मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-मार्च 2017 सत्र


गुरूवार, दिनांक 02 मार्च 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


Top of Form


तालाबों की मरम्मत

[जल संसाधन]

1. ( *क्र. 2884 ) श्री चन्‍दरसिंह सिसौदिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिंचाई विभाग द्वारा कुल कितने जलाशयों का निर्माण कराया गया है? वर्तमान में इन जलाशयों की क्या स्थिति है? कौन-कौन से जलाशय क्षतिग्रस्त हैं, जिनकी मरम्मत कराया जाना अत्यन्त आवश्यक है? (ख) पिछले 4 वर्षों में शासन द्वारा किन-किन तालाबों की मरम्मत करवाई गई? कुल कितनी राशि कहाँ-कहाँ खर्च की गई? (ग) शासन द्वारा इन जलाशयों के संचालन एवं संधारण, मरम्मत हेतु पिछले 4 वर्षों में कितनी राशि जारी की गई? साथ ही सिंचाई की दृष्टि से और कौन-कौन सी योजना का सर्वे किया गया है और वर्तमान में उनकी क्या स्थिति है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र में एक वृहद् एवं 39 लघु सिंचाई परियोजनाएं निर्मित हैं। वर्तमान में इन जलाशयों की स्थिति ठीक है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। गरोठ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर कार्य प्रारंभ कराया गया है। शामगढ़-सुवासरा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति के लिए विभाग की साधिकार समिति ने अनुशंसा की है।

परिशिष्ट - ''एक''

उपनिर्वाचन की कार्यवाही

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

2. ( *क्र. 1789 ) श्री पन्‍नालाल शाक्‍य : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कलेक्‍टर गुना के आदेश क्र./स्‍था.निर्वा./मंडी/2016/420-421, दिनांक 09/08/2016 के द्वारा कृषि उपज मंडी समिति गुना के वार्ड क्रमांक 10 को रिक्‍त घोषित किया गया है? यदि हाँ, तो म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 के अनुसार 06 माह में रिक्‍त पद के विरूद्ध निर्वाचन क्‍यों नहीं कराया गया? (ख) क्‍या कृषि उपज मंडी समिति गुना का वार्ड क्र. 03 जो दिनांक 15/08/2016 को रिक्‍त हुआ था (प्रबंध संचालक म.प्र. राज्‍य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल का पत्र क्र./मंडी/निर्वा./बी-6/2/उपनिर्वा./2016/131/1348, भोपाल दिनांक 03/10/2016) के निर्वाचन की कार्यवाही मतदाता सूची का प्रकाशन, केन्‍द्र की सूची का प्रकाशन कार्य सम्‍पन्‍न हो चुका है? अर्थात उपनिर्वाचन कार्यक्रम जारी किया जा चुका है? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित प्रश्‍नों के उत्‍तर हाँ में हैं तो प्रश्नांश (क) में वर्णित वार्ड 10 के उपनिर्वाचन की कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई? यदि यह चूक या लापरवाही है तो इसके लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या दोषी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। कलेक्टर गुना का आदेश क्रमांक/स्था.निर्वाचन/मंडी/2016/420-21, दिनांक 09.08.2016 मंडी बोर्ड मुख्यालय को दिनांक 03.11.2016 को प्राप्त हुआ। तत्समय उपनिर्वाचन की कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी थी, इस कारण उपनिर्वाचन में शामिल नहीं किया जा सका। (ख) जी हाँ, वार्ड क्रमांक-03 के संबंध में सदस्य के स्वर्गवास होने की सूचना दिनांक 26.08.2016 को प्राप्त होने के कारण उक्त पद को दिसम्‍बर 2016 में होने वाले उपनिर्वाचन में सम्मिलित कर भरा गया है। (ग) दिसम्‍बर 2016 में होने वाले उपनिर्वाचन का कार्यक्रम शासन को दिनांक 30.09.2016 को अनुमोदन हेतु भेजा जा चुका था, के पश्चात् कलेक्टर गुना का आदेश क्रमांक/स्था निर्वा./मंडी/2016/420-421, दिनांक 09.08.2016 दिनांक 03.11.2016 को प्राप्त होने से उपनिर्वाचन में शामिल नहीं किया जा सका। शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

नवलखा बीज कंपनी के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

3. ( *क्र. 1173 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवलखा बीज कं. महिदपुर के विरूद्ध हाईकोर्ट के प्रकरण में शासन की ओर से कौन से वकील नियुक्ति किये गये? (ख) इस प्रकरण में कितनी तारीखें लगीं? उनमें शासकीय वकीलों की उपस्थिति/अनुपस्थिति बतावें। (ग) हाईकोर्ट के निर्णय के विरूद्ध शासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है या नहीं? यदि नहीं, तो कब तक अपील की जाएगी? (घ) यदि शासन सुप्रीम कोर्ट में अपील नहीं कर रहा तो इसका कारण भी बतावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) नवलखा बीज कं. महिदपुर के विरूद्ध हाई कोर्ट के प्रकरण में शासन की ओर से प्रक्रिया अनुसार महा‍धिवक्‍ता ही उपस्थित होते हैं। प्रकरण में पृथक से वकील की नियुक्ति नहीं की गई है। (ख) प्रश्‍नांकित प्रकरण की याचिका क्रमांक डब्‍ल्‍यू.पी. 3162/2015 में माननीय उच्‍च न्‍यायालय इंदौर द्वारा दिनांक 17.06.2015 की तिथि नियत की गई तथा माननीय न्‍यायालय द्वारा उक्‍त दिनांक को ही निर्णय पारित किया गया। (ग) जी नहीं। उक्‍त प्रकरण में माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा दिये गये निर्णय पर माननीय सुप्रीम कोर्ट में अपील की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) प्रकरण में माननीय उच्‍च न्‍यायालय, इन्‍दौर द्वारा निर्णय दिया गया कि ''संबंधित नवलखा सीड्स, महिदपुर को मौका देते हुए साक्ष्‍य के आधार पर अपीलीय अधिकारी सुनवाई करें'', तद्नुसार अपीलीय अधिकारी, सह-संयुक्‍त संचालक, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास, संभाग उज्‍जैन म.प्र. द्वारा अपील की सुनवाई पर बीज अधिनियम 1966 एवं बीज नियंत्रण आदेश 1983 के तहत अपीलीय अधिकारी को प्रदत्‍त शक्तियों अनुसार अपील को खारिज किये जाने का निर्णय लिया गया।

विभागीय योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

4. ( *क्र. 1668 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना में उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों के लिए कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही हैं? योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिये किन साधनों का इस्‍तेमाल किया गया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंच सके। (ख) वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक सतना विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत कितने किसानों को किस-किस योजना से लाभान्वित किया गया है? किस-किस योजना में कितना अनुदान/बीज/खाद/दवाईयां उपलब्‍ध करायी गयी हैं? (ग) किसानों को योजना का लाभ मिला या नहीं? इसका भौतिक सत्‍यापन किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया है? कितने किसानों तक लाभ नहीं पहुंचा? कागजों पर चलायी गयी योजना के लिए कौन दोषी है, उसके लिए शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) सतना जिले में विभाग की संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु सामान्‍यत: कृषक प्रशिक्षण, मेला प्रदर्शनी, पेम्‍प्‍लेट वितरण, पोस्‍टर लगाना एवं संचार माध्‍यमों जैसे आकाशवाणी एवं समाचार पत्र का उपयोग किया जाता है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) योजना का लाभ सतना विधानसभा क्षेत्र के कृषकों को मिला है। उद्यानिकी फसल क्षेत्र विस्‍तार योजनाओं में संबंधित वरिष्‍ठ उद्यान विकास अधिकारी द्वारा, यंत्रीकरण योजना में संयुक्‍त संचालक उद्यान, उप संचालक उद्यान, उप संचालक कृषि, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्‍द्र एवं संबंधित वरिष्‍ठ उद्यान विकास अधिकारी की संयुक्‍त समिति द्वारा और प्‍याज भण्‍डार गृह निर्माण योजना/माईक्रो इरीगेशन योजना में उप संचालक उद्यान, वरिष्‍ठ उद्यान विकास अधिकारी, ग्रामीण उद्यान विस्‍तार अधिकारी एवं ग्राम पंचायत के सरपंच/पंच के समक्ष भौतिक सत्‍यापन किया गया। स्‍वीकृत प्रकरणों में भौतिक सत्‍यापन के जरिये लाभ पहुँचाने की पुष्टि की गई है। किसानों को लाभ नहीं पहुँचाने का प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

गृह निर्माण संस्थाओं का ऑडिट

[सहकारिता]

5. ( *क्र. 2446 ) श्री सुदर्शन गुप्‍ता (आर्य) : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या इन्दौर जिले की गृह निर्माण संस्थाओं के ऑडिट सहकारिता विभाग द्वारा किये जाते हैं? यदि हाँ, तो पिछले तीन वर्षों में सहकारिता विभाग द्वारा कितनी गृह निर्माण संस्थाओं के ऑडिट कार्य किये जाने थे? उनमें से कितने गृह निर्माण संस्थाओं के ऑडिट कार्य विभाग द्वारा किये गए हैं और कितनों के नहीं? संख्या स्पष्ट करें संस्थाओं के ऑडिट नहीं होने का क्या कारण हैं? (ख) क्या जिन गृह निर्माण संस्थाओं द्वारा ऑडिट नहीं कराया गया है, उन पर नियमानुसार विभाग द्वारा कार्यवाही की जाती है? यदि हाँ, तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? (ग) विभाग द्वारा कब तक शेष गृह निर्माण संस्थाओं का ऑडिट कार्य पूर्ण कर लिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी हाँ। पिछले तीन वर्ष क्रमशः 2012-13, 2013-14 एवं 2014-15 में विभाग द्वारा 868 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के अंकेक्षण किये जाने थे, जिसमें से वर्षवार क्रमशः 471, 436 एवं 375 संस्थाओं के अंकेक्षण किये गये एवं क्रमशः 397, 432 एवं 493 संस्थाओं का अंकेक्षण कराया जाना शेष है। अंकेक्षण हेतु शेष गृह निर्माण संस्थाओं के अंकेक्षण न होने के प्रमुख कारण संस्थाओं का पंजीकृत पते पर न होना, अकार्यशील होना एवं संस्था का रिकॉर्ड प्राप्त नहीं होना है। (ख) जी हाँ। प्रश्नांकित अवधि में अंकेक्षण न कराने वाली गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के विरूद्ध निम्नानुसार कार्यवाही की गई है :- (1.) अधिनियम की धारा 56 (3) के अंतर्गत 416 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये। (2.) 25 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष को अध्यक्ष पद से निरर्हित किया। (3.) 86 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं को धारा 57 के अंतर्गत रिकॉर्ड जप्ती के आदेश किये गये। (4.) धारा 32 (5) के अंतर्गत 58 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं को सूचना पत्र जारी किये गये। (5.) 208 गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं को परिसमापन में लाने हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये गये हैं। साथ ही अंकेक्षण नहीं कराने वाली संस्थाओं पर अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही किए जाने के निर्देश भी दिये गये हैं। (ग) संस्थाओं के अभिलेख प्राप्त होने के उपरांत यथाशीघ्र।

अमलाई से अनूपपुर तक सी.सी. रोड का निर्माण

[लोक निर्माण]

6. ( *क्र. 409 ) श्री रामलाल रौतेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा दिनांक 06/08/2016 को जिला अनूपपुर प्रवास के दौरान अमलाई से अनूपपुर (वाया चचाई) तक सी.सी. रोड निर्माण कराये जाने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणा के क्रियान्‍वयन में अभी तक क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांकित मार्ग के निर्माण में कितनी राशि व्‍यय होगी? (ग) प्रश्‍नांकित मार्ग का निर्माण कार्य कब से प्रारंभ किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। रूपये 49.85 करोड़ की प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी। निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) निविदा स्‍वीकृति के पश्‍चात् ही बताना संभव होगा। (ग) निश्चित तिथि बताना संभव नहीं।

मुख्यमार्गों के चौड़ीकरण हेतु अधिगृहीत की गई भूमि का सीमांकन

[लोक निर्माण]

7. ( *क्र. 2369 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिलान्‍तर्गत एम.पी.आर.डी.सी. के तहत मार्गों के चौड़ीकरण अंतर्गत टू-लेन एवं फोर-लेन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, उसमें किसानों से सड़क के दोनों ओर की भूमि का अर्जन किया गया है? क्या अधिगृहीत भूमि का मुआवजा किसानों को प्रदाय किया जा चुका है? यदि हाँ, तो अधिगृहीत भूमि को किसानों के खसरे से काटा क्यों नहीं गया है? (ख) उक्त निर्माणाधीन मार्गों के दोनों ओर अधिगृहीत की गई भूमि की सीमा चिन्हांकन हेतु क्या कार्यवाही की गई है? (ग) क्या उक्त अर्जित भूमियों का सीमांकन कार्य किया जा चुका है? यदि नहीं, तो उक्त कार्यवाही की सीमा विभाग द्वारा क्या निर्धारित की गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। मुआवजा वितरण कार्य प्रगति पर है। तरमीम करने की कार्यवाही की जा रही है। राजस्व अधिकारियों से समन्वय कर खसरे में राज्य शासन का नाम दर्ज करवाने की कार्यवाही की जा रही है। (ख) पूर्ण मार्गों की सीमा रेखा पर सीमा रेखा पत्थर लगाये गये हैं। (ग) अर्जन की प्रक्रिया के दौरान सीमांकन के उपबंध हैं। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर सीमा रेखा पर पत्थर लगाए जाने का प्रावधान है।

फसल बीमा योजना का क्रियान्‍वयन

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

8. ( *क्र. 2093 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत इछावर विधानसभा क्षेत्र के किसानों का बीमा चालू वित्‍तीय वर्ष में किया गया है? यदि हाँ, तो कितने किसानों का बीमा किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कितने किसानों की कितनी भूमि बीमित की गई? बीमा प्रीमियम की राशि का निर्धारण कैसे, किस दर पर किया गया है, बीमा करने वाली कम्‍पनी ऐजेन्‍सी कौन है? (ग) इछावर विधानसभा क्षेत्र में किस-किस वित्‍तीय संस्‍था या बैंकों द्वारा फसल बीमा किया गया, बैंक या संस्‍थावार किसानों की संख्‍या, बीमित राशि व वसूली गई प्रीमियम राशि का ब्‍यौरा दें। (घ) क्‍या जनवरी माह में इछावर विधानसभा क्षेत्र में ओला व पाला से फसलें खराब हुई हैं? यदि हाँ, तो किन-किन ग्रामों में कितने किसानों की कितनी फसलों का नुकसान हुआ है? ब्‍यौरा दें। क्‍या प्रभावित किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2016 में इछावर विधानसभा क्षेत्र के 25751 कृषकों का बीमा किया गया है। रबी 2016-17 के बीमांकन को समेकित करने का कार्य प्रगति पर है। (ख) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2016 में इछावर विधानसभा क्षेत्र के 25751 कृषकों की 41899 हेक्‍टेयर भूमि का बीमा किया गया है। रबी 2016-17 के बीमांकन को समेकित करने का कार्य प्रगति पर है। बीमा प्रीमियम की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (घ) एग्रीकल्‍चर इंश्‍योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के अनुसार खरीफ 2016 में इछावर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत इछावर तहसील में सोयाबीन फसल जल-भराव की आपदा से प्रभावित होने की सूचनायें प्राप्‍त हुईं थीं। प्राप्‍त सूचनाओं के आधार पर जिला स्‍तरीय मूल्‍यांकन समिति द्वारा पटवारी हल्‍का नं 32, 145 में क्रमश: 262, 150248 कृषकों का सर्वे किया गया है। प्रथम दृष्‍टया 25 प्रतिशत से अधिक का रकबा प्रभावित होना पाया गया था। उक्‍त पटवारी हल्‍कों के लिये क्षतिपूर्ति निर्धारण हेतु कार्यवाही प्रगति पर है।

परिशिष्ट - ''दो''

सर्वेक्षित/सर्वेक्षणाधीन जलाशय योजना की स्वीकृति

[जल संसाधन]

9. ( *क्र. 2857 ) श्री हरवंश राठौर : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बण्डा में कृषि भूमि में सिंचाई, पशुओं को पीने के पानी तथा जल स्तर की वृद्धि के लिए सेमरा रामचन्द्र जलाशय शाहगढ़, नीमोन जलाशय बंडा, महुआझोर जलाशय बंडा, तिन्सुआ जलाशय बंडा, नयाखेड़ा (गनेशगंज) स्टॉपडेम कम काजवे बंडा, मचनूघाट स्टॉपडेम कम काजवे बंडा, गूगराखुर्द (गहरानाला) बंडा, बूढ़ाखेरा वीयर कम काजवे बंडा, भड़राना वीयर बंडा, सेमरा दौलत वीयर बंडा, महादेव घाट बंडा, बुढ़ना नाला शाहगढ़ जलाशय, स्टॉप डेम बनाने के लिए विभाग द्वारा सर्वेक्षित/सर्वेक्षाणाधीन योजना तैयार कर शासन को साध्यता हेतु प्रेषित की गई थी? (ख) क्‍या सर्वेक्षित/सर्वेक्षणाधीन जलाशय योजना की स्वीकृति हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी माननीय मंत्री, जल संसाधन विभाग म.प्र. शासन भोपाल को अनुमोदन हेतु लेख किया गया था? उक्त योजना की वर्तमान में क्या प्रगति है? (ग) यदि कोई कार्यवाही प्रगतिरत है, तो अवगत करावें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) चिन्हित नई लघु सिंचाई परियोजनाओं को विभागीय वेबसाईट पर दर्ज कर उनकी साध्‍यता का परीक्षण किया जाना एक सतत् प्रक्रिया है। (ख) एवं (ग) बाबिर मटिया नहर विस्‍तार परियोजना की प्रशासकीय स्‍वीकृति दिनांक 20.10.2016 को रू. 182.34 लाख की सिंचाई क्षमता 310 हे. के लिए प्रदान की गई है। सेमरा रामचंद्र परियोजना की साध्‍यता स्‍वीकृति दिनांक 08.02.2017 को दी गई है। बाबिर मटिया नहर विस्‍तार परियोजना के लिए भू-अर्जन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

विकासखण्ड मुख्यालय सीतामऊ पर नवीन विश्राम गृह का निर्माण

[लोक निर्माण]

10. ( *क्र. 2874 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीतामऊ विकासखण्ड‍ मुख्यालय पर विभाग द्वारा रेस्ट हाऊस कौन से वर्ष से संचालित किया जा रहा है तथा वर्तमान समय में किस स्थिति में है? (ख) विभाग द्वारा सीतामऊ मुख्यालय पर विश्राम गृह भवन उपलब्ध नहीं होने से अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के अल्प विश्राम या रात्रि विश्राम के लिए क्या व्यवस्था की गई है? (ग) विभाग द्वारा सीतामऊ में नवीन विश्राम गृह निर्माण हेतु अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? (घ) राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध नटनागर शोध संस्थान एवं सीतामऊ विकासखण्ड मुख्यालय में नवीन विश्राम गृह भवन हेतु राशि कब तक स्वीकृत की जावेगी, जिससे मुख्यालय पर विश्राम गृह का निर्माण हो सके?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) रेस्ट हाऊस सीतामऊ द्वारा निर्मित तथा मध्य प्रदेश राज्य के गठन दिनांक 11/11/1956 से विभाग द्वारा संचालित। भवन जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण होने से दिनांक 01/05/2006 से अनुपयोगी घोषित। (ख) वर्तमान में विभाग द्वारा कोई व्यवस्था नहीं। (ग) अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। (घ) उत्तर (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

मुख्‍यमंत्री की घोषणाओं का क्रियान्‍वयन

[लोक निर्माण]

11. ( *क्र. 1348 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री द्वारा राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में प्रवास के दौरान माह दिसम्‍बर 2013 से माह दिसम्‍बर 2016 तक की अवधि में लोक निर्माण विभाग से संबंधित की गई घोषणाओं में से कौन-कौन सी घोषणाएं मुख्‍यमंत्री कार्यालय में दर्ज हैं? (ख) उक्‍त दर्ज घोषणाओं में से कौन-कौन सी घोषणाओं पर अक्षरश: क्रियान्‍वयन किया गया? (ग) उक्‍त किन-किन घोषणाओं पर क्रियान्‍वयन किन कारणों से नहीं किया जा सका है? घोषणावार जानकारी दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र , अ-1 एवं अ-2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ-1, अ-2 एवं अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ-1, अ-2 एवं अनुसार है।

रेलवे कोच वर्कशाप में गैस पीड़ि‍तों को रोजगार

[भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास]

12. ( *क्र. 3361 ) श्री आरिफ अकील : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल स्थित रेलवे कोच वर्कशाप में 50 प्रतिशत रोजगार गैस पीड़ि‍तों को दिए जाने का तयशुदा नियम है? यदि हाँ, तो वर्तमान में वर्कशॉप में कुल कितने कर्मचारी कार्यरत हैं और उनमें से कितने गैस पीड़ि‍त कार्यरत हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में वर्ष 2004 से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में किस-किस वर्ष में कितने गैस पीड़ि‍तों को रोजगार उपलब्‍ध कराया गया? उनके नाम व पते सहित बतावें (ग) क्‍या लापरवाही के चलते विगत 05 वर्षों से गैस पीड़ि‍तों को रेलवे कोच वर्कशॉप में रोजगार उपलब्‍ध नहीं कराया गया है? यदि नहीं, तो जाँच कर कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ, तो क्‍या तथा कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) से (ग) पश्चिम मध्य रेल कार्यालय मुख्य कारखाना प्रबंधक, निशातपुरा, भोपाल जो भारत सरकार के अधीन संचालित है, के पत्र क्रमांक 351, दिनांक 21.02.2017 द्वारा अवगत कराया है कि इस कारखाने में नियुक्ति संबंधी कार्यवाही रेल मंत्रालय द्वारा जारी नियमों के अनुसार की जाती है। अतः वर्तमान में गैस पीड़ि‍तों को 50 प्रतिशत रोजगार देने संबंधी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हैं।

गुणवत्‍ताहीन भवन निर्माण

[लोक निर्माण]

13. ( *क्र. 3127 ) पं. रमेश दुबे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छिन्‍दवाड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र चौरई में विगत 3 वर्षों में किन-किन भवनों के निर्माण की स्‍वीकृति कब-कब प्राप्‍त होकर निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग को नियुक्‍त किया गया? (ख) उक्‍त स्‍वीकृत भवनों में से कौन-कौन से भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, कौन-कौन से भवन निर्माणाधीन हैं? निर्माणाधीन भवनों के निर्माण की अवधि क्‍या है? अवधि बाह्य भी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई है? नहीं की गई है तो क्‍यों? (ग) ग्राम देवरी विकासखण्‍ड बिछुआ में निर्माणाधीन हाई स्‍कूल भवन का प्राक्‍कलन प्रत्‍येक स्‍टेप की ड्रॉईंग-डिजाईन सेंपल जाँच रिपोर्ट उपलब्‍ध कराते हुए कार्यवार एवं सामग्रीवार ठेकेदार को अब तक भुगतान की गई राशि की जानकारी दें? (घ) क्‍या प्रश्‍नकर्ता ने ग्राम देवरी आदिवासी विकासखण्‍ड बिछुआ में निर्माणाधीन हाईस्‍कूल भवन के गुणवत्‍ताहीन निर्माण की जाँच के संबंध में सहायक आयुक्‍त आदिवासी विकासखण्‍ड छिन्‍दवाड़ा और माननीय आदिम जाति कल्‍याण मंत्री महोदय को पत्र प्रस्‍तुत किया है? क्‍या यह पत्र लोक निर्माण विभाग को प्राप्‍त हो गया है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन प्रश्‍नकर्ता की उपस्थिति में उक्‍त गुणवत्‍ताहीन भवन निर्माण की जाँच का आदेश देगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ-1 अनुसार है। (ग) भवन का प्राक्‍कलन प्रत्‍येक स्‍टेप की ड्राईंग, डिजाईन एवं सेम्‍पल रिपोर्ट की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1 अनुसार है तथा ठेकेदार को अब तक किये गये कार्य की कार्यवार राशि के भुगतान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) इस विभाग को ज्ञात नहीं है। कार्य गुणवत्‍ता पूर्ण किया गया है। जाँच का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

शक्ति नगर जलाशय का कार्य प्रारंभ किया जाना

[जल संसाधन]

14. ( *क्र. 1968 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला दमोह के हटा नगर के पास शक्ति नगर जलाशय के नाम पर रूपये 7.12 करोड़ की प्रशासकीय स्‍वीकृति वर्ष 2007 में जारी की गई थी? यदि हाँ, तो प्रशासकीय स्‍वीकृति आदेश की छायाप्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) 10 वर्ष बीत जाने के बाद न तो जलाशय निर्माण का कार्य चालू हुआ, न ही जलाशय का कार्य निरस्‍त हुआ? क्‍या यह जलाशय का कार्य प्रारंभ होगा? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ, राशि रू. 712.80 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 04.06.2008 को प्रदान की गई थी। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) परियोजना के कुल डूब क्षेत्र का प्रतिशत लाभांवित क्षेत्र की तुलना में अधिक होने से तथा डूब प्रभावित कृषकों द्वारा प्रबल विरोध किए जाने एवं निर्माण कार्य रोकने के लिए मान. उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रकरण क्र. डब्ल्यू.पी. 18261/2011 विचाराधीन होने के कारण निर्माण कार्य संभव नहीं हो सका। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''तीन''

पॉली हाउस निर्माण में अनियमितता

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

15. ( *क्र. 2699 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रतलाम जिले के ग्राम हरथली के कृषक ने पॉली हॉउस निर्माता कम्पनी "जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड" के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी? यदि हाँ, तो शिकायत की अद्यतन स्थिति की जानकारी देवें? शिकायतकर्ता ने पॉली हॉउस नष्ट होने के बाद गत 3 वर्ष के नुकसान की कितनी राशि निर्माता कम्पनी से चाही है? (ख) क्या म.प्र. राज्य उद्यानिकी मिशन भोपाल के उपसंचालक उद्यान ने उपसंचालक उद्यान जिला रतलाम को पत्र क्र. 1130, दिनांक 05 अगस्त 2016 से अवगत कराया कि‍, निर्माता कम्पनी पॉली हाउस की पूरी फिल्म बदलने को तैयार है, किन्तु भविष्य में पॉली हाउस के सम्बन्ध में कृषक को आश्वासन देना होगा की वह कोई उच्चस्तरीय शिकायत नहीं करेगा? क्या निर्माता कम्पनी के समर्थन में विभाग द्वारा इस तरह के लिखित आदेश जारी किये जा सकते हैं? यदि हाँ, तो नियमों की प्रतिलिपि देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) संदर्भित कृषक का पॉली हाउस निर्माता कम्पनी के पुन: निर्माण के पश्चात् भी भविष्य में खराब नहीं होगा, क्या इसकी ग्यारंटी विभाग लेने को तैयार है? क्या पॉली हाउस निर्माण से अब तक कृषक को हुये नुकसान की भरपाई निर्माता कम्पनी या विभाग करेगा? यदि नहीं, तो भविष्य की शिकायत नहीं करने का क्या औचित्य है?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) रतलाम जिले के ग्राम हरथली की कृषक श्रीमती रामकन्‍या बाई शर्मा द्वारा प्रश्‍नाधीन पॉली हाउस निर्माता कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पॉली हाउस निर्माण की जाँच भारत सरकार की संस्‍था सीपेट से एवं एक उच्‍च स्‍तरीय समिति गठित कर कराई गई, जिसकी अनुशंसा पर पॉली हाउस में वांछित सुधार कार्य करवाया गया। कृषक ने दिनांक 23.05.2016 को पुन: पॉली हाउस फटने की शिकायत की जिस पर कंपनी ने पॉली हाउस की पूरी फिल्‍म बदलने का प्रस्‍ताव दिया है, किन्‍तु कृषक ने पॉली हाउस की जाँच GSITS इन्‍दौर के सक्षम दल से कराने की मांग की है। प्रकरण में भारत सरकार की संस्‍था एवं उच्‍च स्‍तरीय समिति जिसमें तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे, की रिपोर्ट में पॉली हाउस में जो तकनीकी खामियाँ थी, उन्‍हें दुरुस्‍त कर दिया गया, अत: पुन: जाँच की आवश्‍यकता प्रतीत नहीं होती है। शिकायतकर्ता ने गत तीन वर्ष के नुकसान की कितनी राशि निर्माता कंपनी से चाही है, इसकी जानकारी विभाग को नहीं है। (ख) उप संचालक उद्यान, मध्‍यप्रदेश राज्‍य उद्यानिकी मिशन भोपाल का प्रश्‍नाधीन पत्र बिना वरिष्‍ठ अधिकारियों के अनुमोदन से जारी हुआ था, जो जारी नहीं किया जाना था, संज्ञान में आने पर पत्र निरस्‍त किया जा चुका है। उप संचालक उद्यान को बिना अधिकार के पत्र जारी करने हेतु कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) पॉली हाउस का निर्माण कृषक द्वारा स्‍वयं कंपनी का चयन कर हस्‍ताक्षरित अनुबंध की शर्तों के अनुसार कराया गया है, इसी कारण से कृषक की शिकायत पर कंपनी द्वारा पूर्ण पॉली फिल्‍म बदलने का प्रस्‍ताव दिया था, जिसके संबंध में कृषक ने कोई सहमति नहीं दी है। पॉली हाउस का निर्माण कृषक एवं कंपनी के अनुबंध अनुसार हुआ है, जिसमें विभाग पक्षकार नहीं है। इस कारण विभाग कोई गारंटी ले या दे नहीं सकता है। उत्‍तरांश (ख) अनुसार उप संचालक उद्यान का पत्र निरस्‍त किया जा चुका है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित सिंचाई परियोजनाएं

[जल संसाधन]

16. ( *क्र. 491 ) श्री रामसिंह यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कोलारस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लघु एवं मध्‍यम सिंचाई परियोजनाएं संचालित हैं? यदि हाँ, तो वह कौन-कौन सी कहाँ-कहाँ पर संचालित हैं? उक्‍त सिंचाई परियोजनाओं से नहरें कहाँ से कहाँ तक कितनी लंबाई की निकली हैं? इन नहरों की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) क्‍या उक्‍त सिंचाई परियोजनाओं से नहरों में अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे नहरों के अंतिम छोर के किसानों को सिंचाई हेतु पानी नहीं मिल पा रहा है? यदि हाँ, तो संबंधित नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिये शासन नहरों का सुधार/मरम्‍मत कब तक कराएगा? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित लघु एवं मध्‍यम सिंचाई परियोजनाओं एवं उनकी नहरों के निर्माण, मरम्‍मत एवं सुधार में वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि किन-किन कार्यों पर व्‍यय की गई? व्‍यय राशि किनको भुगतान की गई? (घ) क्‍या विभाग ने कोलारस विधानसभा क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाओं एवं नहरों के निर्माण, मरम्‍मत एवं सुधार हेतु कोई प्रस्‍ताव बनाकर स्‍वीकृति हेतु शासन के पास भेजा है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रस्‍ताव कब भेजे गए? यदि नहीं, भेजे गए तो कब तक भेजे जावेंगे?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। संलग्न परिशिष्ट में वर्णित सभी नहरों की स्थिति संतोषजनक होने तथा अंतिम छोर तक सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध कराया जाना प्रतिवेदित है। प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होता है। (ग) प्रश्‍नाधीन अवधि में कोई नवीन कार्य नहीं कराया गया। संधारण पर व्‍यय की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार हैं। संधारण कार्य जल उपभोक्‍ता संथाओं की सहभागिता से कराए गए हैं। (घ) अभिलेखों के मुताबिक शासन को कोई प्रस्‍ताव प्राप्‍त नहीं हुआ है। शेष प्रश्‍नांश उत्‍पन्‍न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''चार''

3 वर्ष से अधिक अवधि से कार्यरत कर्मचारि‍यों का स्‍थानांतरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

17. ( *क्र. 2476 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले में व धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र में कृषि विभाग अंतर्गत कितने कर्मचारी कार्यरत हैं तथा कार्यरत कर्मचारी कब से पदस्थ हैं? संस्थावार बतावें। (ख) क्या शासन नियमानुसार प्रत्येक शासकीय कर्मचारी को एक स्थान पर कार्य करते हुए तीन वर्ष अथवा अधिकतम पाँच वर्ष की अवधि पूर्ण कर लेने पर उन्हें अन्यत्र स्थानांतरि‍त किये जाने के नियम हैं? (ग) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा उक्त नियमों का कितना पालन किया गया है व किन-किन संस्थाओं से कितने कर्मचारियों का उक्त नियम के तहत स्थानांतरण किया गया है? यदि नहीं, तो उसका कारण बतावें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) धार जिले में पदस्‍थ विभागीय कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। धरमपुरी विधान सभा क्षेत्र में पदस्‍थ विभागीय कर्मचारियों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। (ख) जी हाँ। स्‍थानांतरण नीति 2016-17 अनुसार एक ही स्‍थान पर सामान्‍यत: 3 वर्ष या उससे अधिक पदस्‍थापना की अवधि पूर्ण कर लेने के कारण स्‍थानांतरण किया जा सकेगा। (ग) निर्धारित स्‍थानांतरण नीति का पालन करते हुये कर्मचारियों का स्‍थानांतरण किया गया है जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''तीन'' अनुसार है।

बीज का परीक्षण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

18. ( *क्र. 68 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014 से दिसम्‍बर 2016 तक प्रदेश की बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं में कितने बीज नमूनों का परीक्षण किया गया है? उनकी परीक्षण रिपोर्टस का फसलवार, वर्षवार ब्‍यौरा दें (ख) कितने व कौन-कौन से नमूने अप्रमाणिक स्‍तर के पाये गये? विवरण देवें। (ग) अमानक बीज रिपोटर्स पर उज्‍जैन जिले में क्‍या कार्यवाही की गई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2014 से दिसम्‍बर 2016 तक प्रदेश की बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं में किये गये बीज नमूनों का परीक्षण की प्रयोगशालावार, फसलवार एवं वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार है।

सामग्री क्रय में अनियमितता

[लोक निर्माण]

19. ( *क्र. 3276 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग में अधिकृत विक्रेता से एक माह एवं एक वर्ष में कितनी राशि की सामग्री के क्रय आदेश जारी करने का अधिकार किस अधिकारी को प्राप्त है? नियम सहित बतावें (ख) लोक निर्माण विभाग (वि./या) संभाग ग्वालियर द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 में किन किन अधिकृत विक्रेताओं को कितनी-कितनी राशि के क्रय आदेश किस विभाग में सामग्री प्रदाय हेतु जारी किये हैं? माहवार जानकारी दें कार्यादेश क्रमांक, दिनांक, राशि, फर्म का नाम, भुगतान की गई राशि, प्रशासकीय स्वीकृति प्रदायकर्ता अधिकारी, क्रय हेतु अनुमति देने वाले अधिकारी का नाम एवं पद सहित जानकारी दें? (ग) प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित सामग्री के माप क्या माप पुस्तिका में अंकित किये गए? यदि हाँ, तो प्रत्येक आपूर्ति की माप पुस्तिका संख्या तथा पृष्ठ संख्या अंकित करने वाले उपयंत्री का नाम, माप अंकित करने का दिनांक एवं माप सत्यापित करने वाले सहायक यंत्री का नाम तथा माप सत्यापन का दिनांक बतावें? (घ) क्‍या प्रश्नांश (ख) एवं (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्रय की गई सामग्री में कोई अनियमितताएं हुई हैं अथवा अनियमितता की शिकायतें प्राप्त हुई हैं? यदि हाँ, तो क्या इसकी जाँच कराई गयी है? यदि हाँ, तो जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं, तो क्या अनियमितताओं की जाँच कराकर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

किसानों को अमानक बीज का विक्रय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

20. ( *क्र. 485 ) श्री सतीश मालवीय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या उज्जैन जिले में किसानों को व्यापारियों द्वारा विगत तीन वर्षों से अवमानक बीज बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें फसल का न तो सही उत्पादन मिल पाता है, न बीज अंकुरण का प्रतिशत ठीक होता है? इस हेतु जिला कृषि अधिकारि‍यों द्वारा क्या-क्या प्रयास किये हैं? (ख) वर्ष 2015-16 में कितने-कितने बीज भण्डारों से बीजों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे? उनमें से किन-किन फर्मों के नमूने अवमानक व कितने ठीक पाये गये? अवमानक पाये गई फर्मों के नाम, पते सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) उक्त अवमानक बीज बेचने वाली फर्मों के खिलाफ क्या-क्या कार्यवाही की गई? क्या फर्म के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कराया गया है? कार्यवाही की जानकारी फर्मवार, दिनांकवार उपलब्ध करावें।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968 तथा बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 के तहत, बीज निरीक्षकों द्वारा बीज नमूने लिये जाकर बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं को परीक्षण हेतु भेजे गये हैं तथा अमानक नमूनों पर कार्यवाही की गई है। (ख) वर्ष 2015-16 में 143 बीज भण्‍डारों से बीज के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में परीक्षण हेतु भेजे गये, जिसमें से परीक्षण उपरांत कुल 138 नमूने मानक एवं 05 नमूने अमानक पाये गये। अमानक पाये गये फर्मों के नाम पते संबंधी जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ग) अमानक बीज बेचने वाली फर्मों के खिलाफ की गई कार्यवाही की फर्मवार एवं दिनांकवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। उज्‍जैन जिले में किसी भी फर्म के खिलाफ आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध नहीं कराया गया है।

परिशिष्ट - ''पाँच''

जनप्रतिनिधियों के पत्र पर कार्यवाही

[लोक निर्माण]

21. ( *क्र. 2551 ) श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परि.अता.प्रश्‍न संख्‍या 130 (क्रमांक 1178), दिनांक 05 दिसम्‍बर 2016 के उत्‍तर में जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होकर परीक्षणाधीन है बताया गया है तो जाँच किस दिनांक को की गई व जाँच के समय उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों के नाम, पद, जाँच प्रतिवेदन का विवरण कहाँ किस अधिकारी द्वारा परीक्षण किया जा रहा है, का नाम पद सहित जानकारी दी जावे व जाँच उपरान्‍त कार्यवाही कर कब तक प्रश्‍नकर्ता विधायक को जानकारी भेज दी जावेगी। (ख) माननीय सांसद व विधायकों से प्राप्‍त शिकायतों पर विभाग के द्वारा 2 से 3 वर्ष में जाँच नहीं कर पाने के संबंध में क्‍या शासन इस ओर कोई कठोर कदम उठाने के नियम बनाकर जाँच की समय-सीमा निर्धारित करेगा, जिससे जाँच समय पर होकर उनका निराकरण होकर माननीय जनप्रतिनिधियों को समय पर शिकायतों का निराकरण हो सकेगा।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। दिनांक 08/11/2016 एवं दिनांक 10/11/2016 को जाँच गठित समिति द्वारा की गई, श्री राजीव शर्मा मुख्य अभियंता उत्तर, श्री जी.एस. मण्डलोई अधीक्षण यंत्री, श्री ओ.पी. गोड़ सहायक यंत्री, श्री सत्येन्द्र सिंह यादव प्रभारी सहायक यंत्री, श्री संजय कुलकर्णी उपयंत्री। जाँच के समय श्री एस.एस. ठाकुर प्रभारी कार्यपालन यंत्री, श्री आर.के. मरमट सहायक यंत्री उपस्थित रहे। प्रमुख अभियंता कार्यालय में प्राप्त जाँच प्रतिवेदन परीक्षण के आधार पर उत्तरदायी पाये अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु मुख्य अभियंता ग्वालियर से प्रारूप आरोप पत्रादि चाहे गये हैं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) मान. सांसद/मान. विधायकों से प्राप्त शिकायत पर सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर जाँच कराई जाकर उन्हें अवगत कराया जाता है। अतः नियम बनाकर जाँच कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

2 लाख रूपये से अधिक राशि के किये गये कार्य

[जल संसाधन]

22. ( *क्र. 3303 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में दिनांक 01.04.2014 से दिनांक 31 जनवरी, 2017 तक 02 लाख रूपये तक राशि के क्‍या-क्‍या कार्य किस-किस स्‍थान पर विभागीय स्‍तर पर कराये गये? (ख) उक्‍त समय में मेंटेनेंस पर कहाँ-कहाँ एवं किस प्रकार के कार्यों पर कितनी राशि कब-कब व्‍यय की गई? (ग) उपरोक्‍त कार्यों में किस-किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस रूप में किया गया है? (घ) उपरोक्‍त सभी कार्यों की गुणवत्‍ता एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित जानकारी देवें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्तकालय परिशिष्ट अनुसार है।

राशि की वसूली के साथ दोषियों पर कार्यवाही

[लोक निर्माण]

23. ( *क्र. 3341 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग अंतर्गत सेतु निर्माण निगम (लोक निर्माण) द्वारा वर्ष 2010 से प्रश्‍न दिनांक तक में कितने पुलों का निर्माण किन-किन नदियों/नालों में कितनी-कितनी लागत से कराया गया, का जिलेवार विवरण देवें? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) के पुलों का निर्माण अनुबंध की शर्तों एवं गुणवत्‍ता अनुसार नहीं किया गया, पुलें क्षतिग्रस्‍त हुईं, कार्यावधि बढ़ाकर ठेकेदारों/संविदाकारों को अपरोक्ष रूप से लाभान्वित किया गया, तो इसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या साधिकार समिति की 39वीं बैठक में लिये गये निर्णय के तारतम्‍य में मार्च, 2010 के जारी निर्देश से हटकर पुलों की चौड़ाई बढ़ाकर ठेकेदारों को लाभांवित किया गया? (ग) प्रश्नांश (क) के पुलों का निर्माण प्रश्नांश (ख) के अनुसार न कराकर ठेकेदारों/संविदाकारों को कार्यावधि बढ़ाकर लाभ‍ान्वित करने, अनुबंध की शर्तों से हटकर कार्य कराने के लिये दोषियों की पहचान कर क्‍या कार्यवाही कब तक करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। कार्य गुणवत्‍तानुसार ही कराया गया है। साधिकार समिति के संबंध में किस प्रयोजन हेतु गठित साधिकार समिति से अभिप्राय है, स्‍पष्‍ट नहीं होने के कारण बताया जाना संभव नहीं है। निविदा उपरांत किसी भी पुल की चौड़ाई नहीं बढ़ाई गई है। (ग) समस्‍त कार्य उचित गुणवत्‍ता के साथ अनुबंध की शर्तों के अंतर्गत कराये गये हैं। अत: कोई दोषी नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कम दर पर स्‍वीकृत निविदा कार्यों में अनियमितता

[लोक निर्माण]

24. ( *क्र. 1139 ) श्री हर्ष यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर जिले में वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक 5 लाख रूपये से अधिक के सड़क भवन निर्माण व संधारण कार्यों की किस दिनांक को कितनी राशि की निविदा जारी की गई? कार्यवार, स्‍थानवार बतायें। (ख) जारी निविदाओं में कितनी निविदाएं निर्धारित दर से अधिक राशि की स्‍वीकृत की गईं हैं? नाम, स्‍थान, कार्य का नाम, निविदा मूल्‍य एवं स्‍वीकृत दर सहित बतायें। (ग) प्रश्नांश (क) वर्णित अवधि में कितनी निविदाएं निविदा मूल्‍य/दर से कम दर/मूल्‍य की स्‍वीकृत की गईं? कार्य के नाम, स्‍थान निविदा दर/मूल्‍य स्‍वीकृत दर/मूल्‍य बतायें। कम दर पर स्‍वीकृत कार्यों में अधिक कार्य कराके राशि भुगतान की गई है? ऐसे कार्य, स्‍थान, स्‍वीकृत राशि एवं अधिक कार्य दिखाकर भुगतान राशि‍ सहित बतायें। (घ) क्‍या कम दर पर स्‍वीकृत कार्य प्राक्‍कलन अनुसार गुणवत्‍तापूर्ण पाये गये हैं? यदि नहीं, तो कौन से कार्य गुणवत्‍तापूर्ण नहीं पाये गये हैं? इसका प्रमाणीकरण उच्‍च स्‍तर के किस सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया है? नाम, पद, कार्य सहित बतायें। कौन से कार्य गुणवत्‍तापूर्ण हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', ''-1 एवं ''-2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', ''-1 एवं '' अनुसार है। (ग) एवं (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '', ''-1 एवं '' अनुसार है।

तालाबों का निर्माण

[जल संसाधन]

25. ( *क्र. 1308 ) श्री राजकुमार मेव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महेश्‍वर विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह में विभाग के कितने तालाब निर्मित हैं? उनसे कितने किसानों की, कितने हेक्‍टेयर की कृषि भूमि सिंचित होती है? (ख) क्‍या विभाग द्वारा निर्मित तालाबों के रख-रखाव, नहरों का सुदृढ़ीकरण, नवीन नहरों का निर्माण किये जाने हेतु कोई नियम, प्रावधान हैं? यदि हाँ, तो कितना बजट प्रावधान प्रतिवर्ष किया जाता है? (ग) प्रश्नांश (क) के संबंध में जनपद पंचायत महेश्‍वर एवं बड़वाह में तालाबों के रख-रखाव, सुदृढ़ीकरण एवं नहरों के पुन: निर्माण, नवीन नहरों के निर्माण हेतु वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍ताव दिये गये एवं उन पर वर्तमान में क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्नांश (ग) के संबंध में क्‍या विभाग द्वारा हाथीदग्‍गड, रूपलाझिरी, धवली, गवल, जामन्‍या, मण्‍डलेश्‍वर, गुजरमोहना एवं आवल्‍या तालाबों की नहरों के सुदृढ़ीकरण एवं नहरों के निर्माण हेतु लघु सिंचाई योजना के आर.आर.आर. मद में डी.पी.आर. तैयार कराई गई है? यदि हाँ, तो कब तक स्‍वीकृति दी जावेगी ताकि कृषि को लाभ का धंधा बनाया जा सके।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2015-16 में बांधों एवं नहरों के सुधार, सुदृढ़ीकरण, आर.आर.आर. के अंतर्गत रू. 294.00 करोड़ तथा बांधों एवं नहरों की मरम्मत हेतु रू. 80.80 करोड़ का प्रावधान है। प्रावधान राशि प्रतिवर्ष अलग-अलग हो सकती है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

 

 

 


 


भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में

परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


अवैध निर्माण व अतिक्रमण

[जल संसाधन]

1. ( क्र. 12 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जलसंसाधन विभाग के उपयंत्री श्री ए.के. जैन ने तहसीलदार अशोकनगर को सर्वे क्रमांक 623624 पर अवैध निर्माण व अतिक्रमण की शिकायत की थी तथा इन नम्बरों तथा तुलसी सरोवर के बारे में जिले में किस-किस अधिकारी को कौन-कौन सी शिकायत व ज्ञापन कब मिले व उन पर क्‍या कार्यवाही हुई। तहसीलदार ने कब-कब क्या आदेश व स्थगन दिये तिथि‍ सहित विवरण दें? (ख) क्या तुलसी सरोवर की उपरोक्त भूमि में नक्शे के नम्बर से छेड़छाड़ कर बदलने की शिकायत शासन को हुई है तथा इस संबंध में पटवारी को निलम्बित कर पुलिस रिपोर्ट भी की गई है? (ग) यदि हाँ, तो पुलिस रिपोर्ट व पटवारी पर लगे आरोपों का विवरण व की गई कार्यवाही का विवरण देवें?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) तुलसी सरोवर तालाब के प्रभारी उपयंत्री द्वारा दिनांक 01.08.2016 को तत्कालीन तहसीलदार श्री सतीश वर्मा को लिखित में सर्वे क्र. 623624 पर अतिक्रमण किये जाने की नामजद शिकायत की जाना प्रतिवेदित है। न्यायालय तहसील कार्यालय, अशोकनगर में प्रकरण क्र.1783-13-121/2015-16 पंजीबद्ध होकर विचाराधीन है। पटवारी के निलंबन तथा पुलिस प्रकरण की कार्रवाई जल संसाधन विभाग द्वारा नहीं की जाना प्रतिवेदित है।

जावरा नयागांव मार्ग पर वृक्षारोपण

[लोक निर्माण]

2. ( क्र. 13 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के ता.संख्‍या-4 (क्रमांक 28) दिनांक 05.12.16 एवं प्रश्न अता. संख्‍या 23 ( क्रमांक 1695) दिनांक 28 जुलाई, 2016 के संदर्भ में चेनेज क्रमांक एल.एच.एस.83 एवं 125 एल.एच.एस. तक की जानकारी दी गई जावरा नयागांव मार्ग पर जावरा से नयागांव तक का वृक्षारोपण का भौतिक सत्यापन किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब किया गया? दिनांकवार, नाम पते सहित विवरण दें? (ख) नयागांव जावरा रोड पर कितने-कितने टायलेट ब्लॉक बने हैं व वर्तमान में कितने चालू होकर समस्त सुविधाएं उपलब्ध हैं, क्या समस्त टायलेट ब्लॉक पर नियमानुसार कर्मचारी उपलब्ध हैं यदि हाँ, तो कर्मचारियों के नाम, पते उपलब्ध करावें। यदि नहीं, तो क्यों व इतने वर्ष बाद भी कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करने के क्या कारण हैं? (ग) जावरा से नयागांव के बीच कहाँ-कहाँ रेलिंग व साइन बोर्ड टूटे हैं व कब से, क्या समस्त टूट व खराब साइन बोर्ड बदल दिये हैं व समस्त रेलिंग ठीक कराई गई है? यदि हाँ, तो कब-कब? क्या प्रश्न दिनांक तक समस्त रेलिंग व साइन बोर्ड अच्छी स्थिति में है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जावरा से नयागाँव फोरलेन में कि.मी. 125 से कि.मी. 150 तक के वृक्षारोपण का सत्यापन वन विभाग रतलाम से अपेक्षित है, शेष नीमच एवं मन्दसौर जिले में वृक्षारोपण का सत्यापन वन विभाग से कराया गया है, जिसकी जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जावरा-नयागाँव फोरलेन पर कुल 14 टायलेट ब्लॉक बने हुए है। समस्त टायलेट चालू है एवं सुविधायुक्त है। जी हाँ। जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। जो स्थापित है वे अच्छी स्थिति में है। शेष पर संधारण कार्य प्रगति पर है।

परिशिष्ट - ''एक''

राष्‍ट्रीय उद्यानिकी मिशन अंतर्गत ट्रैक्टर का प्रदाय

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

3. ( क्र. 33 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या राष्‍ट्रीय उद्यानिकी मिशन के अंतर्गत २० एच.पी. से अधिक एवं २० एच.पी. से कम ट्रैक्टर दिए जाने के प्रावधान है? यदि हाँ, तो इसके क्या मापदण्‍ड है? जानकारी दी जाये। (ख) विगत ०३ वर्षों में इस योजना के अंतर्गत बड़वाहा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कितने कृषक को २० एच.पी. से अधिक एवं कम के कितने ट्रैक्टर प्रदान किये गए है। (ग) शासन द्वारा विधानसभा क्षेत्रवार कितना लक्ष्य निर्धारित किया गया है? विगत ३ वर्षों की लक्ष्य पूर्ति का ब्यौरा दिया जाये।

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) प्रश्‍नाधीन मिशन अंतर्गत केवल 20 पी.टी.ओ. हार्स पॉवर तक के ट्रैक्‍टर दिये जाने का प्रावधान है। कृषक द्वारा प्रावधान अनुसार ट्रैक्‍टर क्रय करने पर प्रति ट्रैक्‍टर इकाई लागत रूपये 3 लाख पर सामान्‍य वर्ग के किसानों को लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम रूपये 75 हजार एवं महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, छोटे और कमजोर किसानों को 35 प्रतिशत अधिकतम रूपये 1 लाख की वित्‍तीय सहायता का प्रावधान है। (ख) विगत 3 वर्षों में बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के किसानों को 20 पी.टी.ओ. हार्स पॉवर से अधिक के ट्रैक्‍टर योजना में प्रावधान नहीं होने से प्रदाय नहीं किये गये। 20 पी.टी.ओ. हार्स पॉवर से कम के ट्रैक्‍टर 2 कृषकों को प्रदान किये गये हैं। (ग) राज्‍य स्‍तर से जिलेवार लक्ष्‍य दिये जाते हैं। विगत 3 वर्षों की लक्ष्‍य पूर्ति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है।

परिशिष्ट - ''दो''

रत्नेश्वर महादेव परिसर नावघाटखेड़ी में जप्त सामान की सूची और सत्यापन

[लोक निर्माण]

4. ( क्र. 34 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बड़वाहा विधान सभा क्षेत्र के ग्राम नावघाटखेड़ी में श्री रत्नेश्वर मंदिर में लोकनिर्माण विभाग का अवैध कब्ज़ा में राजस्व विभाग ने सामग्री जप्त की गई है। यदि हाँ, तो लोक निर्माण विभाग द्वारा उक्त परिसर में विभाग की क्या क्या सामग्री कब से रखी गई थी. परिसर में रखी सामग्री की वर्षवार सूची, सामग्री का मूल्य आदि की जानकारी दी जाये। (ख) लोक निर्माण विभाग द्वारा उक्त सामग्री किस उद्देश्य से क्रय की गई थी. यदि सामग्री का उपयोग होना था तो फिर परिसर में क्यों रखी गई? मंदिर परिसर में किसके आदेश से सामग्री रखी गई? क्या परिसर में सामग्री रखने का प्रावधान था? यदि हाँ, तो अधिपत्य की प्रति दी जावे। (ग) लोक निर्माण विभाग में स्टॉक में रखनेवाली सामग्री के भौतिक सत्यापन के क्या नियम हैं? क्या यह नियम है की प्रतिवर्ष सामग्रियों का भौतिक सत्यापन किया जायेगा? यदि हाँ, तो परिसर में रखी सामग्री के १० वर्षों के भौतिक सत्यापन की प्रमाणित प्रति दी जावे। यदि सामग्री का भौतिक सत्यापन नहीं किया तो दोषीकर्ता अधिकारी का नाम सहित उस पर क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी। परिसर में रखी लाखों की सामग्री खराब होने से संबधित अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी समय-सीमा बताई जावे।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। लोक निर्माण संभाग मण्डलेश्वर दिनांक 21/12/2009 में बंद होने से एवं क्रय की गई सामग्री अत्यंत पुरानी होने के कारण सामग्री का वर्षवार मूल्य बताना संभव नहीं है। (ख) सामग्री विगत 50 वर्षों से भवन एवं सड़क संधारण कार्य हेतु समय-समय पर क्रय की गई। सामग्री लोक निर्माण विभाग भण्डार गृह में रखी गई है, मंदिर परिसर में नहीं रखी गई है। उक्त भण्डार गृह लोक निर्माण संभाग मंडलेश्वर की पुस्तिका पर अंकित है। (ग) भौतिक सत्यापन अनुविभागीय अधिकारी द्वारा प्रतिवर्ष माह सितम्बर एवं मार्च में किये जाने के नियम है। जी हाँ। भौतिक सत्यापन की प्रमाणित प्रति की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। दोषी अधिकारी पर कार्यवाही का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

ग्रामीण सड़कों का निर्माण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

5. ( क्र. 75 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष २०१२ से अब तक मंडी बोर्ड के पास ग्रामीण सड़क निर्माण के कितने एवं कौन-कौन से प्रस्‍ताव किस कारण से स्‍वीकृति हेतु लंबित है? उज्‍जैन संभाग की जिलेवार, तहसीलवार जानकारी दें। (ख) उपरोक्‍त लंबित प्रकरणों का निराकरण/स्‍वीकृति सरकार कब तक कर देगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) वर्ष 2012 से 2013 तक के ग्रामीण सड़क निर्माण के प्राप्त प्रस्ताव दिनांक 26.09.2013 को सम्पन्न साधिकार समिति की बैठक में अमान्य किये गये हैं। जनवरी-2014 से अब तक प्राप्त ग्रामीण सड़कों के प्रस्ताव मुख्य सचिव, म.प्र. शासन की नोटशीट क्रमांक-340 दि. 15.09.2016 के निर्देश सन्दर्भ में मण्डी बोर्ड द्वारा मण्डी प्रांगण के बाहर भवन या सड़क के कार्य नहीं कराये जायेंगे, अपितु उपरोक्त कार्य लोक निर्माण विभाग या म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के माध्यम से कराये जायेंगे के अनुक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को दिनांक 06.01.2017 से आगामी कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। (ख) उत्तरांश '' के संदर्भ में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

बीज उत्‍पादक समितियों द्वारा बीज वितरण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

6. ( क्र. 81 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. के जबलपुर एवं अन्य जिलों में पंजीकृत बीज उत्पादक समितियों के द्वारा बीज वितरण कराया जाता हैं? (ख) यदि हाँ, तो गत तीन वर्षों में इन समितियों के द्वारा जबलपुर जिले में कितना बीज वितरण कराया गया है? समितिवार योजनावार बतावें। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अंतर्गत गत तीन वर्षों में म. प्र. बीज एवं फर्म विकास निगम में कितना बीज उपलब्ध था, कितना वितरित कराया गया, कितना शेष बचा।

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) म.प्र. राज्‍य बीज एवं फार्म विकास निगम द्वारा गत तीन वर्षों में उपलब्‍ध, वितरण एवं शेष बीज की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तीन''

लोक निर्माण विभाग द्वारा अतिआवश्यक सड़कों के निर्माण

[लोक निर्माण]

7. ( क्र. 92 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग, भोपाल के पत्र क्र 261, दिनांक 27-05-2016 के द्वारा केवल इमरजेंसी नेचर के ही प्रस्ताव भेजने हेतु अधीनस्‍थों को निर्देश दिये गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो पनागर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अतिआवश्यक एवं इमरजेंसी नेचर की 13 सड़कों - डूंगा महगवां से मलारा तिलहरी, उमरिया से लहसर, महगवां से हिनौतिया (बारह), बरेला नहर से बल्हवारा रोड, बरेला से महगवां-हिनौतिया-पिण्डरई बारहा, बरेला से सिलपुरी पहाड़ीखेड़ा, बरेला से पड़वार लिंक (बल्हवारा-जमुनिया-घुघरी-बिलहरी-खैरी-पिपरिया), बरेला लोक सागर तालाब से बल्हवारा जमुनिया हिनौतिया, लीटी मुख्य मार्ग से मटियाकुई ग्राम भड़पुरा खेरमाई स्थल तक, एन.एच.7 से मोहनिया (कुशनेर) तक, एन.एच.7 से डिग्री कॉलेज होते हुये फूटाताल बम्हनौदा तक, एन.एच.7 से कारीवाह पहुंच मार्ग, पनागर से मटियाकुई डुंगरिया सिंगौद लीटी पहुंच मार्ग के प्रस्तावों पर कार्यवाही क्यों नहीं की गई? (ग) क्या इन सड़कों के निर्माण हेतु प्रश्नकर्ता द्वारा प्रेषित प्रस्ताव दिनांक 20-08-2016, 23-05-2016, 05-12-2016 एवं विभागीय प्राक्कलन दिनांक 26-06-2014, 08-12-2015, 21-09-2016, 24-08-2016, 19-09-2016 पर कार्यवाही की जावेगी? क्या इन क्षेत्रों के रहवासियों को कच्ची सड़क, गहरे गड्ढों एवं दुर्घटनाओं की समस्या से निजात मिलेगी? (घ) यदि हाँ, तो कब तक इन सड़कों का कार्य प्रारंभ होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

तालाबों का जीर्णोद्धार

[जल संसाधन]

8. ( क्र. 414 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्‍वालियर जिले में जलसंसाधन विभाग के कितने तालाब हैं? उनकी संख्‍या बतायें? (ख) तालाबों से संचित रकबा कितने हेक्‍टेयर है? (ग) ग्‍वालियर जिले में जलसंसाधन विभाग के कितने तालाबों में पानी भरा जाता है तथा कितने टूटे-फूटे पड़े हैं? स्थिति बतायें? (घ) टूटे-फूटे तालाबों के जीर्णोद्धार एवं मरम्‍मत हेतु विभाग की ओर से क्‍या तैयारी है?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) ग्‍वालियर जिले में जल संसाधन विभाग की सिंचाई परियोजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' एवं निमज्जित तालाबों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ख) जानकारी उत्‍तरांश '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (घ) निमज्जित तालाब निजी स्‍वत्‍व की भूमि पर निर्मित होकर भू-जल के पुनर्भरण के लिए काम आते है। निजी भूमि स्‍वामी वर्षा ऋतु उपरांत जलाशयों का जल निकालकर डूब क्षेत्र में रबी फसल लेता है। अत: निमज्जित तालाबों के जीर्णोद्धार कराने से सिंचाई सुविधा में कोई वृद्धि नहीं होने के परिप्रेक्ष्‍य में निमज्जित तालाबों का जीर्णोद्धार कराने की व्‍यवस्‍था नहीं है।

हरसी हाई लेवल नहर निर्माण में अर्जित भूमि का मुआवजा

[जल संसाधन]

9. ( क्र. 417 ) श्री भारत सिंह कुशवाह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र क्र. 14 ग्‍वालियर ग्रामीण अन्‍तर्गत हरसी हाई लेबल उच्‍च स्‍तरीय नहर निर्माण हेतु कौन-कौन से ग्रामों के किसानों की कितनी भूमि अर्जित की गई है? (ख) अर्जित भूमि में से किसानों को कितनी-कितनी राशि मुआवजे के रूप में भुगतान की जा चुकी है तथा ऐसे किसानों की संख्‍या बताएं जिनकी राशि का भुगतान किया जाना शेष है? शेष किसानों को कितने दिनों में भुगतान कर दिया जावेगा? (ग) अर्जित भूमि के अतिरिक्‍त किसानों की अधिक उपयोग की गई भूमि का मुआवजा किसानों को कब तक भुगतान किया जायेगा?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। भू-अर्जन अधिकारी जिला ग्वालियर द्वारा सूचना पत्र जारी किया जाना प्रतिवेदित है। कृषक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर मुआवजा राशि प्राप्त कर सकते हैं। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। अवार्ड की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाएं

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

10. ( क्र. 492 ) श्री रामसिंह यादव : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उद्यानिकी विभाग की शिवपुरी जिले में कोई योजनाएं संचालित हैं? यदि हाँ, तो वह योजनाएं कौन-कौन सी हैं? योजनांतर्गत क्‍या-क्‍या कार्य और सुविधाएं हितग्राहियों को उपलब्‍ध कराई जाती है? (ख) उक्‍त संचालित योजनाओं के तहत शिवपुरी जिले में कितने हितग्राहियों को कौन-कौन से उपकरण, अनुदान आदि क्‍या-क्‍या कितनी-कितनी सुविधाएं वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में उपलब्‍ध कराई गई? (ग) क्‍या शिवपुरी जिले में कृषि उपकरण, उन्‍नत बीज आदि हितग्राहियों को उपलब्‍ध कराए गए हैं? यदि हाँ, तो वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में कितने हितग्राहियों को कौन-कौन से कितने-कितने उपलब्‍ध कराए गए? (घ) क्‍या उद्यानिकी विभाग शिवपुरी को वर्ष 2015-16 एवं वर्ष 2016-17 में हितग्राही मूलक कार्यों के लिये कोई बजट उपलब्‍ध कराया गया था? यदि हाँ, तो उक्‍त बजट से क्‍या-क्‍या कार्य कहाँ-कहाँ पर कितनी-कितनी राशि के कराए गए?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) शिवपुरी जिले में विभाग की संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। उपलब्‍ध कराये गये कृषि उपकरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- ब अनुसार है। प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। (घ) जी हाँ। प्रश्‍नांश के शेष भाग की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।

पी.आई.यू. द्वारा स्वीकृत कार्यों का भूमीपूजन

[लोक निर्माण]

11. ( क्र. 618 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानासभा क्षेत्रान्तर्गत लोक निर्माण विभाग पी.आई.यू्. के अन्तर्गत कुल कितने कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हुए हैं, उन कार्यों की लागत तथा वर्तमान तक व्यय राशि तथा कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध करावें? (ख) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत 2013 के पश्चात् स्वीकृत कार्यों में से भूमि पूजन कार्यक्रम कितने कार्यों का कराया गया है? क्या कराये गये भूमि पूजन कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक को आमंत्रित किया गया? यदि नहीं, तो क्या कारण है? (ग) क्या म.प्र. शासन द्वारा पत्र जारी कर समस्त नवीन स्वीकृत कार्यों का जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में भूमि पूजन कर कार्य प्रारंभ कराने हेतु निर्देशित किया गया था? यदि हाँ, तो यह कार्यवाही क्यों नहीं की गई क्या संबंधित दोषी अधिकारी के विरूद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी? या अप्रारंभ कार्यों का भूमिपूजन कार्यक्रम भविष्य में किया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) भवन कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त 2 सड़क कार्यों का भूमि पूजन कराया गया है। जी हाँ। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। भवन कार्यों की जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त 2 नवीन सड़क कार्यों का भूमि पूजन मान. मुख्‍यमंत्री जी म.प्र. शासन एवं क्षेत्रीय विधायक द्वारा भूमि पूजन कराया गया है। शेष प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। जी हाँ।

परिशिष्ट - ''चार''

खोई से लाईखेड़ी मार्ग निर्माण

[लोक निर्माण]

12. ( क्र. 619 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत खोई से लाईखेड़ी मार्ग के डामरीकरण की स्वीकृति हेतु विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है? क्या भीकनगांव झिरन्या को जोड़ने हेतु खोई से लाईखेड़ी मार्ग दूरी 07 कि.मी. डामरीकरण कार्य अतिआवश्‍यक है? (ख) यदि हाँ, तो क्या इस मार्ग को कार्ययोजना से प्राथमिकता से सम्मिलित करते हुए स्वीकृति हेतु प्रस्तावित किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) रूपये 363.28 लाख का प्राक्‍कलन तैयार किया गया था परन्‍तु योजना सीमा अपर्याप्‍त होने से स्‍वीकृति प्रदान नहीं की गई। जी हाँ। (ख) सीमित वित्‍तीय उपलब्‍ध संसाधनों के कारण स्‍वीकृत किया जाना संभव नहीं।

पुरानी सड़क (एन.एच.7) की मरम्‍मत

[लोक निर्माण]

13. ( क्र. 632 ) श्री गिरीश गौतम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले में रायपुर कर्चु. में रामनई से जोगिनहाई तक, मनगवां में आवी से डेल्‍ही मोड़ के आगे तक, रघुनाथगंज में पथरहा से पलिया त्रिवेणी तक, देवतालाब में शिवपुर नेबूहा से नौढि़या तक, फोरलेन सड़क बना दी गयी है? यदि हाँ, तो अब पूर्व सड़क का रख-रखाव किस विभाग के जिम्‍मे किया गया है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) वर्णित सड़क बिल्‍कुल चलने योग्‍य नहीं है जिससे आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है? (ग) क्‍या रायपुर कुर्च. में रामनई से जोगिनहाई, मनगवां में आवी से डेल्‍ही मोड़, देवतालाब में शिवपुरा नेबूहा से नौढि़या तक, रघुनाथगंज में पथरहा से पालिया त्रिवेणी सिंह तक की पूर्व एन.एच.7 के हिस्‍से की सड़क की मरम्‍मत कर चलने योग्‍य बनाया जायेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताएं।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। पूर्व सड़क का रख-रखाव लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। (ख) जी नहीं। (ग) मार्ग मोटरेबल है। उपलब्‍ध संसाधनों से मरम्‍मत का कार्य कराया जा रहा है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

1984 से लंबित सातनारी जलाशय का कार्य पूर्ण के संबंध में

[जल संसाधन]

14. ( क्र. 700 ) श्री मधु भगत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परसवाड़ा विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत सातनारी जलाशय परियोजना का‍ निर्माण किये जाने हेतु म.प्र. शासन/मा. सदन द्वारा मौखिक सहमति प्रदान की गई है? किन्‍तु उक्‍त परियोजना के संबंध में किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है क्‍यों? (ख) ढुटी बायी तट नहर से समनापुर तक मुख्‍य नहर में खराब मटेरियल जमा होने से उक्‍त क्षेत्र के किसानों को नहर द्वारा सिंचाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है नहर के वृहद्ध स्‍तर पर साफ-सफाई या सीमेन्‍टीकरण की क्‍या योजना है यदि हाँ, तो सीमेंटीकरण कार्य कब तक कर लिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) मौखिक सहमति देने का कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रश्नांश का उत्तर देना संभव नहीं है। सतनारी परियोजना की वर्तमान प्रति हे. लागत रू.03.77 लाख आंकलित है। परियोजना के डूब क्षेत्र में संपूर्ण 53.40 हे. वन भूमि प्रभावित हो रही है। डूब का प्रतिशत सैच्य क्षेत्र की तुलना में 25 प्रतिशत होने से परियोजना तकनीकी एवं वित्तीय मापदण्ड पर साध्य नहीं है। (ख) जी नहीं। एप्रोच चैनल के चैन क्र. 0 से 3 तक एवं नहर तल में जमा मिटटी की सफाई की जाकर 15,635 हे. में खरीफ सिंचाई की जाना प्रतिवेदित है। जी हाँ। ढूटी बायीं तट मुख्य नहर के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्रुद्धार कार्य की डी.पी.आर. संभाग स्तर पर तैयार की जा रही है। डी.पी.आर. अंतिम नहीं होने से समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

कृषि उत्‍पादन एवं जमीन रकबा

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

15. ( क्र. 710 ) श्री मधु भगत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा सिंचित और असिंचित भूमि पर बोई गई फसल का रिकार्ड रखा जाता है यदि हाँ, तो बताये वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक बालाघाट जिले में कितने रकबे में फसल बोई गई थी सिंचित और असिंचित का रकबा प्रत्‍येक वर्ष का विकासखण्‍डवार बतायें? (ख) कृषि उत्‍पादन हेतु सिंचाई के जो साधन हैं उनमें से कितनी-कितनी भूमि पर जल संसाधन विभाग की नहरों से सिंचाई की गई? विकासखण्‍डवार रकबावार प्रत्‍येक विकासखण्‍ड का अलग-अलग बतायें? (ग) विधानसभा क्षेत्र परसवाड़ा में विभाग के मतानुसार कितनी भूमि है जिस पर की फसल होती हैं? परन्‍तु जल संसाधन विभाग द्वारा पानी की व्‍यवस्‍था सिंचाई के लिए उपलब्‍ध नहीं कराई गई है प्रत्‍येक विकासखण्‍ड का अलग-अलग रकबा बतायें? (घ) क्‍या ढूटी बांध से लामता समनापुर मंझारा टवेझरी से आगे तक नहरों में सीमेंटीकरण का कार्य किया जाना प्रस्‍तावित है क्‍या कारण है कि उक्‍त निर्माण कार्य विगत तीन वर्षों से लंबित पड़ा है? निर्माण कार्य की कब तक स्‍वीकृति प्रदाय कर टेंडर काल किया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) विधान सभा क्षेत्र परसवाड़ा अंतर्गत विकासखंड परसवाड़ा बालाघाट एवं किरनापुर शामिल है। जिसमें विकासखंड परसवाड़ा का संपूर्ण क्षेत्र विधानसभा अंतर्गत आता है, परसवाड़ा विधानसभा अंतर्गत (तीनों विकासखंड से) कुल रकबा 95992 हेक्टेयर में खेती की जाती है, जिसमें 38476 हेक्टेयर सिंचित तथा 57516 हेक्टेयर असिंचित है। जलसंसाधन विभाग द्वारा 22987 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मुहैया कराई गई है। विस्तृत जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) जी हाँ। ढुंटी बायीं तट नहर प्रणाली का सीमेंटीकरण हेतु ई.आर.एन. के अंतर्गत डी.पी.आर. मुख्य अभियंता वेनगंगा कछार जल संसाधन विभाग सिवनी के ज्ञापन क्रमांक 247/31/.आर.एम./ई/सिवनी, दिनांक 11.03.2015 द्वारा केंद्रीय जल आयोग नई दिल्ली को प्रेषित किया गया है। केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त होते ही कार्य की निविदा आमंत्रित की जावेगी।

परिशिष्ट - ''पाँच''

विकास कार्यों की जानकारी एवं अनियमितता की जाँच

[जल संसाधन]

16. ( क्र. 711 ) श्री मधु भगत : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यपालन यंत्री बैनगंगा जल संसाधन विभाग जिला बालाघाट में वर्ष 2013-14 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के किस-किस मद से कब-कब करवाये गये नियुक्‍त कार्य एजेंसी के नाम सहित विकासखण्‍डवार एवं वर्षवार पूर्ण ब्‍यौरा देवें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कार्य में से कौन-कौन से कार्य पूर्ण है कितने अपूर्ण है उक्‍त कार्य में से किस-किस कार्य के लिये कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस दिनांक का चेक/ड्राफ्ट क्रमांक एवं नगद राशि के रूप में किया गया वर्षवार कार्यवार भुगतान की गई राशि का पूर्ण ब्‍यौरा देवें? (ग) प्रश्नांश (क) में वर्णित कार्यों में से कौन-कौन से कार्य है जिनको पूर्ण किये बिना कार्य से अधिक राशि का भुगतान किया गया कार्यवार किये गये भुगतान का पूर्ण ब्‍यौरा देवें? अपूर्ण कार्य होने की स्थिति में संबंधित कार्य एजेंसी पर क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की गई? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत कार्यों में जनप्रतिनिधि/या अन्‍य किसी भी प्रकार से अनियमितता और भ्रष्‍टाचार की कितनी शिकायतें जिला स्‍तर पर प्राप्‍त हुई शिकायतों का विवरण देते हुये बताये कि इनमें से किन-किन शिकायतों की जाँच किसके द्वारा की गई एवं जाँच पश्‍चात् क्‍या कार्यवाही की गई? कितने निर्माण कार्य समय से पहले ही घटिया निर्माण के चलते धरासाही हो गये? शासन को कितनी हानि हुई? जिम्‍मेदार कर्मचारी/अधिकारियों क्‍या-क्‍या कार्यवाही हुई?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ग) कार्यों में अधिक राशि का भुगतान नहीं किया जाना प्रतिवेदित है। एजेंसी द्वारा कार्य अपूर्ण नहीं छोड़ा गया है। अतः एजेंसी के विरूद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने की स्थिति नहीं है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

नेशनल हाईवे अथवा स्‍टेट हाईवे को पानी निकासी हेतु काटना

[लोक निर्माण]

17. ( क्र. 795 ) श्री के.पी. सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बिना किसी वैध अनुमति के किसानों एवं अन्‍य लोगों द्वारा अपने खेतों में पानी की आवश्‍यकता होने पर नेशनल हाईवे अथवा स्‍टेट हाईवे को पानी निकासी हेतु काट दिया जाता है? (ख) यदि प्रश्नांश (क) का उत्‍तर हाँ है तो शिवपुरी जिलान्‍तर्गत वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक इस प्रकार की कितनी शिकायतें विभाग को प्राप्‍त हुई है? इन शिकायतों पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या प्रदेश के किसानों को अपने खेतों में पानी की आवश्‍यकता होने पर नेशनल हाईवे अथवा स्‍टेट हाईवे से पानी निकालने के लिए किसी विभाग/प्राधिकरण/संस्‍था से अनुमति की आवश्‍यकता है? यदि हाँ, तो शासन द्वारा जारी नियमों/निर्देशों की छायाप्रतियां उपलब्‍ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है।

भोपाल जिला सहकारी केन्द्रित बैंको के सी.ई.ओ. की नियुक्ति बाबत्

[सहकारिता]

18. ( क्र. 911 ) श्री सुरेन्‍द्रनाथ सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त और पंजीयक को केन्‍द्रीय जिला सहकारी बैंको में सी.ई.ओ./प्रबंध संचालक की नियुक्ति के अधिकार है? यदि हाँ, तो नियुक्ति संबंधी अधिनियम नाबार्ड एवं रिजर्व बैंक के नियमों एवं मापदण्‍डों की प्रतियां उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में भोपाल को-ऑपरेटिव सेन्‍ट्रल बैंक में सी.ई.ओ. की की गई नियुक्ति में यदि उपरोक्‍त नियमों का पालन नहीं किया गया है तो किसकी अनुमति/स्‍वीकृति से उक्‍त नियुक्ति हुई हैं और इन्‍हें संचालक मंडल के किस प्रावधान अनुसार पदस्‍थ किया गया हैं। प्रस्‍ताव की प्रति भी उपलब्‍ध करावें और यदि नहीं, की गई तो कब तक हटाया जावेगा? (ग) भोपाल को-ऑपरेटिव सेन्‍ट्रल बैंक में सी.ई.ओ. के विरूद्ध उनके पदस्थिति दिनांक से कौन-कौन सी और कब-कब शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं और उस पर आज दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की गई? नहीं तो क्‍यों और कब तक की जावेगी? (घ) क्‍या भोपाल को-ऑपरेटिव सेन्‍ट्रल बैंक में सी.ई.ओ. के विरूद्ध पूर्व में भी प्रकरण पंजीबद्ध हुए हैं? उन प्रकरणों की वास्‍तविक स्थिति क्‍या है और इन गंभीर प्रकरणों के उपरांत भी उन्‍हें पद पर पदस्‍थ रखा जा सकता हैं क्‍या?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 की धारा 49-ई (2) (बी) के प्रावधान अनुसार नियुक्ति के अधिकार है। सहकारी अधिनियम की धारा 49-ई (2) (बी) तथा नाबार्ड/आर.बी.आई. के निर्देशों की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) नियुक्ति मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम 1960 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। नियुक्ति हेतु संचालक मंडल के प्रस्ताव/ठहराव प्राप्त किये जाने का प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होते हैं। (ग) भोपाल को-ऑपरेटिव सेन्ट्रल बैंक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के विरूद्ध उनकी पदस्थी दिनांक से प्राप्त शिकायतों के संबंध में जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (घ) भोपाल को-आपरेटिव सेन्ट्रल बैंक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के विरूद्ध कोई प्रकरण पंजीबद्ध नहीं है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

बहुउद्देशीय बाणसागर परियोजना के विस्थापितों को मुआवजा राशि

[जल संसाधन]

19. ( क्र. 950 ) श्री रामपाल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील क्षेत्रांतर्गत बाणसागर बहुउद्देशीय परियोजना के तहत ब्यौहारी तहसील के कितने ग्राम डूब प्रभावित हुये हैं? डूब प्रभावित ग्रामों में क्‍या सरसी, पथरेही, चितरासी, जमुनी, सपटा, विजयसोता, तेंदुहा, बेलकुडा इत्यादि ग्राम सम्मिलित हैं? (ख) क्या ग्राम सरसी के गोरेलाल पिता श्‍यामलाल पाठक के घर, कौसल पिता सतानंद द्विवेदी का कुआं, रामखेलावन पिता बालकृष्णम का कुआं इसी तरह ग्राम पथरेही के हरिहर प्रसाद पिता श्रीराम रावेन्द्रा शरण के घर, कुआं, पेंड सहित, ग्राम सरसी के मकान क्रमांक ७१३ से ७३० तक के स्वामियों का मुआवजा प्रश्न दिनांक तक प्रदान नहीं किया गया है। यदि नहीं, तो क्यों? (ग) उक्त परियोजना के आंशिक प्रभावित ग्राम जमुनी, सपटा, विजयसोता, बेलकुडा, तेंदुहा, ओदारी इत्यादि ग्रामों की भूमि जो बांध के पानी भराव से लगी होने के कारण कृषि तथा अन्य प्रयोजन हेतु क्‍या अनुपयोगी हो गई है जिससे संबंधित भूमि स्वामियों को भारी नुकसान हो रहा है और उक्त‍ अनुपयोगी भूमियों का मुआवजा भी नहीं मिला है? क्‍या ऐसी भूमियों का पुन: सर्वे कराकर मुआवजा वितरण की कार्यवाही की जावेगी। यदि हाँ, तो कब तक एवं यदि नहीं, तो क्यों।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) बाणसागर परियोजना में शहडोल जिले की ब्यौहारी तहसील के कुल 69 ग्राम डूब से प्रभावित हुये हैं। डूब प्रभावित ग्रामों में ग्राम सरसी, पथरेही, चितरासी, जमुनी, सपटा, विजयस्रोता, तेंदुहा एवं बिलकुड़ा ग्राम आंशिक रूप से डूब प्रभावित हैं। (ख) ग्राम सरसी के श्री गोरेलाल पिता श्री श्यामलाल पाठक का घर तथा मकान नं. 713 से 730 तक के अवार्ड धारियों का भुगतान किया जा चुका है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। श्री कौशल पिता सतानंद द्विवेदी का कुआं एवं श्री रामखेलावन पिता बालकृष्ण का कुआं भौतिक सत्यापन में न पाये जाने के कारण अवार्ड तैयार नहीं किया जाना प्रतिवेदित है। ग्राम पथरेही के श्री हरिहर प्रसाद पिता श्री रामराघवेन्द्रशरण के मकान क्रं. 320, कूप क्रं. 47 एवं 9 वृक्षों की प्रतिकर राशि उनके मृतक होने तथा वारिसों द्वारा तत्समय में अभिलेख प्रस्तुत न करने के कारण तत्कालीन भू-अर्जन अधिकारी द्वारा भुगतान की कार्यवाही नहीं की गई। वारिसों द्वारा अभिलेखीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर कार्यवाही संभव होगी। (ग) डूब प्रभावित सभी ग्रामों में शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड अनुसार एफ.आर.एल लाईन के अन्दर की सभी भूमियों का अवार्ड तैयार कर मुआवजा भुगतान की कार्यवाही की जा चुकी है। एफ.आर.एल लाईन से ऊपर स्थित भूमियों के मुआवजा भुगतान का कोई प्रावधान नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''छ: ''

अम्‍बाह ब्रांच कैनाल के लाइनिंग कार्य का अनुबंध

[जल संसाधन]

20. ( क्र. 966 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले की अम्‍बाह ब्रांच कैनाल के 83.90 से 143.40 किलोमीटर के लाइनिंग कार्य अनुबंध क्रमांक 7 वर्ष 2012-13, अनुबंध क्रमांक 522-एल 30 एल, 31 एल एवं अनुबंध क्रमांक 4 वर्ष 2013-14 32-आर, 34 एल से 58 आर किस कंपनी ने किया तथा कितनी राशि स्‍वीकृत थी एवं कितनी राशि का भुगतान किया गया, पूर्ण जानकारी प्रत्‍येक अनुबंध क्रमांक के अनुसार अलग-अलग दी जावें? (ख) उक्‍त अनुबंधों की स्‍वीकृत राशि से कितनी अधिक राशि का भुगतान किया गया? क्‍या अधिक राशि भुगतान की स्‍वीकृति सक्षम अधिकारी से ली गई? अधिकारी का नाम सहित पूर्ण जानकारी दी जावे? (ग) क्‍या अत्‍यधिक राशि का भुगतान शासन स्‍तर से अनुमति लेकर करना चाहिए था जो नहीं किया गया? यदि हाँ, तो इस वित्‍तीय अनियमितता के लिए कौन से अधिकारी दोषी हैं क्‍या शासन उन पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। मुख्य अभियंता सक्षम अधिकारी होने से मुख्य अभियंता, यमुना कछार, ग्वालियर द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। शेष प्रश्नांश उत्पन्न नहीं होते हैं।

परिशिष्ट - ''सात''

अम्‍बाह उसैद रोड निर्माण

[लोक निर्माण]

21. ( क्र. 967 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले की अम्‍बाह-उसैद रोड का कार्य किस कंपनी को दिया गया? निर्माण की राशि क्‍या थी एवं निर्माण पूर्ण होने की समय-सीमा क्‍या थी? कार्य प्रारंभ कब किया? (ख) क्‍या अम्‍बाह-उसैद सड़क मार्ग का कार्य अपूर्ण स्थिति में होकर बंद है? क्‍यों? (ग) उक्‍त मार्ग पर अभी तक कितना व्‍यय हो चुका है? निर्माण कंपनी को कितनी राशि का भुगतान कब-कब किया गया? (घ) उक्‍त मार्ग का कितना कार्य शेष बचा है, उस पर कितनी राशि खर्च होने का अनुमान है, कार्य पूर्ण कराने हेतु शासन स्‍तर पर क्‍या प्रयास किये जा रहे हैं? पूर्ण जानकारी तथ्‍यों सहित दी जावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) लगभग 70 प्रतिशत कार्य शेष है, स्‍वीकृत राशि में कार्य पूर्ण होने की संभावना, कार्य पूर्ण करने हेतु सतत् प्रयास किये जा रहे है एवं कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण होने की संभावना है।

परिशिष्ट - ''आठ''

बागरी नदी के रपटे पर पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

22. ( क्र. 1025 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अता.प्र.सं. 131 (क्रमांक 1042) दिनांक 05.12.2016 के प्रश्नांश (क) के उत्‍तर में जानकारी दी थी, कि श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम तलावदा-आवनी मार्ग पर बागरी नदी के रपटे पर नवीन पुल निर्माण कार्य को विभाग की स्‍थाई वित्‍तीय समिति की बैठक दिनांक 08.11.2016 में अनुमोदित किया गया, बजट में सम्मिलित होने पर प्रशा.स्‍वीकृति जारी करने की अनुशंसा की गई है? (ख) उक्‍त प्रश्‍न के प्रश्नांश (ग) के उत्‍तर में बताया है कि उक्‍त रपटे पर प्रतिवर्ष वर्षाकाल में चम्‍बल नदी पर बाढ़ आ जाने की स्थिति में रपटा डूब जाता है? आवागमन बन्‍द होने के उपरांत ग्रामीणों को कठिनाइयां आती है क्‍योंकि रपटे के दोनों ओर के ग्रामों का सम्‍पर्क टूट जाता है? (ग) यदि हाँ, तो शासन जनहित में वर्ष 2017-18 के वार्षिक बजट में उक्‍त कार्य को निश्चित रूप से शामिल करके स्‍थाई वित्‍तीय समिति की अनुशंसानुसार प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान करेगा यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) प्रश्‍नाधीन कार्य को बजट में निश्चित रूप से शामिल करने की कार्यवाही करने के संबंध में बताया जाना संभव नहीं है।

असिंचित ग्रामों में सिंचाई सुविधा

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

23. ( क्र. 1026 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के परि.अता.प्र.सं. 116 (क्रमांक 1024) दिनांक 05.12.2016 के प्रश्नांश (क) के उत्‍तर में बताया है कि श्‍योपुर विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत ग्राम कूण्‍ड, कनापुर सहित 35 ग्रामों में सी.आर.एम.सी. से पम्‍प द्वारा 3456 हेक्‍टेयर 14 ग्रामों में आवदा नहर से 3559 हेक्‍टेयर में कृषकों द्वारा फलो की सिंचाई की जा रही है? (ख) क्‍या यह सही है कि उक्‍त ग्रामों के अधिकांश कृषक आर्थिक सक्षमता के अभाव में प्रतिवर्ष पम्‍प/अन्‍य साधनों से सिंचाई नहीं कर पाते हैं और वे सिंचाई सुविधा से वंचित रहते हैं जो सिंचाई कर लेते हैं उन्‍हें बहुत कठिनाइया आती। (ग) क्‍या उक्‍त समस्‍याओं के समाधान हेतु उपसंचालक कृषि श्‍योपुर द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अन्‍तर्गत पार्वती उदवहन सिंचाई योजना के निर्माण का प्रस्‍ताव डी.आई.पी. में संचालनालय को भेजा है एवं इसे राज्‍य स्‍तरीय मंजूरी समिति की आगामी बैठक में रखा जावेगा समिति के निर्णय अनुसार कार्यवाही की जावेगी? समिति की बैठक कब होगी? (घ) यदि हाँ, तो जनहित में उक्‍त बैठक शीघ्र आयोजित करवाकर समिति/शासन उक्‍त प्रस्‍ताव को शीघ्र स्‍वीकृत करेगा तत्‍पश्‍चात नियमानुसार समस्‍त कार्यवाही कर इसे केन्‍द्र सरकार से अनुमोदित कराकर बजट में शामिल करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) उक्‍त समस्‍याओं के समाधान हेतु उप संचालक कृषि श्‍योपुर द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्‍तर्गत पार्वती उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण का प्रस्‍ताव जिले की डी.आई.पी. में संचालनालय को प्राप्‍त हुआ है। दिनांक 22.12.2016 को संपन्‍न राज्‍य स्‍तरीय मंजूरी समिति की बैठक में जिले की डी.आई.पी. का अनुमोदन किया जा चुका है। (घ) कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग श्‍योपुर से प्राप्‍त जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार पार्वती उद्वहन सिंचाई योजना शासकीय मापदण्‍डों के अनुरूप न होने से योजना साध्‍य नहीं है। शेष का प्रश्न ही नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

खरगापुर विधानसभा में मण्‍डी निधि से प्रस्‍तावित सड़कों का निर्माण

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

24. ( क्र. 1080 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र में मण्‍डी निधि से निम्‍न सड़कें (1) गर्रोली (मलगुंवा) से मनपसार होकर खरगापुर कुड़ीला मुख्‍य सड़क तक। (2) टपरियन चौहान ग्राम पंचायत के खुमान गंज से पलेरा मण्‍डी तक? (3) जटेरा से जमुनियां होकर बल्‍देवगढ़ उप मण्‍डी तक (खरगापुर मण्‍डी) तक दिनांक 15/10/15 को प्रस्‍ताव मुख्‍य अभियंता कृषि विपणन मंडी बोर्ड की ओर भेजे गये थे? क्‍या उक्‍त सड़कों के निर्माण किये जाने हेतु शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र की उक्‍त सड़कें किसानों को लाभ पहुंचाने एवं मण्‍डी की राजस्‍व आय बढ़ाने हेतु कारगर साबित होगी इसलिये शासन के लाभ एवं किसानों के लाभ हेतु उक्‍तों सड़कों को स्‍वीकृत किये जाने की विभाग में ऐसी कोई योजना है? (ग) उक्‍त वर्णित सड़कें किसानों के हित में कब तक स्‍वीकृत कर दी जावेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। प्राप्त सड़कों के प्रस्तावों को मुख्य सचिव, म.प्र. शासन की नोटशीट क्रमांक-340 दि. 15.09.16 के निर्देश सन्दर्भ में मण्डी बोर्ड द्वारा मण्डी प्रांगण के बाहर भवन या सड़क के कार्य नहीं कराये जायेंगे, अपितु ये कार्य लोक निर्माण विभाग या म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के माध्यम से कराये जायेंगे के अनुक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को दिनांक 06.01.2017 से आगामी कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। (ख) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में मण्डी बोर्ड स्तर पर प्रश्नांकित सड़कों की स्वीकृति संबंधी अन्य कोई कार्यवाही शेष नहीं है। (ग) उत्तरांश '''' एवं '''' के परिप्रेक्ष्य में समय-सीमा बताने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

खरगापुर विधान सभा सहित टीकमगढ़ जिले में किसानों को प्रशिक्षण दिये जाने हेतु

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

25. ( क्र. 1081 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र के एवं टीकमगढ़ जिले के किसानों का प्रशिक्षण वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने किसानों को प्रशिक्षित किया गया तथा खरगापुर विधान सभा के विकासखण्‍ड बल्‍देवगढ़ एवं पलेरा सहित संपूर्ण टीकमगढ़ की जानकारी किस सक्षम अधिकारी द्वारा कितने प्रशिक्षण कब व कहाँ दिया गया किसानों की संख्‍या बताएं? (ख) क्‍या प्रशिक्षण पाने वाले किसान क्‍या इस प्रशिक्षण से लाभांवित हुये है यदि लाभान्वित हुये है तो किस प्रकार का लाभ उन्‍हे खेती से प्राप्‍त हुआ है? लाभान्वित किसानों की संख्‍या ग्रामवार एवं विकासखण्‍ड बन्‍देवगढ़ एवं पलेरा की उपलब्‍ध करायेंगे यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या खरगापुर के किसानों के लिए खेती लाभ का धंधा बन रही है तो ऐसे कितने किसान हैं जिनको खेती से लाभ प्राप्‍त होकर खेती लाभ का धंधा बन गई हो संख्‍या बताएं। (घ) किसानों के प्रशिक्षण पर वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि शासन की व्‍यय हुई?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 2 अनुसार है। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 3 अनुसार है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सर्वाधिक दुर्घटना वाले स्थलों का चिन्हांकन

[लोक निर्माण]

26. ( क्र. 1210 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रदेश के राजमार्गों के सर्वाधिक दुर्घटना वाले स्थलौ के चिन्हांकन कर उनको दुरूस्त करने के प्रस्ताव राज्य शासन से चाहे गये हैं? (ख) यदि हाँ, तो प्रदेश में विभाग द्वारा ऐसे दुर्घटना वाले कितने स्थलों के प्रस्ताव तैयार करवाकर केन्द्र सरकार को प्रेषित किये हैं? (ग) धार जिले में रा.रा. क्रमांक-3 व रा.रा.क्रमांक-59 के कौन-कौन से सर्वाधिक दुर्घटना वाले स्थलों का चयन कर दुरूस्ती के प्रस्ताव केन्द्र शासन को प्रषित किये है तथा रा.रा.क्रमांक-3 के गणपति घाट (महू-गुजरी के मध्य) में तकनीकी त्रुटी से सर्वाधिक दुर्घटनाओं वाले क्षेत्र को दुरूस्त करने हेतु कौन-कौन से प्रस्ताव तैयार किये जाकर केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को भेजे गये है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्टके प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-3 व राष्‍ट्रीय राजमार्ग क्रं. 59 भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है। राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है।

बासमती धान पर मण्डी टैक्स में छूट

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

27. ( क्र. 1211 ) श्रीमती नीना विक्रम वर्मा : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बासमती धान पर प्रदेश में मण्डी टैक्स में छूट का प्रावधान है? यदि हाँ, तो कितने प्रतिशत व प्रदेश के किन-किन जिलों में यह छूट प्रदान की जाती है? (ख) प्रदेश में बासमती धान की किन-किन मिलिंग कंपनियों को पिछले तीन वर्षों में प्रश्नांश (क) के संदर्भ में मण्डी टैक्स में छुट का लाभ मिला तथा वर्षवार कितनी कितनी धनराशि की मण्डी टैक्स में छूट प्राप्त की गई? (ग) प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में वर्षवार कुल कितने लाख टन धान का उत्पादन हुआ तथा उसमें से कितने लाख टन बासमती पर कुल कितने राशि की वर्षवार मण्डी टैक्स में छूट दी गई? (घ) क्या विभाग को जिन जिलों व क्षेत्रों में बासमती धान नहीं होता है वहां के नाम पर मण्डी टैक्स में छूट लिये जाने व राइस मिल द्वारा बिना बासमती चावल के उत्पादन मण्डी टैक्स में छूट लिये जाने तथा बासमती के नाम पर अन्य धान पर यह छूट लिये जाने की कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं तथा जाँच में वर्ष वार प्रदेश शासन को कितने राजस्व की हानि होना पाया गया?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। अपितु म.प्र. उद्योग संवर्धन नीति 2014 के अंतर्गत किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 03.02.2016 के अनुसार अधिसूचित कृषि उपज "धान" के प्रसंस्करण पर संपूर्ण प्रदेश में मंडी फीस में छूट प्रदान की गई है। उक्त अधिसूचना की शर्तों एवं निबंधनों के अनुसार अधिसूचित कृषि उपज के प्रसंस्करण के लिये स्थापित खाद्य प्रसंस्करण इकाई को संयंत्र एवं मशीनरी में निवेश के अधिकतम पचास प्रतिशत रकम के समतुल्य एवं विहित कालावधि तक सीमा तक मंडी फीस से छूट प्राप्त होने का प्रावधान है। अधिसूचना की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार विगत तीन वर्षों में वर्ष 2014 में 54.38 लाख मे.टन वर्ष 2015 में 53.20 लाख मे0टन एवं वर्ष 2016 में 72.55 लाख मे0टन (द्वितीय अग्रिम अनुमान) धान का उत्पादन हुआ है। जिस में से बासमती धान पर दी गई मंडी फीस से छूट का विवरण की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) ग्वालियर संभाग के अंतर्गत कृषि उपज मंडी मंगरौनी जिला शिवपुरी में 01, जबलपुर संभाग के अंतर्गत कृषि उपज मंडी समिति कटनी जिला कटनी में 01 शिकायत प्राप्त हुई है। कृषि उपज मंडी समिति मंगरौनी जिला शिवपुरी में प्राप्त शिकायत के जाँच प्रतिवेदन में म.प्र. शासन को राजस्व हानि होना नहीं पाया गया। कृषि उपज मंडी समिति कटनी जिला कटनी में प्राप्त शिकायत में जाँच उपरांत फर्म फेयर फूड ओवरसीज पर कुल 41,46,994/- की मंडी फीस बकाया पाई गई है, जिसकी वसूली कार्यवाही मंडी स्तर पर प्रक्रियाधीन है।

भिण्‍ड इंदिरा गांधी चौराहा से सुभाष चौराहा तक पुल निर्माण

[लोक निर्माण]

28. ( क्र. 1254 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय मध्‍यप्रदेश शासन भोपाल द्वारा भिण्‍ड प्रवास पर रेल चली में दिनांक 27.2.16 में इंदिरा गांधी चौराहा से सुभाष चौराहा तक मार्ग निर्माण की घोषणा की गई है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) में वर्णित मार्ग के निर्माण के लिए किस स्‍तर पर कहाँ कार्यवाही प्रचलन में है? छायाप्रति सहित जानकारी दें। (ग) इंदिरा गांधी चौराहा से सुभाष चौराहा तक भिण्‍ड में मार्ग निर्माण के लिए कब कार्य प्रारंभ हो जायेगा? (घ) लोक निर्माण विभाग भिण्‍ड में प्रश्नांश (क) मार्ग निर्माण के लिए विगत तीन वर्षों में क्‍या कार्यवाही की गई? छायाप्रति सहित जानकारी दें। प्रश्‍नांश दिनांक को कार्यवाही कहाँ पर किस स्‍तर पर प्रचलित है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ, नगर पालिका परिषद् भिण्‍ड को सड़क निर्माण हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र शासन द्वारा दिनांक 23.08.2016 को जारी किया गया। (ख) प्रश्‍नांश में वर्णित मार्ग के निर्माण हेतु कार्यवाही नगर पालिका परिषद् भिण्‍ड द्वारा की जायेगी। (ग) उत्‍तरांश अनुसार। (घ) प्रश्‍नांश एवं के उत्‍तर अनुसार।

लोक निर्माण विभाग के कार्यों का परीक्षण

[लोक निर्माण]

29. ( क्र. 1255 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग अन्‍तर्गत जिला भिण्‍ड में कहाँ पर कौन सा कार्य चल रहा हैं? किस एजेंसी ने कब प्रारंभ किया हैं? कार्य कब पूर्ण होगा? (ख) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कौन सा कार्य प्रश्‍नांश दिनांक को अप्रारंभ/प्रारंभ अपूर्ण/पूर्ण है वर्तमान स्थिति क्‍या हैं? किस स्तर के अधिकारी द्वारा कब अवलोकन किया गया है? (ग) प्रश्नांश (क) के अंतर्गत कार्य की गति धीमी हैं? यदि हाँ, तो इसके लिए कौन अधिकारी दोषी है? क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2016-172017-18 की कार्ययोजना में कौन से कार्य शामिल किए गए हैं? जानकारी दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ-1 अ-2 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं ब-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अ-2 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र स-1 अनुसार है।

सागर नगर में बाढ़ नियंत्रण योजनांतर्गत मोंगा बंधान कार्य के संबंध में

[जल संसाधन]

30. ( क्र. 1263 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सागर नगर में बाढ़ नियंत्रण योजनांतर्गत स्‍वीकृत सागर तालाब मोगा बंधान निर्माण कार्य में मोगा के दोनों ओर दीवार एवं घाट निर्माण के लिये कितनी राशि शासन से स्‍वीकृत की गयी थी तथा इसके निर्माण की समय-सीमा क्‍या थी? (ख) क्‍या उक्‍त निर्माण कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं? यदि नहीं, तो कितना कार्य शेष है तथा कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (ग) प्रश्‍नाधीन कार्य के संबंध में प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या-35 (क्र. 452), दिनांक 19 जुलाई, 2016 के उत्‍तर में बताया गया था कि विंग वॉल के एलाइमेंट में परिवर्तन नहीं किया गया एवं मोगा के दोनों किनारों पर अतिक्रम के कारण अवरोध है? क्‍या वर्तमान में कोई अतिक्रमण नहीं है एवं एलाइमेंट में भी परिवर्तन कर दिया गया है, फिर भी कार्य पूर्ण न होने का क्या कारण है? इसके लिये कौन दोषी हैं? (घ) क्‍या शासन दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) सागर तालाब मोगा बंधान निर्माण कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 30.03.2016 को रू.789 लाख की प्रदान की गई है। निर्माण कार्य की समय-सीमा दिसम्बर 2015 निर्धारित थी। (ख) जी हाँ। निर्माण कार्य दिनांक 31.12.2016 को पूर्ण किया जाना प्रतिवेदित है। (ग) एवं (घ) जी हाँ। मान. प्रश्नकर्ता की अध्यक्षता में कमिश्नर सागर के कार्यालय में आयोजित बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार अतिक्रमण को बिना हटाये जल निकास के रास्ते की चौड़ाई कम करते हुये नाले की गहराई बढ़ाकर मेसोनरी विंगवाल के स्थान पर आर.सी.सी. रिटेनिंगवाल का प्रावधान परिवर्तित कर संतुलित किया जाना प्रतिवेदित है। कोई दोषी नहीं है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

सागर नगर अंतर्गत कुलपति निवास से तिली चौराहे तक की सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

31. ( क्र. 1264 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कुलपति निवास से तिली चौराहे तक की सड़क पर आवागमन का आधिक्‍य होने से, इस सड़क को फोरलाइन बनाये जाने का कोई प्रस्‍ताव शासन के समक्ष लंबित है? यदि हाँ, तो यह कितनी राशि का है तथा कब तक स्‍वीकृत हो पायेगा? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में, यदि नहीं, तो उक्‍त सड़क पर आवागमन की उपयुक्‍तता को देखते हुए क्‍या शासन इसका प्रस्‍ताव बनाकर स्‍वीकृत कराने हेतु कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) वर्तमान में सीमित वित्‍तीय संसाधन की उपलब्‍धता के कारण स्‍वीकृत किया जाना संभव नहीं। वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

नोटरी नियुक्ति के संबंध में

[विधि और विधायी कार्य]

32. ( क्र. 1300 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला छतरपुर में शासन द्वारा नोटरी नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किये जाकर जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश महोदय जिला छतरपुर की अनुशंसा के पश्‍चात् जिन अधिवक्‍तागणों को विधि विभाग सचिवालय भोपाल जाकर साक्षात्‍कार में भाग लेना था की कोई जानकारी अधिवक्‍तागणों को न दिये जाने पर की गई शिकायतों पर कार्यवाही की गई है? यदि हाँ, तो जानकारी उपलब्‍ध कराये? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या अधिवक्‍तागणों को विधिवत सूचना देकर पुन: साक्षात्‍कार हेतु कोई तिथि निर्धारित की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। राज्‍य शासन के निर्देशानुसार तहसील-नौगांव सहित छतरपुर जिले के समस्‍त नोटरी पदों हेतु पुन: सम्‍पूर्ण कार्यवाही की जाना विचाराधीन है। (ख) जी हाँ। नोटरी नियम-1956 के नियम 6 एवं संशोधित नियम 7 (1) के प्रावधानों के अनुसार अधिवक्‍ताओं का अनुशंसित पैनल जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश के माध्‍यम से बुलाया जाकर तिथि निर्धारित की जावेगी।

सहकारी संस्‍थाओं का पंजीयन

[सहकारिता]

33. ( क्र. 1301 ) श्रीमती रेखा यादव : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्‍थाएं जिला छतरपुर द्वारा सद्भाव प्राथमिक उपभोक्‍ता सहकारी भंडार मर्यादित बड़ामलहरा के नाम से पंजीयन किया गया था हाँ या नहीं? यदि हाँ, तो पंजीयन से संबंधित विवरण उपलब्‍ध करायें? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार यदि नहीं, तो क्‍यों? कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्‍थायें जिला छतरपुर द्वारा दिनांक 23.05.2012 को सद्भाव प्राथमिक उपभोक्‍ता भंडार मर्यादित बड़ामलहरा के नाम से निर्वाचन आदेश जारी किये गये थे उल्‍लेख करें? निर्वाचन आदेश की प्रतियां उपलब्‍ध करायें? (ग) प्रश्नांश (ख) के अनुसार यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त अधिकारी द्वारा पद के दुरूपयोग की श्रेणी में आता है या नहीं? यदि हाँ, तो शासन दोषी अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, कब तक?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं। कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्थायें, जिला छतरपुर द्वारा सदभाव प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भण्डार मर्या. बड़ामलहरा के नाम से पंजीयन नहीं किया गया है, बल्कि प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भण्डार मर्या., बड़ामलहरा के नाम से पंजीयन किया गया है जिसका पंजीयन क्रमांक 640 दिनांक 04.01.1991 है। पंजीयन प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र- एक अनुसार है(ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर अनुसार पंजीयन के समय पंजीयन प्रस्ताव सदभाव प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भण्डार मर्या. बड़ामलहरा के नाम से प्राप्त नहीं हुआ था, बल्कि प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भंडार मर्या., बड़ामलहरा के नाम से प्राप्त हुआ था, इसलिये इसी नाम से पंजीयन किया गया था। जी हाँ। कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्थायें, जिला छतरपुर द्वारा दिनांक 23.05.2012 के द्वारा सद्भाव प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भण्डार मर्या., बड़ामलहरा के नाम से निर्वाचन आदेश जारी किया गया था। निर्वाचन आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जी नहीं। प्रश्नांश (ख) के उत्तर अनुसार प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भण्डार मर्या. बड़ामलहरा पंजीयन क्रमांक 640 दिनांक 04.01.1991 के तत्कालीन अध्यक्ष श्री महेश देवडिया द्वारा सद्भाव प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भण्डार मर्या., बड़ामलहरा के नाम से निर्वाचन का आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसी आवेदन के आधार पर कार्यालय द्वारा निर्वाचन आदेश सद्भाव प्राथमिक उपभोक्ता सहकारी भण्डार मर्या., बड़ामलहरा के नाम से जारी कर दिया गया था। लिपिकीय त्रुटि परिलक्षित होती है क्योंकि भण्डार का पंजीयन क्रमांक एवं दिनांक में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दस''

मार्ग निर्माण एवं सेतु निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

34. ( क्र. 1309 ) श्री राजकुमार मेव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र महेश्‍वर में मार्ग निर्माण एवं सेतु निर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा वर्ष 2016-17 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रस्‍ताव विभाग को प्रस्‍तुत किये गये हैं? यदि हाँ, तो प्रस्‍तावों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रस्‍तुत प्रस्‍तावों को विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 की कार्ययोजना में सम्मिलित किया गया है? क्‍या प्रस्‍तावों की डी.पी.आर. तैयार कराई गई है? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के संबंध में क्‍या प्रस्‍तावित मार्गों एवं सेतु निर्माण की स्‍वीकृति हेतु बजट में प्रावधान किये जाने हेतु सम्मिलित किया गया है? यदि हाँ, तो बतावें। यदि नहीं, तो क्‍या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के अनुसार है।

रणजीत सागर परियोजना

[जल संसाधन]

35. ( क्र. 1322 ) श्री अरूण भीमावद : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कालीसिंध नदी पर रणजीत सागर परियोजना प्रस्‍तावित है? (ख) यदि हाँ, तो परियोजना की वास्‍तविक स्थिति क्‍या है? (ग) उक्‍त योजना के प्रारंभ होने से विधानसभा क्षेत्र शाजापुर की कितनी भूमि सिंचित होगी? (घ) कालीसिंध नदी पर रणजीत सागर परियोजना कब तक प्रारंभ होगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (घ) जी नहीं। प्रश्नाधीन परियोजना की स्वीकृति दिनांक 04.10.2008 को वार्षिक सिंचाई 50,400 हे. अनुमानित लागत राशि रू.453.54 करोड़ के लिए दी गई थी। परियोजना के डूब क्षेत्र में बहुमूल्य भूमि आने, डूब क्षेत्र की भूमि की कलेक्टर गाईड-लाईन दर में अत्यधिक वृद्धि हो जाने, भू-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्‍यस्‍थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रभावशील होने के परिप्रेक्ष्य में परियोजना की लागत में लगभग 5 गुना वृद्धि और केन्द्रीय जल आयोग के परीक्षण उपरांत सिंचाई क्षेत्र कम होकर 32,400 हेक्टर लागत अत्‍याधिक हो जाने से परियोजना वर्तमान में साध्‍य नहीं रही है। परियोजना के असाध्य हो जाने से शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

किसानों को केन्‍द्र पोषित एवं राज्‍य पोषित प्रदाय सामग्रियों की गुणवत्‍ता

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

36. ( क्र. 1323 ) श्री अरूण भीमावद : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कृषि विभाग मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा केन्‍द्र पोषित एवं राज्‍य पोषित योजनाओं के अंतर्गत किसानों को कौन-कौन सी आदान सामग्रियां प्रदान की जाती हैं तथा इसका वितरण किसानों को किस माध्‍यम से किया जाता है? (ख) शाजापुर जिले में किसानों को वितरण की जाने वाली सामग्रियों की गुणवत्‍ता की जाँच की जाने हेतु वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कौन सी सामग्रीयों के नमूने लिये गये है? (ग) यदि नमूने लिये गये हैं तो कितने नमूने की विश्‍लेषण रिपोर्ट अमानक स्‍तर की पाई गई है? प्रमाणिक विश्‍लेषण रिपोर्ट उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या अमानक स्‍तर के नमूने वाली सामग्रियों का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो दोषी अधिकारी पर क्‍या कार्यवाही की गई है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि विभाग द्वारा केन्‍द्र पोषित एवं राज्‍य पोषित योजनाओं के अन्‍तर्गत बीज, पौध संरक्षण दवा एवं कृषि यंत्र आदि आदान सामग्री प्रदान की जाती है। उक्‍त आदान सामग्री का वितरण कृषकों को क्षेत्रीय कृषि विस्‍तार अधिकारी, एमपी एग्रो, विपणन संघ संस्‍था के माध्‍यम से किया जाता है। (ख) किसानों को वितरण की जाने वाली सामग्री में बीज के 291 नमूने एवं पौध संरक्षण दवा के 8 नमूने लिये जाकर विश्‍लेषण हेतु प्रयोगशाला भेजे गये। वर्षवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) विश्‍लेषण रिपोर्ट में 58 बीज के नमूने अमानक पाये गये। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

बालाघाट जिले से जिला मुख्य मार्ग (MDR) बनाए जाना

[लोक निर्माण]

37. ( क्र. 1360 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मुख्य मार्ग (MDR) बनाये जाने के क्या मापदंड हैं? (ख) बालाघाट जिले से विषयांकित मार्ग बनाए जाने हेतु वर्ष 2014 से प्रश्‍नांकित अवधि तक कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए थे तथा किन किन मार्गों को MDR में लिया गया है? (ग) विधानसभा क्षेत्र लांजी के रिसेवाड - बहेला - सिंगोला - सेवती मार्ग MDR हेतु प्रस्तावित तथा किन कारणो से इसे MDR नहीं बनाया गया? (घ) यह देखते हुए की यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित क्षेत्र है क्या उक्त मार्ग को जिला मुख्य मार्ग बनाया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जिले के कलेक्‍टर की अध्‍यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा एवं यातायात घनत्‍व एवं उपयोगिता के दृष्टिगत एवं प्राथमिकता क्रम अनुसार श्रेणी परिवर्तन के मापदण्‍ड है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 एवं 2 अनुसार है। (ग) जिले से प्राप्‍त सभी प्रस्‍तावों को एक साथ एम.डी.आर. घोषित करना संभव नहीं है। प्राथमिकता के आधार पर मार्गो को एम.डी.आर. घोषित किया गया है। (घ) नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र होने से एम.डी.आर. घोषित करने का संबंध नहीं है। शेष प्रश्‍नांश अनुसार।

नियम विरूद्ध पदोन्‍नति का मामला

[जनसंपर्क]

38. ( क्र. 1410 ) श्री हर्ष यादव : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के अता. प्रश्‍न संख्‍या 218 (क्र. 3291) दिनांक 26 जुलाई 2016 एवं अतारांकित प्रश्‍न संख्‍या 177 (क्र. 1379) दिनांक 5 दिसम्‍बर 2016 के उत्‍तर में दी गई जानकारी के अनुसार म.प्र. माध्‍यम में सूचना का अधिकार उपलब्‍ध दस्‍तावेजों के आधार पर बंद किया गया था? जबकि तत्‍कालीन स्‍थापना प्रभारी द्वारा उपलब्‍ध कराये गये आधे अधूरे दस्‍तावेजों के आधार पर सूचना अधिकार बंद किया गया? क्‍यों? बाद में इसे पुन: आरंभ भी करना पड़ा, क्‍योंकि माध्‍यम द्वारा शासकीय विभागों का ही कार्य किया जाता है व आमदानी का स्‍त्रोत भी यही है? ऐसी स्थिति निर्मित करने हेतु क्‍या तत्‍कालीन स्‍थापना प्रभारी दोषी नहीं हैं? ऐसे दोषी अधिकारी को कब तक निलंबित किया जावेगा? (ख) क्‍या म.प्र. माध्‍यम वर्ष 2014 में पदोन्‍नति की गई व उन पदों पर की गई जो पद 2013 में सृजित किये गये? क्‍या वर्ष 2013, 2014, 20152016 में ग्रेडेशन लिस्‍ट जारी की गई थी? बिना ग्रेडेशन लिस्‍ट के किस आधार पर पदोन्‍नति की गई? क्‍या तत्‍कालीन स्‍थापना प्रभारी द्वारा वरिष्‍ठ अधिकारियों को गुमराह कर स्‍वयं की पदोन्‍नति कराई? क्‍या यह निरस्‍त की जावेगी? क्‍या इन्‍हें निलंबित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) विधि विशेषज्ञों के परामर्श पर स्वपोषित संस्था में सूचना का अधिकार लागू नहीं होता, इसलिए इस पर अंतिम निर्णय होने तक सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही संस्था में लंबित रही। अधिवक्ता से प्राप्त पत्र की प्रति जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। लेकिन संस्था के कार्यों में पारदर्शिता की दृष्टि से विधि विशेषज्ञ की आर.टी.आई. नहीं लागू होने की राय के बावजूद संस्था में सूचना का अधिकार अधिनियम को प्रभावशील रखा गया है, जो कि वर्तमान में प्रभावशील है। कोई दोषी नहीं है। शेषांश का प्रश्न उपस्थिति नहीं होता है। (ख) जी हाँ। वर्ष 2013, 2014, 20152016 में ग्रेडेशन लिस्ट जारी नहीं की गई है। पदोन्नतियाँ वर्ष 2012 की ग्रेडेशन लिस्ट के आधार पर की गई थी। जी नहीं। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''ग्यारह''

जलाशय निर्माण की स्‍वीकृति

[जल संसाधन]

39. ( क्र. 1443 ) श्री प्रताप सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत बंदरकोला जलाशय, गाड़ाघाट जलाशय, नरगुवां जलाशय, पौड़ी जलाशय एवं नोहटा ग्राम के समीप मढ़ा जलाशय का निर्माण कब कितनी लागत का स्‍वीकृत किया गया था? प्रत्‍येक तालाब से कितनी-कितनी भूमि सिंचित की जाती है? (ख) क्‍या प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित तालाबों से लगातार पानी का रिसाव घटिया निर्माण के चलते हो रहा है तथा शासन/प्रशासन स्‍तर पर कृषकों द्वारा कई बार शिकायतें की गई, किन्‍तु अधिकारियों की मनमानी एवं भ्रष्‍टाचार के चलते आज तक तालाबों के पानी के रिसाव को बंद नहीं किया जा सका है? क्‍या पानी के रिसाव के चलते कृषकों को रबी मौसम की फसलें लेना कठिन है, साथ ही ग्रीष्‍म ऋतु में पेयजल का संकट ग्रामवासियों सहित जानवरों को भी झेलना पड़ता है? (ग) क्‍या माला जलाशय के चेनल गेट का लीकेज प्‍वाइंट बंद न होने से आवश्‍यक पानी की बर्बादी हो रही है, जलाशय का पानी आधे से अधिक खाली हो चुका है, परन्‍तु शासन/प्रशासन की कोताही के चलते अनेक शिकायतें किये जाने के बावजूद भी कोई सुधारात्‍मक कार्यवाही अभी तक नहीं की गई है? यदि की गई है, तो कब-कब, किसके द्वारा तथा उस पर कितनी राशि व्‍यय हुई? (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) (ख) (ग) में उल्‍लेखित जलाशयों के पानी का रिसाव बंद किये जाने हेतु प्रशासन/शासन स्‍तर पर क्‍या कार्यवाही की गई है तथा अनियमितता के लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या जिम्‍मेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं। प्रश्नांश में उल्लेखित तालाबों में से केवल बंदरकोला जलाशय से ही अधिक रिसाव होना प्रतिवेदित है। रिसाव के संबंध में कृषकों से मैदानी कार्यालयों में शिकायतें प्राप्त हुई थी। रिसाव को बंद करने के लिये भू-गर्भीय अन्वेषण हेतु निविदा आमंत्रित की जाकर अन्वेषण का कार्य किया गया है। अन्वेषण से प्राप्त सिफारिश अनुसार बंदरकोला जलाशय की नींव से रिसाव बंद कराने की कार्यवाही संभव होगी। इसमें अधिकारियों की मनमानी एवं भ्रष्टाचार करने की स्थिति नहीं है। जी हाँ, जलाशय में भण्डारित जल में रिसाव के कारण रबी क्षेत्र की फसल की सिंचाई प्रभावित होती है। इस जलाशय में पेयजल का प्रावधान नहीं है। (ग) माला जलाशय में स्लूस गेट का प्रावधान है। परियोजना से निर्धारित रबी लक्ष्य 3150 हेक्टेयर के विरूद्ध 3205 हेक्टेयर में सिंचाई किए जाने से जलाशय का पानी खाली होना प्रतिवेदित है। वर्तमान में जलाशय में 05 फीट पानी उपलब्ध है। स्लूस गेट से लीकेज की शिकायत प्राप्त हुई थी तत्समय सुधार कार्य लाईन मशीनरी एवं विद्युत यांत्रिकी संभाग सागर जल संसाधन विभाग द्वारा कराया गया। व्यय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (घ) बंदरकोला जलाशय से हो रहे रिसाव के लिये भू-गर्भीय अन्वेषण कराया गया है। भू-गर्भीय अन्वेषण से प्राप्त परिणामों के आधार पर रिसाव रोकने की कार्यवाही संभव होगी। निर्माण कार्य में की गई अनियमितता के लिए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार अधिकारियों को शासन स्तर से आरोप पत्र जारी किए गए है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है।

किसानों को गुणवत्‍ताहीन उर्वरक एवं कीटनाशक का प्रदाय

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

40. ( क्र. 1446 ) श्री प्रताप सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में रबी 2016-17 हेतु कितने उर्वरक की आवश्‍यकता थी उसके विरूद्ध कितना उर्वरक उपलब्‍ध हुआ? कृषकों को गुणवत्‍ता पूर्ण उर्वरक उपलब्‍ध कराने हेतु क्‍या प्रावधान है? मानक स्‍तर के उर्वरक उपलब्‍ध कराने हेतु क्‍या प्रबंध किये गये? (ख) दमोह जिले में कीटनाशक एवं उर्वरक की गुणवत्‍ता के निरीक्षण हेतु कितने निरीक्षक कब से पदस्‍थ है? पदवार जानकारी देवें? दमोह जिले में वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 में उर्वरक एवं कीटनाशक के कितने नमूनों का परीक्षण कराया गया? उनमें से कितने-कितने नमूने मानक एवं अमानक स्‍तर के पाये गये? अमानक उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रेताओं के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई वर्षवार बतावें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) रबी 2016-17 हेतु 28.76 लाख मे.टन उर्वरक की आवश्‍यकता का आंकलन किया गया, जिसके विरूद्ध दिनांक 13.02.2017 तक 28.39 लाख मे.टन उर्वरक उपलब्‍ध हुआ। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के अनुसार कृषकों को गुणवत्‍ता युक्‍त उर्वरक उपलब्‍ध कराने का प्रावधान है। मानक स्‍तर का उर्वरक उपलब्‍ध कराने हेतु रबी 2016-17 में दिनांक 15.10.2016 से 15.12.2016 तक गुणवत्‍ता नियंत्रण हेतु जिलों में निरीक्षण दलों का गठन कर सघन अभियान संचालित किया गया। (ख) कीटनाशक एवं उर्वरक निरीक्षकों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। उर्वरक नमूनों के परीक्षण तथा अमानक नमूनों से संबंधित विक्रेताओं के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। एवं कीटनाशक नमूनों के परीक्षण तथा अमानक नमूनों से संबंधित विक्रेताओं के विरूद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है।

परिशिष्ट - ''बारह''

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रावधान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

41. ( क्र. 1546 ) सुश्री हिना लिखीराम कावरे : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना लागू होने के पश्‍चात् क्‍या शासन द्वारा RBC 6 (4) के तहत फसल नुकसानी पर मिलने वाले मुआवजे के प्रावधानों को समाप्‍त कर दिया गया है? (ख) विषयांकित योजना में कृषक को ईकाई बनाया जाना प्रचारित करने के बाद पटवारी हल्‍का को ईकाई बनाए जाने के क्‍या कारण है? (ग) विषयांकित योजना में बीमा कपंनियों को केन्‍द्र तथा राज्‍य सरकार के अंश की राशि क्‍या जमा कर दी गई है यदि नहीं, तो कब तक जमा की जाएगी? बीमा शर्तों में शासन की अनुदान की राशि जमा करने की क्‍या कोई समय-सीमा तय की गई है? (घ) क्‍या शासन प्रदेश में विषयांकित बीमा योजना से राशि का भुगतान करते समय कर्ज की राशि न काटने हेतु प्रावधान करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी नहीं। प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू होने के पश्‍चात् शासन द्वारा राजस्‍व पुस्‍त‍क परिपत्र खण्‍ड छ: क्रमांक 4 के तहत फसल नुकसानी पर मिलने वाले अनुदान सहायता राशि के प्रावधानों को समाप्‍त करने के कोई आदेश जारी नहीं किये गये। (ख) योजनांतर्गत क्षतिपूर्ति प्रक्रिया की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। योजनांतर्गत थ्रेश-होल्‍ड उपज की गणना करने हेतु पिछले 7 वर्षों के फसल कटाई प्रयोगों के आंकडों की आवश्‍यकता होती है, जो कि पटवारी हल्‍कास्‍तर पर आयोजित किये जाते हैं। अत: मुख्‍य फसलों हेतु आंकड़ों की उपलब्‍धता के आधार पर फसलों को पटवारी हल्‍का स्‍तर, तहसील स्‍तर एवं जिला स्‍तर पर अधिसूचित किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) योजनांतर्गत वास्‍तविक प्रीमियम दर में राज्‍य सरकार के अंश का भुगतान प्रकियाधीन है। तत्‍पश्‍चात् केन्‍द्र सरकार का अंश संबंधित बीमा कंपनी को प्राप्‍त होता है। बीमा शर्तों में शासन की अनुदान राशि जमा करने की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। अपितु संभावित प्रीमियम के शासन के अंश का 50 प्रतिशत फसल मौसम के पूर्वार्ध में बीमा कंपनी को भुगतान करने का प्रावधान है। (घ) योजनांतर्गत दावा राशि के भुगतान से कर्ज की राशि काटने का प्रावधान नहीं है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

गोटेगांव से कुण्डा रोड निर्माण

[लोक निर्माण]

42. ( क्र. 1549 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में गोटेगांव से कुण्डा तक सीसी रोड निर्माणाधीन है? यदि हाँ, तो इस रोड की निविदा कब जारी की गई एवं किस ठेकेदार को ठेका प्रदान किया गया। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्त सड़क निर्माण का स्टीमेट कितना था एवं कितनी राशि जारी की गई? प्रतिलिपि प्रदान करें। उक्त कार्य पूर्ण किये जाने की समय-सीमा क्या है? (ग) कुण्डा से गोटेगांव सीसी रोड निर्माण तय मानदण्डों के अनुरूप किया जा रहा है? यदि हाँ, तो सड़क पर ब्लैक स्वाईल क्यों नहीं हटाया गया, सड़क की लम्‍बाई सभी स्‍थानों पर एक समान नहीं है, सड़क निर्माण में रेत, गिट्टी एवं सीमेंट का अनुपात मिश्रण सही नहीं है? क्या इसकी जाँच करायेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं 1 अनुसार है। (ग) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र के स्‍तम्‍भ-9 अनुसार है।

नवीन नर्सरी/माडॅल नर्सरी केन्द्र की स्‍थापना

[उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण]

43. ( क्र. 1574 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद में वर्तमान में नायन एवं कंचनखेडी नर्सरी ही संचालित है, जबकि खाचरौद विकासखण्ड में 130 ग्राम पंचायतें एवं 218 ग्राम सम्मिलित है, क्षेत्र की विस्तृतता को देखते हुए नवीन नर्सरी खोलने की शासन की क्या योजना है? (ख) क्या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में माडॅल नर्सरी केन्द्र का प्रस्ताव विचाराधीन है? यदि नहीं, है तो कब तक योजना में सम्मिलित कर लिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण ( श्री सूर्यप्रकाश मीना ) : (क) विभाग की वर्तमान में नवीन नर्सरी खोलने की कोई योजना नहीं है। (ख) जी नहीं। प्रदेश में कहीं भी मॉडल नर्सरी खोलने की स्थिति भारत सरकार से स्‍वीकृति मिलने पर निर्भर होती है। विगत तीन वर्षों से कोई स्‍वीकृति नहीं मिलने से कोई योजना नहीं है।

बड़वारा बायपास का सीमांकन कराया जाना

[लोक निर्माण]

44. ( क्र. 1590 ) श्री मोती कश्यप : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या निर्माणाधीन कटनी-अनूपपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 78 के अंतर्गत ग्रामपंचायत बड़वारा के बायपास के बनाये गये मानचित्र के अनुसार प्रारंभ से अंत तक दोनों दिशाओं के किन पटवारी हल्का‍ के किन शासकीय और कृषकों के किन खसरों की कितने में से कितने रकबों की भूमि अर्जित की गई है और किन्हें किन अवधियों में कितना मुआवजा वितरित किया गया है। (ख) क्या बायपास के मानचित्र के विरूद्ध हुए निर्माण की भौतिक स्थिति के अनुसार प्रश्नांश-क के किन्हीं कृषकों की किन्हीं जरीब की भूमि अतिक्रमित होने से पूर्व से निर्धारित चौहद्दियां प्रभावित हुई हैं। (ग) क्या राजस्व प्रकरण वर्ष 2008-2009 के सीमांकन को 2016 तक मान्य करने वाले प्रश्नांश-क के कृषक छोटेलाल वल्द नमैया चौधरी को प्रदत्त किसी मुआवजा के विरूद्ध कुल कितने जरीब की भूमि के प्रभावित होने और उसकी नये सीमांकन से बनी चौहद्दी से बायपास के प्रारंभ से अंत तक कितने कृषकों की चौहद्दियां प्रभावित होंगी। (घ) क्या विभाग प्रश्नांश-ग सीमांकन के 2008-2009 के आधार पर पुन: सीमांकन कराने एवं प्रभावित कृषकों को न्याय प्रदान करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित करेगा।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ जानकारी भू-अर्जन से संबंधित होने के कारण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटनी के लेजर (रजिस्टर) से प्राप्त जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। बायपास के पूर्व स्वीकृत एकरेखण के विरूद्ध कोई निर्माण कार्य नहीं किया गया है। अतः शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) बड़वारा बायपास के पूर्व स्वीकृत एकरेखण के अनुसार ही भू-अर्जन किया गया है। कृषक छोटेलाल वल्द नमैया की भूमि का पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के सरल क्रमांक-2 पर अंकित अनुसार अर्जन किया गया है। (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

किसानों की बकाया राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

45. ( क्र. 1620 ) कुँवर हजारीलाल दांगी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के परि.अता. प्रश्‍न संख्‍या 42 (क्रमांक 1910), दिनांक 29 जुलाई, 2016 के उत्‍तर की कंडिका (ख) में बताया है कि व्‍यापारिक फर्मों पर कृषि उपज मण्‍डी समिति खिलचीपुर जिला राजगढ़ की बकाया राशि एवं किसानों के भुगतान की बकाया राशि के संबंध में प्रकरण न्‍यायालय तहसीलदार तहसील खिलचीपुर में तिथि 30.07.2016 तक के लिये विचाराधीन है? प्रकरण में निर्णय उपरांत ही किसानों को बकाया राशि का भुगतान किया जावेगा? तो क्‍या प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त प्रकरण में अद्यतन स्थिति क्‍या है? (ख) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन किसानों की बकाया राशि का भुगतान करने की कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। प्रकरण में व्यापारिक फर्मों द्वारा न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी खिलजीपुर-जीरापुर में पारित आदेश दिनांक 14.03.2016 के विरूद्ध अपील कार्यालय आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल में विचाराधीन है। न्यायालय अपर आयुक्त भोपाल संभाग भोपाल द्वारा सुनवाई की आगामी तिथी 21.06.2017 नियत की गई है। (ख) प्रश्नांश "क" के अनुसार प्रकरण न्यायालयीन प्रक्रिया के अंतर्गत न्यायालय अपर आयुक्त भोपाल के समक्ष विचाराधीन है। किसानों की बकाया राशि के भुगतान के संबंध में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

राष्‍ट्रीय फसल बीमा योजना

[सहकारिता]

46. क्र. 1641 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सहकारी केन्‍द्रीय बैंक मर्यादित जबलपुर-कटनी द्वारा खरीफ फसल वर्ष 2015 हेतु कितने सदस्‍यों को कितना अल्‍पकालिक ऋण वितरित किया गया था? समितिवार सूची देवें। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित ऋण कृषकों में से कितने कृषकों का कितनी राशि का राष्‍ट्रीय फसल बीमा कराया गया एवं कितनी बीमा राशि जमा की गई? पटवारी हल्‍कावार, अधिसूचित फसल का नाम, बीमाकृत फसल नाम, बीमित राशि तथा जमा की गई बीमा राशि सहित सूची देवें। (ग) प्रश्नांश (ख) के संदर्भ में जिन पटवारी हल्‍कों में जो फसलें अधिसूचित नहीं थी, उनकी बीमा राशि कृषकों से क्‍यों काटी गई? पटवारी हल्‍कों में जो फसलें अधिसूचित थी, उनकी बीमा राशि के पैसे कृषकों से क्‍यों नहीं काटे गये? (घ) प्रश्नांश (ख) में उल्‍लेखित राष्‍ट्रीय फसल बीमा योजना का किन-किन समितियों के कितने कृषकों को कितनी राशि का क्‍लेम प्राप्‍त हुआ? जिंसवार, पटवारी हल्‍कावार सूची देवें। (ड.) प्रश्नांश (ख) एवं (घ) के संदर्भ में एक ही संस्‍था के एक ही पटवारी हल्‍का नम्‍बर के कृषकों में से कुछ को क्‍लेम प्राप्‍त होने तथा अधिकांश कृषकों को क्‍लेम प्राप्‍त न होने के क्‍या कारण हैं? क्‍या शासन उपरोक्‍त विसंगतियों की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराकर कृषकों को उचित बीमा क्‍लेम राशि प्रदान कर दोषियों पर कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) जिन पटवारी हल्कों में जो फसले अधिसूचित नहीं थी, उनकी बीमा प्रीमियम की राशि कृषकों से नहीं काटी गई तथा जिन पटवारी हल्कों में जो फसलें अधिसूचित थी, उनकी बीमा प्रीमियम की राशि कृषकों से नहीं काटे जाने के संबंध में समितिवार, कृषकवार, पटवारी हल्कावार एवं अधिसूचित फसलवार विस्तृत परीक्षण हेतु आदेशित किया गया है। परीक्षण प्रतिवेदन प्राप्त होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है। (ङ) प्रश्नांश एवं के संदर्भ में एक ही संस्था के एक ही पटवारी हल्का नम्बर के कृषकों में से कुछ कृषकों को बीमा क्लेम प्राप्त होने तथा अधिकांश को प्राप्त न होने के संबंध में जाँच आदेशित की गई है। इस संबंध में एक शिकायत जिला कटनी, तहसील रीठी, पटवारी हल्का करहिया की जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, जबलपुर को प्राप्त हुई थी, जिसके संबंध में बैंक द्वारा एग्रीकल्चर इंश्योरेंश कंपनी आफ लिमिटेड को लिखा गया हैं। शेष जाँच निष्कर्षाधीन।

कटंगी-मझौली-बचैया रोड निर्माण में अनियमितताओं की जाँच

[लोक निर्माण]

47.( क्र. 1642 ) श्री नीलेश अवस्‍थी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पाटन विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कटंगी-मझौली-बचैया रोड निर्माण का कार्य प्रश्‍न दिनांक तक कितना हो चुका है? कितना शेष है? उक्‍त निर्माण हेतु आयटमवार कितना-कितना भुगतान ठेकेदार को किया गया है? सी.सी. रोड का भाग किस गुणवत्‍ता का बनाया जा रहा है? गुणवत्‍ता नमूना किस उपयंत्री/सहा. यंत्री द्वारा किये गये? उक्‍त मार्ग निर्माण में कितने घन मी. मुरूम का उपयोग अब तक किया गया? उक्‍त मुरूम खनन किन-किन खदानों से किया गया एवं कितने-कितने खनन की अनुमति कब प्राप्‍त की? (ख) उक्‍त कटंगी-मझौली-बचैया रोड के सीमेंट कांक्रीट रोड के निर्माण में घटिया गुणवत्‍ता निर्माण की अनेक शिकायतें ग्रामीणों द्वारा प्रश्‍नकर्ता को की गयी हैं? क्‍या शासन उक्‍त सीमेंट कांक्रीट रोड की गुणवत्‍ता की जाँच कोर कटिंग कर मुख्‍य तकनीकी परीक्षक से करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) प्रश्‍नांश की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विभाग के संज्ञान में नहीं है। विभाग द्वारा कोर कटिंग कर परीक्षण समय-समय पर किया गया है जांच परीक्षण परिणाम मानक अनुरूप है। अत: मुख्‍य तकनीकी परीक्षक से जांच की आवश्‍यकता नहीं है।

परिशिष्ट - ''चौदह''

योजनांतर्गत कृषकों को अनुदान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

48.( क्र. 1670 ) श्री शंकर लाल तिवारी : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत किसानों के कल्‍याण एवं कृषि विकास हेतु विभाग द्वारा विगत 3 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन योजनाओं में कितने कृषकों को कितना अनुदान प्रदान किया गया है? (ख) विभिन्‍न स्‍वीकृत योजनाओं में प्राप्‍त आवंटन के व्‍यय का भौतिक सत्‍यापन कब-क‍ब किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया है? सत्‍यापन में पायी गयी अनियमितता का योजनावार विवरण दें? (ग) अनुदान राशि घोटाले में दोषी पाये गये किस-किस अधिकारी पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गयी है? यदि नहीं, की गई है तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सतना विधानसभा क्षेत्रांतर्गत किसानों को किसान कल्‍याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा विगत 3 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक 2216 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया तथा कुल राशि रूपये 5817892/- का अनुदान प्रदाय किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) सतना विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत अनुदान राशि घोटाले के संबंध में की गई शिकायत में श्री एस.के.शर्मा, तत्‍कालीन उपसंचालक, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास सतना एवं श्री सुभाष श्रीवास्‍तव वरिष्‍ठ कृषि विकास अधिकारी सोहावल के विरूद्ध लोकायुक्‍त संगठन एवं आर्थिक अपराध एवं अन्‍वेषण ब्‍यूरो द्वारा जाँच कार्यवाही प्रचलन में है। विभागीय स्‍तर पर श्री एस.के. शर्मा, तत्‍कालीन उप संचालक, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास सतना एवं श्री गंगासिंह वरिष्‍ठ कृषि विकास अधिकारी उचेहरा के विरूद्ध विभागीय जाँच प्रचलित है। श्री शर्मा एवं गंगा सिंह के विरूद्ध शासन आदेश क्रमांक एफ 4ए/38/2016/14-1, दिनांक 4.11.2016 द्वारा विभागीय जाँच संस्थित कर श्री के.एस.टेकाम, अपर संचालक, किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास एवं प्रबंध संचालक, म.प्र. राज्‍य बीज प्रमाणीकरण संस्‍था म.प्र.भोपाल को जाँचकर्ता अधिकारी नियुक्‍त किया गया है। जाँच कार्यवाही प्रचलित है। साथ ही श्री एस.के.शर्मा, तत्‍कालीन उप संचालक कृषि सतना एवं श्री गंगासिंह वरिष्‍ठ कृषि विकास अधिकारी उचेहरा के विरूद्ध पुलिस थाना उचेहरा में दिनांक 4.10.2016 को एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है।

उज्‍जैन संभाग के विपणन संस्‍थाओं बाबत्

[सहकारिता]

49.( क्र. 1689 ) श्री कैलाश चावला : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग के अंतर्गत कितनी विपणन सहकारी संस्‍थाएं कार्यरत है। (ख) उक्‍त संस्‍थाओं में कितने कर्मचारी नियुक्‍त है व सालाना वेतन, भत्‍ता, स्‍टेशनरी आफि‍स खर्च आदि पर कितना व्‍यय किया जा रहा है। संस्‍थावार बतावें? (ग) उक्‍त संस्‍थाओं की आर्थिक स्थिति खराब है, तो शासन इन संस्‍थाओं को चलाने के लिए इन्‍हें कोई कार्य देना /अनुदान देने/ इन संस्‍थाओं को बंद कर इनके कर्मचारियों को अन्‍यत्र समायोजित करने हेतु क्‍या निर्णय कर रहा है।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) 29 (ख) संस्‍थावार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है(ग) विपणन सहकारी संस्‍थाओं के सुदृढ़ीकरण एवं उन्हें कार्य दिलाये जाने बाबत् परिपत्र दिनांक 29.07.2010 से निर्देश जारी है, प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। इन संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु अंशपूंजी एवं ऋण सहायता की योजना संचालित है, अनुदान देने की कोई योजना संचालित नहीं है। इन संस्थाओं को बंद कर इनके कर्मचारियों को अन्यत्र समायोजित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

स्‍टॉप डेम निर्माण

[जल संसाधन]

50. ( क्र. 1705 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सोनकच्‍छ तहसील के ग्राम भागसरा में स्‍टॉप डेम निर्माण का कोई प्रस्‍ताव है? यदि हाँ, तो उक्‍त संबंध में क्‍या कार्यवाही चल रही है? (ख) क्‍या ग्रामवासियों एवं सरपंच द्वारा ग्राम के नाले पर स्‍टॉप डेम निर्माण हेतु अनुरोध किया गया है? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही चल रही है? (ग) क्‍या भविष्‍य में ग्राम भागसरा के निवासियों को स्‍टॉप डेम की सौगा‍त मिल पाएगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतावें।

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) एवं (ख) शासन स्तर पर पत्रों का संधारण नहीं किया जाता। वर्तमान में स्‍टॉप डेम निर्माण का कोई प्रस्ताव विचारधीन नहीं है। (ग) मैदानी अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण किया जाना प्रतिवेदित है। लोकल नाले में जीवित जल क्षमता अत्यंत न्यूनतम होने के कारण परियोजना साध्य नहीं पाई गई। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होते हैं।

कृषि उपज मंडी समितियों के गोडाउन किराये पर देने बावत्

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

51. ( क्र. 1840 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला राजगढ़ की विधानसभा क्षेत्र सारंगपुर की कृषि उपज मंडी समिति सारंगपुर/पचोर में दिनांक 01.01.2014 से प्रश्न दिनांक तक किन-किन व्यापारियों के गोडाउन मण्डी समितियों के कितनी-कितनी दर पर कितनी-कितनी अवधि के लिये किराये पर दिये गये हैं? व्यापारियों के नाम, अवधि एवं जमा करायी गयी राशि को विवरण देवें? (ख) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार कृषि उपज मंडी पचोर एवं सारंगपुर में जिन व्यापारियों को गोडाउन किराये पर दिये गये हैं उनमें से किन-किन व्यापारियों के द्वारा मंडी टैक्स जमा कराया गया है? व्यापारियों के नाम एवं माह वार राशि के विवरण से अवगत करावें? (ग) कृषि उपज मंडी समिति पचोर/सारंगपुर की भूमि पर किन-किन अस्थाई गोडाउन बनाने वाले व्यापारियों के द्वारा मंडी में कितना-कितना मण्डी टैक्स जमा कराया गया, माहवार व्यापारीवार जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या प्रश्नांश (क) अनुसार जिन व्यापारियों के द्वारा मंडी गोडाउन किराये पर लिया है एवं प्रश्नांश (ग) अनुसार जिन व्यापारियों द्वारा मंडी की भूमि पर अस्थाई गोडाउन निर्मित करने के पश्‍चात् भी व्यापार नहीं किया जा रहा है उन व्यापारियों से शासन/मण्डी समिति गोडाउन खाली करवायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? नहीं तो क्यों नहीं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) दिनांक 01.01.2014 से प्रश्‍न दिनांक तक किसी भी व्‍यापारी को गोदाम किराये पर नहीं दिए गए हैं। (ख) कोई भी व्‍यापारियों को गोदाम किराये पर नहीं दिए गए हैं अतः व्‍यापारियों द्वारा मंडी टैक्‍स जमा नहीं कराया गया है। (ग) किसी भी व्‍यापारी द्वारा अस्‍थाई गोदाम नहीं बनाए गए हैं। शेष का प्रश्‍न ही उद्भूत नहीं होता। (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ग) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

खाद, यूरिया एवं डी.ए.पी. का आवंटन

[सहकारिता]

52. ( क्र. 1862 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में शासन से जिला विपणन कार्यालय को वर्ष 2014-15, 2015-16 एवं 2016-17 में कितनी-कितनी खाद यूरिया एवं डी.ए.पी. का आवंटन प्राप्‍त हुआ? प्राप्‍त आवंटन को कहाँ-कहाँ कितनी-कितनी मात्रा में कितना उधार (किस-किस को) दिया गया? कितना नकद (किस-किस को) दिया गया वर्षवार/संस्‍थावार जानकारी उपलबध कराई जावे। (ख) खाद उधार वितरण करने के संबंध में शासन के क्‍या नियम निर्देश हैं? नियम की छायाप्रति उपलब्‍ध कराई जावे। किन-किन संस्‍थाओं (गोदामों) पर कितनी-कितनी राशि कब से लेना शेष है? (ग) बकायादारों से वसूली हेतु विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? यदि कोई कार्यवाही नहीं की गई है तो इसके लिये कौन-कौन जिम्‍मेदार हैं? उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) क्‍या अधिकारी/कर्मचारियों ने शासन के नियम के विरूद्ध अपात्र संस्‍थाओं को खाद उधार दिया जो नियम विरूद्ध हैं? यदि नहीं, तो नियम उपलब्‍ध करायें। इसके लिये कौन-कौन दोषी है? उनके नाम एवं पद अवगत करायें तथा उनके खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) यूरिया एवं डीएपी आवंटन की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार, पैक्‍स संस्‍थाओं को आर.ओ. पर खाद विक्रय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार, अन्‍य संस्‍थाओं एवं कृषकों को नगद विक्रय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार एवं अन्‍य संस्‍थाओं को बिल तथा नगद पर विक्रय की गई खाद की लंबित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है, पैक्‍स संस्‍थाओं को आर.ओ पर समितिवार विक्रय की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 5 अनुसार है(ख) खाद उधार वितरण के संबंध में शासन के निर्देश नहीं है, संस्‍थाओं से लंबित राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4 अनुसार है(ग) बकायादार संस्‍थाओं से वसूली हेतु दिनांक 31.08.2016 एवं 03.02.2017 को विपणन संघ द्वारा पत्र लिखा गया है, नियम विरूद्ध उधार पर खाद विक्रय हेतु प्रथम दृष्‍टया दोषी तत्‍कालीन जिला विपणन अधिकारी श्री बाबूलाल शर्मा को निलंबित किया गया है, प्रकरण में जिले के अन्‍य कर्मचारियों के उत्‍तरदायित्‍व निर्धारण के संबंध में विपणन संघ द्वारा मण्‍डल प्रबंधक ग्‍वालियर को निर्देश प्रदाय किये गये हैं, प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर यथेष्‍ट कार्यवाही की जा सकेगी। (घ) संस्‍थाओं को खाद उधार दिये जाने का प्रावधान नहीं है, शेष उत्‍तर उत्‍तरांश '' अनुसार।

सतनवाड़ा-नरवर सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

53. ( क्र. 1915 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पोहरी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सतनवाड़ा-नरवर रोड का निर्माण एम.पी.आर.डी.सी. द्वारा कब प्रारंभ कराया गया? उक्‍त निर्माणाधीन सड़क की लंबाई क्‍या है वर्तमान में कितने प्रतिशत सड़क निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार क्‍या उक्‍त सड़क मार्ग के बीच पड़ने वाली वन विभाग/राष्‍ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित सड़क के निर्माण की स्‍वीकृत प्राप्‍त हो चुकी है? यदि नहीं, तो इस हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो विवरण दें। (ग) प्रश्नांश (क) अनुसार सतनवाड़ा-नरवर सड़क का निर्माण पूर्ण किए जाने की क्‍या समय-सीमा निर्धारित की गई थी? क्‍या समय-सीमा अनुसार संबंधित ठेकेदार द्वारा कार्य संपादित किया जा रहा है? यदि नहीं, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की जा रही है? सड़क निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) पोहरी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत सतनवाड़ा-नरवर रोड का निर्माण दिनांक 04.11.2015 से प्रारंभ कराया गया। उक्‍त निर्माणाधीन सड़क की लंबाई 25.54 कि.मी. है। वर्तमान में लगभग 22 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। (ख) जी हाँ। माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय का आदेश दिनांक 05.10.2015 एवं प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक (वन्‍यप्राणी) म.प्र. का पत्र क्रं0/0प्रा0/मा0चि0/सतनवाड़ा नरवर/8777/भोपाल, दिनांक 23.12.2015(ग) उक्‍त सड़क का निर्माण पूर्ण किये जाने की समय-सीमा कार्य प्रारंभ दिनांक से 2 वर्ष निर्धारित की गयी है। जी हाँ। सड़क निर्माण कार्य अनुबंधानुसार दिनांक 03.11.2017 तक पूर्ण किया जाना संभावित है।

नहरों का गुणवत्‍ताहीन लाईनिंग कार्य

[जल संसाधन]

54. ( क्र. 1928 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सोहागपुर अंतर्गत दाई एवं बायीं तट की नहरों का जो पक्‍कीकरण का कार्य हुआ है वह अत्‍यंत ही घटिया एवं गुणवत्‍ताहीन है जिसके लिये क्‍या विभाग द्वारा जाँच कराई गई है? यदि हाँ, तो क्‍या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा नहरों (दाई एवं बायीं तट) के घटिया तथा गुणवत्‍ताहीन होने के संबंध में विभाग को प्रेषित किये गये पत्रों पर विभाग द्वारा प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कब-कब और क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) दाई एवं बायीं तट नहरों का निर्माण कार्य गुणवत्‍ताहीन होने के लिये कौन-कौन अधिकारी एवं कार्य एजेन्‍सी जिम्‍मेदार है तथा विभाग द्वारा इन पर क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

जल संसाधन मंत्री ( डॉ. नरोत्तम मिश्र ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

किसानों को फसल बीमा राशि का भुगतान

[किसान कल्याण तथा कृषि विकास]

55. ( क्र. 1929 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या मध्‍यप्रदेश राजपत्र दिनांक 15 मई 2015 में प्रकाशित होशंगाबाद जिले के सोहागपुर, बाबई, केसला एवं होशंगाबाद के विकासखण्‍डों में संलग्‍न ग्रामों के किसानों के रकबे में धान/मूंग की फसल अंकित होने से किसानों को मुआवजा तथा बीमा क्‍लेम में राशि नहीं मिल पाई है? (ख) शासन की योजना अनुसार बीमा कराने का मुख्‍य उद्देश्‍य कोई भी प्राकृतिक आपदा आने पर उन्‍हें बीमा राशि का मुआवजा मिल सके परंतु प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र के अनेकों ग्रामीण किस कारण से बीमा से वंचित रह गये है? (ग) किसानों ने सोयाबीन का बीमा कराया था लेकिन राजस्‍व विभाग के अधिकारियों ने उसमें अन्‍य फसलों की प्रविष्टि जैसे धान, मूंग अंकित कर दी गई है जिससे अनेकों किसान बीमा राशि से वंचित हो रहे हैं, इस विसंगतियों को दूर करने के लिये विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है एवं जिन किसानों के नाम बीमा राशि मिलने से छूट गये हैं, उन्‍हें कब त‍क राशि दे दी जायेगी?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) योजना अनुसार जिलों के अधीक्षक भू-अभिलेख से प्राप्‍त प्रस्‍ताव अनुसार बीमांकन हेतु फसलों को अधिसूचित किया जाता है। खरीफ 2015 मौसम अंतर्गत जिला होशंगाबाद की सोहागपुर, बाबई, केसला एवं होशंगाबाद तहसीलों में धान सिंचित फसल विभिन्‍न पटवारी हल्‍कों में अधिसूचित थी। फसल कटाई प्रयोगों के आंकड़ों के आधार पर किसी भी पटवारी हल्‍का में उपज में कमी नहीं पाई गई थी। अत: क्षतिपूर्ति देय नहीं है। इसके अतिरिक्‍त उपरोक्‍त तहसीलों के विभिन्‍न पटवारी हल्‍कों में सोयाबीन फसल अधिसूचित थी एवं जिन-जिन पटवारी हल्‍कों में योजना के अनुसार उपज में कमी पाई गई थी वहां पर क्षतिपूर्ति देय राशि का भुगतान किया गया है। खरीफ 2015 में जिला होशंगाबाद में मूंग फसल अधिसूचित नहीं थी, अत: बीमांकन का प्रश्‍न ही नहीं उठता है तथा यह कहना उचित नहीं होगा कि धान/मूंग फसल अधिसूचित होने से क्षतिपूर्ति प्राप्‍त नहीं हुई। उपरोक्‍त तहसीलों की बीमा आवरण की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) खरीफ 2015 मौसम हेतु क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान होशंगाबाद जिले के उन पात्र कृषकों को नोडल बैंकों के माध्‍यम से किया गया, जिनकी अधिसूचित क्षेत्र की अधिसूचित फसल हेतु उपज में कमी पाई गई थी। राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजना की क्षतिपूर्ति प्रक्रिया की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

सड़क निर्माण

[लोक निर्माण]

56. ( क्र. 1969 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह में विभाग द्वारा कौन-कौन सी सड़कों का निर्माण वर्तमान में चल रहा है? राशिवार, सड़कवार जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) जिला दमोह में (1) हटा- भिड़ारी-रनेह-नकरीविहट (2) हटा-रसीलपुर-छेवलादुबे-पड़री सहजपुर-पटेरा (3) हिनौता-खेराखेरी-मुराद मार्ग पुलि सहित वर्धा तक केन्‍द्रीय सड़क निधि से कराये जाने हेतु प्रस्‍ताव केन्‍द्र सरकार को भेजने की योजना है? प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय केन्‍द्रीय सड़क मंत्री से मुलाकत कर प्रस्‍ताव दिये जाने पर प्रदेश सरकार से प्रस्‍ताव मांगने हेतु कहा था, केन्‍द्र सरकार को प्रस्‍ताव कब तक भेजा जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र एवं अ-1 अनुसार है। (ख) जी नहीं। केन्‍द्र सरकार से प्रस्‍ताव मांगे जाने का कोई पत्र प्राप्‍त नहीं हुआ। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''सोलह''

भितरवार विधानसभा क्षेत्र की जर्जर रोडों का निर्माण

[लोक निर्माण]

57. ( क्र. 1995 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भितरवार विधानसभा क्षेत्र की जर्जर रोड (1) नयागाँव ए.बी. रोड से भितरवार व्‍हाया बनवार, चीनौर, करईया (2) डाडाँखिरक से तिघरा (3) करईया से आरौन व्‍हाया गौलार घाटी (4) बनवार से अमरौल (5) दौलतपुर से पचौरा व्‍हाया वरिगंवा (6) जौरासी से छीमक मार्ग व्‍हाया ऑतरी, ऐराया, कछौआ, बडकीसराह मार्ग (7) झाँकरी से पिपरौआ (8) टोडा से छिरौली (9) सभराई से बडका गाँव (10) बराहना से सेकरा मार्ग (11) बरई-पनिहार से आमीगाँव। उक्‍त रोड जो बहुत ही जर्जर है इनको अभी तक स्‍वीकृत न कराने का क्‍या कारण था अब कब तक स्‍वीकृत कर निर्माण करा लिया जावेगा एक निश्चित समय-सीमा प्रत्‍येक रोडवार स्‍पष्‍ट करें। (ख) 1 अप्रैल 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग भोपाल द्वारा ग्‍वालियर जिले में रोड, भवन या अन्‍य निर्माण के लिये किस-किस स्‍थान पर (किस स्‍थान से किस स्‍थान तक) कितनी-कितनी वित्‍तीय राशि की किस-किस निर्माण कार्य की स्‍वीकृति किस-किस दिनांक को दी गई है वर्तमान में स्‍वीकृति कार्यों की भौतिक तथा वित्‍तीय स्थिति क्‍या है? अलग-अलग प्रत्‍येक स्‍वीकृत कार्यवार स्‍पष्‍ट करें। इन कार्यों का निर्माण किस ऐजेन्‍सी/ठेकेदार से किस-किस यंत्री/सहायक यंत्री/कार्यपालन यंत्री के सुपर वीजन में कराया गया है तथा कराया जा रहा है।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र , ब-1 एवं ब-2 अनुसार है।

जिला सह. के. बैंक गुना को माली हालत में पहुँचाने के संबंध में

[सहकारिता]

58. ( क्र. 1996 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या राज्‍यमंत्री, सहकारिता महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला- सह. के. बैंक गुना अंतर्गत वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक बैंक ने किन-किन सहकारी संस्‍थाओं से कितनी-कितनी मात्रा में किस दर से सोयाबीन, गेहुँ, चना बीज क्रय किया वर्षवार जानकारी देवें? इस बीज को प्रदाय करने वाली सहकारी संस्‍थाओं के सहकारिता विभाग एवं बीज प्रमाणीकरण संस्‍था म.प्र. द्वारा जारी पंजीयन प्रमाण पत्रों की प्रतिया एवं तीनों वर्षवार बेलेन्‍स सीट उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश बैंक ने उक्‍त बीज अपनी किस-किस सेवा सह. समिति को कितनी-कितनी मात्रा में प्रदाय किया संस्‍थावार जानकारी देवें? क्‍या उपरोक्‍त तीन वर्षों में प्राप्‍त क्रय बीज में कुछ बीज किसानों ने अमानंक पाया हाँ तो अमानक बीज की मात्रा बतावे यदि नहीं, तो इस अमानक बीज प्रदाय किये जाने के कारण कितने किसानों ने उपभोक्‍ता फोरम पर प्रकरण दर्ज कराये? ऐसे किसानों के नामवार जानकारी देवें।

राज्‍यमंत्री, सहकारिता ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मानचित्रकारों को क्रमोन्नत वेतनमान

[जल संसाधन]

59. ( क्र. 2035 ) चौधरी चन्‍द्रभान सिंह : क्या जल संसाधन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन वित्‍त विभाग वल्‍लभ भवन भोपाल के आदेश क्र. एफ-11/15/16/2336/2016/नियम/4/ भोपाल दिनांक 17.10.2016 के द्वारा पुरातत्‍व विभाग के मानचित्रकारों को 28 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर तृतीय उच्‍चतर वेतनमान का लाभ दिये जाने के आदेश प्रसारित किये गये है? उक्‍त आदेश के सरल क्र. 3 में निर्माण विभागों में लागू करने के आदेश है? यदि हाँ</