अनुसार है। (ख) जी हाँ। सीमित वित्‍तीय संसाधन होने एवं प्राथमिकता के आधार पर स्‍वीकृति की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

खरीफ फसल के बीमा क्लेम का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

6. ( क्र. 205 ) श्री हरवंश राठौर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की खरीफ 2017-18 के लिए बण्‍डा तहसीलों विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत आने वाली तहसीलों में कितने कृषकों को बीमा क्लेम मिला है एवं कितने शेष हैं। साथ ही कितने दावा आंकलन प्रक्रियाधीन हैं? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) अन्तर्गत अधिकांश पटवारी हल्‍कों के कृषकों के क्लेम प्रकरण सोसायटियों द्वारा समय-सीमा में बैंकों में प्रस्तुत न करने के कारण प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से लाभ नहीं मिला? (ग) निर्धारित समय पर बीमा क्लेम न देने एवं प्रकरण तैयार कर प्रस्तुत न करने वाले सोसायटियों/अधिकारियों पर शासन कब तक कार्यवाही करेगा तथा जाँच उपरांत क्‍या पुन: भुगतान की कार्यवाही करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) खरीफ 2017 हेतु फसल कटाई प्रयोग के आधार पर औसत पैदावार के आंकड़ों की गणना होने पर क्षतिपूर्ति प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी।                               (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

लेबड़-नयागांव फोर-लेन पर लगाए पौधों के आंकलन में अनियमितता

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 208 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लेबड़-नयागांव फोर-लेन पर काटे गए पेड़ों के ऐवज में कितने पौधे, किस-किस किस्म के कितने-कितने वृक्ष लगाने का अनुबंध किया गया था? गत 1 अप्रैल 2016 से उक्त फोर-लेन पर किस-किस टोल पर कितनी राशि प्रतिदिन एकत्रित की गई? (ख) टोल प्रारम्भ से प्रतिवर्ष कितने पौधे अनुबन्ध अनुसार कहाँ-कहाँ लगाए गए, प्रति किलोमीटर अलग-अलग किस्मों के पौधों के नाम, उनकी ऊंचाई सहित जानकारी देवें? (ग) अनुबन्ध से ज्यादा पौधे लगाने को लेकर टोल के अनुबन्ध को कितने वर्षों के लिए किस-किस नियम के तहत टोल अनुबन्ध बढ़ाया गया? नियमों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराए? (घ) क्या लाखों पौधों को लगाने का दावा करने वाली फोर-लेन निर्माण कंपनी के धरातल पर 1000 पेड़ भी गत 8 वर्ष में नहीं हैं जबकि लाखों पेड़ लगाने के नाम पर टोल 5 वर्षों के लिए बढ़ाया गया? उक्त फोर-लेन पर 1 जनवरी 2013 के पश्चात किस-किस सक्षम अधिकारी ने पौधों का निरीक्षण कर क्या रिपोर्ट प्रस्तुत की? निरीक्षण अधिकारी के नाम,निरीक्षण दिनांक सहित रिपोर्ट से अवगत कराएं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) लेबड़-जावरा मार्ग पर कुल 6744 वृक्ष काटे गये थे। संबंधित कलेक्टरों से प्राप्त अनुमति अनुसार काटे गये वृक्षों की तुलना में 50094 पौधे लगाये जाना थे। जावरा-नयागांव मार्ग पर कुल 8804 वृक्ष काटे गये थे। संबंधित कलेक्टरों से प्राप्त अनुमति अनुसार काटे गये वृक्षों की तुलना में कुल 88040 पौधे लगाये जाना थे। पौधों के किस्म के संबंध में अनुबन्ध/आदेश में कोई उल्लेख नहीं था। लेबड़-जावरा फोर-लेन पर प्राप्त राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। जावरा-नयागाँव फोर-लेन पर प्राप्त राशि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। (ख) लेबड़-जावरा फोर-लेन पर टोल प्रारम्भ से प्रतिवर्ष लगाये गये पौधेकिस्म एवं ऊंचाई की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अनुसार है। जावरा-नयागाँव फोर-लेन पर टोल प्रारम्भ से प्रतिवर्ष लगाये गये पौधे, किस्म एवं ऊंचाई की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है। (ग) अनुबन्ध से ज्यादा पौधे लगाने को लेकर टोल के अनुबन्ध को बढ़ाया जाने का कोई प्रावधान नहीं है, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। पेड़ लगाने के नाम पर टोल 5 वर्षों के लिये नहीं बढ़ाया गया है। जी हाँ। उक्त फोर-लेन पर 1 जनवरी 2013 के पश्चात लेबड़-जावरा फोर-लेन पर पौधारोपण का सत्यापन वन विकास निगम द्वारा निवेशकर्ता कम्पनी से अनुबन्ध किया जाकर मार्ग पर पौधे लगाये गये श्री जी.पी. वर्मा, पी.आर.ओ. वन विकास निगम, खण्डवा की उपस्थिति में घटित टीम द्वारा सत्यापन किया गया, जिसमें कुल 54804 पौधे जीवित पाये गये, जिसकी सत्यापन रिपोर्ट की प्रति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार है। जावरा-नयागाँव फोर-लेन मार्ग पर पौधारोपण का सत्यापन प्रतिवेदन वनमण्डलाधिकारी, जिला-रतलाम के पत्र क्र. राजस्व/ 2013/1810 रतलाम, दिनांक 17.04.2013 से प्रस्तुत किया गया, जिसमें रतलाम जिले में कुल 13555 पौधे जीवित पाये गये। वनमण्डलाधिकारी रतलाम के पत्र क्र. व्यय/2017/1108 रतलाम, दिनांक 11.04.2017 से सत्यापन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें कुल 14339 पौधे जीवित पाये गये। वनमण्डलाधिकारी मन्दसौर के पत्र क्र. राजस्व/2016/4383 मन्दसौर, दिनांक 16.08.2016 से सत्यापन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें मन्दसौर जिले में कुल 65817 पौधे जीवित पाये गये। वनमण्डलाधिकारी सामान्य वनमण्डल नीमच के पत्र क्र. राजस्व/2016/1637 नीमच, दिनांक 31.03.2016 से सत्यापन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें नीमच जिले में कुल 20951 पौधे जीवित पाये गये, जिसकी सत्यापन रिपोर्ट की प्रतियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार है।

मार्ग निर्माण की स्वीकृति

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 246 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                               (क) क्‍या मा. मुख्यमंत्री जी ने दिनांक 10-8-2016 की जिला कटनी के वि.खं. ढीमरखेड़ा से सिलौंडी की जनदर्शन यात्रा में कछारगांव (बड़ा) में कटनी एवं जबलपुर जिला के सीमावर्ती सहजपुरी से हिरननदी तक मार्ग निर्माण की घोषणा की है? (ख) क्‍या विभागीय कार्यपालन यंत्री, संभाग क्र.2 जबलपुर ने प्रमुख सचिव के पत्र दिनांक 11-4-2016 पर किसी लागत का प्राक्कलन प्रमुख अभियन्ता एवं मुख्यमंत्री निवास के पत्र सहित किन्हीं अधिकारियों के किन्हीं दस्‍तावेजों सहित कोई प्रस्ताव प्रस्तुत किया है? (ग) क्‍या विभागीय प्रमुख अभियन्ता ने अपने पत्र दिनांक 06-06-2017 द्वारा किन्हीं को किन्हीं संदर्भ में संबोधित तथा संसूचित किये जाने एवं प्रश्नकर्त्ता द्वारा पत्र दिनांक 09-06-2017 को कलेक्‍टर व कार्यपालन यंत्री कटनी को लेख किये जाने पर प्रश्नांश (क) घोषणा को पोर्टल पर दर्ज कर संसूचित कर दिया गया है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) की कार्यवाही कब तक निष्पादित कर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विभागीय पोर्टल पर घोषणा अंकित नहीं है। (ख) जी हाँ। (ग) जी नहीं, प्रश्‍नांश () के उत्‍तर अनुसार। (घ) प्रश्‍नांश () के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

फसल बीमा योजना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

9. ( क्र. 252 ) श्री मोती कश्यप : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन की फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसी बीमा कम्पनी के द्वारा वर्ष 2015 से 2017 की अवधि में जिला कटनी के किन तहसीलों के किन पटवारी हल्‍कों के कितने कृषकों की किन फसलों का बीमा कराया गया है और उन्‍हें कब कितनी बीमा राशि वितरित की गई है? (ख) क्या प्रश्नकर्त्ता द्वारा कलेक्‍टर कटनी से फसल सर्वेक्षण हेतु चर्चा किये जाने एवं दिनांक 16-10-2017 को कटनी में आयोजित भावान्तर भुगतान के कार्यक्रम के दौरान किन्हीं संस्था द्वारा सूखाराहत एवं फसल के सर्वे हेतु कोई अभ्यावेदन कलेक्टर कटनी को प्रस्तुत किया है? (ग) क्या वर्ष 2017 में प्रश्नांश (क) तहसीलों में 16 जून से 15 अगस्त की मानसून अवधि में खण्ड‍, अनियमित व औसत से कम वर्षा होने से फसलों के प्रभावित होने पर प्रश्नकर्ता द्वारा 2 बार कलेक्टर कटनी से चर्चा करने पर कभी कोई सर्वे कराया गया है? (घ) क्या कलेक्‍टर कटनी ने दिनांक 27-10-2017 को प्रश्नांश (क) क्षेत्र के किन्हीं ग्रामों का सर्वेक्षण किया है और प्रत्येक ग्रामों का सर्वे कराया है?                        (ड.) फसल बीमा धारकों को बीमा का भुगतान कब तक करा दिया जावेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ वर्ष 2015 से 2017 तक की अवधि में एग्रीकल्‍चर इंश्‍यारेंस ऑफ इंडिया लि. द्वारा कटनी जिले के तहसीलवार, पटवारी हल्‍कावार एवं फसलवार किये गये बीमे एवं भुगतान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-02 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-03 अनुसार है।                              (घ) कलेक्‍टर कटनी द्वारा दिनांक 27.10.2017 को कृषि एवं राजस्‍व विभाग के अधिकारियों के साथ ग्राम खमतरा, जिर्री, अतरिया एवं खम्‍हरिया के विभिन्‍न कृषकों के खेतों में पहुंच कर फसल देखी। कृषि एवं राजस्‍व विभाग द्वारा प्राप्‍त अल्‍पवर्षा के कारण फसल क्षति का संयुक्त सर्वे प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किया गया। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-04 अनुसार है।                              (ड.) खरीफ 2017 हेतु फसल कटाई प्रयोग के आधार पर औसत पैदावार के आंकड़ों की गणना होने पर क्षतिपूर्ति प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी।

कुण्डालिया डेम के डूब प्रभावित ग्रामवासियों को मुआवजा राशि की जानकारी

[जल संसाधन]

10. ( क्र. 314 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे किक) जिला राजगढ़ के निर्माणाधीन कुण्डालियां वृहद सिंचाई परियोजना में सारंगपुर तहसील के डूब में आने वाले ग्रामों के नाम तथा उनकों कितना मुआवजा राशि किस मान से दिया गया है? (ख) क्या डूब में आने वाले ग्राम शामगीघाटा एवं कालापीपल को आंशिक डूब क्षेत्र प्रभावित बताकर मुआवजा हेतु चिन्हित किया गया एवं शेष ग्राम को डूब क्षेत्र से अप्रभावित बताया जाकर किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं की गई है? (ग) क्या प्रश्नांश (ख) में वर्णित ग्रामीणों द्वारा असंतोषजनक की स्थिति के कारण निर्माणाधीन कुण्डालियां डेम पर धरना प्रदर्शन किया गया था एवं धरना समाप्ति हेतु विभागीय अमले द्वारा शेष ग्रामीणों को डूब क्षेत्र में लिये जाने हेतु आश्वस्त किया गया था? उक्त प्रकरण में क्या कार्यवाही की गई है? (घ) क्या वर्ष 2016 में उतालवी नदी में बाढ़ से ग्राम शामगीघाटा चारों ओर पानी से घिर गया था? यदि हाँ, तो क्या निकट भविष्य में कुण्डालियां बाँध के बेकवाटर एवं उतालवी नदी में बाढ़ आने से उक्त ग्राम प्रभावित नहीं होगा? यदि होगा तो सम्पूर्ण ग्राम को डूब प्रभावित घोषित क्यों नहीं किया जा रहा है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ, स्‍थल का सर्वेक्षण किया जाकर वास्‍तविक डूब क्षेत्र की स्थिति का परीक्षण किया जाना प्रतिवेदित है। (घ) वर्ष 2016 में ग्राम शामगीघाटा, उतावली नदी के बाढ़ से घिरने संबंधी जानकारी विभाग के संज्ञान में नहीं है। बांध बनने के उपरांत ग्राम शामगीघाटा के नजदीक उतावली नदी में संभावित बैक वाटर से प्रभावित होने वाली अचल संपत्तियों का निर्धारण परीक्षणाधीन होना प्रतिवेदित है।

परिशिष्ट - ''दस''

सिविल अस्पताल सारंगपुर के भवन निर्माण

[लोक निर्माण]

11. ( क्र. 315 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर अंतर्गत अनुबंधानुसार निर्माणाधीन सिविल अस्पताल की कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि क्या थी? निर्धारित अंतिम तिथि तक कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि पूर्ण नहीं हुआ है तो शेष कार्य पूर्ण करने हेतु किस आधार पर कितनी बार समयावधि बढ़ायी गयी? कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि क्या थी? (ख) कार्य में हुए विलंब के लिए विभाग/ठेकेदार के विरुद्ध कब-कब एवं क्या-क्या कार्यवाही की गयी? (ग) क्या ठेकेदार द्वारा स्वीकृत ड्राइंग में दिये गये प्रावधान को छोड़कर अपने मर्जी के अनुसार कार्य किया गया है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गयी? (घ) क्या ठेकेदार द्वारा उसकी इच्छानुसार किये गये कार्य को तोड़कर विभाग पुनः स्वीकृत ड्राइंग अनुसार कार्य करवायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) अंतिम तिथि 13.06.2016 तक 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण, कार्य पूर्ण करने हेतु प्रथम बार 31.03.2017, द्वितीय बार 31.12.2017 तक समयावधि स्‍वीकृत। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

किला गेट से लहार रोड निर्माण

[लोक निर्माण]

12. ( क्र. 354 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग भिण्‍ड द्वारा गेट भिण्‍ड से लहार चौराहा तक मार्ग सी.सी.निर्माण के लिए प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 02.4.2016 राशि रूपये 361.36 लाख की स्‍वीकृत की गई? यदि हाँ, तो किस ठेकेदार से अनुबंध किया गया? अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई जानकारी दें? (ख) लोक निर्माण विभाग भिण्‍ड ने कार्यादेश 3907-08 दिनांक 30.06.2016 जारी किया गया? यदि हाँ, तो छायाप्रति सहित जानकारी दें? (ग) प्रश्‍नांश (क) और (ख) के अन्‍तर्गत अनुबंधानुसार कार्य पूर्ण करने का दिनांक 30.06.2017 है, प्रश्‍नांश दिनांक तक कार्य 10 प्रतिशत पूर्ण नहीं हुआ? इसके क्‍या कारण हैं? इसके लिए कौन दोषी हैं? क्‍या दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क) और (ख) में कार्य की धीमी गति के कारण क्‍या लागत मूल्‍य में वृद्धि की जावेगी? कब तक कार्य पूर्ण होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, उक्‍त कार्य का अनुबंध मै. मूलचन्‍द जैन से किया गया। ठेकेदार द्वारा धीमी गति से कार्य करने के कारण समय-समय पर कार्य प्रगति बढ़ाये जाने हेतु नोटिस दिये गये एवं अनुबंधानुसार दिनांक 16.05.2017 को अनुबंध निरस्‍त किया गया, जिस पर ठेकेदार द्वारा अनुबंध की कंडिका-12 के अंतर्गत अधीक्षण यंत्री/मुख्‍य अभियंता को अपील की गई। मुख्‍य अभियंता के आदेश दिनांक 14.11.17 के द्वारा कार्य दिनांक 31.01.2018 तक कार्य पूर्ण करने की शर्त पर अनुबंध पुनर्जीवित किया गया। (ख) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जी नहीं। अपितु प्रश्‍नांश दिनांक तक 23 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मार्ग पर एम.पी..बी. के द्वारा विद्युत पोल को विलंब से शिफ्ट करने, पेड़ों की कटाई, मंदिर एवं भवनों के आगे बने चबूतरों आदि का अतिक्रमण न हटने का कारण रहा है। कार्य में विलंब हेतु कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।                                         (घ) जी नहीं। दिनांक 31.03.2018 तक पूर्ण होना संभावित।

परिशिष्ट - ''बारह''

कृषि उपज मंडी में अनियमितता

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

13. ( क्र. 377 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि उपज मंडी बैरियर सिकदरा तह. करैरा जिला शिवपुरी पर वर्तमान में प्रभारी अधिकारी कौन हैं? उसके अधीन कौन कर्मचारी कार्य कर रहे हैं? शासन से बैरियर पर कौन-कौन सी जिंस पर कितना-कितना टैक्‍स लेने का नियम है? नियम उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या बैरियर प्रभारी विनोद गुप्‍ता पर आर्म्‍स एक्‍ट के साथ-साथ आय से अधिक संपत्ति होने के संबंध में लोकायुक्‍त में जाँच चल रही है, यदि हाँ, तो ऐसे अपराधी किस्‍म के व्‍यक्ति को प्रभारी क्‍यों बनाया गया है? (ग) क्‍या प्रभारी विनोद गुप्‍ता द्वारा प्राइवेट व्‍यक्ति बैरियर पर लगाकर अवैध वसूली का कार्य मंडी बैरियर की आड में किया जा रहा है, फलस्‍वरूप आये दिन बैरियर पर झगड़ा मारपीट होती रहती है?                                                        (घ) क्‍या किसी अन्‍य को इस बैरियर में पदस्‍थ करने के आदेश जारी करेंगे, ताकि इस बैरियर पर आये दिन होने वाले झगड़ों को रोका जा सके।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति करैरा अंतर्गत अंतर्राज्यीय सीमा जाँच चौकी सिकंदरा में श्री महेश प्रसाद गौड़ मंडी निरीक्षक/प्रभारी है तथा                                        श्री रामअवतार शर्मा एवं श्री खेमराज भार्गव सहायक उपनिरीक्षक/सदस्‍य कार्यरत है। अंतर्राज्यीय सीमा जाँच चौकियों पर टैक्‍स नहीं लिया जाता है, अपितु नियमन प्रवर्तन व्‍यवस्‍था सुदृढ़ किये जाने के दृष्टिकोण से म.प्र. राज्‍य कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा-23 सहपठित मंडी उपविधि की कंडिका 23 तथा मंडी अधिनियम, 1972 की धारा65 (2) के तहत जाँच चौकियों पर अधिसूचित कृषि उपज से भरे वाहनों की जाँच करने पर मंडी समिति द्वारा जारी अनुज्ञा पत्र नहीं पाये जाने पर म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 19 (4) के अंतर्गत बाजार मूल्‍य या कृषि उपज के मूल्‍य के पाँच गुणा के हिसाब से विक्रेता व्‍यापारी से वसूल की जाती है। (ख) श्री विनोद गुप्‍ता एवं अन्‍य के विरूद्ध अपराध क्रमांक 178/12 धारा 25,27,35 आर्म्‍स एक्‍ट के तहत कार्यालय कलेक्‍टर एवं जिला मजिस्‍ट्रेट शिवपुरी में पंजीबद्ध हुआ था,उक्‍त प्रकरण कलेक्‍टर एवं जिला मजिस्‍ट्रेट शिवपुरी के आदेश दिनांक 15.05.2012 द्वारा निरस्‍त किया गया है। लोकायुक्‍त कार्यालय ग्‍वालियर से प्रा. जाँच क्रमांक 114/2015 विरूद्ध श्री विनोद गुप्‍ता सहायक उप निरीक्षक, कृषि उपज मंडी समिति करेरा का प्रकरण विशेष पुलिस स्‍थापना लोकायुक्‍त म.प्र. भोपाल के आदेश दिनांक 02.06.2016 के द्वारा नस्‍तीबद्ध की जा चुकी है। (ग) अंतर्राज्यीय सीमा जाँच चौकी सिकंदरा पर मारपीट एवं अवैध वसूली करने संबंधी शिकायत होने पर, मंडी बोर्ड भोपाल से जाँच कराई गई। जाँच प्रतिवेदन दिनांक 22.06.2017 में प्रतिवेदित अनुसार शिकायत प्रमाणित नहीं पाये जाने से नस्‍तीबद्ध की गई है। (घ) म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड आंचलिक कार्यालय ग्‍वालियर के आदेश दिनांक 28.10.2017 से कृषि उपज मंडी समिति करैरा के अंतर्गत स्‍थापित अंतर्राज्यीय सीमा जाँच चौकी दिनारा (सिकंदरा) में दिनांक 01.11.17 से 31.12.17 तक की अवधि में श्री बृजेन्‍द्र सिंह परमार मंडी निरीक्षक/प्रभारी, सर्वश्री अजय चौकसे, सुरेश यादव, मनोज कुमार सिंह, सहायक उप निरीक्षक एवं श्री राहुल जाटव, भृत्‍य की ड्यूटी लगायी गई है।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर टोल बैरियर पर उपलब्‍ध सुविधाएं

[लोक निर्माण]

14. ( क्र. 397 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. सड़क विकास निगम एवं टोल एजेंसी के बीच हुए अनुबंध में राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर टोल बैरियर पर पुलिस चौकी, सार्वजनिक शौचालय (महिला/पुरूष), आपातकालीन चिकित्‍सा सुविधा, टोल बैरियर के साईड से एक अतिरिक्‍त मार्ग, क्रेन एवं सर्व-सुविधायुक्‍त एम्‍बुलेंस की सुविधा एवं रोड बनाने के दौरान काटे गये वृक्षों के 04 गुना पौधरोपण किये जाने के प्रावधान/शर्त है? (ख) यदि हाँ, तो एन.एच. 92 ग्‍वालियर-भिण्‍ड-इटावा मार्ग पर फूप जिला भिण्‍ड, ग्राम बरेठा जिला ग्‍वालियर, एन.एच. 552 भिण्‍ड से लहार-भाण्‍डेर-चिरगांव मार्ग पर ग्राम उमरी के समीप तथा एन.एच.3        आगरा-मुम्‍बई मार्ग पर जिला मुरैना में एवं ग्‍वालियर जिले के ग्राम मोहनपुर के समीप स्थित टोल बैरियर पर उक्‍त प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समस्‍त सुविधाएं उपलब्‍ध कराई गई हैं? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) उक्‍त टोल बैरियर पर स्‍थापित पुलिस चौकियों में कौन-कौन पुलिसकर्मी तैनात हैं तथा आपातकालीन चिकित्‍सा सुविधा के तहत कौन-कौन चिकित्‍सक पदस्‍थ हैं एवं एम्‍बुलेंस, क्रेन/पेट्रोलिंग वाहन उपलब्‍ध कराए गए हैं? एम्‍बुलेंस/क्रेन/पेट्रोलिंग वाहन के रजिस्‍ट्रेशन नम्‍बर एवं फिटनेस सहित पूर्ण विवरण दें? (घ) उक्‍त मार्गों पर टोल टैक्‍स का ठेका कितनी-कितनी अवधि के लिये किस-किस फर्म/संस्‍था को दिया गया है एवं संबंधित एजेंसियों द्वारा टोल बैरियर पर आवश्‍यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराए जाने पर क्‍या अनुबंध के प्रावधान/शर्तों अनुसार उनके ठेके निरस्‍त करने की कार्यवाही की जाएगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत ग्वालियर-भिण्ड इटावा मार्ग (एन.एच.-92) पर कुल दो टोल प्लाजा ग्राम बरेठा एवं ग्राम बरही स्थित है। अनुबंधानुसार ट्रेफिक एंड पोस्ट सार्वजनिक पुरूष/महिला शौचालय, आपातकालीन क्रेन एवं एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान किये जाने की सुविधा किये जाने के प्रावधान है। टोल बैरियर के साईड से एक अतिरिक्त मार्ग प्रदाय के संबंध में कोई प्रावधान नहीं है अपितु नॉन टोलवेल वाहन हेतु सर्विस लेन बनाया गया है। अनुबंधानुसार काटे गये वृक्षों के विरूद्ध 10 गुना वृक्षरोपण किये जाने का प्रावधान है, जो कि लगाये जा चुके है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। टोल बैरियर पर आवश्यक सुविधायें प्रायः उपलब्ध होने के कारण ठेकेदार के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

इन्‍दौर-अहमदाबाद मार्ग एन.एच. का फोर-लेन निर्माण के दौरान छूटे हुए भाग

[लोक निर्माण]

15. ( क्र. 400 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या झाबुआ में एन.एच. 59 का फोर-लेन निर्माण के दौरान छूटा हुआ भाग लम्‍बाई 9.62 कि.मी. की स्‍वीकृत लागत रूपये 1936.96 लाख होकर शासन द्वारा दिनांक 24.9.2015 को स्‍वीकृति दी गई एवं उक्‍त कार्य की निविदा कब जारी की गई? निविदा अवधि में कार्य पूर्णता की अवधि कितने माह की थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निविदा ठेकेदार द्वारा उक्‍त निविदा अवधि में कार्य प्रारंभ किया गया था? अगर किया गया था, तो अब तक रोड निर्माण कार्य पूर्ण क्‍यों नहीं हुआ?                     (ग) यदि ठेकेदार द्वारा निविदा अवधि में कार्य पूर्ण नहीं किया गया तो विभाग द्वारा अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? अगर कार्यवाही नहीं की गई तो शासन लंबित व अपूर्ण कार्य हेतु संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। निविदा दिनांक 27.01.2016 को जारी की गई है, कार्य पूर्णता की अवधि 18 माह है। (ख) जी हाँ। ठेकेदार द्वारा कार्य की समानुपातिक प्रगति न देने के कारण। (ग) दो वर्ष की अवधि हेतु ठेकेदार के पंजीयन को निलंबित किया गया। कार्य की समानुपातिक प्रगति नहीं दिये जाने के कारण ठेकेदार के विरूद्ध अनुबंध की धारा-27 में दिनांक 31.10.2017 को कारण बताओं सूचना पत्र दिया गया है। कान्‍ट्रेक्‍ट डाटा की कंडिका-15 में निहित माईल स्‍टोन अनुसार ठेकेदार द्वारा कार्य प्रगति नहीं देने के कारण ठेकेदार दोषी है। अत: अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

प्रस्तावित सड़कों की मरम्मत एवं स्वीकृति

[लोक निर्माण]

16. ( क्र. 436 ) श्री हरवंश राठौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जर्जर एवं क्षतिग्रस्त मार्ग दलपतपुर-बरा मार्ग, नयाखेड़ा, मझगुंवा, बम्हौरी से गोराखुर्द शाहगढ़-मदनलता, गूगराखुर्द के उन्नयन एवं डामरीकरण हेतु तथा जमुनिया से बिचपुरी, रमपुरा एवं क्वायला-निहानी-पगरा के मार्गों को नवीन निर्माण कार्यों में शामिल करने हेतु विभाग द्वारा कोई प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं? (ख) यदि हाँ, तो उक्त मार्गों को नवीन निर्माण कार्यों में शामिल तथा स्वीकृति कब तक प्रदान की जावेगी? मार्गवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।                         (ख) उत्‍तरांश () अनुसार।

परिशिष्ट - ''तेरह''

रोड निर्माण की जानकारी

[लोक निर्माण]

17. ( क्र. 465 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले की इन्‍दरगढ़ तहसील अंतर्गत धीरपुरा जुझारपुर रोड एवं जुझारपुर से गोराघाट रोड रिन्‍यूवल डामरीकरण कितनी-कितनी लागत के किस निर्माण एजेन्‍सी द्वारा जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कब किया गया? (ख) उक्‍त रोडों का कौन-कौन से अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया? उनके द्वारा क्‍या-क्‍या प्रतिवेदन दिये गये? अधिकारियों के नाम, पद सहित उनके द्वारा दिये गये प्रतिवेदनों की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या उक्‍त रोडों में गड्डों में मिक्‍स गिट्टी के स्‍थान पर सूखी गिट्टी एवं सोलडरों की साइज को कम भरा गया है? साथ ही ग्राम जुझारपुर में मुख्‍य मार्ग पर न तो नाली बनायी गयी और न ही रोड डाली गयी, जिससे इतना पैसा खर्च होने के बाद भी अभी भी उस मार्ग पर कोई वाहन नहीं निकल पा रहा है। यदि नहीं, तो सम्‍पूर्ण कार्य की जाँच करायी जाये? (घ) क्‍या ठेकेदारों की अधिकारियों से मिलीभगत होने के कारण शासन का करोड़ों रूपया खर्च होने के बाद भी उक्‍त व अन्‍य कई मार्ग आमजन के उपयोग में नहीं आ पा रहे हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।                                     (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। जाँच प्रतिवेदन जारी नहीं किये गये है, स्‍थल पर ही निर्देशित कर कार्य सम्‍पादित कराये गया है। (ग) जी नहीं। मार्ग की स्‍वीकृत लंबाई में मिक्‍स मटेरियल द्वारा पेच मरम्‍मत कराये जाकर 20 एम.एम.,.जी.पी.सी., सीलकोट का कार्य कराया गया है तथा कार्य स्‍थल पर उपलब्‍ध चौड़ाई अनुसार शोल्‍डर कार्य कराया गया है। ग्राम जुझारपुरा मुख्‍य मार्ग पर पानी निकासी की व्‍यवस्‍था नहीं होने के कारण मार्ग के उक्‍त भाग में नवीनीकरण अंतर्गत कार्य नहीं कराया गया। उक्‍त भाग में सीमेंट कांक्रीट कार्य मय नाली निर्माण का प्रस्‍ताव मजबूतीकरण मद में स्‍वीकृति हेतु प्रस्‍तावित किया गया है तथा मजबूतीकरण में प्रस्‍तावित मार्ग के उक्‍त भाग पर विभाग द्वारा कोई व्‍यय नहीं कराया गया है। मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। अत: शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (घ) ठेकेदारों की अधिकारियों से कोई मिली भगत नहीं है। संधारित किये जा रहे है जिले के सभी मार्ग आमजन के उपयोग में आ रहे है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

सिंचाई परियोजना की स्‍वीकृति विषयक

[जल संसाधन]

18. ( क्र. 500 ) श्री मधु भगत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) प्रशासन के निर्धारित मापदण्‍डों के अनुसार किसी भी बांध सिंचाई परियोजना को स्‍वीकृति प्रदान करने किन-किन मापदण्‍डों का निर्धारण किया जाता है तथा नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र होने पर सिंचाई परियोजनाओं को स्‍वीकृति प्रदान करने के लिये कौन-कौन से छूट का प्रावधान है?                               (ख) अधूरी सातनारी परियोजना बुढ़ि‍या गांव बालाघाट को पुन: स्‍वीकृति प्रदान करने के लिये क्‍या पुन: सर्वे किया जावेगा या भविष्‍य में नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण उक्‍त बांध परियोजना को प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान किये जाने हेतु क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं? (ग) क्‍या प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग द्वारा उक्‍त बांध के पूर्णिकरण के संबंध में अधीक्षण स्‍तरीय सिंचाई विभाग का एक दल बांध स्‍थल पर वास्‍तुस्थिति का जायजा लेने गया था, जहां बांध ना बनने की स्थिति में किसानों द्वारा जल समाधी लेने की बात की गई, तत्‍संबंध में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई तथा उक्‍त रिपोर्ट के आधार पर बांध के पूर्णिकरण के संबंध में क्‍या निर्णय लिया गया?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) सिंचाई परियोजनाओं की स्‍वीकृति उसके जलग्रहण क्षेत्र, जीवित जल क्षमता, डूब क्षेत्र का प्रतिशत तथा प्रति हे. लागत पर निर्भर होती है। वित्‍तीय मापदण्‍ड संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र के लिए अलग से कोई छूट का प्रावधान नहीं है। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नाधीन परियोजना की डी.पी.आर. प्रमुख अभियंता कार्यालय में परीक्षणाधीन है। जी हाँ। किसानों द्वारा जल समाधि लेने संबंधी स्थिति शासन के संज्ञान में नहीं है। डी.पी.आर. प्राप्‍त होने पर निर्णय लिया जाना संभव होगा।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

शासकीय भवनों एवं मार्गों का भूमि पूजन तथा लोकार्पण

[लोक निर्माण]

19. ( क्र. 520 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा विगत 4 वर्षों में कितनी पुल, पुलिया, सड़कें, भवन (बिल्ड़ि‍ग) बनाए गए हैं? स्थान का नाम व राशि सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्त नवनिर्मित कार्यों में से कितने स्थानों का भूमि पूजन या लोकार्पण किये बिना शासकीय कार्य प्रारंभ कर दिए गए? (ग) मंदसौर जिले में विगत 4 वर्षों में समस्त शासकीय संस्थाओं द्वारा विकास कार्यों हेतु किन-किन निर्माणाधीन भवन का भूमि पूजन या लोकार्पण कराये गये? विधानसभावार जानकारी देवें। (घ) क्‍या तहसील कार्यालय शामगढ़, हायर सेकेण्डरी स्कूल तितरोद, हाई स्कूल सेदरामाता सुवासरा विधानसभा में स्थित लदूना जावरा मार्ग, शामगढ़ सुवासरा एन.टी.पी.सी. द्वारा निर्मित विद्युत वितरण केन्द्र, ऐसे कई शासकीय भवन बिना भूमि पूजन या लोकार्पण के कार्य प्रारंभ कर दिया गया है? इसका कारण बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '', 'अ-1' एवं          'अ-2' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-2' एवं '' अनुसार है।          (घ) भवनों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण का कार्य संबंधित प्रशासकीय विभाग द्वारा करवाया जाता है। विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-2' अनुसार है।

जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंकों की संख्‍या

[सहकारिता]

20. ( क्र. 558 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में कितने जिला सहकारी केद्रीय बैंक संख्‍या बताएं हैं? (ख) इनमें से बैंकों की संख्या में कितने बैंक ओवर ड्यूज है संख्या बतावे? (ग) इन बैंकों की हालत सुधारने के लिए मध्य प्रदेश शासन क्या कोई कार्यवाही कर रही है? (घ) प्रदेश के कितने जिलों की कितनी प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थायें ओवरड्यू है क्‍या ऐसे जिले भी है,जिनकी सभी प्रथमिक कृषि साख सहकारी संस्‍थायें ओवरड्यू है, जिले के नाम सहित संस्‍थाओं की संख्‍या बतावें?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) 38(ख) 10(ग) प्रदेश की कमजोर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की सतत् समीक्षा की जाती है। बैंकों की वसूली की सतत् समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जारी किये जाते है। प्रदेश की 5 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित न्यूनतम 9 प्रतिशत सी.आर.ए.आर. का मानक स्तर बनाये जाने हेतु मार्च 2017 में अंशपूंजी सहायता के रूप में राशि रूपये 30,59,16,000/-, लांग टर्म डिपॉजिट के रूप में 5,13,25,000/- तथा आई.पी.डी.आई. बाण्ड के रूप में 6,81,14,000/- की राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध करायी गई है। (घ) प्रदेश की 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के कार्यक्षेत्र के 51 जिलों की 3109 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थायें ओवरड्यू है। जी हाँ, जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सोलह''

उपयंत्री पद पर दैनिक वेतनभोगी तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति

[लोक निर्माण]

21. ( क्र. 573 ) श्री संजय शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) क्या प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग के आदेश क्र. ३०३/०२९२२७/८७/उ.प. दिनांक १२/०७/१९९१ के द्वारा उपयंत्री पद पर दैनिक वेतन भोगी तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी? (ख) क्या मध्यप्रदेश राज्य विभाजन पर श्री राजीव वैद्य (उपयंत्री) की सेवायें छत्तीसगढ़ राज्य में देने के आदेश जारी किये गये थे? (ग) क्या दिनांक ०१/१०/२००० की स्थिति में प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग भोपाल द्वारा जारी पद क्रम सूची के कालम ०८ में कुछ अभियंताओं की नियुक्ति तिथि १२/०७/१९९१ अंकित है? यदि हाँ, तो श्री राजीव वैद्य की नियुक्ति तिथि २५.०७.१९९४ क्यों दर्शित है? (घ) क्या छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एक विशिष्ट प्रकरण श्री राजीव वैद्य उपयंत्री, के सम्बंध में लोक निर्माण विभाग, रायपुर के जावक पत्र क्रमांक ३३१५७०२५/स्था./प्र.अ./१८ दिनांक २६/०७/२०१६ द्वारा मांगी गई जानकारी के सम्बंध में वरिष्ठता निर्धारित करने के तारतम्य में कोई जानकारी मांगी गई थी? यदि हाँ, तो क्या जानकारी दी गई? प्रति उपलब्ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। श्री राजीव वैद्य, की विभाग में उपयंत्री (सिविल) के पद पर आदेश दिनांक 25/07/1994 द्वारा नियुक्त होने से। (घ) जी हाँ। वर्तमान में प्रकरण परीक्षणाधीन है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मूँझरी बांध का सर्वे

[जल संसाधन]

22. ( क्र. 597 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर जिले में मूँझरी बांध के निर्माण उपरांत लगभग 10 हजार हेक्‍टेयर भूमि सिंचित होगी व जिले का समग्र विकास संभव हो सकेगा तथा इसी कारण प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री जी के श्‍योपुर जिले में प्रवास के दौरान ग्राम ढोढ़र में मूँझरी बांध का निर्माण कार्य की स्‍वीकृति हेतु मांग करने पर उनके द्वारा वहां मौजूद विभागीय अधिकारियों को बांध निर्माण कार्य की स्‍वीकृति हेतु आवश्‍यक कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिये थे? (ख) निर्देशों के पालन में क्‍या ईई जल संसाधन श्‍योपुर द्वारा उक्‍त बांध के निर्माण हेतु नये सिरे से सर्वे कार्य का रूपये 29.86 लाख का प्राक्‍कलन तैयार कर शासन/विभाग को स्‍वीकृति हेतु भेज दिया है? यदि हाँ, तो कब?                         (ग) यदि हाँ, तो उक्‍त कार्य का प्राक्‍कलन वर्तमान में किस स्‍तर पर परीक्षणाधीन है? परीक्षण कार्य कब तक पूर्ण करके जिलेवासियों के हित में इसे कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी एवं सर्वे कार्य प्रारंभ करवा दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) एवं (ग) परियोजना के सर्वेक्षण कार्य हेतु शासन द्वारा रू.32.916 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश दिनांक 16.11.2017 द्वारा प्रदान की गई है। सर्वेक्षण कार्य की निविदा दिनांक 21.11.2017 को स्‍वीकृत की जाना प्रतिवेदित है। अनुबंध उपरांत कार्य तुरंत प्रारंभ कराया जाएगा।

वर्ष 2014, 15, 16 एवं 17 में मूंग, उड़द एवं अरहर फसलों की जानकारी एवं भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( क्र. 667 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्ष 2014, 2015, 2016 एवं 2017 में ग्रीष्‍मकालीन मूंग, उड़द खरीफ एवं अरहर को कितनी मात्रा में उपार्जित की गई? जिलावार प्राप्‍त रिपोर्ट/प्रतिवेदन की जानकारी देवें। सभी 51 जिलों में वर्षवार एवं जिलावार कितनी राशि कितने किसानों को भुगतान की गई? जिलावार/वर्षवार रिपोर्ट प्रस्‍तुत करें? (ख) वर्ष 2017 में रायसेन, होशंगाबाद और नरसिहंपुर जिले मूंग, उड़द एवं अरहर की खरीदी में की गई गड़बड़ी की शासन्स्‍तर/विभागाध्‍यक्ष स्‍तर से गठित जाँच दल रिपोर्ट प्रस्‍तुत करें? जाँच में कौन-कौन दोषी पाये गये एवं उन पर क्‍या कार्यवाही की गई। इन जिलों में कुल कितने करोड़ की खरीदी का भुगतान किया गया और कितना भुगतान शेष हैं? (ग) शासन द्वारा उक्‍त वर्षों में फसलों के उपार्जित करने में व्‍यवस्‍था मद में कितनी राशि व्‍यय की गई? शासन द्वारा आहरित राशि के आदेश की छायाप्रति देवें? प्रतिदिन उपार्जन पर कितनी राशि किन गाड़ि‍यों से ट्रांसपोर्टेशन पर व्‍यय की गई? गाड़ि‍यों के नम्‍बर भी देवें? उक्‍त वर्षों में भावांतर सहित अन्‍य योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु किन निजी संस्‍थाओं को कितनी राशि का कार्य आदेश दिया गया है और कितनी राशि का भुगतान किया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्र की जा रही है।

प्रदेश में सिंचित एवं असिंचित भूमि

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( क्र. 668 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में वर्तमान में कृषि योग्‍य कितने हेक्‍टेयर भूमि सिंचित है? कितनी हेक्‍टेयर भूमि असिंचित हैं कितने हेक्‍टेयर भूमि में कितने किसान खेती कर रहे हैं, जिलावार जानकारी देवें?                               (ख) प्रदेश में जो कृषि भूमि सिंचित है उसमें सिंचाई के स्‍त्रोत क्‍या-क्‍या हैं? कितनी कृषि योग्‍य जमीन किस स्‍त्रोत से सिंचित मानी जा रही है? नदी, तालाब, नहर, ट्यूबवेल, कुएं आदि पृथक-पृथक जिलावार बतायें? (ग) गुना जिले की विधानसभा क्षेत्रों में कितनी सिंचाई क्षमता वाली कितनी परियोजनाएं पूर्ण हैं? कितनी परियोजनाएं किस लागत की निर्माणाधीन हैं, कितनी प्रस्‍तावित है, नाम एवं लागत बतायें? निर्माणाधीन परियोजनाएं कब तक पूर्ण होने की संभावनाएं हैं उनसे कितने हेक्‍टेयर जमीन सिंचित होगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्र की जा रही है।


खरगापुर विधान सभा 47 में सड़कों के निर्माण कराये जाने हेतु

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 822 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामों में आवागमन हेतु सड़कों का अभाव है और ग्रामीण जनता आने-जाने में काफी कठिनाई उठा रही हैं? क्‍या मुख्‍यमार्ग छतरपुर टीकमगढ़ से देवरदा ऊगढ़ एवं बल्‍देवगढ़ पलेरा मुख्‍यमार्ग से ग्राम सुहागी तक, गुजरायतन से बनपुरा खास तक, रेल्‍वे पुल सुजानपुरा से राजनगर तक, सरकनपुर रेल्‍वे स्‍टेशन सुजानपुरा तक, सरकनपुर रेल्‍वे स्‍टेशन से सरकनपुर गांव तक, जिनागढ़ से देवीनगर तक, जिनागढ़ मुख्‍य सड़क से पुराने जिनागढ़ होकर जटेरा मार्ग तक, बल्‍देवगढ़ से जमुनिया होकर जटेरा तक, कुड़ीला रोड के तिगैला से मनपसार होकर गर्रोली तक, मलगुवां से सरकर तक, लारौन से टीला होकर बावतपुरा तक, मुख्‍यमार्ग बन्‍ने बुजुर्ग से बूढ़ी बन्‍ने तक, देरी भानपुरा मार्ग से चकमाधौ सिंह तक की सड़कें निर्माण कराये जाने की शासन के पास क्‍या तथा किस प्रकार की योजना तैयार की गई है? क्‍या इन ग्रामों के निवासियों को सड़क निर्माण कब तक करायेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या वर्णित सड़कों के स्‍टीमेट या डी.पी.आर. तैयार कराये जा चुके हैं या नहीं तथा जिनके स्‍टीमेट या डी.पी.आर. तैयार कराये गये है और जो शेष है उनकी सम्‍पूर्ण जानकारी से अवगत करायें? (ग) क्‍या उक्‍त सड़कों के निर्माण हेतु शासन द्वारा स्‍वीकृत कराये जाने का कार्य शीघ्र करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। खरगापुर विधानसभा क्षेत्र में मध्‍यप्रदेश सड़क विकास निगम के कार्य क्षेत्र में टीकमगढ़-मलेहरा, पलेरा-बल्‍देवगढ़ एवं टीकमगढ़-जतारा-पलेरा-नौगांव मार्ग आते है, जिनकी स्थिति ठीक है। शेष वर्णित मार्ग निगम एवं लोक निर्माण विभाग के अधीन नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उत्‍तरांश '' अनुसार। (ग) उत्‍तरांश '' अनुसार।

कृषि के क्षेत्र में युवाओं उद्यमियों एवं किसानों के लिए स्‍वरोजगार योजना में आजीविका का प्रदाय

[सहकारिता]

26. ( क्र. 824 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किसानों की जैविक खेती के लिए आवश्‍यक बायोफर्टिलाइजर उपलब्‍ध कराने हेतु मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी विपणन संघ मर्यादित द्वारा उर्वरकों के क्रय हेतु ऑफर सूचनाएं जारी की गई है? यदि हाँ, तो कब-कब? तिथियों का उल्‍लेख करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित ऑफर हेतु एकाधिक तिथियों की आवश्‍यकता क्‍यों पड़ी है? क्‍या उक्‍त तिथियों में ऑफरों की संख्‍या वांछित संख्‍या के अनुपातानुकूल नहीं थी? (ग) क्‍या बार-बार तिथियों के परिवर्तन से कृषि के क्षेत्र में उत्‍साही बायोफर्टिलाइजर उत्‍पादक युवा उद्यमियों एवं किसानों के उद्योग प्रभावित हुए हैं या उनके उत्‍पादों को विपणन संघ द्वारा खरीदी की कोई अन्‍य व्‍यवस्‍था की गई है? (घ) क्‍या नए ऑफर से उत्‍पादकों की प्रतिस्‍पर्धा कम हुई हैं? यदि हाँ, तो क्‍या कम प्रतिस्‍पर्धा में उच्‍चगुणवत्‍ता का बायोफर्टिलाइजर किसानों के लिए उपलब्‍ध हो सकेगा?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ, दिनांक 02.02.201717.05.2017 एवं 18.07.2017(ख) किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग से तकनीकी सलाह एवं मापदण्‍ड प्राप्‍त किये बगैर निविदायें आफर जारी करने पर कृषि विभाग द्वारा निविदाओं को निरस्‍त किये जाने के निर्देश दिये जाने के कारण, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। (घ) जी नहीं, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मुआवजा राशि का वितरण

[लोक निर्माण]

27. ( क्र. 832 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) जिला-अनूपपुर अन्‍तर्गत अनूपपुर से जैतपुर मार्ग का निर्माण कब कराया गया था तथा तत्‍कालीन समय में मार्ग के दोनों तरफ कितने मीटर भूमि विभाग द्वारा रिक्‍त छोड़ी गयी थी?                             (ख) क्‍या प्रश्‍नांकित मार्ग के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया था? यदि हाँ, तो भूमि स्‍वामी का नाम, अधिग्रहित भूमि का रकवा एवं भूमि स्‍वामी को दिये गये मुआबजा की राशि बताएं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नाधीन मार्ग का निर्माण वर्ष 1954-55 में प्रारंभ कर वर्ष 1979-80 में डामरीकरण स्‍तर तक कराया गया है। मार्ग के मध्‍य से दोनों तरफ 15-15 मीटर लोक निर्माण विभाग की सड़क सीमा निर्धारित है। (ख) जी हाँ। शेष प्रश्‍नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

पाढुंर्णा विधान सभा में तुअर क्रय केन्‍द्र खोलना

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

28. ( क्र. 912 ) श्री जतन उईके : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले के पाढुंर्णा विधान सभा क्षेत्र में तुअर खरीदी केन्‍द्र खोला जायेगा?                            (ख) यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बतायें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) तुअर भावांतर भुगतान योजनांतर्गत शामिल की गई है। तुअर के किए विक्रय अवधि योजना प्रावधान अनुसार अधिसूचित मण्डियों में 1 फरवरी से 30 अप्रैल, 2018 नियत है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

शासकीय आवासों का संधारण/मरम्‍मत

[लोक निर्माण]

29. ( क्र. 932 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय आवासों में मेंटेनेंस कराने के क्‍या नियम/निर्देश हैं? (ख) क्‍या वर्तमान व्‍यवस्‍था के अंतर्गत यह कार्य निजी एजेंसियों को दिया गया है? यदि हाँ, तो तुलसी नगर, शिवाजी नगर एवं 1100 र्क्‍वाटर स्थित शासकीय आवासों के लिये किस दर से कितनी अवधि के लिये यह ठेका किसे दिया गया है एवं विभाग द्वारा इस पर किस प्रकार नियंत्रण रखा जाता है? (ग) क्‍या कारण है कि 1100 र्क्‍वाटर स्थित समस्‍त श्रेणी के शासकीय आवासों का मेंटेनेंस आवासधारियों के द्वारा एक ही बार शिकायत करने पर कर दिया जाता हैं वहीं दूसरी और तुलसी नगर तथा शिवाजी नगर स्थित आवासों में यह कार्य अनेकों बार शिकायत करने पर भी नहीं किया जा रहा है? (घ) विगत 2 वर्षों में शिवाजी नगर स्थित ई-टाईप आवास ई-100/7 से लेकर ई-100/15 तक में कौन-कौन से कार्य किस मद में कितनी बार शिकायत करने पर कराए गए तथा उक्‍त आवासों में किस आवास का सुधार कार्य संबंधी कितनी शिकायतें लंबित हैं? बताएं दिनांक 09.03.2017 को की गई शिकायत नं. 13401, दिनांक 14.03.2017 को की गई शिकायत क्रमांक 62283 एवं दिनांक 09.10.2017 की गई शिकायत क्रमांक 62284 पर कार्य की स्थिति क्या है तथा कार्य नहीं करने के क्‍या कारण हैं?                                      (ड.) समय-सीमा में कार्य नहीं करने के लिये कौन दोषी है? क्‍या विभागीय अमले की उदासीनता के कारण तुलसी नगर, शिवाजी नगर में आवासों के मेंटेनेंस कार्य नहीं हो पा रहे हैं यदि हाँ, तो उक्‍त पदस्‍थ अमले के विरूद्ध कार्यवाही कर कब तक समस्‍त शिकायतों का निराकरण कर दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रकिया के तहत आवासकर्ता की शिकायत/मांग/आवेदन पर निरीक्षण कर कार्य करवाया जाता है। (ख) जी हाँ। तुलसी नगर स्थित शासकीय आवासों के लिये 4.25 प्रतिशत एस..आर. से कम दर पर (कार्यादेश क्रमांक 2738 दिनांक 11.05.2017) मेसर्स गौरी कंस्‍ट्रक्‍शन, दतिया को, शिवाजी नगर, चार इमली, कोटरा सुल्‍तानाबाद स्थित शासकीय आवासों के लिये 7.5 प्रतिशत एस..आर. से अधिक दर पर (कार्यादेश क्रमांक 158 दिनांक 06.01.2017) मेसर्स राघव कंस्‍ट्रक्‍शन भोपाल को एवं 1100 क्‍वार्टर, पुलिस लाईन, रेडियो कालोनी 45 बंगले, 74 बंगले स्थित शासकीय बंगलों/आवासों के लिये 7.25 प्रतिशत एस..आर. से अधिक की दर पर, (कार्यादेश क्रमांक 3191 दिनांक 30.05.2017) मेसर्स राघव कंस्‍ट्रक्‍शन भोपाल को एक वर्ष की अवधि के लिये ठेका दिया गया है। विभाग द्वारा संधारित पोर्टल पर टोल फ्री नंबर से शिकायत प्राप्‍त होने पर संबंधित यंत्री द्वारा दिये गये निर्देशानुसार त्‍वरित कार्यवाही की जाती है। (ग) जी नहीं, समस्‍त श्रेणी एवं उल्‍लेखित क्षेत्र स्थित आवासों की शिकायत प्राप्‍त होने एवं शिकायत के स्‍वरूप अनुसार समान रूप से कार्यवाही कर शिकायत का निराकरण किया जाता है।                                   (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' एवं '' अनुसार है। (ड.) समय-सीमा में ही कार्य कराये जाते है, समय-सीमा में कार्य नहीं करने पर संबंधित एजेन्‍सी पर उण्‍ड आरोपित करने का प्रावधान है तदानुसार कार्यवाही की जाती है। जी नहीं, पदस्‍थ अमले पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। समस्‍त शिकायतों का निराकरण पूर्ण किये जाने की निश्चित तिथि बताना संभव नहीं है।

विकासखण्‍ड पंधाना में मिट्टी परीक्षण केन्‍द्र की स्‍वीकृति

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

30. ( क्र. 978 ) श्रीमती योगिता नवलसिंग बोरकर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के पंधाना विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत विकास खण्‍ड पंधाना में मिट्टी परीक्षण केन्‍द्र स्‍वीकृत हो चुका है या न‍हीं? (ख) यदि हाँ, तो कब स्‍वीकृत हुआ है और क्‍या वह उसकी समय-सीमा में बनकर पूर्ण हो चुका है? (ग) यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण बताएं।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ, विकासखंड पंधाना में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण कार्य स्‍वीकृत है। (ख) किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक डी-6-5/2014/14-3 दिनांक 07.06.2015 से विकासखंड पंधाना में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भवन का निर्माण कार्य स्‍वीकृत हुआ है। कार्य अनुबंध अनुसार समय- सीमा में पूर्ण हो चुका है। (ग) उत्‍तरांश '''' अनुसार है।

जल संसाधन विभाग के सभी श्रेणी के अधिकारियों पर प्रचलित प्रकरणों में कार्यवाही

[जल संसाधन]

31. ( क्र. 979 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जल संसाधन विभाग में दिनांक ०१-०४-२०१७ की स्थिति में कितने अधिकारियों के विरूद्ध लोकायुक्‍त/आर्थिक अपराध के अन्‍तर्गत प्रकरण प्रचलित हैं? नाम एवं पदनाम व वर्तमान में पदस्‍थापना सहित सूची उपलब्‍ध करावें तथा इन पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई क्‍या इन्‍हें महत्‍वपूर्ण पदस्‍थापना से वंचित रखा गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों (ख) क्‍या ऐसे सभी अधिकारियों को विभाग से संरक्षण प्राप्‍त है एवं इनकी पदस्‍थापना फील्‍ड में की गई है, यदि हाँ, तो इसका क्‍या कारण है? सम्‍बंधित दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध लोकायुक्‍त/आर्थिक अपराध के अंतर्गत प्रचलित प्रकरणों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार है। विभाग द्वारा गुणदोष के आधार पर मध्‍यप्रदेश शासन के नियमों के अंतर्गत यथायोग्‍य कार्यवाहियां की गई है। विभाग में अधिकारियों की कमी के कारण कतिपय अधिकारियों की मैदानी पदस्‍थापना की गई है। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश (क) में दी गई जानकारी अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग का कृषि योजनाओं पर बजट आवंटन

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

32. ( क्र. 987 ) श्री नारायण सिंह कुशवाह : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्वालियर जिले में वर्ष २०१६-२०१७ एवं २०१७-२०१८ व आज दिनांक तक उद्यानिकी विभाग का किन किन योजनाओं के किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि का बजट था? (ख) क्या कृषकों को अनुदान किसी वस्तु, कृषि उपकरण या फलदार पौधों के रोपण, पान की फसल लगाने में या पान बरेजा में किसी आपदा में जिले में कितने कृषकों को लाभ दिया गया, विवरण उपलब्ध करावे? (ग) उपरोक्त सभी योजनाओं में अनुदान या किसी योजना की राशि कृषक के सीधे खाते में भेजी गई या नहीं?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जिले में यंत्रीकरण, फलपौध एवं पान वरेजा योजनाओं में विकास खण्‍डवार, ग्रामवार वर्ष 2016-17 की जानकारी प्रपत्र ब-01 एवं वर्ष 2017-18 की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब-02 अनुसार है। मौसम आधारित फसल बीमा योजनांतर्गत वर्ष     2016-17 में 44 कृषकों को उनकी फसल के नुकसान की राशि रूपये 18852.55/- का भुगतान बीमा कम्‍पनी द्वारा किया गया। वर्ष 2017-18 के फसल बीमा की राशि अभी देय नहीं हुई है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। सभी योजनाओं के अनुदान की राशि सीधे कृषकों के बैंक खातों में जमा की गई है, सिर्फ 224 कृषकों के द्वारा क्रय की गई सामग्री का भुगतान कृषकों की सहमति से संबंधित फर्म को राशि रूपये 64,00,800/- रूपये भुगतान की गई है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

प्रयोगशाला भवन का निर्माण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

33. ( क्र. 1040 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि रतलाम जिले के आलोट विधानसभा क्षेत्र के भुतेडा में मंडी बोर्ड द्वारा बायो एजेण्‍ट प्रयोगशाला भवन ८५ लाख रु. की लागत से निर्मित किया? शासन वहाँ न तो प्रयोगशाला निर्मित कर रहा है, न नवीन कृषि महाविद्यालय आखिर इस भवन निर्माण का औचित्‍य, उपयोग क्‍या है? (ख) रु. ८५ लाख व्‍यय करने के उपरांत भी खाली पड़े भवन का शासन कोई उपयोग क्‍यों नहीं कर रहा है? (ग) सरकार कृषि महाविद्यालय स्‍थापना पर ध्‍यान क्‍यों नहीं दे रही है? भुतेडा में अगर कुछ करना नहीं था, तो भवन निर्मित क्‍यों किया? शासन शीघ्र निर्णय क्‍यों नहीं करता है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) यह सही है कि रतलाम जिले के आलोट विधान सभा क्षेत्र के भुतेडा में मंडी बोर्ड द्वारा बायो एजेण्ट प्रयोगशाला भवन 85 लाख रू. की लागत से निर्मित किया है। इस प्रयोगशाला भवन का संचालन पी.पी.पी.मोड पर किया जाना है। कृषि महाविद्यालय की स्‍थापना के लिये कुल आवश्‍यक भूमि तथा भवन के लिये मानक शर्तों की पूर्ति नहीं हो पाने से कृषि महाविद्यालय प्रारंभ नहीं किया जा सकता है। (ख) इस प्रयोगशाला भवन का संचालन पी.पी.पी.मोड पर किया जाना है। (ग) भवन प्रयोगशाला बायो एजेण्ट प्रयोगशाला हेतु निर्मित किया गया है, जिसका संचालन पी.पी.पी.मोड पर किया जाना है। कृषि महाविद्यालय की स्‍थापना के लिये कुल आवश्‍यक भूमि तथा भवन के लिये मानक शर्तों की पूर्ति नहीं हो पाने से कृषि महाविद्यालय प्रारंभ नहीं किया जा सकता है। अन्‍य प्रयोजन के लि‍ये उपयोग पर पी.पी.पी.मोड पर बायो एजेन्‍ट प्रयोगशाला संभव नहीं हो पाने पर विचार किया जावेगा।

कमिश्‍नर कार्यालय कर्मचारी गृह निर्माण समिति

[सहकारिता]

34. ( क्र. 1060 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कमिश्‍नर कार्यालय गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित जबलपुर द्वारा वर्ष 2005 में अपने फाउन्‍डर्स मेबर्स को 1500 वर्गफुट का ले-आउट स्‍वीकृत किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या संस्‍था द्वारा वर्ष 2005 में अभिन्‍यास (ले-आउट) स्‍वीकृत होने के बाद वर्ष 2006 में अभिन्‍यास (ले-आउट) में संशोधन किया गया, यदि हाँ, तो उक्‍त संशोधन किन नियमों के तहत कब किस अधिकारी द्वारा संशोधित किया गया? आदेश की छायाप्रति देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्‍या अभिन्‍यास में संशोधन नियमानुसार है, क्‍या उक्‍त संशोधन म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के अंतर्गत असंवैधानिक है एवं यह भी बतलावे कि कमिश्‍नर कार्यालय कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति मर्या. जबलपुर के विरूद्ध कब-कब किस-किस के द्वारा अनियमितताओं के संबंध में शासन स्तर पर शिकायत दर्ज कराई गई तथा इन शिकायतों पर शासन द्वारा कब क्या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कार्यालय अपर कलेक्‍टर (ग्रामीण) कमिश्‍नर जबलपुर का जाँच प्रतिवेदन दिनांक 26.10.2012 क्‍या था तथा उस जाँच प्रतिवेदन पर कब किसके उपर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो इसका दोषी कौन था? तत्संबंध में कार्यालय उपायुक्‍त सहकारिता जबलपुर का पत्र क्रमांक/उ.अ.स./ गृ.नि./16/1718/ जबलपुर, दिनांक 15.07.2016 क्‍या था? पत्र की छायाप्रति देवें एवं यह भी बताएं की पत्र के निर्देशों के अनुसार आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? दोषियों पर कार्यवाही न किये जाने के क्‍या कारण है? क्‍या शासन उपरोक्‍त जाँच प्रतिवेदन के अनुसार कार्यवाही करेगा? उत्‍तर में यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। स्‍वीकृत ले-आउट में सभी भूखण्‍ड 1500 वर्गफुट के नहीं है। (ख) जी हाँ, संयुक्‍त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश विभाग जबलपुर के पत्र क्रमांक 1129 दिनांक 05.04.2006 के द्वारा मध्‍यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 30 (3) एवं मध्‍यप्रदेश विकास नियम 1984 के नियम 2 (5) (क) एवं 27 (1) के प्रावधानों के अंतर्गत शर्तों के अधीन नियोजन अनुज्ञा प्रदान की गई है। श्री व्‍ही.के. शर्मा, संयुक्‍त संचालक द्वारा, आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "01" अनुसार है। (ग) जी हाँ, जी नहीं। संस्‍था के विरूद्ध कार्यालय संयुक्‍त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय जबलपुर तथा उपायुक्‍त सहकारिता, जिला जबलपुर को प्राप्‍त शिकायतों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "02" अनुसार है। (घ) जी हाँ, अपर कलेक्‍टर (ग्रामीण) जबलपुर द्वारा संस्‍था की जाँच कर जाँच प्रतिवेदन दिनांक 26.10.2012 के अनुसार, संस्‍था द्वारा संस्‍था की उपवि‍धि क्रमांक 34 (1) 21 का उल्‍लंघन किये जाने का उल्‍लेख है। जाँच प्रतिवेदन के आधार पर तत्‍कालीन संचालक मण्‍डल पर मध्‍यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 76 (2) के तहत अभियोजन दर्ज कराने का आदेश दिनांक 27.10.2017 तथा वर्तमान कमेटी के अध्‍यक्ष द्वारा जाँच प्रतिवेदन की अनियमितता के निराकरण के संबंध में कार्यवाही न करने पर मध्‍यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53 (बी) के तहत आदेश दिनांक 31.10.2017 से अध्‍यक्ष श्री राजेश सिंह ठाकुर को संस्‍था अध्‍यक्ष पद एवं संचालक पद से 06 वर्ष की कालावधि के लिये निर्हरित किया गया। उप पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं, जबलपुर के पत्र दिनांक 15.07.2016 द्वारा संस्‍था अध्‍यक्ष को भूखण्‍ड आवंटन को निरस्‍त कर सि‍विल न्‍यायालय में रजिस्‍ट्री शून्‍य करने हेतु वाद दायर करने हेतु निर्देशित किया गया, पत्र की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र "03" अनुसार है। उत्‍तरांश के पूर्व भाग अनुसार कार्यवाही की जा चुकी है, शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सागर नगर में धर्मश्री-सागर-भोपाल बायपास मार्ग की जानकारी

[लोक निर्माण]

35. ( क्र. 1107 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत धर्मश्री-सागर-भोपाल बायपास मार्ग का अनुबंध दिनांक 18.08.2010 के अनुसार निर्माण कराया जा रहा है? अब तक किस मद में कितनी राशि व्‍यय की गयी है? उक्‍त निर्माण कार्य किस कारण से एवं कब से बंद है? कार्य को पुन: प्रारंभ करने हेतु क्‍या कार्यवाही की गयी है? (ख) क्‍या शासन द्वारा उक्‍त मार्ग की ड्राइंग में परिवर्तन किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस संबंध में अब तक क्‍या प्रगति है? (ग) क्‍या उक्‍त मार्ग के भू-अर्जन हेतु आवश्‍यक राशि कलेक्‍टर सागर को जमा कर धारा 6 की कार्यवाही राजस्‍व विभाग द्वारा की जा चुकी है? उक्‍त मार्ग कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त बायपास मार्ग निर्माण में शासकीय धन व्‍यय होने के उपरांत भी निर्माण अपने उद्देश्‍य को प्राप्‍त नहीं हुआ है? क्‍या यह सरकारी धन का दुरूपयोग नहीं है? यदि हाँ, तो इस सबके लिए उत्‍तरदायी व्‍यक्तियों/अधिकारियों पर कब तक और क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। जी नहीं। अत: प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''उन्नीस''

सागर विधान सभा क्षेत्रांतर्गत पथरिया-तिली-मोतीनगर चौराहा तक रोड निर्माण

[लोक निर्माण]

36. ( क्र. 1108 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत पथरिया से तिली होकर मोतीनगर चौराहा तक सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इस निर्माण की लागत कितनी है? सड़क की            लंबाई-चौड़ाई व मोटाई कितनी रखी गयी है? निर्माण एजेंसी कौन है? अब तक सड़क निर्माण में कौन से कार्य पर कितनी राशि व्‍यय की जा चुकी है? (ख) उक्‍त मार्ग में कितने पुल/‍ पुलिया निर्मित होना है? प्राक्‍कलन अनुसार सड़क निर्माण के लिये क्‍या-क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किये गये हैं? क्‍या निर्धारित मापदण्‍ड अनुसार किस सक्षम अधिकारी के पर्यवेक्षण में कार्य कराया जा रहा है? अधिकारी का नाम व पद बतायें? (ग) क्‍या उक्‍त सड़क निर्माण प्राक्‍लन अनुसार नहीं हो रहा है? क्‍या उक्‍त सड़क से भारी वाहनों की आवाजाही लगातार होना है/हो रही है? क्‍या प्राक्‍कलन अनुसार मार्ग निर्माण न होने की जाँच मुख्‍य तकनीकी परीक्षक से करायी गयी है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन उक्‍त सड़क निर्माण की जाँच मुख्‍य तकनीकी परीक्षक से कराकर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। लागत 3821.31 लाख है। सड़क की लंबाई, चौड़ाई एवं मोटाई की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। निर्माण एजेन्‍सी मेसर्स एस्‍कॉन इन्‍फ्राटेक प्रा.लि. पु‍लिस स्‍टेशन के पास परासिया जिला छिन्‍दवाड़ा (म.प्र.) है। विभिन्‍न कार्यों पर व्‍यय राशि का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) उक्‍त मार्ग में 27 पुल पुलियों का निर्माण किया जाना प्रस्‍तावित है सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा निर्धारित मापदण्‍ड निगम द्वारा पर्यवेक्षण सलाहकार मे. एल.एन. मालवीय इन्‍फ्रा प्रोजेक्‍ट, लिमिटेड भोपाल को नियुक्‍त किया गया, जिसमें श्री ओ.पी. शर्मा टीम लीडर के पद पर है जिनके पर्यवेक्षण में कार्य कराया जा रहा है। म.प्र. सड़क विकास निगम से इस कार्य पर श्री एम.एच. रिजवी संभागीय प्रबंधक एवं श्री एस.के. जैन सहायक महाप्रबंधक के पद पर है। (ग) जी नहीं। सड़क निर्माण प्राक्‍कलन अनुसार ही हो रहा है। जी हाँ। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) सड़क निर्माण कार्य मापदण्‍डानुसार हो रहा है। अत: किसी के दोषी होने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''बीस''

मार्ग निर्माण एवं मुआवजा की जानकारी

[लोक निर्माण]

37. ( क्र. 1110 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर इन्‍द्रा तिराहा से रेल्‍वे फाटक होते हुए जैतपुर मार्ग का निर्माण विभाग ने किस वित्‍तीय वर्ष से प्रारंभ किया है तथा विभाग ने अब तक कितने मीटर की सड़क निर्माण किया है? प्रारंभिक कालखण्‍ड से अब तक विभाग ने उक्‍त मार्ग का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कितने बार किया है? (ख) क्‍या विभाग ने मार्ग निर्माण के पूर्व किसी प्रकार की भू-अर्जन की कार्यवाही पर मुआवजा राशि का भुगतान किया है? यदि हाँ, तो किस आराजी का कितनी-कितनी राशि का मुआवजा भुगतान दिया गया है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नहर निर्माण की जानकारी

[जल संसाधन]

38. ( क्र. 1144 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता द्वारा सिहोरा विधान सभा क्षेत्रांतर्गत सिहोरा विकासखण्‍ड के बरनू जलाशय एवं मड़ई जलाशय में जल स्‍तर पर्याप्‍त न होने के कारण इनसे निकली हुई नहर एरिया में आने वाली जमीन में पानी उपलब्‍ध नहीं हो पा रहा हैं? इन नहरों से बरगी परियोजना की दायीं तट नहर से जोड़े जाने की मांग का ज्ञापन माह अगस्‍त 2017 में दिया गया था? पत्र की प्रति उपलब्‍ध करायें? पत्र में उल्‍लेखित बिंदुओं पर की गई कार्यवाही की प्रति भी उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बरगी परियोजना की दायीं तट परियोजना नहर से जलाशयों की नहरों को कनेक्‍ट कर जल प्रदाय का कार्य कब तक आरंभ कर दिया जावेगा? क्‍या यह सही है कि सिहोरा तहसील में औसत से बहुत कम वर्षा होने के कारण रबी की फसल हेतु यदि नहरों से पानी प्रदाय नहीं होता तो, किसानों के खेत में फसल नहीं हो पाएगी।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। इस वर्ष अपर्याप्‍त वर्षा होने से बरनू एवं मड़ई जलाशय में जल स्‍तर पर्याप्‍त नहीं होने के कारण इनसे निकली हुई नहर से सिंचाई हेतु पर्याप्‍त पानी उपलब्‍ध नहीं हो पा रहा है। जी हाँ। पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। पत्र में उल्‍लेखित बिन्‍दु नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण से संबंधित होने के कारण उन्‍हें उपलब्‍ध कराया गया है। (ख) बरगी व्‍यपवर्तन परियोजना के डी.पी.आर. में दायीं तट मुख्‍य नहर से उक्‍त जलाशयों को जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है। मुख्‍य अभियंता अपर नर्मदा जोन जबलपुर द्वारा अधीक्षण यंत्री जल संसाधन मण्‍डल जबलपुर को लिखे गये पत्र दिनांक 23.10.2017 में लेख अनुसार बरनू जलाशय की बरखेड़ी माइनर को बरगी दायीं तट मुख्‍य नहर से तथा महगवा डिस्‍ट्रीब्‍यूटरी को कुण्‍ड वितरक नहर से पाइप लगाकर सायफन के माध्‍यम से सिंचाई हेतु आगामी एक वर्ष के लिये अनुमति प्रदान की गई है।

परिशिष्ट - ''इक्कीस''

ओरछा में हवाई पट्टी की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

39. ( क्र. 1165 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में किन-किन स्‍थानों पर दिनांक 01/04/2016 के पश्‍चात् हवाई पट्टी बनाये जाने हेतु शासन द्वारा प्रस्‍ताव तैयार किये गये तथा इनमें से किन-किन परियोजना की तकनीकी स्‍वीकृति जारी हो गई है? (ख) क्‍या टीकमगढ़ जिले में स्थित पर्यटक स्‍थल ओरछा में एक हवाई पट्टी बनाये जाने की मांग लम्‍बे समय से की जा रही है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन ओरछा के लिए भी एक हवाई पट्टी स्‍वीकृत करने पर विचार कर रहा है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) हवाई पट्टी बनाये जाने हेतु विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। हवाई पट्टी की स्‍वीकृति की कार्यवाही लोक निर्माण विभाग के द्वारा नहीं अपितु विमानन विभाग के द्वारा की जाती है।

परिशिष्ट - ''बाईस''

जामनी एवं बेतवा पुल का निर्माण

[लोक निर्माण]

40. ( क्र. 1166 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि विधानसभा क्षेत्र निवाड़ी अंतर्गत ओरछा के जामनी व बेतवा के पुल निर्माण के अभाव में वर्षा काल में यहाँ आवागमन पूर्ण रूप से बंद रहता है? (ख) प्रश्‍नगत स्‍थान पर पुल निर्माण हेतु विभाग द्वारा क्‍या कोई कार्ययोजना प्रस्‍तावित है, यदि हाँ, तो क्‍या इस कार्य योजना को शासन तक स्‍वीकृति के लिए भेजा गया है तिथि सहित बतावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ, जी हाँ, क्रमश: (जामनी नदी) दिनांक 05.07.17 एवं (बेतवा नदी) दिनांक 01.07.17

विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र अन्‍तर्गत अधूरे निर्मित सड़क का कार्य

[लोक निर्माण]

41. ( क्र. 1211 ) श्री हेमन्‍त सत्‍यदेव कटारे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र अटेर, जिला भिण्‍ड अंतर्गत पाँच वर्ष पूर्व ग्राम ऐंतहार सारूपुरा मार्ग व्‍हाया अम्‍लेहड़ा-पुर-बीसलपुरा-चौकी-टीकरी-जारी सारूपुरा तक का रोड का निर्माण प्रारंभ कराया गया था ठेकेदार द्वारा यह मार्ग का निर्माण ग्राम बीसमलपुरा पर राजस्‍व अधिकारियों द्वारा नाप कराये जाने के बावजूद भी पूर्ण न कर बीच में ही अधूरा छोड़ दिया है इसी प्रकार ग्राम चौकी के मध्‍य भाग में सी.सी. का कार्य नहीं किया गया हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित रोड के अधूरे कार्य को पूर्ण कराने हेतु स्‍थानीय विधायक द्वारा लोक निर्माण विभाग को पत्र के माध्‍यम से अवगत कराये जाने के बावजूद भी निर्माण कार्य आज दिनांक तक पूर्ण नहीं हुआ है? यदि हाँ, तो संबंधितों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई तथा कब तक अधूरा कार्य पूर्ण करा दिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश () अनुसार।

परिशिष्ट - ''तेईस''

अधीक्षण यंत्री लो.नि. विभाग के पुन: सेवा में लिये जाना

[लोक निर्माण]

42. ( क्र. 1296 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग में पदस्‍थ अधीक्षण यंत्री श्री वी.के. भूगांवकर को दिनांक 03.08.2010 के तहत सेवा से बर्खास्‍त के आदेश किये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो कौन-कौन आरोप थे, उनकी प्रतियां दें? (ग) क्‍या श्री बी.के. भूगांवकर को लोक निर्माण विभाग द्वारा दिनांक 17.05.2017 को पुन: सेवा में लिया गया? (घ) यदि हाँ, तो किस आधार पर, शासन प्रावधानों के नियमों/आदेशों की प्रतियां दें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार। (ग) जी हाँ। (घ) शासनादेश दिनांक 17/05/2017 में उल्लेखित नियमों/आदेशों के आधार पर। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

महिला अध्‍यक्ष को नियमों का पालन न करके बदले जाना

[सहकारिता]

43. ( क्र. 1302 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उपायुक्‍त सहकारिता टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक वि.धि./2017/1440 दिनांक 05.08.2017 को मत्‍स्‍योद्योग सहकारी समिति सरकनपुर की अध्‍यक्ष महिला को पृथक किये जाने के आदेश किये थे? यदि हाँ, तो किस नियम का पालन किया गया? सम्‍पूर्ण दस्‍तावेजों एवं नियमावली की प्रतियां उपलब्‍ध कराये? (ख) क्‍या संचालक मण्‍डल की बैठक दिनांक 10.08.17 की कार्यवाही के प्रस्‍ताव एवं ठहराव क्र. 02 पर एवं क्र. 01 पर पूर्व अध्‍यक्ष को बदलकर महिला अध्‍यक्ष को सर्व सम्‍मति एवं बहुमत से चुना गया और विधिवत उपायुक्‍त कार्यालय को सूचना दी गई फिर भी उपायुक्‍त द्वारा उक्‍त समिति को सुपर सीट करके भंग कर दिया इस प्रकार समिति को भंग एवं सुपर सीट किन नियमों के तहत किया गया? सम्‍पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायेंगे, यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या शासन के नियमों के वितरीत कार्य करने वाले उपायुक्‍त के विरूद्ध कार्यवाही प्रस्‍तावित करेंगे, यदि हाँ, तो कब तक समयावधि बतायें यदि नहीं, तो क्‍यों तथा संचालक मण्‍डल के प्रस्‍ताव ठहराव के अनुसार मत्‍स्‍योद्योग सहकारी समिति की महिला अध्‍यक्ष को पुन: अध्‍यक्ष पद कार्य करने हेतु आदेश जारी कब तक कर दिये जावेंगे? बताये यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। उपायुक्त सहकारिता, टीकमगढ़ द्वारा मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53बी (1) के अंतर्गत अध्यक्ष को पद से पृथक करने की कार्यवाही हेतु लेख किया गया था। मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 53बी (1) के अंतर्गत। प्रावधान संलग्‍न परिशिष्ट पर है। (ख) जी हाँ। उपायुक्त सहकारिता, जिला टीकमगढ़ द्वारा मत्स्योद्योग सहकारी समिति सरकनपुर को, मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 53 (1) (बी/ख) के तहत अधिष्ठित किया गया। (ग) जी हाँ। कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर दिया गया है।

परिशिष्ट - ''चौबीस''

उपयंत्रियों व सहायक परियोजना यंत्रियों के परिवार के सदस्यों द्वारा विभागान्तर्गत ठेकेदारी

[लोक निर्माण]

44. ( क्र. 1357 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या लोक निर्माण विभाग गुना व लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. गुना में पदस्थ उपयंत्रियों व सहायक परियोजना यंत्रियों के परिवार के सदस्य जैसे- भाई, पत्नी के भाई, साढ़ू बगैरह उक्त विभाग के अन्तर्गत ठेकेदारी कर रहे हैं अथवा नहीं? यदि हाँ, तो उन उपयंत्री/सहायक यंत्री की जानकारी देवें? (ख) क्या लोक निर्माण विभाग गुना व लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. गुना में पदस्थ उपयंत्रियों व सहायक परियोजना यंत्री ऐसे भी हैं जिनके परिवार के सदस्य गुना जिले के अन्य शासकीय विभाग में ठेकेदारी कर रहे हैं? (ग) क्या ऐसे उपयंत्री व सहायक परियोजना यंत्री हैं जो लो.नि.वि. गुना में पदस्थ हैं व उनके परिवार के सदस्य, भाई गुना के शासकीय विभागों में ठेकेदारी कर रहे हैं तो उन पर क्या कार्यवाही की गई या क्या कार्यवाही की जा रही हैं? (घ) क्या ऐसे उपयंत्री व सहायक परियोजना यंत्री हैं जिनके परिवार के सदस्य ठेकेदारी कर रहे हैं उनके ठेके निरस्त किये जावेंगे? या ऐसे उपयंत्री व सहायक परियोजना यंत्री को अन्य जिले में पदस्थ किया जावेगा क्‍या भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति को रोका जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) पी.आई.यू. गुना में पदस्थ समस्त परियोजना यंत्री एवं सहायक परियोजना यंत्री से प्राप्त शपथ पत्र के आधार पर पी.आई.यू. गुना में पदस्थ श्री एम.के. जैन, सहायक परियोजना यंत्री के बड़े भाई लोक निर्माण विभाग (भ/प) गुना में ठेकेदारी कार्य कर रहे है। (ग) जी नहीं। कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं। (घ) ठेके निरस्त करने का ठोस आधार नहीं, अतः ठेका निरसत करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। पदस्थापना प्रशासनिक आधार पर की जाती है। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

घटिया निर्माण कार्य की जानकारी

[लोक निर्माण]

45. ( क्र. 1358 ) श्रीमती ममता मीना : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संभागीय परियोजना यंत्री, लो.नि.वि.पी.आई.यू. गुना द्वारा प्रश्‍नकर्ता के शिकायत पत्र के जबाब में पत्र क्रं. 1098/तक/2015-16 गुना दिनांक 01-12-2015 को पत्र दिया, जिसमें जाँच प्रतिवेदन संलग्न किया गया था। यदि हाँ, तो क्‍या उसमें घटिया निर्माण कार्य पाया गया? यदि हाँ, तो उस पर क्या कार्यवाही की गई? (ख) क्या चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में जो हाईस्कूल निर्माण कार्य चल रहे है जिनमें घटिया रेत का उपयोग किया जा रहा है, सरिया भी अधूरा डाला जा रहा है, घटिया निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं? कोई भी वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण करने नहीं आते हैं? किसी ठेकेदार के पास लेब नहीं हैं ऐसे घटिया निर्माण कार्यों पर क्या कार्यवाही की जावेगी?                 (ग) लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू. गुना किसी भी सहायक परियोजना यंत्री या परियोजना यंत्री को हेड क्वाटर चांचौड़ा में पदस्थ नहीं किया गया है वह तीन-तीन माह तक निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने निर्माण स्थल पर नहीं जाते, जिसके कारण चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र में घटिया निर्माण कार्य किये जा रहा हैं, इसके लिये कौन जवाबदार हैं? (घ) क्या चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र में विगत दो वर्ष से घटिया निर्माण कार्य लो.नि.वि. पी.आई.यू. द्वारा कराये जा रहे हैं, उनके संभागीय परियोजना यंत्री, परियोजना यंत्री, सहायक परियोजना यंत्री व ठेकेदारों पर कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी नहीं, अपितु छोटे-मोटे सुधार कार्य आवश्‍यक पाये गये है। छोटे-मोटे कार्यों को सुधारा गया है। (ख) जी नहीं। घटिया रेत का उपयोग नहीं किया जा रहा है। डिजाइन के अनुसार सरिया डाला जा रहा है। कोई भी कार्य घटिया निर्माण का नहीं किया जा रहा है। समय-समय पर वरिष्‍ठ अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाता है। ठेकेदारों द्वारा लैब स्‍थापित की गई है। कार्यवाही का प्रश्‍न ही नहीं उठता है। (ग) शासन द्वारा जो पी.आई.यू. विभाग की संरचना की गई है। उसके अंतर्गत समस्‍त परियोजना यंत्री एवं सहायक परियोजना यंत्री का मुख्‍यालय जिले पर ही रखा गया है। सहायक परियोजना यंत्री एवं परियोजना यंत्री एवं एस.क्‍यू.सी. द्वारा नियमित रूप से कार्यों का पर्यवेक्षण किया जाता है। चांचौड़ा विधानसभा के अंतर्गत घटिया निर्माण कार्य नहीं किये जा रहे है। कोई जवाबदार नहीं है। (घ) जी नहीं। प्रश्‍न ही नहीं उत्‍पन्‍न होता है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की गाईड लाईन के विरूद्ध वित्तीय अनियमितता

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

46. ( क्र. 1359 ) श्रीमती ममता मीना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के वर्ष 2016 खरीफ फसल में कितने किसानों के के.सी.सी. पर बीमा प्रीमियम काटा गया, बैंकवार सूची दें? क्‍या समस्‍त ऋणी किसानों से बीमा प्रीमियम लिया, यदि नहीं, तो कारण सहित बतायें? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित तथ्यानुसार जिले में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया,एच.डी.एफ.सी. बैंक एवं जिला सहकारी बैंक की शाखाओं द्वारा योजना के निर्देशों के विपरीत सभी ऋणी किसानों का बीमा प्रीमियम वर्ष 2016 खरीफ योजनान्‍तर्गत क्यों काटा, कुछ किसानों का बीमा नहीं काटा गया, इसके लिए कौन उत्तरदायी है? (ग) क्या प्रश्नांश (क) और (ख) में वर्णित तथ्यों का विभाग द्वारा उन किसानों को बीमा दावा राशि वर्ष 2016 खरीफ का दिलाया जावेगा,जिन क्षेत्रों की फसल नष्ट हुई थी किन्‍तु प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित बैंकों ने प्रीमियम नहीं काटा या कम काटा इसके लिये कौन उत्‍तरदायी है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख) और (ग) में वर्णित तथ्यानुसार ऐसे कितने ऋणी किसान जिले में है, जिनका प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2016 खरीफ सोयाबीन में प्रीमियम नहीं काटा, कम काटा है? क्या फसल बीमा योजना की गाईड लाईन अनुसार वित्तीय बैंक और बीमा कंपनी उत्तरदायी है? क्या विभाग उन छूटे किसानों को बीमा क्लेम बैंक और बीमा कम्पनी से दिलायेगा या नहीं? क्या संबंधितों पर कार्यवाही होगी या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ वर्ष 2016 के अन्‍तर्गत गुना जिले की बैंक शाखाओं वित्‍तीय संस्‍थाओं द्वारा प्राप्‍त कृषक सूची/घोषणा पत्र अनुसार बीमित कृषकों की बैंक शाखावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जिलें में बैंकों द्वारा ऋणी किसानों का नियमानुसार प्रीमियम काटा गया है, यदि किसी प्रकरण में प्रीमियम कम काटा गया है, तो इसके लिये संबंधित बैंक उत्‍तरदायी है। (ग) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ वर्ष 2016 अन्‍तर्गत गुना जिले की बैक शाखाओं/संस्‍थाओं द्वारा प्राप्‍त कृषक सूची/घोषणा पत्रों अनुसार बीमित ऋणी कृषकों में पात्र कृषकों को भुगतान की गई दावा राशि की बैंक शाखावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जानकारी निरंक है। अत: जाँच एवं कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्‍तर्गत प्रीमियम एवं बीमा क्लेम राशि में वित्तीय अनियमितता

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

47. ( क्र. 1360 ) श्रीमती ममता मीना : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गुना जिले में फसल बीमा योजना के अनुसार क्‍या सम्‍पूर्ण ऋणी किसानों की खरीफ 2016 फसल का सम्‍पूर्ण ऋणी कृषकों का बीमा किये जाने की योजना थी या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या सभी बैंकों द्वारा सभी ऋणी कृषकों का फसल बीमा का प्रीमियम काटकर कंपनी को देने का प्रावधान किया है या नहीं? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) में वर्णित तत्‍यानुसार गाईडलाईन में किसी बैंक द्वारा ऋणी किसानों का प्रीमियम नहीं काटा या कम काटा उस क्षेत्र में उनकी फसलें नष्‍ट हुई है तो देय दावा राशि भुगतान करने की जिम्‍मेदारी क्‍या बैंक और कंपनी की है या नहीं? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार यूनियन बैंक ऑफ इडिया, एच.डी.एफ.सी. बैंक एवं जिला सहकारी बैंक द्वारा ऋणी किसानों का प्रीमियम कम क्यों काटा और 25 प्रतिशत किसानों की फसलें नष्ट होने से उन्हें बीमा क्लेम मिला है तो क्या विभाग वर्णित बैंकों के ऋणी किसान जिनका प्रीमियम कम काटा है या काटा ही नहीं है उन्हें भी बीमा दावा क्लेम की जाँच कराकर भुगतान करायेगा? ऐसे किसानों की संख्‍या पटवारी हल्‍का सहित बतावें? (घ) क्या विभाग द्वारा प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) में वर्णित गाईडलाईन अनुसार ऋणी एवं ड्यू किसान जिन्हें शासन की नीति अनुसार वर्ष2016 की फसल बीमा दावा क्लेम राशि का भुगतान ब्याज सहित छूट गये किसानों का भुगतान, जाँच एवं कार्यवाही कब तक कराई जाएगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रचालन मार्गदर्शिका अनसार ऐसे समस्‍त कृषक जिन्‍होंने किसी वित्‍तीय संस्‍था द्वारा फसल ऋण प्राप्‍त किया है, की फसलों का बीमांकन किया जाना अनिवार्य है। जिले की सभी बैंकों द्वारा ऋणी कृषको के फसल बीमा की प्रीमियम काटकर प्रावधान अनुसार कंपनी को भेजी गई है। (ख) योजना की प्रचालन मार्गदर्शिका के बिन्‍दु क्र. XXIV के उप बिन्‍दु IV के (ड.) की प्रति जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) खरीफ 2016 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एच.डी.एफ.सी. बैंक एवं जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक द्वारा ऋणी किसानों का प्रीमियम काटा गया है एवं एच.डी.एफ.सी. इरगो कंपनी से प्राप्‍त बीमा क्‍लेम राशि का संबंधित कृषकों के खातों में उनकी फसलों के नुकसान का नियमानुसार भुगतान किया गया है। (घ) उत्‍तरांश (क) (ख) एवं (ग) के संदर्भ में जाँच एवं कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पच्चीस''

गाँधी सागर बांध में रामपुरा स्थित रिंगवॉल के समीप अतिक्रमण

[जल संसाधन]

48. ( क्र. 1482 ) श्री कैलाश चावला : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गांधी सागर बांध में रामपुरा स्थित रिंगवॉल के समीप जल संसाधन की कुल कितनी भूमि उपलब्‍ध हैं? उक्‍त भूमि का किस कार्य हेतु उपयोग किया जा रहा है? (ख) क्‍या उक्‍त भूमि पर कुछ व्‍यक्तियों द्वारा अतिक्रमण कर व्‍यवसाय प्रारंभ किए जा रहे हैं एवं व्‍यक्ति के खिलाफ न्‍यायालय में प्रकरण भी चल रहा है जिस पर ध्‍यान आकर्षित करते हुए प्रश्‍नकर्ता द्वारा दिनांक 8 फरवरी, 2017 एवं दिनांक 5 अप्रैल 2017 को कार्यपालन यंत्री जलसंसाधन संभाग नीमच एवं कलेक्‍टर जिला नीमच को अतिक्रमण पर कार्यवाही करने हेतु पत्र लिखे गए थे? उक्‍त पत्रों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उक्‍त रिंगवॉल पर एक पम्‍प हाउस बना हुआ है, पिछले तीन वर्षों में उक्‍त पंप हाउस का उपयोग जुलाई से सितम्‍बर माह में विगत 5 वर्षों में कितने दिन किया गया? प्रतिमाह कितने घण्‍टे पम्‍प चलाया गया, इसकी जानकारी भी दें? यदि पम्‍प विद्युत/डीजल से चलाया गया तो खर्च की जानकारी देवें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) राजस्‍व अभिलेख अनुसार जल संसाधन विभाग की 3.75 हे. भूमि। उक्‍त भूमि का उपयोग वर्षाऋतु में रामपुरा नगर को बाढ़ से बचाने के लिए किया जाना प्रतिवेदित है। (ख) प्रश्‍नाधीन भूमि पर श्री गंगाराम पिता कालू लुहार निवासी रामपुरा द्व&