मध्यप्रदेश विधान सभा

 

की

 

कार्यवाही

 

(अधिकृत विवरण)

 

 

 

__________________________________________________________

 

चतुर्दश विधान सभा                                                               षोडश सत्र

 

 

फरवरी-मार्च, 2018 सत्र

 

बुधवार, दिनांक 28 फरवरी, 2018

 

(9 फाल्गुन, शक संवत्‌ 1939)

 

 

[खण्ड- 16 ]                                                                               [अंक-3]

 

__________________________________________________________

 

 

 

मध्यप्रदेश विधान सभा

 

बुधवार, दिनांक 28 फरवरी, 2018

 

(9 फाल्गुन, शक संवत्‌ 1939)

 

विधान सभा पूर्वाह्न 11.02 बजे समवेत हुई.

 

{अध्यक्ष महोदय (डॉ. सीतासरन शर्मा) पीठासीन हुए.}

 

 

 

 

                                  वर्ष 2018-2019 के आय व्‍ययक का उपस्‍थापन

 

          अध्‍यक्ष महोदय-- अब श्री जयंत मलैया, वित्‍त मंत्री वर्ष 2018-2019 के आय-व्‍ययक का उपस्‍थापन करेंगे . (सत्‍ता पक्ष के सदस्‍यों द्वारा मेजों की थपथपाहट)

 

          श्री मुकेश नायक -- वित्‍तमंत्री जी आपको अपना अंतिम बजट पेश करने के लिये बहुत-बहुत बधाई क्‍योंकि मध्‍यप्रदेश में इसके बाद इनको मौका नहीं मिलने वाला है.  (प्रतिपक्ष के सदस्‍यों द्वारा मेजों की थपथपाहट)

 

          श्री बाबूलाल गौर -- ये होली का मजाक है.

 

 

 

 

 

 

 

          वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) -- 

 

 

 

मंत्री पंचायत और ग्रामीण विकास(श्री गोपाल भार्गव)-- मुकेश भाई क्या अब भी विरोध करेंगे, अरे आप लोगों को तो धन्यवाद कहना चाहिये..

                      श्री बाला बच्चन -- गोपाल भार्गव जी वित्त मंत्री जी का भाषण हो जाने दीजिये. फिर हम आपको बतायेगे. कल ही कृषि विभाग का जवाब देने का दिन था उसमें प्रश्न में आधे से ज्यादा किसानों को भावांतर का मूल्य नहीं मिला है.

                      श्री गोपाल भार्गव-- अगर इसके बाद भी विरोध करे तो इसका अर्थ यह है कि वह किसानों के हितैषी नहीं हैं....

                      अध्यक्ष महोदय- कृपया बैठ जायें.

                      श्री बाला बच्चन -- 2018 में मात्र 422 लोगों को रोजगार मिला है, मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल रही है.सहकारिता और अन्य कर्मचारी धरने पर बैठे हैं.सरकार की यह स्थिति है ...

                      श्री गोपाल भार्गव--हमारी सरकार ने अरबों रूपया किसानों पर न्योछावर कर दिया.

                      अध्यक्ष महोदय- भार्गव जी कृपया बैठ जायें, बाला बच्चन जी बैठ जायें.

                      श्री गोपाल भार्गव -- अरबों रूपया किसानों पर न्यौछावर कर दिया.भारत में और दुनियां में यह हमारी पहली सरकार है.

                      श्री बाला बच्चन -- भार्गव जी पहले वित्त मंत्री जी को पढ़ लेने दीजिये.फिर हम बतायेंगे.

                      अध्यक्ष महोदय- बाला बच्चन जी बैठ जाईये, मंत्री जी बैठ जाईये. आपको सबको जल्दी अवसर मिलेगा. कृपया बैठ जायें.

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) -- 

 

 

    श्री बाला बच्‍चन--  माननीय वित्‍तमंत्री जी, नर्मदा जी में अभी पानी नहीं है, नर्मदा जी पूरी सूख चुकी हैं.

 

 

 

 

 

      वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) --

 

 

श्री गोपाल भार्गव--अध्यक्ष महोदय, अब आप लोग कोई कटौती प्रस्ताव नहीं देना.

          श्री बाला बच्चन--अध्यक्ष महोदय, हम लोग तो कटौती प्रस्ताव भी देंगे. हम यह कहना चाहते हैं कि नर्मदा में पानी सूख चुका है. यह जो बांधों एवं उद्वहन परियोजनाओं का बजट में उल्लेख किया है. अब नर्मदा जी में पानी नहीं है. सारा पानी आप लोगों ने गुजरात राज्य को दे दिया है. गुजरात में आपकी पार्टी की सरकार बनाने के लिये ऐसा किया है. नर्मदा का पानी जो मध्यप्रदेश के किसानों को मिलना चाहिये था वह पूरा पानी आप लोगों ने गुजरात को दे दिया है.

          अध्यक्ष महोदय--कृपया करके आप सब लोग बैठ जाईये.

          श्री यादवेन्द्र सिंह--अध्यक्ष महोदय, 40 साल की नर्मदा दायीं तट की परियोजना है.

          अध्यक्ष महोदय--आप लोग बैठ जाईये. जब आपका अवसर आयेगी तब बोल लेना.

          श्री गोपाल भार्गव--अध्यक्ष महोदय, 10 हजार करोड़ रूपया मध्यप्रदेश के इतिहास में आज तक नहीं मिला होगा.

          श्री यादवेन्द्र सिंह--हमारे यहां तो नहीं मिला है. हमारा क्षेत्र चित्रकूट से मैहर तक आता है.

          श्री तरूण भनोत--आप बीच बीच में क्यों खड़े हो जाते हैं, ताकि विवाद हो. आप इस तरफ आ जाईये. 6 महीने बाद आना है. आप अभी आ आईये.

          अध्यक्ष महोदय--माननीय मंत्री जी, आप कृपया बैठ जाएं.

          श्री गोपाल भार्गव--आप लोग भाषण देना बंद करें. आप लोग तो 100 साल तक नहीं आने वाले हैं.

          अध्यक्ष महोदय--भनोत जी, आप कृपया बैठ जाईये. इसके बाद में आपको अवसर मिलेगा. कृपया करके आप बैठ जाएं. जब अवसर आता है तब तो बोलते नहीं हैं.

      

 

  वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

 

श्रीमती ऊषा चौधरी--अध्यक्ष महोदय, बच्चों के पेपर चल रहे हैं उनको बिजली नहीं मिल रही है. आप यहां पर किसानों को बिजली देने की बात कर रहे हैं. वर्तमान में 20 दिनों से बिजली गोल है. बच्चों की इसके कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

               इसमें आप लोगों की सड़कें भी शामिल हैं.

श्री गोपाल भार्गव -  भारत में अव्वल हैं हमें धन्यवाद दे दो.

          श्री बाला बच्चन - आप उधर का परिणाम देख लो पता चल जायेगा. कोलारस और  मुंगावली का जो गढ्ढा है उसे देख लो वह कितना बड़ा गढ्डा हो गया है. कितना बड़ा अंतर हो गया है. सरकार ने चुनाव लड़ा था.

          श्री मुकेश नायक - माननीय वित्त मंत्री जी,  बायपास के आसपास जो बायपास बन रहे हैं वहां जमीनें खरीदी का काम तो अच्छा चल रहा है कि नहीं चल रहा है.

          अध्यक्ष महोदय - कृपा करके बैठ जाएं.

          श्री जयंत मलैया - इसका उत्तर अभी दूं या सदन के बाहर दूं.

          श्री मुकेश नायक -  सदन के बाहर भी नहीं दे पाएंगे और अंदर भी नहीं दे पाएंगे.

          अध्यक्ष महोदय - मुकेश नायक जी, बैठ जाएं. प्रश्नोत्तर काल है क्या यह.मुकेश नायक जी आपको अवसर मिलेगा बैठ जाएं कृपया.

          श्री मुकेश नायक - बायपास के पास किस मंत्री की कितनी जमीनें हैं. विवरण हम रखने वाले हैं.

          श्री जयंत मलैया - स्वागत है आपका. बताईयेगा.

          अध्यक्ष महोदय - मुकेश नायक जी बैठ जाएं. आपको इतनी जल्दी क्यों है आपको.

           वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) --

 

  

     श्री जितू पटवारी - इन्दौर में बयान देकर आए आप. अलग-अलग बात करते हो. दो बयान आपके हैं.

    वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

श्री बाला बच्चन - अध्यक्ष महोदय, 11.50  लाख बेरोजगारों ने रोजगार कार्यालयों में पंजीयन कराया है, उनमें से केवल 422 लोगों को ही काम मिला है. प्रदेश में बेरोजगारी तेजी से बढ़ती जा रही है.

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) --

श्री बाला बच्चन - अध्यक्ष महोदय, मध्यप्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में देश में 15वें नम्बर पर है. प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं.

 

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

 

श्री हर्ष यादव - अध्यक्ष महोदय, ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर नहीं हैं. स्वास्थ्य कर्मी नहीं हैं.

 

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

 

  अध्‍यक्ष महोदय, मैं पुन: वर्ष 2003 का यहां उल्‍लेख करना चाहूँगा. 14 वर्षों के बाद हम अपने पूरे कामों का लेखा-जोखा दे रहे हैं. हर सेक्‍टर में हमने क्‍या उपलब्‍धियां हासिल की हैं, यह बताना भी मेरा फर्ज बनता है.

 

श्री मुकेश नायक -- अध्‍यक्ष महोदय, मध्‍यप्रदेश में 4 हजार प्राथमिक स्‍कूलों में एक भी टीचर नहीं है. 17 हजार स्‍कूल ऐसे हैं, जिनमें केवल एक ही शिक्षक है...(व्‍यवधान)...

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

 

श्री बाला बच्‍चन -- माननीय वित्‍त मंत्री जी, आप क्‍वॉलिटी ऑफ एजुकेशन भी देख लीजिए. माननीय अध्‍यक्ष महोदय, क्‍वॉलिटी ऑफ एजुकेशन खत्‍म हो चुकी है. सरकारी स्‍कूलों में बच्‍चों के एडमिशन के लिए पेरेंट्स तैयार नहीं होते हैं. रूरल एरियाज़ में टीचर नहीं हैं.

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

                       अध्‍यापक संवर्ग को समाप्‍त कर शिक्षक बनाया जाएगा.

 

 

 

श्री बाला बच्‍चन -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, पिछले तीन साल का दो हजार करोड़ रूपए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विकास पर खर्च करना था. दो हजार करोड़ रूपए सरकार ने खर्च नहीं किया है. विधानसभा में यह मुद्दा मेरे द्वारा उठाया गया था. यह मेरे प्रश्‍न के जवाब में है. अनुसूचित जनजाति विकास के लिए बजट में प्रोवीजन तो किया जाता है लेकिन खर्च कहीं और किया जाता है.

 

 

 

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

 

 

श्री सचिन यादव--  अध्यक्ष महोदय, पकौड़े बनाने की ट्रेनिंग दी गई है.

          श्री जयंत मलैया--  बहुत अच्छा काम है, आपको अभी समझ में नहीं आएगा.

          श्री आरिफ अकील--  तो आप पकौड़े की दुकान कब लगा रहे हों...(व्यवधान)...

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

(मेजों की थपथपाहट)

(मेजों की थपथपाहट)

(मेजों की थपथपाहट)

 

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री (श्री गोपाल भार्गव)-- कम से कम अब तो आप शाबासी दो.

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

श्री गोपाल भार्गव--यह हमारी 40 प्रतिशत मेचिंग ग्रांट है. कम से कम धन्यवाद तो दीजिए.

          श्री बाला बच्चन-- आप धन्यवाद के लिए इतने उत्सुक क्यों हो रहे हैं. बजट भाषण हो जाने दीजिए फिर बताएंगे कि आपको क्या देंगे.

वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

 

श्री गोपाल भार्गव- धन्‍यवाद दीजिए कि बीस रुपए में खरीदकर एक रुपए में देंगे.

          श्री बाला बच्‍चन--  कोलारस और मुंगावली की जनता धन्‍यवाद के रूप में दे रही है. कोलारस और मुंगावली की जनता ने परिणाम दे दिया है. आप धन्‍यवाद के लिए इतने उत्‍सुक क्‍यों हो रहे हैं.

          श्री गोपाल भार्गव- 20 रुपए का खरीद रहे हैं और 1 रुपए में दे रहे हैं. इसके बावजूद कृतघ्‍नता बताएंगे तो भगवान भी माफ नहीं करेगा.

 

 

    वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

   

   श्री आरिफ अकील-- अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपके माध्‍यम से कहना चाहता हूं कि भोपाल की ट्रेफिक व्‍यवस्‍था सुधरवा दीजिए. हर जगह जाम लगता है.

   वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) --

          

              वन मंत्री (श्री गौरीशंकर शेजवार)-- क्रिमिनल्‍स की बात आई और आप खड़े होकर नाराज होने लगे. यह क्‍या बात है.

             श्री आरिफ अकील-- आपकी बात हो रही थी इसीलिए मेरा खड़ा होना जरूरी था. सबसे बड़े क्रिमिनल तो आप...

              वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) --

   श्री मुकेश नायक-- मध्‍यप्रदेश में 50 प्रतिशत तहसीलदारों के पद खाली हैं और आप इसका कम्‍प्‍यूटरीकरण कर रहे हैं.

 

 

   वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

             श्री आरिफ अकील - आपने मांस के ऊपर जीरो प्रतिशत कर दिया. आप डीजल पेट्रोल पर भी तो कुछ बोलिए.

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र - आरिफ भाई, यह बजट की बात है. आपकी समझ में नहीं आएगा.

          श्री आरिफ अकील - आप तो सरकार चलाते हो, यह आपको क्‍या मालूम ?

          वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) –

(मेजों की थपथपाहट)

 

          डॉ. गौरीशंकर शेजवार - जयंत मलैया जी, आपको बहुत-बहुत बधाई.  

          वित्‍तमंत्री (श्री जयंत मलैया) -- अध्‍यक्ष महोदय, मैं राज्‍यपाल महोदय के निर्देशानुसार वर्ष 2018-19 के आय-व्‍ययक के उपस्‍थापन के साथ-साथ मध्‍यप्रदेश राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत यथा-अपेक्षित राजकोषीय नीति का विवरण वर्ष 2018-2019 सदन के समक्ष रखता हूं. धन्‍यवाद.           

 

12.30 बजे                              अध्यक्षीय घोषणा

आय-व्ययक की मांगों पर कटौती प्रस्ताव एवं सामान्य चर्चा का समय नियत करने विषयक

 

          अध्‍यक्ष महोदय :- मैं, आय-व्‍ययक पर सामान्‍य चर्चा के लिये दिनांक-09 एवं 12 मार्च, 2018 नियत करता हूं. आय-व्‍ययक में सम्मिलित मांगों पर प्रस्‍तुत किए जाने वाले कटौती प्रस्‍तावों की सूचनाएं निर्धारित प्रपत्र में दिनांक 1 मार्च, 2018 को अपराह्न 4 बजे तक विधान सभा सचिवालय में दी जा सकती हैं.  

          विधानसभा की कार्यवाही बुधवार, दिनांक 07 मार्च, 2018 को प्रात: 11.00 बजे तक के लिये स्‍थगित.

          अपराह्न 12.31 बजे विधानसभा की कार्यवाही बुधवार, दिनांक 07 मार्च, 2018

( 16 फाल्‍गुन, शक संवत् 1939 ) के पूर्वाह्न 11.00 बजे तक के लिये स्‍थगित की गई.

 

भोपाल:                                                                                          ए. पी. सिंह

दिनांक: 28 फरवरी, 2018                                                              प्रमुख सचिव,

                                                                                             मध्‍यप्रदेश विधान सभा