मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्नोत्तर-सूची
नवम्‍बर-दिसम्‍बर, 2017 सत्र


शुक्रवार, दिनांक 01 दिसम्‍बर, 2017


भाग-1
तारांकित प्रश्नोत्तर


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खाद्य, पेय एवं अन्‍य सामग्रियों की जाँच

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( *क्र. 2200 ) श्री बहादुर सिंह चौहान : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिदपुर विधान सभा क्षेत्र में दिनांक 01.01.2015 से 20.10.2017 तक कितने स्‍थानों पर खाद्य पदार्थों, पेय पदार्थों, मिनरल वाटर एवं अन्‍य सामग्री के नमूने लिए गए? नाम, स्‍थान, सामग्री नाम सहित जानकारी देवें। (ख) उपरोक्‍त की निरीक्षण टीप भी अधिकारी का नाम, पदनाम सहित देवें। उपरोक्‍त नमूनों की भोपाल स्थित लैब से जाँच कराने पर मानक, अमानक, मिथ्‍याछाप स्थिति भी देवें? अमानक, मिथ्‍याछाप एवं अन्‍य गलतियों पर की गई कार्यवाही की जानकारी भी देवें? (ग) महिदपुर में दिनांक 24.10.2017 को घटित फूड पायजनिंग प्रकरण में विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की पूर्ण जानकारी देवें। संबंधित दुकान का लाइसेंस कब तक निरस्‍त कर दिया जायेगा? (घ) यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) महिदपुर में दिनांक 24.10.2017 को घटित फूड पायजनिंग के मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा फर्म श्री जैन नाश्‍ता पाइंट, पुराना बस स्टेण्ड (नगर पालिका के पास) सें मावा बर्फी एवं जैन नाश्ता पाइंट, चौक बाजार महिदपुर सें मावा पेड़ा, बर्फी का नमूना जाँच हेतु लिया जाकर खाद्य विश्‍लेषक राज्य खाद्य जाँच प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है। उक्त नमूने खाद्य प्रयोगशाला में विश्लेषणाधीन हैं। परिणाम पर अधिनियम अनुसार कार्यवाही की जाती है। (घ) खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं विनियम, 2011 के अनुसार किसी भी लायसेंस धारक खाद्य कारोबारकर्ता को अवमानक, मिथ्याछाप, असुरक्षित एवं अधिनियम के नियमों की अवहेलना के दोषसिद्धी होने एवं सुधार सूचना पत्र जारी करने पर दिये गये निर्देशों की अवहेलना की निरंतरता करने पर ही उसका लायसेंस निलंबित या निरस्त किये जाने का प्रावधान है।

स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं की पूर्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

2. ( *क्र. 2130 ) श्री कुंवर सिंह टेकाम : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सीधी/सिंगरौली जिले के विकासखण्‍ड कुसमी, मझौली एवं देवसर में कितने उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र एवं सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र संचालित हैं? विकासखण्‍डवार स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों की सूची उपलब्‍ध करावें संचालित स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में कहाँ-कहाँ प्रसव केन्‍द्र की सुविधा उपलब्‍ध है?                      (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में संचालित स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में विभिन्‍न पदों के कितने पद स्‍वीकृत, भरे एवं रिक्‍त हैं? पदवार जानकारी देवें। क्‍या शासन रिक्‍त पदों की पूर्ति करने जा रहा है? यदि हाँ, तो कब तक पूर्ण कर ली जावेगी? यदि नहीं, तो कारण सहित जानकारी देवें? (ग) क्‍या संचालित स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में प्रसूताओं हेतु जननी एक्‍सप्रेस की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं? यदि हाँ, तो विकासखण्‍ड कुसमी, मझौली एवं देवसर के किन-किन स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में जननी एक्‍सप्रेस की सुविधा उपलब्‍ध है? यदि नहीं, तो क्‍यों? स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में जननी एक्‍सप्रेस की सुविधा कब तक उपलब्‍ध करा दी जायेगी? एम्‍बुलेंस एवं शव वाहन की सुविधा कहाँ-कहाँ उपलब्‍ध है? स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मझौली हेतु विधायक निधि से राशि प्रदान किये जाने के बावजूद भी आज दिनांक तक शव वाहन क्रय क्‍यों नहीं किया गया? कारण सहित बतावें। उत्‍तरदायी कौन है? (घ) सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कुसमी के भवन निर्माण की स्‍वीकृति कब प्रदान की गयी थी? स्‍वीकृति की तिथि, लागत राशि सहित जानकारी देवें? भवन निर्माण की कार्यवाही कब तक प्रारंभ करा दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) की जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्‍यमंत्री की घोषणाओं का क्रियान्‍वयन

[संस्कृति]

3. ( *क्र. 825 ) श्री केदारनाथ शुक्ल : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्‍यमंत्री जी द्वारा सीधी जिला मुख्‍यालय में आयोजित सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के दौरान               क्‍या-क्‍या घोषणाएं की गई हैं? (ख) किन-किन घोषणाओं की पूर्ति घोषणानुसार कर दी गई हैं? शेष की पूर्ति कब तक कर दी जावेगी?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) मुख्‍यमंत्री जी द्वारा सीधी जिला मुख्‍यालय में सांस्‍कृतिक कार्यक्रम के दौरान 19 घोषणाएं की गई हैं। (ख) 19 घोषणाओं में से 11 की पूर्ति की जा चुकी है। उक्‍त 8 घोषणाओं पर कार्यवाही प्रचलित है। विस्‍तृत विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

शिक्षकों की चेक पोस्‍ट पर उपस्थिति

[स्कूल शिक्षा]

4. ( *क्र. 1932 ) श्री लाखन सिंह यादव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ग्वालियर के द्वारा आदेश क्र. 2630, 2713 एवं 2715, दिनांक 4.10.2017 एवं 23.10.2017 द्वारा विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयन घाटीगाँव, डबरा एवं भितरवार जिला ग्वालियर को विषय शा.प्रा. एवं मा. विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति                  शत-प्रतिशत किये जाने हेतु व्यवस्था के नाम से प्रत्येक शिक्षक को चेक पोस्ट पर उपस्थिति लगाने वाले आदेशों की प्रतियां उपलब्ध करावें? (ख) क्या विभाग इन आदेशों को उचित मानता है? यदि हाँ, तो कैसे? क्या जो शिक्षक विद्यालय के मुख्यालय पर उपस्थित रहते हैं या चेक पोस्ट के एवं विद्यालय के विपरीत 15-20 कि.मी. पर निवास कर रहे हैं, तो क्या उनको उल्टा चेक पोस्ट पर हस्ताक्षर हेतु आना-जाना अन्याय नहीं है? यदि नहीं, तो कैसे नहीं है? यदि है, तो ऐसे आदेश को जारी करने वाले अधिकारी के प्रति क्या कोई कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो क्या और कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ग) क्या शा.प्रा. एवं मा. विद्यालयों के विकासखण्ड घाटीगाँव, भितरवार, डबरा एवं मुरार के शिक्षकों को प्रताड़ि‍त करने हेतु यह आदेश जारी किया गया है? यदि नहीं, तो क्या उक्त आदेश को तुरन्त निरस्त कर दिया जावेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 9 में स्‍थानीय प्राधिकारियों को दायित्‍व सौंपे गये हैं। इन दायित्‍वों में विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्‍धता के साथ गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा भी समाहित है। संदर्भित प्रावधान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। उपरोक्‍त प्रावधान के तहत मॉनिटरिंग व्‍यवस्‍था की गई है। जी नहीं। इस मॉनिटरिंग व्‍यवस्‍था में विद्यालय के विपरीत दिशा में चेक पोस्‍ट त‍क जाकर उपस्थिति देने की स्थिति नहीं है, क्‍योंकि चेक-पोस्‍ट का निर्धारण प्रत्‍येक विद्यालय की स्थिति के अनुसार विद्यालय पहुंच मार्ग पर ही किया गया है। यह व्‍यवस्‍था जनशिक्षकों के लिए मॉनिटरिंग टूल के रूप में की गई है। इस व्‍यवस्‍था के माध्‍यम से शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। जी नहीं। उपरोक्‍त स्थिति के प्रकाश में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्द्रों के भवन का निर्माण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

5. ( *क्र. 2278 ) श्री संदीप श्री प्रसाद जायसवाल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हरदुआ में उपस्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के उन्नयन एवं ग्राम बडेरा एवं कन्हवारा में पी.एच.सी. भवन तथा ग्राम कैलवाराकला एवं गुलवारा में एस.एच.सी. भवन के निर्माण के कार्यादेश कब-कब प्रदान किये गये? भवनवार बतायें (ख) प्रश्नांश (क) के तहत भवनों के निर्माण की क्या समय-सीमा नियत थी एवं क्या निर्माण कार्य अब तक पूर्ण हो गये हैं? यदि हाँ, तो विवरण देवें? यदि नहीं, तो क्यों? भवनवार कारण बतायें। (ग) प्रश्नांश (ख) के तहत भवनों का निर्धारित समय-सीमा में निर्माण ना होने पर विभाग द्वारा अब तक      क्या-क्या कार्यवाही की गई और भवनों का निर्माण कब तक पूर्ण होगा? भवनवार बतायें।               (घ) प्रश्नांश (क) से (ग) के परिप्रेक्ष्य में क्‍या भवनों के निर्माण में अत्यधिक देरी होने एवं निर्माण कार्यों की बाधाओं को दूर न कर पाने की कार्यशैली का संज्ञान लेते हुये कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो क्या एवं कब तक? यदि नहीं, तो क्यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) उपस्वास्थ्य केन्द्र ग्राम हरदुआ व ग्राम कैलवाराकला एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कन्हवारा के भवन निर्माण/उन्नयन का कार्यादेश दिनांक 22.12.2014 को दिया गया। शेष उपस्वास्थ्य केन्द्र ग्राम गुलवारा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बडेरा के भवन निर्माण/उन्नयन का कार्य स्वीकृत नहीं है। (ख) जी हाँ। जी नहीं। ठेकेदार की प्रगति धीमी होने के कारण। समय-सीमा में कार्य न करने के कारण अनुबंध में निहित प्रावधान के अंतर्गत ठेकेदार के हर्जे-खर्चे पर दिनांक 27.07.2017 को अनुबंध निरस्त किया गया। (ग) भवन निर्माण/उन्नयन कार्य समय-सीमा में पूर्ण न होने के कारण ठेकेदार से राशि रूपये 1,00,000/- की क्षतिपूर्ति रोकी गई है। उत्तरांश (ख) अनुसार ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। शेष अपूर्ण कार्य को पूर्ण करने हेतु निविदा दिनांक 17.11.2017 को आमंत्रित कर ली गई है। निविदा के अनुमोदन पश्चात् उक्त भवनों का निर्माण कराने हेतु कार्यादेश दिया जावेगा। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय अस्पताल मुलताई का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( *क्र. 2289 ) श्री चन्‍द्रशेखर देशमुख : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय अस्पताल मुलताई का उन्नयन 100 बिस्तर वाले अस्पताल में किया जा सकता है? यदि हाँ, तो किस अस्पताल में? (ख) प्रश्नांश (क) के अनुसार क्‍या अस्पताल का उन्नयन शासन द्वारा प्रस्तावित है? यदि नहीं, तो कब तक प्रस्तावित कर उन्नयन किया जायेगा? दिनांक स्पष्ट करें। साथ ही अस्पताल के उन्नयन के लिये विभाग द्वारा कि‍ये गये समस्त पत्राचार की छायाप्रतियां देवें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। वर्तमान बीमॉक संस्था का सीमॉक में उन्नयन हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बैतूल से अभिमत प्रस्ताव मांगा गया है। (ख) जी नहीं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बैतूल से प्रस्ताव अभिमत प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं। उन्नयन सम्बन्धी पत्राचार की छायाप्रतियां पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

शास. चिकित्‍सकों द्वारा निजी चिकित्‍सालयों का संचालन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

7. ( *क्र. 2195 ) श्री रमेश पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न क्रमांक 3181, दिनांक 01.03.2017 के (क) उत्‍तर में बताया गया कि शासकीय चिकित्‍सक स्‍वयं या परिजन के नाम से क्लीनिक/हॉस्पिटल संचालित नहीं कर सकते तो फिर किस आधार पर इंदौर, भोपाल, बड़वानी एवं अन्‍य स्‍थानों पर इनके द्वारा क्लीनिक एवं निजी हॉस्पिटल संचालित किए जा रहे हैं? (ख) विभाग के पत्र क्रमांक/अस्‍प.प्रशा./2013/67-68, दिनांक 14.08.2013 में बिंदु क्रमांक 02 के परिपालन में उपरोक्‍त (क) अनुसार निगरानी हेतु वर्णित जिलों में कितने निरीक्षण दलों का गठन कर जाँच की गई? जिलावार, वर्षवार, अस्‍पतालवार जानकारी निरीक्षण दलों की टीप, नोटशीट की छायाप्रति सहित देवें। रिपोर्ट प्रस्‍तुत की गई हो तो प्रमाणित प्रति देवें। (ग) इन निरीक्षण दलों की रिपोर्ट पर क्‍या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी? (घ) प्रश्नांश (क) अनुसार ऐसे शासकीय चिकित्‍सकों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? समय-सीमा देंवे। इन जिलों के समस्‍त क्लीनिक, हॉस्पिटल की सूची, संचालक/संचालक मंडल के नाम सहित जिलावार देवें।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) इंदौर, भोपाल, बड़वानी में शासकीय चिकित्सकों द्वारा निजी अस्पताल/क्लीनिक संचालित किये जाने की कोई जानकारी संज्ञान में नहीं आई है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जाँच में कोई शासकीय चिकित्सक निजी चिकित्सालय/नर्सिंग होम में कार्य करते नहीं पाये गये। अतः प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

अध्‍यापकों की वेतन भिन्‍नता

[स्कूल शिक्षा]

8. ( *क्र. 2099 ) श्री कल्याण सिंह ठाकुर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विदिशा जिला अंतर्गत एक ही समय में नियुक्‍त अध्‍यापकों का वेतन एक समान नहीं है? यदि हाँ, तो क्‍यों? (ख) प्रश्नांश (क) के क्रम में क्‍या वर्ष 2016 में अध्‍यापकों को 6 वें वेतनमान की गणना सही नहीं की गई, जिस कारण वर्ष 2017 में 18 माह बाद वेतन से 2 से 5 हजार की कटौत्री की जा रही है? यदि हाँ, तो जिम्‍मेदार अधिकारियों पर क्‍या कार्यवाही सुनिश्चित की गई? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के क्रम में क्‍या वेतन की गण्‍ाना जिला स्‍तर पर समान कराने की कार्यवाही की गई? क्‍या वर्तमान में देय वेतन की गणना करने वाले अधिकारियों, जिनके द्वारा पूर्व में गणना सही नहीं करने से वेतन अधिक दिया जा रहा था तथा जिसे 18 माह बाद 2 से 5 हजार कम करना पड़ रहा है, पर कार्यवाही सुनिश्चित की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश दिनांक 07.07.2017 एवं 22.08.2017 के द्वारा अध्यापक संवर्ग के छठवें वेतनमान का वेतन निर्धारण के स्पष्ट निर्देश जारी किये गये हैं। यदि उल्लेखित आदेश के अन्तर्गत कोई वेतन विसंगति का प्रकरण प्राप्त होता है तो परीक्षण उपरान्त नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।                  (ख) एवं (ग) उत्तरांश (क) के अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

दुर्घटनाग्रस्त/घायल मरीजों का प्राथमिक उपचार

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

9. ( *क्र. 247 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय अनुसार क्या दुर्घटनाग्रस्त/घायल अज्ञात मरीजों को निःशुल्क प्राथमिक उपचार निजी चिकित्सालय नर्सिंग होम को भी दिये जाने के निर्देश हैं? (ख) प्राथमिक उपचार के बाद यदि दुर्घटनाग्रस्त/घायल अज्ञात मरीज को किसी अन्य शासकीय अस्पताल या मेडिकल हॉस्पिटल कॉलेज में रेफर करना हो तो स्थानीय पुलिस की उस मरीज को अन्यत्र ले जाने की जवाबदारी रहेगी अथवा नहीं? उक्त संबंध में शासन के क्या दिशा निर्देश हैं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय अनुसार दुर्घटनाग्रस्त/घायल अज्ञात मरीजों को निजी चिकित्सालय नर्सिंग होम को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। (ख) जी नहीं। पुलिस की जिम्मेदारी घायल व्यक्ति को चिकित्सालय में पहुंचाने व उसकी मेडिको लीगल जाँच कराने की है। प्राथमिक उपचार के बाद यदि दुर्घटनाग्रस्त/घायल अज्ञात मरीज को किसी अन्य शासकीय अस्पताल या मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में रेफर करना हो तो उसे चिकित्सालय द्वारा एम्बुलेंस द्वारा अन्य चिकित्सालय में जहां मरीज के उपचार की सुविधा उपलब्ध है, रेफर किया जाता है।

राष्‍ट्रीय पर्वों पर मिठाई वितरण हेतु बजट प्रावधान

[स्कूल शिक्षा]

10. ( *क्र. 1494 ) श्री राजकुमार मेव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में राष्‍ट्रीय पर्वों 26 जनवरी एवं 15 अगस्‍त पर शासकीय स्‍कूलों में बच्‍चों को मिठाई/प्रसादी के वितरण हेतु क्‍या कोई बजट का प्रावधान है? (ख) यदि बजट प्रावधान है तो प्रत्‍येक संस्‍था को कितनी-कितनी राशि उपलब्‍ध कराई जाती है? यदि नहीं, तो कारण बतावें। क्‍या शालाओं, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों के पास राशि के अभाव में प्रसादी/मिठाई का वितरण बच्‍चों को नहीं होता एवं संस्‍थाओं को चंदा लेना होता है? यदि हाँ, तो क्‍या इसके लिये कोई प्रक्रिया नियम आदि बनाये जावेंगे? (ग) प्रदेश में राष्‍ट्रीय पर्वों 26 जनवरी एवं 15 अगस्‍त पर शासकीय स्‍कूलों में बच्‍चों को मिठाई/प्रसादी वितरण हेतु बजट प्रावधान किये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा 01 मार्च, 2016 में अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3685 के माध्‍यम से बात रखी गई थी तथा मान. मंत्री महोदय द्वारा इस पर विचार किये जाने की बात कही गई थी? क्‍या तद्संबंध में शासन द्वारा कोई विचार किया गया? (घ) यदि बजट प्रावधान नहीं है तो क्‍या इस संबंध में शासन स्‍तर पर बजट में कोई प्रावधान किये जाने पर विचार किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक बतावें? यदि नहीं, तो कारण स्‍पष्‍ट करें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) शाला आकस्मिक निधि से शालाओं में 26 जनवरी एवं 15 अगस्‍त के आयोजन हेतु व्‍यय करने तथा मध्‍यान्‍ह भोजन कार्यक्रम परिषद के द्वारा विशेष भोज का प्रावधान है। हाई स्‍कूल एवं हायर सेकेन्‍डरी शालाओं में राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान के तहत उपलब्‍ध कराये गये अनुदान से उक्‍त पर्वों पर व्‍यय करना अनुमत्‍य है। (ख) उत्‍तरांश (क) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) अतारांकित प्रश्‍न 3685, दिनांक 01 मार्च, 2016 में विभाग द्वारा प्रस्‍तुत उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।              (घ) प्रश्‍नांश (ग) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''एक''

विद्यालयों का उन्नयन

[स्कूल शिक्षा]

11. ( *क्र. 1207 ) श्री मोती कश्यप : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जिला शिक्षा अधिकारी कटनी ने पत्र दिनांक 30.9.2017 द्वारा आयुक्त व लोक शिक्षण को किन्हीं पत्रों और दिनांक 11.9.2016 के मा. मुख्यमंत्री जी के अन्त्‍योदय मेला व जनदर्शन कार्यक्रम में की गई घोषणाओं को संदर्भित कर किन्हीं मिडिल एवं हाईस्कूलों को हाई व हायर सेकेण्डरी स्कूलों के रूप में उन्नयन करने हेतु लेख किया है? (ख) क्या प्रश्नकर्ता ने अपने पत्र दिनांक 19.9.2017 द्वारा मा. मुख्यमंत्री जी, विभागीय मंत्री एवं आयुक्त लोक शिक्षण को प्रश्नांश (क) जनदर्शन कार्यक्रम में की गई घोषणाओं और आई.डी. कोड के संबंध में लेख कर मिडिल से हाई एवं हाई से हायर सेकेण्डरी स्कूल के रूप में उन्नयन करने की मांग की है? (ग) क्या विभाग द्वारा प्रश्नांश (क), (ख) विद्यालयों के उन्नयन की प्रशासकीय स्वीकृति अतिशीघ्र जारी कर आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यालय प्रारंभ कर दिये जायेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। (ग) विद्यालयों के उन्नयन मापदण्‍डों की पूर्ति वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता पर निर्भर है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

12. ( *क्र. 2233 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र बैरसिया अंतर्गत ग्राम ईंटखेड़ी स्थित उप स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में उन्‍नयित किये जाने हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा माह अप्रैल 2016 से अक्‍टूबर 2017 के मध्‍य पत्र के माध्‍यम से अनुरोध किया गया था? (ख) यदि हाँ, तो विभाग द्वारा इस पर क्‍या कार्यवाही की गयी है? (ग) ग्राम परवलिया सड़क में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का संचालन हो रहा है अथवा नहीं? यदि नहीं, तो विभाग द्वारा प्रश्‍नकर्ता के पत्र पर क्‍या कार्यवाही की गयी है? (घ) ग्राम ईंटखेड़ी एवं परवलिया सड़क में थाना संचालित होने के साथ राष्‍ट्रीय राजमार्ग होने से आये दिन सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्‍यक्ति को तत्‍काल चिकित्‍सकीय सहायता मिल सके, इस दिशा में विभाग द्वारा 108 एंबूलेंस की व्‍यवस्‍था कब तक कर दी जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्राचीन स्‍थलों का संधारण/विकास

[पर्यटन]

13. ( *क्र. 462 ) श्री संजय उइके : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग को आदिवासी उपयोजना क्षेत्र हेतु मांग संख्‍या 41 में बजट राशि प्राप्‍त होती है? (ख) यदि हाँ, तो वित्तीय वर्ष 2012-13 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि विभाग को प्राप्‍त हुई एवं कितनी-कितनी राशि जिलों को कहाँ-कहाँ, किन-किन कार्यों हेतु आवंटित की गई? (ग) वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्राचीन शिव मंदिर कंजई/कंजर लालबर्रा जिला बालाघाट में विकास कार्य हेतु 30 लाख रूपये, जिला कटनी में स्थित देवरी ग्राम में शंकरजी के मंदिर पर चबूतरा एवं कुंडार के जीर्णोद्धार कार्य हेतु 50 लाख रूपये, नर-नारायण मंदिर चोपना जिला बैतूल में घाट के निर्माण कार्य हेतु 30 लाख रूपये, जिला कटनी में ग्राम सिलोंडी के समीप स्थित विरासनी माता मंदिर क्षेत्र के विकास कार्य हेतु 32 लाख रूपये की स्‍वीकृति आदिवासी उपयोजना क्षेत्र न होने के बावजूद मांग संख्‍या 41 में उक्‍त निर्माण कार्य हेतु राशि किन कारणों से स्‍वीकृत की गई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित स्‍थल विभाग के अधीन कब से, किन मापदण्‍डों के तहत लिया गया है? क्‍या विभाग बालाघाट जिले के आदिवासी धरोहर/किला/बावड़ी/पूजा स्‍थल जो प्राचीन हैं, के संधारण एवं विकास कार्य हेतु लिया जावेगा?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) प्राचीन शिवमंदिर कंजई लालबर्रा जिला बालाघाट एवं नरनारायण मंदिर चौपना जिला बैतूल आदिवासी उपयोजना क्षेत्र के अन्‍तर्गत ही है तथा कटनी स्थित देवरी ग्राम एवं ग्राम सिलोंडी विरासनी माता मंदिर ढीमरखेड़ा ब्‍लॉक में शामिल है जो कुडंम परियोजना आदिवासी उपयोजना में शामिल है। (घ) शासन द्वारा निर्धारित मापदण्‍डों के तहत कार्य किया गया। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दो''

स्वास्थ्यकर्मियों को समयमान वेतनमान का लाभ

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

14. ( *क्र. 1038 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वास्थ्य विभाग अन्तर्गत भोपाल संभाग में कितने कर्मचारी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के हैं, जिन्होनें प्रश्नांश दिनांक तक क्रमश: 10 वर्ष, 20 वर्ष एवं 30 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है? (ख) क्या वित्त विभाग के आदेश के अनुसार प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कर्मचारियों को क्रमशः 10 वर्ष, 20 वर्ष एवं 30 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृत किये जाने के निर्देश हैं? यदि हाँ, तो शासन आदेश की प्रति उपलब्ध करावें।           (ग) प्रश्नांश (ख) का उत्तर हाँ तो प्रश्नांश (क) में उल्लेखित कितने कर्मचारी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय समयमान वेतनमान पाने से शेष हैं? इन शेष कर्मचारियों को कब तक समयमान वेतनमान स्वीकृत किया जा रहा है? अभी तक लाभ नहीं दिये जाने के लिये कौन जिम्मेदार हैं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) भोपाल संभाग के जिलों में तृतीय श्रेणी के 2361 एवं चतुर्थ श्रेणी के 673 कर्मचारी पदस्थ हैं, जिन्होनें प्रश्नांश दिनांक तक क्रमशः 10 वर्ष, 20 वर्ष, 30 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है। (ख) जी हाँ। आदेश की प्रति संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) तृतीय श्रेणी के 279 एवं चतुर्थ श्रेणी के 193 कर्मचारी समयमान वेतनमान पाने से शेष हैं। शेष कर्मचारियों को निलंबन अवकाश अवधि एवं कोष-लेखा भोपाल द्वारा लगाई आपत्तियों के निराकरण उपरांत समयमान वेतनमान का लाभ प्रदाय किया जायेगा। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तीन''

सामान्‍य भविष्‍य न‍िधि से राशि की वसूली

[स्कूल शिक्षा]

15. ( *क्र. 1027 ) श्रीमती शीला त्‍यागी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महालेखाकार के पत्र पृ.प.अ./निधि/10-04/रीवा/336, दिनांक 14.06.2016 जे.डी. रीवा संभाग रीवा का पत्र क्र./लेखा/वित्त/206166 रीवा दिनांक 24.06.2016 तथा जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के पत्र क्र./जी.पी.एफ./ऑडिट/2017/09 दिनांक 18.01.2017 से राज नारायण तिवारी सहायक शिक्षक शा. मा.शाला पटेहरा, संकुल पटेहरा, जिला-रीवा के जी.पी.एफ. खाता क्र. 250345 से 16 लाख रूपये ऋणात्मक जी.पी.एफ. की वसूली हेतु आदेश किया गया है। (ख) प्रश्नांश (क) हाँ तो (क) के आदेशों का पालन हुआ की नहीं? यदि नहीं, तो कारण बतायें? यदि हाँ, तो आदेश दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि की कटौती की जा चुकी है? कटौती पत्रक के साथ जानकारी दें। (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के संबंध में यदि कटौती प्रारम्‍भ नहीं हुई तो कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं, दोषियों पर कब क्‍या दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करेंगे। (घ) क्‍या प्रश्नांश (क) के सहायक शिक्षक तिवारी की सेवा निवृत्ति समीप है? यदि हाँ, तो सेवा निवृत्ति उपरांत मिलने वाले स्‍वत्‍वों से जी.पी.एफ. कटौती की राशि की वसूली ब्‍याज राशि के साथ करेंगे? यदि हाँ, तो कुल कितनी मूल एवं ब्‍याज राशि की वसूली संबंधित से करेंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) महालेखाकार ग्वालियर के संदर्भित आदेशानुसार संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा के पत्र दिनांक 24.06.2016 तथा जिला शिक्षा अधिकारी रीवा के पत्र दिनांक 18.01.2017 द्वारा श्री राजनारायण तिवारी सहायक शिक्षक के सामान्य भविष्य निधि खाता क्रमांक 250345 से ऋणात्मक राशि रू. 15,30,672/- की वसूली हेतु आदेश किया गया है। महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) द्वितीय ग्वालियर के पत्र क्रमांक/निधि/50/195 दिनांक निल द्वारा 10,08,959/- रूपये वसूली हेतु आदेश पुनः किया गया है, जिसके अनुसार कार्यवाही की जा रही है। (ख) प्रश्नांश (क) के आदेश्‍ा का पालन किया जा रहा है। संबंधित के वेतन से 10,000/- रूपये प्रतिमाह कटौती की जा रही है, जिसमें रूपये 5000/- नियमित एवं 5000/- ऋणात्मक राशि की वसूली शामिल है। आदेश दिनांक 18.01.2017 से 75,000/- रूपये की कटौती की जा चुकी है, जिसमें 40,000/- नियमित कटौती एवं 35,000/- ऋणात्मक राशि की वसूली शामिल है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''एक'' अनुसार है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं () के संबंध में कटौती की जा रही है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) श्री राज नारायण तिवारी सहायक शिक्षक की सेवानिवृत्ति दिनांक 31.12.2018 है। संचालनालय के आदेश दिनांक 21.11.2017 के द्वारा श्री तिवारी के कुल परिलब्धियों में से 50 प्रतिशत राशि की प्रतिमाह कटौती की जाकर तथा शेष राशि की ग्रेच्युटी से वसूली की जावेगी। महालेखाकार म.प्र. ग्वालियर के पत्रों में भिन्न-भिन्न राशियां वसूली हेतु जारी किये जाने के उपरांत संचालनालय के पत्र दिनांक 21.11.2017 द्वारा वास्तविक वसूली की जानकारी प्राप्त करने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र ''दो'' अनुसार है। उक्त जानकारी प्राप्त होने पर अग्रिम कार्यवाही की जावेगी।

शालाओं का उन्‍नयन  

[स्कूल शिक्षा]

16. ( *क्र. 1964 ) श्री जसवंत सिंह हाड़ा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या माननीय मुख्‍यमंत्री जी द्वारा ग्राम पंचायत मोहम्‍मदखेड़ा में हाई स्‍कूल प्रारंभ किये जाने हेतु कोई घोषणा की गई है? (ख) यदि हाँ, तो प्रश्नांश (क) अंतर्गत उक्‍त घोषणाओं के पालन हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है तथा उक्‍त घोषणाओं को कब तक पूरा कर दिया जावेगा। (ग) प्रश्‍नकर्ता के शुजालपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ऐसे कितने विद्यालय हैं, जिनका मा.वि. का हाई स्‍कूल में एवं हाई स्‍कूल का हायर सेकेण्‍डरी में उन्‍नयन होना प्रस्‍तावित है? सूची प्रदान की जावे तथा उनके उन्‍नयन हेतु शासन द्वारा कब तक स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) ग्राम पंचायत मोहम्‍मदखेड़ा में हाईस्‍कूल से हायर सेकेण्‍डरी में उन्‍नयन की घोषणा की गई है। (ख) शाला उन्‍नयन की कार्यवाही प्रचलन में है। अत: निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) शालाओं के उन्‍नयन के संबंध में प्रदेश स्‍तर पर छात्र संख्‍या, जनसंख्‍या एवं दूरी के मान से निर्धारित मापदण्‍ड पूर्ण करने वाली शालाओं का परीक्षण किया जा रहा है। शालाओं के उन्‍नयन हेतु वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता भी विचाराधीन होती है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

अधिकारियों/कर्मचारियों का स्थानान्तरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

17. ( *क्र. 142 ) श्री कुँवरजी कोठार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2017 में राजगढ़ जिला अंतर्गत विभाग में कितने अधिकारि‍यों एवं कर्मचारि‍यों के स्थानान्तरण किये गये हैं? अन्यत्र जिलों से आने वाले, जिले से अन्यत्र किये गये एवं जिला अन्तर्गत किये गये समस्त स्थानान्तरणों से अवगत करावें? (ख) क्या स्थानान्तरित समस्त अधिकारि‍यों एवं कर्मचारि‍यों द्वारा नवीन स्थानान्तरित स्थान पर कार्यभार ग्रहण कर लिया गया? स्थानान्तरण दिनांक एवं कार्यभार ग्रहण दिनांक से अवगत करावें (ग) क्या जिन चिकित्सकों द्वारा आज तक नवीन स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने में जानबूझकर विलंब किया है, उन पर शासन ने कोई कार्यवाही की या करेगा? यदि हाँ, तो, क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, तो, क्यों नहीं कारण बतावें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जी नहीं, 01 चिकित्सक द्वारा कार्यग्रहण नहीं किया गया है। स्थानांतरित एवं उपस्थिति की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) 01 अधिकारी द्वारा कार्यग्रहण नहीं किया गया है। कार्यग्रहण न करने के कारणों का परीक्षण करते हुए यथासंभव कार्यवाही की जावेगी, शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चार''

शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ  

[स्कूल शिक्षा]

18. ( *क्र. 1368 ) श्रीमती ममता मीना : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन द्वारा सहायक शिक्षक/उच्च श्रेणी शिक्षकों को 12, 24 एवं 30 वर्ष की क्रमोन्नति (समयमान वेतनमान) प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो कब से? (ख) इन सहायक शिक्षकों/उच्च श्रेणी शिक्षकों को क्रमशः शिक्षक पद एवं व्याख्याता पदनाम प्रदान करने हेतु शासन कब तक आदेश प्रसारित करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) वर्तमान में इस संबंध में प्रावधान नहीं है।

हाई फोकस योजना का क्रियान्‍वयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

19. ( *क्र. 1946 ) श्री मुकेश पण्‍ड्या : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग की हाई फोकस योजना क्या है? इसके चिन्हांकन के क्या मापदण्ड हैं तथा इसको कौन घोषित करता है? (ख) हाई फोकस योजना में चिन्हांकन के बाद विभाग क्या क्या सुविधा प्रदान करता है? (ग) म.प्र. में कौन कौन से जिले को हाई फोकस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है? क्या उज्जैन जिले को हाई फोकस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है? यदि हाँ, तो बड़नगर विधानसभा क्षेत्र को इस योजना से क्या-क्या लाभ अभी तक प्राप्त हुए हैं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सूचकांकों के आधार पर पिछड़े जिलों को उच्च प्राथमिकता वाले जिले (हाई प्रायोरिटी डिस्ट्रिक्ट) घोषित किया गया है। इसके चिन्हांकन के मापदण्ड संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ख) हाई प्रायोरिटी जिले के रूप में चिन्हांकित जिलों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से अधिक संसाधन, कार्यरत चिन्हांकित स्टॉफ का मानदेय एवं कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान है। (ग) भारत सरकार द्वारा दिनांक 20.09.2017 को जारी की गई हाई प्रायोरिटी जिलों की सूची संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''पाँच''

रोगी कल्‍याण समिति के खाते में जमा राशि

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( *क्र. 136 ) श्री संजय शर्मा : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्व. शंकर लाल दुबे शासकीय चिकित्सालय नरसिंहपुर की रोगी कल्याण समिति के खाते में दिनांक 31 मार्च, 2017 की स्थिति में कितनी राशि उपलब्ध है?                                       (ख) क्या साधारण सभा के अनुमोदन के बिना सी.एम.एच.ओ. रोगी कल्याण समिति की राशि आहरण कर सकते हैं? (ग) क्‍या साधारण सभा के अनुमोदन के बिना सी.एम.एच.ओ. जिला नरसिंहपुर द्वारा 53 लाख रुपयों के निर्माण कार्यों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है? (घ) यदि हाँ, तो सी.एम.एच.ओ. जिला नरसिंहपुर के विरुद्ध क्या कार्यवाही कब तक की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) स्‍व. शंकरलाल दुबे शासकीय चिकित्सालय नरसिंहपुर की रोगी कल्‍याण समिति के खाते में दिनांक 31.03.2017 की स्थिति में राशि 6393907/- उपलब्ध थी। (ख) एवं (ग) जी नहीं। (घ) प्रश्नांश (क), (ख) एवं (ग) के उत्तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

सर्वशिक्षा अभियान अंतर्गत प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थ कर्मचारी

[स्कूल शिक्षा]

21. ( *क्र. 1942 ) श्री गिरीश भंडारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. में सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर रखने के क्‍या नियम हैं व कितनी अवधि के लिये प्रतिनियुक्ति पर रखा जाता है? नियम की प्रति उपलब्‍ध करावें।                       (ख) राजगढ़ जिले में बी.आर.सी., बी.ए.सी., ए.पी.सी., बी.जी.सी., सी.ए.सी. के पदों पर सर्वशिक्षा अभियान में कितने कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर कितनी अवधि से रखा हुआ है? कर्मचारी का नाम, प्रतिनियुक्ति पर पदस्‍थी की दिनांक, ब्‍लाक का नाम पद सहित पूर्ण जानकारी दें? (ग) प्रश्‍न की कंडिका (क) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार जिन पदों पर प्रतिनियुक्ति पूर्ण हो चुकी है? क्‍या ऐसे कर्मचारियों को उनके मूल पद पर पदस्‍थी कर दी गई है? नहीं तो क्‍यों नहीं? कारण सहित जानकारी दें। (घ) प्रश्‍न की कंडिका (क) से (ग) की उपलब्‍ध जानकारी अनुसार प्रतिनियुक्ति पर अवधि से अधिक बने रहने के लिये कितने कर्मचारियों द्वारा माननीय न्‍यायालय से स्‍थगन आदेश लिया गया है? नाम, पद का नाम सहित सूची उपलब्‍ध करावेंजिन कर्मचारियों ने माननीय न्‍यायालय से स्‍थगन नहीं लिया है, ऐसे शेष कर्मचारियों को कब तक उनके मूल पद पर भेजा जायेगा? प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण होने के बाद भी अभी तक कर्मचारियों को क्‍यों नहीं हटाया गया है? इसके लिये जिम्‍मेदार अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'एक' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'दो' अनुसार है। (ग) 03 सहायक परियोजना समन्‍वयक एवं 06 बी.आर.सी. की प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण हो चुकी है। 123 प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत बी.ए.सी., बी.जी.सी. एवं जनशिक्षक जिनकी प्रतिनियुक्ति अवधि पूर्ण हो चुकी है, उनमें से 49 कर्मचारियों द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय खण्‍डपीठ इंदौर से स्‍थगन प्राप्‍त कर कार्यरत हैं, जिनका प्रकरण माननीय न्‍यायालय में विचाराधीन है। शेष 74 की सेवाएं वापिस करने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) 49 कर्मचारियों द्वारा स्‍‍थगन आदेश लिया गया, नाम व पदनाम सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'तीन' अनुसार है। 74 की सेवायें वापिस करने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन  

[संस्कृति]

22. ( *क्र. 2238 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या राज्‍यमंत्री, संस्कृति महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में 01 जनवरी, 2014 के बाद से प्रतिवर्ष कौन-कौन से आयोजन किये गये? इन आयोजनों पर प्रतिवर्ष कितनी राशि व्‍यय की गई? कार्यक्रमवार एवं वर्षवार बतावें (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों में शामिल राज्‍य के बाहर से बुलाये गये किस-किस कलाकार को कितनी राशि का भुगतान पारिश्रमिक के रूप में दिया गया? राज्‍य के कलाकारों को कितनी राशि किस-किस आयोजन के लिए पारिश्रमिक के रूप में दी गई? वर्षवार बतावें (ग) विभाग द्वारा लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए कौन-कौन सी योजनाएं/कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं? इन कार्यक्रमों के लिये बजट में कितनी राशि का प्रावधान किया गया है? (घ) वर्ष 2014-15, 2015-16 और 2016-17 में बजट में प्रावधानिक किस-किस वर्ष की कितनी राशि व्‍यय नहीं होने पर समर्पित की गई?

राज्‍यमंत्री, संस्कृति ( श्री सुरेन्द्र पटवा ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है। (ग) संचालनालय द्वारा वर्षभर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में लोकगायन, लोकनृत्‍य एवं विभिन्‍न लोकविधाओं पर आधारित कार्यक्रम समय-समय पर किये जाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्‍यम से लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य किया जा रहा है।              (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' अनुसार है।

स्‍वीकृत हाईस्‍कूल के भवनों का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

23. ( *क्र. 2064 ) श्री सूबेदार सिंह रजौधा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र जौरा में कितने नवीन हाईस्‍कूल स्‍वीकृत किये गए हैं और कितने स्‍कूलों के लिए भवन निर्माण हेतु राशि स्‍वीकृत कर दी गई है तथा कितने भवनों के लिए अभी तक राशि स्‍वीकृत नहीं की गई है? (ख) क्‍या स्‍वीकृत हाई स्‍कूल भवनों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है? कितने हाई स्‍कूल भवनों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत भी कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है? कारण सहित अवगत कराया जावे (ग) विधान सभा क्षेत्र जौरा में स्‍वीकृत हाई स्‍कूल के भवनों के लिए टेण्‍डर प्रक्रिया के उपरांत भी निर्माण कार्य आरंभ नहीं हो पा रहा है, ऐसे स्‍कूलों की संख्‍या कितनी है और भवनों का निर्माण कार्य कब तक आरंभ कर दिया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) 2017-18 में जौरा विधानसभा अंतर्गत 11 नवीन हाई स्‍कूल स्‍वीकृत किए गए हैं। समस्‍त स्‍वीकृत स्‍कूल भवनों हेतु राशि स्‍वीकृत की गई है।                          (ख) जी हाँ। 07 कार्य अप्रारंभ हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) 07 नवीन हाई स्‍कूलों का निर्माण कार्य अप्रारंभ है। भूमि आवंटन उपरांत निर्माण कार्य प्रारंभ किए जायेंगे।

परिशिष्ट - ''छ:''

शासकीय विद्यालयों के भवन निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

24. ( *क्र. 446 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में कहाँ-कहाँ पर अपने स्वयं के शासकीय भवन निर्मित नहीं हैं? सूची विद्यालयवार नाम एव पते सहित उपलब्ध करावें। (ख) इन विद्यालयों में भवनों के निर्माण हेतु शासन द्वारा क्या योजना बनाई गयी है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत 04 प्राथमिक विद्यालय भवन विहीन हैं। उक्‍त 04 शालाएं स्‍थानांतरित शालाएं हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कोई भी माध्‍यमिक विद्यालय भवन विहीन नहीं है। हाई व हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) 04 प्राथमिक विद्यालय (स्‍थानांतरित शाला) के भवनों हेतु वार्षिक कार्य योजना 2017-18 में मांग की गई थी। भारत शासन से स्‍वीकृति प्राप्‍त नहीं होने पर पुन: इस वर्ष की वार्षिक कार्ययोजना 2018-19 सम्मिलित कर भवन की मांग की जावेगी। वर्तमान में उक्‍त शालाओं की वैकल्पिक व्‍यवस्‍था कर शाला संचालित की जा रही है। हाई व हायर सेकेन्‍डरी स्‍कूलों के भवन निर्माण वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता पर निर्भर है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सात''

शिशुओं की अकाल मृत्‍यु

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( *क्र. 56 ) श्री बाबूलाल गौर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के किन-किन जिलों में वर्ष 2015, 2016 एवं 2017 में कितने-कितने शिशुओं की अकाल मृत्‍यु हुई? पृथक-पृथक संख्‍या बताई जाए (ख) शासन द्वारा शिशुओं की अकाल मृत्‍यु रोकने के लिए क्‍या नीति/योजना बनाई गई है? (ग) क्‍या शासन द्वारा शिशुओं की हुई अकाल मृत्‍यु की जाँच करवाई गई? यदि हाँ, तो जाँच में शिशुओं के अकाल मृत्‍यु के क्‍या कारण बताए गये?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) प्रश्‍नावधि में एच.एम.आई.एस. रिपोर्ट अनुसार कुल 63107 शिशुओं की मृत्यु हुई। जिलेवार एवं वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) प्रश्‍न भाग की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) जी हाँ, शिशुओं की मृत्युओं की सतत् मॉनिटरिंग/जाँच की जाती है। शिशुओं की मृत्यु के प्रमुख कारण बर्थ एस्फीक्सिया, संक्रमण, कम वज़न, समय पूर्व जन्म, निमोनिया, डायरिया, आर.डी.एस. रहे हैं।

 

 

 




 


भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्नोत्तर

महिला चिकित्‍सालय भवन का निर्माण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

1. ( क्र. 71 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बजट सत्र 2017 के दौरान की गई घोषणा एवं स्‍वीकृति के पश्‍चात सिविल अस्‍पताल जावरा के परिसर में नवीन महिला चिकित्‍सालय भवन निर्माण हेतु डी.पी.आर. परियोजना क्रियान्‍वयन इकाई द्वारा तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये थे? (ख) यदि हाँ, तो फरवरी-मार्च 2017 बजट में सम्मिलित स्‍वीकृत कार्य की डी.पी.आर. परियोजना बनाए जाने के निर्देश जून-जुलाई 2017 में दिये जाने के पश्‍चात शासन/विभाग द्वारा आगामी क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां की गई? (ग) क्षेत्र की अत्‍यंत ज्‍वलंत एवं गंभीर आश्‍वयकता की पूर्ति हेतु विभाग द्वारा नवीन महिला चिकित्‍सालय भवन निर्माण का कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जाएगा और यह कब पूर्ण होकर क्षेत्रीय आवश्‍यकताओं की पूर्ति कर सकेगा? (घ) अवगत कराएं कि शासन/विभाग द्वारा दिये गये निर्देशों एवं दी गई स्‍वीकृति के पश्‍चात नवीन भवन निर्माण कार्य संबंधी क्‍या-क्‍या कार्यवाहियां हुई एवं समस्‍त औपचारिकताओं को पूर्ण कर कब कार्य प्रारंभ किया जाएगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) मुख्य वास्तुविद म.प्र. लोक निर्माण विभाग द्वारा डी.पी.आर. तैयार किये जाने हेतु आर्किटेक्ट/कंसलटेन्ट नियुक्त के लिए 3 बार निविदा आमंत्रण के पश्‍चात भी निविदा प्राप्त नहीं होने के कारण चतुर्थ निविदा आमंत्रण सूचना दिनांक 01.11.2017 को जारी की गई है। (ग) डी.पी.आर. आधारित प्रशासकीय स्वीकृति जारी न होने से कार्य प्रारम्भ एवं पूर्णता की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं। (घ) डी.पी.आर. तैयार न होने से प्रशासकीय स्वीकृति जारी नहीं होने के कारण कार्य प्रारम्भ करने की निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं

हाईस्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी भवनों की स्‍वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

2. ( क्र. 72 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) क्‍या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अनेक स्‍थानों पर विगत कई वर्षों से हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल स्‍वयं के भवन नहीं होने के कारण अन्‍य व्‍यवस्‍थाओं के माध्‍यम से अन्‍य स्‍कूलों अथवा अन्‍य कक्षों में संचालित किये जा रहे हैं? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या स्‍वयं के भवन नहीं होने के कारण प्रवेशित छात्र-छात्राओं की बढ़ती संख्‍या के कारण अन्‍य व्‍यवस्‍थाओं के माध्‍यम से संचालित किये जाने में जगह की कमी महसूस की जा रही है? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या इससे स्‍कूलों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं की जहां एक ओर संख्‍या भी प्रभावित हो रही है वहीं वे प्रवेश से वंचित होने से अन्‍यत्र जाने को मजबूर होते हैं एवं प्रवेशित छात्रों को पर्याप्‍त बैठक व्‍यवस्‍था नहीं होने से अध्‍ययन-अध्‍यापन प्रभावित होता है? (घ) यदि हाँ, तो विगत वर्षों से संचालित भवनविहीन हाईस्‍कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों को अपने स्‍वयं के भवन की स्‍वीकृति कब तक दी जाकर इन्‍हें कब तक पूर्ण किया जाएगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जावरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 03 शास उ.मा.वि. एवं 13 हाईस्कूल भवनविहीन होकर प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों के भवनों में संचालित हैं। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) शालाएं अन्य शासकीय भवनों में कक्षाएं संचालित है।            (ग) उक्त विद्यालयों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं की संख्या प्रभावित होने का कारण स्‍वयं का भवन होना नहीं है। विगत 03 वर्षों के नामांकन का तुलनात्मक विवरण संलग्न परिशिष्ट पर है। विद्यालय अपने फीडिंग क्षेत्र के समस्त विद्यार्थियों को प्रवेश देता है तथा किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश से वंचित नहीं किया जाता हैं एवं प्रवेशित छात्र-छात्राओं के अध्यापन के लिए बैठक व्यवस्था की जाती है। (घ) भवन निर्माण वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता पर निर्भर है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''आठ''

हाई स्‍कूलों का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

3. ( क्र. 85 ) श्रीमती सरस्‍वती सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्‍यप्रदेश में संचालित शासकीय हाईस्‍कूल से हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन किये जाने का क्‍या प्रावधान है? (ख) सिंगरौली जिले के चितरंगी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक में कुल कितने हाईस्‍कूलों का हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों में उन्‍नयन किया गया है वर्षवार स्‍कूलवार विवरण देवें। (ग) शासकीय हाईस्‍कूल सकरिया का हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन हेतु निर्धारित मापदण्‍ड के अनुरूप होने के पश्‍चात् भी उन्‍नयन नहीं होने के क्‍या कारण है? (घ) यदि निर्धारित मापदण्‍ड के अनुरूप है तो कब तक उन्‍नयन करा दिया जायेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) वर्ष 2015-16 से सिंगरौली जिले के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय हाईस्‍कूल नैकहवा का हायर सेकेण्‍डरी में उन्‍नयन किया गया। (ग) शालाओं का उन्‍नयन वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता, मापदंडों की पूर्ति पर निर्भर होता है। (घ) वर्ष 2017-18 में शालाओं के उन्‍नयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव: नहीं है।

परिशिष्ट - ''नौ''

शासकीय प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शालाओं में स्‍थायी पेयजल व्‍यवस्‍था के स्‍त्रोत

[स्कूल शिक्षा]

4. ( क्र. 122 ) श्री जितेन्‍द्र गेहलोत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्‍जैन संभाग के कितने एवं कौन-कौन से प्राथमिक एवं माध्‍यमिक शालाओं में स्‍थायी पेयजल स्‍त्रोत सुविधा नहीं है? जिलेवार, तहसीलवार ब्‍यौरा दें? (ख) इन प्राथमिक एवं माध्‍यमिक विद्यालयों में पेयजल व्‍यवस्‍था के स्‍त्रोतों की जानकारी दें? (ग) क्‍या सरकार ने प्रश्नांश (क) में उल्‍लेखित विद्यालयों में स्‍थायी पेयजल स्‍त्रोत उपलब्‍धता हेतु कोई कार्य योजना बनाई है? यदि हाँ, तो तत्‍संबंधी पूर्ण विवरण दें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) इन शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाओं में स्‍थानीय स्‍तर पर पेयजल की व्‍यवस्‍था की जाती है। (ग) पेयजल योजना स्‍वीकृत है। वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता के आधार पर स्‍थाई पेयजल स्‍त्रोत उपलब्‍घ कराया जाना संभव होगा।

नियम विरूद्ध आहरण संवितरण का अधिकार दिया जाना

[स्कूल शिक्षा]

5. ( क्र. 158 ) श्री गिरीश गौतम : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) क्‍या म.प्र. कोषालय संहिता के नियमों के अन्‍तर्गत कार्यालय प्रमुख को उसके कार्यालय के बाहर के अधीनस्‍थ अधिकारियों को आहरण एवं संवितरण का अधिकार प्रदान किये जाने का प्रावधान है? यदि हाँ, तो नियम एवं प्रावधान बताएं तथा प्रति उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या आयुक्‍त लोक शिक्षण म.प्र. द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी रीवा एवं उप संचालक शिक्षा रीवा को अगस्‍त 2017 में कार्यालय संयुक्‍त संचालक शिक्षा का आहरण एवं संवितरण का अधिकार प्रदान किया गया था? यदि हाँ, तो किस नियम एवं प्रावधान के अंतर्गत उक्‍त अधिकार प्रदान किये गये तथा आदेश कब किया गया, प्रति उपलब्‍ध करायें। (ग) क्‍या उप संचालक शिक्षा रीवा द्वारा जुलाई 2017 में स्‍वयं की वेतन वृद्धि स्‍वीकृत की गयी? यदि हाँ, तो किस नियम एवं प्रावधान के अंतर्गत की गयी, तत्‍संबंधी विवरण उपलब्‍ध करायें। (घ) क्‍या 2012 में तत्‍कालीन जिला शिक्षा अधिकारी          (उप संचालक शिक्षा) सीधी द्वारा स्‍वयं के वेतन वृद्धि किये जाने के आरोप में निलंबित किये गये थे? यदि हाँ, तो आदेश की प्रति उपलब्‍ध कराये? क्‍या रीवा में भी नियम विरूद्ध स्‍वयं की वेतन वृद्धि स्‍वीकृत करने के लिए कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ, तो समय-सीमा बताये।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। आयुक्‍त लोक शिक्षण द्वारा संयुक्‍त संचालक, लोक शिक्षण संभाग रीवा का प्रभार प्रशासकीय आधार पर उप संचालक लोक शिक्षण रीवा को सौंपा गया था। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है।           (ग) जी हाँ। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा (पदेन अपर संचालक शिक्षा) के प्रति हस्ताक्षर द्वारा। नियम की प्रति जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है।              (घ) तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी, सीधी को वर्ष 2012 में सयुक्त संचालक, लोक शिक्षण सागर के कूट रचित आदेश/पत्र एवं स्केन हस्ताक्षर से स्वतः स्वयं की वेतन वृद्धि, वेतन निर्धारण, एरियर्स आदि आहरित कर गंभीर त्रुटि किये जाने के कारण निलंबित किया गया था। आदेश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-तीन अनुसार है। () के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

राज्य बीमारी योजनान्तर्गत राशि की स्वीकृति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

6. ( क्र. 163 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राज्य बीमारी योजना क्या है, इस योजना में लाभ के लिए क्या पात्रता होना चाहिए? नियम की प्रति दी जावे. (ख) इस योजना में राज्य शासन द्वारा कौन-कौन सी गंभीर बीमारी चिन्हित की गई है? उसकी सूची दी जावे. इस योजना में शासन द्वारा कौन-कौन से अस्पताल राज्य के भीतर एवम राज्य से बहार के चिन्हित किये गए है? उसकी सूची देवें. इस योजना में मरीज द्वारा आवेदन करने के कितने दिन के अंदर राशि स्वीकृत होकर संबंधित अस्पताल में भुगतान हेतु भेजी जाती है? (ग) खरगोन जिले में 1 सितम्बर 2017 से प्रश्न दिनांक तक कितने आवेदन कब-कब प्राप्त हुए? इन प्राप्त आवेदनों पर विभाग द्वारा कब-कब प्रस्ताव सक्षम अधिकारी की ओर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किये गए? अधिकारी द्वारा कितनी बार मेमो लगाया गया? आवेदन प्राप्ति से राशि स्वीकृति तक कितने दिनों का विलम्ब हुआ है? इसके लिए कौन दोषी है? उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) क्या बीमारी के प्रकरणों के विलम्ब के बारे में प्रश्नकर्ता द्वारा मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य का ध्यान आकर्षित करने हेतु पत्र क्रमांक 1240 दिनांक 16 अक्टूबर 2017 से लिखा गया है. यदि हाँ, तो शासन द्वारा की गई कार्यवाही की विस्तृत जानकारी देवे.

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) राज्य बीमारी सहायता निधि योजनान्तर्गत का लाभ हेतु गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने सदस्यों को गंभीर 21 चिन्हित बीमारीयों में ग्रसित हो। नियम की प्रति जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। योजना अन्तर्गत आवेदक के आवेदन पर स्वीकृति पश्चात अधिकतम 10 कार्य दिवस में स्वीकृति आदेश जारी किये जाना होता है। बजट की उपलब्धता अनुसार संबंधित अस्पताल को 80 प्रतिशत राशि अग्रिम जारी की जाती है तथा अस्पताल से उपयोगिया प्रमाण पत्र प्राप्त होने के पश्चात शेष 20 प्रतिशत राशि भुगतान की जाती है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। शासन द्वारा प्रकरण स्वीकृति हेतु 10 कार्य दिवस निर्धारित की गई है। प्रकरणों में स्वीकृति हेतु हुए विलंब के लिये जानकारी प्राप्त की जा रही है, जानकारी प्राप्त होने पर समुचित कार्यवाही की जायेगी। (घ) जी हाँ। पत्र पर कार्यवाही प्रचलन में है। जिसमें कलेक्टर जिला खरगोन को पत्र लिख कर राज्य बीमारी सहायता निधि योजनान्तर्गत स्वीकृति हेतु लंबित प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की जा रही है।

अस्पताल निर्माण में विलम्ब

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

7. ( क्र. 165 ) श्री हितेन्द्र सिंह ध्‍यान सिंह सोलंकी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बड़वाहा नगर में 100 बिस्‍तर अस्पताल में कितनी राशि कब स्वीकृत हुई है? कब निविदा खुली, कब कार्यादेश दिया गया, कब भवन का कार्य प्रारंभ किया गयी? उक्‍त भवन का कार्य किन-किन कारणों से कब-कब रोका गया है? निविदा के अनुसार कार्य की अवधि क्या थी? कितनी बार अवधि बढ़ाई गई है. कितनी बार ठेकेदार को पेनल्टी लगाई गई है एवम कितनी-कितनी पेनल्टी लगाई है? (ख) क्या अस्पताल में आवश्यक सुधार एवम स्टॉफ के आवास हेतु कोई विभागीय प्रस्ताव भेजा गया है? यदि हाँ, तो प्राप्त प्रस्ताव पर विभाग प्रमुख द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? राशि कब तक स्वीकृत की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) अस्पताल में आवश्यक सुधार हेतु कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ स्टाफ के आवास निर्माण हेतु निविदा प्राप्त कर परीक्षणाधीन है अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''दस''

नरसिंहपुर जिले में अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नति

[स्कूल शिक्षा]

8. ( क्र. 193 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) क्या नरसिंहपुर जिले में वर्ष 2015 में अध्यापकों की पदोन्नति संबंधी प्रक्रिया प्रचलन में थी? यदि हाँ, तो कितने अध्यापकों को पदोन्नति प्रदान की गई, विषयवार, पदवार, स्‍कूलवार नाम सहित सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रश्नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍न क्रमांक 1338 दिनांक 25.7.2016 के प्रत्युत्तर में अवगत कराया गया था कि अध्यापक से वरिष्ठ अध्यापक पदोन्नति में अंग्रेजी विषय में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा स्टे दिया गया है, किन्तु आपके द्वारा इस प्रश्‍न के उत्तर में जो जवाब प्रस्तुत किया गया उसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी का आदेश संलग्न है एवं कोर्ट की वेबसाइट पर इस प्रकरण के संबंध में किसी प्रकार का स्टे कोर्ट द्वारा नहीं दिया गया, यदि कोर्ट द्वारा कोई स्थागन आदेश दिया गया है तो उपलब्ध करावें। (ग) यदि स्थगन आदेश कोर्ट द्वारा नहीं दिया गया तो इस पूरे प्रकरण की जाँच करवाकर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में चूंकि यह पदोन्नति प्रक्रिया माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश द्वारा पदोन्नति नियम 2002 को निरस्त करने के पूर्व की है, अतः क्या पदोन्नति प्रक्रिया को पूर्ण किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) प्रश्न क्र. 1338 दिनांक 25.07.16 के उत्तर में अवगत कराया गया था कि डिप्टी कलेक्टर, नरसिंहपुर के प्रतिवेदन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत नरसिंहपुर के आदेश दिनांक 02.06.15 एवं माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में दायर याचिका क्र. डब्ल्यू.पी. 8024/2015 द्वारा उक्त विषयों की पदोन्नति स्थगित की गई थी। उत्तर में याचिका में पारित निर्णय दिनांक का उल्लेख नहीं किया गया था। मुख्य कार्य पालन अधिकारी जिला पंचायत के उक्त आदेश से पदोन्‍नति काउंसलिंग स्थगित की गई थी। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) पदोन्‍नति के संबंध वर्तमान में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति के निर्देश दिये है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

उत्कृष्ट विद्यालय

[स्कूल शिक्षा]

9. ( क्र. 194 ) डॉ. कैलाश जाटव : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र गोटेगांव में उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किये जा रहे हैं? यदि हाँ, तो उन विद्यालयों की सूची प्रदान करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार संचालित किये जा रहे उत्कृष्ट विद्यालयों में क्या-क्या सुविधाएं प्रदान की जाती हैं उनके विषय में शासन के क्या दिशा-निर्देश हैं? (ग) क्या विधानसभा क्षेत्र में संचालित समस्त उत्कृष्ट विद्यालयों में आवश्‍यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं? यदि हाँ, तो प्रदत्त सुविधाओं की जानकारी स्कूलवार प्रदान करें। यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें। (घ) क्या शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय गोटेगांव में विगत 5 वर्षों में मरम्मत कार्य किये गये? यदि हाँ, तो मरम्मत का प्रकार, स्वीकृत राशि, कार्य पूर्ण अपूर्ण की जानकारी सहित सूची प्रदान करें। (ड़) क्‍या शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय गोटेगांव भवन जर्जर होने के कारण उसकी मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, यदि हाँ, तो उक्त प्रस्ताव पर शासन द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। गोटेगाँव विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत विकासखण्ड स्तरीय उत्कृष्ट विद्यालय गोटेगाँव में संचालित हैं। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र- 01 अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्ट के प्रपत्र- 02 अनुसार है। (ग) उपलब्ध वित्तीय सीमाओं में यथा संभव व्यवस्थायें की जाती हैं। जानकारी उत्तरांश '' अनुसार है। शेषांश उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-03 अनुसार है। (ड.) जी हाँ, विकासखंड स्‍तरीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों में अनुरक्षण कार्य हेतु प्रतिवर्ष विभिन्न त्रैमासों में राशि जारी की जाती है। अनुरक्षण कार्य हेतु उत्कृष्ट विद्यालय गोटेगांव को वर्ष 2017-18 में प्रथम दो त्रैमासों हेतु रू. 1,49,134 दिनांक 22.6.2017 को जारी किया हैं।

''रुक जाना नहीं'' अभियान अंतर्गत परीक्षा

[स्कूल शिक्षा]

10. ( क्र. 209 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कक्षा 10 वी अनुत्तीर्ण विधार्थियों के लिए आयोजित "रुक जाना नहीं" परीक्षा माध्यमिक परीक्षा मंडल भोपाल आयोजित करता है या राज्य ओपन विद्यालय द्वारा। (ख) "रुक जाना नहीं" अभियान के तहत परीक्षा किस वर्ष से आयोजित की गई, इसमें कितने छात्र कक्षा 10वीं के अनुतीर्ण परीक्षार्थी शामिल हुए, कितने उत्तीर्ण हुए वर्षवार जानकारी देवें। (ग) क्या "रुक जाना नहीं" अभियान के तहत विद्यार्थियों के 1000 रु. के लगभग माइग्रेशन में खर्च हो रहे है? यदि हाँ, तो माइग्रेशन के लिए विद्यार्थियों से कुल कितनी राशि किस-किस वर्ष में संस्था ने वसूली।                  (घ) क्या उक्त अभियान परीक्षा एवं परिणाम पूर्ण करने में 3 माह से अधिक का समय लगता है जिससे विद्यार्थी अगली कक्षा में नियमित प्रवेश ही नहीं ले पाता है और पूरा वर्ष खराब हो जाता है? क्या विभाग उक्त योजना में माइग्रेशन की बाध्यता समाप्त करेगा तथा प्रति छात्र 1000 रु व्यय को कम करेगा। ।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) ''रूक जाना नहीं'' योजनान्‍तर्गत कक्षा दसवीं की परीक्षाएं राज्‍य ओपन स्‍कूल द्वारा आयोजित की जाती है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। विदयार्थियों को माइग्रेशन बिना किसी अतिरिक्‍त शुल्‍क के नेट के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराया जा रहा है। अत: शेषांश उद्भूत नहीं होता। (घ) जी नहीं। परीक्षाफल, परीक्षा समाप्ति के दिनांक से एक माह के अन्‍दर घोषित कर दिया जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थिति नहीं होता।
परिशिष्ट - ''ग्यारह''

परियोजना समन्‍वयक के विरूद्ध कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

11. ( क्र. 220 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नोत्‍तरी दिनांक 21.07.2017 में मुद्रित परि. अता.प्रश्‍न क्रमांक 282 के प्रश्‍नांश (ख) का उत्‍तर जी नहीं श्री छोटेलाल सरावगी द्वारा माननीय न्‍यायालय बुढ़ार में उनकी पत्‍नी तथा भाईयों के नाम की भूमि पर परिवाद प्रस्तुत किया गया था? उक्‍त परिवाद के विरूद्ध माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर द्वारा स्‍थगन दिया गया है वर्तमान में प्रकरण माननीय न्‍यायालय में विचाराधीन है? प्रकरण में श्री मदन कुमार त्रिपाठी के विरूद्ध किसी प्रकार की कार्यवाही का निर्णय मा. न्‍यायालय द्वारा पारित नहीं किया गया है, दिया गया है तो माननीय न्‍यायालय द्वारा दिये गये स्‍थगन की प्रति उपलब्‍ध करावें साथ ही बताएं कि लोकायुक्‍त में श्री मदन त्रिपाठी के विरूद्ध प्रकरण क्रमांक 264/13 पंजीबद्ध होकर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है? (ख) क्‍या रचना नगर कटनी जिला कटनी निवासी द्वारा श्री मदन त्रिपाठी जिला परियोजना समन्‍वयक जिला शिक्षा केन्‍द्र शहडोल की गंभीर शिकायत दिनांक 03.08.2017 को मुख्‍य सचिव म.प्र. शासन को की जाकर दिनांक 04.09.2017 को पावती प्राप्‍त की है? यदि हाँ, तो उक्‍त शिकायत की जाँच कर पूर्व प्रतिनियुक्ति समाप्‍त कर मूल विभाग को वापस किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्‍यों और अब तक इस विवादित अधिकारी को प्रतिनियुक्ति पर बनाए रखने का संरक्षण किस अधिकारी द्वारा दिया जा रहा है? इसकी उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराकर दोषी को दण्डित किया जावेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर के आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। प्रकरण क्रमांक 264/13 विद्या देवी पिता श्री जयदेव प्रसाद का भूमि संबंधी प्रकरण है। प्रकरण क्रमांक 264/13  मान. लोकायुक्‍त में जाँच प्रकिया में विचाराधीन है। (ख) रचना नगर कटनी जिला कटनी निवासी श्री चंद्रशेखर अग्निहोत्री (राजगुरू) द्वारा मुख्‍य सचिव, म.प्र.शासन को प्रस्‍तुत, श्री मदन त्रिपाठी, जिला परियोजना समन्‍वयक, जिला शिक्षा केन्‍द्र शहडोल की शिकायत दिनांक 03.08.2017 न होकर दिनांक 31.08.2017 है। प्रकरण में कलेक्‍टर शहडोल से जाँच प्रतिवेदन मांगा गया है। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुणदोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

परिशिष्ट - ''बारह''

100 बिस्‍तर अस्‍पताल का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

12. ( क्र. 221 ) श्री यादवेन्‍द्र सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 21 जुलाई 2017 के परि.अता. प्रश्‍न क्रमांक 850 के उत्‍तर के तारतम्‍य में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी सतना से कब प्रस्‍ताव मंगाया गया? मंगाये गये प्रस्‍ताव की प्रति उपलब्‍ध करावें तथा उस पर की गई कार्यवाही का विवरण दें तथा 30 बिस्‍तरीय सीमांक सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का पूर्ण उपयोग के क्‍या मापदण्‍ड हैं? (ख) प्रश्नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में अब तक की गई कार्यवाही का पूर्ण प्रतिवेदन दें। यदि नहीं, की गई तो कब तक की जावेगी और अब-तक न करने के लिये कौन दोषी है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) संचालनालय के पत्र क्र. 418 दिनांक 26.08.2017 के द्वारा प्रस्ताव मांगा गया है, लेकिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सतना से प्रस्ताव की जानकारी अप्राप्त है। संचालनालय के पत्र की प्रति संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। संस्था में स्वीकृत 30 बिस्तरों का पूर्ण उपयोग हेतु न्यूनतम बेड आक्यूपेंसी 80 प्रति होने का प्रावधान है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''तेरह''

NRX दवाइयों की प्रिस्क्रिप्शन पर्ची का संधारण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

13. ( क्र. 248 ) श्री कालुसिंह ठाकुर : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डॉक्टर द्वारा NRX दवाइयों के लिये लिखे गये प्रिस्क्रिप्शन की पर्ची की छायाप्रति दवाई विक्रेता द्वारा रखे जाने का आदेश प्रदेश में कब से लागू हुआ है? (ख) दवाई विक्रेता को NRX दवाइयों की पर्ची की छायाप्रति कितने वर्ष तक रखना अनिवार्य है? (ग) शासन के इस नियम से आम जनता को क्या लाभ है? क्या इससे अपव्यय एवं देश का बहुमूल्य कागज फोटोकॉपी में व्यर्थ नहीं जा रहा है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियम, 1945 के अंतर्गत खेरची औषधि विक्रय संस्थानों द्वारा NRX दवाओं के संबंध में डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन/पर्ची की छायाप्रति रखने का कोई प्रावधान नहीं है और न ही इस संबंध में भारत सरकार से कोई आदेश प्राप्त है। अतः चाही गई शेष जानकारी निरंक है।                   (ख) प्रश्नांश () के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है। (ग) प्रश्नांश () के परिप्रेक्ष्य में जानकारी निरंक है।

राँझी सिविल चिकित्‍सालय की चिकित्‍सा व स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

14. ( क्र. 288 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर केंट विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय राँझी सिविल चिकित्‍सालय, सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों एवं प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों में कितना-कितना स्‍टॉफ स्‍वीकृत व पदस्‍थ है? (ख) सिविल चिकित्‍सालय राँझी की ओ.पी.डी. में आकस्मिक चिकित्‍सा व स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी क्‍या-क्‍या सुविधाएं, मशीनरी उपकरण व संसाधन हैं? सोनोग्राफी व एक्‍स-रे की क्‍या सुविधाएं हैं? कौन-कौन से उपकरण मशीनरी कब से खराब बेकार व बंद पड़े हैं? कौन-कौन से बदलने लायक हो गये हैं? इसके लिये कब किसने क्‍या कार्यवाही की है? सिविल चिकित्‍सालय राँझी का उन्‍नयन करने की क्‍या योजना है? इसके लिये कब क्‍या योजना बनाई गई है? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ग) राँझी क्षेत्र में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र कब कहाँ खोला गया? यदि किराये के भवन में खोला गया इसकी अनुमति कब किसने दी व निर्धारित किराया कितना है? भवन स्‍वामी के नाम सहित जानकारी दें। इस स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र से प्रतिदिन कितने मरीजों को स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण व अन्‍य चिकित्‍सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं? पदस्‍थ चिकित्‍सा एवं स्‍टॉफ संख्‍या की जानकारी दें तथा इस सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र को संचालित करने में कितनी राशि की खपत हो रही है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) से (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

स्‍कूलों में छात्र/छात्राओं की सुरक्षा

[स्कूल शिक्षा]

15. ( क्र. 289 ) श्री अशोक रोहाणी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश शासन ने शासकीय एवं अशासकीय स्‍कूलों, शिक्षण संस्‍थानों में पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं के साथ घटित होने वाली छेड़खानी, अश्‍लीलता, यौन उत्‍पीड़न, बलात्‍कार व हत्‍या जैसी जघन्‍य घटनाओं की रोकथाम व उनकी सुरक्षा के संबंध में कब क्‍या दिशा निर्देश जारी किये हैं? सुरक्षात्‍मक क्‍या उपाय किये गये है? (ख) जबलपुर जिले की किन-किन शासकीय/अशासकीय स्‍कूलों व शिक्षण संस्‍थाओं में घटित जघन्‍य घटनाओं व गंभीर शिकायतों पर दोषी व्‍यक्तियों/असमाजिक तत्‍वों व स्‍कूल प्रबंधन पर जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने कब क्‍या कार्यवाही की है वर्ष 2015-16 से 2017-18 अक्‍टूबर 2017 तक की जानकारी दें? (ग) जबलपुर शहर की कितनी कन्‍या शालाओं में छात्राओं की सुरक्षा की दृष्टि से व असामाजिक तत्‍वों की अवांछित गतिविधियों को रोकने हेतु बाउंड्रीवॉल का निर्माण नहीं कराया गया है, क्‍यों? स्‍कूलों के आसपास होने वाले अतिक्रमण व आवारा तत्‍वों के लगने वाले जमघट को रोकने हेतु सुरक्षात्‍मक क्‍या उपाय किये गये हैं? इन शालाओं में चौकीदार की क्‍या व्‍यवस्‍था है? यदि नहीं, तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी एवं प्रावधान संलग्‍न परिशष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) जबलपुर शहर की समस्‍त कन्‍या शालाओं में छात्राओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया गया है। अतिक्रमण एवं असामाजिक तत्‍वों को रोकने हेतु समय-समय पर संबंधित अधिकारी को लिखा गया है। चौकीदार का पद स्‍वीकृत नहीं होने से, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौदह''

निविदाओं की जानकारी प्रदान करने व नियम विरूद्ध तरीके से टेंडर प्रदान की जाँच

[स्कूल शिक्षा]

16. ( क्र. 336 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान द्वारा संचालित बालिका छात्रावास में भोजन (मेस व्‍यवस्‍था) हेतु निविदायें ऑनलाईन निकाले जाने हेतु शासन द्वारा आदेश जारी किये गये हैं? अगर हाँ तो आदेश की छायाप्रति व नियमावली सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें? (ख) क्‍या छिन्‍दवाड़ा जिले में राष्‍ट्रीय माध्‍यमिक शिक्षा अभियान द्वारा 05 संचालित बालिका छात्रावासों में भोजन (मेस व्‍यवस्‍था) हेतु निविदायें ऑनलाईन निकाली गई? अगर हाँ तो ऑनलाईन निविदायें के आवश्‍यक दस्‍तावेज उपलब्‍ध करायें और इस ऑनलाईन निविदायें में किन-किन निविदाकारों ने आवेदन किया है? उन निविदाकारों की सूची नाम व पता सहित उपलब्‍ध करायें? (ग) क्‍या शासन के नियमानुसार एक लाख रूपये से उपर की राशि की निविदा ऑनलाईन निकालने के निर्देश हैं? अगर हाँ, तो छिन्‍दवाड़ा जिले की 05 बालिका छात्रावासों में भोजन (मेस व्‍यवस्‍था) हेतु निविदायें ऑनलाईन न निकालते हुए, टेंडर प्रदान कर दिया गया और शासन के निर्देशों की अवहेलना की गई? जिसके लिये कौन-कौन अधिकारी जिम्‍मेदार हैं? क्‍या उपरोक्‍त मामले की उच्‍च स्‍तरीय जाँच कराते हुए दोषी अधिकारियों के उपर विभाग द्वारा कार्यवाही की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान एक केन्द्र प्रवर्तित योजना है जिसमें भारत शासन द्वारा जारी वित्तीय मैनुअल अनुसार कार्यवाही की जाती है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान द्वारा संचालित बालिका छात्रावासों में भोजन (मेस व्यवस्था) हेतु ओपन टेंडर (खुली निविदा) के आधार पर निविदा का विज्ञापन छिंदवाड़ा जिले से दो प्रादेशिक स्तर के समाचार पत्र एवं एक-एक राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र में प्रकाशित किया गया था। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। कुल 04 निविदाकारों ने निविदा प्रस्तुत की थी, जिसकी सूची एवं नाम की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (ग) भारत शासन द्वारा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान हेतु जारी वित्तीय मैनुअल अनुसार रू. 50 लाख से अधिक राशि होने पर ऑनलाइन निविदा आवश्यक है। रू. 50 लाख से कम राशि के लिए वित्तीय मैनुअल अनुसार खुली निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है। शेषांश का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता।

100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल को यथाशीघ्र प्रारंभ किया जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

17. ( क्र. 337 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधान सभा क्षेत्रान्‍तर्गत सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र परासिया में 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल के उन्‍नयन की स्‍वीकृति शासन द्वारा खनिज प्रतिष्‍ठान मद से आवंटन प्रदान करते हुये की जा चुकी है। परंतु फिर भी विभाग द्वारा अस्‍पताल को प्रारंभ किये जाने में विलम्‍ब किये जाने का क्‍या कारण है? (ख) क्‍या 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल के निर्माण हेतु भूमि (स्‍थल) का चयन कर लिया गया है? अगर हाँ, तो किस भूमि (स्‍थल) का चयन किया गया है? अगर नहीं तो भूमि (स्‍थल) का चयन नहीं किये जाने का क्‍या कारण है और कब तक अस्‍पताल हेतु भूमि (स्‍थल) का चयन कर लिया जायेगा? (ग) क्‍या आमजनों एवं मरीजों को अच्‍छी सुविधा प्राप्‍त हो सके इसलिये परासिया में 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल के निर्माण हेतु वार्ड क्र.21 परासिया में मण्‍डी की भूमि का चयन किये जाने हेतु मेरे द्वारा श्रीमान जिलाध्‍यक्ष महोदय एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) परासिया को पूर्व में पत्र के माध्‍यम से निवेदन किया गया था। जिसके संबंध में तहसीलदार परासिया द्वारा अनापत्ति प्रतिवेदन देने हेतु पत्र प्रेषित कर प्रबंधक/सचिव कृषि उपज मण्‍डी छिन्‍दवाड़ा को लेख किया गया था क्‍या उपरोक्‍त मण्‍डी की भूमि का अस्‍पताल हेतु आवंटन प्रकरण का निराकृत करते हुये उपरोक्‍त भूमि को अस्‍पताल के निर्माण हेतु आवंटित किया जा चुका है? (घ) क्‍या परासिया में 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल भवन निर्माण हेतु टेंडर जारी किये जा चुके हैं अगर हाँ तो 100 बिस्‍तरों के अस्‍पताल हेतु भवन निर्माण कार्य कब से प्रारंभ कर, कब तक पूर्ण करा दिया जायेगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी नहीं। परियोजना क्रियान्वयन इकाई लोक निर्माण विभाग द्वारा आवश्यक सर्वेक्षण कर विस्तृत ड्राइंग एवं डी.पी.आर. तैयार की जा रही है प्रशासकीय स्वीकृति खनिज प्रतिष्ठान से प्राप्त होने पर ही निविदा उपरांत कार्य प्रारंभ हो सकेगा। (ख) जी हाँ। डोंगर परासिया के खसरा क्रमांक 217/01 रकवा 0.809 हेक्‍टेयर। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जी नहीं। (घ) उत्तरांश '''' के परिप्रेक्ष्य में जी नहीं समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

अस्‍पताल में वाहनों का संलग्‍नीकरण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

18. ( क्र. 376 ) श्री प्रदीप अग्रवाल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिले में दीनदयाल चलित अस्‍पताल के अंतर्गत कुल कितने (वाहन) चलित संलग्‍न है? वे किनके निर्देश में (आदेश पर) कार्य कर रहे हैं? किस दिनांक से उक्‍त वाहनों द्वारा ग्रामों में जाकर उपचार प्रारंभ किया गया? (ख) उक्‍त वाहनों में कौन-कौन चिकित्‍सक,           कौन-कौन नर्सें एवं कौन-कौन कंपाउंडरों की नियुक्ति है? उनकी क्‍या योग्‍यता है, सभी के नाम, पद तथा उनकी योग्‍यता बताएं। (ग) विगत दो वर्षों में उक्‍त चलित अस्‍पतालों ने किस-किस दिनांक को किस-किस ग्रामों में जाकर कितने व्‍यक्तियों के कौन-कौन से परीक्षण किये? सूची सहित जानकारी उपलब्‍ध करायें? साथ ही आज दिनांक तक इन्‍हें विभाग से किस-किस दिनांक को किस मान से कितना-कितना भुगतान किया गया है? (घ) क्‍या उक्‍त वाहनों द्वारा प्रतिदिन ग्रामों में जाकर सेवाएं नहीं दी जा रही है और न ही इनमें योग्‍य डॉक्‍टर, नर्सें, कंपाउंडर हैं? यदि नहीं, तो इसकी (आकस्मिक) समिति बनाकर जाचं कराई जावे।

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) दतिया जिलें में दीनदयाल चलित अस्पताल अंतर्गत कुल 03 वाहन संलग्न है। मिशन संचालक के आदेशानुसार, अनुबंधित संस्था के माध्यम से कार्य कर रहे हैं। जुलाई 2011 से उक्त वाहनों द्वारा ग्रामों में जाकर उपचार प्रारंभ किया गया। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-01 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-02 एवं 03 अनुसार है। (घ) जी नहीं, अनुबंध के अनुसार चलित अस्पताल द्वारा माह में 24 दिवस निर्धारित ग्रामों में जाकर सेवाएं प्रदाय करने का प्रावधान है एवं वाहनों में योग्य डॉक्टर व अन्य स्टाफ कार्यरत हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शिक्षकविहीन संस्‍थाओं की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

19. ( क्र. 409 ) श्री सुखेन्‍द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) क्‍या मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा सरकारी स्‍कूलों को लेकर यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्‍फार्मेशन सिस्‍टम फार एजुकेशन से (यू.डी.आई.एस.आई.) से सर्वे कराया गया था कि देश में शिक्षकविहीन संस्‍थाएं संचालित हो रही है जिसमें मध्‍यप्रदेश देश में नं.1 पर है? (ख) प्रश्नांश (क) के प्रकाश में क्‍या यह खुलासा संसद में पेश रिपोर्ट से हुआ है कि मध्‍यप्रदेश के 4837 स्‍कूलों में शिक्षक नहीं पदस्‍थ है? (ग) प्रश्नांश (क), (ख) के प्रकाश में उपरोक्‍त रिपोर्ट क्‍या वर्ष 2015-16 को लेकर जारी की गई है? (घ) प्रश्नांश (क), (ख), (ग) के प्रकाश में मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों की कमी को पूरी करने के लिये क्‍या-क्‍या प्रयास किये गये? यदि नहीं, किये गये तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी नहीं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फोर्मेशन सिस्‍टम फॉर एज्‍यूकेशन से (यू.डी.आई.एस.आई.) के माध्‍यम से प्रतिवर्ष शासकीय एवं निजी शालाओं में 30 सितम्‍बर की स्थिति में शालावार उपलब्‍ध संसाधनों जैसे- छात्र संख्‍या, परीक्षा फल, पाठ्यपुस्‍‍तक, गणवेश, शाला प्रबंधन समिति एवं भौतिक संसाधनों की उपलब्‍धता से सं‍बंधित जानकारी एकत्रित की जाती है। (ख) एवं (ग) राज्‍य में उपलब्‍ध यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फोर्मेशन सिस्‍टम फॉर एज्‍यूकेशन की जानकारी के अनुसार 4811 शालाएं शून्‍य शिक्ष‍कीय हैं। (घ) सीधी भर्ती अंतर्गत रिक्‍त पदों की पूर्ति के लिये म.प्र. पंचायत संविदा शाला शिक्षक नियमों में संशोधन एवं पात्रता परीक्षा आयोजित करने की कार्यवाही प्रचलन में है।

शास. चिकित्सालय में महिला चिकित्सकों की नियुक्ति

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

20. ( क्र. 447 ) श्री दिलीप सिंह शेखावत : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र नागदा, खाचरौद के शास. चिकित्सालय नागदा एवं खाचरौद में महिला चिकित्सकों के कुल कितने स्वीकृत पद हैं? (ख) क्‍या वर्तमान में एक भी महिला चिकित्सक पदस्थ नहीं होने से महिला मरीजों एवं प्रसुताओं को काफी परेशानी होती हैं तथा गई बार इन्हें गम्भीर अवस्था में जिला चिकित्सालय में रेफर किया जाता है तथा ऐसे में कई बार प्रसुताओं, गर्भस्थ शिशु की असामयिक मृत्यु भी हो जाती हैं? यदि हाँ, तो शास. चिकित्सालय नागदा एवं खाचरौद में महिला चिकित्सकों की नियुक्ति कब तक कर दी जावेगी एवं महिला चिकित्सकों की नियुक्ति होने तक वैकल्पिक व्यवस्था क्या की जा रही है?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) विभाग अंतर्गत महिला चिकित्सक के नाम से कोई पद स्वीकृत नहीं है। सिविल अस्पताल नागदा एवं सिविल अस्पताल खाचरौद में स्त्रीरोग विशेषज्ञ के 01-01 पद स्वीकृत है। (ख) जी नहीं, स्त्रीरोग विशेषज्ञ की अत्यधिक कमी के कारण पद रिक्त है परंतु एन.एच.एम. अंतर्गत शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरलाग्राम में               डॉ. तनुजा भावसार की पदस्थापना है एवं वे विगत 02 माह से चिकित्सा अवकाश पर हैं। सि.. खाचरौद में डॉ. गीता रेवाडिया, संविदा चिकित्सक (एन.एच.एम.) पदस्थ हैं। केस रेफर करने के दौरान प्रसूता अथवा शिशु की मृत्यु के संबंध में एक भी प्रकरण की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। सुरक्षित प्रसव एवं नवजात शिशु की देखभाल हेतु सिविल अस्पताल नागदा में दो चिकित्सक तथा 07 स्टॉफ नर्स तथा सि.. खाचरौद में पदस्थ 02 चिकित्सक एवं स्‍टॉफ नर्स एस.बी.एस. (Skill Birth Attendant) प्रशिक्षित हैं, अतः उपलब्ध स्टॉफ द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। नव नियुक्त चिकित्सकों में से डॉ. मीरा सोनी, चि.. तथा डॉ. शारदा दांगी, चि.अ., डॉ. अभिषेक निगम, चि.अ. की पदस्थापना खाचरौद की गई है परंतु उक्त चिकित्सकों द्वारा कार्यग्रहण नहीं किया गया। स्त्रीरोग विशेषज्ञ की पदस्थापना अथवा पी.जी. योग्यता चिकित्सक की पदस्थापना उपलब्धता होने पर की जा सकेगी।

अस्थायी हाईस्कूल, हायर सेकेण्‍डरी स्कूल प्राचार्य की पदस्थापनाएं

[स्कूल शिक्षा]

21. ( क्र. 452 ) श्री यशपालसिंह सिसौदिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर जिले में कितने हाईस्कूल, हायर सेकेण्‍डरी स्कूलों में अस्थायी प्राचार्य कार्यरत हैं? इनमें कितने वरिष्ठ अध्‍यापक, अध्यापक वर्ग-2 है। (ख) क्या प्राचार्य पद पर अस्थायी रूप से कार्य करने वाले अध्‍यापक वर्ग 1,2 को प्राचार्य पद पर कार्य करने का कोई प्रशिक्षण दिया जाता हैं? यदि हाँ, तो 1 जनवरी 2015 के बाद प्रश्नांश (क) के प्राचार्यों को कब-कब प्रशिक्षण दिया गया,  किन-किन अस्थायी प्राचार्यों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया? (ग) प्रश्नांश (ख) सम्बन्धी अस्थायी प्राचार्यों को क्या कोई अतिरिक्त लाभ दिया जाता है? या प्राचार्य पद पर कार्य करने का कोई "अनुभव प्रमाण पत्र" दिया जाता है? यदि हाँ, तो उक्त अवधि में उक्त जिले में कितनों को प्रमाण पत्र विभाग द्वारा दिये गए तथा कितनों की सेवा-पुस्तिका में उक्त प्राचार्य पद पर कार्य करने की तिथि कार्यकाल अंकित किया गया? यदि नहीं, तो प्राचार्य पद पर गलती के लिए कितनों को किस-किस तरह से दंडित किया गया? दंडित अस्थायी प्राचार्यों के नाम बताएं? (घ) उक्त अवधि में कितने अस्थायी प्राचार्य पर आर्थिक अनियमितता एवं अन्य अनियमितता की किस-किस प्रकार की कार्यवाही की गई? क्या प्रदेश में वरिष्ठ अध्यापकों को हाईस्कूल प्राचार्य पद पर प्रमोशन की कोई प्रक्रिया प्रचलन में है, यदि हाँ, तो अवगत कराएं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) मंदसौर जिलार्न्‍तगत 103 हाई/हायर सेकेण्‍डरी स्कूलों में प्राचार्य का पद रिक्त होने के फलस्वरूप प्राचार्यों का अस्थाई प्रभार दिया गया है। इनमें से 40 वरिष्ठ अध्यापक एवं 54 अध्यापक वर्ग-2 है। (ख) जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। जी नहीं, अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जिलार्न्‍तगत प्राचार्य पद पर गलती के लिए किसी भी अध्‍यापक संवर्ग के कर्मचारी को वर्तमान में दण्डित नहीं किया गया है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश '''' अनुसार। जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

अध्यापक संवर्ग की अनुकंपा नियुक्ति

[स्कूल शिक्षा]

22. ( क्र. 456 ) श्री संजय शर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) क्या अध्यापक संवर्ग में कार्यरत कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रित परिवार के किसी व्यक्ति को अनुकंपा नियुक्ति दिये जाने का प्रावधान है, या नहीं? (ख) क्‍या आश्रित व्यक्ति की अनुकंपा नियुक्ति के लिये डी.एड./बी.एड. एवं व्यापम परीक्षा उत्तीर्ण होने की अनिवार्यता है?                             (ग) क्या जनहित में सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुये सम्बंधित व्यक्ति की नियुक्ति हेतु डी.एड./बी.एड. एवं व्यापम परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता को समाप्त कर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। (ग) वर्तमान में भारत सरकार का नि:शुल्‍क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 प्रभावशील है, जिसका अनुपालन संवैधानिक बाध्‍यता है। उक्‍त प्रावधानों के तहत विनिदिष्‍ट शर्तों को शिथिल करने राज्‍य शासन द्वारा भारत सरकार को पत्र लिखा गया है। भारत सरकार से शिथिलीकरण हेतु मार्गदर्शन अपेक्षित है।

रीवा एवं सतना के जिला चिकित्सालयों में ऑक्सीजन सिलेंडर सप्‍लाई में अनियमितता

[चिकित्सा शिक्षा]

23. ( क्र. 460 ) श्रीमती ऊषा चौधरी : क्या राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा संभाग अंतर्गत संजय गाँधी एवं गाँधी मेमोरियल अस्पताल रीवा एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला चिकित्सालय सतना में ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई हेतु बिन्ध्या इंजीनियरिंग, एलाइड एयरप्रोडक्ट के रेट एस.आर.के. इंडस्ट्रीज सतना से कम थे? यदि हाँ, तो फिर एस.आर.के. इंडस्ट्रीज सतना का ही टेंडर क्यों स्वीकृत किया गया? (ख) क्या उक्त कम्पनी का टेंडर एक वर्ष के लिए था, लेकिन विगत तीन वर्षों से ऑक्सीजन सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही है, यदि हाँ, तो क्यों? क्या कभी ऑक्सीजन की शुद्धता की माप की गई, यदि नहीं, तो क्यों? क्या जनवरी, 2017 से अगस्त, 2017 तक जिला अस्पताल सतना में 1385 नवजात शिशु भर्ती हुए जिनमें 237 नवजात शिशुओं की ऑक्सीजन की वजह से मृत्यु हुई है, क्या उक्त मौतें गुणवत्ताविहीन ऑक्सीजन की वजह से हुई हैं, यदि हाँ, तो संबंधित के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? टेंडर क्यों नहीं निरस्त किया गया? (ग) क्या उक्त कम्पनी जम्बो सिलेंडर सतना अस्पताल में 180 रूपये में एवं रीवा अस्पताल में यही सिलेंडर 540 रूपये में सप्लाई किया जा रहा है, जबकि सतना से रीवा की दूरी महज 50 कि.मी. है, लेकिन रेट में तीन गुना का फर्क क्यों? (घ) क्या उक्त दोनों अस्पतालों में जम्बो सिलेंडर के स्थान पर छोटे सिलेंडर सप्लाई किये गए हैं? यदि हाँ, तो क्या जाँच कराकर किये गए करोड़ों रूपये के भ्रष्टाचार के दोषियों को दण्डित किया जाएगा?

राज्‍यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा ( एडवोकेट शरद जैन ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) मेसर्स एस.आर.के. इन्‍डस्‍ट्रीज, सतना के दिनांक 10 फरवरी, 2017 तृतीय निविदा आमंत्रण में स्‍वीकृत न्‍यूनतम दर पर ऑक्‍सीजन सिलेण्‍डर की सप्‍लाई प्राप्‍त की जा रही है। निविदा अवधि 01 वर्ष के लिये दिनांक 09 फरवरी, 2018 तक वैध है। ऑक्‍सीजन की शुद्धता का प्रमाण पत्र संबंधित प्रदायकर्ता फर्म द्वारा दिया जाता है। शिशुओं की मृत्‍यु विभिन्‍न कारणों से हुई है। ऑक्‍सीजन की वजह से कोई मृत्‍यु नहीं हुई है। (ग) जम्‍बो साइज सिलेण्‍डर की दर रूपये 490/- प्रति सिलेण्‍डर स्‍वीकृत है, जिसमें लोडिंग, अनलोडिंग एवं टैक्‍स की दरें भी शामिल है। जिला चिकित्‍सालय सतना में मेसर्स एस.आर.के. गैस इंडस्‍ट्रीज सतना द्वारा 181/- वेट/जी.एस.टी. दर से जम्‍बों ऑक्‍सीजन सिलेण्‍डर की रिफलिंग की जा रही है। (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शाला भवनों का मरम्‍मतीकरण

[स्कूल शिक्षा]

24. ( क्र. 481 ) श्री मानवेन्द्र सिंह : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र महाराजपुर, चंदला अंतर्गत वर्तमान में ऐसे कितने प्राथ./माध्‍य./हाईस्‍कूल/हायर सेकेण्‍डरी विद्यालय हैं, जो भवनविहीन हैं एवं कितने विद्यालयों के भवन जर्जर अवस्‍था में हैं सूची उपलब्‍ध करावें? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार उक्‍त भवनविहीन/जर्जर भवन वाले विद्यालयों के नवीन भवन निर्माण हेतु शासन की कोई मंशा है तो अवगत करावें। (ग) विधानसभा क्षेत्र महाराजपुर, चन्‍दला अंतर्गत ऐसे कितने शाला भवन हैं, जिनकी भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण मुक्‍त कराया गया है? अतिक्रमण मुक्‍त भूमि पर कितने विद्यालयों की बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण कराया गया है? सूची उपलब्‍ध करावें, जिन विद्यालयों में बाउण्‍ड्रीवॉल नहीं है, उन विद्यालयों में बाउण्‍ड्रीवॉल निर्माण की शासन की कोई योजना है? यदि हाँ, तो अवगत करावें? (घ) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रं. 1078 दिनांक 19.07.2017 पर आयुक्‍त राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा बाउण्‍ड्रीवाल निर्माण स्‍वीकृत किये जाने से संबंधित क्‍या कार्यवाही की गई? यदि स्‍वीकृति की कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई है तो कब तक स्‍वीकृत किये जायेंगे समय-सीमा बतावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र महाराजपुर, चंदला अंतर्गत कोई भी शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक शाला भवनविहीन नहीं है। 13 शासकीय प्राथमिक/माध्‍यमिक शालाओं के भवन, अतिरिक्‍त कक्ष जर्जर है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। भवनविहीन हाई एवं हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूलों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है एवं जर्जर अवस्‍था वाले भवनों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) शासकीय शालाओं के भवन निर्माण की योजनान्‍तर्गत त्रिवर्षीय कार्ययोजना की सैद्धांतिक सहमति विभाग के आदेश दिनांक 06.11.2017 द्वारा जारी की गई है। आगामी कार्यवाही प्रचलित है। (ग) विधानसभा क्षेत्र महाराजपुर एवं चंदला अंतर्गत ऐसी कोई शाला में अतिक्रमण नहीं है, जिन पर सीमांकन कराकर बाउण्‍ड्रीवॉल का निर्माण कराया गया है। बाउण्‍ड्रीवॉल के निर्माण के लिए विभाग के बजट में योजना प्रावधानित है। (घ) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 1078 दिनांक 19.07.2017 के संबंध में आयुक्‍त, राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र द्वारा जिला परियोजना समन्‍वयक जिला शिक्षा केन्‍द्र छतरपुर को राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के पत्र क्रमांक 5315, दिनांक 24.07.2017 से आवश्‍यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए, निज सचिव मान. विधायक विधानसभा क्षेत्र 48 महाराजपुर को अवगत कराया गया। छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-2 अनुसार। जिले की वार्षिक कार्य योजना वर्ष 2018-19 में भारत सरकार को प्रस्‍ताव भेजा जावेगा। भारत सरकार को प्रस्‍ताव भेजा जावेगा। भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्‍त होने पर बाउन्‍ड्रीवॉल निर्माण की स्‍वीकृति जारी की जावेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कार्यों का ब्‍यौरा एवं चिकित्‍सकीय व्‍यवस्‍था

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

25. ( क्र. 496 ) श्री मधु भगत : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक स्‍वास्‍थ्‍य परिवार कल्‍याण विभाग जिला बालाघाट के परसवाड़ा विधान सभा क्षेत्र में वर्ष 2015-16 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी राशि के किस-किस मद से कब-कब करवाये गये? नियुक्‍त कार्य एजेंसी के नाम सहित बताएं? (ख) प्रश्नांश (क) अनुसार कार्य में से कौन-कौन से कार्य पूर्ण हैं? कितने अपूर्ण हैं? उक्‍त कार्य में से किस-किस कार्य के लिये किस-किस कार्य एजेंसी/व्‍यक्ति को कितनी-कितनी राशि का भुगतान किस दिनांक का चेक/ड्राफ्ट क्रमांक एवं नगद राशि के रूप में किया गया? भुगतान की गई राशि का पूर्ण ब्‍यौरा देवें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट में समाहित है।

परिशिष्ट - ''पंद्रह''

व्‍यायाम शिक्षकों की समस्‍या समाधान विषयक

[स्कूल शिक्षा]

26. ( क्र. 497 ) श्री मधु भगत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                    (क) क्‍या सन् 2006 से प्रदेश के उच्‍चतर माध्‍यमिक शालाओं में भर्ती किये गए सभी व्‍यायाम शिक्षकों को संविदा वर्ग तीन/सहायक अध्‍यापक में संविलियन किया गया है, जबकि उसके पूर्व व्‍यायाम शिक्षकों की भर्तियां हुई है चाहे वह नियमित‍, शिक्षाकर्मी, संविदा सभी वर्ग दो में हुई है सन् 2006 से व्‍यायाम शिक्षकों का स्‍तर गिराने का क्‍या कारण हैं? (ख) क्‍या प्रदेश की शालाओं में पदस्‍थ व्‍यायाम शिक्षक जो कि अलग-अलग वर्ग (नियमित, अध्‍यापक एवं सहायक अध्‍यापक) के हैं, से क्‍या समान कार्य कराया जाता है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन द्वारा न्‍यायालय के निर्णयानुसार समान कार्य समान वेतन समान पद के नियमों का पालन क्‍यों नहीं किया जा रहा है? उच्‍चतर माध्‍यमिक शालाओं में उक्‍त पद वर्ग तीन का पद क्‍यों स्‍वीकृत किया गया? जबकि यह पद वर्ग दो स्‍तर का था? (ग) प्रदेश में व्‍यायाम शिक्षकों की भर्ती हेतु निर्धारित योग्‍यता सी.पी.एड. रखी गई है, जबकि यह कोर्स तात्‍याटोपे शारीरिक शिक्षण महाविद्यालय शिवपुरी में ही संचालित किया जा रहा था वह भी सन् 2013-14 में बंद कर दिया गया है, क्‍या प्रदेश की एकमात्र संस्‍था में संचालित किसी कोर्स को प्रदेश स्‍तर की भर्ती के लिये निर्धारित योग्‍यता माना जा सकता है? (घ) सन् 2010 के बाद से पद रिक्‍त होते हुये भी संविदा व्‍यायाम शिक्षकों की भर्ती नहीं किये जाने का क्‍या कारण है? अध्‍यापक संवर्ग के व्‍यायाम शिक्षकों को पदोन्‍नत प्रतिनियुक्ति एवं नई पद संरचना कर लाभ के अवसर देने की शासन की क्‍या योजना है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) संविदा शाला शिक्षक नियम 2005 में संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 (व्यायाम शिक्षक) के पद पर नियुक्ति का प्रावधान है। तीन वर्ष की सेवा उपरांत नियम 2008 में उल्लेखित प्रावधान अनुसार सहायक अध्यापक (व्यायाम) के पद पर नियुक्त किया जाता है। 2006 के पूर्व वर्ष 1998 में इनकी नियुक्ति शिक्षाकर्मी वर्ग-2 के पद पर हुई थी। (ख) वर्ष 1998 में शिक्षाकर्मी योजना में यह पद वर्ग-2 का था संविदा शाला शिक्षक में श्रेणी-3 का है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्‍डरी स्कूल के सभी समवर्गीय पद यथा व्यायाम, गायन वादन एवं प्रयोग शाला संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 स्तर के ही है। (ग) जी नहीं, डी.पी.एड है। तत्याटोपे शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय शिवपुरी में सी.पी.एड. वर्ष 2001 तक संचालित रहा। इसके उपरांत माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल के परिपत्र क्रमांक 182/विघोचित/पाठ्यक्रम पू.पा/शा.शि./2001 भोपाल दिनांक 27.04.2001 के द्वारा सी.पी.एड पाठ्यक्रम का नाम परिवर्तन कर डी.पी.एड द्विवर्षीय पाठ्यक्रम कर दिया है जो वर्तमान में संचालित है। (घ) प्रशासनिक कारणों से नियुक्ति नहीं की गई। वर्तमान में पात्रता परीक्षा आयोजित कर नियोजन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

जिला शिक्षा अधिकारी संयुक्त संचालक एवं जिला परियोजना समन्वयक की पदस्थापना

[स्कूल शिक्षा]

27. ( क्र. 551 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या उज्जैन जिले के जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ लोकायुक्त इन्दौर में कोई प्रकरण दर्ज किया गया है? यदि हाँ, तो कब एवं क्यों एवं इस प्रकरण के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई है? (ख) म.प्र. में ऐसे कितने जिले है? जहाँ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक ही अधिकारी को प्रमुख तीन पद संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक के प्रभार दिये गये हैं? (ग) क्या स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दोषी अधिकारी को जिला/संभाग के तीनों प्रमुख पदों का दायित्व देने के पीछे क्या मंशा है? क्या एक ही अधिकारी द्वारा तीनों पदों का दायित्व निर्वहन करने से शिक्षा विभाग के कार्यों पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ रहा है? क्या ऐसे कार्यों से शासन की छवि धूमिल नहीं हो रही?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। शिक्षण संस्थाओं की मान्यता जारी किए जाने के तद्समय प्रचलित विभागीय नियम/प्रावधानों का उल्लंघन किए जाने के कारण विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त इंदौर द्वारा दिनांक 24.11.2016 को प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। सामान्‍य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 23.02.2012 में सर्तकता एजेंसी द्वारा डाले गये छापे/ट्रेप के प्रकरणों में पकड़े गये लोकसेवक का अन्‍यत्र स्‍थानांतरण के निर्देश है, संबंधित अधिकारी के विरूद्ध दर्ज प्रकरण ट्रेप अथवा छापे का नहीं है। तथापि विभाग द्वारा संबंधित लोक सेवक का इंदौर से जिला शिक्षा अधिकारी उज्‍जैन के पद पर पूर्व में स्‍थानान्‍तरित किया जा चुका है।                        (ख) म.प्र. में उज्जैन जिला अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी, उज्जैन को संयुक्त संचालक लोक शिक्षण एवं जिला परियोजना समन्वयक का प्रभार दिया गया है। (ग) प्रशासनिक दृष्टिकोण से प्रभार दिया गया है। शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

विद्यालय एवं छात्रावास के वार्डनों की जानकारी

[स्कूल शिक्षा]

28. ( क्र. 552 ) श्री सतीश मालवीय : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन जिले की कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं बालिका छात्रावास में जिन वार्डनों को तीन वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, उन वार्डनों को हटाकर उनका प्रभार अन्य शिक्षिकाओं को देने के संबंध में राज्य शिक्षा केन्द्र से कौन-कौन से निर्देश कब-कब प्राप्त हुए हैं? (ख) राज्य शिक्षा केन्द्र के आदेश के अनुसार उज्जैन जिले में कितनी वार्डनों का तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर उन्हें हटाकर अन्य शिक्षिकाओं को प्रभार सौंपा गया है? ऐसी कितनी वार्डन हैं, जिनको तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर पुनः तीन वर्ष के लिये प्रभार सौंपा गया तथा अन्य प्राप्त आवेदनों को किस आधार पर निरस्त किया गया? छात्रावास वार जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) उज्जैन जिले में ऐसी कितनी वार्डन हैं? जिनको समय पूर्ण होने के पश्चात् भी राज्य शिक्षा केन्द्र के नियमों की अनदेखी कर नहीं हटाया गया? क्या शासन नियमों की अनदेखी करने वाले संबंधित अधिकारी पर कोई कार्यवाही करेगा? यदि कार्यवाही की जावेगी तो कब तक की जावेगी?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र- अनुसार। (ख) जिले में दो वार्डनों श्रीमती अनिता पागे के.जी.बी.व्‍ही. उज्‍जैन एवं श्रीमती ममता डोडिया बालिका छात्रावास नजरपुर-घटिया का कार्यकाल 03 वर्ष पूर्ण हो चुका है। इन स्‍थानों पर लिंक शाला से शिक्षिका की असहमति होने के कारण वर्तमान में कार्यरत वार्डनों का राज्‍य शिक्षा केंद्र भोपाल के पत्र क्रमांक/राशिके/एसजीयू/2017/7420 भोपाल दिनांक 09/10/2017 के अनुसार कार्यरत शिक्षिका को वर्तमान सत्र तक यथावत रखने की कार्यवाही प्रचलन में हैं। शेष वार्डन का कार्यकाल 03 वर्ष पूर्ण न होने के कारण यथावत रखा गया है। जिले में किसी भी वार्डन को पुन: 03 वर्ष का प्रभार नहीं सौंपा गया हैं। वार्डनों की छात्रावासवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्‍तर के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

श्‍योपुर जिला चिकित्‍सालय का उन्‍नयन

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

29. ( क्र. 595 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या 100 बिस्‍तरीय चिकित्‍सालय श्‍योपुर को 200 बिस्‍तरीय में उन्‍नयन हेतु वर्ष 2017-18 के बजट में टोकन बजट प्रावधान किया गया था एवं संस्‍था के उन्‍नयन की कार्यवाही प्रचलन में है? यदि हाँ, तो उक्‍त प्रचलित कार्यवाही को पूर्ण करके कब तक चिकित्‍सालय के उन्‍नयन का प्रशा. स्‍वीकृति आदेश जारी किया जावेगा? इसे जारी करने में विलम्‍ब का कारण भी बतावें?                                      (ख) क्‍या उक्‍त आदेश जारी करने में विलम्‍ब के कारण चिकित्‍सालय में वर्तमान तक उन्‍नयन के पूर्व की स्थिति विद्यमान है, नतीजतन मरीजों को उपचार कराने में जगह के अभाव व अन्‍य कई कारणों से कई प्रकार की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है और वे चिकित्‍सालय के उन्‍नयन के लाभ से वंचित बने हुए हैं? (ग) यदि हाँ, तो क्‍या शासन जिले के मरीजों के हित में चिकित्‍सालय के उन्‍नयन का प्रशा. स्‍वीकृति आदेश शीघ्र जारी करेगा तद्नुसार 200 बिस्‍तरीय चिकित्‍सालय को विधिवत् प्रारंभ करावाएगा व कब तक?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं। (ख) जी, हाँ। वर्तमान में जिला चिकित्सालय श्योपुर 100 बिस्तर के मान से संचालित किया जा रहा है। यहाँ पर 100 बिस्तर के मान से सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मरीजों की संख्या वृद्धि होने पर अतिरिक्त पलंग बढ़ाकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती रही हैं।                       (ग) जी, हाँ। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं।

रिक्‍त पद एवं आई.सी.यू. की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

30. ( क्र. 596 ) श्री दुर्गालाल विजय : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) श्‍योपुर जिला चिकित्‍सालय में वर्तमान में प्रथम श्रेणी सर्जरी विशेषज्ञों/अन्‍य विशेषज्ञों के कौन-कौन से पद स्‍वीकृत/भरे व कब से व किन कारणों से रिक्‍त पड़े हैं? इन्‍हें भरने हेतु क्‍या प्रयास किये गये? कब तक भरे जावेंगे? (ख) चिकित्‍सालय में दिनांक 11.07.2017 से वर्तमान तक आई.सी.यू. वार्ड में कितने गंभीर मरीजों को भर्ती किया? के नाम, पते बतावें, कितने गंभीर मरीजों को (हेड इन्‍जूरी एवं हृदय रोगियों को छोड़कर) अन्‍यत्र रेफर किया व क्‍यों बतावें?                        (ग) क्‍या चिकित्‍सालय में प्रथम श्रेणी सर्जिकल विशेषज्ञों के दोनों पद सहित अन्‍य विशेषज्ञों के पद रिक्‍त होने व आई.सी.यू. का नियमित संचालन न होने से जिले के सभी बीमारियों के गंभीर मरीजों को अब भी ऑपरेशन/उपचार सुविधाओं के अभाव में अन्‍यत्र जाना पड़ रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या शासन रिक्‍त पदों को शीघ्र भरेगा व आई.सी.यू. को नियमित संचालित करवाएगा? यदि नहीं, तो क्‍यों? (घ) प्रदेश में पुनरीक्षित दीन दयाल अंत्‍योदय उपचार योजना अंतर्गत जिला चिकित्‍सालयों में सुपर स्‍पेशलिटी ऑपरेशनों हेतु प्रदेश के जबलपुर, ग्‍वालियर सहित 12 जिलों को शामिल किया गया है? क्‍या शासन प्रश्नांश (क) एवं (ग) में वर्णित स्थिति के मद्देनजर श्‍योपुर जिले को भी इस योजना में शामिल करेगा? यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) स्वीकृत, कार्यरत, रिक्त संबंधी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विशेषज्ञ/चिकित्सकों के पद, प्रदेश में विशेषज्ञ/चिकित्सकों की कमी के शत् प्रतिशत पदपूर्ति नहीं है। पदपूर्ति एक सतत् प्रक्रिया है, निश्चित समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी निरंक है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जी नहीं, जिला चिकित्सालय श्यौपुर में सर्जरी योग्यता के 02 चिकित्सक कार्यरत हैं एवं 07 विशेषज्ञ व 17 पी.जी. योग्यताधारी चिकित्सक/संविदा चिकित्सक कार्यरत हैं एवं आमजन को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे है। अधिकांश मरीजों का श्यौपुर में ही उपचार दिया जाता है एवं अति गंभीर मरीजों को ही अन्यत्र रैफर किया जाता है। आई.सी.यू. संचालन हेतु चिकित्सकों को प्रशिक्षण संबंधी कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) जी हाँ। प्रदेश में चिन्हित 12 चिकित्सालयों में प्रथम चरण में ''पुनरीक्षित दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना'' अंतर्गत सुपर स्पेशिलिटी ऑपरेशन पब्लिक प्रोसिजर्स की सुविधा उपलब्ध कराये जाने संबंध में निर्णय लिया गया है एवं आगामी कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है। अतः वर्तमान सूची में श्यौपुर को सम्मिलित किया जाना संभव नहीं होगा। आगामी चरणों में मापदण्ड के आधार पर चयन हेतु विचार किया जा सकेगा।
परिशिष्ट - ''सोलह''

मुस्‍कुरा स्‍कूल का उन्‍नयन

[स्कूल शिक्षा]

31. ( क्र. 626 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                               (क) प्रदेश में स्‍कूलों के उन्‍नयन की क्‍या प्रक्रिया है तथा प्रक्रिया के पालन में कौन-कौन से बिन्‍दु और मापदंड शामिल किए जाते हैं ब्‍यौरा दें? क्‍या स्‍कूल के उन्‍नयन में गांव की आबादी छात्र संख्‍या से अधिक महत्‍वपूर्ण है? (ख) क्‍या इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुस्‍कुरा के स्‍कूल का हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन ग्राम की आबादी कम होने के कारण नहीं किया जा रहा है? यदि हाँ, तो क्‍या अनिवार्य शिक्षा अधिनियम में इसका उल्‍लेख है, यदि हाँ, तो ब्‍यौरा उपलब्‍ध कराएं? (ग) मुस्‍कुरा हाईस्‍कूल में कितने विद्यार्थी अध्ययनरत हैं गत 3 वर्ष के दौरान कक्षा 8 से 10वीं तक कक्षावार वर्षवार दर्ज विद्यार्थियों की जानकारी दें? प्रश्‍नानुसार बालक एवं बालिकाओं का पृथक-पृथक ब्‍यौरा उपलब्‍ध कराएं? (घ) क्‍या मुस्‍कुरा स्‍कूल का उन्‍नयन प्रस्‍तावित है? यदि हाँ, तो कब तक कर दिया जाएगा?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 अंतर्गत प्राथमिक शाला से माध्यमिक शाला में उन्नयन हेतु निर्धारित नीति अनुसार यदि क्षेत्र के भीतर किसी बसाहट या पड़ोस की सीमा के भीतर तीन कि.मी. की परिधि में कोई मिडिल स्कूल की सुविधा उपलब्ध नहीं हैं और 11 से 14 वर्ष की आयु के कम से कम 12 बच्चे उपलब्ध है तो राज्य सरकार ऐसी बसाहट में मिडिल स्कूल की सुविधा उपबंध करने का प्रावधान है। माध्यमिक शाला से हाईस्कूल एवं हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी के उन्नयन हेतु निर्धारित नीति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। (ख) माध्यमिक शाला से हाईस्कूल एवं हाईस्कूल से हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन हेतु नीति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-एक अनुसार है। वर्ष 2017-18 में शाला उन्नयन की कार्यवाही प्रचलन में है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-दो अनुसार है। (घ) शाला का उन्नयन हेतु परीक्षण प्रक्रियाधीन है। उन्नयन हेतु वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता भी विचारणीय है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

वीरपुर डेम प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र का लोकार्पण

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

32. ( क्र. 627 ) श्री शैलेन्‍द्र पटेल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासन द्वारा इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम वीरपुर डेम में प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र के भवन का निर्माण कराया गया हैं? यदि हाँ, तो निर्माण एजेंसी कौन थी? भवन की लागत, निर्माणकर्ता, निर्माण अवधि आदि का ब्‍यौरा दें? (ख) क्‍या भवन बनकर तैयार हो गया है, यदि हाँ, तो क्‍या निर्माण एजेंसी द्वारा विभाग को सुपुर्द कर दिया है? यदि हाँ, किस दिनांक को भवन सुपुर्द किया गया हैं? (ग) तैयार किए गए भवन में क्‍या-क्‍या सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जाएगी? अस्‍पताल में स्‍वीकृत स्‍टाफ के विरूद्ध पदस्‍थ कर्मचारियों तथा रिक्‍त पदों का ब्‍यौरा दें। (घ) क्‍या भवन का लोकार्पण कर दिया गया है? यदि नहीं, तो क्‍यों और कब तक लोकार्पण कर नए भवन में अस्‍पताल प्रारंभ होगा?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। स्वास्थ्य विभाग। भवन की लागत 125.79 लाख है, भवन का निर्माण कार्य श्री अमजद अली ठेकेदार द्वारा किया गया, अनुबंध अनुसार कार्य की समयावधि 15 माह थी, उक्त भवन का निमार्ण कार्य 17 माह 18 दिन में पूर्ण हुआ। (ख) जी हाँ, जी हाँ। दिनांक 04.11.2016 को भवन हस्तांतरित। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (घ) जी नहीं। लोकार्पण हेतु जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीहोर को भेजी गई है। भवन में वर्तमान में संस्था संचालित है।

परिशिष्ट - ''सत्रह''

हायर सेकेण्डरी/हाईस्कूलों के भवन निर्माण की स्वीकृति

[स्कूल शिक्षा]

33. ( क्र. 640 ) श्री हरवंश राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विगत 5 वर्षों में प्रश्‍न दिनांक तक कितने हाईस्कूल/हायर सेकेण्डरी विद्यालय उन्नयन किए गए हैं? (ख) उन्नयन उपरांत ऐसे कौन-कौन से हायर सेकेण्डरी/हाईस्कूल शालाएं हैं जो भवनविहीन एवं माध्य.शाला/प्राथ. शाला में संचालित हो रही हैं? (ग) भवनविहीन हायर सेकेण्डरी/हाईस्कूल शालाओं में कब तक भवनों की स्वीकृति प्रदान की जावेगी?
स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र ''''' अनुसार है। (ग) भवन निर्माण वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता पर निर्भर है। निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''अठारह''

टोंककला के अधूरे स्‍कूल भवन का निर्माण

[स्कूल शिक्षा]

34. ( क्र. 675 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग द्वारा सोनकच्‍छ विधान सभा के ग्राम पंचायत में हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल के छात्र-छात्राओं के उज्‍जवल भविष्‍य के लिए स्‍कूल भवन स्‍वीकृत किया गया था? (ख) क्‍या ग्राम टोंककला में स्‍कूल भवन स्‍वीकृत होकर निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था, जिसका कार्य अधूरा ही छोड़ दिया गया, जिसके कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है? (ग) क्‍या शासन छात्र-छात्राओं के भविष्‍य को ध्‍यान में रखते हुए उक्‍त अधूरे स्‍कूल भवन को पूरा करने हेतु राशि स्‍वीकृत करेगा या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक, यदि नहीं, तो क्‍यों नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। शास. हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल टोंककला के भवन निर्माण हेतु निर्माण एजेन्‍सी वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन म.प्र. द्वारा निर्माण का कार्य 75 प्रतिशत फाउंडेशन स्‍तर एवं 25 प्रतिशत प्लिंथ स्‍तर पर पूर्ण कर वर्तमान में अपूर्ण एवं बंद है। (ग) निर्माण एजेन्‍सी वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन म.प्र. भोपाल द्वारा शास. हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल टोंककला के निर्माण हेतु वर्ष 2017 में पुनरीक्षित प्राक्‍कलन दिया गया है, जिसके परीक्षण की कार्यवाही प्रचलन में है। निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

कन्‍या हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल उन्‍नयन करना

[स्कूल शिक्षा]

35. ( क्र. 677 ) श्री राजेन्द्र फूलचं‍द वर्मा : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग प्रदेश के नौनिहाल छात्र-छात्राओं के उज्‍जवल भविष्‍य के लिए समय-समय पर स्‍कूलों का उन्‍नयन करता है? यदि हाँ, तो सोनकच्‍छ विधान सभा क्षेत्र में कितने और कहाँ-कहाँ पर किन-किन वर्ग में स्‍कूलों का उन्‍नयन किया गया है? (ख) क्‍या शासन द्वारा नगर पिपलरावां में विगत 30 वर्षों से चल रहे शासकीय हाईस्‍कूल को कन्‍या हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में उन्‍नयन करने हेतु कोई कार्यवाही प्रचलित है या नहीं? यदि हाँ, तो क्‍या और नहीं तो क्‍यों नहीं? (ग) क्‍या शासन पिपलरावां व आस-पास के क्षेत्र के लगभग 20-25 ग्रामों की सैकड़ों बालिकाओं को कक्षा 10वीं के पश्‍चात हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल में अध्‍ययन हेतु आ रही समस्‍याओं के निराकरण हेतु भविष्‍य में पिपलरावां को कन्‍या हायर सेकेण्‍डरी स्‍कूल की सौगात दी जावेगी या नहीं?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।                  (ख) कन्‍या शाला हेतु पृथक से प्रावधान न होने से कोई कार्यवाही प्रचलित नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) कन्‍या हाईस्‍कूल पीपलरावां की छात्राएँ पूर्व से संचालित उ.मा.वि. (सह-शिक्षा) में अध्‍ययन हेतु जाती है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - ''उन्नीस''

संविदा से अध्‍यापक संवर्ग में संविलियन हेतु शर्तों का पालन

[स्कूल शिक्षा]

36. ( क्र. 695 ) श्री गोपाल परमार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आगर मालवा जिले में वर्ष 2013 से संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1,2 एवं 3 के पदों पर कितनी नियुक्तियों प्रदान की गई है? (ख) क्‍या नियुक्‍त संविदा शाला शिक्षकों का पुलिस सत्‍यापन एवं स्‍वास्‍थ्‍य चिकित्‍सा प्रमाण-पत्र के संबंध में कोई शिकायत प्राप्‍त हुई है? यदि हाँ, उनकी जानकारी नामवार पदवार एवं संस्‍थावार उपलब्‍ध करायें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) यदि हाँ, तो प्राप्‍त शिकायत पर क्‍या कार्यवाही की गई जानकारी दें? यदि कोई कार्यवाही नहीं हुई है तो दोषी अधिकारी/कर्मचारियों के नाम पदनाम, कार्यरत संस्‍था की जानकारी दें और इनके विरूद्ध शासन द्वारा कोई कार्यवाही की गई? यदि नहींतो कब तक की जायेगी? (घ) सेवा शर्तें पूर्ण नहीं करने वाले कितने अध्‍यापक हैं, जिनका संविलियन कर दिया गया है? इसके लिये कौन अधिकारी जवाबदार है, शासन क्‍या कार्यवाही करेगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) आगर मालवा जिले में वर्ष 2013 में की गई नियुक्तियों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश (ख) के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) इस प्रकार का कोई प्रकरण नहीं है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''बीस''

उत्‍कृष्‍ट विद्यालयों में व्‍यवसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम प्रांरभ कराया जाना

[स्कूल शिक्षा]

37. ( क्र. 717 ) श्रीमती पारूल साहू केशरी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या स्‍कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत शासकीय उत्‍कृष्‍ट उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालयों में व्‍यवसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम प्रारंभ कराया गया है? (ख) यदि हाँ, तो बतावें कि सागर जिले के किस-किस उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में कौन-कौन से ट्रेडों को स्‍वीकृति दी गयी हैं? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार बतावें कि शिक्षा सत्र 2017-18 में उक्‍त विद्यालयों में स्‍वीकृत ट्रेडों में से किस-किस विद्यालय के किस-किस ट्रेड में कितने छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है? (घ) प्रश्‍नांश (ग) अनुसार प्रवेशित छात्र-छात्राओं को संबंधित विषय के अध्‍यापन हेतु क्‍या वांछित पात्रताधारी शिक्षक/प्रशिक्षक की नियुक्ति की जा चुकी है? अथवा नहीं? यदि नहीं, तो इन छात्र-छात्राओं के अध्‍यापन की व्‍यवस्‍था क्‍या है?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। (ख) सागर जिले के 12 उत्कृष्ट उ.मा.विद्यालयों में संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार ट्रेड की स्वीकृति दी गई है। (ग) विवरण संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (घ) सागर जिले के 12 उत्कृष्ट उ.मा.विद्यालयों में से 11 उ.मा.विद्यालयों में स्वीकृत ट्रेड के विरुद्ध पात्रताधारी शिक्षक/प्रशिक्षक की नियुक्ति की जा चुकी है। शेष 01 विद्यालय शा.उत्कृष्ट उ.मा.विद्यालय राहतगढ़ में स्वीकृत दो ट्रेड में एक ट्रेड आई.टी./आई.टी.ई.एस. पात्रताधारी प्रशिक्षित शिक्षक/प्रशिक्षक की नियुक्ति की जा चुकी है, केवल एक शाला में एक ट्रेड हेल्थ केयर में पात्रताधारी प्रशिक्षित शिक्षक की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है। इस ट्रेड का अध्यापन वैकल्पिक व्यवस्था अंतर्गत जीव विज्ञान विषय के वरिष्ठ अध्यापक द्वारा कराया जा रहा है।

परिशिष्ट - ''इक्कीस''

प्रदेश में असिस्‍टेंट सर्जन, स्‍पेशलिस्‍ट डॉक्‍टरों के स्‍वीकृत पदों की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

38. ( क्र. 740 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में असिस्‍टेंट सर्जन, स्‍पेशलिस्‍ट डॉक्‍टरों के कितने पद स्‍वीकृत हैं? इनमें से नवम्‍बर, 2017 की‍ स्थिति में कितने भरे हैं तथा कितने रिक्‍त हैं, पूर्ण पद नहीं भरने के क्‍या कारण है? रिक्‍त पदों की जिलावार जानकारी दी जावें? (ख) क्‍या प्रदेश के चिकित्‍सकों की अन्‍य राज्‍यों की तुलना में वेतनमान कम होने के कारण प्रदेश में सेवा करने के बजाय अन्‍य प्रदेशों में सेवा कार्य करने में रूचि लेते है? म.प्र. की एवं अन्‍य राज्‍यों के वेतनमान की तुलनात्‍मक स्थिति की जानकारी दी जावें? (ग) म.प्र. लोक सेवा आयोग की परीक्षा किस वर्ष हुई तथा उक्‍त समय में प्रदेश में कितने पद रिक्‍त थे, कितने डॉक्‍टर पी.एस.सी. में सिलेक्‍ट हुये तथा कितनों ने ज्‍वॉइन नहीं किया? संख्‍या, सन् सहित पूर्ण जानकारी दी जावें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। रिक्‍त पदों की पूर्ति हेतु निरंतर कार्यवाही जारी है परंतु प्रदेश में विशेषज्ञों की अत्‍याधिक कमी है अत: स्‍वास्‍थ्‍य संस्थाओं में विशेषज्ञों के शत् प्रतिशत पदों की पूर्ति किये जाने में कठिनाई हो रही है, विशेषज्ञ के 100 प्रतिशत पदोन्‍नति से भरे जाने का प्रावधान है परंतु वर्तमान में माध्‍यम उच्‍चतम न्‍यायालय में पदोन्‍नति संबंधी प्रकरण प्रचलित होने के कारण पदोन्‍नति की कार्यवाही नहीं की जा सकेगी है। चिकित्‍सकों की भर्ती हेतु 2015 में 1896 चिकित्सकों का मांग पत्र प्रेषित किया था परंतु मात्र 726 चयनित चिकित्‍सकों की सूची प्राप्‍त हुई है। रिक्‍त पदों की पूर्ति की कार्यवाही निरंतर जारी है, म.प्र. लोक सेवा आयोग को पुन: 1277 चिकित्‍सकों की नियुक्ति हेतु मांग-पत्र प्रेषित किया जा रहा है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) चिकित्‍सा अधिकारी का पद द्वितीय श्रेणी राजपत्रित पद है, इस पद पर केन्‍द्र द्वारा स्‍वीकृत वेतनमानों को राज्‍य सरकार द्वारा लागू किया जाता है, प्रदेश में चिकित्‍सा अधिकारी का पद वेतनमान 15600-39100 एवं ग्रेड-पे 5400 में स्‍वीकृत है। केन्‍द्र सरकार के एम्‍स चिकित्‍सालयों में भी चिकित्‍सकों का प्रारंभिक वेतन 15600-39100 एवं ग्रेड-पे 5400 है। लगभग सभी राज्‍यों में चिकित्‍सा वर्ग का वेतनमान समान है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) वर्ष 2015 में म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा चिकित्‍सा अधिकारियों के रिक्‍त 1896 पदों हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। 726 चिकित्‍सकों की चयन सूची वर्ष 2017 में प्राप्‍त हुई। वर्ष 2017 में 726 में से 365 चिकित्‍सकों द्वारा कार्यग्रहण नहीं किया गया।

परिशिष्ट - ''बाईस''

म.प्र. में सहायक शिक्षकों की पदोन्‍नति

[स्कूल शिक्षा]

39. ( क्र. 741 ) श्री सत्‍यपाल सिंह सिकरवार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले में ऐसे कितने सहायक शिक्षक है जिनका सेवाकाल 30 वर्ष से भी अधिक होने के बावजूद, उन्‍हें वरिष्‍ठ पद की योग्‍यता होने के बावजूद पदोन्‍नत नहीं किया गया है? शासन की क्‍या नीति है, पूर्ण जानकारी दी जावें? (ख) क्‍या शासन की नीति अनुसार हर वर्ष डी.पी.सी. के माध्‍यम से शिक्षकों को पदोन्‍नति दी जानी चाहिये? सन् 2010 से 2017 तक कितनी बार जिलों में डी.पी.सी. प्रक्रिया कराई गई, जिलावार सन् सहित पूर्ण जानकारी दी जावे? (ग) क्‍या इस प्रक्रिया में विलम्‍ब के कारण मुरैना जिले के सहायक शिक्षकों का वेतनमान तो बढ़ा दिया (क्रमोन्‍नति 12,24 वर्ष) लेकिन पदोन्‍नति नहीं की गई? इस कारण उनकी योग्‍यता क्षमताओं का उपयोग नहीं हो सका? शासन इसे कब लागू करेगा? जानकारी दी जावे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। सहायक शिक्षकों के पदोन्‍नति नियम जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-2 अनुसार है। (ख) जी हाँ। मुरैना जिला अंतर्गत वर्ष 2013 में दिनांक 21.03.2013 को एवं वर्ष 2015 में दिनांक 08.10.2015 को डी.पी.सी. प्रक्रिया सम्पन्न कराई गई है। (ग) मुरैना जिले के पात्र सहायक शिक्षकों को 12 एवं 24 वर्ष की क्रमोन्नति का लाभ दिया गया है एवं पात्र सहायक शिक्षकों को विषयवार उपलब्ध रिक्त पदों पर नियमानुसार शिक्षक पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। वर्तमान में मान. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पदोन्‍नति के संबंध यथास्थिति के निर्देश प्रदान किये गया है, प्रकरण माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय में विचाराधीन होने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में स्‍कूल की व्‍यवस्‍था

[स्कूल शिक्षा]

40. ( क्र. 772 ) चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला भिण्‍ड के अंतर्गत मेहगांव विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल कितने शास. प्राथमिक/शास. माध्‍यमिक विद्यालय/शास.उ.मा.वि. स्‍वीकृत होकर संचालित हैं? संख्‍या बतावें।                    (ख) उक्‍त शासकीय विद्यालयों में कहाँ-कहाँ, कौन-कौन से शिक्षक पदस्‍थ हैं? नामवार जानकारी दी जावे। (ग) क्‍या उक्‍त विद्यालयों में से बहुत से विद्यालय शिक्षकविहीन हैं? यदि हाँ, तो उन विद्यालयों में शिक्षकों की व्‍यवस्‍था अन्‍य स्‍थानों से की गई है? यदि हाँ, तो कौन-कौन से शिक्षकों की? नामवार, स्‍थानवार जानकारी दी जावें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) 415- प्राथमिक शाला, 160 माध्‍यमिक शाला, 125 हाईस्‍कूल एवं 12 उ.मा.वि. स्‍वीकृत होकर संचालित है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' अनुसार है।

शासकीय प्राथमिक शालाओं में श्‍यामपट/ब्‍लैक बोर्ड को बदलना

[स्कूल शिक्षा]

41. ( क्र. 781 ) इन्जी. प्रदीप लारिया : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या शासकीय प्राथमिक शालाओं में वर्तमान में श्‍यामपट/ब्‍लैक बोर्ड बदले जाने की कोई योजना सरकार द्वारा बनाई गई है? यदि हाँ, तो जानकारी देवें। (ख) क्‍या उक्‍त योजना विभाग में लंबित हैं तो विभाग द्वारा डिजिटल बोर्ड/डिजिटल श्‍यामपट लगाए जाएंगे? (ग) क्‍या यदि विभाग द्वारा डिजिटल श्‍यामपट/ब्‍लैक बोर्ड लगाये जाएंगे तो विभाग द्वारा प्राथमिक शालाओं में यह कार्य कब तक किये जाएंगे?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) से (ग) शासकीय प्राथमिक शालाओं में वर्तमान में श्‍यामपट/ब्‍लैक बोर्ड बदले जाने की कोई योजना नहीं है। अत: शेषांश का  प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

लंबित पड़े देयकों का भुगतान

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

42. ( क्र. 807 ) कुँवर विक्रम सिंह : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बैंकटेश ट्रेडर्स सारंगपुर जिला राजगढ़ म.प्र. से मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी दमोह द्वारा Bill No 16 से 166 तक के कुल राशि रु. 1661864.00 भुगतान हेतु वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक लंबित है? (ख) यदि हाँ, तो क्‍या राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन म.प्र. 8 अरेरा हिल्‍स, पुरानी जेल, भोपाल के पत्र क्र. 12695, दिनांक 16.11.2015 का पालन क्‍यों नहीं किया गया? (ग) क्‍या मिशन डायरेक्‍टर (NHM) भोपाल को समस्‍त देयकों का विवरण सहित आवेदक ने मांग की तथा कुल कितने आवेदन पत्र विभाग को प्राप्‍त हुए? (घ) लंबित पड़े भुगतान का निराकरण कितनी समय-सीमा में कर दिया जावेगा? नहीं तो दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी?
लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) तत्समय में उक्त देयकों से संबंधित क्रय प्रक्रियाओं में वित्तीय अनियमितता के फलस्वरूप प्रकरण की जाँच प्रक्रियाधीन होने के कारण। (ग) जी हाँ, आवेदक का एक आवेदन मिशन संचालक एन.एच.एम. को एवं 02 आवेदन सी.एम. हेल्प लाईन के माध्यम से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दमोह को प्राप्त हुए थे। (घ) क्रय प्रक्रिया में अनियमितताओं के फलस्वरूप उक्त प्रकरण की जाँच परीक्षणाधीन है, भुगतान की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जाँच में दोषी पाये जाने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

भवनों के निर्माण कार्यों

[स्कूल शिक्षा]

43. ( क्र. 933 ) श्री हरवंश राठौर : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) बंडा विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2014 से 2017 प्रश्‍न दिनांक तक कितने स्‍वीकृत निर्माण कार्य पी.आई.यू. एजेन्‍सी के माध्‍यम से कराए गए है? कार्य का नाम, स्‍वीकृति दिनांक लागत कार्यपूर्णता दिनांक सहित बतावें? (ख) उपरोक्‍त में से कितने कार्य पूर्ण है? कितने अपूर्ण है? सूची दी जाए। अपूर्ण कार्य की राशि एवं कार्य पूर्णता की स्थिति बतावें? (ग) अपूर्ण कार्यों के लिए जिम्‍मेदार अधिकारियों के नाम, पदनाम सहित एवं इन पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? (घ) उपरोक्‍त समयावधि में पूर्ण हो चुके भवनों/कक्षों में से कितने भवन/कक्ष जिनका पी.आई.यू. द्वारा मूल्‍यांकन/कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र की राशि भुगतान के अभाव में हैण्‍डओवर नहीं किए गए? कारण सहित जानकारी दी जावें?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।        (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट में समाहित है। अपूर्ण कार्य के लिये अधिकारी जिम्‍मेदार नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) उत्‍तरांश '''' एव' ''' के प्रकाश में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।
परिशिष्ट - ''तेईस''

अध्यापक संवर्ग का छठवें वेतनमान में वेतन निर्धारण

[स्कूल शिक्षा]

44. ( क्र. 1001 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या अध्‍यापक संवर्ग को छठवें वेतनमान हेतु दिनांक 07.07.2017 एवं दिनांक 22.08.2017 को आदेश जारी किए गऐ हैं यदि हाँ, तो आगर मालवा जिले में जारी आदेश का पालन होकर वेतन निर्धारण कर वेतन दिया जा रहा है? (ख) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित जारी आदेश के क्रियान्वन में वेतन निर्धारण की स्थिति अस्पष्ट है? क्या वरिष्ठ को कनिष्ठ से कम वेतन की स्थिति बन रही है? यदि हाँ, तो स्पष्टीकरण जारी किया जावेगा? प्रश्नकर्ता द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी आगर को पत्र क्रं. 842 दिनांक 23.09.17 द्वारा वेतन निर्धारण हेतु लेख किया था इस संबंध में क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आदेश के परिपालन में वेतन निर्धारण हेतु सहायक अध्यापक, अध्यापक वरिष्ठ अध्यापक जिनका मूल वेतन 01.04.2007 को क्रमश: 3300, 4250, 5350 था का 01.01.2016 को छठवें वेतनमान में मूल वेतन कितना-कितना निर्धारित होगा? (घ) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित आदेश के परिपालन में वेतन निर्धारण हेतु सहायक अध्यापक, अध्यापक वरिष्ठ अध्यापक जिनका मूल वेतन 01.04.2007 को क्रमश: 3000, 4000, 5000 था का 01.01.2016 को छठवें वेतनमान में मूल वेतन कितना-कितना निर्धारित होगा?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन आदेशों के अंतर्गत उल्‍लेखित प्रक्रिया अनुसार कार्यवाही प्रचलित है। (ख) जी नहीं। माननीय प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रेषित पत्र पर की कार्यवाही की जानकारी एकत्रित की जा रही है। (ग) वेतन निर्धारण प्रत्‍येक अध्‍यापक के सेवा अभिलेखों के आधार पर संदर्भित आदेशों में नियत की गई प्रक्रिया के अनुरूप किया जाता है। मात्र मूल वेतन के आधार पर वास्‍तविक वेतन निर्धारण संभव नहीं है। (घ) प्रश्‍नांश () में दिए गए उत्‍तर अनुसार।

न्यायालयीन प्रकरणों में शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत करना

[स्कूल शिक्षा]

45. ( क्र. 1002 ) श्री मुरलीधर पाटीदार : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) उज्जैन संभाग के विभिन्न न्यायालयों में स्कूल शिक्षा विभाग जिला आगर मालवा के कितने प्रकरण दर्ज होकर प्रचलित हैं? प्रकरणवार विवरण देवें? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में दिनांक 01 मई 2017 से दिनांक 30 सितम्बर 2017 के मध्य किन-किन प्रकरणों में विभाग की और से जवाब प्रस्तुत किया गया? (ग) क्या जवाब प्रस्तुत नहीं करने से कुछ प्रकरणों में शासन के विरूद्ध एक पक्षीय निर्णय माननीय न्यायालय ने पारित किये? यदि हाँ, तो प्रकरणवार पूर्ण विवरण देवें?            (घ) क्या शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत करने हेतु कोई जवाबदेही तय की गई थी? यदि हाँ, तो शासन के विरूद्ध निर्णय एवं जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर इसके लिये दोषी किन-किन अधिकारियों/कर्मचारियों को दण्डित किया गया? विवरण देवें? यदि दण्डित नहीं किया गया तो क्या कार्यवाही की गई?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर है।         (ख) दिनांक 01.05.2017 से 30.09.2017 के मध्‍य एक प्रकरण श्री टेकचन्‍द्र गेहलोत डब्‍ल्‍यू.पी. 3518/2017 में जवाबदावा प्रस्‍तुत किया गया है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र '''' पर है। (घ) जी हाँ। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी आगर मालवा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''चौबीस''

नियम विरूद्ध नियुक्ति की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

46. ( क्र. 1019 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या तारांकित प्रश्‍न क्रं. 670 दिनांक 18.07.2016 में विभाग द्वारा स्‍वीकृत किया गया है, कि श्री कलम सिंह पटले सहायक ग्रेड 02 की नियुक्‍ति नियम विरूद्ध की गई है तथा क्‍या श्री कलमसिंह पटले की नियम विरूद्ध नियुक्‍ति की जाँच विभाग में लंबित है? (ख) क्‍या श्री कलम सिंह पटले के नियम विरूद्ध नियुक्ति एवं पदोन्‍नति के संबंध में विभाग द्वारा जानकारी दी गई थी, कि उक्‍त प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय जबलपुर में लंबित है? क्‍या यह सही है, कि उक्‍त प्रकरण का माननीय न्‍यायालय द्वारा निराकरण कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कब तक              श्री कलमसिंह पटले को विभाग द्वारा सेवा से बर्खास्‍त किया जावेगा? नियम विरूद्ध पदोन्‍नति के प्रकरण में क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) तारांकित प्रश्न क्रं. 670 दिनांक 18.07.2016 में दिये गये उत्तर की प्रति संलग्न परिशिष्‍ट पर है। जी नहीं। (ख) नियम विरूद्ध पदोन्नति के संबंध में प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित है, संबंधी जानकारी दी गई थी। जी हाँ। न्यायालय निर्णय के अनुक्रम में श्री कमल सिंह पटले एवं अन्य द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन के निराकरण की कार्यवाही क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर के अधीन प्रचलित है। प्रकरण में नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

परिशिष्ट - ''पच्चीस''

कार्यमुक्‍त करना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

47. ( क्र. 1020 ) डॉ. योगेन्‍द्र निर्मल : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या कार्यालय मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी बालाघाट में पदस्‍थ श्री कलम सिंह पटले का प्रशासनिक स्‍थानांतरण जिला नरसिंहपुर किया गया है? यदि हाँ, तो उन्‍हें कब कार्यमुक्‍त किया गया? यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) क्‍या स्‍थानांतरण के पश्‍चात् कर्मचारी को           07 दिवस के भीतर कार्यमुक्‍त करना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो किस उच्‍चाधिकारी के आदेश से उक्‍त कर्मचारी को रिलीव नहीं किया गया? आदेश की छायाप्रति प्रदान करें? उक्‍त कर्मचारी का स्‍थानांतरण पश्‍चात् वेतन आहरण किस नियम से किया जा रहा है? आदेश की प्रति उपलब्‍ध करावें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। संचालनालय आदेश दिनांक 10.07.2017 के विरूद्ध श्री कलम सिंह पटले, सहायक ग्रेड-2 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका क्रमांक-11595/2017 दायर की गई। जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 17.08.2017 को आदेश पारित कर याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा दिये निर्देशों के अनुक्रम में श्री कलम सिंह पटले, सहायक ग्रेड-2 द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन पर संचालनालय आदेश क्रमांक 2/अवि./सेल-टी.पी/2017/1152-F भोपाल, दिनांक 23.11.2017 द्वारा अभ्यावेदन अमान्य कर श्री पटले को स्थानांतरण स्थल हेतु कार्यमुक्त किये जाने बावत् मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बालाघाट को निर्देशित किया गया है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी हाँ। शेषांश की जानकारी उत्तरांश (क) में अंकित है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय सेवक को अधिवार्षिकी आयु 65 वर्ष के स्थान पर 60 वर्ष किया जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

48. ( क्र. 1039 ) श्री निशंक कुमार जैन : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग भोपाल के आदेश क्रमांक/2016/3569/2016/17/मेडि.1 दिनांक-30/08/2016 के द्वारा नर्सिंग संवर्ग में कार्यरत शासकीय सेवक को अधिवार्षिकी आयु 65 वर्ष के स्थान पर 60 वर्ष किये जाने पर प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालय के अधीन कार्यरत नर्सिंग संवर्ग को दिनांक-31/08/2016 को सेवानिवृत्त किये जाने के आदेश प्रदान किये गये हैं या नहीं? (ख) उक्त आदेश के क्रम में ऐसे कितने कर्मचारी है? जिन्होनें 60 वर्ष से अधिक अर्थात 63 वर्ष से अधिक की सेवापूर्ण करने के उपरांत सेवानिवृत्त किया गया हैं? इन कर्मचारियों की जिलेवार संख्या देवें? प्रश्नांश (क) के प्रकाश में प्रश्नांश (ख) में उल्लेखित कितने कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति देय स्वत्वों को भुगतान (अंतिम पेंशन, उपादान राशि, बीमा राशि, जी.पी.एफ. राशि, अर्जित अवकाश नगदीकरण आदि का भुगतान कर दिये गये हैं? कितने शेष हैं? शेष को अभी तक भुगतान नहीं किये जाने का क्या कारण है? (ग) म.प्र. पेंशन नियमों के क्रम में प्रश्नांश (ग) में उल्लेखित शेष रहे कर्मचारियों को कब तक सेवानिवृत्ति देय स्वत्वों (पेंशन, उपादान राशि, बीमा राशि, जी.पी.एफ. राशि, अर्जित अवकाश नगदीकरण आदि) का भुगतान किया जावेगा? नहीं तो किस नियमों के क्रम में संबंधित कर्मचारियों का भुगतान रोका गया है? इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। राज्‍य शासन के आदेश क्रमांक 2061/3569/2016/17/मेडि-1, दिनांक 30/08/2016 को शासन द्वारा दिनांक 20 अक्‍टूबर, 1989 को जारी अलिपिकीय सेवा भर्ती नियम के अनुरूप महिला स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता (ए.एन.एम.) एवं महिला स्‍वास्‍थ्‍य पर्यवेक्षक (एल.एच.व्‍ही.) को उनकी अधिवार्षिकी आयु 60 वर्ष होने के कारण सेवानिवृत्‍त किया गया। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

प्राचार्य द्वारा की गई अनियमितताओं की जाँच

[स्कूल शिक्षा]

49. ( क्र. 1046 ) श्री तरूण भनोत : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासकीय हायर सेकेण्‍डरी शाला गढ़ा की प्राचार्य अंजू खेत्रपाल शाला में किस दिनांक से पदस्‍थ हैं? विगत कई वर्षों से पदस्‍थ होने के बाद भी इन पर स्‍थानांतरण नीति लागू क्‍यों नहीं हो पा रही है? (ख) वर्णित (क) की संस्‍था प्राचार्य द्वारा विगत तीन वर्षों में कितने अतिथि शिक्षकों को शाला में रखा गया अतिथि‍ शिक्षकों के नामवार उनकी शैक्षणिक योग्‍यतावार दिनांक 30 मार्च 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक बताई जावे? (ग) क्‍या वर्णित (क) की प्राचार्य द्वारा नियम विरूद्ध अतिथि शिक्षकों को नियुक्‍त करने एवं अन्‍य अनियमितताओं की जाँच कर दण्डित किया जावेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) श्रीमती अंजू खेत्रपाल शास. हायर सेकेण्‍डरी शाला गढ़ा में दिनांक 25.09.2013 से पदस्थ हैं। विभागीय स्थानांतरण नीति वर्ष 2017-18 के अनुसार यह अनिवार्य नहीं है कि तीन वर्ष पूर्ण होने पर स्थानांतरण किया ही जाये। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं मापदण्ड के तहत की गई है। अतः शेषांश का प्रश्न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - ''छब्बीस''

अनुकम्‍पा नियुक्ति एवं अनुग्रह राशि समय पर न देने पर कार्यवाही

[स्कूल शिक्षा]

50. ( क्र. 1077 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या स्कूल शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा प्रश्‍न क्र. 156 (2783) दिनांक 25 जुलाई 2016 विधान सभा प्रश्‍न क्र. 183 (2017) दिनांक 09.12.2016, विधान सभा प्रश्‍न क्र. 3360 दिनांक 08 मार्च 2017 एवं विधान सभा प्रश्‍न क्र. 16 (454) दिनांक 21 जुलाई 2017 के उत्‍तरों में जाँच प्रचलित है, जाँच के निष्‍कर्ष पर निर्भर करेगा, ऐसा उत्‍तर बार-बार दिये जा रहे हैं, तो जाँच पूरी कराकर कार्यवाही कब तक करेंगे? (ख) प्रश्नांश (क) के संदर्भ में अधिकारियों द्वारा जाँच में लापरवाही कर सही जाँच न कर तथ्‍यों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है, तो इसके लिए जिम्‍मेवार अधिकारियों/कर्मचारियों की पहचान कर क्‍या कार्यवाही करेंगे? (ग) प्रश्नांश (क) के पीड़ि‍त परिवार को अनुकम्‍पा नियुक्ति एवं अनुग्रह राशि ब्‍याज सहित कब तक देने के आदेश जारी करेंगे? अनुकम्‍पा नियुक्ति न देने के कारण हुई आर्थिक क्षति की पूर्ति संबंधितों से क्‍या ब्‍याज सहित करावेंगे? (घ) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के अनुसार जिम्‍मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध समय पर अपने उत्‍तरदायित्‍व के निर्वहन न करने के लिए दोषी मानकर क्‍या कार्यवाही करेंगे? पीड़ि‍त परिवार को अनुग्रह राशि एवं अनुकम्‍पा नियुक्ति हेतु निर्देश कब तक जारी करेंगे? अगर नहीं तो क्‍यों?

स्कूल शिक्षा मंत्री ( कुँवर विजय शाह ) : (क) जी हाँ। संभागीय संयुक्‍त संचालक, लोक शिक्षण रीवा संभाग रीवा से प्राप्‍त जाँच प्रतिवेदन संतोषजनक नहीं होने के कारण पुन: जाँच करने हेतु संभागीय संयुक्‍त संचालक, लोक शिक्षण जबलपुर संभाग जबलपुर को जाँच अधिकारी नियुक्‍त किया गया। जाँच की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) जी नहीं। जाँच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने के उपरांत गुण दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाना संभव हो सकेगा। (ग) एवं (घ) जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी।

राज्‍य बीमारी में गरीबी रेखा के संबंध में सुधार

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

51. ( क्र. 1078 ) श्री सुन्‍दरलाल तिवारी : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक स्‍वास्‍थ्‍य परिवार कल्‍याण विभाग के द्वारा आदेश क्र. 04 रा.वी.सा.नि./2015/28, दिनांक 06.01.2015 एवं पृष्‍ठांकन क्र. 12-16/2016-17 मेडि-3, दिनांक 08.02.2017 के द्वारा राज्‍य बीमारी सहायता हेतु परिवार की परिभाषा उल्‍लेखित की गई है?                 (ख) प्रश्नांश (क) हाँ, तो राज्‍य सरकार द्वारा गरीबी रेखा में नाम जोड़ने का कार्य किन वर्ष में कराया था? गरीबी रेखा के जारी कार्ड में अंकित सदस्‍यों को क्‍या परिवार की श्रेणी में नहीं माना जा रहा जबकि परिवार आई.डी. में सदस्‍यों के नाम का उल्‍लेख है, ऐसे स्थिति में परिवार की परिभाषा पृथक से देकर गरीबों को राज्‍य बीमारी निधि की सहायता से वंचित किया जा रहा है, क्‍यों? सर्वे के समय परिवार के सदस्‍य नाबालिग थे, जो बालिग हो चुके हैं, जिनकी उम्र 25 वर्ष से अधिक हो चुकी है, क्‍या उनको पृथक कर सुविधा से वंचित करने की कार्यवाही की जा रही है? हाँ तो क्‍यों? (ग) प्रश्नांश (क) की सुविधा हेतु प्रश्नांश (ख) अनुसार परिवार की परिभाषा में गरीबी रेखा के जारी कार्ड में उल्‍लेखित सभी नामों को परिवार की परिभाषा में न मानकर पृथक से परिवार की परिभाषा बताकर गरीबों को राज्‍य बीमारी निधि की सुविधा से क्‍यों वंचित किया जा रहा है? (घ) प्रश्नांश (क) के राज्‍य बीमारी सहायता हेतु क्‍या शासन द्वारा गंभीर बीमारियों ह्दय रोग, कैंसर, किडनी एवं अंग, ट्रान्‍सप्‍लान्‍ट हेतु बी.पी.एल. की बाद्धयता समाप्‍त कर सभी को राज्‍य बीमारी निधि की सहायता देने पर विचार कर आदेश जारी करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ड.) प्रश्नांश (क) की राज्‍य बीमारी सहायता हेतु गरीबी रेखा में जारी कार्ड में अंकित सभी नामों को गरीबी रेखा के परिवार में मानकर लाभान्वित करने के आदेश जारी करायेंगे तथा प्रश्‍नांश (घ) अनुसार गंभीर बीमारी के लिये बी.पी.एल. की अनिवार्यता समाप्‍त कर सभी पीड़ि‍तों को राज्‍य बीमारी सहायता का लाभ देने का आदेश जारी करेंगे?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) स्वास्थ्य विभाग से संबंधित नहीं है। जी नहीं। परिवार की परिभाषा में नाम सम्मलित होने पर राज्य बीमारी सहायता निधि योजना का लाभ दिया जा रहा है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्तर (ख) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (घ) वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है । शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) उत्तर (घ) अनुसार प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

राज्‍य बीमारी सहायता के अधीन हितग्राहियों द्वारा की गई शिकायतें

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

52. ( क्र. 1100 ) श्री कैलाश चावला : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच जिले में दिनांक 01-04-2016 से 30-10-2017 तक राज्‍य बीमारी सहायता के कितने आवेदन पत्र प्राप्‍त हुए हैं? प्रकरणों में हितग्राही का नाम, बीमारी का नाम, हितग्राही की आयु की जानकारी प्रदान करें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्राप्‍त आवेदकों को राज्‍य के मान्‍यता प्राप्‍त किस हॉस्‍पिटल में भेजा गया है? (ग) क्‍या हितग्राही को शासन द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त हॉस्पिटल में से अपने इच्‍छा अनुसार हॉस्पिल में संबधित अधिकारियों द्वारा रेफर न किए जाने की शिकायतें शासन को प्राप्‍त हो रही हैं? यदि हाँ, तो इस हेतु कोई निर्देश जारी करेगें?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) राज्य बीमारी सहायता निधि योजनान्तर्गत नीमच जिले में दिनांक 01.04.2016 से 30.10.2017 तक कुल 94 आवेदन प्राप्त हुऐ हैं। शेष प्रश्न भाग की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।

सर्वसुविधा युक्‍त क्‍लीनिक बनाया जाना

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

53. ( क्र. 1105 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सागर पॉली क्लीनिक चमेली चौक अस्‍पताल को विकसित किये जाने की मांग लम्‍बे समय से की जा रही है? क्‍या बजट सत्र 2017 के दौरान विभागीय मंत्री द्वारा 30 बिस्‍तरों वाला सुसज्जित अस्‍पताल बनाये जाने की घोषणा की गई थी? यदि हाँ, तो अब तक क्‍या कार्यवाही की गई है? (ख) प्रश्नांश (क) के संबंध में कितनी राशि की स्‍वीकृति दी गई है त‍था उक्‍त कार्य कब तक प्रारंभ कर लिया जायेगा? (ग) क्‍या शासन सागर नगर के बीचों-बीच स्थित पॉली क्लीनिक चमेली चौक अस्‍पताल को जनता की चिकित्‍सा सुविधाओं को ध्‍यान में रखते हुये विभागीय मंत्री द्वारा की गई घोषणानुरूप शीघ्र पूर्ण करायेगा? यदि हाँ, तो कब तक?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। उन्‍नयन की कार्यवाही प्रचलन में है। (ख) प्रश्नांश (क) के उत्‍तर के परिप्रेक्ष्‍य में प्रशन उपस्‍थित नहीं होता। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं। (ग) जी हाँ। निश्चित समयावधि बताना संभव नहीं।

अनुकंपा पर फर्जी नियुक्ति की जानकारी

[लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण]

54. ( क्र. 1106 ) श्री शैलेन्द्र जैन : क्या लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2017 में सागर जिला स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अंतर्गत अनुकंपा नियुक्तियां नियम विरूद्ध होने की जाँच की गयी है एवं जांचोपरांत संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की गयी? यदि हाँ, तो कब किसके आदेश से? किस अधिकारी द्वारा जाँच की गयी? (ख) जाँच में किन कर्मचारियों की किस पद पर की गयी नियुक्तियां नियम विरूद्ध पायी गयी थी? नियम विरूद्ध नियुक्‍त कर्मचारी के विरूद्ध शासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या कार्यवाही की है? नियम विरूद्ध नियुक्‍त कर्मचारियों को प्रश्‍न दिनांक तक कितना वेतन भुगतान किया गया है? प्रत्‍येक नियुक्तिवार विवरण देवें। (ग) नियम विरूद्ध नियुक्ति करने वाले अधिकारी/डॉक्‍टर/शासकीय सेवक के नाम व पद बताये? शासन ने इनके विरूद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज क्‍यों नहीं करायी है? कारण नियम सहित बताये? नियम विरूद्ध नियुक्ति कर्मचारियों को की गयी भुगतान की वसूली किससे की जावेगी एवं पात्र लोगों को कब तक अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जावेगी?

लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री ( श्री रुस्तम सिंह ) : (क) जी हाँ, जाँच उपरांत संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया। संबंधित कर्मचारियों के विरूद्ध क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें सागर संभाग सागर के आदेश दिनांक 06.11.2017 के तहत निलंबन की कार्यवाही की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सागर के पत्र क्रमांक 5430 दिनांक 08.09.2017 द्वारा पाँच सदस्यीय (1) डॉ. एल के कटारे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी सागर                                   (2) डॉ. डी.के. गोस्वामी क्षय रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय सागर (3) डॉ. व्ही.एस. तोमर, नेत्र रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय सागर, (4) डॉ. एस.आर. रोशन, जिला टीकाकरण अधिकारी सागर एवं (5) डॉ. शाजिया तबस्सुम जिला मलेरिया अधिकारी सागर की टीम गठित कर जाँच कराई गई।         (ख) जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। नियम विरूद्ध नियुक्ति होने पर कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त व्यक्तियों को किये गये वेतन के भुगतान की जानकारी संलग्न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) उक्त अनुकंपा नियुक्तियां डॉ. एन.के. सैनी तत्कालीन प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सागर द्वारा की गई थी। उक्त अनुकंपा नियुक्ति में नियम विरूद्ध पाई गई थी, जिस पर जाँच समिति का गठन कर जाँच कराई गई एवं संबंधित कर्मचारियों (1) श्री दीपक शर्मा, लेखापाल (2) श्री आर.पी. सिंह, लेखापाल (3) श्री कुंवर सिंह ठाकुर, सहा.ग्रेड-दो (4) श्रीमती सविता ठाकुर, सहा.ग्रेड-दो, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सागर के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाकर क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें सागर संभाग सागर द्वारा निलंबित किया जाकर अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई हैं। प्रकरण में गुण दोष के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त व्यक्तियों को अभी तक किये गये वेतन के भुगतान की वसूली अनुकम्पा नियुक्ति करने वाले सभी संबधित अधिकारी, कर्मचारियों के वेतन से कराये जाने के निर्देश क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें सागर द्वारा उनके कार्यालयीन पत्र क्र. 7945-47 दिनांक 11.10.2017 द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सागर को दिये गये हैं। पात्र लोगों को शासन की नीति निर्देशों अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति दिये जाने की कार्यवाही आरक्षण रोस्टर अनुसार पद रिक्तता के आधार पर की जावेगी, निश्चित समय-सीमा बताई जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - ''सत्ताईस''

मुख्‍य चिकित्‍सक एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी के प्रभार से मुक्‍त करना

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