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मध्य प्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
फरवरी-अप्रैल, 2016 सत्र


बुधवार, दिनांक 02 मार्च, 2016


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


 

(वर्ग 1 : किसान कल्याण तथा कृषि विकास, पंचायत और ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं निःशक्त जन कल्याण, सहकारिता, राजस्‍व, पुनर्वास, परिवहन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लोक सेवा प्रबंधन, जन शिकायत निवारण)


अनूपपुर जिले में निर्माणधीन कार्य

1. ( *क्र. 2066 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अनूपपुर जिले को वर्ष 2012 के पश्‍चात प्रश्‍न दिनांक तक 12वें, 13वें वित्‍त आयोग मद में कितनी-कितनी राशि आवंटित की गई? (ख) उक्‍त राशि में से किस-किस कार्य के लिये कितनी-कितनी राशि, किस दिनांक को आवंटित हुई? ग्राम पंचायत एवं ब्‍लाकवार विवरण देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार कार्यों के लिये वित्‍तीय एवं प्रशासकीय स्‍वीकृतियां कब-कब जारी हुईं, स्‍वीकृत कार्य कितनी-कितनी राशि से किस-किस एजेंसी द्वारा पूर्ण कराया गया, इससे कौन से ग्राम को लाभ हुआ? (घ) स्‍वीकृत कार्यों में कौन-कौन से कार्य अभी निर्माणाधीन हैं तथा कौन-कौन से अभी प्रारंभ ही नहीं हुए? (ड.) पूर्ण हुए कार्यों पर कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई तथा किन-किन निर्माण कार्यों की शिकायत की गई? जाँच की अद्यतन स्थिति क्‍या है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) अनूपपुर जिले को वर्ष 2012 के पश्चात प्रश्न दिनांक तक 12वें, 13वें वित्त आयोग मद में निम्नानुसार राशि आवंटित की गई है :- जिला पंचायत अनूपपुर में 805.98 लाख, जनपद पंचायत जैतहरी में 165.00 लाख, जनपद पंचायत कोतमा में 145.00 लाख, जनपद पंचायत अनूपपुर में 145.00 लाख एवं जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ में 165.00 लाख कुल 1425.98 लाख आवंटित की गई। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार(घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एवं अनुसार(ड.) जिला पंचायत अनूपपुर एवं जनपद पंचायतों के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में से पूर्ण कार्यों की संख्या 155 जिसमें व्यय राशि रूपये 706.51 लाख है, विवरण निम्नानुसार है :- जिला पंचायत अनूपपुर में 54 कार्य व्यय 266.58 लाख, जनपद पंचायत अनूपपुर में 24 कार्य व्यय राशि 118.53 लाख, जनपद पंचायत जैतहरी में 19 कार्य व्यय राशि 95.00 लाख, जनपद पंचायत कोतमा में 29 कार्य व्यय राशि 130.75 लाख एवं जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ में 29 कार्य व्यय राशि 95.65 लाख कुल स्वीकृत कार्य 155 कुल व्यय राशि 706.51 लाख। जिनमें किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हैं। अतः जाँच करने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता है।

तहसील जौरा के नक्‍शाविहीन ग्राम

2. ( *क्र. 2331 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जौरा तहसील के राजस्‍व ग्राम खेरा-खोरी, गहतोली, कुशमानी, कोयरा आदि ग्रामों में वर्तमान में कृषि भू‍मि के नक्‍शे ही नहीं हैं? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ख) क्‍या नक्‍शे के अभाव में किसानों को भारी परेशानी का अनुभव करना पड़ रहा है? विवादित भूमि की नाप नहीं हो पा रही है, जिससे उक्‍त ग्रामों में दबंग लोग नक्‍शे नहीं होने का नाजायज़ लाभ उठाकर गरीब लोगों की भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं? क्‍या विभाग नक्‍शे के अभाव में कोई भी निराकरण नहीं कर रहा है। नक्‍शाविहीन उक्‍त ग्रामों के अलावा कितने तहसील में और ग्राम हैं? (ग) क्‍या सन् 2001 के पहले प्रश्‍नांश (क) में वर्णित ग्रामों के भू-राजस्‍व नक्‍शे थे? यदि हाँ, तो नक्‍शे गायब होने के क्‍या कारण रहे हैं? नक्‍शे पुन: बनाने में विभाग द्वारा अब तक क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये हैं और कौन अधिकारी उन प्रयासों को विफल कर रहा है? क्‍या किसी पर कभी उक्‍त प्रकरण पर कार्यवाही की गई है या की जावेगी? नक्‍शे कब तक बनकर तैयार हो जावेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। तहसील जौरा के प्रश्‍नांकित राजस्‍व ग्रामों के नक्‍शे वर्तमान में उपलब्‍ध हैं। (ख) नक्शे उपलब्‍ध होने से प्रश्‍नांश (क) में वर्णित ग्रामों में कोई समस्‍या नहीं है। वर्तमान में जीरा तहसील के धोरेरा, दूधारी, सदुआपुरा ग्राम नक्‍शाविहीन हैं, जिनके नक्‍शे निर्माण की कार्यवाही प्र‍चलित है। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित ग्रामों के भू-राजस्‍व नक्‍शे सन् 2001 में नक्‍शाविहीन ग्रामों की सूची में थे। विभाग द्वारा उक्‍त ग्रामों के नक्‍शों का निर्माण किया जाकर पटवारियों को सौंपे जा चुके हैं, जिससे किसी अधिकारी द्वारा प्रयासों को विफल करने का प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता है। समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

नर्मदा परिक्रमा परिपथ का निर्माण

3. ( *क्र. 401 ) श्री संजय शर्मा : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अप्रैल, 2014 से प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में नरसिंहपुर जिले में महात्‍मा गांधी नरेगा की उपयोजना नर्मदा परिक्रमा पथ निर्माण के लिए कितने कार्य कितनी राशि के स्‍वीकृत किये गये? (ख) कितने कार्य किन-किन ग्राम पंचायतों में कराया जाना प्रस्‍तावित है? (ग) उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण करवाये जायेंगे, निश्चित समयावधि बतायें? (घ) विधान सभा क्षेत्र तेंदूखेड़ा अंतर्गत नर्मदा परिक्रमा पथ के लिये चिन्‍हांकित मार्ग का पूर्ण विवरण दें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में नरसिंहपुर जिले में नर्मदा परिक्रमा परिपथ निर्माण के लिये 5 कार्यों पर राशि रू. 21.009 लाख व्‍यय की गयी है। कार्यवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) नरसिंहपुर जिले में राशि रू. 105.00 लाख के कार्य प्रस्‍तावित हैं। कार्यवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। (ग) महात्‍मा गांधी नरेगा माँग आधारित योजना होने से अपूर्ण कार्यों की पूर्णता जॉबकार्डधारियों द्वारा रोजगार की माँग पर निर्भर होने से कार्य पूर्णता की निश्‍चित समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है। (घ) महात्‍मा गांधी नरेगा के प्रावधानों के अनुरूप जॉबकार्डधारी परिवारों द्वारा काम की मांग के आधार पर लेबर बजट एवं लेबर बजट की पूर्ति हेतु कार्यों को चिन्‍हित करने के लिये ग्राम पंचायतें स्‍वतंत्र हैं, ग्राम पंचायतों को परिक्रमा पथ को ही चिन्‍हित करने के लिये निर्देशित नहीं किया जा सकता। केवल सुझाव के रूप में विभाग द्वारा पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 3 अनुसार निर्देश जारी किये गये हैं।

लोक सेवा प्रबंधन में प्राप्‍त आवेदनों का निराकरण

4. ( *क्र. 3917 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक सेवा प्रबंधन में 01 जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक किस-किस विभाग के छतरपुर विधानसभा क्षेत्र के लिये आवेदन आये? विभागवार बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में प्राप्‍त आवेदनों में से कितने आवेदनों पर कार्यवाही की गई और कितने आवेदन क्‍यों लंबित हैं? (ग) लोक सेवा प्रबंधन में किस-किस कार्य के लिये किस-किस विभाग के लिये कितना-कितना समय निर्धारित है और कार्यों को कराने व उसकी समीक्षा के लिये कौन जवाबदार है?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) छतरपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तहसील छतरपुर के लोक सेवा केन्द्र छतरपुर में दिनांक 01.01.2014 से 10.02.2016 तक 13 विभागों के 1,52,302 आवेदन प्राप्त हुये हैं, जिसकी सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में 1,52,003 आवेदनों पर कार्यवाही की गई। लंबित आवेदन कुल 299 हैं, जो निर्धारित समय-सीमा में है। (ग) लोक सेवा प्रबंधन विभाग में प्रत्येक विभाग की अधिसूचित सेवाओं के लिए अलग-अलग समय निर्धारित है जिसकी सूची संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। कार्य को कराने के लिये प्रत्‍येक विभाग के पदाभिहित अधिकारी व उसकी स‍मीक्षा के लिये संबंधित विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारी जवाबदार हैं।

परिशिष्ट - ''एक''

मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना में लाभांवित हितग्राही

5. ( *क्र. 1609 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना अंतर्गत अप्रैल 2012 से अप्रैल 2015 तक छतरपुर जिले के जनपद राजनगर, लवकुशनगर, नौगांव, छतरपुर विजावर में कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उपलब्‍ध कराई गई जानकारी से कितनी-कितनी राशि व्‍यय की गई व वर वधु को कौन-कौन से उपहार कितनी-कितनी राशि के दिये गये? (ग) वर-वधु को उपहार किस एजेन्‍सी से खरीदे गये? एजेन्‍सी का नाम व पता व भुगतान की गई राशि की जानकारी उपलब्‍ध करावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार(ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार

मनरेगा योजना के कार्यों का समय-सीमा में भुगतान

6. ( *क्र. 1154 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मनरेगा के तहत वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी लागत से स्‍वीकृत कर किन-किन निर्माण विभागों द्वारा कब, कहाँ पर प्रारंभ कराये गये? विकासखण्‍डवार सूची देवें एवं इन निर्माण कार्यों से कितने मानव दिवसों का सृजन हुआ? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित निर्माण कार्यों का भुगतान समय पर न होकर काफी विलंब से किया गया? मनरेगा के भुगतान में हो रहे विलंब का दोषी कौन है एवं क्‍या शासन ऐसी कोई योजना बनायेगा ताकि मनरेगा के कार्यों का भुगतान एक निश्चित समय पर हो सके?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मनरेगा के तहत वर्ष 2013-14, 2014-15 एवं 2015-16 में प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत निर्माण कार्य संबंधित जनपद पंचायतों के माध्‍यम से ग्राम पंचायतों के द्वारा प्रारंभ किये गये हैं। निर्माण कार्यों की कार्यवार लागत एवं सृजित मानव दिवसों की विकासखण्‍डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) यह सही नहीं है कि प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित सभी निर्माण कार्यों का भुगतान काफी विलंब से किया गया। मनरेगा में निर्माण कार्यों का भुगतान समस्‍त औपचारिकताएं पूर्ण कर एफ.टी.ओ. के माध्‍यम से संबंधित मजदूर एवं सामग्री प्रदायकर्ता वेन्‍डर के खाते में किया जाता है। प्रश्‍नावधि में कतिपय कार्यों के भुगतान में स्‍वीकृत लेबर बजट के अनुरूप पर्याप्‍त राशि नहीं होना विलंब का प्रमुख कारण रहा है, भारत सरकार से पर्याप्‍त आवंटन उपलब्‍ध कराने हेतु शासन स्‍तर से भी अनुरोध किया गया है। मनरेगा योजना के कार्यों में निश्‍चित समय-सीमा में भुगतान का प्रावधान पूर्व से ही है।

तकनीकी रूप से अनुपयोगी शौचालयों की मरम्‍मत

7. ( *क्र. 3585 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राज्‍य सरकार गरीब परिवारों के टूटे-फूटे, अधूरे और तकनीकी रूप से अनुपयोगी शौचालयों की मरम्‍मत करने और उन्‍हें उपयोगी बनाने के लिए स्‍वच्‍छ भारत मिशन की राशि का उपयोग अपने अधिकार क्षेत्र का करेगी? (ख) अगर नहीं तो प्रश्‍नांश (क) में वर्णित परिवारों के शौचालय बनाने की क्‍या योजना है? (ग) सीहोर जिले में ऐसे कितने शौचालय हैं? ब्‍लॉकवार जानकारी देवें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। (ख) स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रा.) अंतर्गत भारत सरकार के पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय द्वारा अनुपयोगी शौचालयों को उपयोगी बनाने हेतु स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रा.) अंतर्गत स्‍वच्‍छ भारत कोष का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत जिलों के द्वारा हितग्राहीवार प्रस्‍ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजने का प्रावधान है। (ग) सीहोर जिले में प्रश्‍नांश (क) अनुसार कुल 9490 शौचालय हैं। सीहोर जिले के विकासखण्‍ड सीहोर में 1380, आष्‍टा में 1487, नसरुल्‍लागंज में 1769, इछावर में 4854 एवं विकासखण्‍ड बुदनी में प्रश्‍नांश (क) अनुसार निरंक शौचालय हैं।

रतलाम जिले की कृषि उपज मंडियों का उन्‍नयन

8. ( *क्र. 3263 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रतलाम जिले की कृषि उपज मंडी जावरा एवं कृषि उपज उप मंडी सुखेड़ा (तह. पिपलौदा) को किसानों के कल्‍याण हेतु शासन/विभाग द्वारा लगातार सुविधाएं देकर उन्‍नयन एवं प्रगति के कार्य किये जा रहे हैं? (ख) क्‍या जावरा कृषि उपज मंडी हेतु फोरलेन-बरगढ़ फंटे से बायपास, जावरा शहर से अरनिया पीथा नवीन मंडी पहुंच मार्ग तथा रोजाना से अरनिया पीथा मण्‍डी के साथ ही फल-फ्रूट सब्‍जी मण्‍डी विकास कार्यों सहित अनेक निर्माण कार्यों के प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुए हैं? (ग) यदि हाँ, तो कृषि उपज मण्‍डी समिति जावरा के अंतर्गत ग्राम सुखेड़ा में उपमंडी स्‍थापना हेतु शासकीय भूमि आवंटन के संबंध में भी प्रस्‍ताव प्राप्‍त होकर कार्यवाही प्रचलन में है? (घ) यदि हाँ, तो शासन/विभाग द्वारा लगातार प्राप्‍त होने वाले प्रस्‍तावों, मांग पत्रों एवं प्रश्‍नकर्ता द्वारा लगातार की जा रही कार्यवाहियों के फलस्‍वरूप विभाग द्वारा क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां की गईं?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) कृषि उपज मंडी समिति जावरा के नवीन मंडी प्रांगण अरनियापीथा में किसानों को आवश्यक मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराई गई हैं। वर्तमान में सीमेंट कांक्रीट का कार्य प्रगतिरत है। जावरा मंडी की उपमंडी सुखेड़ा (तह पिपलौदा) के लिये भूमि का आवंटन अप्राप्त होने एवं अधिसूचना जारी नहीं होने से शेष कार्यवाही का प्रश्न ही प्रस्तुत नहीं होता है। (ख) जी हाँ। (ग) जी हाँ। उपमंडी स्थापना की कार्यवाही शासकीय भूमि आवंटन की प्रक्रियाधीन कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत नियमानुसार की जावेगी। (घ) प्रश्नांश "ख" में उल्लेखित सड़कें किसान सड़क निधि के अंतर्गत साधिकार समिति की बैठक में रखे जाने वाले एजेण्डा की सूची में सम्मिलित हैं एवं उपरोक्त समिति की बैठक की तिथि नियत नहीं है। कृषि अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास निधि के अंतर्गत निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को गठित अनुदान समिति के समक्ष निर्णयार्थ रखा जावेगा।

नामांतरण बंटवारा के प्रकरणों का निराकरण

9. ( *क्र. 2344 ) श्री रामकिशन पटेल : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजस्‍व विभाग द्वारा उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में कृषकों के फौती नामांतरण एवं बंटवारा किये जाने बाबत् मौके पर कोई शिविर आयोजन किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो इन शिविरों में फौती नामांतरण एव बंटवारा के कितने-कितने प्रकरणों का निराकरण राजस्‍व वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक किया गया है? (ग) क्‍या शिविर में कृषकों के खातों की भी जाँच की जा रही है तथा एक साथ सम्मिलित अनेक खातेदारों के खाते पृथक-पृथक करने की भी कार्यवाही की जा रही है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ।

परिशिष्ट - ''दो''

सिरमौर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सड़क निर्माण

10. ( *क्र. 2585 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिरमौर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत क्‍या जवां से भनिगवां प्रधानमंत्री सड़क का निर्माण कार्य विगत कई वर्षों से अधूरा पड़ा है? यदि हाँ, तो निर्माण कार्य क्‍यों नहीं कराया जा रहा है एवं ग्राम पंचायत जवा में महूहा टोला से ग्राम रतनी प्रधानमंत्री सड़क का सर्वे कार्य कराया गया था, तो क्‍या सड़क का निर्माण कार्य कराया जायेगा? (ख) यदि हाँ, तो कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं, सिरमौर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत जवां से भनिगवां सड़क निर्माण नहीं कराया जा रहा है, अपितु लूक से भनिगंवा सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया है। प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। जवां विकासखण्ड में महूहा टोला से ग्राम रतनी मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत महूहा टोला से भखरवार के नाम से स्वीकृत है। इस मार्ग के आंशिक भाग (प्रारंभ से 1.60 कि.मी.) नहर के बैंक पर से होकर जाता है, किंतु बैंक की चौड़ाई योजना के मापदण्डों से कम होने से सड़क निर्माण हेतु पर्याप्त चौड़ाई उपलब्ध न होने से सड़क निर्माण हेतु अन्य वैकल्पिक एक रेखण विचाराधीन है। वैकल्पिक एक रेखण के निर्धारण के पश्चात सड़क निर्माण कराया जावेगा। (ख) निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

ग्राम पंचायत महमूदपुर के सरपंच द्वारा कराये गये कार्यों की जाँच

11. ( *क्र. 3460 ) श्री गिरीश गौतम : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कलेक्‍टर रीवा को जन सुनवाई में दिनांक 26.08.2014 को सरपंच ग्राम पंचायत महमूदपुर के विरूद्ध कराये गये कार्यों की जाँच कराये जाने का आवेदन दिया गया था, जिसकी शिकायत संख्‍या 1516 दर्ज की गयी है तथा पुन: 01.09.14 एवं 07.10.15 को माननीय मुख्‍यमंत्री जी एवं कलेक्‍टर रीवा को शिकायती आवेदन दिया गया? यदि हाँ, तो जाँच कब किस अधिकारी द्वारा की गयी? क्‍या जाँच अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता को भी सुनवाई का अवसर दिया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या उक्‍त शिकायतकर्ता द्वारा 25.08.14 को लोकायुक्‍त संगठन को भी शिकायत की गयी है? जाँच कब तक पूर्ण कर ली जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जनसुनवाई शिकायत दिनांक 26.08.2014 को प्राप्त हुई थी। पुनः दिनांक 01.09.2014 एवं 07.10.2015 को मान.मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर जिला रीवा को अंकित शिकायत प्राप्त होना नहीं पाया गया। प्राप्त शिकायत दिनांक 26.08.2014 के संदर्भ में दिनांक 16.08.2015 को जाँच मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गंगेव द्वारा पी.सी.ओ. एवं उपयंत्री से कराई गई। प्राप्त जाँच प्रतिवेदन अनुसार निष्कर्ष में शिकायत निराधार पाई गई। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। जी हाँ। शिकायतकर्ता को भी सुनवाई का अवसर दिया गया, शिकायतकर्ता द्वारा किसी प्रकार का कथन-मत देने से इंकार किया गया। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। शेष प्रश्न नहीं उठता। (ख) लोकायुक्त को की गई शिकायत की जानकारी विभाग को नहीं है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पंचायत समन्‍वय अधिकारियों की पदोन्‍नति में विसंगति

12. ( *क्र. 68 ) श्री प्रहलाद भारती : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पंचायत राज संचालनालय म.प्र. भोपाल द्वारा जारी आदेश क्रमांक/स्‍था./1/पं.सं./287/11386 दिनांक 10.10.2014 के द्वारा स्‍नातक संवर्ग के पंचायत समन्‍वय अधिकारियों को खण्‍ड पंचायत अधिकारी के पद पर पदोन्‍नति आदेश जारी किए? यदि हाँ, तो प्रसारित आदेश की स्‍वच्‍छ प्रति उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्रसारित आदेश के सरल क्रमांक 2, 3, 9, 16, 53, 58, 65, 110, 119 की पदक्रम सूचियों में हेराफेरी कर मनमाने ढंग से उपस्थिति दिनांक, जन्‍म दिनांक अंकित की गई है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में पदोन्‍नति सूची में भारी विसंगतियां कर प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित सरल क्रमांकों के अभ्‍यर्थियों को कूटरचित दस्‍तावेजों द्वारा अनुचित लाभ दिया गया है? यदि हाँ, तो किन नियमों के अंतर्गत? वर्णित नियमों की प्रति उपलब्‍ध करावें? यदि नहीं, तो विवरण दें? (घ) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित पदोन्‍नति सूची में गड़बड़ी/विसंगतियों के लिए किस स्‍तर के अधिकारी/कर्मचारियों का उत्‍तरदायित्‍व निर्धारण किया गया है एवं संबंधितों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई अथवा की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कारण सहित स्‍पष्‍ट करें।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। प्रश्न उपस्थित नहीं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (घ) प्रश्नांश (ग) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

13. ( *क्र. 2613 ) श्री कमल मर्सकोले : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट जिलों के ग्राम लामता में खसरा नं. 163 की भूमि पर अनूप सराठे, स्‍वरूप सराठे, बोधनराणा, जवरामराणा द्वारा शासकीय भूमि पर कब्‍जा कर अवैध शराब बेची जा रही है? कमिशनर जबलपुर एवं कलेक्‍टर बालाघाट में आदेश पर भी अतिक्रमण नहीं हटाने का कारण बताया जावे? (ख) तहसीलवार बालाघाट द्वारा खसरा नं. 163 की भूमि पर अतिक्रमण हटाने हेतु दिनांक 13.05.2015 को आदेश जारी किया गया, किंतु अतिक्रमण क्‍यों नहीं हटाया गया? (ग) तहसीलदार बालाघाट द्वारा दिनांक 13.05.2015 के आदेश के बाद दिनांक 22.01.2016 एवं 23.01.2016 को लामता पुलिस थाने में पुलिस बल की मांग की एवं पुलिस बल को 2 दिन तक खड़ा रख अतिक्रमण नहीं हटाने का कारण बताया जावे?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। तहसीलदार बालाघाट द्वारा अतिक्रमण हटाने हेतु आदेश पारित किया गया था, किन्तु न्यायालय द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2, बालाघाट के व्यवहारवाद क्रमांक 20ए/2015 में पारित आदेश दिनांक 23.05.2015 द्वारा यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया। (ख) एवं (ग) जी हाँ। न्यायालय द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2, बालाघाट के व्यवहारवाद क्रमांक 20ए/ 2015 में पारित आदेश दिनांक 23.05.2015 द्वारा यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया, जो उनके आदेश दिनांक 28.09.2015 द्वारा व्यवहारवाद नामंजूर हुआ, फलस्वरूप तहसीलदार बालाघाट द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रारम्भ की गई, जिसका महिलाओं एवं पुरूषों की अधिक संख्या की उपस्थिति और तीव्र विरोध किये जाने से कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की संभावना बनी। मौके पर पर्याप्त महिला पुलिस बल उपलब्ध नही था। बाद में अनूपलाल, स्वरूपलाल सराठे द्वारा व्यवहार न्यायालय के आदेश के विरूद्ध जिला न्यायालय, बालाघाट में अपील क्रमांक आर.सी.ए. 0023ए/2015 प्रस्तुत की गयी है। जिला न्यायालय में सुनवाई हेतु प्रकरण 17 मार्च 2016 में नियत है।

सामान्‍य सभा द्वारा पारित निंदा प्रस्‍ताव पर कार्यवाही

14. ( *क्र. 4025 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह बघेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 01.07.2015 से दिनांक 31.01.2016 के मध्‍य आयोजित जनपद पंचायत निसरपुर जिला धार की सामान्‍य सभा की बैठक में जनपद स्‍तर के अधिकारियों के विरूद्ध निंदा प्रस्‍ताव पारित किये गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में पारित निंदा प्रस्‍ताव पर शासन द्वारा कोई कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो कब? यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं? कारण स्‍पष्‍ट करें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या शासन स्‍तर से कोई कार्यवाही की जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जनपद पंचायत निसरपुर द्वारा पत्र क्र. 287 एवं 301 दिनांक 29.01.2016 द्वारा पारित निंदा प्रस्ताव की प्रति संबंधित के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जिला धार एवं कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कुक्षी को प्रेषित की गई है। (ग) जाँच उपरांत गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।

फसल बीमा योजना में संशोधन

15. ( *क्र. 2395 ) श्री कमलेश्‍वर पटेल : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या केंद्र की नई फसल बीमा योजना के संदर्भ में राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र में राज्‍य सरकार द्वारा फसल बीमा के संबंध में किये गये राहत के प्रावधानों को संशोधित करने का कोई प्रस्‍ताव है? (ख) यदि नहीं, तो क्‍या केंद्र की नई फसल बीमा योजना और राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र के प्रावधान एक साथ लागू रहेंगे?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) फसल बीमा योजनांतर्गत दावों के भुगतान का राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र के प्रावधानों से सीधा कोई संबंध नहीं है, अत: शेष प्रश्‍न ही नहीं उठता है। (ख) उत्‍तरांश (क) के तारतम्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति के रिकार्ड की जप्‍ती

16. ( *क्र. 4016 ) श्री आरिफ अकील : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति का रिकार्ड सी.बी.आई. में जप्‍त है? यदि हाँ, तो किन-किन कारणों से व कब से जप्‍त है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या संस्‍था के रिकार्ड सी.बी.आई. में जप्‍त होने के बाद भी संस्‍था के कर्मचारियों/पदाधिकारियों द्वारा करोबार किया जा रहा है? यदि हाँ, तो किसकी अनुमति से और यदि अनुमति नहीं दी गई तो किन-किन विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से अवैध रूप से संस्‍था के कारोबार किए जा रहे हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में क्‍या नियम विरूद्ध कार्य करने वाले संस्‍था के कर्मचारियों/पदाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कर विभागीय एवं वैधानिक कार्यवाही करेगें? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण सहित बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ. श्री घनश्याम सिंह राजपूत, हेड क्लर्क, वेस्टर्न सेन्ट्रल रेल्वे भोपाल के द्वारा आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने का संबंध रोहित गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित, भोपाल से होने के कारण प्रकरण क्रमांक. RC0082007A0002 में दिनांक 10.03.2008 को रिकार्ड जप्त किया गया है. (ख) मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा- 49 (7) के अंतर्गत दिनांक 11.6.2015 को संचालक मण्डल के स्थान पर विभाग द्वारा प्रशासक नियुक्त करने के पश्चात् बहिर्गामी संचालक मण्डल द्वारा रिकार्ड उपलब्ध न कराये जाने से स्पष्ट स्थिति बताया जाना सम्भव नहीं है. विभाग द्वारा किसी अवैध कार्य करने की अनुमति देने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता तथा विभागीय अधिकारियों की संलिप्तता का कोई प्रमाण अभी तक उपलब्ध नहीं है. (ग) प्रथमतः रिकार्ड प्राप्त करने हेतु विभाग द्वारा सहकारी अधिनियम की धारा 57 (ए) के अंतर्गत कार्यवाही हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), टी.टी. नगर वृत्त को सर्च वारन्ट जारी करने हेतु आवेदन किया गया है. साथ ही उप पंजीयक, सहकारी संस्थायें, भोपाल को सहकारी अधिनियम की धारा 74 (ई) अंतर्गत कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं. समय-सीमा बताया जाना सम्भव नहीं है.

अपात्र संचालकों के विरूद्ध कार्यवाही

17. ( *क्र. 3184 ) एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अपर आयुक्‍त सहकारिता मुख्‍यालय, भोपाल के आदेश क्र. 392/16.2.15 द्वारा म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 50-ए के अंतर्गत अपात्र संचालकों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु कोई आदेश जारी किया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त आदेश के पालन में ऐसे अपात्रों को चिन्हित किया गया है? यदि हाँ, तो अपात्र पाये गये संचालकों, सदस्‍यों के प्रति क्‍या कार्यवाही की गई है? यदि अपात्रों की जाँच नहीं कराई गई हो, तो अब तक विलंब का कारण क्‍या है? (ग) क्‍या शाजापुर एवं मुरैना, श्‍योपुर जिलों में कई समितियों के संचालक प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित धारा के अंतर्गत 12 माह से अधिक के कालातीत ऋणी होने के बाद भी संचालक पद पर बने हुए हैं? यदि हाँ, तो क्‍या यह प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अधिकारी के आदेश का उल्‍लंघन नहीं है? (घ) आदेश का उल्‍लंघनकर्ता कौन है? दोषी का पता लगाकर अपात्र पाये गये संचालकों को कब तक पद से हटाया जायेगा? समय-सीमा बतावें

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ. (ख) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है.

मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना में दिव्‍यांग जोड़ों को राशि का प्रदाय

18. ( *क्र. 2421 ) श्रीमती नंदनी मरावी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जनपद पंचायत कुण्‍डम अंतर्गत वर्ष 2012 में मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना के अंतर्गत तीन ऐसे जोड़ों की शादी कराई गई थी, जिनमें लड़का-लड़की दोनों विकलांग थे? (ख) प्रश्‍नांश (क) जोड़ों को शासन के प्रावधान अनुसार रोजगार हेतु 50000/- रूपये प्रदाय किये जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र क्र. 458 दिनांक 14.12.2015 को विभागीय मंत्रीजी को लिखा गया था, किन्‍तु अभी तक योजना अनुसार राशि प्रदाय नहीं की गई? कब तक राशि प्रदाय कर दी जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। दिनांक 20 फरवरी 2016 को आर.टी.जी.एस. के माध्यम से संबंधितों के खाते में राशि जमा कर दी गई है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परासिया विकासखण्‍ड में मुआवजा राशि का वितरण

19. ( *क्र. 1680 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या परासिया विकासखण्‍ड में आनावारी रिपोर्ट के आधार पर किसानों की सोयाबीन की फसलों का 81 प्रतिशत नुकसान हुआ तथा शासन द्वारा परासिया तहसील को सूखाग्रस्‍त घोषित किया गया है? इसके बाद भी किसानों का कोई मुआवजा नहीं बनाया गया? मुआवजा नहीं बनाये जाने का क्‍या कारण है? (ख) क्‍या शासन द्वारा संपूर्ण म.प्र. में जिन तहसीलों को सूखाग्रस्‍त घोषित किया गया है, उन तहसीलों में किसानों को विशेष पैकेज के तहत मुआवजा राशि प्रदान की गई है? अगर हाँ, तो परासिया तहसील में क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या परासिया विधान सभा क्षेत्र की उमरेठ तहसील में मात्र रु. 9,34,500/- (रूपये नौ लाख चौतीस हजार पाँच सौ) ही मुआवजा बना जो खराब हुई फसलों के आधार पर उचित है? यदि नहीं, तो क्‍या पुन: इसकी जाँच कर आनावारी रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मुआवजा प्रदान किया जायेगा? अगर हाँ तो मुआवज़े की राशि कब तक बांट दी जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। छिंदवाड़ा जिले के विकासखण्‍ड परासिया में सम्मिलित तहसील परासिया एवं उमरेठ में आनावारी की रिपोर्ट के आधार पर सोयाबीन की फसलों को 81% नुकसान नहीं हुआ है। तहसील परासिया को सूखाग्रस्‍त घोषित किया गया है। तहसील परासिया में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सूखा एवं यलोमौजेक से सोयाबीन फसल में 25% से कम क्षति होने के कारण फसल क्षति हेतु राहत राशि का वितरण नहीं किया गया। (ख) प्रदेश के 43 जिलों की 276 तहसीलों को अल्‍पवर्षा, आनावारी एवं रबी की बोनी के आधार पर सूखा घोषित किया गया है। सूखा घोषित के आधार पर तहसीलों को कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया है। फसल क्षति के लिये राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के मानदण्‍डों के अनुसार राहत राशि का वितरण प्रभावित जिलों के प्रभावित पात्र कृषकों को किया गया है। तहसील परासिया में सूखे से फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। इसलिए राहत राशि का वितरण नहीं किया गया है। (ग) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र परासिया की तहसील उमरेठ के अंतर्गत यलोमौजेक से फसल क्षति के कारण 6 ग्रामों के 401 कृषकों को 9,34,500 रू. (रूपये नौ लाख चौतीस हजार पाँच सौ) रूपये की राहत राशि का वितरण किया गया है। जो राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार एवं उचित है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

ग्राम हाट बाजार योजनांतर्गत राशि की स्‍वीकृति

20. ( *क्र. 903 ) श्री गोवर्धन उपाध्‍याय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विदिशा जिले के सिरोंज एवं लटेरी विकासखण्‍ड में दिनांक 26.06.2013 से 31.03.2015 तक मुख्‍यमंत्री ग्राम हाट बाजार योजना के तहत किन-किन ग्राम पंचायतों में कितने कार्य एवं कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उनमें से कितने कार्य पूर्ण हुए एवं कितने कार्य अपूर्ण हैं? स्‍वीकृत कार्य में कितनी राशि का भुगतान किया गया है? भुगतान हेतु शेष राशि कितनी है? अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जावेगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) अनुसार किस-किस ग्राम पंचायत का ऑडिट हुआ है? क्‍या ऑडिट रिपोर्ट में भ्रष्‍टाचार होना पाया है? यदि हाँ, तो उस पर क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार(ग) सिरोंज विकासखण्ड में प्रश्नांश में दर्शित अवधि में ग्राम पंचायतों का ऑडिट नहीं हुआ है। लटेरी विकासखण्ड में ऑडिट पूर्ण हो चुका है। जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

''परिशिष्ट - तीन''

ग्राम पंचायत बुढ़वा में वित्‍तीय अनियमितता की जाँच

21. ( *क्र. 3737 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला पंचायत रीवा के आदेश क्रमांक 4360/शिका/स्‍टेनों/2015 रीवा दिनांक 05.11.2015 से मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गंगेव को ग्राम पंचायत बुढ़वा के वित्‍तीय अनियमितता की जाँच कराई गई थी? यदि हाँ, तो उक्‍त जाँच पूरी हुई की नहीं? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ, तो उक्‍त जाँच में कुल कितने रूपये की वित्‍तीय अनियमितता किस प्रकार की पाई गई तथा उक्‍त अनियमितता में कौन-कौन दोषी हैं? दोषी पर क्‍या राशि वसूली एवं पुलिस में प्रकरण पंजीबद्ध कराते हुये जाँच प्रतिवेदन अनुसार अधिरोपित राशि की वसूली की जायेगी? यदि हाँ, तो कब तक यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नांश (क) (ख) हाँ तो क्‍या पशु शेड निर्माण की राशि हितग्राही के नाम से हितग्राही के फर्जी हस्‍ताक्षर बनाकर भुगतान लेना प्रमाणित पाया गया है? यदि हाँ, तो उसके विरूद्ध कब तक पुलिस में प्रकरण दर्ज कराकर उक्‍त राशि की वसूली करा लेंगे? (घ) प्रश्‍नांश (क) के सचिव द्वारा शासन से प्राप्‍त कम्‍प्‍यूटर, टी.वी., रेडियो एवं अन्‍य सामग्री जो अपनी सेवाकाल में प्राप्‍त की है? उसे स्‍वयं उपयोग में ले रखा है? यदि हाँ, तो उसे कब तक पंचायत भवन मुख्‍यालय में रखवा कर संबंधित सरपंच से प्रमाण पत्र उपलब्‍ध करायेंगे? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जाँच प्रक्रियारत है। (ख) जाँच प्रक्रियारत है, जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने एवं जाँच निष्कर्ष के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेगी। (ग) जाँच प्रक्रियारत है, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जी नहीं। सामग्री ग्राम पंचायत भवन में रखी है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

महात्‍मा गांधी रोजगार गारंटी योजनांतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति

22. ( *क्र. 3681 ) श्री राजकुमार मेव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगौन जिलान्‍तर्गत महात्‍मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक विकासखण्‍डवार एवं जिलेवार कौन-कौन से कार्य, कितनी-कितनी लागत के स्‍वीकृत किये गये? कितने कार्य पूर्ण हुये, कितने कार्य अपूर्ण हैं, कितने अप्रारंभ हैं? अपूर्ण, अप्रारंभ रहने का कारण बतावें। (ख) म.गा.रो.गा. योजना के तहत विगत वर्षों के वर्षवार कितने कार्य अपूर्ण हैं, अपूर्ण रहने का कारण बतावें? कब तक कार्यों को पूर्ण कराया जावेगा? (ग) क्‍या मनरेगा में अधिक कार्य अपूर्ण रहने से नये कार्यों की स्‍वीकृति पर प्रतिबंध लगाया गया है? क्‍या ग्राम पंचायत में पूर्व वर्षों के अपूर्ण कार्य नहीं होने के उपरान्‍त भी नये कार्य स्‍वीकृत नहीं किये जा रहे हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) खरगौन जिलान्‍तर्गत महात्‍मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल 5796 कार्य लागत रू. 6174.30 लाख के स्‍वीकृत किये गये हैं। स्‍वीकृत कार्यों में से 238 कार्य पूर्ण, 5465 कार्य अपूर्ण तथा 93 कार्य अप्रारंभ हैं। महात्‍मा गांधी नरेगा योजना श्रमिकों की मॉग एवं जॉबकार्डधारियों की उपलब्‍धता पर निर्भर होने के कारण अपूर्ण/अप्रारंभ हैं। विकासखण्‍डवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 1 अनुसार है। (ख) म.गा.रो.गा. योजना के तहत विगत वर्षों के कुल 13095 कार्य अपूर्ण हैं, वर्षवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र 2 अनुसार है। कार्यों के अपूर्ण रहने का कारण उत्‍तरांश '' अनुसार है। कार्यों के पूर्ण होने की निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। जी नहीं।

परिशिष्ट - ''चार''

विकासखण्‍ड गुनौर में आयोजित बैठकें

23. ( *क्र. 2939 ) श्री महेन्‍द्र सिंह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का अनुमोदन संबद्ध विकासखण्‍ड स्‍तरीय स्‍थाई कृषि समिति से कराया जाना आवश्‍यक है एवं अनुमोदित विषयों के पारित प्रस्‍ताव पर कार्यवाही की जानी भी जरूरी है? (ख) यदि हाँ, तो विकासखण्‍ड गुनौर में कितनी बैठकें हुईं? किस बैठक में किस-किस योजना के प्रस्‍ताव पारित हुये व वर्ष 2015-16 में कितने हितग्राही को लाभ मिला? (ग) क्‍या कृषि विभाग द्वारा संचालित योजना नलकूप, खनन पर प्रतिबंध है? यदि हाँ, तो राज्‍य शासन का आदेश क्रमांक व दिनांक बताएं? क्‍या योजना के लाभ हेतु शासन द्वारा लक्ष्‍य निर्धारित होते हैं? यदि हाँ, तो विकासखंड गुनौर को कितने लक्ष्‍य प्राप्‍त हुये?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) वर्ष 2015-16 में विकासखण्ड गुनौर में 4 बैठकें आयोजित हुईं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) विभाग द्वारा प्रतिबंध नहीं है, किन्तु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला पन्ना के आदेश क्रमांक/394/रीडर/2015/पन्ना दिनांक 13.10.2015 द्वारा पन्ना जिले को जल अभावग्रस्त घोषित कर नलकूप खनन पर दिनांक 30.6.2016 तक प्रतिबंध लगाया गया है। योजना के लाभ हेतु शासन द्वारा लक्ष्य निर्धारित होते हैं। विकासखण्ड गुनौर को नलकूप खनन हेतु 22 प्रकरणों के लक्ष्य दिये गये हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को आवंटित जमीन पर निर्माण कार्य

24. ( *क्र. 3247 ) श्रीमती अनीता नायक : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पृथ्‍वीपुर को राजस्‍व विभाग के द्वारा कितनी भूमि आवंटित की गई है एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के द्वारा कितनी भूमि पर निर्माण कार्य किया गया है एवं कितनी भूमि खाली पड़ी है? (ख) खाली पड़ी भूमि पर लोगों के द्वारा कितनी भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया है? जिन लोगों के द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया है, उनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही कब तक की जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) सामुदायिक स्वस्थ्य केन्द्र पृथ्वीपुर को ग्राम पृथ्वीपुर की शासकीय भूमि 1.068 हेक्टेयर आवंटित की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पृथ्वीपुर को आवंटित की गई भूमि में से 0.600 हेक्टेयर पर स्वास्थ्य विभाग के शासकीय भवन निर्मित हैं एवं 0.468 हेक्टेयर भूमि मौके पर खाली पड़ी है। (ख) मौके पर खाली पड़ी भूमि पर वर्तमान में कोई अतिक्रमण नहीं है शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री सड़क योजनांतर्गत सड़क निर्माण

25. ( *क्र. 3870 ) श्रीमती संगीता चारेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा क्षेत्र सैलाना अंतर्गत वर्ष 2013-14 से आज दिनांक तक प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत कुल कितनी सड़कों का निर्माण किया गया? सड़कों के नाम, लंबाई एवं लागत सहित जानकारी उपलब्‍ध करावें। (ख) क्‍या सैलाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री सड़क योजना से निर्मित भाटखेड़ी से कोठारिया सड़क मार्ग में ठेकेदार द्वारा गुणवत्‍ताविहीन कार्य किया गया? यदि हाँ, तो शासन द्वारा दोषी ठेकेदार एवं अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्‍या शासन द्वारा भाटखेड़ी से कोठारिया सड़क मार्ग में हुये गुणवत्‍ताविहीन निर्माण कार्य की जाँच क्षेत्रीय विधायक को टीम में सम्मिलित कर करवाई जायेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधानसभा क्षेत्र सैलाना में वर्ष 2013-2014 से आज दिनांक तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत कुल 51 सड़कों का निर्माण किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, सैलाना विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत भाटखेड़ी से कोठारिया सड़क निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार कराया गया है। उक्त सड़क का निरीक्षण स्टेट क्वालिटी मानीटर द्वारा विभिन्न स्तरों पर किया गया है, जिसमें उनके द्वारा सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता को संतोषप्रद श्रेणी में वगीकृत किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में कार्य का निरीक्षण स्वतंत्र स्टेट क्वालिटी मानीटर द्वारा किया जा चुका है एवं कार्य संतोषजनक पाया गया। अतः अन्य किसी जाँच की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती।

परिशिष्ट - ''पाँच''

 

 






 

 

 

 

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भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर


टोलों मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित करना

1. ( क्र. 3 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा टोलों मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया की जा रही है? यदि हाँ, तो अशोकनगर एवं रतलाम जिले में किस-किस तहसील के किस-किस टोले मजरे को राजस्‍व ग्राम घोषित करने हेतु कार्यवाही की जा रही है? (ख) टोलों मजरों को राजस्‍व ग्राम घोषित करने के क्‍या-क्‍या मापदण्‍ड हैं? पिछले 5 वर्ष में अशोकनगर व रतलाम जिले में कितने गांव मजरों से राजस्‍व ग्राम घोषित हुए तथा कितने बाकी हैं, जिन पर विचार चल रहा है? (ग) क्‍या रतलाम जिले के आम्‍बा ग्राम में जो दस मजरे टोले राजस्‍व गांव हैं तथा वहां 100 प्रतिशत आदिवासी आबादी है? वहां अलग से पंचायत बनाने के जो प्रस्‍ताव, आवेदन आम्‍बा ने दिया है? उन पर शासन विचार करेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

वन विभाग की भूमि

2. ( क्र. 4 ) श्री महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अशोकनगर जिलांतर्गत ग्राम सरदारपुर जो मॉडल स्‍कूल सेंट्रल स्‍कूल के सामने के किनारे बसा है, के मकानों से बंजारा आदिवासी लोगों को खाली कराने के नोटिस दिये हैं तथा वहां ट्रेचिंग खाईयां खोदी है व ऐसी भूमि को वन विभाग को बतायी है लेकिन उस भूमि पर राजस्‍व विभाग ने खेती करने पर जुर्माने लगाये हैं? यदि हाँ, तो ऐसे कितने प्रकरण जिले में हैं तथा जिस भूमि पर राजस्‍व विभाग ने खेती करने वालों से जुर्माना लिया है, वह राजस्‍व की है या वन की? (ख) क्‍या जिले में ऐसी भूमि पर बने मकान वालों को उसी भूमि पर नियमितीकरण करने या अन्‍य भूमि मकान बनाने हेतु उपलब्‍ध कराने पर विचार करेंगे?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत गरीबी रेखा में नाम जोड़ना

3. ( क्र. 28 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्‍डोरी के अंतर्गत वर्ष 2013, 14, 15 में विधान सभा क्षेत्र शहपुरा के अंतर्गत विकासखण्‍डों में गरीबी रेखा एवं गरीबी रेखा से नीचे नाम जोड़ने के कितने प्रकरण, लोक सेवा में निरस्‍त होने के उपरांत S.D.M. के पास अपील पर आये, कितने प्रकरणों का निराकरण हुआ? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में यदि जिन लोगों के पास भूमि बिल्‍कुल नहीं है, भूमिहीन हैं, लोक सेवा द्वारा उनका प्रकरण निरस्‍त कर दिया गया, ऐसे कितने प्रकरणों पर S.D.M. के पास अपील पर क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) क्‍या गरीबी रेखा में नाम जोड़ने हेतु एवं राशन कार्ड (टोकन) बनवाने हेतु, सम्‍बंधित विभागों में आवेदन नहीं लिये जाते, उन्‍हें लोक सेवा केन्‍द्रों में आवेदन हेतु भेज दिया जाता है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जिला डिण्‍डोरी के अंतर्गत वर्ष 2013, 14, 15 में विधानसभा क्षेत्र शहपुरा के अंतर्गत विकासखण्डों में गरीबी रेखा एवं गरीबी रेखा के नीचे नाम जोड़ने के 667 प्रकरण लोक सेवा में निरस्त होने के उपरांत एस.डी.एम. के पास अपील पर आये, जिनमें से 660 प्रकरणों का निराकरण हुआ है। (ख) जिन लोगों के पास भूमि बिल्कुल नहीं है, भूमिहीन हैं, लोक सेवा द्वारा उनका प्रकरण निरस्त कर दिया गया, ऐसे 95 प्रकरणों में एस.डी.एम. के पास अपील की गई। समस्त प्रकरणों की अपील निरस्त की गयी है। (ग) गरीबी रेखा में नाम जोड़ने हेतु एवं राशन कार्ड (टोकन) बनवाने हेतु आवेदन संबंधित विभागों एवं लोक सेवा केन्द्रों में स्वीकार किये जाते हैं।

अनियमितता की जाँच

4. ( क्र. 47 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला शहडोल के विकासखण्‍ड जयसिंहनगर की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में अधिकारियों द्वारा मिलीभगत से भवन निर्माण एवं अन्‍य कार्यों में भ्रष्‍टाचार व अनियमितता की गई है? यदि हाँ, तो स्‍पष्‍ट विवरण देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में दिनांक 16/10/2015 को अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व जयसिंहनगर जिला शहडोल को क्‍या कोई शिकायतें प्राप्‍त हुई थीं? यदि हाँ, तो शिकायत के बिन्‍दुओं पर क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जयसिंहनगर में भवन निर्माण में अनियमितता की जाँच सहकारिता विभाग जिला शहडोल से कराई गई. जाँच में कार्यशील पूंजी से भवन निर्माण कराया जाना, निर्माण संबंधी अनुमति प्राप्त नहीं करना, निर्माण हेतु समिति नहीं बनाना तथा उपयंत्री द्वारा मूल्यांकन नहीं कराने संबंधी अनियमितता पाई गई है. (ख) जी हाँ. शिकायत की जाँच तहसीलदार जयसिंहनगर द्वारा की जा रही है. शेष जाँच निष्कर्षाधीन.

किसानों को राहत राशि का आवंटन

5. ( क्र. 58 ) श्री राम लल्लू वैश्य : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला सिंगरौली के अंतर्गत वर्ष 2015-16 की सूखा राहत राशि दिए जाने हेतु आज भी बहुत से गाँव के किसानों का सर्वे नहीं किया गया है तथा सर्वे से वंचित होने के कारण कुछ किसान स्‍थानीय प्रशासन को आवेदन आदि भी दिये हैं जिनका निराकरण नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो इन्‍हें सूखा राहत राशि दिये जाने हेतु कब तक सर्वे अथवा पुर्नपरीक्षण का कार्य पूरा कराया जा सकेगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में सूखा राहत राशि से वंचित किसानों की संख्‍या उपलब्‍ध करावे तथा सूखा राहत की कितनी राशि का वितरण जिला सिंगरौली में किया जा चुका है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी नहीं। जिला सिंगरौली अंतर्गत वर्ष 2015-16 में सूखा से प्रभावित सभी 765 ग्राम के सभी किसानों के फसलों का सर्वे कराया गया है। सर्वे से संबंधित प्राप्‍त सभी आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता। (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उत्‍पन्‍न नहीं होता। जिला सिंगरौली में सूखे से प्रभावित कृषकों को राशि रूपये 353143732/- (रूपये पैंतीस करोड़ इक्‍कतीस लाख तैता‍लीस हजार सात सौ बत्‍तीस) का वितरण किया जा चुका है।

रोजगार गारंटी में कराये जाने वाले कार्य

6. ( क्र. 66 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत कौन-कौन से कार्य पंचायतों द्वारा कराये जाते है उनकी प्रक्रिया क्‍या है? उसमें खाद्यान्‍न एवं मजदूरी के रूप में राशि भुगतान का क्‍या अनुपात रहता है? (ख) स्‍थाई निर्माण हेतु इस योजना के तहत क्‍या प्रावधान है जैसे शाला भवन, आंगनबाड़ी भवन, पंचायत भवन, मंगल भवन आदि निर्माण कार्य कराये जाने हेतु रोजगार गारंटी से कोई प्रावधान है यदि हाँ, तो जानकारी दें? (ग) रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत केन्‍द्र की एवं राज्‍य सरकार की क्‍या-क्‍या भूमिका है एवं कितना अंशदान दोनों सरकारों का होता है? (घ) अभी तक इस योजना के क्‍या परिणाम रहे हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत जो कार्य पंचायतों द्वारा कराए जाते हैं, उन कार्यों की सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''1'' अनुसार है। ग्राम पंचायत की वार्षिक कार्य योजना में सम्मिलित कार्यों में से रोजगार की मांग के आधार पर कार्य कराए जाने की प्रक्रिया है। रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत कराए जाने वाले कार्यों में मजदूरी राशि का भुगतान शत्-प्रतिशत राशि के रूप में किया जाता है, खाद्यान्न के रूप में भुगतान प्रावधानित नहीं हैं। (ख) जी हाँ। योजना के तहत स्‍थायी निर्माण हेतु अन्‍य विभागों से अभिसरण के माध्‍यम से निर्माण कराने का प्रावधान है योजना के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवन, राजीव गांधी सेवा केन्‍द्र (पंचायत भवन) एवं अनाज भंडारण हेतु गोदाम आदि का निर्माण कराया जाना प्रावधानित है उक्‍त कार्य पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ग) रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकार की भूमिका एवं अंशदान की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''2'' अनुसार है। (घ) योजना प्रारंभ से 15.02.2016 तक योजना के भौतिक एवं वित्‍तीय परिणाम पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''3'' अनुसार है।

शुगर मिल की जमीनों पर अतिक्रमण

7. ( क्र. 130 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग में बंद पड़े विभिन्‍न शुगर मील की जमीनें कहाँ-कहाँ पर कितने-किने क्षेत्र में फैली हुई हैं? (ख) क्‍या उक्‍त जमीन पर विभिन्‍न व्‍यक्तियों द्वारा अतिक्रमण कर अवैध रूप से कृषि आवागमन हेतु सड़क एवं विभिन्‍न कंपनियों द्वारा पवन चक्कियां लगा दी गई है एवं पवन चक्कियों तक जाने हेतु सड़क बना दी गई है। यदि हाँ, तो इस पर क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) से संदर्भित शुगर मील की जमीनों पर अतिक्रमण से संबंधित कब-‍कब किस-किस व्‍यक्ति ने किस-किस कंपनी एवं व्‍यक्ति के खिलाफ किस-किस दिनांक को शिकायत दर्ज करायी है? अतिक्रमणकर्ता का नाम, कंपनी एवं शिकायतकर्ता का नाम सहित जानकारी शुगर मील बंद होने से प्रश्‍न दिनांक तक की देवें। प्रकरण की अद्यतन स्थिति क्‍या है। (घ) निजी भूमि पर पवन चक्‍की कंपनी द्वारा अवैध कब्‍जा कर रोड, लाईट, पोल एवं पवन चक्कियां स्‍थापित करने की कितनी-कितनी शिकायतें विगत दो वर्षों में रतलाम, मंदसौर जिले में प्राप्‍त हुई? उन पर क्‍या कार्यवाही की गई। शिकायतकर्ता का नाम सहित जानकारी दी जाए।

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

इसरो द्वारा पंचायतों की मेपिंग

8. ( क्र. 131 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा प्रदेश की पंचायतों की मेपिंग की गई है तथा इसके आंकडे ऑनलाईन अपलोड किये हैं? यदि हाँ, तो यह कार्य किस योजना के तहत किया गया, पंचायतों की कौन-कौन सी जानकारियां तैयार की गई? उन्‍हें कौन सी वेबसाईट पर अपलोड किया गया, इस जानकारी का उपयोग कौन-कौन कर सकेगा और इससे ग्रामीणों को क्‍या लाभ मिलेगा? (ख) क्‍या उपरोक्‍त योजना से ग्रामीणों को कृषि कार्य में भी लाभ होगा, क्‍या इससे मौसम, वर्षा, ओलावृष्टि आदि के पूर्वानुमान में मदद मिलेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) मंदसौर विधान सभा क्षेत्र में किन-किन पंचायतों की भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान द्वारा मेपिंग कर ली गई है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा प्रदेश की पंचायतों की मेपिंग नहीं की गई है तथा इसके आंकड़े ऑनलाईन अपलोड नहीं किए गए है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश अनुसार।

खंडवा में लीज भूमि का दुरूपयोग

9. ( क्र. 183 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खंडवा नगरीय क्षेत्र में मानसिंग मिल की भूमि किस मद में दर्ज है? क्‍या इसे लीज पर दिया गया है? यदि हाँ, तो कब से, कितने वर्ष के लिए? सर्वप्रथम यह भूमि किस प्रयोजन हेतु दी गई थी? (ख) लीज भूमि का नवीकरण कितनी बार एवं कब-कब किया गया? क्‍या वर्तमान में उक्‍त भूमि पर लेण्‍डमार्क वन निर्माण के पूर्व भूमि का मद परिवर्तन नहीं कराया गया? यदि हाँ, तो क्‍या यह लीज शर्तों का उल्‍लंघन है? इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है? (ग) खंडवा नगरीय क्षेत्र में शासन द्वारा ऐसी कितनी भूमि लीज पर एवं किस-किस व्‍यक्ति/संस्‍था को दी गई है? खसरा नंबर एवं रकबा सहित जानकारी दीजिए? ऐसी कितनी लीज भूमियां है, जिनके धारक द्वारा बिना मद परिवर्तन के उस भूमि का अन्‍य/व्‍यावसायिक उपयोग किया जा रहा है? (घ) क्‍या लीजधारकों की भूमि के उपयोग संबंधी मानीटरिंग नहीं होने से मनमाना उपयोग किया जा रहा है? क्‍या शासन लीज शर्तों का उल्‍लघंन करने वाले समस्‍त लीजधारकों की लीज निरस्‍त करने की कार्यवाही करेगा यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

नजूल भूमि के कारण नागरिकों पर दोहरा करारोपण

10. ( क्र. 188 ) श्री देवेन्द्र वर्मा : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश के कितने जिलों में आवासीय क्षेत्र में नजूल भूमि स्थित है? शासन द्वारा नजूल की शासकीय एवं निजी भूमि पर प्रति वर्ष कौन-कौन से टैक्‍स कितनी राशि के लिये जाते हैं? (ख) क्‍या खंडवा में नजूल भूमि होने के कारण यहां के भूमि स्‍वामियों को दोहरे करों का भुगतान करना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो क्‍यों? आम नागरिकों को इस दोहरे करारोपण से कब तक मुक्‍त किया जायेगा? (ग) क्‍या खंडवा के संपूर्ण नगरीय क्षेत्र को नजूल मद से मुक्‍त कर आवासीय भूमि किये जाने का निर्णय शासन द्वारा लिया जायेगा? यदि हाँ, तो समय-सीमा बतायें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) सभी जिलों में नजूल भूमि स्थित है। नजूल भूमि के संबंध में आवंटिती से वार्षिक भू-भाटक लिया जाता है एवं निजी कृषि भूमि पर भू-राजस्व लिया जाता है। नजूल भूमि पर अलग-अलग प्रयोजन के लिए अलग-अलग भू-भाटक नियत किये जाते है जैसे आवासीय हेतु निर्धारित प्रिमियम का 5 प्रतिशत वार्षिक तथा व्यवसायिक के लिये प्रिमियम का 7.5 प्रतिशत। (ख) जी नहीं। खण्डवा में नजूल भूमि पर निर्धारित भू-भाटक ही शासन द्वारा लिया जाता है, दोहरे कर नहीं लिये जाते है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 181 राजस्व पुस्तक परिपत्र में लीज होल्ड से फ्री होल्ड के नियम बने है। इसके तहत आवासीय किये जाने के प्रावधान है।

मार्केटिंग सोसायटी को लीड संस्‍था के रूप में निरस्‍त किया जाना

11. ( क्र. 210 ) श्री कैलाश चावला : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश सहकारी विपणन संघ (सहकारिता विभाग) द्वारा मार्केटिंग सोसायटी को लीड संस्‍था के रूप में निरस्‍त करने का निर्णय किस दिनांक को लिया गया था? (ख) उक्‍त निर्णय के पूर्व दो वर्षों में उज्‍जैन संभाग की लीड संस्‍थाओं को परिवहन पर कितनी राशि प्रदान की गई थी, तथा उक्‍त निर्णय के पश्‍चात् निजी क्षेत्रों को परिवहन पर कितनी राशि का भुगतान विपणन संघ द्वारा किया गया? (उज्‍जैन संभाग के तहसीलवार जानकारी तुलनात्‍मक रूप से राशि, मात्रा निर्णय के दो वर्ष पूर्व एवं दो वर्ष पश्‍चात् तुलनात्‍मक जानकारी प्रदान करें) राशि एवं मात्रा का जोड़ भी दर्शाएं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा मार्केटिंग सोसायटी को लीड संस्था के रुप में निरस्त करने संबंधी कोई निर्णय नहीं लिया गया है. यह विषय विपणन संघ के क्षेत्राधिकार का नहीं है. (ख) उत्तरांश "क" के प्रकाश में जानकारी निरंक है.

घुमक्‍कड़ एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति के लोगों को भूमि आवंटन

12. ( क्र. 214 ) श्री कैलाश चावला : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या दिनांक 6 मार्च 2015 को जिलाधीश नीमच द्वारा नीमच जिले के अनुविभागीय अधिकारियों एवं तहसीलदारों को एक पत्र लिखकर विमुक्‍त जाति घुमक्‍कड़ अर्द्ध घुमक्‍कड़ के लोगों को भूमि आवंटन किए जाने हेतु कार्यवाही कर प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए गए थे? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त निर्देशों के तहत तहसीलवार कितने लोगों का सर्वे किया गया एवं कितने लोगों को पट्टे आवंटन की कार्यवाही की गई? (ग) यदि उक्‍त कार्य में प्रभावी पहल नहीं की गई है, तो निर्देश न मानने वाले अधिकारियों के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा तथा उक्‍त पट्टों की कार्यवाही कब तक पूर्ण करा दी जावेगी?
राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) तहसील मनासा में कुल 166 आवेदनों में से 77 पात्र व्यक्तियों को पट्टा आवंटन किया गया। तहसील रामपुरा में आबादी क्षेत्र में 104 प्रमाणपत्र जारी किये गये हैं। तहसील नीमच में वास स्थान दखलकार अधिनियम अंतर्गत 122 एवं दखलरहित अधिनियम अंतर्गत 462 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 31 घुमक्कड एवं अर्द्ध घुमक्‍कड़ जाति का सर्वे किया गया है। तहसील जीरन में 200 आवेदनों में से 15 घुमक्कड जाति अंतर्गत हैं, जिन्हे पात्रतानुसार आवंटन की कार्यवाही की जावेगी। तहसील जावद एवं तहसील सिंगौली की जानकारी निरंक है। (ग) उत्तरांश एवं के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

मनासा जनपद पंचायत के निरीक्षण में अनियमितताओं की जाँच

13. ( क्र. 215 ) श्री कैलाश चावला : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिले के मनासा जनपद पंचायत के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी ने विधायक मनासा के साथ वर्ष 2014-15 को किस दिनांक को प्रवास किया था? उक्‍त प्रवास के दौरान किन-किन ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया गया तथा उक्‍त निरीक्षण के दौरान क्‍या-क्‍या अनियमितताएं पाई गई? (ख) उक्‍त अनियमितताओं की जाँच कर मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनासा द्वारा अपना प्रतिवेदन जिला पंचायत मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी को किस दिनांक को पेश किया? (ग) उक्‍त प्रतिवेदन के आधार पर मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्ष 2014-15 में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनासा के पद पर पदस्थ श्री मांगीलाल आस्के दिनांक 31.03.2015 को सेवानिवृत्त हुए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा मान. विधायक के साथ ग्राम पंचायतों के निरीक्षण एवं अनियमितता के संबंध में कोई भी अभिलेख कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किये गये। वर्ष 2015-16 में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मनासा विधायक के साथ दिनांक 12.10.2015 को प्रवास पर थे। ग्राम पंचायत भाटखेड़ी का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत में उपलब्ध रिकार्ड अपूर्ण थे। व्यय व्हाउचर पंजी एवं उपस्थिति पंजी संधारित नहीं थे। (ख) जी हाँ, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत द्वारा दिनांक 15.10.2015 को ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को दी गई। (ग) जाँच प्रभावित न हो, को दृष्टिगत रखते हुए ग्राम पंचायत सचिव भाटखेड़ी को ग्राम पंचायत डांगडी में संलग्न किया गया है।

ग्राम पंचायत सचिवों की स्‍थानांतरण नीति

14. ( क्र. 237 ) श्री मोती कश्यप : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग ने वर्ष 2014 में अपने किसी आदेश द्वारा ग्राम पंचायतों के सचिवों के स्‍थानांतरण की कोई नीति जारी की थी? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) नीति जिला कटनी में विधान सभा क्षेत्र बहोरीबंद के चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण जिले में प्रभावशील नहीं हो सकी है? (ग) क्‍या प्रश्‍नकर्ता विधायक ने अपने पत्र दिनांक 18.08.2015 एवं 02.01.2016 द्वारा मा. मंत्री जी एवं आयुक्‍त से प्रश्‍नांश (ख) के स्‍थान पर जिला कटनी के पंचायत सचिवों के स्‍थानांतरण हेतु नवीन आदेश जारी करने का अनुरोध किया है? (घ) क्‍या विभाग ने वर्ष 2015-16 में वि.स.क्षे. बड़वारा के विकासखण्‍डों के ग्राम पंचायत के सचिवों का स्‍थानांतरण किया है? (ड.) विभाग प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में कटनी जिला के पंचायत सचिवों के स्‍थानांतरण का आदेश कब तक जारी करेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) से (ग) जी हाँ। (घ) जी नहीं। (ड.) प्रशासकीय प्रक्रिया में है। समय-सीमा बताना संभव नहीं।

आंतरिक सड़क निर्माण

15. ( क्र. 279 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता ने जिला पंचायत विदिशा को प्रेषित पत्र क्रमांक 2813/08.01.16 एवं 2814/08.01.16 में किस-किस ग्राम पंचायतों के ग्रामों में जिला पंचायत में उपलब्‍ध निधि से विकास योजना अंतर्गत आंतरिक सड़क निर्माण कराने का प्रस्‍ताव दिया था? (ख) उक्‍त प्रस्‍ताव किस दिनांक को प्राप्‍त हुआ? प्राप्‍त प्रस्‍ताव पर क्‍या कार्यवाही की गई? प्रस्‍ताव अनुसार स्‍वीकृति कब तक की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार(ख) जिला पंचायत विदिशा में प्रस्तावित कार्य हेतु निधि उपलब्ध नहीं होने के कारण ये कार्य स्वीकृत नहीं किये गये।

ग्रामों के नक्‍शें एवं अभिलेख तैयार करना

16. ( क्र. 280 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजस्‍व विभाग द्वारा नक्‍शाविहीन ग्रामों के नक्‍शें एवं अभिलेख तैयार करने हेतु अधीक्षक, भू-अभिलेख को प्राधिकृत घोषित किया जाकर म.प्र.शासन, राजस्‍व विभाग, मंत्रालय, भोपाल की अधिसूचना क्रमांक एफ 15-3/2003/सात-6/भोपाल, दिनांक 17.07.2003 के द्वारा विदिशा जिले के तहसील गंजबासौदा, त्‍यौदा एवं ग्‍यारसपुर के नक्‍शाविहीन व जीर्ण-शीर्ण नक्‍शें वाले ग्रामों के नक्‍शा तैयार करने की अधिसूचना जारी की गई थी? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या अधिसूचना के क्रम में नक्‍शाविहीन जीर्ण-शीर्ण नक्‍शें वाले ग्रामों के नक्‍शा तैयार किये जा चुके हैं? कितने शेष है? शेष रहने का क्‍या कारण है? (ग) प्रश्‍नकर्ता ने किस-किस ग्राम के नक्‍शें तैयार करने के प्रस्‍ताव दिये थे? प्रस्‍ताव पर क्‍या कार्यवाही की गई?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

एन.जी.ओ./वाटर शेड मिशन के कार्य

17. ( क्र. 338 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र की जनपद पंचायत धरमपुरी एवं नालछा में विगत 05 वर्षों में वाटरशेड अथवा एन.जी.ओ. आदि अन्‍य संस्‍थाओं के माध्‍यम से कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी लागत से करवाये गये हैं? निर्माण एजेंसीवार जानकारी देवें? (ख) उपरोक्‍त अवधि में स्‍वीकृत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं, तथा कितने शेष हैं, तथा कार्यों का मूल्‍यांकन किस एजेंसी द्वारा किया गया है? क्‍या स्‍वीकृत कार्यों पर व्‍यय राशि के समतुल्‍य मूल्‍यांकन पाया गया है? यदि नहीं, तो कितनी राशि की वसूली की गई है, या वसूली होना शेष है? निर्माण एजेंसीवार जानकारी देवें? (ग) लंबित अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण करा लिये जावेंगे, तथा दोषी निर्माण एजेंसी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी व कब तक, समयावधि बतावें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। चूंकि मूल्यांकन व्यय राशि के समतुल्य पाया गया है, अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) 22 कार्य प्रगतिरत है। लंबित अथवा अपूर्ण कार्य कोई भी नहीं है। अतः शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

पीडि़त किसानों को मुआवजा

18. ( क्र. 376 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आपदा पीडि़त किसानों को सहायता राशि दिये जाने का प्रावधान है? (ख) क्‍या गत वर्षों यथा 13-14, 14-15 एवं 15-16 में पनागर विधानसभा क्षेत्र के समस्‍त आपदा पीडि़त किसानों को सहायता राशि उपलब्‍ध करायी गई है? (ग) यदि हाँ, तो कितने व्‍यक्तियों को कितनी राशि उपलब्‍ध कराई? यदि नहीं, तो क्‍यों, कारण बतावें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। सभी पात्र आपदा पीडि़त किसानों को सहायता राशि उपलब्‍ध कराई गई है। (ग) तहसील पनागर के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा से पीडि़त पात्र 9.482 किसानों को राहत राशि रूपये 8,22,64,276 (रूपये आठ करोड़ बाइस लाख चौसठ हजार दो सौ छिहत्‍तर) वितरित किये गये।

अवैध कॉलोनियों का निर्माण

19. ( क्र. 377 ) श्री सुशील कुमार तिवारी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पनागर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अवैध कॉलोनियों का निर्माण निरंतर बढ़ता जा रहा है? (ख) यदि नहीं, तो किसके आदेश से अवैध कॉलोनियों का निर्माण किया जा रहा है? (ग) क्‍या भविष्‍य में अवैध कॉलोनियों को वैध किया जावेगा? (घ) यदि नहीं, तो क्‍या ऐसी अवैध कॉलोनियों का निर्माण रोक जावेगा एवं कॉलोनाईजर लायसेंस निरस्‍त किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) अवैध कालोनियों का निर्माण निर्माणकर्ता द्वारा अवैध रूप से किया जाता है, जिसमें आदेश का समावेश नहीं होता है। (ग) भविष्य में अवैध कालोनियों को वैध करने की कार्यवाही तत्समय प्रचलित नीति एवं निर्देश के अंतर्गत की जावेगी। (घ) अवैध कालोनियों के संबंध में जाँच कार्यवाही गतिशील है। जाँच उपरांत प्रावधान अनुसार कार्यवाही की जावेगी।

फोती, नामांतरण, बंटवारा के लंबित प्रकरण

20. ( क्र. 411 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र नागदा खाचरौद में विगत दो वर्षों में फोती, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के कुल कितने प्रकरण प्राप्‍त हुए? उनमें से समय-सीमा में कितने प्रकरणों का निराकरण कर दिया गया? (ख) कितने प्रकरण लंबित है? लंबित रहने का कारण बतावें? (ग) कब तक निराकरण कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मटर फली उत्‍पादन

21. ( क्र. 425 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में नागदा- खाचरौद तहसील मटर फली उत्‍पादन के क्षेत्र में सर्वोपरि है एवं यहां मटर का बहुतायत उत्‍पादन होता है? (ख) क्‍या इतना उत्‍पादन होने के बावजूद शासन द्वारा मटर तुलाई एवं भण्‍डारण की कोई व्‍यवस्‍था नहीं होने से व्‍यापारियों द्वारा किसानों का शोषण किया जाता है? (ग) क्‍या शासन मटर उत्‍पादन कृषि उपज मण्‍डी में तुलवाने हेतु नियम निर्देश मंडी को जारी करेगा?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) नागदा एवं खाचरौद क्षेत्र में मटर फली का व्यापक उत्पादन होता है। (ख) किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 27 जनवरी 2012 से म.प्र. कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1972 की धारा 6 में जो संशोधन किया गया है, उसके तहत फल-सब्ज़ी का क्रय-विक्रय मंडी प्रांगण के बाहर करने का विकल्प उत्पादक-व्यापारी को प्राप्त हुआ है। मंडी अधिनियम के संशोधित इस प्रावधान के अनुसार अब फल-सब्ज़ी व्यवसाय को मंडी प्रागंण के अंदर संपादित करने की बाध्यता समाप्त हो गई है। ऐसी स्थिति में यदि फल-सब्ज़ी व्यापारी मंडी प्रागंण में व्यवसाय करने के इच्छुक नहीं हों तो उन्हें मंडी प्रागंण में व्यापार करने हेतु बाध्य नहीं किया जा सकता है। कृषकों द्वारा मंडी प्रागंण खाचरौद एवं नागदा के बाहर अधिकांश मटर का विपणन होता है जिसमें नियमन लागू नहीं होता है। खाचरौद एवं नागदा मंडी प्रागंण में मटर फली का स्टोरेज गोदाम नहीं है, क्योंकि मटर फली कच्चा माल होने से अतिशीघ्र खराब हो जाती है। तदापि कृषि उपज मंडी समिति खाचरौद एवं नागदा में तुलाई की समुचित व्यवस्था है। (ग) मंडी बोर्ड के पत्र दिनांक 28.10.15 से कृषि उपज मंडी समिति खाचरौद में मटर/सब्ज़ी/फल आदि की आवक को प्रोत्साहित करने हेतु मंडी में व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा घोष विक्रय, तौल एवं मंडी प्रागंण में नियमन व्यवस्था लागू की जाने के निर्देश दिये गये है, तदापि उत्तरांश "ख" में दर्शाई गई फल-सब्ज़ी विपणन की वैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत उत्पादक/विक्रेता अथवा व्यापारियों को मंडी प्रागंण में मटर का विपणन कराने हेतु बाध्य नहीं किया जा सकता है।

रोहित गृह निर्माण सहकारी संस्‍था की अनियमितताओं की जाँच

22. ( क्र. 436 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रोहित गृह निर्माण सहकारी संस्‍था भोपाल के संबंध में माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक 7561/2013 द्वारा जाँच के कोई आदेश दिए गए थे? यदि हाँ, तो क्‍या? (ख) उपरोक्‍त जाँच में क्‍या-क्‍या अनियमितताएं होना प्रमाणित है एवं उसमें कौन-कौन को उत्‍तरदायी पाया गया? इन अनियमितताओं को दूर करने तथा दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही करने के लिये क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उपरोक्‍त संस्‍था का अंकेक्षण कब तक का पूर्ण है तथा जिस अवधि का अंकेक्षण नहीं हुआ है, उसके लिये कौन-कौन उत्‍तरदायी है? (घ) क्‍या उपरोक्‍त संस्‍था में पात्रता से अधिक सदस्‍य बनाकर वरिष्‍ठ एवं पात्र सदस्‍यों के भू-खण्‍ड दूसरों को देकर धोखाधड़ी एवं आर्थिक अपराध के तथ्‍य जाँच में पाए गए हैं? यदि हाँ, तो अवैध रूप से पंजीकृत कराए गए भूखण्‍डों की रजिस्‍ट्री निरस्‍तीकरण की कार्यवाही कब तक कर पात्र सदस्‍यों को भू-खण्‍ड दिलाएं जाएंगे?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ. याचिकाकर्ता, संयुक्त पंजीयक, सतर्कता सेल, को शिकायत की प्रति प्रस्तुत करेंगे, संयुक्त पंजीयक, सभी प्रभावित पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देते हुये यथा-संभव आवेदन प्राप्ति के 06 माह में विधि अनुरूप शिकायत का निराकरण करेंगे. (ख) सदस्यों को नियमानुसार भूखण्डों का आंवटन न करना, संस्था का अंकेक्षण न कराना, विभाग द्वारा समय-समय पर चाही गई जानकारी उपलब्ध न कराना. इस हेतु तत्कालीन संचालक मण्डल एवं संस्था प्रबंधक श्री ए.के. शुक्ला को उत्तरदायी पाया गया है. वांछित अभिलेख प्रस्तुत न करने के कारण विभाग द्वारा सहकारी अधिनियम की धारा 56 (3) के तहत दिनांक 20.10.2014 को आदेश पारित करते हुये संस्था अध्यक्ष श्री राम बहादुर सिंह को अध्यक्ष एवं संचालक पद से 03 वर्ष के लिये निर्हरित किया गया एवं संस्था प्रबंधक श्री ए.के. शुक्ला के विरूद्ध दिनांक 20.10.2014 को रूपये 50,000/- शास्ति अधिरोपित की गई. संस्था के अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने के कारण अभिलेख जप्ती की कार्यवाही हेतु मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 57 के अंतर्गत जप्ती की कार्यवाही की गई, उसके पश्चात भी रिकार्ड जप्त न होने के कारण उप आयुक्त, सहकारिता जिला भोपाल द्वारा दिनांक 19.11.2015 को धारा 57-ए (1) के अंतर्गत सर्च वारंट जारी करने हेतु अनुविभागीय अधिकारी शहर वृत्त, भोपाल को आवेदन प्रस्तुत किया गया है. संस्था के प्रशासक द्वारा दिनांक 12.02.2015 एवं दिनांक 11.04.2015 को संस्था के पदाधिकारियों एवं प्रबंधक के विरूद्ध अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने हेतु थाना ऐशबाग भोपाल को पत्र लिखा गया है. (ग) संस्था का अंकेक्षण वर्ष 2004-05 तक का पूर्ण है. वर्ष 2005-06 से विभाग द्वारा प्रतिवर्ष अंकेक्षक की नियुक्ति की जाती रही है, किन्तु संस्था द्वारा रिकार्ड उपलब्ध न कराने से अंकेक्षण लंबित है, इसके लिये संस्था का तत्कालीन संचालक मण्डल एवं संस्था प्रबंधक उत्तरदायी है. (घ) जाँच अधिकारी द्वारा इस संबंध में अपने प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में प्राप्त शिकायतों की जाँच में, जाँच अधिकारियों द्वारा 126 भूखण्ड उपनियमों के प्रावधानों के विपरीत अवैध तरीके से अपात्र सदस्यों को पंजीयन कराया जाना पाया गया है, जिसके लिये संस्था के पूर्व अध्यक्ष श्री अमरनाथ मिश्रा, श्री एन.एल. रोहितास एवं नामांकित कमेटी के अध्यक्ष श्री एम.के. सिंह को दोषी पाया गया है, इनके विरूद्ध सहकारी अधिनियम की धारा 76 (2) के अंतर्गत अपराधिक प्रकरण दर्ज किये जाने की अनुमति उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं जिला भोपाल द्वारा क्रमशः दिनांक 28.10.2013, 30.10.2009 एवं दिनांक 12.11.2009 को दिये जाने तथा उप पंजीयक द्वारा अवैध रूप से पंजीकृत कराये गये भूखण्डों की रजिस्ट्री शून्य कराने हेतु संस्था अध्यक्ष को दिनांक 04.09.2010 को एवं संस्था के प्रभारी अधिकारी को दिनांक 26.02.2008 को निर्देशित किये जाने का उल्लेख किया है. उप पंजीयक द्वारा आयुक्त, नगर निगम भोपाल को उक्त भूखण्डों पर भवन निर्माण की अनुमति जारी नहीं किये जाने एवं यदि अनुमति जारी की जा चुकी हो तो उसे निरस्त करने का अनुरोध दिनांक 04.09.2010 एवं दिनांक 05.09.2009 से किया गया है. समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है.

अनियमितताओं की जाँच

23. ( क्र. 437 ) डॉ. गोविन्द सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के विकासखण्‍ड लहार की ग्राम पंचायत अजनार, मड़ोरी, मसेरन, पर्राईच, कुरथन, मेहरा-बुजुर्ग, लालपुरा एवं रौन विकासखण्‍ड की ग्राम पंचायत अचलपुरा एवं भीमनगर की शिकायतें 01 जनवरी, 2014 से अक्‍टूबर, 2015 तक किन-किन व्‍यक्तियों तथा संस्‍थाओं द्वारा आयुक्‍त चंबल संभाग मुरैना, कलेक्‍टर भिण्‍ड, मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी भिण्‍ड, अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व लहार, मिहोना, रौन तथा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी लहार एवं रौन को की गई? (ख) उक्‍त शिकायतों की जाँच कब-कब, किस-किस अधिकारी से कराई गई? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा भी वर्ष 2015-16 में किन-किन पंचायतों में हुई अनियमितताओं एवं भ्रष्‍टाचार के संबंध में कब-कब जाँच कर कार्यवाही का अनुरोध किया? (घ) क्‍या भिण्‍ड जिले की जिला पंचायत के मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी एवं लहार, मिहोना एवं रौन के अनुविभागीय अधिकारी तथा मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लहार प्रश्‍नांश (क) में वर्णित ग्राम पंचायतों में भारी अनियमितताएं एवं भ्रष्‍टाचार पाए जाने के बाद भी सरपंच/सचिव को संरक्षण दे रहे हैं? यदि नहीं, तो किन-किन के विरूद्ध गबन की कितनी-कितनी राशि वसूल की गई तथा किन-किन के विरूद्ध किस-किस थाने में भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफ.आई.आर. दर्ज कराई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ड.) क्‍या उपरोक्‍त ग्राम पंचायतों में शिकायतों की जाँच उच्‍च अधिकारियों से कराकर दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जाएगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- के प्रपत्र-1, 2, 3, 4, 5 एवं 6 अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के प्रपत्र -1, 2, 3, 4 एवं 5 अनुसार। (ग) जनपद पंचायत लहार की ग्राम पंचायत बररूआ एवं कुरथर में अनियमित्ताओं एवं भ्रष्टाचार के संबंध में जाँच कर कार्यवाही हेतु पत्र प्राप्त हुए। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र के प्रपत्र -1 एवं 2 अनुसार। (घ) जी नहीं। ग्राम पंचायत अचलपुरा के पूर्व सरपंच श्री ओमप्रकाश शुक्ला से रूपये 1993230.00 की वसूली हेतु म.प्र.पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत प्रकरण क्रमांक 01-15 न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व लहार में दर्ज कराया गया, जिसमें मान. उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के प्रकरण क्रमांक डब्ल्यू.पी.एन 648-2016 दिनांक 03.02.2013 द्वारा स्थगन दिये जाने से वसूली की कार्यवाही स्थगित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ड.) प्रचलित जाँच प्रकरणों मे जाँच उपरांत, जाँच प्रतिवेदन अनुसार वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। समय-सीमा दी जाना संभव नहीं है।

ग्राम पंचायतों को विभिन्‍न कार्यों के लिये आवंटित धनराशि

24. ( क्र. 509 ) श्री मुकेश नायक : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पन्‍ना जिले की पवई और शाहनगर तहसीलों में विगत वर्षों में 25 बंद नल-जल योजनाओं को चालू करने के लिये शासन ने 198.70 लाख रूपये की जो धनराशि व्‍यय की है और जिन जल-नल योजनाओं को चालू किया है, क्‍या उनका भौतिक सत्‍यापन कराया गया है? यदि हाँ, तो कब और किन अधिकारियों ने गांव में जाकर भौतिक सत्‍यापन किया है? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) के अंतर्गत विभाग को ग्रामीणों और पंचायतों से यह शिकायत मिली है कि अनेक नल-जल योजनायें चालू नहीं है और उनसे जनता को लाभ नहीं मिल रहा है? यदि हाँ, तो इस संबंध में क्‍या कार्यवाही की गयी? (ग) वर्तमान में पवई एवं शाहनगर तहसीलों में कितने ग्रामों में पेयजल आपूर्ति के लिये हैण्‍डपंप लगाये गये हैं और कितने चालू हालत में है और कितने बंद पड़े हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। पन्ना जिले की पवई और शाहनगर तहसीलों में 25 बंद नलजल योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराया गया है। यह भौतिक सत्यापना माह सितम्बर एवं अक्टूबर, 2014 में श्री आर.के. दोहरे उपयंत्री, श्री आर.के. परोचे उपयंत्री, श्री राजेन्द्र खरे तकनिशियन (हैण्डपंप) एवं श्री एच.एल. अहिरवार सहायक यंत्री द्वारा किया गया था। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार। (ख) जी नहीं। नलजल योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित हैं, जिनका संधारण ग्राम पंचायतों द्वारा ही किया जाना हैं। (ग) पवई एवं शाहनगर तहसील के ग्रामों में पेयजल आपूर्ति हेतु क्रमशः 1835 एवं 1715 हैण्डपंप स्थापित है। पवई तहसील में 1716 हैण्डपंप चालू तथा 119 हैण्डपंप बंद है एवं शाहनगर तहसील में 1572 हैण्डपंप चालू तथा 143 हैण्डपंप बंद हैं।

परिशिष्ट ''छ: ''

राजस्‍व विभाग सतना में चतुर्थ श्रेणी की पदोन्‍नति

25. ( क्र. 528 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या म.प्र. शासन समान्‍य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा आदेश क्रमांक सी 3-2/2013 /1/3 भोपाल दिनांक 12 मई 2014 के द्वारा समस्‍त विभागाध्‍यक्षों को निर्देश जारी किये गये थे कि विभागीय पदोन्‍नति समिति की बैठकें वर्ष में दो बार अर्थात प्रथम बैठक जनवरी-फरवरी तथा दूसरी बैठक माह अगस्‍त-सितम्‍बर तक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या सतना कलेक्‍टर द्वारा राजस्‍व विभाग में पदस्‍थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की विभागीय पदोन्‍नति समिति की बैठकें वर्ष 2013-14 से अब तक कितनी बार आयोजित की गई तिथिवार जानकारी देवें? (ग) क्‍या यह सही है कि सतना कलेक्‍टर द्वारा स्‍थापना अंतर्गत पदस्‍थ च‍तुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्‍नति समिति की बैठक वर्ष 2015 में मात्र एक बैठक आयोजित की गई है उक्‍त आयोजित बैठक में कितने चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्‍नति की कार्यवाही करते हुए तृतीय श्रेणी में पदोन्‍नति की गई है सूची सहित बताएँ? (घ) क्‍या सतना कलेक्‍टर द्वारा पदोन्‍नति की गई सूची में आ.जा./अ.ज.जा. के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वरिष्‍ठ होने के बावजूद भी पदोन्‍नति नहीं की गई जबकि सामान्‍य वर्ग के कनष्ठि कर्मचारी को पदोन्‍नति दे दी गई ऐसा क्‍यों?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) कलेक्टर कार्यालय सतना अंतर्गत समय-समय पर यथा विधि पदोन्नति समिति की बैठकें दो बार दिनांक 08/06/2015 एवं 19/10/2015 को आयोजित की गई है। वर्ष 2013-14 में निर्वाचन प्रक्रिया प्रचलित होने के कारण बैठकें नहीं की गई। (ग) जी नहीं, दो बार बैठक आयोजित की गई, 9 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी पद पर पदोन्नत किया गया। सूची संलग्न परिशिष्ट पर है। (घ) जी नहीं, नियमानुसार पदोन्नति की कार्यवाही की गई है। शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट ''सात''

नगरीय क्षेत्र में पट्टा वितरण

26. ( क्र. 538 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा पट्टा वितरण की घोषणा के बाद मंत्रालय में इस आशय के आदेश जारी कर दिये गये हैं कि नगरीय क्षेत्र की आबादी भूमि के कब्‍जा धारकों को पट्टा वितरित किया जावेगा, यदि हाँ, तो आदेश की प्रति देवें? (ख) क्‍या कब्‍जाधारियों द्वारा चाहे जितनी सरकारी जमीन पर कब्‍जा किया गया हो उन्‍हें महज 483 वर्ग फिट का पट्टा दिया जावेगा साथ ही यह भी जरूरी नहीं कि पट्टा उसी जमीन का मिले? (ग) क्‍या पट्टा वितरण 31 दिसम्‍बर 2012 की स्थिति में कब्‍जेदारों को किया जावेगा लेकिन सर्वे 31 दिसम्‍बर 2014 तक की स्थिति में किया जावेगा? यदि हाँ, तो यह सर्वे कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ख) में उल्‍लेखित 483 वर्ग फिट का पट्टा दिया जाना पर्याप्‍त है, इससे अधिक यदि सरकारी जमीन पर पुराना कब्‍जा है तो उस जमीन को शासन किस उपयोग में लेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग

27. ( क्र. 570 ) श्री ओम प्रकाश धुर्वे : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला डिण्‍डोरी में कितने किसानों का ऋणी एवं अग्रणी बीमा किया गया एवं उनमें से कितने किसानों को इस वर्ष बीमा की कितनी राशि भुगतान की जा रही है? विकासखण्‍डवार बतावें? (ख) जिला डिण्‍डोरी में कितने किसानों को आज तक किसान क्र‍ेडिट कार्ड दिये गये एवं किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग कितने किसानों ने किया? (ग) उक्‍त के.सी.सी में से सहकारी बैंकों द्वारा कितने किसानों को के.सी.सी.दिये गये हैं, समितिवार बतावें? (घ) उक्‍त के.सी.सी में से कृषि हेतु कितने के.सी.सी का उपयोग हुआ एवं व्‍यवसाय हेतु कितने के.सी.सी का?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) खरीफ 2014 में 8754 ऋणी किसानों तथा रबी 2014-15 में 558 ऋणी किसानों का फसल बीमा किया गया. जिला डिण्डोरी में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या., मण्डला से संबद्ध प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं द्वारा किसी भी अऋणी कृषक का आवेदन प्राप्त नहीं होने से अऋणी कृषकों का बीमा नहीं किया गया. बीमा कम्पनी से प्राप्त बीमा क्लेम की राशि के भुगतान की विकासखण्डवार जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है. (ख) जिला डिण्डोरी में सहकारी बैंक द्वारा 76772 किसान क्रेडिट कार्ड तथा अन्य बैंकों द्वारा 5993 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किये गये. सहकारी बैंक से जारी किसान क्रेडिट कार्ड में से 60858 किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग किया. (ग) जिला डिण्‍डोरी में सहकारी बैंक द्वारा 76772 किसान क्रेडिट कार्ड जारी किये गये, समितिवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है. (घ) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है.

मध्‍यान्‍ह भोजन का निर्धारित मीनू के अनुसार वितरण

28. ( क्र. 574 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बण्‍डा जिला सागर में शालाओं में विद्यार्थियों के लिए निर्धारित मीनू के अनुसार समय पर मध्‍यान्‍ह भोजन का वितरण किया जा रहा है? यदि नहीं, तो दो‍षी व्‍यक्तियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) योजना के निरीक्षण/पर्यवेक्षण के समय समूह के अध्‍यक्षों द्वारा बतलाया गया है कि दाल, सब्‍जी तथा मसालों के भाव बढ़ जाने से निर्धारित मात्रा में उनका उपयोग करना संभव नहीं हो पा रहा है। तो क्‍या धन राशि बढ़ाने पर विभाग द्वारा कोई पहल की जा रही है? यदि हाँ, तो कब तक पूर्ति हो जाएगी? (ग) क्‍या सभी शालाओं में विद्यार्थियों को भोजन करने के लिए बर्तन प्रदाय दिए गए हैं? यदि हाँ, तो फिर विद्यार्थियों को अपने घर से बर्तन लाने के लिए बाध्‍य क्‍यों किया जाता हैं? (घ) क्‍या निरीक्षण में पाया गया है कि शालाओं में बर्तन नहीं हैं बल्कि बर्तन किराए पर चलाए जा रहे हैं या समूह संचालक निजी उपयोग में ले रहे हैं? क्‍या विभाग ने इस संबंध में कोई कार्यवाही की है? यदि नहीं, तो क्‍या कार्यवाही और कब तक की जाएगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। निरीक्षण/अनुश्रवण के दौरान निर्धारित मीनू अनुसार समय पर मध्यान्ह भोजन का वितरण नहीं पाये जाने की स्थिति में संबंधित क्रियान्वयन एजेन्सी के विरूद्ध विधिवत् कार्यवाही की जाती है। वर्ष 2015-16 में ऐसे दोषी पाये गये एम.डी.एम. में संलग्न 19 समूहों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है, जिसकी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। मध्यान्ह भोजन में दाल, सब्जी, मसालें आदि हेतु भोजन पकाने की लागत राशि का निर्धारण भारत शासन द्वारा किया जाता है। भोजन पकाने की लागत राशि में भारत शासन द्वारा प्रति वर्ष 7.5 प्रतिशत वृद्धि की जाती है। (ग) जी हाँ, सभी शालाओं में विद्यार्थियों को भोजन करने के बर्तन प्रदाय किये गये है। (घ) जी नहीं।

परिशिष्ट - ''आठ''

शासकीय परिसंपत्तियों पर अनाधिकृत व्‍यक्तियों द्वारा कब्‍जा

29. ( क्र. 577 ) श्री हरवंश राठौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बण्‍डा जिला सागर में वर्ष 2013-14 से विभाग के विभिन्‍न नाम से पहचाने जाने वाले भवन निर्मित है? यदि हाँ, तो उनके नाम तथा कहाँ-कहाँ पर स्थित है? (ख) क्‍या कंडिका (क) की जानकारी अनुसार भवनों पर अन्‍य किसी विभाग या जनता के किसी व्‍यक्ति द्वारा अनाधिकृत कब्‍जा है? यदि हाँ, तो किस-किस भवन पर किस-किस के द्वारा अनाधिकृत कब्‍जा किया है? (ग) क्‍या विधानसभा क्षेत्र बण्‍डा जिला सागर में अन्‍य विभागों द्वारा निर्मित कार्यालयों, आवास गृहों पर विभाग या विभाग के अमलों द्वारा आधिकृत कब्‍जा किया है? यदि हाँ, तो उन भवनों के नामों तथा ग्रामों के नाम की जानकारी उपलब्‍ध करावें? (घ) कंडिका (क) एवं (ख) के अनुसार अनाधिकृत कब्‍जा हटाने की कार्यवाही कब तक की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। विधानसभा क्षेत्र बंडा की जनपद पंचायत बंडा के ग्राम पंचायत बमूराभेडा के सामुदायिक भवन बमूराभेड़ा में स्थानीय निवासी रामसेवी क सिंह राजपूत द्वारा अनाधिकृत कब्जा किया गया है। अनाधिकृत कब्जे को हटाये जाने के संबंध में कलेक्टर सागर को निर्देशित किया गया है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) अनाधिकृत कब्जे की रिपोर्ट अनुविभागीय अधिकारी को की गई है। कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

कृषकों को मुआवजा राशि का वितरण

30. ( क्र. 579 ) श्री हरवंश राठौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा बंडा जिला सागर में 2014-15 में अल्‍प वर्षा से कृषकों की खरीफ फसल को नुकसान होने के कारण कितनी मुआवजा राशि कितने कृषकों को वितरित नहीं हुई है? (ख) खरीफ फसल नुकसान के सर्वेक्षण में कितने ग्रामों के कितने कृषकों के नाम छूट गए हैं? यदि हाँ, तो कब तक सर्वेक्षण कराया जाकर उनको भुगतान किया जाएगा?
राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) विधानसभा बंडा जिला सागर में 2014-15 में अल्‍पवर्षा से किसानों को खरीफ फसल नुकसान की कोई राशि भुगतान हेतु शेष नहीं है। (ख) खरीफ फसल नुकसान के सर्वेक्षण में बण्‍डा विधानसभा क्षेत्र के किसी ग्राम के किसी भी पात्र कृषक का नाम नहीं छूटा है। पात्र सभी किसानों को राहत राशि दी गई है।

खरगापुर विधान सभा में किसानों के कर्ज आदि की माफी

31. ( क्र. 608 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा क्षेत्र सूखे की चपेट में होने के कारण किसानों के द्वारा लिये गये वर्ष 2015 के खाद-बीज ऋण आदि को माफ किये जाने की सरकार द्वारा कोई ऐसी योजना बनाई गई है? यदि हाँ, तो क्‍या? (ख) क्‍या अवर्षा के कारण एवं विगत समय 2015 में अति ओलावृष्टि में भी फसले तबाह होने से ऐसे कितने किसानों के खाद-बीज के ऋणों को माफ किया गया खरगापुर विधान सभा की प्रत्‍येक सोसायटी एवं मार्केटिंगवार जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या वर्ष 2016 में लिये गये किसानों के ऋण को माफ किये जाने की योजना बनाई जायेगी? यदि हाँ, तो योजना से अवगत कराये? यदि नहीं, तो क्‍यों कारण स्‍पष्‍ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी नहीं. शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता. (ख) जी नहीं, शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता. (ग) वर्तमान में ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है. अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है.

टीकमगढ़ जिले की नगर पंचायत ओरछा में जमीनों की हेरा-फेरी

32. ( क्र. 611 ) श्रीमती चन्‍दा सुरेन्‍द्र सिंह गौर : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या टीकमगढ़ जिले में भगवान राम राजा सरकार की नगरी ओरछा में पटवारी हल्‍का क्रं.-05 में भूमि खसरा क्रमांक-455/3 ओरछा रकवा 01 हेक्‍टेयर 214 आरें भूमि नदी के ओरछा तिगैला की ओर काफी दूर मुख्‍य सड़क से थी परन्‍तु उक्‍त भूमि की तरबीन अधिकारियों एवं पटवारियों से सांठ-गांठ करके अमित अग्रवाल तनय कैलाश अग्रवाल निवासी झांसी उ.प्र. के नाम पक्‍की तरवीन करके राम राजा सरकार के मंदिर के पीछे पावर हाऊस के पास शासन की करोड़ों की भूमि कर दी गई है? (ख) इस प्रकार तरवीन करवाकर अमित अग्रवाल द्वारा अतिक्रमण कर शासन की बेश कीमती भूमि हड़प ली है तथा कब्‍जा कर लिया है? ऐसी तरवीन की भूमि को कब्‍जाधारियों से भूमि हटवाकर अतिक्रमण से मुक्‍त करायेंगे क्‍या? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या इस प्रकार तरवीन करने वाले पटवारी एवं अधिकारी के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही कर कब्‍जाधारियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करेंगे क्‍या? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) तहसील ओरछा की भूमि खसरा नं. 455/3 रकबा 1.113 हेक्टेयर अमित तनय स्व. कैलाश अग्रवाल एवं गिरीश तनय घनश्याम दास प्रेमानी निवासी झांसी (उ.प्र.) के नाम भूमिस्वामी स्वत्व पर अंकित है। उक्त भूमि रजिस्टर्ड विक्रय पत्र क्रमांक-1358 दिनांक 10.12.2014 द्वारा क्रय की गई थी जिसका नामान्तरण म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 110 के अनुसार किया गया है। इन लोगों द्वारा अधिकारियों एवं पटवारियों से सांठ गांठ कर तरमीम नहीं कराई गई है। पूर्व भूमिस्वामी सुनील कुमार तनय प्रेम बिहारी मिश्रा के आवेदन पर न्यायालय तहसीलदार ओरछा के प्रकरण क्र-29/अ-3/2011-12 में पारित आदेश दिनांक 2.3.2013 के अनुसार विधिवत प्रकरण में प्रस्ताव प्राप्त कर, सार्वजनिक सूचना प्रकाशन के बाद, पंचनामा तैयार किया जाकर भूमि खसरा नं. 455/3 की तरमीम की गई थी। जी नहीं, यह भूमि रामराजा मंदिर के पीछे पावर हाउस के पास स्थित नहीं है, वरन् उक्त भूमि मंदिर से 400 मीटर की दूरी पर पश्चिम दिशा में स्थित है। (ख) एवं (ग) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

बंद मिल के शेष भुगतान विषयक

33. ( क्र. 622 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांवेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरलाई में बंद पड़ी मालवा शक्‍कर कारखाना मर्या. को सन् 2002 में बंद कर वर्ष 2008 में परिसीमापन किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या उक्‍त कारखानों कि कितनी देनदारियां शेष है? क्‍या उक्‍त देनदारियों के भुगतान के संबंध में मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा भुगतान हेतु अग्रिम स्‍वीकृति प्रदान की गई थी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में यदि हाँ, तो स्‍वीकृति के पश्‍चात् संपत्ति का वेल्‍युवेशन ना होने के कारण भुगतान नहीं किया जा रहा है यदि हाँ, तो वेल्‍युवेशन किसके द्वारा कब तक किया जायेगा? (घ) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में अग्रिम स्‍वीकृति के पश्‍चात् भी भुगतान न होने का कारण स्‍पष्‍ट करें और भुगतान हेतु क्‍या कार्यवाही की जा रही है तथा भुगतान कब तक हो जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ. (ख) दिनांक 31.03.2015 पर रू. 3051.48 लाख. राज्य शासन द्वारा संस्था को मात्र कारखाना के कर्मचारियों के लंबित वेतन/स्वत्वों तथा कृषकों के बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान हेतु राशि रू. 5.62 करोड़ अग्रिम के रूप में प्रदाय करने का निर्णय लिया गया था. (ग) उत्तरांश "ख" के संदर्भ में प्रश्न उद्भूत नहीं होता, क्योंकि भुगतान राज्य शासन से अग्रिम प्राप्त कर किया जाना है न की संपत्ति के विक्रय से. (घ) वित्तीय वर्ष 2014-15 में सहकारी शक्‍कर कारखाने की अंशपूजी में धनवेष्‍ठन अंतर्गत राशि रू. 5.62 करोड़ का प्रावधान किया गया किन्‍तु कारखाने के परिसमापनाधीन होने से अंशपूंजी में धनवेष्‍ठन योजना अंतर्गत राशि प्रदाय नहीं की जा सकी है. कार्रवाई प्रक्रियाधीन, समय-सीमा बताया जाना सम्‍भव नहीं.

विकास कार्यों की डी.पी.आर. बनाकर स्‍वीकृति

34. ( क्र. 623 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से पूछे गये ता. प्रश्‍न संख्‍या 15 (क्रं. 724) दिनांक 14/12/2015 अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजनांतर्गत सांवेर विधानसभा क्षेत्र में कुल 16 सड़कों को शामिल करने एवं एक ब्रिज को शामिल कर डी.पी.आर. बनाने के तारतम्‍य में इन प्रस्‍तावों की डी.पी.आर. कब तक तैयार की जायेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्‍या सांवेर विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में कुछ गांवों की सड़कें इस योजना में शामिल किये जाने से वंचित रह गई है? यदि हाँ, तो इन्‍हें कब तक इस योजना में शामिल किया जायेगा? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में सांवेर विधानसभा क्षेत्र की 16 सड़कों को कब तक स्‍वीकृति दिलाई जायेगी व कब तक निर्माण कार्य प्रांरभ कराया जायेगा? क्‍या आगामी बजट वर्ष 2016 में उक्‍त प्रस्‍तावों को स्‍वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिये जायेंगे? समय-सीमा बतायें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से पूछे गये तारांकित प्रश्न संख्या 15 (क्र.724) दिनांक 14.12.2015 के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सांवेर विधानसभा क्षेत्र में कुल 16 सड़कों, एक ब्रिज के डी.पी.आर. तैयार कराये जाने की जानकारी दी गयी थी। वर्तमान में उक्त 16 सड़कों के डी.पी.आर. तैयार कर प्रस्ताव स्वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित कर दिया गया है, ब्रिज के डी.पी.आर. तैयार करने की कार्यवाही प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ, 5 सड़कों के डी.पी.आर. शेष रह गये थे, उन्हें भी तैयार कर प्रस्ताव स्वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित कर दिया गया है। (ग) प्रश्नांश में उल्लेखित 16 सड़कों की स्वीकृति का निर्णय भारत सरकार द्वारा लिया जाना है अतः स्वीकृति के संबंध में निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्‍तर्गत सड़कों का निर्माण

35. ( क्र. 636 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सांवेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने गांव है जिनकी जनसंख्‍या 500 से कम है? क्‍या उक्‍त गांवों को मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत सम्मिलित किया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में 500 से कम जनसंख्‍या वाले सांवेर विधानसभा क्षेत्र के गांवों में मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत कितने कार्य पूर्व में 2 वर्षों में स्‍वीकृत किये गये है व कितने स्‍वीकृति हेतु कहाँ-कहाँ लंबित है व अप्रारंभ है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में सांवेर विधानसभा क्षेत्र के मार्गों को मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत कब तक स्‍वीकृत किया जायेगा व निर्माण कब तक कराया जायेगा? समय-सीमा बतायें? क्‍या आगामी बजट वर्ष 2016-17 में सांवेर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कार्यों को स्‍वीकृति प्रदान की जायेगी? यदि हाँ, तो कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत किये जायेंगे? (घ) क्‍या प्रश्‍नांश (ग) के संदर्भ में पूर्व में स्‍वीकृत मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत स्‍वीकृत कार्यों की गुणवत्‍ता की जाँच की गई? क्‍या कार्य गुणवत्‍ताविहीन पाये गये है यदि हाँ, तो गुणवत्‍ताविहीन कार्यों के प्रति कौन जवाबदेही है? क्‍या संबंधितों पर कोई कार्यवाही की जायेगी?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सांवेर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत (वर्ष 2001 की जनगणना अनुसार) 500 से कम आबादी के 43 ग्राम हैं। मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत पात्र 29 ग्राम में से 25 ग्रामों को शामिल किया गया है। (ख) उत्‍तरांश (क) में से उल्‍लेखित ग्रामों में मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना से विगत दो वर्षों में 06 कार्य स्‍वीकृत किये गये है। 04 कार्य परीक्षणाधीन है। अत: अप्रारंभ है। (ग) योजनांतर्गत स्‍वीकृत 06 कार्यों की निविदा कार्यवाही प्रचलन में होने से निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। योजना की वर्ष 2016-17 हेतु कार्ययोजना नहीं बनाई है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। सभी कार्यों की गुणवत्‍ता संतोषप्रद पाई, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

पंचायत विभाग द्वारा सड़कों का निर्माण

36. ( क्र. 639 ) श्री राजेश सोनकर : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इन्‍दौर जिला अंतर्गत सांवेर विधान सभा क्षेत्र में पंचपरमेश्‍वर योजना एवं मुख्‍यमंत्री खेत सड़क योजना अंतर्गत किन-किन पंचायतों में कौन-कौन से कार्य विगत 3 वर्षों में स्‍वीकृति हुए है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍नकर्ता द्वारा कितने प्रस्‍ताव प्रश्‍न दिनांक तक भेजे गये हैं? उनमें से कितने प्रस्‍तावों को स्‍वीकृति मिली है व कितने कार्य आज दिनांक तक प्रारंभ हुए है व कितने अप्रारंभ है? अप्रारंभ होने का क्‍या कारण है? कितने प्रस्‍ताव स्‍वीकृति हेतु कहाँ-कहाँ पर लंबित है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में पंचपरमेश्‍वर योजना, मुख्‍यमंत्री योजना की टी.एस., एच.एस.ए.एस. जारी नहीं होने से कार्य प्रभावित हो रहे है? यदि हाँ, तो मा. मंत्री जी क्‍या शीघ्र ही विभागीय अधिकारियों जिला पंचायत सी.ई.ओ. एवं कलेक्‍टर महोदय को निर्देशित करके टी.एस., एच.एस.ए.एस. जारी करायेंगे? जिससे जल्‍द से जल्‍द कार्यों को समय-सीमा में शीघ्र पूर्ण कराया जा सकेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) विधानसभा क्षैत्र सांवेर में 34 ग्राम पंचायतें सम्मिलित है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश के संदर्भ में माननीय विधायक द्वारा प्रश्न दिनांक तक जिला पंचायत जनपद पंचायत सांवेर एवं जनपद पंचायत इन्दौर अंतर्गत कोई प्रस्ताव प्रेषित नहीं किये गये है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जनपद पंचायत सांवेर एवं इन्दौर में कोई टी.एस. एवं ए.एस. के प्रकरण लंबित नहीं है।

सहकारी संस्‍थाओं के चुनाव

37. ( क्र. 736 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग के जिलों में वर्ष 2012 से अक्‍टूबर 2015 तक सहकारी संस्‍थाओं के पंजीयन का ब्‍यौरा जिलेवार, वर्षवार क्‍या है? (ख) क्‍या सभी सहकारी स‍ंस्‍थाओं में संचालक मंडलों के निर्वाचन नियमानुसार संपन्‍न हुए है, यदि हाँ, तो कब-कब एवं नहीं तो किन संस्‍थाओं के नहीं हुए? व क्‍यों? (ग) रतलाम जिले की सहकारी संस्‍थाओं के आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु क्‍या-क्‍या कदम विगत तीन वर्षों में उठाये गये?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र एक अनुसार है. (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र दो अनुसार है. (ग) रतलाम जिले की सहकारी संस्थाओं को आर्थिक सुदृढ़ीकरण हेतु जिले की 103 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं को वर्ष 2012-13, 2013-14 एवं 2014-15 में प्रतिवर्ष 29.04 लाख प्रबंधकीय अनुदान दिया गया है, बहुउद्देशीय केन्द्र की स्थापना हेतु 02 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं को राशि रूपये 400.00 लाख प्रदाय किया गया है जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रतलाम द्वारा बिना ब्याज का ऋण वर्ष 2012-13 में राशि रूपये 43740.98 लाख, वर्ष 2013-14 में राशि रूपये 56279.41 लाख एवं वर्ष 2014-15 में राशि रूपये 59273.82 लाख प्रदाय किया गया तथा दीनदयाल विपणन सहकारी संस्था मर्यादित जावरा जिला रतलाम को वित्तीय वर्ष 2015-16 में संकल्प 2010 क्रमांक- 23 अंतर्गत राशि रूपये 6.00 लाख अंशपूंजी सहायता एवं ऋण राशि रूपये 6.00 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है.

विकलांग पुर्नवास केन्‍द्रों संबंधी

38. ( क्र. 738 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में भारत सरकार एवं राज्‍य सरकार द्वारा संचालित विकलांग पुर्नवास केन्‍द्रों एवं कृत्रिम केलिपर्स निर्माण का जिलेवार ब्‍यौरा क्‍या है? (ख) उपरोक्‍त केन्‍द्रों से लाभान्वितों का तीन वर्षों का ब्‍यौरा क्‍या है? (ग) नि:शक्‍त व्‍यक्तियों के उपचार, शिक्षण, प्रशिक्षण हेतु भारत सरकार से प्राप्‍त वर्ष 2012 से अक्‍टूबर 2015 तक अनुदान का जिलेवार ब्‍यौरा क्‍या है? कितने अनुदान प्रस्‍ताव भारत सरकार के पास कब से, किस कारण से लंबित है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार।

विभागीय कार्यों की जानकारी

39. ( क्र. 798 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में वित्‍तीय वर्ष 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक दो लाख रूपये से ज्‍यादा राशि के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में क्‍या-क्‍या कार्य, किस-किस स्‍थान पर किये गये? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित जिले में उक्‍त कार्यों में मेन्‍टेनेन्‍स पर किस-किस स्‍थान पर कितने कार्यों पर कितनी राशि व्‍यय की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में उल्‍लेखित कार्यों में से किस-किस को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया? उल्‍लेखित स्‍थानों एवं समयानुसार उक्‍त सभी कार्यों का पूर्णता एवं उपयोगिता प्रमाण पत्रों को किसके द्वारा जारी किया गया नाम, पदनाम बतायें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कार्यों में मेन्टेनेंस पर व्यय नहीं किया गया। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

बसों के लिये लागू नियमों की जानकारी

40. ( क्र. 807 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में बढ़ते बस हादसों के कारण क्‍या बसों में आगे एवं पीछे दो दरवाजों को अनिवार्य किया गया है? अगर हाँ, तो प्रश्‍नतिथि तक जारी सभी आदेशों की एक-एक प्रति उपलब्‍ध करायें। (ख) ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग के किन-किन जिलों में प्रश्‍नतिथि तक कितनी-कितनी निजी बसें आवागमन हेतु रजिस्‍टर्ड है? जिलेवार संख्‍या दें। क्‍या उक्‍त सभी बसों में आगे एवं पीछे दरवाजें हैं? अगर नहीं, तो क्‍यों? कारण दें। (ग) 01.04.2013 से प्रश्‍नतिथि तक ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग के किन-किन आर.टी.ओ./ए.आर.टी.ओ. कार्यालयों के द्वारा कितनी-कितनी संख्‍या में निजी बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किये? कितनों के फिटनेस प्रमाण पत्र रद्द किये? जिलेवार संख्‍या दें।

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग की अधिसूचना दिनांक 05.01.2012 के अनुसार मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 के नियम 164 में संशोधन कर बसों में प्रवेश तथा निर्गम के लिये पृथक-पृथक दरवाजे लगाये जाना उपबंधित किया गया है। किन्तु उक्त प्रावधान 32 और उससे कम बैठक क्षमता की वाहनों पर लागू नहीं होगें। अधिसूचनाओं की प्रति पुस्तकालय में रखें परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार है। (ख) प्रश्न दिनांक तक ग्वालियर चंबल संभाग में रजिस्टर्ड वाहनों की जिलेवार सूची पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार हैं। विभाग एवं शासन के आदेशो/निर्देशों के पालन में फिटनेस के दौरान एवं संचालित यात्री वाहनों की सतत् चैकिंग के दौरान प्रवेश तथा निर्गम के लिए पृथक-पृथक दरवाजे लगाये जाने के प्रावधान का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता हैं। (ग) प्रश्नांकित अवधि में ग्वालियर एवं चंबल संभाग में जारी व रद्द किये गये फिटनेस प्रमाण-पत्रों संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र अनुसार हैं।

किसानों को मुआवज़ा वितरण में अनियमितता

41. ( क्र. 841 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले के अंतर्गत वर्ष 2014-152015-16 में किन विधानसभा क्षेत्रों में कितनी वर्षा हुई? कम वर्षा अथवा अत्‍यधिक वर्षा के कारण किन विधानसभा में रवी व खरीफ की फसल को कितनी क्षति हुई? क्‍या 2015 में भिण्‍ड विधानसभा में सबसे कम वर्षा हुई? यदि हाँ, तो कितने किसान को कितनी राहत राशि वितरित की गई? (ख) प्रश्‍न (क) में फसल की क्षति को आंकलन करने के लिये क्‍या मापदण्‍ड निर्धारित किए गए? किन अधिकारी और कर्मचारियों को फसल आंकने के लिये तैनात किया गया? किन अधिकारी द्वारा निगरानी की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) में फसल की क्षति के लिये शासन द्वारा कितनी राहत राशि भेजी गई? किन विधानसभा क्षेत्र में कितनी राशि का वितरण प्रश्‍नांश दिनांक तक किया गया? कितना शेष है? (घ) क्‍या भिण्‍ड विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2013, 2014 और 2015 में फसल का नुकसान होने के उपरांत राहत राशि का वितरण नहीं किया गया? इसके लिये कौन दोषी है? प्रश्‍नांश दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की जायेगी?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) वर्षा की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र भिण्‍ड, अटेर, लहार, मेंहगांव, एवं गोहद में खरीफ की फसलें 25 से 60 प्रतिशत तक क्षतिग्रस्‍त हुई। विधानसभा क्षेत्र भिण्‍ड में 1 जून 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक 251.00 मिलीमीटर वर्षा हुई है। जो सामान्‍य वर्षा से कम है। विधानसभा क्षेत्र भिण्‍ड के 471 कृषकों को 11,09,425/- (ग्‍यारह लाख नौ हजार चार सौ पच्‍चीस) रूपये की राहत राशि का वितरण किया गया है। (ख) फसल क्षति का आंकलन राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के अंतर्गत राजस्‍व कृषि पंचायत एवं उद्यानिकी विभाग के आधिकारियों एवं कर्मचारियों के संयुक्‍त दल के माध्‍यम से खेत दर खेत जाकर किये जाने का प्रावधान है। ऊपर वर्णित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फसल आंकने के लिए तैनात किया गया। संबंधित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के द्वारा निगरानी की गई। (ग) प्रश्‍नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में भिण्‍ड जिले को फसल क्षति के लिये शासन द्वारा 3,42,00,000/- (रू. तीन करोड़ बयालीस लाख) की राहत राशि का आवंटन दिया गया। विधानसभावार वितरण की स्थिति निम्‍नानुसार है:-

भिण्‍ड -- 11,09,425/-
अटेर -- 26,76,355/-
लहार -- 1,77,65,460/-
मेंहगांव -- 34,96,329/-
गोहद -- 90,82,868/-

(घ) भिण्‍ड विधानसभा क्ष्‍ोत्र में वर्ष 2013-14 में फसल का नुकसान न होने से राशि वितरित नहीं की गई है। वर्ष 2015 में फसल नुकसान के लिए रूपये 11,09,425/- (ग्‍यारह लाख नौ हजार चार सौ पच्‍चीस) का वितरण किया गया है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''दस''

बीज वितरण/उत्‍पादन अनुदान में अनियमितता

42. ( क्र. 842 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्‍ड जिले में वर्ष 2012-13, 2013-14, 2014-152015-16 में रबी व खरीफ सीजन में किसानों को वितरित किए जाने वाले बीज वितरण अनुदान व बीज उत्‍पादन अनुदान का कितना भुगतान किया गया? (ख) क्‍या भिण्‍ड जिले में उक्‍त अनुदान का भुगतान समितियों को किया गया? यदि हाँ, तो किस समिति को कितनी राशि का भुगतान प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अवधि में किया गया? क्‍या समितियों द्वारा उक्‍त अनुदान का वितरण कृषकों को किया गया? सत्‍यापन कराया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्‍नाश (ख) में वर्णित अनुदान भुगतान के मामले में की गई आर्थिक अनियमितताओं, किसानों को भुगतान प्राप्‍त न होने व अनुदान भुगतान में गड़बड़ी की विस्‍तृत जाँच करवाई जाकर प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य को वास्‍तविक स्थिति से अवगत कराया जायेगा? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) क्‍या वित्‍तीय अनियमितताओं में लिप्‍त शासकीय सेवकों पर दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जावेगी यदि हाँ, तो कब तक?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) राशि रूपये 8780178/- का भुगतान किया गया है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। भिण्‍ड जिले में प्रश्‍नांश '''' में वर्णित अवधि में संकट मोचन बीज उत्‍पादक सहकारी समिति गोहद को बीज अनुदान राशि रूपये 784500/- तथा अन्‍नपूर्णा साग सब्‍जी सहकारी उत्‍पादन समिति गोहद को बीज अनुदान राशि रूपये 670900/- का भुगतान किया गया। उक्‍त अनुदान के लाभ कृषकों को प्राप्‍त होने का सत्‍यापन संबंधित वरिष्‍ठ कृषि विकास अधिकारी से कराया गया। (ग) आर्थिक अनियमितताओं व किसानों को भुगतान प्राप्‍त न होने संबंधी कोई शिकायत प्राप्‍त नहीं हुई। अत: जाँच का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट ''ग्यारह''

वन ग्रामों में फसल नुकसानी पर राहत राशि का भुगतान

43. ( क्र. 854 ) श्री जतन उईके : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वन ग्रामों में असामायिक वर्षा से रबी की फसल वर्ष 2013-14, 2014-15 में हुए नुकसान का आंकलन कितने जिलों में किया गया है? (ख) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले में वन ग्रामों के कृषकों को वन विभाग द्वारा राशि का भुगतान किया गया है? यदि हाँ, तो कितने कृषकों को कितनी राशि का भुगतान किस प्रकार से किया गया है? (ग) क्‍या वन ग्रामों के लिए शासन द्वारा अलग से दिशा निर्देश जारी किये गये है? यदि हाँ, तो आदेश क्रमांक एवं दिनांक बताएं? (घ) वन ग्रामों के कितने कृषकों को आंकलन के उपरांत भी राशि प्रदाय नहीं की गई है? यदि हाँ, तो भुगतान कब तक किया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) वन ग्रामों में ओलावृष्टि/असामायिक वर्षा से रबी की फसल को हुई क्षति के लिए वर्ष 2013-14 में प्रदेश के 49 जिलों में एवं वर्ष 2014-15 में 38 जिलों में नुकसान का आंकलन किया गया है। (ख) जी नहीं। (ग) वन ग्रामों के लिए राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 में प्रावधान है। राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 की प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) वन ग्रामों के सभी पात्र कृषकों को आंकलन उपरांत राहत राशि प्रदाय की जा चुकी है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

पंचायत सचिवों का अंशदान पेंशन योजना का लाभ

44. ( क्र. 857 ) श्री जतन उईके : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्राम पंचायत के सचिवों को अंशदायी पेंशन योजना का लाभ दिया गया है? यदि नहीं, तो कब तक अंशदायी पेंशन योजना का लाभ दिया जावेगा? (ख) वर्तमान में प्रदेश की सभी ग्राम पंचायत सचिवों से अंशदायी पेंशन योजना अंतर्गत उनके वेतन से 10 प्रतिशत की जो राशि काटी जा रही है उसका हिसाब एवं फण्‍ड मेनेजमेन्‍ट की क्‍या व्‍यवस्‍था राज्‍य शासन द्वारा की गई है? यदि नहीं, तो उक्‍त राशि कहाँ जमा की जा रही है? (ग) क्‍या प्रदेश के ग्राम पंचायत सचिवों को भारत सरकार की कर्मचारी भविष्‍य निधि योजना से नहीं जोड़ा जा सकता जिसके माध्‍यम से असंगठित क्षेत्र के सेवा द्वारा न्‍यूनतम पेंशन का लाभ दिया जाता है? इस योजना में इन कर्मचारियों को न्‍यूनतम पेंशन का लाभ देने पर सरकार विचार करेंगी? यदि हाँ, तो कब तक? या फिर अंशदायी पेंशन योजना में न्‍यूनतम पेंशन प्रदान करने हेतु प्रावधान करेंगी।

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) अंशदायी पेंशन योजनान्तर्गत हिसाब एवं फण्ड़ मैनेजमेंण्ट की व्यवस्था हेतु एन.एस.डी.एल. को अधिकृत किया गया हैं। किन्तु एन.एस.डी.एल. द्वारा पंचायत राज संचालनालय तथा जिला-जनपद पंचायतों को योजनान्तर्गत पंजीयन की कार्यवाही नहीं किये जाने के कारण कर्मचारियों के अंशदान से कटौत्रा की गयी राशि संबंधित संस्था को अंतरित नहीं की जा सकी हैं। वर्तमान में राशि इस प्रयोजन हेतु जिला पंचायतों द्वारा खोले गये खाते में जमा की जा रही हैं। एन.एस.डी.एल. द्वारा पंचायत राज संचालनालय का पंजीयन क्रमांक दिनांक 25.06.2015 को किया जाकर जिला-जनपद पंचायतों के पंजीयन हेतु निर्धारित प्रपत्र पर जानकारी चाही गयी हैं, अभी तक 15 जिलों के पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण कर ली गयी हैं, शेष जिलों की कार्यवाही प्रचलन में हैं। पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण होने पर एन.एस.डी.एल. को राशि अंतरण की कार्यवाही की जावेगी। (ग) वर्तमान में शासन की ऐसी कोई योजना नहीं हैं। नेशनल पेंशन सिस्टम के अंतर्गत सेवानिवृत्त होने पर अभिदाता द्वारा कुल जमा अंशदान के 40 प्रतिशत राशि से एन्यूटी सर्विस प्रोवाइडर से एन्यूटी क्रय किया जावेगा जिससे अभिदाता को एन्यूटी सर्विस प्रोवाइडर द्वारा प्रतिमाह पेंशन दी जावेगी। इस पेंशन सिस्टम का संचालन पेंशन फण्ड़ रेग्यूलेटरी डेवलपमेंट, भारत सरकार द्वारा किया जा रहा हैं। इस सिस्टम में न्यूनतम पेंशन का कोई प्रावधान नहीं हैं।

किसानों को फसल नुकसानी का मुआवजा वितरण

45. ( क्र. 946 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन द्वारा इस वर्ष किन-किन जिलों में फसल मुआवजा सहायता राशि का वितरण किया गया है? (ख) जिन तहसीलों (जिलों) को सूखाग्रस्‍त घोषित किया गया है उन में से किन-किन तहसीलों (जिलों) को फसल नुकसानी की मुआवजा राशि का वितरण नहीं किया गया हैं? (ग) जिन जिलों में फसल नुकसानी मुआवजा (सहायता) राशि का वितरण किया गया है उनकी चयन प्रक्रिया बतावें? (घ) सुवासरा विधानसभा क्षेत्र सहित मंदसौर जिले में फसल नुकसानी की मुआवजा राशि अभी तक वितरित नहीं की गई है उसका कारण बतावें एवं कब तक मुआवजा (सहायता) राशि का वितरण कर दिया जावेगा?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) सूखा प्रभावित घोषित जिले में से जिला इंदौर, धार व मंदसौर में राहत राशि का वितरण नहीं किया गया है। (ग) जिला कलेक्‍टर द्वारा राजस्‍व, कृषि, उद्यानिकी, ग्रामीण एवं पंचायत विभाग के अधिकारी/कर्मचारी का संयुक्‍त दल गठन कर खेत दर खेत सर्वे कराया जाता है। सर्वे में 25 प्रतिशत से अधिक क्षति पाई जाने पर राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान अंतर्गत राहत राशि वितरित की जाती है। (घ) मंदसौर जिले की सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में फसल क्षति 25 प्रतिशत से कम होने के कारण राहत राशि का वितरण नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

परिशिष्ट ''बारह''

किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ

46. ( क्र. 947 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में इस वर्ष फसल बीमा राशि का वितरण कब तक किया जावेगा? (ख) फसल बीमा राशि किस प्रक्रिया से तय की गई है? (ग) जिन किसानों द्वारा फसल हेतु बैंको से ऋण लिया गया है फसल नुकसान के कारण बैंक, सोसायटी की राशि जमा नहीं की जा सकी है क्‍या उन्‍हें भी फसल बीमा का लाभ मिलेगा? (घ) सुवासरा तहसील में कितनी फसल बीमा राशि का वितरण होना तय किया गया है राशि बतावें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) मंदसौर जिले में राष्‍ट्रीय कृषि बीमा योजनान्‍तर्गत खरीफ मौसम 2015 हेतु क्षतिपूर्ति आंकलन प्रक्रियाधीन है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) फसल बीमा क्षतिपूर्ति राशि तय करने की प्रक्रिया संलग्न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ग) प्रक्रियात्‍मक आंकलन के आधार पर पात्र कृषकों को बीमा का लाभ मिलेगा। (घ) खरीफ मौसम 2015 में बीमित कृषकों की क्षतिपूर्ति आंकलन प्रक्रियाधीन है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है।

परिशिष्ट - ''तेरह''

मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी द्वारा उत्‍तरदायित्‍वों का निर्वहन

47. ( क्र. 1007 ) श्री मधु भगत : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत बालाघाट, किरनापुर, परसवाड़ा में मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी के पद कौन-कौन कब से पदस्‍थ है? (ख) क्‍या उपरोक्‍त अधिकारियों के विरूद्ध राज्‍य शासन को और विभागाध्‍यक्ष को और संभागीय आयुक्‍त को और कलेक्‍टर को शिकायतें प्राप्‍त हुई थी? यदि हाँ, तो किस-किस को क्‍या-क्‍या शिकायतें प्राप्‍त हुई? (ग) उपरोक्‍त अधिकारियों ने जिले में पदस्‍थापना के दौरान कहाँ-कहाँ के दौरे, रात्रि विश्राम, जन सामान्‍य से भेंट किये? क्‍या इसका अभिलेख रखा जाता है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) श्री वीरेन्द्र कुमार देवांगन, जनपद पंचायत बालाघाट में दिनांक 29.09.2014, श्री रंजीत सिंह ताराम, जनपद पंचायत किरनापुर में दिनांक 21.04.2014 एवं श्री टी.आर.काजले, जनपद पंचायत परसवाड़ा में दिनांक 17.12.2013 से पदस्थ है। (ख) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ग) पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार।

मनरेगा के कार्यों का भुगतान

48. ( क्र. 1017 ) श्री रामपाल सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले में ब्‍योहारी एवं जयसिंहनगर जनपद पंचायतों में मनरेगा के तहत राजीव गांधी सेवा केन्‍द्र, सी.सी. रोड तथा ग्रेवल मार्ग का निर्माण कार्य वर्ष 2013 में स्‍वीकृत किये गये थे? यदि हाँ, तो उक्‍त दोनों जनपद पंचायतों में कितने निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये थे? (ख) क्‍या उक्‍त निर्माण कार्यों के सामग्री एवं परिवहन का भुगतान बकाया है? यदि हाँ, तो क्‍यों और कब तक भुगतान कराया जावेगा? (ग) क्‍या जयसिंहनगर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत भर्री में मनरेगा के तहत राजीव गांधी सेवा केन्‍द्र भवन का निर्माण स्‍वीकृत किया गया है और निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य पूर्ण कर दिया गया है? यदि हाँ, तो उक्‍त निर्माण कार्य की सपूंर्ण राशि का भुगतान कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों और कब तक किया जावेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। शहडोल जिले के ब्‍योहारी जनपद में 2013 में 18 राजीव गांधी सेवा केन्‍द्र, 159 सीसी रोड तथा 45 ग्रेवल रोड एवं जयसिंह नगर जनपद में 08 राजीव गांधी सेवा केन्‍द्र 101 सीसी रोड तथा 113 ग्रेवल रोड स्‍वीकृत हुए, इस प्रकार दोनों जनपद पंचायतों में कुल 334 निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये थे। (ख) जी हाँ। जनपद पंचायत ब्‍योहारी में 04 ग्रेवल रोड एवं जनपद पंचायत जयसिंह नगर में 15 ग्रेवल रोड तथा 01 सीसी रोड में सामग्री एवं परिवहन का भुगतान शेष है। योजनांतर्गत से समुचित राशि की उपलब्‍धता होने पर लंबित भुगतान नियमानुसार किया जा सकेगा। निश्‍चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। कार्य पूर्ण कर दिया गया है। जी हाँ, मूल्‍यांकन अनुसार सम्‍पूर्ण राशि का भुगतान किया जा चुका है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्‍थ्‍िात नहीं होता।

सूखा राहत वितरण में विसंगति

49. ( क्र. 1018 ) श्री रामपाल सिंह : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शहडोल जिले के जयसिंहनगर तहसील अंतर्गत पटवारी हल्‍का पतेरिया टोला के सूखा प्रभावित किसानों में छोटे पिता मटरू गोंड को 0.705 हेक्‍टेयर प्रभावित रकवा में 15194/- रूपये राहत राशि दी गई है वहीं तीरथ पिता श्री रामशरण महरा को प्रभावित रकवा 0.809 हेक्‍टेयर में 6472/- रूप‍ये धनुषधारी पिता रामाधीन गोंड को 6100/- रू. इसी तरह महादेवा पिता लसून मेहरा को 0.800 हेक्‍टेयर में 6400/- रू. राहत राशि देकर विभिन्‍न अनियिमितताएं की गई है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो उक्‍त संबंध में उक्‍त पटवारी हल्‍का में वितरित सूखा राहत के संबंध में जाँच करा कर कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) शहडोल जिले में तहसील जयसिंहनगर अंतर्गत पटवारी हल्‍का पटेरियाटोला ग्राम पटेरियाटोला में सूखा प्रभावित किसानों की प्रभावित फसलों का सर्वेक्षण उपरां‍त राजस्‍व पुस्‍तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान अनुसार राहत राशि स्‍वीकृत की गई है। प्रश्‍न में उल्‍लेखित कृषकों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। राहत राशि स्‍वीकृति में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं की गई है। (ख) प्रश्‍नांक (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता।

परिशिष्ट ''चौदह''

दिनांक 07.07.2014 जुलाई 2014 सत्र में दी गई जानकारी

50. ( क्र. 1069 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधान सभा सत्र जुलाई 2014 में दिनांक 07.07.2014 को मेरे द्वारा पूछे गये तारांकित प्रश्‍न क्र. 2078 में माननीय मंत्री महोदय द्वारा मेरे विधान सभा क्षेत्र की मुख्‍य रोड ए.बी. रोड नयागाँव से भितरवार तक जिसकी एक मुख्‍य रोड को ही तीन रोडों का नाम दिया था (1) ए.बी. रोड नयागाँव से चीनोर (2) चीनोर से करईया (3) करईया से भितरवार को इन रोडों की हालत बहुत जर्जर होने के कारण पी.एम.जी.एस.वाई. से लोक निर्माण विभाग में हस्‍तांतरण कर करने की जानकारी दी थी, यदि हाँ, तो इस संबंध में क्‍या कार्यवाही हुई? यदि नहीं, तो इसके लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं? (ख) प्रश्‍न के अनुसार उक्‍त रोडों के सम्‍बंध में अब विभाग की आगामी क्‍या योजना है? रोड की हालत बहुत ही जर्जर है आवागमन के योग्‍य नहीं है? इसके निर्माण के लिये क्‍या उपाय किया जाऐगा? एक निश्चित ठोस योजनाबद्ध स्थिति स्‍पष्‍ट करें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित तीनों सड़कों को आपसी सहमति के आधार पर लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरण हेतु प्रस्तावित किया गया था। लोक निर्माण विभाग द्वारा नयागांव से चीनोर सड़क की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत ग्यारंटी अवधि समाप्त हो जाने से इस सड़क की 22 कि.मी. लंबाई में उन्नयनीकरण की कार्यवाही प्रस्तावित की है। जबकि चीनोर से करहिया एवं करहिया से भितरवार सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत परफारमेंस अवधि में होने से इनका हस्तांतरण लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं लिया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ख) लोक निर्माण विभाग द्वारा नयागांव से चीनोर सड़क के 22 कि.मी. लंबाई में उन्नयनीकरण का विस्तृत प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। चीनोर से करहिया मार्ग भारी वाहनों के आवागमन से प्रभावित है तथा करहिया से भितरवार आवागमन योग्य है उक्त दोनो सड़कों का हस्तांतरण लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं लिये जाने से विभाग द्वारा इनका संधारण किया जाना है।

कार्यालय भूमि संरक्षण अधिकारी ग्‍वालियर द्वारा कराये गये निर्माण कार्य

51. ( क्र. 1070 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) 1 अप्रैल, 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय ग्‍वालियर द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य, कितनी-कितनी वित्‍तीय स्‍वीकृति से किस-किस स्‍थान पर किस-किस ठेकेदार/एजेन्‍सी या विभाग के कौन-कौन कर्मचारी/अधिकारी के सुपरवीजन में कराये गये है तथा कराये जा रहे है? (ख) वर्तमान में उन कार्यों की भौतिक तथा वित्‍तीय स्थिति क्‍या है?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी ग्वालियर के द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

मनरेगा योजना एवं मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्य

52. ( क्र. 1071 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वित्‍तीय वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक मनरेगा योजना अंतर्गत कौन-कौन से सामुदायिक कार्य भितरवार विधान सभा क्षेत्र में स्‍वीकृत किये गये निर्माण एजेंसीवार कार्यों की संख्‍या व स्‍वीकृत राशि सहित जानकारी देवें? (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में स्‍वीकृत कार्यों में बहुत से कार्य अपूर्ण हैं यदि हाँ, तो कार्य का नाम, प्राप्‍त राशि, कार्य की पूर्णता का प्रतिशत, निर्माण एजेंसी का नाम सहित जानकारी देवें? अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने की समय-सीमा क्‍या थी? समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण न कराने के लिये दोषी कौन-कौन है? इन अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा? (ग) मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना में भितरवार विधानसभा क्षेत्र में कौन-कौन से पहुंच मार्ग हैं जो स्‍वीकृति उपरांत निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है या अधूरा है? इन पहुंच मार्गों का स्‍वीकृत वर्ष, स्‍वीकृत राशि, निर्माण एजेंसी/ठेकेदार का नाम कार्य प्रारंभ न होने या अधूरी होने का कारण तथा अब कब तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जावेगा? यदि निर्माण कार्य पूरा किया जाना संभव नहीं है तो इन कार्यों को बंद कर अन्‍य योजनाओं से पूर्ण कराने की विभाग की कोई योजना है? यदि हाँ, तो क्‍या? यदि नहीं, तो फिर क्‍या विकल्‍प है?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) प्रश्‍नाधीन अवधि में भितरवार विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कुल 1568 सामुदायिक कार्य स्‍वीकृत किये गये। निर्माण एजेंसी, कार्यों की संख्‍या एवं स्‍वीकृत राशि की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (ख) जी हाँ। उत्‍तरांश (क) में स्‍वीकृत कार्यों में से 703 कार्य अपूर्ण हैं। शेष वांछित जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। मनरेगा प्रावधान अनुसार कार्यवार पृथक से राशि आवंटन का प्रावधान नहीं है। कार्यों को (वृक्षारोपण को छोड़कर) पूर्ण करने की समय-सीमा सामान्‍यत: 1 वर्ष रहती है परंतु योजना मांग आधारित होने से कार्यों का पूर्ण होना जॉबकार्डधारी श्रमिकों की मांग पर निर्भर रहता है, अतएव अपूर्ण कार्य पूर्ण न होने के लिये कोई दोषी नहीं है। कार्यों के पूर्ण कराये जाने की निश्‍चित समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है। (ग) भितरवार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मुख्‍यमंत्री ग्राम सड़क योजना में अपूर्ण कार्यों में वन विभाग से अनुमति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अत: कार्यों के पूर्ण कराये जाने की निश्‍चित समय-सीमा बतलाया जाना संभव नहीं है। विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-3 अनुसार है।

मध्‍यान्‍ह भोजन की गुणवत्‍ता

53. ( क्र. 1072 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ग्‍वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में शास. प्राथमिक एवं माध्‍यमिक विद्यालयों में अध्‍ययनरत छात्र/छात्राओं को जो मध्‍यान्‍ह भोजन दिया जा रहा है, उसकी गुणवत्‍ता संबंधी शिकायतें प्राप्‍त हो रही हैं? 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2016 तक उक्‍त क्षेत्र में किन-किन कर्मचारियों/अधिकारियों द्वारा मध्‍यान्‍ह भोजन की गुणवत्‍ता का किस-किस विद्यालयों में किन-किन दिनांकों में निरीक्षण किया गया? क्‍या उनके द्वारा निरीक्षण में शासन स्‍तर से प्रस्‍तावित भोजन दिया जा रहा था, ऐसी निरीक्षण टीप दी गई थी? यदि हाँ, तो निरीक्षणकर्ता कर्मचारी/अधिकारी का नाम, पद, पदस्‍थापना स्‍थल, किस-किस विद्यालय में किस-किस दिनांक को निरीक्षण किया गया? (ख) प्रश्‍न (क) अनुसार उक्‍त क्षेत्र में कई ऐसे विद्यालय है जहां मध्‍यान्‍ह भोजन ही नहीं बनाया जा रहा है उनके नाम तथा कब से क्‍यों मध्‍यान्‍ह भोजन नहीं बन रहा, तथा इसके लिये कौन कर्मचारी/अधिकारी दोषी है? मध्‍यान्‍ह भोजन सुचारू रूप से प्रतिदिन बने इस हेतु अभी तक क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) 1 जनवरी 2016 की स्थिति में प्रश्‍न (क) अनुसार उक्‍त क्षेत्र में कौन-कौन सा समूह किस-किस विद्यालय के मध्‍यान्‍ह भोजन हेतु संचालित है? समूह का नाम, कब से संचालित है? 1 अगस्‍त 2015 से 30 नवम्‍बर 2015 तक किस-किस समूह की स्‍थानीय नागरिकों द्वारा शिकायतें की गई थी? क्‍या उन शिकायतों की जाँच कराई गई? यदि हाँ, तो किस कर्मचारी/अधिकारी द्वारा जाँच की गई? उसका नाम, पद तथा शिकायत का जाँच के क्‍या निष्‍कर्ष निकले विवरण दें?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2016 तक भीतरवार विधानसभा क्षेत्र (ग्वालियर) में अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता के संबंध में निरीक्षण किये गये है, जिसकी जानकारी पुस्तकालय में परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। जी हाँ, निरीक्षण प्रतिवेदन में अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा शासन से प्रस्तावित भोजन नहीं दिये जाने संबंधी टीप अंकित की गई है तथा ऐसे निरीक्षणकर्ता अधिकारी/कर्मचारी का नाम, पद, पदस्थापना तथा किये गये निरीक्षण दिनांक एवं संबंधित विद्यालयों की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार विधानसभा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 18 शालाओं में मध्यान्ह भोजन बन्द पाया गया है। ऐसे एम.डी.एम. संचालनकर्ता समूहों को कार्य से पृथक करने एवं बंद दिवसों के खाद्यान्न/राशि की कटौती करने की कार्यवाही की गई है। तत्संबंध में संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों को नोटिस भी जारी किये गये है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) 01 जनवरी 2016 की स्थिति में प्रश्नांश (क) अनुसार भितरवार विधानसभा क्षेत्र में मध्यान्ह भोजन संचालन में कुल 390 समूह संलग्न है। जिसकी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है। 01 अगस्त 2015 से 30 नवम्बर 2015 तक कुल 09 समूहों की स्थानीय नागरिकों द्वारा शिकायतें की गई थी, जिनकी जाँच कराई गई है। जाँच अधिकारी का नाम, पद एवं जाँच के निष्कर्ष संबंधी जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की स्‍वीकृति

54. ( क्र. 1155 ) श्री रजनीश सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना व मुख्‍यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत 2012 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी व कौन-कौन सी सड़कें स्‍वीकृत की गई है? साथ ही स्वीकृत/निर्मित सड़कों का निरीक्षण किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में इनमें से कितनी सड़कों का कार्यपूर्ण हो चुका है व कितनी अपूर्ण है तथा कितनी सड़कों का कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया है और नहीं कराये जाने के क्‍या कारण है? साथ ही, उक्‍त सड़कों के कार्यों को पूर्ण कराये जाने की समय-सीमा क्‍या थी? (ग) उक्‍त प्रश्‍नांशों के संदर्भ में कितनी-कित‍नी राशि स्‍वीकृत की गई व लंबित सी.यू.पी.एल. की सड़कों के प्रस्‍तावों को कब तक स्‍वीकृत प्रदान की जाकर कार्य प्रारंभ कराया जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत सी.यू.पी.एल. के कार्यों की स्वीकृति नहीं दी जाती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत एक सड़क का प्रस्ताव सी.यू.पी.एल. के अंतर्गत स्वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। स्वीकृति अपेक्षित है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में निर्मित सड़कें

55. ( क्र. 1196 ) श्री गोविन्‍द सिंह पटेल : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वारा विगत 05 वर्षों में कितनी सड़कें निर्मित की गई स्‍थान सहित दूरी एवं लागत की जानकारी देवें? (ख) क्‍या पूर्व में निर्मित कराई गई अधिकतर सड़कें उखड़ (क्षतिग्रस्‍त) गई है, उनकी मरम्‍मत/पुन: निर्माण कराये जाने की विभाग की कोई योजना विचाराधीन है? क्षतिग्रस्‍त सड़कों का निर्माण कब तक कराया जायेगा? (ग) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्‍तर्गत गाडरवारा विधान सभा क्षेत्र के ऐसे कितने पात्र ग्राम अभी बारह मासी पक्‍की सड़क से पहुँच विहीन है इन्‍हें पक्‍की सड़क से जोड़ने हेतु विभाग की क्‍या योजना है विधान सभा का प्रत्‍येक पात्र ग्राम कब तक पक्‍की सड़क से जुड़ जायेगा?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत विगत पाँच वर्षों में 27 सड़कें निर्मित की गयी है। जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी नहीं, पूर्व में निर्मित कराई गयी अधिकतर सड़कें संतोषप्रद स्थिति में है केवल 3 सड़कें भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त हुई है। विभाग द्वारा उक्त सड़कों का क्रस्ट उन्नयन के अंतर्गत कार्य कराया जा रहा है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत विधानसभा क्षेत्र गाडरवारा में वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार 500 से अधिक जनसंख्या के पहुंच विहीन ग्रामों को जोड़ने हेतु 16 सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, 21 ग्राम ऐसे है जिनके प्रस्ताव स्वीकृति हेतु भारत सरकार को प्रेषित किये गये है। स्वीकृति प्राप्त होने पर सड़क निर्माण की कार्यवाही की जाती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत सामान्य विकासखण्डों में वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर 500 एवं अधिक जनसंख्या वाली ऐसी बसाहटों को जो पक्के मार्गों से 500 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित है को पक्के मार्गों से जोड़ने का प्रावधान है। शेष पहुंच विहीन पात्र ग्रामों को पक्की सड़क से जोड़ने की स्वीकृति भारत सरकार से अपेक्षित है, अतः कब तक जोड़ा जायेगा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट ''पंद्रह''

हटा मण्‍डी में डाक नहीं लगना

56. ( क्र. 1232 ) श्रीमती उमादेवी लालचंद खटीक : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला दमोह में विधान सभा क्षेत्र हटा में कृषि उपज मण्‍डी हटा में विगत 2013 से कितने दिन डाक लगी व कितने किसान लाभान्वित हुये? (ख) कृषि उपज मण्‍डी हटा जिला दमोह में न तो डाक लग रही है न मण्‍डी का लाभ किसानों को मिल रहा है। हटा मण्‍डी शून्‍य की स्थिति में है इसकी जाँच कराकर संबंधितों पर कार्यवाही की समय-सीमा बतावें?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जिला दमोह विधान सभा क्षेत्र हटा की कृषि उपज मंडी समिति, हटा में वर्ष 2013 से दिनांक 02.02.2016 तक कुल 411 दिनो में खुली नीलामी पद्धति से एवं शेष दिनों में नमूने के आधार पर खुली नीलामी पद्धति से कृषकों द्वारा लाई गई कृषि उपज का विक्रय कराया गया है, जिससे मंडी प्रागंण में कुल 2377 कृषक/विक्रेता लाभान्वित हुये। (ख) उत्तरांश "क" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उद्भूत नहीं होता।

 

मुआवजा वितरण

57. ( क्र. 1257 ) डॉ. मोहन यादव : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सिंहस्‍थ 2016 महापर्व के अंतर्गत मेला क्षेत्र में अधिग्रहित की गई भूमियों के मुआवजा वितरण के संबंध में विभाग की क्‍या कार्य योजना है? इस संबंध में कब-कब बैठकें बुलाई गई? बैठकों में किन-किन जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया? जनप्रतिनिधियों द्वारा क्‍या-क्‍या सुझाव दिये गये? उक्‍त अधिग्रहित भूमि किसानों को कब-कब तक पुन: हस्‍तांतरित कर दी जावेगी? हस्‍तांतरण के पूर्व विभाग द्वारा भूमि को पुन: कृषि योग्‍य बना कर दिया जावेगा? अथवा उसकी राशि का भुगतान किया जावेगा? (ख) उज्‍जैन जिले में खरीब की फसल की बोवनी किस माह में की जाती है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) की जानकारी अनुसार क्‍या सिंहस्‍थ महापर्व समाप्ति पश्‍चात् साधु संतों के प्रस्‍थान एवं विभागों द्वारा अधिग्रहित भूमियों में किये गये निर्माण कार्य, विद्युत पोल आदि निकालने में जुलाई 2016, अगस्‍त 2016 तक समय लगना संभावित है ऐसी स्थिति में कृषकों द्वारा खरीब की फसल बोवनी नहीं की जा सकती है? यदि हाँ, तो क्‍या विभाग द्वारा प्रभावित कृषकों को 2 फसलों का मुआवजा दिये जाने के संबंध में विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है? यदि हाँ, तो विवरण प्रस्‍तुत करें? यदि नहीं, तो कारण प्रस्‍तुत करें?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

सहकारी अधिकरण के अध्‍यक्ष की नियुक्ति

58. ( क्र. 1274 ) डॉ. मोहन यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. राज्‍य सहकारी अधिकरण में अध्‍यक्ष का पद कब से एवं किस कारण से रिक्‍त है? (ख) म.प्र. राज्‍य सहकारी अधिकरण में कितने प्रकरण लंबित है जिनका निराकरण नहीं हुआ है? उक्‍त प्रकरण किस कारण से लंबित है कारण बतावे? (ग) यदि प्रश्‍नांश (ख) की जानकारी अनुसार अध्‍यक्ष का पद रिक्‍त होने से प्रकरण लंबित है तो अध्‍यक्ष की नियुक्ति कब तक की जावेगी? (घ) विभागीय कार्यवाही पूर्ण नहीं होने से न्‍याय प्राप्ति में विलम्‍ब होने के लिये कौन दोषी है? दोषियों के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) वर्तमान में अध्यक्ष का पद रिक्त नहीं है. (ख) कुल 2480 प्रकरण विचाराधीन है. सहकारी अधिनियम के प्रावधान अंतर्गत दिनांक 28.9.2014 से युगलपीठ कार्यरत नहीं रहने से. (ग) दिनांक 01.02.2016 को अध्यक्ष की नियुक्ति की जा चुकी है. (घ) मान. उच्चतम न्यायालय द्वारा एसएलपी (सिविल) 33644/2011 में पारित आदेश दिनांक 6.5.2014 के परिपालन में सहकारी अधिकरण के अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण करने में समय लगने के कारण. शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता.

राजस्‍व कार्यालय घोषित करना

59. ( क्र. 1298 ) श्री नारायण सिंह पँवार : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न संख्‍या 70 (क्रमांक 1134) दिनांक 22 जुलाई 2015 के उत्‍तर में बताया गया था कि कलेक्‍टर राजगढ़ ने टप्‍पा सुठालिया को तहसील का दर्जा प्रदान करने हेतु प्रस्‍ताव 20.07.2015 को भेजा गया था, विभागीय पत्र दिनांक 11.09.2015 द्वारा पूर्ण प्रस्‍ताव नक्‍शों सहित चाहा गया है (ख) एवं (ग) संशोधित प्रस्‍ताव प्राप्‍त होन पर कार्यवाही की जाऐगी? क्‍या कलेक्‍टर राजगढ़ से टप्‍पा सुठालिया को तहसील का दर्जा प्रदान करने एवं अस्‍थाई राजस्‍व अनुविभाग कार्यालय ब्‍यावरा को स्‍‍थाई घोषित किये जाने हेतु संशोधित प्रस्‍ताव शासन को प्राप्‍त हो चुके है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त संशोधित प्रस्‍तावों की स्‍वीकृति के संबंध में क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो उक्‍त संबंध में कार्यवाही किस स्‍तर पर तथा क्‍यों लंबित है? (ग) उपरोक्‍तानुसार क्‍या शासन टप्‍पा सुठालिया को तहसील का दर्जा प्रदान करने एवं अस्‍थाई राजस्‍व अनुविभाग कार्यालय ब्‍यावरा को स्‍थाई घोषित किये जाने हेतु शीघ्रातिशीघ्र कार्यवाही करेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्‍यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना का क्रियान्‍वयन

60. ( क्र. 1322 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या परिवहन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना अंतर्गत भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को लोक परिवहन की सुरक्षित एवं सुविधाजनक सेवा प्रदाय हेतु कुल कितने मार्गों को सम्मिलित किया गया है? (कृपया सूची उपलब्‍ध करावें) (ख) क्‍या मुख्‍यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना अंतर्गत भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र में परमिट जारी किए गये है? (ग) क्‍या भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बहुत से मार्ग इस सुविधा से वंचित हैं? क्‍या भविष्‍य में शत्-प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों का इस सुविधा का लाभ देने हेतु शासन की कोई कार्य योजना है? (घ) क्‍या वर्तमान तक इस सुविधा हेतु पात्र सड़कों को चिन्हित करने हेतु कोई कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की गई है? हाँ, तो क्‍या कारण है?

परिवहन मंत्री ( श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर ) : (क) मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन सेवा हेतु भीकनगाँव तहसील के लिए 6 मार्गों को शामिल किया गया है। जिनकी सूची संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्र में एक अस्थाई अनुज्ञा-पत्र जारी किया गया था, किन्तु शासन की नवीन परिवहन नीति अनुसार बैठक क्षमता 7+1 से अधिक यात्री वाहन को अस्थाई अनुज्ञापत्र जारी नहीं किया जा सकता। वर्तमान में मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना के अंतर्गत भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्र से ग्रामीण मार्ग हेतु बैठक क्षमता 7+1 के वाहन के लिये अस्थाई अनुज्ञापत्र हेतु कोई आवेदन कार्यालय में प्राप्त नहीं हुआ हैं। (ग) भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्र में लगभग समस्त मार्ग ग्रामीण परिवहन सेवा में सम्मिलित किये गये है। ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को इस सुविधा का लाभ देने हेतु शासन स्तर पर निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। (घ) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर अनुसार सड़कें चिन्हित की गयी है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता हैं।

परिशिष्ट ''सोलह''

पंचायत सचिवों की मांगों पर विचार करने हेतु

61. ( क्र. 1323 ) श्रीमती झूमा सोलंकी : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री महोदय द्वारा दिनांक 23 मार्च 2013 को लाल परेड ग्राउण्‍ड भोपाल में पंचायत सचिवों द्वारा आयोजित रक्‍त्‍ा तुलादान कार्यक्रम में पंचायत सचिवों को अध्‍यापक के समान सुविधायें एवं वेतन देनें हेतु मंच से घोषणा की गई थी? (ख) क्‍या पंचायत सचिवों को अंशदायी पेंशन हेतु शासन द्वारा आदेश जारी कर दिये हैं? हाँ, तो जिला खरगोन में पंचायत सचिवों के वेतन से अंशदायी पेंशन हेतु राशि का कटौत्रा हो रहा है? नहीं तो क्‍या कारण है तथा भविष्‍य में जब भी कटौत्रा किया जायेगा क्‍या अंशदायी पेंशन हेतु शासन द्वारा आदेश जारी दिनांक से सुविधा दी जावेगी? (ग) क्‍या जिला खरगोन में जनपद पंचायतों द्वारा पंचायत सचिवों को वेतन समान रूप से प्रदाय किया जा रहा है? नहीं तो इस प्रकार की वेतन विसंगती दूर करने हेतु शासन कोई इस प्रकार पत्र जारी करेगा, जिसे आसानी से समझा जा सके?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जिला खरगोन में पंचायत सचिवों के वेतन से अंशदायी पेंशन हेतु राशि का कटोत्रा नहीं हो रहा हैं। सी.-एस.एफ.एम.एस. पंचायत के कोषालय के साफ्टवेयर में अंशदायी पेंशन राशि स्वीकार नहीं की जा रही हैं। शेषांश के संबंध में शासन द्वारा पृथक से निर्णय लिया जावेगा। (ग) जी हाँ। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

अमानक बीज/उर्वरक/पेस्‍टीसाइड विक्रेता की लायसेंस बहाली

62. ( क्र. 1424 ) श्री अनिल फिरोजिया : क्या किसान कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश के विभिन्‍न संभागों में पदस्‍थ संयुक्‍त संचालकों को बीज/उर्वरक/पेस्‍टीसाइड के अपीलीय अधिकार प्राप्‍त हैं? (ख) यदि हाँ, तो उनके द्वारा लायसेंस बहाली पर कार्यवाही किस आधार पर की जाती है? (ग) क्‍या नमूनों की मानकता रिपोर्ट के आधार पर लायसेंस वहाल होता है? संभाग उज्‍जैन में वर्ष 2013-14,2014-15 एवं 2015-16 में की गई लायसेंस बहाली के ठोस आधार क्‍या थे? प्रकरणवार ब्‍यौरा देवें? (घ) क्‍या लायसेंस निलंबन की स्थिति में उप संचालक द्वारा प्राथमिकी (एफ.आई.आर.) दर्ज की जाती है? यदि हाँ, तो संभाग उज्‍जैन में प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित अवधि में कितनी एफ.आई.आर. दर्ज की गई प्रकरणवार ब्‍यौरा देवे अथवा यदि नहीं, तो क्‍यों?

किसान कल्याण मंत्री ( श्री गौरीशंकर बिसेन ) : (क) जी हाँ। (ख) अपीलीय अधिकारी द्वारा लायसेंस बहाली की कार्यवाही नहीं की जाती है अपितु अधिसूचित प्राधिकारी/ लायसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा जारी आदेशों को यथावत रखने अथवा अपात्र/ रिवोक करने का निर्णय लिया जाता है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश '''' के प्रकाश में उज्‍जैन की जानकारी निरंक है। (घ) जी नहीं। कीटनाशी अधिनियम 1968. कीटनाशी नियम 1971 बीज (नियंत्रण) आदेश 1983 तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधान अनुसार लायसेंसी को निलंबन के विरूद्ध अपील का अधिकार प्रदत्‍त है। प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में उज्‍जैन संभाग की जानकारी निरंक है।

प्रश्‍न संख्‍या 82 (क्र. 4822)

63. ( क्र. 1450 ) श्री गोपालसिंह चौहान (डग्‍गी राजा) : क्या राजस्व मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे किम.प्र. विधानसभा में 20 मार्च 2015 को प्रश्‍न संख्‍या 82 (क्र. 4822) के उत्‍तर के संदर्भ में बताये कि प्रश्‍न (क) , (ख) , (ग) , (घ) दिये उत्‍तर के बाद चाहे गये विवरण के बारे में उत्‍तर के दिनांक 20 मार्च 2015 के बाद शासन ने क्‍या कार्यवाही की तथा वर्तमन में क्‍या स्थिति है?

राजस्व मंत्री ( श्री रामपाल सिंह ) : जानकारी एकत्रित की जा रही है।

फसल बीमा राशि का वितरण

64. ( क्र. 1477 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधान सभा क्षेत्र राजगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को वर्ष 2014-15 में फसल बीमा योजना का लाभ दिया गया है? (ख) यदि हाँ, तो उक्‍त योजना में क्षेत्र की कौन-कौन सी सोसायटी/उप सोसायटी द्वारा बीमा राशि का वितरण किया है? (ग) किन-किन सहकारी संस्‍था के कितने सदस्‍यों को राशि भुगतान की गई है? (घ) क्‍या उक्‍त योजना से समस्‍त ग्रामों के समस्‍त किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिया गया है? यदि नहीं, है तो ऐसे कितने किसान उक्‍त योजना से वंचित रह गये हैं?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ. खरीफ 2014 एवं रबी 2014-15 का फसल बीमा कराया गया था, जिसके विरूद्ध खरीफ 2014 के बीमा की राशि बीमा कंपनी से प्राप्त हुई. (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है. (ग) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है. (घ) जी नहीं. खरीफ 2014 के लिए बीमा कम्पनी से 3455 किसानों की राशि प्राप्त हुई थी. शेष 4157 बीमित कृषकों की उपज में कमी नहीं होने से बीमा राशि प्राप्त नहीं हुई.

परिशिष्ट - ''सत्रह''

किसानों को खाद-बीज हेतु ऋण की स्‍वीकृति

65. ( क्र. 1478 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ जिले की विधान सभा क्षेत्र राजगढ़ की सोसायटी कालीपीठ एवं पीपलबे द्वारा पात्र किसानों को वर्ष 2010 से 2015 तक ऋण प्रदाय किया गया है? (ख) यदि हाँ, तो कितने किसानों को कितना-कितना ऋण प्रदाय किया गया है तथा कितने किसानों के कितने क्रेडिट कार्ड बनवाये गये है? (ग) क्‍या कालीपीठ सोसायटी द्वारा वर्ष 2010 से 2015 तक किसानों को खाद बीज के लिये भी ऋण स्‍वीकृत किये गये हैं? (घ) यदि हाँ, तो कितने किसानों को कितना-कितना ऋण स्‍वीकृत किया गया है?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ. (ख) वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक संस्था कालीपीठ में 2387 किसानों को राशि रूपये 1294.14 लाख एवं संस्था पीपलबे में 1276 किसानों को राशि रूपये 731.83 लाख का ऋण वितरण किया गया है तथा क्रमशः 3843 एवं 3046 के.सी.सी. जारी किये गये है. (ग) जी हाँ. (घ) 2387 सदस्यों को राशि रूपये 376.69 लाख का वस्तु ऋण वितरित किया गया है.

को-ऑपरेटिव बैंक के नवीन जिला मुख्‍यालय का गठन

66. ( क्र. 1516 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या आयुक्‍त सहकारिता एवं पंजीयक भोपाल द्वारा प्रमुख सचिव सहकारिता एवं प्रश्‍नकर्ता को दिनांक 07.01.2016 को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि श्‍योपुर में पृथक को-ऑपरेटिव बैंक का जिला मुख्‍यालय के गठन हेतु को-ऑपरेटिव बैंक मुरैना द्वारा दिनांक 02.12.2016 को नाबार्ड के निर्देशानुसार जानकारी भेजी है, जिसका परीक्षण किया जा रहा है? (ख) क्‍या उक्‍त परीक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों? कितना समय और लगेगा? यदि हाँ, तो इस प्रकरण में समस्‍त विधिमान्‍य प्रक्रिया पूर्ण करके उक्‍त बैंक व जिला मुख्‍यालय के गठन हेतु प्रस्‍ताव कब तक आर.बी.आई./नाबार्ड को भेजा जावेगा? (ग) क्‍या श्‍योपुर में उक्‍त मुख्‍यालय न होने के कारण श्‍योपुर जिले की मुरैना जिले पर निर्भरता समाप्‍त नहीं हो रही है? अब भी को-ऑपरेटिव बैंक से संबंधित कार्य हेतु जिलेवासियों के मुरैना जाना पड़ता है? (घ) यदि हाँ, तो जिलेवासियों की कठिनाईयों के निवारण हेतु क्‍या शासन उक्‍त प्रस्‍ताव को आर.बी.आई./नाबार्ड को स्‍वीकृति हेतु शीघ्र भेजेगा व कब तक?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हाँ. (ख) जी हाँ. प्रश्न उपस्थित नहीं होता. प्रश्न उपस्थित नहीं होता. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी दिशा निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में किये गये परीक्षण में पाया गया कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, मुरैना की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है तथा बैंक के विभाजन से नवगठित दोनों बैंकों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर रहेगी, ऐसी स्थिति में बैंक का विभाजन कर श्योपुर जिले में नवीन बैंक का गठन किया जाना संभव नहीं है. शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता. (ग) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, मुरैना अंतर्गत आने वाले जिला श्योपुर के कृषकों हेतु जिला श्योपुर में पृथक से नोडल कार्यालय स्थापित किया गया है जिससे जिला श्योपुर के लोगों को मुरैना पर निर्भर नहीं होना पड़ता है. (घ) उत्तरांश के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता.

मनरेगा योजनांतर्गत स्‍वीकृत कार्य

67. ( क्र. 1517 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिले में वित्‍तीय वर्ष 2006-07 से वर्तमान तक की अवधि में मनरेगा योजनांतर्गत स्‍वीकृत कितने कार्य कितनी राशि के अपूर्ण व अप्रारंभ है कार्य एजेंसी का नाम कार्य पूणरने की अवधि भी बतावे? जनपद पंचायतवार जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के कार्यों को पूर्ण व प्रारंभ कराने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित अवधि के स्‍वीकृत कार्यों में से वर्तमान की स्थिति में विभागीय अमले की उदासीनता के कारण 4345 कार्य अपूर्ण/अप्रारंभ पड़े हैं? (घ) यदि हाँ, तो इस हेतु उत्‍तरदायी संबंधित विभागीय अमले के विरूद्ध शासन क्‍या कार्यवाही करेगा? यदि नहीं, तो उक्‍त अपूर्ण/अप्रारंभ कार्यों के निर्धारित अवधि में पूर्ण न कराने के कारणों की जाँच क्‍या शासन करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) श्‍योपुर जिले में वित्‍तीय वर्ष 2006-07 से वर्तमान तक की अवधि में मनरेगा योजनांतर्गत स्‍वीकृत 23291 कार्यों में से 5312 कार्य जिनकी स्‍वीकृत राशि रू. 135.18 करोड़ है, अपूर्ण हैं। कार्य पूर्णता की अवधि कार्य प्रारंभ होने से (वृक्षा रोपण) कार्य को छोड़कर 1 वर्ष है। अपूर्ण कार्यों की संख्‍या, कार्य एजेंसी का नाम, पूर्ण करने की अवधि की जनपदवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) पूर्ण कराने हेतु साप्‍ताहिक समीक्षा बैठक एवं सीएफटी समीक्षा बैठकों में लगातार समीक्षा कर कार्य पूर्ण कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। (ग) जी नहीं। स्‍वीकृत कार्यों में से वर्ष 2014-15 तक 2709 कार्य व 2015-16 के 2603 कार्य कुल 5312 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। मनरेगा मांग आधारित योजना है अतएव कार्यों का पूर्ण होना जॉबकार्डधारी श्रमिकों द्वारा काम की मांग पर निर्भर है। (घ) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्‍थित नहीं होता।

परिशिष्ट ''अठारह''

खरीदी केंद्रों में शासन प्रावधान का पालन न किया जाना

68. ( क्र. 1610 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सहकारी समितियों द्वारा किये जाने वाले कारोबार व्‍यवसाय से मिलने वाला कमीशन संस्‍था का मुनाफा है? यदि हाँ, तो संस्‍था की बचत अमानक खाते में जमा होनी चाहिए या नहीं कारण सहित बतायें? (ख) वर्ष 2012 से छतरपुर जिले के खरीद केंद्रों पर किसानों से खरीदा हुआ गेहूं संपूर्ण नागरिक आपूर्ति निगम में जमा नहीं कराया गया और क्‍या कम जमा हुए गेहूं की राशि खरीद प्रभारी से वसूल की गई या नहीं? यदि राशि जमा की गई तो संस्‍थावार कितनी राशि किस खाते में जमा कराई गयी? यदि नहीं, कराई गई तो दोषियों पर क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) छतरपुर जिले में खरीदा गया गेहूं क्‍या कम जमा किया गया था? संस्‍थावार कमी का विवरण दें, जिससे कि अंतर की राशि संस्‍था को मिलने वाले कमीशन से बैंक की लिमिट में जमा कराई गई? कितनी-कितनी राशि जमा कराई गई? संस्‍थावार सूची दें तथा क्‍या कमीशन संस्‍था की अमानत है, जिसे अमानक खाते में जमा होना थी? वर्ष 2012-13 से खरीद केंद्रों की बैलेंस सीटों में संस्‍था को प्राप्‍त कमीशन संस्‍था के मुनाफा में दर्ज किया गया? यदि नहीं, तो ऑडीटर द्वारा क्‍या आपत्ति की गई और उस पर क्‍या कार्यवाही की गई?

पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) सहकारी समितियों द्वारा किये जाने वाले कारोबार व्‍यवसाय से मिलने वाला कमीशन में से व्‍यवसाय हेतु केश क्रेडिट खाते में देय ब्‍याज सहित किये गये अन्‍य समस्‍त खर्चों को कम कर शेष राशि संस्‍था का मुनाफा है जिसे संस्‍था के बचत खाते में जमा किया जाना चाहिये. (ख) वर्ष 2012-13 से वर्ष 2015-16 तक छतरपुर जिले में किसानों से खरीदा गया सम्‍पूर्ण गेहूं नागरिक आपूर्ति निगम में जमा नहीं कराया गया. वर्षवार विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है. 02 सोसायटी/केन्‍द्रों के प्रभारियों द्वारा राशि जमा नहीं कराई गई जिनके 03 दोषी कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है. (ग) जी हाँ, जानकारी परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है, जी नहीं, उत्‍तरांश '' अनुसार. जी नहीं, खरीद केन्‍द्रों को प्राप्‍त कमीशन मुनाफे का एक मद होता है जिसे बैलेंस शीट में सीधे दर्ज नहीं किया जाता है, शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता.

बिना कार्य आदेश से कार्य कराने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही

69. ( क्र. 1658 ) श्रीमती ममता मीना : क्या पंचायत मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला पंचायत गुना में दीपक जाधव नाम का कोई व्‍यक्ति पदस्‍थ होकर (मनरेगा) रोजगार गारंटी का कार्य ए.पी.ओ. के पद से देख रहे हैं? यदि हाँ, तो किस आदेश से और किस दिनांक से कार्यरत है। (ख) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में पदस्‍थ अधिकारी श्री दीपक जाधव को विभाग द्वारा वेतन भत्‍ते दिये जाते हैं इनका मूल विभाग पंचायत है इनका संविलियन विभाग ने किस पद पर किया है या यह प्रतिनियुक्ति पर है? यदि हाँ, तो आदेश क्र. और दिनांक बतायें यदि नहीं, तो इनसे कार्य लेने वाले अधिकारियों पर क्‍या विभाग कार्यवाही करेगा? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क), (ख) में कार्यरत श्री दीपक जाधव के विरूद्ध विभाग को या सी.ई.ओ. जिला पंचायत गुना को इनके कार्यों की अनियमितताओं पर प्राप्‍त शिकायतों पर कोई कार्यवाही की है यदि नहीं, तो क्‍या विभाग श्री दीपक जाधव के विरूद्ध या इनसे कार्य लेने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कोई कार्यवाही करेगा एवं कब तक, क्‍या इन्‍हें मूल विभाग में वापिस भेजेगा बतायें?
पंचायत मंत्री ( श्री गोपाल भार्गव ) : (क) जी हा