Top of Form

मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 04 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


(वर्ग 3 : गृह, जेल, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, संसदीय कार्य, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्‍ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास)

खण्‍डवा में यातायात व्‍यवस्‍था का सुचारू संचालन

1. ( *क्र. 175 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खण्‍डवा यातायात पुलिस विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में कितने चालान बनाए गए तथा कितनी राशि का अर्थदण्‍ड अधिरोपित किया गया है? दो पहिया एवं चार पहिया की पृथक-पृथक जानकारी दी जाए। (ख) क्‍या यातायात पुलिस की मनमानी से खण्‍डवा नगर के नागरिक एवं व्‍यापारियों ने परेशान होकर आन्‍दोलन किये थे? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? (ग) यातायात में बाधित कितने हरे वृक्षों को विभाग द्वारा कटवाया गया है? नगर के बड़े हरे-भरे वृक्षों को काटने के विरूद्ध यातायात/संबंधित विभाग द्वारा कहां-कहां एवं कब-कब क्षतिपूर्ति पौधारोपण किया गया? (घ) क्‍या यातायात पुलिस विभाग द्वारा वन-वे के नाम पर बाम्‍बे बाजार व्‍यवसायियों को प्रताड़ि‍त किया गया तथा अवैध वसूली की गई? यदि हाँ, तो यातायात विभाग के ऐसे जिम्‍मेदार अधिकारियों पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। विगत दो वर्षों में यातायात खण्डवा द्वारा कुल चालान-7101 बनाये गये, जिसमें राशि रूपये 3070850/- की अर्थदण्ड के रूप में वसूली की गई है, जिसमें दो पहिया वाहन 4932 तथा चार पहिया वाहन 2043 चालान हैं। (ख) जी नहीं। यातायात पुलिस की मनमानी से नागरिकों एवं व्यापारियों को परेशान नहीं किया जा रहा है, अपितु यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्ती से विधिवत कार्यवाही की जा रही है। (ग) जी नहीं, यातायात पुलिस द्वारा शहर में हरे भरे वृक्ष की कटाई नहीं की गई है। (घ) जी नहीं, वर्तमान में इस प्रकार की कोई व्यवस्था लागू नहीं है, न ही इसके कारण व्यापारियों को प्रताड़ि‍त किया जा रहा है ना ही अवैध वसूली की जा रही है, किंतु नगर सड़क सुरक्षा समिति के द्वारा दिनांक 14.07.2015 को हुई बैठक में सर्वसम्मति से एकांकी मार्ग प्रायोगिक तौर पर घोषित किया गया था। व्यापारियों एवं नागरिकों की असुविधा के संबंध में चैम्बर्स आफ कॉमर्स एवं शिवसेना द्वारा दिये गये ज्ञापनों के आधार पर उक्त बाम्बे बाजार का वन-वे समाप्त कर दिया गया है। यातायात विभाग द्वारा किसी प्रकार की मनमानी एवं प्रताड़ना की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

मोतियाबिंद ऑपरेशन में लापरवाही

2. ( क्र. 3127 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2015-16 में जिला बड़वानी एवं श्‍योपुर में आंखों में मोतियाबिंद के ऑपरेशन शिविरों के पश्‍चात् मरीजों की आंखें खराब होने की प्राप्‍त शिकायतों के पश्‍चात् क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? जिला बड़वानी एवं श्‍योपुर में शिविरों में ऑपरेशन हुए मरीजों के नाम, पिता का नाम, उम्र, निवास का पता सहित जानकारी दें। (ख) क्‍या माह नवंबर 2015 में जिला श्‍योपुर में आयोजित नेत्र ऑपरेशन शिविर में ऑपरेशन कराने वाले मरीजों द्वारा भी आंखों से धुंधला दिखाई देने, आँखों की रोशनी चले जाने की शिकायत पर मरीजों का परीक्षण किया गया? यदि हाँ, तो किन-किन मरीजों का पुन: परीक्षण किया? ऑपरेशन में लापरवाही के कारणों का पता लगाने के लिये किस-किस अधिकारी द्वारा जाँच की गई? जाँच में क्‍या तथ्‍य सामने आए? किन-किन अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? कितने मरीजों की आंखों की रोशनी पूर्णत: चली गई है? (ग) प्रश्‍नांश (क) की अवधि में ऑपरेशन असफल होने पर मरीजों की आंखों की रोशनी चले जाने पर उन्‍हें रूपये 5000.00 प्रतिमाह पेंशन दिए जाने की मा. मुख्‍यमंत्री जी की घोषणा के अनुरूप जिला बड़वानी में किन-किन मरीजों को पेंशन स्‍वीकृत की गई है? क्‍या जिला श्‍योपुर के मरीजों को भी रूपये 5000.00 प्रतिमाह पेंशन स्‍वीकृत की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या भविष्‍य में आंखों के ऑपरेशन शिविरों में सर्जरी से बचने के लिये समस्‍त जिला चिकित्‍सालयों में लेज़र मशीन उपलब्‍ध कराने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखे गए पत्र पर क्‍या शासन गंभीरता से विचार कर जिला चिकित्‍सालयों को लेज़र मशीन उपलब्‍ध कराने का निर्णय लेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) वर्ष 2015-16 में जिला बड़वानी एवं श्योपुर में आंखों में मोतियाबिंद के ऑपरेशन शिविरों के पश्चात मरीजों की आंखें खराब होने की प्राप्त शिकायतों के पश्चात जिला बड़वानी मे निम्न कार्यवाही की गई :- 1. सभी संक्रमित मरीजों को बड़वानी से एम.व्हाय.एच. इंदौर तथा अरविन्दो चिकित्सालय इंदौर उपचार हेतु भेजा गया। 2. कलेक्टर बड़वानी द्वारा रेडक्रास सोसायटी बड़वानी से इंदौर भेजे गये मरीजों को राशि 5000/- रूपये एवं स्थानीय अस्पताल में इलाज करवाने वाले मरीजों को राशि 2000/- रूपये प्रति मरीज सहायता प्रदान की गई। 3. नेत्र शिविर मे दिनांक 16 नवम्बर, 2015 से 23 नवम्बर, 2015 तक कुल 86 मरीजों का ऑपरेशन किया गया, जिसमें से 68 मरीजों की आंखों मे संक्रमण हुआ, शासन द्वारा 68 रोगियों को प्रति रोगी राशि रूपये 2 लाख का भुगतान किया गया तथा सामाजिक एवं न्याय विभाग के माध्यम से 65 नेत्र रोगियों को आजीवन प्रति रोगी रूपये 5000/- प्रति माह सहायता राशि दिसम्बर 2015 से प्रदान की जा रही है। नेत्र शिविर में ऑपरेशन हुए मरीजों के (नाम, पिता/पति का नाम, उम्र, निवास का पता) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार 4. संचालक के निरीक्षण उपरांत प्रथम दृष्टया दोषी डॉ. अमर सिंह विश्नार, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय बड़वानी, डॉ. आर.एस. पलोड, नेत्र रोग विशेषज्ञ, श्री प्रदीप चोगडे नेत्र सहायक, श्रीमती लि‍ली वर्मा स्टाफ नर्स, विनीता चौहान स्टाफ नर्स, शबाना मंसूरी, स्टाफ नर्स, माया चौहान, स्टाफ नर्स को दोषी पाया गया, जिनको निलंबित कर दिया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार 5. शासन स्तर से उच्च स्तरीय जाँच दल अपर मुख्य सचिव (वित्त विभाग), अधिष्ठाता, चिकित्सा महाविद्यालय इन्दौर एवं विभागाध्‍यक्ष, माइक्रोबाईलोजी विभाग, एम्स भोपाल द्वारा जाँच की गई। जाँच प्रतिवेदन का परीक्षण किया जा रहा है। जिला श्योपुर मे निम्न कार्यवाही की गई :- 1. वर्ष 2015-16 में दिनांक 26 एवं 27 नवम्बर 2015 को जिला चिकित्सालय श्योपुर में नेत्र विशेषज्ञों के द्वारा 66 मरीजों के नेत्र ऑपरेशन किये गये थे। दिनांक 11.01.2016 को मरीजों के टांके काटे गये थे, उस समय कुछ मरीजों के द्वारा कम दिखने की शिकायत बताई गई थी। कैम्प के मरीजों का जिला चिकित्सालय श्योपुर की नेत्र ईकाई में पुन: परीक्षण कराया गया, जिसमें मरीजों की आँखों में नेत्र संक्रमण नहीं पाया गया तथा उनको चश्में प्रदाय किये गये। दिनांक 26-27 नवम्बर 2015 को आयोजित नेत्र शिविर में ऑपरेशन हुए मरीजों के (नाम, पिता/पति का नाम, उम्र, निवास का पता) की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार(ख) जी हाँ। पुनः परीक्षित मरीजों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार जिला श्योपुर में संचालक तथा उप संचालक (नेत्र) तथा क्षेत्रीय संयुक्त संचालक ग्वालियर द्वारा जाँच की गयी। श्योपुर मे मोतियाबिंद ऑपरेशन के दौरान प्रोटोकॉल का पालन पूर्णतः नहीं किया गया, परन्तु मरीजों की आंखों में किसी प्रकार का कोई संक्रमण नहीं पाया गया। संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें मध्यप्रदेश द्वारा डॉ. एस.के. तिवारी, प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला श्योपुर, डॉ. निर्मला छत्रसाली, नेत्र चिकित्सक मेडिकल कॉलेज ग्वालियर, डॉ. आर.के. गुप्ता, नेत्र चिकित्सक, मेडिकल कॉलेज ग्वालियर को अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-5 अनुसार श्योपुर में कैम्प डयूटी के दौरान मरीजों के पूर्ण रिकार्ड संधारण न करने के कारण श्री गंगासिंह जाटव उप स्वास्थ्य केन्द्र धीरोली सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बडोदा एवं श्री मातादीन जाटव, उप स्वास्थ्य केन्द्र जावदेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बडोदा बहुउददेशीय कार्यकर्ता को एवं नेत्र सहायक महेन्द्र प्रताप सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कराहल को निलंबित किया गया तथा तीन नेत्र सहायकों क्रमशः रविकिशोर दीक्षित, संजीव यादव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बडोदा, आदर्श सक्सेना जिला चिकित्सालय श्योपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये। किसी भी मरीज की आंखों की रोशनी पूर्णतः नहीं गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-6 अनुसार(ग) जी हाँ बड़वानी जिले में कुल 65 रोगियों को आजीवन मासिक सहायता राशि रू. 5000.00 स्वीकृत कर दिसम्बर 2015 से भुगतान किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7 अनुसार। जी नहीं प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं, प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नरसिंहपुर जिले में गेंहू की खरीदी

3. ( *क्र. 3689 ) श्री संजय शर्मा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले में वर्ष 2014-15 में गेंहू खरीदी के कितने केंद्र बनाये गये थे? केंद्रवार जानकारी प्रदान करें। (ख) इन केंद्रों पर कितनी मात्रा में गेंहू का उपार्जन किया गया? (ग) उक्‍त उपार्जित की गई गेंहू किस-किस परिवहन ठेकेदार के माध्‍यम से किस-किस गोदाम/वेयर हाउस में भेजी गई? (घ) क्‍या जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा परिवहनकर्ता ठेकेदारों के विरूद्ध जाँच संस्‍थापित की गई थी, की गई कार्यवाही का विवरण प्रदान करें?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) नरसिंहपुर जिले में वर्ष 2014-15 में समर्थन मूल्‍य पर गेंहू उपार्जन हेतु 71 केन्‍द्र बनाये गये थे। केन्‍द्रवार उपार्जित गेंहू की मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) नरसिंहपुर जिले में प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित उपार्जन केन्‍द्रों पर 13,77,643.09 क्विंटल गेंहू का उपार्जन किया गया। (ग) नरसिंहपुर जिले में वर्ष 2014-15 में उपार्जित गेंहू के परिवहन हेतु श्री नरेन्‍द्र राजपूत नरसिंहपुर गोटेगांव एवं करेली तेन्‍दुखेड़ा सेक्‍टर एवं श्री सुभाष ट्रांसपोर्ट गाडरवारा सेक्‍टर हेतु परिवहनकर्ता नियु‍क्‍त थे। परिवहनकर्ता द्वारा उपार्जन केन्‍द्रों से परिवहन कर गोदामवार भंडारण हेतु भेजी गई गेंहू की मात्रा की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अनूपपुर जिले में पालन-पोषण, देख-रेख योजना का क्रियान्‍वयन

4. ( *क्र. 3274 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अनूपपुर जिले के विभिन्‍न महिला एवं बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत वर्ष, 2013-14 से 2015-16 तक पालन पोषण देख-रेख योजना से वर्षवार परियोजनावार कितने-कितने लोगों को लाभ दिया गया? लाभार्थियों की संख्‍या बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार जिला एवं परियोजनावार वर्षवार कितनी-कितनी धनराशि प्राप्‍त हुई तथा प्राप्‍त आवंटन किन-किन कार्यों में व्‍यय किया गया? (ग) पालन-पोषण, देख-रेख योजना से किस प्रकार लाभ दिया जाता है तथा प्रति व्‍यक्ति/बच्‍चा प्रतिमाह कितनी राशि दिये जाने का प्रावधान है? क्‍या योजना में नगद राशि भी बच्‍चों के माता-पिता को देने का प्रावधान है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '1' पर है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '2' पर है। (ग) पालन-पोषण देखरेख योजना के अंतर्गत बच्‍चों का पालन पोषण करने में असमर्थ माता पिता के बच्‍चों एवं विपत्तिग्रस्‍त बच्‍चे जो अपने परिवार से बिछड़ गये हैं, को अल्‍पकालीन एवं दीर्घकालीन पालन पोषण योजना में लाभ दिया जाता है। योजना के अंतर्गत 2000/- रूपये प्रति बच्‍चा/प्रतिमाह दिये जाने का प्रावधान है। योजना में नगद राशि बच्‍चों के माता-पिता को देने का प्रावधान नहीं है।

परिशिष्ट - ''एक''

विभागीय योजनाओं में बजट आवंटन

5. ( *क्र. 2761 ) श्री गोपाल परमार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शाजापुर/आगर जिले को विभाग से वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में किस-किस मद में कितनी-कितनी राशि का आवंटन स्‍वीकृत किया गया है? मदवार जानकारी देवें एवं कार्यालय प्रमुख द्वारा किन-किन मदों में कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई है? (ख) क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा निविदा प्रक्रिया के अंतर्गत किन-किन सामग्री/औजार हेतु निविदत्‍त दर निर्धारित की गई है? आगर/शाजापुर जिले में निविदत्‍त न्‍यूनतम दरों पर एवं निविदत्‍त संस्‍था सामग्री/औजार क्रय न किये जाकर नोडल ऐजेंसी/उपक्रमों एवं कोटेशन से क्रय की कार्यवाही की जा रही है? क्रय कार्य में वित्‍तीय अनियमितता रोकने हेतु शासन द्वारा क्‍या-क्‍या ठोस कार्यवाही की जा रही है एवं निविदत्‍त दर से क्रय कार्यवाही न की जाकर नोडल ऐजेंसी/उपक्रम तथा स्‍थानीय कोटेशन से किन नियमों के अंतर्गत की जा रही है? (ग) क्‍या उक्‍त जिलों में नियमों के विरूद्ध खरीदी की गई है? यदि हाँ, तो विगत 2 वर्षों में क्‍या सामग्री क्रय की गई है? क्रय की गई सामग्री की तादात एवं दर से अवगत करावें? जाँच में अनियमितता पाये जाने पर शासन अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही करेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) शाजापुर/आगर जिले को विभाग से वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में मदवार आवंटन एवं कार्यालय प्रमुख द्वारा किये गये व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं '''' अनुसार(ख) अस्पतालों में लगने वाली आवश्यक सामाग्रियाँ एवं मशीन व उपकरणों में निविदा आमंत्रित कर दरें निर्धारित की गईं हैं। यदि उपरोक्त में से किसी सामग्री की दर निर्धारित नहीं हैं तो शासन की अन्य अधिकृत एजेन्सियों के द्वारा निर्धारित दर पर क्रय किया जा सकता है। अतिआवश्यक एवं समय कम होने पर स्थानीय स्तर पर निविदा/कोटेशन आमंत्रित कर, न्यूनतम दर पर सामग्रियाँ क्रय की जा सकती हैं। उपरोक्त कार्यवाही म.प्र. शासन के भण्डार क्रय नियमों के अंतर्गत की जाती है। वित्तीय अनियमितता पाये जाने पर संबंधित शासकीय सेवक के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। (ग) जी नहीं।

शास. चिकित्‍सालयों में दवाई/इंजेक्‍शन का नि:शुल्‍क वितरण

6. ( *क्र. 2304 ) श्री अरूण भीमावद : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में शास. चिकित्‍सालयों में मरीजों को नि:शुल्‍क दवाईयां/इंजेक्‍शन प्रदाय की जाती हैं, उनमें से कौन-कौन सी दवाईयां/इंजेक्‍शन शासन स्‍तर से या स्‍थानीय स्‍तर पर क्रय किये जाने के प्रावधान हैं? (ख) क्‍या नि:शुल्‍क दवाईयां/इंजेक्‍शन को स्‍टाक पंजी में सूचीबद्ध एवं इनकी उपलब्‍ध संख्‍या के मान से किया जाता है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या स्‍टाक समाप्‍त होने के पूर्व ही दवाईयां/इंजेक्‍शन क्रय किये जाना चाहिए, जिससे मरीजों को हमेशा प्राप्‍त होती रहे? (घ) जिला चिकित्‍सालय शाजापुर में मरीजों को नि:शुल्‍क दवाईयां/इंजेक्‍शन क्‍यों नहीं प्राप्‍त होते हैं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। प्रदेश में शासकीय चिकित्सालयों में निःशुल्क दवांईयां एवं इंजेक्शन प्रदाय किये जाते हैं। जो दवांईयों एवं इंजेक्शन ई-औषधि की दर सूची में उपलब्ध नहीं है। उनका क्रय दवा नीति 2009 में निहित प्रावधान अनुसार आवंटित बजट की 20 प्रतिशत राशि से स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है। (ख) एवं (ग) जी हाँ। (घ) जिला चिकित्सालय शाजापुर में मरीजों को निःशुल्क/दवांईयाँ/इंजेक्शन ई.डी.एल. सूची के अनुसार उपलब्ध रहते हैं एवं मरीजों को निःशुल्क वितरण किये जाते हैं।

शस्‍त्र लायसेंस बनवाने की प्रक्रिया का सरलीकरण

7. ( *क्र. 3451 ) श्री महेश राय : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र, बीना में विगत दो वर्षों में कितने शस्‍त्र लायसेंस जारी किये गये? (ख) शस्‍त्र लायसेंस बनवाने में कितनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है? बिन्‍दुवार अवगत करावें। (ग) क्‍या शस्‍त्र लायसेंस बनवाने की प्रक्रिया का सरलीकरण नहीं किया जा सकता?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) सागर जिले की बीना विधानसभा से संबंधित क्षेत्र में विगत दो वर्षों में 07 शस्त्र लायसेंस स्वीकृत किये गये हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) आवेदक के द्वारा शस्त्र लायसेंस प्राप्त करने हेतु निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत करने के पश्चात आवेदन में प्रस्तुत जानकारी के संबंध में पुलिस अधीक्षक, सागर से निर्धारित प्रपत्र में प्रतिवेदन प्राप्त किया जाता है। पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा किये जाने पर संबंधित तहसीलदार का प्रतिवेदन अनुविभागीय दण्डाधिकारी के माध्यम से प्राप्त होने पर जिला दण्डाधिकारी द्वारा शस्त्र लायसेंस स्वीकृति के संबंध में कार्यवाही की जाती है। (ग) गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप विभाग द्वारा परिपत्र क्र. एफ 16-498/11/बी-1/दो, दिनांक 26.03.2011 के तहत शस्त्र लायसेंस बनवाने हेतु प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

परिशिष्ट - ''दो''

राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्र. 69 पर लूट की घटना पर कार्यवाही

8. ( *क्र. 4297 ) श्री जालम सिंह पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 23/01/2016 को राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्र. 69 पर ब्‍यावरा-पवारखेड़ा के बीच लॉजिस्टिक हब के समीप लूट की घटना होने संबंधी एफ.आई.आर. भारतीय दंड विधान की धारा 394/397 अंतर्गत पंजीबद्ध की गई थी। (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त घटना का संक्षेप में विवरण देते हुए यह भी बताएं कि घटना की जानकारी पुलिस को कब प्राप्‍त हुई एवं घटना स्‍थल पर पुलिस के कौन-कौन अधिकारी कब-कब पहुंचे। (ग) प्रश्‍न दिनांक तक घटना में लिप्‍त अपराधियों को पकड़ने हेतु क्‍या क्‍या कार्यवाही की गई है, कब तक अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। (घ) घटना में घायलों को चिकित्‍सा सुविधा एवं आर्थिक सहायता हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है।

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रकरण के फरियादी श्री विजय कुमार राय चंदानी स्वयं की प्रायवेट कार से परिवार के सदस्यों के साथ भोपाल से इटारसी जा रहे थे। रात्रि लगभग 12:00 बजे घटना स्थल पर पहुंचने पर कार का टायर पंचर हो गया। टायर को बदलते समय तीन अज्ञात व्यक्तियों ने श्री विजय कुमार राय चंदानी एवं परिवार के सदस्यों के सिर में डंडे से गंभीर चोट पहुंचाई तथा नगदी दो लाख रूपये एवं पहने हुए सोने के जेवरात तथा मोबाईल फोन जर्बदस्‍ती लूट कर ले गये। घटना की सूचना थाना इटारसी में दिनांक 23.01.2016 को रात्रि करीब 00:50 बजे प्राप्त हुई। घटना स्थल पर थाना प्रभारी इटारसी रात्रि लगभग 02:00 बजे अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) इटारसी एवं होशंगाबाद लगभग 04:00 बजे प्रातः अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, होशंगाबाद करीब 05:00 बजे प्रातः पुलिस अधीक्षक, होशंगाबाद एवं एफ.एस.एल. अधिकारी व डॉग स्क्वाड लगभग 06:00 बजे प्रातः तथा पुलिस महानिरीक्षक, होशंगाबाद जोन, होशंगाबाद लगभग 10:00 बजे घटना स्थल पर पहुंचे थे। (ग) प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक होशंगाबाद द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, होशंगाबाद के नेतृत्व में विवेचना टीम का गठन किया गया है। प्रकरण की विवेचना में घटना स्थल के आसपास एवं इस कार्य प्रणाली से संबंधित पूर्व अपराधियों से पूछताछ की गई है। घटना स्थल का निरीक्षण एफ.एस.एल.टीम एवं डाग स्क्वाड द्वारा किया गया है। प्रकरण में मोबाइल फोन डाटा विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस महानिरीक्षक, होशंगाबाद द्वारा अपराध के अभियुक्तों की सूचना देने एवं गिरफ्तारी हेतु 25,000/- रूपये के इनाम की उद्घोषणा की गई है। प्रकरण में विधि अनुरूप विवेचना की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) इस बिन्दु के संबंध में उपरोक्त प्रकरण में घायलों की एम.एल.सी. कराई गई एवं आर्थिक सहायता के संबंध में कोई आवेदन प्राप्त नहीं होने से सहायता प्रदान नहीं की गई।

नवीन पुलिस थाने की स्‍थापना

9. ( *क्र. 59 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला सिंगरौली अंतर्गत वर्तमान में नये पुलिस थाने खोले जाने की शासन की योजना है? (ख) यदि हाँ, तो कहां-कहां कितने नये पुलिस थाने स्‍थापित किये जायेंगे और इनका भवन निर्माण आदि का कार्य कब तक पूरा कर लिया जायेगा?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। (ख) जिला सिंगरौली में महिला थाना एवं नवानगर थाने की स्थापना का प्रस्ताव विचाराधीन है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

आंगनवाड़ी सहायिकाओं की सेवानिवृत्‍ति‍ में अनियमितता

10. ( *क्र. 4024 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष है? यदि हाँ, तो शासन आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करायें? (ख) विगत वर्ष 2011-12 से 2015-16 तक कुक्षी विधानसभा में कितनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं को सेवानिवृत्ति प्रदाय की गई? (ग) क्‍या शासन को गलत तरीके से सेवानिवृत्‍त किये जाने के संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो उत्‍तरदायी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र एक पर है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र दो पर है। (ग) जी नहीं। अपितु धार जिले में दिनांक 19/01/2016 की जनसुनवाई में एकीकृत बाल विकास परियोजना डही अंतर्गत ग्राम पीपलूद बरजनियापुरा की आंगनवाड़ी सहायिका को सेवानिवृत्‍त किये जाने संबंधी 01 शिकायत प्राप्‍त हुई, जिसकी जाँच प्रचलित है।

परिशिष्ट - ''तीन''

कटनी जिले के थानों में स्‍वीकृत पुलिस बल

11. ( *क्र. 3336 ) कुँवर सौरभ सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी जिले में कुल कितने थाने है तथा उक्‍त थानों में कितना बल स्‍वीकृत है? कितने कार्यरत हैं? कितने पद रिक्‍त हैं? पदवार थानावार पृथक-पृथक बताएं। (ख) कटनी जिले में डायल 100 योजना में किस-किस थाने में कितना बल तैनात किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में पुलिस बल की कमी को दूर किए बि‍ना डायल 100 में भी प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में पुलिस बल क्‍यों तैनात किया गया है? इससे अपराध नियंत्रण में और भी कठिनाई नहीं होगी? डायल 100 से जिले में अभी तक इस योजना से क्‍या लाभ हुआ? (घ) कटनी जिले में डायल 100 द्वारा कितने अपराध विगत एक वर्ष में पकड़े गये? थानावार विवरण दें।

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) जानकारी निम्नानुसार है :- कोतवाली-4, कुठला-3, माधवनगर-4, एन.के.जे-4, स्लीमनाबाद-4, रीठी-3, बहोरीबंद-2, विजयराघवगढ़-2, बरही-4, कैमोर-2, बड़वारा-2, उमरियापान-3, ढीमरखेड़ा-4 (ग) डायल-100 योजना के लिए पृथक से बल का प्रावधान नहीं है। अतः उपलब्ध बल में तैनाती की गई है। थानों में उपलब्ध बल का डायल-100 में लगाने से अपराध नियंत्रण में कोई कठिनाई नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है तथा अपराधों पर तत्काल एवं प्रभावी नियंत्रण करना संभव हो सका है। (घ) अपराधों के पंजीबद्ध करने संबंधी कार्यवाही थाना स्तर पर की जाती है, डायल-100 एक First Response Vehicle है, जिसके द्वारा घटना की सूचना मिलने पर त्वरित कार्यवाही की जाती है। जिला कटनी में डायल-100 दिनांक 06.12.2015 से प्रभावशील है, जिसमें अभी तक राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से भेजी गई सूचनाओं के आधार पर समुचित कार्यवाही की गई। थानावार कार्यवाही निम्नानुसार है :- कोतवाली-851, माधवनगर-719, कुठला-355, एन.के.जे.-245, कैमोर-248, स्लीमनाबाद-287, बरही-477, बहोरीबंद-281, विजय राघवगढ़-290, बड़वारा-294, रीठी-441, उमरियापानप-270, ढीमरखेड़ा-200.

परिशिष्ट - ''चार''

अपमिश्रित मिलावटी अमानक खाद्य/पेय पदार्थों के नमूनों की जांच

12. ( *क्र. 2204 ) श्री अंचल सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला जबलपुर में पदस्‍थ किन-किन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य पेय पदार्थ, डिब्‍बा बंद व बोतल बंद पेय पदार्थों, दुग्‍ध निर्मित पदार्थों के नमूने लिये गये? कितनी मात्रा में नकली देशी घी एवं मावा जप्‍त किया गया एवं किन-किन पर कार्यवाही की गई? वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 की सूची माहवार पृथक-पृथक देवें। (ख) प्रश्‍नांकित नमूनों को जाँच हेतु कब भेजा गया, इनकी जाँच रिपोर्ट कब प्राप्‍त हुई? कौन-कौन से नमूने जाँच में अपमिश्रित मिलावटी अमानक गुणवत्‍ताविहीन व मिथ्‍याछाप पाये गये हैं तथा नमूनों के किन-किन प्रकरणों में क्‍या कार्यवाही की गई? किन-किन प्रकरणों में अभियोजन की स्‍वीकृति किससे ली गई एवं किन प्रकरणों में स्‍वीकृति नहीं ली गई? स्‍वीकृति न लेने का कारण बतावें। (ग) प्रश्‍नांकित किन-किन प्रकरणों में न्‍यायालय में चालान कब किस अधिकारी द्वारा पेश किया गया एवं वर्तमान में कितने प्रकरणों में चालान पेश नहीं किया गया है, क्‍यों कारण बतावें? न्‍यायालय से दोष मुक्‍त किन-किन प्रकरणों में अपील की गई एवं किन-किन प्रकरणों में अपील नहीं की गई क्‍यों? क्‍या ऐसे दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर शासन कार्यवाही करेगा, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार। कार्यवाही नियमानुसार होने से शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

इंदौर जिले में महिला अपराध के दर्ज प्रकरण

13. ( *क्र. 1556 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विगत 3 वर्षों में इंदौर जिले में महिलाओं पर हुए अपराधों (बलात्‍कार, चेन स्‍नेचिंग, छेड़खानी, मानव तस्‍करी, खुदकुशी) की संख्‍या बढ़ी हैं? विगत 3 वर्षों में इंदौर जिले के थानेवार महिलाओं पर हुए अपराधों के दर्ज प्रकरणों की संख्‍या बतावें? (ख) प्रश्‍न (क) अनुसार इंदौर जिले में महिलाओं पर बढ़ रहे अपराधों को रोकने हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ। यह सही है कि विगत तीन वर्षों में इंदौर जिले में घटित हुए बलात्कार, चैन स्नेचिंग, छेड़खानी, मानव तस्करी, खुदकुशी के महिला अपराधों की कुल संख्या में वृद्धि हुई है। विगत तीन वर्षों में इंदौर जिले में महिलाओं पर हुए अपराधों के दर्ज प्रकरणों की थानावार एवं वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) महिलाओं पर हो रहे अपराधों की रोकथाम के लिये जिले में जिला महिला प्रकोष्ठ, निर्भया पेट्रोलिंग मोबाईल, महिला हेल्पलाईन, महिला डेस्क, महिला परामर्श केन्द्रों की स्थापना की गई है जो महिलाओं पर होने वाले अपराधों को नियंत्रण करने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

सामग्री क्रय हेतु राशि का आवंटन

14. ( *क्र. 4227 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में विभाग में एक अप्रैल 2013 से प्रश्‍नतिथि तक क्‍या-क्‍या सामग्री खरीदे जाने हेतु कितनी-कितनी राशि का आवंटन किस-किस स्‍थान हेतु हुआ? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार कितनी संख्‍या में क्‍या-क्‍या सामग्री खरीदी गयी? प्राप्‍त सभी निविदाओं की दरें एवं फर्मों/संस्‍थाओं के नाम/पते दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित खरीदी गयी सामग्रियों को किस-किस स्‍थान पर दिया गया? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित समयानुसार खरीदी गयी सामग्रियों का भुगतान किसको, कितना-कितना किया गया?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) भिण्‍ड जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन को एक अप्रैल 2013 से प्रश्‍न तिथि तक क्या-क्या सामग्री खरीदे जाने हेतु कितनी-कितनी राशि का आवंटन हुआ , जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) से (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कर्मचारियों को भुगतान

15. ( *क्र. 3001 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के अस्‍पतालों में किन-किन कार्यों हेतु कौन-कौन सी आउटसोर्सिंग ऐजेंसी को अनुबंधित किया गया है? टेण्‍डर की शर्तें क्‍या हैं। किस दर पर आउटसोर्स किया गया है एवं टेण्‍डर की अवधि कब तक है? चिकित्‍सालयवार, कार्यवार संपूर्ण विवरण उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या उज्‍जैन जिले में जिला चिकित्‍सालय एवं अन्‍य अस्‍पतालों में आउटसोर्सिंग ऐजेंसी को अनुबंधित किया गया है, टेण्‍डर शर्तों के अनुसार उक्‍त एजेंसियों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को किस दर पर भुगतान किया जाना था, कर्मचारियों को हुए भुगतान को किस अधिकारी ने कब-कब जांचा? (ग) क्‍या टेण्‍डर में चेक द्वारा भुगतान की शर्त होने के बाद भी सफाई कर्मचारियों को व्‍हाउचर द्वारा भुगतान करके उनका शोषण किया जा रहा है एवं टेण्‍डर अवधि समाप्‍त होने के पश्‍चात भी बिना टेण्‍डर निकाले आज दिनांक तक उन्‍हीं आउटसोर्स ऐजेंसी से कार्य करवाया जा रहा है? ऐसे नियम विरूद्ध कार्य करने वाले अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? समय-सीमा बतावें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। कर्मचारियों को प्रचलित कलेक्टर दर पर भुगतान किया जाता है। जिला चिकित्सालय उज्जैन में आउटसोर्स ऐजेंसी के कर्मचारियों को भुगतान हेतु प्रतिमाह ऐजेंसी द्वारा प्रस्तुत देयकों का नोडल अधिकारी/आर.एम.ओ. द्वारा परीक्षण एवं जाँच के उपरान्त भुगतान की स्वीकृति दी जाती है। इसके अतिरिक्त विकासखण्ड के अन्य चिकित्सालयों में कर्मचारियों को किये गये भुगतान को खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा परीक्षण एवं जाँच उपरान्त भुगतान किया जाता है। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें, इन्दौर संभाग इन्दौर के ऑडिटर दल द्वारा दिनांक 25.8.2015 एवं राज्य स्वास्थ्य समिति मध्यप्रदेश से नियुक्त ऑडिट दल द्वारा दिनांक 31/12/2015 को ऑडिट किया जा चुका है। (ग) भुगतान के संबंध में विभागीय ऑडिट दल द्वारा किये गये अंकेक्षण में कर्मचारियों को ई-पेमेन्ट द्वारा भुगतान नहीं किये जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उज्जैन को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी उज्जैन द्वारा अनुबंध अवधि का विस्तार कर आउटसोर्स ऐजेंसी से कार्य कराया जा रहा है। जी हाँ। दोषी पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

छतरपुर जिलांतर्गत आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का संचालन

16. ( *क्र. 4124 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छतरपुर जिले के किस विकासखण्‍ड में कितने आंगनवाड़ी केन्‍द्रों का संचालन किया जा रहा है, इन आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को गत तीन वर्षों में कितना आहार किस वर्ष में उपलब्ध करवाया है? (ख) उपलब्ध करावाये गये आहार की डिमांड विरूद्ध कितना पोषण आहार प्राप्‍त हुआ। (ग) किस सप्‍लायर को कितने पोषण आहार का किस दिनांक को कितनी राशि का भुगतान किया गया? भुगतान सप्‍लाई किये गये पोषण आहार के आधार पर किया गया या प्रेषित डिमांड के आधार पर किया गया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) छतरपुर जिले के अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों की विकासखण्‍डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। उक्‍त संचालित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में विगत 3 वर्षों में सांझा चूल्‍हा कार्यक्रम अंतर्गत स्‍वसहायता समूहों द्वारा उपलब्‍ध कराये गये पेाषण आहार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। एम.पी. एग्रो के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराये गये टेक होम राशन की विगत तीन वर्षों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है। (ख) पोषण आहार की मांग के विरूद्ध सांझा चूल्‍हा कार्यक्रम के तहत प्राप्‍त पोषण आहार की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 4 अनुसार है तथा एम.पी. एग्रो के माध्‍यम से मांग के विरूद्ध प्राप्‍त टेक होम राशन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 5 अनुसार है। (ग) सांझा चूल्‍हा कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में स्‍वसहायता समूहों द्वारा पूरक पोषण आहार प्रदाय किया जा रहा है। समूहों द्वारा वर्ष 2015-16 में प्रदाय पोषण आहार की राशि के भुगतान की दिनांक सहित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 6 अनुसार है। समूहों को प्रदाय पोषण आहार के आधार पर भुगतान की कार्यवाही की जाती है, डिमांड के आधार पर नहीं।

औषधियों की गुणवत्‍ता की जाँच

17. ( *क्र. 4231 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि. अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या-70 (क्रमांक 1118) दिनांक 24 जुलाई, 2015 के प्रश्‍नांश (ग) में बताए अनुसार कि औषधि की गुणवत्‍ता नियंत्रण के लिये औषधि प्राप्‍त होने के 3 दिवस के भीतर चिन्हित एक्रीडेटेड प्रयोगशालाओं को सेंपल भेजना अनिवार्य है, तो मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी भिण्‍ड/मुरैना/श्‍योपुर द्वारा वर्ष 2012 से प्रश्‍नांश दिनांक तक कब कौन सी औषधि किस प्रयोग शाला में भेजी गई? क्‍या रिपोर्ट प्राप्‍त हुई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत समयावधि में प्रयोग शाला में न भेजने के कारण भिण्‍ड/मुरैना/श्‍योपुर के किस अधिकारी को कब कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया? प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या उत्‍तर प्राप्‍त हुआ? क्‍या दण्‍ड निर्धारित किया गया?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिण्ड/मुरैना/श्योपुर द्वारा वर्ष 2012 से प्रश्नांश दिनांक तक प्रयोगशाला में भेजी गई औषधि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार रिपोर्ट में औषधि मानक स्तर की पाई गई। वर्ष 2012 में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की रिपोर्ट में कुछ दवाईयां अमानक स्तर की पाई गईं। (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में अमानक स्तर की पाई गई दवाईयों के मूल्य की वसूली फर्म द्वारा की गई एवं संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को भी दण्डित किया गया।

सतना जिलांतर्गत पोषण आहार का वितरण

18. ( *क्र. 2798 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या एन.आई.एन. की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सतना जिले में 1,50,00 से अधिक बच्‍चे कुपोषित हैं? क्‍या यह सर्वे 0 से 05 वर्ष तक के बच्‍चों का किया गया था? (ख) क्‍या शासन द्वारा धात्रीमाता, गर्भवती माता एवं बच्‍चों के लिये पोषण आहार का वितरण आंगनवाड़ी केन्‍द्रों के माध्‍यम से किया जा रहा है? क्‍या उक्‍त पोषण आहार एम.पी. एग्रो द्वारा आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को सप्‍लाई किया जा रहा है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) सही है तो स्‍पष्‍ट है कि एम.पी. एग्रो द्वारा जो पोषण आहार आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को वितरित किया जा रहा है, वह गुणवत्‍ताहीन है और कुपोषण को रोकने में सफल नहीं है? इस पोषण आहार का कब-कब प्रयोगशाला में गुणवत्‍ता परीक्षण कराया गया है? रिपोर्ट दें। (घ) गुणवत्‍ताविहीन पोषण आहार करने वाली संस्‍था को कब तक ब्‍लैक लिस्‍टेड कर दिया जावेगा? कुपोषण के लिये दोषी अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी नहीं आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में 06 माह से 03 वर्ष तक के बच्‍चों, गर्भवती/धात्री माताओं हेतु एम.पी. एग्रो के माध्‍यम से टेकहोम राशन के रूप में विभिन्‍न खाद्य सामग्री निर्धारित प्रोटीन/कैलोरी की मात्रा सहित फोर्टीफाईड एवं उच्‍च गुणवत्‍ता युक्‍त प्रदाय की जाती है। उक्‍त पोषण आहार से बच्‍चों के पोषण स्‍तर में सुधार हुआ है तथा कुपोषण को रोकने में सफलता मिली है। उक्‍त पूरक पोषण आहार (टेकहोम राशन) की प्रतिमाह प्रत्‍येक बैच की गुणवत्‍ता की जाँच भारत सरकार महिला बाल विकास खाद्य एवं पोषण आहार बोर्ड नई दिल्‍ली की प्रयोगशाला से कराई जाती है। नमूना जाँच की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट पर है। (घ) गुणवत्‍ताविहीन पूरक पोषण आहार (टेकहोम राशन) का प्रदाय नहीं किया गया है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

आंगनवाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार का प्रदाय

19. ( *क्र. 3893 ) श्री दिनेश राय : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) सिवनी जिले में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों पर किस-किस स्‍वसहायता समूहों द्वारा मध्यान्ह भोजन का कार्य कब से कराया जा रहा है? उन समूहों के सदस्‍य एवं कार्यकारिणी से अवगत कराया जावे? क्‍या सभी सदस्‍य वास्‍तविकता में गरीबी रेखा के नीचे के हैं, उनकी वस्‍तुस्थिति की जाँच की गई है? विधानसभावार, वर्षवार जानकारी देवें। (ख) क्‍या विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने चहेते समूहों से वर्षों से आंगवाड़ी केंद्रों में भोजन का कार्य कराया जा रहा है, निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जाती है? यदि हाँ, तो ऐसा क्‍यों? यदि नहीं, तो पिछले 3 वर्षों में कब-कब निविदा बुलाई गई और कौन-कौन समूहों द्वारा निविदा प्रपत्र प्राप्‍त हुए संचालित समूहों को किस आधार पर प्राथमिकता दी गई है? (ग) मध्‍यान्‍ह भोजन का कार्य कर रहे समूहों की पिछले 3 वर्षों में कितनी शिकायतें प्राप्‍त हुईं और उन पर क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां की गई, शिकायतकर्ता एवं जाँचकर्ता के नाम, पद सहित पृथक-पृथक विवरण दिया जावे? समूहों द्वारा बनाये जाने वाली भोजन के गुणवत्‍ता की जाँच की जाती है? यदि हाँ, तो पिछले 3 वर्षों में कब-कब जाँच की गई? विधानसभावार जानकारी दें। सिवनी जिले में वर्तमान की स्थिति में कितने स्‍व-सहायता समूह मध्‍यान्‍ह भोजन का कार्य कर रहे है? क्‍या संचालित समूहों का अंकेक्षण कराया जाता है? यदि हाँ, तो उनके द्वारा कितना-कितना लाभ अर्जित किया गया? क्‍या उस लाभांश को समूह के गरीब सदस्‍यों में वितरित किया जाता है? इस संबंध में समूह के सदस्‍यों एवं विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाकर उन्‍हें जानकारी दी जाती है?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जिला सिवनी में कुल 11 परियोजना संचालित हैं, जिनमें स्व सहायता समूहों द्वारा नवम्बर 2009 से सांझा चूल्हा कार्यक्रम अंतर्गत कुल 2020 आंगनवाड़ी एवं मिनी आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम संचालित नहीं किया जाता है। स्व सहायता समूह का गठन ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जाता है तथा समूहों की जानकारी ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ही संधारित की जाती है। मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में संलग्न स्व सहायता समूहों के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय कार्य किया जा रहा है। जिले में कुल 652 स्व सहायता समूह द्वारा पूरक पोषण आहार प्रदाय कार्य किया जा रहा है। समूहों का नाम एवं कार्यकारिणी अध्यक्ष एवं सचिव के नाम की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी नहीं। सिवनी जिले की एकीकृत बाल विकास परियोजना सिवनी शहरी परियोजना नगर पालिका अंतर्गत क्षेत्र सिवनी में 01 परियोजना संचालित है। परियोजना सिवनी शहरी के आंगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार वितरण हेतु 03 वर्षों में बुलाई गई निविदा का विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। ग्रामीण क्षेत्र की कुल 10 परियोजनायें संचालित हैं, जिसमें पूर्व से शासकीय शाला में मध्यान्ह भोजन प्रदाय करने वाले स्व सहायता समूहों से ही आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय करने के शासन निर्देशों के अंतर्गत स्व सहायता समूह से कार्य लिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र में स्व सहायता समूह का चयन निविदा बुलाकर किए जाने का प्रावधान नहीं है। (ग) महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम संचालित नहीं किया जाता है। मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में संलग्न स्व सहायता समूहों के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय कार्य किया जाता है। सांझा चूल्हा कार्यक्रम अंतर्गत कार्य कर रहे स्व-सहायता समूह के विरूद्ध पिछले 03 वर्षों में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शासन निर्देशानुसार सांझा चूल्हा अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्र में प्रदाय पूरक पोषण आहार कार्यक्रम का अंकेक्षण मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अनुसार किए जाने का प्रावधान है। लाभांश वितरण समूह का आंतरिक विषय है। स्व सहायता समूहों की सामान्य बैठक प्रति 3 माह में पर्यवेक्षक द्वारा बुलायी जाती है।

आशा कार्यकर्ताओं को कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि का भुगतान

20. ( *क्र. 2564 ) पं. रमेश दुबे : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में आशा कार्यकर्ताओं को कितनी राशि बतौर मानदेय प्रतिमाह भुगतान की जाती है? क्‍या मध्‍य प्रदेश के सभी जिलों में आशा कार्यकर्ताओं को समय पर प्रतिमाह मानदेय का भुगतान किया जाता है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) छिंदवाड़ा जिले में आशा कार्यकर्ताओं को कितने माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है? और क्‍यों? विकासखण्डवार जानकारी दें। (ग) क्‍या विकासखण्‍ड चौरई और विछुआ में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अंतर्गत कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं को विगत 4 माह से उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है? यदि हाँ, तो क्‍यों? इसके लिये कौन जिम्‍मेदार है? कब तक लंबित मानदेय का भुगतान कर दिया जावेगा? (घ) क्‍या शासन उक्‍त तथ्‍य को संज्ञान में लेकर छिंदवाड़ा जिले के आशा कार्यकर्ताओं को समय पर प्रतिमाह उनके मानदेय का भुगतान किये जाने का आदेश देगा और समय पर भुगतान नहीं करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों की जिम्‍मेदारी नियत कर उनके विरूद्ध कार्यवाही का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं, आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय राशि नहीं बल्कि उन्हें कार्यआधारित प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जी हाँ, यथासंभव आशा कार्यकर्ताओं को प्रति माह कार्यआधारित प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता है। कभी-कभी बजट राशि की अनुपलब्धता के कारण भुगतान विलंब से होता है। (ख) प्रश्‍न भाग की जानकारी निम्नांकित अनुसार है :-

क्र.

विकासखण्ड का नाम

लंबित भुगतान

भुगतान नहीं करने का कारण

1.

अमरवाड़ा

जनवरी 16

बजट राशि उपलब्ध नहीं होने से

2.

परासिया

जनवरी 16

3.

सौंसर

जनवरी 16

4.

तामिया

जनवरी 16

5.

जामई

दिसंबर 15, जनवरी 16

6.

मोहखेड़

दिसंबर 15, जनवरी 16

 

(ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अमानक दवाईयों की खरीदी पर कार्यवाही

21. ( *क्र. 3835 ) श्री उमंग सिंघार : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक अमानक दवाईयों के खरीदने, वितरित करने, उपयोग करने, नष्‍ट करने, इत्‍यादि से संबंधित कितने मामले, सरकार के संज्ञान में आये? (ख) विभाग के भार साधक मंत्री ने उपरोक्‍त मामले की जाँच, परीक्षण, कार्यवाही करने हेतु कब-कब किसे-किसे, निर्देश दिये? (ग) मंत्री जी ने विभाग के अधिकारियों के साथ प्रश्‍नांश (क) में वर्णित मुद्दों पर, कौन-कौन सी, बैठक में निर्देश दिये? (घ) उपरोक्‍त क्रय में वे कौन-कौन से मामले हैं, जिसमें की दवाई गुणवत्‍ता रिपोर्ट प्राप्‍त होने की तिथि से पूर्व ही, उनका भुगतान कर दिया गया और किस-किस का पार्ट, में आंशिक रूप से दिया गया? क्‍या दोषी को दंडित किया गया?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) 2012 से प्रश्न दिनांक तक अमानक पाईं गईं दवाईयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। विभाग द्वारा अमानक दवाई न खरीदी जाती हैं, न ही वितरित एवं उपयोग में ली जाती है। दवाईयों के नमूने जाँच हेतु भेजे जाते हैं। गुणवत्ता परीक्षण में अमानक पाये जाने पर दवाईयों का उपयोग नहीं किया जाता है। (ख) विभाग के माननीय मंत्री जी ने उपरोक्त मामले की जाँच, परीक्षण, कार्यवाही करने हेतु समय-समय पर विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। (ग) मंत्री जी ने विभाग के अधिकारियों के साथ, प्रश्नांश (क) में वर्णित मुद्दों पर विभाग की बैठक में निर्देश दिये। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। दोषी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये थे।

विभागीय कर्मचारियों की सेवानिवृत्‍ति‍ उम्र में विसंगति

22. ( *क्र. 3461 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍टाफ नर्स की प्रशिक्षण अवधि 4 वर्ष, ए.एन.एम. की प्रशिक्षण अवधि 18 माह तथा एल.एच.वी. की प्रशिक्षण अवधि 6 माह है और सभी की सेवानिवृत्‍ति‍ उम्र 65 वर्ष निर्धारित है? (ख) क्‍या फार्मासिस्‍ट, लैब टेक्‍नीशियन, रेडियो ग्राफर, नेत्र सहायक की प्रशिक्षण अवधि 2 वर्ष है और सेवा निवृत्‍त उम्र 60 वर्ष निर्धारित है? (ग) क्‍या उक्त विसंगति को दूर कर फार्मासिस्‍ट, लैब टेक्‍नीशियन, रेडियो ग्राफर, नेत्र सहायकों की भी सेवानिवृत्‍ति‍ की उम्र 65 वर्ष की जाकर सेवानिवृत्‍ति‍ की अवधि में विसंगति को दूर किया जायेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) बी.एस.सी. नर्सिंग प्रशिक्षण की अवधि 4 वर्ष एवं जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण अवधि वर्ष 2015-16 से 3 वर्ष है। बी.एस.सी. नर्सिंग प्रशिक्षण एवं जनरल नर्सिंग प्रशिक्षण से उत्तीर्ण उम्मीदवारों को स्‍टॉफ नर्स के पद पर नियुक्ति दी जाती है। इनकी शासन द्वारा सेवानिवृत्ति‍ आयु 65 वर्ष निर्धारित है। ए.एन.एम. की प्रशिक्षण अवधि 24 माह है एवं एल.एच.व्ही. प्रशिक्षण अवधि 06 माह है एवं इनकी सेवानिवृत्ति आयु शासन द्वारा 65 वर्ष निर्धारित है। (ख) जी हाँ, जी हाँ। (ग) तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु शासन द्वारा 60 वर्ष निर्धारित है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

बैरसिया विधानसभा अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण

23. ( *क्र. 4240 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत कितने नवीन आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई थी? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में से कितने आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण पूर्ण हो गया है एवं कितने का निर्माण कार्य शेष है? सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित शेष आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण अब तक प्रारंभ नहीं होने के क्‍या कारण हैं और इनका निर्माण कब तक पूर्ण हो जावेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) बैरसिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 19 नवीन आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2015-16 में तेरहवें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त हुई थी। सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में समस्त 19 आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्य अप्रारंभ होकर अपूर्ण हैं। सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र पर है। (ग) आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्य की तकनीकी स्वीकृति संबधी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। तकनीकी स्वीकृति प्राप्त होते ही भवनों के निर्माण की कार्यवाही की जावेगी। समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''छ:''

आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण

24. ( *क्र. 37 ) श्री वेलसिंह भूरिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विधान सभा क्षेत्र सरदारपुर के अंतर्गत कितनी आंगनवाड़ि‍याँ स्‍वीकृत हैं? इनमें से कितनी आदिवासी क्षेत्रों में एवं कितनी अन्‍य क्षेत्रों में संचालित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में कितनी आंगनवाड़ि‍याँ शासकीय भवनों में संचालित हैं एवं कितनी भवनविहीन हैं? (ग) विधान सभा क्षेत्र सरदारपुर के अंतर्गत वर्ष 2013-14 वर्ष 2014-15 में विभाग द्वारा कितने आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण किया गया है? क्‍या इन निर्मित भवनों का सत्‍यापन किसी अधिकारी द्वारा किया गया है? (घ) क्‍या उक्‍त भवनों का निर्माण तकनीकी मापदण्‍डों के अनुसार नहीं किये जाने संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, तो इस पर क्‍या कार्यवाही की गई और यदि नहीं, तो क्‍यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) धार जिले में विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर के अंतर्गत 02 परियोजनाएं (सरदारपुर-1 एवं सरदारपुर-2) में 411 आंगनवाड़ी केन्द्र एवं 10 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र इस प्रकार कुल 421 आंगनवाड़ी केन्द्र स्वीकृत हैं। इनमें से 347 आंगनवाड़ी केन्द्र आदिवासी क्षेत्र में तथा 74 अन्य क्षेत्रों में संचालित हैं। (ख) विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर अंतर्गत कुल 421 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 208 विभागीय भवनों में, 104 अन्य शासकीय भवनों में तथा 109 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में (भवनविहीन) संचालित हैं। (ग) विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर अंतर्गत वर्ष 2013-14 मे 16 आंगनवाड़ी सेक्टर स्तरीय कार्यालय सह आंगनवाड़ी केन्द्र (आंगनवाड़ी सह बैठक कक्ष भवन) की स्वीकृति दी गई है, इनमें से 13 भवन निर्माण पूर्ण हो चुके हैं तथा 03 भवन निर्माणाधीन हैं। वर्ष 2014-15 में भवनों के निर्माण की स्वीकृति नहीं दी गई है। निर्मित भवनों का सत्यापन अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सरदारपुर जिला धार द्वारा किया गया है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में वाहनों का उपयोग

25. ( *क्र. 940 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों पर मरीजों की सुविधा हेतु वाहनों का उपयोग किन-किन योजनाओं के लिये किया जाता है? नाम बतायें। (ख) मंदसौर जिले में कितने सामुदायिक एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर वाहनों की सुविधा उपलब्‍ध है? अलग-अलग बतावें। (ग) जिले में जिन वाहनों का उपयोग मरीजों की सुविधा हेतु किया जा रहा है, उनमें कितने शासकीय कितने निजी वाहन हैं? (घ) विभाग द्वारा निजी वाहन ठेके पद्धति से लिए गये हैं या प्रतिदिन उपयोगिता से किराये पर लिये जाते हैं एवं इनका प्रति कि.मी. का क्‍या रेट तय किया गया है? राशि बतावें। अगर कोई ठेकेदार है तो ठेकेदार एवं मालिक का नाम बतावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) शासन द्वारा प्रदेश के स्वास्थ्य केन्द्रों पर मरीजों की सुविधा हेतु वाहनों का उपयोग जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं हेतु किया जाता है। (ख) मंदसौर जिले के अंतर्गत 4 सामु.स्वा. केन्द्रों (मल्हारगढ़, शामगढ़, सुवासरा, सीतामऊ) एवं 9 प्राथ. स्वास्थ्य केन्द्रों (धुंधड़का, कयामपुर, नाहरगढ़, नारायणगढ़, बुढ़ा, संधारा, मेलखेड़ा, निम्बोद, संजीत) पर वाहनों की सुविधा उपलब्ध है। (ग) 11 शासकीय एवं 31 निजी वाहन हैं। (घ) 31 निजी वाहन ठेके पद्धति से लिये गये हैं। 21 जननी एक्सप्रेस वाहनों के ठेकेदार श्री दीपक अग्रवाल, दित्या इन्टरप्राइजेस, इंदौर हैं एवं इनकी दर प्रति किलोमीटर रू. 16.90/- है। 10 वाहन आर.बी.एस.के. अंतर्गत ठेके से संचालित हैं। इनमें से श्री हेमेन्द्र पहाड़ि‍या मल्हारगढ़ के 03, श्री चिन्तामणि शर्मा बालाजी ट्रेवल्स के 02 एवं श्री संजय सोनी मंदसौर, बृजमोहन बैरागी सांई ट्रेवल्स, श्री महेन्द्र गौतम गौतम ट्रेवल्स, श्री शोभाराम जाटव मेलखेड़ा तथा श्री पुरालाल गौड़ मेलखेड़ा के 01-01 वाहन हैं। इन सभी वाहनों की न्यूनतम दर प्रतिमाह 1500 किमी. संचालन हेतु रू. 23800/- है।

 


 






 

 

 

 

 

 

 

Top of Form

भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


जिला डिण्‍डरी में संचालित गोदाम

1. ( क्र. 29 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वेयर हाऊस एण्‍ड लॉजिस्टिक कार्पो. द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक जिला-डिण्‍डोरी में कितने गोदाम कितने किराये पर किन-किन लोगों से, कब से कब तक के लिए लिये गये हैं? (ख) वेयर हाऊस एण्‍ड लॉजिस्टिक कार्पो. के जिला डिण्‍डोरी में कितने गोदाम, कहां-कहां, कितनी-कितनी क्षमता के संचालित हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में वर्ष 2013, 14, 15 में वर्षवार प्रत्‍येक गोदामों में क्षमता के विरूद्ध कितना-कितना भण्‍डारण किया गया? (घ) भंडार गृह किराये पर लेने के क्‍या-क्‍या मापदण्‍ड हैं? क्‍या कोई गोदाम ऐसा है, जिसके ऊपर से हाई टेंशन विद्युत लाईन जा रही है, क्‍या सुरक्षा की दृष्टि से यह उचित है? यदि नहीं, तो किसकी गलती से गोदाम किराये पर लिया गया है?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) म.प्र. वेयर हाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन द्वारा प्रथम आओ प्रथम पाओ के सिद्धांत को दृष्टिगत रखते हुए ऑनलाईन आवेदन करने वाले गोदाम मालिकों से वरीयता के आधार पर गोदाम किराये पर लिये जाते हैं। जी हाँ, डिण्‍डोरी जिले के शहपुरा में श्री कपिल/कमल/जयप्रकाश गुप्‍ता का 1,575 मे. टन क्षमता का गोदाम है, जिसके ऊपर से हाई टेंशन विद्युत लाईन गई है। उक्‍त गोदाम पूर्व में किराये पर लिया गया था। तत्‍समय उसके ऊपर से हाई टेंशन विद्युत लाईन नहीं गई थी। उक्‍त गोदाम के ऊपर वर्तमान में हाई टेंशन लाईन है। हाई टेंशन लाईन चालू होने के पूर्व उक्‍त गोदाम को खाली कर दिया गया है एवं वह गोदाम म.प्र. वेयर हाउसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के आधिपत्‍य में नहीं है।

परिशिष्ट ''सात''

चिकित्‍सा संबंधी निर्देश

2. ( क्र. 331 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छोटे शहरों, कस्‍बों एवं गांवों में (अस्‍पताल) में कार्यरत BAMS, BHMS चिकित्‍सकों को आकस्मिक दुर्घटनाओं (आग से जलना, करंट लगना, गिरना, हथियार की चोट, सड़क दुर्घटना) से ग्रसित मरीजों का ईलाज करना पड़ता है? क्‍या इन परिस्थितियों में प्रथम दृष्‍टया चिकित्‍सक को ऐसे मरीजों की वास्‍तविक स्थिति की जानकारी, परीक्षण, ईलाज, मरणासन्‍न बयान अथवा पुलिस रिपोर्ट (MLC) से संबंधित समस्‍त दस्‍तावेज बनाने की पात्रता है, अथवा नहीं? (ख) यदि पात्रता है तो प्रदेश में इनके लिये क्‍या निर्देश, नियम एवं प्रावधान हैं? (ग) यदि पात्रता नहीं है तो प्रदेश में इनके लिये क्‍या निर्देश, नियम एवं प्रावधान है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। पात्रता नहीं है। (ख) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) प्रावधान की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

जिला/राज्‍य बीमारी सहायता निधि के भुगतान में विलं‍ब

3. ( क्र. 382 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला/राज्‍य बीमारी सहायता निधि के अंतर्गत गरीबी रेखा के मरीजों को मान्‍यता प्राप्‍त निर्धारित अस्‍पतालों में ईलाज कराने पर सहायता राशि का भुगतान संबंधित अस्‍पताल को किया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो बतावें कि वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में जबलपुर जिले में कितने ऐसे मरीजों की सहायता राशि भुगतान की गई है? अस्‍पतालवार विवरण देवें? (ग) क्‍या सहायता राशि के प्रकरण प्राप्‍त होने पर स्‍वीकृत करने तक की कोई समय-सीमा निर्धारित है? (घ) ऐसे कितने प्रकरण हैं, जिन्‍हें सहायता राशि अब तक उपलब्‍ध नहीं कराई गई है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्ष 2014-15 में कुल 296 मरीजों के उपचार हेतु सहायता राशि रूपये 31661573/- एवं वर्ष 2015-16 में कुल 366 मरीजों के उपचार हेतु सहायता राशि रूपये 40530600/- स्वीकृत कर अस्पताल को भुगतान की गई। अस्पतालवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। 10 कार्य दिवस समय-सीमा निर्धारित है। (घ) जबलपुर जिले में जिला बीमारी सहायता निधि के अन्तर्गत 140 प्रकरण स्वीकृत हो चुके है जिसका भुगतान चिकित्सालय को किया जाना है।

आंगनवाड़ी भवन का निर्माण

4. ( क्र. 383 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पनागर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कौन-कौन से ग्रामों में आंगनवाड़ी केंद्र नहीं हैं? (ख) क्‍या ऐसे ग्रामों में आंगनवाड़ी केंद्र प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) कितने आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन हैं एवं कितने किराये के भवनों में संचालित हैं? (घ) क्‍या भवन विहीन आंगनवाड़ी केंद्रों के लिये भवन की व्‍यवस्‍था की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) पनागर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आंगनवाड़ी विहीन ग्रामों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) पनागर विधानसभा क्षेत्र में 33 ऐसे गाँव हैं जहां आँगनवाड़ी केन्द्र नहीं है। भारत सरकार द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में 400 से 800 की जनसंख्या पर 01 आंगनवाड़ी केन्द्र खोले जाने का प्रावधान है परंतु इन ग्रामों में भारत सरकार द्वारा निर्धारित जनसंख्या मापदंडों की पूर्ति न कर पाने के कारण नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र खोले जाने की कार्यवाही नहीं की जा सकती है। इसी प्रकार भारत सरकार द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र हेतु 150-400 की जनसंख्या पर 01 मिनी आँगनवाड़ी खोले जाने का प्रावधान है। उक्त मापदंड अनुसार ग्राम पंचायत बरौदा के ग्राम मचला जिसकी जनसंख्या 220 है, में मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र खोला जा सकता है। चूंकि मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा दी जाती है अतः समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) पनागर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत एकीकृत बाल विकास परियोजना पनागर एवं बरगी में 398 स्वीकृत आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 46 विभागीय आंगनवाड़ी भवन संचालित है, 197 अन्य शासकीय भवनों में संचालित है एवं 155 आंगनवाड़ी केन्द्र किराये के भवनों में संचालित है। विस्तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) भवनविहीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के लिये ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा योजना के अभिसरण से (आई.पी.पी.ई./गैर आई.पी.पी.ई. विकासखंड में) आंगनवाड़ी भवन निर्माण की कार्य-योजना विचाराधीन हैं एवं शहरी क्षेत्र में राज्य आयोजना मद में राशि उपलब्ध होने पर आंगनवाड़ी भवन निर्माण की स्वीकृति दिए जाने की योजना हैं। आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करता हैं। अतः समय-सीमा दी जाना संभव नहीं हैं।

शासकीय अस्‍पताल में डॉक्‍टरों की कमी

5. ( क्र. 429 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नागदा एवं खाचरौद जिला उज्‍जैन के शासकीय अस्‍पतालों में डॉक्‍टरों के कितने पद स्‍वीकृत हैं एवं कितने पद रिक्‍त हैं? (ख) क्‍या नागदा एवं खाचरौद शहर में सिंहस्‍थ की दृष्टि से शेष रिक्‍त पद कब तक भर दिये जावेंगे?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सिंहस्थ की दृष्टि से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन संचालनालय के आदेश दिनांक 04.02.2016 एवं 08.02.2016 के माध्यम से क्रमशः 106 एवं 223 विशेषज्ञ/चिकित्सकों की ड्युटी लगाई गई है। रिक्त पद की पूर्ति हेतु विभाग निरंतर प्रयासरत है, विशेषज्ञों के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु पदोन्नति की कार्यवाही निरंतर जारी है, चिकित्सा अधिकारियों के 1896 पदों पर भर्ती हेतु मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से कार्यवाही प्रचलन में है। पदपूर्ति हेतु निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट ''आठ''

समितियों/बोर्ड/विभागों में मनोनीत सदस्‍यों की जानकारी

6. ( क्र. 500 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) महिला एवं बाल विकास द्वारा जिला स्‍तर पर कौन-कौन सी समितियों का गठन किया जाता है एवं किन-किन समितियों/बोर्ड/विभागों में अध्‍यक्ष एवं सदस्‍य विभागीय अनुशंसा से मनोनी‍त किये जाते हैं? (ख) जिले स्‍तर पर गठित समितियों/बोर्ड/विभागों में कौन-कौन से पद हैं एवं इनकी योग्‍यता, चयन/मनोनीत की क्‍या प्रक्रिया है? (ग) सागर जिले में वर्तमान में महिला एवं बाल विकास द्वारा गठित समितियों/बोर्ड/विभागों के नाम व अध्‍यक्ष/उपाध्‍यक्ष/सचिव/मनोनीत सदस्‍यों के नाम, योग्‍यता एवं मानदेय की जानकारी देवें? (घ) सागर जिले में गठित समितियों/बोर्ड/विभागों के कार्यकाल की जानकारी से अवगत करायें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) महिला एवं बाल विकास विभाग अन्तर्गत जिला स्तर पर गठित समितियों एवं इन समितियों/बोर्ड में सदस्यों के मनोनयन संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 2 3 तथा अनुसार है। उपरोक्‍त सभी बोर्ड एवं समितियों के सदस्‍य शासन एवं कलेक्‍टर द्वारा नामांकित किये जाते हैं जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 1 2 3 तथा अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 1 2 3 तथा अनुसार है। (ग) सागर जिले में जिला स्तर पर वर्तमान में महिला बाल विकास द्वारा गठित समितियों/बोर्ड के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं मनोनीत सदस्यों संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 2 3 तथा अनुसार है। उक्त गठित समितियों/बोर्ड के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं मनोनीत सदस्यों के लिये मानदेय का प्रावधान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 2 3 तथा अनुसार है। (घ) सागर जिले में प्रश्नांश एक अनुसार गठित समितियों के कार्यकाल की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 2 3 तथा अनुसार है।

ग्रामीण क्षेत्रों में उचित मूल्‍य की दुकानों का संचालन

7. ( क्र. 508 ) श्री मुकेश नायक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवई विधानसभा क्षेत्र के अन्‍तर्गत कितनी शासकीय उचित मूल्‍य की दुकाने है एवं इनके कार्य क्षेत्रान्‍तर्गत कितने ग्राम प्रत्‍येक सोसायटी के अंतर्गत आते है? (ख) शासन के नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कितनी आबादी पर दुकान संचालित किये जाने के शासन के निर्देश है आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें? (ग) क्‍या वर्तमान में पवई क्षेत्र में उचित मूल्‍य की दुकानों की संख्‍या पर्याप्‍त है यदि नहीं, तो क्‍या दुकानों की संख्‍या को बढ़ाने का प्रस्‍ताव विभाग के संबंद्ध विचाराधीन है यदि हाँ, तो स्‍पष्‍ट करें और नहीं तो कारण बतायें?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) पवई विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत 172 शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानें हैं। इनके कार्य क्षेत्रान्‍तर्गत आने वाले ग्राम एवं प्रत्‍येक सहकारी समिति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) म.प्र. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रावधानानुसार प्रत्‍येक पंचायत में उचित मूल्‍य दुकान खोलने का प्रावधान है। साथ ही जिन पंचायतों में पात्र परिवारों की संख्‍या 800 से अधिक है, उन पंचायतों में एक अतिरिक्‍त दुकान खोले जाने का प्रावधान है। आदेश की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) म.प्र. सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 में संशोधन की कार्यवाही प्रचलित है। संशोधन उपरांत नियमानुसार उचित मूल्‍य दुकानें खोलने की प्रक्रिया सक्षम अधिकारी द्वारा की जावेगी।

संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरन

8. ( क्र. 525 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग एवं विभिन्‍न परियोजना अंतर्गत कार्यरत समस्‍त संविदा कर्मचारियों को विगत कई वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद भी नियमितीकरण की कार्यवाही क्‍यों नहीं की जा रही है? (ख) क्‍या म.प्र. में विगत नौ वर्षों से भी ज्‍यादा समय से स्‍वास्‍थ्‍य विभाग एवं महत्‍वपूर्ण परियोजनाओं (NHM/IDSP/RNTCP/AIDS/NVBDCP) अंतर्गत 35000 से भी ज्‍यादा कर्मचारी कार्यरत हैं जिनको एक निश्चित कार्यावधि पश्‍चात् नियमित किये जाने संबंध नियमावली नहीं बनाई गई क्‍यों कारण सहित बताएं? (ग) क्‍या इन संविदा स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों को अपेजल सिस्‍टम सह वेतन अभिवृद्धि निर्धारण एवं संविदा स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों पर की जाने वाली अनुशासनात्‍मक/दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की प्रकृति एवं प्रावधान नियमित कर्मचारियों की भॉति किये जाने के आदेश जारी किये जावेगें? (घ) क्‍या संविदा स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारी संघ म.प्र. द्वारा माननीय मुख्‍यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में बिंदु क्रमांक 01 से 09 तक उल्‍लेखित मांगों का निराकरण करने हेतु शासन स्‍तर से कार्यवाही की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक समय-सीमा बताएं?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रावधान नहीं होने से। (ख) 35000 नहीं, बल्कि लगभग 18000 कर्मचारी कार्यरत हैं। भारत शासन के दिशा निर्देश में संविदा नियुक्ति के पदों को नियमित नहीं किये जाने का उल्लेख है। इस कारण नियमित किये जाने संबंधी नियमावली नहीं बनाई गई। (ग) जी नहीं। (घ) जी हाँ। संचालक, एन.एच.एम. की अध्यक्षता में एक समिति का गठन दिनांक 19/02/2016 को किया गया है, जिसकी अनुशंसा अनुरूप नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा बताना संभव नहीं है। 

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की भर्ती में आरक्षण

9. ( क्र. 536 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या म.प्र. शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिकाओं की भर्ती में आरक्षण की व्‍यवस्‍था लागू की गई है? (ख) यदि हाँ, तो आदेश की प्रति देवें, यदि नहीं, तो अ.जा./अ.ज.जा. एवं अन्‍य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को कब से आरक्षण की व्‍यवस्‍था लागू की जाएगी बताएं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका का पद पूर्णतः मानसेवी होने से आरक्षण की व्यवस्था लागू नहीं की गई है। किन्तु अजा./अजजा वर्ग की महिलाओं का उचित प्रतिनिधित्व रहे, इसलिये आदेश क्र./एफ-3-2/06/50-2 भोपाल, दिनांक 10.07.2007 अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की नियुक्ति के संशोधित निर्देशों में आंगनवाड़ी कार्यतकर्ता की नियुक्ति हेतु अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला के लिये 05 अंक तथा आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला के लिये 10 अंक का प्रावधान रखा गया है। अन्य पिछड़े वर्ग हेतु इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है। आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

लघुवन उपज संघ द्वारा संचालित उचित मूल्‍य दूकान

10. ( क्र. 564 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्‍डोरी में वन विभाग के लघुवन उपज संघ या वन समिति द्वारा संचालित कौन से ग्रामों में कितनी समितियों द्वारा उचित मूल्‍य दुकान संचालित किये गये है? (ख) क्‍या उक्‍त समिति में किन दुकानों का संचालन कब से किन कारणों से बंद है? (ग) जिला डिण्‍डोरी में कितने दुकान वर्तमान में किस स्‍थान के कहां-कहां अटैच (संलग्‍न) है और क्‍यों? (घ) जिले के कितने संचालित उचित मूल्‍य दुकानों में केरोसीन तेल के टेंकर नहीं है? कितने जगह दो-दो या उपयोगहीन कितने टैंकर है?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) जिले में कोई भी शासकीय उचित मूल्‍य दुकान वर्तमान में दूसरी दुकान पर अटैच नहीं है। शेष भाग का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जिले की 66 शासकीय उचित मूल्‍य दुकानों में केरोसीन संग्रहण हेतु टैंक नहीं हैं अथवा क्षतिग्रस्‍त होने से उपयोगहीन हैं। ऐसी दुकानों से संबंद्ध पात्र हितग्राहियों को समीपस्‍थ शासकीय उचित मूल्‍य दुकान से केरोसीन का प्रदाय किया जा रहा है। जिले की 14 शासकीय उचित मूल्‍य दुकानों में दो-दो केरोसीन टैंक हैं, जिनमें से एक-एक टैंक क्षतिग्रस्‍त होने से उपयोगहीन हैं।

परिशिष्ट ''नौ''

सिंहस्‍थ 2016 में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा की जाने वाली व्‍यवस्‍थाएं

11. ( क्र. 625 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगामी सिंहस्‍थ 2016 हेतु इंदौर जिले में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं हेतु स्‍वास्‍थ्‍य विभाग द्वारा आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु क्‍या-क्‍या प्रबंधन किये जा रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विभाग द्वारा किन-किन अस्‍पतालों में आगामी सिंहस्‍थ 2016 को दृष्टिगत रखते हुये क्‍या-क्‍या उपाय किये जा रहे हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में संभाग स्‍तर पर इस महा आयोजन हेतु मरीजों को क्‍या-क्‍या सुविधायें इंदौर जिला चिकित्‍सालय द्वारा प्रदान की जायेगी? किन-किन अस्‍पतालों को इस कार्य हेतु च‍यनित किया गया है व शासकीय अस्‍पतालों में कौन-कौन सा स्‍टॉफ व डॉक्‍टरों को विशेष ड्यूटी पर लगाया जायेगा? (घ) प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में कितने-कितने बिस्‍तरों के अस्‍पताल में कहां-कहां पर आपात स्थिति से निपटने हेतु आरक्षित किये जाकर संबंधितों को आपात स्थिति के निपटने हेतु तैयार रहने को कहा गया है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) आगामी सिंहस्थ 2016 हेतु इंदौर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं हेतु विभाग द्वारा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये 24X7 सेवाएं देने हेतु कुल 12 स्वास्थ्य केन्द्र चिन्हित किये गये है जो निम्नानुसार है 1. जिला चिकित्सालय इंदौर। 2. पी.सी. सेठी चिकित्सालय संयोगितागंज, इंदौर। 3. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सांवेर जिला इंदौर। 4. उप स्वास्थ्य केन्द्र धरमपुरी (सांवेर) जिला इंदौर। 5. प्रा.स्वा.केन्द्र डाकाच्या (सांवेर) जिला इंदौर। 6. प्रा.स्वा.केन्द्र क्षिप्रा (सांवेर) जिला इंदौर। 7. सिविल हॉस्पिटल महू जिला इंदौर। 8. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मानपुर जिला इंदौर। 9. प्रा.स्वा.केन्द्र सिमरोल (मानपुर) जिला इंदौर। 10. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बेटमा जिला इंदौर। 11. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देपालपुर जिला इंदौर। 12. प्रा.स्वा.केन्द्र गौतमपुरा (देपालपुर) जिला इंदौर। इसके अतिरिक्त म.य.चिकित्सालय इंदौर को रैफरल सेंटर के रूप में चिन्हित किया गया है तथा निजी चिकित्सालयों को भी चिन्हित कर निर्देशित किया गया है। (ख) उपरोक्त कुल 12 स्वास्थ्य केन्द्रों पर एक आकस्मिक चिकित्सा कक्ष जिसमें जीवनरक्षक दवाईयां एवं उपकरण की व्यवस्था रहेगी तथा आकस्मिक चिकित्सा पाँच बिस्तर का वार्ड की व्यवस्था रहेगी तथा 24X7 रोस्टर अनुसार चिकित्सक स्‍टॉफ नर्स/ए.एन.एम./फार्मासिस्ट/ डेसर/लैब टेक्नीशियन/एक्स-रे टेक्नीशियन/वार्डबॉय/सफाईकर्मी आदि की व्यवस्था रहेगी तथा 108 एम्बुलेंस भी ऑनकॉल उपलब्ध रहेगी। (ग) सिंहस्थ 2016 के महा आयोजन में जिला चिकित्सालय इंदौर द्वारा सभी प्रकार की आकस्मिक चिकित्सा सुविधाएं दी जावेगी जिसमें 24X7 रोस्टर अनुसार चिकित्सक स्टॉफ नर्स/ए.एन.एम. फार्मासिस्ट/ड्रेसर/ लैब टेक्नीशियन/एक्स-रे टेक्नीशियन/वार्डबॉय/सफाईकर्मी आदि की व्यवस्था रहेगी तथा 108 एम्बुलेंस भी ऑनकॉल उपलब्ध रहेगी तथा आवश्‍कयता अनुसार ऑनकॉल विशेषज्ञों की सुविधा की उपलब्ध रहेगी तथा इंदौर शहर में दो चिकित्सालय इस हेतु चिन्हित की गई है जो निम्नानुसार हैः  1. जिला चिकित्सालय इंदौर। 2. पी.सी. सेठी चिकित्सालय संयोगितागंज, इंदौर। इसके अतिरिक्त म.य.चिकित्सालय इंदौर को रैफरल सेंटर के रूप में चिन्हित किया गया है तथा निजी चिकित्सालयों को भी चिन्हित कर निर्देशित किया गया है। (घ) सिंहस्थ 2016 हेतु निम्न अस्पतालों में जो निम्नानुसार बिस्तरों के है उनमें उनके सम्मुख दर्शाई बिस्तरों की संख्या विशेष व्यवस्था आपात स्थिति से निपटने हेतु तैयार करने के निर्देश दिये गये है। 1. जिला चिकित्सालय इंदौर (100 बिस्तर, 10 आरक्षित) 2. पी.सी.सेठी चिकित्सालय संयोगितागंज, इंदौर (60 बिस्तर, 5 आरक्षित) 3. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सांवेर जिला इंदौर (30 बिस्तर, 5 आरक्षित) 4. प्रा.स्वा.केन्द्र डाकाच्या (सांवेर) जिला इंदौर (10 बिस्तर, 5 आरक्षित) 5. प्रा.स्वा.केन्द्र क्षिप्रा (सांवेर) जिला इंदौर (10 बिस्तर, 5 आरक्षित) 6. सिविल हॉस्पिटल महू जिला इंदौर (60 बिस्तर, आरक्षित) 7. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मानपुर जिला इंदौर (30 बिस्तर, 5 आरक्षित) 8. प्रा.स्वा.केन्द्र सिमरोल (मानपुर) जिला इंदौर (10 बिस्तर, आरक्षित) 9. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बेटमा जिला इंदौर (30 बिस्तर, 5 आरक्षित) 10. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देपालपुर जिला इंदौर (30 बिस्तर, 5 आरक्षित) 11. प्रा.स्वा.केन्द्र गौतमपुरा (देपालपुर) जिला इंदौर (10 बिस्तर, 5 आरक्षित) इसके अतिरिक्त म.य.चिकित्सालय इंदौर को रैफरल सेंटर के रूप में चिन्हित किया गया है तथा निजी चिकित्सालयों को भी चिन्हित कर आपातकालीन स्थिति से निपटने हेतु निर्देशित किया गया है।

स्‍कूल कॉलेजों में मैस/केंटिनों में अनियमितता

12. ( क्र. 626 ) श्री राजेश सोनकर : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर जिला अंतर्गत इंदौर शहर, सांवेर तहसील, इंदौर तहसीलों में निजी कॉलेज की कौन-कौन से स्‍कूलों, कॉलेजों में संचालित मैस/केंटिंगन की खाद्य विभाग द्वारा जाँच की गई? क्‍या कुछ कॉलेजों में मैस में खराब खाद्य पदार्थ आदि पाये गये थे? यदि हाँ, तो कौन-कौन से स्‍कूल/कॉलेज की मैस संचालन के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) यदि नहीं, तो क्‍या खाद्य विभाग व प्रशासन इस संबंध में जल्‍द ही जाँच दल बनाकर जाँच करेगा?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ख) खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की जाँच किया जाना एक सतत् प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत जाँच कार्यवाही समस्त प्रकार के खाद्य प्रतिष्ठानों पर होती रहती है।

परिशिष्ट ''दस''

सी.सी.टी.एन.एस. सिस्‍टम संबंधी

13. ( क्र. 719 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के गृह विभाग के सी.सी.टी.एन.एस. सिस्‍टम में बदलाव कब किया गया? (ख) सी.सी.टी.एन.एस. के किस भाग को पब्लिक डोमेन में लाने का निर्णय लिया गया है? तो क्‍यों एवं कब से? (ग) उक्‍त (क) एवं (ख) के निर्णय से विभाग एवं नागरिकों को क्‍या लाभ होगा?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) सी.सी.टी.एन.एस. सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। (ख) गृह मंत्रालय भारत सरकार के मिशन मोड प्रोजेक्ट सी.सी.टी.एन.एस की मूल अवधारणा में ही पुलिस विभाग द्वारा जनसामान्य को प्राप्त कुछ सेवाएं सिटीजन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान है, इनमें से कुछ मुख्य सेवाए निम्नानुसार सिटीजन पोर्टल विकास का कार्य प्रगति में है :- 1- गुमशुदा एवं दस्तयाब व्यक्तियों की जानकारी। 2- अज्ञात शवों की जानकारी। 3- चोरी गये एवं बरामद हुये वाहनों की जानकारी। 4- ऑनलाईन शिकायत दर्ज करना। 5- घरेलू सहायकों का सत्यापन। 6- किरायेदारों का सत्यापन। (ग) सी.सी.टी.एन.एस. प्रोजेक्ट से विभाग को लाभ :- 1- प्रदेश के समस्त अपराधियों की जानकारी समस्त थानों को तत्काल उपलब्ध। 2- हस्तलिखित से इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख संधारण की ओर एक कदम। 3- विभिन्न रजिस्टर एवं रिपोर्ट सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार। 4- थानों की कार्यवाही का सतत् एवं सघन पर्यवेक्षण संभव। 5- गिरफ्तार अपराधियों एवं बरामद संपत्ति की सूचना समस्त थानों में तत्काल प्रसारित। 6- चरित्र सत्यापन प्रदेश स्तर पर संभव। 7- अपराधियों का इतिहास एवं प्रवृत्ति की जानकारी प्रदेश स्तर पर उपलब्ध। 8- विभिन्न राज्यों से अपराधियों की सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव। सी.सी.टी.एन.एस. प्रोजेक्ट से नागरिको को लाभ :- 1- गुमशुदा एवं दस्तयाब व्यक्तियों की जानकारी। 2- अज्ञात शवों की जानकारी। 3- चोरी गये एवं बरामद हुये वाहनों की जानकारी। 4- नागरिकों को ऑनलाईन शिकायतें रजिस्टर कराने की सुविधा प्राप्त होगी। 5- नागरिकों हेतु घरेलू सहायक एवं किरायेदार का सत्यापन कराए जाने की सुविधा ऑनलाईन उपलब्ध होगी। 6- जन सामान्य उपयोगी विभिन्न सूचनाएं एवं परिपत्र।

पोषण मिशन योजना संबंधी

14. ( क्र. 737 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) अटल बिहारी बाजपेयी बाल आरोग्‍य एवं पोषण मिशन योजना का ब्‍यौरा क्‍या है? वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं दिसम्‍बर 2015 तक कितनी-कितनी राशि उक्‍त योजना पर स्‍वीकृत कर व्‍यय की गई? वर्षवार ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) उपरोक्‍त योजनान्‍तर्गत किन-किन जिलों का चयन किया गया? क्‍या मापदण्‍ड है? क्‍या रतलाम, मंदसौर, उज्‍जैन जिले को योजना में शामिल किया गया है? (ग) सुपोषण अभियान अंतर्गत विगत दो वर्षों में लगाये गये शिविरों का वर्षवार, जिलेवार, ब्‍यौरा क्‍या है? कितने स्‍थानों पर शिविरों में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्‍त हुई?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) अटल बिहारी बाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन की स्थापना प्रदेश के 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बाल मृत्यु दर तथा कुपोषण में कमी लाने के उद्देश्‍य से वर्ष 2010 में की गई थी। जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता आदि विषयों पर अन्तर विभागीय समन्वय के माध्यम से जिला स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर गतिविधियों का संचालन किया जाता है। वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं दिसम्बर 2015 तक स्वीकृत राशि एवं व्यय का ब्यौरा निम्नानुसार है

क्रमांक वर्ष स्वीकृत राशि (लाख में) व्‍यय राशि (लाख में)
1 2013-14 1526.88 743.61
2 2014-15 628.60 533.96
3 दिसम्बर 2015 तक 1268.12 654.86
 
(
ख) उपरोक्त योजना मध्यप्रदेश के सभी 51 जिलों में संचालित है, अतः जिलों के चयन हेतु पृथक से कोई मापदण्ड निर्धारित नहीं है। इसमें रतलाम, उज्जैन एवं मंदसौर जिले को शामिल किया गया है। (ग) सुपोषण अभियान अन्तर्गत विगत दो वर्षों में लगाये गये शिविरों का वर्षवार, जिलेवार ब्यौरा संलग्न परि‍शिष्‍ट पर है। अभियान के संबंध में किसी भी जिले में अनियमितता की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

परिशिष्ट ''ग्यारह''

स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में सुविधाओं विषयक

15. ( क्र. 941 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के शामगढ़ स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में विगत कई वर्षों से सोनोग्राफी मशीन होने के बाद भी कोई प्रशिक्षक नियुक्‍त नहीं किया गया है? और न ही किसी चिकित्‍सक को प्रशिक्षण लेने हेतु आदेश प्रदान किया गया? (ख) शामगढ़ स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में सोनोग्राफी मशीन की स्‍थाई रूप से कब तक मरीजों को सुविधा उपलब्‍ध करा दी जावेगी? (ग) सुवासरा स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में मंत्री जी के द्वारा शीघ्र नवीन एक्‍स-रे मशीन भेजने की बात कही थी लेकिन आज तक नहीं आई। स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र सुवासरा को कब तक एक्‍स-रे मशीन की सुविधा प्राप्‍त हो जावेंगी? (घ) सीतामऊ स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के नवीन भवन निर्माण हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं, सुवासरा विधान सभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शामगढ़ में सोनोग्राफी मशीन स्थापित करने के उपरांत प्रशिक्षित डॉ. अनुपमा मिश्रा (चिकित्सा अधिकारी) द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शामगढ़ पर सोनोग्राफी कार्य सम्पादित किया जा रहा था। डॉ. अनुपमा मिश्रा का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मोहना जिला ग्वालियर हो जाने के कारण दिनांक 02.07.2015 से कोई प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध नहीं है। जी नहीं। (ख) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शामगढ़ पर सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध है। प्रशिक्षित विशेषज्ञ चिकित्सक की पदस्थापना होने पर सोनोग्राफी की सुविधा मरीजों को उपलब्ध कराई जा सकेगी। निशिचत समयावधि बताना संभव नहीं। (ग) सुवासरा स्वास्थ्य केन्द्र में नवीन एक्स-रे मशीन क्रय करने के निर्देश संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें से जारी कर दिये गये हैं। यथाशीघ्र। निशिचत समयावधि बताना संभव नहीं। (घ) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सीतामऊ के नवीन भवन निर्माण हेतु वर्ष 2007 में अस्पताल भवन के निर्माण हेतु 78.60 लाख एवं आवासीय भवन निर्माण हेतु 40.90 लाख की रूपये की स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत निर्माण कार्य पूर्ण होकर वर्तमान में नवीन भवन में अस्पताल संचालित है।

संविदा स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों की नियुक्ति

16. ( क्र. 1032 ) श्री रामपाल सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में विभिन्‍न परियोजनाओं (NHM/NVBDCP/DSP/RNTCP/AIDS) अंतर्गत विभिन्‍न पदों पर संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है? यदि हाँ, तो उक्‍त पदों में कितने संविदा कर्मचारी पदस्‍थ हैं? (ख) क्‍या उक्‍त संविदा कर्मचारियों को शिक्षा विभाग के संविदा शिक्षकों की भॉति संविलियन एवं अन्‍य संविदा कर्मचारियों की भॉति नियमितीकरण या अन्‍य लाभ दिया जावेगा? यदि हाँ, तो यह कार्यवाही कब तक की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। प्रावधान नहीं होने से। 

परिशिष्ट - ''बारह''

भूमि पर असामाजिक तत्‍वों द्वारा अवैध कब्‍जा

17. ( क्र. 1081 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले के तहसील भितरवार के ग्राम गोहिन्‍दा प.ह.नं. 15 के सर्वे नं. 127, 128, 129, 130 रकबा 4 - बीघा 18 विस्‍वा जो भगत सिंह पुत्र हाकिम सिंह जाति रावत एवं आसिक, आरिफ पुत्रगण स्‍व. श्री राजू खाँ आदि की भूमि स्‍वामित्‍व की है? क्‍या उक्‍त भूमि पर कुछ असामाजिक तत्‍वों द्वारा अवैध कब्‍जा किया जा रहा है? यदि हाँ, तो उनके नाम स्‍पष्‍ट करें? क्‍या इस बाबत् भूमि स्‍वामियों द्वारा शिकायत थाना प्रभारी भितरवार, एस.डी.ओ.पी. भितरवार, पुलिस अधीक्षक ग्‍वालियर को कब-कब की गई है? शिकायतों पर दोषियों के प्रति क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नकर्ता क्षेत्रीय विधायक ने अपने पत्र क्र./153/दिनांक 29.01.2016 को मूल शिकायत सहित पुलिस अधीक्षक ग्‍वालियर को पत्र लिखा था? उक्‍त पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गई है? क्‍या असामाजिक तत्‍वों द्वारा भूमि पर अवैध कब्‍जा करना सही पाया गया? यदि हाँ, तो उनके प्रति क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई? अब कब उन असामाजिक तत्‍वों से भूमि मुक्‍त कराकर वास्‍वविक भूमि स्‍वामियों को कब्‍जा दिला दिया जावेगा?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) दिनांक 21.12.2015 को अनावेदक चन्द्रशेखर तिवारी, मदन तिवारी, किशन तिवारी, धीरेन्द्र उर्फ रवि तिवारी पुत्रगण श्री काशीराम तिवारी निवासी ग्राम गोहिन्दा एवं मनीष पण्डा पुत्र नारायण पण्डा निवासी सांखनी द्वारा खेत पर आकर गाली-गलौच करने, जान से मारने की धमकी देने एवं खेत पर लगे तार फेंसी के लगभग 70 पोल उखाड़ देने संबंधी शिकायत थाना प्रभारी भितरवार को एवं पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर को दिनांक 25.01.2016 को की गई थी। शिकायत जाँच में थाना प्रभारी ने पाया कि उक्त भूमि पर वर्तमान में आवेदक भगत सिंह का कब्जा है। असामाजिक तत्वों द्वारा उक्त जमीन पर कब्जा नहीं किय गया है। शिकायत जाँच में दोनों पक्षों पर शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिये इस्तगासा क्रमांक 3821/15 एवं 3822/15 धारा 307, 116 (3) .प्र.सं. के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है। (ख) जी हाँ। उक्त पत्र की जाँच थाना प्रभारी भितरवार द्वारा की गई है जिसमें प्रश्नांश के भाग के अनुसार ही कार्यवाही की गई है। यह सही नहीं है कि सर्वे क्र. 127, 128, 129 एवं 130 में असामाजिक तत्वों द्वारा कब्जा किया गया, वस्तुस्थिति यह है कि राजस्व निरीक्षक भितरवार द्वारा दिनांक 02.02.2016 को विधिवत् सीमांकन कर आवेदक को उक्त सर्वे की भूमि का कब्जा दिलाया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली

18. ( क्र. 1201 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले के गाड़रवारा विधानसभा क्षेत्र में कितने विभिन्‍न किस्‍म के कार्डधारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के द्वारा खाद्यान्‍न उपलब्‍ध कराया जाता है एवं प्रति व्‍यक्ति कितनी मात्रा में कौन-कौन सी वस्‍तु उपलब्‍ध करायी जाती है? (ख) क्षेत्र में कितने केन्‍द्र सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कहां-कहां संचालित है स्‍थान की नाम सहित जानकारी देवें? (ग) स्‍थापित वितरण केन्‍द्रों में प्रतिमाह कितनी कौन-कौन सामग्री उपलब्‍ध करायी जाती है सामग्री का नाम एवं मात्रा सहित जानकारी देवें? (घ) क्‍या बगैर बी.पी.एल. कार्डधारियों को भी खाद्यान्‍न एवं केरोसिन देने की सरकारी योजना है?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) नरसिंहपुर जिले के गाड़रवारा विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत दो श्रेणियों- (1) अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना एवं (2) प्राथमिकता परिवार को खाद्यान्‍न उपलब्‍ध कराया जाता है। अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना के 6 सदस्‍य तक के परिवारों को 35 कि.ग्रा. खाद्यान्‍न (30 कि.गा. गेंहू एवं 5 कि.ग्रा. चावल), 1 कि.ग्रा. नमक एवं 1 कि.ग्रा. शक्‍कर तथा 5 लीटर केरोसीन प्रति माह उपलब्‍ध कराया जाता है। 6 से अधिक सदस्‍य वाले अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना के परिवारों को 5 कि.ग्रा. खाद्यान्‍न (4 कि.ग्रा. गेंहू एवं 1 कि.ग्रा. चावल) प्रति सदस्‍य एवं शेष राशन सामग्री 6 सदस्‍य वाले अन्‍त्‍योदय परिवारों की तरह प्रदान की जाती है। प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को 5 कि.ग्रा. खाद्यान्‍न (4 कि.गा. गेंहू एवं 1 कि.ग्रा. चावल), 1 कि.ग्रा. नमक एवं 1 कि.ग्रा. शक्‍कर तथा 4 लीटर केरोसीन प्रदान किया जाता है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर अनुसार है। (घ) जी हाँ। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के क्रियान्‍वयन के पूर्व प्रदेश में ए.पी.एल., बी.पी.एल. एवं अन्‍त्‍योदय परिवारों की श्रेणियां थी। राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के क्रियान्‍वयन के पश्‍चात पात्र परिवारों की दो श्रेणियां हैं- (1) अन्‍त्‍योदय परिवार एवं (2) प्राथमिकता परिवार। प्राथमिकता परिवार के अंतर्गत बी.पी.एल. परिवारों के साथ-साथ 41 लाख जरूरतमंद गैर- बी.पी.एल. परिवारों को भी प्राथमिकता परिवार की अन्‍य विभिन्‍न श्रेणियों में शामिल कर खाद्यान्‍न एवं केरोसीन का लाभ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रश्‍नांश '' अनुसार दिया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

बड़ौदा सामुदायिक स्‍वास्‍थ केंद्र में स्‍टॉफ/सुविधाएं

19. ( क्र. 1504 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्य केंद्र बड़ौदा में स्‍त्री रोग सर्जरी व मेडीसन विशेषज्ञों के पद कब से व किन कारणों से रिक्‍त पड़े हैं? इन्‍हें भरने हेतु वर्तमान तक क्‍या कार्यवाही की गई, कब तक भरा जावेगा? (ख) क्या वर्तमान में केंद्र में 2 चिकित्‍सा अधिकारी पदस्‍थ है में से एक चिकित्‍सक बी.एम.ओ. शिप के प्रभार के कारण पूर्णकालिक कार्यलयीन कार्य में व्‍यस्‍त रहते हैं? शेष एक चिकित्‍सक से केंद्र में उपचार हेतु आने वाले सैकड़ों मरीजों का उपचार प्रतिदिन करना संभव नहीं हो पाता? (ग) क्‍या उक्‍त केंद्र में उपलब्‍ध एक्‍स-रे मशीन थ्रीफेस विद्युत कनेक्‍शन के अभाव में विगत 3-4 माह से बंद पड़ी है? सामुदायिक केंद्र स्‍तर पर 48 प्रकार की मरीजों की जांचों की व्‍यवस्‍था के स्‍थान पर लगभग 15 प्रकार की साधारण जांचों एवं 30 बिस्‍तर के स्‍थान पर मात्र 10 बिस्‍तर की ही सुविधा उपलब्‍ध है? इस कारण मरीजों को उपचार सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा मरीजों के हित में उक्‍त सभी सुविधाएं कब तक उपलब्‍ध करा दी जावेंगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विभाग द्वारा विशेषज्ञ/चिकित्सकों के पदों का पुर्नआवंटन/पुनर्वितरण दिनांक 08.04.2011 के द्वारा किया गया है, उक्त दिनांक से बडौ़दा में मेडिसिन एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पद, प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्यधिक कमी के कारण रिक्त हैं। रिक्त पद पूर्ति हेतु पदोन्नति की कार्यवाही निरंतर जारी है परंतु स्वीकृत 3266 के विरूद्ध 1222 पदों पर विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, अतः पदपूर्ति में कठिनाई हो रही है। (ख) जी नहीं, वर्तमान में 02 चिकित्सा अधिकारी नियमित रूप से जनता को स्वास्थ्य सुवधिाएं उपलबध करा रहें हैं तथा एक अन्य चिकित्सक डॉ. अशोक खरे, खण्ड चिकित्सा अधिकारी के पद के प्रभार में हैं। (ग) जी नहीं, एक्स-रे मशीन संचालित है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हेतु निर्धारित समस्त 28 जाँचें नि:शुल्क की जा रही है। वर्तमान में उपलब्ध भवन में उपलब्ध स्थान अनुसार 16 बिस्तर की सुविधा प्रदान की जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के मान से अन्य समस्त सुवधिाएं प्रदान की जा रही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) विभाग पदपूर्ति एवं सुविधाओं को प्रदान करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बड़ौदा का उन्‍नयन

20. ( क्र. 1505 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या श्‍योपुर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत बड़ौदा तहसील क्षेत्र स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा की दृष्टि से पिछड़ा क्षेत्र है तथा तहसील की लगभग 60 हजार जनसंख्‍या के स्‍वास्‍थ्‍य का दायित्‍व भी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र बड़ौदा पर ही है? (ख) क्‍या उक्‍त केन्‍द्र में प्रतिदिन 300 से 500 मरीज उपचार हेतु आते है मौसमी बीमारियों के सीजन में ये संख्‍या दो तीन गुना तक हो जाती है? (ग) क्‍या उक्‍त केन्‍द्र में वर्तमान में विशेषज्ञ चिकित्‍सकों सभी प्रकार के ऑपरेशन व अन्‍य आवश्‍यक चिकित्‍सा सुविधाओं सहित जगह के अभाव में सभी बीमारियों से ग्रस्‍त मरीजों को तत्‍काल अन्‍यत्र रैफर भी कर दिया जाता है? (घ) यदि हाँ, तो क्‍या शासन उक्‍त केन्‍द्र में नियमानुसार सभी व्‍यवस्‍था/सुविधाएं उपलब्‍ध कराकर बड़ौदा नगर व क्षेत्र की जनसंख्‍या/मरीजों की संख्‍या के मद्देनजर इस केन्‍द्र को 30 बिस्‍तरीय के स्‍थान पर 100 बिस्‍तरीय केन्‍द्र के रूप में उन्‍नयन करने हेतु प्रस्‍ताव तैयार कराकर इसे बजट में शामिल करके स्‍वीकृति प्रदान करेगा, यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी नहीं, बडौ़दा में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित है तथा सामान्य क्षेत्र में 1.20 लाख की जनसंख्या पर 01 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने का प्रावधान है। (ख) जी नहीं, उक्त केन्द्र में लगभग 85-90 मरीज प्रतिदिन आते है एवं मौसमी बीमारियों के सीजन में करीब 150-200 रोगी आते हैं। (ग) जी हाँ, विशेषज्ञ चिकित्सकों (मेडिकल, सर्जरी, स्त्री रोग) के पद रिक्त होने से। (घ) जी नहीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बडौ़दा की बाह्य एवं आंतरिक रोगियों की संख्या क्रमश: लगभग 85-9010-11 प्रतिदिन की है। वर्तमान में संस्था का पूरा उपयोग नहीं हो रहा है एवं प्रदेश में चिकित्सकों की निरन्तर कमी भी है। अतः सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बडौ़दा का 100 बिस्तरीय स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन किया जाना संभव नहीं है।

चिटफंड कंपनियों पर कार्यवाही

21. ( क्र. 1557 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश में चिटफंड कंपनियों द्वारा आम जनता से किये गये धोखा व जालसाजी के प्रकरण बने हैं? यदि हाँ, तो विगत तीन वर्षों में किन-किन कं‍पनियों द्वारा धोखा व जालसाजी करने के प्रकरण बने हैं? सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार बने चिटफंड कंपनियों के प्रकरणों में शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जी हाँ, मध्यप्रदेश में चिटफंड कंपनियों द्वारा आम जनता से किये गये धोखा व जालसाजी के प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। विगत तीन वर्षों में चिटफंड कंपनियों पर पंजीबद्ध अपराधिक प्रकरणों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) की जा रही कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

पुलिस महानिरीक्षक महिला अपराध को प्रस्‍तुत आवेदन पर कार्यवाही

22. ( क्र. 1590 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ऋतु तिवारी सिंह प्रभारी संभागीय प्रबंधक संभागीय कार्यालय, जबलपुर द्वारा पुलिस महानिरीक्षक महिला अपराध एवं अपराध अनुसंधान विभाग जबलपुर जोन जबलपुर को दिनांक 30/08/2014 को आवेदन पत्र दिया था? (ख) क्‍या आवेदन पत्र में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं की जाँच की गई? यदि हाँ, तो जाँचकर्ता अधिकारियों ने क्‍या अभिमत प्रस्‍तुत किया? (ग) मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जबलपुर श्री शैलेन्‍द्र सिंह द्वारा शारीरिक एवं मानसिक शोषण किये जाने व प्रताडि़त किये जाने का प्रकरण पंजीकृत न किये जाने के क्‍या कारण रहे? क्‍या एफ.आई.आर. दर्ज की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक नहीं तो क्‍यों?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) हाँ। (ख) हाँ। आवेदिका श्रीमती ऋतु तिवारी सिंह द्वारा प्रस्तुत आवेदन में उल्लेखित बिन्दुओं की जाँच जिला अध्यक्ष जबलपुर के आदेशानुसार उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण प्रतिषेध एवं प्रतितोषण अधिनियम, 2013) रोकने हेतु गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा की गई। जाँच समिति (अध्यक्ष) द्वारा अपने अभिमत में आवेदिका द्वारा लगाये गये आरोप निराधार एवं असत्य पाये गये तथा किसी प्रकार से यौन उत्पीड़न होना नहीं पाया गया। (ग) श्रीमती ऋतु तिवारी द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, जबलपुर श्री शैलेन्द्र सिंह के विरूद्ध की गई शिकायत की जाँच, उपरांत लगाए गये आरोप असत्य एवं निराधार पाये जाने से प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया गया। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों का निरीक्षण

23. ( क्र. 1623 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के आपूर्ति अधिकारी द्वारा वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक शासकीय उचित मूल्‍य की दुकानों एवं अनुज्ञप्तिधारियों का निरीक्षण किया गया? वर्षवार विवरण दें? (ख) निरीक्षण के दौरान उन्‍होंने जाँच प्रतिवेदनों में क्‍या अभिमत दिया तथा कार्यालय द्वारा कितने नोटिस दिये गये? (ग) विकासखण्‍ड स्‍तर पर लवकुशनगर, राजनगर में पदस्‍थ अधिकारियों द्वारा कब-कब निरीक्षण किये गये और क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई जनवरी 13 से प्रश्‍न दिनांक तक का विवरण दें? (घ) निरीक्षण के दौरान वर्षवार अधिकारियों ने कितने यात्रा देयक प्रस्‍तुत किये तथा टूर प्रोग्राम की प्रतियां दें?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) छतरपुर जिले के आपूर्ति अधिकारियों द्वारा कोई भी यात्रा देयक प्रस्‍तुत नहीं किये गए। जिले द्वारा कोई टूर प्रोग्राम नहीं बनाया गया है। शासकीय उचित मूल्‍य दुकानों का निरीक्षण समय-समय पर किया जाता है एवं अनियमितता पाये जाने पर प्रकरण निर्मित किये जाते हैं।

राजनगर थाना क्षेत्र में हुई हत्‍याओं के पंजीकृत प्रकरण

24. ( क्र. 1624 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले के राजनगर थाने के अंतर्गत वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने हत्‍या के प्रकरण पंजीकृत किये गये? (ख) ऐसे कितने प्रकरण 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक चल रहे हैं जिनका खुलासा नहीं हुआ? उनका विवरण दें? (ग) क्‍या इस संबंध में थाना प्रभारी को वरिष्‍ठ कार्यालय से आदेश किये गये? (घ) क्‍या प्रकरणों के खुलासा किये जाने हेतु समय-सीमा निर्धारित है?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जिला छतरपुर, थाना राजनगर में वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक (दिनांक 01.01.2013 से दिनांक 10.02.2016) तक की अवधि में हत्या के कुल 03 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये हैं। (ख) पंजीबद्ध सभी 03 प्रकरणों में विधि अनुरूप विवेचना पूर्ण कर चालान सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किये जा चुके हैं। वर्तमान में कोई भी प्रकरण विवेचना में लंबित नहीं है। (ग) उक्त अवधि के हत्या के सभी प्रकरणों का विधि अनुसार पुलिस द्वारा निराकरण कर सभी प्रकरण सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किये गये हैं जो विचराधीन है। अतः वरिष्ठ कार्यालय से थाना प्रभारी को इस संबंध में पृथक से कोई आदेश जारी नहीं किये गये। (घ) प्रकरणों की विवेचना हेतु समय-सीमा निर्धारित नहीं है।

इंदिरा गांधी मातृत्‍व सहयोग योजना की राशि भुगतान हेतु

25. ( क्र. 1683 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत जब से इंदिरा गांधी मातृत्‍व सहयोग योजना प्रारंभ की गई है तब से आज दिनांक तक कितने हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जा चुका है? हितग्राहियों की सूची विकासखण्‍डवार पूर्ण जानकारी जनवरी 2012 से दिसम्‍बर 2015 तक की उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या विभाग द्वारा इंदिरा गांधी मातृत्‍व सहयोग योजना का लाभ हितग्राहियों को समय-सीमा में प्रदान किया जा रहा है? हां या नहीं? यदि नहीं, तो उसका क्‍या कारण है? (ग) छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत इंदिरा गांधी मातृत्‍व सहयोग योजना के अंतर्गत विगत लगभग 19 महीनों से हितग्राहियों के खाते में राशि जमा नहीं की गई है? जिसका क्‍या कारण है? हितग्राहियों के खाते में कब तक राशि जमा कर दी जायेगी? समय-सीमा बतायें?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के अंतर्गत जब से इंदिरा गाँधी मातृत्‍व सहायोग योजना प्रारंभ की गई है तब से आज दिनांक तक 1,17,453 हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जा चुका है। हितग्राहियों की सूची एवं विकासखण्‍डवार वर्षवार हितग्राहियों की संख्‍या पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अनुसार है। (ख) विभाग द्वारा इंदिरा गाँधी मातृत्‍व सहयोग योजना का लाभ हितग्राहियों को समय-सीमा में प्रदान किया जा रहा है, किन्‍तु वित्‍तीय वर्ष 2014-15 के अंतिम त्रैमास में कोषालय सर्वर से अनुदान बजट राशि रूपये 1,99,99,600/- के देयक का भुगतान वित्‍तीय प्रतिबंध के कारण आहरण नहीं होने से राशि समर्पित कर दी गई थी। वित्‍तीय वर्ष 2015-16 में केन्‍द्र/राज्‍य के लागत अनुपात में परिवर्तन होने के कारण बजट स्‍वीकृति की प्रक्रिया प्रचलन में हैं। (ग) छिन्‍दवाड़ा जिले में इंदिरा गाँधी मातृत्‍व सहायोग योजना के अंतर्गत विगत माह जनवरी 2015 से हितग्राहियों के खाते में राशि जमा नहीं की गई है। जिसका कारण उत्‍तरांश में अंकित है। बजट की स्‍वीकृति प्राप्‍त होते ही हितग्राहियों के खाते में अनुदान राशि शीघ्र जमा की जायेगी।

 

आपराधिक प्रकरणों में गिरफ्तारी

26. ( क्र. 1685 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परासिया विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम पंचायत उमरेठ के जनपद सदस्‍य कैलाश सोनी पिता अमरूलाल सोनी, निवासी उमरेठ के विरूद्ध थाना उमरेठ में अनेकों अपराधिक प्रकरण (शिकायत) दर्ज है? उक्‍त प्रकरणों पर पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कठोर कार्यवाही नहीं करने का क्‍या कारण है? दर्ज प्रकरणों पर कब तक कठोर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जायेगी? (ख) कैलाश सोनी व उसके अन्‍य साथियों द्वारा ग्राम उमरेठ एवं आसपास के क्षेत्रों में किये जा रहे अपराधिक कृत्‍यों एवं अवैधानिक गतिविधियों के संचालन पर अंकुश लगाये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा पुलिस अधीक्षक छिन्‍दवाड़ा को पत्र लिखा गया था, उस पर अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या कुछ समय पहले कैलाश सोनी एवं उनके साथियों द्वारा उमरेठ क्षेत्र में एक ट्रक को जला दिया गया और बलवा कर क्षेत्र में अशांति फैलाई गई? जिसका प्रकरण उमरेठ थाने में दर्ज है, और उक्‍त प्रकरण में ये फरारी काट रहे हैं? उक्‍त प्रकरण में इनकी गिरफ्तारी कब तक की जायेगी? (घ) कैलाश सोनी व अन्‍य आपराधियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं किए जाने के कारण पुलिस विभाग के कौन-कौन से अधिकारी जिम्‍मेदार हैं और उन पर विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) परासिया विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम पंचायत उमरेठ के जनपद सदस्य श्री कैलाश सोनी पिता अमरूलाल सोनी निवासी उमरेठ के विरूद्ध थाना उमरेठ में अपराध क्रमांक 128/14 धारा 435, 147, 186 भा.द.वि. एवं अपराध क्रमांक 332/15 धारा 341, 292, 323, 506, 34 भा.द.वि. पंजीबद्ध किया गया है। उक्त दोनों प्रकरणों में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाकर विवेचना पूर्ण कर चालान तैयार किये गये हैं। (ख) जी हाँ। प्रस्तुत शिकायत पत्र में आरोपी की गिरफ्तारी एवं कृत्यों पर अंकुश लगाने से संबंधित तथ्यों पर कार्यवाही करते हुये दोनों प्रकरणों में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है एवं सभी आरोपियों के विरूद्ध धारा 107/116 (3) द.प्र.सं. के तहत इस्तगाशा क्र. 38/16 सक्षम कार्यपालन दण्डाधिकारी के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। (ग) जी हाँ। प्रश्नांश में उल्लेखित घटना के संबंध में थाना उमरेठ में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 128/14, धारा 435, 147, 186 भा.द.वि. में सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। (घ) उक्त दोनों अपराधिक प्रकरणों में नामजद श्री कैलाश सोनी व अन्य नामजद अपराधियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अतः पुलिस विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रभावित किसानों को खाद्यान्‍न कूपन प्रदान किये जाना

27. ( क्र. 1686 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा यह घोषणा कर निर्देश जारी कराये गये थे कि जिन किसानों की फसले खराब हुई हैं उन प्रभावित किसानों को शासन द्वारा खाद्यान्‍न प्राप्ति हेतु राशन के कूपन उपलब्‍ध कराये जायेंगे? (ख) अगर हाँ, तो क्‍या परासिया विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2014-15 में परासिया तहसील एवं उमरेठ तहसील के अंतर्गत किसानों की सोयाबीन व मक्‍के की फसलें पीला मौजेक रोग एवं सूखा के कारण खराब हुई और परासिया तहसील को शासन द्वारा सूखाग्रस्‍त भी घोषित किया गया है? क्‍या ऐसे प्रभावित किसानों को राश‍न के कूपन प्रदान किए गये हैं? अगर हाँ तो, कितने हितग्राहियों के? (ग) परासिया विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत यदि ऐसे प्रभावित किसानों को राशन के कूपन खाद्यान्‍न प्राप्ति हेतु प्रदान नहीं किये गये है तो इसका क्‍या कारण है? ऐसे प्रभावित किसानों को कब तक खाद्यान्‍न प्राप्ति हेतु कूपन प्रदान कर दिया जायेगा? (घ) जिन किसानों की फसलें खराब हुई है उन्‍हें शासन द्वारा कौन-कौन सी योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान किए जाने हेतु निर्देश जारी किए गये है और लाभ प्रदान किया जा रहा है?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। माननीय मुख्‍यमंत्रीजी द्वारा रबी की फसल वर्ष 2014-15 एवं खरीफ की फसल वर्ष 2015 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित ऐसे परिवार जिनकी फसलों की प्राकृतिक आपदा से क्षति 50 प्रतिशत या उससे अधिक हो, को प्राथमिकता परिवार में सम्मिलित कर खाद्यान्‍न प्रदाय हेतु पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) उपलब्‍ध कराये जाने की घोषणा की गई थी। (ख) परासिया विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2014-15 में तहसील परासिया एवं उमरेठ में सोयाबीन व मक्‍का की फसलें मौजेक रोग एवं सूखा के कारण 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षति नहीं होने के कारण प्राकृतिक आपदा श्रेणी अंतर्गत किसानों को पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) उपलब्‍ध नहीं कराई गई। वर्ष 2014-15 में उमरेठ तहसील में 558 ऐसे परिवार जो राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रावधान अनुसार पात्र परिवार नहीं थे एवं जिनकी रबी फसल ओलेवृष्टि से 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षति हुई थी, उनमें से 484 परिवारों को प्राकृतिक आपदा श्रेणी अंतर्गत खाद्यान्‍न प्राप्‍त करने हेतु पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) जारी की गई, कुछ किसानों के परिवार अन्‍यत्र निवासरत होने एवं कुछ किसान एक ही परिवार के सदस्‍य होने के कारण उन्‍हें पृथक से पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) प्रदाय नहीं की गई है। इस प्रकार, कोई भी पात्र परिवार पात्रता पर्ची प्राप्‍त करने से वंचित नहीं है। परासिया तहसील के किसी भी कृषक की रबी फसल की क्षति 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हुई है। वर्ष 2015-16 में परासिया तहसील को सूखाग्रस्‍त घोषित किया गया था। (ग) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जिन किसानों की प्राकृतिक आपदा से फसल की क्षति 50 प्रतिशत या उससे अधिक हुई है, उनके सत्‍यापन उपरांत जारी पात्रता पर्ची (ई-राशनकार्ड) के आधार पर 5 किलोग्राम खाद्यान्‍न प्रति सदस्‍य, शक्‍कर 1 किलोग्राम, नमक 1 किलोग्राम एवं 4 लीटर केरोसीन प्रति परिवार प्रतिमाह वितरण किया जा रहा है।

दुकान व लीड संस्‍थाओं के विरूद्ध कार्यवाही

28. ( क्र. 1733 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा), श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि दिनांक 18 मार्च 2015 के प्रश्‍न संख्‍या 11 (क्र.1813) प्रश्‍न संख्‍या 164 (क्र.5314) तथा प्रश्‍न संख्‍या 110 (क्र.4820) के संदर्भ में बताये कि अशोक नगर जिले में 18 मार्च के बाद जाँच में क्‍या प्रगति हुई है तथा शिकायतों का विवरण देते हुये प्रत्‍येक प्रकरण में अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई है?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट ''चौदह''

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को शासकीय कर्मचारी घोषित करना

29. ( क्र. 1747 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शासन द्वारा प्रदेश की आंगनवाडि़यों में कार्यरत कार्यकर्ता व सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करने तथा तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग का दर्जा दिये जाने की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्‍या यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ख) क्‍या आंगनवाड़ी कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा जैसे मंहगाई भत्‍ता, भविष्‍य निधि, पेंशन, शासकीय अवकाश, स्‍थानांतरण, मेडीकल, बीमा आदि की सुविधाएं प्रदान है या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या महिला सशक्तिकरण एवं एकीकृत बाल विकास विभाग की भर्तियों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को पदोन्‍नत किया जाता है या नहीं? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? (घ) क्‍या भविष्‍य में शासन इन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के भविष्‍य को देखते हुए इनकी मांगों पर विचार करेगा या नहीं?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : (क) जी नहीं। भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका का पद मानसेवी प्रकृति है। अतः इन्हें शासकीय कर्मचारी घोषित किये जाने तथा तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग का दर्जा नहीं दिया जा सकता। (ख) जी नहीं। प्रश्‍नांश (क) अनुसार जानकारी होने से। (ग) जी नहीं। सीमित परीक्षा के माध्यम से पर्यवेक्षक पद पर नियुक्ति का प्रावधान है। (घ) वर्तमान में इस प्रकार की कोई योजना नहीं हैं। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।।

उप स्‍वाथ्‍य केन्‍द्र भवन का निर्माण

30. ( क्र. 1748 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जलेरिया में शासन द्वारा ग्रामवासियों के बेहतर उपचार के लिये लाखों रूपये की लागत से उपस्‍वास्‍थ्‍य केंद्र का निर्माण कराया गया है? (ख) क्‍या उक्‍त स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र भवन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की घोर लापरवाही के करण आज दिनांक तक उपयोग में नहीं आ रहा है तथा अतिक्रमणकारियों द्वारा इस भवन पर कब्‍जा कर लिया गया है? (ग) क्‍या शासन ग्रामवासियों के बेहतर इलाज हेतु इस भवन का उपयोग कर स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं हेतु शीघ्र चालू करेगा और दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कोई ठोस कार्यवाही करेगा? जानकारी स्‍पष्‍ट करें।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं, लोक निर्माण विभाग, संभाग देवास द्वारा उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन का कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण विभाग को हस्तांतरित नहीं किया गया है तथा उक्त भवन पर किसी का अतिक्रमण/कब्जा नहीं है। (ग) जी हाँ, भवन में विद्युत फिटिंग का कार्य होने के बाद भवन का उपयोग प्रारम्भ हो जावेगा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। 

राशन सामग्री का प्रदाय

31. ( क्र. 1771 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम के तहत खाद्य विभाग की सेवा क्रमांक 9.5 में कौन सी सेवा किस प्रकार दी जाती है? क्‍या इस सेवा को म.प्र. राजपत्र दिनांक 18 अप्रैल, 2013 में अधिसूचित किया गया है एवं क्‍या इसमें राशन दुकानों से सामग्री प्राप्‍त नहीं होने पर पात्रतानुसार दिलवाये जाने का प्रावधान है? (ख) क्‍या विधानसभा प्रश्‍न संख्‍या 93 (क्र.2070) दिनांक 27 जुलाई 2015 के प्रश्‍नांश (घ) का सी.एम. हेल्‍पलाईन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सामग्री प्राप्‍त होने वाली शिकायतों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आवेदन के रूप में मान्‍य करने का प्रावधान नहीं है उत्‍तर दिया गया है, तो क्‍या यह प्रश्‍नांश (क) के प्रावधानों का उल्‍लंघन नहीं है? (ग) प्रश्‍नांश (क) से (ख) में सी.एम. हेल्‍पलाईन से प्राप्‍त शिकायतों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नहीं लिये जाने का क्‍या कारण है? कटनी जिले में हितग्राहियों की शिकायतों पर 15 दिवस में भी कार्यवाही न करने का कौन-कौन जिम्‍मेदार है? संबंधित राशन दुकानों एवं शासकीय सेवकों पर, क्‍या कार्यवाही की गई? बतायें?
खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम अंतर्गत खाद्य विभाग की सेवा क्रमांक 9.5 में सार्वजनिक वितरण प्रणाली दुकान से खाद्यान्‍न, शक्‍कर एवं केरोसीन प्राप्‍त नहीं होने पर उसे पात्रतानुसार दिलवाया जाना मध्‍यप्रदेश राजपत्र दिनांक 10 अप्रैल, 2013 में अधिसूचित किया गया है। जिसके तहत पात्रता पर्चीधारी (ई-राशनकार्ड) को राशन सामग्री प्राप्‍त न होने पर आवेदक द्वारा पदाभिहित अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्‍तुत करने पर 15 दिवस में राशन सामग्री उपलब्‍ध कराई जाने का प्रावधान है। (ख) सी.एम. हेल्‍पलाईन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सामग्री प्राप्‍त न होने वाली शिकायतों को लोक सेवा के प्रदाय की गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आवेदन के रूप में मान्‍य करने का प्रावधान न होने के कारण प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर में उल्‍लेखित प्रावधानों का उल्‍लंघन नहीं है।, (ग) लोक सेवा के प्रदाय की गारंटी अधिनियम अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं के प्रदाय हेतु लिखित में आवेदन किये जाने का प्रावधान होने तथा सेवा प्रदाय हेतु समय-सीमा की भिन्‍नता होने के कारण सी.एम. हेल्‍पलाईन में प्राप्‍त शिकायतों को लोक सेवा के प्रदाय की गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लिया जाना संभव नहीं हैं। कटनी जिले में लोक सेवा के प्रदाय की गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवा 9.5 के अंतर्गत कोई आवेदन प्राप्‍त न होने के कारण शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जननी सुरक्षा योजना

32. ( क्र. 1797 ) श्री प्रताप सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में जननी सुरक्षा योजना अंतर्गत विगत दो वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने हितग्राही लाभांवित हुए? (ख) क्‍या विगत एक वर्ष में दमोह जिले में संस्‍थागत प्रसव रजिस्‍टर में एक हितग्राही (जच्‍चा) का नाम 2 या 3 बार दर्ज किये जाने, प्रसव घर पर होने पर भी नाम सामुदायिक केन्‍द्र में दर्ज कर फर्जी भुगतान करने, फर्जी हितग्राही के चेक भुगतान होने संबंधी कितने प्रकरण शासन/प्रशासन की जानकारी में प्राप्‍त हुए है? यदि हाँ, तो विभाग ने क्‍या कार्यवाही की है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांकित जिले में जननी सुरक्षा योजना में भारी भ्रष्‍टाचार किये जाने की शिकायतें विभाग के उच्‍च अधिकारियों को प्राप्‍त हुई हैं? यदि हाँ, तो उन पर क्‍या कार्यवाही हुई?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) प्रदेश में जननी सुरक्षा अंतर्गत विगत दो वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक कुल 1640480 हितग्राही लाभान्वित हुए है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

दमोह जिले में सेवानिवृत्‍त वेतनमान का लाभ

33. ( क्र. 1798 ) श्री प्रताप सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दमोह जिले में पदस्‍थ आयुर्वेद चिकित्‍सा अधिकारी डॉ.आर.के. मिश्रा, डॉ. अनिल चौधरी, डॉ.आर.के. गांगर एवं पी.पी. शर्मा जो मार्च 2011 के पूर्व सेवानिवृत्‍त हुए थे, को समयमान वेतनमान का लाभ दिया गया था, यदि हाँ, तो किन नियमों के तहत लाभ दिया गया था? (ख) क्‍या दमोह जिले के मार्च 2011 के पश्‍चात् सेवानिवृत्‍त हुए आयुर्वेदिक चिकित्‍सा अधिकारी डॉ.के.के. तिवारी डॉ. देवेन्‍द्र प्रसाद विश्‍वकर्मा, डॉ.पी.के. खरे को समयमान वेमतनमान का लाभ न देते हुए मय ब्याज के कटौती कर ली गई है, यदि हाँ, तो किन नियमों के तहत? क्‍या प्रदेश के अन्‍य जिलों के सेवानिवृत्‍त हुए आयुर्वेदिक चिकित्‍सा अधिकारियों से भी समयमान वेतनमान का लाभ न देते हुए मय ब्‍याज के कटौती की गई है? (ग) शासन द्वारा प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित आयुर्वेदिक चिकित्‍सा अधिकारियों के प्रकरणों में अपनाये गये दोहरे मापदण्‍ड, मनमानी एवं अनियमितता की समग्र रूप से जाँच कर वंचित लाभ से कब तक लाभांवित कर न्‍याय प्रदान किया जावेगा, समय-सीमा बतलावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। नियम की फोटोप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ख) लाभ दिया गया था। किन्तु संयुक्त संचालक कोष लेखा, सागर संभाग एवं जिला कोषालय अधिकारी, दमोह तथा अन्‍य जिलों में जहाँ-जहाँ संयुक्‍त संचालक कोष लेखा एवं जिला कोषालय अधिकारी द्वारा आपत्ति ली गई है उन जिलों में ब्‍याज रहित वसूली की गई है। नियमों की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ग) प्रकरण विचाराधीन है, नियमानुसार उपयुक्त निर्णय शीघ्र लिया जावेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

पन्‍ना जिले में दवा खरीद में अनियमितता

34. ( क्र. 1840 ) श्री मुकेश नायक : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना सी.एच.एस.ओ. द्वारा वित्‍तीय वर्ष 2012-2013, 2013-2014 एवं 2014-2015 में कितनी दवा खरीदी गयी? वर्षवार पृथक-पृथक आवंटित बजट राशि सहित बताएं? (ख) दवा आवंटित बजट की कितनी प्रतिशत राशि लोकल परचेस एवं कितनी प्रतिशत सी.एस.एम.ओ. द्वारा की जा सकती है? (ग) उपरोक्‍त वर्षों में क्रय की गई दवाओं के लोकल परचेस के टेण्‍डर किन-किन समाचार-पत्रों या माध्‍यमों से जारी किये गये? उपरोक्‍त वर्षों में किन-किन फर्मों ने टेण्‍डर भरे व किनके स्‍वीकृत हुये? (घ) क्‍या शासन ने लोकल परचेस की निर्धारित सीमा से अधिक की गई दवा खरीदी पर सी.एच.एम.ओ. पन्‍ना पर कोई कार्यवाही की है? यदि हाँ, तो बताएं? यदि नहीं, तो क्‍यों जानकारी उपलब्‍ध करावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना द्वारा वित्तीय वर्ष 2012-13, 2013-14 एवं 2014-15 में खरीदी गई दवा की जानकारी वर्षवार पृथक-पृथक आवंटन एवं व्यय का विवरण निम्नानुसार हैः-

क्रमांक

वित्तीय वर्ष

आवंटन

खरीदी गई दवा की जानकारी

1

2012-13

9360000

8505737

2

2013-14

7505100

6082358

3

2014-15

8013850

4948521

(ख) दवा नीति 2009 उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन औषधि हेतु आवंटित बजट की 20 प्रतिशत राशि से दवांईयों का स्थानीय क्रय कर सकते है। (ग) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना द्वारा वित्तीय वर्ष 2012-13, 2013-14 एवं 2014-15 में लोकल पर्चेस के टेण्डरों के वर्षवार विज्ञापन जो समाचार पत्रों के माध्यम से जारी किये गये उनकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। उपरोक्त वर्षों में जिन फर्मों ने टेण्डर भरे एवं जिनके टेण्डर स्वीकृत हुये उनकी वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में स्थानीय क्रय 20 प्रतिशत से अधिक किये जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।

आदिवासी उपयोजना मद की व्‍यय राशि

35. ( क्र. 1982 ) श्री संजय उइके : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आदिवासी उपयोजना मद से विकास हेतु विभाग को बजट दिया जाता है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तथा किन-किन योजना/कार्यों में कितनी-कितनी राशि कहाँ-कहाँ की की गयी योजना/मदवार उपलब्‍ध करावें?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। (ख) वित्तीय वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक योजनावार/मदवार राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' '''' '''' '''' एवं '''' अनुसार

बारदानों की निविदा

36. ( क्र. 1983 ) श्री संजय उइके : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रत्‍येक वर्ष बालाघाट जिले में धान एवं चावल हेतु बारदानों के लिए निविदा बुलाई जाती है? (ख) यदि हाँ, तो वित्‍तीय वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक बुलाई गई निविदा का दिनांक, निविदा में भाग लेने वाले निविदाकारों का नाम, पता, दर, सफल निविदाकार का नाम, पता स्‍वीकृत दर की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (ग) बारदाने की निर्धारित धान एवं चावल की भर्ती क्षमता एवं बारदाने का स्‍टेण्‍डर्ड वजन भी बतावें?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित धान एवं चावल की भर्ती हेतु बारदाना क्रय केन्‍द्रीकृत क्रय व्‍यवस्‍था के तहत पूरे राज्‍य के लिए डी.जी.एस. एण्‍ड डी. (DGS&D) के माध्‍यम से किया जाता है। (ख) प्रश्‍नांश '' के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) धान की 37.50 किलोग्राम एवं चावल की 50 किलोग्राम प्रति बारदाना भर्ती हेतु क्षमता निर्धारित है। वर्तमान में बारदाने का स्‍टेण्‍डर्ड वजन 580 ग्राम प्रति बारदाना है।

सामग्री विरतण में अनियमितता

37. ( क्र. 2099 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न संख्‍या क्रमांक 170 (2596) तारांकित दिनांक 27/07/2015 के भाग (ग) के उत्‍तर के संलग्‍न परिशिष्‍ट 97 स के कॉलम में की गई कार्यवाही में सरल क्र. 0809 में दिए गए उत्‍तर अनुसार सेवा सहकारी समिति पिपरसवा प्रबंधन एवं प्रियदर्शनी वार्ड 31 मुरैना शहर के खिलाफ प्रश्‍न प्रस्‍तुत दिनांक तक क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां हुई? (ख) यदि नहीं, तो क्‍यों? कब तक कार्यवाहियां की जावेगी?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) प्रश्‍नांकित सेवा सहकारी समिति पिपरसेवा के विरूद्ध प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी मुरैना के यहां विचाराधीन है। समिति प्रबंधक, राजीव सिंह तोमर के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही हेतु उपायुक्‍त, सहकारिता एवं महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक मुरैना को दुकान आवंटन अधिकारी द्वारा पत्र लिखा गया है, ज‍बकि प्रियदर्शनी वार्ड क्रमांक 31 मुरैना द्वारा अनियमितता किये जाने के फलस्‍वरूप कोतवाली थाना मुरैना में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रकरण विवेचनाधीन है। उचित मूल्‍य दुकान भी निलंबित की गई है। (ख) प्रश्‍नांश '' में उल्‍लेखित कार्यवाही प्रचलित होने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। अर्द्धन्‍यायिक व विवेचना की कार्यवाही प्रचलन में होने से निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। समिति प्रबंधक के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही यथाशीघ्र पूर्ण कराई जाएगी।

 

उचित मूल्‍य की दुकानों की स्‍वीकृति

38. ( क्र. 2100 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश शासन सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदेश की प्रत्‍येक ग्राम पंचायत में उचित मूल्‍य की दुकानों के प्रारम्‍भ हेतु नियम व निर्देश प्रचलन में हैं? यदि हाँ, तो नियम व निर्देशों की प्रति दी जावे? (ख) क्‍या उपरोक्‍त (क) में उल्‍लेखित नियमों अनुसार विधान सभा क्षेत्र 07 दिमनी जिला मुरैना अथवा जनपद पंचायत अम्‍बाह व मुरैना में सभी पंचायतों में उचित मूल्‍य दुकानें स्‍वीकृत होकर प्रारम्‍भ हैं? (ग) यदि नहीं, तो प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार कहां-कहां, किन-किन पंचायतों में उचित मूल्‍य की दुकानें संचालित नहीं हैं? कारण बताते हुए कब तक उचित मूल्‍यों की दुकानें प्रारम्‍भ हो जायेंगी?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। म.प्र. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) ऐसी पंचायतें जिनमें उचित मूल्‍य दुकान संचालित नहीं हैं, की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- अनुसार है। म.प्र. सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 में संशोधन की कार्यवाही प्रचलित है। संशोधन उपरांत पंचायतवार उचित मूल्‍य दुकानें खोलने की प्रक्रिया सक्षम अधिकारियों द्वारा की जावेगी।

जबलपुर जिले में महिला उत्‍पीड़ण की घटनाएँ

39. ( क्र. 2210 ) श्री अंचल सोनकर : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर जिले में महिलाओं/बालिकाओं, नाबालिक बच्चियों एवं स्‍कूली छात्राओं के साथ दुराचार सामूहिक दुष्‍कर्म, शारीरिक शोषण, घरेलू हिंसा, दहेज हत्‍या एवं प्रताड़ना, हत्‍या का प्रयास, लूट, राहजनी, छेड़खानी आदि से संबंधित कितनी आपराधिक घटनाएं पंजीकृत की गई? वर्ष 2013-14 से 2015-16 तक की जानकारी थानावार देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में पंजीकृत कितनी-कितनी घटनाओं से संबंधित कितने अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई, कितने अपराधियों को जेल भेजा गया एवं कितनी जघन्‍य घटनाओं से संबंधित अपराधियों को पकड़ा नहीं गया है? क्‍यों? गिरफ्तारी हेतु क्‍या प्रयास किये गये बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में बलात्‍कार, सामूहिक दुष्‍कर्म, शारीरिक शोषण से संबंधित कितने मामलों में अपराध को पंजीकृत करने में आनाकानी करने, पीडि़तों के साथ असंवेदनशील व्‍यवहार व परेशान करने से संबंधित कितने प्रकरण है, जिनमें संबंधित पुलिस अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही कर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया? थानावार जानकारी देवें। ऐसे कितने प्रकरण अनसुलझे व विवादित हैं जिन पर निर्णय नहीं लिया जा सका? कारण बतावें?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) पंजीबद्ध प्रकरणों की संख्यात्मक थानावार, वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में पंजीबद्ध घटनाओं से संबंधित अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध की गई कार्यवाही की संख्यात्मक, थानावार, वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। गिरफ्तारी हेतु विधि अनुसार नियमित प्रयास किये जा रहे हैं। यह एक सतत् प्रक्रिया है। (ग) प्रश्नांश के परिप्रेक्ष्य में बलात्कार, सामूहिक दुष्कर्म, शारीरिक शोषण के किसी भी मामले में अपराध पंजीबद्ध करने में आनाकानी करने, पीडि़तों से साथ संवेदनशील व्यवहार व परेशान करने से संबंधित कोई भी प्रकरण प्रकाश में नहीं आया जिससे किसी पुलिस अधिकारी कर्मचारी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। ऐसा कोई प्रकरण नहीं है जो विवादित हो या उस पर निर्णय नहीं लिया जा सका हो।

लाड़ली लक्ष्‍मी योजना

40. ( क्र. 2254 ) श्री शान्तिलाल बिलवाल : क्या महिला एवं बाल विकास मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) झाबुआ जिले मे लाड़ली लक्ष्‍मी योजना का शासन द्वारा वर्ष 2015-16 में कितना लक्ष्‍य निर्धारित किया गया था? (ख) उक्‍त लक्ष्‍य अनुसार अभी तक कितना लक्ष्‍य झाबुआ एवं रानापुर विकासखण्‍ड में प्राप्‍त किया गया? (ग) अगर लक्ष्‍य प्राप्‍त नहीं किया गया तो, लक्ष्‍य कब तक प्राप्‍त कर लेगें? (घ) लक्ष्‍य प्राप्‍त नहीं होता तो शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

महिला एवं बाल विकास मंत्री ( श्रीमती माया सिंह ) : ( क) झाबुआ जिले में संभावित हितग्राही संख्या 4428 का निर्धारण वर्ष 2015-16 हेतु किया गया है। (ख) झाबुआ एवं रानापुर विकासखण्ड में क्रमशः 554 एवं 486 बालिकाओं को योजना में लाभान्वित किया गया है। (ग) 31 मार्च 2016 तक पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ दिया जाना है। (घ) उपरोक्त के सन्दर्भ में प्रश्न ही उद्भूत नहीं होता है !

सरकारी आवासों का आवंटन

41. ( क्र. 2271 ) श्रीमती इमरती देवी : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्‍वालियर जिले में ग्‍वालियर शहर के ठाटीपुर क्षेत्र में कितने शासकीय आवास बने हुये हैं? उनमें से कितने आवास वर्ष जनवरी 2005 से किस-किस को कब-कब आवंटित किये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) ग्‍वालियर शहर के ठाटीपुर क्षेत्र में बने सरकारी आवासों को जिन-जिन व्‍यक्तियों को आवंटित किये गये है? क्‍या उन सभी को आवास आवंटित करने की पात्रता थी तो किस व्‍यक्ति को किस अधिकारी के द्वारा आवास आवंटित किये गये और नहीं तो नियम विरूद्ध किये गये आवंटन में कौन अधिकारी दोषी है और उसके विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जावेगी और आवंटन निरस्‍त किये जावेंगे?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) थाटीपुरा में सामान्‍य पूल के 647 शासकीय आवास बने हुये है। वर्ष 2005 से आवंटित आवासों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार(ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। कोई अधिकारी दोषी न होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

जुआं/सट्टा संचालाकों एवं ब्‍याज पर पैसा बांटने वालों के विरूद्ध कार्यवाही

42. ( क्र. 2350 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रायसेन के विभिन्‍न थाना क्षेत्रों में वर्ष 2013 की स्थिति में असामाजिक तत्‍वों द्वारा जुआं/सट्टा खिलाने एवं ब्‍याज पर पैसा बांटन वालों की शिकायतें प्राप्‍त हुई है? (ख) यदि हाँ, तो वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में रायसेन जिले के किन-किन थाना क्षेत्रों में कब-कब, कहां-कहां, किन-किन जुआं/सट्टा संचालकों के द्वारा जुआं/सट्टा कराया जा रहा था? उनके नाम, पता सहित जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में कितने जुआंरी/सटोरियों के विरूद्ध जिला बदर एवं धारा 110 की कार्यवाही की गई, थानेवार नाम व पता बतावें? (घ) रायसेन जिले में गत दो वर्षों में ब्‍याज पर पैसे बांटने वालों के विरूद्ध किन-किन थानों में कितने-कितने आवेदन प्राप्‍त हुए? ब्‍याज पर पैसा बांटने वालों के विरूद्ध प्राप्‍त शिकायतों में से किस-किस थानों में किस धारा में अपराध पंजीबद्ध किया गया? किस-किस पर किन कारणों से अपराध पंजीबद्ध नहीं किया गया?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) जिला रायसेन में वर्ष 2013 से प्रश्न दिनांक (दिनांक 01.01.2013 से 31.01.2016) तक असामाजिक तत्वों द्वारा जुआं/सट्टा खिलाने संबंधी एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिस पर पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही की गई है। ब्याज पर पैसा बांटने वालों के विरूद्ध कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। (ख) प्रश्नांकित अवधि में जिला रायसेन के सभी थाना क्षेत्रों में जुआं/सट्टा संचालकों द्वारा जुआं/सट्टा संचालित किये जाने के संबंध में कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जुआं/सट्टा खेलने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही की गई है। (ग) प्रश्नांकित अवधि में जिला रायसेन के थानों द्वारा जुआं एवं सट्टा के अपराधों से संबंधित 15 आरोपियों के विरूद्ध जिला बदर एवं कुल 103 आरोपियों के विरूद्ध धारा 110 द.प्र.सं. के अंतर्गत कार्यवाही की गई है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जिला रायसेन में गत दो वर्षों (दि. 01.01.14 से 31.12.2015 तक) में ब्याज पर पैसा बांटने वालों के विरूद्ध कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

उचित मूल्‍य दुकानों का संचालन

43. ( क्र. 2351 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कहां-कहां उचित मूल्‍य की दुकानें संचालित हैं? दुकानों का पता/सेल्‍समेन का नाम सहित बताएं? (ख) उदयपुर विधानसभा क्षेत्र में कहां-कहां नई दुकानें खोलने के प्रस्‍ताव लंबित हैं और कब तक दुकानें खोल दी जाएंगी? (ग) क्‍या रायसेन जिले में संचालित उचित मूल्‍य की दुकानों की शिकायत हुई है? यदि हाँ, तो शिकायतों पर किन शासकीय सेवकों द्वारा जाँच की गई? जाँच में दोषी पाये गये संचालकों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में तहसील उदयपुरा में ग्राम पंचायत देवरी तथा तहसील बरेली में ग्राम पंचायत सोजनी में नई उचित मूल्‍य दुकान प्रारंभ किये जाने का प्रस्‍ताव ल‍ंबित है। मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 में संशोधन की कार्यवाही के उपरांत नियमानुसार दुकान खोले जाने की कार्यवाही की जावेगी। (ग) जी हाँ, जिले में विगत तीन माह में प्राप्‍त शिकायत की जाँचकर्ता अधिकारी व की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

थाना बरघाट व थाना सिवनी में सांप्रदायिक घटना

44. ( क्र. 2499 ) श्री रजनीश सिंह : क्या गृह मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिवनी जिले के बरघाट व सिवनी थाना क्षेत्रों में अक्‍टूबर 2015 से लगातार सांप्रदायिक घटनाएं हो रही है? यदि हाँ, तो अक्‍टूबर 2015 से लेकर 20 जनवरी तक इस दौरान हुए सांप्रदायिक घटनाक्रमों में बरघाट व सिवनी थाना अंतर्गत कितनी एफ.आई.आर. दर्ज हुई है? संख्‍या बतावें। (ख) उक्‍त एफ.आई.आर. में कितने नामजद व कितने अज्ञात लोगों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज हुई है? आरोपियों के नाम व उन पर किन धाराओं के तहत मामले कायम किये गये हैं? (ग) उक्‍त आरोपियों में से जिन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है उनके नाम व शेष आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर लिया जायेगा जानकारी दे? (घ) ऐसी घटनाएं घटित ना हो इसके लिए क्‍या प्रशासन ने ठोस रणनीति बना ली है? यदि हाँ, तो बार-बार उक्‍त थाना अंतर्गत ऐसी घटनायें क्‍यों घट रही हैं?

गृह मंत्री ( श्री बाबूलाल गौर ) : (क) बरघाट व सिवनी थाना क्षेत्रो में लगातार साम्प्रदायिक घटनायें नहीं हो रही है, बल्कि अक्टूबर 2015 से 20 जनवरी तक दिनांक 03.10.2015, 01.11.2015, 19.11.2015, 28.11.2015 एवं 13.01.2016 को दो पक्षों के मध्य विवाद एवं मारपीट की घटनायें घटित हुई है। उपरोक्त घटनाओं में कुल 39 एफ.आई.आर. दर्ज हुई है। (ख) उपरोक्त घटनाओं में 254 नामजद एवं 478 अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज की गई है। विस्तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रदेश में साम्प्रदायिक घटनाओं की रोकथाम के लिये समय-समय पर पुलिस मुख्यालय द्वारा अलर्ट/एडवाईजरी जारी की जाती है। इस संबंध में शासन द्वारा घटनाओ की रोकथाम हेतु गाईड लाईन्स जारी कर समस्त पुलिस अधीक्षकों को पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजी गई है। साथ ही घटनाओं के नियत्रंण हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा भी वर्ष 2014 में मार्गदर्शिका जारी की गई है। जिला स्तर पर दंगा प्रतिरोधक योजना तैयार की गई है। तथा समय-समय पर किसी भी स्थान पर दो पक्षों के बीच विवाद/मारपीट की सूचना मिलने पर तत्परता से नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में पैथोलॉजी एक्‍स-रे, ई.सी.जी. की सुविधा

45. ( क्र. 2505 ) श्री रामप्यारे कुलस्ते : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्‍डला जिले के कितने सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में एक्‍स-रे मशीन ई.सी.जी. मशीन तथा पैथोलॉजी सुविधा उपलब्‍ध है तथा कौन सा ऐसा स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र है जहां उक्‍त सुविधाओं का अभाव है? उपलब्‍ध सुविधाओं के अनुसार उनके आपरेटर तथा लेब टेक्‍नीशियन की पदस्‍थापना कौन-कौन सी सामुदायिक केन्‍द्रों में की गई है? (ख) कौन-कौन से ऐसे सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र हैं, जहां उपर्युक्‍त सुविधाएं होने के बाद भी आपरेटर लेब टेक्‍नीशियन के अभाव में सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, रिक्‍त स्‍थानों पर कब तक नियुक्तियां कर दी जावेंगी? साथ ही कौन सा ऐसा स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र है जहां पद पूर्ति तथा मशीनों की उपलब्‍धता के बाद भी सुविधाओं का लाभ मरीजों को नहीं दिया जा रहा है, उसके क्‍या कारण है? (ग) जिन स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में एक्‍स-रे ई.सी.जी. पैथोलॉजी सुविधा नहीं है वहां भविष्‍य में जन सुविधा को ध्‍यान में रखते हुये कार्ययोजना को मूर्तरूप देने हेतु कोई योजना है?

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मण्डला जिले में समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ई.सी.जी. एवं पैथोलॉजी सुविधाएं उपलब्ध है। लेब टेक्नीशियन समस्त केन्द्रों में पदस्थ है। ई.सी.जी. टेक्नीशियन का कोई पद सृजित नहीं है। प्रशिक्षित स्टॉफ से ई.सी.जी. करवाई जाती है। एक्स-रे मशीन एवं आपरेटर संबंधी जानकारी समस्त विकासखण्डवार निम्नानुसार है- 

क्र.

विकासखण्ड का नाम

एक्स-रे मशीन

रिमार्क

 

 

हाँ/नहीं

ऑपरेटर

 

1.

बम्हनी

हाँ

हाँ

-

2.

नैनपुर

हाँ

हाँ

-

3.

बिछिया

हाँ

हाँ

-

4.

बीजाडाण्डी

हाँ

हाँ

-

5.

निवास

हाँ

नहीं

अन्य प्रशिक्षित कर्मचारी से कार्य कराया जा रहा है। कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है।

6.

नारायणगंज

हाँ

नहीं

अन्य प्रशिक्षित कर्मचारी से कार्य कराया जा रहा है। कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है।

7.

मवई

हाँ

नहीं

वर्तमान में प्रशिक्षित ऑपरेटर न होने के कारण कार्य नहीं कराया जा रहा है। एक्स-रे जाँच की वैकल्पिक व्यवस्था निकट के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजकर कराई जाती है।

8.

घुघरी

नहीं

हाँ

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घुघरी में एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है।

9.

मोहगांव

हाँ

नहीं

अन्य प्रशिक्षित कर्मचारी से कार्य कराया जा रहा है। कार्य प्रभावित नहीं हो रहा है।


(
ख) मण्डला जिलें में समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पैथोलॉजी एवं ई.सी.जी. सुविधायें उपलब्ध है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द मवई में एक्स-रे मशीन पूर्व से उपलब्ध है लेकिन आपरेटर के अभाव में एक्स-रे की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक्स-रे जाँच की वैकल्पिक व्यवस्था रोगियों के निकट के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजकर कराई जाती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र-निवास, नारायणगंज, मवई, मोहगांव में एक्स-रे टेक्नीशियन पदस्थ न होने के बावजूद अन्य प्रशिक्षित कर्मचारियों से कार्य संपादित कराते हुये सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। रिक्त स्थानों की पूर्ति यथासंभव शीघ्र की जावेगी। ऐसा कोई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है जहाँ पर पदपूर्ति तथा मशीन की उपलब्धता के पश्चात भी सुविधाएं नहीं दी जा रही है। (ग) मण्डला जिले के अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घुघरी में एक्स-रे मशीन उपलब्ध नहीं है। जिसको क्रय करने की कार्यवाही प्रचलन में है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मवई में रेडियोग्राफर के पदपूर्ति की कार्यवाही प्रचलन में है। शेष सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सुविधाएं उपलब्ध है।

प्रसूति सहायता योजना की राशि का भुगतान

46. ( क्र. 2541 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा लोक सेवा ग्‍यारंटी योजना में शासन की किन-किन योजनाओं को शामिल किया गया है उसकी सूची दी जावे? क्‍या यह सही है कि लोक सेवा ग्‍यारंटी योजना में प्रसूति सहायता योजना भी शामिल है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो बड़वाहा विधान सभा में प्रसूति सहायता हेतु जनवरी 2015 से वर्तमान तक कितने प्रकरण किस दिनांक को प्राप्‍त हुए हैं एवं विभाग द्वारा इन प्राप्‍त प्रस्‍तावों पर किस दिनांक को राशि स्‍वीकृत की गई है एवं राशि का भुगतान कब हुआ, भुगतान में विलम्‍ब हुआ है तो क्‍या कारण रहे हैं? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा ग्राम टोकलाय निवासी श्रीमती पूजाबाई पति श्री भैयालाल को प्रसूति सहायता का प्रकरण समय-सीमा में किये जाने के संबंध में कब-कब पत्र जिला प्रशासन एवं स्‍थानीय प्रशासन को जारी किये गये हैं? विभाग द्वारा प्राप्‍त पत्र के संबंध में कब-कब क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या उपरोक्‍त उल्‍लेखित प्रार्थिनी को दो वर्ष उपरान्‍त भी राशि का भुगतान नहीं हुआ है? यदि हाँ, तो लोक सेवा ग्‍यारंटी में कितने दण्‍ड करने का प्रावधान है? यह दण्‍ड राशि कितनी की गई एवं किन-किन लम्बित प्रकरणों में की गई है? उसकी सूची दी जावे। क्‍या इस प्रकार के अन्‍य प्रकरणों में भी प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र जारी किया गया है? यदि हाँ, तो तद्नुसार क्‍या कार्यवाही की गई।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा लोकसेवा गारंटी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की 08 सेवाओं को शामिल किया गया है। प्रसूति सहायता योजना लोकसेवा गारंटी में श्रम विभाग के अन्तर्गत शामिल है।

स.क्र.

सेवाएं

1

राज्य बीमारी सहायता निधि के अधीन रू 2.00 लाख तक के प्रकरण जिला स्तर से स्वीकृत किया जाना

2

विकलांगता प्रमाण पत्र दिया जाना

3

दीनदयाल अन्त्योदय उपचार कार्ड जारी करना

4

राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत टीकाकरण

5

आवेदक की आयु का चिकित्सीय सत्यापन

6

मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के प्रकरण स्वीकृत किया जाना

7

प्रदेश में संचालित निजी उपचर्यागृह/रूजोपचार्य संबंधी स्थापनाओं का रजिस्ट्रीकरण एवं अनुज्ञापन

8

प्रदेश में संचालित निजी उपचर्यागृह/रूजोपचार्य संबंधी स्थापनाओं का रजिस्ट्रीकरण एवं अनुज्ञापन का नवीनीकरण

(ख) हाँ, प्रसूति सहायता योजना लोकसेवा गारंटी में श्रम विभाग के अन्तर्गत शामिल है। इसके अन्तर्गत कुल आवेदन 111 प्राप्त हुये हैं, इसमें से 49 केस का भुगतान दिनांक 23.09.2015 को जिला कोषालय खरगोन के माध्यम से एवं 21 केस का भुगतान दिनांक 18.12.2015 को स्थानीय कार्यालय की आर.सी.एच.शाखा बड़वाह से किया गया है एवं 41 केस की राशि स्वीकृत है जिसका भुगतान बजट आवंटन के आभाव में लंबित है। आवंटन प्राप्त होते ही लंबित हितग्राहियों का भुगतान किया जा सकेगा। (ग) श्रीमती पूजा पति श्री भैयालाल निवासी टोकलाय का आवेदन अपूर्ण था तथा समग्र पोर्टल आई.डी. में इनका नाम इंद्राज नहीं था। इनके आवेदन को पूर्ण करवा कर राशि स्वीकृत की जा चुकी है, परंतु बजट आवंटन प्रसूति सहायता योजना के अन्तर्गत बजट आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है। बजट आवंटन प्राप्त होते ही शीघ्र भुगतान किया जा सकेगा। किसी भी प्रकरण में अनावश्‍यक विलम्व नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नगर सनावद में 3600 मैट्रिक टन क्षमता के गोडाउन का निर्माण

47. ( क्र. 2542 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यानसिंह सोलंकी : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर सनावद में मध्‍यप्रदेश वेअर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन द्वारा वर्ष 2010 में कृषि उपज मण्‍डी परिसर में 54 लाख 50 हजार 806 रूपये में 3600 मैट्रिक टन का गोडाउन निर्माण की अनुमति/स्‍वीकृति प्रदान की गई थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार यदि हाँ, तो प्रश्‍नकर्त्‍ता द्वारा 21 फरवरी 2013 को विधान सभा में प्रश्‍न क्रमांक 174 से गोडउन अपूर्ण होने के संबंध में प्रश्‍न पूछा गया था, जिसमें विभाग द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गई है निविदा की शर्तें के अनुसार गोडाउन के पूर्ण होने के अवधि दिनांक से आज दिनांक तक गोडाउन निर्माण न होने से राज्‍य शासन को नगर सनावद में अनाज भण्‍डारण में शासकीय अथवा कितने निजी गोडाउन किराये पर लिये गये है एवं इन वर्षों में कितनी राशि का गोडाउन का भुगतान किया गया है अर्थात् शासन को प्रतिवर्ष कितनी राशि की क्षति हुई है? इस क्षति के लिये जिम्‍मेदार अधिकारी कौन है उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जावेगी? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार प्रश्‍नकर्त्‍ता द्वारा राज्‍य शासन के जिला स्‍तर संभाग स्‍तर एवं शासन स्‍तर पर पत्र लिखकर ध्‍यान आ‍कर्षित कराया गया है, यदि हाँ, तो उक्‍त विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? क्‍या प्रश्‍नकर्त्‍ता के पत्रों पर शासन कोई अपराधिक/लापरवाही का प्रकरण दर्ज करेगा? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं, गोदाम निर्माण की स्‍वीकृति नहीं, अपितु प्रश्‍नांकित क्षमता के कनवर्टीबल केप तथा 10 फीट ऊंचाई तक के कार्य की स्‍वीकृति प्रदान की गई थी।, (ख) प्रश्‍नांकित विधानसभा के उत्‍तर में विभाग द्वारा कनवर्टीबल केप तथा 10 फीट ऊंचाई के निर्माण-कार्य के पूर्ण होने की जानकारी दी गई है न कि गोदाम के पूर्ण होने की। शेष भाग का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।, (ग) जी हाँ। कार्य स्‍वीकृति अनुसार पूर्ण हुआ है। वर्तमान में आगे निर्माण न करने का फैसला निगम द्वारा व्‍यावसायिक सिद्धांत के आधार के आधार पर लिया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

महिला स्‍व-सहायता समूहों को दुकानों का आवंटन

48. ( क्र. 2549 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2015 में छतरपुर जिले की तहसील बड़ामलहरा के तत्‍का. अनु.अधि./एस.डी.एम. द्वारा म.प्र. सार्व. वि. प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 के तहत महिला स्‍व.सहायता समूहों को दुकानें आवंटित की गयी थी? यदि हाँ, तो कुल आवंटित महिला स्‍व-सहायता समूहों के नाम व उनके प्रसारित आदेश की प्रतियां अवलोकनार्थ पटल पर रखे? (ख) क्‍या उक्‍त समूहों को अपात्रता के प्रकरण प्रकाश में आने के कारण कलेक्‍टर, छतरपुर द्वारा जाँच समिति गठित कर जाँच कराई गई थी व समिति के जाँच प्रतिवेदन आने पर अधिकांश महिला समूहों को आवंटित उक्‍त दुकानें निरस्‍त की गई है? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में महिला स्‍व. समूहों के नाम एवं अपात्रता का कारण बताएं? (ग) क्‍या उक्‍त आवंटितों में जय माँ शैलपुत्री समूह का नाम सम्मिलित है? यदि हाँ, तो इस संस्‍था का आवंटन आदेश निरस्‍त करने हेतु प्रबंधक बजरंग प्रा.उ.स.भं.मर्या., घुवारा द्वारा आवेदन प्रस्‍तुत किया गया था? यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक अपात्र/अकार्यशील जय मां शैलपुत्र समूह का आवंटन आदेश निरस्‍त कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) क्‍या शासन, अपात्र/अकार्यशील जय मां शैलपुत्री महिला स्‍व-समूह घुवारा का भी आवंटन आदेश निरस्‍त करते हुए प्रश्रय में लिप्‍त दोषी अधिकारी के विरूद्ध सकारात्‍मक कार्यवाही करेगा? हां, तो कब तक?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार हैं। (ख) जी हाँ। जाँच समिति के प्रतिवेदन के आधार पर 15 शासकीय उचित मूल्‍य दुकानों का आवंटन निरस्‍त किया गया है। प्रश्‍न के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार हैं। (ग) जी हाँ। जी हाँ। जी नहीं। अनुविभागीय अधिकारी, बड़ामलहरा द्वारा महिला समूहों को आवंटित 6 अन्‍य दुकानों की जाँच भी एक जाँच समिति द्वारा की जा रही है। जाँच समिति से प्राप्‍त प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। (घ) प्रश्‍नांकित महिला स्‍व-सहायता समूह की जाँच का प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

भण्‍डारों को कार्य क्षेत्र के अनुसार दुकानें आवंटित करना

49. ( क्र. 2550 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश में मध्‍यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 प्रभावशील है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रणाली के अंतर्गत भण्‍डारों को उनके कार्य क्षेत्र के अन्‍दर ही शा.उ.मू.दु. आवंटित किए जाने के प्रावधान रखे गए हैं? स्‍पष्‍ट उल्‍लेख करते हुए छतरपुर जिले में उक्‍त आदेश के प्रभावशील दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में संचालित भण्‍डारों के नाम, पंजीयन क्र.,पंजीयन अनुसार कार्यक्षेत्र (वार्ड क्र.), आवंटित दुकान का कार्यक्षेत्र (वार्ड क्र.), क्षेत्र के बाहर आवंटित दुकान का कार्यक्षेत्र (वार्ड क्र.), कार्य क्षेत्र के बाहर दुकान आवंटित/संलग्‍न करने वाले अधिकारी का नाम, व पदनाम सहित जानकारी पटल पर अवलोकनार्थ प्रस्‍तुत करें? (ख) क्‍या प्रश्‍न दिनांक को कार्य क्षेत्र से बाहर दुकानें आवंटित हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन सी विवरण दें, इन्‍हें प्रश्‍न दिनांक तक निरस्‍त कर दिया गया हो, तो तत्संबंधी आदेशों की प्रतियां प्रस्‍तुत करें? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन अधिकारी दोषी है? दोषी अधिकारी का नाम/पदनाम उल्‍लेखित करें। (ग) शासन, उक्‍त प्रावधान का अक्षरश: पालन न करने वाले उक्‍त अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो अवधि बताएं?

खाद्य मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ, किन्‍तु सार्वजनिक वि‍तरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के अंतर्गत संशोधन की कार्यवाही प्रचलित होने के कारण दुकान आवंटन की प्रक्रिया अभी स्‍थगित है। जी हाँ, भण्‍डारों को उनके कार्यक्षेत्र के अंदर ही दुकान आवंटित होने की पात्रता का प्रावधान उक्‍त नियंत्रण आदेश में प्रथम बार किया गया है। उपभोक्‍ता भण्‍डारों के नाम, पंजीयन क्रमांक, पंजीयन अनुसार कार्यक्षेत्र एवं वर्तमान कार्यक्षेत्र की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। उक्‍त जानकारी के अवलोकन से स्‍पष्‍ट है कि कुछ उपभोक्‍ता भण्‍डारों द्वारा कार्यक्षेत्र के बाहर दुकानें संचालित की जा रही हैं। परन्‍तु उक्‍त दुकानें सार्वजनिक वि‍तरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के प्रभावी होने के पूर्व से संचालित हैं। तत्‍समय कार्यक्षेत्र का कोई प्रावधान नहीं था। सार्वजनिक वि‍तरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 में संशोधन उपरांत सक्षम अधिकारियों द्वारा कार्यक्षेत्र के प्ë