मध्यप्रदेश विधान सभा

 

की

 

कार्यवाही

 

(अधिकृत विवरण)

 

 

 

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चतुर्दश विधान सभा                                                                               सप्‍तदश सत्र

 

 

जून, 2018 सत्र

 

मंगलवारदिनांक 26 जून, 2018

 

(5 आषाढ़शक संवत्‌ 1940)

 

 

[खण्ड- 17 ]                                                                                                    [अंक- 2 ]

 

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 मध्यप्रदेश विधान सभा

 

मंगलवारदिनांक 26 जून, 2018

 

(5 आषाढ़शक संवत्‌ 1940)

 

विधान सभा पूर्वाह्न 11.01 बजे समवेत हुई.

 

{अध्यक्ष महोदय (डॉ. सीतासरन शर्मा) पीठासीन हुए.}

 

प्रश्‍नकाल में उल्‍लेख

 

        अध्‍यक्ष महोदय -- प्रश्‍न क्रमांक 1.

          संसदीय कार्य मंत्री (डॉ. नरोत्‍तम मिश्र) -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आज के दिन का उल्‍लेख करना चाहता था. आज इमरजेंसी की वर्षगाँठ है. (XXX) है. (XXX).. (व्‍यवधान)..

          श्री मुकेश नायक -- ये विषय .. .. (व्‍यवधान)..

          अध्‍यक्ष महोदय -- प्रश्‍नकाल हो जाने दें. .. (व्‍यवधान)..

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र -- अध्‍यक्ष महोदय,(XXX). .. (व्‍यवधान)..

          श्री बाला बच्‍चन -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, संसदीय कार्य मंत्री को इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए कि .. (व्‍यवधान)..

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र -- अध्‍यक्ष महोदय, एक परिवार के लिए... ..(व्‍यवधान)..यह अप्रासंगिक है... .. (व्‍यवधान)..

          अध्‍यक्ष महोदय -- प्रश्‍नकाल चलने दें. .. (व्‍यवधान)..

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र -- अध्‍यक्ष महोदय, मैं उन लोगों को श्रद्धा सुमन अर्पित करना चाहता हूँ जिन लोगों ने जेल में दम तोड़ दिया.. (व्‍यवधान).. (XXX).. .. (व्‍यवधान).. (XXX).. .. (व्‍यवधान)..

          नेता प्रतिपक्ष (श्री अजय सिंह) -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, संसदीय कार्यमंत्री .. .. (व्‍यवधान)...

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र -- अध्‍यक्ष महोदय,(XXX)... .. (व्‍यवधान)..

          अध्‍यक्ष महोदय -- प्रश्‍नकाल के बाद उठाइये. .. (व्‍यवधान)..

          गृह मंत्री (श्री भूपेन्‍द्र सिंह) -- अध्‍यक्ष महोदय, (XXX).

 .. (व्‍यवधान)..

          राज्‍य मंत्री, सहकारिता (श्री विश्‍वास सारंग) -- अध्‍यक्ष महोदय, इस पर चर्चा होनी चाहिए. ..(व्‍यवधान)..

          श्री बाला बच्‍चन -- अध्‍यक्ष महोदय, ये प्रश्‍नकाल नहीं चलने देना चाहते हैं, हमारी घोर आपत्‍ति है. .. (व्‍यवधान).. इससे इनकी सोच का पता चलता है.. .. (व्‍यवधान)..

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र -- अध्‍यक्ष महोदय, (XXX).. (व्‍यवधान)..

            श्री आरिफ अकील –(XXX).. (व्‍यवधान)..

          श्री बाला बच्‍चन -- अध्‍यक्ष महोदय, मंत्री जी के द्वारा यह समय की बर्बादी है..      .. (व्‍यवधान)..

          अध्‍यक्ष महोदय -- कुँवर सौरभ सिंह कृपया अपना प्रश्‍न करें.

          श्री अजय सिंह -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, संसदीय कार्य मंत्री द्वारा यह बहुत ही गलत परम्‍परा स्‍थापित की जा रही है .. (व्‍यवधान)..

           श्री भूपेन्‍द्र सिंह - अध्‍यक्ष महोदय, ये माफी मांगें. विपक्ष को माफी मांगनी चाहिए.

          श्री विश्‍वास सारंग -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, (XXX) होनी चाहिए.

          अध्‍यक्ष महोदय -- मेरा अनुरोध यह है कि प्रश्‍नकाल हो जाने दें. ..(व्‍यवधान).. यह शब्‍द निकाल दें. कृपया सभी बैठ जाएं.

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र –(XXX).. .. (व्‍यवधान)..

          श्री बाला बच्‍चन -- अध्‍यक्ष महोदय, सरकार जवाबों से बचना चाहती है. .. (व्‍यवधान)..

 

11.04 बजे                                  गर्भगृह में प्रवेश

इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्‍यगण द्वारा गर्भगृह में प्रवेश

(नेता प्रतिपक्ष, श्री अजय सिंह, श्री रामनिवास रावत एवं इंडियन नेशनल कांग्रेस के अन्‍य सदस्‍यगण अपनी-अपनी बात कहते हुए गर्भगृह में आए)

 

          अध्‍यक्ष महोदय – मैंने वह शब्‍द निकाल दिया है. ..(व्‍यवधान)..

          श्री अजय सिंह -- अध्‍यक्ष महोदय, कोई शब्‍द इनका नहीं लिखा जाए, इन्‍होंने कमलनाथ, संजय गांधी, जो सदन में सदस्‍य नहीं हैं, कैसे नाम ले सकते हैं. .. (व्‍यवधान)..

          श्री बाला बच्‍चन -- अध्‍यक्ष महोदय, सरकार हमारे अविश्‍वास प्रस्‍ताव को लेना नहीं चाहती है, .. (व्‍यवधान)..हमारे प्रश्‍नों का जवाब नहीं देना चाहती है और सरकार भागने की भूमिका बना रही है. .. (व्‍यवधान)..

          श्री अजय सिंह -- और मेनका गांधी आपके मंत्रि-मण्‍डल में सदस्‍य हैं. .. (व्‍यवधान)..

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र – (XXX)

          अध्‍यक्ष महोदय – उक्त शब्‍द निकाल दें.

                           (गर्भगृह में इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्‍यगण नारे लगाते रहे)

          अध्‍यक्ष महोदय -- रावत जी, एक मिनट सुन लीजिए. कृपा करके प्रश्‍नकाल हो जाने दें. ...(व्‍यवधान)...

          श्री रामनिवास रावत -- सदन नहीं चलाना है तो फैसला ही दे दो ना...(व्‍यवधान)...

          अध्‍यक्ष महोदय -- कृपया प्रश्‍न काल होने दें. ...(व्‍यवधान)...

          श्री भूपेन्‍द्र सिंह -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, (XXX)

          (गर्भगृह में इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्‍यगण नारे लगाते रहे).....(व्‍यवधान)....

          अध्‍यक्ष महोदय -- बैठ जाएं....(व्‍यवधान)...

          डॉ.नरोत्‍तम मिश्र -- अध्‍यक्ष जी, नारा लगाया जाता था.(XXX) माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आप कल्‍पना तो करिए कि क्‍या स्थिति थी...(व्‍यवधान)...

          अध्‍यक्ष महोदय -- जो भी कहना है प्रश्‍नकाल के बाद कहिए...(व्‍यवधान)..

          श्री भूपेन्‍द्र सिंह -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, सदन में निंदा प्रस्‍ताव होना चाहिए. (XXX) ..(व्‍यवधान)..

          डॉ.नरोत्‍तम मिश्र -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, (XXX)....(व्‍यवधान).....

          अध्‍यक्ष महोदय -- सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्‍थगित.

 

(सदन की कार्यवाही 11.08 बजे पांच मिनट के लिए स्‍थगित की गई)

 

11.19 बजे विधान सभा पुनः समवेत हुई.

{अध्यक्ष महोदय(डॉ.सीतासरन शर्मा)पीठासीन हुए.}

        अध्यक्ष महोदय--  मेरा सभी माननीय सदस्यों से अनुरोध है कि प्रश्नकाल चलने दें. इसके बाद में जिसको जो कहना है वे वह कह लेंगे.

          संसदीय कार्य मंत्री(डॉ.नरोत्तम मिश्र)--  अध्यक्ष जी, हम प्रश्नकाल बाधित नहीं कर रहे हैं, अध्यक्ष जी, हम अपना प्रश्नकाल बाधित नहीं करना चाहते...

          अध्यक्ष महोदय--  प्रश्न क्रमांक 2.....

          डॉ.नरोत्तम मिश्र--  हमारी बात रिकार्ड में आ जाए हम सिर्फ इतना चाहते हैं. माननीय अध्यक्ष महोदय, आज यह विषय इसलिए भी प्रासंगिक है कि आज आपकी कार्यसूची में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान....(व्यवधान)...

          श्री रामनिवास रावत--  किन नियमों के तहत और किस बात के लिए...(व्यवधान)...कौनसा विषय याद दिलाना चाहते हैं....(व्यवधान).. अध्यक्ष महोदय, आप अनुमति दे रहे हैं क्या? क्या कहना चाहते हैं?..(व्यवधान)..

          डॉ.नरोत्तम मिश्र--  माननीय अध्यक्ष महोदय, हमारी बात तो ये नहीं आने देना चाहते दिक्कत तो यह है....(व्यवधान)...एक मिनट में आ जाएगी. (XXX) कि यह...(व्यवधान)...

          श्री रामनिवास रावत-- माननीय अध्यक्ष महोदय, यह घोर आपत्तिजनक है.(XXX)...(व्यवधान)..

          अध्यक्ष महोदय--  ये नहीं आएगा...(व्यवधान)..

          डॉ.नरोत्तम मिश्र--  (XXX)...(व्यवधान)…

          श्री रामनिवास रावत-- (XXX)...(व्यवधान)..(XXX) तुम करना चाहते हों..(व्यवधान)..

          डॉ.गोविन्द सिंह--  (XXX)...(व्यवधान)..

          डॉ.नरोत्तम मिश्र--  माननीय अध्यक्ष महोदय, ये हमारी बात नहीं आने दे रहे. ऐसा कभी होता है क्या? ऐसा कभी आपने सुना है क्या? एक मिनट की बात है फिर आराम से प्रश्नकाल चलाओ पर जिसने इस...(व्यवधान)..(XXX). आप समाजवादी थे, समाजवादी. आगे की लाइन में एक भी कांग्रेसी नहीं है. के.पी. सिंह जी, आरिफ भाई, के.पी. सिंह जी समाजवादी थे. मैं आपके साथ रहता था.  इन्होंने इमरजेंसी का दंश नहीं झेला है. अगर आपने इमरजेंसी का दंश झेला होता...(व्यवधान)

          अध्यक्ष महोदय--कृपया शांत रहें, प्रश्नकाल चलने दें (व्यवधान)

          डॉ. गोविन्द सिंह—(XXX)   (व्यवधान)

          श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल—(XXX) का कष्ट हो रहा होगा (व्यवधान)

          अध्यक्ष महोदय--कृपया प्रश्नकाल चलने दें (व्यवधान)

          डॉ. नरोत्तम मिश्र—(XXX) (व्यवधान)

          डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय--कोई देखने वाला नहीं रहा, बच्चे भूखे मरते रहे, परिवार वाले परेशान होते रहे, दुख दर्द पूछने वाला कोई नहीं रहा. इन लोगों ने दुख झेला ही नहीं है माननीय अध्यक्ष महोदय. इनने दुख देखे नहीं हैं. कितनी कठिनाइयां रहीं.

          श्री कमलेश्वर पटेल—(XXX). (व्यवधान)

          डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय--बच्चों की पढ़ाई लिखाई छूट गई. बीमारियों का इलाज नहीं करा पा रहे थे (व्यवधान)

          डॉ. नरोत्तम मिश्र--उनके बेटे संजय गांधी जी, उस समय नारा लगता था—(XXX)

          डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय--आपने परेशानी नहीं देखी है. आपको जानकारी नहीं है (व्यवधान)

          श्री विश्वास सारंग--आज कमलनाथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं. (व्यवधान)

 

11.24 बजे                              गर्भगृह में प्रवेश एवं वापसी

नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह, श्री रामनिवास रावत, श्री जितू पटवारी, कुंवर विक्रम सिंह, सदस्य द्वारा  गर्भगृह में प्रवेश एवं वापसी

 

(नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह, श्री रामनिवास रावत, श्री जितू पटवारी, कु. विक्रम सिंह , सदस्य गर्भगृह में आए एवं वापस गए)

          डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय--इतना कष्ट, परिवार भूखे मरने की स्थिति में आ गए थे,(XXX).  (व्यवधान)

          श्री विश्वास सारंग—(XXX) (व्यवधान)

          श्री भूपेन्द सिंह--अध्यक्ष महोदय, इसके लिए यहां पर प्रस्ताव पास होना चाहिए (व्यवधान)

          डॉ. नरोत्तम मिश्र—(XXX) (व्यवधान)

          श्री भूपेन्द्र सिंह--लाखों परिवार बर्बाद हो गए (व्यवधान)

          डॉ. नरोत्तम मिश्र--लाखों परिवार तबाह हो गए, जेल में मर गए, आप हमें बोलने का मौका दीजिए (व्यवधान)

          श्री बाला बच्चन--(XXX)

          श्री भूपेन्द्र सिंह--(XXX)  (व्यवधान)

          अध्यक्ष महोदय--यह कुछ नहीं लिखा जाएगा (व्यवधान)

          श्री उमाशंकर गुप्ता--कांग्रेस के लोग माफी मांगें (व्यवधान)

          कुंवर विक्रम सिंह--यह साजिश है कि सदन न चल पाए (व्यवधान)

          अध्यक्ष महोदय--सिर्फ प्रश्न क्रमांक एक और प्रश्न क्रमांक दो के सदस्य जो बोलेंगे वही लिखा जाएगा.

          श्री अजय सिंह--(XXX)

          अध्यक्ष महोदय--मैं उनसे आग्रह कर रहा हूँ कि प्रश्नकाल चलने दें. (व्यवधान)

          श्री हरदीप सिंह डंग--(XXX)

          कुंवर सौरभ सिंह--(XXX)

          श्री जितु पटवारी--(XXX)

          डॉ. नरोत्तम मिश्र--(XXX)

          श्री लाल सिंह आर्य--(XXX)

          अध्यक्ष महोदय--(डॉ. नरोत्तम मिश्र, संसदीय कार्य मंत्री द्वारा कागज दिखाए जाने पर) सदन में कोई कागज नहीं दिखाए जाएंगे (व्यवधान)

          श्री लाल सिंह आर्य--(XXX)

          कु. विक्रम सिंह नातीराजा--(XXX)

          अध्यक्ष महोदय--कृपया सभी बैठ जाएं.  (व्यवधान)

          श्री भूपेन्द्र सिंह--(XXX)

          डॉ. नरोत्तम मिश्र--(XXX)

          अध्यक्ष महोदय--विधान सभा की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित.

 

(11. 26 बजे विधान सभा की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित की गई)

 

 

12.00 बजे   विधान सभा पुन: समवेत हुई

 

{ अध्‍यक्ष महोदय ( डॉ. सीतासरन  शर्मा) पीठासीन हुए }

(व्‍यवधान)...

 

 

 

 

 

12.00 बजे                   नियम 267 (क) के अधीन विषय

        अध्‍यक्ष महोदय-- निम्‍नलिखित माननीय सदस्‍यों की सूचनाएं सदन में पढ़ी हुई मानी जाएंगी.

          1.       श्री विजयपाल सिंह

          2.       श्री रामनिवास रावत

          3.       श्री इन्‍दर सिंह परमार

          4.       श्री पं. रमेश दुबे

          5.       श्री महेन्‍द्र सिंह यादव

          6.       श्री दुर्गालाल विजय

          7.       श्री शैलेन्‍द्र पटेल

          8.       श्री मानवेन्‍द्र सिंह

          9.       श्री शैलेन्‍द्र जैन

          10.     श्री बाबूलाल गौर

 

 

 

(व्‍यवधान)...

12.01 बजे                   पत्रों का पटल पर रखा जाना

(1)    (क)     एफ बी-7 (बी)-04-05-2018-पांच-(27), दिनांक 11 अप्रैल, 2018

          (ख)     एफ बी-7 (बी)-04-05-2018-पांच-(28), दिनांक 11 अप्रैल, 2018

 

          वाणिज्यिक कर मंत्री (श्री जयंत मलैया)-- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, भारतीय स्‍टाम्‍प अधिनियम, 1899 (क्रमांक 2 सन् 1899) की धारा 75 (क) की अपेक्षानुसार अधिसूचनाएं-

          (क)     एफ बी-7 (बी)-04-05-2018-पांच-(27), दिनांक 11 अप्रैल, 2018               एवं

          (ख)     एफ बी-7 (बी)-04-05-2018-पांच-(28), दिनांक 11 अप्रैल, 2018

                   पटल पर रखता हूं.

 

 

(2) जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्‍वविद्यालय, जबलपुर (म.प्र) की वैधानिक आडिट रिपोर्ट वर्ष 2015-2016

 

          किसान कल्‍याण तथा कृषि विकास मंत्री (श्री गौरीशंकर बिसेन) -- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्‍वविद्यालय अधिनियम, 1963 की धारा 40 की उपधारा (3) की अपेक्षानुसार जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्‍वविद्यालय, जबलपुर (म.प्र) की वैधानिक आडिट रिपोर्ट वर्ष 2015-2016 पटल पर रखता हूं.

 

 (3) मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रानिक्‍स डेव्‍हलपमेन्‍ट कार्पोरेशन लिमिटेड का बत्‍तीसवां वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2015-2016

 

          विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री (श्री उमाशंकर गुप्‍ता) -- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, कंपनी अधिनियम, 2013 (क्रमांक 18 सन् 2013) की धारा 395 की उपधारा (1) (ख) की अपेक्षानुसार मध्‍यप्रदेश स्‍टेट इलेक्‍ट्रानिक्‍स डेव्‍हलपमेन्‍ट कार्पोरेशन लिमिटेड का बत्‍तीसवां वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2015-2016 पटल पर रखता हूं.

(4) (क) मध्‍यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, जबलपुर का 15 वां वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2016-2017,

(ख) म.प्र.विद्युत नियामक आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2016-2017,                

(ग) बाणसागर थर्मल पॉवर कम्‍पनी लिमिटेड का 6 वां वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2016-2017,

(घ) शहपुरा थर्मल पॉवर कम्‍पनी लिमिटेड, जबलपुर का 11 वां वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2016-2017, तथा

(ङ) मध्‍यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग की अधिसूचना क्रमांक 513/म.प्र.वि.नि.आ./2018, दिनांक 12 अप्रैल, 2018.

 

           

 

          संसदीय कार्यमंत्री (डॉ. नरोत्‍तम मिश्र)-- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपसे सुबह से प्रार्थना कर रहा हूं, मैं प्रारंभ से प्रार्थना कर रहा हूं. मैं इस कार्यसूची से संबंधित बात कहना चाहता हूं. आज की कार्यसूची में लोकतंत्र सेनानियों का सम्‍मान है और लोकतंत्र सेनानी इसलिए कहलाए कि (XXX). (व्‍यवधान)

          श्री आरिफ अकील-- अध्‍यक्ष जी, आपने किस को अनुमति दी है. (व्‍यवधान)

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र--  मुझे अनुमति दी है. (व्‍यवधान)

          श्री शंकरलाल तिवारी-- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, कुछ महीने हम भी जेल में रहे लेकिन यहां चर्चा नहीं कर सकते. हमारे पैरों में बेडि़यां डाली गईं और वह बेडि़यां अंग्रेजों ने नहीं डालीं आपातकाल के जमाने में बेडि़यां डाली गईं. (व्‍यवधान)

          डॉ. नरोत्‍तम मिश्र-- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, यह तो कोई बात नहीं हुई. मेरी बात तो आ जाए. (व्‍यवधान)

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा (सेमरिया) -- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं सदन का ध्‍यानाकर्षित करते हुए अपनी बात रखना चाहती हूं. कृपया मेरी बात सुनी  जाए. मैं आपसे शून्‍यकाल के दौरान दो मिनट का समय चाहती हूं. कृपया करके मुझे समय दिया जाए. (व्‍यवधान)

          श्री शंकर लाल तिवारी-- यह छोटा विषय नहीं है. (व्‍यवधान)

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा --माननीय अध्‍यक्ष महोदय, कृपया मुझे दो मिनट अपनी बात करने का समय दिया जाए. मैं आपके माध्‍यम से आपका संरक्षण लेते हुए दो मिनट अपनी बात रखना चाहती हूं. मैं यह कहना चाहती हूं कि मेरे पति अभय मिश्रा को जो कि जिला पंचायत अध्‍यक्ष हैं. अध्‍यक्ष महोदय आपको मेरी बात सुनना पड़ेगी मैंने कभी सदन में अपनी बात नहीं रखी है लेकिन आज मैं आखिरी बार अपनी बात रख रही हूं. इसके बाद कभी बोलूंगी भी नहीं. न मुझे विधायकी करनी है, न मुझे चुनाव लड़ना है. मेरी बात आपको सुननी पड़ेगी. मेरा यह निवेदन है कि हमारे पूरे परिवार को पुलिस के द्वारा प्रताडि़त किया जा रहा है. (व्‍यवधान) स्‍थानीय मंत्री के कहने पर. माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आपको मेरी बात सुननी पड़ेगी. अध्‍यक्ष महोदय, स्‍थानीय मंत्री जी के दबाव में आकर पुलिस प्रशासन मेरे पति और परिवार को प्रताडि़त कर रहा है. भारी पुलिस बल हमारे घर में रोज आता है. रेल्‍वे स्‍टेशन में उन्‍हें गिरफ्तार करने का प्रयास हुआ. मैंने खनिज का मामला उठाया था इसलिए उसका बदला लेने के लिए माननीय मंत्री जी हमारे पूरे परिवार को प्रताडि़त कर रहे हैं. रोज पुलिस हमारे घर में भेजी जाती है. इनके दबाव में वहां के एस.पी. काम कर रहे हैं. हमें असत्‍य प्रकरणों में फंसाया जा रहा है. माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं गृह मंत्री जी से आश्‍वासन चाहती हूं कि क्‍या वे वहां के एस.पी. को निर्देशित करेंगे ?

(....व्‍यवधान....)

            डॉ.मोहन यादव-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आज का दिन बहुत ही (XXX). आज ही इंदिरा गांधी जी द्वारा देश में आपातकाल लगाया गया था. (XXX) हमारे अपने परिवार के लोगों ने बहुत कष्‍ट झेला है. हम बड़े दुर्भाग्‍य के साथ कहना चाहेंगे कि (XXX)

(....व्‍यवधान....)

          श्रीमती इमरती देवी-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, एक महिला विधायक जब सदन में अपनी समस्‍या रख रही है तो उसका सम्‍मान होना चाहिए.

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा-  अध्‍यक्ष महोदय, जब मैं अपनी बात यहां रख रही हूं और मेरी पार्टी के ही लोग मुझे अपनी बात नहीं रखने दे रहे हैं तो क्‍या मतलब है ? ऐसी पार्टी से मुझे इस्‍तीफा दे देना चाहिए.

(....व्‍यवधान....)

          अध्‍यक्ष महोदय-  नीलम जी, आपको समय दिया जायेगा.

 

12.06 बजे

पत्रों का पटल पर रखा जाना (क्रमश:)

 

        (5)- (क) जिला खनिज प्रतिष्‍ठान, सिंगरौली का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष   2016-2017

        (ख) इण्‍डस्ट्रियल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेन्‍ट कार्पोरेशन, ग्‍वालियर (म.प्र.) का    दिनांक 31 मार्च, 2014 तथा दिनांक 31 मार्च, 2015 को समाप्‍त वर्ष के लिए        क्रमश: 29 वां एवं 30 वां वार्षिक प्रतिवेदन एवं लेखा

        () म.प्र.औद्योगिक केन्‍द्र विकास निगम मर्यादित उज्‍जैन का      वार्षिक            प्रतिवेदन वर्ष 2016-2017

        (घ) विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड उज्‍जैन का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2016-2017

 

 

       

 

 

 

 

 

 

 

 

 

(6)-   (क) मध्‍यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 433 की          उपधारा (3) की अधिसूचनाएं :-

 

          (i) मध्‍यप्रदेश राज्‍य नगरीय यांत्रिकी सेवा (भर्ती एवं सेवा की शर्ते)        नियम, 2015 अधिसूचना क्र.128 एफ-4-129-2014/18-1, दिनांक 12 मार्च,   2015

 

                (ii)          मध्‍यप्रदेश राज्‍य नगरीय वित्‍त सेवा (भर्ती एवं सेवा की शर्ते) नियम,    2017 अधिसूचना क्र.45-एफ-4-215-2016/18-1, दिनांक 11 मई, 2017

 

                (iii)         नगरपालिका नीमच सीमा अंतर्गत छावनी क्षेत्र स्थित भूमि       व्‍यवस्‍थापन नियम, 2017 अधिसूचना क्र.71 ए-10-01-18-2, दिनांक 26 मई, 2017

 

                (iv)         मध्‍यप्रदेश नगरपालिका परिषद संविदा विशेषज्ञों एवं दैनिक सहायकों   की सेवा (अनुबंध तथा सेवा की शर्ते) नियम, 2017 अधिसूचना क्र.69/एफ-4-        37/2017/18-1, दिनांक 31 मई, 2017

 

            () मध्‍यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 356 की उपधारा (4) की अधिसूचनाएं :-  

 

          (i) मध्‍यप्रदेश नगरपालिका (अचल संपत्ति का अंतरण) नियम 2016      अधिसूचना क्र. 4-एफ-1-1-2016/18-3, दिनांक 24 फरवरी, 2016

 

            (ii) मध्‍यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम, 2017 अधिसूचना क्र.8       एफ-1-25-2016/18-13, दिनांक 28 मार्च, 2017

 

 

         

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं गृह मंत्री जी से आश्‍वासन चाहती हूं कि वे मेरे परिवार की रक्षा करें. माननीय स्‍थानीय मंत्री जी से सारे विधायक इतने प्रभावित हैं कि यहां कोई कुछ बोलने की हिम्‍मत नहीं कर रहा है लेकिन मैं बोल रही हूं. मुझे कोई डर नहीं है.

(....व्‍यवधान....)

          श्री विश्‍वास सारंग-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, (XXX)

          श्री के.के. श्रीवास्‍तव-  (XXX)

          श्री रामेश्‍वर शर्मा-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, इतिहास में 26 जून का जो (XXX) अंकित है, उस पर चर्चा करना जरूरी है. भारत की वर्तमान पीढ़ी को बताना जरूरी है कि (XXX)

(....व्‍यवधान....)

          श्रीमती इमरती देवी-  आप लोगों को (XXX) आनी चाहिए. आपकी पार्टी की एक महिला को आप लोग नहीं बोलने दे रहे हैं.

          श्री अजय सिंह-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय आपकी पार्टी की एक महिला विधायक यहां अपनी पीड़ा बता रही है. एक मंत्री से पूरा का पूरा परिवार प्रताडि़त हो रहा है.

          अध्‍यक्ष महोदय-  नेता प्रतिपक्ष जी, मैं उन्‍हें समय दूंगा.

(....व्‍यवधान....)

          श्री अजय सिंह-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, आप उन्‍हें कब समय देंगे ?

          अध्‍यक्ष महोदय-  मैं उन्‍हें समय दूंगा. पत्रों का पटल पर रखा जाना, हो जाए उसके बाद दो मिनट का समय दूंगा.

 (....व्‍यवधान....)

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपका संरक्षण चाहते हुए कहना चाहूंगी कि गृह मंत्री जी मुझे आश्‍वासन दे दें कि हमारे परिवार को प्रताडि़त करने के लिए, वे एस.पी. के खिलाफ क्‍या कार्यवाही करेंगे ?

          अध्‍यक्ष महोदय-  मैंने नेता प्रतिपक्ष जी से कह दिया है. आप बैठ जाईये. आपको समय दिया जायेगा.

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा-  माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मुझे गृह मंत्री जी से आश्‍वासन मिलेगा, तब ही मैं बैठूंगी. वरना मैं आज विधान सभा खड़ी ही रहूंगी. माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मुझे मंत्री जी से आश्‍वासन चाहिए क्‍योंकि एस.पी. स्‍थानीय मंत्री के दबाव में निर्दोष को दोषी साबित कर रहे हैं.

(....व्‍यवधान....)

 

         

 

 

 

 

 

 

12.08 बजे

पत्रों का पटल पर रखा जाना (क्रमश:)

 

 

        (7) मध्‍यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 (क्रमांक      24 सन् 2010) की धारा 10 की उपधारा (2) के अंतर्गत विभिन्‍न विभागों की         अधिसूचनाएं :-

     (क) क्र. एफ 2-01-2018-इकसठ-लोसेप्र-पीएसजी- 16, दिनांक 01          फरवरी, 2018,

     (ख) क्र.एफ 2-03-2018- इकसठ-लोसेप्र-पीएसजी- 5, दिनांक 01    फरवरी,2018,

     (ग) क्र.एफ 2-04-2018-इकसठ-लोसेप्र-पीएसजी- 31, दिनांक 01    फरवरी, 2018,

     (घ) क्र.एफ 2-2-2018-इकसठ-लोसेप्र-पीएसजी- 45, दिनांक 13 फरवरी,    2018,

     (ङ) क्र.एफ 2-06-2018-इकसठ-लोसेप्र-पीएसजी- 12, दिनांक 21 मार्च,     2018,

     (च) क्र.एफ 2-13-2012-इकसठ-लोसेप्र-पीएसजी- 46, दिनांक 21 मार्च,     2018 तथा

     (छ) क्र. एफ 2-07-2018-इकसठ-लोसेप्र-पीएसजी-15, दिनांक 21 मार्च,     2018

 

       

 

        (8) मध्‍यप्रदेश लोक सेवा आयोग का 60 वां वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2016-2017 स्‍पष्‍टीकरणात्‍मक ज्ञापन

 

                                                                               

(9)           मध्‍यप्रदेश लघु उद्योग निगम मर्यादित, भोपाल का 53 वां वार्षिक                          प्रतिवेदन वर्ष 2014-2015

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

10.      (क) मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल का संपरीक्षित वित्‍तीय पत्रक वर्ष 2016-2017,

(ख) मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी बैंक मर्यादित का संपरीक्षित वित्‍तीय पत्रक वर्ष 2016-2017,

(ग) मध्‍यप्रदेश राज्‍य सहकारी आवास संघ मर्यादित, भोपाल का संपरीक्षित वित्‍तीय पत्रक वर्ष  2016-2017, तथा

            (घ) मध्‍यप्रदेश राज्‍य लघु वनोपज (व्‍यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित का   संपरीक्षित वित्‍तीय पत्रक वर्ष 2014-

 

 

 

 

 

 

 

(व्‍यवधान)

            श्री सुखेन्‍द्र सिंह बन्‍ना:- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, इंदिरा गांधी की बात आ रही है, जो विधान सभा में विधायक हैं उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, यह गलत बात है.

          अध्‍यक्ष महोदय:- मैं उनकी बात ले रहा हूं.

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा:- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, सत्‍ता पक्ष के विधायक होने के बाद भी यदि हम लोगों की बात नहीं सुनी जायेगी तो हम लोगों का विधायक होने का क्‍या मतलब है. हमें साढ़े चार साल विधायक बने हुए हो गये हैं हम लोग कुछ काम नहीं कर पाये हैं. हमारे क्षेत्र का पूरा विकास रूका हुआ है और पुलिस के द्वारा हम लोगों को प्रताडि़त करवाया जा रहा है. पुलिस हमारे घर में आ रही है. (व्‍यवधान)

          श्री शंकरलाल तिवारी:- (XXX)             ..(व्‍यवधान)..

          डॉ. मोहन यादव:- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, इस सदन को जिस प्रकार सम्‍मानजनक तरीके से चलाना चाहिये, सदन में व्‍यक्तिगत समस्‍याओं के लिये सदन में बोलने का मौका नहीं मिलना चाहिये. लोग अपनी व्‍यक्ति बातों को लेकर सदन में आ रहे हैं.(व्‍यवधान)लोगों को अपनी व्‍यक्तिगत बातों के लिये सदन में मौका नहीं मिलना चाहिये. लोग व्‍यक्तिगत बातों को लेकर सदन में आ रहे हैं, यह बड़ी ही दुर्भाग्‍य की बात है. हम नहीं चाहेंगे कि ऐसी घटना घटे,लेकिन जिस तरह की घटनाओं का ब्‍यौरा दे रहे हैं,वाकई में यह हम सब के लिये बड़े दुर्भाग्‍य की बात है. (व्‍यवधान)

          श्री शंकरलाल तिवारी:- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मेरे निंदा प्रस्‍ताव पर सभी सदस्‍य सहमत हैं.(व्‍यवधान)

          डॉ.मोहन यादव(उज्‍जैन दक्षिण):- यह महिला को ढाल बनाकर चलने वाले लोग, यह शिखण्‍डी की आड़ में शिकार करने वाले लोग हैं. यह वाकई में हम सब के लिये दुर्भाग्‍य की बात है. आज के इस माहौल में हम इस बात को कभी बर्दाश्‍त नहीं करेंगे कि किसी महिला को खड़ा करके एक पार्टी विशेष के लिये एक हथियार बनकर, औजार बनकर सामने आये. यह बहुत ही दुर्भाग्‍य की बात है. अध्‍यक्ष महोदय, वाकई जिस प्रकार का माहौल बना हुआ है, यह बहुत ही दुर्भाग्‍य की बात है. अगर यह वातावरण बना रहेगा तो हम सब के लिये अच्‍छी बात नहीं है. (व्‍यवधान) हम चाहेंगे कि प्रदेश के हित की बात, क्षेत्र के हित की बात बोलने के लिये सबको मौका मिले.लेकिन यदि कोई व्‍यक्तिगत बात करने के लिये विधान सभा का उपयोग करता है तो यह बहुत ही दुर्भाग्‍य की बात होगी. हम यह कभी नहीं चाहेंगे कि कोई महिला हो या पुरूष हो, यहां पर सब समान रूप से सदन के सदस्‍य हैं और सदस्‍य होने के नाते क्षेत्र की समस्‍याओं की बात करना यह शोभा देता है. यदि कोई व्‍यक्तिगत बात करता है या व्‍यक्गित आरोप लगाता है तो यह दुर्भाग्‍य की बात होगी.(व्‍यवधान)

          अध्‍यक्ष महोदय:- कृपया आप लोग शांति रखें. माननीय गृह मंत्री जी इस बारे में कुछ कहना चाहेंगे. आप लोग बैठ जायें, माननीय गृह मंत्री जी कुछ बोल रहे हैं.

          श्री शंकरलाल तिवारी:- अध्‍यक्ष महोदय, आपालकाल में (XXX) पर निंदा प्रस्‍ताव पास करवाइये.

          गृह मंत्री (श्री भूपेन्‍द्र सिंह ):- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, माननीय सदस्‍या जी ने अभी जो उन्‍होंने अपनी सुरक्षा को लेकर यहां पर विषय रखा है. अध्‍यक्ष जी, मैं आपके माध्‍यम से माननीय सदस्‍या जी को आश्‍वस्‍त करता हूं कि उनकी सुरक्षा की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था करेंगे और किसी भी प्रकार से उनको कोई कठिनाई न हो, इस बात का हम लोग ध्‍यान रखेंगे.

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा:- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मेरे पूरे परिवार की सुरक्षा की बात है और मेरे पूरे क्षेत्र की बात है.क्‍योंकि मेरे पूरे क्षेत्र में अभी 6 हत्‍याएं हुई हैं. उन पर पुलिस ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है. अभी एक 13 साल की लड़की मृत पायी गयी उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गयी है और बेकसूर को फंसाने की साजिश रची जा रही है, ताकि आगे जाकर हम लोग परेशान हों,आपसी रंजिश की वजह से हमारे परिवार से और मुझसे बदला लिया जा रहा है. इस वजह से सुरक्षा चाहिये.पुलिस प्रशासन किसके दबाव में काम कर रहा है. गृह मंत्री से मुझे इसका आश्‍वासन चाहिये कि क्‍या वह एसपी यह निर्देशित करेंगे कि जिन्‍होंने असत्‍य केस लगाया है, वह उसको वापस लें.

          गृह मंत्री (श्री भूपेन्‍द्र सिंह) - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, यह निर्देश वैसे भी पूरे प्रदेश में है, कहीं पर भी किसी के विरूद्ध कोई असत्य प्रकरण नहीं बनना चाहिए और मैं एस.पी. रीवा को आज ही निर्देशित करूंगा कि माननीय विधायिका के विरूद्ध किसी भी प्रकार की कोई गलत कार्यवाही न हो.

          अध्‍यक्ष महोदय - ठीक है, धन्‍यवाद. ध्‍यानाकर्षण के बाद मैं संसदीय कार्यमंत्री जी को भी टाइम दूंगा और आपको भी. ये बहुत देर से टाइम मांग रहे हैं, मैंने उन्‍हें आश्‍वस्‍त किया था कि पत्रों के पटल पर रखने के बाद समय दूंगा, लेकिन अब ध्‍यानाकर्षण हो जाने दीजिए.

          एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मेरा निवेदन है कि 2 अप्रैल को दलित आंदोलनकारियों पर जो असत्य प्रकरण लगाए गए हैं. मैं आपसे निवेदन करता हूं कि उन्‍हें वापस लिए जाए.

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैंने जो प्रश्‍न किया है माननीय मंत्री जी ने उसका जवाब नहीं दिया है.

          नेता प्रतिपक्ष (श्री अजय सिंह) - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मंत्री महोदया ने माननीय सदस्‍या की सुरक्षा की बात कही. उन्‍होंने आरोप लगाया है कि किसी मंत्री के हस्‍तक्षेप में पूरे परिवार को असुरक्षा है.

          अध्‍यक्ष महोदय - उन्‍होंने प्रशासन को निर्देश दे दिया है.

श्रीमती नीलम अभय मिश्रा - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मेरे खिलाफ प्रकरण नहीं लगा है, मेरे पति के खिलाफ प्रकरण दर्ज है, जो जिला पंचायत अध्‍यक्ष है, उन्‍हें निर्दोष होने के बाद भी फंसाया जा रहा है, इसके लिए मैं माननीय गृह मंत्री जी से जवाब मांग रही हूं कि क्‍या वह एस.पी. को निर्देशित करेंगे, निष्‍पक्ष जांच के लिए. एस.पी. का यह कहना है कि कांग्रेस वालों ने कोई बैठक कर ली है, इसलिए अभय मिश्रा को गिरफ्तार कर रहे हैं. माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मेरा यह कहना है कि क्‍या कोई बैठक करना जुर्म है, यहां कोई ब्रिटिश प्रशासन चल रहा है, अंग्रेजों का शासन चल रहा है? कि कोई बैठक नहीं कर सकता है, अगर उसमें किसी के खिलाफ कार्यवाही होती है तो ऐसे आप रोज किसी न किसी को गिरफ्तार करेंगे.

(...व्‍यवधान)

श्री रामनिवास रावत - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, हमारे स्‍थगन लगे हुए हैं और उन पर कोई चर्चा या जवाब नहीं आया है.

डॉ. मोहन यादव - यह व्‍यक्तिगत बात करने का सदन नहीं है.

श्रीमती नीलम अभय मिश्रा - यह व्‍यक्तिगत बात नहीं है.

          (...व्‍यवधान)

डॉ. मोहन यादव (उज्‍जैन दक्षिण) - व्‍यक्तिगत बात के आधार पर पीछे से कांग्रेस का षडयंत्र हम बर्दाश्‍त नहीं करेंगे. जिनको राजनीति करना है वह सामने आकर करें, उनसे मुकाबला करने के लिए पूरी भाजपा तैयार है. व्‍यक्तिगत या पीठ पीछे से वार करवाने का तरीका कभी बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा, लोक सभा और विधान सभा में चुनकर हम इसीलिए आते हैं कि जनता के प्रति हम न्‍याय करें, जनता आशा और विश्‍वास के साथ हमें यहां भेजती है, जनता का विश्‍वास हम नही टूटने देंगे. महिलाओं के पीछे षडयंत्र करेंगे तो हम यह बर्दाश्‍त नहीं करेंगे.

(...व्‍यवधान)

श्रीमती नीलम अभय मिश्रा - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, जिनके साथ अभद्रता हुई है उसका मुझे जवाब चाहिए.

एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार - माननीय अध्‍यक्ष महोदय बाबा साहब की मूर्तियां तोड़ी गई है उसमें कार्यवाही होना चाहिए. (माननीय सदस्‍य द्वारा सदन में पर्चा हाथ में लेकर प्रदर्शित किया गया)

 (...व्‍यवधान)

डॉ. नरोत्‍तम मिश्र - यह कांग्रेस के अविश्‍वास में कहीं उल्‍लेख ही नहीं है और खड़े हो गए नेता प्रतिपक्ष. इन्‍होंने उल्‍लेख ही नहीं किया अपने पचास सूत्रों में इसका, खड़े होने लगे कांग्रेसी. दूसरे के लल्‍ला को पलना में खिलाने की आदत बहुत खराब है.

श्री घनश्‍याम पिरौनिया - इन्‍हें वोट चाहिए इसलिए कर रहे हैं, इन्‍होंने कभी दलितों की चिन्‍ता नहीं करी, केवल वोट लेने के लिए और राजनीति करने के लिए यह नौटंकी कर रहे हैं.

12:16 बजे                       गर्भगृह में प्रवेश

बहुजन समाज पार्टी के समस्‍त सदस्‍यगण द्वारा गर्भगृह में प्रवेश

          (बहुजन समाज पार्टी के समस्‍त सदस्‍यगण एडवोकेट सत्‍यप्रकाश सखवार, श्रीमती शीला त्‍यागी, श्रीमती इमरती देवी, एवं सदस्‍य श्री बलवीर सिंह डण्‍डौतिया द्वारा दलितों के खिलाफ हो रहे अत्‍याचार एवं बाबा साहब की मूर्ति तोड़ना बंद करने संबंधी पोस्‍टर का प्रदर्शन करते हुए गर्भगृह में प्रवेश किया गया.)

अध्‍यक्ष महोदय - डॉ गोविंद सिंह जी आप तो पढि़ए, मैं आगे बढ़ता हूं. (...व्‍यवधान)

श्री रामनिवास रावत - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, हमारे द्वारा एक स्‍थगन दिया गया था, ध्‍यानाकर्षण के बाद स्‍थगन नहीं आएगा. ई-टेण्‍डरिंग में भारी भ्रष्‍टाचार हुआ है, उसका स्‍थगन दिया है, स्‍थगन का कोई जवाब तो आए.

श्रीमती नीलम अभय मिश्रा - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, मैं आपका संरक्षण चाहते हुए गृह मंत्री जी से यह चाहती हूं कि वे मुझे इतना आश्‍वासन दें दे कि हमारे क्षेत्र में 6 हत्‍याएं हुई हैं और अभी जो आदिवासी ने जहर खाकर आत्‍महत्‍या की है, उस मामले में माननीय गृह मंत्री जी एस.पी. को यह निर्देश दे दें कि उसमें निष्‍पक्ष जांच कराएंगे, क्‍योंकि उसमें जो दोषी है उसके खिलाफ कार्यवाही हो, हमारे परिवार को प्रताडि़त न किया जाए. किसी के इशारे या दबाव में आकर हमारे परिवार को प्रताडि़त न किया जाए. इसलिए मैं चाहती हूं कि माननीय गृह मंत्री जी यह आश्‍वासन दें कि इस मामले में निष्‍पक्ष कार्यवाही कराएंगे.   

श्री लाल सिंह आर्य – (XXX)

श्रीमती नीलम अभय मिश्रा - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, समरिया विधान सभा क्षेत्र में अभी जो हत्‍याएं हुई हैं, उसमें निष्‍पक्ष जांच की जाए.

(...व्‍यवधान)

श्रीमती रंजना बघेल (मनावर)- माननीय अध्‍यक्ष महोदय, सदस्‍या की एक बात समझ में नहीं आ रही थी, जनता का नेतृत्‍व अगर कर रही है एमएलए तो मुझे नहीं लगता कि कोई पुलिस वाला या कोई इस तरह का अत्‍याचार कर रहा हो, और अगर हो रहा है तो इसकी भी जांच होनी चाहिए, क्‍योंकि हम लोग भी नेतृत्‍व कर रहे हैं, किसी पर कोई कार्यवाही हो रही है तो इसकी भी जांच होनी चाहिए. परिवार के साथ साथ में माननीय सदस्‍या महोदय एक आदिवासी ने जहर खाकर आत्‍महत्‍या की इस तरह का आरोप सरकार पर लगा रही हैं.

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा - मैं सरकार पर आरोप नहीं लगा रही हूँ, विधायक महोदया ...(व्‍यवधान)

(व्‍यवधान)

          श्रीमती रंजना बघेल - क्‍योंकि आरोप लगा है तो उसकी भी निष्‍पक्ष जांच होनी चाहिए........(व्‍यवधान)

 

12.20 बजे                                  अध्‍यक्षीय घोषणा

होशंगाबाद-नरसिंहपुर क्षेत्र के लोकसभा सांसद राव उदय प्रताप सिंह का

सदन में स्‍वागत

          अध्‍यक्ष महोदय - आज हमारे बीच अध्‍यक्षीय दीर्घा में होशंगाबाद-नरसिंहपुर क्षेत्र के लोकसभा सांसद राव उदय प्रताप सिंह जी विराजमान हैं. सदन की ओर से उनका स्‍वागत है.

(गर्भ गृह से एड. सत्‍यप्रकाश सखवार, श्रीमती शीला त्‍यागी एवं श्रीमती इमरती देवी सदस्‍यों द्वारा नारे लगाये जाते रहे.)

 

 (व्‍यवधान)

          श्री आरिफ अकील -  आज उनके सामने अच्‍छा इम्‍प्रेशन नहीं पड़ रहा है. आपके सांसद जी क्‍या सोच रहे होंगे ?

          श्री लाल सिंह आर्य - अध्‍यक्ष महोदय, माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने बहुत स्‍पष्‍ट कहा है कि किसी भी निर्दोष व्‍यक्ति के खिलाफ कार्यवाही नहीं होगी.....(व्‍यवधान)

(व्‍यवधान)

          श्री तरुण भनोत (जबलपुर पश्चिम) - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, माननीय महिला विधायक जी को संरक्षण क्‍यों नहीं दिया जा रहा है ? विधायक महोदया यह आरोप लगा रही हैं कि सत्‍ता पक्ष के एक मंत्री से उसकी जान को खतरा है. उस पर मुख्‍यमंत्री जी चुपचाप बैठे हैं एवं सदन चुपचाप बैठा है. आज की चर्चा में इससे गंभीर विषय और क्‍या हो सकता है कि एक महिला सदस्‍य वह भी सत्‍ता पक्ष की खड़े होकर यह बोले कि एक मंत्री से उसकी जान को खतरा है. अध्‍यक्ष महोदय, आपका संरक्षण मिलना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी की विधायक को खतरा एक मंत्री से है तो मध्‍यप्रदेश की जनता का क्‍या हाल हो रहा है?

(व्‍यवधान)

          श्री लाल सिंह आर्य - माननीय अध्‍यक्ष महोदय, (XXX)

(व्‍यवधान)  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

12.21 बजे                                      ध्‍यानाकर्षण

 

 (1) भिण्‍ड जिले में गेहूँ एवं सरसों खरीदी में केन्‍द्र प्रभारियों द्वारा अनियमितता एवं कृषकों की खरीदी गई उपज का भुगतान न किया जाना.

 

          डॉ. गोविन्‍द सिंह (लहार) अध्‍यक्ष महोदय, मेरी ध्‍यान आकर्षण की सूचना का विषय इस प्रकार है :-

 

 

         

 

         

 

          (....व्‍यवधान....)

 

          अध्यक्ष महोदय --  सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिये स्थगित ।

(12.23 बजे विधानसभा की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित की गई.)

 

  12.39 बजे                        विधानसभा पुन: समवेत हुई

                { सभापति महोदय (श्री कैलाश चावला) पीठासीन हुए }

 

            सभापति महोदय - डॉ. गोविन्‍द सिंह जी आप अपना प्रश्‍न पूछे.

          डॉ. गोविन्‍द सिंह - सभापति महोदय, अभी हमारा जवाब आ रहा है.

          सभापति महोदय - कृपया आप अपना प्रश्‍न पूछे, जवाब आ गया है.

          डॉ. गोविन्‍द सिंह - माननीय मंत्री जी, किसानों को केवल जो पक्‍की रसीदें मिली थी और गेहूँ भुगतान अभी तक उनको नहीं हो पाया है,  कृपया करके क्‍या आप उनका भुगतान करवा देंगे ? इसके अलावा कम्‍प्‍यूटर खराब होने से कुछ किसान कच्‍ची रसीद वाले रह गये थे. क्‍या आप उनकी जांच कराकर अगर वास्‍तव में उन्‍होंने गेहूँ बेचा है तो उन किसानों के गेहूँ का शेष भुगतान भिण्‍ड जिले में मछण्‍ड सोयासिटी में करवा देंगे ?

          श्री पारसचंद्र जैन - अभी आपने जो पक्‍की रसीदों का कहा है, उसका भुगतान हम करवा देंगे और आपने दूसरी बात जो कही है, उसकी भी हम जांच करवा लेंगे.

 

 

 

 

 

 

(2) रायसेन जिले के ग्राम पिपलिया केवट के कृषकों की भूमि, भूमिहीनों को आवंटित किये जाने पर मुआवजा न दिया जाना.

 

          श्री रामकिशन पटेल (उदयपुरा) - माननीय सभापति महोदय, मेरी ध्‍यानाकर्षण की सूचना का विषय इस प्रकार है कि

                   मामला मंत्रिपरिषद में आने तक अभी भी मुआवजा नहीं दिया गया है. अत: क्‍या मंत्री महोदय बताने का कष्‍ट करेंगे कि मुआवजा कब तक दिया जायेगा ?

           


          राजस्‍व मंत्री ( श्री उमाशंकर गुप्‍ता) - माननीय सभापति महोदय,

           

                                                                            

            श्री रामकिशन पटेल--माननीय सभापति महोदय, अभी तक कृषको को मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ है और जो मंत्री जी ने जैसा कहा है तो 17.3.2006 को मंत्रि परिषद का निर्णय भी नहीं हुआ है. मंत्री जी असत्य जानकारी दे रहे हैं. इसको दिखवाया जाये.

          सभापति महोदय- आप पाईंटेड प्रश्न पूछ लें.

          श्री रामकिशन पटेल- सभापति महोदय, यही मेरा प्रश्न है कि अभी तक कृषको को मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ है भुगतान कब तक करा दिया जायेगा.

          श्री उमाशंकर गुप्ता- सभापति महोदय, मेरे पास हस्ताक्षरयुक्त जानकारी है. उसी से बता रहा हूं. अगर कुछ असत्य है उस पर माननीय विधायक जी लिखकर के देंगे तो मैं अवश्य दिखवा लूंगा.

          सभापति महोदय- पटेल जी, मंत्री जी का कहना है कि उनके पास में दस्तखत वाला कागज है. आप मंत्री जी को लिखकर के दे दें फिर वे दिखवा लेंगे.

          श्री रामकिशन पटेल-- सभापति जी हम लिखकर के दे देंगे लेकिन भुगतान अभी तक नहीं हुआ है ,उसको कराया जाये.

          श्री उमाशंकर गुप्ता- सभापति जी मैं वही कह रहा हूं कि माननीय सदस्य मुझे लिखकर के दे देंगे तो मैं दिखवा लूंगा.

          श्री रामकिशन पटेल -- मैं लिखकर के दूंगा, आप इसकी जांच करा लें.जो जानकारी दी गई है वह सत्य नहीं है.

          श्री उमाशंकर गुप्ता- सभापति जी माननीय सदस्य जो भी लिखकर के देंगे मैं उसकी जांच करा लूंगा.

          सभापति महोदय- पटेल जी आपके हिसाब से भुगतान जिनका नही हुआ है उसको आप लिखकर के दे दें.

          सभापति महोदय-- प्रतिवेदनों की प्रस्तुति..श्री शंकरलाल तिवारी....

 

 

 

12.48 बजे                        औचित्य का प्रश्न एवं व्यवस्था

मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमंडल के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में

 

          श्री रामनिवास रावत-- माननीय सभापति महोदय, मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल के विरूद्ध अविश्वास का प्रस्ताव दिया है. सभापति जी कल भी यह चर्चा हुई थी. सभापति जी चतुर्देश विधानसभा का महत्वपूर्ण अंतिम सत्र है औऱ सदन के नेता सदन में नहीं है, क्या सदन के नेता को सदन में विश्वास नहीं है.

          संसदीय कार्य मंत्री(डॉ.नरोत्तम मिश्र)-- सभापति महोदय, मेरा व्यवस्था का प्रश्न है.

          सभापति महोदय- बताईये.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र-- माननीय सभापति जी, कांग्रेस के चीफ जो विषय उठा रहे हैं इसके विषय में कल आसंदी से व्यवस्था आ चुकी है. और उन्होंने कहा भी है कि इसको लेना आवश्यक नहीं है. उसके बाद भी अगर इनको कोई विषय आज आवश्यक लगता है तो बजट पर आज चर्चा है, बजट की चर्चा में यह अपनी बात को कह सकते हैं . जिन विषयों पर चाहें चर्चा कर सकते हैं क्योंकि 17 विधेयक हैं, इन 17 विधेयक पर अपनी बात कह सकते हैं. सभापति महोदय, मध्यप्रदेश के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम में भी इस बात का उल्लेख है कि "इस बात के होते हुये भी कोई दिन वित्तीय और 158 के अधीन अन्य कोई नियत किया जा चुका हो, उसमें वह अपनी बात को उस दिन रख सकेगा".  इसको आप देख लें.

          श्री रामनिवास रावत- इससे अविश्वास प्रस्ताव का क्या मतलब है ?

            डॉ.नरोत्तम मिश्र-- अरे भाई वह व्यवस्था कल आसंदी से आ चुकी है.

          श्री रामनिवास रावत- हां आसंदी से ही हमारा अनुरोध है. आप आसंदी को दबा रहे हो. आप सदन को चलाना नहीं चाहते हैं. आप अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करना चाहते . अविश्वास पर चर्चा नहीं कराना चाहते . सदन के नेता सदन में नहीं हैं उनको सदन में बुलायें. क्या सदन के नेता को सदन में विश्वास नहीं है ?

          राजस्व मंत्री (श्री उमाशंकर गुप्ता) - जोर से बोलकर के दबायेंगे क्या ?

            श्री बाला बच्चन -- बिल्कुल अपनी बात कहेंगे.

          श्री उमाशंकर गुप्ता- आसंदी को जोर से बोलकर के दबायेंगे क्या ?

            श्री बाला बच्चन -- सभापति महोदय, आसंदी ने कहीं नहीं बोला है. मंत्री जी जो आप अभी बोल रहे हैं वैसा आसंदी ने नहीं बोला है.

          सभापति महोदय- बैठ जायें. आप बिराजे.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र--सभापति महोदय जब से दोनों (श्री बाला बच्चन और श्री रामनिवास रावत के लिये) जब से कार्यकारी अध्यक्ष बने हैं तब से पता नहीं आपको क्या हो गया है.

          सभापति महोदय-- मंत्री जी कृपया आप भी बैठें.

          श्री रामनिवास रावत- हमें आपकी सलाह की जरूरत नहीं है.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र-- मैं सलाह थोडे ही दे रहा हूं.

          श्री रामनिवास रावत- फिर आप क्या कहना चाहते हो. क्या मतलब है.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र-- सलाह और शिकायत में अंतर होता है. जबरिया हंगामा करना चाह रहे हैं.

          श्री ओमकार सिंह मरकाम- माननीय मंत्री जी जब से आप जमानत पाये हो आप तो लगातार बेटिंग कर रहे हो.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र-- जमानत पर नहीं बरी हुआ हूं.

          श्री जितू पटवारी -- माननीय सभापति महोदय, मुझे भी अपनी बात रखने का अवसर प्रदान किया जाये.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र-- सभापति जी मैं कितनी शालीनता से अपना बात कह रहा हूं. अब यह तीसरे (श्री जितू पटवारी को इंगत करते हुये) कार्यकारी अध्यक्ष खड़े हो गये. पहले तो यह बताओ कि कितने कार्यकारी अध्यक्ष हो. सभापति जी कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर के आफत कर दी. आधा दर्जन तो यहीं भेज दिये.

          श्री ओमकार सिंह मरकाम - आप भी अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री बन गये.मुख्यमंत्री जी आते नहीं है . आप संभाले रहो.

          सभापति महोदय- सभी लोग बैठिये.  देखिये माननीय संसदीय कार्य मंत्री जी ने व्यवस्था का सवाल उठाया और माननीय रावत जी ने भी अपनी बात कही है. परंतु कल सदन में यह बात आ चुकी है और माननीय अध्यक्ष महोदय ने कल भी यह बात सदन के सामने कही थी कि यह प्रस्ताव विचाराधीन है. और विचार करने के उपरांत उसका निर्णय करेंगे. तो इस सवाल को फिलहाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है. जो कार्यसूची है उस पर कार्यवाही चलेगी.

          श्री मुकेश नायक -- सभापति महोदय, मुझे एक मिनट का समय देने की कृपा करेगे.

          डॉ. गोविंद सिंह -- माननीय सभापति महोदय, मेरा पाईंट आफ आर्डर है.

          सभापति महोदय- अभी कोई पाईंट आफ आर्डर नहीं होगा.

            श्री रामनिवास रावत--  5 दिन की विधान सभा है, 2 दिन आज निकल गये, या तो आप यह कह दें कि अविश्‍वास पर चर्चा नही कराना चाहते या यह कह दें कि अविश्‍वास पर चर्चा कराना चाहते हैं.... (व्‍यवधान)... क्‍या पेंडिंग है, पांचवे दिन के बाद क्‍या पेंडिंग  रहेगा. .... (व्‍यवधान).... 

          श्री उमाशंकर गुप्‍ता--  आप क्‍या आसंदी को मजबूर करोगे.

          श्री रामनिवास रावत--  5 दिन के बाद क्‍या रह जायेगा.

          श्री उमाशंकर गुप्‍ता--  आप क्‍या कोई निर्णय के लिये तत्‍काल मजबूर करोगे आसंदी को. .... (व्‍यवधान)... यह कौन सा तरीका है. .... (व्‍यवधान)...

          श्री बाला बच्‍चन--  प्रदेश की जनता की आवाज हमको रखना है. .... (व्‍यवधान)...

          श्री उमाशंकर गुप्‍ता--  तो रखो न किसने रोका है, जनता सब देख रही है. .... (व्‍यवधान)...

 

12.51 बजे                                 प्रतिवेदनों की प्रस्‍तुति

 

(1) याचिका समिति का चौसठवां, पैंसठवां, सड़सड़वा, अड़सठवां, उनहत्‍तरवां एवं

सत्‍तरवां प्रतिवेदन

 

          श्री शंकरलाल तिवारी (सभापति)--  माननीय सभापति महोदय, मैं याचिका समिति का याचिकाओं से संबंधित चौसठवां, पैंसठवां, सड़सड़वा, अड़सठवां, उनहत्‍तरवां एवं सत्‍तरवां प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं. 

.... (व्‍यवधान)....

 

(2) प्रत्‍यायुक्‍त विधान समिति का तेरहवां एवं चौदहवां प्रतिवेदन

 

          श्री जयसिंह मरावी (सभापति)--  सभापति महोदय, मैं, प्रत्‍यायुक्‍त विधान समिति का तेरहवां एवं चौदहवां प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं.

 

.... (व्‍यवधान)....

12.52 बजे            (अध्‍यक्ष महोदय, डॉ. सीतासरन शर्मा पीठासीन हुये)

 

   (3) प्राक्‍कलन समिति का षष्‍टम् एवं सप्‍तम् प्रतिवेदन

          श्री गिरीश गौतम (सभापति)--  अध्‍यक्ष महोदय, मैं प्राक्‍कलन समिति का षष्‍टम् एवं सप्‍तम् प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं.

.... (व्‍यवधान)....

 

(4) सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति का एक सौ चौवनवां से एक सौ बहत्‍तरवां प्रतिवेदन

          श्री यशपाल सिंह सिसौदिया (सभापति)-- अध्‍यक्ष महोदय, मैं, सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति का एक सौ चौवनवां से एक सौ बहत्‍तरवां प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं.

.... (व्‍यवधान)....

 

(5) विशेषाधिकार समिति का तृतीय एवं चतुर्थ प्रतिवेदन

          श्री मोती कश्‍यप (सभापति)--  अध्‍यक्ष महोदय, मैं, विशेषाधिकार समिति का तृतीय एवं चतुर्थ प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं.

.... (व्‍यवधान)....

         

(6) पटल पर रखे गये पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति का सप्‍तम्, अष्‍टम् एवं नवम् प्रतिवेदन तथा अठाहरवां प्रतिवेदन एवं उन्‍नीसवां प्रतिवेदन (त्रयोदश विधान सभा) में निहित सिफारिशों पर शासन द्वारा की गई कार्यवाही पर पंचम् एवं षष्‍टम् (कार्यान्‍वयन) प्रतिवेदन.

          श्री हेमन्‍त खण्‍डेलवाल (सभापति)--  अध्‍यक्ष महोदय, मैं पटल पर रखे गये पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति का सप्‍तम, अष्‍टम एवं नवम् प्रतिवेदन तथा अठाहरवां प्रतिवेदन एवं उन्‍नीसवां प्रतिवेदन (त्रयोदश विधान सभा) में निहित सिफारिशों पर शासन द्वारा की गई कार्यवाही पर पंचम् एवं षष्‍टम् (कार्यान्‍वयन) प्रतिवेदन (चतुर्दश विधान सभा) प्रस्‍तुत करता हूं.

.... (व्‍यवधान)....

(7) प्रश्‍न एवं संदर्भ समिति का चौतीसवां से बयालीसवां प्रतिवेदन

          इंजी. प्रदीप लारिया (सभापति)--  अध्‍यक्ष महोदय, मैं प्रश्‍न एवं संदर्भ समिति का चौतीसवां से बयालीसवां प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करता हूं.

.... (व्‍यवधान)....

 

(8) महिलाओं एवं बालकों के कल्‍याण संबंधी समिति का सप्‍तम्, अष्‍टम्, नवम्, दशम् एवं एकादश प्रतिवेदन

          सुश्री ऊषा ठाकुर (सभापति)--  अध्‍यक्ष महोदय, मैं महिलाओं एवं बालकों के कल्‍याण संबंधी समिति का सप्‍तम्, अष्‍टम्, नवम्, दशम् एवं एकादश प्रतिवेदन प्रस्‍तुत करती हूं.

.... (व्‍यवधान)....

         

 

12.54 बजे                           याचिकाओं की प्रस्‍तुति

          अध्‍यक्ष महोदय--  आज की कार्यसूची में सम्मिलित सभी याचिकायें प्रस्‍तुत की हुई मानी जायेंगी.

 

 

 

संकल्प

12.55   बजे    प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में विद्यमान'डुमना विमानतल' के नाम को   परिवर्तित कर 'वीरांगना रानी दुर्गावती विमानतल' किया जाना.

          राज्यमंत्री विमानन (श्री लालसिंह आर्य)--अध्यक्ष महोदय, मैं, संकल्प प्रस्तुत करता हूं कि

          "यह सदन केन्द्र शासन से अनुरोध करता है कि प्रदेश की संस्कारधानी, जबलपुर में विद्यमान 'डुमना विमानतल' के नाम को परिवर्तित कर 'वीरांगना रानी दुर्गावती विमानतल' किया जाये तथा वर्तमान आवश्यकता की दृष्टि से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जावें".

            अध्यक्ष महोदय--संकल्प प्रस्तुत हुआ.

                                प्रश्न यह है कि "यह सदन केन्द्र शासन से अनुरोध करता है कि प्रदेश की संस्कारधानी, जबलपुर में विद्यमान 'डुमना विमानतल' के नाम को परिवर्तित कर 'वीरांगना रानी दुर्गावती विमानतल' किया जाये तथा वर्तमान आवश्यकता की दृष्टि से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जावें".

                                                                                      संकल्प स्वीकृत हुआ

 

 

                                                (व्यवधान)

 

 

 

 

 

 

 

वर्ष 2018-19 की प्रथम अनुपूरक अनुमान की मांगों पर मतदान

          अध्यक्ष महोदय--अब. अनुपूरक अनुमान की मांगों पर चर्चा होगी. सदन की परम्परा के अनुसार सभी मांगें एक साथ प्रस्तुत की जाती हैं और उन पर एक साथ चर्चा होती है. अतः माननीय वित्त मंत्री जी सभी मांगें एक साथ प्रस्तुत करेंगे. मैं समझता हूं सदन इससे सहमत है.

          वित्त मंत्री (श्री जयंत मलैया)--अध्यक्ष महोदय, मैं, राज्यपाल की सिफारिश के अनुसार प्रस्ताव करता हूं कि--

          "दिनांक 31 मार्च, 2019 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में अनुदान संख्या 01, 02, 03, 05, 06, 07, 08, 09, 10, 12, 13, 18, 19, 20, 22, 23, 24, 26, 27, 28, 29, 30, 31, 33, 35, 39, 40, 44, 45, 47, 48, 50, 52, 53, 55, 58, 59, 64, तथा 67 के लिये राज्य की संचित निधि में से प्रस्तावित व्यय के निमित्त राज्यपाल महोदय को कुल मिलाकर ग्यारह हजार एक सौ इकसठ करोड़, तिरेपन लाख, पचहत्तर हजार, छह सौ रूपये की अनुपूरक राशि दी जाये."

            अध्यक्ष महोदय--प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ.

12.52 बजे                अनुपूरक अनुमान पर औचित्य का प्रश्न एवं व्यवस्था

 

          डॉ.गोविन्द सिंह(लहार)--अध्यक्ष महोदय, मेरा व्यवस्था का प्रश्न है. आज माननीय वित्तमंत्री जी अनुपूरक अनुमान का प्रस्ताव रख रहे हैं इनको यह रखने का अधिकार नहीं है. माननीय अध्यक्ष महोदय के स्थायी आदेश क्रमांक 24 में लिखा है उसमें जब तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा. आपके स्थायी आदेश में साफ लिखा हुआ है कि अनुपूरक अनुमान तब तक नहीं रखा जाएगा जब तक दो दिन के पूर्व में सभी माननीय सदस्यों को कार्यालय में सूचना नहीं दी गई हो. आपके ही आदेश के तहत आपके आदेश का उल्लंघन करते हुए सरकार ने आपके समक्ष रखा.

                                                 (व्यवधान)

          श्री उमाशंकर गुप्ता--यह गलत आरोप है. आसंदी अपने हिसाब से निर्णय लेने में सक्षम है.

                                                (व्यवधान)

          डॉ.गोविन्द सिंह--आपने जिस नियम को बनाया है आज उस नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. यह सदन नियम और कानून से चलेगा.

          अध्यक्ष महोदय--यह दो दिन पहले दे दिये थे. दूसरी बात यह है कि नियमों को शिथिल किया जा सकता है. कृपया आप उसको भी पढ़ लें.

                                                (व्यवधान)

          डॉ.गोविन्द सिंह--उसको मैंने पढ़ लिया है. उसमें साफ लिखा है कि दो दिन पूर्व देना होगा.

          अध्यक्ष महोदय--दो दिन पहले 23 तारीख की शाम को सभी विधेयक बंट गये हैं.

          श्री बाला बच्चन--माननीय अध्यक्ष महोदय, आप इसमें निष्पक्ष निर्णय करें, निष्पक्ष आप व्यवस्था दें.

 

12.59 बजे        वर्ष 2018-19 की प्रथम अनुपूरक अनुमान की मांगों पर मतदान (क्रमश:)

          अध्यक्ष महोदय-- प्रश्न यह है कि "दिनांक 31 मार्च, 2019 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में अनुदान संख्या 01, 02, 03, 05, 06, 07, 08, 09, 10, 12, 13, 18, 19, 20, 22, 23, 24, 26, 27, 28, 29, 30, 31, 33, 35, 39, 40, 44, 45, 47, 48, 50, 52, 53, 55, 58, 59, 64, तथा 67 के लिये राज्य की संचित निधि में से प्रस्तावित व्यय के निमित्त राज्यपाल महोदय को कुल मिलाकर ग्यारह हजार एक सौ इकसठ करोड़, तिरेपन लाख, पचहत्तर हजार, छह सौ रूपये की अनुपूरक राशि दी जाये."

                                                          अनुपूरक मांगों का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ

                                                                  

                                                         

                                                  (..व्यवधान..)

1.00 बजे                           8. शासकीय विधि विषयक कार्य

(1) मध्यप्रदेश विनियोग(क्रमांक-4) विधेयक,2018(क्रमांक 23 सन् 2018) का पुर:स्थापन एवं पारण

        वित्त मंत्री(श्री जयंत मलैया) - अध्यक्ष महोदय, मैं, मध्यप्रदेश विनियोग(क्रमांक-4) विधेयक,2018 का पुर:स्थापन करता हूं.

          (..व्यवधान..)

          अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूं कि मध्यप्रदेश विनियोग(क्रमांक-4) विधेयक,2018 पर विचार किया जाए.

          अध्यक्ष महोदय - प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश विनियोग(क्रमांक-4) विधेयक,2018 पर विचार किया जाए.(संसदीय कार्य मंत्री जी से) इसमें कोई नाम है.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र - जी नहीं.

          अध्यक्ष महोदय -प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश विनियोग(क्रमांक-4) विधेयक,2018 पर विचार किया जाए.

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ

          (..व्यवधान..)

          अब विधेयक के खण्डों पर विचार होगा.

          प्रश्न यह है कि खण्ड, 2,3 तथा अनुसूची इस विधेयक का अंग बने.

खण्ड, 2,3 तथा अनुसूची इस विधेयक का अंग बने.

          प्रश्न यह है कि खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बना.

          प्रश्न यह है कि पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

          (..व्यवधान..)

          श्री जयंत मलैया - अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूं कि मध्यप्रदेश विनियोग(क्रमांक-4) विधेयक,2018  पारित किया जाए.

          अध्यक्ष महोदय - प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश विनियोग(क्रमांक-4) विधेयक,2018 पारित किया जाए.

          प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश विनियोग(क्रमांक-4) विधेयक,2018 पारित किया जाए.

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

विधेयक पारित हुआ.

          (..व्यवधान..)

1.04 बजे                                    गर्भगृह में प्रवेश

                इँडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्यगणों द्वारा गर्भगृह में प्रवेश

          ( अनुपूरक अनुमान पारित होने एवं चर्चा हेतु नाम न पुकारे जाने के विरोध में श्री रामनिवास रावत,सदस्य के नेतृत्व में इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्यगण गर्भगृह में आए.)

          (..व्यवधान..)

          अध्यक्ष महोदय - चर्चा हेतु कोई नाम नहीं था.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र - आगे चलें. पारित हो चुका है.

          अध्यक्ष महोदय - मैंने नाम पूछे थे.जब नाम नहीं आये तब मैं आगे बढ़ा.

          डॉ.गोविन्द सिंह - (प्रक्रिया एवं कार्य संचालन पुस्तिका दिखाते हुए)अध्यक्ष जी,  नियम-कानून के तहत काम नहीं हो रहा है और नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.

          अध्यक्ष महोदय - संसदीय कार्य मंत्री जी, कोई नाम आए क्या ?

          डॉ.नरोत्तम मिश्र - नहीं आए.

          अध्यक्ष महोदय - कोई नाम नहीं आए.

          डॉ.गोविन्द सिंह -  इस नियम की पुस्तिका का क्या किया जाए. क्या इन किताबों को फाड़कर  फेंक दें.

          (..व्यवधान..)

          अध्यक्ष महोदय - मैंने प्रस्ताव प्रस्तुत होने के बाद नाम मांगे थे.

          (..व्यवधान..)

           श्री अजय सिंह - अध्यक्ष महोदय, आप सिर्फ इतना कह दीजिये अविश्वास प्रस्ताव कल लिया जा रहा है या परसों लिया जा रहा है.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र -       ( XXX )

          अध्यक्ष महोदय - यह कुछ नहीं लिखा जायेगा.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र -         ( XXX )

          (इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्यगणों द्वारा गर्भगृह से नारे लगाये जाते रहे.)

          (..व्यवधान..)

          अध्यक्ष महोदय - वह तो पास हो गया. विधेयकों पर नाम दे दें ताकि चर्चा हो सके.

          (..व्यवधान..)  

          डॉ.नरोत्तम मिश्र -  ( XXX )

          अध्यक्ष महोदय - मैंने नाम भी मांगे थे. यह बात ठीक नहीं है. मैंने नाम मांगे थे. कोई नाम नहीं आया. अभी फिर नाम मांग रहा हूं मैं. अभी फिर मैं नाम मांगूंगा.आप अपनी-अपनी जगह पर बैठ जाईये.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र -        ( XXX )

          (..व्यवधान..)

 

 

 

 

 

…………………………………………………………………………………………..

XXX : निर्देशानुसार विलोपित.

(2) मध्यप्रदेश राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 (क्रमांक 6 सन् 2018)

 

संसदीय कार्य मंत्री (डॉ. नरोत्तम मिश्र) - अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूं कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

अध्यक्ष महोदय - प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

                                                                   प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

अब विधेयक के खण्डों पर विचार होगा.

अध्यक्ष महोदय - प्रश्न यह है कि खण्ड 2 से 52 इस विधेयक का अंग बने.

                                                खण्ड 2 से 52 इस विधेयक के अंग बने.

प्रश्न यह है कि खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

                                                       खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बना.

प्रश्न यह है कि पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

                             पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

(व्यवधान)..

(इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के सदस्यगण गर्भ गृह से अपने-अपने आसन पर वापस गये.)

 

डॉ. नरोत्तम मिश्र - अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूं कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

 

 

अध्यक्ष महोदय - प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

विधेयक पारित हुआ.

..(व्यवधान)..

 

1.08 बजे                           गर्भगृह में प्रवेश एवं वापसी

इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के श्री रामनिवास रावत एवं श्री जितू पटवारी, सदस्य का गर्भ गृह में प्रवेश एवं वापसी

 (श्री रामनिवास रावत एवं श्री जितू पटवारी, सदस्य गर्भ गृह में अपनी बात कहते हुए आए एवं कुछ समय पश्चात् अपने आसन पर वापस गये.)

अध्यक्ष महोदय - मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद विधेयक, 2018, कृपा करके नाम देना चाहें तो नाम दे दें...अनुपूरक हो गया है. वह पहला पाइंट था.

(व्यवधान)..

डॉ. गोविन्द सिंह - अध्यक्ष महोदय, आपने जो नियम बनाए हैं, उस नियम के तहत कार्यवाही नहीं हो रही है, कार्यसूची को फाड़कर फेंकते हैं.

(डॉ. गोविन्द सिंह एवं श्री जितू पटवारी, सदस्य द्वारा कार्यसूची को फाड़ा गया.)

          अध्यक्ष महोदय - इस पर आप नाम दे दीजिए. अभी 15 विधेयक हैं. मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद विधेयक, 2018 डॉ. नरोत्तम मिश्र..(व्यवधान)...हल्ला-गुल्ला कोई रिकॉर्ड में नहीं आएगा. यहां से जो कार्यवाही कर रहे हैं वह आएगी.                                                                    नेता प्रतिपक्ष (श्री अजय सिंह) -  अध्‍यक्ष महोदय, हमारी एक छोटी सी मांग है कि आप अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा कराएं .  ..(व्‍यवधान)..

          श्री शंकरलाल तिवारी - आपके विधायक ही सदन नहीं चलने दे रहे हैं. ..(व्‍यवधान)..

          श्रीमती रंजना बघेल - अध्‍यक्ष महोदय, माननीय मुख्‍यमंत्री जी ने इतना अच्‍छा प्रशासन चलाया है.  ...(व्‍यवधान)..

          श्री अजय सिंह - अध्‍यक्ष महोदय, आज सुबह से संसदीय मंत्री जी जिस तरह से व्‍यवधान पैदा कर रहे हैं, पूरे मध्‍यप्रदेश की जनता देख रही है कि षड्यंत्र के तहत यह विधानसभा नहीं चलने दे रहे हैं.

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा (सेमरिया) - अध्‍यक्ष महोदय, कृपा करके मेरी दो मिनट बात सुन लें. यहां पर अभी गृहमंत्री जी ने आश्‍वासन दिया था कि विधायक के ऊपर जो असत्‍य आरोप लगाए गए हैं, उस पर कार्यवाही नहीं होगी. गृहमंत्री जी यहां कह रहे हैं और वहां पर अभय मिश्रा जी को हरदा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वह अपना इलाज कराकर लौट रहे थे तब हरदा में पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया.... (व्‍यवधान)...जब तक उनको पुलिस रिहा नहीं करती मैं यहां पर सदन के गर्भगृह में धरना देती हूं. अगर पुलिस उनको नहीं छोड़ती है, तो मैं अपना धरना बरकरार रखूंगी.

1.11 बजे                                      गर्भगृह में प्रवेश

        श्रीमती नीलम अभय मिश्रा, सदस्‍या एवं इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्‍यगण द्वारा गर्भगृह में प्रवेश

          (श्रीमती नीलम अभय मिश्रा, सदस्‍या उनके पति श्री अभय मिश्रा को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने के विरोध में सत्‍ता पक्ष की तरफ गर्भगृह में आकर धरने पर बैठ गईं तथा उसी समय इंडियन नेशनल कांग्रेस के अनेक सदस्‍यगण नारे लगाते हुए गर्भगृह में आए)

...(व्‍यवधान)...

        (3) मध्‍यप्रदेश राज्‍य उच्‍च शिक्षा परिषद विधेयक 2018 (क्रमांक 7 सन् 2018) पर विचार

 

...(व्‍यवधान)...


 

        (4) मध्‍यप्रदेश निजी विश्‍वविद्यालय (स्‍थापना एवं संचालन) संशोधन   विधेयक, 2018 (क्रमांक 8 सन् 2018) पर विचार

         

          अध्‍यक्ष महोदय - कृपया बैठ जायें. ..(व्‍यवधान).. कृपया रुक तो जाएं. आवाज सुनने नहीं दे रहे हैं.

...(व्‍यवधान)...

 

         


 

..(व्यवधान)..

                             अध्यक्ष महोदय --   कृपया आप लोग बैठें,  माननीय  सदस्या जी बैठी हुई हैं.  ..(व्यवधान)..   माननीय सदस्या जी बैठी हुई हैं, कृपया उनसे बात करें.  गृह मंत्री जी ने उनको  आश्वासन दिया है.  (..व्यवधान)..  गृह मंत्री जी ने  उनको आश्वासन दिया है. ..(व्यवधान).. मेरा माननीय सदस्या  से अनुरोध है कि वे अपने स्थान पर जायें.  ..(व्यवधान)..   वह क्या चाहती हैं.  मैंने उनको कहा है.

                   (श्री  भूपेन्द्र सिंह, गृह मंत्री द्वारा   सत्ता पक्ष की तरफ गर्भगृह में धरने पर बैठीं श्रीमती नीलम  अभय मिश्रा, सदस्या से  गर्भगृह में  आकर चर्चा  की गई.)

                   अध्यक्ष महोदय -- गृह मंत्री जी सदस्या जी के पास आ गये हैं. संसदीय कार्यमंत्री जी आप भी आ जायें.

                   डॉ. नरोत्तम मिश्र --  अध्यक्ष महोदय, मेरी बात हो गई है.  मैंने उनको  बता दिया है. 

..(व्यवधान)..

                   अध्यक्ष महोदय -- कृपया शांति रखें, बातचीत हो रही है.

                   (प्रतिपक्ष की महिला सदस्य गण द्वारा श्रीमती  नीलम अभय मिश्रा, सदस्या से  सत्ता पक्ष की तरफ गर्भगृह में  आकर चर्चा  की गई.)

..(व्यवधान)..

                   श्री अजय सिंह -- अध्यक्ष महोदय, एक सत्ता पक्ष की  सदस्या ने अपने परिवार   के ऊपर हो रहे  षडयंत्र की बात की  ..(व्यवधान)..  विधान सभा में सत्ता पक्ष की  सदस्या  जी ने जो आवाज उठाई, उसका  आधे घण्टे में परिणाम आ गया कि उनके पति  को अरेस्ट कर लिया गया.   ..(व्यवधान)..

                   अध्यक्ष महोदय -- सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिये स्थगित.

                   (1.18 बजे से 15 मिनट के लिये सदन की कार्यवाही स्थगित की गई.)


                                    1.32 बजे विधान सभा पुनः समवेत हुई.

{अध्यक्ष महोदय (डॉ.सीतासरन शर्मा) पीठासीन हुए.}

अध्‍यक्षीय घोषणा

सदन की कार्यवाही भोजनावकाश में भी जारी रहना

        अध्‍यक्ष महोदय -- सदन की कार्यवाही भोजनावकाश में भी जारी रहेगी, मैं समझता हूँ कि सदन इससे सहमत है.

(सदन द्वारा सहमति प्रदान की गई)

 

(श्रीमती नीलम अभय मिश्रा, सदस्‍या गर्भगृह में धरने पर बैठी रहीं)

 

1.33 बजे                           शासकीय विधि विषयक कार्य (क्रमश:)

(5) मध्‍यप्रदेश ग्रामों में की दखलरहित भूमि (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक, 2018 (क्रमांक 9 सन् 2018)

            

.. (व्‍यवधान)..

 

 

         

1.35 बजे                                    गर्भगृह में प्रवेश

इंडियन नेशनल कांग्रेस के सदस्‍यगण द्वारा गर्भगृह में प्रवेश

(इंडियन नेशनल कांग्रेस के अनेक सदस्‍यगण अपनी-अपनी बात कहते हुए गर्भगृह में आए)

...(व्‍यवधान)...

         

(6)    मध्‍यप्रदेश कराधान (संशोधन) विधेयक, 2018 (क्रमांक 10 सन् 2018)

         

 

 

 

....(व्‍यवधान)...

(7)    मध्‍यप्रदेश विधान सभा सचिवालय सेवा (संशोधन) विधेयक, 2018 (क्रमांक 11 सन् 2018)

 

 

...(व्‍यवधान)....

 

 

 

 

 

 

 

 

 

(8)    मध्‍यप्रदेश वृत्ति कर (संशोधन) विधेयक, 2018 (क्रमांक 12 सन् 2018)

 

 

...(व्‍यवधान)..

         

 

 

 

 

 

 

 

(9)    मध्‍यप्रदेश वेट (संशोधन) विधेयक, 2018 (क्रमांक 13 सन् 2018)

 

 

..(व्‍यवधान)...

 


 

..(व्यवधान)..

(10) मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय

विधेयक, 2018 (क्रमांक 14 सन् 2018).

 

        संसदीय कार्य मंत्री (डॉ.नरोत्तम मिश्र)--  माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूँ कि मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय...(व्यवधान)..

          अध्यक्ष महोदय--  प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

          प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय...(व्यवधान)..

          प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

          अध्यक्ष महोदय--  अब विधेयक के खण्डों पर विचार होगा.

          प्रश्न यह है कि खण्ड 2 से 53 इस विधेयक का अंग बने.

          खण्ड 2 से 53 इस विधेयक का अंग बने.

          अध्यक्ष महोदय--  प्रश्न यह है कि खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

                             खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

(व्यवधान)

        अध्यक्ष महोदय--  प्रश्न यह है कि पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

          डॉ.नरोत्तम मिश्र--  अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूँ कि मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--  प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

          प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

                                                                                   प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

विधेयक पारित हुआ. 

(व्यवधान)

(11) मध्यप्रदेश शासकीय सेवक (अधिवार्षिकी-आयु) संशोधन

विधेयक, 2018 (क्रमांक 15 सन् 2018)

        वित्त मंत्री (श्री जयंत मलैया)--  माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूँ कि मध्यप्रदेश शासकीय सेवक (अधिवार्षिकी-आयु) संशोधन विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--  प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश शासकीय सेवक (अधिवार्षिकी-आयु) संशोधन विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

          प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश शासकीय सेवक (अधिवार्षिकी-आयु) संशोधन विधेयक,

2018 पर विचार किया जाय.

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

          अध्यक्ष महोदय--  अब विधेयक के खण्डों पर विचार होगा.

          प्रश्न यह है कि खण्ड 2 तथा 3 इस विधेयक का अंग बने.

          खण्ड 2 तथा 3 इस विधेयक का अंग बने.

          अध्यक्ष महोदय--  प्रश्न यह है कि खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

          खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बना.

          अध्यक्ष महोदय--  प्रश्न यह है कि पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

          श्री जयंत मलैया--  अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूँ कि मध्यप्रदेश शासकीय सेवक (अधिवार्षिकी-आयु) संशोधन विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--  प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश शासकीय सेवक (अधिवार्षिकी-आयु) संशोधन विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

          प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश शासकीय सेवक (अधिवार्षिकी-आयु) संशोधन विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

                                                                                      प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

विधेयक पारित हुआ.

(व्यवधान)

 

(श्रीमती नीलम अभय मिश्रा, सदस्या गर्भगृह से उठकर गृह मंत्री के आसन पर गईं.)

 

(12) मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन)

विधेयक, 2018 (क्रमांक 16 सन् 2018)

 

        पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री (श्री गोपाल भार्गव)--  माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूँ कि मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन)विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--  प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन)विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

          प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन)विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

          प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

          अध्यक्ष महोदय--  अब विधेयक के खण्डों पर विचार होगा.

          प्रश्न यह है कि खण्ड 2 विधेयक का अंग बने.

          खण्ड 2 इस विधेयक का अंग बना.

          अध्यक्ष महोदय--  प्रश्न यह है कि खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बना.

 

          अध्यक्ष महोदय--  प्रश्न यह है कि पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

 पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

          श्री गोपाल भार्गव--  माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूँ कि  मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन)विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--  प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि  मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन)विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

          प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

                                                                                      प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

                                                                                      विधेयक पारित हुआ.

(व्यवधान)

                                                                                      

             (13)   मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण (संशोधन) विधेयक, 2018 (क्रमांक 17 सन् 2018)

 

          सामाजिक न्याय एवं नि:शक्त जन कल्याण (श्री गोपाल भार्गव)-- अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूँ कि मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण (संशोधन) विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण (संशोधन) विधेयक, 2018 पर विचार किया जाय.

          प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण (संशोधन) विधेयक, 2018 पर विचार  किया जाय.

          प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

 

          अध्यक्ष महोदय--अब विधेयक के खण्डों पर विचार होगा.

          प्रश्न यह है कि खण्ड 2 विधेयक का अंग बने.

 

          खण्ड 2 इस  विधेयक का अंग बना.

          अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बने.

 

खण्ड 1 इस विधेयक का अंग बना.

        अध्यक्ष महोदय--प्रश्न यह है कि पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

पूर्ण नाम तथा अधिनियमन सूत्र विधेयक का अंग बने.

         

          सामाजिक न्याय एवं नि:शक्त जन कल्याण (श्री गोपाल भार्गव)-- अध्यक्ष महोदय, मैं, प्रस्ताव करता हूँ कि मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण (संशोधन) विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

          अध्यक्ष महोदय--प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ कि मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण (संशोधन) विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

 

          प्रश्न यह है कि मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण (संशोधन) विधेयक, 2018 पारित किया जाय.

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ.

विधेयक पारित हुआ.

 

          अध्यक्ष महोदय--(श्री राजेश सोनकर, सदस्य द्वारा पोस्टर दिखाए जाने पर) कृपया कोई पोस्टर नहीं दिखाएगा.

          (श्री रामनिवास रावत, सदस्य द्वारा विधेयक में नाम न मांगे जाने की बात कहने पर) हर एक विधेयक में नाम मांगे हैं पूछ लीजिए आप.

 

(14)    मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी (बालिका प्रोत्साहन) विधेयक, 2018  (क्रमांक 18 सन् 2018)

 

         

         

                                                                   (व्यवधान)

 

 

 

 

1.47 बजे                                गर्भगृह से वापसी

श्रीमती नीलम अभय मिश्रा, सदस्या द्वारा गर्भगृह से वापसी

          श्रीमती नीलम अभय मिश्रा(सेमरिया)--अध्यक्ष महोदय, मैं यह कहना चाहती हूँ कि गृह मंत्री जी ने अभी फोन पर निर्देशित किया है कि श्री अभय मिश्रा जी को छोड़ दिया जाए इसलिए मैं अपनी सीट पर बैठ रही हूँ. अगर आगे कोई विडम्बना आती है तो फिर से अपनी बात रखूंगी.

          (श्रीमती नीलम अभय मिश्रा, सदस्या अपने आसन पर वापस आईं)

(15)  मध्यप्रदेश नगरपालिक विधि (संशोधन) विधेयक, 2018 (क्रमांक 19 सन् 2018)

         

         

 

 


 

व्‍यवधान......

 

 

(16) मध्‍यप्रदेश नगरपालिका विधि (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2018 (क्रमांक 20 सन् 2018)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

1.51 बजे                           गर्भगृह में प्रवेश एवं वापसी

 

श्री सुखेन्‍द्र सिंह एवं श्री सुन्‍दरलाल तिवारी सदस्‍य द्वारा गर्भगृह में प्रवेश एवं वापसी

 

(श्री सुखेन्‍द्र सिंह एवं श्री सुन्‍दरलाल तिवारी सदस्‍य अपनी बात कहते हुए गर्भगृह में आए एवं अपने आसन पर वापस गए)

 

 

1.51 बजे                 शासकीय विधि विषयक कार्य (क्रमश:)

 

(17) मध्‍यप्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्‍मान विधेयक, 2018 (क्रमांक 21 सन् 2018)

                            

 

 

 

                         

 

 

 

 

 

 

 

 

(18) मध्‍यप्रदेश भू-राजस्‍व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2018 (क्रमांक 22 सन् 2018)

                         

 

 

 

 

 

                       

 

 

 

 

 

व्‍यवधान....


 

1.55 बजे

 

विधान सभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल  के लिए स्‍थगित किया जाना : प्रस्‍ताव

 

          संसदीय कार्य मंत्री (डॉ. नरोत्‍तम मिश्र)-  अध्‍यक्ष महोदय, विधान सभा के वर्तमान सत्र के लिए निर्धारित समस्‍त शासकीय एवं वित्‍तीय कार्य संपादित हो चुके हैं.

          अत: मध्‍यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम 12-ख के अधीन मैं प्रस्‍ताव करता हूं कि विधान सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित की जाए.

          अध्‍यक्ष महोदय-  प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत हुआ.

            प्रश्‍न यह है कि विधान सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित की जाए.

          प्रस्‍ताव स्‍वीकृत हुआ.

....व्‍यवधान....

1.56 बजे

राष्‍ट्रगान ''जन-गण-मन'' का समूहगान

          अध्‍यक्ष महोदय-  अब राष्‍ट्रगान होगा.

(सदन में माननीय सदस्‍यों द्वारा राष्‍ट्रगान ''जन-गण-मन'' का समूहगान किया गया.)

 

1.58 बजे

विधान सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित की जाना : घोषणा

          अध्‍यक्ष महोदय-  विधान सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित.

            अपराह्न 1.58 बजे विधान सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए  स्‍थगित की गई.

 

 

भोपाल :                                                                                             ए.पी. सिंह,

दिनांक : 26 जून, 2018                                                        प्रमुख सचिव,

                                                                                मध्‍यप्रदेश विधान सभा